भारत ने जीता टॉस, अफगानिस्तान के खिलाफ पहले चुनी गेंदबाजी; 25-25 ओवर का होगा मुकाबला

India won the toss and elected to bowl first against Afghanistan; the match will consist of 25 overs per side. Cricket Score, India vs Afghanistan (IND vs AFG) 1st ODI: नमस्कार! “माय सीक्रेट न्यूज” के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। भारत और अफगानिस्तान के बीच आज से तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज हो गया है। पहला मुकाबला धर्मशाला में खेला जा रहा है। बारिश के कारण मैच शुरू होने में देरी हुई, जिसकी वजह से अब 25-25 ओवर का मुकाबला होगा। भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया है। IND vs AFG Live Score: दोनों टीमों की प्लेइंग-11भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, गुरनूर बराड़, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा। अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह ओमरजई, इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफी, अल्लाह गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी। IND vs AFG Live Score: भारत ने जीता टॉस, चुनी गेंदबाजीभारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। कप्तान शुभमन गिल ने बताया कि इस मैच में दो खिलाड़ी डेब्यू कर रहे हैं, जिनमें हर्ष दुबे और गुरनूर बराड़ शामिल हैं। इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल, प्रिंस यादव और कुलदीप यादव नहीं खेल रहे हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 20

पाकिस्तान की नई चाल, PoK में विधानसभा चुनाव कराने का किया ऐलान, भारत ने UN में लगाई लताड़, कहा- ऐसे कब्जा…

Pakistan’s new move, revealing assembly elections in PoK, India complains to the UN, saying – this is how they caught it… नई दिल्ली ! Pakistan’s move in Indian भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसने तथाकथित गिलगित-बाल्तिस्तान विधानसभा के लिए चुनाव कराने संबंधी पाकिस्तान की योजना पर इस्लामाबाद के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि यह इलाका भारतीय क्षेत्र है, जिस पर पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से और जबरन कब्जा किया गया है. भारत ने कहा कि पड़ोसी देश द्वारा किए गए ऐसे प्रयास पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और स्वतंत्रता से वंचित करने जैसे अंतर्निहित मुद्दों को ढक नहीं सकते. Pakistan’s move in Indian विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान द्वारा सात जून को भारतीय क्षेत्रों, जिन पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से और जबरन कब्जा कर रखा है, में तथाकथित ‘गिलगित-बाल्तिस्तान विधानसभा’ के आम चुनाव कराने की योजना के संबंध में भारत सरकार ने पाकिस्तान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है.’ MEA ने कहा कि भारत ने अपने उस जगजाहिर रुख को दोहराया है कि तथाकथित ‘गिलगित-बाल्तिस्तान’ समेत समूचा जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश 1947 में जम्मू कश्मीर के भारत में पूर्ण, कानूनी और अपरिवर्तनीय विलय के परिणामस्वरूप भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है. अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन Pakistan’s move in Indian विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘भारत सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान द्वारा किये जा रहे ऐसे प्रयास उसके अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और स्वतंत्रता से वंचित करने जैसे अंतर्निहित मुद्दों को छिपा नहीं सकते.’ मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार, पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन लाने के उसके प्रयासों को सिरे से खारिज करती है. उसने यह भी कहा कि ऐसे कार्यों से यह तथ्य नहीं छिप सकता कि पाकिस्तान अवैध रूप से भारतीय क्षेत्रों पर कब्जा किये हुए है, जिन्हें उसे खाली करना होगा. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 35

16 नंबर’ में छिपा है जवाब: राहुल गांधी की पहेली से हलचल, क्या परिसीमन को लेकर दक्षिण की राजनीति पर है इशारा?

The answer lies in ‘number 16’: Rahul Gandhi’s puzzle stirs up a stir, is it a reference to South Indian politics regarding delimitation? लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने ’16’ नंबर को लेकर एक रहस्यमयी टिप्पणी करते हुए कहा ‘हे भगवान यही तो वो नंबर है 16। जिसमें पूरा जवाब छिपा है।’ क्या है ’16’ का रहस्य?राहुल गांधी ने बताया कि कल जब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा में भाषण सुन रहे थे, तब उन्हें उनकी ऊर्जा कम लगी। उसी दौरान उन्होंने तारीख देखी 16 अप्रैल। इसी पर उन्होंने कहा कि 16 नंबर में ही इस पहेली का जवाब है। अगर आप किसी को कुछ समझ आया तो प्लीज मुझे सोशल मीडिया पर बताएं। आप जल्द ही इस नंबर के रहस्य को जान जाएंगे। NDA गणित और 16 का कनेक्शनराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का इशारा सीधे एनडीए गठबंधन के अंदरूनी गणित की ओर हो सकता है। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा अपने दम पर बहुमत से पीछे रह गई थी और उसे सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस संदर्भ में आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) का महत्व बढ़ जाता है, जिसके पास 16 सांसद हैं और जिसका नेतृत्व चंद्रबाबू नायडू करते हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं है कि राहुल गांधी का इशारा इसी तरफ था। TDP की भूमिका और दक्षिणी राज्यों की चिंताहालांकि राहुल गांधी ने कोई विवरण नहीं दिया, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि वे इस ओर इशारा कर रहे थे कि टीडीपी (जो दक्षिण भारत का एक दल है) परिसीमन की योजनाओं पर मोदी सरकार के साथ सहमत नहीं हो सकता है। यह भी गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के मंत्री और टीडीपी के नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष नारा लोकेश, जो नायडू के बेटे हैं, ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी को एनडीए की ओर से देश को आश्वासन देने के लिए धन्यवाद दिया था कि परिसीमन के माध्यम से किसी भी राज्य के साथ कोई अन्याय नहीं किया जाएगा। परिसीमन बिल पर क्यों उठे सवाल?राहुल गांधी का यह बयान उस समय आया है जब केंद्र सरकार लोकसभा सीटों के परिसीमन की तैयारी कर रही है। यह प्रक्रिया 2023 में पास महिला आरक्षण कानून से भी जुड़ी बताई जा रही है। दक्षिण भारत के कई दलों को डर है कि पुरानी जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण होने से उनकी हिस्सेदारी कम हो सकती है। तमिलनाडु की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सहित कई दलों का कहना है कि यदि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन हुआ, तो दक्षिण राज्यों की लोकसभा हिस्सेदारी 24% से घटकर 20% तक आ सकती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 100

आरटीआई में मांगी सूचना से शिक्षा विभाग में हड़कंप – सरस्वती का जन्म कब हुआ, उनका शिक्षा में क्या योगदान रहा

RTI information sought stirs education department – when was Saraswati born, what was her contribution to education विद्या की देवी मां सरस्वती का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान क्या है? उनका जन्म कब हुआ? कहां पढ़ाई की? कौनसी डिग्री ले रखी है? ये कुछ ऐसे सवाल है जो सूचना का अधिकार अधिनियम में लगाए एक आवेदन में पूछ गए हैं। इनकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी से मांगी गई है। शिक्षा विभाग में आरटीआई में इस तरह के सवालों वाला प्रार्थना पत्र मोतीलाल नामक व्यक्ति ने लगाया है। अधिकारी फिलहाल आवेदक को जवाब भिजवाने की कवायद में जुटे हैं क्योंकि तय समय पर उपलब्ध सूचना नहीं दी जाने पर उन पर जुर्माना लग सकता है। आवेदक ने शिक्षा विभाग से एक व्यक्ति ने मां सरस्वती के जन्म, पढ़ाई एवं डिग्री के बारे में सूचना मांगी है। फिलहाल इस तरह की सूचना कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। जो भी होगा, समय पर आवेदक को बता दिया जाएगा। ब्रह्माराम चौधरी, सीडीईओ शिक्षा विभाग से यह सूचना भी मांगी है कि सरकारी स्कूलों में सरस्वती की प्रतिमा किस आदेश से स्थापित की गई। इस संबंध में निदेशालय, जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश की प्रतिलिपी, जिले के किन-किन स्कूलों में सरस्वती प्रतिमा स्थापित है? इसकी सूची भी मांगी है। उल्लेखनीय है कि सूचना का अधिकार लागू करने के पीछे मंशा सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाकर विकास कार्यों में आमजन की सहभागिता बढ़ना है। ताकि, किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार पर कार्रवाई हो । Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 82

आम्बेड़कर कथा : सामाजिक परिवर्तन के लिए संघर्ष “पुस्तक”

Ambedkar’s Story: Struggle for Social Change बाबा साहेब आम्बेड़कर की जयंती हर साल धूम धाम से मनाई जाती है। प्रश्न यह है कि जिन मूल्यों के लिए डॉ. आम्बेड़कर ने जीवन भर संघर्ष किया, वे मूल्य अब कहाँ हैं? प्रश्न यह है कि उन दलितों की जिनकी बेहतरी के लिए डॉ. आम्बेड़कर ने अपना जीवन होम कर दिया आज क्या स्थिति है? दलितों और समाज के अन्य दबे-कुचले वर्गों के अतिरिक्त, इस देश के क्रांतिकारी बुद्धिजीवियों के लिए डॉ. आम्बेड़कर आज भी एक महानायक हैं। जो राजनैतिक दल, सामाजिक न्याय के विरोधी हैं, वे तक डॉ. आम्बेड़कर के विरुद्ध एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं कर सकते। बाबा साहेब, सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक हैं। वे जमींदारों की आर्थिक गुलामी और ऊँची जातियों की सामाजिक गुलामी से दलितों की मुक्ति के भी अक्षय प्रतीक हैं। पी.एच.डी. और डी. एस.सी. होते हुए भी उन्हें अपने कार्यस्थल पर अपमान सहना पड़ा। उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि राजनैतिक स्वतंत्रता तब तक अर्थहीन रहेगी जब तक उसके साथ-साथ सामाजिक बदलाव नहीं होता; जब तक शूद्रों और महिलाओं को गुलामी से मुक्ति नहीं मिलती। राष्ट्रीय आंदोलन में उन्होंने इन्हीं लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए काम किया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 196

अरावली हमारी धरोहर है उसे…यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 जिलों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

अरावली हमारी धरोहर है उसे…यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 जिलों की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भरी हुंकार

Aravalli is our heritage, Rakesh Tikait roared at the Mahapanchayat of 6 districts on Yamuna Expressway. जमीन अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से नाराज चल रहे किसानों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आया। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर बड़ी संख्या में किसान एकजुट हुए और अधिकारियों को साफ कहा कि अब वादों से काम नहीं चलेगा, अब हमें ठोस फैसला चाहिए। भारतीय किसान यूनियन की इस महापंचायत में छह जिलों से किसान शामिल हुए। सभी किसानों ने एक सुर में मुआवजे और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। वहीं इस महापंचायत में राकेश टिकैत की मौजूदगी ने माहौल को और गर्मा दिया। इसी दौरान राकेश टिकैत ने सराकार को समाधान के लिए 14 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है और अरावली विवाद पर भी बयान देते हुए चेतावनी दी है। पांच घंटों तक चली महापंचायतसोमवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिले के किसान बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए। किसानों की यह महापंचायत पांच घंटों तक चली, जिसमें इकट्ठे हुए सभी किसानों ने अपनी मांगें खुलकर रखीं। किसानों का कहना था कि अधिकारियों ने विकास के नाम पर उनसे जमीन तो ले ली, लेकिन उसके बदले उन्हें जो हक मिलना चाहिए था, वह अभी तक अधूरे हैं। इसी नाराजगी की वजह से किसानों ने प्रशासन और प्राधिकरणों के खिलाफ आवाज उठाई। किसानों ने क्या-क्या मांगें रखीं?महापंचायत में किसानों ने साफ कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण इलाके में जिन किसानों की जमीन ली गई है, उन किसानों को 64.7% ज्यादा मुआवजा दिया जाए और जमीन के प्राइस यानी सर्किल रेट भी बढ़ाए जाएं। साथ ही किसानों ने यह भी मांग की कि जिन लोगों ने नोएडा एयरपोर्ट और फैक्ट्रियों के लिए जमीन दी, उनके बच्चों को पढ़ाई और योग्यता के हिसाब से पक्की नौकरी भी दी जाए। इसके साथ ही 10% विकसित भूखंड देने, आबादी निस्तारण जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया। किसानों ने इन मुद्दों का प्राथमिकता के साथ हल किए जाने की मांग की। राकेश टिकैत ने दी चेतावनी और कहा अरावली हमारी धरोहर हैराकेश टिकैत ने सरकार और प्राधिकारियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसानों को सालों से सिर्फ आस्वासन ही दिया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर 14 जनवरी तक समाधान नहीं होगा, तो किसान लखनऊ कूच करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकास प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन देने वाले किसानों को नौकरी और बसने का पूरा हक मिलना चाहिए।इतना ही नहीं, हाल ही में अरावली को लेकर बड़ा विवाद चल रहा है और मीडिया से बातचीत करते हुए इस मुद्दे पर भी उन्होंने बयान दिया और कहा कि अरावली हमारी धरोहर है और अगर इसे किसी को भी नष्ट नहीं करने देंगे। अगर फिर भी किसी ने कोशिश की, तो हम इसे बचाएंगे और जरूरत पड़ी तो प्रदर्शन करेंगे और वहीं जाकर बैठ जाएंगे। अधिकारियों ने किसानों से की बातचीतमहापंचायत के दौरान जिला प्रशासन और विकास प्राधिकरणों के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों से सीधे बातचीत की। एडीएम एलए बच्चू सिंह, यमुना प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी ने वहा किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। अधिकारियों ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों का समाधान एक प्रक्रिया के अनुसार चल रहा है। सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर भी काम चल रहा है और इस पर नए साल में फैसला किया जा सकता है। राकेश टिकैत ने किया ऐलानअधिकारियों से बातचीत के दौरान रोकेश टिकैत ने साफ कहा कि नोएडा एयरपोर्ट लगभग तैयार हो चुका है और उन्हें अभी तक न तो उन्हें 64.7% मुआवजा दिया गया है और न ही नौकरी या मकान बनाने के लिए जमीन के बदले कोई हक दिया गया है। उनका मानना है कि एक बार एयरपोर्ट चालू हो गया तो किसानों की आवाजें और कम कर दी जाएंगी, इसलिए अब चुप बैठने का समय नहीं है। टिकैत ने ऐलान किया कि सराकर ने मांगे नहीं मानी तो 22 जनवरी के बाद लखनऊ की तरफ ट्रैक्टर मार्च किया जाएगा।इस मार्च में एक ट्रैक्टर और करीब 10 लोग शामिल होंगे। आगे उन्होेंने कहा कि किसान 15 दिन का राशन लेकर जाएंगे और वहीं डेरा लगाएंगे। उन्होंने कहा कि जनवरी में प्रयागराज में होने वाले शिविर में आंदोलन की आगे की प्लानिंग की जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 139

India Squad Announcement: विश्‍व कप के लिए भारतीय टीम का एलान, गिल- जितेश बाहर, अक्षर बने उपकप्‍तान

India Squad Announcement: Indian team announced for the World Cup, Gill-Jitesh out, Axar named vice-captain नई दिल्ली। टी20 विश्‍व कप 2026 के लिए आज, 20 दिसंबर को 15 सदस्‍यीय भारतीय टीम का एलान किया गया। इसके अलावा न्‍न्‍यूजीलैंड दौरे के लिए भी भारतीय टीम की घोषणा की गई। दोनों स्‍क्वॉड एक ही हैं। फॉर्म से जूझ रहे सूर्यकुमार यादव ही टीम की कमान संभालेंगे। वहीं अक्षर पटेल को उपकप्‍तानी सौंपी गई है। इससे पहले मुंबई में चीफ सेलेक्‍टर अजीत अगरकर समेत सभी चयनकर्ता और कप्‍तान सूर्यकुमार यादव की मीटिंग हुई। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने प्‍लेयर्स के नाम का एलान किया। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में शानदार प्रदर्शन करने वाले ईशान किशन को उनके प्रदर्शन का इनाम मिला है। ईशान की टीम में वापसी हुई है। इसके अलावा फिनिशर रिंकू सिंह को भी टीम में मौका मिला है। फॉर्म से जूझ रहे शुभमन गिल को टीम से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा विकेटकीपर जितेश शर्मा का भी पत्‍ता कटा है। अक्षर पटेल को फिर से उपकप्‍तानी सौंपी गई है। टी20 विश्‍वकप का आगाज 7 फरवरी 2026 से होगा, वहीं फाइनल मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा। टूर्नामेंट में 20 टीमों के बीच जंग देखने को मिलेगी। सभी टीमों को 5-5 के 4 ग्रुप में बांटा गया है। भारतीय टीम ने 2024 में खेला गया विश्‍व कप जीता था। ऐसे में टीम की कोशिश खिताब का बचाव करने पर होगी। विश्‍व कप और न्‍यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीमसूर्याकुमार यादव (कप्‍तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (उपकप्‍तान), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, वॉशिंगटन सुंदर, ईशान किशन (विकेटकीपर)। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 145

Kakori train robbery 1927: 4600 रुपये की काकोरी ट्रेन लूट का क्या है सच, फांसी पर चढ़ने वाले Ram Prasad Bismil और अश्फाक उल्ला ने क्या देखा था सपना?

Kakori train robbery 1927: 4600 रुपये की काकोरी ट्रेन लूट का क्या है सच, फांसी पर चढ़ने वाले Ram Prasad Bismil और अश्फाक उल्ला ने क्या देखा था सपना?

Kakori conspiracy: What is the truth behind the Kakori train robbery of Rs 4600? What did the hanged Ram Prasad Bismil and Ashfaqulla dream about? Kakori train robbery 1927 / काकोरी के शहीद : आज राम प्रसाद बिस्मिल (Ram Prasad Bismil) , अशफाक उल्ला खान (Ashfaqulla Khan) और रोशन सिंह की शहादत को 98 साल पूरे हो गए। काकोरी कांड को अंजाम देने के लिए 19 दिसंबर 1927 ((Kakori Kand) को तीन लोगों राम प्रसाद बिस्मिल, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी को फांसी की सजा दी गई थी। Ram Prasad Bismil : काकोरी कांड को जोगेशचन्द्र चटर्जी, प्रेमकृष्ण खन्ना, मुकुन्दी लाल, विष्णुशरण दुबलिश, सुरेशचन्द्र भट्टाचार्य, रामकृष्ण खत्री, मन्मथनाथ गुप्त, राजकुमार सिन्हा, ठाकुर रोशन सिंह, रामप्रसाद ‘बिस्मिल’, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी, गोविन्दचरण कर, रामदुलारे त्रिवेदी, रामनाथ पाण्डे, शचीन्द्रनाथ सान्याल, भूपेन्द्रनाथ सान्याल, और प्रणवेश कुमार चटर्जी ने मिलकर अंजाम दिया। उनपर कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। नीचे की फोटो में अशफाउल्ला खान (Ashfaqulla Khan) की तस्वीर नहीं है। राजेंद्र लहरी को 17 दिसंबर 1927 को दी गई थी फांसी 98 Years of Kakori Kand: राजेंद्र लाहिड़ी को 17 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई, जबकि दो दिन बाद राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह को फांसी की सजा दी गई थी। वहीं चंद्रशेखर आजाद ने अंग्रेजों से लड़ते हुए खुद को गोली मारकर जान दे दी। क्या Kakori train robbery 1927 सिर्फ पैसों की लूट था? प्रोफेसर शम्सुल इस्लाम बताते हैं कि लोग यह गलतबयानी करते हैं कि क्रांतिकारी संगठन हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) से जुड़े क्रांतिकारियों की आर्थिक हालत खराब हो चुकी थी और उनके पास पहनने तक के साबूत कपड़े भी नहीं बचे थे। वह सुधीर विद्यार्थी के हवाले से कहते हैं, ‘याद रहे सरकारी ख़ज़ाने को लूटने के पीछे का उद्देश्य हथियार व गोला-बारूद खरीदना नहीं था बल्कि एक छापाखाना स्थापित करना था ताकि समाजवादी साहित्य छाप कर नौजवानों, मज़दूरों, किसानों और बुद्धजीविओं के बीच प्रसारित किया जा सके।’ Kakori train robbery 1927 को कौन कर रहा था लीड?काकोरी उत्तर प्रदेश में लखनऊ से 17.5 किलोमीटर की दूरी पर एक छोटा सा रेलवे स्टेशन था। राम प्रसाद बिस्मिल ने ट्रेन लूटने की योजना बनाई। उन्होंने इस काम के लिए नौ क्रांतिकारियों का चयन किया। उनके अलावा इस मुहिम में राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह, सचींद्र बख्शी, अशफ़ाक़उल्ला ख़ां, मुकुंदी लाल, मन्मथनाथ गुप्त, मुरारी शर्मा, बनवारी लाल और चंद्रशेखर आज़ाद शामिल थे। 4600 रुपये का मिथक?राम प्रसाद बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा में लिखा, ‘कुली गार्ड के डिब्बे में रखे लोहे के संदूक उतार रहा था। उसमें ना ही जंजीर और ना ही ताले लगे होते हैं। बस उसी दिन मैंने यह तय कर लिया कि इसी को लूटना है। क्रांतिकारियों ने यह तय किया ट्रेन में यात्रा कर रहे किसी यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। इस काम के लिए क्रातिकारियों ने 8 अगस्त 1925 का दिन मुकर्रर किया, पर वो ट्रेन स्टेशन से छूटने के 10 मिनट बाद स्टेशन पहुंच पाए। 8 डाउन से लूटे थे 4600 रुपये8 अगस्त को योजना में कामयाबी नहीं मिलने के बाद उन्होंने यह तय किया अब इस काम को वे 9 अगस्त को अंजाम देंगे। अगले दिन वे चार माउज़र पिस्तौलें और रिवॉल्वर लेकर ट्रेन में सवार हुए और लखनऊ से शाहजहांपुर रूट पर 8 डाउन में सवार हो गए। काकोरी में ट्रेन की चेन खींची और लोहे का बक्सा उतार लिया। इस बक्शे में सिर्फ 4600 रुपये थे। क्रांतिकारियों पर कौन-कौन सी लगाई गई थीं धाराएंकाकोरी षड्यंत्र के बाद अंग्रेजी सरकार क्रांतिकारियों के पीछे कुत्तों की तरह पीछे लग गई। इस कांड को अंजाम देने वालों पर भारतीय दंड संहिता के तहत 121 A, 120B, 396 की धाराएं लगाई गईं। अंग्रेजी सरकार ने रामप्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र लहरी, रोशन सिंह, और अशफ़ाक़उल्ला ख़ां को राजद्रोह और षड्यंत्र रचने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई। बिस्मिल ने फंदे पर झूलने से पहले कहा था- ‘आई विश डाउनफाल ऑफ ब्रिटिश इम्‍पायर’। उन्होंने ‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’ और ‘अंग्रेजी सरकार मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए थे। देश पर जान न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारी यह मानते थे कि अंग्रेजी शासन तानशाही के रास्ते पर चल रही है और उन्हें तानाशाही व्यवस्था का अंत करना है। भारतीय कम्युनिस्टों से अश्फाक उल्ला ने की थी ये अपील सुधीर विद्यार्थी अपनी किताब ‘अशफ़ाकुल्लाह और उनका युग’ में लिखते हैं, ‘कम्युनिस्ट ग्रुप से अशफ़ाक़ की गुज़ारिश है कि तुम इस गैर-मुल्क की तहरीक को लेकर जब हिन्दुस्तान में आए हो तो तुम अपने को गैर-मुल्की ही तस्सवुर करते हो, देसी चीज़ों से नफ़रत, विदेशी पोशाक और तर्ज़-ए- मआशरत (जीने का अंदाज़) के दिल दादा हो, इस से काम नहीं चलेगा, अपने असली रंग में आ जाओ। देश के लिए जियो, देश के लिए मरो। मैं तुम से काफ़ी तौर पर मुत्तफ़िक़ (सहमत) हूं और कहूंगा कि मेरा दिल ग़रीब किसानों के लिए और दुखिया मज़दूरों के लिए हमेशा दुखी रहा है।’ किसानों और मजदूरों की हालत पर रोते थे अश्फाक उल्लासुधीर लिखते हैं, ‘मैं ने अपने आयाम-ए-फ़रारी (पुलिस से छुपकर रहने वाला काल) में भी अक्सर इनके हालात देखकर रोया किया हूं क्योंकि मुझे इनके साथ दिन गुज़रने का मौक़ा मिला है। मुझ से पूछो तो मैं कहूंगा कि मेरा बस हो तो मैं दुनिया की हर चीज़ इन के लिए वक़्फ़ (सुरक्षित) कर दूं। हमारे शहरों की रौनक़ इनके दम से है। हमारे कारखाने इन की वजह से आबाद और काम कर रहे हैं। हमारे पम्पों से इनके हाथ ही पानी निकालते हैं। ग़रज़ की दुनिया का हर एक काम इनकी वजह से हुआ करता है। गरीब किसान बरसात के मूसलाधार पानी और जेठ-बैसाख की तपती दोपहर में भी खेतों पर जमा होते हैं और जंगल में मंडराते हुए हमारी खुराक का सामान पैदा करते हैं। यह बिल्कुल सच है कि वह जो पैदा करते हैं, जो वह बनाते हैं, उनमें उनका हिस्सा नहीं होता। वह हमेशा दुखी और मुफ़लिस-उल-हाल (दरिद्र) रहते हैं। मैं इत्तेफ़ाक़ करता हूं कि इन तमाम बातों के ज़िम्मेदार हमारे गोरे आक़ा और उनके एजेंट हैं।’ क्या शहीदों के सपने हुए पूरे? आईआईटी, बंबई में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के पूर्व प्रोफेसर और वर्तमान समय में सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसाइटी एंड सेकुलरिज्म (सीएसएस) की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष राम पुनियानी क्रांतिकारियों … Read more

Gold Silver Rupee: सोना 7 हफ्ते के हाई पर, चांदी 2 लाख के करीब; रुपया 90.56 के नए निचले स्तर पर फिसला

Gold Silver Rupee: सोना 7 हफ्ते के हाई पर, चांदी 2 लाख के करीब; रुपया 90.56 के नए निचले स्तर पर फिसला

Gold Silver Rupee: Gold at 7-week high, silver nears 2 lakh; Rupee slips to new low of 90.56 घरेलू वायदा बाजार में शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में सोना साढ़े सात हफ्तों के उच्च स्तर के करीब बना रहा। एमसीएक्स पर फरवरी सोने का वायदा 0.02% की हल्की बढ़त के साथ ₹1,32,496 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। यह बढ़त अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 25 आधार अंकों की ब्याज दर कटौती के बाद बने सकारात्मक रुझान का विस्तार है। इसके उलट, मार्च सिल्वर वायदा में रिकॉर्ड स्तरों के पास प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली, और यह 0.54% गिरकर ₹1,97,861 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखा। चांदी हाल ही में ₹2 लाख प्रति किलो के नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंची थी। बुलियन में यह उतार-चढ़ाव कमजोर डॉलर इंडेक्स, वैश्विक वित्तीय बाजारों में जारी अस्थिरता और फेड की नीति के बाद निवेशकों की सोने-चांदी में बढ़ती दिलचस्पी के बीच देखने को मिल रहा है।पिछले सत्र में तेज बढ़तवहीं गुरुवार के कारोबार में सोना और चांदी दोनों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती के साथ बंद हुए। गोल्ड फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 2.06% की बढ़त के साथ ₹1,32,469/10 ग्राम पर सेटल हुआ। सिल्वर मार्च कॉन्ट्रैक्ट 5.41% उछलकर ₹1,98,942 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी ने बनाया नया रिकॉर्डफेड की नीतिगत बैठक के बाद मिले संकेतों खासतौर पर 25 आधार अंकों की कटौती से कीमती धातुओं में मजबूत खरीद देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 65 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना रही है, जबकि सोना सात सप्ताह की ऊंचाई पर है।रुपये अपने नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचावहीं शुक्रवार सुबह रुपये में भारी कमजोरी देखने को मिली और यह 24 पैसे टूटकर 90.56 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और विदेशी फंड के लगातार बहिर्वाह ने बाजार भावनाओं को कमजोर किया है।कीमती धातुओं की तेजी को लेकर विशेषज्ञों की रायकीमती धातुओं में हालिया तेजी पर टिप्पणी करते हुए पृथ्वी फिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि मजबूत फंडामेंटल्स आने वाले सत्रों में भी सोना और चांदी की कीमतों को सहारा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजारों में रुपये की कमजोरी भी बुलियन को समर्थन प्रदान कर रही है। जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,040 प्रति औंस और चांदी $57.70 प्रति औंस के मुख्य सपोर्ट स्तरों को बनाए रख सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आज के सत्र में सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। डॉलर इंडेक्स में हलचल, वैश्विक वित्तीय बाजारों की अस्थिरता और महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से पहले बाजार दिशा खोजेगा।घरेलू बाजार में सोने के दामदिल्ली22 कैरेट (स्टैंडर्ड गोल्ड): ₹99,168 प्रति 8 ग्राम24 कैरेट (शुद्ध सोना): ₹1,06,784 प्रति 8 ग्राममुंबई22 कैरेट: ₹99,160 प्रति 8 ग्राम24 कैरेट: ₹1,06,720 प्रति 8 ग्राम Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 83

Petrol Diesel Price 10 October 2025: पेट्रोल-डीजल 4 रुपए महंगा, वाहन मालिकों के अच्छे दिन खत्म, जानिए आपके शहर में क्या है रेट

बिजनेस: Petrol Diesel Price 10 October 2025 ताबड़तोड़ बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने एक बार फिर आम जनता को जोर का झटका दिया है। दरअसल दिवाली से पहले सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी कर दिया है। सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार पेट्रोल कीमत में 4.07 रुपए और डीजल के दाम में 4.04 रुपए बढ़ गए हैं। पेट्रोल डीजल के नए रेट 1 अक्टूबर से लागू कर दिए गए हैं। Petrol Diesel Price 10 October 2025 मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के रेट में 4.07 रुपए बढ़ाया है, जिसके बाद दाम ₹268.68 प्रति लीटर हो गया है। वहीं, हाई स्पीड डीजल की बात करें तो 4.04 रुपए महंगा होने के बाद ग्राहकों को प्रति लीटर 276.81 रुपए चुकाने होंंगे। सरकार की मानें तो ईंधन की कीमतों को हर दो सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार के रुझानों, विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और घरेलू कराधान में बदलाव के आधार पर समायोजित किया जाता है। बता दें कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का महंगाई (Inflation) पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि यह उत्पादन और परिवहन लागत को बढ़ाता है, जिससे आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं, विशेष रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ जाती हैं। वित्त मंत्रालय ने एक दिन पहले अपने मासिक आर्थिक दृष्टिकोण में नोट किया था कि बाढ़ से संबंधित व्यवधान खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे उपभोक्ता कीमतें बढ़ सकती हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 172

सरकार इन किसानों को नहीं देगी 21वीं किस्त, तत्काल जानें

सरकार इन किसानों को नहीं देगी 21वीं किस्त, तत्काल जानें

The government will not give the 21st installment to these farmers, know immediately नई दिल्ली। PM Kisan Samman Nidhi देश की तमाम राज्य सरकारें अपने नागरिकों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाती हैं। इनमें कई योजनाएं सीधे किसानों के लिए होती हैं। छोटे और सीमांत किसान अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और उन्हें सरकारी मदद की जरूरत होती है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। पीएम-किसान योजना के तहत अब तक किसानों को 20 किस्तें भेजी जा चुकी हैं। PM Kisan Samman Nidhi सरकार की ओर से 4 महीनों के अंतराल किस्त की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती रही है। योजना का मकसद छोटे किसानों को आर्थिक राहत देना और उनकी खेती से जुड़ी जीवनशैली में सुधार लाना है। इससे किसान अपनी जरूरतें आसानी से पूरी कर सकते हैं। अब कई किसान 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सभी इसके पात्र नहीं होंगे। कुछ किसानों के खाते में किस्त नहीं जाएगी। क्योंकि उनके दस्तावेज पूरी तरह अपडेट नहीं हैं। ऐसे किसानों को यह काम करने की जरूरत है। जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके। Read more: कितना बदलेगा भोपाल निगम, जल्द सच आ जाएगा सामने PM Kisan Samman Nidhi आपको बता दें 21वीं किस्त का लाभ कई किसानों को नहीं मिलेगा। जिन किसानों ने अब तक ई-केवाईसी और भूसत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। उनके खाते में पैसे नहीं आएंगे। इन दोनों प्रक्रियाओं को पूरा करना जरूरी है। तभी 21वीं किस्त का लाभ मिल पाएगा। इसलिए जिन किसानों ने अबतक यह काम नहीं करवाया है। उन्हें तुरंत अपने दस्तावेज अपडेट करने की जरूरत है। ई-केवाईसी पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा कर सकते हैं। और अपने भूसत्यापन के लिए भूलेख रिकॉर्ड की वेबसाइट या विभाग जाना होगा। इसके अलावा 21वीं किस्त पाने के लिए जरूरी है कि बैंक खाता, आधार कार्ड और नाम की जानकारी सही हो। अगर कोई जानकारी अधूरी या गलत पाई जाता है तो भुगतान नहीं होगा। अगर आपने भी नहीं करवाया यह काम तो तुरंत करवा लें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 182

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की योजना अधूरी, बेटियों का बड़ा बजट ,सरकार ने अपनी छवि चमकाने पोस्टर और नारों जैसे कार्यों पर पानी की तरह बहाया पैसा

The ‘Save the Girl Child, Educate the Girl Child’ scheme remains incomplete, with a large budget for girls. भोपाल। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना को सरकार पलीता लगा रही है। इस योजना का स्वीकृत फंड का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हुआ। जमीनी क्रियान्वयन और बालिकाओं तक योजना का लाभ नहीं पहुंच रहा है।बेटियों की कम हो रही संख्या को समान अनुपात में लाने के लिए सरकार की ओर से हर स्तर पर प्रयास किए जाते हैं, लेकिन उनका ग्राउंड जीरो पर असर दिखाई नहीं देता है। राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य गिरते लिंगानुपात को रोकना, कन्या भ्रूण हत्या पर से लगाना तथा बालिकाओं की शिक्षा और शारीरिक एवं मानसिक विकास से जुड़े कार्यों को गति देना है। यह योजना निश्चित तौर पर बदलाव ला सकती है, लेकिन संचालन के तौर तरीके इस योजना को आगे नहीं बड़ा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हालिया रिपोर्ट बताती है कि इस योजना के तहत पिछले ग्यारह वर्षों में स्वीकृत राशि में से करीब एक तिहाई राशि का इस्तेमाल नहीं हो पाया है। वर्ष 2024-25 (31 दिसंबर तक) में तो सबसे कम करीब 13 फीसद राशि ही खर्च हो पाई। ऐसे में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और इसकी सफलता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। भ्रूण परीक्षण जैसे गैरकानूनी और अनैतिक कृत्य भी तकनीक के दुरुपयोग का ही परिणाम है। देश में लिंगानुपात गड़बड़ाने का एक कारण भ्रूण परीक्षण भी है। हालांकि इस पर कानूनन प्रतिबंध है, लेकिन चोरी-छिपे भ्रूण परीक्षण कराने के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं।हमारे समाज की रूढ़िवादी मानसिकता भी इसके लिए जिम्मेदार है। बेटे को प्राथमिकता और बेटियों को परिवार पर बोझ समझने की प्रवृत्ति आज भी मौजूद है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में समाज की इस सोच को बदलने का आह्वान भी शामिल है। इसके क्रियान्वयन में लापरवाही देखी जा रही है। जब इस योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का एक बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं किया जा रहा है, इससे कई बालिकाओं तक इसका लाभ पहुंचा हीं नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले ग्यारह वर्षों में इस योजना के तहत स्वीकृत धनराशि का 100 फीसद इस्तेमाल कभी नहीं हो पाया। जबकि योजना के मुताबिक, इस राशि का इस्तेमाल लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने, उनमें खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, पोषण कार्यक्रम, स्वास्थ्य सुविधाएं और शौचालय के निर्माण जैसे कार्यों पर किया जाता है। जिला स्तर पर इस योजना को लागू करने के लिए धनराशि राज्य सरकार के माध्यम से प्रदान की जाती है। हकीकत यह भी सामने आई है कि कई जगह पोस्टर और नारों जैसे कार्यों पर ही अधिक राशि खर्च की गई है, जबकि बालिका शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर वास्तविक खर्च सीमित रहा। इससे साफ है कि इस योजना को जमीन पर उतारने में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। इसकी जिम्मेदारी तय होना चाहिए, तभी यह योजना आगे बढ़ पाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 254

RSS के सह सरकार्यवाह का विवादित बयान बोले – बोले ‘भारत माता की जय बोलने से राष्ट्रभक्ति नहीं होती’

RSS’s co-general secretary made a controversial statement, saying, “Saying Bharat Mata ki Jai doesn’t make one patriotic.” राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा- भारत माता की जय बोलने से राष्ट्रभक्ति नहीं होती है। जीवन के हर पल, हर क्षण जब मैं समाज और देश के लिए कुछ करता हूं तो उसे राष्ट्रभक्ति कहते हैं। उन्होंने कहा- आज हमारे समाज के अंदर बहुत सारी शक्तियां ऐसी हैं, जो इस समाज को बांटने का प्रयास कर रही है। जगह-जगह जातियों के आधार पर समाज को लड़ाने के प्रयास हो रहे हैं। हमारे देश पर एक हजार साल या तो विदेशी शक्तियों का शासन था या उनके प्रभावों के आधार पर शासन चला, लेकिन पहली बार उन्हें लग रहा है कि हमारा अस्तित्व खतरे में है। यह समझकर उन्होंने रणनीति बदल ली है। सब एकत्र हो गए हैं और उन्होंने अपना एक कॉमन दुश्मन भारत, हिंदू और संघ को मान लिया है। संघ पर प्रश्न कैसे खड़े किए जाएं। इसके लिए सोशल मीडिया, मीडिया में आप देख रहे हैं, कई प्रयास चल रहे हैं। जयपुर के सीकर रोड स्थित हरमाड़ा नगर की हेडगेवार बस्ती में गुरुवार को विजयादशमी उत्सव को संबोधित करते हुए सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने ये बातें कही। सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा- हर व्यक्ति को अपने मन में विचार करना चाहिए कि आज मैंने देश के लिए क्या किया, आज मैंने समाज को क्या दिया। दुर्भाग्य से सारा समाज मैं, मेरा परिवार, आत्मकेंद्रित, समाज से उदासीन, यही चारों तरफ का वातावरण दिखाई देता है। ईर्ष्या, द्वेष, गुटबाजी पता नहीं कब समाज के अंदर आ गई। उन्होंने कहा- चार व्यक्ति मिलकर एक मंदिर बनाने का अच्छा काम शुरू करते हैं। दो ग्रुप हो जाते हैं, सब धार्मिक हैं, सब आस्थावान हैं, लेकिन आपस में लड़ते हैं। समाज के अंदर पता नहीं किस कालखंड में आत्मविश्वास खत्म हो गया। अरुण कुमार ने कहा- समाज में जो शक्तियां देश को तोड़ना चाहती है। इस भारत को आगे बढ़ने से रोकना चाहती है। उसे हमें समझना होगा। हम महापुरुषों के नाम पर लड़ना शुरू कर देते हैं। आरक्षण के नाम पर समाज आमने-सामने खड़े जाते हैं। उन्होंने कहा- समाज के अंदर नॉन इश्यूज को लेकर बहुत बड़े-बड़े आंदोलन खड़े हो गए हैं। आने वाले समय में समाज बांटने के प्रयास ओर बढ़ेंगे। इसके प्रति भी जागरूक रहना होगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 234

बीजेपी पूर्व सांसद का विवादित बयान , जब नेपाल जैसी क्रांति आएगी तो राहुल-अखिलेश का घर फूंक दिया जाएगा’

Former BJP MP’s controversial statement: “When a revolution like the one in Nepal comes, Rahul and Akhilesh’s houses will be burnt down.” Subrat Pathak: भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने एक बार फिर से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। गुरुवार को कन्नौज में सुब्रत पाठक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर भारत में नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी कोई क्रांति होती है, तो सबसे पहले राहुल गांधी और अखिलेश यादव के घर फूंक दिए जाएंगे। इन सभी के ऊपर भ्रष्टाचार के मुकदमें हैं। सुब्रत पाठक ने कहा कि देश में अगर कोई क्रांति निकलेगी तो वह देशद्रोही होंगे। ऐसे देशद्रोही अगर सड़कों पर आएंगे, तो राष्ट्रवादी भी सड़कों पर उतरेंगे और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर मारेंगे। पाठक ने विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल,अखिलेश, लालू सहित कई विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर मुकदमे चल रहे हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि 2014 में जब जनता ने ईवीएम के जरिए नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया,वही असली लोकतांत्रिक क्रांति थी। उन्होंने पाकिस्तान और आतंकियों की भाषा की ओर इशारा करते हुए कहा कि बम फोड़ना और विस्फोट करना उनकी सोच है, जो विपक्ष की बयानबाजी में झलकता है। भाजपा के पूर्व सांसद ने ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि उन्होंने अब तक प्रधानमंत्री मोदी पर कोई ठोस सबूत के साथ आरोप नहीं लगाया है। उनका मकसद सिर्फ एक परिवार को सत्ता में बनाए रखना है। पाठक ने कहा कि देश चाहता था कि सरदार वल्लभभाई पटेल देश के प्रधानमंत्री बनें, लेकिन उन्हें बनने नहीं दिया गया… यह उनकी (कांग्रेस की) मानसिकता को दर्शाता है। वे शायद यह बदरता नहीं कर सकते कि एक पिछड़े समुदाय का व्यक्ति प्रधानमंत्री बने और देश का नेतृत्व कर रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 159

मोदी का विपक्ष पर करारा प्रहार कहा – मैं शिव भक्त हूं, जहर निगल लेता हूं: जनता ही मेरी भगवान, आत्मा की आवाज यहां नहीं तो कहां निकलेगी

मोदी का विपक्ष पर करारा प्रहार कहा – मैं शिव भक्त हूं, जहर निगल लेता हूं: जनता ही मेरी भगवान, आत्मा की आवाज यहां नहीं तो कहां निकलेगी

Modi’s strong attack on the opposition said – I am a Shiv Bhakt, I swallow poison: The public is my God, if not here, then where will the voice of the soul come out पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के दरांग में कहा- जब भारत सरकार ने भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया था, उस दिन कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था- मोदी, नाचने-गाने वालों को भारत रत्न दे रहा है। मैं भगवान शिव का भक्त हूं, सारा जहर निगल लेता हूं, मुझे कितनी भी गालियां दें। लेकिन बेशर्मी के साथ जब किसी और का अपमान होता है, तो मुझसे रहा नहीं जाता है। पीएम बोले- मेरे लिए तो मेरी जनता ही भगवान है। मेरे भगवान के पास जाकर मेरी आत्मा की आवाज वहां नहीं निकलेगी तो कहां निकलेगी, यही मेरे मालिक हैं, पूजनीय हैं, 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट कंट्रोल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के असम दौरे पर हैं। रविवार को उन्होंने दरांग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम स्कूल और बीएससी नर्सिंग कॉलेज का उद्घाटन और शिलान्यास किया। जिसकी लागत 6300 करोड़ है। शनिवार को गुवाहाटी पहुंचे पीएम ने खानापारा में पशु चिकित्सा मैदान में महान गायक भूपेन हजारिका की विशेष श्रद्धांजलि सभा में भी मौजूद रहे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 122

जो कल गलत था, आज सही कैसे? जीएसटी विवाद पर मोदी सरकार जनता से क्या छिपाना चाहती है?

जो कल गलत था, आज सही कैसे? जीएसटी विवाद पर मोदी सरकार जनता से क्या छिपाना चाहती है?

How can what was wrong yesterday be right today? What does the Modi government want to hide from the public on the GST controversy? Modi government a GST controversy आखिर 8 साल बाद भी मोदी सरकार माफी क्यों नहीं मांग रही? जनता से क्या छिपाना चाहती है? चिदंबरम ने पूछा – जो कल गलत था, आज सही कैसे?जीएसटी दरों में कमी के बाद भी मोदी सरकार ने जनता से माफी नहीं मांगी। आखिर सरकार क्या छिपाना चाहती है? जानिए 8 साल की देरी, विवाद और सुधार की अधूरी कहानी। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक टैक्स क्यों चुकाना पड़ा? आखिरकार केंद्र सरकार को बात समझ में आ गई। तीन सितंबर, 2025 को सरकार ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को तर्कसंगत बना कर कम किया। कर संरचना अब उस अच्छे और सरल कर के करीब है, जिसकी वकालत पिछले आठ वर्षों से कई राजनीतिक दल, व्यवसायी, संस्थान और व्यक्ति (जिनमें मैं भी शामिल हूं) करते रहे हैं। अगस्त, 2016 में जब संसद में संविधान (122वां संशोधन) विधेयक पर बहस हुई थी, तब मैंने राज्यसभा में भाषण दिया था। उसके कुछ अंश इस प्रकार हैं अडिग रुख Modi government a GST controversy‘मुझे खुशी है कि वित्त मंत्री ने स्वीकार किया कि यूपीए सरकार ने ही सबसे पहले आधिकारिक तौर पर जीएसटी लागू करने के अपने इरादे का एलान किया था। 28 फरवरी, 2005 को बजट भाषण के दौरान लोकसभा में इसकी घोषणा की गई थी। ‘महोदय, चार प्रमुख मुद्दे हैं… Modi government a GST controversy‘अब मैं विधेयक के सबसे महत्त्वपूर्ण भाग पर आता हूं… यह कर की दर के बारे में है। मैं अभी मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट के कुछ अंश पढूंगा… कृपया याद रखें कि हम एक अप्रत्यक्ष कर पर विचार कर रहे हैं। अप्रत्यक्ष कर की परिभाषा के अनुसार, यह एक प्रतिगामी कर है। कोई भी अप्रत्यक्ष कर अमीर और गरीब दोनों पर समान रूप से लागू होता है… मुख्य आर्थिक सलाहकार की रपट कहती है: ‘उच्च आय वाले देशों में औसत जीएसटी दर 16.8 फीसद है भारत जैसी उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में यह औसत 14.1 फीसद है।’ इस तरह दुनिया भर में 190 से अधिक देशों में किसी न किसी रूप में जीएसटी लागू है। यह 14.1 फीसद से 16.8 फीसद के बीच है।‘हमें करों को कम रखना होगा। साथ ही, हमें केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के मौजूदा राजस्व की रक्षा करनी होगी। …हम ‘राजस्व तटस्थ दर’ यानी आरएनआर के जरिए यह करते हैं। ‘मुख्य आर्थिक सलाहकार राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और अन्य विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद 15 फीसद से 15.5 फीसद के आरएनआर पर पहुंचे और फिर सुझाव दिया कि मानक दर 18 फीसद होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने 18 फीसद कोई हवा से नहीं निकाला है। यह आपकी रपट से निकला है। ‘…किसी को तो जनता के लिए आवाज उठानी ही होगी। जनता की ओर से, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस दर को मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा अनुशंसित दर पर ही रखें, यानी मानक दर 18 फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए रपट के पैरा 29, 30, 52 और 53 पढ़ें। इसमें स्पष्ट रूप से तर्क दिया गया है… Modi government a GST controversy अठारह फीसद की मानक दर केंद्र और राज्यों के राजस्व की रक्षा करेगी, यह पर्याप्त होगी, मुद्रास्फीति-रोधी होगी, कर चोरी से बचाएगी और भारत के लोगों को स्वीकार्य होगी… यदि आप वस्तुओं और सेवाओं पर 24 फीसद या 26 फीसद कर लगाने जा रहे हैं, तो फिर जीएसटी विधेयक लाने की क्या आवश्यकता है? Read more: प्रतिनियुक्ति लेकर मलाईदार पदों पर वर्षों से जमे शिक्षक ‘अंतत: आपको कर विधेयक में एक दर रखनी ही होगी। मैं अपनी पार्टी की ओर से स्पष्ट रूप से मांग करता हूं कि जीएसटी की मानक दर, जो 70 फीसद से अधिक वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होती है, वह अठारह फीसद से अधिक नहीं होनी चाहिए और निम्न एवं अन्य दर अठारह फीसद के आधार पर तय की जा सकती है। आठ वर्ष की पीड़ा Modi government a GST controversyवर्ष 2016 में भी मैंने यही बात कही थी, जो आज कह रहा हूं। मुझे खुशी है कि सरकार इस विचार पर सहमत हो गई कि दरों को युक्तिसंगत और कम किया जाना चाहिए। हालांकि, शुरुआत में सरकार का तर्क था कि अठारह फीसद की सीमा से राजस्व का भारी नुकसान होगा, खासकर राज्य सरकारों को। यह चिंता का एक बड़ा कारण था। आज दो कर दरें पांच फीसद और अठारह फीसद हैं! केंद्र के पास कर राजस्व बढ़ाने के कई तरीके हैं; अगर राज्य सरकारों को राजस्व का नुकसान होता है, तो सही कदम यही होगा कि उन्हें मुआवजा दिया जाए पिछले आठ वर्षों में सरकार ने उपभोक्ताओं से ज्यादा से ज्यादा पैसा वसूलने के लिए कई जीएसटी दरों का इस्तेमाल किया। पहले वर्ष (जुलाई 2017 से मार्च 2018) में सरकार ने लगभग 11 लाख करोड़ रुपए एकत्र किए। वर्ष 2024-25 में लगभग 22 लाख करोड़ रुपए संग्रहित किए गए। उपभोक्ताओं द्वारा अपनी मेहनत से कमाया गया पैसा सरकार ने जीएसटी के माध्यम से छीन लिया- इसे सही मायने में और उपहासपूर्वक गब्बर सिंह टैक्स कहा गया। उच्च जीएसटी दरें कम खपत और बढ़ते घरेलू कर्ज के कारणों में से एक थीं। यह बुनियादी अर्थशास्त्र है कि करों में कमी से खपत को बढ़ावा मिलेगा। यदि टूथपेस्ट, हेयर आयल, मक्खन, शिशु नैपकिन, पेंसिल, नोटबुक, ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर आदि पर पांच फीसद जीएसटी आज अच्छा है, तो पिछले आठ वर्षों में यह बुरा क्यों था? लोगों को आठ वर्षों तक अत्यधिक कर क्यों चुकाना पड़ा? अभी बहुत कुछ बाकीदरों में कमी तो बस शुरुआत है। अभी और भी बहुत कुछ करना बाकी है। सरकार को चाहिए कि- राज्यों, उत्पादकों और उपभोक्ताओं को एक ही जीएसटी दर (जरूरत पड़ने पर और छूट के साथ) के लिए तैयार करे; अधिनियमों और नियमों की धाराओं के लिए प्रचलित अस्पष्ट भाषा को खत्म करे; उन्हें सरल भाषा में फिर से लिखे; सरल फार्म और रिटर्न निर्धारित करे, फार्म भरने की आवृत्ति में तर्कसंगत कमी करे; … Read more

जो खून बहना था वह बह गया, पैसे से लोगों की सोच बदलने गए मोदी : कांग्रेस नेता

जो खून बहना था वह बह गया, पैसे से लोगों की सोच बदलने गए मोदी : कांग्रेस नेता

The blood that was to be shed has been shed, Modi went to change people’s thinking with money: Congress leader नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर के दौरे पर हैं। यह उनका 2023 की जातीय हिंसा के बाद पहला दौरा है। इस यात्रा को राज्य में शांति और विकास को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने चुराचांदपुर और इंफाल में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। वहीं इस दौरे को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।कांग्रेस बोली-बहुत देर हो चुकी हैCongress leader Udit Raj ने बयान में पीएम मोदी के दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले ही कुकी और मैतेई दोनों समूह पीएम के खिलाफ विरोध जता रहे हैं और अब यह यात्रा ‘हीलिंग टचÓ नहीं मानी जाएगी। Congress leader Udit Raj का कहना है कि एक समय था जब पीएम जाकर बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन अब बहुत खून बह चुका है और सिर्फ 3 घंटे की यात्रा से कुछ नहीं होगा। वह भले ही कुछ परियोजनाओं की घोषणा करें लेकिन पैसों से लोगों की सोच नहीं बदली जा सकती। 2023 में भड़की थी जातीय हिंसाबता दें कि 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़की थी, जिसमें कम से कम 260 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए थे। इसके बाद से ही राज्य में तनाव और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है. पीएम मोदी का यह दौरा लंबे समय से प्रतीक्षित था और इसे जनता और राजनीतिक दल दोनों करीब से देख रहे हैं। चुराचांदपुर और इंफाल ऐसे इलाके हैं, जहां हिंसा का असर सबसे ज्यादा रहा और अब यहां नए विकास कार्यों के जरिए माहौल को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। दौरे का महत्व और आगे की राहविशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा मणिपुर में शांति और पुनर्निर्माण के लिए एक बड़ा संदेश है। यह सिर्फ परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं बल्कि राज्य के लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश भी है. हालांकि विपक्ष इसे ‘बहुत देर से उठाया गया कदम बता रहा है। अब देखना होगा कि इस यात्रा से क्या सकारात्मक असर होता है और क्या यह मणिपुर में स्थायी शांति और विकास के नए रास्ते खोल पाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 84

सत्ता जातें हीं पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ को आईं कांग्रेस कि याद, किया कांग्रेस का सदस्य होने का दावा

सत्ता जातें हीं पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ को आईं कांग्रेस कि याद, किया कांग्रेस का सदस्य होने का दावा

As soon as the power went away, former Vice President Jagdish Dhankhar remembered Congress and claimed to be a member of Congress पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एक बार फिर चर्चा में हैं। सरकारी बंगला खाली कर छतरपुर के निजी आवास में लौटना और साथ ही कांग्रेस के पूर्व विधायक के तौर पर पेंशन के लिए दोबारा आवेदन करना—ये दोनों खबरें अपने आप में गहरे राजनीतिक संकेत देती हैं। यह वही धनखड़ हैं, जो कभी सत्ता के शिखर पर बैठे थे। उपराष्ट्रपति जैसे गरिमामयी पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सार्वजनिक मंचों से दूरी बना ली और अब अचानक निजी जीवन की ओर लौटते दिखाई देते हैं। सवाल उठता है कि क्या यह महज व्यक्तिगत निर्णय है, या फिर सत्ता से बाहर होते ही नेताओं की असलियत उजागर हो जाती है? पद पर रहते हुए नेता विशेषाधिकारों का भोग करते हैं—सरकारी बंगले, सुरक्षा, गाड़ियाँ और तमाम रुतबे के साथ। लेकिन सत्ता छूटते ही जब वही नेता आम नागरिक की तरह पेंशन के लिए आवेदन करते हैं, तो लोकतंत्र की हकीकत खुलकर सामने आ जाती है। धनखड़ का यह कदम एक आईना है—जो दिखाता है कि सत्ता अस्थायी है और नागरिक अधिकार स्थायी। लेकिन इस आईने में लोकतंत्र की खामियां भी झलकती हैं। जिन नेताओं के पास करोड़ों की संपत्ति होती है, वे भी जनता की गाढ़ी कमाई से मिलने वाली पेंशन पर आश्रित हो जाते हैं। राजनीतिक तौर पर यह सवाल और बड़ा है: क्या जनता उन्हें केवल सत्ता तक पहुंचाने का साधन भर है, या फिर नेताओं के जीवन का आधार भी? धनखड़ का यह पेंशन प्रकरण उसी राजनीति की परतें खोलता है, जिसमें पद पर रहते हुए नेता जनता से ऊपर दिखते हैं, और पद छूटते ही जनता जैसी कतार में खड़े हो जाते हैं। लोकतंत्र में यह असमानता असली चुनौती है। और शायद यही वजह है कि जनता नेताओं से सवाल पूछना चाहती है—सत्ता में रहते हुए आपने क्या किया, और सत्ता से बाहर होकर किसके सहारे खड़े हैं? Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 95

ऑनलाइन मनी गेम्स पर संसद की सख्ती: 3 साल की सजा और 1 करोड़ जुर्माना

Parliament’s strictness on online money games: 3 years imprisonment and 1 crore fine strictness online money games लोकसभा ने बुधवार को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े ‘ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक का उद्देश्य ऑनलाइन गेम्स की लत, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी बढ़ती समस्याओं पर अंकुश लगाना है। क्या है विधेयक की खास बातें? strictness online money games किन गेम्स पर लगेगा प्रतिबंध? strictness online money gamesयह कानून सभी प्रकार के ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों पर लागू होगा। इसमें शामिल हैं: संसद में विरोध और पारित होने की प्रक्रिया strictness online money gamesविपक्षी दलों ने इस विधेयक का विरोध किया, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संक्षिप्त टिप्पणी के बाद इसे सदन में प्रस्तुत किया। बहस के बाद इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। Read More: सरकारी स्कूल की किताबें कबाड़ी के पास कैसे पहुंचीं? ग्रामीणों ने पकड़ी गड़बड़ी, प्राचार्य कटघरे में आगे का रास्ताराज्यसभा से भी विधेयक पारित होने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा। इसके बाद देशभर में ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी। लोकसभा ने ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक पारित किया। अब जुआ, सट्टा, पोकर, रम्मी और फैंटेसी गेम्स अवैध होंगे। उल्लंघन पर 3 साल कैद और 1 करोड़ रुपये जुर्माना। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 98

छतरपुर का गौरव: धुबेला की ऐतिहासिक धरोहरें और महाराजा छत्रसाल की विरासत

छतरपुर का गौरव: धुबेला की ऐतिहासिक धरोहरें और महाराजा छत्रसाल की विरासत

Pride of Chhatarpur: Historical heritage of Dhubela and legacy of Maharaja Chhatrasal छतरपुर ! Maharaja Chhatrasal in Chhatarpur मध्यप्रदेश का छतरपुर जिला न केवल प्राकृतिक सौंदर्य बल्कि अपने गौरवशाली इतिहास के लिए भी जाना जाता है। यही वह भूमि है जहां वीर योद्धा महाराजा छत्रसाल ने मुगलों के खिलाफ संघर्ष कर बुंदेलखंड में स्वतंत्र राज्य की स्थापना की थी। उनकी राजधानी रहा धुबेला गांव, आज भी अतीत की कहानियां समेटे खड़ा है। बुंदेलखंड में छत्रसाल का साम्राज्य Maharaja Chhatrasal in Chhatarpur 17वीं शताब्दी में स्थापित धुबेला गांव, महाराजा छत्रसाल की वीरता, कला और प्रेम का साक्षी है। कहा जाता है कि छत्रसाल ने मुगल सम्राट औरंगजेब को परास्त कर अपना स्वतंत्र राज्य खड़ा किया था। यही कारण है कि बुंदेलखंड की धरती पर आज भी उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। Read more: कांग्रेस के शहरी और ग्रामीण अध्यक्ष ने रखा लक्ष्य, ग्राउंड जीरो तक पहुंचेगा संगठन अद्भुत धरोहरें और स्थापत्य कला धुबेला की ऐतिहासिक धरोहरें आज भी अपनी भव्यता से लोगों को आकर्षित करती हैं। इनमें छत्रसाल महल, रानी कमलापति स्मारक, मस्तानी महल, हृदय शाह महल और शीतल गढ़ी प्रमुख हैं। धुबेला का ऐतिहासिक महत्व Maharaja Chhatrasal in Chhatarpur इतिहासकार मानते हैं कि धुबेला केवल छत्रसाल की राजधानी ही नहीं, बल्कि उनकी कर्मभूमि भी थी। यहां की धरोहरें न केवल स्थापत्य की उत्कृष्टता दिखाती हैं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति और वीरता की गाथा भी सुनाती हैं। छतरपुर का धुबेला गांव आज भी पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए एक आकर्षण का केंद्र है। महाराजा छत्रसाल की गाथा, मस्तानी और बाजीराव की कहानी, तथा रानी कमलापति का स्मारक—ये सभी मिलकर बुंदेलखंड की पहचान को और भी मजबूत बनाते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 102

एमपी भाजपा का नया बखेड़ा: ताजमहल नहीं ‘शिव मंदिर’ है — क्या इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की साजिश है?

एमपी भाजपा का नया बखेड़ा: ताजमहल नहीं ‘शिव मंदिर’ है — क्या इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने की साजिश है?

MP BJP’s new controversy: It is not Taj Mahal but ‘Shiv Mandir’ – is it a conspiracy to distort history? भोपाल । Taj Mahal but ‘Shiv Mandir मध्यप्रदेश से BJP MLA Murli Bhanwra के एक हालिया बयान ने देशभर में एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उन्होंने ऐतिहासिक ताजमहल को ‘तजोमहल’ बताते हुए उसे भगवान शिव का प्राचीन मंदिर करार दिया है। उनका कहना है कि ताजमहल में जलधारा बहती है जो शिवलिंग पर गिरती है, और यदि वैज्ञानिक जांच कराई जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह एक शिवमंदिर है। लेकिन सवाल ये है — भाजपा बार-बार इतिहास को क्यों कटघरे में खड़ा करती है? क्या यह भारत की साझा संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों पर हमला नहीं है? क्या ये बयान इतिहास को धार्मिक चश्मे से देखने की राजनीतिक कवायद है? मुरली भंवरा ने यह भी कहा कि “हमें गलत इतिहास पढ़ाया गया है।” मगर क्या अब भाजपा अपने ‘सही इतिहास’ की नई परिभाषा गढ़ने पर तुली है? Taj Mahal but ‘Shiv Mandir ताजमहल, जिसे दुनिया सात अजूबों में गिनती है और जिसे मुग़ल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज़ की याद में बनवाया था, अब बार-बार साजिशों और विवादों के घेरे में क्यों लाया जा रहा है? क्या ये देश को वास्तविक मुद्दों से भटकाने का एक और प्रयास है? इतिहासकारों और पुरातत्वविदों द्वारा इन दावों को पहले भी नकारा जा चुका है, लेकिन भाजपा के कुछ नेता बार-बार इन्हें हवा देते रहे हैं। यह मानसिकता केवल ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती है और भारत की विविधता और सहिष्णुता को चोट पहुंचाती है। Read More: स्टाम्प शुल्क में बेतहाशा वृद्धि! जनता पर सरकार का नया बोझ, पटवारी ने CM को लिखा पत्र Taj Mahal but ‘Shiv Mandir क्या देश को अब विकास, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर बात करनी चाहिए या फिर ताजमहल के नीचे शिवलिंग खोजने में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए? ऐसे बयान न केवल हमारी ऐतिहासिक समझ को धुंधला करते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि कैसे सियासी एजेंडे के तहत इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। अब वक्त है कि देश पूछे — क्या भाजपा की मानसिकता वाकई इतिहास को धार्मिक चश्मे से देखने की हो चुकी है? Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 205

VP Resignation पर राकेश टिकैत का तीखा वार: “धनखड़ को इस्तीफा नहीं दिया गया, दिलवाया गया”

VP Resignation पर राकेश टिकैत का तीखा वार: “धनखड़ को इस्तीफा नहीं दिया गया, दिलवाया गया”

Rakesh Tikait’s sharp attack on VP Resignation: “Dhankhar was not given resignation, he was made to resign” नई दिल्ली ! भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। टिकैत का कहना है कि यह स्वेच्छा से दिया गया इस्तीफा नहीं, बल्कि ‘पूंजीपतियों की सरकार’ द्वारा लिया गया त्यागपत्र है। उन्होंने दावा किया कि जो भी सरकार के विरुद्ध, गांव-गरीब और किसान की बात करेगा, उसे व्यवस्था से बाहर कर दिया जाएगा। मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए टिकैत ने कहा — “धनखड़ हमेशा गांव, गरीब और किसान की बात करते थे। ऐसी बात करने वाले इस सरकार में टिक नहीं सकते। इस सरकार में पूंजीपतियों की चलेगी, न कि किसानों की।” उन्होंने आगे कहा कि इस्तीफे से पहले कोई भी मेडिकल कारण या स्पष्ट राजनीतिक स्थिति सामने नहीं आई। “यह सीधा संकेत है कि सरकार अब पूरी तरह पूंजीपतियों के इशारे पर काम कर रही है। राजनीतिक दलों और संवैधानिक पदों पर भी अब नियंत्रण कर लिया गया है।” टिकैत ने भाजपा पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा — “अब जो 50 साल से कम उम्र के लोग पार्टी में समझौते करेंगे, उन्हें दुष्यंत चौटाला बना दिया जाएगा, और जो उससे ऊपर होंगे, उन्हें सतपाल मलिक या फिर जगदीप धनखड़ जैसा बना दिया जाएगा।” “अबकी बार ढोल किसी और के दरवाजे पर बजेगा”इस लाइन के जरिए टिकैत ने आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अबकी बार परिणाम सत्ता पक्ष के अनुकूल नहीं होंगे। “गांव तक के लोग कह रहे हैं कि इस्तीफा लिया गया है। यानी जनता सब समझ रही है।” क्या यह लोकतंत्र बनाम कॉरपोरेट का संघर्ष है?टिकैत के इस बयान को केवल एक किसान नेता की टिप्पणी नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक असंतोष की आवाज के रूप में देखा जा रहा है। यह उस विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है, जो सत्ता में किसानों और ग्रामीण भारत की भागीदारी कम होने पर सवाल उठा रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 89

विरोध का नया स्वर: OBC समागम व विपक्षी गठबंधन की रणनीति’

विरोध का नया स्वर: OBC समागम व विपक्षी गठबंधन की रणनीति’

New voice of protest: OBC Sammelan and the strategy of opposition INDIA alliance कांग्रेस द्वारा 25 जुलाई को आयोजित “OBC न्याय और भागीदारी सम्मेलन” केवल एक विपक्षी सभा नहीं, बल्कि उनको जातीय जनगणना और आरक्षण सीमा हटाने जैसे संवैधानिक मुद्दों पर नया मोर्चा खोलने की रणनीति है CM सिद्धारमैया ने ‘अहिन्दा मॉडल’ को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के रूप में पेश करते हुए इसे सामाजिक न्याय की मिसाल बतायायह पूरी योजना कांग्रेस द्वारा पिछड़े वर्गों की राजनीतिक शक्ति को फिर से केंद्रित करने का स्पष्ट संकेत है। 19 जुलाई को हुई वर्चुअल बैठक में सीट बंटवारे, साझा घोषणा पत्र और आगामी चुनावी रणनीति जैसे विषयों पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय की समीक्षा हुईबीजेपी के बढ़ते चुनावी दबाव को देखते हुए यह बैठकों का सिलसिला अब और तेज़ हो रहा है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि दोनों ही दल विरोधी के बिल्कुल समान मुद्दे उठाते हुए जनता के बीच अलग-अलग प्रस्तुति दे रहे हैं। कांग्रेस ने OBC सम्मेलन को न सिर्फ नैरेटिव बदलने का जरिया बनाया है, बल्कि उससे आक्रामक विपक्षी रणनीति भी तैयार कर रही है।INDIA गठबंधन की बैठक इस दिशा में पहला ठोस कदम है, लेकिन इसके लिए राष्ट्रव्यापी समन्वय और स्पष्ट नेतृत्व की भी आवश्यकता है।बीजेपी और कांग्रेस के बीच की ‘कॉपिकैट’ रणनीतियों से स्पष्ट है कि आगामी चुनावी चर्चाएँ वस्तुनिष्ठ मुद्दों से हटकर प्रतीकात्मक राजनीति की ओर बढ़ रही हैं—जहां असली मुकाबला संवाद की न बजाय जुबानी प्रतिस्पर्धा की होगी। चुनौती और अवसर यदि विपक्ष की ये रणनीतियाँ स्थानीय जनभावनाओं से जुड़कर आगे बढ़ाईं गयीं, तो बीजेपी को न सिर्फ जवाबी मोर्चा बनाना पड़ेगा, बल्कि उसे नई राजनीतिक जोर जुटाना होगा।वहीं बीजेपी की जातिगत जनगणना अधिसूचना कांग्रेस की ओबीसी रणनीति को जबाव देने की सीधी कोशिश है—लेकिन देखना यह है कि कौन जनता को असली बदलाव का भरोसा दिला पाता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 101

लोकतंत्र की जड़ें हिलाने वाला फैसला! मोदी सरकार के दबाव में था चुनाव आयोग? विपक्ष ने किया बड़ा खुलासा

लोकतंत्र की जड़ें हिलाने वाला फैसला! मोदी सरकार के दबाव में था चुनाव आयोग? विपक्ष ने किया बड़ा खुलासा

A decision that shook the roots of democracy! Was the Election Commission under pressure from the Modi government? The opposition made a big revelation Election Commission under Modi government जब लोकतंत्र के सबसे बड़े प्रहरी, चुनाव आयोग, की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होने लगें, तब यह केवल एक संस्थान की विफलता नहीं होती, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक ढांचे की जड़ें हिलती हैं। बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के संदर्भ में जो कुछ हुआ, वह इस बात का उदाहरण है कि अगर विपक्ष सजग न होता, तो एक बड़ा फर्जीवाड़ा बिना किसी शोर के अंजाम दिया जा सकता था। विपक्ष ने जब इस मुद्दे पर आवाज़ उठाई, तब उसकी नीयत पर संदेह किया गया, आरोपों का मज़ाक उड़ाया गया। लेकिन गनीमत है कि विपक्ष झुका नहीं, डटा रहा और आखिरकार चुनाव आयोग को अपना फैसला बदलना पड़ा। छह दिन के भीतर आयोग ने स्पष्ट किया कि 60 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं को अब दस्तावेज़ देने की ज़रूरत नहीं होगी। यह ‘यू-टर्न’ कई सवाल खड़े करता है। सवाल यह नहीं है कि आयोग ने फैसला क्यों बदला, बल्कि यह है कि उसने पहला फैसला किस दबाव में लिया था? विपक्ष का दावा है कि यह पूरा मामला मोदी सरकार के इशारे पर खेला जा रहा था — यह संदेह यूं ही नहीं उठता। यदि तीन करोड़ से अधिक मतदाताओं की जांच का काम जारी रहेगा, तो यह भी तय है कि यह जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, वरना लोकतंत्र की यह बुनियादी प्रक्रिया ही संदेह के घेरे में आ जाएगी। Read more: दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म स्टूडियो कहां है? | World’s Largest Film Studio in Hindi यहाँ एक और चिंता की बात यह है कि बीजेपी जैसी पार्टी, जो ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा देती है, उसे यह लोकतांत्रिक असंतुलन क्यों नहीं दिखा? क्या यह संभव है कि नई वोटर लिस्ट के जरिए विपक्ष समर्थित मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा था? यदि नहीं, तो फिर इतनी जल्दबाजी और दबाव में फैसला क्यों लिया गया? चुनाव आयोग संविधान के प्रति जवाबदेह है, न कि किसी सरकार के प्रति। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जिस प्रकार उसकी निष्पक्षता पर बार-बार सवाल उठे हैं, वह एक बड़े खतरे का संकेत है। यह केवल बिहार का मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक नींव पर सवाल है। Election Commission under Modi government विपक्ष का सजग रहना, सवाल पूछना और निर्णयों की समीक्षा कराना अब केवल उसका हक नहीं, बल्कि उसकी ज़िम्मेदारी बन चुकी है। यह एक बार फिर सिद्ध हुआ कि यदि सवाल नहीं पूछे जाते, तो जवाबदेही भी नहीं होती। अब समय है कि चुनाव आयोग पारदर्शिता से आगे बढ़े, इस पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक करे और यह स्पष्ट करे कि उसके निर्णय स्वतंत्र थे या किसी दबाव का परिणाम। लोकतंत्र का मूल्य तभी है जब हर मतदाता को पूरा विश्वास हो कि उसका वोट गिना जाएगा — न कि जांच की आड़ में गुम कर दिया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 143

डिजिटल इंडिया या मौत का इंतज़ार? सरकार बताए—30 सेकंड की चेतावनी जरूरी है या ज़िंदगी?

डिजिटल इंडिया या मौत का इंतज़ार? सरकार बताए—30 सेकंड की चेतावनी जरूरी है या ज़िंदगी?

Digital India or waiting for death? Government should tell-30 seconds warning is more important or life? Digital India or waiting for death देश डिजिटल युग में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है, लेकिन अफसोस कि तकनीक की यही तेज़ रफ्तार अब आम आदमी की जिंदगी में देरी का कारण बन रही है और कभी-कभी मौत का भी। बीते दिनों एक दिल दहला देने वाली घटना में महज 38 सेकंड में 242 जिंदगियां जलकर राख हो गईं। अब कल्पना कीजिए कि अगर उन क्षणों में किसी ने मदद के लिए फोन मिलाया होता, तो उसे पहले 30 सेकंड अमिताभ बच्चन की साइबर क्राइम चेतावनी सुननी पड़ती। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि भारत की डिजिटल व्यवस्था की एक क्रूर सच्चाई है। सरकार और दूरसंचार कंपनियों ने साइबर सुरक्षा को लेकर कॉल से पहले एक चेतावनी संदेश जारी करना शुरू किया है, जिसमें मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन की आवाज़ में लोगों को आगाह किया जाता है। लेकिन यह चेतावनी अब सामान्य सुविधा नहीं, बल्कि आपात स्थिति में बाधा बन चुकी है। Digital India or waiting for death सोचिए अगर कोई सड़क हादसे का शिकार हो गया हो, कोई महिला संकट में हो, या किसी को दिल का दौरा पड़ा हो — उस समय हर सेकंड कीमती होता है। वहां 30 सेकंड का यह चेतावनी संदेश जान ले सकता है। किसी तकनीकी या साइबर धोखाधड़ी से बचाने के नाम पर अगर हम इंसानों की जान को दांव पर लगाएं, तो यह नीतिगत असंवेदनशीलता ही कहलाएगी। Read more: घरेलू कामों को बोझ न समझें, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली की कुंजी मानें! इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रधानमंत्री कार्यालय, दूरसंचार मंत्रालय और नेटवर्क कंपनियां तीनों ही मौन हैं। क्या इन संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वे जनता की सुरक्षा और सुविधा के संतुलन को समझें? टेक्नोलॉजी का उद्देश्य सुविधा देना होता है, न कि बाधा बनना। यह कहना उचित है कि साइबर क्राइम से बचाव ज़रूरी है, लेकिन यह तभी तक उपयोगी है जब तक वह जीवन रक्षक साधनों में हस्तक्षेप न करे। अगर कोई व्यक्ति दिन में 10 बार कॉल कर रहा है, तो हर बार वही चेतावनी सुनाना न केवल समय की बर्बादी है, बल्कि जनता की सुनने की क्षमता और धैर्य की परीक्षा भी है। जब एक बार चेतावनी पर्याप्त हो सकती है, तो उसे हर कॉल पर सुनाना किस तर्क पर आधारित है? यह व्यवस्था नागरिकों की आपात प्रतिक्रिया क्षमता को कुंद करती है। समस्या की जड़ यह भी है कि हमने तकनीकी सुधार को जनता की जमीनी जरूरतों से अलग कर दिया है। अधिकारी वातानुकूलित कार्यालयों में बैठकर साइबर क्राइम से बचाव के लिए चेतावनियां जारी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह अंदाज़ा नहीं कि वास्तविक भारत में इंटरनेट की गति और मोबाइल नेटवर्क आज भी कमजोर है। उस पर यह 30 सेकंड की जबरन चेतावनी — यह सिर्फ फोन कॉल नहीं रोकती, बल्कि संवेदनशीलता का गला घोंट देती है। ज़रूरत है कि दूरसंचार मंत्रालय इस पर तुरंत संज्ञान ले और एक व्यावहारिक समाधान निकाले। चेतावनी दिन में केवल एक बार दी जाए, या आपातकालीन कॉल (जैसे 112, 100, 101) के लिए यह बाध्यता पूरी तरह से हटाई जाए। साथ ही, नेटवर्क कंपनियों को इस दिशा में जवाबदेह बनाया जाए। यह भी आवश्यक है कि इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं हस्तक्षेप करें, क्योंकि यह मुद्दा तकनीकी से कहीं बढ़कर — मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा है। आज ज़रूरत है कि हम एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था बनाएं, जो नागरिक को जागरूक तो करे, पर उसकी जान बचाने में बाधा न बने। वरना अगली बार जब कोई आपातकाल में फोन मिलाएगा, तो हो सकता है वह आपका कॉल साइबर सुरक्षा के लिए रिकॉर्ड किया जा रहा है सुनते-सुनते दुनिया से ही कटा रह जाए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 183

क्या आपकी प्राइवेसी खतरे में है? सोशल मीडिया, सरकार और निगरानी की सच्चाई

क्या आपकी प्राइवेसी खतरे में है? सोशल मीडिया, सरकार और निगरानी की सच्चाई

Is your privacy at risk? The truth about social media, government and surveillance Is your privacy at risk आज हम एक ऐसे समय में जी रहे हैं जहाँ सूचना ही शक्ति है — लेकिन ये शक्ति अब आम नागरिकों के हाथ से निकलकर सरकारों, कॉर्पोरेशनों और डेटा एग्रीगेटिंग प्लेटफॉर्म्स के पास चली गई है। हमने अपनी मर्जी से, बिना कुछ समझे, सोशल मीडिया पर वह सब साझा कर दिया जो कभी सिर्फ घर की चारदीवारी में सुरक्षित था। फोटो, लोकेशन, पसंद-नापसंद, रिश्ते, विचार—हर चीज़ हमने पोस्ट की, लाइक की, शेयर की। शुरू में ये एक आज़ादी जैसी लगी, लेकिन यह आज़ादी धीरे-धीरे एक जाल में बदल गई। Is your privacy at risk जब हम अपनी निजी ज़िंदगी का डिजिटल खाका खुद ही खींच रहे थे, तब न सरकारें दिखती थीं और न ही राजनीतिक एजेंडा। पर जैसे ही यह डेटा बढ़ा, सरकारें चौकन्नी हुईं, निगरानी शुरू हुई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इसे मॉनेटाइज करना शुरू कर दिया। अब यह डेटा हमारे खिलाफ हथियार बन चुका है। Read more: भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि वेब स्टोरी आज का यथार्थ यही है कि सोशल मीडिया पर दी गई हर जानकारी का इस्तेमाल हमारी मानसिकता को प्रभावित करने, हमें उपभोक्ता में बदलने और कभी-कभी राजनीतिक टूल बनाने तक में हो रहा है। यह न केवल व्यक्ति की निजता, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा के लिए भी खतरा है। हमें यह समझना होगा कि Is your privacy at risk प्राइवेसी कोई सुविधा नहीं, बल्कि एक मूलभूत अधिकार है। जब तक हम इसके महत्व को नहीं समझेंगे, तब तक हम और हमारा समाज लगातार नियंत्रण में आता जाएगा। हमें खुद तय करना होगा कि हम तकनीक का इस्तेमाल करेंगे या तकनीक हमारा इस्तेमाल करेगी। प्राइवेसी ही पावर है। यही वह शक्ति है जो हमें सवाल पूछने, सोचने और चुनने की आज़ादी देती है। इसे समझना, इसकी रक्षा करना आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। यदि आप इस विषय में जागरूकता फैलाना चाहते हैं, तो इस लेख को अधिक से अधिक साझा करें — क्योंकि सोच तभी बचेगी जब निजता बचेगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 107

ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसते युवा: कर्ज, लत और तबाही की ओर ले जाते ऐप्स, सरकार की चुप्पी चिंता का कारण

ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसते युवा: कर्ज, लत और तबाही की ओर ले जाते ऐप्स, सरकार की चुप्पी चिंता का कारण

Youth getting caught in the trap of online gaming: Apps leading to debt, addiction and destruction, government’s silence is a cause of concern नई दिल्ली ! online gaming a government’s silence देश में ऑनलाइन फैंटेसी गेमिंग और ऑनलाइन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, और इसके चपेट में लाखों युवा आ चुके हैं। जल्दी अमीर बनने का सपना, उन्हें एक ऐसे रास्ते पर धकेल रहा है जहाँ लत, कर्ज और कई बार आत्महत्या जैसे खतरनाक परिणाम सामने आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई मामलों में सामने आया है कि युवा बार-बार इन ऐप्स पर पैसा लगाते हैं, हारते हैं, कर्ज लेते हैं और अंततः मानसिक अवसाद में चले जाते हैं। कई युवाओं ने तो कर्ज के बोझ तले आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम तक उठा लिया है। सरकार की नीतियों पर उठते सवाल online gaming a government’s silence प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने डिजिटल इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया”, और “मेक इन इंडिया जैसे अभियानों से युवाओं को नए भारत का सपना दिखाया था, लेकिन हकीकत यह है कि न नई नौकरियों का ठोस रोडमैप सामने आया, न तकनीकी शिक्षा को लेकर ठोस सुधार। सरकार की ओर से इन ऑनलाइन गेमिंग और गैंबलिंग प्लेटफॉर्म्स को अप्रत्यक्ष रूप से मान्यता मिलने और इन पर किसी भी स्पष्ट नियमन की कमी से हालात और खराब हो रहे हैं। क्या चाहिए ठोस नीति और सख्त नियंत्रण online gaming a government’s silence विशेषज्ञों और अभिभावकों का कहना है कि इन ऐप्स को लेकर स्पष्ट और सख्त कानून बनाए जाने चाहिए, ताकि युवा इन लतों से दूर रहें और उनका भविष्य सुरक्षित हो।सवाल यह है कि जब युवाओं को इस देश का भविष्य कहा जाता है, तो फिर सरकार कब इन ऐप्स की लूट पर लगाम लगाएगी? Read More: कर्नल सोफिया केस में नया मोड़: मंत्री विजय शाह को एसआईटी भेजेगी नोटिस, जल्द होगी पूछताछ मुख्य बिंदु वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस क़दम नहीं उठाए, तो डिजिटल गैंबलिंग से जुड़ा सामाजिक-आर्थिक संकट और गहराएगा। उद्योग का आकार जितना बड़ा होगा, उतना ही मुश्किल होगा इसे नियंत्रित करना। निष्कर्ष: तेज़ टेक्नोलॉजी और सुस्त नीति के बीच फँसते युवाओं को बचाने के लिए कई मंत्रालयों की समन्वित रणनीति और सख़्त नियम अनिवार्य हैं। वरना “डिजिटल इंडिया” का सपना, कर्ज़ और लत की स्याही से धुँधला हो सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 109

डिग्री मिलती है, नौकरी नहीं मोदी सरकार क्या सिर्फ सपना बेचती है?

डिग्री मिलती है, नौकरी नहीं मोदी सरकार क्या सिर्फ सपना बेचती है?

You get a degree, but not a job. Does the Modi government only sell dreams? नई दिल्ली। Modi government only sell dreams? देश के लाखों युवाओं के लिए इंजीनियरिंग एक समय में भविष्य की गारंटी थी। आज यही पढ़ाई एक बेरोजगारी का टिकट बनकर रह गई है। सवाल उठता है क्या मोदी सरकार को इसका अंदाज़ा है, या जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया जा रहा है? पिछले दस वर्षों में IT सेक्टर की शुरुआती सैलरी में कोई ठोस वृद्धि नहीं हुई, जबकि महंगाई, फीस और रहन-सहन का खर्चा लगातार आसमान छूता रहा। एक इंजीनियर बनने के लिए छात्र 4 साल और लाखों रुपये खर्च करता है, और बदले में उसे मिलता है। 15-25 हज़ार की नौकरी, वो भी किस्मत से। मोदी सरकार, जिसने “डिजिटल इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया” और “मेक इन इंडिया” जैसे नारों से युवाओं को सपने दिखाए थे, अब उन्हीं युवाओं को बिना दिशा, बिना नीति और बिना सहारे के छोड़ चुकी है। न नई नौकरियों का ठोस रोडमैप, न तकनीकी शिक्षा को लेकर कोई नीति सुधार। जिस सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री को बीजेपी ने कभी अपनी राजनीतिक ताकत का आधार बनाया था, आज उसे उसके हाल पर छोड़ दिया गया है। मोदी सरकार के शासन में: IT सेक्टर में स्थिरता गायब हो गई है Modi government only sell dreams?निजी संस्थानों को बिना रेगुलेशन के लूट की छूट हैशिक्षा से लेकर रोजगार तक, हर जगह नीतिगत ठहराव और दिशाहीनता हैऔर सरकार केवल GDP के खोखले आंकड़ों से संतोष जता रही है किसका भला हो रहा है GDP से? Modi government only sell dreams?जब लाखों इंजीनियर बेरोजगार हैं, जब टेक्निकल डिग्रियां बेअसर हो चुकी हैं, जब कंपनियां सैलरी बढ़ाने को तैयार नहीं, तब यह ग्रोथ किसके लिए है? सरकार अगर युवाओं के भविष्य के प्रति गंभीर है तो उसे यह साफ़ करना होगाक्या इंजीनियरिंग अब भी भविष्य है, या ये सिर्फ़ बेरोजगारी की ट्रेनिंग है? अगर जवाब नहीं है, तो यह देश के करोड़ों परिवारों को साफ़-साफ़ बताया जाए।अगर जवाब हाँ है, तो उसकी नीति और गारंटी कहां है? आज देश का युवा पूछ रहा हैमोदी सरकार, जवाब दो। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 121

ऑपरेशन सिंदूर”: भाजपा का नया नाटक या संस्कृति के नाम पर स्त्री अस्मिता का अपमान?

ऑपरेशन सिंदूर”: भाजपा का नया नाटक या संस्कृति के नाम पर स्त्री अस्मिता का अपमान?

Operation Sindoor BJP drama or an insult to women’s identity in the name of culture? भोपाल ! Operation Sindoor BJP drama भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर प्रचार के नाम पर भारतीय संस्कृति को बाज़ार में उतार दिया है। इस बार टारगेट हैं देश की महिलाएं और मोहरा बना है सिंदूर। “ऑपरेशन सिंदूर” के नाम से भाजपा सांसदों और कार्यकर्ताओं द्वारा गली-गली घूमकर विवाहित महिलाओं को सिंदूर दान करने का जो अभियान चलाया जा रहा है, उसने न सिर्फ हिंदू परंपरा का मज़ाक उड़ाया है, बल्कि भारतीय नारी की गरिमा को भी बुरी तरह चोट पहुंचाई है। क्या अब सिंदूर भी प्रचार का सामान बन गया है? जो सिंदूर पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक होता है, उसे भाजपा ने चुनावी रथ का पहिया बना दिया है। सवाल ये है कि कोई पराया पुरुष, वह भी एक राजनेता, किसी महिला की मांग में सिंदूर क्यों लगाएगा? क्या यही संस्कृति है? भाजपा के इस कदम से साफ है कि पार्टी के लिए न भारतीय परंपरा मायने रखती है, न स्त्री की गरिमा उन्हें सिर्फ “वोटबैंक” चाहिए, चाहे वह सिंदूर से मिले या जुमलों से। Operation Sindoor BJP drama महिलाओं के प्रति अपराध और सिंदूर का पाखंड एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि भाजपा के 54 मौजूदा सांसदों और विधायकों पर महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों के केस दर्ज हैं जिनमें यौन शोषण से लेकर उत्पीड़न तक शामिल हैं। और अब यही पार्टी अपने नेताओं से महिलाओं को सिंदूर दान करवाना चाहती है? यह कैसा दोगलापन है एक तरफ महिला सुरक्षा पर जीरो ज़िम्मेदारी और दूसरी तरफ नारी सम्मान का ढोंग? Operation Sindoor BJP drama Read More: सफल लोगों की 5 ऐसी आदतें हैं, जो हर काम में दिलाती है जीत राजनीति में संस्कृति का बाजारूकरण भाजपा जिस तरह हर धार्मिक प्रतीक को चुनावी ब्रांड बना रही है, वह न सिर्फ धर्म का अपमान है बल्कि जनता की समझदारी का भी अपमान है। आज सिंदूर, कल मंगलसूत्र, फिर सात फेरे क्या शादी की सारी परंपराएं अब भाजपा के प्रचार स्टेज की शोभा बनेंगी? क्या अब पतियों को भी सजग रहना होगा? लोग सोशल मीडिया पर व्यंग्य कर रहे हैं कि अब पतियों को अपनी लुगाइयों को भाजपा सांसदों से बचाना पड़ेगा, क्योंकि पार्टी ने सांसदों को आदेश दिया है कि वह 20 किलोमीटर रोज पैदल चलें और सिंदूर दान करें। यह बात हंसी की नहीं, चिंता की है। देश की महिलाओं को जब सिंदूर जैसे पवित्र प्रतीक के ज़रिए राजनीतिक औज़ार बनाया जाए, तो समाज को खड़ा होना ही होगा। ऑपरेशन सिंदूर असल में भाजपा की संस्कृति के नाम पर संवेदनाओं से खेलने की एक और कोशिश है। यह अभियान ना महिलाओं का सम्मान करता है, ना परंपरा का। यह केवल और केवल प्रचार की राजनीति है और जनता को अब इस राजनीतिक नौटंकी से सावधान रहने की जरूरत है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 192

ट्रेन में बिना टिकट: जानें जुर्माना, शिकायत और बचाव के तरीके

Travelling without ticket in train: Know the fines, complaints and prevention methods Travelling without ticket in train हम में से अधिकतर लोग कभी न कभी ट्रेन से यात्रा करते हैं। कई बार किसी कारणवश टिकट न बन पाने की स्थिति में हम घबरा जाते हैं — खासतौर पर जब TTE (ट्रेन टिकट एग्जामिनर) टिकट चेक करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना टिकट यात्रा करना कानूनन गलत ज़रूर है, लेकिन इसके बावजूद भी TTE आपको गिरफ्तार नहीं कर सकता? दरअसल, हम में से बहुत कम लोगों को अपने अधिकारों की जानकारी होती है, जिसके कारण हम TTE या RPF (रेलवे सुरक्षा बल) द्वारा कही गई हर बात को सही मान लेते हैं। इसी भ्रम को दूर करने के लिए हम आज “जानिए अपने अधिकार” कॉलम में आपके सवालों के जवाब दे रहे हैं: सवाल-जवाब: क्या करें अगर आप ट्रेन में बिना टिकट पकड़े जाएं? Travelling without ticket in train सवाल 1: अगर मैं बिना टिकट यात्रा कर रहा हूं और TTE पकड़ ले, तो क्या वह मुझे गिरफ्तार कर सकता है?जवाब: नहीं, TTE आपको गिरफ्तार नहीं कर सकता। वह केवल जुर्माना वसूल सकता है। सवाल 2: क्या TTE मनमाना जुर्माना वसूल सकता है?जवाब: नहीं। जुर्माना निर्धारित नियमों के अनुसार तय होता है, जिसमें आपकी यात्रा की दूरी, क्लास और ट्रेन का प्रकार शामिल होता है। सवाल 3: अगर TTE ने अनुचित जुर्माना वसूला, तो क्या मैं शिकायत कर सकता हूं?जवाब: हां, आप 155210 पर SMS या 139 पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं। Read More: मध्यप्रदेश में मंजूरी के 4 दिन बाद तबादला नीति जारी: आधी रात के बाद आदेश; जिनकी परफॉर्मेंस खराब, उनको पहले बदलेंगे सवाल 4: अगर मैं जुर्माना देने से मना कर दूं तो क्या होगा?जवाब: आपको अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतारा जा सकता है और मामला रेलवे कोर्ट में जा सकता है। आपको 1 माह की जेल या ₹500 जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। सवाल 5: क्या TTE मुझे सीधे रेलवे पुलिस को सौंप सकता है?जवाब: अगर आप सहयोग नहीं करते या जुर्माना नहीं भरते हैं, तभी TTE आपको रेलवे पुलिस (RPF) को सौंप सकता है। सवाल 6: क्या बिना टिकट यात्रा करने पर जेल हो सकती है?जवाब: सामान्य तौर पर यह सिविल अपराध है। अगर आप जुर्माना भर देते हैं, तो जेल नहीं होगी। सवाल 7: क्या मुझे ट्रेन से उतारा जा सकता है?जवाब: सामान्यतः नहीं, लेकिन विशेष परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है। सवाल 8: क्या यह सिविल अपराध है या आपराधिक?जवाब: यह सिविल अपराध है। लेकिन पुलिस से मारपीट, उत्पात या कोर्ट का उल्लंघन करने पर यह आपराधिक बन सकता है। सवाल 9: क्या मुझे वकील की ज़रूरत हो सकती है?जवाब: सामान्य मामलों में नहीं। लेकिन अगर मामला कोर्ट तक पहुंच जाए या आप कानूनी सलाह लेना चाहें, तो वकील की मदद ले सकते हैं। यह जानकारी दूसरों के साथ भी साझा करें, ताकि वे भी अपने अधिकारों को जान सकें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 170

महिला नेतृत्व पर सवाल: 143 महिला सांसद-विधायकों पर आपराधिक मामले, ADR रिपोर्ट का चौंकाने वाला खुलासा

महिला सशक्तिकरण के दौर में एक ओर जहाँ महिलाएं राजनीति में सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं, वहीं एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देश में 512 महिला सांसदों और विधायकों में से 143 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 78 पर हत्या और अपहरण जैसे गंभीर आरोप हैं। साथ ही इन नेताओं के पास औसतन ₹20.34 करोड़ की संपत्ति है। Shocking revelation of ADR report दलीय आधार पर आपराधिक मामले: Shocking revelation of ADR report Read more: जातीय जनगणना पर कांग्रेस का पलटवार, वेणुगोपाल बोले- अब पीएम मोदी की नींद हराम होगी देश के मुख्यमंत्रियों की औसत संपत्ति ₹52.59 करोड़ है — जो आम नागरिक की औसत सालाना आय (₹1.85 लाख) से कई गुना ज्यादा है। सभी राष्ट्रीय दलों को मिले कुल चंदे का 74.57% भाजपा को मिला — जिससे राजनीति में असमानता की एक और परत उजागर होती है। राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है, लेकिन ADR की रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि सिर्फ लिंग संतुलन नहीं, बल्कि नीतिगत और नैतिक स्तर पर भी सुधार जरूरी है। ऐसे में ज़रूरत है चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की — ताकि महिला सशक्तिकरण का सही मायनों में उद्देश्य पूरा हो सके। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 199

जातीय जनगणना पर कांग्रेस का पलटवार, वेणुगोपाल बोले- अब पीएम मोदी की नींद हराम होगी

Politics heated up caste census : कांग्रेस का पीएम मोदी को करारा जवाब Politics heated up caste census देश की राजनीति में इन दिनों जातीय जनगणना को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में विझिनजाम बंदरगाह के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। उनके इस बयान ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। अब कांग्रेस ने भी तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर कहा, “हम तो चैन की नींद सोएंगे, लेकिन आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नींद जरूर उड़ने वाली है। यह बयान सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस जातीय जनगणना को लेकर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। जातीय जनगणना और आरक्षण पर कांग्रेस की रणनीति (Politics heated up caste census) वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अब केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगी कि वह जल्द से जल्द जातीय जनगणना कराए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी अब आरक्षण की 50% सीमा को पार कर सामाजिक न्याय को और मज़बूत करने की मांग करेगी। उनका कहना है कि जैसे महिला आरक्षण विधेयक को सालों बाद लागू किया गया, वैसे ही जातीय जनगणना को और टालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि केंद्र सरकार इस मांग को गंभीरता से ले और समाज के वंचित वर्गों को उनके हक़ और हिस्से का पूरा प्रतिनिधित्व मिले,वेणुगोपाल ने कहा। राजनीतिक माहौल में नया मोड़ (Politics heated up caste census) प्रधानमंत्री और कांग्रेस के बीच यह बयानबाज़ी 2024 के आम चुनावों से पहले राजनीति के मैदान में एक नया मोड़ ला रही है। जातीय जनगणना एक ऐसा मुद्दा है जो न सिर्फ दलों के वोट बैंक को प्रभावित करता है, बल्कि सामाजिक न्याय की बहस को भी नई दिशा देता है। Read more: फिजिकल हेल्थ: गर्मी और दिल की बीमारियां – क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा और कैसे करें बचाव कांग्रेस का यह रुख साफ करता है कि वह अब इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। आने वाले हफ्तों में संसद से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर हलचल तेज़ हो सकती है। जातीय जनगणना अब केवल एक आंकड़ों का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, राजनीतिक रणनीति और सत्ता के संतुलन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। देखना यह होगा कि इस बढ़ती बहस में जनता का समर्थन किसके साथ खड़ा होता है – सत्ता पक्ष के साथ या विपक्ष के संघर्ष के साथ। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 119

मजदूर दिवस 2025: श्रमिकों के संघर्ष और योगदान को समर्पित एक वैश्विक दिवस

Labor Day 2025: A global day dedicated to the struggle and contribution of workers 1 मई को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है — एक ऐसा दिन जो मेहनतकश श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान और संघर्षों को सलाम करता है। भोपाल। 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (International Workers’ Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन दुनियाभर में कामगारों, मजदूरों और श्रमिक वर्ग के लोगों के संघर्षों और सामाजिक-आर्थिक योगदान को मान्यता देने के लिए समर्पित है। यह एक ऐसा अवसर है जब श्रमिकों के अधिकारों, वेतन, काम की स्थिति और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा की जाती है। मजदूर दिवस की शुरुआत 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर से मानी जाती है, जब हज़ारों श्रमिकों ने 8 घंटे के कार्यदिवस की मांग को लेकर आंदोलन किया था। यह आंदोलन बाद में “हेमार्केट हत्याकांड” में बदल गया और इसी के बाद 1 मई को वैश्विक मजदूर दिवस के रूप में स्वीकार किया गया। भारत में मजदूर दिवस को पहली बार 1923 में मद्रास (अब चेन्नई) में मनाया गया था, जब भारतीय मजदूर किसान पार्टी ने इसे औपचारिक रूप से मनाना शुरू किया। आज के दिन विश्व के अनेक देशों में सरकारी छुट्टियाँ, रैली,सम्मेलन, संस्कृतिक कार्यक्रम और श्रमिक कल्याण योजनाओं की घोषणाएँ होती हैं। यह दिवस मजदूरों के अधिकारों और गरिमा के समर्थन में एकजुटता दिखाने का प्रतीक बन चुका है। मजदूरों के लिए आज भी कई चुनौतियाँ विशेष संदेश   मजदूर दिवस हमें यह याद दिलाता है कि दुनिया के सबसे ऊंचे निर्माण भी उन्हीं हाथों से खड़े होते हैं जो मेहनत की नींव रखते हैं। श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सम्मान देना एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है। 1 मई – नमन उन हाथों को जो दुनिया को गढ़ते हैं!   अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस 2025 पर आइए श्रमिकों के अधिकारों और योगदान को करें सम्मानित।       Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 285

पहलगाम हमले पर कांग्रेस की मांग-खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूक की जांच की जाए

Congress demands investigation into Pahalgam attack- intelligence failures and security lapses दिल्ली ! कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पुलवामा आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई. पार्टी ने 25 अप्रैल को देशव्यापी कैंडल मार्च का ऐलान किया और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की. कांग्रेस ने पाकिस्तान पर हमला बोला और सरकार से खुफिया चूक की जांच की मांग की है. पहलगाम आतंकी हमले को लेकर गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई. बैठक में कांग्रेस नेताओं ने पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा. इसके अलावा एक प्रस्ताव भी पास किया गया. बैठक के बाद कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए इस प्रस्ताव की जानकारी दी. कांग्रेस ने कहा कि पाकिस्तान ने यह कायराना साजिश रची और देश में भावनाएं भड़काने के लिए हिंदुओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया. कांग्रेस ने खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूक का भी जिक्र किया और सरकार से जांच की मांग की. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पवन खेड़ा ने अमरनाथ यात्रा को लेकर चिंता जाहिर की है, उन्होंने सरकार से मांग की है कि यात्रा के दौरान पुख्ता इंतेजाम किए जाएं, ताकि किसी भी यात्री को कोई समस्या न हो. सुरक्षा चूक की हो जांच-पवन खेड़ापवन खेड़ा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश है. ऐसे में यहां सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है. पहलगाम एक बहुत सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है, जहां त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है. ऐसे में यह अत्यावश्यक है कि इस केंद्र शासित प्रदेश- जो सीधे-सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है- में इस प्रकार के हमले को अंजाम देने में हुई खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूक की व्यापक और गहन जांच की जाए. इन सवालों को व्यापक जनहित में उठाना आवश्यक है. यही एकमात्र रास्ता है, जिससे पीड़ित परिवारों के साथ न्याय होते हुए देखा जा सकता है. जानबूझकर हिंदुओं को बनाया निशानापाकिस्तान की तरफ से रची गई यह कायरतापूर्ण और सुनियोजित आतंकी कार्रवाई हमारे गणतंत्र के मूल्यों पर सीधा हमला है. पूरे देश में भावनाओं को भड़काने के लिए हिंदुओं को जानबूझकर निशाना बनाया गया है. हम इस गंभीर उकसावे के सामने शांति की अपील करते हैं और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए अपनी सामूहिक शक्ति की पुष्टि करते हैं. सीडब्ल्यूसी शांति की अपील करती है. बीजेपी दे रही कलह को बढ़ावाकांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि इस नरसंहार की जम्मू और कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों और इसके नागरिकों के एक बड़े वर्ग ने निंदा की है. हालांकि, यह चौंकाने वाला है कि बीजेपी आधिकारिक और प्रॉक्सी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से इस गंभीर त्रासदी का फायदा उठाकर ऐसे समय में और अधिक कलह, अविश्वास, ध्रुवीकरण और विभाजन को बढ़ावा दे रही है, जब एकता और एकजुटता की सबसे अधिक आवश्यकता है. आतंक का पेड़ जड़ से पूरी तरह हो खत्म: ओवैसीAimim चीफ ओवैसी ने पहलगाम हमले पर कहा कि आतंकी आये तो कैसे आए इस पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस जगह हमला हुआ वहां से सीआरपीएफ को क्यों हटाया गया. ओवैसी ने साफ कहा कि आतंक का ये पेड़ पूरी तरह खत्म होना चाहिए. इस घटना के बाद पीएम को सख्त से सख्त कदम उठाना चाहिए. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 99

भारत के 5 बड़े फैसलों के मायने: भारत ने 65 साल पुराना सिंधु जल समझौता रोका: पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द, अटारी बॉर्डर बंद

Meaning of India’s 5 big decisions: India stopped the 65 year old Indus Water Treaty नई दिल्ली । पहलगाम हमले के दूसरे दिन भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार माना है। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत ने 5 बड़े फैसले लिए हैं। इसमें 65 साल पुरानी सिंधु जल संधि को रोका गया है। अटारी चेक पोस्ट बंद कर दिया गया है। वीजा बंद कर दिया गया और उच्चायुक्तों को हटा दिया है। जानिए, सरकार के इन फैसलों का पाकिस्तान पर क्या असर पड़ेगा… 1. सिंधु जल संधि समझौता स्थगित होने से पाकिस्तान में जल संकट छाएगा, आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी सिंधु जल संधि: 19 सितंबर 1960 को भारत और पाकिस्तान के बीच 6 नदियों का पानी बांटने को लेकर एक समझौता हुआ था, जिसे सिंधु जल संधि कहते हैं। समझौते के तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास और सतलुज) का अधिकार मिला, जबकि पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम और चिनाब) का इस्तेमाल करने की परमिशन दी गई। समझौते का मकसद: सिंधु जल समझौते का मकसद था कि दोनों देशों में जल को लेकर कोई संघर्ष न हो और खेती करने में बाधा न आए। हालांकि भारत ने हमेशा इस संधि का सम्मान किया, जबकि पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने के आरोप लगातार लगते रहे हैं। भारत के पाकिस्तान से तीन युद्ध हो चुके हैं, लेकिन भारत ने कभी भी पानी नहीं रोका था, लेकिन पाकिस्तान हर बार भारत में आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार होता है। पाकिस्तान में अब पानी का संकट होगा: पाकिस्तान की 80% खेती सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों के पानी पर निर्भर है। अब भारत की तरफ से इन नदियों का पानी रोक देने से पाकिस्तान में जल संकट गहराएगा। वहां की आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी। इसके अलावा पाकिस्तान कई डैम और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से बिजली बनाता है। पानी की कमी से बिजली उत्पादन में गिरावट आ सकती है, जिससे आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा। 2. अटारी चेक पोस्ट बंद होने से पाकिस्तानियों की आवाजाही नहीं हो सकेगी अटारी चेक पोस्ट के बंद होने से पाकिस्तान के लोगों की आवाजाही तो बंद होगी ही, साथ ही छोटे सामानों को भारत निर्यात नहीं करेगा। इससे वहां के छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होगा। भारत आए पाकिस्तानी नागरिकों को इस रास्ते से लौटने के लिए 1 मई तक का वक्त दिया गया है। इसके बाद वह इस रास्ते से नहीं लौट पाएंगे। साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद से ही पाकिस्तान से द्विपक्षीय व्यापार बंद है। किसी तीसरे देश के माध्यम से भारत-पाकिस्तान के बीच आयात-निर्यात होता है। हालांकि दोनों देशों के बीच छोटे-मोटे सामानों का लेन देन होता है। जैसे- सेंधा नमक, चमड़े का सामान, मुल्तानी मिट्टी, तांबे का सामान, मिनरल मिल्स, ऊन और चूना हैं। 3. वीजा सर्विस के साथ आतंकियों के आने का रास्ता भी बंद भारत ने पाकिस्तानियों के वीजा पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं, SAARC वीजा छूट योजना से भी पाकिस्तान के लोग भारत नहीं आ पाएंगे। फैसले का मकसद: पाकिस्तान के कई लोगों की रिश्तेदारी भारत में है। ऐसे में कई बार पाकिस्तानी लोग रिश्तेदार बनकर भारत आते हैं। इनके अलावा धार्मिक यात्राओं का बहाना करके भारत आते हैं और आतंकी हमलों को अंजाम देते हैं। ऐसे में वीजा सर्विस बंद होने से आतंकियों के भारत आने का रास्ता भी बंद हो जाएगा। 4. हाई कमीशन से डिफेंस एडवाइजर्स हटाए भारत ने नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन में तैनात पाकिस्तानी मिलिट्री, नेवी और एयर एडवाइजर्स को अवांछित व्यक्ति घोषित किया है। उनके पास भारत छोड़ने के लिए एक हफ्ते का समय है। 1 मई 2025 तक पाकिस्तान के हाई कमीशन में तैनात कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 की जाएगी। भारत ने आजादी के बाद से अब तक दिल्ली में पाकिस्तान के दूतावास को कभी भी बंद नहीं किया है। 5. अपने डिफेंस एडवाइजर्स भी वापस बुलाए पाकिस्तान के डिफेंस एडवाइजर्स हटाने के साथ ही भारत भी अपने मिलिट्री, नेवी और एयर एडवाइजर्स को इस्लामाबाद स्थित इंडियन हाई कमीशन से वापस बुलाएगा। संबंधित हाई कमीशन में ये पद निरस्त माने जाएंगे। दोनों उच्चायोगों से सर्विस एडवाइजर्स के 5 सपोर्ट स्टाफ को भी वापस बुलाया जाएगा। इन दोनों फैसलों का असर सैन्य-डिप्लोमैटिक संवाद ठप: भारत में पाकिस्तानी रक्षा सलाहकारों की वापसी से दोनों देशों के बीच सैन्य-स्तर की बातचीत और संपर्क पूरी तरह बंद हो जाएंगे। हाई कमीशन का प्रभाव कम होगा: स्टाफ की संख्या घटकर 55 से 30 हो जाने से पाकिस्तानी उच्चायोग की कार्यक्षमता और भारत में उसकी कूटनीतिक मौजूदगी सीमित हो जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 104

फिर दाम बढ़ाने वाले हैं Airtel-Jio-Vi! कस्टमर्स की जेब पर पड़ेगा तगड़ा असर

Airtel-Jio-Vi are going to increase the price again! It will have a huge impact on the pockets of the customers भारतीय टेलीककॉम यूजर्स को जल्द एक बार फिर से टैरिफ हाइक झेलना पड़ सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, Airtel, Reliance Jio और Vodafone Idea (Vi) जैसे टेलिकॉम ऑपरेटर्स 2025 के अंत तक टैरिफ में बढ़ोतरी शुरू कर सकते हैं. यह उनकी हालिया टैरिफ रिपेयर स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसका मकसद रेवेन्यू को बेहतर करना है. 2025 में टैरिफ बढ़ोतरी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Bernstein के एनालिसिस के हवाले से Moneycontrol की रिपोर्ट बताती है कि भारत में टेलिकॉम प्रोवाइडर्स दिसंबर 2025 तक टैरिफ में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकते हैं. यह पिछले छह सालों में चौथा बड़ा प्राइस हाइक हो सकता है. हाल ही में जुलाई 2024 में टेलिकॉम कंपनियों ने 25 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाया था. इस बढ़ोतरी की वजह 4G को मजबूत करने और 5G टेक्नोलॉजी के विस्तार के लिए बढ़ती पूंजी की जरूरतें हैं. रिपोर्ट में कहा गया है, “हम नवंबर-दिसंबर 2025 में टैरिफ बढ़ोतरी की उम्मीद करते हैं, जो इंडस्ट्री में चल रहे टैरिफ रिपेयर प्रयासों के अनुरूप है. यह कदम सेक्टर के लिए रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ाने वाला एक बड़ा कदम हो सकता है.” Bernstein का अनुमान है कि 2025-27 के दौरान Airtel और Jio को मिड-टू-हाई टीन रेवेन्यू ग्रोथ मिलेगी. जो स्टेडी सब्सक्राइबर एडिशन और मजबूत एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) ग्रोथ की बदौलत होगी. टेलिकॉम ऑपरेटर्स सिर्फ नए कंज्यूमर्स जोड़ने पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि मौजूदा यूजर्स से मिलने वाले रेवेन्यू शेयर को भी बढ़ाएंगे. दूसरी ओर, Vi की वित्तीय स्थिति मुश्किल में है, हालांकि सरकार द्वारा स्पेक्ट्रम ड्यूज को इक्विटी शेयर्स में बदलने की सहमति से कुछ राहत मिली है. इससे सरकार की हिस्सेदारी 22.6 प्रतिशत से बढ़कर 48.99 प्रतिशत हो गई है. रिपोर्ट में कहा गया है, “इक्विटी कन्वर्जन से सरकार का तीन-खिलाड़ी मार्केट स्ट्रक्चर को बनाए रखने का कमिटमेंट दिखता है और यह प्राइस डिसिप्लिन व भविष्य में टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना को बढ़ाता है.” Bernstein को दिसंबर 2025 में 15 प्रतिशत टैरिफ बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसके बाद 2026 से 2033 तक हर साल बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, टैरिफ बढ़ोतरी नियमित हो सकती है. लेकिन 2019-2025 की तुलना में इसकी मात्रा कम हो सकती है. टैरिफ बढ़ोतरी से टेलिकॉम ऑपरेटर्स को 10 प्रतिशत टैरिफ कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करने में मदद मिलेगी. साथ ही, Vi का कैपिटल एक्सपेंडिचर 2026 की दूसरी छमाही में यूजर बेस के घटने को स्थिर करने में मदद कर सकता है. Airtel और Jio की मजबूत पोजीशन Airtel और Jio को टैरिफ बढ़ोतरी से सबसे ज़्यादा फायदा होने की उम्मीद है. Airtel का ARPU तीसरी तिमाही FY25 में ₹245 तक पहुंच गया, जो इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा है, जबकि Jio का ARPU ₹203.3 रहा. दोनों कंपनियां 5G नेटवर्क के विस्तार और डेटा मॉनेटाइजेशन पर फोकस कर रही हैं. Bernstein का अनुमान है कि Airtel और Jio 2025-27 में मिड-टू-हाई टीन रेवेन्यू ग्रोथ देखेंगे, जिसमें Airtel की फ्री कैश फ्लो और बैलेंस शीट स्ट्रेंथ में सुधार होगा. Airtel का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) FY27 तक ~18% तक पहुंच सकता है. Jio, जो 41.6% रेवेन्यू मार्केट शेयर के साथ लीडर है. 5G सब्सक्राइबर्स और डेटा यूज बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि Jio का 2025 में संभावित IPO इसे टैरिफ बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है. Vi की चुनौतियां और संभावनाएं Vodafone Idea को सब्सक्राइबर लॉस और 5G रोलआउट में देरी की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, हालिया कैपिटल इन्फ्यूजन और सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी बढ़ने से Vi को कुछ राहत मिली है. विश्लेषकों का मानना है कि Vi की नेटवर्क डिप्लॉयमेंट से मार्केट शेयर में सुधार हो सकता है, खासकर 2026 की दूसरी छमाही में. टैरिफ बढ़ोतरी Vi के लिए रिकवरी का अहम कदम हो सकता है. मार्केट कंसॉलिडेशन और प्राइस डिसिप्लिन टैरिफ बढ़ोतरी और 5G मॉनेटाइज़ेशन से मार्केट और कंसॉलिडेट होगा. Bernstein का अनुमान है कि FY27 तक Jio का रेवेन्यू शेयर 48% और Airtel का 38% होगा. सरकार का तीन-खिलाड़ी मार्केट को बनाए रखने का कमिटमेंट प्राइस डिसिप्लिन को बढ़ावा देगा, जिससे भविष्य में टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना बढ़ेगी. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 95

2 हजार से ज्यादा UPI करने पर देना होगा GST? सरकार ने बता दी सच्चाई, ट्रांजैक्शन करने से पहले समझ लें पूरी बात

GST will have to be paid for doing more than thousand UPI UPI से पेमेंट करना जितना आसान है, उतनी ही तेजी से इसके बारे में अफवाहें भी फैलती हैं. सोशल मीडिया पर यह चर्चा गर्म है कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन्स पर GST लगेगा. लेकिन क्या यह सच है या सिर्फ हवा में उड़ती खबर? सरकार ने इन अफवाहों पर फुल स्टॉप लगा दिया है. GST और UPI: सच क्या है? वित्त मंत्रालय ने PIB रिलीज के जरिए साफ किया कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन्स पर Goods and Services Tax (GST) लगाने का दावा पूरी तरह गलत, भ्रामक और बिना किसी आधार के है. अभी सरकार के सामने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. इसको लेकर लोग सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैला रहे हैं. मंत्रालय ने बताया कि GST कुछ खास पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स पर लगने वाले चार्ज जैसे मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर लागू होता है. लेकिन जनवरी 2020 से सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने 30 दिसंबर 2019 की गजट नोटिफिकेशन के जरिए पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन्स पर MDR हटा दिया है. चूंकि UPI ट्रांजैक्शन्स पर अभी कोई MDR चार्ज नहीं होता इसलिए इन पर कोई GST भी लागू नहीं है. सरकार UPI के जरिए डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. UPI को सपोर्ट करने की स्कीम UPI की ग्रोथ को बनाए रखने और इसे सपोर्ट करने के लिए सरकार FY 2021-22 से एक इंसेंटिव स्कीम चला रही है. यह स्कीम खास तौर पर कम वैल्यू के UPI (P2M) ट्रांजैक्शन्स को टारगेट करती है. जिससे छोटे मर्चेंट्स को ट्रांज़ैक्शन कॉस्ट से राहत मिलती है और डिजिटल पेमेंट्स में ज्यादा हिस्सेदारी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है. इस स्कीम के तहत अब तक के इंसेंटिव पेमेंट्स सरकार की UPI-बेस्ड डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं. स्कीम के तहत सालाना आवंटन इस प्रकार रहा है: FY2021-22: ₹1,389 करोड़ FY2022-23: ₹2,210 करोड़ FY2023-24: ₹3,631 करोड़ भारत की डिजिटल पेमेंट्स में बादशाहत ACI Worldwide Report 2024 के मुताबिक, 2023 में भारत ने ग्लोबल रियल-टाइम ट्रांजैक्शन्स का 49% हिस्सा हासिल किया. जिसने भारत को डिजिटल पेमेंट्स इनोवेशन में ग्लोबल लीडर के तौर पर स्थापित किया. UPI ट्रांजैक्शन्स की वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है, जो FY 2019-20 में ₹21.3 लाख करोड़ से बढ़कर मार्च 2025 तक ₹260.56 लाख करोड़ तक पहुंच गई. खास तौर पर P2M ट्रांज़ैक्शन्स ₹9.3 लाख करोड़ तक पहुंच चुके हैं, जो मर्चेंट्स की बढ़ती स्वीकार्यता और कंज्यूमर्स के डिजिटल पेमेंट्स में भरोसे को दिखाता है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 104

हिमाचल 78वां स्थापना दिवस विशेष : CM सुक्खू पांगी में, जिलों में मंत्री फहराएंगे तिरंगा

Himachal Foundation Day Special: CM Sukhu in Pangi, ministers will hoist the tricolor in districts शिमला। हिमाचल आज अपना 78वां स्थापना दिवस मना रहा है। चंबा के दुर्गम क्षेत्र पांगी में हिमाचल दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। यहां पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ध्वजारोहण करेंगे। वहीं जिलों में कैबिनेट मंत्री झंडा फरहाएंगे। वहीं प्रदेशवासियों की नजरे आज सीएम सुखविंदर सुक्खू के संबोधन और उनकी घोषणाओं पर टिकी हैं, क्योंकि मुख्यमंत्री हर बार हिमाचल दिवस पर बड़ी बड़ी घोषणाएं करते हैं। सीएम सुक्खू आज पांगी क्षेत्र की 2200 से ज्यादा महिलाओं के लिए 1500-1500 रुपए की घोषणा कर सकते हैं। इसके अलावा कर्मचारी-पेंशनर को भी एरियर और महंगाई भत्ता (DA) मिलने की आस है। सीएम सुक्खू आज समाज के दूसरे वर्गों के लिए भी कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। सीएम ने पांगी के लोगों के साथ बिताई रात सीएम सुक्खू ने स्थापना दिवस की पूर्व संध्या जनजातीय क्षेत्र के लोगों के बीच बिताई। वह प्रदेश की स्थापना के 77वर्षों के सफर में आज तक हिमाचल दिवस से पूर्व संध्या पर ट्राइबल क्षेत्र पांगी में रुकने वाले पहले सीएम बन गए हैं। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और क्षेत्र में कई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। जिलों में मंत्री फहराएंगे झंडा प्रदेश में आज हिमाचल दिवस हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। बिलासपुर जिला में विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मंडी में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और कांगड़ा के धर्मशाला में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल तिरंगा फहराएंगे। शिमला में अनिरुद्ध सिंह फहराएंगे तिरंगा ऊना में कृषि मंत्री चंद्र कुमार, सोलन में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, लाहौल स्पीति में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, नाहन में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिमला में पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, कुल्लू में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, किन्नौर में टीसीपी मंत्री राजेश धर्माणी और हमीरपुर में पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष आरएस बाली तिरंगा फहराएंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 204

Vastu Tips: क्यों पहले के समय में गोबर से होती थी घर की लीपाई? क्या कहते हैं धार्मिक ग्रंथ?

Vastu Tips: क्यों पहले के समय में गोबर से होती थी घर की लीपाई? क्या कहते हैं धार्मिक ग्रंथ?

why were homes plastered with cow dung in earlier times pehle ke samay me gobar se kyon leepa jata tha plastered with cow dung आज भी जब हम गांव जाते हैं तो सुबह की पहली किरण के साथ जो सोंधी खुशबू उठती थी, वह सिर्फ मिट्टी की नहीं, गोबर से लिपे आंगनों की होती थी। यह परंपरा असल में सनातन धर्म की उन गहराइयों से जुड़ी है जहां हर वस्तु का एक दिव्य और व्यावहारिक अर्थ छुपा होता है। गोबर से घर लीपने से वह शुद्ध और ठंडा बना रहता है। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि पहले के समय में घर को गोबर से क्यों लीपा जाता है। क्या ये सिर्फ एक चली आ रही कोई परंपरा थी, या इसके पीछे कुछ कारण भी थे? आइए जानते हैं। क्यों गोबर से लीपा जाता था घर? सनातन परंपरा में गोबर को पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक माना गया है। किसी भी धार्मिक आयोजन से पहले जब घर के आंगन को गोबर से लिपा जाता है, तो वह सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि भूमि को ऊर्जा देने की एक क्रिया होती है। शास्त्रों में तो यहां तक कहा गया है कि गोबर में लक्ष्मी का वास होता है । इसलिए कहते हैं, “गोमय वसते लक्ष्मी”। इसका अर्थ यही है कि जहां गोबर है, वहां समृद्धि, सकारात्मकता और पवित्रता खुद आ जाती है। plastered with cow dung Read more: इंजेक्शन, टैबलेट या फिर लिक्विड…शरीर में दवा पहुंचाने का क्या है सबसे सही तरीका? पंचगव्य बनाने में भी आता है काम गोबर केवल धार्मिक अनुष्ठानों में इस्तेमाल नहीं होता है, बल्कि यह पंचगव्य का भी एक आवश्यक हिस्सा है, जिसमें गोबर, गोमूत्र, दूध, दही और घी आदि शामिल है। इन पांच तत्वों का मिश्रण न केवल आध्यात्मिक शुद्धिकरण करता है, बल्कि यह आयुर्वेद में एक औषधीय तत्व के रूप में भी प्रयोग होता है। कुछ पुराणों में यह साफ बताया गया है कि पंचगव्य का सेवन पापों को हरने वाला और रोगों को मिटाने वाला होता है। plastered with cow dung शुभ कार्य के दौरान गोबर का किया जाता है इस्तेमाल धार्मिक ग्रंथों में गोबर का जो स्थान है, इसे किसी भी प्रकार से बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताया गया है। अथर्ववेद से लेकर गरुड़ पुराण और मनुस्मृति तक में गोबर और गाय से जुड़े पदार्थों की महिमा का वर्णन मिलता है। इसलिए जब भी घर में कई त्यौहार मनाया जाता है या फिर कोई शुभ कार्य, जैसे कि हवन या पूजा किया जाता है तो पूरे घर को गोबर से लीपा जाता है, जिससे घर में लक्ष्मी का वास हो और घर की सुख-समृद्धि में वृद्धि हो। घर में मक्खियों, मच्छरों को भी दूर भगाता है गोबर बता दें कि गोबर कीट-पतंगों से रक्षा करने में काफी असरदार साबित होता है। गोबर से घर में मक्खियां, मच्छर, और कीट दूर रहते हैं। यही कारण है कि गांवों में गोबर से लिपे घरों में रोगों का प्रकोप कम देखा गया है। इसके अलावा, यह पूरी तरह जैविक है, पर्यावरण के अनुकूल है, और धरती को हानि नहीं पहुंचाता। डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए “माइ सीक्रेट न्यूज़” उत्तरदायी नहीं है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 106

कंगना ने फिर दिया विवादित बयान: कहा -कांग्रेस अंग्रेजों की बची हुई औलाद है: बोली- जहां कांग्रेस नेता मिलते हैं, वहां डाकुओं का गैंग,,,

Kangana again gave a controversial statement: said- Congress is the remaining offspring of the British: said- wherever Congress leaders meet, a gang of bandits is formed there मंडी। भाजपा सांसद एवं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट ने फिर से कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। अपने 5 दिन के दौरे के आखिरी दिन बुधवार को सुंदरनगर के कांगू में कंगना ने कहा, भाजपा सनातनी संस्कृति से जुड़ी पार्टी है। इसके विपरीत कांग्रेस अंग्रेजों की बची हुई औलाद है। कंगना ने कांग्रेस की विचारधारा को ‘चोर-चोर मौसेरे भाई’ जैसा बताया। उन्होंने कहा कि जहां भी कांग्रेस के नेता मिलते हैं, वहां डाकुओं का गैंग बन जाता है। कंगना ने कांग्रेस नेत्री अल्का लांबा पर भी निशाना साधा। कहा, चुनाव से पहले महिलाओं से बड़े-बड़े वादे करके वे चली गईं और कोई भी वादा पूरा नहीं किया। कंगना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि चांद पर दाग हो सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी पर एक भी दाग नहीं है। उन्होंने कहा कि आरएसएस ‘सनातन, राष्ट्रवाद, वसुधैव कुटुंबकम’ की विचारधारा का पालन करता है। कहा, ‘भाजपा और आरएसएस की विचारधारा सनातन, राष्ट्रवाद, वसुधैव कुटुंबकम का पालन करती है, जिसका हम लंबे समय से पालन करते आ रहे हैं। सांसद ने लोकसभा में अपनी भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक वोट से सरकार गिर सकती है। वक्फ संशोधन बिल पर वोट करते समय उन्होंने क्षेत्र के लोगों को याद किया। कंगना ने कहा कि प्रदेश की जनता ने पीएम मोदी के लिए चारों लोकसभा सीटें भाजपा की झोली में डाली हैं। उन्होंने आगे 68 विधानसभा सीटों पर भी भगवा लहराने का लक्ष्य रखा है। कंगना रनोट अपने 5 दिन के मंडी संसदीय क्षेत्र के दौरे पर है। आज उन्होंने सुंदरनगर में 6 जगह कार्यक्रम किए और लोगों को संबोधित किया। इस दौरान कंगना ने कांग्रेस पर फिर से तीखा पलटवार किया। बीती शाम को उन्होंने कांग्रेस सरकार को भेड़िया बताया था। अपने दौरे के पहले दिन कंगना ने नरेंद्र मोदी को अवतार बताया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 158

Ghibli ट्रेंड सिर्फ मजेदार फोटो नहीं, यह आपकी प्राइवेसी के लिए है खतरा?

Ghibli trend photo is not just

Ghibli trend photo is not just a fun photo, is it a threat to your privacy? Ghibli AI ट्रेंड सिर्फ मजेदार इमेजेस नहीं, बल्कि आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा भी बन सकता है। जानें कि AI-Generated Ghibli पोर्ट्रेट्स कैसे आपकी डिजिटल सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं… Ghibli trend photo is not just Ghibli AI Trend: जब से ओपनएआइ ने चैटजीपीटी के घिबली-स्टाइल एआइ इमेज जनरेटर को लॉन्च किया है, तब से इसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। राजनेता हों या मशहूर हस्तियां, हर कोई घिबली के दिग्गज हयाओ मियाज़ाकी की खास शैली में अपने एआइ-जनरेटेड पोर्ट्रेट शेयर करता दिखाई देता है। एक ओर यह ट्रेंड हावी है तो दूसरी ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल प्राइवेसी एक्टिविस्ट्स लोगों को इसके जोखिमों से रूबरू कर रहे हैं। उनका दावा है कि ओपनएआइ इस ट्रेंड का उपयोग एआइ प्रशिक्षण के लिए लाखों व्यक्तिगत छवियों को इकट्ठा करने के तरीके के रूप में कर सकता है। आलोचकों ने चेतावनी दी है कि वे अनजाने में ओपनएआइ को नया फेशियल डेटा सौंप रहे हैं जिससे प्राइवेसी संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। Ghibli trend photo is not just AI टूल्स के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (जीडीपीआर) के तहत, ओपनएआइ को ‘वैध हित’ के कानूनी आधार के तहत इंटरनेट से इमेज-हार्वेस्टिंग (स्क्रेपिंग) का औचित्य सिद्ध करना चाहिए, जिसका अर्थ है कि उन्हें उपयोगकर्ता की गोपनीयता की रक्षा करने और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे। डिजिटल प्राइवेसी एक्टिविस्ट्स के अनुसार ओपनएआइ या अन्य टूल्स यह प्रदर्शित करें कि डेटा संग्रह आवश्यक है, यह व्यक्तियों के अधिकारों का हनन नहीं करता है, और सख्त पारदर्शिता और जवाबदेही उपायों का पालन किया जाता है। Read more: प्रिंसिपल ने महिला प्रोफेसर को लिखा ‘I Love You’, KISS की इमोजी वाली व्हाट्सएप चैट से कॉलेज में हड़कंप  सहमति और स्वतंत्रता एआई, टेक एंड प्राइवेसी एकेडमी की सह-संस्थापक लुइजा जारोव्स्की के अनुसार, जब लोग स्वेच्छा से इन छवियों को अपलोड करते हैं, तो वे ओपनएआइ को उन्हें संसाधित करने के लिए अपनी सहमति देते हैं (जीडीपीआर का अनुच्छेद 6.1.ए)। यह एक अलग कानूनी आधार है जो ओपनएआइ को अधिक स्वतंत्रता देता है, और इस तरह वैध हित संतुलन परीक्षण लागू नहीं होता है। Ghibli trend photo is not just कैसे सुरक्षित रखें अपना बायोमेट्रिक डेटा एआइ द्वारा जनरेट की गई छवियों के लिए व्यक्तिगत फोटो अपलोड करने से पहले दो बार सोचें।ऐसे कर सकते हैं अपनी गोपनीयता की सुरक्षासोशल मीडिया पर हाई-रिजॉल्यूशन वाली छवियों को साझा करने से बचें, एआइ प्रशिक्षण, डेटा वर्गीकरण और अन्य अनुप्रयोगों के लिए डेटा हार्वेस्टिंग की तकनीक इमेज-स्क्रेपिंग में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।डिवाइस को अनलॉक करने के लिए चेहरे की पहचान के बजाय पिन या पासवर्ड का उपयोग करें। ऐप्स की कैमरे तक एक्सेस को सीमित करें। समय-समय पर सेटिंग्स में एक्सेस को जांचते रहें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 86

TATA IPL: पंजाब की लगातार दूसरी जीत: लखनऊ को 8 विकेट से हराया; प्रभसिमरन-श्रेयस की फिफ्टी, अर्शदीप सिंह को 3 विकेट

TATA IPL: Punjab's second consecutive win

TATA IPL: Punjab’s second consecutive win: Defeated Lucknow by 8 wickets लखनऊ। पंजाब किंग्स ने IPL 2025 में लगातार दूसरी जीत हासिल की है। टीम ने मंगलवार को लखनऊ सुपर जायंट्स को 8 विकेट से हराया। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में पंजाब ने 172 रन का टारगेट 16.2 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया। श्रेयस अय्यर 52 और नेहल वधेरा 43 रन बनाकर नाबाद रहे। प्रभसिमरन सिंह ने 34 बॉल पर 69 रनों की पारी खेली। लखनऊ से दिग्वेश राठी को 2 विकेट मिले। लखनऊ से निकोलस पूरन ने 44, आयुष बडोनी ने 41 रन की पारियां खेलीं। ऐडन मार्करम ने 28 और अब्दुल समद ने 27 रन बनाए। अर्शदीप सिंह ने 3 विकेट झटके। लॉकी फर्ग्यूसन, ग्लेन मैक्सवेल, मार्को यानसन, और युजवेंद्र चहल को एक-एक विकेट मिल। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 110

EV: union minister nitin gadkari – लिथियम बैटरी की कीमतों में गिरावट से ईवी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, जानें डिटेल्स

union minister nitin gadkari

union minister nitin gadkari says fall in lithium battery prices will boost ev sector union minister nitin gadkari ने कहा है कि लिथियम बैटरियों की कीमतों में कमी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लागत में काफी गिरावट आएगी। जिससे वे आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती बन जाएंगे। सोमवार को गडकरी ने कहा कि भारत में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है और इसमें सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्ट सेक्टर का है। इसलिए पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों से हटकर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाना बहुत जरूरी है। सड़क परिवहन और union minister nitin gadkari ने कहा कि बैटरी तकनीक में हो रही प्रगति भारत को सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की तेल पर निर्भरता न सिर्फ आर्थिक रूप से भारी पड़ रही है। बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है। हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये ईंधन आयात पर खर्च हो रहे हैं। इस वजह से साफ ऊर्जा को अपनाना देश के विकास के लिए जरूरी है। ठाणे में एक ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक साइकिल लॉन्च के मौके पर union minister nitin gadkari ने कहा कि शहरीकरण बढ़ने के कारण साइक्लिंग को भी एक टिकाऊ शहरी परिवहन विकल्प के रूप में बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर इतनी तेजी से बढ़ा है कि यह जापान को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। गडकरी ने कहा कि 2030 तक भारत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में दुनिया का अग्रणी देश बन जाएगा, जिससे ग्लोबल ऑटो मार्केट पर बड़ा असर पड़ेगा। ईवी की लागत कम होगीगडकरी ने कहा कि लिथियम-आयन बैटरियों की कीमतों में आई तेज गिरावट (अब 100 डॉलर प्रति kWh) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा सुलभ बना दिया है। और उनकी कीमतें पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर आने के करीब हैं। उन्होंने बताया, “कुछ साल पहले लिथियम की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवॉट थी, जो अब घटकर लगभग 100 डॉलर रह गई है। यह और कम होगी, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें भी कम हो जाएंगी, जिससे आम लोगों को ये सस्ते में मिल सकेंगे।” गडकरी ने कहा, “प्रदूषण हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती है और इसका एक बड़ा हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है।” उन्होंने दोहराया कि इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन पर शिफ्ट होना सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से ही जरूरी नहीं है। बल्कि यह आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होगा। उन्होंने भारत में पर्यावरण अनुकूल और लागत प्रभावी परिवहन समाधान की खोज में बैटरी से चलने वाले वाहनों (BEV) के महत्व को दोहराया। नई बैटरी तकनीकों पर शोधगडकरी ने कहा कि भारत में बैटरी तकनीक पर लगातार शोध हो रहा है, जिसमें सेमी-कंडक्टर्स, लिथियम-आयन, जिंक-आयन, सोडियम-आयन और एल्युमिनियम-आयन बैटरी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग एक बड़ा निर्यात अवसर है। जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और व्यापार संतुलन सुधरेगा। गडकरी ने हाल ही में हीरो के एक संयंत्र का उद्घाटन करने के लिए पंजाब के लुधियाना की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा, “भारत की 50 प्रतिशत टू-व्हीलर अब निर्यात की जा रही हैं, और हमें घरेलू बाजार से ज्यादा फायदा निर्यात से हो रहा है।” मंत्री ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, “बजाज और टीवीएस जैसे पारंपरिक दोपहिया वाहन निर्माताओं ने एक बार चार्ज करने पर 125 किलोमीटर की रेंज वाले वाहन बनाए हैं। लखनऊ और कानपुर शहरों के युवाओं ने 60 किलोमीटर की रेंज वाली बाइक का निर्माण शुरू कर दिया है।” इस अध्ययन से पता चलता है कि एक बाइक आम तौर पर प्रति दिन अधिकतम 24-26 किलोमीटर की यात्रा करती है। बायोफ्यूल और किसानों के लिए नई संभावनाएंगडकरी ने कहा कि सरकार कृषि अपशिष्ट से बायोफ्यूल बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें बायो-सीएनजी और बायो-एविएशन फ्यूल शामिल हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “अब किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं रहेंगे, बल्कि ऊर्जा दाता भी बनेंगे।” सरकार की नीति “आयात प्रतिस्थापन, लागत प्रभावी, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी” तकनीकों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। गडकरी ने बताया कि सरकार पराली से बायोफ्यूल बनाने की योजना पर भी काम कर रही है> जिससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इससे प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “हरियाणा के किसान धान की पराली जलाते हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। लेकिन अब हम इसे बायोफ्यूल में बदल रहे हैं। इस दिशा में 400 प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिनमें से 60 पहले से ही काम कर रहे हैं।” शहरी परिवहन में साइक्लिंग को बढ़ावागडकरी ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष साइकिल ट्रैक बनाए जाने चाहिए। ताकि पर्यावरण के अनुकूल यात्रा को प्रोत्साहन मिले, सड़क सुरक्षा बढ़े और ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो। उन्होंने कहा, “भारत में नवाचार और प्रतिस्पर्धा के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे देश इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, वैकल्पिक ईंधन और ग्रीन मोबिलिटी समाधानों का प्रमुख केंद्र बन रहा है।” गडकरी ने दोहराया कि भारत हरित तकनीकों को अपनाकर प्रदूषण कम करने, आयात लागत घटाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। Read more: अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका “पहले लोग विश्वास नहीं करते थे”गडकरी ने याद किया कि जब उन्होंने पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-बाइक्स के बारे में बात की थी, तो लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। उन्होंने कहा, “जब मैंने इलेक्ट्रिक कार और ई-बाइक की बात की थी, तो लोग हंसते थे, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं।” उन्होंने बताया कि हाल ही में टाटा ने हाइड्रोजन सेल से चलने वाले ट्रक पेश किए हैं, जो भारत में उन्नत तकनीक और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गडकरी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक, युवा इंजीनियरों की प्रतिभा और कृषि नवाचारों के मेल से भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ … Read more

अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका

Ghibli trend photo is not just

Now Ghibli images in ChatGPT can be created for free on ChatGPT, Sam Altman made a big announcement on the trend going viral, know how OpenAI का ChatGPT अभी काफी चर्चा में है. इससे Studio Ghibli स्टाइल की इमेज जनरेशन की बाढ़ आ गई है. कंपनी के नेटिव इमेज जेनरेशन फीचर रोलआउट करने के बाद से ही यूजर्स AI से फोटो को बनवा रहे हैं. Studio Ghibli को वायरल ट्रेंड बन चुका है. Now Ghibli images in ChatGPT कंपनी ने बताया कि Studio Ghibli की वजह से महज एक घंटे में 10 लाख नए यूजर्स जुड़ गए. Sam Altman ने X पर ऐलान किया, “ChatGPT का लॉन्च 26 महीने पहले सबसे पागलपन भरे वायरल मोमेंट्स में से एक था, जब हमने 5 दिन में 10 लाख यूजर्स जोड़े थे. अब पिछले एक घंटे में ही 10 लाख यूजर्स और जुड़ गए.” उन्होंने आगे कहा, “अब इमेज जेनरेशन फ्री यूजर्स के लिए भी रोलआउट हो गया है.” यानी यूजर्स फ्री में ChatGPT से Ghibli Style Image बनवा सकते हैं. आपको बता दें कि 26 मार्च 2025 को OpenAI ने ChatGPT Plus, Pro और Team यूजर्स के लिए यह फीचर लॉन्च किया था. जापान के मशहूर Studio Ghibli स्टाइल आर्टवर्क ने सोशल मीडिया यूजर्स को इतना इंप्रेस किया कि लोग अपनी तस्वीरों को पॉपुलर ऐनिमे फिल्म्स की स्टाइल में बदलने लगे. हालांकि, फ्री यूजर्स के लिए यह फीचर कुछ देरी के बाद आज यानी 1 अप्रैल 2025 को आया है. Now Ghibli images in ChatGPT Read more: लाइफस्टाइल- गर्मियों में फायदेमंद गन्ने का जूस: लू से बचाए, शरीर को रखे हाइड्रेटेड, डाइटीशियन से जानें किन्हें नहीं पीना चाहिए ChatGPT पर फ्री में बनेगी Ghibli Style इमेजआपको बता दें कि अभी Ghibli Style Image की धूम मची हुई है. सभी अपनी Ghibli Style Image बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं. ChatGPT के फ्री ना होने पर यूजर्स इसके अल्टरनेटिव से अपनी Ghibli Style फोटो बनवा रहे हैं. लेकिन, अब इसके फ्री होने के बाद यूजर्स ChatGPT से ही Ghibli Style इमेज बनवा सकते हैं. आपको बस ChatGPT में अपना अकाउंट बनाना होगा. इसके बाद आप अपनी फोटो को इसमें अपलोड करके Ghibli Style में कन्वर्ट करने का कमांड दे सकते हैं. इसके बाद यह आपकी इमेज को Ghibli Style में बदल देगा. हालांकि, फ्री होने की वजह से इस पर थोड़ी लिमिट हो सकती है. Now Ghibli images in ChatGPT Studio Ghibli से OpenAI को फायदा आपको बता दें ति OpenAI ने ChatGPT को नवंबर 2022 में लॉन्च किया था. यह एक कन्वर्सेशनल AI टूल था, जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स लेकर इंसानों जैसे जवाब देता है. अब इमेज जेनरेशन जैसे फीचर्स के साथ ये और भी पावरफुल हो गया है. अब Studio Ghibli स्टाइल इमेज ने ChatGPT को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया, लेकिन OpenAI के सामने अब सिस्टम को स्टेबल रखने और बिजनेस वैल्यू देने की चुनौती है Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 205

मरीजों को झटका ! 1 अप्रैल से इतनी बढ़ जाएगी जरूरी दवाइयों की कीमत

cancer and diabetes and other essential medicines drugs to get costlier from 1apri अगर आप रोजाना दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 अप्रैल से आपका दवा का खर्च बढ़ने वाला है. राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने आवश्यक दवाओं की कीमतों में इजाफा करने का फैसला किया है, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा. 4 दिन बाद मरीजों को करोड़ों का झटका लगने वाला है. अगर आप नियमित रूप से दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 अप्रैल से आपकी दवा की लागत बढ़ने वाली है. राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने आवश्यक दवाओं की कीमतों में इजाफा करने का फैसला किया है, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा. दरअसल,सरकार ने दवाओं की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण दवाओं को प्राइस कंट्रोल लिस्ट में शामिल किया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस पहल से मरीजों को हर साल लगभग 3,788 करोड़ रुपये की बचत होती है. हालांकि, अब इन नियंत्रित दवाओं के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. कितनी बढ़ सकती है कीमतरिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और एंटीबायोटिक्स जैसी आवश्यक दवाओं की कीमतों में 1.7% तक की वृद्धि हो सकती है. यह बढ़ोतरी नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा तय की जाती है, जो देश में दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने का काम करती है. इस कदम से दवा कंपनियों को राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें उत्पादन लागत में हो रही बढ़ोतरी से जूझना पड़ रहा था. हालांकि, मरीजों के लिए यह अतिरिक्त वित्तीय बोझ बन सकता है, जिससे उनकी दवाओं पर होने वाला खर्च बढ़ जाएगा. आइए जानते हैं किन दवाईयों की कीमतें बढ़ जाएंगी. क्यों बढ़ रही हैं दवाओं की कीमतें?NPPA के अनुसार, दवाओं की कीमतों में यह बढ़ोतरी मुद्रास्फीति आधारित मूल्य संशोधन के कारण की जा रही है. हर साल सरकार आवश्यक दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए एक संशोधन करती है. इस बार थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में वृद्धि के चलते दवा कंपनियों को कीमतें बढ़ाने की अनुमति दी गई है. किन दवाओं के दाम बढ़ेंगे?जो दवाएं राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची (NLEM) में शामिल हैं, उनकी कीमतें बढ़ेंगी. इसमें एंटीबायोटिक्स, पेन किलर, हृदय रोग, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं शामिल हैं. सरकार के इस फैसले से जिन लोगों को नियमित रूप से दवाओं की जरूरत होती है, उनके मासिक खर्च में वृद्धि होगी. बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए मुश्किलें. कई वरिष्ठ नागरिक और क्रॉनिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे.हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे प्रीमियम दरें बढ़ने की संभावना है. पिछले साल भी बढ़े थे दामयह पहली बार नहीं है जब दवाओं की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं. 2023 में भी NPPA ने 12% तक की वृद्धि की थी, जिससे पहले से ही महंगाई से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ा था. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 104

शहरों में बदलता परिदृश्य: कॉर्पोरेट में सक्रिय महिलाएँ, संघर्षरत पुरुष, क्या खड़ी होने वाली बड़ी समस्या?

(Changing scenario in cities) शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती रोजगार भागीदारी और पुरुषों में बेरोजगारी की बढ़ती दर, दोनों ही समाज के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत हैं. जहां एक तरफ महिलाओं ने पारंपरिक सामाजिक बाधाओं को पार करते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कदम मजबूत किए हैं, वहीं दूसरी तरफ पुरुषों के लिए रोजगार के अवसरों की कमी बढ़ती जा रही है. यह असंतुलन न सिर्फ परिवारों के भीतर आर्थिक संरचना को प्रभावित कर रहा है, बल्कि समाज में नए सामाजिक और मानसिक दबावों को भी जन्म दे रहा है. ऐसे में इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि आखिर शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के रोजगार में बढ़ रही भागेदारी का क्या कारण है और इस असंतुलन का भविष्य में हमारे समाज और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा? क्या यह स्थिति समाज में नई समस्याओं को जन्म दे सकती है? Changing scenario in cities क्या कहता है आंकड़ा हाल ही में ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GLIM) के शोधकर्ताओं ने एक रिपोर्ट जारी की है. जिसके अनुसार साल 2023-24 में 20 से लेकर 24 साल की उम्र के बीच पुरुषों में बेरोजगारी की दर 10% देखी गई, जबकि महिलाओं में यही दर पुरुषों से कम यानी 7.5% देखा गया है. इसी तरह, 25-29 साल की उम्र में भी पुरुषों की बेरोजगारी दर 7.2% है, जो महिलाओं से ज्यादा है. बेरोजगारी का ये आंकड़ा दर्शाता है कि शहरी इलाकों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, लेकिन पुरुषों के लिए यह अवसर घटते जा रहे हैं. ग्रेट लेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (GLIM) के शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि पिछले कुछ सालों में शहरी भारत में महिलाओं का रोजगार 10% बढ़ा है. जबकि साल 2017-18 से लेकर 2023-24 तक, शहरी महिलाओं में रोजगार की दर 28% तक पहुंच गई है. दिलचस्प बात ये है कि इसी साल 40 साल और उससे ऊपर की उम्र वाली शहरी महिलाओं में रोजगार दर सबसे ज्यादा 38.3% दर्ज की गई. जिससे यह संकेत मिलता है कि महिलाएं अब बच्चों के बड़े होने के बाद अपने करियर पर ज्यादा ध्यान दे पा रही हैं. महिलाओं को नहीं है नौकरी की तलाश इसी रिपोर्ट के अनुसार भले ही देश में महिलाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके भारत की 89 मिलियन से ज्यादा शहरी महिलाएं अभी भी नौकरी की तलाश में नहीं हैं. यह संख्या जर्मनी, फ्रांस या यूनाइटेड किंगडम की पूरी जनसंख्या से भी ज्यादा है. इसका मतलब है कि अभी भी लाखों महिलाएं कामकाजी जीवन में शामिल नहीं हो पाई हैं. इस स्थिति में सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर पुरुषों को पर्याप्त नौकरी के मौके नहीं मिलेंगे और महिलाएं बेहतर रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएंगी, तो आने वाले समय में समाज में असंतुलन बढ़ सकता है. एक ओर जहां महिलाओं के लिए रोजगार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुरुषों की बेरोजगारी बढ़ने से समाज में तनाव और असंतोष का माहौल बन सकता है. महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम तैयार इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई कंपनियां महिला कर्मचारियों के लिए बेहतर सपोर्ट सिस्टम तैयार कर रही है, जैसे स्कूल और ऑफिस के घंटों को मिलाना और बच्चों के लिए चाइल्डकेयर की सुविधा देना. इसके अलावा ज्यादातर कंपनियां महिलाओं को घर से काम करने का विकल्प दे रही है, जिससे वे अधिक आराम से काम कर पा रही हैं, लेकिन घर से काम करने के दौरान नेटवर्किंग की समस्या भी खड़ी हो रही है, जिससे उनकी करियर ग्रोथ में रुकावट आ सकती है. इस शोध में यह भी बताया गया है कि अगर हम सिर्फ महिलाओं के रोजगार पर ध्यान देंगे और पुरुषों के रोजगार की चिंता नहीं करेंगे, तो भविष्य में इसे लेकर समाज में समस्याएं आ सकती हैं. इसलिए, महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए समान रूप से रोजगार के मौके बढ़ाने की जरूरत है, ताकि कोई भी समुदाय इससे प्रभावित न हो. पुरुषों में क्यों बढ़ रही है बेरोजगारी आजकल शहरी इलाकों में महिलाओं का रोजगार बढ़ रहा है, लेकिन पुरुषों के लिए बेरोजगारी एक बड़ी चिंता बन चुकी है. खासकर, जो पारंपरिक काम जैसे निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और कम कौशल वाला काम करते है. इसका मतलब है कि पहले जो काम पुरुषों के लिए आम थे, अब उनमें नौकरी के मौके कम हो गए हैं. इसके अलावा, नई तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने पुरुषों के लिए और भी मुश्किलें पैदा की हैं. पहले जो लोग मैन्युअल (हाथ से काम करने वाले) या कम कौशल वाले काम करते थे, उनके लिए अब इन कामों की जगह मशीनों और रोबोट्स ने ले ली है. अब ये लोग अपनी नौकरी छूट जाने के खतरे से जूझ रहे हैं. शहरी इलाकों में यह समस्या और भी गंभीर हो रही है क्योंकि यहां रोजगार के मौके कम हो गए हैं और युवा पुरुषों को नौकरी ढूंढने में कठिनाई हो रही है. इसे एक बड़ी समस्या के रूप में देखा जा सकता है, जिसका समाधान समय रहते करना जरूरी है. Read more: लाडली बहनों से लेकर किसानों को एमपी के बजट में क्या मिला? पढ़ें बड़ी बातें असंतुलन का क्या होगा समाज पर असर? अगर यह असंतुलन जारी रहता है तो इसका समाज और अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है. पहले तो, यह पारिवारिक संरचनाओं को प्रभावित करेगा. पारंपरिक समाज में पुरुषों को कमाने वाले के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन अब महिलाएं भी कमाने वाली बन रही हैं. इससे परिवारों के भीतर भूमिकाओं में बदलाव आएगा और कई पुरुष इस बदलाव को स्वीकार करने में मुश्किल महसूस कर सकते हैं. इसके अलावा, बेरोजगारी की बढ़ती दर से पुरुषों के बीच निराशा और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण अपराधों में वृद्धि हो सकती है और समाज में अस्थिरता पैदा हो सकती है. महिलाओं के बढ़ते रोजगार का प्रभाव पुरुषों पर महिलाओं के बढ़ते रोजगार का प्रभाव पुरुषों पर सीधा और अप्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है. कुछ पुरुषों को यह बदलाव चुनौतीपूर्ण लग रहा है, क्योंकि पहले वे ही परिवार के मुख्य कमाने वाले होते थे. अब जब महिलाएं भी … Read more

नई नवेली दुल्हन को मायके तो दामाद को ससुराल में क्यों मनानी चाहिए पहली होली, कलह और सास-बहू से जुड़ी है वजह

why newly married women should celebrate first holi in mayke know reason behind relationship between saas bahu हर साल की तरह इस साल भी भारत में होली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाना है। लोग रंग-बिरंगे रंगों में सराबोर होने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रंगों की बोछार के बीच लोग गिले-शिकवे भी भूल जाते हैं। नई नवेली दुल्हन अपने मायके में जाकर होली मनाती हैं यहां तक कि दामाद को भी ससुराल में होली मनाने के लिए कहा जाता है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर दुल्हन की पहली होली मायके तो दामाद की ससुराल में क्यों होना चाहिए। और, नई नवेली दुल्हन की तरह क्या प्रेग्नेंट महिलाओं को भी मायके में मायके में होली मनानी चाहिए। इसकी वजह सास-बहू और पति-पत्नी की रिश्तों से जुड़ी हुई है। जिसके बारे में कंटेंट क्रिएटर सोनिया चौहान ने भी बताया है।(सभी फोटो सांकेतिक हैं) सबसे पहले जानें कारण पौराणिक कथा के अनुसार, होलिका एक दिव्य वस्‍त्र को ओढ़कर प्रह्लाद को जलाने के लिए आग में बैठी थी, लेकिन जब प्रह्लाद ने भगवान विष्णु के नाम का जाप किय तो, होलिका का अग्निरोधक वस्त्र प्रह्लाद के ऊपर आ गया और वह बच गए, जबकि होलिका भस्म हो गई। कहते हैं कि जिस दिन होलिका आग में बैठी का काम किया, अगले दिन उसका विवाह भी होना था।उनके होने वाली पति का नाम इलोजी बताया जाता है, इलोजी की मां जब बेटे की बारात लेकर होलिका के घर पहुंची तो उन्होंने उसकी चिता जलते दिखी। बेटे का बसने वाला संसार उजड़ता देख बेसुध हो गईं और प्राण त्याग दिए। बस तभी से प्रथा चला आ रही है कि नई बहू को ससुराल में पहली होली नहीं देखनी चाहिए। सास बहू के झगड़े से जुड़ा कारण होली और होलिका दहन के वक्त सास-बहू का साथ में रहना ठीक नहीं माना जाता है। नई दुल्हन के लिए कहा जाता है कि उसे अपनी पहली होली ससुराल के जगह मायके में मनाना चाहिए। जब सास -बहू अगर साथ में होलिका दहन देखती हैं तो घर में कलह की शुरुआत हो जाती है। सास-ससुर के साथ रिश्ते खराब होने लगते हैं, बिना बात के झगड़े भी होने लगते हैं। सास-बहू के रिश्तों में यदि तकरार हो तो उससे आने वाले समय में तनाव बढ़ जाता है।वहीं एक और धारणा है जो कहीं न कहीं सटीक रहती है कि शादी के तुरंत बाद दुल्हन ससुराल में कंफर्टेबल महसूस नहीं करती है, इसलिए मायके में होली मनाने का चलन है जिसे प्रथा का नाम दे दिया गया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 93

International Women’s Day 2025 : क्या है वुमन डे का इतिहास? जानें इसे जुड़ी खास बातें

international womens day 2025 history significance and this year theme know here हर साल 8 मार्च को international womens day 2025 मनाया जाता है. जिसे हमेशा अलग-अलग थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. आइए आर्टिकल में जानते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के शुरुआत कब और कैसे हुई, साथ ही इस साल की थाम के बारे में हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. आजकल महिलाएं घरेलू कामों के अलावा भी अलग-अलग क्षेत्रों में अपने कौशल का प्रदर्शन करती हैं. ऐसे में इस दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों को सम्मानित करने का अवसर होता है. इस दिन का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और समानता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है. ऑफिस, कॉलेज और कई जगहों पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को सेलिब्रेट किया जाता है. इसकी शुरुआत के पीछे की कहानी के बारे में बहुत कम लोगों को ही पता होगा. हर साल महिला दिवस को एक थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है. आइए जानते हैं इस आर्टिकल में इसका इतिहास और इस साल की थीम के बारे में. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास1908 में न्यूयॉर्क शहर में महिलाएं बेहतर कार्य स्थितियों, मतदान अधिकार और समान वेतन के लिए सड़कों पर परेड निकाली थी. 1910 में कोपेनहेगन में एक अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन आयोजित किया गया, जहां क्लारा जेटकिन ने महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा. पहला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 19 मार्च 1911 में ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और डेनमार्क में मनाया गया था. बाद में महिला दिवस की तारीख को बदलकर 8 मार्च कर दिया गया. तब से महिला दिवस पूरी दुनिया में 8 मार्च को ही मनाया जा रहा है. 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार आधिकारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दी थी. तब से हर साल इसे एक थीम का मनाया जाता है. पहले महिलाओं को समाज में एक सीमित दायरे में रखा जाता था, लेकिन समय के साथ उनकी स्थिति में सुधार हुआ है. आज महिलाएं न केवल घर के कार्यों को संभालती हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष से सफलता की मिसाल भी प्रस्तुत कर रही हैं. आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, लेकिन फिर भी महिलाओं को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. भेदभाव और घरेलू हिंसा जैसी की समस्याएं आज भी महिलाओं की जिंदगी का हिस्सा है. इस दिन का उद्देश्य इन समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाना और समानता की दिशा में कदम बढ़ाना है. क्या है इस साल की थीम?इस साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए: अधिकार, समानता. सशक्तिकरण.” है. इस थीम का मतलब सभी महिलाओं के लिए सम्मान, अधिकार, शक्ति और अवसरों से उनके भविष्य को बेहतर बनाना है. इस दिन को मनाने का मतलब सिर्फ ये नहीं है कि हम महिलाओं की सराहना करें, बल्कियह भी है कि हम उन्हें सशक्त बनाने के लिए काम करें. महिलाओं के लिएसम्मान,अवसर, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस इस दिशा में पॉजिटिव बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है. Read more : बजट सत्र से पहले कांग्रेस बना रही रणनीति, बेरोजगारी महंगाई जैसे मुद्दों पर घेरेंगे, 9 मार्च को बैठक Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 105

टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में: ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से सेमीफाइनल हराया

Team India in the final of Champions Trophy: Defeated Australia by 4 wickets in the semi-final विराट कोहली ने करियर की 74वीं फिफ्टी पूरी की है। टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच बने चेज मास्टर विराट कोहली, जिन्होंने 84 रन की बेहद अहम पारी खेली। दुबई के इंटरनेशनल स्टेडियम में मंगलवार को खेले गए सेमीफाइनल में कोहली ने रन चेज में 3 बड़ी साझेदारियां भी कीं। उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ 91, अक्षर पटेल के साथ 44 और केएल राहुल के साथ 47 रन जोड़े। इन्हीं पार्टनरशिप ने रन चेज को आसान बनाया। आखिर में हार्दिक पंड्या ने तेजी से 28 रन बनाए और केएल राहुल ने छक्का मारकर जीत दिलाई। वे 42 रन बनाकर नाबाद लौटे। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी की और 265 रन का टारगेट दिया। ऑस्ट्रेलिया से कप्तान स्टीव स्मिथ ने 73 और एलेक्स कैरी ने 61 रन बनाए। इंडियन बॉलर्स ने ऑस्ट्रेलिया को ऑलआउट कर दिया। मोहम्मद शमी ने 3, रवींद्र जडेजा और वरुण चक्रवर्ती ने 2-2 विकेट लिए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 134

चैंपियंस ट्रॉफी– भारत को 265 रन का टारगेट: सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया ऑलआउट; शमी को 3, जडेजा–वरुण को 2–2 विकेट; स्मिथ–कैरी की फिफ्टी

Champions Trophy 2025- India has a target of 265 runs दुबई । 38वें ओवर की तीसरी बॉल पर अक्षर ने ग्लेन मैक्सवेल को बोल्ड किया। 37वें ओवर की तीसरी बॉल में मोहम्मद शमी ने स्टीव स्मिथ (73 रन) को फुलटॉस पर बोल्ड किया।चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया टॉस जीतकर बल्लेबाजी कर रहा है। 49 ओवर के बाद टीम का स्कोर 10 विकेट के नुकसान पर 264 रन है।नाथन एलिस (10 रन) को शमी ने कोहली के हाथों कैच कराया। उन्होंने स्टीव स्मिथ (73 रन) और कूपर कोनोली (शून्य) के विकेट लिए। एलेक्स कैरी (60 रन) श्रेयस अय्यर के डायरेक्ट थ्रो पर रनआउट हुए। वरुण चक्रवर्ती ने बेन ड्वारशस (19 रन) और ट्रैविस हेड (39 रन) के विकेट लिए। अक्षर ने ग्लेन मैक्सवेल को बोल्ड किया। रवींद्र जडेजा ने जोश इंग्लिस (11 रन) और मार्नस लाबुशेन (29 रन) को पवेलियन भेजा। मैच दुबई के इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 95

चैंपियंस ट्रॉफी- पाकिस्तान ऑलआउट, भारत को 242 का टारगेट: इकलौती फिफ्टी सऊद की; कुलदीप को 3 और पंड्या को 2 विकेट

Champions Trophy 2025 – Pakistan all out, India’s target is 242: Saud’s only fifty; Kuldeep gets 3 and Pandya gets 2 wickets चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान ने भारत को 242 रन का टारगेट दिया है। सऊद शकील ने टीम की ओर से इकलौती फिफ्टी लगाई। उन्होंने 62 रन बनाए और कप्तान मोहम्मद रिजवान (46 रन ) के साथ 104 रन की साझेदारी की। ओपनर बाबर आजम (23 रन) और इमाम-उल-हक (10 रन) अच्छी शुरुआत नहीं दिला पाए। लोअर मिडिल ऑर्डर भी भारतीय स्पिनर्स के आगे फेल हो गया। टीम इंडिया की ओर से कुलदीप यादव ने 3 विकेट लिए। जबकि हार्दिक पंड्या को 2 विकेट मिले। रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल को 1-1 सफलता मिली। 2 बैटर रनआउट हुए। इस मुकाबले में पाकिस्तान के कप्तान रिजवान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा था कि टॉस से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, यह पिच बाद में धीमी हो सकती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 130

विश्लेषण: प्रयागराज महाकुम्भ 2025 मेले में हुई त्रासदी के बाद उठ रहे हैं कई सवाल

Analysis: Many questions are being raised after the tragedy at the Prayagraj Maha Kumbh 2025 fair (सम्पादकीय लेख) भोपाल। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थक चाहे जितनी कोशिश कर लें, कुम्भ मेले में हुई त्रासदी के पीछे उनके प्रशासन की लापरवाही और कुप्रबंधन को छिपाया नहीं जा सकता। जैसे-जैसे नए विवरण सामने आ रहे हैं, हादसे की भयावहता बढ़ती ही जा रही है। यह भी पता चला है कि 29 जनवरी की सुबह पहली भगदड़ के बाद, कुछ ही घंटों के भीतर थोड़ी दूरी पर दूसरी भगदड़ भी हुई थी। इसके अलावा कुम्भ में कुछ मर्तबा आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं, जिनमें सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से बनाए गए दर्जनों आलीशान टेंट जलकर राख हो गए। आधिकारिक तौर पर मृतकों की संख्या 30 बताई गई है। लेकिन मौनी अमावस्या के दिन स्नान के लिए जिस पैमाने पर भीड़ उमड़ी थी, उसके मद्देनजर यह संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। कपड़ों, जूतों, कम्बलों और अन्य निजी सामानों के अवशेष हर जगह बिखरे पड़े थे, जो इस बात के जीवंत साक्ष्य थे कि भीड़ में कुचलने के भय से श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने पर मजबूर हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी के कुछ ही घंटों के भीतर एक्स पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कर दी थीं, लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन बहुत समय तक यही दिखावा करता रहा कि कुछ हुआ ही नहीं है। इसके बाद मोदी ने यूपी सीएम से चार बार फोन पर बात की, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी एक्स पर पोस्ट किया, तब जाकर यूपी प्रशासन को अपनी चुप्पी तोड़ने और सच्चाई स्वीकारने के लिए मजबूर होना पड़ा। हादसे के पूरे 17 घंटे बाद, 29 जनवरी को शाम 7 बजे उन्होंने भगदड़ की जिम्मेदारी लेते हुए बयान जारी किया और ऐसी घटना दोबारा होने से रोकने के इंतजाम करने का वादा किया। उसके बाद से, यूपी सरकार ने भीड़ को सफलतापूर्वक प्रबंधित करने का प्रत्यक्ष अनुभव रखने वाले दो वरिष्ठ अधिकारियों को ड्यूटी पर लगाया है, अतिरिक्त बल तैनात किए हैं और वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए नए सिरे से यातायात योजना बनाई है, लेकिन नुकसान पहले ही हो चुका था। जोशीमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हादसे के बाद योगी के इस्तीफे की मांग की है और उन पर इस मामले में देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। अन्य प्रमुख संतों और साधुओं ने सार्वजनिक रूप से तो कुछ नहीं कहा, लेकिन माना जा रहा है कि कई लोग मन ही मन शंकराचार्य की भावनाओं को समर्थन करते हैं और वे इस बात से नाराज हैं कि मौनी अमावस्या का पवित्र दिन तीर्थयात्रियों के शवों से दागदार हो गया। शंकराचार्य ने कहा कि अगर उन्हें भगदड़ और उसके परिणामस्वरूप हुई मौतों के बारे में पता होता, तो वे मृतकों के लिए उपवास करते और आनुष्ठानिक रूप से तीर्थस्नान नहीं करते। यूपी के सीएम के रूप में आठ साल के अपने कार्यकाल में योगी ने खुद को हिंदुत्व के एक प्रखर चेहरे के रूप में स्थापित कर दिया है। इससे न केवल उन्हें संघ का समर्थन मिला जिसने लोकसभा चुनावों में यूपी में भाजपा की करारी हार के बावजूद हर परिस्थिति में उनका साथ दिया बल्कि उन्हें खुद को देश भर में एक लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिली। आज वे मोदी के बाद भाजपा के दूसरे सबसे लोकप्रिय प्रचारक हैं। लेकिन कुम्भ हादसे के बाद एक सक्षम प्रशासक के रूप में उनकी छवि को झटका लगा कुम्भ का निर्बाध आयोजन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की साख को मजबूत कर सकता था। किंतु प्रयागराज में हुए हादसे के बाद अब यूपी प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं। यह किसी से छुपा नहीं है कि यूपी की भाजपा में अंतर्कलह है। है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि वे कुम्भ शुरू होने से पहले और बाद में लगभग हर दूसरे दिन प्रयागराज का दौरा कर रहे थे, वे व्यक्तिगत रूप से वहां की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे थे और इस पर बारीकी से नजर रखे हुए थे कि कुम्भ के प्रबंधन के लिए जो प्रशासनिक मशीनरी उन्होंने लगाई थी, वह सुचारु रूप से काम कर रही है या नहीं। बीवीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था, उनकी गाड़ियों की अनियंत्रित आवाजाही और आम श्रद्धालुओं को नदी तक पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना, खाने-पीने की चीजों की ऊंची लागत आदि को लेकर भी अनेक श्रद्धालुओं में गुस्सा है। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम का निर्बाध आयोजन हिंदुत्व के प्रतीक और कुशल प्रशासक के रूप में योगी की साख को मजबूत करता, किंतु प्रयागराज में अफसरों की लापरवाही से हुए हादसे के बाद अब उनके नेतृत्व वाले प्रशासन से सवाल पूछे जा रहे हैं। यह किसी से छुपा नहीं है कि यूपी की भाजपा में अंतर्कलह है। 26 फरवरी को मेला समाप्त होने के बाद यूपी की राजनीति में बहुत कुछ देखने को मिल सकता है। [/more] Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 270

Budget 2025: ‘यह केवल गोली के घावों पर पट्टी लगाने जैसा…’, राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट पर कसा तंज

Rahul Gandhi took a jibe at the Union Budget लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2025-26 के केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस बजट को ‘गोली के घावों के लिए बैंडेज’ जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार विचारों के मामले खोखली है। कांग्रेस नेता ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक संकट को हल करने के लिए आमूलचूल बदलाव की आवश्यकता है। कांग्रेस ने भी की केंद्रीय बजट की आलोचनाइससे पहले कांग्रेस ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा था कि यह वास्तविक मजदूरी, समग्र उपभोग में उछाल की कमी, निजी निवेश की सुस्त दरों और जटिल जीएसटी प्रणाली जैसी ‘बीमारियों’ का उपचार नहीं करता है, जिससे अर्थव्यवस्था ‘पीड़ित’ है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार बिहार को बड़ी सौगात दे रही है, क्योंकि वहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी नीतीश कुमार की सरकार और इसी गठबंधन का अहम हिस्से आंध्र प्रदेश को नजरअंदाज किया जा रहा है। जनता को गुमराह करने का प्रयास: मल्लिकार्जुन खरगेकांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय बजट की आलोचना की और कहा कि यह मोदी सरकार का जनता को गुमराह करने का प्रयास है, जबकि यह प्रमुख आर्थिक समस्याओं को दूर करने में विफल रही है। उन्होंने सरकार पर बीते दशक में 54.18 लाख करोड़ रुपये का एकत्र करने के बाद मध्यम वर्ग को मामूली राहत देने का आरोप लगाया। खरगे ने कहा, वित्त मंत्री खुद दावा कर रही हैं कि 12 लाख रुपये तक की छूट से सालाना 80 हजार रुपये की बजत होगी, जो कि हर महीने केवल 6,666 रुपये है। इस बीच, पूरा देश महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। लेकिन मोदी सरकार झूठी तारीफ पाने में व्यस्त है। उन्होंने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। खरगे ने कहा, मोदी जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम उठाने का वादा किया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ। किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए कोई रोडमैप नहीं है। कृषि यंत्रों पर जीएसटी में कोई रियायत नहीं है और दलित, आदिवासी, पिछड़े, गरीब और अल्पसंख्यक बच्चों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा या छात्रवृत्ति की कोई योजना नहीं है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 231

भारत ने इंग्लैंड को 15 रन से चौथा टी-20 हराया: सीरीज में 3-1 की बढ़त, हार्दिक-दुबे की फिफ्टी

India beat England by 15 runs in the fourth T20: 3-1 lead in the series, Hardik-Dubey scored fifties हर्षित राणा कन्कशन सब्स्टीट्यूट बनकर बॉलिंग करने आए। उन्होंने 3 विकेट लिए। पुणे। भारत ने इंग्लैंड को चौथे टी-20 में 15 रन से हरा दिया। इसी के साथ टीम ने 5 मैचों की सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त भी ले ली। पुणे के MCA स्टेडियम में इंग्लैंड ने शुक्रवार को बॉलिंग चुनी। भारत ने 9 विकेट खोकर 181 रन बनाए। इंग्लिश टीम 166 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत के लिए शिवम दुबे के कन्कशन सब्स्टीट्यूट हर्षित राणा ने 3 विकेट लिए। रवि बिश्नोई को भी 3 विकेट मिले। वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल को 1-1 विकेट मिला। बैटिंग में हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे ने 53-53 रन की पारी खेली। आखिरी टी-20 मैच 2 फरवरी को मुंबई में खेला जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 159

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि: राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बापू को दी श्रद्धांजलि; राहुल-खरगे ने भी याद किया

Mahatma Gandhi’s death anniversary: ​​President Murmu paid tribute to Bapu; Rahul-Kharge also remembered महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथी पर गुरुवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज नेताओं ने बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुर्मू ने गांधी की समाधि राजघाट पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मनोहर लाल खट्टर समेत अन्य नेताओं ने भी गांधी को श्रद्धांजलि दी। साथ ही बापू की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया। राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलिकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने बापू की 77वीं पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर लिखा कि गांधी जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, वह भारत की आत्मा हैं, और हर भारतीय में आज भी जीवित हैं। उन्होंने आगे लिखा कि सत्य, अहिंसा और निडरता की शक्ति बड़े से बड़े साम्राज्य की जड़ें हिला सकती हैं – पूरा विश्व उनके इन आदर्शों से प्रेरणा लेता है। राष्ट्रपिता, महात्मा, हमारे बापू को उनके शहीद दिवस पर शत-शत नमन। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बापू को दी श्रद्धांजलिमहात्मा गांधी की पुण्यतिथी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बापू को याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आप मुझे बेड़ियों से जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, आप इस शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप मेरे विचारों को क़ैद नहीं कर सकते। महात्मा गांधी बलिदान दिवस पर बापू को विनम्र श्रद्धांजलि। कर्नाटक के डिप्टी सीएम ने भी बापू को किया यादबापू की पुण्यतिथि पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने पुष्पांजलि अर्पित कर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 155

Cabinet:16300 करोड़ रुपये के खनिज मिशन को मंजूरी दी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया एलान

Cabinet: Mineral mission worth Rs 16300 crore approved, Union Minister Ashwini Vaishnav announced केंद्रीय मंत्रीमंडल ने 16,300 करोड़ रुपये के खनिज मिशन को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को इसका एलान किया। इसके साथ ही कैबिनेट ने सी श्रेणी के भारी गुड़ से उत्पादित इथेनॉल की एक्स-मिल कीमत 56.28 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 57.97 रुपये प्रति लीटर करने को मंजूरी दे दी है। सरकार की ओर से निर्धारित इथेनॉल की कीमतें 2022-23 इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (नवंबर-अक्तूबर) के बाद से नहीं बढ़ाई गई हैं। गन्ने के रस, बी-हैवी गुड़ और सी-हैवी गुड़ से उत्पादित इथेनॉल की वर्तमान दरें क्रमशः 65.61 रुपये, 60.73 रुपये और 56.28 रुपये प्रति लीटर हैं। कैबिनेट के फैसले से पहले चीनी कंपनियों के शेयरों में दिखा एक्शनइस बीच, चीनी और इथेनॉल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी है। ईआईडी-पैरी, श्री रेणुका शुगर्स, बलरामपुर चीनी मिल्स और त्रिवेणी इंजीनियरिंग के शेयरों में दोपहर 1:10 बजे तक बीएसई सेंसेक्स पर 3.7%, 4.5%, 2.5% और 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 0.62% की बढ़त दिखी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 164

किसान आज देशभर में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे: भाजपा नेताओं के घर और मॉल के बाहर प्रदर्शन होंगे; डल्लेवाल की सेहत में सुधार हो रहा

Farmers will take out tractor march across the country today: Protests will be held outside the homes and malls of BJP leaders; Dallewal’s health is improving नई दिल्ली। फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत 13 मांगों को लेकर किसान आज हरियाणा-पंजाब समेत देशभर में ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक), किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा ने संयुक्त रूप से 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने का ऐलान किया था। ट्रैक्टर मार्च दोपहर 12 बजे से डेढ़ बजे तक भाजपा नेताओं के घर और मॉल के सामने निकाले जाएंगे। वहीं, खनौरी बॉर्डर पर अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के अनशन का आज 62वां दिन है। ग्लूकोज चढ़ाने और मेडिकल ट्रीटमेंट लेने के बाद उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 187

विपक्ष के 10 सांसद निलंबित, वक्फ बोर्ड संसदीय समिति की बैठक में हंगामे के बाद कार्रवाई

10 opposition MPs suspended, action taken after uproar in Waqf Board Parliamentary Committee meeting Waqf Board Parliamentary Panel: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ। इस घटनाक्रम के बाद शुक्रवार को 10 विपक्षी सांसदों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदों के नाम कल्याण बनर्जी, मोहम्मद जावेद, ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी, नासिर हुसैन, मोहिबुल्लाह, एम अब्दुल्ला, अरविंद सावंत, नदीमुल हक और इमरान मसूद शामिल हैं। बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल की आलोचना की और कहा कि उन्होंने विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया है। कल्याण बनर्जी ने जगदम्बिका पाल पर आरोप लगाया कि वे “जमींदारी” की तरह कार्यवाही चला रहे हैं, जिसका मतलब है कि वे तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। वहीं जेपीसी अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने कहा कि बैठक के दौरान विपक्ष के सांसद संसद की तरह हंगामा करने लगे। शोर मचाने के साथ ही अमर्यादित शब्दों का प्रयोग भी किया। इसके बाद सांसद निशिकांत दुबे प्रस्ताव लाए, इसके बाद सांसदों को निलंबित किया गया है। क्या बोले निशिकांत दुबे?जगदंबिका पाल ने आगे कहा कि बैठक के एजेंडे में कोई बदलाव नहीं हुआ। हमने 34 बैठकें कीं, 250 डेलिगेशन को बुलाया… किसी भी जेपीसी ने इतने लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं किया है। वहीं सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि विपक्ष, विशेष रूप से ओवेसी जी का मानना ​​था कि जम्मू-कश्मीर का पूरा प्रतिनिधित्व नहीं सुना गया और निर्वाचित प्रतिनिधियों को बुलाया जाना चाहिए था। आज की बैठक विपक्ष के सुझाव के आधार पर अध्यक्ष द्वारा स्थगित कर दी गई। मीरवाइज के सामने इन लोगों ने हंगामा किया, दुर्व्यवहार किया और संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ काम किया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 149

Baby Bottle Feeding Risks: छोटे बच्चों को पिलाते हैं बॉटल से दूध तो जान लें खतरे, हो सकती हैं ये बीमारियां

Baby Bottle Feeding Risks : छोटे बच्चों के लिए मां का दूध सबसे पौष्टिक माना जाता है. यह उनकी ओवरऑल हेल्थ की ग्रोथ में अहम रोल निभाता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बच्चा मां का दूध जितना ज्यादा करेगा, उसका विकास उतना ही ज्यादा होता है. इससे बीमारियों का खतरा भी कम होता है. हालांकि, आजकल बिजी लाइफस्टाइल की वजह से कई बार वर्किंग वुमन अपने बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग कीबजाय बॉटल का दूध पिलाती हैं, जो बच्चे की सेहत (Child Health) के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है. यह उन्हें कई तरह से प्रभावित कर सकती है और ग्रोथ में भी समस्याएं पैदा कर सकती है. इससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. कितने समय बाद बच्चे को दे सकते हैं बॉटल का दूध Baby Bottle Feeding Risks वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार, न्यूबॉर्न बच्चे को पहले 6 महीने तक सिर्फ मां का दूध (mother’s milk) ही पिलाना चाहिए. इससे बच्चों का डेवलपमेंट सही तरह होता है. उनकी बॉडी स्ट्रॉन्ग होती है और इम्यूनिटी बढ़ती है.अगर किसी वजह से मां को दूध कम बन रहा है या नहीं मिल पा रहा है यानी ब्रेस्ट फीडिंग पॉसिबल नहीं हो पा रहा है तो जन्म के दो या तीन हफ्ते बाद बॉटल का दूध दे सकते हैं. हालांकि, यह सिर्फ अस्थायी उपाय ही है, कम से कम छह महीने तक इससे बचने की ही कोशिश करनी चाहिए. बच्चे को बॉटल का दूध पिलाने के खतरे बच्चे जब मां का दूध पीते हैं तो उनकी इम्यूनिटी मजबूत होती है. जब बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग की बजाय बॉटल से दूध पिलाया जाता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है. जिससे वह बार-बार सर्दी-खांसी, बुखार जैसी समस्याओं की चपेट में आ सकता है. छोटे बच्चों को बॉटल का दूध पिलाने से उनमें मोटापा बढ़ सकता है. खासकर तब जब बच्चों को जानवरों या पाउडर वाले दूध ही पिलाए जाए. दरअसल, जानवरों के दूध में फैट ज्यादा होती है,जो बच्चे के वजन को काफी ज्यादा बढ़ा सकता है. बॉटल का दूध पीने से बच्चों की ग्रोथ धीमी हो सकती है. बॉटल दूध से बच्चों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक प्रवेश कर सकता है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास को स्लो कर सकता है. इससे उनकी ओवरऑल हेल्थ कमजोर हो सकती है. रबड़ के निप्पल वाले बॉटल से दूध पीने से बच्चों के फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. इससे लंग्स कमजोर हो सकते हैं. जिससे बच्चे को सांस की समस्याएं हो सकती हैं. कई मामलों में यह निमोनिया का खतरा भी बढ़ा सकता है. Read More: 1 फरवरी से शुरु हो रही ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’, जानें आवेदन की आखिरी तारीख, गाइडलाइन जारी Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. [/more] Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 228

डल्लेवाल की हालत नाजुक, रिपोर्ट्स आज आएंगी: किसान नेता सार्वजनिक करेंगे

Dallewal’s condition is critical, reports will come today: Farmer leaders will make it public  जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 26 नवंबर को खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन शुरू किया था। पंजाब-हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन का आज 47वां दिन है। गुरुवार को हुए उनकी टेस्ट की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। आज किसान नेता रिपोर्ट्स को जनता के सामने रखेंगे। इससे पहले, शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेता बलबीर सिंह राजेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, दर्शनपाल सिंह व अन्य खनौरी बॉर्डर पर पहुंचे और उन्होंने डल्लेवाल से मुलाकात की। किसान नेताओं ने 9 जनवरी को मोगा में हुई महापंचायत में पास प्रस्ताव को मोर्चे के नेताओं को सौंपा। किसान नेताओं ने इस आंदोलन को मजबूत करने के लिए सभी का सहयोग मांगा और केंद्र सरकार से MSP गारंटी कानून की मांग को जल्द पूरा करने का आह्वान किया। यूपी में प्रदर्शन से पहले किसान नेता नजरबंद संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को देशभर में गांव स्तर पर मोदी सरकार के पुतले जलाए गए। उत्तर प्रदेश में इस आंदोलन को रोकने के लिए बुलंदशहर और अलीगढ़ समेत कई जिलों में किसान नेताओं को नजरबंद कर दिया गया, जिससे किसानों में रोष बढ़ गया है। किसान नेताओं ने इसे लोकतंत्र का दमन बताया और चेतावनी दी कि अगर डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर कोई अनहोनी हुई, तो पूरे देश में किसानों का बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 184

World Hindi Day 2025 : वैश्विक पटल पर हिन्दी की बढ़ती प्रतिष्ठा

World Hindi Day 2025 हर साल 10 जनवरी को *विश्व हिन्दी दिवस* के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य हिन्दी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना और इसकी महत्ता को उजागर करना है। World Hindi Day 2025  की थीम **”हिन्दी: वैश्विक संवाद का सेतु“** है, जो हिन्दी को एक अंतरराष्ट्रीय संवाद की भाषा के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में एक और कदम है।   इतिहास और महत्व: World Hindi Day 2025  की शुरुआत 10 जनवरी 2006 में हुई थी। यह दिन 1975 में नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिन्दी सम्मेलन की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन, दुनिया भर में हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और इसके महत्व को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।   हिन्दी दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। 50 से अधिक देशों में इसे पढ़ाया जाता है और लगभग 60 करोड़ लोग इसे अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। संयुक्त राष्ट्र में हिन्दी को आधिकारिक भाषा बनाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।   2025 में हिन्दी की भूमिका: इस वर्ष विश्व हिन्दी दिवस पर तकनीक, शिक्षा, और सांस्कृतिक संवाद के क्षेत्र में हिन्दी की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डिजिटल युग में हिन्दी की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। सोशल मीडिया, ब्लॉगिंग, और कंटेंट क्रिएशन में हिन्दी की प्रमुखता ने इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।   वैश्विक मंच पर हिन्दी:   भारत सरकार और हिन्दी का प्रचार-प्रसार: भारत सरकार ने हिन्दी के प्रचार के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें *ई-हिन्दी पोर्टल*, *विश्व हिन्दी सम्मेलन*, और विदेशी विश्वविद्यालयों में हिन्दी के शिक्षण को बढ़ावा देना शामिल है।   Read More: ‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड विश्व हिन्दी दिवस के कार्यक्रम: 2025 में इस दिन को विशेष बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं:   1. हिन्दी साहित्य प्रतियोगिताएं   2. अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियां   3. कवि सम्मेलन   4. डिजिटल माध्यम से हिन्दी का प्रचार   विश्व हिन्दी दिवस हमें हमारी मातृभाषा की शक्ति और महत्ता का एहसास कराता है। यह केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, पहचान और विश्व से जुड़ने का माध्यम है। 2025 में, हमें हिन्दी को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। आइए, इस दिन संकल्प लें कि हिन्दी को हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे।   “हिन्दी है हमारी पहचान, इसे बनाएं विश्व की शान!” Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 314

डल्लेवाल की तबीयत नाजुक- बोलने में दिक्कत, डॉक्टर बोले- ब्लेड प्रेशर गिर रहा, स्थिर रखने पैरों को ऊंचाई पर रख रहे

Dallewal’s health is critical- he has trouble speaking, the doctor said- blood pressure is falling, he is keeping his legs elevated to keep them stable चंडीगढ़। हरियाणा-पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत नाजुक है। आज उनके अनशन का 45वां दिन है। डल्लेवाल का ब्लड प्रेशर (BP) लगातार गिर रहा है। ऐसे में अब वह किसी से मुलाकात नहीं करेंगे। बुधवार को डल्लेवाल का मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए डॉक्टरों ने कहा कि उनके पैरों को अगर शरीर के अन्य हिस्सों के बराबर करते हैं तो उनका ब्लड प्रेशर काफी कम हो जाता है। ब्लड प्रेशर थोड़ा स्थिर करने के लिए उनके पैरों को ऊंचाई पर रखना पड़ रहा है। उन्हें बोलने में भी दिक्कत हो रही है। बुधवार को पूरा दिन वो अपनी ट्रॉली में ही रहे। 8 जनवरी को डॉक्टरों की टीम ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के ब्लड का सैंपल लिया। सपा के सांसद डल्लेवाल से मिलने पहुंचे वहीं आंदोलन को समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है। पार्टी के उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से सांसद व नेशनल जनरल सेक्रेटरी हरेंद्र मलिक ने बुधवार को डल्लेवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने किसानों से पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव से फोन पर बात करवाई। अखिलेश ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि वह सभी राजनीतिक पार्टियों से बात करेंगे और प्रयास करेंगे कि सभी राजनीतिक पार्टियां आपसी मतभेद भुलाकर MSP गारंटी कानून के मुद्दे पर एकजुट हों, ताकि किसानों की आत्महत्याओं को रोका जा सके। किसान नेता बोले- कृषि मंत्री डल्लेवाल से बात क्यों नहीं करते किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि हमारे देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली के किसानों से मीटिंग करके कहते हैं कि हमारी योजनाओं का लाभ आपको नहीं मिल रहा है, इसलिए वो दुखी हैं, लेकिन दूसरी तरफ उन्हें 13 फरवरी 2024 से सड़कों पर बैठे किसान एवं आमरण अनशन कर रहे डल्लेवाल का संघर्ष नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि जनगणना 2016 के अनुसार दिल्ली में 21000 किसान थे, जिनकी संख्या पिछले 8 साल में घट चुकी है। डल्लेवाल की बिगड़ती हालत के मद्देनजर केंद्र सरकार को गंभीर होकर किसानों की समस्याओं का हल करना चाहिए। किसानों की आगे क्या रणनीति… 1. PM के पुतले जलाएंगे किसानों ने 10 जनवरी को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। इस दौरान प्रधानमंत्री का पुतला जलाया जाएगा। जबकि 13 जनवरी को लोहड़ी वाले दिन केंद्र सरकार की एग्रीकल्चर मार्केटिंग पॉलिसी के ड्राफ्ट की कॉपियां जलाई जाएंगी। 2. 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी की है। किसान नेताओं ने लोगों से आह्वान किया है वह ज्यादा संख्या में आंदोलन में शामिल हों। सुप्रीम कोर्ट बोल चुका- हालात बिगाड़ने की कोशिश हो रही  सुप्रीम कोर्ट में डल्लेवाल को लेकर 8 सुनवाई हो चुकीं हैं। पहली सुनवाई 13 दिसंबर को हुई थी। इसमें कोर्ट पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कह चुका है कि आपका रवैया ही सुलह करवाने का नहीं है। कुछ तथाकथित किसान नेता गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। जानबूझकर हालात बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को डल्लेवाल को अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए मोहलत भी दी थी। इस मामले में अब अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 240

ISRO New Chairman: कौन हैं वी नारायणन, जो बनेंगे ISRO के नए चीफ, एस सोमनाथ की लेंगे जगह

ISRO New Chairman: Who is V Narayanan, who will become the new chief of ISRO, will replace S Somnath V Narayanan: भारत सरकार ने घोषणा की है कि वी नारायणन ISRO के नए अध्यक्ष के रूप में एस सोमनाथ की जगह लेंगे. वह 14 जनवरी से ISRO के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे नई दिल्ली । Indian Space Program: भारत सरकार ने मंगलवार (7 जनवरी) को घोषणा की कि वी नारायणन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के नए अध्यक्ष के रूप में एस सोमनाथ की जगह लेंगे. वी नारायणन 14 जनवरी से ISRO के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे और साथ ही वह अंतरिक्ष विभाग के सचिव का पद भी संभालेंगे. नियुक्ति समिति के आदेश के अनुसार वी नारायणन अगले दो सालों तक या आगामी आदेश तक इन दोनों महत्वपूर्ण पदों पर काम करेंगे. इस घोषणा के साथ ही ISRO के इतिहास में एक और अहम बदलाव आया है जो भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य को नई दिशा देने में सहायक साबित हो सकता है. वी नारायणन की नियुक्ति एक अहम कदम है क्योंकि उनका अनुभव और योगदान भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय रहा है. वह एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं और उनके नेतृत्व में ISRO और भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है. कौन हैं वी नारायणन? वी नारायणन एक जाने माने सम्मानित वैज्ञानिक हैं जिनके पास रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट प्रपल्शन के क्षेत्र में लगभग चार दशकों का अनुभव है. उन्होंने 1984 में भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO से जुड़कर कई अहम भूमिकाओं में काम किया है. आजकल वह लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (LPSC) के निदेशक के तौर पर कार्यरत हैं जो ISRO का एक प्रमुख केंद्र है. उनकी वैज्ञानिक यात्रा की शुरुआत विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) से हुई जहां उन्होंने Augmented Satellite Launch Vehicle (ASLV) और Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV) के विकास में अहम योगदान दिया. इसके अलावा उन्होंने कई प्रमुख प्रणालियों जैसे Ablative नोजल सिस्टम, कॉम्पोजिट मोटर केस और कॉम्पोजिट इग्निटर केस के निर्माण और परीक्षण में भी अहम भूमिका निभाई. वी नारायणन ने ISRO के अंतरिक्ष मिशनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है जिससे भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी राष्ट्र बनने में मदद मिली है. वी नारायणन के योगदान और उपलब्धियां वी नारायणन का योगदान ISRO के तकनीकी विकास और अंतरिक्ष मिशनों में अहम रहा है. उनके किए गए कार्यों ने भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा दी है.  1984 में ISRO से जुड़ना: वी नारायणन ने 1984 में ISRO को जॉइन किया था और इसके बाद उन्होंने संस्थान के विकास में एक मजबूत नींव रखी. रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट प्रोपल्शन में विशेषज्ञता: उन्होंने रॉकेट प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी और स्पेसक्राफ्ट प्रोपल्शन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल की और कई अहम प्रोजेक्ट्स पर काम किया. LPSC के निदेशक के रूप में काम: वह वर्तमान में लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (LPSC) के निदेशक हैं जहां उन्होंने कई एडवांस्ड सिस्टम्स का विकास किया है.  उन्होंने Ablative नोजल सिस्टम, कॉम्पोजिट मोटर केस और कॉम्पोजिट इग्निटर केस के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो ISRO के सफल मिशनों का हिस्सा बने. स्पैडेक (Space Docking Technology) का प्रक्षेपण: हाल ही में उन्होंने स्पैडेक एक स्वदेशी अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीकी प्रणाली का सफल प्रक्षेपण किया जो भारत के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है. चंद्रयान 4 और गगनयान के लिए महत्वपूर्ण तकनीक ISRO ने हाल ही में अपनी प्रमुख उपलब्धियों में से एक को हासिल किया है जिसमें स्पैडेक (Space Docking Technology) का सफल प्रक्षेपण शामिल है. ये तकनीक भारत को उन देशों के साथ खड़ा करती है जिनके पास अंतरिक्ष में डॉकिंग करने की तकनीकी क्षमता है जैसे कि अमेरिका, रूस और चीन. इस तकनीक के सफल परीक्षण ने भारत को अंतरिक्ष में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद की है. ये तकनीक आगामी मिशनों जैसे चंद्रयान 4 और गगनयान के लिए अहम साबित होगी. इसके अलावा ISRO के नए अध्यक्ष के रूप में वी नारायणन की नियुक्ति के बाद भारतीय अंतरिक्ष मिशनों की गति और उन्नति की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं. उनके नेतृत्व में ISRO को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा क्योंकि उनका अनुभव और दिशा-निर्देशन भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर और भी प्रासंगिक बना सकता है Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 456

‘जूते मारे जाने चाहिए’, प्रियंका गांधी पर रमेश बिधूड़ी के बयान पर भड़के चंद्रशेखर आजाद

‘Shoes should be hit’, Chandrashekhar Azad furious at Ramesh Bidhuri’s statement on Priyanka Gandhi Ramesh Bidhuri Remark: रमेश बिधूड़ी का विवादित बयानों से पहले भी रिश्ता रहा है. साल 2023 के सितंबर में रमेश बिधूड़ी ने संसद में बसपा सांसद दानिश अली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने दिल्ली चुनाव से पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है. भाजपा नेता के इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है. इसके बाद अब आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी उनके बयान की कड़ी निंदा की है. सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “यह बहुत घटिया और ओछी टिपण्णी है जिस सांसद ने यह टिप्पणी दी है पहले भी उन्होंने ऐसी बात की है. यह राजनीति का गिरता हुआ स्तर है. राजनीति में ऐसी बयानबाजी की कोई जगह नहीं है. ऐसी टिप्पणी से महिलाएं उनसे खुश नहीं हुई हैं ,ऐसी टिपण्णी करने पर उनको जूते मारे जाने चाहिए. भाजपा को ऐसी टिप्पणी के लिए उनसे जवाब पूछना चाहिए.” क्या है मामला? दिल्ली की कालकाजी विधानसभा सीट से बीजेपी की प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी का एक वीडियो सामने आया जिसमें वह कहते हैं, “लालू ने वादा किया था बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों जैसा बना दूंगा, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, जैसे ओखला और संगम विहार की सड़कें बना दी हैं. वैसे ही कालकाजी में सारी की सारी सड़कें प्रियंका गांधी के गाल जैसी बना दूंगा.” कांग्रेस पार्टी की ओर से इस टिप्पणी पर भारी ऐतराज जाहिर किया गया है. कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने रमेश बिधूड़ी की कड़ी आलोचना करते हुए उनके बयान को “शर्मनाक” बताया और भाजपा पर “महिला विरोधी” मानसिकता रखने का आरोप लगाया. सुप्रिया श्रीनेत ने एक बयान में कहा, “प्रियंका गांधी के बारे में रमेश बिधूड़ी का बयान न केवल शर्मनाक है, बल्कि महिलाओं के प्रति उनकी घृणित मानसिकता को भी दर्शाता है. लेकिन एक ऐसे व्यक्ति से और क्या उम्मीद की जा सकती है जिसने सदन में अपने साथी सांसद के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उसे कोई सजा नहीं मिली? यह भाजपा का असली चेहरा है.” Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 321

10 जनवरी को पूरे भारत में केंद्र सरकार का फूकेंगे पुतला… खन्नौरी बॉर्डर पर किसानों की महापंचायत में ऐलान

खन्नौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने आज हुई महापंचायत में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज करने का फैसला किया. किसानों ने ऐलान किया है कि वो 10 जनवरी को देशभर में केंद्र सरकार का पुतला फूकेंगे. इसके अलावा किसानों से आंदोलन में शामिल होने की भी अपील की गई है. पंजाब के खन्नौरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की शनिवार को महापंचायत हुई. इसमें संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने 10 जनवरी को पूरे भारत में केंद्र सरकार का पुतला फूंकने का फैसला किया है. महापंचायत को आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने संबोधित भी किया. डल्लेवाल ने कहा कि आज आब सब दूर-दूर से चलकर आए हैं. मैं आप सभी से मिलना चाहता था. डल्लेवाल ने कहा कि ये लड़ाई मेरी नहीं है. ये सब ऊपर वाले की मर्जी से हो रहा है. ये शरीर ऊपर वाले ने दिया है. जैसा भगवान करवाना चाहते हैं वैसे ही अब हो रहा है. मुझे पुलिस उठाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन रात को हरियाणा-पंजाब से सैकड़ों नौजवान खन्नौरी बॉर्डर पर पहुंच गए. मुझे विश्वास है कि हम लड़ाई जीतेंगे. उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि ये कठिन काम है, लेकिन किसी काम को कठिन देखकर हम आराम से नहीं बैठ सकते हैं. हमारे किसान परिवारों के 4 लाख किसानों ने सुसाइड किया है. ये हम नहीं कह रहे बल्कि सुप्रीम कोर्ट की कमेटी की रिपोर्ट है, लेकिन असलियत में 7 लाख किसान सुसाइड कर चुके हैं. हम किसान नेता हैं, हम लोगों ने ऐसा कुछ नहीं किया सुसाइड रुक सकें. किसान नेता ने सुप्रीम कोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि डल्लेवाल की लाइफ काफी महत्वपूर्ण, लेकिन जिन 7 लाख किसानों ने सुसाइड किया है वो भी हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण थे.उन 7 लाख किसानों के बच्चे के लिए हमें शहादत दे देनी चाहिए. जब हम दिल्ली से आंदोलन खत्म करके वापस आए थे तो दूसरे राज्यों के लोगों ने हमें उलाहना दिया कि पंजाब के संगठन वापस जा रहे हैं. डल्लेवाल ने आगे कहा कि अब मैं दूसरे राज्यों के किसानों से कहता हूं कि अपने राज्यों में आंदोलन तेज कर दीजिए. एमएसपी सबको चाहिए. आप सब अपने-अपने गांवों से एक-एक ट्राली खन्नौरी बॉर्डर पर जरूर भेजें ताकि पुलिस आंदोलन को खत्म ना कर सके. हालांकि, महापंचायत को संबोधित करते हुए बीच में डल्लेवाल की तबीयत भी बिगड़ गई जिसके बाद भाषण को जल्दी खत्म करा दिया गया. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 204

IIT मद्रास के छात्रों से मिले rahul gandhi, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के…

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’ राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’ उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’ Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 204

Jammu Kashmir Army Vehicle Accident: बांदीपोरा में सेना का ट्रक खाई में गिरा… चार जवानों की मौत, दो घायल

जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में बड़ा हादसा हुआ है। सेना का एक वाहन खाई में गिर गया। हादसे में चार सैनिकों की मौत हो गई। जबकि दो अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर राहत एवं बचाव कार्य चल रहा है। जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में शनिवार दोपहर यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि फिसलन के कारण सेना का एक ट्रक पहाड़ी से नीचे खाई में गिर गया। इस हादसे में चार जवानों की मौत हो गई। जबकि दो घायल हो गए। इनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। यह दुर्घटना बंदीपोरा के सदरकूट पाईन इलाके में हुई जहां सेना का ट्रक फिसलन के कारण खाई में जा गिरा। हादसे के बाद स्थानीय पुलिस और सेना के अन्य जवान राहत कार्य में जुट गए। इस घटना के कारणों की जांच की जा रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 184

महाभारत से सीखें लाइफ मैनेजमेंट टिप्स: नए साल में 5 बातें अपनाएंगे तो मुश्किल कामों में भी मिल सकती है सफलता

नया साल 2025 शुरू हो गया है। पिछले साल मिली असफलताओं और अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ेंगे तो इस बार सफलता जरूर मिल सकती है। महाभारत के किस्सों से समझें लाइफ मैनेजमेंट की 5 टिप्स, जिन्हें फॉलो करने से आपकी प्रॉब्लम्स दूर हो जाएंगी और मुश्किल काम में भी सफलता मिलने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी… Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 323

दिल्ली सीएम आतिशी का शिवराज को जवाब , यह वैसे ही जैसे दाऊद इब्राहिम अहिंसा पर प्रवचन दे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखकर किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र की किसान-कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में विफल रही है, जिससे दिल्ली के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखा है. उन्होंने दिल्ली में किसानों की स्थिति पर चिंता जताई है. शिवराज ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार किसानों के प्रति बेहद उदासीन है. किसानों के लिए आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार में कोई संवेदना नहीं. शिवराज सिंह की चिट्ठी पर सीएम आतिशी का जवाब आया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का किसानों के बारे में बात करना वैसे ही है जैसे दाऊद अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो. जितना बुरा हाल किसानों का बीजेपी के समय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ. आतिशी ने कहा कि पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं, मोदी जी से कहिए उनसे बात करें. किसानों से राजनीति करना बंद करिए. बीजेपी राज में किसानों पर गोलियां, लाठियां चलाई गईं. शिवराज ने क्या कहा था?चिट्ठी में शिवराज ने लिखा, दिल्ली में केजरीवाल और आतिशी ने कभी किसानों के हित में उचित निर्णय नहीं लिए. केजरीवाल ने हमेशा चुनावों से पहले बड़ी बड़ी घोषणाएं कर राजनैतिक लाभ लिया है. केजरीवाल ने सरकार में आते ही जनहितैषी निर्णयों को लेने के स्थान पर अपना रोना रोया है. उन्होंने आगे लिखा, 10 वर्षो से दिल्ली में आप की सरकार है, लेकिन पूर्व सीएम केजरीवाल ने हमेशा किसानों के साथ केवल धोखा किया है. केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में लागू नहीं किया. दिल्ली के किसान केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं. ‘किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया’केंद्रीय मंत्री चिट्ठी में आगे लिखते हैं, दिल्ली में आप सरकार का किसानों के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया है. एकीकृत बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, बीज ग्राम कार्यक्रम सहित अनेक योजनाओं का लाभ किसान नहीं ले पा रहे हैं. दिल्ली में केंद्र की कृषि योजनाएं लागू नहीं होने से किसान भाई-बहन नर्सरी और टिशू कल्चर की स्थापना, रोपण सामग्री की आपूर्ति, फसल उपरांत प्रबंधन के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण, नए बाग़, पाली हाउस एवं कोल्ड चैन की सब्सिडी सहित अनेक योजनाओं के लाभ नहीं ले पा रहे हैं. उन्होंने लिखा, कृषि विकास योजना को लागू नहीं होने से कृषि मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य, फसल अवशेष प्रबंधन, परंपरागत कृषि विकास योजना, कृषि वानिकी और फसल डायवर्सिफिकेशन के लिए सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ दिल्ली के किसान नहीं ले पा रहे हैं. बीज ग्राम कार्यक्रम के दिल्ली में क्रियान्वयन नहीं होने से बीजों के वितरण, बीज परीक्षण, प्रयोगशालाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, बीज प्रमाणीकरण एजेंसियों की सहायता, बीजों की पारंपरिक किस्म के लिए सहायता और बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सब्सिडी जैसे लाभ नहीं मिल पा रहे हैं. ‘किसानों की आजीविका पर संकट’शिवराज सिंह चौहान ने आगे लिखा, दिल्ली में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर सहित किसान उपकरण का पंजीकरण कमर्शियल व्हीकल श्रेणी में किया जा रहा है, जिससे किसानों को अधिक दाम देना पड़ रहा है. आप की सरकार फ्री बिजली की बात करती है, लेकिन दिल्ली में किसानों के लिए बिजली की उच्च दरें निर्धारित कर रखी है. यमुना से लगे गांवों में सिंचाई उपकरणों के बिक़ली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है. कृषि मंत्री ने पत्र में लिखा, राजनैतिक प्रतिस्पर्धा किसान कल्याण में बाधा नहीं बननी चाहिए, किसान कल्याण सभी सरकारों का कर्तव्य हैं. दलगत राजनीति से उठकर आप की सरकार को किसानों के हित में निर्णय लेने चाहिए. आम आदमी पार्टी की सरकार को केंद्र की योजनाओं को लागू कर दिल्ली के किसानों को राहत प्रदान करनी चाहिए. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 400

,,,, में नहीं रहेगी केंद्र में मोदी सरकार… संजय राउत के बयान से मची खलबली

,,,, Modi government will not remain at the center… Sanjay Raut’s statement created panic उद्धव शिवसेना सांसद संजय राउत ने मोदी सरकार को लेकर बड़ा दावा किया है, उन्होंने कहा कि मेरे मन में संदेह है कि साल 2026 के बाद केंद्र सरकार बचेगी या नहीं. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे. केंद्र सरकार अस्थिर हो गई, तो इसका असर महाराष्ट्र पर भी पड़ेगा. राज्यसभा सांसद और उद्धव शिवसेना के नेता संजय राउत अपने बयानों को लेकर खासे चर्चा में रहते हैं, आज यानी कि गुरुवार को उन्होंने एक बयान में दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार 2026 में नहीं बचेगी. संजय राउत ने कहा कि मुझे संदेह है कि केंद्र सरकार 2026 के बाद बचेगी या नहीं, मुझे लगता है कि मोदी अपना कार्यकाल पूरा नहीं करेंगे. और केंद्र सरकार अस्थिर हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इसका असर महाराष्ट्र पर भी पड़ेगा. महाराष्ट्र में कैसे पड़ेगा असर? महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटों पर जीत दर्ज की है, तो वहीं शिवसेना ने 57 एनसीपी ने 41 पर जीत दर्ज की है. इन तीनों दलों ने मिलकरमहाराष्ट्र में सरकार बनाई है. संजय राउत का दावा अगर सही साबित होता है तो महाराष्ट्र में भी बीजेपी मुश्किल में पड़ सकती है. यही कारण है कि राउत ने दावा किया कि केंद्र के अस्थिर होने के बाद महाराष्ट्र पर भी असर पड़ेगा. सियासी बयानबाजी के बीच राउत का दावा बिहार में भी आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने कहा कि नीतीश के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं, नीतीश को भी खोलकर रखना चाहिए. लालू ने कहा कि नीतीश कुमार साथ में आएं, मिलकर काम करें. नीतीश कुमार ही हमेशा भाग जाते हैं, हम माफ कर देंगे. लालू के इस बयान के पहले भी नीतीश को लेकर कई तरह के बयान सामने आए हैं. इन बयानों के बाद ऐसा कहा जा रहा है कि राजनीतिक गलियारों में कुछ तो पक रहा है. जिसके कारण ये बयान सामने आ रहे हैं. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 193

3 जनवरी से कांग्रेस शुरू करेगी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान, इस वजह से टला था कार्यक्रम

कांग्रेस शुक्रवार को पूर्व निर्धारित ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ अभियान का शुभारंभ करेगी। यह अभियान राज्यों, जिलों और ब्लॉक से शुरू होगा और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन मध्य प्रदेश के महू (वर्तमान में डॉ. आंबेडकर नगर) शहर में एक बड़ी जनसभा के साथ समाप्त होगा। इस अभियान की शुरुआत पहले 27 दिसंबर को होनी थी। लेकिन 26 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के कारण इसे टाल दिया गया था। मनमोहन सिंह के निधन पर सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई थी। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में फैसला लिया गया था कि मनमोहन सिंह को सम्मान देने के लिए इस अभियान को एक हफ्ते के लिए स्थगित किया गया था। उन्होंने कहा, यह भरोसा करना मुश्किल है कि वह (मनमोहन सिंह) अब हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन अब तीन जनवरी से यह अभियान फिर से शुरू किया जाएगा। इस अभियान का समापन डॉ. आंबेडकर की जन्मभूमि महू में 26 जनवरी को एक जनसभा के साथ होगा। 26 जनवरी को भारतीय संविधान को लागू हुए 75 साल भी पूरे हो रहे हैं। सीडब्ल्यूसी ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि कांग्रेस संविधान की सुरक्षा और भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सिद्धांतों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अभियान के तहत 27 दिसंबर को बेलगावी में एक रैली का आयोजन किया जाना था, लेकिन शोक के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस के मुताबिक, 26 जनवरी 2025 से लेकर 26 जनवरी 2026 तक एक राष्ट्रीय पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसे संविधान बचाओ राष्ट्रीय पदयात्रा नाम दिया जाएगा। इस यात्रा में कांग्रेस के सभी नेता शामिल होंगे और यह यात्रा गांव-गांव और शहर-शहर जाएगी। इसके अलावा, कांग्रेस ने कहा कि अप्रैल 2025 के पहले हफ्ते में गुजरात में एआईसीसी की एक बैठक आयोजित की जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 376

कैसे हैं आपके प्रदेश के मुख्यमंत्री; किस पर कितने हैं केस दर्ज, कितनी है संपत्ति

भारत के राजनीति में मुख्यमंत्री की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। वे न केवल राज्य के सबसे प्रभावशाली नेता होते हैं, बल्कि उनके खिलाफ चल रहे मामलों और उनकी संपत्ति भी चर्चा का विषय बनते हैं। how chief minister of your state हाल ही में लोकतांत्रिक सुधार संघ (ADR) और राष्ट्रीय चुनाव निगरानी (NEW) ने देशभर के 31 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों और उनकी संपत्ति का विश्लेषण किया है। इस रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कई मुख्यमंत्री गंभीर आपराधिक मामलों में घिरे हुए हैं, जबकि कुछ अपनी संपत्ति के मामले में काफी संपन्न हैं। भारत में 31 मुख्यमंत्रियों में से 13 (42%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 10 (32%) मुख्यमंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले हैं। यह आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भारतीय राजनीति में कई मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले हैं, फिर भी वे सत्ता में बने रहते हैं। Read more: देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री में डॉ मोहन यादव ,,,,,, वें स्थान पर ,ताजा रिपोर्ट से मचा हड़कंप भारत के 31 मुख्यमंत्रियों की औसत संपत्ति 52.59 करोड़ रुपये है। कुछ मुख्यमंत्री अरबों की संपत्ति के मालिक भी हैं। चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश): उनकी संपत्ति 931.83 करोड़ रुपये है।-पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश): उनकी संपत्ति 332 करोड़ रुपये से अधिक है।सिद्धारमैया (कर्नाटका): उनकी संपत्ति 51 करोड़ रुपये से अधिक है। क्या मुख्यमंत्री की संपत्ति आम नागरिक से कहीं अधिक होती है?मुख्यमंत्री की संपत्ति और आय आम नागरिक की तुलना में काफी अधिक होती है। उदाहरण के लिए, भारत में औसत राष्ट्रीय आय लगभग 1.85 लाख रुपये सालाना है, जबकि मुख्यमंत्री की औसत आय 13.64 लाख रुपये सालाना होती है, यानी उनकी आय लगभग सात गुना अधिक होती है। कुछ मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिनके पास बड़ी संपत्ति के साथ-साथ कर्ज भी है। उदाहरण के लिए: भारत में महिला मुख्यमंत्री की संख्या बहुत कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मुख्यमंत्रियों में से सिर्फ 2 महिला मुख्यमंत्री हैं, जो केवल 6% हैं। यह आंकड़ा भारतीय राजनीति में महिला नेतृत्व की कमी को दर्शाता है। भारत के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले दर्शाते हैं कि राजनीति में बहुत सी जटिलताएँ होती हैं। हालांकि कुछ मुख्यमंत्री अपनी संपत्ति और पारदर्शिता के मामले में काफी अग्रणी हैं, वहीं कई ऐसे भी हैं जिनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं। [/more] Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 219

प्रयागराज महाकुंभ 2025: आध्यात्मिकता और संस्कृति का संगम

Prayagraj Mahakumbh 2025 : Confluence of spirituality and culture Prayagraj Mahakumbh 2025 culture , भारतीय संस्कृति और धर्म का सबसे बड़ा उत्सव, 2025 में आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता और भारतीयता के अद्भुत दर्शन का प्रतीक भी है। महाकुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर स्नान करने आते हैं। महाकुंभ का महत्व महाकुंभ का आयोजन हर 12 वर्षों में प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में होता है। यह पर्व पवित्र नदियों के संगम पर होता है, जो मोक्ष प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। पुराणों के अनुसार, अमृत मंथन की कथा से जुड़े इस आयोजन में स्नान, दान और तप का विशेष महत्व है। मुख्य तिथियां महाकुंभ 2025 के स्नान पर्व निम्नलिखित होंगे:मकर संक्रांति (14 जनवरी)पौष पूर्णिमा (25 जनवरी)मौनी अमावस्या (10 फरवरी)बसंत पंचमी (15 फरवरी)माघी पूर्णिमा (24 फरवरी)महाशिवरात्रि (8 मार्च) विभिन्न राज्यों से प्रयागराज आने का मार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत से: पश्चिम भारत से: दक्षिण भारत से: पूर्व और पूर्वोत्तर भारत से: यात्रा और सुविधाएंविशेष ट्रेन और बस सेवाएं: IRCTC और राज्य परिवहन विभाग विशेष कुंभ ट्रेन और बसें चलाएंगे।स्मार्ट कार्ड: कुंभ मेला क्षेत्र में डिजिटल पेमेंट और यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड उपलब्ध रहेगा।स्वास्थ्य और सुरक्षा: मेले में अस्थाई अस्पताल, एंबुलेंस और सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। समापनप्रयागराज महाकुंभ 2025 एक ऐसा अवसर है जो न केवल आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धर्म और एकता की झलक भी प्रस्तुत करता है। देश के किसी भी कोने से आसानी से यहां पहुंचा जा सकता है। श्रद्धालु इस अवसर का लाभ उठाकर आत्मिक शांति और पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं। Read More: https://mysecretnews.com/new-year-celebration-in-bhedaghatspectacular-amidst-marble-valleys-and-sparkling-waterfalls/ Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 156

देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री में डॉ मोहन यादव ,,,,,, वें स्थान पर ,ताजा रिपोर्ट से मचा हड़कंप

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव(Dr Mohan Yadav) देश के पांचवें सबसे अमीर सीएम है। विधानसभा चुनाव 2023 के समय डॉ. मोहन यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपए की कुल संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं, जबकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (15 लाख रुपए) के पास सबसे कम संपत्ति है। वहीं देश के 31 मुख्यमंत्रियों(Richest Chief Ministers) की कुल संपत्ति 1630 करोड़ रुपए है। 2023-24 में भारत की प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय लगभग, 85, 854 थी, जबकि एक मुख्यमंत्री की औसत आमदनी 13, 64, 310 रुपए है, जो औसत प्रति व्यक्ति आय का लगभग 7.3 गुना है। चल संपत्ति: विस चुनाव 23 के समय डॉ. मोहन(CM Mohan Yadav) यादव के पास 1.41 लाख व पत्नी सीमा के पास 3.38 लाख नकद थे। डॉ. यादव के पास 5.66 करोड़, पत्नी के पास 3.23 करोड़, परिवार के पास 59.66 लाख और बेटा अभिमन्यु के पास 42.96 लाख की चल संपत्ति थी।अचल संपत्ति का विवरण: डॉ. मोहन यादव के पास चुनाव के पहले 13.36 करोड़ और पत्नी सीमा पास 18.75 करोड़ की अचल संपत्ति थीं।चुनाव के पहले मोहन यादव पर 5.75 करोड़, पत्नी सीमा पर 1.86 करोड़, परिवार पर 4 लाख रुपए की देनदारियां थीं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 263

सेहत के लिए खतरा! क्या पैकेट बंद खाना वाकई सेहतमंद है? नई रिसर्च ने उठाए सवाल

भारत में लोगों के खाने-पीने का तरीका बदल रहा है और यह बदलाव सेहत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है. ICMR ने बताया कि देश में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. भारतीयों की पसंद और नापसंद बदल रही है, खासकर तब जब बात खाने की होती है. पहले के समय में लोग ज्यादातर कच्ची सब्जियां, फल और साबुत अनाज खाते थे, लेकिन आजकल पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का चलन बढ़ गया है.कुछ डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने मिलकर भारत में बिकने वाले पैकेट बंद फूड की जांच की है. यह जानने के लिए कि ये फूड सेहत के लिए कितने अच्छे या बुरे हैं. उन्होंने यह भी देखा कि पैकेट पर जो कुछ लिखा है, वह सही है या नहीं. यह रिसर्च Plos One नाम की एक मशहूर मैगजीन में छपी है. इस रिसर्च को करने वालों में ये लोग शामिल थे: चेन्नई के मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन के डॉक्टर, भारत के मेडिकल रिसर्च काउंसिल के विशेषज्ञ और इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के प्रोफेसर. पैकेट बंद फूड के लेबल पर लिखी पोषण जानकारी हमें उस फूड में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में बताती है. यह जानकारी ग्राहकों के लिए बहुत जरूरी होती है क्योंकि इससे वे यह तय कर सकते हैं कि वह फूड उनकी सेहत के लिए कितना अच्छा या बुरा है.इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने भारतीय बाजार में उपलब्ध 432 पैकेट बंद फूड के लेबल की जांच की. इनमें इडली मिक्स, ब्रेकफास्ट सीरियल, दलिया मिक्स, बेवरेज मिक्स और फूले हुए स्नैक्स जैसे पैकेज्ड फूड शामिल थे.रिसर्च में पाया गया कि 80% पैकेट बंद फूड में लेबल पर लिखी जानकारी सही थी. यानी जो पोषक तत्व लेबल पर लिखे थे, वे प्रोडक्ट में मौजूद थे. ज्यादातर पैकेज्ड फूड में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. दरअसल, हमारे शरीर को एनर्जी के लिए कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है, लेकिन अगर हम जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो यह हमारी सेहत के लिए अच्छा नहीं है. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट से मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारी हो सकती है. फूले हुए स्नैक्स में वसा की मात्रा ज्यादा मिली. वसा भी एनर्जी देता है, लेकिन ज्यादा वसा से कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. जब हम खाना खाते हैं तो वह ग्लूकोज में बदल जाता है. यह ग्लूकोज हमारे खून में मिल जाता है. इंसुलिन ग्लूकोज को हमारे शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाता है, जहां इसका इस्तेमाल ऊर्जा बनाने के लिए किया जाता है.ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने से हमारे अग्न्याशय को ज्यादा इंसुलिन बनाना पड़ता है. अगर यह ज्यादा समय तक चलता रहे, तो अग्न्याशय कमजोर हो सकता है और टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है. पैकेट बंद फूड की जांच करने के लिए विशेषज्ञों ने एक खास तरीका अपनाया. उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के हिसाब से पैकेज के आगे और पीछे लिखी पोषण जानकारी की जांच की. इस अध्ययन में सिर्फ प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े पोषण संबंधी दावों का मूल्यांकन किया गया. विशेषज्ञों ने पैकेट बंद फूड में मौजूद प्रोटीन, फाइबर, वसा, चीनी और कोलेस्ट्रॉल की जांच की. फिर उन्होंने एक खास सिस्टम का इस्तेमाल करके यह तय किया कि कौन सा फूड सेहतमंद है और कौन सा नहीं. यह जानकारी लोगों को सेहतमंद पसंद चुनने में मदद कर सकती है. ज्यादातर पैकेट बंद फूड में 70% से ज्यादा एनर्जी कार्बोहाइड्रेट से मिल रही थी. सिर्फ फूले हुए स्नैक्स ही ऐसे थे जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम थी. फूले हुए स्नैक्स में 47% से ज्यादा एनर्जी वसा से मिल रही थी. ज्यादा वसा से भी सेहत को नुकसान हो सकता है. सभी पैकेज्ड फूड में प्रोटीन की मात्रा 15% से कम थी. प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी होता है, इसलिए इसकी कमी सेहत के लिए अच्छी नहीं है.यह अध्ययन दिखाता है कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में कार्बोहाइड्रेट, वसा और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इसलिए हमें पैकेट बंद फूड का सेवन सीमित करना चाहिए. ताजा और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के मुताबिक, पैकेट बंद फूड के लेबल पर एनर्जी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, चीनी और कुल वसा की मात्रा ‘प्रति 100 ग्राम’ या ‘100 मिलीलीटर’ या ‘प्रति सर्विंग’ के हिसाब से लिखी होनी चाहिए. लेकिन अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर पैकेट बंद फूड में यह जानकारी पूरी तरह से नहीं दी गई थी. सिर्फ कुछ ब्रेकफास्ट सीरियल और कुछ पेय पदार्थों में ही प्रति सर्विंग जानकारी दी गई थी.कुछ प्रोडक्ट ने यह दावा किया कि उनमें साबुत अनाज हैं लेकिन इंग्रेडिएंट्स लिस्ट में साबुत अनाज का जिक्र नहीं था. यह ग्राहकों को गुमराह करने वाला है. अध्ययन में यह बात कही गई है कि एक स्पष्ट लेबलिंग सिस्टम होना चाहिए ताकि ग्राहक आसानी से सेहतमंद प्रोडक्ट का चयन कर सकें. 2022-23 के घरेलू खर्च सर्वेक्षण के अनुसार, भारतीय अब पैकेट बंद फ़ूड, पेय पदार्थों और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों पर ज्यादा पैसा खर्च कर रहे हैं, जबकि घर पर बने खाने पर खर्च कम हो रहा है. यह बदलाव शहरों और गांवों दोनों जगह देखा जा रहा है.विशेषज्ञों का कहना है कि खानपान में यह बदलाव देश में मोटापा, डायबिटीज, हार्टअटैक जैसे बढ़ते बोझ का एक बड़ा कारण है. इस साल के आर्थिक सर्वेक्षण में भी यह बात कही गई है कि भारत में 56.4% बीमारियां खराब खानपान की वजह से हो रही हैं. भारत में पैकेट बंद फूड का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है. 2023 में ये बाजार करीब 76.28 बिलियन डॉलर का था और 2030 तक इसके 116 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इसका मतलब है कि अगले कुछ सालों में पैकेज्ड फूड की खरीद-बिक्री में काफी बढ़ोतरी होगी. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खाद्य उत्पादक देश है. पैकेज्ड फूड के बाजार में तेजी से बढ़ोतरी होने से भारत के पास दुनिया में पहले नंबर पर आने का मौका है.ब्लूवेव कंस्लटिंग की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में भारत में कुल 52.05 मिलियन टन पैकेज्ड फूड का उत्पादन हुआ था और 2030 तक इसके 69 मिलियन टन तक पहुंचने … Read 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नीतीश रेड्डी ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जड़ा ऐतिहासिक शतक, भारत के सभी बल्लेबाज छूटे पीछे

nitish kumar reddy first indian batter to score hundred in australia at number 8 or below नीतीश कुमार रेड्डी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में शतक जड़ने में कामयाब रहे. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. नीतीश ने ये पारी 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए खेली. वह जब बल्लेबाजी के लिए उतरे थे को भारतीय टीम पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा था. नीतीश कुमार रेड्डी… क्रिकेट की दुनिया में नाम नया है, लेकिन कारनामा बड़ा करके दिखाया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच में वह शतक जड़ने में कामयाब रहे. नीतीश रेड्डी की ये पारी एक अहम मौके पर आई. वह जब बल्लेबाजी करने उतरे तो टीम इंडिया ने 191 रन पर ही 6 विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद नीतीश रेड्डी ने टीम इंडिया की पारी को संभालने का काम किया और मैदान के चारों ओर रन भी बनाए. ये उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है. उन्होंने इस पारी से ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. नीतीश रेड्डी का ऐतिहासिक शतक नीतीश रेड्डी ने इस सीरीज के पहले मुकाबले से ही दमदार खेल दिखाया है और हर अहम मौके पर टीम इंडिया के लिए रन बनाए हैं. मेलबर्न में भी उन्होंने ऐसे समय पर रन बनाए जब टीम इंडिया पर फॉलो ऑन का खतरा मंडरा रहा है. वह इस मैच में 8वें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, ऐसे में उनके साथ कोई भी फुल टाइम बल्लेबाज नहीं था. इन सब के बावजूद उन्होंने इस ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग अटैक का जमकर सामना किया और एक यादगार शतक जड़ा. उन्होंने 100 रन तक पहुंचने के लिए 171 गेंदें लीं. बता दें, नीतीश कुमार रेड्डी ने इस शतकीय पारी के साथ ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर इतिहास भी रच दिया है. वह नंबर-8 या उससे नीचे खेलकर ऑस्ट्रेलिया में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने हैं. वहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नंबर-8 पर खेलकर शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय हैं. इससे पहले रिद्धिमान साहा भी ये कारनामा कर चुके हैं. हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ये शतक भारत में लगाया था. बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीयनीतीश कुमार रेड्डी इसी के साथ बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाने वाले सबसे युवा भारतीय भी बन गए हैं. नीतीश ने ये कारनामा 21 साल 216 दिन की उम्र में किया है. वहीं, इससे पहले कार्ल हूपर ने 21 दिन 011 दिन की उम्र में बॉक्सिंग डे टेस्ट में शतक लगाया था. [/more] Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 170

1 जनवरी 2025 से बदल जाएंगे 5 नियम जो डालेंगे आपकी जेब पर असर, ध्यान से कर लें नोट

नए साल के आगाज के साथ बेशक तारीख बदल जाएगी पर तारीख के साथ कुछ ऐसी चीजें भी बदलेंगी जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर आपकी जेब को भी प्रभावित करेंगी. 1 जनवरी 2025 से कुछ नए नियम लागू होंगे तो कुछ नए बदलाव होंगे, जिनके बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है. फिर चाहे टैक्स से जुड़ा मामला हो, यूपीआई पेमेंट हो, गैस सिलेंडर की कीमतें हों या फिर पीएफ अकाउंट से जुड़ा मामला. इस आर्टिकल में जानें 1 जनवरी 2025 होने वाले ऐसे ही बदलावों के बारे में. नव वर्ष 2025 में अगर आप कोई लग्जरी चीज खरीदते हैं तो अब आपको इसपर ज्यादा टैक्स देना होगा. दरअसल, बजट में किए गए प्रावधान के मुताबिक लिस्टेड लग्जरी आइटम जिसकी कीमत 10 लाख रु से ज्यागा है तो उसपर टीसीएस (Tax collected at source) का भी भुगतान करना होगा. ये नया नियम 1 जनवरी, 2025 से लागू प्रभावी होगा. वहीं इनकम टैक्स से जुड़े कई नियम नव वर्ष में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ लागू होंगे. दिसंबर में जहां कार कंपनियां अपनी कारों में बंपर डिस्काउंट दे रही हैं, तो वहीं 1 जनवरी से ज्यादातर कंपनियों की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ने वाली है. इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा. दरअसल, 1 जनवरी, 2025 से हुंडई, महिंद्रा, टाटा, मारुति सुजुकी, मर्सिडीज-बेंज, होंडा, ऑडी आदि जैसी कई कार कंपनियां गाड़ियों की कीमतों को 3 प्रतिशत तक बढ़ाने जा रही हैं. उदाहरण के तौर पर 7 लाख रु की कार खरीदने के लिए नए साल में आपको 7 लाख 21 हजार रु चुकाने होंगे. इसके पीछे की वजह मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी है. नए साल में जहां कुछ चीजें आपकी जेब पर भारी पड़ेगी तो वहीं कुछ चीजें में राहत भी मिलेगी. इसी में से एक बदलाव ईपीएफओ पेंशन से जुड़ा हुआ है. साल पेंशन धारकों के लिए राहत लेकर आ रहा है. 1 जनवरी, 2025 से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पेंशन निकासी के नियमों को सरल बना दिया है. अब पेंशनभोगी देश के किसी भी बैंक से अपनी पेंशन निकाल सकेंगे. इसके लिए उन्हें किसी अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी. यह सुविधा पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत है. नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की पेमेंट तकनीक यूपीआई 123पे की लिमिट 1 जनवरी 2025 से बढ़ा दी जाएगी. पहले इस पेमेंट सर्विस के जरिए अधिकतम 5 हजार रु तक का लेनदेन किया जा सकता था, लेकिन अब यह लिमिट बढ़ाकर 10 हजार रु कर दी गई है. गौरतलब है कि यूपीआई 123पे एक ऐसी सेवा है जिससे कीपैड फोन चलाने वाले यूजर बिना इंटरनेट कनेक्शन के यूपीआई पेमेंट कर सकते हैं. हर महीने की पहली तारीख को ऑयल व गैस कंपनियां LPG की कीमतों का रिव्यू करती हैं. इसके बाद इनकी कीमतें घटाई या बढ़ाई जाती है. पिछले कुछ महीनों से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं. हालांकि, 1 जनवरी 2025 को इसमें बदलाव भी किया जा सकता है. बता दें कि मध्यप्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 808 रु 50 पैसे है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 204

किसान दिवस पर खुश नहीं हैं किसान: अधिकारों के लिए संघर्ष जारी

भोपाल। हर साल 23 दिसंबर को देशभर में किसान दिवस मनाया जाता है। यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में किसानों को सम्मानित करने और उनके योगदान को स्वीकारने के लिए मनाया जाता है। चौधरी चरण सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों के अधिकारों और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए समर्पित किया। लेकिन आज, जब किसान दिवस मनाया जा रहा है, तो सवाल उठता है कि क्या किसान वास्तव में खुश हैं? पिछले कुछ वर्षों में किसानों के साथ जो कुछ हुआ है, उसने उन्हें गहरे असंतोष में डाल दिया है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों ने किसानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया था। ये कानून किसानों के लिए इतने घातक साबित हुए कि लाखों किसान दिल्ली की सीमाओं पर महीनों तक धरने पर बैठे रहे। इस आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसानों ने अपनी जान गंवा दी। अंततः, किसानों के दबाव में सरकार को पीछे हटना पड़ा और इन कानूनों को वापस लेना पड़ा। कानूनों की वापसी के बावजूद किसानों की समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं। उनकी मांगें अब भी वही हैं—फसल का उचित दाम, एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी, कर्जमाफी, और कृषि में सुधार। किसान लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उनकी मेहनत का सही मुआवजा उन्हें मिलना चाहिए। वर्तमान में भी देश के कई हिस्सों में किसान धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार की कर प्रणाली ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। बढ़ती महंगाई, डीजल और खाद की कीमतों में इजाफा, और न्यूनतम समर्थन मूल्य की अनिश्चितता ने उनके मुनाफे को खत्म कर दिया है। ऐसे में खेती एक घाटे का सौदा बनती जा रही है। आज, जब भारत सरकार किसान दिवस मना रही है, तो यह जरूरी है कि यह उत्सव केवल प्रतीकात्मक न हो। किसानों की समस्याओं का समाधान खोजा जाए और उनके अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। किसान केवल एक दिन का सम्मान नहीं चाहते, बल्कि वे अपनी मेहनत का सही मुआवजा और खेती को टिकाऊ बनाने के लिए ठोस कदम चाहते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने की नींव किसान हैं। अगर किसान खुश नहीं होंगे, तो देश का विकास भी अधूरा रहेगा। किसान दिवस का असली मतलब तभी पूरा होगा, जब सरकार और समाज दोनों मिलकर उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे और उन्हें उनकी मेहनत का हक देंगे।“जय जवान, जय किसान” का नारा तभी सार्थक होगा, जब किसान सही मायनों में खुश और सशक्त होंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 257

क्या है न्यायसंगत गुजारा भत्ता? सुप्रीम कोर्ट ने तय किए नए पैमाने, पति-पत्नी दोनों के लिए राहत

नई दिल्ली ! यह बेहद दुखद है कि बेंगलुरू में 34 साल के अतुल सुभाष ने अपनी पत्नी के साथ तलाक, गुजारा भत्ता और अन्य मामलों को लेकर चल रहे कानूनी विवाद के चलते अपनी जान दे दी. उन्होंने मरने से पहले अपनी पत्नी पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने, पैसे ऐंठने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए. अतुल सुभाष ने अपने 24 पेज के सुसाइड नोट और 81 मिनट के वीडियो में आरोप लगाया कि वह पत्नी निकिता सिंघानिया को 40 हजार रुपये महीना गुजारा भत्ता के तौर पर दे रहे थे. फिर भी, पत्नी और उसके परिवार वाले सभी केस खत्म करने के लिए 3 करोड़ रुपये की रकम मांग रहे थे. इतना ही नहीं, बच्चे से मिलने के लिए 30 लाख रुपये की डिमांड की जा रही थी. अतुल सुभाष की आत्महत्या ने यह दिखाया है कि तलाक-गुजारा भत्ता के मामलों में कानूनी प्रक्रिया कितनी मुश्किल और तनावपूर्ण हो सकती है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक मामले में गुजारा भत्ता को लेकर अहम फैसला सुनाया है. यह मामला दुबई के एक बैंकर, उनकी पत्नी और बच्चे के बीच कानूनी विवाद से जुड़ा था. इस मामले में कोर्ट ने गुजारा भत्ता तय करते समय 8 बातों का ध्यान रखने के लिए कहा है. अब भारत की अदालतें गुजारा भत्ता के मामलों में इसी फैसले को आधार मानकर काम करेंगी. यह मामला दुबई के एक बैंक के सीईओ का है जिनकी साल 1998 में शादी हुई और 2004 में उनका पत्नी से विवाद हो गया. इसके बाद शुरू हुई कानूनी लड़ाई, जिसमें 20 साल तक यह बैंकर पारिवारिक अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक घूमता रहा. 2004 में बैंकर ने क्रूरता के आधार पर पत्नी से तलाक की अर्जी दायर की. इसके बाद पत्नी ने भी गुजारा भत्ता पाने के लिए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 के तहत याचिका दायर कर दी. यह केस 20 साल से अदालतों में घूम रहा है. परिवारिक अदालत से शुरू हुआ ये मामला पहले हाईकोर्ट में पहुंचा और फिर सुप्रीम कोर्ट. मुख्य सवाल यही है कि पत्नी को कितना गुजारा भत्ता मिलना चाहिए. 2015 में बैंकर ने सभी अदालती फैसलों का पालन करते हुए खुद से गुजारा भत्ता बढ़ा दिया. हालांकि, जब उनकी पत्नी ने और भी ज्यादा गुजारा भत्ता मांगना शुरू किया, तो उन्होंने विरोध किया. पति को यह मंजूर नहीं था कि यह रकम बार-बार बढ़ती रहे, खासकर जब उसकी अपनी भी आर्थिक स्थिति ठीक न हो और उसे अपने बच्चों की जिम्मेदारी भी निभानी हो. बैंकर के वकीलों के अनुसार, हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 26 एक वयस्क बच्चे को गुजारा भत्ता देने की अनुमति नहीं देती है. मगर, पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 26 को चुनौती दी और अदालत से अपने और अपने वयस्क बेटे को स्थायी गुजारा भत्ता देने का समाधान मांगा. पत्नी का कहना था कि इस कानून के हिसाब से बच्चों के बड़े होने पर ज्यादा पैसे मिलने चाहिए. उनके बेटा हाल ही में ग्रेजुएट हुआ है और अभी भी उन पर निर्भर है, इसलिए और उन्हें भी ज्यादा पैसे चाहिए. बैंकर को इस बात पर सबसे ज्यादा एतराज था कि उसकी पत्नी हिन्दू मैरिज एक्ट के सेक्शन 26 का गलत इस्तेमाल करके ज्यादा पैसे मांग रही है. हालांकि वो पहले के फैसलों को मानता रहा था और गुजारा भत्ता बढ़ाने को भी तैयार था. यह पारिवारिक विवाद जब कानून का सवाल बन गया, तो माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले ने केस के सभी तथ्यों को ध्यान से समझा. उन्होंने मौजूदा कानून को भी ध्यान में रखा. सुप्रीम कोर्ट ने रजनेश बनाम नेहा (2021) और उसके बाद के फैसलों में दिए गए सिद्धांतों को दोहराया है. फिर कोर्ट ने कुछ बातें बताईं जिनके आधार पर यह तय किया जा सकता है कि गुजारा भत्ता देना जरूरी है या नहीं और अगर जरूरी है तो कितना. सुप्रीम कोर्ट के नए दिशानिर्देश के अनुसार, गुजारा भत्ता तय करते समय पहले ये देखा जाना चाहिए कि पति-पत्नी दोनों का समाज में क्या स्थान है, उनकी पृष्ठभूमि क्या है, उनके परिवार का क्या रुतबा है, ये सारी बातें शामिल हैं. कई बार सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण भी गुजारा भत्ता की राशि प्रभावित हो सकती है. साथ ही दोनों कितना कमाते हैं और उनकी कितनी संपत्ति है. अगर पति आर्थिक रूप से मजबूत होता है, तो उसे ज्यादा गुजारा भत्ता देने के लिए कहा जा सकता है. अगर पति-पत्नी दोनों कामकाजी हैं और उनकी आय लगभग बराबर है, तो गुजारा भत्ता की राशि कम हो सकती है या फिर शायद किसी को गुजारा भत्ता देने की जरूरत ही नहीं पड़े. लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह सिर्फ एक कारक है. गुजारा भत्ता तय करते समय अदालत बाकी 7 कारकों पर भी विचार करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने गुजारा भत्ता तय करते समय पति-पत्नी के जीवन स्तर को भी एक अहम कारक बताया है. गुजारा भत्ता तय करते समय अदालत यह भी देखेगी कि पति-पत्नी का समाज में क्या रुतबा है और वे कैसा जीवन जीते थे. उनके पास कितने मकान और गाड़ियां हैं, उनकी कीमत क्या है? उनका घर कितना बड़ा है, उसमें कितने एसी और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं हैं? उनके घर में कितने नौकर-चाकर काम करते हैं? वे कितनी बार छुट्टियां मनाने जाते थे, भारत में या विदेश में? अगर पति-पत्नी अमीर थे और ऐशो-आराम की जिंदगी जीते थे, तो पत्नी को ज्यादा गुजारा भत्ता मिल सकता है ताकि वो भी वैसी ही जिंदगी जी सके. अदालत यह भी देखेगी कि पत्नी की उम्र क्या है, उसने कितनी पढ़ाई की है और क्या वो खुद कमा सकती है. अगर वह बेरोजगार है, तो उसे ज्यादा गुजारा भत्ता मिल सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गुजारा भत्ता तय करते समय पत्नी और बच्चों की जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है. पत्नी को शादी के दौरान जैसा जीवन जी रही थी, वैसा ही जीवन जीने का हक है, लेकिन उसकी मांगें वाजिब होनी चाहिए. पत्नी और बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी होनी चाहिए, इसमें कोई शक नहीं है. लेकिन अदालत यह भी देखेगी कि पत्नी की मांगें … Read more

यह भी आपके अधिकार: शादी वाली फोटो खोने पर फोटोग्राफर पर कर सकते हैं केस, मिलेगा मुआवजा

नई दिल्ली। शादी की तस्वीरें और वीडियो बहुत ज्यादा भावनात्मक महत्व रखते हैं। पीढ़ियों तक यादों को संजोकर रखने में इनका अमूल्य योगदान होता है। अब जबकि शादी की फोटोग्राफी के पैकेज लाखों में आने लगे हैं तो इस क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों को समझना बहुत जरूरी हो गया है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(7) के तहत फोटोग्राफी सेवाओं को भाड़े पर लेने वाला कोई भी व्यक्ति उपभोक्ता है। धारा 2(11) में उस कमी को परिभाषित किया गया है, जिससे उपभोक्ता को नुकसान होता है। कानून ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह के लेन-देन को मान्यता देता है और शिकायत घटना के दो साल के भीतर उपभोक्ता आयोगों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज की जा सकती है। फोटोग्राफी सेवाएं अधिनियम की धारा 2(42) के तहत परिकल्पित “सेवाओं’ की परिभाषा के अंतर्गत आती हैं। उपभोक्ता मंच फोटोग्राफी सेवाओं में स्पष्ट अनुबंधों के महत्व पर जोर देते हैं। साक्षी कुमार बनाम राणा गुरतेज सिंह (2018) मामले में चंडीगढ़ राज्य आयोग ने कहा कि फोटोग्राफी अनुबंध में भले ही समय इतना मायने ना रखता हो, लेकिन फोटोग्राफरों को उचित समय के भीतर काम पूरा करना चाहिए। अनुबंध में स्पष्ट रूप से डिलीवरेबल्स (फोटो की संख्या, संपादन की जरूरत और डिलीवरी फॉर्मेट) का उल्लेख होना चाहिए। आयोग ने माना कि फोटो का चयन एक व्यक्तिगत मामला है और फोटोग्राफरों से उनके स्तर पर फोटो को शॉर्टलिस्ट करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती, क्योंकि उन्हें आमंत्रित लोगों का शादी वाले परिवार से जुड़ाव के बारे में पता नहीं होता। इस मामले में अगर फोटोग्राफर ने उचित प्रक्रिया का पालन किया और अनुबंध के अनुसार संपादित फोटो वितरित किए तो आयोग ने उनके अधिकारों की भी रक्षा की। एक बड़ी चिंता तकनीकी विफलताओं के कारण शादी की तस्वीरों का नुकसान होता है। सत्यम गुरुंग बनाम सैमडेन योल्मो (2024) मामले में जब एक फोटोग्राफर ने दावा किया कि बिजली गिरने से शादी की तस्वीरों वाली हार्ड डिस्क क्षतिग्रस्त हो गई थी तो पश्चिम बंगाल राज्य आयोग ने 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया। आयोग ने कहा कि कि पेशेवर फोटोग्राफरों को उपकरण और डेटा बैकअप के लिए उचित सुरक्षा उपाय करने शिकायतकर्ता को तकनीकी विफलताओं के दावों को विशेषज्ञ रिपोर्ट या फोरेंसिक विश्लेषण जैसे साक्ष्यों से साबित करना चाहिए। आयोग ने कहा कि पेशेवर फोटोग्राफर होने के नाते इस तरह के डेटा नुकसान को रोकने के लिए उचित व्यवस्था होनी चाहिए थी। ऐसे मामलों में केवल अग्रिम राशि वापस करने से फोटोग्राफरों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। जगदीश चंद्र शर्मा बनाम आर.के. वर्मा (2005) मामले में दिल्ली राज्य आयोग ने एक ऐसे मामले पर विचार किया, जिसमें फोटोग्राफर ने पांच साल तक शादी का एल्बम नहीं दिया था। आयोग ने कहा कि “किसी की बेटी के विवाह समारोह के फोटो एल्बम का भावनात्मक मूल्य होता है और इसकी अहमियत कभी भी खत्म नहीं हो सकती, क्योंकि यह आने वाले समय के लिए यादों को संजोए रखता है।’ फोटोग्राफर को एल्बम देने और लंबित भुगतान जब्त करने का निर्देश दिया गया। इसी तरह, पी. मुरलीकृष्णुडु बनाम वरिकल्ला श्रीनिवास (2016) मामले में जब फोटोग्राफर 85% अग्रिम भुगतान लेने के बावजूद वादा किए गए समय पर एल्बम देने में विफल रहा तो जिला फोरम ने ब्याज सहित राशि वापसी का आदेश दिया। फोटोग्राफरों की जिम्मेदारी केवल तस्वीरों की क्वांटिटी से कहीं अधिक है। फोटोग्राफरों को वादा किए गए गुणवत्ता मानकों के अनुसार संपादित तस्वीरें देनी सत्यम गुरुंग मामले में गूगल ड्राइव के माध्यम से असंपादित फोटो साझा करने को पर्याप्त नहीं माना गया। आयोग ने नोट किया कि विवाह फोटोग्राफी अनुबंधों में क्वांटिटी और क्वालिटी दोनों मायने रखता है। स्मृतियों को संजोने के महत्व के मद्देनजर उपभोक्ताओं को विस्तृत लिखित अनुबंध हासिल करना चाहिए, जिसमें डिलीवरेबल्स, समयसीमा और गुणवत्ता मानकों का उल्लेख किया गया हो। अनुबंध में बैकअप प्रक्रियाओं, संपादित फोटो की जरूरतों और तकनीकी विफलताओं के मामले में वैकल्पिक व्यवस्था का भी जिक्र होना चाहिए। उपभोक्ता को सभी कम्युनिकेशन और भुगतानों का रिकॉर्ड रखना चाहिए। उपभोक्ता आयोगों ने विवाह फोटोग्राफी मामलों में लगातार पर्याप्त मुआवजा दिया है। हालांकि मौद्रिक मुआवजा भावनात्मक नुकसान की पूरी तरह से भरपाई नहीं कर सकता, फिर भी यह कीमती यादों को खोने की पीड़ा को कम करने में मदद कर सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 170

आंबेडकर वाले बयान को लेकर कांग्रेस ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा; कहा- देश से मांगे माफी

नई दिल्ली ! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर को लेकर दिए बयान पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने शाह पर डॉ. आंबेडकर का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही गृह मंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। वहीं, इस मुद्दे के चलते आज संसद में भी हंगामा जारी रहा। दरअसल, संविधान पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में अमित शाह ने कहा था कि ‘अभी एक फैशन हो गया है। आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। आंबेडकर का नाम सौ बार लें, लेकिन आंबेडकर के बारे में कांग्रेस पार्टी का भाव क्या है, ये मैं बताता हूं।’ शाह ने कहा था, ‘डॉ. आंबेडकर ने देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दे दिया था। उन्होंने अनुसूचित जनजातियों से व्यवहार, अनुच्छेद 370 और देश की विदेश नीति से नाराजगी के चलते इस्तीफा दे दिया था। इस पर बीसी रॉय ने पंडित नेहरू को चिट्ठी लिखी कि आंबेडकर और राजाजी मंत्रिमंडल छोड़ेंगे तो क्या होगा? इसके जवाब में पंडित नेहरू ने लिखा था कि राजाजी के जाने से कुछ असर पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कुछ नहीं होगा।’ उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के आंबेडकर के बारे में ये विचार रहे हैं। आज आंबेडकर को मानने वाले पर्याप्त संख्या में आ गए हैं इसलिए ये आंबेडकर-आंबेडकर कर रहे हैं। वोटबैंक के लिए कांग्रेस नेता आजकल आंबेडकर का नाम बार-बार लेते हैं। इसके अलावा, विपक्षी दल यह भी मांग कर रहा है कि शाह को सार्वजनिक रूप और संसद में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। संसद के बाहर पत्रकारों से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘हम आंबेडकर का अपमान करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते हैं; उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।’ इसके अलावा, उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कहा, ‘गृहमंत्री अमित शाह ने जो आज भरे सदन में बाबासाहेब का अपमान किया है, उससे ये फिर एक बार सिद्ध हो गया है कि भाजपा और आरएसएस तिरंगे के खिलाफ थे। उनके पुरखों ने अशोक चक्र का विरोध किया। संघ परिवार के लोग पहले दिन से भारत के संविधान के बजाय मनुस्मृति को लागू करना चाहते थे। मगर बाबासाहेब ने ये नहीं होने दिया, इसलिए उनके प्रति इतनी घृणा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मोदी सरकार के मंत्रीगण ये कान खोलकर समझ लें कि मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर जी भगवान से कम नहीं हैं। वे दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक व गरीबों के मसीहा हैं और हमेशा रहेंगे।’ कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने भी शाह से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में अमित शाह ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर का नाम लेना फैशन बन गया है। यह देश के दलितों और बाबा साहेब का सीधा अपमान है।’ डांगी ने कहा, ‘शाह ने पूरे देश को दिखा दिया है कि भाजपा नेता किस तरह की सोच रखते हैं। वंचित और शोषित वर्ग जिसका अपमान किया गया है, यह वही वर्ग है जो उन्हें 240 से घटाकर 40 कर देगा। कांग्रेस पार्टी की ओर से, मैं मांग करता हूं कि अमित शाह को सार्वजनिक रूप से और सदन में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बाबासाहेब के बारे में जो कहा है, उस पर विचार करते हुए वह संवैधानिक पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। उन्हें गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’ कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान शाह की टिप्पणी दर्शाती है कि भाजपा और आरएसएस नेताओं के मन में आंबेडकर के लिए ‘काफी नफरत’ है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि जो लोग मनुस्मृति में विश्वास करते हैं, वे निश्चित रूप से आंबेडकर के साथ मतभेद रखेंगे। जवाहरलाल नेहरू पर संविधान के पहले संशोधन के जरिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का आरोप लगाने के लिए भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे अपने पसंदीदा लक्ष्य पर लगातार हमला करने वाले मास्टर हैं। वह तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने में महारथी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘अनुच्छेद 19(2), 15(4), और 31(b) को प्रथम संशोधन के माध्यम से 18 जून, 1951 को भारत के संविधान में जोड़ा गया था। एक प्रवर समिति ने विधेयक की जांच की थी और उसकी रिपोर्ट वेबसाइट पर उपलब्ध है। अपने डिसेंट नोट के पैरा 2 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने निम्न बातें लिखीं थी।’ उन्होंने कहा, ’19(2) में प्रतिबंध से पहले उचित शब्द का जुड़ना एक बहुत ही अच्छा बदलाव है। यह 19(2) को न्यायसंगत बनाता है और मैं देश में नागरिकों के स्वतंत्रता की रक्षा के लिए इस बदलाव के महत्व को कम नहीं करना चाहता। उचित शब्द वास्तव में, नेहरू ने खुद जोड़ा था। अनुच्छेद 19 (2) सरदार पटेल द्वारा 3 जून, 1950 को नेहरू को लिखे गए एक पत्र का अनुसरण करता है। अनुच्छेद 15(4) तब के मद्रास में चंपकम दोराईराजन मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के शिक्षण संस्थाओं में आरक्षण को खारिज किए जाने के बाद आया। अनुच्छेद 31(b) सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार, यूपी और अन्य राज्यों में जमींदारी उन्मूलन कानूनों को रद्द करने के परिणामस्वरूप आया था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाले दोनों मास्टर डिस्टोरियन – प्रधानमंत्री और गृह मंत्री – पहले संशोधन की इस पृष्ठभूमि पर चुप रहे क्योंकि उन्हें अपने पसंदीदा लक्ष्य पर हमला करना था। लेकिन इस जोड़ी से सत्य और तथ्य पर पूरी तरह से कायम रहने की उम्मीद करना बेकार है।’ Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय … Read more

space technology: अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने की होड़, पूरी दुनिया बड़े संकट की ओर

आजकल हम जिंदगी के कई जरूरी कामों के लिए अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी पर निर्भर हैं, जैसे मौसम की जानकारी हासिल करना, एक-दूसरे से बात करना और रास्ता ढूंढना आदि. लेकिन अंतरिक्ष में हो रहे कामों का हमारे पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है. अंतरिक्ष में भेजे जा रहे सैटेलाइट की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. इससे अंतरिक्ष में कचरा (Space Debris) भी बढ़ रहा है. यह कचरा पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाता रहता है और दूसरे सैटेलाइट और अंतरिक्ष यान के लिए खतरा बन सकता है. अंतरिक्ष में बहुत ज्यादा सैटेलाइट होने से मौसम की जानकारी इकट्ठा करने वाले सिस्टम में भी रुकावट आ सकती है. वहीं अंतरिक्ष के इस्तेमाल को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट कानून नहीं हैं. इससे यह खतरा है कि अंतरिक्ष का इस्तेमाल गैर-जिम्मेदाराना तरीके से हो सकता है. जब भी कोई रॉकेट अंतरिक्ष में जाता है, तो वो अपने पीछे बहुत सारा धुआं छोड़ता है. इस धुएं में कार्बन डाइऑक्साइड, ब्लैक कार्बन और पानी की वाष्प होता है. ब्लैक कार्बन एक ऐसा पदार्थ है जो सूरज की रोशनी को बहुत ज्यादा सोखता है. यह कार्बन डाइऑक्साइड से भी 500 गुना ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि यह ग्लोबल वार्मिंग को और बढ़ा देता है.रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने के लिए जो ईंधन इस्तेमाल किया जाता है, उससे ओजोन परत को नुकसान पहुंचता है. खास तौर पर क्लोरीन वाले रसायनों से यह नुकसान ज्यादा होता है. ओजोन परत हमें सूरज से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है. अगर ओजोन परत कमजोर होगी, तो हमें त्वचा के कैंसर और आंखों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. रॉकेट के धुएं से वातावरण में गड़बड़ी भी होती है जिससे मौसम पर भी असर पड़ता है. जब सैटेलाइट का मिशन पूरा हो जाता है और वातावरण में जल जाते हैं, तो उनसे निकलने वाली राख भी वातावरण और मौसम को नुकसान पहुंचा सकती है. सैटेलाइट बनाने के लिए भी कई तरह की चीजों की जरूरत होती है, जैसे धातु और अन्य सामग्री. इन चीजों को निकालने और तैयार करने में भी बहुत ऊर्जा खर्च होती है. इससे प्रदूषण भी होता है. सैटेलाइट में ऐसे सिस्टम भी होते हैं जो उन्हें अंतरिक्ष में सही जगह पर रखने और उनकी दिशा बदलने में मदद करते हैं. इन सिस्टम में भी ईंधन का इस्तेमाल होता है जिससे प्रदूषण होता है.भविष्य में हो सकता है कि कंपनियां अंतरिक्ष से खनिज पदार्थ निकालने लगें. इससे अंतरिक्ष और धरती दोनों जगह प्रदूषण बढ़ेगा. अंतरिक्ष कचरा या ‘स्पेस जंक’ उन चीजों को कहते हैं जो अंतरिक्ष में बेकार हो चुकी हैं, जैसे पुराने सैटेलाइट, रॉकेट के टुकड़े और टूटे हुए सैटेलाइट्स के हिस्से. यह कचरा पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता रहता है और काफी खतरनाक हो सकता है.अंतरिक्ष में इतना कचरा हो गया है कि उस पर नजर रखना मुश्किल हो रहा है. अब तक लगभग 36,860 चीजें अंतरिक्ष में घूम रही हैं जो किसी काम की नहीं हैं. यह सब कचरा मिलकर 13,000 टन से भी ज्यादा वजन का है. यूरोपियन स्पेस एजेंसी के मुताबिक, 1957 से लेकर अब तक लगभग 6740 रॉकेट लॉन्च किए जा चुके हैं जिनसे 19,590 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे गए हैं. इनमें से लगभग 13,230 अभी भी अंतरिक्ष में हैं और 10,200 अभी भी काम कर रहे हैं.जैसे-जैसे अंतरिक्ष में कचरा बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे सैटेलाइट्स के बीच टकराव का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. यह कचरा बहुत तेज गति से घूमता है (लगभग 29,000 किलोमीटर प्रति घंटा). इतनी तेज गति से आ रहा एक छोटा सा धातु का टुकड़ा भी किसी सैटेलाइट को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा सकता है. अगर कोई सैटेलाइट क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो हमारे फोन, इंटरनेट और टीवी जैसी सेवाएं बाधित हो सकती हैं. मौसम की जानकारी देने वाले सैटेलाइट्स भी इस कचरे से प्रभावित हो सकते हैं, जिससे हमें मौसम का सही हाल नहीं पता चल पाएगा. यह कचरा अंतरिक्ष यात्रियों और अंतरिक्ष यान के लिए भी खतरा पैदा करता है. मेगा-कॉन्स्टेलेशन ऐसे सैटेलाइट्स का समूह होता है जो एक साथ काम करते हैं. इनका मकसद दुनिया के हर कोने में तेज इंटरनेट पहुंचाना होता है. अभी अंतरिक्ष में लगभग 10,000 सैटेलाइट्स हैं. लेकिन अगले कुछ सालों में यह संख्या 10 गुना बढ़कर 1 लाख हो सकती है. यह ज्यादातर मेगा-कॉन्स्टेलेशन की वजह से होगा.स्पेसएक्स कंपनी का स्टारलिंक अभी सबसे बड़ा मेगा-कॉन्स्टेलेशन है. इसमें अभी 6,500 सैटेलाइट्स हैं और 2030 तक इनकी संख्या 40,000 से ज्यादा हो जाएगी. अमेजन, ई-स्पेस और चीन जैसी कंपनियां भी अपने मेगा-कॉन्स्टेलेशन बना रही हैं. इनमें भी हजारों या दसियों हजार सैटेलाइट्स होंगे. इतने सारे सैटेलाइट्स से अंतरिक्ष में कचरा बहुत बढ़ जाएगा. वैज्ञानिकों को भी अंतरिक्ष से पृथ्वी का अध्ययन करने में मुश्किल हो सकती है. ये सैटेलाइट्स रात में आकाश में चमकते हैं जिससे तारों को देखना मुश्किल हो जाता है. पहले जो सैटेलाइट बनाए जाते थे, वो सरकार द्वारा वित्त पोषित होते थे और 20-30 साल तक चलते थे. लेकिन अब निजी कंपनियां मेगा-कॉन्स्टेलेशन बना रही हैं जिनमें हजारों सैटेलाइट्स होते हैं. ये कंपनियां हर 5 साल में अपने सैटेलाइट्स बदलना चाहती हैं ताकि नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकें.पुराने सैटेलाइट्स को वातावरण में जलाकर नष्ट किया जाता है. इससे अंतरिक्ष में कचरा तो नहीं बढ़ता, लेकिन इससे वातावरण में प्रदूषण जरूर फैलता है. इतने सारे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजने के लिए बहुत सारे रॉकेट लॉन्च करने पड़ते हैं. इन रॉकेट से भी प्रदूषण होता है. 2019 में लगभग 115 सैटेलाइट वातावरण में जल गए थे. लेकिन 2024 में यह संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है. नवंबर 2024 तक 950 से ज्यादा सैटेलाइट वातावरण में जल चुके हैं. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2033 तक हर साल 4000 टन अंतरिक्ष कचरा वातावरण में जलेगा. यह इसलिए होगा क्योंकि अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. MIT टेक रिव्यू के एक आर्टिकल के अनुसार, जब सैटेलाइट वातावरण में जलते हैं तो उनसे निकलने वाली राख हवा में फैल जाती है. यह राख कई दशकों या शायद सदियों तक वातावरण में ही रहती है. इस राख का अध्ययन करना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह वातावरण के उस हिस्से में होता है जहां न तो … Read more

टीएमसी संसद का बड़ा बयान, सिंधिया हैं लेडी किलर, संसद में हंगामा

नई दिल्ली ! टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेडी किलर कहा, इसके बाद सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित कर दी गई। भाजपा ने बनर्जी को सस्पेंड करने की मांग की है। दरअसल बनर्जी सदन में डिजास्टर मैनेजमेंट पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और सिंधिया ने टोकना शुरू कर दिया। बात कोविड तक पहुंच गई। इसे लेकर दोनों सांसदों में तीखी बहस हुई। उस वक्त पीठासीन अधीकारी ए. राजा ने दोनों को टोकने की कोशिश की लेकिन कल्याण बनर्जी नहीं रूके। सिंधिया ने कहा कि किसके चेहरे पर खलबली है और किसके चेहरे पर मुस्कुराहट है आप खुद समझ सकते है। इस पर कल्याण बनर्जी बोले सिंधिया जी आप बहुत सुंदर दिखते है तो ये नहीं है कि आप सुंदर आदमी है, आप विलेन भी हो सकते है। सिंधिया ने कहा कि आप निजी टिप्पणी कर रहे है। मेरा नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया है। अगर मेरे परिवार के बारे में गलत बोलेंगे तो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सिंधिया ने कहा की किसके चेहरे पर मुस्कुराहट है और किसके चेहरे पर खलबली है देख लीजिए। सिंधिया के इतना कहते ही कल्याण बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि आप जीतने सुंदर दिखाई देते है, उनते सुंदर आदमी नही है। आप विलेन भी हो सकते है। कल्याण बनर्जी ने इतना कहने के बाद सिंधिया को लेडी किलर कह दिया। बनर्जी के इतना कहते ही सिंधिया भड़क गए और दोंनो के बीच जमकर बहस शुरू हो गई। सांसद कल्याण बजर्नी के इस बयान को लेकर सिंधिया ने कहा है कि कल्याण बनर्जी ने अपने बयान को लेकर मुझ से माफी मांगी। कोई भी इंसान अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं करेगा। सिंधिया ने आगे कहा की कोई भी हो नीतियों, विचारों पर हमला करे, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर नहीं। अगर कोई करेगा तो उसे जवाब भी मिलेगा। भले ही कल्याण बनर्जी ने माफी मांगी, लेकिन देश की महिलाएंओं पर यह व्यक्तिगत हमला है, जिसके कारण में उनकी माफी स्वीकार नहीं करूंगा। वही महिला सासंदों ने कल्याण बनर्जी के निलंबन की मांग की है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 224

उपराष्ट्रपति ने केंद्र सरकार के विकास कि खोलीं पोल : कृषि मंत्री शिवराज से पूछा- किसानों से किए वादे क्यों नहीं निभाएं 

Vice President exposed the development of the Central Government: asked Agriculture Minister Shivraj- why did you not fulfill the promises made to the farmers भोपाल। किसान आंदोलन को लेकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को सीधे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से कई सवाल किए। उन्होंने शिवराज की ओर इशारा करते हुए कहा, कृषि मंत्री जी, आपका एक-एक पल भारी है। मेरा आपसे आग्रह है और भारत के संविधान के तहत दूसरे पद पर विराजमान व्यक्ति आपसे अनुरोध कर रहा है कि कृपया करके मुझे बताइए कि किसान से क्या वादा किया गया था? और जो वादा किया गया था, वह क्यों नहीं निभाया गया? वादा निभाने के लिए हम क्या कर रहे हैं? बीते साल भी आंदोलन था, इस साल भी आंदोलन है। कालचक्र घूम रहा है। हम कुछ नहीं कर रहे हैं। धनखड़ ने मुंबई में केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (CIRCOT) के शताब्दी समारोह के में ये बातें कहीं। कार्यक्रम में शिवराज भी मौजूद थे। हालांकि, उन्होंने उपराष्ट्रपति के सवालों का जवाब नहीं दिया। शिवराज ने कहा- भारत अपने किसानों के बिना समृद्ध देश नहीं बन सकता। उपराष्ट्रपति बोले- हिंदुस्तान का किसान असहाय है… 4 पॉइंट पहली बार मैंने भारत को बदलते हुए देखा है। पहली बार मैं महसूस कर रहा हूं कि विकसित भारत हमारा सपना नहीं लक्ष्य है। दुनिया में भारत कभी इतनी बुलंदी पर नहीं था। जब ऐसा हो रहा है तो मेरा किसान परेशान और पीड़ित क्यों है? यह समय मेरे लिए कष्टदायक है क्योंकि मैं राष्ट्रधर्म से ओतप्रोत हूं। दुनिया में हमारी साख पहले कभी इतनी नहीं थी, भारत का प्रधानमंत्री आज विश्व के शीर्ष नेताओं में गिना जाता है। मोदी ने दुनिया को संदेश दिया है कि समाधान केवल बातचीत से ही निकल सकता है। ऐसे में किसानों की समस्या दूर की जाए। विकसित राष्ट्र का दर्जा पाने के लिए प्रत्येक नागरिक की आय में आठ गुना वृद्धि करनी होगी। कौन हैं वो लोग जो किसानों को कहते हैं कि उसके उत्पाद का उचित मूल्य दे देंगे? मुझे समझ नहीं आता कि कोई पहाड़ गिरेगा। किसान अकेला है, जो असहाय है। जिस समय धनखड़ का कृषि मंत्री से सवाल, उसी समय नोएडा में किसानों का धरना किसानों की 4 मांगें Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 134

प्रियंका गांधी ने शपथ ली: राहुल की तरह हाथ में संविधान की कॉपी पकड़ी

Priyanka Gandhi took oath: held a copy of the Constitution in her hand like Rahul. नई दिल्ली । संसद के शीतकालीन सत्र का गुरुवार को तीसरा दिन है। प्रियंका गांधी पहली बार संसद पहुंचीं। उन्होंने लोकसभा में सांसद पद की शपथ ली। इस दौरान हाथ में संविधान की कॉपी ली। प्रियंका के साथ उनकी मां सोनिया और राहुल गांधी भी संसद पहुंचे। प्रियंका वायनाड सीट से उपचुनाव जीती हैं। प्रियंका के साथ नांदेड़ से उपचुनाव जीतने वाले रविंद्र चव्हाण ने भी शपथ ली। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 278

अडानी मुद्दे पर चर्चा की विपक्षी मांग, शशि थरूर ने सरकार पर लगायें गंभीर आरोप

Opposition demands discussion on Adani issue, Shashi Tharoor makes serious allegations against the government नई दिल्ली ! कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने अडानी समूह से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा, “दोनों सदनों के सत्र स्थगित कर दिए गए हैं। देशहित में संसद का सुचारू रूप से चलना बेहद महत्वपूर्ण है और सदन में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।” थरूर ने विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों को दबाने के आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का कर्तव्य है कि वह संवाद और चर्चा को प्राथमिकता दे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति दे, ताकि देशहित से जुड़े सवालों के जवाब सामने आ सकें। विपक्षी दल लंबे समय से अडानी समूह के मामलों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को बार-बार खारिज किया है। अब देखना होगा कि संसद का अगला सत्र इस मुद्दे पर कोई ठोस समाधान लेकर आता है या नहीं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 393

पर्थ टेस्ट-भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 295 रन से हराया: दूसरी पारी में 238 रन पर सिमटी कंगारू टीम

Perth Test-India beats Australia by 295 runs: Kangaroo team all out for 238 runs in second innings जसप्रीत बुमराह ने मैकस्वीनी, लाबुशेन और हेड के विकेट लिए। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में 295 रन से हरा दिया है। टीम ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। दूसरा मुकाबला 6 दिसंबर से एडिलेड में खेला जाएगा। पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में सोमवार को मैच के चौथे दिन 534 रन चेज कर रही कंगारू टीम को दूसरी पारी में 238 रन पर ऑलआउट हो गई। इससे पहले भारत ने 6 विकेट पर 487 रन पर दूसरी पारी घोषित कर दी थी। टीम इंडिया ने पहली पारी में 150 रन बनाए थे। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 104 रन पर सिमट गई थी। भारत-ऑस्ट्रेलिया पहले टेस्ट का स्कोरबोर्ड दोनों टीमों की प्लेइंग-11भारत: जसप्रीत बुमराह (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्‌डी, हर्षित राणा और मोहम्मद सिराज। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 256

किसानों को बड़ी सौगात: गेहूं खरीदी पर मिलेगा 150 रुपए का फायदा, जानें इस बार कितनी है MSP।

Big gift to farmers: You will get a benefit of Rs 150 on wheat purchase, know what is the MSP this time. भोपाल। केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात दी है। दरअसल, अब गेहूं खरीदी पर 150 रुपए का फायदा होगा। भारत सरकार ने साल 2025-26 के लिए गेहूं खरीदी का न्यूनतम मूल्य निर्धारित कर दिया है। इस बार 150 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। केंद्र सरकार ने गेहूं खरीदी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जो पिछले साल की तुलना में 150 रुपए ज्यादा है। पिछले साल सरकार ने 2275 में गेहूं खरीदा था, लेकिन इस बार 150 रुपए की बढ़ोत्तरी की है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिये अब किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। गेहूं उपार्जन के लिए बारदाना, भंडारण, परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही भारत सरकार की ओर से निर्धारित एफएक्यू् मापदण्ड के गेहूं उपार्जन के लिए केंद्रों पर मैकेनाइज्ड क्लीनिंग व्यवस्था की जाएगी। गेहूं की गुणवत्ता के परीक्षण के लिये सर्वेयर को सघन प्रशिक्षण दिया जाएगा। आपको बता दें कि प्रदेश में बीते वर्ष 6 लाख 16 हजार किसानों ने 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया। गेहूं उपार्जन के लिये किसानों की सुविधानुसार कुल 3694 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। उपार्जित गेहूं के परिवहन, हैण्डलिंग व किसानों के शीघ्र भुगतान के लिये 2199 उपार्जन केंद्र गोदाम स्तर पर स्थापित किए गए। शेष 1495 उपार्जन केंद्र समिति स्तर पर स्थापित किए गए। किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में समर्थन मूल्य राशि के सीधे भुगतान की व्यवस्था की गई थी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 252

बाजार में बिक रहा मिलावटी गुड़: असली और नक़ली गुड़ की पहचान करें चुटकियों में 

Adulterated jaggery is being sold in the market: Identify real and fake jaggery in a jiffy बीते दिनों राजस्थान के अजमेर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक बाड़ेनुमा चारदीवारी में दबिश दी। वहां मिलावटी गुड़ बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। टीम को मौके से 9000 किलो गुड़ और गुड़ में मिलाए जाने वाले पदार्थ सेफोलाइट की एक-एक किलो की 30 थैलियां मिलीं। इसके अलावा सड़े-गले गुड़ से भरे पीपे भी मिले, जो बदबू मार रहे थे। हेल्थ ड्रिंक। सर्दियों के मौसम में गुड़ की डिमांड सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में मिलावटखोर मिलावटी गुड़ बेचकर अधिक कमाई करना चाहते हैं। मिलावटी गुड़ स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए गुड़ खरीदने से पहले असली और नकली की पहचान करना बहुत जरूरी है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि असली और नकली गुड़ की पहचान कैसे करें। साथ ही जानेंगे कि- नकली गुड़ में किस तरह की मिलावट हो सकती है?   नकली गुड़ खाने से क्या हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं? एक्सपर्ट: चतुर्भुज मीणा, स्टेट फूड एनालिस्ट, झारखंड डॉ. अमृता मिश्रा, न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटेटिक्स (नई दिल्ली) सवाल- मिलावटखोर मुनाफा कमाने के लिए गुड़ में किस तरह की चीजों की मिलावट करते हैं? जवाब- आमतौर पर मिलावटखोर नकली गुड़ में कैल्शियम कार्बोनेट और सोडियम बाइकार्बोनेट जैसी चीजें मिलाते हैं। कैल्शियम कार्बोनेट से गुड़ का वजन बढ़ाया जाता है, जबकि सोडियम बाइकार्बोनेट मिलाने से गुड़ के रंग में निखार आता है। इसके अलावा गुड़ में शक्कर (चीनी) और सेफोलाइट नामक केमिकल की मिलावट की जाती है। सेफोलाइट से गुड़ की शेल्फ लाइफ बढ़ती है और उसे लंबे समय तक ताजा रखा जा सकता है। इस तरह के केमिकल्स से बना गुड़ खाने से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सवाल- मिलावटी गुड़ हमारे शरीर के लिए कितना नुकसानदायक है? जवाब- गुड़ टेस्टी होने के साथ-साथ शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह विटामिन C, आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स है। इससे शरीर में इम्यूनिटी बूस्ट होती है। शरीर सर्दी-खांसी, फ्लू और दूसरी बीमारियों से बचा रहता है। हालांकि यह सभी फायदे तभी हैं, जब गुड़ पूरी तरह शुद्ध हो। उसमें किसी तरह के केमिकल की मिलावट न की गई हो। मिलावटी गुड़ फायदे की बजाय शरीर को गंभीर बीमारियां दे सकता है। सवाल- असली गुड़ को बनाने का पूरा प्रोसेस क्या है? जवाब- गुड़ को गन्ने से बनाया जाता है। आइए, इन पॉइंट्स की मदद से जानते हैं कि गन्ने की कटाई से लेकर गुड़ बनाने तक का पूरा प्रोसेस क्या है। सबसे पहले गन्ने की कटाई करके उसे अच्छे से धोया जाता है।  इसके बाद गुड़ फैक्ट्री में लगे कोल्हू में डालकर गन्ने का रस निकाला जाता है।   इस रस को साफ और फिल्टर किया जाता है। वेस्ट मटेरियल फेंक दिया जाता है।   अगले प्रोसेस में गन्ने के रस को एक बड़े बर्तन में गर्म किया जाता है। रस को उबालने के लिए आग की आंच को धीमा रखा जाता है   रस को गर्म करने के बाद इसमें घनत्व (Density) बढ़ाने के लिए मिट्टी के बर्तन में रखा जाता है। इससे गुड़ का रंग बदल जाता है।   इसके बाद गुड़ को ठंडा करने के लिए एक बड़े बर्तन में रखा जाता है।   ठंडा होने पर गुड़ जम जाता है। इसके बाद उसे अलग-अलग सांचे में डालकर आकार दिया जाता है और बाजार में बेचा जाता है। सवाल- असली और नकली गुड़ की पहचान कैसे कर सकते हैं? जवाब- गुड़ ऐसा सुपरफूड है, जो कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। लेकिन बाजार में बिकने वाला गुड़ मिलावटी भी हो सकता है, जो आपकी सेहत को बिगाड़ सकता है। इसलिए गुड़ खाने से पहले इसकी पहचान करना जरूरी है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 269

मिलावटी दूध, घी बेचने पर मिलेगी अब 10 साल की सजा, जानें क्या कहता है कानून

Now you will get 10 years imprisonment for selling adulterated milk and ghee, know what the law says भोपाल। भारत में मिलावटी चीजों की भरमार है.। खासतौर से जब आप खाद्य पदार्थों की बात करते हैं तो उसमें सबसे ज्यादा मिलावट देखने को मिलती है। मसाले, दूध, घी, तेल हर चीज में मिलावट होती है. चलिए आज इस खबर में जानते हैं कि अगर कोई मिलावट खोर खाने की चीजों में मिलावट करता पकड़ा गया तो उसे भारतीय कानून के तहत कितनी सजा होगी। क्या कहता है नियम-कानून भारत में मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा से संबंधित मामलों को देखने के लिए, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) बनाया गया है. इसके अलावा इसके तहत बनाए गए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों का भी पालन किया जाता है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 को भारतीय खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट को प्रतिबंधित किया गया है और अगर कोई व्यक्ति मिलावटी सामान बेचता पाया जाता है, तो उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होती है। कितनी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मिलावटी खाद्य पदार्थों का उत्पादन, बिक्री या वितरण करते पाया गया तो इसे गंभीर अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर जुर्माना, सजा या दोनों का प्रावधान है. जुर्माने की बात करें तो मिलावटी खाद्य पदार्थों को बनाने और बेचने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जबकि, अपराध के गंभीरता को देखते हुए, इस तरह के मामलों में 6 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा भी हो सकती है। वहीं अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो मिलावटखोर को आजीवन कारावास या 10 साल तक की सजा हो सकती है। धारा 272 और 273 के तहत भी मिलती है सजा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के अलावा भारतीय दंड संहिता (IPC) में भी मिलावटखोरी से संबंधित अपराधों के लिए दंडात्मक प्रावधान हैं। खासतौर से धोखाधड़ी और आम जनता के जीवन को खतरे में डालने के मामले में है। दरअसल, अगर किसी व्यक्ति द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है, जिससे किसी जान जाने का खतरा ना हो तो यह धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 272 और 273 के तहत इसमें, मिलावटी खाद्य पदार्थों को बेचने वाले को 6 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जबकि, अगर मिलावटी खाद्य पदार्थ से किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हो जाती है या कोई बीमारी फैल जाती है या किसी के जान पर बन आती है तो यह एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में, संबंधित व्यक्ति को 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है और उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 165

मल्लिकर्जुन खड़गे की मोदी सरकार पर तीखी टिप्पणी: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना का दोगला रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 116

गडकरी ने फिर बोला अपनी ही पार्टी पर हमला, भाजपा की फसल में लग गए हैं कीड़े

Gadkari again attacked his own party, BJP’s crop is infested with insects बड़ी हो चुकी है BJP की फसल, लग गए हैं कुछ कीड़े; नितिन गडकरी बोले- छिड़कने होंगे कीटनाशक गडकरी ने भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को भी रेखांकित किया और कहा कि सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी है भोपाल। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में दागी नेताओं के घुसपैठ को लेकर चिंता जताई। गडकरी ने कहा कि जैसे-जैसे पार्टी का विस्तार हो रहा है, कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी स्वच्छता बनाए रखने के लिए कदम उठाने होंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए नितिन गडकरी ने ‘बीमारी वाले फसलों’ का उदाहरण देते हुए कहा है कि पार्टी को ‘कीटनाशक’ छिड़कने की आवश्यकता पर जोर देना चाहिए। गडकरी ने कहा, “जब फसल बढ़ती है तो बीमारियां भी बढ़ती हैं। बीजेपी की फसल बहुत बड़ी हो गई है, जिसमें अच्छे अनाज के साथ-साथ कुछ बीमारियां भी आ रही हैं। इसलिए हमें ऐसे बीमार फसलों पर कीटनाशक छिड़कने होंगे।” उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी की बढ़ती सदस्यता के साथ राजनीतिक नेताओं के पार्टी में शामिल होने की प्रक्रिया पर भी नजर रखनी होगी। साथ ही नए सदस्यों को पार्टी की विचारधारा और संस्कृति से अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने कहा, “बीजेपी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। नए लोग अलग-अलग कारणों से आ रहे हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें प्रशिक्षण दें, विचारधारा सिखाएं और उन्हें हमारे कार्यकर्ता बनाएं। हमारे प्रयास लगातार जारी हैं। हजारों कार्यकर्ता उठते हैं, लेकिन कभी-कभी एक कार्यकर्ता कुछ ऐसा कहता है जिससे हजारों कार्यकर्ताओं के प्रयास विफल हो जाते हैं।” नितिन गडकरी के ये बयान महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के संदर्भ में आए हैं। यहां बीजेपी महायुति गठबंधन के तहत शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ मिलकर चुनावी मैदान में है। सरकार का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी गडकरी ने भारतीय संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को भी रेखांकित किया और कहा कि सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना जरूरी है। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति कभी धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता, लेकिन राज्य, सरकार और प्रशासन का धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए।” महाराष्ट्र में बीजेपी के प्रदर्शन और 2024 लोकसभा चुनावों में पार्टी की सीटों की संख्या में आई कमी पर नितिन गडकरी ने प्रदेश के स्थानीय नेतृत्व की क्षमता पर विश्वास जताया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनका राज्य में कोई औपचारिक पद नहीं है, लेकिन उन्हें जब भी जरूरत पड़े वे सहायता के लिए उपलब्ध हैं। गडकरी ने कहा, “मुझे महाराष्ट्र में कोई औपचारिक भूमिका नहीं है। यहां के नेता सक्षम हैं। उन्हें अभी मेरी आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब भी उन्हें मेरी आवश्यकता होगी मैं सहायता के लिए उपलब्ध रहूंगा Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 231

शहरों की सिमटती हरियाली और बढ़ता जलवायु संकट: 2040 तक दुनियाभर में 200 करोड़ लोग बढ़ती गर्मी से जूझेंगे

Shrinking greenery of cities and increasing climate crisis: By 2040, 2 billion people around the world will face increasing heat शहरों की हरियाली तेजी से सिमट रही है, और उनकी जगह कंक्रीट के जंगल पनप रहे हैं। इसकी वजह से भी कई समस्याएं पैदा हो रही हैं। दुनिया के शहरों में हरे भरे क्षेत्रों की हिस्सेदारी 1990 में औसतन 19.5 फीसदी थी जो 2020 तक घटकर सिर्फ 13.9 फीसदी रह गई है। कमलेश ✍️  भोपाल। भविष्य में जलवायु परिवर्तन के कारण शहरों को गंभीर चुनौतियों से जूझना होगा। दुनिया भर में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन का एक बड़ा हिस्सा शहर पैदा कर रहे हैं। बगैर योजनाबद्ध तरीके से तेजी से विकसित होते शहरों और उनका उचित प्रबंधन न किए जाने का खामियाजा हरे-भरे क्षेत्रों को भुगतना पड़ रहा है। शहरों की हरियाली तेजी से सिमट रही है, और उनकी जगह कंक्रीट के जंगल पनप रहे हैं। इसकी वजह से भी कई समस्याएं पैदा हो रही हैं। दुनिया के शहरों में हरे भरे क्षेत्रों की हिस्सेदारी 1990 में औसतन 19.5 फीसदी थी जो 2020 तक घटकर सिर्फ 13.9 फीसदी रह गई है। अनुमान के मुताबिक 2040 तक शहरों में रह रहे 200 करोड़ से ज्यादा लोगों को तापमान में कम से कम 0.5 डिग्री सेल्सियस की अतिरिक्त वृद्धि का सामना करना पड़ेगा। यह चेतावनी संयुक्त राष्ट्र संगठन यूएन-हैबिटेट ने अपनी नई रिपोर्ट में दी है। वर्ल्ड सिटीज रिपोर्ट 2024 वर्ल्ड अर्बन फोरम के दौरान जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के कई बड़े शहर लाखों लोगों को आवास प्रदान कर रहे हैं, लेकिन उन पर साल दर साल कई तरह के खतरे बढ़ते जा रहे हैं। जैसे जैसे शहर बढ़ते हैं वे जलवायु से जुड़ी आपदाओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते जाते हैं। समस्याएं बढ़ रहीं, शहर उसके लिए तैयार नहीं जलवायु परिवर्तन से जो समस्याएं पैदा हुई हैं उसके अनुरूप शहर तैयार नहीं हैं। शहरों में बेघरों की संख्या और झुग्गी बस्तियों की तादाद बढ़ती जा रही है। झुग्गी बस्तियां आमतौर पर ऐसे इलाकों में होती हैं जो पर्यावरण के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील होते हैं। इन क्षेत्रों में आपदाओं से बचाव के लिए बुनियादी ढांचा बेहद लचर है। ऐसे में अक्सर जलवायु सम्बन्धी आपदाओं या चरम घटनाओं का खामियाजा यहां रहें वाले आम लोगों को भुगतना पड़ता है। बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए बजट कम रिपोर्ट में शहरों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा समय में उपलब्ध राशि और वित्तीय आवश्यकतों के बीच की गहरी खाई को भी उजागर किया गया है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि शहरों को सालाना साढ़े चार से 5.4 लाख करोड़ डॉलर की दरकार है, ताकि जलवायु संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके। जबकि शहरों को अभी सिर्फ 83,100 करोड़ डॉलर मिल रहे हैं। कारगर योजनाओं से सुधर सकती है स्थिति संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रिपोर्ट की प्रस्तावना में कहा है कि मजबूत निवेश और स्मार्ट योजना से शहरों में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करके उन्हें जलवायु  परिवर्तन के अनुरूप ढाला जा सकता है। इसके लिए साहसिक निवेश, कारगर योजनाओं और डिजाइन की दरकार होगी।  इस संबंध में यूएन-हैबिटेट की कार्यकारी निदेशक एनाक्लॉडिया रॉसबाख का कहना है कि अगले कुछ वर्षों में करोड़ों लोगों को न केवल बढ़ते तापमान बल्कि बाढ़, लू, सूखा और जल संकट जैसी कई समस्याओं से जूझना होगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 173

उपभोक्ता अधिकार: पैकेट पर अंकित वजन कम होने पर करें शिक़ायत और पाये मुआवजा, जाने नियम 

Consumer rights: Complain and get compensation if the weight mentioned on the packet is less, know the rules  कमलेश ✍️ भोपाल। रोजमर्रा की जिंदगी में हम कई तरह के उत्पाद खरीदते हैं। अगर वे खुले में बिकने वाले हैं, जैसे सब्जियां, फल या अनाज आदि तो हम तौलकर खरीदते हैं। हालांकि, पैकेज्ड उत्पादों के साथ यह होता है कि ज्यादातर लोग पैकेज पर लिखे वजन या वॉल्यूम पर भरोसा कर लेते हैं। आज जानते हैं कि पैकेज्ड उत्पाद को लेकर उपभोक्ता कानून क्या कहते हैं। क्या हैं उपभोक्ताओं के अधिकार? उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(9) में उपभोक्ता अधिकारों का वर्णन किया गया है। अन्य कई अधिकारों के अलावा उपभोक्ता को वस्तुओं या उत्पादों की मात्रा के बारे में जानने का अधिकार भी होता है, ताकि वह अनुचित व्यापार प्रैक्टिस से बच सके। इसके अलावा अगर उपरोक्त अधिकार का उल्लंघन होता है तो उपभोक्ता को संबंधित उपभोक्ता आयोग में जाने का भी अधिकार है। वजन को लेकर क्या है कानून? वजन और माप के मानकों को स्थापित करने के लिए संसद ने कानूनी माप विज्ञान अधिनियम, 2009 को अधिनियमित किया है। इसके तहत ही वजन, माप या संख्या के आधार पर वस्तुओं को बेचा या वितरित किया जाता है। इस कानून से पहले भारत में वजन और माप के लिए मानक अधिनियम, 1976 और वजन और माप के मानक (प्रवर्तन) अधिनियम, 1985 लागू थे। इन सभी कानूनों के तहत उत्पादों की प्रकृति के आधार पर उत्पादों की विभिन्न श्रेणियों के संबंध में नियम बनाए गए थे। कुछ उत्पादों के लेबल पर ‘पैक किए जाते समय’ (when packed) उत्पाद के वजन/मात्रा का उल्लेख करना आवश्यक होता है, क्योंकि कुछ स्टोरेज कंडिशन में वजन कम हो सकता है या बढ़ सकता है। वहीं कुछ उत्पादों पर केवल वजन का उल्लेख करना होता है और उतनी ही मात्रा उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य होता है। वजन कम पाए जाने पर वजन की मात्रा कम निकलने पर उपभोक्ता अदालतों और आयोगों ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में केरल में जॉर्ज थैटिल के चर्चित मामले को लिया जा सकता है। उन्होंने जनवरी 2020 में 40-40 रुपए में बिस्किट के दो पैकेट खरीदे। प्रत्येक पैकेज पर वजन 300 ग्राम लिखा हुआ था। लेकिन उसे मापने पर उन्होंने उक्त पैकेजों में से एक का वजन केवल 268 ग्राम और दूसरे का 249 ग्राम पाया। उन्होंने कानूनी माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत संबंधित अधिकारी से शिकायत की, जिन्होंने वजन में कमी की पुष्टि की। चूंकि उपभोक्ताओं को कानूनी माप विज्ञान अधिनियम के तहत मुआवजा नहीं मिल सकता है, इसलिए उन्होंने उस समय लागू उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। उपभोक्ता फोरम ने सबूतों पर विचार कर माना कि बिस्किट बनाने वाले निर्माता और बिस्किट के पैकेट बेचने वाले विक्रेता दोनों ने कानूनी माप विज्ञान अधिनियम की धारा 30 का उल्लंघन किया है और उपभोक्ता कानून के अनुसार यह सेवा में कमी का मामला बनता है। फोरम ने कहा, ‘गलती करने वाले निर्माता या व्यापारी की ओर से ऐसा भ्रामक कार्य उपभोक्ता की गरिमा के खिलाफ है और धोखे या किसी भी तरह के अनुचित व्यापार व्यवहार से उसके मुक्त जीवन जीने के उसके अधिकार को खतरे में डालने के समान है।’ उपभोक्ता को हुई वित्तीय हानि और पीड़ा के लिए 50 हजार रुपए और मुकदमे की लागत के लिए 10 हजार रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया गया। साथ ही निर्माता और विक्रेता को तत्काल प्रभाव से उन उत्पादों को वापस लेने के आदेश दिए गए, जिनमें वजन निर्धारित मात्रा से कम था। साबुन के मामले में विशिष्ट मामला  साल 1993 में एक उपभोक्ता यह कहते हुए आंध्र प्रदेश राज्य उपभोक्ता आयोग के पास गया था कि साबुन का वजन पैकेजिंग पर उल्लिखित वजन से कुछ ग्राम कम पाया गया। इस पर आयोग ने कहा, “पैकेज में उल्लिखित वजन उस समय का वजन है, जब इसे पैक किया गया था। चूंकि पर्यावरण और अन्य स्थितियों के कारण नमी में कमी हो सकती है और इस कारण वजन भी कम हो सकता है। आयोग ने माना कि उपभोक्ताओं को शायद यह पता नहीं है कि समय बीतने के साथ साबुन का वजन कम हो जाता है और तदनुसार उसने अधिकारियों को इस संबंध में उपभोक्ताओं को शिक्षित करने का निर्देश दिया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 275

मल्लिकार्जुन खरगे ने डोनाल्ड ट्रंप को दी बधाई

Mallikarjun Kharge congratulated Donald Trump डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी जीत पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बधाई दी. खरगे ने भारत-अमेरिका की साझेदारी को मजबूत करने की बात की और कहा कि हम अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ रहे हैं. शुरुआती नतीजों में रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है. चुनाव में जीत के बाद दुनिया भर के नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं. इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी डोनाल्ड ट्रंप को जीत की बधाई दी है. कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई देते हुए लिखा है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव में जीत की बधाई और शुभकामनाएं देते हैं. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत और अमेरिका एक मजबूत और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं. यह साझेदारी लंबे समय से सामान्य लोकतांत्रिक मूल्यों, हितों और व्यापक जनसंपर्कों पर आधारित है. हम वैश्विक शांति और समृद्धि के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 218

मालेगांव धमाका केस: पेशी में गैरहाजिर रहने पर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ जमानती वारंट जारी

Malegaon blast case: Bailable warrant issued against Sadhvi Pragya Singh Thakur for being absent in the hearing. Malegaon Bomb Blast Case : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल संसदीय क्षेत्र से पूर्व सांसद और भाजपा की फायर ब्रांड नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ एक बार फिर जमानती वारंट जारी हुआ है। ये जमानती वारंट एनआईए कोर्ट द्वारा मालेगांव बम धमाके के केस में चल रही पेशियों में शामिल न होने के कारण जारी किया गया है। कोर्ट ने मंगलवार को इस जमानती वारंट को ये कहते हुए जारी किया कि, मामले की बहस अपने अंतिम दौर में है, ऐसे में मुख्य आरोपी का कोर्ट में होना जरूरी है। दरअसल, प्रज्ञा ठाकुर बीते लंबे समय से कोर्ट में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मेडिकल लगाकर अदालत की पेशियों में नहीं पहुंच रही हैं। इसी के चलते लंबे समय से ये मामला लंबित है। आरोपी पक्ष के इसी व्यव्हार को अनुचित मानते हुए मुंबई की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ पेशी में शामिल न होकर कोर्ट का समय बर्बाद करने के चलते जमानती वारंट जारी किया है। इसी साल दूसरी बार मिला जमानती वारंटआपको बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं जब मालेगांव बम धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कोर्ट द्वारा जमानती वारंट जारी किया गया हो, इससे पहले इसी साल मार्च के महीने में भी उन्हें 10 हजार का जमानती वारंट जारी किया जा चुका है। हालांकि, उस वारंट को ठाकुर के वकील ने जमानत के 10 हजार जमा करके मेडिकल लगाते हुए कहा था कि प्रज्ञा ठाकुर अस्वस्थ हैं, इसलिए वो पेशी में नहीं पहुंच सकेंगी। अब 8 महीने बीतने के बाद भी पेशी में न आने के चलते कोर्ट ने उनका मेडिकल रद्द करते हुए एक बार फिर जमानती वारंट जारी करते हुए 13 नवंबर तक किसी भी स्थिति में कोर्ट में पैश होने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र राज्य में मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित मालेगांव शहर की एक मस्जिद के पास बम ब्लास्ट हुआ था। इन धमाकों में 6 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मालेगांव उत्तर महाराष्ट्र के नासिक जिले का एक सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका माना जाता है। धमाके के बाद 30 सितंबर 2008 को मालेगांव के आजाद नगर पुलिस थाने में मामले दर्ज किए गए थे। फिलहाल, मामले की सुनवाई स्पेशल एनआईए कोर्ट कर रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 227

Supreme Court:निजी संपत्तियां ‘समुदाय के भौतिक संसाधन’ नहीं, राज्य नहीं कर सकता जबरन अधिग्रहण

Supreme Court: Private properties are not ‘physical resources of the community’, the state cannot forcibly acquire them नई दिल्ली ! सर्वोच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि सभी निजी स्वामित्व वाली संपत्तियां सामुदायिक संसाधन नहीं होतीं, जिन्हें राज्य आम भलाई के लिए अपने अधीन कर सकता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 8-1 के बहुमत से इस विवादास्पद मुद्दे पर फैसला सुनाया। तीन फैसले लिखे गएमुख्य न्यायाधीश ने अपने और छह सहयोगियों के लिए एक फैसला लिखा, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने एक समवर्ती लेकिन अलग फैसला लिखा और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने असहमति जताई। पीठ में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति नागरत्ना बीवी, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला, न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति एससी शर्मा और न्यायमूर्ति एजी मसीह शामिल थे।यह मामला संविधान के अनुच्छेद 31सी से संबंधित है जो राज्य द्वारा राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों को पूरा करने के लिए बनाए गए कानूनों की रक्षा करता है – संविधान सरकारों को कानून और नीतियां बनाते समय पालन करने के लिए दिशा-निर्देश देता है। अनुच्छेद 31सी जिन कानूनों की रक्षा करता है उनमें अनुच्छेद 39बी भी शामिल है। अनुच्छेद 39बी में प्रावधान है कि राज्य अपनी नीति इस प्रकार बनाएगा कि समुदाय के भौतिक संसाधनों का स्वामित्व और नियंत्रण इस प्रकार वितरित हो कि सर्वजन हिताय हो।किसी की निजी संपत्ति नहीं हो सकती पब्लिकइस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “क्या 39बी में इस्तेमाल किए गए समुदाय के भौतिक संसाधन में निजी स्वामित्व वाले संसाधन शामिल हैं? सैद्धांतिक रूप से, इसका उत्तर हां है, इस वाक्यांश में निजी स्वामित्व वाले संसाधन शामिल हो सकते हैं। हालांकि, यह न्यायालय रंगनाथ रेड्डी में न्यायमूर्ति अय्यर के अल्पमत के दृष्टिकोण से सहमत नहीं है। हमारा मानना ​​है कि किसी व्यक्ति के स्वामित्व वाले प्रत्येक संसाधन को केवल इसलिए समुदाय का भौतिक संसाधन नहीं माना जा सकता क्योंकि वह भौतिक आवश्यकताओं की योग्यता को पूरा करता है।”उन्होंने कहा, “39बी के अंतर्गत आने वाले संसाधन के बारे में जांच विवाद-विशिष्ट होनी चाहिए और संसाधन की प्रकृति, विशेषताओं, समुदाय की भलाई पर संसाधन के प्रभाव, संसाधन की कमी और ऐसे संसाधन के निजी लोगों के हाथों में केंद्रित होने के परिणामों जैसे कारकों की एक गैर-संपूर्ण सूची के अधीन होनी चाहिए, इस न्यायालय द्वारा विकसित सार्वजनिक ट्रस्ट सिद्धांत भी उन संसाधनों की पहचान करने में मदद कर सकता है जो समुदाय के भौतिक संसाधन के दायरे में आते हैं।”46 साल बाद पलटा फैसला1977 में, सात न्यायाधीशों की पीठ ने 4:3 बहुमत से फैसला सुनाया था कि निजी स्वामित्व वाली सभी संपत्ति समुदाय के भौतिक संसाधनों के दायरे में नहीं आती है। हालाँकि, अल्पमत की राय में, न्यायमूर्ति कृष्ण अय्यर ने माना कि सार्वजनिक और निजी दोनों संसाधन अनुच्छेद 39(बी) के तहत “समुदाय के भौतिक संसाधनों” के दायरे में आते हैं। अपने अलग फैसले में, न्यायमूर्ति नागरत्ना ने न्यायमूर्ति अय्यर के फैसले पर उनकी टिप्पणियों पर मुख्य न्यायाधीश से असहमति जताई। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 117

ISRO का कमाल, लेह की धरती पर उतार दिया ‘अंतरिक्ष यान ’; जानें कैसे करेगा काम

ISRO’s wonder, landed a ‘spacecraft’ on the land of Leh; Know how it will work मानव शरीर लद्दाख में कठोर मौसम स्थिति के प्रति कैसे अनुकूल होता है, जो यह समझने में उपयोगी हो सकता है कि अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों के लिए कैसे अभ्यस्त हो सकते हैं नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने फिर एकबार कमाल कर दिखाया है। धरती पर ही अंतरिक्ष जैसा मिशन शुरू कर दिया है। इसका मकसद इंसान को चंद्रमा पर भेजने से पहले तैयार करना है। इसरो ने कहा कहा कि देश का पहला ‘एनालॉग’ अंतरिक्ष मिशन लद्दाख के लेह से रवाना हुआ है। जिस स्थान को इसके लिए चुना गया है वहां की भौतिक स्थिति अंतरिक्ष जैसी ही है। यहां की जलवायु शुष्क और ठंडी है। यहां बंजर भूमि, उच्च ऊंचाई वाले इलाके और अत्यधिक अलगाव वाले इलाके हैं जो कि मंगल और चंद्रमा के परिदृश्यों के समान माना जाता है। यह ग्रहों की खोज के उद्देश्य से वैज्ञानिक मिशनों के लिए एक आदर्श प्रशिक्षण मैदान है। इसरो ने कहा, ‘‘मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र, इसरो, एएकेए स्पेस स्टूडियो, लद्दाख विश्वविद्यालय, आईआईटी बंबई और लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के सहयोग से यह मिशन अंतरग्रहीय आवास की तरह काम करेगा जो पृथ्वी से परे बेस स्टेशन की चुनौतियों से निपटेगा।’’ इसरो की टीम टीम यह भी अध्ययन कर रही है कि मानव शरीर लद्दाख में कठोर मौसम स्थिति के प्रति कैसे अनुकूल होता है, जो यह समझने में उपयोगी हो सकता है कि अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों के लिए कैसे अभ्यस्त हो सकते हैं। अक्टूबर के मध्य में शुरू हुआ यह महीने भर चलने वाला मिशन भारत की चंद्र आवास स्थापित करने की योजना के मद्देनजर आया है। यह अंतरग्रहीय मिशनों को लॉन्च करने के लिए आधार प्रदान कर सकता है। इस मिशन में हैब-1 नामक एक कॉम्पैक्ट और इन्फ्लेटेबल आवास शामिल है, जो हाइड्रोपोनिक्स फार्म, रसोई और स्वच्छता सुविधाओं जैसी आवश्यक चीजों से सुसज्जित है। यह एक आत्मनिर्भर वातावरण प्रदान करता है जो कि मूल्यवान डेटा प्रदान करता है। भारत चंद्रमा, मंगल और उससे आगे के लिए लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों की योजना बना रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 215

भोपाल में पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री का अपमान, पीसीसी के पूर्व चीफ अरुण यादव ने जताई नाराजी

Anti-social elements garlanded the statue of former Prime Minister Lal Bahadur Shastri with shoes in Bhopal भोपाल। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री के भोपाल में अपमान का मामला सामने आया है। इस मामले की वीडियो एक्स पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने वायरल कर तीखी नाराजगी जताई है। देश के महान नेताओं का सम्मान उनकी पुण्य तिथि और जयंती पर किया जाता है, लेकिन उनके अपमान के लिए शरारती तत्व कोई भी मौका नहीं चूकते। महान नेताओं की सार्वजनिक स्थानों व चौराहा-तिराहों पर उनकी स्थापित प्रतिमाएं की देखरेख को लेकर कोई जिम्मेदारी नहीं लेता और इसका परिणाम आए दिन महान नेताओं के अपमान की घटनाएं सामने आती हैं। एक ताजा मामला भोपाल का सामने आया है जिसे कांग्रेस के नेता ने एक्स पर वीडियो के साथ शेयर किया है।भोपाल में पुरानी विधानसभा के सामने पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा तिराहा पर स्थापित है। जिस पर उनकी पुण्यतिथि और जयंती पर फूल माला डालने के लिए राजनीतिक दलों के नेता पहुंचते हैं। मगर इसके बाद शायद ही कभी कोई नेता इनकी तरफ देखता होगा। प्रतिमा पर धूल चढ़ी रहती है लेकिन अभी एक्स पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस प्रतिमा का एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो से भोपाल शहर शर्मसार हो रहा है क्योंकि पूर्व पीएम शास्त्री की प्रतिमा पर किसी शरारती तत्व ने जूतों की माला पहना दी है। पूर्व पीसीसी अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस मामले में दोषियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की है। साथ ही घटना को घोर निंदनीय एवं अपमानजनक बताया है। उन्होंने सरकार से मांग है कि दोषियों पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जाए। वहीं, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष और मोहन सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने भी इसकी निंदा करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 188

योगी दलितों का अपमान कर रहे, अयोध्या दीपोत्सव में अवधेश को नहीं बुलाया: भाजपा कुछ भी कर सकती है: चंद्रशेखर आजाद

Yogi is insulting Dalits, did not invite Awadhesh to Ayodhya Deepotsav: BJP can do anything: Chandrashekhar Azad यूपी उपचुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। सीएम योगी के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, ‘कहीं कोई बांट नहीं रहा है और न ही लोगों में मतभेद कर रहा है। ये काम विशेषकर भाजपा करती है। यह भाजपा का काम है। विपक्ष, INDIA गठबंधन और कांग्रेस मजबूती से अपना काम कर रही है। ‘नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा- चुनावी रैलियों में ‘बटेंगे तो कटेंगे’ का नारा देने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मंच पर समाज को ‘हरिजन’ और ‘गैर हरिजन’ में बांट रहे हैं। क्या इस ‘हरिजन’ शब्द के प्रयोग से उनका तथाकथित हिंदू खतरे में नहीं आता? कानपुर की सीसामऊ सीट से सपा प्रत्याशी नसीम सोलंकी ने दिवाली पर वनखंडेश्वर मंदिर में शिवलिंग जल चढ़ाया। दीपक भी जलाए।इधर, लखनऊ में सपा ने एक और नया पोस्टर लगवाया है। इसमें अखिलेश यादव की फोटो के साथ लिखा जुड़ेंगे तो जीतेंगे…। सपा के नेता विजय प्रताप यादव ने यह पोस्टर लगवाया है। इससे पहले, सपा ने अखिलेश यादव के जन्मदिन पर पोस्टर लगवाया था, जिसमें लिखा था- 27 के सत्ताधीश..। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर निशाना। कहा- सपा के लोग AC रूम में बैठ कर नेतागिरी करते हैं। इनका प्रदेश की जनता से कोई मतलब नहीं है। जब-जब ये पावर में आए, तब-तब गुंडे, बदमाश पले-बढ़े। प्रदेश की जनता इनको जानती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 192

राहुल गांधी ने कि कारीगर समुदाय से मुलाकात: पेंटरों और कुम्हारों की जिंदगी कि चुनौतियों पर चर्चा

Rahul Gandhi meets artisan community: discusses challenges in life of painters and potters नेता विपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में पेंटर और कुम्हार समुदाय के सदस्यों के साथ समय बिताया, उनके काम की बारीकियों को समझा और उनकी जिंदगी से जुड़ी परेशानियों पर गहन चर्चा की। राहुल गांधी ने इन मेहनतकश कारीगरों के साथ काम में हाथ बंटाया और उनकी कठिनाइयों को नजदीक से जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ये कारीगर हमारे घरों को अपनी कला से रोशन करते हैं, लेकिन उनके खुद के जीवन में खुशहाली और स्थिरता की कमी है। इसके लिए समाज की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इन हुनरमंदों को न केवल पहचान दे, बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग भी करे। पेंटर समुदाय की चुनौतियाँ: सीमित अवसर, जोखिमपूर्ण काम और स्थायित्व की कमी राहुल गांधी ने पेंटर समुदाय के साथ चर्चा करते हुए पाया कि उनके काम में कई तरह की चुनौतियाँ हैं। इन कलाकारों का काम चाहे घरों की दीवारों पर हो या बड़े भवनों पर, इनमें कई जोखिम जुड़े होते हैं। अधिकतर पेंटर अनौपचारिक श्रम बाजार में काम करते हैं, जिसके चलते उन्हें नियमित आय या भविष्य में स्थायित्व की कोई गारंटी नहीं मिलती। कई पेंटरों ने अपनी परेशानियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होते, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। राहुल गांधी ने इस पर चिंता जताई और कहा कि इस समुदाय को बेहतर उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करना अत्यंत जरूरी है। साथ ही, उन्होंने पेंटरों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का समाधान करने पर भी जोर दिया, ताकि इस समुदाय को एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सके। कुम्हार समुदाय से बातचीत: पारंपरिक कला के संरक्षण की जरूरत राहुल गांधी ने कुम्हार समुदाय के साथ बातचीत करते हुए उनकी कला की बारीकियों को समझा। कुम्हारों की कला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। लेकिन आज, आधुनिकता के इस दौर में यह कला विलुप्त होने के कगार पर है। कुम्हारों ने बताया कि पारंपरिक मिट्टी के बर्तन और मूर्तियाँ बनाने का काम पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है, लेकिन अब प्लास्टिक और मशीनी उत्पादों के कारण उनकी मांग घटती जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार और समाज को मिलकर कुम्हारों को उचित बाजार और सहयोग प्रदान करना चाहिए। यदि उनके उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए, तो ये लोग न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भी संजीवनी मिलेगी। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि इस कला को आधुनिक बाजार में स्थान दिलाने के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता की भी आवश्यकता है। हुनरमंदों को मौके देने पर जोर: स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण राहुल गांधी का मानना है कि यदि सही प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिले तो कारीगर और कलाकार अपनी कला से समाज में योगदान कर सकते हैं और एक आर्थिक संबल पा सकते हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि पेंटरों और कुम्हारों जैसे कारीगरों के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकारों के लिए वित्तीय योजनाओं, लोन स्कीम और सरकारी सब्सिडी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक आधार मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय बाजारों और कला मेलों का आयोजन करने का सुझाव दिया, जहां ये कलाकार सीधे अपने उत्पादों को बेच सकें और उचित मुनाफा कमा सकें। समाज के प्रति संदेश: कला और मेहनत की इज्जत करें राहुल गांधी ने इस मुलाकात के दौरान एक संदेश दिया कि समाज को इन मेहनतकशों के योगदान को समझना चाहिए और उनकी कला का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेंटर और कुम्हार जैसे लोग हमारे घरों और समाज को सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अगर हम इनकी कला और मेहनत की इज्जत करेंगे और इन्हें सहयोग देंगे, तो एक समृद्ध और सशक्त समाज की स्थापना हो सकती है। राहुल गांधी की यह पहल न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एक उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे नेता जनता के करीब जाकर उनकी असली समस्याओं को समझ सकते हैं और उनके समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 151

भारत-चीन सीमा विवाद: पूर्वी लद्दाख में गश्त बहाल, तनाव घटाने की दिशा में बड़ा कदम

Step towards peace in Eastern Ladakh: Indian Army resumes patrolling in Demchok, sweets exchanged on Diwali पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले प्रमुख बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों के पूरी तरह पीछे हटने के कुछ ही दिनों बाद भारतीय सेना ने शुक्रवार (1 नवंबर 2024) को डेमचोक में गश्त फिर से शुरू कर दी। सेना के सूत्रों ने इसे भारत-चीन संबंधों में स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया है। सूत्रों के अनुसार, डेमचोक में गश्त शुरू हो चुकी है, और जल्द ही भारतीय सेना देपसांग में भी गश्त पर लौटेगी। इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत सैनिकों ने टकराव वाले बिंदुओं से पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी की थी। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति को बहाल करना है, जब लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों में तनाव गहरा गया था। दिवाली पर सीमा पर मिठाईयों का आदान-प्रदान समझौते के ठीक एक दिन बाद, दिवाली के अवसर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर विभिन्न सीमा बिंदुओं पर भारतीय और चीनी सैनिकों ने मिठाईयों का आदान-प्रदान किया। इसे दोनों देशों के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंध की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इस परंपरागत आदान-प्रदान में दोनों पक्षों में सौहार्द और मित्रता का माहौल देखने को मिला। गलवान झड़प के बाद चार साल से जारी गतिरोध में सफलता जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था और पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध जारी था। लेकिन विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, हाल ही में हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने गतिरोध समाप्त करने के एक महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति जताई है। इस समझौते को 2020 में उत्पन्न हुए मुद्दों को हल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। गश्त की बहाली से अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति की ओर वापसी सेना के सूत्रों का कहना है कि गश्त बहाली के लिए स्थानीय स्तर पर कमांडरों के बीच बातचीत जारी रहेगी। इसके साथ ही भारतीय सेना अप्रैल 2020 से पहले की गश्त वाली स्थिति और स्तर को बहाल करने का प्रयास करेगी। सत्यापन प्रक्रिया चल रही है और गश्त के तरीकों पर चर्चा और निर्णय हो रहे हैं। भारत-चीन के बीच यह प्रगति दोनों देशों के बीच शांति और सामंजस्य बढ़ाने का एक कदम है, जो आने वाले समय में स्थिरता का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 131

भारत-चीन सीमा पर दिवाली की मिठास: सैनिकों का एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर दोस्ती का इजहार

Sweetness of Diwali on India-China border: Soldiers express friendship by feeding sweets to each other नई दिल्ली। दिवाली के शुभ अवसर पर भारत और चीन के सैनिकों ने सीमा पर एक अनूठा उत्सव मनाते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। देपसांग और डेमचोक में कई महीनों से जारी तनाव के बीच, दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है। यह कदम सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया और भविष्य की बातचीत बुधवार को दोनों देशों के सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आज दिवाली के मौके पर मिठाई बांटने का यह समारोह दोनों देशों के रिश्तों में गर्माहट और विश्वास को बढ़ाने का प्रतीक माना जा रहा है। सीमा पर स्थिति को नियंत्रित करने और आगे की पेट्रोलिंग को लेकर जल्द ही ग्राउंड कमांडर स्तर पर बातचीत भी होनी है, जिसमें ब्रिगेडियर और उससे निचले स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।  विदेश मंत्री का बयान और तनाव कम करने की प्रक्रिया भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 27 अक्टूबर को कहा था कि सैनिकों की वापसी पहला कदम है और इसके बाद का कदम तनाव कम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच तनाव तब कम हो सकता है, जब भारत को पूरा विश्वास हो कि चीन भी इस दिशा में समान प्रतिबद्धता रखता है। तनाव कम करने के बाद, सीमा प्रबंधन को लेकर गहन चर्चा की जाएगी ताकि सीमा पर स्थिरता बनी रहे। सीमावर्ती क्षेत्र में शांति की दिशा में एक नई पहल इस दिवाली पर मिठाई बाँटने की परंपरा न केवल सैनिकों के बीच सौहार्द और सद्भावना बढ़ाने का संकेत है, बल्कि यह भविष्य में सीमा पर तनाव को कम करने के प्रयासों का भी हिस्सा है। भारत और चीन के बीच विश्वास को बढ़ावा देने वाले ऐसे छोटे कदम सीमा पर स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। दिवाली के इस उल्लास भरे माहौल में सीमा पर मिठाई का आदान-प्रदान दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मकता का संकेत है। यह कदम सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के साथ दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध हो सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 149

जनगणना 2025: 30 नए सवालों जानें और राजनीतिक समीकरणों के साथ होगी जनगणना

Census 2025: Know 30 new questions and census will be done with political equations केंद्र सरकार ने देश में जनगणना कराने की पूरी तैयारी कर ली है। यह प्रक्रिया अगले साल से शुरू होकर एक साल में पूरी होगी और 2026 में इसके आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इस जनगणना में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि इस बार सर्वे में सम्प्रदाय की जानकारी भी पूछी जाएगी, जिससे देश के विभिन्न सम्प्रदायों की जनसंख्या के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकेंगी। जनगणना में कुल 30 सवाल शामिल होंगे, जो पिछली 2011 की जनगणना में पूछे गए 29 सवालों से एक अधिक है। देरी के कारण और नई समय-सीमायह जनगणना 2021 में ही होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। इसके बाद लोकसभा चुनावों के चलते इसे और आगे बढ़ाया गया। अब सरकार ने इस पर तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं, क्योंकि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही लोकसभा और विधानसभा सीटों का परिसीमन किया जाएगा, जो 50 वर्षों से रुका हुआ है। संप्रदाय आधारित सवालों का राजनीतिक महत्वइस बार जनगणना में शामिल किए गए सम्प्रदाय आधारित सवाल विशेष चर्चा का विषय हैं। जनगणना में कबीरपंथी, रविदासी, दलित बौद्ध और अन्य सम्प्रदायों के बारे में पूछा जाएगा। इसके पीछे उद्देश्य केवल आंकड़े इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि इन आंकड़ों के आधार पर सरकारी योजनाओं को बेहतर बनाना और समाज में राजनीतिक समीकरणों को समझना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सम्प्रदाय आधारित आंकड़े राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि यह राजनीतिक दलों को इन सम्प्रदायों के आधार पर नीतियां बनाने और समर्थन प्राप्त करने में सहायता कर सकते हैं। परिसीमन और महिला आरक्षण2029 में लोकसभा सीटों में वृद्धि और महिला आरक्षण की संभावनाओं के चलते यह जनगणना और भी महत्वपूर्ण हो गई है। परिसीमन के आधार पर सीटों के पुनर्गठन से भारत के जनसांख्यिकीय बदलावों का सीधा असर चुनावी सीटों पर पड़ेगा, जो विभिन्न राज्यों के राजनीतिक परिदृश्य को भी प्रभावित करेगा। जाति जनगणना पर चुप्पीहालांकि जाति जनगणना पर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार सम्प्रदाय की जानकारी पूछे जाने की तैयारी चल रही है। इससे राजनीतिक लाभ के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सहयोग मिलेगा। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं और उनकी जनसंख्या के अनुपात को समझने में सहायता मिलेगी, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी। आगामी जनगणना न केवल देश की जनसांख्यिकी को समझने का एक साधन होगी, बल्कि इसके माध्यम से राजनीतिक दलों को नई योजनाएं और विकास की दिशा तय करने का आधार मिलेगा। इस बार जनगणना के व्यापक परिणाम, भारतीय राजनीति और समाज दोनों पर गहरे असर डाल सकते हैं। इस बार जानकारी में लोगों से उनका संप्रदाय भी पूछा जाएगा। कबीरपंथी, रविदासी, दलित बौद्ध समेत देश के अलग-अलग राज्यों में कई संप्रदाय हैं। ऐसे में संप्रदाय भी राजनीति का एक बड़ा आधार हो सकता है। इस तरह 30 सवाल जनगणना में पूछे जाएंगे। ये हैं वो सवाल जिनका जवाब हर घर से लिया जाएगा (i) एक तरफ से दूरी।(ii) यात्रा का माध्यम। (a) क्या भारत में ही पलायन किया?(b) किस समय पलायन किया? (a) बेटे कितने ?(b) बेटियां कितनी? जन्म लेने वाले कितने बच्चे जीवित? (a) बेटे कितने ?(b) बेटियां कितनी? Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 129

ED की बड़ी कार्रवाई, IAS और उत्पाद विभाग के अधिकारियों पर छापेमारी

Big ED action in Jharkhand amidst assembly elections, raids on IAS and excise department officials रांची। झारखंड में विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर शिकंजा कसा है। मंगलवार सुबह ED ने झारखंड के वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह और उनके करीबी रिश्तेदारों एवं संबंधित अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में की गई है। छापेमारी का मकसद और प्रमुख स्थान हालांकि, ED ने किन-किन स्थानों पर छापेमारी की है, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शराब घोटाले से जुड़े कागजात, संपत्तियों और लेनदेन के सबूत जुटाना है। इस छापेमारी में कई आर्थिक दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड्स की भी जाँच की जा रही है। मामला और प्राथमिकी यह मामला उस समय प्रकाश में आया था जब झारखंड के विकास कुमार ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में शराब घोटाले की साजिश और आबकारी नीति में हेरफेर को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर रायपुर में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोप है कि यह घोटाला रायपुर में बनाई गई आबकारी नीति में बदलाव के जरिए किया गया, और इसके तहत राज्य में शराब वितरण को लेकर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएँ हुई हैं। पिछली छापेमारियाँ यह पहली बार नहीं है जब ED ने इस मामले में छापेमारी की है। बीते साल 23 अगस्त को भी ED ने राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, उनके बेटे रोहित उरांव और शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी के रांची, देवघर, दुमका और कोलकाता स्थित 32 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों के रिकार्ड जब्त किए गए थे, जिससे घोटाले की जड़ तक पहुँचने में मदद मिली। चुनावी माहौल और ED का एक्शन चुनाव के बीच इस कार्रवाई से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। झारखंड में शराब घोटाले को लेकर विपक्षी दल पहले से ही सरकार पर हमलावर हैं, और ED की यह ताजा कार्रवाई चुनावी माहौल में एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावों के दौरान इस तरह की कार्रवाई से सत्तारूढ़ दल पर दबाव बढ़ सकता  इस मामले में ED की छापेमारी से झारखंड में शराब घोटाले की सच्चाई सामने आने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। आगामी दिनों में ED की ओर से और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। वहीं, चुनावी माहौल में इस कार्रवाई के क्या असर होते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 153

आयुष्मान भारत में बुजुर्गों को राहत: 70+ उम्र के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सेवाएं

Relief to the elderly in Ayushman Bharat: Free medical services to people aged 70+ नई दिल्ली। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को इस योजना के दायरे में शामिल किया है। अब देश के लगभग 6 करोड़ बुजुर्ग बिना किसी शर्त के सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज करा सकेंगे। इस योजना का लाभ लेने के लिए इनकम, पेंशन, बैंक बैलेंस, जमीन या किसी पुरानी बीमारी जैसी किसी भी आधार पर कोई पाबंदी नहीं होगी। आयुष्मान योजना के तहत विस्तारित लाभ इस योजना में मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च, सभी प्रकार की जांच, ऑपरेशन और दवाइयों का खर्च भी कवर होता है। किसी भी पुरानी बीमारी का इलाज भी इस योजना के तहत किया जा सकता है। खास बात यह है कि बुजुर्ग भी अब सरकारी और चुनिंदा निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज पा सकेंगे, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। योजना का मौजूदा लाभ और विस्तार आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले ही 35 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं, और अब बुजुर्गों को शामिल करने के बाद यह संख्या 40 करोड़ के करीब पहुँच जाएगी। यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना मानी जाती है, जो हर साल भारत के गरीब तबके को 5 लाख रुपए तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती है। इस योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 2017 में की थी और इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के अंतर्गत लागू किया गया था। बुजुर्गों के लिए राहत और आर्थिक सुरक्षा बुजुर्गों की सेहत और उनकी चिकित्सा आवश्यकताओं को देखते हुए इस योजना का विस्तार बेहद लाभदायक साबित होगा। इलाज में लगने वाले महंगे खर्च और गंभीर बीमारियों के इलाज का बोझ बुजुर्गों पर नहीं पड़ेगा, जिससे वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकेंगे और उनकी देखभाल का जिम्मा सरकार उठाएगी। आयुष्मान भारत योजना में बुजुर्गों का समावेश एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील कदम है। इससे न केवल उनकी आर्थिक सुरक्षा में मदद मिलेगी, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का भी लाभ मिलेगा। यह योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति है और इससे करोड़ों बुजुर्गों को जीवन के इस चरण में चिकित्सा राहत मिलेगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 173

प्रियंका गांधी ने वायनाड में चुनाव प्रचार की शुरुआत की: बीजेपी पर साधा निशाना, जनता की सेवा का वादा

Priyanka Gandhi starts election campaign in Wayanad: targets BJP, promises to serve the public Priyanka Gandhi In Waynad: वायनाड से कांग्रेस की प्रत्याशी प्रियंका गांधी ने अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरा टारगेट है कि अगर मुझे मौका मिलेगा तो मैं वायनाड की जनता के लिए दिन-रात काम करूंगा, उनकी सेवा करूंगी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमान पर उन्होंने कहा कि नामांकन के दौरान कोई मौजूद नहीं था फिर भी लोग बिना वजह की अफवाह उड़ा रहे हैं. मैंने खुद डीएम से बात की और उनसे पूछा कि क्या ऐसा हुआ है. ये बीजेपी बिना बात के बात बना रही है. बीजेपी की पॉलिटिक्स पर क्या बोलीं प्रियंका गांधी? उन्होंने बीजेपी की राजनीत पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें तो यही नहीं पता कि जनता क्या चाह रही है. जब देश में इतनी महंगाई और बेरोजगारी है, लोग परेशान हैं ऐसे समय में ये लोग अजीब सी पॉलिटिक्स कर रहे हैं. नामांकन में संपत्ति घोषित करने को लेकर बीजेपी के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी मेरी संपत्ति को लेकर बिना वजह बवाल कर रही है. ये स्वाभाविक है कि वो ऐसा करेंगे. राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को दिया खास संदेश वहीं, वायनाड से पूर्व सांसद राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी को खास संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने मुझसे कहा है कि वायनाड की जनता मुझसे बहुत प्यार करती है और अब ये रिश्ता मुझे निभाना है. बहुत ही दिल लगाकर काम करना है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 166

राहुल गांधी ने सलून वाले की मदद की: कहा- गरीब की मुस्कान लौटाऊंगा

Rahul Gandhi helped the saloon owner: said- I will return the smile of the poor राहुल गांधी ने सलून वाले को मदद पहुंचाई: पोस्ट में लिखा- गरीब की मुस्कान वापस लाऊंगा, कुछ दिन पहले उसकी शॉप पर गए थे राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली में सलून चलाने वाले अजीत को उनकी दुकान के लिए जरूरी सामान मुहैया कराया। राहुल ने अपने वॉट्सऐप चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अजीत सामान खरीदने जा रहे हैं। राहुल ने पोस्ट में लिखा, ‘मेरा भारत के हर गरीब और मिडिल क्लास के व्यक्ति से वादा है कि उनके चेहरों पर मुस्कान वापस लाऊंगा।’ वहीं, राहुल को धन्यवाद देते हुए अजीत ने कहा, ‘मैंने नहीं सोचा था कि राहुल गांधी मुझसे मिलेंगे और मेरी मदद करेंगे। मुझे सभी जरूरी सामान मिला, कोई कमी नहीं रही।’ राहुल 25 अक्टूबर को दिल्ली के उत्तम नगर में अजीत के सलून पर गए थे। वहां उन्होंने दाढ़ी बनवाने के दौरान अजीत से बातचीत की थी। राहुल ने उसका वीडियो भी X पर शेयर किया था। अजीत ने राहुल से कहा- कांग्रेस के राज में सुकून था अजीत राहुल से कह रहे हैं- पहले सोचा था आगे भविष्य हमारा अच्छा होगा, लेकिन यहीं के यहीं रह गए। हम क्या करें, हम दिव्यांग हैं। जिंदगी ऐसे ही कट रही है। बच्चों का भविष्य अधर में है। आपके राज में हम बहुत खुश थे। कांग्रेस के राज में सुकून था। हम जैसे गरीबों को सहारा देने वाला कोई तो है। मुझे राहुल जी से मिलकर बहुत सुकून मिला। राहुल ने लिखा- बढ़ती महंगाई ने मेहनतकश के अरमान छीन लिए राहुल ने लिखा- नाई से लेकर मोची, कुम्हार से लेकर बढ़ई, घटती आमदनी और बढ़ती महंगाई ने हाथ से काम करने वालों से अपनी दुकान, अपना मकान और स्वाभिमान तक के अरमान छीन लिए हैं। आज की जरूरत है ऐसे आधुनिक उपाय और नई योजनाएं, जो आमदनी में बढ़त और घरों में बचत वापस लाएं। और एक ऐसा समाज जहां हुनर को हक मिले और मेहनत का हर कदम आपको तरक्की की सीढ़ियां चढ़ाए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 160

सनातन धर्म के अधिकारों पर सवाल: देवकीनंदन ठाकुर की धर्म संसद में बड़ी घोषणाएँ

Question on the rights of Sanatan Dharma: Big announcements made by Devkinandan Thakur in Dharma Sansad देश में वक्फ तो सनातन बोर्ड क्यों नहीं? – देवकीनंदन ठाकुर का सवाल और धर्म संसद का ऐलान भोपाल। प्रख्यात कथावाचक Devkinandan Thakur in Dharma Sansad ने हाल ही में वक्फ बोर्ड और सनातन धर्म के अधिकारों को लेकर एक बड़ी मांग उठाई है। जबलपुर, मध्य प्रदेश में एक सभा के दौरान उन्होंने यह सवाल किया कि यदि देश में वक्फ बोर्ड के तहत संपत्तियों का प्रबंधन किया जा सकता है, तो सनातन धर्म के लिए ऐसा कोई बोर्ड क्यों नहीं है? इसके लिए उन्होंने “सनातन बोर्ड” की आवश्यकता पर जोर दिया और राजनीतिक पार्टियों से इस पर स्पष्ट रुख अपनाने का आग्रह किया। तिरुपति प्रसाद विवाद और हिंदुओं की धार्मिक आस्था देवकीनंदन ठाकुर ने तिरुपति मंदिर के प्रसाद में कथित रूप से चर्बी मिलाए जाने की घटना पर भी गहरी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, यह आस्था और धर्म का गंभीर उल्लंघन है और इसे 100 करोड़ हिंदुओं की हत्या के समान माना जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रसाद में अशुद्धता फैलाने वाले दोषियों को फांसी या आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि ऐसे कृत्य से हिंदुओं की धार्मिक भावना को गहरी चोट पहुँचती है और इसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। वक्फ बोर्ड बनाम सनातन बोर्ड: धार्मिक संतुलन की माँग देवकीनंदन ठाकुर ने यह भी कहा कि देश में वक्फ बोर्ड के पास अनेक संपत्तियों का स्वामित्व है, जिनमें कुछ संसद और एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर भी दावा किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि ऐसे ही हालात बने रहे तो 10-12 सालों में वक्फ बोर्ड पूरे देश पर अधिकार जमाने का दावा करेगा। इसके मद्देनजर उन्होंने माँग की कि जैसे वक्फ बोर्ड को संपत्तियाँ दी गई हैं, उसी प्रकार सनातन बोर्ड को भी संपत्तियाँ दी जानी चाहिए ताकि धार्मिक संतुलन बना रहे। राजनीतिक दलों से सवाल और धर्म संसद का आयोजन देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों को अपना रुख स्पष्ट करना होगा और सनातन बोर्ड के मुद्दे पर उनका समर्थन भी करना होगा। उन्होंने घोषणा की कि 16 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सनातन धर्म के अधिकारों और संरक्षण के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। धर्म संसद में उठाए जाने वाले मुद्दे आगामी धर्म संसद में लव जिहाद, गौ हत्या, कृष्ण जन्मभूमि की वापसी, और अन्य धार्मिक एवं सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। देवकीनंदन ठाकुर ने जनता से इस धर्म संसद में पहुँचने का आह्वान किया ताकि इन गंभीर मुद्दों पर व्यापक समर्थन और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा सके। ऐतिहासिक स्थलों की वापसी का संकल्प देवकीनंदन ठाकुर ने इस दौरान एक और महत्वपूर्ण बात कही कि जामा मस्जिद की सीढ़ियों में भगवान केशव की छवि को दबाकर रखा गया है। उन्होंने प्रतिज्ञा की कि इसे हर हाल में वापस लाया जाएगा, क्योंकि यह सनातन धर्म के मान-सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। बेटी भी अपनी, बेटा भी अपना: भेदभाव से बचे, संतुलित समाज की ओर बढ़ें यह भी पड़े: https://mysecretnews.com/both-your-daughter-and-your-son-should-avoid-excesses/ देवकीनंदन ठाकुर द्वारा उठाए गए ये मुद्दे न केवल सनातन धर्म की आस्था से जुड़े हैं, बल्कि धार्मिक संपत्तियों के संतुलन और सम्मान की भी माँग करते हैं। उनकी पहल से समाज में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है, और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राजनीतिक दल और अन्य धार्मिक संस्थाएँ इस पर क्या रुख अपनाती हैं। धर्म संसद के आयोजन के साथ ही इन मुद्दों पर और भी गहन विमर्श होने की संभावना है, जो भारत के धर्म-समाज की दिशा और संतुलन को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 227

बेटी भी अपनी, बेटा भी अपना: भेदभाव से बचे, संतुलित समाज की ओर बढ़ें,,,

Both your daughter and your son should avoid excesses. ✍️प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट आजकल समाज में दिखावा ज्यादा ही चल रहा बेटीयों के लिए, ऐसे ऐसे विडियों डाले जाते है मानो बेटे नालायक ही होते हैं,बेटा होना गुनाह है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना चल रही अच्छा है,बेटी है तो कल है और अच्छा पर क्या बेटा होना,,,, अपराध है,सजा है। समाज की सोच सकारात्मक हो चली बेटी को बोझ अब नहीं समझा जाता,, पर क्या बेटे बोझ है,बेटे कल नहीं। हमे बेटे बेटी में भेदभाव नहीं करना चाहिए,बेटे को पिता को मारते बेटी को बचाते दिखा रहे,बेटी पिता का रास्ता देख रही,,, तो क्या बेटे नहीं देखते। समझने की आवश्यकता है कि यह विडियो, स्लोगन आदि बच्चों में क्या प्रभाव डाल रहे। Both your daughter and your son should avoid excesses. बेटी हमेशा पिता से ज्यादा लगाव रखती है,बेटा मां से और यह  स्थापित सच्चाई है। पुत्र मां को जन्म से लेकर मृत्यु तक मुंह पर रखता है नाम, दुनिया के सारे स्वाद स्वादिष्ट कहेगा पर कहेगा मेरी मां के हाथ से बने,,,,खाने का स्वाद ही अलग,,,वह दादा परदादा भी बन जाए अपनी मां के सामने बेटा ही, ठीक ऐसे ही पिता बेटी को दिल में रखता है, क्योंकि बेटी में उसे अपनी मां की छवि नजर आती है, बेटी भी ध्यान रखने में मां समान रखती है। पंरतु हमें समाजिक स्तर पर, पारिवारिक जीवन में, ध्यान रखना चाहिए और  बेटा बेटी एक समान,, परिवार की है शान।।।। जैसी सकारात्मक सोच रखे, बेटी भी पढे बेटा भी, बेटी भी शान बेटा भी शान ,,,मेरा परिवार महान,,,। कृपया बालमन को समझे,, अन्यथा हीनभावना से ग्रस्त अपने बच्चे को पाऐंगे। यह भी पड़े: https://mysecretnews.com/services-civil-conduct-act-are-retired-officers/ बेटा-बेटी दोनों परिवार की शान हैं। हमें चाहिए कि हम अपने बच्चों में आपसी समानता और सम्मान का भाव जगाएँ। सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि हमारे बच्चे किसी प्रकार की हीनभावना का शिकार न हों। हमारे लिए बेटा-बेटी एक समान हैं और यह सोच ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर समाज की नींव रखेगी। “बेटी भी अपनी, बेटा भी अपनी शान। दोनों से है परिवार महान।” Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 269

वायनाड लोकसभा उपचुनाव: प्रियंका गांधी ने दाखिल किया नामांकन, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रहे मौजूद

Wayanad Lok Sabha by-election: Priyanka Gandhi filed nomination, Sonia, Rahul and Kharge showed solidarity. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज वायनाड लोकसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ उनकी मां सोनिया गांधी, भाई राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने स्थानीय नेताओं की मौजूदगी में नामांकन पर्चा भरा था। नामांकन पर्चा भरने के बाद उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ एक रोड-शो किया। बता दें कि वायनाड उपचुनाव में प्रियंका गांधी का सामना भाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास से होने वाला है। रोड शो में शामिल हुए ये नेताराहुल गांधी के अलावा प्रियंका के इस रोड शो में उनकी मां सोनिया गांधी और पति रॉबर्ट वाड्रा भी मौजूद रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के अन्य नेता भी इस रोड शो में शामिल हुए। प्रियंका गांधी ने किया लोगों को संबोधितरोड-शो में प्रियंका गांधी ने लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा, “पिछले 35 सालों से मैं अलग-अलग चुनावों के लिए प्रचार कर रही हूं। यह पहली बार है जब मैं आपके समर्थन की मांग अपने लिए कर रही हूं। यह एक बहुत ही अलग एहसास है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे वायनाड से उम्मीदवार बनने का सौभाग्य दिया।” उन्होंने आगे कहा, “सत्य और अहिंसा ने मेरे भाई (राहुल गांधी) को एकता और प्रेम के लिए देशभर में 8000 किमी पैदल चलने के लिए प्रेरित किया। जब पूरी दुनिया उनके खिलाफ थी, तब आप उनके साथ खड़े थे। मेरे भाई को लड़ने के लिए आपलोगों ने साहस दिया। मेरा पूरा परिवार आपका कर्जदार है। मुझे मालूम है कि उसे (राहुल गांधी) आपलोगों को छोड़ना पड़ा और मैं आपसे वादा करती हूं कि मैं आपके और उसके बीच के संबंधों को मजबूत करूंगी। उन्होंने मुझे बताया कि आप किन बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मेरे भाई ने मुझे बताया कि आपलोगों की क्या तकलीफ है। मैं आपके घर आना चाहती हूं और आपसे सीधे समझना चाहती हूं कि आपकी समस्याएं क्या हैं और हम उनसे कैसे निपट सकते हैं।” Priyanka Gandhi filed nomination कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी रोड-शो को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “वायनाड देश का ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां से दो सांसद हैं, एक आधिकारिक सांसद और दूसरा अनौपचारिक सांसद।” प्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद ने दी प्रतिक्रियाप्रियंका गांधी के नामांकन पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “आप जो ऊर्जा यहां देख रहे हैं, यह कुछ ऐसा है, जिसका हम सभी इंतजार कर रहे थे। हम चाहते थे कि प्रियंका गांधी किसी भी सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि किस्मत हमारे पास चलकर आएगी। हम सभी उत्साहित हैं। हर तरफ उत्साह है। यह वायनाड और केरल के लिए दोहरा सौभाग्य है, क्योंकि इसे अब स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा- प्रियंका गांधी वाड्रा, लोकसभा की सदस्य, वायनाड, केरल।” नव्या हरिदास ने प्रियंका गांधी को दी चुनौतीभाजपा उम्मीदवार नव्या हरिदास ने कांग्रेस को पहले ही कड़े मुकाबले की चुनौती दे चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि आगामी उपचुनाव में प्रियंका गांधी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।। उन्होंने कहा,”मेरी प्रतिद्वंद्वी प्रियंका गांधी हैं। मैं केवल इतना कहना चाहूंगी कि वायनाड में कांग्रेस को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। राहुल गांधी ने रायबरेली की सीट बरकरार रखने के लिए वायनाड की सीट छोड़ दी थी। जब वायनाड के लोगों को भूस्खलन का सामना करना पड़ा, तो उनके पास इन मुद्दों को उठाने के लिए संसद में कोई प्रतिनिधि नहीं था।” प्रियंका गांधी का पहला चुनावनव्या ने आगे कहा, “पिछले पांच वर्षों में राहुल गांधी ने शायद ही इस निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया हो। वे यहां के लोगों के मुद्दों को उठाने में भी नाकाम रहें। यह मेरा पहला लोकसभा चुनाव होगा।” उन्होंने यह भी कहा था कि वायनाड गांधी परिवार के लिए सिर्फ एक दूसरी सीट है। बता दें कि प्रियंका गांधी के साथ नव्या हरिदास का भी यह पहला चुनाव होगा। 13 नवंबर को होने वाले इस उपचुनाव में एलडीएफ ने भी उम्मीदवार खड़ा किया। उन्होंने सत्यन मोकेरी को अपना उम्मीदवार बनाया है। Read More : https://mysecretnews.com/madhya-pradesh-governments-malaria-eradication-campaign-success-on-paper/ Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 170

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीपीसीआर की सिफारिशों पर लगाई रोक, मदरसों को मिली राहत

Relief to Madrassas: Supreme Court bans stop funding and transfer order नई दिल्ली ! सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की उन सिफारिशों पर रोक लगा दी, जिनमें शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 (RTE Act 2009) का पालन न करने वाले मदरसों की मान्यता रद्द करने, उनकी सरकारी फंडिंग रोकने और सभी मदरसों का निरीक्षण करने की बात कही गई थी। इसके साथ ही, कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गैर-मान्यता प्राप्त और सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले गैर-मुस्लिम विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित करने के आदेश पर भी रोक लगा दी है। NCPCR की सिफारिश क्या थी?NCPCR ने सिफारिश की थी कि जो मदरसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करते, उनकी सरकारी मदद बंद कर दी जानी चाहिए। आयोग ने सभी मदरसों का निरीक्षण करने की भी सिफारिश की थी, ताकि यह देखा जा सके कि वे शिक्षा के मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। सुप्रीम कोर्ट में इस सिफारिश के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने याचिका दायर की थी, जिस पर चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाने की अनुमति भी दी है, ताकि व्यापक रूप से सभी मदरसों की स्थिति पर विचार हो सके। पूरा मामला क्या है?एनसीपीसीआर ने उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा सरकार को पत्र लिखकर सभी मदरसों का निरीक्षण करने और उनकी जांच करने का निर्देश दिया था। यूपी के मुख्य सचिव ने इस पत्र के जवाब में सभी जिलाधिकारियों को मदरसों की विस्तृत जांच का आदेश दिया था। इसी तरह त्रिपुरा सरकार ने भी अगस्त में मदरसों की जांच के निर्देश दिए थे। उत्तर प्रदेश सरकार को दूसरा झटका:यह उत्तर प्रदेश सरकार को मदरसों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से मिला दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने मदरसा अधिनियम, 2004 को रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई थी। उस मामले की याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश से स्पष्ट है कि मदरसों की फंडिंग फिलहाल जारी रहेगी और गैर-मुस्लिम विद्यार्थियों को जबरन सरकारी स्कूलों में ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई तक, मदरसे अपनी वर्तमान स्थिति में कार्यरत रहेंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 101

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: मंत्री को नहीं पता शू-कवर और सर्जिकल कवर का अंतर

Question on health system: Minister does not know the difference between shoe-cover and surgical cover बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल: मंत्री और स्वास्थ्य कर्मियों की चूक ने उजागर की स्थिति पटना ! बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक और चौंकाने वाली घटना ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हाल ही में एक अस्पताल में, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने एक बेहद ही अजीब और शर्मनाक गलती की। उन्होंने अस्पताल के एक उच्चाधिकारी को सर्जिकल हेड कवर की बजाय सिर पर शू-कवर पहना दिया। यह घटना तब और गंभीर हो गई जब खुद मंत्री जी को इस अंतर का एहसास नहीं हुआ और वे इसे सामान्य मानते रहे। यह घटना बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का एक और उदाहरण है, जिसमें ना केवल संसाधनों की कमी है बल्कि प्रशासनिक क्षमता और जागरूकता का भी अभाव है। मंत्री जी का इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया ना देना और इसे नजरअंदाज करना, उनके कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कई लोग यह दावा कर रहे हैं कि बिहार के वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री अब तक के सबसे नाकारा और असफल मंत्री रहे हैं। उनके नेतृत्व में अस्पतालों की स्थिति और भी खराब हुई है, जहां कर्मचारियों को बुनियादी चिकित्सा उपकरणों और प्रक्रियाओं का ज्ञान तक नहीं है। इस घटना ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की खस्ता हालत को उजागर किया है और आम जनता के बीच गहरी नाराजगी और निराशा पैदा की है। अब यह देखना होगा कि इस पर कोई सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं या फिर यह भी बिहार की अन्य समस्याओं की तरह भुला दिया जाएगा। अब सवाल उठता है? बिहार की जनता ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की उम्मीदें जताई थीं, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सुधार की राह अभी बहुत लंबी है। जनता अब कार्रवाई की उम्मीद कर रही है, ताकि ऐसे लापरवाह कदमों से राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 139

Isha Ambani ने जीता ‘आइकन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’, इवेंट में बिखेरा स्टाइल का जादू 

Isha Ambani won ‘Icon of the Year Award’, spread the magic of style in the event बिजनेस की दुनिया में अंबानी परिवार का जिक्र हमेशा होता है। मुकेश अंबानी ने अपनी मेहनत से अपना साम्राज्य खड़ा किया है। वहीं उद्योग की दुनिया में उनकी बेटी ईशा अंबानी ने भी कम अचीवमेंट हासिल नहीं की है। हाल ही में उन्हें एक इवेंट में सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने अपने स्टाइल स्टेटमेंट से सबका दिल जीत लिया। नई दिल्ली। ईशा अंबानी बिजनेस के साथ-साथ स्टाइल स्टेटमेंट में भी किसी से कम नहीं हैं। अक्सर हाई प्रोफाइल पार्टियों में वह जबरदस्त तरीके से तैयार होकर आती हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस और स्टार वाइव्स के साथ ही लोग उनके फैशन सेंस के बारे में बात करना नहीं भूलते। हाल ही में मुंबई में आयोजित हार्पर बाजार वूमन ऑफ द ईयर अवार्ड्स 2024 में उन्हें प्रतिष्ठित आइकॉन ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।  यह इवेंट फिल्म, टेलीविजन, कला, संस्कृति और साहित्य की दुनिया की प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित करने के लिए रखा गया था। इस ग्रैंड इवेंट में ईशा अंबानी के अलावा शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) की पत्नी गौरी नजर आईं। साथ ही अन्नया पांडे और कृति सेनन जैसे सितारों ने भी शिरकत की।   ईशा के लुक ने लूटी वाहवाही इस इवेंट में ईशा अंबानी को सम्मानित किया गया। उन्होंने जैसे ही स्टेज पर एंट्री ली, सबकी नजर उनके आउटफिट पर पड़ी, जिसमें वह बला की खूबसूरत लग रही थीं। ईशा ने इस खास मौके पर Schiaparelli की डिजाइन की हुई ड्रेस पहनी, जो काफी अट्रैक्टिव लग रही थी। उन्होंने व्हाइट और ब्लैक कलर के कॉम्बिनेशन की ड्रेस पहनी थी, जिसमें गोल्डन कलर का टच था।  अपनी ड्रेस के साथ उन्होंने हल्का हैवी मेकअप और कम से कम ज्वेलरी कैरी की थी। ईशा ने बालों को खुला रखा, जो उन्हें क्लासी और ट्रेंडी लुक दे रहा था। इस स्टाइल स्टेटमेंट से ईशा ने एक बार फिर यह साबित किया कि बी टाउन स्टार्स के बीच भी उनका फैशन किसी से कम नहीं है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 158

करवा चौथ: प्रकृति प्रेम का प्रतीक पर्व, परिवार और परंपराओं का मिलन

Karva Chauth: Festival symbolizing love of nature, union of family and traditions हम कोई भी व्रत-त्योहार मनाएं, वह किसी न किसी रूप में प्रकृति प्रेम का संदेश देता है. यह संदेश जल, जमीन और पेड़-पौधों को संरक्षित और सुरक्षित करने के प्रण से जुड़ा होता है. यह सच है कि हम प्रकृति को सुरक्षित रखेंगे, तभी हम दीघांयु होंगे, हम पीढ़ी- दर-पीढ़ी आगे बढ़ेंगे. दशहरा के बाद हम अंधकार पर प्रकाश के विजय का पर्व दीपावली मनाते हैं, लेकिन इससे पहले हम कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को करवा चौथ भी मनाते हैं. स्त्रियां पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं. स्त्रियां जानती हैं कि जिस धरा पर हमारा सुखमय दांपत्य जीवन बीत रहा है, उसके लिए पृथ्वी और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करना जरूरी है, इसलिए वह करवा चौथ के अवसर पर ऐसे अनुष्ठान संपन्न करती है, जो प्रकृति की सुरक्षा और संरक्षण का भी संदेश देता है. Karva Chauth: Festival symbolizing love of nature 2024 कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन स्त्रियां सुख-शांति और समृद्धि से परिपूर्ण दांपत्य-जीवन की कामना लिये करवा चौथ का व्रत रखती हैं. वास्तव में यह वत न सिर्फ स्त्रियों, बल्कि पुरुषों के भी प्रेम, समर्पण और त्याग का महापर्व है. यदि हम इसे विस्तृत रूप में देखें, तो यह सृष्टि और प्रकृति प्रेम का भी संदेश देता है. पौराणिक पात्र से जुड़ा है करवा चौथ मान्यता है कि महाभारत काल में द्रौपदी ने यह व्रत रखा था. पांडवों पर आयी विपत्ति को दूर करने की कामना के लिये द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण से मदद मांगी और करवा चौथ का व्रत रखा. सावित्री और सत्यवान के अलौकिक प्रेम संबंध की कथा को भी इससे जोड़ कर देखा जाता है. व्रत के शुभ मुहूर्त में सबसे पहले श्री गणेश की पूजा की जाती है. इसके बाद शिव- पार्वती और कार्तिकेय की पूजा की जाती है. व्रत खोलने से पहले इस दिन छलनी करवा चौथ 20 अक्तूबर के माध्यम से चंद्रमा दर्शन का विधान है. यह इंगित करता है कि दांपत्य संबंधों में तभी शीतलता होगी, जब हम एक-दूसरे के अवगुणों को छलनी से छान कर देखेंगे. करवा चौथ मानवीय मनोभावों के साथ- साथ प्रकृति के प्रति भी प्रेम प्रकट करने का संदेश देता है. संपूर्ण ब्र‌ह्मांड के प्रति आभार यदि आपने कभी करवा चौथ करती हुई स्त्री को गौर से देखा होगा, तो पाया होगा कि इस दिन वह चंद्रमा को मिट्टी के पात्र में शीतल कलश में मौजूद पानी और अन्य तत्व वनस्पति और खनिजों सहित हमारी धरती की समृद्धि का प्रतीक हैं. हम कलश को पांच तत्वों- आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी से जोड़ सकते हैं. इसके आधार पर मिट्टी या किसी धातु का बर्तन पृथ्वी या धरती का प्रतीक है. जीवन का आधार गंगा जल कलश हिंदू अनुष्ठानों में गहरा प्रतीकात्मक महत्व रखता है, जो समृद्धि और आध्यात्मिक शुद्धता का प्रतिनिधित्व करता है. कलश या करवा को पवित्र गंगा नदी के जल से भरा जाता है. यहां गंगा जल जीवन को बनाये रखने वाली दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है. जल जीवन का आधार है. गंगा तभी हमें ऊर्जा पूरित करेगी, जब उसका जल स्वच्छ रहेगा. जल लेकर अर्घ्य देती है. इसका आशय है, जहां से शीतलता और रोशनी मिले, उसके प्रति संवेदना की आर्द्रता जरूर प्रदान करना चाहिए, साथ ही यह संदेश मिलता है कि जल, थल और नभ यानी संपूर्ण ब्रह्मांड के प्रति हम आभार प्रकट करें. हम उन्हें स्वच्छ व संरक्षित रखने की कोशिश करें, हम ऐसा कोई भी कार्य न करें, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचे. ईश्वर के करीब लाता है यह पर्व करवा चौथ में पति के स्वास्थ और लंबी आयु के लिए व्रत रखा जाता है. इसमें सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक उपवास किया जाता है. इस अनुष्ठान के अंतर्गत शिव-पार्वती पूजा की थाली तैयार करना, चंद्रमा की पूजा करना और चंद्र दर्शन के बाद पति के हाथों जल और मठरी से व्रत तोड़ने का विधान है. यह एक-दूसरे के प्रति प्रेम-सम्मान और भक्ति का प्रतीक है. मन अशांत होने पर न हम मनुष्य के प्रति प्रेम प्रकट कर पाते हैं और न ही ईश्वर- पृथ्वी का चित्रण है कलश करवा चौथ के नाम में ‘करवा’ शब्द मिट्टी के बर्तन को संदर्भित करता है. पूर्ण कलश पृथ्वी का चित्रण है. भक्ति में ध्यान लगा पाते हैं. यदि हम गौर करें, तो करवा चौथ उपवास का मुख्य उद्देश्य मन को शांत कर ईश्वर और गुरु के करीब आना है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 137

India’s disappointing journey from Women’s T20 World Cup: What next?

The Indian team’s journey at the 2024 Women’s T20 World Cup did not start as expected. India crashed out of the group stage itself, and now the team has time to reflect on several issues, including batting strategy, personal decisions and leadership changes. This is the first time since 2016 that the Indian women’s team has not reached the semi-finals of a World Cup. New Zealand-Pakistan match: Indian hopes and disappointments Team India players were banking a lot on the match between New Zealand and Pakistan. Restricting New Zealand to 110 runs raised hopes in the Indian camp, but when Pakistan were all out for just 56 runs, those hopes were dashed. The Indian players packed their bags and prepared to return straight home without any celebrations. Now the Indian team will assemble for the three ODIs against Campaign Review: Why India’s campaign did not work out? The campaign never got off to a good start. India were hampered by lower-order batting, tactical mistakes in selection and a lack of team combination. This time’s failure is far more painful than the team that reached the semi-finals in the last World Cup. The team now has time to ponder over key questions: Camp vs A-tour exposureThe Indian selectors and management focused on skill and fitness camps rather than getting the players on A-tours or playing domestic cricket. While this is important, during this time some players, such as Pooja Vastrakar, Radha Yadav and Arundhati Reddy, missed out on the opportunity to be sent on the India A tour of Australia. Missing out on this opportunity could prove to be a big mistake. Batting challengesThe lower-order batting has been a big concern for the team. The Indian lower order did not get much exposure in the games against South Africa and Bangladesh, leaving their preparations for the World Cup incomplete. In the group stage, the Indian batsmen were not able to give their best under pressure. Harmanpreet Kaur’s leadership Captain Harmanpreet Kaur is under pressure. She is facing questions about her decisions and batting order. The team has played some tough matches under Kaur’s leadership, but this time’s failure has raised questions about her leadership. Read More :- https://mysecretnews.com/sophie-shows-her-utility/ Way forward: Preparation for the 50-over World Cup Although the team’s 2024 Women’s T20 World Cup campaign is over, the 50-over World Cup is to be held on home ground next year. To perform better in this World Cup, the team will have to work on its weaknesses. Harmanpreet Kaur has this opportunity to accept this challenge and give a new direction to the Indian team and prepare the team for a better performance in the 50-over World Cup. This is a time of introspection for the Indian women’s team. While the team’s performance has been mixed in the last few months, after this failure it has become clear that the team needs to reorganize itself at both strategic and mental levels. Conclusion:After the failure in the World Cup, the road ahead for the Indian team is full of challenges. With the right strategy and confidence, the team can rise again, and make a fresh start in the 50-over home World Cup. The players and management need to learn from this experience so that the Indian women’s cricket team can become stronger in the times to come. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 384

19 उपचुनाव सीटों की तारीखों की घोषणा: ECI आज 3:30 बजे कर सकता है

Announcement of dates of 19 by-election seats: ECI may announce today at 3:30 pm यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश की 19 सीटों के उपचुनाव की तारीखों का ऐलान आज हो सकता है. इसमें यूपी से 10, राजस्थान से सात और एमपी की 2 सीटें हैं. नई दिल्ली : ECI may announce today निर्वाचन आयोग (ईसी) मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों की तारीखों के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान की कुल 19 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान भी कर सकता है. निर्वाचन आयोग चुनाव संबंधी विस्तृत जानकारी की घोषणा के लिए दिल्ली में दोपहर साढ़े तीन बजे संवाददाता सम्मेलन का आयोजन करने वाला है. यूपी में करहल, मिल्कीपुर, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर समेत प्रदेश की कुल 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. वहीं राजस्थान में खींवसर, झुंझुनूं, दौसा, देवली-उनियारा और चौरासी, रामगढ़ और सलूंबर सीटें खाली हैं. इसके अलावा एमपी में बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होने हैं. इन 19 सीटों के अलावा निर्वाचन आयोग तीन लोकसभा और कम से कम अन्य 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की भी घोषणा कर सकता है, जो विभिन्न कारणों से रिक्त हैं. लोकसभा की जो तीन सीटें रिक्त हैं उनमें केरल में वायनाड, महाराष्ट्र में नांदेड़ और पश्चिम बंगाल में बशीरहाट सीट शामिल है. बात महाराष्ट्र विधानसभा की करें तो उसका कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल पांच जनवरी को समाप्त होने वाला है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली सीट से जीत दर्ज की थी. गांधी ने वायनाड सीट खाली कर दी थी और रायबरेली सीट को बरकरार रखा था. नांदेड़ सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस सांसद वसंत चव्हाण और बशीरहाट सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नुरुल इस्लाम के हाल में निधन के बाद इन सीट पर चुनाव कराना आवश्यक हो गया है. दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन में प्रेस वार्तामहाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग मंगलवार को चुनावों के लिए तारीखों का ऐलान करेगा.भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बताया कि आज दोपहर 3:30 बजे विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में आयोजित की जाएगी. Read More : https://mysecretnews.com/attack-of-inflation-non-availability/ Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 226

इंडिगो फ्लाइट में महिला के साथ छेड़छाड़, चेन्नई एयरपोर्ट पर आरोपी की गिरफ्तारी

Woman molested in Indigo flight, accused arrested at Chennai airport ( Woman molested in Indigo flight ) दिल्ली-चेन्नई इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान में एक महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना 9 अक्टूबर की है। आरोपी उड़ान के दौरान महिला को आपत्तिजनक तरीके से छूने की कोशिश कर रहा था। फ्लाइट लैंड होते ही पुलिस ने कार्रवाई की। नई दिल्ली/चेन्नई: दिल्ली-चेन्नई इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान में एक महिला यात्री के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि इस पूरे मामले में इंडिगो एयरलाइंस की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। आरोपी पेशे से संगमरमर और टाइल बिछाने का काम करता है। यह घटना 9 अक्टूबर की बताई जा रही है। महिला का आरोप है कि 45 वर्षीय राजेश शर्मा उसके साथ इंडिगो एयरलाइंस में साथ ही ट्रेवल कर रहा था। बुधवार को उड़ान के दौरान, राजेश एक महिला के बगल में बैठा था। महिला ने आरोप लगाया कि उस आदमी ने उसे गंदे तरीके से छूने की कोशिश की। जब महिला ने सभी को बताया कि लेकिन इसके बाद भी आरोपी ने गंदी हरकत करना जारी रखा। इसके बाद पायलट ने खुद उस शख्स की शिकायत की जिसके बाद आरोपी को फ्लाइट लैंड होते ही गिरफ्तार कर लिया गया।जैसे ही फ्लाइट ने लैंड किया, सुरक्षाकर्मी, पहले से ही विमान के उतरने का इंतजार कर रहे थे, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद, महिला को भी हवाई अड्डे पर इंडिगो कार्यालय ले जाया गया, जहां से उसने लिखित में शिकायत दी। इस बीच, आदमी को हवाई अड्डे की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। आगे की जांच जारी है। महिला जयपुर और दिल्ली की यात्रा के बाद घर लौट रही थी। एक पुलिस अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया कि आरोपी, जो उसके पीछे बैठा था, ने उड़ान के दौरान कथित तौर पर महिला को आपत्तिजनक तरीके से छूने की कोशिश की थी। स्थानीय पुलिस ने महिला को लिखित शिकायत दर्ज कराने में मदद करने के बाद, जांच चल रही है। इंडिगो एयरलाइंस ने अभी तक इस घटना के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। Read More : https://mysecretnews.com/manager-of-livelihood-mission/ Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 167

हरियाणा विधानसभा चुनाव: ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने युवाओं से ‘बाहर निकलकर मतदान करने’ का आग्रह किया

Haryana assembly elections: Olympic medallist Manu Bhaker urges youth to 'come out and vote'

Haryana assembly elections: Olympic medallist Manu Bhaker urges youth to ‘come out and vote’ हरियाणा ! दोहरी ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को युवाओं से बाहर निकलकर Haryana assembly elections में अपना वोट डालने का आग्रह किया।हाल ही में संपन्न पेरिस ओलंपिक में भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट और महिलाओं की व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में दो कांस्य पदक जीतेअपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भाकर ने कहा कि एक ‘जिम्मेदार नागरिक’ के तौर पर उन्होंने Haryana assembly elections में अपना वोट डाला।भाकर ने एक्स पर लिखा, “मुझे स्याही लगी है! एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में, मैंने आज सुबह हरियाणा विधानसभा चुनाव में गर्व के साथ अपना वोट डाला। मैं सभी युवा मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे बाहर निकलें और बड़ी संख्या में मतदान करें। आपका वोट मायने रखता है।”हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों के लिए शनिवार को मतदान शुरू हुआ और सुबह 11 बजे तक 22.70 प्रतिशत मतदान हुआ, भारतीय चुनाव आयोग ने कहा। चुनाव आयोग ने कहा कि हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों पर दोपहर 1 बजे तक 36.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। Read More : https://mysecretnews.com/sophie-shows-her-utility/ दोपहर 1 बजे तक अंबाला में 39.47 प्रतिशत, भिवानी में 38.27 प्रतिशत, फतेहाबाद में 40 प्रतिशत, हिसार में 38.34 प्रतिशत, करनाल में 39.74 प्रतिशत, रोहतक में 36.19 प्रतिशत, सोनीपत में 33.64 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान पंचकूला में हुआ, जहां दोपहर 1 बजे तक 25.89 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला। यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी सत्ता विरोधी लहर और किसान आंदोलन तथा पहलवानों के विरोध के मुद्दों पर सत्ता वापस लेने की कोशिश कर रही है। Haryana assembly elections में मुख्य चुनाव लड़ने वाली पार्टियों में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के साथ-साथ इंडियन नेशनल लोकदल-बहुजन समाज पार्टी (आईएनएलडी-बीएसपी) और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी)-आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन शामिल है। Haryana assembly elections अधिकारी पंकज अग्रवाल के अनुसार, 5 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में 2,03,54,350 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1,07,75,957 पुरुष, 95,77,926 महिलाएं और 467 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल, 1,031 उम्मीदवारों के साथ 90 निर्वाचन क्षेत्रों में 20,632 मतदान केंद्र स्थापित Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 160

डिवाइन रेस्क्यू: सोफी ने नंबर 4 पर अपनी उपयोगिता दिखाई

Divine Rescue: Sophie shows her utility at No. 4 भोपाल ! जब से इस बड़े इवेंट के लिए ग्रुप बनाए गए हैं, न्यूजीलैंड एक खास जीत की योजना बनाने में जुट गया है। वे खुद को एक बेहद प्रतिस्पर्धी पूल में पाते हैं जिसमें मौजूदा चैंपियन, एक मजबूत खिताब के दावेदार और सबसे हालिया एशियाई चैंपियन शामिल हैं, और वे अच्छी तरह से जानते थे कि जब उनके खिलाफ़ बाधाएं खड़ी होंगी तो उनका काम आधा हो चुका होगा। इसलिए, कुछ भी संयोग पर नहीं छोड़ा गया और हर चीज को अंतिम विवरण तक योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया। उन रणनीति बैठकों में कप्तान डिवाइन, जो WPL में तीन न्यूजीलैंडर्स में से एक हैं, ने न केवल अपने गेंदबाजों के लिए बल्कि भारत के गेंदबाजों के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। पावरप्ले में भारत द्वारा न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों को रन और जीवनदान दिए जाने के बाद आशा सोभना ने सफलतापूर्वक दबाव बनाया था। अपने चार ओवर के स्पेल के पहले तीन ओवर में लेग स्पिनर ने केवल 10 रन दिए और आक्रामक सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया प्लिमर को आउट किया। न्यूजीलैंड की पारी के 13वें ओवर की शुरुआत में सोभना ने एक फुल आउटसाइड ऑफ की ओर गेंद फेंकी और यह देखते हुए कि मिड-ऑफ रिंग में था, डिवाइन ने इसे गेंदबाज के ऊपर से शक्तिशाली तरीके से मारा। पावरप्ले के बाद से यह न्यूजीलैंड की पहली बाउंड्री थी और पहली गेंद पर आक्रामक शॉट ने लेग स्पिनर को तुरंत अपनी लेंथ पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया। डिवाइन को ठीक से पता था कि क्या होने वाला है और इस बार लेगसाइड के जरिए एक रन बनाने के लिए उन्होंने क्रीज में काफी गहराई तक जाकर गेंद को आगे बढ़ाया। एक नाटकीय ओवर के बाद, जिसमें अमेलिया केर रन आउट हुईं, फिर उन्हें रिलीव किया गया और फिर अंत में विचित्र घटनाओं के क्रम में आउट कर दिया गया, डिवाइन का सामना आरसीबी की अपनी एक और साथी खिलाड़ी से हुआ, रेणुका ठाकुर ने एक स्लॉट बॉल फेंकी और डिवाइन ने अपने अगले पैर से गेंद को जमीन पर पटक दिया, जिससे सीमर, नॉन-स्ट्राइकर और अंपायर सभी कवर की ओर झुक गए। ओवर को समाप्त करने के लिए एक वाइड, धीमी गेंद की आशंका के चलते, डिवाइन ने ऑफसाइड के मानवरहित डीप क्षेत्रों का फायदा उठाने के लिए क्रीज से कुछ निशान निकाले और बस कवर के ऊपर से गेंद को मार दिया, ताकि उनकी शक्ति बाकी काम कर सके। Sophie shows her utility at No. 4 अजीब बात यह है कि डिवाइन का ठाकुर और शोभना दोनों के साथ उच्चतम स्तर पर यह पहला मुकाबला था, लेकिन पिछले दो वर्षों में कम से कम एक महीने से वह आरसीबी में इस जोड़ी के साथ गेंदबाजी रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए बैठकों में रही हैं। उनके सात में से छह चौके उनकी फ्रेंचाइजी की गेंदबाजी तिकड़ी के खिलाफ आए। इसका मतलब यह नहीं है कि उच्चतम स्तर पर 18 वर्षों के समृद्ध अनुभव वाली डिवाइन भारत के आक्रमण को चकमा नहीं दे सकती थीं, लेकिन एक ही ड्रेसिंग रूम में मौजूदा भारतीय एकादश के लगभग आधे खिलाड़ियों के साथ बिताए गए काफी समय ने निश्चित रूप से उनकी मदद की है। डिवाइन ने पहली 10 गेंदों पर केवल छह रन बनाए थे। अगली 26 गेंदों पर उन्होंने 51 रन बनाए, भारत के गेंदबाजों की आलोचना की और क्रीज पर अपने पैरों का बेहतरीन इस्तेमाल किया तथा पिच के दोनों ओर स्ट्रोक्स के लिए खुद को तैयार किया। इस दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड को भारत के सामने 161 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने में मदद की, जिसे उन्होंने खुद स्वीकार किया कि “10-15 रन औसत से बेहतर थे”। Read more : https://mysecretnews.com/womens-t20-world-cup/ यह महत्वपूर्ण पारी ऐसे समय में आई है जब डिवाइन के बल्लेबाजी क्रम में नीचे आने की वजह से, जिनकी पावर-हिटिंग क्षमता बेमिसाल है, विश्व कप में उनके साथ खेलने के लिए 10 मैचों की हार की पृष्ठभूमि में उनकी कड़ी आलोचना हुई थी। अपनी हमेशा की मुस्कान और मजाकिया अंदाज़ में डिवाइन ने सब कुछ सह लिया। पर्दे के पीछे, प्लिमर को अनुभवी सूजी बेट्स के साथ मिलकर काम सीखने का मौका मिला और शुक्रवार तक इस युवा खिलाड़ी ने औसत दर्जे की वापसी की, जहाँ उसने 23 गेंदों में 34 रन की धमाकेदार पारी खेली और पावरप्ले में ही भारतीय आक्रमण को चकनाचूर कर दिया, जिससे कप्तान के लिए कमान संभालने का मंच तैयार हो गया। डिवाइन ने भारत के खिलाफ़ मैच से पहले कहा था, “यह स्पष्ट रूप से हमारे लिए एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जहाँ जॉर्जिया में प्लिमर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।” “हम इस तथ्य के बारे में वास्तव में ईमानदार और खुले हैं कि मैं और सूजी अब जवान नहीं हो रहे हैं। और हम वास्तव में जॉर्जिया को उस भूमिका को भरने के लिए तैयार करना चाहते हैं। और हमें लगता है कि ऐसा करना बेहतर है कि वह क्रम में सबसे ऊपर हो और हम दोनों में से कोई एक हो, बजाय हम दोनों के, ताकि जब हम अपने करियर को अलविदा कहें, तो आप दो नए ओपनर खोजने की कोशिश न करें, बल्कि जॉर्जिया के साथ शीर्ष पर बैठने के लिए सिर्फ़ एक की तलाश करें। और मुझे लगता है कि इस टीम के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि हमारे पास क्रम में लचीलापन है।” हालांकि यह कदम 2023 में पिछले टी20 विश्व कप से उत्तराधिकार योजना को गति देने की आवश्यकता से पैदा हुआ हो सकता है, लेकिन संख्याएँ बताती हैं कि वे अपनी हार के सिलसिले से प्रभावित होकर क्या कर सकते थे। एक बार सेट होने के बाद खेल को गहराई तक ले जाने की डिवाइन की प्रवृत्ति व्हाइट फ़र्न्स ओपनर के रूप में पाँच साल से अधिक समय के बाद नंबर 4 पर जाने के बाद से उनके सभी-या-कुछ नहीं नंबरों से स्पष्ट है। सफलताओं की तुलना में असफलताएं अधिक रही हैं – Sophie shows her utility at No. 4 पर 19 पारियों में 11 बार 20 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाई हैं। डिवाइन के नंबर 4 पर आने के बाद से Innings Runs Average Strike-rate … Read more

ICC महिला T20 विश्व कप 2024 का पूरा कार्यक्रम, प्रारूप, लाइव समय, स्ट्रीमिंग

ICC Women’s T20 World Cup 2024 full schedule, format, live timings, streaming ICC महिला T20 विश्व कप 2024 में, दस टीमों को पाँच-पाँच टीमों के दो समूहों में विभाजित किया गया है, जिसमें प्रत्येक समूह से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। भोपाल ! ICC महिला T20 विश्व कप का 9वाँ संस्करण गुरुवार, 3 अक्टूबर, 2024 को संयुक्त अरब अमीरात में शुरू होगा। ICC महिला T20 विश्व कप 2024 पहले बांग्लादेश में होने वाला था, लेकिन देश में चल रही नागरिक अशांति को देखते हुए, ICC ने खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए आयोजन स्थल को UAE में स्थानांतरित करने का फैसला किया। हालाँकि, बांग्लादेश को अभी भी टूर्नामेंट के लिए मेजबान टीम माना जाएगा। T20 World Cup 2024 ICC महिला T20 विश्व कप 2024 में, ICC ने 10 योग्य टीमों को पाँच-पाँच टीमों के दो समूहों में विभाजित किया है। टीमें 3 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक अपने ग्रुप की चार अन्य टीमों के खिलाफ एक-एक मैच खेलेंगी, जिसमें प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीमें 17 और 18 अक्टूबर को सेमीफाइनल मैचों के लिए क्वालीफाई करेंगी। इन दो सेमीफाइनल के विजेता फिर 20 अक्टूबर को फाइनल मैच में एक-दूसरे से भिड़ेंगे। Read more : https://mysecretnews.com/ टूर्नामेंट के सभी 23 मैच शारजाह और दुबई में खेले जाएंगे।“ICC महिला T20 विश्व कप 2024: ग्रुप A की टीमें और कार्यक्रम”ग्रुप A में, टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम और गत विजेता ऑस्ट्रेलिया को भारत, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और श्रीलंका के साथ रखा गया है।ग्रुप A के पूरे कार्यक्रम ICC महिला T20 World Cup 2024 ग्रुप B की टीमें और कार्यक्रमग्रुप B में, मेजबान बांग्लादेश को वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ रखा गया है।ग्रुप बी के पूरे कार्यक्रम ICC महिला T20 विश्व कप 2024 सेमीफाइनल और फाइनल का पूरा कार्यक्रम और समयICC महिला T20 विश्व कप 2024 के नॉकआउट चरण में ग्रुप ए और बी की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में ग्रुप चरण के मैचों के बाद खेलेंगी, जबकि उन दो सेमीफाइनल के विजेता 20 अक्टूबर, 2024 को ग्रैंड फ़ाइनल में भिड़ेंगे।प्ले-ऑफ़ कार्यक्रम 2024 महिला T20 ICC विश्व कप की शुरुआत गुरुवार 3 अक्टूबर को बांग्लादेश और स्कॉटलैंड के बीच मैच से होगी। भारत में 2024 ICC महिला T20 World Cup 2024 का सीधा प्रसारण कहाँ देखें?भारत में 2024 महिला T20 ICC विश्व कप के मैचों का सीधा प्रसारण स्टार्ट स्पोर्ट्स नेटवर्क पर उपलब्ध होगा।भारत में 2024 ICC महिला T20 World Cup 2024 की लाइव स्ट्रीमिंग कहाँ देखें?2024 आईसीसी महिला टी20 विश्व कप मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग भारत में डिज्नी प्लस हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।भारत 2024 आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपना पहला मैच कब खेलेगा? Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 224

WTC points table: भारत शीर्ष पर, ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर, बांग्लादेश 7वें स्थान पर खिसका

WTC points table: India on top, Australia in 2nd place, Bangladesh slipped to 7th place

WTC points table: India on top, Australia in 2nd place, Bangladesh slipped to 7th place कमलेशभोपाल ! भारत बनाम बांग्लादेश दूसरे टेस्ट के बाद WTC अंक तालिका: कानपुर में रोहित शर्मा और कंपनी के आक्रामक प्रदर्शन ने टीम को WTC स्टैंडिंग में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद की। भारत बनाम बांग्लादेश दूसरे टेस्ट के बाद WTC अंक तालिका:कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में दूसरे टेस्ट में भारत ने बेहद आक्रामक प्रदर्शन किया और बांग्लादेश को सात विकेट से हराया। इस परिणाम ने भारत को पड़ोसी देश पर क्लीन स्वीप करने में मदद की, जिसने चेन्नई में पिछला मुकाबला 280 रनों से जीता था। इससे भी अधिक असाधारण बात यह रही कि भारत ने बाधाओं को पार करते हुए एक ऐसे मैच में सकारात्मक परिणाम हासिल किया, जिसमें ड्रॉ अपरिहार्य लग रहा था। मैच का अधिकांश हिस्सा बारिश से प्रभावित रहा और दो दिन पूरी तरह से बारिश की भेंट चढ़ गए। इस बीच, पहले दिन केवल 35 ओवर फेंके गए। भारत ने चौथे दिन स्थिति को नियंत्रण में कर लिया क्योंकि बारिश कम हो गई और अंतिम दिन में एक सत्र शेष रहते मैच को समाप्त कर दिया। मेजबान टीम ने पहले बांग्लादेश को 233 रनों पर ढेर कर दिया और फिर पारी घोषित करने से पहले 285/9 का स्कोर बनाकर अपनी लय में लौटी। 52 रनों की मामूली बढ़त के साथ, भारत चौथे दिन खेल खत्म होने से पहले दो बार बढ़त बनाने में भी सफल रहा। पांचवें और अंतिम दिन मेजबान टीम ने एक और धमाकेदार प्रदर्शन किया, जिसमें रविंद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह ने अहम भूमिका निभाई। रविचंद्रन अश्विन ने अंतिम दिन पहला विकेट लिया और इसके तुरंत बाद जडेजा भी इसमें शामिल हो गए। भारत का दबदबा इतना था कि भारत ने शुरुआती सत्र में बांग्लादेश को 146 रनों पर आउट कर दिया, जिससे उन्हें 95 रनों का मामूली लक्ष्य मिला। जडेजा और जसप्रीत बुमराह बांग्लादेश की धज्जियाँ उड़ाने वाले खिलाड़ी थे और दोनों ने दूसरी पारी में तीन-तीन विकेट लिए। जवाब में, भारत ने 40 ओवर शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। जब भारत सीरीज में 1-0 की अजेय बढ़त के बावजूद जीत की ओर बढ़ रहा था, तो उसका लक्ष्य काफी स्पष्ट हो गया, जो कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) है। भारत WTC फाइनल में पहुंच चुका है, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा है। अब उनका लक्ष्य तीसरी बार फाइनल में जगह बनाना है और बांग्लादेश के खिलाफ 2-0 की सीरीज जीत ने उनके इस लक्ष्य को हासिल करने की संभावनाओं को मजबूत किया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 160

एटलेटिको डी कोलकाता ने इंडियन सुपर लीग के एक रोमांचक मैच में केरला ब्लास्टर्स को 2-1 से हराया

ISL: Atletico reached top after beating Blasters 2-1

कोलकाता ! यह जानकारी इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के दूसरे संस्करण के एक मैच के बारे में है, जिसमें एटलेटिको डी कोलकाता ने केरला ब्लास्टर्स को 2-1 से हराया। यह मैच कोलकाता में हुआ और एटलेटिको ने इस जीत के साथ तीन मैचों में से दो जीतकर अंकतालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त कर लिया। इस तरह, एटलेटिको डी कोलकाता अब तक अविजित है और उसके पास कुल सात अंक हैं। इस जानकारी के अनुसार, केरला ब्लास्टर्स ने तीन मैचों में केवल चार अंक हासिल किए हैं और वह तीसरे स्थान पर है। मैच साल्ट लेक स्टेडियम में हुआ, जहां एटलेटिको डी कोलकाता ने अराता इजुमी के पहले हाफ में और जावी लारा के दूसरे गोल से बढ़त बनाई। मैच के अंत से 10 मिनट पहले, ब्लास्टर्स के क्रिस डैग्नाल ने एकमात्र गोल किया। एटलेटिको ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया, और पहले गोल के समय महान ब्राजीलियाई फुटबॉलर पेले भी वहां मौजूद थे, जिन्होंने इजूमी के गोल पर मुस्कान दी। पेले ने एटलेटिको को ब्लास्टर्स के खिलाफ विजेता घोषित किया। मैच में ब्लास्टर्स के गुरविंदर सिंह चोटिल हो गए और उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा। मध्यांतर से पहले, ब्लास्टर्स को एक अच्छा मौका मिला, लेकिन एटलेटिको के डिफेंडर मोहनराज बचाव करने में असफल रहे। राहुल भेके ने बेहतरीन क्रॉस दिया, लेकिन क्रिस डैग्नाल उसे कलेक्ट नहीं कर पाए। दूसरे हाफ में, जब जावी लारा ने एटलेटिको के लिए दूसरा गोल किया, तो 62,000 प्रशंसकों ने स्टेडियम में खुशी का माहौल बना दिया। अंत में, 80वें मिनट में डैग्नाल ने एक गोल किया, लेकिन यह केवल हार के अंतर को कम करने वाला साबित हुआ। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 190

Haryana News: नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के युवाओं के रास्ते बंद कर दिए , राहुल गांधी

Haryana News: Narendra Modi has closed the way for the youth of Haryana, Rahul Gandhi

Haryana News: Narendra Modi has closed the way for the youth of Haryana, Rahul Gandhi Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 146

नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर दिखे भूपेंद्र सिंह हुड्डा-कुमारी सैलजा

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment

Bhupendra Singh Hooda-Kumari Selja seen on stage for the first time amidst resentment हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने करनाल के असंध में रैली को संबोधित किया. इस दौरान भूपिंदर सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा भी साथ नजर आए. हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले नाराजगी के बीच पहली बार एक मंच पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा नजर आए. राहुल गांधी बारी बारी से दोनों को वक्त देते दिखे. करनाल में रैली के मंच से सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी का परचम इतना ऊंचा लहरा दिया है कि इनके सामने कोई और नेता टिक नहीं पा रहा है. कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों पर बीजेपी का कुशासन थोपा गया है. बीजेपी ने लोगों को धोखा देकर यहां राज किया. आज बदला लेने का समय आ गया है और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है. हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के लोग सिर्फ कांग्रेस की तरफ देख रहे हैं. लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस के 10-10 सालों के कार्यकाल को तौल लिया है. कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार ने हरियाणा को पीछे ले जाने का काम किया है. ये सिर्फ बातें बड़ी बड़ी करते हैं. हुड्डा ने किसानों की MSP को लेकर भी सैनी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि हरियाणा कांग्रेस के पक्ष में लहर चल रही है. कांग्रेस आ रही है और बीजेपी जा रही है. हरियाणा में चुनावी रैली में राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर प्रदेश को बर्बाद करने का आरोप लगाया. हरियाणा में बेरोजगारी के मुद्दे पर बीजेपी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में रोजगार व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से खत्म कर दिया है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 170

जातिगत जनगणना पर राहुल गांधी ने बताया RSS का प्लान

Rahul Gandhi told RSS's plan on caste

Rahul Gandhi told RSS’s plan on caste census हरियाणा के असंध में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूछा कि हरियाणा के युवा अमेरिका क्यों जा रहे हैं? जातिगत जनगणना को लेकर बीजेपी को घेरा कांग्रेस नेत राहुल गांधी ने अपने भाषण में जातिजग जनगणा पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन में बीजेपी के लोग, ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं में बीजेपी के लोग. यहां आपको गरीब और दूसरी जाति के लोग नहीं मिलेंगे. इसलिए हम जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं.” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “बीजेपी वाले संविधान पर हमला कर रहे हैं. हिंदुस्तान में किसकी कितनी आबादी है, हम उसे चेक करने के लिए कहते हैं. आरएसएस कहती है कि जाति जनगणना करना चाहिए, लेकिन अंदर से मना कर देती है. गरीब पिछड़ा आपको कहीं बड़े पोस्ट पर नहीं मिलेगा.” ‘अमेरिका जाने के लिए जमीन बेचे’ कांग्रेस सांसद ने कहा, “जब मैं अमेरिका गया था, तो मैंने देखा कि एक कमरे में 15-20 लोग सो रहे थे. एक युवा ने मुझे बताया कि उनमें से कई ने अमेरिका आने के लिए 30-50 लाख रुपये का कर्ज लिया या अपनी जमीन बेची. जब मैंने उन्हें बताया कि वे उसी पैसे से हरियाणा में बिजनेस शुरू कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा करना संभव नहीं है.” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं करनाल गया, तो मैंने एक बच्चे को कंप्यूटर पर चिल्लाते हुए अपने पिता से वीडियो कॉल के दौरान (अमेरिका से) वापस आने के लिए कहते देखा…हरियाणा सरकार ने राज्य और उसके युवाओं को खत्म कर दिया है.” रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “ये लड़ाई हरियाणा नहीं, हिंदुस्तान को बचाने की है. देश की सारी संस्थाओं को आरएसएस के हवाले कर दिया गया है, जिस पर पूरा कंट्रोल नागपुर का है. उसमें हिंदुस्तान के 90 फीसदी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है.” Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 174

बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, BJP शासित राज्यों को लगा झटका

Supreme Court bans bulldozer action, BJP ruled states get a shock

Supreme Court bans bulldozer action, BJP ruled states get a shock सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि हमारी अनुमति के बिना कोई कार्रवाई नहीं हो। शीर्ष न्यायलय का यह आदेश उत्तर प्रदेश समेत सभी बीजेपी शासित राज्यों के लिए झटका है। यह रोक एक अक्टूबर तक के लिए लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुन कर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर देश भर में लागू होने वाले दिशा निर्देश बनाएगा। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर से ध्वस्तीकरण कार्रवाई के खिलाफ दाखिल जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्णय सुनाया है। जस्टिस बीआर गवई ने साफ किया कि सड़क, फुटपाथ या रेलवे लाइन को रोककर किए गए अवैध निर्माण पर यह निर्देश लागू नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी पक्षों को सुन कर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर देश भर में लागू होने वाले दिशा निर्देश बनाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 159

कोलकाता रेप कांडः ममता बनर्जी का इमोश्नल दांव! मैं हूं साथ, CM पद की नहीं पड़ी

Kolkata Rape Case: Mamata Banerjee's emotional bet! I am with you, I am not interested in the post of CM.

Kolkata Rape Case: Mamata Banerjee’s emotional bet! I am with you, I am not interested in the post of CM. कोलकाता ! सीएम ममता बनर्जी स्वास्थ्य विभाग के बाहर धरना मंच पर पहुंचीं, जहां जूनियर डॉक्टर “वी वांट जस्टिस” के नारों के बीच आंदोलन कर रहे हैं।ममता बनर्जी धरना स्थल पर पहुंचीमै आपका दर्द समझती हूं , मै आपके साथ हूंमुझे अपने पद की चिंता नही हैछात्र जीवन में मैने भी बहुत आंदोलन किया है Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 211

अयोध्या राम मंदिर को उड़ाने की धमकी देने वाला ,भागलपुर से गिरफ्तार हुआ मकसूद अंसारी

Maqsood Ansari arrested from Bhagalpur for threatening to blow up Ayodhya Ram temple

Maqsood Ansari arrested from Bhagalpur for threatening to blow up Ayodhya Ram temple पटना ! अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी का कनेक्शन भागलपुर से भी जुड़ गया है. इंस्पेक्टर रजनीश कुमार पांडेय के नेतृत्व में अयोध्या से पहुंची पुलिस टीम ने बरारी थानाक्षेत्र के बड़ी खंजरपुर स्थित मस्जिद गली से आमिर के सहयोगी मोहम्मद मकसूद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है उसके पास से पुलिस टीम चार मोबाइल भी बरामद किया है जिसमें उसकी तरफ से फेसबुक और वाट्सएप ग्रुप पर अयोध्या धाम मंदिर उड़ाने की धमकी दी गई थी. यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को भी मारने की धमकी दी थी. बरामद मोबाइल से आमिर से जुड़ी जानकारी और अयोध्या धाम मंदिर को उड़ाने से जुड़ी कई जानकारियां मिली हैं. वहीं, शुक्रवार की देर रात यूपी पुलिस आरोपी को उत्तर प्रदेश लेकर चली गई. भागलपुर की पुलिस के सहयोग से हुई गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार अयोध्या से आई पुलिस टीम तकनीकी निगरानी में मकसूद को बांका जिले के अमरपुर सुल्तानपुर के पास से गिरफ्तार किया है, लेकिन अयोध्या से पहुंची पुलिस टीम के अधिकारियों का दावा है कि मकसूद को बड़ी खंजरपुर के मस्जिद गली वाले उसके घर से गिरफ्तार किया गया है. एसएसपी आनंद कुमार के निर्देश पर इंस्पेक्टर अभय शंकर के नेतृत्व में पुलिस टीम को सहयोग के लिए लगाया गया तब उसकी गिरफ्तारी में सफलता मिली. पुलिस टीम बरारी थाने की पुलिस के सहयोग से उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेने का प्रयास करती रही, लेकिन फिलहाल स्वास्थ्य जांच कराते हुए उसे वहां के न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा गया है. कई चौंकाने वाली मिली जानकारी अयोध्या से आई पुलिस टीम मकसूद अंसारी लेकर देर रात अयोध्या के लिए रवाना हो गई है. मकसूद आमिर से कई बार बात कर चुका है. तकनीकी जांच में इसके साक्ष्य मिले हैं. बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर निवासी मरहूम हाजी जौहर अंसारी के पुत्र मकसूद जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकी संगठन से जुड़े आमिर के संपर्क में था उससे जुड़े देश विरोधी पोस्ट भी शेयर किया करता था. साइबर ठगी में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है. संगठन के नाम पर भी लाखों रुपये इकट्ठा करने और नए लड़कों की संगठन में भर्ती को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है. यूपी एसटीएफ भी पहुंची थी साथ यूपी से एसटीएफ की टीम भी सादे लिबास में इनोवा गाड़ी से पहुंची थी जो वहां से आई स्पेशल टीम के साथ ही थी फिर मकसूद को लेकर रवाना हो गई. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 240

मंकीपॉक्स वायरस कि पहली वैक्सीन को WHO ने दी मंजूरी

WHO approves the first vaccine for monkeypox virus

WHO approves the first vaccine for monkeypox virus नईदिल्ली। दुन‍िया भर में फैले एमपॉक्स के प्रकोप के बीच, WHO ने मंकीपॉक्स वायरस के खिलाफ पहली बार बवेरियन नॉर्डिक के टीके को मंजूरी देने की घोषणा की है. संशोधित वैक्सीनिया अंकारा-बवेरियन नॉर्डिक या एमवीए-बीएन को 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी वयस्कों में चेचक, एमपॉक्स और संबंधित ऑर्थोपॉक्सवायरस संक्रमण और बीमारी के खिलाफ टीकाकरण के लिए संकेत दिया गया है. WHO की मंजूरी तब आई है, जब संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य निकाय ने पिछले महीने अफ्रीका में इसके प्रकोप पर वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था. टीके को मंजूरी के लिए WHO का मूल्यांकन बवेरियन नॉर्डिक की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित है. इस वैक्सीन के लिए रिकॉर्ड की नियामक एजेंसी और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने समीक्षा की है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 150

शराब घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल को राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court

Arvind Kejriwal gets relief in liquor scam case, gets bail from Supreme Court दिल्ली ! सुप्रीम कोर्ट आबकारी नीति घोटाले मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दो याचिकाओं पर आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया। पहली याचिका पर कोर्ट ने सीबीआई की गिरफ्तारी को वैध माना। वहीं, दूसरी याचिका पर फैसला सुनाते हुए र्ब्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी। दरअसल, केजरीवाल ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में अपनी गिरफ्तारी और जमानत से दिल्ली हाईकोर्ट के इनकार को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों याचिकाओं पर फैसला सुनाया। पीठ में न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइंया भी शामिल हैं। पीठ ने पांच सितंबर को केजरीवाल की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई ने इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख को 26 जून को गिरफ्तार किया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 252

भारत दर्शन: मां वैष्णो देवी घूमने से पहले जाने कहां कहां घूमे सम्पूर्ण यात्रा विडियो के माध्यम से

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video.

Bharat Darshan: Before visiting Maa Vaishno Devi, know where to visit through complete journey video.

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में आज आएगा हाईकोर्ट का फैसला

High Court's decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute

High Court’s decision to come today in Shri Krishna Janmabhoomi and Shahi Idgah Mosque dispute