पाकिस्तान की नई चाल, PoK में विधानसभा चुनाव कराने का किया ऐलान, भारत ने UN में लगाई लताड़, कहा- ऐसे कब्जा…

Pakistan’s new move, revealing assembly elections in PoK, India complains to the UN, saying – this is how they caught it… नई दिल्ली ! Pakistan’s move in Indian भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसने तथाकथित गिलगित-बाल्तिस्तान विधानसभा के लिए चुनाव कराने संबंधी पाकिस्तान की योजना पर इस्लामाबाद के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने इस बात पर जोर दिया है कि यह इलाका भारतीय क्षेत्र है, जिस पर पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से और जबरन कब्जा किया गया है. भारत ने कहा कि पड़ोसी देश द्वारा किए गए ऐसे प्रयास पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और स्वतंत्रता से वंचित करने जैसे अंतर्निहित मुद्दों को ढक नहीं सकते. Pakistan’s move in Indian विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान द्वारा सात जून को भारतीय क्षेत्रों, जिन पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से और जबरन कब्जा कर रखा है, में तथाकथित ‘गिलगित-बाल्तिस्तान विधानसभा’ के आम चुनाव कराने की योजना के संबंध में भारत सरकार ने पाकिस्तान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है.’ MEA ने कहा कि भारत ने अपने उस जगजाहिर रुख को दोहराया है कि तथाकथित ‘गिलगित-बाल्तिस्तान’ समेत समूचा जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश 1947 में जम्मू कश्मीर के भारत में पूर्ण, कानूनी और अपरिवर्तनीय विलय के परिणामस्वरूप भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है. अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन Pakistan’s move in Indian विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘भारत सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान द्वारा किये जा रहे ऐसे प्रयास उसके अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और स्वतंत्रता से वंचित करने जैसे अंतर्निहित मुद्दों को छिपा नहीं सकते.’ मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार, पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन लाने के उसके प्रयासों को सिरे से खारिज करती है. उसने यह भी कहा कि ऐसे कार्यों से यह तथ्य नहीं छिप सकता कि पाकिस्तान अवैध रूप से भारतीय क्षेत्रों पर कब्जा किये हुए है, जिन्हें उसे खाली करना होगा. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 27

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल: वेनेजुएला संकट पर मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक राष्ट्रपति ट्रंप को भेंट किया

International political turmoil: Machado presents his Nobel Peace Prize medal to President Trump over the Venezuelan crisis वॉशिंगटन/कराकास। वेनेजुएला में गहराते राजनीतिक संकट के बीच विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई अहम मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। यह बैठक न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन को लेकर वैश्विक रणनीति के संकेत भी मिल रहे हैं। मचाडो ने दावा किया है कि उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक राष्ट्रपति ट्रंप को भेंट किया, जिसे वे वेनेजुएला की आजादी की लड़ाई में अमेरिका के समर्थन के प्रति अपने विश्वास का प्रतीक बता रही हैं। इस मुलाकात में एक घंटे से अधिक समय तक वेनेजुएला की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, मानवाधिकार उल्लंघन, आर्थिक बदहाली और दमनकारी शासन को समाप्त करने की रणनीतियों पर गहन चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में वेनेजुएला में लोकतंत्र की बहाली, स्वतंत्र चुनाव और अंतरराष्ट्रीय दबाव को और प्रभावी बनाने जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। व्हाइट हाउस से बाहर निकलते समय मचाडो के हाथ में ट्रंप के हस्ताक्षर वाला एक विशेष उपहार बैग देखा गया, जिसने दोनों नेताओं के बीच बढ़ती नजदीकी और रणनीतिक साझेदारी की अटकलों को और मजबूत कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात वेनेजुएला संकट को अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर से केंद्र में ला सकती है। वहीं, लैटिन अमेरिका और यूरोप के कई देशों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि अमेरिका आगे कौन-से ठोस कदम उठाता है। कुल मिलाकर, मचाडो–ट्रंप की यह मुलाकात न केवल वेनेजुएला की राजनीति को नया मोड़ दे सकती है, बल्कि वैश्विक कूटनीति के समीकरणों को भी प्रभावित करने की क्षमता रखती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 58

ट्रम्प ने फिर उगला जहर, भारत-चीन समेत कई देशों को बताया ड्रग तस्कर कहा- ये खतरनाक केमिकल बना रहे

ट्रम्प ने फिर उगला जहर, भारत-चीन समेत कई देशों को बताया ड्रग तस्कर कहा- ये खतरनाक केमिकल बना रहे Trump spews venom again, calling several countries, including India and China, drug smugglers and saying they are producing dangerous chemicals. नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 23 देशों को प्रमुख ड्रग तस्करी और अवैध ड्रग प्रोडक्शन करने वाले देशों की लिस्ट में शामिल किया है। इन देशों में भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, कोलंबिया, बोलिविया और वेनेजुएला जैसे देश शामिल हैं। ट्रम्प ने अमेरिकी संसद को सौंपी गई ‘प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन रिपोर्ट’ में कहा कि इन देशों के अवैध ड्रग्स उत्पादन और तस्करी अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। ट्रम्प ने कहा कि ड्रग तस्करी, खासकर फेंटेनाइल जैसे घातक ड्रग्स ने अमेरिका में नेशनल इमरजेंसी जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। यह पब्लिक हेल्थ संकट का कारण बन रहा है और 18 से 44 साल के अमेरिकियों की मौत की प्रमुख वजह है। चीन को फेंटेनाइल ड्रग्स का सबसे बड़ा अड्डा बताया ट्रम्प ने कहा कि चीन फेंटेनाइल जैसे खतरनाक ड्रग्स बनाने वाले केमिकल का सबसे बड़ा सोर्स है। इसके साथ ही वो मेथामफेटामाइन जैसे अन्य नशीले पदार्थों को भी बढ़ावा दे रहा है। ट्रम्प ने चीन से इन रसायनों को रोकने और तस्करों पर कार्रवाई करने को कहा। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान, बोलिविया, म्यांमार, कोलंबिया, और वेनेजुएला जैसे देश ड्रग्स के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। इन देशों से ड्रग कंट्रोल के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग की गई है। हालांकि, मंत्रालय ने क्लियर किया कि इस लिस्ट में किसी देश का नाम होने का मतलब यह नहीं कि उसकी सरकार ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। ट्रम्प बोले- अफगानिस्तान से ड्रग्स अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच रही ट्रम्प ने अफगानिस्तान पर भी गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि तालिबान ने अवैध ड्रग्स पर प्रतिबंध का ऐलान किया था, लेकिन ड्रग्स का भंडार और मेथामफेटामाइन का प्रोडक्शन जारी है। यह ड्रग्स अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंच रहे हैं और इससे होने वाली इनकम से इंटरनेशनल क्रिमिनल गैंग्स की फंडिंग हो रही है। ट्रम्प ने कहा कि तालिबान के कुछ सदस्य इस व्यापार से मुनाफा कमा रहे हैं, जिसकी वजह से अफगानिस्तान को ड्रग कंट्रोल करने में नाकाम माना गया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 175

भारत के ऐक्शन से पाक में खलबली, सुरक्षा समिति की बैठक कर रहे शहबाज शरीफ

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ी हर ताजा अपडेट्स, भारत सरकार के ऐक्शन से लेकर पाकिस्तान के रिएक्शन तक, हर जानकारी के लिए बने रहें लाइव हिन्दुस्तान के साथ। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बैसारन घाटी, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, वहां हुए इस हमले में 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 17 से अधिक लोग घायल हैं। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर बुधवार को पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए उसके साथ राजनयिक संबंधों में व्यापक कटौती, 1960 की सिंधु जल संधि स्थगित करने और अटारी चौकी को बंद किए जाने समेत कई फैसले किए हैं। भारत जल्द ही कई और बड़े कदम उठा सकता है। इस घटनाक्रम से जुड़ी हर पल की ताजा जानकारी, सरकारी प्रतिक्रियाएं, और सुरक्षा बलों के ऑपरेशन के अपडेट्स जानने के लिए बने रहें लाइव हिन्दुस्तान के साथ। भारत के खिलाफ रणनीति बना रही पाक सरकार Pahalgam Terror Attack: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की एक अहम बैठक इस समय जारी है। बैठक में भारत द्वारा उठाए गए कदमों के जवाब पर विचार किया जा रहा है। बैठक में पाकिस्तान की शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व शामिल है। उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने जियो से कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा समिति भारत को एक व्यापक जवाब देगी।” विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बैठक भारत-पाक संबंधों में एक निर्णायक मोड़ बन सकती है, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच कश्मीर को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक बयान बैठक के बाद जारी किया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 87

न्यूजीलैंड में पाकिस्तान की शर्मनाक हार, सिर्फ 61 गेंदों में जीत गई कीवी टीम, कर दिया बुरा हाल

Pakistan’s shameful defeat in New Zealand, Kiwi team won in just 61 balls, left them in a bad state पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पहला मैच क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेला गया. इस मैच में पाकिस्तान की टीम को एक शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. पाकिस्तानी खिलाड़ी हर डिपार्टमेंट में पूरी तरह फ्लॉप रहे. पाकिस्तान की टीम के लिए न्यूजीलैंड दौरे की शुरुआत काफी खराब रही. दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पहला मैच क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेला गया. इस मुकाबला में पाकिस्तानी टीम का काफी बुरा हाल देखने को मिला. ना कोई बल्लेबाज बड़ा स्कोर बना सका और ना ही कोई गेंदबाज अपनी छाप छोड़ सका, जिसके चलते पाकिस्तानी टीम को एक शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा. वहीं, न्यूजीलैंड की टीम एक धमाकेदार जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करने में कामयाब रही. पाकिस्तानी टीम ने न्यूजीलैंड में टेके घुटने न्यूजीलैंड की टीम इस मुकाबले में शुरुआत से ही हावी नजर आई. सबसे पहले उसने टॉस जीता और पाकिस्तान को बल्लेबाजी का न्योता दिया. इसके बाद न्यूजीलैंड ने पहले ही ओवर से मैच में पकड़ बना ली. पाकिस्तान के दोनों ओपनर्स खाता खोलने में नाकाम रहे. इसके बाद विकेट गिरने का सिलसिल नहीं रुका, जिसके चलते पाकिस्तान की पूरी टीम 18.4 ओवर में 91 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. जो न्यूजीलैंड में पाकिस्तान का अभी तक का सबसे छोटा स्कोर था. इस पारी में पाकिस्तान के लिए खुशदिल शाह ने सबसे ज्यादा 32 रन बनाए. वहीं, जहानदाद खान ने 17 रनों की पारी खेली. दूसरी ओर न्यूजीलैंड के लिए जैकब डफी ने सबसे ज्यादा 4 विकेट चटकाए. काइल जैमीसन ने भी उनका अच्छा साथ दिया और 4 ओवर में 8 रन देकर 3 विकेट हासिल किए. इनके अलावा ईश सोढ़ी ने 2 विकेट और जकारी फौल्केस ने 1 विकेट अपने नाम किया। सिर्फ 61 गेंदों में जीत गई कीवी टीम न्यूजीलैंड को ये मैच जीतने के लिए 92 रनों का टारगेट मिला था. कीवी बल्लेबाजों इसे हासिल करने में बिल्कुल भी समय नहीं लिया. उन्होंन सिर्फ 10.1 ओवर यानी 61 गेंदों में टारगेट चेज कर लिया. इस पारी में न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा रन टिम सेफर्ट ने बनाए. उन्होंने 29 गेंदों पर 151.72 की स्ट्राइक रेट से 44 रन ठोके, जिसमें 7 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. वहीं, फिन एलन 17 गेंदों पर 29 रन बनाकर नाबाद रहे. टिम रॉबिन्सन ने भी 15 गेंदों पर नाबाद 18 रनों की पारी खेली. वहीं, पाकिस्तानी टीम सिर्फ 1 विकेट ही हासिल कर सकी, ये सफलता अबरार अहमद के नाम रही Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 171

यूएस: एच-1 बी वीजा, डोनाल्ड ट्रंप का बना सर दर्द , एलन मस्क ने किया समर्थन

US: H-1B visa, Donald Trump’s headache, Elon Musk supported अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर बहस जारी है। ट्रंप समर्थक इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं, वहीं ट्रंप के करीबी उद्योगपति एलन मस्क ने एच-1बी वीजा का समर्थन किया है। अब इस बहस में अमेरिका के वरिष्ठ और प्रभावशाली सांसद बर्नी सैंडर्स भी शामिल हो गए हैं। बर्नी सैंडर्स ने मस्क पर आरोप लगाया है कि वह एच-1बी वीजा का समर्थन सिर्फ विदेशों से सस्ते कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए कर रहे हैं। एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां विदेशों से कुशल कर्मचारियों को नौकरी पर रख सकते हैं। बर्नी सैंडर्स लंबे समय से कर्मचारियों के अधिकारों के समर्थक रहे हैं। गुरुवार को एक बयान में कहा कि एच-1बी वीजा कुशल कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए नहीं है बल्कि सस्ते कर्मचारियों को नौकरी पर रखने और श्रम लागत कम करने के लिए है। बर्नी सैंडर्स ने दावा किया कि इस वीजा के जरिए अमेरिकी अरबपतियों को फायदा हो रहा है और टेस्ला जैसी कंपनियां कुशल अमेरिकी कर्मचारियों की जगह विदेशों, जैसे भारतीय कर्मचारियों को नौकरी दे रही हैं। बर्नी सैंडर्स ने मांग की कि एच-1बी वीजा में संशोधन किया जाना चाहिए ताकि अमेरिकी कर्मचारियों को इसका नुकसान न झेलना पड़े। अमेरिकी सांसद ने कहा कि मस्क की कंपनी में बीते साल करीब साढ़े सात हजार अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया, जबकि एच-1बी वीजा धारक कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला गया। गौरतलब है कि एलन मस्क एच-1बी वीजा के समर्थक हैं और उन्होंने इसका समर्थन करते हुए कहा था कि अमेरिका में कुशल कर्मचारियों की कमी है और इस कमी को पूरा करने के लिए एच-1बी वीजा जरूरी है। मस्क ने कहा कि कई इंजीनियर्स इस वीजा के जरिए अमेरिका आए और उन्होंने अमेरिका के विकास में अहम योगदान दिया। मस्क के इस दावे पर भी बर्नी सैंडर्स ने पलटवार किया और कहा कि टेस्ला में कई एच-1बी वीजा धारक अकाउंटेंट और मैकेनिकल इंजीनियर हैं और ये उच्च प्रशिक्षित कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं आते हैं। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों ट्रंप समर्थक लॉरा लूमर और स्टीव बैनन आदि ने एच-1बी वीजा का विरोध किया था और दावा किया कि इससे अमेरिकी लोगों की नौकरियां छिन रही हैं। इस पर मस्क ने एच-1बी वीजा का समर्थन किया। डोनाल्ड ट्रंप ने भी मस्क का समर्थन करते हुए एच-1बी वीजा को जारी रखने की बात कही थी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 214

space technology: अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने की होड़, पूरी दुनिया बड़े संकट की ओर

आजकल हम जिंदगी के कई जरूरी कामों के लिए अंतरिक्ष टेक्नोलॉजी पर निर्भर हैं, जैसे मौसम की जानकारी हासिल करना, एक-दूसरे से बात करना और रास्ता ढूंढना आदि. लेकिन अंतरिक्ष में हो रहे कामों का हमारे पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है. अंतरिक्ष में भेजे जा रहे सैटेलाइट की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. इससे अंतरिक्ष में कचरा (Space Debris) भी बढ़ रहा है. यह कचरा पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाता रहता है और दूसरे सैटेलाइट और अंतरिक्ष यान के लिए खतरा बन सकता है. अंतरिक्ष में बहुत ज्यादा सैटेलाइट होने से मौसम की जानकारी इकट्ठा करने वाले सिस्टम में भी रुकावट आ सकती है. वहीं अंतरिक्ष के इस्तेमाल को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट कानून नहीं हैं. इससे यह खतरा है कि अंतरिक्ष का इस्तेमाल गैर-जिम्मेदाराना तरीके से हो सकता है. जब भी कोई रॉकेट अंतरिक्ष में जाता है, तो वो अपने पीछे बहुत सारा धुआं छोड़ता है. इस धुएं में कार्बन डाइऑक्साइड, ब्लैक कार्बन और पानी की वाष्प होता है. ब्लैक कार्बन एक ऐसा पदार्थ है जो सूरज की रोशनी को बहुत ज्यादा सोखता है. यह कार्बन डाइऑक्साइड से भी 500 गुना ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि यह ग्लोबल वार्मिंग को और बढ़ा देता है.रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने के लिए जो ईंधन इस्तेमाल किया जाता है, उससे ओजोन परत को नुकसान पहुंचता है. खास तौर पर क्लोरीन वाले रसायनों से यह नुकसान ज्यादा होता है. ओजोन परत हमें सूरज से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है. अगर ओजोन परत कमजोर होगी, तो हमें त्वचा के कैंसर और आंखों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. रॉकेट के धुएं से वातावरण में गड़बड़ी भी होती है जिससे मौसम पर भी असर पड़ता है. जब सैटेलाइट का मिशन पूरा हो जाता है और वातावरण में जल जाते हैं, तो उनसे निकलने वाली राख भी वातावरण और मौसम को नुकसान पहुंचा सकती है. सैटेलाइट बनाने के लिए भी कई तरह की चीजों की जरूरत होती है, जैसे धातु और अन्य सामग्री. इन चीजों को निकालने और तैयार करने में भी बहुत ऊर्जा खर्च होती है. इससे प्रदूषण भी होता है. सैटेलाइट में ऐसे सिस्टम भी होते हैं जो उन्हें अंतरिक्ष में सही जगह पर रखने और उनकी दिशा बदलने में मदद करते हैं. इन सिस्टम में भी ईंधन का इस्तेमाल होता है जिससे प्रदूषण होता है.भविष्य में हो सकता है कि कंपनियां अंतरिक्ष से खनिज पदार्थ निकालने लगें. इससे अंतरिक्ष और धरती दोनों जगह प्रदूषण बढ़ेगा. अंतरिक्ष कचरा या ‘स्पेस जंक’ उन चीजों को कहते हैं जो अंतरिक्ष में बेकार हो चुकी हैं, जैसे पुराने सैटेलाइट, रॉकेट के टुकड़े और टूटे हुए सैटेलाइट्स के हिस्से. यह कचरा पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता रहता है और काफी खतरनाक हो सकता है.अंतरिक्ष में इतना कचरा हो गया है कि उस पर नजर रखना मुश्किल हो रहा है. अब तक लगभग 36,860 चीजें अंतरिक्ष में घूम रही हैं जो किसी काम की नहीं हैं. यह सब कचरा मिलकर 13,000 टन से भी ज्यादा वजन का है. यूरोपियन स्पेस एजेंसी के मुताबिक, 1957 से लेकर अब तक लगभग 6740 रॉकेट लॉन्च किए जा चुके हैं जिनसे 19,590 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे गए हैं. इनमें से लगभग 13,230 अभी भी अंतरिक्ष में हैं और 10,200 अभी भी काम कर रहे हैं.जैसे-जैसे अंतरिक्ष में कचरा बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे सैटेलाइट्स के बीच टकराव का खतरा भी बढ़ता जा रहा है. यह कचरा बहुत तेज गति से घूमता है (लगभग 29,000 किलोमीटर प्रति घंटा). इतनी तेज गति से आ रहा एक छोटा सा धातु का टुकड़ा भी किसी सैटेलाइट को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा सकता है. अगर कोई सैटेलाइट क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो हमारे फोन, इंटरनेट और टीवी जैसी सेवाएं बाधित हो सकती हैं. मौसम की जानकारी देने वाले सैटेलाइट्स भी इस कचरे से प्रभावित हो सकते हैं, जिससे हमें मौसम का सही हाल नहीं पता चल पाएगा. यह कचरा अंतरिक्ष यात्रियों और अंतरिक्ष यान के लिए भी खतरा पैदा करता है. मेगा-कॉन्स्टेलेशन ऐसे सैटेलाइट्स का समूह होता है जो एक साथ काम करते हैं. इनका मकसद दुनिया के हर कोने में तेज इंटरनेट पहुंचाना होता है. अभी अंतरिक्ष में लगभग 10,000 सैटेलाइट्स हैं. लेकिन अगले कुछ सालों में यह संख्या 10 गुना बढ़कर 1 लाख हो सकती है. यह ज्यादातर मेगा-कॉन्स्टेलेशन की वजह से होगा.स्पेसएक्स कंपनी का स्टारलिंक अभी सबसे बड़ा मेगा-कॉन्स्टेलेशन है. इसमें अभी 6,500 सैटेलाइट्स हैं और 2030 तक इनकी संख्या 40,000 से ज्यादा हो जाएगी. अमेजन, ई-स्पेस और चीन जैसी कंपनियां भी अपने मेगा-कॉन्स्टेलेशन बना रही हैं. इनमें भी हजारों या दसियों हजार सैटेलाइट्स होंगे. इतने सारे सैटेलाइट्स से अंतरिक्ष में कचरा बहुत बढ़ जाएगा. वैज्ञानिकों को भी अंतरिक्ष से पृथ्वी का अध्ययन करने में मुश्किल हो सकती है. ये सैटेलाइट्स रात में आकाश में चमकते हैं जिससे तारों को देखना मुश्किल हो जाता है. पहले जो सैटेलाइट बनाए जाते थे, वो सरकार द्वारा वित्त पोषित होते थे और 20-30 साल तक चलते थे. लेकिन अब निजी कंपनियां मेगा-कॉन्स्टेलेशन बना रही हैं जिनमें हजारों सैटेलाइट्स होते हैं. ये कंपनियां हर 5 साल में अपने सैटेलाइट्स बदलना चाहती हैं ताकि नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकें.पुराने सैटेलाइट्स को वातावरण में जलाकर नष्ट किया जाता है. इससे अंतरिक्ष में कचरा तो नहीं बढ़ता, लेकिन इससे वातावरण में प्रदूषण जरूर फैलता है. इतने सारे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजने के लिए बहुत सारे रॉकेट लॉन्च करने पड़ते हैं. इन रॉकेट से भी प्रदूषण होता है. 2019 में लगभग 115 सैटेलाइट वातावरण में जल गए थे. लेकिन 2024 में यह संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है. नवंबर 2024 तक 950 से ज्यादा सैटेलाइट वातावरण में जल चुके हैं. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2033 तक हर साल 4000 टन अंतरिक्ष कचरा वातावरण में जलेगा. यह इसलिए होगा क्योंकि अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. MIT टेक रिव्यू के एक आर्टिकल के अनुसार, जब सैटेलाइट वातावरण में जलते हैं तो उनसे निकलने वाली राख हवा में फैल जाती है. यह राख कई दशकों या शायद सदियों तक वातावरण में ही रहती है. इस राख का अध्ययन करना बहुत मुश्किल है क्योंकि यह वातावरण के उस हिस्से में होता है जहां न तो … Read more