मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी, आईजी से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर निर्देश दिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनकल्याण के लिए अधिकारी मैदान में उतरें। नागरिकों को आवश्यक सेवाएं प्रदान कर, सुशासन की दिशा में अपना प्रभावी योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा प्रदेश के कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, एसपी, आईजी से विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी जिलों में उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखें। पुलिस व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। आमजन से अधिकारी-कर्मचारी का व्यवहार विनम्र और अच्छा हो। कार्यालयों में आने वाले नागरिक को समाधान प्राप्त हो। पराली नियंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेतों में पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए जागरूकता बढ़ाई जाए। किसानों को सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे उपकरण अधिक संख्या में उपलब्ध करवाए जाएं। इससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका समय भी बचेगा। ग्रीष्मकाल में स्वास्थ्य का ध्यान रखें नागरिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों को ग्रीष्मकाल में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार किया जाए। आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें। बाजार में संक्रमित फल न बिकें, उस पर नजर रखी जाए। सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों और संभागों में सभी अधिकारी पारदर्शिता, नवाचार, परिश्रम से कार्य करते हुए नागरिकों को लाभान्वित करने के लिए सक्रिय रहें। वीसी में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 29

वंदे भारत स्लीपर का इंतजार जल्द होगा कम, ट्रेन देश के कई महत्वपूर्ण रूट्स पर शुरू होने जा रही है

नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए खुशखबरी है। जी हां! भारतीय रेलवे एक और क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है, जिससे राजधानी एक्सप्रेस और दुरांतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों की बादशाहत को चुनौती मिलने वाली। ऐसा बताया जा रहा है कि जल्द ही दिल्ली से हावड़ा के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दौड़ती नजर आएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह ट्रेन देश के कई महत्वपूर्ण रूट्स पर शुरू होने जा रही है, जिसमें दिल्ली-हावड़ा का रूट भी शामिल है। गौरतलब है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सितंबर 2024 में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से परदा उठाया था। दिल्ली से हावड़ा तक की कुल दूरी 1449 किलोमीटर है, जिसे वंदे भारत स्लीपर ट्रेन महज 15 घंटे से भी कम वक्त में तय करेगी। इसकी टॉप स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जो इसे इस रूट की सबसे तेज ट्रेन बना देगी, यहां तक कि राजधानी और दुरांतो एक्सप्रेस से भी आगे। नई दिल्ली-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर का कितना होगा किराया? वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 एसी थर्ड टियर, 4 एसी सेकेंड टियर और 1 फर्स्ट क्लास एसी कोच होंगे। किराये की बात करें तो एसी 3-टियर का अनुमानित किराया 3 हजार रुपये, एसी 2-टियर 4 हजार रुपये, और फर्स्ट क्लास एसी 5100 रुपये के आसपास होगा। नई दिल्ली-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर का क्या होगा पड़ाव और टाइम टेबल? दिल्ली से यह ट्रेन शाम 5 बजे (17:00) रवाना होगी और अगली सुबह 8 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वहीं, वापसी में हावड़ा से शाम 5 बजे चलेगी और अगली सुबह 8 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इस ट्रेन का रूट भी खास होगा। सफर के दौरान ये ट्रेन कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज जंक्शन, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, गया, धनबाद और आसनसोल जैसे बड़े स्टेशनों पर रुकेगी। recent visitors 43

वित्तीय वर्ष में भोपाल नगर निगम ने अपने स्वच्छ भारत मिशन के प्रस्तावित बजट का मात्र 3% ही खर्च किया

भोपाल भोपाल नगर निगम (बीएमसी) में चल रहे स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में अपनी रैंकिंग में सुधार करने का दावा कर है, जबिक जमीनी हकीकत कुछ और ही है पिछले वित्तीय वर्ष में भोपाल नगर निगम ने अपने स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के प्रस्तावित बजट का मात्र 3% ही खर्च किया है। वित्त विभाग के अनुसार, बीएमसी ने एसबीएम को दिए गए 107 करोड़ रुपये में से मात्र 3.21 करोड़ रुपये ही खर्च किए, जो कुल राशि का लगभग 3% है। इसने एसबीएम को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए निगम के 3,351 करोड़ रुपये के बजट के तहत अन्य सभी प्रमुख 15 विभागों में सबसे कम निधि उपयोग करने वाला विभाग है। इन विभागों में सबसे ज्यादा खर्च इसके अलावा, स्वास्थ्य, केंद्रीय कार्यशाला और जल कार्य जैसे विभागों ने काफी अधिक खर्च दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अपने 174 करोड़ रुपये के बजट का लगभग 60% उपयोग किया, यानी 104.40 करोड़ रुपये खर्च किए। केंद्रीय कार्यशाला विभाग ने 271 करोड़ रुपये के आवंटन में से 127 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि जल कार्य विभाग ने अपने 304 करोड़ रुपये के आवंटन में से 127 करोड़ रुपये से अधिक का उपयोग किया। दिलचस्प बात यह है कि कोई भी विभाग अपने पूरे प्रस्तावित बजट का उपयोग करने में कामयाब नहीं हुआ और केवल स्वास्थ्य विभाग ही 50% उपयोग के निशान को पार कर सका है। अमृत योजना में 95% फंड का उपयोग नहीं नगर निगम के अन्य खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों में अमृत योजना शामिल है, जिसके 95% फंड का उपयोग नहीं किया गया और पार्किंग विभाग, जिसने 78 लाख रुपये में से सिर्फ 5.46 लाख रुपये का उपयोग किया  केवल 7 फीसदी राशि का उपयोग किया गया है। पिछला बजट नही हुआ खर्च भोपाल नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा है कि भोपाल नगर निगम में किसी प्रकार का काम नहीं हो रहा है। कई विभागों का पिछला बजट अभी तक खर्च नहीं किया गया है। जकी ने कहा है कि खराब निष्पादन के कारण महत्वपूर्ण आधारभूत कार्यों के लिए केंद्रीय वित्त पोषण में देरी हुई है। जबकि निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने दावा किया कि है प्राप्त राशि का पूरा उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा है कि जो विभाग राशि का सही उपयोग नहीं कर पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।   recent visitors 31

अमरवाड़ा में हो रही है ब्लू बेरी की फसल, जिले में ब्लू बेरी का रकबा बढ़ने की और भी उम्मीद

भोपाल छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड अमरवाड़ा ब्लॉक में लगभग 135 एकड में ब्लू बेरी की सफल खेती की जा रही है। जिले में ब्लू बेरी का रकबा बढ़ने की और भी उम्मीद है। कलेक्टर श्री शीलेन्द्र सिंह ने पिछले दिनों विकासखंड अमरवाड़ा में डी.जे. एग्रोविजन प्राइवेट लिमिटेड चिमऊआ फार्म का दौरा किया। उन्होंने चौरई के ग्राम देवरी में बन रहे ब्लू बेरी के दूसरे प्लांट का अवलोकन भी किया।   recent visitors 25