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दीपावली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने बोनस राशि का वितरण कर किसानों को दिया तोहफा

कवर्धा. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दीपावली मिलन समारोह के दौरान गन्ना किसानों को बोनस राशि का चेक वितरित किया, जिससे किसानों में उत्साह और खुशी का माहौल बन गया। बोनस राशि की यह पहल राज्य सरकार की ओर से किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके जीवन में समृद्धि लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गन्ना किसानों ने दीपावली से पहले बोनस राशि मिलने पर छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि बोनस राशि से उनकी दीपावली की खुशियां दोगुनी हो गई हैं, और अपने परिवार के साथ उत्सव को और अधिक उल्लास के साथ मना पाएं है। उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार हमेशा किसानों के हितों के प्रति सजग और समर्पित है। किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और उनकी प्रगति से ही हमारा राज्य सशक्त बनेगा। इस बोनस राशि के माध्यम से हम उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं और भविष्य में भी किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लाने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। समारोह में गन्ना किसानों के चेहरे पर प्रसन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। उपमुख्यमंत्री ने सभी किसानों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर  पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष मनहरण कौशिक, अनिल ठाकुरकैलाश चंद्रवंशी, चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, मनीराम साहू, बीरेन्द्र साहू, रामकृष्ण साहू, किसान संघ से सुरेश चंद्रवंशी, डोमन चंद्रवंशी, जीवन यादव, दिनेश चंद्रवंशी, ओपी चंद्रवंशी, पिंटू चंद्रवंशी, पंकज वर्मा सहित समस्त किसान संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 40

धन की देवी मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा, दिवाली पर करें ख़ास पांच उपाय

दिवाली का पर्व बस कुछ ही दिनों में आने वाला है। यह पांच दिवसीय त्योहार देशभर में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। दिवाली का तैयारियां लोग महीनों पहले से ही शुरू कर देते हैं। इस साल 31 अक्तूबर 2024  को दिवाली का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। यह दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास होता है। ऐसे में इस दिन यदि आप कुछ खास उपाय करते हैं, तो मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाती हैं। आइए जानते हैं दिवाली के दिन किए जाने वाले कुछ खास उपाय, जिनको अपनाने से आपके घर में मां लक्ष्मी का आगमन जरूर होगा और घर में सुख-समृद्धि आती है।  दिवाली पर मां लक्ष्मी को बुलाने के पांच उपाय – 11 कौड़ियों का उपाय: दिवाली के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए। पूजन में 11 कौड़ियां, 21 कमलगट्टा, 25 ग्राम पीली सरसों लक्ष्मी जी को चढ़ाएं। अगले दिन तीनों चीजें किसी लाल या पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी में या जहां आप पैसे रखते हैं, वहां रख दें। ऐसा करने से आपको धन लाभ हो सकता है। अशोक वृक्ष का उपाय: दिवाली के दिन अशोक के वृक्ष की जड़ का पूजन करने से घर में धन-संपत्ति की वृद्धि होती है। इस उपाय से धन संकट भी दूर होता है। गन्ने का उपाय: नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली के दिन प्रात:काल अगर हाथी मिल जाए तो उसे गन्ना या मीठा खिलाएं। ऐसा करने से जटिल मुसीबतों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही अनहोनी से भी रक्षा मिलती है। घड़ा का उपाय: धन लाभ के लिए दिवाली के दिन पानी का नया घड़ा लाएं और उसमें पानी भरकर रसोई में रख दें। ऐसा करने से घर में बरकत और खुशहाली आती है।  हल्दी और चावल का उपाय: यदि कड़ी मेहनत के बाद भी आपको लाभ नहीं मिलता, तो धनतेरस के दिन हल्दी और चावल पीसकर उसके घोल से घर के मुख्य दरवाजे पर ऊँ बनाएं। ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन बना रहता है। डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

‘500 साल बाद योध्या मंदिर में राम लला की यह पहली दिवाली’, दीपोत्सव पर PM मोदी का खास संदेश

अयोध्या  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  कहा कि प्रभु श्रीराम के बाल अवतार राम लला 500 साल के इंतजार के बाद अयोध्या स्थित अपने मंदिर में पहली बार दिवाली मनाएंगे। इसलिए यह दिवाली इस बार खास है। धनतेरस की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से दो दिन बाद देशवासी दिवाली मनाएंगे और इस वर्ष यह दीपावली खास है। क्योंकि 500 साल के बाद राम लला अपने भव्य एवं दिव्य मंदिर में विराजे हैं। इस भव्य मंदिर में यह पहली दिवाली होगी। हम सौभाग्यशाली हैं कि इस खास एवं दिव्य दिवाली को देख पा रहे हैं। अयोध्या इस बार 28 लाख दीपों से जगमग होगी और इसके लिए तैयारियां चरम पर हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के कार्यालय ने  सुबह सोशल मीडिया मंच 'एक्‍स' पर ''सबका उत्सव-अयोध्‍या दीपोत्‍सव'' नारे के साथ एक पोस्ट में कहा ''दीपोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं… दीये लगाए जा रहे हैं… कलाकारों के लेजर, साउंड, ड्रोन शो का ट्रायल जारी है।'' अयोध्या में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। अयोध्या में दीपोत्सव-2024 का यह आठवां साल है। इसकी शुरुआत 2017 में उप्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हुई। इस बार अयोध्या में सरयू तट के घाटों पर 28 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। मोम के दीपक जलाए जाएंगे इसी वर्ष 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य नवनिर्मित मंदिर में भगवान श्री रामलला की प्रतिष्ठा की गयी। रामलला के मंदिर में इस बार एक खास तरह का दीपक जलाने की योजना है। नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पहली दीपावली के लिए भव्य और "पर्यावरण के अनुकूल" तैयारियां चल रही हैं। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंदिर भवन के परिसर में विशेष मोम के दीपक जलाए जाएंगे, जिनसे कार्बन का कम से कम उत्सर्जन होगा। छह देशों के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दीपोत्सव में राम नगरी में अध्यात्म, परंपरा व संस्कृति का संगम दिखेगा। 30 अक्टूबर को रामकथा पार्क स्थित मुख्य मंच पर उत्तराखंड की रामलीला के साथ छह देशों… म्यांमा, नेपाल, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया और इंडोनेशिया के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे। दीपोत्सव पर अन्य राज्यों के कलाकारों की भी प्रस्तुति होगी। इसमें मध्य प्रदेश की निधि चौरसिया की टीम बधावा पर, असम की सनहल देवी बीहू पर, महाराष्ट्र की श्रद्धा लावणी पर, तेलंगाना के श्रीधर विश्वकर्मा गुसादी पर, झारखंड के सृष्टिधर महतो व टीम छाऊ नृत्य पर, बिहार की महिमा झिझिंया पर, राजस्थान की ममता देवी कालबेलिया/घूमर लोक नृत्य पर, जम्मू के मोहम्मद यसीन और उनकी टीम रउफ लोकनृत्य पर प्रस्तुति देंगे। 55 घाटों पर जलेंगे 28 लाख दीप एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पशुधन विभाग अयोध्या में दीपोत्सव के अवसर पर डेढ़ लाख गो दीप जलाएगा। सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रतीकात्मक रूप से गो दीप और अन्य गो उत्पाद भेंट किए। 28 लाख दीये सरयू नदी के 55 घाटों पर जलाए जाएंगे, जिसे विश्व कीर्तिमान के रूप में स्थापित किया जाएगा। इन दीयों को सजाने के लिए 30 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक, ये खास दीपक मंदिर भवन को दाग-धब्बों और कालिख से सुरक्षित रखेंगे और इनसे लम्बे वक्त तक रोशनी भी मिलेगी। सीधे प्रसारण की व्यवस्था राज्‍य के सूचना विभाग ने इस पूरे आयोजन के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की है। दीपोत्सव के दिन राम की पैड़ी पर होने वाले सभी कार्यक्रमों को दूरदर्शन व सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर लाइव दिखाया जाएगा। अयोध्‍या के जिला सूचना अधिकारी संतोष द्विवेदी ने बताया कि नगर में 20 जगहों पर एलईडी वाल और एलईडी वैन की व्यवस्था कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अयोध्या कोतवाली, हनुमानगढ़ी, वाल्मीकि भवन, पोस्ट आफिस, तुलसी स्मारक भवन, कारसेवकपुरम, मीडिया सेन्टर, टेढ़ी बाजार चौराहा, रेलवे स्टेशन, विद्या कुंड, साकेत पेट्रोल पंप, दीनबन्धु नेत्रालय कार्यशाला, हनुमान गुफा के पास एलईडी वाल लग चुकी हैं। सुरक्षा के निर्देश दिये उनके अनुसार बस स्टैंड, सहादतगंज, नाका, देवकाली बाईपास, साकेत, उदया सहित अन्य स्थानों पर एलईडी वैन को खड़ा कराया जाएगा। शहर के मार्गों को फूलों की लड़ियों और आकर्षक लाइट से सजाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने त्योहारों के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये एक बैठक की और खास तौर से अयोध्या की चाक चौबंद सुरक्षा के निर्देश दिये। डीजीपी ने अयोध्या के सभी धर्मशालाओं, होटल, ढाबों आदि पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने तथा संदिग्ध व्यक्तियों और सभी प्रमुख स्थानों की सघन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। अयोध्या में भव्य दीपोत्सव आयोजन की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने सरयू नदी पर राम की पैड़ी की ओर जाने वाले 17 मार्ग बंद कर दिए हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स 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29 को दीपावली कार्यक्रम होगा पटियाला हाउस कोर्ट में

नई दिल्ली. पटियाला हाउस कोर्ट में 29 अक्तूबर को दीपावली उत्सव का आयोजन किया जाएगा। नई दिल्ली बार एसोसिएशन की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम मे दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। बार एसोसिएशन ने इसके संबंध में सर्कुलर जारी किया है। दिल्ली की सभी जिला अदालतों में स्थानीय बार एसोसिएशन इस प्रकार के आयोजन कर रहा है। 26 अक्तूबर को साकेत कोर्ट में दीपोत्सव का आयोजन किया गया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 38

31 अक्टूबर या 1 नवंबर, कब मनाई जाएगी दीपावली कन्फ्यूजन जारी ? ज्योतिषी ने दूर किया भ्रम

 हर साल की तरह इस साल भी दिवाली का त्योहार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाएगा, लेकिन इस बार तिथि की शुरुआत और समापन के बीच त्योहार मनाने की तारीखों को लेकर असमंजस खड़ी हो गई है. हिंदू धर्म के बड़े त्योहारों में से एक दिवाली को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है. इसकी तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है. इस दिन भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद वापिस अयोध्या आए थे, लेकिन इस बार दिवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी या फिर 1 नवंबर को इसको लेकर बड़ी असमंजस बनी हुई है. सनातन धर्म के पर्वों की तिथियों को लेकर अक्सर मतभेद रहता है. देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग पंचांगों के अनुसार ज्योतिर्विद पर्वों की तिथियों का निर्धारण कर देते हैं. ऐसा ही कुछ इस बार दीपावली के पर्व पर भी हुआ है. काशी में जहां एक ओर दीपोत्सव का पर्व 31 अक्टूबर तय हो गया है तो वहीं अयोध्या सहित पश्चिम यूपी में 1 नवंबर को दिवाली के मनाने की बात सामने आ रही है. तो आइए जानते हैं कि ज्योतिष और धर्म शास्त्र के मुताबिक, दीपावली का यह महत्वपूर्ण पर्व कब मनाया जाएगा. काशी के ज्योतिष ने दिवाली की तिथि को लेकर क्या कहा काशी के ज्योतिष ऋषि द्विवेदी ने बताया कि सनातन धर्म में कार्तिक अमावस्या को दीपोत्सव या दीपावली मनाया जाता है. जिसका सभी पर्वों में अपना एक विशिष्ट स्थान है. वहीं, कार्तिक अमावस्या इस बार दो दिन है. इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट से लग रही है जो अगले दिन 1 नवंबर को सायं 5 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. देखा जाए तो इस बार दीपावली की तिथि के निर्णय ने लोगों में संशय प्रकट कर दिया है. ज्योतिष ऋषि द्विवेदी ऐसे संदर्भ में धर्म सिंधु का निर्णय सर्वोपरि माना जाता है. जिसके अनुसार कहा गया है कि "पूर्वत्रैव प्रदोष व्याप्तौ लक्ष्मीपूजनादौ पूर्वा अभ्यंग स्नान दौ परा" अर्थात यदि कार्तिक अमावस्या दो दिन हो तो उसमें पूर्व दिन लेना चाहिए. कारण है कि अमावस्या प्रदोष और रात्रि व्यापिनी में होनी चाहिए जो कि इस बार 31 अक्टूबर की अमावस्या प्रदोष और रात्रि में ही मिलेगी. इसलिए, दीपावली शास्त्रानुसार 31 अक्टूबर को मनाना शास्त्र संवत है. क्योंकि 1 अक्टूबर को रात्रि काल में अमावस्या नहीं मिल रही है इसलिए उस 1 नवंबर को दीपावली मनाना शास्त्र संवत नहीं है. उन्होंने आगे यह चुनौती भी दी कि जो लोग 1 नवंबर को दीपावली मनाने का दावा कर रहें हैं उन्हें शास्त्र की आज्ञा को प्रकट करना चाहिए. वाराणसी ज्योतिषाचार्य श्रीधर पांडेय का पक्ष वहीं, वाराणसी के ज्योतिषाचार्य श्रीधर पांडेय ने बताया कि दीपावली की पूजा अमावस्या में होती है और अमावस्या की रात्रि महाकाली की रात्रि होती है. 31 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट के बाद अमावस्या लग रही है जो अगले दिन 1 नवंबर को शाम 5 बजकर 14 मिनट तक रहेगी. इसलिए, दीपावली का मान 31 अक्टूबर को ही है. दीपावली के पर्व पर महारात्रि में अमावस्या मिलनी चाहिए और इसमें उदया तिथि की मान्यता नहीं होती है. ज्योतिषाचार्य श्रीधर पांडेय माना जाता है कि अमावस्या की काली रात में माता लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं. उस समय जो लोग अपने घरों और दरवाजे पर दीपक जलाते हैं और महानिशा काल में पूजन करते हैं, उन पर मां लक्ष्मी की कृपा होती है. कई जगहों पर उदया तिथि का तर्क देकर दीपावली को 1 नवंबर को मनाने का प्रचार अपने-अपने पंचांग के मुताबिक किया जा रहा है जो सरासर गलत और भ्रमित करने वाला है. धर्म शास्त्रों के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात्रि ही दीपावली मनाई जाएगी. ज्योतिष उमंग नाथ शर्मा का तथ्य वाराणसी के एक अन्य ज्योतिष उमंग नाथ शर्मा ने बताया कि 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी. क्योंकि, रात्रि में अमावस्या का मिलना आवश्यक होता है और काशी से जितने भी पंचांग निकलते हैं उनकी गणित शास्त्रीय विधि से पूर्ण रहती है. सिंधु ग्रंथ में संदेहास्पद तिथि और पर्व को नक्षत्र और तिथि के अनुसार तय किया जाता है कि कब और किस दिन पर्व मनाए जाएंगे. निर्णय सिंधु के आधार पर पूर्ण रूप से दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी. पूर्वांचल की तुलना में पश्चिम में सूर्योदय का समय भिन्न होता है जिसकी वजह से उदया तिथि के अनुसार चलने वाले कई जगहों पर 1 नवंबर को दीपावली मनाने की बात सामने आ रही है. जो शास्त्र संवत नहीं है. प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताई दीपावली की तिथि वहीं, काशी विद्वत परिषद के महामंत्री और बी.एच.यू संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के प्रो. रामनारायण द्विवेदी के अनुसार 31 अक्टूबर को पूर्णकालिक प्रदोष व्यापिनी अमावस्या मिलने के कारण और धर्मसिंधु ग्रंथ के अनुसार यदि ये खास अमावस्या जिस दिन प्राप्त होती है उसी दिन दीपोत्सव मनाने के विधान शास्त्रों में बताए गए हैं. प्रो. रामनारायण द्विवेदी श्री काशी विद्वत परिषद तिथि पर्व निर्णय के अनुसार भी, 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी. दरअसल, 1 नवंबर को अमावस्या पूर्णकालिक प्रदोष व्यापिनी से न मिलकर अंशकालिक ही मिल रही है जिस वजह से जो शास्त्र संवत नहीं है. इसलिए दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर को मनाना ही शास्त्र संवत है. काशी के सभी पंचांगकारों ने 31 अक्टूबर को ही दीपोत्सव मनाने का विधान लिखा है. दीपावली का पर्व प्रदोष काल का ही पर्व होता है. इसलिए इसमें उदया तिथि के गृहीत का विधान नहीं है. यह है दिवाली का शुभ मुहूर्त  इस बार तारीख के साथ ही दिवाली के शुभ मुहूर्त को लेकर भी असमंजस है. ऐसे में दिवाली का पहला शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में शाम 5 बजकर 36 मिनट से लेकर रात के 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. वहीं वृषभ काल में शुभ मुहूर्त शाम के 6 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 15 मिनट तक रहेगा. इस समय में लक्ष्मी पूजन करना शुभ होगा.  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ 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दिवाली 31 अक्टूबर या 1 नवंबर इस दिन मनेगी, ये है अपडेट

दिवाली को लेकर बहस चल पड़ी है। कुछ पंडित 1 नवंबर को दिवाली मनाने की बात कह रहे हैं, तो कई ने 31 अक्टूबर को सही माना। उज्जैन के ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि 31 अक्टूबर को ही दिवाली मनाना विधि सम्मत है। 1 नवंबर को प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा होती है। इस दौरान अमावस्या नहीं रहेगी। इसलिए 31 अक्टूबर को ही दिवाली मनाना ठीक होगा। ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास ने बताया, चौदस और अमावस 31 अक्टूबर को रहेगी। 1 नवंबर को दोपहर 3.45 बजे तक अमावस्या मानी जाएगी। इसके बाद एकम तिथि शुरू होगी। तिथि बदलने के बाद लक्ष्मी पूजन ठीक नहीं होगा। कालगणना में 31 को अमावस्या ज्योतिषाचार्य  ने बताया, 31 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन सही है। कालगणना के अनुसार 31 को अमावस्या है। 1 नवंबर को शाम से पहले अमावस्या खत्म होगी। ज्योतिषाचार्य अजयशंकर व्यास कहते हैं, सनातन में 5 दिन दीपोत्सव की परंपरा है। 31 को दिवाली मनाएं। इंदौर में अलग राय वहीं इंदौर के ज्योतिषाचार्यों ने दिवाली मनाए जाने को लेकर बैठक आयोजित की। सभी की राय में 1 नवंबर को दिवाली मनाना ठीक रहेगा। बद्रीप्रसाद पुजारी ज्योतिष संस्थान के पं. राजाराम शर्मा ने बताया, अमावस्या का आरंभ 31 अक्टूबर को होगा। 1 नवंबर को पूर्ण होगा। तिथितत्व के अनुसार 1 नवंबर को दिवाली मनाना शास्त्र सम्मत है। यहां जानें कब मनाया जाएगा कौन सा त्योहार (Diwali 2024) 29 अक्टूबर – धनतेरस 31 अक्टूबर- रूप चतुर्दशी 01 नवंबर- दिवाली 02 नवंबर- गोवर्धन पूजा 03 नवंबर- भाईदूज दो प्रकार के है पंचाग बता दें कि देश में दो प्रकार के पंचांग प्रकाशित होते हैं। एक दृश्य गणित पर आधारित पंचांग और दूसरा लाघव पद्धति पर आधारित पंचांग। एक ट्रेडिशनल तो दूसरा कम्प्यूटराइज्ड है, इस वजह से दीपावली की तारीखों को लेकर तय नहीं हो पा रहा था कि आखिर किस दिन दीपावली मनाई जानी चाहिए! Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 42