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सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर, प्रदेश के 55 हॉस्पिटल की लिस्ट जारी, निजी अस्पताल में करा सकेंगे इलाज

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों का इंपेनलमेंट किया है। अब प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारी इन अस्पतालों में अपना इलाज करा सकेंगे। इस फैसले से कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इन अस्पतालों में कर्मचारी भोपाल सीजीएचएस दरों पर इलाज करा सकेंगे। सरकार ने 55 अस्पतालों की लिस्ट जारी की है। ऑपरेशन से लेकर आईसीयू और नर्सिंग सेवाएं होंगी शामिल     सरकार द्वारा तय की गई पैकेज दरों में रजिस्ट्रेशन, एडमिशन, ऑपरेशन, जांच, दवाएं, आईसीयू, डॉक्टर की फीस, फिजियोथेरेपी और नर्सिंग सेवाएं शामिल हैं। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी मरीज से अलग से दवाएं या चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए बाध्य न करें। सभी सेवाओं का खर्च तय पैकेज में शामिल होगा। इन 55 अस्पतालों का नाम शामिल बिना सूचना मान्यता होगी रद्द अगर कोई प्राइवेट अस्पताल तय की गई दरों से अधिक चार्ज लेते हैं या फैसलिटी सरकार द्वारा तय मानकों से नीचे पाई जाती हैं, तो उस अस्पताल की मान्यता बिना पूर्व सूचना के तत्काल प्रभाव से रद्द की जा सकती है। इसका उद्देश्य मरीजों के साथ पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना है। सीजीएचएस भोपाल ने अपने पैकेज में विभिन्न चिकित्सा सेवाओं के लिए शुल्क निर्धारित किए हैं।     रजिस्ट्रेशन शुल्क     एडमिशन शुल्क     भर्ती और मरीज का भोजन     ऑपरेशन शुल्क     ऑपरेशन थिएटर शुल्क     इंजेक्शन शुल्क     ड्रेसिंग शुल्क     डॉक्टर की फीस     दवाओं की लागत     प्रोसीजर फीस     सर्जन फीस     एनेस्थीसिया शुल्क     जांच शुल्क     सर्जिकल डिस्पोजेबल और अन्य सामग्री की लागत     फिजियोथेरेपी शुल्क     नर्सिंग देखभाल शुल्क इलाज के लिए जरूरी होंगे सरकारी पहचान पत्र और कर्मचारी आईडी सरकारी कर्मचारियों को इलाज के लिए अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड और कर्मचारी आईडी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही अस्पतालों को रिसेप्शन पर इलाज की सूची और मान्यता की वैधता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी, जिससे भ्रम की स्थिति न बने और मरीजों को पूरा लाभ मिल सके। रूम के हिसाब से दरें तय, जनरल और प्राइवेट वार्ड में होगा फर्क सीजीएचएस दरें सेमी प्राइवेट वार्ड के लिए मान्य होंगी। यदि मरीज जनरल वार्ड का चयन करता है तो 10% कम राशि प्रतिपूर्ति योग्य होगी। वहीं, प्राइवेट वार्ड में इलाज के लिए 15% अधिक राशि प्रतिपूर्ति के अंतर्गत आ सकती है। इससे कर्मचारियों को अपनी आवश्यकता और सुविधा के अनुसार विकल्प मिलेंगे। क्या हैं CGHS दरें केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है, जिसका लाभ केंद्र सरकार के कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके परिवार के सदस्य उठा सकते हैं। इस योजना के तहत, सरकारी कर्मचारियों को अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इसमें केंद्र इलाज के लिए अस्पताल को शुल्क निर्धारित करता है। अब एमपी में भी केंद्र की दरों के बराबर ही दरों पर ही सरकारी कर्मचारियों का इलाज होगा।   50 से अधिक निजी अस्पतालों में एमपी सरकारी कर्मचारी अब इलाज करवा सकेंगे। सीजीएचएस भोपाल की दरों पर सभी सेवाएं पैकेज में शामिल रहेंगी। सरकारी पहचान पत्र और कर्मचारी आईडी दिखाना इलाज के लिए जरूरी होगा। दर से अधिक शुल्क लेने पर अस्पताल की मान्यता तुरंत रद्द की जा सकती है। जनरल, सेमी प्राइवेट और प्राइवेट वार्ड में प्रतिपूर्ति की दरें अलग-अलग तय होंगी। 17 तरह के चार्जेज CGHS भोपाल के पैकेज में शामिल CGHS भोपाल ने जो पैकेज बनाया है उसमें 17 तरह के फ़ीस जैसे रजिस्ट्रेशन फ़ीस , एडमिशन फ़ीस, भर्ती एवं मरीज का भोजन, ऑपरेशन चार्ज, ऑपरेशन थियेटर चार्ज, इंजेक्शन चार्ज, ड्रेसिंग, डॉक्टर की फ़ीस, दवाएं, प्रोसेस फ़ीस, सर्जन फ़ीस, एनेस्थीसिया चार्ज, जांच शुल्क,  अस्पताल में भर्ती होने के दौरान इस्तेमाल होने वाले सर्जिकल डिस्पोजेबल और सभी तरह के सामान का चार्ज फिजियोथेरेपी, नर्सिंग देखभाल शुल्क आदि शामिल हैं। लापरवाही पर इम्पेनल्ड सूची से बाहर हो जायेगा अस्पताल   विभाग ने निर्देशित किया है कि इलाज कराने वाले शासकीय कर्मचारी अथवा उसके आश्रित के सम्बन्ध में शासन द्वारा वांछित जानकारी समय पर न भेजने, शासकीय कर्मचारियों अथवा उनके आश्रितों के उपचार हेतु निर्धारित सीजीएचएस भोपाल के पैकेज दर से अधिक शुल्क लेने, अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएं उपयुक्त/मानक स्तर का न पाए जाने पर अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर यह अधिमान्यता किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकेगी यानि अस्पताल को इम्पेनल्ड सूची से हटा दिया जायेगा। क्या-क्या मिलेगा इस योजना में इस योजना में किसी बीमा या एडवांस राशि की आवश्यकता नहीं होगी. सामान्य वार्ड में 10% कम राशि और निजी वार्ड में 15% अधिक राशि प्रतिपूर्ति योग्य है. डायलिसिस सहित डे केयर उपचार सुविधा शामिल है. सेमी प्राइवेट वार्ड के लिए CGHS दरें लागू होंगी Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. 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ग्वालियर :अस्पताल में जिस यूनिट की ड्यूटी इमरजेंसी में रहेगी, वह संपूर्ण यूनिट अलर्ट मोड पर रहेगी

ग्वालियर पाकिस्तान से लड़ाई की आशंका के बीच एमपी के ग्वालियर शहर में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जेएएच में तैयारी शुरू हो गई है। अस्पताल में जिस यूनिट की ड्यूटी इमरजेंसी में रहेगी, वह संपूर्ण यूनिट अलर्ट मोड पर रहेगी। इस संबंध में जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कॉलेज के बोर्ड रूम में निर्देश दिए कि सभी विभागाध्यक्ष, संबंधित इंचार्ज एवं अस्पताल प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपना फोन 24 घंटे चालू रखेंगे। पानी, बिजली और अग्नि सुरक्षा के लिए अलग-अलग दल गठित किए जाएं। जेएएच के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना और सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक अधीक्षक डॉ. गिरजाशंकर गुप्ता को निर्देश दिए कि आईसीयू व वार्ड में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या के साथ प्रतिदिन भर्ती और डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की जानकारी उपलब्ध कराएं। ट्रॉमा के एक्सटेंशन की करें व्यवस्था आपात स्थिति में ट्रॉमा का एक्सटेंशन किस स्थान पर एवं कितनी संख्या में किया जा सकता है, इसकी तैयारी करके रखें। चिकित्सालय के सभी विभागों-वार्डों में इमरजेंसी दवाओं एवं अन्य आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। चिकित्सालय में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किया जाना एवं मैनी फोल्ड संबंधित सभी व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाएं। एंबुलेंस के साथ स्ट्रेचर की रखें व्यवस्था अस्पताल की सभी एंबुलेंस तैयार रखें। जो एंबुलेंस संचालन की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें ठीक कराकर संचालन में लिया जा सकता है तो तत्काल ठीक कराएं। वहीं स्ट्रेचर पॉइंटों पर स्ट्रेचर तैयार रखें। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी, डॉक्टर बिना अधोहस्ताक्षरकर्ता की लिखित अनुमति के मुख्यालय से बाहर नहीं जांएगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 7

इंदौर – आपातकालीन स्थिति की तैयारियां तेज, सभी अस्पतालों की छतों पर बने रेडक्रॉस के निशान

 इंदौर एमपी के इंदौर शहर में देश में आपात स्थिति के साथ ही 8 मई को रेडक्रॉस डे होने पर शासन से मिले निर्देश के बाद एमवायएच सहित इंदौर शहर के 253 अस्पतालों की छत पर रेडक्रॉस की प्रतिकृति बनाई गई। 8 मई को रेडक्रॉस डे मनाया जाता है। वहीं फिलहाल आपात स्थिति को देखते हुए यह निर्देश दिए गए हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया कलेक्टर की तरफ से यह निर्देश प्राप्त हुए, जिसके बाद सभी अस्पतालों को सूचना दी गई। क्यों बनाया जाता है रेडक्रॉस का साइन अस्पतालों की छत पर रेडक्रॉस का साइन इसलिए बनाया जाता है ताकि यह स्पष्ट रूप से दर्शाया जा सके कि यह एक स्वास्थ्य सुविधा है। इसका उद्देश्य केवल घायलों का इलाज करना है। रेडक्रॉस का साइन एक अंतरराष्ट्रीय प्रतीक है जिसे जिनेवा संधियों के तहत मान्यता प्राप्त है। हवाई सेनाओं को सूचित करता है कि यहां केवल चिकित्सा कार्य हो रहे हैं। प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध हो चुकी है मॉकड्रिल प्रथम व द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी इंदौर में मॉकड्रिल व ब्लैक आउट हो चुका है। इतिहासकार जफर अंसारी ने बताया कि प्रथम विश्व युद्ध व द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यह हुआ था। इसके बाद आजादी के बाद हुए दो युद्धों के दौरान भी ब्लैक आउट व मॉकड्रिल किया गया था। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान महाराजा बड़वानी को फ्रांस एंबुलेंस कोर में पोस्ट किया गया था। इंदौर में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मिल संचालकों व साहूकारों ने बड़ी सहायता भेजी थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1943 में ब्लैक आउट हुआ था व मॉकड्रिल भी हुई थी। उस दौरान महाराजा यशवंत राव होलकर ने इसे आयोजित कराई थी। रियासत के अंदर हवाई हमले, युद्ध से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 4

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया- ऑडिट के साथ जांच कमेटी गठित, छत्तीसगढ़-विधानसभा में उठा अस्पतालों की फायर सेफ्टी का उठा मुद्दा

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदस्यों ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी का मुद्दा उठाया. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि वर्तमान में फ़ायरसेफ्टी सिस्टम का ऑडिट चल रही है. सरकार ने हर जिले में जांच के लिए कमेटी का भी गठन किया है. छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल का आज एक साल पूरा होने पर सदस्यों ने उन्हें बधाई दी है. इसके बाद भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने सवाल किया कि प्रदेश में कितने सरकारी और प्राइवेट अस्पताल है. इन अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम के क्या प्रावधान है. फायर सेफ्टी सिस्टम का आडिट कब कब हुआ. जिन अस्पतालों में फायर सिस्टम अपडेट नहीं है, या सिस्टम नहीं है, उन पर क्या कार्रवाई हुई? जवाब में स्वास्थ्य मंत्री श्याम विहारी जैसवाल ने सदन को बताया कि प्रदेश में 1129 प्राइवेट अस्पताल हैं. सरकारी अस्पतालों के पंजीकरण का कोई प्रावधान नहीं है. छत्तीसगढ़ सरकार की 29 नवंबर 2022 की अधिसूचना के अनुसार, 30 से अधिक बिस्तर वाले और क्रिटिकल केयर यूनिट वाले अस्पतालों को फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है. जिन अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम नहीं है, उनके लायसेंस सस्पेंड और निरस्तीकरण के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है. राजेश मूणत ने अधूरे पड़े हमर क्लिनिक का मामला उठाया. इस पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विस्तार के लिए ‘हमर अस्पताल, हमर क्लिनिक’ योजना चलाई गई. 15वें वित्त आयोग ने 38 करोड़ से ज्यादा विभाग को भेजा है. वित्त विभाग ने विलंब किया, जिसके बाद राशि नहीं भेजी गई. इस पर जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं पटाने तक अगली राशि नहीं मिलेगी. मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार बजट में यह राशि रखी गयी है, दूसरी-तीसरी किस्त इसके बाद आ जाएगी. वहीं मूणत की हमर क्लिनिक में राज्य सरकार की क्या भूमिका है, कितने ड्रा होने चाहिए वाले सवाल पर मंत्री ने बताया कि हमर क्लिनिक में पांच मानव संसाधन होते हैं, जहां पूरा सेटअप होता है, वहां संचालित हो रहा है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा तकनीकी कदम, राजस्थान के अस्पतालों में लागू होगा एबीडीएम

जयपुर. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के क्रियान्वयन को लेकर भारत सरकार देश की स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त और समावेशी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रमुख घटकों पर प्राथमिकता से कार्य कर रही है। एबीडीएम का उद्देश्य एक ऐसा डिजिटल स्वास्थ्य इको सिस्टम का निर्माण करना है, जो देश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान और समान पहुंच प्रदान कर सके। राज्य सरकार का चिकित्सा विभाग 10 महीने पहले निकले इन आदेशों को मिशन मोड में लागू करने जा रहा है। मिशन निदेशक एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार राजस्थान के सभी जिलों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत योजना के प्रमुख घटकों को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य संबंधी डेटा का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा), हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री (एचपीआर), और हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) पर विशेष जोर देने का निर्णय लिया है। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) प्रत्येक नागरिक का हेल्थ अकाउंट 14 अंकों की आभा आईडी के माध्यम से पहचाना जाएगा। आभा आईडी पोर्टल और एप्स के माध्यम से स्वयं पंजीकरण की सुविधा दी गई है। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक का एक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाना है, जो उसकी संपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड होगा। इस आईडी के माध्यम से नागरिक किसी भी अस्पताल या क्लिनिक में अपनी स्वास्थ्य जानकारी आसानी से साझा कर सकेंगे। इससे मरीजों को बार-बार मेडिकल रिपोर्ट्स ले जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी और इलाज में होने वाली देरी को भी कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही यह मरीजों के समय और पैसे की बचत भी करेगा, क्योंकि उन्हें बार-बार अपने टेस्ट और मेडिकल जानकारी साझा करने की आवश्यकता नहीं होगी। एचपीआर (हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्री) एचपीआर के तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों का पंजीकरण किया जाएगा। यह रजिस्ट्री स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और अन्य पेशेवरों की एक व्यापक जानकारी प्रदान करेगी। इससे राज्य में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग अधिक संगठित और पारदर्शी ढंग से किया जा सकेगा। एचएफआर (हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री) एचएफआर के तहत राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों का पंजीकरण किया जाएगा। इस रजिस्ट्री के माध्यम से नागरिक यह जान सकेंगे कि राज्य में किन-किन स्थानों पर कौन-कौन सी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। इससे लोगों को सही समय पर सही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी और उपचार में होने वाली जटिलताएं कम होंगी। मिशन की चुनौतियां और समाधान मिशन के क्रियान्वयन के दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं की कमी, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों को डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक करना और डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना प्रमुख हैं। राज्य सरकार ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी सहायता प्रदान करने की योजना बनाई है। सरकार का यह प्रयास है कि डिजिटल मिशन के सफल क्रियान्वयन से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार हो। इसके साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता और कुशलता सुनिश्चित की जा सकेगी। लाभार्थियों के लिए फायदा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से राज्य के लाखों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। आभा आईडी और अन्य डिजिटल सुविधाओं से वे न केवल अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को सुगम और सुलभ बना सकेंगे, बल्कि इससे उनकी निजी स्वास्थ्य जानकारी भी सुरक्षित रहेगी। राज्य सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि 2025 तक राजस्थान के सभी जिलों में एबीडीएम के सभी घटकों का पूर्ण क्रियान्वयन हो जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 55

हॉस्पिटलों में न डॉक्टर मिले और न रजिस्ट्रेशन, राजस्थान-झुंझुनू में अवैध लैब, सोनोग्राफी सेंटर पकडे

झुंझुनू. झुंझुनू जिले के उदयपुरवाटी में स्वास्थ्य विभाग की दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रही। अवैध हॉस्पिटल लैब सोनोग्राफी सेंट्रो पर जांच की गई, जिसमें कार्रवाई के दौरान नवजीवन हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल में काफी खामियां मिली। बता दें कि संजीवनी हॉस्पिटल में डॉक्टर नहीं मिले, वहीं अवैध अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर भी रफू चक्कर हो गए। हद तो तब हो गई जब अवैध अस्पतालों में मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। झुंझुनू जिले के उदयपुरवाटी में स्वास्थ्य विभाग की दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रही। अवैध हॉस्पिटल लैब सोनोग्राफी सेंट्रो पर जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग को नवजीवन हॉस्पिटल में रजिस्ट्रेशन, अस्पताल में काफी खामियां मिली। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49