2027 के लिए सरकार और संगठन का प्लान, विधायकों का रिपोर्ट कार्ड जल्द होगा तैयार

लखनऊ आपने आज तक बैंक की ऑडिट, कोई कार्य चल रहा है तो उसकी ऑडिट रिपोर्ट सुनी या देखी होगी. लेकिन अब योगी सरकार विधायकों का ऑडिट रिपोर्ट तैयार कराने वाली है. 2027 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिसे लेकर सरकार और संगठन ने प्लान तैयार कर लिया है. लिहाजा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड जल्द तैयार किया जाएगा. दरअसल, जनता से किये वायदे और विधायक की विधानसभा में हुए कार्यो की जमीनी हकीकत का आंकलन करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा विधायकों के विधानसभाओं का ऑडिट कराएंगे. ये ऑडिट विधानसभा चुनाव 2027 से पहले करवाया जाएगा और पार्टी में उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट कार्ड पर ही वर्तमान विधायक का टिकट निर्भर करेगा. हैट्रिक की तैयारी बीजेपी चुनाव से पहले विधायकों की कार्यप्रणाली को कसौटी पर कसकर तभी टिकट देने के मूड में है. जिसको लेकर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विधायको का सर्वे करवाने का निर्णय लिया है. सूत्रों की मानें तो टिकट बांटने से पहले सभी विधायकों का आंकलन जरूरी बताया जा रहा है. इसके अलावा दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब हैट्रिक लगाने की तैयारी कर रही है. recent visitors 47

असामान्य घटना टालने वाले 07 रेलकर्मी संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित

इटारसी रेलवे  ड्यूटी के दौरान सतर्कता, सूझ-बूझ एवं सजगता का परिचय देते हुए संभावित असामान्य घटनाओं को टालने वाले 07 रेलकर्मियों को मंडल कार्यालय में प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि से सम्मानित किया गया। इन रेलकर्मियों ने अपनी सूझ-बूझ, सतर्कता एवं त्वरित कार्यवाही से गंभीर दुर्घटनाओं को रोकने का प्रशंसनीय कार्य किया है। इनके प्रयासों से न केवल रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई बल्कि रेलवे संपत्ति की भी सुरक्षा हुई। रेल प्रशासन कर्मचारियों के समर्पण, तत्परता एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करता है और भविष्य में भी इसी प्रकार कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने हेतु प्रेरित करता है। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने कर्मचारियों के उत्साह, सजगता एवं समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए रेलकर्मियों को निरंतर प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ,वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी श्री विजय शंकर गौतम, वरिष्ठ मंडल अभियंता (समन्वय) ऋतुराज शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित रेलकर्मी: 1.    मुकेश चौहान, पैसेंजर गाड़ी प्रबंधक, इटारसी 2.    कृष्णा कुमार, मालगाड़ी प्रबंधक, बीना 3.    संदीप अग्रवाल, पैसेंजर गाड़ी प्रबंधक, इटारसी 4.    सामंता घमंडी,ट्रैक मैन्टैनर, खंडवा   5.    अजीत कुमार यादव, ट्रैक मैन्टैनर 6.    जाबिर अली, ट्रैक मैन्टैनर ,मथैला 7.    अक्षय जैन, कनिष्ठ अभियंता, धर्मकुण्डी recent visitors 41

20 मई से UPPCL के कर्मचारी करेंगे कार्य बहिष्कार

लखनऊ लखनऊ में बिजली कर्मियों का 72 घंटे का कार्य बहिष्कार 20 मई से शुरू हो रहा है. जिसमें UPPCL और सहयोगी निगमों के कर्मचारी शामिल होंगे. यह आंदोलन कई मांगों को लेकर किया जा रहा है. जिसमें पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन शामिल है. ज्ञात हो कि सरकार ने विद्युत निगमो की गुणवत्ता बढ़ाने का हवाला देकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है. जिसको लेकर पिछले कुछ महीनों से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इसके अलावा पुरानी पेंशन की बहाली और डेली वेज अर्थात भत्तों की वृद्धि के लिए आज से शुरू होने वाले कार्य बहिष्कार में शामिल किया गया है. बता दें कि ये विरोध बीते साल दिसंबर से चल रहा है. दक्षिणांचल और पूर्वांचल डिस्कॉम को निजी हाथों में सौंपने को लेकर कर्मचारी संघ इसका विरोध कर रहा है. इसे देखते हुए शुक्रवार को ही डिस्कॉम प्रबंधन ने किसी भी तरह की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बाधित नहीं होने देने के लिए व्यापक इंतजाम कर दिया था. जगह-जगह कंट्रोल रूम बनाए गए थे. इसके अलावा बिजली कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थी. recent visitors 45

सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत समाधान शिविर में सीएम ने लिया जायजा

रायपुर छत्तीसगढ़ में विष्णु के सुशासन में संवाद और समाधान की कड़ी निरंतर रूप से चल रही है। इस सुशासन की सरकार में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित हर योजना का लाभ हितग्राही को सुनिश्चित कराने हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णु देव साय की पहल पर सुशासन तिहार-2025 का आयोजन प्रदेशभर में किया जा रहा है। शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत से रूबरू होने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार-2025 के तहत आमागोहन समाधान शिविर में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। गौरतलब है कि सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत तीसरे चरण में समाधान शिविर का आयोजन हो रहा है, जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी लेना और स्थानीय समस्याओं का त्वरित निवारण करना है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर के कोटा विकासखंड के आमागोहन गांव पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन के माध्यम से हर गांव तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। समाधान शिविर के जरिए हम ग्रामीणों की समस्याओं को सुन रहे हैं और उनका तुरंत समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि हमने राज्य में सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए। हमने महतारी वंदन के तहत  माताओं-बहन को आर्थिक सहायता देने का काम किया। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। आज महिला सशक्तीकरण का काम महतारी वंदन के माध्यम से हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के जरिए प्रदेश के 22 हजार से ज्यादा लोग श्रीरामलला के दर्शन का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के तहत देशभर के धार्मिक स्थलों में दर्शन की व्यवस्था हमने शुरू की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जो सरकार अच्छा काम करती है, उसी की जनता के बीच जाने की हिम्मत होती है। हम अपने डेढ़ साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर जा रहे हैं। अपने काम का फीडबैक ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई लाभार्थियों को योजनाओं के तहत प्रमाण पत्र और सहायता राशि वितरित की। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। यह शिविर छत्तीसगढ़ सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें ग्रामीण विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी और लोगों की समस्याओं का समाधान होगा। हितग्राहियों से सीएम श्री साय का सीधा संवाद : आमागोहन समाधान शिविर के दौरान सीएम श्री साय और हितग्राहियों के बीच सीधा संवाद हुआ। इस दौरान ग्रामीण महिला श्रीमती विमला साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन के तहत हर महीने एक हजार रुपए मिल रहे हैं, इस पैसे को वो अपने नातिन के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में राशि बैंक में जमा करती हैं। ग्राम मोहली के श्री छोटेलाल बैगा ने बताया कि पहले उनका कच्चा था, जहां बारिश में पानी टपकने से लेकर जहरीले जीव जंतुओं का खतरा हमेशा बना रहता था, अब पीएम आवास बनने से जीवन आसान हुआ है, अब सिर पर छत सुनिश्चित हो गया है। श्रीमती दिलेश्वरी खुसरो ने बताया घर में दो लोगों का आयुष्मान कार्ड  बनने से अब उन्हें बीमार होने की स्थिति में किसी तरह की चिंता नहीं रही। मुख्यमंत्री ने जनहित में घोषणाएं की : मुख्यमंत्री श्री साय ने आमागोहान में समाधान शिविर में बेलगहना में कॉलेज शुरू करने की घोषणा की। वहीं  क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए कहा कि आमागोहन में 32 केवी का विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जाएगा। जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए आमागोहन में एक सामुदायिक भवन की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों संग किया भोजन : मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं ग्रामीणों के साथ भोजन करने की मंशा जताई। मुख्यमंत्री के साथ अनीता ध्रुव, कलेशिया बाई, विमला पुरी, छोटेलाल बैगा, दिलेश्वरी खुसरो और अन्य ग्रामीणों के साथ भोजन किया। मुखिया को हाथों से बनाया स्कैच किया भेंट : एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहे 24 वर्षीय देव सिंह खुसरो ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपने हाथों से बनाया गया पेंसिल स्कैच भेंट किया और  कहा कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय किसान कल्याण की दिशा में बहुत बेहतर काम कर रहे हैं, जिसके लिए उनके परिवार, गांव के लोगों समेत किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। एक नज़र में आमागोहन : उल्लेखनीय है कि आमागोहन एक आदिवासी बाहुल्य गांव है।  2073 की आबादी वाले आमागोहन में 567 परिवार निवासरत हैं। चार आंगनबाड़ी के साथ ही गांव में दो प्राथमिक शाला, दो पूर्व माध्यमिक शाला, एक हाईस्कूल, एक हायर सेकेंडरी स्कूल और एक हॉस्टल संचालित है। आमागोहन ग्राम पंचायत में निवासरत परिवार विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें से सभी 567 निवासरत परिवार के पास राशनकार्ड हैं, जिनमें से 132 परिवार बीपीएल, 114 एपीएल एवं 321 परिवार अंत्योदय राशनकार्डधारी हैं। आवास योजना के कुल 134 हितग्राही परिवार हैं। वहीं उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वाले 114 परिवार हैं। 185 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। बिहान योजना से 20 लाभान्वित हैं। ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन से 210 स्वीकृत शौचालय हैं। महतारी वंदन योजना का 384 माता-बहनों को मिल रहा है। गांव में 1179 आयुष्मान कार्डधारी हैं। recent visitors 41

पंडित धीरेंद्र शास्त्री करेंगे 131 किमी पैदल यात्रा, बाबा बागेश्वर बोले- 5 करोड़ लोगों से करेंगे संवाद

छतरपुर  बाबा बागेश्वर एक और पदयात्रा शुरू करने वाले हैं। यह यात्रा 131 किलोमीटर की होगी। यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। बाबा बागेश्वर ने यह घोषणा हरियाणा के पानीपत में एक कथा के दौरान की। उनकी पहली पदयात्रा नवंबर 2024 में हुई थी। इस यात्रा का उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है। बाबा बागेश्वर का कहना है कि वह गरीब लोगों तक पहुंचना चाहते हैं, जो किराया न होने के कारण बागेश्वर धाम नहीं आ पाते। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी कीमत पर अपने धर्म से समझौता नहीं करेंगे। 7 नवंबर से शुरू होगी पदयात्रा बागेश्वर महाराज एक बार फिर पदयात्रा पर निकलने वाले हैं। यह उनकी दूसरी पदयात्रा होगी। पहली पदयात्रा 2024 में निकाली गई थी। इस बार की यात्रा 131 किलोमीटर लंबी होगी। यह यात्रा 7 नवंबर से शुरू होगी। यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लगभग 400 गांवों और शहरों से गुजरेगी। अनुमान है कि इस क्षेत्र में पांच करोड़ लोग रहते हैं। बाबा बागेश्वर का कहना है कि इस यात्रा का मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है। यात्रा का उद्देश्य: भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना बाबा बागेश्वर ने साफ कहा कि यह यात्रा भारत को पूरी तरह से हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए निकाली जा रही है। उनका उद्देश्य है देशभर के गांवों और गरीब तबकों तक अपनी बात पहुंचाना, जो बड़े अधिकारियों के साथ नहीं मिल पाते। पहले की थी 160 किमी की यात्रा पिछले साल नवंबर में बाबा बागेश्वर ने 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली थी। इस यात्रा में लाखों सनातनी हिंदू, व्यास पीठ, राजपीठ, फिल्म और उद्योग जगत के लोग, साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए थे। 2025 की यात्रा 10 दिन की होगी और लगभग 5 करोड़ की आबादी वाले क्षेत्र से गुजरेगी, जिसमें तीन बड़े राज्य और दिल्ली शामिल हैं। पानीपत में तीन दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन हरियाणा के कपड़ा नगर पानीपत में बागेश्वर महाराज की श्री हनुमंत कथा का तीन दिवसीय आयोजन हुआ। इसमें नगरवासी और हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल टंडा भी उपस्थित थे। कथा के प्रथम दिन बाबा बागेश्वर ने यह यात्रा शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कैसे वह गरीबों तक पहुंचना चाहते हैं जो उनके धाम तक नहीं आ पाते। खुद चलकर लोगों के घर पहुंचेंगे बाबा बागेश्वर पानीपत में कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने इस यात्रा की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बहुत से गरीब लोग बागेश्वर धाम तक नहीं पहुंच पाते। वे VIP प्रोटोकॉल और पुलिस के कारण उनसे नहीं मिल पाते। इसलिए, वह खुद चलकर उनके घर जाएंगे और उन्हें गले लगाएंगे। धर्मांतरण कराने वालों पर हमला बाबा बागेश्वर ने किसी समुदाय का नाम लिए बिना कहा, 'हालेलुयाह कहने वाले कान खोलकर सुन लो, हम वो हिंदू हैं जो गोली खा लेते हैं, लेकिन कलमा नहीं पढ़ते। सर कटा लेते हैं, लेकिन वतन को मिटने नहीं देते।' उन्होंने यह भी कहा कि वह 10 रुपये के लिए दुकान का नाम बदलने वालों में से नहीं हैं। वह जैसे हैं, वैसे ही रहेंगे और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने तक चैन से नहीं बैठेंगे। सफल रही थी पहली यात्रा उनकी पहली पदयात्रा 160 किलोमीटर की थी। यह यात्रा नवंबर 2024 में निकाली गई थी। उस यात्रा में भारत और विदेशों से लाखों हिंदू शामिल हुए थे। फिल्म जगत, उद्योग जगत और समाज सेवा से जुड़े लोग भी इस यात्रा में शामिल हुए थे। 10 दिन चलेगी इस बार यात्रा इस बार की यात्रा 10 दिनों तक चलेगी। बाबा बागेश्वर का कहना है कि यह यात्रा भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए एक आंदोलन है। उनका कहना है कि बड़े लोग तो VIP प्रोटोकॉल के साथ उनसे मिल लेते हैं, लेकिन गरीब लोग उनसे नहीं मिल पाते। इसलिए, वह खुद उनके पास जाएंगे। recent visitors 35

महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन पर केंद्रित सम्मेलन में होगा लेंगी एक लाख महिलाएं

प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को भोपाल में महिला सम्मेलन को करेंगे संबोधित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के 300वें जयंती वर्ष को समर्पित होगा सम्मेलन लोकमाता देवी अहिल्या को समर्पित डाक टिकट और सिक्के का विमोचन महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन पर केंद्रित सम्मेलन में होगा लेंगी एक लाख महिलाएं महिलाएं संभालेंगी सम्मेलन की व्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व और प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 31 मई को भोपाल आगमन प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल के जम्बूरी मैदान में महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के 300वें जयंती वर्ष के शुभारंभ का प्रतीक यह सम्मेलन महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन को समर्पित होगा। सम्मेलन में लगभग एक लाख महिलाएं भाग लेंगी। कार्यक्रम का संयोजन प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है, इसमें भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय भी सहयोग करेगा। कार्यक्रम में भारत सरकार की ओर से लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और सिक्के का विमोचन भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन ही राज्य शासन का मिशन है। उन्होंने ज्ञान के कल्याण के अंतर्गत गरीब-युवा-किसान और नारी सशक्तिकरण के लिए मिशन आरंभ किए हैं। प्रदेश में नारी सशक्तिकरण के लिए संचालित सभी प्रमुख गतिविधियों और उपलब्धियों को महिला सम्मेलन में प्रदर्शित किया जाएगा। सम्मेलन में स्व सहायता समूहों के नवाचारों, उद्योग-रोजगार और स्टार्ट-अप में महिलाओं द्वारा की जा रही पहल, सेव सिटी प्रोजेक्ट सहित विभिन्न विभागों द्वारा महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों पर केंद्रित स्टॉल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं, नगरीय निकायों- पंचायतों, शासकीय सेवाओं और स्व सहायता समूहों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इंजीनियरिंग, चिकित्सा और शिक्षण सहित सभी विशेषज्ञतापूर्ण गतिविधियों में भी महिलाओं का योगदान बढ़ा है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में हो रहे महिला सम्मेलन के अंतर्गत मंच संचालन, क्रॉउड मैनेजमेंट, यातायात प्रबंधन, मीडिया प्रबंधन और सुरक्षा सहित सम्पूर्ण व्यवस्था की कमान महिलाओं को सौंपी जाए। यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधार रहीं महिलाओं के सुगम आगमन-प्रस्थान, उचित बैठक व्यवस्था के साथ ही पेयजल और खान-पान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।   recent visitors 47

एशिया कप में भारत के न होने से पाकिस्तान को होगा भारी नुकसान, लगेगा 200 करोड़ का झटका

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच माहौल काफी ज्यादा खराब चल रहा है। इसकी शुरुआत पिछले महीने भारत के जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से हुई। पाकिस्तान द्वारा किए गए पहलगाम में आतंकी हमले से 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई थी। उनका नाम पूछकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया था। इससे पूरे भारत में बदले की आग फेल गई थी। भारत ने पाकिस्तान के इस नापाक काम का जवाब ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दिया। 6 और 7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के कई ठिकानों को तहस-नहस कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव के कारण माहौल और भी ज्यादा गंभीर हो गया। भारत में चल रहे आईपीएल को भी एक हफ्ते के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि, उसके बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया। इस सब के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते एक बार फिर काफी ज्यादा खराब हो हए। हिंदुस्तान हर जगह पाकिस्तान का विरोध कर रहा है। इसी के चलते अब इंडिया क्रिकेट लेवल पर भी पाकिस्तान का विरोध करने पर पूरी तरह से अग्रसर है। बीसीसीआई ने किया पाकिस्तान का विरोघ  रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के बाद बीसीसीआई ने आगामी महिला इमर्जिंग टीम्स एशिया कप और मेंस एशिया कप 2025 से अपना नाम वापस ले लिया है। यानी दोनों प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम हिस्सा नहीं लेगी। बता दें कि मेंस एशिया कप इस बार भारत में होना था। लेकिन, भारत के हाथ खींचने के बाद यह टूर्नामेंट रद्द भी हो सकता है क्योंकि अधिकांश प्रायोजक हिंदुस्तान से ही हैं। भारत के न होने से पाकिस्तान को होगा भारी नुकसान बता दें कि एशिया कप का पिछला संस्करण 2023 में वनडे फॉर्मेट में खेला गया था। इसकी मेजबानी पाकिस्तान के पास थी। लेकिन भारत ने पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था, जिसके चलते टीम इंडिया के सभी मैच श्रीलंका में हाइब्रिड मॉडल के तहत खेले गए थे। इससे पाकिस्तान को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। अब अगर भारत पाकिस्तान का विरोध करता है और एशिया कप खेलने से मना कर देता है तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है। बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया कप और आईसीसी आयोजनों में भारत की भागीदारी से पीसीबी को अनुमानित ₹165–220 करोड़ (20–26 मिलियन डॉलर) प्रति साइकल मिलते हैं। ये मैच वैश्विक स्तर पर बहुत कमाई करने वाले होते हैं और भारत-पाकिस्तान के मुकाबले नियमित रूप से रिकॉर्ड तोड़ व्यूयरशिप और विज्ञापनदाताओं से भारी प्रीमियम आकर्षित करते हैं। एशिया कप के 2024–2032 के प्रसारण अधिकार सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया को 170 मिलियन डॉलर की भारी राशि में बेचे गए थे, जिसका मुख्य कारण भारत की भागीदारी थी। टूर्नामेंट के सबसे बड़े आकर्षण भारत के बिना, इस सौदे पर फिर से बातचीत हो सकती है और इसकी कीमत काफी कम हो सकती है – जिससे राजस्व का पूल कमजोर हो जाएगा और पीसीबी का हिस्सा कम हो जाएगा। वर्तमान में प्रत्येक पूर्ण एसीसी सदस्य को प्रसारण आय का 15% मिलता है। recent visitors 44