भावुक विदाई के साथ विसर्जन को चलीं यादव कॉलोनी की महारानी, नम आंखों से भक्तों ने दी विदाई

The ‘Queen’ of Yadav Colony headed for immersion amidst an emotional farewell; devotees bade her goodbye with teary eyes. विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तवजबलपुर। श्री श्री दुर्गा उत्सव समिति, यादव कॉलोनी में शारदेय नवरात्रि के अवसर पर आयोजित 33वें वर्ष का दुर्गोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस वर्ष प्रस्तुत ‘जिन्नातों की दुनिया – The Mysterious World’ झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। विसर्जन के दौरान यादव कॉलोनी की महारानी को विदाई देते समय श्रद्धालु भावुक नजर आए। ढोल-नगाड़ों, बैंड, आतिशबाजी और जयकारों के बीच भक्तों ने मां जगदम्बे को नम आंखों से विदाई दी। जिस शान और भव्यता से मां का आगमन हुआ था, उसी शान से उन्हें विदाई दी गई। श्रद्धालुओं ने ‘जय माता दी’ के जयघोष के साथ मां से अगले वर्ष पुनः पधारने तथा सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। समिति अध्यक्ष रंजीत पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य दुर्गोत्सव ने क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण निर्मित किया। मां की विदाई के क्षण भक्तों के लिए भावुक और अविस्मरणीय रहे। recent visitors 7

मां नर्मदा परिवार ने दशहरा चल समारोह में वितरित किए प्रभु श्रीराम के प्रतीक चिन्ह

Maa Narmada Parivar distributed the symbols of Lord Shri Ram in the Dussehra procession. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव  जबलपुर। दशहरा पर्व के अवसर पर मां नर्मदा परिवार, गोरखपुर द्वारा दशहरा चल समारोह के उपलक्ष्य में प्रभु श्रीरामचंद्र जी की भव्य मूर्ति के स्वरूप वाले स्मृति चिन्ह (ट्रॉफी) वितरित किए गए। धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन के माध्यम से प्रभु श्रीराम के आदर्शों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रतन यादव, सतीश यादव सहित गोरखपुर क्षेत्र के व्यापारियों एवं मित्रगणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। recent visitors 15

MP: हाईवे पर अवैध वसूली पर बवाल, ड्राइवर का मोबाइल छीनकर भागा कांस्टेबल, चक्काजाम के बाद सस्पेंड

MP: Uproar over illegal extortion on highway; constable snatches driver’s mobile phone and flees—suspended following a road blockade. ग्वालियर । हाइवे पर जिस परिवहन उड़नदस्ते की नियम कायदों को रोकने की जिम्मेदारी थी वही उड़नदस्ता खुद ट्रकों से वसूली के विवाद में है। मामला बुधवार का है जब डबरा में सिंध नदी से पहले ही हाइवे पर उड़नदस्ते के परिवहन आरक्षक ने ट्रक को रोका। शिकायत है कि आरक्षक ने ट्रक काे वसूली के लिए रोका था और इसके बाद ड्राइवर और आरक्षक में विवाद भी हुआ। दोनों ने एक दूसरे के मोबाइल छीन लिए थे और आरक्षक जब ड्राइवर का मोबाइल लेकर निकल गया तो ट्रक चालकों ने जाम लगा दिया। जाम लगने की खबर ग्वालियर के अधिकारियों से लेकर भोपाल तक पहुंच गई। अधिकारियों ने जानकारी ली और परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने परिवहन आरक्षक बालाजी गुर्जर को प्राथमिक तौर पर दोषी पाते हुए निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। मोबाइल छीना-झपटी के बाद चालकों ने लगाया जाम परिवहन आरक्षक की पहले भी शिकायतेंपरिवहन आरक्षक बालाजी गुर्जर की पहले भी कई शिकायतें अफसरों तक पहुंची हैं। उड़नदस्ते को किसी भी मार्ग पर चेकिंग का अधिकार है जिसको लेकर शिकायतें भी ट्रांसपोर्टर कर चुके हैं। मालवा कालेज तिराहा से शीतला माता मंदिर रोड पर जाने वाले मार्ग पर भी उड़नदस्ता की भूमिका पर सवाल खड़े हो चुके हैं। मामले की जांच कर रहे हैंडबरा में सिंध नदी से पहले उड़नदस्ता के आरक्षक की अवैध वसूली की शिकायत पर मुख्यालय स्तर कार्रवाई की गई है, ट्रक चालकों ने जाम भी लगाया और विवाद भी होना पता चला है। मामला दिखवा रहे हैं। विक्रमजीत सिंह कंग, आरटीओ, ग्वालियर recent visitors 7

राजस्थान पंचायत चुनाव लाइव: कहीं तेज तो कहीं धीमी वोटिंग, रामगढ़ में 18% मतदान तो कुंभलगढ़ में 5.71% मतदान

Rajasthan Panchayat Elections Live: Voting brisk in some areas, sluggish in others; 18% turnout in Ramgarh, 5.71% in Kumbhalgarh. झालावाड़: भवानीमंडी में 15.46% मतदान, अकलेरा में सबसे कम 7.71%झालावाड़ जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण के तहत मतदान जारी है। सुबह 10 बजे तक जिला परिषद सदस्य पद के लिए कुल 12.75 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए जारी आंकड़ों के अनुसार, भवानीमंडी में सबसे ज्यादा 15.46 प्रतिशत मतदान हुआ। डग में 14.85 प्रतिशत और मनोहरथाना में 13.49 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं, अकलेरा में सुबह 10 बजे तक 7.71 प्रतिशत मतदान हुआ, जो दिए गए आंकड़ों में सबसे कम है। नागौर: जिला परिषद के 21 वार्डों में सुबह 10 बजे तक 12.59% मतदाननागौर जिले में पंचायतीराज आम चुनाव 2026 के तहत जिला परिषद के 21 वार्डों में मतदान जारी है। गुरुवार सुबह 10 बजे तक जिले में 12.59 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिला परिषद नागौर के 21 वार्डों में कुल 6,53,641 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से सुबह 10 बजे तक 82,289 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह सुबह 10 बजे तक कुल मतदान प्रतिशत 12.59 रहा। सिरोही: आबूरोड में सबसे ज्यादा 13.85% मतदान, कालंद्री में सबसे कमसिरोही जिले में पंचायतीराज चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत गुरुवार को मतदान जारी है। जिले की चार पंचायत समितियों—मंडार, आबूरोड, शिवगंज और कालंद्री—में सुबह से ही मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंच रहे हैं। सुबह 10 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, आबूरोड में सबसे ज्यादा 13.85 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शिवगंज में 13.04 प्रतिशत, मंडार में 10.10 प्रतिशत और कालंद्री में 9.99 प्रतिशत मतदान हुआ। पहले चरण में जिला परिषद की 13 सीटों और चार पंचायत समितियों की 72 सीटों के लिए मतदान कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुबह के आंकड़ों में आबूरोड मतदान प्रतिशत के मामले में आगे रहा, जबकि कालंद्री में मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी दर्ज की गई। केकड़ी: सरवाड़ में मतदान की रफ्तार तेज, केकड़ी में सबसे कम वोटिंगकेकड़ी क्षेत्र में पंचायत चुनाव के पहले चरण के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान जारी है। सुबह से ही केकड़ी, सरवाड़ और सावर पंचायत समितियों के मतदान केंद्रों पर मतदाता पहुंच रहे हैं। सुबह के समय मतदान केंद्रों पर महिलाओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिली।सुबह 10 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, सरवाड़ पंचायत समिति में 16.48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि सावर में 12.89 प्रतिशत और केकड़ी में 11.31 प्रतिशत मतदान हुआ। इस तरह तीनों पंचायत समितियों में सरवाड़ मतदान प्रतिशत के मामले में आगे रहा, जबकि केकड़ी में सबसे कम मतदान दर्ज किया गया। व्हीलचेयर पर पोते के साथ वोट डालने पहुंचीं 70 वर्षीय जैता देवी केकड़ी क्षेत्र की सावर पंचायत समिति के वार्ड संख्या 12 के अंतर्गत ग्राम पंचायत कालेड़ा कंवरजी के बूथ संख्या 26 पर 70 वर्षीय जैता देवी व्हीलचेयर पर अपने पोते के साथ मतदान करने पहुंचीं। उनकी मौजूदगी मतदान में भागीदारी के प्रति उत्साह को दर्शाती है। भीलवाड़ा: सुबह 10 बजे तक 11.26% मतदान, व्हीलचेयर पर पहुंचीं मोहनी देवीभीलवाड़ा जिले में जिला परिषद के 28 वार्डों और पहले चरण में पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए मतदान जारी है। सुबह 10 बजे तक जिले में 1,00,765 मतदाताओं ने वोट डाले। इस दौरान कुल मतदान प्रतिशत 11.26 दर्ज किया गया। मतदान को लेकर प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बिजौलिया के सलावटिया मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए मतदाताओं की भीड़ रही। मतदाता कतार में लगकर अपने मताधिकार का प्रयोग करते नजर आए। इसी बूथ पर मोहनी देवी व्हीलचेयर पर पहुंचकर मतदान करने आईं। वहीं, आरोली के रसदपुरा मतदान केंद्र पर भी महिला मतदाताओं की भीड़ देखने को मिली। राजसमंद: देलवाड़ा में सबसे ज्यादा 13.19% मतदान, कुंभलगढ़ में रफ्तार धीमीराजसमंद जिले में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण का मतदान जारी है। सुबह 10 बजे तक जिले में कुल 10.76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। देलवाड़ा में सबसे ज्यादा 13.19 प्रतिशत और खमनोर में 13.13 प्रतिशत मतदान हुआ। आमेट में 11.40 प्रतिशत, चारभुजा में 10.37 प्रतिशत और कुंभलगढ़ में 5.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पहले चरण में जिले के 3,68,917 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिला परिषद के 13 निर्वाचन क्षेत्रों और पांच पंचायत समितियों के 81 वार्डों में मतदान कराया जा रहा है। इसके लिए जिले में 428 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन पंचायत समितियों में कम मतदान कम मतदान वाले क्षेत्रों में राजसमंद की कुंभलगढ़ पंचायत समिति 5.71 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे रही। उदयपुर की भिंडर पंचायत समिति में 5.73 प्रतिशत और कुराबड़ में 7.10 प्रतिशत मतदान हुआ। झालावाड़ की अकलेरा पंचायत समिति में 7.71 प्रतिशत और पाली की रानी स्टेशन पंचायत समिति में 8.67 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। शुरुआती आंकड़ों में अलवर की रामगढ़ पंचायत समिति मतदान प्रतिशत के मामले में आगे रही, जबकि राजसमंद की कुंभलगढ़ में वोटिंग की रफ्तार धीमी रही। मतदान के आगे के आंकड़ों में बदलाव संभव है। recent visitors 11

उदयपुर पंचायत चुनाव: पहले चरण के लिए मतदान शुरू, महिलाओं में भारी उत्साह, 7.32 लाख मतदाता डालेंगे वोट

उदयपुर पंचायत चुनाव: पहले चरण के लिए मतदान शुरू, महिलाओं में भारी उत्साह, 7.32 लाख मतदाता डालेंगे वोट

Udaipur Panchayat Elections: Voting for the first phase begins; great enthusiasm among women; 7.32 lakh voters to cast their ballots. जिले में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनाव के पहले चरण के लिए आज सवेरे मतदान शुरू हो गया। सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें देखने को मिलीं। खासतौर पर महिला मतदाताओं में मतदान को लेकर उत्साह नजर आया। वल्लभनगर पंचायत समिति के बालाथल, गोटीपा और भींडर पंचायत समिति के पीथलपुरा स्थित मतदान केंद्रों पर महिलाएं समूह में और कतारों में खड़ी होकर अपनी बारी का इंतजार करती दिखाई दीं। जिले में तीन चरणों में पंचायत चुनाव कराए जा रहे हैं। पहले चरण में झाड़ोल, फलासिया, ओगणा, गिर्वा, नाई, मावली, घासा, वल्लभनगर, भींडर और कुराबड़ पंचायत समितियों में मतदान हो रहा है। मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बुधवार को पोलिंग पार्टियों को प्रशिक्षण देने के बाद रवाना किया गया था। 10 पंचायत समितियों के 160 वार्डों में मुकाबलापहले चरण में 10 पंचायत समितियों के 160 वार्डों में 435 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। वहीं जिला परिषद के कुल 47 वार्डों में से 25 वार्डों के लिए भी मतदान हो रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पहले चरण में 7 लाख 32 हजार 667 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। बालाथल, गोटीपा और पीथलपुरा में महिलाओं लगी की कतारेंवल्लभनगर पंचायत समिति के बालाथल मतदान केंद्र पर सुबह से महिला मतदाताओं की कतारें लगी रहीं। वहीं गोटीपा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मतदान केंद्र पर ग्रामीण महिलाएं समूह में वोट डालने पहुंचीं। भींडर पंचायत समिति के पीथलपुरा सरकारी स्कूल में बने मतदान केंद्र पर भी महिला मतदाता अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं। हर मतदाता डालेगा दो वोटपहले चरण में मतदाता जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान करेंगे। मतदाता पहले जिला परिषद सदस्य के लिए और उसके बाद पंचायत समिति सदस्य के लिए वोट डालेंगे। मतदान के दौरान मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी यानी अंगूठे के पास वाली उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। दूसरे चरण में मतदान के लिए दाएं हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाने की व्यवस्था बताई गई है। बता दें कि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए 22 अक्टूबर को मतदान हो रहा है, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव के लिए 24 अक्टूबर को वोटिंग निर्धारित है। जिले में तीन चरणों में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने की तैयारियां की गई हैं। recent visitors 15

जबलपुर के गोरखपुर में मां नर्मदा भक्त परिवार का विशाल भंडारा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

A grand ‘bhandara’ (community feast) was organized by the ‘Maa Narmada Bhakt Parivar’ in the Gorakhpur area of ​​Jabalpur; a large number of devotees partook of the ‘prasad’. विशेष संवाददाता : जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। मां भगवती की कृपा और मां नर्मदा के प्रति अटूट आस्था के साथ जबलपुर के गोरखपुर क्षेत्र में मां नर्मदा भक्त परिवार एवं मित्र मंडल के तत्वावधान में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक श्रद्धा और सेवा भावना से जुड़े इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया।भंडारे का आयोजन रतन यादव, सतीश यादव एवं उनके समस्त मित्र मंडल के सहयोग और देखरेख में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। क्षेत्र में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के माध्यम से आस्था, सेवा और आपसी सहयोग का संदेश दिया गया। रतन यादव और सतीश यादव सहित मित्र मंडल का रहा सहयोग भंडारे के आयोजन में रतन यादव, सतीश यादव एवं उनके मित्र मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के सहयोग से कार्यक्रम संपन्न हुआ। आयोजन में स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।आयोजकों ने बताया कि मां दुर्गा एवं मां नर्मदा के आशीर्वाद से इस प्रकार के धार्मिक एवं सेवा कार्य श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए जाते हैं। उनका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करना है। धार्मिक आस्था के साथ सेवा का संकल्प भंडारा भारतीय धार्मिक परंपरा में सेवा और समर्पण का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। ऐसे आयोजनों में श्रद्धालु एकत्रित होकर प्रसाद ग्रहण करते हैं और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से धार्मिक आस्था व्यक्त करते हैं। मां नर्मदा भक्त परिवार एवं मित्र मंडल द्वारा आयोजित इस भंडारे में भी श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम के माध्यम से आयोजकों ने मां भगवती, मां दुर्गा एवं मां नर्मदा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आयोजन रतन यादव, सतीश यादव एवं समस्त मित्र मंडल के सहयोग से संपन्न हुआ। recent visitors 22

जबलपुर आयुष्मान योजना पर निजी अस्पतालों की हड़ताल टली, लेकिन करोड़ों के बकाये पर पेंच बरकरार

Private hospitals in Jabalpur call off strike over Ayushman scheme, but the issue of outstanding dues worth crores remains unresolved. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर । आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत मरीजों के कैशलेस इलाज पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टल गया है, लेकिन राहत अधूरी है। जबलपुर सहित मध्य प्रदेश के निजी अस्पताल आठ अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले थे। भोपाल में सात और आठ अक्टूबर को आयुष्मान विभाग के सीईओ तथा दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद के साथ लंबी बातचीत के बाद हड़ताल टाल दी गई। अस्पतालों ने इलाज जारी रखने का फैसला लिया है। सरकार ने भुगतान प्रक्रिया तेज करने और नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हास्पिटल्स (एनएबीएच) प्रमाणपत्र की अनिवार्यता से फिलहाल छूट देने का आश्वासन दिया है। इसके बावजूद भुगतान और अस्पतालों की पात्रता को लेकर विवाद बरकरार है। जबलपुर के करीब 70 निजी अस्पतालों का 50 से 60 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा है, जबकि एसोसिएशन के अनुसार, प्रदेश स्तर पर पोर्टल-1 में 1200 करोड़ और पोर्टल-2 में 1500 करोड़ रुपये अटके हैं। दूसरी ओर, विभाग जून से अब तक 650 करोड़ रुपये का भुगतान क्लियर करने की जानकारी दे रहा है। उल्लेखनीय है कि मप्र नर्सिंग होम एसोसिएशन की जबलपुर शाखा से 111 अस्पताल संबद्ध हैं और ये सभी आयुष्मान योजना से जुड़े हैं। आंकड़ों में जबलपुरप्रदेश में करीब 4.5 करोड़ लोगों के पास आयुष्मान कार्ड है। जबलपुर जिले में लगभग 111 निजी अस्पताल आयुष्मान से जुड़े थे, अब सात हटने के बाद 106 अस्पतालों में ही सुविधा बची है। शहर के बड़े निजी अस्पतालों में मेट्रो, सुखसागर, महाकोशल, जबलपुर हास्पिटल आदि में आज आयुष्मान काउंटर पर मरीज आ रहे हैं। लेकिन जिन सात अस्पतालों को लिस्ट से हटाया गया है, वहां आयुष्मान योजना के तहत इलाज बंद हो गया है। ये मुख्य बिंदु सरकार के सामने रखे गए30 दिन के भीतर भुगतान की गारंटी और टेक्निकल कारणों से रिजेक्ट क्लेम का लिखित कारण बताना। एनएबीएच को अनिवार्य की जगह इंसेंटिव बेस्ड करना, जैसा पहले था।, पैकेज रेट का रिवीजन। फिलहाल छूटसरकार ने आश्वासन दिया है कि भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और आदिवासी बहुल जिलों को एनएबीएच से फिलहाल छूट दी गई है। लेकिन जबलपुर सहित चार महानगरों में एनएबीएच से पीछे नहीं हटने के संकेत दिए हैं।मतलब साफ है जबलपुर में आयुष्मान इलाज फिलहाल चल रहा है, हड़ताल टल गई है, लेकिन भुगतान का पेंच और 7 अस्पतालों के बाहर होने से मरीजों की परेशानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।मरीज क्या बोल रहे हैंपोर्टल में दिक्कत: बरेला से आए सुनील पटेल ने बताया, “पिता का हर्निया आपरेशन कराना है। आयुष्मान कार्ड है। पहले जिस अस्पताल में दिखाया, वहां कहा गया कि आयुष्मान बंद है, दूसरे अस्पताल भेज दिया। यहां आए तो कहा 2 दिन बाद आना, पोर्टल में दिक्कत है। पैकेज अप्रूवल में समय लग रहा : गौरीघाट की रहने वाली रेखा बर्मन बोलीं, “मेरे पति को सांस की तकलीफ है। रसल चौक स्थित अस्पताल गए तो कार्ड को लेकर दिक्कत आई तो जिला अस्पताल के आयुष्मान कक्ष भेज दिया गया। यहां पात्रता पर्ची को लेकर आयुष्मान काउंटर पर आधे घंटे लाइन में लगी रही। बताया गया कि आपका कार्ड तो ठीक है, पर पैकेज अप्रूवल में समय लगेगा। पहले तो तुरंत हो जाता था। पात्रता पर्ची के लिए घंटों इंतजार: आयुष्मान योजना में इलाज को लेकर सबसे बड़ी अड़चन पैकेज या भुगतान नहीं, बल्कि आयुष्मान की पात्रता पर्ची बन गई है। निजी अस्पतालों में आने वाले 100 में से 30-40 मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। भुगतान में भारी देरीजबलपुर के प्राइवेट अस्पतालों का आरोप है कि आयुष्मान के तहत किए गए इलाज का पैसा 5-6 महीने से नहीं मिला है।, जबलपुर के करीब 70 निजी अस्पतालों का 50 से 60 करोड़ रुपये बकाया है।, पूरे प्रदेश में यह बकाया 1200 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।एसोसिएशन के मुताबिक पोर्टल-1 में 1200 करोड़ और पोर्टल-2 में 1500 करोड़ रुपये अटके हुए हैं। सरकार का पक्षआयुष्मान विभाग का कहना है कि जून से अब तक 650 करोड़ रुपये का भुगतान क्लीयर किया गया है। recent visitors 23