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भोपाल में मेट्रो के सेकंड फेज की मिट्टी टेस्टिंग शुरु, भोपाल में भदभदा से रत्नागिरी के बीच दौड़ेगी मेट्रो, 13Km में 14 स्टेशन बनेंगे

भोपाल भोपाल मेट्रो के अंतर्गत आने वाली ब्लू लाइन के निर्माण के लिए मिट्टी परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है। यह टेस्टिंग इसलिए की जा रही है ताकि पिलर और मेट्रो स्टेशनों की नींव मजबूत बनाई जा सके। मिट्टी की स्ट्रेंथ जांचने के लिए कई जगहों पर परीक्षण किए जा रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमीन निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त है। इन जगहों पर हो चुकी टेस्टिंग     अब तक कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) के सामने स्टेशन और आईटीआई-जेके रोड पर पिलर के लिए मिट्टी की टेस्टिंग हो चुकी है। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और पूरे 13 किमी लंबे रूट पर टेस्टिंग की जाएगी। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी स्टेशन एक स्टेशन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी बनेगा। 14वें स्टेशन के तौर पर बोगदा पुल (इंटरचेंज) सेक्शन बनाया जाएगा। जहां करोंद चौराहा से एम्स के बीच बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच चलने वाली ब्लू लाइन का इंटरचेंज होगा। मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है।   मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है। यह एक ऐसा सेक्शन होगा, जहां यात्री एक मेट्रो से उतरकर दूसरी में सवार हो सकेंगे। पुल बोगदा के पास का हिस्सा सुभाष नगर से एम्स (प्रायोरिटी ट्रैक) के पास ही है। इसलिए इंटरचेंज सेक्शन पर भी जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि इंटरचेंज सेक्शन को अभी से डिजाइन करना पड़ेगा। 1006 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी ब्लू लाइन भोपाल मेट्रो ब्लू लाइन (Bhopal Metro Blue Line) का निर्माण 1006 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक कुल 13 किमी लंबाई में मेट्रो लाइन बनाई जाएगी। यह रूट शहर के कई प्रमुख रास्तों (Bhopal Metro Route) से होकर गुजरेगा। जिससे यातायात को सुगम और तेज बनाया जा सकेगा। ब्लू लाइन के इस रूट पर 14 स्टेशन बनाए जाएंगे। ब्लू लाइन में इंटरचेंज सेक्शन भी होगा भोपाल मेट्रो (Bhopal Metro) की ब्लू लाइन में बोगदा पुल पर एक इंटरचेंज सेक्शन बनाया जाएगा। यह सेक्शन करोंद चौराहा से एम्स तक बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा से रत्नागिरी तक की ब्लू लाइन को आपस में जोड़ेगा। इस इंटरचेंज सेक्शन की मदद से यात्री एक मेट्रो से उतरकर आसानी से दूसरी मेट्रो पकड़ सकेंगे। बोगदा पुल के पास यह सेक्शन सुभाष नगर से एम्स के प्रायोरिटी ट्रैक के करीब होगा। दो तरह से परीक्षण मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है। रायसेन रोड स्थित आईटीआई के सामने और जेके रोड पर पिलर के लिए टेस्टिंग हो चुकी है। वहीं, मिंटो हॉल के सामने स्टेशन के लिए टेस्टिंग शुक्रवार को की गई। इन जगहों पर बनेंगे 14 स्टेशन ब्लू लाइन के लिए कुल 14 स्टेशन बनेंगे। इनमें भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, परेड ग्राउंड, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी तिराहा शामिल हैं। मिट्टी की टेस्टिंग के दौरान बेरिकेडिंग की गई है। ताकि, कोई दिक्कत न हो। मिट्टी परीक्षण दो चरणों में होगा मेट्रो (Bhopal Metro) निर्माण के लिए मिट्टी की टेस्टिंग दो चरणों में की जा रही है। पिलर के लिए मिट्टी परीक्षण: यह उन जगहों पर किया जा रहा है जहां मेट्रो के पिलर खड़े किए जाएंगे। इससे जमीन की ताकत और भार वहन करने की क्षमता का पता लगाया जाता है। मेट्रो स्टेशन के लिए मिट्टी परीक्षण: यह उन जगहों पर किया जा रहा है जहां मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इस टेस्टिंग से यह सुनिश्चित किया जाता है कि मिट्टी की संरचना स्थिर और मजबूत है। ब्लू लाइन का निर्माण कब तक पूरा होगा? भोपाल मेट्रो की ब्लू लाइन का निर्माण काम 2024 में शुरू हुआ है और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली अधिक तेज़, कुशल और सुविधाजनक बन जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 3

भोपाल मेट्रो में सफर करने की तैयारी कर रहे लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा, कमर्शियल रन अगस्त में

भोपाल भोपाल मेट्रो में सफर करने की तैयारी कर रहे लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। जून में शुरू होने वाला कमर्शियल रन अब अगस्त 2025 में शुरू होगा। इससे पहले मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉपोरेशन एम्स, अलकापुरी और डीआरएम मेट्रो स्टेशन का काम पूरा करेगा। सुभाष नगर से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बीच करीब करीब काम पूरा हो गया है। अब इन स्टेशनों पर फिनिशिंग का काम चल रहा है। भोपाल मेट्रो का कमर्शियल रन सुभाष नगर से एम्स भोपाल मेट्रो स्टेशन के बीच शुरू होगा। कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने अब इसकी नई तारीख अगस्त 2025 दी है। इससे पहले रेलवे ब्रिज पर मेट्रो का लोड भी चेक किया जाएगा। इसके बाद सब कुछ ठीक रहने पर मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर मई या जून में ट्रेक का निरीक्षण कर सकते है, जिनकी रिपोर्ट ठीक आने पर कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। 6.22 किमी की दूरी 11 मिनट में तय करेगी मेट्रो मेट्रो के ट्रायल रन के दौरान इसे रानी कमलापति स्टेशन से एम्स तक 10-20 किमी प्रति घंटा की गति से चलाया गया। कमर्शियल रन में मेट्रो की स्पीड 70-90 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे 6.22 किमी की दूरी मात्र 11 मिनट में पूरी की जा सकेगी। प्राक्कलन समिति भी जता चुकी है नाराजगी पिछले दिनों विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया था। समिति ने मेट्रो के काम में देरी को लेकर नाराजगी जताई थी। उस समय मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने 15 अगस्त तक कमर्शियल रन शुरू करने की समयसीमा दी थी। छह मेट्रो भोपाल पहुंची, 21 और आएंगी भोपाल मेट्रो स्टेशन पर तीन-तीन कोच की मेट्रो को शुरुआत में चलाया जाएगा। स्टेशन छह कोच के हिसाब से तैयार किए गए हैं। अभी भोपाल में 6 मेट्रो कोच के सेट आ गए हैं। इस तरह के कुल 27 मेट्रो कोच के सेट भोपाल आएंगे। अभी 21 मेट्रो कोच के सेट आना बाकी हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 6

मेट्रो रेल लाइन पुराने भोपाल शहर में आसान नहीं, अड़चनों को दूर करने की जद्दोजहद जारी

भोपाल मेट्रो रेल लाइन के दूसरे चरण का काम पुराने शहर में शुरू हो चुका है। बैरसिया रोड पर करोंद चौराहे से लेकर सिंधी कालोनी तक मृदा परीक्षण का काम किया जा रहा है, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। वहीं कई जगहों पर बड़ी-बड़ी अड़चनें बरकरार हैं, जिनकी वजह से मेट्रो रेल लाइन की राह आसान नजर नहीं आ रही है। इन्हें हटाने के लिए मेट्रो रेल कार्पोरेशन प्रबंधन को, जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को जद्दोजहद करना पड़ रही है। बताया जा रहा है कि भोपाल रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म छह के पास के दुकानदारों और लोगों ने वहां से हटने के लिए सहमति पत्र दे दिए हैं। जबकि पुट्ठा मिल को हटाने पर सहमति बनाने का काम जारी है। असल में पुट्ठा मिल के स्थानीय प्रबंधन का कहना है कि इस मामले में सहमति देने का अधिकार दिल्ली स्थित उच्च प्रबंधन को है, क्योंकि मिल का मामला कोर्ट में लंबित है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मेट्रो प्रोजेक्ट में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए ईरानी डेरा, नर्मदा आइस फैक्ट्री और पुट्ठा मिल वालों के साथ बैठक की थी, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकल सका। इस क्षेत्र में मेट्रो के भूमिगत मार्ग और स्टेशन के लिए ढाई एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है। इसमें अधिकांश जमीन सरकारी है। ईरानी डेरा, नर्मदा आइस फैक्ट्री के पास 28-28 दुकानदारों ने विस्थापन के लिए सहमति तो दी थी, लेकिन अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं की है। वहीं होटल्स और दुकानदारों को रेलवे माल गोदाम के पास समानांतर रोड पर बसाया जाएगा। जबकि बड़ा बाग और पीजीबीटी के पास की जमीन के अधिग्रहण मामला फिलहाल अटका हुआ है। जब तक यह मामले सुलझ नहीं जाते हैं तब तक मेट्रो का काम रफ्तार नहीं पकड़ पाएगा। मेट्रो के लिए इन जमीनों का होना है अधिग्रहण     -पुल बोगदा पर मेन जंक्शन के लिए सर्वाधिक जगह की जरूरत। सिर्फ जंक्शन के लिए 0.48 एकड़।     -शहर सर्किल में एक तरफ 1.49 एकड़ पातरा नाले से पहले 0.53 एकड़, इससे आगे 0.54 एकड़ जमीन की आवश्यकता।     -आरा मिल के पास अलग-अलग टुकड़ों में 0.008, 0.184, 0.12, 0.10 एकड़ जमीन की जरूरत।     -ग्रांड होटल के आगे 0.13 और 0.092 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। निजी जमीन हैं।     -भोपाल रेलवे स्टेशन के पास 1.15 एकड़ जमीन नर्मदा आइस फैक्टरी की जमीन ली जाएगी, यहां पार्किंग और स्टेशन बनाया जाएगा।     -भोपाल रेलवे स्टेशन के पास एंट्री एग्जिट प्लाजा के लिए 0.18 एकड़ जमीन चाहिए, यहां ईरानी डेरा है। इनका कहना है मेट्रो रेल लाइन के दूसरे चरण का काम शुरू हो गया है। पुराने शहर में भोपाल रेलवे स्टेशन, पुट्ठा मिल सहित अन्य जगह पर जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है। कुछ जगह पर सहमति बनी है, तो कुछ जगह पर मामला अटका हुआ है। जल्द ही इसे भी सुलझा लिया जाएगा। मेट्रो रेल लाइन बिछाने का काम नियमित रूप से जारी रहेगा।- कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49