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अथोस सैलोम ने बड़ी भविष्यवाणी की उन्होंने कहा है कि तीसरा विश्व युद्ध करीब है और जल्द ही शुरू होगा

ब्रासीलिया  ब्राजील के अथोस सैलोम ने तीसरे विश्व युद्ध के बारे में बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि तीसरा विश्व युद्ध करीब है और जल्द ही शुरू सकता है। 'जीवित नास्त्रेदमस' कहे जाने वाले अथोस सैलोम ने ये दावा भी किया है कि तीसरा विश्व युद्ध पारंपरिक जंग की शक्ल में नहीं होगा। यह पहले और दूसरे विश्व युद्ध के उलट तकनीक के दम पर लड़ा जाएगा। तीसरा विश्व युद्ध एक तरह का साइबर युद्ध होगा, जिसमें पूरी दुनिया शामिल होगी। ये बड़े नुकसान की वजह बनेगा और इससे वैश्विक व्‍यवस्‍था तबाह हो जाएगी। ब्राजील के 36 साल के सैलोम एक पैरासाइकॉलोजिस्ट हैं। दावा किया जाता है कि उन्होंने कोविड महामारी के आने, एलोन मस्क के ट्विटर खरीदने और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मौत के बारे में पहले ही बता दिया था और उनकी भविष्यवाणी स ही साबित हुई थी। डेली स्टार के अनुसार, अब अपने नए दावे में सैलोम ने कहा है, 'तीसरा विश्व युद्ध मैदान पर ना होकर तकनीकी होगा। ऐसा लगता है कि यह ऑनलाइन लड़ा जाएगा।' 'ये मशीनों का युद्ध होगा' सैलोम का मानना है कि आने वाले विश्व युद्ध सिर्फ इंसानों का युद्ध नहीं बल्कि मशीनों का युद्ध होगा। अथोस सैलोम ने एक विशाल उल्कापिंड के खतरे, पश्चिम एशिया और रूस में चल रहे संघर्षों में पश्चिमी देशों की भागीदारी पर को लेकर भी चिंता जताई है। रूस ने यूक्रेन के खिलाफ आक्रामकता के नए स्तर छू लिए हैं। ये लड़ाई के बढ़ने का एक संकेत है। इससे आने वाले समय में दुनिया को एक नए खतरे का सामना करना पड़ सकता है। एथोस सैलोम ने आगे कहा, 'रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव कह रहे हैं कि रूस किसी भी उपाय से अपनी रक्षा के लिए तैयार है। इस तरह के बयान और युद्ध में उच्च तकनीक वाले उपकरणों का इस्तेमाल संघर्ष के बढ़ने का संकेत देते हैं। संघर्ष में उच्च तकनीकी उपकरणों का आना भी युद्ध को भीषण होने के संकेत देते हैं।' युद्ध या किसी भी संबंध में किसी भविष्यवाणी का सच होना एक इत्तेफाक ही माना जाता है लेकिन ऐसे दावे सावधान करने के लिए काफी हैं। खासतौर से आज के वक्त में ये अहम हैं क्योंकि दुनियाभर में तनाव बढ़ रहा है। सैलोम के बारे में तो ये भी दावा है कि पूर्व में कुछ मौकों पर उनकी भविष्यवाणियां सच साबित हुई हैं, जिससे उनको लोकप्रियता मिली। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 54

देश कैसे तय करते हैं कि युद्ध करना है या नहीं? क्या ये देश शुरू कर चुके हैं तीसरा World War?

नईदिल्ली इन दिनों इजरायल चौथरफा युद्ध लड़ रहा है वहीं रूस और यूक्रेन युद्ध भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में कई लोग तीसरे विश्व युद्ध की संभावना जता रहे हैं, लेकिन इसे लेकर भी कई सवाल उठते हैं कि क्या सच में तीसरा विश्व युद्ध होना इतना आसान है? क्या विश्व युद्ध में कई देश आपस में लड़ते हैं तभी शुरु माना जाता है और विश्व युद्ध होने की परिस्थितियां क्या होती हैं. चलिए इन सवालों के जवाब जान लेते हैं. क्या होते हैं विश्व युद्ध के कारण? विश्व युद्ध कई कारणों से शुरू हो सकते हैं. जैसे राष्ट्रवाद यानी अपने देश के प्रति अत्यधिक लगाव और अन्य देशों के प्रति घृणा. जब राष्ट्रवाद चरम पर पहुंच जाता है तो युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है. या फिर एक शक्तिशाली देश दूसरे देशों पर अपना अधिकार जमाना चाहता है, तो इससे युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है. इसके अलावा देशों के बीच आर्थिक प्रतिस्पर्धा भी युद्ध का कारण बन सकती है. साथ ही धार्मिक मतभेद भी युद्ध का कारण बन सकते हैं और किसी देश में राजनीतिक अस्थिरता होने पर पड़ोसी देशों में भी अशांति फैल सकती है और युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है. क्या विश्व युद्ध में हर देश को भाग लेना होता है? नहीं, हर देश को विश्व युद्ध में भाग लेना जरूरी नहीं होता है. कई बार देश तटस्थ रहने का फैसला करते हैं, लेकिन अगर कोई देश किसी युद्ध में शामिल हो जाता है तो उसके पड़ोसी देशों पर भी युद्ध का असर पड़ सकता है. विश्व युद्ध के होते हैं ये भयानक परिणाम विश्व युद्ध के परिणाम बहुत ही विनाशकारी होते हैं. इसमें लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं. युद्ध से देशों की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचता है. साथ ही युद्ध से समाज में अस्थिरता फैल जाती है और युद्ध के बाद देशों के राजनीतिक नक्शे में बदलाव आ सकता है.         अगर नाटो-यूक्रेन हमला करते हैं तो रूस क्या करेगा? तो रूस के पास क्या-क्या विकल्प हैं. – रूस मार्शल लॉ लगाकर अपने टारगेट्स को यूक्रेन तक पहुंचा दे. इसके बाद यूक्रेन के कई शहर गाजा की तरह दिखने लगेंगे. इसके लिए रूस टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन यानी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है. – यमन के हूती और अन्य विद्रोही-आतंकी संगठनों को एडवांस हथियार देकर जंग में शामिल करे. इन लड़ाकों के जरिए रूस यूक्रेन और नाटो की सेना पर हमला करे. इससे यूक्रेन और नाटो के बीच Chaos पैदा होगा. – तीसरा रास्ता है रूस के ऊपर घूम रहे दुश्मन के सैटेलाइट्स को मार गिराया जाए. जिसमें अमेरिकी रईस एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के स्टारलिंक सैटेलाइट्स भी हैं. – चौथा रास्ता है कि रूस नाटो के बाल्टिक और रोमानिया में मौजूद हथियार डिपो और लॉजिस्टिक्स पर हमला करके उसे बर्बाद कर दे. एक तरीका हो सकता है साइबरअटैक का. जिससे नाटो और यूक्रेन परेशान हो सकते हैं. परमाणु परीक्षण कर सकता है रूस ये भी सुनने में आ रहा है कि रूस इस समय एक परमाणु परीक्षण करने की तैयारी में है. ये परीक्षण उसकी अपनी जमीन पर होगा. लेकिन कहां और कब इसका खुलासा नहीं हुआ है. यह परीक्षण किसी भी समय हो सकता है. यह पश्चिमी देशों को अपनी ताकत दिखाने का एक तरीका है, ताकि जंग को रोका जा सके. अमेरिका में मौजूद रूस के एंबेसडर ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ये दूसरा विश्व युद्ध नहीं है कि अमेरिकी पनडुब्बियां पानी के अंदर से आकर अचानक हमला कर देंगी. न उसमें छिप पाएंगी. हम हर जगह से नजर रखे हुए हैं. अगर अमेरिका या नाटो ने हमला किया तो हम परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं. रूस समंदर के अंदर खोज रहा है इंटरनेट केबल नाटो ने कहा है कि रूस इस समय समंदर के अंदर मौजूद इंटरनेट केबल्स को खोज रहा है. नाटो को लगता है कि रूस इन केबल्स पर हमला करना चाहता है. अगर रूस इन केबल्स को काटता है तो इसका असर पश्चिमी देशों समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.     इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है. ईरान शांत बैठा है लेकिन वह अपने समर्थन वाले आतंकी समूहों से इजरायल पर ताकतवर हमला करवा रहा है.  ईरान और अमेरिका के तनाव ने मध्य पूर्व में शांति को खतरे में डाल दिया है. उत्तर कोरिया की बढ़ती गतिविधियां उत्तर कोरिया लगातार अपनी मिसाइलों की ताकत बढ़ा रहा है. उनके परीक्षण कर रहा है. उसे चीन और रूस का समर्थन हासिल है. वह भी यूक्रेन को हराने में रूस का साथ दे रहा है. साथ ही यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह सीधे तौर पर रूस के साथ खड़ा होगा. रूस के दुश्मन से जंग लड़ने को तैयार है. अक्सर ही तानाशाह किम जोंग उन अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइलों की धमकी देता रहता है. चीन ताइवान पर घुसपैठ की तैयारी में लगा चीन ताइवान से सिर्फ 350 किलोमीटर दूर एक बड़े पैमाने का एंफिबियस ऑपरेशन कर रहा है. मकसद है ताइवान पर घुसपैठ. इसमें चीन की सेना, वायुसेना और नौसेना के जवान शामिल हैं. फाइटर जेट्स, ड्रोन्स, हेलिकॉप्टर्स, जंगी जहाज, टैंक्स, बख्तरबंद गाड़ियां और सिविलियन नावें भी शामिल की गई हैं. इस मिलिट्री एक्सरसाइज की वजह से इलाके में तनाव है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक … Read more