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दिल्ली में ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग से कमर्शियल वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार शहर में पांच जगहों पर ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर खोलने जा रही है। ये सेंटर नॉर्थ, नॉर्थवेस्ट, वेस्ट, साउथ और साउथ-ईस्ट दिल्ली में खुलेंगे। इससे कमर्शियल गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट ऑटोमेटेड तरीके से हो सकेगा। अभी सिर्फ झुलझुली में एक ही ऑटोमेटेड सेंटर है। इससे सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। बुराड़ी में मैन्युअल टेस्टिंग होती है। नए सेंटर खुलने से लाइट और हैवी कमर्शियल गाड़ियों को फायदा होगा। अब इन गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट ऑटोमेटेड सेंटर पर ही कराना जरूरी कर दिया गया है। सुरक्षा के लिए अहम कदम ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने इन सेंटर्स को चलाने के लिए ऑपरेटर से एप्लीकेशन मांगे हैं। कोई भी व्यक्ति, कंपनी या संस्था इसके लिए आवेदन कर सकती है। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि ऑटोमेटेड सेंटर से फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए सिस्टम में हेरफेर की आशंका कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए यह एक अहम कदम है क्योंकि सड़कों पर चलने वाले अनफिट वाहन हादसों का एक बड़ा कारण हैं। ज्यादा सख्त और पारदर्शी फिटनेस टेस्टिंग प्रक्रिया लागू करके सरकार सड़कों पर अनफिट वाहनों की संख्या कम करना चाहती है। हाल के दिनों में भारत में अनफिट कमर्शियल वाहनों से होने वाले हादसों में बढ़ोतरी हुई है और वित्तीय वर्ष 2022-23 में हुए 1.9 लाख सड़क हादसों में से लगभग 40% ऐसे वाहनों की वजह से हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि कॉन्सेसनेयर को ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को गाड़ियों के नंबरों के साथ किए गए टेस्ट की संख्या भी बतानी होगी। उन्होंने कहा कि ऑपरेटर को सेंटर पर निरीक्षण के दौरान गाड़ी का 30 सेकंड का वीडियो भी देना होगा। कैसे होगा पूरा काम, हर एक बात जानिए डिपार्टमेंट की ओर से जारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) में लिखा है कि प्रत्येक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर परिवहन विभाग, GNCTD द्वारा एक मोटर वाहन निरीक्षक या समान योग्यता वाले सरकारी अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया जा सकता है, जो पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार होंगे। हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की मान्यता, विनियमन और नियंत्रण, ऑटोमेटेड उपकरणों के माध्यम से वाहनों की फिटनेस के परीक्षण और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रियाओं को अधिसूचित किया है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि चयनित आवेदक अनुबंध अवधि के दौरान केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार वाहन फिटनेस परीक्षण करने की निर्दिष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए नागरिक से वाहन निरीक्षण शुल्क वसूल करेगा, एकत्र करेगा और विनियोजित करेगा। अधिकारी ने आगाह किया कि विभाग को गलत सूचना देने या भारत सरकार और समय-समय पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित नीति, नियमों, दिशानिर्देशों में निर्देशों का पालन न करने का कोई भी प्रयास समाप्ति और अनुबंध या लाइसेंस को रद्द करने का आधार हो सकता है। किसी भी एकल आवेदक को अधिकतम दो ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन क्षेत्रों से सम्मानित किया जा सकता है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 57

अब प्रदेशभर के अस्पतालों में ऐसी मशीनों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा, जो धूल खा रही

भोपाल मध्य प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में ऐसी सैकड़ों मशीनें हैं, जिनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। ये मशीनें कमरों में पड़ी धूल खा रही हैं। कई जगह वजह यह बताई जा रही है कि नया बजट मिलने के कारण नई मशीन खरीद ली गई है और अच्छी-भली मशीन को पुरानी बताकर उसे बंद कर दिया गया। इस स्थिति को देखते हुए अब प्रदेशभर के अस्पतालों में ऐसी मशीनों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। यानी उद्देश्य यह कि जिन अस्पतालों में इनकी जरूरत है, वहां स्थानांतरित किया जाएगा। अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों से मांगी मशीनों की जानकारी भोपाल से चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों को पत्र भेजकर अस्पतालों में उपलब्ध तथा काम नहीं आ रहीं सभी मशीनों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि किन मशीनों की कहां आवश्यकता है। छोटे शहरों के अस्पतालों में काम आ सकेंगी ये मशीनें यह जानकारी मिलने के बाद जहां मशीनें बेकार पड़ी हैं, उन्हें वहां भेजा जाएगा, जहां उसकी आवश्यकता है। इससे प्रदेश के बड़े शहरों के मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों में धूल खा रही मशीनें छोटे शहरों के अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों में काम आ सकेंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि मशीनों को संचालित करने के लिए जो भी उपकरण लगते हैं, उन्हें पहले से ही खरीद लें ताकि मरीजों को असुविधाओं का सामना न करना पड़े। साथ ही डॉक्टरों के लिए निर्देश हैं कि सीटी स्कैन और एमआरआई के प्रिस्क्रिप्शन स्पष्ट लिखे जाएं। कई अस्पतालों में मशीनों की आवश्यकता मध्य प्रदेश के कई अस्पतालों में मशीनों की आवश्यकता है। खासतौर पर जो नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं, वह कम संसाधनों के बीच संचालित हो रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों को महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की आवश्यकता है। बजट की कमी के कारण ग्रामीण अस्पताल नहीं खरीद पा रहे मशीन बजट की कमी के चलते ग्रामीण अस्पताल इन्हें खरीद नहीं पा रहे हैं। ऐसे में बड़े शहरों के अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में काम नहीं आ रहीं मशीनों को वहां स्थानांतरित किया जाएगा, जहां उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इससे उन क्षेत्रों के मरीजों को सुविधाएं मिलने लगेंगी। अभी सुविधा के अभाव में कई जांचों के लिए मरीजों को बड़े शहरों में आना पड़ता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 50

जलवायु परिवर्तन से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है : शोध

नई दिल्ली जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली अत्यधिक गर्मी और उमस अमेजन वर्षावन की ग्रीनहाउस गैस मीथेन को सोखने की क्षमता में 70 फीसदी कमी ला सकती है। ब्राजील स्थित साओ पाउलो विश्वविद्यालय के हालिया शोध में यह दावा किया गया है। शोधकर्ताओं ने कहा कि गर्म जलवायु के कारण दक्षिण अमेरिका के अमेजन वर्षावन के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश होने, जबकि कुछ में सूखा पड़ने का अनुमान है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की उसकी क्षमता प्रभावित हो सकती है। “पृथ्वी के फेफड़े” कहलाने वाले अमेजन वर्षावन का अधिकांश भाग ब्राजील में है, जबकि कुछ हिस्सा पेरू, कोलंबिया, इक्वाडोर और अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों में पड़ता है। इन वर्षावनों को हवा में मौजूद ग्रीनहाउस गैसों को सोखने के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। शोधकर्ता ने कहा कि हालांकि, अमेजन वर्षावन का 20 फीसदी हिस्सा साल के लगभग छह महीने बाढ़ग्रस्त रहने के कारण मीथेन का उत्सर्जन करता है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों को सोखने की उसकी क्षमता प्रभावित होती है। अध्ययन के नतीजे एक पत्रिका में प्रकाशित किए गए हैं। पूर्व में हुए कुछ अध्ययनों से पता चला है कि वैश्विक स्तर पर आर्द्रभूमि से होने वाले कुल मीथेन उत्सर्जन में अमेजन वर्षावन के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों की लगभग 30 फीसदी हिस्सेदारी होती है। प्रमुख शोधकर्ता जूलिया गोंटिजो ने कहा, “भले ही यह पहले भी देखा चुका है कि वायु तापमान और मौसमी बाढ़ जैसे कारक ऐसे क्षेत्रों में मीथेन के प्रवाह पर असर डालने वाले सूक्ष्मजीव समुदायों की आबादी को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन और अनुमानित चरम मौसम परिस्थितियों के संदर्भ में हमें क्या उम्मीद करनी चाहिए?” शोध के लिए शोधकर्ताओं ने अमेजन के दो बाढ़ग्रस्त क्षेत्र और ऊंचाई वाले एक वन क्षेत्र से मिट्टी के नमूने लिए, जो मीथेन को अवशोषित करने के लिए जाने जाते हैं। इन नमूनों को अत्यधिक तापमान (27 डिग्री सेल्सियस और 30 डिग्री सेल्सियस) और तेज उमस के संपर्क में रखा गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि ऊंचाई वाले वन क्षेत्र से प्राप्त मिट्टी के नमूनों में गर्म और शुष्क परिस्थितियों में मीथेन सोखने की क्षमता में 70 फीसदी की कमी आई, जबकि भारी वर्षा की स्थिति में मीथेन उत्पादन में वृद्धि हुई, क्योंकि मिट्टी अत्यधिक उमस को झेलने में सक्षम नहीं थी। उन्होंने कहा, “ऊंचाई वाले वन क्षेत्र में शुष्क परिस्थितियों में तापमान में वृद्धि के साथ (मीथेन) अवशोषण की क्षमता में औसतन 70 प्रतिशत की कमी देखी गई।” गोंजिटो के मुताबिक, इसका मतलब यह है कि बाढ़ क्षेत्र का माइक्रोबायोम (किसी क्षेत्र में पाई जाने वाली सूक्ष्म जीवों की आबादी) खुद को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ढाल सकता है, लेकिन ऊंचाई वाले वन क्षेत्रों का माइक्रोबायोम इसके प्रभावों के प्रति संवेदनशील है, जिससे भविष्य में अमेजन वर्षावन की ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अवशोषण की क्षमता प्रभावित हो सकती है।     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 45

साल में तीसरी बार होगा Nursing exam, अब सत्र 2022-2023 के छात्रों को मौका

जबलपुर नर्सिंग के पिछड़े सत्र को पटरी पर लाने के लिए मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय इस वर्ष तीसरी बार संबंधित संकाय की मुख्य परीक्षा कराएगा। सत्र 2020-21 और 2021-22 के बाद अब सत्र 2022-23 की परीक्षा होगी। ये सभी परीक्षाएं नर्सिंग प्रथम वर्ष की हैं। नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े की जांच एवं कार्यवाही में यह परीक्षाएं अटकी हुई थीं। सत्र 2022-23 की परीक्षा वर्षांत तक आयोजित की जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय ने तैयारियां आरंभ कर दी है। संबंधित सत्र के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए शीघ्र ही नामांकन प्रक्रिया होगी। नामांकन प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन कंपनी को व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किया जा चुका है। संबंधित सत्र में स्नातक और स्नातकोत्तर नर्सिंग पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में 25 हजार विद्यार्थी हैं। इसी सप्ताह खुलेगा पोर्टल मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ने सत्र 2022-23 में प्रवेशित छात्रों के लिए इस वर्ष अगस्त माह में नामांकन प्रक्रिया करने की योजना बनाई थी। तभी सत्र 2021-22 की नामांकन प्रक्रिया भी संचालित थी। इस वर्ष की तीन परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थी सत्र     विद्यार्थी     विद्यार्थी 2020-21     मई     30 हजार 2021-22     सितंबर     10 हजार 2022-23     दिसंबर     25 हजार दो सत्र की प्रक्रिया एक साथ होने के कारण समस्या हो सकती थी। सुचारु नामांकन के लिए तब प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। सत्र 2021-22 की परीक्षा गत माह हो चुकी है। इससे सत्र 2022-23 के नामांकन की बाधा दूर हो गई है। संबंधित सत्र के नामांकन के लिए इसी सप्ताह पोर्टल खोलने की तैयारी है। करीब 45 हजार आंसर शीट्स का मूल्यांकन मध्य प्रदेश में नर्सिंग की अब तक तीन परीक्षा हो चुकी हैं। इसके पहले 2019-2020 के थर्ड ईयर की रुकी हुई परीक्षा मई महीने में हुई थी। इधर मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय एमएससी, पीबीएससी और बीएससी परीक्षाओं के मूल्यांकन में जुट गया है। इन परीक्षाओं की करीब 45 हजार आंसर शीट्स का मूल्यांकन किया जाना है। मूल्यांकन कार्य कराया जा रहा है     नर्सिंग की आयोजित परीक्षाओं के परिणाम शीघ्र घोषित करने के प्रयास है। अभी मूल्यांकन कार्य कराया जा रहा है। सत्र 2022-23 की परीक्षा की योजना पर भी कार्य कर रहे है। – डॉ. सचिन कुचिया, परीक्षा नियंत्रक, मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 37

20 अक्टूबर करवा चौथ 80 साल बाद गजकेसरी योग में मानेगा

 हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए और कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत को कठोर व्रत में से एक माना जाता है, क्योंकि इसे निर्जला रखा जाता है। रात को चंद्रमा देखने के बाद ही व्रत खोलते हैं। इस साल करवा चौथ का व्रत 20 अक्टूबर को रखा जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर काफी दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिससे कई राशियों की किस्मत चमक सकती है। बता दें कि अबकी बार करवा चौथ के दिन गजकेसरी, महालक्ष्मी के साथ शश, समसप्तक, बुधादित्य, जैसे राजयोगों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में कुछ राशि के जातकों की किस्मत चमक सकती है। आइए जानते हैं करवा चौथ पर बन रहे शुभ योगों से किन राशियों की चमक सकती है किस्मत… ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अबकी बार सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह शुक्र की राशि तुला में है। ऐसे में बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शुक्र के वृश्चिक राशि में आने वह गुरु के साथ मिलकर समसप्तक योग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा शनि अपनी राशि कुंभ में रहकर शश राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा चंद्रमा वृषभ राशि में गुरु के साथ युति करके गजकेसरी और मिथुन राशि में मंगल के साथ युति करके गजकेसरी राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। वृषभ राशि (Vrishabha Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन काफी खास जाने वाला है। इस राशि के जातकों को हर क्षेत्र में सफलता के साथ-साथ धन लाभ हो सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ-साथ परिवार के साथ खुशनुमा वक्त बीतेगा। इस राशि के जातकों के ऊपर बुध, शुक्र, शनि के साथ-साथ मंगल ग्रह की विशेष कृपा हो सकती है। ऐसे में इस राशि के जातकों द्वारा किए गए कामों की सराहना हो सकती है। वाहन, संपत्ति आदि खरीदने की चाह पूरी हो सकती है। स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। कन्या राशि (Kanya Zodiac) कन्या राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन लाभकारी सि्द्ध हो सकता है। इस राशि के जातकों हर क्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है। लंबे समय से चली रही पैसों की तंगी से निजात मिल सकता है। संतान की ओर से भी कोई खुशखबरी मिल सकती है। इसके साथ ही आपकी भी थोड़ी सी टेंशन कम होगी। वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। इसके साथ ही अविवाहितों को शादी का प्रस्ताव आ सकता है। सरकारी नौकरी पाने के भी चांसेस तेजी से बन रहे हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। स्वास्थ्य ही अच्छा रहने वाला है। तुला राशि (Tula Zodiac) इस राशि के जातकों के लिए भी करवा चौथ काफी खुशियां लेकर आने वाला है। एकाग्रता में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही बौद्धिक क्षमता अच्छे होने के कारण आप कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। भविष्य के लिए लिया गया ये निर्णय आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है। छात्रों के लिए भी ये अवधि लाभकारी सिद्ध हो सकती है। पढ़ाई में मन लगेगा। परिवार के साथ अच्छा वक्त बीतेगा। जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। कार्यस्थल पर वरिष्ठों और सहकर्मियों का साथ मिलेगा, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल हो सकते हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 38

16 करोड़ रुपये की लागत से ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने की योजना, राजस्व में होगी वृद्धि

खंडवा टूरिज्म के लिहाज से बड़ी खबर है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) बोट क्लबों सहित वॉटर टूरिज्म की उन सभी जगहों को विकसित कर रहा है, जहां टूरिस्ट को आकर्षित किया जा सकता है. इसी सिलसिले में कॉर्पोरेशन ने ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें मिनी क्रूज, पैरासिलिंग और मैकेनिकल बोट चलाने की योजना बनाई जा रही है. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 16 करोड़ रुपये है. अधिकारी बताते हैं कि सरकार को वित्तीय वर्ष 2023-24 में बोट क्लब से 6 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. इनके दोबारा बनने से राजस्व में वृद्धि हो सकती है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) के अधिकारियों ने बताया कि हमने प्रदेश की कई जगहों पर नए बोट क्लबों की स्थापना के साथ-साथ पहले से स्थापित जगहों को और खूबसूरत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है. ताकि, टूरिस्ट को प्रदेश के टूरिज्म स्पॉट पर और ज्यादा सुविधाएं मिल सकें. हमने नए वॉटर टूरिज्म के नए केंद्रों को स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है. गौरतलब है कि, ओंकारेश्वर में पहले से ही छोटा सा बोट क्लब है. इसमें चार स्पीड बोट चलाई जाती हैं. इन्हें एक साल पहले यहां लाया गया था. अब इसे और विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है. यह है पूरा प्रस्ताव अधिकारी बताते हैं कि ओंकारेश्वर में हमने पैरासेलिंग बोट चलाने का प्रस्ताव दिया है. इससे एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए नया केंद्र होगा. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि टूरिस्ट को यहां तक लाने के लिए कई सुविधाओं और गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है. हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि डीजल की जगह इलेक्ट्रिकल-सोलर ऊर्जा की इस्तेमाल किया जाए. दूसरे डैम भी होंगे विकसित इसके अलावा कॉर्पोरेशन गंभीर डैम और सरसी बोट को भी विकसित किया जाएगा. उज्जैन के गंभीर डैम में भी मिनी क्रूज, इलैक्ट्रिक बोट और शिकारा चलाया जाएगा. इंदौर क्षेत्र में ओंकारेश्वर, सैलानी, गांधी सागर और चोरल में टूरिज्म एक्टिविटी होती हैं. प्रदेश में फिलहाल 15 बोट क्लब संचालित हैं. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 66

इंदौर शहर में केबल कार चलाने का प्रारंभिक सर्वे का कार्य भी पूरा, राजवाड़ा से तीन रूट जुड़े

 इंदौर  इंदौर शहर में मेट्रो का निर्माण कार्य जारी है और गांधी नगर से रोबोट चौराहा तक कारिडोर बनाया जा चुका है। इसी बीच शहर में केबल कार चलाने का प्रारंभिक सर्वे का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। प्रारंभिक सर्वे में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र को कवर कर सात रूट बनाए गए हैं। यह रूट 60.12 किमी क्षेत्र को कवर करेंगे। प्रत्येक किलोमीटर की अनुमानित लागत 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। पहले फेस में 2.5 किमी हिस्से में निर्माण करने का प्रस्ताव है। इस हिस्से में केबल कार का रूट बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। शहर के केबल कार चलाने के लिए प्रारंभिक सर्वे में सात रूट बनाए गए हैं। इनमें से प्राथमिकता वाले रूट का चयन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक में होगा। इसके बाद एजेंसी डिटेल रिपोर्ट तैयार करेंगी। शहर में केबल कार चलाने के लिए भारी-भरकम राशि खर्च करना होगी। आइडीए के सीईओ आरपी अहिरवार का कहना है कि अभी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हुई है। जल्द ही बैठक कर फाइनल रूट तय किया जाएगा। इसके बाद कंपनी कंपनी फाइनल रिपोर्ट बनाएगी। 1.3 किमी पर बनेगा स्टेशन मेट्रो की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रत्येक 1.3 किमी पर स्टेशन का प्रस्ताव दिया गया है। 60 किमी लंबे सात रूट पर 41 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव कंपनी ने रखा है। प्रत्येक रूट के एक किमी हिस्से में बफर जोन रहेगा। फाइनल रूट तय होने के बाद अलग-अलग रूट में काम किया जाएगा। ताकि शहर में यातायात की परेशानी की समस्या उत्पन्न न हो। राजवाड़ा से तीन रूट जुड़े प्रारंभिक सर्वे में जो रूट तय किए गए है, उसमें तीन रूट ही राजवाड़ा से जुड़े हैं। जबकि अन्य चार रूट बाहरी क्षेत्रों में बनाए गए है। लाइन वन चंदशेखर चौराहा से शिवाजी वाटिका तक जा रही है। इसमें गुरुद्वारा पर स्टेशन प्रस्तावित है। जबकि लाइन-2 राजवाड़ा से सुपर कॉरिडोर तक बनेगी, इसमें राजवाड़ा पर स्टेशन प्रस्तावित है। लाइन-7 जो रामचंद्र नगर से पलासिया दरगाह तक बनेगी इसमें राजवाड़ा चौक पर स्टेशन प्रस्तावित है। यह हैं सात रूट     लाइन-1 – चंद्रशेखर आजाद चौराहा से मालगंज, जवाहर मार्ग गुरुद्वारा, सरवटे बस स्टेशन से शिवाजी वाटिका चौराहा तक।     लाइन-2 – जवाहर मार्ग गुरुद्वारा से राजवाड़ा चौक, मरीमाता, टिगरिया बादशाह से सुपर कारिडोर तक।     लाइन-3 – खालसा चौक से लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन, मरीमाता, किला मैदान होते हुए रामचंद्र नगर तक।     लाइन-4 – खालसा चौक से विजय नगर, शिवाजी वाटिका, टावर चौराहा, आइटी पार्क, पालदा होते हुए बायपास तक।     लाइन-5 – भीम नगर से चाणक्यपुरी, दशहरा मैदान, लुनियापुरा, सरवटे बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक।     लाइन-6 – रेलवे स्टेशन से मालवा मिल, पाटनीपुरा, बापट चौराहा से खालसा चौक निरंजनपुर तक।     लाइन-7 – रामचंद्र नगर से बड़ा गणपति, राजवाड़ा चौक, रेलवे स्टेशन से पलासिया दरगाह तक।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 78