Friday, July 3, 2026 7:03 pm

ड्राइवर मौके से फरार, छत्तीसगढ़-कोरबा में ट्रेलर वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत

कोरबा. कोरबा के दीपका थाना अंतर्गत तिवरता कोसाबाड़ी के पास तेज रफ्तार ट्रेलर वाहन ने बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में बाइक सवार की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। देखते ही देखते राहगीरों के भीड़ एकत्रित हो गई और इसकी सूचना तत्काल दीपक थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंच घटनाक्रम की जानकारी ली गई। मृतक का नाम खिलेन्द्र चौबे है और वह बांधाखार नुनेरा में का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि सुबह बाइक में मृतक किसी काम से दीपका जा रहा था। इस दौरान तेज रफ्तार ट्रेलर वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद राजगीरों ने ट्रेलर वाहन को पकड़ना चाहा लेकिन वह फरार हो गया। दीपिका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पोस्टमार्टम के लिए शव को अस्पताल के लिए रवाना किया। फिलहाल पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है। recent visitors 103

जगरगुंडा साप्ताहिक बाजार में ड्यूटी के दौरान दो जवान घायल, छत्तीसगढ़-सुकमा में जवानों पर नक्सलियों ने किया हमला

सुकमा. जगरगुंडा साप्ताहिक बाजार की ड्यूटी में तैनात जवानों पर नक्सलियों ने हमला किया है। हमले में दो जवान घायल हुए हैं। जिन्हें जगरगुंडा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले के बाद बाजार में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है। नक्सली जवानों से हथियार लूटकर ले गए हैं। एसपी किरण चव्हाण ने इसकी पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक, जगरगुंडा साप्ताहिक बाजार ड्यूटी मे निकले पुलिस पार्टी पर नक्सलियो के स्मॉल एक्शन टीम ने चाकू से हमला किया। हमले में थाना जगरगुंडा के दो जवान घायल हो गए हैं। घायल जवानों के नाम -करतम देवा, सोढ़ी कन्ना हैं। दोनों जवानों के हथियार नक्सली लूट कर ले गए हैं। इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा गहन सर्चिंग की जा रही है। recent visitors 78

सीधे बालों को कर्ल करने के आसान तरीके

लड़कियो कि असली खूबसूरती का राज उनके बाल होते हैं। अपने बालों को नया लुक देकर जब आप खुद को एक नये अंदाज में देखते हैं तो इस खुशी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल होने लगता है। लेकिन बाल जब एक ही तरह के दिखते हैं तब आप खुद में बोरियत पन का अहसास करने लगते हैं। और फिर बाल अगर सिल्की स्ट्रेट हो तब तो कोई भी स्टाइल बना पाना और भी मुश्किल हो जाता है। इससे ज्यादा बोरिंग और क्या होगा कि आप कहीं भी जाए बस एक ही हेयर स्टाइल हो। कई बार तो ऐसा भी होता है कि पार्टी में जाने के लिए बालों को एक नया लुक देने के लिए आप पार्लर में न जाने कितना पैसे खर्च करते हैं लेकिन जैसे ही आप सैलून से बाहर निकलती हैं ये लॉक्स फिर से फ्लैट हो जाते हैं। इसीलिए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे टिप्स, जिन्हें फॉलो कर आप अपने घर पर ही इन कर्ल्स को ज्यादा टाइम तक टिका सकती हैं। सावधानियां:- बालों में ज्यादा कंडीशनर उन्हें और फिर सिल्की बनाता है और इससे बालों में कर्ल्स टिक नहीं पाते। इसीलिए कंडीशनर कम लगाएं। साथ ही हमेशा हेयर वॉश करने के अगले दिन ही बालों को कर्ल करें। क्योंकि ऐसे में बालों में नैचुरल ऑयल होगा, यदि आप बालों में कर्लिंग आयरन लगा रहे है तो ध्यान दे कि इससे पहले बालों में मूस लगा लें। एक बेसबॉल साइज जितना मूस लें और बालों की जड़ों से लेकर एंड्स तक लगाएं। ये आपके बालों के ऊपर एक कवच बनाएगा, जिससे कर्ल्स अच्छे से टीके रहेंगे। आप नारियल या आर्गन तेल भी लगा सकती हैं। बाल कर्ल बनाए रखने के तरीके… कर्ल और क्लिप-कुछ सेकेंड्स में कर्ली बाल पाने के लिए कई कर्लिंग रॉड्स और फ्लैट आइरन्स आती हैं। लेकिन कर्ल करने के बाद आपका अगला स्टेप होना चाहिए क्लिप। अगर आपके बाल बहुत कर्ल हैं तब तो ये बहुत जरूरी है। इसीलिए बालों को कर्ल करने के 5 सेकेंड बाद बालों से रॉड हटाएं और डकबिल क्लिप या बॉबी पिन लगा लें। 5 से 10 मिनट रूकें। अगर आप हीट डैमेज से बालों में होने वाले नुकसान के बारे में परेशान हैं तो रात भर सॉफ्ट स्पॉंज रोलर्स लगा कर सोएं। इससे आपको बिना बालों को डैमेज किए वही रिजल्ट मिलेगा। बालों से क्लिप खोलने के बाद बालों को उंगलियों से बिखेरें। आप कैसे भी कर्ल करें, हर बार उन्हें उंगलियों से ही बिखेरे, इससे कर्ल्स बालों में ज्यादा टाइम तक बने रहेंगे। आखिर में हेयर स्प्रे लगाएं, बस आप तैयार हैं।   recent visitors 114

महाकुंभ 2025 में यूपी में पर्यटकों को मिलेंगे स्किल्ड और स्मार्ट सर्विस प्रोवाइडर: योगी सरकार

प्रयागराज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में पारंपर‍िक भारतीय मूल्यों और 'अतिथि देवो भव:' की संकल्पना पर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और वातावरण प्रदान कर रही है। सरकार के इस भागीरथ प्रयत्न से प्रदेश में पर्यटन सेक्टर का कायाकल्प हो रहा है। प्रयागराज महाकुंभ जैसा विशाल जन समागम इसे बड़ा मंच प्रदान कर रहा है। पर्यटन को गति देने के लिए पूरे प्रयागराज में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे महाकुंभ के दौरान न सिर्फ वेंडर्स और सेवा प्रदाताओं की आय बढ़ेगी, बल्कि 45 हजार से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा। इसके साथ ही समस्त धार्मिक पर्यटन स्थलों के आसपास भी रोजगार के नए स्रोत विकसित होंगे। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से उपेक्षित पड़े पर्यटन सेक्टर को प्रदेश की योगी सरकार ने नया आयाम दिया है। 16 नवंबर, 2022 को उत्तर प्रदेश की नई पर्यटन नीति-2022 को मंज़ूरी मिलने के बाद पर्यटन क्षेत्र के विकास का नक्शा बदलना शुरू हुआ। नई पर्यटन नीति से प्रदेश में 20 हजार करोड़ के निवेश और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भी सबसे पहले पर्यटन सेक्टर से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर को कौशल विकास और प्रबंधन से जोड़ना महत्वपूर्ण है। प्रयागराज महाकुंभ इसके लिए बड़ा मंच साबित हो रहा है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह का कहना है कि प्रयागराज महाकुंभ में पर्यटकों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क में आने वाले सभी सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित करने का अभियान शुरू किया गया है। नाविकों, टूर गाइड, और स्ट्रीट वेंडर्स जैसे सेवा प्रदाताओं को कौशल विकास और मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही है। उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों में नदियों में नौका संचालन से आजीविका चलाने वाले नाविकों की आय बढ़ाने और क्षमताओं का विकास कर योगी सरकार उन्हें नई भूमिका दे रही है। पर्यटन विभाग 2000 नाविकों को इसका प्रशिक्षण दे रहा है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह बताती हैं कि पर्यटन विभाग ने मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान और एक अन्य संस्था के साथ एक एमओयू साइन किया है, जिसके अंतर्गत यह ट्रेनिंग चल रही है, इसमें अभी तक 300 नाविकों को कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस प्रशिक्षण से नाविक अब नौकायन से आगे बढ़कर रिवर गाइड की भूमिका का निर्वहन कर सकेंगे। इससे नदियों में धार्मिक स्थलों के किनारे नाव चलाने वाले हजारों नाविकों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन स्थलों का वातावरण भी बेहतर होगा। पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के लिए इस स्थलों में बुनियादी संरचना के विकास के साथ यहां सेवा प्रदान करने सेवा प्रदाताओं को भी स्मार्ट बनाना होगा। पर्यटन विभाग ने इसी को देखते हुए प्रयागराज में 1000 टूर गाइड को स्किल डेवलपमेंट और मैनेजमेंट की ट्रेनिंग प्रदान कर रहा है। मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंध संस्थान, लखनऊ के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रखर तिवारी की अगुवाई में यह ट्रेनिंग चल रही है। प्रखर तिवारी बताते हैं कि अब तक यहां टूर गाइड के सात बैच की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है, इसमें 420 टूर गाइड प्रशिक्षित होकर सेवाएं देने को तैयार हैं। पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की डिलीवरी देने के लिए पर्यटन सेक्टर में प्रशिक्षित जनशक्ति पूल का निर्माण करना बड़ी आवश्यकता है। महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों के आतिथ्य में यह जन शक्ति उपयोगी साबित हो सकती है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह का कहना है कि महाकुंभ के पूर्व पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं और जनशक्ति को कुशल बनाने के लिए टूर गाइड और नाविकों के साथ साथ अब शहर के स्ट्रीट वेंडर्स और टैक्सी ड्राइवर्स को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्ट्रीट वेंडर्स शहरी अर्थव्यवस्था का एक महत्त्वपूर्ण घटक हैं, जो एक तरफ जहां स्थानीय लोगों तक रोज़मर्रा की आवश्यक उपयोगी वस्तुओं को पहुंचाते हैं, तो वहीं बाहर से आने वाले पर्यटकों के साथ भी उनका संपर्क होता है। पर्यटकों के साथ व्यवहार के प्रति संवेदनशील बनाने और पर्यटक स्थलों एवं मार्गों पर स्वच्छता की जानकारी देने के लिए इनका प्रशिक्षण भी आवश्यक है। पर्यटन विभाग की तरफ से इनका प्रशिक्षण शुरू किया गया है। प्रयागराज में 600 स्ट्रीट वेंडर्स और 600 टैक्सी ड्राइवर को इसका प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके अंतर्गत अभी तक 250 स्ट्रीट वेंडर्स और 120 टैक्सी ड्राइवर को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। योगी सरकार की नई पर्यटन नीति पर्यटन क्षेत्र के लिए जहां गेम चेंजर साबित हो रही है, वहीं इससे रोजगार की असीमित संभावनाएं खुल गई हैं। प्रयागराज में महाकुंभ के पूर्व पर्यटन से जुड़े इन सेवा प्रदाताओं स्किल डेवलपमेंट और मैनेजमेंट की ट्रेनिंग देने से बड़ी तादाद में युवाओं को रोजगार मिलेगा। उनकी आमदनी बढ़ेगी। क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी के मुताबिक महाकुंभ के पहले इस ट्रेनिंग कैंपेन से 45 हजार से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही इन धार्मिक पर्यटन स्थलों के आसपास भी रोजगार के नए स्रोत विकसित होंगे। recent visitors 97

जापान में इस बार टूटा अक्तूबर गर्मी का रिकॉर्ड, 225 सालों का सबसे गर्म महीना रहा

टोक्यो जापान में अक्तूबर माह में रिकॉर्ड तोड़ तापमान दर्ज किया गया, जो कि देश में 1898 में रिकॉर्ड रखने की शुरुआत के बाद से सबसे गर्म माह रहा। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (जेएमए) के आंकड़ों के अनुसार, जापान में मासिक औसत तापमान सामान्य अक्टूबर के तापमान से 2.21 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। आईएएनएस ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ के हवाले से बताया कि क्षेत्रीय स्तर पर उत्तरी जापान में तापमान औसतन 1.9 डिग्री अधिक रहा। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी जापान में तापमान में 2.6 डिग्री की वृद्धि देखी गई। क्योटो, नागानो और मध्य टोक्यो जैसे शहरों में तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जहां अक्टूबर का औसत तापमान क्रमशः 3.2 डिग्री, 3.1 डिग्री और 2.6 डिग्री बढ़ा।   नवंबर में भी तापमान अधिक रहने का अनुमान मौसम एजेंसी, JMA का आगे का अनुमान है कि नवंबर का तापमान औसत से ऊपर रहेगा। हालांकि, अगले सप्ताह के उत्तरार्ध में ठंडी हवा आने की उम्मीद है, जिससे संभावित रूप से तापमान में और अधिक उतार-चढ़ाव हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार जापान में उच्च तापमान का पैटर्न जुलाई से ही लगातार बना हुआ है, जिससे इस तरह की बेमौसम गर्मी की चिंता बढ़ गई है।   recent visitors 94

सांसद कुमारी सैलजा को पार्टी हाईकमान द्वारा एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की उम्मीद

चंडीगढ़ विधानसभा चुनाव के बाद से हरियाणा कांग्रेस में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। विधायक दल के नेता के लिए लॉबिंग चल रही है तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी नई नियुक्ति की संभावना जोर पकड़ रही है। कांग्रेस महासचिव एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा को पार्टी हाईकमान द्वारा एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की उम्मीद है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट ने प्रदेश अध्यक्ष के पद पर सैलजा की नियुक्ति को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। हरियाणा विधानसभा में इस बार कांग्रेस के 37 विधायक चुनकर आए हैं, जिनमें से 33 विधायक हुड्डा समर्थक हैं। चार विधायकों को कुमारी सैलजा समर्थक माना जाता है। इन चार विधायकों के बूते पर हालांकि सैलजा गुट को ना तो विधायक दल के नेता का पद मिल सकता है और ना ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर उनकी दावेदारी बनती है, लेकिन विधानसभा चुनाव में जिस तरह से सैलजा ने नाराज होकर बड़ा खेल किया, उससे कांग्रेस हाईकमान सकते में हैं। खींचतान से पार्टी के हाथ से छूट गई सत्ता विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के चाहे कितने भी कारण रहे हों, लेकिन हुड्डा व सैलजा की खींचतान की वजह से पार्टी के हाथ से सत्ता छूट गई है। रणनीतिकारों को पूरी उम्मीद थी कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी, लेकिन पार्टी के राज्य स्तरीय नेताओं की आपसी खींचतान ने कांग्रेस को पांच साल पीछे धकेल दिया है। थिंक टैंक का मानना है कि यदि हुड्डा और सैलजा मिलकर चुनाव लड़ते तो राज्य में कांग्रेस की सरकार बनना तय था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हुड्डा खेमा अपने स्वयं के बूते पर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी हुई मानकर चल रहा था, जबकि सैलजा गुट को अपनी नाराजगी के माध्यम से ताकत दिखाने का मौका मिल गया, जिसका पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है। दोबारा जिम्मेदारी दे सकती है पार्टी कांग्रेस के इन नेताओं में अब भविष्य में तालमेल बना रहे और पार्टी में सिर्फ हुड्डा का एकाधिकार ना रहे, इसके लिए हुड्डा के स्थान पर किसी दूसरे को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाने की चर्चा चल रही है। दूसरा पहलू यह भी है कि हुड्डा के बिना कांग्रेस की राजनीतिक प्रगति संभव नहीं है, लेकिन इसके बावजूद हाईकमान किसी दूसरे को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाने की संभावनाएं तलाश रहा है। कुमारी सैलजा चूंकि पहले भी हरियाणा कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकी हैं तो ऐसे में उन्हें पार्टी दोबारा जिम्मेदारी दे सकती है, जिसका अंदर ही अंदर हुड्डा खेमा विरोध कर रहा है। recent visitors 70

यूपी में 45 हजार से ज्यादा परिवारों को मिलेगा रोजगार, योगी सरकार ने उठाया यह बड़ा कदम- दी जा रही है ट्रेनिंग

प्रयागराज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में पारम्परिक भारतीय मूल्यों और 'अतिथि देवो भव:' की संकल्पना पर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और वातावरण प्रदान कर रही है। सरकार के इस भागीरथ प्रयत्न से प्रदेश में पर्यटन सेक्टर का कायाकल्प हो रहा है। प्रयागराज महाकुंभ जैसा विशाल जन समागम इसे बड़ा मंच प्रदान कर रहा है। पर्यटन को गति देने के लिए पूरे प्रयागराज में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे महाकुंभ के दौरान न सिर्फ वेंडर्स और सेवा प्रदाताओं की आय बढ़ेगी, बल्कि 45 हजार से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा। इसके साथ ही समस्त धार्मिक पर्यटन स्थलों के आसपास भी रोजगार के नए स्रोत विकसित होंगे। यूपी में बदल रही है पर्यटन की तस्वीर उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से उपेक्षित पड़े पर्यटन सेक्टर को प्रदेश की योगी सरकार ने नया आयाम दिया है। 16 नवंबर, 2022 को उत्तर प्रदेश की नई पर्यटन नीति-2022 को मंज़ूरी मिलने के बाद पर्यटन क्षेत्र के विकास का नक्शा बदलना शुरू हुआ। नई पर्यटन नीति से प्रदेश में 20 हजार करोड़ के निवेश और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें भी सबसे पहले पर्यटन सेक्टर से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर को कौशल विकास और प्रबंधन से जोड़ना महत्वपूर्ण है। प्रयागराज महाकुंभ इसके लिए बड़ा मंच साबित हो रहा है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह का कहना है कि प्रयागराज महाकुंभ में पर्यटकों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क में आने वाले सभी सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित करने का अभियान शुरू किया गया है। नाविकों , टूर गाइड, स्ट्रीट वेंडर्स और स्ट्रीट वेंडर्स जैसे सेवा प्रदाताओं को कौशल विकास और मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही है। नाविकों को मिल रही नई भूमिका, रिवर गाइड होंगे नाविक उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों में नदियों में नौका संचालन से आजीविका चलाने वाले नाविकों की आय बढ़ाने और क्षमताओं का विकास कर योगी सरकार उन्हें नई भूमिका दे रही है। पर्यटन विभाग 2000 नाविकों को इसका प्रशिक्षण दे रहा है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह बताती हैं कि पर्यटन विभाग ने मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान और एक अन्य संस्था के साथ एक एमओयू साइन किया है जिसके अंतर्गत यह ट्रेनिंग चल रही हैं जिसमें अभी तक 300 नाविकों को कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस प्रशिक्षण से नाविक अब नौकायन से आगे बढ़कर रिवर गाइड की भूमिका का निर्वहन कर सकेंगे। इससे नदियों में धार्मिक स्थलों के किनारे नाव चलाने वाले हजारों नाविकों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन स्थलों का वातावरण भी बेहतर होगा। टूर गाइड भी किए जा रहे हैं स्किल्ड पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के लिए इस स्थलों में बुनियादी संरचना के विकास के साथ यहां सेवा प्रदान करने सेवा प्रदाताओं को भी स्मार्ट बनाना होगा। पर्यटन विभाग ने इसी को देखते हुए प्रयागराज में 1000 टूर गाइड को स्किल डेवलेपमेंट और मैनेजमेंट की ट्रेनिंग प्रदान कर रहा है। मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबन्ध संस्थान, लखनऊ के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रखर तिवारी की अगुवाई में यह ट्रेनिंग चल रही है। प्रखर तिवारी बताते हैं कि अब तक यहां टूर गाइड के 7 बैच की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है जिसमें 420 टूर गाइड प्रशिक्षित होकर सेवाएं देने को तैयार हैं। स्ट्रीट वेंडर्स और टैक्सी ड्राइवर्स को भी दी जा रही है ट्रेनिंग पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की डिलीवरी देने के लिए पर्यटन सेक्टर में प्रशिक्षित जनशक्ति पूल का निर्माण करना बड़ी आवश्यकता है। महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों के आतिथ्य में यह जन शक्ति उपयोगी साबित हो सकती है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह का कहना है कि महाकुंभ के पूर्व पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी सेवा प्रदाताओं और जनशक्ति को कुशल बनाने के लिए टूर गाइड और नाविकों के साथ साथ अब शहर के स्ट्रीट वेंडर्स और टैक्सी ड्राइवर्स को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्ट्रीट वेंडर्स शहरी अर्थव्यवस्था का एक महत्त्वपूर्ण घटक हैं जो एक तरफ जहां स्थानीय लोगों तक रोज़मर्रा की आवश्यक उपयोगी वस्तुओं को पहुंचाते हैं तो वहीं बाहर से आने वाले पर्यटकों के साथ भी उनका संपर्क होता है। पर्यटकों के साथ व्यवहार के प्रति संवेदनशील बनाने और पर्यटक स्थलों एवं मार्गों पर स्वच्छता की जानकारी देने के लिए इनका प्रशिक्षण भी आवश्यक है। पर्यटन विभाग की तरफ से इनका प्रशिक्षण शुरू किया गया है। प्रयागराज में 600 स्ट्रीट वेंडर्स और 600 टैक्सी ड्राइवर्स को इसका प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके अंतर्गत अभी तक 250 स्ट्रीट वेंडर्स और 120 टैक्सी ड्राइवर्स को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।   recent visitors 84