राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान 3 मार्च को मंत्रालय के सरदार पटेल पार्क में अब प्रात : 10 बजे से

भोपाल मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र -गीत "वन्देमातरम" एवं राष्ट्र -गान "जन- गण-मन" का गायन 3 मार्च को प्रात: 10 बजे किया जाएगा। पूर्व में यह गायन प्रात: 11 बजे होता था। अब समय परिवर्तित कर प्रात:10 बजे किया गया है। 1 एवं 2 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण राष्ट्र- गीत एवं राष्ट्र-गान का आयोजन 3 मार्च का किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान का आयोजन सरदार पटेल पार्क में किया जाता है।   recent visitors 22

3 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय ऑफिस के बाहर बड़ा प्रदर्शन करेगी कांग्रेस, आज जलाएंगी ईडी का पुतला

रायपुर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ईडी की दबिश के बाद छत्तीसगढ़ में सियासत गरमा गई है. ED के खिलाफ कांग्रेस आज जिला स्तर पर प्रदर्शन कर पुतला दहन करेगी. वहीं 3 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय ऑफिस के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा. यह निर्णय आज की बैठक में सीनियर नेताओं से चर्चा कर लिया गया. प्रदर्शन का ऐलान कांग्रेस की महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता में पीसीसी चीफ दीपक बैज ने किया. जानिए पूरा मामला बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम मंगलवार को रायपुर में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुंची थी. एक समन जारी कर सुकमा-कोंटा में बने कांग्रेस कार्यालय भवन को लेकर जवाब मांगा है. ईडी ने साल 2018 से 2023 के बीच में सुकमा जिले के कोंटा में बने कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन की लागत और उसके निर्माण के लिए आई राशि के संबंध में जानकारी देने को कहा है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू से ईडी की टीम ने बातचीत की. इसके बाद एक समन जारी लौट गए थे. नोटिस का जवाब देने 27 फरवरी को कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय पहुंचे थे. वे 30 पन्नों में जवाब लेकर गए थे, जिसमें सुकमा और कोंटा के राजीव भवन के निर्माण का पाई-पाई का हिसाब था. कई घंटों तक पूछताछ के बाद ईडी ने गैंदू को छोड़ा था. recent visitors 32

आज बालाघाट जिले के प्रवास पर रहेगें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, दिव्यांगों को 2.64 करोड़ के बांटेंगे उपकरण

बालाघाट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बालाघाट जिले के प्रवास पर रहेगें। मुख्यमंत्री इस प्रवास में अलग-अलग 2 स्थानों पर जिसमें बालाघाट मुख्यालय व लांजी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होगें। जिसे लेकर यहां पर तैयारी शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरा कार्यक्रम के अनुसार डॉ. मोहन यादव का पहला कार्यक्रम बालाघाट मुख्यालय में रेंजर कालेज परिसर में होगा। जिसमें वे यहां पर 27 सौ से अधिक दिव्यांगों को उपकरण वितरण और उन्हें बस व रेल्वे पास की सुविधा प्रदाय करेगें। इसके अलावा किसान सम्मेलन में शामिल होगें। साथ ही हॉकी एस्ट्रो टर्फ मैदान का लोकापर्ण, सीएम राइज स्कूल भवन का लोकापर्ण सहित कई कार्यो की आधारशिला रखेगें। कोटेश्वर धाम महोत्सव मेले में होंगे शामिल इस कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री लांजी पहुंचेंगें, जहां वे कोटेश्वर धाम महोत्सव में शामिल होगें। यहां पर प्राचीन शिवलिंग जिसे 108 उपलिंगों में एक गिना जाता हैं, कोटेश्वर धाम स्थल पहुंचकर पूजन करेगें। इसके बाद वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा व भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण करेगें। तत्पश्चात एक जनसभा को संबोधित करेगें। यहां पर पहली बार 8 दिवसीय कोटेश्वर महोत्सव का आयोजन किया गया हैं। मुख्यमंत्री के इस प्रवास को लेकर प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारी की जा रही है व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखे जा रहे हैं। हालांकि अभी मुख्यमंत्री का अधिकृत दौरा कार्यक्रम जारी नहीं हुआ हैं। recent visitors 44

मोहन सरकार ला रही 4 लाख करोड़ से अधिक का बजट, गरीब, किसान, महिला और युवा पर जोर रहेगा

भोपाल  ग्लोबल इंवेस्टर समिट में आए बंपर निवेश प्रस्तावों के बाद राज्य सरकार अब बजट की तैयारियों में जुट गई है. मध्य प्रदेश सरकार का बजट 12 मार्च को पेश होगा. इस बार मध्य प्रदेश का बजट 4 लाख करोड़ से ज्यादा का रहने की उम्मीद है. इसमें राज्य सरकार प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रावधान करेगी, वहीं 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए जाएंगे. मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 10 मार्च से शुरू होने जा रहा है. सत्र की शुरुआत राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से होगी. 11 मार्च को राज्य सरकार अपना आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगी, इसके बाद बजट पेश किया जाएगा. सकल घरेलू उत्पाद और आर्थिक वृद्धि की उम्मीद आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 15 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है, जो पिछले वर्ष 2023-24 में 13 लाख 63 हजार करोड़ रुपए था। इससे यह भी संभावना जताई जा रही है कि राज्य को आगामी बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 15 हजार 908 करोड़ रुपए अधिक मिल सकते हैं। नारी, किसान और गरीब कल्याण पर विशेष ध्यान बजट में महिला सशक्तीकरण (Women Empowerment), गरीब कल्याण (Welfare of Poor), युवा कल्याण (Youth Welfare) और किसान कल्याण (Welfare of Farmers) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण (Housing Construction) के लिए विशेष वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे। साथ ही, जनजातीय कार्य और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग (Scheduled Caste Welfare) के बजट में भी वृद्धि की उम्मीद है। जल जीवन मिशन के लिए विशेष योजनाएं मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास (Industrial Development) के लिए 18 नई नीतियां लागू करने की योजना है। इससे उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, भोपाल (Bhopal) में एक बड़ा कन्वेंशन सेंटर (Convention Center) बनाने का प्रस्ताव है। सरकार इस बार पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) बढ़ाकर 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक करने की योजना बना रही है। जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत राज्य को अतिरिक्त 20 हजार करोड़ रुपए मिल सकते हैं। इस राशि का उपयोग जल आपूर्ति योजनाओं (Water Supply Plans) को तेजी से लागू करने में किया जाएगा, जिससे 36 लाख घरों में नल से जल पहुंचाने की उम्मीद है। स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव केंद्रीय बजट (Union Budget) में मेडिकल सीटों (Medical Seats) की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके तहत अगले साल मध्य प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज (Medical Colleges) खुलेंगे, जिससे 2 हजार अतिरिक्त मेडिकल सीटें उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, अगले तीन सालों में राज्य के हर जिले में एक कैंसर सेंटर (Cancer Center) खोलने की योजना है। इस योजना से मध्य प्रदेश में भी कैंसर सेंटर की स्थापना होने की संभावना है। विधायकों ने पूछे 2939 सवाल, कांग्रेस ने की तैयारी विधानसभा के लिए विधायकों ने भी तैयारियां शुरू कर दी है. अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में सरकार के सामने उठाने के लिए कांग्रेस और बीजेपी विधायकों ने 2939 सवाल विधानसभा में लगाए हैं. इन सवालों पर विभिन्न विभागों ने जवाब लिखकर भेजना शुरू कर दिया है. हालांकि, यह दूसरा मौका है जब विधायकों ने ऑफलाइन सवालों से ज्यादा ऑनलाइन सवाल पूछे हैं. विधायकों ने 1785 सवाल ऑनलाइन और 1154 सवाल ऑफलाइन पूछे हैं. इसमें 1448 तारांकित (वह प्रशन जिसका उत्तर सदस्य सदन में मौखिक रूप में देना चाहता है) और 1491 सवाल अतारांकित (ऐसे प्रशन जिनका उत्तर सदस्य लिखित रूप में सदन में रखे जाते हैं.) हैं. मध्य प्रदेश विधानसभा की पूरी प्रक्रिया को अगले विधानसभा सत्र से ऑनलाइन किया जा रहा है, इसके पहले विधायकों द्वारा भी ज्यादा सवाल ऑनलाइन पूछना शुरू कर दिए हैं. कांग्रेस बोली सड़क से सदन तक घेरेंगे कांग्रेस सदन में सरकार को घेरने के लिए रणनीति बनाने में जुटी है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार सदन में चर्चा से भाग रही है, इसलिए अब तक का सबसे छोटा सत्र बुलाया गया है, लेकिन कांग्रेस जनता से जुड़े एक-एक मुद्दे सदन में उठाएगी और सरकार को इन पर जवाब देने के लिए मजबूर करेगी. कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया के मुताबिक कांग्रेस द्वारा '' आदिवासी, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा.'' अब तक का सबसे छोटा बजट सत्र मध्य प्रदेश विधानसभा का यह बजट सत्र पिछले 25 सालों में अब तक सबसे छोटा सत्र होगा. 10 मार्च से शुरू होने वाले इस सत्र में सिर्फ 9 बैठकें प्रस्तावित हैं. इन 9 दिनों में सरकार बजट पेश करेगी और विभागवार बजट पर चर्चा भी की जाएगी. हालांकि, बजट सत्र छोटा होने के खिलाफ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं. गौरतलब है कि 2024 में मोहन सरकार के बजट सत्र की अवधि 14 दिन की थी, लेकिन इसमें भी सिर्फ 5 बैठकें हुई थी. recent visitors 33

आज 1 मार्च से गर्मी का सीजन शुरू, होली के बाद तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंचेगा

भोपाल मध्यप्रदेश में सर्दी का सीजन 28 फरवरी को खत्म गया  और 1 मार्च से गर्मी का सीजन शुरू हुआ । इस बार सर्दी के ट्रेंड में काफी बदलाव देखने को मिला। न पूरे सीजन में शीतलहर चली। दिन में दो दिन ही कड़ाके की सर्दी रही। दिन व रात का तापमान सामान्य से ऊपर रहा और सर्दी भी देर से आई और जल्द विदा हो गई। अब मार्च(MP Weather Update) में गर्मी की शुरुआत होगी। होली के बाद तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर जा सकता है। दरअसल अक्टूबर व नवंबर में कड़ाके की सर्दी नहीं रही और 20 दिसंबर के बाद तापमान में गिरावट दर्ज हुई। दिसंबर में एक कोल्ड डे रहा, जबकि जनवरी में एक सीवियर कोल्ड डे रहा। इस बार ग्वालियर चंबल संभाग कम ठिठुरा है, जबकि प्रदेश के मध्य हिस्से(MP Weather Update) में सबसे ज्यादा सर्दी रही। इस हिस्से में शीतलहर चली, जबकि ग्वालियर में शीतलहर नहीं चल सकी। न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं आ सका। सर्दी के दिन काफी कम रहे। फरवरी में तापमान सामान्य से नीचे नहीं आया।  भारत इस साल मार्च महीने में बहुत ज्यादा गर्मी का सामना कर सकता है. पूरे महीने औसत से अधिक तापमान बने रहना का अनुमान है. इस अधिक गर्मी से पकते हुए गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है, जिससे उसकी उपज कम हो सकती है.  इस साल मार्च के महीने में रिकॉर्ड गर्मी पड़ने की संभावना है. पूरे महीने ज्यादातर दिन और रात के समय तापमान औसत से अधिक रह सकता है. अधिकारी ने बताया कि मार्च के दूसरे हफ्ते से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने का अनुमान है और महीने के अंत तक कई राज्यों में अधिकतम पारा 40 डिग्री (104°F) के पार जाने की संभावना है रिकॉर्ड गर्मी से गेहूं की उपज होगी प्रभावित दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश होने के नाते भारत 2025 में अच्छी फसल की उम्मीद कर रहा है ताकि 2022 से 2024 तक लगातार तीन सालों की खराब फसल के बाद महंगे आयातों से बचा जा सके. हालांकि, अत्यधिक गर्मी से चौथे साल भी पैदावार कम हो सकती है, जिससे सरकार को आयात पर लगे 40% टैक्स को कम या हटा कर आयात की अनुमति देनी पड़ सकती है, ताकि सप्लाई की कमी को दूर किया जा सके. यह स्थिति 2022 की याद दिलाती है, जब फरवरी और मार्च में अचानक आई गर्मी ने गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद भारत को घरेलू सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए गेहूं के निर्यात पर रोक लगानी पड़ी थी. मौसम विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उत्तर और मध्य भारत के गेहूं उत्पादक राज्यों में मार्च के मध्य से तापमान में तेज वृद्धि होने की संभावना है – जो संभवतः सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक हो सकती है. अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा, "मार्च का मौसम गेहूं, चना और तिलहन के लिए अनुकूल नहीं होगा, जिससे इन पर गर्मी का असर पड़ सकता है." ये शीतकालीन फसलें, जिन्हें आमतौर पर अक्टूबर और दिसंबर के बीच बोया जाता है, अधिक उपज हासिल करने के लिए अपने पूरे विकास साइकिल में ठंडे तापमान पर निर्भर रहती हैं. गर्मी की मौजूदा हालात के कारण इस महीने घरेलू गेहूं की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, और सप्लाई कम हो गई है. एक वैश्विक व्यापारिक फर्म के साथ जुड़े नई दिल्ली स्थित एक व्यापारी ने कहा कि फरवरी असामान्य रूप से गर्म थी, और यदि मार्च और भी अधिक गर्म हुआ, तो गेहूं उत्पादन पर भारी असर पड़ सकता है." दिल्ली में टूटा 74 साल का रिकॉर्ड इस बीच, मौसम विभाग ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में  (गुरुवार, 27 फरवरी) के तापमान ने 74 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और फरवरी में अब तक की सबसे गर्म रात दर्ज की गई है। IMD के मुताबिक, सफदरजंग में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो 1951 से 2025 के बीच की अवधि में इस महीने का सबसे अधिक तापमान है। आईएमडी ने कहा, " 27 फरवरी, 2025 को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह 1951 और 2025 के बीच सफदरजंग में फरवरी में दर्ज किया गया अब तक का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है।" मौसम विभाग ने यह भी कहा कि 1951 से पहले का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। इस बीच, पिछले रिकॉर्ड के अनुसार, फरवरी का पिछला उच्चतम न्यूनतम तापमान 25 फरवरी, 2015 को 19 डिग्री सेल्सियस था, जो रिकॉर्ड पर दूसरा सबसे अधिक तापमान था। इसके बाद 1973 में 18.6 डिग्री सेल्सियस, 20 फरवरी, 2015 को 18.5 डिग्री सेल्सियस, 1992 में 18.2 डिग्री सेल्सियस और 1988 में 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पांचवां सबसे अधिक तापमान था। बादल छाए रहने के कारण, गुरुवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी ने बताया कि यह सामान्य औसत से 1.1 डिग्री कम है। इस कारण नहीं पड़ी सर्दी     इस बार का सर्दी का सीजन पश्चिमी विक्षोभ से प्रभावित रहा। हफ्ते में दो पश्चिमी विक्षोभ आए, जिसकी वजह से उत्तरी हवा नहीं चल सकी। दक्षिण पश्चिमी व पूर्वी हवा का प्रभाव रहा। इस वजह से दिन व रात के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई। नमी के कारण कोहरा छाया, लेकिन कोहरे के कारण ठंडक नहीं रही।     फरवरी में भी वैसी ही स्थिति रही। पश्चिमी व दक्षिण से हवा चली। इससे दिन व रात का तापमान सामान्य से ऊपर रहा और फरवरी में सर्दी नहीं पड़ी। 2024 में पड़ी थी कड़ाके की सर्दी दिसंबर 2023 में कोल्ड डे व सीवियर कोल्ड रहे। इस कारण दिसंबर में भी काफी सर्दी पड़ी थी। जनवरी 2024 में 9 सीवियर कोल्ड, 3 कोल्ड रहे, लेकिन शीतलहर नहीं चली। 31 में से 28 दिन दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा है। फरवरी भी सर्दी नहीं पड़ी। अधिकतम व न्यूनतम तापमान से ऊपर रहा। दिन में चटकी तेज धूप गुरुवार को हवा का रुख पश्चिमी दिशा से रहा। इस कारण दिन में तेज धूप निकली और हल्के बादल भी छाए, लेकिन तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस … Read more

रतलाम-महू-खंडवा-अकोला रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी, सर्वे की मंजूरी

 रतलाम मध्यप्रदेश में रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट में एक और लाइन का प्रस्ताव रेलवे ने किया है। इस रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी। इसके सर्वे की मंजूरी रेलवे ने दे दी है।  इंदौर से खंडवा के बीच अब डबल लाइन होगी। इससे इंदौर का रेल नेटवर्क और मजबूत होगा। मुख्य लाइन का काम पहले से ही चल रहा है। डबल ट्रैक के सर्वे लिए रेलवे ने 2.24 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। 2 हजार करोड़ से ज्यादा लागत मालूम हो, रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के जरिए इंदौर का डेड एंड खत्म हो सकेगा। महाराष्ट्र से सीधा जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव कनेक्ट होंगे। बजट में पिछले साल इस प्रोजेक्ट को 910 करोड़ मिले थे। 2008 में प्रोजेक्ट को विशेष दर्जा मिला है। इसकी लागत 2 हजार करोड़ से ज्यादा है। रेलवे ने पातालपानी से बलवाड़ा तक डायवर्टेड रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर जारी किए हैं। इसमें सबसे प्रमुख दो बड़ी सुरंगें भी हैं। इसके पहले 4 किमी की टनल का टेंडर भी किया जा चुका है। मिलेंगी ज्यादा ट्रेनें वन विभाग की जमीन को छोड़कर कई हिस्सों में काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर से खंडवा तक एक लाइन और डालने की मांग रेलवे से की थी। सर्वे के बाद ही आगे की प्रक्रिया हो सकेगी। डबल लाइन होने से इंदौर को ज्यादा ट्रेनें मिल सकेंगी। 2 हजार करोड़ से अधिक खर्च ज्ञात होता है कि रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज परियोजना से इंदौर का डेड एंड समाप्त हो सकेगा। सीधा महाराष्ट्र से जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव जुड़ेंगे। पिछले साल बजट में इस परियोजना को 910 करोड़ रुपये मिले थे। 2008 में योजना को विशिष्ट दर्जा दिया गया है। इसका खर्च दो हजार करोड़ से अधिक है। पातालपानी से बलवाड़ा तक विस्तृत रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर रेलवे ने बनाए हैं। इसमें दो सबसे महत्वपूर्ण सुरंगें भी हैं। इससे पहले चार किमी की एक टनल भी टेंडर की गई है। अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग वन विभाग की जमीन के अलावा कई स्थानों पर काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने रेलवे से इंदौर से खंडवा तक एक अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग की थी। सर्वे के बाद ही अगले कदम उठाया जा सकेगा। डबल लाइन बनाने से इंदौर अधिक ट्रेनें पा सकेगा। recent visitors 58

पत्थरबाजों को ट्रैक करने रतलाम पुलिस का हाईटेक प्लान, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर ड्रोन से निगरानी

रतलाम  एमपी के रतलाम-झाबुआ क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर लगातार पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए अब रतलाम पुलिस नाइट विजन ड्रोन का सहारा ले रही है. 8 लेन पर पत्थरबाजी कर भाग जाने वाले बदमाशों को अब नाइट विजन ड्रोन की मदद से ट्रैक किया जा सकेगा और धरपकड़ भी की जाएगी. इससे पूर्व पुलिस ने इन क्षेत्रों में कैंप लगाकर और रेंडम पेट्रोलिंग कर स्थानीय ग्रामीणों से पत्थरबाजी रुकवाने में मदद करने की अपील भी की थी. जिसका कुछ असर भी देखने को मिला था. लेकिन बीते दिनों फिर से पत्थर बाजी की घटनाएं हुई हैं. एसपी ने ड्रोन उड़ाकर की टेस्टिंग वहीं, अब पुलिस पत्थरबाजी करने वाले बदमाशों को टेक्नोलॉजी की मदद से ट्रैक करने का प्रयास कर रही है. रतलाम एसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ पत्थरबाजी वाले क्षेत्र में ड्रोन उड़ाकर इसका परीक्षण भी किया है. वहीं, हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ 90 किलोमीटर के इस हिस्से में पुलिस चौकियां भी बनाई जाएंगी. बीते कुछ महीनों में पत्थर बाजी की करीब दर्जन भर घटनाएं सामने आई हैं. इसके बाद पुलिस पेट्रोलिंग भी इस क्षेत्र में बढ़ाई गई है. एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भेजा दरअसल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जब से आवागमन शुरू हुआ है, तब से ही झाबुआ के थांदला, रतलाम के शिवगढ़, रावटी और औद्योगिक थाना क्षेत्र में पत्थरबाजी की घटनाओं की कई शिकायत दर्ज हुई हैं. कई मामलों में तो राहगीर शिकायत किए बिना ही आगे रवाना हो जाते हैं. जिसकी वजह से पत्थरबाजी की घटनाओं के लिए दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा बदनाम होने लगा है. रतलाम पुलिस प्रशासन ने करीब 90 किलोमीटर के इस हिस्से पर पुलिस चौकियां खोलने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है. ड्रोन से ट्रैक होंगे पत्थरबाज वहीं, पुलिस पेट्रोलिंग के साथ ही नाइट विजन कैमरों से निगरानी भी करेगी. एनएचएआई के साथ मिलकर पुलिस ड्रोन उड़ाकर पत्थरबाजी करने वाले लोगों को ट्रैक करेगी. पूर्व में अंधेरे का फायदा उठाकर पत्थरबाजी करने वाले बदमाश भाग जाया करते थे, जिन्हें ढूंढना और पकड़ना मुश्किल होता था. लेकिन अब हाई क्वालिटी के नाइट विजन ड्रोन के फुटेज के आधार पर पत्थरबाजी करने वाले और 8 लेन पर चोरी, तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर पकड़ा जा सकेगा. सामाजिक तत्वों पर लगेगा अंकुश रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि, ''एक्सप्रेस वे पर पुलिस चौकियां खोलने के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है. वहीं, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय ग्रामीणों के साथ संवाद कर ऐसा करने वाले और सामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाया जाएगा.'' बहरहाल रतलाम पुलिस अब दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी रोकने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है. जिससे यहां से रात में गुजरने वाले यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे. recent visitors 58