Thursday, July 2, 2026 3:57 am

मिडिल ईस्ट संकट के कारण सोना हुआ महंगा, 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम, चांदी के रेट भी रिकॉर्ड तोड़

ग्वालियर ईरान-इजराइल के बीच शुरू हुए हमले के असर से एक बार सोने और चांदी के भाव में जोरदार तेजी देखी जा रही है। प्योर सोने के भाव में 10,500 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी आई और सराफा बाजार में सोने के भाव फिर 1.71 लाख रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गए। वहीं जेवराती सोना 1.59 हजार रुपए प्रति दस ग्राम बिका। इसके साथ ही चांदी में भी तेजी रही, 10 हजार रुपए प्रति किलो की बढ़त के साथ यह 2.82 लाख रुपए प्रति किलो बिकी। सराफा बाजार में एमसीएक्स के आधार पर सोने और चांदी के भाव तय होते हैं। युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी ग्वालियर शहर के सराफा व्यापारियों के मुताबिक यदि दोनों देशों के बीच हमले बढ़ते हैं तो भाव में और तेजी आ सकती है। सोना-चांदी व्यवसायी संघ लश्कर के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जैन ने कहा, युद्ध का असर सोना-चांदी पर भी है। हालांकि अभी ग्राहकी पर इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। 24 कैरेट सोने का दाम 1,59,080 रुपए प्रति ग्राम रहा, जबकि आज 20000 रुपए की बढ़ोतरी के साथ सर्राफा बाजार में चांदी 3,20,000 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रही है। तेजी लेकिन दोनों धातु अभी रिकॉर्ड भाव से सस्ती दोनों धातुओं के भाव में तेजी के बावजूद सोना और चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड भाव से सस्ते बिक रहे हैं। सोना रिकॉर्ड भाव 29 जनवरी को 1 लाख 84 हजार 500 रुपए प्रति दस ग्राम था। वहीं चांदी का रिकॉर्ड भाव उसी दिन 4 लाख 5 हजार रुपए प्रति किलो था, यानी चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से 1.23 लाख रुपए सस्ती बिक रही है। निवेशकों में डर का माहौल बीते दो दिनों से माहैल बदला हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद निवेशकों में डर का माहौल है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और तेहरान की ओर से जवाबी हमलों की खबरों ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। ऐसे समय में लोग जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं और सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित (Safe-Haven) मानकर खरीदारी कर रहे हैं। recent visitors 53

शेयर बाजार में भारी गिरावट: 1000 अंक टूटा सेंसेक्स, 6 लाख करोड़ की तबाही, जंग का असर

मुंबई  ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जंग से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है. सेंसेक्‍स 2743 अंक या 3.38% टूटकर 78543 पर खुला, जबकि निफ्टी 519 अंक या 2.06 फीसदी गिरकर 24659 अंक पर खुला. बैंक निफ्टी में 1300 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट रही. हालांकि कुछ देर बाद ही शेयर बाजार संभला हुआ नजर आया. सेंसेक्‍स 1000 अंंक या 1.21 फीसदी गिरकर 80,282 अंक पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 300 अंक टूटकर 24900 के नीचे था.   इसके अलावा, कच्‍चे तेल के दाम में 10 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर ये जंग और आगे बढ़ती है तो गिरावट ज्‍यादा हावी हो सकती है. वहीं कच्‍चा तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं.  BSE टॉप 30 के 29 शेयर भारी गिरावट पर रहे, सिर्फ बीईएल के शेयर में 1 फीसदी की तेजी रही. इंडिगो के शेयर करीब 5 फीसदी, एल एंड टी के शेयर करीब 4 फीसदी, अडानी पोर्ट 3 फीसदी और एटर्नल के शेयरों में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.  सेक्‍टर्स की बात करें तो ऑटो,  एफएमसीजी, आईटी, बैंक, हेल्‍थकेयर, फाइनेंशियल और बाकी सभी सेक्‍टर्स लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे, सिर्फ मेटल सेक्‍टर में तेजी रही, क्‍योंकि निवेशक सेफ असेट में पैसा लगा रहे हैं. सभी सेक्‍टर में करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.   6 लाख करोड़ डूबे  शेयर बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेश्‍कों को आज तगड़ा नुकसान हुआ. बीएसई मार्केट कैप में बड़ी गिरावट देखने को मिली. शुकवार को बीएसई मार्केट कैप 463.50 लाख करोड़ रुपये पर था, जो सोमवार को घटकर  457.50 लाख के करीब पहुंच गया. यह निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में 6 लाख करोड़ रुपये की कमी है.  162 शेयरों में लोअर सर्किट  ईरान पर हमले के कारण शेयर बाजार में आज गिरावट देखी जा रही है. इस बीच, बीएसई पर एक्टिव 3,660 शेयरों में से 510 शेयर उछाल पर रहे, जबकि 2,985  शेयरों में गिरावट रही और  165 शेयर अनचेंज रहे. 43 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर क्‍लोज हुए और 663 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर थे और 162 शेयरो में लोअर सर्किट रहा.  एशियाई मार्केट में भी कोहराम भारतीय बाजार के साथ ही बाकी एशियाई बाजारों में भी कोहराम देखा गया. जापान का निक्केई 225 874.07 पॉइंट्स नीचे 57,976.20 पर खुला. चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 11.08 पॉइंट्स (-0.27%) नीचे 4,151.80 पर खुला,  हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स शुरुआती ट्रेड में 2% से ज़्यादा गिरा और 324.96 पॉइंट्स (-1.22%) नीचे 26,305.58 पर खुला. इसके अलावा,  ताइवान स्टॉक एक्सचेंज का मेन इंडेक्स 2.3% तक गिरा.  यह 137.01 पॉइंट्स नीचे 35,277.48 पर खुला. recent visitors 29

होली से पहले डबल मार: सिलेंडर के दाम चढ़े, फ्लाइट टिकट महंगे, खर्चों ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली हर महीने की तरह मार्च 2026 भी आम लोगों की जेब पर असर डालने वाले कई अहम बदलाव लेकर आया है। गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकिंग नियमों, रेलवे टिकटिंग सिस्टम और डिजिटल सुरक्षा मानकों तक कई नियम आज 1 मार्च से लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर घरेलू बजट, यात्रा खर्च और ऑनलाइन लेनदेन पर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं विस्तार से क्या-क्या बदला है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 31 रुपये की बढ़ोतरी की है। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर इसका असर देखने को मिलेगा।   रेलवे टिकटिंग सिस्टम में बदलाव 1 मार्च से अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम (UTS) एप बंद कर दिया गया है। अब यात्रियों को जनरल, प्लेटफॉर्म और लोकल ट्रेन की टिकट बुक करने के लिए ‘RailOne’ एप का इस्तेमाल करना होगा। रेलवे का दावा है कि नया एप अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगा। सिम बाइंडिंग का नया नियम डिजिटल फ्रॉड रोकने के लिए सरकार ने सिम बाइंडिंग का नियम लागू किया है। अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे एप मोबाइल सिम से लिंक रहेंगे। फोन से सिम हटाते ही ये एप काम करना बंद कर देंगे। बैंकिंग नियमों में संशोधन सरकारी बैंकों ने मिनिमम बैलेंस नियम में बदलाव किया है। अब औसत मासिक बैलेंस के आधार पर पेनल्टी लगेगी, जिससे ग्राहकों को एक दिन की कमी पर जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। CNG, PNG और ATF की कीमतें तेल कंपनियों ने एटीएफ (हवाई ईंधन) की कीमतों में 5,500 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। साथ ही सीएनजी और पीएनजी की दरों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। recent visitors 34

तेल, शेयर बाजार और सोना-चांदी: ईरान-अमेरिका संघर्ष से भारत के इन सेक्टर्स पर पड़ेगा गहरा प्रभाव

मुंबई  ईरान और इजरायल के बीच जंग अब भयानक रूप लेता  जा रहा है. पहले इजरायल-अमेरिका ने मिलकर ईरान के 30 से ज्‍यादा ठिकानों पर हमला किया था और अब ईरान ने इजरायल समेत अमेरिका के 7 सैन्‍य अड्डों पर हमला किया है. ईरान ने कुवैत, यूएई, कतर और बहरीन जैसे ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं.  अब इस युद्ध में सात से आठ देश शामिल हो चुके हैं. ईरान ने मिडिल ईस्‍ट में स्थित अमेरिकी सैन्‍य बेस को निशाना बना रहा है. लेबलान और हूती जैसे देश भी ईरान की ओर से अटैक कर रहे हैं. इजरायल पर कई देशों की ओर से हमला हो रहा है.  ऐसे में अब दुनिया में एक डर बनाता जा रहा है. अभी ये अंदाजा लगाना मुश्किल लग रहा है कि यह आक्रमण कितना लंबा और भयानक होगा.  कच्‍चे तेल के दाम में बड़ी उछाल इस वॉर के छिड़ने से भारत समेत दुनियाभर के निवेशक डरे हुए हैं. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि इस अटैक से कच्‍चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आना तय है, जो महंगाई को बढ़ा सकती है. भारत समेत कई देश होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अपना कच्‍चा तेल आयात करते हैं. इस युद्ध के दौरान यह एरिया बंद होने की उम्‍मीद है, जिस कारण कच्‍चे तेल की कीमतों में इजाफा होगा. शुक्रवार को कच्‍चे तेल का दाम 2.78% चढ़कर 67.02 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था. सोमवार को जब कमोडिटी मार्केट खुलेगा तो इसमें और ज्‍यादा उछाल आएगा.  शेयर बाजार में भारी गिरावट की संभावना  वॉर इतनी भीषण हो चुकी है कि एक्‍सपर्ट्स मान रहे हैं कि सोमवार को भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है. यह गिरावट कितनी होगी, यह निवेशकों के सेंटिमेंट और बिकवाली पर निर्भर करेगा. इसके संकेत शुक्रवार को ही भारतीय बाजार में दिख गए थे, जब ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत किसी सार्थक नतीजे पर नहीं पहुंची थी. इस सेंटिमेंट के कारण सेंसेक्‍स 961 अंक या 1.17 फीसदी और निफ्टी 317 अंक या 1.25% गिरकर बंद हुआ था. अब सोमवार को निवेशकों की नजर रहेगी.  सोना और चांदी पर क्‍या होगा असर? जब भी दुनिया में वॉर होती है या वॉर जैसी स्थिति बनती है तो सेफ असेट जैसे सोना-चांदी और कॉपर के दाम में उछाल आता है. दुनिया में इस घटनाक्रम से एक बार फिर सोने और चांदी के दाम में बड़ी तेजी आने की उम्‍मीद है. अभी कमोडिटी मार्केट में 10 ग्राम सोने की कीमत 1,61,971 रुपये है और चांदी की कीमत 2,74,389 रुपये है. recent visitors 31

2026 में मेमोरी सप्लाई की कमी से घट सकता है वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट: नई रिपोर्ट

नई दिल्ली  गंभीर मेमोरी सप्लाई संकट का सामना कर रहे वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट ने 2025 का अंत मामूली एकल-अंकीय (सिंगल डिजिट) साल-दर-साल वृद्धि के साथ किया। यह बढ़ोतरी बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक हालात और छुट्टियों के मौसम में मजबूत मांग के कारण संभव हुई।  2025 की चौथी तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 3.8 प्रतिशत बढ़ी। यह लगातार चौथी तिमाही रही जब बाजार में सुधार देखा गया। साथ ही, यह 2021 के बाद सबसे मजबूत हॉलिडे तिमाही रही। चीन और पूर्वी यूरोप को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार 2026 में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट में अनुमान है कि 2026 में स्मार्टफोन शिपमेंट 12.4 प्रतिशत साल-दर-साल घट सकती है, जो अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी की कमी, कंपोनेंट की तेजी से बढ़ती कीमतें और लोअर-एंड ओईएम कंपनियों की संरचनात्मक कमजोरियां 2026 में बाजार पर दबाव डालेंगी। यह गिरावट 2027 तक जारी रह सकती है और सुधार की उम्मीद 2027 के अंत में है, जब अतिरिक्त मेमोरी क्षमता उपलब्ध होगी। काउंटरपॉइंट के प्रिंसिपल एनालिस्ट यांग वांग ने कहा, "इसका असर 2027 की दूसरी छमाही तक जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि मेमोरी सप्लाई बढ़ने में कई तिमाहियां लगेंगी। खासकर निम्न-स्तरीय स्मार्टफोन सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि एलपीडीडीआर4 मेमोरी की सप्लाई अपेक्षा से कहीं अधिक तेजी से घट रही है।" उन्होंने बताया कि ओईएम कंपनियां पहले ही नए लॉन्च में देरी, सीमित प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और स्पेसिफिकेशन में बदलाव जैसे कदम उठा रही हैं। जनवरी 2026 में कुछ एंड्रॉयड ओईएम पोर्टफोलियो में 10 से 20 प्रतिशत तक कीमतों में बढ़ोतरी भी देखी गई है। मौजूदा गिरावट की मुख्य वजह मेमोरी सप्लाई चेन में गहरा असंतुलन है। निर्माता कंपनियां ज्यादा मुनाफा देने वाले एआई-केंद्रित डीआरएएम और एंटरप्राइज एसएसडी एनएएनडी के लिए वेफर क्षमता का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार के सभी हिस्से समान रूप से प्रभावित नहीं होंगे। प्रीमियम सेगमेंट अपेक्षाकृत मजबूत रह सकता है और सिंगल डिजिट वृद्धि दर्ज कर सकता है, जबकि 200 डॉलर से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत सप्लाई चेन, बेहतर मूल्य निर्धारण क्षमता और प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान देने के कारण एप्पल और सैमसंग इस संकट का बेहतर सामना कर सकते हैं। recent visitors 32

सोने-चांदी से नहीं, इस मेटल में है दोगुना होने का दम, एक्‍सपर्ट ने किया विश्लेषण

नई दिल्‍ली पिछले कुछ सालों में सोना और चांदी ने निवेशकों को कमाल का रिटर्न दिया है, लेकिन अब एक नए मेटल का उदय हो रहा है. एक जानकार का कहना है कि इसकी कीमत आने वाले समय में डबल होने वाली हैं. एक्‍सपर्ट का कहना है कि AI और विद्युतीकरण की असीमित डिमांड के कारण दुनिया एक विशाल कमोडिटी सुपरसाइकिल के कगार पर खड़ी है, जिस कारण कॉपर मेटल की कीमतों में तगड़ी उछाल आ सकती है.   इवानहो माइंस के संस्थापक और सह-अध्यक्ष रॉबर्ट फ्रीडलैंड के अनुसार, उत्पादन लागत में वृद्धि और अभूतपूर्व मांग के चलते तांबे की कीमतें और भी बढ़ने वाली हैं. जनवरी 2026 में सऊदी अरब में आयोजित फ्यूचर मिनरल्स फोरम 2026 में बोलते हुए, खनन क्षेत्र के दिग्गज ने लाल धातु (तांबे) के लिए बेहद आशावादी तस्वीर पेश की है. जहां पिछले पांच वर्षों में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 53 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रही हैं, वहीं फ्रीडलैंड ने बताया कि इसी अवधि के दौरान तांबे की कीमत अभी कम तेजी के बाद भी सर्वकालिक उच्च स्तर 13,400 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, लेकिन आगे और भी तेजी की संभावना है.  क्‍यों आएगी कॉपर में तेजी?  कमोडिटी की कीमतों में इस उछाल का एक बड़ा कारण AI डेटा सेंटर्स का तेजी से विस्तार है. उन्होंने बताया कि 2026 के अंत तक, ग्‍लोबल डेटा सेंटर्स उतनी ही बिजली की खपत करेंगे जितनी जापान, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. फ्रीडलैंड ने शिकागो में माइक्रोसॉफ्ट के एक हालिया 'बेबी डेटा सेंटर' का उदाहरण दिया, जिसके लिए अकेले 20 लाख किलोग्राम तांबे की आवश्यकता थी. उन्होंने कहा कि टेस्ला के हर सर्वर को सोना, लोहा, गैलियम, एंटीमनी, टंगस्टन, चांदी, कई रेयर अर्थ मिनरल्‍स, इंडियम, टैंटलम, पैलेडियम, बेरियम, नाइओबियम और टाइटेनियम की आवश्यकता होती है. उन्‍होंने कहा कि अगर ग्रीन एनर्जी चेंजेज या एआई सेंटर्स के सपनों को इग्‍नोर करें तो भी कॉपर जैसे मेटल की भारी कमी है.  बहुत बड़े लेवल पर तांबे की आवश्‍यकता फ्रीडलैंड ने कहा कि अपनी वर्तमान जीवनशैली को बनाए रखने के लिए, दुनिया को ठीक उसी तरह चलाने के लिए, जैसा वह चलती आ रही है, हमें अगले 18 वर्षों में 70 करोड़ मीट्रिक टन तांबा और निकालना होगा. इस विशाल आंकड़े को समझने के लिए, यह ठीक उतनी ही मात्रा है, जितना तांबा मानव जाति ने गुफाओं से बाहर आने के बाद से 10,000 वर्षों में निकाला है. 40 फीसदी हिसा तो यहां खत्‍म हो जाएगा फ्रीडलैंड ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य की इस विशाल मांग को पूरा करने के लिए 2050 तक हर साल छह नए टॉप कैटेगरी की तांबा खदानों को चालू करना होगा. उस नए उत्पादन का 40 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से ग्रिड अपग्रेड, इलेक्ट्रिकसिटी और डेटा केंद्रों द्वारा उपयोग किया जाएगा. क्‍यों डबल हो सकती है कॉपर की कीमत?  उन्होंने कहा कि 1900 से लेकर अब तक, तांबे की एक यूनिट के उत्पादन के लिए आवश्यक ऊर्जा 16 गुना बढ़ गई है और तांबे की एक यूनिट बनाने के लिए आवश्यक पानी की मात्रा दोगुनी हो गई है. उन्होंने आगे कहा कि इसलिए यह बिल्कुल स्पष्ट है कि भविष्य की खनन जरूरतों को पूरा करने के लिए तांबे की कीमत दोगुनी होनी चाहिए. recent visitors 31

Anthropic AI का खौफ, US में दूसरे दिन भी हंगामा, बड़ी कंपनियों के बीच हलचल

नई दिल्ली Anthropic के नए AI टूल्स ने दुनिया को हिला दिया है. खासकर, अमेरिका पर सबसे तगड़ी आर्थिक चोट पहुंचाई है. क्योंकि मौजूदा समय अमेरिका टेक्नोलॉजी में सबसे आगे है, इसके साथ ही Anthropic AI टूल ने ये संकेत भी दे दिया है, कि जो अभी बाहशाह है, आगे भी वही रहेगा इसकी कोई गारंटी है. क्योंकि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और हर नई खोज के साथ कॉम्पिटिशन भी बढ़ता जा रहा है. दरअसल, अमेरिकी शेयर बाजार (Share Market) में टेक्नोलॉजी शेयरों का दबदबा रखने वाला Nasdaq लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. बुधवार को नैस्डैक 350 अंक गिरकर 22904 पर अंक पर बंद हुआ, यानी डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इससे पहले मंगलवार को भी करीब 1.50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. नैस्डैक में दूसरे दिन भी दबाव  भारतीय बाजार पर भी इसका असर देखने को मिला था, भारतीय बाजार कारोबार के अंत में हरे निशान के साथ बंद हुए थे. लेकिन आईटी शेयरों में भारी बिकवाली का माहौल था, हालांकि गुरुवार को आईटी स्टॉक्स रिकवरी के मोड में हैं. मंगलवार को आईटी शेयरों में गिरावट की बजट आईटी इंडेक्स के मार्केट कैप में करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी.  इन सबके बीच Anthropic AI की चोट से अमेरिकी शेयर बाजार उबर नहीं पा रहा है. बुधवार को भी NVIDIA, Alphabet, Amazon और Meta के शेयरों में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली. इस गिरावट की बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं. खासतौर पर Anthropic के नए AI टूल को लेकर. निवेशकों को डर है कि तेजी से बदलती AI तकनीक से मौजूदा बड़ी टेक कंपनियों का बिजनेस मॉडल प्रभावित हो सकता है.  बता दें, Anthropic एक AI स्टार्टअप है, जिसे OpenAI का बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है. कंपनी ने हाल ही में अपने नए और ज्यादा ताकतवर AI टूल्स पेश किए हैं. इन टूल्स के बाद बाजार में यह चर्चा तेज हो गई कि आने वाले समय में AI सेक्टर में कॉम्पिटिशन और ज्यादा बढ़ेगा. इसका असर उन बड़ी टेक कंपनियों पर पड़ सकता है, जो अभी AI से मोटा मुनाफा कमा रही हैं. बड़ी कंपनियों की बढ़ी टेशन इसी चिंता के चलते निवेशकों ने टेक शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी. Nvidia, Microsoft, Alphabet, Meta और Amazon जैसे दिग्गज शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है. Nvidia जैसे शेयर, जो हाल के महीनों में AI बूम की वजह से तेजी से चढ़े थे, उनमें सबसे ज्यादा दबाव है.  एक्सपर्ट्स की मानें तो निवेशक यह सोचने लगे हैं कि क्या AI को लेकर उम्मीदें जरूरत से ज्यादा तो नहीं बढ़ा दी गई हैं. Anthropic जैसे नए खिलाड़ियों की एंट्री से AI सेक्टर में मुकाबला बढ़ेगा, जिससे कंपनियों के मुनाफे और वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है.   हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स ये भी कह रहे हैं कि ये गिरावट किसी बड़े क्रैश की शुरुआत नहीं है, बल्कि एक हेल्दी करेक्शन हो सकता है. AI सेक्टर में लंबे समय में ग्रोथ की संभावनाएं अब भी मजबूत हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.  Anthropic AI टूल क्या है? Anthropic AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ऐसे टूल और मॉडल बनाता है, जो इंसानों की तरह सोच-समझकर जवाब दे सकें. इसका प्रमुख AI मॉडल Claude है, जो कंटेंट लिखने, डेटा एनालिसिस, कोडिंग, रिसर्च और बिजनेस फैसलों में मदद करता है. यह टूल कई कामों में इंसानी दखल को कम कर सकता है. हालांकि इस बीच Anthropic बड़े कॉपीराइट और डेटा-उपयोग विवादों का सामना भी कर रहा है. recent visitors 30

जनवरी 2026 में टीवीएस की शानदार बिक्री, EV की मांग में 50% से अधिक बढ़ोतरी, ग्राहक अब बिना हिचकिचाए चुन रहे इलेक्ट्रिक विकल्प

मुंबई  टीवीएस मोटर कंपनी का दमदार आगाज़ जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। कंपनी ने इस महीने कुल 5.12 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 29 प्रतिशत ज्यादा है। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय ऑटो बाजार में टीवीएस की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और ग्राहक इसके उत्पादों पर भरोसा जता रहे हैं। घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात कारोबार ने भी इस ग्रोथ को मजबूती दी है। घरेलू दोपहिया बाजार में मजबूत पकड़ जनवरी 2026 में टीवीएस की कुल दोपहिया बिक्री लगभग 4.94 लाख यूनिट्स रही। सालाना आधार पर इसमें करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में टीवीएस ब्रांड की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। मोटरसाइकिल और स्कूटर सेगमेंट का अहम योगदान टीवीएस की इस मजबूत ग्रोथ में मोटरसाइकिल और स्कूटर दोनों सेगमेंट की बड़ी भूमिका रही। जनवरी 2026 में मोटरसाइकिल बिक्री में सालाना आधार पर उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं स्कूटर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कम्यूटर से लेकर फैमिली और युवा ग्राहकों तक, टीवीएस के मॉडल्स की डिमांड बनी रही, जिससे कुल बिक्री को मजबूती मिली। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में 50% से ज्यादा उछाल जनवरी 2026 टीवीएस के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिहाज से भी बेहद खास रहा। कंपनी की EV बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह साफ दर्शाता है कि भारतीय ग्राहक अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को लेकर ज्यादा गंभीर और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। टीवीएस का EV पोर्टफोलियो इस बदलाव का सीधा फायदा उठाता नजर आ रहा है। निर्यात बाजार में भी स्थिर ग्रोथ घरेलू बिक्री के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टीवीएस ने संतुलित प्रदर्शन किया। जनवरी 2026 में कंपनी के कुल निर्यात में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। दोपहिया वाहनों की विदेशी मांग बनी रही, जिससे ग्लोबल मार्केट में टीवीएस की मौजूदगी और मजबूत हुई। तीन-पहिया सेगमेंट ने चौंकाया जनवरी 2026 में टीवीएस के तीन-पहिया सेगमेंट ने भी सभी का ध्यान खींचा। इस कैटेगरी में कंपनी की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। खासतौर पर कमर्शियल उपयोग और ई-रिक्शा सेगमेंट में बढ़ती मांग ने इस ग्रोथ को गति दी है, जो आने वाले समय में और विस्तार के संकेत देती है। भविष्य के लिए मजबूत संकेत कुल मिलाकर जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए एक बेहद सफल महीना रहा। मजबूत घरेलू मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और निर्यात में स्थिर प्रदर्शन ने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मौजूदा रुझान यह संकेत देते हैं कि आने वाले महीनों में भी टीवीएस की ग्रोथ की रफ्तार बनी रह सकती है। recent visitors 27

Gold-Silver Price Crash: चांदी ₹24000 सस्ती, सोने की कीमत ₹4500 गिरी, नए रेट जानें

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में बीते दो दिन के उछाल के बाद अचानक फिर से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) देखने को मिला है. गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दोनों कीमती धातुओं की कीमत ओपनिंग के साथ ही धड़ाम नजर आई. MCX पर चांदी का वायदा भाव एक झटके में 24,000 रुपये प्रति किलो तक कम (Silver Price Crash) हो गया, तो वहीं सोने की कीमत ने भी अचानक ही 4500 रुपये से ज्यादा का गोता लगा दिया और ये सस्ता (Gold Cheaper) हो गया.  चांदी की कीमत में फिर बड़ी गिरावट सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में गुरुवार को आई बड़ी गिरावट के बारे में, तो एमसीएक्स पर बीते कारोबारी दिन 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 Kg Silver Price 2,68,850 रुपये पर क्लोज हुआ था और जब वायदा कारोबार की शुरुआत हुई, तो ये एक झटके में गिरकर 2,44,654 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो चांदी सीधे 24,196 रुपये तक सस्ती हो गई.  हाई से अभी कितनी सस्ती है Silver बीते महीने के आखिर में 29 जनवरी को चांदी की कीमत ने तूफानी रफ्तार से भागते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये का नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था. लेकिन इसके बाद से ही सिल्वर प्राइस क्रैश (Silver Crash) होने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो बजट के बाद रुका नजर आया. लेकिन महज दो दिन के ब्रेक के बाद ये फिर तेजी से फिसली है. हाई से तुलना करें, तो फिलहाल वायदा चांदी 1,75,394 रुपये सस्ती मिल रही है.  Gold का भी चांदी जैसा हाल  अब बात करें, सोने की कीमत में आई गिरावट के बारे में, तो चांदी की तरह ये भी गुरुवार को खुलने के साथ ही क्रैश (Gold Rate Crash) हुआ है. बीते कारोबार दिन 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले 10 Gram 24 Karat Gold का रेट 1,53,046 रुपये पर क्लोज हुआ था और गुरुवार को खुलने के साथ ही ये गिरकर 1,48,455 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इस हिसाब से ये 4,591 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया.  सोना अपने हाई से इतना सस्ता  चांदी की तरह गोल्ड रेट भी 29 जनवरी को अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था और तेज रफ्तार के साथ 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया था और यहां से इसमें भी लगातार तेज गिरावट आई थी, जो बजट के एक दिन बाद तक जारी रही थी. बीते दो दिन में आया उछाल भी गुरुवार को साफ हो गया और अगर इस हाई लेवल से गोल्ड प्राइस क्रैश (Gold Price Crash) देखें, तो फिलहाल सोना 44,641 रुपये सस्ता मिल रहा है. recent visitors 30

सोना-चांदी की कीमतों में भूचाल, चार दिन बाद पलटी बाज़ार की चाल—तेज हुई महंगाई

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों लगातार चार दिन क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने के बाद आखिरकार मंगलवार को तेज उछाल आया था और ये सिलसिला तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भी जारी रहा. एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही Gold-Silver रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए नजर आए. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं महंगी हो गई. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price अपने पिछले बंद के मुकाबले 15,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं 10 Gram 24 Karat Gold भी अचानक 5000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया. दो दिन में इतनी महंगी हुई चांदी सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत के बारे में, तो बीते 2 फरवरी तक महज चार दिन में ही करीब 2 लाख रुपये तक सस्ती हो गई थी, लेकिन इसके बाद इसमें जोरदार रिकवरी देखने को मिली है. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव तेज उछाल के बाद 2,68,801 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और बुधवार को ये खुलते ही 2,84,094 रुपये पर पहुंच गई. यानी एक झटके में ये 15,293 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई.  बीते सोमवार तक 1 Kg Silver Price गिरते हुए 2.25 लाख रुपये के आसपास आ गया था, लेकिन इस लो-लेवल से इसके भाव में जो रैली शुरू हुई, उसने महज दो कारोबारी दिनों में ही चांदी का भाव करीब 60,000 रुपये प्रति किलो बढ़ा दिया है. Gold भी चांदी से कुछ कम नहीं  बात करें, सोने की कीमत के बारे में, तो ये कीमती धातु भी चांदी की तरह ही बीते कुछ दिनों में लगातार क्रैश के बाद अब तूफानी तेजी से भाग रही है. बीते कारोबारी दिन MCX Gold Rate 1,53,809 रुपये पर क्लोज हुआ था और बुधवार वायदा कमोडिटी मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट उछलकर 1,60,755 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. यहां ये 6,946 रुपये तक महंगा हो गया. हाई से सोना-चांदी अब इतना सस्ता Gold-Silver Rate के हाई लेवल से अगर तुलना करें, तो ये हालिया तेजी के बाद भी अभी काफी सस्ते मिल रहे हैं. बता दें कि बीते 29 जनवरी को चांदी की कीमत ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये पर पहुंच गई थी, लेकिन इस स्तर को छूने के बाद ये बिखरती चली गई थी. हालांकि इस हाई लेवल से कैलकुलेशन करें, तो वायदा चांदी 1,35,954 रुपये प्रति किलो तक सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.   चांदी की तरह ही सोने की कीमत ने भी 29 जनवरी को ही अपना नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था और 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई थी. इस स्तर से सोना भी अब तक गिरते हुए 32,341 रुपये तक सस्ता हो चुका है.  recent visitors 37

AI का असर दिखा! बड़ी IT कंपनियों में चिंता, स्टॉक्स लुढ़के 25% तक

 नई दिल्ली बीते सोमवार को रिकॉर्ड हाई पर बंद होने के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों ने मंगलवार को अपनी सारी बढ़त गंवा दी और इंडेक्स भारी गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुए. खासतौर पर टेक शेयरों में हाहाकार मचा हुआ नजर आया और कई IT Stocks तो 10 से 25 फीसदी तक क्रैश हो गए. US Stock Market में इस गिरावट के पीछे का बड़ा कारण आईटी सेक्टर में Antropic AI Tool की एंट्री को माना जा रहा है. एंथ्रोपिक ने कॉर्पोरेट और लीगल कार्यों को ऑटोमेटिक करने के लिए एक नया एआई टूल लॉन्च किया है. उम्मीद है कि यह नया टूल सॉफ्टवेयर कंपनियों द्वारा किए जाने वाले पारंपरिक वर्कफ़्लो ऑटोमेशन में बड़ा बदलाव लाएगा. IT Stock क्रैश, NASDAQ धड़ाम अमेरिकी बाजार में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा नैस्डैक फिसला, जो कि आईटी और टेक शेयरों से भरा हुआ इंडेक्स है. इसमें मंगलवार को 1.4 फीसदी की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इसके पीछे रिपोर्ट्स में एंथ्रोपिक एआई टूल को जिम्मेदार बताया जा रहा है, क्योंकि निवेशकों ने एनवीडिया (NVIDIA), माइक्रोन (Micron) और एएमडी (AMD) जैसी हाई वैल्यू वाली चिप कंपनियों के शेयरों से हटकर इसकी ओर रुख किया है. NASDAQ के अलावा डॉउ जोन्स (Dow Jones) और एसएंडपी 500 (S&P Index) भी मंगलवार को क्रमशः 0.3% और 0.8% गिरकर बंद हुआ. एंथ्रोपिक के आते ही बिखरे ये बड़े शेयर  US Stock Market में Anthropic AI Tools की एंट्री से मचे कोहराम की बात करें, तो इसके चलते मंगलवार को कॉग्निजेंट, गार्टनर, एक्सेंचर और ईपीएएम जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में 10% से 25% तक की गिरावट देखने को मिली. यही नहीं भारत के लिए भी ये चिंता का विषय नजर आ रहा है, क्योंकि इस सेक्टर की दिग्गज भारतीय कंपनियों इंफोसिस और विप्रो के एडीआर (Infosys-Wipro ADR) में भी मंगलवार को 6% तक की गिरावट दर्ज की गई. Anthropic AI टूल ने विश्लेषकों के बीच सासपोकैलिप्स की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे ग्लोबल आईटी मार्केट हिल गए हैं. बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार ओपन होने पर इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसे दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर है.  यहां दिखा सबसे बुरा असर Anthropic AI Tools की एंट्री का सबसे ज्यादा बुरा असर लीगल और डेटा सर्विस प्रोवाइडर्स पर देखने को मिला है. लीगलजूम के शेयर 20% तक फिसल गए, तो वहीं थॉमसन रॉयटर्स के स्टॉक में भी 15% तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है. इसके अलावा लेक्सिसनेक्सिस की पैरेंट कंपनी RELX का शेयर 14% गिर गया था. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसके आने से लोगों की सोच में बदलाव आया है. पहले जो कहते थे कि AI इन कंपनियों की मदद करता है, वही अब कहते नजर आ रहे हैं कि AI इन कंपनियों की जगह लेता जा रहा है.  recent visitors 37

Royal Enfield का धमाका: 10 लाख बाइक्स बेचीं, इस मॉडल ने जीता 8 लाख दिल

नई दिल्ली रॉयल एनफील्ड ने 2025 में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की है, जिसमें रिकॉर्ड 10,71,809 बाइक बेची गईं। चेन्नई स्थित इस कंपनी ने पहली बार घरेलू बाजार में एक कैलेंडर वर्ष में दस लाख यूनिट का आंकड़ा पार किया है। यह 2024 में हासिल की गई 8,57,378 यूनिट की तुलना में 25 प्रतिशत की शानदार वार्षिक वृद्धि है। कंपनी ने पिछले वर्ष 1,32,132 मोटरसाइकिलों का निर्यात भी किया, जो 2024 की 97,371 यूनिट की तुलना में 36 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि है। वर्तमान में, रॉयल एनफील्ड चार अलग-अलग इंजन प्लेटफॉर्म पर 14 मॉडल बेचती है। रॉयल एनफील्ड की 2025 में होने वाली बिक्री का विवरण तालिका प्रारूप में दिया गया है। पिछले 13 वर्षों के रॉयल एनफील्ड के थोक बिक्री आंकड़ों (ऊपर दी गई तालिका देखें) का गहन विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 2025 लगातार तीसरा वर्ष है जब बाइक निर्माता ने 8,00,000 का आंकड़ा पार किया है। वार्षिक बिक्री पहली बार 2018 में 8,00,000 (8,37,669 यूनिट) तक पहुंची थी, लेकिन अगले वर्ष इसमें 17 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 6,90,913 यूनिट रह गई, जबकि महामारी से प्रभावित 2020 में यह अपने सबसे निचले स्तर (5,38,889 यूनिट) पर पहुंच गई। तब से, कंपनी ने नए मॉडलों और प्रीमियम मोटरसाइकिलों के लिए बाजार में आए पुनरुत्थान के दम पर वापसी की है। 2022 में मांग में 28 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई और यह 7,03,156 यूनिट तक पहुंच गई, 2023 में 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8,22,295 यूनिट और 2024 में 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ पिछले वर्ष एक नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। 2025 में, अगस्त से अक्टूबर तक लगातार तीन महीनों तक मासिक बिक्री 1,00,000 यूनिट से अधिक रही, जिसमें रॉयल एनफील्ड ने अक्टूबर में 1,16,844 यूनिट की अपनी अब तक की सबसे अधिक मासिक थोक बिक्री दर्ज की। भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में जीएसटी 2.0 की दर में कमी का पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की घोषणा करने वाली पहली कंपनियों में से एक, इस कंपनी ने अपने सबसे अधिक बिकने वाले 350 सीसी मॉडल की कीमतों में 22,000 रुपये तक की कटौती की। रॉयल एनफील्ड की सबसे अधिक बिकने वाली बाइक क्लासिक 350 बनी हुई है और अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान इस श्रेणी में बेची गई मोटरसाइकिलों में इसकी हिस्सेदारी 37 प्रतिशत थी । 350-650cc श्रेणी में रॉयल एनफील्ड का दबदबा है। रॉयल एनफील्ड की मिडसाइज़ मोटरसाइकिल बाज़ार में मज़बूत पकड़ उसके 350cc मॉडलों से ही आती है, यह बात आंकड़ों से स्पष्ट है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों (अप्रैल-दिसंबर 2025) के लिए SIAM उद्योग थोक बिक्री आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 8,21,908 यूनिट तक पहुंच गई। रॉयल एनफील्ड की 250-350cc श्रेणी पर मज़बूत पकड़ है – चालू वित्त वर्ष में बेची गई 7,58,458 बाइक (पिछले वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत की वृद्धि) ने इस श्रेणी की कुल 8,01,250 मोटरसाइकिलों की घरेलू बाज़ार बिक्री में 95 प्रतिशत की अजेय हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसके पांच मॉडलों में से, क्लासिक 350 40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है, इसके बाद बुलेट 350 (25 प्रतिशत हिस्सेदारी) का स्थान आता है। हंटर 350 और मेटियोर 350 शेष 35 प्रतिशत का योगदान करते हैं। रॉयल एनफील्ड की इन 3 बाइक्स का युवाओं में क्रेज आम तौर पर टॉप सेलिंग बाइक्स की लिस्ट में रॉयल एनफील्ड की क्लासिक 350 टॉप 10 में रहती ही है, लेकिन साल 2025 के आखिरी महीने दिसंबर में तो इस देसी कंपनी की 3-3 बाइक्स ने सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकल की टॉप 10 लिस्ट में रही। इनमें जहां क्लासिक 350 छठे स्थान पर रही और इसकी 34,958 यूनिट बिकी, वहीं रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 आठवें स्थान पर रही और इसकी 24,849 यूनिट बिकी। टॉप 10 बेस्ट सेलिंग बाइक्स की लिस्ट में आखिरी पायदान पर रॉयल एनफील्ड हंटर रही और इसकी 20,654 यूनिट बिकी। रॉयल एनफील्ड की इन बाइक्स की बिक्री में बीते दिसंबर सालाना तौर पर अच्छी-खासी बढ़ोतरी दिखी। क्लासिक 350 की बिक्री में सालाना तौर पर करीब 18 फीसदी, बुलेट 350 में करीब 77 फीसदी और हंटर 350 की सेल में 50 फीसदी की एनुअल ग्रोथ दर्ज की गई। रॉयल एनफील्ड की क्लासिक, बुलेट और हंटर की कीमतें अब आपको रॉयल एनफील्ड की 3 सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकल्स की कीमतों के बारे में बताएं तो Hunter 350 की एक्स शोरूम प्राइस 1.38 लाख रुपये से शुरू होकर 1.67 लाख रुपये तक जाती है। इसके बाद रॉयल एनफील्ड की आइकॉनिक बाइक Bullet 350 की एक्स शोरूम प्राइस 1.62 लाख रुपये से शुरू होकर 2.04 लाख रुपये तक जाती है। कंपनी की टॉप सेलिंग बाइक Classic 350 की एक्स शोरूम प्राइस 1.83 लाख रुपये से शुरू होकर 2.18 लाख रुपये तक जाती है। क्लासिक का एक खास मॉडल Goan Classic 350 भी है, जिसकी एक्स शोरूम प्राइस 2.20 लाख रुपये से शुरू होकर 2.23 लाख रुपये तक जाती है। recent visitors 35

ट्रेड डील की खुशखबरी! शेयर बाजार में ऐतिहासिक बूम, सेंसेक्स 2500 और निफ्टी 700 अंक चढ़ा

मुंबई  भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील से मंगलवार को शेयर बाजार रॉकेट बन गया. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स और निफ्टी में जबरदस्‍त तेजी देखने को म‍िली. मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई बीएसई सेंसेक्स ने 2500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा दी. निफ्टी भी 700 अंक की तेजी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया. शेयर बाजार में आई तेजी से प‍िछले कुछ महीने से लगा ग्रहण छंटता नजर आया. शेयर बाजार में आई तेजी पिछले कुछ महीने की अन‍िश्‍च‍ितता को खत्म करने वाली है. प‍िछले कुछ महीने से बाजार ट्रंप के टैरिफ को लेकर दबाव में चल रहा था. सभी इंडेक्‍स में जबरदस्‍त तेजी ट्रंप के टैर‍िफ घटाने का असर न‍िफ्टी 50 के अलावा बैंक न‍िफ्टी, न‍िफ्टी फाइनेंस, न‍िफ्टी म‍िड कैप और न‍िफ्टी स्‍मॉलकैप समेत सभी इंडेक्‍स में देखने को म‍िला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद ट्रेड डील का ऐलान कर द‍िया. अमेरिका की तरफ से भारत से न‍िर्यात क‍िये जाने वाले प्रोडक्‍ट पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया. इसके अलावा रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ भी हटा द‍िया. GIFT निफ्टी ने सुबह ही द‍िया था संकेत डील की खबर आते ही GIFT निफ्टी (भारतीय बाजार का पूर्वानुमान देने वाला इंडेक्‍स) में 700-800 अंक की मजबूत छलांग देखी गई थी. सुबह 6-7 बजे ही यह 3 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर था. बाजार खुलते ही सेंसेक्स 83,000-84,000 के स्तर पर पहुंच गया और 2500 अंक से ज्‍यादा की तेजी देखी गई. निफ्टी भी चढ़कर 25,800 के पार चला गया. किन सेक्‍टर में होगी न‍िवेशकों की चांदी? ट्रेड डील से एक्‍सपोर्ट बेस्‍ड सेक्टर में भारी उछाल देखा गया. टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल, फार्मा, ऑटो पार्ट्स और मशीनरी कंपनियों के शेयरों में तगड़ी खरीदारी देखने को म‍िल रही है. इन सेक्टर से जुड़ा सामान अब अमेरिका में पहले से सस्ते दाम पर म‍िल सकेगा, जिससे कंपनियों के प्रॉफ‍िट में बढ़ोतरी का अनुमान है. जानकारों का कहना है कि यह डील इंड‍ियन इकोनॉमी और शेयर मार्केट के लिए बड़ा बूस्ट है. टैरिफ कम होने से निर्यात बढ़ेगा, विदेशी निवेश आएगा और रुपये पर भी दबाव कम होगा.   पीएम मोदी ने ट्रंप का धन्यवाद किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत किया और ट्रंप को धन्यवाद दिया. उन्होंने बताया कि “Made in India उत्पादों पर अब केवल 18% टैरिफ लगेगा” और यह निर्णय 1.4 अरब भारतीयों के लिए एक शानदार घोषणा है। ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील पर सहमत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे भारत के साथ डील पर सहमत हैं, जिसमें टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। भारत रूस से आयल खरीद बंद करेगा और वर से ज्यादा एनर्जी, टेक्नोलॉजी और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स खरीदेगा। एशियाई-अमेरिकी बाजार में तेजी जापान का निक्केई इंडेक्स 3.14 फीसदी चढ़कर 53,186 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.02 प्रतिशत ऊपर 5,198 कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.20 फीसदी चढ़कर 26,830 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.38 प्रतिशत ऊपर 4,031 पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका का डाउ जोंस 1.05 फीसदी चढ़कर 49,407 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.94 फीसदी और एसएंडपी 500 0.54 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। सोना-चांदी इतना हुआ महंगा शेयर बाजार में तूफानी के साथ ही मंगलवार को कमोडिटी मार्केट में जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। एमसीएक्स पर कारोबार की ओपनिंग होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी झटके में 21000 रुपए से ज्यादा महंगी हो गई। मंगलवार को खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना भी चांदी की तरह ही 5,494 रुपए महंगा होकर 1,49,485 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। भारतीय रुपया ने दिखाया दम भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनने और टैरिफ में कटौती किए जाने के ट्रंप के ऐलान का असर Indian Currency पर भी देखने को मिला है और मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.2% की तेजी लेकर 90.40 पर खुला. बता दें कि इसका पिछला बंद भाव 91.5125 था। शुरुआती कारोबार में ये Top गेनर शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत में टॉप-10 गेनर स्टॉक्स की बात करें, तो Adani Ports, Reliance के अलावा, बजाज फाइनेंस (6.50%), इटरनल शेयर (4.50%), बजाज फिनसर्व (4.31%), इंडिगो (3.99%), महिंद्रा एंड महिंद्रा शेयर (3.95%), सनफार्मा (3.63%), इंफोसिसि (3.50%), टाइटन (3%) और मारुति (2.94%) की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। रिलायंस-अडानी समेत ये शेयर बने रॉकेट India-US Trade Deal और टैरिफ 18% पर आने के असर से गदगद हुए शेयर बाजार में ओपनिंग के साथ ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली है। अडानी पोर्ट का शेयर 7 फीसदी से ज्यादा उछल गया, तो वहीं देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस का शेयर भी करीब 4 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आया। भारत के पड़ोसी देशों पर कितना टैरिफ?     बांग्लादेश: 20%     वियतनाम: 20%     मलयेशिया: 19%     कंबोडिया: 19%     थाईलैंड: 19%     पाकिस्तान: 19% ज्यादा टैरिफ वाले देश     चीन: 34%     ब्राजील: 50%     दक्षिण अफ्रीका: 30%     म्यांमार: 40%     लाओस: 40% भारत से कम टैरिफ वाले प्रमुख देश     यूरोपीय यूनियन: 15%     जापान: 15%     दक्षिण कोरिया: 15%     स्विट्जरलैंड: 15%     यूनाइटेड किंगडम: 10%   recent visitors 36

ऑटो मार्केट में रेनो का जलवा! 7-सीटर कारों की मजबूत मांग से बिक्री में 33% की बढ़त

मुंबई    रेनो इंडिया ने साल 2026 की शुरुआत दमदार प्रदर्शन के साथ की है। कंपनी ने जनवरी 2026 में कुल 3,715 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल जनवरी की तुलना में करीब 33 प्रतिशत से अधिक की सालाना बढ़त को दर्शाती है। यह ग्रोथ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के औसत आंकड़ों से कहीं बेहतर मानी जा रही है और इससे साफ संकेत मिलता है कि रेनो के प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है। Triber और Kiger बनी ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह रेनो की बिक्री में इस उछाल के पीछे Triber और Kiger की लगातार मजबूत डिमांड अहम कारण रही है। किफायती कीमत, भरोसेमंद परफॉर्मेंस और फैमिली-फ्रेंडली डिजाइन के चलते इन दोनों मॉडलों ने ग्राहकों का भरोसा जीता है। खासतौर पर करीब ₹5.76 लाख की शुरुआती कीमत वाली 7-सीटर Triber बजट सेगमेंट में बड़ी पसंद बनकर उभरी है, जिससे शोरूम्स पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। डस्टर की वापसी से बढ़ा ब्रांड का उत्साह जनवरी 2026 के आखिर में पेश की गई नई जेनरेशन Duster ने भी रेनो ब्रांड को लेकर ग्राहकों के उत्साह को नई ऊर्जा दी है। यह SUV कंपनी की ग्लोबल रणनीति का अहम हिस्सा है और इसे भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नई Duster को लेकर डीलरशिप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर पूछताछ में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। फीचर्स और पावरट्रेन ने बढ़ाई उम्मीदें नई Duster को आधुनिक सेफ्टी स्टैंडर्ड, एडवांस टेक्नोलॉजी और बड़े बूट स्पेस के साथ उतारा गया है। इसमें मल्टीपल इंजन विकल्प दिए जाने की बात कही गई है, जिनमें बेहतर माइलेज पर फोकस करने वाला हाइब्रिड वेरिएंट भी शामिल है। यही वजह है कि SUV सेगमेंट के खरीदारों के बीच इसे लेकर खास दिलचस्पी बनी हुई है। मैन्युफैक्चरिंग और नेटवर्क से मिली मजबूती रेनो इंडिया की चेन्नई स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट देश में कंपनी की उत्पादन जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही, भारतभर में फैला सेल्स और सर्विस नेटवर्क ग्राहकों को बेहतर पहुंच और भरोसा देता है, जिससे ब्रांड की पकड़ और मजबूत होती जा रही है। जनवरी 2026 की बिक्री के आंकड़े और नए प्रोडक्ट्स को मिल रही प्रतिक्रिया से यह साफ है कि रेनो इंडिया एक बार फिर भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। अगर यही रफ्तार आगे भी बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में कंपनी कॉम्पैक्ट और SUV सेगमेंट में अपनी मौजूदगी और प्रभावशाली बना सकती है। recent visitors 36

निवेशकों के लिए चौंकाने वाली खबर! सोना-चांदी में अचानक तेजी, चांदी ₹21,000 बढ़ी

 इंदौर / नई दिल्ली    सोना-चांदी की कीमतों में बीते कुछ दिनों से क्रैश होने का सिलसिला देखने को मिल रहा था, लेकिन मंगलवार को इसपर ब्रेक लग गया. एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही Gold-Silver की कीमतों में तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग हुई. चांदी बीते सोमवार को गिरकर 2.25 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई थी, लेकिन पिछले बंद की तुलना में एक झटके में 21,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गई. सोना भी कम नहीं दिखा और खुलने ही 5,000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया. चांदी की कीमतों में फिर उछाल  सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार शुरू होने पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव में तगड़ा उछाल देखने को मिला. 1 Kg Silver Price एक झटके में अपने पिछले बंद भाव से 21,000 रुपये से ज्यादा महंगी हो गई.सोमवार को MCX Silver Price 2,36,261 रुपये था और मंगलवार को ये खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.  तेजी के बाद भी हाई से इतनी सस्ती Silver मंगलवार को आई तूफानी तेजी के बावजूद अभी चांदी का वायदा भाव अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी सस्ता बना हुई है. बता दें कि 29 जनवरी को MCX Silver Price ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया था और 4,30,048 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी. इस स्तर से अभी भी चांदी का भाव 1,62,568 रुपये सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.  Gold Rate में भी तगड़ी तेजी चांदी के अलावा सोने की कीमत में भी तेजी आई है और MCX Gold Rate सोमवार के अपने बंद 1,43,991 रुपये प्रति 10 ग्राम से उछलकर शुरुआती कारोबार में ही 1,49,485 रुपये पर पहुंच गया. इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 5,494 रुपये बढ़ गया.  सोने का लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये भी उच्चतम स्तर के काफी सस्ता मिल रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का हाई रेट 1,93,096 रुपये है, जो इसने चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते 29 जनवरी को ही छुआ था और इसके बाद लगातार ये Silver Price की तरह ही क्रैश होता जा रहा था. वहीं अब मंगलवार को अचानक आई बड़ी तेजी के बाद भी ये अभी इस स्तर से 43,611 रुपये कम पर मिल रहा है. recent visitors 40

बजट 2026: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, PM E-Drive स्कीम को मिले 1,500 करोड़ रुपये

 नईदिल्ली  इस बार के बजट को लेकर जहां आम आदमी इस बात से निराश है, उसे कुछ ख़ास नहीं मिला. वहीं कुछ सेक्टर को राहत भी मिली है. बजट 2026 में सरकार ने साफ कर दिया है कि EV सिर्फ भविष्य की बात नहीं, बल्कि आज की जरूरत है. पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना को एक बार फिर बजट में तगड़ा सपोर्ट मिला है. 1,500 करोड़ रुपये का नया ऐलान बताता है कि सरकार अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को धीमे नहीं, बल्कि पूरी रफ्तार से आगे बढ़ाना चाहती है. केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 1,500 करोड़ रुपये का ऐलान किया है. यह योजना देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ाने और लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा रही है. बजट दस्तावेजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में पीएम ई-ड्राइव योजना के लिए 993 करोड़ रुपये दिए गए थे. वहीं वित्त वर्ष 2026 में इसका बजट अनुमान 4,000 करोड़ रुपये रखा गया था, जिसे बाद में रिवाइज़्ड कर के 1,300 करोड़ रुपये कर दिया गया. अब वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकार ने 1,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. PM E-Drive ने किया FAME को रिप्लेस बता दें कि, 10,900 करोड़ रुपये की पीएम ई-ड्राइव योजना की शुरुआत 1 अक्टूबर 2024 में हुई थी. इस योजना ने पहले चल रही फेम योजना (FAME Scheme) को रिप्लेस किया था. जिसे आमतौर पर लोग फेम सब्सिडी भी कहते हैं. इसके तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, ट्रक, बस और एंबुलेंस की खरीद पर सब्सिडी दी जाती है. इसके साथ ही देशभर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने पर भी जोर दिया जा रहा है. सरकार द्वारा दी जाने वाली इस सब्सिडी से इलेक्ट्रिक वाहनों की अपफ्रंट कीमत कम हो जाती है. जिससे खरीदार पर कम बोझ पड़ता है. अब नई राशि के प्रावधान के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी. सरकार चाहती है कि, इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का रूझान बढ़े और लोग पारंपरिक (पेट्रोल-डीजल) वाले वाहनों के बजाय ईवी की तरफ मुखर हो. किस व्हीकल कैटेगरी में कितना फंड कुल बजट में से 2,679 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए रखे गए हैं. इलेक्ट्रिक बसों के लिए 4,391 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इलेक्ट्रिक ट्रक और इलेक्ट्रिक एंबुलेंस के लिए 500-500 करोड़ रुपये तय किए गए हैं. इसके अलावा देशभर में पब्लिक ईवी चार्जिंग स्टेशन डेवलप करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का फंड अलग से रखा गया है. 30 दिसंबर तक इस योजना के तहत कुल 21.24 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी दी जा चुकी है. खास बात यह है कि L5 कैटेगरी के इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का टार्गेट तय समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है. 26 दिसंबर 2025 को 2.88 लाख यूनिट का टार्गेट हासिल होने के बाद इलेक्ट्रिक तिपहिया L5 वाहनों पर सब्सिडी बंद कर दी गई है. 30 दिसंबर 2025 तक 18.40 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को सब्सिडी दी गई, जबकि इस स्कीम का कुल टार्गेट 24.79 लाख यूनिट का है. वहीं ई-रिक्शा और ई-कार्ट की बात करें तो 39,034 यूनिट के टार्गेट के मुकाबले अब तक 5,267 वाहनों को सब्सिडी दी जा चुकी है. हाल ही में सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना की अवधि दो साल बढ़ाकर मार्च 2028 तक कर दी है. हालांकि इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी को 31 मार्च 2026 तक धीरे-धीरे खत्म करने की योजना है. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हाल ही में दिशानिर्देश जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक इसके तहत प्रोत्साहन राशि नहीं बांटी गई है. योजना के तहत 22,100 फास्ट चार्जर चारपहिया वाहनों के लिए, 1,800 चार्जर इलेक्ट्रिक बसों के लिए और 48,400 चार्जर दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए लगाए जाने का टार्गेट है. इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है. इलेक्ट्रिक वाहनों की स्लो डिमांड के पीछे एक बड़ा कारण चार्जिंग इंफ्रा भी है. ज्यादातर नए वाहन खरीदार सिर्फ इस बात से EV खरीदने से कतराते हैं क्योंकि उनका मानना है कि, देश में चार्जिंग इंफ्रा उस स्तर की नहीं है. दूसरी ओर रेंज एंजॉयटी भी एक बड़ा कारण है.   recent visitors 38

शेयर बाजार की जोरदार वापसी, सेंसेक्स में 940 अंकों की छलांग, 5 लाख करोड़ की कमाई

मुंबई  सोमवार को दिनभर शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हावी रहा, लेकिन मार्केट बंद होने के आखिरी घंटे में शेयर बाजार में शानदार तेजी आई. बीएसई सेंसेक्‍स 944 अंक या 1 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर 81,666.46 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 263 या 1 फीसदी चढ़कर 25,088.40 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक में भी 200 अंकों की तेजी रही. शेयर बाजार में अचानक आई तेजी की बड़ी वजह लास्‍ट टाइम में निवेशकों की खरीदारी रही. खासकर लार्जकैप कंपनियों के शेयरों में अच्‍छी खरीदारी हुई, क्‍योंकि रिलायंस इंडस्‍ट्रीज जैसे शेयर 3 फीसदी तेजी आई है. इस तेजी के कारण बीएसई मार्केट कैप‍िटलाइजेशन 5 लाख करोड़ रुपये चढ़ गया. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 5 शेयर ही 2 फीसदी की गिरावट पर बंद हुए. बाकी 25 शेयरों में अचछी तेजी रही. पावरग्रिड जैसे शेयरों में 7 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई. Adani Port का शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ा और मुकेश अंबानी का शेयर 3 फीसदी चढ़ा.     अचानक क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी? जब निवेशकों को लगता है कि शेयर बाजार में हैवी बिकवाली आ चुकी है और अब खरीदने का मौका है तो वह अपने पसंदीदा शेयरों में खरीदारी करते हैं. सोमवार को वही दिन नजर आया है. हैवीवेट शेयरों जैसे RIL, पावरग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एल एंड टी, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा में 7 फीसदी तक की तेजी रही, जो अच्‍छी खरीदारी का संकेत है.  recent visitors 37

Yamaha EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर: 169 किलोमीटर की रेंज और कीमत में होगा दम, जानिए डिटेल्स

मुंबई  यामाहा इंडिया ने भारतीय बाजार में अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha EC-06 आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.67 लाख रुपये रखी गई है. कंपनी ने इसे सबसे पहले नवंबर 2025 में मुंबई के एक इवेंट में पेश किया था. अब यह स्कूटर देश के चुनिंदा शहरों मे यामाहा के प्रीमियम 'ब्लू स्क्वायर' शोरूम के जरिए ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा. डिजाइन इस स्कूटर का डिजाइन यामाहा की खास पहचान और आधुनिक स्टाइल का मिश्रण है. इसमें शार्प बॉडी लाइन्स और एक मजबूत बनावट दी गई है जो इसे सड़क पर प्रीमियम लुक देती है. राइडिंग को मजेदार बनाने के लिए इसमें तीन मोड दिए गए हैं- इको, स्टैंडर्ड और पावर. इसके अलावा, तंग जगहों पर पार्किंग को आसान बनाने के लिए इसमें 'रिवर्स मोड' की सुविधा भी स्टैंडर्ड तौर पर दी गई है. परफॉरमेंस परफॉरमेंस की बात करें तो EC-06 में 4 kWh की दमदार बैटरी लगी है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 169 किलोमीटर की रेंज देती है. इसकी मोटर 9 bhp की पावर और 26 Nm का टॉर्क जनरेट करती है, जिससे यह स्कूटर 79 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड तक पहुँच सकता है. इसकी बैटरी और मोटर को पानी और धूल से बचाने के लिए IP65 और IP67 रेटिंग दी गई है. फीचर्स  फीचर्स के मामले में यामाहा ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. इसमें 24.5 लीटर का बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है, जहाँ आप अपना सामान आसानी से रख सकते हैं. सुरक्षा के लिए इसमें आगे और पीछे 200mm के डिस्क ब्रेक दिए गए हैं, जो 'कॉम्बी ब्रेक सिस्टम' (CBS) के साथ आते हैं. साथ ही, इसमें LED हेडलाइट्स और एक रंगीन LCD डिस्प्ले भी मिलता है जो राइडर को जरूरी जानकारी देता है. कनेक्टिविटी के शौकीनों के लिए इस स्कूटर को "Yamaha Motor Connect R" ऐप के जरिए स्मार्टफोन से जोड़ा जा सकता है. इससे राइडर रियल-टाइम डेटा और अन्य स्मार्ट फीचर्स का लाभ उठा सकते हैं. चार्जिंग की बात करें तो इसे घर पर नॉर्मल प्लग से चार्ज किया जा सकता है, जिसमें फुल चार्ज होने में लगभग 8 घंटे का समय लगता है. कंपनी बैटरी पर 3 साल या 30,000 किमी की वारंटी भी दे रही है.  recent visitors 34

बजट में बड़ी सौगात, मोबाइल, टीवी और AC सस्ते होंगे, जानें कैसे होगा फायदा

नई दिल्ली  केंद्रीय बजट 2026 का ऐलान हो चुका है और भारत सरकार ने इलेक्ट्रोनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत खर्च को लगभग दोगुना करने का ऐलान कर दिया है. इस रकम को करीब 23 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया है.  इस भारी-भरकम बजट से भारतीय इलेक्ट्रोनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री मजबूत होगी. इससे भारतीय घरेलू सप्लाई चेन को स्ट्रांग किया जाएगा. साथ ही भारत में विदेशी कंपनियां भारत में अपनी यूनिट लगाएंगी और भारत में निवेश करेंगी.  फोन टीवी, AC आदि को होगा फायदा  इस स्कीम से स्मार्टफोन, लैपटॉप और माइक्रोवेव, फ्रिज, टोस्टर जैसे घरेलू प्रोडक्ट के मैन्युफैक्चरिंग पर विदेशों पर निर्भरता कम होगी. इससे प्रोडक्ट सस्ते होंगे या नहीं, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. हालांकि अगर टीवी, स्मार्टफोन और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक्स प्रोडक्ट तैयार करने वाले मैन्युफैक्चरर को सस्ते कंपोनेंट मिलते हैं तो आने वाले दिनों में सस्ते प्रोडक्ट भी भारत में दस्तक देंगे. साथ ही यहां नौकरियों के भी नए अवसर प्राप्त होंगे.  वित्त मंत्री ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम अप्रैल 2025 में 22,919 करोड़ रुपये की रकम के साथ शुरू की गई थी. इस स्कीम के तहत मिले इनवेस्टमेंट प्रपोजल और टारगेट को देखते हुए सरकार ने रकम बढ़ाने का फैसला किया है.  उन्होंने कहा कि इस स्कीम की रकम को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है.  केंद्रीय कैबिनेट ने मार्च में इस स्कीम के लिए 22,919 करोड़ रुपये की रकम के साथ मंजूरी दी थी. इस स्कीम के तहत बड़े आउटकम की उम्मीद है. इससे 4.56 लाख करोड़ रुपये का प्रोडक्शन होगा और करीब 59,350 करोड़ रुपये का एडिशनल इनवेस्टमेंट मिलेगा.  46 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है अब तक स्कीम के तहत 46 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें कुल प्रोपजल इनवेस्टमेंट 54,567 करोड़ रुपये का है. इससे लगभग 51,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है.  आईटी मंत्रालय ने बीते महीने ही Foxconn, Tata Electronics, Samsung, Dixon Technologies और Hikalco Industries जैसी कंपनियों के 22 आवेदन को अप्रूवल दिए हैं.  इन इलेक्ट्रोनिक्स पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा  सरकार इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत इलेक्ट्रोनिक्स पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहते हैं. इसमें कई पार्ट्स शामिल हैं, जिनकी लिस्ट ये है.      डिस्प्ले मॉड्यूल     सब-असेंबली कैमरा मॉड्यूल     प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली (PCBA)     लिथियम सेल एनक्लोजर      रेजिस्टर      कैपेसिटर      फेराइट्स आदि  इन कंपोनेंट का इस्तेमाल स्मार्टफोन, लैपटॉप और माइक्रोवेव, फ्रिज, टोस्टर जैसे घरेलू उपकरणों में होता है.  PLI से कितनी अलग है कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, सरकार की पहले की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम से अलग है. PLI में सब्सिडी प्रोडक्शन से कनेक्टेड होती है, जबकि  इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम में इंसेंटिव तीन अहम पैमानों पर तय किए गए हैं     सालाना रोजगार सृजन     पूंजीगत खर्च (कैपेक्स)     सालाना उत्पादन Apple और Samsung जैसी कंपनियों के भारत में एक्स्ट्रा असेंबली यूनिट्स लगाने केबाद भी देश में वैल्यू एडिशन 15-20% के आसपास है. सरकार इसको बढ़ाकर 30-40% तक करना चाहती है.  recent visitors 32

चांदी की कीमत में ₹16000 की कमी, सोना भी नहीं बचा: क्या है बाजार की स्थिति?

 इंदौर  सोना-चांदी की कीमतें क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने का सिलसिला जारी है. बजट के दिन भर-भराकर टूटने के बाद सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही दोनों कीमती धातुएं और सस्ती (Gold-Silver Cheaper) हो गईं. एक ओर जहां 1 Kg Silver Price झटके में करीब 16,000 रुपये गिर गया, तो वहीं दूसरी ओर 10 Gram 24 Karat Gold का वायदा भाव एमसीएक्स पर 4000 रुपये से ज्यादा कम हो गया.  इतना रह गया 1 किलो चांदी का भाव चांदी की कीमतें बीते सप्ताह के गुरुवार को इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये के पार निकलने के बाद से ही लगातार क्रैश (Silver Price Crash) हो रही हैं. रविवार को Budget 2026 वाले दिन करीब 9 फीसदी से ज्यादा टूटने के बाद सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जब MCX पर कमोडिटी ट्रेडिंग की शुरुआत हुई, तो चांदी खुलते ही और भी सस्ती हो गई.  बीते कारोबारी दिन सिल्वर प्राइस तगड़ी गिरावट और फिर रिकवरी के बाद अंत में 2,65,652 रुपये पर क्लोज हुआ था और सोमवार को जैसे ही कारोबार ओपन हुआ, तो ये गिरकर 2,55,652 रुपये प्रति किलो पर आ गया और फिर इसके कुछ ही मिनटों बाद ये 2,49,713 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि चांदी वायदा 15,943 रुपये और सस्ती हो गई. अपने हाई से अब इतनी सस्ती Silver चांदी में जिस रफ्तार से बीते कुछ दिनों में तेजी देखने को मिली थी, उससे तेज रफ्तार इसके फिसलने की है. बता दें कि पिछले गुरुवार को एमसीएक्स पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते 4,20,048 रुपये के नया लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था, लेकिन इस स्तर से अब तक Silver Price 1,70,335 रुपये कम हो चुका है.  सोने का भी चांदी जैसा हाल Silver Price Crash होने से साथ ही सोना भी धड़ाम नजर आ रहा है. बजट वाले दिन ये भी 13,000 रुपये तक टूट गया था, हालांकि फिर थोड़ी रिकवरी भी देखने को मिली थी. रविवार को ये 1,47,753 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ था और सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार की शुरुआत होते ही ये फिसलकर 1,43,321 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. यानी 10 Gram 24 Karat Gold Rate 4432 रुपये तक सस्ता हो गया.  हाई से अब कितना सस्ता Gold सोने की कीमत ने भी चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते गुरुवार को अपना नया हाई लेवल छुआ था और तूफानी तेजी के साथ 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गई थी. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Gold Rate बिखरता हुआ चला गया और अब तक ये 49,775 रुपये सस्ता मिल रहा है.  recent visitors 42

आर्थिक मोर्चे पर गुड न्यूज़: जनवरी GST कलेक्शन बंपर, बजट से पहले मजबूत संकेत

नई दिल्ली आम बजट से ठीक पहले जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े आ गए हैं। जनवरी के महीने में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन में बंपर उछाल आया है। इस महीने में आयात से प्राप्त राजस्व में वृद्धि के दम पर कलेक्शन 6.2 प्रतिशत बढ़ गया और यह 1.93 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। वहीं, कुल रिफंड में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा। तंबाकू उत्पादों से कितना कलेक्शन अगर जनवरी में नेट जीएसटी रेवेन्यू की बात करें तो इसमें 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। तंबाकू उत्पादों से उपकर कलेक्शन जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये रहा। जनवरी 2025 में यह 13,009 करोड़ रुपये रहा था। ये वो वक्त था जब कार, तंबाकू उत्पादों जैसे विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता था। 22 सितंबर से कम हुई थीं जीएसटी दरें बता दें कि सरकार ने 22 सितंबर, 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी थीं जिससे सामान सस्ता हो गया। इसके साथ ही पहले की तरह विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर लगने वाले उपकर के बजाय अब केवल तंबाकू तथा संबंधित उत्पादों पर ही क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है। जीएसटी दरों में कमी से राजस्व कलेक्शन पर असर पड़ा है। जनवरी में घरेलू लेनदेन से ग्रॉस टैक्स कलेक्शन 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि आयात राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये रहा। निर्मला सीतारमण का 9वां बजट अब से कुछ देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने वाली हैं। परंपरा के अनुसार, वित्त मंत्री संसद जाने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मिलीं। इससे पहले उन्होंने अपने बजट टीम के साथ तस्वीर खिंचवाई। 'मैजेंटा' रंग की रेशमी साड़ी पहने सीतारमण ने राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न वाले एक लाल 'पाउच' (थैले) में टैबलेट पकड़ा था। उनके साथ राज्य मंत्री और उनके मंत्रालय के सभी छह सचिव भी मौजूद रहे। recent visitors 31

बजट डे पर डबल झटका: सोना-चांदी गिरे, भाषण के बीच सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को भारत का आम बजट (Aam Budget 2026) की घोषणा कर दी है। इस दौरान सरकार का मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं, गरीब छात्रों, उद्योगों, चिकित्सा पर खास फोकस रहा। उन्होंने बताया है कि 1 अप्रैल से भारत में नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने जा रहा है। इसके साथ ही वह 9वीं बार बजट पेश करने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी हैं, जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है। पिछले चार वर्षों की तरह इस साल का बजट भी कागज रहित रूप में पेश किया गया। खास बात है कि साल 2019 में जब सीतारमण ने पहला बजट पेश किया था, तब वह चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटा पारंपरिक बही खाता लेकर पहुंचीं थीं। साल 2017 से बजट एक फरवरी को ही पेश किया जाता है। बजट 2026 स्पीच टाइम लोकसभा में सीतारमण की तरफ से पूरा बजट भाषण पढ़ने के कुछ देर बाद बजट को राज्यसभा के पटल पर रखा गया। संसद का मौजूदा बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है। इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। उसके बाद नौ मार्च से दूसरे चरण की बैठक शुरू होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार बजट सत्र दो अप्रैल को समाप्त होगा। बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं     1 अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू होने जा रहा है     संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च करने का प्रस्ताव किया     किसानों की आय बढ़ाने के लिए बहु भाषीय एआई टूल 'भारत विस्तार' बनाने का प्रस्ताव     देश में दूसरा 'राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं न्यूरोसाइंसेज संस्थान' (निमहैन्स-2) खोला जाएगा   बजट पर क्या बोले भाजपा सांसद केंद्रीय बजट 2026 पर भाजपा सासंद कमलजीत सहरावत ने कहा, "आज का बजट विकसित भारत और भारत की संस्कृति दोनों को मिलाकर बनाया गया है। भारत को बायोफार्मा हब के रूप में विकसित किया जाए… पर्यटन को बढ़ाने के लिए कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात की गई है। टैक्स प्रक्रिया को आसान करने की बात की गई है। 2047 के विकसित भारत को जिस तरह से आगे बढ़ना चाहिए उसका रोडमैप इसमें रखा गया है।" दवाओं पर छूट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मरीजों, खासकर कैंसर से पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए, मैं 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं। मैं दवाओं, मेडिसिन और खास मेडिकल मकसद के लिए इस्तेमाल होने वाले खाने के पर्सनल इंपोर्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी से छूट देने के मकसद से 7 और दुर्लभ बीमारियों को जोड़ने का भी प्रस्ताव करती हूं।' बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता, फीका और निराशाजनक है: कांग्रेस कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को फीका और निराशाजनक करार देते हुए रविवार को कहा कि यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण भी पारदर्शी नहीं रहा और इसमें प्रमुख कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की जानकारी नहीं दी गई। नए इनकम टैक्स एक्ट पर क्या बोलीं निर्मला सीतारमण केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में कहा, ''इसे (प्रत्यक्ष कर संहिता) रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया और आयकर अधिनियम, 2025 पहली अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा (What is New Income Tax Act 2025)। सरलीकृत आयकर नियमों और फॉर्म को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा, जिससे करदाताओं को इसकी आवश्यकताओं से परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।'' उन्होंने आगे कहा कि फॉर्म को इस तरह से तैयार किया गया है कि सामान्य नागरिक बिना किसी कठिनाई के इनका पालन कर सकें। वर्ष 2025 का आयकर कानून राजस्व तटस्थ है और इसमें कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसने केवल प्रत्यक्ष कर कानूनों को समझने में सरल बनाया है, अस्पष्टताओं को दूर किया है, जिससे मुकदमों की गुंजाइश कम हुई है। recent visitors 34

बजट की खास बातें: टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास के लिए फायदे और नए फैसले

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (फरवरी) को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया। खास बात यह रही कि भारत के स्वतंत्र इतिहास में पहली बार बजट रविवार को प्रस्तुत किया गया। वित्त मंत्री ने बजट को पारंपरिक ‘बही-खाता’ शैली के कवर में रखे डिजिटल टैबलेट के माध्यम से पेश किया। अपने भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और सतत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाते हुए सरकार ने घरेलू विनिर्माण को मजबूत किया, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की और महत्वपूर्ण आयात निर्भरता को कम किया है। इन प्रयासों के चलते भारत ने लगभग 7% की उच्च विकास दर हासिल की है और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। आइए जानते हैं आम आदमी के लिए केंद्रीय बजट 2026 का क्या मतलब है? करदाताओं को राहत – संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। – ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई पहले की तरह ही रहेगी। – गैर-ऑडिट मामलों और ट्रस्ट्स के लिए रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा 31 अगस्त कर दी गई है। – एनआरआई को बड़ी राहत: संपत्ति बिक्री पर अब TDS की कटौती खरीदार करेगा, जिससे कागजी कार्रवाई आसान होगी। रोजगार के नए अवसर – पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ किया गया है, जिससे सड़क, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। – 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से निर्माण कार्य और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिलेगा। छोटे व्यापारियों और MSME को मजबूती – ₹10,000 करोड़ का विशेष फंड छोटे और मझोले उद्योगों को मजबूत बनाने के लिए। – आसान लोन, नीति समर्थन और नई तकनीक से छोटे व्यापारियों को सीधा फायदा। महंगाई पर नियंत्रण और सस्ती चीजें – आत्मनिर्भर भारत पर जोर देकर आयात पर निर्भरता कम की जाएगी, जिससे लंबे समय में जरूरी वस्तुएं सस्ती रहेंगी। – सप्लाई चेन मजबूत होने से कीमतों में स्थिरता आएगी। महिलाओं और बेटियों के लिए सुविधाएं – देश के हर जिले में एक बालिका छात्रावास बनाया जाएगा, जिससे शिक्षा और सुरक्षा दोनों बेहतर होंगी। – टेक्सटाइल और MSME सेक्टर में महिलाओं के लिए रोजगार के नए मौके। यात्रा और रोजमर्रा की सुविधा – सड़क, रेलवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बेहतर होने से यात्रा समय घटेगा और ईंधन खर्च कम होगा। – शहरों और गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। स्वास्थ्य और आयुष सेवाएं – आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स का उन्नयन किया जाएगा। – मेडिकल और वेटरनरी शिक्षा को बढ़ावा, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग में नौकरियां – मेगा टेक्सटाइल पार्क से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था – राजकोषीय घाटा घटकर GDP का 4.3% रहने का अनुमान। – सरकार के अनुसार 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, जिससे आर्थिक स्थिरता मजबूत हुई। कुल मिलाकर आम आदमी को क्या फायदा? • रोजगार के अवसर बढ़ेंगे • टैक्स भरना आसान होगा • बेहतर सड़क, रेल और सुविधाएं मिलेंगी • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार • महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता   recent visitors 29

भारत बनेगा एयरक्रॉफ्ट हब! टैक्स में छूट से घटेंगे विमान बनाने की लागत

नई दिल्ली यूनियन बजट 2026 में सरकार ने एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिविल और डिफेंस एविएशन में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट का ऐलान किया है। इस फैसले से न सिर्फ लागत घटेगी, बल्कि भारत को ग्लोबल एविएशन हब बनाने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।   सिविल एविएशन के लिए क्या बदला? बजट 2026 के तहत सरकार ने सिविलियन ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट और अन्य विमानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने का फैसला किया है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अब भारत में विमान बनाना सस्ता और आसान हो जाएगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। डिफेंस एविएशन को भी बड़ी राहत सिर्फ सिविल ही नहीं, डिफेंस एविएशन के लिए भी बजट 2026 में बड़ी घोषणा की गई है। डिफेंस एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (Raw Materials) पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी। यह छूट खास तौर पर MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) और डिफेंस यूनिट्स की ऑपरेशनल जरूरतों के लिए लागू होगी। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को कैसे मिलेगा फायदा? वित्त मंत्री के मुताबिक इन फैसलों का मकसद लोकल प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग की लागत कम करना और भारतीय कंपनियों को ज्यादा कॉम्पिटिटिव बनाना है। सरकार एविएशन और डिफेंस सेक्टर में नए निवेश को आकर्षित करना चाहती है। भारत बनेगा ग्लोबल एविएशन हब? सरकार पहले से ही चाहती है कि भारत सिर्फ विमान उड़ाने वाला देश न होकर, विमान बनाने वाला, उनके पार्ट्स तैयार करने वाला और MRO सर्विसेज देने वाला ग्लोबल सेंटर बने। ड्यूटी छूट जैसे कदम इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। रोजगार और स्टार्टअप्स को भी मिलेगा बूस्ट इस फैसले का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। MSME सेक्टर, एविएशन स्टार्टअप्स, स्किल्ड मैनपावर सभी के लिए नए अवसर पैदा होंगे। आने वाले सालों में हजारों नई नौकरियां बनने की उम्मीद है। बजट 2026 (Budget 2026) में एविएशन इंडस्ट्री के लिए ड्यूटी-फ्री मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान यह साफ संकेत देता है कि सरकार भारत को एयरोस्पेस और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का पावरहाउस बनाना चाहती है। इसके साथ ही सिविल और डिफेंस दोनों सेक्टर को साथ लेकर चलने वाली यह रणनीति आने वाले समय में भारत की एविएशन इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।   recent visitors 33

बजट 2026 में टैक्स का ट्विस्ट! स्लैब बदलने पर वित्त मंत्री का बड़ा बयान, किसे होगा फायदा?

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया और इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो अब तक किसी भी वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए सबसे ज्यादा बजटों में शामिल हो गया है। बजट भाषण से पहले उन्होंने परंपरा के अनुसार कर्तव्य भवन स्थित वित्त मंत्रालय में कार्यभार संभाला और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। अपने भाषण में वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था, सुधारों और भविष्य की विकास योजनाओं पर जोर दिया। इनकम टैक्स स्लैब में हुआ है बदलाव? बजट 2026 में आम करदाताओं की सबसे ज्यादा नजर इनकम टैक्स स्लैब पर टिकी हुई थी। हालांकि, इस बार वित्त मंत्री ने आयकर की दरों या स्लैब में कोई बड़ा बदलाव करने का ऐलान नहीं किया। लेकिन राहत की बात यह रही कि उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। अब करदाता 31 मार्च तक नाममात्र शुल्क के साथ रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे नौकरीपेशा और छोटे करदाताओं को काफी सहूलियत मिलेगी, जो तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से समय पर रिटर्न नहीं भर पाते। पुरानी टैक्स व्यवस्था अगर पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) की बात करें, तो इसमें स्लैब पहले जैसे ही रखे गए हैं। सालाना ₹2.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। ₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा। ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आय पर 20 फीसदी टैक्स और ₹10 लाख से ऊपर की आय पर 30 फीसदी टैक्स लागू रहेगा। इस व्यवस्था में छूट और कटौतियों (जैसे HRA, 80C, 80D) का फायदा मिलता है, इसलिए कई करदाता अभी भी इसे पसंद करते हैं। नई टैक्स व्यवस्था वहीं नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में ज्यादा स्लैब हैं और टैक्स दरें चरणबद्ध तरीके से बढ़ती हैं। ₹4 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है। ₹4 से ₹8 लाख तक 5 फीसदी, ₹8 से ₹12 लाख तक 10 फीसदी, ₹12 से ₹16 लाख तक 15 फीसदी, ₹16 से ₹20 लाख तक 20 फीसदी और ₹20 से ₹24 लाख तक 25 फीसदी टैक्स लगेगा। ₹24 लाख से ज्यादा आय पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए आसान मानी जाती है जो ज्यादा कटौतियों का दावा नहीं करते। कुल मिलाकर, बजट 2026 में टैक्स स्लैब भले न बदले हों, लेकिन प्रक्रियाओं को आसान बनाने की कोशिश जरूर दिखाई दी।   recent visitors 31

किसानों के लिए डिजिटल साथी: AI टूल से कम होगा नुकसान, बढ़ेगी पैदावार – बजट में बड़ा फोकस

नई दिल्ली बजट 2026 में सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिससे आने वाले समय में खेती करने का तरीका बदल सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ‘भारत विस्तार’ नाम के एक नए AI सिस्टम की बात की है, जो सीधे किसानों की मदद के लिए बनाया है। आज भी किसान मौसम, जमीन और फसल को लेकर सही जानकारी के बिना खेती करते हैं। कभी बारिश धोखा दे देती है, कभी फसल खराब हो जाती है। इन सब वजहों से किसान को नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार अब चाहती है कि किसान सिर्फ अंदाजे से नहीं, बल्कि सही जानकारी के साथ खेती करे। ‘भारत विस्तार’ AI सिस्टम किसान को उसके इलाके के हिसाब से खेती से जुड़ी जरूरी बातें बताएगा। जैसे मौसम कैसा रहेगा, कौन-सी फसल ठीक रहेगी और किस समय क्या करना सही होगा। सरकार का मानना है कि इससे किसान का नुकसान कम होगा और आमदनी बेहतर हो सकेगी। AI खेती करेगा खेती में मदद किसान के सामने सवाल होता है कि फसल कब बोएं, कब पानी दें या कब दवा डालें। कई बार गलत समय पर काम करने से फसल खराब हो जाती है। भारत विस्तार AI ऐसे सवालों के जवाब देगा। यह मौसम की जानकारी देखकर बताएगा कि आने वाले दिनों में बारिश होगी या नहीं। अगर ज्यादा गर्मी या ठंड का असर पड़ेगा तो पहले ही चेतावनी देगा। इससे किसान समय रहते सही कदम उठा सकेगा। किसान कैसे करेंगे ये इस्तेमाल भारत विस्तार को इस तरह बनाया जाएगा कि किसान आसानी से मोबाइल या कंप्यूटर पर इसका इस्तेमाल कर सके। इसमें बहुत आसान भाषा होगी। किसान अपनी ही रोजमर्रा की भाषा में सवाल पूछ सकेगा और जवाब पा सकेगा। अगर किसान जानना चाहता है कि उसकी फसल में बीमारी क्यों लग रही है, तो वह सिस्टम से पूछ सकता है। AI उसे आसान तरीके से बताएगा कि क्या करना सही रहेगा।मौसम बदलने की वजह से किसान को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। कभी अचानक बारिश, कभी सूखा और कभी ओले फसल बर्बाद कर देते हैं। भारत विस्तार AI मौसम पर नजर रखेगा और पहले ही किसान को सतर्क कर देगा। अगर ज्यादा बारिश की संभावना होगी तो किसान को पहले से जानकारी मिल जाएगी।   recent visitors 28

रेल सफर होगा सुपरफास्ट! बजट में 7 हाई स्पीड रेल लाइनें, दिल्ली से वाराणसी तक नई कनेक्टिविटी

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के कायाकल्प के लिए एक महात्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। सरकार ने देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जो भारतीय रेल को पूरी तरह बदल देंगे। बजट प्रस्तावों के अनुसार, इन कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन की तर्ज पर हाई-स्पीड ट्रेनें संचालित की जाएंगी, जिनकी गति 250-320 किमी/घंटा तक हो सकती है।   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया है। इनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलिगुड़ी शामिल हैं। 1. मुंबई – पुणे (महाराष्ट्र): आर्थिक राजधानी और आईटी हब के बीच की दूरी को न्यूनतम समय में समेटने के उद्देश्य से इसे मंजूरी दी गई है। 2. दिल्ली – वाराणसी (उत्तर प्रदेश): दिल्ली को धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी से जोड़ने वाला कॉरिडोर। आपको बता दें कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। 3. हैदराबाद – बेंगलुरु: दक्षिण भारत के दो सबसे बड़े टेक हब के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी। 4. बेंगलुरु – चेन्नई: चेन्नई बंदरगाह और बेंगलुरु के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाला कॉरिडोर। 5. दिल्ली – अहमदाबाद: मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के विस्तार के रूप में दिल्ली तक कनेक्टिविटी। 6. मुंबई – नागपुर: 'समृद्धि महामार्ग' के समानांतर महाराष्ट्र के दो प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए। 7. हावड़ा – वाराणसी: पूर्वोत्तर भारत को मध्य और उत्तर भारत के हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ना। इससे पहले रेलवे ने कहा था कि 2026 के अंत तक 24-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रोल-आउट का लक्ष्य रखा गया है, जो राजधानी एक्सप्रेस की जगह लेंगी। इसके साथ ही स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम 'कवच' के नवीनतम संस्करण को 44,000 रूट किलोमीटर तक विस्तारित करने के लिए प्रस्तावित है।   recent visitors 34

देश की वित्तीय कमान फिर संभाली निर्मला ने: 9वीं बार बजट पेश कर बनाया कीर्तिमान

नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इतिहास रच दिया है। वह ऐसी पहली वित्त मंत्री हैं जिन्होंने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है। वहीं इस मामले में कांग्रेस नेता पी चिदंबर दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने तीन दशकों में 9 बार केंद्रीय बजट पेश किया था। अगर सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने की बात करें तो यह रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के पास है। अगर अगले साल भी निर्मला सीतारण बजट पेश करती हैं तो वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का भी रिकॉर्ड तोड़ देंगी।   बजट ने रचा एक और इतिहास इस बार के बजट ने एक और इतिहास बनाया है। भारत में पहली बार रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया गया है। आम तौर पर इस दिन स्टॉक मार्केट और सरकारी कार्यालय बंद रहते हैं। बजट की वजह से बीएसई और एनएसई में आज भी ट्रेडिंग चल रही है। हालांकि बजट पेश होते ही शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 1999 में भी पड़ा था रविवार आम तौर पर अगर बजट वाले दिन रविवार पड़ जाता था तो इसे अगले दिन के लिए शिफ्ट कर दिया जाता था। 1999 में जब यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री थे तब ऐसा ही हुआ था। हालांकि इस बार ऐसा नहीं किया गया। 1 फरवरी को रविवार होने के बाद भी बजट लोकसभा में पेश किया गया। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि आईटी सेवाओं के लिए सुरक्षित स्थल का लाभ उठाने की सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये की जा रही है वित्त मंत्री ने कहा कि शराब, स्क्रैप (कबाड़) और खनिज पर स्रोत पर कर संग्रह की दर को तर्कसंगत बनाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। सीतारमण ने स्वदेशी लेखा कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित आश्रय नियमों के तहत लेखाकारों की परिभाषा को युक्तिसंगत बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार नई कर व्यवस्था के तहत अंतर-सहकारी समितियों के लाभांश आय को कटौती के रूप में स्वीकार करेगी।   recent visitors 30

दवा निर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर कदम: बजट में बायोफार्मा हब के लिए ₹10,000 करोड़ का पैकेज

नई दिल्ली Union Budget 2026 बजट 2026-27 में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायोफार्मा सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा शक्ति प्रोग्राम के तहत अगले पांच साल में इस क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बता दें कि बायोफार्मा शक्ति योजना का लक्ष्य बायोफार्मा इकोसिस्टम को विकिसित करना है। बायोफार्मा के तहत सूक्ष्मजीवों, प्रोटीनों के जरिए दवाओं का निर्माण किया जाता है जिसके साइड इफेक्ट्स कम होते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इस सेक्टर में बड़ा निवेश करने से देश में फार्मा सेक्टर को बड़ी मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य योजना को उन्नत करना है। यह निवेश भारत को वैश्विक बायो फार्मा विनिर्माण केंद्र बनाने और गैर संक्रामक बीमारियों से निपटने में मदद करेगा। युवाओं पर केंद्रित बजट सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण में बताया कि कर्तव्य भवन में तैयार पहला बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज और अनवरत बनाए रखना होगा ताकि वैश्विक उथल-पुथल का मजबूती से समाना किया जा सके। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके क्षमता निर्माण की है ताकि देश को समृद्धि के मार्ग पर ले जाया जा सके। सबका साथ सबका विकास के अनुरूप तीसरा कर्तव्य संसाधन, सुविधा और अवसर तक हर परिवार, समाज, इलाके और सेक्टर की पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार इन कर्तव्यों को पूरा करने के लिए समर्थन का वातावरण तैयार करेगी। उन्होंने सात रणनीतिक सेक्टरों में विनिर्माण को बढ़ावा देने का प्रस्ताव किया। देश के बायो फार्मा विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अगले पांच साल 10 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायो फार्मा शक्ति का प्रस्ताव किया। इसके तहत देश में बायोलॉजिक्स और बायो सिमिलर बनाने के लिए पारितंत्र तैयार किये जायेंगे। फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए तीन राष्ट्रीय संस्थान बनाए जाएंगे और मौजूदा सात संस्थानों को अपग्रेड किया जायेगा। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संस्थान को मजबूत कर वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जायेगा। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गयी है जिसके तहत उपकरण आदि तैयार किये जायेंगे, फुल स्टैक स्वदेशी आईपी तैयार किया जायेगा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जायेगा। उद्योग के नतृत्व में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जायेगा और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अप्रैल 2025 में शुरू की गयी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण योजना के लिए आवंटन 22,919 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया गया है।   recent visitors 42

बजट 2026: बायबैक पर टैक्स & STT के फैसले – निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sithraman) ने अपना 9वां लगातार बजट भाषण (Budget Speech) पूरा किया। इनकम टैक्स स्लैब में वित्त मंत्री ने कोई भी बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट (IT Act 2025) एक अप्रैल 2025 से लागू होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका ऐलान बजट स्पीच में किया है। बजट 2026 में टैक्स को लेकर क्या-क्या हुआ ऐलान? 1- आईटीआर टाइमलाइन – TR-1 और ITR-2 को फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई तक रहेगी। 2- रिवाइज्ड रिटर्न – अब 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया जा सकेगा। इसके लिए थोड़ा सा शुल्क देना होगा। 3- गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी इनकम की गलत जानकारी देने पर पेनाल्टी को बढ़ाकर टैक्स की रकम का 100 प्रतिशत कर दिया गया है। 4- विदेशी संपत्तियों खुलासा योजना – छोटे टैक्स पेयर्स 6 महीने तक विदेशी संपत्तियों का खुलासा कर सकते हैं। 5- अचल संपत्तियों का भी खुलाजा जरूरी – अब अचल संपत्तियों का खुलासा ना करने पर जुर्माना लगेगा। 6- ओवरसीज टूर टीसीएस में कटौती – ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाले टीसीएस को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले यह 5 प्रतिशत से 20 प्रतिशत था। 7- NRI के द्वारा प्रॉपर्टी बेचने पर – अब एनआरआई को अचल संपत्तियों की बिक्री पर टीडीएस लागू होगा। 8- शेयर बायबैक पर देना होगा टैक्स – अब शेयरों के बायबैक पर कैपिटल गेन्स पर टैक्स देना होगा। यह नियम सभी शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा। 9- फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT में इजाफा – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर एंड ऑप्शंस पर STT पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। फ्यूचर्स पर STT 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, ऑप्शंस पर STT को बढ़ाकर 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया है। बजट 2025 में हुए थे बड़े ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 में 12.75 लाख रुपये की आय वाले लोगों को टैक्स फ्री कर दिया था। वित्त मंत्री ने तब ऐलान किया था जिनकी आय 12 लाख रुपये तक है उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा। 75000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ लें तो यह छूट 12.75 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। बायबैक पर लगेगा कैपिटल गेन्स टैक्स केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि बायबैक अब कैपिटल गेन्स के दायरे में आएगा। यह सभी कैटगरी के शेयरहोल्डर्स पर लागू होगा। 31 मार्च तक फाइल किया जा सकेगा रिवाइज्ड आईटीआर कोई भी कर दाता अब 31 मार्च तक थोड़े से शुल्क के साथ रिवाइज्ड आईटीआर फाइल किया जा सकेगा – वित्त मंत्री इन विदेशी कंपनियों को बड़ा तोहफा  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडियन कंपनियों को क्लाउड सर्विसेज प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2047 तक टैक्स हॉलीडे का ऐलान किया गया है। आ गया है नया आयकर कानून केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट स्पीच में कहा कि नया आयकर कानून इस वर्ष एक अप्रैल से लागू होगा। क्या होम लोन की छूट होगी न्यू टैक्स रिजीम में शामिल?  मौजूदा समय में न्यू टैक्स रिजीम में किसी भी निवेश से पर कोई छूट नहीं मिलती है। मिडिल क्लास ओल्ड टैक्स रिजीम की तरह न्यू टैक्स रिजीम में भी होम लोन के ब्याज दरों पर टैक्स में छूट की डिमांड कर रहा है। ओल्ड टैक्स रिजीम या न्यू टैक्स रिजीम  पुरानी कर व्यवस्था में जहां कुछ ही टैक्स स्लैब हैं। तो वहीं नई कर व्यवस्था में अधिक स्लैब बनाए गए हैं। न्यू टैक्स रिजीम के जरिए कोई भी टैक्सपेयर्स 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई भी टैक्स नहीं देगा। इस कर प्रणाली में डायरेक्ट छूट मिलती है। वहीं, ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत टैक्सपेयर्स को अलग-अलग इंवेस्टमेंट के जरिए छूट प्राप्त कर सकते हैं। कम होगा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स? मौजूदा समय में जब अब इक्विटी शेयर्स या म्यूचुल फंड्स को 12 महीने से पहले बेचते हैं तो 20 प्रतिशत का टैक्स देना पड़ता है। इसे ही शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स कहा जाता है। देखना है कि क्या बजट 2026 में इसको लेकर कोई बदलाव देखने को मिलता है या नहीं? क्या है इनकम टैक्स एक्स का सेक्शन 54 अगर कोई टैक्सपेयर्स पुराना घर बेचकर नया घर अगले दो साल में बनाता है या फिर खरीदता है तो उसे इनकम टैक्स एक्ट 54 के तहत लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में छूट मिलती है। मौजूदा समय में यह छूट 10 करोड़ रुपये के रिइंवेस्टमेंट तक मिलता है।   recent visitors 31

जनता के काम का बजट? हेल्थ और एजुकेशन में निवेश को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का बजट पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट में देश के परिवहन और रक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक पैसा लगाया है। दोनों ही क्षेत्रों पर करीब 6-6 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी बड़ी राशि रखी गई है।   वित्त मंत्री ने ट्रांसपोर्ट पर सबसे अधिक 5,98,520 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव किया है। वहीं, रक्षा क्षेत्र पर 5,94,585 रुपये खर्च किए जाएंगे। होम अफेयर्स पर 2,55,234 करोड़ खर्च होने का प्रस्ताव है। कृषि कार्यों और इससे जुड़ी गतिविधियों पर 1,62,671 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। शिक्षा पर 1,39,289 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं ऊर्जा पर 1,09,029 करोड़ रुपये और हेल्थ पर 1,04,599 करोड़ रुपये का निवेश होगा। बजट 2026 में किस सेक्टर को कितना पैसा शहरी विकास पर 85,522 करोड़, आईटी और टेलिकॉम सेक्टर पर 74560 करोड़, कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पर 70296 करोड़, सोशल वेलफेयर पर 62362 करोड़, साइंटिफिक डिपार्टमेंट्स पर 55,756 करोड़, टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन पर 45500 करोड़, एक्सटर्नल अफेयर्स पर 22,119 करोड़, फाइनेंस पर 20,649 करोड़ और नॉर्थ ईस्ट डिवलेपमेंट के लिए 6812 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। रुपया कहां से आएगा और कहां जाएगा बजट डॉक्युमेंट्स में सरकार ने यह बताया है कि पैसा कहां से कितना आएगा और कहां कितना खर्च होगा। इसके मुताबिक बजट का 24 पर्संट हिस्सा सरकार उधार लेगी। 21 फीसदी हिस्सा इनकम टैक्स से और 18 पर्सेंट कॉर्पोरेशन टैक्स से आता दिख रहा है। 4 पर्सेंट कस्टम से और 6 फीसदी यूनियन एक्साइज ड्यूटीज से आएगा। नॉन-डेब्ट कैपिटल से 2 फीसदी की प्राप्ति होगी। नॉन टैक्स रेवेन्यू से 10 फीसदी और जीएसटी और अन्य टैक्सों से 15 फीसदी हिस्सा मिलने की उम्मीद है। रुपया कहां कितना जाएगा, इसके ब्योरे में बताया गया है कि सर्वाधिक 22 फीसदी हिस्सा राज्यों को टैक्स का हिस्सा देने में जाएगा। ब्याज देनदारी पर 20 फीसदी खर्च होगा। केंद्रीय योजनाओं पर 17 फीसदी हिस्सा खर्च होगा। बड़ी सब्सिडी पर 6 फीसदी, डिफेंस पर 11 फीसदी, केंद्र प्रयोजित योजनाओं पर 8 फीसदी पैसा खर्च होगा। सिविल पेंशन पर 2 फीसदी और अन्य मदों में 7 फीसदी पैसा लगेगा।   recent visitors 28

अब गैजेट खरीदना होगा आसान? सरकार के फैसले से मोबाइल से लेकर AC तक हो सकते हैं सस्ते

नई दिल्ली बजट 2026 में अनाउंट किए गए Semiconductor Mission 2.0 का असली फायदा यही है कि भारत की टेक्नोलॉजी विदेशी सप्लाई पर निर्भरता कम होगी। इसका सीधा मतलब है कि देश में गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ते हो सकते हैं। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से ये सब होगा सस्ता वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026 पेश किया और इसमें स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देते हुए India Semiconductor Mission 2.0 को 40,000 करोड़ रुपये का समर्थन मिला है। इसका सीधा मतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स में लगने वाले सेमीकंडक्टर चिप अब भारत में बनाए जाएंगे। सीधा मतलब है कि फोन से लेकर होम अप्लायंसेज तक अगले कुछ साल में सस्ते होने वाले हैं और इनकी कीमतें गिरेंगी। आप नीचे देख सकते हैं कि किन चीजों की कीमत में गिरावट देखने को मिल सकती है।   इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और कारें आज की कारों और खासकर EV में दर्जनों नहीं, बल्कि सैकड़ों चिप्स इस्तेमाल होती हैं। पिछले कुछ सालों में चिप की कमी के कारण गाड़ियां महंगी हुईं और वेटिंग बढ़ी है। देश में ऑटोमोटिव-ग्रेड चिप्स बनने से सप्लाई स्टेबल होगी और लागत घटेगी। लंबे समय में इससे EV की कीमत और मेंटिनेंस कॉस्ट कम हो सकती है।   इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज टीवी, फ्रिज, AC, वॉशिंग मशीन, आज हर अप्लायंस 'स्मार्ट' हो चुका है और इन स्मार्ट फीचर्स के लिए माइक्रोचिप्स जरूरी हैं। लोकल सेमीकंडक्टर सप्लाई मिलने पर कंपनियों का खर्च घटेगा, जिसका असर स्मार्ट टीवी, इन्वर्टर AC और एनर्जी-एफिशिएंट अप्लायंसेज की कीमतों पर दिख सकता है।   स्मार्टफोन और टैबलेट स्मार्टफोन में प्रोसेसर, कैमरा, नेटवर्क और बैटरी मैनेजमेंट, सब कुछ चिप्स पर निर्भर करता है। अभी ये चिप्स ज्यादातर बाहर से मंगाई जाती हैं, जिससे लागत बढ़ जाती है। ये चिप्स भारत में बनने लगती हैं, तो मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट घटेगी। इसका फायदा सबसे पहले बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन में दिख सकता है। लैपटॉप, राउटर और स्मार्ट गैजेट्स लैपटॉप, Wi-Fi राउटर, स्मार्टवॉच और IoT डिवाइस कई तरह की चिप्स के साथ काम करते हैं। अभी इन्हें इंपोर्ट करना पड़ता है, जिससे कीमतें बढ़ती हैं। Semiconductor Mission 2.0 में चिप पैकेजिंग और टेस्टिंग पर भी जोर है, जिससे इन गैजेट्स की लागत कम हो सकती है। ऐसे में पहले एंट्री-लेवल लैपटॉप और नेटवर्किंग डिवाइसेज को फायदा मिलेगा। मेडिकल और हेल्थकेयर डिवाइसेज BP मशीन, ECG, ऑक्सीमीटर और कई डायग्नोस्टिक टूल्स भी चिप्स पर चलते हैं। देश में चिप्स बनने से मेडिकल डिवाइस का प्रोडक्शन सस्ता होगा और इलाज से जुड़े टूल्स अफऑर्डेबल बन सकते हैं। पावर, सोलर और चार्जिंग सिस्टम स्मार्ट मीटर, सोलर इन्वर्टर, EV चार्जर और पावर कंट्रोल सिस्टम में सेमीकंडक्टर बड़ी भूमिका निभाते हैं। Mission 2.0 के साथ पावर-चिप्स को बढ़ावा मिलने से ऊर्जा और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत कम हो सकती है, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। recent visitors 29

Jeep India की योजना खुली, 2027 में भारत में नए मॉडल और नई रणनीति लागू

मुंबई   लग्जरी एसयूवी निर्माता कंपनी Jeep ने भारतीय बाजार के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है, जिसे कंपनी ने Strategic Plan Jeep 2.0 नाम दिया है. कंपनी ने इस प्लान को ऐसे समय में तैयार किया है, जब बाज़ार के प्रति लंबे समय की प्रतिबद्धता की जरूरत है और यह इसे पक्का करता है, जब उसका लोकल पोर्टफोलियो अभी भी सीमित है. यह प्लान भारत को Jeep के एशिया पैसिफिक ऑपरेशंस के केंद्र में रखता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत इस ब्रांड के लिए दोहरी भूमिका निभाता रहेगा, एक घरेलू बाज़ार के तौर पर और एक रीजनल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बेस के तौर पर. कंपनी का कहना है कि भारत में डेवलप और बनाई गई गाड़ियां न सिर्फ लोकल खरीदारों बल्कि एशिया पैसिफिक और उससे बाहर के बाजारों को भी सर्विस देंगी. क्षेत्रीय मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात में भारत की भूमिका इस योजना के बारे में बताते हुए, Stellantis India के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेश हज़ेला ने कहा कि, "Jeep की 85 साल की विरासत असलियत और एडवेंचर पर बनी है. Strategic Plan Jeep 2.0 बताता है कि हम अपनी प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी को कैसे बेहतर बनाएंगे और हर साल कस्टमर एक्सपीरियंस को कैसे मज़बूत करेंगे, जो ज़्यादा लोकलाइज़ेशन, ग्लोबल प्रोडक्ट अलाइनमेंट, अपनी गाड़ियों की रेंज बढ़ाने और ऐसे प्रोग्राम्स पर आधारित होगा जो असली वैल्यू देते हैं." उन्होंने आगे कहा कि, "हम अपने मौजूदा कस्टमर्स का ख्याल रखने पर भी उतना ही ध्यान दे रहे हैं, यह पक्का करते हुए कि उन्हें वह सपोर्ट, सर्विस और भरोसा मिले जिसकी वे Jeep से उम्मीद करते हैं. भारत में सफलता के लिए मज़बूती और लंबे समय की कमिटमेंट की ज़रूरत है, और हम उसी सोच के साथ निवेश कर रहे हैं, ताकि यह पक्का हो सके कि Jeep गर्व और पसंद का ब्रांड बना रहे." 2027 से नए मॉडल लाने की योजना कारों की बात करें तो Jeep ने जानकारी दी है कि भारत के लिए नए मॉडल लाने की तैयारी चल रही है, और इसकी फ्यूचर लाइनअप की पहली गाड़ी साल 2027 में आने की उम्मीद है. तब तक, कंपनी शोरूम में कस्टमर्स की दिलचस्पी बनाए रखने के लिए अपनी मौजूदा रेंज के पीरियोडिक अपडेट और स्पेशल एडिशन बाजार में उतारती रहेगी. इसके साथ ही Jeep की इंडिया स्ट्रेटेजी के लिए एक्सपोर्ट भी ज़रूरी हैं. कंपनीन ने पुणे के पास रंजनगांव फैसिलिटी से साल 2017 में अपना प्रोडक्शन शुरू किया था और Jeep Compass के साथ ग्लोबल मार्केट में सप्लाई शुरू की थी. उसके बाद से कंपनी ने Jeep Meridian और Commander जैसे मॉडल जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे इलाकों में एक्सपोर्ट किए गए हैं. कंपनी ने कहा कि वह अब अफ्रीका और नॉर्थ अमेरिका में और एक्सपोर्ट के मौकों का मूल्यांकन कर रही है. स्थानीयकरण में होगी बढ़ोतरी जानकारी के अनुसार, कंपनी का प्लान रंजंगांव प्लांट में लोकलाइज़ेशन को और बढ़ाने का भी है, जिसकी सालाना इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 1,60,000 यूनिट्स होने वाली है. लोकल कंटेंट मौजूदा 65-70 प्रतिशत से बढ़कर करीब 90 प्रतिशत होने की उम्मीद है. बता दें कि Jeep भारत में Jeep Club, Jeep Trails और Camp Jeep इवेंट्स के ज़रिए अपनी ओनर कम्युनिटी को बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है, साथ ही अपने कॉन्फिडेंस 7 प्रोग्राम के तहत कस्टमर एश्योरेंस पहल को भी बढ़ा रही है, जिसमें एक्सटेंडेड वारंटी, बायबैक ऑप्शन और सर्विस प्लान शामिल हैं. recent visitors 29

गोल्ड रेट अपडेट: बजट 2026 के बाद सोना हो सकता है सस्ता, एक्सपर्ट्स ने दिए संकेत

नई दिल्ली 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में यूनियन बजट पेश करेंगी. इस दिन पर सोने की कीमतों पर सबसे ज्यादा नजर रहने वाली है, क्योंकि लोग उम्मीद कर रहे हैं कि बजट में सोने से जुड़ी कोई बड़ी घोषणा हो सकती है. अभी सोने की कीमत एमसीएक्स पर 10 ग्राम 24 कैरेट के लिए करीब 1.49 लाख रुपये के आसपास है. चांदी 2.91 लाख रुपये प्रति किलो है. पिछले बजट से सोना 100 फीसदी और चांदी 250 फीसदी तक महंगा हो चुका है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी या इंपोर्ट ड्यूटी में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की उम्मीद है. पिछले साल बजट में सोने पर कुल कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दी गई थी. अब एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सरकार इसे और कम नहीं करेगी क्योंकि आयात बहुत ज्यादा हो रहा है. सोना और चांदी के आयात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. अगर ड्यूटी बढ़ाई गई तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं लेकिन ऐसा होने की कम संभावना है. बजट में क्या गोल्ड पर आ सकता है बड़ा फैसला? एक्सपर्ट्स की राय है कि इनकम टैक्स रिटर्न में सोने के गहनों या ज्वेलरी की ज्यादा जानकारी देने के नए नियम आ सकते हैं. शेड्यूल एएल में ज्यादा डिटेल मांगी जा सकती है. सेल्फ रिपोर्टिंग का तरीका शुरू हो सकता है, ताकि सोने की होल्डिंग ट्रैक की जा सके. सोने की बिक्री पर टैक्स नियमों में कुछ राहत मिल सकती है. जीएसटी में भी छोटे बदलाव जैसे मेकिंग चार्जेस पर 5 फीसदी जीएसटी या 3 फीसदी जीएसटी में एडजस्टमेंट की बात हो सकती है. लेकिन घर में रखे सोने पर कोई हार्ड लिमिट नहीं लगेगी. पुराना गोल्ड कंट्रोल एक्ट 1990 में खत्म हो चुका है और अब वैध सोर्स से सोना रखने पर कोई सीमा नहीं है. शादीशुदा महिलाओं के लिए 500 ग्राम, अविवाहित के लिए 250 ग्राम और पुरुषों के लिए 100 ग्राम तक डिस्क्रेशनरी तरीके से कोई जब्ती नहीं होती. एक्सपर्ट्स जैसे दीपाश्री शेट्टी और सोनम चंदवानी कहते हैं कि रिपोर्टिंग और डिस्क्लोजर पर फोकस रहेगा न कि घरेलू होल्डिंग पर सख्त नियम. अगर हार्ड लिमिट लगाई गई तो लोगों में डर फैलेगा और ब्लैक मार्केट बढ़ सकता है. इसलिए सरकार सावधानी बरतेगी. क्या बजट पर गिरेगा सोने का भाव? बजट 2026 के दिन पर सोने की कीमत क्या होगी, इसकी भविष्यवाणी मुश्किल है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में अगर कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो कीमतें स्थिर रह सकती हैं या छोटी गिरावट आ सकती है. लेकिन अगर ड्यूटी में कटौती की उम्मीद से लोग खरीदारी बढ़ा दें तो रिबाउंड हो सकता है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अगर ड्यूटी 3-5 फीसदी कम हुई तो 10 ग्राम पर 2000 से 4000 रुपये तक गिरावट आ सकती है. लेकिन ऐसा होने की कम संभावना है. बाजार में पहले से ही कीमतें हाई हैं और बजट के बाद सोमवार को ट्रेडिंग में तेज मूवमेंट देखने को मिल सकता है. बजट सोने के लिए ज्यादा बड़ा सरप्राइज नहीं देगा. फोकस रिपोर्टिंग और टैक्स राहत पर रहेगा. सोने की कीमतें ग्लोबल फैक्टर्स जैसे इन्फ्लेशन, जियोपॉलिटिकल टेंशन और सेंट्रल बैंक की खरीदारी से ज्यादा प्रभावित होंगी. भारतीय परिवारों के लिए सोना संपत्ति बनाने का जरिया है इसलिए सरकार बैलेंस बनाए रखेगी. बजट के बाद सोने में इंटरमिटेंट करेक्शन के बाद रिकवरी हो सकती है. recent visitors 31

Gold Silver Rupee: सोना 7 हफ्ते के हाई पर, चांदी 2 लाख के करीब; रुपया 90.56 के नए निचले स्तर पर फिसला

Gold Silver Rupee: सोना 7 हफ्ते के हाई पर, चांदी 2 लाख के करीब; रुपया 90.56 के नए निचले स्तर पर फिसला

Gold Silver Rupee: Gold at 7-week high, silver nears 2 lakh; Rupee slips to new low of 90.56 घरेलू वायदा बाजार में शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में सोना साढ़े सात हफ्तों के उच्च स्तर के करीब बना रहा। एमसीएक्स पर फरवरी सोने का वायदा 0.02% की हल्की बढ़त के साथ ₹1,32,496 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। यह बढ़त अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 25 आधार अंकों की ब्याज दर कटौती के बाद बने सकारात्मक रुझान का विस्तार है। इसके उलट, मार्च सिल्वर वायदा में रिकॉर्ड स्तरों के पास प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली, और यह 0.54% गिरकर ₹1,97,861 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखा। चांदी हाल ही में ₹2 लाख प्रति किलो के नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंची थी। बुलियन में यह उतार-चढ़ाव कमजोर डॉलर इंडेक्स, वैश्विक वित्तीय बाजारों में जारी अस्थिरता और फेड की नीति के बाद निवेशकों की सोने-चांदी में बढ़ती दिलचस्पी के बीच देखने को मिल रहा है।पिछले सत्र में तेज बढ़तवहीं गुरुवार के कारोबार में सोना और चांदी दोनों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती के साथ बंद हुए। गोल्ड फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 2.06% की बढ़त के साथ ₹1,32,469/10 ग्राम पर सेटल हुआ। सिल्वर मार्च कॉन्ट्रैक्ट 5.41% उछलकर ₹1,98,942 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी ने बनाया नया रिकॉर्डफेड की नीतिगत बैठक के बाद मिले संकेतों खासतौर पर 25 आधार अंकों की कटौती से कीमती धातुओं में मजबूत खरीद देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 65 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना रही है, जबकि सोना सात सप्ताह की ऊंचाई पर है।रुपये अपने नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचावहीं शुक्रवार सुबह रुपये में भारी कमजोरी देखने को मिली और यह 24 पैसे टूटकर 90.56 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और विदेशी फंड के लगातार बहिर्वाह ने बाजार भावनाओं को कमजोर किया है।कीमती धातुओं की तेजी को लेकर विशेषज्ञों की रायकीमती धातुओं में हालिया तेजी पर टिप्पणी करते हुए पृथ्वी फिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि मजबूत फंडामेंटल्स आने वाले सत्रों में भी सोना और चांदी की कीमतों को सहारा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू बाजारों में रुपये की कमजोरी भी बुलियन को समर्थन प्रदान कर रही है। जैन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,040 प्रति औंस और चांदी $57.70 प्रति औंस के मुख्य सपोर्ट स्तरों को बनाए रख सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आज के सत्र में सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। डॉलर इंडेक्स में हलचल, वैश्विक वित्तीय बाजारों की अस्थिरता और महत्वपूर्ण अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से पहले बाजार दिशा खोजेगा।घरेलू बाजार में सोने के दामदिल्ली22 कैरेट (स्टैंडर्ड गोल्ड): ₹99,168 प्रति 8 ग्राम24 कैरेट (शुद्ध सोना): ₹1,06,784 प्रति 8 ग्राममुंबई22 कैरेट: ₹99,160 प्रति 8 ग्राम24 कैरेट: ₹1,06,720 प्रति 8 ग्राम recent visitors 84

Petrol Diesel Price 10 October 2025: पेट्रोल-डीजल 4 रुपए महंगा, वाहन मालिकों के अच्छे दिन खत्म, जानिए आपके शहर में क्या है रेट

बिजनेस: Petrol Diesel Price 10 October 2025 ताबड़तोड़ बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने एक बार फिर आम जनता को जोर का झटका दिया है। दरअसल दिवाली से पहले सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के रेट में बढ़ोतरी कर दिया है। सरकार की ओर से जारी निर्देश के अनुसार पेट्रोल कीमत में 4.07 रुपए और डीजल के दाम में 4.04 रुपए बढ़ गए हैं। पेट्रोल डीजल के नए रेट 1 अक्टूबर से लागू कर दिए गए हैं। Petrol Diesel Price 10 October 2025 मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के रेट में 4.07 रुपए बढ़ाया है, जिसके बाद दाम ₹268.68 प्रति लीटर हो गया है। वहीं, हाई स्पीड डीजल की बात करें तो 4.04 रुपए महंगा होने के बाद ग्राहकों को प्रति लीटर 276.81 रुपए चुकाने होंंगे। सरकार की मानें तो ईंधन की कीमतों को हर दो सप्ताह में अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार के रुझानों, विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और घरेलू कराधान में बदलाव के आधार पर समायोजित किया जाता है। बता दें कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का महंगाई (Inflation) पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि यह उत्पादन और परिवहन लागत को बढ़ाता है, जिससे आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं, विशेष रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ जाती हैं। वित्त मंत्रालय ने एक दिन पहले अपने मासिक आर्थिक दृष्टिकोण में नोट किया था कि बाढ़ से संबंधित व्यवधान खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव डाल सकते हैं, जिससे उपभोक्ता कीमतें बढ़ सकती हैं। recent visitors 172

8वें वेतन आयोग में बड़ा धमाका, Basic Salary में जबरदस्त उछाल, जाने 8वें वेतन आयोग की भूमिका और महत्व

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की तरफ से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। इस बार सैलरी स्ट्रक्चर में लेवल-1 से लेकर लेवल-6 तक के वेतन स्तरों को मर्ज करने का प्रस्ताव सामने आया है। इसका मतलब है कि आपके वेतन और प्रमोशन के मौके दोनों में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ये बदलाव लागू होते हैं, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी के साथ-साथ करियर ग्रोथ भी तेजी से होगी। यह नई व्यवस्था संभवतः 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। 8वें वेतन आयोग की भूमिका और महत्व केंद्र सरकार हर दस साल में वेतन आयोग बनाती है, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतनमान, भत्ते और पेंशन में संशोधन की सिफारिशें करती है। 8वें वेतन आयोग को जनवरी 2025 में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली है और इसके सुझाव 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। इससे देश भर के करीब 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। लेवल मर्जर: क्या है ये क्रांतिकारी प्रस्ताव?   सरकार के समक्ष एक अहम सुझाव आया है जिसमें वेतन संरचना के शुरुआती छह स्तरों (लेवल 1 से लेवल 6) को घटाकर केवल तीन स्तर (A, B, C) बनाए जाने की बात कही गई है। इसका मकसद है कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी के साथ ही उनके करियर ग्रोथ को तेज करना। प्रस्ताव के अनुसार: नया लेवल A: लेवल 1 और लेवल 2 को मिलाकर बनाया जाएगा। नया लेवल B: लेवल 3 और लेवल 4 को मर्ज किया जाएगा। नया लेवल C: लेवल 5 और लेवल 6 को एक साथ लाया जाएगा। इससे कर्मचारियों को क्या लाभ होगा? बेसिक सैलरी में उछाल: मर्जर के बाद नए स्तर का बेसिक वेतन आमतौर पर मर्ज किए गए दो स्तरों में से उच्चतम स्तर के बराबर या उससे अधिक होगा। उदाहरण के तौर पर, लेवल 1 की बेसिक सैलरी करीब ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹34,000 तक पहुंच सकती है। प्रमोशन की प्रक्रिया में तेजी: चूंकि लेवल्स की संख्या कम होगी, कर्मचारी तेजी से अगले स्तर तक पहुंच सकेंगे, जिससे उनका करियर ग्रोथ और वेतन वृद्धि भी तेज होगी। वेतन असमानताओं में कमी: अलग-अलग लेकिन समीपवर्ती स्तरों के वेतन में विसंगतियों को खत्म करके सैलरी संरचना को और ज्यादा तार्किक बनाया जाएगा। प्रशासनिक सादगी: कम स्तर होने से पे-रोल मैनेजमेंट और प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होंगी। किन कर्मचारियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा? सबसे अधिक लाभ उन कर्मचारियों को होगा जो वर्तमान में लेवल-1, लेवल-3 और लेवल-5 पर हैं क्योंकि उनका वेतन सीधे उच्च स्तर के साथ मर्ज होगा और वेतनमान में तुरंत सुधार आएगा। वहीं, लेवल-2, 4 और 6 के कर्मचारियों को भी बेहतर प्रमोशन अवसर मिलेंगे। चुनौतियां और आगे का रास्ता हालांकि यह प्रस्ताव कर्मचारियों के लिए बेहद सकारात्मक है, इसे लागू करने में वित्तीय बोझ, वरिष्ठता निर्धारण और जिम्मेदारियों के आवंटन जैसी चुनौतियां भी हैं। सरकार और वेतन आयोग इन पहलुओं पर गंभीर चर्चा कर रहे हैं, और अंतिम सिफारिशें जल्द ही सामने आएंगी। recent visitors 71

UPI सिस्टम में नए API नियम लागू करने जा रहा, जिनका सीधा असर ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा, 31 जुलाई से बदलने जा रहे हैं ये नियम

नई दिल्ली अगर आप भी रोज़ाना यूपीआई ऐप्स जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm से पेमेंट करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) UPI सिस्टम में नए API नियम लागू करने जा रहा है, जिनका सीधा असर आपके रोज़मर्रा के ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा। ये बदलाव न केवल आपकी सुविधा को सीमित करेंगे, बल्कि आपके बैलेंस चेक, ऑटोपे और ट्रांजैक्शन स्टेटस जैसे फीचर्स पर भी सीधी रोक लगाएंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का कहना है कि यह कदम सिस्टम पर बढ़ते लोड को कम करने और सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए जरूरी है। क्यों लाया गया ये नियम? NPCI का कहना है कि तेजी से बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन के कारण UPI सिस्टम पर जबरदस्त लोड पड़ रहा है, खासकर 'पीक ऑवर्स' यानी सबसे व्यस्त समय के दौरान। इस लोड को संतुलित करने और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कुछ सामान्य फीचर्स जैसे बैलेंस चेक, ऑटोपे और ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक को सीमित किया जाएगा। जानिए क्या-क्या बदलेगा बैलेंस चेक पर लिमिट 31 जुलाई 2025 से कोई भी यूज़र एक दिन में एक ऐप के जरिए अधिकतम 50 बार ही अपना बैंक बैलेंस चेक कर सकेगा। इसके अलावा, पीक ऑवर्स (सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे और शाम 5 बजे से रात 9:30 बजे तक) में बैलेंस चेक की सुविधा सीमित या बंद की जा सकती है।  ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक पर कंट्रोल यदि कोई ट्रांजैक्शन पेंडिंग या फेल हो जाता है, तो उसकी स्थिति को बार-बार जांचने पर भी रोक होगी। एक ट्रांजैक्शन के स्टेटस को दो घंटे में अधिकतम तीन बार ही चेक किया जा सकेगा।  ऑटोपे फीचर भी नॉन-पीक समय में ही जो यूज़र OTT सब्सक्रिप्शन, SIP या किसी अन्य सर्विस के लिए UPI ऑटोपे का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि ऑटोपे का ऑथराइजेशन और डेबिट प्रोसेसिंग केवल नॉन-पीक टाइम में ही होगी। हर ऑटोपे मैन्डेट के लिए अधिकतम तीन प्रयास (3 retries) की इजाजत होगी।  बैंक की जिम्मेदारी भी बढ़ी NPCI ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि हर सफल लेनदेन के बाद ग्राहकों को बैलेंस अलर्ट भेजा जाए, जिससे ग्राहक बार-बार बैलेंस चेक न करें। इसके अलावा, कुछ खास प्रकार की एरर की स्थिति में बैंक को ट्रांजैक्शन फेल मानकर सिस्टम से क्लियर करना होगा। क्यों जरूरी है ये बदलाव? इन नए निर्देशों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि UPI जैसी अहम डिजिटल सुविधा सभी को फास्ट और भरोसेमंद ढंग से मिल सके। लगातार बढ़ती डिजिटल भीड़ और ट्रांजैक्शन की संख्या को ध्यान में रखते हुए, NPCI इस तरह की टेक्निकल सफाई ला रहा है ताकि नेटवर्क स्लोडाउन या फेल्योर जैसी समस्याओं से बचा जा सके। recent visitors 70

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया- BSNL ने वित्त वर्ष 2025 में पहली बार लगातार दो तिमाही में कमाया मुनाफा

नई दिल्ली भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने मंगलवार को जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 280 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया। दूरसंचार कंपनी 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में पहली बार घाटे से बाहर निकली है। यह कंपनी के मुनाफे की लगातार दूसरी तिमाही रही।केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से बात करते हुए भारत की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के लिए इसे एक बहुत बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा, "बीएसएनएल ने पहली बार 18 वर्षों में दो तिमाहियों में नेट प्रॉफिट दर्ज किया है । कंपनी ने अक्टूबर-दिसंबर 2024 में 262 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट बनाया और जनवरी-मार्च में 280 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट बनाया।" बीएसएनएल को पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 849 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। पूरे वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी का घाटा अब 58 प्रतिशत घटकर 2,247 करोड़ रुपए रह गया है, जो वित्त वर्ष 2024 में 5,370 करोड़ रुपए था। सरकारी स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी की कुल आय 2024-25 के दौरान 10 प्रतिशत बढ़कर 23,427 करोड़ रुपए हो गई, जो 2023-24 में 21,302 करोड़ रुपए थी। स्पेक्ट्रम आवंटन और पूंजी निवेश सहित रणनीतिक पहलों के माध्यम से सरकार के समर्थन ने कंपनी के संचालन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंपनी ने 2024-25 में 5,396 करोड़ रुपये का ईबीआईटीडीए दर्ज किया, जो 2023-24 में 2,164 करोड़ रुपए था। कंपनी का मार्जिन वित्त वर्ष 2024 में 10.15 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 23.01 प्रतिशत हो गया। बीएसएनएल ने वित्त वर्ष के दौरान व्यय लागत में 3 प्रतिशत की कटौती की है, जो कि 2023-24 में 26,673 करोड़ रुपए से घटकर 25,841 करोड़ रुपए हो गया है। कंपनी 4जी रोलआउट और फाइबर-ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के साथ अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहा है। बीएसएनएल ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत किया है और नेटवर्क में निर्बाध इंटरनेट एक्सेस के लिए राष्ट्रीय वाईफाई रोमिंग के साथ ग्राहक-केंद्रित डिजिटल इनोवेशन की शुरुआत की है। बीएसएनएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए. रॉबर्ट जे. रवि ने कहा, "यह शानदार तेजी पेशेवर प्रबंधन, सरकारी समर्थन और शीर्ष और निचले स्तर पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का प्रमाण है। बीएसएनएल को न केवल पुनर्जीवित किया जा रहा है, बल्कि इसे फिर से परिभाषित किया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "अनुशासित लागत नियंत्रण और 4जी/5जी की स्थापना के साथ हम विकास की इस गति को बनाए रखेंगे। साथ ही हर भारतीय को सस्ती, उच्च गुणवत्ता वाली कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा अंतिम लक्ष्य केवल मुनाफा कमाना तक सीमित नहीं रहेगा। हम सार्वजनिक सेवा में दूरसंचार उत्कृष्टता को फिर से परिभाषित करेंगे। जब हम लगातार सही चीजें करते हैं, उत्कृष्ट सेवा प्रदान करते हैं, वंचितों तक पहुंचते हैं, समावेशिता के लिए इनोवेशन करते हैं तो मुनाफा स्वाभाविक रूप से आएगा।" recent visitors 79

फ्रेंच कंपनी Alcatel की भारत में दमदार वापसी, 12000 रुपये से कम में लॉन्च किए तीन तगड़े 5G फोन

मुंबई Alcatel ने भारतीय बाजार में वापसी करते हुए तीन नए स्मार्टफोन्स को लॉन्च किया है. तीनों ही फोन्स Alcatel V3 सीरीज का हिस्सा हैं और दमदार फीचर्स के साथ आते हैं. कंपनी ने Alcatel V3 Classic, V3 Pro और V3 Ultra को लॉन्च किया है. V3 Ultra में स्टायलस सपोर्ट और NXTPAPER 4-in-1 जैसे फीचर दिए गए हैं. NXTPAPER पेटेंटेड टेक्नोलॉजी है, जो फोन इस्तेमाल के दौरान आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करती है. इसका इस्तेमाल करके आप स्क्रीन को अलग-अलग मोड में चेंज कर पाएंगे. आइए जानते हैं इन फोन्स की कीमत और फीचर्स. कितनी है कीमत? Alcatel V3 Classic को कंपनी ने 12,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया है. ये कीमत फोन के 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की है. वहीं 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट का दाम 14,999 रुपये है. ये फोन कॉज्मिक ग्रे और हॉलो वॉइट कलर में आता है. वहीं प्रो वेरिएंट को कंपनी ने माचा ग्रीन और मेटैलिक ग्रे कलर में लॉन्च किया है. प्रो वेरिएंट सिर्फ एक कॉन्फिग्रेशन 8GB RAM + 256GB स्टोरेज में आता है, जिसकी कीमत 17,999 रुपये है. Alcatel V3 Ultra की कीमत 19,999 रुपये से शुरू होती है. ये कीमत फोन के 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की है. 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट 21,999 रुपये का है. Alcatel V3 सीरीज की सेल 2 जून से शुरू हो रही है. इन फोन्स को आप Flipkart से खरीद पाएंगे. वहीं इन स्मार्टफोन्स पर 2000 रुपये का बैंक डिस्काउंट या एक्सचेंज बोनस भी मिलेगा. क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स? Alcatel V3 Classic में  6.67-inch का HD+ डिस्प्ले मिलता है. फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर मिलता है. फोन के स्टोरेज को माइक्रो SD कार्ड की मदद से आप 2TB तक बढ़ा सकते हैं. हैंडसेट Android 15 OS के साथ आता है. इसमें 50MP + 0.08MP QVGA का डुअल रियर कैमरा मिलता है. वहीं फ्रंट में कंपनी ने 8MP का कैमरा दिया है. फोन 5200mAh की बैटरी और 10W की चार्जिंग के साथ आता है. इसमें टाइप-सी चार्जिंग और डुअल स्पीकर जैसे फीचर मिलते हैं. Alcatel V3 Pro में 6.67-inch का HD+ NXTPAPER डिस्प्ले मिलता है. फोन MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर के साथ आता है. इसमें 50MP + 5MP का रियर और 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. हैंडसेट 5010mAh की बैटरी और 18W की चार्जिंग के साथ आता है. सिक्योरिटी के लिए फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर मिलेगा. वहीं Alcatel V3 Ultra में 6.78-inch का FHD+ NXTPAPER डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आता है. फोन में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया गया है. इसमें भी आपको स्टोरेज एक्सपैंड का विकल्प मिलता है. फोन में eSIM का सपोर्ट भी दिया गया है. हैंडसेट Android 15 के साथ आता है. इसमें 108MP + 8MP + 2MP का ट्रिपल रियर कैमरा और 32MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. फोन 5010mAh की बैटरी और 33W की चार्जिंग सपोर्ट करता है. इसमें भी आपको साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर मिलेगा.   recent visitors 54

स्टॉक मार्केट में गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक गिरा, क्‍या Covid-19 है वजह?

मुंबई देश में कोराना (Corona) का साया एक बार फिर मंडराने लगा है और लगातार इसके मामलों में इजाफा हो रहा है. इसका डर शेयर बाजार (Corona Fear On Share Market) पर भी दिखने लगा है. बीते कारोबारी दिन सोमवार को जहां Sensex-Nifty दिनभर जोरदार तेजी के साथ भागते हुए नजर आए थे, तो वहीं मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही 800 अंक से ज्यादा फिसलकर 81500 के नीचे कारोबार करता नजर आया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी अपने पिछले बंद की तुलना में 200 अंक से ज्यादा टूटकर रेड जोन में ट्रेड करता दिखा. शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स से लेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा और टीसीएस जैसे शेयरों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली. धराशायी हुई सेंसेक्स और निफ्टी बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद 82,176.45 की तुलना में गिरावट लेकर 82,038.20 पर ओपन हुआ और महज कुछ मिनटों में ही ये इंडेक्स करीब 800 अंकों की गिरावट लेकर 81,303 पर कारोबार करता नजर आने लगा. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने भी शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट देखी और अपने पिछले बंद 25,001.15 की तुलना में फिसलकर 24,956.65 पर कारोबार की ओपनिंग की, लेकिन मिनटों में ये 200 अंक से ज्यादा टूटकर 24,769 पर कारोबार करता दिखा. सबसे ज्यादा गिरावट वाले 10 स्टॉक बात करें शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों के बारे में, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Tata Motors Share (1.50%), NTPC Share (1.54%), M&M Share (1.40%) और TCS Share (1.20%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में FirstCry Share (4%), GICRE Share (2.70%), Emcure Share (2.40%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. बात स्मॉलकैप शेयरों की करें, तो RatGain Share (7.40%), Sagility Share (5%) और Infobean Share (4.90%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. एशियाई बाजारों में मिले थे सुस्ती के संकेत बाजार खुलने से पहले सप्ताह के दूसरे दिन मिले जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे थे. जहां कुछ अमेरिकी इंडेक्स में ग्रीन बंद हुए थे, तो वहीं एशियाई बाजार में गिरावट देखने को मिल रही थी. जी हां, गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) जहां मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. तो वहीं जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 100 अंक फिसलकर 37,440 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. हांगकांग के हैंगसेंग (Hang Seng) की बात करें, तो ये भी शुरुआती कारोबारी में 90 अंक की गिरावट लेकर 23,199 पर कारोबार कर रहा था. साउथ कोरिया का कोस्पी (KOSPI) में भी मामूली गिरावट देखने को मिली थी. कल दिनभर रही थी बाजार में तेजी बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार में दिनभर जोरदार तेजी देखने को मिली थी. बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 81,721.08 की तुलना में तेज उछाल के साथ 91,928.95 पर खुला था और 700 अंक से ज्यादा चढ़ गया था. हालांकि, कारोबार खत्म होते-होते BSE Sensex की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी, फिर भी ये 455.38 अंक की तेजी लेकर 82,176.45 के लेवल पर क्लोज हुआ था. तो वहीं NSE Nifty 24,853.15 की तुलना में सोमवार को 24,919.35 के स्तर पर खुला और फिर 25,079 तक उछला, लेकिन अंत में निफ्टी इंडेक्स 148 अंकों की बढ़त के साथ 25,001.15 के लेवल पर बंद हुआ था. कोरोना फिर से डराने लगा सिंगापुर, हांगकांग के बाद अब भारत में भी पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना के मामले बढ़ (Covid-19 Cases In India) हैं और देश की तमाम स्वास्थ्य एजेंसीज कोरोना के मामलों पर नजर रखी हुई हैं और कई राज्यों ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है. चीन में कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़तों का प्रतिशत पिछले महीने 3.3 प्रतिशत से बढ़कर 6.3 प्रतिशत हो गया है और वहां के अस्पतालों में वायरस के लिए A&E रोगियों की दर 7.5 प्रतिशत से बढ़कर 16.2 प्रतिशत हो गई है. इसके अलावा ताइवान ने कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती होने वालों में 78 प्रतिशत की वृद्धि देखी है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान में कोरोना के 104 एक्टिव केस (मामले) हैं. बीते एक हफ्ते में 99 नए मामले सामने आए हैं.वहीं, अब पूरे देश में कोरोना के मरीजों की संख्या एक हजार के पार पहुंच गई है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा मामले केरल में 430 में है.   recent visitors 59

अमेरिकी अधिकारियों का एक दल आएगा भारत , अंतरिम व्यापार समझौते पर होगी बातचीत

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते पर अगले दौर की चर्चा के लिए अमेरिकी अधिकारियों का एक दल आने वाले हफ्तों में भारत का दौरा कर सकता है। एक सूत्र के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों की यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और अमेरिका 9 जुलाई से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बना सकते हैं। इस बातचीत में नई दिल्ली घरेलू वस्तुओं पर 26 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ से पूर्ण छूट की मांग कर रहा है। एक सूत्र ने बताया, "व्यापार वार्ता के लिए अमेरिकी टीम के भारत आने की उम्मीद है। वार्ता तेज गति से आगे बढ़ रही है।" भारत के मुख्य वार्ताकार, वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने पिछले सप्ताह अपनी चार दिवसीय वाशिंगटन यात्रा पूरी की। उन्होंने प्रस्तावित समझौते पर अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ बातचीत की। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी व्यापार वार्ता को गति देने के लिए पिछले सप्ताह वाशिंगटन में थे। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक से दो बार मुलाकात की। अमेरिका ने 2 अप्रैल को भारतीय वस्तुओं पर 26 प्रतिशत का अतिरिक्त पारस्परिक शुल्क लगाया था, लेकिन बाद में इसे 90 दिनों के लिए 9 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि, भारतीय वस्तुओं पर अभी भी अमेरिका द्वारा लगाया गया 10 प्रतिशत बेसलाइन शुल्क लागू है। recent visitors 55

दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के बाद शेयर बाजार बना रॉकेट, सेंसेक्स 700 और निफ्टी 25074 के ऊपर पहुंचा

मुंबई सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार शुरुआत की। BSE सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 734 अंकों की बढ़त के साथ 82,488 पर पहुंच गया, जबकि NSE निफ्टी 208 अंकों की छलांग के साथ 25,060 पर कारोबार करता दिखा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी रही, जिससे डलाल स्ट्रीट पर बुलिश सेंटिमेंट का साफ संकेत मिला। Geojit Financial Services के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का रिकॉर्ड डिविडेंड और भारत का दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना, बाजार की भावनाओं के लिए बड़ा समर्थन है। उन्होंने कहा, "RBI की ओर से बजट अनुमान से अधिक सरप्लस ट्रांसफर से FY26 का राजकोषीय घाटा 4.4% तक सीमित रह सकता है। इससे महंगाई पर नियंत्रण और ब्याज दरों में गिरावट की उम्मीद को बल मिला है।" डॉ. विजयकुमार ने यह भी चेताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा यूरोपीय संघ पर टैरिफ टालना फिलहाल राहत जरूर है, लेकिन यह अस्थायी कदम हो सकता है। "अगर ट्रम्प ने Apple पर 25% टैरिफ लगाने जैसा कोई कदम उठाया, तो वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। तूफानी तेजी के साथ खुले सेंसेक्स-निफ्टी सोमवार को शेयर मार्केट खुलने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद 81,721 की तुलना में जोरदार तेजी लेते हुए 81,928.95 पर ओपन हुआ और महज कुछ मिनटों में ही 780 अंकों की छलांग लगाते हुए 82,492 पर कारोबार करता नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने भी शुरुआती कारोबार में अपना दम दिखाते हुए पिछले बंद 24,853.15 की तुलना में उछलकर 24,919.35 पर कारोबार की ओपनिंग की और फिर अचानक 25000 के आंकड़े को पार कर गया. पहले ही मिल रहे थे तेजी के संकेत   भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) के लिए पहले से ही ग्लोबल पॉजिटिव संकेत मिल रहे थे. एशियाई शेयर बाजारों की बात करें, तो जापान का निक्केई इंडेक्स (Japan Nikkei) से लेकर साउथ कोरिया को कोस्पी (Kospi) तक करीब एक फीसदी की शुरुआती तेजी लेकर कारोबार करता नजर आया था, तो वहीं दूसरी ओर गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) शुरुआती कारोबार में 105 अंक की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. ये 10 शेयर सबसे तेज भागे शेयर बाजार में तेजी के बीच खबरे लिखे जाने तक बीएसई सेंसेक्स की 30 लार्जकैप स्टॉक्स में से 29 में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था. इस बीच 10 सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो M&M Share (2.74%), Tata Motors Share (2.10%), Titan Share (1.50%), NTPC Share (1.30%), ICICI Bank Share (1.29%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में Suzlon Share (5.11%) और RVNL Share (3.50%) चढ़कर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कैटेगरी में Godavari Biorefineries Share (12.20%), Control Print Share (12%) और Tarsons Share (9%) की छलांग लगाकर कारोबार कर रहा था. शुक्रवार को आया था जोरदार उछाल बीते सप्ताह शेयर बाजार में जोरदार उथल-पुथल मची थी, लेकिन आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को Share Market के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी तूफानी तेजी के साथ ग्रीन जोन में बंद हुए थे. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) 769.09 अंक की तेजी के साथ 81,721.08 के लेवल पर क्लोज हुआ था, तो दिनभर तेजी में कारोबार करने के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) 243.45 अंक उछलकर 24,853.15 के लेवल पर बंद हुआ था. भारत का बजा दुनिया में डंका गौरतलब है कि भारत अब जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (World 4th Largest Economy India) बन गया है. शनिवार को नीति आयोग के सीईओ (CEO) बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने यह जानकारी शेयर की थी. उन्होंने नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की 10वीं बैठक के बाद कहा कि, 'ग्लोबल और इकोनॉमिक माहौल भारत के अनुकूल बना हुआ है और मैं मैं जब बोल रहा हूं, तब हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी हैं. आज हम 4,000 अरब डॉलर (4 Trillion Dollar Economy) की अर्थव्यवस्था बन चुके हैं. मिडकैप शेयरों की चमक बरकरार, निवेशकों को राहत बीते कुछ हफ्तों में मिडकैप शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा है। इससे वैल्यूएशन को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हुई है और बाजार में सकारात्मकता बनी हुई है। Geojit के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने बताया कि टेक्निकल चार्ट पर "मॉर्निंग स्टार" पैटर्न बन रहा है, जो तेजी का संकेत है। "यदि निफ्टी हालिया पीक 25,235 को पार करता है, तो अगला लक्ष्य 25,460 और तेजी की स्थिति में 26,250 तक हो सकता है," उन्होंने कहा। हालांकि, उन्होंने चेताया कि यदि निफ्टी 24,950 पार नहीं कर पाता, तो बाजार में मंदी का रुख आ सकता है। डाउनसाइड के लिए 24,755 और मजबूत सपोर्ट 24,500 पर है, जिसके नीचे गिरावट 24,060 तक जा सकती है। recent visitors 60

भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा किया हासिल

नई दिल्ली भारत ने वैश्विक आर्थिक मंच पर एक और बड़ी छलांग लगाई है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बीवी आर सुब्रह्मण्यम ने शनिवार को इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है। यह आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के लेटेस्ट आंकड़ों पर आधारित है। सुब्रह्मण्यम ने यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित 10वीं नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल बैठक के बाद एक प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा, "जैसा कि मैं बोल रहा हूं, भारत अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। हमारी अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर गई है। यह मेरा नहीं बल्कि IMF का डेटा है। भारत अब जापान से आगे निकल गया है।" उन्होंने आगे कहा कि अब केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी ही भारत से आगे हैं। यदि भारत की आर्थिक प्रगति इसी रफ्तार से चलती रही तो आने वाले 2 से 3 वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। IMF की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (अप्रैल 2025) रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 में भारत की GDP करीब 4,187 अरब डॉलर होगी। वहीं, जापान की GDP अनुमानित रूप से 4,186 अरब डॉलर रहने की संभावना है। भारत 2024 तक दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। IMF का कहना है कि भारत 2025 और 2026 में क्रमश: 6.2% और 6.3% की दर से विकास करेगा। इसके विपरीत वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर 2025 में 2.8% और 2026 में 3% रहने की संभावना है। यह आंकड़े भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को रेखांकित करते हैं। ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में मजबूत कदम बैठक के दौरान ‘विकसित राज्य से विकसित भारत 2047’ विषय पर केंद्र और राज्यों के बीच गहन विचार-विमर्श हुआ। नीति आयोग के सीईओ ने बताया कि इस बैठक में मैन्युफैक्चरिंग, सेवाएं, ग्रामीण और शहरी गैर-कृषि क्षेत्र, अनौपचारिक क्षेत्र, ग्रीन और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। सुब्रह्मण्यम ने कहा, “भारत अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां से उसकी अर्थव्यवस्था बहुत तेज गति से आगे बढ़ सकती है। हम टेक-ऑफ स्टेज पर हैं।”   recent visitors 64

नई दिल्ली में होने वाली बैठक जल्द ही बुलाए जाने की उम्मीद, क्षतिपूर्ति उपकर का मुद्दा भी चर्चा में है

नई दिल्ली जीएसटी परिषद अपनी अगली बैठक में कर की दरों को तर्कसंगत बनाने और क्षतिपूर्ति उपकर के भविष्य पर विचार कर सकती है। इसके साथ ही अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को सरल बनाने और मौजूदा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दर फ्रेमवर्क में विसंगतियों को दूर करने पर ध्यान दिया जा सकता है। नई दिल्ली में होने वाली बैठक जल्द ही बुलाए जाने की उम्मीद है, जिसमें राज्य भी अगले फिस्कल प्लानिंग साइकल से पहले अपने रेवेन्यू आउटलुक पर स्पष्टता के लिए दबाव डाल रहे हैं। मिडिया सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों के राजस्व घाटे की भरपाई के लिए शुरू किए गए शुल्क, क्षतिपूर्ति उपकर का मुद्दा भी चर्चा में है, खासकर तब जब 2026 से आगे भी इसे जारी रखना बहस का विषय बन गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मार्च में कहा था कि जीएसटी दरों में और कमी की जाएगी क्योंकि कर स्लैब को तर्कसंगत बनाने की प्रक्रिया पूरी होने वाली है। जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के समय रेवेन्यू न्यूट्रल रेट (आरएनआर) 15.8 प्रतिशत थी, जो अब 2023 में घटकर 11.4 प्रतिशत हो गई है और इसमें और कमी आएगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जीएसटी स्लैब को सरल बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है और जीएसटी परिषद, जिसका नेतृत्व वित्त मंत्री करते हैं और जिसमें राज्य के वित्त मंत्री शामिल हैं, जल्द ही अंतिम निर्णय लेगी। जीएसटी दरों और स्लैब में बदलाव का सुझाव देने के लिए सितंबर 2021 में मंत्री समूह (जीओएम) का गठन किया गया था। इस समिति में छह राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। यह समिति टैक्स सिस्टम को अधिक कुशल बनाने पर काम कर रही है। रेशनलाइजेशन प्रक्रिया में कर स्लैब की संख्या कम करना, दरों को सुव्यवस्थित करना और विभिन्न उद्योगों की उठाई गई प्रमुख चिंताओं का समाधान करना शामिल है। केंद्रीय मंत्री ने आगे जोर दिया कि अगली जीएसटी परिषद की बैठक में प्रस्ताव पेश करने से पहले अंतिम समीक्षा चल रही है। अप्रैल में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 2.36 लाख करोड़ रुपए दर्ज किया गया, जो अप्रैल 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपए के ग्रॉस कलेक्शन से 12.6 प्रतिशत अधिक है। अप्रैल में रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और स्थिरता को दर्शाता है। recent visitors 66

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी में

नई दिल्ली  भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी में है। रिलायंस की नजर खासकर देश में के तेजी से बढ़ रह एमएफसीजी सेक्टर पर है। इसके लिए कंपनी एक खास रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का फोकस आम लोगों तक अपनी पहुंच बनाने पर है। इसके लिए एफएमसीजी सेक्टर में सस्ते प्रोडक्ट लाना चाहती है। दूसरी तरफ हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, आईटीसी, नेस्ले और डाबर जैसी ज्यादातर कंपनियां ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान दे रही हैं। यानी वे महंगे प्रोडक्ट बेच रही हैं। ऐसे में रिलायंस को इस मार्केट में एक बड़ा मौका दिख रहा है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के डायरेक्टर टी कृष्णकुमार ने कहा कि उनकी नजर 60 करोड़ ग्राहकों पर है। कंपनी आस-पड़ोस की दुकानों के साथ मिलकर काम करेगी और उन्हें अच्छा मार्जिन देगी। कृष्णकुमार ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत की आबादी लगभग 1.4 अरब है। इसमें एक बड़ा मध्यम वर्ग है। लगभग 60 करोड़ ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके लिए हम अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट बनाना चाहते हैं। इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर किसी ने भी स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ प्रवेश करने की कोशिश नहीं की है। रीजनल और लोकल कंपनियों ने कोशिश की, लेकिन वे टिक नहीं पाईं। कंपनी ने खरीदे 15 ब्रांड्स रिलायंस का कंज्यूमर बिजनस 2022 में रिलायंस रिटेल वेंचर्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में शुरू हुआ था। तबसे इसने 15 से ज्यादा ब्रांड खरीदे हैं। इनमें कैंपा सॉफ्ट ड्रिंक्स सबसे पहले थी। इसे 2022 में प्योर ड्रिंक्स लिमिटेड से लगभग 22 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। फिलहाल ज्यादातर ब्रांड कुछ ही बाजारों में उपलब्ध हैं। कैंपा के अलावा रिलायंस के पोर्टफोलियो में Sil जैम और स्प्रेड, लोटस चॉकलेट, टॉफमैन और रावलगांव जैसे कन्फेक्शनरी ब्रांड, एलन का बगल्स स्नैक्स, वेलवेट शैम्पू और इंडिपेंडेंस स्टेपल्स जैसे खुद के बनाए ब्रांड शामिल हैं। कृष्णकुमार ने कहा कि मार्च 2027 तक इस पोर्टफोलियो को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया जाएगा। कंपनी का फोकस पेय पदार्थ और स्टेपल्स के अलावा कन्फेक्शनरी पर भी है। उन्होंने कहा, 'जब मैं कहता हूं कि हम स्केल अप कर रहे हैं, तो इसका मतलब कल नहीं है। किसी भी प्रोडक्ट को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए 24-30 महीने चाहिए, क्योंकि इससे कम समय में आप ठीक से काम नहीं कर सकते।' आगे का प्लान FY25 में RCPL ने 11,500 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जिसमें से 60% से ज्यादा जनरल ट्रेड से आया। कंपनी ने घोषणा की कि कैंपा और इंडिपेंडेंस दोनों ने बिक्री में 1,000 करोड़ रुपये और कुल मिलाकर 10 लाख दुकानों तक पहुंच हासिल की है। कृष्णकुमार ने कहा कि हमें एक सप्लाई चेन बनाने की जरूरत है। पिछले साल के अंत तक पेय पदार्थों और स्टेपल्स में हमारी बाजार हिस्सेदारी लगभग 20% थी। हमें मार्च 2026 तक इसे 60-70% तक ले जाना है। बाकी कैटेगरी में भी हम व्यवस्थित रूप से शुरुआत करेंगे।। सॉफ्ट ड्रिंक्स, चॉकलेट और डिटर्जेंट जैसी कैटेगरी में कंपनी ने सभी उत्पादों की कीमतें कोका-कोला, मोंडेलेज और HUL जैसे प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में 20-40% कम रखी हैं। रिलायंस की यह विस्तार योजना ऐसे समय में आई है, जब शहरों में आर्थिक मंदी है। पिछले पांच तिमाहियों में शहरों के उपभोक्ताओं ने बढ़ती खाद्य और ईंधन महंगाई के बीच गैर-जरूरी खर्चों में कटौती की है। कृष्णकुमार ने कहा कि कंपनी ऑर्गेनिक ग्रोथ और एक्विजिशन का मिश्रण जारी रखेगी। लेकिन भारी लागत पर अधिग्रहण नहीं करेगी। recent visitors 63

हफ्ते के आखिरी कारोबार दिन सेंसेक्स 803 अंक चढ़कर 81,755 के स्तर पर कारोबार कर रहा

मुंबई हफ्ते के आखिरी कारोबार दिन शुक्रवार (23 मई) को सेंसेक्स करीब 803 अंक चढ़कर 81,755 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 261 अंक की तेजी है, ये 24,871 के स्तर पर है। बिजनेस डेस्कः हफ्ते के आखिरी कारोबार दिन शुक्रवार (23 मई) को सेंसेक्स करीब 803 अंक चढ़कर 81,755 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 261 अंक की तेजी है, ये 24,871 के स्तर पर है।   सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 में तेजी, जबकि 1 में गिरावट है। टेक महिंद्रा, इंफोसिस और जोमैटो के शेयर 3% चढ़े हैं। सनफार्मा 3% गिरा है। ITC, HCL टेक सहित 8 शेयरों में 1% की तेजी है। एशियाई बाजारों का क्या हाल? एशियाई बाजार शुक्रवार को ऊंचे स्तर पर खुले। निवेशकों ने क्षेत्रभर से आए आर्थिक आंकड़ों की समीक्षा की। जापान के निक्केई इंडेक्स में 0.80 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जबकि व्यापक टॉपिक्स सूचकांक 0.71 प्रतिशत ऊपर रहा। कोस्पी 0.12 प्रतिशत बढ़ा और ASX 200 में 0.36 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। जापान में अप्रैल महीने में मुख्य मुद्रास्फीति (कोर इन्फ्लेशन) 3.5 प्रतिशत तक बढ़ गई। इसकी एक बड़ी वजह चावल की कीमतों में तेज़ी रही। यह आंकड़ा सरकार की तरफ से शुक्रवार को जारी किया गया। यह डेटा बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति को और जटिल बना सकता है। वह मौजूदा अमेरिकी टैरिफ के प्रभावों के बीच दरों में संभावित विराम पर विचार कर रहा है। recent visitors 61

आज शेयर बाजार में ​फिर मचा कोहराम? शेयर बाजार में भारी गिरावट

मुंबई शेयर बाजार में एक बार फिर बड़ी गिरावट (Stock Market Crash) आई है. बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर मार्केट्स में मचे हाहाकार का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स खुलते ही धड़ाम नजर आए. एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex रेड जोन में ओपन होने के बाद कुछ ही देर में 800 अंक का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty ने भी 250 अंक तक फिसलकर कारोबार शुरू किया. इससे पहले बीते कारोबारी दिन बुधवार को सेंसेक्स-निफ्टी जोरदार तेजी लेकर बंद हुए थे. खुलते ही धड़ाम हो गए सेंसेक्स-निफ्टी शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई और बीएसई का इंडेक्स सेंसेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद 81,596.63 की तुलना में फिसलकर 81,323.05 पर ओपन हुआ और फिर अचानक कुछ ही मिनटों में 810 अंक फिसलकर 80,786 के स्तर पर आ गया. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई का निफ्टी (NSE Nifty) भी अपने पिछले बंद 24,813.45 की तुलना में टूटकर 24,733.95 पर खुला और कुछ ही मिनट के कारोबार के दौरान 250 अंक फिसलकर 24,541 पर ट्रेड करता नजर आया. ये 10 शेयर हुए धराशायी बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच लार्जकैप कंपनियों में शामिल Tech Mahindra Share (2.50%), PowerGrid Share (2.14%), HCL Tech Share (2%) और Infosys Share भी करीब 2 फीसदी फिसलकर कारोबार कर रहा था. तो वहीं मिडकैप कंपनियों में Oil India Share (4%), Ashok Leyland Share (2.50%), Dixon Share (2.40%), Uno Minda Share (2.38%) और Emami Ltd Share (2%) फिसलकर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में सबसे तेज गिरावट Paras Cabels Share में आई, जो खुलते ही 10 फीसदी फिसल गया. यहां से मिले थे गिरावट के संकेत शेयर मार्केट में ये बड़ी गिरावट दरअसल, बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार में देखी गई बड़ी गिरावट के बाद आई है.  US बॉन्ड यील्ड में तेजी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के टैक्स कट बिल को लेकर US Markets में चिंता है. इसके चलते  Dow Jones Industrial Average 817 अंक यानी 1.9% गिरकर बंद हुआ, तो वहीं S&P 500 में 1.6% और Nasdaq में 1.4% तक फिसला था. इसका असर गुरुवार को एशियाई बाजारों पर भी दिखा और गिफ्ट निफ्टी इंडेक्स करीब 150 अंक से ज्यादा फिसल गया. इसके अवाला जापान का निक्केई 355 अंक, तो हांगकांग का हैंगसेंग 131 अंक फिसलकर कारोबार करता नजर आया. recent visitors 47

जून 2026 तक 1 लाख का हो जाएगा सेंसेक्स- मॉर्गन स्टेनली

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में आज बुधवार को जबरदस्त खरीदारी देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद बुधवार को शुरुआती सौदों के बाद इनमें तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 800 से अंकों तक उछल गया था। इस बीच, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली की दिल खुश करने वाली एक रिपोर्ट सामने आई है। मॉर्गन स्टेनली ने की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक साल में सेंसेक्स 1 लाख के एतिहासिक आंकड़े को टच कर सकता है। जून 2026 तक 1 लाख का हो जाएगा सेंसेक्स! मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार हाल में आई की गिरावट लंबी अवधि में निवेश करने का एक आकर्षक अवसर लेकर आया है। मॉर्गन स्टेनली ने जून 2026 के लिए अपने बेस केस सेंसेक्स टारगेट को रिवाइज किया है। लेटेस्ट रिपोर्ट में ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म ने भविष्यवाणी की है कि बुल केस आउटलुक के तहत इंडेक्स 1,00,000 अंक तक पहुंच जाएगा। जून 2026 तक सेंसेक्स बेस केस टारगेट 89,000 तय किया है, जो वर्तमान स्तरों से 8% की बढ़ोतरी को दिखाता है। ब्रोकरेज फर्म ने क्या कहा? बुल केस में मॉर्गन स्टेनली ने अधिक अनुकूल मैक्रो और नीतिगत माहौल की कल्पना की है, जिससे जून 2026 तक सेंसेक्स 1,00,000 तक पहुंच जाएगा। वहीं, बेस केस आउटलुक में, ब्रोकरेज का अनुमान है कि जून 2026 तक सेंसेक्स 89,000 तक पहुंच जाएगा।मॉर्गन स्टेनली के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई और नयनत पारेख ने कहा, "सेंसेक्स के लिए हमारा नया टारगेट जून 2026 तक 89,000 (8% अपसाइड) है, जो हमारे नए आय अनुमानों में शामिल है और दिसंबर 2025 के टारगेट 82,000 से भी आगे है।" यह स्तर बताता है कि बीएसई सेंसेक्स 23.5x के ट्रेलिंग पी/ई मल्टीपल पर कारोबार करेगा, जो 25 साल के औसत 21x से आगे है। 70,000 तक गिरेगा बाजार? इसके अलावा, मॉर्गन स्टेनली ने अपने मंदी के मामले में 20% संभावना बताई है, जिसमें जून 2026 तक सेंसेक्स 70,000 तक गिर जाएगा। इस आउटलुक में कच्चे तेल की कीमतों में 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक की तेज बढ़ोतरी मानी गई है, जिसके कारण आरबीआई द्वारा आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए मौद्रिक सख्ती की जाएगी। इसमें अमेरिका में मंदी सहित वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण मंदी को भी शामिल किया गया है। इन परिस्थितियों में, वित्त वर्ष 28 तक आय वृद्धि में सालाना 15% की कमी आने की उम्मीद है, जिसमें वित्त वर्ष 26 में गिरावट आएगी। बिगड़ते मैक्रो फंडामेंटल के जवाब में इक्विटी वैल्यूएशन में भी कमी आने की संभावना है। recent visitors 58

Stock Market मेंआज लगा ब्रेक और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स ने खुलते ही दौड़ लगाई

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में बीते तीन कारोबारी दिनों से जारी गिरावट पर बुधवार को ब्रेक लग गया और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स खुलते ही दौड़ लगाते हुए नजर आए. एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex ग्रीन जोन में ओपन होने के बाद कुछ ही देर में 516 अंकों से ज्यादा उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार करता नजर आया. इस दौरान शुरुआती कारोबार में सनफार्मा (Sunpharma Share), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank Share) से लेकर टाटा मोटर्स (Tata Motors Share) तक तेज रफ्तार के साथ भागे. सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत बुधवार को शेयर मार्केट (Share Market) में कारोबार शुरू होने पर बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद 81,186.44 की तुलना में बढ़त लेते हुए 81,327.61 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों के कारोबार के दौरान ये इंडेक्स 516 अंक चढ़कर 81,698 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी अपने पिछले बंद 24,683.90 से उछलते हुए 24,744.25 पर कारोबार शुरू किया और अचानक 150 अंकों की तेजी लेकर 24,834 पर ट्रेड करता हुआ नजर आया. इन 10 शेयरों ने किया बाजार को सपोर्ट मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है. इस दौरान शुरुआती कारोबार में कुछ बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स ने बाजार को जबरदस्त सपोर्ट दिया. इनमें Sunpharma Share (2.30%), M&M Share (1.50%), HDFC Bank Share (1.40%) और Tata Motors Share (1.25%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में Glaxo Share (7.04%), Gland Pharma (4.27%), TorntPharma Share (2.71%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप में देखें तो HLE Glascote Share 10.13%, Banco India Share 7.50% और BMW Share 5.35% की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे. Pharma शेयरों ने दिखाया दम शेयर बाजार में तेजी के साथ कारोबार के दौरान तमाम फार्मा कंपनियों के स्टॉक्स जोरदार तेजी लेकर कारोबार करते हुए नजर आए. एक ओर जहां सनफार्मा, ग्लैक्सो, ग्लैंडफार्मा और टोरंट फार्मा के शेयर गदर मचाते दिखे, तो वहीं इसके अलावा Emcure Pharma Share (2.21%), Alkem Share (2.10%), Ajanta Pharma (2.19%), Lupin Share (2.08%), Aurobindo Pharma Share (1.90%) की उछाल लेकर कारोबार करते हुए दिखाई दिए. कल निवेशकों के डूबे थे 5 लाख करोड़ इससे पहले बीते कारोबारी दिन मंगलवार को शेयरों बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी. दोपहर के बाद अचानक बाजार का मूड बदला था और अंत तक गिरावट जारी रही. इस दौरान Nifty 261 अंकों से ज्‍यादा टूट गया. वहीं सेंसेक्‍स में 872 अंकों की गिरावट आई. Nifty 24683 और Sensex 81186 पर क्‍लोज हुआ था. शेयर बाजार में इस गिरावट के कई कारण हैं, लेकिन कुछ निवेशक इसे भारत में कोविड की आहट से भी जोड़ रहे हैं. शेयर बाजार में आई इस गिरावट के चलके निवेशकों की दौलत में बड़ी कमी देखने को मिली थी. दरअसल, बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन (BSE Market Cap) एक दिन 443.67 लाख करोड़ रुपये फिसलकर 438.03 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. यानी निवेशकों के वैल्‍यूवेशन में 5.64 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. recent visitors 42

शेयर मार्केट गिरावट के ट्रैक पर तेजी से भाग रहा, सेंसेक्स 873 अंक टूटकर हुआ बंद, निफ्टी भी धड़ाम

मुंबई कोरोना की आहट से भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 872.98 अंक टूटकर 81,186.44 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी की बात करें तो 261.55 अंक फिसलकर 24,683.90 अंक पर रहा। शेयर मार्केट अब बड़ी गिरावट की ओर बढ़ चला है। सेंसेक्स 489 अंकों के नुकसान के साथ 81570 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का शतक लगाकर 135 अंक नीचे 24810 पर है। एनएसई पर 2780 स्टॉक्स ट्रेड कर रहे हैं। इनमें 1039 हरे और 1664 लाल हैं। गिरावट के बावजूद 108 स्टॉक्स में अपर सर्किट लगा है और 44 एक साल के हाई पर पहुंच गए हैं। शेयर मार्केट गिरावट के ट्रैक पर तेजी से भाग रहा है। सेंसेक्स 277 अंकों के नुकसान के साथ 81781 पर आ गया है। निफ्टी 75 अंक नीचे 24870 पर है। सेंसेक्स में इटर्नल, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, बजाज फिनसर्व टॉप लूजर हैं। वहीं, टाटा स्टील, आईटीसी, इन्फोसिस, एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक टॉप गेनर्स की लिस्ट में हैं। शेयर मार्केट अच्छी शुरुआत के बाद लड़खड़ाने लगा है। सेंसेक्स 200 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 81804 पर आ गया है। निफ्टी भी 25000 के नीचे ट्रेड कर रहा है। इसमें 61 अंकों की गिरावट है और 24884 के लेवल पर आ गया है। शेयर मार्केट की शुरुआत आज हरे रंग से हुई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 56 अंकों की बढ़त के साथ 82116 पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी तेजी के अर्धशतक के साथ 50 अंक ऊपर 24996 के लेवल से मंगलवार के कारोबार की शुरुआत की। एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेतों पर घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 की ग्रीन ओपनिंग की उम्मीद है। एशियाई शेयर चार सत्रों में पहली बार चढ़ गए। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी 50 लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 271 अंक (0.33 प्रतिशत) गिरकर 82,059.42 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 75 अंक (0.30 प्रतिशत) फिसलकर 24,944.45 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के लिए प्रमुख ग्लोबल संकेत एशियाई शेयरों में चार सत्रों में पहली बार तेजी आई। जापान का निक्केई 0.50 पर्सेंट ऊपर 37686 के लेवल पर बंद हुआ। कोरिया का कोस्पी भी बढ़त पर रहा। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 25,076 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 85 अंक की बढ़त के साथ भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा था। वॉल स्ट्रीट का हाल नैस्डैक कंपोजिट 0.02 प्रतिशत ऊपर 19,215.46 पर और डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 137.33 अंक या 0.32 प्रतिशत चढ़कर 42,792.07 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी भी मामूली बढ़त के साथ 5963 के लेवल पर बंद हुआ। मंगलवार के लिए ट्रेड सेटअप LKP सिक्योरिटीज के रुपक डे के मुताबिक निफ्टी 25,000 का स्तर पार नहीं होने तक दबाव बना रहेगा। अगर निफ्टी 24,750 से नीचे टूटा, तो गहरी गिरावट संभव है। वहीं, 25,000 के ऊपर बढ़त से 25,250-25,350 का टार्गेट मुमकिन। बजाज ब्रोकिंग के अनुसार, इमीडिएट सपोर्ट 54,800 है। recent visitors 47

भारत के सिर्फ एक कदम से बांग्लादेश को 770 मिलियन डॉलर का नुकसान होने वाला ……

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत लगातार एक्शन मोड में है. पाकिस्तान को करारा सबक सिखाने के बाद अब सरकार के निशाने पर Pakistan का समर्थन करने वाले देश और उनसे नजदीकी रखने वाले मुल्क हैं. इनमें जहां तुर्की और अजरबैजान (Turkey-Azerbaijan) शामिल हैं, तो वहीं चीन के साथ गहरी दोस्ती निभाने वाला बांग्लादेश (Bangladesh) भी भारतीय राडार पर है. दरअसल, मोहम्मद युनूस द्वारा बीते दिनों चीन में भारत के लिए विवादित टिप्पणियां की गईं और अब वो इसकी बड़ी कीमत चुकाने वाला है. भारत के सिर्फ एक कदम से ही ड्रैगन के इस दोस्त को 770 मिलियन डॉलर या करीब 6581 करोड़ रुपये (लगभग 9,367 करोड़ बांग्लादेशी टका) का नुकसान होने वाला है. आइए समझते हैं कैसे… बांग्लादेश के लिए भारत के लैंड पोर्ट बैन सबसे पहले बात करते हैं भारत की ओर से बांग्लादेश के खिलाफ की गई इकोनॉमिक स्ट्राइक के बारे में, तो बता दें कि भारत ने बांग्लादेश के कई सामानों के लिए भारतीय लैंड पोर्ट्स को बैन (India Bans Land Port For Bangladesh) कर दिया है. भारत की ओर से यह कदम बीते 9 अप्रैल को भारत द्वारा 2020 में दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा को वापस लेने के बाद उठाया गया है, जिसने बांग्लादेश को भारतीय बंदरगाहों और यहां तक ​​कि दिल्ली हवाई अड्डे के माध्यम से मध्य पूर्व और यूरोप को निर्यात करने की अनुमति दी थी. बीते शनिवार 17 मई को बांग्लादेश से आयातित कई तरह के सामानों को इन बंदरगाहों पर प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिनमें रेडीमेड गारमेंट और प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट समेत अन्य सामान शामिल हैं. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा शनिवार को जारी नोटिफिकेशन को देखें, तो इसमें कहा गया है कि बांग्लादेश से रेडीमेड कपड़ों का आयात अब केवल सिर्फ दो बंदरगाहों न्हावा शेवा और कोलकाता पोर्ट तक ही सीमित रहेगा, जबकि अन्य सभी लैंड पोर्ट्स से आयात प्रतिबंधित रहेगा. मतलब साफ है कि अब Bangladesh लैंड पोर्ट की बजाए सी पोर्ट के जरिए ही निर्यात कर पाएगा. GTRI ने बताया बांग्लादेश को कितना नुकसान यह कदम डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) के निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें भारत सरकार ने बांग्लादेशी सामानों को लैंड पोर्ट्स पर तत्काल प्रतिबंधित कर दिया है और सिर्फ दो समुद्री-पोर्ट (Sea Ports) तक सीमित किया है. भारत की ओर से लिए गए इस एक्शन से बांग्लादेश को कितना नुकसान होने वाला है, इसे ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने एक रिपोर्ट जारी कर समझाया है. इसमें कहा गया है कि लैंड पोर्ट के माध्यम से बांग्लादेशी आयात बैन करने के भारत के फैसले से पड़ोसी मुल्क के 770 मिलियन डॉलर (लगभग 9,367 करोड़ बांग्लादेशी टका) मूल्य के सामानों पर प्रभाव दिख सकता है और ये आंकड़ा कुल द्विपक्षीय आयात (Bilateral Imports) का करीब 42 फीसदी होता है. GTRI के मुताबिक, रेडीमेड गारमेंट, प्रोसेस्ड फूड और प्लास्टिक प्रोडक्ट प्रभावित होने वाले प्रमुख सामानों में सबसे ऊपर हैं. अकेले गारमेंट्स की अगर बात करें, तो इनकी वैल्यू सालाना 618 मिलियन डॉलर है और भारतीय प्रतिबंधों के बाद ये अब केवल कोलकाता और न्हावा शेवा बंदरगाहों से होकर ही भारत में एंट्री कर सकते हैं. यानी बांग्लादेश की महत्वपूर्ण लैंड ट्रेड कॉरिडोर्स तक पहुंच कट गई है. जीटीआरआई के मुताबिक, भारत के फैसले से Bangladesh के सबसे प्रॉफिटेबल एक्सपोर्ट रूट पर गंभीर असर पड़ने वाला है. निर्यात की लागत में होगा इजाफा भारत के इस कदम से बांग्लादेश को बड़ी आर्थिक चोट कैसे लगने वाली है, इसे आसान शब्दों में इस तरह समझ सकते है कि बांग्लादेश और भारत के बीच अब तक जो भी व्यापार होता था, उसका करीब 93 फीसदी लैंड पोर्ट्स के जरिए ही होता था, लेकिन अब इन Land Ports को बंद किए जाने के बाद बांग्लादेशी प्रोडक्ट्स कोलकाता या फिर महाराष्ट्र के न्हावा शेवा बंदरगाह के जरिए ही आ सकेंगे और इसका सीधा असर बांग्लादेशी निर्यात की लागत में बढ़ोतरी के रूप में दिखेगा, जो उसके लिए भारी नुकसानदायक साबित होगा. आखिर क्यों भारत के निशाने पर बांग्लादेश बता दें कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणियों के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में ये तनाव देखने को मिला है और खास बात ये है कि उन्होंने ये टिप्पणियां चीन में जाकर की हैं. हाल ही में चीन के इशारे पर नाच रहे यूनुस ने वहां का दौरा किया और इस दौरान दावा किया था कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य भूमि से घिरे हुए हैं और समुद्र तक पहुंच के लिए बांग्लादेश पर निर्भर हैं. उन्होंने बांग्लादेश को इस क्षेत्र में हिंद महासागर का एकमात्र संरक्षक बताते हुए China को अपने व्यापार मार्गों का उपयोग करने का निमंत्रण दिया. ऐसे में इसके जवाब में भारत की ओर से बांग्लादेशी सामानों के आयात के लिए पोर्ट्स बैन करने का कदम उसकी हेकड़ी निकालने की दिशा में उठाया गया. इसके अलावा अन्य कारण भी हैं, जिनके चलते भारत ने ये बड़ा एक्शन बांग्लादेश के खिलाफ लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने ढाका द्वारा कुछ भारतीय उत्पादों पर लगाए गए इसी प्रकार के प्रतिबंधों के जवाब में ये कदम उठाया गया है. बीते साल 2024 के अंत से ही बांग्लादेश ने भारतीय सामनों पर व्यापार प्रतिबंधों को बढ़ाना शुरू कर दिया था और पिछले महीने अप्रैल 2025 में बांग्लादेश ने 5 प्रमुख लैंड पोर्ट्स के जरिए भारतीय धागे के आयात पर बैन लगाया था और इसके साथ ही दर्जनों अन्य सामानों को भी प्रतिबंधित किया था. यही नहीं ढाका द्वारा भारतीय कार्गो पर प्रति टन प्रति किलोमीटर 1.8 टका की ट्रांसिट फीस लगाने से मामला और भी जटिल हो गया था.   recent visitors 58

आज फिर शेयर बाजार रेड जोन में रहा, सेंसेक्स 271 अंक टूटा, निफ्टी 24945 पर बंद हुआ

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिली. शुरुआत से ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स कभी रेड, तो कभी ग्रीन जोन में कारोबार करते हुए निवेशकों को हैरान करते रहे. लेकिन बाजार में आखिरी कारोबारी घंटे में गिरावट बढ़ी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) 271 अंक फिसलकर 82,059 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) 74 अंकों की गिरावट लेकर 24,945 के लेवल पर क्लोज हुआ. इस बीच इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुए. दिनभर सेंसेक्स-निफ्टी की बदलती रही चाल सोमवार को शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई का सेंसेक्स 82,354.92 के लेवल पर ओपन हुआ औऱ मिनटों में ये 82,116 तक फिसल गया था, लेकिन महज कुछ मिनट के कारोबार के बाद ये फिर अचानक चढ़कर 82,380.08 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आने लगा. दिभर सेंसेक्स की चाल बदलती हुई नजर आई. इसी तरह एनएसई Nifty ने अपने पिछले बंद 25,019 से मामूली गिरावट के साथ 25,005.35 के लेवल पर ओपनिंग की थी और सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर ये भी कभी ग्रीन, तो कभी रेड जोन में कारोबार करता हुआ नजर आया. ये 10 शेयर धराशायी मार्केट क्लोज होने पर जो शेयर सबसे ज्यादा गिरावट लेकर बंद हुए, उनमें लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal Share (3.15%), Infosys Share (1.92%), TCS Share (1.23%) और Reliance Share (1.03%) की गिरावट लेकर क्लोज हुए. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में GMR Airports Share (4.03%), Policy Bazar Share (3.74%) और Mazgaon Dock Share (3.26%) की गिरावट लेकर बंद हुआ. इसके अलावा LIC Housing Finance Share (3.16%), Patanjali Share (3.00%) और Nykaa Share (2.70%) टूटकर बंद हुए. recent visitors 55

इलेक्ट्रिक वाहन पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी में टाटा मोटर्स , कई नए मॉडल उतारेगी

नई दिल्ली, टाटा मोटर्स का लक्ष्य घरेलू यात्री वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) को मुख्यधारा में लाने का है। अपनी इस योजना के तहत कंपनी ईवी श्रृंखला को मजबूत करने और साथ ही मौजूदा मॉडल के लिए मूल्य को बढ़ाने का प्रयास कर रही है। मुंबई की यह प्रमुख वाहन कंपनी चालू वित्त वर्ष में हैरियर.ईवी और उसके बाद सिएरा.ईवी उतारने की तैयारी कर रही है। साथ ही कंपनी अपने मौजूदा मॉडल में भी कई तरह के सुधार करने की योजना बना रही है। टाटा मोटर्स ने 2024-25 में करीब 65,000 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं। यह आंकड़ा 2023-24 की तुलना में 10 प्रतिशत कम है। तिमाही नतीजों के बाद निवेशक प्रस्तुतीकरण में कंपनी ने कहा, ''हम नए मॉडल के साथ ईवी पोर्टफोलियो को मजबूत करने जा रहे हैं। साथ ही मौजूदा मॉडल के लिए भी मूल्य बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।'' कंपनी का इरादा इलेक्ट्रिक वाहनों को मुख्यधारा में लाने है। इसके लिए कंपनी बाजार विकास और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी। आंतरिक दहन इंजन यानी परंपरागत वाहन खंड पर, कंपनी ने कहा कि उसका लक्ष्य हैच और एसयूवी में उत्पाद में सुधार के साथ अपने सबसे मजबूत और सबसे नए पोर्टफोलियो का लाभ उठाना है।'' कंपनी का लक्ष्य व्यापक विपणन अभियान और ब्रांड जुड़ाव के माध्यम से ब्रांड के विचार को बढ़ाना है, ताकि ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाया जा सके। टाटा मोटर्स ने कहा कि वह प्रमुख बाजारों में अपने बिक्री नेटवर्क का विस्तार करने की भी योजना बना रही है। इसके तहत बड़े आकार के फॉर्मेट स्टोर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी कठिन माहौल में प्रतिस्पर्धात्मकता और लाभप्रदता सुनिश्चित करने के लिए लागत में कमी की दिशा में भी काम कर रही है। वाणिज्यिक वाहन कारोबार के बारे में कंपनी ने कहा कि उसे बेड़े के उपयोग में सुधार और बेहद वृहद आर्थिक संकेतकों के साथ एक स्थिर धारणा की उम्मीद है। कंपनी ने कहा, ''हम वैश्विक बाधाओं के बावजूद निरंतर वद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।'' चालू वित्त वर्ष में कंपनी का ध्यान मूल्य सृजन के साथ-साथ ट्रक में एसी के विनियमन की ओर सुचारू तरीके से बदलाव सुनिश्चित करने पर है।   recent visitors 51

जल्द ही 20 रुपये के नए नोट जारी करेगा आरबीआई, इन नोटों पर नए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक अहम घोषणा की है। आरबीआई जल्द ही 20 रुपये के नए नोट जारी करेगा। खास बात यह है कि इन नोटों पर नए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। हालांकि आम जनता को चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पहले से प्रचलन में मौजूद 20 रुपये के सभी नोट पहले की तरह चलन में बने रहेंगे। कैसा होगा नया नोट? आरबीआई ने साफ किया है कि नए 20 रुपये के नोट महात्मा गांधी (नई) सीरीज के ही होंगे। इनका डिजाइन भी मौजूदा 20 रुपये के नोट जैसा ही रहेगा। केवल एक बदलाव होगा — नोटों पर अब गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। पुराने नोटों का क्या होगा? कई लोगों को यह चिंता हो सकती है कि क्या पुराने 20 रुपये के नोट चलन से बाहर हो जाएंगे? इस पर आरबीआई ने स्थिति साफ कर दी है। आरबीआई ने कहा है कि पहले जारी किए गए 20 रुपये के सभी नोट पूरी तरह वैध रहेंगे। इसका मतलब है कि आप पुराने नोटों से पहले की तरह खरीदारी कर सकते हैं और उन्हें कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है। गवर्नर के बदलाव पर होती है यह प्रक्रिया नए गवर्नर के कार्यभार संभालने के बाद नए हस्ताक्षरों के साथ नोट जारी करना एक सामान्य प्रक्रिया है। इससे बाजार में मौजूद पुराने नोटों पर कोई असर नहीं पड़ता और न ही यह किसी नोट को अमान्य बनाता है। recent visitors 42

अमेरिका में ‘रेमिटेंस’ पर कर की योजना से भारतीय परिवारों, रुपये पर असर की आशंका: जीटीआरआई

नई दिल्ली, अमेरिका में गैर-नागरिकों के विदेश में धन भेजने (रेमिटेंस) पर पांच प्रतिशत का कर लगाने के प्रस्ताव को लेकर भारत में चिंता बढ़ रही है। आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने रविवार को कहा कि इससे भारतीय परिवारों और रुपये को नुकसान पहुंच सकता है। एक अनुमान के मुताबिक, इस कर की वजह से अमेरिका में रहने वाले भारतीयों पर सालाना 1.6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का बोझ पड़ सकता है। यह प्रावधान 12 मई को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पेश किए गए ‘द वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ नामक व्यापक विधायी पैकेज का हिस्सा है। यह ग्रीन कार्ड और एच1बी वीजा रखने वालों सहित चार करोड़ से अधिक लोगों को प्रभावित करेगा। प्रस्तावित शुल्क अमेरिकी नागरिकों पर लागू नहीं होगा। जीटीआरआई ने कहा, ”अमेरिका में गैर-नागरिकों के विदेश में धन भेजने पर कर लगाने के प्रस्ताव से भारत में चिंता बढ़ रही है, क्योंकि अगर यह योजना कानून बन जाती है, तो भारत को सालाना विदेशी मुद्रा प्रवाह में अरबों डॉलर का नुकसान होगा।” जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ”पांच प्रतिशत कर से रेमिटेंस की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। अगर धन प्रेषण में सालाना 10-15 प्रतिशत की गिरावट हुई तो भारत को 12-18 अरब डॉलर का नुकसान होगा।” उन्होंने कहा कि इस नुकसान से भारत के विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की आपूर्ति कम हो जाएगी, जिससे रुपये पर गिरावट का दबाव बनेगा। श्रीवास्तव ने कहा, ”भारतीय रिजर्व बैंक को मुद्रा को स्थिर करने के लिए अधिक बार हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। इस वजह से रुपया 1-1.5 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर तक कमजोर हो सकता है।” भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मार्च बुलेटिन में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, 2023-24 में भारत को अमेरिका से कुल 32.9 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला। इसका पांच प्रतिशत 1.64 अरब डॉलर होगा। आरबीआई के लेख में कहा गया कि धन प्रेषण से मिली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से परिवार के भरण-पोषण के लिए होता है, इसलिए इसकी लागत बढ़ने का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव होता है। इस लागत को कम करना वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण नीतिगत एजेंडा रहा है।   recent visitors 57

पेट्रोलियम नियामक ने एलएनजी टर्मिनल के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया

नई दिल्ली,  पेट्रोलियम नियामक ने नए तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात टर्मिनल स्थापित करने या मौजूदा टर्मिनल का विस्तार करने की योजना बनाने वाली कंपनियों के लिए पूर्व-मंजूरी को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही तीसरे पक्ष की पहुंच के लिए टर्मिनल क्षमता का एक हिस्सा आरक्षित करने की आवश्यकता को खत्म कर दिया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने तरलीकृत प्राकृतिक गैस टर्मिनलो की स्थापना एवं संचालन के लिए पंजीकरण विनियम, 2025 को अधिसूचित किया है। विनियामक ने कहा, ”ये विनियम एलएनजी टर्मिनल के पंजीकरण एवं निरीक्षण, (तथा) इकाइयों के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने तथा निष्फल निवेश की रोकथाम पर आधारित एक मजबूत ढांचा तैयार करते हैं।” पीएनजीआरबी ने कहा कि ये नियम 2030 तक ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने के मकसद से लाए गए हैं। यह मानदंड देशभर में समान एवं पर्याप्त रूप से प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगेय़ एलएनजी टर्मिनल बनाने की इच्छुक इकाई को अंतिम निवेश निर्णय (एफआईडी) लेने से पहले पीएनजीआरबी को इस बारे में बताना होगा। मौजूदा एलएनजी टर्मिनल की क्षमता का विस्तार करने के लिए भी यही नियम लागू होगा।   recent visitors 51

सेंसेक्स की 9 बड़ी कंपनियों का मार्केट कैप 3.35 लाख करोड़ बढ़ा

-रिलायंस, एचडीएफंसी और टीसीएस ने बढ़ाया बाजार में दबदबा मुंबई, बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 9 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर 3.35 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इस वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान रिलायंस इंडस्ट्रीज का रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 1.06 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 19.71 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह अब भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 46,306.99 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 10.36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। टीसीएस ने 43,688.4 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे उसका कुल मूल्यांकन 12.89 लाख करोड़ रुपये हो गया। इन्फोसिस का मूल्य 34,281.79 करोड़ रुपये बढ़कर 6.60 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एचडीएफसी बैंक की हैसियत 34,029.11 करोड़ रुपये की बढ़त के साथ 14.80 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची। बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 32,730.72 करोड़ रुपये बढ़कर 5.69 लाख करोड़ रुपये हो गया। आईटीसी को 15,142.09 करोड़ रुपये की बढ़त मिली, जिससे उसका मूल्यांकन 5.45 लाख करोड़ रुपये हो गया। भारतीय स्टेट बैंक की बाजार हैसियत 11,111.15 करोड़ रुपए बढ़कर 7.06 लाख करोड़ रुपये रही। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मूल्य 11,054.83 करोड़ रुपये बढ़कर 5.59 लाख करोड़ रुपये हो गया। इन सभी के ‎विपरीत भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन 19,330.14 करोड़ रुपये घट गया और यह 10.34 लाख करोड़ रुपये रह गया। प्रमुख 10 कंपनियों की रैंकिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी रहीं।   recent visitors 47

भारत 2024 में लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन (3W) बाजार बना रहा: IEA रिपोर्ट

नई दिल्ली भारत इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2024 में इनकी बिक्री 20 फीसदी बढ़कर 7 लाख के करीब पहुंच गई। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की ग्लोबल EV आउटलुक 2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2024 में लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन (3W) बाजार बना रहा। इस वर्ष इन वाहनों की बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और आंकड़ा 7 लाख यूनिट के करीब पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर तिपहिया वाहन बाजार में 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इलेक्ट्रिक सेगमेंट में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई और 10 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री हुई। भारत और चीन मिलकर 90 प्रतिशत से अधिक इलेक्ट्रिक और पारंपरिक तिपहिया वाहनों की बिक्री के लिए जिम्मेदार रहे। खास बात यह रही कि चीन में इलेक्ट्रिक 3W की हिस्सेदारी 15% से नीचे बनी रही, जबकि भारत ने चीन को पछाड़ते हुए इस सेगमेंट में 57% बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान बनाए रखा।   सरकार प्रोत्साहन से बढ़ा ईवी अडॉप्शन भारत सरकार की नई योजना PM ई-DRIVE को इस तेजी से बढ़ते ट्रेंड का बड़ा कारण माना जा रहा है। इस योजना के तहत 2024 में 3 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों को व्यावसायिक उपयोग के लिए प्रोत्साहन देने हेतु बजट आवंटित किया गया है। IEA के मुताबिक, भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया आज भी दोपहिया और तिपहिया वाहनों (2/3W) के सबसे बड़े बाजार हैं। भारत में 2024 में 220 इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता सक्रिय रहे, जिनमें से शीर्ष 4 कंपनियों ने कुल बिक्री का 80 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया। कुल 13 लाख EV दोपहिया वाहन बिके, जो पूरे बाजार का 6 प्रतिशत है। भारत में बढ़ी ई-वाहन निर्मान क्षमता बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सरकारी प्रोत्साहनों के कारण इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कीमतें अब पारंपरिक वाहनों के करीब पहुंच रही हैं। जैसे ओला ने S1X मॉडल 70,000 रुपये में पेश किया है। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के तहत दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5,000 रुपये प्रति kWh तक की सहायता मिल रही है। भारत में EV उत्पादन क्षमता भी तेजी से बढ़ी है। 2024 में 80 प्रमुख निर्माताओं की कुल क्षमता 1 करोड़ यूनिट थी, जो घरेलू बिक्री से आठ गुना ज्यादा थी। यह आने वाले समय में 1.7 करोड़ यूनिट तक जा सकती है। पिछले साल बिकी 1 लाख इलेक्ट्रिक कारें इलेक्ट्रिक कारों की बात करें तो 2024 में इनकी बिक्री 1 लाख यूनिट रही। 2025 की पहली तिमाही में बिक्री 35,000 यूनिट तक पहुंच गई, जो सालाना 45 प्रतिशत की वृद्धि है। भारत में घरेलू कंपनियों द्वारा निर्मित कारें चीन से आयातित मॉडलों की तुलना में सस्ती हैं। इलेक्ट्रिक बसों के मामले में भी भारत ने बड़ी प्रगति की है। 2020 में जहां इनकी संख्या 3,000 से कम थी, 2024 के अंत तक यह 11,500 से अधिक हो गई।   recent visitors 36

FPI ने बोरा भर-भरकर डाला भारतीय शेयर बाजार में पैसा, तोड़ दिया रिकार्ड

मुंबई फॉरेन पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने शुक्रवार को भी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और रिकॉर्ड 8,831.1 करोड़ रुपए शेयर बाजार में निवेश किए. 27 मार्च के बाद एफपीआई इनफ्लो का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर शनिवार को आए डेटा में यह जानकारी मिली. इससे पहले एफपीआई ने 5,746.5 करोड़ रुपए शेयर बाजार में निवेश किए थे. मई में किया 18,620 करोड़ रुपए का निवेश नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के डेटा के मुताबिक, मई में अब तक एफपीआई की ओर से 18,620 करोड़ रुपए शेयर बाजार में निवेश किए गए हैं. बीते एक महीने से विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगातार निवेश कर रहे हैं. अप्रैल में एफपीआई इनफ्लो 4,223 करोड़ रुपए था. इससे पहले के तीन महीनों – जनवरी, फरवरी और मार्च में एफपीआई शुद्ध विक्रेता थे और क्रमश: 78,027 करोड़ रुपए, 34,574 करोड़ रुपए और 3,973 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी. DII भी बने शुद्ध खरीदार, 5,187.1 करोड़ रुपए का किया निवेश विदेशी निवेशकों के अलावा घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) भी शुक्रवार को शुद्ध खरीदार थे और करीब 5,187.1 करोड़ रुपए का निवेश शेयर बाजार में किया. विदेशी और घरेलू निवेशकों की शुद्ध खरीदारी के बाद भी बीते सत्र में बाजार लाल निशान में बंद हुए थे. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 200.15 अंक या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,330.59 और निफ्टी 42.30 अंक या 0.17 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,019.80 पर था. मिडकैप, स्मॉलकैप में देखी गई खरीदारी लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 529.65 अंक या 0.94 प्रतिशत की तेजी के साथ 57,060.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 320 अंक या 1.86 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,560.40 पर था. मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद भी व्यापक बाजार का रुझान सकारात्मक था. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,607 शेयर हरे निशान में, 1,380 शेयर लाल निशान में और 139 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए. एचडीएफसी सिक्योरिटीज, वरिष्ठ डेरिवेटिव और तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक, नंदीश शाह ने कहा, "निफ्टी का रुझान तेजी का है और लगातार अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है. फिलहाल निफ्टी के लिए 25,207 एक रुकावट का स्तर है और सपोर्ट 24,800 पर है."  एफपीआई के साथ-साथ घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 5,187.1 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया। हालांकि विदेशी और घरेलू दोनों निवेशकों की भारी खरीदारी के बावजूद शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 200.15 अंक या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,330.59 पर और निफ्टी 42.30 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,019.80 पर बंद हुआ। हालांकि लार्जकैप स्टॉक्स में कमजोरी रही, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 529.65 अंक या 0.94 प्रतिशत चढ़कर 57,060.50 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 320 अंक या 1.86 प्रतिशत चढ़कर 17,560.40 पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर भी बाजार का व्यापक रुझान सकारात्मक रहा। कुल 2,607 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि 1,380 शेयरों में गिरावट और 139 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ डेरिवेटिव और तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक नंदीश शाह ने कहा कि निफ्टी का रुझान अब भी तेजी का है और यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि निफ्टी के लिए 25,207 एक प्रमुख रुकावट स्तर है, जबकि 24,800 पर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। -(IANS)   recent visitors 34

भारत की जीडीपी ग्रोथ वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 6.8-7 प्रतिशत रह सकती है : रिपोर्ट

नई दिल्ली भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 6.8-7 प्रतिशत के बीच रह सकती है। इसकी वजह कृषि क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन करना है। शुक्रवार को जारी हुई बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। पूरे वित्त वर्ष के लिए विकास दर 6.2 प्रतिशत से लेकर 6.4 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की अर्थव्यवस्था उसके वैश्विक समकक्षों के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन जारी रखेगी। इसकी वजह मजबूत आधार होना है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में वृद्धि दर 6.4-6.6 प्रतिशत के समान स्तर पर रह सकती है। हालांकि, किसी भू-राजनीतिक संघर्ष और वैश्विक टैरिफ से अनुमानों पर नकारात्मक असर हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कृषि क्षेत्र में 7.7 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि की उम्मीद है। यह वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में दर्ज 0.9 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में काफी अधिक वृद्धि होगी। इसकी वजह खाद्यान्न के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि होना है। वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में विकास दर तीसरी तिमाही से अधिक रहने का अनुमान है। सेक्टर्स की ग्रोथ में असमानता रह सकती है। कुछ सेक्टर्स बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं, कुछ सेक्टर्स का प्रदर्शन नरम रह सकता है। खनन क्षेत्र की वृद्धि दर वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 1.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 0.8 प्रतिशत थी। दूसरी ओर, विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि घटकर 1.8 प्रतिशत रहने की संभावना है। यह वित्त वर्ष 24 की चौथी तिमाही में 11.3 प्रतिशत थी। यह आंशिक रूप से प्रतिकूल आधार और कमजोर कॉर्पोरेट आय के कारण है। बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 8.8 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 26 में अच्छे मानसून के कारण ग्रामीण मांग में उछाल देखने को मिल सकता है। इसके अतिरिक्त नई टैक्स रिजीम में इनकम टैक्स छूट बढ़ने के कारण उपभोक्ता खपत में इजाफा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 26 में कम होती महंगाई दर से वृद्धि दर को बढ़ावा मिलेगा और कमोडिटी की कम कीमतों से विकास दर को सपोर्ट मिलेगा। recent visitors 45

भारत के निर्यात में इन 4 सेक्टर्स का 50% से ज्यादा योगदान, रंग ला रही मोदी सरकार की कोशिशें

नई दिल्ली साल 2024-25 में भारत के निर्यात में कृषि, दवाएं, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सेक्टर ने बड़ी भूमिका निभाई। इन चारों क्षेत्रों ने मिलकर कुल निर्यात का 50% से ज्यादा योगदान दिया। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि माेदी सरकार की देश का उत्पादन और निर्यात बढ़ाने की कोशिशें रंग ला रही हैं। यहां हर सेक्टर का हाल जानिए इंजीनियरिंग सेक्टर: पीटीआई के मुताबिक इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात सालाना आधार पर 6.74 प्रतिशत बढ़कर 116.67 अरब डॉलर हो गया। यह सबसे आगे रहा, जो कुल निर्यात (437.42 अरब डॉलर) का 26.67% हिस्सा है। इंजीनियरिंग सामानों के लिए मुख्य निर्यात गंतव्य अमेरिका, यूएई, सऊदी अरब, ब्रिटेन और जर्मनी रहे। पिछले 3 सालों से यह 100 अरब डॉलर के पार बना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स : सबसे अधिक 32.46 प्रतिशत की निर्यात वृद्धि दर्ज की गई जो 2023-24 में 29.12 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 38.58 अरब डॉलर हो गया। यह वित्त वर्ष 2022-23 में 23.6 अरब डॉलर और 2021-22 में 15.7 अरब डॉलर था। इसमें कंप्यूटर हार्डवेयर तथा पेरिफेरल्स (जिसकी इस क्षेत्र में 3.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है) में 101 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 0.7 अरब डॉलर से दोगुना होकर 1.4 अरब डॉलर हो गया। इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए मुख्य गंतव्य संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका, नीदरलैंड, ब्रिटेन और इटली थे। दवाएं और फार्मा: इस सेक्टर का निर्यात 9.4% बढ़कर 30.47 अरब डॉलर हुआ। अमेरिकी डॉलर से अधिक बना हुआ है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत की दवाएं एवं औषधि अब 200 से अधिक देशों तक पहुंच रही हैं। कृषि और समुद्री उत्पाद: 2023-24 में 4.25 अरब डॉलर से 2024-25 में मसालों का निर्यात मामूली रूप से बढ़कर 4.45 अरब डॉलर हो गया। प्रमुख निर्यात गंतव्यों में चीन, अमेरिका, यूएई, बांग्लादेश और थाईलैंड शामिल हैं, जहां मिर्च, जीरा, हल्दी और अदरक जैसे उत्पाद का निर्यात सबसे अधिक किया गया। इसमें 7.36% बढ़ोतरी के साथ 51.86 अरब डॉलर का निर्यात हुआ। मसालों में थोड़ी बढ़त (4.45 अरब), कॉफी निर्यात छलांग (1.81 अरब), चावल ने रिकॉर्ड तोड़ा (12.5 अरब डॉलर)। भारत ने दो श्रेणियों के तहत अंगूर, अनार, आम, केले, संतरे, प्याज, आलू, टमाटर, मिश्रित सब्जियां और हरी मिर्च का निर्यात किया। बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, नेपाल और मलेशिया सबसे बड़े आयातक में शामिल थे। कुछ दिलचस्प आंकड़े भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तंबाकू उत्पादक है, जिसके प्रमुख निर्यात गंतव्यों में यूएई, बेल्जियम, इंडोनेशिया, मिस्र, अमेरिका और तुर्किऐ शामिल हैं।2024-25 में 1.98 अरब डॉलर का निर्यात।  समुद्री उत्पाद अब 130 देशों में जाते हैं (2014-15 में 105)। चावल निर्यात में भारत का दबदबा: वैश्विक बाजार का 40% हिस्सा। भारत का चावल निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 में 12.5 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2023-24 में 10.4 अरब डॉलर था। इससे देश लगभग 40 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष वैश्विक निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखेगा। इसके प्रमुख गंतव्यों में सऊदी अरब, ईरान, इराक, यूएई, अमेरिका और यमन शामिल थे। सरकार का कहना है कि ये आंकड़े दिखाते हैं कि अलग-अलग सेक्टर में भारत की ताकत बढ़ रही है। निर्यात बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो रहा है। recent visitors 45

भारत का व्यापार घाटा अप्रैल में बढ़कर 26.42 अरब डॉलर हुआ, निर्यात में 9 प्रतिशत की उछाल

नई दिल्ली अप्रैल 2025 में भारत का निर्यात 12.7% बढ़कर 73.80 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि आयात 15.7% की वृद्धि के साथ 82.45 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि ने व्यापार घाटे को 50% बढ़ाकर 8.65 अरब डॉलर कर दिया। भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ आयात निर्यात में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 में भारत का कुल निर्यात 73.80 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले साल इसी महीने के 65.48 बिलियन अमरीकी डॉलर से 12.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आयात और भी तेज़ गति से बढ़ा है, अप्रैल 2025 में कुल आयात बढ़कर 82.45 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो अप्रैल 2024 में 71.25 बिलियन अमरीकी डॉलर से 15.7 प्रतिशत की वृद्धि है। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हम 2024-25 में 825 बिलियन अमरीकी डॉलर के निर्यात के आंकड़े तक पहुँच गए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा निर्यात है। इससे पता चलता है कि भारतीय निर्यात और निर्यातकों ने अब अपने व्यवसाय में वह लचीलापन हासिल कर लिया है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, निर्यात और आयात में अंतर के कारण, भारत का कुल व्यापार घाटा चालू वर्ष में बढ़कर 8.65 अरब डॉलर हो गया। यह एक साल पहले के 5.77 अरब डॉलर से 50 फीसदी की जबरदस्त तेजी है। बता दें कि मार्च में व्यापार घाटा बढ़कर 21.54 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो फरवरी में तीन साल के निचले स्तर 14.05 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक था। भारत के सभी निर्यात (माल और सेवाएँ) ने भी मार्च 2025 में स्थिर वृद्धि दर्ज की है, जिसमें निर्यात और आयात दोनों में साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक डेटा के अनुसार कुल निर्यात मार्च 2024 में बढ़कर 73.61 बिलियन अमरीकी डॉलर हो गया, जो मार्च 2024 में 71.71 बिलियन अमरीकी डॉलर था। आयात बढ़ने से बढ़ा व्यापार घाटा इलेक्ट्रॉोनिक का निर्यात 39.52 प्रतिशत से बढ़कर 3.69 हो गया. इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 11.28 प्रतिशत 9.51 अरब डॉलर का हो चुका है. इसी तरह क्रूड ऑयल में अप्रैल के महीने में आयात 25.6 प्रतिशत इजाफे के साथ 20.7 अरब डॉलर हो गया है. तो वहीं सोने का आयात 4.86 प्रतिशत और बढ़कर 3.09 अरब डॉलर का हो चुका है. आंकड़ों के मुताबिक, सेवा निर्यात का मूल्य अप्रैल के महीने में में 35.31 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने के दौरान 30.18 अरब डॉलर था. जबकि सेवाओं के आयात का अनुमानित मूल्य अप्रैल 2025 में 17.54 अरब डॉलर था, जबकि पिछले साल अप्रैल में ये 16.76 अरब डॉलर था. और बढ़ सकता है एक्सपोर्ट कॉमर्स सेक्रेटरी सुनील बर्थवाल का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भारत अपने एक्सपोर्ट की रफ्तार इसी तरह से बनाकर रखेगा और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद ये एक अच्छा साल साबित होगा. उन्होंने कहा कि बीस देशों और 6 वस्तुओं पर ध्यान फोकस करने की रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. इसके साथ ही, वाणिज्य मंत्रालय इस पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जल्दी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने जा रहे हैं. recent visitors 44

सोने की कीमत में बड़ी गिरावट, चांदी भी हो गई काफी सस्ती, जान लीजिए लेटेस्ट दाम

मुंबई सोने की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सोने के घरेलू और वैश्विक दोनों भाव गुरुवार सुबह गिरावट के साथ लाल निशान पर ट्रेड करते दिखाई दिए। एमसीएक्स एक्सचेंज पर भी सोना लाल निशान पर बना हुआ था। शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर 5 जून 2025 की डिलीवरी वाना सोना  0.69 फीसदी या 636 रुपये की गिरावट के साथ 91,629 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। सोने के साथ ही चांदी की कीमतों में भी आज गिरावट आई है। गुरुवार सुबह वैश्विक और घरेलू दोनों बाजारों में चांदी लाल निशान पर ट्रेड करती दिखी। चांदी में भी बड़ी गिरावट सोने के साथ ही चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर गरुवार सुबह चांदी लाल निशान पर ट्रेड करती दिखी। शुरुआती कारोबार में 4 जुलाई 2025 की डिलीवरी वाली चांदी 1.06 फीसदी या 1009 रुपये की गिरावट के साथ 94,457 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखाई दी। सोने का वैश्विक भाव सोने की वैश्विक कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। कॉमेक्स पर सोने का वैश्विक भाव 0.94 फीसदी या 30.10 डॉलर की गिरावट के साथ 3,158.20 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, सोने का वैश्विक हाजिर भाव 0.76 फीसदी या 23.70 डॉलर का गिरावट के साथ 3,153.55 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया। चांदी का वैश्विक भाव सोने के साथ ही चांदी की वैश्विक कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। कॉमेक्स पर चांदी का भाव गुरुवार सुबह 1.31 फीसदी या 0.42 डॉलर की गिरावट के साथ 32.02 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, सिल्वर स्पॉट 1.03 फीसदी या 0.33 डॉलर की गिरावट के साथ 31.89 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी। recent visitors 39

सेंसेक्स 1200 अंक चढ़ा, निफ्टी 25050 के पार, ऑटो,मेटल शेयरों में तेजी

मुंबई  हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन आज यानी गुरुवार (15 मई) को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह 500 से ज्यादा अंक की गिरावट के बाद अब सेंसेक्स 1000 अंक उछला है। निफ्टी ने भी 25,000 के स्तर क्रास कर लिया है। इस समय सेंसेक्स 1200 अंक की तेजी के साथ 82,530 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी 385 अंक की तेजी है, ये 25,052 के स्तर पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत ने अमेरिका को एक व्यापार समझौता प्रस्तावित किया है, जिसमें अमेरिकी वस्तुओं पर "लगभग शून्य शुल्क" लगाने की बात कही गई है। इस घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई। शेयर बाजार में उछाल: इस खबर के प्रभाव से बीएसई सेंसेक्स में 1200 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि एनएसई निफ्टी भी 385 अंकों से अधिक चढ़ गया। यह उछाल निवेशकों के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार की उम्मीदों के कारण देखा गया। 81000 के नीचे फिसल गया था सेंसेक्स शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट के साथ Sensex 81,000 के नीचे लुढ़क गया था. जी हां, बीएसई सेंसेक्स सुबह 9.15 बजे पर 81,354.43 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ मिनटों में ही ये पहले 250 अंक टूटा और अगले 15 मिनट में 560 अंक टूटकर 80,773 पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी भी खुलने के साथ ही फिसलता चला गया. ये इंडेक्स 24,694.45 पर ओपन हुआ और फिर गिरकर 24,515 पर आ गया. अचानक भागने लगे दोनों इंडेक्स बाजार में ये शुरुआती गिरावट दोपहर 1 बजते-बजते तेजी में तब्दील हो गई. लार्जकैप कंपनियों के शेयर, जो ओपनिंग में रेड जोन में थे अचानक भागते हुए ग्रीन जोन में कारोबार करने लगे. खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 1273 अंक चढ़कर 82,607 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. तो दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी 390 अंकों की तेजी के साथ 25,057.65 पर पहुंच गया. इस दौरान स्टील, ऑटो और आईटी शेयरों ने बाजार को जोरदार सपोर्ट दिया. इन बड़े शेयरों ने बदली बाजार की चाल बात करें सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों के बारे में, तो Tata Motors Share (3.70%), HCL Tech Share (3.10%), Adani Ports Share (2.50%), Eternal Share (2.10%), Nestle India Share (1.75%) और Reliance Share (1.50%) तक उछलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा Maruti, Titan, M&M, ICICI Bank, Tech Mahindra, Tata Steel, HDFC Bank और Bharti Airtel के शेयर भी 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ ट्रेड कर रहे थे. मिडकैप और स्मॉलकैप का ये हाल अब बात करें, Mdcap-Smallcap शेयरों की, तो मिडकैप कैटेगरी में Linde India Share (4.37%), KPI Tech Share (3.05%), Yes Bank Share (3%), Mazgaon Dock Share (2.65%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. तो वहीं स्मॉलकैप में Nelcast Share (19.99%), BLSE Share (15.26%) और Yatra Share (1.34%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. recent visitors 41

अमेजन, फ्ल‍िपकार्ट समेत इन ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस, पाकिस्तानी झंडे वाले प्रोडक्‍ट हटाने होंगे

नई दिल्‍ली  उपभोक्ता संरक्षण नियामक सीसीपीए ने अमेजन इंडिया और फ्लिकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को पाकिस्तानी झंडे वाले उत्पाद हटाने का आदेश दिया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को यह जानकारी दी। सीसीपीए ने यूबाय इंडिया, एट्सी, द फ्लैग कंपनी और द फ्लैग कॉरपोरेशन को भी नोटिस भेजा है। इन कंपनियों को पाकिस्तानी झंडे और संबंधित सामान बेचने से मना किया गया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा, 'ऐसी असंवेदनशीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-कॉमर्स मंचों को निर्देश दिया जाता है कि वे ऐसी सभी सामग्री को तुरंत हटा दें और राष्ट्रीय कानूनों का पालन करें।' इसका मतलब है कि सरकार इस तरह के उत्पादों को बेचने की अनुमति नहीं देगी। सरकार चाहती है कि ई-कॉमर्स कंपनियां तुरंत इन उत्पादों को हटा दें और देश के कानूनों का पालन करें। यह आदेश ई-कॉमर्स कंपन‍ियों के ल‍िए चेतावनी हालांकि, मंत्री के पोस्ट में यह साफ नहीं किया गया कि कौन सा कानून तोड़ा जा रहा है। यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तानी झंडे वाले सामान को बेचने से किस कानून का उल्लंघन हो रहा है। यह घटनाक्रम कश्मीर के पहलगाम में हुई एक दुखद घटना के बाद हुआ है। पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों को मार डाला था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। सीसीपीए का यह आदेश ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए चेतावनी है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर कोई भी ऐसा उत्पाद न बेचा जाए जो देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाए या कानून का उल्लंघन करे। सरकार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी। ई-कॉमर्स कंपन‍ियों को रहना होगा सावधान यह मामला दिखाता है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले उत्पादों के बारे में कितना सावधान रहना चाहिए। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी भी तरह से देश के कानूनों और भावनाओं का उल्लंघन न करें। यह आदेश देश की राष्ट्रीय भावना के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान को दर्शाता है। पाकिस्तानी झंडे जैसे प्रतीकों की बिक्री को भारत में कई लोग आपत्तिजनक और राष्ट्रविरोधी मान सकते हैं, खासकर मौजूदा भू-राजनीतिक संदर्भ में और पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद। ऐसे उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी चिंताजनक हो सकती है। हालांकि, यह प्रत्यक्ष रूप से सुरक्षा को खतरा नहीं पहुंचाता, लेकिन यह शत्रुतापूर्ण भावनाओं को बढ़ावा दे सकता है। यह आदेश ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भी यह जिम्मेदारी डालता है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे उत्पादों की प्रकृति के प्रति अधिक सतर्क रहें और यह सुनिश्चित करें कि वे स्थानीय कानूनों और भावनाओं का उल्लंघन न करें। recent visitors 44

दिल्ली-एसीआर में Vodafone Idea ने आज से शुरू की 5G सर्विस

नई दिल्ली वोडाफोन आइडिया (Vi) आज 15 मई से दिल्ली-NCR में अपनी हाई-स्पीड 5G सर्विस की शुरुआत करने जा रही है। कंपनी ने इस घोषणा के साथ दिल्ली को उन शहरों की लिस्ट में शामिल कर लिया है, जहां पहले फेज में Vi ने 5G लॉन्च किया है। इससे पहले यह सेवा मुंबई, चंडीगढ़ और पटना जैसे शहरों में शुरू की जा चुकी है। Vi का लक्ष्य है कि अगस्त 2025 तक वह देश के उन सभी 17 सर्किलों में 5G नेटवर्क उपलब्ध करा दे जहां उसके पास 5G स्पेक्ट्रम मौजूद है। Vi अपने यूजर्स को एक आकर्षक इंट्रोडक्टरी ऑफर दे रहा है जिसके तहत जिनके पास 5G-सपोर्टेड डिवाइस हैं, वे 299 रुपये या उससे ऊपर के प्लान पर अनलिमिटेड 5G डेटा का लाभ उठा सकते हैं। Vi 5G यूजर्स अब हाई-स्पीड नेटवर्क का इस्तेमाल स्ट्रीमिंग, गेमिंग, वीडियो कॉलिंग, फास्ट डाउनलोड्स और रीयल-टाइम क्लाउड एक्सेस जैसे कामों के लिए कर सकेंगे। Airtel और Jio पहले से आगे Vi अब दिल्ली में 5G सर्विस शुरू कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ Jio और Airtel पहले ही दिल्ली समेत देश के कई शहरों में 5G सेवा दे रहे हैं। Vi को प्रतिस्पर्धी प्लेयर्स की तरह तेजी से विस्तार करना होगा। Vi के 5G प्लान्स Vi फिलहाल मुंबई में अपने 5G यूजर्स के लिए कुछ किफायती प्लान्स ऑफर कर रही है। इनमें शामिल हैं: 299 रुपये का प्रीपेड प्लान: Vi के इस प्लान में 1GB प्रतिदिन डेटा, अनलिमिटेड 5G डेटा, 28 दिन की वैधता और किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलती है। 579 रुपये का प्रीपेड प्लान: इस प्लान में 1.5GB प्रतिदिन डेटा, अनलिमिटेड 5G डेटा, 56 दिन की वैधता और अनलिमिटेड कॉलिंग। 451 रुपये का पोस्टपेड प्लान: जहां 5G उपलब्ध है वहां अनलिमिटेड 5G डेटा, 50GB डेटा, हर महीने 3000 SMS और अन्य बेनिफिट्स पोस्टपेड यूजर्स के लिए उपलब्ध हैं।   recent visitors 49

बिना गिरवी वाले कर्ज में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ रहा, RBI नियमों को और सख्त करने की तैयारी में

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बिना गिरवी रखे दिए जाने वाले व्यक्तिगत कर्ज, जैसे पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड के नियमों को और सख्त करने की तैयारी में है। बिना गिरवी वाले कर्ज में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ रहा है। इससे आरबीआई चिंतित है। नवंबर 2023 में RBI ने इन कर्जों पर रिस्क वेट 100% से बढ़ाकर 125% कर दिया था, लेकिन अब और कड़े कदम जरूरी हैं। क्रेडिट स्कोर के आधार पर लोन: आरबीआई ने बैंकों को अपनी कर्ज देने की नीतियों को सख्त करने के निर्देश दिए हैं। कर्ज लेने वालों की क्रेडिट स्कोर के आधार पर ऋण की अधिकतम सीमा तय करना होगा। अगर कोई व्यक्ति पहले से होम लोन या ऑटो लोन ले चुका है, तो बैंकों को पर्सनल लोन देते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। रिटेल लोन के तेजी से बढ़ने से आरबीआई चिंतित: बैंकों से बातचीत के आधार पर एनडीटीवी प्रॉफिट को पता चला है कि RBI को रिटेल लोन के तेजी से बढ़ने और इसमें छिपे जोखिमों को लेकर चिंता है। मार्च 2024 में पर्सनल लोन में वार्षिक वृद्धि 14% रही (पिछले साल इसी समय 17.6% थी)। प्राइवेट बैंक अभी भी तेजी से ये कर्ज दे रहे हैं, जबकि सरकारी बैंकों का फोकस कम है। RBI की रिपोर्ट का अहम बिंदु: दिसंबर 2023 की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक, प्राइवेट बैंकों में कर्ज माफ करने (राइट-ऑफ) की संख्या तेजी से बढ़ी है, जो जोखिम का संकेत है। आरबीआई का अगला कदम: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द ही (अगले 15 दिनों में) इन नए दिशा-निर्देशों का ड्राफ्ट जारी कर सकता है। बैंकों से अपेक्षा है कि वे इन कर्जों को लेकर अधिक सतर्कता बरतेंगे और केवल योग्य उधारकर्ताओं को ही ऋण देंगे। आरबीआई का यह कदम आम लोगों को जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने से रोकने और बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए है। एक से ज्यादा पर्सनल लोन लेना अब आसान नहीं! अब पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने वालों के लिए मल्टीपल लोन लेना मुश्किल होने वाला है. RBI ने एक नया नियम लागू कया है, जिससे कर्ज लेने और देने दोनों में बड़ा बदलाव आने वाला है. इस नियम के मुताबिक अब लेंडर्स को क्रेडिट ब्यूरो में लोन की जानकारी 1 महीने की जगह 15 दिन के अंदर अपडेट करनी होगी. इससे कर्ज देने वालों को डिफॉल्ट और पेमेंट रिकॉर्ड की सटीक जानकारी जल्दी मिल सकेगी. इससे कर्ज लेने वालों के जोखिम का बेहतर आकलन हो सकेगा और मल्टीपल लोन लेने वालों पर लगाम लगाई जा सकेगी. मल्टीपल लोन (Multiple Loan) पर लगेगी रोक! अगस्त 2024 में जारी किए गए इन निर्देशों को 1 जनवरी 2025 से लागू किया गया है. रिजर्व बैंक का मानना है कि इससे कर्ज देने वालों को रिस्क मैनेजमेंट में मदद मिलेगी. अभी तक EMI चुकाने की तारीखें अलग-अलग होने की वजह से महीने में एक बार रिपोर्टिंग करने से पेमेंट रिकॉर्ड में 40 दिनों की देरी हो सकती थी. लेकिन अब हर 15 दिन में अपडेट होने से ये देरी खत्म हो जाएगी और कर्ज देने वालों को असल समय में जानकारी मिलेगी. कुल मिलाकर अब EMI रिपोर्टिंग में देरी कम होगी और पेमेंट-डिफॉल्ट की सही जानकारी जल्दी मिलेगी. मल्टीपल कर्ज लेने की आदत लगाम! मल्टीपल कर्ज लेने की आदत पर भी ये नियम लगाम लगाएगा. नए लोन लेने वालों को कई जगहों से ज्यादा लोन मिल जाते हैं जो उनकी चुकाने की क्षमता से ज्यादा होता है. बैंकों ने ही रिकॉर्ड को ज्यादा बार अपडेट करने का सुझाव दिया था, जिससे कर्ज लेने वालों की सही जानकारी उपलब्ध हो सके. अब अगर कोई शख्स मल्टीपल लोन लेता है और उसकी EMI अलग-अलग तारीखों पर होती है, तो उसकी आर्थिक गतिविधियां 15 दिनों के अंदर क्रेडिट ब्यूरो के सिस्टम में दिखाई देंगी. इससे कर्ज देने वालों को कर्ज लेने वालों की आर्थिक स्थिति का सटीक और ताजा डेटा मिलेगा. ‘एवरग्रीनिंग’ पर रोक लगेगी! लेंडर्स का मानना है कि इस बदलाव से ‘एवरग्रीनिंग’ जैसी हरकतों पर भी रोक लगेगी. इसमें कर्ज लेने वाले पुराने कर्ज नहीं चुका पाने पर नया कर्ज ले लेते हैं, जिससे उनकी असल स्थिति छिपी रहती है. रिपोर्टिंग समय घटाने से क्रेडिट ब्यूरो और लेंडर्स को ज्यादा भरोसेमंद डेटा मिलेगा और कर्ज देने का सिस्टम मजबूत होगा. RBI के इस नए नियम से कर्ज देने का सिस्टम और ज्यादा पारदर्शी और मजबूत बनेगा और ये देखना दिलचस्प होगा कि इससे लोन लेने वालों पर क्या असर पड़ता है. पर्सनल लोन के फायदे व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan) का लाभ उठाना आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक नायाब सुविधा बन गया है. इसका प्रमुख फायदा यह है कि इसे बिना किसी गारंटी के लिया जा सकता है. पर्सनल लोन  की विशेषता यह है कि इसका इस्तेमाल अनेकों आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है, जैसे कि आपातकालीन चिकित्सा खर्च, शिक्षा, शादी, घर की मरम्मत या अन्य व्यक्तिगत जरूरतें. पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है. अधिकतर बैंकों और वित्तीय संस्थाओं में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होती है, जिससे समय की बचत होती है और दस्तावेजी प्रक्रिया भी सरल हो जाती है. इसके अलावा, ऋण राशि भी कुछ ही दिनों में आपके खाते में ट्रांसफर हो जाती है, जिससे आपकी आवश्यकताओं को त्वरित रूप से पूरा किया जा सकता है. Personal Loan के नकारात्मक पहलू जब पैसों की तात्कालिक जरूरत होती है, तो अधिकतर लोग पर्सनल लोन की तरफ भागते हैं, क्योंकि आसानी से मिल जाता है. पर्सनल लोन को सबसे बड़ा निगेटिव प्वाइंट्स ये है कि इसका ब्याज काफी ज्यादा होता है. पर्सनल लोन का टेन्योर बहुत कम होता है, और किसी कारण से समय पर भुगतान नहीं करने से बैंक मजबूरी का फायदा उठाता है. बिना सूझ-बूझ के पर्सनल लोन से आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है. यही नहीं, अगर आपने समय पर EMI नहीं चुकाई, तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को भी बिगाड़ सकता है.   recent visitors 46

भारत की एक कंपनी से भी छोटा है पाकिस्तान का पूरा शेयर बाजार, जानिए कैसे किया यह कमाल!

मुंबई बीते कुछ दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की वजह से दोनों देश के स्टॉक एक्सचेंज उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरे हैं। इस दौरान भारत के मुकाबले पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर हो गई थी। हालात ये हो गए कि पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग कुछ देर के लिए बंद करनी पड़ी। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की ऐतिहासिक गिरावट की वजह से मार्केट कैपिटल भी गिर गया। स्थिति ये है कि भारत की कई बड़ी कंपनियों का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। किस कंपनी का कितना मार्केट कैपिटल अकेले मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कुल कैपिटल से कई गुना अधिक है। सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत 1415 रुपये के स्तर पर थी। वहीं, मार्केट कैपिटल करीब 19.17 लाख करोड़ रुपये पर है। एचडीएफसी बैंक के शेयर की कीमत 1923.10 रुपये पर है। वहीं, मार्केट कैपिटल 14.75 लाख करोड़ रुपये है। टाटा की कंपनी टीसीएस के शेयर मंगलवार को 3515 रुपये पर थे। वहीं, मार्केट कैपिटल 12.73 लाख करोड़ रुपये था। इसी तरह, एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैपिटल क्रमश: 10.38 लाख करोड़ रुपये और 10.20 लाख करोड़ रुपये है। ये सभी आंकड़े भारतीय रुपये में हैं। बता दें कि इंफोसिस समेत कई अन्य लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल भी पाकिस्तन स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का हाल भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद अब पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज रिकवरी मोड में है। बीते सोमवार को इस स्टॉक एक्सचेंज में करीब 9.5 प्रतिशत की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। मंगलवार को भी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा और एक्सचेंज ने 1.5 प्रतिशत की छलांग लगाई। मंगलवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज 1,18,700 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिटल बढ़कर ₹15 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये के पार पहुंच गया है। आपको बता दें कि 1 पाकिस्तानी रुपये भारत के 0.30 पैसे के बराबर हैं। इस आधार पर देखें तो पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिट 4.55 लाख करोड़ भारतीय रुपये के करीब है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार भारत में 5,000 से अधिक लिस्टेड कंपनियां हैं। वहीं, पाकिस्तान में केवल 600 से भी कम कंपनियां सूचीबद्ध हैं। भारतीय शेयर बाजार 5 ट्रिलियन डॉलर के वैल्युएशन के साथ मार्केट कैपिटल के मामले में दुनिया भर में शीर्ष मार्केट में से एक है। पिछले सप्ताह किस कंपनी का क्या हाल बीते सप्ताह मार्केट कैपिटल के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और आईटीसी का स्थान रहा। भारत से 250 गुना छोटा है पाकिस्तान का शेयर बाजार सबसे पहले आंकड़ों की बात करें तो, भारत के शेयर बाजार की गिनती आज दुनिया के टॉप 5 शेयर बाजारों में होती है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप आज करीब 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की तरफ देखें, तो ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, कराची स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप इस समय सिर्फ 20.36 अरब डॉलर है। यानी भारत का शेयर बाजार पाकिस्तान के मुकाबले करीब 250 गुना ज्यादा बड़ा है। भारतीय शेयर बाजार में जहां 5000 से ज्यादा कंपनियां लिस्टेड हैं, वहीं पाकिस्तान में ये संख्या महज 500 के आसपास है। इससे साफ है कि भारतीय बाज़ार में कंपनियों की विविधता और निवेश के मौके पाकिस्तान के मुकाबले काफी अधिक हैं। भारत का शेयर बाजार केवल विदेशी निवेशकों पर ही निर्भर नहीं है। भारतीय बाजार को मजबूत बनाते हैं यहां के घरेलू निवेशक, रिटेल निवेशक और SIP जैसे निवेश के साधन, जिससे बाजार को किसी भी उतार-चढ़ाव के समय स्थिरता यानी सपोर्ट देते हैं। इससे बाजार में पैनिक सेलिंग बहुत कम देखने को मिलती है। वहीं पर पाकिस्तान का शेयर बाजार ज्यादा भावनात्मक और कम लिक्विडिटी वाला माना जाता है। ऐसे में किसी भी जियोपॉलिटिकल घटना का असर वहां तुरंत और तेजी से दिखता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से ही पाकिस्तान का शेयर बाजार बुरी तरह हिल हुआ है। कराची स्टॉक मार्केट में आज 8 मई को कुछ देर के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। उसका KSE-30 इंडेक्स एक झटके में 7.2 फीसदी टूट गया। वहीं उसके सबसे प्रमुख इंडेक्स, KSE-100 में 9 फीसदी की भारी गिरावट आई। साल 2008 के बाद यह पहली बार है, जब कराची स्टॉक मार्केट में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली। इससे पहले 7 मई को भी पाकिस्तानी शेयर बाजार में हाहाकार की स्थिति रही। KSE-100 इंडेक्स 7 मई को कारोबार के दौरान 6500 अंक या करीब 6 फीसदी टूटकर बंद हुए। यह भी कराची स्टॉक मार्केट में साल 2021 की सबसे बड़ी गिरावट थी। यह गिरावट आई भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद, जिसके तहत सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद 9 आंतकी ठिकानों को नेस्तानाबूत करके पहलगाम हमले का बदला लिया। भारत की इस कार्रवाई में 100 आंतकियों के मारे जाने की खबरें हैं। अब बात करते हैं भारत के शेयर बाजार की। भारत के शेयर बाजार ने पिछले 2 दिनों में काफी स्थिरता दिखाई है। बीएसई सेंसेक्स आज 8 मई को जरूरत 400 अंक टूटकर बंद हुआ। लेकिन इस पहले 7 मई को इसमें 105 अंकों की तेजी देखने को मिली थी। निफ्टी भी 34 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ था। आज के कारोबार के पहले हाफ दोनों इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार कर रहे थे। यानी सीमा पर तनाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार अभी तक स्थिर और भरोसेमंद बना हुआ है। 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान का KSE 100 इंडेक्स अब तक करीब 13 फीसदी गिर चुका है। वहीं पर KSE-30 इंडेक्स में 14 फीसदी की गिरावट आई है। जबकि दूसरी ओर सेंसेक्स और निफ्टी इस दौरान लगभग एक फीसदी ऊपर हैं। भारत और पाकिस्तान के शेयर बाजार के रिटर्न की बात करें तो, पिछले 2 साल पाकिस्तान के लिए अच्छे रहे हैं। लेकिन बाकी सालों में अधिकतर बार भारतीय शेयर बाजार ने ही अच्छा … Read more

स्टॉक मार्केट में गिरावट पर ब्रेक… सेंसेक्स खुलते ही 400 अंक उछला, ये 10 स्टॉक बने रॉकेट

मुंबई भारत और पाकिस्तान में सीजफायर (India-PAK Ceasefire) होने के बाद भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) में तगड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इस सप्ताह के पहले कारोबारी दिन जहां ताबड़तोड़ तेजी आई, तो अगले ही दिन सेंसेक्स-निफ्टी भरभराकर टूटे. वहीं सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार की बात करें, तो मार्केट की ओपनिंग ग्रीन जोन में हुई और बीते दिन की गिरावट पर ब्रेक लगा नजर आया. एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) खुलने के साथ ही 400 अंक से ज्यादा उछल गया, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (NSE Nifty) ने 120 अंक चढ़कर कारोबार की शुरुआत की. इस दौरान टाटा स्टील का शेयर (Tata Steel Share) छलांग लगाता हुआ नजर आया. Sensex-Nifty की तेज शुरुआत बुधवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद 81,148.22 की तुलना में उछलकर 81,278.49 के लेवल पर खुला और कुछ ही मिनट में ये 415 अंक की तेजी लेकर 81,564.41 पर कारोबार करता हुआ नजर आया. बात अगर निफ्टी (Nifty) की करें, तो इसने भी अपने पिछले बंद 24,578.35 के लेवल से छलांग लगाते हुए 24,613.80 पर कारोबार शुरू किया और सेंसेक्स की तरह ही मिनटों में तेज रफ्तार पकड़ते हुए 143 अंक चढ़कर 24,721.70 पर कारोबार करने लगा. 438 शेयर जोरदार तेजी के साथ ओपन मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच Share Market की शानदार ओपनिंग हुई र शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 438 कंपनियों के शेयरों ने ग्रीन जोन में जोरदार शुरुआत की. इसके अलावा लगभग 100 शेयर ऐसे रहे, जो अपने पिछले बंद के मुकाबले गिरावट लेकर खुले, जबकि 32 कंपिनयों के शेयरों में कोई चेंज देखने को नहीं मिली. निफ्टी पर Tata Steel, Bharti Airtel, Shriram Finance, Tech Mahindra, JSW Steel शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागने वाले स्टॉक्स में शामिल रहे, तो वहीं Tata Motors, Cipla, Hero MotoCorp, Asian Paints और Eicher Motors ने खराब शुरुआत की. ये 10 शेयर टॉप गेनर अगर शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में Tata Steel Share 4.38% की उछाल के साथ पहले नंबर पर रहा और इसका भाव 156.05 रुपये पर पहुंच गया. इसके अलावा Bharti Airtel Share (2.47%), Tech Mahindra Share (1.11%) की तेजी के साथ ट्रेड करता नजर आया. HDFC Bank, Reliance और Adani Ports के शेयर भी ग्रीन जोन में ओपन हुए, हालांकि इनकी रफ्तार धीमी रही. मिडकैप कंपनियों में सबसे ज्यादा तेजी  Glaxo Share (7.65%) में रही, इसके अलावा ABCApital Share (4.82%), Mazgaon Dock Share (3.83%), MFSL Share (3.47%), SAIL Share (3.32%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में Indorama Share (19.98%), जबकि GSRE Share (11.49%) की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. कल फिसला था शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी और सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटे थे. सेंसेक्स ने 82,249.60 के लेवल पर ओपन होकर कारोबार की शुरुआत की थी और अंत में 1281.68 अंक या 1.55 फीसदी की गिरावट लेकर 81,148.22 पर क्लोज हुआ था. इसी तरह निफ्टी भी दिनभर रेड जोन में नजर आया था. NSE Nifty 24,864.05 पर खुलने के बाद मार्केट बंद होने पर 346.35 अकों की तगड़ी गिरावट लेते हुए 24,578.35 पर बंद हुआ था.   recent visitors 35

भारत ने अमेरिका पर जवाबी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा, बादाम, सेब, अखरोट, नाशपाती और…रसायन?

नई दिल्ली भारत में विश्व व्यापार संगठन (WTO) में अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह शुल्क एल्यूमिनियम और स्टील पर लगाए गए टैरिफ के जवाब में होगा। भारत का यह फैसला व्यापार हित की रक्षा और वैश्विक व्यापार नियमों के अंतर्गत अपनी स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाएगा भारत विश्व व्यापार संगठन को भेजे गए प्रस्ताव में भारत का कहना है कि अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत के 7.6 अरब डॉलर के सामान का आयात प्रभावित हुआ , इसीलिए भारत भी अमेरिका से आने वाले कुछ चीज जरूरी सामानों पर इतना ही टैरिफ लगाने की मांग कर रहा है। अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने के ये हैं कारण साल 2018 में अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए भारतीय स्टील पर 25% और एल्यूमीनियम पर 10% का टैरिफ लगाया था। इसके बाद इस टैरिफ की दर को साल 2020 में बढ़ाया गया। 12 मार्च 2025 को यह टैरिफ 25% संशोधित कर दिया गया। विश्व व्यापार संगठन को दिए गए प्रस्ताव में भारत ने यह दावा किया है कि अमेरिका ने डब्ल्यूटीओ के सामान्य व्यापार और टैरिफ समझौते (GATT) 1994 और सुरक्षा उपाय पर समझौते का उल्लंघन किया है। अमेरिकी टैरिफ़ के कारण भारत को 7.6 अरब डॉलर के स्टील और एल्यूमीनियम निर्यात प्रभावित हुए हैं। लेकिन अमेरिका को इस ड्यूटी से 1.91 अरब डॉलर प्राप्त हुए हैं। भारत में यह भी कहा कि उन्होंने अप्रैल 2025 में अमेरिका से विश्व व्यापार संगठन के अंतर्गत परामर्श मांगा था, लेकिन अमेरिका ने इन टैरिफ को राष्ट्रीय सुरक्षा का उपाय बताकर परामर्श से इनकार कर दिया था। भारत कर रहा जवाबी शुल्क लगाने की तैयारी भारत सरकार के द्वारा 9 मई 2025 को वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाईजेशन के काउंसिल फॉर ट्रेड इन गुड्स को यह सूचना दी गई है कि वह अमेरिकी उत्पादों पर 1.91 अरब डॉलर के बराबर का टैरिफ लगाएगा। इसके लिए भारत ने 29 अमेरिकी उत्पादों का चयन किया है। जिनमें सेब, बादाम, अखरोट, नाशपाती, रसायन आदि शामिल हैं। हालांकि भारत ऐसा प्रस्ताव 2019 में भी ला चुका है। ये उत्पाद भारत के लिए आयात में महत्वपूर्ण हैं, जैसे अमेरिकी बादाम (543 मिलियन डॉलर) और सेब (156 मिलियन डॉलर)। कितना जवाबी शुल्क लगाएगी भारत सरकार भारत सरकार के द्वारा रखे गए प्रस्ताव के अनुसार टैरिफ की दरें उत्पादों के आधार पर 5% से 100% के बीच हो सकती है। इसके साथ भारत का यह भी कहना है कि उसके द्वारा उठाए जा रहे हैं यह कदम विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप है। भारत जवाबी टैरिफ इसलिए लगाना चाहता है ताकि अमेरिकी टैरिफ के व्यापारिक प्रभाव को संतुलित किया जा सके। भारतीय स्टील एसोसिएशन ने किया स्वागत भारत सरकार के इस फैसले का भारतीय स्टील एसोसिएशन ने स्वागत किया है। संगठन का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ ने भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचाया है। यदि भारत सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया आदि को राहत मिल सकती है। अमेरिकी उत्पादों पर असर भारत द्वारा यह जवाबी टैरिफ लगाया जाता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद जैसे सेब, बादाम और रसायन उद्योग ज्यादा प्रभावित होंगे क्योंकि भारत इनका बड़ा आयातक देश है। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका द्वारा भी जवाबी उपाय किए जा सकते हैं जिससे द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ता और जटिल हो सकती है। recent visitors 57

मार्केट कैप में कहीं नहीं टिकता पड़ोसी देश, पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर

नई दिल्ली बीते कुछ दिनों में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की वजह से दोनों देश के स्टॉक एक्सचेंज उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरे हैं। इस दौरान भारत के मुकाबले पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज की हालत बदतर हो गई थी। हालात ये हो गए कि पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग कुछ देर के लिए बंद करनी पड़ी। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज की ऐतिहासिक गिरावट की वजह से मार्केट कैपिटल भी गिर गया। स्थिति ये है कि भारत की कई बड़ी कंपनियों का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। किस कंपनी का कितना मार्केट कैपिटल अकेले मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटल पाकिस्तान के कुल कैपिटल से कई गुना अधिक है। सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत 1415 रुपये के स्तर पर थी। वहीं, मार्केट कैपिटल करीब 19.17 लाख करोड़ रुपये पर है। एचडीएफसी बैंक के शेयर की कीमत 1923.10 रुपये पर है। वहीं, मार्केट कैपिटल 14.75 लाख करोड़ रुपये है। टाटा की कंपनी टीसीएस के शेयर मंगलवार को 3515 रुपये पर थे। वहीं, मार्केट कैपिटल 12.73 लाख करोड़ रुपये था। इसी तरह, एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैपिटल क्रमश: 10.38 लाख करोड़ रुपये और 10.20 लाख करोड़ रुपये है। ये सभी आंकड़े भारतीय रुपये में हैं। बता दें कि इंफोसिस समेत कई अन्य लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल भी पाकिस्तन स्टॉक एक्सचेंज से ज्यादा है। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का हाल भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम होने के बाद अब पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज रिकवरी मोड में है। बीते सोमवार को इस स्टॉक एक्सचेंज में करीब 9.5 प्रतिशत की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। मंगलवार को भी निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा और एक्सचेंज ने 1.5 प्रतिशत की छलांग लगाई। मंगलवार को कराची स्टॉक एक्सचेंज 1,18,700 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिटल बढ़कर ₹15 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये के पार पहुंच गया है। बता दें कि 1 पाकिस्तानी रुपये भारत के 0.30 पैसे के बराबर हैं। इस आधार पर देखें तो पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैपिट 4.55 लाख करोड़ भारतीय रुपये के करीब है। पिछले सप्ताह किस कंपनी का क्या हाल बीते सप्ताह मार्केट कैपिटल के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। इसके बाद क्रमश: एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और आईटीसी का स्थान रहा। recent visitors 44

गेल ने चौथी तिमाही के लिए 2,049 करोड़ रुपए का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया

नई दिल्ली गैस डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर की दिग्गज कंपनी गेल ने मंगलवार को 31 मार्च, 2025 को समाप्त वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए 2,049 करोड़ रुपए का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 2,176.97 करोड़ रुपए के प्रॉफिट से 6 प्रतिशत कम है। कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 1 रुपए का अंतिम लाभांश घोषित किया है। इस बीच, जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व बढ़कर 35,707 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 32,334.50 करोड़ रुपए था, जबकि ईबीआईटीडीए भी 13.3 प्रतिशत बढ़कर 3,216 करोड़ रुपए हो गया। तिमाही के लिए कुल आय बढ़कर 36,273.87 करोड़ रुपए हो गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 32,972.10 करोड़ रुपए थी। वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में व्यय बढ़कर 33,572.80 करोड़ रुपए हो गया, जिसका मुख्य कारण 28,943.92 करोड़ रुपए की अधिक स्टॉक-इन-ट्रेड खरीद थी। कर से पहले लाभ (पीबीटी) 2,701.07 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2025 के लिए गेल ने वित्त वर्ष 2024 में 8,836.48 करोड़ रुपए की तुलना में 11,312.32 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि वार्षिक राजस्व 1,30,638.11 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,37,287.56 करोड़ रुपए हो गया। मंगलवार को गेल के शेयरों की कीमत 184 रुपए के आसपास रही। पिछले महीने कंपनी के शेयर में करीब 2.7 फीसदी की तेजी आई है। गेल ने वित्त वर्ष 2025 के अक्टूबर-दिसंबर के लिए 4,084 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट घोषित किया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। पिछले वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान सरकारी स्वामित्व वाली गैस वितरण कंपनी का शुद्ध लाभ 3,193 करोड़ रुपए था। तिमाही में परिचालन से राजस्व में 6.23 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो पिछले वर्ष के 34,768 करोड़ रुपए से बढ़कर 36,937 करोड़ रुपए हो गई। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संदीप कुमार गुप्ता के अनुसार, ''गेल ने चौथी तिमाही के परिणामों में 285 मिलियन डॉलर (लगभग 2,440 करोड़ रुपए) की असाधारण आय की घोषणा की है। यह आय एसईएफई मार्केटिंग एंड ट्रेडिंग सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड से मध्यस्थता कार्यवाही को वापस लेने के समझौते के तहत प्राप्त हुई।'' गेल के बयान में कहा गया है, "एलएनजी सप्लायर्स में से एक के साथ 15 जनवरी, 2025 को किए गए निपटान समझौते के परिणामस्वरूप, कंपनी ने 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के दौरान 2,440.03 करोड़ रुपए (285 मिलियन अमेरिकी डॉलर) को असाधारण आय के रूप में मान्यता दी है।" recent visitors 33

Tata Motors का मुनाफा 8,470 करोड़ रहा, रेवेन्‍यू में मामूली बढ़ोतरी, 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का एलान

मुंबई ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motos Q4 Result) ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 51.7% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही में 17,552 करोड़ रुपये था और इस तिमाही में घटकर 8,470 करोड़ रुपये पर आ गया है. जबकि कंपनी की आय मामूली बढ़ोतरी के साथ 1,18,927 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जबकि EBITDA 0.6% की हल्की बढ़त के साथ ₹16,644 करोड़ पर पहुंच गई. हालांकि, टाटा मोटर्स (Tata Motors) के राजस्व में बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन लागत में कटौती और कच्चे माल के दाम में गिरावट के बावजूद मुनाफा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान इस रिजल्ट के साथ ही कंपनी शेयरधारकों को 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है. यह लाभांश ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयरों पर दिया जाएगा और AGM में स्वीकृति के बाद 24 जून 2025 तक भुगतान किया जाएगा. कंपनी ने लग्जरी वाहन ब्रांड Jaguar Land Rover (JLR) ने SUV सेगमेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है. चौथी तिमाही (Q4 FY25) के वित्तीय परिणाम टाटा मोटर्स का Q4 FY25 में शुद्ध मुनाफा ₹8,470 करोड़ रहा. यह पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹17,552 करोड़ के मुकाबले 51.7% की गिरावट दर्शाता है. टाटा मोटर्स ने ₹1,000 करोड़ के नेट ऑटो कैश बैलेंस के साथ अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है. Jaguar Land Rover (JLR): JLR के बिक्री वॉल्यूम में Q4 FY25 में 1.1% की वृद्धि हुई. SUV वाहनों की उत्तरी अमेरिका और यूरोप में अच्छी मांग रही. JLR का राजस्व 2.4% बढ़ा और कुल राजस्व ₹1.2 लाख करोड़ रहा. तिमाही में EBIT मार्जिन 10.7% रहा. पूरे वित्त वर्ष के लिए EBIT मार्जिन 8.5% रहा. नतीजों की घोषणा के बाद टाटा मोटर्स के शेयर में गिरावट देखी गई. बीएसई (BSE) पर इसका शेयर 1.76% की गिरावट के साथ ₹707.90 पर बंद हुआ. पिछले 6 महीने में टाटा मोटर्स का शेयर करीब 10 फीसदी गिरा है, जबकि एक साल के अंदर शेयर में 26 फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई है. अभी भी शेयर अपने ऑल टाइम हाई से करीब 40 फीसदी नीचे है.  कंपनी अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की योजना बना रही है. इसके साथ ही लागत कटौती और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. JLR सेगमेंट में अधिक मुनाफा कमाने पर जोर रहेगा. क्‍या हैं सेक्‍टर की चुनौतियां चीन और दक्षिण कोरिया जैसे ग्‍लोबल लीडर्स के मुकाबले भारतीय शिपयार्ड उत्पादन क्षमता, डिजाइन, स्वचालन, कुशल श्रमशक्ति और वेंडर नेटवर्क के मामले में पीछे हैं. शिप रिपेयर का बढ़ता अवसर वैश्विक शिप रिपेयर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और भारत की रणनीतिक स्थिति इसे इस सेक्‍टर में प्रमुख खिलाड़ी बना सकती है. भारतीय शिपयार्ड भारतीय नौसेना के साथ-साथ अमेरिकी नौसेना की 5वीं और 7वीं फ्लीट को सेवाएं देने के लिए समझौते कर रहे हैं. उदाहरण के लिए, मझगांव डॉक और कोचीन शिपयार्ड ने US नेवी के साथ मास्टर शिप रिपेयर एग्रीमेंट (MSRA) पर हस्ताक्षर किए हैं. प्रमुख शिपयार्ड की संभावनाएं मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (MDL) : पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण में अग्रणी और P75I व कलवरी के ऑर्डर से इसका ऑर्डर बुक बढ़ने की संभावना है. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) : छोटे जहाजों और फ्रिगेट्स के निर्माण में माहिर. NGC और P17B प्रोजेक्ट्स से इसे बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है. कोचीन शिपयार्ड (CSL) : सबसे बड़ी क्षमता वाला शिपयार्ड, लेकिन निकट भविष्य में IAC-II के ऑर्डर की कमी के कारण इसके ऑर्डर बुक पर प्रभाव पड़ सकता है. हालांकि, शिप रिपेयर में इसे बढ़ने का मौका है. इन शेयरों (Defence Stocks) पर रखें नजर CMP : 2,905 रुपये रेटिंग : BUY टारगेट प्राइस : 3,433 रुपये Cochin Shipyards CMP : INR 1,521 रेटिंग : HOLD टारगेट प्राइस : 1,481 रुपये Garden Reach Ship. & Engineers CMP : 1,820 रुपये रेटिंग : BUY टारगेट प्राइस : 2,024 रुपये   recent visitors 37

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन की नेटवर्थ अब 103 अरब डॉलर पहुंची

नई दिल्ली  अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील होने के बाद सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी तेजी देखने को मिली। इससे अमेरिकी अरबपतियों की नेटवर्थ में भारी इजाफा हुआ। टॉप 20 रईसों में से 18 की नेटवर्थ में तेजी रही। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक सबसे ज्यादा फायदे में फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स के सीईओ मार्क जकरबर्ग रहे। उनकी नेटवर्थ में 16.1 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 226 अरब डॉलर पहुंच गई। दुनिया के अमीरों के लिस्ट में वह एलन मस्क (359 अरब डॉलर) और जेफ बेजोस (229 अरब डॉलर) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। मस्क की नेटवर्थ में सोमवार को 14.5 अरब डॉलर और बेजोस की नेटवर्थ में 14.3 अरब डॉलर की तेजी आई। लैरी एलिसन की नेटवर्थ 6.97 अरब डॉलर बढ़कर 181 अरब डॉलर पहुंच गई। लेकिन माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स की नेटवर्थ में 35.3 मिलियन डॉलर की गिरावट आई और यह 169 अरब डॉलर रह गई। फ्रांसीसी बिजनसमैन बर्नार्ड आरनॉल्ट की नेटवर्थ में 7.1 अरब डॉलर की तेजी आई। इसी तरह टॉप 10 में शामिल वॉरेन बफे, स्टीव बालमर, लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन की नेटवर्थ में भी तेजी रही। अंबानी-अडानी का हाल भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में सोमवार को 4.42 अरब डॉलर की तेजी आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन की नेटवर्थ अब 103 अरब डॉलर पहुंच गई है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 12.8 अरब डॉलर की तेजी आई है। इस बीच अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ में 5.31 अरब डॉलर की तेजी आई। वह 79.8 अरब डॉलर के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 20वें नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 1.05 अरब डॉलर की तेजी आई है। recent visitors 42

शेयर बाजार में एक दिन की रेकॉर्ड तेजी के बाद आज भारी गिरावट दिख रही

मुंबई  टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील ने कल यानी सोमवार को वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए थे। चौथी तिमाही में कंपनी को बंपर मुनाफा हुआ है। यह दोगुने से भी ज्यादा रहा। इसके बावजूद आज मंगलवार को इस कंपनी के शेयर में वह तेजी दिखाई नहीं दी, जिसकी उम्मीद थी। वहीं कंपनी ने कहा है कि वह अपनी सिंगापुर स्थित इकाई, टी स्टील होल्डिंग्स में 2.5 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी। टाटा स्टील का शेयर सोमवार को 151.55 रुपये पर बंद हुआ था। मंगलवार को यह कुछ तेजी के साथ 152.35 रुपये पर खुला। हालांकि बाद में इसमें गिरावट आई और यह 149.65 रुपये पर आ गया। इसके बाद इसमें उतार-चढ़ाव आता रहा। सुबह 10 बजे टाटा स्टील का शेयर 0.46% की गिरावट के साथ 150.85 रुपये पर कारोबार कर रहा था। कंपनी को कितना हुआ मुनाफा? कंपनी को चौथी तिमाही में 1,200.88 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 554.56 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बताया कि ज्यादा बिक्री और खर्चों में कमी की वजह से मुनाफा बढ़ा है। हालांकि, इस दौरान कंपनी की कमाई थोड़ी कम हुई है। कंपनी की कुल आय 56,679.11 करोड़ रुपये रही। पिछले साल यह 58,863.22 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने अपने खर्चों को भी कम किया है। इस तिमाही में कंपनी का खर्च 54,167.61 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह 56,496.33 करोड़ रुपये था। कितना मिलेगा डिविडेंड? पूरे वित्त वर्ष FY25 की बात करें तो टाटा स्टील को 3,173.78 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को 4,909.61 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस साल कंपनी ने नुकसान की भरपाई कर ली है। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को डिविडेंड देने का भी फैसला किया है। हर शेयर पर 3.60 रुपये का डिविडेंड मिलेगा। यह डिविडेंड 1 रुपये के फेस वैल्यू वाले शेयर पर 360% है। सहायक कंपनी में निवेश बोर्ड ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। टाटा स्टील अपनी सिंगापुर स्थित इकाई, टी स्टील होल्डिंग्स में 2.5 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी। यह निवेश यूरोप में कंपनी के कारोबार को मजबूत करने और कर्ज चुकाने के लिए किया जा रहा है। टाटा स्टील, टी स्टील होल्डिंग्स के माध्यम से यूके और नीदरलैंड में अपने कारोबार का संचालन करती है। किसी भी विदेशी निवेश के लिए, जो एक वित्तीय वर्ष में 1 बिलियन डॉलर से अधिक है, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से पहले अनुमति लेनी होती है। टाटा स्टील के बोर्ड ने सोमवार को इस निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। recent visitors 42

दुनिया की सबसे महंगी कार, सिर्फ इन 3 धनकुबेरों के पास

नई दिल्ली दुनिया में कई अमीर लोग हैं, जिनके पास कई लग्जरी कारें होती हैं. इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें नई-नई कारें खरीदने का बहुत शौक होता है और वे लग्जरी कारों का कलेक्शन रखते हैं, लेकिन क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि दुनिया की सबसे महंगी कार कौन सी है और किन लोगों के पास यह कार है? आज हम आपको इसी बारे में जानकारी देने जा रहे हैं. आइए जानते हैं. जब भी लग्जरी कारों का नाम आता है, तो सबसे पहले रोल्स रॉयस का नाम दिमाग में आता है. रोल्स रॉयस एक ब्रिटिश कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जिसकी कारें शानदार और बेहद महंगी होती हैं. दुनिया की सबसे महंगी कार भी रोल्स रॉयस की ही है, जिसका नाम है रोल्स रॉयस बोट टेल. यह कार दुनिया की सबसे महंगी और लग्जरी कार मानी जाती है. अगर हम दुनिया की सबसे महंगी कार रोल्स रॉयस बोट टेल की कीमत की बात करें, तो यह इतनी महंगी है कि किसी का भी होश उड़ सकता है. इस कार की कीमत है 28 मिलियन डॉलर, यानी करीब 239 करोड़ रुपये. इसका नाम और डिजाइन क्लासिक याच (नाव) से मिलता-जुलता है, इसलिए इसे बोट-टेल नाम दिया गया है. रोल्स रॉयस कंपनी ने अपनी बोट टेल कार की सिर्फ 3 यूनिट्स बनाई हैं, जिनके मालिक दुनिया में केवल तीन लोग हैं. इनमें शामिल हैं:     रैपर जेड और उनकी पत्नी पॉप आइकन बियॉन्से.     अर्जेंटीना के फुटबॉलर माउरो इकार्डी.     पर्ल इंडस्ट्री के एक उद्योगपति, जिनका नाम सार्वजनिक नहीं है. यह कार इन तीनों के पास है, और यह इनकी खास लक्जरी लाइफस्टाइल का प्रतीक है. recent visitors 73

तनाव के बीच भारत ने चीन पर कंसा शिकंजा, 5 साल के लिए सोलर ग्लास पर लगाई एंटी-डंपिंग ड्यूटी

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव (India-Pakistan Tension) कम हो गया है और सीमा पर सीजफायर लागू है. एक ओर जहां अमेरिका की ओर से Indo-PAK Ceasefire का ऐलान बीते शनिवार को किया गया था, तो उसी दिन चीन पाकिस्तान को उकसाते हुए नजर आया था. अब सीजफायर के बाद भारत ने China को तगड़ा झटका दिया है, जिसका असर 5 साल तक ड्रैगन पर देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं भारत सरकार ने ऐसा क्या फैसला लिया है? 5 साल के लिए लगाई एंटी डंपिंग ड्यूटी   India-Pakistan के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद भारत सरकार ने चीन को निशाने पर लिया है और उस पर नया टैरिफ बम फोड़ा है. जी हां, चीन से आयातित टाइटेनियम डाइऑक्साइड (Titanium Dioxide) पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगा दी है और ये अगले पांच साल के लिए लगाई गई है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने 460 डॉलर-681 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के बीच एंटी डंपिंग ड्यूटी को नोटिफाई किया है. क्यों लिया भारत सरकार ने फैसला? अब सवाल कि भारत और पाकिस्तान सीमा पर तनाव के बाद सीजफायर और चीन का पाकिस्तान को उकसाने के बीच भारत सरकार (Indian Govt) ने आखिर ड्रैगन को लेकर ये फैसला क्यों लिया. तो बता दें कि भारत के डीजीटीआर (DGTR) यानी डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज ने ये पाया कि चीन बहुत कम कीमतों पर टाइटेनियम डाइऑक्साइड देश में डंप कर रहा है, जिससे घरेलू उद्योग को नुकसान हो रहा है और इसीके मद्देनजर ये एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला लिया गया है. इन सेक्टर्स पर दिखेगा असर यहां बता दें कि टाइटेनियम डाइऑक्साइड (Titanium Dioxide) का इस्तेमाल तमाम सेक्टर्स में किया जाता है. इनमें पेंट, प्लास्टिक, कागज, खाद्य उद्योग शामिल हैं. ऐसे में इनसे जुड़ी भारतीय कंपनियों पर सरकार के इस फैसले का असर देखने को मिलेगा. खासतौर पर पेंट्स कारोबार से जुड़ी भारतीय कंपनियों Asian Paints, Berger Paints, Shalimar Paints समेत अन्य आने वाले दिनों में फोकस में रहेंगी. US के साथ China की बनी बात! उधर दूसरी ओर ग्लोबल ट्रेड वॉर का मुद्दा बने अमेरिका और चीन के बीच तनाव कम होने के संकेत मिले हैं. दरअसर, US-China ट्रेड डेफिसिट को कम करने को  लेकर जेनेवा में डील फाइनल हो गई है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, उन्होंने चीन के साथ दो दिवसीय बैठकों के बाद एक समझौता किया है, जिससे अमेरिका को अपना 1.2 ट्रिलियन डॉलर व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलेगी. हालांकि, ये खुलासा नहीं किया कि कैसे अमेरिका का ट्रेड डेफिसिट कम होगा और न ही उन्होंने टैरिफ कटौती पर स्पष्ट ऐलान नहीं किया है. recent visitors 41

शेयर बाजार जोरदार बढ़त के साथ बंद, सेंसेक्स पहुंच 82,400 के पार

मुंबई एक ओर जहां भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर (India-Pakistan Ceasefire) हुआ, तो दूसरी ओर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में चार साल की सबसे बड़ी इंट्रा-डे रैली (Stock Market Rally) देखने को मिली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिनभर तेजी में कारोबार करने के बाद मार्केट क्लोज होने पर 2975 अंक की जोरदार उछाल के साथ 82,429.90 के लेवल पर क्लोज हुआ, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 916 अंकों की तेजी के साथ 25,000 के बिल्कुल करीब क्लोज हुआ. इस दौरान लार्जकैप से लेकर मिड और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में तेजी आई और Reliance से लेकर HDFC Bank तक के शेयर ने गदर मचाया. सेंसेक्स-निफ्टी न खुलते ही मचाया गदर सोमवार को पहले से ही शेयर मार्केट (Share Market) में तेजी के संकेत पहले से ही मिल रहे थे. एशियाई बाजारों में तेजी के बाद BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 79,454.47 से करीब 1500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 80,803.80 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की और फिर दिनभर इसकी रफ्तार बढ़ती ही चली गई. मार्केट में कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 2975.43 अंक या 3.74% बढ़कर 82,429.90 पर क्लोज हुआ. Sensex की तरह ही निफ्टी-50 ने भी शुरुआती रफ्तार बनाए रखी और अपने पिछले बंद 24,008 की तुलना में चढ़कर 24,420 पर खुला और कुछ ही देर में ये 582.75 अंक की तेजी लेकर 24,593.75 पर कारोबार करता हुआ दिखा, बाजार में कारोबार के आखिरी घंटे में ये रॉकेट की तरह भागा. NSE Nifty ने 916.70 अंक या 3.82% की उछाल के साथ 24,924.70 पर कारोबार खत्म किया. कोई 10, तो कोई शेयर 20% भागा बाजार की रैली में सबसे ज्यादा भागने वाले 10 शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में Infosys Share (7.91%), HCL Tech Share (6.35%), Tata Steel Share (6.16%), TCS Share (5.17%), Reliance Share (4.27%) और HDFC Bank Share 4.27% चढ़कर बंद हुए. मिडकैप कंपनियों में शामिल रेलवे से जुड़ा शेयर RVNL Stock (11.02%) और First Cry Share (9.28%) की उछाल के साथ बंद हुआ. स्मॉलकैप कैटेगरी में Maninds Share (20%) और Bajaj Electric Share (14.92%) की तेजी लेकर बंद हुआ.   बाजार में तेजी के 5 बड़े कारण अगर बाजार में तेजी के पांच बड़े कारणों की बात करें, तो सबसे बड़ा कारण भारत और पाकिस्तान में युद्ध विराम है. इसके अलावा दूसरा कारण US-China में ट्रेड डील को लेकर बनी बात और ग्लोबल ट्रेड वॉर खत्म होने के संकेत ने भी बाजार को रफ्तार दी. तीसरा कारण शेयर बाजार में बीते दिनों तक हाई पर पहुंचा IndiaVIX Index 20% गिरा जो बाजार में घबराहट कम होने का संकेत हैं, जिससे निवेशकों को राहत मिली और जमकर खरीदारी की गई. चौथा कारण तमाम कंपनियों द्वारा पेश किए जा रहे जोरदार मार्च तिमाही के नतीजे (Q4 Results) रहे. वहीं पांचवां कारण एफपीआई रहे, मई महीने में अब तक उनके द्वारा किए गए करीब 14,000 करोड़ रुपये के निवेश से बाजार का सेंटिमेंट सुधरा है. शुक्रवार को आई थी बड़ी गिरावट   बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में गिरावट देखने को मिली थी और शुक्रवार को तो BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 80,334.81 की तुलना में फिसलते हुए 78,968 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की थी और दिनभर रेड जोन में ट्रेड करता रहा. हालांकि मार्केट क्लोज होते-होते इसकी गिरावट कुछ कम हुई, फिर भी ये इंडेक्स अंत में 880.34 अंक या 1.10 फीसदी फिसलकर 79,454.47 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty ने भी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग बंद होने पर 265.80 अंक या 1.10% की गिरावट के साथ 24,008 पर बंद हुआ था. सीजफायर के बाद मिला बाजार को बूस्ट    Indo-Pak Ceasefire के बाद शेयर बाजार को बूस्ट मिला. इस बीच एशियाई बाजारों में भी तेजी के साथ कारोबार हुआ. बता दें कि बीते 22 अप्रैल को श्रीनगर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच टेंशन चरम पर पहुंच गई थी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेनाओं की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान और POK में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 9 आतंकी ठिकाने तबाह हो गए थे. इसके बाद बौखलाए पाकिस्तान ने सीमा पर गोलीबारी की और ड्रोन व मिसाइल अटैक किया, जिसपर भी भारत की ओर से करारा प्रहार करते हुए उसे घुटनों पर ला दिया. इस बढ़े तनाव के बीच जहां पाकिस्तानी स्टॉक मार्केट हर रोज क्रैश (Pakistan Stock Market Crash) होता नजर आया, तो वहीं भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी दो दिन लगातार गिरावट देखने को मिली थी. हालांकि, अब India-Pakistan के बीच सीजफायर हो चुका है और इसका असर एशियाई समेत भारतीय बाजार पर साफ दिखा है.     recent visitors 44

शेयर बाजार में शानदार तेजी, भारत-पाक तनाव कम होने से सेंसेक्स 2200 अंक से पार

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर (Indo-PAK Ceasefire) असर देखने को मिला और Sensex खुलते ही 81,000 के पार कारोबार करता दिखाई दिया. बीते सप्ताह शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने वाले सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स ओपने होने के आधे घंटे बाद 2287 अंकों की तेजी लेकर ट्रेड करने लगा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की निफ्टी भी 691 अंक चढ़ गया.   सेंसेक्स-निफ्टी न खुलते ही मचाया गदर सोमवार को पहले से ही शेयर मार्केट (Share Market) में तेजी के संकेत पहले से ही मिल रहे थे. एशियाई बाजारों में तेजी के बाद BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 79,454.47 से करीब 1500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 80,803.80 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की और फिर मिनटों में ये 1926 अंक चढ़कर 81,380 के आस-पास कारोबार करता दिखाई देने लगा और आधे घंटे के कारोबार के बाद ये इंडेक्स 2287.22 अंक या 2.88% की तेजी लेकर 81,741.69 पर कारोबार करने लगा. सेंसेक्स की तहह ही NSE Nifty भी अपने पिछले बंद 24,008 की तुलना में चढ़कर 24,420 पर खुला और कुछ ही देर में ये 582.75 अंक की तेजी लेकर 24,593.75 पर कारोबार करता हुआ दिखा और आधे घंटे में ये भी 691.85 अंक या 2.88% चढ़कर 24,699.85 अंक पर पहुंच गया. रॉकेट बने ये 10 बड़े शेयर शेयर बाजार में तेजी के बीच लार्जकैप कंपनियों में शामिल जो शेयर सबसे तेज रफ्तार के साथ भागे, उनमें Top-10 Stocks में Axis Bank (4%), Adani Ports (3.88%), Bajaj Finserv (3.75%), Eternal Share (3.61%), Bajaj Finance Share (3.61%), NTPC Share (3.50%), Tata Steel Share (3.40%), Reliance Share (3.23%), ICICI Bank Share (2.90%) और HDFC Bank Share (2.85%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था. बात करें, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के बारे में, तो Midcap Index में शामिल Escorts Share (7.63%), Suzlon Share (7.32%), First Cry Share (7.22%), Dixon Tech Share (6.40%), RVNL Share (6.30%), IREDA share (5.43%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. तो वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में Punjab Chemical (13%) और KPEL 10% की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. शुक्रवार को आई थी बड़ी गिरावट   बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में गिरावट देखने को मिली थी और शुक्रवार को तो BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 80,334.81 की तुलना में फिसलते हुए 78,968 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की थी और दिनभर रेड जोन में ट्रेड करता रहा. हालांकि मार्केट क्लोज होते-होते इसकी गिरावट कुछ कम हुई, फिर भी ये इंडेक्स अंत में 880.34 अंक या 1.10 फीसदी फिसलकर 79,454.47 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty ने भी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग बंद होने पर 265.80 अंक या 1.10% की गिरावट के साथ 24,008 पर बंद हुआ था. सीजफायर के बाद मिल रहे थे अच्छे संकेत   Indo-Pak Ceasefire के बाद बाजार के लिए विदेशों से अच्छे संकेत मिल रहे थे, जिनका असर भी देखने को मिला है. जहां आखिरी कारोबारी दिन अमेरिकी स्टॉक मार्केट (US Stock Market) मिले-जुले स्तर पर बंद हुए थे. तो वहीं सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को ज्यादातार एशियाई बाजार तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. Gift Nifty तो शुरुआती कारोबार में ही 525 अंकों की छलांग लगाते हुए 24,610 के लेवल पर जा पहुंचा था. तनाव में टूटा, अब सीजफायर के बाद भागा बीते 22 अप्रैल को श्रीनगर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच टेंशन चरम पर पहुंच गई थी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सेनाओं की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान और POK में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 9 आतंकी ठिकाने तबाह हो गए थे. इसके बाद बौखलाए पाकिस्तान ने सीमा पर गोलीबारी की और ड्रोन व मिसाइल अटैक किया, जिसपर भी भारत की ओर से करारा प्रहार करते हुए उसे घुटनों पर ला दिया. इस बढ़े तनाव के बीच जहां पाकिस्तानी स्टॉक मार्केट हर रोज क्रैश (Pakistan Stock Market Crash) होता नजर आया, तो वहीं भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी दो दिन लगातार गिरावट देखने को मिली थी. हालांकि, अब India-Pakistan के बीच सीजफायर हो चुका है और इसका असर एशियाई समेत भारतीय बाजार पर साफ दिखा है.  recent visitors 44

सुजुकी टू-व्हीलर्स लेकर आई समर धमाका! स्कूटर-बाइक्स पर एक्सचेंज बोनस

नई दिल्ली गर्मी के इस सीजन में अगर आप नई बाइक या स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया आपके लिए शानदार ऑफर लेकर आई है। कंपनी के पॉपुलर मॉडल्स पर कैशबैक, एक्सचेंज बोनस और लंबी वॉरंटी जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। आइए जानें डिटेल में। सुजुकी लेकर आई है समर ऑफर का तोहफा गर्मियों की शुरुआत होते ही टू-व्हीलर खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया (Suzuki Motorcycle India) ने अपने ग्राहकों के लिए बेहतरीन समर ऑफर लॉन्च किया है। इस ऑफर के तहत आप एक्सेस 125 से लेकर V-Strom SX जैसी बाइक्स और स्कूटर्स पर भारी छूट और आकर्षक बेनिफिट्स पा सकते हैं। ऑफर में क्या-क्या मिल रहा है? इस बार सुजुकी का ऑफर न केवल छूट तक सीमित है, बल्कि इसमें कई फायदे भी शामिल हैं- 5,000 रुपए तक का एक्सचेंज बोनस 10 साल की वॉरंटी (2 साल स्टैंडर्ड + 8 साल एक्सटेंडेड) IDFC First Bank के क्रेडिट कार्ड पर 5% इंस्टेंट कैशबैक (5,000 रुपए तक) 100% फाइनेंस की सुविधा यह ऑफर सीमित समय के लिए वैध है सुजुकी Access 125- भरोसे का नाम, अब और बेहतर कीमत: 83,800 रुपए से शुरू इंजन: 124cc ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, डिजिटल मीटर बेहतर माइलेज और लो मेंटेनेंस कॉस्ट 5 कलर ऑप्शन और 3 वैरिएंट्स सुजुकी Avenis- स्टाइल और परफॉर्मेंस का मेल कीमत: 93,200 रुपए (स्टैंडर्ड) और 94,000 रुपए (स्पेशल एडिशन) इंजन: 124.3cc पावर: 8.5 bhp और 10 Nm टॉर्क स्पोर्टी डिजाइन और ग्राफिक्स यूथ को टारगेट करता है यह स्कूटर सुजुकी Burgman Street- स्टाइलिश और प्रीमियम स्कूटर कीमत: 96,399 रुपए से शुरू इंजन: 124.3cc फुल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर चौड़ी सीट और बेहतर राइडिंग कम्फर्ट शहरी सड़कों के लिए एकदम परफेक्ट सुजुकी Gixxer SF – स्पोर्ट्स बाइक के दीवानों के लिए कीमत: 1.47 लाख रुपए से शुरू इंजन: 155cc और 250cc दोनों ऑप्शन 5-स्पीड और 6-स्पीड गियरबॉक्स एयरोडायनामिक डिजाइन और डुअल डिस्क ब्रेक्स बेहतर कंट्रोल और स्पीड लवर्स के लिए परफेक्ट सुजुकी V-Strom SX – एडवेंचर राइड के शौकीनों के लिए कीमत: 2.16 लाख रुपए से शुरू इंजन: 250cc डुअल पर्पस टायर्स और अप-राइट राइडिंग पोजिशन SOCS (Suzuki Oil Cooling System) टेक्नोलॉजी लॉन्ग ट्रैवल्स के लिए बेहतरीन बाइक ऑफर कब तक और कहां मिलेगा? सुजुकी का यह ऑफर सीमित समय के लिए है और सभी डीलरशिप्स पर उपलब्ध नहीं हो सकता, इसलिए जल्द से जल्द नजदीकी अधिकृत डीलरशिप से संपर्क करें और बाइक बुक कराएं। ऑफर की वैधता स्टॉक की उपलब्धता और स्थान के अनुसार अलग हो सकती है। क्यों है ये ऑफर खास? हर कैटेगरी के लिए मॉडल उपलब्ध- स्कूटर, स्टाइलिश बाइक, स्पोर्ट्स और एडवेंचर बाइक लंबी वॉरंटी-10 साल तक की नो डाउन पेमेंट और 100% फाइनेंस की सुविधा इंस्टेंट कैशबैक से कुल कीमत में भारी बचत recent visitors 43

यूजर्स की मंजूरी के बिना उनका डेटा इस्तेमाल करने का आरोप में गूगल को झटका, 1.4 अरब डॉलर का करना पड़ेगा भुगतान

वॉशिंगटन दिग्गज टेक कंपनी गूगल, अमेरिकी राज्य टेक्सास को 1.4 अरब डॉलर का भुगतान करेगी। यह भुगतान दावे के निपटारे के लिए किया जाएगा। दरअसल टेक्सास ने गूगल के खिलाफ यूजर्स की मंजूरी के बिना उनका डेटा इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया था। टेक्सास के स्टेट अटॉर्नी जनरल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 'टेक कंपनियां कानून से ऊपर नहीं' अटॉर्नी जरनल केन पैक्सटन ने बताया कि यह समझौता टेक कंपनियों के लिए एक संदेश है कि हम हमारे अधिकारों और आजादी को बेचकर उन्हें पैसे नहीं कमाने देंगे। पैक्सटन ने कहा कि टेक्सास में, बड़ी तकनीकी कंपनियां कानून से ऊपर नहीं हैं। वर्षों तक गूगल ने लोगों की गतिविधियों, निजी सर्च और यहां तक कि उनके वॉइस प्रिंट्स और फेसियल ज्योमेट्री को भी अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया। यह समझौता टेक्सास द्वारा गूगल के खिलाफ किए गए जियो-लोकेशन, गुप्त सर्च और बायोमीट्रिक डेटा से संबंधित कई दावों का निपटारा करता है। गूगल के प्रवक्ता जोस कास्टानेडा ने कहा कि यह समझौता पुराने दावों की एक श्रृंखला का निपटारा है, जिनमें से कुछ उत्पाद नीतियों से संबंधित हैं जिन्हें कंपनी पहले ही बदल चुकी है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते के लिए किसी भी नए उत्पाद परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। पैक्सटन ने कहा कि 1.4 अरब डॉलर इस प्रकार के डेटा-गोपनीयता उल्लंघनों पर गूगल के साथ समझौते में किसी भी राज्य द्वारा जीती गई सबसे बड़ी राशि है।  recent visitors 46

बुढ़ापे में हर महीने मिलेंगे ₹5000, केंद्र सरकार की कई ऐसी स्कीम हैं जिसने निवेशकों के भविष्य को सुरक्षित रखा

नई दिल्ली केंद्र सरकार की कई ऐसी स्कीम हैं जिसने निवेशकों के भविष्य को सुरक्षित रखा है। इनमें से एक अटल पेंशन योजना (एपीवाई) है। यह योजना असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार की एक पहल है। एपीवाई का संचालन पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की ओर से किया जाता है। स्कीम के बारे में अटल पेंशन योजना 18 से 40 वर्ष की आयु के सभी बैंक खाताधारकों के लिए है। यह योजना उन लोगों के लिए आयकरदाता नहीं हैं और चुनी गई पेंशन राशि के आधार पर योगदान अलग-अलग होता है। योजना में शामिल होने के बाद ग्राहक की ओर से किए गए अंशदान के आधार पर, 60 वर्ष की आयु के बाद ग्राहक को पेंशन मिलेगी। इसके तहत निवेशकों को 1000 रुपये या 2000 रुपये या 3000 रुपये या 4000 रुपये या 5000 रुपये की गारंटीकृत न्यूनतम मासिक पेंशन मिलेगी। ये हैं शर्तें ग्राहक की असामयिक मृत्यु (60 वर्ष की आयु से पहले मृत्यु) के मामले में जीवनसाथी, शेष निहित अवधि के लिए, मूल ग्राहक के 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, ग्राहक के अटल पेंशन योजना खाते में अंशदान जारी रख सकता है। भुगतान करने के तरीके, ग्राहक मासिक/ तिमाही/ अर्ध-वार्षिक आधार पर अटल पेंशन योजना में अंशदान कर सकते हैं। योजना से निकासी ग्राहक कुछ शर्तों के अधीन अटल पेंशन योजना से स्वेच्छा से बाहर निकल सकते हैं, जिसमें सरकारी सह-अंशदान और उस पर रिटर्न/ ब्याज की कटौती शामिल है। योजना के अंतर्गत नामांकित कुल ग्राहकों में से लगभग 47% महिलाएं हैं। अटल पेंशन योजना के तहत 29 अप्रैल 2025 तक 7.66 करोड़ से अधिक व्यक्तियों ने सदस्यता ली है। भारत के 8 लीड बैंक सहित कुल 60 स्टेक होल्डर्स के जरिए अटल पेंशन योजना स्कीम को संचालित किया जा रहा है। recent visitors 64

बैंकिंग शेयरों ने बिकवाली का नेतृत्व किया, भारत-पाक तनाव के बीच लाल निशान में बंद शेयर बाजार

मुंबई भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच शेयर बाजार शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 880.34 अंक या 1.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,454.47 और निफ्टी 265.80 अंक या 1.10 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,008 पर था। बैंकिंग शेयरों ने बिकवाली का नेतृत्व किया। निफ्टी बैंक 770.40 अंक या 1.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53,595.25 पर था। इसके अतिरिक्त ऑटो, आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, एनर्जी, प्राइवेट बैंक और इन्फ्रा इंडेक्स में बिकवाली थी। केवल मीडिया और पीएसयू बैंक इंडेक्स ही हरे निशान में बंद हुए। एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक दे ने कहा, "निफ्टी के लिए 24,000 एक अहम सपोर्ट है। अगर यह टूटता है तो 23,900 के स्तर देखने को मिल सकता है। तेजी की स्थिति में 24,250 रुकावट का स्तर होगा।" लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली का कम दबाव देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 5.95 अंक की मामूली गिरावट के साथ 53,223.35 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 98.10 अंक या 0.61 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,085 पर था। सेंसेक्स पैक में टाइटन, टाटा मोटर्स, एलएंडटी, एसबीआई और एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स थे। आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, रिलायंस, एचडीएफसी बैंक और बजाज फिनसर्व टॉप लूजर्स थे। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने रिटेल निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि छोटी अवधि के वैश्विक उतार-चढ़ाव को देखते हुए रिटेल निवेशकों को भावनात्मक निर्णय लेने से बचना चाहिए। ऐतिहासिक रूप से भू-राजनीतिक तनावों के कारण बाजार में गिरावट अस्थायी रही है। ब्रोकिंग फर्म ने कहा कि ऐसे बाजार में लंबी अवधि के नजरिए वाले निवेशकों को आकर्षक मूल्यांकन पर मजबूत शेयरों में निवेश के अवसर मिल सकते हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 8 मई को लगातार 16वें सत्र में अपनी खरीदारी जारी रखी और 2,007 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 596 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। recent visitors 43

घबराने की आवश्यकता नहीं, देश के पास तेल-गैस का पर्याप्त भंडार है; इंडियन ऑयल का देश को संदेश

मुंबई इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने देशवासियों को आश्वासन दिया है कि देश भर में ईंधन और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, इसलिए किसी भी प्रकार की घबराहट में खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है। कंपनी ने शुक्रवार, 9 मई को सुबह 5:12 बजे अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया कि इंडियन ऑयल की सप्लाई लाइनें सुचारू रूप से काम कर रही हैं और सभी आउटलेट्स पर ईंधन और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इंडियन ऑयल ने अपनी पोस्ट में लिखा, "#IndianOil के पास देश भर में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और हमारी आपूर्ति लाइनें सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। घबराहट में खरीदारी की कोई आवश्यकता नहीं है- ईंधन और एलपीजी हमारे सभी आउटलेट्स पर आसानी से उपलब्ध हैं। हमारी बेहतर सेवा के लिए शांत रहें और अनावश्यक भीड़ से बचें। इससे हमारी आपूर्ति लाइनें निर्बाध रूप से चलती रहेंगी और सभी के लिए ईंधन की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित होगी।" इंडियन ऑयल का योगदान इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में से एक है, जो तेल, गैस, पेट्रोकेमिकल्स और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के क्षेत्र में काम करती है। इस संदेश के जरिए इंडियन ऑयल ने न केवल अपनी तैयारियों को प्रदर्शित किया, बल्कि देशवासियों से एकजुटता और समझदारी की अपील भी की, ताकि सप्लाई चैन प्रभावित न हो और सभी को जरूरी संसाधन मिलते रहें। संपर्क और अधिक जानकारी के लिए: इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट: iocl.com कस्टमर सर्विस नंबर: 18002333555 एलपीजी सेवाओं के लिए: Indane LPG Enquiry Portal इंडियन ऑयल ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। क्यों जरूरी था लोगों को संदेश? इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड का यह आश्वासन ऐसे समय में आया है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया है। भारत ने बुधवार को मिसाइल हमले शुरू किए, जिसे उसने आतंकी शिविरों पर निशाना बताया। बाद में पाकिस्तान ने भी ड्रोन से भारत पर हमले किए लेकिन भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने इन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। इस बढ़ते संघर्ष ने दोनों परमाणु-संपन्न देशों के बीच व्यापक सैन्य टकराव की आशंका को बढ़ा दिया है, जिसका असर संसाधनों की आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे में, इंडियन ऑयल का यह बयान न केवल ईंधन की उपलब्धता को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि इस संकटकाल में सप्लाई चैन को निर्बाध बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दर्शाता है, ताकि युद्ध जैसी स्थिति में भी देश की ऊर्जा जरूरतें प्रभावित न हों। recent visitors 44

यात्रियों को समय से तीन घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह , प्रस्थान से 75 मिनट पहले चेक-इन बंद

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई हमले शुरू हो गए हैं. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ मिसाइल अटैक किए जा रहे हैं. उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं. एयर इंडिया ने इस बीच एक एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को सचेत किया है कि अगर उनकी उड़ानें शेड्यूल हैं तो वे समय से तीन घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच जाएं. एयरलाइन ने कहा है कि उड़ानों के प्रस्थान से 75 मिनट पहले चेक-इन बंद कर दिया जाएगा. एयर इंडिया की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, "नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा हवाई अड्डों पर सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के आदेश के मद्देनजर, पूरे भारत में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने-अपने एयरपोर्ट्स पर निर्धारित प्रस्थान से कम से कम तीन घंटे पहले पहुंचें, ताकि सुचारू चेक-इन और बोर्डिंग सुनिश्चित हो सके. प्रस्थान से 75 मिनट पहले चेक-इन बंद कर दिया जाएगा." अकासा एयर ने भी जारी की एडवाइजरी एयर इंडिया की ही तरह अकासा एयर ने भी एडवाइजरी जारी की है. एडवाइजरी में कहा गया है, "भारत भर के सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षा उपायों में वृद्धि के कारण, हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप प्रस्थान से कम से कम 3 घंटे पहले हवाई अड्डे पर पहुंचें, ताकि एक सहज चेक-इन और बोर्डिंग अनुभव सुनिश्चित हो सके." अकासा एयर ने कहा, "कृपया सुनिश्चित करें कि आप हवाई अड्डे में प्रवेश के लिए वैध सरकार द्वारा अनुमोदित फोटो पहचान दस्तावेज साथ लेकर चलें. आपके चेक-इन बैगेज के अलावा, केवल 7 किलोग्राम तक वजन वाले एक हैंडबैग की अनुमति होगी. नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी यात्रियों को बोर्डिंग से पहले द्वितीयक सुरक्षा जांच से गुजरना होगा…"   recent visitors 43

वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर फॉर्म एक व चार को नया फॉर्म जारी किया गया, 50 लाख तक बगैर परेशानी भरें रिटर्न

पटना आयकर विभाग ने असेसमेंट वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए फॉर्म जारी कर दिया है। आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर फॉर्म एक व चार को जारी किया गया है। इसके माध्यम से आयकरदाता 50 लाख तक का रिटर्न या संस्थाओं की ओर से रिटर्न दाखिल आसानी से किया जा सकता है। टैक्सपेयर्स अब वित्त वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए इन फॉर्म का उपयोग करते हुए रिटर्न दाखिल कर सकते है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से से इन फॉर्म में आवश्यक कई बदलाव किए गए हैं, इससे कुछ मामलों में एलिजिबिलिटी और रिक्वायरमेंट्स से जुड़े हुए चीजों में अंतर देखा जा सकता है। आयकर विभाग की ओर से अलग-अलग टैक्सपेयर्स की इनकम, उसके स्रोत और रेजिडेंशियल स्टेटस के आधार पर अलग-अलग आईटीआर फॉर्म तय किए जाते हैं। ऐसे में आयकर दाखिल करने से पहले यह जानना जरूरी है कि किस टैक्सपेयर को किस फॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए। सीए रश्मि गुप्ता और सीए आशीष रोहतगी ने दी जानकारी सीए रश्मि गुप्ता व सीए आशीष रोहतगी ने बताया कि आयकर अधिनियम के तहत एक वित्तीय वर्ष में 1.25 लाख रुपये तक का एलटीसीजी का लाभ लेने वाले व्यक्ति आईटीआर वन फाइल दाखिल कर सकते हैं। पहले इस मामले में आईटीआर टू फॉर्म दाखिल करना होता था। आयकर विभाग की अधिसूचना के अनुसार, 50 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्ति, कंपनी या हिन्दू अविभाजित परिवारों की ओर से 2024-25 में प्राप्त हुए आय के लिए आईटीआर दाखिल करेंगे। आटीआर वन सहज तथा आइटीआर फॉर्म चार सुगम करदाताओं के जरूरत के अनुसार है। सहज फॉर्म का उपयोग वैसे करदाता करेंगे जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है। साथ ही वेतन, एक मकान की संपत्ति, अन्य स्त्रोतों से ब्याज तथा कृषि से आय प्राप्त करता हो। उन्होंने बताया कि सीबीडीटी की ओर से किए गए बदलाव के आलोक में शेयर व म्यूचुअल फंड से लॉन्गटर्म पूंजीगत लाभ लेने वाले वेतनभोगी को लाभ मिलेगा। recent visitors 46

भारत-पाक में तनाव के बीच सोने-चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट, 24 कैरेट सोना 1402 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता

मुंबई ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान में चल रहे तनाव के बीच एक गुड न्यूज है। खासतौर पर उन लोगों के लिए, जो सोने-चांदी के जेवर खरीदने की सोच रहे हैं। सोने-चांदी के भाव में आज बड़ी गिरावट है। 24 कैरेट सोना आज 8 मई को 1402 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर 96024 रुपये पर आज गया है। जबकि, चांदी 1174 रुपये सस्ती होकर 94600 रुपये प्रति किलो के भाव से खुली। बता दें सर्राफा बाजार के रेट इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने जारी किए हैं, जिनमें जीएसटी नहीं लगा है। हो सकता है आपके शहर में इससे 1000 से 2000 रुपये का अंतर आ रहा हो। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। अभी यह रेट दोपहर वाला है। इस साल सोना 20384 रुपये चढ़ा 22 अप्रैल 2025 को सोना 99100 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर था। 31 दिसंबर 24 को सोना 76045 रुपये प्रति 10 के रेट से खुला था और चांदी 85680 रुपये प्रति किलो से। इस दिन सोना 75740 रुपये पर बंद हुआ। चांदी भी 86017 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। इस साल सोना करीब 20384 रुपये और चांदी 8920 रुपये महंगी हो चुकी है। बिना जीएसटी 18 कैरेट, 22 कैरेट और 23 कैरेट गोल्ड के भाव आईबीजेए रेट्स के मुताबिक 23 कैरेट गोल्ड भी आज 1396 रुपये सस्ता होकर 96374 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव से खुला। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड का औसत हाजिर भाव दोपहर को करीब 1284 रुपये टूटकर 87958 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर खुला। 18 कैरेट गोल्ड का भाव भी 1052 रुपये सस्ता होकर 72018 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। जबकि, 14 कैरेट गोल्ड की कीमत 820 रुपये कम होकर 56174 रुपये पर आ गई है। recent visitors 36

10वां वार्षिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉन्फ़्रेंस वैसोकॉन 2025 : 10 और 11 मई को देशभर के चिकित्सा विशेषज्ञ होंगे एकत्र

भोपाल, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल इस सप्ताहांत एक प्रतिष्ठित चिकित्सा आयोजन की मेज़बानी करने जा रही है। 10 और 11 मई को होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में आयोजित होने जा रही “वैसोकॉन 2025” नामक दो दिवसीय वार्षिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉन्फ़्रेंस में देशभर से वरिष्ठ डॉक्टर, शोधकर्ता और विशेषज्ञ जुटेंगे। यह आयोजन भोपाल इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं गैस्ट्रोकेयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा किया जा रहा है और इसमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एवं लिवर से जुड़ी जटिल वेसकुलर स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। इस कॉन्फ्रेंस में इंडियन सोसायटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एम पी चैप्टर , इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ग्रेटर भोपाल ब्रांच, इंडियन सोसाइटी ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (एमपी चैप्टर), एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन एम पी चैप्टर, भोपाल हेमेटोलॉजी सोसाइटी और भोपाल सर्जन क्लब का सहयोग प्राप्त है। आयोजन गैस्ट्रोकेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में किया जा रहा है, जो मध्यप्रदेश में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और संबद्ध रोगों की जानकारी एवं शोध को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रमुख संगठन है। कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में संक्रमण और कैंसर के साथ-साथ ब्लीडिंग (रक्तस्राव) और थ्रोम्बोसिस (खून का थक्का जमना) मानव जीवन के लिए अत्यंत गंभीर और घातक परिस्थितियाँ बन चुकी हैं। चाहे शरीर का कोई भी अंग प्रभावित हो, इन दोनों स्थितियों के मूलभूत सिद्धांत समान रहते हैं। चिकित्सा विज्ञान में इन विषयों पर निरंतर समीक्षा और अद्यतन जानकारी आवश्यक है। बीते वर्षों में रक्त प्रबंधन, डायग्नोस्टिक तकनीकों और संवहनी रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के कॉन्फ़्रेंस का मुख्य विषय रखा गया है: “वैसोकॉन – जीआई ट्रैक और लिवर में वेसकुलर ईवेंट: सही समय पर पहचानें और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करें।” यह वार्षिक कॉन्फ़्रेंस, जो हर वर्ष संस्थान के स्थापना दिवस पर आयोजित होती है, बुनियादी विज्ञान और नवीनतम चिकित्सा शोध को चिकित्सीय अभ्यास दिशानिर्देशों के रूप में प्रस्तुत करने का एक अनूठा मंच है। दो दिवसीय इस कॉन्फ़्रेंस में व्याख्यान, पैनल चर्चा, संगोष्ठी, वाद-विवाद, केस स्टडीज़ और वीडियो वर्कशॉप्स के माध्यम से प्रतिभागियों को उपयोगी और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। इस बार, पारंपरिक लाइव डेमोन्स्ट्रेशन के स्थान पर उच्च गुणवत्ता वाली वीडियो वर्कशॉप्स रखी गई हैं, ताकि प्रतिभागियों को एक अधिक प्रभावी और संरचित लर्निंग अनुभव मिल सके। कॉन्फ़्रेंस में देश के विभिन्न भागों से गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, जीआई सर्जन, हेमेटोलॉजिस्ट, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट और एंडोस्कोपिस्ट आमंत्रित किए गए हैं, जो अपने अनुभव, रिसर्च और क्लिनिकल केस प्रस्तुत करेंगे। यह कॉन्फ़्रेंस विशेष रूप से जीआई ट्रैक और लिवर से जुड़ी संवहनी समस्याओं पर केंद्रित है, जो आज की चिकित्सा में लगातार उभरते हुए क्षेत्र हैं। कॉन्फ़्रेंस की मुख्यतः ब्लीडिंग और थ्रोम्बोसिस जैसे जटिल चिकित्सकीय मुद्दों का बहुआयामी विश्लेषण शामिल है। इसमें पीटी-आईएनआर (PT INR) की व्याख्या और उपयोगिता, थ्रोम्बोइलास्टोग्राफी का समयबद्ध और उपयुक्त उपयोग, बड़े पैमाने पर ब्लीडिंग में रक्त एवं रक्त उत्पादों का तर्कसंगत प्रयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। वेरिसील और नॉन-वेरिसील अप्पर जीआई ब्लीडिंग, बच्चों में रेक्टल ब्लीडिंग, पोर्टल वेन थ्रोम्बोसिस की जटिलताएँ, प्रक्रियात्मक ब्लीडिंग का प्रभावी प्रबंधन, तथा मेसेंटेरिक इस्किमिया में सर्जरी बनाम इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी जैसे विशिष्ट क्लिनिकल निर्णयों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। इसके अतिरिक्त बुड-चियारी सिंड्रोम में आईआर की उभरती भूमिका, एलजीआई और छोटी आंत से ब्लीडिंग, एंटीकोएग्यूलेशन या एंटीप्लेटलेट थेरेपी के मरीजों में ब्लीडिंग का प्रबंधन, हीमोपेरिटोनियम, हीमोक्लिप्स का सर्वोत्तम उपयोग, और ब्लीडिंग से पहले एंडोस्कोपी सुइट की तैयारी जैसे व्यावहारिक विषय शामिल होंगे। आधुनिक तकनीकों के संदर्भ में कॉटरी सेटिंग्स, एआई की भूमिका, और विशेष परिस्थितियों में एंटीकोएग्यूलेशन का उपयोग भी विस्तृत चर्चा के केंद्र में रहेगा। चिकित्सकों और इंटेंसिविस्ट के दृष्टिकोण से जीआई ब्लीडिंग के मामलों की केस-आधारित समीक्षा कॉन्फ़्रेंस को और भी समृद्ध बनाएगी। कॉन्फ़्रेंस का एक विशेष सत्र कार्सिनोमा विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें चर्चा की जाएगी कि भारत में पेट के कैंसर की निगरानी कितनी आवश्यक है, किन पॉलिप्स को हटाया जाना चाहिए और बायोप्सी के लिए कौन-सी रणनीति अपनाई जानी चाहिए। इसके साथ ही वीडियो वर्कशॉप के माध्यम से ब्लीडिंग और थ्रोम्बोसिस के एंडोस्कोपिक, सर्जिकल और रेडियोलॉजिकल प्रबंधन की तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। विशिष्ट आमंत्रित अतिथि वक्ताओं डॉ. एस.के. सरीन (दिल्ली), डॉ एस के आचार्य (भुवनेश्वर), डॉ. ए.सी. आनंद (भुवनेश्वर), डॉ. एस.पी. मिश्रा (प्रयागराज), डॉ. राजेश पुरी (दिल्ली), डॉ. मोहन राम चंदानी (हैदराबाद), डॉ. उमेश जलिहाल (बेंगलुरु), डॉ. सोनल अस्थाना (बेंगलुरु), डॉ. नीरज सर्राफ (दिल्ली), डॉ. कौशल मदान (दिल्ली), डॉ. बी.एस. रवींद्र (बेंगलुरु), डॉ. अमर मुकुंद (दिल्ली), डॉ. ज़हीर नबी (हैदराबाद), डॉ. जयंत सामंता (चंडीगढ़), डॉ. राहुल भार्गव (दिल्ली), डॉ. प्रवीण शर्मा (दिल्ली), डॉ. नितिन शेट्टी (मुंबई), डॉ. वेंकट अय्यर (भावनगर), डॉ. जगदीश आर. सिंह (हैदराबाद), डॉ. पवन के. अदला (हैदराबाद), और डॉ. प्रीतम नाथ (भुवनेश्वर) जैसे नाम शामिल है। recent visitors 33

मोदी सरकार ने Starlink को दी ‘हरी झंडी’, Elon Musk के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली Elon Musk की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस ऑफर करने वाली कंपनी Starlink पिछले लंबे समय से भारत में एंट्री की कोशिश कर रही है, अब कंपनी की राह आसान होती नजर आ रही है क्योंकि भारत सरकार की ओर से स्टारलिंक को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है. LoI यानी लेटर ऑफ इंटेंट संभावित समझौते के बारे में बातचीत के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा की तरह काम करता है, यह इस को दर्शाता है कि दोनों पक्ष सौदे के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं. सूत्रों के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम की ओर से स्टारलिंक को लेंटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे पहले जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशन और यूटेलसैट वनवेब को भी समान लाइसेंस के लिए अप्रूवल दिया गया है. लेंटर ऑफ इंटेंट मिलने का मतलब ये है कि अब स्टारलिंक अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए अगला कदम उठा सकती है, ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि सरकार की ओर से स्टारलिंक को हरी झंडी मिलती नजर आ रही है. DoT ने जारी किया लेटर ऑफ इंटेंट स्टारलिंक सर्विस सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के जरिए दुनिया भर में हाई-स्पीड और लो-लेटेंसी ब्रॉडबैंड इंटरनेट प्रदान करती है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) ने अब स्टारलिंक को यह लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है. इससे पहले सरकार ने Eutelsat OneWeb और Jio Satellite Communications को सैटकॉम सर्विस के लिए लाइसेंस जारी किए थे. लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स का इस्तेमाल करती है स्टारलिंक पारंपरिक सैटेलाइट सेवाओं के विपरीत, जो पृथ्वी से बहुत दूर स्थित भू-स्थैतिक (Geostationary) उपग्रहों पर निर्भर करती हैं, स्टारलिंक धरती के करीब स्थित लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रहों के सबसे बड़े नेटवर्क (550 किमी ऊपर) का इस्तेमाल करती है. वर्तमान में इसके पास करीब 7,000 LEO उपग्रहों का जाल है, जो भविष्य में बढ़कर 40,000 से अधिक हो सकता है. यह नेटवर्क स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉल जैसे कार्यों के लिए सक्षम ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस प्रदान करता है. क्या है Starlink का मकसद? 2002 में एलन मस्क ने स्टारलिंक को शुरू किया था, इस कंपना का मकसद सैटेलाइट के जरिए दुनिया के हर कोने तक हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है. स्टारलिंक अन्य सैटेलाइट सर्विस की तुलना थोड़ा अलग है, इंटरनेट देने वाली सैटेलाइट आमतौर पर धरती से 36000 किलोमीटर दूर जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में होती हैं लेकिन स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद है जो धरती से केवल 550 किलोमीटर ऊपर स्थित है. फिलहाल स्टारलिंक के पास 7000 सैटेलाइट नेटवर्क है जिसे कंपनी आने वाले समय में 40 हजार तक बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. कितनी है Starlink Internet Speed? इंटरनेट स्पीड की बात करें तो रेगुलर यूजर्स को 50Mbps से 250Mbps तक की स्पीड मिलती है, वहीं प्रीमियम प्लान चुनने वाले यूजर्स को कंपनी की तरफ से 500Mbps तक की स्पीड दी जाती है. भारत में स्टारलिंक के प्लान्स की कीमत कितनी होगी? फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं मिली है.   recent visitors 40

भारत-पाकिस्तान में तनाव सोने, चांदी के भाव पर असर, गोल्ड एक लाख पार, चांदी भी चमकी

भोपाल भारत और पाक में चल रहे विवाद के बीच एक बार फिर कीमती धातुओं की कीमत में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार को भोपाल सर्राफा बाजार में सोना स्टैंडर्ड की कीमत एक बार फिर एक लाख रुपए को पार कर गई। वहीं चांदी प्रति किलो की कीमत बढ़कर 99,500 पर पहुंच गई है। इस हफ्ते की शुरुआत से ही सोने की कीमतों में तेजी (Gold Silver Price) देखने को मिल रही है। बीते तीन दिन कारोबारी सत्रों में सोने का भाव 4000 रुपए से अधिक बढ़ चुका है। 5 मई को यह 94,200 रुपए पर था।  अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Level) पर भी सोने की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है, सोने का दाम 3400 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया है। वैश्विक तनाव के कारण बढ़ा निवेश जानकारों का कहना है कि वैश्विक तनाव बढ़ने के कारण लोग सुरक्षित समझे जाने वाले सोने में निवेश कर रहे हैं। इसके अलावा सोने के निवेशक अमेरिकी फेड के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। ब्याज दरों में कटौती से गोल्ड की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। 2025 की शुरुआत से सोने ने निवेशकों को करीब 27 प्रतिशत का जबरदस्त रिटर्न दिया है। जयपुर सर्राफा बाजार में सोना 800 रुपए बढ़कर एक लाख सौ रुपए प्रति दस ग्राम रहा। आरबीआई ने बढ़ाया भंडार आरबीआइ (RBI) ने वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी छमाही में अपने भंडार में लगभग 25 टन सोना बढ़ाया है। केंद्रीय बैंक के पास अब अपने भंडार में 879.59 टन सोना है, जबकि सितंबर 2024 के अंत में उसके पास 854.73 टन सोना था। वित्त वर्ष 2024-25 में, केंद्रीय बैंक ने अपने भंडार में सोने की मात्रा 57 टन और बढ़ाई, जिस अवधि के दौरान सोने की कीमतों में 30 प्रतिशत की तेजी देखी गई थी। कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा छह महीने पहले 9.32त्न से बढ़कर मार्च 2025 के अंत तक 11.70%हो गया। जियो पॉलिटिकल हालात पर नजर जीजेसी के पूर्व चेयरमैन नितिन खंडेलवाल ने कहा कि बदलते जियो पॉलिटिकल हालात पर बाजार की नजर है। चीन की इंश्योरेंस कंपनियां भी सोने की खरीदारी कर रही हैं। चीन के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों में कटौती की है। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि यूके के साथ एफटीए होने से इंडस्ट्रीज को फायदा मिलेगा। यूके के साथ एफटीए से सोने के गहनों का एक्सपोर्ट बढ़ेगा। खंडेलवाल ने कहा कि सोने का भाव 3800-4000 डॉलर तक पहुंच सकता है। recent visitors 43

पाकिस्तान के शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट, घुटनों पर आया स्टॉक एक्सचेंज, बंद करनी पड़ी ट्रेडिंग

इस्लामाबाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के स्टॉक एक्सचेंज में हाहाकार मचा हुआ है। सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को पाकिस्तान के इंडेक्स कराची स्टॉक एक्सचेंज में 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। हालात इतने बदतर हो गए कि स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग रोक दी गई। इससे पहले बुधवार को भी कराची स्टॉक एक्सचेंज में कुछ देर के लिए कारोबार ठप रहा। बता दें कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर हमला किया था, जिसमें कई आतंकवादियों के मारे जाने और उनके ठिकाने नष्ट होने की सूचना है। लगातार चौथे दिन गिरावट पाकिस्तान के शेयर बाजार में गिरावट का यह लगातार चौथा दिन है। इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को भी पाकिस्तानी शेयरों में गिरावट देखी गई थी। बुधवार को पाकिस्तान के शेयरों में 6.2% तक की गिरावट आई थी, लेकिन कारोबार के अंत में नुकसान की थोड़ी भरपाई हुई लेकिन 3.09% की गिरावट दर्ज की गई। बेफिक्र है भारत का बाजार पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में मचे हाहाकार के उलट भारतीय बाजार बेफिक्र है। भारतीय बाजार में गुरुवार को बिकवाली जरूर थी लेकिन बुधवार को पॉजिटिव क्लोजिंग हुई। सप्ताह के तीसरे दिन ट्रेडिंग के दौरान उतार-चढ़ाव का माहौल जरूर था लेकिन कारोबार के अंत में बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 105.71 अंक यानी 0.13 प्रतिशत चढ़कर 80,746.78 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 34.80 अंक यानी 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,414.40 अंक पर बंद हुआ। recent visitors 33

पाकिस्तानी शेयर बाजार भी क्रैश, लेकिन भारतीय शेयर बाजार में बहार, पलटवार का कोई डर नहीं!

मुंबई भारत की ओर से पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए पाकिस्तान और POK में एयर स्ट्राइक (Indian Air Strike) की गई, जिसमें करीब 90 आतंकी मारे गए और 9 आतंकी ठिकाने तबाह हो गए. इससे जहां पाकिस्तान की सरकार में हड़कंप मचा, तो साथ ही पाकिस्तानी शेयर बाजार भी क्रैश (Pakistan Stock Market Crash) हो गया. वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की ओर से किसी भी पलटवार से बैखौफ भारतीय शेयर बाजार (Stock Market India) में इस तनाव के बावजूद बहार देखने को मिली है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स बढ़त के साथ ग्रीन जोन में क्लोज हुए हैं. सेना के एक्शन को भारतीय बाजार का सलाम सबसे पहले बात करते हैं भारतीय शेयर बाजार की जो पाकिस्तान में भारतीय सेनाओं की एयर स्ट्राइक के बाद शुरुआती गिरवाट से उबरता हुआ आखिर में बढ़त के साथ बंद हुआ और भारत के पाकिस्तान पर किए गए एक्शन को सलाह किया है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बुधवार को Share Market में शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई और ये कभी ग्रीन, तो कभी रेड जोन में कारोबार करते नजर आए. हालांकि, बाजार बंद होते-होते BSE Sensex 105.71 अंकों की बढ़त लेकर 80,746.78 के लेवल पर क्लोज हुआ. तो वहीं NSE Nifty 35 अंक चढ़कर 24,414 पर बंद हुआ. खुलते ही धड़ाम हुआ Pak मार्केट   एक ओर जहां भारतीय शेयर बाजार ग्रीन जोन में क्लोज हुआ है, तो वहीं इससे उलट पाकिस्तानी शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है. वैसे तो 22 अप्रैल को हुए Pahalgam Terror Attack के बाद से ही पाकिस्तीन शेयर बाजार में टूटने का सिलसिला जारी है और ये हमले वाले दिन से अब तक करीब 11000 पॉइंट टूट गया हो, लेकिन बुधवार को Indian Air Strike के बाद खुलते ही ये भरभराकर करीब 6 फीसदी टूट गया. करीब 6000 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ KSE-100 इंडेक्स 1,07,296 के लेवल पर आ गया. हालांकि, जब भारतीय शेयर मार्केट बंद हुआ, तब तक Pakistan Stock Market में जारी गिरावट की रफ्तार मामूली धीमी जरूर पड़ी थी, लेकिन इसके बावजूद ये 1,09,987 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. दलाल स्ट्रीट में कोई पैनिक नहीं पाकिस्तान में शेयर बाजार निवेशकों के बीच जहां हड़कंप मचा नजर आया है, तो वहीं ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) ने भले ही भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ाने का काम किया हो, लेकिन दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) में किसी तरह की कोई घबराहट देखने को नहीं मिली है. न कोई बिकवाली हुई और न ही कोई बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सिर्फ मामूली अस्थिरता जरूर नजर आई. खास बात ये है कि  भारत-पाकिस्तान के बीच टकराव के समय Indian Stock Market ने उस कहावत को खारिज किया है, कि अनिश्चितता से बाजार नफरत करते हैं और बड़ी गिरावट देखने को मिलती है. इतिहास को देखें तो ऐसा पहली बार नहीं है, 1999 में कारगिल युद्ध (Kargil War) से लेकर 2019 में बालाकोट हवाई हमलों (Balakot Air Strike) तक सेंसेक्स ने बार-बार झटकों को झेला है और आश्चर्यजनक उत्साह के साथ जोरदार वापसी की है. आज खूब भागे ये 10 शेयर बात करें, भारतीय बाजार में तेजी के बीच सबसे ज्यादा चढ़ने वाले Top-10 Stocks के बारे में, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल Tata Motors Share (5.05%) चढ़कर 680.50 रुपये पर बंद हुआ. Bajaj Finance Share (2.14%) की उछाल के साथ 8985.50 रुपये पर क्लोज हुआ. Eternal Share (1.85%), तो M&M (1.64%) और Adani Ports (1.41%) की बढ़त लेकर बंद हुआ. मिडकैप में शामिल Endurance Share (8.44%), Paytm Share 7.18%, Bharat Forge Share (5.10%), MRF Share (4.23%), Kalyan Jewellers Share (4.01%) उछलकर बंद हुआ. इसके अलावा BHEL, Torent Power, KPI Tech, LIC Housing Finance के शेयर2-3 फीसदी की बढ़त में क्लोज हुए. स्मॉलकैप में Aarti Drugs Share 20% और Timex Share 19.99% उछला. recent visitors 46

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते ₹97000 के नीचे आ गया गोल्ड, सोने-चांदी के रेट में गिरावट

मुंबई भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। MCX पर सोने का भाव ₹96,900 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछले बंद भाव ₹97,491 था। सुबह 9:05 बजे, MCX पर सोने का भाव ₹841 या 0.86% की गिरावट के साथ ₹96,650 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। पिछले सत्र में सोने की कीमतों में 3% से अधिक की तेजी आई थी। चांदी की कीमतों में भी गिरावट MCX पर चांदी का भाव भी कम होकर खुला और ₹251 या 0.26% की गिरावट के साथ ₹96,450 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच भू-राजनीतिक तनाव तब बढ़ गया जब भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ढांचे पर सटीक हमले करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। इस ऑपरेशन में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया, जो मुख्य लक्ष्य थे। रुपये में गिरावट पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर भारत के सैन्य हमलों के बाद सीमा पार तनाव बढ़ने के बीच रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 31 पैसे कमजोर होकर 84.66 प्रति डॉलर पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य हमलों से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने का असर रुपये दिखा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.65 प्रति डॉलर पर खुला। फिर डॉलर के मुकाबले 84.66 पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 31 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84.35 पर बंद हुआ था। recent visitors 93

बजाज की नई स्पोर्ट्स बाइक NS400Z का भौकाली लुक वायरल, लॉन्च से पहले डीलरशिप पर हुई स्पॉट

नई दिल्ली बजाज की नई पल्सर NS400Z लॉन्च से पहले ही डीलरशिप पर दिखाई देने लगी है। बाइक में अपोलो रेडियल टायर्स, सिंटरड ब्रेक पैड्स और OBD-2B अपडेट्स जैसे कई एडवांस फीचर्स मिलते हैं। इसकी कीमत मौजूदा मॉडल से थोड़ी अधिक हो सकती है। बजाज ऑटो की मोस्ट अवेटेड बाइक पल्सर NS400Z अब डीलरशिप्स पर पहुंचने लगी है। बाइक में कई अहम तकनीकी अपडेट किए गए हैं, जिससे राइडिंग अनुभव और भी बेहतर हो गया है। इसमें ट्रैक्शन कंट्रोल, चार राइडिंग मोड्स और नया टायर सेटअप खास आकर्षण हैं। बजाज ऑटो जल्द ही भारतीय बाजार में अपनी नई पल्सर NS400Z लॉन्च करने वाली है। बाइक के लॉन्च से पहले ही इसके कई यूनिट्स डीलरशिप पर देखे गए हैं। इसमें कई तकनीकी अपग्रेड्स और शानदार फीचर्स जोड़े गए हैं, जो इसे युवाओं के बीच और भी पॉपुलर बना रहे हैं। लॉन्च से पहले ही डीलरशिप पर पहुंची NS400Z बजाज ऑटो की बहुप्रतीक्षित बाइक Pulsar NS400Z लॉन्च से पहले ही भारत के कई डीलरशिप्स पर दिखाई देने लगी है। इससे यह साफ हो गया है कि कंपनी इसकी बिक्री जल्द शुरू करने वाली है। बाइक की तस्वीरें और फीचर्स सामने आते ही बाइक प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। नया टायर सेटअप देगा बेहतरीन ग्रिप नई NS400Z में एक बड़ा बदलाव इसके रियर टायर में किया गया है। अब इसमें 150-सैक्शन का Apollo Alpha H1 रेडियल टायर मिलता है, जो पहले के 140-सैक्शन MRF REVZ टायर की तुलना में बेहतर ग्रिप और कॉर्नरिंग देता है। इससे हाई-स्पीड पर बाइक की स्टेबिलिटी और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं। फ्रंट टायर में भी अब अपोलो का टायर लगाया गया है, लेकिन उसका साइज वही रखा गया है। ब्रेकिंग सिस्टम में बड़ा अपडेट बजाज ने इस बार बाइक के ब्रेकिंग सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए सिंटरड ब्रेक पैड्स का इस्तेमाल किया है। पहले इसमें ऑर्गेनिक ब्रेक पैड्स दिए जाते थे। नए पैड्स से अब बाइक की स्टॉपिंग पावर बेहतर हो गई है, खासकर तेज रफ्तार पर यह काफी उपयोगी साबित होती है। OBD-2B नॉर्म्स के अनुसार अपडेटेड इंजन बाइक को अब नए OBD-2B एमिशन नॉर्म्स के अनुरूप अपडेट किया गया है, जैसा कि अन्य सभी नई बाइक्स में भी देखा जा रहा है। हालांकि इस बदलाव से बाइक की पावर (39.4 bhp) और टॉर्क (35 Nm) में कोई कमी नहीं आई है। यह इंजन हाई-स्पीड राइडिंग और ऑफ-रोडिंग के लिए बेहतरीन परफॉर्मेंस देने में सक्षम है। दमदार फीचर्स जो बनाते हैं इसे खास बजाज NS400Z में कई ऐसे फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे अपनी कैटेगरी में खास बनाते हैं- फुल LED लाइटिंग सिस्टम स्विचेबल ट्रैक्शन कंट्रोल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर 4 राइडिंग मोड्स: रोड, रेन, स्पोर्ट, ऑफ-रोड अग्रेसिव और मस्क्युलर लुक इन सभी फीचर्स के साथ यह बाइक युवाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। कीमत में हो सकता है मामूली इजाफा मौजूदा NS400Z की एक्स-शोरूम कीमत 1,81,318 रुपए है। माना जा रहा है कि अपडेटेड वर्जन की कीमत 7,000-8,000 रुपए ज्यादा हो सकती है। यानी इसकी नई कीमत करीब 1.89 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) हो सकती है। यह कीमत अब भी इसे अपने सेगमेंट की सबसे वैल्यू फॉर मनी बाइक्स में शामिल करती है। लुक और डिजाइन में क्या नया? डीलरशिप पर देखी गई बाइक की तस्वीरों से साफ है कि बाइक का डिजाइन अब और भी ज्यादा शार्प और मस्क्युलर हो गया है। टैंक काउल, स्प्लिट सीट्स, और नया एग्जॉस्ट सेटअप इसे एक कंप्लीट स्पोर्टी लुक देता है। बजाज ने इस बार कलर स्कीम और ग्राफिक्स में भी थोड़ा बदलाव किया है, जिससे यह बाइक और भी आकर्षक दिखती है। परफॉर्मेंस और हैंडलिंग कैसी है? बाइक में मिलने वाला 373cc का इंजन (Dominar 400 वाला) हाई परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है। इसमें 6-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिपर क्लच मिलता है, जो स्मूथ राइडिंग में मदद करता है। नई टायर्स और ब्रेकिंग सिस्टम बाइक की कॉर्नरिंग और कंट्रोल को बेहतर बनाते हैं, जिससे यह ट्रैक और ट्रैफिक दोनों के लिए परफेक्ट हो जाती है। कब तक होगी लॉन्च? फिलहाल कंपनी ने इसकी ऑफिशियल लॉन्च डेट घोषित नहीं की है, लेकिन डीलरशिप पर बाइक की उपलब्धता देखकर माना जा रहा है कि इसे मई के आखिर तक लॉन्च कर दिया जाएगा। बुकिंग भी उसी समय शुरू होने की उम्मीद है। ग्राहक क्या करें? अगर आप एक स्पोर्टी और पावरफुल बाइक की तलाश में हैं, तो कुछ हफ्तों तक इंतजार करें और बजाज की नई NS400Z पर नजर रखें। लॉन्च के बाद यह बाइक सेगमेंट की बेस्ट ऑप्शन बन सकती है। आकर्षक लुक युवाओं के लिए शानदार विकल्प बजाज पल्सर NS400Z लॉन्च से पहले ही अपने नए अवतार में ग्राहकों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है। इसमें किए गए तकनीकी अपग्रेड्स, बेहतर राइड क्वालिटी और आकर्षक लुक इसे युवाओं के लिए एक शानदार विकल्प बनाते हैं। अगर आप एक दमदार परफॉर्मेंस वाली बाइक लेना चाहते हैं, तो NS400Z पर जरूर विचार करें। recent visitors 35

देश में बढ़ रहे इलेक्‍ट्र‍िक व्‍हीकल, इतने साल में बढ़कर 12 करोड़ के पार पहुंच जाएंगे EV

मुंबई भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या में तेजी से वृद्धि होने जा रही है। देश की सड़कों पर 2032 तक 123 मिलियन ईवी होने का अनुमान है। यह जानकारी मंगलवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में दी गई। सस्टेनेबल विकास और 2070 तक नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए ईवी को अपनाने की जरूरत है इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस (आईईएसए) और कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशन (सीईएस) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सस्टेनेबल विकास और 2070 तक नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने के लिए ईवी को अपनाने की जरूरत है। ईवी को अपनाया जाना भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है और साथ ही 2030 तक 30 प्रतिशत ईवी पेनिट्रेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मददगार होगा। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ऑन-रोड लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगभग बारह गुना बढ़ गई है रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत की संचयी ऑन-रोड लिथियम-आयन इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) लगभग बारह गुना बढ़ गए हैं, जो 2019 में 0.35 मिलियन से बढ़कर 2024 में 4.4 मिलियन हो गए हैं। इस तेज वृद्धि को सहायक सरकारी नीतियों, जैसे कि एफएएमई-2 योजना से बढ़ावा मिला है। यह योजना पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पूंजी सब्सिडी के साथ-साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए मांग आधारित प्रोत्साहन प्रदान करती है। 2024 में भारत के ऑन-रोड ईवी स्टॉक में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का कुल मिलाकर 93 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि 2024 में भारत के ऑन-रोड ईवी स्टॉक में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों का कुल मिलाकर 93 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा। इसके विपरीत, इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों का प्रतिनिधित्व लगभग 6 प्रतिशत था, जबकि इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों का हिस्सा 1 प्रतिशत से भी कम था। अनुमानित ईवी वृद्धि को सपोर्ट करने के लिए हम अनुमान लगा सकते हैं आईईएसए के अध्यक्ष देबमाल्या सेन ने कहा, “अनुमानित ईवी वृद्धि को सपोर्ट करने के लिए हम अनुमान लगा सकते हैं कि भारत के संचयी इंस्टॉल्ड ईवी चार्जिंग पॉइंट, पब्लिक और कैप्टिव, को लगभग 12 से 28 गुना बढ़ाने की जरूरत होगी, जो 2024 में लगभग 76,000 से बढ़कर 2032 तक 0.9 मिलियन और 2.1 मिलियन के बीच हो जाएगा।” सेन ने कहा कि इंस्टॉल्ड चार्जिंग क्षमता को भी 17 गुना से अधिक बढ़ाना होगा, जो ईवी अपनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग के स्तर पर निर्भर करते हुए 1.3 गीगावाट से बढ़कर 23 गीगावाट हो जाएगी। सीईएस के प्रबंध निदेशक विनायक वालिम्बे ने कहा कि 2032 तक, आईईएसए और सीईएस का अनुमान है कि भारत का ऑन-रोड ईवी स्टॉक लगभग 49 मिलियन (सबसे खराब स्थिति), 60 मिलियन (बिजनेस-एज-यूजुअल) या 123 मिलियन (एनईवी परिदृश्य) तक पहुंच सकता है। अधिकांश आवासीय क्षेत्रों में स्थापित टाइप-2 एसी चार्जर पर निर्भर थे रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में सड़कों पर लगभग 2,20,000 पर्सनल इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर (ई4डब्ल्यू) थे, जिनमें से अधिकांश आवासीय क्षेत्रों में स्थापित टाइप-2 एसी चार्जर पर निर्भर थे। उसी वर्ष तक भारत में अनुमानित 3,20,000 निजी टाइप-2 एसी चार्जर थे, जिनमें से 70 प्रतिशत 3.3 किलोवाट इकाइयां, 28 प्रतिशत 7.4 किलोवाट इकाइयां और शेष 11-22 किलोवाट इकाइयां उच्च क्षमता के रूप में वर्गीकृत थीं। recent visitors 41

मेड इन इंडिया ₹3.36 लाख करोड़ के iPhone! Apple का FY26 तक का बड़ा टारगेट

मुंबई दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल की योजना भारत में अपने उत्पादन को बढ़ाकर वित्त वर्ष 26 के अंत तक 40 अरब डॉलर (करीब 3.36 लाख करोड़ रुपए) तक ले जाने की है। टेक्नोलॉजी दिग्गज की ओर से भारत में उत्पादन ऐसे समय पर शिफ्ट किया जा रहा है, जब ट्रेड टैरिफ और भू-राजनीतिक तनाव के कारण चीन और अमेरिका के बीच संबंध बढ़ रहे हैं। अप्रैल-जून की अवधि में अमेरिका में बेचे जाने वाले ज्यादातर फोन भारत में बने होंगे इंडस्ट्री अनुमानों के मुताबिक, इस कदम से एप्पल अमेरिका में पैदा होने वाली 80 प्रतिशत आईफोन मांग को पूरी कर पाएगा और साथ ही भारत की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा किया जा सकता है। हाल ही में एप्पल के सीईओ टिम कुक ने बताया था कि अप्रैल-जून की अवधि में अमेरिका में बेचे जाने वाले ज्यादातर फोन भारत में बने होंगे। एप्पल की ओर से अमेरिका में भारत में बने आईफोन बेचने पर फोकस किया जा रहा है। इसकी वजह अमेरिकी सरकार की ओर से चीन पर बड़ी मात्रा में रेसिप्रोकल टैरिफ लगाना है। चीन अमेरिका के बाहर बेचे जाने वाले अधिकांश एप्पल उत्पादों का मुख्य सोर्स बना रहेगा चीन अमेरिका के बाहर बेचे जाने वाले अधिकांश एप्पल उत्पादों का मुख्य सोर्स बना रहेगा। वहीं, भारत और वियतनाम प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। उदाहरण के लिए, कुक ने कहा कि अमेरिका में बेचे जाने वाले लगभग सभी आईपैड, मैक, एप्पल वॉच और एयरपॉड्स अब वियतनाम से आएंगे। एप्पल को चालू तिमाही में अमेरिकी टैरिफ से 900 मिलियन डॉलर का प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, हालांकि लंबी अवधि का प्रभाव अभी अनिश्चित हैं। वित्त वर्ष 25 में स्मार्टफोन भारत की शीर्ष निर्यात कैटेगरी रही है और 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात किया है कुक ने कहा कि हम टैरिफ के प्रभाव का सटीक अनुमान लगाने में सक्षम नहीं हैं, क्योंकि हम भविष्य की संभावित कार्रवाइयों के बारे में अनिश्चित हैं। वित्त वर्ष 25 में स्मार्टफोन भारत की शीर्ष निर्यात कैटेगरी रही है और 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात किया है। कंपनी ने बताया कि हाल ही में भारतीय बाजार में तिमाही बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है। recent visitors 35

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान, 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी: मूडीज

नई दिल्ली मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को 2025 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है और उम्मीद जताई है कि 2026 में देश की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और यह 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करेगी। मूडीज का पूर्वानुमान आईएमएफ के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो भारत को 2025 में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज करने वाली दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में देखता है। मूडीज ने अपने ग्लोबल मैक्रो आउटलुक के मई अपडेट में कहा, "वैश्विक आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चितता का असर उपभोक्ता, व्यवसाय और वित्तीय गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है।" रेटिंग एजेंसी ने पहले भारत के लिए 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगाया था। मूडीज ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ को लेकर कटौती के बावजूद भी नीति अनिश्चितता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव वैश्विक व्यापार और निवेश को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर जी-20 देशों पर भी पड़ सकता है। व्यापार अनिश्चितताओं के अलावा, बढ़ते तनाव से विकास पर असर पड़ने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव बेसलाइन पूर्वानुमानों के लिए एक और संभावित नकारात्मक जोखिम है। हाल के दिनों में, दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान और दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव बढ़ गया है। मूडीज ने कहा कि ये देश भी अब रूस और यूक्रेन में अनसुलझे युद्धों की तरह आपसी तनाव में उलझ गए हैं। इसमें कहा गया है, "निवेशकों और व्यवसायों की लागत बढ़ने की संभावना है।" मूडीज को उम्मीद है कि भारत की मुद्रास्फीति दर 2025 में 4 प्रतिशत और 2026 में 4.3 प्रतिशत रहेगी, जिससे देश के मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल को मजबूती मिलेगी और आरबीआई के पास विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती करने के लिए अधिक गुंजाइश होगी। मूडीज ने कहा, "उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंकों के लिए फेड की नीति का मार्ग उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना पिछले साल इस समय था। दूसरे उभरते देशों में, हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए दरों को और कम करेगा।" आरबीआई ने अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के मद्देनजर वैश्विक व्यापार और नीति अनिश्चितताओं के बीच 2025-26 में भारत के लिए 6.5 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने हाल ही में कहा, "सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनिश्चितता अपने आप में व्यवसायों और परिवारों के निवेश और खर्च के निर्णयों को प्रभावित कर विकास को धीमा कर देती है। दूसरा, ट्रेड फ्रिक्शन के कारण वैश्विक विकास पर पड़ने वाला असर घरेलू विकास को बाधित करेगा। तीसरा, उच्च टैरिफ का शुद्ध निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।" आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि अब 6.5 प्रतिशत अनुमानित है। recent visitors 46

RIL, टाटा की LIC के 15 लाख करोड़ रुपए के पोर्टफोलियो में एंट्री, ICICI Bank और आईटी स्टॉक बाहर

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में मार्च तिमाही के दौरान जहां भारी उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों द्वारा जबरदस्‍त बिकवाली देखने को मिली. वहीं दूसरी ओर, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने कुछ शेयरों में जबरदस्‍त खरीदारी की है. LIC ने मार्च तिमाही के दौरान 47,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर खरीदे, जिसे भारतीय बाजार को काफी सहारा मिला है. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पोर्टफोलियो में फिलहाल कुल 351 शेयर शामिल हैं. मार्च तिमाही में एलआईसी ने 105 शेयरों में अपनी हिस्‍सेदारी बढ़ाई, जिनमें 13 नए स्‍टॉक शामिल हैं. वहीं कंपनी ने 86 शेयरों में हिस्‍सेदारी घटाई और 15 कंपनियों से पूरी तरह से या 1 फीसदी से कम हिस्‍सेदारी के कारण उसे अपने लिस्‍ट से हटा दिया है. रिलायंस और हीरोमोटोकॉर्प में बड़ा निवेश भारतीय जीवन बीमा ने हीरो मोटोकॉर्प में सबसे ज्‍यादा निवेश किया है. बीमा कंपनी ने मार्च तिमाही में हीरो मोटोकॉर्प में 4,968 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए अपनी हिस्‍सेदारी को 5.53 फीसदी से बढ़ाकर 11.84 फीसदी कर दी है. वहीं रिलायंस इंडस्‍ट्रीज में उसने मार्च तिमाही के दौरान 3675 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे कंपनी में उसकी हिस्‍सेदारी 6.52 फीसदी से बढ़कर 6.74 प्रतिशत पर पहुंच गई. इन शेयरों में भी एलआईसी का दांव रिलायंस के अलावा, एलआईसी ने लॉर्सन एंड टुब्रो (L&T) में 2,975 करोड़ रुपये, एशियन पेंट्स में 2,466 करोड़ रुपये, हिंदुस्‍तान यूनिलीवर में 2,361 करोड़ रुपये, मारुति सुजुकी में 1,493 करोड़ रुपये, SBI में 1652 करोड़ रुपये, पतंजलि फूड्स में 1,638 करोड़ रुपये, TATA Motors में 1578 करोड़ रुपये, बजाज ऑटो में 1983 करोड़ रुपये, HCL टेक में 1441 करोड़ रुपये और इंद्रप्रस्‍त गैस में 1333 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसके अलावा, इसने भारत इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, नेस्‍ले इंडिया, LTI माइंडट्री, ब्रिटानिया इंडस्‍ट्रीज और आईटीसी में अपनी हिस्‍सेदारी 1000 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ाई. मार्च तिमाही में कंपनी ने 13 नए शेयरों में भी निवेश किया. इसमें सबसे ज्‍यादा निवेश IRFC में किया गया, जिसमें बीमा कंपनी ने 1815 करोड़ रुपये में 1.05 प्रतिशत हिस्‍सेदारी खरीदी. इसके बाद जिंदल स्‍टेनलेस और KPIT Tech का स्‍थान है, जिनमें उसने करीब 640 करोड़ रुपये और 485 करोड़ रपये का निवेश किया. इन नए शेयरों में भी लगाया दांव बाकी नए शेयरों में पंजाब एंड सिंध बैंक, BLS इंटरनेशनल सर्विसेज, JTL इंडस्ट्रीज, एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स, क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स, एवलॉन टेक्नोलॉजीज, जय कॉर्प, बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग और प्रवेग शामिल हैं. आईटीसी लिमिटेड से अलग होने के बाद बीमा कंपनी को आईटीसी होटल्स के 3,325 करोड़ रुपये के एक्‍स्‍ट्रा शेयर खरीदे हैं. कितना है LIC का कुल पोर्टफोलियो मार्च तिमाही के अंत में LIC का कुल पोर्टफोलियो 15.18 लाख करोड़ रुपये का रहा, जो पिछली तिमाही के 15.88 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम है.   recent visitors 47

भारत-पाक तनाव के बीच पाकिस्तान से व्यापार खत्म, व्यापार के साथ ही दोनों देशों ने अपने बॉर्डर भी बंद कर दिए

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार खत्म होने के साथ सूखे मेवों के दामों में उछाल आया है। व्यापार के साथ ही दोनों देशों ने अपने बॉर्डर भी बंद कर दिए हैं। इसके चलते अफगानिस्तान से पाकिस्तान होकर आने वाले सूखे मेवे (कागजी बादाम, मुनक्का, पिस्ता) के दाम बढ़ने लगे हैं। कारोबारी विवेक जैन और विपुल वाधवानी ने बताया कि दो दिनों में ही ड्राय फ्रूट्स के दामों में 50-100 रुपए तक तेजी देखने को मिली है। पाक से 3 मिलियन डॉलर का आयात पुलवामा हमले के बाद भारत-पाक ने व्यापार पर कई बैन लगाए थे, लेकिन कुछ आवश्यक वस्तुओं का लेन-देन ज्यादातर तीसरे देशों जैसे दुबई या सिंगापुर के रास्ते होता रहा। साल 2023-24 में भारत ने पाकिस्तान से 3 मिलियन डॉलर का आयात किया था, जबकि 1.2 अरब डॉलर का निर्यात किया था। ड्रॉयफ्रूट्स के थोक दाम मेवा- पहले – अब गुड़बंदी बादाम – 1060 – 1080 अफगानी कागजी बादाम 1350 1400 मुनक्का 880 1000 बारीक पिशोरी पिस्ता 2650 2700 छुआरे 300 350 (नोट: सभी दाम रुपए प्रति किलो में) पुलवामा हमले के बाद फिर सेंधा नमक भी महंगा गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से लाहौरी (सेंधा) नमक की आवक पाकिस्तान से होती है। फिलहाल ये आवक पूरी तरह बंद है। सेंधा नमक के थोक कारोबारी पारस जैन ने बताया, सेंधा नमक का स्टॉक है, लेकिन जल्द कोई हल नहीं निकला तो दाम 50 से बढ़कर 100 रुपए किलो हो सकते हैं। इससे पहले 2019 के पुलवामा हमले के बाद भी व्यापारिक संबंध बिगड़ने पर सेंधा नमक के दाम 90 रुपए किलो तक पहुंचे थे। recent visitors 30

भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच शेयर मार्केट में गिरावट, सेंसेक्स 207 अंक टूटकर 80,589 पर आ गया

नई दिल्ली युद्ध की ओर बढ़ रहे भारत-पाकिस्तान के साथ ही घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी भी लाल हो रहे हैं। सेंसेक्स 207 अंक टूटकर 80,589 पर आ गया है। निफ्टी भी 70 अंक नीचे 24390 पर ट्रेड कर रहा है। निफ्टी नेक्स्ट 50 में भी करीब 1 पर्सेंट की गिरावट है। बैंक निफ्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज भी लाल निशान पर हैं। मिड कैप और स्मॅल कैप स्टॉक्स भी नुकसान में हैं। सबसे अधिक गिरावट पीएसयू बैंक, मीडिया, रियल्टी, ऑयल एंड गैस, कंज्युमर ड्यूराबेल्स इंडेक्स में है। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच घरेलू शेयर मार्केट में गिरावट तेज हो गई है। सेंसेक्स 209 अंक या 0.26 % टूटकर 80,587.72 पर आ गया है। निफ्टी भी 74 अंकों के नुकसान के साथ 24386 पर आ गया है। एनएसई पर केवल 699 स्टॉक्स ही हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। जबकि, 1765 में गिरावट है। कुल 2538 स्टॉक्स ट्रेड कर रहे हैं, जिनमें 34 में लोअर सर्किट लगा है। हालांकि, 25 स्टॉक्स ऐसे भी हैं, जिनमें अपर सर्किट लगा है। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच घरेलू शेयर मार्केट मजबूत शुरुआत के चंद मिनट बाद ही गिरावट की पटरी पर आ गया। सेंसेक्स 59 अंक नीचे 80736 पर ट्रेड कर रहा है। जबकि, निफ्टी भी 13 अंकों के नुकसान के साथ 24447 पर आ गया है। सेंसेक्स के 20 स्टॉक्स लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। इटर्नल सेंसेक्स टॉप लूजर है। टाइटन, टाटा मोटर्स, रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा 4 पर्सेंट की उछाल के साथ सेंसेक्स टॉप गेनर है। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच घरेलू शेयर मार्केट की शुरुआत आज भी मजबूत रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 110 अंकों की तेजी के साथ 80907 के स्तर पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 39 अंकों की बढ़त के साथ 24500 पर खुलने में कामयाब रहा। मिले-जुले वैश्विक बाजारों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 के सतर्क नोट पर खुलने की उम्मीद है। एशियाई बाजारों ने सपाट कारोबार किया, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार रातोंरात गिरावट के साथ बंद हुआ, एसएंडपी 500 ने 20 वर्षों में अपनी सबसे लंबी तेजी का सिलसिला तोड़ दिया। निवेशकों की नजर बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की घोषणा पर होगी, जिसमें केंद्रीय बैंक को बड़े पैमाने पर ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है। एलएसईजी के आंकड़ों के अनुसार, बाजार 2025 के लिए फेड द्वारा दरों में कटौती के लगभग 75 आधार अंकों में मूल्य निर्धारण कर रहे हैं, केंद्रीय बैंक की जुलाई की बैठक में कम से कम 25 आधार अंकों की पहली सहजता की संभावना है। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 294.85 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 80,796.84 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 114.45 अंक या 0.47 प्रतिशत बढ़कर 24,461.15 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के लिए आज प्रमुख ग्लोबल संकेत एशियाई बाजारों में सपाट कारोबार हुआ, इस क्षेत्र के अधिकांश शेयर बाजार छुट्टियों के लिए बंद रहे। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने थोड़ा अधिक खुलने का संकेत दिया। जापानी और दक्षिण कोरियाई बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद हैं। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 24,583 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 30 अंकों का प्रीमियम है, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए हल्की सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। वॉल स्ट्रीट का हाल अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 98.60 अंक या 0.24 प्रतिशत टूटकर 41,218.83 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 36.29 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह इंडेक्स 5,650.38 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट भी 133.49 अंक या 0.74 प्रतिशत गिरकर 17,844.24 पर बंद हुआ। दिग्गज कंपनियों के शेयर नेटफ्लिक्स स्टॉक की कीमत 1.9 प्रतिशत गिर गई, Amazon.com शेयरों में 1.9 प्रतिशत और पैरामाउंट ग्लोबल शेयर की कीमत में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई। बर्कशायर हैथवे के शेयर 5.1 प्रतिशत गिरे। जबकि, स्केचर्स शेयर की कीमत 24.3 प्रतिशत बढ़ी। एप्पल के शेयर की कीमत 3.15 प्रतिशत गिर गई, जबकि टेस्ला के शेयर की कीमत 2.42 प्रतिशत और फोर्ड के शेयरों में 1.07 प्रतिशत की गिरावट आई। सोने के भाव ट्रंप की टैरिफ योजनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं से सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की कीमतें एक सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। हाजिर सोने की कीमत 3,330.16 डॉलर पर सपाट कारोबार कर रही थी, जबकि अमेरिकी सोना वायदा 0.5 प्रतिशत बढ़कर 3,338.30 डॉलर हो गया।   recent visitors 41

UPI पेमेंट का अंदाज16 जून से बदल जाएगा, 15 सेकंड में पूरा होगा लेनदेन, पहले कितना टाइम लगता था?

नई दिल्ली आप जो यूपीआई पेमेंट करते हैं, वह अब और तेज होने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आदेश के बाद अब सिर्फ 15 सेकंड में लेनदेन पूरा हो जाएगा। पहले इसमें 30 सेकंड लगते थे। यानी अब आपके मोबाइल से होने वाला लेदनेन 50 फीसदी फास्‍ट होने वाला है। 16 जून से यह प्रोसेस शुरू होने जा रहा है, जिसमें एपीआई रेस्‍पॉन्‍स टाइम की अहम भूमिका होगी। अभी तक लोगों को यूपीआई ऐप से पैसे भेजने में, क्‍यूआर कोड स्‍कैन करने में और लेनदेन की पुष्टि होने में इंतजार करना पड़ता है, जो कई बार काफी लंबा हो जाता है। एनपीसीआई ने इस देरी को कम करने का फैसला किया है। क्‍या होता है API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, जिसे कम किया जा रहा API रेस्‍पॉन्‍स टाइम, उस समय को कहा जाता है, जिसमें एपीआई के लिए रिक्‍वेस्‍ट आती है, उसे प्रोसेस किया जाता है और रेस्‍पॉन्‍स वापस भेजने में जो टाइम लगता है। एपीआई का मतलब होता है एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस। यह रूल्‍स का एक सेट है, जिसके अनुसार सॉफ्टवेयर एक-दूसरे से कनेक्‍ट करते हैं। यूपीआई पेमेंट सिस्‍टम में इसका इस्‍तेमाल होता है। कैसे काम करेगा सिस्‍टम, उदाहरण से समझिए TOI की रिपोर्ट के अनुसार, आप एक दुकान पर गए और आपने दुकानदार से एक हजार रुपये का सामान खरीदा। आप ICICI बैंक के iMobile ऐप से पेमेंट करते हैं। तो आप दुकानदार के QR कोड को स्कैन करेंगे। अब वह QR कोड HDFC बैंक अकाउंट से जुड़ा है। इस सिचुएशन में ICICI बैंक रिक्‍वेस्‍ट करेगा। व‍ह रिक्‍वेस्‍ट NPCI नेटवर्क के जरिए HDFC बैंक को जाएगी। पेमेंट हुआ या नहीं, यह जानने के लिए HDFC बैंक की ओर से रेस्‍पॉन्‍स भेजा जाएगा। जो फ‍िर से NPCI नेटवर्क से ICICI बैंक को आएगा। पहले इस काम में 30 सेकंड लग जाते थे। जून से इसमें 15 सेकंड लगने की उम्‍मीद है। सिर्फ 15 सेकेंड में होगा पेमेंट इस बदलाव के बाद अब रिक्वेस्ट पे और रिस्पॉन्स पे सर्विस का रिस्पॉन्स टाइम 30 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड, चेक ट्रांजेक्शन स्टेटस और ट्रांजेक्शन रिवर्सल के लिए 10 सेकंड और वैलिडेट एड्रेस के लिए 10 सेकंड किया गया है. इस बदलाव का उद्देश्‍य पेमेंट प्रॉसेस में तेजी आए और यूपीआई के पोटेशियल में तेजी आए. ये बदलाव भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्‍टम के रूप में UPI की बढ़ती लोकप्रियता के कारण हैं. इस ग्रोथ को समायोजित करने और यूजर्स के अनुभव में सुधार करने के लिए, NPCI ने बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं (PSP) से नए प्रतिक्रिया समय का पालन करने के लिए अपने सिस्टम को अपडेट करने को कहा है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन बदलाव का उद्देश्य लेनदेन की सफलता दरों से समझौता करना नहीं है. जब यूपीआई पेमेंट में आई थी रुकावट यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब यूपीआई को हाल ही में कई आउटेज का सामना करना पड़ा. 12 अप्रैल को एक बड़ी आउटेज आई, जिसमें कई ट्रांजेक्‍शन फेल हुए थे और यूजर्स को बड़ी समस्‍याओं का सामना करना पड़ा था. मार्च और अप्रैल में तीन बार 26 मार्च, 1 अप्रैल और 12 अप्रैल को भी रुकावट आई, जिससे लोगों को डिजिटल पेमेंट में काफी परेशानी हुई. क्‍यों आया था आउटेज? इन आउटेज को लेकर NPCI की जांच में यह सामने आया कि इन रुकावटों की बड़ी वजह चेक ट्रांजेक्शन API पर ज्यादा लोड थी. कुछ बैंकों के पुराने ट्रांजैक्शन के लिए बार-बार रिक्वेस्ट भेजे जा रहे थे, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा और प्रोसेसिंग धीमी हुई. बेहतर होगा लोगों का अनुभव, फटाफट होंगे पेमेंट एनपीसीआई, यूपीआई पेमेंट को फास्‍ट बनाना चाहती है। उसका मानना है कि नए बदलावों से लोगों का अनुभव और बेहतर होगा। एनपीसीआई ने फोनपे और पेटीएम जैसे बड़े प्‍लेयर्स से भी कहा है कि वो नए नियमों के अनुसार अपने सिस्‍टम को अपडेट कर लें। एनपीसीआई का सर्कुलर कहता है कि इन बदलावों का मकसद यूजर के ओवरऑल एक्‍सपीरियंस को बेहतर बनाना है। वह चाहती है कि यूपीआई पेमेंट का यूज करने वाले तमाम लोग झट से पेमेंट कर पाएं और उन्‍हें फटाफट से पैसा रिसीव हो। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि यूपीआई का यह फैसला कितना कारगर साबित होता है। recent visitors 39

देश के सरकारी बैंक में है खाता तो ध्यान दें! फिर हुई FD Interest रेट में कटौती, जानें अब कितना मिलेगा ब्याज

नई दिल्ली  पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने फिर से अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव किया है। यह बदलाव 3 करोड़ रुपये से कम की एफडी पर किया गया है। बैंक ने अप्रैल 2025 में भी ऐसा ही बदलाव किया था। इस बार, बैंक ने कुछ खास समय वाली एफडी पर ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट्स तक घटा दिया है। नई दरें 1 मई, 2025 से लागू हो गई हैं। ब्याज दरों में बदलाव के बाद पंजाब नेशनल बैंक आम नागरिकों को 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की एफडी पर 3.50% से 7.10% तक ब्याज दे रहा है। सबसे ज्यादा ब्याज दर 390 दिनों की एफडी पर मिल रही है। यह 7.10% है। किसके लिए कितनी दर? पीएनबी ने आम नागरिकों के लिए 3 करोड़ रुपये से कम की जमा पर ब्याज दरें कम की गई हैं। 180 से 270 दिनों की एफडी पर ब्याज दर 6.25% से घटाकर 6% कर दी गई है। इसी तरह, 271 से 299 दिनों की एफडी पर ब्याज दर 6.5% से घटाकर 6.25% कर दी गई है। 303 दिनों की FD पर ब्याज दर 6.4% से घटाकर 6.15% कर दी गई है। 304 दिनों से लेकर 1 साल से कम की FD पर ब्याज दर अब 6.5% की जगह 6.25% होगी। 1 साल की FD पर ब्याज दर 6.8% से घटाकर 6.7% कर दी गई है। सीनियर सिटिजंस के दर 60 साल से ऊपर और 80 साल से कम उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल तक की एफडी पर 50 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा ब्याज मिलेगा। 5 साल से ज्यादा की एफडी पर उन्हें 80 बेसिस पॉइंट ज्यादा ब्याज मिलेगा। यह नियम 3 करोड़ रुपये से कम की जमा पर लागू होगा। वरिष्ठ नागरिकों को अब 4.00% से 7.60% तक ब्याज मिलेगा। वहीं 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के सुपर सीनियर नागरिकों को सभी तरह की एफडी पर 80 बेसिस पॉइंट ज्यादा ब्याज मिलेगा। बदलाव के बाद, सुपर सीनियर नागरिकों को 4.30% से 7.90% तक ब्याज मिलेगा। इस बैंक ने भी किया बदलाव बंधन बैंक ने भी 3 करोड़ रुपये से कम की FD पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। अब यह बैंक आम नागरिकों को 7 दिनों से लेकर 10 साल तक की FD पर 3% से 7.75% तक ब्याज देगा। वरिष्ठ नागरिकों को 3.75% से 8.25% तक ब्याज मिलेगा। सबसे ज्यादा ब्याज दर, जो कि 7.75% और 8.25% है, 1 साल की एफडी पर मिल रही है। नई दरें 1 मई, 2025 से लागू हो गई हैं। recent visitors 29

दूध के दामों में बढ़ोत्तरी, अमूल-मदर डेयरी के बाद अब इस कंपनी ने भी बढ़ाए रेट; जानिए कितना हुआ महंगा?

मुंबई हाल ही में अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में इजाफा कर आम जनता को महंगाई का झटका दिया। दोनों कंपनियों ने दूध के दाम में 2 रुपए लीटर की बढ़ोतरी की थी। इन्हीं की राह पर चलते हुए अब एक और कंपनी ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। उत्तर प्रदेश की प्रमुख दुग्ध आपूर्ति संस्था लखनऊ दुग्ध संघ (पराग) ने अपने दूध की कीमतों में इजाफा किया है। पराग ने आधा लीटर और एक लीटर पैकिंग वाले दूध की कीमतों में एक-एक रुपये की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें आज यानी शनिवार (3 मई) से ही लागू कर दी गई। लखनऊ दुग्ध संघ के महाप्रबंधक विकास बालियान ने बताया कि दूध के उत्पादन, संग्रहण और वितरण की लागत में बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा. अब फुल क्रीम दूध का एक लीटर पैक 68 रुपये से बढ़ाकर 69 रुपये कर दिया गया है, जबकि आधा लीटर का पैक 34 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये में मिल रहा है. सभी तरह का दूध हुआ महंगा इसी तरह टोंड मिल्क की एक लीटर की कीमत 56 रुपये से बढ़ाकर 57 रुपये और आधा लीटर 28 से 29 रुपये कर दी गई है. स्टैंडर्ड दूध की कीमतें भी बढ़ाई गई हैं.आधा लीटर स्टैंडर्ड दूध अब 31 की बजाय 32 रुपये में मिलेगा. वहीं 5 लीटर वाले पैक की कीमत 280 रुपये से बढ़ाकर 290 रुपये कर दी गई है. इससे पहले अमूल और मदर डेयरी ने भी अपने दूध उत्पादों की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी, जिसका असर अब उत्तर भारत के राज्यों में दिखाई दे रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में दूध से बने अन्य उत्पादों जैसे दही, पनीर और घी की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है. यह आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है. recent visitors 38

2000 रुपये के नोट वापस लेने के 2 साल बाद भी 6,266 करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन में: RBI डेटा

नई दिल्ली भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा दो साल पहले नोटबंदी के बाद, 6,266 करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के उच्च मूल्य के नोट अभी भी चलन में हैं, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार। 2,000 के नोट कानूनी रूप से मान्य हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 19 मई को घोषणा की थी कि वह 2,000 रुपये के नोट को वापस लेगा। RBI ने कहा कि कंपनी का कुल मूल्य 19 मई, 2023 को कारोबार की समाप्ति पर 3.56 लाख करोड़ रुपये से घटकर 30 अप्रैल, 2025 को कारोबार की समाप्ति पर 6,266 करोड़ रुपये रह गया। केंद्रीय बैंक ने कहा, "इस प्रकार, 19 मई, 2023 तक चलन में 2000 रुपये के बैंकनोटों का 98.24 प्रतिशत वापस आ गया है।" ऐसे नोट जमा करने और/या बदलने की सुविधा 7 अक्टूबर, 2023 तक बैंक की सभी शाखाओं में उपलब्ध है। हालाँकि, यह सुविधा अभी भी रिज़र्व बैंक के 19 निर्गम कार्यालयों में उपलब्ध है। 9 अक्टूबर, 2023 से, RBI द्वारा जारी किए गए कार्यालय व्यक्तियों और संस्थानों से उनके बैंक खातों में जमा करने के लिए 2,000 रुपये के नोट भी स्वीकार कर रहे हैं। इसके अलावा, लोग देश के किसी भी डाकघर से भारतीय डाक के माध्यम से 2,000 रुपये के नोट RBI द्वारा जारी किसी भी कार्यालय को अपने बैंक खातों में जमा करने के लिए भेज सकते हैं। (PTI से इनपुट्स के साथ)   recent visitors 26

पाकिस्तान के एयरस्पेस को बंद किए जाने से एयर इंडिया को भारी नुकसान, होगा 600 मिलियन डॉलर का नुकसान, रिपोर्ट में दावा

 नई दिल्ली  पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव है। इस घटना के बाद भारत ने पाक के खिलाफ कई बड़े एक्शन लिए हैं। इस बीच पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को 23 मई तक बंद रखने का ऐलान किया है। पाकिस्तान के इस फैसले का असर भारतीय विमानों पर भी देखने को मिल सकता है। इस बीच एयर इंडिया ने केंद्र सरकार को एक चिट्ठी लिखी है और कहा कि पाकिस्तान के एयरस्पेस के बंद होने से एयरलाइन कंपनी को 12 महीनों में करीब 600 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। दरअसल, भारतीय एयरलाइन्स को ईंधन की बढ़ी हुई लागत और लंबी यात्रा अवधि का सामना करना पड़ रहा है। रॉयटर्स के अनुसार कंपनी ने केंद्र सरकार से इस नुकसान की भरपाई करने की अपील की है. रॉयटर्स के अनुसार, सिविल एविएशन मिनिस्‍ट्री (Aviation Ministry) को एअर इंडिया द्वारा भेजे गए पत्र में एयरलाइंस ने 27 अप्रैल को भारत सरकार से आर्थिक नुकसान के नुपात में 'सब्सिडी मॉडल' की मांग की थी, जिसमें अनुमान लगाया था कि एयरस्‍पेस प्रतिबंध होने के कारण हर साल उसे 50 अरब भारतीय रुपये (591 मिलियन डॉलर) से ज्‍यादा का नुकसान होगा. AIR इंडिया ने पत्र में क्या लिखा? समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने विमानन मंत्रालय को लिखे पत्र का हवाला देते हुए बताया कि विमान कंपनियों को होने वाले नुकसान को देखते हुए, एयर इंडिया ने सरकार से आनुपातिक सब्सिडी की मांग की है। पत्र में कहा गया कि प्रभावित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सब्सिडी एक अच्छा, सत्यापन योग्य और उचित विकल्प है, स्थिति में सुधार होने पर सब्सिडी हटाई जा सकती है। एयर इंडिया ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने से भारी नुकसान जानकारी दें कि मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि एयर इंडिया का पत्र तब भेजा गया जब सरकार ने अपने अधिकारियों से भारतीय एयरलाइन्स पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंध के प्रभाव का आकलन करने को कहा। बता दें कि भारत में 26.5% बाजार हिस्सेदारी रखने वाली एयर इंडिया यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के लिए उड़ान भरती है। एयरलाइंस के विमान अक्सर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से ही होकर गुजरते हैं। यह बड़ी घरेलू प्रतिद्वंद्वी इंडिगो की तुलना में कई अधिक लंबी दूरी के मार्गों का संचालन करती है। नुकसान को कम करने पर विचार कर रही सरकार वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, मामले से परिचित तीन अन्य लोगों ने बताया कि भारत सरकार पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद करने से एयरलाइन उद्योग को होने वाले नुकसान को कम करने के विकल्पों पर विचार कर रही है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि भारतीय एयरलाइन्स ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ संभावित समाधानों पर काम करने के लिए मुलाकात की है। वहीं, अपने पत्र में एयर इंडिया ने सरकार से कुछ ओवरफ्लाइट मंजूरी के लिए चीनी अधिकारियों के साथ संपर्क करने को कहा, हालांकि इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। इसके साथ ही एयरलाइ कंपनी ने सरकार से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा की उड़ानों में अतिरिक्त पायलटों को ले जाने की मंजूरी देने के लिए भी कहा ताकि यात्रा का समय अधिक हो। सरकार ने एयरलाइंस को आकलन करने को कहा था एअर इंडिया के इस लेटर में कहा गया है कि प्रभावित इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए सब्सिडी एक अच्छा, वेरिएबल और उचित विकल्प है. स्थिति में सुधार होने पर सब्सिडी हटाई जा सकती है. रिपोर्ट का कहना है कि सरकार द्वारा एअर इंडिया (Air India) के अधिकारियों से भारतीय विमानन कंपनियों पर हवाई क्षेत्र प्रतिबंध के प्रभाव का आकलन करने को कहने के बाद एअर इंडिया ने ये लेटर भेजा है. PTI की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि एअर इंडिया, IndiGo और Spicejet समेत कई एयरलाइंस ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद (Pak AirSpace Close) करने के प्रभाव पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय को अपने इनपुट और सुझाव दिए हैं. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि मंत्रालय स्थिति का आकलन कर रहा है और इस मुद्दे को हल करने के लिए संभावित समाधानों पर विचार कर रहा है. मंत्रालय ने हाल ही में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र को बंद करने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कई एयरलाइंस के साथ बैठक की और स्थिति से निपटने के लिए उनके सुझाव मांगे. पाकिस्तान ने 24 अप्रैल को भारतीय एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था. हवाई क्षेत्र बंद होने से क्‍या होगा असर? उत्तर भारतीय शहरों से संचालित होने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए एक्‍स्‍ट्रा लागत हर हफ्ते 77 करोड़ रुपये होने की संभावना है, क्योंकि हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध के कारण ईंधन की खपत बढ़ जाएगी और उड़ान की अवधि भी लंबी हो जाएगी. पीटीआई द्वारा विदेशी उड़ानों की संख्या और बढ़ी हुई उड़ान अवधि तथा अनुमानित व्यय के आधार पर किए गए कैलकुलेशन के विश्लेषण से पता चला है कि भारतीय एयरलाइंस के लिए अतिरिक्त मासिक परिचालन लागत 306 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. recent visitors 38

अमूल दूध हुआ और महंगा, 2 रुपये प्रति लीटर बढ़े दाम, आज से देशभर में कीमतें लागू

नई दिल्ली दूध और डेयरी प्रोडक्ट क्षेत्र की कंपनी अमूल ( Amul) ने 1 मई 2025 से दूध के दामों में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. बढ़े दाम देशभर में लागू किए जाएंगे. कंपनी ने कहा कि जून 2024 के बाद से दूध की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी. पिछले साल अमूल ने ग्राहकों को राहत देने के लिए लगभग पांच महीने तक 1 लीटर और 2 लीटर के पैक पर क्रमशः 50 एमएल और 100 एमएल अतिरिक्त दूध मुफ्त दिया था. इसके अलावा, जनवरी 2025 में अमूल ने अपने 1 लीटर पैक की कीमत 1 रुपये घटा दी थी, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली थी. कंपनी ने बढ़ोतरी के कारण बताए कंपनी ने कहा कि मूल्य बढ़ोतरी का मुख्य कारण 36 लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों की इनपुट लागत में वृद्धि है. अमूल के सभी सदस्य यूनियनों ने भी बीते एक साल में किसानों को दूध के बेहतर दाम देना शुरू किया है. अमूल ने बताया कि उपभोक्ताओं से एकत्रित राशि का लगभग 80 फीसदी हिस्सा सीधे दूध उत्पादकों को लौटाया जाता है. कंपनी ने कहा कि दूध की बिक्री कीमत में जितनी बढ़ोतरी की गई है उसका बचा हिस्सा दूध उत्पादकों को वापस दिया जाएगा और उन्हें दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता रहेगा. जानिए किस वैरायटी के कितने बढ़े दाम अमूल स्टैंडर्ड दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹30 नई कीमत: ₹31 अमूल बफैलो (भैंस का दूध) 500 मि.ली. पुरानी कीमत: ₹36 नई कीमत: ₹37 अमूल गोल्ड दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹33 नई कीमत: ₹34 अमूल गोल्ड दूध (1 लीटर) पुरानी कीमत: ₹65 नई कीमत: ₹67 अमूल स्लिम एंड ट्रिम दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹24 नई कीमत: ₹25 अमूल चाय स्पेशल दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹31 नई कीमत: ₹32 अमूल फ्रेश दूध (500 मि.ली.) पुरानी कीमत: ₹27 नई कीमत: ₹28 अमूल ताज़ा दूध (1 लीटर) पुरानी कीमत: ₹53 नई कीमत: ₹55 कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, अमूल में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का कारोबार 66,000 करोड़ रुपये है. अमूल 2025 में आइसक्रीम की बिक्री में दोहरे अंकों की वृद्धि का अनुमान लगा रहा है. मदर डेयरी ने बढ़ाए थे दाम गौरतलब है कि एक दिन पहले ही मदर डेयरी ने दूध के दाम में बढ़ोतरी की है. कंपनी ने गर्मी के मौसम में बढ़ती लागत को देखते हुए दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की. बढ़ी कीमतें 30 अप्रैल 2025 से लागू हैं.   recent visitors 34

प्रवाह पोर्टल का उपयोग करने के आरबीआई ने सभी बैंक, वित्तीय कंपनियां और अन्य विनियमित संस्था को दिए निर्देश

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 1 मई, 2025 से सभी बैंकों, वित्तीय कंपनियों और अन्य विनियमित संस्थाओं को प्राधिकरण, लाइसेंस और अनुमोदन से जुड़ा कोई भी आवेदन जमा करने के लिए प्रवाह पोर्टल का उपयोग करने को कहा है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में, आरबीआई ने कहा, 01 मई, 2025 से, विनियमित संस्थाओं को पोर्टल में पहले से उपलब्ध आवेदन पत्रों का उपयोग करके रिजर्व बैंक को नियामक प्राधिकरण, लाइसेंस, अनुमोदन के लिए आवेदन जमा करने के लिए प्रवाह का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इसने यह भी कहा, "सभी विनियमित संस्थाओं को उपरोक्त निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है। पोर्टल तक पहुँचने, आवेदन जमा करने और ट्रैकिंग आदि से संबंधित निर्देश पोर्टल पर ही उपलब्ध हैं।" प्रवाह का मतलब है नियामक आवेदन, सत्यापन और प्राधिकरण के लिए मंच। यह आरबीआई की ओर से 28 मई, 2024 को लॉन्च किया गया एक सुरक्षित, वेब-आधारित पोर्टल है। PRAVAAH (Platform for Regulatory Application, Validation, and Authorisation) का उद्देश्य एक एकल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। जहां व्यक्ति और कंपनियां आरबीआई से विभिन्न अनुमतियों के लिए आवेदन कर सकें। अपने लॉन्च के बाद से, PRAVAAH को लगभग 4,000 आवेदन और अनुरोध प्राप्त हुए हैं। हालांकि, आरबीआई ने देखा कि कुछ बैंक और वित्तीय कंपनियाँ अभी भी पोर्टल के बाहर पुराने तरीकों का उपयोग करके आवेदन जमा कर रही थीं। तेज प्रोसेसिंग सुनिश्चित करने और पारदर्शिता में सुधार करने के लिए, आरबीआई ने अब सभी विनियमित संस्थाओं के लिए केवल PRAVAAH पोर्टल का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (लघु वित्त बैंकों, स्थानीय क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित), शहरी सहकारी बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों, केंद्रीय सहकारी बैंकों, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित), प्राथमिक डीलरों, भुगतान प्रणाली ऑपरेटरों और क्रेडिट सूचना कंपनियों पर लागू होता है। PRAVAAH पोर्टल सभी आवश्यक आवेदन फॉर्म प्रदान करता है। उपयोगकर्ता प्लेटफ़ॉर्म पर सीधे अपने आवेदन जमा करने और ट्रैक करने के निर्देश आसानी से पा सकते हैं। आरबीआई ने अलग से सहायता के लिए एक उपयोगकर्ता पुस्तिका, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ) की सूची और वीडियो ट्यूटोरियल भी उपलब्ध कराए हैं। केंद्रीय बैंक का लक्ष्य विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया को तेज, अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है। recent visitors 51

ATM से पैसे निकालने वालों को बड़ा झटका! HDFC, PNB और IndusInd Bank ने जारी किए नए चार्ज

नई दिल्ली अगर आपकी एटीएम से बार-बार पैसे निकालने की आदत है तो इसे तुरंत बदल दें। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो एक मई से आपको बड़ा नुकसान होने लगेगा। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम से पैसे निकालने के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। ये नए नियम पूरे देश में 1 मई 2025 से लागू होंगे। रिजर्व बैंक का कहना है कि इन बदलावों का मकसद एटीएम इस्तेमाल करने पर लगने वाले चार्ज को लेकर पारदर्शिता लाना है। इससे बैंकों को भी एटीएम नेटवर्क चलाने में आसानी होगी। दरअसल, हर बैंक अपने हर ग्राहक को एटीएम से पैसे निकालने की एक लिमिट तक फ्री सुविधा देता है। इसमें अपने बैंक के एटीएम और दूसरे बैंकों के एटीएम दोनों शामिल हैं। फ्री लिमिट के बाद बैंक चार्ज लेना शुरू करता है। एक मई से इस चार्ज में बढ़ोतरी हो रही है। फ्री लिमिट के बाद एटीएम ट्रांजैक्शन पर हर बार 1 मई के बाद प्रति ट्रांजैक्शन अधिकतम 23 रुपये का शुल्क देना होगा। इस पर टैक्स अलग से लगेगा। अभी तक यह शुल्क 21 रुपये तक था। फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट क्या होगी? आरबीआई ने साफ कर दिया है कि अब भी मेट्रो शहरों में हर महीने 3 फ्री ट्रांजेक्शन मिलेंगे और नॉन-मेट्रो शहरों में 5 फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा रहेगी। यह लिमिट फाइनेंशियल जैसे कैश निकालने और नॉन-फाइनेंशियल जैसे बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट, पिन चेंज आदि दोनों ट्रांजेक्शन पर लागू होगी। फ्री लिमिट के बाद कितना चार्ज लगेगा? अगर आप फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजेक्शन करते हैं तो अब हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये (प्लस टैक्स) देने होंगे। ये नियम सभी एटीएम पर लागू होगा। बैंक क्या कह रहे हैं? HDFC Bank ने बताया है कि 1 मई से अपने एटीएम से कैश निकालने पर फ्री लिमिट से ज्यादा ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये + टैक्स लगेगा। वहीं बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट और पिन चेंज जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन फ्री रहेंगे। PNB ने कहा है कि अन्य बैंकों के एटीएम पर फ्री लिमिट के बाद फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 11 रुपये (जीएसटी अलग) का चार्ज लगेगा। ये बदलाव 9 मई 2025 से लागू होगा। IndusInd Bank ने भी जानकारी दी है कि उनके सेविंग्स, सैलरी, एनआर और करंट अकाउंट होल्डर्स को 1 मई 2025 से फ्री लिमिट के बाद गैर-IndusInd एटीएम से निकासी पर 23 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन देना होगा। ग्राहकों के लिए सलाह ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने एटीएम ट्रांजेक्शन पर नजर रखें, खासकर जब दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल कर रहे हों। ज्यादा शुल्क से बचने के लिए कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा अपने बैंक के एटीएम का ही इस्तेमाल करें या डिजिटल पेमेंट का सहारा लें। कितनी बार है फ्री सुविधा     मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई आदि में ग्राहक महीने में तीन बार मुफ्त में एटीएम इस्तेमाल कर सकते हैं।     नॉन-मेट्रो शहरों में यह लिमिट पांच बार है। गैर-मेट्रो शहर वे होते हैं जो मेट्रो शहरों जितने बड़े नहीं होते।     यह लिमिट पैसे निकालने और दूसरी तरह के ट्रांजैक्शन, दोनों के लिए है। इसका मतलब है कि आप महीने में तीन या पांच बार ही मुफ्त में पैसे निकाल सकते हैं या बैलेंस चेक कर सकते हैं। कुछ बैंक के अलग हैं नियम कुछ बैंकों ने अधिकतम ट्रांजैक्शन में छूट दी है। इसमें एचडीएफसी बैंक भी शामिल है। एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों पर एचडीएफसी के एटीएम से पैसे निकालने पर ही चार्ज लगेगा। बैलेंस चेक करना, मिनी स्टेटमेंट निकालना और पिन बदलना मुफ्त होगा। अगर आप किसी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालते हैं तो पैसे निकालने के साथ-साथ बैलेंस चेक करने, मिनी स्टेटमेंट निकालने और पिन बदलने पर भी चार्ज लगेगा। होम नेटवर्क के बाहर का ATM पड़ेगा महंगा हर महीने की पहली तारीख को देश में कई नियमों में बदलाव होता है और अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 मई से भी कई बदलाव (Rule Change From 1st May) लागू होने जा रहे हैं. इसमें एटीएम से पैसे निकालने पर लगे वाले चार्ज से जुड़ा नियम भी शामिल हैं. जी हां, होम बैंक नेटवर्क के बाहर अगर किसी एटीएम मशीन से कोई भी ट्रांजैक्शन किया जाता है, या फिर बैलेंस चेक किया जाता है, तो यूजर को अब पहले से ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा. अभी भी ऐसे एटीएम का उपयोग करने वाले चार्ज अप्लाई है और 1 मई से ये और भी बढ़ने वाला है. अब इतना बढ़ने वाला है खर्च केंद्रीय बैंक (RBI) ने बीते दिनों भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के प्रस्ताव के आधार पर फीस बढ़ाने की अनुमति दी थी. रिपोर्ट की मानें तो अब तक अगर ग्राहक अपने होम बैंक के ATM के बजाय किसी दूसरे नेटवर्क के बैंक एटीएम से पैसे निकालते थे, तो उन्हें हर ट्रांजैक्शन पर 17 रुपये चार्ज देना होता था, जो 1 मई से बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा. इसके अलावा अगर किसी दूसरे बैंक के ATM से बैलेंस चेक करते थे, तो इस पर 6 रुपये का शुल्क लगता था, जिसे अब बढ़ाकर 7 रुपये कर दिया जाएगा. व्हाइट लेवल ATM ऑपरेटर्स की थी मांग ATM Transaction Fee Hike की मांग लगातार व्हाइट-लेबल एटीएम ऑपरेटर्स के द्वारा की जा रही थी. उनका तर्क था कि बढ़ती परिचालन लागतों को देखते हुए पुरानी फीस कम है. NPCI के प्रस्ताव को आरबीआी की मंजूरी के बाद अब छोटे बैंकों पर दबाव ज्यादा बढ़ने की आशंका है. दरअसल, वे अपने सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण दूसरे बैंकों के एटीएम नेटवर्क पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं. ये जान लेना जरूरी है कि बढ़ी हुई इंटरचेंज फीस, वह राशि होती है जो एक बैंक दूसरे बैंक को तब देता है, जब उसका कोई ग्राहक दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल पैसों की निकासी के लिए करता है. गौरतलब है कि 'व्हाइट लेबल एटीएम' सरकारी और प्राइवेट बैंकों के एटीएम की तरह काम करते हैं. इसे बैंक की बजाय निजी या गैर- बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) लगाती हैं. इनसे आप डेबिट (Debit Card) और क्रेडिट कार्ट (Credit Card) के जरिए कैश विद्ड्ऱॉल, बैलेंस चेक या उन सभी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं, जो अन्य एटीएम में मिलती हैं. क्या है बैंकों की … Read more

अक्षय तृतीया से एक पहले सोने में आई गिरावट, मांग में फिर से तेजी के संकेत

नई दिल्ली सस्ते सोने का इंतजार देख रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। मंगलवार को सोने की कीमत में फिर से गिरावट आ गई। एक दिन पहले यानी सोमवार को भी सोना सस्ता हुआ था। अक्षय तृतीया से एक पहले सोने में आई गिरावट उन लोगों के लिए राहत की बात है जो इसे खरीदने की सोच रहे हैं। सोना सस्ता होने से माना जा रहा है कि इसकी मांग में फिर से तेजी आ सकती है। मंगलवार को MCX पर सोने के जून वायदा में मुनाफावसूली देखी गई, जिसकी वजह से इसकी कीमत में गिरावट आई। मंगलवार सुबह सोना 900 रुपये से ज्यादा की गिरावट के साथ प्रति 10 ग्राम करीब 95 हजार रुपये पर आ गया है। वहीं एक दिन पहले यानी सोमवार को राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में सोने का भाव एक हजार रुपये गिर गया था। इस गिरावट के साथ 24 कैरेट का सोना 98,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। आज कितनी गिरी कीमत? MCX पर सोमवार को सोना 96,025 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बंद हुआ था। मंगलवार को यह 225 रुपये की गिरावट के साथ 95800 रुपये पर खुला। इसके बाद इसमें और गिरावट आती गई। कुछ ही देर में सोने का भाव 900 रुपये से ज्यादा गिरकर 95,054 रुपये पर आ गया था। हालांकि बाद में इसमें कुछ तेजी देखी गई। मंगलवार सुबह 10 बजे सोना 735 रुपये की गिरावट के साथ 95,290 रुपये पर कारोबार कर रहा था। क्या और सस्ता होगा सोना? कल यानी 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। इस मौके पर सोने की कीमत में क्या और कितना बदलाव होगा, यह बता पाना मुश्किल है, लेकिन एक्सपर्ट इसमें गिरावट के संकेत दे रहे हैं। रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर पृथ्वीराज कोठारी ने चेतावनी दी है कि सोने में रिकॉर्ड ऊंचाई पर जबरदस्त उछाल के बाद कमजोरी के शुरुआती संकेत दिख सकते हैं। वहीं तनिष्क के वीपी (रिटेल एंड मार्केटिंग) अरुण नारायण का कहना है कि सोने की खरीदारी का यही सही समय है। अरुण नारायण के मुताबिक सोने की कीमत आगे गिरेगी या बढ़ेगी, इसके बारे में भविष्यवाणी करना मुश्किल है। चूंकि अभी सोने में गिरावट है, ऐसे में इसे अभी खरीदना ही बेहतर होगा। क्यों आई सोने में गिरावट? सोने की कीमत में गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। साथ ही अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं। इससे सोने में निवेश करने की दिलचस्पी कम हो गई है। बता दें कि डॉलर के मजबूत होने से सोना अन्य देशों के निवेशकों के लिए महंगा हो जाता है। 25 साल में कितना महंगा हुआ सोना? अक्षय तृतीया पर पिछले 25 साल में सोने की कीमत में काफी तेजी आई है। साल 2000 में अक्षय तृतीया पर 10 ग्राम सोने का भाव 4300 रुपये था। पिछले 10 साल में ही सोने के सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम 73 हजार रुपये से ज्यादा की तेजी आई है। वहीं अभी सोना 98 हजार रुपये के पार है। ऐसे में 25 साल में सोने से 2000% से ज्यादा रिटर्न दिया है। recent visitors 40

तैयार हो जाओ, भारत – स्मार्ट बाज़ार की फुल पैसा वसूल सेल आ गई

भोपाल स्मार्ट बाज़ार का सबसे प्रतीक्षित सेल इवेंट वापस आ गया है – और यह पहले से कहीं ज़्यादा बड़ा, बोल्ड और बेहतर है! स्मार्ट बाज़ार फुल पैसा वसूल सेल 30 अप्रैल से 4 मई तक देशभर के स्टोर्स पर उपलब्ध है। देश भर में 930 से ज़्यादा स्टोर्स के साथ स्मार्ट बाज़ार पूरे देश में धूम मचाने के लिए तैयार है! किराने के सामान से लेकर फैशन, होमकेयर, अप्लायंसेज और बहुत कुछ – ऐसी शॉपिंग के लिए तैयार हो जाइए जो अधिकतम बचत और पूरी संतुष्टि का वादा करती है। तो, अपने कैलेंडर चिह्नित करें, अपनी खरीदारी सूची लाएँ, "हमारा नारा, पूरा पैसा वसूल करेगा इंडिया सारा!" रिलायंस रिटेल के सीईओ दामोदर मॉल – वैल्यू फॉर्मेट ने कहा: "हम सभी को सेल इवेंट पसंद हैं और स्मार्ट बाज़ार की फुल पैसा वसूल सेल हर किसी के शॉपिंग कैलेंडर पर सबसे बड़ी सेल में से एक है। इस साल, हमारे अनुभवी खरीदारों को पाँच अविस्मरणीय दिनों में कुछ अविश्वसनीय रूप से बड़े ऑफ़र मिलेंगे। हमारा उद्देश्य सरल है, हर खरीदार अधिक मूल्य, बड़ी बचत और अपने चेहरे पर मुस्कान लेकर जाए” यहां उन सौदों की एक झलक दी गई है जो आपका मन मोह लेंगे: 5 किलो चावल + 3 लीटर तेल – मात्र ₹799 बादाम 500 ग्राम – ₹419 | काजू 500 ग्राम – ₹439 बिस्कुट – 2 खरीदें, 1 मुफ़्त पाएं डिटर्जेंट – न्यूनतम ₹250 की छूट बेडशीट्स – फ्लैट 70% छूट एरिस्टोक्रेट 2 पीस हार्ड ट्रॉली + डफ़ल बैग – ₹3999 फैशन – ₹399 से कम में 2000+ स्टाइल! चाहे आवश्यक वस्तुओं का भण्डारण करना हो या अपने वार्डरोब और घर को चमकाना हो – स्मार्ट बाज़ार आपकी बचत के लिए एकमात्र स्थान है, जिसमें कोई कमी नहीं आती। recent visitors 36

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, 855 अंक चढ़कर खुला सेंसेक्स …

मुंबई फ्लैट शुरुआत के बाद बाजार में  तेजी की रफ्तार बढ़ी है। RIL और दिग्गज बैंकों के दम पर निफ्टी डेढ़ सौ प्वाइंट से ज्यादा चढ़कर 24200 के करीब पहुंचा है।  बैंक निफ्टी भी 858  प्वाइंट उछला आया।  मिडकैप और स्मॉल कैप में भी रौनक देखने को मिल रही है। इस बीच सरकारी बैंकों में आज जोरदार खरीदारी नजर आ रही है।  निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स डेढ़ परसेंट चढ़ा है। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स डेढ़ परसेंट चढ़ा है। फार्मा और रियल्टी में भी रौनक देखने को मिल रही है, लेकिन IT शेयरों में आज मुनाफावसूली दिख रही है। Reliance Industries पर जेफरीज की राय Jefferies ने Reliance Industries पर ₹1,660 का प्राइस टारगेट रखते हुए "BUY" रेटिंग बनाए रखा है, जिसमें जियो के फ्री कैश फ्लो प्रोफाइल और होम ब्रॉडबैंड में ग्रोथ को पॉजिटिव रहा। कारोबारी साल 2026 में रिटेल में आगे की ग्रोथ, टैरिफ ग्रोथ और जियो की संभावित लिस्टिंग रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए प्रमुख ट्रिगर्स हो सकते हैं। . ओपन होते ही पकड़ ली रफ्तार बीएसई के सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 79,212.53 की तुलना में सोमवार को उछलकर 79,343.63 पर कारोबार की शुरुआत की और कुछ ही देर में ये लंबी छलांग लगाते हुए 79,668.58 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी शुरुआत से ही तेजी पकड़े रखी. एनएसई का ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,039.35 के स्तर से उछलकर 24,070.25 पर खुला और फिर कुछ ही देर में ये भी 24,152.20 के लेवल पर कारोबार करता दिखाई दिया. यही नहीं महज आधे घंटे के कारोबार के दौरान ही Sensex 650 अंक चढ़कर 79,932 के लेवल पर कारोबार करने लगा. Nifty भी 155 अंक चढ़कर 24,200 के आस-पास कारोबार करता नजर आया.   1321 शेयरों ने की तेज शुरुआत बाजार में कारोबार की शुरुआत होने पर 1321 कंपनियों के स्टॉक्स ने तेजी के साथ ग्रीन जोन में ट्रेडिंग शुरू की थी, तो वहीं 1213 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो अपने पिछले बंद की तुलना में गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले थे. वहीं 174 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला था. शुरुआती कारोबार में Reliance Industries, Dr Reddy's Labs, M&M, Bharat Electrinics, Trent के शेयरों में तेजी, जबकि  Shriram Finance, HCL Tech, Maruti Suzuki, Hero MotoCorp और Nestle के स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई थी. Mukesh Ambani का शेयर सरपट भागा शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (India's Richest Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस का शेयर (RIL Stock) खुलने के साथ ही करीब 3 फीसदी तक उछल गया. खबर लिखे जाने तक ये 1339.10 रुपये पर कारोबार कर रहा था. शेयर में तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी उछलकर 18.13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. अन्य शेयरों की बात करें, तो M&M Share (1.80%), ICICI Bank Share (1.50%), SBI Share (1.40%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में Mazgaon Dock Share (5.08%), Kalyan Jewellers Share (3.75%),Ajanta Pharma Share (2.90%) और Lupin Share (2.70%) चढ़कर ट्रेड कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल Barbeque Share 9.37% और DCB Bank Share 7.10% की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. शुक्रवार को गिरावट में रहा था बाजार बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भले ही शेयर मार्केट के दोनों इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए हों, लेकिन बीते पूरे सप्ताह ये फायदे में रहे. पिछले शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला BSE Sensex 588.90 अंक गिरकर 79,212.53 के लेवल पर क्लोज हुआ था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) 207.35 अंक टूटकर 24,039.35 के लेवल पर बंद हुआ था. एशियाई बाजारों से मिले थे ये संकेत   बात ग्लोबल संकेतों की करें, तो एशियाई बाजारों में मिला जुला असर देखने को मिल रहा है. एक ओर जहां Gift Nifty बढ़त के साथ ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा है और खुलने के साथ ही 80 अंक के आस-पास उछल गया था. तो वहीं जापान का निक्केई इंडेक्स (Japan Nikkei) भी 233 अंकों की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आ रहा है. वहीं दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग (Hang Seng) मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. recent visitors 61

इंपीरियल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का आरबीआई ने किया लाइसेंस रद्द

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब के जालंधर स्थित इंपीरियल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है. इसके पीछे कारण यह है कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है. आरबीआई का कहना है कि भविष्य में भी बैंकिंग संचालन के लिए बैंक की कमाई की कोई संभावना नहीं है. केंद्रीय बैंक के इस फैसले के बाद इंपीरियल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों में तनाव का माहौल है. 24 अप्रैल 2025 को कारोबार बंद होने के बाद से बैंक कोई भी बैंकिंग गतिविधियां नहीं कर सकेगा. आरबीआई ने बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं होने के कारण उसका लाइसेंस रद्द किया है. अब ग्राहक यह जानना चाहते हैं कि बैंक में जमा उनके पैसे का क्या होगा. ग्राहकों को डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन के तहत 5 लाख रुपये तक की जमा राशि वापस मिल सकेगी. आरबीआई ने पंजाब के सरकारी समितियों के रजिस्ट्रार को बैंक को बंद करने के लिए उचित कार्यवाही के तहत एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश भी दिया है. कितने ग्राहकों को मिलेगी पूरी राशि? इंपीरियल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 97.79 प्रतिशत ग्राहकों को उनकी पूरी जमा राशि मिल जाएगी. केंद्रीय बैंक ने इंपीरियल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. DICGC ने पहले ही बीमित जमाराशियों के तहत 5.41 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है. आरबीआई का कहना है कि बैंक को आगे संचालन की अनुमति देना ग्राहकों के हितों के खिलाफ होगा. इसका मतलब है कि अब बैंक न तो कोई जमा स्वीकार कर सकेगा और न ही जमा राशि का भुगतान कर सकेगा. आपको बता दें कि बैंकों के संचालन की निगरानी आरबीआई करता है. इससे पहले केंद्रीय बैंक ने विजयवाड़ा के दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक का भी लाइसेंस पर्याप्त पूंजी न होने के कारण रद्द कर दिया था. recent visitors 56

अब Kotak Mahindra Bank ने भी अपने सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज में कटौती का किया ऐलान

नई दिल्ली अगर आप भी कोटक महिंद्रा बैंक में सेविंग अकाउंट होल्डर हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा अप्रैल की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में ब्याज दरों में कटौती के बाद कई बड़े बैंक ब्याज दरें घटा रहे हैं। इसी कड़ी में अब Kotak Mahindra Bank ने भी अपने सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज में कटौती का ऐलान कर दिया है। अब कितना ब्याज मिलेगा? कोटक महिंद्रा बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक: 50 लाख रुपये तक की जमा पर अब ब्याज दर घटाकर 2.75% कर दी गई है। 50 लाख रुपये से अधिक की जमा पर आपको 3.25% सालाना ब्याज मिलेगा। इससे पहले फरवरी में भी बैंक ने 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी, और अब फिर से 25 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की गई है। सेविंग अकाउंट में कैसे मिलता है ब्याज? बचत खाते पर मिलने वाला ब्याज बैंक आपके खाते में जमा राशि के आधार पर देता है। पहले यह ब्याज मासिक औसत बैलेंस (Monthly Average Balance) पर मिलता था, लेकिन अब RBI के निर्देशों के मुताबिक यह रोजाना के बैलेंस (Daily Balance) पर कैलकुलेट होता है और हर तिमाही (मार्च, जून, सितंबर, दिसंबर) में खाते में जमा किया जाता है। भारत में सेविंग अकाउंट पर कितना ब्याज मिलता है? ज्यादातर बैंक सेविंग अकाउंट पर 2.5% से 4% सालाना तक का ब्याज देते हैं। हालांकि कुछ डिजिटल बैंक या छोटे फाइनेंस बैंक इससे अधिक ब्याज भी ऑफर करते हैं। क्या यह आपके लिए चिंता की बात है? अगर आपकी बचत का बड़ा हिस्सा सेविंग अकाउंट में पड़ा रहता है, तो यह ब्याज दरों में कटौती आपके लिए रिटर्न के लिहाज़ से नुकसानदेह हो सकती है। ऐसे में आप चाहें तो अपने पैसे को FD, मनी मार्केट फंड या दूसरे सुरक्षित निवेश विकल्पों में ट्रांसफर करने पर विचार कर सकते हैं।   recent visitors 34

घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या मार्च में 148.8 लाख पर पहुंची, पिछले साल की तुलना में 11.3% की वृद्धि: आईसीआरए रिपोर्ट

मुंबई मार्च में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 148.8 लाख रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 11.3 प्रतिशत की वृद्धि है। यह फरवरी 2025 में 140.4 लाख यात्रियों से 5.9 प्रतिशत वृद्धि है। यह जानकारी गुरुवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 (अप्रैल 2024 – मार्च 2025) के लिए घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 1,657.1 लाख रही, जो सालाना आधार पर 7.8 प्रतिशत की वृद्धि और वित्त वर्ष 2020 में कोविड-पूर्व स्तर के 1,415.6 लाख से 17.1 प्रतिशत अधिक है। घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में मध्यम वृद्धि का अनुमान रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में मध्यम वृद्धि के अनुमान और वित्त वर्ष 2026 में अपेक्षाकृत स्थिर लागत वातावरण को देखते हुए भारतीय विमानन उद्योग का दृष्टिकोण स्थिर बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025 के 11 महीनों में, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या सालाना आधार पर 14.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 309.5 लाख रही, जो कोविड-पूर्व स्तर के 218.1 लाख से 41.9 प्रतिशत अधिक है। मार्च 2025 में एयरलाइनों द्वारा की गई क्षमता तैनाती, मार्च 2024 की तुलना में 8.5 प्रतिशत और फरवरी 2025 की तुलना में 10.7 प्रतिशत अधिक रही रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 में एयरलाइनों की क्षमता तैनाती मार्च 2024 की तुलना में 8.5 प्रतिशत और फरवरी 2025 की तुलना में 10.7 प्रतिशत अधिक थी। यह वित्त वर्ष 2025 के लिए 7-10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के आईसीआरए के अनुमानों के अनुरूप था। अनुमान है कि घरेलू विमानन उद्योग मार्च 2025 में 88.2 प्रतिशत के पैसेंजर लोड फैक्टर (पीएलएफ) पर संचालित होगा, जबकि मार्च 2024 में यह 86.0 प्रतिशत था, वित्त वर्ष 2025 के लिए 87.0 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2024 में यह 88.0 प्रतिशत था। अप्रैल 2025 में एटीएफ की कीमतों में क्रमिक रूप से 6.1 प्रतिशत की गिरावट आई और सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत कम रही अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक, अप्रैल, जून, सितंबर, अक्टूबर, जनवरी और मार्च 2025 के महीनों में एटीएफ की कीमतें सालाना आधार पर कम थीं, जिसके परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025 में एटीएफ की औसत कीमतें सालाना आधार पर 8 प्रतिशत कम रहीं। रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल 2025 में एटीएफ की कीमतों में क्रमिक रूप से 6.1 प्रतिशत की गिरावट आई और सालाना आधार पर 12.9 प्रतिशत कम रही।रिपोर्ट में कहा गया है, “एयरलाइंस की इनपुट लागत में वृद्धि के अनुपात में ‘किराया वृद्धि’ करना, उनके लाभ मार्जिन का विस्तार करने में अहम होगा।” recent visitors 47

अलका को उत्कृष्ठ एरिया आफिसर सम्मान मल्लिका ऑफ़ द सविताली का खिताब भी

बिलासपुर   ‘द एसोसियेशन ऑफ़ द वी क्लब्स ऑफ़ इंडिया’ के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मल्टीपल कॉंफ्रेंस लोनावाला पूणे में डिस्ट्रिक्ट 323-जी-3 की एरिया ऑफिसर -2 वी अलका अग्रवाल को “उत्कृष्ट एरिया ऑफिसर” का सम्मान दिया।                     कांफ्रेस में देश भर से सेवाभावी आए थे। सेवा को समर्पित वी क्लब्स के वर्ष भर के सेवा कार्याे का आकंलन कर, मल्टीपल डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट वी रजनी शेट्टी जी ने डिस्ट्रिक्ट 323-जी-3 की एरिया ऑफिसर -2 वी अलका अग्रवाल को “उत्कृष्ट एरिया ऑफिसर” का सम्मान दिया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें विभिन्न सेवा कार्यों जैसे गौ सेवा, वृद्ध सेवा, शिक्षा, वृक्षारोपण, नारी स्वाभिमान, फ़ूड फॉर हंगर, महिला स्वरोज़गार हेतु सिलाई मशीन वितरण, ठंड में कंबल वितरण आदि उत्कृष्ट सेवाओं एवं सामाजिक कार्यों में अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। वहीं मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के डिस्ट्रिक्ट 323-जी-3 द्वारा आयोजित डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस “स्पंदन अलंकरण समारोह” में डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट वी अनिता फरमानिया ने अलका को “मल्लिका ऑफ़ सविताली” के खिताब से अलंकृत किया। एसोसिएशन ऑफ ”वी” क्लब्स ऑफ इंडिया समाज की बेहतरी एवं महिला सशक्तिकरण के लिए अपनी सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करता है।  महिला सशक्तिकरण हेतु कॉंफ्रेंस का आयेाजन किया गया। वी अलका अग्रवाल वर्तमान में ”वी” क्लब्स ऑफ इंडिया के एरिया 2 की एरिया आफिसर के रूप में कार्यरत हैं। उनके कुशल नेतृत्व में क्षेत्र में कई सामाजिक, मानव सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां सफलतापूर्वक संपन्न हो रही हैं। कॉंफ्रेंस में एरिया-2 के सभी क्लबों को उनकी सेवा कार्याे और उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया गया । recent visitors 27

10 साल से ऊपर के नाबालिगों के लिए होगा स्वयं का सेविंग अकाउंट, 1 जुलाई से लागू होगा नया नियम

नई दिल्ली अब 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों को बैंकिंग की स्वतंत्रता मिलने जा रही है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बैंकों को यह अनुमति दी है कि वे 10 साल से ऊपर के नाबालिगों के लिए स्वयं का सेविंग अकाउंट(Saving Account) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अकाउंट खोलने की सुविधा प्रदान करें. यह कदम बच्चों को वित्तीय रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. नए नियम बच्चों को जल्दी से पैसे की समझ और जिम्मेदारी सिखाने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वे छोटी उम्र से ही वित्तीय रूप से स्मार्ट बन सकेंगे. बिना अभिभावक के भी खुल सकेगा अकाउंट आरबीआई द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों के अनुसार, बैंकों को अब 10 वर्ष से अधिक उम्र के समझदार नाबालिगों को स्वतंत्र रूप से सेविंग या एफडी खाता खोलने की अनुमति देने का अधिकार प्राप्त हो गया है. पहले यह प्रक्रिया केवल अभिभावकों के माध्यम से ही संभव थी. अब यदि बैंक को यह विश्वास हो कि बच्चा खाते का संचालन करने में सक्षम है, तो उसे अभिभावक की उपस्थिति के बिना भी यह सुविधा प्रदान की जा सकती है. बैंकों को भेजा गया नया सर्कुलर आरबीआई ने सोमवार को सभी बैंकों को एक सर्कुलर के माध्यम से निर्देश जारी किए. इस सर्कुलर में यह भी बताया गया है कि यदि कोई नाबालिग बच्चा किसी कारणवश अपना खाता नहीं चला सकता, तो अभिभावक के माध्यम से खाता खोलने और संचालित करने की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी. ओवरड्राफ्ट की इजाजत नहीं मिलेगी बच्चे के खाते में कभी भी ओवरड्राफ्ट की सुविधा नहीं होगी. इसका अर्थ है कि खाते में जितना पैसा है, केवल उतना ही खर्च किया जा सकता है, उससे अधिक नहीं. KYC जरूरी बैंक में खाता खोलने के समय और भविष्य में भी, बच्चे की पहचान और पते से संबंधित KYC दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी. 1 जुलाई 2025 से लागू होंगे नियम RBI ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने नियमों में आवश्यक परिवर्तन करें और इसे 1 जुलाई 2025 तक लागू करें. इस निर्देश में सरकारी, प्राइवेट और को-ऑपरेटिव बैंक सभी शामिल हैं. गौतम गंभीर को जान से मारने की धमकी मिली, ‘ISIS कश्मीर’ नाम के संगठन ने टीम इंडिया के हेड कोच को दी धमकी, शिकायत दर्ज 18 साल के बाद अकाउंट अपडेट होगा जब बच्चा 18 वर्ष का हो जाएगा, तो बैंक को नए दस्तावेज और हस्ताक्षर प्राप्त करने की आवश्यकता होगी. यदि खाता पहले माता-पिता द्वारा संचालित किया गया था, तो बैंक को धन के लेन-देन की पुष्टि भी करनी होगी. बच्चों की वित्तीय समझ बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिवर्तन बच्चों में बचत की आदत विकसित करने और उन्हें वित्तीय प्रणाली से अवगत कराने में सहायक होगा. इसके परिणामस्वरूप, बच्चे छोटी उम्र में ही पैसे के महत्व और बजट बनाने की कला को समझ सकेंगे. recent visitors 30

कराची स्टॉक एक्सचेंज में 2,000 से अधिक अंकों की आई गिरावट

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत के सख्त कूटनीतिक रुख और दंडात्मक उपायों ने पाकिस्तान में भूचाल ला दिया है. बाकी सारी चीजें ढंकी-छिपी है, लेकिन शेयर बाजार में सारी चीजें साफ है. पाकिस्तान का सेंसेक्स याने (कराची स्टॉक एक्सचेंज) KSE-100 इंडेक्स 2,224.45 (-1.90%) गिरावट के साथ 115,001.70 पर ट्रेडिंग खत्म होने के समय चल रहा है. तनाव में उल्लेखनीय वृद्धि के तहत, भारत ने कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (IWT) को निलंबित कर दिया है, जिसमें कम से कम 26 लोगों की जान चली गई और 17 अन्य घायल हो गए. इस घटना में लोकप्रिय ग्रीष्मकालीन गंतव्य में पर्यटकों को निशाना बनाया गया, जिसके कारण पाकिस्तान ने तेजी से बिगड़ती स्थिति का आकलन करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई है. जल-बंटवारे के लिए लंबे समय से चले आ रहे समझौते, IWT को निलंबित करना एक तीखे कूटनीतिक कदम को दर्शाता है और यह भारत द्वारा व्यापक दंडात्मक उपायों के बीच हुआ है. इन कदमों का पाकिस्तान पर पहले से ही आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है. इस बीच अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चालू वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के पूर्वानुमान को घटाकर 2.6% कर दिया है, जो पहले के अनुमानों से कम है. अगले वित्त वर्ष के लिए वृद्धि अब 3.6% अनुमानित है, जबकि मुद्रास्फीति बढ़कर 7.7% होने की उम्मीद है. दबाव को बढ़ाते हुए पाकिस्तानी वस्तुओं पर लगाए गए नए व्यापार शुल्क से देश के प्रमुख निर्यातों को नुकसान पहुँचने की उम्मीद है. एक सरकारी थिंक टैंक ने चेतावनी दी है कि इसे आर्थिक विविधीकरण के लिए एक चेतावनी के रूप में काम करना चाहिए. recent visitors 37

शादियों के सीजन के बीच सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं और इसका सीधा असर ज्वेलरी रिटेलर्स पर पड़ रहा

नई दिल्ली ऐन शादियों के सीजन के बीच सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं और इसका सीधा असर ज्वेलरी रिटेलर्स पर पड़ रहा है। अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को है और सर्राफा बाजारों से रौनक कम हो रही है। CRISIL रेटिंग्स की एक रिपोर्ट कहती है कि 2026 तक ऑर्गनाइज्ड ज्वेलर्स की सेल (वॉल्यूम) 9-11 प्रतिशत तक घट सकती है। चूंकि सोना महंगा बिकेगा, इसलिए इनकी कमाई (रेवेन्यू) में 13-15 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। पिछले चार सालों से इनकी कमाई 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ रही है, लेकिन लोग महंगाई की वजह से कम वजन (ग्राम) का सोना खरीद रहे हैं। सोना रिकॉर्ड तोड़ रहा 2025 में सोने की कीमतों में 25 प्रतिशत उछाल आया और अप्रैल 2025 तक ये 20 प्रतिशत और बढ़ चुका है। अगर अब भी कीमतें 4-5 प्रतिशत बढ़ती हैं, तो 2026 में औसत कीमत 22-24 प्रतिशत ज्यादा होगी। सोना भाव आज आईबीजेए के मुताबिक आज 24 कैरेट गोल्ड की बिना जीएसटी कीमत 96075 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इससे पहले बुधवार को यह 96085 रुपये पर बंद हुआ था। जबिक, चांदी के भाव 96613 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 97616 रुपये पर पहुंच गया है। लोगों का बजट टाइट: महंगाई की मार से लोग सोना कम वजन का खरीद रहे हैं। शादी-त्योहार के सीजन में भी यही ट्रेंड देखा गया। ऑफर्स का दौर: रिटेलर्स टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिस्काउंट और प्रोमोशन चला रहे हैं ताकि सेल बनी रहे। कंपनियों को फायदा भी, नुकसान भी मुनाफा बढ़ेगा: सोने की कीमत बढ़ने से रिटेलर्स को "इन्वेंटरी गेन" (खरीदे हुए सोने से ज्यादा दाम पर बेचने का फायदा) होगा। इससे ऑपरेटिंग मार्जिन 7.8-8 प्रतिशत के आसपास पहुंच सकता है, जो पिछले दो सालों से घट रहा था। कर्ज बढ़ेगा, मगर डरने की बात नहीं: नए स्टोर्स और स्टॉक खरीदने के लिए कर्ज बढ़ेगा, लेकिन कमाई और मुनाफा भी बढ़ने से कंपनियां इसे संभाल पाएंगी। CRISIL के मुताबिक, इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो 6 गुना से ज्यादा रहेगा, जो अच्छा संकेत है। सरकारी नीतियां भी साथ दे रही GST और BIS हॉलमार्क की वजह से लोग ऑर्गनाइज्ड रिटेलर्स की तरफ भरोसा कर रहे हैं। पिछले साल गोल्ड इम्पोर्ट पर ड्यूटी कम होने से भी कीमतों को थोड़ी राहत मिली थी। आगे क्या होगा? 2026 में इंडस्ट्री का टर्नओवर 4.5-5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है मगर, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव या सरकारी नियमों में बदलाव (जैसे इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ना) से खतरा बना रहेगा। CRISIL के एक्सपर्ट्स का कहना है, "लोगों का बजट फिक्स्ड है, इसलिए वे कम ग्राम का सोना खरीदेंगे। मगर, ऑर्गनाइज्ड सेक्टर की ग्रोथ बनी रहेगी क्योंकि भरोसा बढ़ रहा है। कर्ज बढ़ेगा, मगर कंपनियों की फाइनेंशियल हेल्थ अच्छी रहेगी।" recent visitors 40

Flipkart की घर वापसी की योजना, IPO से पहले उठा रहा कदम

मुंबई वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट भारत में घर वापसी की तैयारी कर रही है। देश की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक फ्लिपकार्ट कई सालों तक सिंगापुर में परिचालन करने के बाद अब अपना मुख्यालय सिंगापुर से वापस भारत ला रही है क्योंकि वह अगले साल भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। फ्लिपकार्ट ने मंगलवार को बयान जारी कर दी जानकारी इस संबंध में फ्लिपकार्ट ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि वह अपना मुख्यालय सिंगापुर से भारत में स्थापित करेगी। इस कदम को देश में संभावित सार्वजनिक सूचीबद्धता की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा सकता है। इसकी मूल कंपनी वॉलमार्ट 17 साल पुरानी कंपनी को सार्वजनिक करने का लक्ष्य बना रही है। वर्तमान में फ्लिपकार्ट का मुख्यालय सिंगापुर में स्थित है। कंपनी ने कहा कि भारत में जन्मी और विकास करने वाली कंपनी के रूप में यह बदलाव हमारे ग्राहकों, विक्रेताओं, भागीदारों और समुदायों की सेवा करने में हमारे ध्यान और तत्परता को और बढ़ाएगा, ताकि देश की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और उद्यमिता में योगदान जारी रखा जा सके। अब भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और घरेलू तकनीकी फॉर्म में निवेशकों के दिलचस्पी बढ़ रही है, जिसके कारण फ्लिपकार्ट ने भारत वापस लौटने का फैसला किया है। फ्लिपकार्ट की भारत में हुई थी शुरुआत बताना चाहेंगे कि फ्लिपकार्ट की शुरुआत साल 2007 में बेंगलुरु में हुई थी लेकिन साल 2011 में विदेशी पूंजी को आकर्षित करने, टैक्स लाभों का फायदा लेने जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं के कारण कंपनी ने अपना हेड ऑफिस सिंगापुर स्थानांतरित कर दिया था। सचिन बंसल और बिनी बंसल ने मिलकर एक ऑनलाइन बुक स्टोर के रूप में फ्लिपकार्ट की शुरुआत की थी, जो आज भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक है। ये कंपनी ई-कॉमर्स क्षेत्र के अन्य बड़े खिलाड़ी जैसे अमेजॉन आदि को प्रतिस्पर्धा दे रही हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट ने 2018 में फ्लिपकार्ट की 81 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली थी। इसके बदले उन्होंने 16 अरब डॉलर का भुगतान किया। अभी वॉलमार्ट के पास फ्लिपकार्ट की 85 फीसदी हिस्सेदारी है।   recent visitors 35

रिलायंस और टीसीएस के बाद HDF Bank ने हासिल की ये खास उपलब्धि

नई दिल्ली  प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में गिरावट देखी जा रही है। लेकिन एक दिन पहले ही बैंक ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। मंगलवार को कंपनी के शेयरों में करीब दो प्रतिशत की तेजी आई और इसके साथ ही इसका मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। एचडीएफसी बैंक से पहले केवल दो कंपनियों को ही यह उपलब्धि हासिल हुई है। एचडीएफसी बैंक का शेयर मंगलवार को बीएसई पर 1.78 प्रतिशत चढ़कर 1,961.90 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में यह 2.23 प्रतिशत उछलकर 1,970.65 रुपये पर पहुंच गया था, जो इसका रिकॉर्ड उच्च स्तर है। एनएसई पर शेयर 1.70 प्रतिशत बढ़कर 1,960 रुपये पर पहुंच गया। बैंक के शेयर में नौ अप्रैल से 11.12 प्रतिशत की तेजी आई है। इस दौरान बैंक के बाजार पूंजीकरण में 1,50,289.64 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 15,01,289.37 करोड़ रुपये हो गया। अभी तक केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने ही 15 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण को पार किया है। टाटा ग्रुप की कंपनी टीसीएस के शेयरों में हाल में काफी गिरावट आई है। बुधवार को कंपनी का शेयर करीब दो फीसदी तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है और इसका मार्केट कैप 12,23,619.11 करोड़ रुपये है। रिलायंस का मार्केट कैप मंगलवार को बंद भाव पर रिलायंस का मार्केट कैप 17.47 लाख करोड़ रुपये था। मार्केट कैप के हिसाब से भारती एयरटेल (10.45 लाख करोड़ रुपये) चौथे और आईसीआईसीआई बैंक (10.09 लाख करोड़ रुपये) पांचवें नंबर पर है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट आई है। सुबह 9.35 बजे यह बीएसई पर 0.45% गिरावट के साथ 1953.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसके साथ ही मार्केट कैप 14,94,593.68 करोड़ रुपये रह गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखें तो रिलायंस 60वें नंबर पर है जबकि एचडीएफसी बैंक 67वें और टीसीएस 100वें नंबर पर है। इस लिस्ट में अमेरिकी कंपनियों का दबदबा है। टॉप 10 में से 8 कंपनियां अमेरिका की हैं। आईफोन बनाने वाले कंपनी ऐपल 3 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ इस लिस्ट में पहले नंबर पर है। इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, अल्फाबेट, ऐमजॉन, सऊदी अरामको, मेटा प्लेटफॉर्म्स, बर्कशायर हैथवे, ब्रॉडकॉम और टीएसएमसी का नंबर है। recent visitors 36

Air India का बड़ा फैसला पहलगाम में फंसे पर्यटकों के लिए , इस चीज के नहीं लेगा पैसे

  श्रीनगर पहलगाम में मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए, एयर इंडिया एक्सप्रेस श्रीनगर से और श्रीनगर के लिए यात्रा करने वाले अपने यात्रियों को पूरा सपोर्ट कर रहा है। दूसरी ओर एयर एशिया ने भी ऐलान किया है कि एयरलाइन 30 अप्रैल 2025 तक श्रीनगर से और श्रीनगर के लिए उड़ानों के कैंसिलेशन चार्ज को माफ करेगी। 30 अप्रैल 2025 तक एयर इंडिया एक्सप्रेस की श्रीनगर से या श्रीनगर के लिए उड़ानों पर बुकिंग कराने वाले यत्रियों को अपनी यात्रा को रिशेड्यूल करने की सुविधा पूर्ण शुल्क माफी और फेयर डिफरेंस के साथ प्रदान की जा रही है। एयर लाइन ने कहा है कि गेस्ट चाहें तो अपनी बुकिंग कैंसिल करके मूल भुगतान मोड में फुल रिफंड भी प्राप्त कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि https://www.airindiaexpress.com/manage-booking पर या हमारे AI-पावर्ड चैट असिस्टेंट, टिया को #SrinagarSupport टाइप करके अपनी बुकिंग आसानी से मैनेज कर सकते हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस श्रीनगर को सीधे पांच जगहों बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, जम्मू और कोलकाता से जोड़ता है, जहां लगभग 80 साप्ताहिक उड़ानें संचालित की जाती हैं। एयरलाइन अपने घरेलू नेटवर्क में अगरतला, अयोध्या, चेन्नई, गोवा, कोच्चि, मुंबई, पटना, तिरुवनंतपुरम और वाराणसी सहित 26 गंतव्यों के लिए वन-स्टॉप कनेक्टिविटी भी प्रदान करती है। श्रीनगर से दिल्ली की दो अतिरिक्त उड़ानें एयर इंडिया ने बुधवार को घोषणा की कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमले के बीच मौजूदा स्थिति के मद्देनजर वह 23 अप्रैल को श्रीनगर से दो अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगा। ये उड़ानें श्रीनगर से दिल्ली और मुंबई के लिए संचालित की जाएंगी। श्रीनगर से दिल्ली की दो अतिरिक्त उड़ानों की डिटेल श्रीनगर से मुंबई – दोपहर 12:00 बजे कपंनी ने कहा, "इन उड़ानों के लिए बुकिंग अब खुली है। श्रीनगर से आने-जाने वाली हमारी अन्य सभी उड़ानें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चलती रहेंगी। एयर इंडिया ने कहा, "अधिक सहायता के लिए, कृपया 011 69329333, 011 69329999 पर हमारे संपर्क केंद्र से संपर्क करें। इस बीच, अकासा एयरलाइन ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में दुखद घटनाओं से गहरा दुख व्यक्त करता है। "हमारी हार्दिक संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है, और जिनके जीवन पर प्रभाव पड़ा है। इंडिगो ने भी एक्स पोस्ट के जरिए सूचित किया है कि श्रीनगर में वर्तमान स्थिति को देखते हुए, हमने रिशेड्यूल/कैंसिलेशन करने पर छूट को बढ़ा दिया है। साथ ही, हम 23 अप्रैल को दो विशेष उड़ानें भी संचालित कर रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया https://goindigo.in पर जाएं या +91 124 4973838 – +91 124 6173838 पर संपर्क करें। बता दें मंगलवार को, आतंकवादियों द्वारा एक प्रसिद्ध चरागाह में की गई गोलीबारी में दो विदेशियों और दो स्थानीय लोगों सहित कम से कम 26 लोग मारे गए, जो 2019 में पुलवामा हमले के बाद से घाटी में सबसे घातक हमला है। recent visitors 33

शेयर बाजार में तूफानी तेजी , सेंसेक्स 600 अंक उछलकर फिर 80,000 के पार

मुंबई  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन पर टैरिफ घटाने की बात कही है। इससे अमेरिकी और एशियाई बाजारों में तेजी के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार बढ़त देखने को मिल रही है। इससे सेंसेक्स 80000 के पार पहुंच गया है। सेंसेक्स 79595.59 अंकों के पिछले क्लोजिंग लेवल के मुकाबले 80,142.09 पर खुला है और करीब साढ़े 9 बजे 544.43 अंक या 0.68 फीसदी की मजबूती के साथ 80,140.02 पर है। वहीं निफ्टी इस समय 166.30 अंक या 0.69 फीसदी की मजबूती के साथ 24,333.55 पर है। निफ्टी 24167.25 अंकों के क्लोजिंग लेवल के मुकाबले आज सुबह 24,357.60 पर खुला है। इससे पहले लगातार 6 दिन शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हो चुका है। Nifty Bank 56000 के पार बुधवार को Nifty Bank भी 56000 के पार पहुंच गया। निफ्टी बैंक 55647.20 अंकों के पिछले क्लोजिंग लेवल के मुकाबले 56,097.10 पर खुला और शुरुआती कारोबार में ही 56,097.10 तक ऊपर गया। करीब साढ़े 9 बजे ये 28 अंकों की मजबूती के साथ 55,675.25 पर है। ट्रम्प घटाएंगे चीन पर टैरिफ बता दें कि मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी आई। वहीं गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनका अमेरिकी फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल को हटाने का कोई इरादा नहीं है, इससे शेयर बाजारों में तेजी आई। निवेशकों की नजर आज एलटीआईमाइंडट्री, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, 360 वन डब्ल्यूएएम लिमिटेड, कैन फिन होम्स, डालमिया भारत आदि के तिमाही नतीजों पर रहेगी। कल भी बाजार में दिखी शानदार तेजी सोमवार को भी बाजार में मजबूती रही थी. सेंसेक्स 187 अंक बढ़कर 79,595.59 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 41 अंक की तेजी के साथ 24,167.25 के स्तर पर बंद हुआ था. इससे पहले लगातार छह कारोबारी सत्रों में तेजी देखने को मिली थी. 6 दिन में 33.55 लाख करोड़ की संपत्ति बढ़ी पिछले छह दिनों की तेजी से निवेशकों की संपत्ति में 33.55 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. 9 अप्रैल से अब तक सेंसेक्स करीब 5,748 अंक यानी 7.78% ऊपर चढ़ चुका है. इसी दौरान BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,27 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. ग्लोबल मार्केट से मिला सपोर्ट भारतीय शेयर बाजार को ग्लोबल मार्केट से भी पॉजिटिव संकेत मिले हैं. मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी आई. Dow Jones करीब 1,016 अंक चढ़ा, जबकि S&P 500 और Nasdaq में भी 2.5% से ज्यादा की तेजी देखी गई. इसकी वजह बनी अमेरिका की ट्रेजरी सेक्रेटरी की वो उम्मीद, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका-चीन टैरिफ को लेकर जल्द कुछ राहत देखने को मिल सकती है. एशियाई बाजारों की भी मजबूत शुरुआत अमेरिका के पॉजिटिव ट्रेंड का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा. जापान का Nikkei 225 और साउथ कोरिया का Kospi भी आज तेजी के साथ खुले, जिससे घरेलू बाजार को भी मजबूती मिली. recent visitors 51

नाबालिगों को RBI ने दिया खास तोहफा, अब 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को बैंकिंग की आजादी मिलने जा रही

नई दिल्ली अब 10 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को बैंकिंग की आजादी मिलने जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा बदलाव करते हुए बैंकों को यह अनुमति दी है कि वे 10 साल से अधिक उम्र के नाबालिगों को खुद का सेविंग अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अकाउंट खोलने की सुविधा दें।यह फैसला बच्चों को फाइनेंशियल रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बिना अभिभावक के भी खुल सकेगा अकाउंट आरबीआई द्वारा जारी संशोधित निर्देशों के अनुसार अब बैंकों को यह अधिकार होगा कि वे 10 वर्ष से अधिक उम्र के समझदार नाबालिगों को स्वतंत्र रूप से सेविंग या एफडी अकाउंट खोलने की अनुमति दें। पहले केवल अभिभावकों के जरिए ही यह संभव था। अब बच्चों को अभिभावक की मौजूदगी के बिना भी यह सुविधा दी जा सकती है यदि बैंक को लगे कि बच्चा खाते को संचालित करने में सक्षम है। बैंकों को भेजा गया नया सर्कुलर RBI ने यह निर्देश सोमवार को सभी बैंकों को भेजे गए एक सर्कुलर के माध्यम से जारी किया। सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर नाबालिग बच्चा किसी कारणवश अकाउंट नहीं चला सकता तो अभिभावक के जरिए खाता खुलवाने और ऑपरेट करने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। बच्चों की वित्तीय समझ बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव बच्चों में बचत की आदत डालने और उन्हें फाइनेंशियल सिस्टम से परिचित कराने में मदद करेगा। साथ ही इससे बच्चे छोटी उम्र में ही पैसे की अहमियत और बजटिंग सीख सकेंगे। recent visitors 39

भारत की विकास क्षमता को विश्व बैंक और आईएमएफ संस्थाओं ने स्वीकार किया: मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत की विकास क्षमता को विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) जैसी वैश्विक संस्थाओं ने भी स्वीकार किया है। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सीतारमण ने कहा, "जब हम कहते हैं कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और जब आईएमएफ या विश्व बैंक यह मानते हैं कि भारत अपनी विकास क्षमता के कारण नकारात्मक या लगभग सकारात्मक क्षेत्र में चल रहे विश्व व्यापार को आगे बढ़ाने का इंजन बन सकता है तो वे भारत में मौजूद क्षमता को पहचान रहे हैं।" वित्त मंत्री सीतारमण इस समय अमेरिका और पेरू की यात्रा पर हैं जहां वे प्रमुख फंड प्रबंधन फर्मों और आईटी फर्मों के सीईओ के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगी। उन्होंने आगे कहा, "इस क्षमता के साथ आगे बढ़ने से, हम वैश्विक स्तर पर विभिन्न अनिश्चितताओं के कारण देखी जा रही गिरावट को सुधार सकेंगे। इन अनिश्चितताओं में कम वृद्धि, कम व्यापार और कुछ स्थानों पर उच्च मुद्रास्फीति शामिल है।" सीतारमण ने वैश्विक व्यापार के मौजूदा परिदृश्य पर भी बात की और टैरिफ युद्ध के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि पर प्रकाश डाला। उन्होंने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र या "विकसित भारत" में बदलने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी का यह दृष्टिकोण चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है: महिलाएं, वंचित, युवा और किसान। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का ध्यान 'उभरते क्षेत्रों' पर है, जो हमारी क्षमता निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं, और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) जैसे क्षेत्रों पर भी है, जहां भारत वैश्विक नेता के रूप में उभरा है। 22-25 अप्रैल तक अमेरिका के वाशिंगटन में अपनी यात्रा के दौरान, सीतारमण अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वसंत बैठकों, दूसरी जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक, विकास समिति पूर्ण बैठक, आईएमएफसी पूर्ण बैठक और वैश्विक संप्रभु ऋण गोलमेज (जीएसडीआर) बैठक में भाग लेंगी।   recent visitors 26

चमड़ा, फुटवियर का निर्यात 2024-25 में 25 प्रतिशत बढ़कर 5.7 अरब डॉलर हो गया, वित्त वर्ष 26 में 6.5 अरब डॉलर को पार

नईदिल्ली भारत के लेदर और फुटवियर उद्योग ने वित्त वर्ष 2024-25 में शानदार प्रदर्शन करते हुए निर्यात में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। इस साल यह आंकड़ा 5.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो वाणिज्य विभाग द्वारा तय किए गए लक्ष्य से 1 बिलियन डॉलर अधिक है। काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट (CLE) के कार्यकारी निदेशक आर. सेल्वम ने बताया कि इस सकारात्मक रुझान को देखते हुए 2025-26 में निर्यात 6.5 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है। वहीं सीएलई के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार जालान के मुताबिक अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय फुटवियर की मांग लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि 10 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि के बावजूद किसी भी ऑर्डर को रद्द नहीं किया गया है, और निर्यातक अपने व्यापारिक रिश्ते बनाए रखने के लिए छूट प्रदान कर रहे हैं। जालान ने कहा कि अप्रैल के मध्य तक निर्यात की स्थिति सामान्य हो चुकी है। उन्होंने भारत सरकार को अमेरिका के साथ चल रही व्यापार चर्चाओं में ‘जीरो फॉर जीरो शुल्क’ नीति अपनाने का सुझाव भी दिया। भारतीय फुटवियर उद्योग देश के सबसे बड़े श्रम-प्रधान क्षेत्रों में से एक है, जो लगभग 42 लाख लोगों को रोजगार देता है। वर्तमान में इस उद्योग का कुल कारोबार 19 बिलियन डॉलर है, जिसमें 5 बिलियन डॉलर का निर्यात शामिल है। सीएलई की रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योग का लक्ष्य 2030 तक कुल कारोबार को 39 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है, जिसमें 25 बिलियन डॉलर का घरेलू उत्पादन और 13.7 बिलियन डॉलर का निर्यात शामिल होगा। इसके अतिरिक्त, भारतीय फुटवियर कंपनियों के साथ साझेदारी के लिए चीनी निवेशकों की रुचि भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे इस क्षेत्र की भविष्य की संभावनाएं और मजबूत हो रही हैं।   recent visitors 27

1 लाख रुपये के पार Gold, सोना ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, चेक करें 22k और 24k का रेट

मुंबई सोना 1,00,000 रुपये का स्तर पार कर गया है। मंगलवार को सोने की कीमतों ने एक मनोवैज्ञानिक आंकड़ा पार करते हुए 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छू लिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की आलोचना के चलते बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। इससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश ऑप्शन की ओर मुड़ गया, जिसके कारण सोने की कीमत अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अब देखना होगा कि गोल्ड 1,38,000 रुपये के लेवल को कब तक पार करता है? GST जोड़ने के बाद 1,00,116 रुपये तक पहुंचा सोना भारत में सोने की कीमतों में 3 प्रतिशत GST जोड़ने के बाद रेट 1,00,116 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। वहीं, वायदा बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1.76% चढ़कर ₹98,991 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी 0.62% बढ़कर 95,840 रुपये प्रति किलोग्राम रही। GST समेत चांदी की कीमत 98,715 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। आपके शहर में क्या है रेट अगर आपके घर में शादी है या फिर आप सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो एक बार अपने शहर के लेटेस्ट रेट चेक कर लें। ये हैं सिटी वाइज सोने-चांदी के रेट- मुंबई में सोने और चांदी की कीमतें – 22 अप्रैल मुंबई में सोने की कीमतें – ₹97,380/10 ग्राम। मुंबई में MCX सोने की कीमत – ₹97,352/10 ग्राम। मुंबई में चांदी की कीमत – ₹95,540/किग्रा। मुंबई में MCX चांदी 999 की कीमत – ₹97,275/किग्रा। चेन्नई में सोने और चांदी की कीमतें – 22 अप्रैल चेन्नई में सोने की कीमत – ₹94,750/10 ग्राम। चेन्नई में MCX सोने की कीमत – ₹97,352/10 ग्राम। चेन्नई में चांदी की कीमत – ₹95,460/किग्रा। चेन्नई में MCX चांदी 999 की कीमत – ₹97,275/किग्रा। कोलकाता में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल कोलकाता में सोने की कीमत — ₹94,350/10 ग्राम। कोलकाता में MCX सोने की कीमत — ₹97,670/10 ग्राम। कोलकाता में चांदी की कीमत — ₹95,820/किग्रा। कोलकाता में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। हैदराबाद में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल हैदराबाद में सोने की कीमत — ₹97,540/10 ग्राम। हैदराबाद में MCX सोने की कीमत — ₹97,352/10 ग्राम। हैदराबाद में चांदी की कीमत — ₹95,690/किग्रा। हैदराबाद में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। बेंगलुरू में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल बेंगलुरू में सोने की कीमत — ₹94,460/10 ग्राम। बेंगलुरू में MCX सोने की कीमत — ₹97,352/10 ग्राम। बेंगलुरू में चांदी की कीमत — ₹95,620/किग्रा। बेंगलुरू में MCX चांदी 999 की कीमत — ₹97,275/किग्रा। नई दिल्ली में सोने और चांदी की कीमतें — 22 अप्रैल नई दिल्ली में सोने की कीमतें — ₹94,260/10 ग्राम। नई दिल्ली में MCX सोने की कीमत — ₹97,220/10 ग्राम। नई दिल्ली में चांदी की कीमतें — ₹95,380/किग्रा। नई दिल्ली में MCX चांदी 999 की कीमतें — ₹97,275/किग्रा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई पर सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहली बार $3,400 प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है। स्पॉट गोल्ड 1.4% चढ़कर $3,472.49 प्रति औंस पर पहुंचा, जो इससे पहले सत्र में $3,473.03 के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है। वहीं, अमेरिका के गोल्ड फ्यूचर्स 1.7% की बढ़त के साथ $3,482.40 पर ट्रेंड कर रहे हैं। डॉलर की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता ने बढ़ाया सोने का आकर्षण Mehta Equities Ltd के वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री के मुताबिक डॉलर इंडेक्स तीन साल के निचले स्तर पर आ गया है और ट्रंप-पॉवेल के बीच ब्याज दरों को लेकर चल रही खींचतान से बाजार अस्थिर है। इससे सोने की मांग तेज हुई है। वहीं, अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर ने भी सेफ हेवन एसेट्स की मांग को बढ़ावा दिया है। ट्रंप की चेतावनी और निवेशकों की सतर्कता KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वॉटरर ने कहा कि ट्रंप ने ब्याज दरों में तत्काल कटौती की मांग दोहराई है और चेतावनी दी है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ सकती है। इस बयान ने निवेशकों को अमेरिकी एसेट्स से दूर कर दिया है और सोने को प्राथमिकता में ला दिया है। कुल मिलाकर वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता और डॉलर की कमजोरी ने सोने की कीमतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में भी यह ट्रेंड जारी रह सकता है। वायदा बाजार में सोने का भाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी सोने और चांदी की कीमतों में एक्शन देखने को मिल रहा है. MCX पर सोने का जून वायदा बाजार करीब 1660 रुपए महंगा होकर 98940 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. इसने शुरुआत कारोबार में 99178 रुपए प्रति ग्राम का लेवल टच किया, जोकि वायदा बाजार में सोने का अब तक का सबसे हाइएस्ट लेवल है. MCX पर सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही. चांदी का मई वायदा करीब 600 रुपए की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहR है, जोकि 95850 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. इसका ऑल टाइम हाई लेवल 104072 रुपए प्रति किलोग्राम है. विदेशी बाजार में सोना-चांदी घरेलू ही नहीं विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी है. कॉमैक्स पर सोने का भाव 2.1% की मजबूती के साथ 3500 डॉलर प्रति ऑन्स के रिकॉर्ड लेवल पर कारोबार कर रहा. अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व को प्रेसिडेंट ट्रंप की धमकी के बाद सोने में जोश देखने को मिल रहा. साथ ही टैरिफ को लेकर अनिश्चितता से भी सपोर्ट मिल रहा. इसके अलावा डॉलर इंडेक्स 3 साल के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया. सोने की कीमतों में रैली कॉमैक्स पर सोने का भाव 2025 में अब तक 30 फीसदी से ज्यादा उछल गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को रेसिप्रोकल टैरिफ से पर्दा उठाया. इस दिन से अब तक सोने की कीमतों में करीब 10% की तेजी देखने को मिली है. 2025 के लिए सोने पर टारगेट 3500 डॉलर प्रति ऑन्स का टारगेट दिया था. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) ने अपने नोट में कहा कि इस साल सोने के लिए पूरा खुला आसमान है. लेकिन अगर अमेरिका … Read more

अब बिना लाइसेंस चलाएं Joy E-Bike, कीमतों में 13,000 रुपए तक सस्ती

Joy E-Bike ने अपने बिना लाइसेंस और RC वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कीमतों में 13,000 रुपए तक की कटौती की है। ये लो-स्पीड स्कूटर अब छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बेहतरीन विकल्प बन चुके हैं। 60 से 90 किमी की रेंज और सस्ती कीमत इन्हें Ola और Ather का मजबूत प्रतिद्वंदी बनाती है। बिना RC और लाइसेंस वाले Joy E-Bike स्कूटर अब और भी किफायती हो गए हैं। 13,000 रुपए तक की कटौती के बाद ये स्कूटर कम उम्र के बच्चों, महिलाओं और स्टूडेंट्स के लिए परफेक्ट हैं। कंपनी का लक्ष्य इन स्कूटरों को हर आम भारतीय तक पहुंचाना है। अगर आप ऐसे इलेक्ट्रिक स्कूटर की तलाश में हैं जिन्हें चलाने के लिए न तो लाइसेंस चाहिए और न ही रजिस्ट्रेशन, तो Joy E-Bike आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। कंपनी ने अपने लो-स्पीड स्कूटरों की कीमतों में भारी कटौती की है, जिससे वे अब और भी बजट-फ्रेंडली हो गए हैं। Joy E-Bike की नई पेशकश इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती डिमांड के बीच Joy E-Bike ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कीमतों में 13,000 रुपए तक की सीधी कटौती की है। इन स्कूटरों को खास तौर पर ऐसे यूज़र्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिन्हें न तो ड्राइविंग लाइसेंस चाहिए और न ही RTO से रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। वुल्फ (Wolf)   जेन नेक्स्ट (Gen Next)   नानू प्लस (Nanu Plus)   वुल्फ प्लस (Wolf Plus)   नैनो इको (Nano Eco)   वुल्फ इको (Wolf Eco)   इन सभी मॉडलों की कीमतों में सीधा 13,000 तक की कटौती की गई है, जिससे अब ये स्कूटर पहले से कहीं अधिक किफायती हो गए हैं। कीमत और रेंज कितनी है… वुल्फ:55,000 से शुरू   जेन नेक्स्ट नानू:54,000 से शुरू   ग्लोब:70,000 से शुरू   सभी स्कूटर 60 से 90 किलोमीटर की रेंज ऑफर करते हैं, जो शहर में रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए एकदम सही है। किन लोगों के लिए है ये बेस्ट ऑप्शन? इन स्कूटरों की टॉप स्पीड 25 किमी/घंटा होती है, जिसकी वजह से इन्हें 16 साल से ऊपर के लोग बिना लाइसेंस के चला सकते हैं। यह खासकर इन कैटेगरी के लिए उपयुक्त हैं- स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र   महिलाएं जो रोज़ाना कम दूरी तय करती हैं   बुजुर्ग जिन्हें हल्के और आसान ऑपरेशन वाला वाहन चाहिए   छोटे दुकानदार और डिलीवरी बॉय क्यों नहीं चाहिए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन? भारत में ऐसा नियम है कि जिन इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की स्पीड 25 किमी/घंटा से कम होती है और पावर 250W से कम होती है, उन्हें चलाने के लिए- ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती RTO से रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती बीमा भी अनिवार्य नहीं होता इस नियम के तहत Joy E-Bike के ये स्कूटर भी आते हैं। बाजार में Ola और Ather को टक्कर हालांकि Ola और Ather जैसे ब्रांड्स हाई-स्पीड स्कूटर्स के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन लो-स्पीड सेगमेंट में Joy E-Bike तेजी से अपनी पकड़ बना रहा है। यह स्कूटर खासतौर पर एंट्री लेवल ईवी सेगमेंट के ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है, जहां कीमत और यूज़-फ्रेंडली फीचर्स सबसे अहम होते हैं। वार्डविजार्ड ग्रुप का मास अपील टारगेट Joy E-Bike की पैरेंट कंपनी WardWizard Innovations ने कहा है कि कीमत घटाने का उद्देश्य इन स्कूटरों को आम जनता के लिए और अधिक सुलभ बनाना है। कंपनी का लक्ष्य है कि- हर भारतीय की पहुंच में एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर हो   बाजार में Joy E-Bike की पकड़ और मजबूत हो   आने वाले समय में हाई-स्पीड मॉडल्स को भी और किफायती बनाया जाए 400 से ज्यादा शहरों में मौजूद है Joy E-Bike Joy E-Bike की भारत में 400+ शहरों में डीलरशिप है। कंपनी 10 से अधिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मॉडल्स बेच रही है, जिनमें हाई-स्पीड और लो-स्पीड दोनों कैटेगरी शामिल हैं। ये हैं फायदे Joy E-Bike लेने के बिना लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के चलाएं   सस्ती कीमत में स्मार्ट फीचर्स   60-90 किमी की बेहतर रेंज   लो मेंटेनेंस और इको-फ्रेंडली   शहर की ट्रैफिक में आसान राइडिंग     recent visitors 36

दुनियाभर की सड़कों पर दौड़ती ‘मेड इन इंडिया’ गाड़ियां, FY25 में रिकॉर्ड निर्यात

मुंबई भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर वैश्विक बाजारों में फिर से रफ्तार पकड़ चुका है। वित्त वर्ष 2024-25 में देश का कुल वाहन निर्यात 19% की दमदार छलांग लगाते हुए 53 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गया। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते वित्त वर्ष में कुल 53.63 लाख (53,63,089) वाहनों का निर्यात हुआ, जो 2023-24 के 45 लाख (45,00,494) यूनिट्स की तुलना में उल्लेखनीय बढ़त है। वैश्विक स्तर पर ‘मेड इन इंडिया’ वाहनों की मांग में उछाल SIAM ने बताया कि भारत में बनने वाले वैश्विक मॉडल्स की क्वालिटी और परफॉर्मेंस की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनकी डिमांड तेजी से बढ़ी है। यही नहीं, कई भारतीय कंपनियों ने अब विकसित देशों में भी वाहन निर्यात की शुरुआत कर दी है। यात्री वाहन (Passenger Vehicles): 2024-25 में 15% की वृद्धि के साथ यात्री वाहनों का निर्यात बढ़कर 7,70,364 यूनिट्स हो गया, जो 2023-24 में 6,72,105 यूनिट था। इसमें यूटिलिटी वाहनों (Utility Vehicles) की हिस्सेदारी भी काफी बढ़ी और 3,62,160 यूनिट्स निर्यात हुईं, जो पिछले साल के 2,34,720 यूनिट्स से 54% ज्यादा हैं। दोपहिया वाहन (Two-Wheelers): दोपहिया वाहन निर्यात में 21% की तेजी रही। 41,98,403 यूनिट्स का निर्यात हुआ, जबकि पिछले साल 34,58,416 यूनिट्स भेजे गए थे। अफ्रीका में आर्थिक स्थिरता और लैटिन अमेरिका में मजबूत मांग ने इस ग्रोथ को सहारा दिया। नए मॉडल्स और नए बाजारों की खोज ने भी एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया। तिपहिया वाहन (Three-Wheelers): इस कैटेगरी में हल्की मगर स्थिर बढ़ोतरी हुई। 2024-25 में 3.1 लाख यूनिट्स निर्यात हुईं, जो 2023-24 की तुलना में 2% ज्यादा है। वाणिज्यिक वाहन (Commercial Vehicles): वाणिज्यिक वाहनों के निर्यात में 23% की मजबूती देखी गई। बीते वित्त वर्ष में 80,986 यूनिट्स विदेश भेजे गए, जबकि इससे पिछले वर्ष यह आंकड़ा 65,818 यूनिट्स था। ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड की वैश्विक पकड़ मजबूत SIAM के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने कहा, “निर्यात के मोर्चे पर सभी क्षेत्रों, खासकर यात्री और दोपहिया वाहनों में अच्छा पुनरुद्धार देखा गया है। यह भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और वैश्विक बाजारों में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि अफ्रीका और पड़ोसी देशों जैसे प्रमुख बाजारों में भारतीय वाहनों की मांग बनी रहने की उम्मीद है। recent visitors 29

शेयर बाजार में आई तूफानी तेजी, 555 अंक से ज्यादा उछला सेंसेक्स

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में तेजी का सिलसिला जारी है. बीते सप्ताह ताबड़तोड़ तेजी के बाद सोमवार को भी दोनों इंडेक्स ग्रीन जोन में ओपन हुए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 500 अंक उछलकर 78,903.09 के लेवल पर खुला, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी तेजी के साथ 23,949.15 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की. शुरुआती कारोबार के दौरान बैंकिंग और आईटी स्टॉक में शानदार तेजी देखने को मिली और HDFC Bank से SBI तक भागते नजर आए. इसके साथ ही Tech Mahindra और Infosys ने भी तेज शुरुआत की. मिनटों में सेंसेक्स 79000 के पार शेयर मार्केट (Share Market) में कारोबार ओपन होने के साथ ही सेंसेक्स अपने पिछले बंद तुलना में उछाल के साथ 78,903.09 पर ओपन हुआ और कुछ ही देर में 555 अंकों की तेजी लेकर 79,152.86 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया. इसी तरह निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद 23,851 की तुलना में चढ़कर 23,949.15 पर खुला और इसके बाद सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर रफ्तार पकड़ता गया. निफ्टी ने भी कुछ देर के कारोबार के दौरान ही 24,004 का स्तर छू लिया. गुरुवार को शानदार तेजी पर था बाजार इससे पिछले कारोबारी दिन बीते सप्ताह के गुरुवार को भी Sensex-Nifty जोरदार तेजी के साथ क्लोज हुए थे. बीएसई का सेंसेक्‍स 1509 अंक बढ़कर 78,553 पर और एनएसई का निफ्टी इंडेक्स 414 अंक चढ़कर 23,851 पर बंद हुआ था. बता दें कि बीते सप्ताह के तीन कारोबारी दिनों में BSE Sensex ने 3,395.94 अंकों या 4.51% की तेजी दर्ज की, तो वहीं NSE Nifty 1023.10 या 4.48% की बढ़त में रहा था. ये 10 शेयर सबसे तेज भागे शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों में लार्जकैप में शामिल Tech Mahindra Share (3.54%), Infosys Share (2.80%), Axis Bank Share (2.54), HDFC Bank Share (2.20%), SBI Share (2.10%) IndusInd Bank Share (1.90%) उछलकर कारोबार कर रहा था. वहीं मिडकैप कंपनियों में शामिल Yes Bank Share (4.37%), Suzlon Share (3.29%), AU Bank Share (3.10%) और Paytm Share (2.60%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे. recent visitors 31

52 लीटर टैंक में 1100KM रेंज! जानिए Toyota Hycross की पूरी डिटेल

नई दिल्ली टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस को भारत में शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसका हाइब्रिड मॉडल एक फुल टैंक में 1100 KM से अधिक की दूरी तय कर सकता है। साथ ही इसमें एडवांस सेफ्टी फीचर्स, प्रीमियम केबिन और बेहतरीन ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिलता है, जो इसे एक कम्पलीट फैमिली कार बनाता है। टोयोटा की इनोवा हाईक्रॉस भारत में एक पॉपुलर 7-सीटर MPV बन गई है। इसका हाइब्रिड वर्जन शानदार माइलेज और दमदार सेफ्टी फीचर्स के साथ आता है। 1100 KM की लंबी रेंज और आरामदायक इंटीरियर के साथ यह कार हर परिवार के लिए एक परफेक्ट चॉइस बनती जा रही है। 1100 KM तक की ड्राइविंग रेंज– फुल टैंक में दम Toyota Innova Hycross MPV को लेकर सबसे बड़ी खासियत इसका माइलेज और फ्यूल एफिशिएंसी है। इस कार में 52 लीटर का फ्यूल टैंक दिया गया है और कंपनी के अनुसार इसका हाइब्रिड वर्जन 23 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज देने में सक्षम है। माइलेज का गणित… फ्यूल टैंक क्षमता: 52 लीटर   क्लेम्ड माइलेज: 23 kmpl   रेंज: 52 × 23 = लगभग 1196 KM इस आंकड़े के अनुसार यह कार एक फुल टैंक में 1100 किलोमीटर से भी ज्यादा की दूरी तय कर सकती है। यह लंबे ट्रिप्स और हाईवे राइड के लिए इसे एक बेहतरीन विकल्प बनाता है। इंजन ऑप्शन और पावरट्रेन: Innova Hycross को दो इंजन विकल्पों में पेश किया गया है- पेट्रोल इंजन… 2.0-लीटर फोर-सिलेंडर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल   ट्रांसमिशन: CVT ऑटोमैटिक   हाइब्रिड इंजन… 2.0-लीटर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन (पेट्रोल + इलेक्ट्रिक)   ट्रांसमिशन: e-CVT   इसका हाइब्रिड मॉडल इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों पर चलता है, जिससे शहरों में कम स्पीड पर यह इलेक्ट्रिक मोड में बेहद स्मूथ चलता है। ADAS और सेफ्टी फीचर्स से लैस Innova Hycross को लेटेस्ट सेफ्टी टेक्नोलॉजी के साथ तैयार किया गया है। इसमें ADAS (Advanced Driver Assistance Systems) फीचर्स दिए गए हैं जो ड्राइवर और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। प्रमुख सेफ्टी फीचर्स… 6 एयरबैग   लेन डिपार्चर वार्निंग   ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटर   ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग   360 डिग्री कैमरा   फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर्स   इन सभी फीचर्स के चलते यह कार न सिर्फ आरामदायक बल्कि बेहद सुरक्षित भी बनती है। शानदार और लग्जरी इंटीरियर: Toyota Innova Hycross का इंटीरियर इसे बाकी MPVs से अलग बनाता है। इसमें मिलने वाले फीचर्स न सिर्फ प्रीमियम फील देते हैं बल्कि लॉन्ग राइड को आरामदायक भी बनाते हैं। इंटीरियर हाइलाइट्स… डुअल टोन केबिन   पैनोरमिक सनरूफ   वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स   इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल कैप्टन सीट्स (सेकंड रो)   10.1 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम   वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay   ड्राइविंग एक्सपीरियंस और राइड क्वालिटी हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ Toyota Innova Hycross एक स्मूद और साइलेंट राइड देती है। खासकर शहरों में कम स्पीड पर यह बेहद शांति से चलती है, जिससे केबिन में शोर बिल्कुल नहीं होता। हाईवे पर परफॉर्मेंस… ट्रिपल डिजिट स्पीड (100+ kmph) तक आसानी से पहुंचती है   हाई स्टेबिलिटी और कम बॉडी रोल   सस्पेंशन सिस्टम भी बेहद बैलेंस्ड है   यह कार फैमिली ट्रैवल और लॉन्ग जर्नी दोनों के लिए एक परफेक्ट SUV-स्टाइल MPV है। कीमत और वैरिएंट्स Toyota Innova Hycross के हाइब्रिड वर्जन की कीमत ₹26.31 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है। यह कीमत वैरिएंट और फीचर्स के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। उपलब्ध ट्रिम्स… GX   VX   ZX   ZX (O) ZX और ZX (O) ट्रिम्स में हाइब्रिड सिस्टम और अधिक प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं। अगर आप एक ऐसी कार की तलाश में हैं जो… लंबी दूरी तय कर सके   बेहतरीन माइलेज दे   सेफ्टी और कम्फर्ट दोनों दे   फैमिली के लिए परफेक्ट हो recent visitors 31

4 महीने से बंद है ब्राइटकॉम ग्रुप लिमिटेड में कारोबार, ₹10 का है भाव, अब 30 अप्रैल अहम दिन

मुंबई ब्राइटकॉम ग्रुप लिमिटेड जिसके शेयरों पर पिछले 4 महीने से अधिक समय से लगातार कारोबार निलंबित है। बीएसई पर दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी के शेयरों में अंतिम बार 30 दिसंबर 2024 को कारोबार हुआ था। इस दिन यह शेयर 4% से अधिक चढ़कर 10.28 रुपये पर बंद हुआ था। बता दें कि इस साल की शुरुआत में ब्राइटकॉम ग्रुप ने कहा था कि जनवरी के अंत तक उसका करोबार निलंबन समाप्त कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। इस बीच, कंपनी ने इसी महीने अब इसी महीने की आखिरी सप्ताह में कंपनी की सालाना बैठक होने वाली है। अब 30 अप्रैल को बड़ी बैठक कंपनी ने शेयर बाजार को भेजी जानकारी में कहा है कि 30 अप्रैल, 2025 को सुबह 11:30 बजे शेयरधारकों की एक असाधारण आम बैठक होने वाली है। यह ब्राइटकॉम ग्रुप द्वारा कुछ सप्ताह के बाद साझा किया गया पहला साप्ताहिक अपडेट था। बता दें कि ब्राइटकॉम ग्रुप के शेयरों को पिछले साल जून में भी NSE मास्टर सर्कुलर का अनुपालन न करने के कारण नियमित ट्रेडिंग से निलंबित कर दिया गया था। दिसंबर तिमाही के अंत में, ब्राइटकॉम ग्रुप के पास 6.26 लाख रिटेल शेयरधारक थे, या जिनके पास ₹2 लाख तक की रजिस्टर्ड शेयर पूंजी थी। इन निवेशकों के पास कंपनी में 43.42% हिस्सेदारी है। कंपनी के शेयरों के हाल कंपनी के शेयरों का 52 वीक हाई प्राइस 21.99 रुपये और 52 वीक का लो प्राइस 6.65 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 2,074.42 करोड़ रुपये है। ब्राइटकॉम ग्रुप एक डिजिटल मार्केटिंग कंपनी है जिसकी स्थापना 2000 में हुई थी और इसका मुख्यालय हैदराबाद, भारत में है कंपनी अपने ग्राहकों को उन्नत डिजिटल मार्केटिंग सेवाएं प्रदान करने में मदद करती है। recent visitors 38

घरेलू शेयर बाजार में 8,500 करोड़ रुपए का ‎एफपीआई ने किया निवेश ‎

   नई दिल्ली, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने पिछले सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में करीब 8,500 करोड़ रुपये का ‎निवेश ‎किया है। इस माह की शुरुआत में एफपीआई ने घरेलू बाजार में बिकवाली की थी। ‎फिर वैश्विक व्यापार मोर्चे पर कुछ राहत की उम्मीद और मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार कम कारोबारी सत्रों वाले समाप्त सप्ताह के दौरान एफपीआई ने शेयरों में से 8,472 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसमें 15 अप्रैल को 2,352 करोड़ रुपये की निकासी भी शामिल है। हालांकि, इसके अगले दो सत्रों में उन्होंने 10,824 करोड़ रुपये का निवेश किया। उन्होने कहा ‎कि एफपीआई गतिविधियों में हालिया तेजी से धारणा में संभावित बदलाव का संकेत मिलता है, लेकिन इस प्रवाह की स्थिरता वैश्विक वृहद आर्थिक स्थिति, अमेरिकी व्यापार नीति में स्थिरता और भारत की घरेलू वृद्धि के परिदृश्य पर निर्भर करेगी। कुल मिलाकर एफपीआई ने अप्रैल में अब तक शेयरों से 23,103 करोड़ रुपये निकाले हैं। इससे 2025 की शुरुआत से उनकी कुल निकासी 1.4 लाख करोड़ रुपये हो गई है। भारत की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था, वैश्विक व्यापार व्यवधानों से कुछ राहत और भारतीय शेयर बाजारों में हालिया ‘करेक्शन’ की वजह से आकर्षक मूल्यांकन के चलते एफपीआई की धारणा में सुधार हुआ है। इसके अलावा अमेरिका और चीन दोनों देशों में इस साल धीमी वृद्धि दर्ज होने की संभावना है, जबकि भारत में प्रतिकूल वैश्विक माहौल के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में वृद्धि दर छह प्रतिशत रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वृद्धि के मोर्चे पर भारत का बेहतर प्रदर्शन शेयर बाजारों के लिए भी अच्छा रहेगा।इससे पहले मार्च में एफपीआई ने शेयरों से 3,973 करोड़ रुपये निकाले थे। फरवरी में उनकी निकासी 34,574 करोड़ रुपये रही थी। वहीं जनवरी में उन्होंने कहीं अधिक 78,027 करोड़ रुपये की निकासी की थी।   recent visitors 34

मल्टीबैगर शेयर हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड 1500% से ज्यादा का दिया रिटर्न, लोगो को बना दिया लखपति

  नई दिल्ली शेयर मार्केट में पिछले हफ्ते काफी रौनक रही। तीन दिन मार्केट खुली और तीनों दिन सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी रही। वहीं कई कंपनियों के शेयर में भी जबरदस्त तेजी आई। इसके अलावा मार्केट में कुछ मल्टीबैगर शेयर निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दे रहे हैं। ऐसा ही एक शेयर स्टॉक मार्केट में रॉकेट बना हुआ है। इसने 5 साल में 1500 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। इस मल्टीबैगर शेयर का नाम हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड है। यह मल्टीबैगर स्टॉक निवेशकों को लगातार जबरदस्त रिटर्न दे रहा है। गुरुवार को यह शेयर 3.74% की तेजी के साथ 13169.35 रुपये पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते स्टॉक मार्केट में सिर्फ 3 दिन (मंगलवार, बुधवार और गुरुवार) की कारोबार हुआ। इन तीन दिनों में यह शेयर रॉकेट की रफ्तार से भागा है। इस तीन दिनों में इसने निवेशकों को 10 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दे दिया। एक साल में 50% से ज्यादा रिटर्न यह शेयर निवेशकों को एक साल में 50 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दे चुका है। एक साल पहले इसकी कीमत 8294 रुपये थी। अब 13169.35 रुपये है। ऐसे में इस शेयर का एक साल का रिटर्न 58.77 फीसदी रहा है। अगर आपने एक साल पहले एक लाख रुपये के शेयर खरीदे होते तो उनकी वैल्यू अब डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा होती। तीन साल में लखपति इस शेयर ने तीन साल में ही निवेशकों की हजारों की रकम को लाखों में बदल दिया है। यानी उन्हें लखपति बना दिया है। तीन साल पहले इस शेयर की कीमत करीब 3236 रुपये थी। अब 13169.35 रुपये है। इस शेयर ने तीन साल में निवेशकों को करीब 300 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर आपने तीन साल पहले इसमें 50 हजार रुपये निवेश किए होते तो वह रकम बढ़कर आज 1.50 लाख रुपये हो चुकी होती। यानी आप लखपति बन चुके होते। 5 साल में कमाल कर दिया बात अगर 5 साल के रिटर्न की करें तो इसने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। इन 5 सालों में इसका रिटर्न करीब 1560 फीसदी रहा है। अगर आपने 5 साल पहले इस कंपनी के एक लाख रुपये के शेयर खरीदे होते तो आज उन एक लाख रुपये की वैल्यू 16 लाख रुपये से ज्यादा होती। यानी मात्र 5 साल में ही एक लाख पर 15 साल रुपये से ज्यादा का प्रॉफिट हो चुका होता। कितना है कंपनी का मार्केट कैप? हिताची एनर्जी इंडिया पावर टेक्नोलॉजी कंपनी है। यह बिजली ग्रिड, ट्रांसफॉर्मर और अन्य बिजली उपकरणों का निर्माण और आपूर्ति करती है। यह कंपनी हिताची लिमिटेड और एबीबी पावर ग्रिड्स के बीच एक जॉइंट वेंचर के रूप में शुरू हुई थी। बीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक कंपनी का मार्केट कैप 58,698.90 करोड़ रुपये है। डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, एनबीटी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।   recent visitors 33

तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड को लेकर चर्चा, हाथ लगा 454 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट, 1 साल में पैसा किया डबल

नई दिल्ली एक साल पहले शेयर बाजार में लिस्ट हुई कंपनी तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड को लेकर अच्छी खबर आई है। कंपनी के हाथ एक बड़ा प्रोजेक्ट लगा है। तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड ने इसकी जानकारी शेयर बाजार में 19 अप्रैल को साझा किया। गोपीकॉन लिमिटेड ने शेयर बाजारों को दी जानकारी में कहा है कि इंदौर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट के प्रोजेक्ट के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। इस प्रोजेक्ट की कीमत 454 करोड़ रुपये है। कंपनी के पास 36 महीने का समय इस प्रोजेक्ट के लिए है। एक साल में कंपनी ने किया पैसा दोगुना गुरुवार को एनएसई में कंपनी के शेयर 2 प्रतिशत की तेजी के साथ 361.90 रुपये के लेवल पर था। बीते एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में 150 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। वहीं, एक महीने में कंपनी के शेयरों का भाव 13.90 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी का 52 वीक हाई 774 रुपये और 52 वीक लो लेवल 123 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 434.27 करोड़ रुपये का है। पिछले साल आया था कंपनी का आईपीओ तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड का आईपीओ 8 अप्रैल 2024 को ओपन हुआ था। कंपनी का आईपीओ 10 अप्रैल 2024 तक खुला था। कंपनी के आईपीओ का साइज 44.40 करोड़ रुपये का था। कंपनी ने आईपीओ के लिए 111 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड के शेयर इश्यू प्राइस से 3 गुना चढ़ चुका है। बता दें, तीर्थ गोपीकॉन लिमिटेड आईपीओ 75.54 गुना सब्सक्राइब किया गया था। इस कंपनी का हेडक्वार्टर इंदौर में है। कंपनी की स्थापना 2019 में हुई थी। यह कंपनी रोड कंस्ट्रक्शन, वाटर डिस्ट्रीब्यूशन वर्क, पार्किंग कंस्ट्रक्शन काम करती है। कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 64.61 प्रतिशत थी। वहीं, पब्लिक के पास 35.37 प्रतिशत हिस्सा है। recent visitors 33

सेविंग अकाउंट पर इन बैंकों ने घटाई ब्याज दरें

नई दिल्ली भारत के प्रमुख निजी बैंकों, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और फेडरल बैंक, ने हाल ही में बचत खातों पर ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (0.25%) की कटौती की है. अब इन बैंकों में 50 लाख रुपए से कम बैलेंस पर ब्याज दर घटकर 2.75% हो गई है. वहीं, देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अक्टूबर 2022 से 10 करोड़ रुपए तक के बैलेंस पर मात्र 2.7% ब्याज दे रहा है. इन बैंकों ने न सिर्फ बचत खातों पर, बल्कि फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर भी ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की है. यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब बैंकिंग सिस्टम में CASA (चालू और बचत खाता) अनुपात पिछले एक साल में 39% से घटकर 22% तक आ गया है. आनंद राठी सिक्योरिटीज के विश्लेषक कैतव शाह के अनुसार, “यह कटौती हमारे कवरेज में शामिल बैंकों के लिए शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में 5 से 8 आधार अंकों का सुधार ला सकती है.” बैंकों का CASA अनुपात लगातार घट रहा है. HDFC बैंक का CASA अनुपात पिछले वर्ष के 38% से घटकर दिसंबर 2024 में 34% रह गया. बैंक के बचत खाते में कुल राशि 6.05 लाख करोड़ रुपए और कुल जमा 24.52 लाख करोड़ रुपए रही. इसी तरह, SBI का CASA अनुपात 41.18% से घटकर 39.2% हो गया, जिसमें बचत खाता शेष 33.51 लाख करोड़ रुपए और कुल जमा 60.80 लाख करोड़ रुपए है. क्या ग्राहक बचत खातों से पैसा निकालेंगे? हालांकि बचत ब्याज दरों में गिरावट से ग्राहक एफडी की ओर रुख कर सकते हैं, लेकिन मैक्वेरी कैपिटल के शोध प्रमुख सुरेश गणपति का मानना है कि, “बचत खाते लेन-देन के लिए होते हैं और 25 आधार अंकों की कटौती से कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा.” अप्रैल के पहले सप्ताह में जमा में 2.4%, जबकि ऋण में 0.9% की वृद्धि देखी गई. बैंकों को होगा फायदा, ग्राहकों को करना होगा समझौता विशेषज्ञों का मानना है कि बचत ब्याज दरों में कटौती से ग्राहकों को कम रिटर्न जरूर मिलेगा, लेकिन यह बैंकों की दीर्घकालिक रणनीति और लाभ को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा. साथ ही यह संकेत है कि अन्य निजी बैंक भी इस राह पर आगे बढ़ सकते हैं. recent visitors 37

भारत के स्मार्टफोन मार्केट का 8% हिस्सा ऐपल का, 10 लाख नौकरियां सेमीकंडक्टर से

नई दिल्ली  आईफोन निर्माता कंपनी ऐपल आपदा में अवसर का फायदा उठाने की तैयारी में है। अमेरिका से चीन के ट्रेड वॉर को देखते हुए ऐपल भारत में आईफोन का प्रोडॅक्शन तेजी से बढ़ा रही है। अनुमान है कि मार्च 2025 में बीते 12 महीनों में भारत में करीब 22 बिलियन डॉलर यानी तकरीबन 1.90 लाख रुपए के आईफोन बनाए जा चुके हैं। यह पिछले साल की तुलना में 60% ज्यादा है। यह तब है जब ऐपल चीन से अपनी सप्लाई चेन को दूर ले जा रहा है और प्रोडॅक्शन में यह बढ़ोतरी उसी का नतीजा बताया जा रहा है। इसे लेकर चीन भी टेंशन में है, क्योंकि ऐसे में उसकी इस मामले में बादशाहत खत्म हो सकती है। जानते हैं पूरी कहानी। दुनिया में हर पांचवां आईफोन भारत में बना ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब दुनिया में बनने वाले हर पांच आईफोन में से एक भारत में बन रहा है। यह $22 बिलियन का आंकड़ा आईफोन की फैक्ट्री से निकलने वाली कीमत है। यह उसकी रिटेल बिक्री कीमत। इस उत्पादन का सबसे बड़ा हिस्सा फॉक्सकॉन की दक्षिण भारत स्थित विशाल फैक्ट्री से आता है। टाटा ग्रुप जिसने विस्ट्रॉन और पेगाट्रॉन के ऑपरेशन्स को अपने नियंत्रण में ले लिया है वह ऐपल की भारत बेस्ड सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इन सबमें बड़ी भूमिका सेमीकंडक्टरों की है, जिसे लेकर अमेरिका और चीन के बीच बड़ी जंग छिड़ी हुई है। सेमीकंडक्टर क्या हैं, इसे समझते चलिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरूरी कंपानेंट्स में से एक अर्धचालक यानी सेमीकंडक्टर है, जिसे एकीकृत सर्किट (IC) भी कहा जाता है। सेमीकंडक्टर माइक्रोचिप्स आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, यातायात, स्वास्थ्य सेवा, सैन्य प्रणाली, संचार को सक्षम बनाते हैं। माइक्रोचिप्स इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए आवश्यक हैं: रेडियो, टीवी, कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन, वाहन और मेडिकल डायग्नोस्टिक उपकरण। माइक्रोचिप्स इतने महत्वपूर्ण हैं कि कुछ लोग उन्हें 21वीं सदी का 'नया तेल' भी कहते हैं। ऐपल आईफोन के लिए ये जरूरी चीज है। बीते साल Apple ने भारत में भी सेमीकंडक्टर चिप्स के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए चर्चा की है, जिससे भारत में भी चिप्स का निर्माण शुरू हो सके। ऐपल आईफोन के लिए 2026 मील का पत्थर ऐपल आईफोन के लिए सेमीकंडक्टर बनाने वाली प्रमुख कंपनी ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट के अनुसार, ऐपल को 2026 तक सेमीकंडक्टर चिप्स की बड़ी मात्रा में जरूरत होगी। तब तक आईफोन निर्माता अपनी वैश्विक विनिर्माण क्षमता का 26 प्रतिशत भारत में ट्रांसफर कर चुके होंगे। ऐपल की वर्तमान सेमीकंडक्टर खपत लगभग 72 बिलियन डॉलर है, क्योंकि इसके सभी हाई क्वालिटी प्रोडॅक्ट जैसे आईफोन, आईपैड, मैक, ऐपल वॉचेज और एयरपॉड्स सेमीकंडक्टर चिप्स का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में भारत की संभावना इस मामले में काफी बड़ी है। ट्रंप के टैरिफ को देखते हुए ऐपल ने बढ़ाया एक्सपोर्ट ऐपल ने पिछले वित्तीय वर्ष में भारत से 1.5 ट्रिलियन रुपए (लगभग $17.4 बिलियन) के आईफोन निर्यात किए। अमेरिका को होने वाले शिपमेंट में तब तेजी आई, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में 'रेसिप्रोकल' टैरिफ की घोषणा की। इसके बाद ऐपल ने भारत से निर्यात को तेजी से बढ़ाया। हालांकि, हाल ही में हुई घोषणा में स्मार्टफोन सहित इलेक्ट्रॉनिक्स को उन टैरिफ से छूट दी गई थी, लेकिन चीन पर लगने वाले बाकी टैक्स (कुल 245%) अभी भी लागू हैं। ट्रंप का चीन से आने वाले सामान पर 20% का अलग शुल्क, जिसका उद्देश्य फेंटानिल को लेकर बीजिंग पर दबाव डालना है, वह भी अभी जारी है। भारत में बने डिवाइस पर अमेरिका नहीं लगाता टैक्स ऐपल के लिए भारत एक अपेक्षाकृत सुरक्षित जगह है। भारत में बने डिवाइस पर अभी अमेरिका में कोई टैक्स नहीं लगता है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी अमेरिकी ग्राहकों के लिए अपनी भारतीय उत्पादन लाइनों पर ज़्यादा निर्भर करेगी। चीन को लेकर यह पेंच अभी तक बरकरार हालांकि एप्पल ने भारत में उत्पादन बढ़ाया है, लेकिन वह अभी भी चीन से काफ़ी जुड़ा हुआ है। कंपनी लगभग 200 सप्लायरों और दशकों से बने एक मजबूत सिस्टम पर निर्भर है। यहां तक कि ऐपल के CEO टिम कुक ने भी चीन की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को माना है। चीन से भारत मार्केट शिफ्ट में लगेगा बहुत वक्त ट्रंप अरसे से अमेरिका में आईफोन के प्रोडॅक्शन पर जोर दे रहे हैं। हालांकि, ऐपल के लिए निकट भविष्य में ऐसा करना मुश्किल है। क्योंकि अमेरिका में उपयुक्त सुविधाएं और कुशल श्रमिक उपलब्ध नहीं हैं। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के 2022 के एक आकलन में अनुमान लगाया गया था कि ऐपल के मैन्युफैक्चरिंग का सिर्फ 10% हिस्सा चीन से बाहर निकालने में आठ साल लगेंगे। इससे पता चलता है कि चीन का सप्लाई बेस कितना मजबूत है। क्या भारत बन पाएगा चीनी मार्केट का विकल्प भारत में लगातार ऐसा माहौल बनाने की कोशिश हो रही है कि वह आईफोन जैसे प्रोडक्ट का शानदार उत्पादन कर सकता है। ऐपल अब भारत में अपने सभी आईफोन मॉडल बनाता है, जिसमें प्रीमियम टाइटेनियम प्रो मॉडल भी शामिल हैं। दरअसल, नरेंद्र मोदी सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम और इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए दिए जाने वाले $2.7 बिलियन के नए सब्सिडी का भी योगदान है। PLI स्कीम का मतलब है कि सरकार उत्पादन बढ़ाने पर कंपनियों को प्रोत्साहन देती है। भारत के स्मार्टफोन मार्केट का 8% हिस्सा ऐपल का पिछले वित्तीय वर्ष में भारत में ऐपल की बिक्री लगभग $8 बिलियन थी, जिसमें ज्यादातर आईफोन शामिल थे। हालांकि कंपनी के पास अभी भी भारत के स्मार्टफोन बाजार का सिर्फ 8% हिस्सा है। मगर, कंपनी अभी भारत को रिटेल डेस्टिनेशन के बजाय अपने ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग का बनाना चाहती है। माना जा सकता है कि कंपनी भारत में अपने बेहतर भविष्य की संभावनाओं की उम्मीद लगाए हुए है। ये उम्मीद है…10 लाख नौकरियां सेमीकंडक्टर से बीते साल नवंबर में आई एक रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि 2026 तक भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र 10 लाख नौकरियां पैदा करेगा। टैलेंट सॉल्यूशंस कंपनी एनएलबी सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि भारत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनने वाला है, लिहाजा यह उद्योग 2026 तक अनेक क्षेत्रों में 10 लाख नौकरियां देने के लिए तैयार है।चिप सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन में अनुमानित 3,00,000 नौकरियां, एटीएमपी में करीब 2,00,000 पद और चिप डिजाइन, … Read more

ट्रेड वॉर: US की कंपनियां चीन से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने के तैयारी में, भारत के लिए एक बड़ा अवसर

नई दिल्ली  दुनिया की दो सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देशों अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका ने चीनी माल पर 245% टैक्स लगा दिया है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी कंपनियों के लिए चीन में सामान बनाना फायदे का सौदा नहीं रह गया है और वे चीन में अपना बोरिया बिस्तार समेटने की तैयारी में हैं। भारत सरकार इसे एक बड़े मौके के रूप में देख रही है। सरकार चाहती है कि ये कंपनियां भारत में आकर अपना कारोबार करें। इससे भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने और दवाइयों जैसे सेक्टरों में फायदा होगा। इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक सरकार भारतीय कंपनियों को भी अमरीका में कारोबार बढ़ाने में मदद करना चाहती है। हाल ही में सरकार ने इंडस्ट्री के लोगों के साथ मीटिंग की थी। इस मीटिंग में अमरीका में कारोबार बढ़ाने के तरीकों पर बात हुई। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। इस बारे में बातचीत जल्द ही शुरू होने वाली है। पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात होगी और फिर मई के मध्य से आमने-सामने मीटिंग होने की संभावना है। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को इसमें एक बड़ा मौका दिख रहा है। अमरीका ने चीन से आने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स सामान पर ज्यादा टैक्स लगाया है। लेकिन भारत और 75 से ज्यादा देशों से आने वाले सामान पर टैक्स नहीं लगाया है। हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स सामान पर नया टैक्स लगाएंगे। चीन में बने आईफोन जैसे स्मार्टफोन पर अमरीका में 20% टैक्स लगता है। वहीं, भारत में बने सामान पर कोई टैक्स नहीं है। किससे है सबसे बड़ी चुनौती इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि सरकार को सावधानीपूर्वक योजना बनानी होगी ताकि अमरीका-चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सके। उनका कहना है कि अगर सही से योजना नहीं बनाई गई, तो वियतनाम इस मौके का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकता है। वियतनाम अमरीका को सैमसंग के स्मार्टफोन और गैजेट्स का सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है। उसके पास भारत से ज्यादा मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन है। वियतनाम का अमरीका के साथ व्यापार ज्यादा है। साथ ही वहां ज्यादातर चीनी कंपनियों ने निवेश किया है। इसलिए भारत के लिए भी मौके हो सकते हैं। प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के कारण देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय के पास तीन पीएलआई स्कीम हैं। ये स्कीम स्मार्टफोन, लैपटॉप और सर्वर जैसे IT हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स के लिए हैं। अभी, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) इस बारे में बातचीत कर रहा है। जल्द ही दूसरे मंत्रालय भी इसमें शामिल होंगे। इंडस्ट्री के एक जानकार ने बताया कि सरकार ने 10-12 सेक्टरों की पहचान की है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिसिन, केमिकल, ऑटोमोबाइल, खिलौने, एयर कंडीशनर और अप्लायंसेज शामिल हैं। इन सेक्टरों में भारत को फायदा हो सकता है। इंडस्ट्री की दिक्कत एक और सूत्र ने बताया कि सरकार ने साफ कर दिया है कि जॉइंट वेंचर और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर एग्रीमेंट को ज्यादा महत्व दिया जाएगा क्योंकि भारत में इस तरह का सिस्टम बनाने की जरूरत है। इंडस्ट्री को बताया गया है कि सरकार भारत को मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना चाहती है। साथ ही, दुनिया के व्यापार में ज्यादा हिस्सा हासिल करना चाहती है। इंडस्ट्री ने टैक्स, कस्टम और दूसरी दिक्कतों के बारे में बताया है। उसका कहना है कि इन दिक्कतों की वजह से लक्ष्य हासिल करने में परेशानी हो सकती है।   recent visitors 42

ICICI ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों को निराश करते हुए ब्याज दरों में कटौती का किया एलान

नई दिल्ली अगर आप ICICI बैंक में सेविंग अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसे जमा करके बेहतर ब्याज की उम्मीद कर रहे थे, तो यह खबर आपके लिए मायूसी भरी हो सकती है। देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में शुमार ICICI बैंक ने FD और सेविंग अकाउंट दोनों पर ब्याज दरों में कटौती कर दी है।  ICICI ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों को निराश करते हुए ब्याज दरों में कटौती का एलान किया है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कटौती की थी। इसके बाद पहले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और फिर HDFC बैंक ने भी जमा दरों में बदलाव किया और अब ICICI बैंक ने भी उसी दिशा में कदम बढ़ाया है।  ICICI Bank ने अपनी कई FD योजनाओं पर ब्याज दरों में 0.25% से लेकर 0.50% तक की कमी की है। बैंक की यह नई दरें 17 अप्रैल से लागू हो गई हैं। ब्याज दरों में यह कटौती उन ग्राहकों को ज्यादा प्रभावित करेगी जिन्होंने कुछ समय के लिए एफडी में निवेश कर रखा है या करने का विचार कर रहे हैं। नए बदलाव के बाद अब बैंक सामान्य ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर 3 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 7.05 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दरें 3.5 प्रतिशत से शुरू होकर 7.55 प्रतिशत तक जाती हैं। 7.25 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 7.85 प्रतिशत ब्याज मिलता था, जिसे अब घटा दिया गया है। सबसे ज्यादा असर 30 से 45 दिन की छोटी अवधि वाली एफडी योजनाओं पर पड़ा है। पहले इस अवधि के लिए ब्याज दर 3.50 प्रतिशत थी, जो अब घटकर सिर्फ 3.00 प्रतिशत रह गई है। इसी तरह, 61 से 90 दिनों की जमा योजना पर ब्याज दर 4.5 प्रतिशत से घटाकर 4.25 प्रतिशत कर दी गई है। बैंक ने 18 महीने से दो साल तक की एफडी के लिए भी ब्याज दर में 0.20 प्रतिशत की कमी की है, जो अब 7.05 प्रतिशत रह गई है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं और एफडी पारंपरिक रूप से भरोसेमंद निवेश साधन मानी जाती रही है। हालांकि अब कम ब्याज दरों के चलते लोग एफडी की जगह अन्य विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं, खासकर वे जो बेहतर रिटर्न चाहते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को भले ही कुछ ज्यादा ब्याज मिल रहा हो, लेकिन पहले की तुलना में उनके लिए भी रिटर्न में कटौती महसूस की जा सकती है। ऐसे में नए निवेशकों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे बैंक दरों की तुलना करें और यह तय करें कि वर्तमान ब्याज दरों पर एफडी करना वाकई फायदेमंद है या नहीं।   recent visitors 40

लाइसेंस रद्द कर बैंक को लगाया ताला, ग्राहकों के पैसे फंसे!, RBI की इस Bank पर बड़ी कार्रवाई

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अहमदाबाद स्थित कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब बैंक की वित्तीय स्थिति गंभीर रूप से कमजोर हो चुकी थी और उसके पास न तो पर्याप्त पूंजी थी, न ही भविष्य में टिके रहने की कोई संभावनाएं। क्यों बंद किया गया बैंक? RBI के मुताबिक, बैंक बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के कई जरूरी प्रावधानों का पालन करने में नाकाम रहा। इसके अलावा, लगातार घाटे और कमजोर फाइनेंशियल हेल्थ के चलते यह संस्था अपने ग्राहकों की जमा राशि की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं कर पा रही थी। इन हालातों को देखते हुए रिजर्व बैंक ने गुजरात को-ऑपरेटिव सोसायटी के रजिस्ट्रार को बैंक को बंद करने और उसके लिए एक लिक्विडेटर नियुक्त करने की सिफारिश भी कर दी है। ग्राहकों को कितना पैसा मिलेगा? घबराने की जरूरत नहीं है- RBI ने साफ किया है कि बैंक के 98.51% ग्राहक Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के तहत अपनी जमा राशि पर बीमा दावे के पात्र हैं। DICGC के नियमों के अनुसार, प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम ₹5 लाख तक की जमा राशि का भुगतान मिलेगा। 31 मार्च, 2024 तक, DICGC पहले ही लगभग ₹13.94 करोड़ की राशि का भुगतान ग्राहकों को कर चुका है। अब बैंकिंग सेवाएं बंद 16 अप्रैल, 2025 को लाइसेंस रद्द होने के साथ ही कलर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक का बैंकिंग कारोबार पूरी तरह से बंद हो गया है। इसका मतलब है कि अब बैंक किसी भी तरह का डिपॉजिट स्वीकार नहीं करेगा और न ही पुराने डिपॉजिट्स की रीपेमेंट कर सकेगा। क्या है आगे का रास्ता? RBI का मानना है कि मौजूदा हालत में बैंक का संचालन जारी रखना ग्राहकों के हितों के खिलाफ होगा। इसलिए बैंक को बंद करना ही एकमात्र विकल्प था। अब आगे लिक्विडेटर की निगरानी में बैंक की संपत्तियों का निपटारा किया जाएगा और ग्राहकों को DICGC के जरिए राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।   recent visitors 30

शेयर मार्केट ने भरी उड़ान, सेंसेक्स 1500 अंक उछलकर हुआ बंद, निवेशकों के लौट रहे अच्छे दिन

मुंबई शेयर मार्केट तेजी के ट्रैक पर सरपट दौड़ रहा है। ऐसा लग रहा मार्केट के अच्छे दिन लौट रहे हैं। सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को सेंसेक्स 1,508.91 अंक उछलकर 78,553.20 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 414.45 अंक चढ़कर 23,851.65 अंक पर ठहरा। शेयर मार्केट आज उड़ान भर रहा है। सुबह की गिरावट के बाद मार्केट में गजब की खरीदारी दिख रही है। सेंसेक्स में 1300 से अधिक अंकों की बंपर उछाल है। सेंसेक्स अब 78,349 पर है। जबकि, एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 352 अंकों की उछाल के साथ 23789 पर पहुंच गया है। बैंकिंग स्टॉक्स उड़ान भर रहे हैं। शेयर मार्केट लगातार चौथे दिन भी बमबम बोल रहा है। सेंसेक्स में 78160 पर पहुंच गया है। इसमें अभी 1116 अंकों की बंपर उछाल है। जबकि, एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 314 अंकों की उछाल के साथ 23751 पर पहुंच गया है। एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, रिलायंस, एचडीएफसी बैंक के दम पर सेंसेक्स में 77,629.43 पर पहुंच गया है। इसमें अभी 585.14 अंकों की उछाल है। जबकि, एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 161 अंकों की उछाल के साथ 23598 पर पहुंच गया है। एनएसई पर 48 स्टॉक्स 52 हफ्ते के हाई और 11 लो पर हैं। 1821 शेयरों में तेजी और 782 में मंदी है। जबकि, 73 स्टॉक्स में अपर सर्किट लगा है। शेयर मार्केट खराब शुरुआत के बाद तेजी के ट्रैक पर आ गया है। सेंसेक्स में 486 अंकों की उछाल है और बीएसई का यह प्रमुख सूचकांक 77530 पर पहुंच गया है। जबकि, एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 166 अंकों की उछाल के साथ 23602 पर पहुंच गया है। शेयर मार्केट खराब शुरुआत के बाद कभी हरा तो की ला हो रहा है। सेंसेक्स अभी 10 अंकों फायदे के साथ 77054 पर है। जबकि, निफ्टी 13 अंक नीचे 23423 पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स टॉप गेनर्स में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, इटर्नल, बजाज फिनसर्व, स्टेट बैंक, एयरटेल, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक और नेस्ले हैं। शेयर मार्केट की लगातार तीन कारोबारी दिनों की तेजी पर आज ब्रेक लगा है। सेंसेक्स आज गुरुवार 17 अप्रैल को 76 अंकों के नुकसान के साथ 76968 पर खुला। जबकि, निफ्टी ने बुधवार के बंद के मुकाबले 35 अंकों की गिरावट के साथ 23402 के लेवल से आज के दिन की शुरुआत की। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की चेतावनी के बाद एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर मार्केट रातोंरात तेज गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, गिफ्ट निफ्टी 23,343 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 90 अंकों की छूट है, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। ऐसे में घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50, मिश्रित वैश्विक बाजार संकेतों के बाद गुरुवार को गिरावट के साथ खुलने के आसार हैं। बता दें बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन भी रैली रही। सेंसेक्स 309.40 अंक या 0.40 प्रतिशत बढ़कर 77,044.29 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 108.65 अंक या 0.47 प्रतिशत बढ़कर 23,437.20 पर बंद हुआ। recent visitors 52

चांदी की कीमत 96,000 रुपये प्रति किलो पहुंची, सोना 1100 रुपये बढ़कर 98,983 रुपये प्रति 10 ग्राम

 इंदौर और दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना 1100  रुपये की बड़ी बढ़त के साथ 98,983 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापार तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। दिल्ली में गोल्ड में ऐतिहासिक बढ़त चांदी 1,900 रुपये उछलकर 99,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का पिछला बंद भाव 96,450 रुपये था। इस साल की शुरुआत में यानी 1 जनवरी 2025 को सोने का भाव 79,390 रुपये था, जो अब तक 18,710 रुपये या करीब 23.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर चुका है। क्यों आ रही है सोने में तेजी यह तेजी अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध बढ़ने, अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद के चलते आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 3,318 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। वहीं, हाजिर चांदी भी करीब दो प्रतिशत की बढ़त के साथ 32.86 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। इंदौर में भी सोना मजबूत इंदौर के स्थानीय सर्राफा बाजार में भी बुधवार को सोने और चांदी की मांग में इजाफा देखने को मिला। व्यापारियों के अनुसार मंगलवार की तुलना में बुधवार को ग्राहकों की संख्या और खरीदारी दोनों में बढ़ोतरी हुई। इंदौर में सोने का औसत भाव 93,150 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं चांदी 97,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी के सिक्के का भाव 1,100 रुपये प्रति नग दर्ज किया गया। निवेशकों की नजर एक्सपर्ट का मानना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति और आर्थिक आंकड़ों के कारण आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर आने वाले बयानों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, डिजिटल माध्यमों जैसे ऑनलाइन गोल्ड ईटीएफ, डिजिटल गोल्ड और गोल्ड म्युचुअल फंड्स में भी निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा दौर में सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग और बढ़ सकती है। कुल मिलाकर वैश्विक हालात और निवेशकों की सोच में बदलाव के चलते सर्राफा बाजार में सोना और चांदी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। recent visitors 46

आज शेयर बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 309 अंक उछला

मुंबई भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। बाजार के करीब सभी सूचकांकों में तेजी थी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 309 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,044 और निफ्टी 108 अंक या 0.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,437 पर था। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 371 अंक या 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ 52,345 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 169.95 अंक या 1.05 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,349 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पैक में इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईटीसी, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, नेस्ले, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड और एचसीएल टेक टॉप गेनर्स थे। मारुति सुजुकी, इन्फोसिस, टाटा मोटर्स, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस और सन फार्मा टॉप लूजर्स थे। आशिका इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के तकनीकी और डेरिवेटिव विश्लेषक, सुंदर केवट ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार सपाट खुले थे। दिन के दौरान निफ्टी ने 23,273 का लो बनाया और कारोबार के अंतिम घंटे बाजार में तेजी देखी और निफ्टी 23,400 के ऊपर बंद होने में सफल रहा। सेक्टोरल आधार पर आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए और वहीं, ऑटो एवं फार्मा सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी शेयरों में से 2,638 हरे निशान में, 1,308 लाल निशान में और 132 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। एलकेपी सिक्योरिटी में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक दे ने कहा कि सत्र की शुरुआत में कमजोरी के बाद निफ्टी में खरीदारी देखने को मिली और 100 दिन के मूविंग एवरेज के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। निफ्टी के लिए 23,300 अब एक मजबूत सपोर्ट है और 23,650 एक रुकावट का स्तर है। recent visitors 35

फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी Meta के खिलाफ चल रहे केस में हुई सुनवाई, मुसीबत में जुकरबर्ग

वाशिंगटन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स- फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा को अपने दो प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को बेचना पड़ सकता है। वजह है कंपनी के खिलाफ अमेरिका के वाशिंगटन में एंटीट्रस्ट मामले की सुनवाई। कंपनी पर US कॉम्पिटिशन एंड कंज्यूमर वॉच डॉग ने आरोप लगाया है कि उसने मार्केट के कॉम्पिटिशन खत्म करने और अपना एकाधिकार बनाने के लिए 2012 में इंस्टाग्राम (1 बिलियन डॉलर) और 2014 में व्हाट्सएप (22 बिलियन डॉलर) को खरीद लिया था। फेडरल ट्रेड कमिशन का आरोप है कि मेटा ने सालों पहले इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप को खरीदकर अपने राइवल्स को खत्म कर दिया है. FTC के वकील का कहना है कि Meta ने अपने कंपटीटर से मुकाबला करने से बजाय, उन्हें खरीद लिया. ये कदम उन्होंने फेसबुक के दबदबे को बनाए रखने के लिए किया है. FTC केस जीतता है तो बेचने पड़ सकते हैं प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को खरीदने के लिए फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) ने ही परमिशन दी थी। लेकिन नियमों के तहत FTC को डील के परिणाम को भी मॉनिटर करना होता है। इसलिए उसे मेटा के खिलाफ मामला दर्ज करना पड़ा। अगर (FTC) केस जीत जाता है तो वह मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप दोनों को बेचने के लिए मजबूर कर सकता है। जुकरबर्ग और पूर्व COO को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है रिपोर्ट के मुताबिक, जुकरबर्ग और कंपनी की पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) शेरिल सैंडबर्ग दोनों को इस मुकदमे में सुनवाई के दौरान पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। एंटी ट्रस्ट केस की सुनवाई 6 हफ्तों से ज्यादा चल सकती है। जुकरबर्ग के खिलाफ तर्क…     वेंडरबिल्ट लॉ स्कूल में एंटीट्रस्ट की प्रोफेसर रेबेका हॉ एलेंसवर्थ ने कहा कि जुकरबर्ग ने फेसबुक को इंस्टाग्राम से मिल रहे कॉम्पिटिशन को बेअसर करने के लिए उसे खरीद लिया था।     जुकरबर्ग के बातचीत और उनके ईमेल मुकदमे में सबसे ठोस सबूत पेश कर सकते हैं। जकरबर्ग ने कहा था मार्केट में कॉम्पिटिशन करने की जगह उस कंपनी को ही खरीद लेना ही बेहतर है। मार्क जुकरबर्ग का तर्क…     मेटा ने तर्क दिया कि वह केस जीत जाएगा, क्योंकि इंस्टाग्राम को खरीदने के बाद उसके यूजर्स का एक्सपीरियंस बढ़ा।     रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा यह तर्क दे सकता है कि किसी एंटीट्रस्ट मामले में इरादा ज्यादा प्रासंगिक नहीं है। मेटा के खिलाफ बड़ा सबूत FTC के ओर से डेनियल मैथेसन ने 2012 के एक इंटरनल मेमो का हवाला दिया, जो मेटा CEO मार्क जकरबर्ग की ओर से था. इस मेमो में इंस्टाग्राम को 'न्यूट्रलाइज' करने की बात कही गई है. वहीं मेटा ने इसके जवाब में कहा है कि ये केस गुमराह करने वाला है. मेटा ने बताया है कि दोनों ही अधिग्रहण के वक्त FTC ने खुद इन्हें रिव्यू किया था और अधिग्रहण को मंजूरी दी थी. कंपनी के अटॉर्नी ने कहा कि ये डील्स प्लेटफॉर्म को मजबूत करने और कंज्यूमर एक्सपीरियंस को बेहतर करने के लिए की गईं थी. अगर इस मामले में फैसला FTC के पक्ष में जाता है, तो Meta को वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम को बेचना पड़ेगा. FTC ने कहा है कि मेटा ने इन प्लेटफॉर्म्स को खरीदने के लिए ज्यादा पैसे दिए थे. कितने में खरीदा था? मेटा ने साल 2012 में इंस्टाग्राम को 1 अरब डॉलर में खरीदा था, जबकि वॉट्सऐप को कंपनी ने साल 2014 में 19 अरब डॉलर में खरीदा था. हालांकि, मेटा का कहना है कि उन्हें TikTok, X (पहले ट्विटर), YouTube और Apple iMessage से अभी भी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. इस सुनवाई के दौरान मार्क जकरबर्ग और पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर Sheryl Sandberg को भी बुलाया जा सकता है. कयास है कि इस मामले में सुनवाई कई हफ्तों तक चलेगी. बता दें कि इस मामले की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान हुई थी. recent visitors 44

Stock Market: सेंसेक्स की बड़ी छलांग, मार्केट खुलते ही दौड़ा बाजार, सेंसेक्स 1600 और निफ्टी 500 के पार

मुंबई मंगलवार को शेयर मार्केट फिर से झूम उठी। तीन दिन बंद रहने के बाद मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में तेजी आई। मंगलवार को सेंसेक्स 1600 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 76,852.06 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी ने भी ऊंची छलांग लगाई और यह 500 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ 23,368.35 अंक पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को भी मार्केट बढ़त के साथ बंद हुई थी। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,310 अंक की बढ़त के साथ 75,157 पर और निफ्टी 429 अंक की तेजी के साथ 22,828 पर बंद हुआ था। शेयर बाजार में तेजी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ यानी टैक्स को 90 दिनों के लिए टालने को माना जा रहा है। ट्रंप ने दो अप्रैल को अमेरिका को माल निर्यात करने वाले करीब 60 देशों पर टैरिफ लगाया था। शुक्रवार को बाजार में तेजी का नेतृत्व ऑटो और फार्मा शेयरों ने किया। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.03 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था। इसके अलावा, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, एनर्जी और मीडिया के साथ सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए थे। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के कारण छुट्टी थी। क्यों आई तेजी? शेयर मार्केट में तेजी दुनिया भर के बाजारों में आई तेजी और व्यापार को लेकर तनाव कम होने की उम्मीद के कारण है। अमेरिका की सरकार ने कुछ ऐसे संकेत दिए हैं जिससे लग रहा है कि वे टैरिफ में कुछ राहत दे सकते हैं। खासकर सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में। वहीं निवेशकों को लग रहा है कि यह चीन के साथ एक बड़े व्यापार समझौते की ओर एक कदम हो सकता है। दुनिया के मार्केट में दिखा असर ट्रंप के इन फैसलों का असर दुनियाभर के शेयर बाजार में देखने को मिला। सोमवार को एशिया, यूरोप और अमेरिका के बाजार तेजी के साथ बंद हुए थे। अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में प्री-मार्केट ट्रेडिंग में 6 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखी गई। एशियाई बाजारों की बात करें तो ज्यादातर में तेजी रही। ताइवान का वेटेड इंडेक्स 1.6 फीसदी से ज्यादा बढ़ा। दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.79 फीसदी ऊपर गया, जापान का निक्केई 225 0.88 फीसदी ऊपर गया और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.07 फीसदी ऊपर गया। एसआईपी से भी मिला सहारा भारतीय निवेशकों का बाजार पर भरोसा बना हुआ है। मार्च में नकदी की कमी के बावजूद, भारतीय SIP निवेशकों ने इक्विटी म्यूचुअल फंड में 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। इससे बाजार को काफी सहारा मिला है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 11 अप्रैल को पिछले सत्र में 2,519 करोड़ रुपये निकाले। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) 3,759 करोड़ रुपये का निवेश करके नेट खरीदार बने रहे। recent visitors 44

नए युग की तकनीक पर ₹10000 करोड़ का स्टार्टअप फंड होगा खर्च

 नई दिल्ली वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय ने स्टार्टअप्स के लिए 10,000 करोड़ रुपये की दूसरी फंड ऑफ फंड्स योजना (एफएफएस) से जुड़ा बड़ा एलान किया है। सरकार के अनुसार, इसका एक बड़ा हिस्सा नये युग की प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन निर्माण जैसे क्षेत्रों के उभरते उद्यमियों को आवंटित किया जा जाएगा। स्टार्टअप्स की मदद के लिए 2016 की तर्ज पर नई योजना बजट में सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ एक नई एफएफएस की घोषणा की है। 2016 में भी सरकार ने इसी तरह की योजना शुरू की थी। एक अधिकारी ने कहा, "हम 10,000 करोड़ रुपये के इस फंड का बड़ा हिस्सा नए युग की तकनीक, एआई और मशीन निर्माण के लिए समर्पित करने जा रहे हैं।" वर्ष 2016 की यह योजना घरेलू उद्यमों में पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी। इसका संचालन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) की ओर से किया जाता है। इसके तहत भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) में पंजीकृत एआईएफ (वैकल्पिक निवेश कोष) को पूंजी प्रदान की जाती है, जो बदले में स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं। 16 जनवरी 2016 को शुरू की गई थी स्टार्टअप इंडिया पहल अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि कि सिडबी ही दूसरी योजना का भी प्रबंधन करेगा। नवाचार को बढ़ावा देने और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए देश में एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के इरादे से सरकार ने 16 जनवरी, 2016 को स्टार्टअप इंडिया पहल शुरू की थी। सरकार की पात्रता शर्तों के अनुसार, स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत संस्थाओं को विभाग की ओर से 'स्टार्टअप' के रूप में मान्यता दी जाती है। अब तक 55 से अधिक उद्योगों में 1,50,000 से अधिक संस्थाओं को स्टार्टअप के रूप में मान्यता दी गई है। ये इकाइयां स्टार्टअप इंडिया कार्य योजना के अंतर्गत कर और गैर-कर प्रोत्साहन प्राप्त करने के पात्र हैं। recent visitors 53

निफ्टी के लॉन्‍ग टर्म EPS अनुमान 1,460 रुपये रखा, 27590 तक जाएगा Nifty… एक्‍सपर्ट ने कहा, ये शेयर कराएंगे दमदार कमाई!

मुंबई शेयर बाजार में शुक्रवार को शानदार तेजी आई है. जबकि मंडे को स्‍टॉक में हॉलिडे है. इस बीच, ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लिलाधर (PL Capital) ने अनुमान लगाया है कि निफ्टी में शानदार तेजी आ सकती है और यह 27590 तक जा सकता है. ब्रोकरेज फर्म ने लॉन्‍ग टर्म में भारतीय मार्केट को लेकर सकारात्‍मक रुख दिखाया है. निफ्टी के लॉन्‍ग टर्म EPS अनुमान 1,460 रुपये रखा है. पीएल कैपिटल ने इससे पहले निफ्टी को लेकर 27,041 का टारेगेट रखा था, जिसे अब बढ़ा दिया है. यह तेजी घरेलू स्‍तर पर बिजनेस बेहतर होने, सेक्‍टर्स में अच्‍छी ग्रोथ और पॉलिसी को लेकर लगातार सपोर्ट के कारण आ सकती है. पीएल कैपिटल ने अगले 12 महीने का टारगेट 25,521 कर दिया है, जो पहले 25,689 था. ब्रोकरेज ने कहा, 'टारगेट में कटौती, ग्‍लोबल और घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक चैलेंज के कारण है. इसके अलावा, US-China टैरिफ वॉर का भी इम्‍पैक्‍ट पड़ा है. डॉउनसाइड की ओर कहां जा सकता है निफ्टी? ब्रोकरेज ने कहा कि ज‍ियोपॉलिटिकल टेंशन, अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वॉर ग्‍लोबल इकोनॉमी के लिए टेंशन हैं. ऐसे में मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर संघर्ष कर सकते हैं. गिरावट के नजरिए को देखें तो लॉन्‍ग टर्म में डाउनसाइड की ओर निफ्टी 24,831 स्‍तर पर रह सकता है. ब्रोकरेज ने कहा कि भारतीय बाजारों में YTD में 3.8% की गिरावट देखी गई है, क्योंकि व्यापक आर्थिक अनिश्चितता भावना पर भारी पड़ रही है. FII की बिकवाली, उम्मीद से कम घरेलू मांग और आय में गिरावट के साथ मिलकर निराशा को और बढ़ा दिया है. पीएल कैपिटल ने बताया कि अक्टूबर 2024 से FY26 और FY27 के लिए निफ्टी ईपीएस अनुमानों में क्रमशः 6.2% और 5.6% की कटौती की गई है. जबकि महंगाई में गिरावट आई है. वहीं आरबीआई ने रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की कमी की गई है. जीडीपी ग्रोथ में आएगी कमी इन कमजोर संकेतकों के जवाब में, RBI ने FY26 के GDP विकास अनुमान को 20 आधार अंकों से कम कर दिया है, जिससे आने वाले वर्ष के लिए सतर्क नजरिए को मजबूती मिली है. पीएल कैपिटल के विश्लेषकों का अनुमान है कि सभी सेक्‍टर्स को मिलाकर कुल बिक्री में 5% की ग्रोथ होगी, लेकिन EBITDA में मामूली 0.5% की गिरावट और टैक्‍स से पहले लाभ (PBT) में 2.2% की गिरावट मार्जिन दबाव और कमजोर मुनाफे को दर्शाती है. इन सेक्‍टर्स पर रखें फोकस दूरसंचार, AMC, ट्रैवेल, EMS, मेटल, हॉस्पिटल, फार्मा और टिकाऊ वस्तुओं के लाभ में ग्रोथ की उम्मीद है, जबकि बैंक, निर्माण सामग्री, रसद और तेल और गैस में PBT में गिरावट की संभावना है. इस बीच, IT, कज्‍यूमर, सीमेंट और कैपिटल गूड्स सेक्‍टर्स में केवल मामूली बढ़ोतरी की उम्‍मीद है. इन शेयरों में होगी कमाई? लार्जकैप स्टॉक: ABB India, भारती एयरटेल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, Cipla, ICICI बैंक, इंटरग्लोब एविएशन, ITC, कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, टाइटन कंपनी में तेजी आ सकती है. स्मॉल और मिडकैप स्टॉक: Aster DM healthcare, एस्ट्रल लिमिटेड, शैलेट होटल्स, क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स, एरिस लाइफसाइंसेज, इंगरसोल-रैंड (इंडिया), IRCTC, केनेस टेक्नोलॉजी इंडिया, KEI Industries, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट, त्रिवेणी टर्बाइन जैसे शेयर भी अच्‍छे रिटर्न दे सकते हैं. recent visitors 47

Repo Rate Cut: क्या आपको मिल रहा है इसका फायदा? – CA Aayush Garg की सलाह आपके लिए ज़रूरी है

नई दिल्ली CA Aayush Garg, एक वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट, क्वालिफाइड CS और CMA हैं, और साथ ही एक Gold Medalist भी हैं। फाइनेंस और टैक्सेशन के क्षेत्र में उनका अनुभव और समझ, आम लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है—खासतौर पर ऐसे समय में जब RBI ने हाल ही में रेपो रेट में कटौती की है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 9 अप्रैल 2025 को 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है, जिससे रेपो रेट 6.25% से घटकर 6.00% हो गया है। यह लगातार दूसरी कटौती है, इससे पहले 7 फरवरी 2025 को भी रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कमी की गई थी। यह कदम अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए उठाया गया है, लेकिन CA Ayush Garg कहते हैं कि "सवाल यह है कि क्या इस रेट कट का फायदा मौजूदा लोन लेने वालों को भी मिल रहा है?" मौजूदा लोन लेने वालों के लिए जरूरी जानकारी: अक्सर देखा गया है कि बैंक, खासकर प्राइवेट बैंक, नए ग्राहकों को तो कम ब्याज दर पर लोन दे देते हैं, लेकिन पुराने ग्राहकों को पुराने, ज्यादा रेट पर ही EMI भरनी पड़ती है। अगर आपका लोन repo rate linked नहीं है, तो हो सकता है कि आपको इसका फायदा ना मिल रहा हो। क्या करें मौजूदा लोन धारक? अपना लोन एग्रीमेंट चेक करें – देखें कि आपका लोन फिक्स्ड है, MCLR आधारित है या रेपो रेट से लिंक्ड है। अपने बैंक से संपर्क करें – पूछें कि क्या रेपो रेट कट का लाभ आपको मिला है या नहीं। ब्याज दर में संशोधन की मांग करें – अगर नहीं मिला, तो बैंक से दर कम करने की रिक्वेस्ट करें। रीफाइनेंस पर विचार करें – अगर आपका बैंक बदलाव नहीं कर रहा, तो किसी दूसरे बैंक से सस्ता लोन ट्रांसफर कर सकते हैं। बैंक ऐसा क्यों करते हैं? अक्सर बैंक नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए तुरंत नई दरें लागू करते हैं, लेकिन मौजूदा ग्राहकों को पुरानी दरों पर ही लोन चुकाने देते हैं—जब तक कि ग्राहक खुद पहल न करें। अंत में: CA Aaayush Garg का सुझाव है—"अगर आप लोन चुका रहे हैं, तो यह मानकर मत चलिए कि आपकी EMI अपने आप कम हो गई होगी। बैंक से बात करें, दरों की तुलना करें और पक्का करें कि आप ज़रूरत से ज़्यादा भुगतान नहीं कर रहे हैं।" ये मत मानिए कि आपको इसका फायदा मिल ही रहा है — पूछिए, पुष्टि कीजिए और ज़रूरी कदम उठाइए।" recent visitors 44

US – चीन के ट्रेड वार और मंदी के डर से सोने का भाव 2025 के अंत में 1,36,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता

मुंबई  बीते दिनों सोशल मीडिया पर इस बात की खूब चर्चा हो रही थी कि सोने का रेट 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। लेकिन इसके उलट पिछले हफ्ते गोल्ड की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिली। अब इंवेस्टमेंट बैंकर Goldman Sachs की एक रिपोर्ट आई है। जिसमें कहा गया है कि सोने का भाव 4500 डॉलर प्रति आउंस (1,36,000 प्रतिशत 10 ग्राम) तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और चीन में चल रहे ट्रेड वार और मंदी के डर की वजह से सोने का भाव 2025 के अंत में 4500 डॉलर प्रति आउंस तक जा सकता है। तीसरी बार गोल्ड के टारगेट प्राइस में किया इजाफा Goldman Sachs ने एक बार फिर से गोल्ड के टारगेट प्राइस में इजाफा किया है। इंवेस्टमेंट बैंकर की रिपोर्ट के अनुसार गोल्ड का टारगेट प्राइस इस साल का 3700 डॉलर प्रति आउंस है। यह तीसरी बार है जब Goldman Sachs ने गोल्ड के टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी की है। इससे मार्च की शुरुआत में गोल्ड के टारगेट प्राइस 3300 डॉलर प्रति आउंस सेट किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति चीन को लेकर काफी आक्रमक नजर आ रहे हैं। जिसकी वजह से दोनों देशों में ट्रेड वार शुरू हो गया है। यही कारण है कि निवेशकों को गोल्ड अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। Gold ETF का क्या है रेट? बीते सप्ताह गोल्ड ईटीएफ पहली बार 3200 डॉलर प्रति आउंस के स्तर को क्रॉस किया था। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव की वजह से गोल्ड ईटीएफ का रेट 3245.69 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंच गया था। सोने की मांग फिजिकल और एक्सचेंज ट्रेड पर काफी बढ़ी है। आज किस रेट पर बिक रहा है सोना? आज स्पॉट गोल्ड 0.4 प्रतिशत की गिरावट के बाद 3223.67 डॉलर प्रति आउंस पर ट्रेड कर रहा था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यूएस गोल्ड फ्यूचर 0.1 प्रतिशत की गिरावट के बाद 3240.90 डॉलर प्रति आउंस पर ट्रेड कर रहा था। (यह निवेश की सलाह नहीं है। गोल्ड की कीमतों में उतार और चढ़ाव देखने को मिलता-रहता है। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी है।  हम इस आधार पर सोना खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है। recent visitors 34

UPI की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं थीं, कुछ समय के बाद ये सर्विस दोबारा शुरू हो गईं

मुंबई भारत के दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में शनिवार दोपहर को Unified Payments Interface (UPI) की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं, जिसके कुछ समय बाद वे सर्विस दोबारा शुरू हो गईं. इस दौरान बहुत से लोग UPI से पेमेंट नहीं कर पा रहे थे और कुछ समय बाद ये सर्विस दोबारा पटरी पर लौट आईं. आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Downdetector ने भी इस आउटेज की जानकारी दी थी. इस आउटेज का असर Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स पर नजर आया. Downdetector से पता लता है कि इस आउटेज की शुरुआत करीब शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास हुई. इस दौरान Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स UPI पेमेंट नहीं कर पाए. इस दौरान कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया. बताते चलें कि भारत में UPI सर्विस देने वाले कई ऐप मौजूद हैं. जिसमें बैंकिंग ऐप से लेकर Paytm और PhoePe जैसे नाम भी शामिल हैं. शनिवार दोपहर से UPI की सर्विस प्रभावित हुईं Downdetector पर UPI प्रोब्लम को लेकर शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास से लोगों ने रिपोर्ट करना शुरू किया. इस दौरान यूजर्स को UPI QR Code स्कैन करने के बाद पेमेंट का प्रोसेस तो नजर आ रहा है, लेकिन 5 मिनट बाद भी पेमेंट प्रोसेस कंप्लीट नहीं हो रहा है. हालांकि अभी इस आउटेज को लेकर ये जानकारी सामने नहीं आई है कि इससे भारत के कौन-कौन से राज्य प्रभावित हुए हैं. सोशल मीडिया पर छाटा ट्रेंड UPI की सर्विस प्रभावित होने के बाद बहुत से यूजर्स को पेमेंट करने में परेशानी आ रही हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना शुरू कर दिया. Elon Musk के X प्लेटफॉर्म पर कुछ ही मिनट में #upidown ट्रेंड करने लगा. इसका हैशटैग का इस्तेमाल करके बहुत से लोगों ने इंटरनेट पोस्ट किया और कई लोगों ने तो UPI Down दिखाने के लिए स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए.   कई बैंकिंग सर्विस भी प्रभावित Downdetector ने अपने पोर्टल पर बताया है कि SBI, Google Pay, HDFC Bank और ICICI बैंकिंग की UPI सर्विस भी प्रभावित हुई हैं. UPI भारत में एक पॉपुलर सर्विस है, जिसकी मदद से यूजर्स चाय की दुकान से लेकर रेल टिकट बुकिंग तक में पेमेंट करते हैं. ऐसे में अगर ये सर्विस ठप पड़ जाती है, तो उसकी वजह से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. UPI क्या है? यूपीआई (UPI) एक शॉर्ट नेम है, जिसका फुल फॉर्म Unified Payments Interface है. यह भारत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा डेवलप किया है और एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. यह सिस्टम तुरंत और सुरक्षित बैंक खातों के बीच रुपये ट्रांसफर करने की सुविधा देती है.   recent visitors 44

10 ग्राम सोना 1 लाख नहीं, सीधे 2 लाख रुपए से भी ज्यादा का हो सकता है!, सोने की कीमतों पर आई चौंकाने वाली रिपोर्ट

मुंबई अगर आप अब तक सोच रहे थे कि सोना महंगा हो गया है, तो रुकिए! असली झटका तो अभी बाकी है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो अगले कुछ सालों में गोल्ड की कीमतें ऐसे ऊंचाई पर पहुंच सकती हैं, जिसकी कल्पना भी आम निवेशकों ने शायद न की हो। 10 ग्राम सोना 1 लाख नहीं, सीधे 2 लाख रुपए से भी ज्यादा का हो सकता है! आइए जानते हैं इस चौंकाने वाली भविष्यवाणी के पीछे की पूरी कहानी।  सोना हो सकता है ₹2.18 लाख प्रति 10 ग्राम! एक कमोडिटी विशेषज्ञ  ने एक इंटरव्यू में कहा है कि अगले 5 सालों में गोल्ड की कीमतें $8000 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। अगर मौजूदा एक्सचेंज रेट (₹85/$) के हिसाब से गणना करें, तो भारतीय बाजार में इसका मतलब है:     ₹8000 × ₹85 = ₹6,80,000 प्रति औंस     1 औंस = 31.1035 ग्राम     यानी ₹6,80,000 ÷ 31.1035 = ₹21,862 प्रति ग्राम     और फिर 10 ग्राम सोना = ₹2,18,500 जी हां, आपने सही पढ़ा—₹2.18 लाख प्रति 10 ग्राम!  क्या है गोल्ड में इस तेजी की वजह? विशेषज्ञों का मानना है कि:     ग्लोबल इकनॉमिक अनिश्चितता     डॉलर में उतार-चढ़ाव     जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ती महंगाई और ब्याज दरें…ये सभी फैक्टर्स सोने की डिमांड को बढ़ा सकते हैं। वर्तमान में थोड़ी बहुत गिरावट की संभावना ज़रूर बताई गई है—जैसे कि $2800-$2900 प्रति औंस का लेवल—लेकिन 2025 के मध्य तक यह $3500 और फिर 5 सालों में $8000 तक उछल सकता है। ध्यान देने वाली बात यह खबर निवेशकों के लिए उत्साहित करने वाली जरूर है, लेकिन जरूरी है कि आप बिना सोचे-समझे पैसा न लगाएं। हर निवेश जोखिम के साथ आता है, और इसलिए फैसला लेने से पहले किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।     recent visitors 38

Paytm, PhonePe और Google Pay नहीं कर रहे काम,नहीं हो पा रही UPI ट्रांजैक्शन

नई दिल्ली  शनिवार सुबह भारत में यूपीआई (Unified Payments Interface) एक बार फिर से डाउन है। यूपीआई में आई इस दिक्कत की वजह से लाखों यूजर्स डिजिटल पेमेंट्स नहीं कर पा रहे हैं। इस अचानक आई खराबी ने PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे लोकप्रिय एप्स के जरिए लेन-देन करने वाले लोगों और व्यापारियों दोनों को बुरी तरह प्रभावित किया। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Downdetector ने भी इस आउटेज की जानकारी दी. इस आउटेज का असर Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स पर नजरआया है. Downdetector से पता लता है कि इस आउटेज की शुरुआत करीब शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास हुई. इस दौरान Paytm, PhonePe और Google Pay यूजर्स UPI पेमेंट नहीं कर पाए. इस दौरान कुछ यूजर्स ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया. बताते चलें कि भारत में UPI सर्विस देने वाले कई ऐप मौजूद हैं. जिसमें बैंकिंग ऐप से लेकर Paytm और PhoePe जैसे नाम भी शामिल हैं. शनिवार दोपहर से UPI की सर्विस प्रभावित हुईं Downdetector पर UPI प्रोब्लम को लेकर शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास से लोगों ने रिपोर्ट करना शुरू किया. इस दौरान यूजर्स को UPI QR Code स्कैन करने के बाद पेमेंट का प्रोसेस तो नजर आ रहा है, लेकिन 5 मिनट बाद भी पेमेंट प्रोसेस कंप्लीट नहीं हो रहा है. हालांकि अभी इस आउटेज को लेकर ये जानकारी सामने नहीं आई है कि इससे भारत के कौन-कौन से राज्य प्रभावित हुए हैं. सोशल मीडिया पर छाटा ट्रेंड UPI की सर्विस प्रभावित होने के बाद बहुत से यूजर्स को पेमेंट करने में परेशानी आ रही हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने इसको लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना शुरू कर दिया. Elon Musk के X प्लेटफॉर्म पर कुछ ही मिनट में #upidown ट्रेंड करने लगा. इसका हैशटैग का इस्तेमाल करके बहुत से लोगों ने इंटरनेट पोस्ट किया और कई लोगों ने तो UPI Down दिखाने के लिए स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किए.   इससे पहले, 26 मार्च को भी यूपीआई सेवा में भारी तकनीकी गड़बड़ी आई थी, जब अलग-अलग यूपीआई एप्स के यूजर्स लगभग 2 से 3 घंटे तक ट्रांजेक्शन नहीं कर पाए थे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस समस्या का कारण तकनीकी दिक्कतें बताया था, जिससे पूरे देश में आम यूजर्स और व्यापारियों की डिजिटल भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। कई बैंकिंग सर्विस भी प्रभावित Downdetector ने अपने पोर्टल पर बताया है कि SBI, Google Pay, HDFC Bank और ICICI बैंकिंग की UPI सर्विस भी प्रभावित हुई हैं. UPI भारत में एक पॉपुलर सर्विस है, जिसकी मदद से यूजर्स चाय की दुकान से लेकर रेल टिकट बुकिंग तक में पेमेंट करते हैं. ऐसे में अगर ये सर्विस ठप पड़ जाती है, तो उसकी वजह से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. UPI क्या है? यूपीआई (UPI) एक शॉर्ट नेम है, जिसका फुल फॉर्म Unified Payments Interface है. यह भारत में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा डेवलप किया है और एक डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. यह सिस्टम तुरंत और सुरक्षित बैंक खातों के बीच रुपये ट्रांसफर करने की सुविधा देती है. UPI Outage : यूजर्स क्या करें अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यूपीआई में ये परेशानी आखिर आई कैसे? यूजर्स को जल्द ही समस्या ठीक होने की उम्मीद है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और ना ही किसी बड़े UPI ऐप ने अब तक इसे लेकर किसी तरह की जानकारी दी है। ऐसे में यूजर्स को पूरी तरह सर्विस चालू होने तक किसी तरह के पेमेंट से बचना चाहिए। UPI क्यों इतना जरूरी यूपीआई देश का सबसे पॉपुलर पेमेंट सिस्टम बन गया है। इसे NPCI ने तैयार किया है। यह सिस्टम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की निगरानी में काम करता है। इससे लोग बिना किसी फीस के तुरंत पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। चायवाले से लेकर बड़े-बड़े मॉल और कंपनियों तक में आज UPI ही यूज किया जा रहा है। इसमें कई जबरदस्त फीचर्स भी हैं, जो यूजर्स को सहूलियत देते हैं। recent visitors 42

लगातार 3 दिन बैंक रहेंगे बंद, सोमवार को शेयर मार्केट में भी नहीं होगा काम

मुंबई 14 अप्रैल सोमवार को अंबेडकर जयंती के अवसर पर भारतीय शेयर मार्केट बंद रहेगा। हॉलीडे कैलेंडर के अनुसार, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सोमवार को कोई ट्रेडिंग नहीं होगी। दूसरी ओर सोमवार को अवकाश के कारण बैंक लगातार 3 दिन तक बंद रहेंगे। प्रत्येक महीने का दूसरा और चौथा शनिवार बैंक बंद रहते हैं। 12 अप्रैल को सेकेंड सैटरडे पड़ रहा है। इसलिए इस दिन बैंकों में कोई काम नहीं होगा। जबकि, रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंकों में छुट्टी रहती है। सोमवार को अंबेडकर जयंती पड़ रही है और आरबीआई कैलेंडर के अनुसार इस दिन मिजोरम, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़, मेघालय और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। शेयर मार्केट भी तीन दिन नहीं खुलेगा शेयर मार्केट हर शनिवार और रविवार को बंद रहता है। इस बार भी बंद रहेगा। सोमवार को अंबेडकर जयंती की छुट्टी की वजह से शेयर बाजार बंद रहेगा। यानी मार्केट लगातार तीन दिन तक क्लोज रहेगा। बता दें बीएसई कैलेंडर अप्रैल 2025 के महीने में तीन छुट्टियां दिखाता है। महावीर जयंती (10 अप्रैल), जो बीत चुका है, डॉ बाबा साहेब अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) और गुड फ्राइडे (18 अप्रैल)। 10 दिन में 6 दिन मार्केट रहेगा बंद 12 अप्रैल- शनिवार का अवकाश 14 अप्रैल – अंबेडकर जयंती मई से दिसंबर तक शेयर बाजार की छुट्टियों की लिस्ट 1 मई – महाराष्ट्र दिवस 2 अक्टूबर – महात्मा गांधी जयंती और दशहरा 21 अक्टूबर – दिवाली (लक्ष्मी पूजन) 22 अक्टूबर – दिवाली बलिप्रतिपदा 5 नवंबर – प्रकाश गुरुपर्व (श्री गुरु नानक देव) recent visitors 40

भारतीय शेयर बाजार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद, ऑटो और फार्मा शेयर उछले

मुंबई भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद हुआ। बाजार के सभी सूचकांकों में खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,310 अंक या 1.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,157 और निफ्टी 429 अंक या 1.92 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,828 पर था। शेयर बाजार में तेजी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ को 90 दिनों के लिए टालने को माना जा रहा है। बाजार में तेजी का नेतृत्व ऑटो और फार्मा शेयरों ने किया। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.03 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके अलावा, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, एनर्जी और मीडिया के साथ सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी पैक में हिंडालको, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, कोल इंडिया, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, ओएनजीसी, अदाणी एंटरप्राइजेज, ग्रासीम, पावर ग्रिड, ट्रेंट, सिप्ला, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक टॉप गेनर्स थे। एनएसई के बेंचमार्क इंडेक्स में केवल टीसीएस, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स टॉप लूजर्स थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 919 अंक या 1.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 50,501 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 439 अंक या 2.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,696 पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 3,115 शेयर हरे निशान में, 846 शेयर लाल निशान में और 118 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं। एलकेपी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक दे का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,000 एक रुकावट का स्तर है। अगर एनएसई बेंचमार्क इस स्तर को पार करने में सफल हो जाता है तो 23,500 के लेवल भी देखने को मिल सकते हैं। गिरावट की स्थिति में 22,750 एक अहम सपोर्ट लेवल होगा। शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह 9:38 पर सेंसेक्स 1,349 अंक या 1.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,196 और निफ्टी 444 अंक की तेजी के साथ 22,843 पर था। recent visitors 42

सोना 1300 रुपए महंगा हुआ, 95 हजार प्रति 10 ग्राम के पार, हालांकि चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोने (Gold) की कीमतों में एक बार फिर से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सोने की कीमतें ऑल टाइम हाई पर पहुँच गई हैं। बीते दिन सोने में 2700 रुपए की बढ़त देखने को मिली थी, लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर सोने की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है। शुक्रवार को सोना 1300 रुपए महंगा हुआ, हालांकि चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार को जयपुर सर्राफा बाजार की ओर से जारी सोने और चांदी की कीमतों की बात करें तो बीते दिन के मुकाबले 24 कैरट सोने की कीमतों में 1300 रुपए का उछाल देखने को मिला, जिसके बाद 24 कैरेट सोने की कीमत 95 हजार 550 रुपए प्रति 10 ग्राम रही। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी 1200 रुपए प्रति 10 ग्राम का उछाल देखने को मिला और 22 कैरेट सोने के दाम 87 हजार 450 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए। इस बीच, भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में जून डिलीवरी वाला सोना 11 अप्रैल को ₹93,736 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। चांदी में गिरावट सोने में तेजी के रुख के बाद चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को चांदी की कीमतों में 200 रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद जयपुर सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 95 हजार 300 रुपए प्रति किलो पहुंच गई। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल का कहना है कि अमेरिका में ट्रंप के सत्ता में आने के बाद सोने की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है और इसका कारण है ट्रंप की नीतियाँ। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी रिसर्च विश्लेषक मानव मोदी ने बताया, “सोने की कीमतों ने $3,200 का नया रिकॉर्ड पार कर लिया है, जो पिछले सप्ताह की थोड़ी स्थिरता के बाद देखने को मिला। यह तेजी बाजार में अस्थिरता और अमेरिका-चीन के बीच व्यापारिक तनाव के चलते है। भले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ पर 90 दिन की राहत दी है, लेकिन कुल मिलाकर चीनी आयात पर अब 145% तक शुल्क लगाया गया है, जिसमें 125% बेस रेट और अन्य जवाबी शुल्क शामिल हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इस बार अमेरिका और चीन के बीच तनाव की रफ्तार 2016 के मुकाबले कहीं ज्यादा है। अगर जल्दी समाधान नहीं निकला, तो यह बाजार में और अनिश्चितता पैदा कर सकता है।” 22 कैरेट और 24 कैरेट में क्या अंतर है? 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्धता वाला होता है और इसमें किसी अन्य धातु की मिलावट नहीं होती। जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 91.67% शुद्ध होता है, जिसमें थोड़ी मात्रा में तांबा या चांदी जैसी मिश्रित धातुएं मौजूद होती हैं। यही कारण है कि 22 कैरेट सोना ज्यादातर गहनों में इस्तेमाल किया जाता है। recent visitors 40

आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी, 1100 अंक चढ़ा सेंसेक्‍स, इन 10 स्‍टॉक्‍स में तगड़ी उछाल

मुंबई भारतीय बाजार में आज शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्‍स 1000 अंक ऊपर चढ़कर खुला है, जबकि निफ्टी में करीब 360 अंकों की उछाल आई है. इसके अलावा, बैंक निफ्टी में 500 अंकों की तेजी आई है. हालांकि कुछ देर बाद सेंसेक्‍स 1151 अंक उछलकर 75000 के ऊपर पहुंच गया, जबकि Nifty 364 अंक चढ़कर 22764 लेवल पर पहुंच गया. वहीं बैंक निफ्टी में 700 अंकों की ज्‍यादा तेजी आई है. BSE टॉप 30 शेयरों में से 3 शेयरों को छोड़कर बाकी के सभी शेयर शानदार तेजी दिखा रहे हैं. सनफार्मा के शेयर (Sun Pharma Share) में 4.44 फीसदी की तेजी आई है. इसके अलावा Tata Motors के शेयर में 4.21 फीसदी और टाटा स्‍टील के शेयर में 3.50 फीसदी की तेजी आई है. टीसीएस और एशियन पेंट्स के शेयर में मामूली गिरावट देखी जा रही है. क्‍यों आई ये शानदार तेजी? शेयर बाजार में तेजी की बड़ी वजह बुधवार को ग्‍लोबल मार्केट में आई उछाल और डोनाल्‍ड ट्रंप द्वारा चीन को छोड़कर बाकी देशों पर 90 दिनों तक टैरिफ को रोक दिया. जिसे लेकर भारतीय बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा, सनफार्मा और रिलायंस जैसे हैवीवेट शेयरों तेजी से खरीदारी बढ़ रही है. आज के टॉप गेनर शेयर Welspun Living के शेयर आज 6 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर 120 रुपये पर कारोबार कर रहा है. नुवामा वेल्‍थ के शेयरों में 5 फीसदी, Keynes Tech के शेयर में 4.66 प्रतिशत की तेजी आई है. PI industries के शेयर 5.45 फीसदी, KPIT Tech के शेयर में 5 प्रतिशत की तेजी आई है. इसके अलावा, सोलर इंडस्‍ट्रीज के शेयर में 3.50 फीसदी, Adani Enterprises के शेयर 4.60 फीसदी, टाटा स्‍टील के शेयर 4.36 फीसदी, टाटा मोटर्स के शेयर में 4.21 प्रतिशत और जेएसडब्‍लू के शेयर में 4.26 फीसदी की तेजी आई है.   एशियन और ग्‍लोबल मार्केट में गिरावट बुधवार की तेजी के बाद ग्‍लोबल मार्केट में गुरुवार को भारी गिरावट आई है. डॉउ जोन्‍स 1000 अंकों से ज्‍यादा गिरा. वहीं 3 से 4 फीसदी तक टूट गए. इसके अलावा, एशियन मार्केट में गिरावट देखने को मिली. जापान के निक्‍केई में 1400 अंकों की गिरावट आई थी. वहीं चीन के शेयर बाजार में मामूली तेजी देखी गई है. recent visitors 39

सोने की कीमतों में एक बार फिर भारी उछाल, सोने के दाम में लगभग ₹3,000 बड़े दाम

मुंबई सोने की कीमतों में एक बार फिर भारी उछाल देखा गया है, साथ ही चांदी की कीमत में भी तगड़ा इज़ाफा हुआ है। 10 अप्रैल, 2025 को सोने के दाम में लगभग ₹3,000 का उछाल आया, और चांदी की कीमत भी बढ़ी। यह बढ़ोतरी अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के कारण हुई है, जिसने वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है। क्या कारण है इस बढ़ोतरी का? सोने की कीमतों में यह अचानक उछाल अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध के कारण आया है। चीन ने अमेरिकी आयात पर 84% टैरिफ लगा दिया है, जिससे अमेरिका ने चीनी वस्त्रों पर 125% टैरिफ बढ़ा दिया है। इस तनाव के बढ़ने से निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने का रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में उछाल आया है। इससे पहले सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही थी, विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण। लेकिन इन अनुमानित गिरावटों को सोने ने नकारा, और अब इसकी कीमत फिर से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-चीन के बीच तनाव लंबे समय तक जारी रहने की संभावना है, जिससे सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। सोने और चांदी की कीमतें 10 अप्रैल 2025 को: विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच तनाव कम होने की संभावना नहीं दिख रही है, और ऐसे में सोने में निवेश बढ़ सकता है, जिससे कीमतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि, गोल्ड में कुछ समय के लिए गिरावट आ सकती है, लेकिन लंबे समय तक इसमें नरमी की उम्मीद नहीं है।   कैसे तय होती हैं कीमतें? सोने की कीमतें वैश्विक स्तर पर निर्धारित होती हैं, और लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा प्रकाशित सोने की कीमतें विश्वभर में एक बेंचमार्क के रूप में काम करती हैं। भारत में, भारतीय बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) आयात शुल्क और स्थानीय करों को जोड़कर सोने की कीमत तय करता है। यह बढ़ती सोने और चांदी की कीमतें यह दर्शाती हैं कि वैश्विक व्यापारिक गतिविधियाँ, जैसे व्यापार युद्ध, सीधे तौर पर इन वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित करती हैं, जिससे निवेशकों के लिए सोना एक महत्वपूर्ण सुरक्षित निवेश विकल्प बन जाता है।   recent visitors 199

SBI बैंक ने किया बड़ा बदलाव, बदल दिए विड्रॉल के नियम, अब एटीएम सर्विस चार्ज को भी बढ़ा दिया

नई दिल्ली देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ATM लेन-देन के नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। अगर आपका भी SBI में अकाउंट है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अब आपको फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट, सर्विस चार्जेज और अन्य बदलावों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। आइए, जानते हैं कि एसबीआई ने किन-किन नियमों में बदलाव किया है और इसका आपके ATM लेनदेन पर क्या असर पड़ेगा। फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा में बदलाव SBI ने अब एटीएम पर फ्री लेन-देन की संख्या में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, सभी ग्राहकों को अब हर महीने SBI एटीएम पर 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन और दूसरे बैंकों के एटीएम पर 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन करने का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा, अगर आपके खाते में 25,000 रुपये से 50,000 रुपये के बीच औसत बैलेंस है, तो आपको दूसरे बैंकों के एटीएम पर 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे। वहीँ, 50,000 रुपये से 1,00,000 रुपये के बीच बैलेंस रखने वाले खाताधारकों के लिए भी यही नियम लागू होंगे। लेकिन अगर आपके खाते में 1,00,000 रुपये से अधिक औसत मासिक बैलेंस है, तो आपको SBI और अन्य बैंक के एटीएम पर असीमित मुफ्त ट्रांजैक्शन मिलेंगे। यानी आपके लिए कोई ट्रांजैक्शन लिमिट नहीं होगी। एटीएम सर्विस चार्ज में बदलाव SBI ने अब एटीएम सर्विस चार्ज को भी बढ़ा दिया है। अगर आप अपनी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के बाद SBI एटीएम का उपयोग करते हैं, तो बैंक 15 रुपये + GST वसूल करेगा। वहीं, दूसरे बैंकों के एटीएम पर यह शुल्क 21 रुपये + GST होगा। इसके अलावा, बैलेंस इंक्वायरी और मिनी स्टेटमेंट जैसी सेवाओं के लिए, फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के बाद SBI एटीएम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन दूसरे बैंकों के एटीएम का इस्तेमाल करने पर प्रति ट्रांजैक्शन 10 रुपये + GST का शुल्क लिया जाएगा। अगर आपके खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण एटीएम ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है, तो 20 रुपये + GST का जुर्माना लगेगा। 1 मई 2025 से, SBI ग्राहकों को अपनी मुफ्त मासिक सीमा पार करने के बाद प्रत्येक एटीएम ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये का शुल्क देना होगा। इन बदलावों से स्पष्ट है कि अब SBI के ग्राहक को ज्यादा सतर्कता के साथ अपने ATM ट्रांजैक्शन की योजना बनानी होगी। बैंक द्वारा किए गए इन बदलावों से जहां कुछ ग्राहकों के लिए राहत मिलेगी, वहीं कुछ को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है। recent visitors 43

बैंक ऑफ बड़ौदा की सिर्फ 2 लाख रुपये की FD पर आपको 51,050 रुपये का फायदा एक निश्चित अवधि में मिलेगा

मुंबई अगर आप अपनी बचत पर अच्छा ब्याज पाने का सोच रहे हैं, तो बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) की इस नई एफडी स्कीम के बारे में जानना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इस पब्लिक सेक्टर बैंक ने हाल ही में अपनी एफडी स्कीम में ब्याज दरों को और आकर्षक बना दिया है, और आपको अब 2 लाख रुपये निवेश पर गारंटीड लाभ मिलने का मौका मिल रहा है। खास बात यह है कि इस स्कीम में आपको 51,050 रुपये का फायदा एक निश्चित अवधि में मिलेगा, और यह सब कुछ बिना किसी जोखिम के। कैसे मिलेगा 51,050 रुपये का फायदा? बैंक ऑफ बड़ौदा 2 साल और 1 दिन से लेकर 3 साल तक की अवधि वाली फिक्स्ड डिपोजिट (FD) पर 7.15% से लेकर 7.65% तक का ब्याज दे रहा है। सामान्य नागरिकों को इस स्कीम में 7.15% ब्याज मिल रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 7.65% है। अगर आप एक सामान्य नागरिक हैं और 2 लाख रुपये 3 साल के लिए निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको कुल 2,47,379 रुपये मिलेंगे, जिसमें 47,379 रुपये का ब्याज शामिल है। वहीं, यदि आप वरिष्ठ नागरिक हैं, तो आपको 2,51,050 रुपए मिलेगा, जिसमें 51,050 रुपये का गारंटीड रिटर्न मिलेगा। इसके साथ ही बैंक ने 444 दिनों की एक नई स्पेशल एफडी स्कीम भी पेश की है, जिसमें सामान्य नागरिकों को 7.15 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 7.65 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है। इस फैसले का असर लोन की ब्याज दरों के साथ-साथ एफडी की ब्याज दरों पर भी पड़ेगा।  FD ब्याज दरों में हो सकती है कटौती बैंक ऑफ बड़ौदा की यह स्कीम एक शानदार मौका है, क्योंकि हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती का ऐलान किया है। इससे लोन और एफडी की ब्याज दरें धीरे-धीरे कम हो सकती हैं। ऐसे में, अगर आप इस स्कीम का लाभ उठाना चाहते हैं, तो जल्द ही FD करा लेना बेहतर रहेगा, ताकि आप इस स्कीम के आकर्षक ब्याज दरों का फायदा उठा सकें। बैंक ऑफ बड़ौदा की नई FD स्कीम न केवल सुरक्षित है, बल्कि इससे अच्छा रिटर्न भी मिल रहा है। अगर आप अपनी बचत को सही जगह निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह एक बेहतरीन अवसर हो सकता है। recent visitors 42

RBI की बैठक में बड़े ऐलान- मिडिल क्लास को राहत, UPI ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव, जाने बैठक की मुख्य बातें

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कटौती कर आम आदमी को बड़ी राहत दी है। आज 9 अप्रैल को आरबीआई ने रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत करने का फैसला किया। इससे पहले 7 फरवरी 2025 में आरबीआई ने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 6.25 प्रतिशत किया गया था। यह मई 2020 के बाद पहली कटौती और ढाई साल में पहला रिविजन था। रेपो दर में कमी का असर मिडिल क्लास पर अधिक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेपो रेट में कटौती के बाद बैंक और वित्तीय संस्थानों को RBI से कम लागत पर फंड उधार में मिल जाते हैं। इससे होम लोन, ऑटो लोन और नए पर्सनल लोन पर ब्याज दरें कम हो सकती हैं और आम लोगों का ईएमआई का बोझ कम होता है। आइए जानते हैं मॉनेटरी पॉलिसी बैठक की मुख्य बातें — प्रमुख ब्याज दर (रेपो) को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत किया गया। रेपो दर में लगातार दूसरी बार चौथाई प्रतिशत की कटौती की गई। केंद्रीय बैंक के मौद्रिक रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘उदार’ करते हुए आगे ब्याज दर में एक और कटौती का संकेत दिया। इससे ग्राहकों के लिए कर्ज की मासिक किस्त (ईएमआई) में और कमी आ सकती है। आरबीआई ने अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को ‘ग्राहकों से दुकानदारों’ को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के माध्यम से लेनदेन की सीमा में संशोधन की अनुमति देने का निर्णय किया है। हालांकि, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच यूपीआई के जरिये लेनदेन की सीमा पहले की तरह एक लाख ही रहेगी। वर्तमान में ग्राहकों से दुकानदारों (पी टू एम) को पूंजी बाजार, बीमा, जैसे मामलों में प्रति लेनदेन दो लाख रुपये, जबकि कर भुगतान, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पताल, आईपीओ के लिए भुगतान सीमा पांच लाख रुपये है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत किया गया। मल्होत्रा ने कहा कि निवेश गतिविधियों में तेजी आई है और उच्च क्षमता उपयोग, सरकार के बुनियादी ढांचे पर खर्च को लेकर जोर, बैंकों और कंपनियों के बेहतर बही-खाते और वित्तीय स्थितियों में सुधार के कारण आगे निवेश और बढ़ने की उम्मीद है। आरबीआई का कहना है कि व्यापार शुल्क संबंधी उपायों ने अनिश्चितताओं को और बढ़ा दिया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक परिदृश्य पर असर पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति अनुमान को 4.2 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत किया गया। आरबीआई ने सोने के आभूषणों और गहनों के बदले दिए जाने वाले लोन को लेकर मौजूदा नियमों की समीक्षा करते हुए नए मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आरबीआई ने कहा कि सोने के बदले कर्ज से संबंधित प्रस्तावित दिशानिर्देशों का मकसद नियमों को सख्त करना नहीं, बल्कि लेंडर के व्यवहार को सुसंगत करना है। बता दें कि इन लोन का उपयोग आम तौर पर कंजम्पशन और इनकम जेनरेट दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है। केंद्रीय बैंक ने को-लोन देने के दायरे का विस्तार करने और सामान्य विनियामक ढांचा जारी करने का प्रस्ताव किया। एमपीसी की 54वीं बैठक की पूर्ण जानकारी 23 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। आरबीआई ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के फंसे हुए कर्जों (स्ट्रेस्ड एसेट्स) के समाधान के लिए एक नए ढांचे 'सिक्योरिटाइजेशन ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स फ्रेमवर्क' पर मसौदा दिशा-निर्देश जारी किया है। यह नया ढांचा फंसे हुए कर्जे के सिक्योरिटाइजेशन (प्रतिभूतिकरण) को बढ़ावा देगा। सिक्योरिटाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें इन फंसे हुए कर्जों को मिलाकर प्रतिभूतियों में बदला जाता है और फिर निवेशकों को बेचा जाता है। इससे बैंकों को जोखिम कम करने और ऐसे कर्जों से निकलने का एक रास्ता मिलेगा। 4 से 6 जून को अलगी बैठक बता दें कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 6 बैठकें होगी। पहली बैठक 7 से 9 अप्रैल तक थी। अब एमपीसी की अगली बैठक चार से छह जून, 2025 को होगी। recent visitors 30

डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, फार्मास्यूटिकल्स पर भी जल्द लगाया जाएगा टैरिफ, जानिए किन सामानों के एक्सपोर्ट पर क्या असर होगा

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तकरीबन 180 देशों पर लगाया गया रेसिप्रोकल टैरिफ आज से लागू हो गया है. सुबह 9.31 बजते ही भारत पर लगाया गया 26 फीसदी टैरिफ लागू हो गया. भारत पर लगाए गए इस टैरिफ के बाद आज से अमेरिका में निर्यात किए जाने वाले हर भारतीय सामान पर 26 फीसदी शुल्क लगेगा. कहा जा रहा है कि इस टैरिफ का भारत पर कई स्तरों पर असर देखने को मिल सकता है. अमेरिका में भारत के सामान पर 26 फीसदी टैरिफ लगाने से यकीनन उस सामान की कीमत बढ़ेगी. इससे वहां भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है, खासकर उन देशों की तुलना में जिन पर कम टैरिफ लगाया गया है. भारत के प्रमुख निर्यात क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न और आभूषण, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल हैं. ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का सबसे ज्यादा असर दवाओं पर पड़ेगा. भारत से अमेरिका में सस्ती दवाएं जाती हैं. भारत से अमेरिका 12 अरब डॉलर से ज्यादा की दवाएं और फार्मा प्रोडक्ट्स लेता है. 2023-24 में भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस 35.32 अरब डॉलर था. टैरिफ से यह सरप्लस कम हो सकता है. कॉमर्स मिनिस्ट्री के मुताबिक, भारत से 73.7 अरब डॉलर का निर्यात जबकि अमेरिका से 39.1 अरब डॉलर का आयात होता है. हालांकि, अमेरिकी सरकार के आंकड़े इससे अलग हैं. अमेरिका के आंकड़े बताते हैं कि भारत से 91.2 अरब डॉलर का निर्यात तो 34.3 अरब डॉलर का आयात होता है. अमेरिका के साथ कारोबार करना भारत के लिए फायदे का सौदा रहा है क्योंकि उसके इंपोर्ट कम और एक्सपोर्ट ज्यादा है. टैरिफ के कारण एक्सपोर्ट कम हो सकता है. लेकिन भारत पर टैरिफ क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दोस्ती जगजाहिर है. दोनों एक-दूसरे को अच्छा दोस्त बताते हैं. 'हाउडी मोदी' और 'नमस्ते ट्रंप' रैलियों को इसका सशक्त उदाहरण भी बताया जाता है. लेकिन ट्रंप कई मौकों पर भारत को टैरिफ किंग बता चुके हैं. ट्रंप ने कहा था कि भारत बहुत अधिक टैरिफ लगाता है यह बहुत Brutal है. ऐसे में ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) के आंकड़ों की माने तो भारत में औसत टैरिफ सबसे ज्यादा है. भारत में औसत टैरिफ 17 फीसदी तो अमेरिका में 3.3 फीसदी ही है. ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका से आने वाले खाने-पीने के सामान, मांस और प्रोसेस्ड फूड पर भारत में 37.66 फीसदी टैरिफ लगता है, जबकि इन्हीं सामानों पर भारत, अमेरिका में 5.29 फीसदी टैरिफ देता था. अब तक ऑटोमोबाइल पर भारत 24.14 फीसदी तो अमेरिका 1.05 फीसदी टैरिफ लगाता आया है. शराब पर भारत 124.58 फीसदी तो अमेरिका 2.49 फीसदी टैरिफ वसूलता है. सिगरेट और तंबाकू पर अमेरिका में 201.15 फीसदी तो भारत में 33 फीसदी टैरिफ लगता रहा है. ट्रंप का मानना है कि टैरिफ की मदद से अमेरिका का व्यापार घाटा कम किया जा सकता है. व्यापार घाटा उस स्थिति को कहा जाता है जब कोई देश किसी दूसरे देश से आयात ज्यादा करता है लेकिन निर्यात कम करता है. भारत और अमेरिका के बीच करीब 45 अरब डॉलर का व्यापार घाटा है. वहीं, कैबिनेट की आज सुबह 11 बजे की मीटिंग में ट्रंप के टैरिफ के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है. केंद्रीय कैबिनेट आज से लागू होने जा रहे टैरिफ को लेकर भारत की रणनीति पर चर्चा कर सकती है. कहा जा रहा है कि इसे लेकर सरकार निर्यातकों के संपर्क में हैं. वाणिज्य मंत्रालय आज निर्यातकों के साथ बैठक भी कर सकता है. जल्द ही दवाओं पर भी लगाएंगे भारी भरकम शुल्क अमेरिका के राष्ट्रपति और टैरिफ किंग डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा धमाका किया है। दुनियाभर के 180 से अधिक देशों पर 2 अप्रैल को पारस्परिक टैरिफ लगाने के बाद ट्रंप ने अब एलान किया है कि जल्द ही दवाओं के आयात पर शुल्क लगाया जाएगा। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका जल्द ही दवा आयात पर बड़े टैरिफ की घोषणा करेगा। नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि इस टैरिफ से दवा कंपनियों को अपना कारोबार अमेरिका में सेटअप करना पड़ेगा। चीन पर लगाया 104 फीसदी टैरिफ मंगलवार की आधी रात से सभी देशों से अमेरिका आने वाले सामानों पर टैरिफ की नई दर लागू हो गई है। इस बीच ट्रंप ने चीन पर 104 फीसदी टैरिफ का एलान किया है। पहले चीन पर अमेरिका ने कुल 54 फीसदी टैरिफ लगाया था। जवाब में चीन ने भी अमेरिकी सामानों पर 34 फीसदी टैरिफ की घोषणा की। इससे डोनाल्ड ट्रंप भड़क उठे थे। इस बीच ट्रंप ने मंगलवार को चीन पर अमेरिकी टैरिफ से बचने की खातिर अपनी मुद्रा में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने कहा कि आपको उन्हें जवाब देना होगा। वे आज टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए अपनी मुद्रा में हेरफेर कर रहे हैं। बातचीत में जुटे 70 देश ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि 70 देशों के साथ व्यापार के मुद्दे पर बात चल रही है। हर देश के साथ एक कस्टम-मेड डील पर सहमत होने की कोशिश है। कई नेताओं से ट्रंप ने की बात डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा से बात की और इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू से भी बात की। अमेरिका इस बात पर खफा है कि चीन ने बातचीत के बजाय जवाबी शुल्क लगाने का फैसला किया, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप हर समय फोन उठाने को तैयार हैं। recent visitors 54

RBI का बड़ा एलान, सभी बैंकों को अब पेंशन भुगतान में किसी भी देरी के लिए 8% प्रति वर्ष का ब्याज देना अनिवार्य

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक हालिया निर्देश में रिटायर केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारियों को पेंशन बांटने के लिए जिम्मेदार सभी बैंकों को अब पेंशन भुगतान में किसी भी देरी के लिए 8% प्रति वर्ष का ब्याज देना अनिवार्य है। RBI के मास्टर सर्कुलर में बढ़ोतरी इस आवश्यकता का उद्देश्य पेंशनभोगियों को उनके बकाया के देर से भुगतान के लिए क्षतिपूर्ति करना है। सर्कुलर के अनुसार, 'पेंशन भुगतान करने वाले बैंकों को पेंशन/बकाया राशि जमा करने में देरी के लिए पेंशनभोगी को भुगतान की नियत तिथि के बाद 8 प्रतिशत प्रति साल की निश्चित ब्याज दर पर मुआवजा देना चाहिए।' क्या है डिटेल? निर्देश में आगे स्पष्ट किया गया है कि यह मुआवजा पेंशनभोगियों से किसी भी दावे की आवश्यकता के बिना ऑटोमेटिक रूप से प्रदान किया जाएगा। तय पेमेंट डेट के बाद होने वाली किसी भी देरी के लिए मुआवजा 8% प्रति साल की निश्चित ब्याज दर पर प्रदान किया जाना चाहिए। ब्याज उसी दिन पेंशनभोगी के खाते में जमा किया जाएगा जिस दिन बैंक संशोधित पेंशन या पेंशन बकाया राशि संसाधित करेगा, जो 1 अक्टूबर, 2008 से सभी लेट भुगतानों पर लागू होगा। क्या है सर्कुलर में? सर्कुलर में बैंकों द्वारा पेंशन डिस्बर्समेंट के लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है, ताकि संबंधित पेंशन भुगतान अधिकारियों से पेंशन आदेशों की कॉपीज तुरंत प्राप्त करके देरी से बचा जा सके। बैंकों को आरबीआई से निर्देशों की वेट किए बिना पेंशन भुगतान पूरा करने का निर्देश दिया गया है, इस प्रकार यह सुनिश्चित किया जाता है कि पेंशनभोगियों को अगले महीने के भुगतान चक्र में उनका लाभ मिले। इसके अलावा, RBI ने बैंकों से बेहतर ग्राहक सेवा प्रदान करने का आग्रह किया है, खासकर बुजुर्ग पेंशनभोगियों को, ताकि सहज बातचीत की सुविधा मिल सके। सर्कुलर में कहा गया है, "पेंशन डिस्ट्रिब्यूट करने वाले सभी एजेंसी बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे पेंशनभोगियों, खासकर उन पेंशनभोगियों को जो वृद्ध हैं, विचारशील और सहानुभूतिपूर्ण ग्राहक सेवा प्रदान करें।" इस कदम से पेंशनभोगियों को प्रदान की जाने वाली बेहतर सर्विस मिलने की उम्मीद है, जिससे उनके लिए बैंकिंग अनुभव कम बोझिल हो जाएगा।   recent visitors 39

सोने के दाम में आ रही बड़ी गिरावट: इस महीने पहुंचेगा 56,000 रुपये तोला, एक्सपर्ट्स की भविष्यवाणी

मुंबई सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, और निवेशक जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या सोने का भाव 56,000 रुपये तक गिर सकता है। हालिया घटनाओं और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए कई Gold Market एक्सपर्ट्स इस संभावना को लेकर अपने विचार साझा कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ महीनों में सोने के दामों में और गिरावट आने की संभावना है, और अगर ये ट्रेंड जारी रहता है, तो सोने का भाव 56,000 रुपये तक पहुंच सकता है। इसका मुख्य कारण अमेरिका के tariff chart, वैश्विक शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव, और डॉलर की मजबूत स्थिति को माना जा रहा है। इसके अलावा, मांग में कमी और अधिक खनन के कारण भी सोने के दामों में गिरावट आ सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ चार्ट ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों पर टैरिफ लगाने का फैसला किया, जिसके बाद इन देशों ने भी जवाबी कार्रवाई में टैरिफ बढ़ा दिए। इसका असर वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ा, और कहीं न कहीं हर देश में महंगाई बढ़ने की आंशका जताई जा रही है। इसी बीच, सोने की कीमतों को लेकर एक नया अनुमान सामने आया है। गोल्ड एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप के टैरिफ की वजह से अगले महीने सोने की कीमतों में भारी गिरावट आने वाली है। कब तक आएगी सोने में गिरावट? रिपोर्ट्स के अनुसार, सोने के दाम 40% तक गिर सकते हैं, और ये गिरावट अगले महीने तक महसूस हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो सोने का दाम 90,000 रुपये से घटकर महज 50-55 हजार रुपये तक पहुंच सकता है। क्या है सोने के दाम गिरने की वजह? सोने के दाम में यह गिरावट अमेरिका के टैरिफ चार्ट, अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव, और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण हो सकती है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव और सोने की मांग में कमी भी इसकी वजह हो सकती है। अगर आप सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए बेहतरीन हो सकता है। मगर, क्या यह गिरावट लंबे समय तक बनी रहेगी, या यह महज एक अस्थायी बदलाव है? क्यों गिरेगा सोने का भाव? अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थितियां: वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव सोने के दाम को प्रभावित कर सकते हैं। अमेरिकी डॉलर की मजबूती: डॉलर के मजबूत होने से सोने के दाम में गिरावट हो सकती है, क्योंकि डॉलर की तुलना में सोने की मांग घट सकती है। सार्वभौमिक खनन और आपूर्ति: सोने के ज्यादा खनन और कम डिमांड के चलते भी इसकी कीमतों में कमी हो सकती है। निवेशकों के लिए क्या है सही समय? अगर आप सोने में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अच्छा हो सकता है, खासकर अगर सोने के दाम में गिरावट आती है। लेकिन, जैसा कि एक्सपर्ट्स का कहना है, सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना है, तो आपको सावधानी से काम करना चाहिए और बाजार की स्थिति को ध्यान से देखना चाहिए।   recent visitors 47

टैरिफ बढ़ोतरी के कारण ग्लोबल ट्रेड वॉर को लेकर दुनियाभर में टेंशन, इस बीच RBI से राहत की उम्मीद

मुंबई टैरिफ बढ़ोतरी के कारण ग्लोबल ट्रेड वॉर को लेकर दुनियाभर में टेंशन है। इससे शेयर मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस बीच, अब पूरा फोकस भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अगली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी मीटिंग पर फोकस है। दरअसल, नए वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक की पहली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी बैठक सोमवार, 7 अप्रैल को शुरू हुई। आज मंगलवार को इस बैठक का दूसरा दिन था  गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​​​की अध्यक्षता वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा कल बुधवार, 9 अप्रैल को की जाएगी। इस मीटिंग में रेपो रेट में 0.25% की कटौती का अनुमान लगाया गया है। यानी, आने वाले दिनों में लोन सस्ते हो सकते हैं, इससे इएमआई का बोझ भी कम होगा। बता दें कि RBI ने अपनी पिछली बैठक जो कि इसी साल फरवरी में हुई थी, उसमें प्रमुख ब्याज दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 6.25 प्रतिशत कर दिया था। यह मई, 2020 के बाद रेपो दर में पहली कटौती और ढाई साल के बाद पहला संशोधन था। क्या है डिटेल अलग-अलग एनालिस्ट के मुताबिक, आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी बैठक में राहत भरे ऐलान हो सकते हैं। अधिकांश एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि ग्लोबल इश्यूज के बढ़ने से पहले अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए आरबीआई अप्रैल और जून में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इंडस्ट्रीज के एनालिस्ट का मानना है कि आगामी नीति बैठक में 25 आधार अंकों (बीपीएस) की दर कटौती होगी। मुद्रास्फीति में कमी, आर्थिक वृद्धि में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के साथ एनालिस्ट का मानना ​​है कि आरबीआई के पास अब एक्शन करने की गुंजाइश है। हालांकि, आरबीआई किस तरह का रुख अपनाएगा, इस पर कुछ बहस चल रही है। क्या कहती है एसबीआई की रिपोर्ट एसबीआई की एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि कारोबार से संबंधित शुल्क बाधाओं, मुद्रा में तेज उतार-चढ़ाव और खंडित पूंजी प्रवाह के परस्पर संबद्ध प्रभावों के कारण वैश्विक वृद्धि को महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल, 2025 की नीतिगत समीक्षा बैठक में 0.25 प्रतिशत की दर कटौती की उम्मीद है। दर कटौती के समूचे चक्र में कुल एक प्रतिशत तक की कटौती हो सकती है। जून, 2025 की बैठक में अंतराल रहने के बाद अगस्त एवं अक्टूबर में दो और कटौती हो सकती हैं। बजाज ब्रोकिंग रिसर्च ने कहा कि अमेरिका में भारतीय आयात पर 26 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने से वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि में 0.20-0.40 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। इस आर्थिक तनाव का मुकाबला करने के लिए आरबीआई दरों में और कटौती के लिए प्रेरित हो सकता है। पीरामल समूह के मुख्य अर्थशास्त्री देबोपम चौधरी ने कहा कि घटती अमेरिकी ब्याज दरें, मजबूत रुपया और लक्षित स्तर से नीचे गिरती घरेलू मुद्रास्फीति के मेल का एक दुर्लभ अवसर इस समय दिख रहा है। चौधरी ने कहा, ‘‘केंद्रीय बैंक को इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए और दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती करनी चाहिए।’’ recent visitors 49

निफ्टी कंज्‍यूमर ड्यूरेबल इंडेक्‍स 3 फीसदी, मेटल, रियल्‍टी और फाइनेशियल सेक्‍टर्स में 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई

मुंबई सोमवार को तगड़ी गिरावट के बाद आज शेयर बाजार में तूफानी तेजी आई है. BSE SENSEX 1700 से ज्‍यादा अंक चढ़कर कारोबार कर रहा है, जबकि न‍िफ्टी में 500 अंकों की तेजी देखी जा रही है. 1:30 pm तक सेंसेक्‍स 74,800 और निफ्टी 22,650 पर थे. बाजार में यह तेजी आरबीआई के MPC बैठक के फैसले से पहले आई है. उम्‍मीद की जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है. बाजार में तेजी के साथ ही बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी उछाल आया है और यह 4.61 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 393.86 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है. निफ्टी कंज्‍यूमर ड्यूरेबल इंडेक्‍स 3 फीसदी, मेटल, रियल्‍टी और फाइनेशियल सेक्‍टर्स में 2 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. इंडिया फीयर गेज (India VIX) 10.2% गिरकर 20.47 पर पहुंच चुका है. क्‍यों आई मार्केट में तूफानी तेजी?     अमेरिका और एशियाई बाजारों में भारी उछाल के कारण आज इंडियन मार्केट में भी तेजी देखी जा रही है. खासकर आईटी शेयरों में तेजी देखी जा रही है. वहीं जापान का निक्केई 5.6 फीसदी चढ़ चुका है.     RBI की एमपीसी की बैठक के फैसले 9 अप्रैल को आने वाले हैं ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है कि रेपो रेट में 25 प्रतिशत की कमी आ सकती है. जिसे लेकर बाजार साकारात्‍मक बना हुआ है.     सोमवार को बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने जमकर खरीदारी की है, जिस कारण निफ्टी और सेंसेक्‍स में तेजी देखी जा रही है. बड़े निवेशक भी इस डिप पर अच्‍छे स्‍टॉक को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं.     क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट आई है. यह 65 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुका है. जो अगस्‍त 2021 का निचला स्‍तर है. ट्रंप के टैरिफ की वजह से बड़ी गिरावट आई है. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से सभी शेयर ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्‍यादा तेजी Zomato और Titan के शेयरों में 4 फीसदी से ज्‍यादा की आई है. वहीं SBI,LT और एशियन पेंट्स के शेयरों में 3 फीसदी की तेजी आई है. आज के टॉप गेनर फाइव स्‍टार बिजनेस के शेयर में 7 फीसदी की तेजी आई है. पीजी इलेक्‍ट्रोपास्‍ट के शेयर में 6.36 फीसदी, Kaynes Technology के शेयर में 5 फीसदी, पॉलिसी बाजार के शेयर में 6 फीसदी, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस में 6 फीसदी और बाइकॉन के शेयर में 5 फीसदी की तेजी आई है. recent visitors 36

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्द होगी बढ़ोतरी होगी, पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई

नई दिल्ली रसोई गैस की कीमत में 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नैचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ये जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की कीमत में बढ़ोतरी उज्ज्वला और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए होगी। यानी अब गैस सिलेंडर के लिए 803 रुपए की बजाय 853 रुपए देने होंगे। वहीं उज्जवला योजना वाला सिलेंडर लेने के लिए 550 रुपए चुकाने होंगे। इससे पहले सरकार ने पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह जानकारी दी है। अब सिलेंडर गैस की कीमत 853 रुपये हो गई केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "एलपीजी के प्रति सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ेगी। 500 से यह 550 (पीएमयूवाई लाभार्थियों के लिए) हो जाएगी और अन्य के लिए यह 803 रुपये से बढ़कर 853 रुपये हो जाएगी। यह एक ऐसा कदम है जिसकी हम आगे चलकर समीक्षा करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा,"हम हर 2-3 सप्ताह में इसकी समीक्षा करते हैं। इसलिए, आपने जो उत्पाद शुल्क में वृद्धि देखी है, उसका बोझ पेट्रोल और डीजल पर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा। उस उत्पाद शुल्क वृद्धि का उद्देश्य तेल विपणन कंपनियों को 43,000 करोड़ रुपये की भरपाई करना है, जो उन्हें गैस के हिस्से पर हुए नुकसान के रूप में हुआ है।" सरकार ने क्या कहा? सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, मंगलवार 8 अप्रैल 2025 से एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की जा रही है. यह बढ़ोतरी उज्ज्वला योजना और नॉन-उज्ज्वला यानी सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगी. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत गरीब औरतों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जाता है, ताकि उन्हें साफ-सुथरा खाना पकाने का ईंधन यानी एलपीजी मिल सके. इस योजना का फायदा ग्रामीण इलाकों की गरीब महिलाओं को दिया जाता है. अब नई कीमतों के अनुसार, उज्ज्वला योजना और अन्य उपभोक्ताओं, दोनों को गैस सिलेंडर के लिए 50 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे. एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) को लेकर सोमवार को बड़ी खबर आई. दरअसल, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty Rise) में इजाफा कर दिया है. एक ओर जहां पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये बढ़ाई गई है, तो डीजल पर भी सरकार ने 2 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है. इसके बाद आशंका जताई जा रही थी कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी, लेकिन राहत भरी बात ये है कि सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी किए जाने के साथ ही साफ कर दिया गया है कि आम ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं होगा. तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने ये निर्णय लिया है. क्या होती है Excise Duty? पहले समझ लेते हैं कि आखिर ये Excise Duty होती क्या है? तो बता दें भारत में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक टैक्स है, जो ईंधन की कीमत का एक बड़ा हिस्सा बनाता है. फिलहाल पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 19.90 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगभग 15.80 रुपये प्रति लीटर है. गौरतलब है कि 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.56 रुपये लीटर थी, जिसे बाद में कई बार बढ़ोतरी हुईं. जनता पर नहीं पड़ेगा बोझ सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भले ही इजाफा कर दिया है, लेकिन इसका असर ग्राहकों पर पड़ने की बात से इनकार किया है. पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस मिनिस्ट्री की ओर से साफ किया गया है कि PSU ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को उत्पाद शुल्क दरों में की गई वृद्धि के बाद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं करने को कहा गया है. 2022 में घटाई गई थी एक्साइज ड्यूटी साल 2021 में, पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज़ ड्यूटी ₹27.90 और ₹21.80 प्रति लीटर थी. मई 2022 में केंद्र सरकार ने राहत के तौर पर पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये की कटौती की थी, जिसके बाद ये वही दरें लागू थीं. भारत में वर्तमान में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस करीब 32 रुपये है. इस पर केंद्र सरकार 33 रुपये एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है और बाद में अलग-अलग राज्य सरकारें अपने-अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं, जिससे डीजल और पेट्रोल के दाम तीन गुना तक बढ़ जाते हैं. अभी चार महानगरों में Petrol-Diesel की कीमत नई दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 104.21 रुपये है. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 103.94 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 100.75 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल की बात करें, तो नई दिल्ली में डीजल की कीमत 87.62 रुपये है. वहीं, मुंबई में डीजल की कीमत 92.15 रुपये है. कोलकाता में डीजल की कीमत 90.76 रुपये प्रति लीटर है और चेन्नई में डीजल के दाम 92.34 रुपये प्रति लीटर है.   recent visitors 45

मोटोरोला का नया edge 60 FUSION मॉडल है खास

मोटोरोला का ये मॉडल है खास Motorola ने पेश किया नया edge 60 FUSION – जो edge 50 fusion से कहीं आगे है! इसमें मिलता है दुनिया का सबसे इमर्सिव 1.5K ऑल 4 साइड कर्व्ड डिस्प्ले, दुनिया का पहला ट्रू कलर^ Sony-LYTIA 700C सेंसर, सेगमेंट का सबसे एडवांस्ड motoAI अनुभव, और मिलिट्री ग्रेड मजबूती, अब सिर्फ 20,999* रुपए की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध ●    motorola edge 60 FUSION अपने पिछले संस्करण (edge 50 fusion) की तुलना में बड़े अपग्रेड के साथ आता है। यह Motorola का अब तक का सबसे शार्प और ब्राइट डिस्प्ले पेश करता है, जिसमें दुनिया का सबसे इमर्सिव Super HD (1220p) ऑल-कर्व्ड डिस्प्ले है, सेगमेंट में सर्वश्रेष्ठ 96.3% स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो, 4500 nits की पीक ब्राइटनेस, और Pantone™ द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रू कलर्स* है। motorola edge 60 FUSION ने Pantone™ के मूल्यांकन और ग्रेडिंग मानदंडों को पूरा किया है, जिससे यह वास्तविक दुनिया के Pantone रंगों को सटीक रूप से प्रदर्शित करने में सक्षम है। ●    motorola edge 60 FUSION में 50MP कैमरा सिस्टम दिया गया है और यह दुनिया के पहले तथा सेगमेंट में सर्वश्रेष्ठ True Colour Sony LYTIA™ 700C सेंसर के साथ आता है, जो हर फोटो और वीडियो में अविश्वसनीय लो-लाइट परफॉर्मेंस प्रदान करता है। यह एडवांस्ड कैमरा सिस्टम Moto AI पावर्ड मैजिकल फीचर्स के साथ आता है,जिसमें एडेप्टिव स्टेबिलाइजेशन, एआई फोटो एन्हांसमेंट के साथ-साथ गूगल एआई टूल्स (मैजिक इरेज़र, अनब्लर, मैजिक एडिटर), डुअल कैप्चर और ऑडियो ज़ूम शामिल हैं। ●    डिवाइस सेगमेंट का सर्वश्रेष्ठ AI अनुभव प्रदान करता है, जो motoAI द्वारा संचालित है, जिसमें मैजिक कैनवास (टेक्स्ट को इमेज में बदलने के लिए) और असिस्ट फीचर्स जैसे कैच मी अप, पे अटेंशन, रिमेंबर दिस और रिकॉल शामिल हैं। ●    motorola edge 60 FUSION जबरदस्त ड्यूरेबिलिटी के साथ आता है, जिसने 16 स्तरों के MIL-810H मिलिट्री ग्रेड सर्टिफाइड प्रोटेक्शन को पास किया है, साथ ही यह IP68+IP69 (सबसे उच्च स्तर की वाटर प्रोटेक्शन) और 4 कर्व्ड डिस्प्ले पर गोरिल्ला ग्लास 7i प्रोटेक्शन भी प्रदान करता है। यह सब एक परिष्कृत और आकर्षक डिज़ाइन के साथ प्रीमियम अनुभव प्रदान करते हुए किया गया है। ●    रंगों की वैश्विक प्राधिकरण संस्था, Pantone Color Institute™ के सहयोग से डिज़ाइन किया गया motorola edge 60 FUSION विशेष रूप से क्यूरेट किए गए रंग विकल्पों – PANTONE Amazonite, PANTONE Slipstream और PANTONE Zephyr में उपलब्ध होगा।   ●    motorola edge 60 FUSION भारत में Flipkart, Motorola.in और प्रमुख रिटेल स्टोर्स पर 9 अप्रैल 2025 से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा, जिसकी प्रभावी शुरुआती कीमत मात्र 20,999* रुपए होगी। नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2025: मोबाइल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में एक वैश्विक अग्रणी कंपनी और भारत का प्रमुख एआई स्मार्टफोन ब्रांड, मोटोरोला ने आज अपनी नई और बहुप्रतीक्षित edge 60 सीरीज़ का पहला स्मार्टफोन motorola edge 60 FUSION लॉन्च किया। यह नया स्मार्टफोन अपनी बेहद लोकप्रिय जनरेशन Motorola edge 50 fusion की तुलना में लगभग हर पहलू में एक महत्वपूर्ण अपग्रेड है। इसे उन उपभोक्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो एक प्रीमियम स्मार्टफोन की तलाश में हैं, जिसमें शानदार डिज़ाइन और अत्याधुनिक फीचर्स का अनूठा संयोजन हो। शक्तिशाली AI-ड्रिवन अनुभवों के साथ, motorola edge 60 FUSION उपयोगकर्ता के दैनिक कार्यों को अधिक सरल और सहज बनाता है। स्मार्टफोन की कुछ प्रमुख विशेषताओं में दुनिया का सबसे इमर्सिव 1.5K ऑल 4 साइड कर्व्ड डिस्प्ले शामिल है, जिसमें पैनटोन द्वारा प्रमाणित ट्रू कलर* है, दुनिया का पहला और सेगमेंट का सबसे बेहतरीन 100% ट्रू कलर सोनी LYT 700C कैमरा सिस्टम है, जिसमें एडवांस AI LED इमेजिंग फीचर हैं, सेगमेंट के सबसे बेहतरीन AI फीचर हैं, जो विभिन्न जनरेटिव AI, कैमरा और Moto AI असिस्ट फीचर्स के साथ आते हैं। इसके अलावा, स्मार्टफोन में ट्रू MIL-810H मिलिट्री ग्रेड सर्टिफाइड प्रोटेक्शन के साथ IP68 और IP69 अंडरवाटर प्रोटेक्शन भी है और यह 3 अलग-अलग पैनटोन क्यूरेटेड शानदार रंगों और प्रीमियम वेगन लेदर फिनिश के साथ आता है। motorola edge 60 FUSION मोटोरोला का अब तक का सबसे शार्प और ब्राइट डिस्प्ले वाला स्मार्टफोन है। इसमें सेगमेंट का सर्वश्रेष्ठ 96.3% स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो और सबसे अधिक 45 डिग्री (साइड) व 33 डिग्री (टॉप और बॉटम) कर्वेचर है, जो इसे दुनिया का सबसे इमर्सिव 1.5K ऑल-कर्व्ड डिस्प्ले बनाता है। यह पैनटोन™ द्वारा प्रमाणित ट्रू कलर* के साथ भी आता है। pOLED डिस्प्ले स्क्रीन पर प्रदर्शित प्रत्येक कंटेंट की पूर्ण रंग क्षमता को दर्शाता है, जो उपयोगकर्ताओं को शार्प डिटेल और कम पिक्सेलेशन के साथ एक स्पष्ट, जीवंत तस्वीर का आनंद लेने की सुविधा देता है। इसका 1220p 1.5K सुपर HD रिज़ॉल्यूशन, स्टैंडर्ड Full HD (1080p) डिस्प्ले की तुलना में 13% अधिक रिज़ॉल्यूशन प्रदान करता है। पिछली जनरेशन के motorola edge की तुलना में यह 2.8 गुना अधिक ब्राइट हैं, जिसमें 4500 निट्स की पीक ब्राइटनेस है, जो इसे सेगमेंट का सबसे ब्राइट डिस्प्ले बनाता है। उपयोगकर्ता एक जीवंत amOLED HDR10+ डिस्प्ले पर गहरे काले रंग और एक अरब से अधिक रंगों के अनंत कंट्रास्ट का अनुभव कर सकते हैं। इसके अलावा, 100% DCI-P3 कलर गैमट के साथ अधिक ब्राइट और वाइब्रेंट रंगों का आनंद लें सकते हैं, जो सिनेमा-स्तरीय रंग की सटीकता को सुनिश्चित करता है। motorola edge 60 FUSION दुनिया का पहला स्मार्टफोन है जिसमें Pantone™ प्रमाणित ऑल क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले है, यह Pantone के मूल्यांकन और ग्रेडिंग मानदंडों को पूरा करता है, जिससे यह वास्तविक दुनिया के Pantone Colors की पूरी रेंज को सटीक रूप से प्रदर्शित कर सकता है। Pantone SkinTone™ प्रमाणन यह सुनिश्चित करता है कि डिस्प्ले मानव त्वचा के विशाल रंग स्पेक्ट्रम को पूरी तरह से और सटीक रूप से प्रदर्शित करे। इसका अल्ट्राफास्ट 120Hz रिफ्रेश रेट ऐप्स के बीच स्विच करने, गेम खेलने और वेब ब्राउज़िंग को बेहद सरल और गतिशील बनाता है।300Hz लो-लेटेंसी टच रेट के साथ, स्क्रीन का टच रिस्पॉन्स स्टैण्डर्ड डिस्प्ले की तुलना में अत्यधिक तेज़ और सटीक हो जाता है। डिस्प्ले में कुछ अतिरिक्त फीचर्स भी शामिल हैं, जैसे आई केयर, जो SGS-प्रमाणित लो ब्लू लाइट एमिशन के माध्यम से आंखों की सुरक्षा करता है, और DC डिमिंग, जो स्क्रीन की ब्राइटनेस को एडजस्ट करके दिखाई देने वाले फ्लिकर को कम करता है। इसके अलावा, motorola edge 60 FUSION सेगमेंट के सबसे मजबूत Corning® Gorilla® Glass 7i  के साथ आता है, जो 2 गुना बेहतर … Read more

US टैरिफ से भारतीय शेयर बाजार को तगड़ा इटका, सेंसेक्स-निफ्टी धाराशायी

मुंबई जिसका डर था वहीं हुआ… जी हां एशियाई शेयर बाजारों में तगड़ी गिरावट (Asia's Market Crash) का असर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) पर भी दिखा और खुलने के साथ ही दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी बिखर गए. प्री-ओपन मार्केट में ही दोनों करीब 5 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आ रहे थे. इसके बाद जब मार्केट ओपन हुआ तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 3000 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ ओपन हुआ, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) ने भी 1000 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार की शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स से लेकर रिलायंस तक के शेयर में तगड़ी गिरावट आई. खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश शेयर मार्केट में कारोबार शुरू होने पर BSE Sensex अपने पिछले बंद 75,364.69 की तुलना में बुरी तरह फिसलकर 71,449 के लेवल पर खुला, तो वहीं NSE Nifty ने अपने पिछले बंद 22,904 की तुलना में गिरकर 21758 पर कारोबार की शुरुआत की. इसके बाद दोनों इंडेक्स कुछ ही देर में और फिसलते चले गए निफ्टी-50 जहां 1000 अंक टूटकर 21,743 पर आ गया, तो सेंसेक्स 71,425 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया. Reliance से Tata तक के शेयर क्रैश शुरुआती कारोबार में बीएसई का लार्जकैप इंडेक्स पूरी तरह लाल नजर आया. सभी 30 बड़ी कंपनियों के शेयर बुरी तरह टूटकर कारोबार कर रहे थे. इस बीच सबसे ज्यादा गिरावट Tata Steel Share में आई और ये 10.43 फीसदी गिरकर 125.80 रुपये पर आ गया. इसके अलावा Tata Motors Share (8.29%), Infosys Share (7.01%), Tech Mahindra Share (6.85%), LT Share (6.19%), HCL Tech Share (5.95%), Adani Ports Share (5.54%), TCS Share (4.99%), Reliance Share (4.55%) और NTPC Share (4.04%) गिरकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Maruti Share, Kotak Bank Share, Axis Bank Share, IndusInd Bank Share, Titan Share, SBI Share, Bajaj Finance Share, HDFC Bank Share, ICICI Bank Share में 2-3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली. मिडकैप और स्मॉलकैप का भी बुरा हाल लार्जकैप जैसा ही बुरा हाल सोमवार को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का भी देखने को मिला. Midcap में शामिल PSB Share (7.94%), Bharat Forge Share (7.86%), Coforge Share (717%), Mazgaon Dock Share (7%), Emcure Pharma Share (6.77%). RVNL Share (6%) और Suzlon Share (6.74%) गिरकर ट्रेड कर रहे थे. वहीं स्मॉलकैप शेयरों में JTL India में सबसे अधिक 13% की गिरावट दर्ज की गई. बीते सप्ताह देखी थी तगड़ी गिरावट बीते सप्ताह शेयर बाजार (Share Market) में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी. इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप कंबाइंड रूप से 2.94 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा गिर गया था और TATA की TCS से लेकर मुकेश अंबानी की Reliance तक को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. बीते शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स 930.67 अंक या 1.22 फीसदी फिसलकर 75,364.69 पर क्लोज हुआ था, तो वहीं एनएसई का निफ्टी 345.65 अंक या 1.49% की गिरावट लेकर 22,904.45 पर बंद हुआ था. पहले ही मिल रहे थे संकेत भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार को पहले से ही कमजोर ग्लोबल संकेत मिल रहे थे. दरअसल, एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिल रही थी. हांगकांग का हैंगसैंग 9 फीसदी से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं जापान का निक्केई 8 फीसदी से ज्यादा टूटकर ट्रेड कर रहा था. इस बीच गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) की बात करें, तो ये शुरुआती कारोबार में ही 900 अंक से ज्यादा फिसल गया था. अन्य एशियाई मार्केट्स में भी 4-5 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली.   recent visitors 39

आरबीआई इस सप्ताह रेपो रेट में 25 आधार अंकों की और कटौती कर सकता है, आज से शुरू होगी MPC की बैठक

मुंबई आरबीआई इस सप्ताह रेपो रेट में 25 आधार अंकों की और कटौती कर सकता है। अमेरिका द्वारा घोषित पारस्परिक शुल्क वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे हैं, ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि विकास को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्रीय बैंक यह कदम उठा सकता है। इसी साल फरवरी में गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो रेट को 25 आधार अंक घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया था। यह मई 2020 के बाद रेपो रेट में पहली कटौती थी और ढाई साल बाद मुख्य ब्याज दर में किया गया पहला संशोधन था। आज से शुरू होगी एमपीसी की 54वीं बैठक रेपो रेट का निर्धारण करने वाली एमपीसी की 54वीं बैठक आज शुरू होगी और फैसला नौ अप्रैल को घोषित किया जाएगा। आरबीआई ने फरवरी, 2023 से रेपो रेट (अल्पकालिक उधार दर) को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा था। पिछली बार आरबीआई ने कोरोना के समय (मई 2020) दर में कमी की थी और उसके बाद इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया था।   बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि इस सप्ताह घोषित की जाने वाली ऋण नीति ऐसे समय में आएगी, जब दुनिया भर में और अर्थव्यवस्था के भीतर कई चीजें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का नए दौर की विकास संभावनाओं और मुद्रा पर कुछ प्रभाव पड़ेगा और एमपीसी को इस पर विचार करना होगा। तटस्थ रुख के साथ दरों में कटौती की उम्मीद: इक्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को भारत और चीन सहित लगभग 60 देशों पर 11-49 प्रतिशत के पारस्परिक टैरिफ का एलान किया है। यह नौ अप्रैल से लागू होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के लिए चुनौतियां और अवसर दोनों हैं, क्योंकि निर्यात में उसके कई प्रतिस्पर्धी देश, जैसे चीन, वियतनाम, बांग्लादेश, कंबोडिया और थाइलैंड पर उच्च शुल्क लगाया गया है। रेटिंग एजेंसी इक्रा को भी उम्मीद है कि एमपीसी अपनी आगामी बैठक में तटस्थ रुख बनाए रखते हुए दरों में 25 आधार अंकों की कटौती करेगी। दरों में कटौती के बजाय निगरानी का रुख अपनाए आरबीआई एसोचैम उद्योग संगठन एसोचैम ने सुझाव दिया कि आगामी मौद्रिक नीति को इस स्तर पर दर में कटौती करने के बजाय प्रतीक्षा और निगरानी का रुख अपनाना चाहिए। प्रेसिडेंट संजय नायर ने कहा कि आरबीआई ने हाल ही में विभिन्न उपायों के माध्यम से बाजार में नकदी डाली है। हमें इन उपायों के पूंजीगत व्यय वृद्धि और खपत पर प्रभाव को देखने के लिए धैर्य रखना चाहिए। ऐसे में मुझे दरों को स्थिर रखने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बाहरी मोर्चे पर चुनौतियों के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था के नए वित्त वर्ष में मजबूत स्थिति में रहने की संभावना है। वित्त वर्ष 26 के लिए लगभग 6.7 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि रहने की संभावना है जबकि खुदरा मुद्रास्फीति के नियंत्रण में रहने की संभावना है। फरवरी में खुदरा मुद्रास्फीति सात महीने के निचले स्तर 3.61 प्रतिशत पर आ गई। दरों में कटौती से आवास बाजार में बढ़ेगी मांग सिग्नेचर ग्लोबल सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड के संस्थापक और अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि आरबीआई खपत को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती करके इसे छह प्रतिशत पर ला सकता है। उन्होंने कहा कि नीतिगत दर में कमी उधार लेने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाती है, जिससे अधिक लोग घर खरीदने के लिए निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं, जिससे आवास बाजार में मांग बढ़ती है। हालांकि, इस दर में कटौती का वास्तविक प्रभाव काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि वाणिज्यिक बैंक आरबीआद के नीतिगत निर्णय को लोगों को कितनी प्रभावी और तेजी से पहुंचाते हैं।   recent visitors 51

170 किमी की आध्यात्मिक पदयात्रा हुई समाप्त, अनंत अनंत ने अपने 30वें जन्मदिन पर भगवान द्वारकाधीश को नमन किया

नई दिल्ली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डायरेक्टर अनंत अंबानी की 170 किमी की पदयात्रा रविवार (6 अप्रैल) को द्वारकाधीश मंदिर पहुंचकर समाप्त हो गई. अनंत ने अपने 30वें जन्मदिन पर भगवान द्वारकाधीश को नमन किया. यात्रा के समापन में उनकी मां नीता अंबानी और पत्नी राधिका मर्चेंट भी शामिल हुईं. अनंत अंबानी की यह धार्मिक पदयात्रा 29 मार्च को जामनगर से शुरू हुई थी. अनंत अंबानी ने इस यात्रा को व्यक्तिगत और आध्यात्मिक यात्रा बताया. उन्होंने कहा कि यह यात्रा श्रद्धा, भक्ति और आशीर्वाद से परिपूर्ण रही. उन्होंने द्वारकाधीश के दर्शन-पूजा करने के बाद सभी को रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. एएनआई से बात करते हुए अनंत ने कहा, 'ये मेरी खुद की धार्मिक यात्रा है. भगवान का नाम लेकर यात्रा की शुरुआत की थी और भगवान का नाम लेकर ही यात्रा पूरी हो गई. भगवान श्री द्वारकाधीश की हम पर बहुत कृपा रही है. इसके लिए मैं भगवान श्री द्वारकाधीश का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं.' मेरे पिताजी ने हमेशा मेरा साथ दिया: अनंत अंबानी अनंत अंबानी ने कहा, 'आज मेरी पत्नी और माता जी भी आई हैं. मेरे पिताजी ने भी हमेशा मेरा साथ दिया. इस यात्रा के लिए भी उन्होंने मुझे शक्ति दी. मैं अपने दादी, नानी, सास-ससुर मैं सभी का आभार जताना चाहता हूं.' मां के रूप में ये मेरे लिए ये गर्व की बात- नीता अंबानी अनंत अंबानी की मां और रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष नीता अंबानी ने कहा कि एक मां के रूप में अपने सबसे छोटे बेटे अनंत को द्वारकाधीश के इस दिव्य स्थान की पदयात्रा पूरी करते देखना बहुत गर्व की बात है. उन्होंने कहा, 'पिछले 10 दिनों से अनंत की पदयात्रा में शामिल सभी युवा हमारी संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. मैं द्वारकाधीश से यही प्रार्थना करती हूं कि वे अनंत को शक्ति प्रदान करें.' पत्नी राधिका मर्चेंट बोलीं- हमें गर्व है… अनंत की पत्नी राधिका मर्चेंट ने कहा कि अनंत की इच्छा थी कि वे अपनी शादी के बाद पदयात्रा करें. आज उनका 30वां जन्मदिन है. हमें गर्व है कि आज हम यहां अनंत का जन्मदिन मना रहे हैं. मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करती हूं, जिन्होंने अनंत की पदयात्रा को सफल बनाने के लिए आशीर्वाद दिया. यात्रा के दौरान मुर्गियों को आजाद कराया अनंत अंबानी ने अपनी यात्रा के दौरान मुर्गियों से भरी गाड़ी को रुकवाया. उसमें करीब 250 मुर्गियां थीं, जिन्हें बूचड़खाने ले जाया जा रहा था. अनंत ने मुर्गियों की दोगुनी कीमत देकर उन्हें आजाद कराया. इसके बाद वह मुर्गी हाथ में लेकर चलते भी दिखाई दिए. वन्यजीवों के संरक्षण के लिए चलाते हैं वनतारा अनंत अंबानी का वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ा वनतारा फिलहाल सुर्खियों में है. यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. वनतारा संरक्षण केंद्र दो हजार से ज्यादा प्रजातियों और डेढ़ लाख से ज्यादा संकटग्रस्त जानवरों का घर है. वनतारा को पशु कल्याण के क्षेत्र में प्रतिष्ठित प्राणी मित्र पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था. recent visitors 36

दिल्ली के वाहन चालक को लगा झटका, CNG की कीमतों में बढ़ोतरी, अब गाड़ी चलाना होगा महंगा

नई दिल्ली दिल्ली में सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हो गई है, जिससे राजधानी में वाहन चालकों के लिए सफर करना महंगा हो सकता है। अब सीएनजी की कीमत 76.09 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जो पिछले मुकाबले में 1 रुपये की बढ़ोतरी का संकेत देती है। इस बढ़ोतरी के पीछे सरकार के द्वारा एमपीएम गैस की कीमतों में चार प्रतिशत का इजाफा किया जाना मुख्य कारण है। सीएनजी कीमतों में वृद्धि का कारण सीएनजी की कीमत में यह वृद्धि, प्रशासनिक मूल्य प्रणाली (APM) के तहत उत्पादित प्राकृतिक गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण हुई है। दो साल बाद एपीएम गैस की कीमतों में यह वृद्धि की गई है, जो सीएनजी के दामों पर सीधा असर डाल रही है। इससे पहले, अप्रैल 2023 में भी एमपीएम गैस के दाम बढ़ाए गए थे। कैसे चेक करें नए रेट्स? दिल्ली के वाहन चालक अब घर बैठे सीएनजी के ताजे रेट्स जान सकते हैं। हर दिन सुबह 6 बजे, तेल कंपनियां सीएनजी की कीमतों में संशोधन करती हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि इस दिन सीएनजी की कीमत क्या है, तो आप तेल कंपनी के आधिकारिक नंबर पर एसएमएस भेजकर इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्या इसका असर आम आदमी पर होगा? सीएनजी की बढ़ी हुई कीमतें दिल्लीवासियों के लिए निश्चित तौर पर महंगाई का कारण बन सकती हैं, खासकर उन परिवारों के लिए जो गाड़ियों का उपयोग करते हैं। इस बढ़ोतरी से लोगों की जेब पर असर पड़ेगा, जबकि राजधानी में महंगाई पर राहत की उम्मीदें भी अब कम हो सकती हैं। recent visitors 30

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते पेट्रोल-डीजल होगा सस्ता?

नई दिल्ली यह बहुत ही कम बार होता है कि एक तरफ मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हो रहा हो और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ रही हो।  रुपया डॉलर के मुकाबले पांच पैसे मजबूत हो कर 85.25 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी तरफ, ब्रेंट क्रूड (क्रूड बाजार का मानक) की कीमतों में पिछले तीन वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट भी शुक्रवार को हुई। यह 3.26 फीसद की गिरावट के साथ 67.87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया था। फिर जरूर मिली होती राहत अगर किसी सामान्य काल में ऐसा होता तो तेल कंपनियों ने आम जनता को पेट्रोल व डीजल की खुदरा कीमतों में कमी करने का तोहफा जरूर दिया होता, लेकिन फिलहाल इसकी उम्मीद कम दिखती है। वित्त मंत्रालय के आला अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन की तरफ से पारस्परिक शुल्क लगाने के बाद जिस तरह से वैश्विक माहौल बन रहा है, उसको देखत हुए सतर्क रहने की जरूरत है। एक साल पहले कम हुई थी कीमतें भारत में पिछली बार पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती पिछले आम चुनाव से पहले मार्च, 2024 में दो रुपये प्रति लीटर की हुई थी। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ें स्वयं बताते हैं कि जून, 2024 और सितंबर, 2024 को छोड़ दिया जाए तो भारत ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में मार्च, 2024 के मुकाबले सस्ती दरों पर ही कच्चे तेल की खरीद की है। मार्च, 2024 के माह में भारत के लिए क्रूड खरीद की औसत लागत 82.58 डॉलर प्रति बैरल थी। अप्रैल के पहले तीन दिनों में यह 75.76 डॉलर प्रति बैरल है। केयर एज रेटिंग एजेंसी की एक रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में भारत की औसत क्रूड खरीद कीमत 85.21 डॉलर प्रति बैरल, दूसरी तिमाही में 78.80 डॉलर प्रति बैरल, तीसरी तिमाही में 73.83 डॉलर प्रति बैरल रही है। क्या कम होंगे पेट्रोल-डीजल के भाव? अगर छह महीने तक इस एजेंसी ने क्रूड की कीमत को 75-80 डॉलर रहने का अनुमान लगाया है। अब कीमतें विशेष शोध एजेंसियों के अनुमान से नीचे आ गई हैं और कुछ अंतरराष्ट्रीय एजंसियों ने इससे भी नीचे जाने की बात कही है। वजह यह बताया जा रहा है कि अमेरिका भी क्रूड उत्पादन बढ़ा रहा है और तेल उत्पादक देशों के संगठन (ओपेक) ने भी उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है। एक तरफ उत्पादन बढ़ने की स्थिति है तो दूसरी तरफ मांग के घटने की संभावना है। क्यों कम हो रहीं क्रूड की कीमतें? एसबीआई की रिपोर्ट कहती है कि पारस्परिक कर लगाने का फैसला अमेरिका में महंगाई के स्तर को 2.2 फीसद तक बढ़ा सकता है। वैश्विक निर्यात की वृद्धि दर वर्ष 2024-25 में 2.9 फीसद थी वह वर्ष 2025-26 में घट कर 1.3 फीसद आ सकती है। यह मंदी की तरफ से इशारा करता है। संभवत: क्रूड की कीमतें इस डर से ही कम हो रही हैं। पूर्व में कई बार जब क्रूड महंगा हुआ है तब तेल कंपनियों ने यह कह कर बहाना बनाया है कि डॉलर महंगा हो रहा है। चूंकि आयातित क्रूड का भुगतान तेल कंपनियां डॉलर में करती हैं और जब यह महंगा होता है तो उन्हें खाते से ज्यादा रुपये का भुगतान होता है। अभी ऐसा नहीं है। फरवरी, 2025 में एक डॉलर की कीमत एक समय 88.10 के स्तर को छू गई थी। लोग इसके जल्द ही 100 के आंकड़ें के पार होने के कयास लगा रहे थे। लेकिन पिछले कुछ कारोबारी दिनों में यह लगातार मजबूत हो रहा है।   recent visitors 38

TATA Capital आ रही 15000Cr का IPO, SEBI के पास कॉन्‍फिडेशियल प्री-फाइलिंग रूट के जरिए पेपर जमा किया

मुंबई नमक से सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर टाटा ग्रुप (Tata Group) अपने एक और कंपनी का IPO लाने की तैयारी कर रहा है. इस आईपीओ का साइज 15000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का होने वाला है. टाटा की इस कंपनी ने सेबी के पास डॉक्‍यूमेंट्स सबमिट किया है. टाटा की यह कंपनी TATA Capital है, जो फाइनेंशियल सर्विस प्रोवाइड कराती है.  रिपोर्ट के मुताबिक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विस फर्म और Tata Sons की सहायक फर्म ने मार्केट रेग्‍युलेटर SEBI के पास कॉन्‍फिडेशियल प्री-फाइलिंग रूट के जरिए पेपर जमा किया है. IPO के जरिए कितने जारी होंगे शेयर? 25 फरवरी को टाटा कैपिटल (Tata Capital) के बोर्ड ने IPO प्‍लान अप्रूव किया था. इस आईपीओ के जरिए 23 करोड़ शेयर फ्रेश इश्‍यू के जरिए जारी किए जाएंगे. ऑफर फॉर सेल पर मौजूदा शेयर होल्‍डर्स द्वारा इक्विटी जारी किया जाएगा. कंपने के मुताबिक, स्टॉक मार्केट के कंडीशन और रेग्‍युलेटरी क्लियरेंस के आधार पर IPO जारी किया जाएगा. अभी आईपीओ लाने का क्लियर डेट नहीं है. टाटा कैपिटल में इन फर्मों की हिस्‍सेदारी 31 मार्च तक टाटा संस (Tata Sons) के पास टाटा कैपिटल लिमिटेड (Tata Capital) के 92.83% शेयर होल्डिंग थी. इसमें टाटा ग्रुप की और कंपनियों और IFC की भी हिस्‍सेदारी है. पहले बताया गया था कि टाटा कैपिटल गोपनीय प्री-फाइलिंग सिस्‍टम का यूज करते हुए मार्च के आखिरी या अप्रैल की शुरुआत तक पेपर को अंतिम रूप देकर पेश कर देगा. IPO के लिए इन बैंकों की ली मदद कंपनी ने IPO की तैयारी में सलाहकार सहायता के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल (Kotak Mahindra Capital), सिटी, जेपी मॉर्गन (JP Morgan), एक्सिस कैपिटल (Axis Capital), ICICI सिक्योरिटीज, SBC सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल, बीएनपी पारिबा (BNP Paribas), SBI कैपिटल और HDFC बैंक समेत 10 निवेश बैंकों की सेवाएं ली हैं. क्‍यों आ रहा टाटा का ये IPO? टाटा ग्रुप की ओर से लिया गया है ये फैसला RBI के उस निर्देश के अनुरूप है, जिसमें टॉप एनबीएफसी को अधिसूचना के तीन साल के भीतर सार्वजनिक होने का निर्देश दिया गया है, जो सितंबर 2025 तक निर्धारित है. टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, जो अब जनवरी 2024 तक टाटा कैपिटल के साथ विलय हो चुकी है, को नियामक सूची में शामिल किया गया है. इसके अलावा, जून 2024 में, टाटा मोटर्स लिमिटेड (TML), टाटा कैपिटल लिमिटेड (TCL) और टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड (TMFL) के निदेशक मंडल ने एनसीएलटी व्यवस्था योजना के माध्यम से TMFL के साथ टीसीएल के विलय को मंजूरी दे दी है. विलय समझौते के हिस्से के रूप में, टीसीएल अपने इक्विटी शेयर TMFL शेयरधारकों को जारी करेगा, जिससे TML के पास संयुक्त इकाई में 4.7 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. क्रिसिल रेटिंग्‍स की रिपोर्ट क्‍या कहता है? क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Tata Sons ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों में टाटा कैपिटल लिमिटेड में कुल 6,097 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसमें वित्त वर्ष 2019 में 2,500 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2020 में 1,000 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2023 में 594 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 2,003 करोड़ रुपये शामिल हैं, जो समूह के कर्ज कारोबार पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है. इस फैसले से टाटा कैपिटल, टाटा प्ले, ओयो, स्विगी, विशाल मेगा मार्ट, क्रेडिला फाइनेंशियल सर्विसेज, इंदिरा आईवीएफ और फिजिक्सवाला के बाद गोपनीय प्री-फाइलिंग मार्ग को चुनने वाली आठवीं प्रमुख भारतीय फर्म बन गई है. recent visitors 33

बिल गेट्स ने Microsoft के 50 साल पूरे होने पर शेयर की पुरानी फोटो

माइक्रोसॉफ्ट को 50 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर कंपनी के को-फाउंडर बिल गेट्स ने इंस्टाग्राम पर कुछ मेमोरी शेयर की हैं। यहां उन्होंने कुछ पुरानी फोटोज शेयर की हैं। इसमें उन्होंने लिखा, 'दुर्भाग्यवश, मैं कभी भी खुद को 'कूल' महसूस नहीं कर पाऊंगा, क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट के शुरुआती दिनों में मैं ऐसा ही था।' गेट्स ने साल 2000 तक कंपनी के CEO के रूप में सेवाएं दी हैं। वह खुद इन फोटोज को अजीब बताते हैं। बिल गेट्स ने कंपनी के लिए मैसेज लिखा, 'हैप्पी 50वां जन्मदिन, माइक्रोसॉफ्ट। शुक्रिया यादों और अजीब फोटो शूट्स के लिए।' माइक्रोसॉफ्ट के इस खास मौके पर कंपनी के सभी सदस्यों ने अलग-अलग तरीके से बधाई संदेश दिया है। इसमें बिल गेट्स, स्टीव बाल्मर और मौजूदा सीईओ सत्य नडेला शामिल हैं। इसमें तीनों से एक शानदार बातचीत भी शेयर की है। इसमें Microsoft के AI असिस्टेंट Copilot के द्वारा फीचर किया गया है। गेट्स ने की मजेदार बात इस रीयूनियन से सभी ने पुराने पलों को याद किया। साथ ही टेक-फॉरवर्ड मूमेंट पर भी चर्चा की। नडेला ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक क्लिप भी शेयर की है। इस बातचीत में कई अहम चीजों पर बातचीत की। जब AI ने अपनी नज़र तीनों टेक दिग्गजों की ओर मोड़ी, तो बिल गेट्स पर एक मज़ेदार तंज कसा गया, 'अब बिल, तुम्हारी वो सोचती हुई सीरियस नजर तो बहुत मशहूर है, लेकिन क्या कभी ऐसा लगता है कि तुम्हारा ये 'सोचने वाला चेहरा' AI को डराता होगा? ऐसा लगता है जैसे वो 'ब्लू स्क्रीन' का इंतजार कर रहा हो!' बिल गेट्स ने की बात बिल गेट्स ने भी मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, 'उम्मीद तो है! क्योंकि अब बस यही तो बचा है मेरे पास, जब AI इतनी तेज हो रही है। मेरी यही सोचती हुई नजर और आलोचना करने की आदत मुझे अलग बनाती है।' इस पर Copilot ने तारीफ करते हुए कहा,'और वाकई, आपकी वो नजर काफी प्रभावशाली है, बिल!' इसके बाद स्टीव बॉलमर भी अपनी हाजिरजवाबी दिखाते हुए बोले, 'Copilot, क्या तुम कभी इनकी आलोचना कर पाओगे?' बातचीत एक प्यारे अंदाज में खत्म हुई, जब Copilot ने टोस्ट उठाते हुए कहा, 'आने वाले 50 सालों की नई खोजों और रोमांच के नाम – चीयर्स!' बिल गेट्स ने भी मुस्कुराते हुए फौरन जोड़ा, 'AI के लिए इसका मतलब क्या होता है? क्या ये पीता भी है?' इस पूरी बातचीत का एक वीडियो शेयर किया गया है। recent visitors 31

US में कोरोना काल जैसा मार्केट क्रैश, ये 4 कारण मंदी का खौफ पैदा कर रहे

वाशिंगटन अमेरिकी बाजार में शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 को देर रात फिर बड़ी गिरावट आई है. नैस्‍डैक, Dow Jones और S&P 500 इंडेक्‍स 5 फीसदी से ज्‍यादा गिर गए. वॉल स्ट्रीट कोविड-19 संकट के चरम के बाद से सबसे तीव्र गिरावट का सामना कर रहा है. इस गिरावट को लेकर एक ही बड़ा कारण माना जा रहा है, जो राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का टैरिफ (Donald Trump Tariff) है. चीन ने भी अमेरिका के टैरिफ पर रिएक्‍शन देते हुए 10 अप्रैल से अमेरिका पर 34 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. जिस कारण आशंका जताई जा रही है कि कुछ और देश भी अमेरिका पर टैरिफ (US Tariff) लगा सकते हैं. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि इससे ट्रेड वॉर की संभावना बढ़ चुकी है, जिससे महंगाई भी बढ़ने की संभावना है और मंदी की स्थिति भी पैदा हो सकती है. चीन के रिएक्‍शन से सहमा US मार्केट चीन द्वारा टैरिफ ऐलान के बाद S&P 500 इंडेक्‍स में 6% की गिरावट आई, जिससे वैश्विक मंदी में ट्रेड वॉर (Trade War) के बढ़ने की आशंका बढ़ गई. मार्च 2020 के बाद से यह एसएंडपी 500 का सबसे खराब सप्ताह था, जब महामारी ने अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया था. Dow Jones में 2,231 अंक (5.5%) की गिरावट आई, जबकि नैस्डैक में 5.8% की गिरावट आई, जो दिसंबर के उच्च स्तर से 20% से अधिक गिर गया है. 11 महीने के निचले स्‍तर पर बाजार शुक्रवार को, अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों में रिकॉर्ड तोड़ 26.79 बिलियन शेयरों का कारोबार हुआ, जो 27 जनवरी 2021 को 24.48 बिलियन के पिछले उच्च स्तर को पार कर गया. नैस्डैक 962.82 अंक गिरकर 15,587.79 पर आ गया, जिससे पुष्टि हुई कि टेक-हैवी इंडेक्स 16 दिसंबर के रिकॉर्ड समापन उच्च 20,173.89 से 20% से अधिक गिरने के बाद एक बीयर बाजार में था. डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2,231.07 अंक गिरकर 38,314.86 पर आ गया, जो 4 दिसंबर के रिकॉर्ड बंद स्तर 45,014.04 से सुधार दिखाता है. इस बीच, रॉयटर्स के अनुसार, एसएंडपी 500 322.44 अंक गिरकर 5,074.08 पर आ गया, जो 11 महीनों में इसका सबसे निचला स्तर है. ग्‍लोबल मंदी का बढ़ रहा खतरा ट्रंप के पारस्‍परिक टैरिफ के ऐलान के बाद अन्‍य देशों की तरफ से भी टैरिफ लगाने की संभावना बढ़ गई. चीन ने अमेरिका पर 34 फीसदी टैरिफ लगाया है. कनाडा ने भी 25 फीसदी टैक्‍स लगाने का ऐलान किया है. इससे ग्‍लोबल महंगाई बढ़ने का खतरा सामने आ गया है. ट्रंप की ओर से उठाया गया ये कदम दुनिया को ग्‍लोबल मंदी की ओर धकेल रहा है. टैरिफ के अलावा मंदी का खौफ बढ़ने के ये कारण? ग्लोबल ट्रेड वॉर का डर: ट्रंप के नए टैरिफ के बाद चीन और कनाडा ने भी जवाबी कदम उठाने की धमकी दी है. इससे निवेशक घबराए हुए हैं. अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 26% और अन्य देशों पर 10% आयात शुल्क लगाया है. जवाब में कनाडा ने अमेरिकी वाहनों पर 25% टैरिफ लागू किया है. इससे ग्‍लोबल ट्रेड वॉर का संकट बढ़ चुका है. ग्‍लोबल मार्केट में गिरावट: अमेरिका में S&P 500 इंडेक्स 5% और Nasdaq 5.5% गिरा, जो 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है. एशियाई बाजार भी टूटे हैं. जापान का निक्केई 3%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% नीचे रहा. सेक्टोरल दबाव: फार्मा स्टॉक्स, IT शेयर और ऑटो शेयरों में भारी दबाव देखा जा रहा है. रिलायंस के शेयरों में भी जबरदस्‍त बिकवाली हो रही है. Nifty IT इंडेक्स 2% गिरा, Coforge और Persistent Systems सबसे बड़े लूजर रहे. मेटल स्टॉक्स में बिकवाली रही. महंगाई बढ़ने की संभावना: अमेरिका में मंदी बढ़ने का सबसे बड़ा रिस्‍क महंगाई है. कई एक्‍सपर्ट्स का अनुमान है कि अमेरिका में महंगाई तेजी से बढ़ने वाला है, क्‍योंंकि दूसरे देशों से आने वाले समान अब ज्‍यादा कीमत पर मिलेंगे. इससे महंगाई बढ़ेगी. वहीं डॉलर इंडेक्‍स में भी गिरावट देखी जा रही है, जो अमेरिकी अर्थव्‍यवस्‍था के लिए अच्‍छे संकेत नहीं है. क्‍या बढ़ रहा मंदी का खतरा? ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद ग्‍लोबल मार्केट में महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ चुकी है, जिससे मंदी का रिस्‍क बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. डॉयचे बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री ब्रेट रयान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ट्रंप के टैरिफ से इस साल अमेरिकी विकास दर में 1-1.5 प्रतिशत की कमी आ सकती है, जिससे मंदी का जोखिम काफी बढ़ सकता है. हालांकि भारत में अभी ऐसा कोई संकट नहीं है. भारत की अर्थव्‍यवस्‍था के लिए अच्‍छे संकेत दिखाई दे रहे हैं.   recent visitors 43

अगले कुछ सालों में सोने के दाम 38% तक गिरेंगे, भारत में 55,000 प्रति 10 ग्राम आएंगे भाव

नई दिल्ली  क्या कभी सोने की कीमत 55 हजार हो जाएगी। क्या सोने की कीमतों के लिहाज से वक्त 2 साल पीछे हो जाएगा, जब 2023 में 10 ग्राम सोने की कीमत तकरीबन यही थी…संभव हो ऐसा हो। एक अमेरिकी एनालिटिकल कंपनी ने तो कुछ ऐसा ही अनुमान लगाया है। मगर, ऐसा क्यों होगा, इसके पीछे क्या ईरान-अमेरिका, रूस-यूक्रेन युद्ध, बांग्लादेश में तख्तापलट या इजरायल-हमास जंग है, जिसके खत्म होने के आसार लगाए जा रहे हैं। आइए-समझते हैं। किसने की सोने पर ऐसी खुशी देने वाली भविष्णवाणी अमेरिकी कंपनी मॉर्निंगस्टार के विश्लेषक ने यह भविष्यवाणी की है कि अगले कुछ सालों में सोने के दाम 38% तक गिर सकते हैं। भारत में 24 कैरेट सोने का दाम लगभग 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह $3,100 से ऊपर है। अगर सोने के दाम 40% गिरते हैं, तो भारत में यह लगभग 55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। सोने के दाम कब बढ़ जाते हैं और क्यों यह सुरक्षित निवेश सोने के दाम लगातार बढ़ ही रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि दुनिया बीते कई सालों से युद्ध, महामारी, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के चलते उतार-चढ़ाव से जूझ रही है। चूंकि, युद्ध या संघर्षों के दौरान सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। चीन के साथ अमेरिका का ट्रेड वॉर भी इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से सोने ने दिखाई अकड़ 2018 में यूक्रेन ने इस क्षेत्र पर रूस के कब्जे की घोषणा की। संघर्ष के इन पहले आठ वर्षों में नौसैनिक घटनाएं और साइबर युद्ध भी शामिल थे। 20 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर आक्रमण किया और कब्जा कर लिया। इस युद्ध की शुरुआत वैसे तो 2014 में तब शुरू हुई थी, जब फरवरी 2014 में यूक्रेन के स्वायत्त गणराज्य क्रीमिया पर रूसी सैनिको ने गुप्त रूप से आक्रमण कर दिया था। इसके बाद से ही छिटपुट युद्ध चलता रहा है। 2022 में इसकी बाकायदा शुरुआत हो गई। तभी से एक और विश्वयुद्ध की आशंका के चलते सोने के भाव बढ़ते चले गए। 2023 में सोना करीब 55 हजार ही था, मगर बीते दो साल में यह दोगुने के करीब पहुंच चुका है। इजरायल-हमास युद्ध ने भी बढ़ाए सोने के भाव बीते कई सालों से इजरायल-हमास के बीच जारी युद्ध के दौरान सोने की चमक लगातार बढ़ती गई। बीते साल अक्टूबर तक सोना 76000 के पार निकल गया था। जो अब 90 हजार के पार पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि अगर यही हाल रहा तो इसकी कीमत इसी साल 1 लाख के पार हो जाएगी। बीते कुछ महीनों से इजरायल और हमास के बीच जंग और गहरी हो गई है। गाजा पट्टी को लेकर संघर्ष भी बढ़ गया है। अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु युद्ध को लेकर टेंशन बीते कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु प्रसार को लेकर भी टेंशन बढ़ रही है। ईरान के गुपचुप तरीके से यूरेनियम संवर्द्धन की खबरें आती रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास इतनी परमाणु सामग्री जमा हो चुकी है कि वह मौका पाते ही बेहद कम समय में परमाणु हथियार बना लेगा, जो अमेरिका और उसके समर्थक देशों के लिए तबाही ला सकता है। इस बात को लेकर भी अमेरिकी शेयर बाजार कई बार टूटे हैं। मगर, उस वक्त भी सोने ने अंगद की तरह पांव जमा रखे थे। उसके भाव बढ़ते रहे हैं। इन वजहों से गिर सकते हैं सोने के भाव दरअसल, मॉर्निंगस्टार के एनालिस्ट का कहना है कि सोने का उत्पादन बढ़ गया है। 2024 की दूसरी तिमाही में सोने की खदानों को एक औंस पर $950 का मुनाफा हुआ। इसका मतलब है कि सोना निकालने वाली कंपनियों को फायदा हो रहा है। दुनिया भर में सोने का भंडार भी 9% बढ़कर 2,16,265 टन हो गया है। ऑस्ट्रेलिया में सोने का उत्पादन बढ़ गया है। साथ ही, पुराने सोने को पिघलाकर फिर से इस्तेमाल करने का चलन भी बढ़ गया है। क्या सोने की मांग कम होने से दाम गिरना संभव यह भी कहा जा रहा है कि दुनिया में सोने की मांग कम हो सकती है। पिछले साल केंद्रीय बैंकों ने 1,045 टन सोना खरीदा था। लेकिन अब वे शायद उतना सोना न खरीदें। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे में पता चला है कि 71% केंद्रीय बैंक या तो अपना सोने का भंडार कम करेंगे या उसे उतना ही रखेंगे। इससे सोने के दाम में संभव है कि उतनी तेजी न आए, जितना आमतौर पर देखने को मिलती है। क्या सोने का बाजार का यह सैचुरेशन पीरियड यह भी कहा जा रहा है कि सोने का बाजार शायद अब चरम पर पहुंच गया है। 2024 में सोने के कारोबार में विलय और अधिग्रहण 32% बढ़ गए हैं। यह इस बात का संकेत है कि बाजार अब ऊपर जाने के बजाय नीचे आ सकता है। कुछ मामलों में लोग सोना खरीदने-बेचने के बजाया सोने में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। क्या रूस-यूक्रेन की जंग होगी खत्म, जिससे घटेगा सोना रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कमर कस ली है। वह दुनिया के दिग्गज राजनेताओं से इस बारे में मुलाकात और बात भी कर चुके हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस युद्ध के खात्मे के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात कर चुके हैं। माना जा रहा है कि अगर ये कोशिशें जारी रहती हैं तो वह दिन दूर नहीं जब दोनों देशों के बीच युद्ध थम जाएगा। वैसे भी दोनों देश अब ज्यादा लड़ने के इच्छुक भी नहीं हैं। अगर ऐसा हुआ तो बाजार सुधरेगा और दुनिया में सोने की बेतहाशा खरीददारी भी थम सकती है। जब सोने की मांग घटेगी तो जाहिर है सोने की कीमतें भी गिर सकती हैं। क्या इजरायल-हमास जंग के भी खत्म होने के आसार है इजरायल और हमास के बीच वैसे तो जंग पूरी तरह से खत्म होने के आसार नहीं हैं। मगर, ये है कि ये संघर्ष कुछ समय के लिए थम सकता है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे लेकर प्रयास कर रहे … Read more

ड्रैगन-अमेरिका में ट्रेड वार शुरू, ट्रंप के टैरिफ के बाद चिनफिंग ने भी लगाया 34% जवाबी टैक्स

बीजिंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 2 अप्रैल को दुनिया के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा के साथ ही वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका जताई जाने लगी. अब यह व्यापार युद्ध शुरू होता दिख रहा है क्योंकि चीन भी अमेरिका पर बराबरी का टैरिफ लगाने जा रहा है. चीन के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका से आयातित सभी सामानों पर 10 अप्रैल से 34% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा. मंत्रालय ने कहा कि चीन का यह टैरिफ अमेरिका के हालिया टैरिफ का जवाब है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, '2 अप्रैल 2025 को अमेरिकी सरकार ने देश में आयातित सभी चीनी सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया. अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के खिलाफ है जो कि चीन के वैध अधिकारों को नुकसान पहुंचाता है. यह दादागिरी है जो न केवल अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचाएगा बल्कि वैश्विक आर्थिक विकास, उत्पादन की स्थिरता और सप्लाई चेन को भी खतरे में डालेगा.' चीनी मंत्रालय ने अमेरिका से टैरिफ हटाने का आग्रह कहते हुए कहा, 'चीन अमेरिका से आग्रह कहता है वो बातचीत के जरिए तुरंत अपने एकतरफा टैरिफ उपायों को हटा ले ताकि व्यापार को लेकर जो भी मतभेद हैं उन्हें सुलझाया जा सके.' अमेरिका को रेयर अर्थ मेटल्स के निर्यात पर भी नियंत्रण लगाएगा चीन अमेरिकी टैरिफ से नाराज चीन न केवल अमेरिका पर बराबरी का टैरिफ लगा रहा है बल्कि उसने यह भी कहा है कि वो अमेरिका को अब रेयर अर्थ मेटल्स के निर्यात पर भी नियंत्रण लगाएगा. चीन ने कहा है कि वो अमेरिका को मध्यम और भारी रेयर अर्थ मेटल्स यानी दुर्लभ-पृथ्वी धातुओं के निर्यात पर नियंत्रण लगा रहा है. इन धातुओं में समारियम, गैडोलीनियम, टेरबियम, डिस्प्रोसियम, ल्यूटेटियम, स्कैंडियम और यिट्रियम शामिल हैं. यह नियंत्रण 4 अप्रैल से ही लागू भी हो गया है. वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'चीनी सरकार कानून के अनुसार प्रासंगिक वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण लागू कर रही है. इसका मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की बेहतर सुरक्षा करना और परमाणु अप्रसार जैसे अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करना है.' चीन ने पहले ही दी थी जवाबी टैरिफ की धमकी ट्रंप ने पहले ही अमेरिका में आयात होने वाले चीनी सामानों पर 20% का टैरिफ लगाया था.  2 अप्रैल को फिर उन्होंने चीन पर 34% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया जिसके बाद चीनी सामानों पर अमेरिका का टैरिफ 54% हो गया. चीन ने गुरुवार को अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ की निंदा करते हुए कहा था कि वो इन तरीकों का 'दृढ़ता से विरोध करता है और अपने अधिकारों, हितों की रक्षा के लिए जवाबी उपाय' लागू करेगा. गुरुवार को एक बयान में, चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने टैरिफ की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मानदंडों का उल्लंघन बताया और तर्क दिया था कि इससे प्रभावित देशों के वैध अधिकारों को काफी नुकसान पहुंचता है. क्या है टैरिफ? टैरिफ एक तरह का टैक्स है, जो वस्तुओं के आयात पर लगाया जाता है। इसे आयात शुल्क भी कहते हैं। वस्तुओं का आयात करने वाले को यह टैक्स सरकार को देना पड़ता है। आम तौर पर कंपनियां टैरिफ का बोझ ग्राहकों पर डालती हैं। क्या है पारस्परिक टैरिफ? पारस्परिक टैरिफ का मतलब है कि कोई देश दूसरे देश पर उतना ही टैरिफ लगाएगा, जितना टैरिफ दूसरा देश उस पर लगा रहा है। ट्रंप ने भी दूसरे देशों को पारस्परिक टैरिफ की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि हम दूसरे देशों पर उतना ही टैरिफ लगाएंगे, जितना वे हमारे उत्पादों पर लगाते हैं। अमेरिका भारत पर कितना टैरिफ लगाता है? भारत से अमेरिका निर्यात किए जा रहे उत्पाद जैसे स्टील, एल्युमिनियम और ऑटो पर पहले से ही 25 प्रतिशत टैरिफ लग रहा है। बाकी उत्पादों पर 5-8 अप्रैल के बीच 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। इसके बाद 9 अप्रैल से भारत के उत्पादों पर 27 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। अमेरिका के टैरिफ वार से 60 से अधिक देश प्रभावित होंगे। अमेरिका ने क्यों किया है टैरिफ का एलान? अमेरिका का दावा है कि टैरिफ से अमेरिका में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार घाटा कम होगा। अमेरिका कई देशों के साथ बड़े पैमाने पर व्यापार असंतुलन का सामना कर रहा है। खा कर चीन के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा काफी अधिक है। वस्तुओं के व्यापार में भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 2023-24 में 35.31 अरब डॉलर रहा था। किन सेक्टर्स को टैरिफ से छूट मिली है? थिंक टैंक जीटीआरआइ के अनुसार, आवश्यक और रणनीतिक वस्तुओं को टैरिफ से छूट मिली है। जैसे फार्मा, सेमीकंडक्टर, तांबा और ऊर्जा उत्पाद जैसे तेल, गैस, कोयला और एलएनजी। टैरिफ का भारत पर क्या होगा असर? भारत सरकार के अधिकारियों के अनुसार, वाणिज्य मंत्रालय अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 27 प्रतिशत टैरिफ के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है। हालांकि, इसका असर मिला-जुला होगा और यह भारत के लिए बड़ा झटका नहीं है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर क्या चल रहा है? फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका गए थे। उस समय दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने के लिए एक व्यापार समझौते की बात कही थी। दोनों देश समझौते के पहले चरण को इस वर्ष सितंबर-अक्टूबर तक अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं। क्या है व्यापार समझौता? व्यापार समझौते में दो व्यापारिक साझीदार देश या तो आयात या निर्यात शुल्क बड़े पैमाने पर घटाते हैं या ज्यादातर उत्पादों पर शुल्क खत्म कर देते हैं। इसके अलावा वे सेवाओं और निवेश में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नियमों को आसान बनाते हैं। क्या अमेरिका के टैरिफ डब्ल्यूटीओ के नियमों के हिसाब से हैं? अंतरराष्ट्रीय व्यापार मामलों के विशेषज्ञ अभिजीत दास के अनुसार ये टैरिफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ)  के नियमों का उल्लंघन करते हैं। सदस्य देश के पास अधिकार है वह इनके खिलाफ डब्ल्यूटीओ में जाकर अपील करें।   recent visitors 34

भारतीय शेयर बाजार के कारोबार सत्र में लाल निशान में बंद हुआ, सेंसेक्स 930 अंक गिरा

मुंबई भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबार सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 930 अंक या 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,364 और निफ्टी 345 अंक या 1.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,904 पर था। गिरावट का असर लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप पर अधिक दिखा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,516 अंक या 2.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,645 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 579 अंक या 3.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,675 पर था। सेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल, एनर्जी, इन्फ्रा और कमोडिटी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। केवल फाइनेंशियल सर्विसेज और एफएमसीजी इंडेक्स ही हरे निशान में बंद हुए हैं। सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, नेस्ले, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और आईटीसी टॉप गेनर्स थे। टाटा स्टील , टाटा मोटर्स, एलएंडटी, इंडसइंड बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, सन फार्मा और एचसीएल टेक टॉप लूजर्स थे। जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा कि हाल ही में अमेरिका द्वारा अनुमान से अधिक टैरिफ लागू किए जाने का वैश्विक बाजारों पर काफी असर हुआ है और निवेशक इससे हुए नुकसान की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की संभावना ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, जो संभावित आर्थिक मंदी और मंदी के बढ़ते जोखिम को लेकर चिंताओं को दर्शाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से रेसिप्रोकल टैरिफ के बाद यूएस के बाजारों में गुरुवार को भारी बिकवाली हुई। डाओ करीब 4 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक करीब 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 3 अप्रैल को लगातार चौथे सत्र में अपनी बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 2,806 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) लगातार पांचवें दिन शुद्ध खरीदार बने रहे और उन्होंने 221.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। recent visitors 36

ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान, भारत को बड़ी राहत दी, वहीं चीन को कोई भी छूट नहीं दी गई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को 57 देशों पर टैरिफ का ऐलान कर दिया था। ट्रंप ने कुल 57 में से 16 देशों को बड़ी राहत देते हुए टैरिफ की रेट में बदलाव कर दिया था। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 27 प्रतिशत के रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 26 फीसदी कर दिया। इससे पहले बुधवार को वाइट हाउस ने आधिकारिक दस्तावेजों मे 27 फीसदी टैरिफ की बात कही थी। जब डोनाल्ड ट्रंप रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करने लगे तो उन्होंने भारत को बड़ी राहत दे दी। वहीं चीन को कोई भी छूट नहीं दी गई। बुधवार को रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत से होने वाले आयात पर 26 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं वाइट हाउस के दस्तावेजों में भारत को 27 फीसदी टैरिफ वाली लिस्ट में रखा गया था। गुरुवार को भारतीय अधिकारियों ने भी पुष्टि की थी कि अमेरिका ने भारत पर 27 फीसदी की रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। वहीं अब वाइट हाउस के दस्तावेजों में भी परिवर्तन कर दिया गया है और भारत सहित 16 देशों को राहत दी गई है। भारत के अलावा इन देशों को भी राहत व्हाइट हाउस की तरफ से शुक्रवार को जारी किए गए दस्तावेजों के मुताबिक होसनिया और हरजोगोविना का टैरिफ 36 फीसदी से घटाकर 35 फीसदी किया गया है। इसके अलावा बोत्सवाना का रेसिप्रोकल टैरिफ 38 फीसदी से घटाकर 37 फीसदी कर दिया गया है। इसी तरह कैमरून, फाकलैंड आइलैंड, मालावी, म्यांमार, निकारगुआ, नॉर्वे, पाकिस्तान, फिलीपीन्स, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, थाइलैंड और वानुआतू को भी एक-एक फीसती की छूट की गई है। पाकिस्तान का रेसिप्रोकल टैरिफ भी 30 पर्सेंट से घटाकर 29 पर्सेंट कर दिया गया है। अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले सामान पर 34 फीसदी का टैरिफ लगाया है। वहीं कंबोडिया से आयात होने वाले सामान पर 49 फीसदी के भारी-भरकम टैरिफ का ऐलान किया है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि 50 सालों से उनके देश को ठगा जा रहा है लेकिन ऐसा चल नहीं सकता। भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री उनके अच्छे दोस्त हैं लेकिन हमारे साथ सही व्यवहार नहीं हो रहा है। वे हमसे 52 फीसदी का शुल्क ले रहे हैं और उसकी तुलना में हम कुछ भी नहीं ले रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश से आयात होने वाले वाहनों पर भी 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह टैरिफ 3 मई से प्रभावी हो सकता है। recent visitors 36

ग्लोबल मार्केट में हड़कंप से भारतीय शेयर बाजार हुआ धाराशायी, सेंसेक्‍स 800 टूटा

मुंबई US स्‍टॉक मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है. गुरुवार रात अमेरिकी बाजार में नैस्डैक करीब 6 फीसदी टूट गया, जबकि Dow Jones इंडेक्स में 1600 अंक या करीब 4 फीसदी की गिरावट देखी गई. S&P 500 में भी करीब 5 फीसदी की गिरावट आई. जिसका असर आज भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिल रहा है. भारतीय शेयर बाजार में गिरावट धीरे-धीरे हावी हो रही है. Sensex में 800 अंक से भी ज्‍यादा टूट चुका है, जबकि Nifty में भी 300 अंक से ज्‍यादा की गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी अभी 23000 लेवल के नीचे कारोबार कर रहा है. जबकि Sensex 75500 के नीचे नजर आ रहा है. हालांकि निफ्टी बैंक में 90 अंकों की गिरावट है. BSE टॉप 30 शेयरों में से 26 शेयर भारी गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि HDFC Bank, Bharti Airtel समेत 2 और शेयर उछाल पर है. सबसे ज्‍यादा गिरावट Tata Motors के शेयर में 4 फीसदी की आई है. इसके बाद टाटा स्‍टील और एल एंड टी के शेयर भी 2.5 फीसदी के आसपास टूट चुके हैं. बिखर गए ये शेयर अमेरिकी बाजार का असर भारतीय बाजार में भी दिख रहा है. यहां आज Angel One के शेयर 4 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहे हैं. Trump Tariff के कारण Tata Motors के शेयर में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है. वहीं हिंदुस्‍तान कॉपर्स 3 फीसदी, Mazagon Dock के शेयर में 6 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. इसके अलावा, Vedanta के शेयर में 5.28 फीसदी की गिरावट आई है. 3 फीसदी से ज्‍यादा टूटा रिलायंस ग्‍लोबल टेंशन की वजह से रिलायंस इंडस्‍ट्रीज (RIL Share) के शेयर में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. रिलायंस के शेयर 3.25% टूटकर 1205 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर HDFC बैंक ने मार्केट को संभालने की कोशिश की है. जो 2.35 फीसदी चढ़कर 1837 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा है, जिस कारण निफ्टी बैंक अब ग्रीन जोन में आ चुका है. शेयर बाजार की धीमी शुरुआत, ट्रंप के टैरिफ का दिखा असर 4 अप्रैल 2025 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत धीमी रही. प्री-ओपनिंग सेशन में सेंसेक्स 135.27 अंक यानी 0.18% नीचे  76,160.09 पर था. वहीं, निफ्टी 59.70 अंक यानी 0.26% की गिरावट के साछ 23,190.40 पर ट्रेड कर रहा था. प्री-ओपनिंग के बाद जब बाजार खुला, तो गिरावट और तेज हो गई. सुबह 9:21 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स 562.90 अंक गिरकर 75,732.46 पर पहुंच गया. निफ्टी भी 203.45 अंक टूटकर 23,046.65 पर कारोबार कर रहा था. ये गिरावट अमेरिका के नए टैरिफ ऐलान के चलते ग्लोबल मार्केट में आए भूचाल की वजह से देखी गई. ग्लोबल मार्केट में हाहाकार, वॉल स्ट्रीट को बड़ा झटका ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका अब सभी इंपोर्ट्स पर कम से कम 10% टैरिफ लगाएगा. खासतौर पर चीन, वियतनाम, इंडोनेशिया और यूरोपीय संघ (EU) के उत्पादों पर यह दर 25% तक जा सकती है. चीन पर कुल 54% तक टैरिफ लगाया गया है, जबकि वियतनाम पर 46%, कंबोडिया पर 49% और इंडोनेशिया पर 32% का टैरिफ लगाया गया है. NSE के 2,518 शेयरों में से 531 शेयर उछाल पर हैं, जबकि 1,934 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. इसके अलावा 53 शेयर अनचेंज दिख रहे हैं. 18 शेयरों में लोअर सर्किट और 124 शेयर अपर सर्किट पर है. 20 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर और 22 शेयर 52 सप्‍ताह के उच्‍च स्‍तर पर पहुंच गया है. अमेरिकी, जापान, यूरोप सहित ग्लोबल मार्केट क्रैश इस फैसले का असर अमेरिकी बाजार पर भी पड़ा. डॉव जोंस 1,700 अंक लुढ़क गया और करेक्शन जोन में पहुंच गया. एसएंडपी 500 में 5% और नैस्डैक में करीब 6% की गिरावट आई. अमेरिका के साथ जापान, यूरोप और अन्य ग्लोबल बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई. टोक्यो का निक्केई 4% से ज्यादा गिरा, जबकि पेरिस और फ्रैंकफर्ट में 3% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. भारतीय बाजार पर असर, निवेशकों को नुकसान भारतीय बाजार पर भी इस ग्लोबल गिरावट का असर पड़ा. गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 322.08 अंक यानी 0.42% गिरकर 76,295.36 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह 809.89 अंक तक गिर गया था. हालांकि, फार्मा सेक्टर में मजबूती आने से बाजार की गिरावट कुछ हद तक थम गई. वहीं, निफ्टी 82.25 अंक यानी 0.35% गिरकर 23,250.10 पर बंद हुआ. recent visitors 39

RBI इस महीने जारी करेगा 50 रुपये का नया नोट, क्या है नए नोट की खासियत?

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 50 रुपए के नए नोट को लेकर एक अहम घोषणा की है, जिससे इस नोट को लेकर जनता में हलचल मच गई है। नए 50 रुपए के नोट में गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे, और इसे जल्द ही सर्कुलेशन में लाया जाएगा। RBI ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले जारी किए गए सभी 50 रुपए के नोट वैध बने रहेंगे, यानी पुराना नोट चलन से बाहर नहीं होगा। साथ ही, यह नया नोट महात्मा गांधी (NEW) सीरीज के डिज़ाइन के अनुरूप होगा, जो पहले से जारी किए गए 50 रुपए के नोटों जैसा ही होगा। नए नोट का आकार और डिज़ाइन भी पहले जैसे होंगे, जिसमें फ्लोरोसेंट नीला रंग और हम्पी के रथ का चित्र शामिल होगा, जो भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है। क्या है नए नोट की खासियत?- इस नोट के पीछे हम्पी के रथ का चित्र है, जो भारतीय संस्कृति की समृद्धि और इतिहास को प्रदर्शित करता है। महात्मा गांधी (नई) सीरीज में जारी होने वाले इस नोट में कुछ नई सुरक्षा विशेषताएं भी होंगी, जो इसे और अधिक सुरक्षित बनाएंगी। पुराने नोट भी रहेंगे वैध- RBI ने यह भी कहा कि पुराने 50 रुपए के नोट जो पहले जारी किए गए थे, वे वैध मुद्रा बने रहेंगे और उनका कोई भी असर नए नोट पर नहीं पड़ेगा। 2000 रुपये के नोट की वापसी का अपडेट- वहीं, 2000 रुपए के नोटों को लेकर भी हाल ही में एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। रिजर्व बैंक ने बताया कि 31 जनवरी 2025 तक 98.15% 2000 रुपए के नोट वापस बैंकिंग सिस्टम में लौट चुके हैं, और अब भी कुछ पुराने नोट लोगों के पास हैं। नए नोट के जारी होने से पहले, यह एक अहम वक्त है जब जनता को पुराने और नए नोटों के बीच अंतर समझने और उनका इस्तेमाल सही तरीके से करने की आवश्यकता है। recent visitors 53

बीएसएनल से जुड़े एक प्रश्न पर चर्चा चल रही थी, तभी धनखड़ ने मजेदार टिप्पणी की, बदल गया माहौल

नई दिल्ली राज्यसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने ऐसी बात कह दी, जिसने सदन का माहौल में हल्का कर दिया। सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनल से जुड़े एक प्रश्न पर चर्चा चल रही थी, तभी सभापति धनखड़ ने मजाकिया अंदाज में बीएसएनल का नया नामकरण कर दिया। उन्होंने कहा, बीएसएनल मतलब- "भाई साहब निश्चित लगेगा"। दरअसल, इससे पहले सदन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कह रहे थे देश के दूर-दराज के इलाकों में निजी टेलीकॉम कंपनियों का नेटवर्क अक्सर काम नहीं करता, लेकिन बीएसएनएल वहां भी मौजूद रहता है और सेवाएं देता है। पटेल की इस टिप्पणी का समर्थन करते हुए सभापति धनखड़ ने कहा कि बीएसएनएल के कनेक्शन को लेकर लोगों के मन में भरोसा बना रहता है। इसी संदर्भ में उन्होंने बीएसएनएल को नया नाम देते हुए कहा, "भाई साहब निश्चित लगेगा," यानी इस नेटवर्क पर भरोसा किया जा सकता है। बता दें कि बीएसएनएल एक सरकारी टेलीकॉम कंपनी है, जो मुख्य रूप से दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में संचार सेवाएं उपलब्ध कराती है। राज्यसभा में आज वक्फ बिल पर चर्चा राज्यसभा में बृहस्पतिवार को सरकार की तरफ से मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल पेश किया। रिजिजू ने कहा कि वक्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर पहले सरकार और फिर संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) ने विभिन्न पक्षों से व्यापक विचार विमर्श किया और इसके जरिये वक्फ़ बोर्ड को समावेशी बनाया गया है। इससे पहले देर रात लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल बहुमत के साथ पास हो गया है। बिल के पक्ष में 288 मत पड़े थे। वहीं, विपक्ष के 232 सांसदों ने विरोध में मतदान किया। recent visitors 44

मारुति सुजुकी इन मॉडलों की कीमतों में करेगी बढ़ोतरी

नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने घोषणा की है कि वह 8 अप्रैल 2025 से अपने यात्री वाहनों (PVs) की कीमतों में बढ़ोतरी करने जा रही है. यह वृद्धि इनपुट लागत, संचालन खर्च, नियामकीय बदलाव और नए फीचर्स को जोड़ने के कारण की जा रही है. मॉडल कीमत में वृद्धि Grand Vitara 62,000 रुपए तक Eeco 22,500 रुपए तक WagonR 14,000 रुपए तक Ertiga 12,500 रुपए तक XL6 12,500 रुपए तक Dzire Tour S 3,000 रुपए तक Fronx 2,500 रुपए तक मारुति ने कहा कि वह खर्चों को कम करने और ग्राहकों पर प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो गया है. Nexa और Arena आउटलेट्स पर कौन-कौन सी कारें बिकती हैं? मारुति अपनी गाड़ियां दो अलग-अलग चैनलों से बेचती है:  Nexa आउटलेट्स: Ignis, Baleno, Ciaz, Fronx, Grand Vitara, Jimny, XL6, Invicto  Arena आउटलेट्स: Alto K10, S-Presso, Celerio, Eeco, WagonR, Swift, Dzire, Brezza, Ertiga गौरतलब है कि जनवरी 2025 में मारुति ने पहले ही अपनी कारों की कीमतों में 4% तक की बढ़ोतरी की थी. आमतौर पर, हर साल दो बार वाहन निर्माता कंपनियां कीमतों में संशोधन करती हैं. अन्य कार निर्माता भी बढ़ा रहे हैं कीमतें मारुति के अलावा Hyundai, Tata Motors, Mahindra & Mahindra और Kia India ने भी अप्रैल 2025 से अपनी कारों की कीमतों में इजाफा करने की घोषणा की है. क्या आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो 8 अप्रैल से पहले बुकिंग करवाने पर आपको कीमतों में बढ़ोतरी से बचने का मौका मिल सकता है! recent visitors 34

आज सर्राफा बाजारों में ट्रंप के टैरिफ से सोना नए शिखर पर, एक झटके में चांदी 2236 रुपये हुई सस्ती

नई दिल्ली आज सर्राफा बाजारों में बिना जीएसटी 24 कैरेट गोल्ड 209 रुपये महंगा हो गया। सोने ने आज नए ऑल टाइम हाई 91205 रुपये प्रति ग्राम के रेट पर खुला। दूसरी ओर, चांदी के रेट में 2236 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई है। आज चांदी 97300 रुपये प्रति किलो की दर से खुली। ये रेट बिना जीएसटी के हैं। अगर 3 पर्सेंट जीएसटी जोड़ लें तो आज सोने के भाव 93941 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी के 100219 रुपये प्रति किलो पर पहुंच रहे हैं। सर्राफा बाजार के रेट इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) ने जारी किए हैं, जिनमें जीएसटी नहीं लगा है। हो सकता है आपके शहर में इससे 1000 से 2000 रुपये का अंतर आ रहा हो। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। 14 से 23 कैरेट गोल्ड के रेट आईबीजेए रेट्स के मुताबिक 23 कैरेट गोल्ड भी आज 208 रुपये महंगा होकर 90840 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव से खुला। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड का औसत हाजिर भाव दोपहर 1 बजे के करीब 192 रुपये तेज होकर 83544 रुपये पर खुला। 18 कैरेट गोल्ड का भाव भी 157 रुपये महंगा होकर 68404 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। जबकि, 14 कैरेट गोल्ड की कीमत 122 रुपये बढ़कर 53355 रुपये पर पहुंच गई है। इस साल अबतक सोने के रेट में 15465 रुपये और चांदी के भाव में 11283 रुपये का उछाल आया है। ग्लोबल लेबल पर सोने की कीमतें सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। सत्र की शुरुआत में 3,167.57 डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद स्पॉट गोल्ड 0.4 प्रतिशत बढ़कर 3,145.93 डॉलर प्रति औंस हो गया। अमेरिकी सोना वायदा 0.1 प्रतिशत मजबूत होकर 3,170.70 डॉलर पर पहुंच गया। recent visitors 31

राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ ऐलान से शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को कई देशों पर ताबड़तोड़ टैरिफ लगाने का ऐलान कर दुनियाभर में खलबली मचा दी. भारत और चीन समेत कई देशों पर रियायती रेसिप्रोकल टैरिफ (Discounted Reciprocal Tariff) लगाया गया है. अब भारत की ओर से ट्रंप के इस टैक्स पर प्रतिक्रिया सामने आई है. भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए 27 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ के प्रभाव का विश्लेषण किया जा रहा है. वाणिज्य मंत्रालय इसका विश्लेषण कर रहा है. उन्होंने बताया कि अमेरिका में सभी तरह के इंपोर्ट पर सार्वभौमिक 10 फीसदी टैरिफ पांच अप्रैल से लागू होगा जबकि बाकी 16 फीसदी टैरिफ 10 अप्रैल से प्रभावी होगा. वाणिज्य मंत्रालय इन टैरिफ के प्रभावों का विश्लेषण कर रहा है. उन्होंने बताया कि इसमें एक प्रावधान है कि अगर कोई देश टैरिफ से जुड़ी हुई चिंताओं को अमेरिका के समक्ष रखता है तो ट्रंप प्रशासन उस देश पर टैरिफ की दर घटाने पर विचार कर सकता है. ट्रंप ने इस टैरिफ को रियायती बताकर बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं. भारत पर उसके 52 फीसदी की जगह 27 फीसदी टैरिफ लगाया गया है. इससे ट्रंप ने भारत के साथ बातचीत की संभावना को खुला रखा है. दोनों देश लगातार एक दूसरे के संपर्क में हैं. ट्रंप का टैरिफ भारत के लिए नहीं है झटका भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहा है. दोनों देशों का लक्ष्य इस साल सितंबर-अक्तूबर तक इस समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने का है. अधिकारी ने बताया कि ट्रंप का भारत पर यह टैरिफ झटका नहीं है बल्कि इसका मिला-जुला असर हो सकता है. बता दें कि अमेरिका ने भारत पर 27 फीसदी डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल में ही अमेरिका आए थे. वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं. लेकिन इस दौरे के दौरान मैंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं. भारत हमेशा अमेरिका से 52 फीसदी टैरिफ वसूलता है. बता दें कि व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दो अप्रैल को अमेरिका के लिए मुक्ति दिवस बताया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को इस लिबरेशन डे की लंबे समय से जरूरत थी. अब से दो अप्रैल को अमेरिकी इंडस्ट्री के पुनर्जन्म के तौर पर याद किया जाएगा. इसी दिन को हम अमेरिका को फिर से संपन्न राष्ट्र बनाने के तौर पर याद रखेंगे. हम अमेरिका को फिर से संपन्न बनाएंगे. सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान के बाद दुनियाभर के बाजारों में हड़कंप मच गया है. एशियाई बाजारों से लेकर अमेरिकी स्टॉक मार्केट तक, हर जगह गिरावट देखने को मिल रही है. इस फैसले का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा, जहां सेंसेक्स और निफ्टी ने भारी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की. शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को झटका आजा यानी गुरुवार को बाजार खुलते ही भारतीय स्टॉक मार्केट में बिकवाली हावी हो गई. सेंसेक्स 805.58 अंकों की गिरावट के साथ 75,811.86 पर आ गया. निफ्टी 50 भी 182.05 अंक लुढ़ककर 23,150.30 पर कारोबार कर रहा है. हालांकि, शुरुआती कारोबार में बाजार में तेज रिकवरी देखने को मिली. सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 345.21 अंक (0.45%) की गिरावट के साथ 76,272.23 और निफ्टी 77.70 अंक (0.33%) की गिरावट के साथ 23,254.65 पर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप-स्मॉलकैप में हल्की बढ़त, लार्जकैप शेयरों में दबाव शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे, जबकि लार्जकैप शेयरों में दबाव देखने को मिला. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 125 अंकों (0.24%) की बढ़त के साथ 52,183 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 121 अंकों (0.75%) की तेजी के साथ 16,283 पर कारोबार कर रहा था. फार्मा, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर में तेजी सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, मेटल और मीडिया सेक्टर में गिरावट देखी गई. वहीं, फार्मा, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली. सेंसेक्स के टॉप लूजर्स और गेनर्स इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, रिलायंस, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी और कोटक महिंद्रा बैंक टॉप लूजर स्टॉक्स रहे. वहीं, सन फार्मा, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाइटन और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर के रूप में उभरे. अमेरिकी और एशियाई बाजार भी धड़ाम ट्रंप के ऐलान के बाद अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट आई.डाउ जोन्स 2.4% गिरा,नैस्डैक 4.2% टूटा,एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 3.5% की गिरावट,टोक्यो के निक्केई 225 इंडेक्स में 2.9% की गिरावट,कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.9% टूटा और ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 1.8% गिरकर बंद हुआ. क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ट्रंप ने करीब 180 देशों पर जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया गया है. भारत पर 26 प्रतिशत, चीन पर 34 प्रतिशत, वियतनाम पर 46 प्रतिशत और यूरोपीय यूनियन पर 20 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है. इसके तहत,जापान पर 24%,दक्षिण कोरिया पर 25% टैरिफ लगाए गए हैं. इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है, जिससे बाजार में डर का माहौल बन गया है. भारतीय कंपनियों को भी इस फैसले से झटका लग सकता है, खासकर वे जो एक्सपोर्ट और टेक सेक्टर से जुड़ी हैं. ट्रंप के इस फैसले से रुपया कमजोर हो सकता है, जिससे विदेशी निवेश प्रभावित होगा. रेसिप्रोकल टैरिफ और न्यूनतम बेसलाइन टैरिफ का ऐलान: इसके अलावा, ट्रंप ने 10% न्यूनतम बेसलाइन टैरिफ की भी घोषणा की है, जो उन देशों पर लागू होगा जो अमेरिकी उत्पादों पर भारी शुल्क लगाते हैं। ट्रंप का कहना है कि यह नीति उन देशों पर दबाव बनाने के लिए है, जो अमेरिकी निर्यात के खिलाफ ऊंचे शुल्क लगाते हैं। उनका आरोप है कि अमेरिका के व्यापारिक साझेदार अपनी नीतियों से अमेरिका को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं, और इसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। ऑटोमोबाइल्स पर भारी टैरिफ: ट्रंप ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें उन्होंने विदेशी … Read more

RBI को मिल गया चौथा डिप्टी गवर्नर, इकोनॉमिस्ट पूनम गुप्ता को किया नियुक्त, तीन साल का रहेगा कार्यकाल

नई दिल्ली सरकार ने प्रतिष्ठित शोध संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लॉयड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की महानिदेशक पूनम गुप्ता को तीन साल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। माइकल देबव्रत पात्रा के जनवरी में पद छोड़ने के बाद आरबीआई में डिप्टी गवर्नर का पद खाली हो गया था। सूत्रों ने कहा कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने गुप्ता की आरबीआई में डिप्टी गवर्नर पद पर नियुक्ति को उनके कार्यभार संभालने की तारीख से तीन साल के लिए मंजूरी दी है। वर्तमान में, गुप्ता एनसीएईआर की महानिदेशक हैं। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की संयोजक भी हैं। वाशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक में लगभग दो दशक तक वरिष्ठ पदों पर काम करने के बाद वह 2021 में एनसीएईआर में शामिल हुईं। गुप्ता ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स, यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड (अमेरिका) में पढ़ाया और आईएसआई (भारतीय सांख्यिकी संस्थान), दिल्ली में ‘विजिटिंग फैकल्टी' के रूप में काम किया। वह राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी) में आरबीआई चेयर प्रोफेसर और आईसीआरआईईआर में प्रोफेसर भी रही हैं। गुप्ता के पास अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नात्कोत्तर डिग्री और पीएचडी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र पर पीएचडी के लिए 1998 में एक्जिम बैंक पुरस्कार जीता था। recent visitors 50

नया टैक्स रिजीम और ओल्ड टैक्स रिजीम दोनों में कुछ अहम परिवर्तन, TDS में भी हुआ बदलाव

नई दिल्ली 1 अप्रैल से नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो गया है, और इस दिन से ही बजट में हुए बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों के तहत, नया टैक्स रिजीम और ओल्ड टैक्स रिजीम दोनों में कुछ अहम परिवर्तन किए गए हैं। खास बात यह है कि इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यू टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक कमाने वालों के लिए टैक्स को शून्य कर दिया है, जिसका फायदा टैक्सपेयर को होगा। नया टैक्स रिजीम: क्या बदला? नए टैक्स रिजीम में 0 से लेकर 24 लाख रुपये तक की कमाई पर अलग-अलग टैक्स स्लैब लगाए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 12 लाख रुपये तक है, तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा, सैलरी बेस्ड लोगों को 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा, जिससे उनकी टैक्सेबल आय पर राहत मिलेगी। यहां तक कि अगर किसी की सैलरी 20 लाख से 24 लाख रुपये के बीच है, तो उसे 25 प्रतिशत टैक्स देना पड़ेगा। अब यह नया टैक्स स्लैब ओल्ड टैक्स रिजीम से थोड़ा अलग है, क्योंकि ओल्ड रिजीम में ऐसी कोई छूट नहीं मिलती। इनकम टैक्स स्लैब (रुपए में)       इनकम टैक्स रेट (%) 0-4,00,000                                   0 4,00,001-8,00,000                        5 8,00,001-12,00,000                      10 12,00,001-16,00,000                    15 16,00,001-20,00,000                    20 20,00,001-24,00,000                    25 24,00,001 and above                   30 ओल्ड टैक्स रिजीम: कौन सा बेहतर विकल्प? हालांकि, ओल्ड टैक्स रिजीम को ज्यों का त्यों रखा गया है, इसमें टैक्सपेयर को कई फायदे मिल सकते हैं। अगर आप HRA (हाउस रेंट अलाउंस), होम लोन या मेडिकल खर्चों जैसी डिडक्शन का लाभ लेते हैं, तो ओल्ड टैक्स रिजीम आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। ओल्ड टैक्स रिजीम में आपको 80C, 80D और होम लोन के ब्याज पर डिडक्शन मिलता है, जो नए टैक्स रिजीम में नहीं मिलेगा। अगर आपकी आय 15 लाख रुपये से ज्यादा है और आप डिडक्शन का फायदा उठाते हैं, तो ओल्ड रिजीम में आपका टैक्स कम हो सकता है। वहीं, न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स स्लैब भले कम हों, लेकिन डिडक्शन न मिलने से टैक्स ज्यादा हो सकता है। आय सीमा (रुपए )                     कर दर (%) 2,50,000 तक                    शून्य (कोई कर नहीं) 2,50,001 – 5,00,000        5% 5,00,001 – 10,00,000     20% 10,00,000 से अधिक         30% कौन सा विकल्प चुनें? अगर आप ज्यादा डिडक्शन का लाभ लेते हैं, जैसे कि HRA, होम लोन या मेडिकल खर्च, तो ओल्ड टैक्स रिजीम आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। वहीं, अगर आपकी आय कम है और आप ज्यादा डिडक्शन नहीं ले पाते, तो न्यू टैक्स रिजीम आपके लिए बेहतर हो सकता है। टैक्सपेयर को अपनी आय, खर्च और निवेश के आधार पर दोनों रिजीम्स का सही मूल्यांकन करना चाहिए ताकि वह अपनी टैक्स योजना को सही ढंग से बना सके। TDS सीमा में बदलाव इस बार बजट में TDS (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) की सीमा भी बढ़ाई गई है। रेंट से होने वाली इनकम पर TDS की सीमा 2.4 लाख से बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दी गई है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक FD पर ब्याज आय पर TDS की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। इसी तरह, प्रोफेशनल सर्विस पर TDS की सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। इन बदलावों का असर यह होगा कि कम आय वाले व्यक्तियों पर TDS का बोझ कम होगा और उनकी नकदी प्रवाह में सुधार होगा। recent visitors 35

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संभावित टैरिफ ऐलानों से भी बाजार बेखौफ दिखा, सेंसेक्स 592 अंक उछला

मुंबई सेंसेक्स आज यानी 2 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संभावित टैरिफ ऐलानों से भी बाजार बेखौफ दिखा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 592 अंक चढ़कर 76,616 के स्तर पर, वहीं निफ्टी में 166 अंक की बढ़त रही, ये 23,332 के स्तर पर बंदग हुआ। आज सबसे ज्यादा तेजी रियल्टी सेक्टर में रही। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.69% चढ़ा। ऑटो इंडेक्स भी करीब 1% ऊपर था। IT, FMCG, मेटल और फार्मा इंडेक्स में करीब 0.50% की तेजी रही। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में मामूली गिरावट रही। शेयर बाजार में आज की तेजी के 3 बड़े कारण 1. ग्लोबल मार्केट्स से मजबूत संकेत एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा, शंघाई हरे रंग में कारोबार कर रहा था, जबकि हांगकांग लाल रंग में रहा। वॉल स्ट्रीट पर, एसएंडपी 500 21.22 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 5,633.07 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 150.60 अंक या 0.87 प्रतिशत बढ़कर 17,449.89 पर बंद हुआ। हालांकि, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 11.80 अंक या 0.03 प्रतिशत गिरकर 41,989.96 पर बंद हुआ। शेयर बाजार इस समय ट्रंप के संभावित टैरिफ ऐलानों पर करीब नजर बनाए हुए हैं, जिससे निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर पड़ सकता है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, 'ट्रंप आज रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करने वाले हैं। इसके बाद ट्रंप टैरिफ को लेकर अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है लेकिन व्यापार नीतियों में पिछली अनिश्चिचता को देखते हुए अस्थिरता बनी रह सकती है।' 2. निचले स्तर पर खरीदारी शेयर बाजार में पिछले 2 दिनों की की गिरावट के बाद, आज लार्ज-कैप शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी देखने को मिली। HDFC Bank, Maruti Suzuki, ICICI Bank और कई प्रमुख IT शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी। 3. वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) में गिरावट शेयर बाजार में डर का संकेत देने वाला इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) आज कारोबार के दौरैान 0.89% गिरकर 13.66 पर आ गया, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है।   ग्लोबल मार्केट में बढ़त एशियाई बाजारों में जापान के निक्केई में 0.28% और चीन के शंघाई कम्पोजिट में 0.05% की तेजी रही। वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.019% गिरकर बंद हुआ। 1 अप्रैल को अमेरिका का डाओ जोंस 0.028% गिरकर 41,989 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट में 0.87% की तेजी रही जबकि S&P 500 इंडेक्‍स 0.38% चढ़कर बंद हुआ। 1 अप्रैल को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 5,901 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 4,322 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।   recent visitors 34

FY 2025 में देश में कुल 43 लाख गाड़ियां बिकीं, वैगनआर की बिक्री 1.98 लाख यूनिट रही

नई दिल्ली  आजकल लोगों के बीच SUV गाड़ियां खरीदने का चलन बढ़ रहा है। लेकिन देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी की पुरानी गाड़ी वैगनआर ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में वैगनआर देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी रही। उसने टाटा की पंच को पछाड़कर यह मुकाम हासिल किया है। पिछले वित्त वर्ष में देश में वैगनआर की बिक्री 1.98 लाख यूनिट रही जबकि टाटा की पंच 1.96 लाख यूनिट के साथ दूसरे नंबर पर रही। हुंडई की क्रेटा 1.94 लाख यूनिट के साथ तीसरे नंबर पर रही। वैगनआर की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टॉप 5 में ये अकेली छोटी गाड़ी है। बाकी सब SUV या UV गाड़ियां हैं। मारुति की अर्टिगा 1.90 लाख यूनिट के साथ चौथे और ब्रेजा 1.89 लाख यूनिट के साथ पांचवें नंबर पर रही। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने कहा कि कई लोगों को लगता था कि हैचबैक गाड़ियां अब नहीं चलेंगी। लेकिन वैगनआर की बिक्री ने दिखा दिया कि अभी भी इस कैटगरी में दम है। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है और यहां हर तरह के ग्राहक हैं। कुछ लोग हैचबैक गाड़ियों को पसंद करते हैं और उन्हें खरीदना चाहते हैं। बनर्जी ने यह भी कहा कि मारुति हर तरह की गाड़ियां बनाने और बेचने पर ध्यान दे रही है। इसमें SUV भी शामिल हैं, जो कंपनी के लिए एक अहम क्षेत्र है। एसयूवी की बिक्री उन्होंने कहा कि मारुति हर कैटगरी में गाड़ियां बेचती है। हम SUV या किसी और कैटगरी को कम नहीं आंकते। हम ग्राहकों को विकल्प देकर उनकी पसंद को सीमित नहीं करना चाहते। बाजार में SUV गाड़ियों की मांग बहुत ज्यादा है। पिछले कुछ साल में SUV की बिक्री दोगुनी हो गई है। अब ये सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियां हैं। FY25 में SUV की बिक्री 54% रहने का अनुमान है। इस दौरान कुल मिलाकर 43 लाख गाड़ियां बिकीं। मारुति की एक और हैचबैक गाड़ी स्विफ्ट 1.79 लाख यूनिट के साथ छठे नंबर पर रही। बलेनो की बिक्री 1.67 लाख यूनिट रही। मार्च में गाड़ियों की बिक्री मार्च में मारुति सुजुकी और हुंडई मोटर की थोक बिक्री में सालाना आधार पर गिरावट आई। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स की होलसेल बिक्री एसयूवी मॉडलों की मांग के दम पर बढ़ गई। मारुति ने पिछले महीने घरेलू बाजार में डीलरों को 1,50,743 यात्री वाहन भेजे, जबकि एक साल पहले इसी महीने में 1,52,718 वाहनों की बिक्री घरेलू बाजार में हुई थी। यह सालाना आधार पर 1% की गिरावट है। हुंडई की मार्च में उसकी घरेलू बिक्री 51,820 यूनिट रही, जो पिछले साल मार्च में 53,001 यूनिट रही थी। महिंद्रा एंड महिंद्रा की घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री 18% बढ़कर 48,048 यूनिट हो गई जबकि मार्च 2024 में यह 40,631 यूनिट रही थी। इसी तरह टाटा मोटर्स की मार्च में कुल यात्री वाहन बिक्री 3% बढ़कर 51,872 यूनिट हो गई, जो मार्च, 2024 में 50,297 यूनिट थी। किआ इंडिया की थोक बिक्री मार्च में 19% बढ़कर 25,525 यूनिट हो गई। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने कहा कि उसने पिछले महीने 11 प्रतिशत वृद्धि के साथ 30,043 गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल इसी महीने 27,180 यूनिट थी। जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया की थोक बिक्री इस साल मार्च में नौ प्रतिशत बढ़कर 5,500 यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में उसने 5,050 गाड़ियां बेची थीं। होंडा कार्स इंडिया ने मंगलवार को कहा कि मार्च में उसकी घरेलू बिक्री सालाना आधार पर दो प्रतिशत बढ़कर 7,228 यूनिट हो गई, जो पिछले साल मार्च में 7,071 यूनिट थी। recent visitors 36

मोबाइल बैकिंग और ATM कुछ भी नहीं कर रहे काम, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सेवाएं अचानक ठप पड़ गई

नई दिल्ली स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सेवाएं मंगलवार को अचानक ठप पड़ गई हैं और इस बैंक को बड़े आउटेज का सामना करना पड़ा है। अचानक आई इस दिक्कत के चलते यूजर्स को पैसे ट्रांसफर करने, मोबाइल बैकिंग करने और ATM तक की सेवाएं यूज करने में दिक्कत आई। कंपनी ने इस मामले में बयान जारी किया है। SBI ने आधिकारिक बयान में इस दिक्कत का जिक्र किया है। बैंक ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X (पहले Twitter) पर अपने अकाउंट पर बताया कि एनुअल क्लोजिंग ऐक्टिविटीज के चलते इसकी सेवाएं दोपहर 1 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक प्रभावित रहेंगी। SBI ने बताया है कि 1 अप्रैल को इसकी सेवाएं प्रभावित रहने के दौरान यूजर्स को UPI Lite और ATM यूज करने की सलाह दी जाती है। यूजर्स को कई सेवाओं में आई दिक्कत प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स के डाउनटाइम को मॉनीटर करने वाली सेवा Downderector ने बताया है कि सैकड़ों यूजर्स ने इस बारे में रिपोर्ट किया और कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर इस बारे में लिखा। रिपोर्ट करने वाले ज्यादातर यूजर्स को मोबाइल बैंकिंग के दौरान दिक्कत आई। वहीं, करीब 31 प्रतिशत को फंड्स ट्रांसफर करने में परेशानी हुई। साथ ही ATM सेवाएं भी कई यूजर्स के लिए प्रभावित हुई हैं। फिलहाल, बैंक की ओर से जारी बयान के मुताबिक शाम के बाद सेवाएं पहले की तरह ठीक से काम करने लगेंगी। बता दें, NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) ने भी आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा कि वित्तीय वर्ष खत्म होने और क्लोजिंग के चलते कई बैंकों की वित्तीय सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, UPI सेवा अच्छे से काम कर रही है। recent visitors 41

भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया, 25 से अधिक देशों को चाय निर्यात

नई दिल्‍ली भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया है। उसने श्रीलंका को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय चाय बोर्ड के अनुसार, भारत ने 2024 में 25.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। केन्या पहले स्थान पर है। भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत का चाय निर्यात बढ़ा है। 2024 में निर्यात 10 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। चाय निर्यात से भारत को अच्छी कमाई हुई है। इराक को भेजे जाने वाले शिपमेंट में बढ़ोतरी हुई है। भारत 25 से ज्‍यादा देशों को चाय निर्यात करता है। भारत दुनिया के शीर्ष पांच चाय निर्यातकों में से एक है। भारतीय चाय बोर्ड के आंकड़ों से पता चला है कि भारत ने चाय निर्यात में बड़ी सफलता हासिल की है। भारत अब श्रीलंका से आगे निकल गया है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय निर्यातक बन गया है। 2024 में भारत ने 25.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे देश को 7111 करोड़ रुपये की आय हुई। चाय निर्यात पर कोई खास असर नहीं दुनिया में कई तरह की परेशानियां चल रही हैं। इसके बाद भी भारत के चाय निर्यात पर कोई खास असर नहीं पड़ा। यह पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा है। 2023 में यह आंकड़ा 23.16 करोड़ किलो था। इसका मतलब है कि 2024 में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। चाय के निर्यात से भारत को खूब फायदा हुआ है। 2023 में भारत ने 6,161 करोड़ रुपये की चाय निर्यात की थी। 2024 में यह बढ़कर 7,111 करोड़ रुपये हो गई। यह 15 फीसदी की बढ़ोतरी है। 2024 में उत्तरी भारत (असम और पश्चिम बंगाल) ने 15.5 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे 4833 करोड़ रुपये मिले। वहीं, दक्षिणी भारत ने 9.98 करोड़ किलो चाय का निर्यात किया। इससे 2278 करोड़ रुपये की आय हुई। उत्तरी भारत का योगदान मात्रा के हिसाब से 60.79% और मूल्य के हिसाब से 67.96% रहा। दक्षिणी भारत का योगदान मात्रा के हिसाब से 39.21% और मूल्य के हिसाब से 32.04% रहा। भारत 25 से ज्यादा देशों को चाय बेचता है। यूएई, इराक, ईरान, रूस, अमेरिका और ब्रिटेन भारत के प्रमुख ग्राहक हैं। श्रीलंका में चाय की फसल कम होने के कारण कई भारतीय व्यापारियों को पश्चिम एशिया के बाजारों में जाने का मौका मिला। अब वे वहां पर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल हो रहे हैं। दुनिया के टॉप पांच चाय निर्यातकों में शामिल भारत भारत दुनिया के टॉप पांच चाय निर्यातकों में शामिल है। पूरी दुनिया में जितनी चाय का निर्यात होता है, उसका लगभग 10 फीसदी भारत से होता है। असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी की चाय को दुनिया की सबसे अच्छी चाय माना जाता है। भारत से ज्यादातर 'ब्लैक टी' चाय का निर्यात होता है। यह कुल निर्यात का लगभग 96 फीसदी है। इसके अलावा, रेगुलर टी, ग्रीन टी, हर्बल चाय, मसाला चाय और लेमन टी भी निर्यात की जाती हैं। भारत सरकार चाय के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार चाहती है कि भारतीय चाय की एक खास पहचान बने। इसके साथ ही, सरकार चाय उद्योग से जुड़े परिवारों की मदद भी करना चाहती है। असम में दो मुख्य चाय उत्पादक क्षेत्र हैं: असम घाटी और कछार। पश्चिम बंगाल में तीन प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्र हैं: दोआर्स, तराई और दार्जिलिंग। दक्षिण भारत देश के कुल चाय उत्पादन का लगभग 17 फीसदी उत्पादन करता है। तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक यहां के मुख्य चाय उत्पादक राज्य हैं। छोटे चाय उत्पादक भी चाय के उत्पादन में बड़ा योगदान दे रहे हैं। कुल उत्पादन का लगभग 52 फीसदी हिस्सा छोटे चाय उत्पादकों का होता है। अभी लगभग 2.30 लाख छोटे चाय उत्पादक हैं जो चाय के कारोबार से जुड़े हैं।   recent visitors 54

हल्दीराम ने भारतीय पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया, 10 अरब डॉलर पर हुई हिस्सेदारी की डील

नई दिल्ली  मिठाई और नमकीन बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी हल्दीराम ने भारतीय पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया है। कंपनी ने अपने स्नैक्स बिजनस में छह फीसदी हिस्सेदारी दो नये निवेशकों आईएचसी (इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी) और अल्फा वेव ग्लोबल को बेच दी है। कंपनी ने इस सौदे के ब्योरे का खुलासा नहीं किया है। उद्योग सूत्रों के अनुसार यह डील करीब 10 अरब डॉलर (लगभग 85,000 करोड़ रुपये) की वैल्यूएशन पर हुई है जो भारतीय पैकेज्ड खाद्य उद्योग के लिए सबसे बड़ा मूल्यांकन माना जा रहा है। इससे पहले कंपनी ने सिंगापुर की वैश्विक निवेश कंपनी टेमासेक द्वारा अल्पांश हिस्सेदारी खरीदने की पुष्टि की थी। हालांकि इस सौदे के विवरण का भी खुलासा नहीं किया गया है। हल्दीराम ने बयान में कहा कि कंपनी को टेमासेक की हाल की भागीदारी के बाद अपने जारी इक्विटी दौर में दो नये निवेशकों, आईएचसी (इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी) और अल्फा वेव ग्लोबल को जोड़ने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। इस रणनीतिक कदम से हल्दीराम की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी। कंपनी ग्लोबल स्तर पर खासकर अमेरिका और पश्चिम एशिया में अपने बिजनस का विस्तार करना चाहती है। अल्फा वेव एक वैश्विक निवेश कंपनी है जो तीन मुख्य क्षेत्रों निजी इक्विटी, निजी ऋण और सार्वजनिक बाजारों पर ध्यान केंद्रित करती है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आईएचसी दुनिया की सबसे बड़ी निवेश कंपनियों में से है। कितने देशों में फैला है कारोबार ब्लैकस्टोन, अल्फा वेव ग्लोबल और बेन कैपिटल के नेतृत्व वाले समूह सहित कई निजी इक्विटी कंपनियां हल्दीराम स्नैक्स फूड में हिस्सेदारी लेने की दौड़ में थीं। हल्दीराम ब्रांड की शुरुआत 1937 में गंगा बिसन अग्रवाल ने की थी। आज इसका बिजनस 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है। कंपनी 400 से अधिक तरह के फूड आइटम्स बेचती है। इनमें नमकीन, मिठाइयां, स्नैक्स, रेडी टु ईट फूड, फ्रोजन फूड, बिस्कुट, कनफेक्शनरी, रेडी टु ड्रिंक बेवरेजेज और पास्ता आदि शामिल हैं। कंपनी भारत के बाहर भी कई देशों को एक्सपोर्ट करती है। इनमें यूरोप और अमेरिका के कई देश शामिल हैं। रिसर्च फर्म IMARC ग्रुप की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत का स्नैक्स बाजार 2023 में 42,694 करोड़ रुपये का था और 2032 तक इसके 95,521 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है। भारत के स्नैक्स और नमकीन मार्केट में हल्दीराम का मुख्य मुकाबला बालाजी वैफर्स, बीकानेरवाला फूड्स, आईटीसी, पार्ले प्रॉडक्ट्स और पेप्सिको आदि से है। भारत के स्नैक फूड मार्केट में हल्दीराम की हिस्सेदारी 21% है जबकि पेप्सिको की हिस्सेदारी 15% है। इस मार्केट में करीब 3,000 छोटे और रीजनल प्लेयर्स की हिस्सेदारी 40% है। हल्दीराम की वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2022 में उसके कारोबार की बिक्री के मुताबिक लगभग 83,000 करोड़ रुपये है। recent visitors 34

सरकार से Voda Idea को मिली बड़ी राहत, इक्विटी में बदलेगा बकाया ₹37 हजार करोड़; शेयरों पर रखें नजर

मुंबई वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वोडाफोन आइडिया ने रविवार को एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि सरकार कंपनी पर बकाया राशि को इक्विटी में बदलेगी। इस बदलाव के बाद कंपनी वोडाफोन आइडिया में सरकार की कुल हिस्सेदारी 49 प्रतिशत हो जाएगी। मौजूदा समय में सरकार के पास 22.60 प्रतिशत हिस्सा है। बता दें, इस बदलाव के बाद भी कंपनी का कंट्रोल प्रमोटर्स के पास ही रहेगा। सरकार को कंपनी के 36950 करोड़ रुपये के शेयर मिलने जा रहे हैं। कंपनी के ऊपर यह बताया स्पेक्ट्रम नीलामी का है। जिसे अब शेयरों में बदला जा रहा है। मंत्रालय की भी लगी मुहर वोडाफोन आइडिया ने जारी बयान में कहा है कि सूचना प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Communications) ने 29 मार्च को ही इसका आदेश दे दिया था। कंपनी को 30 मार्च को यह ऑर्डर मिला है। बता दें, यह प्रक्रिया सितंबर 2021 के टेलीकॉम रिफॉर्म पैकेज के जरिए किया जा रहा है। कैसे तय होगा शेयरों का दाम? प्रक्रिया के तहत वोडाफोन आइडिया अब 3695 करोड़ रुपये के शेयर अगले 30 दिन के अंदर जारी करेगी। इन शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये होगी। वहीं, शेयरों की कीमत बीते 90 दिन या फिर 26 फरवरी 2025 के पहले 10 दिन के एवरेज प्राइस के आधार तय किया जाएगा। शुक्रवार को कंपनी के शेयरों का भाव बीएसई में 1.73 प्रतिशत की गिरावट के बाद 6.81 रुपये के लेवल पर था। बीते एक हफ्ते में यह स्टॉक 10 प्रतिशत गिरा है। वहीं, एक साल से कंपनी के शेयरों को होल्ड करने वाले निवेशकों को अबतक 48 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा है। अब मंगलवार को जब बाजार खुलेगा तब कंपनी के शेयरों पर नजर बनाए रखनी होगी। recent visitors 68

रॉकेट की रफ्तार से भागेगी भारत की इकोनॉमी, बस करना होगा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में निवेश : रिपोर्ट

नई दिल्ली भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष (2025-26) में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. ईवाई इकनॉमी वॉच ने यह अनुमान लगाया है. ईवाई का मानना है कि एक अच्छी तरह से संतुलित राजकोषीय रणनीति जो राजकोषीय विवेक को बनाए रखते हुए मानव पूंजी विकास का समर्थन करती है, दीर्घकालिक वृद्धि की संभावनाओं को बढ़ाएगी. ईवाई इकनॉमी वॉच के मार्च संस्करण में वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है. अगले वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसमें कहा गया है कि इसके लिए राजकोषीय नीति को देश की विकसित भारत की यात्रा के मिलाने की जरूरत है. सरकारी खर्च बढ़ाना होगा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के पिछले महीने जारी संशोधित राष्ट्रीय लेखा खाता आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर अब क्रमश: 7.6 प्रतिशत, 9.2 प्रतिशत और 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए तिमाही वृद्धि दर के संबंध में, तीसरी तिमाही की वृद्धि 6.2 प्रतिशत अनुमानित है. इसका अर्थ है कि एनएसओ द्वारा अनुमानित 6.5 प्रतिशत की वार्षिक जीडीपी वृद्धि प्राप्त करने के लिए चौथी तिमाही में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि की जरूरत होगी. रिपोर्ट कहती है, अंतिम तिमाही में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि के लिए निजी अंतिम उपभोग व्यय में 9.9 प्रतिशत की वृद्धि की आवश्यकता होगी. हाल के वर्षों में इतनी अधिक वृद्धि देखने को नहीं मिली है. इसका एक विकल्प निवेश व्यय में वृद्धि करना है, जिसमें सरकार की ओर पूंजीगत व्यय वृद्धि एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. इसमें कहा गया है कि संशोधित अनुमानों के अनुसार, सरकार का राजकोषीय घाटा अनुदान की किसी भी अनुपूरक मांग से प्रभावित हो सकता है. इस चीज पर बढ़ाना होगा बजट रिपोर्ट में कहा गया, बढ़ती आबादी और विकसित आर्थिक ढांचे के साथ, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में अतिरिक्त निवेश दीर्घकालिक वृद्धि को बनाए रखने और मानव पूंजी परिणामों में सुधार करने के लिए आवश्यक हो सकता है. ईवाई इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो दशक में, भारत को अपने सामान्य सरकारी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यय को धीरे-धीरे बढ़ाने की आवश्यकता होगी, जिससे यह उच्च आय वाले देशों के करीब पहुंच सकता है. नौकरियों पर देना होगा जोर विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की युवा आबादी और बढ़ती कार्यबल आवश्यकताओं को देखते हुए, सरकार द्वारा शिक्षा पर खर्च को वित्त वर्ष 2047-48 तक जीडीपी के मौजूदा 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत करने की आवश्यकता हो सकती है. बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुंच और परिणाम सुनिश्चित करने के लिए सरकार के स्वास्थ्य व्यय को इस दौरान 2021 के 1.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2047-48 तक 3.8 प्रतिशत करने की जरूरत होगी.   recent visitors 54

1 अप्रैल से कई कंपनियों की होगी मार्केट में लिस्टिंग, फिर लौटेगी IPO बाजार में रौनक

नई दिल्ली बीते कुछ समय से शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के चलते IPO मार्केट में सुस्ती छाई हुई थी, लेकिन अब निवेशकों के लिए खुशखबरी है. इस हफ्ते कई नए IPO ओपन हो रहे हैं और कुछ कंपनियों की लिस्टिंग भी होने वाली है. इससे निवेशकों को कमाई का शानदार मौका मिल सकता है. आइए, जानते हैं इस हफ्ते के IPO और उनके ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के बारे में. खुलने वाले नए IPO Retaggio Industries IPO Infonative Solutions IPO Spinaroo Commercial IPO Desco Infratech IPO Shri Ahimsa Naturals IPO ATC Energies IPO Identixweb IPO निवेशकों के लिए क्या है मौका? IPO बाजार में तेजी लौटने से निवेशकों के लिए नए मौके बन सकते हैं. Shri Ahimsa Naturals और Identixweb जैसी कंपनियों के IPO में 10-15 फीसदी के शुरुआती मुनाफे की संभावना दिख रही है. वहीं, Desco Infratech और ATC Energies भी कुछ मुनाफा दिला सकते हैं. हालांकि, Retaggio Industries, Infonative Solutions और Spinaroo Commercial के GMP जीरो हैं, जिससे उनके लिस्टिंग गेन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. क्या करें निवेशक? अगर आप IPO में निवेश की योजना बना रहे हैं तो कंपनियों की फंडामेंटल स्थिति और ग्रे मार्केट प्रीमियम को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें. बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है. recent visitors 27

Ghibli Style फोटो के वजह से चैटजीपीटी डाउन, सैम आल्टमैन की मुसीबतें बड़ी

नई दिल्ली Ghibli style आपको चारों तरफ देखने को मिल रहा है. हर कोई अपनी फोटो को घिबली स्टाइल में बनाकर अपलोड कर रहा है. दिन दिन में ये ट्रेंड काफी पॉपलुर हो गया है. लेकिन इसकी वजह से ओपनएआई कंपनी के मालिक सैम आल्टमैन का सुकून छीन लिया है. एआई प्लेटफॉर्म ChatGPT दुनिया भर में डाउन हो गया है. कई यूजर्स इसे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं. यूजर्स ने स्टूडियो घिबली स्टाइल एनिमेटेड फोटो बनाने के लिए चैटबॉट का काफी इस्तेमाल कर लिया है. चैटजीपीटी पर एक बाढ़ सी आ गई है जिसकी वजह से चैटजीपीटी GPUs पर असर पड़ रहा है. डाउनडिटेक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स को चैटजीपीटी पर Ghibli इमेज बनाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. 229 लोगों ने शिकायत दर्ज की हैं. जिनमें से करीब 59 प्रतिशत कंप्लेंट्स चैटजीपीटी के लिए थी. ज्यादातर यूजर्स चैटजीपीटी को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं. Sam Altman ने यूजर्स से की अपील OpenAI के सीईओ Sam Altman ने X पर एक पोस्ट के जरिए यूजर्स से इस फीचर का इस्तेमाल कम करने की अपील की है. Altman ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि क्या आप लोग इमेज जेनरेट करना थोड़ा कम कर सकते हैं? ये बहुत ज्यादा हो गया है. हमारी टीम को नींद की ज़रूरत है. उन्होंने ये भी कहा कि उनकी टीम के लिए ये सिचुएशन कठिन हो गई है और उन्हें कुछ राहत की जरूरत है. चैटजीपीटी पर लगेगी लिमिट? आल्टमैन ने चैटजीपीटी पर दिन में तीन फोटो जेनरेट करने की लिमिट की बात कही है. इसके जवाब ने एक यूजर ने सुझाव दिया कि मॉडल पर लिमिट लगान से यूजर्स निराश हो सकते हैं. Altman ने जवाब इसके जवाब में कहा कि, हम मॉडल की कैपेसिटी को कम करने के बजाय, इसका उल्टा करेंगे, लेकिन फिर भी थोड़ा शांत हो जाइए. चैटजीपीटी रिकवर ग्लोबल आउटेज के बाद चैटजीपीटी रिकवर हो गया है. लेकिन कुछ टाइम के लिए प्लेटफॉर्म की कैपेसिटी को कम कर दिया गया है. इमेज जेनरेशन पर लिमिट सेट कर दी गई है. सैम आल्टमैन के मुताबिक, चैटजीपीटी पर काम करने वाली टीम दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम है. जो दो- ढ़ाई साल पहले से दुनिया की सबसे बड़ी वेबसाइट बनाने की राह पर काम कर रही है.   recent visitors 33

अब सभी की निगाहें ट्रंप की दो अप्रैल की शुल्क घोषणा पर टिकी, तभी तय होगी इस हफ्ते शेयर बाजार की दिशा

मुंबई ग्लोबल ट्रेड पर दो अप्रैल से लागू होने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाबी शुल्क (टैरिफ) के प्रभाव, विदेशी बाजारों के रुख और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां इस सप्ताह स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा तय करेंगी। ‘ईद-उल-फितर’ के मौके पर सोमवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। अमेरिका ने दो अप्रैल को भारत सहित अपने प्रमुख व्यापारिक भागीदार देशों पर दो अप्रैल से जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है। क्या है एक्सपर्ट्स की राय मेहता इक्विटीज लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, “अब सभी की निगाहें ट्रंप की दो अप्रैल की शुल्क घोषणा पर टिकी हैं।” इस सप्ताह घोषित किए जाने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों में विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के लिए पीएमआई (क्रय प्रबंधक सूचकांक) आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, “आगामी छुट्टियों के कारण कम कारोबारी सत्रों वाले सप्ताह में घरेलू मोर्चे पर संकेतकों के अभाव में बाजार भागीदारी की निगाह वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी। दो अप्रैल से लागू होने वाले जवाबी शुल्क का वैश्विक व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसपर सभी की निगाह रहेगी।” जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, “आगे चलकर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का प्रवाह मुख्य रूप से ट्रंप के जवाबी शुल्क पर निर्भर करेगा। यदि शुल्क का प्रतिकूल प्रभाव बहुत अधिक नहीं रहता है, तो एफआईआई का प्रवाह जारी रह सकता है।” उन्होंने कहा कि एफआईआई की रणनीति बिकवाली से मामूली खरीद की हो गई है। 21 मार्च को समाप्त सप्ताह में यह दिखाई दिया था और 28 मार्च को समाप्त सप्ताह में भी यह रुख जारी रहा। रुपये और डॉलर पर भी रहेगी निगाह निवेशकों की निगाह रुपये-डॉलर के रुझान और वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘इस सप्ताह शुल्क को लेकर चीजें अधिक साफ हो सकेंगी। इससे निवेशक वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव का आकलन कर सकेंगे। सप्ताह के दौरान अमेरिका के रोजगार और भारत के पीएमआई आंकड़े आने हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बीच, निवेशकों का ध्यान कंपनियों के तिमाही नतीजों पर है, जिससे उनके प्रदर्शन को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।’’ पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 509.41 अंक या 0.66 प्रतिशत चढ़ा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 168.95 अंक या 0.72 प्रतिशत के लाभ में रहा। वित्त वर्ष 2024-25 में बीएसई सेंसेक्स 3,763.57 अंक या 5.10 प्रतिशत चढ़ा है, वहीं निफ्टी में 1,192.45 अंक या 5.34 प्रतिशत का उछाल आया है। इस दौरान बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 25,90,546.73 करोड़ रुपये बढ़कर 4,12,87,646.50 करोड़ रुपये (4,820 अरब अमेरिकी डॉलर) हो गया है। recent visitors 40

महज 1 लाख रुपये में लाएं घर मारुति वैगनआर

नई दिल्ली मारुति सुजुकी की वैगनआर भारत में खूब बिकती है। फरवरी 2025 में तो इसने हुंडई क्रेटा, टाटा नेक्सॉन और पंच के साथ ही मारुति सुजुकी की बलेनो, ब्रेजा, स्विफ्ट और डिजायर के साथ ही महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसी पॉपुलर गाड़ियों को पीछे छोड़ दिया। आप भी अगर इन दिनों नई वैगनआर खरीदने की सोच रहे हैं, लेकिन एक साथ पैसे नहीं देना चाहते, तो कार लोन एक अच्छा विकल्प है। आप सिर्फ एक लाख रुपये डाउन पेमेंट करके वैगनआर का टॉप सेलिंग VXI मैनुअल पेट्रोल के साथ ही ZXI मॉडल खरीद सकते हैं। बाकी पैसे आप हर महीने किश्तों में चुका सकते हैं। कीमत और खासियत मारुति सुजुकी वैगनआर एक ऐसी गाड़ी है, जिसके केबिन में अच्छी स्पेस भी है और यह किफायती होने के साथ ही माइलेज के मामले में काफी जबरदस्त है। यह कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों में से एक है, जिसकी पिछले महीने भी करीब 20 हजार यूनिट बिकी है। पेट्रोल और सीएनजी ऑप्शन में उपलब्ध वैगनआर की मौजूदा एक्स शोरूम प्राइस 5.64 लाख रुपये से शुरू होकर 7.47 लाख रुपये तक जाती है। वैगनआर में 1197 cc तक का इंजन है। पेट्रोल से चलने वाले मॉडल की माइलेज 25.19 kmpl तक और सीएनजी से चलने वाले मॉडल की माइलेज 34.05 km/kg तक है। मारुति सुजुकी वैगनआर वीएक्सआई मैनुअल पेट्रोल फाइनैंस डिटेल अब बात करते हैं मारुति सुजुकी वैगनआर के VXI मॉडल के लोन और EMI के बारे में तो वैगनआर वीएक्सआई सबसे ज्यादा बिकने वाला वेरिएंट है, जिसकी एक्स शोरूम प्राइस 6.09 लाख रुपये और ऑन-रोड प्राइस 6.81 लाख रुपये है। एक लाख रुपये डाउन पेमेंट के साथ इस वेरिएंट को फाइनैंस कराने पर 5.81 लाख रुपये कार लोन लेना होगा। 5 साल के लिए 10 फीसदी ब्याज दर पर कार लोन लेते हैं तो फिर अगले 5 साल तक आपको हर महीने 12,345 रुपये ईएमआई के रूप में देने होंगे। ऊपरी शर्तों के अनुसार वैगनआर वीएक्सआई को फाइनैंस कराने पर करीब 1.60 लाख रुपये ब्याज लग जाएंगे। मारुति सुजुकी वैगनआर जेडएक्सआई मैनुअल पेट्रोल फाइनैंस डिटेल मारुति सुजुकी वैगनआर जेडएक्सआई पेट्रोल मैनुअल की एक्स शोरूम प्राइस 6.38 लाख रुपये और ऑन-रोड प्राइस करीब 7.18 लाख रुपये है। आप महज एक लाख रुपये डाउन पेमेंट के साथ इस कार को फाइनैंस करा सकते हैं। इसके बाद आपको 6.18 लाख रुपये कार लोन कराना होगा। आप अगर 5 साल के लिए 10 फीसदी ब्याज दर पर कार लोन कराते हैं तो फिर 13,131 रुपये मासिक किस्त के रूप में अगले 5 साल के लिए चुकाने होंगे। ऊपरी शर्तों के अनुसार वैगनआर जेडएक्सआई को फाइनैंस कराने पर करीब 1.70 लाख रुपये ब्याज लग जाएंगे। यहां बता दें कि मारुति वैगनआर फाइनैंस कराने से पहले आप नजदीकी मारुति सुजुकी एरिना शोरूम में जाकर सारी जानकारी हासिल कर लें। recent visitors 36

जियो की तरफ से सालभर का प्लान पेश, 90 दिनों तक मुफ्त JioHotstar सब्सक्रिप्शन

 नई दिल्ली लीडिंग टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर रिलायंस जियो की तरफ से एक खास एनुअल प्लान पेश किया जा रहा है। इस प्लान के साथ जियो यूजर्स पूरे साल अफोर्डेबल प्राइस प्वाइंट पर अपने सिम कार्ड को एक्टिव रख सकते हैं। यह प्लान उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है, जो बार-बार के रिचार्ज से बचना चाहते हैं। साथ ही यह मंथली प्लान के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है। इस प्लान में जियो यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ डेटा की सुविधा मिलती है। जियो के ज्यादा वैधता वाले प्लान जियो की तरफ से 90 दिन, 98 दिन, 72 दिन और 365 दिनों के प्लान को पेश किया जा रहा है। हालांकि इन सभी प्लान में जियो का 3,599 रुपये वाला एनुअल प्लान बेस्ट है। इस प्लान में सालभर यानी 365 दिनों तक अनलिमिटेड कॉलिंग और हाई स्पीड डेटा की सुविधा मिलती है। जियो के 3599 रुपये वाले प्लान के फायदे जियो के एनुअल प्लान में सालभर अनलिमिटेड मुफ्त कॉलिंग की सुविधा मिलती है। यह प्लान बिना बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के साथ आता है। इस प्लान में लोकल और STD कॉल की सुविधा मिलती है। साथ ही रोजाना 100 SMS की सुविधा मिलती है। इस प्लान में बिना किसी अतिरिक्त लागत के सभी नेटवर्क पर मैसेज भेज पाएंगे। यह प्लान रोजाना 2.5GB हाई-स्पीड डेटा की सुविधा के साथ आता है। इस तरह इस प्लान में कुल 912GB डेटा मिलता है। साथ ही डेली डेटा लिमिट खत्म होने के बाद यूजर की इंटरनेट स्पीड घटकर 64Kbps रह जाती है। इस प्लान में यूजर को 5G की सुविधा मिलती है। साथ ही मुफ्त OTT और क्लाउड सब्सक्रिप्शन मिलता है। इसके अलावा जियो यूजर्स को क्लाउड स्टोरेज की सुविधा मिलती है। जियो दे रहा फ्री जियोहॉटस्टार सब्सक्रिप्शन जियो यूजर्स इस प्लान में फ्री Jio Hotstar सब्सक्रिप्शन का लुत्फ उठा सकते हैं। यह सब्सक्रिप्शन 90 दिनों का है। मतलब 90 दिनों तक पसंदीदा मूवी और शोज का लुत्फ हासिल कर सकते हैं। इस प्लान में 50GB जियो एआई क्लाउड स्टोरेज की सुविधा मिलती है। जियो के मंथली प्लान से क्यों है बेहतर जियो के सबसे सस्ते मंथली प्लान की बात करें, तो यह प्लान 399 रुपये में आता है। इस प्लान में 28 दिनों की वैधता मिलती है। मतलब अगर आपको सालभर में 13 बार रिचार्ज कराना होगा। मतलब आपको पूरे साल में करीब 5,187 रुपये का रिचार्ज कराना होगा। लेकिन यह सुविधा आपको जियो के एनुअल प्लान में मात्र 3,599 रुपये में मिल रही है।   recent visitors 37

Google को मिली भारत में बड़ी राहत, 216 करोड़ रुपये घटा जुर्माना

नई दिल्ली. गूगल आज के वक्त में दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी है, जिसको भारत से बड़ी राहत मिली है। गूगल पर यूरोपियन यूनियन समेत कई देशों ने कारोबार करने के गलत नियमों के चलते 936 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया था। हालांकि अब गूगल को जुर्माना में भारी छूट दी गई है। रिपोर्ट की मानें, तो गूगल को जुर्माने में करीब 216 करोड़ रुपये की छूट दी गई है, लेकिन गगूल पर जुर्माना क्यों लगाया गया? साथ ही यह जुर्माना किसने लगाया? आइए जानते हैं विस्तार से… NCLAT ने बरकरार रखा CCI का आर्डर नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल NCLAT ने अपने फैसले में गूगल को 216 करोड़ रुपये जुर्माने में छूट दी है। हालांकि NCLAT ने गूगल की सजा को बरकरार रखा है। मतलब फैसले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी CCI के गूगल के खिलाफ एक आदेश में बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन जुर्माना राशि को ज्यादा बताते हुए उसे कम कर दिया गया है। इससे पहले CCI ने कहा था कि गूगल ने प्ले स्टोर पॉलिसी का गलत इस्तेमाल किया है, जो कारोबारी नियमों के खिलाफ हैं। गूगल की पॉलिसी प्रतिस्पर्धा को नियमों के खिलाफ हैं। NCLAT ने जुमाने में की 216 करोड़ की कटौती ऐसे में सीसीआई ने गूगल पर 936 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। लेकिन NCLAT ने गूगल पर लगाए गए जुर्माने को 936.44 करोड़ रुपये से घटाकर 216 करोड़ रुपये कर दिया है। NCLAT की जस्टिस अशोक भूषण और तकनीकी सदस्य बरुण मित्रा की दो सदस्यीय पीठ ने माना कि गूगल ने अपनी मजबूत पोजिशन का गलत इस्तेमाल किया है, जो कि नियमों के खिलाफ है। NCLAT की मानें, तो गूगल ने इस अपील में पहले ही जुर्माने का 10 फीसद जमा कर दिया है। ऐसे में बाकी बकाया राशि आज से 30 दिनों के भीतर जमा करना होगा। CCI के आदेश को गूगल की चुनौती बता दें कि साल 2022 में CCI ने प्ले स्टोर पॉलिसी के दुरुपयोग करने के लिए गूगल पर 936.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस फैसले के खिलाफ गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट और गूगल ने NCLAT में चुनौती दी थी, जिसके पास CCI के आदेशों पर अपीलीय अधिकार क्षेत्र है। जुर्माने के साथ-साथ CCI ने टेक दिग्गज को कारोबार के गलत तरीके को रोकने और एक तय समय सीमा के भीतर प्रतिस्पर्धा-विरोधी चिंताओं को दूर करने के लिए सुधारात्मक उपाय लागू करने का भी निर्देश दिया था। बता दें कि मौजूदा वक्त में गगूल हजारों करोड़ रुपये की कंपनी है। recent visitors 32

पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों से RBI के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 10 अप्रैल तक KYC डिटेल अपडेट करने की अपील की है

मुंबई अगर आप पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहक हैं तो आपके लिए काम की खबर है। पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 10 अप्रैल, 2025 तक अपने नो योर कस्टमर (KYC) डिटेल अपडेट करने की अपील की है। बता दें कि यह 31 मार्च, 2025 तक KYC अपडेट होने वाले खातों पर लागू होता है। ऐसे में KYC अपडेट न करने पर खाता बंद भी हो सकता है। बैंक ने कहा कि ग्राहक सहायता के लिए निकटतम PNB ब्रांच में जा सकते हैं या फिर आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। क्यों जरूरी है केवाईसी? बता दें कि केवाईसी एक अनिवार्य प्रोसेस है जो बैंकों को अपने ग्राहकों की पहचान वेरिफिकेशन करने में मदद करती है। इससे मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय घोटालों जैसी धोखाधड़ी गतिविधियों को रोका जा सकता है। RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंकों को खाते की सुरक्षा और विनियामक अनुपालन बनाए रखने के लिए समय-समय पर KYC डिटेल अपडेट करना चाहिए। केवाईसी को अपडेट करने की जरूरत किसे है? बता दें कि केवाईसी अपडेट की यह आवश्यकता केवल उन ग्राहकों पर लागू होती है जिनके खाते 31 मार्च, 2025 तक रिन्यूअल के लिए हैं। प्रभावित ग्राहकों को यह पुष्टि करने के लिए अपने एसएमएस, ईमेल या आधिकारिक पीएनबी अधिसूचनाओं की जांच करनी चाहिए कि उन्हें अपने विवरण अपडेट करने की आवश्यकता है या नहीं।   पंजाब नेशनल बैंक में KYC कैसे अपडेट करें? PNB ग्राहकों को अपने KYC डिटेल अपडेट करने के लिए कई सुविधाजनक तरीके प्रदान करता है- – किसी भी PNB शाखा में जाएं। जरूरी डॉक्यूमेंट पर्सनली जमा करें। – PNB ONE या इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं (IBS) का उपयोग करें। पात्र ग्राहकों के लिए, KYC अपडेट ऑनलाइन किए जा सकते हैं। – रजिस्टर्ड ईमेल या पोस्ट के जरिए भेजें। ग्राहक अपने KYC डॉक्यूमेंट ईमेल या डाक सेवाओं के माध्यम से अपनी आधार ब्रांच में जमा कर सकते हैं।   recent visitors 32

केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार खत्म, आगामी एक अप्रैल से सरकार की एकीकृत पेंशन योजना लागू होने वाली है

मुंबई केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया फाइनेंशियल ईयर काफी खास होने वाला है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आगामी एक अप्रैल से सरकार की एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) लागू होने वाली है। इस योजना के लागू होने के साथ केंद्रीय कर्मचारियों के पास पेंशन के लिए एक नया विकल्प होगा। आइए डिटेल जान लेते हैं। एकीकृत पेंशन योजना के बारे में इस योजना के तहत सेवानिवृत्ति से पहले के 12 महीनों में मिले औसत बेसिक सैलरी की 50 प्रतिशत राशि को सुनिश्चित पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है। बीते दिनों पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी। यह अधिसूचनो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा 24 जनवरी, 2025 को जारी यूपीएस अधिसूचना का अनुसरण करती है। पीएफआरडीए के मुताबिक यूपीएस से संबंधित नियम एक अप्रैल, 2025 से लागू हो जाएंगे। एक अप्रैल से लागू ये नियम एक अप्रैल, 2025 तक सेवा में मौजूदा केंद्र सरकार के एनपीएस में आने वाले कर्मचारी और केंद्र सरकार की सेवाओं में अप्रैल, 2025 को या उसके बाद भर्ती होने वाले कर्मचारियों समेत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के नामांकन को सक्षम करते हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की इन सभी श्रेणियों के लिए नामांकन और दावा फॉर्म एक अप्रैल, 2025 से प्रोटीन सीआरए की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। कर्मचारियों के पास फॉर्म को भौतिक रूप से जमा करने का विकल्प भी है। क्या है अधिसूचना में अधिसूचना के मुताबिक, कर्मचारी को सेवा से हटाए जाने या बर्खास्त किए जाने या इस्तीफे के मामले में यूपीएस या सुनिश्चित भुगतान विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि पूर्ण सुनिश्चित भुगतान की दर 25 वर्षों की न्यूनतम योग्यता सेवा के अधीन और सेवानिवृत्ति से तुरंत पहले 12 मासिक औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत होगी। अधिसूचना से 23 लाख सरकारी कर्मचारियों को यूपीएस और एनपीएस के बीच चयन करने का विकल्प मिलेगा। एनपीएस एक जनवरी, 2004 को लागू हुआ था। पुरानी पेंशन योजना से कैसे अलग बता दें कि जनवरी, 2004 से पहले प्रभावी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत कर्मचारियों को उनके कार्यकाल के अंतिम मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलता था। ओपीएस के उलट यूपीएस अंशदायी प्रकृति की है। इसमें कर्मचारियों को अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत योगदान करना होगा, जबकि नियोक्ता (केंद्र सरकार) का योगदान 18.5 प्रतिशत होगा। हालांकि, अंतिम भुगतान उस कोष पर मिलने वाले बाजार रिटर्न पर निर्भर करता है, जिसे ज्यादातर सरकारी बॉन्ड में निवेश किया जाता है।   recent visitors 34

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स के नए रिजीम को लेकर कई ऐलान किए थे, जो एक अप्रैल से लागू होने वाले हैं

नई दिल्ली आगामी एक अप्रैल से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत होने वाली है। इस फाइनेंशियल ईयर में कई ऐसे बदलाव होने वाले हैं जिसका फायदा मिडिल क्लास को फायदा मिलेगा। इनमें से एक फैसला इनकम टैक्स से जुड़ा है। दरअसल, बीते एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स के नए रिजीम को लेकर कई ऐलान किए थे, जो एक अप्रैल से लागू होने वाले हैं। आइए सिलसिलेवार जान लेते हैं। 12 लाख रुपये तक की छूट निर्मला सीतारमण ने नौकरीपेशा और मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को पूरी तरह से इनकम टैक्स से छूट देने की घोषणा की। इनकम टैक्स छूट नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले टैक्सपेयर्स को मिलेगी। वेतनभोगी करदाताओं के लिए 75,000 रुपये की स्टैंडर्ड कटौती के साथ अब 12.75 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। उन्होंने टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया है। इससे 25 लाख रुपये तक सालाना कमाने वालों को टैक्स में 1.1 लाख रुपये की बचत होगी। कितने लोगों को होगा फायदा इनकम टैक्स छूट लिमिट को सात लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने से एक करोड़ लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। टैक्स स्लैब में बदलाव से 6.3 करोड़ लोगों यानी 80 प्रतिशत से अधिक टैक्सपेयर्स को लाभ होगा। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर कर छूट सीमा को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। नए इनकम टैक्स का स्लैब नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये से अधिक सालाना आय होने पर चार लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री होगी। इसके बाद चार से आठ लाख रुपये की आय पर पांच प्रतिशत, आठ से 12 लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत और 12 से 16 लाख रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत कर लगेगा। वहीं, 16 से 20 लाख रुपये के बीच की आय पर 20 प्रतिशत, 20-24 लाख रुपये की आय पर 25 प्रतिशत और 24 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा। – अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने वाले व्यक्तियों के लिए समय सीमा को भी बढ़ाकर चार साल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अपडेटेड आईटीआर को वे टैक्सपेयर दाखिल करते हैं जो निर्धारित समय पर अपनी सही आय की जानकारी नहीं दे पाए थे। फिलहाल ऐसे रिटर्न संबंधित कर आकलन वर्ष के दो साल के भीतर दाखिल किए जा सकते हैं। लगभग 90 लाख टैक्सपेयर्स ने अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करके स्वेच्छा से अपने आय विवरण को अपडेटेड किया है। recent visitors 35

भारत के तेजी से बढ़ते लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट के प्रमाण के रूप में अल्ट्रा-लग्जरी आवासीय बिक्री में तेज उछाल आया

मुंबई भारत का अल्ट्रा-लग्जरी होम मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और पिछले तीन वर्षों में 100 करोड़ रुपये या इससे अधिक कीमत के 49 घर 7,500 करोड़ रुपये में बिके। यह जानकारी शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। भारत के तेजी से बढ़ते लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट के प्रमाण के रूप में अल्ट्रा-लग्जरी आवासीय बिक्री में तेज उछाल आया है। अब बंगलों की तुलना में अपार्टमेंट अल्ट्रा-लग्जरी सेगमेंट पर हावी हो गए हैं। जेएलएल की रिपोर्ट के अनुसार, इस गति में कमी आने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि 2025 के पहले दो महीनों में पहले ही चार अल्ट्रा-लग्जरी घरों की बिक्री हो चुकी है, जिनकी कुल कीमत 850 करोड़ रुपये है। जेएलएल के मुख्य अर्थशास्त्री और अनुसंधान प्रमुख तथा आरईआईएस भारत, डॉ. सामंतक दास ने कहा, "हमारे विश्लेषण के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में कुल सौदों में 100 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले अपार्टमेंट की 65 प्रतिशत और बंगलों की हिस्सेदारी शेष 35 प्रतिशत थी।" दास ने बताया कि हालांकि, इस मूल्य सीमा से ऊपर भी कुछ संपत्तियों का लेन-देन हुआ और उनकी कीमत 200-500 करोड़ रुपये के बीच थी। हालांकि, कई भारतीय शहरों में प्रीमियम आवासीय संपत्तियों की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन इन विशेष संपत्तियों के लिए उपयुक्त घर खरीदार प्रोफाइल की बात करें तो मुंबई और दिल्ली-एनसीआर सबसे आगे हैं। जेएलएल के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक (चेन्नई और कोयंबटूर) और भारत में आवासीय सेवाओं के प्रमुख शिव कृष्णन ने कहा, "100 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य वर्ग के घर खरीदारों में बड़े व्यापारिक समूह, अभिनेता और नए स्टार्टअप के संस्थापक शामिल हैं।" पिछले तीन वर्षों में बेचे गए इन 49 घरों में से मुंबई में 69 प्रतिशत हिस्सा था, जिसके बाद दिल्ली एनसीआर का स्थान था। मुंबई में, मालाबार हिल और वर्ली में इन लेन-देन का बड़ा हिस्सा हावी था। दिल्ली-एनसीआर में, ऐसे सौदे केवल लुटियंस बंगला जोन (एलबीजेड) तक ही सीमित नहीं थे। कृष्णन ने कहा कि गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर कई हाई-राइज अपार्टमेंट सौदे भी दर्ज किए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों में 100 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य वर्ग में बेचे गए सभी अपार्टमेंट में से अधिकांश 10,000-16,000 वर्ग फुट (सुपर बिल्ट-अप एरिया) के आकार की रेंज में थे। recent visitors 47

1 साल में सोने की कीमत 50 बार ऑल टाइम हाई पर पहुंची, 12 साल में सोने की कीमत में तेजी का सबसे लंबा दौर

नई दिल्ली  सोने की कीमत नए रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। पिछले 12 महीने में सोने की कीमत 50 बार ऑल टाइम हाई पर पहुंच चुकी है। पिछले 12 साल में यह इसमें तेजी का सबसे लंबा दौर है। साथ ही यह सोने के इतिहास में तेजी का तीसरा सबसे लंबा दौर है। इससे पहले 1970 के दशक में महंगाई, आर्थिक विकास में ठहराव और बेरोजगारी के कारण सोने की कीमत कई महीनों तक चढ़ी थी। उस दौरान सोने की कीमत में लगातार चार साल तक तेजी आई थी। इस बार सोने की कीमत पिछले एक साल में 39 फीसदी और इस साल 16 फीसदी चढ़ चुकी हैं। यह लगातार तीसरे साल पॉजिटिव परफॉरमेंस की तरफ बढ़ रहा है। सोने की कीमत में तेजी के कई कारण हैं। लोगों को डर है कि अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ लगाने से दुनिया में व्यापार युद्ध गहरा हो सकता है। यही वजह है कि निवेशक सोने को सुरक्षित मानकर इसमें पैसा लगा रहे हैं। सोने को हमेशा से ही आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ एक बचाव के रूप में देखा जाता है। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोने की कीमत बढ़ने लगती है। जानकारों का कहना है कि लगातार अनिश्चितता लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण सोने की मांग बढ़ रही है। इसका मतलब है कि लोग सोने को इसलिए खरीद रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि दुनिया में कुछ गड़बड़ होने वाली है। कहां तक जा सकती है कीमत ICICI Bank Global Markets की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की दूसरी तिमाही में सोने की कीमत 96,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत दिसंबर तक $3,200 से $3,400 प्रति औंस तक जा सकती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में  सोने की कीमत 1,100 रुपये के उछाल के साथ 92,150 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 91,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमतों में 1,300 रुपये की तेजी आई और यह बृहस्पतिवार के बंद स्तर 1,01,700 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 1,03,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब पहुंच गई। recent visitors 47

अब स्टॉक मार्केट सीधा 1 अप्रैल को ओपन होगा, निवेशक अगले हफ्ते मंगलवार को ही अब सीधा कारोबार कर पाएंगे

मुंबई घरेलू शेयर बाजार अब इस वित्त वर्ष में नहीं ओपन होगा। आज यानी 29 तारीख है। शनिवार की वजह से मार्केट आज बंद है। तो वहीं, 30 मार्च को रविवार की वजह से स्टॉक मार्केट में कोई कारोबार नहीं होगा। 31 मार्च को ईद का त्योहार है। जिसकी वजह से घरेलू शेयर बाजार में छुट्टी रहेगी। यानी अब स्टॉक मार्केट सीधा 1 अप्रैल को ओपन होगा। निवेशक अगले हफ्ते मंगलवार को ही अब सीधा कारोबार कर पाएंगे। सोमवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बीएसई में कोई स्टॉक, डेरिवेटिव और SLB में सेटेलमेंट नहीं होगा। ना ही इस दौरान कोई ट्रेडिंग होगी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) 31 मार्च 2025 को कुछ देर के लिए ओपन रहेगा। शाम को 5 बजे से 11.30 मिनट या 11.55 मिनट तक इस एक्सचेंज पर कारोबार होगा। वहीं, नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंद पूरी तरफ से इस दिन बंद रहेगा। अप्रैल के महीने में कब-कब रहेगी स्टॉक मार्केट में छुट्टी अगले महीने में कुल 3 ऐसे दिन हैं जब घरेलू मार्केट बंद रहेगा। पहली छुट्टी 10 अप्रैल को महावीर जयंती की वजह से है। वहीं, दूसरी बार इस महीने में स्टॉक मार्केट 14 अप्रैल को बाबा साहेब भीव राव अम्बेडकर की जयंती पर बंद रहेगा। अप्रैल के ही महीने में 18 तारीख को गुड प्राइडे की वजह से स्टॉक मार्केट नहीं खुलेगा। बता दें, प्रत्येक सप्ताह में शनिवार और रविवार को स्टॉक मार्केट में छुट्टी रहती है। मई के बाद अगस्त में रहेगी स्टॉक मार्केट की छुट्टी अप्रैल के बाद मई में पहली तारीख को महाराष्ट्र दिवस की वजह से शेयर बाजार बंद रहेगा। जून और जुलाई में कोई बड़ा त्योहार नहीं है। जिसकी वजह से मई के बाद अगली छुट्टी 15 अगस्त को सीधा है। वहीं, इसी अगस्त के महीने में ही 27 तारीख को गणेश चतुर्थी की वजह से स्टॉक मार्केट में छुट्टी रहने वाली है।   recent visitors 31

भारत में टेस्टेड, भारत के लिए निर्मित – OPPO F29 सीरीज, ड्यूरेबल चैंपियन का हुआ भारत में लॉन्च

भारत के कामकाजी लोगों के लिए निर्मित, OPPO F29 27 मार्च से ₹23,999 में मिलेगा। F29 Pro 1 अप्रैल से ₹27,999 के शुरुआती मूल्य में मिलेगा। OPPO F29 सीरीज है ड्यूरेबल चैंपियन, जो SGS (सोसाइटी जेनरल डे सर्विलांस), बेंगलुरु द्वारा IP66, IP68 और IP69 वाटर रजिस्टेंस के लिए भारत में टेस्टेड है। F29 सीरीज उद्योग के पहले हंटर एंटीना आर्किटेक्चर के साथ मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रदान करती है, जो सिग्नल स्ट्रेंथ 300% बढ़ा देता है। Natonal, मार्च 2025: OPPO India ने ट्रू ड्यूरेबल चैंपियन OPPO F29 सीरीज़ पेश की है। यह ड्यूरेबल स्मार्टफोन और विश्वसनीय नेटवर्क प्रदान करती है। भारत में टेस्टेड और भारत के लिए निर्मित F29 सीरीज़ में विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग, मिलिट्री-ग्रेड की मजबूती, बेहतर कनेक्टिविटी और शक्तिशाली बैटरी परफॉरमेंस का बेहतरीन मिश्रण है। इन सभी खूबियों के साथ यह खूबसूरत और स्लिम स्मार्टफोन व्यस्त गलियों से लेकर मुश्किल रास्तों तक हर चुनौती का सामना कर सकता है।   भारत के लिए टेस्टेड और भारत के लिए निर्मित OPPO F29 सीरीज़ में उद्योग का अग्रणी डस्ट एवं लिक्विड प्रोटेक्शन दिया गया है। इसलिए यह केरल के मानसून और राजस्थान की भारी गर्मी से लेकर कश्मीर की बर्फीली ठंड तक भारत के चुनौतीपूर्ण वातावरण को सहन कर सकता है। IP66, IP68 और IP69 मानकों के लिए भारत में SGS (सोसाइटी जेनरल डे सर्विलांस), बेंगलुरु द्वारा टेस्टेड F29 सीरीज अपने सेगमेंट में सबसे मजबूत स्मार्टफोन है। IP66 रेटिंग के कारण यह पानी की तेज धार का सामना कर सकता है। इसलिए यह वेंडर्स से लेकर कंस्ट्रक्शन कर्मियों तक उन सभी लोगों के लिए उत्तम है, जो गीले वातावरण में काम करते हैं। IP68 रेटिंग के कारण यह 30 मिनट तक 1.5 मीटर गहरे पानी में डूबने पर भी सुरक्षित रहता है। यानी पानी से भरे गड्ढों और रसोई के सिंक में गिरने पर भी यह सुरक्षित रहेगा। वहीं IP69 रेटिंग के कारण यह 80 डिग्री °C तक के उच्च दबाव, उच्च तापमान वाले पानी की धार को सहन कर सकता है। इसलिए यह उद्योगों में या बहुत ज़्यादा नमी वाले मौसम में काम करने के लिए उत्तम है। F29 सीरीज बेहतर लिक्विड रेजिस्टेंस के कारण भारी बारिश, नदी के पानी, गर्म झरनों, जूस, चाय, दूध, कॉफी, बीयर, भाप, बर्तन धोने के पानी, डिटर्जेंट का घोल, बर्फीला पानी क्लीनिंग फोम और गंदे पानी के गिरने पर भी सुरक्षित रहती है। अगर यह पानी में डूब जाए, तो एक अद्वितीय कंपन वाली साउंड स्पीकर से पानी को बाहर निकाल देती है। OPPO India के हेड, प्रोडक्ट कम्युनिकेशंस, सैवियो डिसूज़ा ने कहा, “OPPO F29 सीरीज़ भारत के लिए निर्मित है – इसमें ड्यूरेबिलिटी के साथ मजबूती, कनेक्टिविटी और परफ़ॉर्मेंस का बेहतरीन मिश्रण है। उद्योग में सर्वश्रेष्ठ IP रेटिंग और मिलिट्री-ग्रेड की मजबूती के साथ हमारा जबरदस्त हंटर एंटीना और शक्तिशाली बैटरी, ये सभी विशेषताएं भारत में सड़क पर चलने वालों के लिए विकसित की गई हैं। इस सारे विशिष्ट फीचर्स को एक स्लिम, स्टाइलिश डिवाइस में पैक किया गया है, जो इस सेगमेंट में एक नया कीर्तिमान स्थापित करती है।" मजबूती से निर्मित – 360° आर्मर बॉडी और मिलिट्री-ग्रेड की ड्यूरेबिलिटी F29 सीरीज़ का हर हिस्सा सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। इसमें 360° आर्मर बॉडी है, जिसमें स्पंज बायोनिक कुशनिंग दी गई है। यह इसके गिरने पर झटकों को अवशोषित कर लेती है। इसमें फाइबरग्लास से बना एक एलिवेटेड बैटरी कवर है। संरचनात्मक मजबूती के लिए कठोर साइड फ्रेम तथा कैमरे की सुरक्षा के लिए एक मजबूत लेंस प्रोटेक्शन रिंग दिया गया है। डिवाइस की सुरक्षा के लिए बॉक्स में एक कवर भी आता है, जिसके कोने अतिरिक्त पैडिंग के साथ उभरे हुए डिज़ाइन के हैं, ताकि स्मार्टफोन के कोने सुरक्षित रहें और स्क्रीन पर हल्का ओवरलैप होने के कारण यह सीधी टक्कर से सुरक्षित रहती है। F29 सीरीज एयरोस्पेस-ग्रेड AM04 एल्युमीनियम अलॉय फ्रेम द्वारा निर्मित है, जो इसके पूर्ववर्ती डिवाइस की तुलना में 10% ज्यादा ड्यूरेबल है। इसे 14 कठोर मिलिट्री स्टैंडर्ड (MIL-STD-810H-2022) परीक्षणों से गुजारा गया है। अत्यधिक तापमान और बारिश से लेकर झटके, धूल, साल्ट मिस्ट और कंपन तक F29 सीरीज हर मामले में ड्यूरेबल रहती है, जिनमें अन्य स्मार्टफोन फेल हो जाते हैं।   शक्तिशाली एंटीना – रोड वॉरियर्स के लिए निर्मित यह रोड वॉरियर्स के लिए बनाया गया है, जिसकी कनेक्टिविटी बेजोड़ है। OPPO F29 सीरीज में OPPO का एक्सक्लूसिव हंटर एंटीना आर्किटेक्चर पेश किया गया है, जो सिग्नल स्ट्रेंथ को 300% बढ़ा देता है। यह दूरदराज के क्षेत्रों, हाईवे, अंडरपास और बेसमेंट पार्किंग में भी अच्छा काम करता है। इसमें आधुनिक सिम्मेट्रिकल लो-फ्रीक्वेंसी एंटीना लेआउट है, जो न्यूनतम सिग्नल लॉस करता है, फिर चाहे आप कॉल पर हों या कंटेंट स्ट्रीम कर रहे हों। यह 84.5% एंटीना कवरेज प्रदान करता है, जो इस सेगमेंट में सबसे अधिक है। चाहे आप गेम खेल रहे हों, या हॉरिज़ोंटल मोड में वीडियो देख रहे हों, यह हमेशा बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करता है। TÜV रीनलैंड सर्टिफिकेशन के साथ यह हर जगह स्थिर और विश्वसनीय नेटवर्क सुनिश्चित करता है।   स्लिम, शक्तिशाली और एफिशिएंट – इंजीनियरिंग चमत्कार F29 सीरीज़ अपनी मजबूती के साथ बहुत आकर्षक भी है। इसमें जबरदस्त शक्ति के साथ एक पतला और स्टाइलिश डिज़ाइन है। OPPO F29 की मोटाई 7.65mm है और इसका वज़न 185 ग्राम से भी कम है, इसमें फ़्लैट AMOLED स्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट और 93.7% स्क्रीन-टू-बॉडी अनुपात है। ये दोनों स्मार्टफ़ोन 10-बिट कलर डेप्थ और 1200 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ इमर्सिव विज़ुअल प्रदान करते हैं, जो गेमिंग, स्ट्रीमिंग या आउटडोर काम करने के लिए उत्तम हैं। वहीं OPPO F29 प्रो की मोटाई 7.55mm है, इसका वजन मात्र 180 gm है, और इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.7 inch का क्वाड-कर्व्ड इनफिनिट व्यू AMOLED डिस्प्ले तथा बॉर्डरलेस व्यूइंग के लिए 93.5% स्क्रीन-टू-बॉडी अनुपात दिया गया है। इसका अल्ट्रा वॉल्यूम मोड ऑडियो को 300% बढ़ा देता है, ताकि मॉल जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में या ट्रैफ़िक में फंसे होने पर भी कोई नोटिफ़िकेशन या फ़ोन कॉल मिस ना हो। ये दोनों मॉडल हैंड्स-फ़्री मोड के साथ आते हैं, जो वॉल्यूम सबसे ज्यादा बढ़ जाने पर स्पीकर फ़ोन को अपने आप शुरू कर देता है। साथ ही ग्लव मोड और स्प्लैश टच की मदद से गीले हाथ या दस्ताने पहनकर भी टचस्क्रीन चलाई … Read more

भारत में टेस्टेड, भारत के लिए निर्मित – OPPO F29 सीरीज, ड्यूरेबल चैंपियन का हुआ भारत में लॉन्च

नई दिल्ली OPPO India ने ट्रू ड्यूरेबल चैंपियन OPPO F29 सीरीज़ पेश की है। यह ड्यूरेबल स्मार्टफोन और विश्वसनीय नेटवर्क प्रदान करती है। भारत में टेस्टेड और भारत के लिए निर्मित F29 सीरीज़ में विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग, मिलिट्री-ग्रेड की मजबूती, बेहतर कनेक्टिविटी और शक्तिशाली बैटरी परफॉरमेंस का बेहतरीन मिश्रण है। इन सभी खूबियों के साथ यह खूबसूरत और स्लिम स्मार्टफोन व्यस्त गलियों से लेकर मुश्किल रास्तों तक हर चुनौती का सामना कर सकता है।भारत के लिए टेस्टेड और भारत के लिए निर्मित OPPO F29 सीरीज़ में उद्योग का अग्रणी डस्ट एवं लिक्विड प्रोटेक्शन दिया गया है। इसलिए यह केरल के मानसून और राजस्थान की भारी गर्मी से लेकर कश्मीर की बर्फीली ठंड तक भारत के चुनौतीपूर्ण वातावरण को सहन कर सकता है। IP66, IP68 और IP69 मानकों के लिए भारत में SGS (सोसाइटी जेनरल डे सर्विलांस), बेंगलुरु द्वारा टेस्टेड F29 सीरीज अपने सेगमेंट में सबसे मजबूत स्मार्टफोन है। IP66 रेटिंग के कारण यह पानी की तेज धार का सामना कर सकता है। इसलिए यह वेंडर्स से लेकर कंस्ट्रक्शन कर्मियों तक उन सभी लोगों के लिए उत्तम है, जो गीले वातावरण में काम करते हैं। IP68 रेटिंग के कारण यह 30 मिनट तक 1.5 मीटर गहरे पानी में डूबने पर भी सुरक्षित रहता है। यानी पानी से भरे गड्ढों और रसोई के सिंक में गिरने पर भी यह सुरक्षित रहेगा। वहीं IP69 रेटिंग के कारण यह 80 डिग्री °C तक के उच्च दबाव, उच्च तापमान वाले पानी की धार को सहन कर सकता है। इसलिए यह उद्योगों में या बहुत ज़्यादा नमी वाले मौसम में काम करने के लिए उत्तम है। F29 सीरीज बेहतर लिक्विड रेजिस्टेंस के कारण भारी बारिश, नदी के पानी, गर्म झरनों, जूस, चाय, दूध, कॉफी, बीयर, भाप, बर्तन धोने के पानी, डिटर्जेंट का घोल, बर्फीला पानी क्लीनिंग फोम और गंदे पानी के गिरने पर भी सुरक्षित रहती है। अगर यह पानी में डूब जाए, तो एक अद्वितीय कंपन वाली साउंड स्पीकर से पानी को बाहर निकाल देती है। OPPO India के हेड, प्रोडक्ट कम्युनिकेशंस, सैवियो डिसूज़ा ने कहा, “OPPO F29 सीरीज़ भारत के लिए निर्मित है – इसमें ड्यूरेबिलिटी के साथ मजबूती, कनेक्टिविटी और परफ़ॉर्मेंस का बेहतरीन मिश्रण है। उद्योग में सर्वश्रेष्ठ IP रेटिंग और मिलिट्री-ग्रेड की मजबूती के साथ हमारा जबरदस्त हंटर एंटीना और शक्तिशाली बैटरी, ये सभी विशेषताएं भारत में सड़क पर चलने वालों के लिए विकसित की गई हैं। इस सारे विशिष्ट फीचर्स को एक स्लिम, स्टाइलिश डिवाइस में पैक किया गया है, जो इस सेगमेंट में एक नया कीर्तिमान स्थापित करती है।" मजबूती से निर्मित – 360° आर्मर बॉडी और मिलिट्री-ग्रेड की ड्यूरेबिलिटी F29 सीरीज़ का हर हिस्सा सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। इसमें 360° आर्मर बॉडी है, जिसमें स्पंज बायोनिक कुशनिंग दी गई है। यह इसके गिरने पर झटकों को अवशोषित कर लेती है। इसमें फाइबरग्लास से बना एक एलिवेटेड बैटरी कवर है। संरचनात्मक मजबूती के लिए कठोर साइड फ्रेम तथा कैमरे की सुरक्षा के लिए एक मजबूत लेंस प्रोटेक्शन रिंग दिया गया है। डिवाइस की सुरक्षा के लिए बॉक्स में एक कवर भी आता है, जिसके कोने अतिरिक्त पैडिंग के साथ उभरे हुए डिज़ाइन के हैं, ताकि स्मार्टफोन के कोने सुरक्षित रहें और स्क्रीन पर हल्का ओवरलैप होने के कारण यह सीधी टक्कर से सुरक्षित रहती है। F29 सीरीज एयरोस्पेस-ग्रेड AM04 एल्युमीनियम अलॉय फ्रेम द्वारा निर्मित है, जो इसके पूर्ववर्ती डिवाइस की तुलना में 10% ज्यादा ड्यूरेबल है। इसे 14 कठोर मिलिट्री स्टैंडर्ड (MIL-STD-810H-2022) परीक्षणों से गुजारा गया है। अत्यधिक तापमान और बारिश से लेकर झटके, धूल, साल्ट मिस्ट और कंपन तक F29 सीरीज हर मामले में ड्यूरेबल रहती है, जिनमें अन्य स्मार्टफोन फेल हो जाते हैं। शक्तिशाली एंटीना – रोड वॉरियर्स के लिए निर्मित यह रोड वॉरियर्स के लिए बनाया गया है, जिसकी कनेक्टिविटी बेजोड़ है। OPPO F29 सीरीज में OPPO का एक्सक्लूसिव हंटर एंटीना आर्किटेक्चर पेश किया गया है, जो सिग्नल स्ट्रेंथ को 300% बढ़ा देता है। यह दूरदराज के क्षेत्रों, हाईवे, अंडरपास और बेसमेंट पार्किंग में भी अच्छा काम करता है। इसमें आधुनिक सिम्मेट्रिकल लो-फ्रीक्वेंसी एंटीना लेआउट है, जो न्यूनतम सिग्नल लॉस करता है, फिर चाहे आप कॉल पर हों या कंटेंट स्ट्रीम कर रहे हों। यह 84.5% एंटीना कवरेज प्रदान करता है, जो इस सेगमेंट में सबसे अधिक है। चाहे आप गेम खेल रहे हों, या हॉरिज़ोंटल मोड में वीडियो देख रहे हों, यह हमेशा बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करता है। TÜV रीनलैंड सर्टिफिकेशन के साथ यह हर जगह स्थिर और विश्वसनीय नेटवर्क सुनिश्चित करता है। स्लिम, शक्तिशाली और एफिशिएंट – इंजीनियरिंग चमत्कार F29 सीरीज़ अपनी मजबूती के साथ बहुत आकर्षक भी है। इसमें जबरदस्त शक्ति के साथ एक पतला और स्टाइलिश डिज़ाइन है। OPPO F29 की मोटाई 7.65mm है और इसका वज़न 185 ग्राम से भी कम है, इसमें फ़्लैट AMOLED स्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट और 93.7% स्क्रीन-टू-बॉडी अनुपात है। ये दोनों स्मार्टफ़ोन 10-बिट कलर डेप्थ और 1200 निट्स पीक ब्राइटनेस के साथ इमर्सिव विज़ुअल प्रदान करते हैं, जो गेमिंग, स्ट्रीमिंग या आउटडोर काम करने के लिए उत्तम हैं। वहीं OPPO F29 प्रो की मोटाई 7.55mm है, इसका वजन मात्र 180 gm है, और इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 6.7 inch का क्वाड-कर्व्ड इनफिनिट व्यू AMOLED डिस्प्ले तथा बॉर्डरलेस व्यूइंग के लिए 93.5% स्क्रीन-टू-बॉडी अनुपात दिया गया है। इसका अल्ट्रा वॉल्यूम मोड ऑडियो को 300% बढ़ा देता है, ताकि मॉल जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में या ट्रैफ़िक में फंसे होने पर भी कोई नोटिफ़िकेशन या फ़ोन कॉल मिस ना हो। ये दोनों मॉडल हैंड्स-फ़्री मोड के साथ आते हैं, जो वॉल्यूम सबसे ज्यादा बढ़ जाने पर स्पीकर फ़ोन को अपने आप शुरू कर देता है। साथ ही ग्लव मोड और स्प्लैश टच की मदद से गीले हाथ या दस्ताने पहनकर भी टचस्क्रीन चलाई जा सकती है। शक्तिशाली बैटरी, फ़ास्ट चार्जिंग – लंबे समय तक चलने के लिए निर्मित F29 सीरीज़ ने F सीरीज़ में पहली बार F29 बेस मॉडल के साथ शक्तिशाली 6500mAh की बड़ी बैटरी और 45W SUPERVOOC™ फ़ास्ट-चार्जिंग दी गई है। प्रो वर्ज़न के साथ 6000mAh की शक्तिशाली फ़ास्ट-चार्जिंग बैटरी और 80W की SUPERVOOC™ चार्जिंग दी गई है। इस मूल्य वर्ग में पहली बार दोनों स्मार्टफ़ोन मॉडल रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं, और 5 साल की बैटरी लाइफ़ (OPPO लैब … Read more

चांदी बनी रॉकेट, 1 लाख के पार, सोने ने भी दौड़ लगाकर बनाया नया रिकॉर्ड

भोपाल देशभर में एक अप्रैल से नए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की शुरुआत हो जायेगी. इस बीच लोगों को बाजार से बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद होगी. जिसका सीधा असर गोल्ड मार्केट में भी दिखेगा. एमपी की राजधानी भोपाल में आज शुक्रवार (28 मार्च) को भारतीय बुलियन (www.bullions.co.in) के मुताबिक, बाजार शुरू होने तक सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं: – भोपाल में 22 कैरेट सोने का रेट आज: 81,428 रुपए/10 ग्राम बीते दिन: 80,978 रुपए – भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 88,830 Rs/10gm बीते दिन: 88,340 रुपए प्रति 10 ग्राम अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा शुल्क लगाने से ग्लोबल मार्केट में सोना ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। घरेलू बाजार में भी सोने चांदी के वायदा कारोबार की शुरुआत में आज तेजी देखने को मिल रही है। दोनों के भाव आज तेजी के साथ खुले। खबर लिखे जाने के समय सोने के वायदा भाव 88,750 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे, जबकि चांदी के भाव 1,01,500 रुपये के करीब कारोबार कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने चांदी के वायदा भाव में तेजी देखी जा रही है। चांदी ने बनाया रिकॉर्ड, एक लाख पार अब बात करें तो गोल्ड-सिल्वर में पिछले कुछ महीने से लगातार हलचल मची है. इसी बीच आज पहली बार चांदी ने ऐतिहासिक बढ़त बनाते हुए 1 लाख का मार्क पार कर दिया है. इसी बीच आज येलो मेटल कहे जाने वाले सोने का शुरुआती कारोबार में भी हलचल दिखी है, जहां देश में आज गोल्ड-सिल्वर रेट कुछ इस प्रकार से हैं: – भारत में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 88,900 रुपए प्रति 10 ग्राम बीते दिन: 88,400 Rs/10gm – भारत में चांदी का भाव आज: 101,670 रुपए प्रति 1 किलो बीते दिन: 99,970 रुपए/किलो सोने जल्द टच करेगा 95 हजार का मार्क भारत संग दुनियाभर के बाजार पिछले कुछ महीनों से काफी हलचल से गुजरे हैं. इस दौरान जहां बाजार से बड़ी संख्या में फॉरेन इंवेस्टर भारत छोड़ रहे हैं. इस बीच सोने के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है और सेंसेक्स से लेकर निफ्टी तक रेड जोन में है. इसके अलावा इंटरनेशनल गोल्ड मार्केट में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी जारी है. अब अगर आप भी गोल्ड खरीदी की सोच रहे हैं तो फटाफट खरीद ले, क्योंकि आने वाले दिनों में सोना और भी रिकॉर्ड महंगाई छु सकता है. बाजार के ट्रेंड की माने तो इस साल अगस्त महीने तक ही सोना 95 हजार का रिकॉर्ड आकड़ा पार कर सकता है. हालमार्क ही है असली सोने की पहचान देखिए अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें. सोने के भाव तेज सोने के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट आज 289 रुपये की तेजी के साथ 88,673 रुपये के भाव पर खुला। पिछला बंद भाव 88,384 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 371 रुपये की तेजी के साथ 88,755 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 88,930 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 88,673 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। सोने के वायदा भाव ने पिछले सप्ताह 89,796 रुपये के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था। recent visitors 50

मुकेश अंबानी नेटवर्थ 1 लाख करोड़ रुपये घटी, दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप-10 से हुए बाहर

नई दिल्ली  बिजनेस की दुनिया में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अब दुनिया के टॉप 10 सबसे अमीर लोगों में नहीं रहे। उनकी नेटवर्थ में पिछले साल के मुकाबले 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उन पर कर्ज बढ़ गया है। यह जानकारी Hurun Global Rich List 2025 में दी गई है। टेस्ला (Tesla) के CEO एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए हैं। उनकी संपत्ति में 82% की बढ़ोतरी हुई है। अब उनके पास कुल 420 बिलियन डॉलर की संपत्ति है। इस बीच आईटी कंपनी HCL की रोशनी नादर दुनिया की पांचवीं सबसे अमीर महिला बन गई हैं। उनके पास 3.5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। रोशनी नाडर पहली भारतीय महिला हैं जो दुनिया की टॉप 10 महिलाओं में शामिल हुई हैं। उनके पिता शिव नाडर ने HCL में अपनी 47% हिस्सेदारी उन्हें दे दी है। मुकेश अंबानी अभी भी भारत और एशिया के सबसे अमीर आदमी हैं। अंबानी परिवार के पास 8.6 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले उनकी संपत्ति में करीब 13 फीसदी यानी 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। गौतम अडानी और उनके परिवार की संपत्ति में 13% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले एक साल में उनकी नेटवर्थ में 1 लाख करोड़ रुपये की तेजी आई है। वह 8.4 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ भारतीय अमीरों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। रोशनी नाडर और उनका परिवार इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। उन्हें पहली बार इस लिस्ट में जगह मिली है। कौन-कौन है टॉप 10 में सन फार्मा के दिलीप सांघवी की संपत्ति में 21% की बढ़ोतरी हुई है। अब उनके पास 2.5 लाख करोड़ रुपये हैं और वह इस लिस्ट में चौथे स्थान पर आ गए हैं। विप्रो के अजीम प्रेमजी 2.2 लाख करोड़ रुपये के साथ पांचवें, कुमार मंगलम बिड़ला 2 लाख करोड़ रुपये के साथ छठे नंबर पर हैं। साइरस पूनावाला 2 लाख करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ संयुक्त छठे नंबर पर हैं। पिछले एक साल में उनकी नेटवर्थ में 8 फीसदी गिरावट आई है। बजाज ऑटो वाले नीरज बजाज 1.6 लाख करोड़ रुपये के साथ आठवें नंबर पर हैं जबकि रवि जयपुरिया और राधाकिशन दमानी 1.4 लाख करोड़ रुपये के साथ संयुक्त रूप से नौवें नंबर पर हैं। मुंबई में सबसे ज्यादा अरबपति हैं। टॉप 10 में से पांच अरबपति मुंबई से हैं। नई दिल्ली में दो अरबपति हैं। बेंगलुरु,अहमदाबाद और पुणे में एक-एक अरबपति हैं। recent visitors 40

साल की पहली तिमाही के दौरान हाउसिंग रियल एस्टेट का बाजार सुस्त हो गया

नई दिल्ली बीते कुछ साल में मकानों की कीमत (House Price) आसमान को छूने को बेताब है। इधर, जियो-पोलिटिकल टेंशन और शेयर बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ गया है। तभी तो इस साल की पहली तिमाही के दौरान हाउसिंग रियल एस्टेट का बाजार सुस्त हो गया है। तभी तो इस दौरान मकानों की बिक्री में 28 फीसदी की गिरावट आई है। रिपोर्ट से हुआ है खुलासा रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक (Anarock) का कहना है कि आवासीय संपत्तियों की आसमान छूती कीमतों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण Q1, 2025 में भारतीय आवास बाजार की तेजी धीमी हो गई है। उसकी वजह से घरों की बिक्री में कमी आ रही है। इसकी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी से मार्च के दौरान करीब 93,280 यूनिट्स की बिक्री हुई है। पिछले साल इसी समय में 1,30,170 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। इस हिसाब से इस साल 28% की गिरावट दिख रही है। दिल्ली एनसीआर में बिक्री 20 फीसदी घटी दिल्ली-NCR में बिक्री 20% तक घटी है। यहां इस साल पहली तिमाही के दौरान करीब 12,520 यूनिट्स की बिक्री हुई है। जबकि पिछले साल इसी दौरान 15,650 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 26% तक गिरी है। वहां इस साल करीब 31,610 यूनिट्स की बिक्री हुई है, जबकि पिछले साल 42,920 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। मकानों (इकाइयों में) की बिक्री में साल-दर-साल % परिवर्तन   शहरों के नाम Q1-2025 Q1-2024 % परिवर्तन (Q1-2024 बनाम Q1-2025) एनसीआर 12,520 15,650 -20% एमएमआर 31,610 42,920 -26% बैंगलोर 15,000 17,790 -16% पुणे 16,100 22,990 -30% हैदराबाद 10,100 19,660 -49% चेन्नई 4,050 5,510 -26% कोलकाता 3,900 5,650 -31% कुल 93,280 1,30,170 -28% स्रोत: एनारॉक रिसर्च   बेंगलुरु-हैदराबाद में भी घटी बिक्री इस अविध के दौरान बेंगलुरु में मकानों की बिक्री 16% तक गिरी है। वहां इस साल की करीब 15,000 यूनिट्स की बिक्री होने की संभावना है, जबकि पिछले साल 17,790 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। पुणे में बिक्री 30% तक गिर सकती है। यहां 16,100 यूनिट्स की बिक्री होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 22,990 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। हैदराबाद में घरों की बिक्री 49% तक गिर सकती है। यहां 10,100 यूनिट्स की बिक्री होने की संभावना है, जबकि पिछले साल 19,660 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। चेन्नई में बिक्री 26% तक गिर सकती है। यहां 4,050 यूनिट्स की बिक्री होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल 5,510 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। कोलकाता में आवासीय संपत्तियों की बिक्री इस साल जनवरी-मार्च में 31% तक कम हो सकती है। यहां 3,900 यूनिट्स की बिक्री होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल इसी समय में 5,650 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। अर्थव्यवस्था ठीक तब भी गिरावट एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि भारत का समग्र आर्थिक परिदृश्य इस समय सकारात्मक बना हुआ है। GDP विकास दर वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक रहने और मुद्रास्फीति भी नियंत्रण में रहने का अनुमान है। लेकिन, तब भी मकानों की बिक्री में गिरावट आ रही है। उन्होंने कहा "हालांकि, मकानों की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनावों जैसे चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और एक कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था ने भारत के आवासीय बाजार की गतिविधि पर असर डाला है। इन कारकों का असर Q1 2025 में आवास बाजार पर पड़ा है।" recent visitors 43

अमेरिकी टैरिफ का बाजार पर नहीं दिखा कोई असर, बढ़त के साथ 16,119.85 पर बंद हुआ

मुंबई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए नए टैरिफ को दरकिनार करते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। बाजार के ज्यादातर सूचकांकों में खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 317.93 अंक या 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,606.43 और निफ्टी 105.10 अंक या 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,591.95 पर था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाली सभी कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। हालांकि, बाजार पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला। लार्जकैप के साथ मिडकैप इंडेक्स में भी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 193.25 अंक या 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 51,839.40 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 183.10 अंक या 1.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,119.85 पर बंद हुआ। सेक्टोरल आधार पर आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा और कमोडिटीज इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। ऑटो और फार्मा इंडेक्स ही लाल निशान में बंद हुए हैं। सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, जोमैटो, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, टाइटन और टेक महिंद्रा टॉप गेनर्स थे। टाटा मोटर्स, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, एमएंडएम, टाटा स्टील, एचयूएल और मारुति सुजुकी टॉप लूजर्स थे। जानकारों के मुताबिक, मंथली एक्सपायरी के कारण धीमी शुरुआत के बाद बाजार में रिकवरी देखने को मिली और यह 105.10 अंक बढ़कर 23,591.95 पर बंद हुआ। प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर ने कहा, "ऐसा लगता है कि इंडेक्स का करेक्शन फेस पूरा हो गया है, तेजी के गैप को भर दिया है और पियर्सिंग कैंडलस्टिक पैटर्न बना लिया है। बाजार के लिए रुकावट का स्तर 23,800 पर है और इस स्तर से ऊपर ब्रेकआउट इंडेक्स को 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर ले जा सकता है। हालांकि, सपोर्ट 23,400 पर बना हुआ है।" बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह करीब 9.26 बजे, सेंसेक्स 112.96 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 77,401.46 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 28.20 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 23,515.05 पर था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 26 मार्च को 2,240.55 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 696.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। recent visitors 32

बिरला ओपस पेंट्स ने लखनऊ में पहला विशेष पेंट स्टूडियो लॉन्च किया, जो है पेंटिंग की सभी जरूरतों के लिए एक खास जगह

बिरला ओपस पेंट्स ने लखनऊ में पहला विशेष पेंट स्टूडियो लॉन्च किया, जो है पेंटिंग की सभी जरूरतों के लिए एक खास जगह ग्राहक अनुभव पर केंद्रित डिज़ाईन के साथ यह पेंट स्टूडियो उत्तर प्रदेश में अपनी तरह का पहला कंपनी ओन्ड एवं कंपनी ऑपरेटेड स्टोर है। बिरला ओपस पेंट स्टूडियो इनोवेशन और पर्सनालाईज़ेशन का मिश्रण पेश करता है। यह होम डेकोर के सपनों को साकार करने के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन एवं आकर्षक स्पेस प्रदान करता है। लखनऊ आदित्य बिरला ग्रुप की ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ के तहत आने वाले ब्रांड, बिरला ओपस पेंट्स ने आज लखनऊ में अपना दूसरा बिरला ओपस पेंट स्टूडियो (कंपनी ओन्ड एवं कंपनी ऑपरेटेड स्टोर) शुरू किया। गुरुग्राम में अपने पहले पेंट स्टूडियो की सफल शुरुआत के बाद, यह विस्तार इनोवेशन, प्रीमियम पेशकशों और दिलचस्प ग्राहक अनुभव द्वारा पेंट एवं डेकोर उद्योग में परिवर्तन लाने की ब्रांड की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है। यह लॉन्च बिरला ओपस पेंट्स की विकास रणनीति का सबसे अहम कदम है, जिसका मकसद पूरे भारत में अपने रिटेल नेटवर्क को फैलाना है। कंपनी आने वाले महीनों में एक्सपीरियंशल रिटेल पर केंद्रित रहते हुए मुंबई, नवी मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता, जयपुर, अहमदाबाद और सूरत में अपने एक्सपीरियंस सेंटर खोलने की योजना बना रही है। लखनऊ के इस बिरला ओपस पेंट स्टूडियो को बड़ी ही रचनात्मकता से एक प्रेरणा केंद्र के रूप में बनाया गया है, जो पारंपरिक पेंट स्टोर्स से काफी अलग है। यह एक अनुभव केंद्र है, जहां ग्राहक नए आइडिया खोज सकेंगे और साथ ही रंगों को छूकर, महसूस करके उन्हें वास्तविक माहौल में अनुभव कर सकेंगे। ग्राहकों को यहां रंग चयन, टेक्सचर और पेंट लगाने की तकनीकों पर निशुल्क विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही उन्नत विज़ुअलाइज़ेशन टूल्स की मदद से वे अपने चुने हुए रंगों को वास्तविक माहौल में देख सकेंगे। पेंट के अलावा, यह पेंट स्टूडियो वॉलपेपर, डिज़ाइनर फिनिश और खास कोटिंग की सुविधा भी देता है, जिससे यहां आपको संपूर्ण डेकोर समाधान मिलता है। बिरला ओपस पेंट्स के सीईओ, श्री रक्षित हरगवे ने बताया कि, “गुरुग्राम में हमारे पहले बिरला ओपस पेंट स्टूडियो की सफलता के बाद, हमें यह अद्वितीय अनुभव लखनऊ में लाने की बहुत खुशी है। हम पूरे देश में रंगों के अनुभव को नया आयाम देने की दिशा में कार्यरत हैं। भारत में उपभोक्ता अब पेंट खरीदते समय या सेवाएं लेते समय नए और बेहतर विकल्पों को अपनाना पसंद करते हैं। उपभोक्ताओं की इस बदलती दिलचस्पी को समझते हुए, हम बिरला ओपस पेंट्स में ऐसे खास अनुभव केंद्र बना रहे हैं, जो गृहस्वामियों को अपने सपनों का घर बनाने का मौका देते हैं।" उन्होंने कहा, ‘‘यह एक्सपीरियंस सेंटर उत्कृष्टता, इनोवेशन और अतुलनीय गुणवत्ता की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा विश्वास है कि हर घर को एक व्यक्तिगत स्पर्श मिलना चाहिए। हम इस सेंटर में 170 से अधिक उत्पाद और कुछ अधिक एक्सक्लुसिव विकल्प पेश कर रहे हैं। इसलिए हमारे ग्राहक हमारे पेंट, डिज़ाईनर फिनिश और वॉलपेपर्स का अनुभव बिल्कुल नए और अद्वितीय रूप में ले सकेंगे। हमारा उद्देश्य है कि पेंटिंग एक ऐसी कला बन जाए, जो जगहों को व्यक्तिगत कहानियाँ बयाँ करने में समर्थ बना दे।” नए स्टोर का पता: बिरला ओपस पेंट स्टूडियो, ग्राउंड फ्लोर, पृथ्वी रतन हाइट्स, सीपी 4, विजयंत खंड, फैजाबाद रोड, गोमती नगर, लखनऊ, यू.पी. गोमतीनगर, लखनऊ – 226010 बिरला ओपस पेंट का हर स्टूडियो आर्किटेक्ट्स और इंटीरियर डिज़ाईनर्स के लिए एक केंद्र है, जहाँ उन्हें संसाधनों, नमूनों और विशेषज्ञ सपोर्ट के साथ एक समर्पित कार्यस्थल मिलता है, जहाँ प्रोफेशनल्स सहयोगपूर्वक निर्माण कर सकते हैं। recent visitors 28

दूरसंचार कंपनियां भविष्य में नियमित रूप से टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली भारत में दूरसंचार सेवाओं की कीमतें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं। दूरसंचार कंपनियां भविष्य में नियमित रूप से टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं ताकि वे अपने राजस्व में सुधार कर सकें। कंपनियां पहले भी टैरिफ में वृद्धि कर चुकी हैं जैसे दिसंबर 2019 नवंबर 2021 और जुलाई 2024 में। राजस्व वृद्धि की योजना रिपोर्ट के अनुसार दूरसंचार कंपनियां प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) को बढ़ाने के लिए कीमतों में वृद्धि करेंगी। इसका मतलब है कि उपभोक्ता प्रीमियम प्लान की ओर रुख करेंगे जिससे कंपनियों के राजस्व में वृद्धि होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय दूरसंचार क्षेत्र वर्तमान में एक महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहा है जहां प्रतिस्पर्धा कम हो गई है और कंपनियां अब अधिक बार टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार उद्योग में निवेश और ग्राहकों के डाटा खपत को देखते हुए रिटर्न अभी भी कम है इसलिए कंपनियां आने वाले वर्षों में अधिक बार टैरिफ बढ़ाएंगी। कंपनियों का राजस्व हुआ दोगुना रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले पांच सालों में दूरसंचार कंपनियों का राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। उनकी लाभप्रदता में भी सुधार हो रहा है परिचालन लागत स्थिर हो रही है और मार्जिन मजबूत हो रहे हैं। 5जी सेवाओं के आने के बाद कंपनियों ने अपने पूंजीगत खर्च में कमी की है जिससे वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में मुक्त नकदी प्रवाह में बढ़ोतरी हो सकती है। 2जी ग्राहकों की संख्या में गिरावट रिपोर्ट के अनुसार 4जी और 5जी सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ भारत में 2जी ग्राहकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। अगले पांच से छह वर्षों में 2जी ग्राहकों की संख्या नगण्य हो सकती है। वर्तमान में 25 करोड़ ग्राहक 2जी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं और इनमें से वोडाफोन आइडिया के पास 40 प्रतिशत 2जी ग्राहक हैं जबकि एयरटेल के पास 23 प्रतिशत 2जी ग्राहक हैं। महंगे डाटा प्लान की ओर रुझान दूरसंचार ग्राहक अब 2जी से 4जी सेवाओं की ओर बढ़ रहे हैं और पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। इसके कारण प्रति उपयोगकर्ता समग्र राजस्व में सुधार हो रहा है। इसके अलावा डाटा की खपत भी बढ़ रही है और ग्राहक अब अधिक कीमत वाले डाटा प्लान चुन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय रोमिंग और ओटीटी सब्सक्रिप्शन जैसी सेवाओं की मांग में भी वृद्धि हो रही है। स्टारलिंक के लिए चुनौतीपूर्ण होगा भारत में विस्तार एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक अब भारत में अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है। एयरटेल और रिलायंस जियो के साथ समझौता करने के बाद स्टारलिंक वोडाफोन आइडिया से भी बातचीत कर रही है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टारलिंक को भारत में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। भारत में नियामकीय बाधाएं, उच्च आयात कर और सस्ते ब्रॉडबैंड सेवाओं के कारण स्टारलिंक के लिए कीमतों का सही निर्धारण करना मुश्किल हो सकता है। उपग्रह संचार क्षेत्र का विस्तार भारत का उपग्रह संचार क्षेत्र भी तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की पहल जैसे कि दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना और दूरसंचार अधिनियम-2023 ने इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया है। ओपन एफडीआई नीतियां, क्वांटम सैटेलाइट तकनीक में प्रगति और वीसैट नेटवर्क का विस्तार इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। इस प्रकार भारत का दूरसंचार क्षेत्र भविष्य में और अधिक महंगा हो सकता है लेकिन इसके साथ ही इसमें कई नई तकनीकी और व्यापारिक पहल भी सामने आ सकती हैं।   recent visitors 42

RBI ने किया स्पष्ट, छोटे ऋण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं, नए नियम 1 अप्रैल 2025 से बदल जाएंगे

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग – PSL) में ऋण देने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए दिशा-निर्देश 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे। इन बदलावों का उद्देश्य छोटे उधारकर्ताओं को राहत देना और बैंकों को अधिक पारदर्शिता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना है। आइए जानते हैं नए नियमों के मुख्य बिंदु: छोटे ऋण पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं RBI ने स्पष्ट कर दिया है कि 50,000 रुपये तक के छोटे ऋण पर बैंक किसी भी प्रकार का सेवा शुल्क या निरीक्षण शुल्क नहीं लगा सकेंगे। इसका उद्देश्य छोटे उधारकर्ताओं को अनावश्यक वित्तीय बोझ से बचाना है। यह कदम छोटे व्यवसायियों, किसानों और कम आय वाले लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। होम लोन की लिमिट बढ़ाई गई RBI ने प्राथमिकता वाले क्षेत्र के तहत होम लोन की सीमा बढ़ा दी है। नए नियमों के अनुसार:     50 लाख या उससे अधिक आबादी वाले शहरों में अब 50 लाख रुपये तक का होम लोन PSL के तहत आएगा, जो पहले 35 लाख था।          मकान की कीमत 63 लाख रुपये तक हो सकती है, जो पहले 45 लाख रुपये थी।     10 लाख या उससे अधिक आबादी वाले केंद्रों में अब 45 लाख रुपये तक का होम लोन मिलेगा।     10 लाख से कम आबादी वाले क्षेत्रों में 35 लाख रुपये तक का होम लोन PSL के तहत आएगा।     व्यक्तिगत परिवारों के लिए कर्ज सीमा प्रति उधारकर्ता 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। बैंकों को देनी होगी तिमाही और वार्षिक रिपोर्ट नए दिशा-निर्देशों के तहत, बैंकों को अब तिमाही और वार्षिक आधार पर अपने प्राथमिकता वाले ऋणों की विस्तृत जानकारी जमा करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि PSL के तहत दिए गए ऋण सही क्षेत्रों तक पहुंचे और पारदर्शिता बनी रहे। गोल्ड लोन PSL के तहत नहीं आएगा RBI ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बैंकों द्वारा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) से खरीदे गए सोने के आभूषणों के बदले दिए गए ऋणों को प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के रूप में नहीं गिना जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए निर्धारित फंड वास्तव में जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचे, जैसे कृषि, छोटे व्यवसाय और कमजोर वर्ग। प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) क्या है? प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग RBI की एक नियामक नीति है, जिसके तहत बैंकों को अपने कुल ऋण का एक निश्चित हिस्सा समाज के कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों को देना आवश्यक होता है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं: छोटे और मध्यम उद्यम निम्न-आय वर्ग के लिए आवासीय ऋण शिक्षा ऋण समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के लिए ऋण बदलाव से क्या होगा फायदा? छोटे उधारकर्ताओं को राहत: 50,000 रुपये तक के लोन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। घर खरीदना हुआ आसान: होम लोन की सीमा बढ़ने से मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी।     पारदर्शिता बढ़ेगी: बैंकों को तिमाही और वार्षिक डेटा देना होगा, जिससे PSL का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।     गोल्ड लोन PSL के तहत नहीं: इससे प्राथमिकता क्षेत्र के लिए आवंटित फंड सही जगह पर पहुंचेगा।   recent visitors 42

जिंदल की JSW Steel बनी दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टील कंपनी, अमेरिका की Nucor Corp को पछाड़ा दिया

नई दिल्ली  सज्जन जिंदल की अगुवाई वाली कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील दुनिया की सबसे वैल्यूएबल स्टील कंपनी बन गई है। मंगलवार को BSE पर इसके शेयर की कीमत 1,074.15 रुपये के रेकॉर्ड तक पहुंच गई। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप $30 अरब से ज्यादा हो गया। पिछले एक महीने में इस शेयर में लगभग 11% और पिछले एक हफ्ते में 4% से ज्यादा तेजी आई है। JSW स्टील ने अमेरिका की Nucor Corp को पछाड़कर दुनिया की सबसे वैल्यूएबल स्टील कंपनी बनने का गौरव हासिल किया। Nucor Corp का मार्केट कैप $29.92 अरब है। यूरोप की ArcelorMittal, जापान की Nippon Steel Corp और चीन की Baoshan Iron जैसी बड़ी स्टील कंपनियों का मार्केट कैप $21 अरब से $27 अरब के बीच है। JSW स्टील की वैल्यू दूसरी भारतीय कंपनियों जैसे टाटा स्टील, जिंदल स्टील एंड पावर और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) से भी ज्यादा है। टाटा स्टील भारत की दूसरी और दुनिया की पांचवीं सबसे वैल्यूएबल स्टील कंपनी है, जिसका मार्केट कैप लगभग $23.09 अरब है। जिंदल स्टील का मार्केट कैप $10.81 अरब है जबकि सरकारी कंपनी SAIL का मार्केट कैप $5.5 अरब है। पिछले एक हफ्ते में टाटा स्टील और SAIL के शेयरों में 1 से 5% तक तेजी आई है जबकि जिंदल स्टील एंड पावर के शेयर गिरे हैं। शेयर की कीमत सरकार ने कुछ समय पहले सस्ते स्टील के इम्पोर्ट को रोकने के लिए कुछ कदम उठाने की बात कही थी। इससे भारतीय स्टील कंपनियों को फायदा हुआ है। इन्वेस्टेक के एनालिस्ट रितेश शाह का कहना है कि JSW स्टील हमारी पसंदीदा कंपनी है। कंपनी ने लगातार अच्छी ग्रोथ की है और EBITDA भी अच्छा रहा है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,074.15 रुपये और न्यूनतम स्तर 815.70 रुपये है। बुधवार को कंपनी का शेयर फ्लैट ट्रेड कर रहा है। सुबह 11 बजे यह 0.03% की गिरावट के साथ 1061.50 रुपये पर था। अब बाजार पूंजीकरण के हिसाब से यह दुनिया की सबसे मूल्यवान स्टील कंपनी बन गई है। इस मामले में कंपनी ने आर्सेलर मित्तल और निप्पॉन स्टील जैसी दिग्गज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। बता दें कि JSW स्टील के शेयरों में 2025 में अब तक 18% की वृद्धि हुई है। यह शेयर साल 2025 में अब तक निफ्टी 50 इंडेक्स पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में से एक है। शेयर का भाव सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को JSW स्टील के शेयर 1074.15 रुपये पर पहुंच गए थे। यह भाव शेयर के 52 हफ्ते का हाई भी है। इस शेयर की क्लोजिंग 1061.85 रुपये पर हुई थी। इस कंपनी के मार्केट कैप की बात करें तो ₹2.6 लाख करोड़ है। JSW स्टील का बाजार पूंजीकरण भारत में अपने प्रतिस्पर्धी जैसे टाटा स्टील (₹1.95 लाख करोड़) और अन्य की तुलना में भी अधिक है। शेयर का टारगेट प्राइस ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक ने JSW स्टील को ₹1100 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ "खरीदें" रेटिंग दी है। JSW स्टील अपनी विकास संभावनाओं, रिटर्न रेश्यो प्रोफाइल, सैटलमेंट आदि के कारण इन्वेस्टेक की पसंदीदा कंपनी है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान क्षमता में स्थिर वृद्धि और एबिटा से पहले की आय के कारण आकर्षक शेयरधारक रिटर्न दिया है। एक अन्य ब्रोकरेज आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक शेयर 1230 रुपये तक जा सकता है। 22 करोड़ से अधिक शेयर बेचने का ऐलान इस बीच, JSW स्टील ने कहा कि वह प्रस्तावित बाय-बैक ऑफर के तहत अपनी सहायक कंपनी पियोम्बिनो स्टील लिमिटेड (पीएसएल) में 22 करोड़ से अधिक शेयर बेचेगी। यह शेयर 1,676.45 करोड़ रुपये में बेचे जाएंगे। जेएसडब्ल्यू स्टील ने कहा कि उसके पास पीएसएल में 508 करोड़ इक्विटी शेयर हैं, जो पीएसएल की कुल इक्विटी शेयरधारिता का 83.28 प्रतिशत है। निदेशक मंडल ने प्रस्तावित बाय-बैक ऑफर के तहत 75.30 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की कीमत पर पीएसएल में रखे गए 22,26,36,000 इक्विटी शेयरों की निविदा को मंजूरी दे दी है। जेएसडब्ल्यू स्टील ने कहा कि इस कदम से कंपनी को अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। recent visitors 36

बैंकों में पड़े अनक्लेम्ड अमाउंट को हासिल करना और आसान हो जाएगा, बैंक जल्द ही एक आसान जनरल फॉर्मेट पेश करेंगे

नई दिल्ली  बैंकों में पड़े अनक्लेम्ड अमाउंट यानी लावारिस रकम को हासिल करना और आसान हो जाएगा. ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में सरकारी और प्राइवेट बैंक जल्द ही एक आसान जनरल फॉर्मेट पेश करेंगे, जिससे खाताधारकों या उनके नामांकित व्यक्तियों को 78,213 करोड़ रुपये से अधिक की लावारिस जमा राशि वापस मिल सकेगी. इस मामले से वाकिफ लोगों ने इस बात की जानकारी दी है. इस सिस्टम में सामान्य आवेदन और डिक्लरेशन फॉर्म के अलावा लावारिस जमा राशियों को फिर से प्राप्त करने के लिए जरूरी स्टैंडर्ड डॉक्युमेंट्स की सूची भी शामिल होगी. वर्किंग ग्रुप ने तैयार किया मसौदा एक सरकारी बैंक के एक्जीक्यूटिव ने बताया कि आवेदन के साथ नाम, मोबाइल नंबर और पता जैसी डिटेल देनी होगी, जिन्हें वेरिफिकेशन के बाद संबंधित बैंक शाखा द्वारा प्रोसेस्ड किया जाएगा. एक अन्य बैंक अधिकारी ने कहा, “अनक्लेम्ड डिपॉजिट के मुद्दे पर विचार करने के लिए गठित वर्किंग ग्रुप की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है. ऐसे में वित्त वर्ष 2026 से, ‘ऑनलाइन रिट्रीवल मैकेनिज्म’ पूरी तरह से चालू हो जाएगा.” दरअसल, पिछले साल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सरकार और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा के बाद, सरकारी बैंकों के वरिष्ठ बैंकरों का एक कार्य समूह बनाया गया था, जिसे बैंकों में लावारिस पड़ी रकम के सेटलमेंट में तेजी लाने के तरीकों की सिफारिश करने को कहा गया था. 78000 करोड़ की लावारिस रकम बैंक खातों में जमा वह राशि, जो 10 वर्ष या उससे अधिक अवधि से पड़ी है, उसे RBI के जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता (DEA) कोष में ट्रांसफर कर दिया जाता है. मार्च 2024 तक इस फंड में ₹78,213 करोड़ जमा थे, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 26% की वृद्धि दर्शाता है. इस रकम को खाताधारक या उनकी मृत्यु होने की दशा में संबंधित उत्तराधिकारी एक नियम के तहत प्राप्त कर सकते हैं. बैंकों में अनक्लेम्ड अमाउंट के मामले ज्यादातर नॉमिनी के रजिस्टर्ड नहीं होने से देखने को मिलते हैं.   recent visitors 40

1 अप्रैल से 6% वाला गूगल टैक्स खत्म करेगा भारत?

मुंबई भारत सरकार 1 अप्रैल से उन विदेशी कंपनियों से "गूगल टैक्स" हटा देगी, जो डिजिटल विज्ञापनों के जरिए पैसा कमाती हैं। इसका मतलब यह है कि अब कंपनियों जैसे Google और Meta को भारतीय बाजार में अपनी सेवाओं पर कम टैक्स देना पड़ेगा। इस बदलाव से इन कंपनियों को बड़ा फायदा होगा, क्योंकि अब उन्हें पहले से कम टैक्स देना होगा, जिससे वे अपने कारोबार को और बढ़ा सकेंगी। Equalisation Levy क्या था? भारत सरकार ने इस टैक्स को "इक्वलाइजेशन लेवी" कहा था, जिसे 2016 में लागू किया गया था। यह टैक्स विदेशी कंपनियों पर लगाया जाता था जो भारतीय यूजर्स को ऑनलाइन सेवाएं देती थीं, जैसे विज्ञापन, शॉपिंग, और क्लाउड सेवाएं। इससे यह सुनिश्चित किया जाता था कि विदेशी कंपनियां भारतीय टैक्स सिस्टम का हिस्सा बने और भारत में उनके द्वारा किए गए कारोबार पर टैक्स लिया जाए। कैसे होगा इन कंपनियों को फायदा? अब इस 6% टैक्स को हटा दिया जाएगा, जिससे कंपनियों को भारतीय बाजार में अपनी सेवाओं की कीमतें और ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाने का मौका मिलेगा। इससे इन कंपनियों को भारत में अपने ऑपरेशंस को और बढ़ाने का अवसर मिलेगा और वे भारतीय बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकेंगी। इन कंपनियों को अब भारत में अपनी डिजिटल सर्विसेस से होने वाली इनकम पर कम टैक्स देना होगा। इससे उनका कुल टैक्स बिल कम होगा और वे अपनी इनकम का ज्यादा हिस्सा अपने इन्वेस्टमेंट या ग्रोथ के लिए यूज कर सकेंगी। यह टैक्स कटौती अमेरिकी कंपनियों जैसे Google और Meta के लिए एक बड़ी राहत है, और इससे भारतीय डिजिटल मार्केट में और निवेश और विकास की संभावना बढ़ सकती है। EY के वरिष्ठ सलाहकार सुधीर कपाड़िया ने रॉयटर्स से कहा कि ये शुल्क हटाना सरकार का एक स्मार्ट कदम है, क्योंकि कलेक्‍शन बहुत अधिक नहीं था और यह अमेरिकी सरकार के लिए चिंता का विषय था. इस कदम को आगे के व्यापार विवादों को रोकने और एक स्थिर व्यापारिक माहौल बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.   गूगल और मेटा जैसे प्‍लेटफॉर्म पर विज्ञापन लागत कम करने से भारतीय व्यवसायों द्वारा डिजिटल विज्ञापन पर अधिक खर्च करने को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिसके परिणामस्वरूप इन प्लैटफॉर्म पर अधिक विज्ञापनदाता आकर्षित होंगे और उनके राजस्व में वृद्धि होगी. इसके अलावा, इस कदम से इन तकनीकी कंपनियों के लिए प्रॉफिट में सुधार होने की संभावना है. इस फैसले से भारत के डिजिटल क्षेत्र में और अधिक विदेशी निवेश आने की भी उम्मीद है. डिजिटल विज्ञापन को सस्ता बनाकर सरकार डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और विकास और नवाचार के अवसर प्रदान करने की उम्मीद करती है. टैक्‍स हटाने के साथ-साथ सरकार विदेशी टेक कंपनियों को पहले से उपलब्ध कुछ टैक्‍स छूट को भी कैंसिल करने की योजना बना रही है. हालांकि टैक्‍स हटा दिया जाएगा, लेकिन इन कंपनियों पर अभी भी अन्य प्रावधानों के तहत टैक्‍स लगाया जा सकता है, जिससे एक संतुलित टैक्‍स बना रहेगा. recent visitors 36

भारतीय शेयर बाजार में लगातार तेजी जारी, सेंसेक्स 78,000 स्तर के ऊपर हरे निशान में खुला

मुंबई शेयर बाजार (Indian Stock Market) में तेजी का सिलसिला जारी है. बीते कारोबारी दिन सोमवार को आई तूफानी तेजी, मंगलवार को भी जारी है और खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दौड़ लगाते हुए नजर आए हैं. एक ओर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex इंडेक्स खुलने के साथ ही 78000 के पार निकल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty-50 ने भी करीब 100 अंक की तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की. शुरुआती कारोबार में TCS, HCL से लेकर Infosys के शेयर उछाल मारते हुए नजर आए. सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद 77,984.38 के लेवल से छलांग लगाते हुए सीधे 78,000 के पार निकल गया और 78,296.28 पर ओपन हुआ. इसके बाद इसकी रफ्तार कुछ ही मिनटों में और बढ़ गई और ये इंडेक्स 78,402.92 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया. बात NSE Nifty की करें, तो इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,658.35 के लेवल से चढ़कर 23,751.50 पर कारोबार शुरू किया और फिर 23,766 तक उछला. हालांकि, जोरदार ओपनिंग के बाद शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी की रफ्तार कुछ कम होती नजर जरूर आई और दोनों इंडेक्स अपने शुरुआती तेजी को गवांते हुए दिखे, लेकिन अचानक फिर Sensex-Nifty ने चाल तेज कर दी. 1845 शेयर ग्रीन जोन में ओपन शुरुआती कारोबार में शेयर मार्केट (Share Market) में मौजूद करीब 1845 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की, तो वहीं 471 कंपनियों के शेयर ऐसे थे, जो गिरावट के साथ रेड जोन में खुले. इसके अलावा 123 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. एलएंडटी (L&T), टीसीएस (TCS), एक्सिस बैंक (Axis Bank), टाटा मोटर्स (Tata Motors), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) और HCL Tech के शेयरों ने खुलते ही दौड़ लगा दी. वहीं गिरावट वाले शेयरों पर नजर डालें, तो Dr Reddy's Labs, Britannia, Tata Steel, SBI Life Insurance के शेयर शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा टूटे. इन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार शुरू होते ही जिन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला. उनमें लार्जकैप कंपनियों में शामिल Infosys Share (2.20%), HCL Tech Share (2.10%), TCS Share (1.90%) की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. वहीं मिडकैप कंपनियों में शामिल PSB Share (7.36%), IREDA Share (3.18%), Tata Tech Share (2.74%) और Paytm Share (2.10%) की तेजी साथ ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप शेयरों को देखें, तो खबर लिखे जाने तक SG Fin Share (16.18%), BMW Share (7.26%) और Exicom Share (4.43%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. recent visitors 40

रोरबैंक रुपे क्रेडिट कार्ड में 62 दिन तक का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड मिलेगा.

नई दिल्ली  देश में बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों तक में क्रेडिट कार्ड की पॉपुलरिटी बढ़ती जा रही है. इसके जरिए लोग खूब शॉपिंग करते हैं और फिर बाद में बिल चुकाते हैं. क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल का सबसे बड़ा फायदा इसमें मिलने वाला इंटरेस्ट फ्री पीरियड है. भारत में क्रेडिट कार्ड पर आमतौर पर 45-55 दिन तक का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड मिलता है. हालांकि अब आपको 62 दिन तक का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड मिलने वाला है. दरअसल, मार्केट में एक नया क्रेडिट कार्ड आने वाला है, जिसमें आपको पैसे चुकाने के लिए 62 दिन तक का समय मिलेगा. हम जिस क्रेडिट कार्ड की बात कर रहे हैं, उसका नाम रोरबैंक रुपे क्रेडिट कार्ड (Roarbank RuPay Credit Card) है. इस कार्ड को यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (Unity Small Finance Bank) ने लॉन्च करने जा रहा है. फिलहाल इसके लिए अप्लाई प्रोसेस शुरू नहीं हुआ है लेकिन आप वेटलिस्ट ज्वाइन कर सकते हैं. क्रेडिट कार्ड से मिलेगी UPI पेमेंट की सुविधा यह क्रेडिट कार्ड एनपीसीआई के रुपे नेटवर्क पर आ रहा है और इसे उन सभी ऑनलाइन वेबसाइट्स और मर्चेंट आउटलेट्स में इस्तेमाल किया जा सकता है, जो रुपे कार्ड स्वीकार करते हैं. इसके जरिए आप यूपीआई सुविधा का भी लाभ उठा सकते हैं. इस क्रेडिट कार्ड को यूपीआई ऐप्स से लिंक कर सकते हैं और पड़ोस की छोटी दुकानों पर लगे मर्चेंट यूपीआई क्यूआर कोड को स्कैन कर पेमेंट कर सकते हैं. इसके अलावा आप इस कार्ड के जरिए ऑनलाइन मर्चेंट्स को भी यूपीआई पेमेंट्स कर सकते हैं. रोरबैंक रुपे क्रेडिट कार्ड के फीचर्स     यह लाइफ टाइम फ्री क्रेडिट कार्ड है. इसका मतलब हुआ कि इस कार्ड में कोई जॉइनिंग या एनुअल चार्ज नहीं देना होगा.     इस क्रेडिट कार्ड में 62 दिन तक का इंटरेस्ट-फ्री पीरियड मिलने वाला है.     हर महीने चुनी गई कैटेगरीज पर 20 फीसदी तक कैशबैक मिलेगा.     अपने नजदीक खड़े दोस्तों को फोन हिलाकर तुरंत पैसे भेज सकते हैं. कार्ड नंबर या फोन डिटेल्स की जरूरत नहीं होगी.   recent visitors 40

रूसी तेल पर अमेरिकी बैन बेअसर, रूस के तेल का भारत में फिर से आयात बढ़ गया

नई दिल्ली रूसी तेल पर अमेरिकी बैन बेअसर नजर आ रहा है। भारत ने रूस से तेल खरीदना फिर से तेज कर दिया है। जनवरी और फरवरी के मुकाबले मार्च में इसमें तेजी आई है। जनवरी में अमेरिका ने रूस पर कुछ बैन लगाए थे। इसमें भारत और चीन बेचे जाने वाला कच्चा तेल भी शामिल था। यह बैन जो बाइडेन के प्रशासन ने लगाए थे। डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद भी ये बैन लगे हुए हैं। हालांकि रूस ने मार्च में तेल बेचने की रफ्तार बढ़ाई है। इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक भारत ने मार्च में रूस से काफी मात्रा में तेल खरीदा है। इसकी वजह ये है कि रूस का तेल आसानी से मिल रहा है। वहीं ज्यादातर तेल 60 डॉलर प्रति बैरल से कम कीमत पर मिल रहा है। इससे भारत को तेल लाने के लिए बिना पाबंदी वाले जहाज आसानी से मिल जा रहे हैं। रूस के पास तेल ज्यादा होने की एक बड़ी वजह ये भी है कि यूक्रेन ने रूस के तेल कारखानों पर ड्रोन से हमले किए हैं। इससे रूस में तेल की खपत कम हो गई है और वो तेल बाहर बेचने को मजबूर है। कितना खरीदा तेल? तेल बाजार पर नजर रखने वाली कंपनी केप्लर (Kpler) ने कुछ आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार मार्च के पहले 21 दिनों में भारत ने रूस से हर दिन औसतन 1.85 मिलियन बैरल तेल खरीदा है। फरवरी में ये आंकड़ा 1.47 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) था। वहीं जनवरी में यह 1.64 मिलियन bpd था। इसका मतलब है कि भारत ने मार्च में रूस से ज्यादा तेल खरीदा है। मार्च में भारत ने जितना भी तेल खरीदा है, उसमें से रूस की हिस्सेदारी 35 फीसदी से ज्यादा रही है। फरवरी में ये हिस्सेदारी 31% और जनवरी में 33% थी। भारत और चीन सबसे आगे जनवरी से मार्च के महीने में भारत ने रूस से हर दिन औसतन 1.75 मिलियन bpd तेल खरीदा है। पिछले दो सालों में भी भारत ने लगभग इतना ही तेल खरीदा था। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला कर दिया था। इसके बाद पश्चिमी देशों ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया। तब से भारत और चीन, रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले देश बन गए हैं। बाइडेन प्रशासन ने लगाया था बैन रूसी तेल पर जनवरी में जो बाइडेन प्रशासन ने बैन लगाया था। बाइडेन ने यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने से कुछ दिनों पहले ही लिया था। इस दौरान बाइडेन प्रशासन ने 183 जहाजों पर भी बैन लगाया था। ये जहाज रूस से तेल लाने-ले जाने का काम करते थे। इसके अलावा उन्होंने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों और बीमा कंपनियों पर भी पाबंदी लगाई थी। जब बैन तो फिर क्यों आई तेजी? अब सवाल है कि जब अमेरिका ने रूसी तेल पर बैन लगाया है तो फिर ऐसे में रूस तेल क्यों बेच रहा है। दरअसल बैन के कारण भारत के तेल कारखानों को रूस से तेल लाने में थोड़ी दिक्कत हो रही थी। वे ऐसे जहाजों और बीमा कंपनियों के साथ काम नहीं करना चाहते थे, जिन पर पाबंदी लगी हुई थी। लेकिन अब रूस के तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल से कम हो गई है। ऐसे में जहाजों और बीमा की दिक्कत दूर हो गई। G7 देशों और उनके साथियों ने एक नियम बनाया है कि अगर रूस के तेल की कीमत 60 डॉलर से कम है तो पश्चिमी देशों के जहाज और बीमा कंपनियां रूस से तेल लाने-ले जाने में मदद कर सकती हैं। Kpler के डेटाबेस के अनुसार रूस से भारत आने वाले सभी जहाज बिना पाबंदी वाले हैं। recent visitors 41

वोडाफोन आइडिया को सरकार से फिर मदद की दरकार, राहत के लिए लगाई गुहार

मुंबई वोडाफोन आइडिया एक बार फिर सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि कंपनी अपने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू को लेकर काफी मुश्किलों का सामना कर रही है और उन्हें अपने पुराने स्पेक्ट्रम का भी पेमेंट चुकाना है, जिसे लेकर उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुश्किल का सामना करने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से राहत की मांग की है। कंपनी की ओर से टेलीकॉम सेक्रेटरी नीरज मित्तल ने 11 मार्च को केंद्र सरकार को एक लेटर लिखा, जिसमें उन्होंने सरकार से अपने कर्ज के एक बड़े हिस्से को इक्विटी में बदलने के लिए गुहार लगाई। यदि यह प्रस्ताव सरकार द्वारा मान ली गयी , तो सरकार की वोडाफोन आइडिया में मौजूद हिस्सेदारी, जो कि 22.6% है, से बढ़कर लगभग 49% हो जाएगी। इससे कंपनी को जो अपने फाइनेंशियल कंडीशन को लेकर जो समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है, उसमें कंपनी को कुछ राहत मिलेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के ऊपर कुल बकाया लगभग 36,950 करोड़ रुपए है, जिसमें से कंपनी को 13,089 करोड़ रुपए आने वाले कुछ ही हफ्तों में देना होगा। सरकार के मानने पर 52,000 करोड़ रुपए तक की मिल सकती है राहत यदि केंद्र सरकार वोडाफोन आइडिया द्वारा मांगी गई इस सहायता को स्वीकार कर लेती है, तो वोडाफोन आइडिया को तकरीबन 52,000 करोड़ रुपए की राहत मिल सकती है। हालांकि, मीडिया की कुछ खबरों के अनुसार, यह भी वक्त आया गया है कि सरकार बकाया राशि में किसी भी तरह की छूट देने के मूड में नहीं है। वोडाफोन आइडिया द्वारा देखा जा रहा यह मुश्किल समय सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि उनके ग्राहकों और टेलीकॉम सेक्टर के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है। यदि वोडाफोन आइडिया अपने फाइनेंशियल में जल्द ही सुधार नहीं करती है, तो टेलीकॉम सेक्टर में कॉम्पिटिशन कम हो सकता है। इस कम होती हुई कॉम्पिटेटिव चुनौती की वजह से टेलीकॉम सेक्टर में मौजूद अन्य कंपनियां ग्राहकों से अपनी मनमानी भी कर सकती हैं। कंपनी ने 2021 टेलीकॉम राहत पैकेज के तहत सहायता मांगी रिपोर्ट के मुताबिक, वोडाफोन-आइडिया 36,950 करोड़ रुपए के AGR और स्पेक्ट्रम बकाया के लिए राहत की मांग कर रही है। इसमें आने वाले हफ्तों में 13,089 करोड़ रुपए का तत्काल भुगतान भी शामिल है। फाइनेंशियल दिक्कतों से जूझ रही VI ने संकेत दिया है कि उसके पास इन पेमेंट्स को पूरा करने की क्षमता नहीं है। वोडाफोन आइडिया ने 2021 टेलीकॉम राहत पैकेज के तहत सहायता मांगी है। इस मामले में कंपनी की तरफ से अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। VI को 52 हजार करोड़ रुपए की राहत मिल सकती है वोडाफोन-आइडिया ने ऐसे समय में रिक्वेस्ट की है कि जब मीडिया रिपोर्ट्स के दावे के मुताबिक सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को एजीआर बकाए में कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया है। अगर कंपनी की रिक्वेस्ट को सरकार मान लेती है तो एनालिस्ट्स का अनुमान है कि VI को 52 हजार करोड़ रुपए की राहत मिल सकती है, जो इसके आउटस्टैंडिंग AGR लायबिलिटी का करीब 75% घटा देगा और टोटल कर्ज का 25% कम हो जाएगा। सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की याचिका खारिज की थी वोडाफोन आइडिया ने पिछले साल जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट में एक क्यूरेटिव याचिका दायर कर AGR के बकाए के कैलकुलेशन को चुनौती दी थी। जिसमें नॉन-कोर रेवेन्यू को भी शामिल किया गया था और कंपनी इसके खिलाफ थी। हालांकि, सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम ऑपरेटर की याचिका खारिज कर दी थी। तीसरी तिमाही में वोडाफोन-आइडिया को ₹6,609 करोड़ का लॉस वोडाफोन-आइडिया को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 6,609 करोड़ रुपए घाटा (कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस) हुआ है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 6,986 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। सालाना आधार पर कंपनी का घाटा 5.40% कम हुआ है। टेलीकॉम सेक्टर में तीन ही बड़ी कंपनियां हैं आपको बता दें कि हाल-फिलहाल टेलीकॉम सेक्टर में तीन ही बड़ी कंपनियां हैं, जिनका नाम है रिलायंस जिओ, भारतीय एयरटेल और वोडाफोन आइडिया। अगर वोडाफोन आइडिया अपनी फाइनेंशियल स्थिति को सुधार नहीं पाती है, तो भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में एक बहुत बड़ी मुश्किल पैदा हो सकती है। वोडाफोन आइडिया ने सुप्रीम कोर्ट में पिछले एक क्यूरेटिव पेटिशन दायर कर के एजीआर की गणना में गैर कोर राजस्व को शामिल करने पर विरोध जताया गया था. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कंपनी को एक बड़ा झटका दिया. recent visitors 34

सरकार ने एमएसएमई में निवेश और टर्नओवर की सीमा बढ़ाई, इस कदम से छोटे उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली  अगर आप कोई छोटा कारोबार शुरू करने जा रहे हैं तो MSME (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) से जुड़े नए नियम जरूर जान लें। सरकार ने MSME की परिभाषा बदल दी है। अब निवेश और टर्नओवर के आधार पर तय किया जाएगा कि कौन सा बिजनेस माइक्रो की कैटेगरी में आएगा और कौन सा स्मॉल व मीडियम की कैटेगरी में। ये नए नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे। सरकार ने 1 फरवरी को पेश किए बजट में एमएसएमई के नए नियम के बारे में घोषणा की थी। इन नए नियमों के लागू होने के बाद अब एमएसएमई को नए तरीके से पहचाना जाएगा। इससे छोटे उद्योगों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। सरकार ने एमएसएमई के लिए निवेश और कारोबार की सीमा बढ़ा दी है। पहले के मुकाबले अब ज्यादा निवेश और कारोबार करने वाले उद्योग भी एमएसएमई में शामिल हो सकेंगे। क्या हुआ बदलाव? अब एमएसएमई को पहचानने के लिए उनके निवेश और कारोबार की सीमा को बढ़ाया गया है। निवेश की सीमा को 2.5 गुना और कारोबार की सीमा को 2 गुना कर दिया गया है। इससे ज्यादा एमएसएमई सरकार की योजनाओं का फायदा उठा पाएंगे।     अगर किसी कंपनी ने 2.5 करोड़ रुपये तक का निवेश किया है तो उसे माइक्रो एंटरप्राइजेज माना जाएगा। पहले यह सीमा 1 करोड़ रुपये थी।     इसी तरह 25 करोड़ रुपये तक के निवेश वाली कंपनियों को स्मॉल एंटरप्राइजेज कहा जाएगा। पहले यह सीमा 10 करोड़ रुपये थी।     अगर किसी एमएसएमई ने 125 करोड़ रुपये तक का निवेश किया है तो उसे मीडियम एंटरप्राइजेज माना जाएगा। पहले यह सीमा 50 करोड़ रुपये थी। टर्नओवर के मामले में नए नियम     अगर किसी माइक्रो एंटरप्राइजेज का टर्नओवर 10 करोड़ रुपये तक है तो उसे माइक्रो एंटरप्राइजेज माना जाएगा। पहले यह सीमा 5 करोड़ रुपये थी।     स्मॉल एंटरप्राइजेज के लिए टर्नओवर की सीमा 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये कर दी गई है।     मीडियम एंटरप्राइजेज के लिए भी सीमा बढ़ाई गई है। इसे बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पहले यह सीमा 250 करोड़ रुपये थी। क्यों लिया यह फैसला? एक फरवरी को बजट के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था, 'आजकल 1 करोड़ से ज्यादा एमएसएमई रजिस्टर्ड हैं। ये 7.5 करोड़ लोगों को नौकरी देते हैं और हमारे देश के मैन्युफैक्चरिंग का 36% हिस्सा हैं। ये एमएसएमई अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट बनाते हैं और हमारे एक्सपोर्ट का 45% हिस्सा इन्हीं का है। इनको और बेहतर बनाने के लिए, टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ाने के लिए और आसानी से पैसे मिल सके, इसलिए हमने इनके निवेश और टर्नओवर की सीमा को बढ़ाया है। इससे उन्हें आगे बढ़ने और युवाओं को नौकरी देने का हौसला मिलेगा।' क्या मिलेगा फायदा? इन बदलावों से एमएसएमई यानी छोटे उद्योगों को बड़ा फायदा होगा। वे अब बिना किसी डर के अपना कारोबार बढ़ा सकेंगे। सरकार का यह कदम एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने और देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। छोटे कारोबारियों को अब ज्यादा मौके मिलेंगे और वे देश के विकास में और भी ज्यादा योगदान दे पाएंगे। recent visitors 53

17 साल बाद बीएसएनएल ने दर्ज किया 262 करोड़ का मुनाफा, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने जताई खुशी

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 17 साल बाद बीएसएनएल द्वारा 262 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल करने पर खुशी जाहिर की है। इसके अलावा उन्होंने राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल और कनार्टक के उपमुख्यमंत्री के बयानों पर भी तीखा पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बढ़ते BSNL को लेकर कहा कि 17 सालों के बाद अक्टूबर दिसंबर के क्वार्टर में बीएसएनएल ने 262 करोड़ का मुनाफा यानी नेट प्रॉफिट कमाया है। यह एक ऐतिहासिक परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में संभव हो पाया है। बीएसएनएल अब अपनी सर्विस के साथ पर्याप्त रूप से उपभोक्ताओं को सेवा दे पा रही है। सिंधिया ने कहा कि अभी हमारा 4G की 1 लाख साइट्स बनाने का लक्ष्य है, उसमें से 90000 साइट्स पर हमारे टावर खड़े हो चुके हैं, बाकी 10,000 साइट्स भी मई-जून के महीने तक तैनात हो जाएंगी। जब यह तैयार हो जाएंगे तो हम 4G से 5G में परिवर्तित करने की प्रक्रिया भी शुरू करेंगे। हमें इस बात की भी खुशी है की सालों बाद बीएसएनएल के उपभोक्ताओं में भी एक नई ऊर्जा आई है। 8 करोड़ 65 लाख हमारे उपभोक्ता जून 2024 के महीने तक थे आज वह 9 करोड़ 10 लाख उपभोक्ता हो चुके हैं। ऐसे में 55 लाख उपभोक्ताओं में वृद्धि हुई है। एक-एक ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता की सेवा हम कर पाए इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम काम कर रहे हैं। कपिल सिब्बल के ब्लॉक-अनब्लॉक वाले बयान पर सिंधिया का पलटवार राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के ब्लॉक- अनब्लॉक वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि जनता की सेवा में नहीं रहोगे तो जानता ही आपको ब्लॉक कर देती है। आपको बता दे कि राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने विपक्षी गठबंधन INDIA के रवैया और गुट में फूट पर सवाल उठाते हुए कहा था, कि INDIA को सार्वजनिक मंच पर गुट यानी ब्लॉक के रूप मे दिखना चाहिए न कि अनब्लॉक होना चाहिए। गुट में शामिल सभी विपक्षी दलो को एक जुट रहना ही होगा, उन्होंने यह बात दिल्ली विधानसभा चुनाव में कॉंग्रेस और आप द्वारा एक दूसरे पर लगाये आरोपो के बाद मिली हार को लेकर कही थी। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी शिव कुमार पर साधा निशाना   केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी शिव कुमार के उस बयान पर भी पलटवार किया है जहां उन्होंने कहा है की “मुसलमानों के आरक्षण के लिए  संविधान में संशोधन लाएंगे”। इस पर सिंधिया ने कहा यही कठिनाई है कि जहां इंडी गठबंधन तुष्टिकरण की नीति के साथ चल रही है, वहीं प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी संतुष्टीकरण की नीति के साथ चल रही है और देश के विकास प्रगति को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ काम कर रही है। recent visitors 29

आगामी एक अप्रैल से यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू होने वाली है, पेंशन फंड रेगुलेटरी स्कीम को अमल में लाने वाली अधिसूचना जारी

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेहद काम की खबर है। अगले महीने 1 अप्रैल से नई स्कीम लागू होने जा रही है। यह स्कीम यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) है। आगामी एक अप्रैल से यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू होने वाली है। बता दें कि केंद्र द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू की गई एक नई पेंशन योजना है। अब बीते दिन गुरुवार को पेंशन फंड रेगुलेटरी और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम को अमल में लाने वाली अधिसूचना जारी कर दी। पीएफआरडीए ने बयान में कहा कि यूपीएस से संबंधित नियम एक अप्रैल, 2025 से लागू हो जाएंगे। बता दें कि इसके लागू होने से लगभग 23 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा। क्या है स्कीम की डिटेल यूपीएस का उद्देश्य सरकार की राजकोषीय नीति और कर्मचारी लाभों के बीच संतुलन बनाना है। इस योजना के तहत रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों में मिले औसत मूल वेतन की 50 प्रतिशत राशि को सुनिश्चित पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है। इनमें कम से कम 10 साल की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए प्रति माह ₹10,000 की सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन शामिल है। हालांकि, ओपीएस के तहत, जबकि कोई विशिष्ट न्यूनतम पेंशन राशि अनिवार्य नहीं थी, सेवानिवृत्त लोगों को आम तौर पर उनके अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलता था। यह स्कीम नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत एक विकल्प के रूप में उपलब्ध होगी, जिसमें कर्मचारी NPS और UPS में से एक को चुन सकते हैं। फैमिली पेंशन का लाभ इसके अलावा फैमिली पेंशन के तहत केंद्रीय कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को कर्मचारी की पेंशन का 60% मिलेगा। योजना में कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 10% योगदान देंगे। वहीं, सरकार का योगदान 18.5% होगा। बता दें कि NPS में सरकार 14% का योगदान देगी। यह योजना NPS में शामिल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू है, जो इसे चुनते हैं। वहीं, न्यूनतम 10 साल की सेवा वाले कर्मचारी निश्चित न्यूनतम पेंशन के हकदार होंगे। नामांकन कैसे करें? – पात्र कर्मचारी 1 अप्रैल, 2025 से प्रोटीन सीआरए पोर्टल (https://npscra.nsdl.co.in) के जरिए अपना नामांकन और दावा फॉर्म ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। – वैकल्पिक रूप से वे फिजिकली जमा करने का विकल्प चुन सकते हैं। – सरकार ने पहले 24 जनवरी, 2025 को एनपीएस के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक नए पेंशन ढांचे के रूप में यूपीएस को अधिसूचित किया था। recent visitors 40

सरकारी बैंक की ओर से दिया जाने वाला डिविडेंड वित्त वर्ष 2023-24 में 33 प्रतिशत बढ़कर 27,830 करोड़ रुपये हुआ

नई दिल्ली सरकार क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की वित्तीय स्थिति में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। इसके कारण सरकारी बैंक की ओर से दिया जाने वाला डिविडेंड वित्त वर्ष 2023-24 में 33 प्रतिशत बढ़कर 27,830 करोड़ रुपये हो गया है। सरकारी डेटा में बताया गया कि वित्त वर्ष 2022-23 में सरकारी बैंकों ने 20,964 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकारी बैंकों की ओर से दिए गए कुल डिविडेंड में से 65 प्रतिशत यानी 18,013 करोड़ रुपये सरकार को दिए गए हैं। इसकी वजह सरकार की पीएसबी में बहुलांश हिस्सेदारी होना है। वित्त वर्ष 2022-23 में पीएसबी से सरकार को 13,804 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला था। इसमें एसबीआई का भी नाम शामिल था। पीएसबी से सरकार को अधिक डिविडेंड की वजह, सरकारी बैंकों द्वारा रिकॉर्ड मुनाफा कमाना है। वित्त वर्ष 24 में 12 सरकारी क्षेत्र के बैंकों ने सामूहिक रूप से अब तक का सबसे अधिक 1.41 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है, जबकि वित्त वर्ष 23 में यह आंकड़ा 1.05 लाख करोड़ रुपये था। अकेले वित्त वर्ष 25 के पहले नौ महीनों के दौरान, इन बैंकों ने 1.29 लाख करोड़ रुपये का लाभ आर्जित कर लिया है। वित्त वर्ष 24 में सरकारी बैंकों को कुल 61,077 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इसमें 40 प्रतिशत का योगदान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने दिया था। वित्त वर्ष 23 में पीएसबी को 50,232 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वित्त वर्ष 24 में पंजाब नेशनल बैंक के मुनाफे में सबसे अधिक 228 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। इस दौरान बैंक को 8,245 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। समीक्षा अवधि में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा सालाना आधार पर 62 प्रतिशत बढ़कर 13,649 करोड़ रुपये का हुआ है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा सालाना आधार पर 61 प्रतिशत बढ़कर 2,549 करोड़ रुपये हो गया है। सरकारी बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन में यह बदलाव महत्वपूर्ण है क्योंकि इन बैंकों ने वित्त वर्ष 18 में 85,390 करोड़ रुपये का भारी घाटा दर्ज किया था। recent visitors 43

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने नौयान शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड में 74 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीदी, डील 382.73 करोड़ रुपये रुपये हुई

मुंबई मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के तहत एक और कंपनी आ चुकी है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के पूर्ण मालिकाना हक वाली स्टेप डाउन सब्सिडियरी नौयान ट्रेडिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (NTPL) ने नौयान शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड (NSPL) में 74 फीसदी हिस्‍सेदारी खरीद ली है. यह डील 382.73 करोड़ रुपये रुपये में वेलस्पन कॉर्प लिमिटेड से हुई है. रिलायंस इंडस्‍ट्रीज ने शेयर बाजार को इसकी जानकारी दी है कि NSPL 21 मार्च से रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्टेप डाउन सब्सिडियरी बन गई है. इस डील से पहले एनटीपीएल ने एनएसपीएल को 93.66 करोड़ रुपये का अनसिक्योर्ड लोन दिया था. रिलायंस इडस्‍ट्रीज ने एक्‍सचेंज फाइलिंग में कहा कि अधिकारियों की मंजूरी के लिए जरूरी आवेदन किए जा रहे हैं. कंपनी के शेयरों में आई तेजी 21 मार्च को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर BSE पर 0.62 प्रतिशत बढ़त के साथ 1276.45 रुपये पर बंद हुए. कंपनी का मार्केट कैप 17.27 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. यह शेयर 6 महीने के दौराप 14 फीसदी तक नीचे आ चुका है. साल 2025 में अब तक शेयर 4 प्रतिशत की तेजी दिखा चुका है. इस शेयर की फेस वैल्‍यू 10 रुपये है. कंपनी में दिसंबर 2024 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. यह देश की सबसे ज्‍यादा वैल्‍यूवेबल कंपनी है. पिछले एक साल में रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के शेयर में 12.20 फीसदी की गिरावट आई है. हालांकि पांच साल के दौरान यह शेयर 153 फीसदी चढ़ा है. इसके 52 सप्‍ताह का हाई लेवल 1,608.80 रुपये और 52 सप्‍ताह का निचला स्‍तर 1,156 रुपये है. दिसंबर तिमाही में कितना हुआ मुनाफा रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के मुनाफे की बात करें तो अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने 18,540 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है. यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुनाफे 17,265 करोड़ रुपये से 7 प्रतिशत ज्यादा है. कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 2.40 लाख करोड़ रुपये रहा, जो दिसंबर 2023 तिमाही के रेवेन्यू 2.25 लाख करोड़ रुपये से 6.7 प्रतिशत ज्यादा है. कंपनी का EBITDA दिसंबर 2024 तिमाही में सालाना आधार पर 7.7 प्रतिशत बढ़कर 43,789 करोड़ रुपये हो गया. वहीं EBITDA मार्जिन की बात करें तो यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बढ़कर 18.3 प्रतिशत हो गया.   recent visitors 70

2040-जेट… एक किलो सोने में क्या खरीद सकते हैं आप?1990-मारुति, 2000-एस्टीम, 2025-बीएमडब्ल्यू

नई दिल्ली  सोने की कीमत रोज-रोज नए रेकॉर्ड बना रही है। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 91,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई। यानी एक किलो सोने की कीमत 91 लाख रुपये के पार पहुंच गई है। इतने पैसों में आप आप एक BMW या Audi जैसी गाड़ी खरीद सकते हैं। 1990 मेंएक किलो सोने की कीमत में सिर्फ एक मारुति 800 आती थी। BMW X1 की शुरुआती कीमत लगभग 50.80 लाख रुपये है। वहीं नई X3 पेट्रोल/डीजल मॉडल की कीमत 97.80 लाख रुपये है। एक किलो सोने की कीमत में आप Audi A4, S5, A6 और Q3 जैसे मॉडल भी खरीद सकते हैं। SEBI में रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट ए के मंधान ने 16 मार्च को एक ट्वीट किया था। उन्होंने बताया कि कैसे सोने की कीमतें कारों की तुलना में बदल गई हैं। 1990 में 1 किलो सोना Maruti 800 खरीदने के लिए काफी था। साल 2000 तक इससे Maruti Suzuki Esteem खरीदी जा सकती थी। 2005 में यह एक Toyota Innova खरीदने के लिए पर्याप्त था। 2010 तक एक Toyota Fortuner खरीदी जा सकती थी। 2019 तक 1 किलो सोना BMW X1 खरीदने के लिए काफी था। कहां तक जाएगी कीमत उन्होंने ट्वीट किया, '1 किलो सोना रखिए और 2040 तक इंतजार कीजिए… शायद आप एक प्राइवेट जेट खरीद सकें।' पिछले तीन साल से सोने की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। 2024 में इसने पिछले दस साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। बीते साल सोने की कीमत में 26% की बढ़ोतरी हुई है। सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और दुनिया में तनाव से सोने की चमक बढ़ी। 2025 में अब तक सोने की कीमत में 15% की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 11,735 रुपये बढ़ गई है। सोने की ताकत लगातार बढ़ रही है। यह हर साल ऊपर जा रहा है। जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतें अभी और बढ़ेंगी। दुनिया में तनाव के कारण लोग सोना खरीदना पसंद कर रहे हैं। मध्य पूर्व में अस्थिरता और चीन की अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन योजनाओं ने सोने की सुरक्षित ठिकाने की मांग को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, गाज़ा संकट और ट्रेड टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सोने में निवेश कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।   1947: ₹8,000 1948: ₹9,587 1949: ₹9,417 1950: ₹9,918 1951: ₹9,805 1952: ₹7,681 1953: ₹7,306 1954: ₹7,775 1955: ₹7,918 1956: ₹9,081 1957: ₹9,062 1958: ₹9,538 1959: ₹10,256 1960: ₹11,187 1961: ₹11,935 1962: ₹11,975… बता दें कि बीते 3 वर्षों में सेंट्रल बैंकों की खरीद और वैश्विक तनाव के चलते इसकी कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। 2024 में भी यह रैली जारी है, और विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक प्रोत्साहन उपायों के कारण सोने की कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं।   recent visitors 45

डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे मजबूत, आयात पर निर्भर इंडस्ट्री को फायदा होगा

मुंबई भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 86 रुपये से ऊपर पहुंच गया है. यह उसका पिछले दो साल में किसी भी एक सप्ताह का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. तेल की कीमतों में स्थिरता, डॉलर इंडेक्स में गिरावट, और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में किए गए हस्तक्षेप जैसे कारकों ने रुपये को मजबूती दी है. इस सप्ताह रुपये ने 1.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की, जो जनवरी 2023 के बाद से सबसे अधिक है. विशेषज्ञों का कहना है कि RBI द्वारा डॉलर की तरलता (लिक्विडिटटी) बढ़ाने और नियमित हस्तक्षेप के कारण रुपया लगातार मजबूत हो रहा है. इसके अलावा, विदेशी निवेश, तेल की कीमतों में स्थिरता, घरेलू महंगाई में कमी, और व्यापार घाटे (ट्रेड डेफिसिट) में सुधार ने भी रुपये को सबल दिया है. फरवरी में भारत का व्यापार घाटा घटकर 14.05 अरब डॉलर (लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपये) रह गया, जो जनवरी में 23 अरब डॉलर (लगभग 1.91 लाख करोड़ रुपये) था. यह सुधार निर्यात और आयात में गिरावट के कारण हुआ है. रुपये की मजबूती के मुख्य कारण     RBI का हस्तक्षेप: RBI ने डॉलर/रुपया स्वैप ऑक्शन के जरिए डॉलर की लिक्विडिटी बढ़ाई. स्वैप नीलामी का मतलब है कि RBI ने बैंकों से डॉलर खरीदे और उन्हें भविष्य में वापस बेचने का वादा किया.     तेल की कीमतों में स्थिरता: तेल की कीमतें स्थिर रहने से भारत का आयात बिल कम हुआ, जिससे रुपये को सपोर्ट मिला.     विदेशी निवेश: विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में पैसा लगाया, जिससे डॉलर की आपूर्ति बढ़ी.     व्यापार घाटे में सुधार: फरवरी में व्यापार घाटा कम होकर 14.05 अरब डॉलर रह गया, जो अगस्त 2021 के बाद से सबसे कम है. विशेषज्ञों का मानना है कि RBI की सही और समय पर नीतियों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है. इससे रुपये की मजबूती जारी रह सकती है. हालांकि, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और तेल की कीमतों में बदलाव जैसे कारक रुपये को प्रभावित कर सकते हैं. रुपये की मजबूती से किन सेक्टरों को लाभ रुपये की मजबूती से कई सेक्टरों को फायदा होगा, खासकर आयात पर निर्भर रहने वाली इंडस्ट्री को. जब रुपया मजबूत होता है, तो आयात होने वाला सामान जैसे कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, और मशीनरी सस्ते हो जाते हैं. इससे पेट्रोलियम, ऑटोमोबाइल, और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को लागत में कमी आती है. साथ ही, विदेशी यात्रा करने वालों को भी फायदा होगा, क्योंकि डॉलर के मुकाबले उनकी खरीदारी क्षमता बढ़ जाती है. हालांकि, निर्यातकों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि मजबूत रुपये से उनके उत्पाद विदेशों में महंगे हो जाते हैं. खासकर आईटी कंपनियों को डॉलर के कमजोर होने और रुपये के मजबूत होने से दिक्कत होती है. बाजार पर विदेशी निवेश का असर   गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 3,239.14 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की. इसके अलावा, भारतीय बॉन्ड मार्केट में भी 5,500 करोड़ रुपये का निवेश देखने को मिला. विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत की रियल यील्ड (Real Yield) 3.028% होने के कारण विदेशी निवेशक यहां निवेश को आकर्षक मान रहे हैं.    डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल में बढ़त डॉलर इंडेक्स (Dollar Index), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाता है, 0.13% की बढ़त के साथ 103.98 पर रहा. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) वायदा कारोबार में 0.44% बढ़कर 72.32 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था.   शेयर बाजार में भी दिखी मजबूती   घरेलू शेयर बाजार भी सकारात्मक कारोबार कर रहे हैं. दोपहर के कारोबार में 12 बजकर 7 मिनट के करीब BSE सेंसेक्स (Sensex) 581.34 अंक या 0.76% की बढ़त के साथ 76,929.40 पर कारोबार कर रहा था. Nifty 50 भी 165.10 अंक या 0.71% की बढ़त के साथ 23,355.75 पर पहुंच गया.   भारतीय बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों की भरोसा कायम रुपये की मजबूती भारतीय बाजार के प्रति विदेशी निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है. आने वाले दिनों में वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव, तेल की कीमतों और डॉलर इंडेक्स की चाल रुपये की दिशा तय करेगी. वहीं,  फेडरल रिजर्व के फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर रुपये की चाल पर पड़ सकता है. recent visitors 52

आज सोने-चांदी के दाम में हुआ बड़ा बदलाव, जानें आज का लेटेस्ट रेट

भोपाल देशभर में मार्च के आखिरी हफ्ते में बाजार लगातार अस्थिरता का सामना कर रहे हैं. इस बीच देश में सोने-चांदी के दामों में भी लगातार उतार चढ़ाव दिख रहा है. सोने के भाव में ये बदलाव इंडियन शेयर मार्केट में गिरावट चल रही है. जिसका असर गोल्ड मार्केट में भी दिख रहा है. एमपी की राजधानी भोपाल में आज शनिवार (22 मार्च) को भारतीय बुलियन (www.bullions.co.in) के मुताबिक, बाजार शुरू होने तक सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं: – भोपाल में 22 कैरेट सोने का रेट आज: 80,786 रुपए/10 ग्राम बीते दिन: 81,501 रुपए – भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 88,130 Rs/10gm बीते दिन: 88,910 रुपए प्रति 10 ग्राम – भोपाल में चांदी का भाव आज: 98,000 रुपए/1 किलो बीते दिन: 100,070 रुपए प्रति किलो बाजार में गिरावट, सोने के भी गिरे भाव अब बात करें तो देशभर में शेयर मार्केट रेड जोन में बना हुआ है. सेंसेक्स से लेकर निफ्टी 50 तक गिर रहे हैं. वहीं पिछले एक हफ्ते में सोने के भाव लगभग 1800 रुपए तक बढ़े है. आज येलो मेटल कहे जाने वाले सोने का शुरुआती कारोबार गिरावट के साथ शुरू हुआ, जहां देश में आज गोल्ड-सिल्वर रेट कुछ इस प्रकार से हैं: – भारत में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 88,190 रुपए प्रति 10 ग्राम बीते दिन: 88,980 Rs/10gm – भारत में चांदी का भाव आज: 98,070 रुपए प्रति 1 किलो बीते दिन: 100,140 रुपए/किलो संकट में भारतीय बाजार, अब आगे क्या? देश-दुनिया में पिछले 5 महीने में शेयर बाजार रिकॉर्ड गिरावट से गुजर रहा है. जहां बाजार से बड़ी संख्या में फॉरेन इंवेस्टर भारत छोड़ रहे हैं. इस बीच सोने के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है और सेंसेक्स से लेकर निफ्टी तक रेड जोन में है. इसके अलावा इंटरनेशनल गोल्ड मार्केट में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी जारी है. अब अगर आप भी गोल्ड खरीदी की सोच रहे हैं तो फटाफट खरीद ले, क्योंकि आने वाले दिनों में सोना और भी रिकॉर्ड महंगाई छु सकता है. बाजार के ट्रेंड की माने तो इस साल के अंत तक सोना 95 हजार पार कर सकता है. हालमार्क ही है असली सोने की पहचान देखिए अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें. recent visitors 44

GST में बड़ा बदलाव, कर चोरी करना पड़ेगा भारी, 1 अप्रैल से बदल रहा है नियम

नई दिल्ली भारत सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स के नियमों में काफी बदलाव किया है. इसके तहत 1 अप्रैल 2025 से इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम लागू होने जा रहा है. इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चित करना है. इसकी मदद से राज्य सरकारें एक ही जगह पर दी जा रही शेयर्ड सर्विसेज पर उचित मात्रा में टैक्स वसूल करेंगी. ISD मैकेनिज्म को लागू करने के लिए 2024 के फाइनेंस एक्ट के तहत सेंट्रल जीएसटी एक्ट में संशोधन किया गया है. यह मैकेनिज्म उन व्यवसायों को सुविधा देता है जो कई राज्यों में संचालित होते हैं. इसके तहत व्यवसाय अपनी एक हेडक्वार्टर में कॉमन इनपुट सर्विस के इनवॉइस को सेंट्रलाइज कर सकते हैं. इससे उन शाखाओं के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट का समान वितरण संभव होता है जो शेयर्ड सर्विसेज का इस्तेमाल करती हैं. इनपुट टैक्स क्रेडिट का प्रॉफिट इनपुट टैक्स क्रेडिट यह वो टैक्स होता जो व्यवसाय अपनी खरीद पर चुकाते हैं. इसे आउटपुट टैक्स से घटाया जा सकता है, जिससे व्यवसाय की कुल जीएसटी देनदारी कम हो जाती है. नए नियमो के तहत ISD सिस्टम का इस्तेमाल होना अनिवार्य होगा जिससे ITC सही वितरण हो सके. नए नियम क्या है पहले बिजनेस करने वालों के पास कॉमन ITC को अपने अन्य GST रजिस्ट्रेशन में आवंटित करने के लिए दो ऑप्शन थे. इसमें दो ऑप्शन यह थे कि ISD मैकेनिज्म या क्रॉस-चार्ज मेथड, लेकिन अब 1 अप्रैल 2025 से ISD का इस्तेमाल न करने पर रेसिपिएंट लोकेशन के लिए ITC नहीं दी जाएगी. अगर ITC का गलत वितरण होता है तो टैक्स अथॉरिटी ब्याज सहित राशि वसूल करती है. इसके साथ ही अनियमित वितरण के लिए जुर्माना भी लगेगा, जो ITC की राशि या 10 हजार रुपए से भी अधिक होगा. जीएसटी सिस्टम माना जा रहा है कि यह बदलाव जीएसटी सिस्टम को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशी में एक और बड़ा कदम है. ISD सिस्टम से न केवल राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू वितरण होगा, बल्कि व्यवसायों को भी अपनी टैक्स देनदारियों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी. यह कदम टैक्स की चोरी रोकने और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए काफी अच्छी साबित होगी.   recent visitors 51

आरबीआई ने इंडसइंड बैंक के सीईओ सुमंत कठपालिया और उनके डिप्टी अरुण खुराना को पद से हटने को कहा

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने इंडसइंड बैंक के सीईओ सुमंत कठपालिया और उनके डिप्टी अरुण खुराना को पद से हटने को कहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक रिजर्व बैंक ने अकाउंटिंग गड़बड़ी के बाद इंडसइंड बैंक के मैनेजमेंट से यह बात कही है। दरअसल, आरबीआई जमाकर्ताओं के विश्वास को प्रभावित होने से बचाने के लिए व्यवस्थित बदलाव चाहता है। इस विसंगति के कारण मूडीज ने बैंक की रेटिंग को संभावित डाउनग्रेड के लिए समीक्षा के लिए रखा है। बैंक ने पेशेवर को किया नियुक्त इस बीच, इंडसइंड बैंक ने अपने वायदा-विकल्प खंड से संबंधित ऑडिटिंग विसंगतियों के मूल कारण का पता लगाने के लिए एक पेशेवर कंपनी को नियुक्त किया है। अनुमान के अनुसार, ऑडिटिंग में 2,100 करोड़ रुपये की विसंगति से बैंक की निवल संपत्ति पर 2.35 प्रतिशत का असर पड़ सकता है। बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, निदेशक मंडल ने गुरुवार को अपनी बैठक में विसंगतियों के मूल कारण की पहचान करने, प्रचलित ऑडिटिंग मानकों के संबंध में व्युत्पन्न अनुबंधों के लेखांकन उपचार की शुद्धता व प्रभाव का आकलन करने के लिए एक व्यापक जांच करने हेतु स्वतंत्र पेशेवर कंपनी को नियुक्त करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, यह कंपनी किसी भी चूक की पहचान करेगी और लेखांकन में विसंगतियों के संबंध में जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। बता दें कि बैंक ने 10 मार्च को अपने वायदा-विकल्प खंड में कुछ विसंगतियों के बारे में जानकारी दी थी। बैंक की आंतरिक समीक्षा में पाया गया कि इससे दिसंबर 2024 तक उसकी कुल संपत्ति पर करीब 2.35 प्रतिशत का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मूडीज रेटिंग्स की नजर मूडीज रेटिंग्स ने 17 मार्च को बैंक की रेटिंग को संभावित डाउनग्रेड के लिए समीक्षा पर रखा। इसमें कहा गया है कि ऑडिटिंग में विसंगति बैंक के रिस्क मैनेजमेंट, अनुपालन और रिपोर्टिंग में कमजोरी को दिखाती है और इन क्षेत्रों में लगातार कमजोरियां इंडसइंड की प्रतिष्ठा को कमजोर कर सकती हैं। इसलिए इसकी फंडिंग और लिक्विडिटी को भी नुकसान पहुंचा सकती है। बता दें कि इस महीने इंडसइंड बैंक के शेयरों में 30% से अधिक की गिरावट आई है। recent visitors 54

SBI, PNB सहित कई बैंकों ने बदले नियम, जाने नए नियम कुछ इस प्रकार

जम्मू बैंकिंग सिस्टम को और बढ़िया और ग्राहकों के लिए सिक्योर बनाने के चलते 1 अप्रैल, 2025 से एस.बी.आई., कैनरा सहित कई बैंकों के नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार ग्राहकों की सहूलियत और बैंकिंग सिस्टम को और सुरक्षित बनाने के लिए SBI Bank, PNB Bank, Canara Bank, HDFC Bank सहित कई अन्य बैंक अपने कुछ नियमों में बदलाव करने जा रहे हैं। ये नए नियम कुछ इस प्रकार हैं- 1 अप्रैल के बाद से बैंक के खाताधारकों को अपने सेविंग अकाउंट में पहले से ज्यादा मिनिमम बैलेंस रखना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें पेनल्टी पड़ सकती है। 1 अप्रैल से अगर ग्राहक किसी और ए.टी.एम. से पैसे निकालते हैं तो एक लीमिट के बाद फ्री ट्रांजेक्शन बंद हो जाएगी। इसके अलावा लिमिटेड टाइम से ज्यादा ए.टी.एम. से पैसे निकालने पर पहले से ज्यादा टैक्स लगेगा। बैंकों ने एक अप्रैल से सेविंग अकाउंट और Fixed Deposit की ब्याज दरों में बदलाव किया है। लंबे समय तक चलने वाले FD पर ज्यादा Interest Rate मिलेगा। इसके अलावा ग्राहकों को अकाउंट बैलेंस के आधार पर अलग-अलग Interest Rates मिलेंगे।   सभी बैंकों में जल्द ही पॉजिटिव पे सिस्टम की शुरूआत होने जा रही है। इस दौरान ग्राहकों को बैंकों में 50 हजार से ज्यादा की अमाउंट की ट्रांजेक्शन के लिए चैक को जरूरी किया जाएगा। इसके चलते चैक को वेरिफाई करना होगा जिससे फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी। 1 अप्रैल से मोबाइल और ऑनलाइन बैंकिंग के नए फीचर्स आने वाले हैं। इसमें ए.आई. चैटबॉट भी होगा जिससे ग्राहकों को ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग सिस्टम समझने में आसानी होगी। इसके अलावा बायोमेट्रिक और टू फेक्टर वेरिफिकेशन जैसी सेवाओं को भी अपग्रेड किया जाएगा। recent visitors 47

जीएसटी में बड़ा बदलाव 1 अप्रैल से लागू होगा यह नया नियम, क्या बदलावों से व्यापारियों पर असर पड़ेगा?

नई दिल्ली भारत में जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है, जो 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इस बदलाव के तहत, इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर (ISD) सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। इस नए सिस्टम के माध्यम से, राज्य सरकारें एक ही स्थान पर दी जा रही शेयर्ड सर्विसेज पर उचित टैक्स वसूल करने में सक्षम होंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य राज्यों के बीच टैक्स रेवेन्यू का सही तरीके से वितरण सुनिश्चित करना है। ISD मैकेनिज्म के तहत, यदि एक बिजनेस कई राज्यों में ऑपरेट करता है, तो उसे अपने कॉमन इनपुट सर्विसेज के इनवॉइस को एक स्थान पर केंद्रीकृत करने की अनुमति मिलती है। इन सर्विसेज में घरेलू या इम्पोर्टेड सर्विसेज शामिल हो सकती हैं। यह मैकेनिज्म व्यापारियों को यह सुविधा देता है कि वे अपनी शाखाओं के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को सही तरीके से वितरित कर सकें। इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्या होता है? इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वह टैक्स है जो एक रजिस्टर्ड बिजनेस या इंडिविजुअल किसी वस्तु या सेवा की खरीद पर चुकता करता है। इसे उस समय आउटपुट टैक्स के भुगतान के दौरान घटाया जा सकता है। सरल शब्दों में, ITC एक व्यापार के लिए भुगतान किए गए जीएसटी टैक्स का लाभ है, जिसे वह अपने द्वारा बेची गई वस्तुओं या सेवाओं पर चुकाए गए टैक्स से घटा सकता है। पुरानी व्यवस्था और ISD के लाभ इससे पहले, व्यवसायों को अपने अलग-अलग जीएसटी रजिस्ट्रेशंस के बीच ITC का वितरण करने के लिए ISD या क्रॉस-चार्जिंग मेथड का इस्तेमाल करने का विकल्प था। अब, ISD मैकेनिज्म को लागू करने से, विभिन्न शाखाओं के लिए ITC का वितरण और भी आसान हो जाएगा। अगर किसी व्यापार ने ISD मैकेनिज्म का उपयोग नहीं किया, तो वह अपनी शाखाओं के लिए ITC प्राप्त नहीं कर सकेगा। इसके अलावा, अगर ITC का गलत वितरण होता है, तो टैक्स अथॉरिटीज उस राज्य से ब्याज सहित राशि वसूल सकती हैं। गलत डिस्ट्रीब्यूशन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो 10,000 रुपये या गलत डिस्ट्रीब्यूटेड ITC के मूल्य के बराबर हो सकता है, जो भी अधिक हो। क्या होगा अगर नियमों का पालन न किया गया? ISD मैकेनिज्म के तहत किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर, टैक्स अथॉरिटीज उस राज्य से ब्याज के साथ राशि वसूलने का अधिकार रखती हैं। साथ ही, यदि कोई व्यवसाय ITC के वितरण में गलतियां करता है, तो उसे जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। यह जुर्माना 10,000 रुपये या गलत वितरण किए गए ITC के मूल्य का होगा, जो भी ज्यादा हो। क्या बदलावों से व्यापारियों पर असर पड़ेगा? इस बदलाव का व्यापारियों पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि अब उन्हें अपने बिजनेस संचालन में इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम को सही तरीके से लागू करना होगा। अगर वे इसमें कोई लापरवाही करते हैं, तो उन्हें टैक्स या जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए व्यापारियों को 1 अप्रैल 2025 से पहले इस नए नियम को समझना और अपनी प्रणाली में लागू करना जरूरी है। recent visitors 33

UFBU ने 24-25 मार्च को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान, चार दिन तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी

मुंबई अगर आप अगले हफ्ते बैंक जाने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने 24 और 25 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इससे देशभर में सार्वजनिक और निजी दोनों बैंकों की सेवाएं बाधित हो सकती हैं। हड़ताल का आह्वान भारतीय बैंकों के संगठन इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ बातचीत असफल होने के बाद किया गया। किन बैंकों पर पड़ेगा असर? हालांकि SBI, PNB, BoB, ICICI और HDFC बैंक ने हड़ताल को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन ANI की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस हड़ताल का असर सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र और ग्रामीण बैंकों (Regional Rural Banks) पर पड़ सकता है। इससे ग्राहकों को चार दिन तक बैंकिंग सेवाओं में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। क्या है UFBU और कौन से बैंक यूनियन इसमें शामिल हैं? यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियन्स (UFBU) एक संगठन है जिसमें 9 प्रमुख बैंक यूनियन्स शामिल हैं। यह 8 लाख से अधिक बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें शामिल प्रमुख यूनियन्स हैं- ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज (NCBE), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA)। बैंक यूनियनों की मांगें क्या हैं? बैंक यूनियनों ने अपनी कई मांगें सरकार और IBA के सामने रखी हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:     बैंकों में सभी पदों पर पर्याप्त भर्ती की जाए, ताकि शाखाओं में स्टाफ की कमी न हो और ग्राहक सेवा बेहतर हो सके।     बैंकों में काम कर रहे अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।     सभी बैंकों के लिए पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाए, जैसे कि RBI, बीमा कंपनियों और सरकारी विभागों में लागू है।     परफॉर्मेंस रिव्यू और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम को वापस लिया जाए, जिससे नौकरी की सुरक्षा बनी रहे और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की स्वायत्तता कमजोर न हो।     बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्राहकों द्वारा किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार से बचा जा सके। मैनपावर घटने से बैंकिंग सेवाएं हो रहीं प्रभावित बैंक कर्मी संगठनों ने कहा कि पिछले 11 साल में देश के सार्वजनिक बैंकों में एक लाख 39 हजार 811 कर्मी घट गए हैं। ये पद्द रिक्त हैं। सरकारी बैंकों में ग्राहकों की सेवा के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। बैंक शाखाओं में कर्मियों की बड़ी कमी के कारण संतोषजनक सेवाएं नहीं मिलने से अनियंत्रित लोगों कर्मियों पर हमला कर देते हैं। इस लिए बैंकों में पर्याप्त संख्या में कर्मियों की नियुक्ति की जाए और कर्मियों की सुरक्षा की व्यवस्था की जाय, ताकि ग्राहकों को संतोषजनक सेवाएं प्रदान की जा सकें और कर्मचारियों पर अनावश्यक कार्यभार कम किया जा सके। बैंककर्मियों की मांग     सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती, अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने     बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में पांच दिन काम का नियम लागू करने     परफॉर्मेंस रिव्यू और पीएलआई संबंधित सरकारी निर्देश वापस हो     अनियंत्रित जनता के हमले से बचाने के लिए बैंक कर्मियों की सुरक्षा     सरकारी बैंकों में कामगार, अधिकारी और निदेशकों के रिक्त पदों की नियुक्ति     सरकारी कर्मियों के तर्ज पर 25 लाख रुपए की सीमा बढ़ाने के लिए ग्रेच्युटी अधिनियम में संशोधन     सरकारी बैंकों में खाली पदों को जल्द भरा जाए।     ग्रेच्युटी एक्ट में संशोधन कर इसकी अधिकतम सीमा ₹25 लाख की जाए, जैसा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू है।     बैंकिंग क्षेत्र में स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग को बंद किया जाए।     बैंकिंग सेक्टर में किसी भी प्रकार की अनुचित श्रम नीतियों पर रोक लगाई जाए। चार दिन तक बैंक सेवाएं रहेंगी प्रभावित 22 मार्च को महीना का चौथा शनिवार है, जो सभी सरकारी और निजी बैंकों के लिए अवकाश होता है। 23 मार्च को रविवार होने के कारण बैंकों की छुट्टी रहेगी। 24 और 25 मार्च को दो दिवसीय हड़ताल होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि बैंकिंग सेवाएं लगातार चार दिन तक प्रभावित रहेंगी। किन सेवाओं पर पड़ेगा असर? ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के उपाध्यक्ष पंकज कपूर ने ANI को बताया कि हड़ताल के कारण चेक क्लीयरेंस, नकद लेन-देन, ऋण सेवाएं और धन प्रेषण जैसी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी। हालांकि, ATM, UPI और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन बड़ी राशि के ट्रांजेक्शन और चेक क्लीयरेंस में देरी हो सकती है।   recent visitors 51

सालभर में सोने में 25 हजार और चांदी में 26 हजार की लगाई छलांग

मुंबई कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। पहली बार चांदी का भाव 1 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के पार चला गया है, जबकि सोना 91 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और अमेरिकी बाजार की स्थिति के कारण सोना-चांदी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। सोने में 25 हजार और चांदी में 26 हजार की महंगाई मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच सोना और चांदी के भावों में भारी उछाल देखा गया है। एक साल पहले मार्च 2024 में फाइन सोना 66 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 91 हजार रुपए पर पहुंच गया है। इसी तरह फाइन चांदी की कीमत 75 हजार रुपए से बढ़कर 1 लाख 1 हजार रुपए हो गई है। सोना जेवर की कीमत – मार्च 2024 में 59 हजार रुपए थी, जो अब 84 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। चांदी जेवर की कीमत – पिछले साल 700 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जो अब 950 रुपए हो गई है। 60 दिनों में सोना 12 हजार और चांदी 9 हजार महंगी 2025 की शुरुआत से ही सराफा बाजार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। 15 जनवरी से 15 मार्च के बीच मात्र 60 दिनों में सोना 12 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 9 हजार रुपए प्रति किलो महंगी हुई है।     15 जनवरी 2025 – सोना 79 हजार रुपए, चांदी 92 हजार रुपए     फरवरी 2025 – सोना 87 हजार रुपए, चांदी 98 हजार रुपए     15 मार्च 2025 – सोना 91 हजार रुपए, चांदी 1 लाख 1 हजार रुपए बाजार में हलचल, विशेषज्ञों की राय बढ़ती कीमतों के चलते सराफा बाजार में हलचल मच गई है। व्यापारियों के अनुसार, जब सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, तो इसका असर खरीदारी पर भी पड़ता है। रतलाम स्थित महावीर ज्वेलर्स के अभिषेक जैन ने बताया कि अमेरिका की आर्थिक नीतियों के कारण कीमतों में उछाल आया है और निकट भविष्य में गिरावट के आसार नहीं हैं। बंटू ज्वेलर्स के चिराग बंटू गौरी के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक सोना 12 हजार और चांदी 9 हजार रुपए महंगी हो चुकी है, जिससे ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित हो सकती है। ज्यादातर जानकार सोने को लेकर फिलहाल बेहद बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्लोबल लेवल पर ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका के मद्देनजर जो अनिश्चतिता की स्थिति बनी है उसमें बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग बरकरार रह सकती है। अमेरिकी डॉलर में नरमी भी गोल्ड की कीमतों मे तेजी भर रही है। फिलहाल अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (US dollar Index) 4 महीने के अपने लो पर है। इस साल अभी तक अमेरिकी डॉलर इंडेक्स तकरीबन 5 फीसदी कमजोर हुआ है। इस दौरान 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तकरीबन 26 बेसिस प्वाइंट की गिरावट आई। जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है तो सोना उन खरीदारों के लिए सस्ता हो जाता है जो इसे किसी अन्य करेंसी में खरीदना चाहते हैं। इससे सोने की मांग बढ़ सकती है और कीमतों में इजाफा हो सकता है। वहीं यूएस बॉन्ड यील्ड में गिरावट निवेशकों के लिए सोने के अपॉर्चुनिटी कॉस्ट (opportunity cost) को घटा देती है। इजरायल की तरफ से गाजा में हमास के ठिकानों पर किए गए ताजा मिलिटरी स्ट्राइक के बाद मिडिल ईस्ट में जियो पॉलिटिकल टेंशन एक बार फिर बढ़ गया है जिस वजह से भी बतौर सुरक्षित विकल्प सोने की मांग में तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा इन्वेस्टमेंट डिमांड और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी भी कीमतों के लिए सपोर्टिव हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक फरवरी के दौरान लगातार तीसरे महीने इन्वेस्टमेंट डिमांड में तेजी देखने को मिली। ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश फरवरी के दौरान 9.4 बिलियन डॉलर बढ़ा। मार्च 2022 के बाद इन्वेस्टमेंट डिमांड में यह सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है। वॉल्यूम /होल्डिंग के लिहाज से इस दौरान निवेश में 99.9 टन की वृद्धि हुई। सोने की कीमतों में तेजी और लगातार तीसरे महीने आए इनफ्लो के दम पर फरवरी 2025 के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी AUM बढ़कर रिकॉर्ड 306 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। टोटल होल्डिंग भी पिछले महीने के अंत तक 3,353 टन पर दर्ज किया गया जो जुलाई 2023 के बाद सबसे ज्यादा है। जनवरी की तुलना में एसेट अंडर मैनेजमेंट और टोटल होल्डिंग दोनों में कमश: 4.1 फीसदी और 3.1 फीसदी की वृद्धि हुई। उधर चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) के मुताबिक उसकी तरफ से फरवरी  में 5 टन सोने की खरीद की गई। छह महीने के ब्रेक के बाद पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने लगातार चौथे महीने गोल्ड खरीदा है। फरवरी  के अंत तक चीन का गोल्ड रिजर्व बढ़कर 2,290 टन पर पहुंच गया जो उसके कुल फॉरेक्स रिजर्व का 5.9 फीसदी है। यदि ट्रंप की नीतियों की वजह से चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर टकराहट और बढ़ती है तो शायद चीन का केंद्रीय बैंक सोने की खरीद में और तेजी लाए। इस बात की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गोल्ड की हिस्सेदारी अभी भी 6 फीसदी के नीचे है। जबकि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। जानकार मानते हैं के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन गोल्ड की हिस्सेदारी को कम से कम 10 फीसदी तक बढ़ाना चाहेगा। फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की आज से शुरू हो रही दो दिवसीय मीटिंग पर है। हालांकि रेट में कटौती की गुंजाइश नहीं है फिर भी पोस्ट मीटिंग कमेंट्री का सबको बेसब्री से इंतजार है। यूएस फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल 19 मार्च (भारतीय समयानुसार 20 मार्च रात 12.30 बजे) को मीटिंग के बाद ब्याज दरों को लेकर ऐलान करेंगे। घरेलू फ्यूचर्स मार्केट घरेलू फ्यूचर्स मार्केट एमसीएक्स (MCX) पर सोने का बेंचमार्क अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट फिलहाल (1:30 PM IST) 408 रुपये यानी 0.46 फीसदी की मजबूती के साथ 88,431 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर है। इससे पहले यह आज … Read more

एचपी भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए एक दो-आयामी रणनीति अपना रहा, भारत में बढ़ेगा निवेश

नई दिल्ली एचपी (ह्यूलट-पैकार्ड) के सीईओ एनरिक लोरेस ने भारत में कंपनी की बढ़ती उपस्थिति और विस्तार की योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचपी भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए एक दो-आयामी रणनीति अपना रहा है। कंपनी न सिर्फ स्थानीय विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगी बल्कि सॉफ्टवेयर विकास में काम कर रहे भारतीय इंजीनियरों को भी शामिल करेगी ताकि वह अपने उत्पादों में उन्नत सॉफ़्टवेयर सुविधाएं प्रदान कर सकें। भारत में HP की बढ़ती उपस्थिति एनरिक लोरेस ने कहा, "भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जहां हमारे सबसे अधिक कर्मचारी हैं और इनमें से बड़ी संख्या में इंजीनियर हैं जो सॉफ़्टवेयर विकास में काम कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इन इंजीनियरों के योगदान से हमारे बाकी उत्पादों में नई तकनीकी सुविधाओं का समावेश होगा।" पीसी बाजार में एचपी की स्थिति भारत पहले ही एचपी के लिए एक महत्वपूर्ण पीसी बाजार बन चुका है। इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) के अनुसार भारत में एचपी सबसे बड़ी पीसी निर्माता कंपनी है। लोरेस ने बताया कि एचपी की वैश्विक बाजार हिस्सेदारी विभिन्न श्रेणियों में सबसे अधिक है और कंपनी भारत में आंतरिक विकास और शोध कर रही है जिसका लाभ कंपनी के अन्य वैश्विक उत्पादों में भी देखने को मिलेगा। भारत में विनिर्माण और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना एचपी ने पिछले साल के अंत में भारतीय अनुबंध निर्माता डिक्सन टेक्नोलॉजीज को "मेक इन इंडिया" योजना के तहत लैपटॉप और डेस्कटॉप बनाने का ऑर्डर दिया था। इसके माध्यम से एचपी अपने उत्पादों की कीमत को कम करने में सक्षम होगी जिससे उसकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। लोरेस ने बताया, "भारत में उत्पादों का निर्माण स्थानीय स्तर पर किया जाना चाहिए और इस दिशा में हम अप्रैल महीने से भारत में नोटबुक उत्पादन शुरू करने जा रहे हैं।" चीन पर निर्भरता कम करना एचपी और अन्य तकनीकी कंपनियां भारत में अपने ध्यान केंद्रित कर रही हैं ताकि चीन पर उनकी निर्भरता कम हो सके। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई कंपनियां चीन से अपनी उत्पादन सुविधाएं बाहर स्थानांतरित करने पर विचार कर रही हैं। एचपी को भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ का सामना करना पड़ा है जिससे कंपनी ने भारत में अधिक उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाई है। भारत में PC की बढ़ती मांग और AI सुविधाएं स्मार्टफोन की तुलना में भारत में पीसी की पहुंच अभी भी कम है जिससे एचपी जैसी कंपनियों को इस बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का अच्छा अवसर मिल रहा है। इसके अलावा एचपी अब अपने पीसी में बिल्ट-इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सुविधाएं जोड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिससे यह कंपनियां और छोटे व्यवसायों के लिए आदर्श बन सकें। एचपी का मानना है कि भारत में एआई आधारित पीसी की मांग बढ़ेगी। स्थानीय AI मॉडल के साथ नई योजनाएं लोरेस ने यह भी साझा किया कि एचपी स्थानीय रूप से विकसित AI मॉडल को अपने उत्पादों में लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कंपनी स्पेन और सऊदी अरब में स्थानीय विश्वविद्यालयों और सरकारों के साथ मिलकर स्पेनिश और अरबी भाषाओं के लिए AI मॉडल विकसित कर रही है और इसी तरह के मॉडल भारत में भी विकसित किए जा सकते हैं। अंत में कहा जा सकता है कि एचपी भारत में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। कंपनी का उद्देश्य न सिर्फ स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देना है बल्कि भारतीय इंजीनियरों को अपनी सॉफ़्टवेयर टीम में शामिल कर अपने उत्पादों को और अधिक उन्नत बनाना है। साथ ही एचपी चीन पर अपनी निर्भरता कम करते हुए भारत में अपने उत्पादन को बढ़ा रही है जिससे उसे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लाभ मिलेगा।   recent visitors 44

भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे कारोबारी दिन धुआंधार तेजी, सेंसेक्स 899 अंक उछलकर 76,348 पर हुआ बंद

मुंबई भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन धुआंधार तेजी देखने को मिली। आज सेंसेक्स 899 अंक उछलकर 76,348 के स्तर पर, जबकि निफ्टी 283 अंकों की बढ़त के साथ 23,190 के स्तर पर बंद हुआ। शेयर बाजार की तेजी के 3 प्रमुख कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नरम रुख फेडरल रिजर्व ने महंगाई और संभावित मंदी की आशंका के बावजूद इस साल ब्याज दरों में कटौती के संकेत दिए हैं। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि टैरिफ बढ़ने से महंगाई पर कुछ असर पड़ेगा, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं रहेगा। इससे बाजार की घबराहट कम हुई और निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। घरेलू डिमांड और चुनिंदा सेक्टरों की वापसी विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ता स्टॉक्स में मजबूत खरीदारी देखने को मिली है। कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, इंडिगो और मुथूट फाइनेंस जैसे स्टॉक्स ने 52-वीक हाई छुआ है। इसके अलावा डिफेंस और शिपिंग सेक्टर में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। अमेरिकी बाजारों से सकारात्मक संकेत बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स 383 अंक (0.92%) चढ़कर 41,964.63 पर बंद हुआ, S&P 500 में 1.08% की बढ़त रही, और Nasdaq 1.41% उछलकर 17,750.79 पर बंद हुआ। इससे भारतीय बाजार में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा।   कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 19 मार्च को बाजार में तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 147 अंक ऊपर 75,449 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में 73 अंक की तेजी रही, ये 22,907 के स्तर पर बंद हुआ। recent visitors 37

1 अप्रैल 2025 से बंद हो जाएगा UPI?इन मोबाइल नंबरों की बैंकिंग और UPI सेवा, जानें वजह

मुंबई अगर आप UPI का नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI ट्रांजैक्शन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे. इन बदलावों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है. क्या है नया नियम? NPCI के नए निर्देशों के अनुसार, बैंकों को उन मोबाइल नंबरों को अपने सिस्टम से हटाना होगा जो बंद हो चुके हैं या नए ग्राहकों को दोबारा असाइन किए गए हैं. यह कदम UPI ट्रांजैक्शन में होने वाली गलतियों को रोकने के लिए उठाया गया है. हर हफ्ते होगा डेटा अपडेट NPCI ने 16 जुलाई 2024 को हुई बैठक में यह फैसला लिया कि:     बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) को अपने डेटा को साप्ताहिक रूप से अपडेट करना होगा.     इस प्रक्रिया में उन मोबाइल नंबरों की सूची को हटाया जाएगा जो अब बंद हो चुके हैं या किसी अन्य ग्राहक को दे दिए गए हैं.     इससे गलत नंबर पर ट्रांजैक्शन होने की संभावना कम हो जाएगी और सुरक्षा बढ़ेगी. UPI यूजर्स को क्या करना चाहिए? NPCI के नए दिशानिर्देशों के चलते UPI यूजर्स को निम्न बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:     रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट करें: यदि आपने हाल ही में अपना मोबाइल नंबर बदला है, तो तुरंत अपने बैंक और UPI ऐप में इसे अपडेट करें.     UPI ऐप्स के नोटिफिकेशन पर नजर रखें: UPI ऐप्स अब नंबर अपडेट के लिए स्पष्ट सहमति लेंगे. इसके लिए एक ‘ऑप्ट-इन’ विकल्प दिया जाएगा, जिससे उपयोगकर्ता की मंजूरी के बिना कोई बदलाव नहीं होगा.     बैंक से संपर्क करें: यदि आपका पुराना मोबाइल नंबर बंद हो गया है, तो तुरंत बैंक को इसकी सूचना दें ताकि आपके अकाउंट की सुरक्षा बनी रहे.     पैसे प्राप्त करने में रुकावट: यदि किसी ग्राहक का नंबर अपडेट नहीं होता है, तो उन्हें UPI के माध्यम से पैसे प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है. बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए नए निर्देश NPCI ने बैंकों और UPI सेवा प्रदाताओं को इन नियमों को लागू करने के लिए 31 मार्च 2025 तक का समय दिया है. 1 अप्रैल 2025 से:     सभी बैंकों को NPCI को मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी.     इस रिपोर्ट में कुल UPI आईडी, सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या, अपडेट किए गए मोबाइल नंबरों के माध्यम से हुए ट्रांजैक्शन और स्थानीय स्तर पर हल किए गए नंबर-बेस्ड ट्रांजैक्शन का विवरण शामिल होगा. नए नियमों का असर NPCI द्वारा लागू किए गए इन नए दिशानिर्देशों का सकारात्मक प्रभाव निम्न रूप से देखा जा सकेगा:     UPI ट्रांजैक्शन में सुरक्षा बढ़ेगी: गलत नंबर पर पैसे भेजने की घटनाओं में कमी आएगी.     धोखाधड़ी की घटनाएं कम होंगी: नंबर अपडेट प्रक्रिया के कारण स्कैम और फ्रॉड की आशंका कम होगी.     UPI का अनुभव बेहतर होगा: उपयोगकर्ता लेन-देन में अधिक सहजता और सुरक्षा महसूस करेंगे. NPCI का उद्देश्य NPCI का मुख्य उद्देश्य UPI ट्रांजैक्शन को सुरक्षित और उपभोक्ता हित में अधिक सुविधाजनक बनाना है. नए नियमों के लागू होने के बाद डिजिटल पेमेंट सिस्टम और अधिक मजबूत व सुरक्षित हो जाएगा. recent visitors 40

अप्रैल में 5 दिन बंद रहेंगे बैंक, उससे पहले से निपटा लें जरूरी काम: भारतीय रिजर्व बैंक

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 अप्रैल 2025 को बैंकों में कामकाज नहीं होने की घोषणा की है। इस दिन सभी बैंकों में कामकाजी गतिविधियाँ बंद रहेंगी। यह कदम वाणिज्यिक बैंकों की वार्षिक लेखाबंदी के कारण उठाया गया है। इसके अलावा अप्रैल महीने में और भी कई दिनों पर बैंकों में छुट्टी घोषित की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने 1 अप्रैल 2025 को बैंकों में कोई भी कार्य न होने की घोषणा की है। खासतौर पर इस दिन बैंकों की वार्षिक लेखा-बंदी का कार्य होता है, जिसके कारण इस दिन बैंकों में कोई लेन-देन नहीं होगा। ऐसे में बैंकों के ग्राहक 1 अप्रैल को अपने वित्तीय लेन-देन के लिए अन्य दिन का चयन कर सकते हैं। अप्रैल महीने में और भी छुट्टियाँ: इसके अलावा अप्रैल महीने में 6, 10, 14 और 18 तारीख को भी बैंक बंद रहेंगे। इन छुट्टियों की सूची में विशेष पर्वों का ध्यान रखा गया है। 6 अप्रैल – रामनवमी: हिंदू धर्म के अनुसार रामनवमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बैंकों में कामकाज बंद रहेगा।   10 अप्रैल – महावीर जयंती: जैन धर्म के तीर्थंकर महावीर स्वामी की जयंती पर भी बैंकों में अवकाश रहेगा। 14 अप्रैल – डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती: भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर यह दिन अवकाश रहेगा। 18 अप्रैल – गुड फ्राइडे: ईसाई धर्म के अनुसार गुड फ्राइडे पर भी बैंकों में कामकाज बंद रहेगा। सरकारी विद्यालयों में भी रहेगी छुट्टी उत्तर प्रदेश में सरकारी विद्यालयों के लिए भी छुट्टियाँ घोषित की गई हैं। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अनुसार 6 अप्रैल को रामनवमी, 10 अप्रैल को महावीर जयंती, 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, और 18 अप्रैल को गुड फ्राइडे के दिन विद्यालयों में भी अवकाश रहेगा। recent visitors 42

सोने में तेजी से गोल्ड मार्केट कैप बढ़कर नए रेकॉर्ड $20 लाख करोड़ पर पहुंचा

नई दिल्ली  सोने के दाम आसमान छू रहे हैं! MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोना 88,488 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रेकॉर्ड पर पहुंच गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोना 3,000 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया है। वहीं सोने ने एक और रेकॉर्ड बना दिया है। सोने का बाजार पूंजीकरण 20 लाख करोड़ डॉलर से भी ज्यादा हो गया है। यह पहली बार है जब इसका मार्केट कैप इतना ज्यादा हुआ है। एमसीएक्स पर सोने के अप्रैल वायदा अनुबंध 0.52% या 465 रुपये बढ़कर 88,488 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमतें 3,024 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गईं। सोने की कीमत में यह तेजी डॉलर के कमजोर होने, दुनिया में तनाव बढ़ने और निवेशकों के सावधानी बरतने के कारण आई है। डॉलर में आई गिरावट डॉलर इंडेक्स पांच महीने के निचले स्तर पर आ गया है। इसलिए सोना अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के लिए और भी आकर्षक हो गया है। जब डॉलर कमजोर होता है तो दूसरे देशों के लोगों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। बाजार में डर का माहौल दुनिया में तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर के कमजोर होने की वजह से सोने के दाम बढ़ रहे हैं। मिडिल ईस्ट में युद्ध, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और फेडरल रिजर्व के फैसलों का इंतजार, इन सब वजहों से बाजार में डर का माहौल है। निवेशक सोने को सुरक्षित मान रहे हैं और इसमें निवेश कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर हूती विद्रोही लाल सागर में हमले करते हैं तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। इससे बाजार में डर का माहौल है। इजराइल और हमास के बीच लड़ाई तेज हो गई है। इजराइल गाजा में हमले कर रहा है। वहीं रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अभी भी जारी है। अमेरिका के आर्थिक आंकड़े कमजोर अमेरिका के आर्थिक आंकड़े कमजोर हैं और फेड की नीतियों का इंतजार है। अमेरिका के आर्थिक आंकड़े उम्मीद से कम हैं। इससे विकास को लेकर चिंता बढ़ गई है। ICICI सिक्योरिटीज ने कहा, 'अमेरिका से कमजोर-अपेक्षित आर्थिक डेटा और यमन के हूती के खिलाफ अमेरिकी हमलों के बाद तेल-समृद्ध मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते भी सोना महंगा हुआ है। recent visitors 47

LIC का लक्ष्य हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी का 31 मार्च से पहले एंट्री करना है ऐलान संभव

नई दिल्ली भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में एंट्री करने की तैयारी में है। इसके लिए LIC हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के अधिग्रहण की प्रक्रिया में लग गई है। यह जानकारी कंपनी के सीईओ सिद्धार्थ मोहंती ने दी है। इस खबर के बीच LIC के शेयर में तेजी आई और सप्ताह के दूसरे दिन यह 1.70% बढ़कर 758 रुपये के पार पहुंच गया। बता दें कि 3 मार्च को शेयर 715 रुपये के निचले स्तर तक आ गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो भी है। कब तक है LIC का प्लान LIC का लक्ष्य हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी का 31 मार्च से पहले अधिग्रहण को अंतिम रूप देना और इसकी घोषणा करना है। मोहंती ने स्पष्ट किया कि एलआईसी जिस कंपनी का अधिग्रहण करेगी, उसमें उसकी बहुलांश हिस्सेदारी नहीं होगी। इस कदम से बीमा क्षेत्र में एलआईसी की उपस्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। आपको बता दें कि एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने पहले हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में कंपनी की संभावनाओं का जिक्र किया था। एलआईसी के प्रीमियम में बढ़ोतरी की हाल ही में एलआईसी ने वित्त वर्ष 2025 के पहले 11 महीनों में समूह वार्षिक नवीकरणीय प्रीमियम और व्यक्तिगत प्रीमियम दोनों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की है। एलआईसी ने बताया कि समूह वार्षिक नवीकरणीय प्रीमियम में 28.29 प्रतिशत और व्यक्तिगत प्रीमियम में 7.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फरवरी 2025 तक एलआईसी का कुल प्रीमियम कलेक्शन 1.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1.86 लाख करोड़ रुपये से 1.90 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, फरवरी 2025 में व्यक्तिगत प्रीमियम संग्रह 1.07 प्रतिशत घटकर 4,837.87 करोड़ हो गया जबकि फरवरी 2024 में यह 4,890.44 करोड़ था। इस दौरान समूह प्रीमियम के तहत कुल 4,898 पॉलिसियां जारी की गईं, जो पिछले वर्ष की 4314 पॉलिसियों की तुलना में 13.53 प्रतिशत अधिक है। recent visitors 48

महंगाई में कमी का मिलेगी राहत, ज्यादा रेट कट कर सकता है RBI: मॉर्गन स्टैनली

नई दिल्ली अमेरिकी निवेश बैंक एवं फाइनेंशियल सर्विस कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की खुदरा महंगाई औसतन चार प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है. कंपनी ने मंगलवार, 18 मार्च को जारी रिपोर्ट में कहा है कि कन्ज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित मुद्रास्फीति की दर चार प्रतिशत पर रहने का मतलब है कि आने वाले महीनों में आरबीआई द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती की जा सकती है, जबकि पहले 0.50 प्रतिशत की कटौती का अनुमान जारी किया गया था. नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती संभव मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी के कारण मुद्रास्फीति में नरमी से अतिरिक्त कटौती की गुंजाइश बनती है. रिपोर्ट में कहा गया है, "लगातार दो महीने (जनवरी और फरवरी में) ओवरऑल मुद्रास्फीति की दर अनुमानों से कम रही है. इसे देखते हुए हम अपने मौद्रिक नीति परिदृश्य को अपडेट करते हैं, और (नीतिगत दरों में) 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती को जोड़ते हैं." वित्त वर्ष 2025-26 में खुदरा महंगाई औसतन 4 प्रतिशत रहेगी: रिपोर्ट इसमें उम्मीद जताई गई है कि वित्त वर्ष 2025-26 में खुदरा महंगाई औसतन चार प्रतिशत रहेगी, जबकि इसके पहले 4.3 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था. अमेरिका कंपनी ने कहा, "इस प्रकार, हम 0.50 प्रतिशत के अपने पिछले अनुमान से 0.75 प्रतिशत की संचयी दर कटौती की ओर अग्रसर हैं." जनवरी और फरवरी के खुदरा महंगाई के आंकड़ों में अपेक्षा से तेज गिरावट देखी गई, जो खाद्य मुद्रास्फीति में कमी के कारण संभव हुई. वहीं, कोर मुद्रास्फीति निचले स्तर पर सीमित दायरे में बनी रही. मॉर्गन स्टेनली ने कहा, "31 मार्च को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए अब हम हमारे पूर्व अनुमान 4.3 प्रतिशत की तुलना में खुदरा महंगाई के औसतन चार प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाते हैं. आरबीआई का ओवरऑल मुद्रास्फीति का एक लक्ष्य (2-6 प्रतिशत) है, इसलिए हमारा मानना ​​है कि इससे अतिरिक्त नरमी की गुंजाइश बनती है." फरवरी में सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति 3.61 प्रतिशत रही. छह महीने में पहली बार यह आरबीआई के चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे आई है.खाद्य मुद्रास्फीति पिछले 12 महीने में ओवरऑल मुद्रास्फीति से ज्यादा रही है. इसमें मौसम संबंधी व्यवधानों का भी योगदान रहा है. रबी और खरीफ फसल उत्पादन में सालाना वृद्धि का अनुमान रिपोर्ट में कहा गया है, "हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खाद्य मुद्रास्फीति के परिदृश्य में सुधार हुआ है क्योंकि रबी और खरीफ फसल उत्पादन में सालाना आधार पर वृद्धि का अनुमान है, जो अस्थिरता को कम करने में भी मदद करेगा." भले ही विकास में तेजी आ रही है, लेकिन ऋण वृद्धि की प्रवृत्ति अब भी 11 प्रतिशत पर नरम है, जो वित्तीय स्थिरता की चिंताओं को दूर रखता है और विनियमन तथा तरलता के मोर्चे पर और अधिक कटौती की संभावना को दर्शाता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कोर मुद्रास्फीति में गिरावट आश्चर्यजनक रही है, जो कोर वस्तुओं और सेवाओं की मुद्रास्फीति के निचले स्तर से प्रेरित है.वास्तव में, भले ही बेस इफेक्ट सामान्य होने पर कोर मुद्रास्फीति बढ़ सकती है, लेकिन कमोडिटी की कीमतों में सीमा-बद्ध प्रवृत्ति से प्रेरित होकर इसके चार प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है. खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में कमी का असर रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में कमी का असर ओवरऑल सीपीआई में गिरावट की प्रवृत्ति की निरंतरता पर दिखने की संभावना है, जिस पर आरबीआई का फोकस होता है.इस संदर्भ में, ओवरऑल मुद्रास्फीति में नरमी आरबीआई द्वारा नीतिगत दरों में और अधिक कटौती के लिए अधिक गुंजाइश पैदा करती है.     recent visitors 34

रुक गई गिरावट? ये 5 कारण… आज सेंसेक्‍स 1100 अंक चढ़ा, 15% तक भागे कई शेयर

मुंबई शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बड़े दिनों बाद गुड न्यूज मिली है। घरेलू शेयर मार्केट में मंगलवार को काफी तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1131.31 अंक यानी 1.53% तेजी के साथ 75,301.26 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 325.55 अंक यानी 1.45% की उछाल के साथ 22,834.30 अंक पर पहुंच गया। फाइनेंशियल और मेटल कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। सभी सेक्टर हरे निशान में थे। दुनिया भर के बाजारों के अच्छा प्रदर्शन, घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार और तकनीकी रूप से बाजार के मजबूत होने से बाजार में तेजी आई है। इस तेजी से बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप 6.36 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 399.53 लाख करोड़ रुपये हो गया। शेयर मार्केट में लगातार दूसरे दिन तेजी आई है। निफ्टी के 50 शेयरों में से अधिकांश तेजी के साथ बंद हुए। केवल बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा और भारती एयरटेल में गिरावट रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2.71 फीसदी और निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स में 2.10 फीसदी तेजी रही। एनएसई पर सभी सेक्टोरल इंडेक्स तेजी के साथ बंद हुए। क्या रही तेजी की वजह भारतीय शेयर बाजार ने वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों का अनुसरण किया। अमेरिका में शेयर बाजार स्थिर रहा। लेकिन निवेशक अभी भी अप्रैल को लेकर सतर्क हैं। अप्रैल में ट्रंप द्वारा प्रस्तावित टैरिफ लगने वाले हैं। चीन घरेलू मांग को बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रहा है। अमेरिका में खुदरा बिक्री के आंकड़े अच्छे आने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यूरो और अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर पांच महीने के निचले स्तर पर आ गया। इन 5 वजहों से आज शानदार तेजी     भारतीय शेयर बाजारों में वॉल स्ट्रीट और एशियाई बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली. जिस कारण आज भारतीय बाजार ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है.     चीन ने घरेलू मांग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं, जिसमें चाइल्डकैअर सब्सिडी और खपत को सपोर्ट देने के लिए खास कार्य योजना जैसे नए उपाय शामिल किए हैं. जिससे डॉलर में कमजोरी आई है और भारतीय बाजार तेजी से चढ़ा है.     अमेरिका के रिटेल सेल डाटा में इजाफा होने से निवेशकों के सेंटीमेंट बदले हैं, जबकि जनवरी में इस आंकड़े में गिरावट आई थी. इस आंकड़े ने मंदी की आशंका को दूर किया है.     अमेरिकी डॉलर यूरो और अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले पांच महीने के निचले स्तर के करीब पहुंच गया है. भारतीय रुपया मंगलवार को 86.7625 प्रति अमेरिकी डॉलर पर थोड़ा अधिक खुला, जबकि पिछले बंद भाव 86.80 था.     भू-राजनीतिक घटना ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन वॉर के लिए संभावित युद्धविराम प्रस्ताव के बारे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करने की योजना की घोषणा की है. 20% तक चढ़े ये शेयर वन मोविक्विक के शेयर (One Mobikwik System Share) आज 20 फीसदी चढ़कर 297 रुपये पर बंद हुआ. त्रिवेणी टारबाइन के शेयर आज 14 फीसदी, रेमंड के शेयर 16 फीसदी, फिनोलेक्‍स केबल के शेयर आज 11.58 फीसदी तक चढ़े. इसके अलावा, जोमैटो के शेयर में 7 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी देखी गई है. वहीं Ola इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में 16 फीसदी की उछाल आई थी. टेक्निकल चार्ट क्‍या दे रहा संकेत मार्केट एक्‍सपर्ट का मानना है कि निफ्टी 22,350 और Sensex का 73,800 पर मूवमेंट बना हुआ है. निफ्टी 22,800 और सेंसेक्स 75,300    पर सपोर्ट बना सकता है. अगर इसके ऊपर कुछ दिनों तक बाजार बंद होता है तो यह निवेशकों के लिए अच्‍छे संकेत हो सकते हैं. recent visitors 40

शेयर बाजार में आज भी मजबूती देखने को मिल रही, सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,650 के पार

मुंबई शेयर बाजार में आज भी मजबूती देखने को मिल रही है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 500 अंकों की बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी 22,650 के पार पहुंच गया। बाजार में खरीदारी का जोर बना हुआ है, जिससे निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है। सुबह 9:27 बजे, सेंसेक्स 448.91 अंकों (0.61%) की बढ़त के साथ 74,618.86 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 140.15 अंकों (0.62%) की तेजी के साथ 22,648.90 पर था।     निफ्टी बैंक 407.25 अंकों (0.84%) की बढ़त के साथ 48,761.40 पर पहुंचा।     निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 333.05 अंकों (0.69%) की तेजी के साथ 48,794.85 पर कारोबार कर रहा था।     निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 142.55 अंकों (0.95%) की बढ़त के साथ 15,110.95 पर था। क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ? विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी 22,450, 22,350 और 22,300 पर सपोर्ट ले सकता है, जबकि 22,700, 22,750 और 22,800 पर रेजिस्टेंस दिख सकता है। हालांकि, बाजार में सकारात्मक रुख के बावजूद अमेरिका द्वारा नए टैरिफ लगाने के बाद व्यापार युद्ध को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल है। टॉप गेनर्स और लूजर्स बढ़त वाले शेयर: ICICI बैंक, M&M, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, बजाज फिनसर्व, हिंदुस्तान यूनिलीवर और ज़ोमैटो टॉप गेनर्स रहे। गिरावट वाले शेयर: HCL टेक, सन फार्मा, TCS और टेक महिंद्रा नुकसान में रहे। वैश्विक बाजारों का हाल अमेरिकी बाजार: पिछले सत्र में डाउ जोंस 0.85% बढ़कर 41,841.63, S&P 500 0.64% चढ़कर 5,675.12, और NASDAQ 0.31% बढ़कर 17,808.66 पर बंद हुआ। एशियाई बाजार: जकार्ता लाल निशान में था, जबकि जापान, सियोल, चीन और हांगकांग हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। FII और DII का मूवमेंट मार्च में अब तक विदेशी निवेशकों (FII) ने 4,488.45 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 6,000.60 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। recent visitors 34

आज सेंसेक्स ने लगाई 500 अंकों की छलांग, निफ्टी भी भागा… इन 10 शेयरों में तूफानी तेजी

मुंबई शेयर बाजार में तेजी (Stock Market Rise) का सिलसिला जारी है और सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी सेंसेक्स-निफ्टी ने ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 500 अंक की तेजी के साथ ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स (Nifty-50) ने भी 100 अंक की उछाल के साथ कारोबार शुरू किया. लगातार दूसरे दिन बाजार में हरियाली के बीच सबसे ज्यादा उछलने वाले शेयरों की लिस्ट में ICICI Bank और Axis Bank समेत जोमैटो और टाटा मोटर्स आगे रहे. खुलते ही उछल पड़े सेंसेक्स-निफ्टी शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई के सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,169.95 के लेवल से चढ़कर 74,608.66 पर ओपन हुआ और ये कुछ ही देर में 573 अंक की जोरदार उछाल के साथ 74,743 के लेवल पर जा पहुंचा. दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी भी अपने पिछले बंद 22,508.75 की तुलना में जोरदार तेजी लेते हुए 22,662.25 पर ओपन हुआ और मिनटों में सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 178 अंक उछल गया और 22,687 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया. 1637 शेयर बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपन शुरुआती कारोबार में ही शेयर बाजार में करीब 1637 कंपनियों के शेयरों ने जोरदार रफ्तार के साथ ग्रीन जोन में ट्रेडिंग शुरू की. इसके अलावा 571 कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे थे, जो बाजार चढ़ने के बावजूद गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. वहीं 131 शेयरों की स्थिति जस की तस रही, यानी इनमें कोई चेंज देखने को नहीं मिला. शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागने वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व शामिल रहे, तो वहीं TCS, ONGC, Tech Mahindra और Tata Consumer के शेयर रेड जोन में ओपन हुए. आज के टॉप गेनर बने ये शेयर बात करें, शेयर मार्केट में लगातार दूसरे कारोबारी दिन आई तेजी के बीच शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा रफ्तार के साथ भागने वाले शेयरों के बारे में, तो ICICI Bank Share (2.30%), Zomato Share (2.11%), Axis Bank Share (2.10%), M&M Share (1.90%) और Tata Motors Share (1.50%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से Manyavar Share (3.62%), IREDA Share (3.55%), Paytm Share (2.60%) की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा था, तो वहीं Tata Tech Share (2.43%) और RVNL Share (2.16%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. सोमवार को दिनभर रही थी तेजी बीते कारोबारी दिन सोमवार को भी Sensex-Nifty ने दिनभर तेजी के साथ कारोबार किया था और अंत में बढ़त के साथ बंद हुए थे. बीएसई Sensex मार्केट ओपन होने के साथ 73,830.03 के लेवल पर ओपन हुआ था और कारोबार के दौरान 74,376.35 के लेवल तक उछला था. हालांकि, बाजार बंद होते-होते इसकी रफ्तार कुछ धीमी पड़ी थी, फिर भी ये 341.05 अंक की तेजी लेकर 74,169.95 पर क्लोज हुआ था. इसी तरह एनएसई का Nifty भी 22,353.15 के लेवल पर खुलने के बाद 22,577 तक उछला था और अंत में 112.45 अंकों की बढ़त लेकर 22,509.65 के लेवल पर क्लोज हुआ था. recent visitors 41

भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में हुआ बंद, फाइनेंशियल और ऑटो शेयरों में हुई खरीदारी

मुंबई भारतीय शेयर बाजार सोमवार को हरे निशान में बंद हुआ। बाजार में चौतरफा तेजी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 341.04 अंक या 0.46 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,169.95 और निफ्टी 111.55 अंक या 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,508.75 पर था। बाजार में तेजी की वजह फार्मा और फाइनेंस शेयरों में खरीदारी होना था। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 1.03 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.56 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा ऑटो, मेटल, एनर्जी और बैंकिंग इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुए हैं। वहीं, एफएमसीजी, रियल्टी और मीडिया इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 336.70 अंक या 0.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 48,461.80 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 71.05 अंक या 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 14,968.40 पर था। सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, सनफार्मा, जोमैटो, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, इन्फोसिस और एचसीएल टेक टॉप गेनर्स थे। आईटीसी, नेस्ले, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई, एशियन पेंट्स, टीसीएस, पावर ग्रिड और एचयूएल टॉप लूजर्स थे। व्यापक बाजार में गिरावट का रुझान था। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 1,617 शेयर हरे निशान में, 2,502 शेयर लाल निशान में और 120 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं। सकारात्मक वैश्विक संकेतों से भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में खुले थे। सुबह करीब 9.32 बजे सेंसेक्स 504.88 अंक या 0.68 प्रतिशत बढ़कर 74,333.79 और निफ्टी 164.00 अंक या 0.73 प्रतिशत बढ़कर 22,561.20 पर था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 13 मार्च को 792.90 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 1,723.82 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी खरीदी। डॉलर के मुकाबले रुपये में तेजी देखने को मिली है। यह 27 पैसे चढ़कर 86.86 पर बंद हुआ। recent visitors 30

Stock market में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा, निफ्टी 22550 के करीब

मुंबई होली (Holi) के बाद शेयर बाजार (Stock Market) में हरा रंग चढ़ा नजर आया और सेंसेक्स-निफ्टी में जारी गिरावट पर सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को ब्रेक लग गया. शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (Sensex) ने 500 अंकों से ज्यादा की छलांग लगा दी, तो नहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 175 अंक की तेजी लेकर कारोबार कर रहा है. इस बीच खास बात ये रही कि बुरी तरह टूटने के बाद इंडसइंड बैंक ने वापसी की है और IndusInd Bank Share 3 फीसदी से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहा है. वहीं Bajaj Finance से लेकर Tata Motors तक के शेयर दौड़ लगाते नजर आए. हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज यानी, सोमवार (17 मार्च) को सेंसेक्स 500 पॉइंट से ज्यादा चढ़कर 74,350 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में 150 अंकों से ज्यादा की तेजी है, यह 22,550 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मेटल, ऑटो और फार्मा शेयरों में खरीदारी है। निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे ज्यादा 1.59% चढ़ा है। फार्मा इंडेक्स में भी 1.40% की तेजी है। मेटल इंडेक्स 1% से ज्यादा चढ़कर कारोबार कर रहा है। बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में आधा फीसदी की तेजी है। आईटी और रियेल्टी सेक्टर में गिरावट है। सेंसेक्स ने खुलते ही लगा दी छलांग सोमवार को शेयर मार्केट की शुरुआत ग्रीन जोन में हुई और खुलने के साथ ही BSE Sensex ने जोरदार छलांग लगा दी. ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 73,828.91 की तुलना में उछलकर 73,830 के लेवल पर खुला, लेकिन कुछ ही मिनटों में तूफानी तेजी के साथ भागने लगा और 527 अंक से ज्यादा चढ़कर 74,350.28 के लेवल पर जा पहुंचा. NSE Nifty ने भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाई और अपने पिछले बंद 22,397.20 के स्तर की तुलना में सपाट ओपनिंग करने के बाद अचानक 175 अंकों की छलांग लगाकर 22,572 के लेवल पर जा पहुंचा. इन 10 बड़ी कंपनियों के शेयर भागे शेयर बाजार में तेजी के बीच लार्जकैप कंपनियों में शामिल IndusInd Bank Share 4.67% की तेजी लेकर 703.50 रुपये पर कारोबार करता नजर आया. इसके अलावा Bajaj Finserv Share (3.10%), M&M Share (2.39%), Bajaj Finance Share (2.38%), Adani Ports Share (2.10%), SunPharma Share (2%), Tata  Motors Share (2%), Maruti Share (1.50%), Zomato Share (1.45%) की तेजी के साथ भागता दिखा. इसके अलावा HDFC Bank का शेयर भी तेजी के साथ ग्रीन जोन में था.   मिडकैप और स्मॉलकैप में इन शेयरों में तेजी अब बात करें, मिडकैप कैटेगरी के शेयरों के बारे में, तो MuthootFinance Share (4.71%), UnoMinda Share (3.08%), LIC Housing Finance Share (3%), Gillette Share (3.51%) और Delhivery Share (2.50%) की तेजी के साथ भाग रहा था. वहीं स्मॉलकैप में शामिल ELGIEQIUP Share (6.63%), Orchid Pharma Share (5%), Axiscades Tech Share (5%), JSWHL Share (4.85%) और Aarti Pharma Share (4.06%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. 1658 शेयरों ने की तेज शुरुआत शेयर मार्केट में हरियाली के बीच करीब 1658 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ शुरुआती कारोबार में ओपनिंग की. इसके अलावा 910 कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे थे, जो बाजार में तेजी के बावजूद गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले, जबकि 203 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में Britannia, HCL Tech, Kotak Mahindra Bank, Hero MotoCorp और Dr Reddy's Labs शामिल रहे. recent visitors 45

टाटा मोटर्स पहले Tata Sierra ICE वेरिएंट करेगी लॉन्च

नई दिल्ली टाटा मोटर्स अपनी आइकॉनिक SUV Tata Sierra को एक नए और मॉडर्न अवतार में वापस लाने की तैयारी में है. हाल ही में Bharat Mobility Global Auto Expo 2025 में Tata Sierra ICE (Internal Combustion Engine) वेरिएंट को पेश किया गया था. अब इस SUV को कैमोफ्लाज टेस्टिंग मॉडल में देखा गया है, जिससे इसके फाइनल प्रोडक्शन डिज़ाइन का अंदाजा लगाया जा सकता है. Tata पहले ICE वेरिएंट लॉन्च करेगी और फिर 2025 के दूसरे भाग में इसका EV मॉडल पेश किया जाएगा. डिजाइन और फीचर्स नॉस्टेल्जिया और मॉडर्न डिज़ाइन के मेल के साथ, नई Tata Sierra में कई शानदार एलिमेंट्स देखने को मिलते हैं— फ्रंट लुक:  हाई-माउंटेड बोनट और स्प्लिट LED हेडलैंप सेटअप  कनेक्टेड LED DRLs और ग्लॉस-ब्लैक ग्रिल  चंकी सिल्वर स्किड प्लेट, जो SUV को रग्ड लुक देती है रियर डिजाइन:  फ्लैट टेलगेट और कनेक्टेड LED टेललैंप्स  रियर वाइपर और थिक बॉडी क्लैडिंग  स्क्वायर व्हील आर्चेस, जो इसे दमदार अपील देते हैं  5-डोर लेआउट: पुरानी 1990s वाली 3-डोर Sierra के विपरीत, यह नई जनरेशन में 5-डोर SUV के रूप में आएगी, जिससे इसकी प्रैक्टिकैलिटी बढ़ेगी. इंटीरियर और टेक्नोलॉजी Tata Sierra के केबिन में शानदार डिज़ाइन और मॉडर्न टेक्नोलॉजी का मेल देखने को मिलेगा. डैशबोर्ड और केबिन हाईलाइट्स:  10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर  12.3-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम  पैनोरमिक सनरूफ  वायरलेस फोन चार्जर  डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल  प्रीमियम ब्रांडेड ऑडियो सिस्टम  पॉवर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स  येलो एक्सेंट वाला डैशबोर्ड: जो इसे एक प्रीमियम और यूथफुल लुक देगा. सेफ्टी और ADAS फीचर्स Tata Sierra को लेवल-2 ADAS के साथ पेश किया जाएगा, जिसमें मिलेंगे—  एडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल  लेन कीप असिस्ट ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग ब्लाइंड-स्पॉट मॉनिटरिंग अन्य सेफ्टी फीचर्स में मिलेंगे-  ABS & EBD  360-डिग्री कैमरा  इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC)  टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS)  7 एयरबैग्स तक का सपोर्ट इंजन ऑप्शंस और परफॉर्मेंस Tata Sierra को दो इंजन ऑप्शंस के साथ लॉन्च किया जाएगा- 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन 168 bhp & 280 Nm टॉर्क 2.0-लीटर Kryotec डीज़ल इंजन (Harrier & Safari जैसा) 168 bhp & 350 Nm टॉर्क  दोनों इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन मिलेगा. Sierra EV: दमदार बैटरी और 500Km की रेंज Tata Sierra का EV वेरिएंट बाद में लॉन्च किया जाएगा, जो Harrier EV की इलेक्ट्रिकपावरट्रेन शेयर कर सकता है. इसमें मल्टीपल बैटरी पैक ऑप्शन मिलेगा. सिंगल चार्ज में यह कार 500Km की अनुमानित रेंज देगी. Tata की नई SUV लाइनअप Tata Motors इस साल अपनी SUV लाइनअप को आक्रामक रूप से बढ़ा रही है. Harrier EV भी जल्द लॉन्च होने वाली है. यह कंपनी Sierra ICE और EV पर तेजी से काम कर रही है. Sierra का डिज़ाइन पेटेंट फाइल हो चुका है. आगामी महीनों में और ज्यादा डिटेल्स सामने आएंगी, जब Tata इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट की घोषणा करेगी. recent visitors 39

भारत काsoftware and IT services exports 2023-24 में 200 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा: रिपोर्ट

 नई दिल्ली भारत का सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विस निर्यात वित्त वर्ष 2023-24 में लगातार बढ़ता रहेगा और 200 बिलियन तक पहुंच गया। हाल ही में जारी एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईएससी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले वर्ष दर्ज किए गए 193 बिलियन डॉलर से 3.63 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह स्थिर वृद्धि इस क्षेत्र की फ्लेक्सिबिलिटी और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है। रिपोर्ट भारत भर में सॉफ्टवेयर निर्यात में क्षेत्रीय योगदान पर भी प्रकाश डालती है। रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी क्षेत्र सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना हुआ है, जिसका योगदान 131.1 बिलियन डॉलर है, जो कुल निर्यात का लगभग 65.55 प्रतिशत है। पश्चिमी क्षेत्र 34.1 बिलियन डॉलर (17.05 प्रतिशत) के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि उत्तरी क्षेत्र 30.78 बिलियन डॉलर (15.39 प्रतिशत) का योगदान देता है। पूर्वी क्षेत्र का योगदान सबसे कम है, जिसकी हिस्सेदारी 4.02 बिलियन डॉलर (2.01 प्रतिशत) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री ने शानदार वृद्धि दर्ज की है, जिसने अपने कुशल वर्कफोर्स, लागत लाभ और अनुकूल कारोबारी माहौल के कारण प्रमुख वैश्विक कंपनियों को आकर्षित किया है। एआई, मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी नई टेक्नोलॉजी का आना ग्लोबल डिजिटल लीडर के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत कर रहा है। ईएससी के चेयरमैन वीर सागर ने कहा, "भारत का कुशल प्रबंधकीय और तकनीकी कार्यबल वैश्विक मानकों को पूरा कर रहा है, खासकर आईटी क्षेत्र में, जो देश को दुनिया के आउटसोर्सिंग हब में बदल रहा है।" उन्होंने कहा कि आईटी सॉफ्टवेयर और सर्विस, सॉफ्टवेयर उत्पाद विकास और बीपीओ सेवाओं में वृद्धि इस ट्रेंड की एक प्रमुख वजह है। ईएससी के चेयरमैन, ग्लोबल आउटरीच, संदीप नरूला ने कहा, "2023-24 में भारत के सॉफ्टवेयर निर्यात के लिए प्रमुख देश अमेरिका है, जो 54.70 प्रतिशत, 109.40 बिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ सबसे आगे है, उसके बाद यूके 14.35 प्रतिशत, 28.70 बिलियन अमेरिकी डॉलर, सिंगापुर 3.50 प्रतिशत, 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर और चीन 2.75 प्रतिशत 5.50 बिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ आगे बने हुए हैं।" recent visitors 39

RBI को सेंट्रल बैंकिंग, लंदन ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड 2025 के लिए चुना

नई दिल्ली सेंट्रल बैंकिंग लंदन ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का चयन किया है। RBI ने X पर एक पोस्ट में कहा, "भारतीय रिजर्व बैंक को सेंट्रल बैंकिंग लंदन, यूके द्वारा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड 2025 के लिए चुना गया है। RBI को इन-हाउस डेवलपर टीम द्वारा विकसित प्रवाह और सारथी सिस्टम सहित अपनी पहलों के लिए सम्मानित और मान्यता दी गई है। पुरस्कार समिति ने उल्लेख किया कि कैसे इन डिजिटल पहलों ने कागज़-आधारित सबमिशन के उपयोग को कम किया है, जिससे RBI की आंतरिक और बाहरी प्रक्रियाओं में बदलाव आया है।" सेंट्रल बैंकिंग लंदन ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि ये दोनों पहल इस काम के लिए महत्वपूर्ण रही हैं। सारथी ने RBI के सभी आंतरिक वर्कफ़्लो को डिजिटल कर दिया। यह जनवरी 2023 में लाइव हुआ, जिससे कर्मचारियों को दस्तावेज़ों को सुरक्षित रूप से संग्रहीत और साझा करने, रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार करने और रिपोर्ट और डैशबोर्ड के माध्यम से डेटा विश्लेषण के विकल्पों को बढ़ाने में मदद मिली। डिजिटल परिवर्तन प्रक्रिया के दूसरे चरण को मई 2024 में हिंदी में प्रवाह 'सुचारू प्रवाह' के रूप में लॉन्च किया गया, जिसने बाहरी उपयोगकर्ताओं के लिए RBI को विनियामक आवेदन प्रस्तुत करने के लिए एक डिजिटल माध्यम बनाया। प्रवाह पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत और संसाधित किए गए दस्तावेज़ों को फिर सारथी डेटाबेस में प्लग किया जाता है, जहाँ उन्हें केंद्रीकृत साइबर सुरक्षा प्रणालियों और डिजिटल ट्रैकिंग के साथ RBI के कार्यालयों में डिजिटल रूप से संभाला जा सकता है। इसने यह भी कहा कि सारथी को सफलतापूर्वक अपनाना आंशिक रूप से आवश्यक समर्थन संरचनाओं को स्थापित करने में टीम के काम के कारण है। आईटी टीम ने सिस्टम बनाने से पहले कर्मचारियों की ज़रूरतों को समझने के लिए उनके साथ एक लंबी सहयोगी प्रक्रिया में भाग लिया और उन्नयन को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक विभाग से वरिष्ठ 'नोडल अधिकारी' नियुक्त किए। ऑनलाइन सारथी पाठशाला ('स्कूल') उपयोगकर्ताओं को सिस्टम से परिचित होने में मदद करती है और पाठशाला को व्यापक व्यक्तिगत प्रशिक्षण के साथ शुरू किया गया था। इसके अतिरिक्त सारथी मित्र ('मित्र') प्रत्येक RBI कार्यालय में ऐसे लोग होते हैं, जो सिस्टम को अच्छी तरह से जानते हैं और किसी भी मुद्दे पर सहकर्मियों की मदद कर सकते हैं। recent visitors 48

भारत बना दुबई का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक, अब तक निवेश किए 3 अरब डॉलर

नई दिल्ली भारत, दुबई का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक बन गया है। देश ने 2024 में वहां 3.018 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो कि 2023 में 589 मिलियन डॉलर था। यह जानकारी मंगलवार को जारी हुई रिपोर्ट में दी गई। भारत, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन अमीरात में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए शीर्ष सोर्स देश थे। दुबई के अर्थव्यवस्था और पर्यटन विभाग के दुबई एफडीआई मॉनिटर के अनुसार, दुबई में अनुमानित कुल एफडीआई में 21.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ भारत शीर्ष पर था। इसके बाद अमेरिका (13.7 प्रतिशत), फ्रांस (11 प्रतिशत), यूनाइटेड किंगडम (10 प्रतिशत) और स्विट्जरलैंड (6.9 प्रतिशत) का स्थान था। 2024 में ग्रीनफील्ड एफडीआई परियोजनाओं का प्रदर्शन 2023 के 73.5 प्रतिशत के बराबर था। वहीं, पुनर्निवेश एफडीआई परियोजनाएं 2023 में 1.2 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 3.3 प्रतिशत हो गई हैं। दुबई में भारतीय एफडीआई परियोजनाओं की संख्या भी 2023 में 249 से बढ़कर 275 हो गई। इससे प्रोजेक्ट काउंट रैंकिंग में भारत तीसरे स्थान से दूसरे स्थान पर आ गया। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का निवेश प्रमुख क्षेत्रों में केंद्रित था, जिसमें बिजनेस सेवाओं की हिस्सेदारी 26.9 प्रतिशत थी, इसके बाद सॉफ्टवेयर और आईटी सेवाएं (23.6 प्रतिशत), उपभोक्ता उत्पाद (9.8 प्रतिशत), खाद्य और पेय पदार्थ (8.4 प्रतिशत) और रियल एस्टेट (6.9 प्रतिशत) का स्थान था। 2024 में दुबई ने अनुमानित 14.24 अरब डॉलर का एफडीआई आकर्षित किया जो 2023 में 10.69 अरब डॉलर था, यह सालाना आधार पर 33.2 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह 2020 के बाद से अमीरात के लिए एक वर्ष में दर्ज किया गया सबसे अधिक एफडीआई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुबई ने 2024 में रिकॉर्ड तोड़ 1,117 ग्रीनफील्ड एफडीआई परियोजनाओं को आकर्षित किया, जो इसके इतिहास में सबसे अधिक है। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने कहा, “लगातार चौथे साल ग्रीनफील्ड एफडीआई को आकर्षित करने के लिए दुनिया के नंबर 1 गंतव्य के रूप में शहर की रैंकिंग न केवल निरंतर, तेज विकास के लिए नए वैश्विक मानक स्थापित करने की इसकी क्षमता का प्रमाण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों के जवाब में अपने निवेश प्रस्ताव को लगातार विकसित करने की क्षमता को भी दिखाता है।”   recent visitors 35

वित्त वर्ष 2026 में भारतीय फार्मास्यूटिकल्स बाजार 8-9 प्रतिशत बढ़ेगा

नई दिल्ली वित्त वर्ष 2026 में भारतीय फार्मा बाजार में सालाना आधार पर 8-9 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। जारी एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (आईएनडी-आरए) की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025 में इस सेक्टर की वृद्धि सालाना आधार पर 7.5-8.0 प्रतिशत रहेगी। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर कृष्णनाथ मुंडे ने कहा कि “भारतीय फार्मा बाजार में वित्त वर्ष 2024 में सालाना आधार पर 6.5 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2023 में सालाना आधार पर 9.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।” इस साल फरवरी में फार्मा बाजार ने सालाना आधार पर 7.5 प्रतिशत का राजस्व दिया इस साल फरवरी में फार्मा बाजार ने सालाना आधार पर 7.5 प्रतिशत का राजस्व दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कीमत और नए लॉन्च में आई वृद्धि की वजह से देखी गई। कीमत में वृद्धि सालाना आधार पर 5.2 प्रतिशत और नए लॉन्च में सालाना आधार पर 2.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ओवरऑल फार्मा प्रोडक्ट्स की 12 महीने की रोलिंग बिक्री में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा, मूविंग एनुअल टोटल (एमएटी) या ओवरऑल फार्मा प्रोडक्ट्स की 12 महीने की रोलिंग बिक्री में फरवरी में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। कार्डियक थेरेपी ने फार्मा बाजार में एमएटी में 10.8 प्रतिशत की वृद्धि और मासिक बाजार हिस्सेदारी में 13.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। इसके बाद गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी/सेंट्रल नर्वस सिस्टम और डर्मेटोलॉजी का स्थान रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी ओर, एंटी-इंफेक्टिव, रेस्पिरेटरी और गायनोकोलॉजी थेरेपी में फरवरी में कमजोर वृद्धि देखी गई। इस बीच, एक दूसरी हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि देश में फार्मा सेक्टर में तेजी से उत्पादन में वृद्धि देखी जा रही है। भारत बना जेनेरिक दवाओं का दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर मैकिन्से एंड कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय फार्मा सेक्टर 8 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ा है और 2024 में निर्यात दरों में भी 9 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। एपीआई और बायोटेक्नोलॉजी में अपनी क्षमताओं का विस्तार करते हुए, इसने 8 प्रतिशत सीएजीआर से वृद्धि की है, जो वैश्विक औसत से दोगुना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश जेनेरिक दवाओं का दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर भी बन गया है, जिसकी फार्मा निर्यात वृद्धि दर 9 प्रतिशत है, जो वैश्विक औसत से लगभग दोगुनी है। recent visitors 34

यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड के जरिए से किए गए लेनदेन पर मर्चेंट शुल्क वापस लाने के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रही

नई दिल्ली यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड के जरिए लेनदेन पर बहुत जल्द शुल्क लग सकता है। यानी यूपीआई करना फ्री नहीं रहेगा, इसके लिए भी अलग से पैसे देने पड़ सकते हैं। दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और RuPay डेबिट कार्ड के जरिए से किए गए लेनदेन पर मर्चेंट शुल्क वापस लाने के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रही है। अगर ऐसा होता है तो फिर अगर डिजिटल पेमेंट महंगा हो जाएगा। क्या है डिटेल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इन ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है। बता दे कि डिजिटल पेमेंट इंडस्ड्रीज में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) उसे कहते हैं, जो किसी मर्चेंट या दुकानदार को पेमेंट सर्विस को शुरू करने के लिए देना होता है। इस शुल्क को साल 2022 में सरकार के द्वारा माफ कर दिया गया था। अब खबर है कि फिर से सरकार इसे लागू करने पर विचार कर सकती है। वर्तमान में, UPI और RuPay डेबिट कार्ड भुगतानों पर कोई MDR लागू नहीं है, जिन्हें नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के माध्यम से सुगम बनाया जाता है। रिव्यू किया जा रहा है मीडिया रिपोर्ट में एक बैंकर के हवाले से कहा गया है कि बड़े व्यापारियों के लिए UPI लेनदेन पर MDR को फिर से लागू करने का औपचारिक अनुरोध बैंकिंग उद्योग द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया गया है और संबंधित विभाग इसकी समीक्षा कर रहे हैं। प्रस्ताव के अनुसार, 40 लाख रुपये से अधिक के सालाना कारोबार वाले व्यापारियों के लिए उनके GST फाइलिंग के आधार पर MDR को फिर से लागू किया जा सकता है। सरकार UPI के लिए एक स्तरीय मूल्य निर्धारण मॉडल पर भी विचार कर सकती है, जहां बड़े व्यापारियों को अधिक शुल्क देना होगा, जबकि छोटे व्यवसायों को कम शुल्क देना होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 40 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों के लिए UPI भुगतान निःशुल्क रहेगा। यूपीआई लेनदेन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2025 में यूपीआई ने 16.11 बिलियन लेनदेन दर्ज किए, जिनकी राशि लगभग 22 ट्रिलियन रुपये थी। जनवरी में कुल लेनदेन 16.99 बिलियन था। recent visitors 32

अब EPF सदस्यों के लिए प्रोफाइल अपडेट करना आसान हो गया, अब बिना डॉक्‍यूमेंट अपडेट होगी प्रोफाइल

मुंबई अब EPF सदस्यों के लिए प्रोफाइल अपडेट (Profile Update) करना आसान हो गया है। दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सदस्यों की प्रोफाइल अपडेट करने के नियमों में अहम बदलाव (EPFO New Rule) किया है। अब EPF सदस्य बिना किसी डॉक्यूमेंट अपलोड किए अपनी व्यक्तिगत जानकारी अपडेट कर सकते हैं। पहले, EPF प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए नियोक्ता (employer) की मंजूरी जरूरी होती थी, जिसके कारण औसतन 28 दिनों की देरी होती थी।  वहीं, अब इस बदलाव से लगभग 7 करोड़ EPF सदस्यों को राहत मिलने वाली है। अब EPF सदस्य अपना नाम, जन्मतिथि, जेंडर, राष्ट्रीयता, माता-पिता का नाम, मैरिटल स्टेटस, पति/पत्नी का नाम, ज्वाइनिंग और एग्जिट डेट जैसी जानकारी को बिना किसी दस्तावेज के अपडेट कर सकते है। हालांकि, शर्त यह रहेगी कि सदस्यों को किसी भी अपडेट के लिए अपने आधार और पैन को अपने ईपीएफ खाते से लिंक करना अनिवार्य होगा। EPFO के एक बयान के अनुसार, 'वित्त वर्ष 2024-25 में नियोक्ताओं के माध्यम से सुधार के लिए ईपीएफओ को मिले कुल 8 लाख रिक्‍वेस्‍ट में से लगभग 45% बदलाव को नियोक्ता के सत्यापन या ईपीएफओ में अप्रूवल के बिना सदस्य की ओर से खुद ही अपडेट किया जा सकता है। लेकिन अगर यूएएन (UAN) 1 अक्‍टूबर 2017 से पहले जारी किया गया था तो प्रोफाइल में किसी भी अपडेट के लिए नियोक्‍ता की मंजूरी लेनी जरूरी होगी। EPF प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें-     सबसे पहले EPF की आधिकारिक वेबसाइट www.epfindia.gov.in पर जाएं।     इसके बाद UAN नंबर, पासवर्ड और कैप्चा जैसे विवरण दर्ज करके पोर्टल पर लॉग इन करें।     फिर मेनू में ऊपर दिए गए ‘Manage’ ऑप्शन को क्लिक करें।     ''Modify Basic Details' का ऑप्शन चुनें।     आधार कार्ड के अनुसार अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें और सबमिट करें।     अब ‘Track Request’ ऑप्शन का यूज करके अपने अपडेट अनुरोध की स्थिति जांच लें।     recent visitors 36

SIP निवेश वित्त वर्ष 25 में अब तक 32 प्रतिशत बढ़कर 2.63 लाख करोड़ रुपये रहा

नई दिल्ली भारत में सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) निवेश वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 11 महीने (अप्रैल-फरवरी अवधि में) में 2,63,426 करोड़ रुपये रहा है। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) द्वारा  जारी डेटा से मिली।    एसआईपी निवेश वित्त वर्ष 25 में अब तक 32 प्रतिशत बढ़कर 2.63 लाख करोड़ रुपये रहा   यह आंकड़ा एसआईपी निवेश में सालाना आधार पर 32.23 प्रतिशत की बढ़त को दिखाता है। पूरे वित्त वर्ष 24 में एसआईपी के जरिए निवेश 1,99,219 करोड़ रुपये था। एसआईपी निवेश में बढ़ोतरी बाजार में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दिखाता है। फरवरी 2025 में एसआईपी निवेश 25,999 करोड़ रुपये रहा है, जो कि जनवरी 2025 में 26,400 करोड़ रुपये था। एम्फी के डेटा के मुताबिक, फरवरी में 44.56 लाख नई एसआईपी शुरू हुई हैं एम्फी के डेटा के मुताबिक, फरवरी में 44.56 लाख नई एसआईपी शुरू हुई हैं। हालांकि, इस दौरान 55 लाख के करीब एसआईपी बंद भी हुई हैं। लगातार बढ़ते निवेश के कारण एसआईपी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर 12.38 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल एसेट्स के 19.2 प्रतिशत के बराबर है।  शुद्ध निवेश लगातार 48वें महीने सकारात्मक रहा एम्फी द्वारा प्रस्तुत नए आंकड़ों से पता चला है कि फरवरी के दौरान 8.26 करोड़ एसआईपी खातों ने निवेश में सक्रिय योगदान दिया। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के नेहल मेश्राम के अनुसार, घरेलू निवेशकों ने फरवरी 2025 में इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड में अपनी मजबूत भागीदारी जारी रखी है। इससे इस सेगमेंट में शुद्ध निवेश लगातार 48वें महीने सकारात्मक रहा है।  प्रतिकूल परिस्थितियों ने निवेश प्रवाह को कम कर दिया है बाजार में हालिया अस्थिरता के बावजूद, दीर्घकालिक निवेशक अपनी निवेश रणनीतियों के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जो बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अनुशासित निवेश के महत्व को दर्शाता है। मेश्राम ने आगे कहा, “हालांकि, छोटी अवधि में प्रतिकूल परिस्थितियों ने निवेश प्रवाह को कम कर दिया है, लेकिन निरंतर निवेश से संकेत मिलता है कि घरेलू निवेशकों का विश्वास मजबूत बना हुआ है।” recent visitors 44

RBI वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेपो रेट कम कर सकता है, 1 अप्रैल के बाद लोन लेने वालों के लिए मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली अगर आप नया लोन लेने की सोच रहे हैं या पहले से कर्ज चुका रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) आने वाले वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेपो रेट (Repo Rate) को 50 से 75 बेसिस प्वाइंट (bps) तक कम कर सकता है। क्रिसिल (CRISIL) की ताजा रिपोर्ट में इस बात का अनुमान लगाया गया है। इसका मकसद आम लोगों को राहत देना, खपत बढ़ाना और देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाना है। रेपो रेट और ब्याज दर में कटौती से क्या होगा फायदा? रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। जब यह दर घटती है तो बैंक भी लोगों को कम ब्याज दर पर लोन देते हैं। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे कर्ज सस्ते हो जाते हैं। इससे लोगों का खर्च करने की क्षमता बढ़ती है जिससे बाजार में मांग बढ़ती है और अर्थव्यवस्था में तेजी आती है।   फरवरी में भी हुई थी कटौती फरवरी 2025 में RBI ने पांच साल बाद पहली बार रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी जिससे यह 6.5% से घटकर 6.25% पर आ गया। इससे पहले 2022-23 के दौरान महंगाई रोकने के लिए RBI ने रेपो रेट में 250 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी लेकिन अब महंगाई को काबू में रखने के बाद ब्याज दरों को कम करने की योजना बनाई जा रही है ताकि लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़े और निवेश में इजाफा हो। महंगाई को 4% के दायरे में लाने की कोशिश RBI लंबे समय से महंगाई दर को 4% के आसपास लाने की कोशिश कर रहा है। अप्रैल 2023 से रेपो रेट 6.5% पर स्थिर बना हुआ था लेकिन अब नई कटौती से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की योजना है। CRISIL की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार और RBI मिलकर 2025-26 में ब्याज दरों में कटौती करके अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। ब्याज दर में कटौती से होने वाले बड़े फायदे: ➤ लोन होगा सस्ता – घर, गाड़ी या बिजनेस के लिए कर्ज लेना सस्ता होगा। ➤ खपत और निवेश में बढ़ोतरी – लोग ज्यादा खर्च कर पाएंगे जिससे बाजार में तेजी आएगी। ➤ GDP को मिलेगा सपोर्ट – बाजार में पैसा बढ़ने से देश की जीडीपी ग्रोथ को फायदा होगा। ➤ इन्फ्रास्ट्रक्चर और सरकारी योजनाओं को बढ़ावा – सरकार ने FY26 के लिए पूंजीगत व्यय को 10.1% तक बढ़ाने की योजना बनाई है जिससे नए प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ेगा। ➤ वित्तीय घाटे में कमी – सरकार वित्तीय घाटे को 4.8% से घटाकर 4.4% तक लाने की कोशिश कर रही है जिससे आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी। ग्लोबल रिस्क और भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर हालांकि CRISIL की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताएं भारत की अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता से निर्यात प्रभावित हो सकता है और विदेशी निवेशक जोखिम भरे बाजारों से दूर रह सकते हैं। हालांकि घरेलू मांग और सरकारी नीतियां अर्थव्यवस्था को मजबूती से बनाए रखेंगी।   महंगाई दर में कमी की उम्मीद रिपोर्ट के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में महंगाई दर में और गिरावट हो सकती है। रबी फसलों की बुवाई 1.5% बढ़ी है जिससे खाद्य आपूर्ति बेहतर होगी। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी कम हो सकती हैं। FY26 में तेल की कीमतें 70-75 डॉलर प्रति बैरल रह सकती हैं जो FY25 के 78-83 डॉलर प्रति बैरल से कम होगी। इससे महंगाई पर और नियंत्रण होगा। अगर CRISIL की रिपोर्ट सही साबित होती है और RBI 2025-26 में ब्याज दरों में कटौती करता है तो यह आम जनता के लिए बहुत फायदेमंद होगा। इससे लोन सस्ते होंगे बाजार में पैसा बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। हालांकि ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए सरकार और RBI को सतर्क रहना होगा ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे।   recent visitors 41

सिंगापुर वालों ने खरीदी हल्दीराम में 9% हिस्सेदारी, पता चली कंपनी की सही कीमत

नागपुर भारत के मशहूर नमकीन और स्नैक्स ब्रांड हल्दीराम (Haldiram’s) के साथ सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक (Temasek) ने एक बड़ा करार की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि टेमासेक ने हल्दीराम के स्नैक्स बिजनेस में लगभग 9 फीसदी हिस्सेदारी 8,000 करोड़ रुपये में खरीदने का समझौता किया है. इस सौदे के बाद हल्दीराम की कुल वैल्यूएशन लगभग 90,000 करोड़ रुपये आंकी गई है. लंबी चर्चा और कई महीनों की बातचीत के बाद यह समझौता हुआ है. टेमासेक ने हल्दीराम को एक “मूल्यवान संपत्ति” माना है, जो भारत के उपभोक्ता क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करेगी. इससे पहले, प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन ने हल्दीराम में निवेश करने से मना कर दिया था, क्योंकि उन्हें कंपनी के मूल्यांकन को लेकर चिंता थी. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, हल्दीराम स्नैक्स 9 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी अन्य निवेशकों को बेचने पर भी विचार कर रहा है. पहले की खबरों के मुताबिक, हल्दीराम अपनी कंपनी में 20 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच सकता है. 1937 में राजस्थान के बीकानेर में स्थापित हल्दीराम आज भारत के स्नैक्स बाजार में एक बड़ा नाम है. यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल के अनुसार, हल्दीराम भारत के 6.2 अरब डॉलर के स्नैक्स बाजार में लगभग 13 फीसदी हिस्सेदारी रखता है. इसकी सबसे प्रसिद्ध उत्पाद “भुजिया” है, जो आटे, जड़ी-बूटियों और मसालों से बनी एक कुरकुरी नमकीन है. यह छोटे दुकानों पर सिर्फ 10 रुपये में उपलब्ध है. टेमासेक ने पहले कहां-कहां किया है निवेश टेमासेक ने पहले भी भारत में मणिपाल हॉस्पिटल्स और देवयानी इंटरनेशनल (केएफसी और पिज़्ज़ा हट के ऑपरेटर) जैसी कंपनियों में निवेश किया है. हल्दीराम में हिस्सेदारी खरीदकर टेमासेक अब भारत के पैकेज्ड स्नैक्स इंडस्ट्री पर दांव लगा रहा है. हल्दीराम ग्रुप ने हाल ही में अपने एफएमसीजी बिजनेस का बंटवारा किया है. इसके तहत हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड (एचएसपीएल या हल्दीराम दिल्ली ग्रुप) और हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (एचएफआईपीएल या हल्दीराम नागपुर ग्रुप) को एक नई कंपनी हल्दीराम स्नैक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (एचएसएफपीएल) में शामिल किया गया है. इसमें एचएसपीएल और एचएफआईपीएल के मौजूदा शेयरधारकों को क्रमशः 56 फीसदी और 44 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी. क्रिसिल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, हल्दीराम ग्रुप का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी विविध है, जिसमें स्नैक्स, नमकीन, मिठाई, रेडी-टू-ईट/प्री-मिक्स फूड, फ्रोजन फूड, बिस्कुट, नॉन-कार्बोनेटेड ड्रिंक, पास्ता आदि शामिल हैं. ग्रुप का भारत में व्यापक प्रभाव है और यह अमेरिका और यूरोप सहित कई देशों में निर्यात करता है. recent visitors 41

मोदी सरकार किसानों से एमएसपी पर खरीद रही तुअर दाल, पहले के मुकाबले तेजी दर्ज

नईदिल्ली केंद्र सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर तुअर (अरहर) की खरीद में तेजी आई है। 11 मार्च तक आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना सहित प्रमुख उत्पादक राज्यों में कुल 1.31 लाख मीट्रिक टन तुअर की खरीद की गई है, जिससे इन राज्यों के 89,219 किसानों को लाभ मिला है। यह जानकारी गुरुवार को कृषि मंत्रालय की ओर से दी गई। इंटीग्रेटेड प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान(पीएम-आशा) की मूल्य समर्थन योजना के तहत निर्धारित उचित औसत गुणवत्ता के अनुरूप अधिसूचित दलहन, तिलहन और खोपरा की खरीद केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा राज्य स्तरीय एजेंसियों के जरिए प्री-रजिस्टर्ड किसानों से सीधे एमएसपी पर की जाती है। इंटीग्रेटेड पीएम-आशा योजना को जारी रखने की मंजूरी दी भारत सरकार ने 15वें वित्त आयोग साइकल के दौरान 2025-26 तक इंटीग्रेटेड पीएम-आशा योजना को जारी रखने को मंजूरी दी। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इंटीग्रेटेड पीएम-आशा योजना खरीद के कार्यान्वयन में अधिक प्रभावशीलता लाने के लिए संचालित की जाती है, जो न केवल किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य प्रदान करने में मदद करती है, बल्कि उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करती है और आवश्यक वस्तुओं की कीमत में उतार-चढ़ाव को भी नियंत्रित करती है। तुअर, उड़द और मसूर की खरीद करने के लिए दी मंजूरी दलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने में योगदान देने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए, सरकार ने खरीद वर्ष 2024-25 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत तुअर, उड़द और मसूर के पूरे उत्पादन की खरीद को मंजूरी दी है। सरकार ने बजट 2025-26 में यह भी घोषणा की है कि देश में दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से 2028-29 तक चार साल के लिए राज्य के उत्पादन के लिए तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद की जाएगी। 2024-25 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश को खरीद की मंजूरी दी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुअर (अरहर) मसूर और उड़द की खरीद को क्रमश: 13.22 एलएमटी, 9.40 एलएमटी और 1.35 एलएमटी की सीमा तक मंजूरी दी। उन्होंने खरीफ 2024-25 सीजन के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश राज्यों में कुल 13.22 एलएमटी मात्रा के लिए तुअर (अरहर) की खरीद को मंजूरी दी। तुअर की खरीद नेफेड के ई-समृद्धि पोर्टल और एनसीसीएफ के संयुक्ति पोर्टल पर पहले से रजिस्टर्ड किसानों से भी की जाती है। केंद्र केंद्रीय नोडल एजेंसियों नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से किसानों से 100 प्रतिशत तुअर खरीदने के लिए कमिटेड है। recent visitors 37

मूडीज ने पाकिस्तान के बैंकिंग सेक्टर का नजरिया सकारात्मक किया

नई दिल्ली.  ग्‍लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कल भारतीय अर्थव्यवस्था पर अपना पॉजिटिव नजरिया रखा. इसके साथ ही इस एजेंसी ने पाकिस्तान के बैंकिंग सेक्टर पर भी अपनी राय रखी. मूडीज रेटिंग्स ने कहा कि उसने बेहतर ऑपरेशन कंडीशन और मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के चलते पाकिस्तान के बैंकिंग सेक्टर पर अपना नजरिया स्थिर से बदलकर सकारात्मक कर दिया है. यह बदलाव पाकिस्तान सरकार के (Caa2 सकारात्मक) बेहतर दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसे बैंकों द्वारा सॉवरेन लोन में अहम जोखिम से सपोर्ट मिला है. चरमाराती अर्थव्यवस्था और नकदी संकट के बीच यह खबर पाकिस्तान के लिए राहत लेकर आई है. मूडीज ने रिपोर्ट में क्या कहा मूडीज ने रिपोर्ट में कहा, “हमने पाकिस्तान के बैंकिंग सिस्टम पर अपना नजरिया स्टैबल से पॉजिटिव में बदल दिया है.” इससे पहले मूडीज ने आखिरी बार 3 मार्च, 2023 को पाकिस्तान के बैंकिंग क्षेत्र की रेटिंग घटाई थी, जिसमें पांच प्रमुख बैंकों – एलाइड बैंक लिमिटेड (एबीएल), हबीब बैंक लिमिटेड (एचबीएल), एमसीबी बैंक लिमिटेड (एमसीबी), नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान (एनबीपी) और यूनाइटेड बैंक लिमिटेड (यूबीएल) की लॉन्ग टर्म डिपॉजिट रेटिंग को CAA1 से घटाकर CAA3 कर दिया था. मूडीज ने बताया, “बैंकिंग सेक्टर पर हमारा पॉजिटिव आउटलुक पाकिस्तान सरकार के (CAA2 पॉजिटिव) सकारात्मक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है, जिसमें पाकिस्तानी बैंकों की सरकारी सिक्योरिटीज की बड़ी होल्डिंग के जरिए संप्रभुता में महत्वपूर्ण जोखिम है, जो कुल बैंकिंग परिसंपत्तियों का लगभग आधा हिस्सा है. हालांकि, इस रिपोर्ट के अनुसार, “पाकिस्तान की लॉन्ग टर्म लोन स्टैबिलिटी में जोखिम बना हुआ है, देश की राजकोषीय स्थिति अभी भी बहुत कमजोर है.” भारत को लेकर पॉजिटिव आउटलुक मूडीज रेटिंग्‍स ने कहा है कि भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष (2025-26) में 6.5 फीसदी से अधिक रहेगी. बैंकिंग क्षेत्र के लिए स्थिर परिदृश्य का अनुमान लगाते हुए मूडीज ने कहा कि हालांकि अगले वित्त वर्ष में भारतीय बैंकों का परिचालन वातावरण अनुकूल बना रहेगा, लेकिन हाल के वर्षों में पर्याप्त सुधार के बाद उनकी परिसंपत्ति की गुणवत्ता में मामूली गिरावट आएगी और बिना गारंटी वाला खुदरा कर्ज, सूक्ष्म वित्त ऋण और छोटी कारोबारी कर्ज पर कुछ दबाव रहेगा. बता दें कि पाकिस्तान पिछले 4 सालों से नकदी संकट और बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है. खराब आर्थिक हालात से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार चीन और सऊदी अरब समेत कुछ देशों से कर्ज ले चुका है, साथ ही इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड से भी भारी कर्ज लिया है. recent visitors 44

अडानी ग्रुप ने हासिल किया एक और प्रोजेक्ट, जीती ₹36000Cr की बोली, मुंबई में पूरा करेगी ये काम

मुंबई दुनिया के टॉप अरबपतियों (World's Top Billionaires) की लिस्ट में शामिल अडानी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी ने मुंबई में एक बड़ी परियोजना के लिए बोली जीती है और ये प्रोजेक्ट 36,000 करोड़ रुपये का है. ये Mumbai की सबसे बड़ी आवास-विकास परियोजनाओं में शामिल है और इसे अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड पूरा करेगी.  अडानी प्रॉपर्टीज ने लगाई सबसे ज्यादा बोली अडानी ग्रुप की कंपनी Adani Properties Pvt Ltd मुंबई के गोरेगांव वेस्ट स्थित मोतीलाल नगर I, II, III में 143 एकड़ में फैले आवास विकास प्रोजेक्ट में शामिल है. 36,000 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना के लिए अडानी प्रॉपर्टीज (APPL) सबसे अधिक बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी, जिसने 3.97 लाख वर्ग मीटर का बिल्टअप एरिया पेश किया. बोली जीतने के बाद अब आवंटन पत्र (LoA) जल्द जारी होने की उम्मीद है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी थी अनुमति बता दें कि बॉम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने बीते सप्ताहा ही महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) को निर्माण एवं विकास एजेंसी (C&DA) के माध्यम से मोतीलाल नगर को डेवलप करने की अनुमति दे दी. इसके बाद राज्य सरकार की ओर से इसे एक स्पेशल प्रोजेक्ट घोषित किया है, जिस पर MHADA का नियंत्रण है, हालांकि ये एजेंसी के माध्यम से काम कर रही है. परियोजना के तहत म्हाडा के तहत 3,372 आवासीय इकाइयों, 328 पात्र वाणिज्यिक इकाइयों और 1,600 पात्र झुग्गी बस्तियों का पुनर्वास किया जाएगा और अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा. अडानी ग्रुप की दूसरी बड़ी पुनर्विकास योजना मुंबई के मोतीलाल नगर में 36,000 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना के लिए अडानी समूह सबसे अधिक बोली लगाने वाला बनकर उभरा और ये धारावी पुनर्विकास परियोजना के बाद दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है. गौरतलब है कि भारतीय अरबपति Gautam Adani ने मुंबई के स्लम एरिया धारावी (Dharavi) का प्रोजेक्ट 610 मिलियन डॉलर की बोली लगाकर जीता था और उसी समय नई कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज (Adani Properties) बनाई थी. अब इस कंपनी ने दूसरी बड़ी बोली जीती है. निवासी बोले- पारदर्शिता के साथ हो काम जब इंडिया टुडे ने मोतीलाल नगर साइट का दौरा किया, तो स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि म्हाडा इस परियोजना के लिए निजी डेवलपर को शामिल कर रहा है और अगर इस परियोजना में पारदर्शिता नहीं होगी तो वे विरोध करेंगे. वहीं दूसरी ओर अडानी समूह को पुनर्विकास परियोजना मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना  (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी कहा कि परियोजना में पारदर्शिता होनी चाहिए, अगर कोई कमी है तो हम मुद्दे उठाएंगे.   recent visitors 61

भारत का बड़ा कदम, दवा बाजार में बड़ा बदलाव, विदेशी कंपनियों को भी घटाने होंगे दाम

नई दिल्‍ली डायबिटीज की दवा के बाजार में प्राइस वॉर छिड़ गई है। भारतीय दवा कंपनियां टाइप-2 डायबिटीज की दवा 'एमपेग्लिफ्लोजिन' के सस्ते विकल्प बाजार में उतार रही हैं। इससे मरीजों को यह जरूरी दवा कम दाम में मिल सकेगी। बोह्रिंगर इंगेलहाइम और एली लिली की इस दवा का पेटेंट खत्म होने के बाद भारतीय कंपनियों ने इसका फायदा उठाया है। इससे 'जारडिएंस' ब्रांड नाम से बिकने वाली इस दवा की कीमत में 80% तक की गिरावट आई है। मैनकाइंड फार्मा, ग्लेनमार्क और एल्केम जैसी कंपनियां इस दवा के अलग-अलग वर्जन और एफडीसी (फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन) बाजार में ला रही हैं। आईसीएमआर के अनुसार, भारत में 10.1 करोड़ से ज्‍यादा डायबिटीज के मरीज हैं। सस्ती दवा आने से ज्‍यादा लोग इसका इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे दवा बाजार में बड़ा बदलाव आएगा। विदेशी कंपनियों को अपनी कीमतें कम करनी पड़ेंगी। ब‍िजनेस टुडे की र‍िपोर्ट के अनुसार, पहले 'जारडिएंस' के 10 mg टैबलेट की कीमत 58-60 रुपये और 25 mg की कीमत 65-70 रुपये थी। अब मैनकाइंड फार्मा 'एमपेग्लाइड' और 'एमपेग्रेट' 10 mg टैबलेट 5.49 रुपये और 25 mg टैबलेट 9.90 रुपये में बेच रही है। ग्लेनमार्क की 'ग्लेम्पा' 8.50-10 रुपये प्रति टैबलेट में मिल रही है। एल्केम की 'एम्पेनॉर्म' और भी सस्ती हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियां डायबिटीज के बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती हैं। IQVIA के अनुसार, दो साल में जेनेरिक दवाओं की बिक्री 60% से ज्‍यादा हो सकती है। कंपन‍ियों ने लॉन्‍च किए कई ब्रांड ग्लेनमार्क ने 'ग्लेम्पा' ब्रांड के तहत 10 mg और 25 mg टैबलेट के साथ 'ग्लेम्पा-L' (एमपेग्लिफ्लोजिन + लिनैग्लिप्टिन) और 'ग्लेम्पा-M' (एमपेग्लिफ्लोजिन + मेटफॉर्मिन) जैसे FDC भी लॉन्च किए हैं। ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के प्रेसिडेंट और हेड (इंडिया फॉर्मलेशन्स बिजनेस) आलोक मलिक ने कहा, 'ग्लेनमार्क का कार्डियोमेटाबोलिक केयर में एक मजबूत इतिहास रहा है। 'ग्लेम्पा' रेंज का लॉन्च हाई क्‍वालिटी, कम कीमत वाली दवाएं उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारी एडवांस्‍ड R&D यह सुनिश्चित करती है कि यह दवा, असली ब्रांडेड दवा जितनी ही असरदार हो, लेकिन उसकी कीमत के एक छोटे से हिस्से पर।' मैनकाइंड फार्मा ने 'एमपेग्लाइड', 'एमपेग्रेट' और 'डायनाडुओ' जैसे कई ब्रांड लॉन्च किए हैं। कंपनी के वाइस चेयरमैन और एमडी राजीव जुनेजा ने कहा, 'हमारा मानना है कि जरूरी दवाओं के लिए कीमत कभी रुकावट नहीं बननी चाहिए। इसीलिए हमने एमपेग्लिफ्लोजिन को सस्ती कीमत पर पेश किया है ताकि लाखों भारतीय डायबिटीज मरीज इसे ले सकें।' कंपनी शहरों, छोटे शहरों और गांवों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए दो ब्रांड की रणनीति अपना रही है। साथ ही, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और अस्पतालों के साथ मिलकर एमपेग्लिफ्लोजिन के फायदों के बारे में जागरूकता फैला रही है। टैबलेट का छोटा क‍िया है आकार एल्केम लैबोरेटरीज ने 'एम्पेनॉर्म' को असली ब्रांडेड दवा से 80% तक सस्ता रखा है। नकली दवाओं की चिंता को दूर करने के लिए कंपनी ने एंटी-काउंटरफीट सिक्योरिटी बैंड और कई भाषाओं में मरीजों के लिए जानकारी वाली सामग्री पेश की है। एल्केम लैबोरेटरीज के सीईओ डॉ. विकास गुप्ता के मुताबिक,'हमारे क्रॉनिक पोर्टफोलियो के विस्तार के रूप में एमपेग्लिफ्लोजिन का लॉन्च खासकर दिल और किडनी की बीमारी के प्रबंधन में डायबिटीज केयर को बेहतर बनाने के हमारे मिशन के अनुरूप है।' कंपनी ने बुजुर्ग मरीजों के लिए टैबलेट का आकार और कोटिंग भी बेहतर बनाई है। एल्केम के एमपेग्लिफ्लोजिन रेंज में 'एम्पेनॉर्म' के अलावा 'एम्पेनॉर्म L' (एमपेग्लिफ्लोज़िन + लिनैग्लिप्टिन), 'एम्पेनॉर्म डुओ' (एमपेग्लिफ्लोजिन + सिटाग्लिप्टिन) और 'एम्पेनॉर्म M' (एमपेग्लिफ्लोजिन + मेटफॉर्मिन) जैसे FDC भी शामिल हैं। डॉ.गुप्ता ने कहा, 'डायबिटीज मैनेजमेंट में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है दवा नियमित रूप से लेना। टैबलेट का आकार छोटा करके और FDC देकर हम दवा नियमित रूप से लेने और मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार लाना चाहते हैं।' फोर्टिस C-DOC हॉस्पिटल फॉर डायबिटीज एंड अलाइड साइंसेज के चेयरमैन डॉ. अनूप मिश्रा ने कहा, 'एमपेग्लिफ्लोजिन बहुत दी जाती है, लेकिन कम कीमत होने से गरीब लोग भी इसे ले सकेंगे। इससे इस बेहतरीन दवा का नियमित सेवन बढ़ेगा।' क‍ितना बड़ा है डायब‍िटीज मार्केट? डायबिटीज के बढ़ते मामलों के कारण दुनिया भर में डायबिटीज दवाओं का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। फॉर्च्यून बिजनेस इनसाइट्स के अनुसार, 2024 में इस बाजार का मूल्य लगभग 7,400,000 करोड़ रुपये (88.32 अरब डॉलर) था। 2032 तक इसके 19,600,000 करोड़ रुपये (233.84 अरब) तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान CAGR 12.7% रहेगा। मार्केट रिसर्च फ्यूचर के अनुसार, भारत में डायबिटीज केयर दवाओं का बाजार 2023 में 56,000 करोड़ रुपये (6.75 अरब डॉलर) का था। 2032 तक इसके 95,000 करोड़ रुपये (11.46 अरब डॉलर) तक पहुंचने की उम्मीद है। इस दौरान CAGR 6.54% रहेगा। recent visitors 41

सेंसेक्‍स 100000 के पार जाएगा … लेकिन जाने कब? Morgan Stanley ने बताया वो महीना

मुंबई दुनिया भर में जियोपॉलिटिकल टेंशन और डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ खतरे के बीच भारत समेत दुनियाभर के बाजारों में दबाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका में ट्रंप की नीतियों की वजह से आर्थिक मंदी का संकट छाने लगा है. भारतीय बाजार पिछले साल सितंबर से टूट रहा है और लगातार बिकवाली हो रही है. निवेशक मार्केट से डरे हुए हैं. इसी बीच, Morgan Stanley के एनालिस्ट का मानना है कि Sensex 100000 के पार कर सकता है. Morgan Stanley के एनालिस्ट का कहना है कि सेंसेक्‍स में मौजूदा स्‍तर से करीब 41 फीसदी तेजी की उम्‍मीद है और सेंसेक्स दिसंबर 2025 तक 105,000 के पार जा सकता है. एनालिस्‍ट के मुताबिक, भारतीय बाजारों में रिस्‍क के मुकाबले मुनाफे की संभावनाएं बढ़ रही हैं. उनका अनुमान है कि सामान्‍य स्थिति में दिसंबर 2025 तक सेंसेक्‍स 93,000 के स्तर पर होगा. यह मौजूदा स्‍तर से लगभग 25 फीसदी ज्‍यादा होगा. 70 हजार पर भी आ सकता है सेंसेक्‍स वहीं एनालिस्‍ट का यह भी मानना है कि मंदी जैसी स्थिति पैदा हुई और हालात और भी ज्‍यादा खराब हुए तो सेंसेक्‍स 6 फीसदी गिरकर 70,000 के स्तर पर भी आ सकता है.  Morgan Stanley में भारत रिसर्च प्रमुख रिद्धम देसाई ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भारतीय शेयर बाजारों में बिकवाली का रुख दिख रहा है. ऐसे में अब निवेशकों के लिए चुनिंदा शेयरों में निवेश करने का अच्छा मौका है. किन सेक्टर्स में मौके? देसाई का मानना है कि निवेश के लिहाज से सिक्लिकल शेयर, डिफेंस शेयरों, स्मॉलकैप, मिडकैप और लार्जकैप शेयरों में तेजी का रुख बना रहेगा. अगर अलग-अलग सेक्टर की बात करें तो Morgan Stanley ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर, इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर पॉजिटिव संकेत दिया है. ये हैं Morgan Stanley के पसंदीदा स्‍टॉक Jubilant Foodworks, M&M, Maruti Suzuki, Trent, Bajaj Finance, ICICI Bank, Titan, L&T, UltraTech Cement और Infosys जैसे शेयरों पर Morgan Stanley पॉजिटिव है. Morgan Stanley का मानना है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा कंज्यूमर मार्केट बनने जा रहा है. recent visitors 49

भारत की खुदरा महंगाई फरवरी 2025 में घटकर 3.61 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी में 4.31 प्रतिशत थी, आम जनता को बड़ी राहत

नई दिल्ली होली से पहले महंगाई के मोर्चे पर आम जनता को बड़ी राहत मिली है. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) पर आधारित भारत की खुदरा महंगाई फरवरी 2025 में घटकर 3.61 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी में 4.31 प्रतिशत थी. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी धीमी हो गई थी. इसी के साथ खुदरा महंगाई फरवरी में घटकर 7 महीने के निचले स्तर पर आ गई जो रिजर्व बैंक के लक्ष्य 4 फीसदी से भी कम है. आरबीआई 2-6 फीसदी का टॉलरेंस बैंड बनाए रखता है. इसी पहले 45 अर्थशास्त्रियों के रॉयटर्स पोल ने पहले फरवरी में मुद्रास्फीति 3.98 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था. इस बीच, भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि जनवरी 2025 में साल-दर-साल 5 प्रतिशत हो गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह 3.2 प्रतिशत थी. अपनी सबसे हालिया मौद्रिक नीति बैठक में, रिज़र्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए अपने सीपीआई मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को 4.8 प्रतिशत पर बनाए रखा, अंतिम तिमाही (Q4FY25) में 4.4 प्रतिशत की मामूली गिरावट की आशंका जताई. FY26 के लिए, मुद्रास्फीति तिमाही अनुमान के साथ 4.2 प्रतिशत होने का अनुमान है. recent visitors 48

आरबीआई ने कहा- जल्द ही बाजार में 100 और 200 रुपए के नए नोट जारी किए जाएंगे

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 100 और 200 रुपए के नोटों को लेकर अहम जानकारी साझा की है। जल्द ही बाजार में इन मूल्यों के नए नोट जारी किए जाएंगे, हालांकि इनके डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं होगा। आरबीआई ने बताया कि इन नए नोटों पर गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। यह प्रक्रिया हर नए गवर्नर की नियुक्ति के बाद की जाती है, जिसमें उनके हस्ताक्षर वाले नोट जारी किए जाते हैं। वैध रहेंगे पुराने नोट पुराने 100 और 200 रुपए के नोट पहले की तरह वैध रहेंगे और उन्हें बदलने की जरूरत नहीं होगी। RBI ने स्पष्ट किया है कि ये नए नोट जल्द ही बैंकों और एटीएम में उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, यह भी देखा जा रहा है कि देश में किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नकदी का उपयोग किया जा रहा है।   भारत में कैश का उपयोग कितना बढ़ा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2,000 रुपए के नोट बंद होने के बावजूद देश में नकदी का प्रचलन पहले से ज्यादा बढ़ा है। RBI के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 में कैश सर्कुलेशन 13.35 लाख करोड़ रुपए था, जो मार्च 2024 तक बढ़कर 35.15 लाख करोड़ रुपए हो गया। हालांकि, डिजिटल भुगतान भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। मार्च 2020 में UPI के जरिए डिजिटल लेन-देन 2.06 लाख करोड़ रुपए था, जबकि फरवरी 2024 तक यह बढ़कर 18.07 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। पूरे 2024 की बात करें तो अब तक डिजिटल ट्रांजैक्शन लगभग 172 बिलियन रुपये तक हो चुका है। recent visitors 35

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही 250 अंक से ज्यादा उछला

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Stock Market Of India) की चाल सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन हैरान करती नजर आी. बुधवार को तेज शुरुआत करने के बाद कुछ ही मिनटों मे अचानक सेंसेक्स-निफ्टी रेज जोन में पहुंच गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) खुलने के साथ ही 250 अंक से ज्यादा उछल गया था, लेकिन फिर 10 मिनट के बाद ही ये करीब 100 अंक टूटकर कारोबार करता नजर आया, कुछ ऐसा ही हाल नेशनल स्टटॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) का भी दिखा और ग्रीन जोन में खुलने के बाद ये भी गिरावट के साथ कारोबार करने लगा. शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच बीएसई की लार्जकैप कंपनियों में सबसे ज्यादा तेजी के साथ टेलीकॉम कंपनी एयरटेल का शेयर (Airtel Stock) भागा और खुलने के साथ ही 3 फीसदी से ज्यादा उछल गया, इसके अलावा मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में भी तेजी देखने को मिली. इस दौरान लगातार तीसरे दिन प्राइवेट सेक्टर के इंडसइंड बैंक का शेयर शुरुआती कारोबार में धड़ाम नजर आया और ये 7 फीसदी से ज्यादा टूटकर ओपन हुआ, लेकिन फिर अचानक इसने तूफानी रफ्तार पकड़ ली. खुलते ही शेयर बाजार ने किया हैरान शेयर मार्केट ने खुलने के साथ ही निवेशकों को हैरान करना शुरू कर दिया. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,102.32 की तुलना में उछलकर 74,270.81 के लेवल पर ओपन हुआ और खुलने के सात ही 250 अंक के आस-पास चढ़कर 74,392 के स्तर पर पहुंच गया. लेकिन इसके बाद अचानक ये टूटने लगा और गिरकर 73,998.35 पर आ गया. NSE Nifty की अगर बात करें, तो एनएसई के इस इंडेक्स ने भी अपने पिछले बंद 22,497.90 की तुलना में तेजी के साथ 22,536.35 पर कारोबार शुरू किया और 22,577 तक उछला, लेकिन सेंसेक्स में गिरावट आते ही ये भी टूटने लगा और गिरकर 22,450.10 के लेवल पर कारोबार करता दिखाई दिया. इन शेयरों ने खुलते ही मचाया धमाल शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत के साथ ही लार्जकैप में शामिल Bharti Airtel (3.65%), Tata Motors (2.85%), HDFC Bank (1.50%), Kotak Bank (1.30%), Reliance (1%) के शेयर तेजी के साथ कारोबार करते दिखे. तो मिडकैप में Hindustan Petrolium Share (3.35%), Escorts Share (2.34%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. स्मॉलकैप कंपनियों की अगर बात करें, तो NACL India Share (7.29%), RedTape Share (7.13%), और PNB Housing Share (4.72%) उछलकर ट्रेड करता नजर आया. रिलायंस-एयरटेल में तेजी की ये वजह बात करें, Mukesh Ambani की कंपनी रिलायंस और सुनील भारती मित्तल की टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel के शेयरों में तेजी के पीछे की वजह के बारे में, तो बता दें कि दोनों ही कंपनियों ने दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के साथ भारत में स्टारलिंक की सर्विस में योगदान के संबंध में डील साइन की है, जिसके बाद शुरुआती कारोबार में दोनों ही कंपनियों के शेयर तेजी के साथ भागे. IndusInd Bank के शेयर की बदली चाल सेंसेक्स और निफ्टी की तरह की प्राइवेट सेक्टर के IndusInd Bank के शेयर ने भी पलटी मारकर निवेशकों को हैरान कर दिया. दरअसल, लगातार तीसरे दिन इंडसइंड बैंक का शेयर तेज गिरावट के साथ ओपन हुआ और शुरुआती कारोबार में ये 7 फीसदी से ज्यादा टूटकर कारोबार कर रहा था, लेकिन एक ओर जहां शेयर बाजार ग्रीन से रेड जोन में आया, तो ये बैंकिंग स्टॉक अचानक गिरावट से उबरकर तेज रफ्तार से भागता दिखाई देने लगा. खबर लिखे जाने तक ये 4.50% की उछाल के साथ 685.45 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. Airtel के बाद अब Reliance Jio ने की Starlink के साथ डील, सेटेलाइट से मिलेगा इंटरनेट Reliance Jio ने Elon Musk के SpaceX के पार्टनरशिप कर ली है, जिसके बाद Starlink सर्विस को भारत में लाया जाएगा. Starlink सेटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है, जो लंबे समय भारत में अपनी सर्विस शुरू करने की कोशिश कर रहा है. एक दिन पहले ही Airtel ने भी SpaceX के साथ पार्टनरशिप का ऐलान किया था. हालांकि अभी कई भारतीय अथॉरिटीज से अप्रूवल मिलने बाकी हैं, उसके बाद ही भारत में Starlink की सर्विस शुरू होगी. रिलायंस ने कहा, कंपनी Starlink के डिवाइस, हार्डवेयर और इंस्टॉलेशन में मदद करेगा. इसके लिए Jio प्लेटफॉर्म की मदद ले सकेंगे, जो रिटेल और ऑनलाइन स्टोर्स के रूप में उपलब्ध होगा. एक दिन पहले यानी मंगलवार को Airtel ने बताया था कि उसने SpaceX के साथ पार्टनरशिप की है, जिसके बाद भारतीय कस्टमर को जल्द ही Starlink का हाई स्पीड इंटरनेट मिलेगा. हालांकि अभी SpaceX को भारतीय अथॉरिटीज से लाइसेंस लेना बाकी है, सभी अप्रूवल मिलने के बाद ही भारत में SpaceX की सर्विस भारत में शुरू हो सकेंगी. क्या है Starlink? Starlink, एक सेटेलाइट बेस्ड हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस है, जिसे खुद Elon Musk की कंपनी SpaceX ने डेवलप किया है. इसके लिए मोबाइल टावर लगाने की जरूरत नहीं होती है. Starlink दुनिया भर में हाई-स्पीड इंटरनेट प्रोवाइड कराना चाहती है, इसका फायदा खासकर उन इलाकों में जहां वायर ब्रॉडबैंड उपलब्ध नहीं है. Jio की तरफ से आया बयान रिलायंस जियो के ग्रुप CEO मैथ्यू ओमन ने कहा, हर भारतीय की किफायती और हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड तक पहुंच हो, यह जियो की प्राथमिकता है. स्टारलिंक को भारत में लाने के लिए स्पेसएक्स के साथ हमारा सहयोग हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और सभी के लिए बिना रूकावट ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा कदम है. Jio के ब्रॉडबैंड इकोसिस्टम में स्टारलिंक के साथ हम अपनी पहुंच का विस्तार कर रहे हैं और इस AI-संचालित युग में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड की विश्वसनीयता और पहुंच को बढ़ा रहे हैं, जिससे देश भर के समुदायों और व्यवसायों को सशक्त बनाया जा सकेगा. SpaceX का भी Jio को लेकर बयान SpaceX के प्रेसीडेंट और चीफ ऑपरेशनल ऑफिसर ग्वेने शॉटवेल ने कहा, हम भारत की कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने के लिए जियो की सराहना करते हैं. हम जियो के साथ काम करने, भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने और भारतीय कस्टमर्स और बिजनेसेस को स्टारलिंक की हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने को तैयार हैं. ऐसे काम करता है Starlink आसमान में हजारों लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सेटेलाइट होते हैं, जो धरती से लगभग 550 किमी ऊपर होते हैं. ये … Read more

देश में मकानों की बिक्री में दिल्ली-एनसीआर में 63% उछाल, मुंबई और हैदराबाद को पीछे छोड़ा.

नई दिल्‍ली  देश में सबसे ज्‍यादा मकान बेचने वाला शहर अब दिल्‍ली-एनसीआर बन गया है. इस शहर ने मुंबई और हैदराबाद को भी पीछे छोड़ दिया है. इस तरह, दिल्‍ली-एनसीआर ने साल 2024 में सबसे ज्यादा घर बेचा है. इस बार सिर्फ गुरुग्राम में ही बिक्री मूल्य में 66% की वृद्धि हुई है. इसके साथ ही, दिल्ली-एनसीआर ने 1 लाख करोड़ रुपये की बिक्री मूल्य की सीमा को भी पार कर लिया है. डेटा एनालिटिक्स फर्म प्रॉपइक्विटी के अनुसार, 2024 में दिल्ली-एनसीआर में कुल मकानों का बिक्री मूल्य 63% बढ़कर 1.53 लाख करोड़ रुपये हो गया. इसी दौरान मुंबई का बिक्री मूल्य 13% बढ़कर 1.38 लाख करोड़ रुपये और हैदराबाद का बिक्री मूल्य 18% घटकर 1.05 लाख करोड़ रुपये रह गया है. साल 2023 में दिल्ली-एनसीआर में बेचे गए घरों की कुल बिक्री मूल्य 94,143 करोड़ रुपये रहा था, जबकि इसी दौरान मुंबई में 1.22 लाख करोड़ रुपये और हैदराबाद में 1.28 लाख करोड़ रुपये के मकान बिके थे. हैदराबाद से आगे निकला गुरुग्राम गुरुग्राम में साल 2023 में कुल बिक्री मूल्य 64,314 करोड़ रुपये था, जो हैदराबाद का लगभग आधा था. लेकिन, 2024 में गुरुग्राम ने हैदराबाद को भी पीछे छोड़ दिया. प्रॉपइक्विटी के संस्थापक और सीईओ समीर जसूजा ने कहा कि गुरुग्राम ने अकेले ही 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री के साथ दिल्ली-एनसीआर की कुल बिक्री मूल्य का 66% से अधिक हिस्सा बेचा है. यह शहर शीर्ष पर उभर कर आया है. गुरुग्राम का बिक्री मूल्य मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर है. गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और नई दिल्ली जैसे शहरों में भी 2024 में बिक्री मूल्य में काफी वृद्धि देखी गई है. बस नोएडा में थोड़ी गिरावट आई है. लग्‍जरी मकानों की डिमांड बढ़ी दिल्ली-एनसीआर में औसत बिक्री मूल्य 12,469 रुपये प्रति वर्ग फुट तक बढ़ गया है और 2024 में यूनिट्स का औसत आकार 2,229 वर्ग फुट हो गया है. आधे से अधिक बिक्री 2 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले घरों की हुई है और एक चौथाई बिक्री 1-2 करोड़ रुपये के बीच कीमत वाले घरों की हुई है. इसका मतलब है कि कुल बिक्री में 75 फीसदी हिस्‍सेदारी तो सिर्फ 1 करोड़ से ज्‍यादा की कीमत वाले घरों की है. हैदराबाद में बड़ी गिरावट क्‍यों हैदराबाद के आवासीय बाजार ने साल 2024 में महत्वपूर्ण गिरावट देखी, जिसमें नए लॉन्च 2020 के बाद से सबसे कम और बिक्री 2021 के बाद से सबसे कम रही. इस तरह देखा जाए तो डिमांड और सप्‍लाई में 25% व 49% की वार्षिक गिरावट आई है. लिहाजा तैयार खड़े मकानों की संख्‍या 2023 में 17 महीनों से बढ़कर 2024 में 20 महीनों तक पहुंच गया है. देश में हुई कुल बिक्री मूल्‍य में दिल्‍ली-एनसीआर का हिस्‍सा 2023 के 16% से बढ़कर 2024 में 23% हो गया. मुंबई का हिस्सा 2023 में 20% से बढ़कर 2024 में 21% हो गया, जबकि हैदराबाद का हिस्सा 2023 के 21% से घटकर 2024 में 16% रह गया. 2024 में शीर्ष 9 शहरों का कुल बिक्री मूल्य 12% बढ़कर 6.73 लाख करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 6 लाख करोड़ था. इन शहरों में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, नवी मुंबई, पुणे, ठाणे, कोलकाता, बैंगलोर, चेन्नई और हैदराबाद शामिल है. recent visitors 33

Share Market: धड़ाम हुआ शेयर बाजार, Sensex 400 अंक गिरा, Nifty 22300 के नीचे

मुंबई अमेरिका के शेयर बाजार (US Stock Market) में गिरावट का असर मंगलवार को भारतीय स्टॉक मार्केट (Stock Market India) पर भी देखने को मिला है. कारोबार की शुरुआत के साथ ही सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) खुलने के साथ ही 400 अंक का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) 130 अंक से ज्यादा फिसल गया. बाजार में गिरावट के बीच प्राइवेट सेक्टर के इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के शेयर में सबसे बड़ी गिरावट आई और ये खुलने के साथ ही 20 फीसदी टूट गया. सेंसेक्स ने लगाया 400 अंकों का गोता मंगलवार को शेयर मार्केट की शुरुआत बेहद खराब रही. बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद 74,115.17 की तुलना में गिरकर 73,743.88 पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में 400 अंकों से ज्यादा फिसलकर 73,672 के लेवल तक टूट गया. दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी इंडेक्स (NSE NIfty) भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलता नजर आया. ये सोमवार के अपने बंद 22,460.30 की तुलना में टूटकर 22,345.95 पर ओपन हुआ और मिनटों में 130 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 22,314 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया. 1715 शेयरों की रेड जोन में शुरुआत शेयर मार्केट ओपन होने के साथ जहां 617 कंपनियों के शेयर उछाल के साथ ग्रीन जोन में खुले, तो वहीं 1715 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार की शुरुआत की. इस बीच 105 कंपनियों के शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों की बात करें, तो IndusInd Bank, Infosys, Tech Mahindra, TCS, Tata Motors में बाजार की ओपनिंग के साथ ही तगड़ी गिरावट देखने को मिली. वहीं दूसरी ओर ICICI Bank, Maruti Suzuki और ONGC के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते नजर आए. भारतीय शेयर बाजार में आज (11 मार्च 2025)को शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए। सेंसेक्स 0.50% की गिरावट के साथ 73,743.88 पर खुला, जबकि निफ्टी 0.48% की गिरावट के साथ 22,352.55 पर शुरू हुआ। इंडसइंड बैंक को जोरदार झटका लगा, 15% की गिरावट के साथ यह सत्र का सबसे बड़ा नुकसान वाला बैंक बन गया। इसके अलावा अन्य नुकसान वाले शेयरो में इन्फोसिस शामिल है, जिसमें 2.98% की गिरावट आई, एमएंडएम में 2.25% की गिरावट आई, और ज़ोमैटो में 1.96% की गिरावट आई। बजाज फिनसर्व ने भी 1.32% की गिरावट के साथ कारोबार किया, जिससे बाजार की कमजोर धारणा और बढ़ गई। सबसे ज्यादा फिसले ये 10 शेयर बाजार में गिरावट के बीच शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल IndusInd Bank Share (20%), Infosys Share (3.24%), M&M Share (2.99%), Zomato Share (2.49%), Tech Mahindra Share (1.28%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप में Bandhan Bank Share (4.43%), Godrej India Share (4.25%), RVNL Share (3.53%) और AU Bank Share (3.46%) टूटा. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में Gensol Share में खुलते ही 5% का लोअर सर्किट लग गया. अमेरिकी बाजार में कल आई थी बड़ी गिरावट गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन अमेरिका के शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. Dow Jones का तो हाल-बेहाल नजर आया और ये कारोबार के दौरान 1100 अंक तक फिसल गया, हालांकि अंत में ये इंडेक्स 2.08% या 890 अंक की गिरावट लेकर 41,911.71 पर क्लोज हुआ था. डाउ जोन्स जैसा ही हाल S&P-500 का दिखा और ये 155.64 अंक या 2.70% की गिरावट लेकर क्लोज हुआ था. वहीं Nasdaq ने तो इससे भी बड़ी गिरावट देखी और 4% टूटकर17,468.32 पर बंद हुआ था. recent visitors 71

सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी तेज रफ्तार के साथ कारोबार, आई तूफानी तेजी

मुंबई टीम इंडिया (Team India) ने रविवार को फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम को चार विकेट से हराकर चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 (Champions Trophy 2025) पर कब्जा जमाया, तो भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) ने भी इसे सलाम किया. दरअसल, सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बाजार ने धीमी शुरुआत की, लेकिन कुछ ही मिनटों में इसकी चाल बदल गई और Sensex-Nifty जोरदार तेजी के साथ भागते नजर आए. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 339 अंक चढ़कर कारोबार करता नजर आया, तो एनएसई का निफ्टी भी 100 अंक से ज्यादा उछलकर ग्रीन जोन में ट्रेड करता दिखा. सेंसेक्स और निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार शेयर मार्केट में सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) 74,474.98 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही देर में इसकी रफ्तार तेज होती गई और ये 371 अंक की उछाल के साथ 74703.87 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी मामूली गिरावट के साथ रेड जोन में ओपन हुआ और फिर अचानक तेजी के साथ ग्रीन जोन में पहुंच गया. NSE Nifty ने अपने पिछले बंद 22,552 की तुलना में 22,521 पर कारोबार की शुरुआत की और फिर 105 अंक की उछाल के साथ 22,660 के लेवल तक पहुंच गया. सबसे ज्यादा उछले ये 10 शेयर सोमवार को मार्केट में तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल PowerGrid Share (3.76%), Bajaj Finance Share (2.08%), Adani Ports Share (1.90%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में Phoenix Ltd Share (4.08%), Zeel Share (3.47%), Star Health Share (3%), Mahindra Finance Share (2.46%) की तेजी लेकर ट्रेड करता दिखा. बात करें स्मॉलकैप कंपनियों की, तो TexInfra Share (7.25%), AAVAS Share (6.90%) और TTML Share (6.12%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. इन बड़ी कंपनियों के शेयर भी भागे बाजार में जिन दूसरी बड़ी कंपनियों के शेयरों में सोमवार को तेजी देखने को मिली, उनमें टाटा स्टील शेयर (Tata Steel Share), बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv Share), भारती एयरटेल (Bharti Airtel Share) के अलावा इंफोसिस, आईटीसी, एचसीएल टेक, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक और मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर (Reliance Share) भी शामिल रहा. रोहित शर्मा ब्रिगेड ने जीती ट्रॉफी बता दें कि भारतीय टीम ने धांसू प्रदर्शन करते हुए ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 अपने नाम कर लिया. रविवार (10 मार्च) को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से शिकस्त दी. रोहित ब्रिगेड (Rohit Sharma) इस टूर्नामेंट में अजेय रही और उसने अपने पांचों मैच जीते. भारतीय टीम ने तीसरी बार चैम्पियंस ट्रॉफी अपने नाम की. recent visitors 90

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात के संकेत दिए हैं कि जीएसटी के मोर्चे पर बड़ी राहत मिल सकती है

नई दिल्ली जीएसटी (GST) के मोर्चे पर बड़ी राहत मिल सकती है, ये हम नहीं कह रहे, बल्कि खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात के संकेत दिए हैं. मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि टैक्स स्लैब को तर्कसंगत बनाने का प्रोसेस पूरा होने के बाद जीएसटी रेट्स में और भी कमी आएगी. गौरतलब है कि जीएसटी पर 2021 में गठित मंत्रियों के समूह (GoM) निर्णय लेने के काफी करीब बताया जा रहा है. इस बीच वित्त मंत्री द्वारा दिए गए ये संकेत भी जीएसटी कटौती की उम्मीद बढ़ाने वाले हैं. 'इसे और भी घटाया जाएगा…' बिजनेस टुडे पर छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक अवार्ड्स समारोह में बोलते हुए कहा कि रेवेन्यू न्यूट्रल रेट (RNR) 2017 में 15.8% से घटकर 2023 में 11.4% हो गया है. इसमें और भी कमी आने की उम्मीद है. इस बीच Nirmala Sitharaman ने भविष्य में बड़ी कर राहत के संकेत भी दिए और कहा कि GST लागू होने के बाद से दरों में बड़ा बदलाव आया है और आगे इसे आगे भी घटाया जाएगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी को तर्कसंगत बनाने पर जीओएम ने महत्वपूर्ण प्रगति की है और जीएसटी काउंसिल (GST Council) प्रमुख बदलावों पर अंतिम निर्णय लेने के करीब है. वित्त मंत्री बोलीं- ये काम मैंने अपने ऊपर लिया निर्मला सीतारमण ने कहा कि GoM ने उत्कृष्ट कार्य किया है, लेकिन फिर भी मैंने जीएसटी काउंसिल के सामने प्रस्तुत किए जाने से पहले उनके निष्कर्षों की पूरी तरह समीक्षा करने का कार्य अपने ऊपर ले लिया है. टैक्स स्लैब को तर्कसंगत (Rationalisation Of Tax Slab) बनाने के प्रोसेस में दरों को सुव्यवस्थित करना और उद्योग की महत्वपूर्ण चिंताओं का समाधान करना शामिल है. बैंकों में हिस्सेदारी घटा रही सरकार   वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी घटाने और ज्यादा से ज्यादा खुदरा निवेशकों (Retail Investors) की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई. निर्मला सीतारमण ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) और माइक्रो-क्रेडिट के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि कुछ कंपनियां बेहद आक्रामक तरीके से लोन दे थीं, लेकिन RBI के हस्तक्षेप से इन्हें नियंत्रित किया गया है और स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है. इन मुद्दों पर भी खुलकर बोलीं वित्त मंत्री FM Nirmala Sitharaman ने कार्यक्रम में कई अन्य मुद्दों पर भी खुलकर बात की. उन्होंने भारत की मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ पर भरोसा जताते हुए वित्त वर्ष 2021 के बाद से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में इसकी स्थिति पर जोर दिया. Tariff War के बीच उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) पर कहा कि दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते का लक्ष्य रखते हैं. recent visitors 76

फरवरी 2025 में भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में 7.19% की सालाना गिरावट

  नई दिल्ली भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में फरवरी महीने में वाहनों की खुदरा बिक्री को लेकर रिपोर्ट सामने आई है. फाडा की रिपोर्ट में सामने आया कि वाहनों की खुदरा बिक्री में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट आई है. फरवरी 2025 में भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में 7.19% की सालाना गिरावट और 17.12% की मासिक गिरावट दर्ज की गई. बता दें कि FADA की ओर से खुदरा बिक्री की रिपोर्ट पेश की जाती है, जिससे देश में वाहनों की रिटेल सेल्स कैसी रही यह मालूम पड़ता है. पिछले महीने घरेलू बाजार में वाहनों की कुल खुदरा बिक्री 18,99,196 इकाई रही, जो 2024 की समान अवधि के 20,46,328 इकाई की तुलना में सात प्रतिशत कम है. जानकारी के मुताबिक मंंथली बेसिस पर बिक्री में 17.12 फीसदी की कमी आई है. फाडा रिपोर्ट्स के मुताबिक,  इस साल के फरवरी महीने में देशभर में 18,99,196 यूनिट्स की बिक्री हुई है. जिसमें दो पहिया, तीन पहिया, कमर्शियल, निजी और ट्रैक्‍टर सेगमेंट के वाहन शामिल हैं. जहां जनवरी में यह संख्‍या 22,91,621 यूनिट्स बिकी. वहीं फरवरी 2024 में देशभर में कुल 20,46,328 यूनिट्स बिकी. कुल बिक्री के आंकड़े फरवरी 2025: 18,99,196 यूनिट्स जनवरी 2025: 22,91,621 यूनिट्स फरवरी 2024: 20,46,328 यूनिट्स सभी श्रेणियों में आई गिरावट 2025 के फरवरी महीने में वाहनों के लगभग सभी श्रेणियों में गिरावट देखने को मिली है. जिससे भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मंदी का संकट छाने के संकेत हैं. दो पहिया वाहन :     फरवरी 2025 : 13,53,280 यूनिट्स     फरवरी 2024 : 14,44,674 यूनिट्स     जनवरी 2025 : 15,25,862 यूनिट्स कार :     फरवरी 2025 : 3,03,398 यूनिट्स     फरवरी 2024 : 3,38,390 यूनिट्स     जनवरी 2025 : 4,65,920 यूनिट्स तीन पहिया वाहन :     फरवरी 2025 : 94,181 यूनिट्स     फरवरी 2024 : 96,020 यूनिट्स     जनवरी 2025 : 1,07,033 यूनिट्स ट्रैक्टर सेगमेंट :     फरवरी 2025 : 65,574 यूनिट्स     फरवरी 2024 : 76,693 यूनिट्स     जनवरी 2025 : 93,381 यूनिट्स कमर्शियल वाहन :     फरवरी 2025 : 82,763 यूनिट्स     फरवरी 2024 : 90,551 यूनिट्स     जनवरी 2025 : 99,425 यूनिट्स गिरावट की क्या है वजह फाडा के अध्यक्ष सीएस विघ्नेश्वर ने कहा कि पिछले 5 महीनों से शेयर बाजार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है. इसकी वजह से लोगों के गैर-जरूरी खर्चे घट गए हैं और ग्राहक अपनी खरीदारी को टाल रहे हैं. लोग काफी सतर्क हो गए हैं और वाहनों, खास तौर पर दोपहिया और यात्री वाहनों की पूछताछ से लेकर उसे खरीदने में अब लंबा समय ले रहे हैं. इसके अलावा फाइनैंस की कम उपलब्धता भी एक समस्या है. recent visitors 47

24 घंटे में अंबानी सबसे ज्यादा कमाई करने वाले दुनिया के दूसरे इंसान बने

मुंबई  रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की किस्मत 24 घंटे में बदल गई है। 24 घंटे में मुकेश अंबानी ने कमाई में दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क समेत कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। 24 घंटे में मुकेश अंबानी से ज्यादा कमाई सिर्फ एक ही कारोबारी कर पाया है। वहीं दुनिया के टॉप 10 अमीरों में से 7 नुकसान में रहे हैं। शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। इससे अंबानी की भी नेटवर्थ बढ़ गई। ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक 24 घंटे में मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में 2.92 बिलियन डॉलर (करीब 25 हजार करोड़ रुपये) का इजाफा हुआ है। वहीं दूसरी ओर एलन मस्क को इन 24 घंटे में 558 मिलियन डॉलर (करीब 5 हजार करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। कौन निकला अंबानी से आगे? 24 घंटे की कमाई में अंबानी से आगे अमेरिकी निवेशक लैरी एलिसन (Larry Ellison) हैं। एलिसन सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल (Oracle) के चेयरमैन और सीटीओ भी हैं। एलिसन ने 24 घंटे में 3.29 बिलियन डॉलर की कमाई की है। कमाई में एलिसन के बाद मुकेश अंबानी का नंबर आता है। अंबानी के बाद तीसरे स्थान पर डेल टेक्नोलॉजीज के फाउंडर और चेयरमैन माइकल डेल है। डेल की नेटवर्थ में 24 घंटे में 2.53 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है। कई दिग्गजों को बड़ा नुकसान 24 घंटे में कई दिग्गजों को बड़ा नुकसान हुआ है। इसमें न सिर्फ एलन मस्क बल्कि मार्क जकरबर्ग, जेफ बेजोस, बर्नार्ड अर्नाल्ट, बिल गेट्स, वारेन बफे आदि शामिल हैं। ये वे लोग हैं जिनका नाम दुनिया के टॉप 10 अमीरों में शामिल दुनिया के टॉप 10 अमीरों में से सिर्फ लैरी एलिसन, लैरी पेज और सर्गी ब्रिन की संपत्ति में ही 24 घंटे में इजाफा हुआ है। कितनी है अंबानी की नेटवर्थ? मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 88.1 बिलियन डॉलर है। इस नेटवर्थ के साथ वह दुनिया के 17वें सबसे अमीर शख्स हैं। मुकेश अंबानी न सिर्फ भारत के बल्कि एशिया के भी सबसे अमीर शख्स हैं। भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स की लिस्ट में गौतम अडानी का नाम आता है। अडानी की नेटवर्थ 68.9 बिलियन डॉलर है। वह दुनिया के 21वें सबसे अमीर शख्स हैं। साथ ही एशिया के सबसे अमीरों की लिस्ट में मुकेश अंबानी के बाद दूसरा नंबर अडानी का ही आता है। recent visitors 83

अमेरिका के ‘टैरिफ प्रेम’ से दुनियाभर में भारी तनाव, इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'टैरिफ प्रेम' से दुनियाभर में भारी तनाव है. दो अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के ट्रंप के बयान ने हड़कंप मचा दिया है. इस बीच चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन और भारत को ऐसे साझेदार होना चाहिए जो एक दूसरे की सफलता में योगदान दें. ड्रैगन और हाथी की कदमताल ही दोनों देशों के लिए सही विकल्प होगा. चीन ने कहा कि एक दूसरे के राह में रोड़े अटकाने के बजाए हमें एक दूसरे को आगे बढ़ने में सहयोग करना चाहिए. एक दूसरे के साथ मिलकर काम करना होगा. ऐसा करके ही दोनों देशों और उनके लोगों के हितों को साधा जा सकता है. चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि जब चीन और भारत हाथ मिलाते हैं तो अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अधिक खुलापन आता है और ग्लोबल साउथ के और मजबूत होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसे बातचीत से सुलझाया नहीं जा सकता और बिना सहयोग के किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता. दोनों देश मिलकर दुनिया को और बेहतर कर सकते हैं. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोल्ड फैसलों के बीच दुनियाभर में ट्रेड वॉर का आगाज हो गया है. ट्रंप ने कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगा दिया है. हालांकि, मेक्सिको को इससे कुछ समय के लिए राहत दी गई है. कनाडा को भी कुछ आंशिक राहत दी गई है. लेकिन ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के बयान के बाद दुनियाभर में सुगबुगाहट है. इसके बाद अमेरिका में चीन के दूतावास ने बयान जारी कर कहा था कि अगर अमेरिका युद्ध ही चाहता है, तो युद्ध सही. फिर चाहे वह ट्रेड वॉर हो या किसी दूसरी तरह का युद्ध. हम अंत तक लड़ने के लिए तैयार है. दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि हम पर जो भी देश जितना भी टैरिफ लगाएगा, हम भी उन पर उतना ही टैरिफ लगाएंगे. अन्य देश हम पर दशकों से बेइंतहा टैरिफ लगा रहे हैं. यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत और अन्य देश हम पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाए रहे हैं, जो गलत है. भारत हम पर 100 फीसदी टैरिफ लगाता है. ट्रंप ने कहा कि आगामी 2 अप्रैल से जो भी देश अमेरिकी आयात पर टैरिफ लगाएगा उस पर हम भी उतना ही टैरिफ लगाएंगे. दूसरे देशों ने दशकों से हमारे खिलाफ टैरिफ का इस्तेमाल किया है. लेकिन अब हमारी बारी है कि हम इसी टैरिफ का उन देशों के खिलाफ इस्तेमाल करे.   recent visitors 80

सुप्रीम कोर्ट से अडानी ग्रुप को धारावी प्रोजेक्ट के लिए अलग बैंक खाता रखने का निर्देश

मुंबई धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गौतम अडानी को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अडानी ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे इस प्रोजेक्ट पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। दुबई की कंपनी सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प (Seclink Technologies Corp) ने इस प्रोजेक्ट को अडानी ग्रुप को देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। इसी के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इसे एशिया का सबसे बड़ा शहरी पुनर्वास कार्यक्रम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। इनमें अडानी प्रॉपर्टीज, महाराष्ट्र सरकार और दुबई की सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प शामिल हैं। सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज ने पहले बॉम्बे हाई कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। उसका कहना था कि उसकी बोली अडानी ग्रुप से बेहतर थी। दिसंबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेक्लिंक की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि सेक्लिंक के तर्क में दम नहीं है। सरकार को ऐसे प्रोजेक्ट के लिए सही बोली चुनने का अधिकार है। क्या कहा कोर्ट ने? CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सेक्लिंक से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उसकी 8,640 करोड़ रुपये की बोली अडानी की 5,069 करोड़ रुपये की बोली से काफी ज्यादा है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सेक्लिंक को अडानी की ओर से पहले से तय की गई सभी शर्तों का पालन करना होगा। इनमें रेलवे को 1000 करोड़ रुपये का लीज भुगतान, 2800 करोड़ रुपये का क्षतिपूर्ति भुगतान और 812 रेलवे क्वार्टर का निर्माण शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलें कोर्ट में पेश की जाएं। अगली सुनवाई 25 मई को होगी। अलग बैंक अकाउंट रखना होगा सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप को एक अलग बैंक खाता रखने का निर्देश दिया है। इस खाते में प्रोजेक्ट से जुड़े सभी लेन-देन होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि निर्माण और तोड़फोड़ का काम शुरू हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट और रूल्स के अनुसार उचित खाते, जिसमें चालान आदि शामिल हैं, रखे जाएंगे। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि कोई विशेष इक्विटी का दावा नहीं किया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट का अंतिम फैसला अपील के नतीजे पर निर्भर करेगा। क्या है धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट? अडानी ग्रुप की रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज नवंबर 2022 में सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी। इसे धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड में 80% हिस्सेदारी मिली। महाराष्ट्र सरकार के पास बाकी 20% हिस्सेदारी है। यह प्रोजेक्ट 600 एकड़ जमीन पर फैला है। इसमें 296 एकड़ जमीन के पुनर्विकास की योजना है, जबकि माहिम नेचर पार्क जैसे खुले स्थानों को संरक्षित रखा जाएगा। धारावी में 8,50,000 से ज्यादा लोग रहते हैं। अस्थायी आबादी को मिलाकर यह संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। यह मुंबई का सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है। recent visitors 80

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रव्यापी मेगा एमएसएमई आउटरीच अभियान का शुभारंभ

मुंबई,  यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रव्यापी मेगा एमएसएमई आउटरीच अभियान का शुभारंभ किया गया है. यह अभियान सप्ताहभर चलने वाली पहल है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त बनाना, उद्यमशीलता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है. इस अभियान का शुभारंभ बेंगलुरु में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ ए. मणिमेखलै द्वारा किया गया, जिन्होंने वित्तीय सहायता, डिजिटल समाधान और जागरूकता पहलों के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता पर जोर दिया. उन्होंने बताया: "यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एमएसएमई के लिए वित्तीय समावेशन और समग्र समर्थन के लिए प्रतिबद्धता दृढ़ है. इस राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से, हमारा लक्ष्य एमएसएमई की वृद्धि और संवहनीयता सुनिश्चित करते हुए प्रौद्योगिकी और सरकारी पहलों द्वारा समर्थित वित्तीय उत्पादों तक निर्बाध एक्सेस प्रदान करना है. हमारा व्यापक उत्पाद सूट ऋण प्राप्त करने में ग्राहक अनुभव को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और हम एक सक्षम इकोसिस्टम को बढ़ावा देना जारी रखते हैं जो भारत के एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करता है, जो विकसित भारत के व्यापक दृष्टिकोण में योगदान देता है." इस पहल के भाग के रूप में, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अपने उद्यमी-अनुकूल एमएसएमई उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें त्वरित और परेशानी मुक्त ऋण के एक्सेस के लिए एमएसएमई सुपरफास्ट, युवा उद्यमियों के लिए युवाशक्ति और महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए यूनियन नारी शक्ति शामिल हैं. बैंक वित्तीय समावेशन को बढ़ाने और छोटे कारोबारों को बढ़ावा देने के लिए प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई), पीएम विश्वकर्मा, प्रधान मंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई), और प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) जैसी सरकारी वित्तीय योजनाओं को भी सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है. इस अभियान में उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और स्थानीय कारोबार की ओर से उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई है. छोटे कारोबारों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम में, पात्र उधारकर्ताओं को कार्यक्रम के दौरान ही स्वीकृति पत्र वितरित किए गए, जिसके माध्यम से आर्थिक विकास और वित्तीय एक्सेसिबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता सुदृढ़ की गई. एमएसएमई आउटरीच अभियान देश भर में 157 स्थानों पर चलाया जा रहा है, जहाँ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा खुदरा कासा जमा खाते खोलने की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जिससे बैंक के ग्राहक बढ़ाने और वित्तीय समावेशन प्रयासों की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है. इस पहल के माध्यम से, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया छोटे कारोबारों के उत्थान,क्रेडिट के एक्सेस को सुविधाजनक बनाने और एमएसएमई के लिए बनाए गए वित्तीय समाधानों के बारे में जागरूक बनाने के लिए अपने समर्पण की पुष्टि करता है. उद्यमियों और वित्तीय सेवाओं के बीच एक लिंक स्थापित करके, बैंक भारत के एमएसएमई  को बढ़ाने और समावेशी आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है. recent visitors 63

IRGMA द्वारा बड़े पैमाने पर आयात घोटाले के पर्दाफाश के बाद, भारत ने प्रतिबंधित मेडिकल ग्लव्स के अवैध आयात पर कार्रवाई की तैयारी की

नई दिल्ली, देश के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन, फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने भारत के हेल्थ-केयर इकोसिस्टम और घरेलू विनिर्माण उद्योग के हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विश्व व्यापार संगठन (WTO) को मेडिकल एवं सर्जिकल ग्लव्स (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2024 (QCO) प्रस्तुत किया है। QCO के लागू होने के बाद सभी प्रकार के मेडिकल एवं सर्जिकल ग्लव्स के लिए BIS प्रमाणन अनिवार्य हो जाएगा। इस तरह मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम एवं चीन से गैर-कानूनी तरीके से आयात किए जाने वाले घटिया ग्लव्स से भरे बाजार में गुणवत्ता आश्वासन और विनियामक निरीक्षण आसान हो जाएगा, जिसकी बहुत जरूरत है। यह घोषणा ऐसे महत्वपूर्ण समय पर की गई है, जब इंडियन रबर ग्लव्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IRGMA) ने ग्लव्स के आयात में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। गौरतलब है कि अनैतिक तरीके से काम करने वाले आयातक QCO के लागू होने से पहले ही घटिया गुणवत्ता वाले नॉन-मेडिकल ग्लव्स की जमाखोरी कर रहे हैं, उन्हें मेडिकल ग्लव्स के रूप में दोबारा पैक कर रहे हैं, तथा अस्पतालों और क्लीनिकों तक पहुँचा रहे हैं। मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली ऐसी गतिविधियाँ बेहद खतरनाक हैं, जो भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल को कमजोर करने के साथ-साथ घरेलू उद्योग को अस्थिर बना रही है। QCO से पहले जमाखोरी और ट्रेड डंपिंग के लिए चीन की चालबाज़ी •    आयात से भरपूर लाभ उठाने की होड़: आयातक QCO के लागू होने की संभावना को देखते हुए बड़ी मात्रा में नॉन-मेडिकल ग्लव्स की जमाखोरी कर रहे हैं। इसका कारण यह है कि, उन्होंने BIS प्रमाणन के सख्त नियम के अनिवार्य होने के बाद ऐसे घटिया ग्लव्स पर गलत लेबल लगाकर उन्हें मेडिकल ग्लव्स के रूप में दोबारा पैक करने की योजना बनाई है। •    मलेशिया और थाईलैंड के रास्ते डंपिंग: अमेरिकी टैरिफ के कारण चीन से ग्लव्स के निर्यात पर प्रतिबंध लग गया है, इसलिए चीनी निर्माता अपने अतिरिक्त स्टॉक को मलेशिया एवं थाईलैंड के रास्ते भेज रहे हैं। इन ग्लव्स को यहाँ फिर से पैक किया जाता है और कृत्रिम रूप से कम कीमतों पर भारत भेजा जाता है। इस रास्ते से आने वाले शिपमेंट विनियामक जाँच से बच निकलते हैं, जिससे घटिया गुणवत्ता वाले ग्लव्स भारत के हेल्थ-केयर सप्लाई चेन में प्रवेश कर जाते हैं। •    मरीजों और स्वास्थ्य-कर्मियों के लिए गंभीर खतरा: इस तरह के घटिया ग्लव्स आवश्यक AQL (स्वीकार्य गुणवत्ता स्तर) सुरक्षा परीक्षणों में विफल हो जाते हैं, जिससे संक्रमण तथा संपर्क से दूषित होने का जोखिम बढ़ जाता है और अस्पतालों में स्वच्छता के साथ खिलवाड़ होता है। •    बाज़ार में अनुचित तरीके से हेर-फेर: भारतीय निर्माता BIS और QCO के सख्त मानकों का पालन करते हैं, जबकि दूसरी ओर अवैध तरीके से आयात किए गए ऐसे ग्लव्स को कृत्रिम रूप से कम कीमतों पर बेचा जा रहा है। इस वजह से घरेलू निर्माता बाज़ार में मुकाबले से बाहर हो रहे हैं और मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग में भारत की आत्मनिर्भरता खतरे में पड़ गई है। QCO: भारत के हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाला आदेश अनुमानों के अनुसार, ग्लव्स के लिए QCO से सालाना ₹600-700 करोड़ मूल्य के ग्लव्स के आयात को विनियमित किया जाएगा। साथ ही इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि, भारत में चिकित्सा उपयोग के लिए केवल BIS-प्रमाणित ग्लव्स — चाहे वे आयातित हों या घरेलू रूप से निर्मित हों— ही बेचे जा सकें। यह आदेश डिस्पोजेबल सर्जिकल ग्लव्स, चिकित्सा जाँच में एक बार उपयोग में आने वाले ग्लव्स और पोस्ट-मॉर्टम रबर ग्लव्स पर लागू होगा, जिससे घटिया ग्लव्स के थोक आयात पर रोक लगेगी और अस्पताल में केवल ISI मार्क वाले ग्लव्स का उपयोग सुनिश्चित होगा। नियंत्रण के लिए इस प्रकार का कदम उठाना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि वर्तमान में आयात किए जाने वाले ग्लव्स में से 70% से ज़्यादा BIS के मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं। CDSCO की ओर से जारी की गई कई अधिसूचनाओं और विनियामक चेतावनियों के बावजूद, अमेरिका और दूसरे विकसित देशों द्वारा अस्वीकार किए गए ग्लव्स अभी भी गुणवत्ता जाँच को दरकिनार करके भारत में आ रहे हैं। QCO को लागू किए जाने के बारे में अपनी राय जाहिर करते हुए, कोंडा अनिंदिथ रेड्डी, मैनेजिंग डायरेक्टर, एनलिवा-वाडी सर्जिकल्स, ने कहा: "गुणवत्ता नियंत्रण का यह आदेश भारत के स्वास्थ्य-सेवा कर्मियों और मरीजों की सुरक्षा के लिए काफी मायने रखता है। घटिया ग्लव्स के उपयोग से परस्पर संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे जान को खतरा हो सकता है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को आगे बढ़कर BIS-प्रमाणित ग्लव्स की मांग करनी चाहिए, साथ ही नियामक एजेंसियों को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि करना चाहिए कि अवैध आयात पर तुरंत रोक लगाई जाए।" IRGMA द्वारा सरकार की ओर से तुरंत कार्रवाई की मांग हालाँकि QCO इस दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है, इसके बावजूद IRGMA ने अलग-अलग मंत्रालयों से यह अनुरोध किया है कि इन नए नियमों के प्रभावी होने से पहले ग्लव्स की जमाखोरी और अवैध आयात से जुड़ी गतिविधियों की रोकथाम के लिए तुरंत कदम उठाए जाएँ। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) और CDSCO •    "मेडिकल ग्लव्स" की परिभाषा के दायरे को बढ़ाया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले हर तरह के ग्लव्स को सख्त प्रमाणन संबंधी दिशा-निर्देशों के अंतर्गत लाया जा सके। •    घटिया ग्लव्स को दोबारा पैक करके स्वास्थ्य सेवा केंद्रों को आपूर्ति किए जाने की रोकथाम के लिए अस्पतालों में अनिवार्य ऑडिट का नियम लागू किया जाए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (DGFT एवं सीमा शुल्क) •    BIS प्रमाणीकरण से बचने के लिए ग्लव्स को गलत तरीके से “नॉन-मेडिकल” के रूप में वर्गीकृत करने पर पाबंदी लगाई जाए। •    इनके आवागमन पर शुरू से अंत तक नज़र रखने की जाँच व्यवस्था को लागू किया जाए, ताकि नॉन-मेडिकल श्रेणियों के तहत आयात किए गए ग्लव्स को दोबारा पैक करके अस्पतालों को बेचना संभव न हो सके। •    चीनी ग्लव्स को मलेशिया और थाईलैंड के रास्ते दोबारा भेजे जाने से रोकने के लिए मूल देश का सत्यापन लागू किया जाए। उपभोक्ता मामले मंत्रालय एवं BIS •    सभी डिस्पोजेबल ग्लव्स पर BIS प्रमाणन की आवश्यकताओं को लागू किया जाए, ताकि चिकित्सा उपयोग के लिए बिना प्रमाणन वाले ग्लव्स का आयात, बिक्री या उनकी दोबारा … Read more

SBI ने किया बड़ा कारनामा, बैंककर्मियों ने कैंटीन व्वॉय के साथ मिलकर 13 ‘मुर्दों’ के नाम से लोन पास कराकर निकाला पैसा

गोरखपुर गोरखपुर में जंगल कौड़िया स्थित एसबीआई की शाखा से 70.20 लाख रुपये का फर्जी तरीके से लोन कर गबन किया गया है। बैंककर्मियों ने कैंटीन व्वॉय के साथ मिलकर 13 ‘मुर्दों’ के नाम से लोन पास कराकर पैसा निकाल लिया। यह मुर्दे रिटायर्ड कर्मचारी थे जिनका बैंक में पेंशन खाता था और उनकी मौत हो चुकी थी। गबन के मामले में गुरुवार को लखनऊ से आए एसबीआई के सहायक महाप्रबंधक ने जंगल कौड़िया चौकी पर पहुंच कर अपनी जांच रिपोर्ट विवेचक को सौंप दी। अब इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। दरअसल, जंगल कौड़ियां स्थित भारतीय स्टेट बैंक से कूटरचित दस्तावेज का प्रयोग कर पेंशनर्स व मुर्दों के खातों के साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड के खातों से लोन स्वीकृत कर जालसाजी की गई है। पीपीगंज पुलिस ने इस मामले में बैंक प्रबंधक, कैशियर और कैंटीन व्वॉय के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिसमें कैशियर अमरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजवाया तो वहीं कैंटीन व्वॉय पंकज ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। जंगल कौड़िया शाखा के खाताधारक राजू ने तारामंडल स्तिथ भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर 4 जनवरी 2024 को शिकायत कर बताया था कि उनके खाते से फर्जी तरीके से 3 लाख रुपए बैंककर्मी ने कैंटीन व्वॉय पंकज मणि त्रिपाठी के खाते में ट्रांसफर कर रुपए को हड़प लिए हैं। जिसके बाद इस तरीके की शिकायतों की तादात अचानक बढ़ गई। क्षेत्रीय कार्यालय ने एक अधिकारी के नेतृत्व में टीम नियुक्त कर मामले की जांच कराई। जिसमे पाया गया कि बैंक के शाखा प्रबंधक कुमार भास्कर भूषण, अकाउंटेंट अमरेंद्र कुमार सिंह व कैंटीन व्वॉय पंकज मणि त्रिपाठी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर पेंशन खाताधारकों, किसान क्रेडिट कार्ड खाताधारकों तथा अन्य प्रकार के खाताधारकों के खातों से रुपए की जालसाजी की है। पीपीगंज पुलिस ने तीनों आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच में जुटी रही। उधर, बैंक की जांच के बाद प्रबंधक कुमार भास्कर भूषण व अकाउंटेंट अमरेंद्र को निलम्बित कर कर विभागीय जांच बैठाई गई। जांच के दौरान कैंटीन व्वॉय पंकज मणि त्रिपाठी मुख्य आरोपी पाया गया। करोड़पति बन गया कैंटीन ब्वाय: जंगल कौड़िया क्षेत्र के बलुवा गांव निवासी 20 वर्षीय पंकज मणि त्रिपाठी बैंक में कैंटीन ब्वॉय बन गया। पंकज की बैंक के अंदर काफी अच्छी पकड़ बन गई थी। इलाके के सेवानिवृत्ति लोगों को निशाना बना कर पंकज ने मिली भगत करते हुए मरे हुए व्यक्तियों का लोन करवाना शुरू किया। जालसाजी से वह करोड़पति बन गया। केसीसी के भी तीन फर्जी लोन स्वीकृत जांच अधिकारी सहायक महा प्रबंधक सुरेश कुमार ने गुरुवार को जंगल कौड़िया चौकी पर पहुंच कर 78 पेज की अपनी जांच रिपोर्ट चौकी इंचार्ज को सौंप दी। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि 71 लाख 20 हजार गबन जांच में पाया गया। इसमें पेंशन लोन से संबंधित,/ पशु लोन के संबंधित लोगों का नाम सामने आया है। बैंक कर्मियों ने जिन लोगों को लोन स्वीकृत कर जालसाजी की है उनकी संख्या 18 है जबकि इसमें मृत पेंशन धारक की संख्य 13 है। जांच में सामने आया है कि केकेसी के तीन फर्जी लोन स्वीकृत किए गए हैं। recent visitors 46

IndiGo ने रचा इतिहास, सीट क्षमता के मामले में इंडिगो दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ने वाली एयरलाइन बन गई

नई दिल्ली भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सीट क्षमता के मामले में इंडिगो दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ने वाली एयरलाइन बन गई है। 2024 में इसकी सीट क्षमता 10.1% बढ़कर 134.9 मिलियन से अधिक हो गई है। OAG की रिपोर्ट में इंडिगो को मिला दूसरा स्थान एविएशन डेटा कंपनी ऑफिशियल एयरलाइन गाइड (OAG) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार कतर एयरवेज इस लिस्ट में पहले स्थान पर है। कतर एयरवेज की सीट क्षमता 10.4% बढ़ी है जबकि इंडिगो की 10.1% बढ़ी है जिससे इंडिगो को दूसरा स्थान मिला है। फ्लाइट फ्रीक्वेंसी में भी इंडिगो सबसे आगे OAG के आंकड़ों के अनुसार फ्लाइट फ्रीक्वेंसी (उड़ानों की संख्या) के मामले में इंडिगो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली एयरलाइन बन गई है। इंडिगो ने 2024 में कुल 749,156 उड़ानों का संचालन किया। साल-दर-साल इसकी उड़ान आवृत्ति (Flight Frequency) में 9.7% की वृद्धि हुई है। 900 से अधिक नए विमान ऑर्डर पर इंडिगो के पास दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट ऑर्डर्स में से एक है। एयरलाइन ने 900 से ज्यादा नए विमान ऑर्डर किए हैं। 2024 में इंडिगो को 58 नए एयरबस विमान मिलने वाले हैं जिससे इसकी क्षमता और बढ़ेगी। हालांकि तकनीकी कारणों (MRO सप्लाई चेन समस्याओं) से लगभग 80 विमान फिलहाल संचालन में नहीं हैं। डोमेस्टिक और इंटरनेशनल विस्तार पर फोकस 88% उड़ानें घरेलू बाजार के लिए हैं यानी ज्यादातर फ्लाइट भारत के अंदर संचालित हो रही हैं। इंटरनेशनल विस्तार की योजना भी तैयार है। 2024 में इंडिगो खासतौर पर मध्य पूर्व और थाईलैंड में अपनी सेवाओं का विस्तार करेगी। इंडिगो की लंबी दूरी की उड़ानें भी होंगी लॉन्च इंडिगो की लॉन्ग-हॉल (लंबी दूरी की) उड़ानें शुरू करने की भी योजना है। एयरलाइन 2025 में वेट लीज़ (किराए पर लिए गए) विमानों के साथ लंबी दूरी की उड़ानों की शुरुआत कर सकती है। वहीं कहा जा सकता है कि इंडिगो की यह तेजी से बढ़ती ग्रोथ दिखाती है कि भारतीय एविएशन सेक्टर ग्लोबल लेवल पर अपनी मजबूत पकड़ बना रहा है। नए विमानों की डिलीवरी, अंतरराष्ट्रीय विस्तार और उड़ानों की संख्या बढ़ाकर इंडिगो आने वाले समय में और ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।   recent visitors 58

आवासीय संपत्तियों का बाजार उछाल पर बना हुआ, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में 12 प्रतिशत की वृद्धि

नईदिल्ली केयरएज रेटिंग्स द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इंडिविजुअल हाउसिंग फाइनेंस मार्केट, जिसका वर्तमान मूल्य 33 लाख करोड़ रुपये है, वित्त वर्ष 25-30 के बीच 15-16 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़कर 77-81 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। आवासीय संपत्तियों का बाजार उछाल पर बना हुआ है केयरएज रेटिंग्स का मानना ​​है कि यह वृद्धि मजबूत संरचनात्मक तत्वों और अनुकूल सरकारी प्रोत्साहनों की वजह से देखी जाएगी, जिससे ‘हाउसिंग फाइनेंस’ ऋणदाताओं के लिए एक आकर्षक परिसंपत्ति वर्ग बन जाएगा। इसमें कहा गया है कि आवासीय संपत्तियों का बाजार उछाल पर बना हुआ है, जो हाउसिंग फाइनेंस इंडस्ट्री का एक प्रमुख चालक है, जो 2019 से 2024 तक 4.6 लाख यूनिट तक 74 प्रतिशत की वृद्धि देख रहा है। जबकि, 2024 में बिक्री प्रदर्शन सामान्य हो गया। हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में 12 प्रतिशत की वृद्धि वित्त वर्ष 2021-24 के दौरान, बैंकों ने हाउसिंग लोन स्पेस में 17 प्रतिशत की सीएजीआर से वृद्धि की है, जबकि हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, बैंकों ने हाउसिंग लोन मार्केट ने 31 मार्च, 2024 तक 74.5 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ अपना दबदबा बनाए रखा है। केयरएज रेटिंग्स का मानना ​​है कि हाउसिंग फाइनेंस मार्केट की विकास क्षमता को देखते हुए बैंकों और एचएफसी दोनों के पास बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह है। 31 मार्च, 2024 तक एचएफसी की बाजार हिस्सेदारी लगभग 19 प्रतिशत पर स्थिर थी और यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। केयरएज रेटिंग्स के 12-14 प्रतिशत विकास अनुमान के अनुरूप वित्त वर्ष 24 में, एचएफसी का लोन पोर्टफोलियो 13.2 प्रतिशत बढ़कर 9.6 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो केयरएज रेटिंग्स के 12-14 प्रतिशत के विकास अनुमान के अनुरूप है। वित्त वर्ष 2025 और वित्त वर्ष 2026 के लिए, केयरएज रेटिंग्स ने मजबूत इक्विटी प्रवाह और पूंजी भंडार द्वारा क्रमशः 12.7 प्रतिशत और 13.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि की उम्मीद की है। एचएफसी 30 लाख रुपये से कम के टिकट साइज में काम करती हैं रिटेल सेगमेंट एचएफसी के लिए प्राथमिक विकास चालक बना हुआ है, जबकि थोक क्षेत्र में सतर्क वृद्धि देखी गई है। केयरएज रेटिंग्स की एसोसिएट डायरेक्टर गीता चैनानी ने कहा, “एचएफसी मुख्य रूप से 30 लाख रुपये से कम के टिकट साइज में काम करती हैं, जो मार्च 2024 तक कुल एयूएम का 53 प्रतिशत था। हालांकि, 30-50 लाख रुपये के बीच के टिकट साइज वाले एयूएम के अनुपात में 23 प्रतिशत से 27 प्रतिशत की क्रमिक वृद्धि हुई है और 31 मार्च से 30 सितंबर, 2024 के बीच 30 लाख रुपये से कम एयूएम के अनुपात में गिरावट आई है।” डीप- टेक इनोवेशन से भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में मिलेगी मदद भारत 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बड़े मान से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही देश सॉफ्टवेयर-लेड टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम से डीप-टेक इनोवेशन द्वारा संचालित इकोसिस्टम- स्ट्रक्चरल बदलाव के दौर से भी गुजर रहा है। गुरुवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। थ्रीवनफोर कैपिटल की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार समर्थित पहल जैसे 10,000 करोड़ रुपये के ‘फंड ऑफ फंड्स’, भारत के सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) और नेशनल डीप टेक स्टार्टअप पॉलिसी (एनडीटीएसपी) फ्रंटियर टेक इनोवेशन और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए कमिटमेंट को दर्शाती हैं। भारत ग्लोबल सेमीकंडक्टर डिजाइन स्पेस में एक प्रमुख प्लेयर है, जो दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत सेमीकंडक्टर डिजाइन इंजीनियरों, लगभग 125,000 पेशेवरों को रोजगार देता है। राष्ट्रीय शोध कार्यक्रम, विश्वविद्यालय इनक्यूबेटर और कॉर्पोरेट आरएंडडी निवेश टैलेंट रिटेंशन और विकास को मजबूत कर रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि रणनीतिक कौशल निर्माण के साथ भारत शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और उद्यमियों की एक मजबूत पाइपलाइन द्वारा समर्थित तकनीकी विकास सुनिश्चित कर रहा है। थ्रीवनफोर कैपिटल के संस्थापक भागीदार और मुख्य निवेश अधिकारी प्रणव पई ने कहा, "भारत का डीप-टेक सेक्टर निवेश के लिए तैयार, नीति-समर्थित और वैश्विक रूप से प्रासंगिक अवसर के रूप में परिपक्व हो रहा है। जबकि नींव मजबूत है, डीप-टेक इनोवेशन को व्यावसायिक रूप से सफल, वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी व्यवसायों में बदलने के लिए निरंतर पूंजी, इकोसिस्टम सहयोग और धैर्यपूर्वक निष्पादन की जरूरत होगी।" पई ने कहा कि भारत एक निर्णायक चरण में है, एक ऐसा चरण जहां अनुशासित इनोवेशन और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता अगले दशक में एआई, सेमीकंडक्टर और क्लीन मोबिलिटी में इसकी लीडरशिप को परिभाषित करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2030 तक 70 प्रतिशत नए कमर्शियल व्हीकल 'ईवी' होने का अनुमान है, ऐसे में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी दक्षता को बढ़ाने की मुख्य चुनौतियां बनी हुई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, "सरकारी प्रोत्साहनों और रणनीतिक सार्वजनिक-निजी भागीदारी में 10 बिलियन डॉलर के साथ, देश अपने फैबलेस डिजाइन और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है। recent visitors 44

अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर की कीमत 52-सप्ताह के निचले स्तर पर, 6 महीने पहले शेयर की कीमत थी 1863 रुपये थी

नई दिल्ली  क्या अंबानी, क्या अडानी… शेयर मार्केट की गिरावट ने बड़ी-बड़ी कंपनियों के शेयरों को धराशाई कर दिया है। इनमें कई शेयर ऐसे हैं जो पिछले 6 महीने में निवेशकों का आधे से ज्यादा नुकसान कर चुके हैं। यानी इनकी कीमत पिछले 6 महीने के मुकाबले आधे से ज्यादा गिर गई है। इसी में अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy Ltd) का शेयर भी शामिल है। गुरुवार को अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के शेयर में उतार-चढ़ाव रहा। यह तेजी के साथ खुला था, लेकिन बाद में गिरावट आ गई। इससे पहले बुधवार को यह शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ था। गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे यह शेयर करीब 0.25% की गिरावट के साथ 846.30 रुपये पर था। पिछले 6 महीने की रेकॉर्ड देखें तो इस शेयर ने निवेशकों की रकम आधी से भी कम कर दी है। 6 महीने में 50% से ज्यादा नुकसान इस शेयर में पिछले दो दिनों से बेशक तेजी आई हो, लेकिन पिछले काफी समय से यह शेयर निवेशकों का जबरदस्त नुकसान कर रहा है। पिछले एक महीने में इसमें 15 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। वहीं बात अगर 6 महीने की करें तो इसने निवेशकों की रकम को आधे से भी कम कर दिया है। 6 महीने पहले इसके शेयर की कीमत 1863 रुपये थी। अब करीब 846 रुपये है। ऐसे में इसमें 6 महीने में 50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। यानी निवेशकों का आधे से ज्यादा नुकसान हो गया है। 5 साल पहले भरी थी झोली इस शेयर ने 5 साल पहले यानी मार्च 2020 में निवेशकों की झोली भर दी थी। 6 मार्च 2020 को इसके शेयर की कीमत करीब 145 रुपये थी। दो साल में भी इसमें गजब की तेजी आ गई थी। 29 अप्रैल 2022 को यह 2883 रुपये पर पहुंच गया था। यानी निवेशकों को इन दो वर्षों में करीब 1888 फीसदी का फायदा हुआ था। अगर किसी ने मार्च 2020 में इसमें एक लाख रुपये निवेश किए होते तो दो साल बाद उनकी कीमत करीब 20 लाख रुपये हो चुकी होती। यानी उन दो वर्षों में अडानी के इस शेयर ने पैसों की बारिश कर दी थी। लेकिन अब स्थिति उलट गई है। क्यों आई गिरावट? अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में गिरावट का सबसे बड़े कारण हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट और गौतम अडानी पर लगे कथित रिश्वत के आरोप रहे। अडानी पर जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। इससे इसके शेयर में बड़ी गिरावट आई। वहीं पिछले साल अमेरिकी कोर्ट ने आरोप लगाया था कि अडानी ने अधिकारियों को रिश्वत दी थी। रिश्वत के रूप में दी जिस रकम का इस्तेमाल किया गया, वह रकम अमेरिकी निवेशकों ने अडानी ग्रीन एनर्जी कंपनी में निवेश के लिए दी थी। इसके बाद इसमें एक और बड़ी गिरावट देखने को मिली। recent visitors 60

आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमत में भी बड़ी गिरावट आएगी : एक्सपर्ट

नई दिल्ली  कच्चे तेल की कीमत में कमी आई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। यह अक्टूबर के बाद पहली बार हुआ है जब तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। विदेशी बाजारों में कमजोर मांग को देखते हुए कच्चे तेल की कीमत में कमी आई है। अभी कई संकेत और ऐसे मिल रहे हैं जिनसे पता चलता है कि कच्चे तेल की कीमत में और कमी आ सकती है। इससे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत भी गिर सकती है। बुधवार को तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। ब्रेंट क्रूड वायदा 0.3 फीसदी गिरकर 70.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.9 फीसदी गिरकर 67.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के मुताबिक कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से भारत की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को फायदा हो सकता है। और कम हो सकती है कच्चे तेल की कीमत दुनियाभर में ऐसे कई संकेत मिल रहे हैं जिनके चलते आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमत और कम हो सकती है। तीन मुख्य संकेत इस प्रकार हैं: 1. रूस पर लगे बैन में ढील इस समय अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने पर लगा है। ऐसे में अमेरिका ने रूस पर जो बैन लगाए हैं, उनमें वह कुछ ढील दे सकता है। अमेरिका ने विदेश और वित्त मंत्रालयों से उन बैन की लिस्ट तैयार करने को कहा है जिनमें रूस को ढील दी जा सकती है। ऐसा होने पर रूस की ओर से तेल की सप्लाई बढ़ सकती है। ऐसे में तेल की कीमत में कमी आ सकती है। 2. OPEC+ ने बढ़ाया प्रोडक्शन OPEC+ ने अपने तेल प्रोडक्शन बढ़ाने का फैसला लिया है। रॉयटर्स की एक खबर के मुताबिक OPEC+ ने अप्रैल में तेल प्रोडक्शन को 138,000 बैरल प्रतिदिन बढ़ाने का फैसला किया है। ऑयल प्रोडक्शन में यह वृद्धि साल 2022 के बाद पहली बार हो रही है। OPEC+ ग्रुप का कहना है कि यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ओपेक और सऊदी अरब पर कीमतें कम करने के लिए दबाव बढ़ाने के बाद उठाया गया है। 3. ट्रंप के टैरिफ का भी पड़ेगा असर डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको से आयातित उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। जानकारों के मुताबिक ये टैरिफ ग्लोबल इकोनॉमिक एक्टिविटी और फ्यूल डिमांड को प्रभावित कर सकते हैं। इसके चलते तेल की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है। यानी इसकी कीमत कम हो सकती है। क्या कम होगी पेट्रोल-डीजल की कीमत? कच्चे तेल की कीमत कम होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय तेल कंपनियां भी इस बारे में कुछ निर्णय ले सकती हैं। चूंकि अभी कच्चे तेल की कीमत कम हो चुकी है और आने वाले समय में इसमें और गिरावट के संकेत हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में भी कमी आ सकती है। हो सकता है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत में बड़ी गिरावट आए। अगर ऐसा होता है तो इससे देश में महंगाई पर भी कुछ काबू पाया जा सकता है। recent visitors 61

वैश्विक चुनौतियों के बाद भी भारत की विकास दर वित्त वर्ष 26 में 6.5 प्रतिशत रह सकती है !, रिपोर्ट में दी गई जानकारी

नई दिल्ली अमेरिकी ट्रेड टैरिफ और वैश्विक अस्थिरता जैसी चुनौतियों के बाद भी भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर वित्त वर्ष 26 में 6.5 प्रतिशत रह सकती है। यह जानकारी गुरुवार को क्रिसिल द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में दी गई। यह पूर्वानुमान दो मान्यताओं पर आधारित है। इनमें पहला सामान्य मानसून और दूसरा कमोडिटी की कीमतों में नरमी जारी रहना है। रिपोर्ट में कहा गया कि घटती महंगाई, आम बजट 2025-26 में टैक्स छूट की घोषणा और ब्याज दरों के कम होने से खपत बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट में बताया गया कि हाई फ्रीक्वेंसी डेटा जैसे परचेसिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) डेटा के मुताबिक, भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच अपना शीर्ष स्थान बनाए हुए है। क्रिसिल के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, अमीश मेहता ने कहा कि भारत की मजबूती की फिर से परीक्षा हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में तेज आर्थिक विकास, कम चालू खाता घाटा और बाहरी सार्वजनिक ऋण और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार ने बाहरी झटकों से सुरक्षित रखने में मदद की है। साथ ही इससे पर्याप्त नीतिगत स्वतंत्रता भी मिली है। आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्र खपत का नेतृत्व कर रहा है, लेकिन छोटी अवधि की वृद्धि के लिए शहरी मांग जरूरी है। मेहता ने आगे कहा कि दूसरी ओर, निरंतर निवेश और दक्षता लाभ मध्यम अवधि में सहायक होंगे। हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2031 तक मैन्युफैक्चरिंग और सेवा दोनों क्षेत्र विकास को समर्थन देंगे। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-31 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की वृद्धि दर औसतन 9.0 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो महामारी के पूर्व दशक में औसतन 6 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि सर्विसेज सेक्टर ग्रोथ को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता रहेगा, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी जारी रहेगी। वित्त वर्ष 26 में 20 प्रतिशत हो सकती है, जो कि वित्त वर्ष 25 में 17 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया कि अगले वित्त वर्ष में रेपो रेट में 50 से 75 आधार अंकों की कटौती की जा सकती है। recent visitors 69

मार्क्वार्ट ने भारत में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया

•    लगातार विकसित हो रहे इस महत्वपूर्ण बाज़ार में निवेश •    मेकाट्रॉनिक सिस्टम्स की क्षमताओं को बढ़ावा •    साल 2030 तक लगभग 300 नई नौकरियों के अवसर रीथेइम-वेइलहेम/ तलेगांव, मेकाट्रॉनिक्स क्षेत्र की विशेषज्ञ कंपनी, मार्क्वार्ड ने भारत में अपनी मौजूदगी के दायरे को बढ़ाते हुए, आज पुणे के निकट तलेगांव में आधिकारिक तौर पर एक नए प्लांट का शुभारंभ किया है। परिवार के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने मुंबई में स्थित अपने प्रोडक्शन साइट की जगह इस नई प्रोडक्शन फैसिलिटी की शुरुआत की है, जिससे इसकी क्षमताओं का काफी विस्तार होगा और तेजी से आगे बढ़ रहे बाज़ार में मुकाबला करने के इसके सामर्थ्य को भी मजबूती मिलेगी। इसकी इमारत, मशीनरी और उपकरणों में 180 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। आने वाले समय में, मार्क्वार्ड अत्याधुनिक सुविधाओं वाले अपने इस प्लांट में मुख्य रूप से भारतीय मोटर-वाहन उद्योग के ग्राहकों के लिए मेकाट्रॉनिक सिस्टम सॉल्यूशंस का निर्माण करेगा। मार्क्वार्ट ग्रुप के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, ब्योर्न ट्विहौस (Björn Twiehaus) इस बारे में बात करते हुए कहते हैं: "मार्क्वार्ट के लिए भारत विकास की असीमित संभावनाओं वाला एक महत्वपूर्ण बाज़ार है। यहाँ हम मोटर वाहन बनाने वाली प्रमुख कंपनियों के साथ मिलकर काम करते हैं और अपनी भारतीय टीम की इनोवेशन करने की काबिलियत और विशेषज्ञता का उपयोग करते हैं। भारत में अपनी सफलता की कहानी को आगे बढ़ाते हुए हमने तलेगांव में इस प्लांट का उद्घाटन किया है। इस तरह, हम भविष्य की आवागमन सुविधाओं के लिए मेकाट्रॉनिक सिस्टम्स उपलब्ध कराने वाली अग्रणी कंपनी के तौर पर अपनी स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।" “मेक इन इंडिया” पहल में योगदान मार्क्वार्ट इंडिया के जनरल मैनेजर, विशाल नार्वेकर ने आगे कहा: "तलेगांव में हमारी नई फैसिलिटी का शुभारंभ भारत में मार्क्वार्ट के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। भारत के मोटर-वाहन उद्योग में ग्राहकों के साथ हमारे मजबूत और लंबे समय से कायम रिश्तों ने हमारी प्रगति में अहम भूमिका निभाई है। इस विस्तार से यह जाहिर होता है कि, हम अपने स्थानीय भागीदारों की ज़रूरतों के अनुरूप विश्व स्तरीय मेकट्रॉनिक सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने के अपने संकल्प पर कायम हैं। इसके अलावा, यह फैसिलिटी स्थानीय उत्पादन को बढ़ाकर, इनोवेशन को बढ़ावा देकर और नए रोजगार के अवसर पैदा करके 'मेक इन इंडिया' पहल में हमारे योगदान को भी उजागर करती है।" लगभग 300 नई नौकरियों के अवसर मार्क्वार्ड अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं वाली असेंबली लाइनों के अलावा, इन-हाउस इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन एवं लॉजिस्टिक्स के साथ तलेगांव के अपने ग्राहकों को संपूर्ण मेक्ट्रोनिक सॉल्यूशंस उपलब्ध कराता है, जिसमें ड्राइव ऑथराइजेशन सिस्टम, गियर सिलेक्टर स्विच और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। साथ ही, इस निवेश से सप्लाई चेन का आकार छोटा होगा, प्रतिक्रिया का समय तेज़ होगा और लचीलापन बढ़ेगा। आने वाले पाँच सालों में, मार्क्वार्ड की इस नई साइट पर लगभग 300 अतिरिक्त नौकरियों के अवसर सामने आएंगे। भारत के लिए दीर्घकालिक समर्पण                                                                                              मार्क्वार्ड पिछले कुछ दशकों से भारत में सक्रिय है और पुणे में 450 से ज़्यादा कर्मचारियों के साथ एक डेवलपमेंट सेंटर का संचालन कर रहा है। हमारे विशेषज्ञ पूरी दुनिया में मौजूद मार्क्वार्ड इनोवेशन नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो देश और विदेश की परियोजनाओं पर काम करते हैं। मार्क्वार्ट के शेयरधारक एवं बोर्ड के सदस्य, डॉ. हेराल्ड मार्क्वार्ट ने जोर देकर कहा, "भारत में हमारी टीम पूरी दुनिया में हमारी कामयाबी की बुनियाद है। हमारे भारतीय विशेषज्ञों के इनोवेशन, उनकी काबिलियत और सच्ची लगन की कोई मिसाल नहीं है। इस नए प्लांट के शुभारंभ से देश और दुनिया भर में अपने ग्राहकों के लिए हमारा दीर्घकालिक समर्पण उजागर होता है।" ऊँचे पदों पर मौजूद अतिथियों की उपस्थिति में उद्घाटन समारोह उद्घाटन समारोह में कार बनाने वाली अग्रणी कंपनियों, साझेदार कंपनियों के प्रतिनिधियों और कारोबार एवं राजनीतिक जगत के ऊँचे पदों पर मौजूद प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डॉ. हेराल्ड मार्क्वार्ट ने साइट पर मौजूद टीम की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए कहा: "आज हम इस प्लांट के उद्घाटन में सक्षम हुए हैं, जो अनेक समर्पित लोगों की सच्ची लगन और उनके अटल इरादे का परिणाम है। मैं इस सफलता में योगदान देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूँ।" recent visitors 53

आज फिर निवेशकों को फिर लगा जोर का झटका, थोड़ी ही देर में निकला दम…

मुंबई शेयर बाजार में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भी जोरदार तेजी (Stock Market Rise) के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) खुलने के साथ ही 500 अंक से ज्यादा चढ़कर ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी करीब 100 अंक उछल गया. लेकिन महज 15 मिनट के कारोबार में ही बाजी फिर पलट गई और सेंसेक्स-निफ्टी रेड जोन में आ गए. इस बीच देश के सबसे बड़ी कंपनी मुकेश अंबानी की रिलायंस का शेयर (Reliance Share) सबसे तेज रफ्तार से भागता दिखाई दिया. तूफानी तेजी, फिर फिसल गया बाजार शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर BSE Sensex अपने पिछले बंद 73,730.23 की तुलना में 500 अंक से ज्यादा उछलकर 74,308.30 के स्तर पर ओपन हुआ, लेकिन 15 मिनट तक तेजी में कारोबार करने के बाद अचानक बाजी पलटी और सेंसेक्स करीब 100 अंक की गिरावट में ट्रेडिंग करने लगा. NSE Nifty की बात करें, तो अपने पिछले बंद 22,337.30 की तुलना में बढ़कर 22,476.35 के स्तर पर ओपनिंग करने के बाद ये 22,491 तक उछला और फिर धड़ाम हो गया. सेंसेक्स की तरह ये भी लाल निशान में कीरब 30 अंक गिरकर कारोबार करता दिखा. इन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी शेयर मार्केट में शुरुआती कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव के बावजूद Reliance Share, Tata Motors Share और Asian Paints Share करीब 2 फीसदी के आस-पास बढ़त लेकर कारोबार करता नजर आया. मिडकैप में शामिल Castrol India Share (3.67%), Hindustan Petrolium Share (3.46%), Gland Pharma Share (3.10%) और IREDA Share (3.09%) उछला, इसके अलावा स्मॉलकैप में Rout Share (10.89%), Sapphire Share (9.53%) और KPIL Share (7%) चढ़कर कारोबार कर रहा था. खुलते ही बिखर गए ये शेयर गिरावट वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल Bharti Airtel Share (-1.16%), Titan Share (-1.09%) और मिडकैप कैटेगरी में Jublifoods Share (-1.73%), Bharti Hexa Share (-1.67%), MaxHealth Share (-1.10%) फिसला, तो स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल Gensol Share शुरुआती कारोबार में ही 10% गिरकर 335.35 रुपये पर आ गया. इसके अलावा EKI Share (-5%), Azad Engineering Share (-5%) गिरकर कारोबार कर रहा था. बुधवार को शुरुआत से अंत तक भागा था बाजार बीते कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में रौनक लौटी थी और सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग के साथ ही तूफानी तेजी पकड़े रखी, जो मार्केट क्लोज होने तक जारी रही. निफ्टी 50 बुधवार को 254.65 अंक या 1.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,337.30 पर बंद हुआ था, तो वहीं सेंसेक्स 740.30 अंक या 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,730.23 पर बंद हुआ था. पहले से मिल रहे थे तेजी के संकेत बता दें कि गुरुवार को शेयर बाजार में तेजी के संकेत पहले से ही मिलने लगे थे, प्री-ओपन मार्केट में ही सेंसेक्स करीब 600 अंक की बढ़त में दिख रहा था. अमेरिकी बाजार जहां ग्रीन जोन में क्लोज हुए थे. US Markets में Dow Jones में 1.14% की उछाल आई, तो S&P500 में 1.12%, जबकि Nasdaq में 1.46% की वृद्धि हुई. वहीं एशियाई बाजारों में शुरुआत अच्छी देखने को मिली. साउथ कोरिया का कोस्पी में 0.61 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था, जापान का निक्केई भी 0.82% चढ़कर कारोबार कर रहा था. हांगकांग के हैंगसैंग इंडेक्स में जबरदस्त 2.55% की तेजी देखने को मिली, तो गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) भी रफ्तार पकड़े नजर आया.     recent visitors 60

इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में महिलाओं और सहयोगियों का सम्मान करता है

मुंबई उभरते बाजार की अग्रणी कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल), न केवल सिद्धांत रूप में, बल्कि सार्थक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्रवाई के माध्यम से एक समान कार्यबल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के लिए, जीसीपीएल ने 'वुमेनएली: एलाइज़ इन एक्शन' की शुरुआत की है, जो एशिया (भारत, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, यूएई), अफ्रीका (दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, केन्या, घाना) और लैटिन अमेरिका (अर्जेंटीना और चिली) जैसे भौगोलिक क्षेत्रों में एक महीने की पहल है। यह पहल संगठन के भीतर और बाहर के व्यक्तियों को पहचानती है और उनका सम्मान करती है – जो सहयोगी हैं और सक्रिय रूप से समावेशिता की वकालत करते हैं, निष्पक्षता की वकालत करते हैं, और महिलाओं के लिए अधिक सहायक और गतिशील कार्यस्थल में योगदान करते हैं। जीसीपीएल के पास चार मंच हैं जहां कंपनी महिलाओं के संबंध में सकारात्मक प्रयासों पर अपना रुख दोहराएगी। जीसीपीएल बिक्री में लैंगिक बाधाओं को तोड़ने पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म पेश करेगी; सहयोगिता पर विनिर्माण स्थल-आधारित पैनल चर्चा; गोदरेज वन में वूमेनअलाय कार्यक्रम; मुंबई और एफएमसीजी-बिक्री में सबसे कठिन कार्यों में से एक में महिलाओं की भागीदारी को स्वीकार करने के लिए एक पारिवारिक आउटरीच पहल। कंपनी प्रभाव को भी उजागर करेगी और अगले साल के अपने दो प्रमुख कार्यक्रमों के चार्टर – गोदरेज की शक्ति (विनिर्माण भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की पहल) और आरंभ (बिक्री में भूमिकाएं लेने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया कार्यक्रम) को पेश करने के अवसर का उपयोग करेगी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पहल पर टिप्पणी करते हुए, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के एचआर ग्लोबल चीफ वैभव राम ने कहा, "जीसीपीएल में, सहयोगी के प्रति हमारा दृष्टिकोण संयुक्त राष्ट्र द्वारा रेखांकित व्यापक स्तंभों – सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए – अधिकार, समानता और सशक्तिकरण से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। ये स्तंभ एक ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों का मार्गदर्शन करते हैं जहां हर व्यक्ति, लिंग, पृष्ठभूमि या भूमिका की परवाह किए बिना, फल-फूल सकता है। चाहे वह सहकर्मी हों, परिवार, दोस्त, बाहरी कार्य भागीदार हों, ये सहयोगी कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों के लिए एक समावेशी और न्यायसंगत कार्यस्थल को बढ़ावा देने, पूर्वाग्रहों को चुनौती देने और ऐसे स्थान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जहां हर कोई मूल्यवान और सशक्त महसूस करता है। विनिर्माण और बिक्री में महिलाओं की भागीदारी का समर्थन करने के लिए गोदरेज की शक्ति और आरंभ जैसी हमारी पहल क्रमशः जीसीपीएल के भीतर और बाहर सहयोगियों के समर्थन के कारण सफल हैं। इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, हम उन सहयोगियों की गहराई से सराहना करते हैं और उन्हें स्वीकार करते हैं जिन्होंने एक ऐसे माहौल को बढ़ावा देने में योगदान दिया जहाँ महिलाएँ सुनी जाती हैं, मूल्यवान महसूस करती हैं और अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचने के लिए सशक्त होती हैं।" जीसीपीएल जल्द ही एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म जारी करने जा रहा है, जिसमें दिखाया जाएगा कि कैसे बिक्री परंपरागत रूप से पुरुषों के वर्चस्व वाला क्षेत्र रहा है, लेकिन अब इसमें बदलाव आ रहा है। यह दर्शाता है कि कैसे महिलाएं बाधाओं को तोड़ रही हैं, रूढ़ियों को चुनौती दे रही हैं और बिक्री की भूमिका में सफलता की कहानी को फिर से परिभाषित कर रही हैं। अपनी महिला कर्मचारियों की वास्तविक जीवन की कहानियों के माध्यम से, यह उनकी यात्रा, उनके सामने आने वाली शुरुआती चुनौतियों या पूर्वाग्रहों और उनसे कैसे पार पाया, का पता लगाता है। यह डॉक्यूमेंट्री सहयोगी होने के महत्व पर जोर देती है, यह दिखाती है कि कैसे जीसीपीएल में वरिष्ठ नेता एक ऐसे माहौल का समर्थन और सक्षम करते हैं जहां बिक्री में महिलाएं सही तरीके से सफल हो सकती हैं। बिक्री से लेकर विनिर्माण तक, मुख्यालय से लेकर वैश्विक परिचालन तक, जीसीपीएल अपनी महिलाओं की शक्ति, लचीलापन और उपलब्धियों के साथ-साथ हर यात्रा के पीछे उनके अटूट समर्थन का जश्न मना रहा है। बिक्री में महिलाओं के 170 से अधिक परिवारों के लिए शक्तिशाली कहानी कहने, आकर्षक चर्चाओं और एलीशिप कार्ड जैसे सार्थक इशारों के माध्यम से, GCPL उन लोगों को स्वीकार करता है जो उनकी यात्रा में उनका उत्थान करते हैं और उनका उत्साहवर्धन करते हैं। शक्ति शिखर सम्मेलन – मुंबई में जीसीपीएल के मुख्यालय में दो दिवसीय कार्यक्रम जीसीपीएल के विनिर्माण कर्मचारी संसाधन समूह के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल समावेश को बढ़ावा देने और बदलाव लाने के लिए जीसीपीएल की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा बल्कि आने वाले वर्ष के लिए एक रणनीतिक चार्टर और ERG सदस्यों के लिए व्यक्तिगत ब्रांडिंग सत्रों के साथ आगे का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। यह उत्सव प्रेरक पैनल चर्चाओं, एलीशिप की साझा कहानियों और समग्र कल्याण पहलों के माध्यम से आकार लेगा, जो सभी WomenAlly: Allies in Action की भावना को प्रतिध्वनित करते हैं। गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप (GIG), गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड सहित अपने सभी व्यवसायों में, व्यापक देखभाल नीतियों के साथ कर्मचारियों का समर्थन करता है, जो सभी कर्मचारियों के लिए एक सहायक और समावेशी कार्य वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बुजुर्गों की देखभाल के लिए, कर्मचारियों को दो सप्ताह का सवेतन अवकाश और सहायता प्रदाताओं तक पहुँच मिलती है। प्राथमिक देखभाल करने वाले, जिनमें जन्म देने वाले, कमीशनिंग (सरोगेसी) या दत्तक माता-पिता शामिल हैं – छह महीने के सवेतन अवकाश, राष्ट्रव्यापी डेकेयर सहायता, विशेष कर्मचारी सहायता कार्यक्रम (EAP), लचीले वापसी विकल्प और ज़रूरत पड़ने पर छह महीने तक की अवैतनिक छुट्टी के हकदार हैं। द्वितीयक देखभाल करने वालों को दो महीने का सवेतन अवकाश और EAP सहायता मिलती है। ये नीतियां कर्मचारियों को काम पर और काम से परे दोनों जगह कामयाब होने में सक्षम बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। recent visitors 43

गवर्नेंस नाउ 11वें पीएसयू अवार्ड्स में एनएमडीसी का शानदार प्रदर्शन

हैदराबाद एनएमडीसी, भारत का सबसे बड़ा लौह अयस्क उत्पादक और जिम्मेदार खनिक नई दिल्ली में आयोजित गवर्नेंस नाउ 11 वें पीएसयू अवार्ड्स में पाँच प्रतिष्ठित पुरस्कारों के साथ अपने उद्योग नेतृत्व को जारी रखे हुए है ।   एनएमडीसी ने पाँच श्रेणियों में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उल्लेखनीय जीत हासिल की है । पीएसयू लीडरशीप अवॉर्ड श्री अमिताभ मुखर्जी, सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) को प्रदान किया गया, श्रीमती प्रियदर्शिनी, निदेशक (कार्मिक) को सीएसआर के लिए और श्री पी. जयप्रकाश, महाप्रबंधक (नैगम संचार) को कम्यूनिकेशन लीडरशीप अवॉर्ड से सम्मानित किया गया । कंपनी को सीएसआर: पर्यावरण और सुस्थिरता तथा परिचालन उत्कृष्टता में नवाचार के अवॉर्ड भी प्राप्त हुए । यह पुरस्कार एनएमडीसी के नवाचार और उत्कृष्टता के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं तथा उद्योग में उसकी अग्रणी स्थिति को मजबूत करते हैं ।   पुरस्कार सम्मानित गणमान्य विभूतियों श्री सतीश चंद्र दुबे, राज्य मंत्री, कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय, तथा श्री सत्य पाल सिंह, पूर्व राज्य मंत्री मानव संसाधन विकास और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए । एनएमडीसी की ओर से श्री पी. जय प्रकाश (महाप्रबंधक, नैगम संचार) और श्री श्रीनिवास राव (उप महाप्रबंधक, नैगम संचार) ने पुरस्कार प्राप्त      किए । एनएमडीसी के सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) श्री अमिताभ मुखर्जी ने कहा, "एनएमडीसी नवाचार, स्थिरता और उत्तरदायित्वपूर्ण विकास के साथ खनन में निरंतर नए मानक स्थापित कर रहा है । ये पुरस्कार नेतृत्व और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं । उद्योग में एक अग्रणी के रूप में, हम आत्मनिर्भर और प्रगतिशील भारत का निर्माण करने के लिए समर्पित हैं ।“ छह दशकों से अधिक समय से उद्योग का नेतृत्व कर रहे एनएमडीसी ने परिचालन और कॉर्पोरेट प्रशासन में लगातार उच्च मानदंड स्थापित किए हैं । इसकी सीएसआर पहलों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छता, बुनियादी ढांचे और कौशल विकास के साथ छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के परिदृश्य को बदल दिया है । स्थिरता पर निरंतर ध्यान देने और नवीनतम प्रौद्योगिकी प्रगति का लाभ उठाने के साथ, एनएमडीसी उद्योग में परिवर्तन और राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ा रहा है । recent visitors 54

बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स के शेयर बने रॉकेट, LIC ने खरीद डाले रामदेव की कंपनी के 73 लाख शेयर

नई दिल्ली बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स के शेयर आज बुधवार को कारोबार के दौरान फोकस में हैं। कंपनी के शेयर आज 2% चढ़कर 1759 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गए थे। शेयरों में इस तेजी के पीछे एक बड़ी वजह है। दरसल, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने ओपन मार्केट के जरिए से पतंजलि फूड्स में नई हिस्सेदारी खरीदी है। एलआईसी ने कंपनी में लगभग 2% हिस्सेदारी बढ़ाई है। अब पतंजलि फूड्स में एलआईसी की कुल हिस्सेदारी 7% को पार कर 7.06% तक पहुंच गई। 73 लाख शेयर खरीदे गए LIC ने आज एक नियामक फाइलिंग में खुलासा किया कि उसने 25 नवंबर, 2024 और 4 मार्च, 2025 के बीच शेयर हासिल करके पतंजलि फूड्स के 73 लाख शेयर खरीदे हैं। दिसंबर तिमाही के अंत में, प्रमोटरों के पास कंपनी में 69.95% हिस्सेदारी थी, जबकि FII और DII के पास क्रमशः 13.3% और 6.3% हिस्सेदारी थी। बाकी 10.3% आम जनता शेयरधारकों के पास था। बता दें कि कंपनी खासकर तिलहनों के प्रोसेसिंग और फूड तेल के रिफाइनमेंट में सक्रिय है। क्या है डिटेल बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली भारतीय उपभोक्ता सामान कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने 2019 में रुचि सोया इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया और इसका नाम बदलकर पतंजलि फूड्स कर दिया। जनवरी 2020 में, रुचि सोया के शेयर (अब पतंजलि फूड्स) को फिर से सूचीबद्ध किया गया। दिसंबर तिमाही के नतीजे दिसंबर तिमाही (Q3FY25) के लिए, कंपनी ने नेट मुनाफे में 71% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹371 करोड़ रहा। जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में इसका नेट मुनाफा ₹217 करोड़ था। दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹9,103 करोड़ रहा, जो कि Q3 FY24 में ₹7,911 करोड़ से 15% अधिक है। जबकि परिचालन लाभ सालाना आधार पर 57% बढ़कर ₹541 करोड़ हो गया। QoQ आधार पर, इसमें 20.5% की वृद्धि हुई। दिसंबर तिमाही के लिए EBITDA मार्जिन 6% रहा, जो FY24 की तीसरी तिमाही में 7% की तुलना में 200 आधार अंक अधिक है। recent visitors 39

लुई फिलिप ने भोपाल में पेश किया ‘मूड्स ऑफ समर’ कलेक्शन

लुई फिलिप ने भोपाल में पेश किया 'मूड्स ऑफ समर' कलेक्शन गर्मियों के लिए आरामदायक और स्टाइलिश कपड़ों का कलेक्‍शन जिन्‍हें पहनकर आप बीच किनारे धूप में टहल सकते हैं या फिर सुहावनी शाम का आनंद उठा सकते हैं भोपाल  आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड के प्रीमियम मेन्सवियर ब्रांड लुईस फिलिप ने 'मूड्स ऑफ समर' कलेक्‍शन पेश किया है। इस कलेक्‍शन में दिए गए परिधान गर्मियों के लिए बहुत अच्छे हैं और बेहद खूबसूरत लगते हैं। यह ऐसे कपड़े हैं जो पहनने में आरामदायक हैं और दिखने में भी शानदार हैं। इसे उन लोगों के लिए बनाया गया है जो गर्मियों में घूमने-फिरने और आराम करने का आनंद लेते हैं। यह कलेक्‍शन आज के ज़माने के पुरुषों के लिए डिजाइन किया गया है जोकि उन्‍हें गर्मियों में भी स्टाइलिश और आरामदायक रखेगा। ये कपड़े ऐसे हैं कि आप उन्हें दिन में पूल के किनारे भी पहन सकते हैं और रात में किसी पार्टी में भी। इसमें लिनेन और कॉटन जैसे हल्के कपड़े हैं, जो गर्मियों के लिए बहुत अच्छे हैं। कपड़ों की सिलाई बहुत अच्छी है और डिज़ाइन भी ट्रेंडी हैं। चाहे आपको दिन में घूमने जाना हो या रात में किसी पार्टी में, इस कलेक्‍शन में हर तरह के कपड़े हैं। इसमें लिनेन शर्ट, आरामदायक चिनोस, रंगीन पोलो, शॉर्ट्स, हल्के ब्लेज़र और साटन के ईवनिंग वियर्स भी हैं। कुल मिलाकर, ‘मूड्स ऑफ समर’ कलेक्‍शन उन पुरुषों के लिए है जो गर्मियों में आरामदायक और स्टाइलिश दिखना चाहते हैं। इस लॉन्च के बारे में, सुश्री फरीदा कलियादान, चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर, लुईस फिलिप ने कहा, "यह कलेक्‍शन गर्मियों के मौसम के लिए बिल्कुल सही है – चाहे वह समुद्र तट के किनारे की शांति हो या एक हलचल भरे यूरोपीय शहर की एनर्जी। ' मूड्स ऑफ समर' कलेक्‍शन उन पुरुषों के लिए डिजाइन किया गया है जिन्‍हें हर सीजन में कम्‍फर्ट के साथ-साथ दिखने में सुंदर कपड़े चाहिए। इसमें प्रीमियम फैब्रिक का इस्‍तेमाल किया गया है, यह बेहद महीन कारीगरी से बनाए गए हैं और इसमें दुनिया के सबसे खूबसूरत जगहों से प्रेरित रंगों को शामिल किया गया है।  यह कलेक्‍शन अपने आप में ही गर्मियों से प्‍यार करने का तोहफा है।” इस कलेक्‍शन में हर अवसर के लिए कपड़े हैं प्रत्येक कलेक्‍शन स्‍टाइल की एक यात्रा है, जो अलग-अलग गंतव्यों और सांस्कृतिक प्रेरणाओं के सार को कैद करती है। यह एक ऐसी वार्डरोब तैयार करता है जिसमें खूबसूरती और रोमांच दोनों मौजूद हैं। •    लिनन बाय नेचर: यह गर्मियों के लिए बहुत जरूरी कपड़े हैं। इन्हें खास रंगों में बनाया गया है जैसे हल्के रंग, एकदम सफेद और ऐसे रंग जो धूप में खिले हुए लगते हैं। ये कपड़े उन पुरुषों के लिए हैं जो आराम और स्टाइल दोनों चाहते हैं। •    टेल्‍स ऑफ मसाई: अफ्रीका की समृद्ध कला और शिल्प परंपराओं से प्रेरित, इस कलेक्‍शन में बोल्ड प्रिंट, अर्दी-टोन वाले रंग और जटिल एम्‍ब्रॉयडरी की बारीकियां हैं जो हर लुक में रोमांच की भावना पैदा करते हैं। •    लैंड ऑफ सकुरा: एक व्यावसायिक यात्री की खुशी, यह कलेक्‍शन जापान की नजरअंदाज की गई सुंदरता का संयोजन आधुनिक बिजनेस सिल्हूट के साथ करता है। यह स्‍टाइल और स्थिरता दोनों को महत्व देने वालों के लिए गर्मियों का एक आदर्श फॉर्मल कलेक्‍शन है। •    कार्निवल लिनेन: यह कपड़ों का एक ऐसा कलेक्‍शन है जो रंगों और मस्ती से भरपूर है। इसमें जिंदादिल प्रिंट्स और खूबसूरत रंग एवं डिज़ाइन हैं जो आपको खुश कर देंगे और आपको गर्मियों की दोपहर और शाम की याद दिलाते हैं। •    कसीनो कॉउचर: यह कपड़ों का एक ऐसा कलेक्‍शन है जो उन रातों के लिए एकदम सही है जब आप खास दिखना चाहते हैं। इसमें चमकदार साटिन, पुराने डिज़ाइन और खूबसूरत बारीकियां हैं, जो आपको पुराने जमाने का ग्लैमर देते हैं। •    कोरियन कनेक्ट: जहां परंपरा का मिलन आधुनिकता से होता है। यह कपड़ों का एक ऐसा कलेक्‍शन है जो पूर्वी एशिया की कला और डिज़ाइन से प्रेरित है। इसमें खूबसूरत सिलहॉट, सुंदर फूलों के डिज़ाइन और सादगी है, जो युवाओं के लिए नए स्टाइल के कपड़े बनाते हैं। दुनिया भर की प्रेरणाओं से तैयार किया गया, 'मूड्स ऑफ समर' दुनिया भर के सबसे अच्छे डिज़ाइनों से बनाया गया है। इसमें ऐसे कपड़े हैं जो दिखने में बहुत अच्छे हैं और पहनने में भी आरामदायक हैं। इसके सिलहॉट बेहद आरामदायक हैं, इन्‍हें पहनकर कहीं भी जा सकते हैं और यह लुक से समझौता किये बगैर आपको गज़ब का कम्‍फर्ट देते हैं। कलेक्‍शन में सॉफ्ट-वाश्‍ड लिनेन खूबसूरत कट्स और प्रिंट के साथ पेश किये गये हैं, इनसे आप अपनी वार्डरोब को वर्सेटाइल एवं विशिष्‍ट बना सकते हैं। चाहे आपको किसी बिजनेस मीटिंग में जाना हो या समुद्र के किनारे घूमना हो, इस संग्रह में हर तरह के कपड़े हैं। इनकी सिलाई बहुत अच्छी है, जिससे ये लंबे समय तक चलते हैं।  इसमें लिनेन जैसे हल्के कपड़े हैं, जो गर्मियों के लिए बहुत अच्छे हैं। ‘मूड्स ऑफ समर’ सिर्फ कपड़ों का कलेक्‍शन नहीं है, बल्कि यह स्‍टाइल की एक यात्रा है। यह आपको दुनिया की खूबसूरत जगहों की सैर कराता है। यह कलेक्‍शन आपको अलग-अलग जगहों की याद दिलाता है, जैसे कि इटली का अमाल्फी तट या मालदीव के खूबसूरत बीच। इसमें लिनेन जैसे हल्के कपड़े हैं, जो गर्मियों के लिए बहुत अच्छे हैं। चाहे आपको किसी पार्टी में जाना हो या समुद्र तट पर घूमना हो, इस कलेक्‍शन में हर तरह के कपड़े हैं। इन कपड़ों को बनाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से प्रेरणा ली गई है। यह कलेक्‍शन आपको एक स्टाइलिश और ट्रेंडी लुक देता है। यह कलेक्‍शन उन लोगों के लिए है जो गर्मियों में आरामदायक और स्टाइलिश दिखना चाहते हैं, और जो दुनिया की खूबसूरती को पसंद करते हैं।   लुई फिलिप का 'मूड्स ऑफ समर' कलेक्शन भोपाल में 4 लुई फिलिप स्टोर्स, देश भर में अधिकृत खुदरा विक्रेताओं, ऑनलाइन www.louisphilippe.abfrl.in और ब्रांड के मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध है। recent visitors 52

भारत पर टैरिफ को लेकर दिए गए ट्रंप का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को नहीं मिला

मुंबई एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा छेड़े गए ग्लोबल टैरिफ वॉर से दुनियाभर के शेयर बाजार सहमे हुए नजर आ रहे हैं. US Markets से लेकर एशियाई बाजारों तक में सुस्ती है, तो वहीं बुधवार को अमेरिकी संसद में अपने संबोधन में भारत पर टैरिफ को लेकर दिए गए ट्रंप का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को नहीं मिला, बल्कि कई दिनों से जारी गिरावट पर ब्रेक लगा नजर आया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स ग्रीन जोन में ओपन होने के बाद मिनटों में ही 500 अंकों से ज्यादा उछल गया, तो निफ्टी ने भी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत की.   सेंसेक्स ने खुलते ही 400 अंक से ज्यादा उछला शेयर बाजार की ग्रीन जोन में शुरुआत के साथ BSE Sensex अपने पिछले बंद 72,989 की तुलना में उछलकर 73000 के पार ओपन हुआ औऱ इसकी तेजी लगातार बढ़ती गई. खबर लिखे जाने तक महज आधे घंटे के कारोबार में ही ये 516 अंक की उछाल के साथ 73,506 के लेवल पर कारोबार करता दिखा. Sensex की तरह ही NSE Nifty ने भी शुरुआती कारोबार में ही तेजी पकड़ ली. अपने पिछले बंद 22,082.65 के लेवल से उछाल भरते हुए एनएसई के इस 50 शेयरों वाले इंडेक्स ने महज 10 अंक की गिरावट में शुरुआत की, लेकिन फिर अचानक इसने सेंसेक्स के कदम से कदम मिला लिया और करीब 150 अंक चढ़कर 22,209 के लेवल पर कारोबार करता दिखा. 1562 शेयरों ने की तेज शुरुआत बुधवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत के साथ 1562 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ ओपनिंग की, तो वहीं 703 कंपनियों के शेयर ऐसे रहे, जिनकी शुरुआत गिरावट के साथ लाल निशान पर हुई. इसके अलावा 120 स्टॉक्स की स्थिति में किसी तरह का कोई चेंज देखने को नहीं मिला. शुरुआती कारोबार में ICICI Bank, NTPC, Tech Mahindra, SBI सबसे ज्यादा रफ्तार के साथ भागते नजर आए, तो वहीं दूसरी ओर Bajaj Finance, Bajaj Finserv, L&T, SBI Life Insurance और Cipla जैसे शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. सबसे तेज भागे ये 10 शेयर बात करें, टैरिफ धमकी के बीच शेयर बाजार में आए उछाल के बीच सबसे ज्यादा तेजी के साथ शुरुआत करने वाले शेयरों की, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल HCL Tech Share (2.41%), M&M Share (2.26%), PowerGrid Share (2.09%), Tech Mahindra Share (2.04%), Tata Steel Share (2.01%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों में Coforge Share (9.66%), AWL Share (5.48%), RVNL Share (4.68%), OFSS Share (4.62%) रहे, जबकि स्मॉलकैप में ITDC Share 13.74% की तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा. दो बार भारत का नाम लेकर बोले ट्रंप भारत का दो बार नाम लेते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत हम 100 फीसदी टैरिफ लगाता है. ये कतई ठीक नहीं है. उन्होंने टैरिफ वॉर की औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि अब जो भी देश अमेरिका पर टैरिफ लगाएगा, आगामी 2 अप्रैल से अमेरिका भी उस देश पर उतना ही टैरिफ लगाएगा. पहली बार राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका पर टैरिफ लगाने वाले देशों का नाम गिनाते हुए कहा, "औसतन, यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील, भारत, मैक्सिको और कनाडा हम पर टैरिफ लगाते हैं. क्या आपने इनके बारे में सुना है? और अनगिनत अन्य देश हमसे बहुत ज़्यादा टैरिफ़ वसूलते हैं, जितना हम उनसे वसूलते हैं. यह बहुत अनुचित है."   recent visitors 75

UPI को लेकर Qatar के साथ बड़ी Deal, Islamic देशों में आगे निकला India, आ रहे कौन से नए फीचर्स

नईदिल्ली Web Summit Qatar 2025 में UPI को लेकर एक बड़ा ऐलान किया गया है. भारत के यूनिफाइड पमेंट्स् सिस्टम (UPI) का कतर में फुल रोलआउट शुरू होने जा रहा है. इसकी जानकारी भारत के एंबेस्डर विपुल ने Web Summit में दी है. UPI एक पेमेंट सिस्टम है, जिसमें QR कोड या मोबाइल नंबर एंटर करके पेमेंट ट्रांसफर की जा सकती है. Qatar National Bank’s (QNB) के प्वाइंट ऑफ सेल सिस्टम के साथ सफलतापूर्वक इंटीग्रेशन हो गया है. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. भारतीय एंबेस्डर विपुल ने इसकी जानकारी बीते दोहा में आयोजित Web Summit Qatar के दौरान दी. UPI के इस फुल रोलाउट के बाद भारतीय लोग कतर में आसानी से फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर सकेंगे. इसका फायदा की भारतीयों को मिलेगा. भारत और कतर के स्टार्टअप और इनोवेशन के सेक्टर में मजबूत साझेदारी नजर आ रही है. Web Summit Qatar का दूसरा एडिशन गौरतलब है कि कतर की राजधानी दोहा में Web Summit का दूसरा एडिशन हाल ही में आयोजित किया गया. इसमें भारत सहित दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया. माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और सिस्सको से लेकर टिक टॉक और स्नैपचैट ने भी इस इवेंट में अपनी टेक्नोलॉजी शोकेस की है. स्टार्टअप इंडिया के तहत कई भारतीय स्टार्टअप्स भी Web Summit में शामिल हुए. भारत के कतर में एंबेस्डर विपुल ने भारतीय पैवेलियन का इनौग्रेशन किया और कहा कि इस ग्लोबल स्टेज से भारतीय स्टार्टअप को फायदा होगा. क्या है UPI? UPI एक पेमेंट्स सिस्टम है, जिसकी मदद से कोई भी भारतीय तुरंत मनी ट्रांसफर कर सकता है. इसमें 1 पैसे से लेकर मोटी रकम तक भेजी जा सकती है. UPI की मदद से अलग-अलग बैंकों के बीच रकम ट्रांसफर होती है. UPI, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने बनाया है और इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रेगुलेट करता है. यह एक सेफ सिस्टम है. धीरे-धीरे इसका विस्तार दुनिया के कई देशों में भी हो रहा है. भारत के अलावा और किन देशों में चलता है UPI UPI भारत के अलावा भी कई देशों में चलता है. UPI का इस्तेमाल भारत के अलावा 7 अन्य देशों में किया जाता है. इसमें श्रीलंका, मॉरीशस, फ्रांस, UAE, सिंगापुर, नेपाल और भूटान का नाम शामिल है. जल्द ही इस लिस्ट में कतर भी शामिल हो जाएगा.   recent visitors 62

अब चीन का एक्शन, अमेरिकी आयात पर इतने प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने एक्शन से टैरिफ वॉर शुरू करते दिख रहे हैं और इसने वर्ल्ड इकनॉमी में खलबली मचा दी है. अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक देशों से आयात पर टैरिफ (टैक्स) लगा रहे हैं और अब दूसरे देश जवाबी कदम उठा रहे हैं. मंगलवार, 4 मार्च को पहले कनाडा, मैक्सिको और चीन के खिलाफ ट्रंप के नए टैरिफ की घोषणा की और इसके लागू होते ही चीन और कनाडा ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान कर दिया है. यहां हम आपको बताएंगे कि अमेरिका ने किन देशों पर कितना टैरिफ लगाया है और उन देशों ने जवाब में क्या कदम उठाए हैं. फिर आपको आसान शब्दों में बताएंगे कि टैरिफ होता क्या है और ट्रंप इसका इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं. अमेरिका ने किसपर कितना टैरिफ लगाया? राष्ट्रपति ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको के खिलाफ 25% टैरिफ और चीन के खिलाफ 20% टैरिफ की घोषणा की है. चीन पर पिछले महीने जो 10% टैरिफ लगाया गया था, उसे अब दोगुना कर दिया गया है. चीन की जवाबी कार्रवाई बीजिंग के वित्त मंत्रालय ने चिकन, गेहूं, मक्का और कपास सहित कई अमेरिकी कृषि आयातों पर 15% टैरिफ की घोषणा की है. साथ ही सोयाबीन, पोर्क, बीफ, फल, सब्जियां और डेयरी उत्पादों जैसे अन्य उत्पादों पर 10% टैरिफ लगाया है. ये टैक्स 10 मार्च से लागू होंगे. साथ ही चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने 10 अमेरिकी कंपनियों को तथाकथित "अविश्वसनीय इकाई सूची" (unreliable entity list) में और 15 अमेरिकी संस्थाओं को निर्यात नियंत्रण सूची में जोड़ा है, जो आज से प्रभावी हो जाएगा. जिन अमेरिकी संस्थाओं को चीन ने निशाना बनाया है, उनमें अमेरिकी बायोटेक फर्म इल्लुमिनिया (Illuminia) शामिल है. चीन ने इल्लुमिनिया पर आरोप लगाया है कि वह "चीनी कंपनियों के खिलाफ भेदभावपूर्ण कदम" उठाती है. 4 मार्च से इल्लुमिनिया को चीन में जीन अनुक्रमण यानी सिक्वेंसिंग की मशीनों के निर्यात पर बैन लगा दिया है. चीन की निर्यात नियंत्रण लिस्ट में जोड़ी गई 15 संस्थाओं में एविएशन, समुद्री इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं. कनाडा ने भी टैरिफ लादा कनाडा ने घोषणा की है कि वह 4 मार्च से 107 बिलियन डॉलर (155 बिलियन कनाडाई डॉलर) के अमेरिकी सामानों पर 25% का जवाबी टैरिफ लगाएगा. रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अमेरिका के टैरिफ को टालने के प्रयास में कहा कि अगर ट्रंप प्रशासन अपनी योजना पर अमल करता है तो कनाडा मंगलवार से अमेरिकी सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा. मैक्सिको ने भी कर ली तैयारी बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जहां एक तरफ कनाडा और चीन पहले ही जवाबी टैरिफ लगाने की कसम खा चुके हैं, वहीं मेक्सिको भी 24 घंटे के अंदर जवाबी टैरिफ लगा सकता है. मैक्सिको से होने वाले आयात पर अमेरिका के 25% टैरिफ लागू होने से पहले, मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि उनके देश ने आकस्मिक योजनाएं बनाई हैं. उन्होंने कहा, “इस स्थिति में, हमें संयम, शांति और धैर्य की आवश्यकता है. हमारे पास प्लान ए, प्लान बी, प्लान सी और यहां तक ​​कि प्लान डी भी है." शीनबाम ने कहा कि वह कनाडाई समयानुसार मंगलवार को मेक्सिको के जवाब के बारे में और बात करेंगी. टैरिफ क्या होता है? टैरिफ दूसरे देशों से आयात होने वाली वस्तुओं पर लगाया जाने वाला टैक्स है. जो कंपनियां विदेशी सामान देश में लाती हैं वे सरकार को टैक्स देती हैं. सरकार इस टैक्स को बढ़ाकर उस सामान की कीमत बढ़ा सकती है और टैक्स कम करके उसकी कीमत कम कर सकती है. यानी कुल मिलाकर सरकार टैरिफ के जरिए इस चीज को कंट्रोल करती है कि उसे देश में कौन सा विदेशी सामान चाहिए और कितना चाहिए. आमतौर पर, टैरिफ किसी प्रोडक्ट के कीमत का एक खास प्रतिशत होता है. आपको उदाहरण से बताते हैं. जैसे ट्रंप ने चीन पर 20% टैरिफ लगाया है. अब इसका मतलब हुआ कि चीन से अगर 10 डॉलर का कोई सामान अमेरिका के अंदर आता है तो उसपर 2 डॉलर का अतिरिक्त टैक्स लगेगा. अब यह कंपनियों पर निर्भर करता है कि वो टैरिफ की कुछ या पूरी लागत अपनी ग्राहकों पर डालती है या नहीं. अब अमेरिका में चीन, कनाडा और मेक्सिको से आने वाले सामान की कीमत अचानक से बढ़ सकती है. ट्रंप टैरिफ क्यों लगा रहे हैं? इसका आसान सा जवाब ट्रंप के चुनावी स्लोगन 'अमेरिका फर्स्ट' में छिपा है. ट्रंप संरक्षणवादी है यानी अमेरिका के अपने बिजनेस को तरजीह देते हैं. ऐसे में जो टैरिफ वाला हथकंडा है वो ट्रंप की आर्थिक योजनाओं का एक केंद्रीय हिस्सा है. उनका कहना है कि टैरिफ से अमेरिकी के अंदर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और नौकरियों की रक्षा होगी, साथ ही सरकार को मिलने वाला टैक्स बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी होगी. ड्रग्स सप्लाई पर ऐक्शन ट्रंप ने फरवरी में तीनों देशों पर टैरिफ जड़ने का ऐलान किया था। ट्रंप के मुतबिक कनाडा और मेक्सिको की सीमा से अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार चल रहा है जिसकी रोकथाम के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। बाद में कनाडा और मेक्सिको की ओर से सीमा सुरक्षा को लेकर वादे करने पर उनके ऊपर 25% टैरिफ के फैसले को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया था। उनसे सोमवार को इस बारे में सवाल किया गया कि क्या अभी दोनों देशों से इसे लेकर कोई डील की जा सकती है तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया और दोहराया कि टैरिफ मंगलवार से लागू हो रहे हैं। ट्रंप ने 2 अप्रैल से जवाबी टैरिफ जड़ने का ऐलान भी किया है। फरवरी अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने कहा था कि मेक्सिको और कनाडा से अभी भी बड़े और अस्वीकार्य स्तर पर ड्रग्स आ रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक 1 लाख से ज्यादा लोगों की मौत इन ड्रग्स के कारण हुई है। उन्होंने दावा किया था कि इनमें से ज्यादातर, जो फेंटनिल प्रकार के हैं, वे चीन से सप्लाई हो रहे हैं। अपने हालिया फैसले में ट्रंप ने चीन के ऊपर लगने वाली 10% ड्यूटी के ऊपर अतिरिक्त 10% ड्यूटी जड़ दी है। राष्ट्रपति का आरोप है कि चीन ने अवैध ड्रग्स के कारोबार को रोकने के … Read more

भारत में ई-कॉमर्स की बढ़त के पीछे महिलाओं की शक्ति: होम क्रेडिट इंडिया की स्टडी में सामने आए प्रमुख रुझान

नई दिल्ली  महिलाएं भारत में ऑनलाइन शॉपिंग के विकास में सबसे आगे हैं, जिनमें से 60% सक्रिय रूप से ऑनलाइन खरीदारी कर रही हैं, वे अपने पुरुष समकक्षों से आगे निकल रही हैं और डिजिटल कॉमर्स को अपनाने की गति को तेज कर रही हैं। होम क्रेडिट इंडिया के 'हाउ इंडिया बारोज 2024 – ए स्टडी' के अनुसार, महिलाएं, मिलेनियल्स और जेन जेड के साथ मिलकर ई-कॉमर्स के भविष्य को आकार दे रही हैं, जिन्हें एम्बेडेड फाइनेंस सॉल्यूशंस के बढ़ते चलन से समर्थन मिल रहा है जो ऋण लेने को तेज और खरीदारी के अनुभव को आसान बनाते हैं। अध्ययन में विकसित हो रहे उपभोक्ता रुझानों पर प्रकाश डाला गया है, जिससे पता चलता है कि ऑनलाइन शॉपिंग 2021 में 69% तक बढ़ गई, 2023 में 48% तक गिर गई, और 2024 में 53% तक फिर से बढ़ गई। इन-स्टोर शॉपिंग के पुनरुत्थान के बावजूद, डिजिटल कॉमर्स एक प्रमुख शक्ति बना हुआ है, जो काफी हद तक महिलाओं और युवा उपभोक्ताओं द्वारा संचालित है। स्टडी के निष्कर्षों पर टिप्पणी करते हुए, होम क्रेडिट इंडिया के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, आशीष तिवारी ने कहा: "भारत में डिजिटल शॉपिंग का परिदृश्य महिलाओं द्वारा फिर से परिभाषित किया जा रहा है, जो न केवल ऑनलाइन शॉपिंग को अपनाने में आगे हैं बल्कि एम्बेडेड फाइनेंस में बदलाव को भी प्रभावित कर रही हैं। हमारी 'हाउ इंडिया बारोज 2024' स्टडी से पता चलता है कि महिलाएं आत्मविश्वास से डिजिटल टूल्स का लाभ उठा रही हैं, एआई-चालित सहायता पर भरोसा कर रही हैं, और अपने खरीदारी के अनुभव को बढ़ाने के लिए स्मार्ट ऋण साल्यूशन्स को अपना रही हैं। होम क्रेडिट इंडिया में, हम इसे एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में मानते हैं, जो महिलाओं की बढ़ती वित्तीय स्वतंत्रता और उनकी विकसित हो रही आकांक्षाओं के अनुरूप निर्बाध, सुलभ क्रेडिट समाधानों की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।" ऑनलाइन शॉपिंग को आगे बढ़ाने वाली प्रमुख आबादी: महिलाएं ऑनलाइन शॉपिंग को अपनाने में सबसे आगे हैं, जहां 60% सक्रिय रूप से ऑनलाइन खरीदारी कर रही हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 52% है। युवा पीढ़ी भी इस प्रवृत्ति को अपनाने में आगे है, जहां जेन जेड के 58% और मिलेनियल्स के 59% ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, जबकि जेन एक्स के केवल 39% ही डिजिटल कॉमर्स में भाग लेते हैं। भौगोलिक रूप से, टियर-2 शहरों ने मेट्रो क्षेत्रों को टक्कर दे दी है, दोनों में 56% ऑनलाइन शॉपिंग अपनाने की दर दर्ज की गई है, जो विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ती डिजिटल उपस्थिति को दर्शाता है। यह उछाल विशेष रूप से पूर्वी और दक्षिणी शहरों में निम्न-मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के बीच स्पष्ट है, जहां कोलकाता (71%), कोच्चि (66%), हैदराबाद (64%) और चेन्नई (60%) आगे हैं, जो ई-कॉमर्स की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। एम्बेडेड फाइनेंस महिला खरीदारों के लिए ई-कॉमर्स को आसान बनाता है: अध्ययन यह भी उजागर करता है कि कैसे एम्बेडेड फाइनेंस ऑनलाइन शॉपिंग अनुभवों को नया रूप दे रहा है, विशेष रूप से महिलाओं के लिए ऋण लेने को अधिक निर्बाध बनाकर और खरीदारी के निर्णयों को तेज करके। एम्बेडेड फाइनेंस सॉल्यूशंस को पसंद करने वाले सभी ऋण लेने वालों में से आधे का मानना है कि यह ई-कॉमर्स लेनदेन को सरल बनाते हैं। इसके अतिरिक्त, ईएमआई कार्ड, जिन्हें 38% निम्न-मध्यम वर्ग की महिला ऋण लेने वालों द्वारा पसंद किया जाता है, विश्वसनीयता और तेजी से वितरण प्रदान करते हैं, जिससे डिजिटल शॉपिंग बूम को और बढ़ावा मिलता है। इसके साथ ही, प्रौद्योगिकी-संचालित वित्तीय साल्यूशन्स में विश्वास बढ़ रहा है। स्टडी में लगभग 30% उत्तरदाता, विशेष रूप से महिलाएं और मेट्रो में रहने वाले ऋण प्राप्तकर्त्ता, चैटबॉट रिस्पांसों को विश्वसनीय मानते हैं, जबकि 26% व्हाट्सएप के माध्यम से दिए जाने वाले ऋण प्रस्तावों पर भरोसा करते हैं। एआई-चालित वित्तीय उपकरणों में यह बढ़ता विश्वास डिजिटल वित्तीय सहायता की ओर एक व्यापक बदलाव को दर्शाता है। डिजिटल वित्तीय साक्षरता के अंतर को पाटना: जैसे-जैसे ऑनलाइन शॉपिंग, एम्बेडेड फाइनेंस और डिजिटल लेंडिंग बढ़ते जा रहे हैं, जिम्मेदारी के साथ ऋण लेने को बढ़ावा देने और ऋण के जाल को रोकने के लिए वित्तीय जागरूकता आवश्यक हो जाती है। विशेष रूप से, हर पांच में से एक महिला ने वित्त, इंटरनेट बैंकिंग, ऋण आवेदनों और डिजिटल भुगतान के बारे में सीखने की बढ़ी हुई इच्छा दिखाई है। वित्तीय योजना, बजट और क्रेडिट प्रबंधन के ज्ञान के साथ महिलाओं को सशक्त बनाना उनकी वित्तीय सुरक्षा को बढ़ाता है और व्यापक आर्थिक प्रगति को जारी रखता है। इस साक्षरता के अंतर को संबोधित करना महिलाओं को अपने वित्त पर नियंत्रण रखने और आत्मविश्वास से डिजिटल अर्थव्यवस्था में नेविगेट करने में सक्षम बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। recent visitors 71

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने फरवरी 2025 में 4,22,449 यूनिट्स बेचीं

गुरुग्राम  होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने आज फरवरी 2025 के अपने बिक्री आंकड़े जारी किए।फरवरी 2025 में कंपनी की कुल बिक्री 4,22,449 यूनिट्स रही। इसमें 3,83,918 यूनिट्स की घरेलू बिक्री और 38,531 यूनिट्स का निर्यात शामिल है।यह उल्लेखनीय है कि HMSI की वित्त वर्ष 2025 (अप्रैल 2024 – फरवरी 2025) की अब तक की कुल बिक्री 54,04,216 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जिसमें 49,25,241 यूनिट्स की घरेलू बिक्री और 4,78,975 यूनिट्स का निर्यात शामिल है। फरवरी 2025 में HMSI की मुख्य उपलब्धियां: प्रोडक्ट: HMSI ने उन्नत नए फीचर्स के साथ OBD2B अनुकूलित Shine 125 और Hornet 2.0 के अपडेटेड वर्जन पेश किए। इसके अलावा, कंपनी ने OBD2B कंप्लायंट इंजन और अपग्रेडेड इक्विपमेंट के साथ बिल्कुल नया NX200 लॉन्च किया।  बिजनेस: HMSI ने दक्षिण भारत में 2 करोड़ बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया और मध्य प्रदेश में Shine 125 और SP125 की 10 लाख यूनिट्स की संचयी बिक्री पूरी कर ली, जो कंपनी की लगातार बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। सड़क सुरक्षा: भारत में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से HMSI ने देशभर में 10 स्थानों – मथुरा (उत्तर प्रदेश), सापुतारा (गुजरात), अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर (पंजाब), अंगुल (ओडिशा), बल्लारी (कर्नाटक), जबलपुर (मध्य प्रदेश), काकीनाडा (आंध्र प्रदेश), दरभंगा (बिहार) और गोवा में अभियान चलाए। इसके अलावा, HMSI ने मुंबई (महाराष्ट्र) में स्कूल प्राचार्यों के साथ "माइंडसेट डेवलपमेंट फॉर आवर फ्यूचर जेनरेशन" प्रोजेक्ट के तहत एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन आयोजित किया। साथ ही, HMSI ने चेन्नई में अपने ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क की 6वीं वर्षगांठ मनाकर सड़क सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व): उत्तर प्रदेश में किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सहयोग और सशक्त बनाने के उद्देश्य से, होंडा इंडिया फाउंडेशन ने ‘प्रोजेक्ट अन्नदाता – सशक्त किसान, समृद्ध राष्ट्र’ के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoC) पर हस्ताक्षर किए। recent visitors 51

पैक्स कंप्यूटराइजेशन के सफल क्रियान्वयन हेतु पैक्स प्रबंधकों को प्रोत्साहन राशि रुपये 5000 स्वीकृत

नई दिल्ली केंद्र प्रायोजित पैक्स कम्प्यूटराइजेशन योजना के क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में मध्यप्रदेश राज्य की स्थिति देश में निरंतर अग्रणी रही है। वर्तमान में पैक्स के डिजिटाइजेशन एवं सॉफ्टवेयर आधारित अंकेक्षण का कार्य प्रगति पर है। योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग हेतु गठित स्टेट लेवल इम्प्लीमेंटेंशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एस एल आई एम सी) की बैठक दिनांक 3.3.25 मंत्रालय में श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (सहकारिता विभाग) की अध्यक्षता में सर्व सम्मति से पैक्स प्रबंधकों/ सहायक समिति प्रबंधकों को एकबारगी राशि रुपये 5000/- की प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए दिनांक 15.5.25 तक पैक्स को ई-पैक्स (तातारीख़ सॉफ्टवेयर पर कार्यशील होना) घोषित किया जाना अनिवार्य होगा। साथ ही जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों (डीसीसीबी) के 2 मास्टर ट्रैनर्स, जिनके बैंक की न्यूनतम 50% पैक्स को उक्त दिनांक तक ई-पैक्स घोषित किया गया है, को प्रतिमाह राशि रुपए 1000/- का प्रोत्साहन आगामी 12 माह तक प्रदान किया जाएगा। पैक्स प्रबंधकों को दी जाने वाले राशि का वहन अपैक्स बैंक तथा मास्टर ट्रेनर को दी जाने वाली राशि का वहन संबंधित डीसीसीबी द्वारा किया जाएगा। इस तरह अच्छे कार्य को सराहना देने में भी मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। बैठक में श्रीमती सी सरस्वती(मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल), श्री मनोज कुमार गुप्ता ( प्रबंध संचालक, अपैक्स बैंक), श्री अम्बरीश वैद्य (संयुक्त आयुक्त, आयुक्त सहकारिता प्रतिनिधि), श्रीमती अंजुली धुर्वे (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डीसीसीबी रायसेन), श्री विनय प्रकाश सिंह (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डीसीसीबी विदिशा) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 48

ट्रांसयूनियन सिबिल, डब्लूईपी और एमएससी रिपोर्ट में महिला उधारकर्ताओं में साल-दर-साल 42% की वृद्धि

मुंबई भारत में ज़्यादातर महिलाएं ऋण लेना चाहती हैं, और ज़्यादातर महिलाएं सक्रिय रूप से अपने क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट की निगरानी भी कर रही हैं। यह महिला और खुदरा ऋण पर वार्षिक रिपोर्ट के कुछ प्रमुख निष्कर्ष हैं। इस रिपोर्ट का शीर्षक है, “From Borrowers to Builders: Women’s Role in India’s Financial Growth Story”। इसे ट्रांसयूनियन सिबिल, नीति आयोग के महिला उद्यमिता प्लेटफ़ॉर्म (डब्लूईपी) और माइक्रोसेव कंसल्टिंग (एमएससी) द्वारा प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 27 मिलियन महिला उधारकर्ता दिसंबर 2024 में अपने ऋण की सक्रिय रूप से निगरानी कर रही थीं, जो कि दिसंबर 2023 में ऐसा करने वाली लगभग 19 मिलियन महिलाओं की तुलना में 42% अधिक है। यह दर्शाता है कि महिला उधारकर्ता वित्तीय सशक्तिकरण की आधारशिला के रूप में क्रेडिट हेल्थ के महत्व को तेजी से पहचान रही हैं। युवा महिलाएं लोन निगरानी में आगे हैं जैसे-जैसे अधिक महिलाएं कार्यबल से जुड़ रही है या उद्यमी बन रही हैं, औपचारिक ऋण तक पहुँच उन्हें अपने करियर को आगे बढ़ाने या अपने बिजनेस आगे बढ़ाने का मार्ग प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, अपने ऋण की  निगरानी करने से महिला उधारकर्ताओं को अपने फिनांशियल हेल्थ बनाए रखने, बेहतर ऋण शर्तों को सुरक्षित करने और पहचान की चोरी से बचाने में मदद मिलती है। रिपोर्ट लॉन्च की घोषणा करते हुए, नीति आयोग की प्रमुख आर्थिक सलाहकार और डब्लूईपी की मिशन निदेशक अन्ना रॉय ने कहा: “महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करना भारत में कार्यबल में प्रवेश करने वाली महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने का एक तरीका है। यह हमारी अर्थव्यवस्था के न्यायसंगत आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक व्यवहार्य रणनीति के रूप में भी काम कर सकता है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने से 150 से 170 मिलियन लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और साथ ही श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिल सकता है।” नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने में वित्त तक पहुँच की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, “सरकार मानती है कि वित्त तक पहुँच महिला उद्यमिता के लिए एक बुनियादी जरूरत है. महिला उद्यमिता मंच एक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में काम कर रहा है जो वित्तीय साक्षरता, ऋण तक पहुँच, सलाह और बाजार संबंधों को बढ़ावा देता है. हालाँकि, न्यायसंगत वित्तीय पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है. महिलाओं की ज़रूरतों के अनुरूप समावेशी उत्पादों को डिज़ाइन करने में वित्तीय संस्थानों की भूमिका, साथ ही संरचनात्मक बाधाओं को दूर करने वाली नीतिगत पहल, इस गति को बढ़ाने में सहायक होगी. डब्लूईपी के तत्वावधान में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, फाइनेंसिंग वूमेन कोलैबोरेटिव (एफडब्लूसी) का गठन किया गया है. हम चाहते हैं कि वित्तीय क्षेत्र के और भी हितधारक एफडब्लूसी  से जुड़ें और इस मिशन में योगदान दें.” महिला उद्यमियों के बीच क्रेडिट स्वास्थ्य के बारे में बढ़ती जागरूकता की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, ट्रांसयूनियन सिबिल के एमडी और सीईओ श्री भावेश जैन ने कहा: "अपनी क्रेडिट सूचना रिपोर्ट और स्कोर की स्वयं निगरानी करने वाली महिलाओं की संख्या में 42% की वृद्धि हुई है, जो दिसंबर 2023 में 18.94 मिलियन से दिसंबर 2024 में 26.92 मिलियन हो गई है। हालांकि यह एक उत्साहजनक प्रवृत्ति है, लेकिन महिलाओं को भारत की आर्थिक कहानी में भागीदार से आगे लीडर बनने के लिए इसे जारी रखना चाहिए। उधारकर्ता अपनी क्रेडिट स्थिति के बारे में सतर्क रहकर बेहतर वित्तीय निर्णय ले सकते हैं।" रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुल स्व-निगरानी आधार में महिलाओं की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 में बढ़कर 19.43% हो गई, जो दिसंबर 2023 में 17.89% थी। रिपोर्ट के निष्कर्षों पर बोलते हुए, एमएससी के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार शर्मा ने कहा: "निष्कर्ष चौंकाने वाले हैं। 2019 से ऋण चाहने वाली महिलाओं की संख्या 22% की सीएजीआर से बढ़ी है, जिसमें 60% उधारकर्ता अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। यह मेट्रो शहरों से परे एक गहरी वित्तीय छाप को रेखांकित करता है।" इसके अलावा, युवा जेन जेड महिलाएं ऋण निगरानी में अग्रणी हैं, इस समूह में संख्या में साल-दर-साल 56% की वृद्धि हुई है, जिससे 2024 में स्व-निगरानी करने वाली महिला आबादी में उनकी हिस्सेदारी 22% हो गई है। मिलेनियल3 महिलाओं की संख्या में 38% साल दर साल वृद्धि देखी गई, जिससे उसी अवधि के लिए स्व-निगरानी करने वाली महिला आबादी में उनकी हिस्सेदारी 52% हो गई। यहां तक कि कुल स्व-निगरानी आबादी के भीतर भी, दिसंबर 2024 में जेन जेड महिला उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी दिसंबर 2023 में 24.9% से बढ़कर 27.1% हो गई। इन मेट्रिक्स में वृद्धि वित्तीय जागरूकता के उच्च स्तर और वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने की दिशा में क्रेडिट प्रबंधन उपकरणों की व्यापक स्वीकृति को इंगित करती है।   महिला उधारकर्ताओं द्वारा लिए जाने वाले ऋणों की बदलती प्राथमिकताएँ भारत में ऋण लेने वाली महिलाओं की संख्या वर्ष 2019 और 2024 के बीच 22% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ी है। जबकि उपभोग ऋण4 महिला उधारकर्ताओं द्वारा लिया जाने वाला पसंदीदा उत्पाद बना हुआ है, रिपोर्ट की अंतर्दृष्टि से पता चलता है कि अधिक महिलाएं व्यवसाय ऋण भी ले रही हैं। 2024 में, व्यावसायिक उद्देश्यों (व्यावसायिक ऋण, वाणिज्यिक वाहन और वाणिज्यिक उपकरण ऋण, संपत्ति पर ऋण) के लिए महिलाओं द्वारा खोले गए नए ऋण खातों की संख्या में लगभग 37 लाख की वृद्धि देखी गई, जिसमें कुल 1.9 लाख करोड़ रुपये का संवितरण हुआ, जबकि 2019 में व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए लगभग 8 लाख नए ऋण खाते थे और कुल 0.7 लाख करोड़ रुपये का संवितरण हुआ था। जबकि 2019 के बाद से ऋण खातों की संख्या में चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, ये ऋण 2024 में महिला उधारकर्ताओं द्वारा लिए गए कुल ऋणों का केवल 3% हिस्सा हैं। महिला उधारकर्ताओं के बीच उपभोग ऋण सबसे पसंदीदा क्रेडिट उत्पाद बना हुआ है। दिसंबर 2024 तक अपने बटुए में सक्रिय उपभोग ऋण रखने वाली महिला उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी दिसंबर 2019 में 33% से बढ़कर 36% हो गई। दिसंबर 2024 तक कृषि और स्वर्ण ऋण संयुक्त रूप से 34% महिला उधारकर्ताओं के पास थे, जबकि दिसंबर 2019 में यह 32% थी। व्यावसायिक ऋणों में सबसे अधिक … Read more

एयर इंडिया टोक्यो परिचालन को हनेडा हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करेगी, ऑल निप्पॉन एयरवेज के साथ कोडशेयर समझौते का विस्तार

•    31 मार्च 2025 से एयर इंडिया दिल्ली और टोक्यो हनेडा के बीच सप्ताह में 4 उड़ानें संचालित करेगी •    एएनए के साथ विस्तारित कोडशेयर समझौते के तहत एयर इंडिया के मेहमानों को जापान के 6 अन्य शहरों तक आसान कनेक्टिविटी मिलेगी गुरुग्राम भारत की प्रमुख वैश्विक एयरलाइन एयर इंडिया ने आज दिल्ली और टोक्यो के बीच अपनी नॉन-स्टॉप सेवाओं को महत्वपूर्ण रूप से अपग्रेड करने की घोषणा की। 31 मार्च 2025 से एयर इंडिया सप्ताह में चार बार दिल्ली से टोक्यो के हनेडा एयरपोर्ट (एचएनडी) के लिए उड़ान संचालित करेगी, जो वर्तमान में नरीटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआरटी) के लिए संचालित सेवाओं की जगह लेगी। यह बदलाव यात्रियों को सेंट्रल टोक्यो तक तेज और अधिक किफायती पहुंच प्रदान करेगा। टोक्यो हनेडा एयरपोर्ट में इस बदलाव के साथ, एयर इंडिया ने अपने स्टार एलायंस पार्टनर ऑल निप्पॉन एयरवेज (एएनए) के साथ विस्तारित कोडशेयर समझौते की भी घोषणा की है। इसके तहत एयर इंडिया के यात्रियों को टोक्यो हनेडा से जापान के 6 अन्य प्रमुख शहरों के लिए सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी। यह साझेदारी एयर इंडिया और एएनए के मौजूदा कोडशेयर और इंटरलाइन समझौतों को और मजबूत बनाती है। डाउनटाउन टोक्यो तक तेज पहुंच एयर इंडिया की रणनीतिक रूप से हनेडा एयरपोर्ट में शिफ्टिंग से यात्रियों को डाउनटाउन टोक्यो तक पहुंचने में अब कम समय लगेगा। हनेडा एयरपोर्ट शहर के केंद्र से सिर्फ 18 किलोमीटर दूर है, जहां टोक्यो स्टेशन तक सड़क मार्ग से लगभग 30 मिनट में पहुंचा जा सकता है, जबकि नरीटा एयरपोर्ट से यह दूरी 70 किलोमीटर है, जिसे तय करने में लगभग एक घंटा लगता है। यह बदलाव यात्रियों के कीमती समय की बचत के साथ-साथ किफायती यात्रा विकल्प भी प्रदान करता है, जिससे यात्रा अनुभव और बेहतर होगा। एयर इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर निपुण अग्रवाल ने कहा, 'हमारी उड़ानों को हनेडा एयरपोर्ट पर स्थानांतरित करना हमारे यात्रियों के लिए बहुत बड़ा फायदा है, क्योंकि इससे वे टोक्यो सेंट्रल के और करीब पहुंच पाएंगे। इस बदलाव के साथ हम न केवल दिल्ली और टोक्यो जैसी दो महत्वपूर्ण राजधानियों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बना रहे हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद कर रहे हैं।' ऑल निप्पॉन एयरवेज के साथ विस्तारित कोडशेयर अनिवार्य नियामक स्वीकृतियों के अधीन, 01 अप्रेल 2025 से एयर इंडिया अपनी उड़ानों के लिए निर्धारित ‘एआई’ डिजाइनेटर कोड को एएनए की टोक्यो हनेडा और जापान के छह अन्य प्रमुख शहरों – फुकुओका, हिरोशिमा, नागोया, ओकिनावा, ओसाका और साप्पोरो की उड़ानों पर लागू करेगी। इस साझेदारी के तहत एयर इंडिया के यात्री एक ही टिकट पर पूरी यात्रा कर सकेंगे, जहां उनका सामान यात्रा के आखिरी गंतव्य तक सीधे चेक-इन हो जाएगा, जिससे यात्रा और भी सुविधाजनक और सहज हो जाएगी। इसके बदले में, एएनए एयर इंडिया की दिल्ली और टोक्यो हनेडा के बीच उड़ानों के साथ-साथ दिल्ली और अहमदाबाद, बेंगलूरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और पुणे के बीच उड़ानों पर अपना ‘एनएच’ डिजाइनेटर कोड लगाएगी। इससे एएनए के यात्रियों को एयर इंडिया के मजबूत घरेलू नेटवर्क के जरिए भारत के प्रमुख शहरों तक सुविधाजनक और बिना किसी रुकावट के कनेक्टिविटी मिलेगी। एयर इंडिया और एएनए के बीच पहला कोडशेयर समझौता पिछले साल अप्रैल में हुआ था, जिसके तहत एयर इंडिया को एएनए की टोक्यो हनेडा-दिल्ली और टोक्यो नरीटा-मुंबई उड़ानों पर कोडशेयर की अनुमति मिली थी, जबकि एएनए एयर इंडिया की दिल्ली-टोक्यो उड़ानों पर कोडशेयर कर रही थी। कोडशेयर विस्तार पर टिप्पणी करते हुए एयर इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर निपुण अग्रवाल ने कहा, 'एएनए के साथ हमारी साझेदारी को और मजबूत करने से हमारे मेहमानों के लिए जापान के नए रास्ते खुल रहे हैं। एएनए के घरेलू नेटवर्क के जरिए जापान के शहरों तक आसान पहुंच के साथ एयर इंडिया के व्यापक भारतीय नेटवर्क को जोड़कर, हम दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु बना रहे हैं – जिससे यात्रा न केवल सरल और सुविधाजनक होगी, बल्कि हमारे साझा मेहमानों के लिए बेहद फायदेमंद अनुभव भी बनेगी।' एएनए में एलायंसेस और इंटरनेशनल अफेयर्स के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट कात्सुया गोटो ने कहा, 'जापान और भारत के बीच बढ़ते आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एएनए अपने स्टार एलायंस पार्टनर एयर इंडिया के साथ कोडशेयर साझेदारी का विस्तार कर अपना नेटवर्क मजबूत कर रही है। इस विस्तार के तहत दिल्ली से भारत के छह शहरों के लिए कोडशेयर विकल्पों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे ग्राहकों को अधिक अवसर और सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी। खासकर प्रीमियम ग्राहकों के लिए यह अनुभव और भी संतोषजनक होगा। यह विस्तार जापान और भारत के बीच यात्रा करने वाले ग्राहकों को बेहतर अनुभव देने की हमारी निरंतर कोशिशों में एक महत्वपूर्ण कदम है।' दोनों एयरलाइंस की कोडशेयर उड़ानों के यात्री स्टार अलायंस के प्रीमियम सदस्यों के लिए उपलब्ध सुविधाओं जैसे लाउंज एक्सेस और प्रायोरिटी बोर्डिंग का लाभ उठा सकेंगे। जापान के लिए बढ़ता पर्यटन जापान नेशनल टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच लगभग 2,33,000 भारतीय पर्यटकों ने जापान की यात्रा की। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 40% की वृद्धि को दर्शाती है, जो भारतीय यात्रियों के बीच जापान के एक लोकप्रिय पर्यटन गंतव्य के रूप में बढ़ते आकर्षण को दर्शाती है। दिल्ली और टोक्यो हनेडा के बीच एयर इंडिया की उड़ानों का शेड्यूल •    एआई358: दिल्ली (डीईएल) से प्रस्थान 20:20 बजे, अगले दिन टोक्यो हनेडा (एचएनडी) पर आगमन 07:55 बजे – सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित •    एआई357: टोक्यो हनेडा (एचएनडी) से प्रस्थान 11:50 बजे, दिल्ली (डीईएल) पर आगमन 17:25 बजे – मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित एयर इंडिया की दिल्ली-टोक्यो हनेडा उड़ानें एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमानों के जरिए संचालित की जाती रहेंगी, जिनमें 18 बिजनेस क्लास फ्लैटबेड सीटें और 238 आरामदायक इकोनॉमी सीटें उपलब्ध हैं। ये उड़ानें यात्रियों को कई घरेलू भारतीय गंतव्यों के साथ-साथ एशिया और यूरोप के अंतरराष्ट्रीय मार्गों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करती हैं। दिल्ली-टोक्यो हनेडा उड़ानों के लिए बुकिंग सभी चैनलों पर खुली है, जिसमें एयर इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और ट्रैवल एजेंट्स शामिल हैं। कोडशेयर उड़ानों की बुकिंग भी चरणबद्ध तरीके से खोली जाएगी। recent visitors 56

पूरी तरह ई20 के अनुरूप बनी नई निसान मैग्नाइट, निर्यात का आंकड़ा 50,000 कारों के पार पहुंचा

•    नई निसान मैग्नाइट बीआर10 (नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन) अब ई20 के अनुरूप है, जिससे पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को लेकर ब्रांड की प्रतिबद्धता मजबूत हुई है। मैग्नाइट के सभी पावरट्रेन ऑप्शन अब ई20 के अनुरूप (ई20 कंपैटिबल) हैं •    50,000 कारों के निर्यात की उपलब्धि: नई निसान मैग्नाइट ने अपनी लॉन्चिंग के बाद से 50,000 कारों के निर्यात का आंकड़ा पार लिया है। इसमें लेफ्ट हैंड ड्राइव (एलएचडी) और राइट हैंड ड्राइव (आरएचडी) मार्केट, दोनों शामिल हैं •    फरवरी, 2025 की कुल बिक्री: कंपनी ने फरवरी, 2025 में 8567 कारों की होलसेल बिक्री की जानकारी दी है, जिसमें 6239 कारों को निर्यात किया गया और 2328 कारें घरेलू बाजार में बेची गईं गुरुग्राम  पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत निसान ने आज एलान किया कि नई निसान मैग्नाइट बीआर10 नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन अब पूरी तरह के ई20 के अनुरूप है। इसी के साथ यह ज्यादा शक्तिशाली 1.0 लीटर एचआर10 टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन की बराबरी पर आ गया है, जिसे अगस्त, 2024 में ई20 के अनुरूप (ई-20 कंपैटिबल) बना दिया गया था। इस उपलब्धि के साथ अब नई निसान मैग्नाइट के सभी पावरट्रेन ऑप्शन ई20 के अनुरूप (ई20 कंपैटिबल) बन गए हैं। निसान मोटर इंडिया ने लॉन्चिंग के बाद से मैग्नाइट की 50,000 यूनिट्स का निर्यात करते हुए एक अहम पड़ाव भी पार कर लिया है। नई निसान मैग्नाइट ने भारत को कंपनी के लिए प्रमुख निर्यात हब के रूप में स्थापित करने की हालिया रणनीतिक घोषणा के तहत लॉन्चिंग के बाद से घरेलू एवं निर्यात बाजारों में अपनी होलसेल बिक्री को तेजी से बढ़ाया है। एलएचडी वर्जन की पेशकश ने जनवरी, 2025 में पहले डिस्पैच के साथ इस दिशा में बड़ा योगदान दिया है। फरवरी, 2025 में निसान ने कुल 8567 यूनिट्स की होलसेल बिक्री की, जिसमें निर्यात के बढ़े आंकड़ों का अहम योगदान रहा। घरेलू बाजार में 2328 यूनिट्स की और निर्यात बाजार में 6239 यूनिट्स की बिक्री हुई। फरवरी, 2024 के 3163 की तुलना में इस साल निर्यात में 97 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नई निसान मैग्नाइट को लेकर वैश्विक स्तर पर मजबूत मांग से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निसान की बढ़ती मौजूदगी दिखती है। साथ ही इससे ‘मेड इन इंडिया’ वाहनों को लेकर बढ़ती प्राथमिकता भी दिख रही है। निसान मोटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्ट श्री सौरभ वत्स ने कहा, ‘नई निसान मैग्नाइट न केवल भारत में बल्कि वैश्विक बाजारों में भी नए मानक स्थापित कर रही है। इसने 50,000 कारों का निर्यात आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि क्वालिटी, इनोवेशन एवं परफॉर्मेंस डिलीवर करने की निसान की क्षमता में बढ़ते भरोसे का प्रतीक है। नई निसान मैग्नाइट के ई20 के अनुरूप होने से पर्यावरण के बदलते मानकों के अनुरूप ढलते हुए भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी सॉल्यूशंस की दिशा में हमारी समर्पण की झलक भी दिखती है। हम भारत में अपने परिचालन को लेकर प्रतिबद्ध हैं और नई निसान मैग्नाइट का विकास इस समर्पण का प्रमाण है।’ जनवरी, 2025 में चेन्नई के कामराजार पोर्ट (केपीएल – एन्नोर) से एलएटीएएम बाजारों में करीब 2,900 कारों की शिपिंग के साथ निसान मोटर इंडिया ने नई निसान मैग्नाइट के लेफ्ट-हैंड ड्राइव (एलएचडी) वैरिएंट का निर्यात शुरू किया था। फरवरी, 2025 में कंपनी ने पश्चिम एशिया, उत्तरी अफ्रीका और एशिया प्रशांत के क्षेत्रों में 2,000 से ज्यादा कारों का निर्यात किया। साथ ही 5,100 से ज्यादा एलएचडी वैरिएंट को चुनिंदा लैटिन अमेरिकी देशों में निर्यात किया गया। इसी के साथ फरवरी के अंत तक एलएचडी मैग्नाइट का निर्यात का कुल आंकड़ा 10,000 यूनिट्स के पार पहुंच गया। यह आंकड़ा निसान की ‘वन कार, वन वर्ल्ड’ की रणनीति को मजबूत करता है और प्रमुख निर्यात हब के रूप में भारत की स्थिति को भी इससे ताकत मिली है। बोल्ड रोड प्रजेंस, प्रीमियम फीचर्स और बढ़ती वैश्विक पहुंच के साथ नई निसान मैग्नाइट अब राइट हैंड ड्राइव और लेफ्ट हैंड ड्राइव समेत कुल 65 से ज्यादा बाजारों में उपलब्ध है। एसयूवी का बोल्ड एवं स्टाइलिश डिजाइन, 20 से ज्यादा फर्स्ट एवं बेस्ट-इन सेगमेंट फीचर्स और 55 से ज्यादा सेफ्टी फीचर्स इसे कॉम्पैक्ट एसयूवी के मामले में लोगों की पसंदीदा कार बना देते हैं। recent visitors 60

हिंदुजा फाउंडेशन का लक्ष्य 2030 तक 1 मिलियन छात्रों को सशक्त बनाना है

मुंबई शिक्षा के क्षेत्र में 75 वर्ष पूरे करने के अवसर पर, हिंदुजा समूह ने अपने प्रमुख संस्थान, हिंदुजा कॉलेज ऑफ कॉमर्स के ज़रिए भारत के भविष्य को आकार देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। हिंदुजा कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स की शुरूआत शरणार्थियों के बच्चों के लिए बनाए गए एक साधारण प्राथमिक विद्यालय के रूप में हुई थी। आज 6000 से अधिक छात्र यहां पढ़ते हैं और हिंदुजा कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स अब एक डीम्ड विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है। आज यह समूह हिंदुजा फाउंडेशन के माध्यम से भारत भर में 'रोड टू स्कूल' और 'रोड टू लाइवलीहूड' जैसी पहलों के माध्यम से 7,00,000 से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। 2030 तक 1 मिलियन छात्रों को सशक्त बनाने की महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ, हिंदुजा फाउंडेशन शिक्षा को बदलाव के मुख्य स्त्रोत के रूप में बढ़ावा देना जारी रखता है और 2047 तक भारत के विकसित भारत के दृष्टिकोण में प्रमुख योगदान देता है। इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनके साथ कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी. पी. राधाकृष्णन भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने छात्रों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक और पाठ्येतर उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। हिंदुजा कॉलेज के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में छात्रों और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कहा, “सनातन को देश की संस्कृति और शिक्षा का हिस्सा होना चाहिए क्योंकि यह समावेशिता का प्रतीक है और इसमें अच्छी तरह से निहित रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कॉर्पोरेट इंडिया से विशेष संस्थान बनाने के लिए शिक्षा में निवेश करने का भी आग्रह किया। परोपकारी प्रयासों को कमॉडिफिकेशन और व्यावसायीकरण फिलॉसोफी से प्रेरित नहीं होना चाहिए। हमारी स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा प्रणाली इनसे ग्रस्त हैं। उन्होंने शिक्षा को सबसे प्रभावशाली परिवर्तनकारी तंत्र भी कहा जो समानता लाता है।'' उन्होंने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि हिंदुजा कॉलेज केवल एक डीम्ड विश्वविद्यालय बनने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक प्रतिष्ठा का संस्थान बनेगा। इस पड़ाव को हासिल करने के बारे में, हिंदुजा फाउंडेशन के अध्यक्ष अशोक हिंदुजा ने कहा, "संस्थान एक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने के लिए तैयार है, जो उद्योग और शिक्षा के बीच की दूरी को पाटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा, साथ ही डीम्ड विश्वविद्यालय में बदलने और छात्र क्षमता को कई गुना बढ़ाने की दीर्घकालिक योजनाएं भी हैं। कॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और वेल्थ मैनेजमेंट में नए कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है, साथ ही जलवायु वित्त और निर्यात-आयात प्रबंधन में विशेष पाठ्यक्रम भी शुरू करेगा।" श्री अशोक हिंदुजा ने सरकार से शिक्षा में सनातन सिद्धांतों को शामिल करने पर विचार करने का भी आग्रह किया। इस सुझाव से सहमत होते हुए माननीय उपराष्ट्रपति ने कहा कि "सनातन समावेशिता को बढ़ावा देता है।" हिंदुजा फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री पॉल अब्राहम ने कहा, "हिंदुजा कॉलेज में पुनर्विकास किया जा रहा है, अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक अत्याधुनिक, बहुमंजिला सुविधा बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना के 2028 तक पूरा होगी। हमें उम्मीद है कि नई सुविधा कॉलेज की भौतिक क्षमता को तीन गुना बढ़ाएगी ताकि अवसरों के एक स्पेक्ट्रम में डिजिटल आउटरीच और प्रोग्रामिंग के लिए क्षमताओं को बढ़ाया जा सकें।" हिंदुजा कॉलेज में 30 से अधिक शैक्षणिक कार्यक्रम हैं और उन्हें 2023-24 में NAAC A+ मान्यता मिली है। 2022 में स्वायत्त दर्जा दिए गए इस कॉलेज ने छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप कदम उठाए हैं। कॉलेज का विजन स्पष्ट है: "हमारे छात्रों को न केवल उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए बल्कि दूसरों से आगे निकलने के लिए सशक्त बनाना।" छात्रों को सशक्त बनाने की उनकी प्रतिबद्धता का यह एक हिस्सा है। recent visitors 36

प्योर ईवी ने लॉन्च किया रोमांचक कैशबैक ऑफर के साथ ‘प्योर परफेक्ट 10’ रेफरल प्रोग्राम

नई दिल्ली भारत के अग्रणी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माताओं में से एक, प्योर ईवी ने आज अपने मूल्यवान ग्राहकों को अभूतपूर्व कैशबैक इनाम देते हुए ‘प्योर परफेक्ट 10’ रेफरल प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की। शिवरात्रि, होली, उगादि और रमजान ईद सहित आगामी त्यौहारी सीजन के साथ बिल्कुल सही समय पर, यह विशेष पहल ग्राहक जुड़ाव को बढ़ाने और देश भर में ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए तैयार है। प्योर परफेक्ट 10 रेफरल प्रोग्राम सभी मौजूदा प्योर ईवी ग्राहकों, साथ ही नए ग्राहक जो 31 मार्च, 2025 तक या संबंधित आउटलेट्स पर स्टॉक रहने तक प्योर ईवी वाहन खरीदने वालों के लिए के लिए खुला है। इस योजना के तहत, ग्राहक प्योर ईवी वाहन खरीदने के लिए दोस्तों और परिवार को रेफर करके 40,000 रुपए तक का कैशबैक रिवॉर्ड कमा सकते हैं। सभी मौजूदा और नए प्योर ईवी ग्राहकों को उनके रजिस्टर्ड व्हॉट्सएप नंबर (रिकॉर्ड के अनुसार) के माध्यम से 10 यूनिक रेफरल कोड्स प्राप्त होंगे। प्रत्येक सफल रेफरेंस के लिए रेफरर को 4,000 रुपए का कैशबैक वाउचर मिलेगा, जिसे अधिकतम दस नए खरीदार खरीद सकेंगे। रेफरल के जरिए कमाए गए कैशबैक वाउचर का इस्तेमाल भविष्य में सर्विस और स्पेयर पार्ट्स की जरूरतों के लिए किया जा सकता है। ग्राहक इनका इस्तेमाल अपग्रेड, वाहन एक्सचेंज और बैटरी एक्सचेंज ऑफर के लिए भी कर सकते हैं या रेफर किए गए दोस्त या परिवार के सदस्य की प्योर ईवी खरीद पर सीधे नकद छूट का लाभ उठा सकते हैं। इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, प्योर के सह-संस्थापक और सीईओ, श्री रोहित वडेरा ने कहा, "हमारे ग्राहक हमारे हर काम के केंद्र में हैं, और हम इस विशेष रेफरल कार्यक्रम के साथ उनके त्यौहारों के जश्न में और भी अधिक खुशी जोड़ना चाहते हैं। यह पहल न सिर्फ हमारे ग्राहकों को उनके भरोसे और लॉयल्टी के लिए पुरस्कृत करती है, बल्कि उन्हें अपने प्रियजनों के साथ प्योर ईवी अनुभव साझा करने में भी सक्षम बनाती है। रेफरल देकर, वे आकर्षक कैशबैक इंसेंटिव से लाभान्वित होते हैं, जबकि वे सस्टेनेबल मोबिलिटी के बड़े लक्ष्य में योगदान करते हैं। हमारा मानना ​​है कि इससे हमारे ग्राहक समुदाय को मजबूती मिलेगी और पूरे भारत में ईवी को अपनाने में तेजी आएगी।” प्योर ईवी का लक्ष्य ग्राहक संबंधों को मजबूत करना और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा देना है, साथ ही सस्टेनेबल मोबिलिटी को और अधिक सुलभ बनाना है। recent visitors 49

अमेरिका में बड़े निवेश की तैयारी में अडानी, ट्रंप ने दी बड़ी राहत!

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे और आखिरी कार्यकाल में ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। इससे दुनिया में काफी उथलपुथल देखी जा रही है। लेकिन भारत के दूसरे सबसे बड़े रईस गौतम अडानी को उन्होंने काफी राहत दी है। एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अडानी ग्रुप अमेरिका में बड़ा निवेश करने की अपनी योजनाओं को फिर से शुरू कर रहा है। अडानी पर लगे आरोपों के बीच इसे काफी अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रुप अमेरिका में कई सेक्टरों में फंडिंग में फिर से दिलचस्पी दिखा रहा है। इनमें न्यूक्लियर एनर्जी, यूटिलिटीज और पूर्वी तट पर एक बंदरगाह शामिल है। पिछले साल ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अडानी ने अमेरिका में 10 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया था। इससे करीब 15,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद थी। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही अडानी और ग्रुप के सात अन्य टॉप अधिकारियों के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा दर्ज हो गया। इन लोगों पर  भारत में सोलर एनर्जी से जुड़े ठेके हासिल करने के लिए 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने और यह बात अमेरिकी निवेशकों से छिपाने के आरोप हैं। इसके बाद अडानी ग्रुप की अमेरिका में निवेश की योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। अमेरिका में निवेश अडानी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि फरवरी की शुरुआत में ट्रंप फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेज एक्ट (FCPA) पर रोक लगा दी थी। इससे अडानी ग्रुप बड़ी राहत मिली है। इससे यह उम्मीद जगी है कि उनके खिलाफ कानूनी चुनौतियां खत्म हो सकती हैं। हालांकि अमेरिकी नागरिक नहीं होने के कारण अडानी सीधे तौर पर इस कानून के तहत आरोपित नहीं थे। यह कानून उन अन्य लोगों के खिलाफ आरोपों का आधार है जो कथित तौर पर इसमें शामिल थे। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। एक अन्य सूत्र ने कहा कि ट्रंप के आने के साथ हमने कुछ योजनाओं को फिर से सक्रिय कर दिया है। लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अडानी पर अब भी तलवार लटकी हुई है। साथ ही इस बात को लेकर भी चिंता है कि यह जांच लंबे समय तक चल सकती है। अडानी के एक और करीबी ने बताया कि हम अपने इरादों के बारे में स्पष्ट हैं, लेकिन जब तक यह मामला सुलझ नहीं जाता, हम इंतजार करेंगे। सूत्रों के अनुसार अडानी ग्रुप पहले अमेरिकी कंपनियों के साथ संभावित सहयोग के बारे में बातचीत कर रहा था और टेक्सस में पेट्रोकेमिकल निवेश के अवसरों की तलाश कर रहा था। अभी ग्रुप का अमेरिका में कोई बड़ा निवेश या प्रोजेक्ट नहीं है। क्या कहते हैं जानकार अमेरिका में मुकदमेबाजी अडानी ग्रुप के लिए बड़ा जोखिम हो सकती है। वॉशिंगटन में विल्सन सेंटर में साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर माइकल कुगेलमैन ने कहा कि अगर अडानी के खिलाफ आरोप खारिज हो जाते हैं, तो ग्रुप अमेरिका में अपने निवेश को आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि अडानी के पास काफी वेल्थ है और मोदी सरकार के साथ उनके मजबूत संबंध हैं। इसे देखते हुए ट्रंप उन्हें हाथोंहाथ ले सकते हैं। इस बारे में अडानी ग्रुप ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। recent visitors 48

22 साल बाद खत्म हुआ Skype का शानदार सफर, माइक्रोसॉफ्ट ने बताया क्यों लिया गया ये फैसला?

मुंबई माइक्रोसॉफ्ट ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म Skype को बंद करने का फैसला लिया है। आने वाले कुछ दिनों में यह पॉपुलर वीडियो कॉलिंग ऐप लोगों के डिवाइस से गायब हो जाएगा। इसलिए अगर आप वीडियो कॉलिंग के लिए अगर Skype का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अब आपको जल्द ही किसी दूसरे प्लेटफॉर्म स्विच करना होगा। माइक्रोसॉफ्ट ने स्काइप को बंद करने के साथ ही यूजर्स को वीडियो कॉलिंग और दूसरे काम के लिए एक विकल्प भी बताया है। माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से घोषणा की गई है कि वह आने वाली 5 मई से Skype को बंद करने जा रहा है। कंपनी ने बताया कि अब वह Microsoft Teams पर फोकस कर रही है और इसे पहले से ज्यादा पॉवरफुल बनाया जा रहा है। इसलिए कंपनी ने स्काइप यूजर्स को Microsoft Teams के रूप में एक विकल्प भी दिया है। Skype यूजर्स को मिला विकल्प बता दें कि अगर आप स्काइप से Microsoft Teams में स्विच करते हैं तो आपके अपने डेटा को शिफ्ट करने का भी ऑप्शन होगा। कंपनी की तरफ से जब से Microsoft Teams को लॉन्च किया गया है वह स्काइप यूजर्स को इसमें शिफ्ट होने की रिक्वेस्ट कर रही है। कंपनी के मुताबिक Microsoft Teams में वे सभी फीचर्स मौजूद हैं जो स्काइप में मिलते हैं। लेकिन, टीम्स पर कई ऐसे फीचर्स भी हैं जो स्काइप में नहीं मिलते। 2003 में लॉन्च हुआ था Skype आपको याद दिला दें कि Skype को 2003 में लॉन्च किया गया था। साल 2011 में इसे माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से खरीद लिया गया था। कई वर्षों तक यह वीडियो कॉलिंग के लिए एक प्रमुख ऐप रहा है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने धीरे-धीरे इससे कई सारे फीचर्स को हटा दिया है। कंपनी  की तरफ से साल 2015 में स्काइप को  Windows 10 में इंटीग्रेट करने की भी कोशिश की थी लेकिन नौ महीने बाद ही यह बंद हो गया था। माइक्रोसॉफ्ट ने साल 2017 में वीडियो कॉलिंग और ऑफिशियल वर्क के लिए Teams को लॉन्च किया था। कंपनी इसे लगातार अपडेट कर रही है और नए-नए फीचर्स जोड़ रही है। अब कंपनी ने 22 साल बाद Skype को पूरी तरह से बंद करने का फैसला ले लिया है। recent visitors 46

मार्च महीने में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? देखें आरबीआई का हॉलिडे कैलेंडर

नई दिल्ली   हर महीने की तरह ही मार्च में भी छुट्ट‍ियां (Banking Holidays in March) होने वाली हैं, जिस मौके पर बैंक बंद रहने वाले हैं. बैंक त्‍यौहारों पर अलग-अलग राज्‍यों में अलग-अलग तारीख पर बंद रहने वाले हैं. शनिवार और रविवार के अलावा कई दिनों के लिए बैंक क्‍लोज रहने वाले हैं. दूसरे और चौथे शनिवार को छोड़कर अन्‍य शनिवार को बैंकों में अवकाश (Bank Holidays) नहीं रहेगा. हालांकि महीने के हर रविवार को बैंक बंद रहेंगे. RBI Bank Holiday List के मुताबिक, होली (Holi 2025) और ईद-उल-फितर समेत अन्य त्योहारों वाले इस महीने में 14 दिन बैंक बंद रहेंगे. इनमें दूसरे और चौथे शनिवार समेत रविवार का साप्ताहिक अवकाश शामिल हैं. हालांकि, बैंक में छुट्टी के बावजूद आप ऑनलाइन बैंकिंग और ATM के जरिए पैसे का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं या अन्य बैंकिंग काम निपटा सकते हैं. ये सर्विस 24 घंटे चालू रहेंगी. मार्च 2025 में रविवार और दूसरे शनिवार को छोड़कर पूरे भारत में बैंक आठ दिनों तक बंद (8th Days Bank Closed in March 2025) रहेंगे. ये छुट्टियां 1881 के नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की छुट्टियों की सूची पर आधारित हैं, जो राज्य और अवसर के अनुसार अलग-अलग होती हैं. इसमें होली, ईद-उल-फि‍तर जैसे प्रमुख त्यौहार और क्षेत्रीय उत्सव शामिल हैं. मार्च 2025 में बैंक अवकाश की लिस्‍ट     7 मार्च (शुक्रवार): चापचर कुट – फसल कटाई के बाद मनाए जाने वाले इस पारंपरिक त्यौहार के कारण मिजोरम में बैंक बंद रहेंगे.     13 मार्च (गुरुवार): होलिका दहन और अटुकल पोंगाला – उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड और केरल में बैंक बंद रहेंगे.     14 मार्च (शुक्रवार): होली (धुलंडी, डोल जात्रा) – त्रिपुरा, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, मणिपुर, केरल और नागालैंड को छोड़कर अधिकांश राज्यों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा.     15 मार्च (शनिवार): चुनिंदा राज्यों में होली – त्रिपुरा, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु और मणिपुर जैसे राज्य इस दिन होली मनाएंगे.     22 मार्च (शनिवार): बिहार दिवस – राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर बिहार में बैंक बंद रहेंगे.     27 मार्च (गुरुवार): शब-ए-कद्र – इस इस्लामी त्यौहार के लिए जम्मू और कश्मीर में बैंक बंद रहेंगे.     28 मार्च (शुक्रवार): जुमा-उल-विदा – रमजान का अंतिम शुक्रवार जम्मू और कश्मीर में बैंक अवकाश रहेगा.     31 मार्च (सोमवार): ईद-उल-फितर – मिजोरम और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर अधिकांश राज्यों में सार्वजनिक अवकाश रहेगा. पहले से योजना बनाकर रखें अगर आप मार्च में बैंक जाने वाले हैं, तो पहले से ही योजना बनाकर रखनी चाहिए. चूंकि इनमें से ज्‍यादातर छुट्टियां सप्ताह के दिनों में पड़ती हैं, इसलिए ग्राहकों को अपनी बैंकिंग जरूरतों को उसी हिसाब से प्लान करना चाहिए. जबकि बैंक शाखा बंद रहेंगी, नेट बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी. किसी भी विशेष बंद या बदलाव के लिए स्थानीय बैंक शाखा से जांच करना चाहिए.     recent visitors 54

गोदरेज ने लॉन्च की स्मार्ट सिक्योरिटी की नई रेंज

गोदरेज ने लॉन्च की स्मार्ट सिक्योरिटी की नई रेंज आधुनिक भारतीय घरों और व्यवसायों के लिए डिजाइन और तकनीक का मिश्रण कंज्यूमर सेंटरिक इनोवेशन के साथ पसंदीदा घरेलू और संस्थागत सुरक्षा समाधान प्रदाता बना हुआ है मुंबई  गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के सुरक्षा समाधान व्यवसाय ने प्रीमियम, तकनीक-सक्षम होम लॉकर्स की अपनी नवीनतम रेंज पेश की है, जिससे सुरक्षा क्षेत्र में इसके पोर्टफोलियो और बाजार हिस्सेदारी को मजबूती मिली है। आधुनिक घरेलू सौंदर्य के साथ सहजता से डिजाइन किए गए, ये होम लॉकर्स सोफस्टिकेटेड डिजाइन को तकनीक के साथ जोड़ते हैं, जिससे बिना किसी समझौते के सुरक्षा और आकर्षक अपील दोनों सुनिश्चित होती है। व्यवसाय ने वित्त वर्ष 26 में 20% की वृद्धि का लक्ष्य रखा है। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के एक्जीक्यूटिव वाइस-प्रेजिडेंट  और सुरक्षा समाधान व्यवसाय के व्यापार प्रमुख श्री पुष्कर गोखले ने कहा, “एक सदी से भी अधिक समय से एक पसंदीदा ब्रांड के रूप में, हमने लगातार खुद को नया रूप दिया है और एक ऐसी श्रेणी बनाई है जो भारतीय घरों के साथ-साथ विकसित हुई है। होम लॉकर्स की हमारी नवीनतम रेंज के साथ, हम एक बार फिर सुरक्षा को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। हम लॉकर्स की अपनी नई रेंज लॉन्च करने के लिए उत्सुक हैं जो उपभोक्ताओं की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कई अनूठी विशेषताओं, मजबूत सुरक्षा और विशाल डिजाइन से लैस हैं। हमने अपने ब्रांड की उपस्थिति को और मज़बूत करने के लिए टियर 2 बाजारों को ध्यान में रखते हुए लॉकर्स भी लॉन्च किए हैं। हम बाजार में आगे रहने के लिए लगातार नई तकनीकी साझेदारी और निवेश की खोज कर रहे हैं। हमने उन्नत सुरक्षा उत्पादों और समाधानों का एक मज़बूत पोर्टफोलियो बनाने के लिए पिछले 3 वर्षों में काफ़ी निवेश किया है।” उन्होंने आगे कहा, “हम होम लॉकर श्रेणी में अग्रणी बने हुए हैं और हमारा लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 तक इस श्रेणी में करीब 70% बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है, और ये अत्याधुनिक उत्पाद सिक्योरिटी सॉल्यूशंस बाजार में हमारे नेतृत्व को और मजबूत करेंगे”। घरों, संस्थानों, बीएफएसआई और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में सुरक्षा समाधानों का एक व्यापक सूट प्रदान करने वाली एकमात्र कंपनी के रूप में, गोदरेज रणनीतिक रूप से उपभोक्ता और संस्थागत दोनों क्षेत्रों में अपने स्टोर का विस्तार करने के लिए तैयार है। इस गति को आगे बढ़ाते हुए, कंपनी की नवीनतम होम लॉकर रेंज विविध उपभोक्ता आवश्यकताओं को पूरा करती है; विवेकपूर्ण, जगह बचाने वाले डिज़ाइन से लेकर प्रीमियम और सौंदर्यपूर्ण मज़बूत सुरक्षा समाधान तक। इस वृद्धि का एक प्रमुख चालक अनुसंधान और विकास में निरंतर निवेश है जिसमें गोदरेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। होम लॉकर्स की नई रेंज भविष्य के लिए तैयार सुरक्षा समाधान पेश करने की गोदरेज की प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है जो विकसित हो रही उपभोक्ता आवश्यकताओं के अनुरूप है। होम लॉकर्स की नई लॉन्च की गई रेंज में एनएक्स प्रो स्लाइड, एनएक्स प्रो लक्स, राइनो रीगल और एनएक्स सील शामिल हैं। विभिन्न उपभोक्ता आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किए गए इन उत्पादों में डुअल-मोड एक्सेस (डिजिटल और बायोमेट्रिक), इंटेलिजेंट इबज़ अलार्म सिस्टम, कुशल स्टोरेज और सुरुचिपूर्ण इंटीरियर हैं जो आधुनिक घर के सौंदर्यशास्त्र के साथ सुरक्षा को सहजता से एकीकृत करते हैं। इसके अलावा, गोदरेज ने डिफेंडर ऑरम प्रो रॉयल क्लास ई सेफ भी लॉन्च किया है, जो ज्वैलर्स के लिए डिजाइन किया गया एक बीआईएस-प्रमाणित उच्च-सुरक्षा वाला सेफ है, जो जून 2024 से प्रभावी नए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) को पूरा करता है। एक्यूगोल्ड आईईडीएक्स सीरीज़ ज्वैलर्स, बैंकों और हॉलमार्किंग केंद्रों के लिए सटीक, गैर-विनाशकारी सोने की जांच को सक्षम बनाती है। गोदरेज एमएक्स पोर्टेबल स्ट्रांग रूम मॉड्यूलर पैनल उच्च सुरक्षा, आसान परिवहन और सेटअप प्रदान करते हैं। टियर 2 और टियर 3 शहरों में विस्तार करते हुए, गोदरेज अपने डिस्ट्रीब्यूशन, पार्टनरशिप और डिजिटल उपस्थिति को मजबूत कर रहा है, साथ ही 45 से अधिक देशों में वैश्विक विस्तार को गति दे रहा है। अत्याधुनिक उत्पादों और ग्राहक-प्रथम दृष्टिकोण के साथ, गोदरेज सिक्योरिटी सॉल्यूशंस सुरक्षा और विश्वसनीयता में उद्योग के मानक स्थापित करना जारी रखता है। इनोवेटिव उत्पादों की मजबूत सीरीज, स्ट्रेटेजिक इंवेस्टमेंट और कंज्यूमर-फर्स्ट अप्रोच के साथ, गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह का सिक्योरिटी सॉल्यूशंस व्यवसाय उद्योग में नए मानक स्थापित कर रहा है – ऐसे सिक्योरिटी सॉल्यूशंस प्रदान कर रहा है जो सुरक्षा के साथ सशक्त बनाते हैं और आत्मविश्वास जगाते हैं। recent visitors 57

बीटीटीपी के तीसरे संस्करण में 1000 से अधिक प्रविष्टियों में से 20 विजेताओं का चयन किया गया

भारत की गेमिंग क्रान्ति बनी ग्लोबलः भारत टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम के तीसरे सीज़न के विजेता जीडीसी सैन फ्रांसिस्को, स्टार्ट-अप महाकुंभ और वेव्स में स्थापित करेंगे इंडिया पैविलियन   •    डीपीआईआईटी, एमआईबी, आईईआईसी और विंज़ो ने भारत टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम के तीसरे सीज़न के लिए की साझेदारी, यह मंच भारत की टॉप गेम डेवलपमेन्ट प्रतिभा को पहचान कर उन्हें जीडीसी 2025 (मार्च 17-21, सैन फ्रांसिस्को), स्टार्ट-अप महाकुंभ (अप्रैल 3-5, भारत) और वेव्स (मई 1-4, भारत) के दौरान अपने प्रोडक्ट्स दशाने का मौका देगा •    बीटीटीपी के तीसरे संस्करण में 1000 से अधिक प्रविष्टियों में से 20 विजेताओं का चयन किया गया   नई दिल्ली भारत में गेम डेवलपमेन्ट प्रतिभा को बढ़ावा देने में अग्रणी इंटरैक्टिव एंटरटेनमेन्ट एण्ड इनोवेशन काउन्सिल तथा भारत के सबसे बड़े इंटरैक्टिव एंटरटेनमेन्ट प्लेटफॉर्म विनज़ो गेम्स की पहल भारत टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम  (बीटीटीपी) ने 26 फरवरी 2025 को आयोजित ग्राण्ड फिनाले के दौरान 20 विजेता गेम डेवलपर्स की घोषणा की। बीटीटीपी के तीसरे और अब तक के सबसे बड़े संस्करण का आयोजन भारत सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के विभाग- डीपीआईआईटी के सहयोग से किया गया। बीटीटीपी के तीन संस्करणों के दौरान 1500 से अधिक सर्वश्रेष्ठ गेम डेवलपर्स एवं छात्रों ने हिस्सा लिया है। ऐसे में यह मेड इन इंडिया फॉर द वर्ड टेक्नोलॉजी एवं आईपी के लिए इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण मंच बन गया है। तीसरे सीज़न के लिए विजेता गेम्स का मूल्यांकन देश के टॉप निवेशकों एवं उद्यमियों द्वारा किया गया। इनमें डॉ मुकेश अघी (सीईओ एवं प्रेज़ीडेन्ट, यूएस- इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम), प्रशांत प्रकाश (फाउन्डिंग पार्टनर, एक्सेल पार्टनर्स) और अर्चना जहागीरदार (संस्थापक एवं प्रबन्धन निदेशक, रूकम कैपिटल), संजीव सिंह, संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी और राजेश राजू, मैनेजिंग डायरेक्टर, कलारी कैपिटल शामिल थे। यह संस्करण भागीदारी और मार्केट के अवसरों का लाभ उठाने की दृष्टि से भी सबसे बड़ा संस्करण रहा। इस संस्करण के विजेताओं को जीडीसी 2025 (मार्च 17-21, सैन फ्रांसिस्को), स्टार्ट-अप महाकुंभ (अप्रैल 3-5, भारत) और वेव्स (मई 1-4, भारत) में भारत का प्रतिनिधित्व करने तथा विश्वस्तरीय निवेशकों, प्रकाशकों एवं उद्योग जगत के अग्रणी संगठनों के समक्ष स्वदेशी गेम्स एवं गेमिंग आईपी को दर्शाने का मौका मिलेगा। भारत का गेमिंग सेक्टर, इनोवेशन, विकास तथा आईपी एवं टेक्नोलॉजी के निर्यात की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दौर से गुज़र रहा है। बीटीटीपी के तीसरे संस्करण का आयोजन ऐसे समय में किया गया है जब भारतीय गेमिंग उद्योग तेज़ी से विकसित हो रहा है। यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में भारत का गेमिंग मार्केट तकरीबन 4 बिलियन डॉलर का है और 2034 तक यह 60 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में बीटीटीपी, भारत को इंटरैक्टिव एंटरटेनमेन्ट, गेमिंग टेक्नोलॉजी एवं स्वदेशी आईपी क्रिएशन में ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करेगा। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दृष्टिकोण ‘क्रिएट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ के अनुरूप भी है, जो भारतीय क्रिएटर्स को गेमिंग, एवीजीसी (एनिमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एवं कॉमिक्स) और डिजिटल स्टोरीटैलिंग के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करती है। बीटीटीपी जैसे आयोजन माननीय प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण के अनुरूप भारतीय गेम डेवलपर्स की प्रतिभा को बढ़ावा देने तथा इसे 60 बिलियन डॉलर के ग्लोबल गेमिंग मार्केट के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह मंच सेक्टर की सामुहिक महत्वांक्षाओं का संयोजन है।   टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम का तीसरा संस्करणः विश्वस्तरीय एवं राष्ट्रीय पहचान का गेटवे अप्रत्याक्षित अखिल भारतीय पहुंच के साथ बीटीटीपी के तीसरे संस्करण में 1000 से अधिक गेमिंग स्टुडियोज़, इंडी डेवलपर्स, टॉप आईआईटी एवं आईआईएम के छात्रों, टेक स्टार्टअप्स, मोबाइल, कंसोल एवं इमर्सिव प्लेटफॉर्म्स ने हिस्सा लिया। विजेता (पूरी सूची संलग्न अनुलग्नक में उपलब्ध है) अपने इनोवेशन्स को जीडीसी 2025, वेव्स एवं स्टार्ट-अप महाकुंभ में प्रदर्शित करेंगे।  इस अवसर पर जूरी सदस्य संजीव सिंह, संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी, वाणिज्च एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा, ‘‘टेक ट्रायम्फ प्रोग्राम   भारत को ग्लोबल गेमिंग लीडर बनाने के माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान की याद दिलाता है, उनके दृष्टिकोण के अनुसार भारत को न सिर्फ गेम्स खेलने में बल्कि उनके विकास में भी अग्रणी स्थिति पर स्थापित होना चाहिए। ऐसे में यह प्रोग्राम गेम डेवलपर्स एवं टॉप गेमिंग कंटेंट को बढ़ावा देकर प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। बीटीटीपी भारत की सर्वश्रेष्ठ स्आर्टअप एनर्जी- टेक, गेमिंग, एक्सपोर्ट, आईपी तथा भारतीय संस्कृति एवं धरोहर के प्रोमोशन को बढ़ावा देता है। इस प्रोग्राम के माध्यम से हमें इंजीनियरिंग में उत्कृष्ट क्षमता, प्रोडक्ट्स, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी तथा बेजोड़ इनोवेशन्स एवं रचनात्मकता को देखने का अवसर मिला है।प्रशांत प्रकाश, जाने-माने पूंजीपति एवं बीटीटीपी के जूरी सदस्य ने कहा, ‘‘भारत का स्टार्ट-अप इकोसिस्टम तेज़ी से विकसित हो रहा है।  बीटीटीपी जैसे आयोजन इस सेक्टर के विकास को गति प्रदान करते हैं। गेमिंग की बात करें तो इसमें देश एवं दुनिया भर में बदलाव आ रहा है, ऐसे में अगर भारत अपनी क्षमता का सदुपयोग करे तो 2034 तक देश का गेमिंग मार्केट 50-60 मिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। माननीय प्रधानमंत्री जी भी मेड इन इंडिया गेम्स के निर्यात पर ज़ोर देते हैं और बीटीटीपी निश्चित रूप से उनके इस दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। बीटीटीपी के तीसरे संस्करण ने इस सेक्टर की ज़बरदस्त प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।’ पवन नंदा, सह-संस्थापक, विंज़ो गेम्स ने कहा, ‘‘अपने तीसरे संस्करण के साथ बीटीटीपी एक ऐसे मंच के रूप में विकसित हो चुका है जो भारत के गेम डेवलपर्स को अपनी प्रतिभा के सदुपयोग का अवसर प्रदान करता है। गेमिंग मार्केट और गेम डेवलपर्स को समर्थन प्रदान करने के उद्देश्य से ही बीटीटीपी की अवधारणा लाई गई थी। यह मंच गेम डेवलपर्स को ग्लोबल एक्सपोज़र देता है, उन्हें ज़रूरी मागदर्शन प्रदान करता है, उन्हें निवेशकों के साथ जोड़कर उनके प्रोडक्ट की पहुंच बढ़ाने में मदद करता है। तीसरे संस्करण की सफलता से स्पष्ट है कि बीटीटीपी अपने उद्देश्यों पर खरा उतरा है। हम बीटीटीपी की सफलता से बेहद उत्साहित हैं।’ recent visitors 48

भारत के आर्थिक भविष्य की राह, 2047 तक ‘विकसित’ हो पाएगा भारत: World Bank

नई दिल्ली विश्व बैंक की  जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को 2047 तक उच्च आय वाला देश बनने के लिए औसतन 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि करनी होगी। विश्व बैंक ने पर अपनी टिप्पणी में कहा है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को वित्तीय क्षेत्र के साथ-साथ भूमि और श्रम बाजार में भी सुधार की आवश्यकता होगी। विश्व बैंक की रिपोर्ट का शीर्षक है – 'एक पीढ़ी में उच्च आय वाली अर्थव्यवस्था बनना'। भारत की पिछली उपलब्धियां भविष्य की महत्वाकांक्षाओं का आधार वर्ष 2000 से 2024 के बीच भारत की औसत 6.3 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि दर को मान्यता देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की पिछली उपलब्धियां उसकी भविष्य की महत्वाकांक्षाओं के लिए आधार प्रदान करती हैं। "हालांकि, 2047 तक उच्च आय वाली अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तक पहुंचना सामान्य स्थिति में संभव नहीं होगा… भारत को 2047 तक उच्च आय वाली अर्थव्यवस्था बनने के लिए, इसकी प्रति व्यक्ति जीएनआई (सकल राष्ट्रीय आय) को वर्तमान स्तरों से लगभग 8 गुना बढ़ाना होगा; विकास को और तेज करना होगा और अगले दो दशकों तक उच्च रहना होगा, एक ऐसी उपलब्धि जिसे कुछ ही देश हासिल कर पाए हैं। सुधारों को विस्तारित कर तेज करने की जरूरत विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है, "इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए, कम अनुकूल बाह्य वातावरण को देखते हुए, भारत को न केवल चल रही पहलों को जारी रखना होगा, बल्कि सुधारों को विस्तारित और तीव्र करना होगा।" हाल के वर्षों में, भारत ने देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र में बदलने, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, मानव पूंजी में सुधार करने और डिजिटलीकरण का लाभ उठाने के लिए कई संरचनात्मक सुधार शुरू किए हैं, जबकि इसके साथ ही व्यापक आर्थिक स्थिरता को भी बढ़ावा दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है, "वर्ष 2047 तक उच्च आय तक पहुंचने के लिए, भारत की विकास दर को आने वाले दशकों में वास्तविक रूप में औसतन 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने की आवश्यकता है… केवल 'त्वरित सुधार' पैकेज ही भारत को वर्ष 2047 तक उच्च आय वाला देश बनने के मार्ग पर ला सकता है।" चिली, कोरिया और पोलैंड से मिले सबक के साथ आगे बढ़ सकता है भारत विश्व बैंक के भारत निदेशक ऑगस्टे तानो कोउमे ने कहा कि चिली, कोरिया और पोलैंड जैसे देशों से प्राप्त सबक यह दर्शाते हैं कि किस प्रकार उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपने एकीकरण को गहन करते हुए मध्य आय वाले देशों से उच्च आय वाले देशों में सफलतापूर्वक परिवर्तन किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दशकों में भारत ने उस पैमाने और गति से विकास किया है जिसके बारे में बहुत कम लोगों ने सोचा होगा। वर्ष 2000 से लेकर आज तक, वास्तविक अर्थों में, अर्थव्यवस्था लगभग चार गुना बढ़ी है, और प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद लगभग तीन गुना हो गया है। चूँकि भारत बाकी दुनिया की तुलना में तेज़ी से बढ़ा है, इसलिए वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी वर्ष 2000 में 1.6 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2023 में 3.4 प्रतिशत हो गई है। भारत दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। रिपोर्ट में कहा गया है, "इस उल्लेखनीय विकास की कहानी में अत्यधिक गरीबी में भारी गिरावट, तथा सेवा वितरण और आवश्यक बुनियादी ढांचे का व्यापक विस्तार भी शामिल है। इन उपलब्धियों के आधार पर, भारत ने 2047 तक उच्च आय वाला देश बनने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।" विश्व बैंक ने 22 वर्षों में भारत की विकास गति का किया मूल्यांकन कौमे ने कहा कि भारत सुधारों की गति बढ़ाकर तथा अपनी पिछली उपलब्धियों के आधार पर अपना रास्ता स्वयं बना सकता है। रिपोर्ट में अगले 22 वर्षों में भारत की विकास गति के लिए तीन परिदृश्यों का मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट के सह-लेखक एमिलिया स्क्रोक और रंगीत घोष ने कहा, "भारत मानव पूंजी में निवेश करके, अधिक और बेहतर नौकरियों के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करके और 2047 तक महिला श्रम बल भागीदारी दर को 35.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक बढ़ाकर अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठा सकता है।" इसमें कहा गया है कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में भारत ने अपनी औसत वृद्धि दर को बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर लिया है।   recent visitors 44

भारतीय अर्थव्यवस्था दिसंबर तिमाही में 6.2% की दर से बढ़ी इकोनॉमी, सरकार ने जारी किए आंकड़े

नई दिल्ली भारतीय अर्थव्यवस्था अक्टूबर-दिसंबर 2024 की तिमाही में 6.2 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ी है। एक साल पहले की समान अवधि में वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 9.2 प्रतिशत थी। ₹11.70 लाख करोड़ है राजकोषीय घाटा अप्रैल से जनवरी के दौरान भारत का राजकोषीय घाटा ₹11.70 लाख करोड़ रहा, जो वार्षिक लक्ष्य का 74.5% है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में 63.6% पर था। सरकार की योजना चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को घटाकर जीडीपी का 4.8% करने की है, जो पिछले वर्ष 5.6% से कम है। recent visitors 37

ईपीएफओ ने 2024-25 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय किया, एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया

नई दिल्ली   ईपीएफओ ने एक बार फिर से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के लिए ईपीएफओ के बोर्ड ने 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय किया है। इस फैसले का असर 7 करोड़ सब्सक्राइबर्स पर सीधा पड़ेगा। बता दें, पहले से ही बात की चर्चा जोरों पर थी कि ब्याज दरों को ईपीएफओ बोर्ड बरकरार रख सकता है। सूत्रों ने बताया कि “ईपीएफओ से जुड़ा फैसले करने वाली सर्वोच्च संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने 2024-25 के लिए ईपीएफ ब्याज दर 8.25 प्रतिशत तय किया है। शुक्रवार की मीटिंग में यह फैसला हुआ है।” सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के फैसले को अब वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। जिसपर अंतिम मुहर लगेगी। 2024 में बोर्ड ने ब्याज दरों को बढ़ाया था पिछले साल फरवरी के महीने में ईपीएफओ ने ब्याज दरो में इजाफा किया था। तब ब्याज ब्याज दर बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया गया था। वित्त वर्ष 2022-23 में ईपीएफओ की तरफ से ब्याज दर 8.15 प्रतिशत तय किया गया था। कब कितना रहा है ब्याज दर? ईपीएफ ब्याज दर 2018-19 में 8.65 प्रतिशत था। 2019-20 में 8.5 प्रतिशत था। 2021-22 में यह घटकर 8.10 प्रतिशत हो गया। बता दें, हाल के वर्षों में ईपीएफओ ने 2015-16 में सबसे अधिक ब्याज 8.8 प्रतिशत ब्याज दिया था। वहीं, 2013-14 और 2014-15 में यह 8.75 प्रतिशत था। EPFO ने 2024-25 में 50.8 मिलियव क्लेम को प्रोसेस किया था। जो 2.05 लाख करोड़ रुपये का रहा है। 2023-24 में इस संस्था ने 44.5 मिलियन क्लेम को प्रोसेस किया था। जोकि 1.82 लाख करोड़ रुपये के बराबर है। यानी सालाना आधार पर देखें तो क्लेम में इजाफा हुआ है। जोकि सब्सक्राइबर्स के नजरिए से अच्छी बात है। recent visitors 62

1414 अंक की गिरावट के साथ सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ बंद हुआ

मुंबई शेयर बाजार की स्थिति बहुत ही खराब हो चुकी है। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। जिसकी वजह से निवेशकों तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। बीएसई सेंसेक्स आज 1414.33 अंक या फिर 1.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,198.10 पर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 420.35 अंक की गिरावट के साथ 22,124.70 पर बंद हुआ है। बता दें, सेंसेक्स का इंट्रा-डे लो लेवल 73,141.27 अंक रहा है। 30 में से 29 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद बाजार की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि सेंसेक्स की टॉप 30 में से 29 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं। इंडसइंड बैंक शेयर सेंसेक्स में 7 प्रतिशत से अधिक टूट कर बंद हुआ है। टेक महिंद्रा के शेयरों का भाव 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टाइटन के शेयरों में आज 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। बता दें, सेंसेक्स में सिर्फ एचडीएफसी बैंक के शेयर 1.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ है। 318 कंपनियों के शेयरों में लगा लोअर सर्किट सेंसेक्स की 29 कंपनियों के शेयरों में आज अपर सर्किट लगा है। निफ्टी में 318 कंपनियों के शेयरों में लोअर सर्किट लगा है। बता दें, निफ्टी के डाटा के अनुसार 2972 स्टॉक आज ट्रेड हुआ है। जिसके में 489 कंपनियों के शेयरों में ही तेजी देखने को मिली। जबकि 2416 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं।  शेयर मार्केट में आए भूचाल से सेंसेक्स 1313.97 अंकों का गोता लगाकर 73,298.46 के लेवल पर आ गया है। इसमें 1.77 पर्सेंट की गिरावट है। निफ्टी करीब 400 अंकों की गिरावट के साथ 22145 पर आ गया है। इंडसइंड बैंक में 6 फीसद से अधिक की गिरावट है। टेक महिंद्रा 5.52 पर्सेंट लुढ़क चुका है। विप्रो, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी 4 फीसद से अधिक टूटकर निफ्टी टॉप लूजर्स की लिस्ट में हैं।  शेयर मार्केट अभी भी गिरावट के ट्रैक पर है। सेंसेक्स 970 अंक नीचे 73642 के लेवल पर है। जबकि, गिरावट का तिहरा शतक लगाकर 22244 पर ट्रेड कर रहा है। अब सेंसेक्स में एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और रिलायंस के शेयर हरे निशान पर आ गए हैं।  आज बाजार में हर सेगमेंट में बिकवाली देखी गई। बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बीएसई मिड-कैप इंडेक्स में 2% के करीब गिरावट देखी गई। पतंजलि फूड्स, ग्रेन्यूल्स इंडिया, आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, दीपक फर्टिलाइजर्स, रेडिंगटन आदि शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। हालांकि, केईआई इंडस्ट्रीज, स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी, पॉलीकैब इंडिया, आईईएक्स, आरआर केबल, कोल इंडिया आदि शेयरों में मजबूत खरीदारी देखी गई। शुक्रवार को 11:10 बजे तक, 71 बीएसई-लिस्टेड शेयर अपर सर्किट और 344 बीएसई-लिस्टेड शेयर लोअर सर्किट में बंद थे। इसी तरह, 11:15 बजे तक, 38 बीएसई-लिस्टेड शेयरों ने 52-सप्ताह का उच्च स्तर छुआ, जबकि 714 बीएसई-लिस्टेड शेयरों ने 52-सप्ताह का निचला स्तर छुआ।  शेयर मार्केट में आज आए भूचाल की वजह से सेंसेक्स 1003 अंकों का गोता लगाकर 73615 के लेवल पर आ गया है। जबकि, निफ्टी में 308 अंकों की बड़ी गिरावट है और यह 22237 पर ट्रेड कर रहा है। निफ्टी नेक्स्ट 50, मिड कैप और स्मॉल कैप में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। अगर सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो में 3.04 और आईटी में 3.63 पर्सेंट की भारी भरकम गिरावट है। कोई इंडेक्स हरे निशान पर नहीं है। शेयर मार्केट में आज एक बार फिर भूचाल आ गया है। सेंसेक्स 974 अंकों का गोता लगाकर 73638 पर आ गया है। निफ्टी को भी 276 अंकों का झटका लगा है। अब यह 22268 के लेवल पर आ गया है।अब यह 22276 के लेवल पर आ गया है। टॉप लूजर्स में इंडसइंड बैंक (-5.66%) , टेक महिंद्रा (-4.06%) , महिंद्रा एंड महिंद्रा (-4.16%) , विप्रो (-3.80%) और एचसीएल टेक (-3.02%) बढ़े नुकसान के साथ ट्रेड कर रहे हैं। टॉप गेनर्स में कोल इंडिया, एचडीएफसी बैंक, श्रीराम फाइनेंस और ग्रासिम हैं। recent visitors 45

सेंसेक्स में 1,000 अंकों की गिरावट तो निफ्टी पहुंचा 22,250 से नीचे, जानिए शेयर मार्केट का ताजा अपडेट

मुंबई आज यानी 28 फरवरी 2025 को सप्ताह के आखिरी दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट दिख रही है। बीते दिन जहां हरे रंग में बाजार खुला था तो वहीं, आज भारी गिरावट दिख रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि मार्च का महीना भी निवेशकों के लिए अच्छा नहीं रहने वाला। भारतीय शेयर बाजार में आज शुक्रवार को सेंसेक्स जहां लगभग 733.59 अंक यानी 0.98 फीसदी गिरावट के बाद करीब 73,878.84 अंक पर ओपन हुआ तो वहीं निफ्टी लगभग 224.95 अंक यानी 1.00 फीसदी गिरकर करीब 22,320.10 अंक पर खुला। आज क्‍यों टूटा शेयर बाजार? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 4 मार्च से मैक्सिको और कनाडा टैरिफ की शुरुआत की घोषणा की है. वहीं चीन पर टैरिफ को और बढ़ाने का भी ऐलान किया है. इस ऐलान के बाद एनवीडिया में रातोंरात 8.5 प्रतिशत की गिरावट ने नैस्डैक को गिरा दिया. जिसका असर आज एशियाई बाजार पर भी दिखाई दिया और अब भारतीय बाजार भी बड़ी गिरावट में कारोबार कर रहा है. इसके अलावा, भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी जा रही है. महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडसइंड बैंक जैसे शेयर हैवी गिरावट में कारोबार कर रहे हैं. मिडकैप और स्‍मॉलकैप में भी बिकवाली तेज है.   ये 10 शेयर ज्‍यादा गिरे चंबल फर्टलाइजर शेयर करीब 7 फीसदी गिरा, रेडिगटन के शेयर में 6.8 फीसदी, क्रेडिट एक्‍सेस में 6 फीसदी, पतंजलि फूड 10 फीसदी, IREDA शेयर 7 फीसदी, Hexacom करीब 5 प्रतिशत, इंफोएज करीब 6 फीसदी, टेक महिंद्रा 5 फीसदी, Indusind Bank के शेयर 4.50 फीसदी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर करीब 5 फीसदी गिरकर कारोबार कर रहे थे. 7 लाख करोड़ स्‍वाहा! Sensex में 900 pts से ज्‍यादा गिरावट के कारण शुक्रवार को निवेशकों का एक बड़ा अमाउंट नुकसान में चला गया. बीएसई मार्केट कैप आज 6.72 लाख करोड़ रुपये घटकर 386.38 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो कल मार्केट क्‍लोज होने तक 393.10 लाख करोड़ रुपये था. बड़ी गिरावट के बाद भी वैल्युएशन महंगे मार्केट में जारी इस गिरावट के बीच एसेट मैनेजर ओल्ड ब्रिज कैपिटल ने भारतीय बाजार और शेयरों का काफी महंगा बताया है. फंड मैनेज करने वाली कंपनी ने कहा कि इकोनॉमी के मुकाबले शेयर बाजार के वैल्युएशन काफी महंगे हैं. हैरानी की बात है कि बाजार में पिछले 4 महीनों से जारी गिरावट के कारण कई शेयर 50 फीसदी तक करेक्ट हो चुके हैं लेकिन इस एसेट मैनेजमेंट कंपनी को वैल्युएशन अब भी महंगे लग रहे हैं, और साथ ही इसने अनुमान जताया है कि बाजार और भी गिर सकता है.     recent visitors 62

सभी पक्षों से 12 मार्च को अगली सुनवाई से पहले सभी लंबित प्रक्रियात्मक पहलुओं को पूरा करने को कहा: मुंबई पीठ

नई दिल्ली रिलायंस कैपिटल को लेकर बड़ी खबर आ रही है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने बैंकों और निगरानी समिति को कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल का स्वामित्व इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लि. (आईआईएचएल) को हस्तांतरित करने के लिए प्रक्रिया से जुड़े सभी मुद्दों का 12 मार्च तक समाधान करने का निर्देश दिया है। न्यायाधिकरण की मुंबई पीठ ने बुधवार को रिलायंस कैपिटल की समाधान प्रक्रिया से संबंधित मामले की सुनवाई की और सभी पक्षों से 12 मार्च को अगली सुनवाई से पहले सभी लंबित प्रक्रियात्मक पहलुओं को पूरा करने को कहा। क्या है डिटेल इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि आईआईएचएल ने लेनदेन को पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए स्वेच्छा से रिलायंस कैपिटल के खाते में इक्विटी पूंजी मद में 2,750 करोड़ रुपये डालने की पेशकश की है। न्यायाधिकरण ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। प्रवक्ता ने कहा कि अदालत ने कर्जदाताओं की समिति, निगरानी समिति, आईआईएचएल और प्रशासक सहित सभी संबंधित पक्षों को 12 मार्च तक सभी लंबित प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी करने का निर्देश दिया। कई फेज में बैठकें राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण की 10 फरवरी को पिछली सुनवाई के बाद से, अनुमोदित समाधान योजना के कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों पर निगरानी समिति की सात बैठकें हुईं। आईआईएचएल दिवाला और ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की कंपनी दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के तहत संकटग्रस्त वित्तीय सेवा कंपनी का अधिग्रहण करने के लिए अप्रैल, 2023 में 9,650 करोड़ रुपये की उच्चतम बोली के साथ सफल आवेदक के रूप में उभरी। अधिग्रहण के साथ, आईआईएचएल का लक्ष्य अगले पांच साल में बैंक, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) कारोबार को तीन गुना से अधिक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करना है। वर्तमान में यह 15 अरब डॉलर (30 सितंबर, 2024 तक) है। आईआईएचएल इस साल की शुरुआत में ही भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) और शेयर और जिंस बाजारों से मंजूरी हासिल कर चुकी है। क्या है मामला आरबीआई ने नवंबर, 2021 में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी के निदेशक मंडल को संचालन के मुद्दों और भुगतान चूक को लेकर हटा दिया था। केंद्रीय बैंक ने नागेश्वर राव वाई को प्रशासक नियुक्त किया था, जिन्होंने कंपनी का अधिग्रहण करने के लिए फरवरी, 2022 में बोलियां आमंत्रित की थीं। recent visitors 82

स्पाइसजेट ने वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी और तीसरी तिमाहियों के वित्तीय परिणाम जारी किए, राजस्व 36 प्रतिशत घटा

नई दिल्ली किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट ने बुधवार को वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी और तीसरी तिमाहियों के वित्तीय परिणाम जारी किए। तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2024) में सालाना आधार पर उसके समेकित परिचालन राजस्व में 36.30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह एक साल पहले की समान तिमाही के 1,850.4 करोड़ रुपये से घटकर 1,178.7 करोड़ रुपये रह गया। समेकित आधार पर तीसरी तिमाही में कुल आय पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 2156.6 करोड़ रुपये से कम होकर 1,654.2 करोड़ रुपये रह गई है। यह 23.30 फीसदी की गिरावट दिखाता है। इस दौरान घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद यह गिरावट आई है। उल्लेखनीय है कि देश में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या पिछली आठ तिमाहियों से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में स्पाइसजेट का शुद्ध घाटा बढ़कर 441.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसे 431.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। बजट एयरलाइन का राजस्व दूसरी तिमाही में 817.12 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 1,425.29 करोड़ रुपये था। एयरलाइन ने शेयर बाजार को बताया कि उसकी बाजार हिस्सेदारी और यात्रियों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है। दूसरी तिमाही में 9.69 लाख यात्रियों ने उसकी उड़ानों का चयन किया और उसकी बाजार हिस्सेदारी 2.5 प्रतिशत रह गई। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एयरलाइन ने 15.90 लाख यात्रियों को सेवा प्रदान करते हुए 4.3 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की थी। त्योहारी मौसम वाली मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एयरलाइन ने 12.67 लाख यात्रियों को हवाई सफर करवाया और तीन प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 21.84 लाख यात्रियों के साथ उसकी बाजार हिस्सेदारी 5.6 प्रतिशत रही थी। एयरलाइन के वित्तीय प्रदर्शन में तीसरी तिमाही में सुधार देखा गया और वह लगभग 25 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित करने में सफल रही। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसे लगभग 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने बताया कि एक दशक में पहली बार कंपनी का नेटवर्थ सकारात्मक हुआ है। यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जो "हमारी टर्नअराउंड रणनीति की सफलता को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि अतीत पीछे रह गया है और अब हम स्पाइसजेट के लिए एक मजबूत, अधिक लचीला भविष्य बनाने पर दृढ़ता से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। recent visitors 95

अडानी को एक और झटका अमीरों की लिस्ट में 23वें स्थान पर फिसले

नई दिल्ली  देश की तीसरे बड़े औद्योगिक घराने अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी दुनिया की अमीरों की लिस्ट में 23वें स्थान पर खिसक गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक शुक्रवार को उनकी नेटवर्थ में 2.73 अरब डॉलर यानी करीब ₹2,36,60,45,95,500 की गिरावट आई। अब उनकी नेटवर्थ 66.1 अरब डॉलर रह गई है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 12.6 अरब डॉलर की गिरावट आई है। इसके साथ ही उनके अब एशियाई अमीरों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर खिसकने का खतरा मंडराने लगा है। चीन के झोंग शैनशैन 57.4 अरब डॉलर के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 24वें और एशिया में तीसरे नंबर पर हैं। घरेलू शेयर बाजार में लगातार आठ सत्र से गिरावट आ रही है। इस कारण भारतीय रईसों की नेटवर्थ में गिरावट आई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में इस साल 4.55 अरब डॉलर की गिरावट आई है। वह 86.1 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 17वें नंबर पर बने हुए हैं। एचसीएल के शिव नाडर ने इस साल 4.14 अरब डॉलर, शापूरजी मिस्त्री ने 2.18 अरब डॉलर, अजीम प्रेमजी ने 18.8 करोड़ डॉलर, सावित्री जिंदल ने 5.20 अरब डॉलर और सन फार्मा के दिलीप सांघवी ने 3.40 अरब डॉलर गंवाए हैं। मस्क और जकरबर्ग का हाल दुनिया में सबसे ज्यादा नेटवर्थ गंवाने के मामले में एलन मस्क पहले नंबर पर हैं जबकि सबसे ज्यादा कमाई करने में मार्क जकरबर्ग सबसे आगे हैं। दुनिया के सबसे बड़े रईस मस्क की नेटवर्थ में इस साल 34.1 अरब डॉलर गंवाए हैं। अब उनकी नेटवर्थ 398 अरब डॉलर रह गई है। दूसरी तरफ फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स के सीईओ जकरबर्ग की नेटवर्थ में इस साल 52 अरब डॉलर की तेजी आई है। वह 259 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में मस्क के बाद दूसरे नंबर पर हैं। recent visitors 68

जनवरी में थोक मूल्य सूचकांक में दिसंबर की तुलना में मासिक आधार पर 0.45 प्रतिशत की कमी, घटकर 2.31 प्रतिशत पर आई

नई दिल्ली खाद्य वस्तुओं में सब्जियों की कीमतों में गिरावट के कारण इस साल जनवरी में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति कम होकर 2.31 प्रतिशत पर पहुंच गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अखिल भारतीय थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित देश की वार्षिक मुद्रास्फीति दर में इस साल जनवरी में कमी आई, जबकि पिछले महीने दिसंबर में यह 2.37 प्रतिशत थी। जनवरी में थोक मूल्य सूचकांक में दिसंबर की तुलना में मासिक आधार पर 0.45 प्रतिशत की कमी रही। जनवरी में प्राइमरी आर्टिकल ग्रुप का सूचकांक 2.01 प्रतिशत घटा, क्योंकि दिसंबर 2024 की तुलना में जनवरी 2025 के दौरान खाद्य पदार्थों की कीमत में मासिक आधार पर 3.62 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, क्रूड पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, नॉन फूड आर्टिकल और खनिजों की कीमत दिसंबर 2024 की तुलना में जनवरी 2025 में बढ़ी। क्रूड पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमत मासिक आधार पर 6.34 प्रतिशत नॉन फूड आर्टिकल की कीमत 0.66 प्रतिशत और खनिजों की कीमत 0.22 प्रतिशत बढ़ी। ईंधन और बिजली ग्रुप के लिए मुद्रास्फीति महीने के दौरान 0.47 प्रतिशत बढ़ी, हालांकि कोयले की कीमत पिछले महीने के समान ही रही। सूचकांक में 64.23 प्रतिशत का भार रखने वाले मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट में इस वर्ष जनवरी के दौरान 0.14 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़ों से पता चलता है कि मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट के 22 ग्रुप में से 15 ग्रुप में कीमतों में वृद्धि देखी गई, पांच ग्रुप की कीमतों में कमी देखी गई और दो ग्रुप की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। कुछ महत्वपूर्ण ग्रुप जैसे मैन्युफैक्चरिंग, मशीनरी और उपकरण, रसायन और रासायनिक उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, औषधीय रसायन और वनस्पति उत्पाद को लेकर मासिक आधार पर कीमत वृद्धि दर्ज की गई। जिन ग्रुप की कीमतों में जनवरी में मासिक आधार पर कमी देखी गई उनमें बेसिक मटीरियल का निर्माण, मशीनरी और उपकरणों को छोड़कर गढ़े हुए मेटल उत्पाद, पहनने के कपड़े, पेय पदार्थ और दूसरे ट्रांसपोर्ट इक्विप्मेंट शामिल हैं। डब्ल्यूपीआई खाद्य सूचकांक पर आधारित खाद्य वस्तुओं की थोक मुद्रास्फीति दिसंबर 2024 में 8.89 प्रतिशत से घटकर जनवरी 2025 में 7.47 प्रतिशत हो गई। recent visitors 84

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, निफ्टी भी लुढ़का

मुंबई भारत के घरेलू बेंचमार्क सूचकांक हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स कारोबार के अंत में 199.76 अंक या 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,939.21 पर बंद हुआ और निफ्टी 102.15 अंक या 0.44 प्रतिशत फिसलने के बाद 22,929.25 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 260.40 अंक या 0.53 प्रतिशत की गिरावट के बाद 49,099.45 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स पर भारी दबाव रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,227.05 अंक या 2.41 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के बाद 49,654.15 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 566.65 अंक या 3.55 प्रतिशत गिरने के बाद 15,407.20 पर बंद हुआ। कैपिटल माइंड रिसर्च के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, कृष्णा अप्पाला ने कहा, "पिछले हफ्ते भारतीय इक्विटी बाजारों में सभी सूचकांकों में भारी गिरावट देखी गई है। 5 फरवरी, 2025 से निफ्टी 50 इंडेक्स में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो अब सितंबर 2024 से अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से लगभग 13 प्रतिशत नीचे है। व्यापक बाजार में भी काफी दबाव देखा गया है।" उन्होंने आगे कहा कि स्मॉलकैप इंडेक्स ने मंदी के दौर में प्रवेश किया है, जो दिसंबर 2024 के अपने शिखर से 20 प्रतिशत से ज़्यादा नीचे कारोबार कर रहा है। ये गिरावट अमेरिकी टैरिफ नीतियों और धीमी होती कॉर्पोरेट आय को लेकर चिंताओं से उपजी है, जिसके कारण व्यापक रूप से बिकवाली हुई है। खासकर स्मॉल-कैप शेयरों में भारी बिकवाली हुई। एलकेपी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक दे ने कहा, "निफ्टी पर मंदी का दौर जारी है, कुछ दिनों तक इस स्तर से ऊपर रहने के बाद यह 23,000 से नीचे बंद हुआ। सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है, भले ही सूचकांक अपने निचले स्तर से 155 अंक नीचे बंद होने में कामयाब रहा, क्योंकि यह क्रिटिकल शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार करना जारी रखता है। 22,800 से निर्णायक गिरावट बाजार में और अधिक घबराहट पैदा कर सकती है। उच्च स्तर पर, 23,100 तत्काल प्रतिरोध प्रतीत होता है, जिसके ऊपर बाजार को कुछ राहत मिल सकती है।" बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 681 शेयर हरे निशान और 3,320 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 82 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स पैक में सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, टाटा स्टील, एमएंडएम, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, जोमैटो और एसबीआई टॉप लूजर्स रहे। वहीं, नेस्ले इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और आईटीसी टॉप गेनर्स रहे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 13 फरवरी को लगातार सातवें दिन इक्विटी बेचना जारी रखा, जिसमें 2,789.91 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची गई, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 2,934.50 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। recent visitors 86

JioHotstar के 3 नए सब्सक्रिप्शन प्लान्स लॉन्च, जानें इनके फायदे और वैद्यता

मुंबई  भारत में एक नया OTT प्लेटफ़ॉर्म JioHotstar लॉन्च हो गया है। यह प्लेटफ़ॉर्म JioCinema और Disney+ Hotstar के मर्जर से बना है, जो भारत के प्रमुख स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट प्लेटफ़ॉर्म्स हैं। इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स को JioCinema और Disney+ Hotstar की स्ट्रीमिंग सेवाएं जैसे- मूवी, क्रिकेट मैच, सीरीज और टीवी शो मिलेंगी। दिलचस्प बात है कि इस प्लेटफॉर्म पर आपको नेटफिलिक्स के जैसे 3 घंटे का एंटरटेनमेंट कंटेंट जैसे- बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक की फिल्मों, सीरीज़, क्रिकेट मैच और अन्य मनोरंजन सामग्री की सुविधा मिलेगी। ऐसे में यदि आप जानना चाहते हैं कि JioHotstar ने कौन से सब्सक्रिप्शन प्लान्स पेश किए हैं, तो हम आपकी जानकारी के लिए यहाँ सभी डिटेल्स प्रदान कर रहे हैं। आइए देखें…   JioHotstar प्लान्स और कीमतें 1. मोबाइल-ओनली प्लान यह प्लान उन यूज़र्स के लिए डिज़ाइन किया गया है जो केवल मोबाइल पर स्ट्रीमिंग करना चाहते हैं। इसमें अधिकतम 720p रिज़ॉल्यूशन और स्टीरियो साउंड मिलेगा। कीमत:     ₹149 – 3 महीने के लिए , हालांकि कंपनी फिलहाल इस प्लान को डिस्काउंट के साथ सिर्फ 49 रुपए में ऑफर कर रही है।     ₹499 – 1 साल के लिए 2. सुपर प्लान यह प्लान दो डिवाइसेज़ तक स्ट्रीमिंग का समर्थन करता है, जिसमें टीवी, लैपटॉप और मोबाइल शामिल हैं। इसमें Full HD (1080p) रिज़ॉल्यूशन और Dolby Atmos साउंड मिलेगा, जो बेहतर ऑडियो अनुभव प्रदान करेगा। कीमत:     ₹299 – 3 महीने के लिए     ₹899 – 1 साल के लिए 3. प्रीमियम प्लान (ऐड-फ्री) यह टॉप-टियर ऑप्शन है, जो चार डिवाइसेज़ (टीवी, लैपटॉप या मोबाइल) पर स्ट्रीमिंग की अनुमति देता है। इसमें 4K (2160p) रिज़ॉल्यूशन, Dolby Vision और Dolby Atmos ऑडियो मिलेगा, जो बेहतरीन व्यूइंग एक्सपीरियंस प्रदान करेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पूरी तरह से विज्ञापन-मुक्त है, केवल लाइव कंटेंट जैसे खेल और इवेंट्स के लिए विज्ञापन होंगे। कीमत:     ₹499 – 3 महीने के लिए     ₹1499 – 1 साल के लिए कौन सा प्लान होगा आपके लिए बेस्ट?     मोबाइल प्लान: यह उन यूज़र्स के लिए आदर्श है जो मुख्य रूप से अपने स्मार्टफोन पर कंटेंट देखते हैं और एक किफायती विकल्प चाहते हैं।     सुपर प्लान: यह उन यूज़र्स के लिए बेहतर है जो उच्च रिज़ॉल्यूशन चाहते हैं और कई डिवाइसेज़ पर स्ट्रीमिंग करना पसंद करते हैं।     प्रीमियम प्लान: यह उन यूज़र्स के लिए सबसे अच्छा विकल्प है जो 4K स्ट्रीमिंग, श्रेष्ठ साउंड क्वालिटी और विज्ञापन-मुक्त अनुभव चाहते हैं।   recent visitors 102

पीएम मोदी-ट्रंप की मीटिंग के बाद शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स में 250 अंक की तेजी

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में पिछले कई दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को थम गया. आखिरी कारोबारी सत्र का बाजार उछाल के साथ ओपन हुआ. दरअसल, पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच हुई डील का असर भारतीय बाजार में देखने को मिल रहा है. जिसके चलते गुरुवार को बंद हुए बाजार के मुकाबले में शुक्रवार को बाजार की शुरुआत उछाल के साथ हुई. इस दौरान सेंसेक्स 250 अंक के उछाल के साथ 76,388.99 पर खुला, जो गुरुवार को 76,138.97 अंक पर क्लोज हुआ था. जबकि निफ्टी 50, 23,096.45 पर ओपन हुआ. हालांकि दस बजे के आसपास बाजार में थोड़ी सी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स के शेयरों का हाल शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स के टॉप 30 शेयरों में से 18 स्टॉक्स में उछाल दर्ज किया गया. जबकि 12 शेयरों में गिरावट देखने को मिली. जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई उनमें आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में एक फीसदी की तेजी देखने को मिली. जबकि गिरने वाले शेयरों में सबसे ज्यादा एक प्रतिशत की गिरावट अडानी पोर्ट में दर्ज की गई. वहीं निफ्टी के टॉप 50 शेयरों में से 32 शेयर शुरुआती सत्र में तेजी के साथ कारोबार करते दिखे. वहीं 17 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिख रही तेजी भारत और अमेरिका के बीच हुए व्‍यापार समझौते के चलते वैश्विक बाजारों में भी तेजी देखने को मिल रही है. अमेरिकी बाजारों में रातभर उछाल देखा गया. इस दौरान डाउ जोन्स में 342.87 अंक यानी 0.77 प्रतिशत की तेजी देखी गई और ये 44,711.43 अंक पर पहुंच गया. जबकि एसएंडपी500 में एक प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया. उधर एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला. हालांकि जापान और चीन के बाजारों में गिरावट देखी गई तो हांगकांग और कोरियाई बाजारों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है. इन शेयर में दिख रही तेजी शुक्रवार सुबह जिन शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया.  उनमें हैवल्स इंडिया में दो प्रतिशत का उछाल देखा गया. जबकि डीएलएफ और जेएसडब्‍लू के शेयरों में 1.5 फीसदी की तेजी देखी गई.  तो वहीं सेल में एक प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया. जबकि हिंदुस्‍तान जिंक के शेयर 2.27 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया. उधर भारत फॉर्ग में 1.47 फीसदी, तो गो डिटिज इंश्योरेंस में 4 फीसदी का उछाल देखा गया. जबकि हिंदुस्‍तान कॉपर के शेयर में एक प्रतिशत की तेजी देखी गई. recent visitors 76

वैलेंटाइन डे के मौके पर एयरलाइंस ने ऑफर की बारिश, इंडिगो दे रही 50% तक की छूट, एयर इंडिया भी लाई ऑफर

नई दिल्ली  वैलेंटाइन डे के मौके पर एयरलाइंस ने भी ऑफर की बारिश कर दी है। इंडिगो और एयर इंडिया ने न केवल किराए में कटौती की है, बल्कि वे कपल्स को खास ऑफर भी दे रही हैं। इंडिगो ने 50 फीसदी तक किराया कम कर दिया है। हालांकि जो ऑफर दिए जा रहे हैं, उनमें कई शर्तें भी शामिल हैं। 1. IndiGo: किराए में 50% तक की छूट इंडिगो एयरलाइंस ने दो यात्रियों की बुकिंग पर बेस फेयर में 50% तक की छूट देने का ऐलान किया है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है। यह ऑफर शुरू हो गया है और 16 फरवरी 2025 (रात 11:59 बजे) तक रहेगा। हालांकि यह छूट कुछ चुनिंदा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल रूट्स पर ही मिलेगी। यात्रा की तारीख बुकिंग की तारीख से कम से कम 15 दिन बाद की होनी चाहिए। ये छूट भी दे रही इंडिगो     कुछ चुनिंदा रूट्स पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पहले से बुक किए गए अतिरिक्त सामान पर 15% तक की छूट मिल रही है।     स्टैंडर्ड सीट चुनने पर भी 15% की छूट दी जा रही है।     ज्यादा आरामदायक सीट चाहिए तो इमरजेंसी एग्जिट वाली XL सीटें घरेलू उड़ानों के लिए 599 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 699 रुपये से शुरू हो रही हैं।     पहले से बुक किए गए खाने पर 10% की छूट मिल रही है।     इसके अलावा Fast Forward सर्विस पर 50% तक की छूट मिल रही है। इस सर्विस के जरिए आप जल्दी चेक-इन और बैगेज हैंडलिंग का लाभ उठा सकते हैं।     इंडिगो के 6E Prime और 6E Seat & Eat जैसे बंडल सर्विसेज पर 15% तक की अतिरिक्त छूट भी उपलब्ध है। फ्लैश सेल से और मिलेगा फायदा इंडिगो 14 फरवरी 2025 को 'फ्लैश सेल' भी आयोजित करेगी। इसमें वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए की गई पहली 500 बुकिंग पर सेल के किराए पर अतिरिक्त 10% की छूट मिलेगी। यह ऑफर वैलेंटाइन डे पर रात 8:00 बजे से रात 11:59 बजे तक चुनिंदा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर मान्य होगा। 2. Air India: एक साथ कई ऑफर वैलेंटाइन डे के मौके पर एयर इंडिया ने भी कई ऑफर पेश किए हैं। डोमेस्टिक रूट पर अगर आप पार्टनर के साथ टिकट बुक कराते हैं तो पार्टनर की टिकट पर 10 फीसदी तक की छूट मिलेगी। यह ऑफर चुनिंदा डोमेस्टिक रूट के लिए ही है। वहीं पसंद की सीट चुनने पर 20 फीसदी की छूट दी जाएगी। एयर इंडिया की ऐप से टिकट बुक कराने पर और भी कई फायदे मिलेंगे। यह ऑफर 11 फरवरी से शुरू हो गया है और 14 फरवरी तक चलेगा। ऑफर लेने के लिए LOVEAI कोड इस्तेमाल करना होगा। recent visitors 88

भारत दुनिया में खाने के एडिबल ऑयल का सबसे बड़ा आयातक, आयात 14 साल के निचले स्तर पर

नई दिल्ली भारत में जनवरी में पाम तेल का आयात लगभग 14 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) ने बुधवार को बताया कि रिफाइनर सस्ते सोया तेल का रुख कर रहे हैं क्योंकि पाम तेल में रिफाइनिंग मार्जिन घाटे में है। रिफाइनिंग मार्जिन का मतलब है कि तेल को रिफाइन करने के बाद जो मुनाफ़ा मिलता है, वो कम हो गया है। भारत दुनिया में वेजिटेबल ऑयल का सबसे बड़ा खरीदार है। भारत के आयात में कमी मलेशियाई पाम तेल की कीमतों पर दबाव डाल सकता है जबकि अमेरिकी सोया तेल की कीमतों को बढ़ा सकता है। SEA के मुताबिक जनवरी में पाम तेल का आयात दिसंबर की तुलना में 45% घटकर 275,241 मीट्रिक टन रह गया। यह मार्च 2011 के बाद का सबसे निचला स्तर है। लगभग डेढ़ दशक में इतना कम आयात नहीं हुआ था। अक्टूबर 2024 में समाप्त हुए मार्केटिंग ईयर में भारत ने हर महीने औसतन 750,000 टन से ज्यादा पाम तेल आयात किया। आमतौर पर पाम तेल, सोया तेल और सूरजमुखी तेल से सस्ता होता है। लेकिन कम स्टॉक होने के कारण इसकी कीमतों में उछाल आई है। इसकी तुलना में दूसरे तेलों की सप्लाई अच्छी है। कहां से तेल मंगाता है भारत जनवरी में सोया तेल का आयात 5.6% बढ़कर 444,026 टन हो गया, जो सात महीनों में सबसे ज्यादा है। वहीं, सूरजमुखी तेल का आयात 8.9% बढ़कर 288,284 टन हो गया। पाम तेल की कम शिपमेंट से जनवरी में भारत के कुल वेजिटेबल ऑयल इम्पोर्ट को 14.8% घटाकर 10 लाख टन कर दिया। यह 11 महीनों में सबसे कम है। SEA के अनुसार हाल के महीनों में खाद्य तेल के आयात में गिरावट के कारण फरवरी की शुरुआत में देश में वेजिटेबल ऑयल का स्टॉक घटकर 2.18 मिलियन टन रह गया, जो अप्रैल 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर है। एडिबल ऑयल ट्रेडर GGN रिसर्च के मैनेजिंग पार्टनर राजेश पटेल ने कहा कि पाम तेल का आयात फरवरी में कुछ बढ़ सकता है, लेकिन सामान्य से कम रहेगा। उन्होंने कहा कि फरवरी में सोया तेल का आयात गिर सकता है और सूरजमुखी तेल थोड़ा बढ़ सकता है। भारत मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम तेल खरीदता है जबकि अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से सोया तेल और सूरजमुखी तेल आयात करता है। देश में पाम ऑयल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कुछ साल पहले नेशनल पाम ऑयल मिशन को मंजूरी दी थी।   recent visitors 69

आधिकारिक आंकड़े हुए जारी, खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में धीमी होकर 4.31 प्रतिशत आई

नई दिल्ली बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी के कारण खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में धीमी होकर 4.31 प्रतिशत पर आ गई। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी के कारण खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में धीमी होकर 4.31 प्रतिशत पर आ गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर में 5.22 प्रतिशत और जनवरी 2024 में 5.1 प्रतिशत थी। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में इसकी पुष्टि की गई। खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 6.02 प्रतिशत रही, जो दिसंबर में 8.39 प्रतिशत तथा एक वर्ष पूर्व माह में 8.3 प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि खुदरा मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के मार्जिन के साथ 4 प्रतिशत पर बनी रहे। इससे पहले, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में उपभोक्ता मुद्रास्फीति जनवरी 2025 में पांच महीने के निचले स्तर 4.60% पर आने की उम्मीद जतायी थी। दिसंबर 2024 खुदरा महंगाई दर 5.22% दर्ज की गई थी। दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार धीमी होकर 3.2 प्रतिशत पर आई खनन और विनिर्माण क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के कारण दिसंबर 2024 में देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर धीमी होकर 3.2 प्रतिशत रह गई। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। दिसंबर, 2023 में औद्योगिक उत्पादन 4.4 प्रतिशत बढ़ा था। इसके साथ ही सरकार ने नवंबर, 2024 के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) आंकड़े को भी संशोधित कर पांच प्रतिशत कर दिया है। पिछले महीने जारी अस्थायी अनुमान में इसे 5.2 प्रतिशत बताया गया था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर, 2024 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन तीन प्रतिशत बढ़ा जो एक साल पहले की समान अवधि में 4.6 प्रतिशत बढ़ा था। समीक्षाधीन अवधि में खनन उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई जबकि साल भर पहले की समान अवधि में यह 5.2 प्रतिशत थी। हालांकि समीक्षाधीन माह में बिजली उत्पादन बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गया जो दिसंबर, 2023 में सिर्फ 1.2 प्रतिशत था। अप्रैल-दिसंबर की अवधि में औद्योगिक उत्पादन में चार प्रतिशत की वृद्धि इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों यानी अप्रैल-दिसंबर की अवधि में औद्योगिक उत्पादन में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो एक साल पहले की समान अवधि में दर्ज 6.2 प्रतिशत वृद्धि से कम है। आज आने वाले महंगाई के आंकड़ों में यह गिरावट उन भारतीय परिवारों को बहुत जरूरी राहत देगी जो जीवनयापन की लगातार बढ़ती लागत से परेशान हैं और भोजन पर काफी अधिक राशि खर्च कर रहे हैं। रिपोर्ट में अर्थशास्त्रियों के हवाले से कहा गया है कि मुद्रास्फीति में इस गिरावट का श्रेय स्थानीय बाजारों में सर्दियों की ताजा उपज है। रिपोर्ट के अनुसार सब्जियों की कीमतों में गिरावट ने मुद्रास्फीति में गिरावट में प्रमुख भूमिका निभाई।  भारतीय रिजर्व बैंक ने हालिया मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने और महंगाई को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाते हुए रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करते हुए इसे 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया। recent visitors 84

सोना पहुंचा शिखर पर, बनाया रिकॉर्ड… 87,200 पहुंचा गोल्ड, 90 हजार तक जा सकता है भाव

इंदौर इंदौर में सोने के भाव ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 24 कैरेट सोना 87,200 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया है। पिछले सात महीनों में सोने के भाव में करीब 16,300 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति के बदलाव से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव, फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती और चीन की सोना खरीद नीति प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी और बढ़ती महंगाई ने भी सोने की कीमतों को सपोर्ट दिया है। शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। वर्तमान में 22 कैरेट सोना 79,900 रुपए, 20 कैरेट 72,650 रुपए और 18 कैरेट 65,400 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है, जो 700 रुपए घटकर 95,000 रुपए प्रति किलो पर आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोना 90,000 रुपए और चांदी 1.10 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। सोना 11 फरवरी को ऑल टाइम हाई पर आ गया है। आगे क्या रुख रहेगा, क्या सोना एक लाख रुपए क्रॉस करेगा, चांदी की कीमतें कहां तक जाएंगी, जुलाई से अब तक सोना-चांदी का क्या ट्रेंड रहा है। 1 जनवरी से अब तक सोना 9,206 महंगा हुआ इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 9,206 रुपए बढ़कर 85,368 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 8,923 रुपए बढ़कर 94,940 रुपए पर पहुंच गया है। सराफा बाजार में सोने और चांदी में लगातार तेजी का दौर जारी है। पिछले 7 महीनों के आंकड़ों की बात करें तो सोना 16,300 रुपए और चांदी 14000 हजार तक महंगा हो चुका है। विशेषज्ञों की मानें तो आगे भी इनमें लगातार तेजी जारी रहने की संभावना बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेबाक रवैये से सोना तो चमका ही चमका साथ में चांदी भी अच्छी चमक उठी। सोने ने ट्रंप के चुनाव जीतने से आज तक के सफर को बहुत शानदार तरीके से निभाया और अपने निवेशकों को लगभग 8.5 फीसदी तक का रिटर्न मात्र 3 महीने में दे दिया।। फेडरल रिजर्व बैंक ने की ब्याज दरों में कटौती अगस्त से फरवरी के दौरान फेडरल रिजर्व बैंक ने तीन बार में 1 प्रतिशत ब्याज दर में कटौती की है। डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतते ही उनका अप्रत्याशित नीतियां एवं टैरिफ नीति के कारण सोने में बीते माह जबरदस्त तेजी देखी गई। उठापटक का खेल लगातार जारी आगे भी ट्रंप का अस्पष्ट व्यवहार और अप्रत्याशित नीतियों के कारण सोने-चांदी में उठापटक जारी रहेगी। इसलिए निवेशकों के लिए नीचे दरों पर खरीदने की यानी बाय एंड डिप्स की रणनीति कारगर सिद्ध होगी और साथ ही साथ ऊंचे दरों पर मुनाफावसूली भी करते रहना चाहिए। वर्ष 2025 में सोना 75 हजार से 88 हजार रुपए के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं, चांदी 85 हजार से लेकर 1 लाख 5 हजार रुपए के बीच रह सकते हैं। भोपाल में सोने-चांदी के भाव 11 फरवरी को भोपाल में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। www.bullions.co.in के अनुसार, 22 कैरेट सोने का भाव 78,220 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो पिछले दिन 77,880 रुपये था। 24 कैरेट सोना 85,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया, जो पिछले दिन 84,960 रुपये था। चांदी की कीमत 95,670 रुपये प्रति किलो रही, जो पिछले दिन 95,580 रुपये थी। इंदौर में क्या है सोना-चांदी का भाव मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी सोना 87 हजार रुपए पार कर गया है। यहां चांदी 95,700 रुपए किलो पर मिल रही है। हमेशा खरीदें हॉलमार्क वाला सोना सोने की खरीदारी करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। हमेशा हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी है। भारत में BIS हॉलमार्क का निर्धारण करता है। हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग-अलग होते हैं। इसलिए सोना खरीदते समय हॉलमार्क की जांच जरूर करें। ऐसा न करने पर मिलावटी सोना मिलने का खतरा रहता है। इंटरनेशनल मार्केट में हो रहा उतार-चढ़ाव सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव है। अमेरिका के फेडरल रिजर्व के नियमों में बदलाव के बाद से सोने-चांदी के दामों में उछाल आया है। भारतीय बजट के बाद से यह उतार-चढ़ाव और भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल के अंत तक सोना 95,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। recent visitors 66

भारतीय शेयर बाजार में निचले स्तरों से रिकवर होकर 76,000 के पार बंद हुआ

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र में निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी देखी गई। हालांकि, सत्र के अंत में सेंसेक्स 122.52 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 76,171.08 और निफ्टी 26.5 अंक या 0.12 प्रतिशत फिसलकर 23,045.25 पर था। दिन के दौरान दोनों मुख्य सूचकांकों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली। बीएसई बेंचमार्क में 75,388.39 के निचले स्तरों से करीब 800 अंकों और एनएसई बेंचमार्क में 22,798.35 के निचले स्तरों से करीब 250 अंकों की मजबूत रिकवरी देखी गई। निफ्टी के ऑटो, आईटी, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी, एनर्जी, इन्फ्रा, पीएसई और हेल्थकेयर इंडेक्स में गिरावट देखी गई। पीएसयू बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज और मेटल इंडेक्स में तेजी देखी गई। लार्जकैप और मिडकैप में भी दबाव देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 131.55 अंक या 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,756 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 41.35 अंक या 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,033 पर बंद हुआ। बैंकिंग इंडेक्स में मजबूती देखी गई। निफ्टी बैंक 76.05 अंक या 0.13 प्रतिशत की तेजी के साथ 49,479.45 पर था। बाजार के जानकारों के मुताबिक, अगर निफ्टी 22,786 के स्तरों को नहीं तोड़ता है तो निफ्टी में 23,500 से लेकर 23,600 तक रिकवरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल रुकावट का स्तर 23,200 है और सपोर्ट 23,000 है। सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, कोटकबैंक, टाटा मोटर्स, एचयूएल, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एनटीपीसी और बजाज फाइनेंस टॉप गेनर्स थे। एमएंडएम, आईटीसी, पावर ग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडसइंड बैंक और टाइटन टॉप लूजर्स थे। रुपये की शुरुआत मजबूती के साथ हुई थी और सुबह 45 पैसे या 0.50 प्रतिशत की तेजी के साथ 86.43 पर था, लेकिन दिन के दौरान इसमें गिरावट देखने को मिली और यह 86.89 पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला था। सुबह 9:33 बजे, सेंसेक्स 428 अंक या 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,864 और निफ्टी 130 अंक या 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,958 पर था। recent visitors 42

रिलायंस ने स्पोर्ट्स ड्रिंक बाजार में रखा कदम, सिर्फ 10 रुपये में मिलेगी ये स्पोर्ट्स ड्रिंक

मुंबई  रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (आरसीपीएल) ने नया स्पोर्ट्स ड्रिंक ‘स्पिनर’ लॉन्च किया है, जिसे स्पिन के जादूगर मुथैया मुरलीधरन के साथ मिलकर बनाया गया है। यह भारत का सबसे किफायती स्पोर्ट्स ड्रिंक है और सिर्फ 10 रुपए में उपलब्ध होगा। इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर यह ड्रिंक शरीर को हाइड्रेट करने में मदद करता है और तीन फ्लेवर – नींबू, संतरा और नाइट्रो ब्लू में आएगा। कंपनी का दावा है कि अगले तीन वर्षों में स्पोर्ट्स ड्रिंक्स का बाजार 1 अरब डॉलर तक पहुंचेगा, जिसमें स्पिनर बड़ी भूमिका निभाएगा। लॉन्च के साथ ही स्पिनर ने मुंबई इंडियंस, गुजरात टाइटन्स, लखनऊ सुपर जायंट्स, सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स जैसी आईपीएल टीमों से भी साझेदारी की है। मुथैया मुरलीधरन ने कहा, "स्पिनर हर भारतीय को एक्टिव और हाइड्रेटेड रखने में मदद करेगा।" वहीं, आरसीपीएल के सीओओ केतन मोदी ने कहा, "हमारा लक्ष्य हर भारतीय को किफायती और प्रभावी हाइड्रेशन उपलब्ध कराना है।" कंपनी ने क्या कहा? मुरलीधरन ने कहा, ‘‘मैं रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के साथ इस रोमांचक उद्यम का हिस्सा बनकर रोमांचित हूं…‘स्पिनर’ एक पासा पलटने वाला साबित होगा, जो हर भारतीय को ऊर्जावान और सक्रिय बने रहने में मदद करेगा।’’ रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लि. के मुख्य परिचालन अधिकारी केतन मोदी ने कहा, ‘‘हम मानते हैं कि हर भारतीय की पहुंच गुणवत्तापूर्ण उत्पादों तक होनी चाहिए। ‘स्पिनर’ के साथ, हमने एक किफायती और प्रभावी ‘हाइड्रेशन’ पेय बनाया है जिसका आनंद हर कोई ले सकता है, चाहे आप एक पेशेवर एथलीट हों या कोई ऐसा व्यक्ति जो ‘हाइड्रेटेड’ रहना चाहता हो। उन्होंने कहा, ‘‘हम क्रिकेट के दिग्गज मुथैया मुरलीधरन और आईपीएल टीमों के साथ साझेदारी में इस अभिनव उत्पाद को बाजार में लाने को लेकर खासे उत्साहित हैं।’’ दस रुपये वाला ‘स्पिनर’ स्पोर्ट्स ड्रिंक, नींबू, संतरा और नाइट्रो ब्लू जैसे तीन स्वादों में उपलब्ध है। recent visitors 42

हिंदुजा ग्रुप की कंपनी IIHL को रिलायंस कैपिटल के अधिग्रहण की मंजूरी मिली

मुंबई अनिल अंबानी की कर्ज में डूबी कंपनी रिलायंस कैपिटल इस महीने के अंत तक बिक जाएगी। दरअसल, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनलीएलटी) ने रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण करने के इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (आईआईएचएल) के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। ऐसे में आईआईएचएल के 26 फरवरी तक रिलायंस कैपिटल का अधिग्रहण करने का रास्ता साफ हो गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई सूत्रों ने कहा कि एनसीएलटी के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान आईआईएचएल ने निश्चित दस्तावेज जमा करने और रिलायंस कैपिटल की समाधान योजना के कार्यान्वयन की दिशा में वित्तीय समापन मिलने की पुष्टि की। अब 26 फरवरी को सुनवाई एनसीएलटी ने इसके पहले दिन में सुनवाई के दौरान 26 फरवरी, 2025 तक समापन हासिल करने के लिए आईआईएचएल की याचिका को स्वीकार कर लिया था। अब मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को निर्धारित की गई है। उस दिन अनुमोदित समाधान योजना के अंतिम समापन और रिलायंस कैपिटल एवं इसकी अनुषंगियों का नियंत्रण आईआईएचएल को सौंपने पर चर्चा होगी। निगरानी समिति की आज बैठक सूत्रों ने बताया कि रिलायंस कैपिटल के प्रशासक मंगलवार को निगरानी समिति की बैठक बुलाने वाले हैं, ताकि फंडिंग के लिए दस्तावेजों को निष्पादित किया जा सके और लक्षित समापन तिथि तक फंड की निकासी शुरू की जा सके। सूत्रों के मुताबिक, हिंदुजा समूह की कंपनी आईआईएचएल के ऋणदाताओं ने आश्वस्त किया है कि वे रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (आरसीएल) के लेनदारों को समाधान योजना मूल्य के कुल 9,861 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा करने के लिए जरूरी 4,300 करोड़ रुपये की शेष राशि निकालने के लिए तैयार हैं। 58 प्रतिशत से अधिक रकम जमा आईआईएचएल ने पहले ही विभिन्न एस्क्रो खातों में समाधान योजना मूल्य की 58 प्रतिशत से अधिक राशि जमा की हुई है। आईआईएचएल अप्रैल, 2023 में संकटग्रस्त वित्तीय सेवा फर्म का अधिग्रहण करने के लिए सफल समाधान आवेदक के रूप में उभरी थी। उसने अप्रैल, 2023 में 9,650 करोड़ रुपये की बोली जीती थी। recent visitors 51

कैंसिल रहेंगी ये ट्रेनें, रेलवे ने जारी की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. रोजाना भारत में ट्रेन के जरिए लोग एक शहर से दूसरे शहर ट्रेवल करते हैं. रेलवे की ओर 13,000 से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाती हैं. भारतीय रेलवे अपना नेटवर्क लगातार बढ़ाता जा रहा है. इसके लिए अलग-अलग रेल डिवीजनों पर नई-नई रेल लाइन जोड़ी जाती हैं. हालांकि इस काम के लिए रेलवे को कई बार कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ती है. जिस वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसा ही कुछ फरवरी-मार्च में ट्रेन से जाने वाले यात्रियों के साथ हुआ है. रेलवे ने अलग-अलग रूटों की कई ट्रेनें कैंसिल कीं हैं. सफर पर जाने से पहले देख कर जाएं इन ट्रेनों की लिस्ट. इस वजह से कैंसिल हुईं ट्रेनें भारतीय रेलवे की ओर से जब किसी रेल डिवीजन पर काम होता है. तो उस रूट से जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ता है. हाल ही में रेलवे से मेरी जानकारी के मुताबिक हावड़ा-दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया है. प्री-इंटरलॉकिंग, इंटरलॉकिंग, यार्ड रि-मॉडलिंग के काम के चलते 134 लोकल ट्रेनों समेत कई और ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. ट्रेन नंबर 20971 उदयपुर-शालीमार साप्ताहिक एक्सप्रेस 08 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 20972 शालीमार-उदयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18033-18034 हावड़ा-घाटशिला-हावड़ा मेम 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18011-18012 हावड़ा-चक्रधरपुर-हावड़ा एक्सप्रेस 08 और 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18616 हटिया-हावड़ा क्रिया योग एक्सप्रेस 08 और 21 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18615 हावड़ा-हटिया क्रिया योग एक्सप्रेस 09 और 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18006 जगदलपुर-हावड़ा संबलेश्वरी एक्सप्रेस 08 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 18005 हावड़ा-जगदलपुर संबलेश्वरी एक्सप्रेस 09 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22862 कंटाबाजी-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 22861 हावड़ा-कंटाबाजी इस्पात एक्सप्रेस 23 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस 21 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12834 हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस 22 मार्च के लिए कैंसिल ट्रेन नंबर 12021-12022 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस 22-23 मार्च के लिए कैंसिल इन ट्रेनों के बदले गए रूट ट्रेन नंबर 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस : 21 मार्च को चार घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 12809 हावड़ा मुंबई मेल : 21 मार्च को 2.30 घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 18006 जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस : 22 मार्च को तीन घंटे रि-शिड्यूल की गई. ट्रेन नंबर 18616 हटिया-हावड़ा क्रिया योग एक्सप्रेस : 22 मार्च को दो घंटे रि-शिड्यूल की गई.   recent visitors 37

अनिल अंबानी की कंपनी का यह शेयर रॉकेट की तरह बढ़ा, 22 रूपए से बढ़कर 288 रूपए पर आया

मुंबई अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर आने वाले दिनों में कारोबार के दौरान फोकस में हैं। कंपनी के शेयर बीते शुक्रवार को 7% तक चढ़कर 288.80 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गए थे। इसका पिछला बंद प्राइस 272.05 रुपये है। रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी करने का ऐलान कर दिया है। कंपनी के शेयर पिछले पांच दिन में 1180% तक चढ़ गया। इस दौरान इसकी कीमत 22 रुपये से बढ़कर वर्तमान प्राइस तक पहुंच गई। कंपनी ने क्या कहा? रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने बीएसई को सूचित किया है कि कंपनी के बोर्ड मेंबर की बैठक 13 फरवरी 2025 को तय किया है। इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 की 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही और 9 महीनों के लिए अनऑडिट वित्तीय परिणामों (स्टैंडअलोन और समेकित दोनों) पर विचार और अप्रूवल किया जाएगा। इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रा ने बताया है कि कंपनी की सिक्योरिटी में ट्रेडिंग के लिए ट्रेडिंग विंडो बुधवार, 01 जनवरी, 2025 से लिस्टिंग रेगुलेटरी के संदर्भ में बोर्ड बैठक के नतीजे पब्लिक होने के 48 घंटे के अंत तक पहले से ही बंद है। कंपनी का कारोबार रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस समूह का एक कंपोनेंट है, जो भारत के प्रमुख कॉर्पोरेट घरानों में से एक है और इंफ्रा सेक्टर में सबसे तेजी से बढ़ती कंपनियों में से एक है। बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स पर लिस्टेड इंटीग्रेटेड पावर उपयोगिता कंपनी का वर्तमान में 11,357.08 करोड़ रुपये का मार्केट कैप है। पिछले साल अक्टूबर में रिलायंस समूह की कंपनी ने अपनी सहायक कंपनी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड के जरिए भारत में सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग स्थापित करने की अपनी योजना की घोषणा की थी। महाराष्ट्र के रत्नागिरी के वाटाड औद्योगिक क्षेत्र में स्थित धीरूभाई अंबानी डिफेंस सिटी (डीएडीसी) 1,000 एकड़ में फैली होगी। recent visitors 51

बेटे जीत की शादी पर गौतम अदाणी के 10 हजार करोड़ रुपये के दान की जमकर हो रही है तारीफ

अहमदाबाद बेटे जीत अदाणी की शादी के मौके पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी द्वारा किए गए महादान की अब हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है. खास बात ये है कि गौतम अदाणी ने अपने बेटे की शादी बेहद ही सादगी भरे अंदाज में और पारंपरिक तरीके से की, लेकिन इस शादी के मौके को और यादगार बनाने के लिए उन्होंने 10 हजार करोड़ रुपये दान करने का ऐलान किया. गौतम अदाणी की तरफ से किया गया ये दान उनके परमार्थ के विचार "सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है" पर आधारित है. उनके इस दान का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य , शिक्षा और कौशल विकास के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खर्च किया जाएगा. गौतम अदाणी के इस महादान की तारीफ इंडिया टीवी के प्रधान संपादक रजत शर्मा ने भी की है.     अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के छोटे बेटे जीत अदाणी की शादी दिवा शाह के साथ शुक्रवार को अहमदाबाद में संपन्न हुई. यह शादी बेहद ही सादगी और पारंपरिक तरीके से संपन्न हुई. गौतम अदाणी ने इस मौके को और यादगार बनाने के लिए समाज सेवा के तौर पर 10,000 करोड़ रुपये दान करने का ऐलान। जीत और दिवा की शादी की तस्‍वीरें अपने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर शेयर करते हुए गौतम अडानी ने कहा कि परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद से जीत और दिवा आज विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए. यह शादी आज अहमदाबाद में प्रियजनों के बीच पारंपरिक रीति रिवाजों और शुभ मंगल भाव के साथ संपन्न हुआ. यह एक छोटा और अत्यंत निजी समारोह था, इसलिए हम चाह कर भी सभी शुभचिंतकों को आमंत्रित नहीं कर सके, जिसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं. मैं आप सभी से बेटी दिवा और जीत के लिए स्नेह और आशीष का हृदय से आकांक्षी हूं. दिव्‍यांगों को 10-10 लाख की मदद गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी और दिवा शाह ने शादी (Jeet-Diva Wedding) से पहले 'मंगल संकल्‍प' लिया. जिसके तहत 500 दिव्यांग बहनों की शादी के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. गौतम अडानी ने जानकारी शेयर करते हुए कहा था कि जीत और दीवा ने हर साल 500 दिव्यांग बहनों की शादी के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है. एक पिता के रूप में उनके द्वारा की जाने वाली इस मंगल सेवा से मैं बहुत संतुष्ट हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि इस प्रयास से अनेक दिव्यांग बेटियों और उनके परिवारों का जीवन सुख, शांति और सम्मान के साथ आगे बढ़ेगा. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह जीत और दीवा को सेवा के इस पथ पर आगे बढ़ते रहने का आशीर्वाद और शक्ति प्रदान करें. प्री-वेडिंग की झूमते दिखे थे जीत-दिवा जीत अडानी और दिवा शाह के प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन (Jeet-Diva Pre Wedding Celebration) का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें फेमस सिंगर दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी के साथ जीत-दिवा झूमते हुए दिखाई दिए. गुरदीप के साथ दूल्‍हा-दूल्‍हन ढोल की बीट्स पर पंजाबी भांगड़े पर डांस करते हुए भी नजर आए थे. recent visitors 57

पब्लिक सेक्टर बैंकों का जोरदार प्रदर्शन, 9 महीनों में 1.29 लाख करोड़ रुपए का कमाया लाभ

नई दिल्ली वित्त वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) की ओर से 1.29 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया गया, जो सालाना आधार पर 31.3% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वित्‍त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पीएसबी ने अब तक का उच्चतम कुल शुद्ध लाभ, बेहतर एसेट क्वालिटी, व्यापार में मजबूत बढ़ोतरी और पर्याप्त पूंजी बफर हासिल किया है। वहीं, नीति और प्रक्रिया सुधारों की वजह से क्रेडिट अनुशासन, तनावग्रस्त एसेट की पहचान और समाधान, जिम्मेदार लेंडिंग, बेहतर प्रशासन, वित्तीय समावेशन पहल, प्रौद्योगिकी अपनाने आदि के लिए प्रणालियां और प्रक्रियाएं बेहतर हुई हैं। 242.27 लाख करोड़ रुपये रहा कुल कारोबार मंत्रालय ने कहा कि 0.59 प्रतिशत के काफी कम शुद्ध एनपीए रेश्यो से भी बेहतर एसेट क्वालिटी का पता चलता है। सरकारी बैंकों ने 9.8 प्रतिशत की बेहतर कुल जमा वृद्धि के साथ सालाना 11 फीसदी की कुल व्यावसायिक वृद्धि दर्ज की है। समीक्षाधीन अवधि में सरकारी बैंकों का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इन बैंकों ने 12.4 प्रतिशत की मजबूत ऋण वृद्धि भी दर्ज की। इसमें खुदरा ऋण वृद्धि 16.6 प्रतिशत, कृषि ऋण वृद्धि 12.9 प्रतिशत और एमएसएमई ऋण वृद्धि 12.5 प्रतिशत रही। बेहतर स्थिति में हैं सरकारी बैंक बयान के अनुसार, 14.83 प्रतिशत के जोखिम भारित परिसंपत्तियों के अनुपात के साथ पर्याप्त पूंजी बफर का निर्माण 11.5 प्रतिशत की न्यूनतम आवश्यकता से काफी अधिक था। मंत्रालय ने कहा, ''सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पर्याप्त पूंजीकृत हैं और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की ऋण मांगों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, जिसमें कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर दिया गया है।'' वित्त मंत्रालय ने कहा कि नीति और प्रक्रिया संबंधी सुधारों के चलते ऋण अनुशासन, संकटग्रस्त परिसंपत्तियों की पहचान और समाधान, बेहतर संचालन व्यवस्था, वित्तीय समावेश पहल और प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए बेहतर प्रणाली को बढ़ावा मिला है। आपको बता दें, मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तीन तिमाहियों के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रदर्शन ने प्रमुख वित्तीय मापदंडों में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है। 31दिसंबर 2024 तक के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं –     वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों में 31.3% (वर्ष-दर-वर्ष) की रिकॉर्ड शुद्ध लाभ वृद्धि, 1,29,426 करोड़ रुपये का उच्चतम कुल शुद्ध लाभ और 2,20,243 करोड़ रुपये का कुल परिचालन लाभ प्राप्त हुआ।     0.59% के बेहद कम नेट एनपीए अनुपात (कुल शुद्ध बकाया एनपीए 61,252 करोड़ रुपये) के साथ एसेट क्वालिटी बेहतर दिखाई दे रही है।     सकल व्यावसायिक वृद्धि 11.0% (वर्ष-दर-वर्ष) के साथ समग्र जमा वृद्धि 9.8% (वर्ष-दर-वर्ष) रही। पीएसबी का कुल कारोबार 242.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।     16.6% की रिटेल क्रेडिट ग्रोथ, 12.9% की कृषि क्रेडिट ग्रोथ और 12.5% ​​की एमएसएमई क्रेडिट ग्रोथ के चलते 12.4% की मजबूत क्रेडिट ग्रोथ हुई ।     14.83% के रिस्क वेटेड एसेट अनुपात वाली कुल पूंजी के साथ पर्याप्त पूंजी बफर्स का निर्माण हुआ, जो 11.5% की न्यूनतम आवश्यकता से काफी ऊपर है। मंत्रालय ने बताया कि पीएसबी पर्याप्त रूप से पूंजीकृत हैं और कृषि, एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर देने के साथ अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की क्रेडिट की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।   recent visitors 62

वित्तीय वर्ष 2024-25 में EPFO ने कुल 5.08 करोड़ क्लेम सेटल किए हैं, EPFO का ऐतिहासिक कदम: मंत्री मनसुख मंडाविया

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जब उसने 5 करोड़ से ज्यादा प्रॉविडेंट फंड (PF) क्लेम का सेटलमेंट किया। यह न सिर्फ एक रिकॉर्ड है, बल्कि यह संगठन द्वारा उठाए गए सुधारात्मक कदमों का भी नतीजा है। श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस ऐतिहासिक माइलस्टोन की जानकारी दी और बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में EPFO ने कुल 5.08 करोड़ क्लेम सेटल किए हैं, जिनका कुल मूल्य 2,05,932.49 करोड़ रुपये है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में काफी अधिक है, जब केवल 4.45 करोड़ क्लेम सेटल किए गए थे और उनका मूल्य 1,82,838.28 करोड़ रुपये था। सुधारात्मक कदमों का असर मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस सफलता को EPFO द्वारा किए गए कई महत्वपूर्ण सुधारों से जोड़ा है। इन सुधारों में मुख्य रूप से ऑटो-सेटलमेंट क्लेम की सीमा और कैटेगरी में वृद्धि, मेंबर प्रोफाइल में बदलाव का सरलीकरण, प्रॉविडेंट फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और केवाईसी अनुपालन अनुपात में सुधार शामिल हैं। इन कदमों ने EPFO की कार्यकुशलता को बढ़ाया और क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया को तेज किया। जानिए क्या है ऑटो-सेटलमेंट प्रक्रिया मंत्री ने बताया कि ऑटो-सेटलमेंट मैकेनिज्म के कारण अब क्लेम के लिए आवेदन करने के तीन दिनों के भीतर उसे प्रोसेस कर लिया जाता है। इस सुधार के कारण, 2024-25 में ऑटो-सेटलमेंट की संख्या दोगुनी होकर 1.87 करोड़ हो गई है, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा सिर्फ 89.52 लाख था। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि कैसे तकनीकी सुधारों ने कामकाजी प्रक्रिया को गति दी है और मामलों की संख्या को अधिक प्रभावी ढंग से निपटाया जा रहा है।   केवल 8% मामलों में ही नियोक्ता की मंजूरी इसी तरह, प्रॉविडेंट फंड ट्रांसफर क्लेम की प्रक्रिया में भी बड़े सुधार किए गए हैं। पहले ट्रांसफर क्लेम के लिए सदस्य और नियोक्ता दोनों से मंजूरी की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब केवल 8% मामलों में ही नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता पड़ती है। 48% ट्रांसफर क्लेम अब बिना किसी नियोक्ता के हस्तक्षेप के सीधे सदस्य द्वारा सबमिट किए जा रहे हैं, जबकि 44% ट्रांसफर रीक्वेस्ट अब पूरी तरह से ऑटोमैटिक हो रही हैं। मेंबर प्रोफाइल करेक्शन मंत्री ने मेंबर प्रोफाइल सुधार प्रक्रिया का भी उल्लेख किया, जिसके तहत अब 97.18% मामलों में प्रोफाइल सुधार केवल सदस्य की स्वीकृति से हो रहा है। केवल 1% मामलों में नियोक्ता की मंजूरी की आवश्यकता है। यह सुधार सेटलमेंट प्रक्रिया को और अधिक तेज और पारदर्शी बना रहा है, और इससे शिकायतों में भी कमी आई है। EPFO का बढ़ता विश्वास मंत्री ने कहा कि इन सुधारों ने न सिर्फ क्लेम प्रोसेस को तेज किया है, बल्कि EPFO में सदस्य का विश्वास भी बढ़ाया है। अब सदस्यों को लगता है कि उनका पैसा सुरक्षित हाथों में है और उनकी शिकायतों का समाधान जल्दी और प्रभावी ढंग से किया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया EPFO की विश्वसनीयता और कार्यकुशलता को दिखाती है। EPFO की बढ़ती कार्यकुशलता इन सभी सुधारों का नतीजा यह हुआ कि EPFO ने एक रिकॉर्ड समय में क्लेम सेटलमेंट की संख्या और कार्यकुशलता को बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 5.08 करोड़ क्लेम का सेटलमेंट EPFO की नई दिशा और आधुनिक प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल का परिणाम है। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था कि EPFO ने इस तरह के एक बड़े पैमाने पर क्लेम सेटलमेंट किए हों।  recent visitors 51

उदय कोटक ने खरीदारी के साथ ही देश में प्रॉपर्टी के दामों का एक नया रेकॉर्ड बन गया

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई इन दिनों रियल एस्टेट को लेकर चर्चा में है। बॉलीवुड सेलिब्रिटी से लेकर कारोबारी तक प्रॉपर्टी में रुचि दिखा रहे हैं। अब देश के सबसे अमीर बैंकर उदय कोटक भी मुंबई में प्रॉपर्टी खरीदने को लेकर चर्चा में आ गए हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर उदय कोटक और उनके परिवार ने मुंबई में कोई अपार्टमेंट ही नहीं, बल्कि पूरी बिल्डिंग ही खरीद ली है। देश के सबसे अमीर बैंकर उदय कोटक और उनके परिवार ने मुंबई के वर्ली सी फेस की एक पूरी बिल्डिंग खरीदी है। यह रेजिडेंशियल बिल्डिंग है। इस बिल्डिंग की कीमत 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की है। इस खरीदारी के साथ ही देश में प्रॉपर्टी के दामों का एक नया रेकॉर्ड बन गया है। उदय कोटक ने इस बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोगों से उनके घर खरीद लिए हैं। कोटक परिवार ने जो यह बिल्डिंग खरीदी है, वह दो मंजिला है। इनमें कुल 24 अपार्टमेंट हैं। डॉक्यूमेंट्स के अनुसार उदय कोटक के परिवार ने 30 जनवरी को बिल्डिंग के कुल 24 अपार्टमेंट में से 12 अपार्टमेंट के सौदे रजिस्टर करवाए। एक सौदा सितंबर में रजिस्टर हुआ था। बाकी सौदे भी जल्द ही पूरे होने की उम्मीद है। जिनके सौदे बचे हैं, उन्हें टाकन राशि दी जा चुकी है। इस बिल्डिंग का सबसे बड़ा अपार्टमेंट 1,396 वर्ग फुट में फैला है और इसकी कीमत 38.24 करोड़ रुपये है। वहीं सबसे छोटे 173 वर्ग फुट के घर की कीमत 4.7 करोड़ रुपये से ज्यादा है। अब तक की सबसे ज्यादा कीमत कोटक परिवार इस बिल्डिंग के घर करीब 2.72 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से खरीदे हैं। यह किसी भी प्रॉपर्टी सौदे के लिए देश में अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। इससे पहले देश में प्रति वर्ग फुट की सबसे ऊंची कीमत दक्षिण मुंबई के अल्टामाउंट रोड पर 2.25 लाख रुपये और भूलाभाई देसाई रोड पर 2.09 लाख रुपये थी। मुंबई में बॉलीवुड सितारे भी पीछे नहीं मुंबई इस समय रियल एस्टेट में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बॉलीवुड सेलिब्रिटी भी यहां प्रॉपर्टी को लगातार खरीद और बेच रहे हैं।     अक्षय कुमार और उनकी पत्नी ट्विंकल खन्ना में वर्ली स्थित एक लग्जरी अपार्टमेंट 80 करोड़ रुपये में बेचा है।     मशहूर संगीतकार अनु मलिक और उनकी पत्नी अंजू मलिक ने मुंबई के सांताक्रूज वेस्ट में दो अपार्टमेंट बेच दिए हैं। फरवरी में यह सौदा 14.49 करोड़ रुपये में हुआ।     सनी लियोनी ने भी मुंबई में 8 करोड़ रुपये में एक ऑफिस स्पेस खरीदा है। इसके लिए 35 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी चुकाई है।     सोनाक्षी सिन्हा ने भी मुंबई के बांद्रा पश्चिम की एक हाउसिंग कांप्लेक्स का अपना अपार्टमेंट बेचा है। यह प्रॉपर्टी उन्होंने 22.50 करोड़ रुपये में बेची। सोनाक्षी सिन्हा ने मार्च 2020 में यह प्रॉपर्टी 14.0 करोड़ रुपये में खरीदी थी।     फिल्म निर्देशक सुभाष घई ने भी कुछ दिन पहले अपनी पत्नी के साथ मिलकर मुंबई में 24 करोड़ रुपये का एक अपार्टमेंट खरीदा है।     इससे पहले अमिताभ बच्चन ने ओशिवारा में अपना डुप्लेक्स अपार्टमेंट 83 करोड़ रुपये में बेचा था। उन्होंने इसे 31 करोड़ रुपये में खरीदा था। recent visitors 40

बजट का इंतजार किए बिना सरकार के पास आयकर की व्यवस्था में राहत या संशोधन करने का अधिकार होगा

नई दिल्ली नई आयकर विधेयक 2025 को आज केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त करने की संभावना है। इस बिल में एक ऐसा विशेष प्रावधान हो सकता है कि बजट का इंतजार किए बिना सरकार के पास आयकर की व्यवस्था में राहत या संशोधन करने का अधिकार होगा। मनी कंट्रोल ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार, एक सूत्र ने कहा, "नए बिल में कुछ ऐसे प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं जो सरकार को कार्यकारी आदेशों के माध्यम से कटौती या छूट की सीमा और राशियों को बदलने की अनुमति देंगे।" वहीं एक अन्य सूत्र का कहना है कि सरकार के पास कार्यकारी आदेश के जरिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी समय-समय पर बदलाव करने का अधिकार होगा। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की इस बैठक में इस बिल को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा। इसके बाद इसे वित्त पर संसदीय स्थायी समिति के पास विस्तृत चर्चा के लिए भेजा जा सकता है। सरकार क्यों ला रही है नया इनकम टैक्स बिल? इस नए कानून को 'डायरेक्ट टैक्स कोड' के नाम से जाना जाएगा। इसे मौजूदा आयकर संरचना को सरल बनाने और उसमें सुधार करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह 1961 के आयकर अधिनियम को बदल देगा। 2025 के बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि यह विधेयक 'न्याय' के उसी दर्शन को समाहित करेगा, जो भारतीय न्याय संहिता के केंद्र में था। यह कानून जुलाई 2024 से भारतीय दंड संहिता (IPC) को समाप्त कर देगा। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि नया आयकर विधेयक 'न्याय' की भावना को आगे बढ़ाएगा। यह विधेयक साफ और स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा, जिसमें वर्तमान कानून के लगभग आधे भाग और शब्दों को कम किया जाएगा। यह करदाताओं और कर प्रशासन के लिए समझने में सरल होगा, जिससे कर संबंधित निश्चितता और कम विवाद होंगे।" यह विधेयक कर प्रणाली को सरल बनाने के लिए जाना जाएगा, जिससे जटिलताओं में कमी आएगी और करदाताओं तथा आयकर अधिकारियों के लिए अनुपालन आसान होगा।   recent visitors 60

रिलायंस पावर के शेयरों में जबरदस्त मुनाफा, आरपावर के शेयर 10 फीसदी से ज्यादा बढ़े

मुंबई उद्योगपति अनिल अंबानी के अच्छे दिनों की वापसी होने लगी है. रिलायंस पावर के शेयरों में तेजी से उन्हें तगड़ा मुनाफा हुआ है. कभी कंगाली के कगार पर पहुंच चुके अनिल अंबानी अब मुनाफा कमा रहे हैं. उनकी कंपनी रिलायंस पावर ( Reliance Power) को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में 420000000 रुपये का मुनाफा हुआ है. मुनाफा होने के साथ ही रिलायंस पावर के शेयरों में तेजी लौट रही है. रिलायंस पावर के शेयरों में तेजी   तिमाही नतीजों के बाद RELIANCE POWER LTD. के शेयर आज खबर लिखे जाने तक 6.69% की तेजी के साथ 42.56 रुपये पर पहुंच गए. आर पावर के शेयरों में एक बार फिर से ऊपर सर्किट लगा है.  रिलायंस पावर के शेयरों में जबरदस्त मुनाफा देखने को मिला है. दिसंबर तिमाही में हुए मुनाफे आज सुबह-सुबह ही आरपावर के शेयर 10 फीसदी से ज्यादा बढ़ गए.   कितना कमाया मुनाफा बुधवार को अनिल अंबानी की रिलायंस पावर के नतीजे सामने आए. चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (दिसंबर तिमाही) के नतीजे जारी किए थे. आरपावर के नतीजों के मुताबिक कंपनी का नेट प्रॉफिट 41.95 करोड़ रुपये रहा. जबकि इसी तिमाही में पिछले साल कंपनी को 1,136.75 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. जिस रफ्तार से कंपनी को नए ऑर्डर मिल रहे हैं, कंपनी अपना घाटा कम करती जा रही है कि आरपावर के शेयरों में जबरदस्त तेजी लौट रही है. आर पावर ने निवेशकों को कितना दिया रिटर्न    कभी निवेशकों को कंगाल कर रही आर पावर के शेयर अब निवेशकों को मालामाल बना रहे हैं. अगर पिछले 6 महीने का रिटर्न देखें तो ये करीब 40 फीसदी रहा है, वहीं एक साल का रिटर्न 60 फीसदी से ज्यादा रहा है. शेयर का 52 हफ्ते का ऑल टाइम हाई 54.25 रुपये रहा है. उम्मीद की जा रही है कि कंपनी को मिल रहे नए ऑर्डर और घटते कर्ज की बदौलत रिलायंस पावर के शेयरों का मुनाफा बढ़ सकता है.  recent visitors 64

सोना कितना सोना है: फिर ऑल टाइम हाई पर Gold, आगे और कितनी आएगी तेजी

नई दिल्ली  दुनियाभर में अनिश्चितता का माहौल है। इस वजह से लोग सुरक्षित निवेश की तरफ भाग रहे हैं। इसका असर सोने की कीमतों पर भी दिख रहा है। बुधवार को MCX पर अप्रैल का सोना वायदा ₹84,399 प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। दोपहर 12 बजे यह 510 रुपये यानी 0.61 फीसदी तेजी के साथ ₹84,307 प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा था। पिछले सत्र में यह 83,797 रुपये पर बंद हुआ था और आज 84,060 रुपये पर खुला। चांदी के मार्च वायदा की बात करें तो इसमें भी तेजी आई है। चांदी 306 रुपये की तेजी के साथ ₹96,015 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। वैश्विक अनिश्चितता के कारण लोग सोने-चांदी जैसी सुरक्षित चीजों में निवेश कर रहे हैं। इस हफ्ते सोने की कीमतों में अब तक ₹1,800 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। चांदी की कीमतें भी इसी अवधि में ₹1,400 प्रति किलोग्राम बढ़ी हैं। मंगलवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना-चांदी तेजी के साथ बंद हुए। ट्रंप के व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसके चलते सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। अमेरिका ने कनाडा और मैक्सिको पर एक महीने के लिए टैरिफ लगाने की योजना को एक महीने के लिए टाल दिया है। इससे डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है। कहां तक जाएगी कीमत पृथ्वी फिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन ने कहा कि अमेरिका ने चीन पर टैरिफ लगाया और चीन सरकार ने तुरंत अमेरिकी टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई की। मंगलवार को जारी अमेरिकी आर्थिक आंकड़े भी निराशाजनक थे। इससे सोने-चांदी की कीमतों में भी तेजी को सपोर्ट किया। उम्मीद है कि डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी व्यापार युद्ध के बीच इस हफ्ते सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। जैन ने कहा कि MCX पर सोने का समर्थन स्तर ₹83,440-83,100 है और प्रतिरोध स्तर ₹84,050-84,400 है। चांदी का समर्थन स्तर ₹95,000-94,400 है और प्रतिरोध स्तर ₹96,300-97,000 है। जैन ने ₹94,400 के स्टॉप लॉस के साथ ₹95,100 के आसपास चांदी खरीदने का सुझाव दिया है जिसका टारगेट प्राइस ₹96,600 है। सर्राफा बाजार इससे पहले आभूषण विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं की मजबूत मांग के बीच मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार पांचवें सत्र में तेजी जारी रही। यह 500 रुपये बढ़कर 85,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्चस्तर पर पहुंच गया। पिछले सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 85,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस साल सोना, एक जनवरी के 79,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 6,410 रुपये या 8.07 प्रतिशत बढ़कर 85,800 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। हालांकि, चांदी की कीमतों में पांच दिन की तेजी का सिलसिला टूट गया और यह 500 रुपये के नुकसान से 95,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। साल 2025 में गोल्ड कंजम्प्शन 700 टन से 800 टन रहने का अनुमान इस बीच वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि साल 2025 में गोल्ड कंजम्प्शन 700 टन से 800 टन रहने का अनुमान है। साल 2024 में ग्लोबल गोल्ड डिमांड सालाना आधार पर 1% बढ़कर 4,974.5 टन रह सकता है। साल 2024 में औसत गोल्ड कीमत सालाना आधार पर 23% बढ़ी है। क्या है गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सचिन जैन का कहना है कि देश में सोने का इंपोर्ट उम्मीद के मुताबिक रहा है। ड्यूटी घटने के बाद ग्रे मार्केट तकरीबन खत्म हुआ है। दुनिया में 4974 टन सोने की मांग रही है। दुनिया में सोने की मांग 9 फीसदी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दुनिया में सोने के गहनों की मांग 12-13 फीसदी गिरी है। सोने के गहनों की मांग चीन से सबसे ज्यादा गिरी है। कई देशों के सेंट्रल बैंकों ने भी सोने की खरीदारी की है। आरबीआई की सोने की खरीदारी पिछले साल से 4 फीसदी ज्यादा रही है। टेक्नोलॉजी में सोने का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है। सचिन जैन ने आगे कहा कि देश में ड्यूटी घटने का सोने को फायदा मिला। कीमतों में तेजी से सोने की खरीदारी रुक जाती है। देश से सोने देश में सोने की निवेश की मांग भी 29 फीसदी बढ़ी है। सोने के बार, सिक्कों और ईटीएफ में भी मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि गोल्ड में लंबी अवधि का नजरिया रख ही निवेश करने की सलाह होगी। recent visitors 37

ओला की 75000 रुपये वाली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल, 501KM रेंज

मुंबई : देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी ओला इलेक्ट्रिक ने हाल ही में घरेलू बाजार में अपने थर्ड-जेनरेशन (Gen 3) इलेक्ट्रिक स्कूटरों को लॉन्च किया था. अब कंपनी ने आज अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल Roadster X को आधिकारिक तौर पर बिक्री के लिए लॉन्च कर दिया है. तीन अलग-अलग बैटरी पैक के साथ दो वेरिएंट्स Roadster X और Roadster X Plus  में आने वाली इस बाइक की शुरुआती कीमत 75,000 रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. कैसी है Roadster X इलेक्ट्रिक बाइक: ओला इलेक्ट्रिक के फाउंडर और सीईओ भाविष अग्रवाल ने लॉन्च इवेंट में बताया कि, "हमारे इलेक्ट्रिक स्कूटर फर्स्ट जेनरेशन से शुरू हुए थें, लेकिन हमारी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल सीधे थर्ड-जेनरेशन टेक्नोलॉजी के साथ बाजार में आ रही है. इस मोटरसाइकिल में फ्लैट केबल, मिड-ड्राइव मोटर, हायर बैटरी कैपेसिटी और सिंगल ABS ब्रेक बाय वायर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है." फ्लैट केबल: जहां रेगुलर मोटरसाइकिलों में स्टैंडर्ड तारों की वायरिंग देखने को मिलती है. वहीं ओला ने अपने बाइक में फ्लैट केबल की वायरिंग का इस्तेमाल किया है. जो कि इस बाइक के मेंटनेंस को न केवल आसान बनाते हैं बल्कि खराब वायरिंग के चलते किसी भी तरह के ब्रेक डाउन होने से भी बचाते हैं. भाविष अग्रवाल का कहना है कि, "हमने फ्लैट केबल से वायरिंग के लोड को 4 किग्रा से घटाकर 800 ग्राम कर दिया है." पेटेंटेड ब्रेक बाय वायर टेक्नोलॉजी: ओला इलेक्ट्रिक ने Roadster X में अपने पेटेंटेड ब्रेक बाय वायर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है. कंपनी का कहना है कि किसी भी सामान्य टू-व्हीलर में जब ब्रेक अप्लाई किया जाता है तो वाहन की काइनेटिक एनर्जी से हीट (गर्मी) उत्पन्न होती है. इससे ब्रेक पैड की लाइफ प्रभावित होती है साथ की माइलेज पर भी असर देखने को मिलता है. लेकिन इस नए इलेक्ट्रिक बाइक में दी जाने वाली ब्रेक बाय वायर टेक्नोलॉजी में पेटेंटेड ब्रेक-सेंसर का इस्तेमाल किया जा रहा है. ये सेंसर न केवल ब्रेकिंग पैटर्न की पहचान करता है बल्कि ये सेंसर ब्रेकिंग की आपात स्थिति का भी पता लगाता है. ये तकनीक मैकेनिकल ब्रेकिंग के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग भी जेनरेट करता है. इस दौरान काइनेटिक एनर्जी इलेक्ट्रिसिटी में कन्वर्ट होती है और बैटरी को चार्ज करती है. कंपनी का दावा है कि इस तकनीक की मदद से स्कूटर को न केवल 15% ज्यादा रेंज मिलती है बल्कि स्कूटर के ब्रेक-पैड की लाइफ भी दोगुनी हो जाती है. वेरिएंट्स और कीमत: Roadster X के बेस मॉडल 2.5kWh बैटरी पैक वेरिएंट की कीमत 74,999 रुपये, 3.5 kWh बैटरी पैक वेरिएंट की कीमत 84,999 रुपये और 4.5 kWh बैटरी पैक वेरिएंट की कीमत 99,999 रुपये तय की गई है. इसके अलावा Roadster X Plus के 4.5kWh बैटरी पैक वेरिएंट की कीमत 1,04,999 रुपये और 9.1kWh बैटरी पैक वेरिएंट की कीमत 1,54,999 रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. कंपनी का कहना है कि ये इंट्रोडक्ट्री प्राइस है जो शुरुआती 7 दिनों के लिए लागू होगा. Roadster X को कंपनी ने तीन अलग-अलग बैटरी पैक (2.5kWh, 3.5 kWh और 4.5 kWh) के साथ लॉन्च किया है. इसे कंपनी ने काफी फ्यूचरिस्टिक लुक और डिजाइन दिया है. बता दें कि, बेस मॉडल सिंगल चार्ज में 117 किमी, मिड वेरिएंट 159 किमी और टॉप वेरिएंट 252 किमी की ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम होगा. कंपनी का दावा है कि, सबसे सस्ता मॉडल 3.2 सेकंड में 0 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ेगा. इन तीनों वेरिएंट्स की टॉप स्पीड भी क्रमश:  105 किमी/घंटा, 117 किमी/घंटा और 124 किमी/घंटा है. छोटा बैटरी पैक वेरिएंट 3.3 घंटे में, मिड वेरिएंट 4.6 घंटे में और टॉप वेरिएंट 5.9 घंटे में चार्ज होगा. इसमें तीन अलग-अलग ड्राइविंग मोड्स दिए गए हैं. जिसमें स्पोर्ट, नॉर्मल और इको मोड शामिल हैं. जो अलग-अलग रोड कंडिशन के हिसाब से परफॉर्मेंस देंगे. Roadster X Plus को कंपनी ने दो बैटरी पैक (4.5kWh और 9.1kWh) के साथ पेश किया है. इसमें कंपनी ने अपना खुद का भारत सेल बैटरी पैक दिया है. जिसके बारे में कंपनी का कहना है कि इसका मोटर 11KW का पावर जेनरेट करता है और इसकी टॉप स्पीड 125 किमी/घंटा है. ये मोटरसाइकिल महज 2.7 सेकंड में ही 0 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है. कंपनी का दावा है कि इसका 9.1Kwh बैटरी पैक वेरिएंट सिंगल चार्ज में 501 किमी तक की ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम है. फीचर्स Roadster X में कंपनी LED हेडलैंप, 4.3 इंच का एलसीडी डिस्प्ले, फ्रंट डिस्क ब्रेक, क्रूज कंट्रोल, रिवर्स मोड, टायर प्रेशर अलर्ट, जियो फेंसिंग, थेफ्ट डिटेक्शन जैसे फीचर्स दिए जा रहे हैं. कंपनी इस इलेक्ट्रिक बाइक का प्रोडक्शन शुरू कर चुकी है. हाल ही में कंपनी के सीईओ भाविष अग्रवाल ने इस बाइक की टेस्टिंग का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया था. बुकिंग Ola Roadster X की आधिकारिक बुकिंग पहले ही शुरू की जा चुकी है. इसे 999 रुपये में ऑफिशियल वेबसाइट और अधिकृत डीलरशिप से बुक किया जा सकता है. भाविष अग्रवाल ने बताया कि, बाइक्स की डिलीवरी मार्च महीने से शुरू किए जाने की योजना है. recent visitors 39

भारत में प्रीमियम बाइक्स की कीमतें घटने वाली हैं , खरीदारों के लिए अधिक सुलभ हो जाएंगी

नई दिल्ली भारत सरकार ने हाल ही में बजट पेश किया है। इस बजट में सरकार ने मोटरसाइकिलों में इंपोर्ट ड्यूटी कम करने का ऐलान किया है। यानि की अब हार्ले-डेविडसन, डुकाटी जैसे प्रीमियम बाइक्स अब और सस्ते हो जाएंगी।  हार्ले-डेविडसन टैरिफ भारत और अमेरिका के बीच कई सालों से विवाद का कारण बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी इस पर कई बार बयान दे चुके हैं और उन्होंने भारत से टैरिफ में सुधार की मांग की थी। इस बार के बजट में होने वाले नए ऐलान से उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर तनाव में कमी आएगी। बता दें कि, हार्ले-डेविडसन टैरिफ भारत और अमेरिका के बीच कई वर्षों से विवाद का विषय रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी इस मुद्दे पर कई बार बोल चुके हैं और उन्होनें भारत से टैरिफ में सुधार करने की बात कही थी. इस बार के बजट में होने वाले इस नए ऐलान से दोनों देशों के बीच टैरिफ मुद्दे को लेकर होने वाले तनाव में कमी आने की पूरी उम्मीद है. कितनी सस्ती हुईं बाइक्स: सरकार के इस नए फैसले के मुताबिक कम्पलीट बिल्ट यूनिट (CBU) के तौर पर आयात की जाने वाली 1,600 सीसी तक की इंजन क्षमता की मोटरसाइकिलों पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है. इन बाइक्स को CBU रूट से आयात किया जाता था, जिससे इनकी कीमत ज्यादा थी. इसके अलावा 1,600 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर और अधिक कटौती की गई है. इन्हें 50 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है. नए बजट के अनुसार, सेमी-नॉक्ड डाउन (SKD) किट पर आयात शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है, तथा पूरी तरह से नॉक्ड डाउन (CKD) रूट से इम्पोर्ट की जाने वाली बाइक्स पर ड्यूटी को 15 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है. टैरिफ में इस कमी से भारत में हार्ले-डेविडसन और डुकाटी जैसे ब्रांड्स के प्रीमियम मोटरसाइकिलों की कीमतों में तगड़ी कटौती देखने को मिलेगी. इससे ये महंगी और उंची कीमत वाली बाइक्स भी लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध होगी. जानकारों का मानना है कि, इससे इम्पोर्टेड प्रीमियम बाइक्स की डिमांड बढ़ने की पूरी उम्मीद है. आयातित बाइकों पर टैरिफ में कटौती का निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब डोनाल्ड ट्रम्प ने उन देशों पर भी पारस्परिक कर लगाने की धमकी दी है जो अमेरिकी वस्तुओं पर हाई टैरिफ लगाते हैं. पिछले साल दिसंबर में ट्रम्प ने कहा था कि भारत द्वारा लगाया जाने वाला टैक्स ज्यादा है. उन्होंने कहा कि "यदि वे हम पर टैक्स लगाते हैं, तो हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाएंगे."   recent visitors 56

आम आदमी की पहुंच से बाहर निकला सोना, चांदी का भाव भी तगड़े उछाल के साथ 85,200 रुपये पर पहुंचा

जयपुर अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और डॉलर की मजबूती का असर सोने-चांदी की कीमतों पर दिखने लगा है। मंगलवार को भारतीय बाजार में स्टैंडर्ड सोने की कीमत नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई। राजस्थान में 10 ग्राम सोने की कीमत 1,100 रुपए बढ़कर 85,200 रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वहीं चांदी की कीमत भी 900 रुपए बढ़कर 96,000 रुपए प्रति किलो से ज्यादा हो गई। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता के कारण कीमती धातुओं की कीमत और बढ़ सकती है। जयपुर में सोने-चांदी के दाम जयपुर के सर्राफा व्यापारी राकेश खंडेलवाल के अनुसार, वैश्विक बाजार में होने वाले बदलावों का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि चांदी की कीमत एक बार फिर 1 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। जयपुर सर्राफा कमेटी द्वारा जारी ताजा रेट के अनुसार: – 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 85,200 रुपए – 22 कैरेट सोने की कीमत 79,800 रुपए प्रति 10 ग्राम – 18 कैरेट सोने की कीमत 66,800 रुपए प्रति 10 ग्राम – 14 कैरेट सोने की कीमत 53,600 रुपए प्रति 10 ग्राम – चांदी रिफाइन की कीमत 96,200 रुपए प्रति किलो सोना खरीदते समय ध्यान रखने वाली बातें 1. सर्टिफाइड गोल्ड खरीदें हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें। नए नियमों के तहत 1 अप्रैल से बिना 6 अंकों के अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग वाले सोने की बिक्री नहीं होगी। यह कोड आधार कार्ड की तरह होता है और इसे हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (HUID) कहा जाता है। 2. कीमत की जांच करें सोने का सही वजन और उस दिन का रेट जांचने के लिए अलग-अलग स्रोतों से जानकारी लें, जैसे कि इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट। 3. कैरेट के हिसाब से कीमत निकालें – 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन इससे ज्वेलरी नहीं बनती क्योंकि यह बहुत मुलायम होता है। – आमतौर पर ज्वेलरी 22 कैरेट या उससे कम के सोने से बनाई जाती है। अगर 24 कैरेट सोने की कीमत 60,000 रुपए प्रति 10 ग्राम है, तो 1 ग्राम सोने की कीमत 6,000 रुपए होगी। – 1 कैरेट शुद्धता के 1 ग्राम सोने की कीमत = 6,000/24 = 250 रुपए – 18 कैरेट सोने की कीमत = 18 × 250 = 4,500 रुपए प्रति ग्राम इस फॉर्मूले से आप अपनी ज्वेलरी में इस्तेमाल हुए सोने की सही कीमत निकाल सकते हैं।   recent visitors 70

शेयर बाजार में बहार, सेंसेक्स 720 अंक चढ़ा, निवेशकों ने 2 मिनट में कमाए 300000 करोड़

मुंबई बीते कारोबारी दिन गिरावट के बाद शेयर बाजार में मंगलवार को शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ही शुरुआती कारोबार में उछाल पर खुले और अब तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं. सेंसेक्स 721 अंक चढ़कर 77905 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 200 अंक चढ़कर 23,561 पर था. भारतीय बाजार में रौनक के पीछे अमेरिका में ट्रंप का फैसला है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको और कनाडा पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है. उनके इस फैसले के चलते एशियाई बाजारों में रौनक लौट आई और भारतीय शेयर खुलने के दो ही मिनट में निवेशकों ने 3 लाख करोड़ रुपए कमा डाले हैं. सेंसेक्स निफ़्टी का हाल घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ही अच्छी तेजी देखने को मिल रही है. निफ्टी के सभी सेक्टोरियल इंडेक्स ग्रीन जोन में हैं, सबसे अच्छा सपोर्ट ऑटो सेक्टर से मिल रहा है. खबर लिखे जाने तक 10 बजकर 13 मिनट पर बीएसई सेंसेक्स 653 अंक चढ़कर 77,842.97 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी 146.65 अंकों के उछाल के साथ 23507.70 पर है. निवेशकों ने कमाए 3 लाख करोड़ एक कारोबारी दिन पहले यानी 3 फरवरी 2025 को अमेरिका के फैसले की वजह से ही बाजार में गिरावट थी और क्लोजिंग के समय बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 4,19,54,829.60 करोड़ रुपये था. आज 4 फरवरी को मार्केट खुलते ही ये 4,22,57,970.28 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यानी इस दौरान 2 मिनट में बाजार खुलते ही निवेशकों की झोली में 3,03,140.68 करोड़ रुपये आए हैं. क्‍यों चढ़ आज शेयर बाजार?     कल ऑल टाइम लो पर रुपया पहुंचने के बाद आज रिकवरी मोड पर है. रुपया आज 13 पैसा रिकवर कर चुका है और तेजी दिखा रहा है.     वहीं अमेरिकी बाजार से भी भारतीय मार्केट को अच्‍छे संकेत मिल रहे हैं. जिस कारण शेयर बाजार में तेजी आई है.     कल के भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने खरीदारी शुरू कर दी है, जिससे मार्केट में तेजी आई है. वहीं कुछ कंपनियों के अच्‍छे रिजल्‍ट आने के संकेत भी हैं. इन शेयरों में शानदार तेजी लार्ज कैप- संवर्धन मदरसन के शेयर आज 7 फीसदी चढ़े, डिवि लैब्‍स के शेयर 5 फीसदी और एचएएल के शेयर 4 फीसदी उछले. मिड कैप- NLC इंडिया के शेयर 10 फीसदी, सुंदरम फाइनेंस के शेयर 5.30 फीसदी और इंडियन बैंक के शेयर 4.31 फीसदी चढ़े. स्‍मॉल कैप- कैस्ट्रोल इंडिया के शेयर 8.44 फीसदी, हिंदुस्‍तान कॉपर के शेयर 4.14 फीसदी और NCC के शेयर 4.17 फीसदी चढ़े. इन सेक्‍टर्स में उछाल शेयर बाजार में आज तेजी के कारण कुछ सेक्‍टर्स में शानदार रिकवरी देखी गई. बैंक निफ्टी, ऑटो, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी, मीडिया, फार्मा, पीएसयू बैंक और मेटल जैसे सेक्‍टर्स में तेजी है. सिर्फ एफएमसीजी शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. सबसे ज्‍यादा तेजी पीएययू बैंक के शेयरों में आई है. 23 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर एनएसई के 2,281 ट्रेडेड स्‍टॉक्‍स में से 1,868 शेयर तेजी पर है. जबकि 348 शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. बाकी के 65 शेयर अनचेंज हैं. वहीं 23 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर हैं, जबकि 14 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. 34 शेयरों ने अपर सर्किट और 25 शेयरों ने लोअर सर्किट लगाया है. शेयर बाजार में तेजी के कारण     टैरिफ पर ट्रंप का यू-टर्न: ट्रंप ने कनाडा और मैक्सिको पर टैरिफ लगाने के फैसले को एक महीने के लिए टाल दिया है, इससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली है और शेयर बाजार पर इसका असर दिखा.     अमेरिकी बाजारों में रिकवरी: भारी बिकवाली के बाद अमेरिकी शेयर बाजार डाओ जोंस में 550 अंकों की रिकवरी देखने को मिली.     चीन के बाजारों की वापसी: एक हफ्ते की छुट्टी के बाद आज चीन के बाजार खुलेंगे, जिससे एशियाई बाजारों में निवेशकों की धारणा मजबूत हो सकती है.     FIIs और DIIs: विदेशी निवेशकों ने सोमवार को कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स में मिलाकर 7,100 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू फंड्स ने 2,700 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.   recent visitors 58

Starlink के लिए Vodafone की सफलता बनी चुनौती

नई दिल्ली Vodafone ने हाल ही में सैटेलाइट कम्युनिकेशन की दुनिया में बड़ा कदम उठाते हुए एक साधारण 4G/5G स्मार्टफोन से दुनिया की पहली सैटेलाइट वीडियो कॉल की है। यह उपलब्धि Elon Musk की Starlink के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। यह वीडियो कॉल Wales Mountains के एक दूरस्थ क्षेत्र से की गई, जहां पर कोई भी स्थलीय मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं था। Vodafone की CEO Margherita Della Valle के अनुसार, इस कॉल के लिए स्मार्टफोन में कोई भी हार्डवेयर अपग्रेड की जरूरत नहीं पड़ी, जो कि सैटेलाइट कनेक्टिविटी में एक बड़ा तकनीकी उछाल है। 2026 तक पूरे यूरोप में लॉन्च होगी सेवा Vodafone की यह उपलब्धि डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। कंपनी 2026 तक पूरे यूरोप में इस सैटेलाइट सेवा को शुरू करने की योजना बना रही है। वहीं, Starlink भी अपने सैटेलाइट-आधारित सर्विस पर काम कर रही है, लेकिन Vodafone के इस ब्रेकथ्रू ने कंपनी के लिए नई चुनौती पेश कर दी है। Starlink इस समय T-Mobile के साथ मिलकर अमेरिका में अपनी डायरेक्ट-टू-सेल टेक्नोलॉजी का परीक्षण कर रही है, जबकि Vodafone पहले ही अपनी सैटेलाइट वीडियो कॉलिंग सेवा को सफलतापूर्वक प्रदर्शित कर चुका है, जो संचार के भविष्य में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। Starlink के लिए बढ़ा दबाव Elon Musk की Starlink फिलहाल T-Mobile के साथ मिलकर डायरेक्ट-टू-सेल सैटेलाइट सेवा के परीक्षण में जुटी है। यह सेवा लॉन्च होने के बाद उपयोगकर्ताओं को बिना किसी ग्राउंड नेटवर्क के सैटेलाइट कॉलिंग की सुविधा देगी, खासतौर पर आपात स्थितियों में यह बहुत उपयोगी होगी। Apple और कुछ Android डिवाइसेज़ में इस सेवा का इंटीग्रेशन किया जा चुका है, लेकिन इसका ग्लोबल रोलआउट अभी बाकी है। Starlink भारत जैसे बाजारों में अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने की तैयारी में है, जहां इसे हाल ही में सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, Vodafone की इस शुरुआती सफलता से Elon Musk की कंपनी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। भविष्य में बढ़ेगी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी की होड़ जैसे-जैसे सैटेलाइट टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है, Vodafone की BlueBird सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा और Starlink के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। ये दोनों कंपनियां दुनिया में कनेक्टिविटी को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में काम कर रही हैं। आने वाले समय में ग्लोबल कम्युनिकेशन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जहां कोई भी व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने से आसानी से कनेक्ट रह सकेगा। recent visitors 56

BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक तक फिसला, NSE Nifty भी 200 अंक से ज्यादा टूटा

मुंबई देश का आम बजट (Union Budget 2025) पेश होने के बाद आज शेयर बाजार बड़ी गिरावट लेकर खुला. बजट में किए गए तमाम बड़े ऐलानों का असर दिखने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नजर नहीं आया, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स बुरी तरह टूटकर ओपन हुए. एक ओर BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक तक फिसल गया, तो NSE Nifty भी 200 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार करता नजर आया. आम बजट में मोदी सरकार द्वारा 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री करने समेत अन्य बड़े ऐलानों का असर भी बाजार पर नहीं दिखा. जबकि दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर (Trump Tariff War) का असर ग्लोबल मार्केट की तरह ही भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है. मिनटों में 700 अंक फिसल गया सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (BSE Sensex) ने बजट वाले दिन के अपने बंद 77,505.96 की तुलना में गिरकर 77,063.94 के लेवल पर ओपन हुआ और महज कुछ ही मिनटों के कारोबार के दौरान ये इंडेक्स 700 अंक से ज्यादा फिसलकर 76,774.05 के स्तर पर आ गया. सेंसेक्स की तरह निफ्टी ने भी खुलने के साथ ही बड़ी गिरावट देखी. NSE Nifty अपने पिछले बंद 23,482.15 की तुलना में टूटकर 23,319 के लेवल पर खुला था और देखते ही देखते ये भी 220 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 23,239.15 पर आ गया. बजट वाले दिन ऐसी रही थी चाल शनिवार को बजट वाले दिन शेयर बाजार खुला था, लेकिन दिनभर सेंसेक्स-निफ्टी ने सुस्ती में कारोबार किया था और अंत में फ्लैट लेवल पर क्लोज हुए. बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 77,637 अंक पर खुला और कारोबार के अंत में 5.39 अंक की मामूली तेजी लेकर 77,506 पर बंद हुआ था. वहीं दूसरी ओर निफ्टी (NSE Nifty) 26.25 अंक फिसलकर 23,482.15 पर बंद हुआ था. लेकिन एक्सपर्ट्स उम्मीद जता रहे थे कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से बजट में किए गए बड़े ऐलानों और तमाम सेक्टर्स के लिए किए गए आवंटन का असर दिख सकता है. ट्रंप के टैरिफ वॉर से ग्लोबल बाजारों में हड़कंप एक ओर जहां शेयर बाजार में Budget 2025 में हुए ऐलानों के असर से तेजी का अनुमान जाहिर किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर ग्लोबल मार्केट बाजार का मूड बिगाड़ते नजर आ रहे हैं. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  (Donald Trump) ने कनाडा (Canada), मैक्सिको (Maxico) और चीन (China) पर टैरिफ लगाने का फैसला किया है. US Tariff War के बाद दुनियाभर के बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है. अमेरिकी मार्केट के प्रमुख इंडेक्स डाओ फ्यूचर्स में 550 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, तो वहीं Dow Jones 337 अंक, S&P 500 भी 30.64 अंक गिरकर बंद हुआ, तो Nasdaq भी 54 अकं टूटकर बंद हुआ. दिख रही है. टैरिफ वॉर पर एक नजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेने के बाद से ही टैरिफ की पॉलिसी पर आगे बढ़ रहे हैं. कनाडा, मेक्सिको और चीन पर टैरिफ लगाए जाने के बाद अब ट्रंप ने यूरोपियन यूनियन (EU) पर टैरिफ लगाने की बात कही है. इस बीच कनाडा ने अमेरिकी टैरिफ पर जवाबी कार्रवाई करते हुए 155 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला किया है. बता दें इससे पहले साल 2018 में राष्ट्रपति पद पर रहते हुए ट्रंप ने यूरोपियन यूनियन से इंपोर्ट होने वाले एल्यूमिनियम स्टील पर टैरिफ लगा दिया था. इसके बाद EU ने भी व्हिस्की और मोटरसाइकिल सहित अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ लगाया था. 1678 शेयर लाल निशान पर खुले कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार की खराब शुरुआत रही और अमेरिका समेत तमाम एशियाई बाजारों और Gift Nifty में जारी गिरावट को देखते हुए पहले से ये अनुमान लगाए जा रहे थे. इस बीच बता दें कि Share Market में कारोबार ओपन होने के दौरान 1678 कंपनियों के शेयर ऐसे रहे, जो गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए, तो वहीं 875 शेयरों ने ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की. इसके अलावा 186 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. सबसे ज्यादा बिखरे ये शेयर सोमवार को सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो खबर लिखे जाने तक लार्जकैप में शामिल L&T Share (4.24%), NTPC Share (3.73%), PowerGrid Share (3.60%), Tata Steel Share (3.46%), Tata Motors Share (2.51%) और Reliance Share (1.70%), Adani Ports Share (1.42%) गिरकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा SBI, IndusInd Bank, ICICI Bank, HDFC Bank, Zomato समेत अन्य बड़े शेयर भी रेड जोन में कारोबार कर रहे हैं. मिडकैप कैटेगरी में Hindustan Petrolium Share (6.34%), RVNL Share (6.28%), GICRE Share (5.80%), SAIl (5.22%), NMDC (5.13%), BHEL (4.43%) और Maxgaon Dock (4.28%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. वहीं स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट BDL (8.29%) और JWL Share (7.06%) की आई. recent visitors 69

सस्ते में हवाई यात्रा का मौका दे रही एयर इंडिया, नमस्ते वर्ल्ड सेल शुरू

नई दिल्ली हवाई यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है। टाटा ग्रुप का हिस्सा बन चुकी एयर इंडिया उन्हें सस्ते में हवाई यात्रा का मौका दे रही है। एयरलाइन ने आज नमस्ते वर्ल्ड सेल की घोषणा की है। इसके तहत यात्रियों को सस्ते में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ान का मौका दिया जा रहा है। कंपनी घरेलू रूट्स पर इकॉनमी क्लास में 1,499 रुपये में यात्रा का मौका दे रही है जबकि प्रीमियम इकॉनमी का टिकट 3,749 रुपये से शुरू हो रहा है। बिजनस क्लास में टिकट 9,999 रुपये से शुरू हो रहा है। इंटरनेशनल रूट्स पर रिटर्न टिकट 12,577 रुपये में यात्रा की जा सकती है। एयरलाइन प्रीमियम कैटगरी में 16,213 रुपये और बिजनस क्लास में 20,870 रुपये में अंतरराष्ट्रीय यात्रा का मौका दे रही है। एयरलाइन का कहना है कि Namaste World सेल का फायदा 6 फरवरी तक उठाया जा सकता है और यह 12 फरवरी से 31 अक्टूबर तक की यात्रा के लिए वैलिड है। आज के लिए यह सेल खासतौर पर एयर इंडिया की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है। इसके बाद यह सभी चैनल पर उपलब्ध रहेगी। इनमें एयर इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, एयरपोर्ट टिकटिंग ऑफिस, कस्टमर कॉन्टैक्ट सेंटर और ट्रेवल एजेंट्स शामिल हैं। सेल को दौरान ग्राहक एयरलाइन की ऑफिशियल वेबसाइट और मोबाइल ऐप से बुकिंग करके एक्स्ट्रा बेनिफिट्स ले सकते हैं। बैंकों से डिस्काउंट एयरलाइन का कहना है कि सेल के दौरान उसकी वेबसाइट और मोबाइल ऐप से बुकिंग करने वालों को कोई कनवीनियंस फीस नहीं देनी होगी। इस यात्रियों को इंटरनेशनल बुकिंग पर 999 रुपये और घरेलू बुकिंग पर 399 रुपये की अतिरिक्त बचत होगी। साथ ही एयरलाइन ने ग्राहकों को और ज्यादा डिस्काउंट देने के लिए कई बैंकों से भी हाथ मिलाया है। इनमें आईसीआईसीआई बैंक, ऐक्सिस बैंक, फेडरल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। इसके तहत ग्राहक 3,000 रुपये तक की सेविंग कर सकते हैं। इसके अलावा कस्टमर कंपनी के प्रोमो कोड FLYAI का यूज कर बेस फेयर पर 1000 रुपये तक बचा सकते हैं। recent visitors 53

क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट कैप $3.62 ट्रिलियन पहुंचा, दुनिया की दूसरी बड़ी वैल्यूएबल कंपनी माइक्रोसॉफ्ट से निकली आगे

नई दिल्ली  क्रिप्टोकरेंसीज की कीमत में हाल के दिनों में काफी तेजी आई है। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से क्रिप्टोकरेंसीज की कीमत में काफी तेजी आई है और इनका मार्केट कैप 3.62 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। पिछले एक साल में यह दोगुना से भी अधिक बढ़ गया है। क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट कैप दुनिया की दूसरी बड़ी वैल्यूएबल कंपनी माइक्रोसॉफ्ट से आगे निकल गया है। माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप 3.085 ट्रिलियन डॉलर है। मार्केट कैप के मामले में अब केवल ऐपल ही क्रिप्टोकरेंसीज से आगे रह गई है। आईफोन बनाने वाली इस कंपनी का मार्केट कैप 3.548 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है। जनवरी 2015 में क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट कैप $0.004 ट्रिलियन था जो अगले साल जनवरी 2016 में $0.007 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया। जनवरी 2017 में यह $0.017 ट्रिलियन था और जनवरी 2018 में $0.7 ट्रिलियन पहुंचा। जनवरी 2019 में क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट कैप $0.12 ट्रिलियन और जनवरी 2020 में $0.25 ट्रिलियन पहुंच गया। जनवरी 2021 में पहली बार इसने $1 ट्रिलियन का आंकड़ा छुआ और फिर एक साल में ही $2 ट्रिलियन हो गया। इसके बाद इसमें गिरावट आई और जनवरी 2023 में यह $1 ट्रिलियन रह गया। जनवरी 2024 में यह $1.75 ट्रिलियन और जनवरी 2025 में $3.62 ट्रिलियन पहुंच गया। इसमें बिटकॉइन की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। सोना है नंबर 1 वैसे दुनिया की टॉप एसेट्स की लिस्ट में गोल्ड पहले नंबर पर है। पिछले साल सोने की कीमत में काफी उछाल देखने को मिली। दुनिया के कई हिस्सों में जारी तनाव और केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई खरीदारी के कारण सोने की चमक बढ़ी। इससे दुनिया में गोल्ड का मार्केट कैप $18.4 ट्रिलियन पहुंच गया। दुनिया की सबसे बड़ी, सबसे लोकप्रिय और सबसे पुरानी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन बिटकॉइन का मार्केट कैप $1.868 ट्रिलियन और सिल्वर का मार्केट कैप $1.766 ट्रिलियन है। recent visitors 55

मीडिल क्लास को मिल सकती है बड़ी राहत, टैक्स राहत के एलानों के बाद अब 7 फरवरी पर टिकी निगाहें

मुंबई बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से टैक्स राहत के एलानों के बाद अब मिडिल क्लास की निगाहें 7 फरवरी पर टिकी हैं। शेयर बाजार का भी अगला ट्रिगर काफी हद तक इसी पर निर्भर है। दरअसल, शेयर बाजार और मिडिल क्लास का अगला फोकस भारतीय रिजर्व बैंक की आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी (MPC) की बैठक पर है, जो कि 5-7 को होने जा रही है। बजट के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है पॉलिसी इंटरेस्ट रेट पर फैसला लेगी। बता दें कि आरबीआई की यह बैठक वित्त वर्ष 2024 की आखिरी बैठक होगी। बता दें कि केंद्रीय बजट 2024 में टैक्स में छूट करके देश के एक बड़े वर्ग को बड़ी राहत दी गई है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री करने की घोषणा की है। अब RBI से राहत की उम्मीद दिसंबर में मुद्रास्फीति के आंकड़ों को देखते हुए भी ये अनुमान है कि फरवरी पॉलिसी में रेट कटौती का ऐलान संभव है। उम्मीद जताई जा रही है कि आरबीआई की ओर से ब्याज दरों में कटौती से उधारी लेने की लागत कम होगी, जिससे मिडिल क्लास पर ईएमआई का बोझ कम होगा। कई एनालिस्ट की माने तो आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति के उभरते रुझानों को देखते हुए केंद्रीय बैंक 7 फरवरी को 25 बीपीएस दर में कटौती का फैसला ले सकता है। बता दें कि अगर यह ऐलान होता है तो पिछले चार सालों में पहली कटौती होगी। आर्थिक सर्वेक्षण 2025 में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद मुद्रास्फीति धीरे-धीरे 4 प्रतिशत के निशान पर आ जाएगी। यह आर्थिक विकास के स्थिर रहने की भी उम्मीद करता है, लेकिन विकास को अपनी गति बनाए रखने में सरकारी एजेंसियों के महत्व को रेखांकित करता है। राहुल बाजोरिया, भारत और आसियान अर्थशास्त्री, बोफास इंडिया, का मानना है कि विकास और मुद्रास्फीति के आंकड़े दोनों मौद्रिक स्थितियों को आसान बनाने की आवश्यकता की ओर इशारा करते हैं। एलारा सिक्योरिटीज की अर्थशास्त्री गरिमा कपूर को उम्मीद है कि एमपीसी फरवरी में नीतिगत रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती करेगी। आपको बता दें कि आरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा हैं। उन्होंने 9 दिसंबर, 2024 को शक्तिकांत दास की जगह ली थी। ऐसे में संजय मल्होत्रा की यह पहली पॉलिसी मीटिंग है। recent visitors 59

BharatNet का बजट 238 फीसद बढ़ा, डिजिटल इंडिया का सपना होगा साकार

नई दिल्ली बजट 2025 में सरकार ने वित्त वर्ष 2026 के लिए BharatNet के बजट में पिछले साल के मुकाबले 238 फीसद तक की बढ़ोतरी की है। ऐसे में यह बजट बढ़कर 22000 करोड़ रुपये हो गया है। दरअसल सरकार हर गांव तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना चाहती है। यही वजह है कि सरकार BharatNet की मदद से हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ रही है। इससे प्राइमरी स्कूल और हेल्थ केयर सेंटर तक हाई स्पीड इंटरनेट को जोड़ने का सपना पूरा हो सकेगा। सरकार की सस्ता डेटा पहुंचने की कोशिश दरअसल आज के वक्त में इंटरनेट डेटा की खपत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे वक्त में इंटरनेट डेटा की कीमत में भी इजाफा देखने को मिला है। यही वजह है कि सरकार हर गांव तक सस्ता और हाई स्पीड इंटरनेट डेटा पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। सरकार ने आवंटित किये 220 रुपये बता दें कि केंद्रीय बजट में भारतनेट प्रोजेक्ट के लिए 220 अरब रुपये का आवंटन किया है, जो वित्त वर्ष 2025 में 65 अरब रुपये था। हालांकि सरकार ने इस बजट में इस बार बेतहाशा बढ़ोतरी की है, जिससे जल्दी से जल्दी स्कूल और हेल्थ केयर सर्विस को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ा जा सके। मौजूदा वक्त में करीब 1 मिलियन सरकारी है। जबकि भारतनेट-1/2 में 2,14,323 ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए 420 अरब आवंटित किये गये थे। हर गांव जुड़ेगा हाई स्पीड इंटरनेट से एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार का यह कदम ऑप्टिकल फाइबर केबल और टेलिकॉम इक्विपमेंट के लिए सकरात्मक कदम है। BharatNet को 25 अक्टूबर, 2011 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूरी दी गई थी। यह सरकार का ड्रीप प्रोजेक्ट है, जिसका मकसद देश भर में प्रत्येक ग्राम पंचायत और गांव को हाई स्पीड और अफोर्डेबल इंटरनेट से कनेक्ट किया जा सके। 2 लाख पंचायतों तक कनेक्टिविटी रिपोर्ट की मानें, तो 13 जनवरी, 2025 तक भारतनेट परियोजना से 2,14,323 ग्राम पंचायत को जोड़ा जा चुका है और 6,92,676 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है। इसके अलावा 12,21,014 फाइबर-टू-द-होम (एफटीटीएच) कनेक्शन चालू किए गए हैं और अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए 1,04,574 वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए गए हैं। recent visitors 60

बजट 2025: गृह मंत्रालय को 2.33 लाख करोड़ रुपये हुए आवंटित

नई दिल्ली केंद्रीय बजट 2025-26 में शनिवार को गृह मंत्रालय को 2,33,210.68 करोड़ रुपये आवंटित किये गए, जिसमें से 1,60,391.06 करोड़ रुपये सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय पुलिस बलों को दिये जाएंगे। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआईएसएफ) आंतरिक सुरक्षा, सीमा की रखवाली और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। केंद्रीय बजट 2024-25 में केंद्रीय गृह मंत्रालय को 2,19,643.31 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू कश्मीर को 41,000.07 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश बन गया। बजट में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को 6,212.06 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ को 6,187.48 करोड़ रुपये, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को 2,780 करोड़ रुपये, लद्दाख को 4,692.15 करोड़ रुपये, लक्षद्वीप को 1,586.16 करोड़ रुपये तथा पुडुचेरी को 3,432.20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बजट में जनगणना से जुड़े काम के लिए मात्र 574.80 करोड़ रुपये (2024-25 में 572 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए हैं, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस कवायद में और देरी होगी। जनगणना 2020-21 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अर्धसैनिक बलों में सीआरपीएफ को 35,147.17 करोड़ रुपये ,बीएसएफ को 28,231.27 करोड़ रुपये, सीआईएसएफ को 16,084.83 करोड़ रुपये, भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को 10,370 करोड़ रुपये, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को 10,237.28 करोड़ रुपये और असम राइफल्स को 8,274.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। खुफिया ब्यूरो (आईबी) को 3,893.35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल(एनडीआरएफ) को 1,922.59 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। सीमा अवसंरचना एवं प्रबंधन के लिए 5,597.25 करोड़ रुपये, पुलिस अवसंरचना के विकास के लिए 4,379.20 करोड़ रुपये, महिला सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 960.12 करोड़ रुपये, सुरक्षा संबंधी व्यय के लिए 4,876.34 करोड़ रुपये और (सीमावर्ती क्षेत्रों में) ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के लिए 1,056.40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बजट में मंत्रिमंडल को 1,024.30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके अंतर्गत मंत्रिपरिषद, कैबिनेट सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), सरकार के आतिथ्य पर होने वाले व्यय आते हैं। वहीं, प्राकृतिक आपदाओं के कारण राहत सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों के लिए 2,721.20 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। सुरक्षित शहर परियोजना के लिए 215.34 करोड़ रुपये, राज्य सरकारों को अनुदान सहायता 3,494.39 करोड़ रुपये, केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को अनुदान सहायता 1,515.02 करोड़ रुपये तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र पर पूंजीगत परिव्यय के लिए 810.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।   recent visitors 52

सीतारमण ने खोल दिया खजाना, पीएम मोदी अपने भाषणों में अकसर 4 जातियों का जिक्र करते रहे हैं, बजट में हुई बम-बम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में अकसर 4 जातियों का जिक्र करते रहे हैं। विपक्ष की ओर से जातिगत जनगणना कराने की मांग को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि देश में किसान, गरीब, महिला और युवा जैसी 4 ही जातियां हैं। यदि इन वर्गों का कल्याण कर दिया जाए तो फिर देश का तेजी से विकास होगा। आम बजट में उनकी इस बात का पूरा ख्याल रखा गया है और गरीब, किसान, महिला एवं युवा पर फोकस किया गया है। सबसे पहले किसान की बात करें तो उनके लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का ऐलान हुआ है। इसके तहत देश के 100 जिलों के 1.7 करोड़ किसान परिवारों को कवर किया जाएगा। इसके अलावा कपास उत्पादन में जुटे किसानों के लिए भी 5 साल तक मिशन चलाने का ऐलान किया गया है। सरकार का कहना है कि कपास का उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। किसानों के लिए कर्ज में भी बड़ी राहत का ऐलान हुआ है। देश के 7.7 करोड़ क्रेडिट कार्ड धारक किसानों को अब 5 लाख रुपये तक का लोन मिल सकेगा। अभी तक यह लिमिट 3 लाख रुपये की ही थी। इसके तहत किसानों, मछुआरों, डेरी फार्मिंग में जुटे लोगों को बड़ी सुविधा होगी। इसके अलावा बीजों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी य़ोजना का ऐलान हुआ है। बिहार में मखाना बोर्ड का गठन किया जाएगा। दालों के उत्पादन पर सरकार का जोर रहेगा और अगले 6 साल तक इसके लिए मिशन चलाया जाएगा। खासतौर पर मसूर, तूर और उड़द की दाल के उत्पादन पर जोर रहेगा। पीएम स्वनिधि स्कीम के तहत ग्रामीणों को उनके मकानों आदि पर लोन मिल सकेगा। युवा, मजदूर और महिलाओं को बजट में क्या मिला अब युवाओं की बात करें तो उनके लिए सेंटर ऑफ एक्सिलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर एजुकेशन का भी ऐलान किया गया है। इस पर कुल 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में 50 हजार लैब तैयार की जाएंगी। देश भर में 5 नेशनल सेंटर ऑफ एक्सलेंस फॉर स्किलिंग भी स्थापित होंगे। भारतीय भाषा पुस्तक स्कीम भी लॉन्च होगी, जिससे स्कूल और उच्च शिक्षा की पुस्तकें छात्रों को डिजिटल माध्यम पर मिलेंगी। सभी स्कूलों और प्राइमरी हेल्थ सेंटरों में ब्रॉडबैंड लगेगा। वहीं मजदूरों के लिए भी सरकार ने अहम ऐलान किया है और उन्हें ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर किया जाएगा। पीएम जन आरोग्य योजना के तहत भी इन सभी लोगों को लाभ मिलेगा। अब महिलाओं के लिए बात करें तो सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण स्कीम का दूसरा राउंड चलेगा। recent visitors 57

1 फरवरी को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की

 नई दिल्ली आज देश का आम बजट (Union Budget 2025) आने वाला है और इससे ऐन पहले एलपीजी सिलेंडर सस्ता हो गया है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 फरवरी 2025 को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती (LPG Cylinder Price Cut) की है. इस सिलेंडर का दाम 7 रुपये तक घटाया गया है और इसके बाद राजधानी दिल्ली में एक कॉमर्शियल गैस सिलेंडर बजट वाले दिन से 1804 रुपये से घटकर 1797 रुपये रह गया है. हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिल्ली से मुंबई तक LPG सस्ती इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर देखें, तो ऑयल मार्केटिंग कंपनी ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमतें (LPG Cylinder New Price) जारी कर दिए हैं और इन्हें आज 1 फरवरी 2025 से ही लागू कर दिया गया है. देश के चार महानगरों की बात करें, तो जहां दिल्ली में ये कम होकर (Delhi LPG Price) 1797 रुपये रह गया है. तो वहीं कोलकाता में इसका दाम (Kolkata LPG Cylinder Price) 1911 रुपये से कम होकर 1907 रुपये का रह गया है. मुंबई में ये अब 1756 रुपये की जगह 1749.50 रुपये में मिलेगा और चेन्न्ई में इस कीमत 1966 रुपये से घटकर 1959.50 रुपये रह गई है. साल 2025 की ये दूसरी कटौती इससे पहले साल 2025 की शुरुआत यानी 1 जनवरी को भी एलपीजी सिलेंडर की कीमतें घटी थीं. नए साल के मौके पर ऑयल एंड गैस मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के दाम में दिल्ली से मुंबई तक 14-16 रुपये तक की कटौती की थी. जबकि बीते साल के आखिरी दिसंबर महीने में 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमतों में तगड़ा इजाफा किया गया था. 1 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर (Delhi LPG Cylinder Price) 1818.50 रुपये का हो गया है, जो कि नवंबर में 1802 रुपये का था. कोलकाता में ये 1911.50 रुपये से 1927 रुपये का, Mumbai में 1754.50 रुपये से 1771 रुपये और चेन्नई में 1964.50 रुपये से 1980.50 रुपये का हो गया था. घरेलू LPG गैस सिलेंडर के दाम स्थिर लंबे समय से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई चेंज नहीं दिखा है. 1 फरवरी को भी इसकी कीमतें स्थिर रखी गई हैं और ये 1 अगस्त 2024 वाले रेट पर ही मिल रहा है. दिल्ली में इसकी कीमत 803 रुपये, कोलकाता में 829 रुपये, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये पर यथावत बनी हुई है.   recent visitors 40

केंद्र सरकार ने राज्यों को जारी किए 1.73 लाख करोड़ रुपये, यह आंकड़ा दिसंबर 2024 में जारी किए रुपये के हस्तांतरण से अधिक

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने आज राज्य सरकारों को कर में हिस्सेदारी के रूप में 1,73,030 करोड़ रुपये जारी किए। यह आंकड़ा दिसंबर 2024 में जारी किए 89,086 करोड़ रुपये के हस्तांतरण से अधिक है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस महीने में किया गया अधिक हस्तांतरित राज्यों को पूंजीगत व्यय में तेजी लाने और विकास एवं कल्याण संबंधी खर्च को फाइनेंस करने में मदद करेगा। शुक्रवार को घोषित पैकेज के तहत 26 राज्यों को पैसे जारी किए गए हैं। इसमें पश्चिम बंगाल के लिए 13,017.06 करोड़ रुपये, आंध्र प्रदेश के लिए 7,002.52 करोड़ रुपये, कर्नाटक के लिए 6,310.40 करोड़ रुपये, असम के लिए 5,412.38 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ के लिए 5,895.13 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश के लिए 1,436.16 करोड़ रुपये, केरल के लिए 3,330.83 करोड़ रुपये, पंजाब के लिए 3,126.65 करोड़ रुपये और तमिलनाडु के लिए 7,057.89 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। अन्य राज्यों में उत्तर प्रदेश को 31,039.84 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 10,930.31 करोड़ रुपये, गुजरात को 6,017.99 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 13,582.86 करोड़ रुपये, मणिपुर को 1,238.9 करोड़ रुपये और मेघालय को 1,327.13 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कर हस्तांतरण केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए गए करों की शुद्ध आय को राज्यों को वितरित करने की प्रक्रिया है। केंद्र सरकार वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर नियमित किस्तों में राज्यों को कर वितरित करती है। वित्त आयोग कॉरपोरेट कर, आयकर और केंद्रीय जीएसटी सहित सभी करों की कुल शुद्ध आय में राज्यों के हिस्से की सिफारिश करता है। 15वें वित्त आयोग ने सिफारिश की थी कि केंद्र सरकार के विभाज्य कर पूल का 41 प्रतिशत 2021-26 की अवधि के लिए राज्यों को आवंटित किया जाए। इसे वर्टिकल हस्तांतरण के रूप में जाना जाता है। इसने राज्यों के बीच धन वितरित करने के लिए मानदंड की भी सिफारिश की थी, जिसे हॉरिजॉन्टल हस्तांतरण के रूप में जाना जाता है। recent visitors 182

डीमैट खातों की संख्या पहुंची 185 मिलियन के पार

नई दिल्ली. बीते वर्ष 2024 में देश में डीमैट खातों की संख्या में जबरदस्त उछाल दर्ज हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस एक वर्ष की अवधि में डीमैट खातों की संख्या में करीब 46 मिलियन की वृद्धि हुई, जो प्रति माह औसतन 3.8 मिलियन खातों की वृद्धि को दर्शाता है। एनएसडीएल और सीडीएसएल के अनुसार, इससे पिछले वर्ष 2023 की तुलना में नए डीमैट खातों में 33 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जिससे अब कुल डीमैट खातों की संख्या 185.3 मिलियन हो गई है। कोरोना काल के बाद से ही भारत में डीमैट खातों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। डीमैट खातों की संख्या में उछाल की वजह खाता खोलने की आसान प्रक्रिया, स्मार्टफोन का बढ़ता इस्तेमाल और अनुकूल मार्केट रिटर्न जैसे कारकों को माना जा रहा है। 2019 में 39.3 मिलियन से पिछले पांच वर्षों में डीमैट खातों की संख्या चार गुना से अधिक हो गई है। 2024 के पहले नौ महीनों में सेकेंडरी मार्केट में लाभ और रिकॉर्ड आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के बीच 36 मिलियन डीमैट खाते जोड़े गए। 2021 से औसतन हर साल 3 करोड़ नए डीमैट खाते खोले गए हैं। एसबीआई रिसर्च के अनुसार, "भारत में 2021 से हर साल कम से कम 3 करोड़ नए डीमैट खाते खोले जा रहे हैं और लगभग हर चार में से एक अब महिला निवेशक है, जो बचत के वित्तीयकरण के चैनल के रूप में पूंजी बाजार का इस्तेमाल करने के बढ़ते प्रचलन को दर्शाता है।" इसके अलावा, पिछले 10 वर्षों में डीमैट खातों की संख्या में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। देश में अगस्त 2024 तक 17.10 करोड़ से अधिक डीमैट खाते खोले जा चुके थे। जबकि वित्त वर्ष 2014 में डीमैट खातों की यह संख्या 2.3 करोड़ थी। इस अवधि के दौरान डीमैट खातों की संख्या में 650 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। recent visitors 107

2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.8 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद : रिपोर्ट

नई दिल्ली. एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि होने का अनुमान है। यह तेजी मजबूत हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर की वजह से देखी जा रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, अगले वित्त वर्ष के दौरान नोमिनल जीडीपी वृद्धि लगभग 10.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वृद्धि के प्रमुख संकेतकों में मजबूत हवाई यात्री यातायात, सेवा पीएमआई में वृद्धि और जीएसटी संग्रह में वृद्धि शामिल है। इसके अतिरिक्त, रबी फसल की अधिक बुवाई से कृषि विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक स्थिर आधार प्रदान करेगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत त्योहारी मांग और आर्थिक गतिविधि में लगातार सुधार के कारण लचीलापन दिखाया है। यह लचीलापन हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर के रूप में दिखाई देता है, जिन्होंने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में शानदार वृद्धि दिखाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024-25 में मंदी तो रहेगी, लेकिन अच्छी बात यह है कि वित्त वर्ष 2025 में निजी और सरकारी खपत में क्रमशः 7.3 प्रतिशत और 4.1 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है। इसके अलावा, निर्यात वृद्धि में वित्त वर्ष 2024 में 2.6 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले 5.9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज होने की संभावना है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2024-25 की दूसरी छमाही में सरकारी व्यय में तेजी आने की उम्मीद है, जो विकास के लिए अहम होगा। इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में उच्च विकास को लेकर आशावाद देखा गया है। हालांकि, रिपोर्ट वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण नकारात्मक जोखिमों के बारे में चेतावनी देती है। रिपोर्ट के अनुसार, टैरिफ वॉर का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में आने वाला अमेरिकी प्रशासन संरक्षणवादी व्यापार नीतियों को लागू कर सकता है। इस तरह के उपाय वैश्विक व्यापार को बाधित कर सकते हैं और संभावित रूप से जवाबी कार्रवाई को गति दे सकते हैं, जिससे वैश्विक आर्थिक स्थिरता को खतरा हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, "होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ नीतियों को लागू करने के बाद कई तरह के आर्थिक और रणनीतिक जोखिम बने हुए हैं। इसका वैश्विक व्यापार पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।" रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू स्तर पर, ध्यान मुख्य आर्थिक घटनाओं पर केंद्रित रहेगा, जिसमें केंद्रीय बजट, तीसरी और चौथी तिमाही में कॉर्पोरेट प्रदर्शन और भारतीय रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति निर्णय शामिल हैं। recent visitors 108

डब्ल्यूईएफ ने कहा – फ्यूचर टेक्नोलॉजी अपनाने में भारतीय कंपनियां सबसे आगे

नई दिल्ली. विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा प्रकाशित 'फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025' के अनुसार, भारतीय नियोक्ता प्रमुख तकनीकों को अपनाने में काफी आगे हैं। वो इस क्षेत्र में वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ने की तैयारी में है। 35 प्रतिशत नियोक्ता सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग तकनीकों को अपनाने की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि 21 प्रतिशत नियोक्ता क्वांटम और एन्क्रिप्शन से परिचालन में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। 20-25 जनवरी को दावोस में होने वाली डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक से पहले जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर 20 प्रतिशत की तुलना में भारत में 35 प्रतिशत नियोक्ता सोचते हैं कि सेमीकंडक्टर और कंप्यूटिंग तकनीकों को अपनाने से उनके परिचालन में बदलाव आएगा। वहीं, वैश्विक स्तर पर 12 प्रतिशत की तुलना में 21 प्रतिशत भारतीय नियोक्ता सोचते हैं क्वांटम और एन्क्रिप्शन तकनीकों को अपनाने से उनके परिचालन में भी बदलाव आएगा। रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत के तेजी से बढ़ते जॉब रोल्स में, बिग डेटा स्पेशलिस्ट, एआई-मशीन लर्निंग स्पेशलिस्ट और सिक्योरिटी मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट शामिल हैं। जो कि ग्लोबल ट्रेंड से जुड़ा है।" भारत में काम करने वाली 67 प्रतिशत कंपनियों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे डायवर्स टैलेंट पूल का इस्तेमाल करें और डिग्री आवश्यकताओं को हटाकर स्किल-बेस्ड हायरिंग (कौशल आधारित नौकरी पर रखने) को अपनाएं। रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई कौशल की मांग को लेकर विश्व स्तर पर तेजी आई है, जिसमें भारत और अमेरिका सबसे आगे हैं। अमेरिका में, मांग मुख्य रूप से व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं द्वारा संचालित होती है, जबकि भारत में, कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप जेनएआई ट्रेनिंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि डिजिटल एक्सेस में वृद्धि, भू-राजनीतिक तनाव और क्लाइमेट मिटिगेशन प्रयास प्राथमिक ट्रेंड होंगे जो 2030 तक भविष्य की नौकरियों को आकार देंगे। यह रिपोर्ट 1,000 से अधिक कंपनियों के दृष्टिकोणों को एक साथ लाती है, जो सामूहिक रूप से वैश्विक स्तर पर 14 मिलियन से अधिक श्रमिकों को रोजगार देती हैं। recent visitors 120

भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,258 अंक टूटा

मुंबई भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को वैश्विक अनिश्चितताओं और ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारी गिरावट के साथ बंद हुए। घरेलू बेंचमार्क सूचकांक 1.5 प्रतिशत से अधिक गिर गए। निफ्टी पर पीएसयू बैंक सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली। पीएसयू बैंक सेक्टर में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा रियलिटी, मेटल, एनर्जी, पीएसई और कमोडिटी सेक्टर में भी 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,258.12 अंक या 1.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,964.99 पर और निफ्टी 388.70 अंक या 1.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,616.05 पर बंद हुआ। सेंसेक्स का इंट्राडे लो 77,781.62 रहा, जबकि निफ्टी का इंट्राडे लो 23,551.90 रहा। निफ्टी बैंक 1,066.80 अंक या 2.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49,922 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,564.10 अंक या 2.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,366.9 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 608.45 अंक या 3.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,425.25 पर बंद हुआ। बाजार के जानकारों के अनुसार, घरेलू बाजार में तेज बिकवाली का मुख्य कारण एचएमपीवी को लेकर चिंता है। जानकारों ने कहा, "नई अमेरिकी आर्थिक नीतियों, भविष्य में ब्याज दरों में कटौती पर फेड के आक्रामक रुख, वर्ष 2025 में मुद्रास्फीति में संभावित वृद्धि और डॉलर में मजबूती के कारण उभरते बाजारों में कंसोलिडेशन हो रहा है, जो सभी मार्केट सेंटीमेंट को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है।" बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 657 शेयर हरे और 3,472 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 115 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेक्टोरल फ्रंट पर, सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स में टाटा स्टील, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, पावरग्रिड, जोमैटो, इंडसइंड बैंक, एशियन पेंट्स, रिलायंस, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, नेस्ले इंडिया और एसबीआई टॉप लूजर्स रहे। टाइटन, एचसीएल टेक और सन फार्मा टॉप गेनर्स रहे। क्वांटेस रिसर्च के संस्थापक और सीईओ कार्तिक जोनागदला के अनुसार, निफ्टी अपने क्रिटिकल 200-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (200 डीईएमए) 23,650 से नीचे बंद हुआ है। उन्होंने कहा, "हम सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखते हैं और निकट भविष्य में निफ्टी इंडेक्स के लिए 5-6 प्रतिशत की बढ़त की उम्मीद करते हैं, अगर प्रमुख स्तरों को फिर से हासिल किया जाता है और बाजार की हालत में जल्द सुधार होता है।" recent visitors 96

भारत वैश्विक खिलौना निर्यातक के रूप में उभर रहा, खिलौना उद्योग में सफलता की नई ऊंचाईयों को छुआ, निर्यात में 239% की वृद्धि

नई दिल्ली भारतीय खिलौना उद्योग ने पिछले कुछ वर्षों में बहुत बड़ी प्रगति की है। एक नए अध्ययन के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय खिलौना उद्योग ने वित्त वर्ष 2015 के मुकाबले आयात में 52% की गिरावट और निर्यात में 239% की वृद्धि देखी है। यह रिपोर्ट "भारत में निर्मित खिलौनों की सफलता की कहानी" पर आधारित है, जिसे भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ ने उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के निर्देश पर तैयार किया। सरकारी प्रयासों से बेहतर हुआ विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार के प्रयासों से भारतीय खिलौना उद्योग के लिए एक बेहतर और अनुकूल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हुआ है। इसके परिणामस्वरूप, 2014 से 2020 तक, छह वर्षों के भीतर विनिर्माण इकाइयों की संख्या दोगुनी हो गई। इसके साथ ही आयातित इनपुट पर निर्भरता 33% से घटकर 12% हो गई और सकल बिक्री मूल्य में 10% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से वृद्धि हुई। इस सबका परिणाम यह हुआ कि श्रम उत्पादकता भी बढ़ी है। भारत वैश्विक खिलौना निर्यातक के रूप में उभर रहा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत अब वैश्विक खिलौना मूल्य श्रृंखला में एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभर रहा है। भारत को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में शून्य-शुल्क बाजार पहुंच भी प्राप्त है। इससे भारतीय खिलौनों को इन देशों में एक मजबूत स्थान मिल रहा है। हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी कहा कि भारत को चीन और वियतनाम जैसे खिलौना केंद्रों के मुकाबले एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए खिलौना उद्योग और सरकार के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता है। आवश्यक कदम और प्रयास रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि भारत में खिलौना उद्योग को और भी सशक्त बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिए। इनमें प्रौद्योगिकी में प्रगति, ई-कॉमर्स का अधिकतम उपयोग, साझेदारी को बढ़ावा देना, निर्यात को बढ़ावा देना, ब्रांड निर्माण में निवेश करना, बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए शिक्षकों और अभिभावकों को जोड़ना, सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय कारीगरों के साथ सहयोग करना शामिल है।   recent visitors 109

ओयो ने अपने पार्टनर होटल्स के लिए नई चेक-इन पॉलिसी लॉन्च की, जिसके अंतर्गत अनमैरिड कपल्स को अब रूम

नई दिल्ली ओयो के जरिए होटल्स रूम बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है। कंपनी अपने पार्टनर होटल्स के लिए नई चेक-इन पॉलिसी लॉन्च की है। नई पॉलिसी के अनुसार अनमैरिड कपल्स (अविवाहित जोड़े) को कमरा नहीं दिया जाएग। फिलहाल यह नया नियम उत्तर प्रदेश के मेरठ में लागू किया गया है। लेकिन आने वाले समय में इसे अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है। क्या है ओयो की नई चेक इन पॉलिसी? इस नई पॉलिसी में अविवाहित जोड़े को वैलिड प्रूफ दिखाना होगा। जिससे वो कपल्स साबित हो सकें। यह नियम ऑनलाइन बुकिंग के लिए भी लागू रहेगा। ओयो ने अपने बयान में कहा है कि पार्टनर होटल्स को सामजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कपल्स बुकिंग को कैंसल करने का अधिकार दिया गया है। सबसे पहले मेरठ में लागू हुआ नियम ओयो ने मेरठ स्थित अपने पार्टनर होटल्स को यह नई पॉलिसी को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है। कंपनी मेरठ के अनुभवों के आधार पर आने वाले शहरों में भी इस नियम को लागू कर सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले व्यक्ति के अनुसार “मेरठ में कई सामाजिक संस्थाओं ने कंपनी के सामने इस मुद्दे को उठाया था। इसके अलावा कई अन्य शहरों में अनमैरिड कपल्स को कमरा ना देने को लेकर पिटीशन दाखिल की गई थी।” इसी कारण कंपनी को ये फैसला लेना पड़ा। ओयो के अधिकारी का क्या कहना है? कंपनी के नॉर्थ इंडिया के रीजन के हेड पवास शर्मा ने पीटीआई को बताया, “ओयो सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ काम करने के प्रति प्रतिबध्द है। जहां एक तरफ हम व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं। तो वहीं कानून के दायरे में काम करने को लेकर और सामाजिक संस्थाओं की बातों को भी जिम्मेदारी पूर्वक सुन रहे हैं। हम इस पॉलिसी के प्रभाव और नियमों को समय-समय पर रिव्यू करते रहेंगे।’ ओयो का कहना है कि यह प्रोग्राम कंपनी के प्रति पुरानी धारणाओं को बदलना और परिवार, स्टूडेंट्स, बिजनेस, धार्मिक और अकेले यात्रियों को सुरक्षित अनुभव देने वाले ब्रांड में पेश करना है। कंपनी ने कहा इसके जरिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा रूम बुक करने के लिए भी प्रोत्साहित करना है। recent visitors 200

कोटक, एयू स्मॉल और कैपिटल स्मॉल बैंक की 9.5% तक हिस्सेदारी खरीदेगा HDFC Bank

नई दिल्ली  नए साल में बैंकिंग सेक्टर में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक तीन बैंकों में 9.5% तक हिस्सेदारी खरीदने जा रहा है। इसके लिए उसे आरबीआई से हरी झंडी मिल गई है। इनमें कोटक महिंद्रा बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक शामिल हैं। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने आज एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे आरबीआई की तरफ से एक पत्र मिला है। इसमें कहा गया है कि एचडीएफसी बैंक और ग्रुप की अन्य कंपनियों एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, एचडीएफसी पेंशन मैनेजमेंट, एचडीएफसी अर्गो जनरल इंश्योरेंस और एचडीएफसी सिक्योरिटीज को एयू स्मॉल फाइनेंस में 9.50% तक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिल गई है। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक एक शेड्यूल्ट कमर्शियल बैंक है जो बीएसई 100 इंडेक्स में लिस्टेड है। इसका मार्केट कैप 42,678.04 करोड़ रुपये है। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 13,37,919.84 करोड़ है। यह मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस के बाद देश की तीसरी बड़ी कंपनी है। एचडीएफसी बैंक ने भी एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि उसे कोटक महिंद्रा बैंक और कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक में 9.5 फीसदी एग्रीगेट होल्डिंग खरीदने के लिए आरबीआई की मंजूरी मिल गई है। एक साल की वैलिडिटी एचडीएफसी बैंक को इन बैंकों में यह हिस्सेदारी खरीदने के लिए मिली मंजूरी एक साल तक वैलिड रहेगी। साथ ही एचडीएफसी बैंक को एग्रीगेट होल्डिंग सुनिश्चित करनी होगी। यानी इन बैंकों में एचडीएफसी बैंक और ग्रुप की अन्य कंपनियों की होल्डिंग उन बैंकों की चुकता शेयर पूंजी या वोटिंग राइट्स के 9.5 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। आरबीआई के 2023 के दिशानिर्देशों के मुताबिक एग्रीगेट होल्डिंग में बैंक के शेयर, उसकी सहयोगी कंपनियां, म्यूचुअल फंड्स, ट्रस्टीज और प्रमोटर ग्रुप एंटिटीज शामिल हैं। एचडीएफसी बैंक की इन बैंकों में निवेश की योजना नहीं है लेकिन ग्रुप की एग्रीगेट होल्डिंग 5% की लिमिट से अधिक हो सकती है। इसलिए एचडीएफसी बैंक ने इनवेस्टमेंट लिमिट बढ़ाने के लिए आरबीआई से मंजूरी मांगी थी।   recent visitors 136

SBI, HDFC Bank के ग्राहकों को होगा फायदा, FD पर इतना बढ़कर मिलेगा ब्याज

नई दिल्ली  फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई और सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी ने कुछ डिपॉजिटर्स के लिए एफडी पर ब्याज बढ़ाने की घोषणा की है। एसबीआई ने 80 वर्ष से अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजंस की एक नई कैटगरी शुरू की है। ऐसे डिपॉजिटर्स को सीनियर सिटीजंस की तुलना में 10 आधार अंक ज्यादा ब्याज मिलेगा। वहीं एचडीएफसी बैंक ने बल्क डिपॉजिट (5 करोड़ रुपये और उससे अधिक) पर रिटर्न को 5-10 आधार अंकों तक संशोधित किया है। एसबीआई का रिवीजन सेविंग्स के बड़े हिस्से को हासिल करने के लिए डिपॉजिट पर इनोवेशन करने की रणनीति का हिस्सा है। बैंक 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए ज्यादा ब्याज देने के अलावा ने अपनी स्कीम को रिस्ट्रक्चर किया है। इनके तहत ग्राहक अपने बचत लक्ष्य तय कर सकते हैं और उसके अनुसार रिकरिंग डिपॉजिट के लिए साइन अप कर सकते हैं। बैंक में ब्याज दरों में ऐसे समय संशोधन किया है जब ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई से नीतिगत दरों में कटौती की मांग की जा रही है। आरबीआई के आंकड़ों से पता चला है कि बैंक जमा और बैंक ऋण दिसंबर के मध्य तक 11.5% की समान गति से बढ़ रहे थे। दूसरे बैंक भी बढ़ाएंगे ब्याज? एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद दूसरे बैंक भी ऐसा कर सकते हैं। हालांकि सूत्रों ने कहा कि एचडीएफसी बैंक ने दूसरे बैंकों के बराबर आने के लिए ब्याज दरों में बदलाव किया है। उच्च जमा दरें भी उधार दरों की सीमांत लागत में संशोधन के कारण उच्च उधार लागत में तब्दील हो जाती हैं, जो सीधे जमा की लागत से जुड़ी होती हैं। दिसंबर 2024 को समाप्त तिमाही के लिए व्यावसायिक आंकड़ों की घोषणा करने वाला पहला बड़ा बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा है। उसका कहना है कि उसके ग्लोबल एडवांसेज और ग्लोबल डिपॉजिट में क्रमशः 11.7% और 11.8% की बढ़ोतरी हुई है। recent visitors 104

भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली लगातार लोकप्रिय हो रही है, 8% बढ़कर 16.73 अरब के नए स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली भारत में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। दिसंबर 2024 में UPI ने लेन-देन की संख्या और वैल्यू दोनों में नया रिकॉर्ड बनाया जिससे यह साबित होता है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली लगातार लोकप्रिय हो रही है। UPI लेन-देन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिसंबर 2024 में UPI के जरिए लेन-देन की संख्या 16.73 बिलियन (1.67 अरब) तक पहुंच गई जो अप्रैल 2016 में इसकी शुरुआत के बाद से सबसे ज्यादा है। इस दौरान UPI का लेन-देन वैल्यू भी 8 प्रतिशत बढ़कर 23.25 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गया जबकि नवंबर 2024 में यह वैल्यू 21.55 ट्रिलियन रुपये थी। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान UPI ट्रांजेक्शन की कुल संख्या 172 बिलियन (17.2 अरब) तक पहुंची जो 2023 के 118 बिलियन की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है। दिसंबर 2024 में दैनिक लेन-देन में बढ़ोतरी नवंबर की तुलना में दिसंबर 2024 में दैनिक लेन-देन की संख्या भी बढ़कर 540 मिलियन (54 करोड़) हो गई जो नवंबर में 516 मिलियन (51.6 करोड़) थी। इसके साथ ही दिसंबर में दैनिक लेन-देन की वैल्यू भी 74,990 करोड़ रुपये हो गई जो नवंबर के 71,840 करोड़ रुपये से अधिक है। दिसंबर 2023 से तुलना करने पर दिसंबर 2024 में UPI के लेन-देन की संख्या में 39 प्रतिशत और वैल्यू में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। यह UPI की बढ़ती लोकप्रियता और उपयोगकर्ता आधार का संकेत है। फास्टैग ट्रांजेक्शन में भी बढ़ोतरी दिसंबर 2024 में न केवल UPI ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी हुई बल्कि फास्टैग ट्रांजेक्शन में भी सुधार देखा गया। फास्टैग ट्रांजेक्शन की संख्या 6 प्रतिशत बढ़कर 382 मिलियन (38.2 करोड़) हो गई जबकि नवंबर में यह संख्या 359 मिलियन (35.9 करोड़) थी। इसके अलावा फास्टैग ट्रांजेक्शन का वैल्यू भी 9 प्रतिशत बढ़कर 6,642 करोड़ रुपये हो गया। अगर दिसंबर 2023 से तुलना करें तो फास्टैग ट्रांजेक्शन की संख्या में 10 प्रतिशत और वैल्यू में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आधार-बेस्ड लेन-देन में भी मामूली बढ़ोतरी इसके अलावा आधार-बेस्ड लेन-देन में भी मामूली 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नवंबर में जहां यह संख्या 92 मिलियन (9.2 करोड़) थी, वहीं दिसंबर में यह बढ़कर 93 मिलियन (9.3 करोड़) हो गई। UPI की शुरुआत और विस्तार यूपीआई की शुरुआत 2016 में भारत में की गई थी और अब यह देशभर में व्यापक रूप से इस्तेमाल हो रही है। वहीं UPI की सफलता ने इसे अन्य देशों में भी प्रवेश दिलवाया है। भारत के अलावा UPI अब फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, श्रीलंका, मॉरीशस, भूटान और नेपाल में भी स्वीकार किया जा रहा है। बता दें कि UPI की बढ़ती लोकप्रियता और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में इसकी बढ़ती उपस्थिति यह साबित करती है कि भारत डिजिटल ट्रांजेक्शन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दिसंबर 2024 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में और भी अधिक लोग UPI का उपयोग करेंगे जिससे डिजिटल भुगतान प्रणाली का विस्तार होगा और यह पूरी दुनिया में भारतीय तकनीकी सफलता का प्रतीक बनेगा। recent visitors 190

Stock Market में जोरदार गिरावट, सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंक लुढ़का; IT और Banking स्टॉक्स पर दबाव

मुंबई सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार की शुरुआत ही लाल निशान के साथ हुई. उसके बाद बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी जूझते हुए नजर आए. जबकि बैंक निफ्टी में भी आज भारी गिरावट देखी जी रही है. सबसे ज्यादा बुरा हाल आईटी, फार्मा, हेल्थ और फाइनेंस सेक्टर का है. जिनमें सबसे ज्यादा गिरावट बनी हुई है. सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट जारी दरअसल, मिलेजुले वैश्विक संकेतों और वॉल स्ट्रीट पर रात भर गिरावट के बीच भारतीय बाजार में कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन गिरावट बनी हुई है. शुक्रवार सुबह 10 बजे, बीएसई सेंसेक्स 480 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,463 पर आ गया. इसके कुछ देर बाद इसमें 500 अंक से ज्यादा की गिरावट देकने को मिली. इसके साथ ही निफ्टी 50 में भी इस दौरान 123 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली और ये गिरकर 4,065.40 अंक पर आ गया. इन शेयरों में दिख रही सबसे ज्यादा गिरावट बाजार की ओपनिंग के साथ ही सेंसेक्स के 30 में से आधे से ज्यादा स्टॉक्स में गिरावट देखने को मिली. सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में टीसीएस 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ अग्रणी रहा. जबकि इसके बाद आईटीसी, इंफोसिस, एशियन पेंट और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली. वहीं जिन शेयरों में आज तेजी देखी जा रही है उनमें एचसीएलटेक में 1.04 प्रतिशत सबसे ज्यादा तेजी वाला शेयर रहा. इसके बाद एसबीआई, अदानी पोर्ट्स एंड एसईजेड, मारुति सुजुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा रहे. निफ्टी 50 के शेयरों का हाल अगर बात करें निफ्टी 50 के शेयरों की तो इसके 50 में से 27 शेयरों में आज तेजी देखने को मिल रही है. इसमें ओएनजीसी (3.14 फीसदी) की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा तेजी वाला शेयर रहा.  जबकि इसके बाद एसबीआई, एचसीएलटेक, इंडसइंड बैंक और एसआई लाइफ का स्थान रहा. वहीं जबकि हीरो मोटोको में आज 2.07 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इसके बाद टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और सिप्ला में भी जबरदस्त गिरावट देखी गई. recent visitors 69

भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी में

मुंबई  भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी में हैं। हिंदू बिजनसलाइन की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अंबानी ने रिलायंस जियो के आईपीओ की तैयारियां शुरू कर दी है। कंपनी का आईपीओ 35,000 से 40,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इसमें ऑफर ऑफ सेल के साथ-साथ ताजा शेयर भी जारी किए जाएंगे। यह आईपीओ साल की दूसरी छमाही में आ सकता है। हुंडई मोटर इंडिया पिछले साल 27,870.16 करोड़ रुपये का आईपीओ लाई थी जो देश में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। सूत्रों के मुताबिक रिलायंस जियो के आईपीओ के लिए प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पर शुरुआती बातचीत पहले ही शुरू हो चुकी है। इनवेस्टमेंट बैंकर्स का कहना है कि यह इश्यू बड़ा हो सकता है और इसमें सब्सक्रिप्शन की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। प्री-प्लेसमेंट की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि इसमें फ्रेश इश्यू का साइज क्या होगा। ओएफएस और फ्रेश इश्यू का हिस्सा कितना होगा, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। इस बारे में रिलायंस को भेजे ईमेल का कोई जबाव नहीं आया। किस-किस की है हिस्सेदारी सूत्रों का कहना है कि रिलायंस जियो के आईपीओ में ओएफएस कंपोनेंट अहम होगा क्योंकि इससे कई मौजूदा निवेशकों को अपनी हिस्सेदारी बेचने का मौका मिलेगा। कंपनी में विदेशी निवेशकों की 33 फीसदी हिस्सेदारी है। रिलायंस ने साल 2020 में अबू धाबी इनवेस्टमेंट फंड, केकेआर, मुबादला और सिल्वर लेक जैसे विदेशी फंड्स से 18 अरब डॉलर जुटाए थे। कई ब्रोकरेज का कहना है कि रिलायंस जियो की वैल्यूएशन 100 अरब डॉलर हो सकती है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि कंपनी की नजर 120 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर है। अंबानी एआई सेक्टर में भी बड़ा दांव खेल रहे हैं। एआई लेंग्वेज मॉडल विकसित करने के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स ने हाल ही में एनवीडिया से हाथ मिलाया है। टेक के साथ-साथ एआई पुश से रिलायंस जियो दूसरी स्टार्टअप कंपनियों से आगे निकल सकती है। कंपनी को सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज शुरू करने के लिए भी रेगुलेटरी मंजूरी मिल गई है। रिलायंस ने अपने टेलीकॉम, इंटरनेट और डिजिटल बिजनस को मजबूत करने के लिए पिछले पांच साल में अधिग्रहण पर 3 अरब डॉलर खर्च किए हैं। रिलायंस जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है। अक्टूबर के अंत तक कंपनी के 46 करोड़ सब्सक्राइबर थे। पिछले साल जून में कंपनी ने टैरिफ बढ़ाया था जिसके कारण उसके सब्सक्राइबर्स की संख्या में गिरावट आई है। लेकिन इसके बावजूद वह नंबर 1 बनी हुई है। टैरिफ बढ़ाने से सितंबर तिमाही में कंपनी के मुनाफे में काफी तेजी आई है। इसे लिस्टिंग से पहले 5जी सर्विसेज को मॉनीटाइज करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। recent visitors 72

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स के मुताबिक 2025 में तेजी से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली वर्ष 2025 की शुरुआत के साथ ही अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यभार संभालने से पहले दुनिया में अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है, लेकिन, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में बताया गया कि जीएसटी संग्रह, सर्विस परचेसिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई), एयर पैसेंजर ग्रोथ और वाहनों का पंजीकरण में वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में मजबूत वद्धि देखने को मिली है। वहीं, दूसरी तरफ चीन के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार धीमी होती जा रही है और प्रशासन के लिए घरेलू खपत बढ़ाना और रियल एस्टेट सेक्टर को फिर से वृद्धि की ओर ले जाना एक चुनौती बन गया है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था विकास के बारे में मिश्रित संकेत दे रही है। श्रम बाजार में नरमी दिख रही है और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। खुदरा बिक्री, आवास बिक्री और सेवा क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। यूरोप में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों ने अभी तक गति नहीं पकड़ी है। वहीं सेवा क्षेत्र फिर से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। भारत में चालू खाता घाटा (सीएडी) वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में जीडीपी का 1.2 प्रतिशत तक कम हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में यह जीडीपी के 1.3 प्रतिशत के बराबर था। बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री सोनल बधान ने कहा, " पिछले वर्ष व्यापार घाटा अधिक था, सेवाओं के निर्यात में तेजी के साथ-साथ रेमिटेंस में निरंतर मजबूती ने चालू खाते घाटे को कम किया है। हमारे साल के अंत के बाजार विश्लेषण से पता चलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ने कैलेंडर वर्ष 24 में 8.7 प्रतिशत और 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। सेंसेक्स ने इस साल का नया ऑल टाइम हाई बनाया और 85,500 का आंकड़ा पार कर गया।" 2024 में रियल एस्टेट, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और आईटी का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। इस दौरान भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 2.8 प्रतिशत घटा, लेकिन इसका प्रदर्शन बाकी अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले काफी अच्छा था। रिपोर्ट के अनुसार, हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स ने अक्टूबर-दिसंबर 2024 की अवधि में मजबूत सुधार दिखाया है। जीएसटी संग्रह तीसरी तिमाही में 8.3 प्रतिशत (सालाना आधार पर) बढ़कर 5.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है, और यह दूसरी तिमाही के 5.3 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक है, जो उपभोग पैटर्न में और सुधार का संकेत देता है। इसके अलावा त्योहारी मांग के कारण शहरी उपभोग के अन्य संकेतकों में भी सुधार हुआ है। हवाई यात्रा में तीसरी तिमाही में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि दूसरी तिमाही में यह 7.8 प्रतिशत थी। सेवा पीएमआई तीसरी तिमाही में 59.2 रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 58.1 थी। बधान ने कहा, "हमें उम्मीद है कि कॉर्पोरेट्स के नतीजे भी तीसरी तिमाही में बेहतर रहने की उम्मीद है।" रिपोर्ट में आगे कहा गया कि दूसरी छमाही में सरकारी खर्च में तेजी आने और उसके बाद सरकारी और निजी निवेश दोनों में सुधार की उम्मीद से आईआईपी वृद्धि वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही की तुलना में दूसरी छमाही में बेहतर रहेगी। recent visitors 89

मालामाल हुए निवेशक, सेंसेक्स 1436 अंक चढ़ा, निफ्टी 24150 के ऊपर हुआ बंद, हरे निशान में रहा सभी सेक्टर

मुंबई  बाजार में नए साल के साथ ही रौनक लौट आई है। सेंसेक्स और निफ्टी में आज 2 जनवरी को लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी रही। दोनों इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक उछलकर कारोबार कर रहे हैं। दोपहर 2 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स जहां करीब 1,400 अंक बढ़कर 79,900 के स्तर पर चला गया। वहीं निफ्टी 440 अंकों की उड़ान भरकर 24,150 के पार चला गया। सबसे अधिक तेजी आईटी और बैकिंग शेयरों में देखने को मिली। सेंसेक्स- निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ निफ्टी वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में जोश देखने को मिला और सेंसेक्स- निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ। मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी रही जबकि BSE के सभी सेक्टर इंडेक्स में खरीदारी रही। वहीं ऑटो , IT शेयरों में अच्छी तेजी रही जबकि बैंकिंग, PSE, तेल-गैस इंडेक्स बढ़त पर बंद हुआ। मेटल, रियल्टी इंडेक्स में तेजी रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1436.30 अंक यानी 1.83 फीसदी की बढ़त के साथ 79,943.71 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 445.75 अंक यानी 1.88 फीसदी की बढ़त के साथ 24,188.65 के स्तर पर बंद हुआ। Bajaj Finserv, Eicher Motors, Bajaj Finance, Maruti Suzuki, Shriram Finance निफ्टी का टॉप गेनर रहा। वहीं Britannia Industries, Sun Pharma निफ्टी का टॉप लूजर रहा। वहीं बीएसई का मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। सेक्टोरल फ्रंट पर देखें तो सभी सेकटर हरे निशान में बंद हुआ। आईटी इंडेक्स 2 फीसदी और ऑटो इंडेक्स 3.5 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुआ।  मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें शेयर बाजार की इस शानदार तेजी के पीछे कई 4 बड़ी वजहें रहीं- 1. शानदार GST कलेक्शन दिसंबर महीने में GST कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 7.3 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो कंज्मप्शन गतिविधियों में तेजी को दिखाता है। एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि यह बढ़ोतरी आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकेत है, जो निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत कर सकता है। KPMG के पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा, "मजबूत जीएसटी कलेक्शन स्थिर मांग और इकोनॉमी की अच्छी सेहत को दिखाता है।" निफ्टी अपने 200-दिनों के मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया, जिससे बाजार की तेजी को सपोर्ट मिला है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा, "23,770 का स्तर पार करने के बाद, कंसॉलिडेशन की उम्मीद थी। अगर निफ्टी 23,850 के ऊपर बना रहता है, तो यह 24,025 तक जा सकता है।" उन्होंने कहा कि हालांकि अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन इस स्तर पर गिरावट की संभावना कम ही दिखती है। 3. अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीद शेयर बाजार को कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है। हाल ही में ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर से अच्छे कारोबारी अपडेट देखने को मिली थे।मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और CSB बैंक जैसी कंपनियों के बिजनेस अपडेट को देखकर अच्छे तिमाही नतीजों की उम्मीदें और बढ़ी हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि लक्जरी खपत वाले सेक्टर, जैसे ज्वेलरी और हॉस्पिटैलिटी, भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। 4: आईटी सेक्टर की उछाल पिछले 2 दिनों से शेयर बाजार में जारी तेजी में सबसे अहम योगदान आईटी शेयरों का है। आज 2 जनवरी को भी आईटी इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की उछाल आई। सीएलएसए और सिटी दोनों का का कहना है कि स्थिर मांग और रुपये में गिरावट के चलते दिसंबर तिमाही में आईटी कंपनियों की ग्रोथ बेहतर रह सकती है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइसप्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, "कंसॉलिडेशन का दूसरा सप्ताह बताता है कि यह ट्रेंड जारी रहने की संभावना है। ट्रेडर्स को मजबूत मोमेंटटम दिखाने वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर फार्मा और FMCG सेक्टर में।" recent visitors 74

मारुति ने 2024 में 17,90,977 लाख गाड़ियां बेचने के साथ अब तक की सर्वाधिक सालाना थोक बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ा

मुंबई स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की निरंतर मांग और ग्रामीण बाजारों में कारों की बिक्री बढ़ने से साल 2024 में रिकॉर्ड 43 लाख वाहन बिके। इसके साथ ही, वाहन उद्योग ने 2023 में बिके 41.1 लाख गाड़ियों की बिक्री के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया। बीते साल मारुति सुजुकी, ह्यूंडई, टाटा मोटर्स, टोयोटा किर्लोस्कर और किआ जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपनी अब तक की सबसे ऊंची सालाना बिक्री दर्ज की। मारुति सुजुकी इंडिया लि. के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी पार्थो बनर्जी ने कहा, 2023 में 41,09,000 लाख वाहन बिके थे। इस आधार पर 2024 में 4.5 से 4.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। मारुति ने छह साल बाद तोड़ा रिकॉर्ड मारुति ने 2024 में 17,90,977 लाख गाड़ियां बेचने के साथ अब तक की सर्वाधिक सालाना थोक बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कंपनी ने इससे पहले 2018 में रिकॉर्ड 17,51,919 वाहन बेचे थे।  ह्यूंडई मोटर इंडिया ने भी 2024 में रिकॉर्ड 6,05,433 वाहन बेचे। टाटा मोटर्स के लिए बिक्री के लिहाज से यह लगातार चौथा सबसे बेहतर साल रहा। इस दौरान कंपनी ने 5.65 लाख गाड़ियां बेचीं।  टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने 3,26,329 इकाई के साथ अपनी अबतक की सर्वश्रेष्ठ बिक्री दर्ज की। किआ इंडिया ने भी छह बिक्री वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 2,55,038 वाहन बेचे। मारुति सुजुकी की टॉप सेलिंग कार 2024 नं मॉडल यूनिट 1 वैगनआर 1.98 लाख 2 अर्टिगा 1.90 लाख 3 ब्रेजा 1.88 लाख 4 स्विफ्ट 1.73 लाख 5 बलेनो 1.72 लाख 6 डिजायर 1.68 लाख 7 फ्रोंक्स 1.56 लाख   लग्जरी वाहनों में गिरावट लग्जरी सेगमेंट में जर्मन कंपनी ऑडी की कारों की खुदरा बिक्री 2024 में पूरे साल के दौरान एक साल पहले की तुलना में 26.6 फीसदी घटकर 5,816 इकाई रह गई। कंपनी ने 2023 में कुल 7,931 वाहन बेचे थे। दोपहिया-वाणिज्यिक वाहनों में भी उछाल दिसंबर, 2024 में दोपहिया और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में भी तेजी दर्ज की गई। सुजुकी मोटरसाइकिल के दोपहिया वाहनों की बिक्री 22 फीसदी बढ़कर 96,804 इकाई पहुंच गई। बजाज ऑटो ने दोपहिया व वाणिज्यिक समेत 3,23,125 वाहन बेचे। वीई कमर्शियल व्हीकल लि. ने 8,324 वाणिज्यिक वाहन बेचे। दिसंबर, 2023 में यह आंकड़ा 8,026 था। recent visitors 69

Stock Market: शेयर बाजार में बहार… सेंसेक्स-निफ्टी भागे, लवे स्टॉक ने लगाई दौड़

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के लिए साल 2025 की शुरुआत शानदार रही. पहले दिन 1 जनवरी को सेंसेक्स-निफ्टी तेजी के साथ हरे निशान पर क्लोज हुए, तो गुरुवार को भी ये रफ्तार जारी रही. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex) बीते कारोबारी दिन 368 अंक उछलकर क्लोज हुआ था, जबकि आज ये 700 अंक की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) में भी हरियाली देखने को मिल रही है. बाजार में तेजी के बीच Bajaj Finance से लेकर Railtel तक के शेयर छलांग लगाते नजर आए. 250 अंक से ज्यादा उछला सेंसेक्स शेयर बाजार (Share Market) में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत ग्रीन जोन में हुई. सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,507.41 की तुलना में बढ़कर 78,657.52 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ देर बाद ही ये 350 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 78,893.18 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया. Sensex की तरह Nifty भी छलांग लगाता हुआ नजर आया. एनएसई के इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,742.90 के लेवल से उछलकर 23,783 पर कारोबार शुरू किया और मिनटों में ये रफ्तार पकड़ते हुए 110 अंक की तेजी के साथ 23, 868 के लेवल पर पहुंच गया. कल भी भागा था शेयर बाजार बीते कारोबारी दिन बुधवार को भी शुरुआती सुस्ती के बाद अचानक शेयर बाजार की रफ्तार तेज हो गई थी और मार्केट क्लोज होते-होते Sensex-Nifty जोरदार तेजी लेकर बंद हुए थे. BSE Sensex ने 78,265.07 के स्तर पर खुलने के बाद 368.40 अंक की तेजी लेकर 78,507.41 पर कारोबार खत्म किया था. तो वहीं सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty ने भी 23,637.65 पर ओपन होने के बाद अंत में 98.10 अंक चढ़कर 23,742.90 पर क्लोजिंग की थी. सबसे ज्यादा भागे ये 10 शेयर सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों में Bajaj Finance Share सबसे आगे रहा और ये करीब 3 फीसदी की उछाल के साथ 7,143.15 रुपये पर ट्रेड करता दिखा. इसके बाद लार्ज कैप में शामिल Bajaj Finserv Share (2.50%), Infy Share (1.90%), Kotat Bank Share (1.60%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी में Railtel Share (6.43%), Policy Bazar Share (2.90%), IGL Share (2.38%), चढ़कर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं स्मॉलकैप कंपनियों में Rico Auto Share सबसे तेज 13.72% उछल गया. इसके साथ ही DYCL Share भी करीब 7% के आस-पास उछलकर कारोबार कर रहा था. recent visitors 72

महिंद्रा एंड महिंद्रा दुनिया की 11वीं सबसे मूल्यवान ऑटोमोबाइल कंपनी बनी: चेयरमैन आनंद महिंद्रा

मुंबई महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने बुधवार को कहा कि कंपनी दुनिया की 11वीं सबसे मूल्यवान ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी बन गई है और इसने कई प्रतिस्पर्धियों और पूर्व टेक्नोलॉजी सहयोगियों को पीछे छोड़ दिया है। महिंद्रा समूह के कर्मचारियों को नववर्ष के अवसर पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 2002 से निफ्टी 50 का हिस्सा रहीं कंपनियों में एमएंडएम के शेयर में मूल्य वृद्धि दर अब तक सबसे अधिक रही है और पिछले वर्ष ही इसने निवेशकों को 77 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। आनंद महिंद्रा ने लिखा कि "हम लगातार चौथे साल डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में शामिल हुए हैं। वर्ल्ड इंडेक्स में सबसे ऊंची रैंकिंग पाने वाले ऑटोमोटिव ओईएम है।" अन्य कारोबारों में सबसे बेहतर बात यह है कि महिंद्रा सस्टेन ने अपनी योजना से अधिक आगे का लक्ष्य हासिल किया है। इसकी संचयी प्रोजेक्ट पाइपलाइन 3.3 जीडब्ल्यूपी की हो गई है, जो इसकी टारगेट क्षमता से 60 प्रतिशत अधिक थी। महिंद्रा और महिंद्रा के चेयरमैन ने कहा कि भारतीय तिपहिया वाहनों के इलेक्ट्रिफिकेशन में हम लीडरशीप पॉजिशन में है। महिंद्रा फाइनेंस की लोन बुक बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि भारत अपनी रक्षा करने से कहीं अधिक करने की स्थिति में है। महिंद्रा के अनुसार, भारत अब समुद्र तट पर 99 पाउंड का हल्का वजन वाला देश नहीं रह गया है। यह सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर सकता है। देश राजनीतिक रूप से स्थिर है, जो इसके मजबूत लोकतंत्र पर आधारित है और यह केंद्रीय चुनावों में पूरी तरह से प्रदर्शित हुआ, जब एक अरब से अधिक लोगों के देश ने निर्बाध, शांतिपूर्ण और प्रभावी ढंग से मतदान किया। आनंद महिंद्रा ने कर्मचारियों से कहा, "हम कई अन्य देशों की तुलना में अस्थिर वैश्विक स्थितियों से कम प्रभावित होंगे। ऐसी स्थिति में हमारे समूह के पास घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के विकास के अवसरों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।" recent visitors 58

नए साल की पार्टी डिस्पोजल्स और ड्रिंक्स की बढ़ी बिक्री, कंडोम की बिक्री ने बनाए रिकॉर्ड

नई दिल्ली 31 दिसंबर 2024 की रात पूरी दुनिया ने नए साल का जश्न धूमधाम से मनाया. भारत में भी जश्न का माहौल जबरदस्त रहा. घर-घर में पार्टी का खुमार छाया रहा और इसकी झलक ऑनलाइन ऑर्डर प्लेटफॉर्म्स पर साफ नजर आई. नए साल की पार्टी में भारतीयों का अंदाज जानने के लिए Blinkit और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स ने दिलचस्प आंकड़े साझा किए. उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर की रात पार्टी के मूड में लोगों ने क्या-क्या ऑर्डर किया. स्नैक्स, ठंडे पेय और पार्टी से जुड़े सामानों की डिमांड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए. Blinkit और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आलू भुजिया से लेकर बर्फ के पैकेट्स तक, हर चीज के ऑर्डर की बाढ़ आ गई. घर की पार्टियों के इस अंदाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत में जश्न मनाने का अंदाज सबसे खास है. Blinkit के CEO अलबिंदर ढींडसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के पोस्ट शेयर करके हाल बताया. आलू भुजिया बनी पार्टी स्टार रात 8 बजे तक Blinkit ने 2.3 लाख पैकेट आलू भुजिया डिलीवर किए. उधर, Swiggy Instamart पर 7:30 बजे प्रति मिनट 853 ऑर्डर चिप्स के लिए किए गए.Swiggy Instamart पर सबसे ज्यादा सर्च किए गए टॉप 5 आइटम्स में दूध, चॉकलेट, अंगूर, पनीर और चिप्स शामिल थे. Swiggy Instamart के को फाउंडर फणी किशन ने भी इसको लेकर एक पोस्ट किया. बर्फ के पैकेट्स की डिमांड आसमान पर Blinkit पर रात 8 बजे तक 6,834 पैकेट बर्फ के लिए ऑर्डर हुए, जबकि BigBasket पर बर्फ के ऑर्डर में 1290% का इजाफा देखा गया. Swiggy Instamart के फाउंडर फानी किशन ने ट्वीट किया, 'रात 7:41 पर 119 किलो बर्फ हर मिनट डिलीवर हो रही थी.' पार्टी डिस्पोजल्स और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स की बढ़ी बिक्री BigBasket ने बताया कि डिस्पोजेबल कप-प्लेट की बिक्री में 325% और नॉन-अल्कोहलिक पेय पदार्थों में 552% की वृद्धि हुई. कंडोम की बिक्री ने बनाए रिकॉर्ड 31 दिसंबर की दोपहर तक Swiggy Instamart ने 4,779 पैकेट कंडोम डिलीवर किए. रात होते-होते Blinkit ने 1.2 लाख पैकेट्स कंडोम डिलीवर किए, जिनमें चॉकलेट फ्लेवर सबसे ज्यादा (39%) पसंद किया गया. इसके बाद स्ट्रॉबेरी (31%) और बबलगम (19%) का नंबर आया. Blinkit के CEO अलबिंदर ढींडसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर नए साल की रात के दिलचस्प आंकड़े शेयर किए. अनचाहे ऑर्डर: ब्लाइंडफोल्ड और अंडरवियर Swiggy Instamart पर एक ग्राहक ने ब्लाइंडफोल्ड( आंखों पर बांधने वाली काली पट्टी) और हैंडकफ्स ऑर्डर किए, जबकि Blinkit पर पुरुषों के अंडरवियर की भी डिमांड देखी गई.नए साल की इस रात ने साफ कर दिया कि भारत में पार्टी मूड ऑन था!   recent visitors 117

साल के पहले दिन 24 कैरेट सोना औसतन 372 रुपये महंगा होकर 76534 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला

मुंबई साल के पहले दिन 1 जनवरी को सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की चमक बढ़ गई है। आज यानी बुधवार को 24 कैरेट सोना औसतन 372 रुपये महंगा होकर 76534 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से खुला। वहीं, चांदी के भाव में आज 117 रुपये की गिरावट है। आज चांदी 85900 रुपये के औसत रेट पर खुली। यह रेट आईबीए ने जारी किया है, जिसमें जीएसटी नहीं लगा है। हो सकता है आपके शहर में इससे 1000 से 2000 रुपये का अंतर आ रहा हो। सोना अपने ऑलटाइम हाई से 3147 और चांदी 12440 रुपये सस्ती हो गई है। 23 कैरेट गोल्ड का औसत भाव आज 371 रुपये महंगा होकर 76228 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। 22 कैरेट गोल्ड का भाव भी 341 रुपये चढ़कर 70105 रुपये पर है। 18 कैरेट गोल्ड की कीमत 279 रुपये बढ़कर 57401 रुपये पर पहुंच गई है। 14 कैरेट गोल्ड की कीमत भी 217 रुपये तेज होकर 44772 रुपये पर पहुंच गई है। Gold खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें 1. कीमत की जांच कर लें : जिन दिन खरीदना चाहते हैं, उस दिन का भाव इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (https://www.ibja.co/) पर जाकर जरूर पता कर लें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। 2. वजन जरूर चेक करें : गहने के वजन का खास ध्यान रखें। इसमें जरा सा भी अंतर होने पर कीमत में बड़ा अंतर आ सकता है। इससे बचने के लिए ज्वेलर्स से सर्टिफिकेट भी मांग सकते हैं। 3. पक्का बिल ही लें : हॉलमार्क वाला सोना लेने के साथ खरीद का प्रामाणिक बिल प्राप्त करें। बिल में प्रत्येक वस्तु का विवरण, कीमती धातु का शुद्ध वजन, कैरेट में शुद्धता और हॉलमार्किंग शुल्क की आवश्यकता होनी चाहिए। 4. मेकिंग चार्ज पर करें मोल-भाव : इस शुल्क पर कोई सरकारी दिशा-निर्देश नहीं है और इसलिए ज्वेलर्स अपनी लागत के हिसाब से 2 फीसदी से 20 फीसदी तक वसलूते हैं। इसलिए मेकिंग चार्ज को लेकर मोल-भाव जरूर करें। ऐसा करने पर ज्वेलर इसमें थोड़ी बहुत छूट देते हैं। recent visitors 53

नए साल पर Whatsapp के 50 करोड़ यूजर्स के लिए आई गुड न्यूज, आसानी से कर पाएंगे पेमेंट

नई दिल्ली  Whatsapp यूज करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए गुड न्यूज है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने Whatsapp Pay पर लगी यूपीआई यूजर्स की लिमिट तत्काल प्रभाव से हटा दी है। एनपीसीआई ने एक बयान में कहा कि इस सीमा को हटाए जाने के साथ ही Whatsapp Pay अब भारत में अपने सभी यूजर्स तक यूपीआई सर्विसेज का विस्तार कर सकता है। इससे पहले, एनपीसीआई ने Whatsapp Pay को चरणबद्ध तरीके से अपने यूपीआई यूजर बेस का विस्तार करने की अनुमति दी थी। पहले यह सीमा 10 करोड़ यूजर्स तक थी जिसे एनपीसीआई ने अब हटा दिया है। इस अधिसूचना के साथ एनपीसीआई ने Whatsapp Pay पर यूजर्स को जोड़ने की सीमा पर लगी पाबंदी हटा दी है। हालांकि Whatsapp Pay इस समय थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स पर लागू सभी यूपीआई दिशानिर्देशों और परिपत्रों का पालन करना जारी रखेगा। एनपीसीआई भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस स्ट्रक्चर को कंट्रोल करता है। यह देश में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणाली (आईबीए) के संचालन की मूल इकाई है। Whatsapp के भारत में 50 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। इसके लिए आपके स्मार्टफोन पर WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन होना चाहिए। WhatsApp खोलिए और Payments सेक्शन में जाइए। ऐड पेमेंट मेथड सेलेक्ट कीजिए। अपना बैंक चूज कीजिए और इससे जुड़ा फोन नंबर एंटर कीजिए। WhatsApp को एसएमएस भेजने और रिसीव करने की अनुमति दीजिए। इसके बाद अपना अकाउंट वेरिफाई करने के लिए UPI PIN डालिए। एक बार आपका अकाउंट वेरिफाई होने के बाद आप किसी को भी पैसा भेज सकते हैं। recent visitors 67

नए साल की शुरुआत राहतभरी खबर से, 6 महीने बाद सस्ता हुआ LPG सिलेंडर! जानिए नए दाम

मुंबई नए साल (New Year 2025) की शुरुआत हो गई है और पहले ही दिन एक राहत भरी खबर आई है. दरअसल, 1 जनवरी 2025 को ऑयल एंड गैस मार्केटिंग कंपनियों ने LPG सिलेंडर के दाम में कटौती की है. गैस सिलेंडर के दाम दिल्ली से मुंबई तक 14-16 रुपये तक कम किए गए हैं. हालांकि, ये कटौती कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में की है, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14 किलोग्राम वाले) की कीमतें नए साल की शुरुआत में भी स्थिर बनी हुई हैं, यानी इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. इतना सस्ता हुआ LPG सिलेंडर 1 January 2025 यानी साल के पहले दिन 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी की गई हैं. IOCL की वेबसाइट पर अपडेट किए गए दाम के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में 1 जनवरी से 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर अब 1804 रुपये का हो गया है, जो कि बीते 1 दिसंबर को 1818.50 रुपये का था. यानी एक सिलेंडर का दाम 14.50 रुपये घट गया है. दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के अन्य महानगरों में भी इसकी कीमतें बदली हैं. जानें इन शहरों में LPG सिलेंडर की नई कीमत बिहार की राजधानी पटना में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने पर 2095.5 रुपये देने होंगे. जबकि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 1925 रुपये और नोएडा यानी गौतम बुद्ध नगर में 1802.50 रुपने देने होंगे. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 19 किलो एलपीजी सिलेंडर रिफिल कराने पर 1 जनवरी 2025 से 2073 रुपये और झारखंड की राजधानी रांची में 1962.50 रुपये चुकाने होंगे. क्या होगा असर अब आपके लिए होटल रेस्टोरेंट में खाना खाने का बिल जेब पर भारी नहीं पड़ेगा. साथ ही ऑनलाइन फूड आर्डर करने पर भी आपको राहत मिल सकती है. 19 किलो वाला सिलेंडर होटल और ढाबा वाले ही इस्तेमाल करते हैं. इन्हें 14 किलो वाले सिलेंडर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है. पिछले कई महीनों में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में इजाफा हो रहा था जिसपर नए साल के पहले महीने में फिलहाल ब्रेक लग गया है. मुंबई-कोलकाता में ये है नया रेट राजधानी दिल्ली के अलावा कोलकाता में पहली जनवरी से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 1927 रुपये से घटकर 1911 रुपये हो गई है. यहां एक सिलेंडर की कीमत (LPG Cylinder Price In Kolkata) में 16 रुपये की कटौती की गई है. इसके साथ ही मुंबई में सिलेंडर के दाम (Mumbai LPG Price) भी 15 रुपये कम हुए हैं और दिसंबर में 1771 रुपये में मिलने वाले कॉमर्शियल सिलेंडर का दाम घटकर 1756 रुपये का रह गया है. चेन्नई की अगर बात करें, तो यहां 1980.50 रुपये वाला 19Kg Cylinder अब 1 जनवरी 2025 से 1966 रुपये का मिलेगा. दिसंबर के पहले दिन हुआ था महंगा इससे पहले बीते महीने दिसंबर की पहली तारीख को महंगाई का तगड़ा झटका लगा था और 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाई गई थीं. 1 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) 1818.50 रुपये का हो गया है, जो कि नवंबर में 1802 रुपये का था. कोलकाता में ये 1911.50 रुपये से 1927 रुपये का, Mumbai में 1754.50 रुपये से 1771 रुपये और चेन्नई में 1964.50 रुपये से 1980.50 रुपये का हो गया था. घरेलू LPG गैस सिलेंडर के दाम स्थिर लंबे समय से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है, लेकिन 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. ये 1 अगस्त के दाम पर ही मिल रहा है. 1 जनवरी को भी इसकी कीमतें स्थिर रखी गई हैं और ये दिल्ली में 803 रुपये का मिल रहा है. इसके अलावा कोलकाता में इसकी कीमत 829 रुपये, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये पर यथावत बनी हुई है. recent visitors 67

साल 2025 में देश का सबसे बड़ा आईपीओ बाजार में दस्तक दे सकता है। जानिए पूरी डिटेल…

नई दिल्ली वर्ष 2024 आईपीओ का वर्ष था। इस दौरान हुंडई मोटर्स इंडिया, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, स्विगी, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी और ओला इलेक्ट्रिक जैसी बड़ी कंपनियों ने बाजार से पैसा जुटाया। इस सप्ताह 8 आईपीओ खुलने के साथ ही भारतीय कंपनियों ने इस साल आईपीओ, योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) और राइट्स इश्यू से 3 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह 2021 में 1.88 लाख करोड़ रुपये के पिछले रेकॉर्ड से 64% अधिक है। बैंकरों का कहना है कि यह ट्रेंड 2025 में भी जारी रहने की संभावना है। अगले साल देश का सबसे बड़ा आईपीओ बाजार में दस्तक दे सकता है। जानिए पूरी डिटेल… आईआईएफएल कैपिटल में कॉरपोरेट फाइनेंस के प्रमुख पिनाक भट्टाचार्य ने कहा, '2024 में भारतीय कंपनियों द्वारा जुटाई गई महत्वपूर्ण राशि का श्रेय अनुकूल व्यापक आर्थिक माहौल, मजबूत इक्विटी बाजार और स्थिर नीतियों और विकास से प्रेरित निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दिया जा सकता है। www.primedatabase.com के आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक 90 कंपनियों ने 1.62 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं या इसकी घोषणा की है। यह पिछले साल के 49,436 करोड़ रुपये से 2.2 गुना अधिक है। जारी रहेगा आईपीओ बूम? भारत का आईपीओ बूम 2025 तक जारी रहने की संभावना है। अगले साल एलजी इंडिया और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियां बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक एलजी अपनी भारतीय यूनिट की वैल्यूएशन बढ़ाकर $15 अरब करने पर विचार कर रही है। भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स फर्म फ्लिपकार्ट भी अगले साल आईपीओ लाने की तैयारी में है। कंपनी की वैल्यूएशन 36 अरब डॉलर है। यह देश के सबसे बड़े इश्यू में से एक हो सकता है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फर्म ने सिंगापुर से भारत में अपना एड्रेस स्थानांतरित करने के लिए आंतरिक अनुमोदन प्राप्त कर लिया है। इसे IPO की ओर पहला कदम माना जाता है। साथ ही कई दिग्गज कंपनियां भी अपनी सब्सिडियरी कंपनियों की लिस्टिंग की योजना बना रही हैं। इसमें HDFC बैंक, हीरो मोटोकॉर्प, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मणप्पुरम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, केनरा बैंक और ग्रीव्स कॉटन शामिल हैं। दो सप्ताह पहले, ग्रीव्स कॉटन के बोर्ड ने अपनी सहायक कंपनी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए IPO को मंजूरी दी। इससे पहले, HDFC बैंक की NBFC आर्म HDB फाइनेंशियल सर्विसेज ने 12,500 करोड़ रुपये के IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। यह भारत की सबसे बड़ी NBFC पेशकश है। सबसे बड़ा आईपीओ 31 अक्टूबर को, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ब्रिगेड होटल वेंचर्स ने 900 करोड़ रुपये के इश्यू के लिए DRHP दाखिल किया। अगस्त में, हीरो मोटोकॉर्प की वित्तीय सेवा शाखा, हीरो फिनकॉर्प ने 2,100 करोड़ रुपये के शेयरों के नए निर्गम और 1,568 करोड़ रुपये के OFS वाले IPO के लिए अपना DRHP दाखिल किया। केनरा बैंक के बोर्ड ने पब्लिक ऑफर के जरिए अपनी म्यूचुअल फंड शाखा, केनरा रोबेको में 13% हिस्सेदारी की बिक्री को मंजूरी दी है। बैंकिंग स्रोतों के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स भी अपनी सहायक कंपनियों, रिलायंस जियो और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए आईपीओ की योजना बना रहे हैं। साल 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ भारत के प्राथमिक बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन था। वर्ष 2025 में ऐसा आईपीओ आ सकता है जो हुंडई मोटर इंडिया के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी इस साल अपने टेलीकॉम बिजनस जियो की लिस्टिंग कर सकते हैं। इसकी वैल्यू $100 अरब से अधिक है। रिलायंस की रिटेल कंपनी का आईपीओ भी बाद में लॉन्च किया जा सकता है। अंबानी ने 2019 में घोषणा की थी कि रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल को 5 साल में भीतर लिस्ट किया जाएगा लेकिन उसके बाद उन्होंने इस पर कोई अपडेट नहीं दिया है। कितनी है वैल्यूएशन हाल के वर्षों में अंबानी ने केकेआर, जनरल अटलांटिक और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसी कंपनियों से डिजिटल, टेलीकॉम और रिटेल व्यवसायों के लिए करीब $25 अरब जुटाए हैं। इससे जियो और रिलायंस रिटेल की वैल्यूएशन $100 अरब से अधिक हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक रिलायंस ने अब 2025 में रिलायंस जियो का आईपीओ लॉन्च करने की योजना बनाई है। उसे लगता है कि यह अब एक स्थिर व्यवसाय बन गया है और इसने रेवेन्यू फ्लो हासिल कर लिया है। हालांकि सूत्रों ने संकेत दिया कि समयसीमा बदल सकती है। रिलायंस का लक्ष्य 2025 का जियो आईपीओ भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनाना है। recent visitors 59

दुनियाभर की ऑयल कंपनियों की नजर इस समय भारत पर, बढ़ती ऑयल की मांग

नई दिल्ली  दुनियाभर की कई ऑयल कंपनियों की नजर इस समय भारत पर है। कारण है भारत में बढ़ती ऑयल की मांग। इस मामले में साल 2024 में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। यही नहीं, अगले साल 2025 में भी चीन तेल की मांग के मामले में भारत के आसपास भी नहीं रहेगा। यह बात एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स ने कही है। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के अनुसार ईंधन खपत मामले में भारत दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण भारत में रिफाइनरी में विस्तार हो रहा है। साथ ही क्रूड ऑयल की सोर्सिंग को भी बढ़ा रही है। भारत चूंकि तेल खपत में चीन को पीछे छोड़ चुका है। इसके चलते दुनिया की कई कंपनियां भारत में अपनी संभावनाएं तलाश रही हैं। भारत होगा दुनिया में आगे एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स में मैक्रो और ऑयल डिमांड रिसर्च के ग्लोबल हेड कांग वू ने कहा कि भारत में आगे वाले समय में ऑयल की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऑयल मांग के मामले में भारत दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया के कई देशों को पीछे छोड़ सकता है। भारत चीन से कितना आगे?  वू ने कहा कि साल 2025 में भारत में तेल की मांग में 3.2 फीसदी की तेजी रहने का अनुमान है। वहीं चीन में यह तेजी 1.7 फीसदी रह सकती है। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2024 के पहले 10 महीनों में चीन की तेल मांग में 1,48,000 बैरल प्रतिदिन या 0.9 फीसदी की तेजी आई है। वहीं भारत में यह मांग 1,80,000 बैरल प्रतिदिन रही। ऐसे में भारत में ऑयल की मांग में 3.2 फीसदी की तेजी आई तो चीन के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस वजह से माना जा रहा है कि भारत में साल 2025 में रिफाइनिंग क्षमता में काफी वृद्धि होगी। भारत कहां से करता है आयात? भारत मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका और साउथ-ईस्ट एशिया के देशों सहित कई देशों से तेल और गैस आयात करता है। भारत अपनी कच्चे तेल की 80 फीसदी से अधिक जरूरत के लिए आयात पर निर्भर करता है। घरेलू कच्चे तेल का प्रोडक्शन बढ़ाने और आयात में कमी लाने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। रूस के साथ कम हुई निर्भरता भारत अपने तेल की जरूरत रूस से भी पूरी करता है। हालांकि रूस से आने वाले तेल की हिस्सेदारी काफी कम है। डेटा के मुताबिक नवंबर में भारत ने रूस से अक्टूबर के मुताबिक 13 फीसदी कम तेल खरीदा। वहीं भारत ने मिडिल ईस्ट के साथ तेल खरीदने की क्षमता बढ़ा दी है। चीन में क्यों आई कमी? चीन में तेल की मांग में पिछले कुछ वर्षों में कमी आई है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि चीन में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री काफी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि चीन में पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट की मांग में कमी बेहद कम रहेगी। ऐसे में चीन में तेल की मांग आंशिक रूप से कम रहेगी। recent visitors 57

घरेलू बेंचमार्क सूचकांक को उच्च अनिश्चितता और मूल्यांकन के बीच नए साल में सावधानी से प्रवेश करने के साथ सपाट बंद

मुंबई घरेलू बेंचमार्क सूचकांक मंगलवार को उच्च अनिश्चितता और मूल्यांकन के बीच नए साल में सावधानी से प्रवेश करने के साथ सपाट बंद हुए। 2024 का अंतिम दिन मामूली नुकसान के साथ समाप्त हुआ, हालांकि दिन के निचले स्तर से रिकवरी हुई। नुकसान मुख्य रूप से आईटी और रियलिटी शेयरों में हुआ, जबकि अन्य क्षेत्रों में बढ़त देखी गई। सेंसेक्स 109.12 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,139.01 पर बंद हुआ और निफ्टी 13.25 अंक या 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,658 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 65.75 अंक या 0.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,887 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 36.30 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के बाद 57,153.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 123.35 अंक या 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,763.30 पर बंद हुआ। जानकारों का कहना है कि तीसरी तिमाही के नतीजे और आम बजट को ध्यान में रखते हुए बाजार बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर, 2,321 शेयर हरे और 1,648 शेयर लाल निशान में बंद हुए, जबकि 110 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेक्टोरल फ्रंट पर आईटी, फाइनेंशियल सर्विस और रियलिटी टॉप लूजर्स रहे। जबकि, पीएसई, ऑयल एंड गैस, ऑटो, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा और कमोडिटीज सेक्टर टॉप गेनर्स रहे। सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, जोमैटो, टीसीएस, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर टॉप लूजर्स रहे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, अल्ट्रा टेक सीमेंट, टाटा स्टील, एसबीआई, टाटा मोटर्स और एलएंडटी टॉप गेनर्स रहे। एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक दे के अनुसार, "कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी ने दिन के दौरान तेजी से सुधार किया। हालांकि, तकनीकी सेटअप में कोई बदलाव नहीं हुआ क्योंकि सूचकांक किसी भी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज को तोड़ने में विफल रहा। इसके बावजूद, पूरे सत्र के दौरान सेटिंमेंट में सुधार हुआ।" रुपया 0.12 रुपये की गिरावट के साथ 85.68 पर कारोबार कर रहा था, क्योंकि डॉलर इंडेक्स की हाल की 7 प्रतिशत की तेजी ने घरेलू मुद्रा पर दबाव डालना जारी रखा है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा, "रुपये के लिए तत्काल सीमा 85.55 और 85.80 के बीच होने की उम्मीद है क्योंकि बाजार नए ग्लोबल ट्रिगर्स का इंतजार कर रहे हैं।" विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 30 दिसंबर को 1,893.16 करोड़ रुपये की इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने उसी दिन 2,173.86 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदे। recent visitors 64

गलत खाते में फंड ट्रांसफर पर लगेगी लगाम, RTGS-NEFT में बड़ा बदलाव, RBI के इस कदम से कैसे होगा फायदा?

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए कदम उठाया है। इसके तहत केंद्रीय बैंक ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) से एक ऐसी सुविधा विकसित करने को कहा है जिससे आरटीजीएस और एनईएफटी का उपयोग करने वाले ग्राहकों को उस बैंक खाते के नाम को सत्यापित करने की अनुमति मिल सके जिसमें पैसा भेजा जा रहा है। यह व्यवस्था एक अप्रैल, 2025 से प्रभाव में आएगी। रिजर्व बैंक ने सोमवार को एक सर्कुलर में कहा कि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) यानी वास्तविक समय पर भुगतान से जुड़ी प्रणाली और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक कोष अंतरण (NEFT) प्रणाली से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े सभी बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे एक अप्रैल, 2025 से पहले यह सुविधा प्रदान करें। अभी यूपीआई और आईएमपीएस व्यवस्था के तहत पैसा भेजने वालों को प्रक्रिया शुरू करने से पहले लाभार्थी के नाम को सत्यापित करने की सुविधा है। आरबीआई ने एक ऐसी ही सुविधा स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे आरटीजीएस या एनईएफटी प्रणाली का उपयोग करके लेनदेन शुरू करने से पहले पैसा भेजने वाले को लाभार्थी के बैंक खाते के नाम को सत्यापित करने की सुविधा मिलेगी। आरबीआई ने एनपीसीआई को यह सुविधा विकसित करने और सभी बैंकों को इसमें शामिल करने की सलाह दी है। इसमें कहा गया है कि जो बैंक आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली के भागीदार हैं, वे अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे। धोखाधड़ी पर लगाम यह सुविधा लेनदेन करने के लिए बैंक शाखाओं में आने वाले व्यक्तियों के लिए भी उपलब्ध होगी। केंद्रीय बैंक के सर्कुलर में कहा गया है कि इस पहल का मकसद आरटीजीएस और एनईएफटी प्रणाली का उपयोग कर पैसा भेजने वालों के लिए गड़बड़ी और धोखाधड़ी पर लगाम लगाना है। इस व्यवस्था के तहत पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले उस बैंक खाते का नाम सत्यापित करने की सुविधा मिलेगी, जिसमें पैसा स्थानांतरित किया जा रहा है। इससे गलतियों और धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी। इस सुविधा के जरिये पैसा भेजने वालों की तरफ से दर्ज लाभार्थी की खाता संख्या और आईएफएससी के आधार पर बैंक के ‘कोर बैंकिंग सॉल्यूशन’ (सीबीएस) से लाभार्थी के खाते का नाम प्राप्त किया जाएगा। इसमें कहा गया है, ‘लाभार्थी बैंक के जरिये प्रदान किया गया लाभार्थी खाता नाम प्रेषक को दिखाया जाएगा। यदि किसी कारण से लाभार्थी का नाम प्रदर्शित नहीं किया जा सकता है, तो प्रेषक अपने विवेक से पैसा भेजने को लेकर कदम उठा सकता है।’ कैसे होगा समाधान आरबीआई ने कहा कि एनपीसीआई इस सुविधा से संबंधित कोई भी आंकड़ा नहीं रखेगा। विवाद की स्थिति में, पैसा भेजने वाला बैंक और लाभार्थी बैंक लुकअप संदर्भ संख्या और संबंधित लॉग के आधार पर मामले का समाधान करेंगे। ग्राहकों को बिना किसी शुल्क के लाभार्थी खाता नाम देखने की सुविधा के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। recent visitors 80

सेंसेक्स और निफ्टी साल 2024 के आखिरी दिन को गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) के लिए साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर की शुरुआत खराब रही. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE SENSEX) खुलने के साथ ही 450 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी 100 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार करता नजर आया. बाजार में गिरावट के बीच बीएसई के 30 में से 26 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. खुलते ही बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी साल 2024 के आखिरी दिन मंगलवार को BSE का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,248.13 के लेवल से गिरकर 77,982.57 के लेवल पर ओपन हुआ था. शुरुआती कारोबार में ही ये 450 अंक से ज्यादा फिसलकर 77,779.99 के स्तर तक आ गया. दूसरी ओर Sensex की तरह ही NSE के निफ्टी 50 में भी गिरावट देखने को मिली और ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,644.90 के लेवल से टूटकर 23,560 के स्तर पर ओपन हुआ. इसके बाद ये गिरावट और बढ़ी, जिसके चलते Nifty 100 अंक से ज्यादा गिरकर 23,527.85 के लेवल पर आ गया. Zomato से TCS तक ये 10 शेयर धराशायी शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत के दौरान गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी अडानी पोर्ट्स से लेकर मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) रिलायंस और टाटा ग्रुप की टीसीएस तक के शेयर टूटे. लेकिन सबसे ज्यादा बिखरने वाले स्टॉक्स के बारे में बात करें, तो लार्ज कैप में शामिल Tech Mahindra Share (2.27%), Infy Share (1.94%), TCS Share (1.83%) और Zomato Share (1.70%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी में शामिल कंपनियों में से AWL Share (7.28%), Godrej India Share (4.70%), AU Bank Share (4.46%), Bharti Hexa Share (2.78%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा टूटने वाला शेयर Ease My Trip का रहा जो 9.44% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, इसके अलावा IXIGO Share 3.74% टूटकर ट्रेड कर रहा था. सोमवार को भी टूटा था मार्केट इससे पहले बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई थी. हालांकि लंबी गिरावट के बाद पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार (Stock Market) तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. लेकिन सप्ताह के पहले दिन बाजार में आई गिरावट के बीच मार्केट क्लोज होने पर निफ्टी50 करीब 168 अंक गिरकर 23644 पर क्‍लो‍ज हुआ था, तो वहीं सेंसेक्‍स 450 अंक फिसलकर बंद हुआ था. निफ्टी बैंक में भी 335 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी. recent visitors 67

RBI ने साल 2024 में इन बैंकों का किया लाइसेंस रद्द, यहाँ देखें पूरी लिस्ट

मुंबई  ग्राहकों के हित में और नियमों का उल्लंघन होने पर भारतीय रिजर्व बैंक हमेशा सख्त कदम उठाता है। इस साल आरबीआई ने 11 बैंकों का लाइसेंस रद्द कर दिया है। ये बैंक हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं। जमा राशि स्वीकार करने और लेनदेन पर भी रोक लग चुकी है। आरबीआई ने एक नोटिस जारी करते हुए इन सभी बैंकों का चालू रहना जमाकर्ताओं के लिए हानिकारक बताया था। इनके पास  प्राप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं थी। ऐसे में बैंकिंग में अधिनियम 1949 के कई प्रावधानों का उल्लंघन होता है। यह बैंक अपने वित्तस्थित के साथ जमा कर्ताओं को पुनर्भुगतान करने में भी असमर्थ थे। इसलिए सार्वजनिक हित को देखते हुए इन सभी बैंकों का लाइसेंस रद्द किया था। साल 2024 में इन बैंकों का लाइसेंस रद्द हुआ     दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश     श्री महालक्ष्मी मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, दाभोई, गुजरात     द हिरीयुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड हिरीयुर, कर्नाटक     जय प्रकाश नारायण नगरी सहकारी बैंक लिमिटेड, बसमथनगर, महाराष्ट्र     सुमेरपुर मर्केंटाइल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सुमेरपुर, पाली राजस्थान     पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, गाजीपुर, यूपी     द सिटी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई, महाराष्ट्र     बनारस मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, वाराणसी     शिम्शा सहकारी बैंक नियमित, मद्दूर, मंडया, कर्नाटक     उरावकोंडा को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड, आंध्र प्रदेश     द महाभैरब को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, तेजपुर, असम क्या ग्राहकों को मिले पैसे? जानें नियम (RBI Rules) DICGC अधिनियम 1961 के प्रावधानों के तहत जब भी किसी बैंक का लाइसेंस रद्द होता है। तब प्रत्येक ग्राहक जमा बीमा और गारंटी निगम से 5 लाख रुपये की मौद्रिक सीमा तक जमा राशि की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होता है। recent visitors 87

स्विफ्ट डिजायर ने हासिल किया माइलस्टोन, 30 लाख से ज्यादा यूनिट का प्रोडक्शन, 16 साल से भारत की नंबर-1 सेडान कार

मुंबई मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने हाल ही में अपनी लोकप्रिय सेडान डिजायर के साथ एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है मारुति डिजायर ने 30 लाख यूनिट्स के संचयी उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि केवल 17 सालों से कम समय में हासिल हुई है, जो इस सेडान की लोकप्रियता और भारत में सबसे पसंदीदा सेडान के रूप में इसकी स्थिति को दर्शाती है। मार्च 2008 में लॉन्च हुई डिजायर ने लगातार ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखकर खुद को अपडेट किया है। मारुति सुजुकी की सेडान कैटेगिरी में मजबूती से अपनी जगह बनाई है। मारुति डिजायर का सफर मारुति डिजायर ने अपना पहला 10 लाख यूनिट का आंकड़ा अप्रैल 2015 में पार किया था। इसके बाद 20 लाख यूनिट का आंकड़ा जून 2019 में और 30 लाख यूनिट का आंकड़ा दिसंबर 2024 में हासिल किया है। सालों से इस सेडान ने चार जेन के रूप में अपडेट मिले हैं। 2008: पहली जेनरेशन की डिजायर लॉन्च। 2012: दूसरी जेनरेशन का आगमन। 2017: तीसरी जेनरेशन की डिजायर लॉन्च। 2024: चौथी जेनरेशन की डिजायर का डेब्यू, जिसमें प्रोग्रेसिव डिजाइन, दो-टोन इंटीरियर्स और कई नए फीचर्स हैं। सेडान सेगमेंट में लीडर मारुति डिजायर लॉन्चिंग के बाद से ही कॉम्पैक्ट सेडान सेगमेंट में मार्केट लीडर बनी हुई है। लगातार पिछले 16 सालों से भारत की नंबर 1 सेडान का खिताब अपने नाम किए हुए है। चौंकाने वाली बात यह है कि 2008 के बाद से हर दूसरी कॉम्पैक्ट सेडान जो भारत में बेची गई है, वह डिजायर है। यह भारत की चौथी सबसे ज्यादा बिकने वाली कार भी है, जो इसे हर सेगमेंट के ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती है। ग्लोबल मार्केट में सफलता और निर्यात मारुति डिजायर ने भारतीय सीमाओं के बाहर भी अपना प्रभाव छोड़ा है। अक्टूबर 2008 से 48 देशों में इसका निर्यात किया जा रहा है। अब तक, 2.6 लाख यूनिट्स लैटिन अमेरिका, सेंट्रल अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व जैसे देशों में भेजी जा चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में डिजायर मारुति सुजुकी का दूसरा सबसे अधिक निर्यात किया जाने वाला मॉडल बना। प्रबंध निदेशक ने क्या कहा? मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी टकेउची ने कहा कि हम अपने ग्राहकों के आभारी हैं, जिनके विश्वास और समर्थन के कारण डिजायर ने 30 लाख उत्पादन का यह माइलस्टोन हासिल किया है। उनका फीडबैक हमें हमेशा बेहतर और इनोवेशन बनाने के लिए प्रेरित करता है। नई डिजायर एडवांस डिजाइन, एडवांस फीचर्स और शानदार माइलेज के साथ नए मानक स्थापित करती है। डिजायर ने हमारे लिए सेडान सेगमेंट में 16 सालों तक लगातार नेतृत्व बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। 2024 में लॉन्च हुई नई डिजायर ने 5-स्टार भारत NCAP सुरक्षा रेटिंग हासिल की है, जो इसे अब और भी बड़े सेल्स टारगेट की ओर बढ़ा रहा है। डिजायर की विश्वसनीयता और प्राइस इसे भारतीय ग्राहकों के लिए हमेशा की पहली पसंद बनाए रखते हैं। recent visitors 124

PF के 5 बड़े नियम नए साल में बदलने वाले हैं, लाखों कर्मचारियों पर होगा सीधा असर!

नई दिल्‍ली अगर आप भी एक प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारी हैं और हर महीने आपका पैसा पीएफ अकाउंट में जमा होता है तो नए साल यानी 2025 में कई बड़े बदलाव होने की संभावना है. कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) साल 2025 में कई महत्‍वपूर्ण बदलावों से गुजरने वाला है, जिसका असर पूरे भारत में लाखों सैलरीड कर्मचारियों पर पड़ेगा. इन बदलावों का लक्ष्‍य अनुभव को बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सुव्‍यवस्‍थ‍ित करना और एम्‍प्‍लाई-एम्‍प्‍लॉयर ट्रांसपैरेंसी में सुधार करना है. इन बदलावों से लाखों भारतीय कर्मचारियों के फाइनेंशियल सेफ्टी पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्‍मीद है. जिससे फ्यूचर के लिए ज्‍यादा मजबूत और सुरक्षित रिटायरमेंट सुनिश्चित होगी. यहां कुछ ऐसे बदलाव के बारे में जानकारी दी जा रही है, जो साल 2025 में लागू हो सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में एक-एक जरूरी बात. एटीएम से पीएफ का पैसा रिपोर्ट के अनुसार, EPFO एक ATM कार्ड जारी करेगा, जिससे सदस्य चौबीसों घंटे पैसे निकाल सकेंगे. यह सदस्यों के लिए सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा है. यह अनुमान है कि एटीएम निकासी की यह सेवा अगले वित्तीय वर्ष के दौरान लागू की जाएगी. कर्मचारी की कंट्रीब्‍यूशन लिमिट रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों के EPF कंट्रीब्‍यूशन की लिम‍िट खत्‍म कर दी जाएगी. फिलहाल, कर्मचारी हर महीने अपने मूल वेतन का 12% ईपीएफ खाते में जमा करते हैं. हालांकि EPFO द्वारा तय 15,000 रुपये का उपयोग करने के बजाय, सरकार कर्मचारियों को उनके वास्तविक वेतन के अनुसार कंट्रीब्‍यूट करने देने पर विचार कर रही है. इक्विटी लिमिट बढ़ाना कुछ रिपोर्टों के अनुसार, रिटर्न को बढ़ाने के लिए EPFO ईटीएफ इनकम के एक हिस्‍से को शेयरों और अन्‍य असेट में फिर से निवेश करने के लिए बारे विचार कर रहा है. इसे नए वित्त वर्ष के दौरान कभी भी लागू किया जा सकता है. किसी भी बैंक ब्रांच से पेंशन सितंबर 2024 में लेबल मिनिस्‍टर मनसुख मंडाविया ने सेंट्रलाइज पेंशन पेमेंट सिस्‍टम (CPPS) को अप्रूव किया था. जिसके तहत 7.8 मिलियन सदस्‍य किसी भी बैंक ब्रांच से कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशन पर सकते हैं. यह नियम 1 जनवरी 2025 से लागू होगी. हायर पेंशन डेडलाइन कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं को 31 जनवरी, 2025 तक कर्मचारियों का सैलरी डिटेल अपलोड करने का अंतिम मौका दिया है. इसके अलावा, नियोक्ताओं को उच्च पेंशन आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए 15 जनवरी, 2025 तक ईपीएफओ द्वारा अनुरोधित स्पष्टीकरण प्रदान करना आवश्यक है.  recent visitors 70

सरकार दे रही है बिज़नेस शुरू करने लिए 20 लाख का लोन, सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना चलाई जाती है

नई दिल्ली भारत सरकार देश के लोगों के लिए बहुत सी योजनाएं चलाती है. जिनका अलग-अलग लोगों को लाभ मिलता है. सरकार देश के अलग-अलग लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर इन योजनाएं लाती हैं. अगर आप शुरू करना चाहते हैं खुदका बिजनेस या फिर उसे बढ़ाना चाहतें है. और आपके पास पैसे नहीं है. तो इसके लिए भारत सरकार आपकी मदद करती है. भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना चलाई जाती है. इस योजना के तहत सरकार बिजनेस शुरू करने के लिए लोन देती है. इसमें सरकार की ओर से तीन तरह के लोन दिए जाते हैं. किस तरह कर सकते हैं इस योजना में लोन के लिए आवेदन चलिए आपको बताते हैं इसकी पूरी प्रक्रिया. पीएम मुद्रा योजना में मिलता है 20 लाख का लोन भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही पीएम मुद्रा योजना में सरकार नॉन एग्रीकल्चर सेक्टर के छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को आर्थिक सहायता देती है. इस योजना के तहत सरकार छोटे कारोबारियों को और जो अपना नया कारोबार शुरू कर रहे हैं. उन युवा उद्यमियों को लोन मुहैया करवाती है. पहले प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सरकार 10 लाख रुपये तक का लोन देती थी. जिसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये तक का कर दिया गया है.   योजना में तीन तरह के लोन मिलते हैं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत भारत सरकार तीन तरह के लोन देती है. जिनमें शिशु श्रेणी, किशोर श्रेणी और  तरुण श्रेणी शामिल होती है. शिशु श्रेणी में बात की जाए तो सरकार की ओर से 50 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है. तो वहीं किशोर श्रेणी के लिए  50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है. इसके अलावा तरुण कैटेगरी के तहत 5 लाख से लेकर10 लाख तक लोन मिलता है. बता दें तरुण कैटेगरी में 20 लाख रुपये तक का लोन उनको मिलता है. जिन्होंने पहले लोन लेकर चुका दिया होता है.   ऐसे कर सकते हैं योजना के लिए आवेदन प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से किया जा सकता है. मुद्रा योजना में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए ऑफिशियल पोर्टल www.udyamimitra.in पर जाना होगा. तो वहीं ऑफलाइन आवेदन करने के लिए अपने नजदीकी बैंक या नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी या एमएफआई की किसी भी ब्रांच जाकर अप्लाई किया जा सकता है . recent visitors 69

गुवाहाटी हवाई अड्डे पर 2024 में यात्रियों, विमानों की आवाजाही बढ़ी

गुवाहाटी. गुवाहाटी स्थित लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एलजीबीआईए) ने अदाणी समूह द्वारा वाणिज्यिक परिचालन संभालने के बाद इस साल ‘अब तक का सबसे अधिक’ अंतरराष्ट्रीय यात्री और विमान आवागमन दर्ज किया। कंपनी ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। अदाणी समूह ने अक्टूबर, 2021 से एलजीबीआईए का वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया था। बयान में कहा गया है कि इस हवाई अड्डे ने वर्ष के दौरान घरेलू यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की और नए घरेलू गंतव्यों को जोड़ा। इस सुविधा ने 62.6 लाख घरेलू और 85,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का प्रबंधन किया। घरेलू यात्रियों में से 30.9 लाख आगमन और 31.7 लाख प्रस्थान करने वाले थे। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में 47,578 ने आगमन और 38,528 ने प्रस्थान किया। एलजीबीआईए की तीन अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों – पारो, मलेशिया और सिंगापुर के लिए सीधी उड़ानें हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या और हवाई यातायात संचलन (एटीएम) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष के दौरान हवाई अड्डे पर 44,746 घरेलू और 970 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन हुआ। recent visitors 114

अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर में दो साल में 57.8 प्रतिशत की तेजी संभव : वेंचुरा सिक्योरिटीज

मुंबई. अग्रणी ब्रोकरेज कंपनी वेंचुरा सिक्योरिटीज लिमिटेड ने अगले दो साल में अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों के लिए 3,801 रुपये के बाजार मूल्य का लक्ष्य रखा है जो मौजूदा स्तर से 57.8 प्रतिशत का उछाल होगा। अदाणी समूह की सबसे बड़ी कंपनी के शेयर का भाव फिलहाल 2,409 रुपये प्रति शेयर पर है। ब्रोकरेज ने अपने नोट में कहा है कि बहुत अच्छा करने की स्थिति में इसके भाव 138.6 प्रतिशत बढ़कर 5,748 रुपये प्रति शेयर पर भी पहुंच सकते हैं। नोट में कहा गया है, “हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024-25 से 2026-27 के दौरान 20 प्रतिशत औसत वार्षिक वृद्धि (सीएजीआर) की दर से कंपनी का राजस्व 1,66,615 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। इस अवधि में उसका ईबीआईटीडीए मार्जिन 20 प्रतिशत और एंटरप्राइज वैल्यू (ईवी) बनाम ईबीआईटीडीए अनुपात 23.4 रहेगा। इससे शेयर की कीमत 5,748 रुपये पर पहुंच जाएगी। वेंचुरा के नोट की मानें तो अदाणी एंटरप्राइजेज तेजी से विकास कर रहा है। वित्त वर्ष 2024 से 2027 तक 17.5 प्रतिशत के सीएजीआर से कंपनी का समेकित राजस्व 1.56 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। वेंचुरा ने कहा है, “ईबीआईटीडीए और शुद्ध मार्जिन में क्रमशः 6.47 प्रतिशत से 18.3 प्रतिशत और 2.55 प्रतिशत से 5.9 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। रिटर्न रेशियो – आरओई और आरओआईसी- में भी क्रमशः 5.63 प्रतिशत से 14.5 प्रतिशत और 0.99 प्रतिशत से 11.3 प्रतिशत तक वृद्धि की उम्मीद है।” नोट में कहा गया है कि इस विकास में मुख्य योगदान एयरपोर्ट, सोलर और विंड टर्बाइन कारोबार में कंपनी के विस्तार और कॉपर कारोबार से प्राप्त राजस्व का योगदान होगा। वेंचुरा ने कहा कि अदाणी समूह की सर्वप्रमुख कंपनी ने अगले एक दशक में 6.5 लाख करोड़ से सात लाख करोड़ के पूंजी निवेश का लक्ष्य रखा है। इसमें एयरपोर्ट, डाटा सेंटर, कॉपर और ग्रीन हाइड्रोजन पर सबसे ज्यादा फोकस होगा। उसने कहा, “इस विस्तार के लिए पूंजी डेट के माध्यम से जुटाई जाएगी जिससे अगले कुछ वर्षों में डेट बनाम इक्विटी और डेट बनाम ईबीआईटीडीए का अनुपात बढ़ सकता है।”   recent visitors 54

अब नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं

मुंबई शेयरों की ऑनरशिप पैटर्न को लेकर सेबी ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। दरअसल अब नजदीकी रिश्तेदारों में शेयर ट्रांसफर को ऑनरशिप चेंज या मैनेजमेंट कंट्रोलिंग अथॉरिटी नहीं माना जाएगा। नजदीकी रिश्तेदार जिसमें भाई-बहन, माता-पिता या पत्नी और संतान आते हैं। इन्हें ट्रांसफर करने पर इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। दरअसल इन नजदीकी रिश्तेदारों को विरासत या शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही मैनेजमेंट चेंज या ऑनरशिप ट्रांसफर होने के कारण सेबी को अलग से सूचना देने की अब जरूरत नहीं होगी। शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई दरअसल बिचौलिया फर्मों को शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई थी, लेकिन इस गाइडलाइन में असमंजस की स्थिति देखने को मिली थी। सवाल उठ रहा था कि क्या नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना भी ऑनरशिप चेंज माना जाएगा। लेकिन अब सेबी की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है, कि नजदीकी रिश्तेदारों को जिनमें पत्नी, माता-पिता, संतान और भाई-बहन शामिल है, को ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। लेकिन उनके सिवा रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना ओनरशिप चेंज माना जाएगा। इसके साथ ही अब शेयर ट्रांसफर करने की सूचना इन्वेस्टर एडवाइजर, रिसर्च एनालिस्ट या इनसे जुड़ी सेवा देने वाली कंपनियों को सेबी को देना होगी। सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया दरअसल सेबी को जानकारी देने वाली इन कंपनियों को मध्यस्थ या बिचौलिया फर्म की श्रेणी में रखा जाएगा। दरअसल निवेशकों के हित की रक्षा के लिए सेबी द्वारा यह गाइडलाइन स्पष्ट की गई है। एक्सपर्ट्स की माने तो इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और रिसर्च एनालिसिस तो फर्म कंपनी के साथ संबंधों का कानूनी स्वरूप भी अब तय हो चुका है। आसान भाषा में समझा जाए तो, अगर पिता की मौत हो जाती है और उसका पुत्र मैनेजमेंट संभालता है, तो इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। यह प्रोपराइटरी पार्टनरशिप और कॉर्पोरेट सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया है। recent visitors 67

देश में लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी , साल 2024 में लग्जरी कारों का नया रेकॉर्ड बनाया

नई दिल्ली  क्या सस्ती कारों के दिन लदने वाले हैं? साल 2024 में लग्जरी कारों की डिमांड कुछ ऐसा ही इशारा कर रही है। आंकड़े बताते हैं कि इस साल हर घंटे ऐसी 6 लग्जरी कारों की बिक्री हुई जिनकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा थी। यानी हर 10 मिनट में एक लग्जरी कार बिक्री है। इन कारों में ऑडी और मर्सिडीज-बेंज जैसे बड़े ब्रांड की कार शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक 5 साल पहले हर घंटे लग्जरी कारों की बिक्री की संख्या मात्र दो थी। ऐसे में इन 5 वर्षों में इसमें तीन गुना की तेजी आई है। इससे पता चलता है कि संपन्न वर्ग का विस्तार हो रहा है। इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार साल 2025 में लग्जरी कार निर्माता दो दर्जन से ज्यादा नई गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। कैसा होगा साल 2025? इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री 50 हजार का आंकड़ा पार कर जाएगी। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा। ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह डिलियन ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि 2025 में इंडस्ट्री 8 से 10% की दर से बढ़ेगी।' वहीं मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा, 'साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।' साल 2024 में कैसी रही स्थिति? इस साल भी लग्जरी कारों की बिक्री में काफी तेजी आई है। मर्सिडीज-बेंज कारों की बिक्री की संख्या साल 2024 में 20 हजार हो जाएगी। कंपनी ने सितंबर तक नौ महीनों में बिक्री में 13% की वृद्धि दर्ज की जो 14,379 यूनिट थी। वहीं जनवरी से सितंबर के दौरान BMW इंडिया की बिक्री करीब 5% बढ़कर रेकॉर्ड 10,556 वाहन हो गई। ऑडी इंडिया ने कहा कि वह अगले साल बिक्री को फिर से बढ़ाने के लिए तैयार है। क्यों बढ़ रही लग्जरी कारों की बिक्री? देश में अरबपतियों की संख्या में तेज आ रही है। नाइट फ्रैंक की 'द वेल्थ रिपोर्ट 2024' के अनुसार अल्ट्रा-रिच भारतीयों की संख्या 2023 में 13263 से 2028 में 50% बढ़कर 19908 हो जाने की उम्मीद है। भारत के बाद चीन (47%), तुर्की (42.9%) और मलेशिया (35%) का स्थान होगा। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक देश में अरबपतियों की संख्या बढ़ने से लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी आई है। recent visitors 56

भारत का चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी का 1.2 से 1.5 प्रतिशत तक रहेगा: रिपोर्ट

नई दिल्ली एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत का चालू खाता घाटा (सीएडी) सकल घरेलू उत्पाद के 1.2-1.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) की रिपोर्ट के अनुसार, सेवा निर्यात में तेजी और मजबूत रेमिटेंस (श्रमिक या प्रवासी हस्तांतरण) के सपोर्ट से उच्च व्यापार घाटे के बावजूद, देश का सीएडी वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद के 1.2 प्रतिशत पर सिमट गया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) के प्रवाह के कारण पूंजी खाता अधिशेष में वृद्धि हुई, जबकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश फ्लो (एफडीआई) अधिक दर्ज किया गया। जिसकी वजह से भुगतान संतुलन (बीओपी) अधिशेष वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के 2.5 बिलियन डॉलर की तुलना में 18.6 बिलियन डॉलर अधिक दर्ज किया गया। बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री अदिति गुप्ता ने कहा, "पिछले कुछ महीनों में भारत के एक्सटर्नल सेक्टर आउटलुक में कोई खास बदलाव नहीं आया है। नवंबर 2024 में व्यापार घाटे में तेज उछाल ने कुछ चिंताएं पैदा की हैं, लेकिन यह एक बार की बात हो सकती है, क्योंकि घाटा लगभग पूरी तरह से सोने के आयात में उछाल के कारण हुआ है।" कुल मिलाकर, भारत के भुगतान संतुलन को एफपीआई, ईसीबी और एनआरआई डिपोजिट्स से मजबूत प्रवाह का समर्थन मिला। इसके अलावा, व्यापारिक आयात में वृद्धि माल निर्यात में वृद्धि से आगे निकल रही है, जिसके कारण वित्त वर्ष 2014-15 के आधार पर व्यापार घाटा बढ़ गया है। गुप्ता ने कहा, "सकारात्मक पक्ष यह है कि सेवा निर्यात लचीला रहा है।" उन्होंने कहा, "तेल की कम कीमतों के बावजूद रेमिटेंस भी लचीला रहा है। आने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा लागू की जा रही संरक्षणवादी व्यापार नीति के बढ़ते खतरे एक्सटर्नल सेक्टर आउटलुक के लिए एक प्रमुख खतरा होंगे।" रिपोर्ट में कहा गया है कि, "हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025 में चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 1.2-1.5 प्रतिशत के प्रबंधकीय दायरे में रहेगा।" recent visitors 90

रिलायंस की 27 कंपनियों के मार्केट कैप में $1 अरब से ज्यादा गिरावट दर्ज

मुंबई  रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत कई दिग्गज कंपनियों के निवेशकों के लिए यह साल निराशाजनक रहा। भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 साल में पहली बार निगेटिव रिटर्न ओर बढ़ रही है। इस साल बीएसई 500 में शामिल कम से कम 27 कंपनियों के मार्केट कैप में एक अरब डॉलर यानी करीब 8,500 करोड़ रुपये से अधिक गिरावट आई है। इनमें रिलायंस के अलावा एशियन पेंट्स, एचयूएल, टाइटन, बजाज फाइनेंस, अडानी ग्रीन एनर्जी और डीमार्ट शामिल हैं। वैल्यू के हिसाब से एशियन पेंट्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। परसेंटेज के हिसाब से सबसे ज्यादा नुकसान में जी एंटरटेनमेंट रही। इसके शेयरों में इस साल 54% गिरावट आई है। इस कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा मार्केट कैप गिरावट एशियन पेंट्स में रही। देश की सबसे बड़ी डेकोरेटिव पेंट्स कंपनी के शेयरों में इस दौरान अब तक लगभग 33% की गिरावट आई है। उसका मार्केट कैप में 1.07 लाख करोड़ रुपये गिरा है। कंपनी कमजोर मांग और मार्जिन दबाव से जूझ रही है। साथ ही उसे JSW तथा बिड़ला ग्रुप से भी तीव्र प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। रिलायंस का नुकसान भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 साल में पहली बार निगेटिव रिटर्न की ओर बढ़ रही है। रिलायंस के शेयरों में इस साल 5 फीसदी से अधिक गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 93,000 करोड़ रुपये से अधिक घटकर लगभग 16.5 लाख करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि मार्केट कैप के हिसाब से यह अब भी भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है। अडानी ग्रीन एनर्जी (89,648 करोड़ रुपये), एचयूएल (76,843 करोड़ रुपये), इंडसइंड बैंक (51,475 करोड़ रुपये) और अडानी एंटरप्राइजेज (50,951 करोड़ रुपये) मार्केट कैप के लिहाज से सबसे बड़े नुकसान में शामिल हैं। इसके अलावा नेस्ले इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, बर्जर पेंट्स, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, एलटीआईमाइंडट्री, जी एंटरटेनमेंट, बंधन बैंक, टाटा एलेक्सी, टाटा कंज्यूमर और टाटा टेक्नोलॉजीज के मार्केट कैप में एक अरब डॉलर से ज्यादा गिरावट आई है। recent visitors 126

भारत में दूरसंचार और पे-टीवी सर्विस का रेवेन्यू 2029 में 50.7 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान: रिपोर्ट

नई दिल्ली मोबाइल डेटा और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेगमेंट की बदौलत भारत में दूरसंचार और पे-टीवी सर्विस का रेवेन्यू 2024 में 44.9 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2029 में 50.7 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। ग्लोबल डाटा की ‘इंडिया टेलीकॉम ऑपरेटर्स कंट्री इंटेलिजेंस रिपोर्ट’ के अनुसार, मोबाइल वॉयस सर्विस एआरपीयू में लगातार कमी के कारण पूर्वानुमान अवधि के दौरान मोबाइल वॉयस सर्विस रेवेन्यू में गिरावट आएगी, क्योंकि यूजर्स तेजी से ओटीटी कम्युनिकेशन प्लेटफार्मों की ओर रुख कर रहे हैं। ग्लोबल डाटा के दूरसंचार विश्लेषक श्रीकांत वैद्य ने कहा, “भारत में ग्राहक आधार के हिसाब से 4जी सबसे लीडिंग मोबाइल टेक्नोलॉजी है, जो 2024 में रजिस्टर्ड कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का 68.9 प्रतिशत है। हालांकि, 2029 में यह हिस्सा घटकर 32.1 प्रतिशत रह जाने की उम्मीद है, जिसका मुख्य कारण हाई-स्पीड 5जी सर्विस की ओर ग्राहकों का पलायन है।” दूसरी ओर, मोबाइल डेटा सर्विस रेवेन्यू पूर्वानुमान अवधि में 5.5 प्रतिशत की सीएजीआर पर बढ़ना जारी रखेगा, जो स्मार्टफोन अपनाने में निरंतर वृद्धि, मोबाइल इंटरनेट सब्सक्रिप्शन में वृद्धि और मोबाइल डेटा सर्विस की बढ़ती खपत से जुड़ा होगा। दूसरी ओर, वैद्य के अनुसार, 5डी सेवाओं का 2024 में कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन में 15 प्रतिशत हिस्सा होगा, जो 2029 में बढ़कर 61.8 प्रतिशत हो जाएगा, जो मोबाइल ऑपरेटरों द्वारा चल रहे 5जी नेटवर्क विस्तार से जुड़ा है। उदाहरण के लिए, एयरटेल का 5जी नेटवर्क सितंबर 2024 तक 140,000 गांवों तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सर्विस रेवेन्यू 2024-29 की अवधि में 6.2 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है, जो कि फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्रिप्शन में लगातार वृद्धि के अनुरूप है, खासकर एफटीटीएच/बी एक्सेस लाइनों पर। वैद्य ने कहा, “देश भर में फाइबर नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के सरकार के प्रयासों के पीछे हाईर स्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की बढ़ती मांग और बढ़ती उपलब्धता पूर्वानुमानित अवधि में फाइबर ब्रॉडबैंड सर्विस को अपनाने को बढ़ावा देगी।” उदाहरण के लिए, देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में फाइबर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 650 बिलियन रुपये (7.8 बिलियन डॉलर) की लागत वाले भारतनेट के तीसरे चरण की शुरुआत निकट भविष्य में होने की उम्मीद है।   recent visitors 50

देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 77,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा

नई दिल्ली घरेलू सर्राफा बाजार में आज लगातार दूसरे दिन तेजी का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। सोना आज 250 से 280 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया है। सोने के भाव में तेजी आने की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 77,880 रुपये से लेकर 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना भी 71,400 रुपये से लेकर 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी की कीमत में भी आज मामूली तेजी आई है। इस तेजी के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में इसकी कीमत 91,600 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 77,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 71,400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 77,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 71,300 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 77,880 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 71,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 77,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, जबकि 22 कैरेट सोना 71,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 77,880 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 71,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने की कीमत में तेजी आई है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 77,730 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना आज 71,250 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।     recent visitors 61

ब्राजील की एंब्रेयर कंपनी ले रही बोइंग और एयरबस से लोहा

लंदन अजरबैजान एयरलाइंस का एक विमान कजाखस्तान में हादसे का शिकार हुआ। इसमें 38 यात्रियों की मौत हुई, जबकि 29 लोग घायल हो गए। यह विमान बाकू से रूस के ग्रोज्नी जा रहा था। विमान में कुल 62 यात्री और पांच क्रू मेंबर चालक दल के सदस्य थे। विमान के पक्षियों के झुंड के टकराने के कारण पायलट को एमरजेंसी लैंडिंग का फैसला लेना पड़ा। इस दौरान विमान में आग लग गई और वह दो टुकड़ों में टूट गया। विमान से दो बच्चों सहित 29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कजाखस्तान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ अजरबैजान एयरलाइंस का विमान एंब्रेयर कंपनी का था। यह कंपनी का ईआरजे-190 विमान था जो 11 साल पुराना था। जब भी एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनियों की चर्चा होती हैं, तब सबके जेहन में बोइंग और एयरबस का नाम आता है। बोइंग अमेरिका की कंपनी है, जबकि एयरबस यूरोपीय। लेकिन हाल के वर्षों में ब्राजील की एक कंपनी ने बोइंग और एयरबस से लोहा ले रही है। इस कंपनी का नाम एंब्रेयर है। हाल के वर्षों में बोइंग के विमानों के साथ कई तरह की समस्याएं आई हैं। इस कारण एंब्रेयर को अपना मार्केट बढ़ाने का मौका मिला है। बताया जा रहा हैं कि जल्दी ही यह बोइंग को पछाड़कर दुनिया की दूसरी बड़ी एयरक्राफ्ट मेकर कंपनी बनेगी। इसकी वजह यह है कि अमेरिका की कई बड़ी एयरलाइन कंपनियां भी अब एंब्रेयर के विमान खरीद रही है। इतना ही नहीं सिंगापुर एयरलाइन सहित दुनियाभर की कई एयरलाइंस भी एंब्रेयर के विमानों पर दांव लगा रही हैं। भारतीय वायु सेना को मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की आपूर्ति के लिए एंब्रेयर ने इस साल फरवरी में महिंद्रा से हाथ मिलाया था। अभी भारतीय एयरलाइन कंपनियों, चार्टर्ड कंपनियों और डिफेंस फोर्सेज के पास 44 एंब्रेयर विमान हैं। कंपनी भारत में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए मोदी सरकार और दिग्गज कंपनियों से बातचीत कर रही है। इसकी वजह यह है कि देश में अगले कुछ वर्षों में विमानों को मांग में काफी तेजी आने की उम्मीद है।     recent visitors 88

Osamu Suzuki: भारत में ‘मारुति 800’ की कहानी लिखने वाले ओसामू सुजुकी का निधन

टोक्यो ओसामु सुजुकी (Osamu Suzuki) जापान की प्रसिद्ध ऑटोमोबाइल कंपनी सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के पूर्व चेयरमैन और लंबे समय तक इसके हेड रहे हैं. उन्होंने सुजुकी मोटर को एक ग्लोबल ऑटोमोबाइल ब्रांड के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई है. उनका 27 दिसंबर 2024 को 92 साल की उम्र में निधन हो गया. भारत में 'मारुति 800' की कहानी लिखने वाले- साल 1980 के दशक में, भारत में सस्ती और टिकाऊ कारों की कमी थी.ओसामु सुजुकी ने इस अवसर को पहचाना और भारतीय सरकार के साथ मिलकर काम करना शुरू किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- भारत में पहली कार, मारुति 800, 1983 में लॉन्च हुई. इसकी कीमत लगभग ₹47,500 थी, जो मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बेस्ट थी. ओसामु सुजुकी खुद इस प्रोजेक्ट में व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे. उन्होंने भारतीय सड़कों की परिस्थितियों और कंज्यूर की जरूरतों को समझने के लिए भारत के गांवों का दौरा किया. यह कार भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार की सबसे सफल कार बन गई और "लोगों की कार" कही जाने लगी. ओसामु सुजुकी का जीवन– ओसामु सुजुकी का जन्म 30 जनवरी 1930 को जापान के गिफु में हुआ था. उनकी शुरुआत शिक्षा काफी साधारण थी. लेकिन बाद में उन्होंने सोफिया यूनिवर्सिटी (Sophia University), जापान से पढ़ाई की. करियर की शुरुआत और सुजुकी मोटर से जुड़े-1958 में, ओसामु सुजुकी ने कंपनी जॉइन की. उन्होंने कंपनी के मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजिक पहलुओं में बड़ी भूमिका निभाई. साल 1978 में वे सुजुकी मोटर के अध्यक्ष बने. 2000 में वे कंपनी के चेयरमैन बने. भारक के साथ रिश्ता- ओसामु सुजुकी ने भारत में मारुति सुजुकी के साथ साझेदारी की स्थापना की. 1982 में, सुजुकी मोटर ने भारतीय सरकार के साथ साझेदारी की, और इसके बाद मारुति सुजुकी की स्थापना हुई. मारुति सुजुकी भारत में सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी बनी. सुजुकी को ग्लोबल ब्रैंड बनाया-ओसामु सुजुकी के नेतृत्व में, सुजुकी मोटर ने छोटे और सस्ते कार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई. कंपनी ने जापान, भारत, यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों में अपने प्रोडक्ट  का विस्तार किया. भारत में ऑटोमोबाइल क्रांति-मारुति 800 जैसी कारों के माध्यम से, उन्होंने भारत में मिडल क्लास के लिए किफायती वाहन उपलब्ध कराए.  भारत में मारुति सुजुकी की सफलता को "ऑटोमोबाइल क्रांति" कहा जाता है. ओसामु सुजुकी ने 2021 में सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के चेयरमैन पद से रिटायरमेंट लिया. recent visitors 61

देश में तेजी से रोजगार के अवसर बढ़ रहे, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से अक्टूबर में जुड़े 13.41 लाख सदस्य

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से अक्टूबर में 13.41 लाख सदस्य जुड़े हैं। यह दिखाता है कि देश में तेजी से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। यह बयान केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा बुधवार को दिया गया। अक्टूबर में ईपीएफओ से करीब 7.50 लाख नए सदस्य जुड़े हैं, जिनमें से 58.49 प्रतिशत 18-25 आयु वर्ग के थे। इस युवा आयु वर्ग की कुल संख्या 5.43 लाख है। मंत्रालय ने बताया है कि यह आंकड़ा पहले के रुझान के अनुरूप है, जो दर्शाता है कि संगठित कार्यबल में शामिल होने वाले अधिकांश व्यक्ति युवा हैं, जिसमें मुख्य रूप से पहली बार नौकरी की तलाश करने वाले लोग शामिल हैं। यह अर्थव्यवस्था में रोजगार के बढ़ते अवसरों का संकेत देता है। पेरोल डेटा से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 12.90 लाख सदस्य ईपीएफओ से बाहर निकल गए और फिर से इसमें शामिल हो गए हैं। यह आंकड़ा अक्टूबर 2023 की तुलना में सालाना आधार पर 16.23 प्रतिशत अधिक है। इन ईपीएफओ सदस्यों ने अपनी नौकरी बदली और ईपीएफओ के दायरे में आने वाले कंपनियों में फिर से शामिल हो गए। इन सदस्यों ने अंतिम निपटान के लिए आवेदन करने के बजाय अपने संचयित धन को स्थानांतरित करने का विकल्प चुना और इस प्रकार अपनी सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा का विस्तार किया। पेरोल डेटा का लिंग-वार विश्लेषण करने पर पता चलता है कि महीने के दौरान जोड़े गए नए सदस्यों में से लगभग 2.09 लाख नई महिला सदस्य हैं। यह आंकड़ा अक्टूबर 2023 की तुलना में सालाना आधार पर 2.12 प्रतिशत अधिक है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि समीक्षा अवधि के दौरान कुल महिला सदस्यों की संख्या में वृद्धि करीब 2.79 लाख रही। महिला सदस्यों की संख्या में वृद्धि अधिक समावेशी और विविधतापूर्ण कार्यबल की ओर व्यापक बदलाव का संकेत देता है। पेरोल डेटा का राज्यवार विश्लेषण से पता चलता है कि ईपीएफओ से जुड़े कुल सदस्यों में शीर्ष पांच और केंद्र शासित प्रदेशों की हिस्सेदारी 61.32 प्रतिशत की रही है। recent visitors 128

सालभर धार्मिक स्थलों पर खूब गए लोग, Oyo की रिपोर्ट ने बताया किन जगहों पर हुई सबसे ज्यादा बुकिंग

नईदिल्ली  साल 2024 में पुरी, वाराणसी, हरिद्वार अग्रणी धार्मिक गंतव्य रहे. ओयो रूम्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2024 में पुरी, वाराणसी और हरिद्वार सबसे अधिक यात्रा किए जाने वाले आध्यात्मिक गंतव्य रहे हैं जबकि हैदराबाद के लिए सबसे अधिक बुकिंग दर्ज की गई है.   यात्रा प्रौद्योगिकी मंच ओयो की ‘ट्रैवलपीडिया-2024’ रिपोर्ट जारी की गई, जिसे पूरे साल में ओयो के प्लेटफॉर्म पर बुकिंग से संबंधित आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इस साल धार्मिक पर्यटन पर विशेष जोर रहा जिसमें पुरी, वाराणसी और हरिद्वार शहरों के लिए सर्वाधिक बुकिंग दर्ज की गई.  इनके अलावा देवघर, पलानी और गोवर्धन में भी पर्याप्त वृद्धि देखी गई. सबसे ज्यादा बुकिंग ओयो की रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता जैसे शहर बुकिंग के मामले में शीर्ष स्थान पर रहे जबकि उत्तर प्रदेश ने यात्रा के लिए सबसे लोकप्रिय राज्य के रूप में अपना स्थान बनाए रखा. महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक यात्रा परिदृश्य में प्रमुख योगदानकर्ता बने हुए हैं. पटना, राजमुंदरी और हुबली जैसे छोटे शहरों के लिए बुकिंग में सालाना आधार पर 48 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है. ओयो ने कहा,  इस साल छुट्टियों के दौरान यात्रा गतिविधियों में भी उछाल देखा गया. जयपुर पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा जिसके बाद गोवा, पुदुचेरी और मैसूर जैसे सदाबहार पसंदीदा स्थान हैं. हालांकि, मुंबई में बुकिंग में गिरावट देखी गई . ओयो के वैश्विक मुख्य सेवा अधिकारी श्रीरंग गोडबोले ने कहा,  2024 वैश्विक यात्रा परिदृश्य में बदलाव का साल रहा है. हमने देखा है कि यात्री व्यवसाय या अवकाश के लिए किस तरह लचीलेपन और अनुकूलनशीलता को अपना रहे हैं.  recent visitors 116

2024 में Swiggy से सबसे ज्यादा मंगाया गई डिश, हर सेकंड मिले 2 ऑर्डर

मुंबई स्विगी ने 2024 के लिए अपनी साल के अंत की रिपोर्ट जारी की है, जो विभिन्न खाद्य-संबंधी रुझानों के बारे में जानकारी देती है। (ध्यान दें कि सभी आँकड़े 1 जनवरी, 2024 और 22 नवंबर, 2024 के बीच एकत्र किए गए डेटा पर आधारित हैं)। पिछले साल की तरह, बिरयानी भारत में ऑर्डर की जाने वाली सबसे लोकप्रिय डिश बन गई है – विशेष रूप से इस डिलीवरी ऐप के माध्यम से। स्विगी ने 2024 में 83 मिलियन बिरयानी ऑर्डर किए। इसने बताया कि इसका मतलब है कि देश में प्रति मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर की गईं (लगभग हर सेकंड में 2 ऑर्डर)। बिरयानी के बाद, स्विगी ने डोसा की लोकप्रियता पर प्रकाश डाला, जिसके इस साल 23 मिलियन ऑर्डर किए गए। स्विगी ने सबसे पसंदीदा डिश के बारे में अन्य आँकड़े भी दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चिकन बिरयानी इस व्यंजन का सबसे पसंदीदा संस्करण है। इस साल स्विगी को इसके लिए 49 मिलियन ऑर्डर मिले। इन स्विगी ऑर्डर्स का एक बड़ा हिस्सा भारत के दक्षिणी राज्यों के लोगों का है। हैदराबाद 2024 में 9.7 मिलियन बिरयानी ऑर्डर के साथ "बिरयानी लीडरबोर्ड" में सबसे ऊपर है। इसके बाद बेंगलुरु (7.7 मिलियन ऑर्डर) और चेन्नई (4.6 मिलियन) का स्थान है। हर मिनट 158 बिरयानी ऑर्डर साल 2024 खत्म होने वाला है और नए साल (New Year 2025) की शुरुआत होने वाली है. इस बीच फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी ने साल 2024 खत्म होने से पहले अपनी एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 1 जनवरी 2024 से 22 नवंबर 2024 के बीच किए गए ऑर्डर में सबसे फेवरेट व्यंजनों के बारे में बताया गया है. 8.3 करोड़ ऑर्डर्स के साथ Biryani इस साल भी भारत में ऑर्डर किए जाने वाले सबसे पसंदीदा डिश बनी है. स्विगी के मुताबिक, देश में हर मिनट 158 प्लेट बिरयानी के ऑर्डर मिले हैं.  बिरयानी के ऑर्डर में सबसे आगे हैदराबाद रहा है, जहां पर 97 लाख बिरयानी ऑर्डर की गईं. डोसा दूसरे पायदान पर पहुंचा बिरयानी के बाद सबसे ज्यादा जो डिश ऑर्डर की गई है, वो Dosa है, जिसके ऑर्डर का आंकड़ा 1 जनवरी से 22 नवंबर के बीच 23 मिलियन या 2.3 करोड़ ऑर्डर रहा है. Swiggy की रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म की क्विक डिलीवरी सर्विस, बोल्ट ने भी सुर्खियां बटोरीं. बीकानेर में, मिठाई के शौकीन व्यक्ति को महज 3 मिनट में आइसक्रीम के तीन फ्लेवर मिले, जो स्विगी के संचालन की गति को प्रदर्शित करता है. इस साल मिठाइयों में रसमलाई और सीताफल आइसक्रीम पसंदीदा रहे. एक व्यक्ति खा गया ₹50000 का पास्ता बिरयानी में चिकन बिरयानी सबकी पहली पसंद बनी. तो इसके साथ ही स्विगी के ग्राहकों के फेवरेट फूड लिस्ट में पास्ता को भी शामिल किया गया है, इसकी लोकप्रियता ऐसी रही, कि बेंगलुरु के एक अकेले यूजर ने ही अलग-अलग टेस्ट की पास्ता डिश पर 49,900 रुपये खर्च डाले. रिपोर्ट के मुताबिक, आधी रात को 12 से 2 बजे के बीच ऑर्डर की जाने वाली सबसे पसंदीदा डिश में चिकन बर्गर पहली, जबकि बिरयानी दूसरी थी. मुंबई के कपिल ने पहुंचाए सबसे ज्यादा ऑर्डर स्विगी के फूड मार्केटप्लेस के चीफ बिजनेस ऑफिसर सिद्धार्थ भाकू ने कहा कि साल 2024 वास्तव में स्वादिष्ट रोमांच से भरपूर वर्ष रहा. हमें अपनी इस यात्रा के केंद्र में होने पर गर्व है, जिससे भारत भर में लाखों लोगों को उनके पसंदीदा व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका स्विगी के जरिए मिला. उन्होंने कहा कि स्विगी के डिलीवरी पार्टनरों (Swiggy Delivery Partners) वास्तव में 2024 के गुमनाम नायक बने, जिन्होंने सामूहिक रूप से 1.96 अरब किलोमीटर की यात्रा डिलीवरी करने के दौरान की. स्विगी ने अपनी रिपोर्ट में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले डिलीवरी पार्टनर्स की लिस्ट में टॉप पर कपिल कुमार पांडे रहे, जिन्होंने मुंबई में 10,703 डिलीवरी पूरी की और कोयंबटूर की कलीश्वरी एम 6,658 ऑर्डर के साथ महिला डिलीवरी पार्टनर्स में सबसे अव्वल रहीं. स्विगी के अनुसार, रात 12 से 2 बजे के बीच की भूख मिटाने के लिए बिरयानी दूसरी सबसे लोकप्रिय पसंद थी। चिकन बर्गर पहली पसंद थे। ट्रेनों में सबसे ज़्यादा ऑर्डर किए जाने वाले खाने में बिरयानी भी शामिल थी (स्विगी ने IRCTC के साथ मिलकर ट्रेन रूट पर खास स्टेशनों पर डिलीवरी के लिए एक समर्पित फीचर का इस्तेमाल किया है)। साल की शुरुआत में, स्विगी ने यह भी खुलासा किया था कि भारत में रमज़ान 2024 के दौरान प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए बिरयानी की लगभग 6 मिलियन प्लेटें ऑर्डर की गईं। सबसे ज़्यादा ऑर्डर हैदराबाद शहर में किए गए, जहाँ इस अवधि के दौरान स्विगी पर बिरयानी की एक मिलियन से ज़्यादा प्लेटें ऑर्डर की गईं (अधिक जानकारी यहाँ पढ़ें )। स्विगी की साल के अंत की रिपोर्ट से एक और दिलचस्प जानकारी एक ख़ास खाने के शौकीन के इस व्यंजन के प्रति प्रेम के बारे में थी। कोलकाता में एक स्विगी उपयोगकर्ता ने 1 जनवरी, 2024 को सुबह 4.01 बजे बिरयानी ऑर्डर की, जिसने साल की एक स्वादिष्ट शुरुआत को चिह्नित किया! recent visitors 170

देश के अंदर कारों को खरीदना महंगा हो जाएगा, सरकार ने बढ़ाया GST, कीमतों में 4% तक का इजाफा होने वाला है

नई दिल्ली 1 जनवरी, 2025 से देश के अंदर कारों को खरीदना महंगा हो जाएगा। लगभग सभी कंपनियां अपनी कारों की कीमतों में 4% तक का इजाफा करने वाली है। यानी 31 दिसंबर तक कार खरीदने का बढ़िया मौका है। हालांकि, इस बीच पुरानी कारों को खरीदना भी महंगा हो गया है। जी हां, बाजार में पुरानी कारों की डिमांड काफी ज्यादा है, लेकिन अब इन्हें खरीदने के लिए ग्राहकों को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। दरअसल, GST कांउसिल ने 55वीं बैठक में यूज्ड कारों पर लगने वाले टैक्स को 12% से बढ़ाकर 18% करने का फैसला किया है। काउंसिल की तरफ से तय किए गए नए रेट ओल्ड व्हीकल सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों या डीलर्स की ओर से खरीदे जाने वाले व्हीकल पर ही लागू होंगे। यदि आप रजिस्टर्ड डीलर के जरिए अपनी यूज्ड कार बेच रहे हैं, तो यह GST लागू होगा। अगर आप सीधे कार बेच रहे हैं, तो आपको यह GST नहीं देना होगा। इस तरह आपको सही कीमत तय करने के वक्त यह बात अपने दिमाग में रखनी होगी। यूज्ड कारों पर GST की नई दर पर्सनल खरीदारों पर लागू नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि अगर आप किसी शख्स से डायरेक्ट पुरानी कार खरीदते हैं, तो आपको 18% GST की बजाय 12%ही टैक्स देना होगा। दूसरी तरफ, यूज्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल बेचने पर भी आपको 18% GST देनी होगी। हालांकि, नई EV की खरीद पर आपको 5% GST देनी होती है। GST रेट बढ़ने से नई और पुरानी कारों की कीमतों के बीच का अंतर ऐसे में कम होने वाला है। इसके अलावा पुरानी कारों की बिक्री भी प्रभावित होगी। मान लीजिए आप 18 लाख रुपए में कार खरीदते हैं। इसे किसी किसी दोस्त या रिश्तेदार या फिर जानकार को 13 लाख रुपए में बेचते हैं, तो कोई GST नहीं लगाया जाएगा। दूसरी तरफ, यदि कोई डीलर 13 लाख रुपए में कार खरीदता है और उसे 17 लाख रुपए में बेचता है, तो 18% GST केवल 4 लाख रुपए के प्रॉफिट मार्जिन पर देना होगा। इसका मतलब ये हुआ है कि अब पुरानी गाड़ी खरीदते समय फिर चाहे वो पेट्रोल, डीजल हो या फिर EV हो, 18% टैक्स प्रॉफिट मार्जिन पर देना होगा। कुल मिलाकर इससे सेकेंड कारों की कीमतों में इजाफा हो जाएगा। recent visitors 72

अदाणी ग्रुप ने एविएशन सेक्टर में रखा कदम, Air Works से की 400 करोड़ रुपये की बड़ी डील

मुंबई बीते कुछ महीनों में भारतीय अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) अमेरिकी में कथित तौर पर लगाए गए आरोपों के चलते विवादों में घिरे रहे, लेकिन इस बीच भी उनका फोकस अपने कारोबार विस्तार पर लगा रहा. अब साल के अंतिम महीने में अडानी ग्रुप (Adani Group) की ओर से एक बड़ी डील की गई है. इसके तहत अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने Air Works India में मैजोरिटी हिस्सेदारी खरीदी है. 400 करोड़ में हुई है डील गौतम अडानी ने जिस एयर वर्क्स (Air Works) कंपनी की अधिग्रहण किया है, वह भारत की प्रमुख प्राइवेट एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस कंपनी है. यह अधिग्रहण अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी डिफेंस सिस्टम एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (ADSTL) ने किया है औऱ इसके साथ ही कंपनी की एंट्री विमान मैंटिनेंस, रखरखाव और ओवरहाल (MRO) इंडस्ट्री में अडानी की एंट्री हो गई है. अडानी ग्रुप की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, ये पूरी डील 400 करोड़ रुपये में हुई है. कंपनी में खरीदी 85% से ज्यादा हिस्सेदारी इस 400 करोड़ रुपये की डील के जरिए अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने एयर वर्क्स में 85.8 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है और एग्रीमेंट साइन किए हैं. इस संबंध में अडानी ग्रुप की ओर से एक बयान जारी कर जानकारी दी गई है. इसमें कहा गया है कि ADSTL ने देश की सबसे बड़ी प्राइवेट एमआरओ कंपनी एयर वर्क्स में मैजोरिटी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए समझौते पर साइन किए हैं. बड़ी एयरलाइंस को सर्विस देती है कंपनी एयर वर्क्स इंडिया की स्थापना साल 1951 में की गई थी और ये देश की दिग्गज एयरलाइंस कंपनियों को सेवाएं देती है. इसकी कस्टमर लिस्ट में इंडिगो (IndiGo) और विस्तारा (Vistara) जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा लुफ्थांसा, टर्किश एयरलाइंस समेत एतिहाद जैसी इंटरनेशनल एयरलाइंस भी इससे सर्विसेज लेती हैं. इसके साथ ही एयर वर्क्स इंडियन नेवी और एयरफोर्स के विमानों की भी देखभाल करती है. इतनी है अडानी की नेटवर्थ कभी दुनिया के टॉप-3 अमीरों में शामिल रहे गौतम अडानी की 10 कंपनियां शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्टेड हैं और उनका कारोबार घर की रसोई से लेकर एयरपोर्ट्स तक फैला हुआ है. अगर संपत्ति की बात करें तो अडानी की नेटवर्थ (Gautam Adani Net Worth) ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, 75 अरब डॉलर है और इस आंकड़े के साथ दुनिया के टॉप अरबपतियों (World's Top Billionaires) की लिस्ट में वे 19वें पायदान पर काबिज हैं. बीते 24 घंटे में उनकी संपत्ति में 249 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है.   recent visitors 67

साल 2025 कितने दिन बंद रहेंगे स्‍कूल, ऑफिस और बैंक, कितने मिलेंगे लॉन्‍ग वीकेंड, जानिए

 बैंक यूजर्स के लिए जरूरी खबर है। नए साल में  जनवरी से दिसंबर महीने 40 से 50 दिन बैंक बंद रहने वाले है।इनमें त्यौहार, साप्ताहिक अवकाश और दूसरा चौथा शनिवार शामिल है। बैंक बंद रहने से चेकबुक पासबुक समेत कई बैंकिंग संबंधित काम प्रभावित हो सकते है, हालांकि ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी, जिनका आप उपयोग कर सकते है। दरअसल, भारत में बैंक की छुट्टियों में राष्ट्रीय अवकाश (राजपत्रित अवकाश) और सरकारी अवकाश (राज्य और केंद्र दोनों) शामिल हैं।  राज्य सरकार की बैंक छुट्टियां अलग अलग राज्यों में अलग-अलग होती हैं, जबकि केंद्र सरकार की बैंक छुट्टियाँ पूरे देश में एक जैसी रहती हैं।इनके अलावा भारतीय बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं।इसके अलावा क्षेत्रीय छुट्टियां किसी विशेष राज्य या क्षेत्र से संबंधित होती हैं। एक राज्य में किसी दिन बैंक अवकाश होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे राज्य में भी छुट्टी होगी Bank Holiday : जनवरी से अप्रैल     नए साल का दिन – 1 जनवरी     गुरु गोबिंद सिंह जयंती – 6 जनवरी     स्वामी विवेकानंद जयंती – 12 जनवरी     मकर संक्रांति / पोंगल – 14 जनवरी     मोहम्मद हज़रत अली / लुई-नगाई-नी का जन्मदिन – 14 जनवरी     गणतंत्र दिवस – 26 जनवरी     बसंत पंचमी – 2 फरवरी     गुरु रविदास जयंती – 12 फरवरी     महाशिवरात्रि – 26 फरवरी     होली – 14 मार्च     बैंक खातों का वार्षिक समापन – 1 अप्रैल     बाबू जगजीवन राम जयंती – 5 अप्रैल     महावीर जयंती – 10 अप्रैल     तमिल नव वर्ष – 14 अप्रैल Bank Holiday : मई से अगस्त     गुरु रवींद्रनाथ टैगोर जयंती – 7 मई     बुद्ध पूर्णिमा – 12 मई     ईद-उल-जुहा (बकरीद) – 7 जून     गुरु अर्जुन देव शहीदी दिवस – 10 जून     रथ यात्रा – 27 जून     मुहर्रम – 6 जुलाई     रक्षाबंधन – 9 अगस्त     स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त     जन्माष्टमी (वैष्णव) – 15 अगस्त     श्रीमंत शंकरदेव तिथि – 25 अगस्त     विनयगर चतुर्थी – 26 अगस्त Bank Holiday : सितंबर से दिसंबर     थिरुवोणम – 5 सितंबर     बैंक खातों का अर्ध-वार्षिक समापन – 1 अक्टूबर     महात्मा गांधी जयंती – 2 अक्टूबर     दशहरा – 2 अक्टूबर     दिवाली – 20 अक्टूबर     गोवर्धन पूजा – 22 अक्टूबर     छठ पूजा – 28 अक्टूबर     गुरु नानक जयंती – 5 नवंबर     क्रिसमस का दिन – 25 दिसंबर  वैकल्पिक या रेस्ट्रिक्टिड अवकाश     नया साल: 1 जनवरी (बुधवार)     गुरु गोबिंद सिंह जयंती: 6 जनवरी (सोमवार)     मकर संक्रांति/माघ बिहू/पोंगल: 14 जनवरी (मंगलवार)     बसंत पंचमी: 2 फरवरी (रविवार)     गुरु रविदास जयंती: 12 फरवरी (बुधवार)     शिवाजी जयंती: 19 फरवरी (बुधवार)     स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती: 23 फरवरी (रविवार)     होलिका दहन: 13 मार्च (गुरुवार)     डोलयात्रा: 14 मार्च (शुक्रवार)     राम नवमी: 16 अप्रैल (रविवार)     जन्माष्टमी (स्मार्त): 16 अगस्त (शुक्रवार)     गणेश चतुर्थी/विनायक चतुर्थी: 27 अगस्त (बुधवार)     ओणम या तिरुओणम: 5 सितंबर (शुक्रवार)     दशहरा (सप्तमी): 29 सितम्बर (सोमवार)     दशहरा (महाष्टमी): 30 सितम्बर (मंगलवार)     दशहरा (महानवमी): 1 अक्टूबर (बुधवार)     महर्षि वाल्मिकी जयंती: 7 अक्टूबर (मंगलवार)     करक चतुर्थी (करवा चौथ): 10 अक्टूबर (शुक्रवार)     नरक चतुर्दशी: 20 अक्टूबर (सोमवार)     गोवर्धन पूजा: 22 अक्टूबर (बुधवार)     भाई दूज: 23 अक्टूबर (गुरुवार)     प्रतिहार षष्ठी या सूर्य षष्ठी (छठ पूजा): 28 अक्टूबर (मंगलवार)     गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस: 24 नवंबर (सोमवार)     क्रिसमस की पूर्व संध्या: 24 दिसंबर (बुधवार) कब-कब मिलेंगे लॉन्‍ग वीकेंड 11 और 12 जनवरी को शनिवार व रविवार की छुट्टी है. 13 जनवरी को अवकाश ले लिया जाए तो 14 को मकर संक्रांति की छुट्टी मिल जाएगी. ऐसे में आप 11 से 14 जनवरी तक लॉन्‍ग वीकेंड पर जा सकते हैं. मार्च में 14 को होली है और 15 व 16 फरवरी को शनिवार व रविवार अवकाश है. इस तरह तीन दिन के लिए लॉन्‍ग ड्राइव पर जाया जा सकता है. इसी तरह 29 और 30 मार्च को शनिवार-रविवार है और 31 मार्च को ईद-उल-फितर की छुट्टी है. यानी तीन छुट्टियां इ‍क्‍ट्ठी हो रही है. अप्रैल में दो लॉन्‍ग वीकेंड मिलेंगे. 12,13,14 अप्रैल और 18 अप्रैल को गुड फ्राइडे और 19-20 अप्रैल को शनिवार और रविवार है. 15 अगस्त में स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के बाद 16 और 17 अगस्त को शनिवार व रविवार की छुट्टी मिल जाएगी. सितंबर में 5 तारीख को ईद ए मिलाद की छुट्टी है तो 6 और 7 सितंबर को शनिवार और रविवार की छुट्टी रहेगी. Bank User इन Online सेवाओं की ले सकते है Help बैंक की छुट्टियों के दौरान कस्टमर्स ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर सकते है, क्योंकि यूपीआई (UPI), मोबाइल बैंकिंग (Mobile Banking), इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) जैसी डिजिटल सेवाओं (Digital Banking) पर बैंक हॉलीडे का कोई असर नहीं होता है।     NET BANKING: बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए आप नेट बैंकिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें मनी ट्रांसफर ,बिलों का भुगतान और बैलेंस चेक की सुविधा उपलब्ध होती है।     Unified Payments Interface : पैसे ट्रांसफर करने के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक सुरक्षित तरीका है आपको केवल UPI ऐप जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm आदि का इस्तेमाल करना होता है।     MOBILE BANKING: स्मार्टफोन पर बैंक की मोबाइल ऐप के जरिए आप कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जैसे फंड ट्रांसफर, मोबाइल रिचार्ज, यूटिलिटी बिल पेमेंट आदि।     ATM USE: पैसे निकालने, बैलेंस चेक करने और मिनी स्टेटमेंट प्राप्त करने के लिए एटीएम हमेशा उपलब्ध रहते हैं। एटीएम में कार्डलेस कैश विदड्रॉल जैसी सुविधाओं का भी उपयोग कर सकते हैं। recent visitors 261

सेंसेक्स ने 800 अंक तो निफ्टी इंडेक्स ने भी 246 अंकों की छलांग लगाई

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) ने बीते सप्ताह की बड़ी गिरावट से उबरते हुए सोमवार को शानदार शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (Sensex) ओपन होने के कुछ ही मिनटों में 800 अंक से ज्यादा उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स (Nifty) ने भी करीब 246 अंकों की छलांग लगा दी. बाजार में तेजी के बीच मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज से लेकर एचडीएफसी बैंक तक के शेयर में जोरदार उछाल देखने को मिला. 78700 के पार पहुंचा सेंसेक्स बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,041.598 की तुलना में जोरदार बढ़त लेते हुए 78,488.64 के लेवल पर ओपन हुआ और इसके बाद इसकी रफ्तार और तेज हो गई. खबर लिखे जाने तक BSE Sensex 692 अंक के करीब उछलकर 78,743 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. वहीं बात NSE Nifty की करें, तो इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,587.50 के स्तर से चढ़कर 23,738.20 के लेवल पर ट्रेड शुरू किया और कुछ ही मिनटों में 23,792.75 के स्तर पर पहुंच गया. सेंसेक्स और निफ्टी में ये तेजी कारोबार बढ़ने के साथ और बढ़ी गई. सुबह 11 बजे पर बीएसई का इंडेक्स 810.21 अंक या 0.97 फीसदी चढ़कर 78,852.80 के लेवल पर पहुंच गया, तो वहीं 246 अंक की तेजी लेकर 23833 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. रिलायंस से लेकर एयरटेल तक भागे अब बात कर लेते हैं बाजार में तेजी के बीच सबसे ज्यादा रफ्तार से भागने वाले शेयरों के बारे में, तो इसमें मुकेश अंबानी से लेकर टाटा ग्रुप तक की कंपनियों के स्टॉक्स शामिल. सेंसेक्स की लार्ज कैप कंपनियों में शामिल HDFC Bank Share (1.72%), Reliance (1.60%), ICICI Bank (1.52%), Bharti Airtel (1.20%) और Tata Steel Share (1.02%) की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. Paytm के शेयर में भी तेजी अन्य कंपनियों के शेयरों की बात करें, तो मिडकैप कैटेगरी में शामिल JSW Infra Share 2.61%, Paytm Share 2%, GMR Airport Share 1.92% चढ़कर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल  India Cement Share 8.98%, Star Cement Share 6.54% की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. शुक्रवार को क्रैश हुआ था बाजार बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स (Sensex) 1200 अंक तक फिसल गया था, जबकि Nifty में 364 अंक तक की गिरावट आई थी. हालांकि, मार्केट क्लोज होने पर सेंसेक्स 1176 अंक टूटकर 78041 पर क्‍लोज हुआ, जबकि निफ्टी 364 अंक गिरकर 23,587 पर क्‍लोज हुआ था. लेकिन इस सप्ताह के पहले दिन दोनों इंडेक्स गिरावट से उबरते हुए नजर आए. recent visitors 90

वित्त वर्ष 24 में देश की 28 भारतीय न्यू ऐज स्टार्टअप कंपनियों के 51 संस्थापकों ने कुल 283.5 करोड़ रुपये का वेतन लिया

नई दिल्ली देश की 28 भारतीय न्यू ऐज स्टार्टअप कंपनियों के 51 संस्थापकों ने वित्त वर्ष 24 में कुल 283.5 करोड़ रुपये का वेतन लिया है। आईएनसी 42 की रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में स्टार्टअप संस्थापकों के औसत वेतन में वित्त वर्ष 24 में कमी देखने को मिली है और यह वित्त वर्ष 23 के 7.6 करोड़ रुपये के मुकाबले 26.9 प्रतिशत कम होकर 5.55 करोड़ रुपये रह गया है। इन कंपनियों में स्टॉक ब्रोकिंग से लेकर कंज्यूमर गुड्स स्टार्टअप तक शामिल हैं। इन सभी स्टार्टअप में ईकॉमर्स स्टार्टअप फर्स्टक्राई के संस्थापक, सुपम माहेश्वरी ने वित्त वर्ष 24 में सबसे अधिक 103.8 करोड़ रुपये का वेतन लिया है। हालांकि, यह वित्त वर्ष 23 में लिए गए वेतन 200.7 करोड़ रुपये से करीब 50 प्रतिशत कम है। वित्त वर्ष 24 में फर्स्टक्राई की परिचालन से आय 6,480 करोड़ रुपये रही है और इस दौरान कंपनी को 321.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। जीरोधा के संस्थापक निखिल और नितिन कामथ इस लिस्ट में वित्त वर्ष 24 में दूसरे स्थान पर थे। दोनों भाईयों में से प्रत्येक ने 33.8 करोड़ रुपये का वार्षिक वेतन पिछले वित्त वर्ष में लिया है। वित्त वर्ष 23 प्रत्येक ने 48 करोड़ रुपये के वेतन लिया था। वित्त वर्ष 24 में जीरोधा की परिचालन से 9,372.1 करोड़ रुपये थी और इस दौरान कंपनी को 5,496.3 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कैपिलरी टेक्नोलॉजीज के संस्थापक अनीश रेड्डी इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर थे। वित्त वर्ष 24 में उन्होंने 13.3 करोड़ रुपये का वेतन लिया है। यह वित्त वर्ष 23 के वेतन 84 लाख रुपये से 1,480 प्रतिशत अधिक है। होटल सॉफ्टवेयर कंपनी रेटगेन के संस्थापक, भानू चोपड़ा को वित्त वर्ष में वेतन के रूप में 5.8 करोड़ रुपये मिले हैं। वित्त वर्ष 23 में यह 6.1 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 24 में रेटगेन की परिचालन से आय 69 प्रतिशत बढ़कर 957 करोड़ रुपये हो गई है और कंपनी ने इस दौरान 146.3 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। पेटीएम के एमडी और सीईओ, विजय शेखर शर्मा इस लिस्ट में पांचवे स्थान पर थे। वित्त वर्ष 24 में उन्होंने 4.4 करोड़ रुपये का वार्षिक वेतन लिया है, जो कि वित्त वर्ष 23 में लिए गए वार्षिक वेतन 4 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत ज्यादा है। मामाअर्थ के सीईओ, वरुण अलघ का वार्षिक वेतन वित्त वर्ष 24 में 3.97 करोड़ रुपये रहा है, जो कि वित्त वर्ष 23 के वार्षिक वेतन 1.49 करोड़ रुपये से 166.9 प्रतिशत अधिक है। वहीं, उनकी पत्नी और स्टार्टअप की सह-संस्थापक को वित्त वर्ष 24 में 1.79 करोड़ रुपये का वेतन मिला है, जो कि वित्त वर्ष 23 के 99 लाख रुपये से 80.8 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 24 में मामाअर्थ की परिचालन से आय 1,919.9 करोड़ रुपये थी और इस दौरान कंपनी को 110.5 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।   recent visitors 83

अब किसानों की किस्मत मक्का से चमकेगी

नई दिल्ली दुनिया भर में खानपान में बदलाव को देखते हुए अब सिर्फ गेहूं, धान और गन्ना की फसल उगाने से किसानों का भला नहीं होने वाला नहीं है। खेती में विविधता और खाद्य प्रसंस्करण पर जोने देने से ही किसानों की माली हालत सुधर सकती है। मक्का और गन्ना से अब इथोनॉल के साथ-साथ कई बायो प्रोडक्ट्स तैयार हो रहे हैं। इससे किसानों को भी फायदा होगा। इंडो एग्री फ्यूचर फूड समिट में विशेषज्ञों ने यह निष्कर्ष निकाला है। यह समिट मोटा अनाज, मक्का, डीडीजीएस और इथेनॉल यानी एमएमडीई पर केंद्रित रही। डीडीजीएस का मतलब है डिस्टिलर ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्यूबल्स जो इथेनॉल उत्पादन प्रक्रिया का एक बायो प्रोडक्ट है। इस प्रोडक्ट का उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जाता है। समिट में विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि जिस तरह से आबादी बढ़ रही है और खेती का रकबा घट रहा है, इससे भविष्य में भोजन के लिए अनाज की मांग की पूर्ति करना बड़ी चुनौती साबित होगी। इसलिए किसानों को खेती में विविधता लाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। समिट के पहले सत्र में मक्का के आउटलुक पर विचार-विमर्श हुआ। जिस तरह सरसों और सोयाबीन में से तेल निकालने बाद खली बचती है उसी मक्का से इथेनॉल बनाने के बाद कई तरह के बायो प्रोडक्ट बनते हैं जिनकी बाजार में तेजी से मांग बढ़ रही है। इस समिट में कमोडिटीज, फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउस और एग्रीकल्चर से जुड़े दुनियाभर के एक्सपर्ट्स शामिल हुए। इनमें एनएफसीएसएफ के एमडी प्रकाश नाइकनावरे, रेणुका शुगर के ईडी रवि गुप्ता, एमईआईआर कमोडिटीज के एमडी राहिल शेख, ग्रीन लीफ के फाउंडर हर्ष सोनी, डीसीएम श्रीराम के रोशन टामक, डालमिया भारत के कपिल नेमा, इकोनॉमिस्ट चंद्रशेखर और विजय सरदाना आदि शामिल हुए। विशेषज्ञों ने कहा कि मक्का अब सिर्फ भोजन का ही विकल्प नहीं रह गई है। कुछ साल पहले तक इस अनाज को कोई पूछता तक नहीं था लेकिन अब इकोनॉमी में इसे लोग पूज रहे हैं। मक्का से अब इथेनॉल बनाने के बाद कई तरह बायो प्रोडक्ट बन रहे हैं। किसानों की माली हालात सुधारने में यह फसल क्रांतिकारी विकल्प साबित हो रही है। मक्का अन्य फसलों की तुलना में सबसे कम समय मे पकने वाली फसल है। अब इस फसल के दाम भी अच्छे मिल रहे हैं। ऐसे किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए मक्का की फसल को तरजीह देनी चाहिए। केंद्र सरकार ने 2024 तक पेट्रोल में 15 फीसद इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब 2025 तक 20 फीसद मिश्रण का लक्ष्य रखा है। यह सफलता मक्का और गन्ना के बूते ही संभव हो पाई है। अब चीनी मिलों में गन्ना से चीनी, इथेनॉल के अलावा भी कई बायो प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं। देश में इथेनॉल का उत्पादन बढ़ने से देश की क्रूड के आयात पर निर्भरता कम हो रही। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण को सहेजने में मदद मिल रही है। इस तरह इथेनॉल के उत्पादन से इंडियन इकोनॉमी को कई मोर्चों पर सहारा मिल रहा है। समिट के दूसरे सत्र में डीडीजीएस की मांग और आपूर्ति पर पैनल डिस्कशन हुआ। तीसरे और अंतिम सत्र में इथेनॉल मार्केट के परिदृश्य पर चर्चा हुई। इस दौरान फसलों के प्रसंस्करण और उन्हें संरक्षित करने पर खासतौर जोर दिया गया।   recent visitors 90

रॉयल एनफील्ड की 3 नई बाइक्स जल्द होगी लांच

नई दिल्ली रॉयल एनफील्ड कंपनी भारतीय बाजार में तीन नई बाइक्स को लॉन्च करने की तैयारी में है। अगर आप भी रॉयल एनफील्ड की नई बाइक खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए यह एक बेहतरीन मौका हो सकता है। पहली बाइक है रॉयल एनफील्ड क्लासिक 650, जो क्लासिक 350 की सफलता को देखते हुए लॉन्च की जाएगी। इस बाइक में 648सीसी का पैरेलल ट्विन इंजन मिलेगा, जो 47.4 बीएचपी की पावर और 52.4 एनएम का टॉर्क जेनरेट करेगा। यह बाइक शानदार परफॉर्मेंस के साथ क्लासिक डिज़ाइन में होगी और 2025 की पहली तिमाही में लॉन्च होने की उम्मीद है। दूसरी बाइक है रॉयल एनफील्ड बुलेट 650, जो रॉयल एनफील्ड की आइकॉनिक बुलेट सीरीज़ का बड़ा वर्जन होगी। इसमें 648सीसी ट्विन-सिलेंडर इंजन होगा, जो बेहतरीन राइडिंग अनुभव देगा। इसकी टेस्टिंग भारतीय सड़कों पर हो चुकी है, और इसकी लॉन्चिंग को लेकर उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं। तीसरी बाइक है रॉयल एनफील्ड हिमालयन 650, जो एडवेंचर बाइक प्रेमियों के लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है। यह बाइक रॉयल एनफील्ड की पॉपुलर हिमालयन सीरीज़ का अपग्रेडेड वर्जन होगी और इसमें दमदार इंजन के साथ बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस और एडवेंचर टूरिंग के लिए कई आधुनिक फीचर्स होंगे। इसे 2025 के त्योहारी सीजन में लॉन्च किया जा सकता है। बता दें कि भारतीय बाजार में रॉयल एनफील्ड की बाइक्स हमेशा से आकर्षण का केंद्र रही हैं। रॉयल एनफील्ड की क्लासिक 350 से लेकर बुलेट तक बाइक्स के शौकियों का एक अलग फैन बेस है।   recent visitors 87

फेड के निर्णय का बाजार पर रहेगा असर, एफआईआई की भूमिका रहेगी अहम

मुंबई अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के अगले वर्ष ब्याज दर में कटौती के पूर्वानुमान को वापस लेने से पूरी दुनिया के बाजार में मचे हाहाकार से बीते सप्ताह करीब पांच फीसदी लुढ़के घरेलू शेयर बाजार पर अगले सप्ताह भी फेड के निर्णय का असर रहेगा तथा सेंसेक्स और निफ्टी को दिशा देने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख की भी अहम भूमिका रहेगी। बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 4091.53 अंक अर्थात 4.98 प्रतिशत का गोता लगाकर सप्ताहांत पर 78041.59 अंक पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 1180.8 अंक यानी 4.8 प्रतिाश्त की गिरावट लेकर 23587.50 अंक रह गया। समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी जमकर बिकवाली हुई, जिससे मिडकैप 1550.12 अंक अर्थात 3.2 प्रतिशत टूटकर सप्ताहांत पर 46226.50 अंक और स्मॉलकैप 1808.24 अंक यानी 3.2 प्रतिशत कमजोर रहकर 55149.22 अंक पर बंद हुआ। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के संभावित निर्णय को लेकर जारी अटकलें और अंततः फेड के अगले वर्ष ब्याज दर में कटौती के पूर्वानुमान को वापस लेने के फैसले से बीते सप्ताह हताश निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। फेड रिजर्व ने वर्ष 2025 में केवल दो तिमाही में ब्याज दर में कटौती की उम्मीद जताई है, जो निवेशकें की तीन या चार कटौतियों से कम है। फेड के इस निर्णय का बाजार पर अगले सप्ताह भी असर रहेगा। इसके साथ ही अगले सप्ताह बाजार को दिशा देने में एफआईआई के रुख की भी अहम भूमिका रहेगी। एफआईआई ने दिसंबर में अबतक बाजार में कुल 254,908.23 करोड़ रुपये की लिवाली जबकि कुल 259,029.45 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। इससे वे 4,121.22 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे हैं। बीते सप्ताह बाजार में पांचों कारोबारी दिवस गिरावट रही। चीन और यूरोप के कमजोर आर्थिक आंकड़ों तथा बॉन्ड के बढ़ते प्रतिफल से इक्विटी मूल्यांकन को मिल रही चुनौती के बीच फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दर पर होने वाले निर्णय को लेकर आशंकित विश्व बाजार में आई गिरावट के दबाव में स्थानीय स्तर पर यूटिलिटीज, धातु, तेल एवं गैस और टेक समेत तेरह समूहों में हुई बिकवाली से सोमवार को सेंसेक्स 384.55 अंक का गोता लगाकर 81,748.57 अंक और निफ्टी 100.05 अंक की गिरावट लेकर 24,668.25 अंक रह गया। दुनिया के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से पहले विश्व बाजार में आई भारी गिरावट से हतोत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से मंगलवार को सेंसेक्स 1064.12 अंक का गोता लगाकर 80,684.45 अंक और निफ्टी 332.25 अंक कमजोर रहकर 24,336.00 अंक रह गया। फेड रिजर्व की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के नतीजे आने से पहले विश्व बाजार में तेजी जारी रहने के बावजूद स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से बुधवार को सेंसेक्स 502.25 अंक लुढ़ककर 80,182.20 अंक और निफ्टी 137.15 अंक की गिरावट लेकर 24,198.85 अंक पर बंद हुआ। फेड रिजर्व के अगले वर्ष ब्याज दर में केवल दो ही बार कटौती करने के संकेत से निराश विश्व बाजार में आई भारी गिरावट के दबाव में स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से गुरुवार को सेंसेक्स 964.15 अंक का गोता लगाकर 79,218.05 अंक और निफ्टी 247.15 अंक टूटकर 23,951.70 अंक पर आ गया। इसी तरह शुक्रवार को सेंसेक्स 1176.46 अंक कमजोर होकर एक माह के निचले स्तर 78,041.59 अंक पर आ गया। साथ ही निफ्टी भी 364.20 अंक कमजोर रहकर 23,587.50 अंक पर बंद हुआ।   recent visitors 78

ITR फाइलिंग करने के लिए है सिर्फ 31 दिसंबर 2024 तक का समय, आखिरी तारीख न छोड़ें, वरना लगेगा तगड़ा जुर्माना

नई दिल्ली अगर आप वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) अभी तक नहीं भर पाए हैं, तो आपके पास सिर्फ 31 दिसंबर 2024 तक का समय है। इस तारीख के बाद, यदि आप विलंबित रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपको जुर्माना और ब्याज का सामना करना पड़ सकता है। विलंबित रिटर्न पर 5000 रुपये तक का जुर्माना आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत, यदि आप 31 दिसंबर तक विलंबित रिटर्न नहीं दाखिल करते हैं, तो आपको 5000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। हालांकि, अगर आपकी आय 3 लाख रुपये से कम है, तो कोई जुर्माना नहीं लगेगा। कम टैक्स योग्य आय वाले व्यक्तियों पर 1000 रुपये का जुर्माना भी हो सकता है। विलंबित ITR दाखिल करने की प्रक्रिया विलंबित रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया मूल रिटर्न के समान ही होती है, लेकिन आपको दाखिल करते समय धारा 139(4) का चयन करना होता है। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि सभी पेनल्टी और बकाया राशि का भुगतान किया गया हो। रिटर्न दाखिल करने के बाद, 30 दिनों का समय मिलता है ताकि रिटर्न सत्यापित किया जा सके। संशोधन के लिए नियम यदि आपने ITR दाखिल करते वक्त कोई गलती की है, तो आप धारा 139(5) के तहत संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, बार-बार संशोधन से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे आयकर विभाग की जांच हो सकती है। समाप्ति तिथि नजदीक है, जल्दी करें ITR फाइल 31 दिसंबर 2024 तक ITR दाखिल करना न भूलें, ताकि आपको जुर्माना और ब्याज का भुगतान न करना पड़े। recent visitors 132

युवाओं के लिए अच्‍छी खबर, जॉब मार्केट के लिए उम्मीदों भरा रहेगा नया साल, देखी जा सकती है 9 प्रतिशत की वृद्धि

बेंगलुरू  हाल ही में आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2025 में हायरिंग को लेकर 9 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। फाउंडिट (पूर्व में मॉन्स्टर एपीएसी एंड एमई) की रिपोर्ट के अनुसार, आईटी, रिटेल, दूरसंचार और बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) सेक्टर इस वृद्धि के जिम्मेदार होंगे। 2024 में 10 प्रतिशत की वृद्धि और नवंबर में मासिक आधार पर 3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ, पूर्वानुमान दर्शाता है कि हायरिंग एक पूर्वानुमानित हायरिंग एनवायरमेंट के साथ अपनी गति बनाए रखने के लिए तैयार है। उभरती हुई टेक्नोलॉजी और विकसित होती व्यावसायिक प्राथमिकताएं 2025 में भारत के जॉब मार्केट को और आकार देंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एज कंप्यूटिंग, क्वांटम एप्लिकेशन और साइबर सिक्योरिटी एडवांसमेंट जैसे इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और आईटी जैसी इंडस्ट्री को बदलने के लिए तैयार हैं। इस बीच, रिटेल मीडिया नेटवर्क और एआई-संचालित वर्कफोर्स विश्लेषण का उदय ई-कॉमर्स, ह्युमन रिसोर्स (एचआर) और डिजिटल सर्विस में टैलेंट की जरूरतों को नया आकार देगा। संगठन डिजिटल मार्केटिंग, विज्ञापन प्रबंधन और एचआर विश्लेषण में कुशल पेशेवरों की तलाश करेंगे। फाउंडिट की उपाध्यक्ष – मार्केटिंग अनुपमा भीमराजका ने कहा, "2025 के साथ भारत का रोजगार बाजार अपने आकार को बड़ा बनाने के लिए तैयार है, जिसमें हायरिंग में 9 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि है। कंपनियां न केवल अनुभवी पेशेवरों की तलाश कर रही हैं, बल्कि स्थापित केंद्रों से परे अपनी खोज को भी व्यापक बना रही हैं। हमारा मानना ​​है कि यह दृष्टिकोण एक स्वस्थ, अधिक विविध वातावरण बनाएगा – जिससे व्यवसायों को नए टैलेंट पूल तक पहुंचने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप वर्कफोर्स बनाने की अनुमति मिलेगी," वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के विस्तार और मल्टी-क्लाउड अपनाने के साथ आईटी सेक्टर 2025 में हायरिंग में 15 प्रतिशत की वृद्धि करने के लिए तैयार है। व्यवसाय एनर्जी-एफिशिएंट डेटा केंद्रों, ग्रीन आईटी प्रैक्टिस और रिफर्बिस्ड हार्डवेयर सॉल्यूशन के जरिए परिचालन स्थिरता को प्राथमिकता दे रहे हैं। रिटेल सेक्टर में हायरिंग में 12 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जो ट्रेडिशनल और टेक-इनेबल्ड रोल की बढ़ती मांग को दर्शाता है। इस सेक्टर की वृद्धि ईंट-और-मोर्टार स्टोर के पुनरुत्थान और टियर-2 और टियर-3 शहरों में बढ़ते उपभोक्ता खर्च की वजह से देखी जा रही है। टेलीकॉम सेक्टर की 11 प्रतिशत अनुमानित वृद्धि एआई, 5जी और आईओटी में एडवांसमेंट के साथ देखी जा रही है, जिसमें एज कंप्यूटिंग, एसडीएन (सॉफ्टवेयर-परिभाषित नेटवर्किंग), एनएफवी (नेटवर्क फंक्शन वर्चुअलाइजेशन) और साइबर सिक्योरिटी में स्किल की मांग है। 2025 में, अलग-अलग सेक्टर में वृद्धि होने का अनुमान है। इनमें 8 प्रतिशत फाइनेंस और अकाउंट, 7 प्रतिशत एचआर और एडमिन, 6 प्रतिशत आईटी, 5 प्रतिशत होस्पिटैलिटी और 3 प्रतिशत मार्केटिंग और कम्युनिकेशन के साथ इस वृद्धि को देखा जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बेंगलुरू 10 प्रतिशत भागीदारी के साथ शहरवार वृद्धि में सबसे आगे रहेगा, इसके बाद कोयंबटूर 9 प्रतिशत, हैदराबाद 8 प्रतिशत और चेन्नई 6 प्रतिशत की भागीदारी दर्ज करवाएंगे। recent visitors 60

जीएसटी काउंसिल की बैठक में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी घटाने का फैसला फिलहाल टल गया

जयपुर राजस्थान के जैसलमेर में हुई जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक से आम जनता को बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी घटाने का फैसला फिलहाल टल गया। मंत्रियों के समूह (GOM) ने यह प्रस्ताव रखा था, लेकिन काउंसिल ने इसे और अधिक स्पष्टीकरण के लिए अगली बैठक तक टाल दिया।   हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर फैसला क्यों टला? काउंसिल का कहना है कि इस प्रस्ताव पर और गहराई से विचार की जरूरत है। GOM को अपनी रिपोर्ट में अतिरिक्त जानकारी और स्पष्टता जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में हेल्थ इंश्योरेंस, टर्म लाइफ इंश्योरेंस और यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान पर 18% जीएसटी लगाया जाता है। पॉपकॉर्न और पुरानी कारों पर नई जीएसटी दरें पॉपकॉर्न: मिक्स रेडी-टू-ईट (अनपैक्ड): 5% जीएसटी प्री-पैकेज्ड और लेबल वाले: 12% जीएसटी कैरेमेल पॉपकॉर्न: 18% जीएसटी पुरानी छोटी पेट्रोल-इलेक्ट्रिक कारें (EV): इनकी बिक्री पर जीएसटी को 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है। GST काउंसिल की बैठक आज: इंश्‍योरेंस प्रीमियम से लेकर फूड ऑर्डर तक, कई चीजों पर घट सकता है टैक्स! GST काउंसिल की बैठक आज: इंश्‍योरेंस प्रीमियम से लेकर फूड ऑर्डर तक, कई चीजों पर घट सकता है टैक्स! GST Council : GST पर आई बड़ी खबर…21 दिसंबर को बैठक, ये प्रोडक्ट्स होंगे महंगे! GST Council : GST पर आई बड़ी खबर…21 दिसंबर को बैठक, ये प्रोडक्ट्स होंगे महंगे! पुराने वाहनों पर GST बढ़ाकर 18% करने की तैयारी, काउंसिल की बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला       आम जनता को झटका इस बैठक में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी घटाने का फैसला न होने से आम लोग निराश हैं, जो इस राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे। हालांकि, उम्मीद है कि अगली बैठक में इस पर चर्चा कर कोई निर्णय लिया जाएगा। recent visitors 63

ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करना सस्ता होगा, आज जीएसटी काउंसिल की बैठक

नई दिल्ली  स्विगी और जोमैटो जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से खाना ऑर्डर करना सस्ता हो सकता है। दरअसल, सरकारी ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप पर जीएसटी की दर कम कर सकती है। वहीं इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर जीएसटी दर बढ़ाई जा सकती है। इससे ये महंगी हो जाएंगी। जीएसटी की इन दरों के बारे में कल यानी शनिवार को निर्णय लिया जाएगा। शनिवार 21 दिसंबर को जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक होगी। जीएसटी परिषद इस बैठक के दौरान लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स दरों को कम करने पर चर्चा कर सकती है। साथ ही यह कलाई में पहने जाने वाली लक्जरी घड़ियों, जूते और कपड़ों पर टैक्स बढ़ाने पर विचार कर सकती है। इसके अलावा तंबाकू जैसी हानिकारक चीजों पर 35% का एक अलग से जीएसटी स्लैब पेश किया जा सकता है। कितनी सस्ता होगा खाना ऑर्डर करना? इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार जीएसटी काउंसिल की यह बैठक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और राज्य के समकक्षों की मौजूदगी में होगी। इसमें स्विगी और जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के लिए जीएसटी दर को मौजूदा 18% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ) से घटाकर 5% (इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना) करने का प्रस्ताव है। 148 चीजों के टैक्स पर बदलाव संभव इस बैठक में करीब 148 वस्तुओं की जीएसटी दर में बदलाव हो सकता है। साथ ही विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) को भी जीएसटी के दायरे में लाने पर भी विचार-विमर्श होगा। फिटमेंट कमेटी (जिसमें केंद्र और राज्यों के टैक्स अधिकारी शामिल हैं) ने इस्तेमाल किए गए ईवी के साथ-साथ छोटे पेट्रोल और डीजल वाहनों की बिक्री पर मौजूदा 12 फीसदी से 18 फीसदी तक की दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इस बढ़ोतरी से इस्तेमाल की गई और पुरानी छोटी कारें और ईवी पुराने बड़े वाहनों के बराबर हो जाएंगे। सस्ता हो सकता है हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम परिषद के एजेंडे में प्रमुख रूप से हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर जीएसटी दर तय करना है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में परिषद की ओर से गठित एक मंत्री समूह ने नवंबर में अपनी बैठक में टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों के लिए भुगतान किए गए बीमा प्रीमियम को जीएसटी से छूट देने पर सहमति व्यक्त की थी। साथ ही सीनियर सिटीजन को हेल्थ इंश्योरेंस कवर के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम को भी टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य व्यक्तियों के 5 लाख रुपये तक के कवरेज वाले हेल्थ इंश्योरेंस के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर जीएसटी से छूट देने का प्रस्ताव है। recent visitors 63

दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री बना भारत का फार्मा सेक्टर

नई दिल्ली. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत की फार्मा इंडस्ट्री मात्रा के हिसाब से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री मानी जाती है और वित्त वर्ष 2023-24 में फार्मास्युटिकल मार्केट का मूल्य 50 बिलियन डॉलर हो गया है। राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में फार्मास्युटिकल मार्केट का घरेलू उपभोग मूल्य 23.5 बिलियन डॉलर और निर्यात मूल्य 26.5 बिलियन डॉलर रहा। भारतीय फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री की वैश्विक स्तर पर मजबूत उपस्थिति है। यह उत्पादन के मूल्य के मामले में भी 14वें स्थान पर है, जिसमें जेनेरिक दवाएं, बल्क ड्रग्स, ओवर-द-काउंटर दवाएं, टीके, बायोसिमिलर और बायोलॉजिक्स शामिल हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी 2024 के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए स्थिर मूल्यों पर फार्मास्यूटिकल्स, औषधीय और बोटैनिकल प्रोडक्ट के लिए कुल उत्पादन 4,56,246 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1,75,583 करोड़ रुपये वैल्यू एडेड है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान फार्मास्यूटिकल्स, औषधीय और बोटैनिकल प्रोडक्ट उद्योग में 9,25,811 लोग लगे हुए थे। इस बीच, राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में सात राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) स्थापित किए हैं। ये संस्थान स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की शिक्षा प्रदान करते हैं, साथ ही विभिन्न फार्मा विशेषज्ञताओं में उच्च स्तरीय शोध भी करते हैं। इसके अलावा, विभाग ने फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों में रिसर्च, विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक राष्ट्रीय नीति भी तैयार की है। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में इनोवेशन के लिए एक इकोसिस्टम बनाना भी है, ताकि भारत एक उद्यमशील वातावरण तैयार कर दवा खोज और इनोवेटिव मेडिकल डिवाइस में अग्रणी बन सके। recent visitors 59

रिपोर्ट में किया दावा इस साल भारत के लगभग आधे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने अंतिम समय में उड़ान बुकिंग की

नई दिल्ली. इस साल यानी 2024 में भारत के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच स्वैच्छिक यात्रा में वृद्धि देखी गई। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से लगभग आधे लोगों ने अपने प्रस्थान से बमुश्किल एक सप्ताह पहले ही अंतिम क्षण में योजना बनाते हैं। यात्रा-बैंकिंग वित्तीय प्रौद्योगिकी मंच नियो द्वारा तैयार यात्रा रिपोर्ट भारतीय यात्रियों की बदलती मानसिकता पर प्रकाश डालती है, जो लचीलेपन को अपना रहे हैं, अनुभवों को प्राथमिकता दे रहे हैं, तथा सुव्यवस्थित यात्रा प्रक्रियाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, “इस साल भारतीयों द्वारा की गई 48 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बुकिंग यात्रा से सिर्फ़ सात दिन के अंदर की गई। इस प्रवृत्ति को आसान यात्रा पहुंच से समर्थन मिला, जहां 58 देशों ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा-मुक्त या आगमन पर वीजा के विकल्प प्रदान किए।” रिपोर्ट कहती है, हालांकि कई यात्रियों ने अल्प सूचना पर ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बुक कर ली थीं, लेकिन ‘30 प्रतिशत वीजा आवेदन’ यात्रा से 16-30 दिन पहले दिए गए थे, जो कि एक निश्चित स्तर की तैयारी का संकेत है। रिपोर्ट के अनुसार, अबतक भारतीय यात्रियों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य दुबई ने अपनी शानदार खरीदारी और मनोरंजन के साथ ‘45 प्रतिशत’ छुट्टियां मनाने वालों को आकर्षित किया। सूची में दूसरे स्थान पर वियतनाम था, जो अपनी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, जिसने 15 प्रतिशत यात्रियों को आकर्षित किया। कम संख्या में यात्रियों ने ओमान और जापान (एक-एक प्रतिशत) को चुना। पॉप संस्कृति ने भी इस वर्ष भारतीयों की यात्रा पसंद पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। उदाहरण के लिए, ‘एमिली इन पेरिस’ जैसी वेब शृंखला ने कई भारतीय महिलाओं को फ्रांस की यात्रा करने के लिए प्रेरित किया, जिसमें 30 प्रतिशत भारतीयों ने फ्रांस को अपने गंतव्य के रूप में चुना। इसके बाद ब्रिटेन (29 प्रतिशत) और सिंगापुर (26 प्रतिशत) का स्थान रहा। recent visitors 53

रियल एस्टेट सेक्टर में पीई निवेश 32 प्रतिशत बढ़कर 4.2 अरब डॉलर रहा

मुंबई. भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में प्राइवेट इक्विटी (पीई) निवेश 2024 में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत बढ़कर 4.2 अरब डॉलर हो गया है। इसकी वजह वेयरहाउसिंग सेक्टर में मांग मजबूत होना है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि 2024 में पीई निवेश हासिल करने में वेयरहाउसिंग सेक्टर सबसे आगे रहा, जिसकी कुल निवेश में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। इसके बाद कुल निवेश में रेजिडेंशियल सेक्टर की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत और ऑफिस सेक्टर की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत रही। रिपोर्ट में बताया गया कि 2024 में रेजिडेंशियल सेक्टर में निजी इक्विटी निवेश दोगुने से अधिक बढ़ा है। इस दौरान पीई निवेश में 104 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो इस वर्ष 1.2 अरब डॉलर हो गया, जो इस क्षेत्र में निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि निवेशकों के फोकस और सेक्टर की प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। पीई निवेश में वेयरहाउसिंग सेक्टर ने ऑफिस सेक्टर को पीछे छोड़ दिया, जिसकी 2017 से पीई निवेश में उच्चतम हिस्सेदारी थी, जो भारतीय रियल एस्टेट बाजार में वेयरहाउसिंग के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। मुंबई की कुल पीई निवेश में हिस्सेदारी 50 प्रतिशत रही है। इसकी वजह वेयरहाउसिंग में निवेश बढ़ना है। 2024 में देश की आर्थिक राजधानी में 2 अरब डॉलर का पीई निवेश आया है। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि 2024 में मुंबई में आये कुल पीई निवेश में से 74 प्रतिशत वेयरहाउसिंग सेक्टर में आया है। इसकी वैल्यू 1.5 अरब डॉलर रही है। वहीं, शहर में रेजिडेंशियल सेक्टर में 406 मिलियन डॉलर का पीई निवेश हुआ है। 2024 में बेंगलुरु को कुल 833 मिलियन डॉलर का पीई निवेश प्राप्त हुआ। इनमें से लगभग 52 प्रतिशत या 430 मिलियन डॉलर निवेश ऑफिस सेक्टर में आया है।, जबकि शेष 48 प्रतिशत या 403 मिलियन डॉलर का निवेश रेजिडेंशियल सेक्टर में आया है। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, “भारत में पिछले एक दशक में निवेश में बढ़त हुई है। इसकी वजह आर्थिक स्थिरता और लगातार हो रही ग्रोथ है। ई-कॉमर्स और थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स में वृद्धि से वेयरहाउसिंग सेक्टर में तेजी है। वहीं, बढ़ती हुई कंज्यूमर मांग का फायदा रेजिडेंशियल सेक्टर को मिल रहा है।” recent visitors 64

बाजार में कोहराम, भरभराकर ग‍िरा सेंसेक्‍स-न‍िफ्टी; म‍िनटों में 6 लाख करोड़ खाक

मुंबई भारतीय शेयर बाजार को अमेर‍िकी फेड र‍िजर्व की तरफ से ल‍िया गया फैसला रास नहीं आया. इसका असर अमेर‍िकी बाजार के साथ घरेलू स्‍टॉक मार्केट में भी द‍िखाई द‍िया. फेड र‍िजर्व की तरफ से अगले साल ब्‍याज दर में कम कटौती का संकेत द‍िये जाने के बाद दुन‍ियाभर के बाजार में ग‍िरावट देखी गई. इसके बाद आज सुबह सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में टूट गए. बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1100 अंक से ज्‍यादा की गिरावट के साथ 79,029.08 अंक पर आ गया. वहीं एनएसई निफ्टी 328.55 अंक फिसलकर 23,870.30 अंक पर देखा गया. इससे न‍िवेशकों को शुरुआती कुछ ही म‍िनटों में 6 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है. वहीं इसका असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में भी देखने को मिल रहा है. Sensex 1100 अंक से ज्‍यादा टूटकर खुला, जबकि निफ्टी 400 अंक से ज्‍यादा टूटकर ओपेन हुआ. हालांकि कुछ देर बाद स्थिति थोड़ी संभली हुई दिखाई दी. सेंसेक्‍स अभी 917 अंक गिरकर 79,238.08 पर कारोबार कर रहा है. वहीं Nifty50 283 अंक गिरकर 23,914.95  पर कारोबार कर रहा है. बैंक न‍िफ्टी में 744 अंक की गिरावट आई है. BSE सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों में से दो शेयरों को छोड़कर सभी शेयर गिरावट पर हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट इंफोसिस के शेयरों में 3 फीसदी की आई है. वहीं निफ्टी के 47 शेयर दबाव में कारोबार कर रहे हैं. जबकि 3 शेयर उछाल पर हैं. टाटा कंज्‍यूमर और डॉ. रेड्डी के शेयरों में तेजी देखी जा रही है. इन 10 शेयरों में बड़ी गिरावट एशियन पेंट्स के शेयर (Asian Paints Share) 2 फीसदी से ज्‍यादा टूटकर कारोबार कर रहे हैं. वहीं इंफोसिस (Infosys Share) में 3 फीसदी, टीसीएस, एचसीएल, महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई है. स्‍मॉल और मिड कैप में त्रिवेणी टरबाइन, फाइव स्‍टार बिजनेस, सोनाटा सॉफ्टवेयर, भारती हेक्‍साकॉम, नायका, कोचिन शिपयार्ड के शेयर करीब 3 फीसदी तक गिरकर कारोबार कर रहे हैं. क्यों टूटा शेयर बाजार? अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने कहा कि रेट कटौती अभी और होने का अनुमान है, जिस कारण बाजार का मूड खराब हुआ और फेड की कमेंट्री से बाजार डर गया. बुधवार की कॉमेंट्री से साल 2025 में सिर्फ 2 बार कटौती के संकेत मिले है. वहीं, महंगाई पर अभी और सख्ती की जरूरत सेंट्रल बैंक ने कही है. जिस कारण भारतीय शेयर बाजार भी दबाव महसूस कर रहा है. निवेशकों को तगड़ा नुकसान कल बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 452 लाख करोड़ रुपये था, जो आज बड़ी गिरावट के बाद घटकर 448 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. यानी मार्केट कैप में 4 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की गिरावट आई है. इसका मतलब है कि निवेशकों के वैल्‍यूवेशन में 4 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. recent visitors 68

हुंडई क्रेटा ईवी 17 जनवरी को भारत मोबिलिटी ग्लोबस एक्सपो 2025 होगी लॉन्च

  नई दिल्ली भारतीयों को जिस एक इलेक्ट्रिक कार का काफी समय से इंतजार है, वह समय अब आने वाला है। जी हां, साल 2025 के पहले महीने जनवरी में भारत में सबसे बड़ा मोटर शो भारत मोबिलिटी ग्लोबस एक्सपो 2025 शुरू होने जा रहा है और इसके पहले दिन 17 जनवरी को हुंडई मोटर अपनी नई क्रेटा ईवी लॉन्च कर सकती है। क्रेटा ईवी हुंडई मोटर के स्टॉल पर प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी आयोनिक 9 ईवी के साथ शोकेस की जा सकती है और इसका दीदार देश-दुनिया के लोग कर सकेंगे। पॉपुलर इलेक्ट्रिक एसयूवी से मुकाबला हुंडई मोटर अपनी आगामी क्रेटा ईवी के जरिये एक ऐसे सेगमेंट में एंट्री करने वाली है, जहां अपार संभावनाएं हैं और वह टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ ही जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर जैसी कंपनियों को कड़ी टक्कर देगी। हुंडई क्रेटा ईवी का मुकाबला महिंद्रा बीई 6, टाटा कर्व ईवी, एमजी जेडएस ईवी और मारुति सुजुकी की आगामी ई विटारा जैसी इलेक्ट्रिक एसयूवी से टक्कर होगी। एक्सटीरियर और इंटीरियर में बेहतर बदलाव फिलहाल आपको हुंडई क्रेटा ईवी के बारे में बताएं तो इसका डिजाइन काफी हद तक पेट्रोल-डीजल वाली क्रेटा जैसा ही रहेगा। हालांकि, इसके एक्सटीरियर में नई ग्रिल, बंपर और अलॉय व्हील समेत कुछ और बदलाव दिख सकते हैं। इंटीरियर की बात करें तो इसमें नई स्टीयरिंग व्हील, सेंटर कंसोल और ड्राइव सिलेक्टर के साथ ही कई नए फीचर्स दिखेंगी। कहा जा रहा है कि आगामी क्रेटा ईवी का इंटीरियर हालिया लॉन्च अल्कजार एसयूवी से इंस्पायर्ड होगा। बड़ी स्क्रीन समेत कई खास फीचर्स हुंडई क्रेटा ईवी में इन्फोटेनमेंट और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए दो बड़ी स्क्रीन दिखेगी। साथ ही कई फिजिकल बटन भी होंगे, जिससे चीजों को कंट्रोल करना आसान होगा। बाद बाकी इसमें इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, कूल्ड सीट्स, ऑटो-होल्ड, 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड, वेंटिलेटेड सीट्स, 360-डिग्री कैमरा समेत काफी सारे और भी फीचर्स होंगे, जो इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को ग्राहकों की फेवरेट बना सकते हैं। पावर और रेंज आगामी हुंडई क्रेटा ईवी की बैटरी-पावर और रेंज के बारे में बताएं तो इसमें 45kWh पावर का बैटरी पैक देखने को मिल सकता है। इसका इलेक्ट्रिक मोटर लगभग 138 एचपी की पावर और 255 न्यूटन मीटर का पिक टॉर्क दे सकता है। बाद बाकी रेंज की बात करें तो क्रेटा ईवी एक बार फुल चार्ज होने पर 400 से 500 किलोमीटर के बीच की रेंज दे सकती है। इतनी हो सकती है शुरुआती संभावित कीमत आपको बता दें कि हुंडई क्रेटा ईवी को 16 लाख रुपये तक की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत में लॉन्च किया जा सकता है। हुंडई मोटर इंडिया हर साल क्रेटा ईवी की लगभग 24,000 यूनिट बनाने की सोच रही है। recent visitors 58

होंडा और निसान एक बड़े मर्जर पर कर रहे विचार

नई दिल्ली, जापान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. ऑटोमोबाइल की दुनिया में अपनी अलग और दिग्गज पहचान रखने वाली दो कंपनिया (होंडा और निसान) अब एक साथ हाथ मिलाने की तैयारी में हैं. ग्लोबल मार्केट के अलावा घरेलू बाजार में चीनी और अमेरिकी कंपनियों ख़ास तौर पर टेस्ला और बीवाईडी से मुकाबला करने के लिए होंडा और निसान एक बड़े मर्जर पर विचार कर रहे हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, होंडा और निसान के बीच संबंधों को और भी बेहतर बनाने के लिए लगातार बातचीत चल रही है. दोनों कंपनियां कई अलग-अलग पहलुओं पर विचार कर रही हैं जिसमें एक संभावित विलय भी शामिल है. यदि दोनों कपनियां एक साथ आती हैं तो ये ज्वाइंट वेंचर दुनिया की तीसरी सबसे बड़े ऑटो ग्रुप के रूप में उभर सकता है. यदि होंडा और निसान की ये साझेदारी मूर्तिरूप लेती है तो ज्वाइंट वेंचर ऑटो वर्ल्ड को एक नया स्ट्रक्चर देगा. होंडा और निसान के संयुक्त विलय से 54 बिलियन डॉलर की कंपनी बनेगी, जिसका वार्षिक उत्पादन 7.4 मिलियन वाहनों का होगा. जिससे यह टोयोटा और फॉक्सवैगन के बाद वाहन बिक्री के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबइल ग्रुप बन जाएगा. होंडा और निसान के बीच बातचीत लंबे समय से चल रही है. इसकी पहली रिपोर्ट जापानी अखबार निक्केई ने दी थी. रिपोर्ट के अनुसार दोनों कंपनियां पूर्ण विलय के अलावा मित्सुबिशी मोटर्स के साथ सहयोग करने के तरीकों पर भी विचार कर रही हैं, जिसमें निसान 24% हिस्सेदारी के साथ टॉप शेयर होल्डर होगा. होंडा और निसान के मर्जर की खबरों के सामने आते ही ग्लोबल मार्केट में दोनों कंपनियों के शेयरों में भारी बदलाव देखने को मिला. जहां निसान के शेयरों में तकरीबन 24% तक उछाल देखा गया वहीं होंडा के शेयरों ने 3% का गोता लगाया. बता दें कि, होंडा की मार्केट वैल्यू 43 बिलियन डॉलर है जो कि निसान के मुकाबले चार गुना ज्यादा है. हालांकि अभी इस मामले में होंडा, निसान या मित्सुबिशी की तरफ से आधिकारिक तौर पर कोई ऐलान नहीं किया गया है. होंडा, निसान और मित्सुबिशी ने कहा कि किसी भी कंपनी ने किसी सौदे की घोषणा नहीं की गई है. इसके अलावा फ्रांसीसी वाहन निर्माता रेनॉल्ट (RENA.PA), जो निसान का एक प्रमुख शेयर होल्डर है उसने भी इस बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं किया है. recent visitors 63

शेयर बाजार में आज विशाल मेगामार्ट, मोबिक्विक और साई लाइफ साइंसेज के शेयर लिस्ट हो गए, मचाई धूम

मुंबई  शेयर बाजार में आज मेन बोर्ड में तीन कंपिनयों के आईपीओ (IPO Listing Today) लिस्ट हुए। उनमें विशाल मेगामार्ट, मोबिक्विक और साई लाइफ साइंसेज के शेयर थे। इनमें निवेशकों की सबसे ज्यादा कमाई मोबिक्विक के शेयरों में हुई बीएसई में इसके शेयर 58.51 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए। विशाल मेगामार्ट के निवेशकों की लिस्टिंग भी ठीक ठाक रही। इसके शेयर बीएसई में 41 फीसदी के रिटर्न के साथ लिस्ट हुए। बीएसई में साई लाइफ साइंसेज के शेयर भी 20 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट हुए। कैसी रही विशाल मेगामार्ट की लिस्टिंग बीएसई में विशाल मेगामार्ट के शेयर 41 फीसदी के गेन के साथ 110 रुपये पर लिस्ट हुए। इसका शेयर 78 रुपये में अलॉट हुआ था। मतलब कि हर शेयर पर 32 रुपये की बढ़त। लेकिन मुनाफा वसूली के चलते कुछ ही देर में 104.92 रुपये तक गिर गए। उल्लेखनीय है कि सुपरमार्केट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विशाल मेगा मार्ट का 8,000 करोड़ रुपये का आईपीओ बीते 11 दिसंबर को खुला था। कंपनी का आईपीओ 13 दिसंबर को बंद हुआ था। इसमें एंकर निवेशकों ने 10 दिसंबर को बोली लगाई थी। इस आईपीओ में कोई फ्रेश शेयर जारी नहीं किया था। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था। कंपनी की प्रमोटर समयत सर्विसेज एलएलपी द्वारा शेयरों की बिक्री की गई है। उसके पास कंपनी में 96.55% हिस्सेदारी है। कंपनी ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर के लिए प्राइस बैंड 74-78 रुपये तय किया था। मोबिक्विक का क्या रहा हाल BSE में मोबिक्विक का शेयर 442.25 रुपये पर लिस्ट हुआ। यह शेयर निवेशकों केा 279 रुपये में मिला था। मतलब कि निवेशकों की पहले ही दिन 163.25 रुपये या 58.51 फीसदी की कमाई हो गई। उल्लेखनीय है कि वॉलेट और कुछ अन्य सेवाएं देने वाली वन मोबिक्विक सिस्ट्म्स लिमिटेड One Mobikwik Systems Ltd का आईपीओ में बीते 11 दिसंबर से 13 दिसंबर तक निवेशकों को बोली लगाने का मौका मिला था। इस दौरान निवेशकों का भारी रिस्पांस मिला था। मोबिक्विक ने आईपीओ 53 शेयरों के लॉट साइज और ₹265-₹279 के प्राइस बैंड में पेश किया गया। बोली लगाने के अंतिम दिन कंपनी को 1,18,71,696 शेयरों के मुकाबले कुल 1,41,72,86,992 शेयरों के लिए बोली मिली थी। मतलब कि यह आईपीओ 119.38 गुना ओवर सब्सक्राइब हुआ था। साई लाइफ साइंसेज में भी ठीक हुई कमाई स्मॉल मोलिक्यूल न्यू केमिकल इंटीटिज (Small-molecule new chemical entities (NCEs) को डेवलप और मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली कंपनी साई लाइफ साइंसेज (Sai Life Sciences) का आईपीओ भी 20 फीसदी के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ। इसका एक शेयर 549 रुपये में मिला था जबिक यह बीएसई में 660 रुपये में लिस्ट हुआ। मतलब कि इश्यू प्राइस से 20 फीसदी ऊपर। इसका आईपीओ बीते 11 दिसंबर से 13 दिसंबर तक बोली के लिए खुला था। साई लाइफ साइंसेज आईपीओ के जरिये कंपनी ने 3043 करोड़ रुपये जुटाया है। आईपीओ के तहत 3.81 करोड़ शेयरों को ऑफर फोर सेल के जरिये बेचा गया जबिक 900 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू जारी किया गया। साई लाइफ साइंसेज आईपीओ का प्राइस बैंड 522 रुपये से 549 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। recent visitors 223

1 जनवरी 2025 से आईटीसी डिमर्जर होगा प्रभावी, जल्द होगा कंपनी की लिस्टिंग

नई दिल्ली Maurya Sheraton के नाम से होटल कारोबार चलाने वाली आईटीसी (ITC) के होटल बिजनेस की नए साल 2025 में लिस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है. एक जनवरी 2025 से आईटीसी लिमिटेड की होटल कारोबार से जुड़ी कंपनी आईटीसी होटल्स का डिमर्जर हो जाएगा. कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों के साथ इस जानकारी को साझा किया है. स्टॉक एक्सचेंज के पास रेगुलेटरी फाइलिंग में आईटीसी ने बताया कि आईटीसी होटल्स का डिमर्जर 1 जनवरी 2025 से प्रभावी हो जाएगा. रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया गया कि आईटीसी लिमिटेड और आईटीसी होटल्स लिमिटेड ने डिमर्जर के लिए आपसी सहमति के साथ सभी जरूरी शर्तों को पूरा कर लिया है. कंपनी ने बताया कि उसे एनसीएलएटी के कोलकाता बेंच से 4 अक्टूबर 2024 को आईटीसी लिमिटेड से आईटीसी होटल्स के डिमर्जर की मंजूरी मिल चुकी है. आईटीसी लिमिटेड से होटल कारोबार से जुड़ी कंपनी आईटीसी होटल्स के डिमर्जर के फैसले पर शेयरधारकों ने अपनी मुहर लगा दी है. आईटीसी को 16 दिसंबर 2024 को NCLT से कॉपी मिल चुका है. आईटीसी ने होटल बिजनेस को अलग करने का ऐलान अगस्त, 2023 में किया था. इसके साथ ही डीमर्जर के बाद आईटीसी के शेयरधारकों को होटल बिजनेस कंपनी के शेयर दिए जाएंगे. ITC होटल्स के शेयर मिलेंगे ITC शेयरहोल्डर्स को इस डीमर्जर स्कीम के तहत सिगरेट से लेकर कई तरह के प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी आईटीसी की आईटीसी होटल्स (ITC Hotels) में 40 फीसदी हिस्सेदारी होगी. आईटीसी होटल्स में 60 फीसदी हिस्सेदारी आईटीसी के शेयरहोल्डर्स को दी जाएगी. इसका फैसला  इस तरह से आईटीसी के शेयरधारकों की आईटीसी होटल्स में भी हिस्सेदारी होगी. बीते वर्ष 14 अगस्त 2023 को कंपनी के बोर्ड की बैठक हुई थी जिसमें स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी थी जिसमें ये तय किया गया कि आईटीसी के हर शेयरधारकों को पैरेंट कंपनी में 10 शेयर के बदले में होटल्स बिजनेस से जुड़ी कंपनी आईटीसी होटल्स का एक शेयर दिया जाएगा. डिमर्जर के बाद स्टॉक एक्सचेंजों से मंजूरी मिलने पर आईटीसी होटल्स की स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग होगी. recent visitors 67

डिजिलॉकर में स्टोर होगा निवेशकों के शेयर्स-म्यूचुअल फंड होल्डिंग डिटेल्स : सेबी

नई दिल्ली शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले किसी भी निवेशक के निधन के बाद उसके नाम पर मौजूद फाइनेंशियल एसेट्स के ट्रासंफर को आसान बनाने के लिए शेयर बाजार के रेगुलेटर सेबी डिजिलॉकर के इस्तेमाल करने पर जोर देने की तैयारी में है. निवेशकों के फाइनेंशियल एसेट्स डिमैट खातों जिसमें शेयर्स के साथ ही म्यूचुअल फंड में मौजूद यूनिट्स को सरकारी डिजिटल स्टरेज सिस्टम डिजिलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा.   DigiLocker में स्टोर होगा स्टॉक-म्यूचुअल फंड यूनिट डिटेल्स मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार के डिजिटल स्टोरेज सिस्टम डिजिलॉकर के इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है. इस प्रस्ताव का मकसद किसी भी निवेशक के निधन होने पर उसके नाम पर मौजूदा फाइनेंशियल एसेट्स के ट्रांसफर को सरल और सुगम बनाया जा सके. निवेशक के नाम पर जो भी फाइनेंशियल एसेट्स मौजूद है वो उसके नॉमिनी या वारिस को आसानी से ट्रांसफर किया जा सके. निवेशकों के फाइनेंशियल एसेट्स में डिमैट अकाउंट्स के स्टेटमेंट जिसमें शेयर्स, डिबेंचर होते हैं. इसके अलावा म्यूचुअल फंड स्कीमों में निवेशकों के नाम पर यूनिट्स भी होता है. निवेशकों के इन सभी फाइनेंशियल एसेट्स में निवेश का स्टेटमेंट डिजिलॉकर में सुरक्षित स्टोर किया जाएगा. निवेशक के निधन पर नॉमिनी को करेगा नोटिफाई इस प्रस्ताव के मुताबिक निवेशक के निधन के बाद डिजिलॉकर उनके अकाउंट को अपडेट कर उन्हें नोटिफाई करेगा जिन्हें निवेशक ने अपना नॉमिनी या वारिस बनाया है जिससे वो व्यक्ति फाइनेंशियल एसेट्स को मैनेज कर सके. इस तरह जिस निवेशख का निधन हुआ है नॉमिनी उनके फाइनेंशियल एसेट्स डिटेल्स को एक्सेस कर सकेंगे और एसेट्स को ट्रांसफर कर सकेंगे. सेबी का मकसद स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड को अनक्लेम्ड एसेट्स होने से रोकना है और सही वारिस तक एसेट्स को ट्रांसफर करना है. 31 दिसंबर तक दे सकते हैं सुझाव सेबी ने अपने कंसलटेशन पेपर में ये प्रस्ताव दिया है कि है कि डिपॉजिटरीज और म्यूचुअल फंड्स डिमैट और म्यूचुअल फंड होल्डिंग स्टेटमेंट को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराएं. ये भी प्रस्ताव दिया गया है कि केवाईसी रजिस्ट्रेशन एजेंसीज डिजिलॉकर के साथ निवेशक के निधन की सूचना को शेयर करें. डिजिलॉकर यूजर्स किसी भी व्यक्ति को अकाउंट एक्सेस करने के लिए नॉमिनेट कर सकता है. सेबी ने 31 दिसंबर, 2024 तक लोगों को इसे लेकर सुझाव मांगा है.  recent visitors 71

मास्टरकार्ड ने कहा- भारत 2025 में क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था होगा

नई दिल्ली. मास्टरकार्ड इकोनॉमिक्स इंस्टीट्यूट (एमईआई) ने सोमवार को अपनी वार्षिक आर्थिक दृष्टिकोण रिपोर्ट में कहा कि मजबूत मध्यम वर्ग और निरंतर निवेश के साथ भारत के 2025 में क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है। एमईआई की एशिया प्रशांत क्षेत्र के लिए रिपोर्ट में भारत को सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भी उजागर किया गया है, जिसकी अनुमानित जीडीपी वृद्धि 6.6 प्रतिशत और उपभोक्ता खर्च 2025 में 6.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है, “मजबूत मध्यम वर्ग और निरंतर निवेश से उत्साहित, भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच लचीला बना हुआ है और 2025 में वैश्विक विकास में शीर्ष योगदानकर्ताओं में से एक होने की संभावना है।” भारत में 25-54 आयु वर्ग की महिलाओं के बीच श्रम बल भागीदारी दर में भी शानदार वृद्धि देखी गई है, जो 2019 से 12 प्रतिशत अधिक है, जबकि इसी आयु वर्ग के पुरुषों के लिए यह 1 प्रतिशत अंक अधिक है। “द शीकोनॉमी” की वृद्धि ने भारत में महिलाओं की चक्रीय श्रम बल भागीदारी दर को 2019 के स्तर से पूरी तरह से ठीक कर दिया है। एमईआई ने 2024 में 3.1 प्रतिशत की गति के बाद 2025 में 3.2 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है। यूरोप और लैटिन अमेरिका और कैरिबियन (एलएसी) के अधिकांश हिस्सों में मामूली विस्तार के साथ अमेरिका, भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) में वृद्धि मजबूत रहने की उम्मीद है। मास्टरकार्ड के एशिया प्रशांत क्षेत्र के मुख्य अर्थशास्त्री डेविड मान ने कहा, “अगर 2024 ‘सामान्य स्थिति में वापस आने’ के बारे में था, तो 2025 सामान्यीकरण के बारे में है क्योंकि अस्थिरता कम हो जाएगी और मौद्रिक नीति को आसान बनाने से उपभोक्ताओं को आर्थिक विकास से लाभ मिल सकेगा। हालांकि, जापान में संभावित ब्याज दर वृद्धि या अमेरिकी टैरिफ जैसे नीतिगत निर्णय इस वृद्धि को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं। मान ने कहा कि संभावित व्यापार से जुड़े व्यवधानों के लिए तैयारी करते समय व्यवसायों को उपभोक्ता आशावाद का लाभ उठाना चाहिए। रिपोर्ट ने एशिया प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं के लिए रिमिटैंस की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जिसमें टॉप पांच प्राप्तकर्ता देशों में से चार इस क्षेत्र में हैं, जिसमें भारत भी शामिल है। जापान निरंतर मुद्रास्फीति अस्थिरता और येन ऐतिहासिक निम्नतम स्तर पर होने के साथ एक अद्वितीय आर्थिक वातावरण का सामना कर रहा है, जो चल रहे पर्यटन उछाल और उच्च-स्तरीय लक्जरी वस्तुओं पर खर्च में योगदान दे रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और सिंगापुर, जिन्होंने क्षेत्र के बाकी हिस्सों की तुलना में मजबूत मुद्रास्फीति के झटके का अनुभव किया है, उन्हें राहत मिलने की संभावना है क्योंकि स्तर लगभग 2-3 प्रतिशत तक गिर जाएगा और केंद्रीय बैंक अपनी संबंधित मौद्रिक नीतियों को आसान बना देंगे। मान ने आगे कहा, “व्यक्तिगत सरकारों की नीतियों का 2025 में काफी प्रभाव पड़ सकता है।” recent visitors 60

रिपोर्ट : भारत में लगातार बेहतर परफॉर्म करने वाली कंपनियों की संख्या अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर

 नई दिल्ली भारत ने ग्लोबल लेवल पर अपनी आर्थिक ताकत का मजबूत प्रदर्शन किया है. डीएसपी म्यूचुअल फंड्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लगातार बेहतर परफॉर्म करने वाली कंपनियों की संख्या अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है. ये भारतीय स्टॉक मार्केट के साथ ही देश के बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर की ताकत का भी सबूत है. रिपोर्ट के मुताबिक 39 भारतीय कंपनियों ने बीते 20 साल में अपनी बुक वैल्यू में लगातार इजाफा किया है, इनमें 7 कंपनियों का परफॉर्मेंस बेहद शानदार रहा है. भारतीय कंपनियों ने 2008 की ग्लोबल इकोनॉमिक मंदी और कोविड-19 महामारी के बावजूद बेहतरीन प्रदर्शन किया है. चुनौतियों के बावजूद भारतीय कंपनियों का जोरदार परफोरमेंस रिपोर्ट बताती है कि इन भारतीय कंपनियों ने अपनी मजबूत फाइनेंशियल सेहत और मैनेजमेंट क्षमता के चलते लंबे समय तक स्टेबिलिटी बनाए रखी है. डीएसपी म्यूचुअल फंड्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक दशक से ज्यादा समय से भारतीय कंपनियां इक्विटी पर लगातार 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दे रही हैं. 75 फीसदी से ज्यादा भारतीय कंपनियों ने चुनौतीपूर्ण आर्थिक स्थितियों में भी पॉजिटिव बुक वैल्यू दर्ज की है. किसी कंपनी की बुक वैल्यू में लगातार बढ़ोतरी बताती है कि वो अपने इन्वेस्टर्स को लंबे समय तक हाई रिटर्न देने की क्षमता रखती है. ये रिपोर्ट इस बात का भी संकेत देती है कि भारतीय इकोनॉमी ने 2008 की मंदी और कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतियों का डटकर सामना किया है. भारतीय शेयर बाजार में भी बेहतर रिटर्न घरेलू शेयर बाजार में कंपनियों के बेहतर परफॉर्मेंस ने भारत को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर मजबूत पोज़िशन में ला खड़ा किया है. डीएसपी म्यूचुअल फंड्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार के बेहतर प्रदर्शन की मुख्य वजह इसका मजबूत रिटर्न ऑन इक्विटी यानी ROE है. ये आंकड़े दिखाते हैं कि भारत के पास तेज इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए मजबूत आधार होने के साथ ही किसी भी ग्लोबल संकट से निपटने की ताकत है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय कंपनियों की ये स्टेबिलिटी इन्वेस्टर्स के कॉन्फिडेंस को बढ़ाने के साथ ही देश की आर्थिक तरक्की का भी मजबूत बेस है. भारतीय कॉरपोरेट सेक्टर की मजबूती ने घरेलू स्टॉक मार्केट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. ये रिपोर्ट इस बात का सबूत है कि भारतीय कंपनियों का प्रदर्शन ना केवल डोमेस्टिक लेवल पर बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी सराहनीय है. मजबूत बुनियाद और फाइनेंशियल सेहत के दम पर भारतीय कंपनियां भविष्य में भी ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाए रखने की ताकत दिखा रही हैं.   recent visitors 47

दूसरी छमाही में सरकारी पूंजीगत व्यय में सुधार की उम्मीद : रिपोर्ट

नईदिल्ली भारत में इंडस्ट्रियल गतिविधियों में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में तेजी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह उपभोग में इजाफा और निर्यात में वृद्धि होना एवं महंगाई में कमी आना है। यह जानकारी क्रिसिल द्वारा जारी रिपोर्ट में दी गई।   इस साल हो सकता है ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार रिपोर्ट में कहा गया कि अब तक अधिक महंगाई दर, बढ़ी हुई ब्याज दरों ने क्रेडिट वृद्धि दर को कम किया है। साथ ही इससे उपभोग रिकवरी भी प्रभावित हुई है। इसके अलावा रिपोर्ट में आगे कहा गया कि खाद्य महंगाई में कमी के संकेत मिले हैं। इसके कारण उपभोग बढ़ने की उम्मीद है और इस साल कृषि उत्पादन अच्छा होने के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार देखने को मिल सकता है। दूसरी छमाही में सरकारी पूंजीगत व्यय में सुधार की उम्मीद रिपोर्ट के मुताबिक, ऊंची ब्याज दरों के कारण शहरी अर्थव्यवस्था को कर्ज वृद्धि से मिलने वाले समर्थन में कमी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की ओर से कम व्यय का सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि पर मध्यम प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। हालांकि, इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में सरकारी पूंजीगत व्यय में सुधार की उम्मीद है, लेकिन पिछले वित्त वर्ष की तुलना में विकास दर धीमी रहने की संभावना है। निवेश की गति को बनाए रखने के लिए निजी निवेश में पुनरुद्धार काफी महत्वपूर्ण होगा।  महंगाई दर में गिरावट देखने को मिल सकती है रिपोर्ट में कहा गया कि इस साल वैश्विक व्यापार बढ़ने की उम्मीद है और इससे निर्यात वृद्धि को सहारा मिलेगा। हालांकि, वैश्विक अस्थिरताओं के कारण आपूर्ति श्रृंखला में दबाव का जोखिम बना हुआ है। निर्यात अगले साल अमेरिका-चीन टैरिफ वार की संभावना से उत्पन्न होने वाली अनिश्चितताओं से प्रभावित होने की संभावना है। क्रिसिल के मुताबिक, ऊंची ब्याज दरों और राजकोषीय समेकन से वित्त वर्ष 25 में जीडीपी विकास दर 6.8 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो कि पिछले वित्त वर्ष में 8.2 प्रतिशत था।  खाद्य तेल की कीमतों पर नजर रखने की जरूरत रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई कि आने वाले हफ्तों में खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आएगी। दिसंबर में जब खरीफ की फसल बाजार में आती है तो सब्जियों की कीमतें कम हो जाती हैं। पिछले साल का उच्च आधार भी महंगाई को कम करने में मदद करेगा। हालांकि, खाद्य तेल की कीमतों के दबाव पर नजर रखनी होगी। रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य मुद्रास्फीति में कमी आने के कारण आने वाले महीनों में महंगाई दर में गिरावट देखने को मिल सकती है। हमें उम्मीद है इस वित्त वर्ष में औसत महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रह सकती है।   recent visitors 80

नए साल से किसानों को बिना गारंटी के मिलेगा ₹2 लाख तक का लोन, आरबीआई ने दी बड़ी राहत

नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने किसानों को बड़ी राहत दी है। खेती में बढ़ते खर्च को देखते हुए सेंट्रल बैंक ने किसानों को बिना गारंटी के किसानों को मिलने वाले लोन की सीमा को 2 लाख रुपये तक बढ़ा दिया है। पहले लिमिट 1.6 लाख रुपये थी। एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री ने शनिवार को जारी किए गए बयान में कहा है कि यह नई लिमिट 1 जनवरी 2025 से प्रभावी रहेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस योजना का फायदा करोड़ों किसानों को मिलेगा। आरबीआई ने कृषि क्षेत्र को बिना गांरटी के लोन देने की शुरुआत 2010 में की थी। तब सेंट्रल बैंक ने एक लाख रुपये बिना गांरटी के देने का ऐलान किया। 2019 में जिसकी सीमा बढ़ाकर 1.6 लाख रुपये कर दी गई थी। अब एक बार इसमें इजाफा किया गया है। छोटे किसानों को होगा बड़ा फायदा एग्रीकल्चर सेक्टर में बढ़ती महंगाई की वजह से छोटे और मझोले किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। जिसकी वजह से उनकी खेती प्रभावित हो रही थी। रिजर्व बैंक ने जो सीमा बढ़ाई है उसका इन किसानों को होगा। खेती किसानी करने वाले लोगों के पास बहुत सीमित संसाधन होते थे। ऐसे में बिना गारंटी के मिलने वाले इस लोन का फायदा किसानों को होगा। कृषि मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है “यह कदम विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों (क्षेत्र के 86% से अधिक) के लिए लोन पहुंच को बढ़ाता है। ये कम उधार लागत और अतिरिक्त आवश्यकताओं को हटाने से लाभान्वित होते हैं।” सेंट्रल बैंक का यह फैसला संशोधित ब्याज अनुदान योजना (MISS) जैसी सरकारी कोशिश के अनुरूप है। जोकि किसानों को 3 लाख रुपये के लोन पर 4 प्रतिशत के ब्याज की पेशकश करता है। ये फैसले भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास से किया जा रहा है। सरकार की तरफ से मिलता है डायरेक्ट पैसा किसानों को केंद्र सरकार की तरफ से साल में 2000-2000 रुपये की तीन किश्त मिलती है। कुछ राज्य सरकारें अपनी तरफ से भी किसानों को इस राशि में कुछ जोड़कर अलग से भुगतान करती हैं। बता दें, इसके अलावा किसानों को सब्सिडी के जरिए सस्ती खाद भी उपलब्ध करवाई जाती है। recent visitors 168

एफएमसीजी और कंजप्शन शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के चलते सेसेंक्स और निफ्टी में उछाल

मुंबई  भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2,000 अंकों की शानदार रिकवरी के बाद उछाल के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी के इंफ्रा, एफएमसीजी और कंजप्शन शेयरों में जबरदस्त खरीदारी के चलते सेसेंक्स और निफ्टी में यह उछाल देखा गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 843.16 अंक या 1.04 प्रतिशत चढ़ने के बाद 82,133.12 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 219.60 अंक या 0.89 प्रतिशत चढ़ने के बाद 24,768.30 पर बंद हुआ। सुबह करीब 10.47 बजे सेंसेक्स 118.85 अंक या 1.38 प्रतिशत की गिरावट के बाद 80,171.11 पर था। वहीं, निफ्टी इसी समय 334.75 अंक या 1.36 प्रतिशत की गिरावट के बाद 24,213.95 स्तर पर कारोबार कर रहा था। बाजार में इस गिरावट की वजह दूसरे एशियाई बाजारों में कमजोरी, मजबूत डॉलर, बढ़ते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और सुस्त चीनी अर्थव्यवस्था की चिंता जैसे कारक थे। जानकारों ने बताया, "घरेलू बाजार ने दिन के निचले स्तर से तेजी से वापसी की और सूचकांक हैवीवेट शेयरों के नेतृत्व में कंसोलिडेशन से बाहर निकल गया। खाद्य मुद्रास्फीति में धीरे-धीरे कमी और एफएमसीजी कंपनियों द्वारा मूल्य वृद्धि, साथ ही मूल्यांकन में हाल ही में सुधार ने इस क्षेत्र को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।" बाजार के जानकारों ने आगे कहा कि वर्तमान में, बाजार त्योहारी सीजन और साल के अंत की छुट्टियों के कारण उपभोक्ता खर्च में सुधार की उम्मीद कर रहा है, जिससे सेंटीमेंट्स में वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी खर्च में वृद्धि की उम्मीद आईटी क्षेत्र को आगे बढ़ा रही है। निफ्टी बैंक 367.35 अंक या 0.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53,583.80 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 30.15 अंक या 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,991.55 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 59.25 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,407.30 पर था। एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक दे ने कहा, "भारत में इक्विटी बाजार में सेंसेक्स की साप्ताहिक समाप्ति के दिन उतार-चढ़ाव भरा सत्र देखने को मिला। निचले सिरे पर, निफ्टी को इनवर्स हेड-एंड-शोल्डर्स पैटर्न की नेकलाइन के आसपास सपोर्ट मिला।" उन्होंने आगे कहा कि आज का निचला स्तर भी पिछली रैली के 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर के साथ मेल खाता है। आगे चलकर, यह प्रवृत्ति मजबूत रहने की संभावना है, जिसमें अल्पावधि में 25,000 और उससे अधिक तक पहुंचने की क्षमता है। निचले सिरे पर, सपोर्ट 24,550 पर है। सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी के ऑटो, आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, एफएमसीजी, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा, कमोडिटीज, कंजप्शन, पीएसई, सर्विस में खरीदारी रही। वहीं, पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल, रियलिटी, मीडिया और हेल्थकेयर सेक्टर में बिकवाली रही। सेंसेक्स पैक में भारती एयरटेल, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, पावरग्रिड, नेस्ले इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और अदाणी पोर्ट्स टॉप गेनर्स थे। वहीं, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील और बजाज फिनसर्व टॉप लूजर्स थे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 1,835 शेयर हरे और 2,155 लाल निशान में बंद हुए, जबकि 115 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।   recent visitors 87

GST ने जोमैटो को दिया 803 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस, शेयर बाजार में क्यों चढ़ गए इसके शेयर?

मुंबई  फूड और ग्रोसरी डिलीवरी करने वाली कंपनी जोमैटो (Zomato) को वस्तु एवं सेवा कर (GST) डिपार्टमेंट से 803.4 करोड़ रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। कंपनी ने गुरुवार को स्टॉक एक्सचेंज को यह जानकारी दी। इसके एक दिन बाद यानी शुक्रवार को सुबह ही बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा गिरा था। तब भी इसके शेयर एक दिन पहले के बंद भाव के मुकाबले ऊपर ट्रेड हो रहे थे। क्या है माजरा जोमैटो को जीएसटी विभाग से जो टैक्स नोटिस मिला है, उसमें 401.7 करोड़ रुपये की टैक्स डिमांड और इतनी ही राशि का जुर्माना (Penalty) और ब्याज शामिल है। यह डिमांड 29 अक्टूबर, 2019 से 31 मार्च, 2022 की अवधि के लिए बकाया कर से संबंधित है। जोमैटो ने क्या बताया जोमैटो ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया, "हमारा मानना है कि हमारे पास योग्यता के आधार पर एक मजबूत मामला है, जो हमारे बाहरी कानूनी और कर सलाहकारों की राय से समर्थित है। कंपनी उचित प्राधिकारी के समक्ष आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगी।" कंपनी को जो टैक्स डिमांड नोटिस मिला है, वह जोमैटो और स्विगी जैसे एग्रीगेटर्स द्वारा एकत्र किए गए डिलीवरी शुल्क पर टैक्स एप्लिकेबिलिटी से संबंधित है। प्लेटफ़ॉर्म ने तर्क दिया है कि गिग वर्कर डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करते हैं और उन्हें ऑर्डर के आधार पर भुगतान किया जाता है। यूजर्स से इस डिलीवरी के लिए शुल्क लिया जाता है, सिवाय लॉयल्टी प्रोग्राम के, जहां प्लेटफ़ॉर्म शुल्क माफ करते हैं। यह डिलीवरी शुल्क गिग वर्कर को दिया जाता है। जीएसटी कानून क्या कहता है जीएसटी कानूनों के तहत, फूड की डिलीवरी एक ऐसी सेवा है जिस पर 18% की दर से टैक्स लगाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि चूंकि प्लेटफ़ॉर्म सेवा शुल्क एकत्र कर रहे हैं, इसलिए उन्हें टैक्स का भुगतान करना चाहिए। पिछले साल दिसंबर में इस मुद्दे पर जीएसटी अधिकारियों ने ज़ोमैटो को कारण बताओ नोटिस भेजा था। लाभ कमा रही है कंपनी जोमैटो ने बीते जुलाई-सितंबर की तिमाही में 4,799 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया था। इसी महीने कंपनी को 176 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। शेयर बाजार में क्या है शेयर का हाल बीते गुरुवार को, बीएसई पर ज़ोमैटो का शेयर मूल्य 2.4% गिरकर 284.90 रुपये पर बंद हुआ था। लेकिन आज यानी शुक्रवार को सुब 10:20 बजे बीएसई सेंसेक्स 791 अंक डाउन था। लेकिन उस समय जोमैटो 286.55 रुपये पर ट्रेड हो रहा था। यह कल के बंद के मुकाबले 1.65 रुपये या 0.58% अधिक है। recent visitors 73

शेयर बाजार में आज फिर गिरावट, सेंसेक्‍स 1.30 फीसदी टूटकर 80,300 के नीचे कारोबार कर रहा

मुंबई शेयर बाजार में आज फिर गिरावट देखी जा रही है. लगातार छठवें दिन शेयर बाजार में हैवी बिकवाली आई है. सेंसेक्‍स 1000 अंक या 1.30 फीसदी टूटकर 80,300 के नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी50 की बात करें तो यह 278 अंक टूटकर 24,270 पर है. वहीं Nifty Bank 783 अंक टूटकर 52532 लेवल पर कारोबार कर रहा है. वहीं मिडकैप, स्‍मॉल कैप और अन्‍य इंडेक्‍स में भी तेज गिरावट जारी है. BSE सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों में से 29 शेयर गिरावट पर हैं, जबकि सिर्फ 1 शेयर में मामूली तेजी देखी जा रही है. भारती एयरटेल के शेयर करीब 1 फीसदी तक चढ़े हुए हैं. वहीं सबसे ज्‍यादा गिरावट Tata Steel, JSW Steel और इंडसइंड बैंक में देखी जा रही है. इसके अलावा, हैवीवेट शेयरों में Reliance Industries के शेयर 1.33 फीसदी टूट चुके हैं. एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी और टाइटन जैसे शेयर भी 1 फीसदी गिर चुके हैं. NSE के 50 शेयरों में से 47 शेयर गिरावट पर हैं और 3 शेयर भारती एयरटेल, अडानी एंटरप्राइजेज और अपोलो के शेयर उछाल पर कारोबार कर रहे हैं. 51 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का हाई लेवल टच किया है, जबकि 12 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. 39 शेयरों में अपर सर्किट और 36 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. ये 10 शेयर गिरावट पर ग्‍लेनमार्क फार्मा के शेयर 5 फीसदी, जुपिटर वैगन के शेयर 4 फीसदी, सैल के शेयर 5 फीसदी, एनएमडीसी के शेयर 4 फीसदी, ओवरसीज बैंक के शेयर 4.30 फीसदी, आईआरएफसी के शेयर 4 फीसदी, यूनियन बैंक के शेयर 3.50 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहे हैं. वहीं कोचीन शिपयार्ड और अन्य चर्चित शेयरों में भी गिरावट देखी जा रही है. क्‍यों हो रही गिरावट? शेयर बाजार में आज गिरावट की बड़ी वजह मुनाफावसूली रही है. इसके अलावा, ग्‍लोबल संकेत भी अच्‍छे नहीं रहे हैं. कुछ हैवीवेट शेयर जैसे रिलायंस और टाइटन के शेयर भी 1 फीसदी से ज्‍यादा गिर चुके हैं. इसके अलावा, HDFC बैंक के शेयर में भी दबाव बढ़ रहा है. भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की एक और वजह चीन में हुए आर्थिक पैकेज ऐलान के बाद विदेशी निवेशकों का रुझान चीन की ओर बढ़ रहा है. वहीं अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने का असर भी शेयर बाजार पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है. निवेशकों को तगड़ा नुकसान! शेयर बजार में गिरावट के कारण निवेशकों का भी तगड़ा नुकसान हुआ है. ज्‍यादातर पोर्टफोलियो लाल निशान पर हैं. बीएसई मार्केट कैप के हिसाब से देखें तो आज निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा का नुकसान होता दिख रहा है. बीएसई मार्केट कैप अभी 452 लाख करोड़ रुपये है, जबकि कल बाजार बंद होने पर ये 458 लाख करोड़ रुपये था. recent visitors 103

देश में तेजी से बंद कर रहे हैं ATM? अब UPI बन गई ऑलटाइम टेलर मशीन

मुंबई देश में पिछलेबैंकरों ने कहा कि पेमेंट टूल के रूप में यूपीआई और कार्ड के उभरने से नकदी का यूज कम हो गया है। इस कारण एटीएम अव्यावहारिक हो गए हैं। पांच साल में पहली बार एटीएम की संख्या में गिरावट आई है। बैंकों में नकदी निकालने के लिए लगने वाली लंबी कतार से मुक्ति दिलाने वाली ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) अब कम होती जा रही है। 2020 में बैंकों के विलय होने से जहां एटीएम की संख्या घट गई। वहीं, 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के बाद लोगों ने यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) को हाथों-हाथ लिया।  इसकी बढ़ती लोकप्रियता से भी एटीएम तक लोगों की पहुंच घटने लगी। आलम यह है कि महज 9 साल में प्रदेश में 274 एटीएम कम हो गए। सब्जी, फल, किराना, बिजली व गैस बिल समेत बड़े-छोटे शोरूम में भी यूपीआइ से पेमेंट करने की सुविधा मिली तो लोग ने एटीएम से दूरी बनानी शुरू कर दी। इससे एटीएम पर ट्रांजेक्शन घटे तो बैंकों का मुनाफा कम हुआ और मशीन के मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया। बैंकों ने बंद करना शुरू किए ATM नतीजा, बैंकों ने एटीएम बंद करना शुरू कर दिया। यूपीआइ के बढ़ते चलन से जहां नकदी की सुरक्षा संबंधी चिंता बैंकों की कम हो गई, वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नकदी लेन-देन के दौरान करेंसी के खराब होने पर दोबारा छापने का खर्च भी कम हो गया। हालांकि कोरोनाकाल में एटीएम की संख्या जरूर बढ़ी, लेकिन 2019 से इसके कम होने का दौर जारी है। बैंकों का कहना है, एटीएम बंद नहीं कर रहे, नई तकनीक आने पर इसकी शिफ्टिंग कर रहे हैं। हर एटीएम पर इतना खर्च एक एटीएम लगाने में करीब 6-9 लाख रुपए का खर्च आता है। एक मशीन की कीमत 4-8 लाख रुपए और कुछ आंतरिक सज्जा पर खर्च होते हैं। साथ ही हर एटीएम के मेंटेनेंस पर हर माह बैंक को 50 हजार रुपए खर्च होते हैं। इसमें साफ-सफाई, बिजली, एसी और सुरक्षा गार्ड का खर्च शामिल है। बताते हैं, एक लेनदेन पर करीब 18 से 20 रुपए खर्च होता है। इसलिए घटे एटीएम बैंकों के विलय होने के कारण उनके एटीएम एक हो गए। कम्प्यूटरीकृत सिस्टम में किसी भी बैंक के एटीएम से रुपए निकालने की सुविधा। जिन मशीनों से ट्रांजेक्शन घटे, उन्हें बंद या शिफ्ट कर दिया। यूपीआइ के इस्तेमाल से लोगों की पहुंच एटीएम तक कम हो गई। देश में इस तरह बढ़ रहे यूपीआइ ट्रांजेक्शन 2022-23 में 83,453.79 मिलियन ट्रांजेक्शन 2023-24 में 130831.45 मिलियन ट्रांजेक्शन 2024-25 में 117507.31 मिलियन ट्रांजेक्शन (नवंबर तक) यूपीआई का जलवा चौधरी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में भारत ने फाइनेंशियल इनक्लूजन और डिजिटल भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। जन धन योजना, यूपीआई के प्रसार और मोबाइल इंटरनेट को व्यापक रूप से अपनाने से ऐसा हुआ है। पिछले पांच वर्षों में यूपीआई लेनदेन में 25 गुना वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2018-19 में यह 535 करोड़ था जो वित्त वर्ष 2023-24 में 13,113 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 (सितंबर तक) में 122 लाख करोड़ रुपये के 8,566 करोड़ से अधिक यूपीआई ट्रांजैक्शन रजिस्टर्ड किए गए हैं। इतिहास के झरोखे से पहले रुपए निकालने वालों की बैंकों में लंबी कतार लगती थी। इससे छुटकारा दिलाने के लिए एचएसबीसी बैंक ने 1987 में पहली बार मुंबई में एटीएम लगाई तो बैंकिंग में बड़ी क्रांति आई। महज 10 साल में देश में 1500 एटीएम हो गए। अभी देश में 2.50 लाख एटीएम हैं। राजधानी का दायरा बढ़ा, बढ़े एटीएम मध्यप्रदेश में इकलौते भोपाल जिले में एटीएम की संख्या बढ़ी है। राजधानी का दायरा बढऩे से ग्रामीण क्षेत्र जुड़े और एटीएम की संख्या बढ़ गई। अभी भोपाल जिले में 1079 एटीएम हैं। इनमें 42 ग्रामीण, 15 कस्बों और 1022 एटीएम शहरों में हैं। प्रदेश में एटीएम साल – संख्या 2016 – 9266 2017 – 9263 2018- 9579 2019 – 9345 2020 – 9201 2021 – 9322 2022 – 8812 2023 – 9328 2024 – 8992 (सितंबर तक) recent visitors 55

भारतीय शेयर बाजार आज लगातार तीसरे दिन सपाट बंद, सीपीआई डेटा से पहले सेंसेक्स में 16 अंक की मामूली बढ़त

मुंबई भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार तीसरे दिन सपाट बंद हुआ। कारोबार के अंत में निफ्टी के पीएसयू बैंक, मीडिया, एनर्जी और प्राइवेट बैंक सेक्टर में बिकवाली देखी गई। वहीं, ऑटो, आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल और रियलिटी सेक्टर में खरीदारी रही। निवेशक अभी नवंबर के सीपीआई (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जो कि भारत सरकार द्वारा गुरुवार को रिलीज किया जाएगा। सेंसेक्स कारोबार के अंत में 16.09 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त के बाद 81,526.14 पर सिमट गया। वहीं, निफ्टी 31.75 अंक या 0.13 प्रतिशत की बढ़त के बाद 24,641.80 स्तर पर बंद हुआ। बाजार के जानकारों के अनुसार, "भारतीय बाजार में सूक्ष्म उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जो अमेरिकी सीपीआई मुद्रास्फीति डेटा जारी होने से पहले वैश्विक बाजारों में मौजूद मिश्रित भावनाओं को दर्शाता है, यह फेड नीति को प्रभावित कर सकता है।" जानकारों ने आगे कहा कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जबकि बॉन्ड यील्ड में मामूली वृद्धि देखी गई। एफएमसीजी और फार्मास्यूटिकल्स सहित डिफेंसिव सेक्टर्स में तेजी देखी गई। इसके अलावा, चीन से संभावित प्रोत्साहन उपायों के बारे में आशावाद के कारण मेटल सेक्टर में भी बढ़त देखी गई। निफ्टी बैंक 186.35 अंक या 0.35 प्रतिशत फिसलने के बाद 53,391.35 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 157.55 अंक या 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59,292.95 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 74.15 अंक या 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,657.35 पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,148 शेयर हरे और 1,836 लाल निशान में बंद हुए, जबकि 112 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स पैक में बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस, मारुति, भारती एयरटेल और हिंदुस्तान यूनिलीवर टॉप गेनर्स थे। वहीं, जेएसडब्ल्यू स्टील, एनटीपीसी, एसबीआई, रिलायंस, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक और टाइटन टॉप लूजर्स थे। recent visitors 46

गगूल पर भारतीयों ने साल 2024 में खेलों में बहुत दिलचस्पी दिखाई, मूवी में स्त्री 2 टॉप पर

मुंबई Google ने साल 2024 की टॉप सर्च रिजल्ट रिपोर्ट को जारी कर दिया है। इस लिस्ट से पता चलता है कि आखिर भारतीयों ने साल 2024 में किन चीजों को सबसे ज्यादा सर्च किया है? गूगल ने स्पोर्ट, एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, फूड समेत कई कैटेगरी के तहत गूगल की टॉप सर्च लिस्ट को जारी किया है। अगर ओवरऑल गूगल की सर्च कैटेगरी को देखें, तो सर्चिंग लिस्ट में पूरे साल क्रिकेट का दबदबा रहा है। इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL टॉप सर्चिंग लिस्ट रहा है, जो भारत में क्रिकेट के प्रति दीवानगी को दिखाता है। हालांकि गूगल 2024 के टॉप सर्चिंग एथलीट में धोनी और विराट विनेश फोगाट से पीछे छूट गये हैं। कौन हैं टॉप सर्च पूरे साल में T20 वर्ल्ड कप के साथ राजनीतिक इवेंट जैसे 2024 इलेक्शन को सबसे ज्यादा गूगल पर सर्च किया गया है। इसमें बीजेपी और इलेक्शन रिजल्ट 2024" सबसे ज्यादा सर्च पॉलिटिकल टर्म रहे हैं। इसके अलावा ओलंपिक 2024 के साथ एथलीट विनेश फोगाट और हार्दिक पांड्या को सर्च किया गया है। स्त्री-2 पसंदीदा फिल्म अगर एंटरटेनमेंट की बात करें, तो राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की फिल्म स्त्री-2 सर्च चार्ट में टॉप पर रहे हैं। वही अमिताभ बच्चन स्टारर Kalki 2898 AD और 12th Fail को काफी पसंद किया गया है। इसके बाद "लापता लेडीज" और Hanu-Man टॉप सर्च लिस्ट में रहे हैं। हीरामंडी, मिर्जापुर पॉपुलर शोज टेलिविजन की बात करें, तो हीरामंडी टॉप सर्चिंग शो रहा है। यह संजय लीला भंसाली डायरेक्ट हिस्टोरिकल ड्रामा है। इसके बाद मिर्जापुर, पंचायत टॉप टीवी शोज रहे हैं। अगर मीम्स और ह्यूमर की बात करें, तो "Orange Peel Theory" और "Gen Z boss" मीम्स टॉप सर्च ट्रेंड रहे हैं। इंडियन म्यूजिक जगत की बात करें, तो नादानियां, हुस्न, ये तूने क्या किया जैसे गानों को काफी पसंद किया गया है। खाने में आम का अचार पसंद खाने-पीने की बात करें, तो पोर्नस्टार मार्टिनी गूगल पर साल 2024 का पसंदीदा कॉकटेल रहा है। इसके बाद आम के अचार को सबसे ज्यादा सर्च किया गया है। इसके अलावा गूगल पर धनिया पजीरी और Ugadi Pachadi को सर्च किया गया है। साथ ही गूगल पर नारियल की चटनी Chammanthi जैसी रेस्पी को सर्च किया गया है। इसके अलावा Onam Sadhya का नंबर आता है। घूमने में भारतीयों को अज़रबैजान पसंद अगर घूमने की बात की जाएं, तो इंटरनेशन ट्रिप को लेकर दिलचस्पी दिखाई है। गूगल पर भारतीयों ने अज़रबैजान को घूमने के मामले में सबसे ज्यादा सर्च किया है। इसके अलावा मनाली, जयपुर जैसी लोकेशन टॉप सर्च लिस्ट में रही हैं। गूगल के टॉप 10 सर्च की-वर्ड     इंडियन प्रीमियर लीग     T20 वर्ल्ड कप     भारतीय जनता पार्टी     इलेक्शन रिजल्ट्स 2024     ओलंपिक 2024     एक्सेसिव हीट     रतन टाटा     इंडियन नेशनल कांग्रेस     प्रो कब्बड़ी लीग     इंडियन सुपर लीग recent visitors 73

भारतीय शेयर बाजार के कारोबारी दिन सपाट बंद हुआ, निफ्टी 24,600 के ऊपर

मुंबई भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी दिन सपाट बंद हुआ। कारोबार के अंत में निफ्टी के ऑटो, फार्मा, मीडिया, एनर्जी और इंफ्रा सेक्टर बिकवाली में रहे। वहीं, रियल्टी सेक्टर में जोरदार खरीदारी दर्ज हुई। सेंसेक्स 1.59 अंक की मार्जिनल तेजी के साथ 81,510.05 पर बंद हुआ और निफ्टी 8.95 अंक या 0.04 प्रतिशत की मार्जिनल गिरावट के साथ 24,610.05 पर बंद हुआ। बाजार के जानकारों ने कहा कि घरेलू बाजार में सपाट रुख रहा, निचले स्तरों से वापसी ने गिरावट पर खरीदारी की रणनीति का संकेत दिया। वहीं, चीन की अतिरिक्त प्रोत्साहन योजनाओं ने एशियाई बाजार की धारणा को बढ़ावा नहीं दिया। व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया और मिड और स्मॉल कैप के नेतृत्व में अपने सकारात्मक रुझान को बनाए रखा। जानकारों ने आगे कहा, "अमेरिकी आईटी खर्च में सुधार उम्मीद में आईटी सूचकांक नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। अमेरिका और भारत से आने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़े संभावित भविष्य की दरों में कटौती की जानकारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।" निफ्टी बैंक 169.95 अंक या 0.32 प्रतिशत चढ़ने के बाद 53,577.70 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 136.65 अंक या 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59,135.40 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 54.60 अंक या 0.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,583.20 पर बंद हुआ। एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक दे ने कहा, "निफ्टी ने एक और सुस्त कारोबारी सत्र का अनुभव किया, जो 24,500 से 24,650 की सीमा के भीतर सीमित रहा। जब तक सूचकांक इस सीमा से आगे निर्णायक कदम नहीं उठाता, तब तक निकट भविष्य में धारणा के एकतरफा बने रहने की संभावना है। 24,470 से नीचे टूटने पर 200 से 250 अंकों का सुधार हो सकता है, जबकि रेसिस्टेंस 24,700 से 24,750 पर देखा जा सकता है।" बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,034 शेयर हरे और 1,925 लाल निशान में बंद हुए, जबकि 134 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, एचसीएल टेक, एसबीआई, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, टाइटन, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स और इंडसइंड बैंक टॉप गेनर्स थे। वहीं, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, रिलायंस, एक्सिस बैंक, मारुति, नेस्ले इंडिया, एलएंडटी और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप लूजर्स थे। recent visitors 40

एयरटेल ने 8 अरब स्पैम कॉल और 800 मिलियन स्पैम एसएमएस की पहचान की

नई दिल्ली सरकार द्वारा दूरसंचार ऑपरेटरों को स्पैम कॉल और संदेशों के प्रसार को रोकने के निर्देश दिए जाने के बाद, भारती एयरटेल नेकहा कि उसने अपने एआई-संचालित, स्पैम-फाइटिंग समाधान को लॉन्च करने के ढाई महीने के भीतर 8 बिलियन स्पैम कॉल और 800 मिलियन स्पैम एसएमएस की पहचान की।कंपनी ने एक बयान में कहा कि एआई-संचालित नेटवर्क ने हर दिन करीब 1 मिलियन स्पैमर्स की सफलतापूर्वक पहचान की है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार ऑपरेटरों से स्पैम कॉल और संदेशों को रोकने और यूआरएल, एपीके और ओटीटी लिंक की व्हाइट लिस्टिंग के संबंध में अपने निर्देश का पालन करने को कहा था। इस संबंध में, एयरटेल ने सितंबर में एक एआई-संचालित स्पैम डिटेक्शन समाधान लॉन्च किया जो ग्राहकों को संदिग्ध स्पैम कॉल और एसएमएस के बारे में रियल टाइम में जानकारी देता है। एयरटेल नेटवर्क पर सभी कॉलों में से छह प्रतिशत को स्पैम कॉल के रूप में पहचाना गया है, जबकि सभी एसएमएस में से 2 प्रतिशत को भी स्पैम के रूप में पहचाना गया है। एयरटेल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "दिलचस्प बात यह देखी गई कि 35 प्रतिशत स्पैमर ने लैंडलाइन टेलीफोन का इस्तेमाल किया है।" इसके अलावा, दिल्ली के ग्राहकों को सबसे अधिक स्पैम कॉल प्राप्त हुए हैं, उसके बाद आंध्र प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्राहकों का स्थान रहा। इसी तरह दिल्ली से सबसे अधिक स्पैम कॉल आए हैं, उसके बाद मुंबई और कर्नाटक का स्थान है। एसएमएस के मामले में, सबसे अधिक संख्या गुजरात से आई है, उसके बाद कोलकाता और उत्तर प्रदेश का स्थान है और टारगेट किए गए ग्राहकों की अधिकतम संख्या मुंबई, चेन्नई और गुजरात से है। सभी स्पैम कॉलों में से 76 प्रतिशत में पुरुष ग्राहकों को टारगेट किया गया था। कंपनी ने कहा, "स्पैम कॉल सुबह 9 बजे से शुरू होती हैं और दिन चढ़ने के साथ-साथ इनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। स्पैम एक्टिविटी दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे के बीच पीक टाइम पर होती है, जिस दौरान स्पैम कॉल की सबसे अधिक मात्रा होती है।" सरकार ने सेवा और लेन-देन संबंधी कॉल के लिए 160 प्रीफिक्स के साथ 10 अंकों के नंबर आवंटित किए हैं। इसके अतिरिक्त, जिन ग्राहकों ने डू-नॉट-डिस्टर्ब (डीएनडी) का विकल्प नहीं चुना है और प्रचार कॉल प्राप्त करने के लिए सदस्यता ली है, वे 140 प्रीफिक्स के साथ 10 अंकों के नंबर से कॉल प्राप्त करना जारी रखेंगे। सरकार के अनुसार, अनरजिस्टर्ड सेंडर और स्पैम कॉल/ एसएमएस की रजिस्टर्ड शिकायत अक्टूबर में घटकर 1.51 लाख रह गईं, जो कि अगस्त से 20 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है। कंपनी के अनुसार, पिछले 2.5 महीनों में, एआई-संचालित स्पैम डिटेक्शन समाधान ने करीब 252 मिलियन ग्राहकों को इन संदिग्ध कॉलों के बारे में सचेत किया। कंपनी ने पाया है कि इन कॉलों का जवाब देने वाले ग्राहकों की संख्या में 12 प्रतिशत की गिरावट आई है। एयरटेल नेटवर्क पर सभी कॉलों में से छह प्रतिशत को स्पैम कॉल के रूप में पहचाना गया है, जबकि सभी एसएमएस में से 2 प्रतिशत को भी स्पैम के रूप में पहचाना गया है। एयरटेल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "दिलचस्प बात यह देखी गई कि 35 प्रतिशत स्पैमर ने लैंडलाइन टेलीफोन का इस्तेमाल किया है।" इसके अलावा, दिल्ली के ग्राहकों को सबसे अधिक स्पैम कॉल प्राप्त हुए हैं, उसके बाद आंध्र प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्राहकों का स्थान रहा।   recent visitors 115

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.51 अरब डॉलर बढ़कर 658.09 अरब डॉलर हो गया

नई दिल्ली  विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर 29 नवंबर 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत को बड़ी राहत मिली। इस सप्ताह भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार में $1.51 billion की बढ़ोतरी दिखी। इससे पहले लगातार आठ सप्ताह तक इसमें कमी ही हो रही थी। उधर, अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में (Pakistan Foreign Exchange Reserve) लगातार आठ सप्ताह से बढ़ोतरी ही हो रही है। आठ सप्ताह बाद मिली राहत भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) से जारी आंकड़ों के मुताबिक 29 नवंबर 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $1.51 billion की बढ़ोतरी हुई है। इसी के साथ अपना विदेशी मुद्रा भंडार अब बढ़ कर $658.091 billion हो गया है। इससे पहले, लगातार आठ सप्ताह से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार कमी हो रही थी। हालांकि, पिछले सप्ताह भंडार में बढ़ोतरी हुई है, तब भी अपना भंडार पांच महीने के न्यूनतम स्तर पर है। इसी साल 27 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान अपना विदेशी मुद्रा भंडार $704.885 billion पर के रेकार्ड उच्चतम स्तर पर था। फॉरेन करेंसी एसेट्स में हुई बढ़ोतरी रिजर्व बैंक की तरफ से जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां (Foreign Currency Asset) भी बढ़ी हैं। 29 नवंबर 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान अपने Foreign Currency Assets (FCAs) में $2.061 Billion की वृद्धि हुई है। अब अपना एफसीए भंडार बढ़ कर USD 568.852 Billion पर पहुंच गया है। उल्लेखनीय है कि देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा आस्तियां या फॉरेन करेंसी असेट (FCA) एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पौंड और येन जैसे गैर अमेरिकी मुद्राओं में आई घट-बढ़ के प्रभावों को भी शामिल किया जाता है। गोल्ड रिजर्व घट गया बीते सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार भले ही बढ़ा हो, लेकिन गोल्ड रिजर्व या स्वर्ण भंडार घट गया है। रिजर्व बैंक के मुताबिक 29 नवंबर 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के स्वर्ण भंडार (Gold reserves) में $595 Million की कमी हुई है। इसी के साथ अब अपना सोने का भंडार घट कर USD 66.979 Billion का रह गया है। एसडीआर में बढ़ोतरी रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट या विशेष आहरण अधिकार (SDR) में बढ़ोतरी हुई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान एसडीआर में 22 Million डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अब यह बढ़ कर 18.007 बिलियन डॉलर का हो गया है। इसी सप्ताह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे हुए देश के रिजर्व मुद्रा भंडार में भी बढ़ोतरी हुई है। इस सप्ताह इसमें $22 Million की बढ़ोतरी हुई है। अब यह बढ़ कर $ 4.254 Billion का हो गया है। पाकिस्तान का भंडार फिर बढ़ा अपने पड़ोसी देश, पाकिस्तान को इन दिनों विदेशी मुद्रा भंडार की जबरदस्त किल्लत झेलनी पड़ रही है। तब भी वहां का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले सप्ताह बढ़ गया। यह लगातार आठवां सप्ताह है, जबिक वहां का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के मुताबिक 29 नवंबर 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान वहां के विदेशी मुद्रा भंडार में 546.8 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अब वहां का विदेशी मुद्रा भंडार 16.076 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। recent visitors 126

अब सोना खरीदने को और जेब थोड़ी और ढीली करनी होगा, एक बार फिर सोने के दामों में उछाल आया

 इंदौर देशभर में इन दिनों वेडिंग सीजन की धूम है। तो सोना-चांदी की चमक भी बरकरार है। वेडिंग सीजन में जमकर खरीदारी के बावजूद एक बार फिर सोने के दामों में उछाल आया है। यानी अब सोना खरीदा तो जेब थोड़ी और ढीली करनी होगा। बता दें कि 5 दिसंबर के मुकाबले 7  दिसंबर को सोने की कीमतों(Gold rate in Bhopal) में 130 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है। अगर आप भी गोल्ड खरीदने की प्लानिंग कर रहे है तो यहां जानें सोने के ताजा भाव… सोना हुआ महंगा राजधानी भोपाल(Gold rate in Bhopal) में शनिवार  को सोने की कीमत 77,984 रुपए प्रति 10 ग्राम 24 कैरट है। वहीँ एक दिन पहले यानि 5 दिसंबर को भोपाल में सोने की कीमत 77,854 रुपए प्रति 10 ग्राम 24 कैरट थी। शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को सोना 130 रुपए प्रति 10 ग्राम 24 कैरट महंगा हुआ है। आभूषण विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों की ताजा लिवाली से राष्‍ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में सोने की कीमत फिर से 79,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गई। तीन दिन की गिरावट के बाद 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 300 रुपये बढ़कर 79,150 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। बुधवार को यह 78,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर थी। कारोबारियों ने कहा कि स्थानीय बाजारों में आभूषण और खुदरा विक्रेताओं की ताजा मांग के कारण सोने में तेजी आई। चांदी ने लगाई ऊंची छलांग चांदी लगातार तीसरे दिन भी चमक में रही। यह कीमती धातु 1,300 रुपये उछलकर 93,800 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। बुधवार को यह 92,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। 99.5 फीसदी प्‍योरिटी वाले सोने का भाव 300 रुपये बढ़कर 78,750 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 78,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। ये है 18 कैरेट का भाव इन सब के अलावा बात 18 कैरेट सोने की करें, तो शुक्रवार को उसकी 80 रुपये उछलकर 58540 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई. इससे पहले 5 दिसंबर को भी इसका भाव 58460 रुपये था. बता दें कि सोने की खरीदारी से पहले उसकी शुद्धता जरूर जांचनी चाहिए. 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है. इसे  खरीदते समय हॉलमार्क भी देखना चाहिए. आगे जारी रहेगा उतार चढ़ाव वाराणसी सर्राफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुमित वर्मा उर्फ चंदू ने बताया कि दिसंबर महीने के पहले सप्ताह में ही लगातार सोने चांदी के कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है.उम्मीद है आगे भी यह दौर जारी रहेगा.     recent visitors 110

PBOC ने फिर से सोने की खरीदारी शुरू कर, चीन ने 2023 में दुनिया में सबसे ज्यादा सोना खरीदा

नई दिल्ली चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने फिर से सोने की खरीदारी शुरू कर दी है। पिछले कुछ महीने से चीन ने सोने की खरीदी रोक रखी थी। लेकिन इसे फिर से शुरू करने से इसका असर भारत समेत दुनिया पर दिखाई दे सकता है। रॉयटर्स ने PBOC के आंकड़ों से बताया है कि चीन के केंद्रीय बैंक ने छह महीने के अंतराल के बाद नवंबर में अपने भंडार के लिए सोना खरीदना फिर से शुरू किया है। PBOC ने साल 2023 में दुनिया में सबसे ज्यादा सोना खरीदा था। इसकी खरीद फिर से शुरू होने से चीनी निवेशकों की मांग को बढ़ावा मिल सकता है। चीन ने क्यों शुरू किया सोना खरीदना? जानकारों के मुताबिक इसके कारण बताए जा रहे हैं। पहला इसे ट्रंप के टैरिफ से भी जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारों के मुताबिक अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आने वाले सामान पर ज्यादा टैरिफ लगाने की बात कही है। इससे चीनी कंपनियों को ज्यादा कीमत चुकानी होगी। इसकी भरपाई चीन सोने से कर सकता है। वहीं दूसरी ओर इस समय मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। सीरिया में भी तनाव पैदा हो गया है। इस तनाव के कारण डॉलर में तेजी आ सकती है। इससे बचने के लिए चीन पेमेंट करने में गोल्ड का इस्तेमाल कर सकता है। इससे भी चीन अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहा है। चीन ग्लोबल ट्रेड से लिए विदेशी मुद्रा पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है। खासतौर से डॉलर पर। क्या पड़ेगा असर? चीन की इस खरीदारी का असर दुनिया पर दिखाई दे सकता है। दरअसल, चीन की यह खरीदारी सोने की कीमत को बढ़ा सकती है। इस साल के शुरुआती 6 महीनों में जब चीन सोने की जबरदस्त खरीदारी कर रहा था, उस समय सोने की कीमत में अचानक से तेजी आ गई थी। हालांकि पिछले महीने ट्रंप की जीत के बाद सोने की कीमत में तेज गिरावट दर्ज की गई। क्योंकि डॉलर की मजबूती के कारण निवेशकों ने इसे बेचना शुरू कर दिया था। वहीं चीन से सोने की खरीदी भी पिछले 7 महीने से रोक रखी थी। ऐसे में सोने की कीमत में और ज्यादा गिरावट आ गई। अब चीन ने सोने की खरीदारी एक बार फिर से शुरू कर दी है। ऐसे में इसकी कीमत में फिर से उछाल देखा जा सकता है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे MCX पर सोने का भाव 76650 रुपये प्रति 10 ग्राम था। recent visitors 170

RBI ने बिना कुछ गिरवी के कृषि लोन की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का निर्णय लिया

मुंबई भारतीय रिजर्व बैंक ने कोलैटरल फ्री कृषि लोन की सीमा को 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है। इसके जरिए सरकार की कोशिश छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाना है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक द्वारा वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंक को यूपीआई के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइनें देने की अनुमति दी गई है। आरबीआई की ओर से इन दोनों निर्णय का ऐलान शुक्रवार की एमपीसी के बाद किया गया। कोलैटरल फ्री कृषि लोन के लिए पहले यह लिमिट 1.60 लाख रुपये थी, जिसे 2019 में तय किया गया था। इससे पहले यह लिमिट 2010 में एक लाख रुपये थी। आरबीआई ने जारी बयान में कहा कि तब से लेकर अब तक की कुल मुद्रास्फीति और कृषि इनपुट लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, बिना कुछ गिरवी के कृषि लोन की सीमा 1.6 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे औपचारिक ऋण प्रणाली में छोटे और सीमांत किसानों का कवरेज बढ़ेगा। इसका सर्कुलर जल्द ही जारी किया जाएगा। अधिक वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए आरबीआई ने स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) को यूपीआई के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइनें प्रदान करने की अनुमति देने का भी निर्णय लिया है। सितंबर 2023 में यूपीआई के दायरे का विस्तार किया गया था। इससे पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइनों को यूपीआई के माध्यम से जोड़ा जा सकता है। पहले कमर्शियल बैंकों को ही यूपीआई के माध्यम से पूर्व-स्वीकृत क्रेडिट लाइन जारी करने की अनुमति थी। पेमेंट्स बैंकों, एसएफबी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को इस दायरे से बाहर रखा गया था। आरबीआई ने कहा, "यूपीआई पर क्रेडिट लाइन में नए ग्राहकों को कम-टिकट, कम-अवधि के लोन उपलब्ध कराने की क्षमता है। एसएफबी ग्राहकों तक पहुंचने के लिए एक उच्च तकनीक, कम लागत वाले मॉडल पर काम करते हैं और इससे पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।" recent visitors 150

Hyundai के बाद Maruti Suzuki ने दिया ग्राहकों को झटका; कीमत बढ़ोतरी का किया ऐलान

मुंबई देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने जनवरी 2025 से अपनी कारों की कीमतों में इजाफा करने का एलान कर दिया है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग को दी जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2025 से कंपनी की कारों को खरीदने 4% तक महंगा हो जाएगा। कंपनी का कहना है कि कारों को तैयार करने एक्स्ट्रा कॉस्ट और अधिक ऑपरेशन कॉस्ट के कारण कीमतें बढ़ाने का फैसला करना पड़ रहा है। इस खबर के आने के बाद से कंपनी के शेयर्स में भी उछाल देखने को मिल रहा है। मारुति सुजुकी इंडिया नवंबर 2024 में सबसे ज्यादा कार बेचने वाली कंपनी रही। कंपनी ने बीते महीने घरेलू बाजार में कुल 1,52,898 यूनिट की बिक्री की। जबकि नवंबर 2023 में ये आंकड़ा 1,41,489 यूनिट था। वहीं, कंपनी ने पिछले महीने 28,633 यूनिट एक्सपोर्ट भी कीं। कुल मिलाकर कंपनी को ओवरऑल सेल्स 1,81,531 यूनिट की रही। नवंबर 2023 में कंपनी ने कुल 1,64,439 यूनिट बेची थीं। यानी सालाना आधार पर उसे 10.39% की ग्रोथ मिली। बता दें कि कंपनी एरिना और नेक्सा डीलरशिप की मदद से कुल 17 मॉडल बेचती है। हुंडई कार भी 25 हजार तक होंगी महंगी हुंडई मोटर इंडिया भी जनवरी 2025 को अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देने जा रही है। कंपनी ने हाल ही में प्राइस हाइक की घोषणा की है। हुंडई अपने सभी मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी करने वाली है। जानकारी के मुताबिक कंपनी 25,000 रुपए तक की बढ़ोतरी कर सकती है। कंपनी की तरफ से इस प्राइस हाइक का कारण इनपुट लागत में बढ़ोतरी, प्रतिकूल विनिमय दर और लॉजिस्टिक में ज्यादा खर्च बताया जा रहा है। निसान का कार भी 2% महंगी होंगी निसान मोटर इंडिया ने हाल ही में देश के अंदर 5 लाख यूनिट की सेल्स का माइल स्टोन पार किया है। कंपनी के लिए उसकी ऑल न्यू मैग्नाइट फेसलिफ्ट का भारतीय बाजार के साथ देश के बाहर भी पसंद किया जा रहा है। अब कंपनी अपनी कारों की कीमतों में इजाफा करने वाली है। कंपनी अपनी कारों की कीमतों में 2% तक का इजाफा करने वाली है। नई कीमतें जनवरी 2025 से लागू हो सकती है। BMW भी कारों का महंगा करेगी जनवरी 2025 से कारों की कीमतों में इजाफा करने वाली लिस्ट में अब BMW इंडिया का नाम भी शामिल है। कंपनी ने पुष्टि की है कि वो जनवरी 2025 से अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करेगा। कंपनी अगले साल से अपनी कारों पर वैरिएंट के हिसाब से 3% तक इजाफा करने वाली है। कंपनी ने कीमत बढ़ाने के पीछे कोई कारण नहीं बताया है। हालांकि, इसका कारण हायर ऑपरेशनल कॉस्ट हो सकती है। BMW भारतीय बजार में 2 सीरीज ग्रैन कूप, 3 सीरीज LWB, 5 सीरीज, 7 सीरीज, X1, X3, X5, X7 और M340i जैसी कारों की एक सीरीज बेचती है, जिनमें से सभी देश में लोकली तौर पर प्रोडक्शन करते हैं। मर्सिडीज-बेंज भी बढ़ा रही कीमतें 2025 शुरू होने से पहले ही मर्सिडीज-बेंज ने आधिकारिक तौर पर कारों की कीमतों में इजाफा करने का एलान कर दिया है। कंपनी 1 जनवरी, 2025 से अपने मॉडल रेंज में कीमतों में बढ़ोतरी की करेगी। कंपनी हायर ऑपरेशनल कॉस्ट के चलते कीमतों में 3% तक का इजाफा करेगी। कंपनी के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी मटेरियल की बढ़ती लागत, मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशनेरी) के दबाव और लॉजिस्टिक्स खर्चों के कारण की जा रही है। जिससे ऑपरेशनल कॉस्ट में वृद्धि हुई है। recent visitors 126

शक्तिकांत दास बोले- हमारा काम महंगाई को काबू में रखना…, ब्‍याज दरों में नहीं हुआ बदलाव, रेपो रेट 6.50% पर बरकरार

मुंबई आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक के नतीजे आ गए हैं. सुबह 10 बजे नतीजे घोषित करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकान्‍त दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने बताया कि इस बार भी ब्‍याज दरों में बदलाव नहीं किया गया है. रेपो रेट फिलहाल 6.50% पर ही बरकरार रहेगा. MPC के 6 में से 4 सदस्‍य ब्‍याज दरों में बदलाव के पक्ष में नहीं. मतलब साफ है कि अभी आपके होम लोन, ऑटो लोन समेत तमाम तरह के कर्ज भी फिलहाल सस्‍ते नहीं होंगे. बता दें कि RBI ने आखिरी बार फरवरी 2023 में ब्‍याज दरों में बदलाव किया था. उस समय दरें 0.25% बढ़ाकर 6.5% की गई थीं, तब से ये जस से तस बनी हुई हैं. बता दें कि गवर्नर शक्तिकान्‍त दास के मौजूदा कार्यकाल की आखिरी एमपीसी बैठक है. उनका कार्यकाल 10 दिसंबर को समाप्त हो रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अपने कार्यकाल का आखिरी मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करते हुए कहा कि मेजोरिटी में सदस्‍यों ने तय किया है कि रेपो रेट को अनचेंज रखा जाए. एमपीसी ने तय किया गया है कि महंगाई को टारगेट पर लाने का फोकस रहेगा. इस लिए अभी रेपो रेट में कटौती नहीं की जा रही है. Repo Rate का EMI पर असर RBI की MPC की बैठक हर दो महीने में होती है और इसमें शामिल रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास समेत छह सदस्य महंगाई समेत अन्य मुद्दों और बदलावों (Rule Changes) पर चर्चा करते हैं. यहां बता दें कि रेपो रेट का सीधा कनेक्शन बैंक लोन लेने वाले ग्राहकों से होता है. इसके कम होने से लोन की ईएमआई घट जाती है और इसमें इजाफा होने से ये बढ़ जाती है. दरअसल, रेपो रेट (Repo Rate) वह दर है जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक धन की किसी भी कमी की स्थिति में वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है. रेपो रेट का उपयोग मौद्रिक अधिकारियों द्वारा इंफ्लेशन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. recent visitors 137

मध्य प्रदेश में स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के बीच खुदरा स्वास्थ्य बीमा में 54% बाजार हिस्सेदारी

स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने मध्य प्रदेश में 1,313 करोड़ रुपये के दावों का निपटारा कर मजबूत प्रतिबद्धता का दिया परिचय स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने पिछले 5 वर्षों में मध्य प्रदेश में 1,313 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया मध्य प्रदेश में स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनियों के बीच खुदरा स्वास्थ्य बीमा में 54% बाजार हिस्सेदारी    राज्य में 48 कार्यालयों के साथ अपनी मौजूदगी का विस्तार किया    मध्य प्रदेश में 25 मार्च तक 13 जिलों में विस्तार और 6 ग्रामीण शाखा जोड़ने की योजना भोपाल  भारत की सबसे बड़ी स्टैंडअलोन खुदरा स्वास्थ्य बीमा कंपनी, स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने करीब 50 कार्यालयों, एक मजबूत नेटवर्क के साथ मध्य प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। 524 अस्पतालों का 31,200 से अधिक एजेंटों का मजबूत नेटवर्क, 8 लाख लोगों को कवर करता है और 527 कर्मचारी हैं। कंपनी ने मध्य प्रदेश में पिछले 5 वर्षों में दावों में 1,313 करोड़ रुपये का प्रभावशाली भुगतान किया है, जो इसके विविध आबादी को व्यापक और सुलभ स्वास्थ्य सेवा समाधान प्रदान करने के मिशन को दर्शाता है। कंपनी 14 जिलों में ग्रामीण बीमा केंद्र खोलने और अतिरिक्त 6 ग्रामीण केंद्रों के साथ अपनी उपस्थिति बढ़ाने, 5000 एजेंट जोड़ने और मध्य प्रदेश में 25 मार्च तक 150 बिक्री प्रबंधकों को नियुक्त करने के साथ अपनी पहुंच का विस्तार करना चाहती है। मध्य प्रदेश में स्टार हेल्थ के निरंतर फोकस पर टिप्पणी करते हुए, स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के कार्यकारी अध्यक्ष, श्री सनथ कुमार ने कहा, "हम मध्य प्रदेश के हर कोने में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुलभ बनाने के लिए गहराई से प्रतिबद्ध हैं। पिछले कुछ वर्षों में, हमारे विस्तृत नेटवर्क, अभिनव समाधान और ग्राहक सेवा पर निरंतर ध्यान ने हमें विश्वास बनाने और अपने पॉलिसीधारकों को वास्तविक मूल्य प्रदान करने में मदद की है। हाल ही में दावों के भुगतान और होम हेल्थकेयर और टेलीमेडिसिन जैसी सेवाओं की शुरूआत सहित हमारी निरंतर वृद्धि, मध्य प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने के लिए हमारे समर्पण को रेखांकित करती है। हम प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना, अपनी सेवाओं की पेशकश को बढ़ाना और अपनी पहुँच का विस्तार करना जारी रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक विशेषाधिकार नहीं बल्कि सभी के लिए एक अधिकार है।" स्टार हेल्थ इंश्योरेंस की राज्य के प्रति प्रतिबद्धता वित्त वर्ष 24 में 221 करोड़ रुपये के दावों के भुगतान और पिछले 5 वर्षों में 1,313 करोड़ रुपये के दावों के निपटारे में भी परिलक्षित होती है। स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने अपनी स्थापना के बाद से 1.1 करोड़ से अधिक दावों का भुगतान किया है, जिनकी कुल राशि 53,000+ करोड़ रुपये है। कंपनी प्रतिदिन 25 करोड़ रुपये के दावों को संसाधित करती है, और हर मिनट 4 दावों को स्वीकृत करती है। मध्य प्रदेश में इनोवेटिव समाधान स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने भोपाल में अपनी होम हेल्थकेयर सेवा शुरू की है, जो वर्तमान में पूरे भारत के 64 शहरों और मध्य प्रदेश के 5 शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन में उपलब्ध है। यह सेवा ग्राहकों को अपने घर बैठे ही किफायती, उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच प्रदान करती है, जिससे दावों का निर्बाध निपटान सुनिश्चित होता है। स्टार हेल्थ इंश्योरेंस ने ब्रेल लिपि में "स्पेशल केयर गोल्ड" पॉलिसी शुरू की है, जिसे विशेष रूप से 40% या उससे अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि दृष्टिबाधित व्यक्ति स्वतंत्र रूप से अपने स्वास्थ्य बीमा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। निःशुल्क टेलीमेडिसिन सेवा ग्राहकों को व्यक्तिगत रूप से मिलने की आवश्यकता के बिना परामर्श, सलाह और अनुवर्ती देखभाल के लिए स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों तक सुविधाजनक पहुंच प्रदान करती है। कंपनी ग्राहकों की भलाई के लिए भी प्रतिबद्ध है और पूरे मध्य प्रदेश में नियमित चिकित्सा शिविर आयोजित करती है। जैसे-जैसे स्टार हेल्थ राज्य में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है, कंपनी नवीन, समावेशी और समुदाय-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो मध्य प्रदेश में लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाएगी। •    सबसे बड़ी खुदरा स्वास्थ्य बीमा कंपनी •    स्थापना के बाद से भुगतान किए गए दावों की संख्या: 1.1 करोड़+ •    स्थापना के बाद से भुगतान की गई दावा राशि: रु.53,000 करोड़+ •    बाजार हिस्सेदारी: 33% •    शाखाओं की संख्या: 902 •    होम हेल्थ केयर: 64 शहरों/कस्बों में •    मोबाइल ऐप: 7 मिलियन+ डाउनलोड recent visitors 167

stock market में लौटी हरियाली; सेंसेक्स 800 अंक चढ़ा

मुंबई शेयर बाजार में आज सुबह धीमी शुरुआत के बाद क्‍लोजिंग के दौरान अचानक शानदार तेजी आई. निफ्टी50 350 अंक के ऊपर चढ़ गया था. वहीं सेंसेक्‍स (Sensex) 1300 अंक से ज्‍यादा उछला था. हालांकि बाजार बंद होने पर निफ्टी 240.95 अंक चढ़कर 24,708.40 पर था. जबकि सेंसेक्‍स 809.53 अंक चढ़कर 81,765.86 पर थे.   BSE सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो NTPC और एशियन पेंट्स को छोड़कर सभी शेयर अच्‍छी तेजी दिखा रहे थे.  Infosys, Titan और TCS के शेयर सबसे ज्‍यादा चढ़े थे. जबकि बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयरों में 2 प्रतिशत से ज्‍यादा की तेजी देखी गई. मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के शेयरों में 1.53 फीसदी की तेजी आई है. इन शेयरों की वजह से बड़ी रैली आईटी, ऑयल और बैंकिंग शेयरों में उछाल के कारण शेयर बाजार में अचानक तेजी आई है. खासकर टीसीएस, इंफोसिस और रिलायंस के शेयर बाजार में बड़ी रैली का कारण बने. एनएसई पर आज 2,825 शेयरों में से 1,544 शेयरों में उछाल दिखाई दी, जबकि 1,199 शेयर गिरावट और 82 शेयर अनचेंज थे. 104 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर थे और 8 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर थे. 119 शेयरों में अपर सर्किट और 27 शेयरों में लोअर सर्किट देखा गया. अचानक क्‍यों आई इतनी तेजी? शेयर बाजार में अचानक तेजी आईटी सेक्‍टर के शेयरों जैसे इंफोसिस, टीसीएस के शेयरों में उछाल के कारण आया. इसके अलावा, निवेशकों ने अंतिम समय में जमकर खरीदारी की है. आईटी सेक्‍टर में करीब 2 फीसदी की तेजी ने बाजार को ऊपर की ओर खींचा. वहीं कल आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक समाप्‍त हो रही है. ऐसे में कुछ राहत मिलने की उम्‍मीद की जा रही है. जिसे लेकर बाजार में तेजी आई है. फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन का बयान अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कमेंट के बाद शेयर बाजार में शानदार तेजी दिखी. पॉवेल ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था का हालिया प्रदर्शन "उल्लेखनीय रूप से अच्छा" रहा है, जिससे केंद्रीय बैंकरों को सावधानीपूर्वक ब्याज दरों को कम करने की गुंजाइश मिली. फेड प्रमुख की टिप्पणियों से उत्साहित होकर, डॉव जोन्स ने पहली बार 45,000 का आंकड़ा पार किया, क्योंकि इसने 2024 की रैली को आगे बढ़ाया जिसने प्रमुख बेंचमार्क को रिकॉर्ड की एक चेन तक पहुंचाया. ये 10 शेयर 14 फीसदी तक चढ़े     स्‍मॉल सेक्‍टर की कंपनी महाराष्ट्र सीमलेस के शेयर (Mahseamless Share) आज करीब 14.57 प्रतिशत चढ़कर 762.80 पर पहुंच गए.     CDSL के शेयर 8 प्रतिशत चढ़कर 1900 रुपये के करीब पहुंच गए थे.     कलपतरू प्रोजेक्‍ट के शेयरों में 7 फीसदी की तेजी देखी गई और यह 1247 रुपये पर था.     फिनोलेक्‍स के शेयर 7 फीसदी चढ़कर 1311 रुपये पर पहुंच गए.     बीएसई के शेयरों में 12 फीसदी की उछाल आई और यह 5,200 पर पहुंच गया था.       इंद्रपस्त्र गैस के शेयर 8 फीसदी, टाटा एलेक्‍सी के शेयर 4 फीसदी, जोमैटो के शेयर 4 फीसदी, बोश के शेयर 3 फीसदी और संवर्धन मदर के शेयर 3.5 फीसदी उछल गए.   recent visitors 87

Bitcoin ने रचा इतिहास, लाख डॉलर के पार पहुंची कीमत, ट्रंप की जीत के बाद 50 फीसदी उछला

मुंबई  बिट्कॉइन (Bitcoin) का प्राइस पहली बार 1 लाख डॉलर ( $100000 Mark) के पार जा पहुंचा है. जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अमेरिका (United States) की राजगद्दी संभालने से पहले बिट्कॉइन में  तेजी बनी हुई है. क्रिप्टो ट्रेडर्स को उम्मीद है कि ट्रंप प्रशासन क्रिप्टोकरेंसी फ्रेंडली पॉलिसी (Cryptocurrency Friendly Policy) ला सकते हैं जिसके चलते बिटिकॉइन में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) के भी बिट्कॉइन और क्रिप्टोकरेंसी के पक्ष में दिए बयान के चलते बिट्कॉइन के प्राइस में तेजी आई है. उन्होंने मास्को में इकोनॉमिक फोरम में कहा है कि अब कोई बिट्कॉइन और वर्जुअल एसेट्स पर प्रतिबंध नहीं लगा सकेगा. बिटकॉइ पहली बार 1 लाख डॉलर पार गुरुवार 5 दिसंबर 2024 को बिट्कॉइन 102,727 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है. 5 नवंबर 2024 को अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही बिट्कॉइन में तेजी जारी है. चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने अमेरिका को दुनिया का बिट्कॉइन और क्रिप्टोकरेंसी का कैपिटल बनाने का वादा किया था. पॉल एटकिंस (Paul Atkins) के एसईसी (SEC) के प्रमुख बनाए जाने की संभावना के चलते भी बिट्कॉइन में जोरदा तेजी आई है. 2017 से ही एटकिंस डिजिटल एसेट्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाली संगठन डिजिटल चैंबर ऑफ कॉमर्स की सह-अध्यक्षता कर चुके हैं. पॉल एटकिंस, गैरी गेंसलर (Gary Gensler) की जगह ले सकते हैं जिन्हें क्रिप्टोकरेंसी के विरोधी के तौर पर देखा जाता है. 2024 में आया 134 फीसदी का उछाल साल 2024 में बिट्कॉइन के प्राइस में 134 फीसदी का उछाल आ चुका है. जबकि 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप की जीत के बाद से बिट्कॉइन में 50 फीसदी की तेजी आ चुकी है.  बर्नस्टेन (Bernstein) के एक्सपर्ट्स ने ये भविष्यवाणी की है कि 2025 में बिट्कॉइन प्राइस 2 लाख डॉलर दिया है. यानि मौजूदा लेवल से इस क्रिप्टोकरेंसी में डबल उछाल आ सकता है. ट्रंप अमेरिका में बिट्कॉइन रिजर्व बना सकते हैं ऐसे में अभी से बिट्कॉइन की जोरदार खरीदारी हो रही है. इसके चलते भी कीमतों में रिकॉर्ड उछाल आया है.    कहां तक जाएगी कीमत ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान के दौरान डिजिटल एसेट्स को सपोर्ट किया था और अमेरिका को प्लेनेट की क्रिप्टो कैपिटल के रूप में स्थापित करने और एक राष्ट्रीय बिटकॉइन रिजर्व बनाने की बात कही थी। हॉन्ग कॉन्ग के स्वतंत्र क्रिप्टोकरेंसी विश्लेषक जस्टिन डी'एनेथन ने कहा कि बिटकॉइन का 100,000 डॉलर को पार करना सिर्फ एक मील का पत्थर नहीं है। यह फाइनेंस, टेक और भू-राजनीति में बदलाव का प्रमाण है। जिसे कुछ समय पहले कल्पना के रूप में खारिज कर दिया गया था, वह आज के वास्तविकता है। इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र को दो साल पहले एक बड़े संकट का सामना करना पड़ा था जब FTX क्रिप्टो एक्सचेंज बंद हो गया था। कंपनी का फाउंडर सैम बैंकमैन-फ्राइड को जेल जाना पड़ा था। डिजिटल एसेट इनवेस्टमेंट फर्म कैनरी कैपिटल के फाउंडर स्टीवन मैकक्लर्ग ने कहा कि 25 दिसंबर तक बिटकॉइन की कीमत $120,000 तक पहुंच जाएगी। recent visitors 102

शेयर बाजार ने फिर पकड़ी रफ्तार…Sensex फिर 81000 के पार, बैंकिंग स्टॉक्स ने दिखाया दम

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में तेजी का सिलसिला जारी है. सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन भी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा उछलकर एक बार फिर 81,000 के आंकड़े को पार कर गया है, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी तूफानी रफ्तार से भागता हुआ नजर आ रहा है. इस बीच बैंकिंग शेयरों ने अपना दम दिखाया है और UCO Bank से लेकर BOB तक में जोरदार देखने को मिला है. इसके अलावा IT शेयरों में भी उछाल देखने को मिला. ओपन होते ही निकला 81000 के पार सबसे पहले बात कर लेते हैं सेंसेक्स-निफ्टी में आई तेजी के बारे में, तो बता दें कि BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 80,845.75 की तुलना में तेजी के साथ 81,036.22 के लेवल पर कारोबार शुरु किया और कुछ ही मिनटों में ये 380 अंक से ज्यादा उछलकर 81,245.29 के लेवल पर कारोबार करता नजर आया. NSE Nifty भी जोरदार रफ्तार के साथ अपने पिछले बंद 24,457.15 की तुलना में 24,488 के स्तर पर ओपन हुआ और फिर करीब 100 अंकों की उछाल के साथ 24,573.20 के लेवल पर पहुंच गया.    बैंकिंग शेयरों ने दिया बाजार को सपोर्ट बुधवार को शेयर बाजार में तेजी के पीछे बैंकिंग शेयरों का सपोर्ट साफ नजर आया. सबसे ज्यादा भागने वाले Banking Stocks की बात करें, तो यूको बैंक का शेयर (UCO Bank Share) 9.27% की तेजी लेकर 49.28 रुपये पर, सेंट्रल बैंक का शेयर (Central bank Share) 7.94% उछलकर 61.20 रुपये, बैंक ऑफ इंडिया का शेयर (Bank Of India Share) 3.07% चढ़कर 117.50 रुपये पर और Maha Bank Share 2.65% की तेजी लेकर 58.55 रुपये पर कारोबार कर रहा था. HDFC Bank समेत ये शेयर भी चमके अन्य बैंकिंग स्टॉक्स में आई तेजी को देखें, तो  इंडियन बैंक का शेयर (Indian Bank Share) 2.11% की तेजी लेकर 591.70 रुपये पर, जबकि एचडीएफसी बैंक का स्टॉक (HDFC Bank Stock) 1.05% उछलकर 1845.95 रुपये पर पहुंच गया. यही नहीं Kotak Bank, ICICI Bank, SBI, Axis Bank और IndusInd Bank के शेयर भी ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे. TATA का ये शेयर भी खूब भागा बैंकिंग शेयरों के अलावा जो शेयर सबसे ज्यादा तेजी के साथ भागे, उनमें आईटी स्टॉक्स भी शामिल हैं. टाटा ग्रुप की कंपनी टीसीएस का शेयर (TCS Share) 1.85% की उछाल के साथ 4380.85 रुपये पर कारोबार करता नजर आया, तो वहीं Tech Mahindra Share, HCL Tech Share में भी 1 फीसदी के आस-पास का उछाल देखा गया. स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल Lincoln Share आज भी 10.83% चढ़ गया, तो वहीं Honasa Share 9.99% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. recent visitors 96

रेलवे दे रहा क्रिसमस पर 6 दिन का थाईलैंड घूमने का शानदार पैकेज

नई दिल्ली दिसंबर में मौसम सुहाना हो जाता है. सर्द हवाएं चलने लगते हैं. तो वहीं पहाड़ी राज्यों में खूब बर्फबारी भी देखने को मिलती है. साल के इस आखिरी महीने में क्रिसमस भी मनाया जाता है. तो उसके ठीक बाद नई साल आ जाती है. ऐसे में बहुत से लोग क्रिसमस की छुट्टियां और नई साल की छुट्टियों पर घूमने का प्लान बनाते हैं. अगर आप भी क्रिसमस की छुट्टियों पर इस बार कहीं घूमना चाहते हैं. तो आईआरसीटीसी आपके लिए एक शानदार पैकेज लेकर आया है. इस पैकेज में आपको कराई जाएगी थाईलैंड की सैर. पांच रात और 6 दिन के इस स्पेशल टूर पर मिलेंगी बहुत सारी सुविधाएं. चलिए आपको बताते हैं इस पैकेज की पूरी जानकारी. थाईलैंड क्रिसमस स्पेशल टूर पैकेज ऑफर भारत में बहुत से लोग क्रिसमस की छुट्टियों को बड़े पैमाने पर सेलिब्रेट करते हैं. बहुत से लोग क्रिसमस पर बाहर घूमने जाने का भी प्लान बनाते हैं. अगर आप भी इस साल क्रिसमस की छुट्टियों पर बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं. तो आपके लिए आईआरसीटीसी का यह स्पेशल ऑफर काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. आईआरसीटीसी के इस स्पेशल टूर पैकेज का नाम है CHRISTMAS SPECIAL THAILAND WITH FOUR STAR ACCOMMODATION. यह टूर पैकेज पांच रात और 6 दिनों का होगा. जो 22 दिसंबर से लेकर 27 सितंबर तक के लिए होगा. फ्लाइट टूर होगा जिसमें आपको थाईलैंड की फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशंस पटाया और बैंकॉक घुमाईं जाएंगी. यह होगा टूर का पूर प्लान आईआरसीटीसी के इस टूर पैकेज के लिए 22 दिसंबर को लखनऊ से रात 11:05 पर फ्लाइट उड़ान भरेगी. इस पैकेज के अंदर आपको ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की सुविधा दी जाएगी. इसमें आपको पटाया के मशहूर कोरल आईलैंड घुमाए जाएंगे. इसके साथ आपको फ्लोटिंग मार्केट देखने का लुत्फ भी हासिल होगा. आपको बैंकॉक का सफारी वर्ल्ड और मरीन पार्क भी घूमने का मौका मिलेगा. 27 दिसंबर को रात 8:10 पर बैंगकॉक एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए फ्लाइट उड़ान भरेगी. इतना देना होगा किराया अगर आप आईआरसीटीसी के इस थाईलैंड टूर पर अकेले जा रहे हैं. तो आपको 74,200 रुपये चुकाने होंगे अगर आप दो लोगों के साथ जाते हैं. तो आपके प्रति व्यक्ति 63,500 रुपये देने होंगे. तीन लोगों के साथ जाने पर आपको 62,900 रुपये प्रति व्यक्ति देने होंगे. वहीं अगर साथ में कोई 5 साल से लेकर 11 साल तक का बच्चा जाता है. तो उसके बेड के लिए आपको अलग से 57,500 रुपये चुकाने होंगे. अगर कोई बच्चा जो 2 साल से 11 साल के बीच का है और उसके लिए बेड की जरूरत नहीं होती, तो उसके लिए 52900 रुपये देने होंगे. recent visitors 64

सेंसेक्स 445 अंक और निफ्टी 145 अंक चढ़कर हुआ बंद

नई दिल्ली अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मजबूत रुख के बीच घरेलू बाजार में सोमवार को रिलायंस, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में खरीदारी होने से सेंसेक्स 445 अंक और निफ्टी 145 अंक चढ़कर बंद हुए। हालांकि, शुरुआती कारोबार के दौरान दोनों सूचकांक में गिरावट दिखी थी। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 445.29 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80,248.08 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 80,337.82 के ऊपरी और 79,308.95 के निचले स्तर तक भी गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 144.95 अंक यानी 0.60 प्रतिशत बढ़कर 24,276.05 पर पहुंच गया। बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से अल्ट्राटेक सीमेंट, जेएसडब्ल्यू स्टील, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, टाइटन, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा लाभ में रहीं। दूसरी तरफ एनटीपीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इस तरह घरेलू बाजार जीडीपी की वृद्धि दर में आई सुस्ती से बेअसर रहे। शुक्रवार को कारोबारी अवधि खत्म होने के बाद घोषित सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर करीब दो साल के निचले स्तर 5.4 प्रतिशत पर रही। विनिर्माण, खनन और खपत गतिविधियों में सुस्ती से वृद्धि दर में कमी आई। निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर ये रहे एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में गिरावट रही, जबकि जापान के निक्की, चीन के शंघाई कंपोजिट और हांगकांग के हैंगसेंग में तेजी रही। हालांकि यूरोप के ज्यादातर बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,383.55 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,723.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस बीच वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.85 प्रतिशत बढ़कर 72.45 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले, शुक्रवार को सेंसेक्स 759.05 अंक बढ़कर 79,802.79 और निफ्टी 216.95 अंक चढ़कर 24,131.10 पर बंद हुआ था।   recent visitors 53

वित्त मंत्रालय की नवंबर की आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट जारी, अर्थव्यवस्था में तेजी से पेट्रोल-डीजल-जेट ईंधन की बिक्री बढ़ी

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल नवंबर में भारत में पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन की बिक्री में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में उछाल आया है, जो देश में आर्थिक गतिविधियों के उच्च स्तर को दर्शाता है। त्योहारी महीने में ईंधन की मांग में वृद्धि के कारण इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की पेट्रोल बिक्री नवंबर में 8.3 प्रतिशत बढ़कर 3.1 मिलियन टन हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में 2.86 मिलियन टन की खपत हुई थी। ईंधन की बिक्री में सरकारी स्वामित्व वाली इन दिग्गज कंपनियों का हिस्सा 90 प्रतिशत से अधिक है। इसी तरह, राजमार्गों पर माल की आवाजाही बढ़ने और रबी फसल की बुवाई के मौसम के दौरान कृषि क्षेत्र की बढ़ती मांग के कारण नवंबर के दौरान डीजल की खपत 5.9 प्रतिशत बढ़कर 7.2 मिलियन टन हो गई। देश में हवाई यात्रा में वृद्धि के कारण नवंबर के दौरान जेट ईंधन (एटीएफ) की बिक्री में सालाना आधार पर 3.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 6,50,900 टन हो गई। अक्टूबर में 6,36,100 टन ईंधन की बिक्री की तुलना में यह मासिक आधार पर 2.3 प्रतिशत अधिक थी। सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए शुरू की गई विभिन्न योजनाओं के तहत अधिक घरों ने रसोई गैस का उपयोग करना शुरू कर दिया है, इसके परिणामस्वरूप नवंबर में एलपीजी की बिक्री भी सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत बढ़कर 2.76 मिलियन टन हो गई। आर्थिक गतिविधि में वृद्धि नवंबर में जीएसटी संग्रह में उछाल से भी देखी जा सकती है, जो 8.5 प्रतिशत बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह अब तक का चौथा सबसे अधिक मासिक संग्रह है। वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक समीक्षा में भी आर्थिक गतिविधि के कई हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर में भी उछाल की जानकारी मिलती है। रोजगार को लेकर औपचारिक कार्यबल का विस्तार हो रहा है, विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियों में उल्लेखनीय हुई है और संगठित क्षेत्रों में युवाओं का मजबूत प्रवाह हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी चालू वित्त वर्ष के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के पूर्वानुमान को 7.2 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने नवीनतम मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए कहा, "भारत की विकास कहानी बरकरार है, क्योंकि उपभोग और निवेश मांग को लेकर तेजी जारी है। कुल मांग का मुख्य आधार निजी उपभोग की संभावनाएं बेहतर कृषि परिदृश्य और ग्रामीण मांग के कारण उज्ज्वल दिखती हैं। सेवाओं में निरंतर उछाल से शहरी मांग को भी समर्थन मिलेगा।" recent visitors 59

रिपोर्ट में हुआ खुलासा – भारत में वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में एआईएफ निवेश 4.49 लाख करोड़ रुपये रहा

मुंबई. भारत में वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) में अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआईएफ) निवेश करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये रहा है। इसकी वजह देश की अर्थव्यवस्था का तेजी से बढ़ना है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। एनारॉक रिसर्च द्वारा संकलित ताजा सेबी डेटा से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही तक विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कुल 4,49,384 करोड़ रुपये के एआईएफ निवेश में रियल एस्टेट की हिस्सेदारी सबसे अधिक 75,468 करोड़ रुपये या 17 प्रतिशत थी। एनारॉक की रिपोर्ट में बताया गया कि समीक्षा अवधि में अन्य क्षेत्रों आईटी/आईटीईएस में 27,815 करोड़ रुपये, वित्तीय सेवाओं में 25,782 करोड़ रुपये , एनबीएफसी में 21,503 करोड़ रुपये, बैंकों में 18,242 करोड़ रुपये, फार्मा में 17,272 करोड़ रुपये, एफएमसीजी में 11,680 करोड़ रुपये, रिटेल में 11,389 करोड़ रुपये, रिन्यूएबल एनर्जी में 10,672 करोड़ रुपये और अन्य क्षेत्रों में 2,29,571 करोड़ रुपये का एआईएफ निवेश आया है। भारत में एआईएफ में निवेश के लिए उपलब्ध फंडों की संख्या में बीते एक दशक में मजबूत वृद्धि देखी गई है। पिछले छह वर्षों में एआईएफ की समग्र प्रतिबद्धता में 340 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। यह वित्त वर्ष 2019 में 2,82,148 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में 12,43,083 करोड़ रुपये हो गई, जो अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड में निवेश के रुझान को दिखाती है। वित्त वर्ष 2013 से लेकर वित्त वर्ष 2024 के बीच एफआईएफ में निवेश प्रतिबद्धता में 83.4 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़त देखने को मिली है, जो दर्शाता है कि व्यापक निवेश पारिदृश्य में इसका महत्व बढ़ता जा रहा है। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, “एआईएफ के माध्यम से रियल एस्टेट क्षेत्र में कुल निवेश वित्त वर्ष 2024 के अंत तक 68,540 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 की पहली छमाही में 75,468 करोड़ रुपये हो गया है। यह आधे वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि को दिखाता है।” पुरी ने आगे कहा कि जब आप डेटा को गहराई से देखेंगे तो एफआई गतिविधियों में बढ़त II एआईएफ कैटेगरी द्वारा संचालित हो रही है, जिसमें रियल एस्टेट फंड्स, प्राइवेट इक्विटी, डेट फंड और फंड ऑफ फंड्स आते हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि परंपरागत रूप से घरेलू निवेशक ही एआईएफ फंडिंग का प्राथमिक स्रोत रहे हैं। हालांकि, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) भी विशेषकर कैटेगरी II एआईएफ में आगे आ रहे हैं। इस श्रेणी में अब घरेलू निवेशकों के साथ-साथ एफपीआई की भी लगभग बराबर की भागीदारी है। recent visitors 141

सोना-चांदी के भावों में आई ‎गिरावट, जानें क्या हैं सोने चांदी के भाव

नई दिल्ली. दिसंबर महीने के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोने-चांदी खरीदने वालों को राहत मिली है। सोमवार को सोने-चांदी के वायदा भाव में गिरावट देखी जा रही है। एमसीएक्स पर सोना 0.97 फीसदी गिरकर 76,382 रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास और चांदी 1.16 फीसदी गिरावट के साथ 90,147 रुपए के आसपास कारोबार कर रही है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 700 रुपए की तेजी के साथ 79,400 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी। गुरुवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 78,700 रुपए प्रति 10 ग्राम रही थी। चांदी की कीमत भी 1,300 रुपए उछलकर 92,200 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। जबकि गुरुवार को चांदी 4,900 रुपए टूटकर 90,900 रुपए प्रति किलोग्राम रही थी। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 700 रुपए बढ़कर 79,000 रुपए के स्तर पर पहुंच गया जो गुरुवार को 78,300 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशों में सकारात्मक रुख और घरेलू मांग में वृद्धि के कारण बाजार धारणा मजबूत हुई, जिससे मुख्यत: सोने की कीमतों में तेजी आई। recent visitors 90

रुपया दो पैसे बढ़कर 84.58 डॉलर पर

मुंबई. घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख के बीच रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में स्थिर खुला और अपने सर्वकालिक निम्न स्तर से केवल दो पैसे चढ़कर 84.58 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने निवेशकों की भावनाओं को और प्रभावित किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.59 प्रति डॉलर पर खुला और सीमित दायरे में कारोबार करता हुआ 84.58 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले केवल दो पैसे की बढ़त दर्शाता है। शुरुआती कारोबार में यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निम्न स्तर 84.60 पर भी पहुंच गया। रुपया शुक्रवार को अपने सर्वकालिक निचले स्तर 84.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। recent visitors 65

दिसंबर में कितने दिन बंद रहेगा stock market, जानें NSE -BSE में कितने दिन नहीं होगा कारोबार

मुंबई नए महीने दिसंबर में शेयर बाजार के निवेशक 2024 में बचे हुए ट्रेड सेशन की संख्या का पता लगाने में व्यस्त हैं। ऐसे निवेशकों के लिए 2024 में बचे हुए शेयर बाजार की छुट्टियों की कुल संख्या महत्वपूर्ण है। शेयर बाजार की छुट्टियों की सूची 2024 के अनुसार , दिसंबर 2024 में सिर्फ एक शेयर बाजार की छुट्टी होगी। यह क्रिसमस के लिए 25 दिसंबर 2024 को है। दिसंबर 2024 में शेयर बाजार की छुट्टियाँ इसलिए, 25 दिसंबर 2024 को क्रिसमस के लिए ट्रेडिंग गतिविधि निलंबित रहेगी, जो दिसंबर 2024 में एकमात्र शेयर बाजार अवकाश है । इसके अलावा, भारतीय शेयर बाजार शनिवार और रविवार को बंद रहेगा। इसलिए, दिसंबर 2024 के कैलेंडर को देखें तो महीने की 7वीं, 14वीं, 21वीं और 28वीं तारीख को चार शनिवार पड़ेंगे और महीने की 1वीं, 8वीं, 15वीं, 22वीं और 29वीं तारीख को पांच रविवार पड़ेंगे। अगर हम दिसंबर 2024 में पड़ने वाले एक शेयर बाजार अवकाश को शामिल करते हैं, तो दिसंबर 2024 में 31 दिनों में से 10 दिन बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग गतिविधि निलंबित रहेगी। इसका मतलब है कि 2024 में सिर्फ़ 21 प्रशिक्षण सत्र बचे हैं। शेयर बाज़ार की छुट्टियाँ 2024 2024 में शेयर बाजार की छुट्टियों की सूची के अनुसार, BSE और NSE ने कुल चौदह शेयर बाजार छुट्टियों की घोषणा की। हालाँकि, अयोध्या राम मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' के मद्देनजर, महाराष्ट्र राज्य सरकार ने सोमवार, 22 जनवरी 2024 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया। इसलिए, महाराष्ट्र राज्य सरकार का अनुसरण करते हुए, BSE और NSE ने 22 जनवरी 2024 को शेयर बाजार की छुट्टी घोषित की। बाद में, 20 मई, 2024 को मुंबई में लोकसभा चुनाव और 20 नवंबर, 2024 को महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद, BSE और NSE ने संबंधित दिनों पर शेयर बाजार की छुट्टियों की घोषणा की। इसलिए, 2024 में 17 शेयर बाजार की छुट्टियां पड़ती हैं और दिसंबर में सिर्फ एक शेयर बाजार की छुट्टी बची है। recent visitors 53

भारत में लॉन्च हुई ऑडी की SUV Q7 Facelift, कीमत 88.66 लाख रुपये

नई दिल्ली Audi ने अपनी शानदार SUV Q7 Facelift को भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है. इसकी एक्स-शोरूम कीमत 88.66 लाख रुपये रखी गई है. इस कार को प्रीमियम डिजाइन, लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और शानदार परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है. Audi Q7 Facelift में कुछ आकर्षक बदलाव किए गए हैं, जो इसे और भी मॉडर्न और प्रीमियम बनाते हैं:     नया ग्रिल: वर्टिकल क्रोम एम्बेलिशमेंट के साथ.     अपग्रेडेड हेडलाइट्स: HD मैट्रिक्स LED तकनीक और डिजिटल सिग्नेचर के साथ नए LED DRLs.     नए अलॉय व्हील्स: 19-इंच के री-डिज़ाइन किए गए अलॉय व्हील्स.     कलर ऑप्शन्स: इसे पांच रंगों में पेश किया गया है—सखिर गोल्ड, वेटोमो ब्लू, माइथॉस ब्लैक, समुराई ग्रे, और ग्लेशियर व्हाइट. इंटीरियर फीचर्स इंटीरियर को प्रीमियम और हाई-टेक बनाने के लिए कुछ शानदार फीचर्स जोड़े गए हैं:     ऑल-ब्लैक थीम: ब्लैक लेदरेट सीट अपहोस्ट्री के साथ.     ड्यूल कलर ऑप्शन्स: सीडर ब्राउन और सैगा बेज.     ट्राई-स्क्रीन सेटअप:         10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम.         12.3-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले.         क्लाइमेट कंट्रोल के लिए अलग डिस्प्ले.     19-स्पीकर बैंग एंड ओल्फसेन ऑडियो सिस्टम.     4-जोन क्लाइमेट कंट्रोल और पैनोरमिक सनरूफ.     360-डिग्री कैमरा और पार्क असिस्ट. इंजन और परफॉर्मेंस Audi Q7 Facelift में वही 3.0-लीटर ट्विन-टर्बो V6 पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो इसे शानदार परफॉर्मेंस प्रदान करता है:     पावर: 340 hp.     टॉर्क: 500 Nm.     गियरबॉक्स: ऑटोमेटिक, क्वाट्रो AWD तकनीक के साथ. परफॉर्मेंस:     0-100 km/h सिर्फ 5.6 सेकंड में.     टॉप स्पीड: 250 km/h. कीमत और वेरिएंट्स Audi Q7 Facelift को दो वेरिएंट्स में लॉन्च किया गया है:     प्रीमियम प्लस: ₹88.66 लाख.     टेक्नोलॉजी: ₹97.81 लाख. प्रतिस्पर्धा Audi Q7 Facelift का भारतीय बाजार में मुकाबला इन SUV से है:     BMW X5: ₹97 लाख – ₹99 लाख.     मर्सिडीज GLE: ₹97.85 लाख.     वोल्वो XC90: ₹1.01 करोड़. Audi Q7 Facelift प्रीमियम SUV सेगमेंट में एक शानदार विकल्प है. यह अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस के अलावा, अपग्रेडेड इंटीरियर और एक्सटीरियर के कारण और भी आकर्षक बन गई है. यदि आप एक लग्ज़री SUV खरीदने का विचार कर रहे हैं, तो Audi Q7 एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. recent visitors 52

फेस्‍ट‍िव सीजन में देश में क्रेडिट कार्ड से खर्च 2 लाख करोड़ रुपये के पार, सितंबर महीने की तुलना में 14.5 प्रतिशत ज्‍यादा

नई दिल्ली फेस्‍ट‍िव सीजन के दौरान देश में क्रेडिट कार्ड से खर्च 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. यह सितंबर महीने की तुलना में 14.5 प्रतिशत ज्‍यादा है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में क्रेडिट कार्ड पर खर्च 2.02 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत ज्‍यादा है. केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, सिस्टम में बकाया क्रेडिट कार्ड 12.85 प्रतिशत बढ़कर 106.88 मिलियन हो गए, जो सितंबर से 0.74 प्रतिशत ज्‍यादा है. HDFC बैंक ने सबसे ज्‍यादा क्रेडिट कार्ड जारी क‍िये एचडीएफसी बैंक 241,119 क्रेडिट कार्ड जारी कर चार्ट में सबसे आगे रहा, उसके बाद एसबीआई कार्ड्स ने 220,265 कार्ड और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने 138,541 कार्ड जारी किए. इस बीच, आरबीआई के मासिक आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई बेस्‍ड डिजिटल पेमेंट उछाल के कारण, डेबिट कार्ड बेस्‍ड लेनदेन अगस्त में करीब 43,350 करोड़ रुपये से करीब 8 प्रतिशत घटकर सितंबर में करीब 39,920 करोड़ रुपये रह गया. सितंबर में करीब 5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई दूसरी तरफ देश में क्रेडिट कार्ड लेनदेन में वृद्धि हुई, जिसमें सितंबर के महीने में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो अगस्त में 1.68 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.76 लाख करोड़ रुपये हो गई. बाजार के जानकारों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड खर्च में वृद्धि पिछले साल और फेस्‍ट‍िव सीजन में लोअर बेस के कारण हुई है, क्योंकि फेस्‍ट‍िव सीजन के दौरान समान मासिक किस्तों जैसी प्रमोशनल स्कीम में तेजी आई है. मार्च 2021 में डिजिटल पेमेंट की हिस्सेदारी 14-19 प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2024 में 40-48 प्रतिशत हो गई, जिसमें यूपीआई की अहम भूमिका रही. यूपीआई पेमेंट में 75 प्रतिशत सीएजीआर की शानदार गति से वृद्धि हुई है, जबकि अगस्त 2019-अगस्त 2024 की अवधि में यूपीआई खर्च 68 प्रतिशत सीएजीआर की दर से बढ़ा है, क्योंकि कार्ड इंडस्ट्री की वृद्धि धीमी रही है. एक्सिस सिक्योरिटीज की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई की बढ़ती लोकप्रियता लेनदेन मात्रा अनुपात से देखी जा सकती है, जो क्रेडिट कार्ड लेनदेन मात्रा का 38.4 गुना है. हालांकि, यूपीआई लेनदेन के कम (मूल्य के) टिकट साइज को देखते हुए, अगस्त में यूपीआई-टू-क्रेडिट कार्ड खर्च 0.3 गुना रहा, जो वर्तमान स्तरों पर काफी हद तक स्थिर है. recent visitors 60

पेट्रोल पंप पर मिलने वाली 8 फ्री सेवाएं, जिन्हें आप शायद नहीं जानते होंगे

नई दिल्ली हममें से ज्यादातर लोग पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए नियमित रूप से पेट्रोल पंप पर जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अलावा भी पेट्रोल पंप पर कुछ चीज़ें मुफ्त मिलती हैं? यहां हम आपको पेट्रोल पंप पर मिलने वाली 8 फ्री सेवाओं के बारे में बता रहे हैं: फ्री टायर हवा : पेट्रोल पंप पर आप अपनी गाड़ी के टायर में फ्री हवा भरवा सकते हैं। इसके लिए आपको कोई पैसा नहीं देना होता। हालांकि, अगर आप नाइट्रोजन गैस चाहते हैं तो कुछ पेट्रोल पंप पर इसके लिए चार्ज लिया जा सकता है, लेकिन कई जगह यह भी मुफ्त होती है। फ्री पानी : पेट्रोल पंप पर आपको पीने का पानी भी मुफ्त मिलता है। यहां आरओ या वाटर कूलर की सुविधा होती है, जिससे आप आसानी से पानी पी सकते हैं। वॉशरूम की सुविधा : पेट्रोल पंप पर वॉशरूम की सुविधा भी मुफ्त होती है। आप इसे किसी भी वक्त इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर कोई मना करे तो शिफ्ट मैनेजर से इसकी शिकायत की जा सकती है। फ्री कॉल : इमरजेंसी के दौरान आप पेट्रोल पंप से फ्री कॉल कर सकते हैं। इसके लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता, यह सुविधा पंप मालिक की ओर से दी जाती है। फर्स्ट एड बॉक्स : पेट्रोल पंप पर फर्स्ट एड बॉक्स की भी सुविधा होती है। इसमें जरूरी दवाइयां और मरहम-पट्टी रहती है, जो आप इमरजेंसी में उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, इसे इस्तेमाल करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि इनका एक्सपायर नहीं हुआ हो। फायर सेफ्टी डिवाइस : पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवाने के दौरान अगर वाहन में आग लग जाती है, तो वहां फायर सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध होती है, जिसका इस्तेमाल आप कर सकते हैं। इसके लिए भी कोई शुल्क नहीं लिया जाता। पंप मालिक की जानकारी : पेट्रोल पंप पर आपको पंप मालिक का नाम, कंपनी का नाम और संपर्क नंबर भी मिलता है। यह जानकारी आपको किसी भी जरूरत के समय पंप से संपर्क करने में मदद करती है। बिल : पेट्रोल-डीजल भरवाने के बाद आपको बिल दिया जाता है। अगर किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी हो, तो बिल के माध्यम से उसे ठीक किया जा सकता है। recent visitors 162

सेंसेक्स 1190 अंकों की गिरावट के साथ 79,043 वहीं निफ्टी भी 360 अंक टूटा, गिरावट के साथ बंद

नई दिल्ली शेयर बाजार गुरुवार को धड़ाम हो गया। सेंसेक्स 1190 अंकों की गिरावट के साथ 79,043 वहीं निफ्टी भी 360 अंक टूटा, ये 23,914 लेवल पर बंद हुआ। इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिका को माना जा रहा है। अमेरिका के कुछ 'कदमों' का सीधा असर शेयर मार्केट पर दिखाई दिया है। इसमें नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए जाने वाला टैरिफ भी शामिल है। राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के बाद ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको समेत चीन पर भारी टैरिफ लगाने की बात कही है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है। इस कारण भी शेयर मार्केट में गिरावट आई है। बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1.52 लाख करोड़ रुपए घटकर 442.96 लाख करोड़ रुपए रह गया। इस बीच डर का पैमाना (इंडिया वीआईएक्स) 4% बढ़कर 15.22 पर पहुंच गया। आईटी शेयरों में जबरदस्त गिरावट आईटी शेयरों में 4% तक की गिरावट आई है। एलटीटीएस, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.3% की गिरावट आई। इंफोसिस के शेयरों में 3 फीसदी की गिरावट आई। वहीं टीसीएस के शेयर 2.2 फीसदी तक गिर गए। टेक महिंद्रा और एचसीएल के शेयरों में भी 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। कल बाजार में रही थी तेजी इससे पहले कल यानी 27 नवंबर को सेंसेक्स 230 अंक चढ़कर 80,234 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 80 अंकों की तेजी रही, ये 24,274 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 16 में तेजी और 14 में गिरावट देखने को मिली थी। ऑटो, IT और एनर्जी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी थी। अडानी एंटरप्राइजेज निफ्टी का टॉप गेनर था। recent visitors 59

एयरसेल के सस्थापक मालिक आनंद कृष्णन के बेटे ने लिया संन्यास, ठुकराई 40000 करोड़ की संपत्ति

कुआला लम्पुर मलेशिया के टेलीकॉम टायकून आनंद कृष्णन के बेटे वेन अजान सिरिपान्यो ने मात्र 18 साल की उम्र में अपने समृद्ध और विलासी जीवन को त्यागकर संन्यास लेने की घोषणा करके लोगों को चौंका दिया है। आनंद कृष्णन मलेशिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनके पास 5 अरब अमेरिकी डॉलर यानी कि 40,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। दूरसंचार, मीडिया, उपग्रह, तेल, गैस और रियल एस्टेट में उनका व्यापार फैला हुआ है। आनंद कृष्णन एयरसेल के पूर्व मालिक भी रहे हैं, जो कभी आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स को स्पॉन्सर किया करता था। वेन अजान सिरिपान्यो का बचपन शाही अंदाज में बीता है। अब उन्होंने अपनी आरामदायक और ऐश्वर्यपूर्ण जीवनशैली को छोड़कर बौद्ध धर्म अपनाया और संन्यासी बनने का फैसला किया। उनके पिता आनंद कृष्णन भी खुद को एक समर्पित बौद्ध अनुयायी बताते हैं। उन्होंने अपने बेटे के इस फैसले का सम्मान किया है। अजान सिरिपान्यो का जीवन वेन अजान सिरिपान्यो की संन्यास की यात्रा 18 साल की उम्र में थाईलैंड यात्रा से शुरू हुई थी। थाईलैंड में अपनी मां के परिवार से मिलने के दौरान उन्होंने अस्थायी रूप से एक आश्रम में संन्यास लेने का निर्णय लिया था। आज वे थाईलैंड-म्यांमार सीमा के पास स्थित द्ताओ डम मठ के प्रमुख (अब्बॉट) के रूप में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने लंदन में अपनी दो बहनों के साथ बचपन बिताया। वहीं उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। अलग-अलग संस्कृतियों के बीच पले-बढ़े अजान सिरिपान्यो ने बौद्ध धर्म के सिद्धांतों को गहराई से समझा है। वेन अजान सिरिपान्यो को आठ भाषाओं का ज्ञान है। उन्हें अंग्रेजी, तमिल और थाई भाषा का भी ज्ञान है। साधारण जीवन वेन अजान सिरिपान्यो बहुत ही साधारण जीवन जीते हैं। वह भिक्षाटन करके अपना जीवन-यापन करते हैं। वह अपने परिवार से भी जुडे हुए हैं और समय-समय पर परिवार के साथ अपने रिश्तों को बनाए रखने के लिए पूर्व जीवनशैली में लौटते हैं। वे कभी-कभी परिवार के सदस्य से मिलने के लिए यात्रा भी करते हैं। एक बार उन्हें अपने पिता से मिलने के लिए एक प्राइवेट जेट में इटली जाते हुए देखा गया था। आपको बता दें कि बौद्ध धर्म में पारिवारिक प्रेम को महत्व दिया गया है। सिरिपान्यो इस सिद्धांत का पालन करते हुए अपने पिता से मिलने का समय निकालते हैं। उनके पिता ने उनकी सुविधा के लिए पेनांग हिल में एक आध्यात्मिक रिट्रीट भी खरीदी है। recent visitors 58

भारतीय टेलीकॉम कंपनियां अगले कुछ वर्षों के दौरान भारी निवेश करने वाली, गांवों में फोन करते ही खट से कनेक्ट होगा!

नई दिल्ली इस समय देश के काफी ऐसे हिस्से हैं, जहां फोन की सेवा (Telephone Service) आपके मनमुताबिक नहीं मिलती है। गांवों में स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब है। लेकिन आने वाले कुछ वर्षों के दौरान ऐसी हालत नहीं रहेगी। क्योंकि भारतीय टेलीकॉम टावर कंपनियां अगले कुछ वर्षों के दौरान भारी निवेश करने वाली हैं। यह निवेश ग्रामीण नेटवर्क के विस्तार और शहरी क्षेत्रों में सर्विस क्वालिटी सुधारने के होगा। कितना होगा निवेश क्रिसिल रेटिंग्स (Crisil Ratings) की मंगलवार को यहां जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक टेलीकॉम टॉवर सेक्टर में वित्त वर्ष 2025 और 2026 में 21,000 करोड़ रुपये का निवेश होने वाला है। क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट में बताया गया कि 5जी के रोलआउट के साथ-साथ बेहतर कवरेज और कनेक्टिविटी पर जोर देने से पिछले दो वित्तीय वर्षों में 23,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय (Capex) हुआ है। टावरों की संख्या में जोरदार वृद्धि क्रिसिल रेटिंग्स के डायरेक्टर, आनंद कुलकर्णी ने बताया कि इंडस्ट्री ने पिछले दो वित्त वर्षों में 4जी और 5जी सेवाओं को सपोर्ट करने के लिए टावरों की संख्या जोरदार वृद्धि देखी है। अब जब 5जी सेवाओं का रोलआउट हो गया है, तो टेलीकॉम कंपनियों के नेटवर्क कैपेक्स में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले समय में भी हम टावरों की संख्या में बढ़ोतरी देखेंगे, क्योंकि कवरेज में बढ़त पाने के लिए कंपनी टावर पोर्टफोलियो का विस्तार करेंगी। कहां होगा कंपनियों का ध्यान कुलकर्णी का कहना है "टेलीकॉम कंपनियों का ध्यान कम पहुंच वाले ग्रामीण क्षेत्रों में टावर घनत्व पर रहेगा, जहां वित्तीय वर्ष 2024 के अंत में टेली घनत्व केवल 59 प्रतिशत था, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 134 प्रतिशत था। कुछ टेलीकॉम कंपनियों द्वारा अपने 4जी और 5जी कवरेज का विस्तार करने की योजना भी टावर कैपेक्स को बढ़ा सकती है।" 58,000 नए टॉवर लगे रिपोर्ट के मुताबकि बीते दो साल के दौरान टेलीफोन टावर सेक्टर में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023 और 2024 के दौरान इन कंपनियों ने कुल 58,000 नए टावर जोड़े। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के वर्षों में, टेलीकॉम इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन के कारण टावर कंपनियों के किरायेदारी अनुपात में गिरावट देखने को मिली है। टेलीकॉम इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन से मूल्य निर्धारण की क्षमता टेलीकॉम कंपनियों के पास चली गई है। recent visitors 60

अडानी को फ्रांस की दिग्‍गज ने दिया झटका, कैसे होगा नुकसान?

नई दिल्‍ली. फ्रांस की दिग्‍गज एनर्जी कंपनी टोटलएनर्जीज ने बड़ा ऐलान किया है। सोमवार को उसने कहा कि वह अडानी समूह की कंपनियों में अपने निवेश के तहत कोई नया पैसा नहीं लगाएगी। ऐसा तब तक रहेगा जब तक गौतम अडानी पर लगे रिश्वतखोरी के आरोप साफ नहीं हो जाते। एनर्जी कंपनी ने कहा कि उसे भ्रष्टाचार की जांच के बारे में पता नहीं था। टोटलएनर्जीज अरबपति गौतम अडानी के व्यापारिक साम्राज्य में सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक है। इसने पहले समूह की रिन्यूएबल एनर्जी वेंचर अडानी ग्रीन एनर्जी (AEGL) और सिटी गैस यूनिट अडानी टोटल गैस (ATGL) में हिस्सेदारी ली थी। फ्रांसीसी फर्म ने बताया है कि उसे अमेरिकी अधिकारियों की ओर से गौतम अडानी और दो अन्य अधिकारियों पर आरोपों के बारे में पता चला है। इन पर AEGL के लिए सोलर पावर सप्‍लाई कॉन्‍ट्रैक्‍ट हासिल करने की खात‍िर भारतीय अधिकारियों को 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने के आरोप लगे हैं। टोटलएनर्जीज ने कहा, 'जब तक अडानी समूह के व्यक्तियों के खिलाफ आरोप और उनके नतीजे साफ नहीं होते टोटलएनर्जीज अडानी ग्रुप कंपनियों में अपने निवेश के हिस्से के रूप में कोई नया वित्तीय योगदान नहीं करेगी।' अडानी समूह ने अमेरिकी अदालत में लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। ग्रुप ने कहा है कि वह सभी आरोपों के लिए कानूनी सहारा लेगा। अडानी ग्रुप कंप‍न‍ियों में बड़ी ह‍िस्‍सेदार है टोटलएनर्जीज टोटलएनर्जीज के पास अडानी ग्रीन एनर्जी में 19.75 फीसदी हिस्सेदारी है। यह गौतम अडानी के नेतृत्व वाले भारतीय समूह की रिन्यूएबल एनर्जी इकाई है। इसके पास तीन संयुक्त उद्यम कंपनियों में 50 फीसदी हिस्सेदारी भी है जो AEGL के साथ सौर और पवन ऊर्जा से बिजली उत्पादन करती हैं। फ्रांसीसी फर्म के पास अडानी टोटल गैस में 37.4 फीसदी हिस्सेदारी भी है, जो ऑटोमोबाइल को CNG बेचती है और खाना पकाने के लिए घरों में पाइप्ड प्राकृतिक गैस की सप्‍लाई करती है। पहले भी फ्रांसीसी कंपनी न‍िवेश पर लगा चुकी है रोक फ्रांसीसी दिग्गज ने बयान में कहा, 'अपनी आचार संहिता के अनुसार, टोटलएनर्जीज किसी भी रूप में भ्रष्टाचार को अस्वीकार करती है।' जनवरी 2021 में टोटलएनर्जीज ने सूचीबद्ध कंपनी AEGL में अल्पसंख्यक हिस्सेदारी हासिल की थी। अब वह इसकी 19.75 फीसदी हिस्‍सेदार है। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा में अपने विकास को बढ़ाने की अपनी रणनीति के हिस्से के रूप में संपत्तियों के पोर्टफोलियो तक सीधी पहुंच के जरिये इसने नवीकरणीय संपत्तियों का संचालन करने वाले तीन संयुक्त उद्यमों में भी 50 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली है। फ्रांसीसी ऊर्जा दिग्गज ने पिछले साल फरवरी में अमेरिकी शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग के आरोपों के बाद अडानी समूह के 50 अरब डॉलर के हाइड्रोजन प्रोजेक्ट में निवेश रोक दिया था। जहां फ्रांसीसी एनर्जी दिग्गज को अडानी समूह के हाइड्रोजन उद्यम में 25 फीसदी हिस्सेदारी लेनी थी, वहीं साझेदारी की घोषणा जून 2022 में की गई थी। recent visitors 66

शेयर मार्केट में जोरदार तेजी, निवेशकों के लिए खुशखबरी

मुंबई सोमवार को भारतीय शेयर मार्केट ने शानदार तेजी का प्रदर्शन किया, जिससे निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई. सेंसेक्स में 992 अंक (1.25%) की वृद्धि देखी गई, और यह 80,109 पर बंद हुआ. निफ्टी भी 314 अंक (1.32%) बढ़कर 24,221 पर पहुंच गया. यह तेजी पूरी मार्केट में हरियाली का संकेत देती है, जिससे लगभग सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए. बैंकिंग शेयरों ने किया मार्केट का नेतृत्व मार्केट में इस तेजी की अगुवाई मुख्य रूप से बैंकिंग सेक्टर ने की. निफ्टी बैंक इंडेक्स में 2.10% की बढ़त देखी गई, जो 1,072 अंक बढ़कर 52,207 पर बंद हुआ. बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में तेजी का कारण मार्केट में भरोसा और मजबूत प्रदर्शन था. इस क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, और एसबीआई जैसे बड़े नाम प्रमुख गेनर्स में शामिल थे. बाजार में तेजी का नेतृत्व बैंकिंग शेयरों की ओर से किया गया। निफ्टी बैंक 1,072 अंक या 2.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 52,207 पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में लगातार दो कारोबारी सत्रों से तेजी देखी जा रही है। इस दौरान सेंसेक्स करीब 3,000 अंक बढ़ा है। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 360 अंक या 2.03 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,115 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 883 अंक या 1.61 प्रतिशत की तेजी के साथ 55,900 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर करीब सभी सेक्टरोल सूचकांक हरे निशान में बंद हुए हैं। ऑटो, पीएसयू बैंक, रियल्टी, एनर्जी, इन्फ्रा और पीएसई सबसे अधिक तेजी देखी गई। सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, एसबीआई, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, रिलायंस, कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, एचयूएल, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, एनटीपीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर्स थे। जेएसडब्ल्यू स्टील, टेक महिंद्रा, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और मारुति सुजुकी टॉप लूजर्स थे। बाजार के जानकारों का कहना है कि महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों का शेयर बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिला है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि सरकार वित्त वर्ष 25 की दूसरी छमाही के अपने पूंजीगत खर्च के लक्ष्य को पूरा कर पाएंगी। यह एक व्यापाक तेजी है। इसमें कैपिटल गुड्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल सेक्टर की कंपनियों ने आउटपरफॉर्म किया है। अच्छे मानसून और फेस्टिव सीजन के बाद शादियों के सीजन से बाजार का रुझान आने वाले समय में तेजी का रह सकता है। मुख्य गेनर्स और लूजर्स सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में एलएंडटी, एसबीआई, अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, रिलायंस, कोटक महिंद्रा बैंक, और टीसीएस जैसे बड़े नाम थे. वहीं, जेएसडब्ल्यू स्टील, टेक महिंद्रा, एशियन पेंट्स और इन्फोसिस जैसे स्टॉक्स को नुकसान उठाना पड़ा. इन शेयरों में गिरावट का कारण मार्केट के कुछ कमजोर क्षेत्रों का प्रदर्शन हो सकता है, लेकिन अधिकांश शेयरों ने सकारात्मक रुझान बनाए रखा. चुनावी परिणामों का असर विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के परिणाम ने मार्केट में सकारात्मक असर डाला है. इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार वित्त वर्ष 2025 के दूसरे हाफ में अपने पूंजीगत खर्च के लक्ष्य को पूरा करने में सफल रहेगी. यह एक व्यापक तेजी का संकेत है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर की कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. आगे का मार्केट कैसा रहेगा? मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और अच्छे मानसून के बाद, विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी शादी सीजन और फेस्टिव सीजन में मार्केट में और तेजी देखने को मिल सकती है. इस समय निवेशकों को स्मार्ट निवेश की ओर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जा रही है, ताकि वे इस तेजी का पूरा फायदा उठा सकें. recent visitors 75

अडानी ग्रुप के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में तेजी

नई दिल्ली ससंद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है। इसमें विपक्ष दल अडानी ग्रुप के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों पर चर्चा के लिए सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है। इस बीच अडानी ग्रुप के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में तेजी दिख रही है। बीएसई पर ग्रुप के शेयरों में 7% तक की उछाल आई है। ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 4% बढ़कर 2,319.90 रुपये पर पहुंच गए। इसी तरह अडानी एनर्जी के शेयर लगभग 7% बढ़कर 694.15 रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गए। अडानी पोर्ट्स और अडानी पावर के शेयरों में भी 4.6%, अडानी ग्रीन एनर्जी में 6.4% और अडानी टोटल गैस के शेयरों में 5% की तेजी आई। इसी तरह अडानी विल्मर, एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स जैसी अन्य कंपनियों के शेयरों में 2-3% के बीच उछाल आया। कांग्रेस सांसदों ने अडानी ग्रुप पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि सोमवार को संसद की बैठक में सबसे पहले अडानी मुद्दे को उठाया जाए। उन्होंने कहा कि यह देश के आर्थिक और सुरक्षा हितों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। कंपनी पर आरोप है कि उसने अपनी सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अनुकूल सौदे पाने के लिए राजनेताओं और नौकरशाहों को कथित तौर पर 2,300 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। ठोस आधार संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा करने का निर्णय बिजनस एडवाइजरी कमेटीज पर निर्भर करता है और इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति की मंजूरी की आवश्यकता होती है। अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और अन्य पर अमेरिकी अभियोजकों ने रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अडानी के पास इसे चुनौती देने के लिए एक ठोस आधार है। recent visitors 64

पुनीत गोयनका ने आगामी सालाना आम बैठक में इस पद पर पुनर्नियुक्ति से भी खुद को किया अलग

नई दिल्ली पिछले सप्ताह प्रबंध निदेशक के पद से इस्तीफा देने वाले जी एंटरटेनमेंट के सीईओ पुनीत गोयनका ने आगामी सालाना आम बैठक (एजीएम) में इस पद पर पुनर्नियुक्ति से भी खुद को अलग कर लिया है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में यह जानकारी दी। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने शेयर बाजार को गोयनका का त्यागपत्र साझा करते हुए कहा कि वह कंपनी के प्रबंध निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति के लिए अपनी सहमति वापस ले रहे हैं, जैसा कि आगामी वार्षिक आम बैठक के नोटिस में प्रस्तावित है। 2029 तक के लिए मिली थी मंजूरी इससे पहले 18 अक्टूबर, 2024 को जी एंटरटेनमेंट के निदेशक मंडल ने एक जनवरी, 2025 से 31 दिसंबर, 2029 तक प्रभावी पांच साल के कार्यकाल के लिए गोयनका की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में गोयनका का वर्तमान कार्यकाल 2024 के अंत में समाप्त होने वाला था। 28 नवंबर की बैठक में मिलने वाली थी मंजूरी पुनीत गोयनका की पुनर्नियुक्ति आगामी एजीएम में शेयरधारकों की मंजूरी पर आधारित थी, जो 28 नवंबर को होने वाली है। हालांकि, 18 नवंबर को मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा के बेटे पुनीत गोयनका ने जी एंटरटेनमेंट के प्रबंध निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले कंपनी द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, जी एंटरटेनमेंट के निदेशक मंडल ने गोयनका की पुनर्नियुक्ति के लिए उनके प्रदर्शन लक्ष्यों को बढ़ा दिया था। सेबी ने लगाई थी रोक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जून 2023 में पुनीत गोयनका और उनके पिता तथा एस्सेल समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा को एस्सेल समूह की कंपनियों की परिसंपत्तियों की कथित रूप से हेराफेरी को लेकर किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में प्रमुख पद लेने से रोक दिया था। हालांकि, बाद में इस आदेश को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष चुनौती दी गई, जिसने 30 अक्टूबर, 2023 को सेबी द्वारा पारित आदेश को रद्द कर दिया था। recent visitors 104

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखी, तेजी के साथ हुआ बंद

नई दिल्ली अडानी समूह के स्टॉक्स में निचले लेवल से लौटी खरीदारी, आईटी स्टॉक्स और रिलायंस के शेयर में जोरदार तेजी के चलते भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखी गई। सेंसेक्स 1961 अंक की तेजी के साथ 79,117 और निफ्टी में भी 557 अंक की तेजी रही, ये 23,907 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2000 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 79,160 और निफ्टी में भी 600 अंक की तेजी रही, ये 23,950 के स्तर पर था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 में तेजी और 2 में गिरावट रही। निफ्टी के 50 शेयरों में से 47 में तेजी और 3 में गिरावट है। NSE के सभी सेक्टोरल इंडेक्स तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। अडानी ग्रुप के शेयर्स में लौटी तेजी अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडानी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगने के बाद केन्या सरकार ने गुरुवार को अडानी ग्रुप के साथ की गईं सभी डील रद्द करने की घोषणा की। इसका असर अडानी ग्रुप के शेयर्स में देखने में भी देखने को मिला। हालांकि, अब अडानी ग्रुप के शेयर्स में रिकवरी देखने को मिली।   recent visitors 62

शेयर बाजार में बढ़त पर ताजा विवाद से अदाणी के शेयर और टूटे; सेंसेक्स 6 00 अंक चढ़ा, निफ्टी 23450 पार

मुंबई अडानी ग्रुप के चेयरमैन अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) को लेकर अमेरिका में जांच की खबर का असर कल शेयर बाजार पर दिखाई दिया था और दिनभर सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. लेकिन सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर मार्केट में हरियाली नजर आ रही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex 600 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा है, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty 180 अंक की उछाल के साथ दौड़ लगा रहा है. इस बीच Adani Stocks आज भी लाल-लाल नजर आ रहे हैं. सेंसेक्स ने 600 की लगाई छलांग शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) कल की गिरावट के बाद जोरदार तेजी के साथ खुला. सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 77,155 की तुलना में करीब 200 अंक की तेजी लेते हुए 77,349.74 के लेवल पर कारोबार शुरू किया और कुछ ही मिनटों में जोरदार रफ्तार पकड़ते हुए 608 अंक चढ़कर 77,764 के लेवल पर पहुंच गया. वहीं दूसरी ओर NSE Nifty भी तूफानी रफ्तार पकड़ते हुए 181.30 अंक की तेजी लेकर 23,541.10 के लेवल पर पहुंच गया. अडानी के शेयरों में आज भी बड़ी गिरावट अब बात कर लेते हैं अरबपति गौतम अडानी की शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के बारे में, जिनमें अमेरिका में जांच की खबर के बाद कल कोहराम मच गया था. तो बता दें कि शुक्रवार को भी Adani Stocks लाल निशान पर ओपन हुए. फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर (Adani Enet Share) गिरावट के साथ खुला और ये 2 फीसदी टूटकर कारोबार कर रहा है. इसके अलावा जिस कंपनी को लेकर US में जांच हो रही है, उस Adani Green Energy का स्टॉक 8.76 फीसदी फिसलकर ट्रेड कर रहा है. Adani Ports Share (4.09%), Adani Power Share (3.56%), Adani Total Gas (3.63%), Adani Energy Solutions (5.72%) और Adani Wilmar Share (2.34%), की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर ACC Share, Ambuja Cement Share और NDTV के शेयर में मामूली तेजी देखने को मिल रही है. ग्रीन जोन में ओपन हुए 1462 शेयर शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी के बीच करीब 1462 कंपनियों के शेयरों ने बढ़त के साथ ग्रीन जोन में ओपन हुए, जबकि 889 शेयर ऐसे रहे, जिनकी शुरुआत गिरावट के साथ लाल निशान पर हुई. वहीं 119 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. बैंकिंग शेयरों ने दिया बाजार को सपोर्ट गुरुवार की गिरावट के बाद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बैंकिंग शेयरों ने बाजार को सपोर्ट किया. ICICI Bank Share, SBI Share, IndusInd Share करीब 1-2 फीसदी तक उछले. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल SJVN Share (4.54%), Godrej Properties Share (3.42%), Paytm Share (2.80%) तक चढ़कर कारोबार कर रहा था.  स्मॉलकैप कंपनियों में EKI Share 9.98%, Kopran Share 8.29% और DCAL Share 6.92% उछलकर कारोबार कर रहा था. कल बाजार में मची थी भगदड़ इससे पहले बीते कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार (Stock Market) में भगदड़ का माहौल देखने को मिला था. दिनभर गिरावट में कारोबार करने के बाद 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 422 अंक की गिरावट लेकर बंद हुआ था, तो वहीं निफ्टी भी 171 अंक फिसलकर क्लोज हुआ था. इस बीच Adani Shares 20 फीसदी तक फिसल गए थे और अडानी ग्रुप के मार्केट कैप में (Adani Group Market Cap) 2.5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई थी. recent visitors 91

अडानी ग्रुप ने कहा, हमने कानूनों और नियमों का पूरी तरह से पालन किया है, आरोप बिल्कुल निराधार और झूठे हैं

नई दिल्ली गौतम अडानी और उनके समूह पर अमेरिकी अधिकारियों द्वारा रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ग्रुप ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि सभी आरोप बिल्कुल निराधार और झूठे हैं। अडानी ग्रुप का बयान अडानी ग्रुप ने कहा, "हमने हमेशा सभी देशों के कानूनों और नियमों का पूरी तरह से पालन किया है। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और हमारे खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं है। हमारी प्राथमिकता हमेशा से पारदर्शिता और कानून के प्रति सम्मान रही है।" ग्रुप ने यह भी कहा कि वे इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने लाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। बाजार में गिरावट का असर हालांकि अडानी ग्रुप ने आरोपों को खारिज किया है लेकिन इन खबरों का असर बाजार पर साफ नजर आया। ग्रुप के शेयरों में गुरुवार को 10% से 20% तक की गिरावट देखी गई। recent visitors 85

1 जनवरी से RoW का नया नियम होगा लागू, Jio, Airtel, Voda, BSNL पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्ली सरकार की तरफ से टेलीकॉम के नियमों में समय समय पर बदलाव किया जाता है। टेलीकॉम एक्ट में कुछ नए नियमों को जगह दी गई थी। अब कहा गया है कि इसे फॉलो भी करना चाहिए। सभी राज्यों से इन नियमों को सख्ती से फॉलो करने के लिए कहा गया है। इसे राइट ऑफ वे (RoW) रूल का नाम दिया गया था। हर राज्य की तरफ से इसे एडॉप्ट करने के लिए कहा गया था और चार्ज में छूट भी अलग-अलग राज्य को दी गई थी। 30 नवंबर तक मांगा है जवाब रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नया नियम 1 जनवरी से लागू होने जा रहा है। ऑप्टिकल फाइबर और टेलीकॉम टॉवर इंस्टॉल करने में इसे बूस्ट किया जाएगा। टेलीकॉम ऑपरेटर्स और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स को भी इससे काफी मदद मिलने वाली है। DoT सचिव नीरज मित्तल ने इस मामले पर सभी राज्यों के सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि सभी 30 नवंबर तक सुनिश्चित करें। 1 जनवरी से RoW पोर्टल के नए नियमों को लागू किया जाएगा। राज्य को मिलेगी ज्यादा पावर मित्तल ने लिखा, 'नया नियम जनवरी 2025 से लागू हो जाना चाहिए। मौजूदा RoW नियम यहीं पर थम जाना चाहिए।' यानी अब नया नियम लागू किया जाएगा। नया नियम आने के बाद राज्यों को ज्यादा पावर दी जाएगी कि वह खुद इस मामले पर अथॉरिटी को सफाई दे सकते हैं। क्या है RoW नियम? RoW नियम को अगर साधारण शब्दों में समझें तो ये वही नियम है जो पब्लिक और प्राइवेट प्रॉपर्टी पर टॉवर या टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के मानक तय करता है। इसकी मदद से ही सरकार टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न करने पर फोकस करती है। प्रॉपर्टी के मालिक और टेलीकॉम प्रोवाइडर RoW नियमों को ही फॉलो करते हैं। क्योंकि इसके तहत पब्लिक सेफ्टी और पारदर्शिता को काफी महत्व दिया जाता है। 1 जनवरी, 2025 से नया नियम आ रहा है जिसके बाद कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 5G पर होगा पूरा फोकस RoW के नए नियमों में 5G पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। अब टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से इंस्टॉल किया जा रहा है। फास्ट नेटवर्क के लिए ये नियम काफी पॉजिटिव साउंड करता है क्योंकि 5G के लिए नए टॉवर इंस्टॉल करने पर फोकस किया जाएगा। इसमें अधिकतम लिमिट को भी फिक्स किया जाएगा। recent visitors 112

अडाणी 2 अरब डॉलर के रिश्वत कांड में फंसे! पिछले हफ्ते ही अमेरिका में इन्वेस्टमेंट करने का किया था ऐलान, वारंट जारी

नई दिल्ली  अडानी ग्रुप के चेयरमैन और देश के दूसरे सबसे अमीर उद्योगपति गौतम अडानी बड़ी मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं। अडानी और सात अन्य लोगों पर अमेरिका में अरबों डॉलर की रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। इस मामले में अमेरिका की कोर्ट में सुनवाई हुई। अडानी और उनके भतीजे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुए हैं। इस मामले में नाम आने के बाद अडानी ग्रुप ने अमेरिका में 600 मिलियन डॉलर का बॉन्ड रद्द कर दिया। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार अभियोजकों ने बुधवार को आरोपों की घोषणा की। इसमें आरोप लगाया गया है कि अडानी ग्रुप ने सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी थी। अडानी ने बुधवार को ग्रीन एनर्जी में निवेश की घोषणा की थी। यह घोषणा तब की गई जब कंपनी के अध्यक्ष ने अमेरिकी राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप को उनकी चुनावी जीत पर बधाई दी। ट्रंप ने किया था वादा रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अडानी ने निवेश की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप को उनकी चुनावी जीत पर बधाई भी दी। यहां यह ध्यान देने योग्य है कि ट्रंप ने ऊर्जा कंपनियों के लिए नियमों को सरल बनाने का वादा किया है। इससे उनके लिए संघीय भूमि पर ड्रिलिंग करना और पाइपलाइनों का निर्माण करना आसान हो जाएगा। क्या है अडानी का मामला? अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग की ओर से बनाए गए मामले के अनुसार, गौतम अडानी पर कथित रूप से अमेरिकी निवेशकों को धोखा देने और अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है। अडानी और अन्यों पर आरोप है कि उन्होंने झूठे और भ्रामक बयानों से अमेरिकी निवेशकों और वैश्विक वित्तीय संस्थानों से फंड लिया। इसके बाद उस रकम का इस्तेमाल रिश्वतखोरी में किया। अभियोग में कहा गया है कि अडानी और अन्य ने लगभग 265 मिलियन डॉलर (करीब 2237 करोड़ रुपये) की रिश्वत दी। उन्हें उम्मीद थी कि इन कॉन्ट्रैक्ट से दो दशकों में 2 बिलियन डॉलर (करीब 16882 करोड़ रुपये) का मुनाफा होगा। अभियोक्ताओं का दावा है कि इस योजना में शामिल कुछ लोगों ने गौतम अडानी को संदर्भित करने के लिए 'न्यूमेरो यूनो' और 'द बिग मैन' जैसे कोड नामों का इस्तेमाल किया। भतीजे पर भी लगा आरोप अभियोग में यह भी आरोप लगाया गया है कि अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और एक अन्य कार्यकारी विनीत जैन ने अडानी ग्रीन एनर्जी के लिए 3 बिलियन डॉलर से अधिक के लोन और बॉन्ड हासिल करने के लिए ऋणदाताओं और निवेशकों से रिश्वत की बात छिपाई। ये आरोप विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम के अंतर्गत आते हैं, जो विदेशी व्यापार सौदों में रिश्वतखोरी के खिलाफ एक अमेरिकी कानून है। जारी हुए गिरफ्तारी वारंट रिपोर्ट में कहा गया है कि गौतम अडानी और सागर अडानी के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने दोनों व्यक्तियों और एक अन्य व्यक्ति सिरिल कैबनेस के खिलाफ संबंधित नागरिक आरोप दायर किए हैं। हालांकि अमेरिकी सरकार ने अभी तक अडानी और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ विशिष्ट आरोपों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी है। अभियोग से कुछ घंटे पहले ही बॉन्ड बेचे अभियोग की खबर से कुछ घंटे पहले ही अडानी ग्रुप की एक इकाई ने 600 मिलियन डॉलर की पेशकश के लिए अमेरिकी कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में प्रवेश किया। इस पेशकश को 3 गुना से अधिक ओवरसब्सक्राइब किया गया। बाद में इन बॉन्ड को बेच भी रद्द भी कर दिया गया। अडानी ने एक महीने पहले भी इसी तरह की पेशकश की थी। हालांकि, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, मूल्य निर्धारण को लेकर निवेशकों के विरोध के बाद उस पेशकश को स्थगित करना पड़ा। प्रतिवादियों के नामों और विवरणों की पूरी सूची अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय (न्यूयॉर्क) के अनुसार, रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के मामले में शामिल लोग हैं: 1. गौतम एस. अदानी उम्र: 62, भारत 2. सागर एस. अडानी उम्र: 30, भारत 3. विनीत एस. जैन उम्र: 53, भारत 4. रंजीत गुप्ता उम्र: 54, भारत 5. सिरिल कैबनेस उम्र: 50, फ्रांस/ऑस्ट्रेलिया 6. सौरभ अग्रवाल उम्र: 48, भारत 7. दीपक मल्होत्रा उम्र: 45, भारत 8. रूपेश अग्रवाल उम्र: 50, भारत recent visitors 95

अमेरिका और यूरोप को कर्ज कम करना जरूरी, भविष्य में आ सकता है संकट: रघुराम राजन

नई दिल्ली  मशहूर अर्थशास्त्री और भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अमेरिका समेत उन सभी देशों को ऐसी सलाह दी है, जिसे अगर नहीं माना गया तो भविष्य में गंभीर खतरे हो सकते हैं. उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ते हुए सार्वजनिक कर्ज को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. राजन का कहा है कि लगातार बढ़ता हुआ कर्ज अगले आपातकाल के समय में दुनिया को बेहद कमजोर बना सकता है. यह चेतावनी वैसे तो उन देशों के लिए जो भारी-भरकम कर्ज उठाकर अपनी अर्थव्यवस्था चला रहे हैं. मुख्य रूप से अमेरिका और चीन इसमें शामिल हैं. लेकिन, खतरा भारत जैसे उन देशों पर भी होगा, जिनका बिजनेस अमेरिका और चीन जैसे देशों के साथ चलता है. अमेरिका में होने वाली हर गतिविधि का असर भारत पर पड़ता है, तो चीन भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है. रघुराम राजन ने ‘कर्ज लेकर घी पीने’ वाले देशों को उनके बढ़ते सार्वजनिक ऋण पर नज़र डालने का आग्रह किया है. दुनिया में बढ़ती महामारियों के खतरे के बीच एक बड़े अर्थशास्त्री का ऐसा कहना मायने रखता है. दरअसल, बड़े अर्थशास्त्री पैसे और बजट के बारे में लम्बी दृष्टि रखते हैं और भविष्य का अनुमान लगा सकते हैं. राजन ने कहा, “हमने वैश्विक वित्तीय संकट और महामारी देखी है. आने वाले समय में ऐसी महामारियां अधिक नियमित हो सकती हैं. इसलिए कर्ज के बढ़ते स्तर को नजरअंदाज करना खतरनाक है.” राजन ने रोम में वार्षिक Bancor Prize समारोह के दौरान दिए गए भाषण में उन्होंने कई अहम बातों का जिक्र किया. अपने भाषण में उन्होंने कहा, दुनिया को विखंडन (fragmentation) से बचाने के लिए बहुपक्षीय संस्थाओं (multilateral institutions) में सुधार करने की जरूरत है. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सर्विस ट्रेड, जलवायु कार्य (climate action), और अन्य नए क्षेत्रों में व्यापार के रास्ते खोलने से समस्याओं को हल किया जा सकता है. अमेरिका को लेकर बड़ी चेतावनी अपने भाषण के बाद पत्रकारों से बातचीत में अमेरिका का जिक्र करते हुए रघुराम राजन कहा कि वहां का सार्वजनिक ऋण तेजी से बढ़ रहा है, जो उसे वित्तीय रूप से असुरक्षित बना रहा है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के हालिया अनुमानों के अनुसार, अमेरिका का कर्ज लगातार बढ़ने की राह पर है. उन्होंने आगाह किया कि यह सिर्फ अमेरिका की समस्या नहीं है, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों के लिए भी चेतावनी है. वैश्विक ऋण की चौंकाने वाली तस्वीर आईएमएफ के अनुसार, 2024 के अंत तक वैश्विक सार्वजनिक ऋण लगभग 100 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 93% है. अमेरिका और चीन जैसे देशों का इसमें प्रमुख योगदान है. राजन ने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति (inflation) की धीमी दर और गिरते ब्याज दरें (interest rates) देशों को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने का अवसर दे रही हैं. लेकिन, इसके बावजूद, अधिकतर सरकारों में इसे लेकर कोई तत्परता नहीं दिख रही है. कर्ज के खतरों से बचने की जरूरत राजन ने जोर देकर कहा कि कर्ज को कम करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी आपात स्थिति के लिए एक सेफ्टी कुशन बनाया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि अत्यधिक कर्ज वाले देश एक-दूसरे की मदद करने में असमर्थ हो जाते हैं, जिससे दुनिया के लिए एक और खतरा खड़ा हो सकता है. किस देश पर कितना कर्ज अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका पर अपने अपनी जीडीपी का 121 फीसदी कर्ज है. मतलब वह गले तक नहीं डूबा है, बल्कि पानी उसके सिर के ऊपर तक जा चुका है. दूसरे नंबर पर कनाडा है, जिस पर अपनी जीडीपी का 106 फीसदी कर्ज है. चीन ने अपनी जीडीपी की तुलना में 90.1 फीसदी कर्ज उठा रखा है. भारत पर यह प्रतिशत 83.1 फीसदी है. सबसे अधिक कर्ज सूडान पर है, जिसने अपनी जीडीपी की तुलना में 344.4 फीसदी कर्ज लिया हुआ है. फ्रांस, स्पेन और इंग्लैंड पर भी जीडीपी के 100 फीसदी से ज्यादा कर्ज है. recent visitors 178

तेजी से बाजार चमका, सेंसेक्स ने लगाई 800 अंक की छलांग; M&M बना टॉप गेनर

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में बीते कुछ दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को थमता नजर आया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) जोरदार उछाल के साथ ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 828 अंक तक चढ़कर 78000 के पार पहुंच गया. तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) ने भी 249 अंकों की तेजी लेते हुए कारोबार करता नजर आया. इससे पहले बीते कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए थे. बाजार में तेजी के बीच NTPC से लेकर Tata Motors तक के शेयर तूफानी तेजी के भागते हुए दिखाई दिए.   सेंसेक्स-निफ्टी में तूफानी तेजी मंगलवार को हरे निशान पर खुले शेयर बाजार (Share Market) में बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,339.01 से करीब 200 अंक की तेजी लेते हुए 77,548 के लेवल पर ओपन हुआ. इसके बाद कुछ ही मिनटों में इसने जोरदार रफ्तार पकड़ ली और 769.52 अंक की उछाल के साथ 78,108.58 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई का इंडेक्स निफ्टी भी तेज रफ्तार से भागा. NSE Nifty ने अपने पिछले बंद 23,453.80 की तुलना में चढ़कर 23,529.55 के स्तर पर कारोबार शुरू किया और फिर रफ्तार बढ़ाते हुए 237.05 अंक की उछाल के साथ 23,690 पर ट्रेड करता दिखाई दिया. दोनों इंडेक्स में तेजी और भी बढ़ती गई और सेंसेक्स 828 अंक, जबकि निफ्टी 249 अंक चढ़ गया. सोमवार को टूटा था बाजार इससे पहले बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार (Stock Market) गिरावट के साथ बंद हुआ था. हालांकि, दोनों इंडेक्स ने हरे निशान पर तेजी के साथ कारोबार शुरू किया था, लेकिन कुछ ही मिनटों में इसकी रफ्तार पर ब्रेक लग गया और मार्केट क्लोज होने पर सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए थे. BSE का सेंसेक्स 241.30 अंक की गिरावट लेकर 77,339.01 के लेवल पर बंद हुआ. वहीं NSE Nifty 78.90 अंक टूटकर 23,453.80 के स्तर पर बंद हुआ था. 1789 शेयरों में जोरदार तेजी शेयर बाजार में बम-बम के बीच मंगलवार को 1789 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की, जबकि 587 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ खुले. वहीं 94 कंपनियां ऐसी थी, जिनके शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. निफ्टी पर टाटा ग्रुप की कंपनी Trent, BPCL, Infosys, NTPC और Adani Ports के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी आई. तो वहीं Dr Reddy's Labs, Shriram Finance, SBI Life Insurance, Asian Paints और JSW Steel के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा भागे ये शेयर खबर लिखे जाने तक BSE की 30 में से 29 कंपनियों के शेयर तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. इनमें सबसे ज्यादा रफ्तार पकड़ने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्ज कैप में M&M Share (2.75%), Tata Motors Share (2.27%), Adani Ports (2.11%), TCS (1.80%) शामिल रहे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Zeel Share (6.23%), Suzlon Share (4.87%), Delhivery Share (3.74%) और Federal Bank Share (3.57%), जबकि Mazgaon Doch Share (3.48%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था.वहीं स्मॉलकैप कंपनियों में सबसे ज्यादा रफ्तार PGEL Share ने पकड़ी और ये 10.94% तक उछल गया. recent visitors 103

भारत ने सबसे तेजी से बढ़ती जी-20 अर्थव्यवस्था का ताज हासिल

नई दिल्ली भारत ने जी20 देशों में जीडीपी ग्रोथ रेट को टॉप किया है। भारत का 2024 में अनुमानित ग्रोथ रेट 7 प्रतिशत सबसे हाई दर्ज किया गया है। देश की यह उपलब्धि मजबूत अर्थव्यवस्था और वैश्विक चुनौतियों के बीच एक शक्तिशाली विकास को प्रदर्शित करता है। क्या है जी20 देशों का प्रोजेक्टेड जीडीपी ग्रोथ रेट?     भारत- 7 प्रतिशत     इंडोनेशिया-5 प्रतिशत     चीन- 4.8 प्रतिशत     रूस-3.6 प्रतिशत     ब्राजील-3 प्रतिशत     अफ्रीका-3 प्रतिशत     तुर्किए-3 प्रतिशत     यूएसए-2.8 प्रतिशत     कोरिया-2.5 प्रतिशत     मेक्सिको-1.5 प्रतिशत     सऊदी अरब-1.5 प्रतिशत     कनाडा-1.3 प्रतिशत     आस्ट्रेलिया-1.2 प्रतिशत     फ्रांस-1.1 प्रतिशत     यूरोपियन यूनियन-1.1 प्रतिशत     यूके-1.1 प्रतिशत     साउथ अफ्रीका-1.1 प्रतिशत     इटली-0.7 प्रतिशत     जापान-0.3 प्रतिशत     जर्मनी-00     अर्जेंटिना- माइनस3.5 प्रतिशत recent visitors 101

ईपीएफओ ने देश भर के लाखों सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा देने और वित्तीय रूप से सबल बनाने का काम किया: डॉ. मनसुख मांडविया

नई दिल्ली केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के मुताबिक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने देश भर के लाखों सदस्यों को सामाजिक सुरक्षा देने और वित्तीय रूप से सबल बनाने का काम किया है। राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में अपने मुख्य भाषण में डॉ. मांडविया ने ईपीएफओ की परिवर्तनकारी यात्रा की सराहना की। उन्होंने ईपीएफओ द्वारा अपने सदस्यों के विशाल कोष का प्रबंधन करने को भी सराहा और पूरे देश में सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों को बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। केंद्रीय मंत्री ने मजबूत आईटी प्लेटफॉर्म, शिकायत प्रबंधन के लिए कुशल प्रणाली और सेवा वितरण के सदस्य केंद्रित मॉडल के कार्यान्वयन के महत्व पर भी जोर दिया। डॉ. मांडविया ने ईपीएफओ कर्मचारियों से संगठन के नारे “हम हैं ना” को अपनाने का आग्रह किया और उन्हें लोगों की सेवा करने के उनके कर्तव्य की प्रतिदिन याद दिलाई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची सेवा का पैमाना कर्मचारियों द्वारा जरूरतमंद की समयानुसार मदद होती है। केंद्रीय मंत्री ने सेवाओं की अंतिम छोर तक डिलीवरी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए पेंशन कवरेज बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ईपीएफओ के अधिकारियों और कर्मचारियों से सदस्यों की सेवा में ईमानदारी, समर्पण, सहानुभूति और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “संगठन के भीतर निरंतर कौशल वृद्धि और क्षमता निर्माण के प्रयास उभरती चुनौतियों के अनुकूल होने और सेवा वितरण में सुधार के लिए सर्वोपरि हैं।” इस बीच, ईपीएफओ में योगदान देने वाले सदस्यों की संख्या 202-2023 में 6.85 करोड़ से 7.6 प्रतिशत बढ़कर 2023-24 में 7.37 करोड़ हो गई है, जबकि इस अवधि के दौरान संगठन में योगदान देने वाले प्रतिष्ठानों की संख्या 6.6 प्रतिशत बढ़कर 7.66 लाख हो गई है। ईपीएफओ ने पिछले वर्ष के 3,390 करोड़ रुपये के इसी आंकड़े की तुलना में बकाया राशि की वसूली में 55.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी, जो 5,268 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वर्ष की तुलना में निपटाए गए दावों की संख्या में भी 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि कार्यकारी समिति ने रिपोर्ट को केंद्रीय बोर्ड द्वारा अपनाने की सिफारिश की।   recent visitors 121

गिरने लगे प्याज के दाम, जल्द और राहत की उम्मीद, खुदरा कीमत 67 रुपए प्रति किलोग्राम से घटकर 63 रुपए हुई

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्याज की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। इस सप्ताह प्याज की औसत खुदरा कीमत 67 रुपए प्रति किलोग्राम से घटकर 63 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। सरकार को उम्मीद है कि अगले 1-2 सप्ताह में कीमतों में और कमी आएगी। कीमतों में गिरावट के कारण राजस्थान के अलवर में प्याज की फसल लगभग तैयार हो गई है। हालांकि, दिवाली और छठ पर्व के दौरान खेतों में मजदूरों की कमी के कारण फसल की कटाई और ढुलाई में देरी हुई है। अब मजदूर धीरे-धीरे लौटने लगे हैं, जिससे लोकल प्याज की आपूर्ति बढ़ने की संभावना है। सरकारी सप्लाई में तेजी सरकारी सहकारी समितियां नैफेड और एनसीसीएफ ने प्याज की सप्लाई बढ़ा दी है। सरकार ने इस साल 4.75 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया है। पहले दिल्ली में प्याज की सप्लाई ट्रकों के जरिए होती थी लेकिन अब इसे मालगाड़ियों के माध्यम से भेजा जा रहा है, जिससे एक बार में लगभग 1400 टन प्याज दिल्ली पहुंच रही है। पिछले सप्ताह दो मालगाड़ियां प्याज लेकर दिल्ली पहुंची थीं और एक और मालगाड़ी नासिक से रवाना हो रही है। व्यापारियों का क्या कहना है आजादपुर मंडी में प्याज व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा का कहना है कि कीमतों में स्थायी गिरावट आने में अभी एक या दो महीने का समय लग सकता है। मिश्रा के अनुसार, "इस साल प्याज की कीमतें असामान्य रूप से ऊंची बनी हुई हैं। हालांकि पिछले महीने मामूली गिरावट आई थी लेकिन कीमतें फिर से बढ़ गईं। खरीफ की फसल आने के बाद ही कीमतों में और कमी आने की संभावना है।" recent visitors 83

प्रट्रोल-डीज़ल के दामों से लोगो जल्द मिल सकती है राहत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी

नई दिल्ली पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही लोगों को राहत मिलने वाली है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2 फीसदी से अधिक घटकर 71 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई, जबकि डब्लूटीआई 2 फीसदी गिरकर 67 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इस हफ्ते के दौरान ब्रेंट क्रूड 4 फीसदी और डब्लूटीआई 5 फीसदी गिरा है। यह गिरावट उस वक्त आई है जब ओपेक प्लस देशों ने लगातार दूसरी बार उत्पादन में कटौती की समयसीमा बढ़ाई है, यानी उत्पादन में कटौती के बावजूद तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत और पॉलिसी से संबंधित अनिश्चितताओं के कारण डॉलर में मजबूती आई है, वहीं अगले साल तेल सप्लाई में सरप्लस की संभावना है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव और बढ़ने का अनुमान है। इन सब घटनाक्रमों के बीच, घरेलू रिटेल प्राइस में कटौती की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। सितंबर में जब कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब थीं, तब पेट्रोलियम सचिव ने कहा था कि अगर ये स्तर बने रहते हैं, तो खुदरा कीमतों में कटौती की जा सकती है। हालांकि, बाद में मध्य-पूर्व संकट के कारण कीमतें फिर बढ़ गईं, लेकिन ब्रेंट क्रूड की कीमत कभी भी 82 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर नहीं पहुंची। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगले साल तेल सप्लाई में सरप्लस की स्थिति रह सकती है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में उत्पादन बढ़ने के कारण, 2025 में डिमांड के मुकाबले सप्लाई 10 लाख बैरल प्रति दिन अधिक हो सकती है। इस संकेत और चीन में डिमांड घटने की आशंका के बीच, यूबीएस ने अगले साल के लिए ब्रेंट क्रूड का औसत अनुमान 87 डॉलर प्रति बैरल से घटाकर 80 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है।  recent visitors 83

पतंजलि का लाखों करोड़ का यह जो पूरा साम्राज्य है, यह सब जनता का है और वही इसकी लाभार्थी है: बाबा रामदेव

हरिद्वार योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है पतंजलि के स्वामित्व को लेकर बड़ी बात कही है। बाबा रामदेव ने साफ किया है कि लाखों करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक ना तो वह हैं और ना ही आचार्य बालकृष्ण। हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में साइकलिंग करते हुए बाबा रामदेव ने कंपनी के मालिकाना हक को लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह पूरा साम्राज्य देश की जनता का है और वही इसकी लाभार्थी है। उन्होंने यह भी कहा कि पंतजलि की संपत्ति पर कुछ लोगों की बुरी नजरें हैं। उन्होंने स्वदेशी कंपनी की यात्रा और इसके साम्राज्य को लेकर भी विस्तार से बात की। रामदेव ने कहा कि पतंजलि का लाखों करोड़ का यह जो पूरा साम्राज्य है, लोगों की बुरी नजर है कि ये इतना बड़ा अनुष्ठान कैसे खड़ो हो गया और इसका मालिक कौन है। निरामयम, योग ग्राम, पतंजलि योगपीठ, पतंजलि गुरुकुलम, पतंजलि वेलनेस, विश्वद्यालय तक हमारे सैकड़ों सेवा के संस्थान हैं। इन कार्यों के साथ साथ बहुत दूर तक हम इस अभियान को लेकर ले गए। आज हालात यह है कि पूरे देश में 100 से बड़ी संस्थाएं हमने खड़ी कर दी। हमने योग को बहुत ऊंचाई प्रदान की है। इसका कुल मूल्यांकन है तो कैपिटल मार्केट एक लाख करोड़ से ज्यादा कर रहे हैं।' बाबा रामदेव ने कहा कि एक लाख से अधिक जगहों पर हमारे योग शिक्षक भाई बहन योग के काम को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें कम से कम 10 लाख से ज्यादा को यहां हमने ट्रेनिंग दी और 20-25 लाख को जिला स्तर पर दी गई। आज हमारे साथ कम से कम 25 लाख से ज्यादा वरिष्ठ योग शिक्षक सेवा दे रहे हैं। हमने शिक्षा की गुलामी, आर्थिक वैचारिक गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए पुरुषार्थ किया है। यह जो लाखों करोड़ का साम्राज्य है, यह ऐसे ही खड़ा नहीं हुआ है। इसमें बहुत पुरुषार्थ लगा है। रामदेव ने इस बात से इनकार किया कि पंतजलि के मालिक वह या आचार्य बालकृष्ण हैं। पतंजलि के साम्राज्य की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, 'लोगों की दृष्टि है कि इसका असली लाभार्थी कौन है। हमारा विश्वास है समृद्धि, सेवा के लिए है, समाज की भलाई के लिए है। स्वामी रामदेव इसका मालिक नहीं है, आचार्य बालकृष्ण इसका मालिक नहीं है। इसका मालिक है पूरा देश और देश के लोग। आज हमने हेल्थ, एजुकेशन, पुअर रिलीफ, नेचर, रिसर्च, चैरिटी के जो काम किए हैं उसका कुल्य मूल्यांकन किया जाए तो हमने लाखों करोड़ रुपया खर्च किया है, एक ही ध्येय है कि यह यात्रा ऐसी ही बढ़ती रही। 200 करोड़ रुपए तो इसकी रनिंग कॉस्ट है।' recent visitors 128

शादी सीजन में राहत सोना-चांदी हुआ सस्ता ₹5000 तक गिर गया गोल्ड का भाव, चेक करें सिटी वाइज लेटेस्ट रेट

मुंबई शेयर बाजार (Share Market) में बीते कुछ दिनों से बड़ी गिरावट देखने को मिली है. गुरुवार को भी Sensex-Nifty ने तेज शुरुआत की और कुछ देर बाद फिर से गिरावट में कारोबार करता दिखाई दिया. लेकिन सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं, सोना (Gold) भी लगातार टूट रहा है. Gold Rates में बीते 1 नवंबर से अब तक यानी दो हफ्ते में ही 5000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. आइए जानते हैं क्या है आज 24 कैरेट गोल्ड का ताजा रेट… लगातार सस्ता हो रहा सोना सोने की कीमतों में इस साल बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला है. एक ओर जहां मोदी 3.0 का पहला बजट (Union Budget 2024) पेश होने के दौरान सरकार की ओर से सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी हटाने का ऐलान किए जाने के बाद ये भरभराकर टूटा था, तो इसके अगले ही महीने से Gold Price ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए शिखर पर पहुंच गया. लेकिन बीते दो हफ्तों से Gold Rate में गिरावट दर्ज की गई है. गुरुवार को ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड के रेट में 700 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई. दो हफ्ते में इतना घटा Gold Rate एमसीएक्स (MCX) पर सोने की कीमतों में बीते दो हफ्ते में हुए बदलाव पर नजर डालें, तो महीने की शुरुआत में यानी 1 नवंबर को पांच दिसंबर की एक्सपायरी वाला Gold Rate 78,867 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, लेकिन गुरुवार 14 नवंबर 2024 मतलब आज ये गिरकर 73,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इस हिसाब से देखें तो सोने की कीमत में 1 से 14 नवंबर के दौरान 5,117 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की बड़ी गिरावट (Gold Price Fall) आई है. घरेलू मार्केट में क्या चल रहा सोने का भाव मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के साथ ही घरेलू मार्केट में भी सोने की कीमत (Gold Price) में गिरावट देखने को मिली है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोशियएसन (IBJA) की वेबसाइट के मुताबिक, बीते 1 नवंबर फाइन गोल्ड (999) की कीमत 81 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई थी, लेकिन अब इसका भाव कम होकर 75,260 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. मतलब 24 कैरेट गोल्ड के रेट में दो हफ्ते में 6000 रुपये स् ज्यादा की कमी आई है. अन्य क्वालिटी के गोल्ड की घरेलू मार्केट में कीमत पर नजर डालें तो… क्वालिटी        दाम (IBJA के मुताबिक) 24 कैरेट        75,260 रुपये/10 ग्राम 22 कैरेट        73,450 रुपये/10 ग्राम 20 कैरेट        66,980 रुपये/10 ग्राम 18 कैरेट        60,960 रुपये/10 ग्राम गौरतलब है कि घरेलू मार्केट में सोने का ये दाम 3 फीसदी जीएसटी और मेकिंग चार्ज के बिना हैं. मेकिंग चार्ज अलग-अलग होते हैं और इसके चलते देश के तमाम शहरों में सोने की कीमत में बदलाव देखने को मिलता है. Budget के बाद भरभराकर टूटा था सोना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बीते 23 जुलाई को संसद में मोदी 3.0 का बजट पेश करने के बाद अचानक सोने की कीमत में बड़ी गिरावट क्यों देखने को मिली थी? तो बता दें कि बजट में कई बदलावों का ऐलान हुआ था और इनमें से एक Gold-Silver से जुड़ा हुआ था. दरअसल, सरकार ने गोल्ड पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया और इसका असर बजट वाले दिन ही सोने के भाव में करीब 4000 रुपये की गिरावट के रूप में देखने को मिला था और ये गिरावट कई दिनों तक जारी रही थी. ऐसे चेक करें Gold की शुद्धता बता दें कि देश भर में सोने के आभूषणों की कीमत उत्पाद शुल्क, राज्यों के कर और मेकिंग चार्ज के कारण बदलती रहती है. यहां बता दें कि आभूषण बनाने के लिए ज्यादातर 22 कैरेट का ही इस्तेमाल होता है, वहीं कुछ लोग 18 कैरेट सोने का भी इस्तेमाल करते हैं. आभूषण पर कैरेट के हिसाब से हॉल मार्क दर्ज होता है. 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999 लिखा होता है, जबकि 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है.   recent visitors 231

वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभी कई तरह की बाधाएं हैं, जैसे बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि: भारतीय रिजर्व बैंक

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ने हाल के दिनों में लंबे समय तक जारी उथल-पुथल के दौर में भी बहुत अच्छी तरह से काम किया है और जुझारू क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभी कई तरह की बाधाएं हैं, जैसे बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि, जिंस कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम, लेकिन इसके बावजूद वित्तीय बाजारों में मजबूती है। आइए जानते हैं केंद्रीय बैंक के मुखिया और क्या बोले। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ‘‘सुचारू तरीके से’’ आगे बढ़ रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने गुरुवार को यह बात कही। एक कार्यक्रम के दौरान बोल रहे दास ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की ओर से ब्याज दरों में कटौती के सुझाव पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) दिसंबर में होने वाली अपनी अगली बैठक में इस बारे में उचित निर्णय लेगी। अक्तूबर में महंगाई दर केंद्रीय बैंक के छह प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक रही है। इस पर दास ने कहा कि मुद्रास्फीति में ‘‘समय-समय पर उतार-चढ़ाव के बावजूद इसके कम होने की उम्मीद बनी हुई है।’’ भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ने हाल के दिनों में लंबे समय तक जारी उथल-पुथल के दौर में भी बहुत अच्छी तरह से काम किया है और जुझारू क्षमता दिखाई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अभी कई तरह की बाधाएं हैं, जैसे बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि, जिंस कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम, लेकिन इसके बावजूद वित्तीय बाजारों में मजबूती है। दास के अनुसार, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है, जिसे मजबूत वृहद आर्थिक बुनियादी ढांचे.. स्थिर वित्तीय प्रणाली और मजबूत बाह्य क्षेत्र की वजह से बल मिल रहा है।’’ रुपये के नये निचले स्तर पर पहुंचने पर दास ने कहा कि भारत के बाह्य क्षेत्र ने हाल की अवधि में ‘‘मजबूती व स्थिरता’’दिखाई है। चालू खाते का घाटा यानी कैड प्रबंधन के स्तर पर बना हुआ है। इसके अलावा वस्तुओं का निर्यात बढ़ा है जबकि सेवा निर्यात के मामले में भी वृद्धि मजबूत बनी हुई है। आरबीआई गवर्नर ने इस बात पर जोर दिया कि देश के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार है। 31 अक्तूबर तक 682 अरब अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार पूरे विदेशी कर्ज और एक साल के आयात भुगतान के लिए पर्याप्त है। गवर्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि आरबीआई रुपये के लिए कोई दर निर्धारित नहीं करता है और ये हस्तक्षेप व्यवस्थित गति सुनिश्चित करने और मुद्रा में अस्थिरता को रोकने के लिए हैं। recent visitors 62

प्याज के आसमान छूते भाव से जनता परेशान, प्याज की कीमतों में निकट भविष्य में गिरावट की संभावना कम

नई दिल्ली भारत में अक्टूबर में सब्जियों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। प्याज की कीमतें जहां आसमान छू रही है वहीं गोभी, टमाटर, और लौकी जैसी कई सब्जियों के दाम मासिक आधार पर 4% से अधिक कम हुए हैं। हालांकि, प्याज की कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। 6 नवंबर को लासलगांव प्याज मंडी में प्याज का थोक भाव पांच साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।  एक रिपोर्ट के अनुसार, प्याज की कीमतों में निकट भविष्य में गिरावट की संभावना कम है। रिपोर्ट के अनुसार, "नवंबर में सब्जियों की कीमतों में कुछ नरमी आई है, लेकिन प्याज की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।" अगस्त और सितंबर में हुई भारी बारिश के चलते आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हुई, जिससे मंडियों में सब्जियों की आवक में 28% की गिरावट आई। इसका सबसे अधिक असर टमाटर की कीमतों पर पड़ा, जिसमें अक्टूबर में मासिक आधार पर 49% की वृद्धि दर्ज की गई। सब्जियों की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल अक्टूबर में सब्जियों की कीमतें सालाना आधार पर 42% बढ़ीं, जो पिछले 57 महीनों में सबसे ज्यादा है। इस वृद्धि का मुख्य कारण टमाटर, आलू और प्याज जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल को माना जा रहा है। टमाटर की कीमतें सालाना आधार पर 161% तक बढ़ चुकी हैं, जबकि आलू और प्याज की कीमतों में क्रमशः 65% और 52% की बढ़ोतरी हुई है। प्याज की कीमतें पांच साल के उच्चतम स्तर पर देश की सबसे बड़ी प्याज मंडी, लासलगांव एपीएमसी में 6 नवंबर को प्याज की औसत थोक कीमत 5,656 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे ऊंची है। आखिरी बार 10 दिसंबर 2019 को प्याज की कीमतें इसी स्तर पर थीं। खुदरा महंगाई पर असर सब्जियों की कीमतों में आई इस बढ़ोतरी ने खुदरा महंगाई को भी प्रभावित किया है। अक्टूबर में भारत की खुदरा महंगाई दर 6.21% रही, जो पिछले 14 महीनों में सबसे अधिक है। खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर मापी जाने वाली कोर महंगाई भी सितंबर के 3.5% से बढ़कर अक्टूबर में 3.7% पर पहुंच गई है, जिससे घरेलू बजट पर दबाव और बढ़ गया है। recent visitors 82

भारतीय शेयर बाजार 110 अंक फिसला, लगातार छठे दिन गिरावट देखने को मिला

मुंबई भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार छठे दिन लाल निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 110.64 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरने के बाद 77,580.31 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 26.35 अंक या 0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट के बाद 23,532.70 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 91.20 अंक या 0.18 प्रतिशत चढ़ने के बाद 50,179.55 पर आ गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स कारोबार के अंत में 242.25 अंक या 0.45 प्रतिशत चढ़ने के बाद 54,043.10 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 142.15 अंक या 0.81 प्रतिशत चढ़ने के बाद 17,601.05 पर बंद हुआ। निफ्टी के ऑटो, आईटी, फाइनेंशियल सर्विस, रियलिटी, मीडिया, प्राइवेट बैंक और इंफ्रा सेक्टर में खरीदारी रही। वहीं, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर दबाव में रहे। सेंसेक्स पैक में कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, एम एंड एम, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और जेएसडब्ल्यू स्टील टॉप गेनर्स रहे। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एनटीपीसी, नेस्ले इंडिया, इंडसइंड बैंक, पावर ग्रिड और टाटा मोटर्स टॉप लूजर्स रहे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,159 शेयर हरे, 1,798 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, 93 शेयर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं रहा। बाजार के जानकारों ने कहा कि सेंसेक्स और निफ्टी 50 में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और लगातार छठे दिन गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक दबाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से धारणा प्रभावित हुई। पीएल कैपिटल के विक्रम कासट ने कहा, "मजबूत डॉलर सूचकांक जो अब 106.61 पर है और अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड पर प्रतिफल 4.48 प्रतिशत पर है, दोनों ने भारतीय इक्विटी के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों को बढ़ा दिया है। डॉलर के मुकाबले रुपए के 84.40 के ऐतिहासिक निम्नतम स्तर तक गिर जाने से यह और अधिक तनावपूर्ण हो गया है।" recent visitors 71

Bank Holidays: गुरुनानक जयंती शुक्रवार को बंद रहेंगे सभी बैंक, RBI ने क्यों दी है 15 नवंबर की छुट्टी

नई दिल्ली  शुक्रवार यानी 15 नवंबर को गुरुनानक जयंती है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में इस पर्व को काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। बात अगर इस दिन छुट्टी की करें तो इस दिन कई जगह अवकाश होता है। रिजर्व बैंक के कैलेंडर के अनुसार इस दिन कई राज्यों में बैंकों की भी छुट्टी होती है। अगर आप 15 नवंबर को किसी काम से बैंक जा रहे हैं तो चेक कर लें कि आपके राज्य में बैंक की छुट्टी है या नहीं। कब रहती है बैंकों की छुट्टी? सभी बैंकों की छुट्टी महीने के हर दूसरे और चौथे शनिवार और हर रविवार को होती है। इसके अलावा राष्ट्रीय अवकाश पर भी बैंक बंद रहते हैं। कई बार चुनाव या किसी दूसरे विशेष कारण की वजह से भी छुट्टी हो जाती है। हालांकि इसके बारे में रिजर्व बैंक समय से पहले ही जानकारी दे देता है। गुरुनानक जयंती पर इन राज्यों में बंद रहेंगे बैंक 15 नवंबर को गुरुनानक जयंती के मौके पर देशभर के कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहेगी। इसे लेकर रिजर्व बैंक ने छुट्टियों का कैलेंडर भी जारी कर दिया है। इस दिन इन राज्यों में बैंक बंद रहेंगे:     पंजाब     हरियाणा     महाराष्ट्र     मिजोरम     मध्य प्रदेश     ओडिशा     चंडीगढ़     तेलंगाना     उत्तराखंड     अरुणाचल प्रदेश     जम्मू     श्रीनगर     राजस्थान     उत्तर प्रदेश     पश्चिम बंगाल     नागालैंड     दिल्ली     झारखंड     छत्तीसगढ़     हिमाचल प्रदेश अगर आप इन राज्यों में रहते हैं तो बैंक के किसी भी काम से 15 नवंबर को घर से न निकलें। अपना काम या तो 14 नवंबर को निपटा में या अगले हफ्ते जाकर पूरा करवा लें। इन सेवाओं के जरिए जारी रखें सर्विस 15 नवंबर को बैंक बेशक बंद रहेंगे लेकिन बैंकिंग से जुड़ी कई सर्विस जारी रहेंगी। इनमें ऑनलाइन बैंकिंग से लेकर एटीएम सर्विस आदि शामिल हैं। इन सर्विस का लाभ उठाने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इन सर्विस का इस्तेमाल हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे कर सकते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग: बैलेंस चेक करने, पैसे ट्रांसफर करने और बिलों का पेमेंट करने के लिए अपने बैंक की वेबसाइट पर लॉग इन करके ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। UPI सर्विस: ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए इस समय यूपीआई काफी पॉपुलर है। आप पेटीएम, गूगल पे, फोनपे आदि प्लैटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। ATM सर्विस: अगर कैश की जरूरत पड़ जाए तो किसी भी नजदीकी एटीएम जाकर वहां से कैश निकाल सकते हैं। recent visitors 81

अब देश में एयर इंडिया एक मात्र फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस बची, चार एयरलाइंस बंद हो चुकी

नई दिल्ली  विस्तारा एयरलाइंस अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। इसके विमान एयर इंडिया के बेड़े से उड़ान भर रहे हैं। विस्तारा फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस थी, जिसका एयर इंडिया के साथ मर्ज हो गया है। पिछले कुछ वर्षों में कई फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। अब सिर्फ एयर इंडिया ही बची है। देश में एविएशन सेक्टर जिस तेजी से बढ़ रहा है, उतनी की तेजी से फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस खत्म हो रही हैं। पिछले 17 वर्षों में ऐसी 4 एयरलाइंस बंद हो चुकी हैं। इनमें सहारा एयरलाइंस, जेट एयरवेज, किंगफिशर और अब विस्तारा शामिल हैं। फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस से मतलब है कि ऐसी एयरलाइंस जिनमें यात्रियों को खाने की सुविधा दी जाती है। इनमें इंडिगो जैसी लो बजट एयरलाइंस शामिल नहीं होतीं। एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस की हिस्सेदारी विस्तारा में सिंगापुर एयरलाइंस की 49 फीसदी हिस्सेदारी थी। अब इसके एयर इंडिया में मर्ज होने के बाद विस्तारित एयर इंडिया में हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी हो जाएगी। एफडीआई से मिली रफ्तार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने कार्यकाल में एफडीआई को लेकर कई नियमों में रियायत दी थी। मनमोहन सिंह के नेतृत्व की यूपीए सरकार ने विदेशी एयरलाइंस को घरेलू एयरलाइंस में 49 फीसदी तक की हिस्सेदारी की अनुमति दी थी। इसी कारण से विदेशी एयरलाइंस की ओर से किए गए निवेश के कारण ही विस्तारा और दूसरी एयरलाइंस उड़ान भर सकीं। उसी समय जेट एयरवेज में गल्फ एयरलाइंस एतिहाद ने 24 फीसदी विदेशी हिस्सेदारी ली। वहीं एयर एशिया इंडिया में मलेशिया एयर एशिया की 49 फीसदी हिस्सेदारी रही। फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस का अंत विस्तारा की शुरुआत जनवरी 2015 में हुई थी। यह तब से ही फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस थी। साल 2007 में एयर इंडिया में इंडियन एयरलाइंस का विलय हुआ था। एयर इंडिया भी फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस है। उस दौरान सहारा एयरलाइंस, जेट एयरवेज और किंगफिशर भी यह सर्विस दे रही थीं। लेकिन बाद में चक्र पूरी तरह घूमता गया। साल 2012 में किंगफिशर एयरलाइंस बंद हो गई। इसके बाद एयर सहारा का जेट एयरवेज में मर्जर हो गया। यानी एयर सहारा भी बंद। साल 2019 में जेट एयरवेज भी बंद हो गई। और अब 11 नवंबर 2024 से विस्तारा एयरलाइंस का एयर इंडिया में पूरी तरह मर्जर हो चुका है यानी विस्तारा का भी संचालन पूरी तरह बंद हो गया। ऐसे में अब सिर्फ एयर इंडिया ही फुल सर्विस कैरियर एयरलाइंस बची है। recent visitors 125

सेंसेक्स 444 अंक टूटकर 78230 पर आ गया , निफ्टी ने 172 अंकों का गोता लगाया

मुंबई  शेयर मार्केट में गिरावट बढ़ गई है। सेंसेक्स 444 अंक टूटकर 78230 पर आ गया है। जबकि, निफ्टी ने 172 अंकों का गोता लगाया है। अब यह 23709 पर आ गया है। इससे पहले यह 23675 तक गिर चुका था। निफ्टी टॉप लूजर्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा 3.43 पर्सेंट लुढ़क गया है। बीईएल में 3.24 पर्सेंट की गिरावट है। हिन्डाल्को में 2.81 पर्सेंट का नुकसान है। आयशर मोटर्स और ओएनजीसी भी 2 फीसद से अधिक नुकसान में हैं। शेयर मार्केट में गिरावट खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही। आज आईसीआईसीआई, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड जैसे प्राइवेट बैंकों के शेयर नुकसान के साथ खुले, जिससे बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 179 अंकों के नुकसान के साथ 78495 के स्तर पर खुला। जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 61 अंक नीचे 23822 पर खुला।  शेयर मार्केट की गिरावट पर क्या आज ब्रेक लगेगा या और गिरेगा? सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान पर खुलेंगे या आपेनिंग होगी मजबूत? इन सवालों का जवाब तो बाजार के खुलने के बाद मिलेगा, लेकिन ग्लोबल संकेत कुछ अच्छे नहीं दिख रहे। क्योंकि, एशियाई बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी घरेलू शेयर मार्केट की तरह मंगलवार को नुकसान के साथ बंद हुए। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के दोनों बेंचमार्क इंडेक्स एक-एक प्रतिशत से अधिक गिर गए। सेंसेक्स 820.97 अंक या 1.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,675.18 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 257.85 अंक या 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,883.45 पर बंद हुआ। वॉल स्ट्रीट का हाल दूसरी ओर अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में भी गिरावट रही। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 382.15 अंक या 0.86 प्रतिशत टूटकर 43,910.98 पर बंद हुआ। जबकि एसएंडपी, 500 17.36 अंक या 0.29 प्रतिशत गिरकर 5,983.99 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट में भी 17.36 अंक की गिरावट रही। यह 19,281.40 पर बंद कर दिया हुआ। एशियाई बाजार का हाल वॉल स्ट्रीट पर रातोंरात नुकसान के चलते एशियाई बाजारों में बुधवार को गिरावट के साथ कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.5 प्रतिशत गिर गया, जबकि टॉपिक्स 0.3 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.1 प्रतिशत और कोस्डैक इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम शुरुआत का संकेत दिया। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 23,890 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 70 अंक नीचे है, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। recent visitors 103

रिलायंस बायोगैस प्लांट आंध्र प्रदेश में लगाएगी, 65 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी

नई दिल्ली  देश के सबसे अमीर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी गुजरात के बाहर बायोगैस प्लांट लगाने जा रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अगले पांच वर्षों में 500 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) लगाएगी। इसके लिए कंपनी 65 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार रिलायंस ये बायोगैस प्लांट आंध्र प्रदेश में लगाएगी। क्लीन एनर्जी पहल के तहत गुजरात के बाहर कंपनी की ओर से किया गया यह सबसे बड़ा निवेश होगा। इस योजना को मुंबई में अनंत अंबानी और आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश के बीच अंतिम रूप दिया गया। अनंत अंबानी आरआईएल की स्वच्छ ऊर्जा पहल के प्रमुख हैं। विजयवाड़ा में मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में आरआईएल और आंध्र प्रदेश उद्योग विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार इस मामले से अवगत लोगों ने बताया कि प्रत्येक प्लांट में 130 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इन्हें राज्य की बंजर भूमि पर बनाया जाएगा। राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार इन प्लांट से 2.50 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। बायोफ्यूल प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य की हाल ही में अधिसूचित इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी के तहत बायोफ्यूल प्रोजेक्ट्स के लिए प्रोत्साहन शुरू किए हैं। इसमें पांच साल के लिए CBG प्लांट पर निश्चित पूंजी निवेश पर 20% की सब्सिडी के साथ-साथ पांच साल के लिए राज्य माल और सेवा कर (SGST) और बिजली शुल्क की पूरी प्रतिपूर्ति शामिल है। 'नौकरियां पैदा करना प्रमुख लक्ष्य' मंत्री नारा लोकेश ने कहा, 'नौकरियां पैदा करना हमारा प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए हम निवेशकों को आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए अपनी इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी में कई प्रोत्साहन लेकर आए हैं। रिलायंस ने पहले ही आंध्र प्रदेश में व्यापक निवेश किया है और हम उन्हें आगे भी निवेश करने के लिए उत्सुक हैं।' किसानों की बढ़ेगी इनकम एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'अनुमानों से पता चलता है कि किसान सालाना 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से अपनी इनकम बढ़ाने में सक्षम होंगे।' साथ ही, कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का मतलब राज्य के लिए कई वित्तीय और गैर-वित्तीय लाभ होंगे। शुरुआती अनुमानों में एसजीएसटी कलेक्शन, बिजली शुल्क और 25 वर्षों में रोजगार के कारण टैक्स के माध्यम से 500 संयंत्रों के लिए इसे 57,650 करोड़ रुपये बताया गया है। recent visitors 122

म्यूचुअल फंड SIP में लगातार बढ़ती निवेश रुचि का संकेत, पहली बार 25,000 करोड़ का आंकड़ा पार

नई दिल्ली अक्टूबर 2024 में म्यूचुअल फंड की मासिक SIP में पहली बार 25,000 करोड़ रुपये का योगदान दर्ज किया गया, जो सितंबर में 24,509 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि में 16,928 करोड़ रुपये था, जिससे SIP में लगातार बढ़ती निवेश रुचि का संकेत मिलता है। अक्टूबर में म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या 21,65,02,804 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। खुदरा म्यूचुअल फंड फोलियो, जिसमें इक्विटी, हाइब्रिड और सॉल्यूशन-ओरिएंटेड योजनाएं शामिल हैं, भी 17,23,52,296 के साथ सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहे, जो सितंबर में 16,81,61,366 थे। खुदरा AUM अक्टूबर में 39,18,611 करोड़ रुपये पर रहा, जबकि सितंबर में यह 40,44,098 करोड़ रुपये था। अक्टूबर में ग्रोथ/इक्विटी-ओरिएंटेड योजनाओं में 41,886.69 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज हुआ। अक्टूबर में 63,69,919 नई SIPs रजिस्टर्ड हुईं, और SIP AUM 13,30,429.83 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। SIP खातों की कुल संख्या अक्टूबर में अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर 10,12,34,212 पहुंच गई, जो सितंबर में 9,87,44,171 थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की गहरी पकड़ और निवेशकों की परिपक्वता को दर्शाती है। इंडस्ट्री ने अक्टूबर में रिकॉर्ड AUM 67.26 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया। recent visitors 91

खुदरा महंगाई में तेज उछाल के आसार, सब्जी और खाद्य तेल ने डाला जेब पर डाका

नईदिल्ली खाने-पीने की चीजों के दामों में तेज बढ़ोतरी के चलते अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर 6 फीसदी को पार करते हुए 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. सितंबर 2024 में खुदरा महंगाई दर 5.49 फीसदी रही थी. अक्टूबर महीने में खुदरा महंगाई दर  (Retail Inflation Rate) आरबीआई (Reserve Bank Of India) के टोलरेंस बैंड 6 फीसदी के भी पार जा पहुंची है. अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर में भी तेज उछाल देखने को मिला है और ये डबल डिजिट को पार करते हुए 10.87 फीसदी पर जा पहुंची है. डबल डिजिट में खाद्य महंगाई दर सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं उसके मुताबिक अक्टूबर 2024 में रिटेल इंफ्लेशन रेट 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. एक साल पहले अक्टूबर 2023 में खुदरा महंगाई दर 4.23 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 6.68 फीसदी और शहरी इलाकों में 5.62 फीसदी रही है. मंत्रालय ने बताया कि खुदरा महंगाई दर में ये तेज उछाल, सब्जियों, फलों, ऑयल और फैट्स की कीमतों में तेज उछाल के चलते देखने को मिला है. अक्टूबर 2024 में खाद्य महंगाई दर डबल डिजिट में चला गया है और ये 10.87 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.24 फीसदी रही थी. ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 10.69 फीसदी तो शहरी इलाकों में 11.09 फीसदी रही है. महंगी सब्जियों ने बढ़ाई महंगाई खुदरा महंगाई दर का जो आंकड़ा जारी किया गया है उसके मुताबिक अक्टूबर में सब्जियों की महंगाई दर में भारी बढ़ोतरी आई है. सब्जियों की महंगाई दर 42.18 फीसदी रही है जो सितंबर में 35.99 फीसदी रही थी. दूध और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 2.97 फीसदी रही है. दालों की महंगाई में कमी आई है और घटकर 7.43 फीसदी रही है जो सितंबर में 9.81 फीसदी रही थी. अनाज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स की महंगाई दर 6.94 फीसदी रही है जो सितंबर में 6.84 फीसदी रही थी. चीनी की महंगाई दर घटकर 2.57 फीसदी, अंडों की महंगाई दर में घटकर 4.87 फीसदी रही है. मीट और मछली की महंगाई दर बढ़कर 3.17 फीसदी रही है.   महंगी EMI से राहत के आसार नहीं खुदरा महंगाई दर आरबीआई के टोलरेंस बैंड की अपर लिमिट 6 फीसदी से बहुत ऊपर 6.21 फीसदी पर जा पहुंची है. जबकि खाद्य महंगाई दर 11 फीसदी के करीब है.  ऐसे में सस्ते कर्ज की उम्मीदों पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है क्योंकि सब्जियों की कीमतों में कमी आने का नाम नहीं ले रही है. दिसंबर 2024 में आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक होगी. और अब ये तय है कि आरबीआई रेपो रेट को मौजूदा लेवल पर फिलहाल स्ठिर रखेगा. 10 फीसदी का आंकड़ा छू सकती है खाद्य महंगाई सब्जियों, दालों की कीमतों में उछाल के चलते अक्टूबर महीने में खाद्य महंगाई दर के बढ़ने की आशंकाओं को बल दे दिया है. सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2024 में खाद्य महंगाई दर असामान्य रूप से बढ़कर 9.24 फीसदी पहुंच गई. जबकि, अगस्त 2024 में खाद्य महंगाई दर 5.66 फीसदी दर्ज की गई थी और उससे पहले जुलाई में 5.42 फीसदी थी. अब अक्टूबर में खाद्य महंगाई दर के थोड़ा और ऊपर जाने पर दबाव बना हुआ है. खाद्य महंगाई दर से कब मिलेगी राहत? भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते सप्ताह के बुधवार को मुद्रास्फीति के ऊपर की ओर बढ़ने के जोखिमों पर प्रकाश डाला था. इससे पहले सितंबर 2024 में आई आरबीआई की रिपोर्ट में बेहतर खरीफ फसलों की आवक और अच्छे रबी सीजन की बढ़ती संभावनाओं के मद्देनजर वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही तक भारत की खाद्य महंगाई दर में कमी आने की उम्मीद जताई गई है.  recent visitors 93

यूरोप में भारत का परिष्कृत ईंधन निर्यात बढ़ा, नवंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

नई दिल्ली भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से यूरोप को परिष्कृत ईंधन के निर्यात में लगातार वृद्धि की है। यूरोपीय संघ द्वारा रूस से तेल की खरीद पर प्रतिबंध लगाने के बाद, भारत ने यूरोप को परिष्कृत तेल उत्पादों का प्रमुख निर्यातक बनकर उभरते हुए अपनी निर्यात क्षमता को बढ़ाया है। नवंबर में हुआ रिकॉर्ड निर्यात केपलर के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2024 में भारत से यूरोप को परिष्कृत ईंधन का निर्यात 400,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) तक पहुंच गया, जोकि अबतक का सबसे उच्चतम स्तर है। यह संख्या 8 नवंबर को अपडेट की गई थी और महीने के अंत में इसे फिर से संशोधित किया जाएगा। इससे पहले अक्टूबर में भारत ने यूरोप को 335,000 बैरल प्रति दिन परिष्कृत ईंधन का निर्यात किया था, जो सितंबर के मुकाबले 59% अधिक था। भारत का परिष्कृत ईंधन निर्यात इस समय विशेष रूप से बढ़ा है क्योंकि सऊदी अरब की यानबू रिफाइनरी नवंबर और दिसंबर में रखरखाव के लिए बंद रहेगी। इसके कारण सऊदी अरब से यूरोप को परिष्कृत ईंधन का निर्यात कम हो जाएगा और भारत से डीजल की निर्यात की मांग बढ़ने की संभावना है। भारत का प्रमुख निर्यातक बनना भारत की रिलायंस जामनगर रिफाइनरी, जो परिष्कृत तेल उत्पादों का प्रमुख निर्माता है, ने यूरोप को बढ़े हुए निर्यात में अहम भूमिका निभाई है। रिलायंस की रिफाइनरी ने अक्टूबर में 335,000 बैरल प्रति दिन और नवंबर में 440,000 बैरल प्रति दिन तक निर्यात भेजने का अनुमान जताया है। रिफाइनरी के बंद होने से बढ़ी मांग यूरोप में रिफाइनरियों के रखरखाव के कारण उत्पादन में कमी आई है, जिससे यूरोप में परिष्कृत तेल उत्पादों की आपूर्ति सीमित हो गई है। साथ ही सर्दियों के मौसम में डीजल की खपत बढ़ने से भारत का निर्यात और अधिक बढ़ा है। भारत मुख्य रूप से यूरोप को डीजल और जेट ईंधन निर्यात करता है। भारत का निर्यात आंकड़ा बता दें कि 2024-25 के पहले 10 महीनों में भारत का यूरोप को ईंधन निर्यात 2,551 हजार बैरल प्रति दिन (केबीडी) रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 2,672 केबीडी था। 2022 में यह आंकड़ा 1,459 केबीडी था, जो अब काफी बढ़ चुका है। भारत से यूरोप को निर्यात वहीं भारत ने अक्टूबर में यूरोप को 238,000 बीपीडी डीजल और 81,000 बीपीडी जेट ईंधन निर्यात किया जबकि सितंबर में ये आंकड़े क्रमशः 79,000 बीपीडी डीजल और 131,000 बीपीडी जेट ईंधन के थे। अंत में बता दें कि भारत का परिष्कृत ईंधन निर्यात इस समय यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है, और आने वाले महीनों में यह निर्यात और बढ़ने की संभावना है।   recent visitors 109

घरेलू शेयर बाजार में बैंकिंग, वित्तीय और ऑटो शेयरों में गिरावट के कारण भारी गिरावट रही

मुंबई घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को तेजी के साथ खुले लेकिन बैंकिंग, वित्तीय और ऑटो शेयरों में गिरावट के कारण इसमें भारी गिरावट रही। आय के मोर्चे पर कंपनियों के निराशाजनक प्रदर्शन और विदेशी निवेशकों की निकासी से बाजार में गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स 820.97 अंक यानी 1.03% गिरावट के साथ 78,675.18 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 50 इंडेक्स भी 257.85 अंक यानी 1.07 अंक की गिरावट के साथ 23,883.45 अंक पर आ गया। इस गिरावट से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5.76 लाख करोड़ रुपये घटकर 436.78 लाख करोड़ रुपये रह गया। एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस सेंसेक्स में सबसे अधिक गिरावट वाले शेयर रहे। इनमें 2-3% की गिरावट आई। अकेले एचडीएफसी बैंक ने सेंसेक्स में कुल गिरावट में 324 अंकों का योगदान दिया। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी. के. विजयकुमार ने कहा कि कंसोलिडेट कर रहे मार्केट में दो मजबूत कारक काम कर रहे हैं। पहला, एफआईआई द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने मंदड़ियों को लाभ पहुंचाया है। इसने बाजार को नीचे की ओर खींचा है। दूसरा, डीआईआई की निरंतर खरीद ने बाजार को सहारा दिया है। आज की बिकवाली में प्रमुख कारक इस प्रकार हैं: 1. एशियाई बाजारों में गिरावट मंगलवार को एशियाई शेयरों में गिरावट आई। इसकी वजह चीनी बाजारों और सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट रही। निवेशकों ने अमेरिका में राष्ट्रपति निर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर चिंता जताई। इस बीच, बिटकॉइन रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। उम्मीद की जा रही थी कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह अच्छा प्रदर्शन करेंगी। बाजार आशावादी हैं कि ट्रंप का दूसरा कार्यकाल कर कटौती और कम रेगुलेशन लाएगा। इससे इक्विटी को बढ़ावा मिलेगा। इस आशावाद ने बिटकॉइन को $89,637 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचाने में मदद की। 2. एफआईआई की बिकवाली 11 नवंबर को, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने अपनी बिकवाली की प्रवृत्ति को बनाए रखा और 2,306 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे। इस बीच, नवंबर में अब तक, एफआईआई ने 23,547 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे हैं जबकि अक्टूबर में 94,017 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे गए थे। 3. तेल में उतार-चढ़ाव मंगलवार को तेल की कीमतों में थोड़ा बदलाव हुआ। ओपेक की मासिक रिपोर्ट से आगे का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। चीन की नई प्रोत्साहन योजना और अधिक आपूर्ति के मुद्दों पर निवेशकों की चिंताओं ने धारणा को प्रभावित किया। ब्रेंट क्रूड वायदा 4 सेंट बढ़कर $71.87 प्रति बैरल हो गया, जबकि यू.एस. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड वायदा 1 सेंट गिरकर $68.03 प्रति बैरल हो गया। 4. रुपये में गिरावट भारतीय रुपया मंगलवार को अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। चीनी युआन और अन्य क्षेत्रीय करेंसीज में गिरावट के कारण दबाव में आया। अमेरिकी चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद अमेरिकी डॉलर में तेजी जारी रही। हालांकि, व्यापारियों ने कहा कि RBI के संभावित हस्तक्षेप ने मुद्रा की गिरावट को रोकने में मदद की। शुरुआती कारोबार में रुपया 84.40 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले सत्र में 84.3925 के अपने पिछले सर्वकालिक निचले स्तर से थोड़ा आगे निकल गया। यह पिछली बार 84.3950 पर लगभग स्थिर था। 5. महंगाई के आंकड़े बाजार बंद होने के बाद महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे। विश्लेषकों को उम्मीद है कि अक्टूबर के मुद्रास्फीति के आंकड़े बढ़कर 5.8% के आसपास पहुंच जाएंगे, जो 14 महीने का उच्चतम स्तर है। यह डेटा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान कर सकता है। इससे यह तय होगा कि आरबीआई दिसंबर में 25 आधार अंकों की दर कटौती के साथ आगे बढ़ेगा या नहीं। recent visitors 109

प्रदीप टंडन PHDCCI की राज्य परिषद के चेयरमैन नियुक्त हुए

नई दिल्ली चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज जो पिछले 119 वर्षों से भारतीय उद्योग, व्यापार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार मुख्य स्त्रोत के रूप में काम कर रहा है। जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के प्रेसिडेंट प्रदीप टंडन राज्य परिषद के चेयरमैन नियुक्त हुए है । चैम्बर दूरदर्शी, सक्रिय ,गतिशील एवं अखिल भारतीय शीर्ष संगठन है,जोकि उद्योग की प्रगति के लिए सरकार के साथ भागीदार के रूप मे कार्य करता है।PHDCCI भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति, सदभाव और एकीकृत विकास को बढ़ावा देने के लिए मजबूत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ जमीनी स्तर पर काम करता हैं, ये संगठन भारतीय अर्थव्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाने के लिए कई क्षेत्रों में 1,50,000 से अधिक छोटे बड़े एवम मध्यम उद्योगों से जुड़ा हुआ है.   PHDCCI भारत और विदेशों में दूतावास और हाय कमीशन के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और व्यावसायिक अवसरों को लाने के लिए भी काम कर रहा हैं। PHDCCI का अंतरराष्ट्रीय कार्यालय बहरीन में 6 जीसीसी देशों के लिए स्थापित है। PHDCCI ने पार्टियों के बीच हस्ताक्षरित 100 से अधिक समझौता ज्ञापनों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योग संघों और संगठनों को सहयोजित किया हैं। देश में क्षमता निर्माण की दिशा में अपने प्रयास में पीएचडी चैंबर जर्मनी के कोनराड एडेनायर फाउंडेशन के सहयोग से केंद्रित उद्यमशीलता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित भी करता हैं। चैंबर का मुख्यालय दिल्ली में हैं और उसके क्षेत्रीय कार्यालय तमिलनाडु,उड़ीसा और पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्यों में स्थापित है। recent visitors 85

Zomato का नया फीचर, बेहद कम दाम पर मिलेगा कैंसल आर्डर! जाने क्या है प्लान

मुंबई ऑनलाइन फूड डिलीवरी जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने नए फीचर का ऐलान किया है. इस फीचर का नाम Food Rescue है. इस फीचर के तहत यदि किसी ने अपना ऑर्डर कैंसिल किया, तो जोमैटा आसपास के ग्राहकों को ऑफर देगा कि वो इस ऑर्डर को किफायती दर पर ले सकते हैं. दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'जोमैटो पर हम ऑर्डर कैंसिल करने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते, क्योंकि इससे बहुत सारा खाना बर्बाद होता है.'  चार लाख से ज्यादा ऑर्डर हो रहे कैंसिल जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, 'सख्त नियमों और कैंसिलेशन पर नो रिफंड पॉलिसी होने के बावजूद, चार लाख से ज्यादा अच्छे-खासे ऑर्डर कस्टमर द्वारा अलग-अलग वजहों से जोमैटो में कैंसिल कर दिए जाते हैं. हमारे लिए सबसे बड़ी चिंता है कि, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और यहां तक कि ऑर्डर कैंसिल करने वाले ग्राहकों की भी सबसे बड़ी चिंता है कि किसी तरह खाने की बर्बादी को रोका जाए.आज, हम एक नया फीचर ला रहे हैं (जिसे अभी लागू किया जा रहा है) – फूड रेस्क्यू!' आस-पास के ग्राहकों को दिखेंगे कैंसिल किए ऑर्डर   दीपेंद्र गोयल ने पोस्ट में आगे लिखा, 'कैंसिल किए गए ऑर्डर अब आस-पास ग्राहकों को दिखाई देंगे. ये ऑर्डर उन्हें बेहद कम दाम पर, उनकी असली पैकेजिंग और कुछ ही मिनटों में डिलीवर होंगे. कैंसिल किया गया ऑर्डर उस डिलीवरी पार्टनर के तीन किमी दायरे में कस्टमर के ऐप पर दिखाई देगा, जो ऑर्डर लेकर जा रहा है. हालांकि, खाने की ताजगी बनी रहे, इसके लिए ऑर्डर लेने का ऑप्शन केवल कुछ ही मिनटों के लिए उपलब्ध होगा. सरकारी टैक्स को छोड़कर जोमैटो इस पर कोई भी मुनाफा नहीं कमाएगा.'   इन आइटम्स में नहीं लागू होगा फीचर   दीपेंद्र गोयल ने बताया कि आइसक्रीम, शेक, स्मूदी जैसे ऑर्डर और खराब होने वाली चीजें जैसे दूरी या टेंपरेचर के प्रति संवेदनशील प्रोडक्ट्स, इस फीचर के लिए योग्य नहीं होंगे. वहीं, रेस्टोरेंट के मालिकों को मूल कैंसिल किए गए ऑर्डर का मुआवजा पहले की तरह मिलते रहेगा. इसके साथ ही यदि नए फीचर के तहत ऑर्डर लिया जाता है तो नए कस्टमर द्वारा किए गए पेमेंट का एक हिस्सा भी मिलेगा.' डिलीवरी पार्टनर को मिलेगा पूरा भुगतान बकौल दीपेंद्र गोयल, 'अभी तक ज्यादातर रेस्टोरेंट ने इस सुविधा को चुन लिया है. वे जब चाहें अपने कंट्रोल पैनल से इसे आसानी से बंद कर सकते हैं. डिलीवरी पार्टनर को शुरुआती पिकअप करने से लेकर नए ग्राहक के लोकेशन पर ड्रॉप ऑफ तक पूरा भुगतान कियाजाएगा. यदि आपके लिए कोई कैंसिल किया ऑर्डर उपलब्ध है, फूड रेस्क्यू आपके होम पेज पर अपने आप दिखाई देगा. बचाए जाने वाले किसी भी नए उपलब्ध ऑर्डर की जांच के लिए अपने होम पेज को रिफ्रेश करें.' recent visitors 162

शादी सीजन में सोना-चांदी हुआ सस्ता, पढ़ें आपके शहर में क्या है गोल्ड और सिल्वर के भाव

इंदौर सोने-चांदी की कीमत में भारी गिरावट आई है। धनतेरस के बाद से लेकर अब तक सोने की कीमत में करीब 4 हजार रुपये की गिरावट आ चुकी है। वहीं चांदी भी तब से लेकर अब तक करीब 10 हजार रुपये सस्ती हुई है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक सोमवार को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 77 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं चांदी करीब 91 हजार रुपये प्रति किलो पर है। फेस्टिवल सीजन में सोने और चांदी की खरीदारी के चलते इनकी कीमत काफी बढ़ गई थी। सोने की कीमत जहां 81 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी, वहीं चांदी भी एक लाख रुपये के पार पहुंच गई थी। इसके बाद इनकी कीमत में गिरावट का दौर जारी है। जानकारों के मुताबिक सोने-चांदी की कीमत में फिर से तेजी देखी जा सकती है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स के अनुसार 8 नवंबर की शाम को 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 77382 रुपये थी। 11 नवंबर को 999 वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 77027 रुपये हो गई है। 8 नवंबर की शाम को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 91130 रुपये थी। 11 नवंबर को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 90833 रुपये हो गई है। 11 नवंबर को 995 शुद्धता वाले सोने की कीमत 76719 रुपये हो गई है। 916 शुद्धता वाले सोने की कीमत 70557 रुपये हो गई है। 750 शुद्धता वाले सोने की कीमत 57770 रुपये हो गई है। 585 शुद्धता वाले सोने की कीमत 45061 रुपये हो गई है। कितनी गिरी सोने की कीमत? फेस्टिव सीजन के दौरान 23 अक्टूबर को 24 कैरेट गोल्ड का दाम 81,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। लेकिन इसके बाद से इसमें गिरावट देखने को मिल रही है। और अब यह 77 हजार रुपये हो गई है यानी 4 हजार रुपये से ज्यादा की कमी आई है। वहीं बात अगर MCX की करें तो धनतेरस वाले दिन यानी 29 अक्टूबर को सोने की कीमत 79281 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। अब यह 76660 रुपये पर है। ऐसे में इसमें 2500 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है। चांदी कितनी सस्ती हुई? धनतेरस के समय चांदी की कीमत एक लाख रुपये प्रति किलो पार हो गई थी। वहीं अब यह करीब 91 हजार रुपये पर आ गई है। ऐसे में तब से लेकर अब तक चांदी की कीमत में करीब 10 हजार रुपये की गिरावट आई है। वहीं एमसीएक्स पर भी चांदी की कीमत में गिरावट आई है। धनतेरस वाले दिन चांदी की कीमत 99332 रुपये प्रति किलो थी। अब यह 91154 रुपये पर है। ऐसे में यहां भी चांदी की कीमत में धनतेरस से लेकर अब तक 8178 रुपये की कमी आई है। क्यों आई इन धातुओं में गिरावट?     कीमतों में गिरावट की वजह फेस्टिव सीजन के बाद लगातार मांग में गिरावट को माना जा रहा है।     अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव खत्म हो चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप की जीत से निवेशक ज्यादा जोखिम वाले निवेश की ओर आकर्षित हुए हैं। यही कारण है कि सोने की मांग में कमी और क्रिप्टोकरेंसी में तेजी आई है।     अंतरराष्ट्रीय बाजार में सेंटीमेंट कमजोर होने के कारण सोने की मांग में कमी आई है। इससे भी इसकी कीमत गिरी है। कब बढ़ेगी कीमत? जानकारों के मुताबिक सोने-चांदी की कीमत जल्द ही बढ़ सकती है। कल यानी 12 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। कल से शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में सोने और चांदी की मांग में फिर से तेजी आने की उम्मीद है, जिससे इसकी कीमत में उछाल आ सकता है। अगर आप सोने-चांदी में निवेश करना पसंद करते हैं तो इन धातुओं को खरीदने का यह सही समय हो सकता है। भारत के 7 प्रमुख महानगर शहरों में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव लखनऊ (Gold Price In Lucknow) 76860 इंदौर (Gold Rate In Indore) 76760 मुंबई (Gold Price In Mumbai) 76760 दिल्ली (Gold Price In Delhi) 76860 जयपुर (Gold Rate In Jaipur) 76900 कानपुर (Gold Rate In Kanpur) 76860 मेरठ (Gold Rate In Meerut) 76860 मिस्ड कॉल लगाकर जानें सोने-चांदी का भाव ibja केंद्र सरकार की छुट्टियों और शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं करता है। आपको 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी का रेट जानना है, तो 8955664433 पर मिस्ड कॉल सकते हैं। मिस्ट कॉल के कुछ ही समय बाद एसएमएस के जरिए रेट्स मिल जाते हैं। गोल्ड या सिल्वर का रेट जानने के लिए www.ibja.co या ibjarates.com पर भी जा सकते हैं। recent visitors 77

आज Vistaraभरेगी आखिरी उड़ान, मर्जर के पहले Tata Group को दे गई ₹3,195 करोड़

 नई दिल्ली भारतीय एविएशन सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर है. दरअसल, टाटा ग्रुप (Tata Group) और सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines) की हिस्सेदारी वाली एयरलाइंस कंपनी विस्तारा आज अपनी आखिरी उड़ान (Vistara Last Flight) भरेगी. कल यानी मंगलवार 12 नवंबर से इसका मर्जर एयर इंडिया (Air India) में हो जाएगा और इसके बाद इसका पूरा ऑपरेशन एयर इंडिया द्वारा ही संचालित किया जाएगा. विस्तारा के 1.15 लाख यात्री करेंगे एयर इंडिया का सफर विस्तारा के विमान कल से आसमान में उड़ान भरते नजर नहीं आएंगे, इसका मर्जर 12 नवंबर को एयर इंडिया में होने जा रहा है और फिर Air India ही इसका संचालन करेगी. आज ये एयरलाइंस अपने नाम से ही आखिरी उड़ान भगेगी. मर्जर के बाद ज्वाइंट वेंचर में सिंगापुर एयरलाइंस को नई इंटीग्रेटेड एयरलाइन में 25.1 फीसदी की हिस्सेदारी हासिल होगी. इस मर्जर के बाद पहले महीने में विस्तारा टिकट (Vistara Air Ticket) वाले 1,15,000 से ज्यादा यात्री एयर इंडिया की फ्लाइट्स में यात्रा करेंगी. कंपनी की ओर से कहा गया है कि यात्रियों को विस्तारा जैसा ही अनुभव होगा 2022 में किया गया था मर्जर का ऐलान Air India-Vistara मर्जर का ऐलान 29 नवंबर, 2022 को किया गया था और इसकी डेडलाइन 12 नवंबर तय की गई थी, जो कि कल है. खास बात ये है कि दोनों एयरलाइंस के मर्जर के बाद सिंगापुर एयरलाइंस, एयर इंडिया में 3195 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इन्वेस्टमेंट करेगी, जिसके चलते उसकी एयर इंडिया में 25.1 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी. बता दें कि Vistara Airlines की शुरुआत टाटा ग्रुप और सिंगापुर एयरलाइंस द्वारा मिलकर 2015 में की गई थी और इसमें जिसमें Singapore Airlines की 49%, जबकि टाटा ग्रुप की 51% हिस्सेदारी थी. नए कोड के साथ उड़ान भरेंगे विमान Vistara आज अपनी आखिरी फ्लाइट ऑपरेट करेगी और एयर इंडिया में विलय के बाद एयरलाइन अब '2' से शुरू होने वाले फ्लाइट कोड के साथ काम करती नजर आएगी, उदाहरण के तौर पर समझें तो यूके 955 फ्लाइट के लिए अब AI 2955 कोड का इस्तेमाल किया जाएगा. इस चेंज के बाद संचालन सुचारू रूप से चलता रहे और यात्रियों को कोई असुविधा न हो. इसके लिए एयरपोर्ट्स (Airports) पर हेल्प डेस्क कियोस्क स्थापित होंगे. विस्तारा ने पोस्ट शेयर कर दी जानकारी विस्तारा एयरलाइंस की ओर से अपने ग्राहकों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) के जरिए पोस्ट के माध्यम से अपडेटेड जानकारी दी गई है कि, 'क्लब विस्तारा ने एयर इंडिया फ्लाइंग रिटर्न्स के साथ हाथ मिलाकर महाराजा क्लब बनने का फैसला किया है. कृपया ध्यान दें कि नए साइन-अप सहित आपके खाते तक पहुंच उपलब्ध नहीं होगी. आप 12 नवंबर से http://airindia.com पर अपने खाते तक पहुंच सकेंगे, थैंक्यू.'   recent visitors 124

एप्पल ने भारत में अपनी पहली रिसर्च और डेवलपमेंट सहायक कंपनी की स्थापित

भारत का स्मार्टफोन बाजार इस साल 7-8 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान  प्रीमियम, 5जी और एआई स्मार्टफोन की मजबूत मांग के कारण भारत के स्मार्टफोन बाजार में इस साल तेजी का अनुमान एप्पल ने भारत में अपनी पहली रिसर्च और डेवलपमेंट सहायक कंपनी की स्थापित नई दिल्ली  प्रीमियम, 5जी और एआई स्मार्टफोन की मजबूत मांग के कारण भारत के स्मार्टफोन बाजार में इस साल तेजी का अनुमान जताया जा रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत के स्मार्टफोन बाजार में 7-8 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। वहीं, भारत में मोबाइल हैंडसेट बाजार में स्थिर वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के विश्लेषक-इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप (आईआईजी) पंकज जादली ने कहा, “जैसे-जैसे ब्रांड टेक्नोलॉजी के अंतर को कम करने और किफायती 5जी डिवाइस पेश करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, प्रतिस्पर्धा तेज होने की संभावना बढ़ती जाती है। आने वाली तिमाहियों में एआई-इनेबल्ड डिवाइस को लेकर ग्राहकों की पसंद बनी रहेगी।” तीसरी तिमाही में, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत के स्मार्टफोन बाजार में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। भारत में उपभोक्ता मांग मजबूत बनी हुई है, जो मिड-रेंज और प्रीमियम स्मार्टफोन को पसंद करने के कारण है। 5जी स्मार्टफोन शिपमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 82 प्रतिशत हो गई, जो कि सालाना आधार पर 49 प्रतिशत की एक बड़ी वृद्धि है। तिमाही के दौरान 18 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ वीवो 5जी स्मार्टफोन बाजार में सबसे आगे रहा, जबकि सैमसंग 17 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। सीएमआर की एनालिस्ट-इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप मेनका कुमारी के अनुसार, भारत का स्मार्टफोन बाजार अनुकूलनशीलता प्रदर्शित कर रहा है, जिसमें उपभोक्ता प्राथमिकताएं 5जी अपनाने और प्रीमियम सुविधाओं पर अधिक केंद्रित हैं। 5जी स्मार्टफोन की निरंतर वृद्धि 10 हजार-13 हजार प्राइस बैंड के साथ जुड़ी है। जो कि किफायती कीमत पर हाई-परफॉर्मेंस डिवाइस चाहने वाले ग्राहकों की बढ़ती संख्या का संकेत है। इसके अतिरिक्त, प्रीमियम फोन की लहर मजबूत बनी हुई है, प्रीमियम सेगमेंट (25,000 रुपये से ऊपर) में 26 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि देखी गई। एप्पल ने सबसे महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की, जिसमें शिपमेंट में 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में फीचर फोन बाजार में तीसरी तिमाही में 14 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण 4जी फीचर फोन शिपमेंट में 46 प्रतिशत की एक बड़ी गिरावट है।   एप्पल ने भारत में अपनी पहली रिसर्च और डेवलपमेंट सहायक कंपनी की स्थापित आईफोन निर्माता एप्पल ने भारत में अपनी नई रिसर्च और डेवलपमेंट सहायक कंपनी की शुरुआत की है। भारत में सहायक कंपनी स्थापित करने को लेकर यह कदम चीन के बाहर एप्पल की सप्लाई चेन और रिसर्च को लेकर अहम माना जा रहा है। एप्पल की यह सहायक कंपनी रिसर्च, डिजाइन, टेस्टिंग-प्रोवाइडिंग और थर्ड पार्टी के निर्माताओं को सहायता देने को लेकर काम करेगी। बाजार के जानकारों के अनुसार, एप्पल का भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट सुविधा स्थापित करने का कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कंपनी को लोकल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को समझने, मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के साथ बेहतर ढंग से जुड़ने और भारत-स्पेसिफिक उत्पाद और समाधान बनाने में मदद मिलेगी। वर्तमान में एप्पल के पास अमेरिका, चीन, जर्मनी और इजरायल में रिसर्च और डेवलपमेंट सुविधाएं हैं। कंपनी ने रिसर्च और डेवलपमेंट को लेकर भारत की अपनी भविष्य की योजनाओं पर फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के वीपी-इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप, प्रभु राम के अनुसार, जिस तरह से चीन ने अतीत में एप्पल के विकास को बढ़ावा दिया, उसी तरह भारत अगले दशक में भी ऐसा ही करने के लिए तैयार है। राम ने बताया, “इस वृद्धि की वजह केवल रिटेल और मार्केटिंग ही नहीं है, बल्कि मजबूत आरएंडडी ऑपरेशन भी है। भारत-केंद्रित आरएंडडी पर ध्यान केंद्रित कर, एप्पल भारतीय ग्राहकों और उससे आगे की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए इनोवेशन के अगले स्तर को बढ़ावा दे रहा है।” एप्पल भारत और वियतनाम में अपनी मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। व्यापार करने में आसानी और अनुकूल लोकल मैन्युफैक्चरिंग नीतियों से उत्साहित, एप्पल के ‘मेक इन इंडिया’ आईफोन पिछले सभी निर्यात रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। कंपनी के सीईओ टिम कुक के अनुसार, भारत में चार और खुद के ब्रांडेड रिटेल स्टोर खोलने की तैयारी है। वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही के दौरान कुक ने कहा, “हम भारत में जो उत्साह देख रहे हैं, उससे हम उत्साहित हैं, जहां हमने अब तक का सबसे बड़ा राजस्व रिकॉर्ड बनाया है। एप्पल के लिए यह इनोवेशन का एक असाधारण वर्ष रहा है। हम भारत में ग्राहकों के लिए चार नए स्टोर खोलने का इंतजार नहीं कर सकते।” कुक ने कहा, “हम शिक्षा के प्रति जुनूनी हैं और मानते हैं कि शिक्षकों को अपने छात्रों को प्रेरित करने और छात्रों को अपने आसपास की दुनिया के बारे में जानने में मदद करने में टेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका है।” लेटेस्ट इंडस्ट्री आंकड़ों के अनुसार, टेक दिग्गज भारत से निर्यात के वित्त वर्ष 2024 के आंकड़ों को पार करने की राह पर है, जो इस वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 25) के पहले छह महीनों में 50,000 करोड़ रुपये (6 बिलियन डॉलर से अधिक) तक पहुंच गया है। भारत से आईफोन निर्यात 2022-23 में 6.27 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2023-24 में 10 बिलियन डॉलर को पार कर गया। कुल मिलाकर, आईफोन निर्माता का भारत परिचालन पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 24) में 23.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। एप्पल ने पिछले वित्त वर्ष में भारत में 14 बिलियन डॉलर के आईफोन असेंबल किए और 10 बिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के डिवाइस निर्यात किए।     recent visitors 99

पेप्सिको, यूनिलीवर और डैनोन पैकेज्ड फूड कंपनियां भारत में ऐसे प्रोडक्ट बेच रही हैं जो कम हेल्दी हैं: एटीएमआई रिपोर्ट

नई दिल्ली आपने पेप्सिको, यूनिलीवर, डैनोन आदि कंपनियों के नाम सुने होंगे। ये कंपनियां कई तरह के प्रोडक्ट भारत समेत दुनियाभर में बेचती हैं। अब इन कंपनियों पर आरोप लगा है कि ये भारत समेत कई देशों में खराब क्वालिटी के प्रोडक्ट बेच रही हैं। ये आरोप एक एनजीओ एक्सेस टू न्यूट्रिशन इनिशिएटिव (ATNI) की नई इंडेक्स रिपोर्ट में लगाए गए हैं। पेप्सिको (PepsiCo) भारत में पेप्सी, सेवनअप, स्लाइस, स्टिंग, Lays चिप्स, कुरकुरे आदि बेचती है। वहीं यूनिलीवर (Unilever) हॉर्लिक्स, रेड लेवल चाय, ताज महल चाय, क्लोजअप टूथपेस्ट, क्लिनिक प्लस शैंपू और ऑइल, डव साबुन आदि बेचती है। इसके अलावा डैनोन (Danone) बेबी फूड आइटम्स बेचती है जिसमें प्रोटिनेक्स भी शामिल है। क्या है रिपोर्ट में? इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार एटीएमआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि पेप्सिको, यूनिलीवर और डैनोन जैसी विदेशी पैकेज्ड फूड कंपनियां भारत और अन्य कम आय वाले देशों में ऐसे प्रोडक्ट बेच रही हैं जो कम हेल्दी हैं। वहीं हाई इनकम वाले देशों में ये कंपनियां जो प्रोडक्ट बेच रही हैं, उनकी हेल्थ स्टार रेटिंग कहीं ज्यादा है। रिपोर्ट में निम्न और निम्न मध्यम आय वाले देशों की लिस्ट में भारत के साथ इथियोपिया, घाना, केन्या, नाइजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस, तंजानिया और वियतनाम को शामिल किया गया है। क्वालिटी के साथ ऐसे कर रहीं खिलवाड़ रिपोर्ट में प्रोडक्ट की क्वालिटी को उदाहरण से समझाया गया है। इसके अनुसार Lays चिप्स और ट्रॉपिकाना जूस बनाने वाली पेप्सिको ने न्यूट्री-स्कोर A/B को पूरा करने वाले प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। लेकिन यह केवल यूरोपीय संघ में इसके स्नैक्स पोर्टफोलियो पर लागू होता है। वहीं यूनिलीवर के फूड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में क्वालिटी वॉल्स और मैग्नम आइसक्रीम तथा नॉर सूप और रेडी-टू-कुक मिक्स शामिल हैं। डैनोन भारत में प्रोटीनेक्स सप्लीमेंट और एप्टामिल शिशु फॉर्मूला बेचता है। किसे कितने अंक मिले? अमेरिका की एटीएनआई इंडेक्स के अनुसार, हेल्थ स्टार रेटिंग सिस्टम के अनुसार, प्रोडक्ट्स को 5 अंकों में से उनके हेल्थ स्कोर के आधार पर रैंक किया जाता है। इसमें 5 को सर्वश्रेष्ठ स्कोर माना जाता है। 3.5 से ऊपर के स्कोर को स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। निम्न आय वाले देशों में फूड कंपनियों के पोर्टफोलियो का टेस्ट किया गया और उन्हें 1.8 अंक दिए गए। जबकि हाई इनकम वाले देशों में ऐसे प्रोडक्ट्स को औसतन 2.3 अंक दिए गए। recent visitors 164

20 नवंबर को BSE और NSE में नहीं होगा कारोबार, शेयर मार्केट का कामकाज रहेगा रहेगा बंद

मुंबई भारतीय शेयर बाजारों में आने वाली 20 नवंबर 2024 को बुधवार के दिन छुट्टी रहेगी और स्टॉक मार्केट में बीएसई और एनएसई पर कोई कामकाज नहीं होगा. शेयर बाजार में अवकाश का ऐलान महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के उपलक्ष्य में किया गया है. शेयर बाजार ने इस बात की आधिकारिक जानकारी दे दी है. करेंसी मार्केट और कमोडिटी एक्सचेंज पर भी कारोबारी अवकाश स्टॉक मार्केट के दोनों एक्सचेंज यानी बीएसई और एनएसई पर शेयर बाजार में अवकाश रहेगा और इस दिन महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के चलते एक्सचेंज पर कामकाज नहीं होगा. करेंसी मार्केट और कमोडिटी एक्सचेंज पर भी कारोबार का अवकाश रहेगा. 20 नवंबर को मुंबई में राजनीतिक हलचल के चलते व्यस्त रहेंगे मुंबईकर इसी दिन झारखंड विधानसभा चुनाव भी होंगे और उत्तर प्रदेश के 9 विधानसभा उपचुनाव का ऐलान हो चुका है. वैसे शेयर बाजार में छुट्टी इसलिए दी गई है कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जहां से स्टॉक एक्सचेंज संचालित होते हैं, वहां चुनावी दिन है. महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में 20 नवंबर को राजनीतिक हलचल रहेगी और इसी कारण से वित्तीय कामकाज को थोड़ा विराम देने की कोशिश की गई है जिससे सभी मुंबईकर और महाराष्ट्र के वासी अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग कर सकें. recent visitors 81

अनिल अंबानी को बड़ा झटका, 3 साल के बैन से बढ़ी मुश्किलें, शेयर 5% टूटकर 41.47 रुपये पर पहुंचे

मुंबई अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर के शेयर शुक्रवार को बाजार खुलते ही धड़ाम हो गए हैं। रिलायंस पावर के शेयर BSE में 5 पर्सेंट लुढ़ककर 41.47 रुपये पर पहुंच गए हैं। दरअसल, एक खबर से अनिल अंबानी की कंपनियों को बड़ा झटका लगा है। सरकारी कंपनी सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) ने रिलायंस पावर लिमिटेड, उसकी सहायक कंपनियों और रिलायंस NU BESS लिमिटेड पर कंपनी की तरफ से जारी टेंडर्स में हिस्सा लेने के लिए 3 साल की रोक लगा दी है। सरकारी कंपनी ने इस वजह से लगाया है बैन सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) ने जून में एक टेंडर रिलीज किया था, इस टेंडर में अनिल अंबानी की कंपनियों की तरफ से कथित फर्जी दस्तावेज जमा करने की बात सामने आई है। सरकारी कंपनी ने इसी के बाद यह पाबंदी लगाई है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ने इस टेंडर में 1000 MW/2000 MWh स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट्स लगाने के लिए निविदा मांगी थीं। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद टेंडर प्रोसेस को कैंसल कर दिया गया है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ने कहा है कि महाराष्ट्र एनर्जी जेनरेशन लिमिटेड (अब नाम रिलायंस NU BESS लिमिटेड) की तरफ से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) के बदले बैंक गारंटी का इंडोर्समेंट फर्जी था। रिलायंस पावर, इसकी सब्सिडियरीज और रिलायंस NU BESS लिमिटेड पर बैन 6 नवंबर 2024 से प्रभावी हुआ है। हाल में कर्ज मुक्त हुई है रिलायंस पावर की एक कंपनी अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर ने पिछले दिनों बताया कि उसकी इकाई रोजा पावर सप्लाई कंपनी ने सिंगापुर बेस्ड लेंडर वर्डे पार्टनर्स का 485 करोड़ रुपये का कर्ज और चुका दिया है। साथ ही, रोजा पावर अब जीरो-डेट कंपनी बन गई है। रोजा पावर को जीरो-डेट स्टेटस मिल गया है। कंपनी ने वर्डे पार्टनर्स का पूरा 1318 करोड़ रुपये का कर्ज चुका दिया है। सितंबर में रोजा पावर ने वर्डे पार्टनर्स को 833 करोड़ रुपये का पेमेंट किया था। recent visitors 78

शेयर बाजार में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन अचानक से बड़ी गिरावट आ गई

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन अचानक से बड़ी गिरावट आ गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (Sensex) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने निफ्टी (Nifty) ने जोरदार ओपनिंग की, लेकिन ये तेजी कुछ ही मिनटों में गिरावट में तब्दील हो गई और सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा टूट गया. निफ्टी में भी 190 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई. मार्केट की शुरुआत में ही बीएसई के 30 में से 24 शेयर धड़ाम हो गए. अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की जीत का जश्न एक दिन भी नहीं टिक सका और कल की तेजी आज बड़ी गिरावट में तब्दील हो गई. Sensex अचानक हो गया धराशायी बीते कारोबारी दिन की जोरदार तेजी के बाद गुरुवार को शेयर मार्केट ने बढ़त के साथ हरे निशान पर कारोबार शुरू किया. BSE Sensex अपने पिछले बंद 80,378.13 की तुलना में करीब 200 अंकों की छलांग लगाते हुए 80,563.42 के लेवल पर ओपन हुआ. लेकिन महज 15 मिनट के कारोबार के दौरान ही ये लाल निशान पर आ गया और 823.73 अंक की गिरावट के साथ 79,554.10 के लेवल पर ट्रेड करता नजर आया. बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की जोरदार जीत के बीच सेंसेक्स 901 अंक चढ़कर बंद हुआ था. Nifty भी शुरुआती तेजी से फिसला सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty ने भी गुरुवार को कारोबार की शुरुआत को हरे निशान पर की, लेकिन एक झटके में ये लाल निशान पर कारोबार करने लगा. अपने बुधवार के बंद 24,484.05 की तुलना में मामूली बढ़त लेकर निफ्टी इंडेक्स 24,489.60 के लेवल पर ओपन हुआ और खबर लिखे जाने तक ये 194 अंक की बड़ी गिरावट के साथ या 0.74 फीसदी टूटकर 24,289 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. ये शुरुआती कारोबार में ही 24,326 के स्तर तक फिसला था.   इन 10 शेयरों का बुरा हाल अब बात करते हैं कि बाजार में अचानक आई इस गिरावट के बीच सबसे ज्यादा कौन से शेयर फिसले, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Ultratech Cement Share 1.66% की गिरावट के साथ 11,083.60 रुपये पर, जबकि Bajaj Finserve Share 1.57% टूटकर 1720.10 रुपये पर कारोबार कर रहा था. Tech Mahindra Share में भी 1.20 फीसदी की गिरावट आई और ये 1674 रुपये के लेवल पर ट्रेड करता नजर आया. मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों को देखें, तो Midcap में ग्लेमार्क शेयर (GlenMark Share) 3.80% फिसलकर 1701.80 रुपये पर, Muthoot Finance Share 2.47% की गिरावट के साथ 1848.30 रुपये पर और Escorts Share 2.29% टूटकर 3667.15 रुपये पर कारोबार कर रहा था. वहीं दूसरी ओर स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल RPSGVENT Share 6.05%, Blue Star Share 5.89%, SBCL Share 4.50% और FDC Share 4.17% की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. recent visitors 76

यूपी के तीनों ग्रामीण बैंकों के विलय से यूपी राज्य ग्रामीण बैंक आकार लेगा, बैंकों की संख्या 43 से घटकर होगी 28

नई दिल्ली देश में बैंकों को लेकर मोदी सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है। दरअसल, बैंकों की संख्या कम किया जाएगा और शेष बचे बैंकों को व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। बैंकों की संख्या वर्तमान में 43 से घटकर 28 हो जाने की संभावना है। इन राज्यों के बैंकों का होगा विलय बता दें कि वित्त मंत्रालय के तरफ से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का दूसरे बैंकों में विलय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।  आरआरबी का विलय आंध्र प्रदेश (चार आरआरबी), उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल (प्रत्येक में तीन) और बिहार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा तथा राजस्थान (प्रत्येक में दो) में किया जाएगा। वित्तीय सेवा विभाग ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रायोजक बैंकों के प्रमुखों से 20 नवंबर तक टिप्पणियां मांगी हैं। वहीं यूपी के तीनों ग्रामीण बैंकों के विलय से यूपी राज्य ग्रामीण बैंक आकार लेगा, जिसका प्रस्तावित मुख्यालय राजधानी लखनऊ में होगा। UP में तीन ग्रामीण बैंकों का विलय उत्तर प्रदेश में ग्रामीण बैंक को बड़ा बनाने की तैयारी है, इसके बाद प्रदेश का  सबसे बड़े नेटवर्क वाला बैंक हो जाएगा, जो प्रदेश के 75 जिलों में अपनी 4317 शाखाओं के साथ कार्यरत होगा। बता दें कि अभी प्रदेश में भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं सर्वाधिक हैं, जिनकी संख्या 2780 है। भारत सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण बैंकों के विलय का यह चौथा चरण है। यूपी में स्टेट बैंक से भी ज्यादा शाखाएं ग्रामीण बैंक की होंगी यूपी में अब सबसे ज्यादा शाखाएं ग्रामीण बैंक की होंगी। स्टेट बैंक से भी ज्यादा। यह नया बैंक प्रदेश की तीनों ग्रामीण बैंकों के मर्जर के बाद आकार लेगा। इसका नाम यूपी राज्य ग्रामीण बैंक होगा। इसकी कवायद केंद्र सरकार ने शुरू कर दी है। बड़ौदा यूपी बैंक, आयावर्त बैंक और प्रथमा यूपी बैंक सहित अन्य राज्यों में जहां एक से अधिक ग्रामीण बैंक कार्यरत हैं, के विलय की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निदेशक सुशील कुमार सिंह ने राज्य सरकार और प्रायोजक बैंक को पत्र भेजकर 20 नवंबर तक अपनी सहमति भेजने को कहा है। इसका प्रधान कार्यालय लखनऊ में रहेगा वहीं इस विलय की प्रक्रिया को लेकर ALL India ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव डीएन त्रिवेदी का कहना है कि वित्त मंत्रालय ने आपसी विलय के लिए राज्य के अधिकतम व्यापार वाले ग्रामीण Bank में दूसरे ग्रामीण बैंक के विलय और राज्य मुख्यालय में प्रधान कार्यालय स्थापित करने का निर्देश दिया है। इसके तहत बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा प्रायोजिक बड़ौदा यूपी बैंक के साथ बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित आर्यावर्त बैंक व पंजाब नेशनल बैंक द्वारा प्रायोजित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक का विलय होगा। इसका प्रधान कार्यालय लखनऊ में रहेगा। विलय से ये होंगे लाभ ग्रमीण बैंकों के विलय होने के बाद इन बैंकों के संसाधन बढ़ जाएंगे व ऋण देने की क्षमता भी बढ़ जाएगी जिससे राज्य, खासकर ग्रामीण अर्थ व्यवस्था मजबूत होगी। विलय होने के बाद से ग्रामीण बैंक बाजार से पूंजी एकत्र करने में सक्षम होंगे। विलय होने के बाद  ग्रामीण बैंक की पूंजी के लिए सरकार पर निर्भरता कम होगी और अपने स्थापना खर्च वहन करने में आत्मनिर्भर होंगे   recent visitors 193

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक एक प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि के साथ हरे निशान में बंद हुए

मुंबई भारतीय शेयर बाजार ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की संभावित जीत का स्वागत किया है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांक एक प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि के साथ हरे निशान में बंद हुए हैं। कारोबार के अंत में आईटी सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी देखी गई। सेंसेक्स 901.50 अंक या 1.13 प्रतिशत चढ़कर 80,378.13 पर बंद हुआ। वहीं, दूसरी ओर निफ्टी 270.75 अंक या 1.12 प्रतिशत चढ़ने के बाद 24,484 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 110.15 अंक या 0.21 प्रतिशत चढ़ने के बाद 52,317.40 पर आ गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स कारोबार के अंत में 1,240.35 अंक या 2.21 प्रतिशत चढ़ने के बाद 57,355.80 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 402.65 अंक या 2.18 प्रतिशत चढ़ने के बाद 18,906.10 पर बंद हुआ। निफ्टी के ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल, रियलिटी, मीडिया और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। सारे सेक्टर हरे निशान पर कारोबार करने के साथ बंद हुए हैं। सेंसेक्स पैक में टीसीएस, एचसीएल टेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, एलएंडटी और मारुति टॉप गेनर्स रहे। टाइटन, इंडसइंड बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक टॉप लूजर्स रहे। बाजार का रुझान सकारात्मक रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 3,013 शेयर हरे, 961 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, 89 शेयर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं रहा। बाजार के जानकारों के अनुसार, अमेरिकी चुनाव के नतीजों के बाद वैश्विक बाजारों में राहत की लहर देखी गई, जिससे ट्रंप के मजबूत जनादेश के साथ राजनीतिक अनिश्चितता कम हुई। इससे कर कटौती और सरकारी खर्च में वृद्धि की उम्मीदों से प्रेरित मजबूत जोखिम-भावनाएं पैदा हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि घरेलू खरीद व्यापक आधार पर हुई, जिसमें आईटी ने अमेरिका में आईटी खर्च में उछाल की उम्मीद में बढ़त हासिल की। आईटी दूसरी तिमाही के नतीजों के अनुसार अमेरिका में बीएफएसआई खर्च में सुधार हुआ है, जो भारत के लिए सकारात्मक है। recent visitors 82

शेयर मार्केट पर US राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का असर, सेंसेक्स अब 702 अंक ऊपर 80178 के लेवल पर ट्रेड कर रहा

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना के बीच सेंसेक्स भी उड़ान रहा है। सेंसेक्स अब 702 अंक ऊपर 80178 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। जबकि, निफ्टी 207 अंकों की उछाल के साथ 24420 पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना के बीच सेंसेक्स भी भाग रहा है। आज दिन के हाई 80115 पर पहुंचने के बाद सेंसेक्स अभी भी 570 अंक ऊपर 80047 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। जबकि, निफ्टी 24415 का लेवल छूने के बाद अब 172 अंकों की बढ़त के साथ 24385 पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस की वापसी से शेयर मार्केट में बढ़त अब घट गई है। आज दिन के हाई 80115 पर पहुंचने के बाद सेंसेक्स अब केवल 298 अंक ऊपर 79775 के लेवल पर आ गया है। जबकि, निफ्टी 24415 का लेवल छूने के बाद अब 93 अंकों की बढ़त के साथ 24307 पर है। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 84.1725 पर पहुंच गया है। इससे पहले यह 84.1075 पर बंद हुआ था। इसे आखिरी बार 84.17 पर कारोबार करते हुए देखा गया था। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉलर इंडेक्स करीब 1.5% बढ़कर चार महीने के उच्चतम स्तर 104.9 पर पहुंच गया, जबकि एशियाई मुद्राओं में 1.2% तक की गिरावट आई। घरेलू शेयर मार्केट में बंपर उछाल है। सेंसेक्स 540.41 अंकों की उछाल के साथ 80,017.04 पर पहुंच गया है। निफ्टी भी 176 अंकों की उड़ान भरकर 24389 के लेवल पर है। निफ्टी टॉप गेनर्स की लिस्ट में एचसीएल टेक, ट्रेंट, इन्फोसिस, बीईएल और टीसीएस हैं। प्रत्येक में 2 फीसद से अधिक की बढ़त है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझान में डोनाल्ड ट्रंप को 200 से अधिक सीटें मिलती दिख रही हैं। ऐसे में सेंसेक्स अभी 91 अंक ऊपर 79568 पर है। एचसीएल टेक, इन्फोसिस, मारुति, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एनटीपीसी, इंडसइंड बैंक, नेस्ले, रिलायंस, एक्सिस बैंक, आईटीसी, अडानी पोर्ट्स जैसे स्टॉक शुरुआती कारोबार में बढ़त बनाए हुए हैं। recent visitors 72

Swiggy IPO का इंतजार खत्म, आज से खुलेगा स्विगी आईपीओ, ₹371-390 प्राइस बैंड फिक्स, चेक करें GMP

मुंबई ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी का आईपीओ आज 6 नवंबर से खुल जाएगा. रिटेल निवेशक बुधवार से बोली लगा सकते हैं, जोकि 8 नवंबर को बंद हो जाएगा. कंपनी आईपीओ के जरिए करीब 11,327 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है. पब्लिक इश्यू के लिए प्राइस बैंड 371-390 रुपए फिक्स किया गया है. इस लिहाज से निवेशकों को हर लॉट में 38 शेयर मिलेंगे. हालांकि ग्रे मार्केट में भाव लगातार गिरता जा रहा है. 6 नवंबर को खुलेगा आईपीओ स्विगी आईपीओ (Swiggy IPO) आज 6 नवंबर से खुलेगा. रिटेल निवेशक पब्लिक इश्यू में 8 नवंबर तक बोली लगा सकते हैं. बताते चलें कि कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास 26 सितंबर को आईपीओ के लिए अप्लाई किए थे. आईपीओ में 500 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी किए जाएंगे. वहीं, ऑफर फॉर सेल यानी OFS में प्रोमोटर्स और मौजूदा निवेशक हिस्सा बिक्री करेंगी. इसके तहत 18.52 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री होगी. ओएफएस के जरिए करीब 6,666 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है. स्विगी पब्लिक इश्यू के लिए बुकरनिंग लीड मैनेजर्स के तौर पर कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एवेंडस कैपिटल, जेपी मॉर्गन इंडिया, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज नियुक्त किया गया है. वहीं, रजिस्ट्रार के तौर पर लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है. ग्रे मार्केट में स्विगी आईपीओ स्विगी के आईपीओ का जलवा ग्रे मार्केट में कम होता जा रहा है. आईपीओ खुलने से पहले प्रीमियम में गिरावट दर्ज की जा रही है. यह मंगलवार को 20 रुपए गिर गया. इस लिहाज ग्रे मार्केट प्रीमियम अब 410 रुपए पर आ गया है, जोकि इश्यू प्राइस 390 रुपए से 5.13 फीसदी ज्यादा है जोमैटो vs स्विगी का कारोबार ज़ोमैटो ने हाल ही में प्रॉफिटेबिलिटी का ऐलान किया, जिसका वैल्युएशन 30 बिलियन डॉलर के करीब है. इसे ब्लिंकिट और इसके B2B सेगमेंट, हाइपरप्योर के माध्यम से इंस्टेंट कॉमर्स में सफल प्रयासों से बल मिला है. दूसरी ओर, स्विगी के वित्तीय प्रदर्शन ने ग्रोथ और चुनौतियों का मिश्रण दिखाया है. वित्त वर्ष 24 में स्विगी ने 36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,247 करोड़ रुपए का राजस्व दर्ज किया, जबकि घाटे में 44 प्रतिशत की कटौती की. हालांकि, वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में बढ़ते खर्चों की वजह से स्विगी के घाटे में 8 फीसदी का अजाफा होगा, जो 611 करोड़ रुपए थी. इसके उलट उसी दौरान जोमैटो की आय 253 करोड़ रुपए के फायदे के साथ 4,206 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. भारत में तेजी बढ़ रहा फूड डिलीवरी मार्केट भारतीय फूड डिवीवरी मार्केट को लेकर आगे अच्छा आउटलुक है. एक अनुमान के मुताबिक साल 2030 तक यह 2 लाख करोड़ रुपए के पार निकल जाएगा. देश के फूड डिलीवरी मार्केट में 90% से ज्यादा की हिस्सेदारी स्विगी और जोमैटो के पास है. जोमैटो को मार्केट में साल 2021 में ही लिस्ट हो चुका है. अब स्विगी की बारी है. मीडिया सोर्सेज के मुताबिक स्विगी पर कुछ बैंकरों ने भरोसा जताया है, जोकि 10 से 13 अरब डॉलर की वैल्युएशंस के साथ लिस्ट हो सकती है. recent visitors 73

रीजनल रूरल बैंकों के मर्जर की तैयारी में सरकार, अभी पूरे देश में कुल 43 Regional Rural Bank हैं

नई दिल्ली  सरकार की नजर अब क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों पर है। देश में अभी 43 ग्रामीण बैंक हैं। सरकार उनकी संख्या 28 करना चाहती है। इसके लिए कुछ बैंकों का दूसरे बैंकों में मर्जर करने का प्लान है। इससे इन बैंकों को लागत कम करने और कैपिटल बेस बढ़ाने में मदद मिलेगी। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इस बारे में एक दस्तावेज तैयार किया है। इसमें ग्रामीण बैंकों के मर्जर का प्रस्ताव है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक छोटे किसानों, कृषि मजदूरों और छोटे कारोबारियों को क्रेडिट देते हैं लेकिन उनकी पूंजी और टेक्नोलॉजी तक पर्याप्त पहुंच नहीं है। 31 मार्च, 2024 तक के आंकड़ों के मुताबिक इन बैंकों के पास कुल 6.6 लाख करोड़ रुपये जमा थे जबकि उनका एडवांस 4.7 लाख करोड़ रुपये का था। एक बैंकर ने कहा कि प्रस्तावित मर्जर के बाद एक राज्य में एक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक रह जाएगा। इस बारे में वित्त मंत्रालय ने ईमेल का जवाब नहीं दिया। एसेट्स के हिसाब से देश में अब भी आधे से अधिक बैंकिंग सेक्टर पर सरकारी बैंकों को कब्जा है। सरकार ने बैंकों के कामकाज में सुधार करने और कैपिटल के लिए सरकार पर उनकी निर्भरता कम करने के लिए उन्हें कंसोलिडेट करने की कोशिश की है। कितनी घट चुकी है संख्या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में केंद्र सरकार की 50 फीसदी, स्पॉन्सर या शेड्यूल्ड बैंकों की 35 फीसदी और राज्य सरकार की 15 फीसदी हिस्सेदारी है। सरकार ने 2004-05 में बैंकों को कंसोलिडेट करने की प्रोसेस शुरू की थी। 2020-21 तक इनकी संख्या 196 से घटाकर 43 की गई थी। प्रस्ताव में महाराष्ट्र में दो रीजनल बैंकों का मर्जर करने की योजना है। साथ ही आंध्र प्रदेश में भी चार बैंकों को मिलाने की बात कही गई है। recent visitors 173

शेयर बाजार हरे निशान में बंद, सेंसेक्स 694 अंक चढ़ा

मुंबई भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को अमेरिकी चुनाव के नतीजों को लेकर अनिश्चितता के बीच बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में एफएमसीजी और मीडिया को छोड़कर सभी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। सुबह के कारोबार में बाजार सीमित दायरे में खुला था। दोपहर डेढ़ बजे के बाद बाजार में तेजी शुरू हुई। बीएसई का सेंसेक्स 694.39 अंक या 0.88 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। वहीं, दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी 217.95 अंक या 0.91 प्रतिशत चढ़ने के बाद 24,213.30 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 992 अंक या 1.94 प्रतिशत चढ़ने के बाद 52,207.25 पर आ गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स कारोबार के अंत में 330.90 अंक या 0.59 प्रतिशत चढ़ने के बाद 56,115.45 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 78.80 अंक या 0.43 प्रतिशत चढ़ने के बाद 18,503.45 पर बंद हुआ। निफ्टी के ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, मेटल और रियलिटी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स पैक में जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, कोटक बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स टॉप गेनर्स रहे। वहीं, आईटीसी, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, एलएंडटी और सन फार्मा टॉप लूजर्स रहे। बाजार का रुझान सकारात्मक रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,476 शेयर्स हरे, 1,473 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, 109 शेयर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं रहा। बाजार के जानकारों ने कहा, "निफ्टी को लगातार दूसरे दिन ऐतिहासिक स्विंग लो के आसपास समर्थन मिला है। टेक्निकल फ्रंट पर, दैनिक चार्ट पर पियर्सिंग लाइन कैंडलस्टिक पैटर्न दिखाई दिया है, जो संभावित तेजी के उलटफेर का संकेत देता है। इसके अतिरिक्त, दैनिक आरएसआई पर सकारात्मक विचलन ऊपर की ओर बढ़ने के मामले को और मजबूत करता है।" भारतीय रुपया मंगलवार को 84.10 प्रति डॉलर पर स्थिर बंद हुआ, जबकि सोमवार को यह 84.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। रुपये को लेकर जानकारों ने कहा कि बाजार प्रतिभागी एफआईआई गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि कोई भी महत्वपूर्ण खरीद या बिक्री रुपये की चाल को अमेरिकी चुनाव के नतीजों के साथ प्रभावित कर सकती है। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार 1,300 अंक तक नीचे गिर गया। हालांकि, कारोबार के अंत में कुछ रिकवरी हुई और सेंसेक्स 941.88 अंक या 1.18 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी ओर निफ्टी 309 अंक या 1.27 प्रतिशत गिरने के बाद 23,995.35 पर बंद हुआ। recent visitors 66

नवंबर और दिसंबरमें 48 लाख शादियां, 6 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद : CAIT

नई दिल्ली दिवाली का त्योहार बीत चुका है। अब महापर्व छठ (Chhath Mahaparv) की तैयारी शुरू हो गई है। इसके बीतते ही 12 नवंबर को देवोत्थान एकादशी है। फिर शुरू हो जाएगा शादी-ब्याह का मौसम। इस साल शादी का लगन 16 दिसंबर तक चलेगा। अनुमान है कि इस दौरान देश भर में करीब 48 लाख शादियां होंगी। इन शादियों से बाजार में करीब छह लाख करोड़ रुपये आएंगे। मतलब कि अर्थव्यवस्था को एक नया बल मिलेगा। कहां से आया है यह अनुमान देश के रिटेल कारोबारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने एक अध्ययन रिपोर्ट जारी किया है। इसी में दावा किया गया है कि इस साल नवंबर और दिसंबर महीने में करीब 48 लाख शादियां होने का अनुमान है। संगठन का कहना है कि इन शादियों से करीब 6 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद है। पिछले साल इस सीजन में करीब 35 लाख शादियों से कुल 4.25 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हुआ था। कैट का कहना है कि देश भर के 75 प्रमुख शहरों में शादी से संबंधित वस्तुओं और सेवाओं में व्यापार करने वाले प्रमुख व्यापारी संगठनों से चर्चा के आधार पर यह अनुमान लगाया गया है। इस बार शुभ मुहूर्त की ज्यादा है तिथियां बताया जाता है कि इस साल शुभ विवाह मुहूर्त की तिथियों में वृद्धि के कारण व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2023 में 11 शुभ मुहूर्त थे, जबकि इस वर्ष 18 मुहूर्त है। इससे व्यापार को और अधिक बढ़ावा मिलने की संभावना है। इस दौरान दिल्ली में ही अनुमानित 4.5 लाख शादियां होंगी। इससे इस सीजन में 1.5 लाख करोड़ रुपये के व्यापार की उम्मीद है। किस-किस दिन लगन कैट के अनुसार, इस साल के शादी सीजन में नवंबर में शुभ तिथियां 12, 13, 17, 18, 22, 23, 25, 26, 28 और 29 हैं, जबकि दिसंबर में ये तिथियां 4, 5, 9, 10, 11, 14, 15 और 16 हैं। इसके बाद लगभग एक महीने तक शादियों के सीजन में विराम होगा। इसके बाद साल 2025 में मध्य जनवरी से मार्च तक फिर से शादियां शुरू होंगी। एक शादी में कितना खर्च कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक दो महीने के दौरान देश भर में 10 लाख शादियों में औसतन 3 लाख रुपये खर्च होंगे। करीब 10 लाख शादियों में 6 लाख रुपये खर्च होंगे। करीब 10 लाख शादियां ऐसी होंगी जिनमें 10 लाख रुपये, इतनी ही शादियों में 15 लाख रुपये खर्च होंगे। लगभग 7 लाख शादियां ऐसी होंगी जिनमें औसतन 25 लाख रुपये खर्च होंगे जबकि 50,000 शादियों में 50 लाख रुपये खर्च होंगे। देश में करीब 50,000 ऐसी शादियां होंगी जिनमें एक करोड़ या उससे अधिक राशि के खर्च होने का अनुमान है। शादी में किन वस्तुओं पर कितना खर्च खंडेलवाल के अनुसार, शादी के खर्च को सामान और सेवाओं के बीच विभाजित किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से कपड़े, साड़ियां, लहंगे, और अन्य परिधान पर 10%, आभूषण पर 15%, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली उपकरण, और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 5%, सूखे मेवे, मिठाइयां, और स्नैक्स 5%, किराना और सब्जियां 5%, उपहार आइटम्स 4% तथा अन्य वस्तुओं पर 6% का अमूमन खर्च होता है। दूसरी आर सर्विस सेक्टर में बैंक्वेट हॉल, होटल, और शादी के स्थल पर 5%, इवेंट मैनेजमेंट 3%, टेंट सजावट 10%, केटरिंग एवं सेवाएं 10%, फूल सजावट 4%, परिवहन और कैब सेवाएं 3%, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी 2%, ऑर्केस्ट्रा, संगीत आदि 3%, लाइट और साउंड 3% तथा अन्य सेवाएं 7%, के खर्च के अंदाज़ से संपन्न होती हैं। recent visitors 80

अरबपतियों की सूची में उथल-पुथल, अंबानी और जुकरबर्ग को झटका, जानिए क्यों लगा है झटका

मुंबई दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में इस समय बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। जहां एक ओर बीते 24घंटे में दुनिया के टॉप-10अरबपतियों में से 9को भारी नुकसान हुआ है।वहीं दूसरी ओर भारतीय उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की नेटवर्थ भी घटकर टॉप-15से बाहर चली गई है। एलन मस्क, जेफ बेजोस और मार्क जुकरबर्ग को हुआ तगड़ा नुकसान ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, दुनिया के सबसे अमीरों में शामिल टॉप-10अरबपतियों को पिछले एक दिन में काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें सबसे बड़ा झटका टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क को लगा है। उनकी संपत्ति 4.39अरब डॉलर घटकर 258अरब डॉलर रह गई है। वहीं, अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस की संपत्ति में भी 1.94अरब डॉलर की कमी आई, जिससे उनकी नेटवर्थ 218अरब डॉलर रह गई। इसके अलावा, फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग की संपत्ति में भी 2.23अरब डॉलर की गिरावट आई और अब उनकी कुल संपत्ति 199अरब डॉलर है। बिल गेट्स के लिए खुशखबरी, बाकी सभी को नुकसान टॉप-10अरबपतियों की सूची में एकमात्र नाम जो फायदा में रहा, वह माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का है। उनके नेटवर्थ में 373मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई, जिससे उनकी कुल संपत्ति 157अरब डॉलर हो गई है। वहीं, अन्य अरबपतियों में लैरी एलिसन को 538मिलियन डॉलर, बर्नार्ड अर्नाल्ट को 353मिलियन डॉलर, लैरी पेज को 1.49अरब डॉलर, सर्गेई ब्रिन को 1.39अरब डॉलर, स्टीव बाल्मर को 610मिलियन डॉलर और वॉरेन बफे को 2.76अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की संपत्ति में भारी गिरावट भारत के दो प्रमुख उद्योगपति, मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, जो कभी टॉप-15अरबपतियों की सूची में शामिल थे, अब इस सूची से बाहर हो गए हैं। भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से जारी गिरावट का असर इन दोनों के साम्राज्य पर पड़ा है, जिसके चलते उनकी संपत्ति में भी कमी आई है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में पिछले एक महीने में लगभग 5प्रतिशत की गिरावट आई है। इससे उनकी नेटवर्थ में 2.72अरब डॉलर (लगभग 22,882करोड़ रुपये) की कमी आई है, और अब उनकी कुल संपत्ति 98.8अरब डॉलर रह गई है। इस गिरावट के साथ मुकेश अंबानी अब दुनिया के 17वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वहीं, गौतम अडानी की नेटवर्थ भी घटकर 92.3अरब डॉलर रह गई है, जिसमें 2.06अरब डॉलर (लगभग 17,330करोड़ रुपये) की गिरावट आई है। इसके साथ ही वह अब दुनिया के 18वें सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में सूचीबद्ध हैं। दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट हाल के दिनों में वैश्विक शेयर बाजारों में आई गिरावट का प्रभाव दुनिया के कई शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति पर पड़ा है, जिससे उनकी रैंकिंग में बदलाव आया है। विशेष रूप से भारतीय उद्योगपतियों मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की संपत्ति में आई गिरावट ने उन्हें टॉप-15 सूची से बाहर कर दिया है, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव है। recent visitors 129

अक्टूबर में भारत को एशिया, यूरोप,अमेरिका से ऑर्डर मिले, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी देखी गई

नई दिल्ली  मैन्युफैक्चरिंग पर इतराने वाला चीन अब इसमें काफी पीछे हो गया है। एक तरफ जहां चीन की इकनॉमिक ग्रोथ काफी धीमी है वहीं भारत को अच्छी खबर मिली है। एचएसबीसी के ताजा आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी आई है। भारत ने इस मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। इस तेजी का कारण विदेशी मांग है। दुनिया के कई देशों से भारत को न केवल नए ऑर्डर मिले बल्कि बिक्री में भी तेजी आई। इस कारण अक्टूबर में नौकरियों की संख्या भी बढ़ गई। अक्टूबर में भारत को एशिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका और अमेरिका से ज्यादा ऑर्डर मिले, जिस कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी देखी गई।   चीन से कितना आगे निकला भारत? एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अक्टूबर में बढ़कर 57.5 पॉइंट हो गया। यह सितंबर में 56.5 पॉइंट था जो आठ महीने का निचला स्तर था। पीएमआई बढ़ने से पता चलता है कि परिचालन स्थितियों में काफी सुधार आ रहा है। वहीं दूसरी ओर चीन की पीएमआई 50.30 पॉइंट है। हालांकि अक्टूबर में चीन के पीएमआई में भी कुछ तेजी आई है। लेकिन कुल पॉइंट में यह भारत से पीछे रह गया है। भारत में बनी चीजों की बढ़ी मांग पिछले कुछ समय में भारत में बनी चीजों की दुनियाभर में मांग बढ़ी है। कई विदेशी कंपनियों ने काफी संख्या में ऑर्डर बुक किए हैं। जितने औसतन ऑर्डर पिछले 20 साल में मिले हैं, मौजूदा दौर में ऑर्डर की संख्या उससे ज्यादा हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नए प्रोडक्ट की शुरुआत और सफल मार्केटिंग ने चीजों की बिक्री बढ़ाने में मदद की है। कर्मचारियों की संख्या बढ़ी मांग बढ़ने से कर्मचारियों की संख्या में भी तेजी आई है। यानी रोजगार के अवसर बढ़े हैं। डेटा के मुताबिक मैन्युफैक्चरर्स ने अक्टूबर में अतिरिक्त कर्मचारियों को जॉब दी। यह संख्या सितंबर के रखे गए नए कर्मचारियों के मुकाबले ज्यादा थी। अक्टूबर का डेटा कलेक्शन करीब 20 वर्षों में सबसे अधिक रहा। एचएसबीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय मैन्युफैक्चरर्स भविष्य के प्रोडक्शन की मात्रा के बारे में अधिक आशावादी हो गए हैं। recent visitors 115

देश में अक्टूबर में हर दिन बिकी 16,550 कारें, बना नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली  त्योहारी माह में देश में कारों की बिक्री का नया रिकॉर्ड बना है। अक्टूबर 2024 में कारों की खुदरा बिक्री पहली बार 5 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। वाहन डेटा के अनुसार, 31 अक्टूबर तक कुल 5.13 लाख कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, यानी हर दिन औसतन 16,550 कारें बिकीं। इससे पहले जनवरी 2024 में 3.99 लाख कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जो एक रिकॉर्ड था। मौजूदा वित्तीय वर्ष में हर महीने औसतन 3.33 लाख गाड़ियां बिकीं हैं, जो पिछले साल की तुलना में 5 फीसदी ज्यादा है। पिछले वर्ष कुल 38 लाख कारें बिकी थीं। पहली बार इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री भी 10 हजार के आंकड़े को पार कर गई, जो सालाना आधार पर 38 फीसदी की वृद्धि है। वाहनों के होलसेल डेटा से यह भी पता चलता है कि खरीदारों का रुझान अब एसयूवी और प्रीमियम कारों की ओर अधिक है। कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने पहली बार किसी महीने में दो लाख से ज्यादा कारों की बिक्री की। कंपनी की कुल बिक्री 4 फीसदी बढ़कर 2,06,434 यूनिट्स पर पहुंच गई, जिसमें से 33,168 कारें एक्सपोर्ट की गईं। मारुति की एसयूवी सेगमेंट की बिक्री में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि छोटी कारों की बिक्री में 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। कंपनी ने देश में सबसे ज्यादा 1,59,591 कारों की बिक्री की, हालांकि डोमेस्टिक होलसेल में कुल मिलाकर 5 फीसदी की गिरावट रही। इस तरह के आंकड़े भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में स्थिरता और वृद्धि का संकेत देते हैं। कारों की बढ़ती मांग, विशेष रूप से एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों में, यह दर्शाती है कि उपभोक्ता अब ज्यादा सुविधा और प्रीमियम अनुभव की ओर रुख कर रहे हैं।     recent visitors 100

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली, Sensex 1100 पॉइन्ट धड़ाम

मुंबई भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 4 नवंबर 2024 (सोमवार) को बड़ी गिरावट के साथ शुरुआत हुई। सोमवारो को शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकाक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (NSE Nfity) बुरी तरह फिसल गए। सेंसेक्स 665.27 अंक की गिरावट के साथ 79,058.85 अंक पर खुला। जबकि एनएसई निफ्टी 229.4 अंक टूटकर 24,074.95 अंक पर खुला। लेकिन बाजार खुलने के बाद भी गिरावट जारी रही। और सुबह 10 बजकर 42 मिनट पर सेंसेक्स करीब 1150 से ज्यादा अंक तक गिर गया और 78,550 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 भी 382 पॉइन्ट गिरकर 23,923 पर आ गया। दिवाली के बाद और महंगा हुआ गोल्ड, दिल्ली-मुंबई में कितना हुआ सोने का भाव? यहां चेक करें अपने शहर का रेट सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, टाटा मोटर्स, इंफोसिस, टाइटन, मारुति और एनटीपीसी के शेयर में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंडसइंड बैंक के शेयरों में तेजी आई। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट तथा हांगकांग का हैंगसेंग फायदे में रहे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार (1 नवंबर 2024) को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 1.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74.19 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) पिछले कारोबारी सत्र में बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 211.93 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। RIL, Adanin Port, sunpharma, Tata Motors जैसे हैवीवेट शेयर 3 फीसदी तक गिर गये. इस क्रम में इंडियन ऑयल के शेयर 5 फीसदी, बजाज ऑटो के शेयर 4.30 फीसदी, हीरोमोटोकॉर्प के शेयर 3.8 फीसदी गिरे हैं.  हिंदुस्‍तान जिंक 4 फीसदी, HPCL के शेयर 3.82 फीसदी और PVR 6%, चेन्‍नई पेट्रो कॉर्प 5.49 फीसदी और ब्‍लू स्‍टार 5 फीसदी गिरे. recent visitors 94

भारत से पैसा निकालकर चीन गए विदेशी निवेशक, बाजारों में भी हाल में गिरावट आई से हुए कंगाल

नई दिल्ली  विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अक्टूबर महीने में भारतीय बाजार में भारी बिकवाली करते हुए 1,13,858 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। यह अब तक किसी एक महीने में की गई सबसे बड़ी बिकवाली है। हालांकि वे इस दौरान प्राइमरी मार्केट में सक्रिय खरीदार बने रहे। सेकंडरी मार्केट मे भारी बिकवाली के उलट उन्होंने प्राइमरी मार्केट में 19,842 करोड़ रुपये का निवेश किया। विदेशी निवेशक भारत में बेचो और चीन में खरीदो की नीति पर चल रहे थे। लेकिन चीन का बाजार एक बार फिर दबाव में लौटता दिख रहा है। चीनी शेयरों में तेजी कम हो रही है। हाल में शंघाई और हैंग सेंग सूचकांकों में गिरावट आई है। एफपीआई के व्यवहार में इस तरह के विरोधाभास के बारे में जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी के विजयकुमार ने कहा कि प्राइमरी मार्केट के इश्यू ज्यादातर उचित मूल्यांकन पर हैं, जबकि बेंचमार्क सूचकांक ऊंचे मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं। एफपीआई की लगातार बिकवाली से बेंचमार्क सूचकांकों में पीक से लगभग 8% की गिरावट आई है। एफपीआई आगे भी बिकवाली जारी रख सकते हैं जिससे बाजार में किसी भी संभावित तेजी पर रोक लग सकती है। चीन की निकली हवा लेकिन यह ट्रेंड देखने को मिला है वित्तीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर एफपीआई की बिकवाली के बावजूद यह सेक्टर लचीला बना हुआ है। इससे साफ है कि भारतीय शेयरों का उचित मूल्यांकन हैं क्योंकि बिक्री घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) और व्यक्तिगत निवेशकों ने बिकवाली को एबजॉर्ब किया है। विदेशी निवेशक भारत से पैसा निकालकर चीन में लगा रहे थे। इसकी वजह यह थी कि चीन की सरकार ने भारी-भरकम पैकेज की घोषणा की थी। उसके बाद चीन के बाजारों में कुछ तेजी दिख रही थी। लेकिन अब एक बार फिर चीन के बाजार में दबाव हावी होने लगा है। हाल के दिनों में शंघाई और हैंग सेंग इंडेक्स में गिरावट आई है। वैश्विक मोर्चे पर बाजार आने वाले सप्ताह में कुछ दिनों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों पर प्रतिक्रिया देंगे। उसके बाद अमेरिकी में जीडीपी के आंकड़े, महंगाई और फेड के दर में कटौती जैसे बुनियादी कारक बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे। recent visitors 119

विदेशी निवेशक भारत में जमकर निवेश कर रहे , अप्रैल से जून में 12.2 अरब डॉलर कमाए

नई दिल्ली  विदेशी निवेशकों के लिए भारत सोने के अंडे देने वाली मुर्गी बना गया है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों, निजी इक्विटी फर्मों और स्थानीय स्तर पर परिचालन करने वाली कंपनियों ने डिविडेंड इनकम, प्रॉफिट और रिइनवेस्टेड अर्निंग्स के रूप में अप्रैल-जून तिमाही में कुल 12.2 अरब डॉलर कमाए। यह वह राशि है जो विदेशी निवेशकों ने तीन महीने के दौरान भारत से निकाली। यह पांच साल पहले की तुलना में दोगुना से भी अधिक है जो भारतीय फाइनेंशियल एसेट्स की मजबूत आय संभावनाओं को रेखांकित करता है। आरबीआई के आंकड़ों से यह भी पता चला है कि कुल इनवेस्टमेंट इनकम आउटफ्लो जून तिमाही में दोगुना से ज्यादा बढ़ा है। 2019 की अप्रैल-जून तिमाही में यह $11 अरब था जो इस साल इसी अवधि में $21.6 अरब हो गया है। अमेरिका स्थित कंसल्टेंसी बैन एंड कंपनी की एक रिपोर्ट के अनुसार 2024 की पहली छमाही में निजी इक्विटी से निकासी छह साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। एग्जिट डील वैल्यू में साल-दर-साल 40% की वृद्धि हुई, जो कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली छमाही में $9.5 अरब से बढ़कर 2024 की पहली छमाही में $13.3 अरब हो गई। क्या कहते हैं जानकार PwC इंडिया के पार्टनर-रिस्क कंसल्टिंग और लीडर-फाइनेंशियल सर्विसेज और ट्रेजरी रिस्क मैनेजमेंट, कुंतल सूर ने कहा, 'पिछले कुछ वर्षों में पीई फर्मों ने अच्छा मुनाफा कमाया है। बढ़ते शेयर बाजारों ने उन्हें लिस्टेड फर्मों में उनके निवेश के लिए अच्छा मूल्यांकन दिया। इससे उन्हें निवेशकों को अच्छा रिटर्न देने का मौका मिला। इसके अलावा कई निवेशकों के लिए ब्याज दरें अधिक होने के कारण उनके देशों में पुनर्निवेश के कई अवसर रहे हैं।' बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भारत में किए गए निवेश से प्राप्त लाभ और लाभांश भी निवेश आय में परिलक्षित होते हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, 'इसके दो कारक हैं। पहला, ऐसे समय में समग्र राजस्व में वृद्धि करना जब मंदी के कारण लाभ अस्थिर हो। दूसरा, विनिर्माण के कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त क्षमता को देखते हुए पुनर्निवेश की कम आवश्यकता महसूस की जाती है।' जानकारों का कहना है कि यह आउटफ्लो चालू खाते पर दबाव बढ़ा सकता है और बाहरी क्षेत्र के संकेतकों के लिए हानिकारक हो सकता है। लेकिन अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह अभी भी चालू खाते के आउटफ्लो का एक छोटा हिस्सा है। recent visitors 94

UPI ने फेस्टिव सीजन में तोड़े सारे रिकॉर्ड, 23.5 लाख करोड़ रुपये के हुए लेनदेन

मुंबई भारत में यूपीआई का जिस तेजी से इस्तेमाल हो रहा है वो पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनता जा रहा है. इस समय देश में यूपीआई का यूज करना सबसे आसान पेमेंट सिस्टम में से एक है. यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के इस्तेमाल में लगातार बढ़त देखी जा रही है. अक्टूबर में देश में यूपीआई के जरिए 16.58 अरब लेनदेन हुए हैं. इसकी वैल्यू करीब 23.5 लाख करोड़ रुपये थी और शुक्रवार को एनपीसीआई ने यह जानकारी दी है. अप्रैल 2016 में यूपीआई शुरू होने के बाद से अब तक का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है. डेली यूपीआई ट्रांजेक्शन अक्टूबर में रहे 535 मिलियन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम-नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन (एनपीसीआई) के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सितंबर की तुलना में अक्टूबर में लेनदेन की संख्या में 10 फीसदी और मूल्य में 14 फीसदी की वृद्धि देखी गई. अक्टूबर में डेली यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या 535 मिलियन रही. इस दौरान औसत ट्रांजेक्शन की वैल्यू 75,801 करोड़ रुपये रोजाना रही जबकि सितंबर में औसत दैनिक ट्रांजेक्शन की संख्या 501 मिलियन और मूल्य 68,800 करोड़ रुपये था. IMPS के जरिए 467 मिलियन लेनदेन अक्टूबर में इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) के जरिए 467 मिलियन लेनदेन हुए हैं, जो सितंबर के आंकड़े 430 मिलियन से 9 फीसदी अधिक है. बीते महीने आईएमपीएस से होने वाले लेनदेन की वैल्यू सितंबर के आंकड़े 5.65 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 11 फीसदी बढ़कर 6.29 लाख करोड़ रुपये रही थी. अक्टूबर में फास्टैग के जरिए होने वाले लेनदेन की संख्या 8 फीसदी बढ़कर 345 मिलियन हो गई है. सितंबर में यह आंकड़ा 318 मिलियन था. बीते महीने फास्टैग लेनदेन की वैल्यू 6,115 करोड़ रुपये थी, जो कि सितंबर में 5,620 करोड़ रुपये थी. आधार इनेबिल्ड पेमेंट सिस्टम पर 126 मिलियन लेनदेन एनपीसीआई के डेटा के मुताबिक, अक्टूबर में आधार इनेबिल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) पर 126 मिलियन लेनदेन हुए, जो सितंबर के 100 मिलियन से 26 फीसदी अधिक है. भारत में डिजिटल भुगतान का चलन तेजी से बढ़ रहा है. मार्च 2021 में कंज्यूमर स्पेंडिंग में डिजिटल लेनदेन की हिस्सेदारी 14 से 19 फीसदी थी, जो कि अब बढ़कर 40 से 48 फीसदी हो गई है. यूपीआई-आधारित लेनदेन की संख्या इस वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में 52 फीसदी बढ़कर 78.97 अरब हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 51.9 अरब थी. वहीं, इस साल के पहले छह महीनों में यूपीआई लेनदेन का मूल्य 40 फीसदी बढ़कर 83.16 लाख करोड़ रुपये से 116.63 लाख करोड़ रुपये हो गया है. recent visitors 91

अडानी कंपनी का बांग्लादेश पर 846 मिलियन डॉलर का बकाया, आधी की सप्लाई!

ढाका  दिवाली के बाद बांग्लादेश की बत्ती गुल होने के आसार बन रहे हैं। दरअसल, अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पावर झारखंड लिमिटेड ने बांग्लादेश को बिजली की सप्लाई आधी कर दी है। सप्लाई रोकने का कारण बिजली के बकाया बिलों का पेमेंट नहीं होना है। यदि मसला हल नहीं हुआ तो हो सकता है कि आने वाले दिनों में बांग्लादेश में अंधेरा छा जाए। 846 मिलियन डॉलर का है बकाया स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अडानी पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अडानी पावर झारखंड लिमिटेड (APJL ) ने बांग्लादेश को अपनी आधी बिजली की सप्लाई रोक दी है। कंपनी का उसके ऊपर 846 मिलियन डॉलर का बकाया है। द डेली स्टार अखबार के मुताबिक पावर ग्रिड बांग्लादेश पीएलसी के आंकड़ों से पता चला है कि अडानी प्लांट ने गुरुवार रात को आपूर्ति कम कर दी। अखबार ने बताया कि बांग्लादेश ने गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात को 1,600 मेगावाट (MW) से अधिक की कमी की सूचना दी, क्योंकि 1,496 मेगावाट का प्लांट अब एक यूनिट से 700 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है। 30 अक्टूबर तक बकाया भरने को कहा था इससे पहले अडानी कंपनी ने ऊर्जा सचिव को पत्र लिखकर बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (PDB) से 30 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान करने को कहा था। 27 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा गया था कि यदि बिलों का भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी 31 अक्टूबर को बिजली आपूर्ति बंद कर पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत सुधारात्मक कार्रवाई करने को बाध्य होगी। कंपनी ने कहा कि पीडीबी ने न तो बांग्लादेश कृषि बैंक से 170.03 मिलियन अमरीकी डालर की राशि के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) उपलब्ध कराया है और न ही 846 मिलियन अमरीकी डालर की बकाया राशि का भुगतान किया है। अडानी भेज रहा है ज्यादा बिल? अखबार ने पीडीबी के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि उन्होंने पहले पिछले बकाए का एक हिस्सा चुका दिया था, लेकिन जुलाई से अडानी पिछले महीनों की तुलना में अधिक पैसे ले रहा है। उन्होंने कहा कि पीडीबी करीब 18 मिलियन अमरीकी डालर का साप्ताहिक भुगतान कर रहा है, जबकि शुल्क 22 मिलियन डालर से अधिक है। उन्होंने कहा, "इसी कारण से बकाया भुगतान फिर से बढ़ गया है।" बकाया भुगतान का दवाब तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद जब से नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का कार्यभार संभाला है, तभी से अडानी बकाया भुगतान करने का दबाव बना रहे हैं। अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने भी मुख्य सलाहकार यूनुस को इस बारे में पत्र लिखा था। recent visitors 84

WWF की रिपोर्ट: भारतीय जिस तरीके से खाते हैं, वो धरती के लिए सबसे अच्छा आहार

नई दिल्ली वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) लिविंग प्लैनेट रिपोर्ट के अनुसार, भारत के फूड कंजप्शन पैटर्न को G20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक टिकाऊ माना गया है. रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अगर ग्लोबल फूड कंजप्शन भारत के समान हो जाए, तो 2050 तक जलवायु प्रभाव काफी कम हो जाएगा. वहीं, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका टिकाऊ उपभोग के मामले में सबसे खराब स्थान पर हैं. उसके बाद ऑस्ट्रेलिया (6.8), यूएसए (5.5), ब्राजील (5.2), फ्रांस (5), इटली (4.6), कनाडा (4.5) और यूके (3.9) का स्थान है। बेहतर देशों में इंडोनेशिया (0.9) भारत (0.84) के बाद आता है और चीन (1.7), जापान (1.8) और सऊदी अरब (2) से आगे है. भारत का सस्टेनेबल कंजप्शन पैटर्न WWF की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर दुनिया में हर कोई 2050 तक दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मौजूदा खाद्य कंजप्शन पैटर्न को अपना ले, तो हम खाद्य-संबंधित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए 1.5 डिग्री सेल्सियस जलवायु लक्ष्य को 263 फीसदी तक पार कर जाएंगे और हमें सहारा देने के लिए एक से सात पृथ्वी की आवश्यकता होगी. भारत का बाजरा-केंद्रित खाना एक अपवाद के रूप में सामने आता है, जिसमें देश को स्थिरता के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित किया गया है. अगर सभी देश भारत के कंजप्शन मॉडल को देखें, तो रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि फूड प्रोडक्शन को बनाए रखने के लिए 2050 तक एक पृथ्वी (0.84) से भी कम की आवश्यकता होगी. यह भोजन के लिए ग्रहीय जलवायु सीमा से बेहतर है, यह सुझाव देता है कि भारत की फूड सिस्टम ग्लोबल तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा के भीतर रख सकती है. recent visitors 125

रिपोर्ट: वित्त वर्ष 2025 में भारत का सेवा निर्यात 9.8% बढ़कर 180 अरब डॉलर पर पहुंचा

नई दिल्ली भारत के सेवा क्षेत्र ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है, जिसमें सेवाओं के निर्यात में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 180 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। वहीं, सेवाओं के आयात में भी 9.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 62.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह जानकारी बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट में दी गई है। इस वृद्धि के परिणामस्वरूप, सेवाओं का व्यापार संतुलन 82.6 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक है। हालांकि, सेवाओं के निर्यात और आयात में क्रमिक वृद्धि मामूली रही है। चालू खाता घाटा (CAD) वित्त वर्ष 2025 (FY25) के लिए चालू खाता घाटा 1 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है। स्थिर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और मजबूत विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) प्रवाह, जो कि अनुकूल ब्याज दरों और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करने के लिए नीतियों द्वारा समर्थित हैं, बाहरी खाते का समर्थन करेंगे। निर्यात में संभावित बाधाएं मौद्रिक नीति में ढील के शुरू होने में देरी निर्यात सुधार को बाधित कर सकती है, लेकिन मौलिक अर्थशास्त्रीय कारक व्यापार में मध्यम अवधि में सुधार के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ दिखाते हैं। आने वाले महीनों में व्यापार घाटे पर ऊपर की ओर दबाव पड़ सकता है, क्योंकि आयात की वृद्धि निर्यात में धीरे-धीरे सुधार से अधिक हो सकती है। व्यापार घाटे की स्थिति सितंबर में सुधार के बावजूद, वित्त वर्ष 2025 के पहले छह महीनों के लिए व्यापार घाटा अधिक है, जो संभावित चुनौतियों का संकेत देता है। वित्त वर्ष का दूसरा आधा भाग (H2FY25) आमतौर पर मौसमी कारकों के कारण निर्यात गतिविधियों में वृद्धि देखता है, लेकिन पूर्ण सुधार वैश्विक आर्थिक स्थितियों पर निर्भर करेगा, जो अभी भी अनिश्चित हैं। आयात में कमी इस सुधार का मुख्य कारण सोने के आयात में भारी गिरावट है, जो पिछले महीने 10.1 अरब डॉलर से घटकर 4.4 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में (H1FY25) व्यापार घाटा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 119.2 अरब डॉलर की तुलना में 137.4 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से तेजी से बढ़ते आयात के कारण हुई है, जो निर्यात में मामूली सुधार से अधिक है। निर्यात का आंकड़ा अप्रैल से सितंबर की अवधि में निर्यात में केवल 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 213.2 अरब डॉलर तक पहुंचा है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में 8.9 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले महत्वपूर्ण सुधार है। वृद्धि का नेतृत्व फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग वस्त्र, और रसायनों जैसे क्षेत्रों ने किया है। हालांकि, कृषि और संबंधित उत्पादों के निर्यात महंगाई के दबाव के कारण कमजोर बने रहे हैं। आयात का रुख महत्वपूर्ण गैर-तेल और गैर-सोने के आयात में, गैर-धातु धातुएं, पूंजी वस्तुएं, और इलेक्ट्रॉनिक्स में मजबूत वृद्धि बनी हुई है, जो पूंजी निवेश और उपभोक्ता खर्च की मांग को दर्शाती है। दलहन का आयात भी बढ़ा है, जो घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए है। भविष्य की चुनौतियाँ हालांकि, आयात का मार्ग upward रहने की उम्मीद है, जो औद्योगिक इनपुट और धातुओं की वैश्विक कीमतों में वृद्धि से प्रेरित है। वैश्विक मांग, विशेषकर यूरोजोन और चीन में, नरम बनी हुई है, जबकि तेल की कीमतों में अस्थिरता आयात बिल को और बढ़ा सकती है। महंगाई के दबाव, घरेलू मांग में वृद्धि, और त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में स्थिरता व्यापार संतुलन पर दबाव डाल सकती है। इसके अतिरिक्त, अगर भारतीय रुपया कमजोर रहता है, तो आयातित महंगाई के जोखिम बढ़ सकते हैं।   recent visitors 210

अल्ट्राटेक सीमेंट को दूसरी तिमाही में 825 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

नई दिल्ली अग्रणी सीमेंट उत्पादक कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड का जुलाई-सितंबर तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ घटकर 825.18 करोड़ रुपये रहा है। आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ने शेयर बाजार को यह जानकारी दी। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 1,280.38 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया था। कंपनी ने कहा कि व्हाइट सीमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मैटेरियल्स पीएससी (आरएकेडब्ल्यू) के लिए यूएई स्थित रास अल खालमा कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाकर 54.79 प्रतिशत किए जाने से उसके तिमाही नतीजों की तुलना पिछले वर्ष की समान अवधि के साथ नहीं की जा सकती है। अल्ट्राटेक ने कहा, ‘‘अतिरिक्त हिस्सेदारी के अधिग्रहण से आरएकेडब्ल्यू 10 जुलाई, 2024 से अनुषंगी कंपनी बन गई है। इन परिणामों में आरएकेडब्ल्यू के 10 जुलाई से प्रभावी वित्तीय परिणाम शामिल हैं लिहाजा सितंबर तिमाही और पहली छमाही के आंकड़ों की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती है।’’ आलोच्य अवधि में अल्ट्राटेक का परिचालन राजस्व 15,634.73 करोड़ रुपये था जो एक साल पहले इसी अवधि में 16,012.13 करोड़ रुपये था। सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 14,837.44 करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में कंपनी की कुल आय, जिसमें अन्य आय शामिल है, 15,855.46 करोड़ रुपये थी।   recent visitors 126

मोदी सरकार की ELI योजना: 500 कंपनियों में युवाओं के लिए मौके

नई दिल्ली मोदी सरकार ने केंद्रीय बजट 2024 में एक नई योजना 'रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना' यानी 'ELI' लॉन्च की है। इस योजना का मकसद निर्माताओं और निर्यातकों को प्रोत्साहन देकर निर्यात को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि इससे भारतीय उत्पादों की मार्केट में अच्छी पकड़ बनेगी, घरेलू उद्योगों को मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा में भी बढ़ोतरी होगी। इस योजना को और बेहतर ढंग से लागू करने के लिए सरकार ने अलग-अलग मंत्रालयों को धन भी आवंटित किया है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय को 2,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं ताकि 500 कंपनियों में युवाओं के लिए इंटर्नशिप के अवसर बढ़ाए जा सकें। इसी तरह, श्रम मंत्रालय को ELI से जुड़ी बाकी नीतियों को लागू करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये मिले हैं। तीन अलग-अलग योजनाओं का समूह है ELI ELI योजना दरअसल तीन अलग-अलग योजनाओं का एक समूह है। पहली योजना के तहत सरकार नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारियों को वेतन का एक हिस्सा देगी। दूसरी योजना का उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। तीसरी योजना के जरिए नियोक्ताओं को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। वेतन सब्सिडी पहली योजना, जिसे 'वेतन सब्सिडी' का नाम दिया गया है, के तहत लगभग 1 करोड़ कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। यह योजना दो साल तक चलेगी। इसमें उन नए कर्मचारियों को तीन किस्तों में 15,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी जिनका मासिक वेतन 1 लाख रुपये तक है। दूसरी किस्त पाने के लिए उम्मीदवार को ऑनलाइन वित्तीय साक्षरता का एक कोर्स पूरा करना होगा। अगर नौकरी 12 महीने से पहले ही छूट जाती है तो कंपनी को सब्सिडी वापस करनी होगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार दूसरी योजना 'मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार' का उद्देश्य इस सेक्टर में काम करने वाले नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए नियोक्ताओं का ईपीएफओ में कम से कम तीन साल का ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए। इसके अलावा, उन्हें कम से कम 50 गैर-ईपीएफओ कर्मचारियों या पिछले साल के ईपीएफओ कर्मचारियों की संख्या के 25 फीसदी (जो भी कम हो) को नौकरी पर रखना होगा। इस योजना के तहत सब्सिडी का भुगतान चार साल तक किया जाएगा और इसे कर्मचारी और नियोक्ता के बीच बराबर बांटा जाएगा। सब्सिडी की गणना वेतन के आधार पर होगी। नियोक्ता को सपोर्ट तीसरी योजना 'नियोक्ता को सपोर्ट' खास तौर पर उन नियोक्ताओं के लिए है जो अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाते हैं। इसके तहत, नियोक्ताओं को ईपीएफओ नियोक्ता अंशदान पर हर महीने 3,000 रुपये तक का रिंबर्समेंट दो साल तक मिलेगा। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें हैं। जिन नियोक्ताओं के पास 50 से कम कर्मचारी हैं, उन्हें कम से कम दो नए कर्मचारियों को नौकरी पर रखना होगा। जिनके पास 50 या उससे ज्यादा कर्मचारी हैं, उन्हें कम से कम पांच नए कर्मचारियों को नौकरी पर रखना होगा। अगर कोई कंपनी 1000 से ज्यादा नौकरियां पैदा करती है, तो रिबर्समेंट तिमाही आधार पर किया जाएगा। यह रिंबर्समेंट पिछली तिमाही के हिसाब से किया जाएगा। इसमें जो नियोक्ता 'दूसरी योजना' का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। हालांकि, जो पहली योजना, यानी 'स्कीम ए' का लाभ उठा रहे हैं, वे अतिरिक्त लाभ के रूप में इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। recent visitors 79

शेयर बाजार से चाहतें हैं पैसा कमाना तो इन ट्रेडिंग रणनीतियों है कबीले तारीफ

मुंबई ट्रेडिंग का मतलब सिक्टोरिटीज को खरीदना और बेचना होता है। ट्रेडिंग भी कई प्रकार की होती हैं। एक दिन से लेकर सालों के लंबे अंतराल के लिए भी ट्रेडिंग की जाती है। इसके साथ ही अलग-अलग बाजारों के माहौल और वहां मौजूद जोखिम से जुड़ी विभिन्न ट्रेडिंग रणनीतियां शेयरों में कारोबार करने के समय अपनाई जाती हैं। यहां पर हम कुछ ट्रेडिंग रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं जो बाकी रणनीतियों में से सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। ये रणनीतियां निवेशकों को तर्कसंगत निवेश निर्णय लेने में मदद कर सकती हैं। इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) इंट्राडे ट्रेडिंग जिसे डे ट्रेडिंग के रूप में भी जाना जाता है। ये ऐसी ट्रेडिंग रणनीति है जिसमें निवेशक एक ही दिन में शेयरों को खरीदते और बेचते हैं। वे शेयर बाजार के बंद होने के समय से पहले ट्रेडिंग बंद कर देते हैं। एक ही दिन में वे मुनाफा और घाटा बुक करते हैं। निवेशक इन शेयरों में एक दिन में कुछ सेकंड, घंटे के लिए या इसमें दिन भर में कई बार ट्रेड ले सकते हैं। इसलिए इंट्राडे एक अत्यधिक वोलाटाइल ट्रेडिंग रणनीति मानी जाती और इसके लिए तेजी से निर्णय लेना होता है। पोजीशनल ट्रेडिंग (Positional Trading) पोजिशनल ट्रेडिंग एक ऐसी रणनीति है जहां शेयर्स को महीनों या सालों के लंबे समय तक रखा जाता है। ऐसे शेयरों में समय के साथ भाव में बड़ी बढ़त की अपेक्षा के साथ मुनाफा कमाने की उम्मीद की जाती है। निवेशक आमतौर पर फंडामेंटल एनालिसिस के साथ कंपनी का टेक्निकल ग्राउंड देखकर इस शैली को अपनाते हैं। इसलिए इस प्रकार की ट्रेडिंग रणनीति में आमतौर पर बाजार के रुझान और उतार-चढ़ाव जैसी अल्पकालिक जटिलताओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading) स्विंग ट्रेडिंग आमतौर पर एक ऐसी रणनीति है जहां निवेशक शेयरों के भाव में और तेजी की उम्मीद में एक दिन से अधिक समय तक शेयरों को अपने पास रखते हैं। स्विंग ट्रेडर्स आने वाले दिनों में बाजार की गतिविधियों और रुझानों की भविष्यवाणी करने के लिए जाने जाते हैं। इंट्राडे ट्रेडर्स और स्विंग ट्रेडर्स के बीच स्टॉक को अपने पास रखने की समय सीमा में महत्वपूर्ण अंतर होता है। इसलिए कहा जाता है कि ज्यादातर टेक्निकल ट्रेडर्स स्विंग ट्रेडिंग की कैटेगरी में आते हैं। टेक्निकल ट्रे़डिंग (Technical Trading) टेक्निकल ट्रेडिंग में ऐसे निवेशक शामिल हैं जो शेयर बाजार में प्राइस चेंज की भविष्यवाणी करने के लिए अपने तकनीकी विश्लेषण ज्ञान का उपयोग करते हैं। इस ट्रेडिंग शैली में कोई विशेष समय-सीमा नहीं होती है क्योंकि यह एक दिन से लेकर महीनों तक के लिए भी हो सकती है। बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव को निर्धारित करने के लिए अधिकांश ट्रेडर्स अपने टेक्निकल एनालिसिस स्किल्स का उपयोग करते हैं। हालांकि स्टॉक की कीमतों का निर्धारण करते समय सबसे महत्वपूर्ण टेक्निकल एनालिसिस बाजार की परिस्थिति होती है। फंडामेंटल ट्रेडिंग (Fundamental Trading) फंडामेंटल ट्रेडिंग का मतलब स्टॉक में निवेश करना होता है जहां ट्रेडर्स समय के साथ भाव में तेजी की उम्मीद के साथ कंपनी के स्टॉक को खरीदता है। इस तरह की ट्रेडिंग में 'बाय एंड होल्ड' रणनीति में विश्वास किया जाता है। इस प्रकार की ट्रेडिंग आमतौर पर कंपनी के फोकस्ड इंवेंट्स में किया जाता है। इसके लिए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स, नतीजों, ग्रोध और मैनेजमेंट क्वालिटी का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया जाता है। मिंट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ये ट्रेडिंग रणनीतियाँ बहुत काम की होती हैं और निवेशक को उस ट्रेडिंग शैली पर निर्णय लेने में मदद करती हैं जिसे वे अपनाना चाहते हैं। प्रत्येक प्रकार की ट्रेडिंग रणनीति से जुड़े जोखिम और लागत की गहन समझ के साथ ट्रेडर्स चाहें तो रणनीतियों के संयोजन का उपयोग करके भी शेयरों में खरीद-फरोख्त कर सकते हैं। डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। recent visitors 71

निवेश की पसंदीदा जगह बना भारत, मैन्यूफैक्चरिंग टेक्नोलाजी के क्षेत्र में विश्व में बन रहा अग्रणी

नई दिल्ली भारत को विदेशी निवेश का पसंदीदा केंद्र बनाने में हमारी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की अहम भूमिका है। पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में देश की विकास दर अनुमान से अधिक 7.2 प्रतिशत रही। गत जून में देश में जीएसटी संग्रह, विनिर्माण के लिए पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआइ), यात्री वाहनों की बिक्री और यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) के जरिये हुए लेनदेन में प्रभावी वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे उत्साहवर्द्धक आर्थिक आंकड़ों से दुनियाभर के वित्तीय संगठन और क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां चालू वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की विकास दर के छह से 6.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद व्यक्त कर रही हैं। कहा जा रहा है कि भारत विश्व अर्थव्यवस्था में नई शक्ति प्राप्त कर रहा है। चार वैश्विक रुझान-जनसांख्यिकी, डिजिटलीकरण, डिकार्बोनाइजेशन और डिग्लोबलाइजेशन नए भारत के पक्ष में हैं। साथ ही देश में प्रतिभाशाली नई पीढ़ी की कौशल दक्षता, आउटसोर्सिंग और बढ़ते हुए मध्यम वर्ग की क्रयशक्ति के कारण विदेशी निवेशक भारत की ओर देखने लगे हैं। मोदी सरकार ने उद्योग-कारोबार को आसान बनाने के लिए विगत नौ वर्षों में करीब 1,500 पुराने कानूनों और 40 हजार अनावश्यक अनुपालन समाप्त किए हैं। इस दौरान आर्थिक क्षेत्र में जीएसटी और दिवालिया कानून जैसे सुधार किए गए हैं। बैंकिंग क्षेत्र में जोरदार सुधार करके मजबूत वृहद आर्थिक बुनियाद की मदद से अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया गया है। कारपोरेट टैक्स को कम किया गया है। भारत के युवाओं ने डिजिटल और उद्यमिता के क्षेत्र में दुनिया भर में दबदबा कायम किया है और 100 से ज्यादा यूनिकार्न बनाए हैं। पिछले नौ साल में एक लाख से ज्यादा स्टार्टअप भी शुरू हुए हैं। कानून के कई प्रविधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने जैसे कदमों से देश में विदेशी निवेश का प्रवाह तेजी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। देश के मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए सरकार जिन रणनीतियों के साथ आगे बढ़ रही है, उससे देश में विदेशी निवेश बढ़ रहा है। भारत को एक वैश्विक डिजाइन और विनिर्माण केंद्र में बदलने के लिए मेक इन इंडिया 2.0, मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों के लिए तकनीकी समाधान को बढ़ावा देने के लिए उद्योग 4.0, स्टार्टअप संस्कृति को उत्प्रेरित करने के लिए स्टार्टअप इंडिया, मल्टीमाडल कनेक्टिविटी अवसंरचना परियोजना के लिए पीएम गतिशक्ति और उद्योगों को डिजिटल तकनीकी शक्ति प्रदान करने के लिए डिजिटल इंडिया जैसी सफल गतिविधियों के कारण भारत चौथी औद्योगिक क्रांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारतीय कंपनियां शोध एवं नवाचार में आगे बढ़ रही हैं। आटोमेशन और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों पर भी उद्योग जगत की ओर से अपेक्षित ध्यान दिया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में सरकार ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआइ) स्कीम के तहत 14 उद्योगों को करीब 1.97 लाख करोड़ रुपये का आवंटन सुनिश्चित किया है। अब पीएलआइ स्कीम के सकारात्मक परिणाम आने शुरू भी हो गए है। इसकी बदौलत इस समय एशिया में अधिकांश निवेशकों को भारत से बेहतर कोई नहीं दिख रहा है। भारतीय शेयर बाजार में तेजी की यह भी एक बड़ी वजह है। प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे के बाद उद्योग-कारोबार से संबंधित ऐसा महत्वपूर्ण परिदृश्य उभरकर सामने आ रहा है, जिससे भारत दुनिया का नया मैन्यूफैक्चरिंग हब बनते हुए दिखाई देगा। माइक्रोन, एप्लाइड मैटेरियल्स और लैम रिसर्च जैसी कंपनियों की घोषणाओं से आने वाले दिनों में लाखों की संख्या में नई नौकरियां भी सृजित होंगी। कंप्यूटर चिप बनाने वाली अमेरिकन कंपनी माइक्रोन ने गुजरात में अपने सेमीकंडक्टर असेंबली एवं परीक्षण संयंत्र के परिचालन को वर्ष 2024 के अंत तक शुरू करने की घोषणा की है, जिस पर करीब 2.75 अरब डालर खर्च किए जाएंगे। देश में सेमीकंडक्टर के निर्माण से अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल जाएगी, क्योंकि सेमीकंडक्टर उद्योग स्टील, गैस और रसायन की तरह आधारभूत उद्योग है, जो कई सेक्टर की जरूरतों को पूरा करता है। सेमीकंडक्टर के निर्माण से आटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स एवं रक्षा सेक्टर को काफी लाभ मिलेगा। उम्मीद करें कि भारत नई लाजिस्टिक नीति, गतिशक्ति योजना के कारगर कार्यान्वयन, नीतिगत सुधारों, कारोबार आरंभ करने के लिए सिंगल विंडो मंजूरी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, श्रमिकों को नए दौर के अनुरूप प्रशिक्षण देने के साथ-साथ विभिन्न आर्थिक और वित्तीय सुधारों से अगले वर्ष दुनिया के शीर्ष पांच पसंदीदा एफडीआइ वाले देशों की सूची में दिखाई देगा। इसका देश की आर्थिकी को व्यापक रूप से लाभ मिलेगा। (लेखक एक्रोपोलिस इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च, इंदौर के निदेशक हैं) recent visitors 100

दुनिया का सबसे महंगा क्लब, मार्क जकरबर्ग भी हैं इसके मेंबर

नई दिल्ली आपने दुनिया का सबसे महंगा घर सुना होगा, सबसे महंगी कार सुनी होगी। क्या आपने दुनिया के सबसे महंगे क्लब के बारे में सुना है? यह क्लब अमेरिका में है। येलोस्टोन नाम का यह क्लब दुनिया का सबसे महंगा क्लब है। इस क्लब में दुनियाभर के 800 से ज्यादा अरबपतियों के घर हैं। इसके मेंबर में मार्क जकरबर्ग, बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा आदि शामिल हैं। इस क्लब में घूमने-फिरने के साथ खाने-पीने की लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं। इसमें दुनिया का अकेला प्राइवेट स्की और गोल्फ कम्यूनिटी है। कौन-कौन है इसका मेंबर? यह क्लब अमेरिका के मोंटाना राज्य में येलोस्टोन नेशनल पार्क से करीब 80 किमी दूर है। इस क्लब में कुल 885 अरबपतियों के घर हैं। इनकी कुल संपत्ति 24 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। जो अरबपति इस क्लब के मेंबर हैं उनमें फेसबुक के मार्क जकरबर्ग, माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स, गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट, गोप्रो के अरबपति फाउंडर निक वुडमैन, पॉप स्टार जस्टिन टिम्बरलेक टिम्बरलेक आदि शामिल हैं। क्या है इसमें ऐसा खास? इस क्लब को स्की और गोल्फ के लिए जाना जाता है। यहां काफी बड़े-बड़े पहाड़ हैं। इसके अलावा यहां नदियां भी बहती हैं। सर्दी, गर्मी और बरसात के अनुसार यहां अलग-अलग एक्टिविटी होती हैं। यहां बने मकानों में कई अरबपति स्थायी रूप में भी रहते हैं। वहीं कई यहां सिर्फ छुट्टियां मनाने आते हैं। पूल और फिटनेस सेंटर भी इस क्लब में पूल और फिटनेस सेंटर भी बने हुए हैं। यहां शादी, पार्टी, प्रोग्राम या प्राइवेट इवेंट के लिए एक अलग स्पेस है। इसे 'द बार्न' नाम दिया गया है। इसका गोल्फ कोर्स एरिया 2800 स्क्वेयर फुट में फैला हुआ है। वहीं स्कीइंग के लिए 2900 से ज्यादा एरिया हैं। इनके अलावा यहां रहने वालों के लिए कई तरह की एडवेंचर एक्टिविटी भी कराई जाती हैं। recent visitors 152

घरेलू स्तर पर स्वर्ण भंडार में 102 टन से अधिक की बढ़ोतरी : आरबीआई डेटा

नई दिल्ली भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोने की कीमतों में उछाल जारी है, इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास 30 सितंबर तक 854.73 मीट्रिक टन सोना था, जिसमें से 510.46 मीट्रिक टन सोना घरेलू स्तर पर था। इस तरह स्वर्ण भंडार में 102 टन की बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष अप्रैल से सितम्बर के बीच घरेलू स्तर पर रखे गए सोने में 102 टन से अधिक की वृद्धि हुई जबकि मार्च के अंत में यह 408 मीट्रिक टन था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ‘विदेशी मुद्रा भंडार प्रबंधन पर अर्धवार्षिक रिपोर्ट: अप्रैल-सितंबर 2024’ के अनुसार, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (बीआईएस) के पास 324.01 मीट्रिक टन सोना सुरक्षित रखा गया है, जबकि 20.26 मीट्रिक टन सोना जमा के रूप में रखा गया है। मूल्य के संदर्भ में (यूएसडी) कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी मार्च 2024 के अंत तक 8.15 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर अंत तक लगभग 9.32 प्रतिशत हो गई। छमाही के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार मार्च के अंत में 646.42 बिलियन डॉलर से बढ़कर सितम्बर में 705.78 बिलियन डॉलर हो गया। भुगतान संतुलन के आधार पर (मूल्यांकन प्रभावों को छोड़कर), अप्रैल-जून 2024 के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में 5.2 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई, जबकि अप्रैल-जून 2023 के दौरान इसमें 24.4 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई थी। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार (मूल्यांकन प्रभाव सहित) अप्रैल-जून 2024 के दौरान 5.6 बिलियन डॉलर बढ़ गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 16.6 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई थी। सितम्बर के अंत तक रिजर्व बैंक की शुद्ध अग्रिम परिसंपत्ति (देय) 14.58 बिलियन डॉलर थी। जून 2023 के अंत और जून 2024 के अंत के बीच की अवधि के दौरान, बाह्य परिसंपत्तियों में 108.4 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई और बाह्य देनदारियों में 97.7 बिलियन डॉलर की वृद्धि हुई। केंद्रीय बैंक ने कहा, “जून 2024 के अंत तक शुद्ध अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति (आईआईपी) 368.3 बिलियन डॉलर पर नकारात्मक थी, जबकि जून 2023 के अंत में 379.0 बिलियन डॉलर का नकारात्मक शुद्ध आईआईपी था, जिसका अर्थ है कि सभी बाहरी देनदारियों का योग दोनों अवधियों में बाहरी परिसंपत्तियों की तुलना में अधिक है। सालाना आधार पर नकारात्मक अंतर में कमी आई है। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) में बहु-मुद्रा परिसंपत्तियां शामिल होती हैं, जिन्हें मौजूदा मानदंडों के अनुसार बहु-परिसंपत्ति पोर्टफोलियो में रखा जाता है, जो इस संबंध में अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं के अनुरूप हैं। तंबर 2024 के अंत तक, कुल 617.07 बिलियन डॉलर के एफसीए में से 515.30 बिलियन डॉलर प्रतिभूतियों में निवेश किए गए, 60.11 बिलियन डॉलर अन्य केंद्रीय बैंकों और बीआईएस के पास जमा किए गए और शेष 41.66 बिलियन डॉलर विदेशों में वाणिज्यिक बैंकों के पास जमा थे।   recent visitors 72

लुलु ग्रुप ला रही है USE का इस साल का सबसे बड़े इश्यू, कंपनी खाड़ी के छह देशों में 240 से अधिक स्टोर चलाती है

नई दिल्ली  हाइपरमार्केट चेन और मॉल ऑपरेटर लुलु ग्रुप इंटरनेशनल के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की डेट आ गई है। भारतीय मूल के उद्यमी यूसुफ अली की यह कंपनी यूएई में इस साल का सबसे बड़ा आईपीओ ला रही है और उसकी लिस्टिंग अबू धाबी में होगी। इस ग्रुप का बिजनस कई सेक्टर्स में फैला है। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट बिजनस शामिल है। इसका बिजनस 20 से अधिक देशों में फैला है और सालाना टर्नओवर करीब 8 अरब डॉलर है। कंपनी में 65,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। भारत में कंपनी ने 20,000 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। साल 2025 तक उसकी भारत में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना है। 2020 में अबू धाबी के शाही परिवार की निवेश कंपनी ने लुलु ग्रुप में 20 फीसदी हिस्सेदारी करीब एक अरब डॉलर में खरीदी थी। आईपीओ के तहत कंपनी अपनी 25 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। कंपनी का आईपीओ 28 अक्टूबर को खुलेगा और इस पर 5 नवंबर तक बोली लगाई जा सकती है। शेयरों की लिस्टिंग 14 नवंबर को हो सकती है। माना जा रहा है कि कंपनी इससे 1.8 अरब डॉलर जुटा सकती है। हालांकि कंपनी ने इसकी वैल्यू बताने से इन्कार कर दिया। रिटेल निवेशकों को 10 फीसदी हिस्सा रखा गया है। भारत में बिजनस कंपनी की स्थापना 1974 में भारतीय मूल के यूसुफ अली ने की थी। यह कंपनी खाड़ी के छह देशों में 240 से अधिक स्टोर चलाती है। इनमें 116 हाइपरमार्केट्स, 102 एक्सप्रेस स्टोर्स और 22 मिनी मार्केट्स शामिल हैं। कंपनी के यूएई में 103 स्टोर, सऊदी अरब में 56 स्टोर और दूसर बाजारों में 81 स्टोर शामिल हैं। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए मिनिमम सब्सक्रिप्शन 5,000 दिरहम है। गल्फ देशों के ग्रॉसरी बाजार में इस कंपनी की 13.5 फीसदी हिस्सेदारी है। भारत में कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, बेंगलुरु, लखनऊ और कोयंबटूर कंपनी के शॉपिंग मॉल हैं। recent visitors 125

जुलाई-सितंबर में दूसरी श्रेणी के शीर्ष 30 शहरों में घरों की बिक्री 13 प्रतिशत घटी: प्रॉपइक्विटी

नई दिल्ली जुलाई-सितंबर, 2024 की तिमाही के दौरान 30 प्रमुख दूसरी श्रेणी के शहरों में घरों की बिक्री 13 प्रतिशत घटकर 41,871 इकाई रह गई। रियल एस्टेट विश्लेषण फर्म प्रॉपइक्विटी के अनुसार उच्च आधार प्रभाव और नई आपूर्ति घटने के कारण यह गिरावट हुई। प्रॉपइक्विटी सूचीबद्ध इकाई पी ई एनालिटिक्स लिमिटेड का हिस्सा है। कंपनी ने सोमवार को शीर्ष 30 दूसरी श्रेणी के शहरों की आवास रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक, दूसरी श्रेणी के 30 शीर्ष शहरों में घरों की बिक्री जुलाई-सितंबर तिमाही में 13 प्रतिशत घट गई, जबकि नई पेशकश में 34 प्रतिशत की गिरावट आई है। समीक्षाधीन अवधि में आवास बिक्री घटकर 41,871 इकाई रह गई, जो इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 47,985 इकाई थी। जुलाई-सितंबर, 2024 तिमाही में नई पेशकश 28,980 इकाई थी, जो इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 43,748 इकाई थी। अहमदाबाद, वडोदरा, गांधीनगर, सूरत, गोवा, नासिक और नागपुर सहित पश्चिमी क्षेत्र ने कुल बिक्री में 72 प्रतिशत का योगदान दिया। प्रॉपइक्विटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और संस्थापक समीर जसूजा ने कहा कि उच्च आधार प्रभाव के कारण बिक्री और नई पेशकश में गिरावट हुई है। पूरे भारत के संदर्भ दूसरी श्रेणी के शीर्ष 30 शहरों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।   recent visitors 70

बिना प्रीमियम, 1.5 लाख का कैशलेस इलाज, जानिए क्या है नई स्कीम

नई दिल्ली हर साल सड़क हादसों में घायल ना जाने कितने लोग महज इसलिए अपनी जान गंवा देते हैं, क्योंकि उन्हें समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे हादसों में अक्सर अस्पतालों का महंगा खर्च भी लोगों से उनके अपनों को छीन लेता है। साल 2022 के आंकड़ों को ही अगर देखें तो सड़क हादसों में लगभग 1.68 लाख लोगों की जान गई थी। केंद्र सरकार अब इस तरह के मामलों के लिए एक ऐसी स्कीम लेकर आई है, जिसमें सड़क हादसे के पीड़ित को 1.5 लाख रुपए का कैशलेस इलाज दिया जाएगा। ये स्कीम अभी पायलट प्रोग्राम के तौर पर केवल चंडीगढ़ में लागू की गई है और इसके परिणाम को देखते हुए बाद में इसे देशभर में लागू किया जाएगा। क्या है ये पूरी स्कीम ? केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने गुरुवार को कैशलेस इलाज के इस पायलट प्रोग्राम को लॉन्च किया। इसके तहत किसी भी तरह के सड़क हादसे में घायल को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा और उसे 1.5 लाख रुपए का कैशलेस इलाज मिलेगा। पीड़ित को इसके तहत 7 दिनों तक कैशलेस इलाज दिया जाएगा। मंत्रालय के मुताबिक, इस प्रोग्राम का मकसद एक ऐसा सिस्टम तैयार करना है, जिसमें समय रहते पीड़ित को इलाज मिले। खासकर शुरुआती एक घंटे के भीतर, जो उसकी जिंदगी बचाने के लिए सबसे ज्यादा अहम समय है। सड़क पर होने वाली मौतों को रोकना है मकसद सूत्रों के मुताबिक, सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस बात को माना है कि सड़क हादसों के करीब 97 फीसदी मामलों में औसत मेडिकल खर्च लगभग 60 हजार रुपए तक आता है। बहुत कम मामले ऐसे होते हैं, जहां घायल को लंबे इलाज या आईसीयू केयर की जरूरत पड़ती है। साथ ही सड़क हादसों को लेकर हुई कई रिसर्च में ये भी पता चला है कि एक्सीडेंट के शुरुआती एक घंटे के भीतर अगर पीड़ित को तुरंत इलाज मिल जाए, तो सड़क पर होने वाली करीब आधी मौतों को रोका जा सकता है। इस पायलट प्रोग्राम को पुलिस, अस्पतालों और स्टेट हेल्थ एजेंसी के साथ मिलकर नेशनल हेल्थ अथॉरिटी लागू करेगी। किस तरह के हादसों में मिलेगा कैशलेस इलाज इस पायलट प्रोग्राम के तहत सभी तरह की सड़कों पर गाड़ियों की वजह से होने वाले रोड एक्सीडेंट को कवर किया जाएगा। अगर केस ट्रॉमा या पॉली ट्रॉमा का है, तो आयुष्मान भारत पैकेज भी इस योजना में शामिल होगा। वहीं, योजना से सरकार के खजाने पर किसी तरह का बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि घायल के इलाज का पूरा खर्च इंश्योरेंस कंपनियों से आएगा। दरअसल इंश्योरेंस कंपनियां वाहन मालिक से जो प्रीमियम लेती हैं, ये खर्च उसी प्रीमियम का छोटा सा हिस्सा होगा। सड़क हादसे में घायल पीड़ित को तुरंत इलाज देने से मौतों की संख्या में कमी आएगी और मुआवजे का खर्च घटने से आखिरकार इसका फायदा इंश्योरेंस कंपनी को ही मिलेगा। पीड़ित का इलाज करने के बाद अस्पताल को इलाज की रकम मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड के जरिए वापस दी जाएगी। recent visitors 82

दिवाली के ठीक बाद देशवासियों को महंगाई का झटका, कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े

नई दिल्ली दिवाली के ठीक बाद देशवासियों को महंगाई का झटका लगा है। तेल कंपनियों ने आज (शुक्रवार, 1 नवंबर) को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है। नई कीमतों के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर में 62 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे अब दिल्ली में इसका मूल्य 1802 रुपये हो गया है। वहीं, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जो आम जनता के लिए राहत की बात है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से शादी-ब्याह पर असर त्योहारी और शादी के मौसम में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और विवाह समारोहों पर खर्च का असर पड़ना तय है। व्यावसायिक सिलेंडर का उपयोग बड़े पैमाने पर खाना बनाने के लिए होता है, इसलिए इन बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर खाने-पीने की कीमतों पर भी पड़ेगा। इसके साथ ही, 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर में भी 15 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे छोटे व्यवसायों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। recent visitors 67

रिलायंस के ब्रांड कैंपा कोला की धमक कोका-कोला को कीमत घटाने पर मजबूर होना पड़ा

नई दिल्ली भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी ने कोला मार्केट में उतरते ही तहलका मचा दिया है। रिलायंस के कैंपा ब्रांड ने अपने प्रॉडक्ट्स की कीमत कोका-कोला और पेप्सी की तुलना में काफी कम रखी है। इससे इन कंपनियों को कड़ी चुनौती की सामना करना पड़ा है। कई मार्केट्स में उनका हिस्सेदारी प्रभावित होने लगी है। कोका-कोला अब अपनी 400 मिली की बोतल की कीमत 25 रुपये से घटाकर 20 रुपये करने की योजना बना रही है। डिस्ट्रीब्यूटर्स से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है। संशोधित कीमतें अगले एक हफ्ते में तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के बाजारों में लागू होने की संभावना है। इस बारे में कोका-कोला ने सवालों का जवाब नहीं दिया। सूत्रों ने कहा कि कोका-कोला 400 मिली की बोतल अभी 25 रुपये में बेच रही है। तत्काल उन्हीं बोतलों की पैकेजिंग बदलकर 20 रुपये नहीं की जा सकती है। कंपनी आने वाले दिनों में एक नई पैकेजिंग लॉन्च करेगी। इसमें बोतल पर 250 मिली और 150 मिली फ्री लिखा होगा। इसकी कीमत 20 रुपये होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के ब्रांड कैंपा कोला ने अपने पैक्स की कीमत कोका-कोला की तुलना में 5-20 रुपये कम है। इससे कोका-कोला जैसी वैश्विक कंपनियों को अपनी कीमतों में बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कैसे निपटेगा पुराना स्टॉक? कैंपा कोला अपनी 500 मिली की बोतले 20 रुपये में बेचती है जबकि कोका-कोला की 400 मिली बोतल की कीमत 25 रुपये है। इसी तरह कैंपा की 600 मिली की बोतल की कीमत 30 रुपये है, जबकि कोका-कोला उसे 40 रुपये में बेचती है। कैंपा की 2 लीटर की बोतल और कोका-कोला के 2.25 लीटर की बोतल की कीमत में 20 रुपये का अंतर है। कोका-कोला जनरल ट्रेड चैनल से 250 मिली, 400 मिली, 600 मिली, 1 लीटर और 2.25 लीटर पैक आकार की कोल्ड ड्रिंक बोतलें बेचती है। कंपनी मॉडर्न ट्रेड चैनल के जरिए ज्यादातर 750 मिली और 1.25 लीटर की बोतलें बेचती है जबकि जनरल ट्रेड चैनल से 600 मिली और 1 लीटर की बोतलें अधिक बिकती हैं। हालांकि कोका-कोला के डिस्ट्रीब्यूटर्स को इस बात की चिंता है क्योंकि उनके पास 250 मिली की बोतलों का काफी स्टॉक है। इनकी कीमत 20 रुपये है। कम कीमत वाली 400 मिली की बोतलों के बाजार में आने से पहले उन्हें इस स्टॉक को खत्म करना होगा। अभी यह साफ नहीं है कि 250 मिली की बोतलों के लिए कोका-कोला की कीमत और मार्केटिंग स्ट्रैटजी क्या होगी? डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि 250 मिली के स्टॉक को खत्म करना होगा। recent visitors 117

गूगल दिसंबर तक AI सिस्टम को कर सकता है रिलीज, यूजर्स के वेब ब्राउजर को नियंत्रित कर सकता है

नई दिल्ली गूगल एक ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम पर काम कर रहा है, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया में बड़ा क्रांतिकारी कदम साबित होगा। द इंफॉर्मेशन की रिपोर्ट के अनुसार, इस नई टेक्नोलॉजी का कोडनेम प्रोजेक्ट जार्विस है। यह यूजर्स के वेब ब्राउजर को नियंत्रित कर सकता है। इसके साथ ही यह सर्च और खरीदारी जैसे काम भी कर सकता है। बताया जा रहा है कि गूगल अपने अगले फ्लैगशिप जेमिनी लार्ज लैंग्वेज मॉडल (Gemini AI) के रिलीज के साथ ही जार्विस को रिलीज कर सकता है।   पूरे कंप्यूटर पर नहीं करेगा नियंत्रण इस नए टूल के बारे में गूगल की तरफ से बताया गया है कि यह पूरे पर्सनल कंप्यूटर पर नियंत्रण नहीं करेगा। यह सिर्फ ब्राउजर के भीतर कुछ काम एक एडिट करने पर फोकस करेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल एजेंट अवधारणा को एक कदम आगे ले जाने की कोशिश कर रहा है। इसमें सॉफ्टवेयर किसी व्यक्ति के कंप्यूटर या ब्राउजर से सीधे इंटरैक्ट करता है। माइक्रोसॉफ्ट भी चाहता है ओपनएआई बताते चलें कि इससे पहले यह भी खबर आई थी कि माइक्रोसॉफ्ट समर्थित ओपनएआई (OpenAI) भी चाहता है कि उसके मॉडल "सीयूए" या कंप्यूटर का उपयोग करने वाले एजेंट की सहायता से वेब को इंडिपेंडेंट रूप से ब्राउज करके शोध करें। यह इसके निष्कर्षों के आधार पर एक्शन ले सकता है। यानी इसे ऐसे समझ सकते हैं कि गूगल का AI सिस्टम टारगेटेड होगा, जो कई तरह के कामों को अंजाम देने के लिए डिजाइन किया गया होगा। गौरतलब है कि एजेंटिक AI सिस्टम का इस्तेमाल कंप्यूटर पर स्पेसिफिक टास्क को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। यह ऑटोमैटिक वाहनों और रोबोटों को चलाने आदि के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ये कंप्यूटर विजन का इस्तेमाल करके बाहरी वातावरण का विश्लेषण कर सकते हैं। इसके साथ ही विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से बटन दबाने, कर्सर मूवमेंट करने जैसे काम भी कर सकते हैं। recent visitors 108

टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी, केप्पल कम लागत में उपलब्ध कराएंगी ‘कूलिंग’ सेवा

नई दिल्ली टाटा पावर की पूर्ण अनुषंगी टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी और सिंगापुर की केप्पल लि. ने ऊर्जा दक्ष और कम लागत में जगह को ठंडा रखने के लिए ‘कूलिंग-एज-ए-सर्विस’ शुरू करने को लेकर गठजोड़ किया है। दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा कि इसके तहत जहां पर्यावरण अनुकूल समाधानों में विशेषज्ञता रखने वाली केप्पल उपकरण उपलब्ध कराएगी, वहीं टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ बिजली प्रबंधन का काम देखेगी। ‘कूलिंग-एज-ए-सर्विस’ (सीएएएस) एक कारोबारी मॉडल है। इसके तहत ग्राहक जगह को ठंडा करने के उपकरण और संबंधित बुनियादी ढांचे में निवेश किये बिना भुगतान आधार पर कूलिंग सेवाएं प्राप्त कर सकते है। इस मॉडल में, सेवा प्रदाता कूलिंग उपकरण उपलब्ध कराता है और उसका संचालन करता है और ग्राहक उपयोग के आधार पर इसका भुगतान करता है। इससे कूलिंग की व्यवस्था सस्ती और कम ऊर्जा खपत वाली होती है। बयान के अनुसार, यह गठजोड़ देश में कूलिंग कार्ययोजना (आईसीएपी) और स्मार्ट सिटी मिशन के अनुरूप है। इसका उद्देश्य प्रमुख शहरी क्षेत्रों और वाणिज्यक तथा औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जिला कूलिंग प्रणाली (डीसीएस) के साथ-साथ व्यक्तिगत इमारतों में कूलिंग उपकरणों की तैनाती के माध्यम से ठंडा करने का समाधान प्रदान करना है। यह सहयोग हवाई अड्डों, आईटी पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्रों, डेटा केंद्रों और अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक संपत्तियों जैसे उच्च-मांग वाले परिवेश पर केंद्रित है। इन जगहों पर कूलिंग समाधान के माध्यम से ऊर्जा के उपयोग को 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है जिससे कार्बन उत्सर्जन में 50 प्रतिशत तक की कटौती में मदद मिल सकती है। टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण कटियार ने कहा, ‘‘कूलिंग कार्ययोजना और स्मार्ट सिटी मिशन का समर्थन कर, हम नवोन्मेषी, कुशल ‘कूलिंग एज ए सर्विस’ समाधानों के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं जो शहरी और ऊर्जा-गहन केंद्रों में ऊर्जा-कुशल परिवेश को बढ़ावा देते हैं। इसके साथ ही, हम 2030 तक ऊर्जा दक्षता में सुधार की दर को दोगुना करने के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में योगदान देंगे।’’     recent visitors 79

एसीसी को दूसरी तिमाही में 200 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

नई दिल्ली सीमेंट उत्पादक कंपनी एसीसी लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में 199.7 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ कमाया है। एसीसी लिमिटेड ने  शेयर बाजार को जुलाई-सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे की सूचना दी। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 387.88 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। आलोच्य तिमाही में एसीसी का परिचालन राजस्व 4,613.52 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,434.73 करोड़ रुपये था। यह उसका पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक राजस्व है। पिछली तिमाही में कंपनी का कुल व्यय 4,452.73 करोड़ रुपये रहा जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,127.11 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी ने कहा कि सितंबर तिमाही और पहली छमाही के परिणामों की पिछले वर्ष की समान अवधि के साथ तुलना नहीं की जा सकती है। दरअसल इनमें एशियन कंक्रीट्स एंड सीमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (एसीसीपीएल) के एकीकृत वित्तीय परिणाम भी शामिल हैं जिसका नियंत्रण एसीसी लिमिटेड ने आठ जनवरी, 2024 को अपने हाथ में ले लिया था। एसीसी के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अजय कपूर ने कहा, ‘‘हमारी वृद्धि सभी बाजारों में उच्च गुणवत्ता वाले सीमेंट उत्पादों की मजबूत मांग से प्रेरित है। हमारे वित्तीय परिणाम उच्च मात्रा, लागत अनुकूलन और बढ़ती दक्षता से प्रेरित होकर हमारी वृद्धि रणनीति को रफ्तार देने का काम करते हैं।’’ कंपनी ने कहा कि सरकार का बुनियादी ढांचे के विकास पर निरंतर ध्यान सीमेंट क्षेत्र की मांग को गति देने का काम करता रहेगा। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में सीमेंट की मांग में चार-पांच प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताई है।   recent visitors 80

डीएलएफ की बिक्री बुकिंग अप्रैल-सितंबर में 66 प्रतिशत बढ़कर 7,094 करोड़ रुपये पर

नई दिल्ली  रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डीएलएफ की बिक्री बुकिंग मजबूत आवास मांग के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में 66 प्रतिशत बढ़कर 7,094 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इसी अवधि में इसकी बिक्री बुकिंग 4,268 करोड़ रुपये थी। कंपनी पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन के कारण अप्रैल-सितंबर अवधि के दौरान बिक्री बुकिंग में वृद्धि हासिल करने में सक्षम रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान डीएलएफ की बिक्री बुकिंग तीन गुना होकर लगभग 6,400 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 2,040 करोड़ रुपये थी। हालांकि, 2024-25 की दूसरी तिमाही में बिक्री बुकिंग 69 फीसदी घटकर 692 करोड़ रुपये रह गई, जो एक साल पहले समान अवधि की 2,228 करोड़ रुपये थी। निवेशकों को डीएलएफ ने बताया कि “नए उत्पाद पेश के लिए अपेक्षित अनुमोदन प्राप्त करने मंं देरी के कारण बिक्री में कमी आई है।”   recent visitors 89

श्नाइडर इलेक्ट्रिक नोएडा हवाई अड्डे के लिए ऊर्जा प्रबंधन समाधान उपलब्ध कराएगी

नई दिल्ली  श्नाइडर इलेक्ट्रिक ने कहा कि उसने भवन एवं ऊर्जा प्रबंधन समाधान उपलब्ध कराने के लिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ साझेदारी की है। श्नाइडर इलेक्ट्रिक ने कहा कि इस साझेदारी के तहत वह इलेक्ट्रिकल एससीएडीए और उन्नत वितरण प्रबंधन प्रणाली सहित भवन प्रबंधन समाधान उपलब्ध कराएगी, जो आगामी हवाई अड्डा परियोजना की परिचालन दक्षता व स्थिरता में सहायता करेगी। श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तथा ग्रेटर इंडिया के क्षेत्र अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा, ‘‘हमारे समाधान निर्बाध बिजली आपूर्ति की गारंटी देंगे और बैगेज हैंडलिंग जैसी महत्वपूर्ण प्रणालियों को ‘कवर’ करते हुए व्यापक हवाई अड्डा प्रबंधन की सुविधा प्रदान करेंगे। समाधान वास्तविक समय में ऊर्जा खपत की निगरानी करेंगे और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने तथा कार्बन उत्सर्जन को कम करने के अवसरों को चिन्हित करेंगे।’’     recent visitors 87

भारतीय परिधान निर्यातकों को वित्त वर्ष 2025 में 9-11 प्रतिशत राजस्व वृद्धि की उम्मीद: इक्रा

नई दिल्ली भारतीय परिधान निर्यातकों को वित्त वर्ष 2024-25 में नौ से 11 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने  यह बात कही। इक्रा ने बयान में कहा कि भारतीय परिधान निर्यात की दीर्घकालिक, अनुकूल संभावनाएं हैं, जिसे अंतिम बाजारों में उत्पाद की बढ़ती स्वीकार्यता, उभरते उपभोक्ता रुझान और उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, निर्यात प्रोत्साहन, ब्रिटेन तथा यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते आदि के रूप में सरकार से मिले प्रोत्साहन से मदद मिली है। इसमें कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में अपेक्षित वृद्धि वित्त वर्ष 2023-24 के कमजोर प्रदर्शन के बाद हुई है। गत वित्त वर्ष में उच्च खुदरा ‘इन्वेंट्री’, प्रमुख बाजारों से सुस्त मांग, लाल सागर संकट सहित आपूर्ति श्रृंखला के मुद्दों और पड़ोसी देशों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण निर्यात प्रभावित हुआ था। इक्रा ने कहा कि मांग में सुधार के साथ उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2024-25 और वित्त वर्ष 2025-26 में पूंजीगत व्यय में वृद्धि होगी। यह कारोबार के पांच से आठ प्रतिशत के दायरे में रह सकता है। इक्रा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं सह-समूह प्रमुख (कॉर्पोरेट रेटिंग्स) श्रीकुमार कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘ वित्त वर्ष 2023-24 में मामूली (दो प्रतिशत की) गिरावट के बाद, भारतीय परिधान निर्यातकों को वित्त वर्ष 2024-25 में नौ से 11 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज करने का अनुमान है। यह विभिन्न ग्राहकों द्वारा अपनाई गई जोखिम-मुक्त करने की रणनीति तथा प्रमुख अंतिम बाजारों खासकर अमेरिका तथा यूरोपीय संघ क्षेत्रों में खुदरा ‘इन्वेंट्री’ की पुनःपूर्ति से लाभान्वित होगी।’’ उन्होंने कहा कि फिर भी कमजोर व्यापक आर्थिक माहौल तथा भू-राजनीतिक मुद्दों के बीच कुछ प्रमुख बाजारों में मांग की अनिश्चितता से जुड़ी चुनौतियां कायम हैं। इक्रा ने कहा कि बांग्लादेश में हालिया भू-राजनीतिक तनाव के परिणामस्वरूप भारत सहित देश के बाहर क्षमता में वृद्धि हो सकती है। रेटिंग एजेंसी ने कहा, फिर भी प्रतिस्पर्धी लागत पर श्रम की उपलब्धता एवं तरजीही शुल्क पहुंच और अमेरिका तथा यूरोपीय संघ को निर्यात पर अगले दो वर्षों के लिए सबसे कम ‘विकसित देश’ का दर्जा दिए जाने से बांग्लादेश को अधिकतर अन्य विकासशील देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बने रहने में मदद मिलेगी।       recent visitors 88

आईसीआईसीआई बैंक का शुद्ध लाभ सितंबर तिमाही में 14.5 प्रतिशत बढ़कर 11,746 करोड़ रुपये पर

नई दिल्ली  निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का एकल आधार पर मुनाफा चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए 14.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11,746 करोड़ रुपये रहा है। बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 10,261 करोड़ रुपये रहा था। बैंक ने  शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसकी कुल आमदनी सितंबर तिमाही में बढ़कर 47,714 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 40,697 करोड़ रुपये थी। बैंक की ब्याज आय बढ़कर 40,537 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 34,920 करोड़ रुपये थी। बैंक की शुद्ध ब्याज आय 9.5 प्रतिशत बढ़कर 20,048 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 18,308 करोड़ रुपये थी। परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर, बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) सितंबर 2024 के अंत तक घटकर सकल कर्ज का 1.97 प्रतिशत रह गई, जबकि एक साल पहले यह 2.48 प्रतिशत थी। इसी प्रकार, शुद्ध एनपीए घटकर 0.42 प्रतिशत रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत में 0.43 प्रतिशत था। एकीकृत आधार पर बैंक का शुद्ध लाभ 19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सितंबर तिमाही में 12,948 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 10,896 करोड़ रुपये थी।   recent visitors 80

अदाणी विल्मर को सितंबर तिमाही में 311 करोड़ रुपये का मुनाफा

नई दिल्ली  अदाणी विल्मर लि. का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में 311.02 करोड़ रुपये रहा है। मुख्य रूप से आमदनी बढ़ने से कंपनी का लाभ बढ़ा है। बीते वित्त वर्ष 2023-24 की जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी को 130.73 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। अडाणी समूह और सिंगापुर की विल्मर की संयुक्त उद्यम कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसकी कुल आय सितंबर, 2024 को समाप्त तिमाही में बढ़कर 14,565.30 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 12,331.20 करोड़ रुपये थी। अदाणी विल्मर फॉर्च्यून ब्रांड के तहत खाद्य तेल और अन्य खाद्य सामान बेचती है। recent visitors 91

RBI ने ब्रिटेन से फिर मंगाई सोने की बड़ी खेप… धनतेरस पर आया 102 टन गोल्ड, कहां रखा जाएगा?

नई दिल्ली  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी खरीदारी की है. ब्रिटेन से भारत में 102 टन सोने की नई खेप मंगाई गई है. बैंक ऑफ इंग्‍लैंड से 102 टन सोना भारत के रिजर्व बैंक इंडिया के नाम ट्रांसफर किया गया है. इससे पहले आरबीआई ने ब्रिटेन से मई में 100 टन सोना ब्रिटेन से मंगाया था. सितंबर के अंत तक RBI के पास कुल 855 टन सोना था, जिसमें से 510.5 टन अब भारत में रखा गया है. भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से सोना मंगाने का ये कदम रणनीति में बदलाव को दर्शाता है. बढ़ते भू-राजनीतिक टेंशन के कारण भारत के केंद्रीय बैंक अपने विदेश में रखे सोने को भारत लेकर आ रहा है, ताकि गोल्‍ड सुरक्षित रहे. ब्रिटेन से कैसे आता है सोना? भारत ने सितंबर 2022 से अब तक 214 टन सोना वापस लाया है, जो RBI और सरकार की संपत्ति को घर के करीब लाने की प्राथमिकता को दर्शाता है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इन भंडारों को घरेलू स्तर पर रखने से ग्‍लोबल टेंशन के बीच महंगाई और अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर सुरक्षा बढ़ जाती है. ब्रिटेन से ये सोना गोपनीय तरीके से विमानों और अन्‍य माध्‍यमों से मंगाया जाता है. मई में मंगाया था गिरवी रखा हुआ 100 टन सोना मई की शुरुआत में, यह बताया गया था कि भारत ने पहले ही UK से 100 टन सोना वापस मंगा लिया है, जो 1990 के दशक के दौरान जमा किया गया एक बड़ा खेप था. उस समय, सरकार ने भुगतान संतुलन संकट के दौरान विदेशी बैंकों को संपार्श्विक के रूप में सोना गिरवी रख दिया था. ताकि विदेशों से पैसा आ सके और भारत की अर्थव्‍यवस्‍था सही हो सके. हालांकि आज भारत की स्थिति मजबूत है. ऐसे में उद्देश्य आपात स्थितियों में धन का लाभ उठाने के बजाय उसे सुरक्षित रखना है. अभी भी इंग्‍लैंड में भारत का इतना सोना वर्तमान में भारत के 324 टन गोल्‍ड भंडार बैंक ऑफ इंग्‍लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट की देखरेख में है. यह दोनों बैंक यूके में स्थित हैं. अपने सुरक्षित "बुलियन वेयरहाउस" के लिए जाना जाने वाला बैंक ऑफ इंग्लैंड 1697 से वैश्विक केंद्रीय बैंकों के लिए कीमती धातुओं का भंडारण कर रहा है, जिससे उसे लंदन के बुलियन बाजार के तरलता लाभों का लाभ मिलता है. भारत के विदेशी भंडार देखें तो सोना अब 9.3% है, जो मार्च में 8.1% से अधिक है. यह तब हुआ है जब सोने की कीमतों में उछाल आया है. वर्तमान में मुंबई में ₹78,745 प्रति 10 ग्राम है, और अगले साल ₹85,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने का अनुमान है. क्‍यों RBI सोना खरीदता है? केंद्रीय बैंक द्वारा स्‍टॉक में सोना रखने का उद्देश्य मुख्य रूप से महंगाई दर और विदेशी मुद्रा जोखिमों के खिलाफ सुरक्षा के रूप में अपने विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों के आधार में विविधता लाना है. आरबीआई ने दिसंबर 2017 से नियमित रूप से बाजार से सोना जमा करना शुरू कर दिया है. देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी दिसंबर 2023 के अंत में 7.75 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल 2024 के अंत तक लगभग 8.7 प्रतिशत लाने का लक्ष्य था. आरबीआई कहां रखता है सोना? देश के अंदर सोना मुंबई के मिंट रोड स्थित RBI भवन तथा नागपुर में स्थित तिजोरियों में रखा जाता है. वर्ल्‍ड गोल्‍ड कॉउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक केंद्रीय बैंकों के पास अबतक खनन किए गए सभी सोने का लगभग 17 प्रतिशत हिस्‍सा है और साल 2023 के अंत तक भंडार  36,699 मीट्रिक टन (MT) से अधिक रहा होगा.   recent visitors 69

ओला इलेक्ट्रिक ने 50 से अधिक सर्विस सेंटर, 500 तकनीशियन जोड़े

ओला इलेक्ट्रिक ने 50 से अधिक सर्विस सेंटर, 500 तकनीशियन जोड़े बेंगलुरु  भारत की सबसे बड़ी ई-स्कूटर विनिर्माता कंपनी ओला इलेक्ट्रिक ने अपनी सेवा में बदलाव लाने और ग्राहकों के बिक्री के बाद के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए देशभर में अपने सर्विस सेंटर की क्षमता में 30 प्रतिशत से अधिक का इजाफा किया है। सॉफ्टबैंक समूह समर्थित कंपनी की भारत के ई-स्कूटर बाजार में करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी है। कंपनी ने 50 से अधिक सर्विस सेंटर जोड़े हैं और परिचालन को सुव्यवस्थित करने तथा सभी लंबित कार्यों को निपटाने के लिए नए व मौजूदा सेवा केंद्रों में 500 से अधिक सेवा तकनीशियनों को नियुक्त किया है। ओला इलेक्ट्रिक ने सेवा में बदलाव, रणनीति और समग्र सेवा प्रक्रियाओं के अनुकूलन के लिए पेशेवर सेवा कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग को भी साथ लिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ केंद्रों पर से लंबित कार्यों की सूचना मिली है क्योंकि मांग उनके कार्यबल से अधिक हो गई है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा, ‘‘कंपनी ने अपने सेवा नेटवर्क में 50 से अधिक सर्विस सेंटर जोड़े हैं और देशभर में नए तथा मौजूदा केंद्रों में 500 से अधिक सेवा तकनीशियनों को शामिल किया है।’’ संगठन के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘कंपनी चुपचाप अपनी सेवाओं के लंबित मामलों को निपटाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। अभी तक लंबित कार्यों में से करीब दो-तिहाई को निपटा दिया गया है और अगले कुछ सप्ताहों में शेष को भी निपटा दिया जाएगा।’’ ओला इस महीने की शुरुआत में अपने संस्थापक भाविश अग्रवाल और स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के बीच सेवा की गुणवत्ता को लेकर सार्वजनिक विवाद के बाद सुर्खियों में आई थी। एलएंडटी को पश्चिम एशिया, अफ्रीका में बिजली ग्रिड के विस्तार के लिए ‘बड़ी’ परियोजनाएं मिलीं नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (वेब वार्ता)। बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने पश्चिम एशिया और अफ्रीका में उच्च वोल्टेज बिजली ग्रिड के विस्तार और मजबूती के लिए ‘बड़ी’ परियोजनाएं मिली हैं। कंपनी ने बीएसई को दी सूचना में बताया, ये ठेके लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) की विद्युत पारेषण एवं वितरण (पीटीएंडडी) इकाई को मिले हैं। एलएंडटी 1,000 करोड़ रुपये से 2,500 करोड़ रुपये के बीच के मूल्य के ठेके को ‘‘ बड़ा ठेका ’’ बताती है। कंपनी सूचना के अनुसार, पश्चिम एशिया में सऊदी अरब में उच्च-वोल्टेज पारेषण लाइन के निर्माण के लिए नए ठेके मिले हैं। कतर में जारी विद्युत प्रणाली विस्तार परियोजना में अतिरिक्त गैस ‘इंसुलेटेड सबस्टेशन’ की परियोजनाएं भी मिली हैं। लार्सन एंड टुब्रो 27 अरब अमेरिकी डॉलर की भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी है जो कई भौगोलिक क्षेत्रों में परिचालन करती है।   recent visitors 75

इंडिगो को सितंबर तिमाही में 986 करोड़ का नुकसान

इंडिगो को सितंबर तिमाही में 986 करोड़ का नुकसान -बीते वित्त वर्ष कंपनी को 188.9 करोड़ का लाभ हुआ था नई दिल्ली  देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो को चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में 986.7 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। कंपनी ने कहा कि उसे यह घाटा ठप विमानों और ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण हुआ है। बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 188.9 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। इंडिगो के एक अ‎धिकारी ने कहा कि एयरलाइन की वृद्धि और विस्तार जारी रहा और सितंबर तिमाही में इसकी आमदनी 14.6 प्रतिशत बढ़कर 17,800 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने कहा ‎कि परंपरागत रूप से कमजोर दूसरी तिमाही में ठप विमानों और ईंधन लागत से संबंधित प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण परिणाम और भी प्रभावित हुए। हमने एक नया मोड़ लिया है क्योंकि ठप विमानों की संख्या और संबंधित लागत में कमी आनी शुरू हो गई है। सितंबर तिमाही में एयरलाइन की ईंधन लागत 12.8 प्रतिशत बढ़कर 6,605.2 करोड़ रुपये हो गई।   recent visitors 77

किसानों को सशक्त बनाने के लिए 3एफ ऑयल पाम ने कर्नाटक सरकार के साथ किया समझौता

किसानों को सशक्त बनाने के लिए 3एफ ऑयल पाम ने कर्नाटक सरकार के साथ किया समझौता मुंबई ग्रामीण समुदायों में टिकाऊ कृषि को आगे बढ़ाने के लिए ‘3एफ ऑयल पाम’ ने कर्नाटक सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। बयान के अनुसार, यह साझेदारी किसानों को उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा आवश्यक संसाधनों तक पहुंच प्रदान करेगी। इससे उत्पादकता बढ़ेगी और कर्नाटक के बढ़ते बागवानी क्षेत्र को समर्थन मिलेगा। 3एफ ऑयल पाम के प्रमुख (कृषि) श्रीनिवासराव किलारि ने कहा, ‘‘यह समझौता ज्ञापन एक बड़ी उपलब्धि है, जो स्थानीय किसान समुदायों के उत्थान के हमारे मिशन से जुड़ा है। साथ ही टिकाऊ तेल पाम खेती के लिए नए मानक स्थापित करता है। हम कर्नाटक बागवानी विभाग का उनके महत्वपूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हैं।’’ कंपनी भारत में पाम तेल के विकास कार्यक्रम में लगी हुई है।   recent visitors 70

पीएंडजी हाईजीन का मुनाफा सितंबर तिमाही में मामूली बढ़कर 212 करोड़ रुपये पर

नई दिल्ली  प्रॉक्टर एंड गैंबल (पीएंडजी) हाईजीन एंड हेल्थकेयर लिमिटेड का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 0.57 प्रतिशत बढ़कर 211.90 करोड़ रुपये रहा है। बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 210.69 करोड़ रुपये रहा था। पीएंडजी हाईजीन एंड हेल्थकेयर (पीजीएचएच) लिमिटेड जुलाई से जून के वित्त वर्ष का अनुसरण करती है। कंपनी की परिचालन आय सितंबर तिमाही में 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,135.16 करोड़ रुपये रही है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,138.35 करोड़ रुपये थी। पीजीएचएच ने तिमाही आंकड़ों की घोषणा करते हुए कहा, “उद्योग में मात्रा वृद्धि अब भी धीमी है। कंपनी ने महिला देखभाल श्रेणी में वृद्धि देखी और तिमाही में व्यवसाय की संरचनात्मक लाभप्रदता में सुधार करने में प्रगति जारी रखी।” पीजीएचएच के पोर्टफोलियो में विक्स और व्हिस्पर ब्रांड के साथ स्वास्थ्य सेवा और स्त्री देखभाल के उत्पाद हैं। कंपनी का कुल खर्च सितंबर तिमाही में 1.3 प्रतिशत घटकर 858.29 करोड़ रुपये रहा है।   recent visitors 46

आज हर दसवां कर्मचारी ऐसी भूमिका निभा रहा जिसका 2000 में वजूद भी नहीं थाः लिंक्डइन

नई दिल्ली  कार्यस्थल पर रोजगार का परिदृश्य असामान्य रफ्तार से बदल रहा है। हालत यह है कि इस साल वैश्विक स्तर पर नियुक्त हर दसवां कर्मचारी ऐसे पदों पर काम कर रहा है जिसका 2000 में वजूद भी नहीं था। हाल के समय में सृजित हुई इन भूमिकाओं में सस्टेनेबिलिटी मैनेजर, एआई इंजीनियर और सोशल मीडिया मैनेजर जैसे पद शामिल हैं। पेशेवर नेटवर्किंग मंच लिंक्डइन की तरफ से कार्य प्रकृति में बदलाव पर किए गए अध्ययन से यह जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक, अब कार्यस्थल पर सस्टेनेबिलिटी मैनेजर, एआई इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, सोशल मीडिया मैनेजर और कस्टमर सक्सेस मैनेजर जैसी भूमिकाएं सामान्य हो गई हैं। कृत्रिम मेधा (एआई) जैसी नई प्रौद्योगिकियों का उदय और टिकाऊ प्रवृत्ति पर बढ़ता ध्यान नई रोजगार भूमिकाओं की मांग के पीछे प्रमुख कारण हैं। यह अध्ययन दुनिया भर के 5,000 से अधिक कारोबारी दिग्गजों के बीच कराए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। लिंक्डइन ने इस अध्ययन में पाया है कि भारत के 82 प्रतिशत कारोबारी दिग्गज इस बात से सहमत हैं कि कामकाज में बदलाव की रफ्तार तेज हो रही है। इसकी वजह यह है कि नई भूमिकाओं, कौशल और प्रौद्योगिकी की मांग बढ़ रही है। वैश्विक कारोबारी दिग्गजों ने जनरेटिव एआई की रूपांतरकारी क्षमता को स्वीकार किया है। दस में से सात कारोबारी दिग्गजों ने वर्ष 2025 में एआई टूल को अपने परिचालन में अपनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। लिंक्डइन टैलेंट सॉल्यूशंस की भारत प्रमुख रुचि आनंद ने कहा, ‘‘कंपनियां 2025 में एआई को तेजी से अपनाने पर जोर दे रही हैं। वे अपने कर्मचारियों को बेहतर बनाने और उन्हें फिर से कुशल बनाने में भी सार्थक निवेश कर रही हैं। एआई को अपनाना सिर्फ गति से संबंधित नहीं है, यह टीमों को सशक्त बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और सफल होने के लिए तैयार लचीले कार्यबल बनाने के बारे में भी है।’’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 69 प्रतिशत मानव संसाधन पेशेवरों को लगता है कि काम पर उनसे अपेक्षाएं पहले से अधिक हो चुकी हैं। वहीं 60 प्रतिशत पेशेवरों का कहना है कि सिर्फ अनुभव अब प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए पर्याप्त नहीं है और करियर में आगे बढ़ना काफी कुछ एआई को अपनाने की क्षमता पर निर्भर करता है।       recent visitors 78

एनएसई के कुल ग्राहक खातों की संख्या 20 करोड़ के पार

एनएसई के कुल ग्राहक खातों की संख्या 20 करोड़ के पार नई दिल्ली नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने  कहा कि डिजिटल बदलाव और प्रौद्योगिकी नवोन्मेषण के कारण एक्सचेंज में पंजीकृत कुल ग्राहक खातों की संख्या 20 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। इसमें आज तक के ग्राहक पंजीकरण शामिल हैं। एनएसई ने बयान में कहा, “एक्सचेंज (खातों) में ग्राहक कोड की कुल संख्या 20 करोड़ को पार कर गई है, जो आठ महीने पहले 16.9 करोड़ थी।” एनएसई के मुख्य कारोबार विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि यह वृद्धि भारत की विकास गाथा में निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है। मोबाइल ट्रेडिंग ऐप को व्यापक रूप से अपनाए जाने और निवेशकों की बढ़ती जागरूकता, सरकार की डिजिटल पहल के समर्थन ने बाजार तक पहुंच को प्रभावी रूप से लोकतांत्रिक बनाया है। इससे विशेष रूप से दूसरी, तीसरी और चौथी श्रेणी के शहरों के निवेशकों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि यह विस्तार सुव्यवस्थित केवाईसी (अपने ग्राहक को जानों) प्रक्रियाओं, उन्नत वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों और निरंतर सकारात्मक बाजार धारणा द्वारा समर्थित है, जो इक्विटी, ईटीएफ, रीट, इनविट्स और विभिन्न बांड सहित विविध निवेश साधनों में मजबूत भागीदारी से दिखता है। राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र 3.6 करोड़ खातों के साथ सबसे आगे है। उसके बाद उत्तर प्रदेश (2.2 करोड़), गुजरात (1.8 करोड़), राजस्थान और पश्चिम बंगाल (1.2 करोड़) हैं। इन राज्यों में कुल ग्राहक खातों का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि शीर्ष 10 राज्यों में कुल खातों का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा है।   recent visitors 121

सेजिलिटी इंडिया के आईपीओ के लिए 28-30 रुपये का मूल्य दायरा तय

नई दिल्ली स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में प्रौद्योगिकी सेवाएं देने वाली कंपनी सेजिलिटी इंडिया लिमिटेड ने  कहा कि उसने 2,107 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए 28-30 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। कंपनी ने कहा कि उसकी आरंभिक शेयर बिक्री पांच नवंबर को सार्वजनिक खरीद के लिए खुलेगी और सात नवंबर को बंद होगी। बेंगलुरु स्थित सेजिलिटी इंडिया का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह से प्रवर्तक इकाई सेजिलिटी बी वी द्वारा 70.22 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश पर आधारित है। मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर निर्गम का मूल्य 2,106.60 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। निर्गम के पूरी तरह बिक्री पेशकश पर आधारित होने से कंपनी को सार्वजनिक निर्गम से कोई आय नहीं होगी और पूरी राशि विक्रेता शेयरधारकों को जाएगी। सेजिलिटी इंडिया भुगतानकर्ताओं (स्वास्थ्य सेवाओं की लागत का वित्तपोषण और करने वाली अमेरिकी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों) और प्रदाताओं (अस्पताल, चिकित्सक और डायग्नोस्टिक एवं चिकित्सा उपकरण कंपनियों) दोनों को प्रौद्योगिकी-संचालित सेवाएं प्रदान करती है।     recent visitors 64

आदित्य बिड़ला कैपिटल का मुनाफा सितंबर तिमाही में 42 प्रतिशत बढ़कर 1,001 करोड़ रुपये पर

नई दिल्ली आदित्य बिड़ला समूह की वित्तीय सेवा इकाई आदित्य बिड़ला कैपिटल का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही में 42 प्रतिशत बढ़कर 1,001 करोड़ रुपये रहा है। बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 705 करोड़ रुपये रहा था। आदित्य बिड़ला कैपिटल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसके एकीकृत शुद्ध लाभ में आदित्य बिड़ला इंश्योरेंस ब्रोकर्स लिमिटेड में 50 प्रतिशत की सम्पूर्ण हिस्सेदारी की बिक्री से से मिला 167 करोड़ रुपये का लाभ भी शामिल है। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आमदनी बढ़कर 10,362 करोड़ रुपये रही है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 7,615 करोड़ रुपये थी। कंपनी की ब्याज आय बढ़कर सितंबर तिमाही में 4,141 करोड़ रुपये रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,444 करोड़ रुपये थी। सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 9,034 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 6,671 करोड़ रुपये था।   recent visitors 57

दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन 1 नवंबर 2024, दिन शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा

नई दिल्ली नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने मुहूर्त ट्रेडिंग के तारीख और समय का ऐलान कर दिया है। एनएसई ने दी जानकारी में बताया है कि दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन 1 नवंबर 2024, दिन शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय 6 बजे शाम से 7 बजे शाम तक रहेगा। इस दौरान शेयरों की खरीद बिक्री की जा सकेगी। 1 नवंबर को रेगुलर ट्रेडिंग नहीं होगी। सिर्फ एक घंटे के लिए शेयर बाजार इस दिन खुलेगा। 1 नवंबर को प्री-ओपनिंग सेशन की टाइमिंग शाम 5:45 से शाम 6:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन के दिन कैसा होता है बाजार का प्रदर्शन? ऐतिहासिक तौर पर मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन निवेशकों पॉजिटिव रिटर्न मिला है। पिछले 17 मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन में से 13 में शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ है। बता दें, 2008 में वैश्विक मंदी के बीच भी शेयर बाजार मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन 5.86 प्रतिशत चढ़ गया था। साल 2022 के बाद 12 मुहर्त ट्रेडिंग में से 9 के दौरान बाजार में तेजी देखने को मिली है। 2022 में सेंसेक्स 355 अंक या 0.55 प्रतिशत की उछाल के साथ बंद हुआ था। क्यों खास है मुहूर्त ट्रेडिंग? दिवाली का दिन भारतीय परंपराओं में बेहद खास दिन माना जाता है। इस दिन को असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। लोग इस दिन से एक नई शुरुआत करते हैं। मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन भी इन्हीं परंपराओं से जुड़ा है। यह एक प्रतीकात्मक ट्रेडिंग सेशन होता है। कई लोगों की मान्यताएं हैं कि इस दिन निवेश करने से साल भर अच्छा रिटर्न मिलता है। इसके अलावा इस दिन को पुराने खातों को खत्म और नई खातों को शुरू करने के तौर पर भी लोग देखते हैं। अगर आप भी इन ट्रेडिंग सेशन के दौरान निवेश कि योजना बना रहे हैं तो ध्यान रखें कि समय काफी कम होता है। ऐसें में रिस्क काफी अधिक रहता है। recent visitors 68

मीशो का वित्त वर्ष 2023-24 में समायोजित घाटा कम होकर 53 करोड़ रुपये

नई दिल्ली सॉफ्टबैंक समर्थित ऑनलाइन बिक्री मंच मीशो का वित्त वर्ष 2023-24 में समायोजित घाटा गिरावट के साथ 53 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का समायोजित घाटा वित्त वर्ष 2022-23 में 1,569 करोड़ रुपये रहा था। मीशो ने बयान में कहा, ‘‘परिचालन आय के प्रतिशत के रूप में हमारे विक्रय, सामान्य तथा प्रशासनिक (एसजीएंडए) व्यय में तेजी से गिरावट आई…..’’ इसमें कहा गया, ‘‘परिणामस्वरूप हमारा समायोजित घाटा 1,569 करोड़ रुपये से 97 प्रतिशत घटकर 53 करोड़ रुपये रह गया , जिसमें कर्मचारी शेयर आधारित मुआवजा व्यय शामिल नहीं है।’’ मीशो की परिचालन आय वित्त वर्ष 2023-24 में 33 प्रतिशत बढ़कर 7,615 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 5,735 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2023-24 में ई-कॉमर्स कंपनी की ऑर्डर आपूर्ति 36 प्रतिशत बढ़कर 84.3 करोड़ हो गई, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 62.2 करोड़ थी।   recent visitors 69

भारतीय शेयर बाजार कारोबारी दिन लाल निशान में बंद हुआ, बैंकिंग शेयर लुढ़के

मुंबई भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी दिन लाल निशान में बंद हुआ। सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंक लुढ़क गया। कारोबार के अंत में ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक और फार्मा सेक्टर में बिकवाली रही। सेंसेक्स 426.85 अंक या 0.53 प्रतिशत की गिरावट के बाद 79,942.18 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 126 अंक या 0.51 प्रतिशत गिरने के बाद 24,340.85 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 513.20 अंक या 0.98 प्रतिशत गिरने के बाद 51,807.50 पर आ गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स कारोबार के अंत में 87.95 अंक या 0.16 प्रतिशत चढ़ने के बाद 56,339.25 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 191.95 अंक या 1.05 प्रतिशत चढ़ने के बाद 18,390.90 पर बंद हुआ। निफ्टी के एफएमसीजी, मीडिया और इंफ्रा को छोड़कर सभी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। हालांकि, बाजार का रुझान सकारात्मक रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,894 शेयर्स हरे, 1,037 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, 80 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। सेंसेक्स पैक में इंफोसिस, एचसीएल टेक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एम एंड एम, एसबीआई, एचसीएल टेक, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक टॉप लूजर्स थे। वहीं, मारुति, इंडसइंड बैंक, अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एल एंड टी और टाइटन टॉप गेनर्स थे। निफ्टी पैक में सिप्ला, श्री राम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ, ट्रेंट, इंफोसिस और एसबीआई लाइफ टॉप लूजर्स रहे। वहीं, अदाणी एंटरप्राइजेज, हीरो मोटोकॉर्प, टाटा कंज्यूमर, ब्रिटानिया, मारुति और इंडसइंड बैंक टॉप गेनर्स रहे। बाजार के जानकारों ने कहा कि दीपावली के त्योहार के करीब आते ही घरेलू बाजार हाल के निचले स्तरों से उबरने के कुछ संकेत दिखाने की कोशिश कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट बाजार की धारणा को मजबूत कर रही है, हालांकि यह वैश्विक मांग में संभावित मंदी का भी संकेत देती है। जानकारों के अनुसार, "भारत में त्योहारी मांग के कारण सोने में तेजी बनी हुई है, साथ ही आगामी अमेरिकी चुनाव में ट्रम्प की जीत की उम्मीद में बाजार में तेजी आई है। इस आशावाद के कारण सोने के बाजारों में तरलता में उछाल आया है।" इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 79,680 रुपये प्रति 10 ग्राम बना हुआ है। recent visitors 65

देश में 10 लाख रुपए से कम कीमत वाली कारों की बिक्री में कमी आई

मुंबई मारुति सुजुकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने बताया कि 10 लाख रुपए से कम कीमत वाली कारों की बिक्री में कमी आई है। इसे उन्‍होंने चिंता का विषय बताया है। एक समय कुल बिक्री में इन कारों की हिस्सेदारी 80% होती थी। हालांकि, अब यह लगातार घट रही है। उन्होंने कहा कि इसका कारण लोगों के पास खर्च योग्य आय का कम होना है। भार्गव ने कहा कि इसका लगातार घटना दिखाता है कि लोगों के पास डिस्‍पोजेबल इनकम कम है। उन्होंने ये बात कंपनी के तिमाही नतीजों पर कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। भार्गव ने कहा कि कुल मिलाकर इस सेगमेंट में बिक्री में कमी के चलते ऑटोमोबाइल मार्केट में समग्र ग्रोथ नहीं हो रही है। बाजार में इस स्तर में ग्रोथ को वापस लेने के लिए लोगों के पास अधिक खर्च योग्य आय की जरूरत है। हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि त्योहारों के दौरान कुल खुदरा बिक्री में 14% की ग्रोथ होगी। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्‍यूफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार बाजार में 10 लाख रुपए कम कीमत वाले कारों की हिस्सेदारी 2018-19 में 80% थी। उस दौरान यात्री वाहनों की थोक बिक्री भारत में 33,77,436 इकाई थी। 10 लाख रुपए से कम के यात्री वाहनों की हिस्सेदारी अब बाजार में 50% से भी कम है। वित्त वर्ष 2023-24 में देश में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 42,18,746 इकाइयों की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। भार्गव ने कहा कि इस सेगमेंट का बाजार फिलहाल नहीं बढ़ रहा है। यह चिंता का कारण है। सच यह है कि ग्रोथ केवल महंगी कारों में हो रही है। मुझे लगता है कि इससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी नहीं मिलती। उनसे यह पूछा गया था कि क्या घरेलू यात्री वाहन बाजार में नरमी चिंता का कारण है। मारुति सुजुकी इंडिया परंपरागत रूप से छोटी और कॉम्पैक्ट कार बाजार में अगुवा रही है। अब 10 लाख रुपए से कम कीमत वाले वाहन सेगमेंट में बिक्री नहीं बढ़ रही है। कार बिक्री में गिरावट पप उन्होंने कहा कि इसका कारण ‘किफायत’ का मामला है। खर्च योग्य आय कम होने के कारण लोग खरीद नहीं पा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इस क्षेत्र में बिक्री को बढ़ावा देने के लिए सरकार से कुछ प्रोत्साहन की आवश्यकता है, उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि क्या आवश्यक है, लेकिन हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जिनके पास अधिक खर्च योग्य आय हो। त्योहारों के दौरान बिक्री के बारे में कहा कि यह ‘काफी अच्छी’ रही है। recent visitors 69

JIO फाइनेंस को आरबीआई से ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की मंजूरी मिली

मुंबई मुकेश अंबानी की कंपनी- Jio फाइनेंशियल सर्विसेज को एक बड़ी सफलता मिली है। दरअसल, इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Jio पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (जेपीएसएल) ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया कि उसे ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मंजूरी मिल गई है। इस खबर के बीच Jio फाइनेंशियल के शेयर पर निवेशक टूट पड़े और भाव में 2 फीसदी उछाल आ गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर की कीमत 325.75 रुपये के स्तर तक पहुंच गई। बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई 395 रुपये है। विस्तार का है मौका यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब दिग्गज फिनटेक फर्म पेटीएम को आरबीआई की नियामक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। ऐसे माहौल में जियो के पास डिजिटल वित्तीय सेवा बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने का मौका है। बता दें कि जियो पेमेंट्स बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का हिस्सा है। यह वर्तमान में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और एक फिजिकल डेबिट कार्ड के साथ डिजिटल सेविंग अकाउंट प्रोवाइड करता है। इसमें 1.5 मिलियन से अधिक सक्रिय यूजर हैं। हाल ही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेस ने अपना नया और बेहतर जियो फाइनेंस ऐप लॉन्च करने की घोषणा की है। इस ऐप का बीटा संस्करण 30 मई, 2024 को लॉन्च किया गया था। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) जियो फाइनेंस लिमिटेड ने बताया कि वह होम लोन सर्विस शुरू करने के अंतिम चरण में है। इसे परीक्षण के तौर पर (बीटा) शुरू किया गया है। इसके अलावा, कंपनी संपत्ति पर ऋण और प्रतिभूतियों पर ऋण जैसे अन्य उत्पाद भी पेश करने जा रही है। कैसे रहे सितंबर तिमाही के नतीजे जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का सितंबर 2024 को समाप्त दूसरी तिमाही में मुनाफा मामूली तीन प्रतिशत बढ़कर 689 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने एक साल पहले इसी तिमाही में 668 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया था। कुल आय तिमाही में बढ़कर 694 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 608 करोड़ रुपये थी। हालांकि, पिछले वर्ष की समान अवधि में 71 करोड़ रुपये के मुकाबले कुल खर्च दोगुना होकर 146 करोड़ रुपये हो गया। recent visitors 104

इटली की एक कंपनी ने चीन को नजरअंदाज करते हुए भारत में पहला डिजिटल बुटीक लॉन्च किया

नई दिल्ली  चीन की धीमी अर्थव्यवस्था से अब दुनिया की कई बड़ी-बड़ी कंपनियां मुंह मोड़ रही हैं। वहीं ये भारत में अब अपना भविष्य देख रही हैं। यही कारण है कि इटली की एक कंपनी ने चीन को छोड़ भारत का रुख किया है। लग्जरी प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी ने टाटा के साथ मिलकर भारत में अपना पहला डिजिटल बुटीक लॉन्च करने की घोषणा की है। दरअसल, पिछले कुछ समय से लग्जरी चीजों को लेकर भारत का मार्केट लगातार बढ़ रहा है। कई नामी-गिरामी ब्रांड अपना बेहतर भविष्य अब भारत में देख रहे हैं। देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी इस कंपनी के लिए भारत में नए रास्ते खोल रही है। शायद इसी को ध्यान में रखते हुए इटली के लग्जरी ब्रांड बुल्गारी (Bvlgari) ने भारत को चुना है। टाटा क्लिक के साथ लॉन्चिंग बुल्गारी के चीफ एग्जीक्यूटिव जीन-क्रिस्टोफ बेबिन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अभी भारत है। बुल्गारी ने टाटा क्लिक लग्जरी के साथ पार्टनरशिप में भारत में अपना पहला डिजिटल बुटीक लॉन्च करने की घोषणा की। बेबिन ने एक इंटरव्यू में कहा कि लग्जरी प्रोडक्ट के लिए भारत तेजी से उभर रहा है। भारत का आकार और क्षमता वेस्टर्न लग्जरी चीजों के लिए परफेक्ट है। 'चीन में अब वह बात नहीं रही' बेबिन ने कहा कि पिछले दशक में लग्जरी मार्केट में काफी वृद्धि हुई है। इसमें चीन का भी अहम योगदान रहा है। लेकिन अब चीन में वह बात नहीं रही। वहां मार्केट लगभग खत्म हो चुकी है। यह मंदी से गुजर रहा है। उन्होंने कहा वे अब इससे बाहर निकल जाएंगे। भारत को बताया इकनॉमिक बूस्टर बेबिन ने इंटरव्यू में भारत को इकनॉमी का बूस्टर बताया। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी को इंजन बूस्टर की जरूरत है ताकि ग्लोबल लेवल पर ग्रोथ दोहरे अंकों में हो। उन्होंने कहा कि भारत उनके लिए वह बूस्टर है। बेबिन ने कहा कि उनके लिए भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है। उन्होंने कहा कि यहां लोगों की आय बढ़ रही है। ऐसे में भारत में लग्जरी ईकॉमर्स की संभावना चीन की तुलना में कहीं अधिक आशाजनक हो सकती है। कई प्रोडक्ट बेचेगी बुल्गारी बुल्गारी डिजिटल बुटीक टाटा क्लिक लक्जरी प्लेटफॉर्म पर कई लग्जरी प्रोडक्ट बेचेगी। इनमें बी.जीरो1 कड़ा ब्रेसलेट, बुल्गारी मंगलसूत्र, सर्पेंटी वाइपर ब्रेसलेट, बी.जीरो1 रिंग्स, ऑक्टो रोमा घड़ियां आदि शामिल हैं। recent visitors 65

धनतेरस पर खूब बरसा धन, 60 हजार करोड़ का कोराबार की आश

नई दिल्ली धनतेरस का त्योहार आज देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है और इस दौरान व्यापारियों की जोरदार बिक्री हो रही है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक इस साल धनतेरस पर लगभग 60 हज़ार करोड़ रुपए के कारोबार होने का अनुमान लगाया गया है. लोगों ने सोने-चांदी के गहनों, बर्तनों, कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहनों की ख़रीदारी की फैस्टिव सीजन मे सोने-चांदी की बिक्री में भी तेज़ी आ गई हैै, जिसमें अब तक 20 हजार करोड़ रुपए का सोना और 2500 करोड़ रुपए की चांदी बिकी है. वोकल फॉर लोकल का दिखा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल अभियान का असर बाज़ारों में साफ नज़र आ रहा आ रहा है.इस साल मैक्सिमम लोग भारतीय सामान ख़रीदते हुए नजर आ रहे है जिसके कारण चीनी सामान की बिक्री घट गई और चीन को क़रीब 1.25 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) जो व्यापारियों का संगठन है उसने व्यापारियों से अपील की कि वे कुम्हारों, कारीगरों और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए सामान को ख़रीदकर उनकी मदद करें, ताकि वे भी दिवाली खुशी से मना सकें. खरीदारी का रिवाज धनतेरस पर खरीदारी करने की परंपरा चली आ रही है इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, वाहन, मोबाइल, कपड़े और फर्नीचर जैसी चीज़ें ख़रीदना शुभ माना जाता है.साथ ही, इस दिन झाड़ू ख़रीदने का भी प्राचीन रिवाज है. कुम्हारों से मिट्टी के दीये और सजावट का सामान ख़रीदकर लोग वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने मे मदद कर रहे हैं. 80 हजार से अधिक सोने का भाव देश में लगभग चार लाख छोटे और बड़े ज्वेलर्स काम करते हैं. भारतीय मानक ब्यूरो में 2 लाख ज्वेलर्स पंजीकृत हैं जिन्होंने आज लगभग 25 टन सोने की बिक्री की जिसका मूल्य 20 हज़ार करोड़ रुपये तथा इसी तरह देश भर में 250 टन चांदी बिकी, जिसकी कीमत लगभग 2,500 करोड़ रुपये है।पिछले वर्ष सोने का भाव 60 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब 80 हजार से अधिक है, और चांदी का भाव पिछले वर्ष 70 हजार था, जो अब 1 लाख पहुंच गया है. इसलिए, वजन में बिक्री कम होने के बावजूद भी मुद्रा के रूप में बिक्री बढ़ी है।इसके अलावा पुराने चांदी के सिक्के की भी जबरदस्त मांग रही जो लगभग पूरे देश में 1200 से 1300 प्रति नग बिका. अगर आप गांव या अन्य कहीं से शहर में खरीदारी करने आ रहे हैं तो घंटाघर आएं। इस जगह से चारों तरफ का बाजार नजर आएगा। वहीं, बलदाऊ चौक, स्टेशन रोड, माहिल तालाब, जिला परिषद, कालपी स्टैंड में भी दुकानें सज गईं हैं। इलेक्ट्राॅनिक की दुकानों पर ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन, फ्रिज, एलसीडी, फर्नीचर में दीवान, पलंग, सोफे, सराफा दुकानों में गणेश लक्ष्मी के सिक्के, आभूषण और मूर्ति, घंटी, आरती की थाली, पूजा का सामान, पीतल का लोटा, बोतल, कढ़ाई, इलेक्ट्रॉनिक्स दीपक बाजार की रौनक बढ़ा रहे हैं। घर को सजाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक झूमर भी मिल रहे हैं। बाइक, कार और ज्वैलरी की होगी अधिक खरीद हीरो एजेंसी के संचालक शरद महेश्वरी ने बताया कि धनतेरस को लेकर उनकी एजेंसी पर करीब 200 की बुकिंग है। अगर जिले की सभी कंपनी की बात करें तो करीब एक हजार गाड़ी की खरीदारी धनतेरस पर होगी। बाइक से 15 से 17 करोड़ का कारोबार होने वाला है। फर्नीचर व इलेक्ट्रॉनिक दुकानदार नितिन सिंह ने बताया कि जिले भर में 100 के करीब दुकानें हैं। इनमें दस से 12 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है। वहीं, ट्रैक्टर एजेंसी संचालक राकेश अग्रवाल ने बताया कि इस बार 15 ट्रैक्टर बिकने की उम्मीद है। पांच करोड़ तक का कारोबार हो सकता है। बर्तन दुकानदार दीपक गुप्ता ने बताया कि जिले भर में अनुमानित एक से डेढ़ करोड़ का कारोबार होगा। कार और आभूषणों का कारोबार करीब दस करोड़ तक हो सकता है। वहीं छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों का कारोबार करीब 60 करोड़ होगा। घंटाघर पर मिलेंगे दीप और गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति शहर के घंटाघर में दीपों की आधा दर्जन दुकानें सजाई गई हैं। संदीप प्रजापति ने बताया कि इस बार दीपक स्टैंड भी बाजार में आए हैं। इसमें सात दीपक एक साथ रखे जा सकेंगे, इसकी कीमत 100 रुपये हैं। सादे दीपक 20 रुपये के 25 मिल रहे हैं। कई प्रकार के नए दीप आए हैं। इनकी कीमत 10 रुपये से लेकर 50 रुपये है। भगवान की मूर्तियां भी कोलकाता से आई हैं। इसकी कीमत 100 रुपये से लेकर पांच हजार तक है। रीना गुप्ता ने बताया कि गणेश-लक्ष्मी की सजी मूर्तियों की कीमत 100 रुपये से दो हजार के बीच है। इस बार कोलकाता, कालपी, कानपुर की मूर्ति कई खासियत समेटे हैं। भगवान की छोटी मूर्ति की कीमत बीस रुपये से लेकर 1100 रुपये तक की है। इसमें कई प्रकार की मूर्ति हैं। कुछ मूर्ति कवर्ड के अंदर हैं। जो रोशनी करती हैं। भगवान के वस्त्र बेचने वाले शिवम बताते हैं। बाजार में पिछली बार से इस बार खूब भीड़ देखने को मिल रही है। वस्त्र भी कई नए आए हैं। जिससे भगवान जी अच्छे दिखेंगे। जिसमें पगड़ी बीस रुपये से लेकर 50 रुपये तक की है। पोशाक 100 रुपये से लेकर एक हजार तक की है। माला दस रुपये से 200 रुपये तक की है। चुनरी दस से 100 रुपये तक की है। कुबेर यंत्र 50 रुपये से 500 तक का है। श्रीयंत्र दस से 50 तक का है। कुछ स्टीकर आए हैं, जिसमें यंत्र बने हैं। जिनकी कीमत बीस रुपये से लेकर 200 रुपये तक की है। मिठाई, रंगोली, पटाखे भी खूब बिके मिठाई नमकीन की दुकान लगाए सागर बताते हैं कि इस बार स्वाद न बिगड़े इसलिए अच्छे पकवान बनाए गए हैं। नमकीन 250 से लेकर 500 रुपये, बालूशाही 200 रुपये से 300 रुपये, इमरती 250 रुपये से 300 रुपये, रंगोली बेचने वाले दुकानदार इरफान ने बताया कि छलनी बीस रुपये से लेकर 100 रुपये तक है। रंगोली में भरे जाने वाले रंग दस रुपये के 100 ग्राम हैं। खील 120 रुपये किलो, लइया 80 रुपये किलो, इलाइची दाना 40 रुपये से लेकर 60 रुपये तक के पैकेट में बिक रहे हैं। बिजली से चलने वाले पटाखे दिवाली पर नए कपड़े पहनने की होड़ छोटे से लेकर बड़े में … Read more

दिवाली पर कार-बाईक खरीदने का सही मुहूर्त अभी से करें नोट

दिवाली का त्योहार धन की देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है. यही वजह है कि अधिकतर लोग दिवाली के दिन खरीदारी करना शुभ मानते हैं, मान्यता है कि दिवाली वाले दिन जमीन, घर, गाड़ी, सोना-चांदी, आभूषण आदि खरीदने से लंबे समय तक घर में समृद्धि बनी रहती है. खासकर दिवाली पर शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस साल अगर आप भी दिवाली पर बाइक-कार लेने का विचार कर रहे हैं तो आइए जानते हैं दिवाली 2024 पर बाइक या कार खरदीने के लिए क्या शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. दिवाली 2024 में कब ? इस साल दिवाली की डेट को लेकर बहुत कंफ्यूजन है. दरअसल कार्तिक अमावस्या 31 अक्टूबर 2024 को दोपहर 03 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 1 नवंबर 204 को शाम 06 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में दोनों ही दिन मां लक्ष्मी की पूजा के लिए प्रदोष काल का संयोग बन रहा है. हालांकि अधिकतर जगह 31 अक्टूबर को दिवाली मनाई जाएगी. खरीदारी के लिए दोनों ही दिन श्रेष्ठ हैं. दिवाली 2024 बाइक-कार खरीदने का शुभ मुहूर्त 31 अक्टूबर को दिवाली पर खरीदारी का मुहूर्त शुभ (उत्तम) – दोपहर 04.13 – शाम 05.36 अमृत (सर्वोत्तम) – शाम 05.36 – रात 07.14 चर (सामान्य) – रात 07.14 – रात 08.51 1 नवंबर को दिवाली पर खरीदारी का मुहूर्त प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) – सुबह 06:33 – सुबह 10:42 अपराह्न मुहूर्त (चर) – शाम 04:13 – शाम 05:36 अपराह्न मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12:04 – दोपहर 13:27 दिवाली के दिन खरीदारी का महत्व दिवाली के दिन गणेश भगवान और माता लक्ष्मी जी की पूजा के साथ-साथ धन के देवता कुबेर की पूजा करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है. कुबेर को धन का देवता माना जाता है. ऐसे में त्योहार के दिन नई चीजों के खरीदन से उसमें कई गुना वृद्धि होती है और धन में बरकत होती है. recent visitors 180

कंपनी का गजब ऑफर… घर बैठे सिर्फ 10 रुपये में खरीदें सोना!

कंपनी का गजब ऑफर… घर बैठे सिर्फ 10 रुपये में खरीदें सोना! आज देश में धनतेरस (Dhanteras 2024) का पर्व मनाया जा रहा है. इस मौके पर ज्वेलरी मार्केट में भी खासी रौनक देखने को मिल रही है, आसमान पर पहुंचे Gold Rates के बावजूद इसकी डिमांड में खासी तेजी आई है. इस बीच कई कंपनियां अपने ग्राहकों को घर बैठे ही गोल्ड खरीदने का ऑप्शन दे रही हैं और इसमें अरबपति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी जियो फाइनेंस भी शामिल हो गई है, खास बात ये है कि Jio Finance महज 10 रुपये में डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) खरीदने का विकल्प दे रही है. मुकेश अंबानी की कंपनी लाई नई स्कीम रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी Jio Finance ने स्मार्टगोल्ड योजना लॉन्च की है और इसमें ग्राहक सिर्फ 10 रुपये में डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं. अंबानी की कंपनी ने दिवाली से पहले धनतेरस के दिन इस स्कीम को लॉन्च किया है. स्मार्टगोल्ड योजना में डिजिटल सोने की खरीद के साथ किए गए निवेश को भुनाया भी जा सकता है. इस गोल्ड इन्वेस्टमेंट (Gold Investment) से मिली स्मार्टगोल्ड यूनिट किसी भी समय कैश, सोने के सिक्कों (Gold Coins) या फिर ज्वेलरी में बदली जा सकती है. इस स्कीम को खास जो बात बनाती है, वो ये है कि इसमें हजारों या लाखों रुपये के निवेश की जरूरत नहीं है, बल्कि सिर्फ 10 रुपये से गोल्ड इन्वेस्टमेंट शुरू किया जा सकता है. चोरी-चकारी का चांस ही नहीं स्मार्टगोल्ड स्कीम (SmartGold Scheme) कैसे काम करती है, इसे आसानी से समझें, तो ग्राहक के निवेश के बाद स्मार्टगोल्ड में उस इन्वेस्टमेंट के बराबर का 24 कैरेट का सोना (24 Karat Gold) खरीदा जाएगा और उसे एक इंश्योर्ड वॉल्ट यानी तिजोरी में रखा जाएगा. डिजिटल गोल्ड होने के चलते इसके खोने या फिर इसकी चोरी-चकारी होने का चांस भी नहीं है और न ही आपको इसके लिए कोई लॉकर बगैरह खुलवाना पड़ेगा. ये बिल्कुल सुरक्षित रहेगा और जियो फाइनेंस ऐप पर जब चाहें तब सोने की लाइव मार्केट कीमतें (Gold live Rates) देखकर इसे बेच भी सकेंगे. गोल्ड इन्वेस्टमेंट के लिए 2 विकल्प Jio Finance App पर स्मार्टगोल्ड योजना में सोने में निवेश के लिए कंपनी की ओर से ग्राहकों को दो विकल्प दिए गए हैं. इनमें पहला है कि वह निवेश की कुल रकम तय कर सकता है और दूसरा कि वह सोने के वजन यानी ग्राम में निवेश कर सकता है. फिजिकल गोल्ड की डिलीवरी 0.5 ग्राम और उससे अधिक की होल्डिंग पर ही होगी. यह 0.5 ग्राम, 1 ग्राम, 2 ग्राम, 5 ग्राम और 10 ग्राम के मूल्यवर्ग में उपलब्ध होगी. ग्राहक चाहे तो जियो फाइनेंस ऐप पर सीधे सोने के सिक्के खरीद कर होम डिलिवरी की सुविधा का लाभ भी उठा सकता है. धनतेरस पर जमकर होती है सोने की खरीदारी Dhanteras पर सोना खरीदना (Gold Buying) शुभ माना जाता है.सोने को मां लक्ष्‍मी का रूप माना जाता है और ये येलो मेटल उनका प्रतीक कहलाता है. धनतेरस को धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेरजी की पूजा की जाती है और ऐसी मान्यता है कि इस दिन सोने की खरीदारी से आपके घर में पूरे साल बरकत बनी रहेगी. फिलहाल, सोना खरीदना सबसे महंगे सौदों में शामिल हैं. कीमत की बात करें, तो सोने का भाव (Gold Rate) एमसीएक्स पर 78,536 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है, तो वहीं घरेलू मार्केट में IBJA की वेबसाइट के मुताबिक, गोल्ड प्राइस (24 कैरेट 10 ग्राम सोना)  78,250 रुपये चल रहा है.   recent visitors 136

जनवरी-सितंबर में रियल एस्टेट कंपनियों ने क्यूआईपी से 13,000 करोड़ रुपये जुटाएः रिपोर्ट

नई दिल्ली. रियल एस्टेट कंपनियों ने इस कैलेंडर वर्ष के पहले नौ महीनों में पात्र संस्थागत आवंटन (क्यूआईपी) मार्ग के जरिये इक्विटी शेयर जारी कर करीब 13,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक ने सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा कि भारतीय रियल एस्टेट डेवलपर कोविड महामारी के बाद आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और क्यूआईपी के जरिये पूंजी बाजार में आक्रामक तरीके से कदम रख रहे हैं। रिपोर्ट कहती है कि पारदर्शिता बढ़ने, महामारी के बाद आवासीय रियल एस्टेट में आई तेजी और निवेशकों का मजबूत भरोसा इन वित्तपोषण गतिविधियों में उछाल लाने का कारक बने हुए हैं। कोष जुटाने के विभिन्न तरीकों से कंपनियां आईपीओ लाने के पारंपरिक मार्ग को छोड़कर तेजी से पर्याप्त धन जुटा सकती हैं। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ‘‘कैलेंडर वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही तक रियल एस्टेट क्षेत्र ने सभी क्षेत्रों में जारी क्यूआईपी में 17 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया। यह कुल 75,923 करोड़ रुपये में से 12,801 करोड़ रुपये का योगदान था।’’ पुरी ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के बाद रियल एस्टेट क्षेत्र इस साल अब तक क्यूआईपी के माध्यम से कोष जुटाने वाले क्षेत्रों में दूसरे नंबर पर रहा है। क्यूआईपी में यह तेजी भारत के व्यापक पूंजी बाजारों में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका और भारतीय रियल एस्टेट में संस्थागत निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, मैक्रोटेक डेवलपर्स और ब्रिगेड एंटरप्राइजेज जैसी रियल एस्टेट कंपनियों ने क्रमशः 5,000 करोड़ रुपये, 3,281 करोड़ रुपये और 1,500 करोड़ रुपये की राशि क्यूआईपी के जरिये जुटाई हैं। इसके अलावा डी बी रियल्टी ने 920 करोड़ रुपये और कीस्टोन रियलटर्स लिमिटेड एवं मैक्स एस्टेट्स ने क्रमशः 800-800 करोड़ रुपये जुटाए हैं। अनंत राज लिमिटेड ने भी क्यूआईपी के जरिये 500 करोड़ रुपये की राशि जुटाई। recent visitors 87

गो फर्स्ट के पूर्व प्रबंध निदेशक के खिलाफ ‘डेटा चोरी’ के लिए FIR खारिज की अदालत ने

मुंबई. बंबई उच्च न्यायालय ने अब बंद हो चुकी घरेलू एयरलाइन गो फर्स्ट के पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) वोल्फगैंग प्रॉक-श्वाअर के खिलाफ दर्ज कथित डेटा चोरी के मामले को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ अपराध का कोई मामला नहीं बनता है। न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने 23 अक्टूबर को अपने आदेश में कहा कि उनके खिलाफ कार्यवाही जारी रखना महज एक निरर्थक प्रक्रिया होगी। पीठ ने कहा कि शिकायत में प्रॉक-श्वाअर के खिलाफ कोई अपराध नहीं बनाया गया है। प्रॉक-श्वाअर ने गो एयरलाइंस इंडिया लिमिटेड की शिकायत के आधार पर एन एम जोशी मार्ग पुलिस द्वारा फरवरी, 2018 में उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 408 (संपत्ति के साथ आपराधिक विश्वासघात) और डेटा चोरी से संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 43 (बी) और 66 के तहत मामला दर्ज किया गया था। recent visitors 113

केंद्र सरकार कर रही उपभोक्ता शिकायतों को हल करने के ओला इलेक्ट्रिक के दावों की गंभीरता से जांच

नई दिल्ली. ओला इलेक्ट्रिक की ओर से केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के रजिस्टर्ड 10,664 शिकायतों में से 99.1 प्रतिशत का निवारण करने के दावों की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह शिकायतें खराब प्रोडक्ट क्वालिटी और सर्विस को लेकर है। भाविश अग्रवाल के नेतृत्व वाली ईवी कंपनी के खिलाफ सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थी। सूत्रों के हवाले से सीसीपीए की ओर से कहा गया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन विक्रेता के दावे और शिकायतों को लेकर जांच की जा रही है। इसके बाद नियामक आसानी से ओला इलेक्ट्रिक के दावे की सत्यता जान पाएगा। रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि ओला इलेक्ट्रिक के अलावा एक अन्य ईवी कंपनी को शिकायतों को लेकर सीसीपीए की ओर से नोटिस दिया गया है। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के समक्ष लंबित ईवी के खिलाफ शिकायतों का भी विश्लेषण किया जाएगा। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर सोमवार को लगभग 78 रुपये पर था, जो कि इसके सर्वकालिक उच्च स्तर 157.40 रुपये से लगभग 50 प्रतिशत कम है। इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) को पिछले एक साल में खराब उत्पाद और बिक्री के संबंधों में 10,000 से अधिक शिकायतें मिलने के बाद कंपनी को सीसीपीए से नोटिस भेजा गया था। अगर ओला इलेक्ट्रिक के दावे नियामक को संतुष्ट करने में विफल रहते हैं, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और कथित तौर पर पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव) योजना के तहत उसके इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलने वाली सब्सिडी से हाथ धोना पड़ सकता है। सरकारी पोर्टल वाहन के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक ने सितंबर में 24,665 ई-स्कूटर बेचे हैं। अगस्त में यह आंकड़ा 27,587 था। ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट शेयर गिरने की वजह बाजार में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना है। बड़ी ऑटो कंपनियां भी इलेक्ट्रिक दोपहिया सेक्टर में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक के ईवी में ग्राहकों को कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और सर्विस सेंटर से जुड़ी समस्याएं हैं। recent visitors 76

भारतीय शेयर बाजार में लौटी खरीदारी, सेंसेक्स 602 अंक उछला, कारोबारी सत्र में चौतरफा खरीदारी देखी गई

मुंबई लगातार गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार के कारोबारी सत्र में चौतरफा खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 602 अंक या 0.76 प्रतिशत बढ़कर 80,005 और निफ्टी 158 अंक या 0.65 प्रतिशत बढ़कर 24,339 पर था। तेजी का नेतृत्व बैंकिंग शेयरों की ओर से किया गया। निफ्टी बैंक 471 अंक या 0.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51,259 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पैक में आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, एमएंडएम, सनफार्मा, एचयूएल, एसबीआई, टाटा मोटर्स, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी और एचसीएल टेक टॉप गेनर्स थे। एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल टॉप लूजर्स थे। आज करीब सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी, ऑटो, आईटी और मीडिया इंडेक्स में देखी गई। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 458 अंक या 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 55,736 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 214 अंक या 1.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,062 पर था। बाजार के जानकारों का कहना है कि अच्छे क्वालिटी वाले शेयरों में बेहतर नतीजें पेश करने वाले शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है। निवेशकों ऐसे बाजार में सही वैल्यूएशन वाले शेयरों में ही निवेश करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इजरायल की ओर से ईरानी ऑयल फील्ड्स को हमला न बनाए जाने के कारण वैश्विक बाजार में तेजी है। हालांकि, अमेरिकी बाजारों में अनिश्चितता के कारण निवेश सतर्कता बरत रहे हैं। बाजार की शुरुआत हल्की तेजी के साथ हुई थी। शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 273 अंक या 0.34 प्रतिशत की तेजी के बाद 79,675 और एनएसई का निफ्टी 74.35 अंक या 0.31 प्रतिशत चढ़ने के बाद 24,255 पर था। recent visitors 78

Stock Market में जारी गिरावट का सिलसिला थमा, Sensex में जोरदार उछला

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में जारी गिरावट का सिलसिला थम गया है.  सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जोरदार शुरुआत के साथ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) करीब 400 अंक की उछाल के साथ 79,864.74 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया. वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 80 अंक से ज्यादा चढ़कर 24,292 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. गौरतलब है कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को स्टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई थी और एक झटके में निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए थे.   शुक्रवार को मची थी बाजार में तबाही बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. Stock Market Crash होने से कारोबार के दौरान BSE Sensex 900 अंक तक फिसला था और निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा था. हालांकि, मार्केट क्लोज होते-होते ये गिरावट कुछ थमी थी, लेकिन इसके बावजूज सेंसेक्स 662.87 अंक या 0.83 फीसदी गिरकर 79,402.29 के लेवल पर क्लोज हुआ था. NSE Nifty की बात करें, तो शुक्रवार को इसमें 300 अंकों के आसपास की बड़ी गिरावट आई थी और ये 24200 के नीचे कारोबार आ गया था. शेयर मार्केट में कारोबार खत्म होने पर ये इंडेक्स 218.60 अंक टूटकर 24,180.80 के लेवल पर बंद हुआ था. आज इन शेयरों में आई तेजी कई दिनों तक गिरावट देखने वाले शेयर बाजार में तेजी के बीच सोमवार को BSE लार्जकैप में शामिल 30 में से 21 शेयर ग्रीन जोन में ओपन हुए. सबसे ज्यादा तेजी वाले शेयरों की बात करें, तो इस सेगमेंट में शामिल ICICI Bank Share 2.72% की जोरदार उछाल के साथ 1289.65 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा SBI Share 2.04% की तेजी लेकर 796.50 रुपये पर, जबकि NTPC Share 1.55% उछलकर 405 रुपये पर ट्रे़ड कर रहा था.   मिडकैप और स्मालकैप में ये गेनर बात करें मिडकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों की, तो जोरदार तिमाही नतीजों के बाज सोमवार को Yes Bank Share 9.38% की जबर्दस्त उछाल के साथ 21.22 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया. इसके अलावा Bandhan Bank Share 7.66% चढ़कर 181.20 रुपये, Hindustan Petrolium 5.02% उछलकर 291.05 रुपये पर कारोबार कर रहा था. स्मालकैप कैटेगरी में सबसे ज्यादा तेजी Orient Eletric के शेयरों में आई और ये 14.29% की बढ़त लेकर 240.35 रुपये पर था. ACI Share 12.42%, Syrma Share 9.08% और Timex Share 5.32% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. recent visitors 84

विकिपीडिया पर “वामपंथी कार्यकर्ताओं का नियंत्रण”दान देना बंद करो- एलन मस्क

न्यूयॉर्क  दुनियाभर की शख्सियतों, महत्वपूर्ण जगहों और ज्ञान का अथाह सागर माने जाने वाली वेबसाइट विकिपीडिया (Wikipedia) ने इंटरनेट जगत में अपनी अहम जगह बना ली है. मगर, विकिपीडिया पिछले कुछ समय से आर्थिक संकट से जूझ रही है. इसके चलते वह वेबसाइट पर आने वाले हर शख्स से दान की अपील करते रहते हैं. हालांकि, अब विकिपीडिया के संकट अब और बढ़ने वाले हैं क्योंकि टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) अब उनके पीछे पड़ गए हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह विकिपीडिया को दान देना बंद कर दें. एलन मस्क का ट्वीट एलन मस्क ने ट्वीट करते हुए कहा कि विकीपीडिया पर वामपंथी विचारधारा के लोगों का प्रभाव है और यह मंच निष्पक्ष जानकारी प्रदान करने में विफल हो रहा है। उनके अनुसार, विकीपीडिया की सामग्री का राजनीतिकरण हो रहा है, जिससे इसकी विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। मस्क ने यह भी कहा कि विकिपीडिया अब किसी एक विचारधारा का पक्ष लेता नजर आ रहा है, जो कि एक खुली जानकारी के मंच के लिए उचित नहीं है। एलन मस्क बोले- लेफ्ट विचारधारा वाले लोग कर रहे कंट्रोल दरअसल, एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में अपील की है कि विकिपीडिया को लेफ्ट विचारधारा (Far Left Activists) वाले लोग कंट्रोल कर रहे हैं. इसलिए इस इंटरनेट एनसाइक्लोपीडिया को हमें इसे चंदा नहीं देना चाहिए. उन्होंने अमेरिकी न्यूज कंपनी पायरेट वायर्स की एक रिपोर्ट शेयर करते हुए कहा कि विकिपीडिया के हमास सार्थक एडिटर्स ने इजराइल फलस्तीन नरेटिव को हाईजैक कर लिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 40 विकिपीडिया एडिटर्स इजराइल के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. यह कट्टर इस्लामिस्ट ग्रुप को सपोर्ट कर रहे हैं. पायरेट वायर्स को डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) का समर्थक माना जाता है. दिल्ली हाई कोर्ट ने दी थी विकिपीडिया बंद करने की धमकी हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी विकिपीडिया पर कार्रवाई की थी. हाई कोर्ट ने कहा था कि वह यह बताने में असफल रही है कि एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI) के पेज को एडिट कौन कर रहा है. अदालत ने विकिपीडिया के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई की है. अदालत ने 5 सितंबर को नोटिस जारी किया था. एएनआई की अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा था कि अगर विकिपीडिया को भारत में काम करना पसंद नहीं है तो उसे यहां काम नहीं करना चाहिए. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि वह केंद्र सरकार से अपील करेंगे कि इस प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया जाए. विकीपीडिया एक ओपन-सोर्स एन्साइक्लोपीडिया है, जिसे कोई भी व्यक्ति संपादित कर सकता है। इसकी यह संरचना इसे सबसे बड़ा और लोकप्रिय जानकारी का स्रोत बनाती है, लेकिन साथ ही यह आलोचना का भी शिकार होता है। ओपन-सोर्स प्लेटफार्म होने के नाते, इसमें गलत जानकारी का जोखिम बना रहता है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति इसमें बदलाव कर सकता है। मस्क का आरोप भी इसी ओर इंगित करता है कि विकिपीडिया के संपादकों का एक खास विचारधारा की ओर झुकाव है, जो जानकारी की निष्पक्षता को प्रभावित करता है। recent visitors 87

सोना-चांदी दोनों ही की कीमती धातुओं में आगे भी मजबूती आने की संभावना

धनतेरस पर सोना-चांदी दोनों में ‎निवेश करना फायदेमंद : बाजार ‎विशेषज्ञ बाजार विशेषज्ञों जब सोने और चांदी की मांग पीक पर होती है, तो निवेशकों को सोच-समझकर फैसले लेना चाहिए सोना-चांदी दोनों ही की कीमती धातुओं में आगे भी मजबूती आने की संभावना नई दिल्ली  धनतेरस के त्योहार पर भारत में जमकर खरीदारी होती है। ‎‎‎विशेष तौर पर देखा जाए तो सोने और चांदी की कीमतें इस साल खूब बढ़ी है। वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती मांग के चलते सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं। इस साल 29 मई को चांदी ऑल टाइम हाई 94,280 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई थी। एक जनवरी 2024 को चांदी की कीमत 73,395 रुपये प्रति किलोग्राम था। इसी तरह 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 63352 रुपये थी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब सोने और चांदी की मांग पीक पर होती है, तो निवेशकों को सोच-समझकर फैसले लेना चाहिए। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अभी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आने की कोई आशंका नजर नहीं आ रही है। आने वाले समय में हाजिर और वायदा बाजार में दोनों ही कीमती धातुओं की कीमतों में और मजबूती आने की संभावना है। एक रिपोर्ट के अनुसार भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में संभावित ब्याज दरों में कटौती के चलते सोने-चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। खास बात यह है कि चांदी, जो हाल के महीनों में सोने से पीछे रही है, अब अधिक आकर्षक निवेश विकल्प बन सकती है। बाजार के जानकारों का कहना है ‎कि चांदी दिवाली तक 1,05,000- 1,10,000 प्रति किलो तक जा सकती है। उन्होंने निवेशकों को इस मौके का फायदा उठाने और चांदी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। इसके साथ ही जियोपॉलिटिकल टेंशन और फस्टिव सीजन के चलते आने वाले दिनों में सोने-चांदी में बढ़त देखने को मिल सकती है। इस साल सोना 79 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है, वहीं चांदी भी 1 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।   recent visitors 76

सरकार के निरंतर सार्थक प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और निम्न आय वालों की आमदनी में इजाफा हुआ

नई दिल्ली  पांच लाख रुपये तक सालाना कमाने वालों की आय असमानता में वित्त वर्ष 2013-14 और 2022-23 के बीच गिरावट दर्ज हुई है। जो साफ बताता है कि सरकार के निरंतर सार्थक प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और निम्न आय वालों की आमदनी में इजाफा हुआ है। भारतीय स्टेट बैंक की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2013-14 और 2022-23 के बीच सालाना 5 लाख रुपये तक कमाई करने वालों की आय असमानता कवरेज में 74.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार के निरंतर प्रयास पिरामिड के निचले हिस्से तक पहुंच रहे हैं। निष्कर्षों से पता चलता है कि, “आय असमानता में कमी, निम्न आय वाले लोगों की आय के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि को दर्शाती है। 43.6 प्रतिशत व्यक्तिगत आईटीआर दाखिल कर्ता, जो कि वित्त वर्ष 2014 में 4 लाख रुपये से कम आय वर्ग से संबंधित थे, निम्नतम आय वर्ग को छोड़कर ऊपर की ओर चले गए हैं।” अध्ययन में यह भी कहा गया है कि 4 लाख रुपये से कम आय वाले निम्नतम आय वर्ग की सकल आय का 26.1 प्रतिशत भी बीच-बीच में ऊपर की ओर शिफ्ट हुआ है। 2018 में महिला श्रम बल 23.3 प्रतिशत से 2024 में 41.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। महिलाओं की यह भागीदारी झारखंड, ओडिशा, उत्तराखंड, बिहार और गुजरात से सबसे अधिक रही। एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की प्रगतिशील कर व्यवस्था ने आकलन वर्ष (एवाई) 2024 में प्रत्यक्ष कर योगदान को कुल कर राजस्व के 56.7 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, जो 14 वर्षों में सबसे अधिक है। एसबीआई के अध्ययन में कहा गया है कि वित्त वर्ष 21 से व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) संग्रह की वृद्धि दर कॉर्पोरेट कर संग्रह की तुलना में तेजी से बढ़ रही है, जिसमें सीआईटी की 3 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले पीआईटी में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2024 के दौरान दाखिल किए गए आईटीआर में जबरदस्त उछाल आया, जो वर्ष 2022 में 7.3 करोड़ के मुकाबले 8.6 करोड़ पर पहुंच गया। कुल 6.89 करोड़ या इनमें से 79 प्रतिशत रिटर्न नियत तिथि पर या उससे पहले दाखिल किए गए, जिसके परिणामस्वरूप नियत तिथि (जुर्माने के साथ) के बाद दाखिल किए गए रिटर्न का हिस्सा वर्ष 20 में 60 प्रतिशत के उच्च स्तर से घटकर वर्ष 2024 में मात्र 21 प्रतिशत रह गया। एसबीआई के अध्ययन में कहा गया है, “हमारा मानना है कि मार्च 2025 के अंत तक आकलन वर्ष 2025 के लिए दाखिल किए जाने वाले आईटीआर की कुल संख्या 9 करोड़ से अधिक हो सकती है”   recent visitors 68

दास ने कहा क्रिप्टोकरेंसी से ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है, जहां केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति पर नियंत्रण खो सकता है

वाशिंगटन/नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ अंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शांतिकांत दास ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी वित्तीय स्थिरता और मौद्रिक स्थिरता के लिए बहुत बड़ा जोखिम है। शक्तिकांत दास ने जोर देकर कहा कि इससे ऐसी स्थिति पैदा हो सकती है, जहां केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति पर नियंत्रण खो सकता है। आरबीआई ने  ‘एक्सव’ पोस्‍ट पर जारी बयान में बताया कि शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को वाशिंगटन डीसी के पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में आयोजित मैक्रो वीक 2024 कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि मैं वास्तव में इस राय का हूं कि ये ऐसी चीज है जिसे फाइनेंशियल सिस्टम पर हावी होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह बैंकिंग प्रणाली के लिए भी जोखिम पैदा करता है। यह ऐसी स्थिति भी पैदा कर सकता है, जहां केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति से नियंत्रण खो सकता है। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझ होनी चाहिए, क्योंकि लेनदेन क्रॉस-कंट्री है। इससे जुड़े बड़े जोखिमों के बारे में पूरी तरह से सचेत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत क्रिप्टोकरेंसी के बारे में सवाल उठाने वाला पहला देश था। दास ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में जी-20 में इस पूरे क्रिप्टो इकोसिस्टम से निपटने के संबंध में अंतरराष्ट्रीय समझ विकसित करने पर समझौता हुआ था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कुछ प्रगति हुई है। उल्लेसखनीय है कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास अंतरराष्ट्रीमय मुद्रा कोष और विश्वि बैंक के सालाना बैठकों में भाग लेने के लिए अमेरिका के आधिकारिक दौर पर हैं।     recent visitors 71

भारत ने पिछले एक दशक में सुधारों ने विकास, उत्पादक रोजगार को बढ़ावा दिया : सीतारमण

वाशिंगटन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  यहां कहा कि निरंतर गति के साथ भारत के 2025-26 तक सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है।श्रीमती सीतारमण ने यहां विश्व बैंक और आईएमएफ की वार्षिक बैठक के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में 'नीति चुनौतियों पर संवाद' विषय पर ब्रेकफास्ट सत्र में भाग लिया और अपने हस्तक्षेप में भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि संरचनात्मक सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता बने हुए हैं और पिछले एक दशक में सुधारों ने विकास, उत्पादक रोजगार को बढ़ावा दिया है और वित्तपोषण और अनुपालन बाधाओं को कम करके कारोबारी माहौल में सुधार किया है। उन्होंने कहा कि निरंतर गति के साथ, भारत 2025-26 तक सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का अनुमान है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि नीति निर्माताओं को उच्च ऋण लागत और घटती राजकोषीय समायोजन के बीच विवेकपूर्ण राजकोषीय और मौद्रिक प्रबंधन के साथ विकास लक्ष्यों को संतुलित करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि विकास को बनाए रखने के लिए राजकोषीय समेकन क्रमिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुशल सामाजिक व्यय के लिए पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता देना और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का लाभ उठाना भारत में सफल साबित हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर उत्पादन-मुद्रास्फीति का व्यापार खराब हो गया है,और आर्थिक गति धीमी हो सकती है – जिसके लिए स्पिलओवर की निगरानी के लिए निरंतर डेटा-संचालित नीति समायोजन की आवश्यकता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और अन्य साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सार्वजनिक वस्तुओं में वैश्विक निवेश पर जोर दिया। दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई चर्चाओं का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ब्रेटन वुड्स संस्थानों को अधिक कम लागत वाली, दीर्घकालिक वित्तपोषण प्रदान करके, निजी पूंजी का लाभ उठाकर और नवीन साधनों के साथ परियोजनाओं को जोखिम मुक्त करके विकास प्रभाव को बढ़ाना चाहिए। यह स्वीकार करते हुए कि प्रौद्योगिकी और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे उभरते रुझान चुनौतियां पेश करते हैं लेकिन साथ ही अपार अवसर भी देते हैं, वित्त मंत्री ने कहा कि आईएमएफ पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक बदलावों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि विकास और लचीलेपन के लिए आर्थिक नींव को धीरे-धीरे मजबूत करने, साहसिक संरचनात्मक सुधारों और वैश्विक सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता होगी।   recent visitors 88

Gautam Adani ने नई डील से कर दिया बड़ा खेल, पूरी दुनिया में धूम मचाने की तैयारी!

नई दिल्ली  भारत और एशिया के दूसरे बड़े रईस गौतम अडानी विदेशों में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में हैं। अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज की सहायक कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने शनिवार को घोषणा की कि उसने यूएई में सेलेरिटास इंटरनेशनल FZCO नाम से एक नई यूनिट बनाई है। 100,000 दिरहम की अधिकृत और चुकता शेयर पूंजी के साथ सेलेरिटास जेबेल अली फ्री जोन में परिचालन करने के लिए तैयार है। हालांकि कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि इसने अभी तक व्यावसायिक गतिविधियां शुरू नहीं की हैं। सेलेरिटास में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की 74% हिस्सेदारी है और इस अधिग्रहण में कोई रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन शामिल नहीं है। स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड की एक संयुक्त उद्यम कंपनी अप्रैल मून रिटेल प्राइवेट लिमिटेड 200 करोड़ रुपये में कोकोकार्ट वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड में 74% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए तैयार है। अडानी एंटरप्राइजेज ग्रुप के एयरपोर्ट, रोड्स और डेटा सेंटर बिजनस को ऑपरेट करती है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए 80,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है। इसमें से 50,000 करोड़ रुपये एयरपोर्ट कारोबार और अडानी न्यू इंडस्ट्रीज के लिए आवंटित किए गए हैं। अडानी एयरपोर्ट्स के पास सात चालू एयरपोर्ट और नवी मुंबई में एक निर्माणाधीन एयरपोर्ट है। उसने अगले दशक में 21 अरब डॉलर के निवेश की रूपरेखा तैयार की है। एयरपोर्ट बिजनस अडानी ग्रुप 2019 से एयरपोर्ट बिजनस में काम कर रहा है और वर्तमान में भारत में एयरपोर्ट का सबसे बड़ा निजी ऑपरेटर है। अडानी एंटरप्राइजेज का समेकित शुद्ध लाभ जून 2024 को समाप्त पहली तिमाही में पिछले साल के मुकाबले 116% बढ़कर 1,454 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 674 करोड़ रुपये था। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का परिचालन से राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि के 22,644 करोड़ रुपये की तुलना में 12% बढ़कर 25,472 करोड़ रुपये हो गया। शुक्रवार को अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर 4.76% गिरावट के साथ 2693.70 रुपये पर बंद हुआ। recent visitors 108

भारतीय पर्यटकों का बढ़ा सिंगापुर से मोह जनवरी से सितंबर तक 898,180 पहुंचे यात्री

सिंगापुर  सिंगापुर में भारतीय पर्यटकों की संख्या में इस कैलेंडर वर्ष 2024 के पहले नौ महीने में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह आंकड़ा 898,180 पर पहुंच गया।सिंगापुर पर्यटन बोर्ड (एसटीबी) ने ये आंकड़े ऐसे समय जारी किए हैं, जब यहां विश्व प्रसिद्ध होटल तथा शॉपिंग क्षेत्र ऑर्चर्ड रोड में वर्ष के अंत में होने वाले उत्सवों की तैयारी शुरू हो गई है। इंडोनेशिया और चीन जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बाद सिंगापुर में सबसे अधिक पर्यटक भारत से आते हैं। एसटीबी के प्रवक्ता ने ऑर्चर्ड रोड बिजनेस एसोसिएशन (ओआरबीए) द्वारा वर्ष के अंत के उत्सव कार्यक्रम के अनावरण के लिए आयोजित कार्यक्रम से इतर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि 2023 में सिंगापुर में 10 लाख से अधिक भारतीय पर्यटक आए थे। इस वर्ष के पहले नौ महीने (जनवरी से सितंबर) में भारतीय पर्यटकों के आगमन में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह आंकड़ा 898,180 तक पहुंच गया है। इस बीच, उद्योग पर्यवेक्षकों ने सिंगापुर के अपने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। सिंगापुर वर्ष के अंत में छुट्टियों के लिए भारतीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बना है।   recent visitors 61

मुकेश अंबानी तेल के बिजनस में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में, रिलायंस ने कच्चे तेल के लिए रूस से लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट किया

नई दिल्ली देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज तेल के बिजनस में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने ट्रेडिंग ऑपरेशंस का पुनर्गठन कर रही है। इसमें दुबई से क्रूड ऑयल ट्रेडिंग टीम को वापस बुलाना शामिल है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। रिलायंस जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स चलाती है। उसकी योजना इस साल के अंत तक दुबई से अपनी क्रूड ट्रेडिंग टीम को वापस बुलाने की है। सूत्रों का कहना है कि रिलायंस ने कच्चे तेल की सप्लाई के लिए रूस के साथ लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट किया है। इससे स्पॉट कार्गो खरीदने की जरूरत कम हो गई है। एक सूत्र ने कहा कि रिलायंस की अब रूस के साथ क्रूड इम्पोर्ट डील हो गई है। साथ ही उसकी मिडिल ईस्ट के बड़े प्रॉड्यूसर देशों के साथ भी डील है। इसलिए दुबई में स्टाफ पर ज्यादा खर्च करने का कोई मतलब नहीं रह गया है। इस बारे में रिलायंस ने ईमेल का जवाब नहीं दिया। 2021 में रिलायंस ने ऑयल और रिफाइंड फ्यूल की ट्रेडिंग के लिए यूएई में एक ऑफिस खोलने की घोषणा की थी। इसके एक साल बाद मुकेश अंबानी की कंपनी ने अपनी क्रूड ट्रेडिंग टीम को दुबई भेजा था। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद दुबई रूसी तेल के व्यापार का हब बनकर उभरा था। जामनगर रिफाइनरी रिलायंस अपनी जरूरत का 40% कच्चा तेल रूस से आयात करती है। जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी में रोजाना 14 लाख बैरल तेल को प्रोसेस किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक रिलायंस के दुबई ऑफिस में करीब 20 ट्रेडर्स हैं। सूत्रों ने कहा कि तीन-चार को छोड़कर बाकी सबको मुंबई बुला लिया जाएगा। बाकी लोगों को भी धीरे-धीरे मुंबई हेडक्वार्टर वापस लाया जाएगा। कंपनी ने पहले ही इस बारे में दुबई के ट्रेडर्स को बता दिया है। लेकिन कंपनी अपनी प्रॉडक्ट ट्रेडिंग टीम को लंबे समय तक दुबई में बनाए रखना चाहती है। रिलायंस का दुबई के अलावा ह्यूस्टन और लंदन में भी ट्रेडिंग ऑफिस है। कंपनी लंदन में अपनी टीम को बढ़ाना चाहती है। पिछली तिमाही में रिलायंस ने अपने पेट्रोकेमिकल ट्रेडि को दुबई से मलेशिया ट्रांसफर कर दिया था। मलेशिया में उसकी प्रॉडक्शन फैसिलिटीज हैं। रिलायंस की मलेशिया में दो कंपनियां हैं। इनमें इंटिग्रेटेड पॉलिस्टर और टेक्सटाइल कंपनी रेक्रॉन और आरपी केमिकल्स शामिल हैं। recent visitors 61

रतन टाटा की संपत्ति का बंटवारा उनकी बहनों शिरीन और डिएना के अलावा हाउस स्टाफ और अन्य लोगों के बीच होगा

नई दिल्ली इंडस्ट्रियलिस्ट रतन टाटा की वसीयत की जानकारी सामने आई है। इसमें उन्होंने जर्मन शेफर्ड कुत्ते टीटो के लिए अनलिमिटेड केयर का प्रावधान किया गया है। रतन टाटा अपने पीछे 10 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति छोड़ गए हैं। इस संपत्ति का बंटवारा उनकी बहनों शिरीन और डिएना के अलावा हाउस स्टाफ और अन्य लोगों के बीच होगा। हालांकि रतन टाटा के धन का जितना हिस्सा उनके कुत्ते को मिलने वाला है, उसके बाद वह कम से कम भारत में सबसे अमीर कुत्ता बन जाएगा। रतन टाटा की वसीयत में उनके खास दोस्त शांतनू का भी जिक्र है। टीटो को पांच-छह साल पहले एडॉप्ट किया गया था। रतन टाटा की वसीयत के मुताबिक टीटो की देखभाल की जिम्मेदारी उनके लंबे समय तक कुक रहे राज शॉ करेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया वसीयत में तीन दशक तक रतन टाटा के नौकर रहे सुबैया के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। गौरतलब है कि टाटा जब भी बाहर जाते थे वह रंजन और सुबैया के लिए डिजाइनर कपड़े खरीदकर लाते थे। रतन टाटा के खास दोस्त और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट शांतनू नायडू का भी जिक्र किया गया है। टाटा ने नायडू के उद्योग गुडफेलो में अपनी हिस्सेदारी छोड़ दी और उनके लोकन एजुकेशन को माफ कर दिया। प्रसिद्ध उद्योगपति की संपत्ति में अलीबाग में 2,000 वर्ग फुट का सी-फेस बंगला, मुंबई में जुहू तारा रोड पर दो मंजिला घर, 350 करोड़ रुपए से अधिक की फिक्स डिपॉजिट और टाटा संस में 0.83 प्रतिशत हिस्सेदारी और टाटा ग्रुप में 165 बिलियन डॉलर की संपत्ति शामिल है। परंपरा के अनुसार, टाटा संस में उनकी हिस्सेदारी रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन (आरटीईएफ) को स्थानांतरित कर दी जाएगी, जो एक धर्मार्थ ट्रस्ट है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी वसीयत को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा प्रोब किए जाने की उम्मीद है, एक प्रक्रिया जिसमें कई महीने लगेंगे। एक परोपकारी, पशु प्रेमी और उत्सुक व्यापारिक दिमाग के रूप में जाने जाने वाले, रतन टाटा का 9 अक्टूबर, 2024 को 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। recent visitors 81

भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट, निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये बाजार में स्‍वाहा

नई दिल्‍ली आज सुबह से ही शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार कम नुकसान पर रहा है, लेकिन धीरे-धीरे यह गिरावट तेज हो गई और देखते ही देखते निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये बाजार में साफ हो गए. सबसे ज्‍यादा बैंक निफ्टी, स्मॉल कैप, मिड कैप इंडेक्‍स में गिरावट देखी गई. Nifty Bank 1100 अंक से ज्‍यादा टूट चुका था, जबकि Sensex में 900 अंकों की गिरावट आई. इसके अलावा, निफ्टी में 300 अंकों के आसपास गिरावट रही, जो 24100 के नीचे कारोबार कर रहा था. निवेशकों के 10 लाख करोड़ स्‍वाहा! पिछले कुछ दिनों से तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार निकासी के कारण भारतीय शेयर बाजार दबाव में कारोबार कर रहा है. सेंसेक्‍स और निफ्टी में हर दिन गिरावट देखी जा रही है. आज तो मिडकैप और स्‍मॉलकैप वाले पोर्टफोलियो ऐसे टूटे जैसे शेयर बाजार में सुनामी सी आ गई. BSE लिस्‍टेड कंपनियों का मार्केट कैप 9.8 लाख करोड़ रुपये घटकर 435.1 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. यानी कि एक दिन के दौरान ही निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की कमी आई. करीब 19% टूटा ये शेयर सुबह सेंसेक्‍स मामूली तेजी के साथ 80,187.34 अंक पर खुला था, ज‍बकि इसके दिन का हाई लेवल 80,253.19 था. हालांकि बाजार बंद होने तक सेंसेक्‍स -663 अंक टूटकर 79,402.29 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 218.60 अंक गिरकर 24,180.80 पर क्‍लोज हुआ, जो आज सुबह 24,418.05 पर खुला था. बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 20 शेयर गिरावट पर रहे, जबकि 10 शेयरों में तेजी रही. Indusind Bank के शेयर 18.79 फीसदी तक गिरकर 1038 रुपये पर थे. recent visitors 74

औंधे मुंह गिरा शेयर बाजार, चौथे दिन गिरावट, निवेशकों को हुआ नुकसान

मुंबई  हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली रही है. सुबह तेजी के साथ खुलने के बाद बाजार में अचानक मुनाफावसूली लौटने के चलते तेज गिरावट आ गई. सेंसेक्स दिन के हाई से 600 प्वाइँट और निफ्टी 200 अंकों से ज्यादा नीचे जा लुढ़का. आज के सत्र में एक बार फिर बिकवाली का बड़ा खामियाजा मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स पर देखने को मिला है. निफअटी का मिडकैप इंडेक्स दिन के हाई से 1300 और स्मॉल कैप 400 अंक नीचे जा फिसला है. बाजार खुलने के एक घंटे के भीतर ही निवेशकों को 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा है. निवेशकों को भारी नुकसान शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के चलते निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है. बीएसई पर लिस्टेड स्टॉक्स का मार्केट कैप घटकर 438 लाख करोड़ रुपये पर गिरकर आ गया है जो पिछले सत्र में 444 लाख करोड़ रुपये रहा था. यानि आज के सत्र में निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. recent visitors 78

देश की मजबूत डिजिटल अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत

नई दिल्ली  तेजी से बढ़ते भारतीय ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र को धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के गंभीर खतरे का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इसकी निरंतर सफलता सुनिश्चित करने और देश की मजबूत डिजिटल अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। डिजिटल इंडिया फाउंडेशन की एक रिपोर्ट में अवैध परिचालकों से निपटने के लिए एक कार्यबल बनाने, वैध संचालकों की श्वेत सूची बनाने, भ्रामक विज्ञापनों से निपटने तथा वित्तीय अखंडता व अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांतों को शामिल करने की वकालत की गई है। इसमें कहा गया है कि अन्य महत्वपूर्ण उपायों में जन जागरूकता तथा शिक्षा प्रदान करना शामिल है, ताकि उपयोगकर्ता सतर्क निर्णय ले सकें व भ्रामक व्यवहार में संलग्न मंच से बच सकें। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रियल मनी गेमिंग (आरएमजी) क्षेत्र वित्त वर्ष 2019-20 से वित्त वर्ष 2022-23 तक 28 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ वैश्विक बाजार में अग्रणी बन गया है। अगले पांच वर्षों में इस क्षेत्र का राजस्व 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के सह-संस्थापक अरविंद गुप्ता ने कहा, ‘‘अवैध परिचालकों पर अंकुश लगाने के नियामकीय प्रयासों के बावजूद कई मंच ‘मिरर साइट्स’, अवैध ब्रांडिंग और असंगत वादों के जरिये प्रतिबंधों को दरकिनार कर देते हैं। यह स्थिति कड़ी निगरानी तथा प्रवर्तन की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।’’ रिपोर्ट में कहा गया कि इसके अलावा प्रवर्तन तंत्र की कमी के कारण कुख्यात अपराधियों के खिलाफ छिटपुट कार्रवाई हो रही है। एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल) कानूनों और बैंक सीक्रेसी एक्ट (बीएसए) की आवश्यकताओं में बदलाव के साथ, जो अपराधी पारंपरिक लॉन्ड्रिंग विधियों का उपयोग करके वित्तीय प्रणाली के माध्यम से अपने धन को लूटना चाहते हैं, उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इससे अपराधी धन को लूटने के अन्य तरीकों की तलाश करते हैं। सैंक्शन स्कैनर के अनुसार, "वीडियो गेम उद्योग इन तरीकों में से एक है। वीडियो गेम उद्योग इन-गेम ट्रेडों के कारण मनी लॉन्ड्रिंग के जोखिम उठाता है।" 2 वीडियो गेम एक आभासी मुद्रा का उपयोग करते हैं जिसे इन-गेम मुद्रा के रूप में जाना जाता है, जिसे चुनौतियों को जीतकर और वीडियो गेम के भीतर बाधाओं को पार करके अर्जित किया जाता है। खेल में मुद्राएँ वीडियो गेम में एक आभासी मुद्रा का उपयोग किया जाता है, जिसे इन-गेम करेंसी के रूप में जाना जाता है, जो वीडियो गेम के भीतर चुनौतियों को जीतकर और बाधाओं को पार करके अर्जित की जाती है। इन-गेम मुद्राएं आभासी दुनिया में मुद्रा का एक रूप हैं और इन्हें कई तरीकों से प्राप्त किया जाता है। मैसिवली मल्टीप्लेयर ऑनलाइन रोल-प्लेइंग गेम (MMORPG) में सभी इन-गेम मुद्राएं और यहां तक ​​कि उनकी अपनी इन-गेम अर्थव्यवस्थाएं भी होती हैं। प्रसिद्ध MMORPG में वर्ल्ड ऑफ वॉरक्राफ्ट, रनस्केप और फाइनल फैंटेसी XIV शामिल हैं। खेल में दो प्रकार की मुद्राएं होती हैं: परिवर्तनीय खेल मुद्रा और गैर-परिवर्तनीय खेल मुद्रा। परिवर्तनीय इन-गेम मुद्रा कोई खिलाड़ी वास्तविक फिएट मुद्रा – या सरकारी आदेश या फिएट द्वारा वैध मुद्रा – को परिवर्तनीय इन-गेम मुद्रा के लिए बदल सकता है। परिवर्तनीय गेम मुद्रा में उतार-चढ़ाव वाली विनिमय दर और एक विशेष विनिमय प्लेटफ़ॉर्म होता है। इस मुद्रा का उपयोग अन्य खिलाड़ियों के साथ आभासी संपत्तियों को बेचने, खरीदने या विनिमय करने के लिए किया जाता है। गैर-परिवर्तनीय इन-गेम मुद्रा गैर-परिवर्तनीय इन-गेम मुद्रा के साथ, खिलाड़ी गेम की मुद्रा के लिए वास्तविक फिएट मनी का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इस मुद्रा का अन्य खिलाड़ियों के साथ आदान-प्रदान नहीं किया जा सकता है। इसका उपयोग वीडियो गेम में एक्सेसरीज़ खरीदने के लिए किया जा सकता है, जैसे कि कौशल, हथियार और किसी विशेष चरित्र के कौशल सेट को बेहतर बनाने या इसे अनुकूलित करने के लिए अन्य आइटम। आज, दुनिया भर में कई लोकप्रिय गेम इस प्रकार की मुद्रा का उपयोग करते हैं और गैर-परिवर्तनीय इन-गेम मुद्राओं को बेचकर इसका मुद्रीकरण करते हैं। ऑनलाइन वीडियो गेम में मनी लॉन्ड्रिंग कैसे होती है? ऑनलाइन वीडियो गेम उद्योग में इन-गेम परिवर्तनीय और गैर-परिवर्तनीय मुद्राओं के उपयोग और खिलाड़ियों को प्रदान की गई गुमनामी ने एक ऐसा वातावरण बनाया है जो आपराधिक गतिविधियों के लिए अतिसंवेदनशील है। ये आपराधिक गतिविधियाँ और मनी लॉन्ड्रिंग योजनाएँ अक्सर अपराधियों द्वारा अन्य उपयोगकर्ताओं से और वीडियो गेम के बाहर बाहरी स्रोतों से क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराने से शुरू होती हैं। चुराए गए क्रेडिट कार्ड का उपयोग माइक्रोट्रांजेक्शन करके या लूट बॉक्स खरीदकर इन-गेम मुद्राओं और अन्य वस्तुओं को खरीदने के लिए किया जाता है।     recent visitors 63

‘AI Summit’ में हुआंग ने भारत में अपने परिवेश तंत्र के विस्तार के लिए एनवीडिया की प्रतिबद्धता पर जोर दिया

भारत में 2024 में कंप्यूटिंग क्षमताओं में 20 गुना वृद्धि होगी : एनवीडिया के सीईओ भारत 2024 में कंप्यूटिंग क्षमता में 20 गुना वृद्धि और वह जल्द ही प्रभावशाली एआई समाधानों का निर्यात करेगा-  हुआंग  'AI Summit' में हुआंग ने भारत में अपने परिवेश तंत्र के विस्तार के लिए एनवीडिया की प्रतिबद्धता पर जोर दिया मुंबई  एनवीडिया के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेन्सेन हुआंग ने  कहा कि विश्व के कंप्यूटर उद्योग के लिए ‘‘प्रिय’’ भारत में 2024 में कंप्यूटिंग क्षमता में 20 गुना वृद्धि होगी और वह जल्द ही प्रभावशाली एआई समाधानों का निर्यात करेगा। ‘एनवीडिया एआई शिखर सम्मेलन’ 2024 में हुआंग ने भारत में अपने परिवेश तंत्र के विस्तार के लिए एनवीडिया की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत विश्व के कंप्यूटर उद्योग के लिए बहुत प्रिय है, आईटी उद्योग के लिए केन्द्रीय स्थान है तथा विश्व की लगभग प्रत्येक कंपनी की आईटी के केन्द्र व मूल में है।’’ सीईओ हुआंग ने कहा, ‘‘भारत में एनवीडिया का परिवेश तंत्र बेहद समृद्ध है। भारत में 2024 तक कंप्यूटिंग क्षमताओं में 20 गुना वृद्धि देखी जाएगी।’’ हुआंग ने कहा कि परंपरागत रूप से सॉफ्टवेयर निर्यात का केंद्र रहा भारत, भविष्य में एआई निर्यात में अग्रणी बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने सॉफ्टवेयर का निर्यात किया है; भविष्य में भारत एआई का निर्यात करेगा।’’ हुआंग ने इस बात जोर दिया कि देश अब सॉफ्टवेयर उत्पादन के लिए एक ‘बैक ऑफिस’ से एआई विकास तथा वितरण में एक ‘पावरहाउस’ बनने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने सॉफ्टवेयर उत्पादन के लिए एक ‘बैक ऑफिस’ बनने पर ध्यान केंद्रित किया, इसकी अगली पीढ़ी एआई का उत्पादन तथा वितरण करने वाली होगी। यह नाटकीय रूप से अधिक प्रभावशाली होगा।’’ सीईओ ने कहा, ‘‘दीर्घावधि में, मैं उम्मीद करता हूं कि हम सभी के पास अपने स्वयं के एआई ‘को-पायलट’ होंगे।’’ नौकरी विस्थापन को लेकर उत्पन्न चिंताओं पर हुआंग ने जोर देकर कहा कि हालांकि एआई नौकरियों को पूरी तरह से खत्म नहीं करेगा, लेकिन यह काम करने के तरीके में बुनियादी बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘एआई किसी भी प्रकार से नौकरी नहीं छीनेगा, लेकिन जो व्यक्ति किसी काम को बेहतर ढंग से करने के लिए एआई का इस्तेमाल करेगा, वह नौकरी छीन लेगा।’’     recent visitors 98

रॉयल एनफील्ड अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को लॉन्च के लिए कर रही तैयार

नई दिल्ली रॉयल एनफील्ड अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को लॉन्च करने की तैयार कर चुकी है। कंपनी इसे इसी साल EICMA में पेश करने वाली है। इसे लेकर कंपनी एक टीजर भी जारी कर चुकी है जिसमें 4 नवंबर की तारीख को सेव करने की बात कही थी। इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल का टेस्ट म्यूल विदेशी सड़कों पर पहले ही देखा जा चुका है। ये फोटो रॉयल एनफील्ड की पहली प्रोडक्शन इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के प्रोटोटाइप को दिखाती हैं। इसकी फोटो को MCN ने शेयर किया है। इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल टेस्ट म्यूल में एक गोल LED हेडलाइट और एक पतला और लो-स्लंग बिल्ड दिखा है। ये बाइक एडजस्टेबल लीवर से भी लैस है। इसमें टर्न इंडिकेटर इंस्ट्रूमेंट कंसोल के करीब लगे हैं। इसके हार्डवेयर में गर्डर फोर्क्स, रोड-बायस्ड टायर के साथ एलॉय व्हील्स और एक खुला हुआ रियर फेंडर शामिल है। फ़ुटपेग न्यूट्रल तरीके से सेट किए गए दिखते हैं। रियर व्यू मिरर मौजूदा क्लासिक 350 पर दिखने वाले मिरर के समान दिखते हैं। रॉयल एनफील्ड की इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के बैटरी पैक और मोटर की डिटेल का खुलासा नहीं हुआ है। कंपनी अपनी पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के फ्रंट फोर्क्स, मेन फ्रेम, स्विंगआर्म समेत कई जगहों पर एल्युमीनियम का इस्तेमाल किया है। भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की कीमतें 1.50 लाख के आसपास है। कंपनी के लिए दूसरा बड़ा बेनिफिट ये भी है कि वो ओला की पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल से पहले इसे लॉन्च करने वाली है। रॉयल एनफील्ड की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के एक्सपेक्टेड फीचर्स रॉयल एनफील्ड की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल का जो डिजाइन पहले भी लीक हो चुका है। इसके मुताबिक उसमें क्लासिकल स्टाइल वाले बॉबर का फॉर्म फैक्टर देखने के लिए मिलेंगे। इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल में एक पिलियन को ले जाने की सुविधाहोगी। इसका चेसिस डिजाइन पूरी तरह से अनोखा होगा। इसमें रेक-आउट फ्रंट एंड, स्कूप्ड-आउट सोलो सैडल और खुला, झुका हुआ रियर फेंडर हो सकता है। फ्यूल टैंक एरिया पर लूपिंग फ्रेम प्रोडक्शन मोटरसाइकिलों से काफी अलग हो सकती है। यह देखने में काफी हद तक हार्ले-डेविडसन की क्रूजर मोटरसाइकिल जैसी नजर आ रही है। माना जा रहा है कि इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल में एक फ्रेम के तौर पर बैटरी पैक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें बैटरी कवर और मोटर दोनों को आसपास फिट किया जा सकता है। यह वैसा ही होगा जैसा कि हार्ले-डेविडसन की इलेक्ट्रिक बाइक्स बनाने वाली कंपनी लाइववायर ने अपने S2 मॉडल के साथ किया है। बाइक में बेल्ट ड्राइव बाइक के दाईं तरफ हो सकती है और इसमें दोनों तरफ डिस्क ब्रेक होंगे। बाइक की जो इमेज सामने आई है उससे ऐसा लगता है जैसे कि इसमें एक मोनोशॉक है जो स्विंगआर्म के ऊपरी एलिमेंट से जुड़ा है। इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल का मुख्य आकर्षण फ्रंट सस्पेंशन सेटअप है, जहां गर्डर फोर्क्स देख सकते हैं। ये इलेक्ट्रिक 01 कॉन्सेप्ट में देखा गया था। गर्डर फोर्क्स में दो गर्डर आर्म्स होते हैं, जो दोनों तरफ से व्हील को पकड़ते हैं। एक टॉप डॉगबोन फ्रंट फोर्क असेंबली को बाइक के मेनफ्रेम से जोड़ता है। रॉयल एनफील्ड इलेक्ट्रिक बाइक डिजाइन पेटेंट प्रोडक्शन-स्पेक होने की संभावना नहीं है। इसके बजाय, यह रॉयल एनफील्ड के लिए अपकमिंग ऑटो शो में पेश करने के लिए एक अवधारणा हो सकती है। कॉन्सेप्ट व्हीकल के डिजाइन को पेटेंट कराना एक काफी आम बात है। प्रोडक्शन-स्पेक मॉडल में इस पेटेंट और USD फ्रंट फोर्क्स में देखे गए टायर से ज्यादा मोटे टायर हो सकते हैं। recent visitors 63

पुष्य नक्षत्र पर आज सिर्फ 1 रुपए खरीदें सोना, रिटर्न होगा कई गुना !

मुंबई दिवाली से पहले पुष्य नक्षत्र में सोना खरीदना शुभ माना जाता है। आज 24 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र (Pushya Nakshatra 2024) है। इस दौरान सोने में निवेश सबसे अच्छा हो सकता है। वैसे तो फिजिकल गोल्ड में भी निवेश कर सकते हैं। मतलब गोल्ड ज्वेलरी या बिस्किट-सिक्के खरीद सकते हैं लेकिन अब इसे सोने में निवेश का सही तरीका नहीं माना जाता है। क्योंकि इस पर GST और मेकिंग चार्ज देना पड़ता है। ऐसे में आज हम आपको गोल्ड में इन्वेस्ट (Gold Investment) करने का वो तरीका बताएंगे, जिनमें सिर्फ 1 रुपए से भी सोना खरीद सकते हैं और अच्छा रिटर्न भी पा सकते हैं। सोने में निवेश का डिजिटल तरीका 1. गोल्ड बॉन्ड सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सरकारी बॉन्ड होता है, जो सरकार समय-समय पर लेकर आती है। इसका मूल्य सोने के वजन में होता है। मतलब 1 बॉन्ड एक ग्राम सोने की कीमत का होता है। SGB पर सालाना 2.50% का निश्चित ब्याज निवेशकों को मिलता है। इसे खरीदना बेहद आसान है। अपने डीमैट अकाउंट से NSE पर उपलब्ध गोल्ड बॉन्ड की यूनिट खरदी सकते हैं। 2. गोल्ड ETF सोने को आप शेयर की तरह भी खरीद सकते हैं। इसे गोल्ड ETF कहते हैं। यह एक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड हैं, जिन्हें शेयर मार्केट में खरीद और बेच सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ का बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड रेट हैं, तो इसे एक्चुअल कीमत पर खरीद सकते हैं। गोल्ड ETF लेने के लिए डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। 3. पेमेंट ऐप से सिर्फ 1 रुपए में सोना खरीदें स्मार्टफोन से डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। सिर्फ 1 रुपए में अमेजन-पे, गूगल पे, पेटीएम, फोनपे और मोबिक्विक जैसे पेमेंट ऐप पर 1 रुपए में सोना उपलब्ध है। इसे आप अपनी सुविधा के अनुसार खरीद सकते हैं। सोने में निवेश से कितना रिटर्न अगर सोने में लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करते हैं तो अच्छा खासा रिटर्न मिल सकता है। पिछले 5 साल में ही सोने ने निवेशकों को 55% का रिटर्न दिया है। अक्टूबर 2020 में जो सोना 50,605 रुपए प्रति 10 ग्राम मिल रहा था, वो आज 80 हजार के पार पहुंच गया है। सोना खरीदते समय दिखाएं समझदारी 1. हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का एक हॉलमार्क कोड होता है, जिसे HUID (हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर) कहते हैं। इससे पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. सोने को खरीदते समय इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट जैसे सोर्स से कीमत क्रॉस चेक करें। सोने का रेट 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से देख सकते हैं। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है लेकिन इससे गहने नहीं बनाए जाते हैं। आमतौर पर गहने 22 कैरेट या इससे कम कैरेट के सोने से बनाए जाते हैं। 3. सोना खरीदते समय कैश पेमेंट करने से बचें। इसकी बजाय UPI और डिजिटल बैंकिंग से पेमेंट करें। डेबिट या क्रेडिट कार्ड भी पेमेंट के लिए अच्छा है। 4. अगर सोना ऑनलाइन मंगवा रहे हैं तो उसकी पैकेजिंग चेक करना न भूलें। 5. सोने को निवेश की तरह देखते हैं तो उसकी रीसेल वैल्यू के बारे में पूरी जानकारी लें। recent visitors 99

‘सोने ‘ की कीमत ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड पर, पहली बार 80 हजार के पार पहूँचा Gold

इंदौर  शहर में सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। सोमवार को यह पहली बार 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गईं। शहर में सोने के दाम ₹250 प्रति 10 ग्राम और चांदी के दाम ₹700 प्रति किलोग्राम बढ़ गए। इस तेजी के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती, वैश्विक तनाव और त्योहारी मांग में वृद्धि जैसे कई कारण शामिल हैं। जल्द ही एक लाख पार हो जाएगी चांदी इंदौर में  24 कैरेट सोना ₹80,200 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹97,200 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। चांदी के सिक्के ₹950 में बिके। चांदी की कीमत भी बढ़कर ₹99,400 प्रति किलोग्राम हो गई है और जल्द ही ₹1,00,000 के स्तर को पार कर सकती है। सोने की कीमतों में उछाल की वजह सोने की कीमतों में यह उछाल कई कारणों से आया है, जिसमें सबसे प्रमुख है अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा COVID-19 महामारी के बाद पहली बार ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की कटौती। इसने निवेशकों को सोने जैसे सुरक्षित ठिकानों की ओर आकर्षित किया है। इसके अलावा, रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में इज़राइल, हमास और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे सोने की मांग और बढ़ गई है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भी बढ़ी मांग अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के कमजोर होने से भी सोने की कीमतों को समर्थन मिला है। सोना और डॉलर के बीच उलटा संबंध होता है, यानी जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना मजबूत होता है। हाल ही में, भारत सरकार ने सोने पर सीमा शुल्क 15% से घटाकर 6% कर दिया था, जिससे घरेलू बाजार में सोने की मांग और बढ़ गई। पहली बार नहीं मना रिकॉर्ड इंदौर में यह पहली बार नहीं है जब सोने की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। अप्रैल में, सोना पहली बार 75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार गया था। हालाँकि, इसके बाद कीमतों में कुछ गिरावट आई, लेकिन यह गिरावट अस्थायी साबित हुई। इंदौर में पहली बार अप्रैल में 75 हजार पार हुआ था सोना इंदौर में सोना केडबरी रवा 17 अप्रैल को पहली बार 75 हजार के पार जाकर नकद में 75650 रुपए और सोना आरटीजीएस में 75800 रुपए प्रति दस ग्राम के भाव से बिका था। 5 दिन बाद सोने के भाव में गिरावट शुरू हुई थी और 22 अप्रैल को सोना 500 रुपए टूट कर 74 हजार 900 रुपए हो गया था। इसके बाद से ही सोने के भाव में तेजी-मंदी का दौर जारी है। 24 जुलाई को केंद्रीय बजट के बाद सोना 70 हजार 300 रुपए पर आ गया था। 3 महीने में 9 हजार 970 रुपए महंगा हुआ सोना इंदौर मे सोना पिछले 3 माह में ही 9 हजार 970 रुपए महंगा हो चुका है। केंद्र सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी घटाने के बाद 25 जुलाई को सोना 70 हजार 300 रुपए प्रति ग्राम के भाव पर बिका था। वहीं आज यानी 21 अक्टूबर को सोने का भाव 80 हजार 270 रुपए प्रति 10 ग्राम है। इस लिहाज से सोना पिछले 3 महीने में 9 हजार 970 रुपए महंगा हो गया है। recent visitors 92

शेयर बाजार हुआ धड़ाम, 930 अंक गिरा Sensex, डूबे 8.51 लाख करोड़

नई दिल्‍ली , शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली है. BSE Sensex 930 अंक टूटकर  80,220 पर बंद हुआ , जबकि निफ्टी 50 इंडेक्‍स में 310 अंक या 1.25% की गिरावट आई है और यह 24,472 लेवल पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी बैंक भी 700 अंकों से ज्‍यादा टूट गया. बीएसई सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों में से ICICI बैंक के शेयर ग्रीन जोन में थे. बाकी के सभी 29 शेयर रेट अलर्ट पर कारोबार कर रहे थे. इन शेयरों में से सबसे ज्‍यादा गिरावट महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों (M&M Share) में 3.29 प्रतिशत की आई है. JSW Steel, बजाज फाइनेंस, एल एंड टी, मारुति सुजुकी, इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स, SBI जैसे शेयरों में करीब 3 फीसदी तक की गिरावट आई है. NSE के 2,825 शेयरों में से 299 शेयर उछाल पर थे, जबकि 2,466 शेयर भारी गिरावट पर रहे. 60 शेयर अनचेंज रहे. 48 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का नया हाई लगाया है, जबकि 150 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर थे. 49 शेयर अपर सर्किट और 309 शेयर लोअर सर्किट पर रहे. इन सेक्‍टर्स में बड़ी गिरावट आज निफ्टी बैंक से लेकर हेल्‍थ सेक्‍टर्स तक के स्‍टॉक में भंयकर गिरावट देखी जा रही है. पीएसयू बैंक में 4.47    फीसदी की कमी आई है. स्‍मॉलकैप और मिडकैप में ये गिरावट और गंभीर है. बीएसई स्‍मॉलकैप 2,186.12 अंक टूटा है जबकि BSE Midcap में 1,214.83 अंक की गिरावट आई है. बिखर गए ये 10 स्‍टॉक वर्धमान होल्डिंग्‍स के शेयर आज 14.22% टूटकर 4,549.90 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए. GRSE के शेयर 12.34% टूटकर 1581.65 रुपये पर थे. अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया के शेयर 11.31% टूटकर 5,627.05 रुपये पर बंद हुए. जना स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर भी 11 फीसदी गिरकर 457.50 पर बंद हुए. मझगांव डॉक शिपयार्ड के शेयर आज 10 फीसदी टूटकर 4206 रुपये बंद हुए. सुप्रीम इंडस्‍ट्रीज के शेयर 10.48 फीसदी गिरकर 4,485 रुपये पर बंद हुए. मैंगलोर रिफाइनरी के शेयर 7 प्रतिशत टूटकर 147 रुपये पर बंद हुए थे. एसजेवीएन के शेयर भी 7 फीसदी गिर गए. एनएलसी इंडिया के शेयर 6.77 फीसदी गिर गए. वहीं पीएनबी के शेयर भी 7 फीसदी टूटकर 95 रुपये पर बंद हुए थे. निवेशकों के 8.51 लाख करोड़ डूबे शेयर बाजार में आई भारी गिरावट के कारण निवेशकों के वेल्‍थ को भारी नुकसान हुआ है. ज्‍यादातर निवेशकों के पोर्टफोलियो रेड जोन में हैं. वही बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,53,65,023.74 करोड़ रुपये से 8.51 लाख करोड़ रुपये घटकर 4,45,13,502 करोड़ रुपये रह गया है. recent visitors 85

गौतम अडानी ने 8,100 करोड़ के इक्विटी मूल्य पर ओरिएंट सीमेंट को खरीदा

मुंबई  भारत और एशिया के दूसरे सबसे बड़े रईस गौतम अडानी ने एक और सीमेंट कंपनी को खरीद लिया है। अडानी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 8,100 करोड़ रुपये के इक्विटी मूल्य पर ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड (OCL) का अधिग्रहण करेगी। ओरिएंट सीमेंट सीके बिड़ला ग्रुप की कंपनी है। यह सौदा 395.4 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हुआ है। अंबुजा ने साथ ही कंपनी में अतिरिक्त 26% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए ओपन ऑफर पेश किया है। इस अधिग्रहण से अडानी सीमेंट को देश के मुख्य बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और सीमेंट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी में 2% की वृद्धि करने में मदद मिलेगी। अडानी ग्रुप देश की दूसरी बड़ी सीमेंट कंपनी है। आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक पहले नंबर पर है। अंबुजा सीमेंट ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि 3-4 महीनों के भीतर ओपन ऑफर SAST से नियमों के प्रावधानों के अनुसार पूरा हो जाएगा। ओपन ऑफर 395.40 रुपये प्रति इक्विटी शेयर पर किया जा रहा है। इस घोषणा के बाद शुरुआती कारोबार में दोनों सीमेंट कंपनियों के शेयर में तेजी दिख रही है। अंबुजा के शेयर 1.49% बढ़कर 580 रुपये पर पहुंच गए जबकि ओरिएंट सीमेंट के शेयर 9:20 बजे तक 1.65% बढ़कर 358.25 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। कितनी बढ़ेगी क्षमता डील के मुताबिक ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड के मौजूदा प्रमोटरों और कुछ सार्वजनिक शेयरधारकों से अंबुजा 46.8% शेयर हासिल करेगी। अधिग्रहण को पूरी तरह से आंतरिक स्रोतों से फंड किया जाएगा। अंबुजा सीमेंट्स के डायरेक्टर करण अडानी ने कहा कि यह अधिग्रहण अंबुजा सीमेंट्स की विकास यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। अंबुजा के अधिग्रहण के दो वर्षों के भीतर सीमेंट क्षमता में 30 MTPA की वृद्धि हुई है। OCL के अधिग्रहण से अंबुजा वित्त वर्ष 2025 में 100 MTPA सीमेंट क्षमता तक पहुंचने के लिए तैयार है। अडानी ने कहा कि ओसीएल के पास स्ट्रैटजिक लोकेशन, हाई क्वालिटी वाले चूना पत्थर के भंडार और सभी तरह के जरूरी अप्रूवल हैं। निकट भविष्य में इसी सीमेंट उत्पादन क्षमता 16.6 एमटीपीए तक बढ़ सकती है। अडानी ग्रुप ने अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी लिमिटेड को $10.5 अरब में स्विट्जरलैंड के होलसिम ग्रुप से खरीदा था। इस साल अगस्त में अंबुजा सीमेंट्स ने गुजरात में सांघी इंडस्ट्रीज को 5,000 करोड़ रुपये में खरीदा। इसकी उत्पादन क्षमता 6.1 MTPA है। recent visitors 109

भारत ऐसा देश बन गया है, जहां आप स्थानीय स्तर पर उत्पादन, उपयोग और निर्यात कर सकते हैं: सुनील भारती मित्तल

नई दिल्ली  देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल के प्रमुख सुनील भारती मित्तल ने कहा कि भारत एक ऐसा देश बन गया है, जहां आप स्थानीय स्तर पर उत्पादन, उपयोग और निर्यात कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत से बहुत सारी कंपनियां वैश्विक स्तर पर उभर रही हैं। मौजूदा समय में देश की 95 प्रतिशत जनता को अच्छी क्वालिटी सिग्नल मिल रहे हैं। इसके कारण देश को डिजिटल की तरफ ले जाने में मदद मिली है। मित्तल के मुताबिक, मोबाइल नेटवर्क की क्वालिटी के मामले में हम अमेरिका, यूके और यूरोप से काफी आगे हैं। ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट-2024’ में बोलते हुए मित्तल ने कहा कि हमारे पड़ोसियों के विपरीत भारत के पैसे का वैश्विक मंच पर स्वागत किया जाता है। मित्तल ने आगे कहा कि चीन के निवेशों को ब्लॉक किया जा रहा है। पश्चिमी देश भी निजी निवेश को पसंद कर रहे हैं। हम देख रहे हैं कि भारत से जीएमआर एयरपोर्ट्स और अदाणी वैश्विक स्तर पर जा रहे हैं। टेलीकॉम कारोबारी ने कहा कि हमें अपने देश में सिंगापुर और जापान जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना होगा। सभी निवेशकों के लिए नीति का पूर्वानुमान आवश्यक है। पिछले दशक में हमने अधिक स्थिरता देखी है, नियम सरल हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि सभी उद्योगपतियों को पता है कि देश में खपत बढ़ने जा रही है। मित्तल ने आगे कहा कि सरकार की ओर से इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। एयरटेल की ओर से 30,000-35,000 करोड़ रुपये डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए जा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर उन्होंने कहा कि यह अर्थव्यवस्था, राजनीति और भू-राजनीति के लिए काफी प्रमुख होने वाला है। एआई का दुरुपयोग भी होगा, हमें और अधिक सतर्क रहना होगा।   recent visitors 107

रियल एस्टेट सेक्टर में तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज

नई दिल्ली रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश में 2024 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 0.96 अरब डॉलर तक पहुंच गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछली तिमाही में रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश 3.1 अरब डॉलर था, जो कि 2024 की सितंबर तिमाही में घटा है। वेस्टियन रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा कि तिमाही आधार पर 69 प्रतिशत की इस गिरावट के बावजूद दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि निवेश लगभग एक अरब डॉलर के आंकड़े को छू रहा है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “पिछले वर्ष की तुलना में निवेश में वृद्धि मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि का प्रमाण है। परिणामस्वरूप, विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 2023 की तीसरी तिमाही में 27 प्रतिशत से बढ़कर 2024 की तीसरी तिमाही में 46 प्रतिशत हो गई।” रिपोर्ट में कहा गया है, “इसके विपरीत, घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी एक साल पहले इसी तिमाही के 71 प्रतिशत से घटकर 2024 की तीसरी तिमाही में 43 प्रतिशत रह गई। हालांकि, मूल्य के लिहाज से यह कमी केवल 15 प्रतिशत थी।” वेस्टियन के सीईओ श्रीनिवास राव ने कहा, “मजबूत जीडीपी वृद्धि के दम पर निवेशकों ने भारत के विकास पर भरोसा दिखाया है। नतीजतन, रियल एस्टेट सेक्टर में विदेशी निवेशकों की भागीदारी बढ़ी, जिसके कारण संस्थागत निवेश 2024 की तीसरी तिमाही में एक अरब डॉलर के आंकड़े को छू गया।” उन्होंने कहा, “इसके अतिरिक्त, घरेलू निवेशक भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जिन्हें देश भर में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास से समर्थन मिल रहा है।” 2024 की तीसरी तिमाही में घरेलू निवेशकों के लिए आवासीय संपत्तियां पहली पसंद रहीं, जबकि वाणिज्यिक सौदों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 64 प्रतिशत रही। ऑफिस से काम करने की अनिवार्यता और जीसीसी (वैश्विक क्षमता केंद्र) की बढ़ती प्रमुखता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया, जिससे वाणिज्यिक निवेश की हिस्सेदारी 2023 की तीसरी तिमाही के 24 प्रतिशत से बढ़कर 2024 की तीसरी तिमाही में 71 प्रतिशत हो गई। दूसरी ओर, आवासीय क्षेत्र की हिस्सेदारी 2024 की तीसरी तिमाही में घटकर 19 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 44 प्रतिशत थी। हालांकि, आने वाली तिमाहियों में आवासीय परिसंपत्तियों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि को-लिविंग, सीनियर हाउसिंग और सर्विस अपार्टमेंट जैसे विशिष्ट परिसंपत्ति वर्ग में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।   recent visitors 95

चालू वित्त वर्ष में सेवा आयात 9.6 प्रतिशत बढ़कर 62.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया

नई दिल्ली  भारत का सेवा क्षेत्र लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सेवा क्षेत्र का चालू वित्त वर्ष में सेवा निर्यात 9.8 प्रतिशत बढ़कर 180 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। वहीं, सेवा आयात भी 9.6 प्रतिशत बढ़कर 62.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। इसके परिणामस्वरूप सेवा व्यापार संतुलन 82.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक है। हालांकि, सेवा निर्यात और आयात में मामूली वृद्धि दर्ज हो पाई है। वित्त वर्ष 2025 के लिए चालू खाता घाटा (सीएडी) जीडीपी के 1 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है। स्थिर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह और मजबूत विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) प्रवाह भी सर्मथन में मददगार रहेगा। मौद्रिक इजिंग साइकल में देरी की वजह से निर्यात सुधार कुछ प्रभावित हो सकता है। लेकिन, मध्यम अवधि में व्यापक आर्थिक गतिशीलता अनुकूल स्थिति का संकेत देती है। आने वाले महीनों में आयात वृद्धि निर्यात में सुधार से आगे निकल सकती है, ऐसे में व्यापार घाटे का दबाव बढ़ सकता है। सितंबर में सुधार के बावजूद वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही के लिए व्यापार घाटा अधिक बना हुआ है। यह आगे आने वाली चुनौतियों का संकेत देता है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मौसमी कारकों की वजह से निर्यात गतिविधि में वृद्धि देखे जाने की उम्मीद है। हालांकि, पूरी रिकवरी वैश्विक आर्थिक स्थितियों पर भी निर्भर करेगी, जो अनिश्चित बने हुए हैं। यह सुधार सोने के आयात में गिरावट की वजह से भी आया है। सोने का आयात 10.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से घटकर 4.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। अप्रैल-सितंबर की अवधि में निर्यात 1 प्रतिशत बढ़कर 213.2 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 8.9 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में सुधार को दिखाता है। इसके अलावा, त्योहारी सीजन के दौरान घरेलू मांग में वृद्धि से भी व्यापार संतुलन पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, भारतीय रुपया कमजोर रहा तो आयातित मुद्रास्फीति का जोखिम भी बढ़ सकता है।   recent visitors 100

Isha Ambani ने जीता ‘आइकन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’, इवेंट में बिखेरा स्टाइल का जादू 

Isha Ambani won ‘Icon of the Year Award’, spread the magic of style in the event बिजनेस की दुनिया में अंबानी परिवार का जिक्र हमेशा होता है। मुकेश अंबानी ने अपनी मेहनत से अपना साम्राज्य खड़ा किया है। वहीं उद्योग की दुनिया में उनकी बेटी ईशा अंबानी ने भी कम अचीवमेंट हासिल नहीं की है। हाल ही में उन्हें एक इवेंट में सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने अपने स्टाइल स्टेटमेंट से सबका दिल जीत लिया। नई दिल्ली। ईशा अंबानी बिजनेस के साथ-साथ स्टाइल स्टेटमेंट में भी किसी से कम नहीं हैं। अक्सर हाई प्रोफाइल पार्टियों में वह जबरदस्त तरीके से तैयार होकर आती हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस और स्टार वाइव्स के साथ ही लोग उनके फैशन सेंस के बारे में बात करना नहीं भूलते। हाल ही में मुंबई में आयोजित हार्पर बाजार वूमन ऑफ द ईयर अवार्ड्स 2024 में उन्हें प्रतिष्ठित आइकॉन ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।  यह इवेंट फिल्म, टेलीविजन, कला, संस्कृति और साहित्य की दुनिया की प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित करने के लिए रखा गया था। इस ग्रैंड इवेंट में ईशा अंबानी के अलावा शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) की पत्नी गौरी नजर आईं। साथ ही अन्नया पांडे और कृति सेनन जैसे सितारों ने भी शिरकत की।   ईशा के लुक ने लूटी वाहवाही इस इवेंट में ईशा अंबानी को सम्मानित किया गया। उन्होंने जैसे ही स्टेज पर एंट्री ली, सबकी नजर उनके आउटफिट पर पड़ी, जिसमें वह बला की खूबसूरत लग रही थीं। ईशा ने इस खास मौके पर Schiaparelli की डिजाइन की हुई ड्रेस पहनी, जो काफी अट्रैक्टिव लग रही थी। उन्होंने व्हाइट और ब्लैक कलर के कॉम्बिनेशन की ड्रेस पहनी थी, जिसमें गोल्डन कलर का टच था।  अपनी ड्रेस के साथ उन्होंने हल्का हैवी मेकअप और कम से कम ज्वेलरी कैरी की थी। ईशा ने बालों को खुला रखा, जो उन्हें क्लासी और ट्रेंडी लुक दे रहा था। इस स्टाइल स्टेटमेंट से ईशा ने एक बार फिर यह साबित किया कि बी टाउन स्टार्स के बीच भी उनका फैशन किसी से कम नहीं है। recent visitors 159

अनिल अंबानी के लिए गुड न्यूज, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की मंजूरी

मुंबई कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी के लिए गुड न्यूज है। उनकी कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरधारकों ने प्रीफेरेंशियल इश्यू के जरिए शेयर जारी करने और क्यूआईपी रूट के माध्यम से 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की कंपनी की योजना को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि दोनों प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। पोस्टल बैलट के जरिए से प्रस्तावों के पक्ष में 98 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड ने 19 सितंबर को 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दी थी। इसमें से 3,014 करोड़ रुपये शेयरों या परिवर्तनीय वारंट के तरजीही आवंटन के जरिए जुटाए जाने थे, जबकि 3,000 करोड़ रुपये क्यूआईपी के जरिए जुटाए जाएंगे। पहले चरण में, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर 240 रुपये प्रति शेयर के निर्गम मूल्य पर 12.56 करोड़ इक्विटी शेयर या परिवर्तनीय वारंट जारी करके 3,014 करोड़ रुपये का तरजीही नियोजन शुरू कर रहा है। इसमें से 1,104 करोड़ रुपये रिलायंस इन्फ्रा के प्रमोटर अपनी कंपनी राइजी इनफिनिटी के जरिए निवेश करेंगा। राइजी कंपनी के 4.60 करोड़ शेयर खरीदेगी। प्रीफेरेंशियल इश्यू में भाग लेने वाले दो अन्य निवेशक मुंबई स्थित फॉर्च्यून फाइनेंशियल एंड इक्विटीज सर्विसेज और फ्लोरिंट्री इनोवेशन एलएलपी हैं। फ्लोरिंट्री का स्वामित्व ब्लैकस्टोन के पूर्व कार्यकारी मैथ्यू साइरियाक के पास है, जबकि फॉर्च्यून फाइनेंशियल का स्वामित्व निमिश शाह के पास है। रिलायंस कैप में पचड़ा इस बीच अनिल अंबानी की एक और कंपनी रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए हिंदुजा ग्रुप को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हिंदूजा ने इस कंपनी को ₹9,650 करोड़ में खरीदा था। लेकिन इस डील को अब तक कई तरह की रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिल पाए हैं। पिछले महीने जारी किए गए हिंदुजा ग्रुप के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के निवेशकों इसका मनमाफिक यूज नहीं कर पा रहे हैं। इस डील को रिलायंस कैपिटल के लेनदारों ने एक साल से अधिक समय पहले और एनसीएलटी ने फरवरी में मंजूरी दे दी थी। लेकिन अब इसे आरबीआई, डीपीआईआईटी और इरडाई सहित अन्य से प्रमुख रेगलेटर्स से मंजूरी नहीं मिली है। डिबेंचर ट्रस्ट डीड के अनुसार हिंदुजा ग्रुप पर मंजूरी में तेजी लाने का दबाव बढ़ रहा है। इसकी डेडलाइन 30 नवंबर को खत्म हो रही है। एक सूत्र ने कहा कि ट्रस्ट डीड में उल्लेख है कि अधिग्रहण 30 नवंबर तक पूरा होना चाहिए। अगर तब तक सौदा पूरा नहीं होता है, तो पैसे वापस करने होंगे। हिंदुजा ग्रुप ने रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए ₹9,650 करोड़ की बोली लगाई थी। इसके लिए कंपनी इक्विटी और ऋण के जरिए पैसा जुटाएगी। कहां फंसा है मामला इसमें से ₹7,300 करोड़ ऋण के माध्यम से जुटाए जाने हैं। पिछले महीने हिंदुजा ग्रुप ने 360 वन, टाटा कैपिटल और आदित्य बिड़ला फाइनेंस जैसे संस्थानों से निवेश के साथ साइक्वर इंडिया से एनसीडी के माध्यम से ₹3,000 करोड़ जुटाए। बाकी 4,300 करोड़ रुपये बार्कलेज के नेतृत्व वाले एनसीडी के माध्यम से जुटाए जाने की उम्मीद है। डीपीआईआईटी से मंजूरी मिलने में सबसे बड़ी बाधा यह है कि इक्विटी निवेश हिंदुजा ग्रुप की एक विदेशी यूनिट से आ रहा है। recent visitors 111

अदार पूनावाला ने 1000 करोड़ में खरीदी करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन की हिस्सेदारी

मुंबई  कोविड वैक्सीन बनाने वाली बहुचर्चित कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक अदार पूनावाला एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला अब फिल्म इंडस्ट्री के जाने-जाने डायरेक्टर और प्रोड्यूसर करण जौहर के साथ हाथ मिला रहे हैं. खबर है कि अदार पूनावाला की कंपनी सीरीन प्रोडक्शन्स 1000 करोड़ रुपये में धर्मा प्रोडक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड में 50 फीसदी हिस्सा खरीदने वाली है. आर्थिक पोर्टल मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक ये खबर आई है और इसमें बताया गया है कि फिल्ममेकर करण जौहर के पास धर्मा प्रोडक्शन्स की बाकी 50 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी और वो कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने रहेंगे. इसके साथ ही अपूर्वा मेहता कंपनी की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर बनी रहेंगी.   कौन हैं अदार पूनावाला? अदार पूनावाला को सबसे ज्यादा सीरम इंस्टीट्यूट के जरिए भारत में कोविड वैक्सीन के निर्माण के लिए जाना जाता है. कोविड के संकटकाल में जब देश में कोविशील्ड के जरिए सभी को वैक्सीन दी गई, उस समय से अदार पूनावाला पूरी तरह लाइमलाइट में आ गए. 1997 में शुरू हुआ था धर्मा प्रोडक्शन धर्मा प्रोडक्शन्स को साल 1997 में यश जौहर ने शुरू किया था और उनके निधन के बाद उनके बेटे करण जौहर ने साल 2004 में कंपनी की बागडोर संभाली. इस फिल्म प्रोडक्शन कंपनी ने कभी खुशी कभी गम, माई नेम इज खान, केसरी, सिंबा, धड़क, ये जवानी है दीवानी, स्टूडेंट ऑफ द ईयर जैसी कई फिल्मों को प्रोड्यूस किया है जिनमें से कई फिल्में ब्लॉकबस्टर हिट रही हैं. करण जौहर अदार पूनावाला के दोस्त हैं अदार पूनावाला द्वारा संचालित सिरीन प्रोडक्शन और धर्मा प्रोडक्शन्स अब अलग-अलग तरह के कंटेट का निर्माण साझा रूप से करेंगे. अदार पूनावाला के सिरीन प्रोडक्शन्स के आकलन के मुताबिक धर्मा प्रोडक्शंस का वैल्यूएशन 2000 करोड़ रुपये है. इस लिहाज़ से अदर पूनावाला ने 1000 करोड़ रुपये में धर्मा प्रोडक्शन के 50 फ़ीसदी हिस्से को खरीदा है. करण जौहर अदार पूनावाला और उनकी पत्नी नताशा पूनावाला के काफी करीबी दोस्त हैं. recent visitors 94

खुलते ही शेयर बाजार हुआ गुलजार, फिर अचानक आई बड़ी गिरावट

मुंबई सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार (Stock Market) की धांसू शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) ओपनिंग के साथ ही करीब 500 अंक उछल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 100 अंक से ज्यादा चढ़कर ओपन हुआ. लेकिन 15 मिनट के बाद ही ये तेजी गिरावट में तब्दील हो गई और दोनों इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए. इस बीच प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली और ये 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया. सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच शेयर बाजार में सोमवार को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. एक ओर जहां BSE Sensex ने अपने पिछले बंद 81,224.75 के लेवल से जोरदार उछाल लेते हुए 81,770.02 के स्तर पर कारोबार शुरू किया. तो वहीं NSE Nifty अपने पिछले बंद 24,854.05 के लेवल से 100 अंक चढ़कर 24,956.15 पर ओपन हुआ.   सेंसेक्स-निफ्टी के साथ ही शेयर बाजार में तेज शुरुआत के बीच करीब 1728 कंपनियों के शेयरों ने बढ़त लेते हुए हरे निशान पर कारोबार की शुरुआत की, जबकि 807 कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. इस बीच 167 शेयर ऐसे थे, जिनकी स्थिति में कोई भी चेंज देखने को नहीं मिला. कुछ मिनटों तक ही जारी रही तेजी शेयर बाजार में ये जोरदार तेजी कुछ ही मिनटों तक जारी रही, सुबह 9.35 बजे के आस-पास ये गिरावट में तब्दील हो गई और BSE Sensex करीब 330 अंक फिसलकर 81000 के नीचे आ गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी ग्रीन से लुढ़ककर अचानक रेड जोन में कारोबार करता हुआ नजर आने लगा. शुरुआती कारोबारी में जहां Tech Mahindra, HDFC Bank, Tata Steel, Hindalco और HDFC Life के शेयरों में तेजी देखने को मिली, तो वहीं Tata Consumer, Kotak Mahindra Bank, Bharti Airtel, Britannia और HUL के शेयर लाल निशान पर थे. इन पांच शेयरों ने पकड़ी तूफानी रफ्तार बात करें सोमवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद उछाल भरने वाले शेयरों के बारे में तो सबसे पहला नाम HDFC Bank Share का आता है, तजो खबर लिखे जाने तक 2.41 फीसदी उछलकर 1721.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Tech Mahindra Share 2.12 फीसदी चढ़कर 1723.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप में Mazgaon Dock Share 3.72 फीसदी की तेजी लेकर 4700 रुपये पर, जबकि UCO Bank Share 3.29 फीसदी की बढ़त के साथ 47.15 रुपये पर था. इसके अलावा Tejas Network Share 14.56 फीसदी उछलकर 1362.90 रुपये पर कारोबार कर रहा था. बाजार टूटते ही धराशायी हुई ये शेयर अब बात करते हैं शेयर बाजार में अचानक आई गिरावट के बाद सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों की, तो लार्ज कैप में Kotat Bank Share 5.28%, Bharti Airtel Share 2.56% और IndusInd Bank Share 2.34% तक टूटकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में शामिल Dalmia Bharat Share 3.23%, GMR Infra Share 2.89% टूटा. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में PNC Infra Share में 20 फीसदी की बड़ी गिरावट आई, जबकि IndiaMart Share 16.51%, RBL Bank Share 12.75% तक फिसल गया. recent visitors 101

प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी बदरी-केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे, दर्शन कर पांच करोड़ की धनराशि दी दान

चमोली रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी ने रविवार को श्री बदरीनाथ धाम तथा श्री केदारनाथ धाम के दर्शन किये। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी श्री बदरीनाथ धाम दर्शन किए उद्योगपति मुकेश अंबानी ने पांच करोड़ की धनराशि दानस्वरूप दी है। पूर्व सीएम व सांसद त्रिवेंद्र रावत ने किए भगवान बदरी विशाल के दर्शन गोपेश्वर: पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत ने श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर बदरी विशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना कर देश की सुख समृद्धि व खुशहाली की कामना की है। श्री बदरीनाथ धाम पहुंचने पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत का बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति, श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत व स्थानीय संगठनों ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया। उत्तराखंड व देश के समग्र कल्याण की कामना की पूर्व सीएम का मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति के मुख्य कार्य अधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने माल्यार्पण एवं रुद्राक्ष की माला भेंट कर स्वागत किया। त्रिवेंद्र रावत ने भगवान बद्री विशाल की शयन आरती में पहुंचकर भगवान श्री बद्री विशाल एवं श्री महालक्ष्मी के दर्शन का पुण्य लाभ अर्जित करते हुए पूरे उत्तराखंड व देश के समग्र कल्याण की कामना की। बदरीनाथ के प्रधान पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने गर्भ गृह की माला प्रसाद स्वरूप पूर्व सीएम को दी। बदरीनाथ मंदिर पूजा मंडप में धर्म अधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल, लक्ष्मी मंदिर में लक्ष्मी बड़वा सुमन डिमरी एवं दिनेश डिमरी ने पूजा संपन्न करवाई। तुलसी वन विकसित करने की कार्ययोजना को लेकर की चर्चा गोपेश्वर: श्री बदरीनाथ धाम में वन मंत्री सुबोध उनियाल पूजा अर्चना की । इस दौरान मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने हैलीपैड पर उनकी आगवानी की । कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल बदरीनाथ धाम दर्शनों के लिए पहुंचे। कैबिनेट मंत्री ने श्री बदरीनाथ मंदिर वेदपाठ पूजा की। वन मंत्री ने श्री बदरीनाथ धाम में बदरीश तुलसी वन तथा पूर्वजों के नाम से धामों में वृक्ष लगाने को भी प्रोत्साहित किए जाने को भी कहा । दूसरी ओर बदरीनाथ धाम में भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड के प्रमुख लैप्टिनेंट जनरल मुकेश चड्डा ने भी भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। कानपुर नगर निगम मेयर प्रमिला पांडेय भी भगवान बदरी विशाल के दर्शन को पहुंची।   recent visitors 76

इस दीवाली, स्वास्थ्य का जश्न मनाएं: यू.एस. ब्लूबेरीज़ भारतीय मिठाइयों के लिए पोषक तत्वों से भरपूर विकल्प

जैसे-जैसे दीवाली का त्योहार 31 अक्टूबर को नज़दीक आ रहा है, उपभोक्ताओं के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। यह बदलाव पोषक तत्वों से भरपूर और सुविधाजनक खाद्य विकल्पों की बढ़ती मांग को दर्शाता है। यू.एस. ब्लूबेरीज़ इस जरूरत को पूरा करने के लिए एकदम सही सामग्री बनकर उभरी हैं, जो बेक्ड सामान, डेयरी उत्पादों और पारंपरिक भारतीय मिठाइयों में पोषक तत्वों का संचार करती हैं। इनके शानदार स्वाद और स्वास्थ्य लाभ के कारण, ब्लूबेरीज़ त्योहारों को मनाने के लिए एक आदर्श विकल्प बन गई हैं। पारंपरिक भारतीय मिठाइयों में ब्लूबेरीज़ का उपयोग करने से रचनात्मकता के नए रास्ते खुलते हैं। पश्चिमी बेकिंग तकनीकों को भारतीय स्वादों के साथ मिलाकर, शेफ ऐसे नए डेसर्ट बना रहे हैं जो विभिन्न उपभोक्ताओं को पसंद आते हैं। ब्लूबेरी से भरे व्यंजन, जैसे कि केक, पुडिंग और मिठाई, तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, जो इस सुपरफूड की अद्भुत विविधता को दर्शाते हैं। यू.एस. हाईबश ब्लूबेरी काउंसिल (USHBC) के भारत प्रतिनिधि, श्री राज कपूर ने भारतीय बाजार में ब्लूबेरीज़ की परिवर्तनकारी क्षमता को बताया। “ब्लूबेरीज़ सिर्फ एक ट्रेंड नहीं हैं; ये स्वास्थ्य के प्रति जागरूक खाने के व्यापक बदलाव का प्रतीक हैं। जब हम अपने व्यंजनों में ब्लूबेरीज़ को शामिल करते हैं, तो हम अपने उत्पादों को ऊँचाई पर ले जाते हैं और समुदाय की सेहत को भी बढ़ावा देते हैं।” ब्लूबेरीज़ कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। ये आहार फाइबर, विटामिन C, विटामिन K, और मैंगनीज का बेहतरीन स्रोत हैं, जो हृदय स्वास्थ्य, हड्डियों की मजबूती, और इम्यून सपोर्ट में मदद करते हैं। इन्हें ताजे और फ्रीज़ किए गए रूप में उपयोग करना आसान है, जिससे इन्हें रोजमर्रा के व्यंजनों में शामिल करना सरल हो जाता है। भारतीय बेकरी बाजार 2032 तक 29.4 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जो 2024 से 2032 के बीच 9.6% की CAGR से बढ़ेगा। जैसे-जैसे उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएँ बदल रही हैं, स्वास्थ्यवर्धक और सुविधाजनक खाद्य विकल्पों की मांग भी बढ़ रही है। ब्लूबेरीज़ इस ट्रेंड के साथ पूरी तरह से मेल खाती हैं, जो विभिन्न व्यंजनों में पोषक तत्वों से भरपूर अतिरिक्तता प्रदान करती हैं। हाल के डेटा से पता चलता है कि भारत में ब्लूबेरीज़ की मांग तेजी से बढ़ रही है। उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप, और एशिया के उच्च गुणवत्ता वाले आपूर्तिकर्ता इस बढ़ते बाजार में योगदान कर रहे हैं। जनवरी से सितंबर 2024 के बीच, भारत ने सूखी, ताजा, और IQF (इंडीविजुअली क्विक फ्रोज़न) ब्लूबेरीज़ का विविधता में आयात किया, जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के बीच इनकी वर्षभर की लोकप्रियता को दर्शाता है। इस दौरान, भारत ने 661,242 किलोग्राम सूखी ब्लूबेरीज़ का आयात किया, जिसमें से 392,786 किलोग्राम अमेरिका से आईं। ब्लूबेरीज़ का आकर्षण केवल उनके स्वाद में नहीं, बल्कि उनके पोषण के गुणों में भी है। एक कप में केवल 80 कैलोरी होने के कारण, ये स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं, जो विटामिन, खनिज, और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं। जैसे-जैसे उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएँ स्वास्थ्यवर्धक और नवीन विकल्पों की ओर बढ़ रही हैं, यू.एस. ब्लूबेरीज़ भारत की बेकिंग इंडस्ट्री में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने के लिए तैयार हैं। सहयोग और रचनात्मकता के माध्यम से, उद्योग ब्लूबेरीज़ की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए अच्छी तरह से स्थित है, जो स्वास्थ्य और परंपरा का जश्न मनाने के लिए एक नए युग की शुरुआत कर रहा है। recent visitors 67

सेबी के जुर्माने वाले आदेश पर लगी रोक, सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल ने अनिल अंबानी को बड़ी राहत दी

नई दिल्ली सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (सैट) ने अनिल अंबानी को बड़ी राहत दी है। दरअसल, सैट ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) से फंड के हेरफेर के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा अनिल अंबानी पर लगाए गए ₹25 करोड़ के जुर्माने पर सशर्त रोक लगा दी। सैट की शर्त के तहत अनिल अंबानी को चार सप्ताह के भीतर ₹25 करोड़ जुर्माने का 50% जमा करना होगा। बता दें कि सेबी ने अनिल अंबानी और रिलायंस होम फाइनेंस के पूर्व प्रमुख अधिकारियों सहित 24 अन्य संस्थाओं को आरएचएफएल से फंड के डायवर्जन के लिए पांच साल के लिए सिक्योरिटी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था। रिलायंस होम फाइनेंस के शेयर रिलायंस होम फाइनेंस के शेयरों की ट्रेडिंग फिलहाल बंद कर दी गई है। अंतिम ट्रेडिंग कीमत 4.75 रुपये है। कंपनी के शेयर 14 अक्टूबर को ट्रेड किए थे। बता दें कि पिछले छह महीने में यह शेयर 50% और महीनेभर में 20% चढ़ गए हैं। हालांकि, सालभर में यह शेयर 105% चढ़ गया है। 18 अक्टूबर 2023 को इस शेयर की कीमत 2.35 रुपये थी। कंपनी का मार्केट कैप 230.17 करोड़ रुपये है। अंबानी ने की थी सेबी के आदेश की समीक्षा बता दें कि उद्योगपति अनिल अंबानी ने सेबी के एक्शन के बाद कहा था कि वह आदेश की समीक्षा कर रहे हैं। वे कानूनी सलाह के आधार पर उचित कदम उठाएंगे। बता दें कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े एक मामले में सेबी के 11 अगस्त, 2022 के अंतरिम आदेश का पालन करने के लिए अंबानी ने रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया था। recent visitors 86

दीपावली नजदीक होने के कारण अनाज मंडी में दाल-बेसन की मांग ने पकड़ा जोर, चने के भाव में उछाल

इंदौर दीपावली नजदीक होने के कारण चने से बने उत्पाद बेसन और चना दाल में उपभोक्ता और नमकीन निर्माताओं की जोरदार पूछताछ देखने को मिली है। बीते दिनों से मांग सुस्त थी इस बीच चने के दाम काफी नीचे भी आ गए थे। दाम कम होने से मंडियों में आवक घट गई थी। ऐसे में चने की कीमतों में फिर से तेजी का वातावरण बनने लगा है। चना कांटा दो दिन में करीब 100 रुपये उछल गया। चना कांटा नीचे में 7400 ऊपर में 7450 रुपये प्रति क्विंटल तक बोला गया। मंडी में काबुली चना करीब 100 रुपये तक टूट गया जबकि कंटेनर में काबुली चना 200 रुपये तक सस्ता बोला गया। दूसरी ओर मसूर में भी लोकल के साथ ही बाहरी मांग जोरदार रहने और आवक कमजोर होने के कारण भाव मजबूती पर टिके हुए हैं। शुक्रवार को मसूर 6300 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रही। आगे मांग बढ़ने पर मसूर में सुधार की स्थिति बन सकती है। मंडी में काबुली चने की आवक 3000 बोरी की रही। मंडी में काबुली चना मीडियम 8500-11300 बेस्ट 11300-12300 सुपर 12300-13300 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। कंटेनर में डालर चना 42/44 15000, 44/46 14700, 58/60 11700, 60/62 11600, 62/64 11500 रुपये प्रति क्विंटल बोला गया। दलहन- चना कांटा 7400-7450 विशाल 7250-7300 डंकी चना 6700-6900 मसूर 6300 तुवर महाराष्ट्र सफेद 9700-9900 कर्नाटक 9800-10000 निमाड़ी तुवर 8500-9200 मूंग 8000-8100 एवरेज 7200-7700 मूंग बोल्ड 7800-8300 उड़द बेस्ट बोल्ड नया 8000-8200 मीडियम 6500-7500 हलका उड़द 3000-5000 रुपये क्विंटल के भाव रहे। दालों के दाम- चना दाल 8400-8500 मीडियम 8600-8700 बेस्ट 8800-8900 मसूर दाल 7500-7600 बेस्ट 7700-7800 मूंग दाल 9600-9700 बेस्ट 9800-9900 मूंग मोगर 10100-10200 बेस्ट 10300-10400 तुवर दाल 10800-10900 मीडियम 11800-11900 बेस्ट 14300-14500 ए. बेस्ट 15300-15400 ब्रांडेड तुवर दाल नई 15400 उड़द दाल 10800-10900 बेस्ट 11000-11100 उड़द मोगर 11200-11300 बेस्ट 11500-11600 रु. प्रति क्विंटल के भाव रहे। चावल भाव- दयालदास अजीतकुमार छावनी के अनुसार बासमती (921) 11000-12000, तिबार 9500-10500, बासमती दुबार पोनिया 8000-9000, मिनी दुबार 7000-7500, मोगरा 4500-7000, बासमती सेला 7000-9500 कालीमूंछ डिनरकिंग 8500, राजभोग 7500, दुबराज 4500-5000, परमल 3500-3700, हंसा सेला 3700-3800, हंसा सफेद 3000-3200, पोहा 4700-5100 रु. क्विंटल बिका।   recent visitors 72

चीन की अर्थव्यवस्था जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी

हांगकांग  चीन की अर्थव्यवस्था जुलाई-सितंबर तिमाही में अपेक्षा से कम 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी।सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की वार्षिक वृद्धि धीमी हो रही है। यह जुलाई-सितंबर तिमाही में अपेक्षा से कम 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी जो 2024 के लिए निर्धारित किए ‘‘ करीब पांच प्रतिशत ’’ की वृद्धि के आधिकारिक लक्ष्य से कम है। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने बयान में कहा, ‘‘जटिल तथा गंभीर बाहरी वातावरण’’ और जटिल घरेलू आर्थिक वृद्धि के बावजूद अर्थव्यवस्था ‘‘ सामान्य रूप से स्थिर व निरंतर प्रगति कर रही है।’’ वर्ष 2022 के अंत में कोविड-19 वैश्विक महामारी से जुड़ी पाबंदियां हटाए जाने के बावजूद अर्थव्यवस्था सुस्त बनी हुई है। उपभोक्ता विश्वास कम है और रियल एस्टेट बाजार अर्थव्यवस्था पर बोझ बना हुआ है। वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में चीन की वृद्धि दर 4.8 प्रतिशत रही। तिमाही आधार पर सितंबर में समाप्त तिमाही में अर्थव्यवस्था 0.9 प्रतिशत बढ़ी, जबकि पिछली तिमाही में 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। चीन का कारखाना उत्पादन पहली तीन तिमाहियों में 5.8 प्रतिशत बढ़ा, जबकि खुदरा बिक्री पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3.3 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि, संपत्ति निवेश में 10.1 प्रतिशत की गिरावट आई और नए मकानों की बिक्री का मूल्य 22.7 प्रतिशत घटा जो आवास क्षेत्र में कमजोर रुख को दर्शाता है। इस सप्ताह की शुरुआत में चीन ने बताया था कि सितंबर में उसके निर्यात में काफी कमी आई है, जो पिछले साल की तुलना में केवल 2.4 प्रतिशत बढ़ा है। अगस्त में सालाना आधार पर इसमें 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। आयात भी कमजोर रहा और इसमें केवल 0.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई जो अनुमान से कम है।   recent visitors 70

विलय के बाद भी विस्तारा का उड़ान अनुभव समान रहेगा: एयर इंडिया

नई दिल्ली  एयर इंडिया ने कहा कि विलय के बाद विस्तारा के मार्ग तथा समय सारणी के साथ-साथ उड़ान के दौरान मिलने वाला अनुभव समान ही रहेगा। विस्तारा के विमानों से संचालित उड़ानों का कोड ‘एआई2’ होगा। दोनों पूर्ण सेवा वाहकों का विलय 12 नवंबर को पूरा होने वाला है, जिसके बाद सिंगापुर एयरलाइंस की नई इकाई में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। विस्तारा टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस का संयुक्त उद्यम है। विलय के बाद, एकीकृत इकाई के ‘फ्रीक्वेंट फ्लायर’ कार्यक्रम के जरिये विंटेज ‘महाराजा’ को बरकरार रखा जाएगा। एयर इंडिया ने बयान में कहा, ‘‘क्लब विस्तारा के मौजूदा सदस्यों को एयर इंडिया के ‘फ्लाइंग रिटर्न्स’ कार्यक्रम में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस विलय के साथ ‘फ्लाइंग रिटर्न्स’ भी एक नए अवतार ‘महाराजा क्लब’ में परिवर्तित हो जाएगा।’’ विलय के बाद भी विस्तारा द्वारा प्रदान किया गया अनुभव ग्राहकों के लिए समान रहने की बात दोहराते हुए एयर इंडिया ने कहा कि विस्तारा की पहचान चार अंकों वाले एक विशेष एयर इंडिया कोड से होगी जिसकी शुरुआत अंक ‘2’ से होगी। बयान में कहा गया, ‘‘उदाहरण के लिए ‘यूके 955’ 12 नवंबर के बाद एआई 2955 बन जाएगा, जिससे बुकिंग के समय ग्राहकों को उनकी पहचान करने में मदद मिलेगी।’’ इसके अलावा, उसने कहा कि विस्तारा विमानों द्वारा संचालित मार्ग तथा समय सारणी वही रहेगी। साथ ही एयरलाइन का उड़ान के दौरान का अनुभव भी समान रहेगा। कुछ हलकों में इस बात को लेकर चिंता है कि क्या विलय के बाद विस्तारा के यात्रियों को अब पहले जैसी ही सेवाएं मिलती रहेंगी, क्योंकि परिवर्तन के दौर से गुजर रही एयर इंडिया को हाल के दिनों में सेवा संबंधी कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एयर इंडिया ने दो अक्टूबर को कहा था कि विलय के बाद भी विस्तारा का अनुभव समान रूप से बरकरार रहेगा। विस्तारा के चेयरमैन भास्कर भट ने बुधवार को कहा कि एकीकृत इकाई दोनों विमानन कंपनियों की सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करेगी और। एयर इंडिया-विस्तारा विलय की घोषणा नवंबर 2022 में की गई थी।   recent visitors 81

लिस्टिंग के बाद जोमेटो पहली बार जुटाएगी फंड

नई दिल्ली  फूड डिलीवरी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में से एक जोमैटो 30 सितंबर को समाप्त होने वाली वित्तीय वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा से पहले क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के माध्यम से धन जुटाने पर विचार कर रही है। कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में यह जानकारी दी। हालांकि, कंपनी ने यह खुलासा नहीं किया है कि वह कितनी राशि जुटाने की योजना बना रही है। एक्सचेंज फाइलिंग में जोमैटो ने कहा ‎कि यह सूचित किया जाता है कि कंपनी के निदेशक मंडल की एक बैठक मंगलवार, 22 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी, जिसमें अन्य विषयों के साथ-साथ, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट के माध्यम से धन जुटाने पर विचार किया जाएगा। धन जुटाने की यह कवायद शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह फूड डिलीवरी कंपनी द्वारा तीन साल पहले शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद पहली बार फंड जुटाने की प्रक्रिया होगी। इसके अतिरिक्त बोर्ड 22 अक्टूबर, 2024 को वित्तीय वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों की भी घोषणा करेगा। बीएसई पर गुरुवार को जोमैटो के शेयर 1.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 270.65 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए। फूड एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म जोमैटो द्वारा फंड जुटाने की यह कवायद एक ऐसे समय शुरू करने की जा रही है जब फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। जोमैटो की प्रतिद्वंद्वी स्विगी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम लाने की तैयारी कर रही है। बेंगलुरु स्थित इस कंपनी ने खुलासा किया है कि वह आईपीओ के माध्यम से 45 करोड़ डॉलर तक की नई पूंजी जुटाने की योजना बना रही है।   recent visitors 80

यूजर बेस में कमी से जियो नुकसान नहीं हुआ,उनका फोकस बेहतरीन 5G नेटवर्क प्रोवाइड करवाने पर

मुंबई रिलायंस जियो ने कुछ समय पहले ही रिचार्ज प्लान की कीमतों में इजाफा किया था। अब कंपनी के यूजर बेस पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। इसी का नतीजा है कि क्वार्टर 2 में करीब 10.9 मिलियन कस्टमर ने जिया का साथ छोड़ दिया है। अब सवाल है कि क्या जियो को इसकी चिंता करनी चाहिए ? तो इसका जवाब है नहीं। क्योंकि इसके पीछे मुख्य वजह है कि रिचार्ज प्लान की कीमत में इजाफा हुआ था। साथ ही इसको ऐसे बदाव होने पर अक्सर कंपनियों का यूजर बेस खिसक जाता है। जबकि, ओवरऑल आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि Jio का 5G सब्सक्राइबर बेस 17 मिलियन तक बढ़ा है। Jio का 5G सब्सक्राइबर बेस पहले 130 मिलियन था और अब ये बढ़कर 147 मिलियन तक हो गया है। इस समय ARPU फिगर भी पहले 181.7 था जो अब बढ़कर 195.1 तक पहुंच गया है। यही वजह है कि टेलीकॉम कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 6,536 तक पहुंच गया है। Jio का ओवर ऑल सब्सक्राइबर बेस जरूर कम हो गया है। जियो को हुआ फायदा- जियो ने इस पर कहा कि कंपनी को पूरी उम्मीद थी कि इसका असर यूजर बेस पर नजर आएगा। क्योंकि कुछ समय पहले ही टैरिफ की कीमतों में इजाफा किया गया था। जियो का यूजर बेस गिरने से कंपनी को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जियो का कहना है कि हमारा पूरा फोकस बेहतरीन 5G नेटवर्क प्रोवाइड करवाना है। फिक्स-वायरलेस एक्सेस सर्विस (FWA) की मदद से घरों को कनेक्ट किया जा सकता है। ऐसे में यूजर्स के लिए ये काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। 10.9 मिलियन कस्टमर कम होने से जियो के बिजनेस पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। कंपनी की परफॉर्मेंस में ARPU खी वजह से सुधार हुआ है। हालांकि इससे अन्य कंपनियों को जरूर थोड़ा फायदा हुआ है। recent visitors 89

22 बिलियन डॉलर की वैल्यू वाली बायजू की कीमत अब ‘शून्य’ है, रवींद्रन ने दुबई में अपने घर से की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस

नई दिल्ली मुसीबतों में घिरी एडटेक स्टार्टअप बायजू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस तरह की अफवाहों का बाजार गरम है कि कंपनी के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन देश छोड़कर दुबई भाग गए हैं। इस बीच बायजू रवींद्रन चार साल में पहले बार मीडिया से रूबरू हुए। दुबई से वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह भागकर दुबई नहीं आए हैं और जल्दी ही स्वदेश लौटेंगे। बायजू पिछले करीब एक साल से दुबई में ही रह रहे हैं। इस बीच उनकी कंपनी को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कभी देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप रही बायजू की वैल्यू आज जीरो हो चुकी है। उस पर भारी कर्ज है। 44 साल के बायजू रवींद्रन ने दुबई में अपने घर से कहा, 'लोगों का यह सोचना दुर्भाग्यपूर्ण है कि मैं भागकर दुबई आया हूं। मैं अपने पिता के इलाज के लिए पिछले एक साल से यहां हूं। लेकिन मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि मैं भागकर नहीं आया हूं। मैं भारत आऊंगा और मैं स्टेडियमों को भरकर रख दूंगा। इस समय अभी तय नहीं हुआ है लेकिन जल्दी ही ऐसा होगा। मैं इस स्थिति से बाहर निकलने का रास्ता निकाल लूंगाI' जीरो हो गई वैल्यू कुछ साल पहले बायजू 22 अरब डॉलर की वैल्यू के साथ देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप थी लेकिन आज इसकी कीमत जीरो रह गई है। बायजू रवींद्रन ने इसके लिए निवेशकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब वह कंपनी को आगे बढ़ा रहे थे तब निवेशक उनके साथ खड़े थे लेकिन संकट आते ही उन्होंने मुंह मोड़ लिया। बायजू पर आज भारी कर्ज है, उसे रेगुलेटरी जांच से गुजरना पड़ रहा है और उनसे अपनी फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में देरी की है। इससे कंपनी की वित्तीय हालत और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं। बायजू रवींद्रन ने कहा कि दिसंबर 2021 में जब कंपनी पर संकट आया तो उसके बाद से निवेशकों ने कोई निवेश नहीं किया है। Prosus समेत कुछ निवेशकों ने पिछले 4-5 साल में कंपनी में कोई निवेश नहीं किया है। यह संकट कैश की कमी के चलते शुरू हुआ। आज कंपनी कई तरह की परेशानियों से घिरी है। कई कर्जदारों ने उसे एनसीएलटी में घसीट रखा है। कर्मचारियों को भी वेतन नहीं मिल पा रहा है। इन्हीं सब कारणों से इन अफवाहों को हवा मिली है कि कार्रवाई से बचने के लिए बायजू रवींद्रन दुबई भाग गए हैं। recent visitors 72

सीयूटीएस ने tobacco advertisements पर प्रस्तावित योजना की प्रभावशीलता को लेकर आपत्ति जताई

नई दिल्ली  अनुसंधान कंपनी सीयूटीएस इंटरनेशनल ने तंबाकू सेवन के खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के सरकार के इरादे का  स्वागत किया, लेकिन प्रस्तावित योजना की प्रभावशीलता को लेकर आपत्ति जताई। संस्था ने सरकार से ओटीटी प्लेटफार्मों पर ऑडियो-विजुअल अस्वीकरण के रणनीतिक उपयोग की सिफारिश की। यह सिफारिश प्रस्तावित सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार और वाणिज्य उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2023 के बारे में दिए गए सुझावों में शामिल है। पिछले महीने, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ओटीटी प्लेटफार्मों पर प्रसारण के दौरान तंबाकू के उपयोग से पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में कम से कम 30 सेकंड के लिए ‘नॉन-स्किपेबल’ चेतावनी और 20 सेकेंड का एक ऑडियो-विजुअल अस्वीकरण अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने का प्रस्ताव रखा था। नॉन स्किपेबल चेतावनी का मतलब ऐसी चेतावनी से है, जिसे देखना अनिवार्य है। तंबाकू सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का स्वागत करते हुए, सीयूटीएस इंटरनेशनल ने कहा कि उसे प्रस्तावित नियमों के प्रभाव और अनुपात के बारे में कुछ चिंताएं हैं। सीयूटीएस ने ‘उपयोगकर्ता द्वारा बार-बार देखी जाने वाली सामग्री के आधार पर ऑडियो-विज़ुअल अस्वीकरण और चेतावनी के रणनीतिक उपयोग’ की सिफारिश की है। संस्था ने हितधारकों को लक्षित समूहों की पहचान करने और उसके अनुसार इन चेतावनियों के प्रसारण की संख्या निर्धारित करने का सुझाव दिया है। एक बयान में कहा गया, ‘आयु-आधारित फिल्टर यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं कि दर्शकों को परेशान किए बिना चेतावनियां उचित रूप से प्रदर्शित की जाएं।’   recent visitors 75

निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता सरकारी सब्सिडी या समर्थन से पूरी नहीं आएगी : मंत्री गोयल

नई दिल्ली  वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से कहा कि वह वैश्विक बाजारों का दोहन करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता सरकारी सब्सिडी या समर्थन से पूरी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग जगत को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के विनिर्माण के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर रही है, क्योंकि उद्योग जगत को यह स्वीकार कराना एक ‘‘कठिन’’ काम है कि उन्हें गुणवत्ता वाला सामान बनाना चाहिए। सरकार को शुरुआत में गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों पर उद्योग से भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। मंत्री ने कहा, ‘‘हमारी निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता सब्सिडी या सरकारी समर्थन से नहीं आने वाली है। यह दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए हमारे दरवाजे बंद करने से नहीं आने वाली है। अगर हम आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तो यह तभी हो सकता है जब भारत आत्मविश्वासी होगा और यह आत्मविश्वास तभी आएगा जब हम सभी यह तय करेंगे कि गुणवत्ता हमारा काम नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य है।’’ उन्होंने कहा कि यदि भारतीय उद्योग किसी ऐसे उत्पाद में प्रतिस्पर्धी नहीं है, जिसे आयात किया जा सकता है, तो उद्योग को प्रतिस्पर्धा की दिशा में काम करना होगा जहां उसे अन्य देशों के साथ तुलनात्मक लाभ हो। सरकार देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) जैसे कई कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि 2014 तक 106 उत्पादों को ‘कवर’ करने वाले केवल 14 क्यूसीओ जारी किए गए थे, लेकिन पिछले 10 वर्षों में सरकार ने 732 उत्पादों को ‘कवर’ करते हुए 174 ऐसे आदेश जारी किए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिक से अधिक लोग बेहतर गुणवत्ता मानकों के साथ जुड़ सकें। ये आदेश घटिया उत्पादों के आयात पर अंकुश लगाने, अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने तथा उपभोक्ताओं के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करते हैं। आदेश के अनुसार, किसी वस्तु का उत्पादन, बिक्री, व्यापार, आयात व भंडारण तब तक नहीं किया जा सकता जब तक कि उस पर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का चिह्न न लगा हो। बीआईएस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पहली बार में दो साल तक की कैद या कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। दूसरी बार और उसके बाद के अपराधों के मामले में जुर्माना न्यूनतम पांच लाख रुपये तक बढ़ जाएगा और माल या वस्तुओं के मूल्य का 10 गुना तक हो सकता है। क्यूसीओ, व्यापार में तकनीकी बाधाओं पर विश्व व्यापार संगठन समझौते के अनुसार जारी किए जाते हैं। मंत्री ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले सामान के विनिर्माण से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। रोजगार सृजन होता है और निर्यात बढ़ता है। गोयल ने कहा, ‘‘भारत को उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुओं व सेवाओं का विनिर्माता बनने की आकांक्षा रखनी होगी और इसे वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलनी चाहिए।’’ औषधि उद्योग का उदाहरण देते हुए मंत्री ने बड़े उद्योगपतियों से इस क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों का सहयोग करने को कहा। मंत्री ने उद्योग से बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) समितियों में हिस्सा लेने का भी आग्रह किया।   recent visitors 63

साउथ इंडियन बैंक का वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में मुनाफा 18 प्रतिशत बढ़कर 325 करोड़ रुपये हो गया

नई दिल्ली  साउथ इंडियन बैंक का चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में मुनाफा 18 प्रतिशत बढ़कर 325 करोड़ रुपये हो गया। निजी क्षेत्र के बैंक का गत वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में मुनाफा 275 करोड़ रुपये रहा था। साउथ इंडियन बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 2,804 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 2,485 करोड़ रुपये थी। दूसरी तिमाही में बैंक ने 2,355 करोड़ रुपये की ब्याज आय अर्जित की, जबकि एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में यह 2,129 करोड़ रुपये थी। बैंक सितंबर 2024 के अंत तक सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को सकल ऋण के 4.40 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम रहा, जो सितंबर 2023 के अंत में 4.96 प्रतिशत था। इसी तरह, शुद्ध एनपीए या डूबा कर्ज पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के अंत में 1.70 प्रतिशत से घटकर 1.31 प्रतिशत हो गया।   recent visitors 44

कार्यालय स्थल की पट्टा मांग के इस कैलेंडर वर्ष में आठ करोड़ वर्ग फुट को पार करने की संभावना

नई दिल्ली  देश के शीर्ष आठ शहरों में कार्यालय स्थल की पट्टा मांग के इस कैलेंडर वर्ष में आठ करोड़ वर्ग फुट को पार करने की संभावना है, जो 2023 में रिकॉर्ड 7.45 करोड़ वर्ग फुट को पार कर गई थी। रियल एस्टेट परामर्शदाता कुशमैन एंड वेकफील्ड ने  इस कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए कार्यालय बाजार पर अपनी रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में शीर्ष आठ शहरों में कार्यालय स्थान की पट्टा मांग 66 प्रतिशत बढ़कर 2.48 करोड़ वर्ग फुट हो गई, जो इस क्षेत्र की किसी भी तिमाही में अभी तक की दूसरी सबसे अधिक मांग है। जनवरी-सितंबर में सकल पट्टा मांग 6.67 करोड़ वर्ग फुट रही। कुशमैन एंड वेकफील्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत, दक्षिण पूर्व एशिया तथा एपीएसी किरायेदार प्रतिनिधित्व) अंशुल जैन ने कहा, ‘‘मजबूत बाजार बुनियादी ढांचे ने भारतीय कार्यालय बाजार में असाधारण पट्टे की गति को बनाए रखा है, जैसा कि शीर्ष आठ बाजारों की स्थिति से स्पष्ट है..’’ कुशमैन एंड वेकफील्ड के प्रबंध निदेशक (किरायेदार प्रतिनिधित्व) वीरा बाबू ने कहा, ‘‘सकल पट्टा मांग पहले ही 6.6 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो चुकी है, हम 2023 में दर्ज कुल मांग के करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं।’’ रिपोर्ट के लिए जिन आठ शीर्ष शहरों के बाजारों पर गौर किया गया, वह दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद हैं।     recent visitors 72

जॉनसन एंड जॉनसन को देना होगा ₹126 करोड़, पाउडर से कैंसर होने की कही थी बात

नई दिल्ली जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के नाम से लगभग हर कोई परिचित है और बेबी केयर से जुड़े इसके प्रोजेक्ट्स घर-घर में इस्तेमाल किए जाते हैं. इस बड़ी कंपनी को लेकर अब बड़ी खबर आई है, इसमें कहा गया है कि J&J को एक शख्स को 15 मिलियन डॉलर या करीब 126 करोड़ रुपये से ज्यादा देना पड़ेगा. दरअसल, इस शख्स ने साल 2021 में एक मुकदमा दायर कर कंपनी के बेबी पाउडर पर गंभीर सवाल उठाए थे और दावा किया था इसके लगातार इस्तेमाल से कैंसर का खतरा होता है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला… कंपनी के बेबी पाउडर पर ये गंभीर आरोप सबसे पहले बात कर लेते हैं उन आरोपों की, जो जॉनसन एंड जॉनसन पर लगाए गए थे. तो बता दें कि कनेक्टिकट के एक शख्स इवान प्लॉटकिन ने J&J के बेबी पाउडर पर आरोप लगाया था कि इस टैल्क पाउडर का दशकों तक इस्तेमाल करने के चलते उसे मेसोथेलियोमा जैसा दुर्लभ कैंसर (Mesothelioma Cancer) हो गया. इस व्यक्ति ने अपनी बीमारी के निदान के बाद साल 2021 में कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. कनेक्टिकट के शख्स ने दर्ज कराया था मुकदमा इवान प्लॉटकिन ने अपनी बीमारी के उपचार और इससे निजात पाने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए कमर कसी और फेयरफील्ड काउंटी, कनेक्टिकट सुपीरियर कोर्ट में एक मुकदमा दायर कराया, जिसमें कहा गया कि इस बेबी पाउडर के इस्तेमाल से उसे गंभीर बीमारी हो गई थी. जूरी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पाया कि Johnson & Johnson कंपनी को हर्जाना देना चाहिए, जिसे बाद में मामले को देखने वाले न्यायाधीश द्वारा निर्धारित किया जाएगा. अब कंपनी को 15 मिलियन डॉलर का पेमेंट करने के लिए कहा गया है. कंपनी ने कहा, गलत फैसले की खिलाफ अपील करेंगे रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर को लेकर इतने गंभीर आरोप लगाने वाले इवान प्लॉटकिन के वकील बेन ब्रेली ने एक ईमेल में कहा है कि उनकी ट्रायल टीम इस बात से उत्साहित है कि जूरी ने एक बार फिर जॉनसन एंड जॉनसन को बेबी पाउडर उत्पाद की मार्केटिंग और सेल के लिए जवाबदेह ठहराने का फैसला किया है, जिसमें एस्बेस्टस (एक प्रकार का हानिकारक फाइबर) है. वहीं दूसरी ओर जूरी के निर्णय पर j&J की ओर से एरिक हास (मुकदमेबाजी के मामलों के वाइस प्रेसिडेंट) ने एक बयान में कहा कि कंपनी ट्रायल जज के गलत फैसलों के खिलाफ अपील करेगी. उन्होंने कहा कि जूरी को इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को सुनने से रोका गया है. उन्होंने ये भी कहा कि साइंटिफिक जांचों में इस बात की पुष्टि पहले ही हो चुकी है कि जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी टैल्क सुरक्षित है और इसमें एस्बेस्टस नहीं है. ऐसे में ये किसी भी तरह के कैंसर का कारण नहीं बनता है. भारत में भी बड़ा है कारोबार अमेरिकी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन का भारत में भी बड़ा कारोबार है और लंबे समय से देश में बेबी पाउडर बेच रही है. कंपनी का जॉनसन बेबी पाउडर भारतीय मार्केट में काफी पॉपुलर है. ज्यादातर घरों में छोटे बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर इस पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. भारत में कंपनी बेबी पाउडर के अलावा बेबी शैम्पू, बेबी सोप और बेबी ऑयल भी बेचती है और उनकी बड़ी डिमांड है.   recent visitors 138

सरकार ने ले लिया बड़ा फैसला, अब ऐसे होगा स्पेक्ट्रम आवंटन, नीलामी नहीं होगी

नई दिल्ली भारत में सैटेलाइट इंटरनेट और कम्युनिकेशन को लेकर बीते दिनों मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो और अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के बीच स्पेक्ट्रम नीलामी की प्रक्रिया को लेकर भिड़त देखने को मिली। इसके बाद सरकार की ओर से इस प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। एलन मस्क ने मौजूदा नीलामी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी और अब टेलिकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घोषणा की है कि सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लिए कोई ऑक्शन नहीं होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए चेयरमैन मुकेश अंबानी और भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने स्पेक्ट्रम नीलामी को सही ठहराया था लेकिन अमेरिकी अरबपति एलन मस्क ने इस प्रक्रिया को गलत बताते हुए सिरे से नकार दिया था। मस्क ने भारत में नीलामी की इस प्रक्रिया की आलोचना की थी और कहा था कि भारत को ग्लोबल नियमों का पालन करना चाहिए। दरअसल, एलन मस्क भी भारतीय टेलिकॉम सेक्टर में अपनी कंपनी स्टारलिंक के साथ एंट्री की कोशिश में लगे हैं। नीलामी के बजाय अब ऐसे होगा आवंटन भारतीय टेलिकॉम मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एलन मस्क और भारत की टेलिकॉम कंपनियों के बीच खींचतान के बीच एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन किसी नीलामी के जरिए नहीं, बल्कि एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से किया जाएगा। यानी कंपनियों के अपने पसंदीदा स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए ज्यादा से ज्यादा बोली लगाने का विकल्प नहीं मिलेगा और सरकार निर्धारित करेगी कि स्पेक्ट्रम कैसे शेयर किए जाने हैं। इस आधार पर मस्क ने जताई थी नाराजगी एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक स्पेक्ट्रम के एडमिनिस्ट्रेटिव आवंटन का समर्थन शुरू से ही करती रही है और अमेजन कूपन जैसी कई कंपनियां भी इसी ग्लोबल तरीके का पक्ष लेती हैं। हालांकि, रिलायंस जियो और भारती एयरटेल लगातार नीलामी से जुड़ी प्रक्रिया का समर्थन कर रहे थे। मस्क ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि यूनाइटेड नेशंस की एजेंसी इंटरनेशनल टेलिकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) ने सैटेलाइट स्पेक्ट्रम को शेयर करते हुए नॉमिनेट करने की बात कही है। भारत भी ITU का सदस्य है, ऐसे में स्पेक्ट्रम की नीलामी का कोई मतलब नहीं बनता। नीलामी के पक्ष में इसलिए है रिलायंस जियो मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो का कहना है कि वह सभी टेलिकॉम ऑपरेटर्स के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना चाहता है और इसीलिए नीलामी की प्रक्रिया का पक्षधर है। भारती एयरटेल चेयरमैन ने भी कहा था कि नीलामी की प्रक्रिया बेहतर है क्योंकि जो सैटेलाइट कंपनियां शहरी क्षेत्रों में आने की तैयारी कर रही हैं, उन्हें भी दूसरी की तरह टेलिकॉम स्पेक्ट्रम खरीदने की जरूरत है। मस्क लगातार माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर नीलामी के प्रक्रिया पर कटाक्ष कर रहे थे और इसकी आलोचना कर रहे थे। बता दें, सरकार ने साफ कर दिया है कि सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के लिए स्पेक्ट्रम एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से आवंटित होंगे और नीलामी नहीं की जाएगी। साफ है कि सरकार भी इस मामले में ग्लोबल ट्रेंड फॉलो करने जा रही है। recent visitors 70

शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 200 अंक लुढ़का, निफ्टी में भी गिरावट

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में लगातार दूसरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 82,000 के नीचे कारोबार कर रहा है, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (Nifty) ने भी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार की शुरुआत की. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को भी शेयर बाजार शुरुआती तेजी से फिसलकर लाल निशान पर बंद हुआ था. सप्ताह के तीसरे दिन IT और FMCG शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. ऐसी हुई सेंसेक्स निफ्टी की शुरुआत बुधवार को शेयर बाजार ने धीमी शुरुआत की. BSE Sensex सुबह 9.15 बजे पर 81,646.60 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 81,579.37 के लेवल तक लुढ़क गया. इसी तरह NSE Nifty ने भी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की और 25,008.55 के स्तर पर खुलने के बाद मिनटों में ही 24,994.65 तक टूट गया. हालांकि, इस स्तर तक टूटने के बाद दोनों इंडेक्स में कभी मामूली तेजी दिखी, तो कभी फिर ये रेड जोन में पहुंचते नजर आए. इससे पिछले कारोबारी दिन मंगलवार को भी मार्केट के दोनों इंडेक्स लाल निशान पर क्लोज हुए थे. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को जहां बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स 152 अंक की गिरावट के साथ 81,820.12 के स्तर पर बंद हुआ था, तो वहीं एनएसई के निफ्टी ने 70 अंक फिसलकर 25,057.35 पर क्लोजिंग की थी. शुरुआती कारोबार में फिसले 980 शेयर शेयर बाजार (Share Market) में बुधवार को कारोबार शुरू होने के साथ ही करीब 1263 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ ओपनिंग की, तो वहीं 980 शेयरों की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. इसके अलावा 152 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला.  टीसीएस, अपोलो हॉस्पिटल्स, सिप्ला, आईसीआईसीआई बैंक और टाइटन के शेयर लाल निशान पर ओपन हुए थे. इसके अलावा IT और FMCG शेयरों में भी गिरावट देखने को मिल रही थी. इन 10 शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट बात करें, सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन सबसे ज्यादा फिसलने वाले शेयरों की, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में M&M Share 1.78%, Nestle India Share 1.52%, TCS 1% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल IPCA Lab Share 2%, Coforge Share 1.80% फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. स्मालकैप कंपनियों में KEI Share 6.21%, KamoPaints Share 4.69%, AngelOne Share 3.65%, SGFIN Share 3.65%, CochinShipyard Share 3% गिरकर कारोबार कर रहे थे. recent visitors 76

Salary Hike Prediction: अगले साल 9.5% बढ़ सकती है आपकी सैलरी!

नईदिल्ली  एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि देश की कॉरपोरेट कंपनियों में काम कर रहे लोगों के वेतन में 2025 में 9.5 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। यह अनुमान 2024 की वास्तविक वेतन वृद्धि के समान ही हैं। डब्ल्यूटीडब्ल्यू की नवीनतम वेतन बजट योजना रिपोर्ट के अनुसार, भारत में औसत वेतन वृद्धि 2025 में 9.5 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है, वर्ष 2024 की वास्तविक वेतन वृद्धि भी 9.5 प्रतिशत ही रही है। भारत में यह वेतन वृद्धि पूरे क्षेत्र में सबसे अधिक है। वियतनाम (7.6 प्रतिशत), इंडोनेशिया (6.5 प्रतिशत), फिलीपींस (5.6 प्रतिशत), चीन (5 प्रतिशत) और थाईलैंड (5 प्रतिशत) जैसे बाजारों में भी अगले साल मजबूत वेतन वृद्धि दिख सकती है। वेतन बजट योजना से जुड़ी रिपोर्ट डब्ल्यूटीडब्ल्यू के रिवार्ड्स डेटा इंटेलिजेंस प्रैक्टिस द्वारा संकलित की जाती है। यह सर्वेक्षण अप्रैल और जून 2024 में आयोजित किया गया था। इस दौरान दुनिया भर के 168 देशों की कंपनियों से लगभग 32,000 प्रतिक्रियाएं ली गईं थी। सर्वेक्षण में भारत से 709 प्रतिभागी शामिल किए गए थे। WTW इंडिया के कंसल्टिंग लीडर, वर्क एंड रिवॉर्ड्स, राजुल माथुर के अनुसार भारत में कंपनियाँ विकास के बारे में आशावादी हैं। वे आशावाद को सावधानी के साथ संतुलित भी कर रहे हैं। इस्तीफे का दौर पीछे छूट गया है। नियोक्ता और कर्मचारी दोनों अब स्थिरता चाहते हैं और बाजार की भावना भी स्थिर बनी हुई है। 2025 में, फार्मास्यूटिकल्स (10 प्रतिशत), मैन्युफैक्चरिंग (9.9 प्रतिशत), बीमा (9.7 प्रतिशत), कैप्टिव और एसएसओ सेक्टर (9.7 प्रतिशत) और रिटेल (9.6 प्रतिशत) जैसे उद्योगों में वेतन वृद्धि सामान्य उद्योगों के वेतन औसत से अधिक रहने की संभावना है। सॉफ्टवेयर और बिजनेस सर्विसेज के क्षेत्र में 9 प्रतिशत तक की वेतन वृद्धि हो सकती है। इस क्षेत्र में वेतन वृद्धि औसत 9.5 प्रतिशत से नीचे रहने का अनुमान है। इस सर्वे के मुताबिक देश में अगले साल यानी 2025 में लोगों को पहले से ज्यादा सैलरी मिलेगी, रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में लोगों की औसतन सैलरी साढ़े 9 फीसदी तक बढ़ सकती है, जबकि 2024 में ये बढ़ोतरी 9.3 फीसदी रहने का अनुमान है. सबसे ज्यादा इन सेक्टर्स में बढ़ेगी सैलरी ऐसा अलग-अलग सेक्टर्स में पॉजिटिव कारोबारी माहौल की वजह से होने का अनुमान है. अगर अलग-अलग सेक्टर्स की बात करें तो इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर्स में 10 फीसदी की वेतन बढ़ोतरी का अनुमान है. जबकि फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स में सैलरी इंक्रीमेंट 9.9 फीसदी हो सकता है.   वहीं टेक्निकल प्रॉडक्शन के कर्मचारियों को 9.3 फीसदी वेतन बढ़ोतरी मिलने की उम्मीद है, और सर्विस सेक्टर में सैलरी इंक्रीमेंट 8.1 परसेंट हो सकता है. एऑन के मुताबिक वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत में कई सेक्टर्स में पॉजिटिव माहौल बना हुआ है. ये मैन्युफैक्चरिंग, बायोसाइंस और रिटेल सेक्टर्स में अनुमानित वेतन बढ़ोतरी से साफ नजर भी आ रहा है. ऐसे कर्मचारियों को मिल रही है तगड़ी सैलरी इसके अलावा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था कई क्षेत्रों में कारोबार को बढ़ा रही है. इसके लिए कंपनियों को अच्छे कर्मचारी चाहिए तो वो ज्यादा वेतन दे रही हैं, और महंगाई में हो रही बढ़ोतरी भी कर्मचारियों के ज्यादा वेतन की वजह बन रही है. सर्वे में ये भी बताया गया है कि नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनियों को बदलते बाजार के आंकड़ों का ध्यान में रखकर रणनीति बनानी चाहिए. इस साल औसतन 16.9 फीसदी कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी, जबकि 2023 में ये अनुपात 18.7 फीसदी और 2022 में 21.4 फीसदी था. एऑन के मुताबिक नौकरी छोड़ने की दर में कमी कंपनियों को अंदरुनी विकास और उत्पादकता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने का मौका देती है. एऑन का ये सर्वे 40 उद्योगों की 1176 से ज्यादा कंपनियों के आंकड़ों पर आधारित है. recent visitors 76

देश के कई शहरों में रेसिडेंशियल रियल एस्टेट की कीमतों में 88 फीसदी का उछाल दिखा

नई दिल्ली रियल एस्टेट (Real Estate) मार्केट में इन दिनों भारी उछाल दिख रहा है। कोरोना काल से पहले की बात करें तो तब से अब तक स्थिति काफी बदल गई है। बीते पांच साल में ही देश के टॉप 10 शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें (Property Price) काफी बढ़ गई है। इन शहरों में मकान की कीमतों में 88 फीसदी तक का उछाल आया है। इसकी जानकारी रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म प्रॉपइक्विटी (PropEquity) की एक रिपोर्ट से मिलती है। सबसे ज्यादा कीमत कहां बढ़ी इस रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान गुरुग्राम में सबसे अधिक, 160 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। साल 2019 में वहां मकान की औसत कीमतें 7,500 रुपये प्रति वर्ग फुट थी। यह साल 2024 में बढ़कर 19,500 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गई हैं। मतलब कि पांच साल पहले गुड़गांव में 75 लाख रुपये में 1,000 वर्ग फुट का मकान मिल जाता था। अब यह करी दो करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सबसे कम बढ़ोतरी कहां बीते पांच साल की अवधि के दौरान मकान की कीमतें सबसे कम मुंबई में बढ़ी है। साल 2019 में मुंबई में रेसिडेंशियल रियल एस्टेट की प्रति वर्ग फुट कीमत 25,820 रुपये थी। यह साल 2024 में बढ़ कर 25,820 प्रति वर्ग फुट हो गई। मतलब कि महज 37 फीसदी की बढ़ोतरी। अन्य शहरों का क्या रहा हाल रिपोर्ट के अनुसार गुरुग्राम के बाद कीमतों में सबसे अधिक बढ़ोतरी नोएडा में (146 फीसदी), बेंगलुरु (98 फीसदी), हैदराबाद (81 फीसदी), चेन्नई (80 फीसदी), पुणे (73 फीसदी), नवी मुंबई(69 फीसदी), कोलकाता (68 फीसदी) और ठाणे में (66 फीसदी)। सबसे महंगी और सबसे सस्ती प्रॉपर्टी कहां प्रति वर्ग फीट कीमतों की बात करें तो मुंबई इस दृष्टि से सबसे महंगा शहर है। वहां मकानों की औसत कीमत 35,500 रुपये प्रति वर्ग फुट है। इसके बाद गुरुग्राम में 19,500 रुपये प्रति वर्ग फुट। इन शहरों में सबसे कम प्रॉपर्टी रेट नोएडा में दिखा जहां आवासी परिसंपत्ति की औसत कीमत 16,000 रुपये प्रति वर्ग फुट है। कितनी परियोजनाएं हुई लॉन्च? इस अवधि के दौरान देश के टॉप 10 शहरों- बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबद, कोलकाता, मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे, नोएडा और गुरुग्राम में करीब 15,000 परियोजनाएं लॉन्च की गईं। इनमें अपार्टमेन्ट, फ्लोर और विला शामिल हैं। जमीन वाले मकानों की संख्या इनमें काफी कम रही। कीमत में बढ़ोतरी के क्या हैं कारण प्रॉपइक्विटी के संस्थापक एवं सीईओ समीर जसूजा का कहना है, ‘‘पिछले 5 सालों में सभी बड़े शहरों में रियल एस्टेट की कीमतों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। इस बढ़ोतरी में कई कारकों का योगदान है जैसे बुनियादी सुविधाओं का विकास, एनआरआई की बढ़ती रुचि, एचएनआई/यूएचएनआई और स्टॉक मार्केट में मुनाफ़ा हासिल करने वालों द्वारा रियल एस्टेट में निवेश तथा सम्पत्ति बनाने और आय कमाने की चाह, मकान खरीदने की चाह, लक्ज़री/सुपर लक्ज़री मकानों की ओर झुकाव।” recent visitors 88

दुनिया के अमीरों की लिस्ट में भारी उलटफेर, अडानी, अंबानी की नेटवर्थ में भी गिरावट

नई दिल्ली  भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की नेटवर्थ में हफ्ते के पहले दिन  गिरावट देखने को मिली। अडानी पहले ही 100 अरब डॉलर क्लब से बाहर हो चुके हैं। अब उन पर अमीरों की लिस्ट में टॉप 20 से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक सोमवार को उनकी नेटवर्थ में 67.3 करोड़ डॉलर की गिरावट आई। वह 98.9 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 18वें नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 14.6 अरब डॉलर की तेजी आई है। इस बीच देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में भी 98.4 लाख डॉलर की गिरावट आई। वह 104 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 14वें नंबर पर है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 7.91 अरब डॉलर की गिरावट आई है। रिलायंस ने बाजार बंद होने के बाद अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की। दूसरी तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में तीन फीसदी गिरावट आई है। सोमवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर 0.11 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुआ जबकि सेंसेक्स 0.73 फीसदी तेजी के साथ बंद हुआ। जेंसन हुआंग टॉप 10 की दहलीज पर इस बीच अमेरिका की दिग्गज एआई चिप कंपनी एनवीडिया का शेयर  रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल कंपनी बनने के करीब पहुंच गई। इसका मार्केट कैप 3.39 ट्रिलियन डॉलर हो गया है जबकि ऐपल का मार्केट कैप 3.52 ट्रिलियन डॉलर है। इस तेजी से कंपनी के फाउंडर और सीईओ जेंसन हुआंग की नेटवर्थ 121 अरब डॉलर पहुंच गई है। इस बीच लैरी एलिसन 186 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। एलिसन सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल कॉर्प के सबसे बड़े स्टेकहोल्डर हैं। टेस्ला, स्पेसएक्स, एक्स समेत कई कंपनियों को चला रहे एलन मस्क 241 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में टॉप पर बने हुए हैं। ऐमजॉन के फाउंडर जेफ बेजोस 210 अरब डॉलर के साथ फिर दूसरे नंबर पर आ गए हैं। फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म के सीईओ मार्क जकरबर्ग 209 अरब डॉलर के साथ अब तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं। फ्रांसीसी कारोबारी बर्नार्ड अरनॉल्ट 185 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पांचवें नंबर पर खिसक गए हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 22.2 अरब डॉलर की गिरावट आई है। recent visitors 110

5जी केवल तेज इंटरनेट का मामला नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट शहरों, उन्नत बुनियादी ढांचे और स्वायत्त नवाचारों के लिए आधार तैयार कर रहा है : मंत्री सिंधिया

नई दिल्ली  दूरसंचार क्षेत्र की 5जी तकनीक के कारण 2040 तक भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 450 बिलियन डॉलर यानी करीब 37 लाख करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  यह दावा किया। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में दुनिया के सबसे बड़े दूरसंचार कार्यक्रमों में से एक वैश्विक मानक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, "अकेले भारत में, 5जी से 2040 तक अर्थव्यवस्था में 450 बिलियन डॉलर का निवेश होने का अनुमान है।" मंत्री ने जोर देकर कहा कि 5जी केवल तेज इंटरनेट का मामला नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट शहरों, उन्नत बुनियादी ढांचे और स्वायत्त नवाचारों के लिए आधार तैयार कर रहा है। सिंधिया ने आगे कहा कि 5जी पहले ही सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो चुका है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केवल 22 महीनों में 98 प्रतिशत जिलों और 80 प्रतिशत आबादी को इसने कवर कर लिया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की तकनीकी शक्ति क्षमता के साथ वैश्विक मानकों के अनुसार नवाचार में हमारे बदलाव के प्रयासों को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा, "हम स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कृषि व विनिर्माण के क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खोल रहे हैं।" मंत्री ने 5जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसी तकनीकों की पूरी क्षमता को अनलॉक करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक मानक यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि ये तकनीकें सीमाओं के पार सामंजस्यपूर्ण ढंग से काम करें। उन्होंने कहा, "संवाद के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। 5जी का चमत्कार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चमक और इंटरनेट ऑफ थिंग्स की उपयोगिता वैश्विक स्तर पर उद्योगों, समाजों और विनिर्माण प्रक्रियाओं और अर्थव्यवस्थाओं को बदल रही हैं।" सिंधिया ने एआई और आईओटी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के बढ़ने की स्थिति में गोपनीयता, पूर्वाग्रह और पारदर्शिता से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए नैतिक विचारों और नियामक ढांचे के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचे का आह्वान किया कि भविष्य के नवाचार, जैसे कि आगामी 6G तकनीक, सभी को समान रूप से लाभान्वित करें और मौजूदा डिजिटल विभाजन को गहरा न करें। उन्होंने कहा, "आज हम एक नए तकनीकी युग के मुहाने पर खड़े हैं, मोबाइल नेटवर्क 6जी के दौर में प्रवेश करने वाला है, जहां संचार असीम हो जाएगा, जहां नवाचार की कोई सीमा नहीं होगी और मानवता द्वारा, परस्पर जुड़ाव हमारी साझा वैश्विक नियति की आधारशिला बन जाएगा।" सिंधिया ने वैश्विक समुदाय से भविष्य के तकनीकी परिदृश्य को परिभाषित करने वाले मानकों को स्थापित करने और साझेदारी को बढ़ावा देने में एक साथ काम करने का भी आग्रह किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रौद्योगिकी का भलाई के लिए इस्तेमाल हो। recent visitors 73

‘विदेश से पैसा भेजने में लगने वाले समय और लागत को कम करना जरूरी’, आरबीआई गवर्नर ने बताया कारण

सितंबर में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 1.84 फीसदी पर, खाद्य पदार्थों की कीमतों में उछाल से बढ़ोतरी  खाद्य पदार्थों के महंगे होने से थोक मूल्य मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 1.84 फीसदी हो गई 'विदेश से पैसा भेजने में लगने वाले समय और लागत को कम करना जरूरी', आरबीआई गवर्नर ने बताया कारण नई दिल्ली  सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों के महंगे होने से थोक मूल्य मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 1.84 फीसदी हो गई। अगस्त में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति 1.31 फीसदी थी। पिछले साल सितंबर में यह 0.07 फीसदी घटी थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य मुद्रास्फीति सितंबर में बढ़कर 11.53 फीसदी हो गई, जबकि अगस्त में यह 3.11 फीसदी थी। इसकी वजह सब्जियों की मुद्रास्फीति रही, जो सितंबर में 48.73 फीसदी बढ़ी थी। अगस्त में यह 10.01 फीसदी घट गई थी। आलू की मुद्रास्फीति सितंबर में 78.13 और प्याज की 78.82 प्रतिशत पर उच्च स्तर पर बनी रही। ईंधन और बिजली श्रेणी में सितंबर में 4.05 फीसदी की अपस्फीति देखी गई, जबकि अगस्त में 0.67 प्रतिशत की अपस्फीति हुई थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सितंबर, 2024 में मुद्रास्फीति की सकारात्मक दर मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों, खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण, मोटर वाहनों, ट्रेलरों और अर्ध-ट्रेलरों के निर्माण, मशीनरी और उपकरणों के निर्माण आदि की कीमतों में वृद्धि के कारण है। खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है आरबीआई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है। आरबीआई ने इसी महीने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य ब्याज दर या रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े दिन में जारी किए जाएंगे। 'विदेश से पैसा भेजने में लगने वाले समय और लागत को कम करना जरूरी', आरबीआई गवर्नर ने बताया कारण  भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को विदेशों से धन भेजने में लगने वाले समय और लागत को कम करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि नई प्रौद्योगिकी और भुगतान प्रणाली का उपयोग सीमा पार भुगतान में तेजी लाने और विस्तार के लिए किया जा सकता है। दास ने 'सेंट्रल बैंकिंग एट क्रॉसरोड्स' विषय पर आयोजित सम्मेलन के दौरान कहा, "भारत सहित कई उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए सीमा पार पीयर-टू-पीयर (पी2पी) भुगतान की संभावनाओं को तलाशने के लिए धन प्रेषण पहला कदम है। हमारा मानना है कि इस तरह के धन प्रेषण की लागत और समय को काफी कम करने की अपार संभावनाएं हैं।" इसके अलावा, उन्होंने कहा कि डॉलर, यूरो और पाउंड जैसी प्रमुख व्यापारिक मुद्राओं में लेनदेन निपटाने के लिए वास्तविक समय सकल निपटान (आरटीजीएस) के विस्तार की व्यवहार्यता द्विपक्षीय या बहुपक्षीय व्यवस्था के माध्यम से तलाशी जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत और कुछ अन्य अर्थव्यवस्थाओं ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों तरीकों से सीमा पार तीव्र भुगतान प्रणालियों के संपर्क का विस्तार करने के प्रयास पहले ही शुरू कर दिए हैं। आरबीआई की ओर से शुरू किए गए ई रूपी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें कुशल सीमा पार भुगतान की सुविधा प्रदान करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ते हुए, मानकों और अंतर-संचालन में सामंजस्य सीबीडीसी को सीमा पार भुगतान और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी गंभीर वित्तीय स्थिरता चिंताओं को दूर करने में सक्षम बनाएगा। आरबीआई गवर्नर ने बैंकिंग क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे साइबर हमले और आंकड़ों के लीक होने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, "बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को इन सभी जोखिमों के खिलाफ पर्याप्त जोखिम उपाय करने चाहिए। बैंकों को एआई और बिगटेक फायदों का लाभ उठाना चाहिए।"   recent visitors 71

इंडियन ओवरसीज बैंक ने ‎वि‎भिन्न शहरों में आठ खुदरा ऋण प्रसंस्करण केंद्र खोले

नई दिल्ली  सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक ने कर्ज मंजूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने और इसमें लगने वाले समय को कम करने के ‎लिए विभिन्न शहरों में खुदरा ऋण प्रसंस्करण केंद्र शुरू किया है। बैंक ने एक बयान में कहा कि कुल आठ खुदरा ऋण प्रसंस्करण केंद्र (आरएलपीसी) खोले गये हैं। इसमें से चेन्नई में एक केंद्र का भौतिक रूप से उद्घाटन किया गया, जबकि सात अन्य आरएलपीसी विभिन्न शहरों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुरू किए गए। इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) के एक व‎रिष्ठ अ‎धिकारी ने कहा ‎कि हमारे नए खुदरा कर्ज प्रसंस्करण केंद्र सिर्फ सुविधा के बारे में नहीं हैं। यह एक स्मार्ट, ज्यादा लचीला बैंकिंग ढांचा बनाने के बारे में है। डिजिटल उपकरण और उन्नत आंकड़ों का इस्तेमाल करके हम मजबूत जोखिम प्रबंधन सुनिश्चित कर रहे हैं और साथ ही कर्ज प्रसंस्करण समय को भी काफी कम कर रहे हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि खुदरा ऋण प्रसंस्करण केंद्र को ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने, समय को कम करने और खुदरा ग्राहकों को तीव्र और अधिक कुशल सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजायन किया गया है। इंडियन ओवरसीज बैंक ने बेंगलुरु, कोयंबटूर, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ और मुंबई में खुदरा कर्ज प्रसंस्करण केंद्र शुरू किया है। प्रत्येक केंद्र डिजिटल प्रौद्योगिकियों और स्वचालन क्षमताओं से लैस है, जिससे त्वरित ऋण स्वीकृति सुनिश्चित होती है। ये सुविधाएं वित्तीय पहुंच को बढ़ाने और खुदरा क्षेत्र में बैंक की वृद्धि रणनीति का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बैंक ने शहर के लोकप्रिय स्थलों में से एक पुरात्ची थलाइवर डॉ. एमजीआर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अपने एटीएम कियोस्क भी शुरू किया। उन्होंने कहा ‎कि यह एटीएम महज एक सेवा केंद्र नहीं है, यह परंपरा के साथ नवाचार के सम्मिश्रण के प्रति आईओबी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।   recent visitors 76

ग्रे मार्केट में हुंडई के आईपीओ की चमक गिरी, प्रीमियम में लगातार गिरावट आई

आईपीओ लॉन्च होने के पहले ग्रे मार्केट में हुंडई की घटी चमक, 570 से घट कर 60 रुपये के स्तर पर आया प्रीमियम  ग्रे मार्केट में Hyundai IPO का प्रीमियम घट कर 60 रुपये के स्तर पर आया  ग्रे मार्केट में हुंडई के आईपीओ की चमक गिरी, प्रीमियम में लगातार गिरावट आई नई दिल्ली हुंडई मोटर इंडिया कल भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ लॉन्च करने वाली है। इस आईपीओ का निवेशकों को लंबे समय से इंतजार है। 15 से 17 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन होने वाले इस आईपीओ के जरिए कंपनी ने 27,870 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस इश्यू के लिए 1,865 से 1,960 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। माना जा रहा है कि इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल सकता है। हालांकि ग्रे मार्केट में इस आईपीओ की चमक गिरती जा रही है। इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम में लगातार गिरावट आई है। हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ ने फाइनल होने के बाद ग्रे मार्केट में जबरदस्त मजबूती के साथ ट्रेड करना शुरू किया था। ग्रे मार्केट में हुंडई मोटर के शेयर ने 470 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड करना शुरू किया और सिर्फ 24 घंटे में ही इसका प्रीमियम बढ़कर 570 रुपये हो गया। उम्मीद की जा रही थी कि हुंडई मोटर के शेयर का ग्रे मार्केट में प्रीमियम 750 रुपये तक जा सकता है, लेकिन 570 रुपये के स्तर से ही इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम में गिरावट आनी शुरू हो गई। अब हुंडई मोटर का आईपीओ लांच होने में सिर्फ एक दिन बाकी है, तब ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम घट कर 60 रुपये के स्तर पर आ गया है। ग्रे मार्केट के मौजूदा प्रीमियम को ही अगर अंतिम मान लिया जाए, तो शेयर मार्केट में हुंडई मोटर के शेयरों की लिस्टिंग इसके अपर प्राइस बैंड में 60 रुपये जोड़ कर 2,020 रुपये के स्तर पर हो सकती है। ऐसा होने पर आईपीओ निवेशकों को 3 प्रतिशत के करीब लिस्टिंग गेन हो सकता है। हालांकि ग्रे मार्केट के प्रीमियम को सिर्फ एक संकेत मानना चाहिए, क्योंकि ग्रे मार्केट की स्थिति लगातार बदलती है, जिससे प्रीमियम के स्तर में भी बदलाव होते रहता है। उल्लेखनीय कि हुंडई मोटर का आईपीओ कल लांच होने वाला है, लेकिन उसके पहले एंकर इन्वेस्टर्स के लिए ये आईपीओ आज ही ओपन हो जाएगा। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए 8,315.28 करोड़ रुपये के शेयर रिजर्व किए गए हैं। एंकर इन्वेस्टर्स के अलावा दूसरे इन्वेस्टर्स हुंडई मोटर के आईपीओ में 15 अक्टूबर यानी कल से 7 शेयर के लॉट में बोली लगा सकते हैं। इस इश्यू का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी), 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व किया गया है। आईपीओ के तहत शेयर का अलॉटमेंट 18 अक्टूबर को फाइनल होगा। इसके बाद 22 अक्टूबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर इसकी लिस्टिंग होगी। आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 14,21,94,700 शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के तहत जारी किए जाएंगे। ये शेयर इसकी पैरंट कंपनी बेचेगी। आईपीओ लॉन्च होने के बाद हुंडई मोटर इंडिया में पैरंट कंपनी की हिस्सेदारी 17.5 प्रतिशत कम हो जाएगी।   recent visitors 84

सर्राफा बाजार में मामूली गिरावट, सोना और चांदी की घटी कीमत

कच्चे तेल में गिरावट का रुख, पेट्रोल-डीजल की कीमत स्थिर कच्चे तेल और सोना और चांदी में में गिरावट का रुख सर्राफा बाजार में मामूली गिरावट, सोना और चांदी की घटी कीमत नई दिल्ली  इजराइल-ईरान जंग के बीच अंतरराष्रीि  य बाजार में कच्चे  तेल की कीमत में गिरावट का रुख है। ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल के करीब है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है। अंतरराष्ट्री य बाजार में हफ्ते के पहले दिन शुरुआती कारोबार में ब्रेंड क्रूड 0.92 डॉलर यानी 1.16 फीसदी की गिरावट के साथ 78.12 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेंड कर रहा है। वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 0.90 डॉलर यानी 1.19 फीसदी लुढ़ककर 75.73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये, डीजल 87.62 रुपये, मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये, डीजल 92.15 रुपये, कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये, डीजल 90.76 रुपये, चेन्नई में पेट्रोल 100.75 रुपये और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध है। सर्राफा बाजार में मामूली गिरावट, सोना और चांदी की घटी कीमत  घरेलू सर्राफा बाजार में आज मामूली गिरावट नजर आ रही है। इस गिरावट के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 77,810 रुपये से लेकर 77,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 71,340 रुपये से लेकर 71,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। सोने की तरह ही चांदी की कीमत में भी मामूली गिरावट आई है, जिसके कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में ये चमकीली धातु आज 96,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 77,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 71,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 77,660 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 71,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 77,710 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 71,240 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 77,660 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 71,190 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 77,660 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 71,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 77,810 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 71,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 77,710 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 71,240 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 77,810 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 71,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी मामूली गिरावट की वजह से आज सोना सस्ता हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 77,660 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 71,190 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।     recent visitors 82

सरपट भागासेंसेक्स में 500 अंक से ज्यादा की तेजी, निफ्टी भी 150 अंक उछला

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तेजी के साथ कारोबार शुरू हुआ. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद से करीब 200 अंक की उछाल के साथ ओपन हुआ और कुछ ही देर में 500 अंक से ज्यादा चढ़ गया. दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (Nifty) ने भी जोरदार शुरुआत की और 180 अंक से ज्यादा भागा. मार्केट में तेजी के बीच  HDFC Bank Share समेत अन्य स्टॉक में तूफानी तेजी आई. 82000 के करीब पहुंचा सेंसेक्स सबसे पहले बात कर लेते हैं BSE Sensex की, तो ये इंडेक्स बीते कारोबारी दिन शुक्रवार को 81,381.26 के लेवल की तुलना में सोमवार को 81,576.93 के लेवल पर ओपन हुआ था. जोरदार शुरुआत के बाद इसमें तेजी और बढ़ती गई और खबर लिखे जाने तक सुबह 10 बजे पर ये 538.55 अंक या 0.66 फीसदी की तेजी के साथ 81,919.50 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. निफ्टी ने भी लगाई लंबी छलांग बीएसई के सेंसेक्स की तरह ही NSE Nifty भी 25,000 के पार खुला. निफ्टी ने अपने पिछले बंद 24,964 की तुलना में उछलकर 25,023.45 के लेवल पर कारोबार शुरू किया था और कुछ ही देर में ये 180 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ 25,131.95 के लेवल पर पहुंच गया. हालांकि, कारोबार के दौरान ये 25,017 के स्तर तक टूटा था. लार्जकैप में इन शेयरों ने लगाई दौड़ अब बात कर लेते हैं सोमवार को शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी के साथ भागे शेयरों के बारे में, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल L&T Share 1.76% चढ़कर 3544.30 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा HDFC Bank Share 1.68% की तेजी के साथ 1678.80 रुपये पर पहुंचकर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा JSW Steel Share 1.50%, Tech Mahindra Share 1.30% उछलकर कारोबारी कर रहा था. मिडकैप और स्मालकैप भी चढ़ा मिडकैप कैटेगरी में शामिल NIACL Share  3.27%, TorntPower Share 2.66%, GICRE Share 2.65% Qk Federal Bank Share 2.40% की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. स्मालकैप कंपनियों में HLVTD Share 15% और GANECOS Share 10% की उछलकर कारोबार कर रहे थे. एशियाई बाजार में मिलाजुला कारोबार     एशियाई बाजार में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रही है। हांगकांग के हैंग सेंग में 0.66% की गिरावट है। वहीं चीन का शंघाई कम्पोजिट 1.01% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है।     10 अक्टूबर को अमेरिका का डाओ जोंस 0.97% चढ़कर 42,863 पर और नैस्डैक 0.33% चढ़कर 18,342 पर बंद हुआ। S&P 500 भी 0.61% बढ़कर 5,815 पर बंद हुआ।     NSE के डेटा के अनुसार, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 11 अक्टूबर को ₹4,162.66 करोड़ के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹3,730.87 करोड़ के शेयर खरीदे। शुक्रवार को बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले 11 अक्टूबर को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 230 अंक की गिरावट के साथ 81,381 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 34 अंक की गिरावट रही थी, ये 24,964 के स्तर पर बंद हुआ था। recent visitors 121

बजार में गिरावट आगे भी देखने को मिल सकती है, 5 बड़े फैक्टर्स तय करेंगे शेयर बाजार की दिशा

नई दिल्ली शुक्रवार निफ्टी बैंकिंग स्टॉक और एफएमसीजी कंपनियों की वजह से 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24965.25 अंक पर बंद हुआ। 25000 के नीचे निफ्टी का बंद होना मार्केट के लिए अच्छी खबर नहीं मानी जा रही है। ऐसे में एक्सपर्ट्स उम्मीद जता रहे हैं कि बजार में गिरावट आगे भी देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं वो प्रमुख फैक्टर्स जिनकी वजह से शेयर बाजार प्रभावित हो सकता है। 1- कंपनियों के तिमाही नतीजे इस हफ्ते करीब 120 कंपनियों के तिमाही नतीजे जारी होंगे। इन कंपनियों की लिस्ट में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, बजाज ऑटो, एक्सिस बैंक, इंफोसिस, विप्रो, नेस्ले इंडिया, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और टेक महिंद्रा बैंक शामिल है। 2- हुंडई आईपीओ हुंडई आईपीओ इसी हफ्ते खुलने जा रहा है। इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि देश के सबसे बड़ा आईपीओ के ओपनिंग का असर भी मार्केट पर पड़ेगा। कंपनी के आईपीओ का साइज 27,870 करोड़ रुपये का है। कंपनी इसके जरिए 14.2 करोड़ शेयर बेचेगी। बता दें, आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 1865 रुपये से 1960 रुपये प्रति शेयर तय किया है। 3- FIIs ने निकाले 58711 करोड़ रुपये विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने अक्टूबर में अबतक 8 कारोबारी सत्रों में 587111 करोड़ रुपये निकाले हैं। शुक्रवार को FIIs ने 4162.66 करोड़ रुपये की बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं। 4- डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना एक डॉलर की कीमत पहली बार 84 रुपये के पार पहुंच गई। शुक्रवार को यह 84.06 पर बंद हुआ। सेंट्रल बैंक की तरफ से लगातार किमतों को स्थिर बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। वहीं, यूएस फेड रिजर्व के फैसले का असर भी दिखने लगा है। जिसकी वजह से डॉलर मजबूत हो रहा है। 5- कच्चे तेल की कीमतें तेल की कीमतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ-साफ दिखता है। मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों के लिए अस्थिरता का दौर है। कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा भारतीय शेयर बाजार की सेहत के लिए अच्छी खबर नहीं है। इससे मंहगाई का डर रहता है। recent visitors 82

अगस्त के मुकाबले सितंबर महीने में खुदरा महंगाई में 1.38 फीसदी बढ़ सकती है

नई दिल्ली खाने-पीने की वस्तुओं और खासकर प्याज-टमाटर की कीमतों में तेज उछाल से खुदरा महंगाई सितंबर, 2024 में बढ़कर दो महीने बाद फिर आरबीआई के 4 फीसदी के दायरे बाहर निकलकर 5.03 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकती है। इससे पहले जून में खुदरा महंगाई 5.08 फीसदी रही थी, जबकि जुलाई और अगस्त में यह घटकर क्रमशः 3.60 फीसदी एवं 3.65 फीसदी रही थी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त के मुकाबले सितंबर में यानी एक महीने में खुदरा महंगाई में 1.38 फीसदी बढ़ सकती है। खाने-पीने की वस्तुओं की महंगाई दर भी 2.3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 8 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकती है। अगस्त में खाद्य महंगाई 5.7 फीसदी रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर, 2023 से जून, 2024 के बीच सब्जियों की महंगाई दर 27-30 फीसदी के दायरे में बनी हुई थी। इस साल जुलाई और अगस्त में यह घटकर क्रमशः 6.8 फीसदी और 10.7 फीसदी रह गई। इससे इन दोनों महीनों में खुदरा महंगाई में गिरावट देखने को मिली थी। सरकार 14 अक्तूबर को सितंबर के लिए खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी कर सकती है। सितंबर के दूसरे पखवाड़े में टमाटर 10% महंगा सीएमआईई के मुताबिक, जून से लगातार बढ़ रहे प्याज के दाम सितंबर में 13.4 फीसदी और बढ़ गए हैं। इस दौरान खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 36 रुपये से बढ़कर 51 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पहुंच गई है। उपभोक्ता मामलों के विभाग (डीसीए) की ओर से जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि टमाटर की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन सितंबर के पहले पखवाड़े की तुलना में दूसरे में यह 10 फीसदी से अधिक महंगा हो गया है। सब्जियों की कीमतों में आएगी मामूली गिरावट रिपोर्ट में कहा गया है कि खुदरा महंगाई में 1.2 फीसदी का योगदान देने वाली सब्जियों की कीमतों में सितंबर में मामूली कमी आने की उम्मीद है। कुछ सब्जियों के दाम घटे हैं। आलू की खुदरा कीमत कम हुई है। बैंगन, गोभी और भिंडी जैसी सब्जियों की मंडी कीमतों में भी सात फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। हालांकि, प्याज और टमाटर की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से अन्य सब्जियों के दाम में गिरावट का असर कम हो सकता है। दाल-फल के घटे हैं दाम रिपोर्ट के मुताबिक, खरीफ की अच्छी फसल के कारण दालों की महंगाई घटने की उम्मीद है। इसकी महंगाई दर सितंबर में पिछले महीने के 13.6 फीसदी से घटकर 9.5 फीसदी रह सकती है। अनाज, मांस, फल, मसाले और चीनी पर महंगाई का दबाव कम हुआ है। तेल-वसा की महंगाई दर बढ़ सकती है।     recent visitors 127

त्योहारी सीजन में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदी, पिछले वर्ष की तुलना में यह 26 फीसदी अधिक

नई दिल्ली  त्योहारी सीजन में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जमकर खरीदी हो रही है। एक हफ्ते में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने 55,000 करोड़ के सामान बेचे हैं। पिछले वर्ष की तुलना में यह 26 फीसदी अधिक है। ऑनलाइन से सर्वाधिक खरीदी मोबाइल फोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल, इलेक्ट्रॉनिक्स व जनरल मर्चेंडाइज की हो रही है। कुल बिक्री में इनका योगदान तीन चौथाई है। इस साल त्योहारी सीजन में होने वाली बिक्री की करीब 55 फीसदी बिक्री 26 सितंबर के बाद से अब तक हुई है। पिछले साल त्योहारों में ऑनलाइन खरीदी का मूल्य 9.7 अरब डॉलर था। इस बार 23 फीसदी बढ़कर 12 अरब डॉलर हो सकता है। खरीदारों में छोटे कस्बों व शहरों का बड़ा हिस्सा है। कुछ ब्रांडों ने कहा, आपूर्ति से ज्यादा मांग आ रही है। सालाना आधार पर 40 फीसदी तक बढ़ गई मांग फ्लिपकार्ट, मीशो और अमेजन इंडिया की 26 सितंबर से वार्षिक त्योहारी सीजन की बिक्री शुरू है। मीशो ने कहा, सालाना आधार पर बिक्री में 40% की वृद्धि देखी गई। यह उछाल दूसरे स्तर के शहरों की मजबूत मांग से आया है। इसमें लगभग 45% खरीदार चौथे स्तर के शहर और उससे आगे से आए थे। छोटे शहरों पर ज्यादा जोर फ्लिपकार्ट का कहना है कि बड़े शहरों के साथ मेदिनीपुर, हिसार, बेरहामपुर, बांकुरा और अगरतला जैसे दूसरे स्तर के क्षेत्रों में भी ग्राहकों की ओर से मजबूत मांग है। कुछ वर्षों से त्योहारी बिक्री पहले शुरू हो जाती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने जब सेल की शुरुआत की तो बिक्री बहुत तेज थी। आखिरी दिन में धीमी हो गई। दशहरा से दिवाली के बीच फिर बढ़ेगी बिक्री व्यापारियों का मानना है कि बिक्री की एक और लहर आएगी। यह दशहरा से दिवाली के बीच होगी। अमेजन इंडिया का कहना है कि जो 30,000 रुपये से ज्यादा के इलेक्ट्रॉनिक्स सामान हैं, उनकी बिक्री 30% बढ़ी है। मूलरूप से महंगे स्मार्टफोन ज्यादा बिक रहे हैं। खासकर आईफोन 13, वनप्लस और सैमसंग एस 23 अल्ट्रा है। कुल ऑर्डर का 75 फीसदी ऑर्डर दूसरे और उसके आगे के शहरों से आ रहा है। नवरात्र में इन सामानों की मांग में बढ़ोतरी नवरात्र शुरू होने के साथ घरेलू सजावट इलेक्ट्रॉनिक्स व गेमिंग सहायक उपकरण जैसी अन्य श्रेणियों ने इस अवधि के दौरान वॉल्यूम में 100% से अधिक वृद्धि दर्ज की है। सबसे ज्यादा मांग इनकी रही है। इसलिए खरीदी में आ रही तेजी ऑनलाइन बिक्री में तेजी का बड़ा कारण किस्त पर सामान मिलना है। 50 फीसदी से ज्यादा खरीदार, जो टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, लैपटॉप खरीद रहे हैं वे किस्त पर भुगतान कर रहे हैं। ये महंगे उत्पाद खरीद रहे हैं। दूसरे और तीसरे स्तर के शहर स्मार्टफोन और टीवी बिक्री में 70 फीसदी का योगदान दे रहे हैं।   recent visitors 92

बोइंग ने अपने 10 फीसदी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला लिया

न्यूयॉर्क  हवाई जहाज बनाने वाली कंपनी बोइंग के कर्मचारियों के लिए बुरी खबर सामने आई है। बताया जा रहा कि कंपनी ने अपने 10 फीसदी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला लिया है। इसके पीछे का कारण कारोबार में लगातार जारी दबाव और कर्मचारियों की हड़ताल से बढ़ता नुकसान है। इन अधिकारियों को भी निकाला जा सकता है कंपनी के इस फैसले से लगभग 17 हजार कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। बोइंग के इस फैसले से उसके उत्पादन में भी देरी होगी। मुख्य कार्यकारी केली ऑर्टबर्ग ने ईमेल के जरिए कहा, वैश्विक स्तर पर होने वाली इस छंटनी में हर स्तर के कर्मचारी, जिसमें एग्जीक्यूटिव, मैनेजर और कर्मचारी सभी शामिल होंगे। यहां तक कि बोइंग ने अपने हथियार और सैन्य उपकरण बनाने वाले व्यापार में भी घाटे की चेतावनी दी है। साथ ही कंपनी ने अपने नए जहाज 777एक्स की डिलिवरी तारीखों को भी आगे बढ़ा दिया है। इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ मशीनिस्ट्स एंड एयरोस्पेस वर्कर्स के बोइंग कर्मचारियों ने अनुबंध प्रस्ताव को भारी बहुमत से अस्वीकार कर 13 सितंबर को काम छोड़ दिया। क्या है मामला? कंपनी फिलहाल करीब 33 हजार कर्मचारियों की हड़ताल से जूझ रही है जो बीते तीन हफ्ते से जारी है। इससे कामकाज पर बुरा असर पड़ा है। इस हड़ताल का असर कंपनी के सबसे ज्यादा बिकने वाले विमानों के उत्पादन पर भी देखने को मिला है। कर्मचारी की यूनियन 14 सितंबर से हड़ताल पर हैं। कंपनी और यूनियन के बीच बातचीत का भी कोई हल नहीं निकला है। स्थिति ये है कि पिछले महीने ही बोईंग नेशनल लेबर रिलेटेड बोर्ड के सामने यूनियन के खिलाफ अर्जी देकर शिकायत की है कि यूनियन हितों की अनदेखी करते हुए अड़ियल रवैया अपना रही है। प्रति शेयर 9.97 डॉलर का नुकसान बोइंग ने कहा कि हड़ताल के कारण तीसरी तिमाही में उसके वाणिज्यिक विमानन परिणामों पर पूर्व कर तीन अरब डॉलर का बोझ पड़ा, जो प्रति शेयर 9.97 डॉलर के अनुमानित नुकसान का एक हिस्सा है। हमारी कंपनी के भविष्य के लिए यह जरूरी: ऑर्टबर्ग ऑर्टबर्ग ने बताया, 'जब हमारा कारोबार चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में हम अपने भविष्य के लिए महत्वपूर्ण फैसले ले रहे हैं और हमारी कंपनी को फिर से खड़ा करने के लिए हमें जो काम करना चाहिए, उस पर यही विचार है। ये जरूरी कदम हमारे कारोबार में महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलावों के साथ लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए जरूरी हैं।' 777एक्स की डिलीवरी भी आगे बढ़ी हड़ताल के कारण हुए नुकसान पर बोइंग ने कहा कि नए जहाज 777एक्स की डिलीवरी तारीखों को भी आगे बढ़ा दिया है। पहली डिलीवरी 2025 को होनी थी, मगर अब 2026 में की जाएगी। इसकी साथ ही कंपनी ने साल 2027 में 767 मालवाही का उत्पादन बंद करने की भी योजना बनाई है। उसका कहना है कि अपने सभी ऑर्डर को पूरा करने के बाद उत्पादन बंद किया जाएगा।   recent visitors 72

अडानी ने केन्या के साथ किया एक और बड़ा समझौता, ₹62000000000 की डील, जानें क्या करेगी कंपनी

नई दिल्ली  गौतम अडानी दुनिया के कई देशों के साथ एक से बढ़कर एक डील कर रहे हैं। अब उन्होंने केन्या सरकार के साथ एक नई डील की है। हालांकि उनकी केन्या के एयरपोर्ट को लेकर हुई डील अभी भी फंसी हुई है। लेकिन नई डील को अडानी का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। यह डील 736 मिलियन डॉलर (करीब 6200 करोड़ रुपये) की है। नई डील के तहत अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एनर्जी केन्या में बिजली ट्रांसमिशन लाइनों का संचालन करेगी। इसके लिए अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने केन्या इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (केट्राको) के साथ एक समझौते पर साइन किए हैं। यह डील 30 वर्षों के लिए हुई है। केन्या के ऊर्जा मामलों के कैबिनेट सचिव ओपियो वांडाई ने इसकी जानकारी दी। क्या होगा डील में? मौजूदा समय में केन्या बिजली के संकट से जूझ रहा है। इस डील के मुताबिक अडानी एनर्जी केन्या में प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों को विकसित करेगी। साथ ही कंपनी वित्तपोषण, निर्माण, संचालन और रखरखाव करेगी। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य विश्वसनीय बिजली सुनिश्चित करने के लिए देश के ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना है। केन्या सरकार खर्च नहीं करेगी चवन्नी भी केन्या सरकार इस प्रोजेक्ट पर कोई पैसा खर्च नहीं करेगी। पर कोई वित्तीय व्यय नहीं करेगी। ओपियो वांडाई के अनुसार इस इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट कंपनी (AESL) लोन और इक्विटी के माध्यम से फंडिंग जुटाएगी। इस रकम को 30 साल की अवधि में चुकाया जाएगा। प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से तय की जाएगी, जिसे केट्राको और AESL द्वारा संयुक्त रूप से संभाला जाएगा। AESL तीन ट्रांसमिशन लाइन और दो सबस्टेशन विकसित करेगी। अटका हुआ है एयरपोर्ट का संचालन अडानी ग्रुप का केन्या में यह दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है। इससे पहले यह ग्रुप केन्या के मुख्य एयरपोर्ट के संचालन के लिए डील कर चुका है। हालांकि स्थानीय लोगों के विरोध के बाद प्रस्ताव को रोक दिया गया है। बता दें कि केन्या सरकार ने देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट जोमो केन्याटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (JKIA) को अडानी ग्रुप को 30 साल के लिए लीड पर देने की घोषणा की थी। केन्या एविएशन वर्कर्स यूनियन (KAWU) अडानी की इस डील के खिलाफ हैं। इस यूनियन की मांग है कि इस डील को रद्द किया जाए। recent visitors 75

Hyundai IPO के आने से पहले ही ग्रे मार्केट में खराब शुरुआत, जीएमपी में तगड़ी गिरावट

मुंबई अगले हफ्ते देश का सबसे बड़ा आईपीओ आ रहा है, जो LIC, पेटीएम और कोल इंडिया जैसे आईपीओ की रिकॉर्ड तोड़ देगा. यह आईपीओ 15 अक्‍टूबर को सब्‍सक्रिप्‍शन के लिए खुल रहा है और 17 अक्‍टूबर को बंद हो जाएगा. कंपनी ने इस IPO के तहत 1865-1960 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड (Hyundai IPO Price Band) का ऐलान किया है. Hyundai IPO के साइज की बात करें तो ये 27870.16 करोड़ रुपये का है, जो इसे देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC के आईपीओ से भी बड़ा बनाता है, जो कि 21000 करोड़ रुपये का था. इस आईपीओ के तहत अलॉटमेंट प्रोसेस के लिए 18 अक्टूबर, तो रिफंड प्रोसेस के लिए कंपनी ने 21 अक्टूबर की तारीख तय है. इसके शेयरों की लिस्टिंग 22 अक्टूबर को होनी है. हुंडई आईपीओ जीएमपी में तगड़ी गिरावट Hyundai IPO के आने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसकी खराब शुरुआत दिख रही है. ऑटो सेक्‍टर की इस कंपनी के जीएमपी में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है. आईपीओ का साइज और प्राइस बैंड तय किए जाने के बाद से ही इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगातार टूट रहा है और करीब 80 फीसदी टूट चुका है. सितंबर के आखिरी दिनों में 570 रुपये से गिरकर 12 अक्‍टूबर को इसका जीएमपी 75 रुपये पर आ चुका है. किसके लिए कितना रिजर्व? Hyundai का इश्यू 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व है. IPO के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 18 अक्टूबर को फाइनल होगा. फिर BSE और NSE पर 22 अक्टूबर को एंट्री होगी.  इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 14,21,94,700 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत जारी होंगे और ये शेयर इसकी पैरैंट कंपनी बेचेगी. क्‍या करें निवेशक? हुंडई आईपीओ के जीएमपी में गिरावट को देखते हुए ज्‍यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि आखिरी अब क्‍या करना चाहिए? ऐसे में कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि यह फाइनेंशियल तौर पर ज्‍यादा मजबूत दिखाई देता है. ऐसे में निवेश किया जा सकता है. हालांकि निवेशकों को अपने रिस्‍क और फंडामेंटल समेत सभी फैक्‍टर्स को अच्‍छी तरह से समझकर ही निवेश करना चाहिए. दो दशक बाद ऑटोमेकर कंपनी का IPO पैसेंजर व्हीकल सेल्स वॉल्यूम के आधार पर Hyundai Motors India कंपनी वित्त वर्ष 2024 में मारुति सुजूकी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. मारुति सुजूकी का मार्केट कैप 48 अरब डॉलर के करीब है. मारुति सुजुकी का आईपीओ 2003 में आया था. ऐसे में 20 साल बाद भारत में किसी ऑटो मेकर कंपनी का आईपीओ आ रहा है और इसका साइज देश में अब तक पेश किए गए सबसे बड़ी आईपीओ से भी ज्यादा है. वहीं आईपीओ के जरिए हुंडई मोटर इंडिया 18 से 20 अरब डॉलर के बीच वैल्यूएशन पाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. recent visitors 66

टाटा ग्रुप का 34 लाख करोड़ का साम्राज्य, संभालने में नोएल टाटा ने जताई उत्सुकता

नई दिल्ली रतन टाटा के निधन के बाद, उनके सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी के बारे में बात करते हुए, नोएल टाटा ने कहा कि वे रतन टाटा और टाटा समूह के संस्थापकों की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने इस अवसर पर अपने साथी ट्रस्टियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह इस जिम्मेदारी को लेकर सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहे हैं। नोएल टाटा ने टाटा ट्रस्ट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि "एक सदी से भी अधिक समय पहले स्थापित टाटा ट्रस्ट सामाजिक भलाई के लिए एक अनूठा माध्यम है। हम अपने विकास और परोपकारी पहलों को आगे बढ़ाने के लिए खुद को फिर से समर्पित कर रहे हैं।" टाटा ट्रस्ट का बयान टाटा ट्रस्ट्स ने भी नोएल टाटा की नियुक्ति पर एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि टाटा ट्रस्ट्स के कई ट्रस्टियों की मुंबई में एक संयुक्त बैठक हुई। बैठक में रतन एन. टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया गया। सर्वसम्मति से नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का चेयरमैन नियुक्त किया गया, और यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई। नोएल टाटा का परिचय नोएल टाटा, रतन टाटा के पिता नवल टाटा की दूसरी पत्नी सिमोना डुनोयर के बेटे हैं, इसलिए वे रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। वे टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड, वोल्टास लिमिटेड, और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वे टाटा स्टील और टाइटन कंपनी के उपाध्यक्ष भी हैं। टाटा ट्रस्ट का महत्व टाटा ग्रुप, जो लगभग 34 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप का मालिक है, की अधिकांश होल्डिंग कंपनियां टाटा संस के पास हैं। टाटा संस की 66% से अधिक हिस्सेदारी टाटा ट्रस्ट के पास है, जिससे टाटा ग्रुप का संचालन टाटा ट्रस्ट के अधीन होता है। ऐसे में नोएल टाटा का टाटा ट्रस्ट का चेयरमैन बनना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। recent visitors 121

पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता को बंधन बैंक का एमडी और सीईओ नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

नई दिल्ली  बंधन बैंक के शेयर में  करीब 12 प्रतिशत की तेजी आई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता को तीन साल के लिए बंधन बैंक का प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद बैंक के शेयरों में तेजी आई। कोलकाता स्थित बैंक का एनएसई पर 11.61 प्रतिशत चढ़कर 209.50 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया। बीएसई पर यह 11.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 209.50 रुपये प्रति शेयर पर रहा। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 226.84 अंक या 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,384.57 अंक पर आ गया, जबकि निफ्टी 66.90 अंक या 0.27 प्रतिशत फिसलकर 24,931.55 अंक पर रहा। बंधन बैंक ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया था कि सेनगुप्ता का तीन साल का कार्यकाल कार्यभार संभालने की तारीख से शुरू हो जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने आठ अक्टूबर 2024 के अपने पत्र के जरिये इस पद पर सेनगुप्ता की नियुक्ति को पूर्व-स्वीकृति दे दी है। बैंक ने कहा कि सेनगुप्ता बैंक के संस्थापक एमडी एवं सीईओ चंद्रशेखर घोष की जगह लेंगे जो नौ जुलाई को पद से हट गए थे। फिलहाल बैंक के एक कार्यकारी निदेशक रतन केश अंतरिम एमडी एवं सीईओ के रूप में काम कर रहे हैं। सेनगुप्ता सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक के एमडी एवं सीईओ रह चुके हैं। वह खुदरा और कॉरपोरेट बैंकिंग दोनों क्षेत्रों में काफी अनुभव रखते हैं। recent visitors 244

रतन टाटा के बाद नोएल बने टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन, सर्वसम्मति से लिया गया फैसला

मुंबई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट्स का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. बुधवार को रतन टाटा के निधन के बाद आज मुंबई में एक बैठक हुई थी, जिसमें रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा (Noel Tata) को Tata Tusts का नया चेयरमैन बना दिया गया है. बैठक में ये फैसला सभी के सहमति से लिया गया. इसके तहत नोएल को टाटा समूह के दो सबसे महत्वपूर्ण धर्मार्थ संस्‍थाओं सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट का प्रमुख नियुक्‍त किया गया है. ये पहले इन संस्‍थाओं में ट्रस्‍टी के तौर पर शामिल थे. अब इन्‍हें टाटा ट्रस्‍ट का चेयरमैन नियुक्‍त कर दिया गया है. र‍तन टाटा ने टाटा ट्रस्‍ट को बनाने में अपनी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी. टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी TATA Sons में टाटा ट्रस्‍ट की एक बड़ी हिस्‍सेदारी है. इसमें करीब 66 फीसदी की हिस्‍सेदारी है. टाटा ट्रस्‍ट के तहत ही Tata Group संचालित है. ये ट्रस्‍ट परोपकारी पहल और शासन की देखरेख के लिए काम करता है. टाटा ग्रुप में निभाते हैं ये जिम्‍मेदारियां Ratan Tata के सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्‍ट की नई जिम्‍मेदारी दे दी गई है. नोएल टाटा ट्रस्‍ट में भी ट्रस्‍टी के तौर पर शामिल थे. वहीं पिछले कुछ सालों से वे टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन भी हैं. इनका टाटा ग्रुप के साथ चार दशकों का लंबा इतिहास रहा है. वे ट्रेंट, वोल्टास और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों के चेयरमैंन भी हैं. इतना ही नहीं टाटा स्टील और टाइटन कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं. इसके अलावा, टाटा इकोसिस्टम के साथ उनके गहरे संबंध भी हैं. 50 करोड़ डॉलर से 3 अरब डॉलर की बना दी कंपनी टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने 2010 और 2021 के बीच कंपनी के राजस्व को 500 मिलियन डॉलर से 3 बिलियन डॉलर से ज़्यादा तक बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. ट्रेंट लिमिटेड कंपनी का साल 1998 में सिर्फ एक सिंगल  रिटेल स्टोर था, जो आज इनके लीडरशिप में पूरे भारत में 700 से अधिक स्टोर्स के साथ एक मजबूत नेटवर्क में बदल चुका है. नोएल टाटा पर्दे के पीछे रहकर करते थे काम जहां एक तरफ रतन टाटा ग्रुप का चेहरा थे। तो वहीं नोएल टाटा (Noel Tata) पर्दे के पीछे रहकर काम करना पसंद करते हैं। वो मीडिया से भी बहुत दूर रहते हैं। उनका फोकस ग्रुप के ग्लोबल वेंचर्स और रिटेल सेक्टर विशेष तौर पर रहता था। नोएल टाटा के पास है कई कंपनियों की कमान नोएल टाटा पिछले 40 साल से टाटा ग्रुप का हिस्सा हैं। मौजूदा समय में वो टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के बोर्ड के सदस्य हैं। वह टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड, वोल्टास और टाटा इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के चैयरमैन हैं। साथ ही टाटा स्टील और टाइटन कंपनी लिमिटेड में बतौर वाइस चेयरमैन अपनी सर्विसेज दे रहे हैं। नोएल टाटा अगस्त 2010 से नवंबर 2021 तक ट्रेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। उनकी लीडरशिप में ट्रेंट का टर्नओवर 500 मिलियन डॉलर से बढ़कर 3 बिलियन डॉलर पहुंच गया। बता दें कि नोएल टाटा ने ससेक्स यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। माना जा रहा है कि टाटा ट्रस्ट की कमान ऐसे व्यक्ति को मिल सकती है, जिसके नाम के साथ टाटा जुड़ा हुआ है। ऐसे में नोएल टाटा ही विकल्प के तौर पर उभर कर आते हैं। मौजूदा समय में दो अन्य व्यक्ति भी टाटा ट्रस्ट के अहम सदस्य हैं। टीवीएस के वेणु श्रीनिवासन और पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह। साइरस मिस्त्री के चचेरे भाई भी प्रमुख दावेदार टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के लिए टाटा संस के पूर्व चेयरमैन दिवंगत साइरस मिस्त्री के चचेरे भाई मेहली मिस्त्री भी मजबूत विकल्प के तौर पर देखे जा रहे हैं। मेहली मिस्त्री 2000 से टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के साथ काम कर रहे थे। वो काफी सक्रिय भी थे। 2016 में साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन के पद से हटाया गया था, तब शुरू हुए विवाद में उन्हें रतन टाटा का समर्थक माना जाता था। बता दें कि अक्टूबर 2022 में टाटा के 2 सबसे ट्रस्ट मे शामिल किया गया था। रतन टाटा, टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन और टाटा संस के मानद चेयरमैन पर रहने वाले आखिरी व्यक्ति थे। टाटा संस 2022 में ऑर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलाव कर दिया था। जिसकी वजह से अब कोई व्यक्ति दोनों पदों पर एक साथ नहीं रह सकता है।   recent visitors 111

TESLA के लिए भारतीयों को करना होगा इंतज़ार! नई EV नीति की घोषणा के बाद सरकार ने पॉलिसी नहीं बदली

मुंबई एलन मस्क की टेस्ला के लिए भारतीय बाजार का रास्ता एक बार फिर मुश्किल हो गया है। दरअसल, इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई नई EV पॉलिसी में टेस्ला और अन्य ग्लोबल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों रुचि नहीं लेने के बाद भी सरकार इसमें कोई बदलाव करने का मन नहीं है। एक सरकारी अधिकारी ने साफ कहा है कि सभी कंपनियों के लिए EV नीति के मापदंड़ समान रहेंगे। विदेशी इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनियों को भारत में लाने के लिए इस साल मार्च में नई EV नीति घोषित की गई थी। हैवी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया कि मौजूदा EV नीति का लाभ उठाने का इरादा रखने वाले कार निर्माताओं के लिए पात्रता मानदंड और अन्य शर्तें समान रहेंगी। अगर टेस्ला या किसी कार निर्माता ने इस नीति के लिए आवेदन नहीं किया है तो हमें चिंता नहीं है। हम किसी विशेष कंपनी के अनुरूप EV नीति में संशोधन नहीं करेंगे। इसे बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बयान के बाद टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारों को भारतीय बाजार में एक्स्ट्रा छूट या दूसरे बेनिफिट्स मिलने का रास्ता भी बंद होता दिख रहा है। अधिकारी ने ये भा बताया कि हमारा रुख साफ है। आप कम टैक्स पर कारों का आयात कर सकते हैं, बशर्ते आप भारत में EV निर्माण प्लांट लिए नया निवेश करें। मार्च में सरकार ने टेस्ला जैसी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए नई EV नीति घोषित की थी, जिसमें 5 साल तक चुनिंदा इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क 15 फीसदी तक कम करने की छूट दी थी। इसके लिए कंपनी को 3 साल में EV निर्माण प्लांट लगाने की शर्त रखी गई। हालांकि, टेस्ला की तरफ से भी प्लांट को लेकर अभी तक कोई डिटेल नहीं आई है। recent visitors 77

भारत के सबसे अमीर उद्योगपतियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी लगातार पहले पायदान पर बने हुए

नई दिल्ली  भारत के सबसे अमीर उद्योगपतियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज के सीएमडी मुकेश अंबानी लगातार पहले पायदान पर बने हुए हैं। फोर्ब्स द्वारा जारी देश के 100 सबसे धनी उद्योगपतियों की सूची में दूसरे स्थान पर अडाणी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडाणी का नाम है। फोर्ब्स की इस सूची की जो सबसे अहम बात है, वो ये कि देश के सौ सबसे धनी लोगों की संपत्ति पहली बार कुल मिलाकर एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गई है। फोर्ब्स की सूची के अनुसार मुकेश अंबानी कमाई के मामले में दुनिया के दूसरे सबसे लाभ बड़े लाभार्थी बने हैं, जिनकी संपत्ति पिछले 1 साल में 27.5 बिलियन डॉलर बढ़कर 119.5 बिलियन डॉलर के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई। हालांकि शेयर बाजार में आए उतार-चढ़ाव की वजह से उनका मौजूदा नेटवर्थ 108.3 बिलियन डॉलर का है। फोर्ब्स का दावा है कि इस नेटवर्थ के साथ मुकेश अंबानी फिलहाल दुनिया के 13 सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। हालांकि एक अन्य एजेंसी ब्लूमबर्ग के बिलियनरीज इंडेक्स ने मुकेश अंबानी को दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 14वें स्थान पर रखा है। फोर्ब्स के मुताबिक भारत के अमीर उद्योगपतियों की लिस्ट में 116 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ गौतम अडानी परिवार (संयुक्त संपत्ति) दूसरे स्थान पर, 73.7 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ सावित्री जिंदल परिवार तीसरे स्थान पर, 40.2 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ शिव नाडार चौथे स्थान पर और 32.4 डॉलर बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ दिलीप सांघवी परिवार पांचवें स्थान पर हैं। इसके अलावा राधाकृष्ण दामानी परिवार, सुनील मित्तल परिवार, कुमार मंगलम बिड़ला, साइरस पूनावाला और बजाज परिवार सबसे अमीर उद्योगपतियों की सूची में टॉप 10 में शामिल हैं। फोर्ब्स की रिपोर्ट में विशेष रूप से बताया कि देश में पहली बार सौ सबसे अमीर लोगों की संपत्ति कुल मिलाकर एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गई है। फिलहाल इन सौ लोगों की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है। उद्योगपतियों की संपत्ति में आई हुई इस बढ़ोतरी के लिए फोर्ब्स ने शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी को प्रमुख वजह बताया है।     recent visitors 196

SEBI ने च्वाइस इक्विटी ब्रोकिंग पर ठोका 2 लाख रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली  मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने ब्रोकरेज फर्म चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग पर निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने के आरोप में 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी के आदेश के मुताबिक चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग ने एक्सचेंज को ऑथराइज्ड पर्सन (एपी) से जुड़े क्लाइंट्स की सही जानकारी नहीं दी। बताया गया है कि ब्रोकरेज के ऑथराइज्ड पर्सन और क्लाइंट के बीच तीन मामलों में एपी सर्विसेज के लिए फंड की लेनदेन हुई। इस दौरान एपी टर्मिनल्स का इस्तेमाल अनऑथराइज्ड लोगों द्वारा किया गया। सेबी के आदेश में जांच के परिणामों की जानकारी देते हुए बताया गया है कि ब्रोकरेज फर्म के ऑथराइज्ड पर्सन्स में से एक ने एक्सचेंज को 226 क्लाइंट्स की जानकारी नहीं दी, जबकि दूसरे ने 118 क्लाइंट्स की और तीसरे ने 7 क्लाइंट्स की जानकारी एक्सचेंज को उपलब्ध नहीं कराई। सेबी की जांच में इस बात का भी पता चला कि ब्रोकरेज फर्म के ऑथराइज्ड पर्सन्स में से एक ग्रो कैपिटल फाइनेंस सर्विसेज अपने क्लाइंट को फंड ट्रांसफर कर रहा था। हालांकि ब्रोकरेज फर्म की ओर से सफाई दी गई कि फंड ट्रांसफर का ये काम ऑथराइज्ड पर्सन ने पर्सनल कैपेसिटी में क्लाइंट के साथ किया था, जिसके लिए ब्रोकरेज फर्म को जिम्मेदार नहीं माना जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सेबी के नियमों के तहत ऑथराइज्ड पर्सन को क्लाइंट के फंड और सिक्योरिटीज की किसी भी पेमेंट या डिलीवरी को स्वीकार करने से रोका गया है। इस नियम में कहा गया है कि ऑथराइज्ड पर्सन क्लाइंट से कोई भी फंड या सिक्योरिटीज कलेक्ट नहीं करेगा और एजेंट के रूप में मेंबर की ओर से दी गई सर्विसेज के लिए क्लाइंट से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई भुगतान या राशि नहीं लेगा। सेबी ने अपनी जांच में इसी नियम के उल्लंघन के कारण चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया है।     recent visitors 82

सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना 77 हजार के स्तर से नीचे गिर कर 76,830 प्रति 10 ग्राम में कारोबार कर रहा

सर्राफा बाजार में गिरावट जारी, 760 रुपये तक सस्ता हुआ सोना, चांदी की भी घटी चमक नवरात्रि के दौरान सर्राफा बाजार में गिरावट लगातार जारी सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना 77 हजार के स्तर से नीचे गिर कर 76,830  प्रति 10 ग्राम में कारोबार कर रहा नई दिल्ली नवरात्रि के दौरान घरेलू सर्राफा बाजार में गिरावट लगातार जारी है। आज सोना की कीमत में 700 से 760 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के कारण आज देश के अधिकांश सर्राफा बाजारों में आज 24 कैरेट सोना 77 हजार के स्तर से नीचे गिर कर 76,830 रुपये से लेकर 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना आज 70,440 रुपये से लेकर 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी की कीमत में भी आज बड़ी गिरावट आई है। इस गिरावट के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी आज 93,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 76,830 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 70,440 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 76,730 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 70,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा चेन्नई में 24 कैरेट सोना आज 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में भी 24 कैरेट सोना 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 76,830 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 70,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं, पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 76,730 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 70,340 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 76,830 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 70,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी गिरावट आने की वजह से सोना सस्ता हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 76,680 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 70,290 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।     recent visitors 114

रतन टाटा ने की थी विदेशी कंपनियों को खरीदने की शुरुआत, JLR को खरीदकर टाटा मोटर्स ग्लोबल प्लेयर बन गई

नई दिल्ली दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का 9 अक्टूबर की देर रात देहांत हो गया। यह भारतीय कारोबार जगत के लिए एक स्वर्णिम युग के अंत सरीखा है। रतन टाटा साल 1991 में जेआरडी टाटा की जगह टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने। उन्होंने एक के बाद एक कंपनियों को खरीदकर टाटा ग्रुप के साम्राज्य को बढ़ाया। ये सौदे न सिर्फ देश में हुए, बल्कि रतन टाटा ने कई बड़ी विदेशी कंपनियों को खरीदा। टाटा कंज्यमूर प्रोडक्ट्स पहले टाटा टी नाम से कारोबार करती थी। इसने साल 2000 में दिग्गज ब्रिटिश चाय कंपनी- टेटली (Tetley Tea) को खरीदा। यह डील 45 करोड़ डॉलर में हुई। इस डील ने दुनिया को इसलिए भी हैरान किया, क्योंकि टेटली साइज में टाटा के मुकाबले दोगुनी बड़ी थी। इस डील के बाद टाटा टी दुनिया की सबसे बड़ी चाय कंपनियों में शुमार हो गई। यह पहली दफा था, जब किसी भारतीय कंपनी ने विदेशी कंपनी का अधिग्रहण किया हो। इससे टाटा ग्रुप के वैश्विक विस्तार की शुरुआत भी हो गई। दो बड़े ऑटोमेकर की खरीद टाटा मोटर्स ने दुनिया के दो बड़े ऑटोमेकर को खरीदा। पहली डील साल 2004 में हुई दक्षिण कोरिया की देवू (Daewoo) से। टाटा मोटर्स ने देवू की कमर्शियल व्हीकल यूनिट को 10.2 करोड़ डॉलर में खरीद लिया। इससे टाटा ग्रुप के पास ट्रक बनाने वाली एडवांस तकनीक आ गई। फिर टाटा मोटर्स ने 2008 में अमेरिकी ऑटोमेकर फोर्ड से Jaguar Land Rover (JLR) की खरीदा। इस 230 करोड़ डॉलर की डील ने टाटा मोटर्स को ऑटो सेक्टर की वैश्विक कंपनी बना दिया। दो स्टील कंपनियों से डील टाटा स्टील ने रतन टाटा की अगुआई में दो बड़े सौदे करके अपना दबदबा बढ़ाया। पहली डील2004 में हुई, जब टाटा स्टील ने सिंगापुर की स्टील कंपनी NatSteel को 48.6 करोड़ डॉलर में खरीदा। वहीं, दूसरा सौदा 2007 में हुआ। इस बार टाटा स्टील ने ब्रिटेन की Corus Steel को 1290 करोड़ डॉलर में खरीदा। यह अपने समय की सबसे बड़ी डील थी और इसने टाटा स्टील की दुनिया की टॉप-10 स्टील कंपनियों में शुमार कर दिया। अमेरिकी होटल में भी चेक-इन टाटा ग्रुप की होटल कंपनी- ताज होटल ने साल 2006 में अमेरिका के The Ritz-Carlton Boston Hotel को खरीदा। यह सौदा करीब 17 करोड़ डॉलर में हुआ। इससे ताज लग्जरी ब्रांड को वैश्विक विस्तार का मौका मिला और कंपनी ग्लोबल हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में अपना दबदबा मजबूत किया। Brunner Mond को खरीदा टाटा ग्रुप की केमिकल कंपनी टाटा केमिकल्स ने 9 करोड़ पौंड में ब्रिटेन की सोडा ऐश बनाने वाली Brunner Mond को अपना बना लिया। इस अधिग्रहण की बदौलत टाटा केमिकल्स सोडा ऐश बनाने के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो गई। Starbucks के साथ ज्वाइंट वेंचर टाटा ग्लोबल बेवरेजेज ने अमेरिका की Starbucks के साथ फ्रेंचाइजी मॉडल की डील की। यह एक ज्वाइंट वेंचर था। इसकी बदौलत टाटा ग्रुप को भारत में स्टारबक्स आउटलेट्स लॉन्च करने की इजाजत मिल गई और उसने तेजी से बढ़ रहे कॉफी रिटेल मार्केट में एंट्री कर ली। BigBasket का अधिग्रहण रतन टाटा ने साल 2012 में रिटायर हो गए थे, लेकिन वह टाटा ग्रुप के चेयरमैन एमेरिटस बने रहे। टाटा ग्रुप ने मई 2021 में बिग बास्केट का अधिग्रहण किया। टाटा डिजिटल ने बिग बास्केट में मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदी। इससे टाटा ग्रुप के लिए ई-कॉमर्स सेक्टर में एंट्री का रास्ता साफ हो गया। Air India को फिर अपना बनाया एयर इंडिया के साथ टाटा ग्रुप का भावनात्मक रिश्ता रहा है। इसकी शुरुआत 1930 के दशक में जेआरडी टाटा ने की थी। लेकिन, साल 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। साल 2022 में टाटा सन्स ने 18,000 करोड़ में एयर इंडिया को खरीदा। तब टाटा ग्रुप के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन और चेयरमैन एमेरिटस रतन टाटा थे। recent visitors 174

रतन टाटा के बाद अब कौन संभालेगा टाटा ग्रुप, जानें कैसे चुना जाएगा उत्तराधिकारी, कौन है रेस में सबसे आगे

मुंबई टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा अब इस दुनिया में नहीं रहे। 86 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। इसके साथ ही टाटा समूह की कमान को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि रतन टाटा के बाद अब अगुवाई कौन करेगा। हालांकि, इस रेस में कई नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन सबसे आगे उनके सौतेले भाई नोएल टाटा का नाम है। हालांकि, अब तक समूह की तरफ से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कौन हैं नोएल टाटा नवल एच टाटा और सिमोन एन टाटा के बेटे हैं। टाटा इंटरनेशनल की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, नोएल टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। वह टाटा समूह से 40 सालों से जुड़े हुए हैं और टाटा ग्रुप की कई कंपनियों में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हैं। वह ट्रेंट, टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड, वोल्टास और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं। साथ ही वह नोएल स्टील और टाइटन कंपनी लिमिटेड के वाइस चेयरमैन हैं। वह सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के बोर्ड के ट्रस्टी भी हैं। उन्होंने ब्रिटेन की ससेक्स यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल की है। साथ ही INSEAD से इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम पूरा किया है। नोएल टाटा के 3 बच्चे टाटा ट्रस्ट्स में हैं शामिल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा समूह ने नोएल टाटा के 3 बच्चों को परोपकारी संस्थाओं के बोर्ड में शामिल किया था। इनमें लेह, माया और नेविल का नाम शामिल है। खास बात है कि इन नियुक्तियों से ट्रस्ट्स की 132 साल पुरानी परंपरा में भी बदलाव के संकेत मिलते हैं, जहां पहले आमतौर पर दिग्गजों को ट्रस्टीशिप दी जाती थी। लेह, माया और नेविल टाटा की कई कंपनियों में मैनेजर लेवल के पदों पर भी हैं। इन ट्रस्टों में शामिल अन्य लोगों ने सिटी इंडिया के पूर्व सीईओ परमीत झावेरी सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और रतन टाटा के छोटे भाई जिमी टाटा और जहांगीर अस्पताल के सीईओ जहांगीर एचसी जहांगीर सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं. कैसे चुने जाते हैं इन ट्रस्टों के चेयरमैन टाटा ट्रस्ट के प्रमुख का चुनाव ट्रस्टियों में से बहुमत के आधार पर होता है. विजय सिंह और वेणु श्रीनिवास इन दोनों ट्रस्टों के उपाध्यक्ष हैं. लेकिन इनमें से किसी एक के प्रमुख चुने जाने की संभावना अपेक्षाकृत कम है. जिस व्यक्ति को टाटा ट्रस्ट का प्रमुख बनाए जाने की अधिक संभवाना है, वो है 67 साल के नोएल टाटा. नोएल की नियुक्ति से पारसी समुदाय भी खुश होगा. रतन टाटा पारसी थे. इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि एक पारसी है इस संगठन का नेतृ्त्व करे. इस ट्रस्ट ने वित्त वर्ष 2023 में 470 करोड़ रुपये से अधिक का दान दिया था. पारसी को प्राथमिकता एक ऐतिहासिक तय्थ यह भी है कि केवल पारसियों ने ही टाटा ट्रस्ट की कमान संभाली है. हालांकि कुछ के नाम में टाटा नहीं लगा था और उनका ट्रस्ट के संस्थापक परिवार से कोई सीधा रिश्ता नहीं था. अगर नोएल टाटा इन ट्रस्टों के प्रमुख चुने जाते हैं तो वे सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के 11वें अध्यक्ष और सर रतन टाटा ट्रस्ट के छठे अध्यक्ष बनेंगे. नोएल चार दशक से अधिक समय से टाटा समूह से जुड़े हुए हैं. वो ट्रेंट, टाइटन और टाटा स्टील समेत छह प्रमुख कंपनियों के बोर्ड में हैं. उन्हें 2019 में सर रतन टाटा ट्रस्ट का ट्रस्टी नियुक्त किया गया था. वो 2022 में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल किए गए थे. टाटा का कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद माना जाता था कि वो टाटा संस के चेयरमैन का पद संभालेंगे. लेकिन उस पर नोएल के बहनोई साइरस मिस्त्री को बैठा दिया गया. टाटा संस से साइरस मिस्त्री के निकाले जाने के बाद टाटा संस के अध्यक्ष की कमान टीसीएस के सीईओ एन चंद्रशेखरन ने संभाली.नोएल और रतन टाटा कभी एक साथ नजर नहीं आए. दोनों ने अपने बीच दूरी बनाए रखी.हालांकि रतन टाटा के अंतिम दिनों में अपने सौतेले भाई से रिश्ते काफी मधुर हो गए थे. recent visitors 192

रतन टाटा ने Upstox कंपनी में कमाया 23000% प्रॉफिट, यह थी आखिरी डील

नई दिल्ली  टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के चेयरमैन एमिरेटस रतन टाटा का निधन हो गया है। उन्होंने 86 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन पर पूरे देश में शोक की लहर है। रतन टाटा 1991 से 2012 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे। इस दौरान टाटा ग्रुप का प्रॉफिट 51 गुना बढ़ा जबकि उसके मार्केट कैप में 33 गुना तेजी आई। टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से हटने के बाद उन्होंने कई स्टार्टअप कंपनियों में निवेश किया था। हाल में उन्होंने ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म अपस्टॉक्स में अपनी 0.06% हिस्सेदारी लगभग 20 लाख डॉलर (लगभग 18 करोड़ रुपये) में बेची थी। उन्हें कंपनी में अपने मूल निवेश पर 23,000% रिटर्न मिला। टाटा ने आठ साल पहले अपस्टॉक्स में निवेश किया था। टाटा ने साल 2016 में कंपनी में 1.33% हिस्सेदारी खरीदी थी। इस शेयर बिक्री के बाद अपस्टॉक्स में टाटा की हिस्सेदारी 1.27% रह गई। अपस्टॉक्स में अब भी उनकी होल्डिंग्स का 95% हिस्सा बचा हुआ है। इस कंपनी के भविष्य में पब्लिक होने की योजना है। अपस्टॉक्स से पहले रतन टाटा ने आईपीओ रूट के माध्यम से बेबी केयर प्लेटफॉर्म फर्स्टक्राई के कुछ शेयर बेचे थे। किस-किसमें था निवेश कई दशक तक टाटा ग्रुप का नेतृत्व करने के बाद रतन टाटा ने कई स्टार्टअप कंपनियों में बतौर एंजेल इनवेस्टर निवेश किया। इनमें आईवियर ब्रांड Lenskart, बेबी प्रॉडक्ट्स ब्रांड Firstcry, सर्विसेज प्लेटफॉर्म Urban Company और बिजनस-टु-बिजनस मार्केटप्लेस Moglix शामिल हैं। पेटीएम, ओला और स्नैपडील में भी उनका निवेश रहा। टाटा ने करीब 50 स्टार्टअप कंपनियों में निवेश किया और इमें से ज्यादातर का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा। FirstCry जैसी कंपनियों ने आईपीओ के दौरान शानदार रिटर्न दिया। recent visitors 72

उद्योगपति डॉ. नितिन वर्मा के सेंट्रल ग्रुप का शुभारंभ भोपाल में सफलतापूर्वक किया

भोपाल मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित उद्योगपति डॉ. नितिन वर्मा के सेंट्रल ग्रुप का शुभारंभ दिनांक 9 अक्टूबर 2024 को भोपाल शहर में सफलतापूर्वक हुआ। सेंट्रल ग्रुप के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD), डॉ. नितिन वर्मा एवं उनकी टीम के इस ग्रुप के अंतर्गत हेल्थ केयर सेक्टर, फार्मास्यूटिकल सेक्टर, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग सेक्टर, मीडिया सेक्टर, स्पोर्ट्स सेक्टर, तथा इंश्योरेंस के साथ-साथ विभिन्न सेक्टर्स भी सम्मिलित है। सेंट्रल ग्रुप की जानकारी देते हुए डॉ. वर्मा ने यह बताया कि इस ग्रुप की शुरुआत 2015 में गुजरात से हुई, जिसका विस्तार उन्होंने दिल्ली एवं मध्यप्रदेश में भी किया है। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने यह बताया है कि हेल्थ केयर सेक्टर में, सेंट्रल ग्रुप ऑफ हॉस्पिटलस, फार्मास्यूटिकल सेक्टर में, सर्कल-एन (CIRCLE-N) फार्मेसी, एजुकेशन सेक्टर में, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स सेक्टर में एस्पायर स्पोर्ट्स (ASPIRE SPORTS), इंश्योरेंस सेक्टर में कोटक हेल्थ एंड लाइफ इंश्योरेंस, मीडिया सेक्टर में, दैनिक राज्यरानी खबर जैसे स्टार्टअप शामिल हैं। recent visitors 130

अडानी ने कहा कि भारत ने ‘एक दिग्गज, एक दूरदर्शी व्यक्ति को खो दिया है जिन्होंने आधुनिक भारत के मार्ग को फिर से परिभाषित किया

मुंबई उद्योगपति रतन टाटा नहीं रहे। उन्होंने मुंबई स्थिति अस्पताल में बुधवार को अंतिम सांस ली। रिलायंस के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने रतन टाटा को भारत के सबसे प्रतिष्ठित और परोपकारी बेटों में से एक बताया। अंबानी के अलावा अरबपति गौतम अडानी और ऑटो क्षेत्र के दिग्गज आनंद महिंद्रा ने भी टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया। अंबानी ने कहा, 'यह भारत के लिए बहुत दुखद दिन है। रतन टाटा का जाना सिर्फ टाटा समूह ही नहीं, बल्कि हर भारतीय के लिए बहुत बड़ी क्षति है। व्यक्तिगत स्तर पर रतन टाटा के जाने से मैं बेहद दुख में हूं, क्योंकि मैंने अपने एक अच्छे दोस्त को खो दिया है। उनके साथ हुई कई मुलाकातों में हर बार मुझे प्रेरित किया, ऊर्जा दी और उनके अपनाए हुए मूल्यों के प्रति मेरा सम्मान बढ़ाया।' उन्होंने आगे कहा, 'रतन टाटा दूरदर्शी कारोबारी और परोपकारी थे, जो हमेशा समाज की अच्छाई के लिए काम करते थे।' उन्होंने कहा, 'रतन टाटा के जाने से भारत ने सबसे पुत्र और दयालु बेटे को खो दिया है। टाटा ने भारत को दुनिया के सामने रखा और दुनिया की अच्छी चीजों को भारत लेकर आए। उन्होंने टाटा घराने को संस्थागत बनाया और साल 1991 में टाटा समूह संभालने के बाद इसे 70 गुना बढ़ा दिया।' उ्होंने कहा, 'रिलायंस, नीता और अंबानी परिवार की तरफ से मैं टाटा परिवार के शोकाकुल सदस्यों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। रतन, आप हमेशा मेरे दिल में रहेंगे।' अडानी ने कहा कि भारत ने ‘एक दिग्गज, एक दूरदर्शी व्यक्ति को खो दिया है जिन्होंने आधुनिक भारत के मार्ग को फिर से परिभाषित किया।’ उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘रतन टाटा सिर्फ एक कारोबारी नेता नहीं थे, उन्होंने ईमानदारी, करुणा और व्यापक भलाई के लिए एक अटूट प्रतिबद्धता के साथ भारत की भावना को मूर्त रूप दिया। उनके जैसे दिग्गज अमर रहते हैं। ओम शांति।’ आनंद महिंद्रा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ‘ऐतिहासिक छलांग’ लगाने के कगार पर है और टाटा के ‘जीवन और कार्य का हमारे इस स्थिति में आने में बहुत बड़ा योगदान है।’ recent visitors 77

अपनी ही कंपनी में कर्मचारी बनकर रतन टाटा ने की थी शुरुआत

भारत के जाने-माने बिजनेसमैन और टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का बुधवार देर शाम निधन (Ratan Tata Dies) हो गया. 86 साल की उम्र में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. उन्हें उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं होने के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. 28 दिसंबर 1937 को पारसी फैमिली में जन्मे रतन टाटा का जीवन लोगों के प्रेरणादायक रहा है और ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं. उन्होंने अपनी ही कंपनी में कर्मचारी बनकर काम किया, तो दूसरी ओर अपने कारोबार से होने वाली आमदनी का 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा दान करके देश के सबसे बड़े दानवीरों में शुमार रहे. यही नहीं उन्होंने अपनी काबिलियत की दम पर जिसे छुआ सोना बना दिया और कई लोगों की किस्मत भी बदली. आइए 10 तस्वीरों में जानते हैं उनके जीवन की झलक…   बचपन में माता-पिता हुए अलग, दादी ने पाला दिवंगत रतन टाटा (Ratan Tata) का जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था और लेकिन उनका बचपन बहुच अच्छा नहीं बीता, दरअसल बचपन में ही 1948 उनके माता-पिता अलग हो गए थे और इसके बाद रतन टाटा का पालन-पोषण उनकी दादी नवाजबाई टाटा ने किया था.      अमेरिका से ली आर्किटेक्चर की डिग्री शुरुआती शिक्षा के बाद Ratan Tata हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी गए और वहां से बी.आर्क की डिग्री प्राप्त की थी. पढ़ाई पूरी कर भारत लौटने से पहले उन्होंने करीब 2 साल तक लॉस एंजिल्स में जोन्स और इमन्स के साथ कुछ समय के लिए नौकरी भी की थी. साल 1962 के अंत में दादी नवाजबाई टाटा की तबीयत खराब होने चलते वह नौकरी छोड़कर भारत वापस लौट आए थे. विदेश में प्यार, लेकिन नहीं हो सकी शादी रतन टाटा ने कभी शादी नहीं की, लेकिन ऐसा नहीं है कि उन्हें कभी किसी से प्यार नहीं हुआ. एक इंटरव्यू के दौरान खुद रतन टाटा ने अपनी लव लाइफ के बारे में विस्तार से बताया था. उन्होंने कहा था कि उनकी जिंदगी में प्यार ने एक नहीं बल्कि चार बार दस्तक दी थी, लेकिन मुश्किल दौर के आगे उनके रिश्ते शादी के मुकाम तक पहुंच नहीं सके. दादी की तबीयत खराब होने के चलते वे अमेरिका से भारत आ गए थे, लेकिन उनकी प्रेमिका भारत नहीं आना चाहती थीं. उसी वक्त भारत-चीन का युद्ध भी छिड़ा हुआ था. आखिर में उनकी प्रेमिका ने अमेरिका में ही किसी और से शादी कर ली. इसके बाद उन्होंने अपना पूरा ध्यान टाटा ग्रुप पर लगाया और समूह की कंपनियों को आगे बढ़ाने पर काम किया. टाटा स्टील से ऐसे की शुरुआत अमेरिका से भारत लौटने के बाद अपने पारिवारिक बिजनेस ग्रुप Tata के साथ करियर शुरू किया. लेकिन आपको बता दें कि जिस कंपनी ने Tata Family के सदस्य मालिक की पोजीशन पर थे, उस कंपनी में रतन टाटा ने एक सामान्य कर्मचारी के तौर पर काम शुरू किया. इस दौरान उन्होंने टाटा स्टील के प्लांट में चूना पत्थर को भट्ठियों में डालने जैसे काम भी किए और बिजनेस की बारीकियों को सीखीं थी.     Tata Steel में काम करने के बाद साल 1991 में उन्होंने टाटा ग्रुप की कमान थामी और फिर शुरू हो गया टाटा की कंपनियों के बुलंदियों पर पहुंचने का सिलसिला. उन्होंने कारोबार विस्तार पर फोकस करना शुरू कर दिया. कारोबार के विस्तार पर किया फोकस टाटा समूह की बागडोर संभालने के बाद, उन्होंने वैश्विक विस्तार किया और टाटा टी (Tata Tea), टाटा मोटर्स (Tata Motors), टाटा स्टील (Tata Steel) जैसी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाया. आज इन कंपनियों का कोराबार बहुत बड़ा हो चुका है और ये कंपनियां लाखों लोगों को रोजगार मुहैया करा रही हैं. JRD Tata के बाद सबसे योग्य उत्तराधिकारी जब Tata Group में जेआरडी का उत्तराधिकारी चुनने की बारी आई, तो उस समय रतन टाटा सबसे योग्य व्यक्ति थे, जो उनकी जगह ले सकते थे और समूह की कमान संभालने के बाद उन्होंने इसे साबित भी किया. हर बड़े फैसले में JRD की राय   JRD Tata के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए उन्होंने टाटा ग्रुप के कारोबार के विस्तार से जुड़े कई अहम फैसले लिए. हालांकि, कमान हाथ में लेने के बाद भी वो जेआरडी टाटा से हर बड़े कदम पर पर राय मशविरा जरूर करते थे. साल 1993 की ये तस्वीर कुछ यही बयां कर रही है.          ऑटो दिग्गज फोर्ड को झुकाया 90 के दशक में ऑटोमोबाइल सेक्टर में फोर्ड (Ford) का बड़ा नाम था, लेकिन टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Motors के हाल ठीक नहीं थे और रतन टाटा ने इसकी पैसेंजर कार डिविजन को बेचने का मन बनाते हुए फोर्ड के साथ डील की थी. लेकिन अमेरिकन कार निर्माता फोर्ड मोटर्स के चेयरमैन बिल फोर्ड ने डील के दौरान मजाक उड़ाते रतन टाटा का अपमान किया था. इसके बाद उन्होंने बिक्री का प्लान कैंसिल किया और टाटा मोटर्स को आगे बढ़ाने पर फोकस किया, महज 9 साल में बाजी पलटी और फोर्ड के दो लोकप्रिय ब्रांड जैगुआर और लैंड रोवर को खरीदकर Bill Ford को झुकने पर मजबूर कर दिया. सरकार से मिला बड़ा सम्मान रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा ग्रुप का कारोबार (Tata Group Business) तेजी से आगे बढ़ा और देश ही नहीं दुनियाभर में TATA का डंका बजा. अपने मेहनत और काबिलियत की दम पर विशान साम्राज्य खड़ा करने वाले रतन टाटा को भारत सरकार की ओर से बड़े सम्मान मिले. साल 2000 में जहां रतन टाटा को पद्म भूषण दिया गया, तो साल 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्‍मानित किया गया था. देश को दी लखटकिया कार रतन टाटा ने एक ऐसा सपना देखा था, जिसे पूरा करना शायद हर किसी के बस में नहीं होता, लेकिन Ratan Tata ने ये कर दिखाया. हम बात कर रहे हैं देश की पहली लखटकिया कार Tata Nano के बारे में, भारत के आम आदमी को एक लाख में कार खरीदने का मौका रतन टाटा ने ही दिया था. उन्होंने बाजार में 2008 में टाटा नैनो उतारी, हालांकि यह कार उनकी उम्मीदों के अनुसार बाजार में धमाल नहीं दिखा पाई. रतन टाटा थे बड़े डॉग लवर दिवंगत Ratan Tata को बड़ा बिजनेसमैन, दरियादिल इंसान के … Read more

मोदी सरकार ड्रोन क्षेत्र में अगली पीएलआई योजना लाने का प्रयास कर रही है

नई दिल्ली  सरकार ड्रोन क्षेत्र के लिए एक नई उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लाने की योजना बना रही है। यह योजना कार्यान्वयन, दस्तावेजीकरण और अन्य पहलुओं के संदर्भ में अधिक प्रभावी होगी। नागर विमानन सचिव वुमलुनमंग वुआलनाम ने कहा कि सरकार ड्रोन क्षेत्र में अगली पीएलआई योजना लाने का प्रयास कर रही है। ड्रोन क्षेत्र के लिए पहली पीएलआई योजना 120 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 2021 में लाई गई थी। तीन वित्त वर्षों (2021-24) के लिए लाई गई यह योजना अब बंद हो गई है। नागर विमानन सचिव ने स्वीकार किया कि पहली योजना के तहत कुछ प्रक्रियाएं ड्रोन क्षेत्र में स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के लिए बोझिल थीं, लेकिन सरकार कार्यान्वयन, दस्तावेजीकरण और अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के संदर्भ में अधिक कुशल पीएलआई योजना पर विचार करेगी। वुआलनाम के अनुसार, ड्रोन क्षेत्र को तीन खंडों- नागरिक उपयोग, सुरक्षा/रक्षा बलों द्वारा उपयोग, तथा ड्रोन के अवैध या अनियमित उपयोग में विभाजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें इस बारे में बहुत स्पष्ट होना होगा कि हम इन तीनों क्षेत्रों में कैसे काम करते हैं।” उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ड्रोन के गलत उपयोग की कुछ घटनाएं युवाओं, स्टार्टअप और महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा ड्रोन का अधिक उपयोग किए जाने में बाधा बन सकती हैं। उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि… ड्रोन रोधी प्रौद्योगिकियां विकसित की जा रही हैं।” फिक्की ने एक परिचर्चा पत्र में सुझाव दिया है कि नई योजना के अंतर्गत परिव्यय को बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये किया जाना चाहिए, ताकि स्टार्टअप और नए उद्यमियों को अधिक स्वदेशी कलपुर्जों और उप-प्रणालियों के साथ ड्रोन विकसित करने में सहायता मिल सके। नागर विमानन सचिव ने कहा कि नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 3,000 और ड्रोन खरीदने के लिए निविदाएं तैयार हैं। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कृषि ड्रोन प्रदान करना है और 15,000 ड्रोन महिलाओं के नेतृत्व वाले एसएचजी को दिए जाएंगे। वुआलनाम ने कहा कि 1,000 ड्रोन की पहली खेप को हासिल कर लिया गया है और वितरित कर दिया गया है। योजना के तहत 3,000 ड्रोन के लिए निविदाएं तैयार हैं और संबंधित एजेंसियों द्वारा जल्द ही जारी की जाएंगी।     recent visitors 75

अडानी की नेटवर्थ में 4.35 अरब डॉलर की तेजी आई, नेटवर्थ 101 अरब डॉलर पहुंच गई

नई दिल्ली  लगातार छह दिन की गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजार में तेजी लौटी। शुरुआत में मार्केट में भारी उतारचढ़ाव दिख रहा था लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनावों की मतगणना आगे बढ़ने के साथ ही शेयर मार्केट में तेजी दिखने लगी। इस तेजी से सबसे ज्यादा फायदे में गौतम अडानी रहे। अडानी ग्रुप के चेयरमैन की नेटवर्थ में  4.35 अरब डॉलर यानी करीब 36,505 करोड़ रुपये की तेजी आई। इसके साथ ही वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में दो स्थान की छलांग लगाते हुए 16वें नंबर पर पहुंच गए हैं। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ 101 अरब डॉलर पहुंच गई है। अडानी  एनवीडिया के फाउंडर और सीईओ जेंसन हुआंग के बाद सबसे ज्यादा कमाई करने वाले शख्स रहे। हुआंग की नेटवर्थ में 4.36 अरब डॉलर की तेजी आई। अडानी की नेटवर्थ में इस साल 16.3 अरब डॉलर की तेजी आई है। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में भी  तेजी रही। उनकी नेटवर्थ 2.12 अरब डॉलर की तेजी के साथ 106 अरब डॉलर पहुंच चुकी है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 9.90 अरब डॉलर की तेजी आई है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 14वें नंबर पर हैं। अंबानी और अडानी की नेटवर्थ में अब केवल 5 अरब डॉलर का फासला रह गया है। कौन-कौन है टॉप 10 में इस बीच एलन मस्क 259 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में पहले नंबर पर बने हुए हैं। फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म के सीईओ मार्क जकरबर्ग 210 अरब डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर हैं। जेफ बेजोस ($206 अरब) तीसरे, बर्नार्ड अरनॉल्ट ($191 अरब) चौथे, लैरी एलिसन पांचवें ($185 अरब), बिल गेट्स ($161 अरब) छठे, लैरी पेज ($149 अरब) सातवें, स्टीव बाल्मर ($144 अरब) आठवें, वॉरेन बफे ($143 अरब) नौवें और सर्गेई ब्रिन ($140 अरब) दसवें नंबर पर हैं। recent visitors 73

दिवाली से पहले Home Loan लेने वालों को बड़ी राहत, आरबीआई गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास ने EMI पर बड़ा फैसला

नई दिल्ली नेशनल डेस्क आरबीआई गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की पिछली 9 बैठकों में ब्याज दरों को स्थिर रखने का निर्णय लिया गया है। बुधवार को तीन दिवसीय मीटिंग के बाद भी समिति ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। फरवरी 2023 में आखिरी बार रेपो रेट में संशोधन किया गया था, जब इसे 6.50% पर लाया गया था, और तब से यह दर स्थिर बनी हुई है। रेपो रेट में बदलाव न होने से आम जनता के होम लोन, ऑटो लोन और अन्य कर्जों पर ब्याज दरों में कोई असर नहीं पड़ेगा। रेपो रेट वही दर है, जिस पर केंद्रीय बैंक अन्य बैंकों को अल्पकालिक कर्ज प्रदान करता है, जिससे यह देशभर में उधारी की लागत को प्रभावित करता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि दरों में कटौती से रुपये की कमजोरी बढ़ सकती है। रुपये के कमजोर होने से आयात की लागत बढ़ेगी और भारतीय कंपनियों के लिए इनपुट लागत भी प्रभावित हो सकती है। ग्रोथ पर रहेगा फोकस RBI का मुख्य फोकस आर्थिक विकास पर है, और दिसंबर या फरवरी में होने वाली आगामी मौद्रिक नीति समितियों (MPC) में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (BPS) की कटौती की संभावना अधिक है। मौजूदा समीक्षा बैठक सोमवार से शुरू हुई थी, और आज RBI दरों पर अपना फैसला सुनाएगा। 2023 के बाद से RBI ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, जबकि उससे पहले दरों में तेजी से वृद्धि हुई थी। recent visitors 82

आरबीआई ने वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को 7.3 और 7.2 से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत किया

मुंबई  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उपभोक्ता मांग तथा निवेश बेहतर रहने की संभावना के बीच चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के अनुमान को 7.2 प्रतिशत पर कायम रखा है। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने दूसरी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को 7.2 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही। पहले इसके 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। इसके अलावा आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही के अपने वृद्धि दर के अनुमान को क्रमश: 7.3 और 7.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई ने अगस्त में अपनी पिछली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर के 7.2 प्रतिशत पर रहने का ही अनुमान लगाया था। गवर्नर दास ने चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि भारत की वृद्धि गाथा कायम है क्योंकि वृद्धि को रफ्तार देने वाले कारक उपभोग तथा निवेश मांग में मजबूती है। उन्होंने कहा, ‘‘कुल मांग में महत्वपूर्ण हिस्सा रखने वाले निजी उपभोग की संभावनाएं बेहतर हैं क्योंकि कृषि परिदृश्य और ग्रामीण मांग की स्थिति बेहतर हुई है। सेवाओं में तेजी से शहरी मांग को भी समर्थन मिलेगा। केंद्र और राज्यों के सरकारी खर्च के बजट अनुमान के अनुरूप तेजी पकड़ने की उम्मीद है।’’ गवर्नर ने कहा कि उपभोक्ता और कारोबारी भरोसे से निवेश गतिविधियों को लाभ होगा। इसके अलावा सरकार निवेश पर जोर दे रही है और बैंकों तथा कॉरपोरेट जगत का बही-खाता भी मजबूत है। उन्होंने कहा, ‘‘ इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हमारा अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहेगी। दूसरी तिमाही में इसके सात प्रतिशत, तीसरी में 7.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।’’   मुद्रास्फीति पर सख्ती से लगाम लगानी होगी, अन्यथा यह फिर बढ़ सकती है: आरबीआई गवर्नर  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को बुधवार को 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि केंद्रीय बैंक को कीमतों की स्थिति पर कड़ी नजर रखनी होगी और ‘‘मुद्रास्फीति’’ पर सख्ती से लगाम लगानी होगी, नहीं तो इसमें फिर से तेजी आ सकती है। गवर्नर ने यह भी कहा कि लचीले मुद्रास्फीति लक्ष्य (एफआईटी) ढांचे को 2016 में लागू किए जाने के बाद से आठ वर्ष पूरे हो गए हैं और यह भारत में 21वीं सदी का एक प्रमुख संरचनात्मक सुधार है। केंद्रीय बैंक ने एफआईटी के तहत यह सुनिश्चित किया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर बनी रहे। आरबीआई ने 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को 4.5 प्रतिशत पर कायम रखा है। महंगाई दर के दूसरी तिमाही में 4.1 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए मुद्रास्फीति के 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जोखिम समान रूप से संतुलित हैं। दास ने कहा, ‘‘ प्रतिकूल आधार प्रभाव तथा खाद्य पदार्थों कीमतों में तेजी से सितंबर में महंगाई दर में तेजी देखने को मिल सकती है। अन्य कारकों के अलावा 2023-24 में प्याज, आलू और चना दाल के उत्पादन में कमी इसकी प्रमुख वजह होगी।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि अच्छी खरीफ फसल, अनाज के पर्याप्त भंडार और आगामी रबी मौसम में अच्छी फसल की संभावना से इस वर्ष की चौथी तिमाही में कुल मुद्रास्फीति की दर में क्रमिक रूप से नरमी आने का अनुमान है। दास ने कहा कि प्रतिकूल मौसम और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की स्थिति में मुद्रास्फीति के ऊपर जाने का जोखिम है। अक्टूबर में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। जुलाई और अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह आधार प्रभाव है। दास ने कहा कि खाद्य कीमतों में निकट अवधि में तेजी की आशंका के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमत को लेकर जो स्थितियां बन रही हैं उससे आगे कुल मुद्रास्फीति में कमी आने का संकेत मिलता है।     आरबीआई की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की चालू वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं- * मुख्य नीतिगत दर रेपो लगातार दसवीं बार 6.5 प्रतिशत पर यथावत। * फरवरी 2023 से रेपो दर में बदलाव नहीं। * मौद्रिक नीति रुख को बदलकर ‘तटस्थ’ किया गया। * यह पुनर्गठित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की पहली बैठक थी। * चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर बरकरार। * दूसरी तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान सात प्रतिशत, तीसरी तिमाही के लिए 7.4 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 7.4 प्रतिशत। * चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4.5 प्रतिशत पर कायम। * यूपीआई123पे (फीचर फोन के लिए) प्रति लेनदेन सीमा दोगुनी कर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव। * यूपीआई लाइट वॉलेट की सीमा बढ़ाकर 5,000 रुपये और प्रति लेनदेन सीमा बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का प्रस्ताव। * एमपीसी की अगली बैठक चार से छह दिसंबर को होगी।       recent visitors 63

खुशखबरी – नहीं बढ़ेगी होम लोन की EM , लगातार 10वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 6.5% पर कायम

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक की 51वीं एमपीसी बैठक के नतीजे (RBI MPC Meeting Results) आ गए हैं. केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) दो दिवसीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक के नतीजों का ऐलान करते हुए कहा कि इस बार भी नीतिगत दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यानी आपके लोन की ईएमआई न बढ़ेगी और न ही घटने वाली है. ये लगातार 10वीं बार है जबकि रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. इसके बाद रेपो रेट 6.50% पर बरकरार है. जबकि रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर और बैंक रेट 6.75% पर स्थिर रखा गया है. 6 में से 5 सदस्य बदलाव के पक्ष में नहीं RBI गवर्नर ने 7 अक्टूबर को शुरू हुई MPC Meet में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए कहा कि इस बार एमपीसी में 3 नए सदस्य जुड़े हैं और ग्लोबल हालातों समेत अन्य पहलुओं पर विचार करने के बाद बैठक के दौरान 6 में से 5 सदस्यों ने ब्याज दरों को यथावत रखने पर अपना वोट दिया. इसके साथ ही आरबीआई गवर्नर ने कहा कि पॉलिसी का रुख विद्ड्रॉल ऑफ अकमॉन्डेशन से चेंज करते हुए अब Neutral कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बने उतार-चढ़ाव भरे हालातों के बावजूद देश में महंगाई (Inflation) को काबू में रखने में हम कामयाब रहे हैं और इसके साथ ही Economic Growth को भी गति मिली है. Repo Rate का EMI पर असर RBI की MPC की बैठक हर दो महीने में होती है और इसमें शामिल रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास समेत छह सदस्य महंगाई समेत अन्य मुद्दों और बदलावों (Rule Changes) पर चर्चा करते हैं. यहां बता दें कि रेपो रेट का सीधा कनेक्शन बैंक लोन लेने वाले ग्राहकों से होता है. इसके कम होने से लोन की ईएमआई घट जाती है और इसमें इजाफा होने से ये बढ़ जाती है. दरअसल, रेपो रेट (Repo Rate) वह दर है जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक धन की किसी भी कमी की स्थिति में वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है. रेपो रेट का उपयोग मौद्रिक अधिकारियों द्वारा इंफ्लेशन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. जब लगातार बढ़ाया गया था रेपो रेट Repo Rate फिलहाल 6.5 फीसदी पर बना हुआ है. इससे पहले जब देश में महंगाई बेकाबू हो गई थी और 7 फीसदी के पार पहुंच गई थी. तब इसे काबू में लाने के लिए RBI ने लगातार रेपो रेट बढ़ाया था. इसमें मई 2022 से फरवरी 2023 तक कई बार बढ़ोतरी की गई थी और ये 2.5 फीसदी बढ़ा था. हालांकि, इसके बाद से ही केंद्रीय बैंक की ओर से किसी भी तरह का कोई बदलाव रेपो रेट में नहीं किया गया था. GDP को लेकर आरबीआई का अनुमान एमपीसी बैठक के नतीजों के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने FY2025 की दूसरी तिमाही के लिए GDP अनुमान 7.2 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी करने का ऐलान किया, तो वहीं तीसरी तिमाही के लिए ये 7.3 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी करने की जानकारी दी है. चौथी तिमाही के लिए भी जीडीपी ग्रोथ रेट को पहले के 7.2 फीसदी से बढ़ाकर 7.4 फीसदी किया गया है. इसके अलावा RBI ने अगले साल 2026 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी 7.3 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद जाहिर की है. महंगाई को लेकर गवर्नर ने क्या कहा? रेपो रेट को लगातार 10वीं बार स्थिर रखने के ऐलान के साथ ही रिजर्व बैंक के गवर्नर ने FY25 के लिए रिटेल महंगाई के अनुमान के बारे में भी बताया और कहा कि ये 4.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. Q2 के लिए अनुमान 4.1 फीसदी, Q3 के लिए 4.8 फीसदी और Q4 के लिए 4.2 फीसदी रखा गया है. वहीं अगले साल की पहली तिमाही में ये 4.3 फीसदी रहने का अनुमान है. इधर नतीजों का ऐलान उधर बाजार ने लगाई दौड़ आरबीआई ने लगातार 10वीं बार रेपो रेट को स्थिर रखने का ऐलान किया, तो इस खबर का असर सीधे शेयर बाजार पर दिखाई दिया. मिडिल ईस्ट में तनाव के माहौल के बीच Repo Rate स्थिर रखने का फैसला बाजार को पसंद आया और करीब 150 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा BSE Sensex अचानक दौड़ लगाते हुए 411 अंक चढ़कर 82,046.48 के लेवल पर पहुंच गया. BSE Nifty की बात करें, तो 25,190 के पार निकल गया.   recent visitors 78

SpiceJet बेड़े को करेगी बढ़ा, 10 एयरक्राफ्ट जोड़ेगा, पहला विमान इस तारीख को होगा शामिल, जानें पूरी बात

मुंबई घरेलू विमानन कंपनी स्पाइसजेट अगले महीने तक अपने बेड़े में 10 विमान और जोड़ेगी। पहला विमान 10 अक्टूबर को बेड़े में शामिल किया जाएगा। स्पाइसजेट ने  प्रेस विज्ञप्ति में कहा, इनमें से सात विमान पट्टे पर लिए जाएंगे, जबकि बंद खड़े तीन विमानों को पुनः बेड़े में शामिल किया जा रहा है। ‘लाइव एयरक्राफ्ट फ्लीट ट्रैकिंग’ वेबसाइट प्लेनस्पॉटर.नेट के अनुसार, गुरुग्राम मुख्यालय वाली विमानन कंपनी के पास केवल 19 विमान परिचालन में हैं, जबकि आठ अक्टूबर तक उसके 36 विमान बंद खड़े थे। स्पाइसजेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा, ‘‘यह अतिरिक्त विमान (10 विमान) महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ अपनी परिचालन क्षमताओं को भी मजबूत कर रहे हैं।’’ यह घोषणा स्पाइसजेट के पिछले महीने पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) के जरिये 3,000 करोड़ रुपये की नई पूंजी प्राप्त करने के बाद की गई है।   recent visitors 91

इंस्टाग्राम की सर्विस ठप हुई, फ्रीड रिफ्रेश करने में आ रही यूजर्स को परेशानी

नई दिल्ली  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पिछले कुछ समय से डाउन है। इसकी शिकायत यूजर्स ने डाउनडिटेक्टर और एक्स हैंडल पर की है। यूजर्स को फ्रीड रिफ्रेश करने में परेशानी आ रही है। शाम 6 बजे डाउन डिटेक्टर पर 69 रिपोर्ट थीं। अधिकतर यूजर्स ऐसे हैं जिन्हें लॉगइन करने में परेशानी आ रही है। ये परेशानी क्यों आई इस बारे में जानकारी नहीं है। इंस्टाग्राम वेब और फोन दोनों यूजर्स के लिए डाउन है। एक्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई यूजर्स द्वारा जानकारी दी गई है कि इंस्टा ने काम करना बंद कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई रील्स या पोस्ट या स्टोरी ओपन नहीं हो पा रही है और न ही यूजर्स इन्हें अपलोड कर पा रहे हैं। वेब यूजर्स को इंस्टाग्राम ओपन करने पर “Sorry, Something Went Wrong” लिखा देखने को मिल रहा है। साथ ही उस नोटिफिकेशन में जानकारी दी गई है कि इस पर वो काम कर रहे हैं और कुछ ही देर में समस्या का सही कर देंगे। इसके साथ ही बैक पेज पर जाने के लिए कहा जा रहा है। recent visitors 105

Sensex पहले धड़ाम… फिर BJP की वापसी पर पकड़ी तूफानी रफ्तार

मुंबई हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के रिजल्ट आने शुरू हो गए हैं. अभी तक के रुझानों पर नजर डालें, तो जहां हरियाणा में शुरुआत में BJP को नुकसान होता नजर आ रहा था, लेकिन अचानक Congress और भाजपा एक रफ्तार बनाए नजर आने लगीं.  वहीं जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस बढ़त बनाए दिख रही है. देश के दो राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों  का असर शेयर बाजार (Stock Market) पर भी देखने को मिल रहा है और इसकी चाल बदली-बदली नजर आ रही है. मंगलवार को इलेक्शन रिजल्ट वाले दिन Sensex पहले करीब गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुआ और कुछ ही देर में रफ्तार पकड़ते हुए 400 अंक से ज्यादा उछल गया. नतीजों के साथ ही बदली बाजार की चाल सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार (Share Market) में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स और निफ्टी की इस बदली-बदली चाल ने निवेशकों को भी हैरान कर दिया है. अगर BSE Sensex की बात करें, तो अपने पिछले बंद 81,050 की तुलना में ये इंडेक्स गिरावट के साथ 80,826.56 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ देर बाद ये गिरावट तेजी में तब्दील हो गई. 10.48 बजे पर खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स करीब 433 अंकों की बढ़त लेकर 81,483.60 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. NSE Nifty भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता नजर आया और सोमवार के बंद 24,795.75 की तुलना में चढ़कर 24,832.20 के स्तर पर खुला और ये बढ़त के साथ 24,942 पर कारोबार करने लगा. मार्केट खुलने पर 1380 शेयरों में गिरावट शेयर बाजार ने बीते छह दिनों में बड़ी गिरावट देखी और मंगलवार की शुरुआत भी फ्लैट रही. इस बीच जैसे ही शेयर मार्केट में कारोबार शुरू हुआ. लगभग 974 शेयर हरे निशान पर खुले, जबकि 1380 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपनिंग की. इस बीच 144 शेयर ऐसे रहे, जिनकी स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. Nifty पर HUL, M&M, Cipla, Shriram Finance, Trent के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही थी. तो वहीं Tata Steel, Hindalco, Tata Motors, Power Grid Corp और JSW Steel के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. अचानक इन शेयरों ने लगाई छलांग सबसे ज्यादा तेजी के साथ भागने वाले शेयरों की बात करें, तो सुबह 10.40 बजे तक लार्जकैप कंपनियों में शामिल Adani Port Share 2.49%, NTPC Share 2.01%, M&M Share 2%, SBI Share 1.75% की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था. वहीं मिडकैप कंपनियों में शामिल Paytm Share 5.49%, BHEL 3.70%, RVNL 3.53%, Mazgaon Dock SHare 3.52%, Indian Hotel Share 3.21% चढ़कर ट्रेड कर रहे थे. स्मालकैप कंपनियों में शामिल शेयरों में Dhani Share 11.32%, जबकि PGEL Share 8.16% चढ़ गया. कल उछलकर धराशायी हुआ था बाजार शेयर मार्केट (Stock Market) में बीते छह कारोबारी दिनों से जारी भारी बिकवाली का असर निवेशकों की संपत्ति पर दिखाई दिया है. इन 6 दिनों में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मार्केट कैप बुरी तरह टूटा है (BSE MCap Fall) और इस गिरावट के बीच निवेशकों की दौलत करीब 25 लाख करोड़ रुपये घट गई है. सोमवार को BSE Sensex 638.45 अंक की गिरावट के साथ 81,050 के स्तर पर क्लोज हुआ. बीते छह दिनों से जारी गिरावट में निवेशकों 25 लाख करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है. recent visitors 87

वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 2,75,681

देश में सुस्त मांग के कारण सितंबर में वाहनों की खुदरा बिक्री में गिरावट सितंबर में कुल वाहनों का पंजीकरण घटकर 17,23,330 इकाई रह वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 2,75,681 नई दिल्ली देश में सुस्त मांग के कारण सितंबर में वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर नौ प्रतिशत की गिरावट आई है। उद्योग संगठन फाडा ने सोमवार को यह जानकारी दी। सितंबर में कुल पंजीकरण घटकर 17,23,330 इकाई रह गया, जो पिछले साल इसी महीने 18,99,192 इकाई था। यात्री वाहनों और दोपहिया वाहनों सहित अधिकतर श्रेणियों में सालाना आधार पर गिरावट देखी गई। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष मनीष सी. एस. विग्नेश्वर ने बयान में कहा, ‘‘गणेश चतुर्थी और ओणम जैसे त्यौहारों के बावजूद डीलरों ने बताया कि प्रदर्शन काफी हद तक स्थिर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि निकट आ रहे बड़े त्यौहारों के मद्देनजर फाडा ओईएम (मूल उपकरण विनिर्माता) से वित्तीय झटके से बचने के लिए तत्काल सुधारात्मक उपाय करने का आग्रह किया है। यात्री वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटकर 2,75,681 इकाई रह गई, जो एक वर्ष पूर्व इसी महीने 3,39,543 इकाई थी। विग्नेश्वर ने कहा, ‘‘श्राद्ध और पितृपक्ष के साथ-साथ भारी वर्षा तथा सुस्त अर्थव्यवस्था ने स्थिति को और खराब कर दिया है….’’ वहीं वाणिज्यिक वाहनों का पंजीकरण पिछले वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही के 4,80,488 इकाई से मामूली रूप से घटकर चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 4,77,381 इकाई रह गया। उद्योग संगठन फाडा ने आंकड़े देश भर के 1,429 आरटीओ में से 1,365 से एकत्रित किए हैं।   recent visitors 75

हिताची एनर्जी के भारतीय कारोबार के 75 साल पूरे, 2000 करोड़ के निवेश की योजना

नई दिल्ली  हिताची एनर्जी ने भारतीय कारोबार के 75 साल पूरे होने के अवसर पर देश में स्थायी ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देने के लिए अपनी क्षमता, प्रोडक्ट रेंज और टैलेंट बेस को विस्तार करने पर लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। पिछले 75 सालों में भारत की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में योगदान देते हुए हिंदुस्तान इलेक्ट्रिक से लेकर हिंदुस्तान ब्राउन बॉवेरी, एबीबी पावर ग्रिड्स, हिताची एबीबी पावर ग्रिड्स और अब हिताची एनर्जी बनने तक, इस कंपनी ने 1949 से देश के ऊर्जा क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाई है। अपनी इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए, कंपनी "एनर्जी एंड डिजिटल वर्ल्ड 75" नाम से सोमवार से दो दिन का टेक्नोलॉजी इवेंट आयोजित किया है। इसमें भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद करने वाली नई तकनीकों पर चर्चा की जा रही है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत, हिताची एनर्जी के ग्लोबल सीईओ एंड्रियास शियरेनबेक और हिताची एनर्जी इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ एन वेणु ने किया। इस अवसर पर वेणु ने कहा कि इस खास साल को यादगार बनाने के लिए, हिताची एनर्जी इंडिया लिमिटेड अगले चार से पांच सालों में लगभग 2000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। यह निवेश भारत के दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा "नई तकनीक और समाधानों के जरिए, हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस निवेश का उद्देश्ये भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है और हम स्थानीय व वैश्विक बाजारों के ग्राहकों और साझेदारों के साथ मिलकर इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इसमें डिजिटलीकरण और लंबी अवधि की साझेदारी पर जोर दिया जाएगा। यह मेक इन इंडिया के हमारे लक्ष्य को और मजबूत करता है, जिससे भारत और दुनिया दोनों को फायदा होगा।" हिताची एनर्जी के ग्लोबल सीईओ एंड्रियास शियरेनबेक ने कहा, "ऊर्जा की चुनौती एक कंपनी, टीम या व्यक्ति से कहीं बड़ी है। जैसे-जैसे विद्युतीकरण बढ़ रहा है और रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, पावर ग्रिड की क्षमता और जटिलता भी बढ़ रही है। हमारा ध्यान पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा के भविष्य पर है। भारत इस मिशन में हमारे लिए बहुत अहम बाजार है। हम पिछले 75 सालों से भारत में लगातार निवेश कर रहे हैं। नए निवेश से हमारी क्षमता, टैलेंट और सप्लाई चेन मजबूत होंगी और 2030 की रणनीति के अनुसार, डिजिटलीकरण के जरिए हमारे काम को और बेहतर किया जाएगा।" वेणु ने कहा कि इस निवेश के मुख्य हिस्सों में बड़े पावर ट्रांसफॉर्मर कारखाने की क्षमता बढ़ाना, छोटे ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री में खास ट्रांसफॉर्मर की टेस्टिंग के लिए एडवांस सुविधाएं जोड़ना और बुशिंग फैक्ट्री का स्थान बदलना शामिल है। ये कदम भारत की ऊर्जा मांगों को पूरा करने और ट्रांसमिशन परियोजनाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी हैं। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में मदद के लिए ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। यह निवेश हिताची एनर्जी इंडिया की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, नेटवर्क कंट्रोल सॉल्यूशंस से जुड़े प्रोडक्ट्स का विस्तार किया जाएगा, और ग्रिड ईएक्सपैंड और ग्रिड ईइमोशन को स्थानीय रूप से विकसित और निर्मित किया जाएगा। कंपनी अपनी पहली मीडियम वोल्टेज पेशकश आरईएफ 650 भी भारत में लॉन्च करेगी। इसके अलावा, भारत और दुनिया के लिए भारत में सप्लायर बेस को मजबूत करने पर भी काम किया जाएगा। वेणु ने कहा कि हिताची एनर्जी इस कार्यक्रम में ग्रिड-एनश्‍ योर पोर्टफोलियो भी पेश करेगी, जिसमें ग्रिड को अधिक मजबूत, लचीला और स्थिर बनाने के लिए पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत नियंत्रण प्रणालियों पर आधारित समाधान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत में स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ते रुझान के कारण नई टेक्नोलॉजी की मांग बढ़ी है। कंपनी अपना इकोनिक पोर्टफोलियो पेश करेगी, जिसमें दुनिया का पहला एसएफ6-फ्री 420-किलोवोल्ट गैस-इन्सुलेटेड स्विचगियर शामिल है। यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करके पर्यावरण को सुरक्षित बनाता है, क्योंकि इसमें सल्फर हेक्साफ्लोराइड का इस्तेमाल नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में ग्रिड ई-मोशन पोर्टफोलियो लॉन्च किया जाएगा, जो इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाला सॉल्यूशन है। यह स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशन भारत में सुरक्षित, स्थायी और स्मार्ट परिवहन को बढ़ावा देगा, खासकर बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन और वाणिज्यिक फ्लीट के लिए। ऐसे तकनीकी समाधान देश के नेट-ज़ीरो लक्ष्य को पाने में मदद करेंगे।   recent visitors 89

अब अमूल दूध इंडिया ही नहीं, पूरी दुनिया पिएगी, अब यूरोप में अपने पैर जमाने की तैयारी में

नई दिल्ली अमूल दूध पीता है इंडिया… आपने यह लाइन अमूल दूध के विज्ञापन में पढ़ी और सुनी होगी। अब अमूल दूध इंडिया ही नहीं, पूरी दुनिया पिएगी। अमेरिकी मार्केट में सफलता के बाद अमूल दूध यूरोप में भी मिलाना शुरू होगा। इसके लिए तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। ऐसे में अगर आप यूरोप के देशों की सैर पर जाएंगे तो वहां भी अमूल दूध का लुत्फ उठा पाएंगे। अमूल ब्रांड गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ लिमिटेड नाम की सहकारी संस्था के प्रबंधन में चलता है। इस संघ के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने कहा कि अमूल दूध कुछ महीने पहले अमेरिका में लॉन्च किया गया था। वहां इसे लोगों ने काफी पसंद किया। कंपनी का यह प्रयोग सफल रहा। उन्होंने कहा कि अमूल दूध अब यूरोप के मार्केट में उतरने के लिए तैयार है। मेहता ने यह जानकारी XLRI की ओर से आयोजित 11वें डॉ. वर्गीज कुरियन मेमोरियल व्याख्यान में कही। मेहता ने कहा कि भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। साथ ही आने वाले वर्षों में दुनिया के कुल दूध का एक तिहाई प्रोडक्शन करने के लिए तैयार है। 6 महीने में अमेरिका में गाड़े झंडे अमूल में अमेरिका में इसी साल मार्च में एंट्री की थी। यह पहली बार था जब अमूल दूध ने इंडिया से बाहर किसी देश में कदम रखे थे। अमूल ने अमेरिका ने चार तरह के दूध के वेरिएंट लॉन्च किए थे। इनमें अमूल ताजा, अमूल गोल्ड, अमूल शक्ति और अमूल स्लिम एंड ट्रिम थे। इसके लिए अमूल ने Michigan Milk Producers Association (MMPA) के साथ पार्टनरशिप की थी। यह अमेरिका की करीब 108 साल पुरानी डेयरी कॉपरेटिव है। डेयरी सेक्टर का बड़ा योगदान दूध न सिर्फ सेहत बनाता है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की भी सेहत बेहतर रखता है। ज्यादातर ग्रामीण लोगों की आय का बड़ा सोर्स दूध का उत्पादन ही है। वहीं देश की अर्थव्यवस्था में डेयरी सेक्टर का योगदान 5 फीसदी है। इससे करीब 8 करोड़ किसान जुड़े हुए हैं। जानकारों के मुताबिक अगले 5 सालों में इसमें 15 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ देखी जा सकती है। डेयरी से जुड़े कई स्टार्टअप भी बेहतरीन काम कर रहे हैं। 80 हजार करोड़ रुपये का कारोबार अमूल अपने प्रोडक्ट की बिक्री से सालाना जबरदस्त कमाई करता है। मार्च 2024 में खत्म हुए वित्त वर्ष में इसका सालाना टर्नओवर करीब 80 हजार करोड़ रुपये था। अमूल के देशभर में 107 डेयरी प्लांट हैं। यह ब्रांड 50 से ज्यादा प्रोडक्ट बेचता है और रोजाना 310 लाख लीटर दूध एकत्र करता है। अमूल के देशभर में सालाना करीब 22 अरब पैकेट बेचे जाते हैं। इससे 35 लाख से ज्यादा किसान जुड़े हैं। recent visitors 118

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक, 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान

भारत के घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाएगी: नायडू मंत्री के. राममोहन नायडू ने  कहा कि भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक, 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान नई दिल्ली  नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने  कहा कि भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक 30 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान है। साथ ही हवाई अड्डों के विकास पर करीब 11 अरब डॉलर खर्च किए जा रहे हैं। ‘फ्रेंच एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज एसोसिएशन’ (जीआईएफएएस) की ओर से राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस एक मजबूत वैश्विक एसएएफ (सतत विमानन ईंधन) आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक है और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एयरलाइंस अपने बेड़े के साथ-साथ तंत्र का भी विस्तार कर रही हैं। नायडू ने कहा कि 2030 तक घरेलू हवाई यात्री यातायात 30 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि अगले 20-25 वर्षों में 200 और हवाई अड्डों के विकसित होने की उम्मीद है। भारत में वर्तमान में 157 हवाई अड्डे, हेलीपोर्ट और वॉटरड्रोम हैं। 2025 के अंत तक चालू हवाई अड्डों की संख्या 200 तक पहुंचने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच साझेदारी की संभावनाएं अपार हैं।     recent visitors 84

गौतम अडानी त्योहारी सीजन में 10,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की तैयारी में

नई दिल्ली  भारत और एशिया के दूसरे बड़े रईस गौतम अडानी सीमेंट सेक्टर में बड़ी खरीदारी की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक अडानी ग्रुप ने जर्मनी की कंपनी हीडलबर्ग मैटेरियल्स के भारत में सीमेंट कारोबार को खरीदने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। इस खरीदारी की अगुवाई ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स करेगी। माना जा रहा है कि यह डील 1.2 अरब डॉलर (10,000 करोड़ रुपये) में हो सकती है। यदि यह डील सफल होती है तो इससे इंडस्ट्री में चल रही कंसोलिडेशन की रेस तेज होगी। देश की की टॉप सीमेंटकंपनी अल्ट्राटेक भी अपनी पोजीशन को बनाए रखने के लिए कंपनियों का अधिग्रहण कर रही है। अडानी ग्रुप अभी देश की दूसरी बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी है। उसने साल 2022 में होलसिम के भारतीय बिजनस को खरीदकर सीमेंट इंडस्ट्री में एंट्री की थी। सूत्रों के मुताबिक अडानी ग्रुप होलसिम की तरह हीडलबर्ग के साथ भी डील को तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। 30 जून, 2024 को अंबुजा सीमेंट्स के पास 18,299 करोड़ रुपये की नकदी समकक्ष थे। हालांकि एक सूत्र ने कहा कि अगर दूसरे दावेदार भी आगे आते हैं तो अडानी ग्रुप इससे बाहर निकल सकता है। जर्मन कंपनी भारत में लिस्टेड हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया और अनलिस्टेड जुआरी सीमेंट के जरिए ऑपरेट करती है। भारत में हीडलबर्ग का बिजनस हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया का मार्केट कैप 4,957 करोड़ रुपये है और इसमें 69.39% हिस्सेदारी मूल कंपनी की है। हीडलबर्ग दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादकों में से एक है और 50 देशों में मौजूद है। सूत्रों ने कहा कि हीडलबर्ग हेडक्वार्टर के एक सीनियर अधिकारी अडानी ग्रुप के साथ बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि उत्पादन क्षमता को लेकर मतभेद हो सकते हैं। हीडलबर्ग का दावा है कि उसकी क्षमता लगभग 14 मिलियन टन है लेकिन यह कम हो सकती है। यह वैल्यूएशन को प्रभावित कर सकती है। हीडलबर्ग ने साल 2006 में मैसूर सीमेंट, कोचीन सीमेंट और इंडोरामा सीमेंट के जॉइंट वेंचर के अधिग्रहण के साथ भारत में प्रवेश किया था। कंपनी का दावा है कि साल 2016 में इटालसीमेंटी के अधिग्रहण के बाद भारत में उसकी उत्पादन क्षमता 14 मिलियन टन पहुंच गई। इस बारे में हीडलबर्ग और अडानी ग्रुप ने प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया।   recent visitors 76

ड्रैगन के डर से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स में पिछले 6 कारोबारी दिन के दौरान 4786 अंक की गिरावट देखने को मिली

मुंबई शेयर बाजार में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी में आज फिर से भारी गिरावट देखने को मिली है। चीनी मार्केट में बेहतर संभावनाओं को देखते हुए विदेशी निवेशक (FIIs) लगातार घरेलू शेयर बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं। जिसकी वजह से सेंसेक्स में पिछले 6 कारोबारी दिन के दौरान 4786 अंक की गिरावट देखने को मिली है। बता दें, आज बीएसई सेंसेक्स 638 अंक की गिरावट के साथ 81,050 पर बंद हुआ है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.87 प्रतिशत की गिरावट के बाद 24,795.75 पर बंद हुआ है। आज दिन में सेंसेक्स 962 अंक की गिरावट के बाद 80,726 अंक पर आ गया था। वहीं, निफ्टी 24,700 के नीचे लुढ़क गया था।  शेयर मार्केट में एक बार फिर भूचाल आ गया है। सेंसेक्स 887अंक लुढ़क कर 80787 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का दोहरा शतक लगाकर 24716 पर आ गया है। यह 298 अंक टूट चुका है। शेयर मार्केट में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अच्छी शुरुआत के बाद मार्केट अब बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा है। सेंसेक्स 694 अंक नीचे 80993 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का दोहरा शतक लगाकर 24770 पर आ गया है। सभी सेक्टोरल इंडेक्स भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्ट मेटल, निफ्टी पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूराबेल्स, एफएमसीजी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी भारी गिरावट है। शेयर मार्केट में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अच्छी शुरुआत के बाद मार्केट अब बड़ी गिरावट की ओर बढ़ रहा है। सेंसेक्स 575 अंक नीचे 81113 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का दोहरा शतक लगाकर 24809 पर आ गया है। आज के हाई से यह करीब 340 अंक लुढ़क चुका है। एनटीपीसी और अडानी पोर्ट्स 4 पर्सेंट से अधिक टूट चुके हैं। पावर ग्रिड, कोल इंडिया और बीईएल में 3 फीसद से अधिक की तेजी है। शेयर मार्केट सुबह की बढ़त गंवाकर अब लाल निशान पर आ गया है। सेंसेक्स आज के हाई से 1000 अंक टूट चुका है। आज सेंसेक्स ने 81,139.62 का लो बनाया। सेंसेक्स 228 अंक टूटकर 81460 पर आ गया है। निफ्टी भी गिरावट का शतक लगाकर 24907 पर आ गया है। शेयर मार्केट ने सुबह की बढ़त गंवा दी है। सेंसेक्स आज के हाई 82137 के लेवल से गरकर अब 81695 पर आ गया है। दूसरी निफ्टी 29 अंकों की गिरावट के साथ 24985 पर है। आज यह 25143 तक पहुंचा था। निफ्टी टॉप लूजर में आज अडानी पोर्ट्स, बीईएल, ओएनजीसी, कोल इंडिया और अडानी एंटरप्राइजेज हैं, जिनमें 2.39 से लेकर 2.94 पर्सेंट तक की गिरावट है। शेयर मार्केट अभी भले ही हरे निशान पर है, लेकिन सुबह की बढ़त कम हो गई है। आईटीसी में 2 पर्सेंट से अधिक की तेजी है। कोटक बैंक में 1 पर्सेंट की बढ़त है इसके बावजूद सेंसेक्स केवल 123 अंक नीचे 81812 पर है। क्योंकि, टाइटन, अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड समेत दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट है। शेयर मार्केट पांच दिन से चली आ रही गिरावट पर आज ब्रेक लग गया है। अच्छे ग्लोबल संकेतों के बीच बीएसई का 30 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 238 अंकों की बढ़त के साथ 81926 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 69 अंक ऊपर 25084 पर खुलने में कामयाब रहा। घरेलू शेयर मार्केट में लगातार 5 सेशन से चल रहा गिरावट का सिलसिला आज थम सकता है। क्योंकि, ग्लोबल संकेत कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं। आज सप्ताह के पहले दिन सोमवार 7 अक्टूबर को एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। Gift Nify ने भी अच्छे संकेत दिए हैं। रॉयटर्स ने बताया कि अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए नवंबर में 50 बीपीएस के बजाय सिर्फ 25 बीपीएस कटौती करने के लिए बाजार की उम्मीदें चरम पर पहुंच गई हैं। सीएमई के फेडवॉच टूल के अनुसार व्यापारियों ने अब एक चौथाई अंक की कटौती की 95 फीसद संभावना में उम्मीद लगाई, जो पिछले सप्ताह के मध्य में 65 फीसद से ऊपर थी, और कोई कटौती नहीं होने का 5 फीसद मौका था। इससे पहले शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के सूचकांक लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे लगातार पांचवें सत्र में नुकसान हुआ। सेंसेक्स 808.65 अंक या 0.98 फीसद की गिरावट के साथ 81,688.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 235.50 अंक या 0.93 फीसद की गिरावट के साथ 25,014.60 पर बंद हुआ। recent visitors 84

शेयर बाजार में आए भूचाल से सहमे अडानी ग्रुप के स्टॉक्स, सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का, निफ्टी 24700 के करीब

मुंबई शेयर मार्केट में लगातार छठे दिन गिरावट है। इस गिरावट की चपेट में अडानी ग्रुप के शेयर भी आ गए हैं। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी गिरावट है। अडानी पोर्ट्स 4.11 पर्सेंट टूटकर सेंसेक्स और निफ्टी में टॉप लूजर है। अडानी टोटल गैस 2.94 पर्सेंट नीचे है। अडानी ग्रीन एनर्जी 2.96 पर्सेंट टूटा है। अडानी ग्रुप की बेंचमार्क कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज भी 3.35 पर्सेंट नीचे है और अडानी पावर भी 3.72 पर्सेंट पस्त है। अडानी एनर्जी सॉल्यूशन भी 3.19 पर्सेंट नीचे है। अडानी ग्रीन एनर्जी 2.80 पर्सेंट नीचे ट्रेड कर रहा है। एसीसी में 4.44 पर्सेंट, अंबुजा सीमेंट 3.15 और एनडीटीवी में 2.99 पर्सेंट गिरा है। यह स्थिति दोपहर डेढ़ बजे के आसपास की है। बैंकिंग से लेकर रियल्टी तक के शेयर धड़ाम गिरावट की इस आंधी में बैंकिंग से लेकर रियल्टी तक के शेयर धड़ाम हैं। बैंक निफ्टी 1.66 पर्सेंट गिरा है। निफ्टी ऑटो 0.87 पर्सेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज 1.48 पर्सेंट, एफएमसीजी में 0.33 पर्सेंट, मेटल में 2.28 पर्सेंट की गिरावट है। आईटी ही एक ऐसा इंडेक्स है, जिसमें 0.61 पर्सेंट की तेजी है। निफ्टी मीडिया में 3.31 पर्सेंट की भारी गिरावट है। इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.17 पर्सेंट की गिरावट है। प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी 1.72 पर्सेंट लुढ़का है। रियल्टी भी 0.98 पर्सेंट गिरा है। हेल्थ केयर भी 0.41 पर्सेंट लुढ़का है। कंज्यूमर ड्यूराबेल्स भी 2.08 पर्सेंट टूट चुका है। ऑयल एंड गैस भी 2.44 पर्सेंट गिरा है। Adani Group Stocks: शेयर मार्केट में लगातार छठे दिन गिरावट है। इस गिरावट की चपेट में अडानी ग्रुप के शेयर भी आ गए हैं। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी गिरावट है। अडानी पोर्ट्स 4.11 पर्सेंट टूटकर सेंसेक्स और निफ्टी में टॉप लूजर है। अडानी टोटल गैस 2.94 पर्सेंट नीचे है। अडानी ग्रीन एनर्जी 2.96 पर्सेंट टूटा है। अडानी ग्रुप की बेंचमार्क कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज भी 3.35 पर्सेंट नीचे है और अडानी पावर भी 3.72 पर्सेंट पस्त है। अडानी एनर्जी सॉल्यूशन भी 3.19 पर्सेंट नीचे है। अडानी ग्रीन एनर्जी 2.80 पर्सेंट नीचे ट्रेड कर रहा है। एसीसी में 4.44 पर्सेंट, अंबुजा सीमेंट 3.15 और एनडीटीवी में 2.99 पर्सेंट गिरा है। यह स्थिति दोपहर डेढ़ बजे के आसपास की है। बैंकिंग से लेकर रियल्टी तक के शेयर धड़ाम गिरावट की इस आंधी में बैंकिंग से लेकर रियल्टी तक के शेयर धड़ाम हैं। बैंक निफ्टी 1.66 पर्सेंट गिरा है। निफ्टी ऑटो 0.87 पर्सेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज 1.48 पर्सेंट, एफएमसीजी में 0.33 पर्सेंट, मेटल में 2.28 पर्सेंट की गिरावट है। आईटी ही एक ऐसा इंडेक्स है, जिसमें 0.61 पर्सेंट की तेजी है। निफ्टी मीडिया में 3.31 पर्सेंट की भारी गिरावट है। इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.17 पर्सेंट की गिरावट है। प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी 1.72 पर्सेंट लुढ़का है। रियल्टी भी 0.98 पर्सेंट गिरा है। हेल्थ केयर भी 0.41 पर्सेंट लुढ़का है। कंज्यूमर ड्यूराबेल्स भी 2.08 पर्सेंट टूट चुका है। ऑयल एंड गैस भी 2.44 पर्सेंट गिरा है। शेयर मार्केट में एक बार फिर भूचाल बता दें शेयर मार्केट में एक बार फिर भूचाल आ गया है। सेंसेक्स 887अंक लुढ़क कर 80787 पर आ गया है। निफ्टी गिरावट का दोहरा शतक लगाकर 24716 पर आ गया है। यह 298 अंक टूट चुका है। इससे पहले आज सुबह शेयर मार्केट में पांच दिन से चली आ रही गिरावट पर ब्रेक लग गया था। सेंसेक्स 238 अंकों की बढ़त के साथ 81926 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 69 अंक ऊपर 25084 पर खुलने में कामयाब रहा था। recent visitors 85

रतन टाटा की तबीयत खराब, मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के ICU में हुए भर्ती

मुंबई जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा की तबियत खराब है और उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. टाटा संस के चेयरमैन ऐमिरेट्स रतन टाटा की आयु 86 वर्ष है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण आईसीयू में भर्ती कराया गया है.  उन्हें सोमवार की सुबह अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. बता दें कि रतन टाटा को गंभीर हालत में रात 12:30 से 1:00 बजे के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनका ब्लड प्रेशर बहुत कम हो गया था और उन्हें तुरंत आईसीयू में ले जाया गया, जहां जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शारुख अस्पी गोलवाला की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. 1962 में शुरू हुई असल कहानी 28 दिसंबर 1937 को तत्कालीन बॉम्बे जो अब मुंबई के नाम से जाना जाता है. वहां रतन टाटा का जन्म हुआ. वह टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा के परपोते हैं. वे 1990 से 2012 तक समूह के अध्यक्ष थे और अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम अध्यक्ष थे. रतन टाटा समूह के धर्मार्थ ट्रस्टों के प्रमुख बने हुए हैं. टाटा की असल कहानी 1962 में शुरू हुई जब वे टाटा समूह में शामिल हुए. उन्होंने 1990 में समूह के अध्यक्ष बनने से पहले कई कार्य किए और धीरे-धीरे बिजनेस की सीढ़ी चढ़ते गए. उनके कार्यकाल में टाटा समूह ने घरेलू और विदेश दोनों ही स्तरों पर पर्याप्त वृद्धि और विस्तार का अनुभव किया. टाटा की दूरदर्शिता और रणनीतिक सोच ने कंपनी को टेलीकॉम, रिटेल और ऑटो जैसे नए उद्योगों में विस्तार करने की अनुमति दी. सरकार ने किया सम्मानित टाटा की सबसे खास उपलब्धियों में से एक 2008 में जगुआर लैंड रोवर का अधिग्रहण था, जो टाटा समूह के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था. परोपकार और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों पद्म भूषण और पद्म विभूषण सहित अनगिनत सम्मान दिलाए हैं. कैसा रहा रतन टाटा का करियर (Ratan Tata Profile) 28 दिसंबर, 1937 को बॉम्बे (अब मुंबई), भारत में जन्मे रतन टाटा, टाटा ग्रुप के फाउंडर जमशेदजी टाटा के परपोते हैं। वे 1990 से 2012 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन रहे और अक्टूबर 2016 से फरवरी 2017 तक अंतरिम चेयरमैन रहे। रतन टाटा ग्रुप के चैरिटी ट्रस्ट्स के प्रमुख बने हुए हैं। टाटा का करियर 1962 में शुरू हुआ जब वे टाटा ग्रुप में शामिल हुए। उन्होंने 1990 में चेयरमैन बनने से पहले ग्रुप में अलग-अलग पदों पर अपनी सेवाएं दीं। उनके कार्यकाल में, टाटा ग्रुप ने घरेलू और विदेशी दोनों ही लेवल पर शानदार ग्रोथ और विस्तार किया। क्या रही खास उपलब्धि टाटा की दूरदर्शिता और रणनीतिक सोच के जरिए ग्रुप टेलीकॉम, रिटेल और ऑटो जैसे नए सेक्टरों में दाखिल हुआ। टाटा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2008 में जगुआर लैंड रोवर को खरीदना था, जो टाटा ग्रुप के इतिहास में एक अहम पल था। पद्म विभूषण से सम्मानित चैरिटी और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति रतन टाटा के समर्पण ने उन्हें अनगिनत सम्मान दिलाए हैं, जिनमें भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण और पद्म विभूषण भी शामिल हैं। अपने पूरे करियर के दौरान, रतन टाटा को उनके असाधारण लीडरशिप के लिए जाना जाता रहा है।   recent visitors 70

खुदरा बाजार में 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंची टमाटर की कीमत, सेब की थोक कीमत 40 से 80 रुपये प्रति किलो

नई दिल्ली  सब्जी मंडियों में इन दोनों टमाटर के भाव आसमान को छू रहे हैं। हालत यह है कि टमाटर के मुकाबले सेब सस्ता है। जबकि ऐसा कई सालों में एक या दो बार ही होता है। इसकी वजह से लोगों के किचन का बजट बिगड़ गया है। जिससे कारोबारी से लेकर आम आदमी तक परेशान हैं। सप्लाई कम होना है कारण? गाजीपुर सब्जी मंडी, ओखला सब्जी मंडी, आजादपुर सब्जी मंडी बल्कि दिल्ली के सभी सब्जी मंडियों में इन दिनों टमाटर की सप्लाई कम होने से टमाटर के दाम बढ़ रहे हैं। आजादपुर सब्जी मंडी के वेजिटेबल ट्रेडर्स असोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अनिल मल्होत्रा ने कहा इसी समय पिछले साल टमाटर की रोजाना 35 से 40 गाड़ियां आती थी। लेकिन बेंगलुरु और सोलापुर से इस समय मंडी में 15 से 20 गाड़ियां ही आ रही हैं। मंडी में इस समय टमाटर का थोक दाम 70 से 80 रुपये प्रति किलो है। जबकि खुदरा मंडी में टमाटर का दाम 110 रुपये से पार हो गया है। वहीं, फल मंडी के कारोबारी ने बताया कि सेब की थोक कीमत 40 रुपये से 80 रुपये प्रति किलो है। लहसुन के घट गए रेट नवरात्र की वजह से इन दिनों सब्जी मंडी में लहसुन की कीमत घट गई है। पहले लहसुन की कीमत थोक मंडी में 300 रुपये प्रति किलो थी। जो अब घटकर 200 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं, प्याज की कीमत नवरात्र में कम नहीं हुई है। खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो है। recent visitors 152

शेयर बाजार की आज मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 25,100 के ऊपर

 मुंबई भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बढ़त क साथ खुले.इसके पीछे की वजह यह है कि एशियाई बाजारों में बढ़त के कारण वैश्विक बाजारों में सेंटीमेंट कुछ हद तक स्थिर हुआ, क्योंकि  इज़राइल और ईरान के बीच हालात थोड़े शांत हैं. बाजार खुलते ही लगभग 9:17 बजे बीएसई सेंसेक्स 412 अंकों यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,100 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 में 121 अंकों यानी 0.48 प्रतिशत की तेजी आई और यह  25,135 पर पहुंच गया. पिछले सप्ताह, निफ्टी 50 और एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स दोनों का प्रदर्शन  पिछले दो साल से अधिक समय में सबसे खराब  रहा . मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर विदेशी निवेशकों के सेंटिमेंट पर देखा गया. शुक्रवार का बाजार कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ रेड जोन में बंद हुआ. बीएसई पर सेंसेक्स 801 अंकों की गिरावट के साथ 81,688.45 पर क्लोज हुआ. वहीं, एनएसई पर निफ्टी 0.93 फीसदी की गिरावट के साथ 25,014.60 पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एनएसई पर एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, हीरो मोटोकॉर्प, एशियन पेंट्स शेयर टॉप गेनर के लिस्ट में शामिल रहे. जबकि इंफोसिस, ओएनजीसी, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी लाइफ के शेयर टॉप लूजर के लिस्ट में शामिल रहे. पीएसयू बैंक और आईटी को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए, जिसमें ऑटो, एफएमसीजी, रियल्टी, पावर, मीडिया, टेलीकॉम, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1-2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5-0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पिछले सप्ताह दलाल स्ट्रीट के निवेशकों को 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. केवल पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स लगभग 4,000 अंक टूट गया. ईरान-इजरायल युद्ध और चीन के प्रोत्साहन पैकेज के दोहरे झटके ने भारतीय शेयर बाजार पर मंदी का असर देखने को मिल रहा. कुछ ही मिनटों में 82000 के पार सेंसेक्स शेयर मार्केट (Stock Market) में बीते पांच दिनों से जारी गिरावट पर सोमवार को ब्रेक लगा नजर आया और पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी जोरादार तेजी के साथ भागे. बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. एक ओर जहां गुरुवार को सेंसेक्स 1769 अंक फिसला था, तो वहीं शुक्रवार को इसमें 808 अंकों की बड़ी गिरावट आई थी. लेकिन सोमवार को BSE Sensex अपने पिछले बंद 81,688.45 की तुलना में 239 अंक की बढ़त के साथ 81,926.99 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 400 अंकों से ज्यादा की उछाल के साथ 82,137.77 के स्तर पर पहुंच गया. Nifty ने भी मारी लंबी छलांग सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी भी ग्रीन जोन पर ओपन हुआ. Nifty ने अपने पिछले बंद 25,014.60 की तुलना में चढ़कर 25,084 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की और अचानत इसमें भी जोरदार तेजी आई और ये इंडेक्स 120.90 अंकों की उछाल मारते हुए 25,143 के लेवल पर पहुंच गया. गौरतलब है कि बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिनों में Nifty-50 में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. जहां गुरुवार को ये 546 अंक फिसला था, तो वहीं शुक्रवार को इसमें 235 अंकों की गिरावट आई थी. इन 10 शेयरों ने खुलते ही पकड़ी शेयर मार्केट में जारी तेजी के बीच मार्केट ओपन होने पर जो शेयर शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी के साथ भागे, उनमें लार्जकैप कंपनियों में शामिल ITC Share 1.89%, Kotak Bank Share 1.50%, ICICI Bank Share 1.30% चढ़ा. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल शेयरों की बात करें, तो Mphasis Share 3.54%, AUBank Share 2.64% और Godrej Properties Share 1.50% की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. स्मालकैप कैटेगरी में शामिल Heidelberg Share में खुलते ही 13.91% की तेजी देखने को मिली, तो DBCorp Share 9.15% की उछाल के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया. फार्मा कंपनी  AstraZen Share 7.22% तक उछलकर 7969.05 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. इसके अलावा Senco Gold के शेयर में 5.69% की तेजी आई और ये 1484.35 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था.   recent visitors 72

भारत में मुथूट फाइनेंस के साथ गूगल की पार्टनरशिप, मिलेगा अब गोल्ड लोन

गूगल पे से मिलेगा अब गोल्ड लोन भारत में अडानी समूह के साथ गूगल की पार्टनरशिप, मिलेगा अब गोल्ड लोन भारत में मुथूट फाइनेंस के साथ गूगल की पार्टनरशिप, मिलेगा अब गोल्ड लोन नई दिल्ली  टेक कंपनी गूगल पे बड़ी तेजी के साथ भारत में अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। गूगल ने एआई स्किल हाउस लॉन्च किया है। जो कई तरह की सेवाओं को उपलब्ध कराएगी। 3 अक्टूबर को गूगल ने अपने वार्षिक इवेंट में गूगल पे के माध्यम से गोल्ड लोन उपलब्ध कराने की सेवा शुरू कर दी है। इसके लिए मुथूट फाइनेंस के साथ गूगल पे ने पार्टनरशिप की है। गूगल पे ने लोन लिमिट को 5 लाख रूपये तक बढ़ा दिया है। गूगल इवेंट का यह दसवां साल है। भारत में यह आठ भाषाओं में सेवाएं उपलब्ध करा रही है। गूगल और अडानी समूह में पार्टनरशिप गूगल ने भारत में अदानी समूह के साथ पार्टनरशिप की है। इसके तहत गुजरात के खावड़ा में 61.4 मेगावाट का सोलर विंड हाइब्रिड प्लांट,राजस्थान में 6 मेगावाट का सोलर प्लांट, कर्नाटक में 59.4 मेगावाट का विंड प्लांट लगाने का अनुबंध किया है। गूगल 2026 तक भारतीय ग्रिड में 186 मेगावाट की न्यू क्लीन एनर्जी, जेनरेशन कैपेसिटी से जुड़ने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। एआई में गूगल का धमाका गूगल ने एआई स्किल हाउस लॉन्च किया है। जो भारतीय युवाओं के लिए नौकरी के लिए विभिन्न किस्म के प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर आ रहा है। यूट्यूब, गूगल, क्लाउड स्किल्ड प्रोग्राम फ्री में उपलब्ध कराए जाएंगे। यह प्रशिक्षण कोर्स अंग्रेजी तथा 7 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की दिशा में गूगल कम कर रहा है। गूगल ऑनलाइन पेमेंट भारत में गूगल अपनी ऑनलाइन पेमेंट सेवाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए हर स्तर पर हाथ पैर मार रहा है। यूपीआई सर्कल के जरिए वह भारतीय उपभोक्ताओं तक सीधा जुड़ने का प्रयास कर रहा है। 2030 तक 33 लाख करोड़ का लक्ष्य गूगल इंडिया के एमडी का कहना है, वह एआई के माध्यम से वर्ष 2030 तक भारत में 33 लाख करोड रुपए के आर्थिक लेनदेन के लक्ष्य के लिए काम कर रहा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तरह-तरह की सेवाओं का विस्तार अंग्रेजी और भारतीय भाषाओं में करने की योजना गूगल ने तैयार की है। गूगल भारत में सबसे बड़ा प्लेयर बनने के लिए भारत की छोटी कंपनियों के साथ भागीदारी सिस्टम को विकसित कर रहा है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका गूगल के यूपीआई की होगी। इस पेमेंट माध्यम से वह भारत के हर घर में घुसने की कोशिश कर रहा है।     recent visitors 114

बैंक अकाउंट या इंश्योरेंस, नॉमिनी नहीं है तो फंस सकता है पैसा, आज ही करें ये काम

नई दिल्ली  रोहित (बदला हुआ नाम) एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर पोस्ट पर थे। उन्होंने 30 लाख रुपये का लाइफ इंश्योरेंस कराया था। साथ ही वे शेयर मार्केट में भी पैसे निवेश करते थे। एक दुर्घटना में उनका निधन हो गया। जब उनके पिता इंश्योरेंस की रकम लेने बीमा कंपनी पहुंचे तो उन्हें पैसा नहीं मिला। कारण था कि रोहित ने अपने इंश्योरेंस में नॉमिनी का नाम नहीं लिखवाया था। इसी प्रकार उन्हें शेयर का भी पैसा भी नहीं मिला, क्योंकि उसमें भी कोई नॉमिनी नहीं था। बाद में उन्हें एक वकील की मदद लेनी पड़ी। कोर्ट-कचहरी के काफी चक्कर लगाने के बाद उन्हें अपने बेटे की रकम मिली। इसमें पैसा और समय दोनों खर्च हुए। परेशानी हुई वह अलग। कौन होता है नॉमिनी? नॉमिनी वह शख्स होता है जो अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद अकाउंट से उसके पैसे को निकाल सके। यह शख्स परिवार का सदस्य या दोस्त या जानकार, कोई भी हो सकता है। अकाउंट होल्डर जब चाहे, अपने अकाउंट से नॉमिनी का नाम बदल सकता है। काफी लोग नॉमिनी के तौर पर किसी संस्था का भी नाम लिखवा देते हैं। नॉमिनी वसीयतनामे से बिल्कुल अलग है। वसीयतनामे में वह शख्स अकाउंट होल्डर की संपत्ति का मालिक हो जाता है, जबकि नॉमिनी जरूरी नहीं कि मालिक हो। संपति का मालिक नहीं होता नॉमिनी नॉमिनी अकाउंट होल्डर की संपत्ति का मालिक नहीं, बल्कि केयरटेकर होता है। नॉमिनी अगर अकाउंट होल्डर की संपत्ति का कानूनी तौर पर अकेला वारिस है तो वह उस संपत्ति को अपने पास रख सकता है। वहीं अगर कानूनी वारिस नहीं है तो उसकी जिम्मेदारी है कि वह उस संपत्ति को मृतक के कानूनी वारिसों में बांट दे। अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद बैंक या दूसरे वित्तीय संस्थान अकाउंट में जमा रकम नॉमिनी को दे देते हैं। इसके बाद नॉमिनी की जिम्मेदारी है कि वह उस रकम को मृतक के वारिसों तक पहुंचाए। अगर वह रकम उन्हें नहीं पहुंचाता है तो यह मामला नॉमिनी और मृतक के वारिसों के बीच का हो जाता है। यहां बैंक की कोई भूमिका नहीं रहती। कब जुड़वाएं नॉमिनी? बैंक अकाउंट, पॉलिसी, इंश्योरेंस, डीमैट अकाउंट, लॉकर, एफडी आदि में नॉमिनी का नाम जरूर लिखवाना चाहिए। वैसे तो नॉमिनी के तौर पर किसी भी शख्स का नाम लिखवा सकते हैं। लेकिन जानकार कहते हैं कि अकाउंट होल्डर के निधन के बाद परिवार के लोग कानूनी चक्कर में न पड़ें, इससे बेहतर है कि उसी शख्स का नाम लिखवाएं जो कानूनी वारिस हो। अगर अकाउंट खुलवा लिया है और नॉमिनी का नाम नहीं लिखवाया है तो अब भी नाम लिखवा सकते हैं। अकाउंट में एक से ज्यादा नॉमिनी का भी नाम लिखवा सकते हैं। नॉमिनी न होने पर पड़ सकते हैं ये चक्कर     बैंक या इंश्योरेंस कंपनी मृतक की रकम को उसके परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं देगी। बैंक लीगल वारिस के लिए कोर्ट की तरफ से जारी पेपर मांग सकता है।     कई बार कोई दूर का रिश्तेदार या अनजान शख्स भी खुद काे मृतक का वारिस घोषित कर देता है। ऐसे में मामला और उलझ जाता है।     अगर परिवार के सदस्यों में आपसी कलह हो जाए तो मामला कोर्ट तक चला जाता है। इसका फैसला होने में 6 महीने या कई साल तक लग सकते हैं।     परिवार के लोग किसी कानूनी चक्कर में न फंसें, इसलिए आज ही अपने अकाउंट में कानूनी वारिस का नाम नॉमिनी के तौर पर लिखवाएं। recent visitors 105

गौतम अडानी 100 अरब डॉलर क्लब से हुए बाहर, अमेरिकी रईसों की नेटवर्थ में शुक्रवार को भारी तेजी आई

मुंबई घरेलू शेयर मार्केट में इस पूरे हफ्ते गिरावट रही। इस दौरान सेंसेक्स में 4,000 अंक से अधिक गिरावट रही और निवेशकों के 16 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। शुक्रवार की गिरावट से देश के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में 1.62 अरब डॉलर यानी करीब 13,612 करोड़ रुपये की गिरावट आई। इसके साथ ही उनकी नेटवर्थ 105 अरब डॉलर रह गई है। देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 14वें नंबर और एशिया में पहले नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 8.93 अरब डॉलर की तेजी आई। इस बीच अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 100 अरब डॉलर क्लब से बाहर हो गए हैं। शुक्रवार को उनकी नेटवर्थ में 94.2 करोड़ डॉलर की गिरावट आई और वह 18वें नंबर पर खिसक गए हैं। इसके साथ ही उनकी नेटवर्थ 99.5 अरब डॉलर रह गई है। इस साल उनकी नेटवर्थ में 15.2 अरब डॉलर की तेजी आई है। दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट की फाउंडर वॉल्टन फैमिली की तीन सदस्यों की नेटवर्थ अब अडानी से ज्यादा हो गई है। इनमें जिम वॉल्टन (103 अरब डॉलर), रॉब वॉल्टन (100 अरब डॉलर) और एलिस वॉल्टन (100 अरब डॉलर) शामिल हैं। कौन-कौन हैं टॉप 10 में अमेरिकी शेयर बाजार में शुक्रवार को काफी तेजी रही। इससे वहां के रईसों की नेटवर्थ में काफी तेजी रही। दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क की नेटवर्थ में सबसे ज्यादा 6.73 अरब डॉलर की तेजी रही। वह 263 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ पहले नंबर पर बने हुए हैं। मार्क जकरबर्ग 211 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दूसरे और जेफ बेजोस (209 अरब डॉलर) तीसरे नंबर पर हैं। बर्नार्ड अरनॉल्ट ($193 अरब) चौथे, लैरी एलिसन ($183 अरब) पांचवें, बिल गेट्स ($161 अरब) छठे, लैरी पेज ($151 अरब) सातवें, वॉरेन बफे ($146 अरब) आठवें, स्टीव बाल्मर ($145 अरब) नौवें और सर्गेई ब्रिन ($142 अरब) दसवें नंबर पर हैं। recent visitors 88

सितंबर 2023 में शाकाहारी भोजन की लागत 28.1 रुपये से सितंबर में 11 प्रतिशत बढ़कर 31.3 रुपये हो गई : रिपोर्ट

मुंबई आलू, प्याज और टमाटर की कीमतों में उछाल से सितंबर में घर का बना खाना एक साल पहले की तुलना में महंगा हो गया। जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई। घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2023 में शाकाहारी भोजन की लागत 28.1 रुपये से सितंबर में 11 प्रतिशत बढ़कर 31.3 रुपये हो गई। यह अगस्त में 31.2 रुपये से थोड़ी ही अधिक हुई। ‘रोटी, राइस, रेट’ नामक इस रिपोर्ट में वृद्धि के लिए सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो थाली की लागत का 37 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें कहा गया, ‘‘सितंबर में प्याज, आलू तथा टमाटर की कीमतें क्रमश: 53 प्रतिशत, 50 प्रतिशत और 18 प्रतिशत बढ़ीं। इसकी वजह प्याज तथा आलू की कम आवक, जबकि भारी बारिश से आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में टमाटर का उत्पादन प्रभावित रहना रही।’’ रिपोर्ट में कहा गया, उत्पादन में कमी से दालों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि साल की शुरुआत में कीमतों में कटौती के कारण ईंधन की कीमतों में 11 प्रतिशत की गिरावट आई। मांसाहारी थाली भोजन की लागत पिछले वर्ष की तुलना में दो प्रतिशत घटकर 59.3 रुपये हो गई, जबकि ‘ब्रॉयलर’ (मांस) की कीमतों में 13 प्रतिशत की गिरावट आई जिसका इस थाली में 50 प्रतिशत योगदान है। रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त की तुलना में मांसाहारी भोजन की कीमत स्थिर रही। क्‍या है रिपोर्ट की खास बात ‘रोटी, राइस, रेट’ नामक इस रिपोर्ट में वृद्धि के लिए सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया गया है, जो थाली की लागत का 37 प्रतिशत हिस्सा मानी जाती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में प्याज, आलू तथा टमाटर की कीमतें क्रमश: 53 प्रतिशत, 50 प्रतिशत और 18 प्रतिशत बढ़ीं. इसकी वजह प्याज तथा आलू की कम आवक, जबकि भारी बारिश से आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में टमाटर का उत्पादन प्रभावित होना रहा है. दाल महंगे और ईंधन सस्‍ता रिपोर्ट में कहा गया, उत्पादन में कमी से दालों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि साल की शुरुआत में कीमतों में कटौती के कारण ईंधन के दाम 11 प्रतिशत नीचे आए हैं. यही वजह है कि शाकाहारी थाली ज्‍यादा महंगी हुई है. रिपोर्ट में अन्‍य रही सब्जियों के भाव भी बढ़ने की बात कही जा रही. ऊपर से त्‍योहारी सीजन होने की वजह से आगे भी जल्‍द राहत मिलने की उम्‍मीद नहीं है. नॉनवेज थाली हो गई सस्‍ती एक तरफ सब्जियों और दालों ने शाकाहारी थाली का बोझ बढ़ा दिया है तो दूसरी ओर नॉनवेज थाली सस्‍ती हो गई है. रिपोर्ट की मानें तो मांसाहारी थाली भोजन की लागत पिछले वर्ष की तुलना में दो प्रतिशत घटकर 59.3 रुपये हो गई, जबकि ‘ब्रॉयलर’ (मांस) की कीमतों में 13 प्रतिशत की गिरावट आई. नॉनवेज थाली में इसका 50 प्रतिशत योगदान होता है. रिपोर्ट में कहा गया कि अगस्त की तुलना में मांसाहारी भोजन की कीमत स्थिर रही है.       recent visitors 105

SC ने एक अप्रैल 2021 के बाद जारी 90,000 आईटी पुनर्मूल्यांकन नोटिसों की वैधता बरकरार, समझें मामला

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने आयकर विभाग को राहत देते हुए पुराने प्रावधानों के तहत एक अप्रैल 2021 के बाद राजस्व विभाग द्वारा जारी करीब 90,000 पुनर्मूल्यांकन नोटिस की वैधता बरकरार रखी है। शीर्ष अदालत ने  कई उच्च न्यायालयों के फैसलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि कराधान व अन्य कानून (कुछ प्रावधानों में छूट और संशोधन) अधिनियम (टीओएलए) 2021 आयकर अधिनियम के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा नहीं बढ़ाएगा। टीओएलए को कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान आयकर अनुपालन की समय सीमा बढ़ाने के लिए लाया गया था। प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने तीन संसदीय कानूनों आयकर अधिनियम, टीओएलए और वित्त अधिनियम के परस्पर प्रभाव से संबंधित दो कानूनी प्रश्नों पर विचार किया। शीर्ष अदालत ने इस सवालों पर गौर किया, ‘‘क्या टीओएलए तथा इसके तहत जारी अधिसूचनाएं एक अप्रैल 2021 के बाद जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस पर भी लागू होंगी और क्या जुलाई तथा सितंबर 2022 के बीच नई व्यवस्था की धारा 148 के तहत जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस वैध हैं।’’ प्रधान न्यायाधीश ने 112 पृष्ठों का फैसला लिखते हुए कहा, ‘‘हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि एक अप्रैल 2021 के बाद आयकर अधिनियम को प्रतिस्थापित प्रावधानों के साथ पढ़ा जाना चाहिए और यदि आयकर अधिनियम के प्रतिस्थापित प्रावधानों के तहत निर्दिष्ट कोई कार्रवाई या कार्यवाही 20 मार्च 2020 तथा 31 मार्च 2021 के बीच पूरी होनी है… तो टीओएलए एक अप्रैल 2021 के बाद भी आयकर अधिनियम पर लागू होता रहेगा।’’ पीठ ने कहा कि टीओएलए का प्रावधान ‘‘ आयकर अधिनियम की धारा 149 को केवल आयकर अधिनियम की धारा 148 के तहत पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा में छूट देने तक ही सीमित है।’’ पुनर्मूल्यांकन नोटिस को चुनौती देते हुए विभिन्न उच्च न्यायालयों में 9,000 से अधिक याचिकाएं दायर की गईं और करदाताओं के पक्ष में कई फैसले पारित किए गए। इसके बाद ही राजस्व विभाग को सर्वोच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा था। केंद्र ने मार्च 2020 में कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी और टीओएलए लेकर आया था। 2021 के इस अधिनियम ने पूर्वव्यापी प्रभाव से ‘‘ निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत कार्यों को पूरा करने या अनुपालन करने’’ की समय सीमा 20 जून 2020 तक बढ़ा दी। इसके बाद 24 जून 2020 को केंद्र ने टीओएलए के तहत एक अधिसूचना जारी की जिसमें निर्दिष्ट अधिनियमों के तहत कार्रवाई को पूरा करने या अनुपालन करने की समय सीमा 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई। शीर्ष अदालत ने आयकर विभाग की अपील स्वीकार कर ली। आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए पुनर्मूल्यांकन नोटिस 2013-14 से 2017-18 तक के कर निर्धारण वर्षों से संबंधित हैं। इसमें शामिल राशि हजारों करोड़ रुपये तक हो सकती है। पीठ को यह निर्धारित करना था कि क्या वैश्विक महामारी के दौरान विशिष्ट अधिनियमों के तहत समय सीमा में छूट देने वाले टीओएलए का लाभ पुनर्मूल्यांकन के लिए समय सीमा को नियंत्रित करेगा। बंबई, गुजरात और इलाहाबाद उच्च न्यायालयों ने विभिन्न आधारों पर सभी पुनर्मूल्यांकन नोटिस रद्द कर दिए थे। उनका मुख्य तर्क यह था कि नए प्रावधान अधिक लाभकारी थे और करदाताओं के अधिकारों तथा हितों की रक्षा के लिए थे। इन उच्च न्यायालयों ने कहा था कि टीओएलए पुनर्मूल्यांकन नोटिस जारी करने की समय सीमा नहीं बढ़ाएगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि एक अप्रैल 2021 के बाद आयकर अधिनियम के प्रतिस्थापित प्रावधान पूर्वव्यापी रूप से लागू होंगे, यहां तक कि पिछले मूल्यांकन वर्षों के लिए भी.. परिणामस्वरूप नई पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था को टीओएलए के साथ पढ़ा जाना चाहिए, जिसने वैश्विक महामारी के कारण अस्थायी रूप से समय सीमा बढ़ा दी थी। वैश्विक महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए आयकर विभाग को 20 मार्च 2020 और 31 मार्च 2021 के बीच जारी किए गए नोटिस के लिए विस्तारित समय सीमा का लाभ उठाने की अनुमति दी गई। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि टीओएलए पुरानी पुनर्मूल्यांकन व्यवस्था के संचालन को संशोधित धारा 149 में निर्दिष्ट समय-सीमा से आगे नहीं बढ़ा सकता। आयकर अधिनियम की धारा 149 करदाताओं को आयकर नोटिस जारी करने की समय-सीमा से संबंधित है। इसके तहत ‘‘ संबंधित कर समीक्षाधीन वर्ष के लिए धारा 148 के तहत कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।’’     recent visitors 68

डिमांड देख खुश हो गई आईफोन बनाने वाली कंपनी, भारत में खोलेगी 4 और स्‍टोर, जानें क्‍या आपका शहर भी है शामिल

 नई दिल्ली iPhone मेकर Apple ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत में 4 नए स्टोर खोलने जा रहा है. इससे पहले कंपनी ने भारत के दिल्ली और शहर में अपने Apple रिटेल स्टोर को खोल चुकी है. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. कंपनी भारत में मेड इन इंडिया के तहत बनने वाले iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max को सेल कर रही है.   बीते साल कंपनी ने भारत में दो Apple Store को ओपेन किया था. इसमें एक स्टोर दिल्ली और दूसरा मुंबई में था. यहां आप Apple के पोर्टफोलियों के सभी प्रोडक्ट को देख सकते हैं और उनका एक्सपीरियंस भी कर सकते हैं. Apple की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ रिटेल, डियर्ड्रे ओ'ब्रायन ने बताया, हम भारत में और स्टोर्स खोलने की प्लानिंग बना रहे हैं. ये स्टोर्स पुणे, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में ओपेन होंगे. भारत में तैयार हो रही iPhone 16 सीरीज Apple iPhone 16 लाइनअप के सभी हैंडसेट का प्रोडक्शन भारत में शुरू हो चुका है, जिसमें iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max के नाम भी शामिल हैं. इससे पहले Apple भारत में पुराने मॉडल्स को तैयार कर रहा था और अब कंपनी ने अपने नए मॉडल्स को भी प्रोडक्शन शुरू कर दिया है. Pegatron के पास अभी iPhone 16 और 16 Pro के प्रोडक्शन का काम है. Tata Electronics भी iPhone 16 और 16 Plus मॉडल तैयार करेगी. यहां गौर करने वाली बात यह है कि इन डिवाइस को सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि भारत से बाहर भी एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं.   recent visitors 67

लाल हुआ शेयर बाजार, Sensex 900 अंक टूटा, Nifty ने लगाया गोता

मुंबई शेयर बाजार शुक्रवार को फिर क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. हालांकि, सप्ताह के आखिरी दिन इसकी चाल बदली-बदली नजर आई. दरअसल, मार्केट ओपन पर होने पर जहां सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में 300 अंक टूट गया, कुछ देर में उछलकर हरे निशान पर कारोबार करने लगा, लेकिन ये खुशी भी कुछ ही देर के लिए थी, आखिरी कारोबारी घंटे में अचानक फिर से बड़ी गिरावट आ गई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स देखते ही देखते 900 अंक से ज्यादा फिसल गया. मार्केट क्लोज होने पर गिरावट थोड़ी कम हुई और सेंसेक्स 703 अंक की गिरावट लेकर 81,793.16  पर बंद हुआ. . पहले गिरा, फिर उठा और फिर टूटा बीते कारोबारी दिन बड़ी गिरावट देखने के बाद शेयर मार्केट (Share Market) ने शुक्रवार को सुस्ती के साथ शुरुआत की. अपने पिछले बंद 82,497.10 की तुलना में BSE Sensex 200 अंक से ज्यादा टूटकर 82,244.25 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 389.58 अंक फिसलकर 82,107.06 के लेवल पर आ गया. लेकिन इसके बाद दोपहर 12 बजे के आस-पास ये गिरावट तेजी में तब्दील हो गई और 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जोरदार  उछाल के साथ 83,368 के लेवल पर पहुंच गया, लेकिन दिन के इस हाई लेवल पर पहुंचने के बाद बाजार की चाल अचानक फिर बदल गई. आखिरी घंटे में सेंसेक्स 900 अंक फिसला Share Market में आखिरी कारोबारी घंटे में सेंसेक्स ऐसा टूटा कि थमने का नाम ही नहीं लिया. खबर लिखे जाने तक दोपहर के 2.40 बजे पर Sensex 913.64 अंक या 1.11 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 81,583 के लेवल पर आ गया. हालांकि, मार्केट क्लोज होते होते ये गिरावट कुछ कम हुई और सेंसेक्स 703 अंक की गिरावट लेकर 81,793.16 पर क्लोज हुआ. दूसरी ओर NSE Nifty ने भी कमजोर शुरुआत की और अपने पिछले बंद 25,250.10 की तुलना में गिरकर 25,281.90 पर कारोबार शुरू किया. आखिरी कारोबारी घंटे में ये इंडेक्स भी बुरी तरह टूटा और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 260.25 अंक गिरकर 24,990 के लेवल पर पहुंच गया. जबकि मार्केट बंद होने पर निफ्टी 200.25 अंक फिसलकर 25,049.85 के लेवल पर बंद हुआ. गुरुवार को बाजार में आया था भूचाल   बीते कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. ईरान और इजरायल के बीच जंग (Iran-Israel War) के हालातों के बीच मिडिल ईस्ट के तनाव का असर साफ देखने को मिला था. BSE Sensex ने 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर कारोबार शुरू किया था और मार्केट बंद होने तक टूटता ही चला गया था. अंत में सेंसेक्स 1769.19 अंक या 2.10 फीसदी की गिरावट लेकर 82,497.10 के लेवल पर क्लोज हुआ था. सेंसेक्स में इस कदर गिरावट का असर बीएसई के मार्केट कैप पर भी दिखाई दिया और ये 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा टूट गया. लार्जकैप में इन 10 शेयरों का बुरा हाल M&M                 3.56%    3017.60 रुपये Bajaj Fin          3.49%    7173.45 रुपये Nestle India      3.09%    2592.55 रुपये Asian Paints     2.91%    3058 रुपये Ultratech         2.69%    11407.05 रुपये Reliance          1.26%    2779.80 रुपये Adani Ports    1.26%    1407 रुपये ICICI Bank      1.34%    1239 रुपये HDFC Bank    1.44%    1658 रुपये HUL                1.83%    2842.40 रुपये मिडकैप और स्मालकैप में ये स्टॉक टूटे MidCap कैटेगरी में सबसे ज्यादा गिरावट M&M Finance Share में आई और ये 6.95 फीसदी गिरकर 299.75 रुपये पर आ गया, इसके अलावा Godrej Properties Share 5.68 फीसदी गिरकर 2893.90 रुपये पर, जबकि GoDigit Share 4.92 फीसदी फिसलकर 379.15 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. स्मालकैप में Vakrangee Share 9.98 फीसदी गिरकर 30.76 रुपये पर और Reliance Infra Share 7.81 फीसदी फिसलकर 301.40 रुपये पर आ गया. recent visitors 78

नवरात्रि में झूमेंगे बाजार होगा 50 हजार करोड़ से अधिक का व्यापार

मुंबई देश में  नवरात्र का त्योहार प्रारंभ हो गया है। 10 दिन चलने वाले नवरात्रि फेस्टिवल का जहां धार्मिक महत्व है, वहीं इसके चलते जो कारोबार होगा, उससे अर्थव्यवस्था को भी पंख लग जाएंगे। यानी अर्थव्यवस्था में अच्छा खासा उछाल देखने को मिलेगा। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री और दिल्ली की चांदनी चौक सीट से भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली सहित देश भर में अगले एक महीने तक त्योहारों की धूम रहेगी। 10 दिन के नवरात्र एवं रामलीला, डांडिया एवं गरबा उत्सवों से 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होगा। दिल्ली में ही लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के व्यापार होने की उम्मीद है।   खंडेलवाल के मुताबिक, नवरात्रि, रामलीला, गरबा तथा डांडिया जैसे उत्सव, जो हर वर्ष देश भर में दस दिन तक मनाए जाते हैं, इनके चलते इस बार देशभर में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। एक अनुमान के अनुसार, अगले दस दिनों में देश भर में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होने की संभावना है। अकेले दिल्ली में ही लगभग 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होगा। इन उत्सवों के दौरान बाजारों में रौनक बढ़ने की उम्मीद है। जहां एक तरफ व्यापारियों को काफी फायदा होगा तो वहीं दूसरी ओर, लाखों लोगों को अस्थायी रोजगार भी मिलेगा। पिछले वर्ष दस दिन का यह व्यापार लगभग 35 हजार करोड़ रुपये का था। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री खंडेलवाल ने बताया कि त्योहारों में खरीदी की विशेष बात यह है कि बिक्री किए जाने वाले अधिकांश उत्पाद, भारतीय ही होंगे। अब लोगों का चीन से बने सामानों से मोहभंग हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर 'वोकल फॉर लोकल' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान ने देश भर में भारतीय सामानों की गुणवत्ता को बढ़ाया है। भारत में बना सामान, अब किसी भी विदेशी सामान से बेहतर है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं का रुझान अब भारतीय वस्तुओं की खरीदी पर ही है। देश भर में नवरात्र, रामलीला, गरबा एवं डांडिया जैसे 1 लाख से अधिक छोटे-बड़े कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम शामिल हैं। बड़े पैमाने पर देश भर में भक्ति संगीत के कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। इन उत्सवों के जरिए लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होते हैं। नवरात्र के समापन पर विजयदशमी, दुर्गा विसर्जन, करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली, भाई दूज, छठ पूजा एवं तुलसी विवाह के बाद ही त्योहारों की यह श्रृंखला समाप्त होगी। अकेले दिल्ली में छोटी बड़ी लगभग एक हजार से अधिक रामलीलाएं आयोजित की जाती हैं। दुर्गा पूजा के लिए सैकड़ों पंडाल लगते हैं। मूल रूप से गुजरात में होने वाले डांडिया और गरबा के कार्यक्रम बड़े पैमाने पर अब दिल्ली सहित देश भर में आयोजित होने लगे हैं। करोड़ों लोग त्योहारों की खुशियां मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि त्योहार मनाने से घरों में सौभाग्य एवं संपन्नता का वास होता है। खंडेलवाल ने बताया, इस त्योहारों के सीजन में कपड़े एवं परिधान खासकर पारंपरिक परिधान जैसे साड़ी, लहंगा, और कुर्ते की मांग नवरात्र और रामलीला के दौरान काफी बढ़ती है। पूजा और धार्मिक आयोजनों के लिए लोग नए कपड़े खरीदते हैं। इसके चलते इस श्रेणी में व्यापार में उछाल देखने को मिलता है। बड़े पैमाने पर पूजा सामग्री की मांग भी होती है। पूजन के लिए आवश्यक वस्तुएं जैसे फल, फूल, नारियल, चुनरी, दीपक, अगरबत्ती और अन्य पूजन सामग्रियों की भारी मांग रहती है। खाद्य एवं मिठाई अन्य वस्तुएं हैं, जिनको त्योहारों के दौरान लोग खरीदते हैं। हलवा, लड्डू, बर्फी और अन्य मिठाइयों की खपत इस दौरान बढ़ जाती है। बड़ी मात्रा में फलों और फूलों की भी मांग रहती है। त्योहारों में घर और पूजा पंडालों को सजाने के लिए साज-सज्जा के सामान, जैसे दीयों, बंदनवार, रंगोली सामग्री और लाइटिंग की मांग बढ़ती है। नवरात्र और रामलीला उत्सव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। खंडेलवाल ने कहा कि इन दस दिनों में पंडाल बनाने के लिए टेंट हाउस, सजाने के लिए सजावटी कंपनियां आदि को खूब काम मिलता है। इस मौके पर देश भर में बड़ी मात्रा में मेले तथा उत्सव संबंधी हजारों आयोजन होते हैं। इनमें लाखों लोग भाग लेते हैं। खंडेलवाल ने कहा, यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता और व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करते हैं। recent visitors 102

जुलाई-सितंबर में मकानों की बिक्री सालाना आधार पर पांच प्रतिशत बढ़कर 87,108 इकाई हो गयी- रिपोर्ट

 जुलाई-सितंबर में शीर्ष आठ शहरों में आवासीय बिक्री पांच प्रतिशत बढ़कर 87,108 इकाई:नाइट फ्रैंक देश के प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर में कुल आवासीय बिक्री में गिरावट की बात सामने आई  जुलाई-सितंबर में मकानों की बिक्री सालाना आधार पर पांच प्रतिशत बढ़कर 87,108 इकाई हो गयी- रिपोर्ट नई दिल्ली भारत में मजबूत आवासीय मांग से आठ प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर में मकानों की बिक्री सालाना आधार पर पांच प्रतिशत बढ़कर 87,108 इकाई हो गयी। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई। रियल एस्टेट सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया ने एक वेबिनार के जरिये 2024 कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए अपनी रिपोर्ट ‘इंडिया रियल एस्टेट’ जारी की। इसमें एनारॉक और प्रॉपइक्विटी द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के विपरीत आवासीय बिक्री में मामूली वृद्धि की बात कही गई। एनारॉक और प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट में देश के प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर में कुल बिक्री में गिरावट की बात सामने आई थी। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘आवासीय बाजार में 2024 में गति अच्छी रही। 2024 की तीसरी तिमाही में इस साल की सर्वाधिक 87,108 इकाइयों की बिक्री दर्ज की गई है।’’ नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) शिशिर बैजल ने कहा कि आवासीय बिक्री में वृद्धि एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले प्रीमियम आवास की मांग से प्रेरित है। बैजल ने कहा, ‘‘हालांकि, किफायती आवास खंड को लेकर चिंताएं हैं।’’उन्होंने कहा कि उपलब्धता और सामर्थ्य संबंधी चुनौतियों के कारण इस श्रेणी में बिक्री में गिरावट आई है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अलावा सभी बाजारों में आवासीय बिक्री बढ़ी है। दिल्ली-एनसीआर बिक्री में सालाना आधार पर सात प्रतिशत की गिरावट आई है। मुंबई में सबसे अधिक 24,222 इकाइयों की बिक्री दर्ज की गई, जो बाजार के लिए एक नया उच्च स्तर है। मुंबई में बिक्री सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़ी। बेंगलुरु में बिक्री में 14,604 इकाइयों के साथ 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पुणे में मकानों की बिक्री एक प्रतिशत बढ़कर 13,200 इकाई हो गई, जबकि हैदराबाद में मांग नौ प्रतिशत बढ़कर 9,114 इकाई रही। अहमदाबाद में बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 4,578 इकाई हो गई, जबकि कोलकाता में बिक्री 14 प्रतिशत बढ़कर 4,309 इकाई रही। चेन्नई में आवासीय बिक्री छह प्रतिशत बढ़कर 4,105 इकाई हो गई। दिल्ली-एनसीआर में हालांकि जुलाई-सितंबर में आवासीय संपत्तियों की बिक्री सालाना आधार पर सात प्रतिशत घटकर 12,976 इकाई रह गई।   recent visitors 75

Kia की धांसू Electric car उतरी ऑटो बाजार में, सिंगल चार्ज में 550 KM से अधिक चलेगी

मुंबई किआ इंडिया अपनी नई इलेक्ट्रिक SUV EV9 को 3 अक्टूबर को लॉन्च करने जा रही है. इस लॉन्च से पहले कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक गाड़ी के सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशन का खुलासा कर दिया है. किआ EV9 को भारत में GT-Line AWD वेरिएंट में पेश किआ जाएगा, जो कंपनी का सबसे टॉप वेरिएंट होगा. किआ EV9 की स्पेसिफिकेशन और पावरट्रेन किआ EV9 में बड़ा 99.8kWh बैटरी पैक दिया जाएगा और यह डुअल इलेक्ट्रिक मोटर्स के साथ आएगी. दोनों मोटर्स मिलकर 384hp की पावर और 700Nm का टॉर्क जनरेट करती हैं. यह पावरट्रेन EV9 को 0 से 100 km/hr की रफ्तार पकड़ने में सिर्फ 5.3 सेकंड लगाता है. इसके अलावा यह SUV एक बार चार्ज करने पर ARAI-सर्टिफाइड 561 किमी की रेंज देगी. किआ EV9 को DC फास्ट चार्जर से 10-80 प्रतिशत चार्ज करने में केवल 24 मिनट लगते हैं. इसका साइज भी काफी बड़ा है. यह एसयूवी 5,015mm लंबी, 1,980mm चौड़ी और 1,780mm ऊंची है और इसका व्हीलबेस 3,100mm का है. किआ EV9 एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV के रूप में भारतीय बाजार में आने के लिए तैयार है, जो न केवल लंबी रेंज बल्कि लग्जरी और सुरक्षा फीचर्स से भी लैस है. किआ EV9 की सीटिंग और इंटीरियर EV9 भारत में 6-सीटर कैपेसिटी के साथ आएगी. इसमें सेकंड-रो के लिए कैप्टन सीट्स भी दी जाएंगी, जो इलेक्ट्रिक एडजस्टमेंट, मसाज फंक्शन और लेग सपोर्ट के साथ होंगी. इसके अलावा EV9 में डुअल इलेक्ट्रिक सनरूफ, डिजिटल IRVM, हेड-अप डिस्प्ले और V2L फीचर सहित कई अन्य प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं. SUV में 12.3-इंच की टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और उतने ही साइज का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर भी होगा. EV9 को व्हाइट एंड ब्लैक और ब्राउन एंड ब्लैक थीम्स के इंटीरियर ऑप्शन में पेश किआ जाएगा. वहीं इस कार के एक्सटीरियर में लोगों को पांच ऑप्शन दिए जा रहे हैं. ये कार स्नो व्हाइट पर्ल, ओशन ब्लू, पेबल ग्रे, पैंथेरा मेटल और ऑरोरा ब्लैक पर्ल कलर में आएगी. इसमें 20-इंच के अलॉय व्हील्स भी स्टैंडर्ड मॉडल में मिलेंगे. किआ EV9 के सेफ्टी फीचर्स सुरक्षा के मामले में EV9 में 10 एयरबैग्स, ABS, ESC, डाउनहिल ब्रेक कंट्रोल, व्हीकल स्टेबिलिटी मैनेजमेंट, ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक्स और 360-डिग्री कैमरा जैसी सुविधाएँ शामिल हैं. इसके अलावा SUV में ADAS लेवल 2 फीचर्स भी होंगे, जिसमें फॉरवार्ड कोलिजन वार्निंग, लेन डिपार्चर वार्निंग, एडप्टिव क्रूज कंट्रोल, हाई बीम असिस्ट और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स होंगे. किआ EV9 की क्या होगी कीमत? EV9 को पूरी तरह से विदेश में तैयार करके ही भारत लाया जा सकता है. इस इलेक्ट्रिक कार की एक्स-शोरूम प्राइस 1 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे साथ ही ये मोस्ट एक्सपेंसिव ईवी बन सकती है. इस कार की कोई सीधी राइवल गाड़ी नहीं है, लेकिन यह Mercedes EQE SUV, BMW iX और Audi Q8 e-tron जैसी लग्जरी इलेक्ट्रिक SUVs को टक्कर दे सकती है. recent visitors 65

शेयर बाजार में कल से बेहतर हालात, खुलते ही 300 अंकों की गिरावट, इन स्टॉक्स पर नजर रखने से बनेगी बात

मुंबई   शेयर बाजार (Stock Market) में कल बड़ी गिरावट आई थी और आज सप्ताह का आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 'Black Friday' नजर आ रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) गुरुवार को 1769 अंक फिसला था और आज भी ये 200 अंक से ज्यादा टूटकर ओपन हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी 80 अंक की कमी के साथ कारोबार शुरू किया. गौरतलब है ईरान और इजरायल के बीच जंग के चलते मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है और इसका असर दुनियाभर के बाजारों के साथ ही भारतीय शेयर मार्केट पर भी दिख रहा है. BPCL से लेकर Bajaj Finance जैसी कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही धड़ाम हो गए. खुलते ही 300 अंक फिसला सेंसेक्स शुक्रवार को शेयर मार्केट (Share Market) में कारोबार फिर से लाल निशान पर शुरू हुआ. अपने पिछले बंद 82,497.10 की तुलना में 200 अंक से ज्यादा की गिरावट लेते हुए BSE Sensex 82,244.25 के लेवल पर ओपन हुआ और कुछ ही मिनटों में ये 389.58 अंक फिसलकर 82,107.06 के लेवल पर आ गया. NSE Nifty ने भी कमजोर शुरुआत की और अपने पिछले बंद 25,250.10 की तुलना में गिरकर 25,281.90 पर कारोबार शुरू किया और अचानक 111 अंक से ज्यादा टूटकर 25,138.70 के लेवल पर पहुंच गया.   गुरुवार को ये थे बाजार के हालात बीते कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. ईरान और इजरायल के बीच जंग (Iran-Israel War) के हालातों के बीच मिडिल ईस्ट के तनाव का असर साफ देखने को मिला था. BSE Sensex ने 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर कारोबार शुरू किया था और मार्केट बंद होने तक टूटता ही चला गया था. अंत में सेंसेक्स 1769.19 अंक या 2.10 फीसदी की गिरावट लेकर 82,497.10 के लेवल पर क्लोज हुआ था. सेंसेक्स में इस कदर गिरावट का असर बीएसई के मार्केट कैप पर भी दिखाई दिया और ये 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा टूट गया. इन शेयरों में खुलते ही बड़ी गिरावट शुक्रवार को शेयर बाजार की खराब शुरुआत के बीच जिन बड़ी कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. उनमें BPCL Share 4.12% की गिरावट के साथ 334.25 रुपये पर आ गया. Bajaj Finance Share 3.02% टूटकर 7209 रुपये पर, जबकि Trent Share 2.72% गिरकर 7280 रुपये पर आ गया. इसके अलावा Asian Paint और HeroMoto Corp Share 2-2 फीसदी से ज्यादा फिसला.   मिडकैप-स्मालकैप में ये शेयर बिखरे बात करें BSE मिडकैप की तो इसमें शामिल M&M Finance Share 4.73% की गिरावट के साथ 306.90 रुपये पर आ गया. Phoenix Share 5.38% फिसलकर 1565.60 रुपये पर, जबकि RVNL Share 3.14% गिरकर 493 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Prestige Share 3% फिसलकर 1702.35 रुपये पर आ गया था. recent visitors 84

तीसरे विश्व युद्ध की आहट से भारतीय शेयर बाजार सहम गया, निवेशकों को भारी नुकसान

नई दिल्ली तीसरे विश्व युद्ध की आहट से आज (3 अक्टूबर) भारतीय शेयर बाजार सहम गया, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। ईरान-इजराइल के बमों से भड़की आग से निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। आज सेंसेक्स में 2.10% की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें यह 1,769.77 अंक टूटकर 82,497 पर बंद हुआ। इसी तरह, निफ्टी भी 2.12% गिरकर 25,250  पर बंद हुआ। इस बिकवाली से मार्केट के बड़े दिग्गज अंबानी-अडानी से लेकर टाटा तक सबके लाखों करोड़ स्वाहा हो गए। अंबानी-अडानी-टाटा सब फेल बाजार में जारी बिकवाली के चलते अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 3.95% की गिरावट आई, जिसके बाद कंपनी का शेयर 2,813.95 पर चला गया। वहीं हाल टाटा ग्रुप की कंपनियों के साथ भी रहा। टीसीएस के शेयर में 1.29% की गिरावट देखी गई, जिसके बाद शेयर 4,232 रुपए पर कारोबार बंद किया। ईरान में चाबहार पोर्ट को मैनज कर रही भारत की लार्ज कैप कंपनी अडानी पोर्ट के शेयर में भी 2.82% की गिरावट देखी गई, जिसके बाद वह 1,426 पर कारोबार बंद किया।  एक अक्टूबर को बाजार बंद होने पर बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,74,86,463.65 लाख करोड़ रुपए था जबकि आज बाजार बंद होने पर 4,65,07,685.08 लाख करोड़ रुपए रह गया। जिस कारण निवेशकों को 978,778.57 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। क्यों आई ये गिरावट? बाजार में जारी इस गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण इजरायल और ईरान के बीच जंग का ऐलान हो जाना है। बता दें कि इजराइल और हिजबुल्ला के बीच जारी जंग में ईरान की एंट्री ने जियो-पॉलिटिकल टेंशन को और बढ़ा दिया है। दरअसल, ईरान ने इजराइल पर जबरदस्त पलटवार करते हुए 1 अक्टूबर की रात में एक के बाद एक 150 से अधिक मिसाइलें दाग दी। हमले के बाद इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान को इस हमले के बुरे परिणाम भुगतने होंगे। फिर इजराइल के तरफ से जवाबी हमले शुरू कर दिए गए। इसने ना सिर्फ भारतीय बाजार को घूटने पर लाया बल्कि अमेरिकी बाजार में भी बिकवाली ला दी। सेबी का फरमान पड़ा भारी फ्यूचर्स एंड ऑप्शन यानी F&O ट्रेड को लेकर मार्केट रेगुलेटर सेबी ने बड़े बदलाव का ऐलान कर दिया है। SEBI ने 1 अक्टूबर की शाम को सर्कुलर भी जारी कर दिया। इसके तहत इंट्रा-डे पोजिशन लिमिट की निगरानी होगी। डेरिवेटिव्स मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट भी बढ़ा दी गई है। दरअसल, मार्केट रेगुलेटर डेरिवेटिव्स फ्रेमवर्क को सख्त कर रहा है। F&O से जुड़े ज्यादातर नए बदलाव 20 नवंबर से ही लागू होंगे। इंडेक्स ऑप्शन बायर्स से अपफ्रंट ऑप्शन प्रीमियम लिया जाएगा। ऑप्शन एक्सपायरी के दिन शॉर्ट ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए 2% का एडिशनल मार्जिन लिया जाएगा। सेबी ने डेरिवेटिव्स के लिए मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट को भी बढ़ा दिया है। इसे 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया है। अब हर हफ्ते एक एक्सचेंज की सिर्फ एक वीकली एक्सपायरी होगी। साथ ही एक्सपायरी के दिन ज्यादा मार्जिन देना होगा। इसके तहत शॉर्ट पोजिशन पर 2% एक्सट्रीम लॉस मार्जिन (ELM) मार्जिन देना होगा। इन सेक्टर्स के शेयर में दिखी बिकवाली     ऑटो शेयरों में मारुति के शेयर में 4.26% की गिरावट आई और वे 12,605 रुपए पर आ गए, जबकि उनका पिछला बंद भाव 13,167 रुपए था। कंपनी के करीब 0.17 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जिससे 22.12 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।     एशियन पेंट्स का शेयर 4% की गिरावट के साथ 3145 रुपए पर आ गया, जबकि उनका पिछला बंद भाव 3277 रुपए था। कंपनी के करीब 0.50 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जिससे 15.83 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।     बीएसई पर लार्सन एंड टुब्रो के शेयर 4.15% की गिरावट के साथ 3500 रुपए पर आ गए, जबकि उनका पिछला बंद भाव 3651.50 रुपए था। कंपनी के करीब 1.44 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जिससे 50.79 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 4.81 लाख करोड़ रुपए रह गया।     बीएसई पर एक्सिस बैंक के शेयर 1225.90 रुपए के पिछले बंद भाव के मुकाबले 3.75% गिरकर 1179.60 रुपए पर आ गए। कंपनी के करीब 0.90 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, जिससे 10.78 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। बैंक का मार्केट कैप गिरकर 3.68 लाख करोड़ रुपए रह गया।   recent visitors 122

अडानी समूह ने दिग्ग्ज टेक कंपनी गूगल के साथ डील की, मिलकर करेंगे काम

नई दिल्ली अडानी समूह से जुड़ी एक बड़ी डील की खबर है। अडानी समूह ने दिग्ग्ज टेक कंपनी गूगल के साथ डील की है। यह डील क्लीन एनर्जी को लेकर है। इस समझौते के जरिए अडानी ग्रुप गुजरात के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट में स्थित एक नई सोलर-विंड हाइब्रिड परियोजना से क्लीन एनर्जी की सप्लाई करेगा। इस नई परियोजना के 2025 की तीसरी तिमाही तक कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने की उम्मीद है। गूगल ने यहां ‘गूगल फॉर इंडिया’ कार्यक्रम में इसकी घोषणा की, जबकि अडानी समूह ने बयान में इसके बारे में डिटेल जानकारी दी। अडानी समूह ने क्या कहा? अडानी समूह के बयान में कहा, ‘‘ इस साझेदारी के जरिए अडानी गुजरात के खावड़ा में दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट में स्थित एक नई सौर-पवन हाइब्रिड परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति करेगी। इस नई परियोजना का वाणिज्यिक परिचालन 2025 की तीसरी तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है।’’ यह इनोवेशन डील भारत में ‘क्लाउड’ सेवाओं तथा परिचालन को स्वच्छ ऊर्जा द्वारा समर्थित कर गूगल के चौबीसों घंटे कार्बन-मुक्त ऊर्जा लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही इस प्रकार भारत में गूगल की सतत वृद्धि में योगदान देगा। अडानी ग्रुप के शेयरों के हाल आपको बता दें कि आज गुरुवार को शेयर बाजार 1500 अंक तक गिर गया है। इस दौरान अडानी समूह के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई है। अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर कारोबार के इंट्रा डे में करीबन 5% तक गिरकर 1869.25 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। वहीं, अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर में भी 3% तक की गिरावट है और यह शेयर इंट्रा डे में 3102.95 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। अडानी पावर के शेयर में 3% से अधिक की गिरावट है और यह शेयर 633.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। अडानी एनर्जी सॉल्यूशन के शेयर में 3% से अधिक की गिरावट है और कंपनी के शेयर 1039 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं। इसके अलावा अडानी टोटल गैस, अडानी पोर्ट और अडानी विल्मर तक के शेयरों में 3% तक की गिरावट देखी गई है। recent visitors 70

Mahindra Thar Roxx की बुकिंग पहले नवरात्र से शुरू, घंटे भर में 1.76 लाख से ज्‍यादा यूनिट्स बुक

 नई दिल्‍ली  भारत की प्रमुख वाहन निर्माता Mahindra की ओर से फाइव डोर Thar Roxx को अगस्‍त महीने में लॉन्‍च किया गया था। जिसके बाद तीन अक्‍टूबर से इसके लिए बुकिंग को शुरू किया गया था। कंपनी को इसके लिए पहले एक घंटे में कितनी बुकिंग मिली है। किस कीमत पर इसे खरीदा जा सकता है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं। मिली बेहतरीन प्रतिक्रिया महिंद्रा को Thar Roxx के लिए देशभर से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी ने तीन अक्‍टूबर से ही बुकिंग को शुरू किया था। सुबह 11 बजे से इसके लिए बुकिंग को खोला गया था। जिसके बाद सिर्फ एक घंटे में ही एसयूवी को 176218 यूनिट्स की बुकिंग मिल गई है। recent visitors 79

शेयर बाजार में आया भूचाल सेंसेक्स 1770, तो निफ्टी 545 अंक टूटा

नई दिल्ली सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार (Stock Market) ने खराब शुरुआत की और दिनभर लाल निशान पर कारोबार किया. मार्केट क्लोज होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 1700 अंक से ज्यादा फिसलकर बंद हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) 545 अंक से ज्यादा टूटकर क्लोज हुआ. बाजार की इस बड़ी गिरावट में जो शेयर 'विलेन' बने, उनमें देश की सबसे बड़ी और वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस (Reliance) से लेकर टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा मोटर्स तक के शेयर शामिल रहे. आखिरी कारोबारी घंटे में तेज गिरावट ईरान और इजरायल के बीच जंग के हालातों के बीच मिडिल ईस्ट के तनाव का असर गुरुवार को शेयर बाजार पर साफ देखने को मिला. BSE Sensex अपने पिछले बंद 84,266 की तुलना में 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर कारोबार शुरू किया और फिर मार्केट बंद होने तक टूटता ही चला गया. अंत में सेंसेक्स 1769.19 अंक या 2.10 फीसदी की गिरावट लेकर 82,497.10 के लेवल पर क्लोज हुआ. सेंसेक्स में इस कदर गिरावट का असर बीएसई के मार्केट कैप पर भी दिखाई दिया और ये 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा टूट गया. निफ्टी ने भी निवेशकों पर ढाया कहर एक ओर जहां सेंसेक्स ने बड़ी गिरावट देखी और निवेशकों की गाढ़ी कमाई डुबो दी, तो वहीं दूसरी ओर NSE Nifty ने भी दिनभर गिरावट के साथ ही कारोबार किया. अपने पिछले बंद 25,796.90 की तुलना में 270 अंक गिरकर 25,527 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करने वाला निफ्टी इंडेक्स मार्केट क्लोज होने तक 546.56 अंक या 2.12 फीसदी तक फिसल गया और 25,250 के लेवल पर आ गया. 5% से ज्यादा टूटे 10 पांच शेयर अब बात कर लेते हैं गुरुवार को शेयर मार्केट (Share Market) के उन शेयरों के बारे में, जिनमें 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. इनमें Dabur India Share 6.27% गिरकर 580 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ. Power Finance Corp Share 5.37% की गिरावट लेकर 467.55 रुपये पर बंद हुआ. DLF Share 5.25% की फिसलकर 864.85 रुपये पर आ गया. BPCL Share में बड़ी गिरावट आई और ये 5.27% टूटकर 348.85 रुपये पर क्लोज हुआ. इसके अलावा HPCL Share 6.71%, तो Godrej Properties Share 5.57% और Suzlon Energy Share 5% फिसला. अन्य शेयरों की बात करें, तो GMR Airport Share 5.64% गिरा, NBCC India Share 5.34%, तो Sterling Share 5% टूटकर बंद हुआ. रिलायंस से टाटा तक ने हिलाया बाजार गुरुवार को बिखरने वाले शेयरों की तादाद ज्यादा रही. लेकिन बाजार के असली विलेन जो 5 शेयर साबित हुए उनमें पहले नंबर पर देश की सबसे बड़ी और वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर रहा. Reliance Share एक सप्ताह में लगातार दूसरी बार बुरी तरह टूटा और 3.95% की गिरावट के साथ 2813.95 रुपये पर क्लोज हुआ. इसके अलावा Adani Green Energy Share 4.09% फिसलकर 1807.80 रुपये पर बंद हुआ. Tata Motors का शेयर भी 4.09% टूटकर 925.70 रुपये पर, जबकि IRCTC Share 4.81% फिसलकर 886.40 रुपये पर क्लोज हुआ. IOCL Share भी इस लिस्ट में शामिल रहा और ये 4.32% की गिरावट के साथ 171.33 रुपये पर बंद हुआ. recent visitors 68

भारत 2028 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार -आस्क कैपिटल

नई दिल्ली सरकार की डिजिटल पहल के साथ, भारत के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा बदलाव आया है। आस्क कैपिटल की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि गहरी इंटरनेट पहुंच, कुशल और सस्ती 4 जी और 5 जी सेवाओं और डिजिटल क्षेत्र में सरकार की पहल से भारत 2028 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। भारत वास्तविक समय के भुगतान का एक वैश्विक उदाहरण बन गया है, जो UPI जैसे घरेलू तकनीकी नवाचारों से लाभान्वित हो रहा है। भारत का डिजिटल परिवर्तन आर्थिक विकास के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण के साथ-साथ स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग ने कैशलेस लेनदेन और ऑनलाइन खरीदारी को बढ़ावा दिया है। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (ICRIER) के अनुसार, डिजिटल कौशल पर भारत का स्कोर डिजिटलीकरण के समग्र स्तर पर जापान, यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी जैसे विकसित देशों से आगे निकल गया है। प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी सरकारी पहलों ने देश में सार्वभौमिक पहुंच और वित्तीय समावेशन को बढ़ाने में मदद की है। मोबाइल और ब्रॉडबैंड की बढ़ती पहुंच वित्तीय समावेशन को और गहरा करेगी और नई डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देगी। भारत में डिजिटल मनोरंजन, ऑनलाइन शिक्षा, टेली-मेडिसिन, डिजिटल स्वास्थ्य, डिजास्टर रिस्पॉन्स और जीवन रक्षक सेवाएं बेहतर मोबाइल व इंटरनेट सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। किफायती डेटा, स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या और ई-कॉमर्स में वृद्धि भारत के डिजिटल परिवर्तन को गति दे रही है। मार्च 2024 तक, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में लगभग 120 करोड़ दूरसंचार ग्राहक हैं। मार्च 2023 में इंटरनेट ग्राहकों की कुल संख्या 88.1 करोड़ से बढ़कर मार्च 2024 के अंत तक 95.4 करोड़ हो गई, जिनमें से लगभग आधे ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। पिछले एक साल में 7.3 करोड़ से अधिक इंटरनेट ग्राहक और 7.7 करोड़ से अधिक ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े गए हैं। recent visitors 64

इजराइल-ईरान संघर्ष से सहमा भारतीय शेयर बाजार, 1344.45 Point की गिरावट

मुंबई इजरायल और ईरान के बीच तनाव (Israel-Iran Conflict) से दुनिया टेंशन में है. इसका असर दुनियाभर के बाजारों पर दिखा है. भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) भी इससे अछूता नहीं रहा और गुरुवार को मार्केट ओपन होने के साथ ही धड़ाम हो गया. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 995.92 अंक या 1.18% की तगड़ी गिरावट के साथ 83,270.37 के स्तर पर ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (Nifty) ने भी 269.80 अंक या 1.05% फिसलकर 25,527.10 के स्तर पर कारोबार शुरू किया. ये गिरावट और बढ़ती नजर आ रही है और दोपहर 12 बजे तक सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया था.    सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा फिसला इस सप्ताह मंगलवार को Iran ने Israel पर मिसाइल अटैक करके दोनों देशों में तनाव को जंग की आग में झोंकने का काम किया. इसके असर से कच्चे तेल के कीमतों (Crude Oil Price) में तेजी आई, तो ग्लोबल मार्केट टूट गए. बुधवार को गांधी जयंती की छुट्टी के बाद आज जब भारतीय शेयर बाजार खुला, तो यहां भी ईरान-इजराइल जंग का असर देखने को मिला. BSE Sensex अपने पिछले बंद 84,266 की तुलना में 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर ओपन हुआ, अगले ही पल 83,002 तक फिसल गया. इसके बाद कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन ये ज्यादा देर तक कायम नहीं रही. दोपहर के 12 बजते-बजते मार्केट पूरी तरह क्रैश नजर आया. Sensex खबर लिखे जाने तक 1344.45 अंक या 1.60 फीसदी की गिरावट के साथ 82,921.84 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. यही नहीं कारोबार के दौरान ये 82,870.43 तक फिसला था. दूसरी ओर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए NSE Nifty ने भी अपने पिछले बंद 25,796.90 की तुलना में 270 अंक गिरकर 25,527 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की और दोपहर 12 बजे तक ये 400 अंक से ज्यादा गिरकर 25,382.85 के लेवल पर आ गया था. मार्केट ओपन होने के साथ जहां करीब 620 शेयरों में तेजी आई, तो वहीं 2024 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार शुरू किया. वहीं 149 शेयरों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. शुरुआती बाजार में सबसे टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर, हीरो मोटोकॉर्प और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली. पहले ही मिलने लगे थे संकेत शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के संकेत पहले से ही मिलने लगे थे. अमेरिकी बाजार (US Market) में गिरावट के साथ ही गिफ्ट निफ्टी (Gifty Nifty) ने 200 अंकों का गोता लगा दिया था. वहीं प्रो-ओपन मार्केट में भी सेंसेक्स बुरी तरह से टूटा नजर आया था. प्री-मार्केट में Sensex 1200 अंक तक फिसल गया था और जब शेयर बाजार में कारोबार शुरू हुआ, तो सेंसेक्स-निफ्टी धराशायी हो गए. ईरान-इजराइल जंग ने बिगाड़ा बाजार का मूड Israel-Iran में बढ़े तनाव ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है. अगर सबसे बड़े डर की बात करें, तो मंगलवार को ईरान ने करीब 180 मिसाइलों से इजरायल पर हमला किया था और इसके बाद Israel ने चेतावनी देते हुए बड़ा पलटवार करने का ऐलान किया था. अब शेयर बाजार को सबसे बड़ा डर ये सता रहा है, कि इजरायल क्या कदम उठाएगा. BSE के 30 में से 28 शेयर बिखरे शेयर बाजार में गुरुवार को आए भूचाल के बीच सबेस ज्यादा गिरावट वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल BPCL Share 4.60% फिसलकर 351.30 रुपये पर आ गया, तो वहीं Eicher Motors Share 2.62% की गिरावट के साथ 4842.75 रुपये पर आ गया. Tata Motors Share 3.80% फिसलकर 928.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं Asian Paints Share 3.66% टूटकर 3157 रुपये पर आ गया था. BSE की 30 में से 28 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. इसमें L&T Share (3.41%), Reliance Share (2.55%), Bajaj Finance Share (2.51%), Axis Bank Share (2.45%), Adani Ports Share (2.30%) गिरकर कारोबार रहे थे. तो वहीं Kotak Bank (2.16%), Maruti Share (2.16%), ICICI Bank Share (1.90%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे.   मिडकैप कंपनियों की बात करें, तो Phonix Ltd Share 4.37% गिरकर 1675 रुपये पर, Hindustan Petrolium Share 3.49% फिसलकर 429.20 रुपये पर आ गया था. इसके अलावा Godrej India Share 3.54% की गिरावट के साथ 1149 रुपये पर कारोबार कर रहा था. स्मालकैप कंपनियों में शामिल KamoPaints Share 9.97% की गिरावट के साथ 30.24 रुपये पर, KIMS Share 6.09% टूटकर 522.55 रुपये पर और Raclgear Share 6.14% की गिरावट लेकर 969.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. recent visitors 78

एयर इंडिया ने कहा कि विस्तारा के विमान, चालक दल और सेवाएं पहले की तरह ही परिचालन में बनी रहेंगी

नई दिल्ली  एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने कहा कि अगले महीने विलय के बाद ‘विस्तारा’ के विमानों से संचालित उड़ानों के नंबरों की शुरुआत ‘एआई2’ से होगी। कंपनी ने कहा कि विस्तारा के विमान, चालक दल और सेवाएं पहले की तरह ही परिचालन में बनी रहेंगी। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने जोर दिया कि विलय के बाद भी विस्तारा का अनुभव बरकरार रहेगा। टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के संयुक्त उपक्रम विस्तारा का एयर इंडिया से विलय 12 नवंबर को होगा। यह एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ एआईएक्स कनेक्ट के विलय के बाद भारतीय विमानन क्षेत्र में एक बड़ा सौदा होगा। कुछ लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि क्या विस्तारा के यात्रियों को विलय के बाद भी अभी जैसी ही सेवाएं मिलती रहेंगी, क्योंकि परिवर्तन के दौर से गुजर रही एयर इंडिया को हाल के दिनों में कुछ सेवा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि एयर इंडिया और विस्तारा की टीमें यह सुनिश्चित करने के लिए एक साल से अधिक समय से कड़ी मेहनत कर रही हैं कि इनका विलय ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों के लिए सहज हो। प्रवक्ता ने बयान में कहा, “हालांकि, कानूनी संस्थाएं और हवाई परिचालन प्रमाण-पत्र 12 नवंबर को एक हो जाएंगे, लेकिन विस्तारा का अनुभव बना रहेगा।” उन्होंने कहा, “विस्तारा विमान, चालक दल और सेवाएं पहले की तरह संचालित होती रहेंगी, लेकिन एआई2एक्सएक्सएक्स उड़ान संख्या एयरइंडिया.कॉम के माध्यम से बुक की जा सकेंगी।”   recent visitors 91

Royal Enfield का दबदबा कायम, सितंबर में 11% बढ़ी सेल्स, इस बाइक को ज्यादा खरीद रहे लोग

नई दिल्ली मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी रॉयल एनफील्ड ने सितंबर में 86,978 गाड़ियां बेचीं, जो सालाना आधार पर 11 प्रतिशत वृद्धि है। पिछले साल सितंबर में कंपनी ने 78,580 गाड़ियां बेची थीं। रॉयल एनफील्ड ने बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में घरेलू बाजार में वाहन बिक्री सात प्रतिशत बढ़कर 79,326 इकाई रही, जो पिछले साल समान माह में 74,261 इकाई थी। कंपनी ने बताया कि निर्यात सितंबर, 2024 में बढ़कर 7,652 इकाई हो गया, जो पिछले साल समान माह में 4,319 इकाई था। रॉयल एनफील्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी गोविंदराजन ने कहा, “हमने अपने हालिया पेशकश के कारण सितंबर के महीने में लगातार वृद्धि दर्ज की है। इस साल क्लासिक 350 ने चालकों के बीच अपनी प्रतिष्ठित स्थिति और लोकप्रियता को मजबूत करना जारी रखा है और अच्छा प्रदर्शन कर रही है।” इस बाइक की सबसे ज्यादा डिमांड कंपनी ने बताया कि निर्यात सितंबर, 2024 में बढ़कर 7,652 इकाई हो गया, जो पिछले साल समान माह में 4,319 इकाई था. रॉयल एनफील्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी गोविंदराजन ने कहा कि हमने अपने हालिया पेशकश के कारण सितंबर के महीने में लगातार वृद्धि दर्ज की है. इस साल क्लासिक 350 ने चालकों के बीच अपनी प्रतिष्ठित स्थिति और लोकप्रियता को मजबूत करना जारी रखा है और अच्छा प्रदर्शन कर रही है. Bajaj Auto की बिक्री बढ़ी बजाज ऑटो की वाहन बिक्री देखें तो घरेलू दोपहिया वाहनों की बिक्री 2,59,333 इकाई रही, जो पिछले साल इसी महीने में 2,02,510 इकाइयों से 28 प्रतिशत अधिक है. निर्यात सालाना आधार पर 13 प्रतिशत अधिक 1,41,156 इकाई रहा, जबकि सितंबर 2023 में 1,25,202 इकाई था. वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री पिछले महीने छह प्रतिशत बढ़कर 69,042 इकाई हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 64,846 इकाई थी. Hero MotoCorp की सेल्स दोपहिया वाहन खंड की शीर्ष कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने पिछले महीने 6,37,050 वाहनों की बिक्री की जो सालाना आधार पर 19 प्रतिशत अधिक है. सितंबर, 2023 में हीरो ने डीलरों को 5,36,499 इकाइयां भेजी थीं. बजाज ऑटो की घरेलू बिक्री पिछले साल सितंबर में बेची गई 2,53,193 इकाइयों से 23 प्रतिशत बढ़कर 3,11,887 वाहन हो गई. वहीं होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने कहा कि घरेलू बाजार में इसकी थोक बिक्री एक साल पहले के 4,91,802 इकाइयों से बढ़कर 5,36,391 इकाई हो गई.   recent visitors 76

अभी भी लोगो के पास है 2000 रुपये के 7,117 करोड़ रुपये के नोट, RBI ने दी जानकारी

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया कि 2000 रुपये के 98% नोट वापस आ चुके हैं, जबकि अभी भी 7,117 करोड़ रुपये के नोट लोगों के पास बचे हुए हैं। अक्टूबर 2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार, नोटों की वापसी की रफ्तार धीमी हो गई है। प्रमुख बातें: कब और क्यों बंद हुए: 19 मई 2023 को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत 2000 रुपये के नोट वापस लेने का निर्णय लिया गया था। वापसी की समयसीमा: 23 मई से 30 सितंबर 2023 तक नोट जमा करने की समयसीमा थी, लेकिन इसे कई बार बढ़ाया गया। अभी भी जमा कर सकते हैं नोट: 2000 रुपये के नोट अब सिर्फ आरबीआई की 19 क्षेत्रीय शाखाओं और डाकघरों में जमा कराए जा सकते हैं। नोट वापसी के आंकड़े: मई 2023 में बाजार में: 3.56 लाख करोड़ रुपये के नोट थे। सितंबर 2024 तक: 7,000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं हुए हैं। आरबीआई ने 2018-19 से 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी थी क्योंकि बाजार में अन्य मूल्यवर्ग के नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो चुके थे। recent visitors 75

ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट, ओला इलेक्ट्रिक के ईवी स्कूटर की बिक्री घटी

नई दिल्ली ओला इलेक्ट्रिक के मार्केट शेयर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है और सितंबर में यह गिरकर 27 प्रतिशत हो गया है। इसकी वजह दोपहिया ईवी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना और कंपनी के ईवी स्कूटर में लगातार ग्राहकों को समस्या का सामना करना है। सरकारी पोर्टल वाहन से मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा पिछले महीने 24,665 इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री की गई है। अगस्त में यह आंकड़ा 27,587 यूनिट्स का था। इस दौरान कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 31 प्रतिशत थी। ओला इलेक्ट्रिक का मार्केट शेयर गिरने की वजह बाजार में प्रतिस्पर्धा का बढ़ना है। बड़ी ऑटो कंपनियां जैसे टीवीएस मोटर्स और बजाज ऑटो भी इलेक्ट्रिक दोपहिया सेक्टर में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, बजाज ऑटो के इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री सितंबर में बढ़कर 19,103 यूनिट्स हो गई है, जो अगस्त में 16,789 यूनिट्स थी। टीवीएस मोटर्स की ओर से बीते महीने 18,084 यूनिट्स इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे गए थे। अगस्त में यह आंकड़ा 17,649 यूनिट्स पर था। एक अन्य इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी एथर एनर्जी की बिक्री भी सितंबर में बढ़कर 12,676 यूनिट्स हो गई है। अगस्त में कंपनी द्वारा 10,980 यूनिट्स बेचे गए थे। ओला इलेक्ट्रिक की कम होती बिक्री का असर उसके शेयर पर भी देखने को मिल रहा है। शेयर अपने ऑल-टाइम हाई लेवल 157.40 रुपये से करीब 38 प्रतिशत फिसल चुका है। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 100 रुपये के आसपास है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक के ईवी में ग्राहकों को कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जिसमें सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और सर्विस सेंटर से जुड़ी समस्याएं हैं। recent visitors 88

अशोक लेलैंड की वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सितंबर में 10 प्रतिशत की गिरावट

टीवीएस मोटर की बिक्री सितंबर में 20 प्रतिशत बढ़ी टाटा मोटर्स की घरेलू वाहन बिक्री सितंबर में 15 प्रतिशत घटी अशोक लेलैंड की वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सितंबर में 10 प्रतिशत की गिरावट चेन्नई  दोपहिया और तिपहिया वाहन बनाने वाली टीवीएस मोटर ने सितंबर, 2024 में 4,82,495 इकाइयों की खुदरा बिक्री की। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि इस दौरान उसने बिक्री में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। टीवीएस मोटर ने पिछले साल इसी महीने में 4,02,553 इकाइयों की बिक्री की थी। पिछले महीने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 42 प्रतिशत बढ़कर 28,901 इकाई हो गई, जो पिछले साल इसी महीने में 20,356 इकाई थी। सितंबर, 2024 में कुल दोपहिया वाहनों की बिक्री 22 प्रतिशत बढ़कर 4,71,792 इकाई हो गई। घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री 23 प्रतिशत बढ़ी। इस दौरान मोटरसाइकिलों की बिक्री 23 प्रतिशत और स्कूटर की बिक्री 20 प्रतिशत बढ़ी। सितंबर, 2024 में कंपनी का निर्यात 11 प्रतिशत बढ़ा। सितंबर, 2024 में तिपहिया वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 15,598 इकाई से घटकर 10,703 इकाई रह गई। टाटा मोटर्स की घरेलू वाहन बिक्री सितंबर में 15 प्रतिशत घटी  घरेलू वाहन विनिर्माता टाटा मोटर्स की सितंबर महीने में कुल घरेलू बिक्री 15 प्रतिशत घटकर 69,694 इकाई रह गई जबकि एक साल पहले इसी महीने में 82,023 इकाइयों की बिक्री हुई थी। टाटा मोटर्स ने मंगलवार को बयान में कहा कि उसने घरेलू बाजार में इलेक्ट्रिक समेत कुल 41,063 यात्री वाहनों (पीवी) की बिक्री की जो सितंबर, 2023 के 44,809 वाहनों की तुलना में आठ प्रतिशत कम है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में यात्री वाहन उद्योग ने खुदरा बिक्री में एक साल पहले की दूसरी तिमाही की तुलना में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी। ऐसा उपभोक्ता मांग धीमी होने और मौसमी कारकों की वजह से हुआ। घरेलू बाजार में टाटा मोटर्स के कुल वाणिज्यिक वाहनों (सीवी) की बिक्री सितंबर में 28,631 इकाई रही, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह 37,214 इकाई थी। इस तरह इस खंड में 23 प्रतिशत की गिरावट आई है। टाटा मोटर्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में वाणिज्यिक वाहनों की घरेलू बिक्री 79,931 इकाई रही, जो वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही की बिक्री से 19 प्रतिशत कम है। अशोक लेलैंड की वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में सितंबर में 10 प्रतिशत की गिरावट  वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता अशोक लेलैंड की सितंबर में निर्यात सहित कुल बिक्री सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,233 इकाई रही। कंपनी ने बयान में यह जानकारी दी। सितंबर, 2023 में कंपनी की कुल वाहन बिक्री 19,202 इकाई रही थी। पिछले महीने निर्यात सहित मध्यम तथा भारी वाणिज्यिक वाहनों (एमएंडएचसीवी) की बिक्री 11,077 इकाई थी, जो सितंबर, 2023 में बेची गई 12,752 एमएंडएचसीवी की तुलना में 13 प्रतिशत की गिरावट है। कंपनी ने बताया कि सितंबर, 2024 में हल्के वाणिज्यिक वाहनों की कुल बिक्री (घरेलू व निर्यात) 6,156 इकाई रही जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 6,450 इकाई थी। अशोक लेलैंड ने कहा कि कंपनी की घरेलू बिक्री (एमएंडएचसीवी व एलसीवी) समीक्षाधीन महीने में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत घटकर 16,041 वाहन रह गई, जो सितंबर, 2023 में 18,193 वाहन थी। recent visitors 69

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 2022-23 में सालाना आधार पर रोजगार के अवसर 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान

नई दिल्ली  मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 2022-23 में सालाना आधार पर रोजगार के अवसर 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। ताजा सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वित्त वर्ष 2022-23 में रोजगार बढ़कर 1.84 करोड़ हो गया है, जो कि 2021-22 में 1.72 करोड़ पर था। वित्त वर्ष 2022-23 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 55 प्रतिशत रोजगार के अवसर तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में थे। अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक के इंडस्ट्रीज के वार्षिक सर्वे (एएसआई) के मुताबिक, इंडस्ट्रीयल आउटपुट में पिछले साल के मुकाबले 21 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। आंकड़ों के मुताबिक, ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) 2021-22 के मुकाबले 2022-23 में 7.3 प्रतिशत बढ़ा है। सर्वे के मुताबिक, 2022-23 में 2021-22 के मुकाबले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इनपुट 24.4 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं, इस दौरान आउटपुट में 21.5 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। 2022-23 में धातु, पेट्रोलियम, खाद्य उत्पाद, केमिकल और केमिकल उत्पाद और मोटर वाहन इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा वृद्धि देखने को मिली है। समीक्षा अवधि में सेक्टर के कुल आउटपुट में इन इंडस्ट्री का योगदान 58 प्रतिशत था। इनके आउटपुट में 24.5 प्रतिशत और जीवीए में सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। एएसआई के आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करने वाले लोगों की संख्या महामारी के पहले (2018-19) के आंकड़े से 22.14 लाख अधिक हो गई है। 2022-23 में जीवीए में महाराष्ट्र पूरे भारत में शीर्ष पर रहा है। इसके बाद गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश का नाम है। वित्त वर्ष 23 में ज्यादातर आर्थिक आंकड़ों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें निवेशित पूंजी, इनपुट, आउटपुट, जीवीए और रोजगार शामिल हैं।     recent visitors 86

महंगी सब्जी- प्याज टमाटर से लाल और आलू सब सब्जियों के दाम बढ़े, जेब काटते वेजिटेबल्स के लेटेस्ट रेट

दिल्ली देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही आम आदमी को महंगाई का झटका लगने जा रहा है। एक तरफ जहां एलपीजी गैस सिलेंडर के कीमतों में इजाफा हुआ हैं। वहीं दूसरी तरफ मंडियों में हरी सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मंडियों में प्याज, टमाटर के साथ ही अब धनिया, शिमला मिर्च, पालक और लौकी जैसी सामान्य सब्जियों की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। इन दिनों हरा धनिया 200 से 300 रुपए, लहसुन 300 से 400 रुपए, मेथी 200 से 250 रुपए, हरा मटर 200 से 240 रुपए प्रति किलो के भाव से फुटकर में बेचा जा रहा है। इसी तरह हरी मिर्च, गोभी, सेमी, पालक, परमल 60 से 80 रुपए प्रति किलो के दाम पर बिक रहे हैं। जबकि आलू, प्याज व टमाटर में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। वहीं बाजार में टमाटर के दाम अभी भी 50 से 60 रुपए प्रति किलों और प्याज के दाम 60 से 70 रुपए प्रति किलों बने हुए है। दरअसल, बरसात के मौसम में सब्जियों की कीमतें आमतौर पर बढ़ जाती हैं क्योंकि बारिश की वजह से कटाई, तुड़वाई और पैकेजिंग प्रभावित होती है। इसके अलावा, परिवहन में व्यवधान के कारण सब्जियों की बर्बादी बढ़ जाती है। इससे कीमतों पर और असर पड़ता है। इस साल भीषण गर्मी ने भी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। एशिया की सबसे बड़ी सब्जी और फल थोक मंडी आजादपुर मंडी के व्यापारियों का कहना है कि, पिछले एक महीने में सब्जियों की कीमतों में उछाल आया है, क्योंकि इसकी खेती होने वाले इलाकों में अत्यधिक बारिश ने फसलों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया है। पिछले दो हफ्तों से मंडी में आवक कम हुई है, जिससे कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के मद्देनजर यह उछाल नजर आ रहा है। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार बारिश की नई सब्जियां आने के बाद आवक बढ़ने पर भाव में गिरावट की संभावना की जा सकती है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि, खरीफ टमाटर की बुआई आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में पिछले साल की तुलना में पिछड़ रही है। महाराष्ट्र में टमाटर में कीटों और बीमारियों की समस्या अधिक है, जिससे आपूर्ति में कमी आई है। चूंकि खुदरा और थोक बाजारों में टमाटर की कीमतें बढ़ने लगी है, इसलिए सरकार मोबाइल वैन के माध्यम से सब्जी बेचकर हस्तक्षेप कर सकती है, जैसा कि पिछले महीने किया गया था। हाल ही में उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने भी कहा था कि हम कीमतों पर नजर रख रहे हैं। जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करेंगे। सब्जियों की कीमतें एक नजर में सब्जी थोक (रुपये) खुदरा (रुपये) आलू 26—28 35—40 प्याज 48—50 60—70 टमाटर 40—50 50—60 हरा धनिया 150—200 200—300 हरी मिर्च 40—45 60—80 अदरक 40—50 90—150 लहसुन 250—300 300—400 फूल गोभी 35—40 60—80 लौकी 25—30 40—50 recent visitors 70

यूपीआई से सितंबर में हुए 20.64 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन, ट्रांजैक्शन की संख्या 15.04 अरब के पार

नई दिल्ली  यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के जरिए होने वाले लेनदेन का मूल्य सितंबर में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 20.64 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान ट्रांजैक्शन की संख्या भी सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 15.04 अरब हो गई है। यह जानकारी भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से  जारी किए गए डेटा से मिली। बीते महीने यूपीआई पर प्रतिदिन 50.1 करोड़ लेनदेन हुए थे। अगस्त में यह आंकड़ा 48.3 करोड़ पर था। इस दौरान यूपीआई पर प्रतिदिन औसत 68,800 करोड़ रुपये के मूल्य के लेनदेन हुए। अगस्त में यह आंकड़ा 66,475 करोड़ रुपये पर था। यह लगातार पांचवां महीना है, जब मासिक यूपीआई लेनदेन की वैल्यू 20 लाख करोड़ रुपये रही है। सितंबर में आधार आधारित पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) से 10 करोड़ के करीब लेनदेन हुए हैं और इनकी वैल्यू 24,143 करोड़ रुपये थी। इमीडिएट पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) के जरिए सितंबर में 5.65 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए हैं। इसमें सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। बीते महीने प्रतिदिन औसत 1.4 करोड़ आईएमपीएस लेनदेन हुए हैं और इनकी प्रतिदिन की औसत वैल्यू 18,841 करोड़ रुपये रही थी। सितंबर में फास्टैग में 31.8 करोड़ लेनदेन हुए हैं। इसमें 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान फास्टैग में 5,620 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है और इसमें सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सितंबर के यूपीआई के आंकड़े दिखाते हैं कि देश में डिजिटल लेनदेन में तेजी से वृद्धि हो रही है। वर्ल्डलाइन इंडिया में इनोवेशन, स्ट्रेटेजी और एनालिटिक्स के प्रमुख, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुनील रोंगला का कहना है कि इन आंकड़ों की सबसे अच्छी बात यह है कि जुलाई से लेकर सितंबर तक यूपीआई लेनदेन की वैल्यू 20.64 लाख करोड़ रुपये के ऊपर बनी हुई है, लेकिन लेनदेन की संख्या 14.44 अरब से बढ़कर 15.04 अरब पर पहुंच गई है, जो दिखाता है कि छोटे लेनदेन के लिए लोग पहले के मुकाबले ज्यादा यूपीआई का इस्तेमाल कर रहे हैं।       recent visitors 90

वेदांता एल्युमिनियम देश की आधी से भी अधिक एल्युमिनियम का प्रोडक्शन करती है, गुणवत्ता नियांत्रण प्रमाणन प्राप्त किया

नई दिल्ली  देश में एल्युमिनियम (Aluminium) बनाने वाली वैसे तो कई कंपनियां हैं। इनमें सरकारी और निजी क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं। लेकिन, देश में सबसे ज्यादा एल्युमिनियम बनाने का श्रेय वेदांता ग्रुप की वेतांदा एल्युमिनियम को है। इसने एक और कमाल किया है। इसने तय समय से पहले ही इन प्रोडक्ट्स के लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेंडर्ड (BIS) के स्टेंडर्ड को अपनाते हुए उसका प्रमाणपत्र हासिल कर लिया है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने भारत में बेचे जाने वाले सभी एल्युमिनियम वायर रॉड्स और रोल्ड प्रोडक्ट्स को भारतीय मानक ब्यूरों द्वारा सर्टिफिकेशन प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का है आदेश केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाले उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने एल्युमिनियम प्रोडक्ट्स के बारे में एक विशेष आदेश जारी किया है। यह आदेश बीते 26 सितंबर से ही देश भर में लागू हो गया है। इसके मुताबिक भारत में बेचे जाने वाले सभी एल्युमीनियम वायर रॉड्स और रोल्ड प्रोडक्ट्स, जैसे- शीट्स, प्लेट्स और स्ट्रिप्स को भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित किया जाना अनिवार्य है। वेदांता एल्युमिनियम अकेली ऐसी कंपनी वेदांता एल्युमीनियम का दावा है कि वह इन प्रोडक्ट्स के लिए बीआईएस प्रमाणन (BIS Certification) प्राप्त करने वाली भारत की पहली और एकमात्र कंपनी है। यह प्रमाणीकरण छत्तीसगढ़ में कंपनी के बाल्को (BALCO) प्लांट और ओडिशा स्थित कंपनी की झारसुगुड़ा यूनिट में बनाए जाने वाले प्रोडक्ट्स के लिए मिला है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय तथा खान मंत्रालय ने 31 अगस्त, 2023 को ही विशेष साझेदारी के तहत एल्युमीनियम और इसकी मिश्र धातुओं के लिए नए गुणवत्ता नियंत्रण नियम नोटिफाइ किया है। अनिवार्य रूप से बीआईएस प्रमाणीकरण के लिए सरकार द्वारा 26 सितंबर, 2024 तक की समय सीमा दी गई थी लेकिन, वेदांता एल्युमीनियम ने इसे पहले ही अपने प्रोडक्ट्स का प्रमाणीकरण करवा लिया। एल्यूमिनियम बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी वेदांता एल्यमुमिनियम भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है। साल 2023-24 के दौरान कंपनी ने 23.7 लाख टन एल्युमिनियम धातु का उत्पादन किया जो कि यहां बने एल्युमिनियम का आधा से भी ज्यादा है। तभी तो इसकी गिनती दुनिया के टॉप 10 एल्युमिनियम प्रोड्यूसर कंपनियों में होती है। यह दुनिया के 60 देशों में एल्युमिनियम का निर्यात करती है। क्या है शेयर का दाम वेदांता एल्युमिनियम की सत्वाधिकारी कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयर का दाम आज बीएसई में दोपहर बाद सवा दो बजे 516.85 रुपये पर ट्रेड हो रहे थे। कल यह 512.55 रुपये पर बंद हुआ जो कि आज सुबह घट कर 510.40 रुपये पर खुला था। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 521.35 रुपये तक गया था जबकि नीचे में 506.20 रुपये तक गिरा था। recent visitors 72

दिसंबर 2024 तक सेंसेक्स 1 लाख के आंकड़े को छू सकता है : मार्क मोबियस

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के लिए साल 2024 शानदार रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स हो या फिर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी, दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं. Sensex की बात करें, तो ये 86000 के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है. इसकी रफ्तार को देखकर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं कि क्या ये 1 लाख का स्तर पार कर लेगा? अब दिग्गज निवेशक मार्क मोबियस ने इसकी डेडलाइन बताई है और कहा है कि इस साल के अंत तक BSE Sensex एक लाख का जादुई आंकड़ा छू लेगा.   मार्क मोबियस को बाजार से ये उम्मीद दिग्गज निवेशक और मार्केट एक्सपर्ट मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि चाइनीज शेयरों में जारी तेजी के कारण इस साल के अंत तक सेंसेक्स 1,00,000 का स्तर छू सकता है. गौरतलब है कि मोबियस को उभरते बाजारों में निवेश के लिए इंडियाना जोन्स (Indiana Jones) भी कहा जाता है. बिजनेस टुडे के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) डेरिवेटिव एक्टिविटीज को सीमित करने के लिए कड़े नियम बनाता है, तो इसका स्टॉक मार्केट पर बड़ा असर दिख सकता है. उभरते बाजार में इन्वेस्टमेंट की सलाह एक बिजनेस चैनल से बातचीत के दौरान मार्क मोबियस ने कहा कि वह उभरते बाजारों में आने वाले फंडों को ये सलाह देंगे कि वे अपना आधे से ज्यादा इन्वेस्टमेंट भारत में लगाएं. इसके साथ ही उन्होंने भारत की सेमीकंडक्टर सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी और इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों को सराहनीय बताया है. इसके सात ही उन्होंने विदेशी फंडों को सलाह देते हुए कहा है कि भारत के अलावा 25 फीसदी चीन और ताइवान में, जबकि 25 फीसदी इन्वेस्टमेंट वियतनाम, तुर्की, ब्राजील, साउथ कोरिया और थाईलैंड में लगाने चाहिए. बीते Sensex ने तोड़े थे रिकॉर्ड बीता सप्ताह शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स के लिए जबर्दस्त साबित हुआ था और BSE Sensex 86000 के बिल्कुल करीब पहुंच गया था. बता दें कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स का ऑल टाइम हाई लेवल 85,978.25 है, जो पिछले हफ्ते ही छुआ गया था. वहीं पूरे हफ्ते की बात करें, तो बीएसई का सेंसेक्स (Sensex) इंडेक्स 1,027.54 अंक या 1.21 फीसदी की बढ़त में रहा था. सोमवार को देखी तगड़ी गिरावट हालांकि, सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार (Share Market) की खराब शुरुआत हुई और खुलने के बाद से सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूट गए. मार्केट क्लोजिंग की अगर बात करें, तो सेंसेक्‍स (Sensex) 1272 अंक या 1.49 फीसदी तक टूट गया और 84,299 के लेवल पर क्लोज हुआ. इस दौरान बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल 30 में से 25 शेयर लाल निशान पर क्लोज हुआ. भारतीय शेयर बाजार 24 सितंबर को सेंसेक्स ने पहली बार 85,000 अंकों का रिकॉर्ड स्तर पार किया था। हालांकि, सोमवार को ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के बीच इंडेक्स ने यह स्तर खो दिया। आज भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में एक-एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। सेंसेक्स 85,208.76 पर खुला और 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर 84,257.14 पर आ गया। निफ्टी 50 26,000 अंक से नीचे आ गया। सूचकांक 26,061.30 पर खुला और इंट्रा-डे ट्रेड में 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,794.10 पर आ गया। आईपीओ बूम पर मोबियस ने कहा, "जब तक आप व्यवसाय के बारे में निश्चित न हों, तब तक आईपीओ में निवेश करना अच्छा विचार नहीं है।" recent visitors 66

शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन मंगलमय साबित हो रहा, आया 300 अंकों का उछला

मुंबई शेयर बाजार (Stock Market) के लिए मंगलवार का दिन मंगलमय साबित हो रहा है. बीते कारोबारी दिन सोमवार को मार्केट में बड़ा भूचाल आया था और सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) ताश के पत्तों की तरह बिखर गए थे. वहीं इस गिरावट पर आज ब्रेक लगा और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 300 अंक, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 77 पॉइंट चढ़कर खुला. शुरुआती कारोबार के दौरान Tech Mahindra, Wipro, NTPC, Reliance और Infosys जैसे शेयर तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. जोरदार तेजी के साथ भागे सेंसेक्स-निफ्टी सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार (Share Market) की शुरुआत बढ़त के साथ हरे निशान पर हुई. मार्केट ओपन होते समय दोनों इंडेक्स फ्लैट खुले, लेकिन कुछ ही देर में बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) अपने पिछले बंद की तुलना में 279.73 अंक या 0.33 फीसदी की बढ़त के साथ 84,579.51  पर पहुंच गया. तो वहीं NSE Nifty ने 77.70 अंक या 0.30 फीसदी की तेजी के साथ 25,888.50 पर पहुंच गया. खबर लिखे जाने तक ये 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 84,648.40 के लेवल पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं एनएसई का निफ्टी-50 इंडेक्स 25,907 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था. बाजार खुलने पर अज करीब 1564 कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, तो वहीं 708 शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार शुरू किया. इसके अलावा 154 शेयरों की स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव नजर नहीं आया. कल शेयर बाजार में आई थी बड़ी गिरावट बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट देखी थी. मार्केट क्लोज होने पर सेंसेक्‍स (Sensex) 1272 अंक या 1.49 फीसदी तक टूट गया और 84,299 लेवल पर बंद हुआ. जबकि 50 शेयरों वाला निफ्टी (Nifty) 356 अंक से ज्‍यादा या 1.36% गिरकर 25,822.25 अंक पर क्लोज हुआ था. दोनों इंडेक्‍स के अलावा बैंक निफ्टी 849 अंक टूटकर 52984 पर क्‍लोज हुआ था. स्‍मॉल कैप से लेकर लार्ज कैप के शेयरों में हैवी गिरावट देखी गई. 3 लाख करोड़ रुपये का हुआ था घाटा   सोमवार की गिरावट में शेयर बाजार में निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स को तगड़ा घाटा हुआ था. इस बीच बीएसई का मार्केट कैप (BSE Market Cap) 3.60 लाख रुपये कम होकर 4,74,32,594 करोड़ पर आ गया था. वहीं एक दिन पहले सेंसेक्‍स का मार्केट कैप 4,77,93,022.68 करोड़ रुपये था. सोमवार को मार्केट बंद होने के दौरान Nifty के 108 शेयरों में लोअर सर्किट लगा था. आज इन 10 शेयरों ने लगाई दौड़ सोमवार की गिरावट के बाद मंगलवार को आई इस जोरदार तेजी के बीच जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी आई. उनमें लार्जकैप कंपनियों में Tech Mahindra Share 3.31% की उछाल के साथ 1628.20 रुपये पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं Infy Share 1.50% उछलकर 1903.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा L&T Share, M&M Share, Bjaja Finance Share और SBI Share में भी 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई. मिडकैप कंपनियों की अगर बात करें, तो Crompton Share 4.19% की उछाल के साथ 433.70 रुपये पर, जबकि Dixon Share 2.22% चढ़कर 14,173.15 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा स्मालकैप कंपनियों में शामिल  Hercules Share 15.97% की तेजी लेकर 599.90 रुपये पर, VMart Share 10.59% की बढ़त लेकर 4453.85 रुपये पर और BASF Share 8.72 फीसदी की उछाल के साथ 8028.55 रुपये पर पहुंच गया था. recent visitors 99

भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी शानदार रहा, दो हफ्ते की गिरावट के बाद बाजार की दमदार वापसी

मुंबई भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी शानदार रहा। लगातार दो हफ्ते तक लाल निशान में बंद होने के बाद बाजार तेजी के साथ बंद हुआ। दोनों निफ्टी और सेंसेक्स साप्ताहिक आधार पर हरे निशान में बंद हुए हैं। तेजी में सबसे अधिक योगदान टेक शेयरों का रहा। आखिरी कारोबारी सत्र शुक्रवार को निफ्टी 396.80 अंक या 1.64 प्रतिशत बढ़कर 24,540.55 और सेंसेक्स 1,330.96 अंक या 1.68 प्रतिशत बढ़कर 80,436.84 पर बंद हुआ। 2 अगस्त के बाद बाजार की यह ऊंची क्लोजिंग है। वहीं, साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में 0.92 प्रतिशत और निफ्टी में 0.71 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सेक्टर के हिसाब से निफ्टी आईटी (4.7 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (2.58 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (0.99 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल और गैस (0.21 प्रतिशत) बढ़कर बंद हुए हैं। हालांकि, निफ्टी पीएसयू बैंक (2.15 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (2 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (1.05 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (0.49 प्रतिशत) कमजोरी के साथ बंद हुए हैं। पिछले हफ्ते निफ्टी पैक में टेक महिंद्रा (5.2 प्रतिशत), विप्रो (5.1 प्रतिशत), इन्फोसिस (5.0 प्रतिशत), एचसीएल टेक (4.9 प्रतिशत), टीसीएस (4.4 प्रतिशत), एलएंडटी माइंडट्री (3.5 प्रतिशत), टाइटन (3.4 प्रतिशत), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.3 प्रतिशत) और टाटा मोटर्स (2.8 प्रतिशत) टॉप गेनर्स थे। डिविस लैब (4.1 प्रतिशत), कोल इंडिया (3.33 प्रतिशत), डॉ. रेड्डी लैब (3.1 प्रतिशत), एनटीपीसी (3.1 प्रतिशत), अदाणी पोर्ट्स (2.6 प्रतिशत), पावर ग्रिड (2.1 प्रतिशत) और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस (2.1 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुए हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका में आर्थिक आंकड़े मजबूत आने के कारण मंदी की संभावना कम हो गई है। इसका असर बाजार पर देखने को मिला है। इस कारण अमेरिकी फेड की ओर से सितंबर में ब्याज दर कम होने की संभावना बनी हुई है। वहीं, ब्याज दर कम होने का सीधा असर हमें आईटी पर अधिक खर्च के रूप में देखने को मिलेगा, जिसके कारण आईटी इंडेक्स में 5 प्रतिशत की तेजी हुई है। येनकैरी ट्रेड का खतरा कम होने के कारण बाजार में स्थिरता बनी हुई है। recent visitors 108

पेन्ना सीमेंट प्राप्त करने से अंबुजा को लाभ होगा, अधिग्रहण किया पूरा

नई दिल्ली अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने देश के दक्षिणी हिस्से में अपने कदम बढ़ा दिए हैं। अडानी की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने पेन्ना सीमेंट इंडस्ट्रीज के साथ अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस अधिग्रहण के साथ ही पेन्ना सीमेंट इंडस्ट्रीज अब अंबुजा सीमेंट्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी बन गई है। बता दें कि अंबुजा सीमेंट्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने जून में पेन्ना सीमेंट में 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दी थी। यह सौदा 10422 करोड़ रुपये में हुआ था। पेन्ना सीमेंट इंडस्ट्रीज साउथ की बड़ी कंपनी है। इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद माना जा रहा है कि अडानी साउथ में भी अपने कारोबार की पकड़ मजबूत करेगी। इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद पूरे भारत के सीमेंट बाजार में अडानी ग्रुप की हिस्सेदारी दो बढ़ गई है। वहीं दक्षिण भारत में हिस्सेदारी में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है। साल 2028 तक 140 MTPA का लक्ष्य पेन्ना सीमेंट की मौजूदा सीमेंट उत्पादन क्षमता 14 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है। इसमें 10 MTPA पहले से ही ऑपरेशनल है। अडानी सीमेंट साल 2028 तक 140 MTPA क्षमता का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। माना जा रहा है कि यह अधिग्रहण इस लक्ष्य को हासिल करने में बड़ा कदम साबित होग। जानकारों के मुताबिक इस कंपनी के अधिग्रहण से अडानी ग्रुप को न केवल दक्षिण भारत में अपनी उपस्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी, बल्कि वह श्रीलंका के मार्केट में भी प्रवेश कर सकेगा। पेन्ना सीमेंट की इन राज्यों में है पकड़ पेन्ना सीमेंट के पास आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और राजस्थान (निर्माणाधीन) में 14 मिलियन टन सालाना उत्पादन क्षमता है। इसके अलावा जोधपुर संयंत्र से भी 3 MTPA सीमेंट उत्पादन की क्षमता मिलेगी। अडानी ग्रुप ने अपने एक बयान में कहा था कि यह कोलकाता, गोपालपुर, कराईकल, कोच्चि और कोलंबो में पांच बल्क सीमेंट टर्मिनलों के साथ अडानी समूह के समुद्री परिवहन लॉजिस्टिक्स को भी मजबूत करेगा। क्या है कंपनी का प्लान? अडानी ग्रुप काफी तेजी से सीमेंट सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। उसकी नजर गुजरात की कंपनी सौराष्ट्र सीमेंट, जयप्रकाश एसोसिएट्स का सीमेंट बिजनेस और एबीजी शिपयार्ड की कंपनी वदराज सीमेंट पर भी है। अडानी ग्रुप का लक्ष्य क्षमता बढ़ाने और अगले तीन से चार वर्षों में आदित्य बिड़ला ग्रुप की अल्ट्राटेक (UltraTech) को पछाड़कर देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी बनना है। ग्रुप के पास अभी तीन सीमेंट कंपनियां हैं। इनमें अंबुजा, एसीसी और सांघी सीमेंट शामिल हैं। अब पेन्ना सीमेंट भी उसकी झोली में आ चुकी है।   recent visitors 128

अडानी पावर ने बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति जारी रखी

मुंबई अदाणी पावर (Adani Power) अपने झारखंड स्थित पावर प्लांट से बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति जारी रखेगी. इस संबंध में स्टेटमेंट जारी कर कंपनी ने कहा कि हम बांग्लादेश की जरूरतों को समझते हैं, ऐसे में हम उन्हें अपने करार के मुताबिक बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं. अदाणी पावर के गोड्डा स्थित 1600 MW के पावर प्लांट से 100% बिजली बांग्लादेश को सप्लाई होती है. ये देश का एकमात्र पावर प्लांट है, जहां का पूरा आउटपुट बांग्लादेश को निर्यात किया जाता है. सरकार ने किया है नया संशोधन इस संशोधन के मुताबिक पावर पर्चेज एग्रीमेंट के तहत पेमेंट में देरी जैसी वजहों के चलते अगर डिफॉल्ट नोटिस जारी किया गया है या पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हो रहा है, तो बिजली इंडियन ग्रिड में भेजी जा सकती है. ये राज्य के अंदर या बाहर भेजी जा सकती है. स्टेटमेंट में अदाणी पावर ने कहा कि गाइडलाइंस में बदलाव, मौजूदा व्यवस्था को बरकरार रखने के साथ-साथ भारतीय इंडस्ट्री के पावर एक्सपोर्ट प्रोसेस को नियमित बनाए रखने के लिए किया गया है. कंपनी ने कहा, 'हम अपने गोड्डा प्लांट से बांग्लादेश को बिना रुकावट बिजली उपलब्ध करवा रहे हैं. हम बांग्लादेश के लिए इसकी अहमियत समझते हैं और हम PPA के प्रावधानों और BPDB के डिमांड शेड्यूल के मुताबिक बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.' बांग्लादेश के राजनीतिक संकट के बाद सरकार ने दी छूट बता दें सरकार ने निर्यात शर्तों वाले पावर प्लांट्स को ताजा छूट बांग्लादेश में आए राजनीतिक संकट के बाद दी है. इसके अलावा भारत की कोशिश जीरो-डेफिसिट पावर सप्लाई नेशन बने रहने की है. दरअसल भारत की इलेक्ट्रिसिटी डिमांड बढ़ती जा रही है और शॉर्टफाल सिर्फ एक फीसदी के अंतर पर है. इस साल मई में भारत की पावर डिमांड 250 GW के स्तर पर पहुंच गई थी. ऊर्जा मंत्रालय का अनुमान है कि इस साल गर्मी में ये डिमांड 260 GW तक पहुंच सकती है.   recent visitors 111

भारत, यूनाइटेड किंगडम, जापान, इंडोनेशिया, मैक्सिको और ब्राजील में जल्द ही ‘एआई ओवरव्यू’

नई दिल्ली  टेक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने भारत सहित छह देशों में ‘एआई ओवरव्यू’ फीचर लाने की घोषणा की। भारत में कंपनी अंग्रेजी और हिंदी में ‘एआई ओवरव्यू’ शुरू कर रही है और साथ ही देश में पहली बार लोकप्रिय फीचर्स भी पेश कर रही है, जिन्हें सर्च लैब्स प्रयोग के दौरान खूब सराहा गया था। कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “यह आपको भाषा टॉगल बटन के साथ अंग्रेजी और हिंदी परिणामों के बीच आसानी से स्विच करने में मदद करेगा, और ‘सुनो’ बटन पर टैप करके टेक्स्ट-टू-स्पीच के साथ प्रतिक्रियाओं को सुनने में मदद करेगा।” इसे भारत, यूनाइटेड किंगडम, जापान, इंडोनेशिया, मैक्सिको और ब्राजील में शुरू क‍िया जा रहा है। सर्च के उत्पाद प्रबंधन की वरिष्ठ निदेशक हेमा बुदराजू ने कहा कि परीक्षण के दौरान हमने देखा कि भारतीय उपयोगकर्ता अन्य देशों की तुलना में एआई ओवरव्यू के जवाबों को अधिक बार सुनते हैं। बुदराजू ने कहा, “हम खोज करते समय प्रासंगिक वेबसाइटों की जांच करने के लिए और अधिक तरीके पेश कर रहे हैं। डेस्कटॉप पर एआई अवलोकन के लिए दाहिने हाथ के लिंक डिस्प्ले के साथ – ऊपरी दाईं ओर साइट आइकन पर टैप करके मोबाइल पर भी पहुंचा जा सकता है।” बुदराजू ने कहा कि जैसे-जैसे हम एआई को विकसित करते हैं, हम विभिन्न स्रोतों से लोगों को जानकारी तक पहुंचने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। गूगल ने कहा, “सर्च को बेहतर बनाने और बढ़ाने पर हमारा निरंतर ध्यान हमें वेब पर अधिक योग्य ट्रैफिक भेजने की सहूल‍ियत देता है।” कंपनी एआई ओवरव्यू के टेक्स्ट के भीतर सीधे प्रासंगिक वेब पेजों के लिंक जोड़ने का भी परीक्षण कर रही है। इससे लोगों के लिए क्लिक करना और उन साइटों पर जाना और भी आसान हो जाता है, जिनमें उनकी रुचि है।     recent visitors 97

स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेस लिमिटेड ने आईपीओ के लिए सेबी के समक्ष दाखिल किए दस्तावेज

ईकॉम एक्सप्रेस ने आईपीओ के जरिये 2600 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सेबी के समक्ष दाखिल किए दस्तावेज ईकॉम एक्सप्रेस और स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेस लिमिटेड ने आईपीओ के लिए सेबी के समक्ष दाखिल किए दस्तावेज स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेस लिमिटेड ने आईपीओ के लिए सेबी के समक्ष दाखिल किए दस्तावेज नई दिल्ली  ईकॉम एक्सप्रेस लिमिटेड ने आरंभिक सार्वनजिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये 2,600 करोड़ रुपये जुटाने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी के समक्ष दस्तावेज दाखिल किए हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष दाखिल आईपीओ दस्तावेज के अनुसार, निर्गम 1,284.50 करोड़ रुपये के ताजा शेयर और 1,315.50 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश (ओएफएस) का संयोजन है। कंपनी के अनुसार, आईपीओ से अर्जित पूंजी में से 387.44 करोड़ रुपये का इस्तेमाल स्वचालन के साथ नए प्रसंस्करण केंद्र और नए पूर्ति केंद्र स्थापित करने के लिए किया जाएगा। 73.71 करोड़ रुपये कंप्यूटर तथा आईटी उपकरणों के लिए और 239.23 करोड़ रुपये प्रौद्योगिकी, डेटा विज्ञान क्षमताओं तथा क्लाउड बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर खर्ज किए जाएंगे। 87.92 करोड़ रुपये से कर्ज चुकाया जाएगा। कंपनी आईपीओ पूर्व निर्गम में 257 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार कर रही है। ऐसा होने पर नए निर्गम का आकार घटा दिया जाएगा। ईकॉम एक्सप्रेस पूरे भारत में ‘एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स नेटवर्क’ संचालित करती है। आवश्यक लॉजिस्टिक्स बनुयादी ढांचे की पेशकश और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर कंपनी देश भर के उपभोक्ताओं के साथ डिजिटल खुदरा विक्रेताओं तथा ई-वाणिज्य मंचों को जोड़ती है। स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेस लिमिटेड ने आईपीओ के लिए सेबी के समक्ष दाखिल किए दस्तावेज  स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेस लिमिटेड ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए धन जुटाने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी के समक्ष प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष दाखिल आईपीओ दस्तावेज के अनुसार, प्रस्तावित निर्गम 550 करोड़ रुपये के ताजा शेयर और 67.59 लाख शेयर की बिक्री पेशकश (ओएफएस) का संयोजन है। कंपनी की आईपीओ पूर्व निर्गम में 110 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। ऐसा होने पर नए निर्गम का आकार घटा दिया जाएगा। स्मार्टवर्क्स कोवर्किंग स्पेसेस लिमिटेड कार्यालय अनुभव और प्रबंधित परिसरों के लिए एक अग्रणी मंच है। कंपनी प्रमुख स्थानों पर बड़ी, खाली संपत्तियों को पट्टे पर देने तथा उन्हें आधुनिक सुविधाओं के साथ पूर्ण सेवायुक्त, प्रौद्योगिकी-सक्षम परिसरों में बदलने का काम करती है।     recent visitors 108

गीता गोपीनाथ का दिया बड़ा बयान“भारत 2027 तक बनेगा दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था”

नई दिल्ली  इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड की पहली डेप्युटी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ का मानना ​​है कि भारत उम्मीदों से कहीं अधिक आर्थिक रूप से विकसित हो रहा है. हाल ही में उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर के पीछे अलग-अलग कारण हैं. गीता गोपीनाथ ने भविष्यवाणी की कि भारत 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा     गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष में उम्मीद से बेहतर विकास दर दर्ज की. इसे बनाए रखने के लिए किए गए उपायों का इस साल हमारी उम्मीदों पर असर पड़ेगा. इसके अलावा, हमने भारत में निजी खर्च में भी जोरदार उछाल देखा है. आईएमएफ की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने कहा कि पिछले साल निजी खर्च में केवल 4 फीसदी की वृद्धि हुई थी. जैसे-जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च बढ़ेगा, इसमें भी वृद्धि होगी. दोपहिया वाहनों की बिक्री और एफएमसीजी की बिक्री में तेजी आई है. बारिश के साथ, अच्छी फसल उत्पादन संभव है. नतीजतन, कृषि आय बढ़ेगी और ग्रामीण विनिमय में तेजी आएगी. ये हमारी उम्मीदों के सोर्स हैं. IMF ने विकास की उम्मीदें बढ़ाई आईएमएफ ने भारत में एफएमसीजी, दोपहिया वाहनों की बिक्री और अनुकूल वर्षा के आंकड़ों के आधार पर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत के विकास अनुमान को बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है. यह भारत सरकार द्वारा इस वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण में दिए गए 6.5 फीसदी विकास अनुमान से अधिक है. 2025 तक भारतीय अर्थव्यवस्था भारत जी20 शेरपा, नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने पहले ही राय दी है कि भारत 2025 तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. अमिताभ कांत ने कहा कि पिछली तीन तिमाहियों में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह और 8 फीसदी जीडीपी वृद्धि जैसी चीजों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है. भारत वर्तमान में अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. 2022 में भारत ब्रिटेन को पछाड़ते हुए छठे स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया. इकोनॉमी में तेजी के पीछे ये तर्क  बता दें, भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर गीता गोपीनाथ ने जो अनुमान दिया है, वो पिछले महीने बजट में भारत सरकार द्वारा आर्थिक सर्वे में पेश किए गए अनुमान से भी ज्यादा है. भारत सरकार ने 6.5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया है. जबकि अब IMF ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है. गीता गोपीनाथ ने इस अनुमान के आधार पर बताया कि 2027 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा.  उन्होंने बताया कि पिछले साल निजी खपत ग्रोथ 4 फीसदी के करीब था, जिसमें इस साल खासी बढ़ोतरी की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण इलाकों में तेजी रिकवरी की संभावना दिख रही है. ADB को भारत की ग्रोथ पर भरोसा  बता दें, IMF से जुड़ीं गीता गोपीनाथ से पहले एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ की थी. एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत के जीडीपी अनुमान को 7 फीसदी पर बरकार रखा है. वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.  recent visitors 106

गौतम अदानी पहुंचे शिरडी साई मंदिर, चढ़ाई चादर

नासिक  अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी गुरुवार को महाराष्ट्र के नासिक में शिर्डी के साईं बाबा के दरबार में पहुंचे। उन्होंने साईं बाबा के चरणों में सर रखकर नमन किया और सफेद चादर चढ़ाई।इसके पहले वहां पहुंचे गौतम अदाणी का साईं संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडीलकर ने स्वागत किया। इस दौरान भाजपा के पूर्व सांसद सुजय विखे भी मौजूद रहे। इससे पहले 24 जून को देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सबसे आगे अदाणी समूह की सभी सूचीबद्ध कंपनियों की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित की गयी थी। सप्ताह की शुरुआत में गौतम अदाणी ने अपने 6.7 मिलियन शेयरधारकों से बात की थी। भारत की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के पहली पीढ़ी के उद्यमी गौतम अदाणी ने अपने संबोधन में तीन महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। बाहरी चुनौतियों पर काबू पाने में समूह की क्षमता, वैश्विक मंच पर भारत का उत्थान, और समूह के लिए भविष्य के अवसर और 11 सूचीबद्ध कंपनियों में 6.7 मिलियन शेयरधारकों का व्यापक शेयरधारक आधार। गुजरात के रेगिस्तान में पले-बढ़े मृदुभाषी गौतम अदाणी ने अपनी मां द्वारा सिखाए गए मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा, "हमारी सफलता का सही पैमाना हमारी उपलब्धियों के बारे में कम और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने की हमारी क्षमता में अधिक है। यह सबक मैंने अपनी मां से सीखा। बनासकांठा के कठोर रेगिस्तान में अपने पलने-बढ़ने के दौरान मैंने मां से सीखा कि सच्ची ताकत दृढ़ता में निहित है।" उन्होंने कहा, "इसी दृढ़ता ने हमें देश की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में से एक बनाने की ताकत दी। खुद पर अभूतपूर्व हमलों का सामना करते हुए हमने अपनी क्षमता को साबित किया।" उन्होंने समूह की वापसी का श्रेय साहस, विश्वास और प्रतिबद्धता के अपने मूल मूल्यों को दिया। दुनिया में बढ़ते भारत के प्रभाव और जलवायु परिवर्तन के समाधान में समूह की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए गौतम अदाणी ने कहा, "दुनिया भारत के उदय को देख रही है। यह भारत का समय है। हम अब इस जटिल दुनिया में स्थिरता, सहयोग और प्रगति के लिए ताकत हैं। यह भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता और महत्वाकांक्षी विकास योजनाएं हैं, जो हमारे आत्मविश्वास को प्रेरित करती हैं।" recent visitors 117

शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्‍स सप्‍ताह के आखिरी दिन 600 अंक ऊपर 79,754.85 लेवल पर खुला

मुंबई शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्‍स सप्‍ताह के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को  600 अंक ऊपर 79,754.85 लेवल पर खुला है, जबकि Nifty 200 अंक ऊपर होकर 24,334.85 लेवल पर खुला है. बीएसई Sensex के सभी शेयरों में हरियाली छाई है. टॉप 30 में से सबसे ज्‍यादा तेजी महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में 2.77 प्रतिशत की हुई है. इसके बाद टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, टीसीएस, जेएसडब्‍लू स्‍टील और ICICI Bank हैं. सुबह 9.30 बजे तक शेयर बाजार में सेंसेक्‍स 812 अंक चढ़कर 79,916 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 243 अंक उछलकर 24,387 लेवल पर था. बैंक निफ्टी की बात करें तो यह 507 अंक चढ़कर 50,234 लेवल पर कारोबार कर रहा था. शेयर बाजार में इस शानदार तेजी की वजह यूएस मार्केट में आई उछाल के कारण देखा जा रहा है. निवेशकों की 4 लाख करोड़ की कमाई शुक्रवार को ग्‍लोबल शेयर बाजार में तेजी के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त आई है. अमेरिका में रोजगार और व्यय के आंकड़ों के बाद मंदी की चिंता कम हुई है, जिस कारण शेयर बाजार में आज अच्‍छी तेजी है. बाजार में तेजी के कारण बीएसई में लिस्‍टेड कंपनियों का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को 444.29 लाख करोड़ रुपये से 3.87 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 448.16 लाख करोड़ रुपये हो गया. यानी कि निवेशकों का वैल्‍यूवेशन करीब 4 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है. इन शेयरों में शानदार तेजी जेनसर टेक्‍नोलॉजी में 6 प्रतिशत, फर्स्‍ट सोर्स सॉल्‍यूशन के शेयर में करीब 8 प्रतिशत, CDSL के शेयर में 4 प्रतिशत, ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में 11 प्रतिशत, RVNL के शेयर में 4 प्रतिशत और डीएलएफ के शेयरों में 4 प्रतिशत की तेजी आई है. इसके अलावा, Mpaisa के शेयर में 5 प्रतिशत, एल एंड टी टेक के शेयर में 4.32 प्रतिशत और अपोलो हॉस्पिटल के शेयर में 3 प्रतिशत की उछाल देखी जा रही है. 54 शेयरों में अपर सर्किट एनएसई पर आज 54 शेयरों में अपर सर्किट लगा है, जबकि 30 शेयर लोअर सर्किट पर कारोबार कर रहे हैं. वहीं 49 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर हैं. 16 शेयर 52 सप्‍ताह के न‍िचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं. एनएसई के कुल 2,269 शेयरों में से 1,777 शेयर उछाल पर कारोबार कर रहे हैं. वहीं 441 शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. 51 शेयर में कोई बदलाव नहीं देखा गया है. recent visitors 116

लाखों Google और माइक्रोसॉफ्ट के यूजर पर बड़ा खतरा, बैंक अकाउंट खाली होने का डर, तुरंत हो जाएं अलर्ट

मुंबई इंटरनेट यूजर के ऊपर एक बार फिर से बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा गूगल क्रोम और माइक्रोसॉफ्ट एज के ब्राउजर एक्सटेंशन्स को यूज करने वाले यूजर्स के लिए है। इससे हैकर बड़ी आसानी से आपके कंप्यूटर में सेव सेंसिटिव डेटा, बैंकिंग डीटेल और पासवर्ड्स को चुरा सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी कंपनी ReasonLabs की रिपोर्ट के अनुसार मैलवेयर वाले ये ब्राउजर एक्सटेंशन साल 2021 से यूजर्स को अपना शिकार बना रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में अब तक कम से कम 3 लाख गूगल क्रोम और माइक्रोसॉफ्ट एज यूजर इससे प्रभावित हो चुके हैं। क्यों है खतरनाक? इन मैलवेयर एक्सटेंशन को खतरनाक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार ये एक्सटेंशन एक छोटे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होते हैं, जो यूजर्स के ब्राउजिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने का काम करते हैं। हैकर्स के मैलवेयर वाले एक्सटेंशन दिखने में असली टूल्स की तरह होते हैं और यूजर इस पर बिना शक किए इसे इंस्टॉल कर लेते हैं। एक बार इंस्टॉल हो जाने के बाद ये एक्सटेंशन सिस्टम में मौजूद सेंसिटिव डेटा के साथ पासवर्ड, ब्राउजिंग हिस्ट्री और बैंक डीटेल से जुड़ी जानकारियों का ऐक्सेस हैकर्स को दे देते हैं। चिंता की बात यह कि एक्सटेंशन को डिलीट करने के बाद भी मैलवेयर कंप्यूटर में छिपा रहता है और सिस्टम ऑन होते ही यह ऐक्टिवेट हो जाता है। हैकर यूजर्स को इस मैलवेयर वाले एक्सटेंशन के जाल में फंसाने के लिए Malvertising (मैलवेयर+ऐडवर्टाइजिंग) ट्रिक का इस्तेमाल करते हैं। सिस्टम को ऐसे करें चेक आपके कंप्यूटर में यह मैलवेयर है या नहीं, इसे आप चेक कर सकते हैं। अगर आपका सिस्टम इस मैलवेयर से इंफेक्टेड है, तो आप की स्क्रीम गूगल क्रोम और एज से रीडायरेक्ट हो कर हैकर के सर्च पोर्टल पर ओपन होगी। इसके अलावा आप सिस्टम फोल्डर में भी फाइल्स को चेक करके इस मैलवेयर का पता लगा सकते हैं। रीजनलैब्स की मानें, तो इस मैलवेयर के एक्सटेंशन को हटाने के लिए यूजर्स को पहले Scheduled Tasks को रिमूव करना होगा। इसके बाद डिलीट Registry Keys करके आप इस मैलवेयर से छुटकारा पास सकते हैं। इसके स्टेप-बाइ-स्टेप गाइड के लिए आपको https://reasonlabs.com/research/new-widespread-extension-trojan-malware-campaign पर विजिट करना होगा। recent visitors 106

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया, महंगी हो गई लोन की EMI

नई दिल्ली देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। एसबीआई ने अपनी अलग-अलग अवधि के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स यानी (एमसीएलआर) में 10 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें आज गुरुवार 15 अगस्त, 2024 से लागू हो चुकी हैं। बता दें कि एसबीआई द्वारा एमसीएलआर में बढ़ोतरी का यह लगातार तीसरा महीना है। ये हैं नई दरें ओवरनाइट: 8.10% से बढ़कर 8.20% एक महीना: 8.35% से बढ़कर 8.45% हो गया तीन महीने: 8.40% से बढ़कर 8.50% छह महीने: 8.75% से बढ़कर 8.85% एक साल: 8.85% से बढ़कर 8.95% दो साल: 8.95% से बढ़कर 9.05% तीन साल: 9.00% से बढ़कर 9.10% पावर शेयर पर टूट पड़े निवेशक, खरीदने की मची लूट, ₹148 पर पहुंचा भाव, LIC के पास ₹142 पर पहुंचा यह पावर शेयर, अब 13 अगस्त अहम दिन, LIC के पास भी हैं 8 करोड़ शेयर लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी पीएसयू बैंक ने जून 2024 से कुछ अवधियों में एमसीएलआर को 30 आधार अंक (बीपीएस) तक बढ़ाया है। एमसीएलआर वह न्यूनतम ब्याज दर है जिसके नीचे कोई बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा अनुमत कुछ मामलों को छोड़कर, उधार नहीं दे सकता है। एमसीएलआर रेट में बढ़ोतरी का मतलब है कि ग्राहकों के लिए होम लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन जैसे कर्ज का महंगा होना। बता दें कि आरबीआई द्वारा अप्रैल 2016 में उधार दरों के लिए बेंचमार्क के रूप में पिछली आधार दर प्रणाली की जगह एमसीएलआर की शुरुआत की गई थी। recent visitors 94

स्‍पैम कॉल पर कसेगी लगाम, गैर-पंजीकृत इकाइयों का कटेगा कनेक्‍शन; दो साल के लिए ब्‍लैक लिस्‍ट करने

नई दिल्ली  ट्राई ने टेलीकाम कंपनियों से अवांछित (स्पैम) काल करने वाली गैर पंजीकृत संस्थाओं के सभी दूरसंचार संसाधनों का कनेक्शन काटने का निर्देश दिया है। साथ ही ऐसी कंपनियों को दो साल तक के लिए काली सूची में डालने को कहा है। इस दौरान किसी भी दूरसंचार कंपनी की तरफ से उन्हें नए कनेक्शन आवंटित नहीं किए जाएंगे। नियामक ने दूरसंचार कंपनियों को इस निर्देश का तत्काल पालन करने और इस संबंध में की गई कार्रवाई के बारे में पाक्षिक आधार पर नियमित ब्योरा देने को भी कहा है। टेलीमार्केटिंग कंपनियों के दिया निर्देश ट्राई ने कहा कि इस 'निर्णायक कार्रवाई' से बिना पंजीकरण वाली टेलीमार्केटिंग कंपनियों की तरफ से उपभोक्ताओं को की जाने वाली अवांछित काल में कमी आने और ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है। दूरसंचार नियामक ट्राई ने थोक कनेक्शन और दूसरे दूरसंचार साधनों का इस्तेमाल करने वाले सभी गैर-पंजीकृत टेलीमार्केटिंग (यूटीएम) कंपनियों से प्रचार के लिए की जाने वाली काल पर रोक लगाना सभी दूरसंचार कंपनियों के लिए अनिवार्य कर दिया है, चाहे ये संदेश पहले से रिकार्ड हों या कंप्यूटर-जनित हों। ट्राई ने दिया नियमित अपडेट का निर्देश ट्राई ने सभी दूरसंचार कंपनियों को अपनी नवीनतम निर्देश का अनुपालन करने और हर महीने की पहली और 16 तारीख को इस संबंध में की गई कार्रवाई पर नियमित अपडेट देने का भी निर्देश दिया है। नियामक ने स्पैम काल पर लगाम लगाने की मंशा से पिछले हफ्ते सभी दूरसंचार कंपनियों के नियामकीय प्रमुखों के साथ बैठक की थी। इस बैठक में एयरटेल, बीएसएनएल, रिलायंस जियो, टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड, क्वाड्रेंट टेलीवेंचर्स लिमिटेड (क्यूटीएल) और वी-कान मोबाइल एंड इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने शिरकत की थी। recent visitors 95

EPFO खाताधारकों अब PF से पैसा निकालना आसान, 3 दिन में खाते में आएंगे 1 लाख तक, जानिए नियम-प्रक्रिया

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्‍य निध‍ि संगठन के खाताधारकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। ईपीएफओ ने पीएफ अकाउंट से एडवांस निकालने के नियम में बदलाव किया है। ईपीएफओ ने मेडिकल, एजुकेशन, मैरिज और हाउसिंग पर्पज के एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-मोड सेटलमेंट की सुविधा दी है। इस सुविधा का लाभ पीएफ अकाउंट होल्‍डर्स, जो 6 करोड़ से ज्‍यादा हैं लाभ उठा सकते हैं। 3-4 दिन में कर सकते है क्लेम ईपीएफओ ने चिकित्सा, शिक्षा, विवाह और कंस्ट्रक्शन के एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-मोड सेटलमेंट की सुविधा शुरू की है, इसके तहत 3-4 दिन में क्‍लेम कर सकते है, पहले ईपीएफओ की इस सुविधा में 15 से 20 दिन का समय लगता था। इसका कारण था मेंबर की एलिजिबिलिटी, डॉक्यूमेंट, EPF अकाउंट का KYC स्टेटस, बैंक अकाउंट जैसी डिटेल्स को चेक किया जाना, लेकिन अब ऑटोमेटेड सिस्‍टम में उन्‍हें स्‍क्रूटनी और अप्रूवल भेज दिया जाता है, ताकि क्‍लेम आसानी से हो जाए।     राहत की बात ये है कि अब ईपीएफ अकाउंट से एडवांस फंड 1 लाख रुपये तक निकाल स‍कते हैं, जबकि पहले यह लिमिट 50 हजार रुपये थी। एडवांस फंड निकालने का काम ऑटो सेटलमेंट मोड कंप्‍यूटर के जरिए कर सकते हैं, इसके लिए किसी से भी अप्रूवल की आवश्‍यकता नहीं होती है और तीन दिन के अंदर ही पैसा आपके अकाउंट में भेज दिया जाएगा।     इसके लिए KYC, क्लेम रिक्वेस्ट की एलिजिबिलिटी, बैंक अकाउंट डिटेल देने की आवश्‍यकता होती है।राहत की बात ये है कि पहले सिर्फ बीमारी के समय में ही पैसा निकाल सकते थे लेकिन अब बीमारी, एजुकेशन, शादी और घर खरीदने के लिए भी EPF से पैसा निकाल सकते हैं।अगर घर में बहन और भाई की भी शादी है तो भी एडवांस पैसा निकाल सकते हैं। पीएफ खाते से पैसा निकालने की प्रक्रिया     सबसे पहले UAN और पासवर्ड का उपयोग करके EPFO पोर्टल पर लॉग इन करें।     अब आपको ऑनलाइन सर्विसेज पर जाना होगा और ‘क्लेम’ सेक्शन चुनना होगा।     बैंक अकाउंट वैरिफाई करें, प्रोसीड फॉर ऑनलाइन क्लेम पर क्लिक करें।     जब नया पेज ओपन हो जाएगा तो पीएफ एडवांस फॉर्म 31 चुनना होगा।     अब पीएफ अकाउंट सलेक्‍ट करना होगा।     अब आपको पैसा निकालने की वजह, कितना पैसा निकालना और एड्रेस भरना होगा।     चेक या पासबुक की स्‍कैन कॉपी अपलोड करनी होगी।      आपको कंसेंट देना होगा और इसे आधार से वेरिफाई करना होगा।     क्‍लेम प्रॉसेसे होने के बाद ये एम्‍प्‍लॉयर के पास अप्रूवल के लिए जाएगा।     ऑनलाइन सर्विस के तहत आप क्‍लेम स्‍टेटस को चेक कर सकते हैं।   recent visitors 141

विदेशी कंपनीया अब भारत में लाएगी आईपीओ! निवेशकों को मिल सकता है सुनहरा मौका, पढ़ें यह खबर

मुंबई भारतीय बाजार की बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए कई विदेशी कंपनियां अपनी लोकल यूनिट का आईपीओ भारतीय बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं। दरअसल दक्षिण कोरिया की वाहन निर्माता कंपनी हुंडई पहले ही अपनी भारतीय इकाई का आईपीओ लाने के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट जमा कर चुकी है। वहीं अब कोका-कोला भी इस सूची में शामिल हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह निवेशकों के लिए एक खुशी की बात हो सकती है। बोटलिंग इन्वेस्टमेंट्स ग्रुप (BIG) का बंद होना: दरअसल कोका-कोला कंपनी ने रविवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। जिसमें कंपनी ने जानकारी दी कि वह बोटलिंग इन्वेस्टमेंट्स ग्रुप (BIG) को बंद कर रही है। वहीं ईटी की रिपोर्ट की माने तो, कोका-कोला के इंटरनेशनल डेवलपमेंट प्रेसिडेंट हेनरिक ब्राउन ने एक इंटरनल नोट में कहा कि 30 जून से BIG का कॉरपोरेट ऑफिस बंद हो जाएगा। इस बड़े फैसले का कोका-कोला के वैश्विक कारोबार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि BIG के तहत ही कंपनी पूरी दुनिया में बोटलिंग बिजनेस चलाती है। भारतीय बिजनेस पर भी होगा विशेष प्रभाव: वहीं कोका-कोला द्वारा लिए जा रहे इस बड़े कदम का असर भारत के व्यापर पर भी दिखाई देगा। दरअसल देश में कोका-कोला की पूर्ण स्वामित्व वाली बोटलिंग कंपनी हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (HCCB) को BIG के जरिए ही नियंत्रित किया जाता है। जानकारी के अनुसार इसी कड़ी में कंपनी द्वारा अपने इंटरनल नोट में भारतीय बिजनेस का विशेष उल्लेख भी किया गया है। दरअसल ब्राउन का कहना है कि “अब भारत, नेपाल और श्रीलंका का बिजनेस सीधे कोका-कोला के इंटरनल बोर्ड की निगरानी में रहेगा।” हालांकि पहले खबरें आई थीं कि कोका-कोला अपनी भारतीय बॉटलिंग कंपनी हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज की कुछ हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी ने कथित तौर पर भारत के चार प्रमुख कॉरपोरेट घरानों से संपर्क साधा है। वहीं ऐसा भी माना जा रहा है कि कंपनी की मूल्यांकन का अंदाजा कोका-कोला, हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज का आईपीओ लाने से पहले उसकी कुछ हिस्सेदारी बेचकर लगाने का विचार कर रही है। recent visitors 90

यूआईडीएआई को पांच साल के लिए मिली आयकर भुगतान से छूट

नई दिल्ली  वित्त मंत्रालय ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की आय को वित्त वर्ष 2027-28 तक पांच साल के लिए आयकर के भुगतान से छूट दे दी है। वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस आशय की एक अधिसूचना जारी की है। आयकर विभाग सीबीडीटी के नियंत्रण में ही संचालित होता है। इस अधिसूचना के मुताबिक, प्राधिकरण को केंद्र सरकार से प्राप्त अनुदान/ सब्सिडी, आरटीआई शुल्क, निविदा शुल्क, कबाड़ की बिक्री, पीवीसी कार्ड सहित शुल्क/सदस्यता, सत्यापन, नामांकन और सूचनाओं को अद्यतन करने के लिए लिए जाने वाले सेवा शुल्क, सावधि जमा और बैंक जमा पर मिलने वाला ब्याज पांच साल तक आयकर से मुक्त होगा। यह अधिसूचना कर निर्धारण वर्ष 2024-2025, 2025-2026, 2026-2027, 2027-2028 और 2028-2029 के लिए लागू होगी। इसका मतलब है कि वित्त वर्ष 2023-24 से लेकर 2027-28 के दौरान प्राधिकरण को हुई आय पर कोई कर नहीं लगेगा। हालांकि, यह अधिसूचना तभी प्रभावी होगी जब यूआईडीएआई किसी भी वाणिज्यिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा और उसकी गतिविधियां एवं निर्दिष्ट आय की प्रकृति पूरे वित्त वर्ष में अपरिवर्तित रहेगी। यूआईडीएआई देश में नागरिकों को विशिष्ट पहचान संख्या ‘आधार’ जारी करने का काम करता है। इसका गठन आधार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत किया गया है जिसका उद्देश्य आधार अधिनियम का अनुपालन सुनिश्चित करना और अधिनियम के अनुरूप नियम और कानून बनाना है।     recent visitors 102

सेंसेक्स 150 अंक उछला, भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद

मुंबई भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार का कारोबारी सत्र मिलाजुला रहा। बाजार ने एक सीमित दायरे में काम किया। हालांकि, कारोबार के अंत में सेंसेक्स 149.85 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 79,105 और निफ्टी 4.75 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,143 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का ट्रेंड देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 334 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 56,547 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 116 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 18,087 पर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो आईटी, सर्विस सेक्टर और कंजप्शन इंडेक्स ही हरे निशान में बंद हुए हैं। पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल और रियल्टी इंडेक्स में गिरावट थी। निफ्टी बैंक 104 अंक या 0.21 प्रतिशत कम होकर 49,727 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एमएंडएम, विप्रो और भारती एयरटेल टॉप गेनर्स थे। अल्ट्राटेक सीमेंट, जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, इंडसइंड बैंक, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक टॉप लूजर्स थे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 2,408 शेयर लाल निशान, 1,511 शेयर हरे निशान और 117 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि कमजोर घरेलू संकेतों के कारण बाजार ने एक सीमित दायरे में कारोबार किया। हालांकि, अमेरिका में महंगाई कम होने की उम्मीद के कारण वैश्विक स्तर पर तेजी दिखी। इस कारण आईटी शेयरों में उछाल देखने को मिला। recent visitors 109

टाटा मोटर्स ने स्थानीय रूप से विनिर्मित रेंज रोवर स्पोर्ट की आपूर्ति की शुरू

मुंबई  टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंड रोवर ने घरेलू बाजार में स्थानीय रूप से विनिर्मित रेंज रोवर स्पोर्ट की आपूर्ति शुरू करने की  घोषणा की। कंपनी ने कहा कि इसके साथ ही, अब रेंज रोवर का पूरा खंड भारत में निर्मित हो गया है। जगुआर लैंड रोवर ने इस वर्ष मई में घोषणा की थी कि वह भारत में टाटा मोटर्स के पुणे संयंत्र में रेंज रोवर और रेंज रोवर स्पोर्ट का विनिर्माण करेगी। कंपनी के अनुसार, पेट्रोल तथा डीजल दोनों इंजन में उपलब्ध नई रेंज रोवर स्पोर्ट की कीमत 1.40 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) है। जेएलआर इंडिया के प्रबंध निदेशक राजन अंबा ने कहा, ‘‘यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि हम स्थानीय रूप से निर्मित रेंज रोवर स्पोर्ट की आपूर्ति शुरू कर रहे हैं। इसके साथ ही, रेंज रोवर का पूरा खंड अब भारत में बना है। स्थानीय स्तर पर अब छह वाहनों का विनिर्माण किया जा रहा है।’’     recent visitors 112

फर्जी जीएसटी पंजीकरण के खिलाफ दूसरा अखिल भारतीय अभियान 16 अगस्त से होगा शुरू

नई दिल्ली  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की बैठक नौ सितंबर को होगी।परिषद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक खाते पर लिखा, ‘‘जीएसटी परिषद की 54वीं बैठक नौ सितंबर 2024 को नई दिल्ली में होगी।’’ केंद्र तथा राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के संबंध में सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। यह एक जुलाई 2017 से काम कर रही है। बैठक में दरों को युक्तिसंगत बनाने, कर ‘स्लैब’ को कम करने के अलावा जीएसटी के तहत उलटा शुल्क हटाने पर चर्चा होने की उम्मीद है। पिछली परिषद की बैठक 23 जून को हुई थी, जिसके बाद सीतारमण ने कहा था कि जीएसटी परिषद की अगली बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुमंत चौधरी के नेतृत्व में दरों को युक्तिसंगत बनाने पर गठित मंत्रिसमूह (जीओएम) कार्य की स्थिति और समिति द्वारा ‘कवर’ किए गए पहलुओं तथा समिति के समक्ष लंबित कार्यों पर एक प्रस्तुति देगा। फर्जी जीएसटी पंजीकरण के खिलाफ दूसरा अखिल भारतीय अभियान 16 अगस्त से होगा शुरू केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कहा है कि कर अधिकारी 16 अगस्त से फर्जी (माल एवं सेवा कर) जीएसटी पंजीकरण के खिलाफ दो महीने का विशेष अभियान शुरू करेंगे। पहले, इस तरह का अभियान पिछले साल मई में चलाया गया था। इसमें 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध जीएसटी चोरी से जुड़े करीब 22,000 फर्जी पंजीकरणों का पता चला था। वरिष्ठ केंद्र और राज्य कर अधिकारियों वाली राष्ट्रीय समन्वय समिति ने पिछले महीने विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया था। विशेष अभियान के तहत, जीएसटी नेटवर्क, विश्लेषण एवं जोखिम प्रबंधन महानिदेशालय (डीजीएआरएम), सीबीआईसी के साथ समन्वय से विस्तृत डेटा विश्लेषिकी तथा जोखिम मापदंडों के आधार पर संदिग्ध/उच्च जोखिम वाले जीएसटीआईएन की पहचान करेगा। ऐसी जानकारी आगे के सत्यापन के लिए क्षेत्राधिकार वाले कर अधिकारी को दी जाएगी। इसके बाद केंद्र तथा राज्य जीएसटी अधिकारी संदिग्ध जीएसटीआईएन (जीएसटी पहचान संख्या) का तय समय में सत्यापन करेंगे। अगर यह पाया गया कि जीएसटीआईएन फर्जी है या मौजूद ही नहीं है, तो कर अधिकारी पंजीकरण को निलंबित करने और रद्द करने तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) को रोकने की कार्रवाई शुरू करेंगे। सीबीआईसी ने क्षेत्रीय कार्यालयों को जारी निर्देश में कहा, ‘‘सभी केंद्रीय तथा राज्य कर प्रशासनों द्वारा 16 अगस्त 2024 से 15 अक्टूबर 2024 तक दूसरा विशेष अखिल भारतीय अभियान शुरू किया जा सकता है, ताकि संदिग्ध/फर्जी जीएसटीआईएन का पता लगाया जा सके और इनको जीएसटी परिदृश्य से बाहर निकालने तथा सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए अपेक्षित सत्यापन और आगे की सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।’’   recent visitors 107

सर्राफा बाजार में कमजोरी से सस्ता हुआ सोना, चांदी की भी घटी चमक

नई दिल्ली घरेलू सर्राफा बाजार में आज मामूली गिरावट नजर आ रही है। इस गिरावट के कारण देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना आज 70,450 रुपये से लेकर 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना भी 64,590 रुपये से लेकर 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। चांदी के भाव में भी आज मामूली कमजोरी आई है, जिसकी वजह से दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी आज 83,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज 70,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 64,590 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इसी तरह मुंबई में 24 कैरेट सोना 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जबकि चेन्नई में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना आज 70,350 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 64,490 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 70,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 64,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 70,350 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 64,490 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 70,450 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने सस्ता हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 70,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 64,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।     recent visitors 88

शेयर मार्केट में गिरावट, अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर में गिरावट

मुंबई  हिंडनबर्ग 2.0 की रिपोर्ट का असर सोमवार को शेयर मार्केट में दिखाई दिया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ खुले। वहीं अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयर लाल रंग के निशान पर खुले। सबसे ज्यादा गिरावट अडानी टोटल गैस के शेयरों में देखी गई। इस गिरावट के बाद शुरुआती एक घंटे में ही अडानी ग्रुप के निवेशकों के 53 हजार करोड़ रुपये डूब गए। इस गिरावट से अडानी ग्रुप की 10 कंपनियों का मार्केट 16.7 लाख करोड़ रुपये तक गिर गया। शेयर मार्केट में गिरावट थमी, अडानी ग्रुप के शेयर संभले इस समय शेयर मार्केट में गिरावट थमती नजर आ रही है। वहीं अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट पर कुछ ब्रेक लगे हैं। सेंसेक्स करीब 189 अंकों की गिरावट के साथ 79,516.30 पर है। वहीं निफ्टी में भी सुधार आया है। अडानी टोटल गैस में गिरावट 4.70% रह गई है। अडानी एंटरप्राइजेस के शेयर भी संभल गए हैं। अब इनमें गिरावट करीब 2.60% रह गई है। अडानी के शेयर बुरी तरह टूटे हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपने आरोप में सेबी प्रमुख माधबी बुच का कनेक्शन कथित अडानी घोटाले के साथ जोड़ा था। फिर से इसका असर अडानी ग्रुप की कंपनियों पर दिखाई दे रहा है। मार्केट खुलने के शुरुआत एक घंटे में अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयरों की बुरी स्थिति है। अडानी टोटल गैस का शेयर सबसे ज्यादा गिरा है। इसमें 6 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। इसके अडानी पावर के शेयरों में 4.40%, अडानी एंटरप्राइजेस के शेयरों में 4.25%, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में करीब 4% और अडानी विल्मार के शेयरों में 4.10% की गिरावट दर्ज की गई।  सेंसेक्स 450 अंक से ज्यादा गिरा शेयर मार्केट में जबरदस्त गिरावट आई। मार्केट खुलने के करीब एक घंटे में ही सेंसेक्स 475 अंक गिर गया। इस गिरावट के साथ यह 79,230.80 पर आ गया है। वहीं निफ्टी में भी काफी गिरावट आई। यह करीब 153 अंकों की गिरावट के साथ 24,213.75 अंकों पर है। recent visitors 94

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.53 अरब डॉलर बढ़कर 675 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

मुंबई विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण भंडार और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में पास आरक्षित निधि में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होने से 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 7.53 अरब डॉलर बढ़कर 674.93 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, इसके पिछले सप्ताह देश का विदेशी मुद्रा भंडार 3.5 अरब डॉलर घटकर 667.4 अरब डॉलर पर रहा था। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 7.533 अरब डॉलर बढ़कर 674.919 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चला कि 26 जुलाई को समाप्त पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में कुल भंडार 3.471 अरब डॉलर घटकर 667.386 अरब डॉलर रह गया था। पिछला रिकॉर्ड स्तर 18 जुलाई को 670.857 अरब डॉलर था। विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले काफी समय से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अब तक, 2024 में, संचयी आधार पर इसमें लगभग 45-50 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार का बफर घरेलू आर्थिक गतिविधियों को वैश्विक स्पिलओवर से बचाता है। रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 5.2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 592.04 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार 2.4 अरब डॉलर के इजाफे के साथ 60.1 अरब डॉलर हो गया। वहीं, आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 4.1 करोड़ डॉलर की कमी हुई और यह घटकर 18.16 अरब डॉलर पर आ गया। इस अवधि में आईएमएफ के पास आरक्षित निधि 80 लाख डॉलर की बढ़त के साथ 4.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार: प्रमुख रुझान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने से ज़्यादा के अनुमानित आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है। 2023 में, RBI ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 58 बिलियन डॉलर जोड़े। 2022 में, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कुल मिलाकर 71 बिलियन डॉलर की गिरावट आई। विदेशी मुद्रा भंडार, या विदेशी मुद्रा भंडार (FX रिजर्व), किसी देश के केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण द्वारा रखी गई संपत्तियाँ हैं। इसे आम तौर पर आरक्षित मुद्राओं में रखा जाता है, आमतौर पर अमेरिकी डॉलर और कुछ हद तक यूरो, जापानी येन और पाउंड स्टर्लिंग। पिछले साल विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई थी और उसके बाद की गिरावट का एक बड़ा कारण 2022 में आयातित वस्तुओं की लागत में वृद्धि माना जा सकता है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा भंडार में सापेक्ष गिरावट को बढ़ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के असमान अवमूल्यन को बचाने के लिए बाजार में आरबीआई के कभी-कभार हस्तक्षेप से जोड़ा जा सकता है। रुपये के अवमूल्यन को रोकने के लिए आरबीआई कभी-कभार तरलता प्रबंधन के माध्यम से बाजार में हस्तक्षेप करता है, जिसमें डॉलर बेचना भी शामिल है। आरबीआई विदेशी मुद्रा बाजारों पर बारीकी से नजर रखता है और किसी पूर्व निर्धारित लक्ष्य स्तर या बैंड के संदर्भ के बिना विनिमय दर में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करके केवल व्यवस्थित बाजार स्थितियों को बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करता है।     recent visitors 79

मुकेश अंबानी सिर्फ देश ही नहीं बल्कि एशिया के भी सबसे अमीर शख्स

नई दिल्ली रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी सिर्फ देश ही नहीं बल्कि एशिया के भी सबसे अमीर शख्स हैं। उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज दुनिया की प्रमुख कंपनियों में एक है। लेकिन जब बात सबसे अमीर कंपनियों की आती है तो रिलायंस इंडस्ट्रीज का नंबर काफी पीछे रह जाता है। दुनिया तो छोड़िए, रिलायंस इंडस्ट्रीज एशिया की भी सबसे अमीर कंपनी नहीं है। 6 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की कंपनी एशिया की टॉप 5 अमीर कंपनियों में भी शामिल नहीं है। 1. TSMC एशिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में पहला नाम ताइवन की कंपनी का है। इस कंपनी का नाम ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड (TSMC) है। इस कंपनी का मार्केट कैप 646 बिलियन डॉलर (करीब 54 लाख करोड़ रुपये) है। 2. Tencent टेनसेंट होल्डिंग्स लिमिटेड एशिया की दूसरे सबसे अमीर कंपनी है। चीन की यह कंपनी गेमिंग सेक्टर में बिजनेस करती है। इक्विटी इन्वेस्टमेंट के हिसाब से यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। इस कंपनी का मार्केट कैप 421 बिलियन डॉलर है। 3. Samsung एशिया सबसे अमीर कंपनियों में सैमसंग का नाम भी शामिल है। सबसे अमीर कंपनियों की लिस्ट में यह तीसरे स्थान पर है। साउथ कोरिया की यह कंपनी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे टीवी, फोन, लैपटॉप, स्पीकर्स आदि बनाती है। इस कंपनी का मार्केट कैप करीब 354 बिलियन डॉलर है। 4. ICBC इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना एशिया की चौथे नंबर की सबसे बड़ी कंपनी है। इसकी स्थापना बीजिंग में 1984 में हुई थी। यह चीन का सबसे बड़ा बैंक है। इसमें चीनी सरकार की बड़ी हिस्सेदारी है। इस बैंक का मार्केट कैप 269 बिलियन डॉलर है। 5. Kweichow Moutai एशिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में यह 5वें नंबर पर है। चीन की यह कंपनी शराब के बिजनेस से जुड़ी है। इस कंपनी की स्थापना 1951 में हुई थी। इस कंपनी की शराब चीन के साथ दूसरे देशों में भी काफी फेमस है। इस कंपनी का मार्केट कैप 251 बिलियन डॉलर है। किस नंबर पर है रिलायंस इंडस्ट्रीज? मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज एशिया की टॉप 5 अमीर कंपनियों में शामिल नहीं है। यह कंपनी इस लिस्ट में 6वें स्थान पर है। इस कंपनी का मार्केट कैप करीब 234 बिलियन डॉलर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत अभी 2946 रुपये है। पिछले एक साल में इसमें 15.66 फीसदी की ग्रोथ आई है। recent visitors 79

सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को किया खारिज, बोलीं- चरित्र हनन का प्रयास

नई दिल्ली हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट ने फिर से सनसनी मचा दी है। अमेरिका की शॉर्ट सेलर कंपनी इस बार शेयर बाजार को रेगुलेट करने वाली संस्था सेबी (Sebi) की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) और उनके पति धवल बुच पर आरोप लगाया है। माधवी पुरी बुच और धवल बुच शनिवार को देर रात आई रिपोर्ट का खंडन करते हुए इन्हें 'आधारहीन' और 'चरित्र हनन' का प्रयास करार दिया है। बता दें, हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया है कि सेबी की चेयरपर्सन माधवी बुच और उनके पति की अडानी मनी साइफनिंग घोटाले (Adani money siphoning scandal) में इस्तेमाल हुए ऑफशोर फंड्स में हिस्सेदारी थी। ‘चरित्र हनन का प्रयास’ सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने कहा कि उन्हें किसी भी फाइनेंशियल पेपर्स को दिखाने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। उन्होंने कहा है कि सेबी के कारण बताओ नोटिस और एक्शन के जवाब में हिंडनबर्ग ने यह 'चरित्र हनन का प्रयास' किया है। उन्होंने कहा, ‘हमारे खिलाफ 10 अगस्त, 2024 की हिंडनबर्ग रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों पर बताना चाहेंगे कि हम रिपोर्ट में लगाए गए निराधार आरोपों का खंडन करते हैं। उसमें सच्चाई नहीं है। हमारा जीवन और वित्त स्थिति एक खुली किताब की तरह है। हमें सभी वित्तीय दस्तावेजों को दिखाने में कोई संकोच नहीं है। इसमें वो पेपर्स भी शामिल हैं जब हम और पुरी एक सामान्य नागरिक थे।’ इस बार हिंडनबर्ग ने क्या आरोप लगाया है? अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने 10 अगस्त को अपनी नई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि सेबी की अध्यक्ष माधबी पुरी बुच की अडानी के 'मनी साइफनिंग स्कैंडल' में इस्तेमाल की गई ऑफशोर फंड्स में हिस्सेदारी थी। हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया कि सेबी जनवरी 2023 में प्रकाशित हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर एक्शन लेने के लिए तैयार नहीं था क्योंकि सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच के पास ऑफशोर फंड में इन्वेस्टमेंट थे जिनके अडानी ग्रुप के साथ लिंक थे। अडानी ग्रुप और इसके चेयरमैन गौतम अडानी ने कई मौकों पर जनवरी 2023 की रिपोर्ट में हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है। recent visitors 82

बांग्‍लादेश में भड़की हिंसा और सत्‍ता परिवर्तन ने व्‍यापार पर ग्रहण लगा दिया

नई दिल्‍ली  बांग्लादेश में चल रही हिंसा की वजह से वहां कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है, ‎जिससे गुजरात के व्यापारियों और व्यवसायियों को बड़ा झटका दिया है। बांग्लादेश में ‎हिंसा से गुजरात के व्‍यापारियों का 1,200 करोड़ अटका हुआ है। देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देकर देश छोड़ने के बाद अंतरिम सरकार के गठन के बाद भारतीय व्‍यापारी उम्‍मीद कर रहे हैं कि बांग्‍लादेश में स्थिति सामान्‍य होगी और फिर से व्‍यापार चालू होगा। गुजरात से बांग्‍लादेश को रिएक्टिव डाईज, केमिकल्स, पिगमेंट पेस्ट, हैंडलूम उत्‍पाद, दवाईयां और टाइल्स का निर्यात किया जाता है। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप में मंदी के बाद बांग्लादेश डाईज, केमिकल्स और इंटरमीडिएट्स जैसे सामानों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बन गया था। लेकिन बांग्‍लादेश में भड़की हिंसा और सत्‍ता परिवर्तन ने एक बार फिर व्‍यापार पर ग्रहण लगा दिया है। गुजराती व्यापारियों को चिंता है कि बांग्लादेशी बैंकों द्वारा जारी लेटर्स ऑफ क्रेडिट वर्तमान में वहां की भारत विरोधी भावना के कारण सम्मानित नहीं किए जाएंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक व‎रिष्ठ अ‎धिकारी का कहना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच 2023 में 14 अरब डॉलर का व्‍यापार हुआ। जिसमें भारत ने 12.2 अरब डॉलर मूल्‍य का का निर्यात किया और 1.8 अरब डालर का आयात हुआ। इस वर्ष व्यापार और बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल से व्यापार ठप हो गया है। बांग्‍लादेश में मची उथल-पुथल का सूरत के कपड़ा व्यापार को सबसे ज्‍यादा झटका लगा है। करीब 500 करोड़ का कपड़ा कारोबार प्रभावित हुआ है। सूरत से पिछले साल 1200 करोड़ रुपए का कपड़ा बांग्लादेश को एक्सपोर्ट किया गया था।   साल 2023 में हुआ14 अरब डालर का व्‍यापार गुजरात के अहमदाबाद मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का कहना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले साल 14 अरब डॉलर का व्‍यापार हुआ था. जिसमें भारत की भारत की तरफ से 12.2 अरब डॉलर मूल्‍य का निर्यात किया गया. वहीं 1.8 अरब डालर का आयात हुआ. लेकिन इस साल बांग्लादेश में चल रही  उथल-पुथल ने अब इस पर ग्रहण लगा दिया है. आयात कम, निर्यात ज्यादा पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ भारत का आयात कम और निर्यात ज्यादा है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक दोनों देशों के बीच व्यापार की स्थिति इस प्रकार है इन चीजों का होता है कारोबार भारत और बांग्लादेश के साथ गेहूं, कॉटन, कपड़ा आदि चीजों का व्यापार करता है। साथ ही भारत चावल की कुछ वैराइटी भी बांग्लादेश को एक्सपोर्ट करता है। भारत बांग्लादेश को बिजली का बड़ा हिस्सा भी देता है। इसके लिए भारत की तरफ से बाकायदा प्लांट लगाए गए हैं। NTPC ने बांग्लादेश में 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगा रखा है। दोनों देशों के बीच ऑटो इंडस्ट्री से जुड़ी चीजों का भी व्यापार होता है। बांग्लादेश में बनी ढाकाई साड़ी की भारत में काफी डिमांड रहती है। रोजाना करोड़ रुपये का बिजनेस जानकारों के मुताबिक दोनों देशों के बीच रोजाना कई करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसमें भारत की ओर से बांग्लादेश को सब्जियां, फल आदि भेजे जाते हैं। बांग्लादेश में संकट के कारण इस चीजों पर ब्रेक लग गया है। वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश से मछली, प्लास्टिक आदि चीजों का आयात होता है। बांग्लादेश की हिलसा मछली की भारत में काफी डिमांड रहती है। सबसे ज्यादा बंगाल में इसकी मांग है। निर्यात यानी बांग्लादेश भेजे जाने वाली चीजें     कपास धागा     पेट्रोलियम उत्पाद     अनाज     ऑर्गेनिक-इनऑर्गेनिक केमिकल आयात यानी बांग्लादेश की ओर से आने वाली चीजें     सूती कपड़े     मानव निर्मित फाइबर     मसाले     जूट       recent visitors 87

बैंकों को जमा राशि जुटाने और ऋण देने के अपने मूल कारोबार पर वापस लौटना होगा : सीतारमण

नई दिल्‍ली  केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों को जमा राशि जुटाने और ऋण देने के अपने मूल कारोबार पर वापस लौटना होगा। उन्‍होंने कहा कि बैंकों को अपने डिपॉजिट को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। बैंकों का सबसे अहम काम है डिपॉजिट लेना और फिर लोगों को लोन देना। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल के साथ नई दिल्‍ली में परंपरागत बैठक के बाद आयोजित एक साझा प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, हम बैंकिंग विनियमन संशोधन ला रहे हैं। इस संशोधन अधिनियम लाने की कई वजह हैं। यह कुछ समय से लंबित था, इसका लंबे समय से इंतजार था। निदेशक मंडल की बैठक में वित्‍त मंत्री सीतारमण के साथ केंद्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। वित मंत्री सीतारमण ने कहा कि सहकारी क्षेत्र के बैंकिंग क्षेत्र के संबंध में कुछ पुनर्गठन भी किए गए हैं, नामांकन उन चीजों में से एक है जो ग्राहक-अनुकूल कदम है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ग्राहकों के लिए यह विकल्प होना महत्वपूर्ण है और यह भी सुनिश्चित करना है कि बाद में नामांकित व्यक्ति को अपनी सही चीज का दावा करने में कोई कठिनाई न हो…। इस दौरान सीतारमण ने कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि बैंकों को अपने कोर पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। बैंकों को अपने डिपॉजिट को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। अभी बैंकों का डिपॉजिट धीरे चल रहा है। बैंकों को कुछ इनोवेटिव और आकर्षक पोर्टफोलियो लाने के बारे में विचार करना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग बैंकों में पैसे जमा करें। उन्‍होंने कहा कि लोगों को अभी अधिक रिटर्न पाने के लिए कई रास्ते दिख रहे हैं, जिनमें से एक शेयर बाजार भी है। यही वजह है कि शेयर बाजार में खुदरा निवेश काफी बढ़ा है। लोग बैंकों में पैसे जमा करें, इसके लिए बैंकों को कुछ नया करने की जरूरत है।     recent visitors 80

Reliance Capital’ का क्रेडिटर्स 23,666 करोड़ रुपये का कर्ज

नई दिल्ली  कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी के हाथ से आखिरकार रिलायंस कैपिटल निकल गई है। रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (IIHL) ने 2,750 करोड़ रुपये एक निर्धारित एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए हैं। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने उसे ऐसा करने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक हिंदुजा ग्रुप की कंपनी आईआईएचएल ने यह राशि एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दी है। कंपनी ने साथ ही बैंकों की एक बाइंडिंग टर्म शीट भी दी है। इसमें ट्रांजैक्शन की फंडिंग के लिए बैंकों के लोन का भी पूरा विवरण है।  एनसीएलटी ने आईआईएचएल को 10 अगस्त तक समाधान योजना को लागू करने और 2,750 करोड़ रुपये लेनदारों की समिति (CoC) द्वारा डिजाइन एस्क्रो खाते में जमा करने का निर्देश दिया था। इससे पहले 1 अगस्त को रिलायंस कैपिटल के लेंडर्स ने आईआईएचएल को एक पत्र लिखकर कहा था कि अगर जल्दी से जल्दी 2,750 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया था तो इसके प्रतिकूल परिणाम होंगे। आईआईएचएल ने दावा किया था कि कंपनी के पास एस्क्रो खाते का विवरण नहीं था जिस कारण यह पैसा उसने अपने खाते में ट्रांसफर कर दिया था। कितना है कर्ज रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए IIHL ने 9,861 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी जिसे पिछले साल जून में अधिकांश लेनदारों ने मंजूरी दे दी थी। रिलायंस कैपिटल में करीब 20 फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां हैं। इनमें सिक्योरिटीज ब्रोकिंग, इंश्योरेंस और एक एआरसी शामिल है। आरबीआई ने भारी कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को 30 नवंबर 2021 को भंग कर दिया था और इसके खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग शुरू की थी। कंपनी पर क्रेडिटर्स का करीब 23,666 करोड़ रुपये का कर्ज है। recent visitors 83

2 साल में ही कैंसर से हारीं YouTube की पूर्व CEO सुसान, गूगल पर किया था बड़ा एहसान, पास न फटकने दें ये चीज

वॉशिंगटन यूट्यूब की पूर्व सीईओ सुसान वोज्स्की का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद 56 वर्ष की आयु में शनिवार को निधन हो गया. सुसान वोज्स्की के पति डेनिस ट्रॉपर ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए उनके निधन की खबर दी. उन्होंने लिखा, 'अत्यंत दुख के साथ मैं सुसान वोज्स्की के निधन की खबर साझा कर रहा हूं. 26 साल से मेरी पत्नी और हमारे पांच बच्चों की मां, 2 साल तक नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर से पीड़ित रहने के बाद आज हमें छोड़कर चली गई.' डेनिस ट्रॉपर ने आगे लिखा, 'सुसान न केवल मेरी सबसे अच्छी दोस्त और जीवन साथी थी, बल्कि एक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व, एक प्यारी मां और कई लोगों की प्रिय मित्र थी. हमारे परिवार और दुनिया पर उनका प्रभाव अतुलनीय था. हम दुखी हैं, लेकिन उनके साथ बिताए समय के लिए आभारी हैं. कृपया हमारे परिवार को अपनी दुआओं में रखें, क्योंकि हम कठिन समय से गुजर रहे हैं.' गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए X पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, 'दो साल तक कैंसर से पीड़ित रहने के बाद, मुझे मेरी प्रिय मित्र सुसान वोज्स्की को खोने से अविश्वसनीय दुख हुआ है. वह Google के इतिहास में किसी अन्य व्यक्ति की तरह ही महत्वपूर्ण हैं, और उनके बिना दुनिया की कल्पना करना कठिन है. वह एक अविश्वसनीय व्यक्ति, लीडर और मित्र थीं, जिनका दुनिया पर जबरदस्त प्रभाव था और मैं अनगिनत गूगलर्स में से एक हूं, जो कह सकते हैं कि वे सुसान को जानते थे. हम उन्हें बहुत याद करेंगे. उनके परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं. रेस्ट इन पीस सुसान.' सुसान वोज्स्की Google के जन्म के साथ उससे जुड़ी थीं सुसान वोज्स्की ने 2014 से 2023 की शुरुआत तक अल्फाबेट की सहायक कंपनी YouTube का नेतृत्व किया. उन्होंने Google और इसकी मूल कंपनी, अल्फाबेट के सलाहकार के रूप में भी काम किया. फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1998 में Google के जन्म से ही कंपनी के साथ सुसान का गहरा संबंध था. यह सुसान का ही गैराज था, जिसे सर्गेई ब्रिन और लैरी पेज ने Google सर्च इंजन को विकसित करने के लिए किराए पर लिया था. गूगल द्वारा यूट्यूब के अधिग्रहण में भी सुसान की भूमिका सुसान वोज्स्की 1999 में कंपनी की 16वीं कर्मचारी के रूप में Google में शामिल हुईं. वह सुसान ही थीं, जिन्होंने $1.65 बिलियन में Google द्वारा YouTube के अधिग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में इस वीडियो प्लेटफॉर्म के व्यूअर बेस को 2.5 बिलियन मंथली तक बढ़ा दिया.   recent visitors 89

अदाणी के बाद अब कौन, किस पर गिरने वाली है बिजली? हिंडनबर्ग का दावा- भारत को लेकर जल्द बड़ा खुलासा करेंगे

नई दिल्ली हिंडनबर्ग रिसर्च याद है? अमेरिका की इस शॉर्ट सेलिंग कंपनी ने पिछले साल गौतम अडानी पर ऐसा बम फोड़ा था कि अडानी ग्रुप आज तक उससे उबर नहीं पाया है। हिंडनबर्ग रिसर्च भारत में एक और बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। कंपनी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में जल्दी ही कुछ बड़ा होने वाला है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने पिछले साल 24 जनवरी को अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज की शेयर बिक्री से ठीक पहले एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें अडानी ग्रुप पर शेयरों की कीमत में हेरफेर समेत कई तरह के आरोप लगाए गए थे। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया था लेकिन इस रिपोर्ट के कारण ग्रुप के मार्केट कैप में $150 अरब तक गिर गया था। इससे गौतम अडानी की नेटवर्थ में भी भारी गिरावट आई थी और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में काफी नीचे खिसक गए थे। हालांकि हाल के महीनों में अडानी ग्रुप के शेयरों ने काफी हद तक अपने नुकसान की भरपाई कर ली है। Hindenburg Research ने अब तक कई कंपनियों में घालमेल का पर्दाफाश करने का दावा किया है। इस कंपनी की स्थापना 2017 में नाथन एंडरसन ने की थी। दरअसल यह एक फोरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म है जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव्स को एनालाइज करती है। इस कंपनी का नाम छह मई, 1937 में हुए हाई प्रोफाइल हिंडनबर्ग एयरशिप हादसे के नाम पर रखा गया है। यह दुर्घटना अमेरिका में न्यू जर्सी के मैनचेस्टर टाउनशिप में हुई थी। हिंडनबर्ग रिसर्च किसी भी कंपनी में हो रही गड़बड़ी का पता लगाती है और फिर उसके बारे में रिपोर्ट पब्लिश करती है। कंपनी का दावा है कि उसकी नजर मैन-मेड डिजास्टर्स पर रहती है। इनमें अकाउंटिंग में गड़बड़ी, मिसमैनेजमेंट और छिपाकर किए गए लेनदेन शामिल हैं। कंपनी फिर प्रॉफिट कमाने के लिए टारगेट कंपनी के खिलाफ बेट लगाती है। कई कंपनियों का भंडाफोड़ एंडरसन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टीकट से इंटरनेशनल बिजनस में डिग्री लेने के बाद एक डेटा कंपनी FactSet Research Systems Inc में काम किया। वहां उनका काम इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनियों से जुड़ा हुआ था। साल 2020 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'मुझे महसूस हुआ कि कामचलाऊ एनालिसिस हो रहा है।' एंडरसन इजरायल में एंबुलेंस ड्राइवर का काम भी कर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्हें भारी दबाव में काम करने में मजा आता है। वह हैरी मार्कपोलोस को अपना रोल मॉडल मानते हैं। मार्कपोलोस एक एनालिस्ट हैं जिन्होंने बर्नी मेडॉफ की फ्रॉड स्कीम का पर्दाफाश किया था। हिंडनबर्ग का दावा है कि 2017 से अब तक कम से कम 36 कंपनियों में गड़बड़ी का भंडाफोड़ कर चुकी है। अडानी पर बेट से कितने कमाए हिंडनबर्ग रिसर्च का कहना है कि अडानी सिक्योरिटीज की शॉर्टिंग से उसे अपने क्लाइंट के जरिए 4.1 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू मिला। लेकिन यह रकम रिसर्च में लगी उसकी राशि के बराबर भी नहीं है। कंपनी ने कहा कि हमने इनवेस्टर रिलेशनशिप के जरिए अडानी शॉर्ट्स से 4.1 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू अर्जित किया साथ ही कंपनी ने अडानी के अमेरिकी बांड को शॉर्ट करके भी 31,000 डॉलर कमाए। कंपनी का कहना है कि यह बहुत छोटी पोजीशन थी। लीगल और रिसर्च खर्चों को छोड़कर हम अडानी शॉर्ट पर भी ब्रेक-ईवन से आगे निकल सकते हैं। हिंडनबर्ग ने इस मामले में कोटक बैंक को भी लपेटा था। उसने कहा था कि बैंक ने एक विदेश फंड स्ट्रक्चर बनाया जिसे उसके इनवेस्टर पार्टनर ने अडानी ग्रुप के खिलाफ बेट के लिए इस्तेमाल किया। सेबी ने हिंडनबर्ग को जारी किया था नोटिस इस साल जून में हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक बार फिर चर्चा में आया था, जब उसने खुलासा किया कि पूंजी बाजार नियामक सेबी ने उनके खिलाफ भारतीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एक नोटिस जारी किया था. यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, क्योंकि हिंडनबर्ग रिसर्च ने पहली बार अपनी रिपोर्ट में कोटक बैंक की स्पष्ट रूप से पहचान की. नतीजतन, इस खुलासे के कारण कोटक बैंक के शेयर मूल्य में उल्लेखनीय गिरावट आई, जो शुरुआती कारोबारी सत्र में जून के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. हिंडेनबर्ग ने कहा कि भारतीय बाजार नियामक की ओर से 27 जून, 2024 को जारी किया गया नोटिस 'बकवास' है. इसे एक पूर्व-निर्धारित उद्देश्य को पूरा करने के लिए तैयार किया गया था. उसने कहा कि भारत में सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को उजागर करने वालों को चुप कराने और डराने का प्रयास है. सेबी के नोटिस में हुआ था बड़ा खुलासा सेबी के नोटिस में खुलासा हुआ कि किंगडन कैपिटल ने कोटक महिंद्रा इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (केएमआईएल) में महत्वपूर्ण निवेश किया है. यह पता चला कि किंगडन कैपिटल ने हाल ही में आई एक रिपोर्ट से बाजार में आई अस्थिरता का फायदा उठाया. फर्म ने रिपोर्ट सामने आने से पहले अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) में शॉर्ट पोजीशन स्थापित करने के लिए $43 मिलियन आवंटित करके एक रणनीतिक कदम उठाया. इसके बाद, किंगडन कैपिटल ने इन पोजीशन को सफलतापूर्वक बंद कर दिया, जिससे $22.25 मिलियन का लाभ हुआ.   recent visitors 81

आज 10 अगस्त को HDFC Bank की 2.30 से 5.30 बजे तक होगी डाउन यूपीआई सर्विस

नई दिल्ली  देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। बैंक की यूपीआई सर्विस शनिवार यानी 10 अगस्त को कुछ घंटे के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी। बैंक का कहना है कि जरूरी सिस्टम मेंटनेंस की वजह से उसकी यूपीआई सर्विस 10 अगस्त को बंद रहेगी। बैंक ने अपने ग्राहकों को ईमेल के जरिए इसके बारे में जानकारी दी है। बैंक का कहना है कि 10 अगस्त को तड़के 2.30 बजे से सुबह 5.30 बजे यानी तीन घंटे के लिए बंद रहेगी। यह सर्विस बैंक की मोबाइल बैंकिंग ऐप, जीपे, पेटीएम, वॉट्सऐप पे और दूसरे ऐप पर उपलब्ध नहीं रहेगी। बैंक का कहना है यूपीआई डाउनटाइम से उसे अपनी सर्विसेज की एफिशियंसी में सुधार में मदद मिलेगी। बैंक का कहना है कि 10 अगस्त को तीन घंटे के लिए उसके करेंट और सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स के लिए फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन सर्विसेज उपलब्ध नहीं होंगी। इस दौरान कस्टमर एचडीएफसी बैंक ऐप और बैंक अकाउंट्स से जुड़े जीपे, वॉट्सऐप पे, पेटीएम, श्रीराम फाइनेंस और मोबिक्विक पर फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन नहीं होगी। बैंक में पर्सन टू पर्सन ट्रांजैक्शन की लिमिट एक लाख रुपये है। यूपीआई में ग्राहक एक यूनीक आईडी के जरिए पैसे भेज सकते हैं। बैंक का शेयर इस बीच एचडीएफसी बैंक के शेयरों में इस साल 2.24 फीसदी गिरावट आई है जबकि इस दौरान बीएसई सेंसेक्स में 10.26 फीसदी तेजी आई है। बैंक ने हाल में जून तिमाही का रिजल्ट जारी किया था जो बाजार की उम्मीदों के मुताबिक रहा। MOFSL ने बैंक के शेयर को 'Buy' रेटिंग देते हुए इसका टारगेट प्राइस 1,950 रुपये रखा है जबकि Nuvama ने इसका टारगेट प्राइस 1,850 रुपये रखा है। बीएसई पर बैंक का शेयर दोपहर बाद 2.20 बजे 0.84% की तेजी के साथ 1655.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। recent visitors 96

सैमसंग ने आग लगने,लोगों के घायल होने की घटनाओं के बाद 11.2 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक मॉडल वापस मंगाए

न्यूयॉर्क सैमसंग ने आग लगने के 250 मामले सामने आने और कई लोगों के घायल होने की शिकायत के बाद ‘स्टोवटॉप’ के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 11.2 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक मॉडल को वापस मंगाया है। अमेरिकी कंज्यूमर प्रोडक्ट सेफ्टी कमीशन (सीपीएससी) ने बृहस्पतिवार को दी गई सूचना में बताया, इन ‘स्लाइड-इन रेंज’ में आगे की तरफ नॉब लगे होते हैं जो गलती से चालू हो सकते हैं अगर इंसान या पालतू जानवर अनजाने में उनसे टकरा जाए तो भी यह चालू हो जाते हैं। इससे आग लगने का खतरा होता है। सीपीएससी के अनुसार, सैमसंग को 2013 से अभी तक ‘नॉब’ के अनजाने में चालू होने की 300 से अधिक शिकायत मिली हैं। आग लगने की करीब 250 घटनाएं हुई हैं। इनमें से कम से कम 18 घटनाओं में संपत्ति को काफी नुकसान हुआ और सात में पालतू जानवरों की जान चली गई। 40 लोग घायल हुए, जिनमें से आठ को चिकित्सकीय सहायता लेनी पड़ी। वापस बुलाए गए मॉडल मई 2013 और अगस्त 2024 के बीच सैमसंग.कॉम पर ऑनलाइन बेचे गए थे। साथ ही देशभर के खुदरा विक्रेताओं बेस्ट बाय, कॉस्टको, होम डिपो और लोव्स आदि के जरिये भी बेचे गए थे। सीपीएससी के अनुसार, जिन ग्राहकों से इन मॉडल को वापस बुलाया गया है उन्हें न्यू जर्सी स्थित सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका से संपर्क कर अपने मॉडल के अनुरूप निःशुल्क ‘नॉब लॉक’ या ‘कवर’ लेने का विकल्प दिया गया है। इस बीच, प्रभावित लोगों को बच्चों तथा पालतू जानवरों को ‘नॉब’ से दूर रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। घर से बाहर निकलने या सोने से पहले उसकी जांच करने को कहा गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह बंद है।     recent visitors 86

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का शेयर निर्गम मूल्य से करीब 11 प्रतिशत उछाल के साथ सूचीबद्ध

नई दिल्ली  इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का शेयर निर्गम मूल्य 76 रुपये से करीब 11 प्रतिशत उछाल के साथ शुक्रवार को बाजार में सूचीबद्ध हुआ। बीएसई पर शेयर निर्गम मूल्य से 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75.99 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। बाद में यह 10.71 प्रतिशत उछलकर 84.14 रुपये पर पहुंच गया। एनएसई पर कंपनी का शेयर निर्गम मूल्य 76 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। बाद में कारोबार 10.80 प्रतिशत चढ़कर 84.21 रुपये पर पहुंच गया। भाविश अग्रवाल की अगुवाई वाली कंपनी का बाजार मूल्यांकन शुरुआती कारोबार में 36,742.21 करोड़ रुपये था। कंपनी के 6,145 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को पेशकश के अंतिम दिन गत मंगलवार को 4.27 गुना अभिदान मिला था। आईपीओ में 5,500 करोड़ रुपये तक के ताजा शेयर और 8,49,41,997 शेयर की बिक्री पेशकश शामिल थी। इसके लिए मूल्य दायरा 72 से 76 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था।     recent visitors 101

इन्फिनिक्स ने पेश किया नोट 40एक्स 5जी

लखनऊ, इनोवेटिव मोबाईल टेक्नोलॉजी में अग्रणी, इन्फिनिक्स ने आज अपना लेटेस्ट स्मार्टफोन, नोट 40एक्स 5जी लॉन्च किया है। यह इन्फिनिक्स के सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में संभावनाओं के दायरे बढ़ा रहा है और अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए मशहूर नोट सीरीज़ में कंपनी के उत्पादों का विस्तार कर रहा है। नया नोट 40एक्स 5जी 9 अगस्त से 13,499 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ उपलब्ध होगा, जिसमें फ्लिपकार्ट और रिटेल स्टोर्स पर बैंक ऑफर भी शामिल हैं। मोबाइल कंपनी इन्फिनिक्स ने अपनी सबसे किफायती स्मार्टफोन लॉंच की है। जो 12जीबी+256जीबी वैरिएंट 14,999 रुपये और 8जीबी+256जीबी वैरिएंट 13,499 रुपये में उपलब्ध है।इसमें शानदार परफॉर्मेंस के लिए मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर दिया गया है। क्वाड एलईडी फ्लैश के साथ 108 मेगापिक्सल का आधुनिक ट्रिपल एआई कैमरा और 15 से अधिक मोड हैं। साथ ही हाई-क्वालिटी सेल्फी के लिए इसमें एलईडी फ्लैश के साथ 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसमें इंटरैक्टिव डायनामिक पोर्ट के साथ शानदार 6.78 इंच का एफएचडी+ 120 हर्ट्ज पंच होल डिस्प्ले है। प्रीमियम ऑडियो अनुभव के लिए इसमें डीटीएस सराउंड साउंड के साथ ड्युअल स्पीकर हैं। यह पाम ब्लू, स्टारलिट ब्लैक, और लाईम ग्रीन में आकर्षक ग्रेडिएंट बैक डिज़ाईन के साथ आता है। इस स्मार्टफोन में 18 वॉट की चार्जिंग के साथ पूरा दिन चलने वाला 5000 एमएएच की बैटरी लगी है। क्लीन यूज़र अनुभव के लिए एक्सओएस 14 इंटरफेस के साथ लेटेस्ट एंड्रॉयड 14 दिया गया है। यह साईड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक के साथ बेहतर सिक्योरिटी प्रदान करता है। इसमें आधुनिक कनेक्टिविटी विकल्पों के लिए मल्टी-फंक्शनल एनएफसी दी गई है। अतुलनीय मैमोरी एवं परफॉर्मेंस अपनी श्रेणी में नए मानक स्थापित करते हुए नोट 40एक्स 5जी में दो मैमोरी कॉन्फिगुरेशन, 8जीबी+256जीबी और 12जीबी+256 जीबी में आ रहा है। इन दोनों में ही यूएफएस 2.2 स्टोरेज टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। इस कॉम्बिनेशन के कारण ऐप बहुत तेजी से लॉन्च होते हैं, मल्टीटास्किंग बहुत सुगमता से होती है, और यूज़र को कंटेंट रखने के लिए पर्याप्त स्पेस मिलता है। यह डिवाईस मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर पर चलती है, जो रोजमर्रा के टास्क से लेकर बहुत गहन एप्लीकेशन एवं मोबाईल गेमिंग तक हर मामले में शानदार परफॉर्मेंस प्रदान करती है। शक्तिशाली कैमरा क्षमताएं फोटोग्राफी के लिए नोट 40 एक्स 5जी में आधुनिक कैमरा सिस्टम दिया गया है। इसमें 108 मेगापिक्सल का एआई कैमरा सेटअप है, जो क्वाड-एलईडी फ्लैश के साथ कम रोशनी में भी बहुत शानदार इमेज क्वालिटी प्रदान करता है। यूज़र्स को क्रिएटिविटी के लिए इसमें 15 कैमरा मोड्स दिए गए हैं, जिनमें इंटैलिजेंट सीन ऑप्टिमाईजे़शन के लिए एआई कैम, प्रोफेशनल डेप्थ इफेक्ट के लिए पोर्ट्रेट मोड, फ्रंट और रियर कैमरा से एक साथ रिकॉर्डिंग के लिए ड्युअल वीडियो मोड, मैन्युअल कंट्रोल के लिए प्रो मोड और सिनेमेटिक वीडियो कैप्चर के लिए फिल्म मोड शामिल हैं। एलईडी फ्लैश के साथ इसका 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा किसी भी तरह के वातावरण में हाई क्वालिटी सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए उत्तम है। शानदार डिस्प्ले और ऑडियो अनुभव नोट 40एक्स 5जी में सुगम स्क्रॉलिंग और रिस्पॉन्सिव टच इंटरैक्शंस के लिए 120 हर्ट्ज़ का रिफ्रेश रेट दिया गया है। साथ ही बड़ी स्क्रीन के अनुभव के लिए इसमें पंच होल डिज़ाईन के साथ 6.78’’ का एफएचडी+ डिस्प्ले है। इसके इनोवेटिव इंटरैक्टिव डायनामिक पोर्ट ने नोटिफिकेशन और डिवाईस के साथ इंटरैक्शंस में काफी सुधार ला दिया है। बेहतरीन विज़्युअल अनुभव के अलावा इसमें डीटीएस टेक्नोलॉजी के साथ ड्युअल स्पीकर सिस्टम दिया गया है, जो शानदार और बेहतरीन साउंड प्रदान करता है। इन आकर्षक खूबियों के साथ नोट 40एक्स गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और म्यूज़िक प्लेबैक के लिए एक जबरदस्त एंटरटेनमेंट पॉवरहाउस है। आकर्षक डिज़ाईन और शक्तिशाली बैटरी लाईफ नोट 40एक्स 5जी तीन आकर्षक रंगों – पाम ब्लू, स्टारलिट ब्लैक और लाईम ग्रीन में प्रीमियम ग्रेडिएंट बैक डिज़ाईन के साथ आता है। यह हाथों में बहुत ही आकर्षक और अच्छा लगता है। इसमें 5000 एमएएच की शक्तिशाली बैटरी दी गई है, जो पूरे दिन तक चलती है। अपनी 18 वॉट की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ यह बहुत तेजी से चार्ज हो जाता है, ताकि यूज़र्स इसे चार्ज करके जल्दी से जल्दी अपना काम फिर से शुरू कर सकें। इसमें चार्जिंग प्रक्रिया को ऑप्टिमाईज़ करने के लिए एआई चार्ज फीचर दिया गया है, जो बैटरी को सुरक्षित रखते हुए लंबी और बेहतर परफॉर्मेंस सुनिश्चित करता है। आधुनिक सॉफ्टवेयर एवं सिक्योरिटी अपडेट्स नोट्स 40एक्स 5जी लेटेस्ट एंड्रॉयड 14 ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित इन्फिनिक्स एक्सओएस 14 यूज़र इंटरफेस पर चलता है। अपने इस कॉम्बिनेशन द्वारा यह एक क्लीन और इन्ट्यूटिव यूज़र अनुभव प्रदान करता है, जिसमें ब्लोटवेयर कम से कम होते हैं। इसमें बेहतर सुरक्षा के लिए साईड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है, जो तेजी से फोन को अनलॉक कर देता है। अतिरिक्त सुविधा के लिए इसमें फेस अनलॉक फीचर भी दिया गया है। इन्फिनिक्स नोट 40एक्स 5जी में स्मार्टफोन के अनुभव में सुधार लाने के लिए आधुनिक एआई टेक्नोलॉजी दी गई है। इसके एआई ऐप बूस्ट फीचर की मदद से आपके पसंदीदा ऐप्स बैकग्राउंड में चलते रहते हैं, जिससे उनके लॉन्च होने की स्पीड काफी बढ़ जाती है। साथ ही एआई वॉलपेपर जनरेटर की मदद से यूज़र्स अपने द्वारा चुने गए टैक्स्ट प्रॉम्प्ट के आधार पर कस्टम वॉलपेपर बना सकते हैं। बेहतर कनेक्टिविटी आज की गतिशील दुनिया में यूज़र्स को कनेक्टेड रखने के लिए नोट 40एक्स 5जी में मल्टीफंक्शनल एनएफसी क्षमताएं दी गई हैं, जिनसे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट, कंपैटिबल डिवाईसेज़ के साथ तेज पेयरिंग और आसान डेटा शेयरिंग संभव बनती है। मूल्य एवं उपलब्धता प्रीमियम डिज़ाइन और तीन डायनामिक ग्रेडिएंट कलर्स – पाम ब्लू, लाईम ग्रीन और स्टारलिट ब्लैक में उपलब्ध इन्फिनिक्स नोट 40एक्स 5जी स्मार्टफोन दो मैमोरी वैरिएंट्स, 12जीबी+256जीबी में 1,000 रुपए के कैशबैक के साथ 14,999 रुपये* में और 8जीबी+256जीबी में 1500 रुपये के कैशबैक के साथ 13,499 रुपये* में मिलेगा, जो इसकी ऑल-राउंड मनोरंजन क्षमताओं को देखते हुए बहुत ही आकर्षक प्रस्ताव है। ये दोनों कैशबैक चुनिंदा बैंकों द्वारा दिए जाएंगे। इसके अलावा बैंक ईएमआई, बजाज फाईनेंस, टीवीएस फाईनेंस, होम क्रेडिट और पाईन लैब्स द्वारा यह आसान फाईनेंसिंग विकल्पों के साथ भी उपलब्ध है। नया इन्फिनिक्स नोट 40एक्स 5जी फ्लिपकार्ट और आपके आस-पास के रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध होगा।   … Read more

घरेलु शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स में 1000 अंको की तेजी, निफ्टी भी हुआ मजबूत

मुंबई शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्‍स सप्‍ताह के अखिरी कारोबारी दिन 1000 अंक से ज्‍यादा चढ़कर 79,984.24 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी की बात करें तो 256.50 अंक उछलकर 24,373 पर पहुंच गया है. हालांकि निफ्टी आज 24,386.85 अंक पर खुला था, जबकि Sensex 79,984.24 पर खुला था. वहीं सेंसेक्‍स के टॉप 30 में से सभी शेयरों में उछाल आई है. Tech Mahindra के शेयरों में 2.6 फीसदी की तेजी आई है, जो 1500 के पार पहुंच गया है. इसके बाद टाटा मोटर्स के शेयर में 2.5 फीसदी की तेजी आई है. एचसीएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एनटीपीसी के शेयर भी 2 फीसदी चढ़े हैं. इसके अलावा, टॉप 30 में से सबसे कम तेजी हिंदुस्‍तान यूनिलीवर के शेयरों में आई है. बैंक निफ्टी (Bank Nifty) में 400 अंकों की तेजी आई है. इन 10 शेयर में शानदार तेजी डिफेंस सेक्‍टर का स्‍टॉक कोचिन शिपयार्ड के शेयर 5 फीसदी चढ़े हैं. अफ्फेल इंडिया के शेयर में 6 फीसदी की तेजी आई है. इसके बाद CAMS में 3.86 फीसदी की तेजी आई है. मिडकैप स्‍टॉक में OFSS के शेयर 4 फीसदी, एचपीसीएल के शेयर 3 फीसदी, एमपैसा के शेयर 3 फीसदी, Eicher Motors के शेयर 4 फीसदी, ONGC के शेयर 3.36 फीसदी और एबीबी इंडिया के शेयर 3.71 फीसदी चढ़कर कारोबार कर रहे हैं. अचानक क्‍यों आई शेयर बाजार में धुंआधार तेजी? कल रात में अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी आई है. नैसडेक इंडेक्‍स में 2.87 फीसदी की तेजी आई है, जबकि डाउ जोन में 1.71 फीसदी की तेजी देखी गई है. इसके अलावा, जापान के शेयर बाजार में 1.26 फीसदी की तेजी देखी गई. इन मार्केट में अच्‍छी तेजी के कारण आज भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी जा रही है. बता दें मंदी की आशंका और ईरान-इजरायल के वार के संकेत के कारण यूरोप से लेकर अमेरिका तक का मार्केट तेजी से गिरा था, लेकिन अब वहां पर थोड़ी स्थिरता आई है और निवेशकों का अभी ग्‍लोबल मार्केट पर भरोसा टिका हुआ है, जिस कारण अच्‍छी तेजी आई है. ग्‍लोबल मार्केट में तेजी देखते हुए भारतीय बाजार का भी सेंटिमेंट बदला है और आज शानदार तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा, एलआईसी और अन्‍य कंपनियों के तिमाही नतीजे का भी असर शेयर बाजार पर पड़ा है. निवेशकों को 4.4 लाख करोड़ का मुनाफा शेयर बाजार में शानदार तेजी के कारण बीएसई मार्केट कैप भी बढ़ा है. BSE मार्केट कैप शुरुआती कारोबार में 4.4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 450.15 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. इसका मतलब है कि निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में 4.4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है.   recent visitors 94

आरबीआई के गवर्नर ने आज UPI को लेकर बड़ा फैसला लिया, UPI के जरिए टैक्स पेमेंट की सीमा में लिमिट बढ़ाई

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने मॉनिटरी पॉलिसी का ऐलान किया। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने आज UPI को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने आज रेपो रेट जैसे फैसलों के साथ कई बड़े फैसलों का ऐलान किया। UPI के जरिए टैक्स पेमेंट की सीमा में 4 लाख रुपए की बढ़ोतरी आरबीआई गवर्नर ने यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट की लिमिट 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी है यानी ऐसे हर ट्रांजेक्शन पर अब UPI के जरिए 5 लाख रुपए तक भेजे जा सकेंगे। फिलहाल यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट की लिमिट 1 लाख रुपए प्रति ट्रांजेक्शन है। इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपए प्रति ट्रांजेक्शन करने से आपको UPI के जरिए बड़े पेमेंट करने में आसानी होगी और समय बचेगा। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कुछ खास हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन को छोड़कर यूपीआई के जरिए टैक्स पेमेंट लिमिट 1 लाख रुपए है जिसे बढ़ाने की मांग की जा रही थी और इस मांग को आरबीआई एमपीसी ने स्वीकार किया है। UPI के लिए एक और बड़ा फैसला आरबीआई ने यूपीआई के जरिए डेलिगेटेड पेमेंट्स की फैसिलिटी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। इसके तहत प्राइमरी यूजर को सेकेंडरी यूजर को यूपीआई ट्रांजेक्शन करने में आसानी होगी। एक तय लिमिट तक का ट्रांजेक्शन यूपीआई से हो सकता है और इसके लिए सेकेंडरी यूजर को अलग बैंक खाते की जरूरत नहीं होगी। UPI बन चुका है भारतीयों की आदत यूपीआई का फायदा रोजाना करोड़ों भारतीय उठा रहे हैं। यूपीआई के जरिए बड़ी आसानी से क्यूआर स्कैन करके या केवल फोन नंबर के जरिए लोग जगह-जगह पेमेंट कर पा रहे हैं। केवल स्कैनर या मोबाइल नंबर ही नहीं यूपीआई आईडी के जरिए भी बेहद आसानी से पैसा भेजा या मंगाया जा सकता है। लिहाजा टैक्स पेमेंट के ट्रांजेक्शन की पेमेंट लिमिट बढ़ाने का आरबीआई का फैसला आम लोगों को बड़ा फायदा दे सकता है। recent visitors 82

आरबीआई ने लिया बड़ा फैसला- चेक का निपटान अब कुछ ही घंटों में हो जाएगा, अब नहीं लगेंगे दो से तीन दिन

नई दिल्ली चेक का निपटान (क्लियरिंग) अब कुछ ही घंटों में हो जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चेक समशोधन में लगने वाले समय को कुछ घंटे करने और उससे जुड़े जोखिम कम करने के मकसद से कदम उठाने की घोषणा की है। वर्तमान में चेक जमा करने (cheque clearance) से लेकर राशि आने तक दो दिन का समय लग जाता है। लेकिन नई व्यवस्था में चेक जमा करने के कुछ ही घंटों में यह ‘क्लियर’ हो जाएगा। RBI ने क्या कहा? आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘चेक समाशोधन को दुरुस्त करने, निपटान जोखिम कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) की वर्तमान प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव है।’’ उन्होंने कहा कि इसके तहत मौजूदा सीटीएस व्यवस्था के तहत ‘बैच’ में प्रसंस्करण की जगह कारोबारी समय में निरंतर आधार पर समाशोधन की व्यवस्था की जाएगी। नई व्यवस्था में कैसे होगा काम आरबीआई के अनुसार, ‘‘नई व्यवस्था में चेक को ‘स्कैन’ किया जाएगा, उसे प्रस्तुत किया जाएगा और कुछ घंटों में समाशोधन किया जाएगा। इससे चेक का समाशोधन कुछ घंटे में हो जाएगा जबकि अभी दो दिन तक का समय (टी प्लस 1) लगता है। दास ने कहा कि इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जल्दी ही जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, आरबीआई ने बैंकों की तरफ से अपने ग्राहकों के बारे में ‘क्रेडिट’ सूचना कंपनियों को दी जाने वाली रिपोर्ट हर पखवाड़े देने का प्रस्ताव किया है। वर्तमान में महीने में एक बार यह रिपोर्ट दी जाती है। नौंवी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं RBI ने आर्थिक गतिविधियों में जारी तेजी का हवाला देते हुये एवं महंगाई पर कड़ी नजर रखते हुये लगातार नौवीं बार नीतिगत दरों को यथावत रखने का फैसला किया है जिससे ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाये आम लोगों को निराशा हाथ लगी है। मई 2022 से 250 आधार अंकों तक लगातार छह बार दर वृद्धि के बाद पिछले वर्ष अप्रैल में दर वृद्धि चक्र को रोक दिया गया था और यह अभी भी इसी स्तर पर है। recent visitors 70

RBI ने FY25 के लिए इकनॉमिक ग्रोथ और इन्फ्लेशन के अनुमान को कायम रखा

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुई मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों का गुरुवार को ऐलान किया। आरबीआई ने इसके साथ ही देश की इकोनॉमी पर भी कई अहम जानकारी दी। आरबीआई ने सामान्य मानसून के पूर्वानुमान के बीच चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर कायम रखा है। रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई दर के अनुमान को भी 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। शक्तिकांत दास ने कहा कि दीर्घकालिक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और भू-आर्थिक विखंडन के कारण नकारात्मक जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मानसून में तेजी से महंगाई में कुछ राहत की उम्मीद आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गवर्नर ने महंगाई पर कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून में तेजी से खाद्य महंगाई में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बुवाई में अच्छी प्रगति हुई है और अनाज का भंडार (बफर स्टॉक) अपने स्टैंडर्ड से ज्यादा बना हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वैश्विक खाद्य कीमतों में मार्च, 2024 से बढ़ोतरी दर्ज करने के बाद जुलाई में कमी के संकेत मिले हैं। चालू वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत महंगाई दर का अनुमान गवर्नर ने कहा कि सामान्य मानसून के पूर्वानुमान और पहली तिमाही में 4.9 प्रतिशत महंगाई को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ये दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत तथा चौथी तिमाही में 4.3 प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति अपेक्षा से ज्यादा रहने के कारण जून, 2024 में मुख्य सीपीआई मुद्रास्फीति बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘ बैंकों और कॉरपोरेट का स्वस्थ बही-खाता, सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय पर जोर तथा निजी निवेश में तेजी के स्पष्ट संकेत निश्चित निवेश को बढ़ावा देंगे। वैश्विक व्यापार की संभावनाओं में सुधार से बाहरी मांग में मदद मिलने की उम्मीद है।’’ दास ने कहा कि हालांकि, दीर्घकालिक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता तथा भू-आर्थिक विखंडन के कारण नकारात्मक जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत (दोनों ओर घट-बढ़ के साथ) रहने का अनुमान है। मुद्रास्फीति पर दास ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून में तेजी से खाद्य मुद्रास्फीति में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बुवाई में अच्छी प्रगति हुई है और अनाज का भंडार (बफर स्टॉक) मानक से अधिक बना हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वैश्विक खाद्य कीमतों में मार्च, 2024 से वृद्धि दर्ज करने के बाद जुलाई में कमी के संकेत मिले हैं। गवर्नर दास ने कहा कि सामान्य मानसून के पूर्वानुमान और पहली तिमाही में 4.9 प्रतिशत मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए…वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत तथा चौथी तिमाही में 4.3 प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 4.4 प्रतिशत (दोनों ओर घट-बढ़ के साथ) रहने का अनुमान है। दास ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति अपेक्षा से अधिक रहने के कारण जून, 2024 में मुख्य सीपीआई मुद्रास्फीति बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा कि ईंधन की महंगाई लगातार दसवें महीने कम हुई और मई तथा जून में कुल मुद्रास्फीति ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गई। खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों का सिलसिला जुलाई में भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, अनुकूल आधार प्रभाव से माह के दौरान मुख्य मुद्रास्फीति में गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि दूध की कीमतों और मोबाइल शुल्क में संशोधन के प्रभाव पर नजर रखने की जरूरत है। दास ने कहा, ‘‘ हमें यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है कि मुद्रास्फीति तय लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ती रहे, साथ ही वृद्धि को भी समर्थन मिले। यह दृष्टिकोण सतत उच्च वृद्धि के लिए सकारात्मक होगा।’’ ऐतिहासिक निचले स्तर पर आई कुल मुद्रास्फीति उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन की महंगाई लगातार 10वें महीने कम हुई और मई-जून में कुल मुद्रास्फीति ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गई। खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों का सिलसिला जुलाई में भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, अनुकूल आधार प्रभाव से महीने के दौरान मुख्य मुद्रास्फीति में गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि दूध की कीमतों और मोबाइल टैरिफ में संशोधन के प्रभाव पर नजर रखने की जरूरत है। recent visitors 74

सेंसेक्स 581 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 78,886 और निफ्टी 180 अंक या 0.74 प्रतिशत फिसलकर 24,117 पर बंद हुआ

मुंबई भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुआ। बैंक निफ्टी को छोड़कर बाकी सभी मुख्य सूचकांकों में गिरावट रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 581 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 78,886 और निफ्टी 180 अंक या 0.74 प्रतिशत फिसलकर 24,117 पर बंद हुआ। बाजार में गिरने वाले शेयरों की संख्या अधिक थी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 1,768 शेयर हरे निशान में और 2,137 शेयर लाल निशान में और 105 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं। गुरुवार को आरबीआई द्वारा मौद्रिक नीति कमेटी के फैसले का ऐलान किया गया, जिसमें ब्याज दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा गया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 192 अंक या 0.34 प्रतिशत गिरकर 56,681 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 76 अंक या 0.41 प्रतिशत गिरकर 18,307 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक 37.70 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 50,156 पर बंद हुआ। आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, एनर्जी और इन्फ्रा सबसे ज्यादा गिरने वाले इंडेक्स थे। वहीं, फिन सर्विस, फार्मा, मीडिया और प्राइवेट बैंक में तेजी थी। सेंसेक्स पैक में टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईटीसी, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स रहे। एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, जेएसडब्ल्यू स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड, एलएंडटी और एचसीएल टेक टॉप लूजर्स थे। आनंद राठी शेयर्स और स्टॉक ब्रोकर्स में मुख्य अर्थशास्त्री और कार्यकारी निदेशक सुजान हाजरा का कहना है कि आरबीआई ने मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। हालांकि, खाद्य महंगाई अभी भी एक चिंता का विषय बनी हुई है। वहीं, मौद्रिक नीति की अच्छी बात यह है कि चालू वित्त वर्ष के जीडीपी विकास दर अनुमान को 7.2 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। बाजार के हिसाब से यह एक न्यूट्रल मौद्रिक नीति है। recent visitors 68

थोड़ा करेक्शन के बावजूद शेयर मार्केट में हरियाली बरकरार, सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल

नई दिल्ली निफ्टी अब 237 अंक ऊपर 24230 के लेवल पर है। बैंक निफ्टी से लेकर ऑयल एंड गैस तक इंडेक्स में उछाल है। निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया, मेटल, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूराबेल्स में अच्छी तेजी है। सेंसेक्स भी 606.63 अंक ऊपर 79,199.70 के लेवल पर है। थोड़ा करेक्शन के बावजूद शेयर मार्केट में हरियाली बरकरार है। सेंसेक्स 650 अंकों की बढ़त के साथ 79244 पर है। जबकि, निफ्टी 235 अंक ऊपर 24227 पर ट्रेड कर रहा है। निपु्टी टॉप गेनर्स की लिस्ट में 6.37 पर्सेंट की उछाल के साथ ओएनजीसी सबसे ऊपर है। इसके बाद कोल इंडिया है, जिसमें 3.32 पर्सेंट की तेजी है। बीपीसीएल, हीरो मोटोकॉर्प और हिन्डाल्को भी 2 पर्सेंट से ऊपर ट्रेड कर रहे हें। टॉप लूजर में एशियन पेंट्स, टाइटन और कोटक बैंक हैं। शेयर मार्केट में हरियाली तीज जैसी हरियाली दिख रही है। सेंसेक्स के सभी 30 स्टॉक्स हरे रंग में हैं तो निफ्टी भी हरा है। बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक आज 972 अंकों की बंपर उछाल के साथ 79565 के लेवल पर खुला तो एनएसई का निफ्टी 296 अंक उछल कर 24289 पर। आज भी रियल्टी, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक में बंपर तेजी है। आज यानी बुधवार को घरेलू शेयर मार्केट में रौनक लौटने की उम्मीद है। क्योंकि आज एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हुआ, गिफ्ट निफ्टी 24,190 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। जबकि अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। एशियाई शेयर मार्केट: चीन के शेयर बाजारों के आंकड़ों से पहले और वॉल स्ट्रीट में बढ़त के चलते एशियाई बाजारों में बुधवार को मिलाजुला रुख रहा। जापान का निक्केई 1 फीसद गिर गया, जबकि टॉपिक्स 0.3 फीसद चढ़ गया। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1 फीसद और कोस्डैक में 1.3 फीसद की तेजी आई। गिफ्ट निफ्टी: गिफ्ट निफ्टी 24,190 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 100 अंकों का प्रीमियम है, यह भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।   recent visitors 94

एयरलाइन कंपनियों विस्‍तार, एयर इंडिया और इंडिगो ने ढाका आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी

नई दिल्‍ली बांग्‍लादेश की राजधानी ढाका के हालात को देखते हुए टाटा की अगुवाई वाली एयर इंडिया, विस्‍तारा और इंडिगो एयरलाइन कंपनियों ने अपनी सभी उड़ानें (कैंसिल) रद्द कर दी हैं। विमानन कंपनियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा के बाद ढाका के हालाताें को देखते हुए यह कदम उठाया है। आधिकारिक सूत्रों ने  दी जानकारी में बताया कि देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों विस्‍तार, एयर इंडिया और इंडिगो ने ढाका आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। विस्‍तारा ने आज ढाका की फ्लाइट्स कैंसिल की हैं, जबकि एयर इंडिया और इंडिगो ने कल देर शाम अपनी उड़ानें रद्द कर दी थीं। विस्तारा के एक अधिकारी ने बताया कि एयरलाइन की उड़ानें प्रतिदिन मुंबई से ढाका और हफ्ते के तीन दिन दिल्ली से ढाका जाया करती थीं। लेकिन वहां के मौजूदा हालात को देखते हुए फिलाहल विस्तारा ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। इससे पहले विस्‍तारा ने सोमवार को मुंबई से अपनी उड़ान को संचालित किया था। वहीं, एयर इंडिया और इंडिगो ने पहले ही अपनी उड़ानें रद्द कर दी थीं। उल्लेखनीय है कि बांग्‍लादेश में रिजर्वेशन पॉलिसी के विरोध में हिंसा चरम पर पहुंचने के बाद वहां की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया है। फिलहाल वो भारत में हैं। अपनी सुबह की उड़ान रद्द कर दी एअर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने ढाका के लिए अपनी सुबह की उड़ान रद्द कर दी है और वह दिन में फैसला लेगी कि बांग्लादेश की राजधानी के लिए शाम की उड़ान संचालित की जाएगी या नहीं। समयसारिणी के अनुसार, एअर इंडिया दिल्ली से ढाका के बीच रोज दो उड़ानें संचालित करती है। रद्दीकरण शुल्क पर एकमुश्त छूट एअर इंडिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, “बांग्लादेश में उभरती स्थिति को देखते हुए, हमने ढाका जाने और वहां से आने वाली अपनी उड़ानों के निर्धारित परिचालन को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।”उसने कहा था, “हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और ढाका से आने-जाने के लिए कन्फर्म टिकट वाले अपने यात्रियों को सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिसमें पुनर्निर्धारण और रद्दीकरण शुल्क पर एकमुश्त छूट शामिल है।” अराजकता की स्थिति पैदा हो गई कंपनी ने कहा था, “यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री शेख हसीना के अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर जाने से वहां अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। हसीना सोमवार रात बांग्लादेशी वायुसेना के एक सी-130 जे सैन्य विमान से भारत पहुंचीं। बताया जा रहा है कि उनकी लंदन जाने की योजना है। recent visitors 95

गुजरात के हीरा उद्योग पर मंदी असर डाला, बड़ी फर्म ने 10 दिन की छुट्‌टी का ऐलान

 सूरत  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अगस्त में दुनिया के सबसे ऑफिस स्पेस सूरत डायमंड बोर्स (SDB) का शुभारंभ किया था। इसके बाद सूरत डायमंड उद्योग के नई ऊंचाई पर जाने की उम्मीद की गई थी, लेकिन वैश्विक हालात में तनाव के चलते हीरा बाजार को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा रहा है। अमेरिका में 75 फीसदी तक निर्यात गिर गए या है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार बीते तीन महीने में हालात और बिगड़े हैं। इसके चलते सूरत से होने वाले डायमंड का निर्यात 82 फीसदी गिर गया है। 10 दिन की छुट्‌टी का ऐलान सूरत के डायमंड का निर्यात घटने का असर अब उद्योग पर दिखने लगा है। सूरत हीरा उद्योग के इतिहास में पहली बार छुट्‌टी घोषित की गई है। सूरत के बड़ी हीरा फर्म किरण जेम्स ने सावन के महीने में 10 दिन की छुट्‌टी का ऐलान किया है। किरण फर्म के ऐलान को हीरा उद्योग में बड़ी हलचल और मंदी से जोड़कर देखा जा रहा है। किरण जेम्स ने 10 अगस्ते से 27 अगस्त छुट्‌टी का ऐलान कर दिया है। डायमंड वर्कर्स यूनियन उपाध्यक्ष भावेश टांक ने सरकार से मांग की है कि सरकार ज्वैलर्स के लिए आर्थिक पैकेज और रत्नदीप योजना लागू करे। मंदी से निपटने के लिए ज्वैलर्स के लिए यही एकमात्र विकल्प है। कंपनी के छुट्‌टी घोषित करने से 50 हजार कर्मचारी अवकाश पर रहेंगे। किरण जेम्स की गिनती दुनिया की बड़ी प्राकृतिक हीरा कंपनियों में होती है। क्यों आई है यह नौबत? अमेरिका द्वारा रूसी मूल के हीरों पर प्रतिबंध लगाए जाने और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जी-7 देशों द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा के बाद हीरा निर्माताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।किरण जेम्स के चेयरमैन वल्लभभाई लखानी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा किफिलहाल हीरा उद्योग बुरे दौर से गुजर रहा है। यह मंदी का दौर है क्योंकि वैश्विक स्तर पर पॉलिश किए गए हीरों की मांग नहीं है। हमने 10 दिन की छुट्टी घोषित की है ताकि हीरों के उत्पादन को नियंत्रित किया जा सके। कंपनी के इतिहास में ऐसा फैसला पहली बार लिया गया है। उन्होंने कहा कि पॉलिश किए गए हीरों की कीमत वैश्विक स्तर पर कम हो गई है और हीरा निर्माताओं के लिए अपना कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है। अगर आपूर्ति नियंत्रित होती है, तो मांग बढ़ेगी और इससे उद्योग को फायदा होगा। दीवाली पर होता है अवकाश आमतौर पर हीरा कारखाने दिवाली के दौरान लंबी छुट्टियों पर चले जाते हैं। 17,000 करोड़ रुपये के सालाना कारोबार वाली किरण जेम्स, वैश्विक स्तर पर अग्रणी हीरा कंपनियों में से एक डी बीयर्स के साइट होल्डर्स (कच्चे हीरों के अधिकृत खरीदार) में से एक है। डी बीयर्स ने पहले इस साल जून में समाप्त होने वाली दूसरी तिमाही में कच्चे हीरे के उत्पादन में पहली तिमाही की तुलना में 15 प्रतिशत की कमी की सूचना दी थी, जिसका एक कारण सामान्य से अधिक इन्वेंट्री को बताया गया था। लखानी ने कहा कि मेरी फर्म में 50,000 से अधिक हीरा पॉलिशर काम करते हैं, जिनमें से 40,000 प्राकृतिक हीरे काटते और पॉलिश करते हैं, जबकि 10,000 लैब-ग्रोन डायमंड यूनिट में काम करते हैं। मुआवज देने पर विचार: लखानी लखानी ने कहा कि हम हीरा पॉलिशरों को छुट्टी के दिनों के लिए मुआवजा देने पर भी विचार कर रहे हैं। लखानी अपने कार्यालय को मुंबई से सूरत डायमंड बोर्स (एसडीबी) में स्थानांतरित करने वाले पहले लोगों में से थे। सूरत में कारोबार ठीक से न चलने के कारण मार्च में इस्तीफा देकर मुंबई लौटने से पहले वे एसडीबी के चेयरमैन भी थे। हालांकि वे कोर कमेटी का हिस्सा बने हुए हैं। recent visitors 100

सर्राफा बाजार में सपाट स्तर पर कारोबार, चांदी में मामूली तेजी

नई दिल्ली  घरेलू सर्राफा बाजार में सोना सपाट स्तर पर कारोबार करता नजर आ रहा है। हालांकि चांदी की कीमत में आज मामूली तेजी दर्ज की गई है। सोने की कीमत के सपाट स्तर पर बने रहने की वजह से देश के ज्यादातर सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोना 70,950 रुपये से लेकर 70,570 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसी तरह 22 कैरेट सोना सर्राफा बाजारों में 64,990 रुपये से लेकर 64,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। दूसरी ओर चांदी की कीमत में आज 400 रुपये तक की तेजी बनी हुई है, जिसकी वजह से दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी आज 85,800 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना आज भी 70,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 64,840 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। इसी तरह मुंबई में 24 कैरेट सोना 70,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। जबकि चेन्नई में 24 कैरेट सोने की रिटेल कीमत 70,950 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 64,990 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन प्रमुख शहरों के अलावा अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना आज 70,620 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर और 22 कैरेट सोना 64,740 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बिक रहा है। इसी तरह कोलकाता में 24 कैरेट सोना 70,570 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचा हुआ है। लखनऊ के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना आज 70,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर और 22 कैरेट सोना 64,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं, पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 70,620 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जबकि 22 कैरेट सोना 64,740 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। इसी तरह जयपुर में 24 कैरेट सोना 70,720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 64,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। देश के अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के सर्राफा बाजार में भी आज सोने के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इन तीनों राज्यों की राजधानियों बेंगलुरु, हैदराबाद और भुवनेश्वर में 24 कैरेट सोना आज 70,570 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह इन तीनों शहरों के सर्राफा बाजारों में 22 कैरेट सोना 64,690 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है।   recent visitors 105

अमेरिकी कोर्ट ने गूगल को दिया तगड़ा झटका, जज ने सुनाया बड़ा फैसला, भारी पड़ा कानून तोड़ना

न्यूयॉर्क गूगल (Google) को तगड़ा झटका लगा है। एक अमेरिकी कोर्ट के जज ने फैसला सुनाया कि गूगल ने ऐंटीट्रस्ट लॉ यानी अविश्वास कानून का उल्लंघन किया है। जज ने फैसले में कहा कि गूगल ने खुद को दुनिया का डिफॉल्ट सर्च इंजन बनाने और मोनोपॉली के लिए अरबों डॉलर खर्च किए हैं। कोर्ट का यह फैसला संभावित सुधारों को तय करने के लिए दूसरे ट्रायल का रास्ता भी साफ करता है। इसमें गूगल पैरेंट अल्फाबेट का ब्रेकअप (विघटन) भी शामिल हो सकता है। ऐसा होने पर ऑनलाइन ऐडवर्टाइजिंग की दुनिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिस पर गूगल बीते कई सालों से राज करता आ रहा है। साल 2023 में अल्फाबेट की टोटल सेल में गूगल ऐड्स का 77% था। साल 2021 में 26.3 बिलियन डॉलर का भुगतान वाशिंगटन डी.सी. के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज अमित मेहता ने अपने में फैसले में लिखा कि गूगल एक मोनोपॉलिस्ट यानी एकाधिकारवादी है और उसने अपने एकाधिकार को बनाए रखने के लिए एक के रूप में काम किया है। जज ने आगे यह भी लिखा कि गूगल ऑनलाइन सर्च मार्केट का लगभग 90% और स्मार्टफोन पर 95% कंट्रोल रखता है। मेहता ने कहा कि गूगल ने साल 2021 में 26.3 बिलियन डॉलर का भुगतान किया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसका सर्च इंजन स्मार्टफोन और ब्राउजर पर बाइ डिफॉल्ट ऑफर हो। फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में अल्फाबेट अल्फाबेट ने कहा कि वह मेहता के फैसले के खिलाफ अपील करने का प्लान बना रहा है। गूगल ने एक बयान में कहा कि कोर्ट के फैसले से यह साफ हो गया है कि गूगल बेस्ट सर्च इंजन ऑफर करता है। कंपनी ने आगे यह भी कहा कि बेस्ट होने से कारण अब गूगल सर्च इंजन को आसानी से उपलब्ध नहीं कराना चाहिए। दूसरी तरफ अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने फैसले को अमेरिकी यूजर्स के लिए एक ऐतिहासिक जीत बताते हुए कहा कि कोई भी कंपनी चाहे कितनी भी बड़ी या प्रभावशाली क्यों न हो, वह कानून से ऊपर नहीं हो सकती। बताते चलें कि टेक शेयरों में व्यापक गिरावट के बीच अल्फाबेट के शेयरों में सोमवार को 4.5% की गिरावट देखी गई। recent visitors 101

शेयर मार्केट में गिरावट के कारण आई, सबसे ज्यादा कमी अमेजन के फाउंडर की दौलत में दर्ज की

मुम्बई  शेयर मार्केट में सोमवार को आई गिरावट के कारण देश के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की संपत्ति काफी गिर गई। दोनों की संपत्ति को एक ही दिन में लाखों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक दुनिया के टॉप 20 अमीरों में से सिर्फ एक को छोड़कर 19 की संपत्ति में गिरावट आई है। दुनिया के सबसे अमीरों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी 11वें और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी 12वें नंबर पर हैं। कितनी कम हुई मुकेश अंबानी की दौलत? ब्लूमबर्ग इंडेक्स के अनुसार मुकेश अंबानी की संपत्ति एक ही दिन में 3.95 बिलियन डॉलर (करीब 33 हजार करोड़ रुपये) कम हो गई। इस कमी के साथ मुकेश अंबानी की संपत्ति 109 बिलियन डॉलर रह गई है। वहीं दूसरी ओर सोमवार को शेयर मार्केट में गिरावट के कारण मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्री को भी भारी नुकसान हुआ। सोमवार को रिलांयस इंडस्ट्री के शेयरों में 3.40 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई थी। इस गिरावट के साथ कंपनी को करीब 70 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अडानी की दौलत इतनी हुई कम मार्केट में गिरावट के कारण गौतम अडानी की दौलत पर भी काफी असर पड़ा। ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार अडानी की संपत्ति में एक ही दिन में 6.31 बिलियन डॉलर (करीब 53 हजार करोड़ रुपये) की गिरावट आई। इस गिरावट के साथ अडानी की संपत्ति 104 बिलियन डॉलर रह गई है। सोमवार को मार्केट में गिरावट का असर अडानी की कंपनियों पर भी पड़ा। अडानी ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में 6 फीसदी तक की गिरावट आई थी। इनमें अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी पावर आदि शामिल हैं। जेफ बेजोस को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान मार्केट में गिरावट का सबसे ज्यादा असर अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस की दौलत पर पड़ा। बेजोस की दौलत एक दिन में 6.66 बिलियन डॉलर (56 हजार करोड़ रुपये) कम हो गई। इस नुकसान के बाद बेजोस की दौलत 185 बिलियन डॉलर रह गई है। बेजोस दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स हैं। पहले नंबर पर टेस्ला के फाउंडर एलन मस्क हैं। इनकी संपत्ति 228 बिलियन डॉलर है। आज ऐसी है स्थिति मंगलवार को शेयर बाजार हरे निशान पर खुला। शुरुआती करीब एक घंटे में ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 1.50 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई। इस समय रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 2942 रुपये पर है। वहीं अडानी ग्रुप की भी लगभग सभी कंपनियों के शेयर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर में करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। recent visitors 78

आज BSE के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सभी शेयरों में तूफानी तेजी, बैंक निफ्टी 600 अंक चढ़ा

मुंबई पिछले दो दिनों की भारी गिरावट के बाद शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. मंगलवार को Sensex 944 चढ़कर 79,693.64 पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी की बात करें तो 278 अंक चढ़कर 24,334.10 पर कारोबार कर रहा है. वहीं बैंक निफ्टी 600 अंक चढ़कर 50,660 लेवल पर कारोबार कर रहा था. अमेरिकी शेयर बाजार रातों-रात 3 प्रतिशत तक गिरकर बंद हुए. इससे पहले, सोमवार को Sensex 2,222.55 अंक या 2.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,759.40 पर बंद हुआ था. Nifty 662.10 अंक या 2.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,055.60 पर बंद हुआ. यह Nifty के 23 जुलाई के 24,074.20 के निचले स्तर से काफी कम है. इन शेयरों में शानदार तेजी BSE के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सभी शेयरों में तूफानी तेजी देखी जा रही है. Tata Motors में सबसे ज्‍यादा 4 प्रतिशत की तेजी देखी जा रही है. इसके बाद, LT, Maruti Suzuki, Adani Port और टाटा स्‍टील के शेयर 2 फीसदी से ज्‍यादा तेजी पर है. इसके अलावा, इंफोसिस और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी उछाल है. GE Shipping के शेयर 5.37 प्रतिशत, पतंजलि फूड के शेयर 4 प्रतिशत से ज्‍यादा, गोदरेज प्रॉपर्टीज में 4.68 प्रतिशत, Zomato के शेयरों में 4.61 प्रतिशत चढ़कर 268 रुपये पर कारोबार कर रहा है. वहीं DLF के शेयर आज 4 प्रतिशत चढ़कर 841 पर कारोबार कर रहे हैं. 50 शेयरों में अपर सर्किट NSE के 2,160 शेयरों में से 1,921 स्‍टॉक उछाल पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 194 शेयर गिरावट पर हैं. 34 शेयरों में 52 सप्‍ताह की तेजी देखी जा रही है, जबकि 7 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं. इसके अलावा, 50 अपर सर्किट और 21 लोअर सर्किट पर कारोबार कर रहे हैं. IT सेक्‍टर में तेजी शेयर बाजार में आज आईटी सेक्‍टर में शानदार तेजी देखी जा रही है. यह 2 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर कारोबार कर रहा है. वहीं रियल्‍टी सेक्‍टर में भी करीब 3 फीसदी की उछाल देखी जा रही है. इसके अलावा FMCG, Media, Metal और पीएसयू बैंक में भी 1 फीसदी से ज्‍यादा की बढ़ोतरी हुई है. जापान से लेकर अमेरिका तक कैसा मार्केट? जापान (NIKKEI 225) और दक्षिण कोरिया (COSPI) के स्‍टॉक एक्‍सचेंज पर 11 प्रतिशत तक की उछाल आई, जबकि पिछले सत्र में भारी गिरावट आई थी, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार में अभी गिरावट जारी है. वहीं हांगकांग के शेयर बाजार में मामूली तेजी देखी गई है.   recent visitors 132

आनंद महिंद्रा काआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बड़ा बयान, डेवलप होने से 5 साल पहले बता देगा कैंसर

नईदिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन दिनों चर्चा में है। इसके इस्तेमाल और फीचर्स पर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। कई लोग इससे होने वाले फायदे के बारे में बात करते हैं, तो कुछ लोग इसके नुकसान के बारे में चर्चा करते हैं। वहीं, भारतीय बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने AI के पूर्ण इस्तेमाल की बात की है। उन्होंने कहा है कि एआई को बड़े काम की टेक्नोलॉजी बताया है और कहा है कि यह फोटो बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे कई ज्यादा उपयोगी हो सकता है। AI से डिटेक्ट करेगा ब्रेस्ट कैंसर हाल ही में अमेरिका की Duke University के रिसर्चर ने एक New AI डेवलप किया है। इसके रिसर्चर ने दावा किया है कि, AI ब्रेस्ट कैंसर को उसके डेवलप होने से लगभग पांच साल पहले ही डिटेक्ट कर सकता है। अब आनंद महिंद्रा ने साइंस न्यूज नाम के हैंडल पर की गई पोस्ट को रिपोस्ट किया है। उन्होंने इस पर लिखा है कि यह बहुत काम का साबित हो सकता है। कैंसर को डिटेक्ट करने का ये है तरीका कैंसर का पता लगाने के लिए फिलहाल Biopsies, Microscopic Histological एग्जामिनेशन मेथड का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे MRI, CT स्कैन और PET स्कैन हैं। अब रिसर्चर्स ने दावा किया है कि AI की मदद से एक्यूरेसी के साथ कैंसर की रिपोर्ट दे सकता है। X प्लेटफॉर्म पर किया पोस्ट महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने X प्लेटफॉर्म (पूर्व नाम Twitter) पर अपनी इस राय को शेयर किया. उन्होंने अपने इस पोस्ट में साइंस न्यूज के पोस्ट को रिपोस्ट किया है. आनंत महिंद्रा का x पर पोस्ट हाल ही में अमेरिका बेस्ड Duke University के रिसर्चर ने एक New AI डेवलप किया है. यह AI मॉडल कैंसर डेवलप होने से करीब 5 साल पहले कैंसर को बता देगा. ये दावा रिसर्चर ने किया है. कैंसर पता लगाने का असली तरीका कैंसर का पता लगाने के लिए, जो ट्रेडिशनल तरीका है, वो Biopsies, Microscopic Histological एग्जामिनेशन है. इसके अलावा इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे MRI, CT और PET Scans हैं. वहीं, AI सिर्फ मेडिकल इमेज को एनालाइज करके ज्यादा बेहतर एक्युरेसी के साथ कैंसर की रिपोर्ट दे सकता है, जो दावा रिसर्चर ने किया है. आनंद महिंद्रा ने AI की थी आलोचना आनंद महिंद्रा ने बीते साल एक पोस्ट करके एक फोटो भी पोस्ट की थी. यह फोटो उनकी हमशक्ल थी और उसे AI से बनाता था, जिसमें वे होली के रंग के साथ दिखाए गए थे. तब उन्होंने कहा था कि यह कई लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है. यहां आनंद महिंद्रा को उस फॉर्म में दिखाया था, जिसे उन्होंने असली दुनिया में किया ही नहीं था. recent visitors 101

बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिति को देखते हुए LIC ने 7 अगस्त तक बंद किए बांग्लादेश में ऑफिस

मुंबई देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की ओर से सोमवार को कहा गया कि कर्फ्यू के चलते कंपनी ने बांग्लादेश में अपने ऑफिस 7 अगस्त तक बंद रखने का फैसला किया है। एलआईसी की ओर से नियामक फाइलिंग में कहा गया कि बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिति को देखते हुए कंपनी की बांग्लादेशी इकाई (एलआईसी ऑफ बांग्लादेश लिमिटेड) के ऑफिस को 5 से लेकर 7 अगस्त तक बंद रखने का फैसला किया गया है। एलआईसी की ओर से आगे कहा गया कि बांग्लादेश सरकार की ओर से 5 से लेकर 7 अगस्त तक कर्फ्यू का ऐलान किया गया है। बांग्लादेश में नौकरियों में आरक्षण को लेकर बीते एक महीने से छात्रों की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। इस कारण देशभर में हिंसा हो रही है। बांग्लादेश में हिंसा के चलते वहां की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। देश को चलाने के लिए एक अंतरिम सरकार का गठन कर दिया गया है। कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के ढाका में प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास गोनो भवन में प्रवेश करने के बाद शेख हसीना "सुरक्षित स्थान" के लिए रवाना हो गई हैं। बांग्लादेश के बड़े अखबारों में एक 'द डेली स्टार' की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि पिछले तीन हफ्तों में सरकार के खिलाफ होने वाले इस प्रदर्शन में 300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। बता दें कि छात्रों की ओर से यह प्रदर्शन पाकिस्तान के खिलाफ स्वतंत्रता आंदोलन में स्वतंत्रता सेनानियों के रिश्तेदारों को नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण को लेकर हो रहा है। यह प्रदर्शन बांग्लादेशी सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद शुरू हुए, जिसमें इस आरक्षण को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया था। recent visitors 114

निरंतरता से चालू वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की अर्थव्यवस्था 7 से 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद: डेलॉयट इंडिया

नई दिल्ली आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर है। डेलॉयट इंडिया ने सोमवार को कहा कि मजबूत आर्थिक बुनियादी ढांचे और घरेलू नीति सुधारों में निरंतरता से चालू वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की अर्थव्यवस्था 7 से 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। डेलॉयट के अगस्त महीने के भारत इकोनॉमी आउटलुक के अनुसार, केंद्रीय बजट 2024-25 में कृषि उत्पादकता में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, विनिर्माण तथा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए वित्त तक पहुंच की चुनौती का समाधान करने की दिशा में की गई कई पहलों से आपूर्ति पक्ष की मांग में सुधार, मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। क्या है डिटेल डेलॉइट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि वर्ष के पहले छह महीनों में अनिश्चितता के दौर के बाद भारत दूसरी छमाही में मजबूत वृद्धि दर्ज करेगा। आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में कहा गया, मजबूत आर्थिक बुनियाद वित्त वर्ष 2024-25 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत के बीच रहेगी। शहरी-ग्रामीण उपभोक्ता व्यय अंतर, मुद्रास्फीति तथा रोजगार संबंधी चिंताओं से प्रभावी ढंग से निटपने से महत्वाकांक्षी ग्रामीण उपभोक्ताओं की सामर्थ्य में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। डेलॉइट इंडिया का वृद्धि अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमान के बराबर है। Indian Energy Exchange के शेयरों में आई गिरावट, 3.51% लुढ़का भाव आरबीआई ने वित्त वर्ष 2024-25 में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है। यह वित्त मंत्रालय की आर्थिक समीक्षा में लगाए अनुमान से अधिक है, जिसमें जीडीपी विस्तार का अनुमान 6.5 से सात प्रतिशत के बीच लगाया गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। recent visitors 112

एलआईसी ने पिछली तिमाही खरीदे 17 हजार करोड़ के शेयर, जान लीजिए किन कंपनियों पर लगाया दांव

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को तो जानते ही होंगे। यह बीमा कंपनी होने के साथ साथ शेयर बाजार का बड़ी निवेशक भी है। इसने वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 17 हजार करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। हम यहां बता रहे हैं कि एलआईसी ने किन-किन कंपनियों में निवेश किया है। तेजी के माहौल में किया निवेश एलआईसी घरेलू शेयर बाजार में सबसे बड़ा संस्थागत निवेशक है। उसने यह खरीदारी ऐसे समय पर की जब शेयर बाजार में तेजी माहौल था। उस समय बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक और घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार में निवेश कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि इस साल अप्रैल से जून की अवधि के दौरान म्यूचुअल फंडों ने 1.1 लाख करोड़ रुपये, बीमा कंपनियों ने 5,035 करोड़ रुपये और बैंकों ने 628 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इस दौरान रिटेल नइवेस्टर्स ने 39,278 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि, विदेशी निवेशकों ने तिमाही के दौरान 8,495 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इससे पहले एलआईसी ने जनवरी-मार्च तिमाही में 44,500 करोड़ रुपये और अक्टूबर-दिसंबर (2023) तिमाही में 6,260 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। एलआईसी घरेलू शेयर बाजार में सबसे बड़ा संस्थागत निवेशक है। उसने यह खरीदारी ऐसे समय पर की जब शेयर बाजार में तेजी माहौल था और बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक और घरेलू संस्थागत निवेशक बाजार में निवेश कर रहे थे। अप्रैल-जून की अवधि में म्यूचुअल फंडों ने 1.1 लाख करोड़ रुपये, बीमा कंपनियों ने 5,035 करोड़ रुपये और बैंकों ने 628 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। खुदरा निवेशकों ने 39,278 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। हालांकि, विदेशी निवेशकों ने तिमाही के दौरान 8,495 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। इससे पहले एलआईसी ने जनवरी-मार्च तिमाही में 44,500 करोड़ रुपये और अक्टूबर-दिसंबर (2023) तिमाही में 6,260 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। जानकारी के अनुसार, एलआईसी की ओर से जून तिमाही में अपने पोर्टफोलियो में 11 नये शेयरों को शामिल किया और पहले से मौजूद 89 शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई। जून तिमाही के आखिर में एलआईसी के पोर्टफोलियो में 321 शेयर थे। संयुक्त रूप से इनकी वैल्यू 15.71 लाख करोड़ रुपये थी। मार्च तिमाही के आखिर में एलआईसी के पोर्टफोलियो में 333 कंपनियां थीं, जिनकी वैल्यू करीब 14.29 लाख करोड़ रुपये थी। आंकड़ों के मुताबिक, एलआईसी ने इन्फोसिस, एलटीआई मांइडट्री, एल एंड टी, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और ऑयल इंडिया जैसे शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई है। वहीं, टाटा पावर, सीमेंस, हिंडालको, भारती एयरटेल, हीरोमोटोकॉर्प और एचडीएफसी एएमसी जैसे शेयरों में हिस्सेदारी घटाई है। वहीं, आरईसी, डालमिया भारत, पूनावाला फिनकॉर्प, इंडिया टूरिज्म डेवलपमेंट और टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड के साथ अन्य कंपनियों को पोर्टफोलियो में पहली बार जोड़ा है। recent visitors 97

बड़े भूचाल की आशंका- मंदी की आशंका के कारण भारतीय शेयर बाजार में हड़कंप, क्रैश हुआ शेयर बाजार

नई दिल्ली अमेरिका में संभावित मंदी की आशंका के कारण भारतीय शेयर बाजार में हड़कंप सा मच गया है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 2600 अंक से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी 24000 अंक के स्तर से नीचे आ गया। बता दें कि आज सेंसेक्स 2222.55 अंक यानी 2.74% टूटकर 78,759.40 पर बंद हुआ है। वहीं, निफ्टी 662.10 अंक यानी 2.68% लुढ़क कर 24,055.60 पर बंद हुआ है। इस बड़ी गिरावट की वजह से निवेशकों को करीब 17 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 2686 अंक तक टूट गया था सेंसेक्स सोमवार को ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स 2686 अंक टूटकर 78295 अंक के निचले स्तर तक आ गया था। वहीं, निफ्टी की बात करें तो यह 824 अंक गिरकर 26 जून के बाद पहली बार 24,000 से नीचे आ गया। यह 4 जून के बाद की सबसे बड़ी इंट्रा-डे गिरावट है। बता दें कि 4 जून को लोकसभा नतीजे के बाद शेयर बाजार क्रैश हो गए थे। दरअसल, चुनाव के नतीजे एग्जिट पोल के पूर्वानुमानों से कम रहे। यही वजह है कि बाजार में हाहाकार मचा था। अब शेयर बाजार में 5 अगस्त को इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई, ये समझ लेते हैं। अमेरिका में मंदी का डर दरअसल, अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों ने निवेशकों के बीच एक बार फिर मंदी की चर्चा को तेज कर दी है। आंकड़े बताते हैं कि जुलाई में नौकरी की वृद्धि उम्मीद से अधिक सुस्त हो गई है। श्रम विभाग ने बताया कि पिछले महीने नॉन-एग्री पेरोल में केवल 1,14,000 नौकरियों की वृद्धि हुई, जो अपेक्षित 1,75,000 से कम है। वहीं, बेरोजगारी दर भी बढ़कर 4.3% हो गई, यह तीन साल के उच्चतम स्तर के करीब है। जापान की करेंसी येन के मजबूत होने से येन कैरी ट्रेड में निवेशक अपनी पोजीशन को कम करते नजर आ रहे हैं। दरअसल, बैंक ऑफ जापान (बीओजे) द्वारा ब्याज दरों को 0.25% तक बढ़ाने और बांड खरीद कम करने के बाद येन में तेजी आई। ऐसे में निवेशक घाटे से बचने के लिए अपनी स्थिति को कम करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जापान में चल रही गतिविधि का सीधा असर भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर पड़ सकता है। बता दें कि जापान में कर्ज पर शून्य ब्याज दर चलती रही है, उसका भारत बड़ा लाभार्थी है। इस बीच, जापान का निक्केई 13% की भारी गिरावट के साथ सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है, जो 2011 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से नहीं देखा गया है। जियो पॉलिटिक्स ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों की ओर से इजराइल पर संभावित हमलों को लेकर चिंताएं बढ़ने से भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की धारणा पर असर डाला। बता दें कि विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने जी7 समकक्षों को चेतावनी दी है कि इजरायल के खिलाफ ईरान और हिजबुल्लाह का हमला कभी शुरू हो सकता है। मुनाफावसूली शेयर बाजार में ओवरवैल्यूएशन है और तमाम एक्सपर्ट बड़े करेक्शन की बात कहते आ रहे हैं। सोमवार की गिरावट को करेक्शन की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। रक्षा और रेलवे जैसे बाजार के ओवरवैल्यूड सेगमेंट पर दबाव आने की संभावना है। जून तिमाही के नतीजे बता दें कि कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों के अनुरूप नहीं हैं। नतीजों के सीजन ने अब तक बाजार को आगे ले जाने के लिए कोई बड़ा सकारात्मक ट्रिगर नहीं दिया है। VIX इंडेक्स 52 फीसदी उछला बाजार में मचे हाहाकार के बीच इंडिया VIX या इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स 52% उछल गया। यह साल 2015 के बाद से सबसे बड़ा उछाल है। यह जितना ज्यादा होता है, निफ्टी में उतनी बड़ी गिरावट की आशंका जाहिर की जाती है। इससे पता चलता है कि NSE इंडेक्स में अगले तीस दिनों में ट्रेडर कितनी वोलैटिलिटी की उम्मीद करते हैं। recent visitors 89

मंदी और युद्ध की आहट से शेयर बाजार धड़ाम, निवेशकों के 45 लाख करोड़ रुपये डूबे

मुंबई  शेयर मार्केट (Stock Market) में बीते सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को बड़ी गिरावट आई थी और तमाम बड़ी कंपनियों के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखर गए थे. अमेरिका में मंदी की आहट से US Stock Market हिला, तो इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया था. अब सप्ताह का पहला कारोबारी दिन सोमवार भी 'ब्लैक मंडे' नजर आ रहा है. जहां प्री-ओपन में सेंसेक्स और निफ्टी भरभराकर टूटे हैं, तो वहीं बाजार खुलने के साथ ही Sensex-Nifty धड़ाम हो गए. बीएसई का सेंसेक्स 80,000 के नीचे ओपन हुआ. आज खुलते ही बिखर गया सेंसेक्स सोमवार को शेयर बाजार (Share Market) ओपन होने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद की तुलना में बुरी तरह से टूटकर 1200 अंक की गिरावट के साथ 79,700.77 पर ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 ने भी 424 अंक की गिरावट के साथ कारोबार शुरू किया. इससे पहले बीते शुक्रवार को भारतीय शेयर मार्केट में सुनामी जैसा नजारा देखने को मिला था. BSE Sensex 885.60 अंक या 1.08% गिरकर 80,981.95 अंक पर बंद हुआ था. जबकि Nifty50 की बात करें तो यह 293.20 अंक टूटकर 24,717.70 लेवल पर बंद हुआ था. प्री- ओपनिंग में ही ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि शेयर बाजार का रुख कैसा रहने वाला है. दरअसल, Pre Open में सेंसेक्स 3000 अंक से ज्यादा टूट गया था, तो वहीं निफ्टी में 700 अंक की बड़ी गिरावट देखने को मिली. बाजार खुलने के महज 10 मिनट के भीतर ही शुरुआती गिरावट और बढ़ गई, जिसके चलते Sensex 1,585.81 अंक या 1.96% की गिरावट लेकर 79,396.14 के लेवल पर आ गया, जबकि Nifty 499.40 अंक या 2.02% फिसलकर 24,218.30 के लेवल पर पहुंच गया था. ये गिरावट बाजार बढ़ने के साथ और भी बढ़ती गई और सुबह 11.30 बजते-बजते शेयर बाजार में मचे कोहराम के बीच BSE SENSEX 2,653 अंक फिसलकर 78,295.60 के लेवल पर पहुंच गया. इसके साथ ही NIFTY-50 भी 707.85 अंक या 2.54% गिरकर 24,010.85 के लेवल पर कारोबार कर रहा था. शुक्रवार को इतना डूबा था पैसा बीते शुक्रवार को आई गिरावट के बीच शेयर बाजार निवेशकों को 4.56 लाख करोड़ का नुकसानसेंसेक्‍स में भारी गिरावट से बीएसई का मार्केट कैप शुक्रवार को 4.56 लाख करोड़ रुपये घटकर 457.06 लाख करोड़ हो गया. ऐसे में कहा जा सकता है कि शुक्रवार को बीएसई के तहत निवेशकों का वैल्‍यूवेशन 4.56 लाख करोड़ रुपये घट गया. आखिर अमेरिका में ऐसा क्या हुआ? दरअसल, अमेरिका में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग पीएमआई डाटा में बड़ी कमी आई है, जो संकेत दे रहा है अमेरिका में मंदी आ सकती है. साथ ही बेरोजगारों की संख्‍या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी भी हुई है, जिसका असर सीधे अमेरिकी बाजार पर पड़ा है. वहीं IT सेक्‍टर में छंटनी के ऐलान से भी संकट और गहरा गया है, जिससे ग्‍लोबल आईटी सेक्‍टर भी भारी दबाव में है. ये 10 शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे शेयर बाजार में आए भूचाल के बीच BSE के 30 शेयरों में से 28 स्टॉक लाल निशान पर ओपन हुए. अगर बात करें 10 सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की, तो लार्ज कैप कंपनियों में शामिल टाटा ग्रुप की ऑटोमोबाइल कंपनी Tata Motors का शेयर 4.28%, Tata Steel Share 3.89%, Maruti Share 3.19%, Adani Port Share 3.26%, JSW Steel Share 3.21%, SBI Share 3.19%, M&M Share 3.15%, Titan 3.10%, LT Share 3% और Reliance Share 2.27% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था.  recent visitors 118

भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार,सेंसेक्स ने अचानक2400अंकों का लगाया गोता

मुंबई शेयर मार्केट (Stock Market) में बीते सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को बड़ी गिरावट आई थी और तमाम बड़ी कंपनियों के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखर गए थे. अमेरिका में मंदी की आहट से US Stock Market हिला, तो इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया था. अब सप्ताह का पहला कारोबारी दिन सोमवार भी 'ब्लैक मंडे' नजर आ रहा है. जहां प्री-ओपन में सेंसेक्स और निफ्टी भरभराकर टूटे हैं, तो वहीं बाजार खुलने के साथ ही Sensex-Nifty धड़ाम हो गए. बीएसई का सेंसेक्स 80,000 के नीचे ओपन हुआ. आज खुलते ही बिखर गया सेंसेक्स सोमवार को शेयर बाजार (Share Market) ओपन होने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद की तुलना में बुरी तरह से टूटकर 1200 अंक की गिरावट के साथ 79,700.77 पर ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 ने भी 424 अंक की गिरावट के साथ कारोबार शुरू किया. इससे पहले बीते शुक्रवार को शुक्रवार को भारतीय शेयर मार्केट में सुनामी जैसा नजारा देखने को मिला था. BSE Sensex 885.60 अंक या 1.08% गिरकर 80,981.95 अंक पर बंद हुआ था. जबकि Nifty50 की बात करें तो यह 293.20 अंक टूटकर 24,717.70 लेवल पर बंद हुआ था. प्री- ओपनिंग में ही ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि शेयर बाजार का रुख कैसा रहने वाला है. दरअसल, Pre Open में सेंसेक्स 3000 अंक से ज्यादा टूट गया था, तो वहीं निफ्टी में 700 अंक की बड़ी गिरावट देखने को मिली. बाजार खुलने के महज 10 मिनट के भीतर ही शुरुआती गिरावट और बढ़ गई, जिसके चलते Sensex 1,585.81 अंक या 1.96% की गिरावट लेकर 79,396.14 के लेवल पर आ गया, जबकि Nifty 499.40 अंक या 2.02% फिसलकर 24,218.30 के लेवल पर पहुंच गया. शुक्रवार को इतना डूबा था पैसा बीते शुक्रवार को आई गिरावट के बीच शेयर बाजार निवेशकों को 4.56 लाख करोड़ का नुकसानसेंसेक्‍स में भारी गिरावट से बीएसई का मार्केट कैप शुक्रवार को 4.56 लाख करोड़ रुपये घटकर 457.06 लाख करोड़ हो गया. ऐसे में कहा जा सकता है कि शुक्रवार को बीएसई के तहत निवेशकों का वैल्‍यूवेशन 4.56 लाख करोड़ रुपये घट गया. आखिर अमेरिका में ऐसा क्या हुआ? दरअसल, अमेरिका में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग पीएमआई डाटा में बड़ी कमी आई है, जो संकेत दे रहा है अमेरिका में मंदी आ सकती है. साथ ही बेरोजगारों की संख्‍या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी भी हुई है, जिसका असर सीधे अमेरिकी बाजार पर पड़ा है. वहीं IT सेक्‍टर में छंटनी के ऐलान से भी संकट और गहरा गया है, जिससे ग्‍लोबल आईटी सेक्‍टर भी भारी दबाव में है. ये 10 शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे शेयर बाजार में आए भूचाल के बीच BSE के 30 शेयरों में से 28 स्टॉक लाल निशान पर ओपन हुए. अगर बात करें 10 सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की, तो लार्ज कैप कंपनियों में शामिल टाटा ग्रुप की ऑटोमोबाइल कंपनी Tata Motors का शेयर 4.28%, Tata Steel Share 3.89%, Maruti Share 3.19%, Adani Port Share 3.26%, JSW Steel Share 3.21%, SBI Share 3.19%, M&M Share 3.15%, Titan 3.10%, LT Share 3% और Reliance Share 2.27% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था.  recent visitors 98

देश में सीमेंट की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने उद्योग में वर्ष (2025-26) में 3.5 से चार करोड़ टन क्षमता बढ़ने का अनुमान

नई दिल्ली  देश में चालू वित्त वर्ष में सीमेंट की मांग सात से आठ प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। अल्ट्राटेक सीमेंट ने हाल ही में जारी अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा कि इस वृद्धि को देशभर में निर्माण गतिविधियों में बढ़ोतरी से मदद मिलेगी। आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख कंपनी ने कहा कि इस बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए सीमेंट उद्योग में अगले वित्त वर्ष (2025-26) में 3.5 से चार करोड़ टन क्षमता बढ़ने का अनुमान है। इसके अलावा, मांग में इस वृद्धि से चालू वित्त वर्ष (2024-25) में उद्योग का क्षमता इस्तेमाल 72 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जो 2022-23 में लगभग 68 प्रतिशत था। अल्ट्राटेक ने कहा, “देश भर में बुनियादी ढांचे और आवास क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों में वृद्धि के कारण चालू वित्त वर्ष (2024-25) में सीमेंट की मांग सात से आठ प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है।” पीएम गति शक्ति के सिद्धांतों का पालन करते हुए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की एकीकृत और समन्वित योजना और कार्यान्वयन पर ‘एकजुट ध्यान’ दिया गया है। कंपनी ने कहा कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए व्यय आवंटित करने को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, एकल नोडल एजेंसी/ट्रेजरी एकल खाता प्रणाली का उपयोग करके संसाधनों को समय पर जारी करके नकदी प्रबंधन की दक्षता को बढ़ाया गया है। कंपनी के शेयरधारकों को संबोधित करते हुए चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि भारत का बुनियादी ढांचा क्षेत्र ‘उल्लेखनीय वृद्धि’ के लिए तैयार है, जिसमें अगले पांच साल में निवेश में सालाना 15.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। निवेश बैंक एवं वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बिड़ला ने कहा, ‘‘इस वृद्धि के परिणामस्वरूप कुल खर्च 1,450 अरब डॉलर हो सकता है।’’     recent visitors 170

मोबाइल नेटवर्क नहीं आया तो ग्राहकों को मिलेगा मुआवजा, पोस्टपेड यूजर्स को किराए में मिलेगी छूट

मुंबई मोबाइल या फिर ब्रॉडबैंड सर्विस यूज करने वाले ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। अब टेलीकॉम सर्विसेस (मोबाइल और ब्रॉडबैंड) ठप होने के एवज में कंपनी को ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। दरअसल, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ग्राहकों के हित में एक नया नियम लागू करने जा रही है। ट्राई द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए नए सर्विस क्वालिटी रूल्स के तहत जिला स्तर पर 24 घंटे से अधिक समय तक सर्विस बाधित रहने की स्थिति में टेलीकॉम ऑपरेटरों को ग्राहकों को मुआवजा देना होगा। ट्राई ने नए नियमों के तहत प्रत्येक क्वालिटी बेंचमार्क को पूरा करने में विफल रहने पर जुर्माने की राशि को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है। नए नियमों को छह महीने बाद लागू किया जाएगा। रेगुलेटर ने रिवाइज्ड रेगुलेशन – " द स्टैंडर्ड्स ऑफ क्वालिटी ऑफ सर्विस ऑफ एक्सेस (वायरलाइन और वायरलेस) एंड ब्रॉडबैंड (वायरलाइन और वायरलेस) सर्विस रेगुलेशन, 2024" के तहत नियम के उल्लंघन के अलग-अलग पैमानों के लिए 1 लाख रुपये, 2 लाख रुपये, 5 लाख रुपये और 10 लाख रुपये का ग्रेडेड पेनाल्टी सिस्टम शुरू किया गया है। किराए में मिलेगी छूट, बढ़ेगी वैलिडिटी नया नियम तीन अलग-अलग रेगुलेशन्स – बेसिक और सेलुलर मोबाइल सर्विसेस, ब्रॉडबैंड सर्विसेस और ब्रॉडबैंड वायरलेस सर्विसेस के लिए क्वालिटी ऑफ क्वालिटी (QoS) का स्थान लेते हैं। किसी जिले में नेटवर्क ठप होने की स्थिति में, टेलीकॉम ऑपरेटरों को नए नियमों के अनुसार पोस्टपेड ग्राहकों के लिए किराए में छूट प्रदान करनी होगी और प्रीपेड ग्राहकों के लिए वैलिडिटी बढ़ानी होगी। ट्राई ने कहा, "यदि कोई नेटवर्क आउटेज 24 घंटे से अधिक समय तक जारी रहता है, तो सर्विस प्रोवाइडर को अगले बिलिंग साइकिल में प्रभावित जिले में रजिस्टर्ड पोस्टपेड ग्राहकों को सर्विस आउटेज के वास्तविक दिनों की संख्या के लिए सब्सक्राइब्ड टैरिफ प्लान के अनुसार प्रपोशनल किराए में छूट प्रदान करनी होगी।" रेगुलेटर एक कैलेंडर दिन में 12 घंटे से अधिक नेटवर्क आउटेज अवधि को किराए में छूट या वैलिडिटी बढ़ाने के लिए एक पूरे दिन के रूप में गिनेगा। नए नियमों में कहा गया है, "पोस्टपेड ग्राहक को किराए में छूट या प्रीपेड ग्राहक को वैलिडिटी एक्सटेंशन, खराबी के सुधार में देरी या 24 घंटे से अधिक के नेटवर्क आउटेज के कारण, जैसा भी लागू हो, नेटवर्क आउटेज के सुधारने के एक सप्ताह के भीतर किया जाना चाहिए।" हालांकि, प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाली रुकावटों को वैलिडिटी एक्सटेंशन के लिए नहीं माना जाएगा। इतनी ही नहीं, फिक्स्ड लाइन सर्विस प्रोवाइडर्स को भी पोस्टपेड और प्रीपेड ग्राहकों को मुआवजा देना होगा, अगर उनके नेटवर्क या सर्विस में खराबी तीन दिनों के बाद ठीक हो जाती है। नए नियम के अनुसार ब्रॉडबैंड सर्विस प्रोवाइडर्स को ग्राहकों द्वारा भुगतान किए जाने के 7 दिनों के भीतर 98 प्रतिशत कनेक्शन एक्टिवेट करने होंगे। छह महीने बाद लागू होंगे नए नियम मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर्स को अपनी वेबसाइट पर सर्विस वाइज (2G, 3G, 4G, 5G) जियोग्राफिकल कवरेज मैप उपलब्ध कराने होंगे, जिससे यूजर्स को मदद मिलेगी। ट्राई के नए नियम छह महीने बाद लागू होंगे। recent visitors 91

EPFO के 7 करोड़ यूजर्स के लिए प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए एसओपी वर्जन 3.0 की मंजूरी दे दी

मुंबई कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों के PF अकाउंट को लेकर नया नियम पेश किया है. यह बदलाव सभी पीएफ खाताधारकों के लिए है. अगर आप भी एक पीएफ अकाउंट होल्‍डर्स हैं तो आपके लिए ये नियम पेश किया गया है. ईपीएफओ ने पीएफ अकाउंट्स में उनके विवरण को सही करने, अपडेट करने के लिए कुछ नए नियम पेश किए हैं. आइए जानते हैं EPFO की तरफ से किस नियम को पेश किया गया है? EPFO ने पर्सनल जानकारी जैसे नाम, डेट ऑफ बर्थ को सही करने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) गाइडलाइन जारी किया है. जिसके तहत सदस्‍यों के प्रोफाइल को अपडेट करने के लिए एसओपी वर्जन 3.0 की मंजूरी दे दी गई है. अब इस नए नियम के बाद UAN प्रोफाइल में अपडेट या सुधार के लिए दस्‍तावेज देने होंगे. साथ ही डिक्‍लेयरेशन देकर आवेदन कर सकते हैं. ईपीएफओ ने अपने गाइडलाइन में कहा कि अक्‍सर देखा जाता है कि कई तरह की गलतियां होती हैं, जिसे सुधारने के लिए लोगों को बड़ी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. यह परेशानी डेटा अपडेट नहीं होने के कारण होता है. ऐसे में ये गाइडलाइन पेश की गई है. दो कैटेगरी में होंगे बदलाव नए गाइडलाइन के मुताबिक, नए निर्देश के तहत ईपीएफओ ने प्रोफाइल में होने वाले बदलावों को मेजर और माइनर श्रेणियों में बांटा है. माइनर बदलावों को संयुक्त घोषणा रिक्वेस्ट के साथ कम से कम दो जरूरी दस्तावेज पेश करने होंगे. वहीं बड़े यानी मेजर सुधार के लिए कम से कम तीन आवश्यक दस्तावेज सबमिट करने होंगे. इसमें फील्ड कार्यालयों को सदस्यों की प्रोफाइल को अपडेट करने में ज्यादा सावधानी बरतने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी ना हो सके. दूसरी ओर, बड़े बदलावों के लिए कम से कम तीन जरूरी दस्तावेज देने होंगे. यह ध्यान रखना जरूरी है कि आधार से जुड़े बदलावों के मामले में, आधार कार्ड या एक्टिव मोबाइल नंबर से जुड़ा ई-आधार कार्ड सहायक दस्तावेज के तौर पर काफी होगा. किस बदलाव के लिए कितने दस्‍तावेज       छोटे बदलाव के लिए दस्तावेजों की सूची में से कम से कम दो दस्तावेजों की आवश्यकता है.     बड़े बदलाव के लिए दस्तावेजों की सूची में से कम से कम तीन दस्तावेज की आवश्यकता है. बता दें ईपीएफ सदस्‍यों के पास सदस्‍य ई-सर्विस पोर्टल के माध्‍यम से सुधार के लिए संयुक्‍त डिक्‍लेयरेशन पेश करने का विकल्‍प है. यह ध्‍यान रखना महत्‍वपूर्ण है कि सुधार केवल वर्तमान नियोक्‍ता की ओर से मैनेज किए जा रहे ईपीएफ अकाउंट से संबंधित डेटा में ही किए जा सकते हैं. नियोक्ताओं के पास पिछले या अन्य प्रतिष्ठानों के ईपीएफ खातों में कोई भी बदलाव करने का अधिकार नहीं है. ईपीएफओ ने कहा कि सदस्य को अपने रजिस्‍टर्ड पोर्टल लॉगिन से जेडी आवेदन जमा करने की जिम्मेदारी होगी.   recent visitors 219

दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी Intel छंटनी करने पर मजबूर हुई , 15 फीसदी कर्मचारियों की जाने वाली है नौकरी

नई दिल्ली  दिग्गज कंपनी इंटेल ने कहा है कि वो कर्मचारियों की छंटनी के साथ-साथ डिविडेंड पर रोक लगा दिया है। इस खबर ने निवेशकों को झटका लगा। जिसकी वजह से इंटेल के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। इंटेल ने बताया है कि वो अपने कर्मचारियों की संख्या के 15% से अधिक, लगभग 17,500 लोगों में कटौती करेगा, और अपने पैसे खोने वाले मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस पर केंद्रित करेगा। बदलाव इस की योजनाओं के बीच चौथी तिमाही में शुरू होने वाले अपने डिविडेंड को निलंबित कर दिया है। 20% लुढ़का शेयर चिपमेकर द्वारा नौकरी में कटौती और अपने डिविडेंड के निलंबन की घोषणा के बाद, इंटेल शेयर की कीमत विस्तारित व्यापार में 20% गिर गई, बाजार मूल्य में $ 24 बिलियन से अधिक का नुकसान हुआ। इंटेल का शेयर गुरुवार को 7% की गिरावट के साथ बंद हुआ था। 2024 के अंत तो हो जाएगी कटौती सांता क्लारा, कैलिफोर्निया स्थित कंपनी ने 29 जून तक 1,16,500 लोगों को रोजगार दिया था। इसने कहा कि अधिकांश नौकरी में कटौती 2024 के अंत तक पूरी हो जाएगी। रॉयटर्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने कहा कि वह ऑपरेटिंग खर्चों में कटौती करेगी और 2025 में पूंजीगत व्यय को 10 बिलियन डॉलर से अधिक कम कर देगी, जो शुरू में योजना से अधिक थी। इस साल 40% से अधिक टूट चुका है शेयर यह बाजार के अनुमान से नीचे तीसरी तिमाही के राजस्व का भी अनुमान लगाता है। एलएसईजी के आंकड़ों से पता चला है कि तीसरी तिमाही के लिए, इंटेल को विश्लेषकों के 14.35 अरब डॉलर के औसत अनुमान की तुलना में 12.5 अरब डॉलर से 13.5 अरब डॉलर के राजस्व की उम्मीद है। यह 38% के समायोजित ग्रॉस मार्जिन का अनुमान लगाता है, जो 45.7% की बाजार अपेक्षाओं से कम है। 29 जून तक, कंपनी के पास 11.29 बिलियन डॉलर की नकदी और नकद समकक्ष थे, और लगभग 32 बिलियन डॉलर की कुल वर्तमान देनदारियां थीं। इंटेल के शेयर इस साल अब तक 40% से ज्यादा गिर चुके हैं। recent visitors 101

मार्केट में आय भूचाल, सेंसेक्स और निफ्टी में आज 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली, गिरावट के साथ बंद

नई दिल्ली। शेयर बाजार सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ है। सेंसेक्स और निफ्टी में आज 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स 885.60 अंक या फिर 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,981.95 पर बंद हुआ है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 आज 1.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21,717.70 पर बंद हुआ है। एचडीएफसी, सनफार्मा, कोटक बैंक, नेस्ले इंडिया और एशियन पेंट्स को छोड़कर सही 26 स्टॉक सेंसेक्स में लाल निशान पर बंद हुए हैं। शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन को भारी गिरावट का सिलसिला जारी है। 3 बजे निफ्टी 50 एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। वहीं, सेंसेक्स 985.82 अंकों की गिरावट के साथ 80,881.73 पर ट्रेड कर रहा था। शेयर मार्केट में भारी गिरावट के बीच जहां एचडीएफसी बैंक, हिन्दुस्तान यूनीलीवर, एशियन पेंट्स, आईटीसी और कोटक बैंक हरे निशान पर हैं। वहीं, टाटा मोटर्स और मारुति सेंसेक्स टॉप लूजर हैं। इनमें क्रमश: 3.34 और 3.19 पर्सेंट की गिरावट है। इनके अलावा जेएसडब्ल्यू स्टील, अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। नुकसान वाले शेयरों में सन फार्मा, इन्फोसिस, टीसीएस, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड भी है। सेंसेक्स 800 से अधिक अंको का गोता लगाकर दिन के निचले स्तर 81084 पर आ गया था। आज सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 2 अगस्त को कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह से आज शेयर मार्केट भारी गिरावट के साथ खुला। बीएसई सेंसेक्स 708 अंकों का गोता लगाकर 81158 के लेवल पर खुला। जबकि, निफ्टी 221 अंक लुढ़क कर 24789 पर। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स पर सभी स्टॉक्स लाल निशान पर थे। घरेलू शेयर मार्केट में गिरावट के प्रबल आसार हैं। क्योंकि, गिफ्ट निफ्टी 24,820 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 215 अंक नीचे है, जो भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। वहीं, एशियाई बाजारों में गिरावट का कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी नुकसान के साथ बंद हुए। इससे पहले गुरुवार को भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स नए क्लोजिंग हाई पर बंद हुए। सेंसेक्स 126.21 अंक या 0.15 फीसद बढ़कर 81,867.55 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 59.75 अंक या 0.24 फीसद बढ़कर 25,010.90 पर बंद हुआ। एशियाई बाजार: जापान का निक्केई 225 लगभग 5 फीसद गिर गया, जबकि टॉपिक्स 5 फीसद से टूटा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.6 फीसद और कोस्डैक 2.56 फीसद गिरा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम शुरुआत का संकेत दिया। वॉल स्ट्रीट का हाल: अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को तेजी से गिरावट के साथ बंद हुआ। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने 494.82 अंक या 1.21 फीसद का गोता लगाकर 40,347.97 पर बंद हुआ। जबकि एसएंडपी 500 75.62 अंक या 1.37 फीसद गिरकर 5,446.68 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट ने 405.25 अंक या 2.30 फीसद लुढ़क कर 17,194.15 पर बंद हुआ। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने गुरुवार को मार्च 2020 के बाद से अपनी पहली ब्याज दर में कटौती की। BoE ने अगस्त 2023 के बाद से आयोजित 16 साल के उच्च स्तर 5.25 फीसद से ब्याज दरों को 25 आधार अंकों (bps) से घटाकर 5 फीसद कर दिया। recent visitors 103

शेयर मार्केट में भारी गिरावट, सेंसेक्स 708 अंक लुढ़का

मुंबई शेयर मार्केट में भारी गिरावट के बीच जहां एचडीएफसी बैंक, हिन्दुस्तान यूनीलीवर, एशियन पेंट्स, आईटीसी और कोटक बैंक हरे निशान पर हैं। वहीं, टाटा मोटर्स और मारुति सेंसेक्स टॉप लूजर हैं। इनमें क्रमश: 3.34 और 3.19 पर्सेंट की गिरावट है। इनके अलावा जेएसडब्ल्यू स्टील, अडानी पोर्ट्स, एलएंडटी में 2 फीसद से अधिक की गिरावट है। नुकसान वाले शेयरों में सन फार्मा, इन्फोसिस, टीसीएस, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड भी है। सेंसेक्स 800 से अधिक अंको का गोता लगाकर दिन के निचले स्तर 81084 पर आ गया था। आज सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 2 अगस्त को कमजोर ग्लोबल संकेतों की वजह से आज शेयर मार्केट भारी गिरावट के साथ खुला। बीएसई सेंसेक्स 708 अंकों का गोता लगाकर 81158 के लेवल पर खुला। जबकि, निफ्टी 221 अंक लुढ़क कर 24789 पर। प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स पर सभी स्टॉक्स लाल निशान पर थे। घरेलू शेयर मार्केट में गिरावट के प्रबल आसार हैं। क्योंकि, गिफ्ट निफ्टी 24,820 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 215 अंक नीचे है, जो भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। वहीं, एशियाई बाजारों में गिरावट का कारोबार हुआ, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी नुकसान के साथ बंद हुए। इससे पहले गुरुवार को भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स नए क्लोजिंग हाई पर बंद हुए। सेंसेक्स 126.21 अंक या 0.15 फीसद बढ़कर 81,867.55 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 59.75 अंक या 0.24 फीसद बढ़कर 25,010.90 पर बंद हुआ। सुबह के शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्‍स के टॉप 30 शेयरों में से 3 शेयरों में तेजी देखी जा रही है. बाकी के 27 शेयर लाल निशान  पर कारोबार कर रहे हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट टाटा मोटर्स में 3.30 प्रतिशत, टाटा स्‍टील में 3 फीसदी, मारुति सुजुकी में 2.85 प्रतिशत, JSW Steel में 2 फीसदी, एल एंड टी में करीब 2 प्रतिशत और ICICI बैंक में 1.38 प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है. कल क्‍यों गिरा अमेर‍िकी बाजार? शुक्रवार को सेंसेक्‍स, निफ्टी के अलावा, बैंक निफ्टी और अन्‍य सभी इंडेक्‍स लाला निशान पर थे. इसका सबसे बड़ा कारण कल अमेरिकी बाजार में आई बड़ी गिरावट माना जा रहा है. ग्‍लोबल मार्केट में गिरावट मंदी की आशंका के कारण हुआ है, क्‍योंकि अमेरिका में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग PMI उम्‍मीद से ज्‍यादा गिरा है और बेरोजगारों की संख्‍या में भी भारी बढ़ोतरी हुई है. इन पांच शेयरों में भारी गिरावट Cummins India के शेयर 7 फीसदी टूटकर 3,571 रुपये पर है. आदित्‍य बिरला कैप में 3.74 प्रतिशत की गिरावट आई है. Tata Motors, वेदांता, टाटा स्‍टील, HAL और ONGC के शेयरों में 3 फीसदी से ज्‍यादा कमी आई है. 73 स्‍टॉक में लोअर सर्किट एनएसई पर 2,414 शेयरों में से सिर्फ 493 शेयर ही हरे निशान पर हैं, जबकि 1,874 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. इसके अलावा, 47 स्‍टॉक अनचेंज हैं. 78 स्टॉक 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 28 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर पहुंच गए हैं. वहीं 49 स्‍टॉक अपर सर्किट और 73 स्‍टॉक में लोअर सर्किट लगा है. recent visitors 107

Gautam Adani मिर्जापुर में 14000 करोड़ का प्‍लांट लगा रहे, आसमान पर प्रॉपर्टी के रेट

मिर्जापुर अडानी की कंपनी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक बड़ा प्‍लांट बना रही है.  यह 1600 मेगावाट (2×800 मेगावाट) का ग्रीनफील्ड अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट है. कंपनी की रणनीति के तहत यह थर्मल पावर, उसकी क्षमता को 30 MW तक बढ़ा देगी. इस प्‍लांट के बन जाने के बाद बड़े स्‍तर पर पावर सप्‍लाई की संभावना होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस यूनिट का निर्माण Adani Power की सहायक कंपनी मिर्जापुर थर्मल एनर्जी (UP) प्राइवेट लिमिटेड (MTEUPL) द्वारा किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, गौतम अडानी की कंपनी अडानी पावर ( Adani Power ) 2030 तक अपने थर्मल पोर्टफोलियो को 15.25 गीगावाट से बढ़ाकर 30.67 गीगावाट करने की योजना बना रही है. अडानी पावर प्‍लांंट के लिए इतने करोड़ होंगे खर्च   रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी द्वारा इस प्रोजेक्‍ट पर लगभग 14,000 करोड़ रुपये खर्च किये जाने की उम्मीद है. इस बीच, अडानी पावर लिमिटेड के शेयर ( Adani Power Share ) आज गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. आखिरी बार जांच करने पर पता चला कि शेयर 2.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 718.75 रुपये पर था. हालांकि, साल-दर-साल (YTD) आधार पर इसमें 36.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. प्‍लांट के लिए मिर्जापुर में पर्याप्‍त जमीन अडानी पावर (Adani Power) ने  एक बयान में कहा कि MTEUPL के पास उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बड़े पैमाने पर थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि है. कंपनी ने आगे कहा कि "सुपरक्रिटिकल, एनर्जी प्‍लांट की क्षमता बढ़ती रहेगी, संशोधित क्षमता बढ़ोतरी अनुमान 80 गीगावाट+ है. रायपुर में भी बन रहा 1600 मेगावाट का प्‍लांट अडानी पावर ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 1600 मेगावाट (2X800 मेगावाट) की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर विस्तार परियोजना का विकास भी शुरू किया है, जहां 1,370 मेगावाट का प्‍लांट पहले से ही मौजूद है.       recent visitors 115

गौतम अडानी के पोर्ट-टू-पावर समूह की प्रमुख कंपनी का नेट प्रॉफिट 116% बढ़कर ₹1,454 करोड़ हो गया

नई दिल्ली अडानी एंटरप्राइजेज ने आज वित्तीय वर्ष 2024-25 (Q1FY25) के लिए अपने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजों की घोषणा की। जून तिमाही में अरबपति गौतम अडानी के पोर्ट-टू-पावर समूह की प्रमुख कंपनी का नेट प्रॉफिट 116% बढ़कर ₹1,454 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 674 करोड़ रुपये था। वहीं, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 13 प्रतिशत बढ़ गया और यह ₹25,472 करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹22,644 करोड़ था। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर आज करीबन 2% तक चढ़कर 3,225.10 रुपये पर बंद हुए हैं। इस कारोबार को अलग करेगी कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एफएमसीजी कारोबार के डी-मर्जर प्लान को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अडानी कमोडिटीज एलएलपी को अडानी विल्मर के कारोबार से अलग किया जाएगा। बता दें कि अडानी कमोडिटीज खाद्य तेल और अन्य संबद्ध वस्तुओं का कारोबार और सप्लाई करती है। वहीं, अडानी विल्मर खाद्य तेल और इससे जुड़े कारोबार पर फोकस कर रही है। अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर आज 2% के करीब चढ़कर 3,225.10 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के शेयर पिछले पांच दिन में 8% और इस साल YTD में अब तक 10% चढ़ा है। सालभर में इसमें 30% की तेजी आई है। पिछले पांच साल में अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 128 रुपये से बढ़कर वर्तमान प्राइस 3,225.10 रुपये तक पहुंच गया है। यानी इस दौरान इसमें 2500% तक की तेजी देखी गई है। कंपनी का 52 वीक का हाई प्राइस 3,743 रुपये और 52 वीक का लो प्राइस 2,142.30 रुपये है। अडानी एंटरप्राइजेज का आज मार्केट कैप 3,66,937.86 करोड़ रुपये रहा। recent visitors 266

इंफोसिस की बढ़ी मुश्किल, 32000 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी मामले में GST इंटेलिजेंस ने जारी की नोटिस

मुंबई देश की सबसे बड़ी आईडी कंपनियों में से एक इंफोसिस (Infosys) एक बार फिर से चर्चा में है. कंपनी पर टैक्स चोरी का आरोप लगा है. कंपनी पर 32000 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप लगा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 32 हजार करोड़ की जीएसटी टैक्स चोरी मामले में इंफोसिस जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय के जांच के दायरे में आ गई है.   जुलाई 2017 से 2021-2022 तक टैक्स मामले में जीएसटी इंटेलिजेंस की ओर से ये जांच की जा रही है. दस्तावेजों के मुताबिक इंपोर्ट सर्विसेस के IGST नॉन पेमेंट की जांच की जा रही है. इंफोसिस सर्विसेस के प्राप्तकर्ता के रूप में सेवाओं के इंपोर्ट पर आईजीएसटी का भुगतान नहीं करने की वजह से इंफोसिस जांच के दायरे में आई है. इंफोसिस पर क्यों हो रही जांच   DGGI के मुताबिक इंफोसिस कंपनी कस्टमर्स के साथ सर्विस क्लाइंट्स के लिए ओवरसीज ब्रांचेस खोलती हैं. कंपनी के उन ब्रांचेस को आईजीएसटी अधिनियम के तहत विशिष्ट व्यक्ति के तौर पर गिना जाता है. इस तरह के ओवरसीज ब्रांच ऑफिस से सप्लाई के बदले कंपनी को ओवरसीज ब्रांच एक्सपेंडिचर के रूप में ब्रांच ऑफिस को पेमेंट किया है. यानी इंफोसिस को देश के बाहर अपने ब्रांचेज से प्राप्त सप्लाई पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत जीएसटी का भुगतान करना है. इस मामले पर अभी तक इंफोसिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.  हालांकि ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले  ओडिशा जीएसटी अथॉरिटी ने इंफोसिस पर अयोग्य इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए 1.46 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था.   इंफोसिस को जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय से ₹32,000 करोड़ से अधिक की कथित कर चोरी के लिए नोटिस मिला है। नोटिस में कहा गया है कि इंफोसिस 2017-18 (जुलाई 2017 से आगे) से 2021-22 की अवधि के लिए भारत के बाहर स्थित शाखाओं से प्राप्त आपूर्ति पर रिवर्स चार्ज तंत्र के तहत आईजीएसटी का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। इंफोसिस को डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस की तरफ से 32 हजार करोड़ रुपये की डिमांड मिली है। डीजीजीआई का दावा है कि इंफोसिस ने 32,403 करोड़ रुपये की टैक्स नहीं चुकाया है। डीजीजीआई ने इस बारे में 30 जुलाई को कंपनी को रिपोर्ट जारी की है> जीएसटी टैक्स डिमांड जुलाई 2017 से 2021-22 के बीच की है. डीजीजीआई के बैंग्लुरू जोन ने आरोप लगाया है कि इंफोसिस ने अपनी विदेशी शाखाओं से सेवाएं प्राप्त की हैं लेकिन उन पर टैक्स का भुगतान नहीं किया है। recent visitors 119

महंगे मोबाइल टैरिफ से मिलेगी जल्द राहत, ट्राई ने किया साफ- फिर से आएगा बिना डेटा वाला सस्ता प्लान

मुंबई महंगे मोबाइल टैरिफ से परेशान आम ग्राहकों को जल्द राहत मिल सकती है. इसके लिए दूरसंचार नियामक ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को एक प्रस्ताव दिया है. कंपनियों से कहा गया है कि वे ग्राहकों के लिए बिना डेटा वाला यानी सिर्फ वॉयस और एसएमएस वाला पैक लॉन्च करें. अगर ऐसा होता है तो ग्राहकों के ऊपर रिचार्ज का बोझ कम हो जाएगा. ट्राई ने इन बातों को बनाया आधार भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शुक्रवार को कहा- ऐसा देखा गया है कि बाजार में उपलब्ध टैरिफ ऑफर मुख्य रूप से बंडल में आ रहे हैं, जिनमें डेटा, वॉयस, एसएमएस और ओटीटी सर्विसेज शामिल होती हैं. ये बंडल ऑफर बड़ी संख्या में सब्सक्राइबर की जरूरतों को पूरा नहीं करते हैं, क्योंकि सभी सब्सक्राइबर सारी सेवाओं का इस्तेमाल नहीं करते हैं. ऐसे में उनक बीच धारणा बनती है कि वे जिन सेवाओं का इस्तेमाल नहीं करते, उनके लिए भी उन्हें भुगतान करना पड़ रहा है. बिना यूज किए कर रहे हैं भुगतान दरअसल आज भी बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल यूजर हैं, जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं. बेसिक फोन चलाने वाले यूजर न तो ओटीटी सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं और न ही उन्हें डेटा की जरूरत होती है. स्मार्टफोन चलाने वाले यूजर भी बंडल ऑफर में आने वाले कम ही ओटीटी का इस्तेमाल कर पाते हैं. चूंकि उनके पास और कोई विकल्प नहीं रहता है, जिसके चलते उन्हें बंडल ऑफर वाला प्लान की चुनना पड़ता है. ऐसे यूजर्स को हो सकता है लाभ अभी तीनों प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां मोबाइल यूजर्स को मुख्य रूप से बंडल प्लान ऑफर कर रही हैं. सबसे सस्ते प्लान में भी कंपनियों की ओर से डेटा दिया जा रहा है. ऐसे में डेटा का इस्तेमाल नहीं करने वाले यानी बेसिक फोन चलाने वाले यूजर्स को प्लान महंगा पड़ता है और बिना यूज किए भी डेटा के लिए भुगतान करना पड़ जाता है. ट्राई के प्रस्ताव पर अमल होने से ऐसे यूजर्स को बड़ा फायदा होने वाला है. डिजिटल दौर में आएंगे पुराने वाउचर? ट्राई ने अपने प्रस्ताव में टेलीकॉम कंपनियों को याद दिलाया है कि कुछ साल पहले तक कैसे बाजार में अलग-अलग सेवाओं के लिए रिचार्ज प्लान मिला करते थे. बकौल ट्राई- पहले टेलीकॉम कंपनियां अलग रंगों में वाउचर लाती थीं. जैसे टॉप अप के लिए हरे रंग में और कॉम्बो प्लान के लिए नीले रंग में वाउचर आते थे. अब डिजिटल हो जाने से वाउचर चलन से बाहर हो गए हैं. ट्राई ने कंपनियों से पूछा है कि क्या डिजिटल दौर में कंपनियां रंगों के हिसाब से प्लान ऑफर कर सकती हैं. 16 अगस्त तक दे सकते हैं सुझाव ट्राई ने प्रस्तावों के साथ कंसल्टेशन पेपर जारी किया है. नियामक ने सभी संबंधित पक्षों को प्रस्तावों पर सुझाव देने के लिए कहा है. ट्राई के प्रस्तावों पर 16 अगस्त तक सजेशन और 23 अगस्त तक काउंटर सजेशन दिए जा सकते हैं. सुझाव मिलने के बाद ट्राई इन प्रस्तावों को अमल में लाने की दिशा में आगे बढ़ेगा. recent visitors 119

निफ्टी 25000 के पार, कोल इंडिया समेत 10 शेयर तूफानी रफ्तार से भागे

मुंबई आज से अगस्त का महीना शुरू हो गया है और महीने के पहले दिन शेयर बाजार (Stock Market) जोरदार तेजी के साथ ओपन हुआ. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) ने फिर से नया हाई लेवल छुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty-50) इतिहास रचते हुए पहली बार 25,000 के आंकड़े के पार निकल गया. बाजार में इस तेजी के बीच मारुति सुजूकी, हिंडाल्को और कोल इंडिया समेत 10 शेयर तूफानी रफ्तार से भागते हुए नजर आए. नए शिखर पर पहुंचा सेंसेक्स सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शेयर बाजार (Share Market) की शुरुआत शानदार तरीके से हुई. BSE Sensex अपने पिछले बंद 81,741 की तुलना में 236 अंक की बढ़त के साथ 81,977 के लेवल पर कारोबार शुरू किया और कुछ ही मिनटों में ये 379.88 अंक की जोरदार उछाल के साथ 82,121.22 के नए ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया. Nifty ने तोड़े सारे रिकॉर्ड सेंसेक्स की तरह ही एनएसई का निफ्टी (NSE Nifty) भी रॉकेट की रफ्तार से भागता नजर आ रहा है. सुबह 9.15 बजे पर निफ्टी अपने पिछले बंद 24951.15 के लेवल से चढ़कर 25,030.95 के लेवल पर ओपन हुआ. शेयर बाजार के इतिहास में ये पहली बार है, जबकि Nifty-50 ने 25,000 का आंकड़ा पार किया है.   1844 शेयर तेजी के साथ खुले स्टॉक मार्केट ओपन होने के साथ ही 1844 शेयरों ने जबर्दस्त तेजी के साथ हरे निशान पर कारोबार शुरू किया, तो वहीं 551 शेयर ऐसे थे जो गिरावट के साथ ओपन हुए. इसके अलावा 134 शेयरों की स्थिति में कोई चेंज देखने को नहीं मिला. निफ्टी पर Maruti Suzuki, Hindalco, JSW Steel, Coal India और ONGC सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल थे. तो वहीं दूसरी ओर Hero MotoCorp, UltraTech Cement, Infosys, Sun Pharma और Asian Paints के शेयर लाल निशान पर खुले. ये 10 शेयर सबसे ज्यादा भागे गुरुवार को मार्केट ओपन होने के साथ सबसे ज्यादा भागने वाले शेयरों का जिक्र करें, तो Maruti Share (3.26%), PowerGrid Share (2.40%), JSW Steel Share (2%) और Tata Steel Share 1.50% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल Oil India Share 5.29%, NAM-Inadi 3.53%, Mahindra Finance 2.33% की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था. वहीं बात करें स्मालकैप कंपनियों की, तो इनमें शामिल FSL Share 11.27%, IFBIndia Share 7.90% और SIS Share 6.86% चढ़कर बाजार में धमाल मचा रहा था. recent visitors 143