Friday, July 10, 2026 2:55 pm

प्रधानमंत्री मोदी कुवैत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित

प्रधानमंत्री मोदी कुवैत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रवासियों को दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कुवैत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान "द ऑर्डर ऑफ मुबारक-अल-कबीर" से सम्मानित होने पर प्रधानमंत्री मोदी और समस्त राष्ट्रवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में एक ऐसे भारत का उदय हुआ है, जो विश्व बंधुत्व के संकल्प को साकार कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुवैत ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित किया है, जो सभी राष्ट्रवासियों के लिए गौरवशाली क्षण है। इससे एक बार पुन: प्रमाणित हुआ है कि विश्व में भारतीय नेतृत्व के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना सशक्त हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सम्मान सशक्त, समृद्ध भारत और संपूर्ण देशवासियों का सम्मान है।   recent visitors 42

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले राजस्थान के विधायक महंत बालक नाथ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से रविवार शाम मुख्यमंत्री निवास में राजस्थान के विधायक महंत बालक नाथ ने सौजन्य भेंट की। राजस्थान के तिजारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक महंत बालक नाथ इन दिनों मध्यप्रदेश प्रवास पर हैं।     recent visitors 41

स्पेसएक्स को बचाने के लिए एलन मस्क ने बेच दी थी अपनी गाड़ी, उसने किया कमाल

नई दिल्ली. दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क की ऑटो कंपनी टेस्ला के बारे में तो पूरी दुनिया जानती है। यह दुनिया की सबसे वैल्यूएबल ऑटो कंपनी है। इसकी वैल्यू करीब $1.4 ट्रिलियन है जो ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री का करीब आधी है। लेकिन मस्क की एक और कंपनी स्पेसएक्स दुनिया की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप कंपनी बन गई है। इसकी वैल्यू $350 अरब पहुंच गई है। मस्क ने इंसान को मंगल पर पहुंचाने का सपना देखा है और इसी मिशन के साथ उन्होंने साल 2002 में स्पेसएक्स की स्थापना की थी। मस्क रॉकेट बिजनस का ऐपल बनना चाहते हैं और यह काफी हद तक इसमें सफल रही है। इस कंपनी के नाम कई रेकॉर्ड दर्ज हैं और यह स्पेस इंडस्ट्री में बड़ा नाम बनकर उभरी है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा आज अपने अंतरिक्षयात्रियों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचाने के लिए स्पेसएक्स के रॉकेट्स का सहारा ले रही है। लेकिन इसके लिए सफर आसान नहीं था। कंपनी को एक के बाद एक कई नाकामियों का सामना करना पड़ा। एक समय मस्क ने अपनी सारी जमा पूंजी इसमें झोंक दी थी। उन्होंने रूस से भी रॉकेट खरीदने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। मस्क का सारा पैसा खत्म हो गया था और उन्हें अपनी गाड़ी भी बेचनी पड़ी। लेकिन मस्क ने कभी हार नहीं मानी। रूस में सहना पड़ा अपमान अमेरिकी बिजनस कॉलमनिस्ट और लेखक एश्ली वेंस ने अपनी किताब 'Elon Musk: How the Billionaire CEO of SpaceX and Tesla is Shaping Our Future' में स्पेसएक्स से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया है। यह उस समय की बात है जब स्पेसएक्स का गठन नहीं हुआ था। मस्क रॉकेट लॉन्च पर दो से तीन करोड़ डॉलर खर्च करना चाहते थे। लेकिन जानकारों का कहना था कि यह संभव नहीं है। रॉकेट लॉन्च पर कितना खर्च आता है, इसका पता लगाने के लिए मस्क ने रूस जाने की योजना बनाई। वह रूस से आईसीबीएम खरीदकर उसे अपने लॉन्च वीकल के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते थे। रॉकेट और मिसाइल में एक ही तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। इस काम के लिए मस्क ने जिम कैंट्रेल नाम के एक शख्स की मदद ली। कैंट्रेल पर जासूसी के आरोप लगे थे और साल 1996 में उन्हें रूस में हाउस अरेस्ट पर रखा गया था। इस कारण वह रूस नहीं जाना चाहते थे लेकिन मस्क ने उन्हें मना लिया। अक्टूबर 2001 में मस्क, कैंट्रेल और मस्क के कॉलेज के दोस्त एडियो रेसी मॉस्को पहुंचे। मस्क और उनकी टीम ने तीन बार रूसियों से बात की। लेकिन बात बन नहीं पा रही थी। एक मीटिंग के दौरान रूस के एक चीफ डिजाइनर ने कैंट्रेल और मस्क पर थूक दिया। कैंट्रेल कहते हैं, 'रूस के एक चीफ डिजाइनर ने मुझ पर और एलन पर थूक दिया था क्योंकि उसे लग रहा था कि हम बकवास लोग हैं।' कैसे किया कमाल दरअसल मस्क ने रॉकेट के लिए दो करोड़ डॉलर रखे थे। उनको लगता था कि इससे तीन आईसीबीएम खरीदी जा सकती हैं। एक मीटिंग में मस्क ने रूसियों से पूछा कि एक आईसीबीएम की कीमत क्या होगी, इस पर जबाव मिला, 80 लाख डॉलर। मस्क ने कहा कि इतने में तो दो आ जाएंगी। रूसियों ने इस कीमत पर मिसाइल देने से साफ इनकार कर दिया। मस्क को लग गया था कि रूसी इस डील को लेकर गंभीर नहीं हैं या उनसे ज्यादा से ज्यादा पैसा ऐंठना चाहते हैं। यह फरवरी 2002 की बात है। मस्क बड़ा सपना लेकर रूस गए थे लेकिन वहां से खाली हाथ लौट आए। वह मायूस थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मस्क ने इसके बाद खुद ही रॉकेट बनाने का फैसला किया। मस्क ने जून 2002 में स्पेसएक्स की स्थापना की। लेकिन सफलतापूर्वक अपना रॉकेट उड़ाने में कंपनी को छह साल लग गए। स्पेसएक्स साल 2008 में उस समय सुर्खियों में आई जब उसके रॉकेट ने सैटेलाइट को ऑर्बिट में पहुंचाया। वह ऐसा कारनामा करने वाली दुनिया की पहली निजी कंपनी थी। साल 2010 में उसके रॉकेट ने एक पेलोड को ऑर्बिट में स्थापित किया और फिर सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आया। स्पेसएक्स की सफलता की वजह यह है कि वह रॉकेट में इस्तेमाल होने वाला 80% साजोसामान खुद बनाती है। इससे कंपनी को लागत कम करने में मदद मिलती है। recent visitors 87

महाकुंभ 2025 : आधुनिक उपकरणों से स्वच्छता, सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी

महाकुंभ नगर. महाकुंभ-2025 में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्नानार्थियों को स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करने के लिए आधुनिक स्वच्छता उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से तैयारी कर ली गई है और मेला शुरू होने से पूर्व इन आधुनिक उपकरणों को तैनात कर दिया जाएगा। इन उपकरणों की खरीद पर 45 से 50 लाख खर्च होने की संभावना है। इन उपकरणों में 10 मैनुअल वॉक-बिहाइंड स्वीपिंग मशीन और 2 बैटरी ऑपरेटेड वैक्यूम टाइप लीटर पिकर शामिल हैं। यह कदम न केवल महाकुंभ को स्वच्छता प्रदान करेगा, बल्कि, श्रद्धालुओं को एक साफ और हरित वातावरण भी देगा। महाकुंभ 2025 के अवसर पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं स्नानार्थियों को बेहतर सुविधा और अनुभूति के दृष्टिगत मेला क्षेत्र के पक्के घाटों, फुटपाथों, सड़कों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के लिए कॉम्पैक्ट मैनुअल स्वीपिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा। पर्यावरण-अनुकूल उपकरण के रूप में, यह ईंधन या बिजली की आवश्यकता के बिना संचालित होता है, जिससे इसके पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। मशीन को मैनुअल रूप से संचालित किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि यह धूल उड़ाए बिना प्रभावी ढंग से सफाई करती है। इसका एर्गोनोमिक डिजाइन उपयोग के दौरान कम्फर्ट सुनिश्चित करता है, जबकि सड़कों की सफाई में इसकी दक्षता, इसे संचालित करना और रखरखाव करना आसान बनाती है। यह उपकरण स्वच्छता कर्मियों को अपने कार्यों को अधिक कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से करने के साथ-साथ स्वच्छ और हरित वातावरण में योगदान करने के लिए सक्षम बनाता है। इसके साथ ही साफ-सफाई के लिए बैटरी चालित वैक्यूम टाइप लीटर पिकर भी मेला क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। यह कूड़ा बीनने वाली मशीन एक बैटरी चालित, राइड-ऑन कम वॉक-अलॉन्ग पावर-सक्शन वैक्यूम मशीन है, जिसे कूड़े और मलबे के संग्रह के लिए डिजाइन किया गया है। यह मेले में विभिन्न सतहों को प्रभावी ढंग से साफ करेगा। इसका कॉम्पैक्ट आकार इसे मेला क्षेत्र के किसी भी क्षेत्र में आसानी से संचालित करने की अनुमति देता है। यह उन्नत, पर्यावरण अनुकूल उपकरण वाहन से जुड़ा हुआ है, जो मैनुअल श्रम की आवश्यकता के बिना उत्कृष्ट गतिशीलता और संचालन प्रदान करता है। इसकी शक्तिशाली वैक्यूम कार्यक्षमता अपशिष्ट पदार्थों की त्वरित, संपूर्ण और प्रभावी सफाई सुनिश्चित करती है, जबकि इसकी टिकाऊ बैटरी शक्ति पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने और कार्बन एमिशन को कम करने में मदद करती है। मेला क्षेत्र की सफाई के लिए इन उपकरणों की खरीद पर लगभग 45-50 लाख का खर्च होने की संभावना है। यह खर्च प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। प्राधिकरण की बोर्ड मीटिंग में इनकी खरीद की मंजूरी प्रदान कर दी गई है। विशेष कार्याधिकारी मेला, आकांक्षा राना ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छता कर्मियों को ज्यादा सशक्त बनाने के लिए अत्याधुनिक मशीनों को डिप्लॉय किया जा रहा है। मेला शुरू होने से पूर्व मशीन यहां पहुंच जाएंगी और इनको संचालित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी पूरा कर लिया जाएगा। recent visitors 61

राम जन्मभूमि केस हिंदुओं ने साक्ष्य के आधार पर जीता है, न कि आस्था के आधार पर: पीएन मिश्र

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एन.मिश्र ने कहा कि रामजन्म भूमि केस पर निर्णय आए पांच साल हो चुके हैं, परन्तु कुछ लोग अभी भी इस पर विवाद पैदा कर देश में भ्रम की स्थिति बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक बात साफ कर दूं कि रामजन्म भूमि पर सुप्रीम कोर्ट ने साक्ष्यों और मेरिट के आधार पर हिंदुओं के पक्ष में निर्णय दिया है न कि आस्था या विश्वास के आधार पर, जैसा कि कुछ लोग गाहे-बगाहे अनर्गल बयान देते रहते हैं। पी.एन.मिश्र ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका यह वक्तव्य कुछ समय पूर्व पूर्व न्यायाधीश आर.एफ.नरीमन के द्वारा दिए गये बयान का जवाब है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एन.मिश्र कुरुक्षेत्र गुरुकुलम् फाउंडेशन द्वारा दिल्ली के द्वारका में आयोजित एक सेमिनार में बोल रहे थे। 'सनातन धर्म: भारतीय संस्कृति का मूल आधार' विषय पर आयोजित सेमिनार में एडवोकेट पी.एन.मिश्र ने कहा कि 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट और 2019 में सुप्रीम कोर्ट से रामजन्म भूमि के पक्ष में आया निर्णय साक्ष्य आधारित है, न कि आस्था अथवा भावना आधारित, जैसा कि कुछ लोग बिना कोर्ट का निर्णय पढ़े यह बयान देते हैं और समाज में भ्रम और अदालत के निर्णय के विरुद्ध अविश्वास पैदा करने का प्रयास करते रहते हैं। अब ऐसे बयानों पर रोक लगना चाहिए। ज्ञात हो कि अभी कुछ दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आरएफ नरीमन ने राम मंदिर को लेकर एक ऐसा बयान दिया था, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की कानूनी लड़ाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया था वह सेकुलरिज्म के सिद्धातों के विरुद्ध था। पी.एन.मिश्र का वक्तव्य जस्टिस नरीमन के उपरोक्त बयान का जवाब माना जा रहा है। ज्ञात हो कि रामजन्म भूमि केस में सबसे लंबे समय तक बहस करने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता पी.एन.मिश्र शंकराचार्यों की संस्था 'अखिल भारतीय श्रीराम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति' की ओर से इस केस में 2009 से पैरवी कर रहे थे और विदेशी लेखक हंस बेकर की पुस्तक से आखिरी साक्ष्य उन्होंने ही प्रस्तुत किया, जिससे सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों के बेंच ने रामजन्म भूमि के पक्ष में निर्णय दिया। उक्त मौके पर बेंच में शामिल पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई.चंद्रचूड़ ने स्पष्ट कहा भी कि मिश्रा जी आपके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य की वजह से हम इस निर्णय पर पहुंच सके हैं। कुरुक्षेत्र गुरुकुलम् फाउंडेशन द्वारा आयोजित सेमिनार में सीबीआई के पूर्व निदेशक एम.नागेश्वर राव ने अपने वक्तव्य में बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं के नरसंहार पर प्रकाश डाला और यह बताया कि हिंदुओं के खोते शत्रु बोध और वास्तविक हिंदू नेतृत्व के अभाव में आज विश्व में हिंदुओं के लिए एक भी देश नहीं है, जबकि क्रिश्चियन, मुस्लिम और बौद्धों तक के अनेक देश हैं। इस सेमिनार के अन्य वक्ताओं में मानुषी की संस्थापक प्रो मधु किश्वर सहित डॉ शिल्पी तिवारी, रितु राठौर, अचार्य गिरिरत्न मिश्र, डॉ प्रदीप भारद्वाज, कमल रावत, विशाल सिंह, विजय मुंडा आदि शामिल थे।     recent visitors 64

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सात जनवरी को बरेली कोर्ट में तलब

बरेली. कांग्रेस नेता सांसद राहुल गांधी के आर्थिक सर्वेक्षण संबंधी बयान को लेकर बरेली जिला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें नोटिस जारी किया। कोर्ट सुनवाई के लिए 7 जनवरी 2025 तारीख तय हुई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विरुद्ध फौजदारी निगरानी स्वीकार कर सुनवाई करते नोटिस भेजकर तलब किया है। बरेली सुभाषनगर निवासी अखिल भारतीय हिंदू महासंघ मंडल अध्यक्ष पंकज पाठक ने अधिवक्ता वीरेंद्र पाल गुप्ता और अनिल द्विवेदी माध्यम से राहुल गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एमएलए -एमपी कोर्ट /सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी थी। इसे कोर्ट ने 27 अगस्त को निरस्त कर दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए सेशन कोर्ट में रिवीजन फाइल की गई। अधिवक्ता वीरेंद्र पाल गुप्ता ने बताया कि राहुल गांधी राजनीतिक लाभ के लिए वर्ग विद्वेष की भावना पैदा कर रहे हैं। कांग्रेस को सत्ता में लाने की ललक में जानबूझकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मन में शत्रुता, घृणा और वैमनस्य की भावना फैलाने का प्रयास किया है। राहुल के भाषण के हिस्से आपत्तिजनक हैं। recent visitors 53

मेलबर्न में 26 दिसंबर से शुरू होने वाले बॉक्सिंग डे टेस्ट से पहले भारत पर ट्रैविस हेड का खतरा मंडरा रहा

नई दिल्ली मेलबर्न में 26 दिसंबर से शुरू होने वाले बॉक्सिंग डे टेस्ट से पहले भारत पर ट्रैविस हेड का खतरा मंडरा रहा है। संजय बांगर और चेतेश्वर पुजारा ने मेहमान टीम को सलाह दी है कि बाएं हाथ के बल्लेबाज को बड़े रन बनाने से कैसे रोका जाए। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज़ की अपनी पहली पारी में सिर्फ़ 11 रन पर आउट होने के बावजूद, हेड ने अपनी अगली तीन पारियों में 89, 140 और 152 रन बनाए हैं। 140 रनों की पारी ने ऑस्ट्रेलिया को उसके घरेलू मैदान एडिलेड ओवल में दस विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। हेड ने इससे पहले 2023 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल और वनडे विश्व कप फ़ाइनल में भारत के ख़िलाफ़ शतक जड़कर ऑस्ट्रेलिया को खिताबी जीत दिलाई थी। भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच बांगर ने हेड के क्रीज पर फ्रेश होने पर भारत को राउंड-द-विकेट बॉलिंग एंगल आजमाने के लिए कहा। “अगर वह पहली 15-20 गेंदों में सफल रहता है, तो प्लान ए यह है कि आप राउंड द विकेट से आएं, इसे चौथे स्टंप या ऑफ स्टंप पर रखें। अगर आप इसमें सफल नहीं होते हैं, तो तुरंत ओवर द विकेट जाएं, और दूसरे फील्डर को ऑन-साइड ले जाएं, और डीप थर्ड मैन लें। “आपको मिडिल स्टंप में भी लाइन डालनी होगी, आपको इसे लगातार डालना होगा ताकि वह कुछ अलग करे। आपको बीच-बीच में शॉर्ट बॉल भी डालनी होगी। अगर आप ये सब करते हैं, तो आप उसे दोनों तरह से मजबूर करेंगे। “सबसे पहले, उसे आसान रन नहीं मिलेगा। अगर आपको आसान रन नहीं मिलता है, तो वह कुछ अलग करने की कोशिश करेगा। फिर शॉर्ट बॉल के खिलाफ, उसकी बल्लेबाजी जारी रहती है। इसलिए, अगर कोई डीप थर्ड मैन है, तो यह कैचिंग पोजीशन बन जाती है। एक डीप स्क्वायर और एक डीप फाइन लेग लें। इसलिए, तीन क्षेत्ररक्षक कैचिंग पोजीशन में हैं। बांगर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए स्टार स्पोर्ट्स वीडियो में कहा, “तब तक, आप रन बना चुके होते हैं। भारतीय टीम को लंबे समय तक इस योजना पर बने रहना होगा। यदि आप उस योजना पर जाल बिछाते हैं, और थोड़ा धैर्य रखते हैं, तो ट्रैविस हेड का सिरदर्द कम हो सकता है।” अनुभवी भारतीय बल्लेबाज पुजारा, जो ऑस्ट्रेलिया में भारत की 2-1 टेस्ट सीरीज़ जीत के सदस्य रहे हैं, ने गेंदबाजों से हेड को गेंदबाजी करते समय टाइट लाइन रखने का आह्वान किया। “लाइन बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। लाइन को मिडिल और लेग स्टंप पर रखें। भले ही आप राउंड द स्टंप के साथ खेल रहे हों, लाइन ऑफ स्टंप के बीच में होनी चाहिए। जब लाइन होती है, तो यह बहुत असहज लगती है। साथ ही शॉर्ट बॉल के लिए, आपको एक क्षेत्ररक्षक की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, “अब यह वैरिएशन गेम है, इसलिए आपको हर गेंद को शॉर्ट डिलीवरी के तौर पर नहीं डालना है। आपको ज़्यादातर गेंदें स्टंप पर डालनी हैं, जबकि एक शॉर्ट गेंद मिडिल पर डालनी है। अगर यह रणनीति अपनाई जाए, तो सफलता मिलने की संभावना ज़्यादा है।”   recent visitors 54