Saturday, July 4, 2026 12:37 am

जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और नवाचार परिषद (ब्रिक) ने अपना पहला स्थापना दिवस मनाया

नई दिल्ली जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान और नवाचार परिषद (ब्रिक) ने अपना पहला स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि अनुसंधान में सामंजस्य स्थापित करने, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की शक्ति को बढ़ाने में ब्रिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने पिछले साल 10 नवंबर को 14 स्वायत्त संस्थानों (एआई) को शामिल करके ब्रिक की स्थापना की थी। ब्रिक जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उत्कृष्टता और नवाचार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ब्रिक के पहले स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव और ब्रिक के महानिदेशक राजेश एस गोखले ने कहा, ” बीआरआईसी अनुसंधान में सामंजस्य स्थापित करने, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की शक्ति को बढ़ाने और रूपांतरित करने के संदर्भ में मूल्य और प्रभाव को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।” इस कार्यक्रम में 15 आईबीआरईसी संस्थानों के विभिन्न अधिकारियों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि अमिताभ कांत ने विभाग के प्रयासों को सराहा और कहा कि “बीआरआईसी देश के लिए एक ऐतिहासिक संस्थान होगा।” 9 नवंबर को, “विज्ञान से उद्यमिता की ओर दौड़ (आरएएसई)” नामक एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य आईबीआरईसी प्लस संस्थानों में पोषित युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना था, ताकि उन्हें जैव विज्ञान के व्यावसायीकरण से जुड़े मुद्दों, विशेष रूप से बायोई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति में उल्लेखित विषयगत क्षेत्रों से अवगत कराकर उनके उद्यमशीलता कौशल को विकसित किया जा सके। 10 नवंबर को, आईबीआरईसी प्लस संस्थानों और डीबीटी के लिए खेल मीट और एक मिलन समारोह की योजना बनाई गई थी, ताकि डीबीटी-आईबीआरईसी प्लस परिवारों के बीच सद्भाव, शारीरिक फिटनेस, टीमवर्क और बॉन्डिंग को बढ़ावा दिया जा सके। स्पोर्ट्स मीट में क्रिकेट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और शतरंज जैसी स्पर्धाएं शामिल की गई। मंत्रालय ने कहा, “ब्रिक विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और उम्मीद है कि इससे भारतीय जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र को बढ़ावा देने में सराहनीय परिणाम प्राप्त होंगे।”   recent visitors 86

विश्व पटल पर देश को गौरवान्वित कर रहे हैं हमारे वैज्ञानिक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भविष्य को आकार देने में विज्ञान की अहम भूमिका है। भारत को विश्व पटल और अंतरिक्ष तक गौरवान्वित कर रहे, देश के वैज्ञानिक और विज्ञान प्रतिभाओं पर हम सभी को गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व विज्ञान दिवस पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विश्व विज्ञान दिवस की जनसामान्य को शांति, मानव-कल्याण और अत्याधुनिक तकनीक से प्रगति के लिए विज्ञान की अनिवार्यता और स्वीकार्यता के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका है।   recent visitors 75

फुलंबरी में स्थित इस दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी, तीन लोगों की मौत

छत्रपति संभाजीनगर छत्रपति संभाजीनगर के फुलंबरी इलाके में देर रात एक भयानक हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई। यह घटना बीती रात करीब एक बजे की है, जब एक प्लास्टिक की दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। जानकारी के अनुसार, फुलंबरी में स्थित इस दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी। आग की चपेट में आने से दुकान खोलने आए तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नितिन नागरे, गजानन वाघ, और सलीम शेख के रूप में हुई है। उल्लेखनीय है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं आमतौर पर तेज और अनियंत्रित होती हैं, खासकर जब दुकान में प्लास्टिक जैसे ज्वलनशील पदार्थ मौजूद हों। इस घटना ने एक बार फिर से दुकानों और अन्य व्यावसायिक स्थानों में सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी तरह से कुछ दिन पहले गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में केमिकल फैक्ट्री में 4 नवंबर की रात को भीषण आग लग गई थी। जिसके बाद इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग काफी ज्यादा फैल चुकी थी। जिसको देखते हुए अलग अलग स्टेशन से फायर ब्रिगेड की और गाड़ियों को बुलाया गया। फायर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आग पैराबोलिक लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक केमिकल फैक्ट्री में लगी हुई थी।   recent visitors 181

हाथी शावक की इलाज के दौरान मृत्यु

भोपाल. उमरिया जिले के बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र पनपथा बफर के बीट खारीबड़ी टोला के कक्ष क्रमांक-आर.एफ.-179 पटपरहा हार में 8 नवम्बर को एक हाथी शावक झुण्ड से बिछड़कर अकेला अस्वस्थ एवं अचेत अवस्था में मिला था। उपचार के दौरान 10 नवम्बर को प्रात: 6:06 बजे शावक की मृत्यु हो गयी। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि वन्य-प्राणी चिकित्सा दल द्वारा मौके पर पहुँचकर शावक का उपचार किया गया। उपचार के बाद हाथी शावक को परिक्षेत्र ताला के रामा हाथी कैम्प लाया गया। चिकित्सीय दल द्वारा कैम्पिंग कर लगातार उपचार किया गया। उपचार के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गयी। एस.ओ.पी. के अनुसार पोस्टमार्टम कर वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हाथी शावक के शव का निपटान किया गया। recent visitors 59

नुसरत भरूचा ने खुद को दिया नया शॉर्ट नेम ‘कोल’, वजह भी बताई

मुंबई,  एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने खुद को नया नाम ‘कोल’ दिया है। ऐसा उन्होंने क्यों किया है ये भी समझाया है। नुसरत ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह गोवा में एक परफॉरमेंस के लिए मेकअप करवा रही हैं। क्लिप में वह कहती हुई सुनाई दे रही हैं, “मैं रोना चाहती हूं.. मैं 48 घंटों से सोई नहीं हूं और मैं यहां गोवा में हूं और मुझे लगा कि मैं झपकी ले पाऊंगी और तैयार होने से पहले सो पाऊंगी, लेकिन नहीं, अब इवेंट को प्रीपोंड (तय समय से पहले) कर दिया गया है।” उन्होंने कहा, “मुझे अपने कॉल टाइम से 2 घंटे पहले परफॉर्म करना है। इसलिए मैंने खाना भी नहीं खाया है और मैं तैयार हो रही हूं…मैं यह नहीं कर सकती। मैं सोना चाहती हूं।” उन्होंने क्लिप को कैप्शन दिया, “मेरा नया पर्सनल शॉर्ट नेम ‘कोल क्राइंग ऑउट लाउड!!” पिछले सप्ताह, एक्ट्रेस ने दीपावली मनाते हुए एक हेल्थ अपडेट पोस्ट शेयर किया और कहा कि वह अस्वस्थ हैं क्योंकि उन्हें बुखार, शरीर में दर्द और “आंखों में संक्रमण है।” नुसरत ने इंस्टाग्राम पर एक कार सेल्फी शेयर की और बताया कि बीमार होने के बावजूद वह खुद को ‘घसीटकर’ मीटिंग में ले गईं। कैप्शन में लिखा था, “दीपावली के बाद की स्थिति, सर्दी, बुखार, खांसी, शरीर में दर्द और.. कुछ आंखों का संक्रमण! फिर भी किसी तरह खुद को मीटिंग में ले जा रही हूं!” नुसरत के बारे में बात करें तो, 2002 के टेलीविजन शो ‘किट्टी पार्टी’ से एक्टिंग शुरू की। उन्हें 2006 में ‘जय संतोषी मां’ से बॉलीवुड में ब्रेक मिला। वह ‘कल किसने देखा’, ‘ताज महल’, ‘लव सेक्स और धोखा’ जैसी फिल्मों का हिस्सा रही हैं। इसके बाद नुसरत लव रंजन द्वारा लिखित और निर्देशित रोमांटिक कॉमेडी बडी फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ में दिखाई दीं। इस फिल्म में कार्तिक आर्यन, दिव्येंदु शर्मा, रायो एस बखिरता, सोनाली सहगल और इशिता ने एक्टिंग की थी। उन्होंने ‘आकाश वाणी’, ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘छलांग’, ‘अजीब दास्तां’, ‘छोरी’, ‘हुड़दंग’, ‘राम सेतु’, ‘सेल्फी’, ‘छत्रपति’ में काम किया है। 39 वर्षीय एक्ट्रेस को आखिरी बार प्रणय मेश्राम द्वारा निर्देशित एक्शन थ्रिलर ‘अकेली’ में देखा गया था। उनकी अगली फिल्म विशाल फुरिया की हॉरर-थ्रिलर फिल्म ‘छोरी 2’ है। फिल्म की शुरुआत वहीं से होती है, जहां 2021 में रिलीज हुई पहली किस्त खत्म हुई थी। हॉरर सीक्वल की कास्ट में अभिनेत्री सोहा अली खान भी शामिल हो गई हैं। ‘छोरी’ मराठी भाषा की 2017 की फिल्म ‘लपाछपी’ की रीमेक थी। इसमें मीता वशिष्ठ, राजेश जैस और सौरभ गोयल भी हैं।   recent visitors 96

उपचुनाव में मतदान केन्द्र और निर्वाचन प्रक्रिया होगी इको-फ्रेंडली, बताया कि इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है

जयपुर राजस्थान में तेरह नवंबर को सात विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के दौरान पूरी मतदान प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) होगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत चुनाव के दौरान क्रियान्वित होने वाली विभिन्न गतिविधियों को पर्यावरणीय अनुकूलता के मापदंडों के अनुरूप संपन्न कराया जाएगा। इसमें मतदान दलों को दी जाने वाली चुनावी सामग्री की पैकेजिंग प्लास्टिक-फ्री मैटेरियल से की जाएगी। साथ ही खाने-नाश्ते के लिए कागज के पैकेट एवं दोने-पत्तल, पेयजल के लिए प्लास्टिक बोतल की जगह घड़े से पानी और चाय आदि के लिए केतली एवं कुल्हड़ का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन विभाग उपचुनाव के दौरान निष्पक्ष, निर्भीक एवं पारदर्शी चुनाव के लिए वेबकास्ट प्रक्रिया का अधिक विस्तार करेगा। इस क्रम में मतदान कक्ष से मतदान प्रक्रिया की सीसीटीवी फीड के साथ ही कक्ष के बाहर से भी लाइव कवरेज की मदद से मतदाताओं की कतार और क़ानून-व्यवस्था का प्रबंधन किया जाएगा। साथ ही पूरी मतदान पक्रिया को इको-फ्रेंडली बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। श्री महाजन ने बताया कि इस नवाचार के लिए मतदान केन्द्रों पर अतिरिक्त कैमरा स्थापित किए जाएंगे और वेबकास्ट कवरेज के लाइव स्ट्रीमिंग पर निगरानी और विश्लेषण के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, जिलों के अभय कमांड केसेंटर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और निर्वाचन आयोग के स्तर तक सतत निगरानी के लिए विशेष टीवी स्क्रीन लगाए जाएंगे। इन टीवी स्क्रीन पर लाइव वीडियो कवरेज में मतदान कक्ष के बाहर मतदाताओं की कतारों पर नजर रखी जाएगी। मतदाताओं की कम संख्या या अनुपस्तिथि वाले मतदान केन्द्रों की पहचान कर स्थानीय स्वीप टीम को सूचना भेजी जाएगी, जिससे हेला टोली के माध्यम से मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित किया जा सकेगा। कतार लम्बी होने, धीमी गति से मतदान होने, मतदान केन्द्र पर अधिक भीड़ जमा होने या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पर बेहतर निगरानी कर उसका प्रबंधन भी अविलंब किया जा सकेगा। श्री महाजन ने कहा कि इको-फ्रेंडली चुनाव के तहत आवश्यकता होने पर पोस्टर-बैनर आदि की छपाई कागज पर की जाएगी। मतदान दलों के रवानगी केन्द्रों, मतदान और मतगणना केन्द्रों आदि को 'क्लीन एवं ग्रीन' तथा तम्बाकू-मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाएगा, जिसके तहत यहां बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, पान-मसाला आदि के उपयोग पर प्रतिबन्ध रहेगा। इससे इन स्थानों पर खाली पाऊच आदि के कचरे से बचाव हो सकेगा. मतदान केन्द्र आदि को 'क्लीन एवं ग्रीन' रखने के लिए कचरा प्रबंधन पर फोकस करते हुए यहां गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन का उपयोग होगा. डाक मतपत्रों की गणना के लिए रियूजेबल ट्रे और कंटेनर का उपयोग होगा। उन्होंने बताया कि मतदान दलों के पास वाहनों के नम्बर, लोकेशन, ड्राइवर एवं सेक्टर अधिकारी आदि का विवरण फोन पर उपलब्ध होगा, जिससे कागज के अनावश्यक उपयोग से बचा जा सकेगा. मतदान केन्द्रों पर प्लास्टिक-फ्री सेल्फी-पॉइंट तैयार किए जाएंगे और मतदान केन्द्र परिसर में विशेष मतदाताओं, जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग, नवमतदाता आदि से पौधारोपण करवाया जाएगा। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी बीएलओ की होगी। श्री महाजन ने बताया कि पर्यावरण के अनुकूल चुनाव प्रबंधन के तहत उम्मीदवारों और राजनैतिक दलों के साथ भी प्लास्टिक-मुक्त प्रचार सामग्री के उपयोग के लिए समझाइश की जानी चाहिए। साथ ही, उम्मीदवारों के यहां जलपान, खाने अथवा पानी के लिए एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग अनुमत नहीं करने पर भी विचार किया जा सकता है. निर्वाचन विभाग द्वारा विभिन्न स्तर पर चुनावी प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण सामग्री सॉफ्ट कॉपी में साझा किया जाए। सेक्टर अधिकारी एवं मतदान दल को प्रशिक्षण के दौरान ही ग्रीन एवं क्लीन पोलिंग बूथ की संकल्पना की जानकारी दी जाए तथा इसे साकार करने के लिए स्थानीय एनजीओ, सेल्फ हेल्प ग्रुप, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं विधार्थियों के माध्यम से जागरूकता और इको-फ्रेंडली मतदान के लिए प्रचार-प्रसार किया जाए। उपचुनाव के दौरान लाइव वेबकास्ट के विस्तार की योजना और पर्यावरण के अनुकूल चुनाव प्रबंधन के लिए सभी सम्बंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग को भी इस बारे में रिपोर्ट भेजी गई है। आयोग ने राजस्थान में की जा रही पहलों को अन्य राज्यों में अपनाने के क्रम में इन नवाचारों की कार्य योजनाएं साझा करने को कहा है। निर्वाचन विभाग ने इस विषय में आयोग के साथ विस्तृत जानकारी साझा कर दी है।   recent visitors 66

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन/लोकार्पण

भोपाल. स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को बुनियादी सुविधाएँ आसानी से मिल सकें, इसके लिये राज्य सरकार ने अधोसंरचना से जुड़े कामों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बिजली सुधार के लिये क्षेत्र में कराये जा रहे कार्यों में तेजी लायी जायेगी। मंत्री सिंह आज नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा क्षेत्र में विकास कार्यों के भूमि-पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने ग्राम पंचायत बम्होरीकला में 38.54 लाख रुपये लागत के सामुदायिक भवन का भूमि-पूजन और ग्राम पंचायत कजरौटा में 7.80 लाख रुपये लागत के आँगनवाड़ी भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली सुधार के लिये 3 सब-स्टेशन बनाने के प्रस्ताव दिये गये हैं। मंत्री सिंह ने कहाकि क्षेत्र के प्रत्येक बड़े गाँव में सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जायेगा। उन्होंने एकीकृत माध्यमिक शाला में फर्नीचर के लिये 2 लाख रुपये, पेयजल व्यवस्था के लिये 50 हजार रुपये और सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिये 50 हजार रुपये राशि देने की घोषणा की। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे। recent visitors 68