गोखरू के औषधीय गुण: सिरदर्द, यूरिन इन्फेक्शन और शुगर में भी फायदेमंद

Medicinal properties of Gokhru: Beneficial in headache, urine infection and diabetes. हेल्थ डेस्क ! आयुर्वेद में कई जड़ी-बूटियां ऐसी हैं, जिनका सदियों से इस्तेमाल कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है, ऐसी ही एक प्रभावी जड़ी-बूटी है गोखरू। आयुर्वेद में गोखरू का फल, पत्ता और तना औषधि के रूप में प्रयोग किये जाता है। यह वात, पित्त और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करती है और शरीर की कई समस्याओं को दूर करने में असरदार मानी जाती है। गोखरू के प्रमुख औषधीय लाभ — किडनी स्टोन से राहत :-गोखरू में मूत्रवर्धक गुण पाए जाते हैं। यह पेशाब बढ़ाने में मदद करता है और नियमित सेवन से किडनी की पथरी को बाहर निकालने में सहायक हो सकता है। आयुर्वेद में सदियों से इसे किडनी स्टोन के इलाज में प्रयोग किया जाता रहा है। 5 ग्राम गोखरू चूर्ण को 1 चम्मच शहद के साथ दिन में तीन बार दूध या गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है। सिरदर्द में राहत :-कुछ लोगों में पित्त की अधिकता के कारण बार-बार सिरदर्द की समस्या होती है। गोखरू का सेवन पित्त को संतुलित करने में मदद करता है और इससे लगातार होने वाले सिरदर्द में राहत मिल सकती है। डायबिटीज में फायदेमंद :-डायबिटीज के मरीजों के लिए गोखरू का सेवन लाभकारी हो सकता है। इसमें मौजूद सैपोनिन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है और शुगर को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है। स्पर्म काउंट बढ़ाए :-आजकल खराब खानपान और जीवनशैली की वजह से पुरुषों में लो स्पर्म काउंट और फर्टिलिटी की समस्या आम हो गई है। गोखरू का नियमित सेवन स्पर्म उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता और गतिशीलता सुधारने में भी मदद करता है। गोखरू के 20 ग्राम फलों को 250 ml दूध में उबालकर सुबह-शाम पिलाने से स्पर्म संबंधी समस्याओं में फायदा मिलता है। यूरिन इन्फेक्शन से राहत :-गोखरू में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। ये गुण यूरिन इन्फेक्शन को दूर करने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें मूत्रवर्धक गुण होने के कारण बैक्टीरिया पेशाब के जरिए बाहर निकल जाते हैं, जिससे संक्रमण कम होता है। 20-30 ml गोखरू काढ़े में एक चम्मच शहद डालकर दिन में दो बार पिलाने से यूरिन इन्फेक्शन से राहत मिलती है। उपयोग करने का तरीका — 1) चूर्ण के रूप में :-रोजाना 3–6 ग्राम गोखरू चूर्ण को दूध या गुनगुने पानी के साथ ले सकते है। 2) काढ़ा के रूप में :-गोखरू को काढ़े के रूप में 20–40 ml सेवन कर सकते हैं। सावधानियां —अगर आप गर्भवती हैं या किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें। गोखरू आयुर्वेद की एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो किडनी, यूरिन, ब्लड शुगर और पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य में असरदार मानी जाती है। इसे सही मात्रा और नियमितता से लेने पर शरीर के कई महत्वपूर्ण दोष संतुलित रहते हैं और सेहत बेहतर होती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 155

महिलाओं की सेहत का राज़ है क्रैनबेरी, इसके जादुई फायदे नहीं जानते होंगे आप

आज के समय में हेल्दी लाइफ स्टाइल को अपनाने की चाहत हर किसी की प्राथमिकता बन चुकी है। ऐसे में पौष्टिक और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फूड्स को “सुपरफूड” का दर्जा दिया जाता है। इन्हीं में से एक है क्रैनबेरी। एक छोटा सा लाल रंग का खट्टा-मीठा फल, जो स्वाद के साथ-साथ कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। यह विटामिन सी, ई, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और कई तरह बीमारियों से बचाता है।इससे हमारे शरीर को कई फायदे मिलते हैं। तो आइए जानते हैं इनके फायदों के बारे में- यूटीआई से बचाव क्रैनबेरी महिलाओं में आम यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) को रोकने में काफी प्रभावी है। इसमें मौजूद प्रोस्यानिडिन्स नामक तत्व बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवारों से चिपकने नहीं देते, जिससे इन्फेक्शन नहीं होता है। दिल की सुरक्षा क्रैनबेरी में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स हृदय की धमनियों को हेल्दी बनाए रखते हैं, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं और हृदय रोग का जोखिम कम करते हैं। पाचन क्रिया में सुधार इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सफाई करता है और पाचन को सुचारु बनाए रखता है, जिससे कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर रहती हैं। इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट इम्यून सिस्टम को मजबूती देते हैं और शरीर को इंफेक्शंस से लड़ने में सहायक बनाते हैं। मुंह और दांतों की देखभाल क्रैनबेरी मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है, जिससे कैविटी, मसूड़ों की सूजन और सांस की बदबू में राहत मिलती है। स्किन को बनाएं ग्लोइंग और जवां जवां इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं और उम्र के असर को कम करते हैं, जिससे स्किन ग्लो करती है। कैंसर से बचाव शोध के अनुसार, क्रैनबेरी में मौजूद तत्व ब्रेस्ट, कोलोन और प्रोस्टेट कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को रोक सकते हैं। वेट लॉस करने में सहायक कम कैलोरी और हाई फाइबर वाले इस फल को नियमित सेवन से भूख नियंत्रित रहती है,जिससे वजन कम करना आसान हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखे यह बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ावा देता है, जिससे आपका दिल हेल्दी रहता है। क्रैनबेरी एक टेस्टी और शक्तिशाली सुपरफूड है, जिसे आप ड्राय फ्रूट, जूस, या स्मूदी में शामिल कर अपनी डाइट को हेल्दी बना सकते हैं। इसका नियमित सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा और आपको एक्टिव बनाए रखेगा।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 72

कामयाबी का शॉर्टकट नहीं, स्टीव जॉब्स की ये 5 आदतें अपनाइए और बड़ा मुकाम पाइए

एप्पल कंपनी के मुख्य संस्थापक स्टीव पॉल जॉब्स किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। स्टीव ने iPhone, iPad, Mac के जरिए टेक्नोलॉजी की दुनिया को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। सिंपल लेकिन क्रिएटिव होने में वह ज्यादा विश्वास रखते थे और काम को दिल से करने वाले लोगों को पसंद करते थे। स्टीव ने फुल फोकस के साथ काम किया और दुनिया एप्पल जैसी टेक्नोलॉजी से मिलवाया जो काफी तेज और बेहतरीन है। आज हर हाथ में एप्पल के मोबाइल दिखते हैं और इसका श्रेय स्टीव जॉब्स को ही जाता है। वह करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है और उनकी कुछ आदतों को हर किसी को अपनाना चाहिए। अगर आप दुनिया में अपना नाम कमाना चाहते हैं, तो स्टीव की इन बातों को गांठ बांध लें। स्टीव जॉब्स की खास आदतें- सिंपल बट क्रिएटिव स्टीव जॉब्स का कहना था कि सादगी से क्रिएटिविटी बढ़ती है। वह खुद हमेशा काफी सिंपल रहें और उन्हें हमेशा सिर्फ ब्लैक टर्टलनेक टी-शर्ट और जींस में देखा गया। उनका कहना था कि किसी भी चीज पर काम करो, तो तब तक लगे रहो जब तक वो परफेक्ट न हो जाए। हर काम की बारीकी मैटर करती है, फिर चाहे उसके लिए कितना भी इंतजार करना पड़े। फोकस हटना नहीं चाहिए स्टीव जॉब्स का कहना था कि आप किसी भी काम को फुल फोकस के साथ करते हैं, तभी उसमें पारंगत हो सकते हैं। इसी वजह से आपको सफलता मिलेगी। स्टीव ने एप्पल के कई सारे प्रोडक्ट्स को हटाकर सिर्फ 10 चीजों को लिया था, जिससे वह उन्हें बेहतर ढंग से बना सकें। ना कहना सीख लें उनका मानना था कि ना कहना भी एक कला है, जो हर व्यक्ति की सीख लेनी चाहिए। वरना आप लोगों की हां में हां मिलाते हुए पीछे खड़े रह जाएंगे। स्टीव का कहना था कि जब आप 1000 चीजों को ना कहेंगे तब जाकर आप खुद की किसी 1 चीज पर फोकस बढ़ा सकेंगे। फोकस करने से ही आपको सफलता मिलेगी। रिस्क लेना जरूरी है स्टीव जॉब्स को कुछ कारणों से एप्पल कंपनी से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि NeXT और Pixar जैसे सॉफ्टवेयर बनाकर ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। ये उनके रिस्क लेने की मिसाल है। वह फेल हो सकते थे लेकिन उन्होंने बिना डरे रिस्क लेने का फैसला किया। लक्ष्य तय करो स्टीव जॉब्स का कहना था छोटे और बड़े अलग-अलग गोल्स सेट करो और उसे पूरा करने के लिए स्ट्रैटजी बनाओ। जब आप गोल्स बनाकर चलते हैं, तो सफलता मिलती है। ऐसे में आप सही डिसीजन मेकर भी बनकर उभरते हो। स्टीव जॉब्स रोजाना एक जैसे कपड़े इसलिए पहनते थे, क्योंकि वह इन कपड़ा चुनने जैसे छोटे फैसलों में अपना वक्त बर्बाद नहीं करना चाहते थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 64

अल्सर से कैसा डर! समय पर पहचान, सफल उपचार

हमारा पेट नाजुक टिश्यू से बना है। थोड़ी-सी गड़बड़ी सेहत से जुड़ी कई समस्याएं खड़ी कर देती है। पेट में दर्द, जलन व सूजन का एहसास, सीने में जलन व उल्टी की शिकायत-सुनने में भले ही अजीब लगे, पर ऐसा ही होता है, जब पेट में अल्सर की शिकायत होती है। खुद को इसका शिकार बनने से कैसे रोक सकते हैं, बता रहे हैं हम… जीवनशैली और खान-पान में बदलाव का नतीजा है कि किशोर और युवाओं में पेट के अल्सर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सामान्य भाषा में कहें तो पेट में छाले व घाव हो जाने को अल्सर कहा जाता है। सोने का नियत समय न होना, ऑफिस में बेहतर प्रदर्शन का तनाव, जंक फूड का बढ़ता चलन और अधिक डाइटिंग से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। उस पर धूम्रपान, एल्कोहल और तंबाकू का सेवन पेट की परत को नुकसान पहुंचाने का कारण बन जाता है। क्या है पेप्टिक अल्सर:- पेट में घाव या छाले होने को चिकित्सकीय भाषा में पेप्टिक अल्सर कहते हैं। पेट में म्युकस की एक चिकनी परत होती है, जो पेट की भीतरी परत को पेप्सिन और हाइड्रोक्लोरिक एसिड से बचाती है। इस एसिड की खासियत यह है कि जहां यह एसिड पाचन प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है, वहीं शरीर के ऊतकों को नुकसान भी पहुंचाता है। इस एसिड और म्युकस परतों के बीच तालमेल होता है। इस संतुलन के बिगड़ने पर ही अल्सर होता है। आमतौर पर यह आहार नली, पेट और छोटी आंत के ऊपरी भाग की भीतरी झिल्ली में होता है।   गैस्ट्रिक अल्सर: यह पेट के अंदर विकसित होता है। इसोफैगियल अल्सरः यह भोजन नली (इसोफैगस) में होता है, जो भोजन को गले से पेट में ले जाती है। यह अल्सर कम देखने में आता है। ड्योडेनल अल्सर: यह छोटी आंत के ऊपरी भाग में होता है, जिसे ड्योडनम कहते हैं। इसके मामले अधिक सामने आते हैं। मानसून में रखें खास एहतियात:- पेप्टिक अल्सर का सबसे प्रमुख कारण एच. पायरोली बैक्टीरिया है, जिसका संक्रमण मल और गंदे पानी से फैलता है। बरसात के मौसम में गंदगी की समस्या दूसरे मौसमों के मुकाबले अधिक होती है। शारीरिक सक्रियता कम होने और रोग प्रतिरोधक तंत्र में होने वाले बदलाव भी इसके कारण बन सकते हैं। अधिक तला-भुना, मसालेदार भोजन और चाय-कॉफी लेना पेट में एसिड के स्तर को प्रभावित करता है। इसके संक्रमण से बचने का सबसे आसान और सस्ता तरीका साफ-सफाई का खास ध्यान रखना है। लक्षण:- पेट में दर्द होना इसका प्रमुख लक्षण है। खाली पेट होने पर यह दर्द और तेज हो जाता है। पेट का एसिड अल्सरग्रस्त कोशिकाओं पर असर डालने लगता है। रात के समय पेट में जलन बढ़ जाती है। कुछ मामलों में खून की उल्टी होना, मल का रंग गहरा हो जाना, जी मिचलाना, भार में तेजी से कमी आना या भूख प्रक्रिया में बदलाव आने जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। ये देते हैं अल्सर को बुलावा:- -हेलिकोबैक्टर पायरोली बैक्टीरिया का संक्रमण। -तनाव व डायबिटीज। -आनुवंशिक कारण। -अत्यधिक मात्रा में पेट में एसिड का स्राव। -तैलीय और मसालेदार भोजन अधिक खाना। -अधिक मात्रा में शराब, कैफीन और तंबाकू का सेवन। -ऑस्टियोपोरोसिस के उपचार के लिये ली जाने वाली दवाएं। लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में दर्द निवारक दवाओं, एस्प्रिन और ज्वलनरोधक दवाओं का सेवन करना। समय रहते उपचार है जरूरी:- पेप्टिक अल्सर के कारण एनीमिया, अत्यधिक रक्तस्राव और लंबे समय तक बने रहने पर स्टमक कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। आंतरिक रक्तस्राव होने के कारण शरीर में खून की कमी हो जाती है। पेट या छोटी आंत की दीवार में छेद हो जाते हैं, जिससे आंतों में गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पेप्टिक अल्सर पेट के ऊतकों को भी क्षतिग्रस्त कर सकता है, जो पाचन मार्ग में भोजन के प्रवाह में बाधा पहुंचाता है। इस कारण पेट जल्दी भर जाना, उल्टी होना और वजन कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दवा से मिलता है आराम:- पेप्टिक अल्सर का उपचार आसान है। कई मामलों में एंटीबायोटिक दवाएं, एंटा एसिड व दूसरी दवाओं से ही आराम आ जाता है। घरेलू उपचार भी इसमें काफी राहत पहुंचाते हैं। यह न खाएं:- -चाय, कॉफी और सोडा का सेवन न करें। इससे पेट में एसिड का उत्पादन बढ़ जाता है, जो अल्सर को बढ़ाता है। -अधिक तेल और मसालेदार भोजन न खाएं। -ऐसे खाद्य पदार्थ, जिनमें साइट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है, अल्सर के दौरान इनके सेवन से पेट के घावों को नुकसान पहुंचता है। नीबू, मौसंबी, संतरा, अंगूर, अनन्नास, फलों का जूस, जैम और जैली में सिट्रिक एसिड अधिक होता है। -लाल मांस, मैदे से बनी चीजें, सफेद ब्रेड, चीनी, पास्ता और प्रोसेस्ड फूड भी कम से कम खाएं। -खान-पान में साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। खुले में रखे खाद्य पदार्थों को खाने से बचें। देर से कटा रखा हुआ सलाद न खाएं। खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। क्या कहते हैं आंकड़े:- -जिन लोगों का ब्लड ग्रुप ए होता है, उनमें कैंसरयुक्त स्टमक अल्सर होने की आशंका अधिक होती है, हालांकि इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। -स्वीडन में हुए एक शोध के अनुसार जो लोग सप्ताह में तीन बार दही का सेवन करते हैं, उन लोगों में अल्सर होने की आशंका उन लोगों से कम होती है, जो इसका सेवन नहीं करते। -विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पेप्टिक अल्सर के 50 प्रतिशत मामलों का कारण एच. पायलोरी बैक्टीरिया होता है। -डेनमार्क में हुए एक अध्ययन के अनुसार जो लोग नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, उनमें पेप्टिक अल्सर होने की आशंका कम होती है। -हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जो लोग प्रतिदिन एक नाशपति का सेवन करते हैं, उनमें छोटी आंत का अल्सर होने की आशंका 31 प्रतिशत कम होती है। इन्हें खाने से मिलेगी राहत:- खान-पान का ध्यान रख कर ना केवल पेट में अल्सर बढ़ने से रोका जा सकता है, बल्कि हमेशा के लिए इसका शिकार होने से भी बचा जा सकता है। -केले में एंटी बैक्टीरियल तत्व प्रचुरता में होते हैं, जो पेट के अल्सर को बढ़ने से रोकते हैं। नाश्ते के बाद केला खाएं। -नाशपति में फ्लेवोनॉएड और एंटी-ऑक्सीडेंट काफी मात्रा … Read more

बजट यूज़र्स के लिए खुशखबरी! ₹5999 में लॉन्च हुआ पावरफुल बैटरी और 50MP कैमरे वाला स्मार्टफोन

नई दिल्ली भारतीय ब्रैंड Ai+ ने अपना नया और क‍िफायती स्‍मार्टफोन Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च कर दिया है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का कैमरा और 6 हजार एमएएच बैटरी दी गई है। इसकी कीमत बेहद कम 5999 रुपये रखी गई है। वहीं, सैमसंग ने नया 60W का कॉम्‍पैक्‍ट पावर एडप्‍टर पेश किया है। iQOO Z11x की इंडिया में लॉन्‍च डेट सामने आ गई है। ओपो ने बताया है कि वह OPPO K14 5G को इसी महीने पेश करने जा रही है। सभी खबरों को वि‍स्‍तार से जानते हैं। Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च हुआ 5999 रुपये में Ai+ Pulse 2 को भारत में 5999 रुपये में लॉन्‍च किया गया है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि यह कीमत शुरुआती 24 घंटों के लिए प्रभावी रहेगी। इसकी सेल 11 मार्च को दाेपहर 12 बजे से फ्लिपकार्ट पर होगी। इस फोन में 6.745 इंच का HD+ वी-नॉच डिस्‍प्‍ले दिया गया है। 120Hz का रिफ्रेश रेट है। फोन की पीक ब्राइटनैस 400 निट्स है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरा 8MP का है। Ai+ Pulse 2 में Unisoc T7250 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 6 हजार एमएएच बैटरी है, जो 18वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके 4GB + 64GB मॉडल की कीमत 5999 और 6GB + 128GB मॉडल के दाम 7999 रुपये हैं। Samsung 60W पावर एडप्‍टर लॉन्‍च Samsung ने अपना 60W पावर एडप्‍टर भारतीय मार्केट में भी पेश कर दिया है। इसे पिछले साल सबसे पहले लाया गया था। अब ये इंडियन मार्केट में भी मिलेगा। दावा है कि इसे स्‍मार्टफोन्‍स के साथ-साथ, लैपटॉप और ईयरबड्स को चार्ज करने के लिए बनाया गया है। यह पावर एडप्‍टर, गैलियम नाइट्रेड (GaN) टेक्‍नोलॉजी पर काम करता है। इससे इसका डिजाइन कॉम्‍पैक्‍ट रखने में मदद मिलती है जबकि इसकी क्षमता बढ़ जाती है। इसकी कीमत 3,499 रुपये है और यह Samsung.com के साथ-साथ Amazon, Flipkart आदि पर मिलेगा। OPPO K14 5G इंडिया लॉन्‍च डेट OPPO K14 5G को भारत में 9 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह पिछले साल आए K13 5G की जगह लेगा। नए ओपो फोन में 7 हजार एमएएच की बैटरी मिलने वाली है। यह 45 वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। फोन में Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट दिया जाएगा जो पिछले साल दिए गए Snapdragon 6 Gen 4 के मुकाबले डिसेंट अपग्रेड है। इसके बाकी फीचर्स अभी सामने नहीं आए हैं। iQOO Z11x लॉन्‍च डेट iQOO Z11x को भारत में 12 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह Z सीरीज में कंपनी का नया स्‍मार्टफोन होने वाला है और MediaTek Dimensity 7400 Turbo चिपसेट से पावर्ड होगा। दावा है कि यह 23 हजार रुपये की प्राइस रेंज में सबसे तेज फोन होगा। फोन में 7200 एमएएच की बैटरी दी जाएगी, जो पिछले साल आए मॉडल में दी गई बैटरी के मुकाबले बड़ा अपग्रेड होने वाला है। यह फोन 44 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग के साथ आएगा। लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 16 पर बेस्‍ड OriginOS 6 पर चलेगा। इसे एमेजॉन के साथ-साथ आईकू इंडिया की वेबसाइट पर सेल किया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 133

10,001mAh बैटरी वाला Realme स्मार्टफोन जल्द भारत में होगा लॉन्च, जानिए तारीख

नई दिल्ली  Realme भारत में एक नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जिसका नाम Realme Narzo Power 5G होगा. कंपनी ने बताया है कि यह फोन भारत में 5 मार्च को लॉन्च होगा और इसमें 10,001mAh की बैटरी दी जाएगी. साथ ही इसमें मीडिटेक डाइमेंसिटी 7300 चिपसेट का यूज किया है. बैक पैनल पर 50MP का कैमरा मिलेगा.  Amazon India पर इसकी एक माइक्रोसाइट तैयार की है, जहां अपकमिंग हैंडसेट की डिटेल्स को लिस्ट किया है. डिटेल्स में बताया है कि इसमें 10,001mAh की बैटरी और 38 दिन का स्टैंडबाय बैकअप मिलेगा.  डुअल चिपसेट का यूज करेगी लिस्ट डिटेल्स में बताया है कि इसमें डुअल चिप सिस्टम का यूज किया गया है. इसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी डाइमेंसिटी 7400 चिपसेट और Hyper Vision AI चिप का यूज किया गया है.  रियलमी ने किया पोस्ट  मिलेगा 144Hz रिफ्रेश रेट्स  रियलमी के इस अपकमिंग हैडंसेट में 6.8-inch curved AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. इसमें  6500 nits पीक ब्राइटनेसम मिलेगी. Realme Narzo Power 5G में 144Hz HyperGlow 4D कर्व प्लस डिस्प्ले दिया जाएगा. इसमें 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जिसकी मदद से  बेहतर गेमिंग एक्सपीरियंस मिलेगा.  Realme Narzo Power 5G  का कैमरा  Realme Narzo Power 5G में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकेगा. इसमें 50MP सोनी OIS कैमरा दिया गया है. कंपनी ने बताया है कि इसमें NEXT AI, Realme UI 7.0 का सपोर्ट मिलेगा. कंपनी ने बताया है कि यह सिर्फ 219 ग्राम का स्मार्टफोन होगा. इसमें 27W का रियर चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा.  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 37

हर दिन करें ये 5 आसान चीज़ें, और देखें कैसे ज़िंदगी की मुश्किलें 90% कम हो जाती हैं

क्या आप अपनी लाइफ से खुश हैं? ज्यादातर लोगों से अगर ये सवाल पूछा जाए तो अपनी लाइफ से जुड़ी सैकड़ों कमियां वो आपको गिना देंगे। कुल मिलाकर कहें तो अधिकतर लोगों की जिंदगी में शिकायतें ज्यादा भरी हुई हैं और खुशियां कम। खैर, सुख और दुख दोनों ही जिंदगी का हिस्सा हैं, आप चाहें या ना दुख तो जरूर आएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लाइफ में ज्यादातर प्रॉब्लम्स हमारी ही बनाई हुई होती हैं। कई बार हम छोटी-छोटी चीजों को इतना इग्नोर करते हैं कि आगे चलकर वो एक बड़ी समस्या बनकर हमारे आगे खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में अगर आप अपने लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव कर लें तो आपकी ज्यादातर प्रॉब्लम्स अपने आप सॉल्व हो सकती हैं। यकीन मानें ये कोई जादू-टोने का मामला नहीं है, बल्कि प्रैक्टिकल लाइफस्टाइल हैक्स हैं जो लाइफ की प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने में मदद करेंगे। सुबह जल्दी उठने की आदत डालें बचपन से ही आप घर के बड़ों से सुनते आए होंगे कि सुबह जल्दी उठने से सब ठीक हो जाता है। कुछ हद तक ये बात बिल्कुल सही है। ज्यादातर सफल लोगों की दिनचर्या उठाकर देखेंगे तो उसमें सुबह जल्दी उठने की आदत कॉमन पाएंगे। दरअसल जब आप जल्दी उठते हैं, तो आपके पास दिन का पूरा कंट्रोल होता है। आप हड़बड़ी में नहीं होते बल्कि आराम से पूरे दिन की प्लानिंग कर पाते हैं, जिससे पूरा दिन प्रोडक्टिव होता है। आप फ्रेश भी फील करते हैं और बेहतर फैसले ले पाते हैं। अपने स्क्रीन टाइम को कम कर दें आजकल हमारे दिन का आधा से ज्यादा समय फोन, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन के आगे ही गुजर जाता है। इसमें काम के घंटे कम होते हैं बल्कि फालतू का टाइम पास ज्यादा होता है। जितना समय आप स्क्रीन के आगे गुजारते हैं उतने ही नाखुश और डिप्रेस महसूस करते हैं। घंटों मोबाइल के आगे बैठकर परिवार के साथ भी आपकी बॉन्डिंग खराब होती है, स्लीप साइकिल डिस्टर्ब होती है, मूड पर नेगेटिव इंपैक्ट पड़ता है और समय भी बर्बाद होता है। इसकी जगह एक अच्छी किताब पढ़ें, दोस्तों और फैमिली से बातचीत करें और लाइफ की प्लानिंग करें; आप खुश भी रहेंगे और बहुत चीजें आसान भी हो जाएंगी। रोज किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी करें अपने बिजी लाइफस्टाइल के चलते लोग जरा सा भी समय अपनी हेल्थ को नहीं देते, फिर बिगड़ती तबियत और बढ़ता मोटापा उन्हें परेशान करता है। इसलिए जरूरी है कि रोजाना कम से कम आधा घंटा अपने शरीर को दिया जाए। आप हल्के फुल्की वॉक या स्ट्रेचिंग से भी शुरुआत कर सकते हैं। फिजिकल एक्टिविटी ना सिर्फ आपके हेल्दी और फिट रखने में मदद करती है, बल्कि आपके मूड, हार्मोन और स्ट्रेस लेवल को भी बैलेंस रखती है। हर रोज थोड़ा वक्त खुद को दें काम के लिए समय निकाल लिया, परिवार के लिए भी समय निकाल लिया, लेकिन क्या खुद के लिए समय निकाला? अगर आपको याद नहीं कि लास्ट टाइम आप कब अकेले खुद के साथ बैठे थे तो यकीन मानिए आप अपने साथ बड़ी ज्यादती कर रहे हैं। क्योंकि आप जबतक खुद के साथ कनेक्ट नहीं करेंगे, तब तक किसी और के साथ भी खुश नहीं रह सकेंगे। इसलिए जरूरी है कि रोजाना कुछ देर अपने साथ बिताएं, एक कप चाय पीएं और अपना मनपसंद काम करें। वो कोई हॉबी हो सकती हैं या फिर आप खुद से बात कर सकते हैं। कुल मिलाकर कुछ भी ऐसा करें जो आप इंजॉय कर सकें। दूसरे से कंपेयर करना बंद करें खुद को या अपनी लाइफ को दूसरों से कंपेयर करना जबतक बंद नहीं करेंगे, तब तक ना खुश रह पाएंगे और ना ही आगे बढ़ पाएंगे। आपको समझना होगा कि हर किसी की लाइफ जर्नी अलग-अलग होती है। आप सिर्फ वही देख पाते हैं, जो आपको दिखाया जाता है। उसके पीछे की असलियत आपकी समझ से बहुत अलग भी हो सकती है। इसलिए दूसरे को देखकर सिर्फ खुश हों लेकिन खुद से कंपेयर करने ना बैठ जाएं। आपका फोकस सिर्फ खुद को आज से बेहतर बनाने पर होना चाहिए, फिर देखना कैसे आप खुश भी रहते हैं और सक्सेस की सीढ़ियां चढ़ते जाते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 40