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रूस और यूक्रेन के बीच जारी बीते तीन साल से जंग जारी, रूसी सैनिक की पत्नी ने पति को दी थी सलाह, कोर्ट ने सुनाई सजा

रूस रूस और यूक्रेन के बीच जारी बीते तीन साल से जंग जारी है। इस युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के हजारों लोगों की मौत हो चुकी है वहीं लाखों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जहां एक तरफ पूरी दुनिया जहां इस जंग के खत्म होने की राह देख रही है वहीं दूसरी तरफ रूस की एक महिला पर अपने ही सैनिक पति को क्रूरता के लिए उकसाने के आरोप लगे हैं। इस महिला ने कथित तौर पर सरहद पर तैनात अपने पति को यूक्रेनी औरतों के साथ बलात्कार की इजाजत दी। इतना ही नहीं महिला ने पति को इसके लिए उकसाया भी। जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2022 में यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SSU) ने एक रूसी सैनिक और उसकी पत्नी के बीच एक इंटरसेप्ट की गई बातचीत का ऑडियो जारी किया था। इसमें महिला को अपने पति को यूक्रेनी महिलाओं से बलात्कार करने के लिए प्रोत्साहित करते सुना गया। महिला ने अपने पति से कहा कि वह उन औरतों का बलात्कार कर सकता है बशर्ते वह प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करे। रेडियो लिबर्टी की यूक्रेनी और रूसी सेवाओं के पत्रकारों ने दंपति की पहचान ओल्गा और रोमन बाइकोवस्की के रूप में की। मामला सामने आने के बाद रूसी महिला को युद्ध के कानूनों का उल्लंघन करने के संदेह का नोटिस दिया गया। उसे अंतरराष्ट्रीय सूची में वांटेड की लिस्ट में भी डाल दिया गया। यूक्रेनी कानून प्रवर्तन अधिकारियों की जांच के बाद दिसंबर 2022 में अदालत में ओल्गा बाइकोव्स्काया के खिलाफ मामला दायर किया गया। अब महिला को युद्ध के कानूनों का उल्लंघन करने का दोषी ठहराया गया है और कोर्ट ने उसे 5 साल की जेल की सजा सुनाई है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 11

मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर की कुल आय 133 करोड़ तक पहुंची, तोड़े सारे रिकॉर्ड

मुंबई मुंबई का प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक कमाई को लेकर चर्चा में है। मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में मंदिर की कुल आय 133 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष (2023-24) की तुलना में 16% अधिक है। मंदिर की कमाई में सबसे बड़ा योगदान श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे का रहा। इसके अलावा, पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों से 20 करोड़ की आय हुई। मंदिर को विभिन्न स्रोतों से आय प्राप्त होती है, जिनमें दान पेटियां, ऑनलाइन भुगतान, धार्मिक अनुष्ठान, प्रसाद बिक्री और सोना-चांदी की नीलामी शामिल हैं। ट्रस्ट के एक अधिकारी के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले लड्डू और नारियल वड़ी की बिक्री में 32% की वृद्धि दर्ज की गई। मंदिर प्रशासन रोजाना करीब 10,000 लड्डू भक्तों को वितरित करता है। गुड़ी पड़वा पर सोना-चांदी से रिकॉर्ड कमाई ट्रस्ट के अनुसार, इस वर्ष गुड़ी पड़वा के अवसर पर सोना-चांदी की नीलामी से रिकॉर्ड 1.33 करोड़ की कमाई हुई, जो पिछले वर्ष के 75 लाख की तुलना में लगभग दोगुनी है। श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट की मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीणा पाटिल ने बताया कि मंदिर में भक्तों की बढ़ती संख्या और प्रशासनिक सुधारों के कारण आय में यह उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में मंदिर की कुल आय 154 करोड़ तक पहुंच सकती है। दान का समाज कल्याण में उपयोग मंदिर ट्रस्ट अपनी आय का 20% सामाजिक कल्याण कार्यों पर खर्च करता है। इसमें मेडिकल सहायता, डायलिसिस सेंटर का संचालन, 18 प्रकार की गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, ट्रस्ट कॉलेज के छात्रों के लिए बुक बैंक सुविधा प्रदान करता है और मंदिर परिसर के पास एक अध्ययन कक्ष भी संचालित करता है। ट्रस्ट उन किसानों के बच्चों की शिक्षा का खर्च भी उठाता है, जिनके परिवार के सदस्य आत्महत्या कर चुके हैं। वीणा पाटिल ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करते हैं कि भक्तों द्वारा दिया गया दान और चढ़ावा समाज के कल्याण के लिए उपयोग किया जाए।" भविष्य में और बढ़ेगी कमाई मंदिर ट्रस्ट को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भक्तों की संख्या में और अधिक वृद्धि होगी, जिससे आय में और भी इजाफा होगा। इसके साथ ही, प्रशासनिक सुधारों और तकनीकी सुविधाओं के विस्तार से मंदिर की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 7

गेहूं खरीदने किसानों के घर तक जाएगी सरकार, खरीद की धीमी रफ्तार को तेज करने की कसरत

लखनऊ गेहूं की सरकारी खरीद की धीमी रफ्तार से परेशान सरकार अब किसानों के घर पर दस्तक देगी। इसके लिए स्थायी केंद्रों के साथ मोबाइल क्रय केंद्र की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। ये मोबाइल केंद्र गांव-गांव जाकर किसान से सीधी खरीद करेंगे। यह व्यवस्था विशेष तौर पर उन क्षेत्रों के लिए की जा रही है, जहां के स्थायी केंद्रों पर पूर्व के वर्षों में किसानों की आमद कम रही है। 17 जनवरी से शुरू हुई गेहूं खरीद प्रदेश में गेहूूं खरीद की प्रक्रिया बीते 17 जनवरी से शुरू हुई है। 15 जून तक 2425 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होने वाली इस खरीद के लिए 6500 केंद्र बनाए जाने हैं, जिनमें से 5690 केंद्र का संचालन शुरू हो चुका है, परंतु खरीद की गति नहीं बढ़ रही है। 60 लाख टन गेहूं खरीद का रखा गया लक्ष्य इस बार प्रदेश में 60 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है और बुधवार शाम पांच बजे तक पूरे प्रदेश में सरकारी क्रय केंद्रों पर 2903 किसानों से 17.18 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी थी। वर्तमान स्थिति के हिसाब से लक्ष्य से बहुत पीछे रह जाने की आशंका खड़ी हो गई है। मोबाइल क्रय केंद्रों का उपाय निकला ऐसे में मोबाइल क्रय केंद्रों का उपाय आजमाया जा रहा है। इसके लिए डीएम से उनके जिलों के ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को चिन्हित कराया जा रहा है, जहां गेहूं के भाव अपेक्षाकृत कम होते हैं या फिर जहां से स्थायी केंद्रों तक आने में किसानों को समस्या होती है। किसानों से नहीं लिया जाएगा अतिरिक्त शुल्क ऐसी जगहों पर गेहूं खरीद की मात्रा बढ़ाने के लिए डीएम अपने जिले में खोले गए क्रय केंद्रों में से किसी को भी मोबाइल क्रय केंद्र के रूप में अधिकृत कर सकते हैं। कुछ जिलों में इन मोबाइल केंद्राें की शुरुआत भी कर दी गई है। इनके माध्यम के खरीद के बाद उपज के परिवहन को लेकर किसानों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। खरीद की हो रही निगरानी मोबाइल क्रय केंद्रों से गेहूं खरीद की निगरानी का जिम्मा संबंधित डीएम पर होगा। इन केंद्रोें और स्थायी केंद्रों में उपज की ढुलाई के लिए लगाए गए वाहनों में ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाया गया है, जिसके माध्यम से उनकी ट्रैकिंग की जा रही है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 10

वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर अचानक जमीन धंसी, जमीन के साथ ही दुकानें भी एक तरफ लुढ़क गईं

वाराणसी वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध नमो घाट पर बुधवार की शाम जमीन धंसने से हड़कंप मच गया। जिस जगह पर जमीन धंसी वहां कई दुकानें भी लगीं थीं। जमीन के साथ ही दुकानें भी एक तरफ लुढ़क गईं। इससे दुकानदार और ग्राहक भाग खड़े हुए। अचानक हुए हादसे से अफरातफरी मच गई। फिलहाल वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने रस्सी की बैरिकेडिंग लगाकर लोगों का आना-जाना बंद कर दिया है। हादसे की जानकारी मिलते ही कार्यदायी संस्था और नगर निगम के अधिकारी भी घटना का जायजा लेने के लिए रवाना हो गए हैं। इस समय वाराणसी में पर्यटकों को सबसे ज्यादा नमो घाट ही लुभा रहा है। बनारस के किसी भी घाट पर जाना हो तो वीवीआईपी भी इसी घाट से स्टीमर और क्रूज की सवारी करते हैं। यही एकमात्र घाट है जहां गंगा के सबसे करीब तक वाहन आ जा सकते हैं। घाट पर है दर्जनों कारों और दो पहिया वाहनों के लिए पार्किग भी बनाई गई है। यहां बने नमस्ते वाले स्कल्पचर काशी के सबसे बड़े सेल्फी प्वाइंट भी हैं। देश-विदेश से बनारस आने वाले पर्यटक इस घाट का नजारा लेने जरूर आते हैं। यहां से सुबह-ए-बनारस का अलौकिक नजारा देखने को मिलता है। यह बनारस का इकलौता घाट है जहां पर हेलीपैड भी बनाया गया है। बहुत जल्द यहां से अयोध्या और अन्य जिलों के लिए हेलीकाफ्टर सेवा भी शुरू करने की योजना है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 8

भारत सरकार ने गांवों में डिजिटल बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए कदम उठाए

नई दिल्ली भारतनेट परियोजना को देश भर में मांग के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों (जीपी) और जीपी से परे गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वित किया जा रहा है। उपयोगकर्ताओं के लिए गुणवत्ता वाले इंटरनेट को सुनिश्चित करने के लिए एक विश्वसनीय नेटवर्क प्रदान करने के लिए, 04.08.2023 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित संशोधित भारतनेट कार्यक्रम में अन्य बातों के साथ-साथ रिंग आर्किटेक्चर में मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को अपग्रेड करने, भारतनेट उद्यमियों के माध्यम से नेटवर्क के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने, सेवा स्तर समझौते (एसएलए), समर्पित नेटवर्क संचालन केंद्र आदि के आधार पर पूरे नेटवर्क के संचालन और रखरखाव के लिए संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत बीएसएनएल को एकल परियोजना प्रबंधन एजेंसी (पीएमए) के रूप में नियुक्त करने के प्रावधान हैं। भारतनेट के अंतर्गत प्रदान किए गए एफटीटीएच कनेक्शनों का राज्य-संघ राज्य क्षेत्रवार विवरण अनुलग्नक-I में संलग्न है। भारत सरकार ने 17 जनवरी, 2025 को राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य डिजिटल संचार बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार को बढ़ावा देना, डिजिटल विभाजन को पाटना और डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशन को बढ़ावा देना, सभी के लिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और सार्थक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने देश भर में 6 करोड़ ग्रामीण परिवारों (प्रति परिवार एक व्यक्ति) में डिजिटल साक्षरता सुनिश्चित करने/प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDISHA) शुरू किया। इस योजना को देश भर में ग्राम पंचायत स्तर पर मौजूद कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से CSC ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड द्वारा लागू किया गया था। 6 करोड़ के मुकाबले 6.39 करोड़ व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया। योजना के तहत प्रशिक्षण और प्रमाणन आधिकारिक तौर पर 31 मार्च, 2024 को संपन्न हुआ। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की उपलब्धि अनुलग्नक-II में दी गई है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) ने अपने 79वें दौर (जुलाई, 2022 से जून, 2023) में ‘व्यापक वार्षिक मॉड्यूलर सर्वेक्षण’ (सीएएमएस) आयोजित किया। सर्वेक्षण के अनुसार, 15-24 वर्ष की आयु के व्यक्तियों में से लगभग 78.4 प्रतिशत ने ‘संदेश भेजने (जैसे, ई-मेल, संदेश सेवा, एसएमएस) को संलग्न फ़ाइलों (जैसे, दस्तावेज़, चित्र, वीडियो) के साथ’ के कौशल के निष्पादन की सूचना दी। इसके अलावा, लगभग 94.2 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों और लगभग 97.1 प्रतिशत शहरी परिवारों के पास टेलीफोन और/या मोबाइल फोन है। उक्त रिपोर्ट से, ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट-फोन के उपयोग, इंटरनेट की पहुंच और डिजिटल जुड़ाव में उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए, योजना के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया गया। पीएमजीदिशा (PMGDISHA) योजना का प्रभाव विश्लेषण तीन एजेंसियों अर्थात् आईआईटी दिल्ली, सामाजिक विकास परिषद (सीएसडी) और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) द्वारा किया गया था। मूल्यांकन रिपोर्ट का सार यह है कि पीएमजीदिशा अपने बड़े पैमाने और दूर से संचालित परीक्षाओं के उपयोग के कारण एक अनूठी योजना है। पीएमजीदिशा के तहत प्रदान किए गए प्रशिक्षण का सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) और डिजिटल मीडिया के अन्य रूपों को अपनाने पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। इसने अपने प्रतिभागियों को विभिन्न उद्देश्यों के लिए सूचना और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला तक उनकी पहुँच को सक्षम करके लाभान्वित किया है, जिससे देश में समग्र डिजिटल विभाजन को कम करने में मदद मिली है। सरकार ने 17 दिसंबर 2019 को राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन (NBM) की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य डिजिटल संचार अवसंरचना के तेजी से विकास को सक्षम बनाना, डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशन के लिए डिजिटल विभाजन को पाटना; और सभी के लिए ब्रॉडबैंड तक सस्ती और सार्वभौमिक पहुँच प्रदान करना है। NBM राइट ऑफ़ वे (RoW) मुद्दों की प्रमुख अड़चन को दूर करता है, जिससे देश भर में दूरसंचार अवसंरचना की तेजी से तैनाती संभव हो पाती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 8

1990 के दशक में अमेरिकी वायुसेना ने सच में ऐसा हथियार बनाने पर विचार किया था, इसका नाम था ‘गे बम’: हुआ खुलासा

वाशिंगटन क्या कोई देश अपने दुश्मनों को युद्ध के मैदान में हराने के लिए उनकी यौन प्राथमिकताओं से छेड़छाड़ करने की योजना बना सकता है? सुनने में यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन 1990 के दशक में अमेरिकी वायुसेना ने सच में ऐसा हथियार बनाने पर विचार किया था। इसका नाम था ‘गे बम’। यह एक ऐसा अजीबोगरीब प्रस्ताव था, जिसके तहत दुश्मन सैनिकों को एक-दूसरे की ओर आकर्षित करने वाला रसायन छिड़ककर उन्हें युद्ध लड़ने के लायक न छोड़ने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, यह योजना कभी हकीकत में नहीं बदली, लेकिन इसके खुलासे ने दुनियाभर में सनसनी मचा दी। आइए जानते हैं, आखिर क्या था यह विवादित सैन्य प्लान और क्यों यह इतिहास के सबसे अजीब हथियारों में से एक माना जाता है। गुप्त अमेरिकी योजना अमेरिकी रक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उसकी सेना द्वारा दुश्मन सैनिकों को मानसिक रूप से कमजोर करने के लिए कई रणनीतियाँ अपनाई गई हैं, लेकिन इनमें से एक योजना सबसे अजीबोगरीब थी—‘गे बम’। यह एक ऐसा प्रस्तावित हथियार था, जिसे दुश्मन सैनिकों के बीच यौन आकर्षण बढ़ाकर उन्हें युद्ध के काबिल न छोड़ने के इरादे से बनाया जाना था। यह चौंकाने वाला खुलासा 1994 में आया, जब अमेरिकी वायुसेना के ‘राइट-पैटरसन एयर फ़ोर्स बेस’ के वैज्ञानिकों ने ‘गैर-घातक हथियारों’ की सूची में इस बम का प्रस्ताव रखा था। उनका दावा था कि इस बम में ऐसे रसायन होंगे, जो पुरुष सैनिकों के बीच यौन आकर्षण बढ़ाकर उनके मनोवैज्ञानिक संतुलन को बिगाड़ देंगे। कैसे काम करता Gay Bomb? ‘गे बम’ का विचार यह था कि इसे दुश्मन सेना के शिविरों में गिराकर वहाँ सेक्सुअल फीलिंग्स को उकसाया जाए, जिससे वे युद्ध पर ध्यान देने के बजाय एक-दूसरे के प्रति आकर्षित हो जाएं। इससे उनका लड़ने का जज़्बा खत्म हो जाता और अमेरिकी सेना को बिना गोली चलाए जीत मिल जाती। वॉशिंगटन पोस्ट और बीबीसी आर्काइव्स के मुताबिक, इस विचार पर अमेरिका की एयर फोर्स Wright Lab ने एक रिपोर्ट भी तैयार की थी, जो 2004 में सनशाइन प्रोजेक्ट नामक एक वैज्ञानिक निगरानी समूह द्वारा उजागर की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि इस बम में फेरोमोन्स जैसे रसायन मिलाए जाने थे, जो सैनिकों की यौन प्राथमिकताओं को प्रभावित कर सकते थे। सच्चाई या महज अफवाह? हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस बम को कभी विकसित नहीं किया और इसे एक असफल प्रस्ताव के रूप में खारिज कर दिया गया। कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी योजना अधूरी वैज्ञानिक समझ और पूर्वाग्रहों पर आधारित थी। आखिर क्यों आई थी यह योजना? अमेरिका की सेना 1990 के दशक में ऐसे हथियारों की तलाश कर रही थी, जो दुश्मन को मारे बिना ही उन्हें युद्ध के अयोग्य बना दें। इसी दौरान न्यूरोलॉजिकल और साइकोलॉजिकल हथियारों के रूप में ‘गे बम’ का विचार आया था। ‘गे बम’ के सामने आते ही कई मानवाधिकार संगठनों और एलजीबीटीक्यू+ समुदायों ने इसकी आलोचना की। उनका कहना था कि यह विचार वैज्ञानिक रूप से बेतुका और पूर्वाग्रह से ग्रसित था। अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि किसी रसायन के जरिए लोगों की यौन प्राथमिकताएं बदली जा सकती हैं। इसलिए ‘गे बम’ का विचार यथार्थ से परे था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9

भारत में UPI डाउन हो गया है और कई यूजर्स यूपीआई से पेमेंट करने में हो रहे परेशान

नई दिल्ली अगर आपको UPI पेमेंट करने में समस्या आ रही है, तो आप अकेले नहीं है। भारत में UPI डाउन हो गया है और कई यूजर्स यूपीआई से पेमेंट करने में परेशान हो रहे हैं। मनीकंट्रोल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पूरे भारत में यूजर यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन समस्या का सामना कर रहे हैं। Google Pay, Paytm और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर पेमेंट फेल होने की रिपोर्ट की गई है। यूजर्स दिनभर से परेशान हो रहे हैं। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, पूरे दिन आउटेज की रिपोर्ट में तेजी आई, जो दोपहर और शाम को पीक पर था, जिससे फंड ट्रांसफर, पेमेंट और ऐप का कामकाज प्रभावित हुआ है। आउटेज से प्रभावित हुई ये सर्विसेस नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के यूपीआई सिस्टम में बड़े स्तर पर समस्याएं देखी गई हैं, जिसमें 64% शिकायतें फंड ट्रांसफर से जुड़ी थीं, इसके बाद 28% पेमेंट और 8% ऐप से जुड़ी समस्याओं के लिए थीं। यूपीआई में प्रमुख पार्टनर, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को भी समस्या का सामना करना पड़ा, जिसमें 57% यूजर्स ने फंड ट्रांसफर फेल होने की रिपोर्ट की, 34% को मोबाइल बैंकिंग समस्याओं का सामना करना पड़ा, और 9% को अकाउंट बैलेंस चेक करने में समस्याओं का सामना करना पड़ा। डाउनडिटेक्टर के आउटेज ग्राफ से पता चला कि यूपीआई के लिए दोपहर 1:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच रिपोर्ट में तेजी आई, जबकि एसबीआई की समस्या पहले पीक पर थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेल ट्रांजैक्शन, देरी से रिफंड और ऐप क्रैश होने की शिकायतों की बाढ़ आ गई। अभी तक, न तो NPCI और न ही प्रभावित बैंकों और पेमेंट ऐप ने आउटेज का कारण बताते हुए कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट में तकनीकी गड़बड़ी का हिंट मिलता है, कुछ यूजर्स ने बताया कि काटी गई राशि बाद में "भारत में UPI डाउन" जैसे एरर मैसेज के साथ वापस कर दी गई। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 12