Tuesday, July 7, 2026 11:22 pm

‘ये धर्म को बेचकर कमाई करते हैं, फिर उससे विधायक खरीदते हैं…’, राम मंदिर चंदा चोरी पर बोले दिग्विजय सिंह

“They make money by selling religion, then use it to buy MLAs…” — Digvijaya Singh on the Ram Mandir donation theft. Digvijaya Singh News: महिला कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे में चोरी का आरोप लगाया. BJP-RSS पर निशाना साधते हुए 5-6 जुलाई को अयोध्या में केस दर्ज कराने का ऐलान किया. महिला कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर आंदोलन और चंदे के मुद्दे पर भाजपा व आरएसएस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “हनुमान गढ़ी और गोरखनाथ मठ ने राम मंदिर की लड़ाई लड़ी. न तब वहां RSS थीं और ना तब वहां बीजेपी पार्टी थी. भगवान राम से प्रेम इन्हें तब उमड़ा जब इनके केवल 2 सांसद बचे. उन्होंने आगे कहा कि ये लोग धर्म को बेचकर अपनी कमाई करते हैं और उसे कमाई से वोट खरीदते हैं, विधायक खरीदते हैं, सांसद खरीदते हैं. हमारे ही चंदा की चोरी कर यह खरीद रहे हैं. मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाया जा रहा है. मैंने जो चंदा दिया है, जिसकी इन्होंने चोरी की है, इसके लिए अपने वकील के माध्यम से 5-6 जुलाई को अयोध्या जाकर केस दर्ज कराऊंगा.” recent visitors 6

Boiled Potato Recipes: उबले आलू से बनाएं 5 टेस्टी स्नैक्स, सिर्फ 10 मिनट में हो जाएंगे तैयार

Boiled Potato Recipes: Make 5 tasty snacks using boiled potatoes—ready in just 10 minutes. Potato Snacks Recipes In Hindi: उबले आलू से 10 मिनट में कौन-कौन से स्नैक्स बनाए जा सकते हैं?उत्तर: उबले आलू से आप सिर्फ 10 मिनट में आलू टिक्की, चीज़ी पोटैटो बॉल्स, मसाला सैंडविच, पोटैटो टोस्ट और कुरकुरे आलू रोल जैसे स्वादिष्ट स्नैक्स आसानी से तैयार कर सकते हैं। ये रेसिपी कम सामग्री में बन जाती हैं और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती हैं। Uble Aloo Se Kya Banaye: उबले आलू भारतीय रसोई की सबसे उपयोगी सामग्रियों में से एक हैं। अक्सर खाना बनाने के बाद कुछ उबले आलू बच जाते हैं और समझ नहीं आता कि उनसे क्या बनाया जाए। अगर आप भी ऐसी स्थिति का सामना करते हैं, तो अच्छी खबर यह है कि इन्हीं उबले आलुओं से कुछ ही मिनटों में कई स्वादिष्ट और कुरकुरे स्नैक्स तैयार किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि इन रेसिपीज़ के लिए आपको ज्यादा सामग्री या लंबी तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। चाहे शाम की चाय के साथ कुछ हल्का खाना हो, बच्चों के टिफिन के लिए झटपट विकल्प चाहिए या अचानक आए मेहमानों के लिए कुछ स्वादिष्ट बनाना हो, उबले आलू से बनने वाले स्नैक्स हर मौके पर काम आते हैं। मसालों और घर में मौजूद सामान्य सामग्री के साथ आप ऐसे व्यंजन बना सकते हैं जो स्वाद के साथ-साथ दिखने में भी आकर्षक लगते हैं। इस लेख में हम आपको उबले आलू से बनने वाले 5 ऐसे स्नैक्स बताएंगे, जिन्हें लगभग 10 मिनट में तैयार किया जा सकता है। साथ ही हर रेसिपी के लिए आवश्यक सामग्री, बनाने की आसान विधि और कुछ उपयोगी टिप्स भी साझा करेंगे, ताकि हर बार आपका स्नैक स्वादिष्ट और परफेक्ट बने। कुरकुरी आलू टिक्की सामग्री आलू टिक्की बनाने की विधि टिप्स कॉर्नफ्लोर टिक्की को कुरकुरा बनाता है।हरी चटनी के साथ परोसें। चीजी पोटैटो बॉल्स सामग्री पोटैटो बॉल बनाने की विधि टिप्सगर्मागर्म परोसें ताकि चीज़ पिघली हुई रहे। मसाला आलू सैंडविच सामग्री आलू सैंडविच बनाने की विधि टिप्सचीज़ डालकर स्वाद और बढ़ाया जा सकता है। पोटैटो ब्रेड टोस्ट सामग्री ब्रेड टोस्ट बनाने की विधि टिप्सबच्चों के टिफिन के लिए बेहतरीन विकल्प है। कुरकुरे आलू रोल सामग्री कुरकुरे आलू रोल बनाने की विधि टिप्सटोमैटो सॉस या मिंट डिप के साथ परोसें। इन स्नैक्स को और स्वादिष्ट बनाने के लिए टिप्स इन स्नैक्स के साथ क्या परोसें? किन बातों का रखें ध्यान? recent visitors 7

10 हजार रुपये रिश्वत लेते बाबू को पकड़ा, 5 लाख पीएफ राशि जारी करने के एवज में मांगी थी घूस; ACB ने की बड़ी कार्रवाई

Clerk caught accepting ₹10,000 bribe; bribe demanded in exchange for releasing ₹5 lakh in PF funds; ACB takes major action. दुर्ग । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विद्युत यांत्रिकी विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए आज रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी सूत्रों के अनुसार, विद्युत यांत्रिकी विभाग में कार्यरत एक बाबू ने अपनी पुत्री के विवाह के लिए भविष्य निधि (पीएफ) से 5 लाख रुपये आहरित करने का आवेदन विभाग में प्रस्तुत किया था। आरोप है कि उक्त राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी शिव कुमार ठाकुर को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कारर्वाई प्रारंभ कर दी है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। recent visitors 14

Amarnath Yatra 2026: पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं को लिखा पत्र, सुरक्षित यात्रा के साथ पांच संकल्प लेने की अपील

Amarnath Yatra 2026: PM Modi writes to pilgrims, urges them to take five pledges alongside a safe journey. पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरू होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के श्रद्धालुओं के नाम एक विशेष पत्र लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी के दर्शन हर शिवभक्त के लिए सौभाग्य का विषय हैं और यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित यात्रा करने, पर्यावरण की रक्षा करने और स्थानीय लोगों का सहयोग करने की अपील की। साथ ही उन्होंने पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का भी आग्रह किया, ताकि यह यात्रा आस्था के साथ-साथ सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश भी दे सके। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा के साथ ही बाबा अमरनाथ के दर्शन का पावन क्रम शुरू हो जाता है और देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि अमरनाथ धाम की यात्रा आध्यात्मिक ऊर्जा देने के साथ-साथ भारत की विविधता में एकता की भावना को भी मजबूत करती है। अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और परंपराओं से जुड़े लोग एक ही आस्था के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्रधानमंत्री ने यात्रा के सफल संचालन के लिए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन, भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, सफाई कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के योगदान की भी सराहना की। ये भी पढ़ें- Amarnath Yatra : कैसे जा सकते हैं अमरनाथ यात्रा पर, किन तैयारियों की जरूरत? यहां जानें मन में आ रहे हर सवाल का जवाब प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से कौन-कौन से संकल्प लेने की अपील की? प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी तरह की गंदगी न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें तथा बारिश, ठंड और कठिन मौसम को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें। इसके अलावा उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश देते हुए आग्रह किया कि यात्रा पर होने वाले कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत हो सके। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाने और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का भी आह्वान किया। अमरनाथ यात्रा को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक क्यों बताया? प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल भगवान शिव के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सेवा भाव और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आने वाले लोग लंगर और भंडारों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा करते हैं। यह परंपरा भारतीय संस्कृति के ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के आदर्श को मजबूत करती है और देशवासियों के बीच भाईचारे तथा एकता का संदेश देती है। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए क्या सलाह दी गई? प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। मौसम संबंधी चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना है। इसलिए सभी लोग सहयोग की भावना से यात्रा करें और नियमों का पालन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष की यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल होगी। Amarnath Yatra 2026: PM Modi ने पत्र के अंत में क्या संदेश दिया? अपने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा अमरनाथ से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी सभी के जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आध्यात्मिक शक्ति का संचार करें। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा आस्था, सेवा, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभक्ति का भव्य उत्सव बनेगी तथा हर श्रद्धालु सुरक्षित और मंगलमय यात्रा पूरी करके अपने घर लौटेगा।प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से पांच महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी तरह की गंदगी न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें तथा बारिश, ठंड और कठिन मौसम को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें। इसके अलावा उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश देते हुए आग्रह किया कि यात्रा पर होने वाले कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों की खरीद पर खर्च करें, ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका मजबूत हो सके। उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधा लगाने और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का भी आह्वान किया। अमरनाथ यात्रा को सांस्कृतिक एकता का प्रतीक क्यों बताया? प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल भगवान शिव के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा, सेवा भाव और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं, जबकि देशभर से आने वाले लोग लंगर और भंडारों के माध्यम से निःस्वार्थ सेवा करते हैं। यह परंपरा भारतीय संस्कृति के ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के आदर्श को मजबूत करती है और देशवासियों के बीच भाईचारे तथा एकता का संदेश देती है। यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए क्या सलाह दी गई? प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। मौसम संबंधी चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना है। इसलिए सभी लोग सहयोग की भावना से यात्रा करें और नियमों का पालन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से इस वर्ष की यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफल होगी। प्रधानमंत्री ने … Read more

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: पुलिस का बड़ा खुलासा, व्हाट्सएप पर चोरी को लेकर होती थी बातचीत; चैट में मिले सुबूत

Ram Mandir offering theft: Major police revelation; discussions about the theft took place on WhatsApp; evidence found in chats. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों के मोबाइल से बेहद पुख्ता साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। कई आरोपियों की व्हाट्सएप चैट में रकम पार करने और उसके बंटवारे को लेकर बातचीत मिली है। पुलिस ने इसे विवेचना में मजबूत साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है। सूत्रों के मुताबिक, गणना के समय पर अधिक बातचीत नहीं हो पाती थी, लिहाजा उस दौरान आरोपी व्हाट्सएप पर एक-दूसरे को मैसेज भेजते थे। इसके जरिये कब और कैसे रकम पार करनी है, यह तय किया जाता था। बाद में एक जगह मिलकर उसका बंटवारा करते थे। बंटवारे को लेकर भी चैट मिली है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच भी करवा रही है। चैट डिलीट करने के भी साक्ष्य मिलेकई आरोपियों के मोबाइल से व्हाट्सएप चैट डिलीट करने के भी साक्ष्य मिले हैं। पुलिस की जांच में जितने तथ्यों की जरूरत थी, उतने मिल गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल खंगाले तो उनमें कई फोटो और वीडियो मिले। इनमें कई वीडियो और फोटो साथ बैठकर खाने-पीने व पार्टी करने के और कुछ वीडियो व फोटो ऐसे भी मिले, जिनमें आरोपियों के पास मोटी रकम दिखाई दे रही है। पुलिस का मानना है कि यह वही रकम है, जिसे ये सभी पार कर जश्न मनाते थे। फिर अयोध्या गई SIT टीमराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को एसआईटी फिर अयोध्या पहुंची और ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा व गोपाल राव से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। टीम ने चढ़ावे के ऑडिट से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लिए और पदाधिकारियों से इससे जुड़े सवाल पूछे। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिले जिससे आने वाले दिनों में पूछताछ का दायरा और बढ़ेगा। वहीं, पुलिस की आपराधिक जांच भी जारी है। इससे इन सभी पर अब पुलिस और एसआईटी का दोहरा शिकंजा कसेगा। ये तीनों शख्स जो चाहते थे, मंदिर में वही होता थाचंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव का ही पूरे प्रबंधन में दखल था। अन्य ट्रस्टियों का दखल न के बराबर था। ये तीनों शख्स जो चाहते थे मंदिर में वही होता था। चढ़ावे की गणना से लेकर जमा करने तक की निगरानी में इनकी भूमिका रहती थी। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में तीनों लोग अपनी भूमिका होने से स्पष्ट इन्कार कर रहे हैं। पूछताछ में चंपत, अनिल और गोपाल सीधे तौर पर टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। सभी एक साथ अब इन्हीं दोनों का नाम ले रहे हैं। हालांकि, एसआईटी और पुलिस दोनों कई सवालों के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। इनके गोलमोल जवाब और कई सवाल खड़े कर रहे हैं। जल्द इनकी गिरफ्तारियां शुरू होंगीपुलिस मंदिर प्रबंधन से जुड़े ज्यादातर पदाधिकारियों, कर्मचारियों और निजी सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ कर चुकी है। इसमें गणनाकर्मी भी शामिल हैं। इनमें से तीन से चार लोगों को आरोपी भी बनाया गया है। बैंक कर्मियों को भी आरोपी बनाने की प्रक्रिया जारी है। जल्द इनकी गिरफ्तारियां शुरू होंगी। पुलिस केस की विवेचना में चार्टर्ड अकाउंटेंट की भी मदद ले रही है। recent visitors 11

वन भूमि पर अतिक्रमण रोकने पहुंची टीम से मारपीट, रेंजर समेत तीन कर्मचारी घायल; जानें किस बात पर बढ़ा विवाद?

Team attempting to stop encroachment on forest land assaulted; three employees, including a ranger, injured—find out what sparked the dispute. छिंदवाड़ा । पश्चिम वनमंडल की सांगाखेड़ा रेंज में वन भूमि पर प्रस्तावित पौधरोपण के दौरान वन विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हिंसक हो गया। वन विभाग का आरोप है कि अतिक्रमण रोकने और पौधरोपण कराने पहुंचे कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों ने गाली-गलौज कर मारपीट की, जिसमें रेंजर समेत तीन कर्मचारियों को चोटें आई हैं। घटना के बाद तामिया थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। मामला सांगाखेड़ा रेंज के कुकरपानी बीट के कक्ष क्रमांक 272 का है, जहां करीब पांच हेक्टेयर वन भूमि पर सागौन के रूट-शूट पौधरोपण की तैयारी की गई थी। बुधवार को वन विभाग का अमला पौधरोपण के लिए मौके पर पहुंचा, लेकिन वहां मौजूद ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए दावा किया कि वे वर्षों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं और उन्हें यहां से हटाया नहीं जा सकता। पौधरोपण के दौरान बढ़ा विवादवन विभाग के अनुसार समझाइश के बावजूद विवाद बढ़ गया। रेंजर नेहा माथुरकर की शिकायत के मुताबिक ग्राम बिजनाढाना निवासी रामवती भोपा, अनिता भोपा और सनोती भोपा ने वन अमले के साथ गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डाली। आरोप है कि रामवती भोपा ने वनपाल राकेश धुर्वे की पीठ पर हमला किया, जबकि वनरक्षक कमल सिंह पंद्राम के साथ भी मारपीट की गई। बीच-बचाव के दौरान अनिता भोपा ने रेंजर नेहा माथुरकर के साथ झूमाझटकी की, जिससे उनके हाथ में चोट आई। घटना में वन विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौके पर मौजूद थे। पहले भी हुई थीं बैठकेंरेंजर नेहा माथुरकर ने बताया कि संबंधित वन भूमि पर पौधरोपण की तैयारी पहले ही कर ली गई थी, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने वहां खेत तैयार कर लिया था। इस मुद्दे को लेकर वन विभाग और ग्रामीणों के बीच एक-दो दौर की बैठक भी हुई थी, ताकि विवाद का समाधान निकाला जा सके। इसके बावजूद बुधवार को स्थिति बिगड़ गई और मारपीट की नौबत आ गई। अगले दिन पुलिस बल के साथ पहुंची टीमघटना के दूसरे दिन गुरुवार को वन विभाग का अमला पुलिस बल के साथ दोबारा मौके पर पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण फिर एकत्र हो गए और उन्होंने मांग की कि चूंकि वे लंबे समय से इस भूमि पर खेती कर रहे हैं, इसलिए उन्हें जमीन का पट्टा दिया जाए। काफी देर तक समझाइश और बातचीत के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रस्तावित पौधरोपण का कार्य पूरा कराया। पुलिस जांच में जुटीवन विभाग की शिकायत पर तामिया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। वहीं ग्रामीण अपनी जमीन पर वर्षों से खेती करने का दावा करते हुए वन अधिकार और पट्टा दिए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। recent visitors 13

Amarnath Yatra : कैसे जा सकते हैं अमरनाथ यात्रा पर, किन तैयारियों की जरूरत? यहां जानें मन में आ रहे हर सवाल का जवाब

How can you undertake the Amarnath Yatra Registration2026, and what preparations are required? Find answers to all your questions here. Amarnath Yatra Registration2026, आरएफआईडी कार्ड, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और सुरक्षा नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। सही तैयारी और जरूरी दिशानिर्देशों का पालन करने से यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सकती है। तो अगर आप इस साल बाबा बर्फानी के दर्शन की योजना बना रहे हैं तो यहां आपके सावलों के जावब मिल सकते हैं। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही। यात्रा से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का जायजा लिया। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस कठिन तीर्थयात्रा पर निकलते हैं, लेकिन यात्रा पर जाने से पहले पंजीकरण, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, यात्रा मार्ग, सुरक्षा नियम और जरूरी दिशानिर्देशों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। ऐसे में आइए जानते हैं कि आप कैसे पहुंच सकते हैं अमरनाथ गुफा? यात्रा में श्रद्धालुओं को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं? अमरनाथ यात्रा के लिए कैसे पंजीकरण किया जा सकता है? इसकी पात्रता शर्तें क्या हैं? अमरनाथ यात्रा के दौरान क्या करें और क्या नहीं? यात्रा पर जाते समय क्या साथ रखें? और इस बार की सुरक्षा व्यवस्था कैसी है? कैसे पहुंच सकते हैं अमरनाथ गुफा? Amarnath Yatra Registration2026 इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस पवित्र गुफा मंदिर के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु दो आधिकारिक मार्गों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं। पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जिसमें जम्मू, पहलगाम, चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। यह अपेक्षाकृत लंबा मार्ग है और रास्ते में कई पड़ाव व सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इसकी दूरी 32 किलोमीटर है। इस मार्ग का बेस कैंप नुनवान (पहलगाम के पास), अनंतनाग जिले में स्थित है। यह श्रीनगर से सड़क मार्ग के जरिए करीब 90 किलोमीटर दूर है। इस मार्ग का यात्रा एक्सेस कंट्रोल गेट नुनवान से करीब 12 किलोमीटर दूर चंदनवाड़ी में स्थित है। दूसरा बालटाल मार्ग है, जिसमें जम्मू, बालटाल, दोमेल और बरारी से होकर श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। यह दूरी के लिहाज से छोटा है, लेकिन इसकी चढ़ाई अधिक खड़ी होने के कारण इसे अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसकी दूरी 14 किलोमीटर है। इस मार्ग का बेस कैंप बालटाल (सोनमर्ग के पास), गांदरबल जिले में स्थित है। यह श्रीनगर से सड़क मार्ग के जरिए करीब 95 किलोमीटर दूर है। इस मार्ग का यात्रा एक्सेस कंट्रोल गेट बालटाल से करीब 2.5 किलोमीटर दूर दोमेल में स्थित है। अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं? ठहरने की व्यवस्था: यात्रा मार्ग पर नुनवान, बालटाल, शेषनाग और पंचतरणी जैसे प्रमुख पड़ावों पर किराये पर टेंट उपलब्ध कराए जाते हैं, जहां श्रद्धालु रुक सकते हैं। इसे जुड़ी सारी जानकारी https://jksasb.nic.in/Other-Services.html पोर्टल पर मिलेगी। लंगर की सुविधा: यात्रा के दौरान दोनों मार्गों पर कई सामाजिक संस्थाएं और एनजीओ श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन, पीने का पानी और हल्के नाश्ते की व्यवस्था करते हैं। चिकित्सा सुविधा: जम्मू-कश्मीर का स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और विभिन्न एनजीओ मिलकर यात्रा मार्ग पर बेस अस्पताल, मेडिकल सहायता केंद्र, आपातकालीन सहायता, ऑक्सीजन बूथ और एंबुलेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। क्लॉक रूम: श्रद्धालुओं के सामान को सुरक्षित रखने के लिए यात्रा के विभिन्न कैंपों और पवित्र गुफा के पास क्लॉक रूम की सुविधा उपलब्ध रहती है। पार्किंग: बालटाल में दोपहिया, हल्के और भारी वाहनों के लिए किराये पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। मोबाइल नेटवर्क: यात्रा क्षेत्र में बीएसएनएल, जियो और एयरटेल की नेटवर्क सेवाएं उपलब्ध हैं। बेस कैंप सहित कई स्थानों पर प्रीपेड और पोस्टपेड सिम कार्ड भी खरीदे जा सकते हैं। पोनी, पिट्ठू और पालकी: जिन श्रद्धालुओं को पैदल चलने में कठिनाई होती है, वे यात्रा मार्ग पर निर्धारित स्थानों से किराये पर पोनी, पिट्ठू या पालकी की सुविधा ले सकते हैं। हेलीकॉप्टर सेवा नहीं मिलेगी: वर्ष 2026 की अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी। सरकार ने 1 जुलाई 2026 से यात्रा समाप्त होने तक पहलगाम और बालटाल, दोनों मार्गों को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है। इसलिए श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा तक पैदल या पोनी और पालकी के माध्यम से ही पहुंचना होगा। अमरनाथ यात्रा के लिए कैसे करें पंजीकरण? ऑनलाइनअमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालु श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। ऑफलाइन अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालु ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण भी करा सकते हैं।इसके लिए जम्मू में बनाए गए निर्धारित पंजीकरण केंद्रों से टोकन लेकर रजिस्ट्रेशन और आरएफआईडी कार्ड प्राप्त किया जा सकता है।इसके अलावा, देशभर में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, यस बैंक और जम्मू-कश्मीर बैंक की 500 से अधिक अधिकृत शाखाओं में भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। आरएफआईडी कार्ड क्यों जरूरी है? अमरनाथ यात्रा 2026 में सभी श्रद्धालुओं के लिए आरएफआईडी कार्ड अनिवार्य होगा। यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद श्रद्धालुओं को जम्मू-कश्मीर के तय केंद्रों से बायोमेट्रिक ईकेवाईसी सत्यापन कराने के बाद यह कार्ड लेना होगा। आरएफआईडी कार्ड के बिना किसी भी श्रद्धालु को डोमेल या चंदनवाड़ी चेक पोस्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। क्या है ट्रैफिक एडवाइजरी? अमरनाथ यात्रा के दौरान क्या करें और क्या नहीं?क्या करें? क्या ना करें? यात्रा पर जाते समय क्या साथ रखें? अगर आप अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं, तो मौसम और कठिन ट्रैक को देखते हुए पहले से अच्छी तैयारी करना जरूरी है। यात्रा के दौरान ये जरूरी चीजें अपने साथ रखें: कैसे ही सुरक्षा व्यवस्था? recent visitors 23