Saturday, July 4, 2026 9:54 am

दीपावली पर लगा टावर, छत्तीसगढ़-बीजापुर के कावड़गांव और मुतवेन्डी में भी बजेगी मोबाइल की घण्टी

बीजापुर. बीजापुर जिले के संवेदनशील कांवड़गांव और मुतवेंडी में दीपावली के अवसर पर संचार सेवा विस्तार करते हुए मोबाईल टॉवर स्थापित कर दिया गया हैं। अब इन गांवों में भी मोबाईल की घण्टी बजनी शुरू हो जाएगी। बीजापुर जिले के संवेदनशील कांवड़गांव व मुतवेंडी गांव में दीपावली के अवसर पर संचार सुविधा का विस्तार करते हुए जिओ का मोबाइल टॉवर प्रारंभ किया गया है। इस पहल से अब इन गांवों के ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क का लाभ मिलना संभव होगा। पुलिस व प्रशासन द्वारा उठाये गए इस महत्वपूर्ण कदम से इन क्षेत्रों में अब संचार की सुविधा बहाल हो चुकी है। इन गाँवो में अब स्थानीय ग्रामीणों आसानी से लोगों से संपर्क स्थापित कर पाएंगे। साथ ही कांवड़गांव व मुतवेंडी में सुरक्षा की दृष्टि से कैम्प की स्थापना भी की गई है। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था में सुधार आया है, बल्कि सड़क मार्ग और आवागमन की सुविधा भी बहाल की गई है। जिससे इन क्षेत्रों का बाहरी संपर्क मजबूत हुआ हैं। recent visitors 78

बीएमएचआरसी को और बेहतर बनाएंगे, सभी आवश्यक मशीन उपलब्ध कराई जाएंगी : आलोक शर्मा

   भोपाल 'मैं भी भोपाल मेमोरियल अस्पताल का एक सदस्य हूं। यह अस्पताल बीते 25 वर्षों से मरीजों को बहुत अच्छी तरीके से सेवाएं दे रहा है। हम सब मिलकर इस अस्पताल को और बेहतर बनाएंगे। यहां जिन भी मशीनों और उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। मुझे मरीजों की आवश्यकता और बीएमएचआरसी की बेहतरी के लिए जो भी प्रस्ताव प्राप्त होंगे, उन्हें स्वीकृत करूंगा।'  यह कहना है कि भोपाल से लोकसभा सांसद श्री आलोक शर्मा का। वे बीएमएचआरसी में मंगलवार को आयोजित हुए चिकित्सक सम्मान समारोह के दौरान अस्पताल के कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। श्री दौरान श्री आलोक शर्मा के साथ बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनुराग यादव व अस्पताल के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  श्री शर्मा ने बीएमएचआरसी में अपनी विजिट के दौरान सर्वप्रथम अस्पताल में भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों की याद में बनाए गए स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और स्मारक परिसर पर पौधारोपण किया। उन्होंने धन्वंतरि जयंती के मौके पर ओपीडी परिसर में स्थित भगवान धन्वंतरि की पूजा—अर्चना की। इसके बाद अस्पताल का भ्रमण किया। उन्होंने मरीजों से हालचाल भी जाना।  श्री शर्मा अस्पताल द्वारा मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं से संतुष्ट नजर आए। इसके बाद श्री शर्मा पैथोलॉजी विभाग पहुंचे, जहां उन्होंने ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन की जांच में काम आने वाली एचपीएलसी मशीन का लोकार्पण किया। इसके बाद सांसद महोदय ने आॅडिटोरियम में बीएमएचआरसी की राजभाषा पत्रिका संवहन के प्रथम अंक का विमोचन किया। श्री शर्मा के कर कमलों से पर्यावरण, संस्कृति संरक्षण एवं मानव कल्याण ट्रस्ट द्वारा बीएमएचआरसी के चिकित्सकों का सम्मान भी किया गया। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने श्री आलोक शर्मा का संस्थान में पधारने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बीएमचआरसी गैस पीड़ित व अन्य मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बीएमएचआरसी का यह रजत जयंती वर्ष है और इन 25 वर्षों के दौरान अस्पताल में एक करोड़ से ज्यादा मरीजों की विजिट हो चुकी है। संस्थान भारत सरकार के सिकल सेल उन्मूलन और टीबी उन्मूलन मिशन में अपना योगदान दे रहा है।  अपने संबोधन में श्री शर्मा ने कहा कि  मैंने भोपाल गैस त्रासदी अपनी आंखों से देखी है और बहुत भयानक मंजर था वह। मैं बीएमएचआरसी को बधाई देता हूं कि वे विगत 25 वर्षों से गैस पीड़ित एवं अन्य मरीजों की सेवा कर रहे हैं। मैं प्रयासरत हूं कि मैं भोपाल को त्रासदी के शहर की छवि से बाहर लाकर इस शहर में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य जीवन के प्रति आश्वस्त कर सकूं।  एचपीएलसी मशीन का लोकार्पण श्री आलोक शर्मा ने पैथोलॉजी विभाग में नई एवं अत्याधुनिक एचपीएलसी एचपीएलसी हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमेटोग्राफी मशीन का लोकार्पण किया। यह मशीन डायबिटीज के लिए ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन की जांच में काम आती है। इसके अलावा थैलीसीमिया और सिकल सेल एनीमिया की जांच के लिए भी इस मशीन का प्रयोग किया जाता है। recent visitors 49

आरोपी गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-कोंडागांव में 1.05 लाख रुपये कीमत के पांच-पांच सौ के नकली नोट पकड़े

कोंडागांव. फरसगांव थाना पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी में संलिप्त एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 500-500 रुपये के कुल 210 नकली नोट बरामद किए गए। इसकी कुल राशि 1.05 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त अपराध में प्रयुक्त एक नीले रंग की बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। 28 अक्तूबर 2024 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति लाल रंग के पीठ पर टांगे गए बैग में नकली नोट लेकर माकड़ी की ओर से फरसगांव आ रहा है। सूचना मिलते ही फरसगांव थाना की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माकड़ी रोड पर पासंगी पुलिया के आगे नाकेबंदी कर दी। थोड़ी देर बाद मुखबिर द्वारा बताए अनुसार नीले रंग की मोटरसाइकिल पर आता हुआ एक व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम राजेश सोरी, पिता धन्नूराम सोरी, उम्र 32 वर्ष, जाति गोड़, निवासी गुहाबोरण्ड नयापारा, थाना फरसगांव, जिला कोण्डागांव बताया। पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली तो उसमें 500-500 रुपये के कुल 200 नकली नोट बरामद हुए। इसके बाद आरोपी ने अपने घर से भी 500-500 रुपये के 10 नकली नोट और बरामद कराए। आरोपी के पास कुल 1.05 लाख रुपये के नकली नोट पाए गए, जिसे वह खपाने की योजना बना रहा था। पर्याप्त सबूतों के आधार पर आरोपी को 28 अक्तूबर 2024 को शाम 5:30 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 148/2024 धारा 179 बी. एन. एस. के तहत मामला दर्ज कर आज 29 अक्तूबर 2024 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। recent visitors 119

त्योहारी सीजन में दर्जनों मजदूरों पर गहराया संकट, छत्तीसगढ़-बलरामपुर में कबाड़ खरीदी बंद

बलरामपुर. बलरामपुर रामानुजगंज विगत 10 दिनों से दीपावली के समय में कबाड़ खरीदी बंद होने से नगर के अधिकांश घरों में साफ-सफाई के बाद कबाड़ कोने में पड़ा हुआ है। यदि कबाड़ की खरीदी होती तो उसे सभी बेच देते, लेकिन कबाड़ की खरीदी नहीं होने से परेशानी बहुत बढ़ गई है। सभी लोग बेसब्री से कबाड़ खरीदी होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि घर का बिना उपयोग का सामान है कबाड़ में बिक सके। गौरतलब है कि सूरजपुर में कबाड़ व्यवसायी के द्वारा की गई घटना के बाद कबाड़ खरीदी रामानुजगंज में भी बंद कर दी गई है। जबकि सूरजपुर एवं रामानुजगंज की स्थिति में काफी अंतर है। यहां कोई बड़ा कबाड़ कारखाना या ऐसा कोई शासकीय उपक्रम नहीं है, जिससे कबाड़ का बहुत बड़ा अवैध कारोबार हो। ऐसे में रामानुजगंज में कबाड़ खरीदी बंद कर दिए जाने से दीपावली के समय में नगर के सैकड़ो घरों के लोग परेशान हो गए हैं। कुछ घरों में तो घर के बाहर कबाड़ को रख दिया गया है। वहीं, कुछ घरों में घर के अंदर ही कबाड़ को रखकर बेचने का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन को गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए कबाड़ खरीदी करवाना सुनिश्चित करना चाहिए। कई घरों में नहीं जल पाएंगे दिए दीपावली सभी के लिए उत्साह उमंग एवं खुशी लेकर आता है। परंतु उन दर्जनों मजदूरों की क्या गलती है, जो साल भर दीपावली का इंतजार करते हैं एवं घूम-घूमकर कबाड़ खरीदते हैं, ऐसे में उनके घरों में दिए कैसे जलेंगे खुशी कैसे आएगी जब पैसे नहीं रहेंगे। दीपावली के साफ सफाई के बाद घरों से टूटा साइकिल कार्टून, सीसी किताब, टूटा कुर्सी सहित अन्य लोहा टीना का सामान निकलता है। कबाड़ के रूप में परंतु कबाड़ खरीदी बंद होने से यह सब अभी भी दीपावली में कचडा पड़ा हुआ है। बहुत से ऐसे लोग सुबह-सुबह दिख जाते हैं, जो घूम-घूमकर कबाड़ बीनते हैं। दीपावली उनके लिए खुशियां लेकर आती है। वह घूम-घूमकर जो कचरा में कबाड़ फेंक देते हैं उसको जमा करते हैं फिर जाकर बेच देते हैं। इसी प्रकार कई मजदूर भी दीपावली के समय कबाड़ घूम-घूमकर खरीदते हैं, जिससे वह 500 से 2000 तक कमा लेते हैं। परंतु इस व्यवसाय से जुड़े सब लोगों के चेहरे पर मायूसी है। इनके चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए त्वरित प्रशासन को गंभीरता पूर्वक विचार करना चाहिए। recent visitors 55

5 नक्सलियों ने‘नियद नेल्ला नार’ योजना के प्रभाव से प्रेरित होकर किया आत्मसमर्पण

बीजापुर सरकार की महत्वपूर्ण ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के प्रभाव से प्रेरित होकर पांच माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया है. आत्मसमर्पण करने वालों में पांच लाख का इनामी माओवादी भी शामिल है. बताया जा रहा है कि ये सभी माओवादी फायरिंग, आईडी ब्लास्ट और आगजनी जैसी हिंसक घटनाओं में संलिप्त रहे हैं. सीआरपीएफ डीआईजी देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएसपी सुदीप सरकार, डीएसपी दिनेश सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सभी पांच माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुलिस द्वारा 25-25 हजार रुपये नगद प्रोत्साहन राशि दी गई है. वर्ष 2024 में अब तक कुल 185 माओवादी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 411 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. recent visitors 109

अरशद वारसी को बेहद पसंद आयी स्त्री 2

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी को ब्लॉकबस्टर फिल्म स्त्री 2 बेहद पसंद आयी है। श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव स्टारर फिल्म स्त्री 2 ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है।हॉरर कॉमेडी फिल्म स्त्री 2 को दर्शकों का खूब प्यार मिला है। अरशद वारसी को भी स्त्री 2 बेहद पसंद आयी है।उनका कहना है, फिल्म स्त्री 2 देखकर उनका पैसा वसूल हो गया। अरशद वारसी ने कहा कि मैंने जब फिल्म 'स्त्री-2' देखी तो यह फिल्म मुझे खूब पसंद आई। यह एक कमाल की फिल्म है। मुझे लगा कि यह फिल्म देखकर मैंने अपने पैसे का सही इस्तेमाल किया है। जब मैं देखता हूं कि पैसे का सदुपयोग हो रहा है तो मुझे आनंद आता है।इसके अलावा मुझे इस फिल्म में राजकुमार राव बहुत अच्छे लगे वह बहुत ही अच्छे अभिनेता हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग कमाल की है। recent visitors 61

जांजगीर कलेक्टर ने स्थानीय बाज़ार से खरीदे मिट्टी के दिये

जांजगीर कलेक्टर ने इस दिवाली स्थानीय बाज़ार से मिट्टी के दिये खरीदकर स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों का उत्साहवर्धन किया। VocalForLocal को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थानीय बाजार से खरीदारी करने की अपील की। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना ने राज्य की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की है बल्कि उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है। इस योजना के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को भी समय पर पूरा कर रही हैं। दीपावली से पहले राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान महतारी वंदन योजना के तहत राशि का अंतरण महिलाओं के लिए गर्व का क्षण था। इससे प्रदेश भर की महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के खाते में नौंवी किस्त की राशि अंतरित हुई, जिसमें कोण्डागांव जिले के एक लाख 39 हजार 177 महिलाओं को दीपावली पर्व के पहले न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि यह भी एहसास हुआ कि सरकार उनके संघर्षों को समझ रही है और उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। ग्राम बफना की रहने वाली लीला बाई यादव पेशे से मितानिन हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हर महीने महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलती है। लीला बती कहती हैं, ‘इस योजना से मुझे बहुत खुशी है क्योंकि सरकार हमें घर चलाने के लिए आर्थिक मदद कर रही है, जिससे हम छोटे-मोटे खर्चे आसानी से पूरा कर पाते हैं।‘ लीला बाई के परिवार में तीन बच्चे हैं, दो बेटियां और एक बेटा। उनका बड़ा बेटा एक शो रूम में काम करता है, जिससे परिवार को आर्थिक मदद मिलती है, जबकि दूसरी बेटी अपने पिता के साथ मिलकर एक छोटा होटल चलाती है। वहीं, उनकी सबसे छोटी बेटी कंप्यूटर कोर्स कर रही है। घर में डेढ़ एकड़ खेत है, जहां परिवार खेती करता है। महतारी वंदन योजना की मदद से लीला बाई अपने परिवार के लिए बेहतर जीवन यापन करने में सक्षम हो पाई हैं। ग्राम कलेकसा पारा, बफना की शैलेंद्री पोयाम गृहिणी हैं और उनका परिवार मुख्य रूप से खेती-बाड़ी पर निर्भर है। उनके परिवार में सात लोग हैं और उनके पति खेती करके परिवार का खर्च चलाते हैं। शैलेंद्री का परिवार छह एकड़ जमीन पर खेती करता है। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली सहायता से शैलेंद्री को अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है। इस योजना से उन्हें घर चलाने के लिए आर्थिक राहत मिली है, जिससे उनका परिवार सुखी और संतुलित जीवन बिता रहा है। बफना, कलेकसा पारा की रहने वाली हितेंद्री देवांगन एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं और उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये मिलते हैं। हितेंद्री कहती हैं, ‘इस बार दीपावली से पहले हमें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह राशि मिली, जो हमारे लिए गर्व की बात है। इससे हम दीपावली में बच्चों के लिए पटाखे और मिठाई जैसी जरूरतें पूरी कर पाएंगे। हितेंद्री संयुक्त परिवार में रहती हैं, जिसमें 17 लोग हैं। उनका पूरा परिवार किसान है और खेती-बाड़ी से ही घर चलता है और उनकी डेढ़ एकड़ जमीन से सिर्फ खाने लायक ही उत्पादन हो पाता है। हितेंद्री बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि से उन्हें और उनकी देवरानी एक-दूसरे की जरूरतों के समय मदद करती हैं, जिससे देवरानी जेठानी के बीच में मन मोटाव जैसे परिस्थिति नहीं रहती। हितेंद्री के दो बेटियां हैं और दोनों बेटियों के लिए वह सुकन्या योजना के तहत पैसे जमा करती हैं, और जब कभी पैसों की कमी होती है, तब महतारी वंदन योजना की राशि उनके लिए सहारा बनती है। वह कहती हैं, ‘इस योजना के कारण मुझे कभी किसी से पैसे उधार मांगने की जरूरत नहीं पड़ी।’ उनका परिवार गर्मी के मौसम में मक्का की खेती करता है, जिससे थोड़ी बहुत आर्थिक सहायता मिल जाती है। हितेंद्री ने बताया कि इस योजना ने उनके परिवार के जीवन को काफी आसान बना दिया है। पहले जहां उन्हें अपनी बेटियों की पढ़ाई और घर की अन्य जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि से वह छोटी जरूरतों को पूरी कर पा रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महतारी वन्दन योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने और उनके जीवन में बदलाव लाने के लिए 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। लीला बाई, शैलेंद्री और हितेंद्री जैसी महिलाएं इस योजना की वास्तविक लाभार्थी हैं और उनकी कहानियाँ बताती हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और पारिवारिक सामंजस्य का भी प्रतीक है।   recent visitors 90