भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी नायब तहसीलदार को 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी नायब तहसीलदार को 10 हजार रिश्वत लेते पकड़ा

Lokayukta’s action against corruption continues; Naib Tehsildar caught taking a bribe of Rs 10,000 सतना ! मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके बावजूद सरकारी महकमे में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला सतना जिले के रामपुर बाघेलान तहसील कार्यालय से सामने आया है, जहां रीवा लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार को उनके ही कार्यालय में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त टीम ने रामपुर बाघेलान तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह जायसूर को उस समय पकड़ा, जब वे अपनी कुर्सी पर बैठकर फरियादी से 10 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। पुश्तैनी जमीन के बंटवारे और नामांतरण का था मामलाजानकारी के अनुसार यह पूरा मामला पुश्तैनी जमीन के बंटवारे और नामांतरण आदेश से जुड़ा हुआ है फरियादी आशुतोष सिंह के पिता चंद्रशेखर सिंह के नाम पर दर्ज जमीन के बंटवारे का आदेश तहसील स्तर पर लंबित था फरियादी का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने इस फाइल को पास करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। 15 दिसंबर को की गई थी लोकायुक्त में शिकायतरिश्वत से परेशान होकर फरियादी आशुतोष सिंह ने 15 दिसंबर को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई हैरानी की बात यह रही कि सत्यापन के दौरान ही आरोपी नायब तहसीलदार ने पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये ले लिए थे, जिसके बाद लोकायुक्त ने ट्रैप की पूरी योजना तैयार की। बाकी रकम लेते ही दबोचा गया अधिकारीगुरुवार को योजना के मुताबिक फरियादी शेष बचे 10 हजार रुपये लेकर रामपुर बाघेलान तहसील कार्यालय पहुंचा। जैसे ही नायब तहसीलदार ने फरियादी से पैसे अपने हाथ में लिए, वहां पहले से सिविल ड्रेस में मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त अधिकारियों ने आरोपी के हाथ धुलवाकर केमिकल टेस्ट कराया, जिसमें रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। कार्रवाई से मचा हड़कंपलोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। कर्मचारी और फरियादी हैरान रह गए। कुछ देर के लिए तहसील का कामकाज भी प्रभावित रहा लोकायुक्त टीम ने मौके पर ही आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्जलोकायुक्त द्वारा आरोपी नायब तहसीलदार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की जांच जारी है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 65

‘मैं दारू पीता हूं’, BRC को जूते से मारूंगा भो#@$, बहाली के 3 दिन बाद ही शराबी टीचर की हेकड़ी

‘मैं दारू पीता हूं’, BRC को जूते से मारूंगा भो#@$, बहाली के 3 दिन बाद ही शराबी टीचर की हेकड़ी

“I drink alcohol,” I’ll beat the BRC with my shoes, drunk teacher’s arrogance just three days after reinstatement सतना ! जिले में एक शिक्षक की ‘दबंगई’ और शराब के नशे में धुत होकर शिक्षा विभाग अधिकारियों को धमकाने का मामला गरमा गया है। शराबी शिक्षक की 2 महीने के निलंबन के बाद महज 3 दिन पहले बहाल हुई है। बहाल होते ही उनका एक नया वीडियो वायरल हो गया है। इसमें वह स्कूल स्टाफ के सामने कुर्सी पर बैठकर डींगे हांक रहे हैं। साथ ही बीआरसी को ‘जूते मारने’ की धमकी दे रहे हैं। शिक्षक की पहचान पुष्पेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। मामला मझगवां ब्लॉक के पछीत माध्यमिक शाला का है। जहां शनिवार शाम को वायरल हुए इस वीडियो में शिक्षक पुष्पेन्द्र सिंह का अंदाज देखकर लगता है कि उन्हें कानून या विभाग का कोई खौफ नहीं है। वीडियो में वे अपने स्टाफ के सामने हेकड़ी दिखाते हुए कह रहे हैं, ‘मैं दारू छोड़ूंगा नहीं और अगर इस बार बीआरसी ने कुछ किया, तो उसे जूते मारूंगा।’ बीआरएसी से क्यों है खुन्नसदरअसल, पुष्पेन्द्र सिंह की यह खुन्नस इसलिए है क्योंकि पिछली बार (4 सितंबर को) जब वे शराब पीकर स्कूल पहुंचे थे। तब बीआरसी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही जेडी रीवा ने उन्हें निलंबित किया था। 26 नवंबर को ही उनकी बहाली हुई थी। हालांकि स्कूल पहुंचते ही उन्होंने फिर से वही रंग दिखा दिया। अब तक 3 बार हो चुके हैं सस्पेंडशिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, शिक्षक पुष्पेन्द्र सिंह आदतन शराबी और विवादित रहे हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है। पहली बार निर्वाचन कार्य के दौरान शराब पीकर अभद्रता करने पर चुनाव आयोग के निर्देश पर सस्पेंड हुए थे। इसके बाद माध्यमिक शाला बरहठा में पदस्थापना के दौरान निलंबित हुए। तीसरी बार माध्यमिक शाला तुर्रा में रहते हुए कार्रवाई हुई। चौथी बार अब पछीत विद्यालय में निलंबन से लौटते ही फिर वही हरकत कर दी। संकुल प्राचार्य को सौंपी गई जांचबहाली के तीसरे दिन ही शिक्षक का यह रूप सामने आने के बाद विभाग हरकत में आ गया है। वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जांच गौहानी संकुल के प्राचार्य उपेन्द्र सिंह को सौंपी गई है। माना जा रहा है कि शिक्षक की इस हरकत पर एक बार फिर निलंबन की गाज गिरना तय है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 74

उर्वरक की कमी से नाराज किसान फिर सडक़ पर उतरे,सतना-पन्ना मार्ग बाधित कर विरोध प्रदर्शन

Farmers angry with the shortage of fertilizers again took to the streets, protesting by blocking the Satna-Panna road सतना ! उर्वरक की उपलब्धतता को लेकर किए जाने वाले दावे उस वक्त थोथे नजर आने लगे जब टोकन नहीं मिलने से नाराज किसानों ने सतना-पन्ना राजमार्ग को बाधित कर विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया. हलांकि प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइस के चलते किसानों ने राजमार्ग छोड़ दिया. लेकिन इसके बावजूद भी टोकन लेने के लिए खासी मारमारी देखने को मिली.हर रोज की तरह सोमवार की सुबह भी सतना-पन्ना राजमार्ग पर स्थित कृषि अभियंाङ्क्षत्रकी कार्यालय परिसर में सैकड़ों किसान एकत्रित थे. कार्यालय खुलने पर उर्वरक के लिए किसानों को टोकन बांटा जाने लगा. लेकिन कुछ समय बाद ही उस वक्त गतिरोध पैदा हो गया जब टोकन समाप्त हो जाने की बात कहते हुए किसानों को वहां से लौटाया जाने लगा. यह देख वहां पर मौजूद किसानों के बीच आक्रोशि पनपने लगा. किसानों को कहना था कि सोमवार को जिन किसानों को टोकन मिले उन्हें यह जानकारी दी गई कि अगली रैक के सतना पहुंचने पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं अब टोकन बांटना भी बंद कर दिया गया. देखते ही देखते आक्रोशित किसान मुख्य मार्ग पर पहुंच गए. जहां पर उन्होंने मार्ग को बधित करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरु कर दिया. घटना की जानकारी मिलने पर सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह परिहार मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया. वहीं घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंच गए. लेकिन पुलिस की समझाइस नाकाम होने के बाद एक बार फिर से एसडीएम रघुराज नगर राहुल सिलाडिय़ा मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ चर्चा शुरु की. एसडीएम से मिले आश्वासन के बाद किसानों ने सडक़ छोड़ दी और वापस जाकर लाइन में लग गए. जिसके बाद किसानों को टोकन बांटे जाने की प्रकिया फिर शुरु हुई. एसडीएम कुछ देर तक वहीं खड़े रहे और व्यवस्था की निगरानी के साथ-साथ किसानों को टोकन लेने की प्रकिया समझाते रहे. राज्यमंत्री को लौटना पड़ाउर्वरक की समस्या से परेशान किसान जब सतना-पन्ना राजमार्ग को बाधिक कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे उसी दौरान राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का काफिला वहां से गुजरा. जाम के बीच राज्यमंत्री का वाहन भी फंस गया. जिसे देखते हुए राज्यमंत्री ने कुछ किसानों को बुलाया और वाहन में बैठे-बैठे ही उनसे चर्चा की. राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि एसडीएम द्वारा उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा. जिसके बाद किसान वहां से लौट गए. लेकिन सामने रास्ता खुलता न देख राज्यमंत्री को यू-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ा. वहीं मार्ग बाधित होने के चलते एंबुलेंस व स्कूली वाहन समेत कई अन्य वाहनों के पहिए थमे रहे. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 90

मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था बदहाल: बच्चे कहीं झाड़ू लगा रहे, तो कहीं सड़क किनारे पढ़ाई को मजबूर

मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था बदहाल: बच्चे कहीं झाड़ू लगा रहे, तो कहीं सड़क किनारे पढ़ाई को मजबूर

Education system in Madhya Pradesh is in a bad state: Some children are sweeping the floor, while others are forced to study on the roadside सतना। Education system in Madhya Pradesh का हाल बताने के लिए सतना से दो तस्वीरें ही काफी हैं—एक तस्वीर में बच्चे सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं, तो दूसरी तस्वीर में नन्हें मासूमों के हाथ में किताब नहीं बल्कि झाड़ू थमा दी गई है। स्कूल या सड़क किनारे की कक्षा? सतना जिले के नागौद विकासखंड के इटमा गांव में शासकीय प्राथमिक शाला के बच्चों के पास भवन ही नहीं है। जर्जर इमारत कई साल पहले गिरा दी गई थी और तब से बच्चे सड़क किनारे बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। महज 19 बच्चों का भविष्य भवनहीन स्कूल की इस लापरवाही पर टिका हुआ है। शिकायतें धरी की धरी विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों तक कई बार पहुंचाई गईं, लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ। यह न सिर्फ बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम की सीधी अवहेलना भी। झाड़ू लगाते बच्चे, जिम्मेदारी कौन लेगा? Education system in Madhya Pradesh इसी बीच मझगवा विकासखंड की पिंडरा बस्ती से वीडियो सामने आया है, जिसमें एक शिक्षिका मासूम बच्चों से स्कूल की साफ-सफाई करवा रही है। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। सवाल यह है कि क्या बच्चों को स्कूल इसलिए भेजा जाता है कि वे शिक्षा ग्रहण करें या सफाई का काम करें? सरकारी आश्वासन, हकीकत से कोसों दूरजिला परियोजना समन्वयक विष्णु त्रिपाठी का कहना है कि— लेकिन यह आश्वासन कब हकीकत बनेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं। सतना की तस्वीर बताती है कि शिक्षा का अधिकार सिर्फ कागजों पर है। जहां बच्चों को सुरक्षित कक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए, वहां वे सड़क किनारे बैठकर भविष्य लिखने को मजबूर हैं। सरकार और शिक्षा विभाग को चाहिए कि इस लापरवाही पर तुरंत संज्ञान लें और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 91

हाथियों के बाद इंसानों को मुसीबत बढ़ा रहा है कोदो कुटकी खाने से लोग बीमार

After elephants, people are facing problems, people are falling ill after eating Kodo Kutki. सतना। मध्य प्रदेश में एक ओर जहां कोदो खाने से 10 हाथियों की मौत हो गई, वहीं अब कोदो की रोटी खाने से एक परिवार की जान पर बन आई है। मामला सतना से सामने आया है। जहां पति-पत्नी और बेटी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। दरअसल, सतना जिले के रैगांव चौकी क्षेत्र अंतर्गत डिलौरी गांव में पति दयाराम कुशवाहा, पत्नी शंखी कुशवाहा और 18 वर्षीय बेटी सरोज कुशवाहा की तबियत कोदो की रोटी खाने के बाद अचानक बिगड़ गई। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। दयाराम के भतीजे ने बताया कि, आज तीनों ने घर में कोदो की रोटी खाई है। तब ही से इन्हें उल्टियां हो रही और अब बेहोशी की हालत में सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बतादें कि, अभी हाल ही में बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के पीछे भी हाथियों द्वारा कोदो की फसल खाने की बात बताई गई थी। वहीं अब इस घटना पर कोदो अनाज को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। मामला जांच का विषय बन गया है। देखना होगा कि अब जिला प्रशान इस मामले को लेकर कितना संजीदा नजर आता है। हालाकि इस घटना को लेकर अबतक जिला प्रशान ने कोई सुध नहीं ली है। इतना ही नहीं गंभीर बीमार मरीज जैसे तैसे ऑटो से सतना जिला अस्पताल पहुंचे तो, न तो उन्हें स्ट्रेचर नसीब हुआ और न ही बेड। एक बेड पर मां बेटी तो जमीन में अर्ध नग्न हालत में पिता तड़पता नजर आया। हालांकि कुछ देर बाद दयाराम को बिस्तर नसीब हुआ। इस घटना ने गंभीर मरीजों को मिलने वाली बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी सिस्टम की भी पोल खोल कर रख दी है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 132

प्रदेश में गैंगस्टर ‘लॉरेंस बिश्नोई’ कि बड़ी डिमांड, लोगों ने ‘सलमान-शाहरुख’ को लिया हल्के में, समझें पूरा माजरा

There is a huge demand for gangster ‘Lawrence Bishnoi’ in the state, people took ‘Salman-Shahrukh’ lightly, understand the whole matter सतना‌। चित्रकूट में गधों का मेला लगा हुआ है। इस मेले में आने वाले गधे और खच्चर के नाम फिल्मी सितारों के नाम पर होते हैं। इस बार मेले में गैंगस्टर लॉरेंस नाम का गधा आया था, जिसकी कीमत सबसे अधिक है। चित्रकूट की मंदाकिनी नदी के किनारे हजारों की संख्या में गधों और खच्चरों का मेला लगा है। जिसकी व्यवस्था सतना जिले के नगर परिषद चित्रकूट द्वारा की जाती है। मेले में देश के कोने-कोने से गधा व्यापारी अपने पशुओं के साथ आए हैं। सबसे खास बात यह है कि इस मेले में फिल्मी सितारों के नाम से गधों और खच्चरों को खरीदा और बेचा जाता है। इनके नाम शाहरुख, सलमान, कैटरीना, माधुरी होते हैं। गधों के बाजार में इस बार गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई नाम का खच्चर आया है। सबसे महंगा बिका लॉरेंस तीन दिन तक चलने वाले मेले में हर साल करोड़ों रुपए का व्यापार होता है। इस बोली सलमान, शाहरुख 80-85 हजार में बिके वहीं ‘लॉरेंस’ की कीमत 1.25 लाख रुपए लगाई गई है। औरंगजेब ने की थी शुरु आत मुगल शासक औरंगजेब के समय से चले आ रहे गधा बाजार की यह परंपरा काफी पुरानी है। इस मेले की शुरुआत मुगल शासक औरंगजेब द्वारा की गई थी। औरंगजेब द्वारा चित्रकूट के इसी मेले से अपनी सेना के बेड़े में गधों और खच्चरों को शामिल किया गया था। इसलिए इस मेले का ऐतिहासिक महत्व है।अब सुविधाओं का टोटा हालांकि, सुविधाओं के अभाव में यह ऐतिहासिक मेला आज अपना अस्तित्व खोता हुआ नजर आ रहा है। नदी के किनारे गंदगी के बीच लगने वाले इस मेले में व्यापारियों को न तो पीने का स्वच्छ पानी मिल रहा और न ही धूप से बचने के लिए कोई व्यवस्था है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि तीन दिन चलने वाले इस मेले में सुरक्षा के नाम पर होमगार्ड तक नहीं लगाए जाते। व्यापारियों के जानवर बिकें या न बिकें, ठेकेदार उनसे पैसे वसूलते हैं। धीरे-धीरे व्यापारियों का इस मेले में आना कम होता जा रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 144

सचिव और उप-सरपंच की दबंगई महिला सरपंच को ग्रामसभा बैठक में नीचे बैठाया और खुद कुर्सी पर बैठे 

The Secretary and Deputy Sarpanch were overbearing and made the female Sarpanch sit on the floor during

The Secretary and Deputy Sarpanch were overbearing and made the female Sarpanch sit on the floor during