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184 नगरीय निकायों के कर्मचारी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन

रायपुर छत्तीसगढ़ के 184 नगरीय निकायों के कर्मचारी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर 11 दिसंबर 2024 से नवयुक्त अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल करने जा रहे हैं. कर्मचारियों की मुख्य मांगों में निकाय के कर्मचारियों को ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान करने, ओल्ड पेंशन योजना लागू करने, अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने, कर्मचारियों को  पदोन्नति करने, छठवें व सातवें वेतनमान की एरियर राशि प्रदान करने, ठेका पद्धति समाप्त करने संबंधी मांगे शामिल है. संघ के अध्यक्ष ने बताया है कि 12 नवंबर 2024 से 14 नवंबर 2024 तक बिलासपुर में 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल किया जा चुका है, लेकिन शासन द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं नवयुक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी ने बताया, कि 6 सूत्रीय मांगों पर शासन कोई सार्थक पहल नहीं कर रही है. अब तक सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है. नगरी निकाय के कर्मचारी आगामी नगरी निकाय चुनाव में कर्मचारी वा परिवार के सदस्य मतदान में भाग नहीं लेंगे. इस संबंध में कर्मचारियों से निकाय चुनाव मतदान में भाग नहीं लेने संबंधी प्रपत्र भरवाकर जिला कलेक्टर बिलासपुर व विभागीय मंत्री नगरी प्रशासन को पत्र भेजा गया है. प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कई नगरी निकायों में 01 से 03 माह का वेतन भुगतान लंबित है. इसी संबंध में विभागीय मंत्री अरुण साव ने नगरी निकाय के अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं, कि नगरी निकायों के कर्मचारियों को 1 तारीख को वेतन भुगतान किया जाना अनिवार्य है. राज्य शासन द्वारा इस संबंध में 1 तारीख को वेतन भुगतान करने के लिए आदेश भी जारी किया गया है. लेकिन निकायों के अधिकारी आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं. इसलिए अब सरकार की तरफ से मांगे पूरी नहीं किए जाने के कारण 184 नगरी निकाय कर्मचारी 11 दिसंबर 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे. इन मांगो को लेकर करेंगे अनिश्चित कालीन हड़ताल:     लंबित वेतन भुगतान सहित 1 तारीख को ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए.     ⁠नगरीय निकायों में प्लेसमेंट ठेका पद्धति को समाप्त किया जाए.     नगरीय निकायों में ओल्ड पेंशन योजना शीघ्र ही लागू किया जाए.     नगरीय निकायों में मृतक कर्मचारी के परिवारों के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए.     नगरीय निकायों में 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को शीघ्र ही पदोन्नति का लाभ दिया जाए.     छठवें एवं सातवें वेतनमान की एरियर राशि का भुगतान शीघ्र किया जाए.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33

पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के लिए बिजली वितरण के माकूल प्रबंध

भोपाल पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के लिए बिजली वितरण के माकूल प्रबंध किये गये हैं। यहां पर बिजली वितरण कंपनी की टीमें चौबीसों घंटे तैनात रहती हैं, ताकि तकनीकी कठिनाई आने पर कुछ मिनटों में ही मौके पर पहुंचकर सुधार कार्य किया जा सके। यहां पर अति उच्चदाव एवं पैंथर लाइनों से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के इंदौर ग्रामीण वृत्त के अधीक्षण यंत्री डॉ. डीएन शर्मा ने बताया कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र एवं समीपी इलाकों के लिए कुवरसी 400 केवी, सेक्टर 1 के 220 केवी, सेक्टर 3 के 220 केवी, घाटा बिल्लौद 132 केवी, बेटमा 1432 केवी, नेट्रिप 132 अति उच्चदाब विद्युत केंद्रों से सप्लाई व्यवस्था है। पीथमपुर क्षेत्र के उच्च दाब के 1600 और निम्न दाब के 1500 उद्योगों के लिए वितरण केंद्रों एवं उच्चदाब की कुल 7 टीमें कार्यरत हैं, जो 33 केवी के 32 विशेषीकृत फीडरों पर मैंटेनेंस एवं अन्य जरूरी कार्यों को देखती है। वितरण केंद्र, उच्च दाब, त्वरित कार्य सेवा सभी टीमें आपसी सामंजस्य बनाकर औद्योगिक क्षेत्र के उपभोक्ताओं को कम से कम समय में सेवाएं देती हैं। इसी से यहां का औसत बिजली वितरण समय 23 घंटे 55 मिनट के करीब है। पीथमपुर क्षेत्र में चार लाइनें पैंथर श्रेणी की हैं, इससे उच्च शक्ति की बिजली कम लॉस के साथ उद्योगों तक पहुंच रही है। इस क्षेत्र के 5 उद्योगों के परिसर तक 132 केवी की अति उच्चदाब बिजली लाइनें हैं, इस अति उच्चदाब की बिजली से ही यहां आपूर्ति हो रही है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

सरगुजा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्पर्धा में जीते मैडल, मुख्यमंत्री ने उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं

रायपुर सरगुजा के चार खिलाडियों ने कर्नाटक के कुर्ग में 10 से 14 नवंबर तक आयोजित प्रोफेशनल नेशनल किक बॉक्सिंग लीग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए 2 स्वर्ण और एक -एक रजत और कांस्य पदक हासिल इस राष्ट्रीय स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया। पदक विजेता इन खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।   वाको इंडिया किक बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित इस स्पर्धा में सरगुजा की स्वाति राजवाड़े ने 60 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड, सरवर एक्का ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड मैडल, सत्यम साहू ने 70 किलो से कम वजन वर्ग में रजत और संजना मिंज ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में कांस्य पदक जीता है। इस अवसर पर किक बॉक्सिंग एसोशिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री छगन लाल मूंदड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष श्री तारकेश मिश्रा, सचिव श्री आकाश गुरु दीवान और टीम के कोच श्री खिलावन दास उपस्थित थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 28

तालाबों एवं बावडियों के जीर्णोद्धार की बनाएं कार्य-योजना : मंत्री श्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों में रिजल्ट ओरिएंटेड काम किए जाएं। सभी तालाबों एवं बावडियों का जीर्णोद्वार करें। इसके लिये पंचायत बार कार्य-योजना बनाए चरणबद्ध तरीके से काम करें। पौध-रोपण के बाद उनका सर्वाइवल रेट अधिक रहे, इस पर भी कार्य किया जाए। मंत्री श्री पटेल ने सोमवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास के विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक में निर्देश दिये। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मनरेगा में गत 15 नवंबर की स्थिति में जिन जनपद पंचायतों में श्रम सामग्री का अनुपात सही होगा, उनमें ग्रेवल रोड, खेत तालाब तथा अन्य नये कार्य प्रारंभ करने की मंजूरी जारी की जा रही है। यह राशि 1 से 3 करोड़ रूपये तक स्वीकृत की जाएगी। उन्होंने कहा कि जैन मुनियों के प्रवास मार्ग चिन्हित कर प्रमुख मार्गों पर उनके रुकने के लिए समुचित व्यवस्था की जाये। शासकीय भूमि पर समुचित पौध-रोपण किये जायें। समीक्षा में मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों में खेत सड़क एवं सुदूर सड़क योजना में सड़कों की मांग एक बार में ही चिन्हित कर ली जाये, जिससे स्वीकृति के लिए निर्णय लिया जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि स्कूल शिक्षा विभाग के तहत स्कूलों की बाउंड्रीवॉल निर्माण में मनरेगा कन्वर्जेंस रेट भी तय किया जाए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मनरेगा में किए जा रहे पौध-रोपण को बाउंड्रीवॉल से सुरक्षित किया जाए। पौधे जल-स्त्रोतों के निकट ही लगाये जाये कि ये पौधे सुरक्षित भी रहें। हम सबको इसके लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने नर्मदा नदी के किनारों पर सघन पौध-रोपण करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों की जनपद स्तर पर क्लस्टर मीटिंग नियमित रूप से होना चाहिए। बैठकों में ग्राम विकास की कार्ययोजना तय की जानी चाहिए। उन्होंने विभाग के पदस्थ इंजीनियर्स की प्रापर ट्रेनिंग कराने के निर्देश भी दिए। मंत्री श्री पटेल ने निर्देश दिये कि विश्राम घाट शेड के साथ बाउंड्री वॉल का निर्माण भी किया जाए एवं परिसर में पौध-रोपण भी किया जाए। उन्होंने बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए अनुमति प्राप्त करने का पत्र केन्द्र सरकार को भेजने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण के लिए साइट सिलेक्शन उचित तरीके से किया जाए एवं उनके मेंटेनेंस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। ग्रेवल रोड के निर्माण में यदि आवश्यक हो, तो पुलिया के निर्माण के लिए राशि अलग से स्वीकृत की जाए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि खेत-तालाब योजना से किसान भाई विशेष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं, अत: खेत तालाबों की स्वीकृति पर विशेष जोर दिया जाए। ऐसे खेत जहां बजरी या मिट्टी होने के कारण इस योजना में तालाब का निर्माण होने में कठिनाई हो रही है, वहां पर महाराष्ट्र राज्य की तरह नवाचारी प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को विस्तृत अध्ययन कर फीजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री पटेल ने बांस के उपयोग को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि बांस से बनी बाउंड्रीवॉल प्राकृतिक रूप से मजबूत और सुंदर होती है। उन्होंने पौध-रोपण क्षेत्र की बाउंड्रीवॉल पर बांस रोपण करने पर जोर दिया। उन्होंने पंचायत भवन विहीन ग्राम पंचायतों में पंचायत एवं सामुदायिक भवन बनाने के कार्य की भी समीक्षा की। विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में प्रावधानों पर स्पष्ट रूप से विचार करने के लिए निर्देश दिये। पंचायतों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से मिलकर स्पष्ट कार्य योजना भी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने का कि विधानसभा के लंबित मामलों का निराकरण समय-सीमा में किये जाए। बैठक में विभागीय प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकारण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दीपक आर्य, आयुक्त मनरेगा श्री अवि प्रसाद सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 27

मुख्यमंत्री ने जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को किया सम्मानित

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बैगा, गुनिया और सिरहा जैसे परंपरागत जनजातीय समुदायों को अब प्रत्येक वर्ष 5-5 हजार रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। यह पहल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन देने के साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के फैसले छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके गौरव को बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समुदाय की परंपराओं को संजोने और उन्हें समाज के विकास में भागीदार बनाने के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव, पूर्व विधायक महेश गागड़ा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 34

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँ: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएँ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए अंतर्विभागीय समन्वय आवश्यक है। ताकि तेज गति से स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तारित किया जा सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों और अंतर्विभागीय समन्वय विषयों की समीक्षा की। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग संजय दुबे, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव और आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संजीवनी क्लीनिक में रिक्त पदों पर जल्द से जल्द नियुक्तियाँ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं को सशक्त करने के लिए प्रक्रिया को तेज गति से पूर्ण किया जाए। नवीन गठित ज़िलों में जिला चिकित्सालयों के लिए चिकित्सकीय और पैरामेडिकल पदों की पूर्ति की प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की । उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक प्रस्ताव मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को शीघ्र भेजे जाएँ, ताकि रिक्त पद जल्द भरे जा सकें और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार हो। शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन के विषय पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और आईपीएचएस मानक अनुसार रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति के लिए विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 50

पराली में मौजूद फायबर पशुओं को अत्यंत प्रिय, कृषि की परम्परागत शैली से नरवाई जलाने की घटनाओं में आयी कमी

भोपाल धान, गेंहू मक्का सहित अन्य खाद्य फसलों की कटाई के बाद शेष बचा हिस्सा पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता रहा है। क्योंकि खेतों में अवशेष के रूप में इस हिस्से में किसान आग लगा देता है और इससे इंसानी बस्तियों, परिवेश और वातावरण प्रदूषित होता जाता है। हाल ही में कृषि अभियांत्रिकी विभाग भोपाल द्वारा नरवाई जलाने की घटनाओं का सेटेलाइट डेटा जारी किया गया है। इसमें मध्यप्रदेश में 15 सितंबर से 14 नवम्बर के बीच कुल 8917 घटनाएं दर्ज की गई हैं। गत बीते 3 दिनों की बात करें, तो बालाघाट में 15 नवम्बर को नरवाई जलाने की सिर्फ एक घटना दर्ज हुई है। वहीं, श्योपुर में 489, जबलपुर में 275 घटनाएं हुई है। इसी तरह ग्वालियर, नर्मदापुरम्, सतना, दतिया जैसे जिलों में इस तरह की करीब 150 घटनायें रिकार्ड हुई है। यह डेटा इस वर्ष का पूरे देश मे सबसे अधिक है। यह पंजाब व हरियाणा जैसे कृषि में अग्रणी प्रदेशो से भी अधिक है। मध्यप्रदेश में नरवाई जलाने की घटनाएं सबसे कम मात्रा में दर्ज हुई हैं। बालाघाट जिले में कृषि की परम्परागत शैली से ऐसी घटनाएं बिल्कुल नगण्य सी है। जिले के उप संचालक कृषि श्री राजेश खोब्रागड़े बताते हैं कि बालाघाट में नरवाई (पराली) जलाने के मामले में यहां के किसान बेहद सजग हैं। यहां किसान धान का उपयोग तो अपने लिए करते ही है, जबकि धान कटाई के बाद शेष बचे हिस्से (खूंट या खूंटी) को पशुओं के भोजन के रूप में खेतों में ही रहने देते हैं और कुछ हिस्सा काटकर पशुओं के लिए पुंजनी या पुंजना या कहें रोल बनाकर सुरक्षित रख लेते हैं। यहां परम्परागत रूप से खेती-किसानी का प्रबंधन बेहतर स्वरूप से दिखाई देता है। जिले में 15 सितंबर से 16 नवम्बर तक 6 घटनाएं पराली जलने की रिकॉर्ड हुई है। जिले में किसान हार्वेस्टर से कटाई के बावजूद एक फीट तक धान काटता है और रियर से कटाई करने पर भी कुछ हिस्सा शेष रखते है। यहां किसान धान का शेष भाग मुख्य रूप से पशुओं के लिए संरक्षित करते हैं और पूरे साल भर इसे पशुओं के चारे के रूप में उपयोग में लाते हैं। खरीफ में ढाई लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में हुई धान की फसल बालाघाट जिले में खरीफ की फसल में मुख्य रूप से धान का रकबा अधिक है। यहां इस वर्ष 2 लाख 60 हजार हेक्टेयर में धान उगाई गई। बालाघाट प्रदेश का एकमात्र जिला है, जो रबी सीजन में भी धान की फसल उगाता है। यहां रबी में करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुआई की जाती है। जिले में खरीफ धान की 60 से 70 प्रतिशत कटाई रिपर से हुई है, जबकि हाथों से मात्र 10 से 20 प्रतिशत। नरवाई (पराली) का उपयोग जिले के किसान नरवाई (पराली) या पैरा का उपयोग सदियों से विभिन्न तरीकों से करते आ रहे है। यहां पराली को पशुओं के चारे के रूप में, खाद बनाने के लिए, ऊर्जा उत्पादन के लिए, कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए, मिट्टी की दीवार बनाने में और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। पराली पशुओं को पसंद क्यूं आती है? पराली पशुओं के लिए एक स्वादिष्ट और पोषक चारा है। बालाघाट जिले में पशुओं के भोजन का एक बड़ा हिस्सा धान की पराली ही है। यह जब यह ताज़ा-ताज़ा और हरी होती है, तो यह पशुओं को बड़ी पसंद आती है। पशु इसे बड़े चाव से खाते हैं। पराली में उच्च कोटि का फाइबर, समुचित मात्रा में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व भी होते हैं, जो पशुओं के शारीरिक विकास के लिए बड़े ही जरूरी होते हैं। बालाघाट 11 लाख से अधिक पशुओं वाले जिले में शामिल पराली बालाघाट के पशुओं का मुख्य भोजन है। इससे स्पष्ट है कि यहां धान के शेष बचे भाग का उपयोग प्रमुखता से पशुओं द्वारा ही किया जाता है। 20वीं पशु-संगणना (2018-19) के अनुसार बालाघाट जिले में करीब 11 लाख 27 हजार 416 पशु हैं। बालाघाट प्रदेश के सबसे अधिक पशुपालन (लाईव-स्टॉक) वाले 10 जिलो में से एक है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36