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भारत में 2014 से लेकर 2024 तक मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी, कॉलेजों की संख्या में 102% और MBBS सीटों में 130% का इजाफा हुआ

नई दिल्ली  भारत में 2014 से लेकर 2024 तक मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेजों की संख्या में 102% और MBBS सीटों में 130% का इजाफा हुआ है। 2014 में जहां देश में केवल 387 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब 2024 में यह संख्या बढ़कर 780 हो गई है। इसी तरह, 2014 में जहां MBBS सीटों की संख्या 51,348 थी, अब यह बढ़कर 1,18,137 हो गई है। इन राज्यों में खुले नए मेडिकल कॉलेज कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहले कोई मेडिकल कॉलेज नहीं थे, जैसे अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, दादरा और नगर हवेली, मिजोरम, नागालैंड और तेलंगाना। इन राज्यों में अब मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और तेलंगाना में तो 65 कॉलेज तक स्थापित हो चुके हैं। कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बढ़ी मेडिकल सीटें कर्नाटक में 2014 में 46 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 73 हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 30 से बढ़कर 86 हो गई है। महाराष्ट्र में भी सीटों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जहां 5,590 सीटों से बढ़कर 11,845 सीटें हो गईं। तेलंगाना और राजस्थान में हुआ बदलाव तेलंगाना, जो पहले मेडिकल कॉलेजों से पूरी तरह से वंचित था, अब वहां 9,040 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। राजस्थान में भी 2013-14 में 10 कॉलेजों और 1,750 सीटों से संख्या बढ़कर 43 कॉलेजों और 6,475 सीटों तक पहुंच गई है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में बढ़ोतरी मध्य प्रदेश ने अपने कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़ाकर 31 और सीटों की संख्या 1,700 से बढ़ाकर 5,200 कर दी है। छत्तीसगढ़ में कॉलेजों की संख्या पांच से बढ़कर 16 हो गई, और सीटों की संख्या 600 से बढ़कर 2,455 हो गई है। दिल्ली में भी कॉलेजों की संख्या 7 से बढ़कर 10 हो गई और सीटों की संख्या 900 से बढ़कर 1,497 हो गई है। गोवा और चंडीगढ़ में कॉलेजों की संख्या पहले जैसी रही, लेकिन इन दोनों राज्यों में सीटों की संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई है। इस बढ़ोतरी से यह साफ होता है कि सरकार देशभर में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है, जिससे अब अधिक छात्र मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बना सकेंगे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 102

अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 750 सीटें बढ़ जाएंगी

भोपाल मध्य प्रदेश में अगले शैक्षणिक सत्र से 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, जो बुदनी, मंडला, श्योपुर, सिंगरौली और राजगढ़ में स्थापित होंगे। इन कॉलेजों में 150-150 सीटों की व्यवस्था होगी, जिससे राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 750 सीटें बढ़ जाएंगी। इसके अलावा, 12 नए प्राइवेट मेडिकल कॉलेज जिला अस्पतालों से जुड़ने के बाद स्थापित किए जाएंगे, जिससे 1200 सीटों की वृद्धि होगी। इस प्रकार, राज्य में कुल 1950 सीटों की बढ़ोतरी की संभावना है। इन नए कॉलेजों के उद्घाटन के बाद राज्य में सरकारी कॉलेजों की संख्या 21 और निजी कॉलेजों की संख्या 15 हो जाएगी, जिससे कुल 36 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो जाएंगे। इसके अलावा, 12 नए प्राइवेट कॉलेज पीपीपी मोड पर खोले जाने का प्रस्ताव है, जिसके बाद कुल मेडिकल कॉलेजों की संख्या 48 हो जाएगी। 12 जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज टीकमगढ़, बालाघाट, धार, सीधी, खरगोन, पन्ना, बैतूल, भिंड, नर्मदापुरम, देवास, मुरैना और कटनी में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इन कॉलेजों को पीपीपी मोड पर स्थापित किया जाएगा। 2003 तक राज्य में केवल 5 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन पिछले 20 वर्षों में 12 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं, और अब 12 और मेडिकल कॉलेज पीपीपी मोड पर स्थापित किए जाएंगे। इस प्रकार, राज्य में 50 मेडिकल कॉलेजों का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही 12 नए प्राइवेट कॉलेज भी खुलेंगे। जिला अस्पतालों से संबद्धता के बाद खुलने वाले निजी कॉलेजों में 1200 सीटें रहेंगी। 1950 मेडिकल सीटें बढ़ने से MBBS की पढ़ाई करने वाले छात्रों का भविष्य संवरेगा। MP में डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी। लोगों को बेहतर इलाज भी मिलेगा। 17 नए कॉलेज खुलते ही MP में कुल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 47 हो जाएगी। इन जिलों में खुलेंगे प्राइवेट मेडिकल कॉलेज बता दें कि MP में 2003 तक सिर्फ 5 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे। 20 साल में 12 नए मेडिकल कॉलेज खुले। अब एक साथ फिर 5 सरकारी और 12 निजी मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। निजी कॉलेज पीपीपी मोड पर खोले जाएंगे। कटनी, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, सीधी, खरगोन, पन्ना, बैतूल, भिंड, नर्मदापुरम्, देवास और मुरैना में निजी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। एमपी के इन जिलों में हैं मेडिकल कॉलेज बता दें कि अभी एमपी के 17 जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल, विदिशा, रतलाम, दतिया, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, सतना, सिवनी, मंदसौर और नीमच को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिल चुकी है। सरकारी कॉलेजों में मेडिकल की कुल 2180 सीटें हैं। प्राइवेट की 1950 सीटें मिलाकर कुल सीटों की संख्या 4130 है। नए कॉलेज खुलने पर टॉप-10 में आ जाएगा एमपी देशभर में सबसे ज्यादा 72 मेडिकल कॉलेज तमिलनाडु में हैं। 70 मेडिकल कॉलेज के साथ कर्नाटक दूसरे नंबर पर है। 68 मेडिकल कॉलेजों के साथ उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश फिलहाल 30 मेडिकल कॉलेज हैं। एमपी का नंबर देश में 10वां है। अगले साल 47 मेडिकल कॉलेज होने पर एमपी इस सूची में छठवें स्थान पर पहुंच जाएगा। PPP मोड पर खोले जाएंगे यह कॉलेज कटनी, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, सीधी, खरगोन, पन्ना, बैतूल, भिंड, नर्मदापुरम्, देवास और मुरैना में पीपीपी मोड पर कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। बता दें कि देश में सबसे ज्यादा मेडिकल कॉलेज तमिलनाडु (72) में हैं, इसके बाद कर्नाटक (70) और उत्तर प्रदेश (68) का स्थान है। मध्य प्रदेश में वर्तमान में 36 मेडिकल कॉलेज हैं, जो देश में 10वें स्थान पर है। लेकिन अगले साल 48 कॉलेज हो जाने से प्रदेश 6वें स्थान पर पहुंच जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25

एमपी के गुना और अशोक में पीपीपी मोड पर खुलेंगे मेडिकल कॉलेज, 75 प्रतिशत बेड पर होगा फ्री में इलाज, जानें ये क्या है

 भोपाल मध्य प्रदेश सरकार गुना और अशोक नगर जिलों में भी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए इसी माह निजी भागीदार से प्रस्ताव मंगाए जाएंगे। पिछले माह कटनी, धार, मुरैना, खरगोन, पन्ना, सीधी, बालाघाट, टीकमगढ़, भिंड और बैतूल में पीपीपी से कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। इसमें कॉलेज का संचालन करने वाले निजी भागीदार को जिला अस्पताल दिया जाएगा। वह अस्पताल का उन्नयन कर बिस्तरों की संख्या बढ़ाएगा। अपनी आय बढ़ाने के लिए 25 प्रतिशत बिस्तर प्राइवेट रख सकेगा। कॉलेज का निर्माण, संचालन और अस्पताल का संचालन वही करेगा। पहले नहीं आया था कोई निवेशक इसी वर्ष कैबिनेट में जिला अस्पतालों को निजी भागीदार को सौंपकर मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय हुआ था। सरकार ने अभी उन जिलों में पीपीपी से कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है जहां निजी या सरकारी कॉलेज नहीं हैं। सबसे पहले तीन जिलों में कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे गए पर कोई निवेशक नहीं आया था। जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे इसके बाद इन तीन को मिलाकर 10 जिलों में कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव जुलाई में मांगे गए थे। अब गुना और अशोक नगर में भी कॉलेज खोलने का प्रस्ताव मंगाने के लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी। इन जिलों के समीप के जिलों में अभी विदिशा, शिवपुरी, सागर और भोपाल में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। बता दें कि प्रदेश के अब 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज हो गए हैं, जिनमें एमबीबीएस की 2425 सीटें हैं। इसी प्रकार निजी कॉलेज 13 हैं, जिनमें एमबीबीएस की 2450 सीटें हैँ। मध्य प्रदेश के 10 जिलों में पीपीपी मोड पर खुलेंगे मेडिकल कॉलेज मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश के कई जिलों को बड़ी सौगात देने वाली है। इसके अंतर्गत चुने गए 10 जिलों में जहां अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं थे, वहां मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल का उपयोग करेगी। पीपीपी मॉडल द्वारा इन मेडिकल कॉलेजों को खोले जाने से लाखों लोगों को फायदा होगा। यह मॉडल एमपी में चिकित्सा से जुड़ी सेवाओं को ग्रामीण लोगों के लिए आसान बनाएगी। यह उन तक पहुंच के साथ साथ व्यवस्थाओं को बढ़ाने और प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में एक जरूरी कदम होगा। मोहन यादव सरकार के द्वारा मध्य प्रदेश के इन 10 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इन जिलों में कटनी, सीधी, खरगोन, पन्ना से लेकर बैतूल, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, भिंड और मुरैना के नाम शामिल हैं। इससे इन जिलों में रहने वाले लाखों लोगों को चिकित्सा जैसी मुलभुत सुविधा अच्छे स्तर पर मिल पाएगी। वहीं इनके खुलने से वहां रोजगार का सृजन भी होगा। पीपीपी मॉडल में सरकार किसी परियोजना या सेवा में निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ मिलकर काम करती है। इन मेडिकल कॉलेजों की विशेषताएं जिला अस्पताल सरकारी होगा, जबकि अन्य सुविधाएं पीपीपी मॉडल पर संचालित होंगी। इसके साथ ही इन मेडिकल कॉलेजों में 100 एमबीबीएस सीटें होंगी। इसके अलावा इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारकों को निशुल्क में इलाज मिलेगा। इन मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 75 प्रतिशत बेड गरीबों के लिए आरक्षित होंगे जहां उनका फ्री में इलाज किया जाएगा। इसके अलावा बाकी के 25 फीसदी का उपयोग पीपीपी मॉडल से जुड़ी प्राईवेट एजेंसी उपयोग किया जाएगा। इन मेडिकल कॉलेजों की फीस मध्य प्रदेश फीस विनियामक कमेटी द्वारा निर्धारित की जाएगी। क्या बोले जानकार इसे लेकर नाम न बताने की शर्त पर एक जानकार का कहना है कि मोहन सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल से प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी। जिससे प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी पाएंगी। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में निवेश के नए आयामों को बढ़ावा मिलेगा। इसमें कुछ चुनौतियां भी होगी जिसके लिए यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि गरीब मरीजों को निजी एजेंसियों द्वारा भेदभाव का सामना न करना पड़े। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 75

मध्य प्रदेश में 3 नए मेडिकल कॉलेज खुलने की तैयारी, इसी शिक्षा सत्र में होंगे शुरू, MBBS की 450 नई सीटें होंगी

भोपाल मध्य प्रदेश के तीन जिलों में तीन नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत इसी सत्र से होगी, सीएम मोहन यादव ने इस बात का ऐलान कर दिया है. ऐसे में इन जिलों के लोगों को इलाज के लिए अब दूसरे जिलों में नहीं जाना होगा. इन जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की मांग लंबे समय से चल रही थी. जिसे कैबिनेट की बैठक में पास किया गया था. ऐसे में अब इन जिलों में मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी. इन जिलों में नीमच जिला भी शामिल है. इन जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच और सिवनी जिले में इसी सत्र से मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहे हैं. नेशनल मेडिकल काउंसिल की तरफ से इन कॉलेजों के लिए 50-50 सीटों पर एडमिशन के लिए मंजूरी भी मिल गई है. यानि तीनों कॉलेजों में इसी सत्र से कुल 150 सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी. जिसके बाद प्रदेश में एमबीबीएस की कुल सीटें 2 हजार 425 हो जाएगी. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला की तरफ से बताया गया कि मंदसौर, नीमच और सिवनी में इस सत्र से कॉलेज शुरू होंगे, जबकि सिंगरौली और श्योपुर में कॉलेजों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. यानि अगले सत्र से भी प्रदेश में दो और नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इन जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाने से डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले छात्रों को तो फायदा होगा ही साथ ही जिले के लोगों के लिए इलाज के लिए भी परेशान नहीं होना पड़ेगा. सीएम ने जताई खुशी वहीं प्रदेश को एक साथ तीन मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलने पर सीएम मोहन यादव ने भी खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि यह तीनों मेडिकल कॉलेज खुलना प्रदेश के लिए खुशी की बात है. हमारा प्रयास है कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज हो. कुछ जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारियां की जा रही हैं. जल्द ही इसे भी पूरा किया जाएगा. प्रदेश के लोगों को सभी तरह की सुविधाएं मिल सके इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.  Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33