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समिति प्रबंधक ने उठाव में देरी को बताया मुख्य वजह, छत्तीसगढ़-सूरजपुर के केंद्र में आज से बंद होगी धान खरीदी

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी कर रही है. इस बीच उमेश्वरपुर धान खरीदी केंद्र में आज धान खरीदी बंद हो सकती है. समिति प्रबंधन ने जिला विपणन अधिकारी को पत्र लिखकर धान खरीदी बंद किए जाने का कारण बताया है. दरअसल, अबतक कुल 38783.20 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है. वहीं केवलं 1520 क्विंटल धान का उठाव हो सका है. कुछ धान डेनेज का स्टेक बनाकर रखा गया है. समिति का बफर लिमिट 1400 क्विंटल ही है. जहां सभी धान रखने के स्टेक फुल हो चुके हैं. समिति में जगह का अभाव होने के चलते आगे की खरीदी कर पाना संभव नहीं है. अधिकारी से धान उठाव की व्यवस्था करने की मांग की गई है. जिससे आगे धान खरीदी सुचारु रूप से की जा सके. इस संबंध में अधिकारियों को लिखा एक पत्र भी सामने आया है, जिसमें अपनी समस्या बताई गई है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 22

समिति प्रबंधकों को चेताया, छत्तीसगढ़-सूरजपुर में खाद्य मंत्री दयाल दास ने शुरू की धान खरीदी

सूरजपुर। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने सूरजपुर जिले से आज प्रदेश में धान खरीदी का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने समिति प्रबंधकों को आगाह करते हुए कहा कि अगर किसानों से सही व्यवहार नहीं किया, किसानों से धान की पलटी करवाई या उनसे धान को छल्ली लगवाया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जिला के प्रभारी व खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने समिति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें धान बेचने के लिए एक रुपया भी देने की जरूरत नहीं है. वहीं मीडिया से जुड़े लोगों से कहा कि कही कोई गड़बड़ी नजर आती है, तो उसे जरूर बताएं. इधर मंत्री टंकराम वर्मा ने आज सांकरा (तिल्दा) में धान खरीदी केंद्र का शुभारंभ किया. उन्होंने खरीदी केंद्र का निरीक्षण कर अधिकारियों से अन्नदाताओं की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, बैठने की छायादार व्यवस्था इत्यादि करने के निर्देश दिए. बता दें कि आज से राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान क्रय किया जा रहा है. इस खरीफ सीजन में धान बिक्री के लिए 27,01,109 किसानों ने पंजीयन कराया है, इनमें से 1,35,891 नए किसान शामिल हैं. कुल 34,51,729 हेक्टेयर रक्बे में पंजीयन अनुसार धान उपार्जन का अनुमान है. सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाइस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है. छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा. इसके लिए 7 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है. खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी. धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा किए गए हैं. विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है, जिसका नं. 0771-2425463 है. धान बेचने वाले किसानों को धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी. इसके अलावा समितियों में ‘‘माइक्रो एटीएम’’ की व्यवस्था भी दी जा रही है, जिससे कि किसानों को सुविधा हो. राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है, एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है. मंडी विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत जिलों में अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया है. मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित कर राइस मिल एवं उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी. इसके अलावा राज्य स्तर पर अलग-अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग करेंगे. विभागीय मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है कि राज्य स्तरीय दल आबंटित जिलों में खरीदी के दौरान कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे. प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाएगी और इस संबंध में शिकायतकर्ता को अवगत भी कराया जाएगा. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 28

14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय

चालू खरीफ विपणन वर्ष के लिए धान खरीदी आज 14 नवंबर से शुरू मुख्यमंत्री के निर्देश पर धान खरीदी की सभी आवश्यक तैयारी पूर्ण, 2739 उपार्जन केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान कर सकेंगे धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर होगी धान खरीदी राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन पर रखी जाएगी कड़ी निगरानी रायपुर राज्य में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 14 नवंबर से प्रारंभ होने जा रही है। प्रदेश के किसानों से धान खरीदी की योजना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशानिर्देश पर प्रदेश के सभी 2739 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में पंजीकृत कुषकों की संख्या 27 लाख 1 हजार 109 है। इस वर्ष 1 लाख 35 हजार 891 नये किसान पंजीकृत हुए हैं और 1 लाख 36 हजार 263 हेक्टेयर नवीन रकबों का पंजीयन किया गया है। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। इसके लिए 7 नवंबर से ही टोकन आवेदन की व्यवस्था आरंभ कर दी गई है। खरीदी सीजन में लघु एवं सीमांत कृषकों को अधिकतम 2 टोकन एवं बडे़ कृषकों को 3 टोकन की पात्रता होगी। धान खरीदी अवधि 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के दौरान किसान अपना धान खरीदी केन्द्रों में लाकर समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है। खरीदी केंद्रों में तौल हेतु इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट की व्यवस्था की गई है। खरीदी केंद्रों से धान का उठाव मिलर एवं परिवहनकर्ता के माध्यम से समयानुसार कराने के निर्देश दिये गये है। सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले किसानों को समय पर भुगतान हेतु मार्कफेड द्वारा राशि की व्यवस्था कर ली गई है। समितियों में राशि आहरण हेतु ‘‘माइक्रो एटीएम’’ की व्यवस्था भी दी जा रही है, जिससे कि किसानों को सुविधा हो। किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जायेगी। खाद्य मंत्री बघेल के निर्देश पर धान रिसाइकलिंग बोगस खरीदी पर नियंत्रित करने के लिए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय टीम द्वारा राज्य के अलग अलग संभागों में विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। मंडी विभाग द्वारा मंडी अधिनियम के तहत जिलों में अधिकृत व्यापारियों की सूची जिला प्रशासन के साथ साझा किया गया है। एनआईसी द्वारा तैयार मोबाइल एप्प के माध्यम से गिरदावरी के खसरों का पुनः सत्यापन लगातार जारी है। मार्कफेड द्वारा राज्य स्तर पर एकीकृत कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित कर राईस मिल एवं उपार्जन केन्द्रों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग करेंगे। विभागीय मंत्री द्वारा निर्देशित किया गया है कि राज्य स्तरीय दल आबंटित जिलों में खरीदी के दौरान कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे। प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाएगी और की गई कार्यवाही के संबंध में अवगत भी कराया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 54

आयुक्त सहकारिता ने अधिकारियों की ली वर्चुअल बैठक, छत्तीसगढ़ में कल से होगी धान खरीदी

रायपुर. चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश के परिपालन में सभी जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड और खाद्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां तेजी पूरी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने को भी कहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा ने सहकारिता विभाग के राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की संयुक्त वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने जिला पंजीयक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को धान खरीदी की अग्रिम तैयारियों के संबंध में कडे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी तथा बैंक धान खरीदी के संबंध में अपनी जिम्मेदारी को समयानुसार पूरा करें। धान उपार्जन केन्द्रों से बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार स्थान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। धान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त डनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। धान बेचने के लिए केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सहकारिता आयुक्त शर्मा ने सभी समितियों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने के लिए उचित जगह का चयन करने को कहा ताकि संपूर्ण परिसर कवर हो सके। उन्होंने ट्रायल रन के साथ-साथ सभी अग्रिम तैयारी 12 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को धान खरीदी नीति अनुसार स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की  अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। सहकारिता आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को बैंकों में उपलब्ध माइक्रो एटीएम समितियों को उपलब्ध कराने को कहा ताकि किसानों को इससे राशि आहरण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को सभी समितियों में भ्रमण कर वहां की व्यवस्था का मुआयना करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से लेकर 31 जनवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जाएगा। इस अवधि में व्यवस्था से जुड़े अधिकारी न तो अनावश्यक रूप से अवकाश पर जाएंगे न ही मुख्यालय से बाहर रहेंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

सहकारिता आयुक्त ने अधिकारियों की ली वर्चुअल बैठक, छत्तीसगढ़ में ट्रायल रन पूराकर धान खरीदी 14 नवंबर से

रायपुर. चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश के परिपालन में सभी जिलों में कलेक्टरों के मार्गदर्शन में सहकारिता, मार्कफेड और खाद्य विभाग द्वारा सभी तैयारियां तेजी पूरी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों को धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने को भी कहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में सहकारिता आयुक्त कुलदीप शर्मा ने सहकारिता विभाग के राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की संयुक्त वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने जिला पंजीयक और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को धान खरीदी की अग्रिम तैयारियों के संबंध में कडे निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी तथा बैंक धान खरीदी के संबंध में अपनी जिम्मेदारी को समयानुसार पूरा करें। धान उपार्जन केन्द्रों से बारदानों की व्यवस्था, फड़, चबूतरा, पीने का पानी, किसानों के बैठने की छायादार स्थान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। धान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त डनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। धान बेचने के लिए केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सहकारिता आयुक्त शर्मा ने सभी समितियों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने के लिए उचित जगह का चयन करने को कहा ताकि संपूर्ण परिसर कवर हो सके। उन्होंने ट्रायल रन के साथ-साथ सभी अग्रिम तैयारी 12 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को धान खरीदी नीति अनुसार स्टेक लगाने, सभी समितियों को उचित संख्या में ही टोकन जारी करने के निर्देश दिए। मौसम खराब होने अथवा बारिश होने की स्थिति में किसी तरह की  अव्यवस्था उत्पन्न न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए।सहकारिता आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को बैंकों में उपलब्ध माइक्रो एटीएम समितियों को उपलब्ध कराने को कहा ताकि किसानों को इससे राशि आहरण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को सभी समितियों में भ्रमण कर वहां की व्यवस्था का मुआयना करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से लेकर 31 जनवरी 2025 तक समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जाएगा। इस अवधि में व्यवस्था से जुड़े अधिकारी न तो अनावश्यक रूप से अवकाश पर जाएंगे न ही मुख्यालय से बाहर रहेंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33

अब तक 10 FIR दर्ज, छत्तीसगढ़-मुंगेली में धान खरीदी में ढाई करोड़ का गबन

मुंगेली। जिले में धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों पर प्रशासन का डंडा चल रहा है, जिससे सहकारिता विभाग में हड़कंप मच गया है. दरअसल जिले में धान शॉर्टेज के नाम पर गबन का जो खेल है वो कोई नया नहीं बल्कि पुराना है. कुछ समितियों में कुछ हद तक वास्तविकता में शॉर्टेज की स्थिति निर्मित होती है, जो प्राकृतिक रूप से होता और यह भौतिक सत्यापन में क्लियर भी हो जाता है कि धान में कमी कैसे आई, लेकिन कुछ समितियों में शॉर्टेज के नाम पर जानबूझकर लाखाें-करोड़ों रुपए का धान गबन कर व्यारा न्यारा कर दिया जाता है. जानकारों का कहना है कि जिला स्तर पर विभागीय अफसरों द्वारा जब दोषियों पर कार्रवाई की जाती है तो संभागीय कार्यालयों या फिर कोर्ट से राहत पा जाते हैं. इसके पीछे की बड़ी वजह है धान खरीदी को लेकर शासन स्तर पर बनाई गई गाइडलाइन और अनुबंध, जिसे समय और परिस्थितियों के अनुसार न सिर्फ बदलने की जरूरत है बल्कि टाइट करने की भी जरूरत है, ताकि दोषी कर्मचारियों को बचने का मौका न मिल सके. बताते हैं कि धान खरीदी में त्रिस्तरीय अनुबंध लचीला होने के चलते शॉर्टेज की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रहा है, लेकिन मुंगेली जिले में इस बार जिस तरीके से प्रशासन और पुलिस का धान खरीदी में आर्थिक रूप से अनियमितता करने वालों पर डंडा चल रहा है उससे हड़कंप मचा हुआ है. पहले एफआईआर तक ही मामला सीमित रहता था और कोर्ट के सहारे मामले शिथिल हो जाते थे, लेकिन इस बार कलेक्टर राहुल देव ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का डंडा इस कदर चलाया कि दोषियों को जेल भी जाना पड़ रहा है. दरअसल जिले के 60 से ज्यादा धान उपार्जन केंद्रों में करीब 60 हजार क्विंटल धान अब भी रिकॉर्ड में धान उपार्जन केंद्रों में रखा हुआ है, जो भौतिक सत्यापन में नजर नहीं आ रहा है. यह धान खरीदी कार्य में अनियमितता की पराकाष्ठा पार है. इधर 15 नवम्बर से धान खरीदी शुरू होने को है. ऐसे में प्रशासनिक एक्शन की रफ़्तार काफी तेज हो गई है. अब पढ़िए सिलसिलेवार धान अनियमितता का मामला और उस पर हुई कार्रवाई. 55 लाख रुपए का धान गबन धान उपार्जन केन्द्र विचारपुर, जुनवानी और सिंघनपुरी धान खरीदी केंद्र में 55 लाख रुपए से अधिक राशि के गबन के मामले में कलेक्टर राहुल देव एवं पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. संबंधित केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध आईपीसी की धारा 420 और 409 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है. कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शासन को वित्तीय क्षति पहुंचाने वालों के विरूद्ध जिला प्रशासन सख्त है. नियमानुसार वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी. वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि धान खरीदी में गबन के मामले में संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. भौतिक सत्यापन में क्या मिल रहा ? गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी में किसी तरह की अनियमितता होने से रोकने के लिए कलेक्टर द्वारा जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर खरीदी केंद्रों की समय-समय पर जांच/भौतिक सत्यापन कराया गया, जिसमें विचारपुर धान उपार्जन केंद्र में केंद्र प्रभारी वेदप्रसाद गबेल द्वारा 18 लाख 72 हजार रुपए से अधिक राशि के लगभग 604 क्विंटल मोटा धान का गबन किया गया. इसी तरह पथरिया विकासखंड के धान खरीदी केंद्र जुनवानी में खरीदी वर्ष 2023-24 में किसानों से कुल 69,797 क्विंटल धान खरीदी की गई, जिसमें से 52,331 क्विंटल धान का परिदान हुआ. भौतिक सत्यापन करने पर उपार्जन केंद्र में केवल 17,109 क्विंटल धान बचा हुआ था, शेष लगभग 356 क्विंटल धान का केन्द्र प्रभारी भीखम वर्मा द्वारा हेराफेरी करते हुए गबन किया गया, जिसकी कीमत 11 लाख रुपए से अधिक है. लालपुर थाना अंतर्गत उपार्जन केंद्र सिंघनपुरी में खरीदी केंद्र प्रभारी होरीलाल जायसवाल के द्वारा 25 लाख 37 हजार रूपए से अधिक की राशि के लगभग 818 क्विंटल से अधिक धान का गबन किया गया. सहायक आयुक्त सहकारिता विभाग हितेश श्रीवास ने बताया कि कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मैनेजर और सुपरवाइजर द्वारा धान खरीदी में गबन के मामले पर तीनों केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराया गया है. उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में अब तक ढ़ाई करोड़ से अधिक की राशि का धान के गबन के मामले पर कार्रवाई की जा चुकी है. धान खरीदी में अनियमितता के मामले में पिछले वर्ष और इस वर्ष मिलाकर अब तक कुल 10 एफआईआर कराया जा चुका है. छटन और गुरूवाईनडबरी में भी धान खरीदी में गबन मामले में कार्रवाई हुई थी. बता दें कि एक माह के भीतर लोरमी विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र गुरूवाइनडबरी एवं मुंगेली विकासखण्ड के छटन में भी अनियमितता के मामले में भी बड़ी कार्रवाई की गई थी. गुरूवाईडबरी में आरोपी रामदास बंजारे ने धान खरीदी केंद्र प्रभारी रहते हुए फर्जीवाड़ा कर शासन को लगभग 91 लाख 68 हजार से अधिक का आर्थिक नुकसान पहुंचाने पर गिरफ्तार किया गया. रामदास बंजारे द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान खरीदी के दौरान बेईमानीपूर्वक 25 सौ क्विंटल से अधिक धान का गबन किया गया था. इसके साथ ही किसानों से खरीदे गए धान में से 600 बोरी धान को बेईमानीपूर्वक बिक्री करने के लिए श्याम राईस प्रोडक्ट बरेला के ट्रक क्रमांक सीजी 12 एस 2108 में लोड कराया गया था. इसी तरह धान उपार्जन केंद्र छटन में 49 लाख 04 हजार रुपए से अधिक कीमत का कुल 1582 क्विंटल धान कम पाया गया था. जांच में खरीदी प्रभारी पूर्णेंद्र यादव द्वारा गबन एवं धोखाधड़ी करते हुए शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया, जिसके बाद फरार चल रहा था, जिसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई की गई. 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