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पेड़ के प्रति ग्रामीणों की गहरी आस्था, राजस्थान-अजमेर के गांव में नीम का पेड़ काटने पर जुर्माना

अजमेर. राजस्थान के अजमेर जिले के पदमपुरा गांव में पीढ़ियों से नीम का पेड़ नहीं काटने या किसी तरह का नुकसान न पहुंचाने की परंपरा चली आ रही है। मान्यताओं के मुताबिक, नीम का पेड़ भगवान विष्णु के रूप देवनारायण से जुड़ा है, गांव में अधिकतर आबादी गुर्जर समाज के लोग की है और गुर्जर समाज के लोगों के इष्ट देव भगवान देवनारायण है। यही वजह है कि गांव वाले नीम के पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। नीम के पेड़ों के प्रति लोगों में गहरी आस्था है। इसी वजह से नीम के पेड़ काटने या किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने वाले पर जुर्माना लगाया जाता है। नीम की टहनियां या पत्तियों में औषधीय गुण होते हैं । इस लिहाज से उन्हें जरूरत के मुताबिक तोड़ा जा सकता है, लेकिन बकरियों को खिलाने या मनोरंजन के लिए तोड़ना पूरी तरह मना है। पीढ़ियों से नीम काटना माना जाता है अपराध अजमेर जिले के इस गांव पदमपुरा के ग्रामीण पिछले सात शताब्दियों से नीम के पेड़ों को संरक्षित कर रहे हैं, इतना कि पेड़ों को काटना उनके लिए अपराध माना जाता है। पदमपुरा गांव वृक्ष प्रेमियों और पर्यावरण के लिए काम करने वालों के लिए एक रोशनी की किरण है। अजमेर के इस गांव में नीम के पेड़ों को काटना पीढ़ियों से अपराध माना जाता रहा है। इस गांव का हर व्यक्ति नीम को पवित्र मानता है और इसकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नीम वाला गांव के नाम से है पहचान अजमेर से 18 किलोमीटर दूर अरावली पहाड़ियों की गोद में बसा पदमपुरा गांव 705 साल पुराना इतिहास समेटे हुए है। पहाड़ी की तलहटी में बसे इस गांव में एक छोटा सा किला है जो इसके प्राचीन इतिहास का गवाह है। लोग इसे 'नीम वाला गांव' के नाम से भी जानते हैं जो गांव में लगे हजारों नीम के पेड़ों के प्रति स्थानीय लोगों के प्रेम को अमर करता है। पदमपुरा गांव में नीम के पेड़ को काटना तो दूर उसकी टहनी तोड़ना भी अपराध माना जाता है। करीब 1200 लोगों से अधिक की आबादी वाले पदमपुरा गांव में नीम का पेड़ सिर्फ आस्था का हिस्सा ही नहीं बल्कि पूर्वजों से मिली विरासत भी है, जिसे यहां उतनी ही शिद्दत से सहेज कर रखा गया है। ऐसा नहीं है कि यहां नीम के अलावा कोई पेड़ नहीं है, लेकिन इस गांव और यहां रहने वाले लोगों के लिए नीम का पेड़ भगवान है। जब पदम सिंह ने गांव बसाया तो ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि नीम के पेड़ को कभी नहीं काटा जाएगा और यह कानून बन गया। गांव में ज्यादातर आबादी गुर्जर समुदाय की है। गुर्जर समुदाय के देवता देवनारायण हैं, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। गुर्जर ने ऐसे समय में नीम के पेड़ों के संरक्षण के लिए ग्रामीणों के प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया, जब पर्यावरण तेजी से खराब हो रहा है। चौपाल लगाकर दिया जाता है दंड गांव के रहने वाले जसराज गुर्जर बताते है कि बचपन से ही वे अपने बुजुर्गों से सुनते आए हैं कि नीम को नारायण का रूप माना जाता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी किसी को पेड़ काटते नहीं देखा, इसकी टहनी तो दूर की बात है। अगर किसी के घर या रास्ते में नीम का पेड़ बाधा बनता है तो गांव के लोग चौपाल पर एकत्र होकर निर्णय लेते हैं और संबंधित व्यक्ति से मंदिर में दान करने और पक्षियों व कबूतरों को दाना डालने के लिए कहा जाता है। गांव में खेती के साथ-साथ लोग पशुपालन भी करते हैं और ज्यादातर लोग बकरी पालन करते हैं। गांव के लिए वरदान है नीम का पेड़ जसराज गुर्जर ने कहा कि नीम के पेड़ गांव के लिए वरदान हैं क्योंकि इससे गांव का वातावरण स्वच्छ रहता है और लोग स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने कहा, कोरोना काल में भी गांव का एक भी व्यक्ति बीमारी से ग्रस्त नहीं हुआ। वहीं गांव के बुजुर्ग बताते है कि नीम के पेड़ से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि गांव में 15 हजार से ज्यादा नीम के पेड़ हैं। गांव में नीम के पेड़ ज्यादा होने की वजह से गर्मी के दिनों में गांव का तापमान बाकी जगहों से कम रहता है। गांव में जब बिजली चली जाती है तो लोग नीम की ठंडी छांव में समय बिताते हैं। गांव के बुजुर्ग ने बताया कि 700 साल पहले बुजुर्गों ने नीम की रक्षा और संरक्षण का फैसला लिया था और पीढ़ी दर पीढ़ी वे इसका पालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर कोई चुपके से नीम की एक टहनी भी तोड़ देता है और इसकी जानकारी नहीं देता है तो देवनारायण खुद उसे सजा देते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 128

बिना कारण कार्रवाई से ग्रामीण आगबबूला, राजस्थान-दौसा में आबकारी अधिकारी ने ठेले वाले को पकड़ा

दौसा. मामला बीते देर शाम का है, जब आबकारी अधिकारी घनश्याम वैष्णव कार्रवाई करने के लिए अलूदा क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां घनश्याम वैष्णव की मानें तो उन्हें सूचना मिली थी कि आलूदा गांव में अंडे का ठेला लगाने वाला रोशन अपने ठेले पर शराब बेचता है। जिसकी कार्रवाई के लिए मौके पर जाकर पूछताछ के लिए उन्होंने रोशन को गाड़ी में बिठाया था। रोशन को जैसे ही गाड़ी में घनश्याम वैष्णव ने बिठाया वहां मौके पर मौजूद लोगों का हुजूम रोशन के पक्ष में उमड़ पड़ा। इधर मामला गरमाते देख मौके पर पापडदा थाना पुलिस को भी बुलाया गया। उसके बाद भी काफी देर तक बहसबाजी चलती रही। फिर दोनों को थाने पर ले जाकर रात 10:30 बजे के आसपास दोनों पक्षों को समझाइश कर मामला शांत करवाया गया। आबकारी विभाग वैसे तो हर जगह चर्चाओं में रहता है, लेकिन अबकी बार दौसा जिला आबकारी विभाग इसलिए भी खास चर्चाओं में बना हुआ है, क्योंकि यहां के जिला आबकारी अधिकारी कैलाश प्रजापत को एंटी करप्शन ब्यूरो की जयपुर टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आलूदा के पूर्व सरपंच जुगल किशोर की मानें तो आबकारी सीआई घनश्याम वैष्णव का इस तरह बीते कल निर्दोष आदमी को उठाकर आबकारी की गाड़ी में बैठाना गलत था। उधर, इस मामले में पीड़ित रोशन बिलोनिया ने बताया कि वह ना तो शराब पीता है और ना शराब का धंधा करता है, लेकिन बीते कल घनश्याम वैष्णव आबकारी अधिकारी ने उसे शराब बेचने का आरोप लगाते हुए उसे जबरदस्ती आबकारी विभाग की गाड़ी में बिठा लिया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 46

सरकारी स्कूल में डमी शिक्षकों से अध्यापन पर होगी बर्खास्तगी, दर्ज होगी एफआईआर

जयपुर  राजस्थान हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग से लिए एक बेहद चौंकाने वाला आदेश जारी किया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की फोटो लगाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा हुआ तो पूरे देश में पहली बार होगा, जब टीचर की फोटो प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर टंगी हुई मिलेगी। ऐसा खास तरीका स्कैम से बचने के लिए किया जा रहा है।‌ बता दें कि राज्य में डमी टीचर से जुड़े दो बड़े मामले सामने आए थे, 70 से 90 हजार सरकारी पगार पाने वाले शिक्षक अपनी जगह पर महज 3 हजार देकर दूसरों को पढ़ाने के लिए भेज रहे थे। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के फोटो वाला तरीका ढूंढा है। डमी शिक्षक से जुड़े मामले में सरकार ने कार्रवाई करते हुए दोषी टीचरों से  2 करोड़ रुपए वसूल किए थे। घोटाले से जुड़े दंपत्ति ने 30 साल के करियर में अपनी जगह है दूसरे लोगों को पढ़ाने के लिए रखा था और खुद लाखों की सैलरी रखते थे। राजस्थान हाई कोर्ट ने जब मामले पर संज्ञान लिया तो उन्होंने शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए दिशा निर्देश जारी कर कहा-"स्कूलों में शिक्षकों के फोटो लगाया जाए ताकि बच्चे और उनके परिजन यह समझ सके असली टीचर कौन हैं। इसके अलावा हर महीने बिना तारीख बताएं संदिग्ध स्कूलों में रेड करें ताकि सच सामने आ सके।" HC ने सुझाव दिया कि जनता के लिए एक वेबसाइट बनाई जाए, जिस पर शिकायत लिखकर शिक्षा विभाग को भेजा जाए। बता दें कि ऐसे दिशा निर्देश को अगले सप्ताह से शिक्षा विभाग लागू करने जा रहा है। राजस्थान में  शिक्षकों की संख्या राजस्थान में करीब 65000 से भी ज्यादा सरकारी स्कूल है, जहां 60 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। 3 लाख से ज्यादा शिक्षक है। इसके अलावा संविदा पर काम करने वाले भी मौजूद है। सरकारी टीचर्स को तीन कैटेगरी में डिवाइड किया गया है। फर्स्ट ग्रेड,सेकंड ग्रेड और थर्ड ग्रेड शामिल है। इनमें एक सबसे निचली कैटगरी है, जिनमें प्रायमरी टीचर्स है।  राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की सरकारी स्कूलों में खुद के बजाए डमी शिक्षकों से अध्यापन कराने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मंशा जताते हुए मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग को जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाने के लिए कहा है. अदालत ने मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को कहा है कि वे इस संबंध में सभी संस्थाओं के प्रमुख व अफसरों को निर्देश जारी करें. ऐसे मामले की जांच में शिक्षक दोषी पाए जाएं तो उन्हें बर्खास्त और निलंबित करते हुए जरूरी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही डमी शिक्षक और अन्य दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए. जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश डमी शिक्षक मामले में बारां के राजपुरा ग्राम के प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका मंजू गर्ग की याचिका खारिज करते हुए दिए. अदालत ने की टिप्पणीः अदालत ने कहा कि सरकारी स्कूलों में डमी शिक्षकों की यह प्रथा शिक्षक के इस पेशे के लिए भी बड़ा प्रहार है. यह बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने से वंचित करती है. ऐसे में सरकारी स्कूलों में डमी शिक्षकों की मौजूदगी शर्मनाक है. इस पर अंकुश लगाना जरूरी है. हर छात्र के जीवन में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पौराणिक कथाओं में शिक्षक का महत्व भगवान से भी अधिक बताया गया है. शिक्षा प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसमें गुणवत्ता युक्त शिक्षा भी शामिल है. याचिका में याचिकाकर्ता ने शिक्षा विभाग के 22 दिसंबर 2023 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे निलंबित करते हुए उसका मुख्यालय बारां से बदलकर बीकानेर कर उसे चार्जशीट भी दे दी थी. याचिकाकर्ता पर आरोप है कि उसने खुद की जगह पढ़ाने के लिए डमी शिक्षक लगा रखा था. मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग को यह दिए निर्देश     प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों का नियमित आधार पर आकस्मिक निरीक्षण करने के लिए कमेटी का गठन किया जाए. इससे पता चल सके कि स्कूलों में वास्तविक शिक्षकों की जगह कहीं डमी शिक्षक तो नहीं पढ़ा रहे.     कोई डमी शिक्षक बच्चों को पढ़ाता हुआ मिला तो ऐसे गैर हाजिर शिक्षकों व डमी शिक्षकों को सुनवाई का मौका देते हुए उनके खिलाफ जांच की जाए. इसमें दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाए. वहीं, नियमानुसार राशि की रिकवरी भी की जाए.     स्कूलों में पढ़ाने के लिए नियुक्त किए गए शिक्षकों के फोटो भी लगाए जाएं, ताकि वास्तविक व डमी शिक्षकों की पहचान आसानी से हो सके.     सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों सहित प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों को परिपत्र जारी किए जाएं, जिससे यह सुनिश्चित हो कि उनके संस्थान में कोई डमी शिक्षक नहीं पढ़ा रहा. वहीं, ऐसा होने पर शिक्षकों के अलावा, प्रत्येक दोषी अधिकारी और स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ-साथ उस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, जिसके क्षेत्राधिकार में ऐसा हुआ है.     डमी शिक्षकों के खिलाफ आम जनता की ओर से शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक वेबसाइट व पोर्टल शुरू करें. इसमें प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व मुख्य कार्यकारी अधिकारी का विवरण मौजूद हो. वहीं, इस पर एक टोल फ्री नंबर भी हो.     अदालती आदेश की साल में चार बार अदालत में पालना रिपोर्ट पेश की जाए. 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प्रशासन की आनाकानी पर ग्रामीणों ने दिया धरना, राजस्थान-झुंझनू में अतिक्रमण के कारण सड़क निर्माण रुका

झुंझनू. सूरजगढ़ के ग्राम काजड़ा में सड़क निर्माण में बाधा बन रहे मात्र एक व्यक्ति का अतिक्रमण नहीं हटने से सड़क निर्माण का कार्य रुका हुआ है। मामले में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सड़क निर्माण क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और अतिक्रमण नहीं हटाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामवासी पहले भी कई बार प्रशासन से अतिक्रमण हटाने को लेकर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन अतिक्रमण हटाने की बजाय अतिक्रमणकर्ता के पक्ष में दलीलें दे रहा है। जिला कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान भी दो बार इस मामले में शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि अतिक्रमण को लेकर पहले प्रशासन लीपा-पोती कर रहा था, अब सूरजगढ़ उपखंड अधिकारी खुलकर अतिक्रमणकारियों का समर्थन कर रहे हैं। सूरजगढ़ उपखंड अधिकारी ऑन ड्यूटी होते हुए एक महीने से कार्यालय से नदारद हैं। बताया जा रहा है कि अतिक्रमणकर्ता नंदकिशोर के अगल-बगल में बहुत से लोगों का अतिक्रमण हटाया गया है। यहां तक कि 80 वर्ष पुराने मकान भी तोड़े गए हैं। इस अतिक्रमण के कारण सड़क निर्माण कार्य रुकने की वजह से गांवों के लोगों को आने-जाने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूरजगढ़ से बेरी तक बन रही एमडीआर सड़क निर्माण क्षेत्र से तकरीबन सभी का अतिक्रमण हटा दिया गया है लेकिन ग्राम काजड़ा में नंदकिशोर सैनी का चबूतरा हटाने में प्रशासन आनाकानी कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा रात्रि चौपाल और जनसुनवाई के लिए आयोजित किए जाने वाले कैंपों के लिए लाखों रुपये खर्च होते हैं, जबकि काम तो कार्यालय में बैठकर भी किया जा सकता है। जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में दो बार ग्रामीणों द्वारा उक्त अतिक्रमण को हटाने की शिकायत करने के बावजूद भी प्रशासन अतिक्रमियों के पक्ष में काम कर रहा है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण नहीं हटाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 43

7 किलो अफीम के दूध के साथ 3 गिरफ्तार, राजस्थान-जालौर में मादक पदार्थ तस्करी पर बड़ी कार्रवाई

जालौर. अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध पुलिस लगातार की जा रही कार्रवाई के तहत जिला स्पेशल पुलिस टीम व सांचौर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक रहवासी मकान में दबिश देकर 7 किलो 138 ग्राम अफीम दूध बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही पुलिस ने तस्करी से अर्जित की गई 2 लाख 50 हजार नकद राशि बरामद करते हुए एक वाहन भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार सांचौर में सुखराम विश्नोई के मकान पर दी गई दबिश के दौरान 7 किलो 138 ग्राम अवैध अफीम का दूध तथा 2 लाख 50 हजार रुपयों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक वाहन को जब्त किया गया है। सांचौर एसपी हरिशंकर निर्देशन में जिला स्पेशल टीम एवं सांचौर थानाधिकारी हुकमाराम ने मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए हरिजन कॉलोनी स्थित सुखराम पुत्र जैताराम के रहवासी मकान पर दबिश देकर अवैध अफीम का दूध बरामद किया है। साथ ही सुखराम के घर पर अफीम का दूध खरीदने के लिए आए दिलीप कुमार पुत्र अर्जुनराम के बैग की तलाशी लेकर इसके कब्जे से 976 ग्राम अफीम का दूध बरामद किया गया। इस प्रकार कुल 7 किलोग्राम 138 ग्राम अफीम का दूध तथा 422 ग्राम और अफीम में मिलावट के लिए प्रयोग किया जाने वाला पदार्थ बरामद किया गया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 48

झूठे केस में भिजवाया जेल, राजस्थान-अजमेर में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से धोखाधड़ी

अजमेर. भारत से बाहर नौकरी करने की चाह रखने वाले युवा लगातार धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। अगर आप भी बेरोजगार हैं और विदेश में नौकरी की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। क्योंकि एजेंट के द्वारा आपको विदेश तो भेज दिया जाता है। लेकिन उसके बाद वहां तमाम तरह की परेशानियां होती हैं और अपने मुल्क में आने के लिए जद्दोजहज करनी पड़ती है। विदेश में नौकरी कर अच्छा मुनाफा कमाने के लालच में अजमेर जिले के युवा लगातार धोखा खा रहे हैं। एक ऐसा ही मामला अजमेर के अजय नगर में रहने वाले राजू भक्तानी के बेटे लक्ष्य भक्तानी के साथ हुआ। तीस हजार रुपये प्रतिमाह और रहना खाना फ्री बताकर वेस्ट अफ्रीका के कांगो के ब्राजा शहर में रीव्स वॉयाज ट्रैवल एजेंसी में टिकट बनाने की पोस्ट पर काम करने के लिए 13 जनवरी 2024 को अजमेर से एजेंट के जरिए वेस्ट अफ्रीका गया। पीड़ित लक्ष्य ने कंपनी के मालिक से दो महीने की सैलरी मांगी तो उसने देने से मना कर दिया। कंपनी के मैनेजर द्वारा उसे प्रताड़ित कर झूठे मुकदमे में कम्पनी के मालिक ईस्ट मुंबई निवासी अविनाश ओमप्रकाश हिंगोरानी ने अफ्रीका की जेल मे डलवा दिया। जेल में होने की खबर सुनी तो परिजन का रो-रो कर हुआ बुरा हाल अजय नगर निवासी लक्ष्य भक्तानी के पिता राजू भक्तानी ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके बेटे लक्ष्य की जान पहचान पड़ोस में रहने वाले नीरज ज्ञानानी से हुई। नीरज इस कंपनी में मैनेजर के पद पर जॉब कर रहा है। नीरज ने लक्ष्य को कंपनी में अच्छी पोस्ट पर जॉब दिलाने के लिए ईस्ट अफ्रीका बुला लिया। लक्ष्य के परिजनों ने भी बेटे को कई महंगे सामान के साथ दिल्ली की फ्लाइट से 13 जनवरी 2024 को ईस्ट अफ्रीका भेज दिया। दो महीने तक तो सब कुछ सही चलता रहा, दो महीने होते ही कंपनी के मालिक अविनाश ने लक्ष्य को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और उसके द्वारा कमाई गई सैलरी भी उसे नहीं दी और झूठे मुकदमे में 10 दिन के लिए अफ्रीका की जेल में डलवा दिया। बेटे को जेल में होने की सूचना जब अजमेर में परिजनों को मिली, उसके बाद लक्ष्य के माता-पिता दादा दादी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। स्थानीय विधायक अनीता भदेल, सीएमओ और भारतीय दूतावास बने मददगार अपने बच्चे के जेल में होने की सूचना पर लक्ष्य के पिता राजू भक्तानी ने अजमेर दक्षिण से विधायक अनीता भदेल से संपर्क किया और विधायक से बच्चे को सकुशल भारत लाने की गुहार लगाई। विधायक अनीता भदेल ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत सीएमओ और भारतीय दूतावास से इस मामले में संज्ञान लेकर बच्चे की मदद करने और जेल से रिहा कराने की बात कही। विधायक द्वारा भारतीय दूतावास को इस विषय में जानकारी दी गई। उसके बाद कांगो ब्राजा विल की एंबेसी से भारतीय दूतावास के स्टॉफ ने बात की। जांच में कंपनी के मालिक अविनाश और स्थानीय पुलिस की मिली भगत सामने आई, जिस पर स्थानीय पुलिस ने भारतीय दूतावास के दबाव के बाद लक्ष्य को जेल से रिहा कर दिया। जानकारी लेने पर पता चला कि कंपनी के मालिक अविनाश के द्वारा पूर्व में भी करीब 14 व्यक्तियों के साथ इस तरीके से झूठे मुकदमे में फंसाने की बात सामने आई है। जेल में पिलाया गया टॉयलेट का पानी पीड़ित लक्ष्य भक्तानी ने अजमेर आने पर बताया कि उसे बंधक बनाने के दौरान टॉयलेट का पानी पिलाया गया और एक ब्रेड की स्लाइस खाने के लिए दी जाती थी, जिसका उसे भुगतान करना पड़ता था। जब कंपनी के मालिक ने लक्ष्य को झूठे आरोप में जेल भिजवा दिया तो जेल से रिहा होने के लिए लक्ष्य के पिता राजू भक्तानी ने करीब डेढ़ लाख रुपये स्थानीय वकील को भी दिए। जेल में रहने के दौरान 60 हजार रुपये भी लक्ष्य के खर्च हुए। लक्ष्य भक्तानी ने बताया कि उसको 10 दिनों तक जेल में रखा गया, जहां पर एक बड़े हॉल में करीब 600 लोग रह रहे थे। जो वहां के अपराधी थे तो कुछ भारत से नौकरी करने गए युवा थे। घर पहुंचने पर छलके आंसू पिछले छह महीने से अपने बच्चे से दूर रहे लक्ष्य के माता-पिता को जब उसके भारत आने का समाचार मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। घर पहुंचने पर लक्ष्य के माता-पिता ने उसको मिठाई खिलाई और अपने बेटे को गले लगाया। अपने बेटे को सामने देख लक्ष्य के माता-पिता सहित उसके दादा-दादी की आंखों से आंसू छलक उठे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 50

पुलिसकर्मी और संचालक के बीच मारपीट और हंगामा, राजस्थान-जयपुर के कैफे में मिली शराब

जयपुर. जयपुर में बजाज नगर थाना क्षेत्र में त्रिवेणी पुलिया के पास ग्रैब ए कॉफी नामक कैफे पर एक युवक को पुलिसकर्मी द्वारा थप्पड़ मारे जाने के बाद विरोध में वहां भारी भीड़ एकत्रित हो गई और हंगामा कर दिया। बताया जा रहा है कि रात कैफे में शराब बेचे जाने को लेकर पुलिसकर्मी और कैफे संचालक के बीच विवाद हुआ था। जानकारी के अनुसार रात करीब 9 बजे सादा वर्दी में मौके पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर फूलचंद का समय सीमा के बाद कैफे में शराब बेचने को लेकर संचालक के साथ विवाद हो गया। इस पर कैफे में काम करने वाले आकाश मेहता को एसआई ने थप्पड़ जड़ दिया, जिस पर उसके दोस्त बलजीत सिंह ने ऐतराज उठाते हुए एसआई को बिना सबूत के मारपीट करने को लेकर झगड़ा किया। मारपीट की सूचना पर बजाज नगर और आसपास के क्षेत्रों से पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर मौजूद बलजीतसिंह ने पुलिसकर्मी पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए जबरन मारपीट किए जाने की बात की, जबकि एसआई फूलचंद का कहना था कि कैफे में शराब बेचने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसमें बलजीत सिंह समेत अन्य लोगों ने मारपीट की। बहरहाल घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज ने मामले में कहा है कि जल्द ही मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49