रविंद्र पुरी महाराज ने कहा अनुयायियों को कम से कम 4 बच्चे पैदा करना चाहिए. इनमें से एक बच्चे को सन्यास के मार्ग पर लाना चाहिए.

उज्जैन  अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने इन दिनों उज्जैन में हैं. वह यहां सिंहस्थ 2028 की तैयारी का जायजा लेने आए हैं. पत्रकारों से बात करते हुए रविंद्र पुरी महाराज ने कहा "उनके अनुयायियों को सिर्फ दो बच्चों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कम से कम 3 या 4 बच्चे पैदा करना चाहिए. इनमें से एक बच्चे को सन्यास के मार्ग पर लाना चाहिए." हर परिवार का एक बच्चा ले संन्यास रविंद्र पुरी महाराज का कहना है "मेरे पास लगातार भक्तों के फोन आ रहे हैं कि वे अपने बच्चों में से किसी एक को संत बनाना चाहते हैं. लेकिन अगर सब दो बच्चों पर ही रुक जाएंगे तो सनातन धर्म के लिए संत कहां से आएंगे. सनातन धर्म और देशहित की सेवा के लिए जरूरी है कि हर परिवार का कम से कम एक बच्चा संन्यास ले. ये तभी संभव है जब परिवारों में 3-4 बच्चे हों. अखाड़ों में शामिल होने के लिए शिष्य परंपरा ही मान्य है." तेजस्वी यादव पर साधा निशाना रविंद्र पुरी महाराज ने कई मुद्दों पर बात की. बिहार के राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा "तेजस्वी का मुख्यमंत्री बनने का सपना अब अधूरा ही रहेगा. गृह मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में अब भाजपा की सरकार बनेगी. लालू यादव और उनके परिवार की परेशानियां अब और बढ़ेंगी. चारा घोटाले सहित अन्य मामलों की जांच फिर से शुरू हो चुकी है, जिससे आने वाला वक्त उनके लिए कठिन होगा."  अखिलेश यादव की भी आलोचना इसके साथ ही वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर भी रविंद्र पुरी महाराज ने प्रतिक्रिया दी. उनका कहना है "ये बिल गरीब मुसलमानों के हित में है. हिंदुओं को इससे कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. सपा अध्यक्ष अखिलेश मुसलमानों के नेता बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन हिंदू त्योहारों पर सवाल उठाते हैं. ये बहुत आपत्तिजनक है." लालू परिवार की बढ़ेंगी मुश्किलें अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने बड़ा दावा किया हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार के सीएम नहीं बन पाएंगे। उनका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। इतना ही नहीं महंत रविद्र ने यह भी दावा किया है कि आने वाले दिनों में लालू यादव परिवार की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज बीते तीन दिनों से मध्य प्रदेश के उज्जैन में है। वे अष्टमी पर बड़नगर रोड स्थित निरंजनी अखाड़े में कन्या पूजन और भंडारे के कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने साधु-संतों और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण कराया। तेजस्वी का सपना पूरा नहीं होगा- महंत रविंद्र पुरी उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए बड़ा दावा किया। महंत रविंद्र ने कहा कि ‘तेजस्वी यादव भले ही मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हों, लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं होगा।’ उन्होंने कहा कि ‘गृहमंत्री स्पष्ट कर चुके हैं कि बिहार में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी की ही बनेगी। इसलिए लालू परिवार की बेचैनी बढ़ गई है।’ हिंदूओं से की 3-4 बच्चे पैदा करने की अपील वहीं महंत रविंद्र पुरी ने हिन्दू समाज से तीन से चार बच्चा पैदा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इनमें से एक को संत बनने के लिए प्रेरित करें, ताकि सनातन धर्म और देश की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। महाराज का कहना है कि यह धर्म और राष्ट्र दोनों के हित में है। उन्होंने दावा किया कि देशभर से भक्त उनके पास फोन कर रहे हैं, जो अपने बच्चों को संत बनाना चाहते हैं।   recent visitors 49

एमएसटी रेल टिकट बुक करना हुआ और भी आसान

यूटीएस मोबाइल ऐप से एमएसटी रेल टिकट बुकिंग: यात्रियों के लिए लाभदायक विकल्प भोपाल भोपाल मंडल में यात्री मासिक सीजन रेल टिकट (MST) भी यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से बुक कर सकते हैं। यह सुविधा न केवल यात्रा को सरल बनाती है बल्कि समय और धन की बचत भी करती है। भोपाल मंडल में पिछले 6 महीनों में अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 तक कुल 60,672 मासिक सीजन रेल टिकट बुक किए गए, जिनमें से 17,722 टिकट यानी करीब 30% टिकट UTS मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक किए गए। MST क्या है? MST यानी Monthly Season Ticket एक प्रकार का मासिक रेल टिकट है जो यात्रियों को रोज़ाना आने-जाने के लिए बार-बार टिकट लेने की झंझट से मुक्ति देता है। यह टिकट एक अधिकतम 150 किलोमीटर  के लिए मान्य होता है और महीने भर रेल यात्राओं की सुविधा देता है। MST (Monthly Season Ticket) रेलवे द्वारा नियमित यात्रियों के लिए दी जाने वाली एक सुविधा है जो रोज़ रेल टिकट लेने की ज़रूरत को खत्म कर देती है। यह टिकट कई प्रकारों में उपलब्ध है जैसे – QST (Quarterly Season Ticket) जो 3 महीनों के लिए, HST (Half-Yearly Season Ticket) जो 6 महीनों के लिए और YST (Yearly Season Ticket) जो पूरे 12 महीनों के लिए मान्य होता है। ये सभी विकल्प यात्रियों को अधिक रियायत और सुविधा प्रदान करते हैं। अब ये सभी सीजन रेल टिकट UTS मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से बुक किए जा सकते हैं, जिससे रेल टिकट काउंटर की कतारों से मुक्ति, समय की बचत और पेपरलेस यात्रा का लाभ मिलता है। MST रेल टिकट लेने के लाभ: 1.    डिजिटल सुविधा: अब MST भी मोबाइल ऐप से बुक की जा सकती है, पेपरलेस और कैशलेस जिससे पेपर MST खोने का डर भी नहीं रहता क्यूंकि अब आपका मोबाइल ही आपकी MST है । 2.    रोज़ टिकट लेने की ज़रूरत नहीं: हर दिन टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा। 3.    पैसों की बचत: डेली रेल टिकट की तुलना में एमएसटी कहीं ज़्यादा किफायती होता है। 4.    समय की बचत: स्टेशन पर कतार में खड़े रहने की ज़रूरत नहीं।      वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि "मासिक सीजन रेल टिकट (MST) भी UTS ऑन मोबाइल ऐप से बुक किया जा सकता है, जो कि दैनिक यात्रियों के लिए बहुत ही उपयोगी सुविधा है। मैं सभी यात्रियों से आग्रह करता हूँ कि वे इस डिजिटल रेल सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं और डिजिटल इंडिया की दिशा में अपना योगदान दें।" यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप: MST रेल टिकट बुकिंग की आसान प्रक्रिया 1.    ऐप डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से 'UTS' ऐप डाउनलोड करें। 2.    रजिस्ट्रेशन करें: मोबाइल नंबर से साइन अप करें। 3.    टिकट बुकिंग करें: o    MST विकल्प चुनें और रूट भरें। o    R-Wallet से भुगतान करें (3% बोनस भी मिलता है)। o    टिकट आपके मोबाइल पर पेपरलेस रूप में उपलब्ध रहेगा। recent visitors 42

हिंसा के बाद तैयार हुआ था खाका, 99 दिन में बनकर तैयार हुई सत्यव्रत पुलिस चौकी

संभल संभल में 99 दिन में बनी सत्यव्रत पुलिस चौकी जिले की पहली दो मंजिला और हाईटेक चौकी है। हिंसा के बाद 28 दिसंबर को रखी गई नींव के बाद इसका निर्माण तेजी से पूरा कर डीएम और एसपी ने लोकार्पण किया। यह चौकी संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत करने और पीड़ितों को तुरंत मदद देने के उद्देश्य से बनाई गई है। जामा मस्जिद के सामने तैयार सत्यव्रत पुलिस चौकी के निर्माण में 99 दिन का समय लगा है। जिले की पहली दो मंजिला पुलिस चौकी है, जो हाईटेक व्यवस्थाओं से लैस है। 28 दिसंबर 2024 को इस पुलिस चौकी नींव एएसपी श्रीश्चंद्र ने रखी थी। रविवार को लोकार्पण डीएम और एसपी ने किया। सत्यव्रत पुलिस चौकी की पहली मंजिल तैयार करने के दौरान दिनरात श्रमिकों ने काम किया था। दूसरी मंजिल पर भी तेजी से काम पूरा कराया गया। भूतल पर पुलिस चौकी का कार्यालय, चौकी प्रभारी का कार्यालय, हवालात व कक्ष बनाए गए हैं। दूसरी मंजिल पर जिला कंट्रोल रूम और पुलिस व पीएसी के लिए कक्ष बने हैं। एसपी ने बताया कि कोतवाली संभल क्षेत्र की पुलिस चौकी सत्यव्रत के अंतर्गत मोहल्ला कोटपूर्वी और कोटगर्बी के साथ डाकखाने के आसपास का बाजार शामिल है। आठ साल की बच्ची ने किया सत्यव्रत चौकी का लोकार्पण जामा मस्जिद के निकट नवनिर्मित सत्यव्रत पुलिस चौकी का रविवार को विधिवत लोकार्पण हो गया। डीएम-एसपी की मौजूदगी में आठ साल की बच्ची गुनगुन कश्यप ने फीता काटकर चौकी का लोकार्पण किया। डीएम ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चौकी का निर्माण कराया गया है।  इससे पहले आचार्य शोभित शास्त्री और विशाल शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। recent visitors 53

स्किन केयर प्रॉडक्ट लगाने का भी होता है अपना एक तरीका

रात में जब बात स्किन केयर की होती है तो शुरूआत हमेशा क्लीजिंग से होनी चाहिए। इस दौरान स्किन को डबल क्लीजिंग की जरूरत होती है ताकि स्किन में मौजूद सभी तरह की धूल मिट्टी, गंदगी व मेकअप को दूर किया जा सके। हर व्यक्ति अपनी त्वचा की देखभाल के लिए कुछ स्किन केयर प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करता ही है लेकिन क्या आप जानती है कि इन्हें प्रयोग करने का भी अपना एक तरीका होता है। यह ठीक वैसे ही है, जैसे आप खाने की शुरूआत मीठे से नहीं करते, बल्कि उसका भोजन के अंत में खाया जाता है। खासतौर से, अगर आप रात में स्किन केयर प्रॉडक्ट का इस्तेमाल कर रही हैं तो पहले उसे लगाने का सही तरीका जानना बेहद आवश्यक है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में… डबल क्लीजिंग रात में जब बात स्किन केयर की होती है तो शुरूआत हमेशा क्लीजिंग से होनी चाहिए। इस दौरान स्किन को डबल क्लीजिंग की जरूरत होती है ताकि स्किन में मौजूद सभी तरह की धूल मिट्टी, गंदगी व मेकअप को दूर किया जा सके। सबसे पहले आप ऑयल बेस्ड क्लींजर की मदद से स्किन की सारी गदंगी को साफ करें और फिर अंत में वॉटर बेस्ड क्लींजर से स्किन को साफ करना अच्छा रहता है।   टोनर क्लीनिंग के बाद बारी है टोनर की। इसके जरिए आप अपने पोर्स को बंद करने के साथ−साथ स्किन को एक्सफोलिएट करती हैं व डेड स्किन सेल्स से भी निजात पाती हैं। आप स्किन पर टोनर लगाएं और फिर कुछ देर उसे अब्जार्ब होने दें। उसके बाद अगले स्टेप पर जाएं।   आई क्रीम आपकी स्किन के साथ आंखों के आसपास की त्वचा को भी देखभाल की आवश्यकता होती है। इसके लिए आप अपनी दो उंगलियों में आई क्रीम लेकर आंखों के आसपास की त्वचा पर धीरे से मालिश करें। इसके बाद कुछ देर तक उसे स्किन में गहराई तक समा जाने का इंतजार करें। स्पॉट टीटमेंट क्रीम चूंकि रात में आपकी स्किन खुद ही रिपेयरिंग मोड पर होती है और अगर इस समय स्पॉट टीटमेंट क्रीम का इस्तेमाल किया जाए तो कई तरह के दाग−धब्बों आदि से छुटकारा मिलता है। वैसे जिन महिलाओं के चेहरे पर धब्बे या निशान हैं, उन्हें स्पॉट टीटमेंट क्रीम का इस्तेमाल दिन में दो बार अवश्य करना चाहिए। नाइट क्रीम अंत में बारी आती है नाइट क्रीम की। इसके लिए आप जेल आधारित, हल्का व हाइडेटिंग क्रीम का चयन करें। यह न केवल स्किन में जल्दी अवशोषित होता है, बल्कि रात में आपकी त्वचा की नमी को भी बनाए रखता है। अगर इस तरह की नाइट क्रीम का प्रयोग नियमित रूप से किया जाता है तो कुछ ही दिनों में स्किन में काफी अंतर नजर आता है।   recent visitors 51

गुलशन बामरा ने कहा कि अधिकारियों को अपने अधिकारों के साथ अपने से वरिष्ठ अधिकारी के अधिकारों की भी जानकारियॉ होना चाहिए

भोपाल प्रमुख सचिव जनजाति गुलशन बामरा ने कहा कि अधिकारियों को अपने अधिकारों के साथ अपने से वरिष्ठ अधिकारी के अधिकारों की भी जानकारियॉ होना चाहिए। प्रमुख सचिव बामरा सोमवार को प्रशासन अकादमी में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनजातीय वर्ग के 22 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति वर्ग के 16 प्रतिशत लोग निवास करते हैं। हमारी जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है, जब प्रदेश की कुल जनसंख्या के एक तिहाई से अधिक लोगों के विकास और उन्नति का दायित्व हमें सौंपा गया हो। इस अवसर पर आयुक्त श्रीमन शुक्ल एवं आयुक्त सुवंदना वैद्य भी उपस्थित थे। संभागीय आयुक्त, सहायक आयुक्त एवं जिला संयोजक जनजातीय कार्य एवं अधिसूचना जाति कल्याण विभाग की दो दिवसीय प्रशिक्षण सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों के विभागीय प्रशिक्षण सत्र के प्रथम दिन प्रमुख सचिव बामरा ने अधिकारियों से उनके स्थापना संबंधी दैनंदिनी कार्य, जिसमें शासकीय सेवा में अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशासन संबंधी कार्य जिसमें नियुक्ति, पदस्थापना, अनुकंपा नियुक्ति,गोपनीय चरित्रावली पेंशन प्रकरणों में आने वाली समस्याओं के निराकरण पर अधिकारियों से सवाल जबाव भी किए। प्रमुख सचिव बामरा ने कहा कि हमें अपने दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हुए कार्य करना चाहिए। जनजातीय विभाग अन्य विभाग की तुलना में बड़ा विभाग होने के साथ शिकायतों की संख्या भी ज्यादा होती है। आपको इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करना चाहिए।   recent visitors 34

मुश्किल है लेकिन ये 7 हुनर सीख लिये तो सफलता आपके कदम चूमेगी

इंसान को सीखना कभी भी बंद नहीं करना चाहिए. सीखते रहने से आप नई चीजें तो जानते ही हैं, साथ ही खुद को बेहतर भी बनाते हैं, जो आपको भविष्य में फायदा दे सकता है. इसी कड़ी में कुछ स्किल्स भी शामिल हैं, जिन्हें सीखना हर किसी के लिए आसान नहीं होता लेकिन अगर कोई उन्हें सीख ले तो वे उसे हमेशा फायदा देते हैं. फिर चाहे बात करियर की हो या फिर जिंदगी के पड़ावों की. बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स की एक रिपोर्ट में ऐसे ही 7 स्किल्स का जिक्र है. आइए बताते हैं इन स्किल्स के बारे में… कब रहना है चुप हर इंसान कभी न कभी किसी न किसी बात पर गुस्सा होता है या किसी बहस में पड़ता है. ऐसे में अक्सर ऐसी स्थिति आती है, जब हमारा खुद पर कंट्रोल नहीं रहता है और हम अपना गुस्सा या गुबार निकाल देते हैं. लेकिन हर जगह और हर बार ऐसा करना सही नहीं है. इससे आपके संबंध खराब हो सकते हैं. इसलिए कब चुप रहना है और कब आवाज बुलंद करनी है, इसका पता होना जरूरी है. साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जब हम खुद के लिए स्टैंड ले रहे हों तो शब्दों और आवाज पर कैसे कंट्रोल रखा जाए. इमोशनल इंटेलीजेंस इमोशनल इंटेलीजेंस (ईक्यू) व्यवहार को मैनेज करने के तरीके, सामाजिक जटिलताओं को संभालने और पॉजिटिव रिजल्ट देने वाले फैसलों को प्रभावित करती है. ईक्यू अपने अंदर के और दूसरों के इमोशंस को पहचानने और समझने की योग्यता है. इससे आपको इमोशंस को लेकर आई अवेयरनेस का इस्तेमाल कर अपने व्यवहार और संबंधों को मैनेज करने में मदद मिलती है. दशकों की रिसर्च के बाद सामने आया है कि इमोशनल इंटेलीजेंस स्टार परफॉरमर्स बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. टाइम मैनेजमेंट टाइम मैनेजमेंट एक महत्वपूर्ण स्किल है, जो न केवल करियर में बल्कि पूरी जिंदगी फायदा देता है. टाइम मैनेजमेंट से अर्थ है कि हर काम अपने सही वक्त से हो जाए. टाइम मैनेजमेंट सीखना आपको हाईएस्ट लेवल की परफॉरमेंस तक ले जाता है. दूसरों को सुनना कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो अपनी बात तो रख देते हैं लेकिन जब दूसरों के कहने का नंबर आता है तो या तो उन्हें सुनना पसंद ही नहीं करते या फिर उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते. वास्तव में सुनने से मतलब है कि हम सामने वाले की कही गई बात पर ध्यान दें और केवल अपनी कहने पर न लगे रहें. ‘न’ कहना न कहना कई लोगों के लिए सबसे मुश्किल स्किल है. सैन फ्रांसिस्को की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च के मुताबिक आपको न कहने में जितनी ज्यादा कठिनाई होती है, आप उतना ही स्ट्रेस, गुबार फील करते हैं. यहां तक कि कुछ लोग डिप्रेशन में भी चले जाते हैं. इसलिए इन्सान को न कहना भी आना चाहिए, साथ में यह भी इसे सही वक्त और सही जगह पर कहा जाए. इससे आप गैर—जरूरी बोझ से फ्री रहते हैं और अपने वक्त व एनर्जी को जिंदगी की जरूरी चीजों के लिए रख सकते हैं. उम्दा नींद सभी जानते हैं कि अच्छी नींद दिमाग के लिए अच्छी है. हाल ही में University of Rochester की एक स्टडी में पाया गया कि जब आप सोते हैं तो दिमाग हानिकारक प्रोटीन्स को रिमूव करता है. ये प्रोटीन आपके जागते रहने के दौरान की गई न्यूरल एक्टिविटीज से बनते हैं. लेकिन ये प्रोटीन उचित रूप से तभी खत्म होते हैं, जब आप उम्दा नींद यानी सही मात्रा में नींद लेते हैं. अगर ऐसा नहीं होता तो ये हानिकारक प्रोटीन ब्रेन सेल्स में रह जाते हैं और आपके सोचने की क्षमता को प्रभावित करते हैं. इससे परेशानियां हल करने की आपकी योग्यता कम हो जाती है, क्रिएटिविटी खत्म होने लगती है और इमोशनल रिएक्टिविटी बढ़ जाती है. पॉजिटिव रहना पॉजिटिविटी आपको हर तरह की चुनौती से निपटने में मदद करती है. हालांकि कभी—कभी कुछ स्थितियों में पॉजिटिव सोच रखना मुश्किल हो जाता है लेकिन फिर भी कोशिश करनी चाहिए. इससे संघर्ष करने की क्षमता में इजाफा होता है. पॉजिटिव रहने के लिए फोकस और अटेंशन की जरूरत होती है.   recent visitors 61

सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है जौ

जौ ऐसा अनाज है, जिसके सेवन से हमारे शरीर को कई पोषक तत्व तो मिलते ही हैं। साथ ही ये हमें कई बीमारियों से भी बचाता है। जौ, गेहूं की ही जाति का एक अनाज है, लेकिन ये गेहूं की अपेक्षा हल्का और मोटा अनाज है। जौ में मुख्य रूप से लैक्टिक ऐसिड, सैलिसिलिक ऐसिड, फास्फोरिक ऐसिड, पोटेशियम और कैल्शियम उपलब्ध होता है। आइए जानते हैं जौ के फायदे। मोटापा खत्म करे 95 प्रतिशत लोग मोटापे की समस्या से परेशान रहते हैं। जौ के सत्तू और त्रिफला के काढ़े में शहद मिलाकर पीने से मोटापा समाप्त हो जाता है। इसके अलावा जो व्यक्ति कमजोर हैं, वे जौ को दूध के साथ खीर बना कर खाने से मोटे हो जाते हैं। रंग निखारता है जौ सिर्फ आंतरिक ही नहीं, बल्कि बाहरी रूप से भी लाभकारी है। ये रंग को निखारने के लिए वरदान है। जौ का आटा, पिसी हुई हल्दी और सरसों के तेल को पानी में मिलाकर लेप बना लें। रोजाना शरीर में इसका लेप करके गर्म पानी से नहाने से रंग निखरता है। शुगर करे नियंत्रित शुगर को अगर धीमी मौत कहें तो कुछ गलत नहीं होगा। ये बीमारी लोगों की लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है। इसलिए इस बीमारी से छुटकारे के लिए आपको हेल्दी डाइट लेने की जरूरत है। शुगर के रोगी जौ के आटे की रोटी और सत्तू बनाकर खा सकते हैं। जौ के आटे में चने का आटा मिलाकर भी खाया जा सकता है। पथरी में आराम खराब और दूषित खानपान के चलते अधिकतर लोग पथरी की समस्या से परेशान रहते हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोग जौ को पानी में उबालें। इसे ठंडा करने के बाद रोज 1 ग्लास पिएं। ऐसा नियमित करने से पेट की पथरी गलती है। इसके अलावा ऐसे लोग जौ की रोटी या सत्तू भी ले सकते हैं।   recent visitors 49