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कानपुर
चक्रवात का जो सिस्टम पिछले सप्ताह भर से दिल्ली व आस – पास और झारखंड, बिहार होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में पानी बरसा रहा था वह बुधवार की आधी रात में कानपुर में सक्रिय हुआ तो अप्रत्याशित मौसम का नजारा देखने को मिला।

आधी रात में लगभग डेढ़ से पौने दो घंटे के दौरान 53 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति से चक्रवाती हवा चली। बढ़ती गर्मी और चक्रवाती सिस्टम के साथ आई आर्द्र हवा ने रात में 24.2 मिमी तक पानी बरसा दिया। इससे खेती -किसानी को कोई नुकसान नहीं हुआ बल्कि किसानों को गेहूं के कटे खेतों की जोताई का मौका मिल गया है। कृषि विज्ञानियों के अनुसार गर्मी के मौसम में खेत की जोताई से हानिकारक कीड़े-मकोड़े और खर-पतवारद खत्म हो जाते हैं।

चक्रवाती मौसम की वजह से कानपुर और आस -पास के क्षेत्रों में वर्षा भी एक जैसी नहीं हुई है। मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नम हवाओं का आना कई दिनों से बना हुआ है।

अरब सागर की हवा राजस्थान से आगरा होते हुए मैनपुरी -कन्नौज होकर बह रही थी जबकि बंगाल की खाड़ी से उठी हवा झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश होते हुए हिमालय की तलहटी में बह रही थी। इन दोनों ओर की हवा के प्रवाह के टकराने और कानपुर व आस – पास में हवा का निम्न दबाव क्षेत्र बनने से चक्रवात सिस्टम सक्रिय हो गया।

यही वजह है कि चक्रवाती हवा ने अलग -अलग पाकेट में अपना असर दिखाया और तेज आंधी -तूफान के साथ वर्षा का कारण बनी। अप्रत्याशित चक्रवाती सिस्टम बुधवार की रात 12 बजे के बाद सक्रिय हुआ है और अगले से डेढ़ से पौने दो घंटे में जमकर वर्षा करा गया।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम केंद्र में 24.2 और एयरफोर्स स्टेशन चकेरी में 31.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई है लेकिन उन्नाव और कानपुर देहात, इटावा में पांच से सात मिमी के अंदर ही पानी बरसा है।

कैसा रहेगा मौसम
डा. पांडेय के अनुसार चक्रवाती मौसम की वजह से आंधी -तूफान और वर्षा हुई है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री रहा जो सामान्य से 6.3 डिग्री कम है। जबकि न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री रहा जो सामान्य से 5.2 डिग्री कम है। वातावरण में अधिकतम आर्द्रता 84 प्रतिशत रही है। अब अगले दो से तीन दिन तक मौसम में नमी और गर्मी तो रहेगी लेकिन चक्रवाती तूफान के आसार नहीं हैंं।

किसानों को मिलेगा जोताई का मौका
सीएसए के आनुवांशिक एवं पादप प्रजनन विभाग के अध्यक्ष डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि चक्रवाती मौसम के कारण हुई इस वर्षा से खेती कोई नुकसान नहीं होगा। उड़द और मूंग की फसलों में जहां सिंचाई करनी थी वहां अब जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा खाली पड़े खेतों की जोताई की जा सकेगी। इससे खेतों में मौजूद हानिकारक खर -पतवार और कीड़े नष्ट हो जाएंगे।

इन जिलों में बरसा पानी
कानपुर नगर – 24.2 मिमी

एयरफोर्स स्टेशन – 31.6 मिमी

कन्नौज – 13.1 मिमी

कानपुर देहात – 6.9 मिमी

इटावा – 5.8 मिमी

उन्नाव – 5.2 मिमी

औरेया – 0.2 मिमी

ऐसा रहा तापमान (सीएसए केंद्र का)

दिनांक अधिकतम न्यूनतम

22 मई 34.1 20.6

21 मई 37.7 28.0

20 मई 39.7 26.2

19 मई 39.3 27.2

18 मई 42.2 25.4

17 मई 38.7 28.5

16 मई 42.2 28.0

15 मई 42.2 24.0

14 मई 40.4 24.6

13 मई 40.2 24.0

12 मई 39.0 : 28.0

11 मई 40.8 26.4

नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में है

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