Sunday, July 5, 2026 10:38 am

युक्तियुक्तकरण से विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा- मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने राज्य में कुल 10,463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 शालाएं शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह युक्तियुक्तकरण आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निर्देशों के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग का दूरदर्शी निर्णय स्कूल शिक्षा को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। मुख्यमंत्री साय  ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इससे स्कूली वातावरण अधिक प्रभावशाली बनेगा और बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया यह कदम छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने जानकारी दी कि शालाओं के युक्तियुक्तकरण अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,297 विद्यालयों को युक्तियुक्त किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित 133 विद्यालयों और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 विद्यालयों को भी युक्तियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सीधा सुधार देखने को मिलेगा। युक्तियुक्तकरण के कारण शिक्षकों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे अन्य जरूरतमंद शालाओं में भी संतुलन बन पाएगा। इस समायोजन से स्थापना व्यय में भी कमी आएगी, जिससे शैक्षणिक ढांचे पर अधिक निवेश संभव होगा। स्कूल शिक्षा सचिव ने जानकारी दी कि एक ही परिसर में पढ़ाई की निरंतरता बने रहने से बच्चों की ड्रॉपआउट दर घटेगी, और छात्र ठहराव दर में सुधार होगा।शालाओं के युक्तियुक्तकरण से बच्चों को बार-बार प्रवेश लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे उनकी शिक्षा यात्रा अधिक सहज और निरंतर होगी। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण से विद्यालय परिसरों में बेहतर अधोसंरचना तैयार करना भी सरल होगा, जिसमें पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और खेल सुविधाएं साझा की जा सकेंगी। राज्य सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रस्तावित क्लस्टर विद्यालय अवधारणा के अनुरूप है, जहां एकीकृत परिसर में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने कहा कि  इस प्रक्रिया में केवल प्रशासनिक समन्वय किया गया है, न कि किसी पद को समाप्त किया गया है। इस कदम से शिक्षकों का न्यायसंगत वितरण संभव होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक सुलभ रूप से उपलब्ध हो सकेगी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत छात्रों और शिक्षकों के अनुपात के प्रावधानों का पालन करते हुए युक्तियुक्तकरण किया गया है, जिसकी राज्य में  शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। "छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल वर्तमान शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी, सशक्त और समावेशी शिक्षा व्यवस्था का आधार तैयार करेगी।स्कूल शिक्षा विभाग का स्कूलों के युक्तियुक्तकरण का दूरदर्शी निर्णय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा मंर एक सशक्त पहल है।युक्तियुक्तकरण से न केवल शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित होगा, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। यह छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" recent visitors 54

एम्स भोपाल ने कोरोना मरीजों के उपचार के लिए कसी कमर, 20 बेड का वार्ड तैयार,टास्क फोर्स का किया गठन

भोपाल देश में कोरोना के दो नए वैरिएंट के मामले एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगे हैं। मध्यप्रदेश में अब तक इंदौर में 6 मामले ही सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य संस्थाओं को सारी तैयारियां करने के निर्देश भी दिए हैं। एम्स भोपाल ने भी कोरोना मरीजों के उपचार के लिए तैयारियां तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक एम्स में 20 बेड का जनरल वार्ड तैयार कर लिया गया है। वहीं वेंटीलेटर से युक्त एक आईसीयू भी कोविड मरीजों के लिए तैयार किया गया है। टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है। जबकि जिला अस्पताल जेपी और हमीदिया में किसी तरह की तैयारी नहीं दिख रही है। लोगों को जागरूक होना जरूरी कोरोन के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन वैरिएंट (जेएन. 1) के दो सब-वैरिएंट (एनबी. 1.8.1 और आईएफ 7) एक्टिव हैं। एमपी में अभी तक इंदौर में 6 मरीज मिले हैं। जिसमें से एक वृद्धा की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को जागरूक होना जरूरी है। जो लोग विदेश से यात्रा कर लौटे हैं, उन्हें एहतियातन जांच कराना चाहिए। यदि सर्दी-जुकाम या वायरल से पीड़ित होते हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं और ट्रैवल हिस्ट्री भी न छिपाएं। चार साल में धूल खा रही मशीन हमीदिया अस्पताल में कोरोना के वैरिएंट की जांच करने वाली जीनोम सिक्वेसिंग मशीन धूल खा रही है। गौरतलब है कि चार साल पहले कोरोना लहर के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने जीएमसी में पांच करोड़ रुपए की लागत से जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन स्थापित की थी। लेकिन तब से अब तक इस मशीन से एक भी टेस्ट नहीं हो सका। यही नहीं जीएमसी की वायरोलॉजी लैब की हालत भी खराब है। यहां कोरोना टेस्ट के लिए रिएजेंट तक नहीं है।  नए वेरिएंट से डर नहीं बचाव है जरूरी एक बार फिर कोरोनावायरस (Coronavirus in Madhya Pradesh) ने अपना डरावना रूप दिखाना शुरू कर दिया है. भारत के भी 20 राज्यों में Covid-19 मरीजों की बड़ी संख्या सामने आ रही है. कोविड-19 के नए वेरिएंट के बढ़ते प्रकोप के असर से मध्य प्रदेश भी अछूता नहीं है. इंदौर और उज्जैन में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. अब कोविड के नए रूप के बीच एमपी और राजधानी भोपाल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का क्या हाल है और खुद को कैसे बचाना है, भोपाल के वरिष्ठ डॉक्टर सुरेशचंद्र शर्मा से जानिए. कोरोनावायरस के नए वेरिएंट के बढ़ते असर के बीच भोपाल के रेडक्रॉस हॉस्पिटल में एडिशनल सुपरीटेंडेंट वरिष्ठ डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि इस नए वायरस का राजधानी भोपाल में अब तक तो कोई खास असर नहीं दिखा है, हां बस वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या जरूर बढ़ी है लेकिन वो कोविड नहीं है. कोरोना का ये वेरिएंट जरूर नया है, पर हमें अपनी वही पुरानी आदत जैसे- मास्क लगाना और लगातार हाथ धुलने की आदत को अपनाना होगा. कोरोना के खिलाफ एक ही ब्रह्मास्त्र कोविड-19 के दो नए वेरिएंट NB.1.8.1 और LF.7 के भारत में केस मिलने के बाद पब्लिक में डर को लेकर डॉ शर्मा ने कहा कि इस वायरस से डरने की नहीं बल्कि हमें वही अपनी पुरानी आदतों को अपनाना होगा. इसके साथ ही कोरोना के खिलाफ हमें सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र यानी सैनिटाइजर का लगातार उपयोग करना है. इसके साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अभी जाने से बचना है. बाकी इस बीमारी में डर नहीं बस सावधानी बरतने की जरूरत है. मध्य प्रदेश कोविड से लड़ाई को कितना तैयार? दुनियाभर के कई देशों में कोविड-19 के बढ़ते केस का डर भारत में भी दिखने लगा है. जिसके चलते केंद्र से लेकर सभी राज्य सरकारें भी स्वास्थ सुविधाओं को पुख्ता करने में जुट गई हैं. कोरोना के इस नए वेरिएंट से लड़ने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने भी सभी जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा है. जिसके बाद राजधानी भोपाल में भी कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सीएमएचओ समेत बड़े अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया. भोपाल के सीनियर डॉक्टर सुरेश चंद्र शर्मा ने तैयारियों को लेकर कहा कि भोपाल पूरी तरह से कोरोना के इस नए हमले से लड़ने को तैयार है. नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने कहा कि नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। एम्स पूरी तरह तैयार है। समय पर जांच, बेहतर इलाज और सही जानकारी देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक को सही जानकारी मिले और डर की जगह सतर्कता बरती जाए। संस्थान ने तेज जांच और इलाज के लिए जरूरी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया है।   recent visitors 46

MP में पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य पुलिस बल में बड़े स्तर पर पदोन्नति करते हुए मंगलवार को 27 डिप्टी एसपी और असिस्टेंट कमांडेंट को उच्च पदों पर पदस्थ किया. गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, इन अधिकारियों को एडिशनल एसपी और डिप्टी कमांडेंट के पद पर पदोन्नत कर नई नियुक्तियाँ दी गई हैं. प्रमुख रूप से, 2013 बैच के सहायक सेनानी संजय कौल को डिप्टी कमांडेंट बनाकर 14वीं बटालियन SAF ग्वालियर में तैनात किया गया है. वहीं, नीरज कुमार ठाकुर को 25वीं बटालियन भोपाल में डिप्टी कमांडेंट के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. भोपाल मुख्यालय में कई वरिष्ठ अधिकारियों को AIG स्तर पर पदोन्नति दी गई है, जिनमें रवि कुमार द्विवेदी, अलरिज बिसेंट सिंह, विपिन शिल्पी और स्वाति मुराब वाडेकर शामिल हैं. विशेष शाखा, SAF, RAPTC, हॉक फोर्स, हाईकोर्ट सुरक्षा, और जिला इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है. गीता डोंगरे चौहान को एएसपी पीटीसी इंदौर, नरेश बाबू अन्नोटिया को एएसपी ट्रैफिक इंदौर और दीपक नायक को एडिशनल डीसीपी सुरक्षा भोपाल नियुक्त किया गया है. गृह विभाग ने जारी किया आदेश, पुलिस विभाग में संतुलन बनेगा इसके अलावा, रणजीत सिंह राठौर, सुभाष शर्मा, वेदांत प्रकाश शर्मा, सूरजमल राजोरिया, अजय प्रिय आनंद और निहित उपाध्याय सहित कई अधिकारियों को अलग-अलग बटालियनों और इकाइयों में डिप्टी कमांडेंट के पद पर नियुक्त किया गया है. गृह विभाग की इस कार्यवाही को पुलिस महकमे के भीतर नेतृत्व और जिम्मेदारियों में संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. दीपक नायक, अमित कुमार, नदीम को भोपाल में मिली जिम्‍मेदारी दीपक नायक, सहायक पुलिस आयुक्त गोविंदपुरा भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सुरक्षा भोपाल में नियुक्त किया गया है. अमित कुमार मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (स्टाफ ऑफिसर), पुलिस कमिश्नर कार्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. नदीम उल्लाह खान, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल को उप सेनानी, सुरक्षा वाहिनी, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल में तैनात किया गया है. सुरेश कुमार दामले, एसडीओपी बरेली, जिला रायसेन को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भोपाल नियुक्त किया गया है. नरेश बाबू, गीता डोंगरे को इंदौर में मिली नई जिम्‍मेदारी नरेश बाबू अन्नोटिया, सहायक पुलिस आयुक्त ट्रैफिक जोन 1, नगरीय पुलिस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस उपयुक्त ट्रैफिक, इंदौर में पदस्थ किया गया है. गीता डोंगरे चौहान, उप पुलिस अधीक्षक पीटीएस इंदौर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पीटीसी इंदौर में पदोन्नति दी गई है. अजय प्रिय आनंद बालाघाट तो निहित उपाध्याय पहुंचे छिंदवाड़ा अजय प्रिय आनंद, सहायक सेनानी 23वीं बटालियन भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, हॉक फोर्स बालाघाट में पदस्थ किया गया है. निहित उपाध्याय, सहायक पुलिस आयुक्त हबीबगंज भोपाल को डिप्टी कमांडेंट, आठवीं बटालियन छिंदवाड़ा में नियुक्त किया गया है. रविंद्र कुमार बोयट, एसडीओपी मूंदी, नर्मदा नगर जिला खंडवा को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आगर मालवा में पदस्थ किया गया है सुजीत सिंह भदौरिया, एसडीओपी पोहरी, जिला शिवपुरी को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला दमोह में तैनाती मिली है. ज्योति उमठ, नगर पुलिस अधीक्षक गुना को सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन में पदोन्नत किया गया है. भावना मरावी, एसडीओपी गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर में पदस्थ किया गया है. recent visitors 48

रेलकर्मी की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास में गिरते यात्री को बचाया

रेलकर्मी की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास में गिरते यात्री को बचाया भोपाल एक्सप्रेस के ट्रेन मैनेजर की तत्परता से एक यात्री की जान बची भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण दिनांक 26 मई 2025 को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जब एक सतर्क रेलकर्मी की तत्परता से एक यात्री की जान बचाई गई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि दिनांक 26.05.2025 की रात लगभग 22:40 बजे जब गाड़ी संख्या 12155 भोपाल एक्सप्रेस रानी कमलापति स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 से रवाना हो रही थी, तभी एक यात्री—कपिल लीलानी, निवासी विदिशा (उम्र 45 वर्ष)—चलती ट्रेन के पीछे दौड़ते हुए उसे पकड़ने का प्रयास कर रहे थे। ट्रेन के अंतिम छोर पर पहुँचते ही जैसे ही उन्होंने डिब्बे के हैंडल को पकड़ने का प्रयास किया, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर पड़े। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात ट्रेन मैनेजर वैभव भारतीय ने अत्यंत सतर्कता का परिचय देते हुए तुरंत प्रतिक्रिया दी और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, जिससे यात्री एक गंभीर दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। इसके बाद उन्होंने यात्री को ब्रेक वैन में लाकर न केवल उनकी स्थिति की जानकारी ली, बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य जांच भी सुनिश्चित की। जब यात्री की हालत सामान्य पाई गई, तब ट्रेन को पुनः सावधानीपूर्वक रवाना किया गया।   घटना के समय ट्रेन में तैनात ट्रेन मैनेजर वैभव भारतीय ने अत्यंत सतर्कता का परिचय देते हुए तुरंत प्रतिक्रिया दी और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, जिससे यात्री रन ओवर होने से बच गए। तत्पश्चात उन्होंने यात्री को ब्रेक वैन में लाकर प्राथमिक पूछताछ की तथा उनकी चोटों का जायजा लिया। यात्री की स्थिति संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने पुनः ट्रेन को रवाना किया। रेल प्रशासन यात्रियों से अपील करता है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास न करें। ऐसे प्रयास जानलेवा हो सकते हैं और अन्य यात्रियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल सकते हैं। recent visitors 41

रिमोट सेंसिंग के पितृ पुरुष, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक डॉ. के. एस. मिश्रा के निधन से वैज्ञानिक जगत में शोक”

पुणे मध्यप्रदेश रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (मेपकास्ट) के संस्थापक एवं जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वरिष्ठ डिप्टी डॉयरेक्टर जनरल डॉ. के. एस. मिश्रा का  दिनांक 26-05-2025 को 81 वर्ष की आयु में पुणे में निधन हो गया है। डॉ. मिश्रा द्वारा भारतीय रिमोट सेंसिंग तकनीक में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा मध्यप्रदेश में रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के संस्थापक प्रभारी रहे, उनके मार्गदर्शन में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की अनेक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया। डॉ. मिश्रा, कैनेडियन सरकार लेबोरेट्री विजिटिंग फेलो कनाडा सेन्टर फॉर रिमोट सेन्सिंग ओटावा में रडार सेट प्रोजेक्ट में अनेक वर्षों तक कार्यरत रहें, उन्होंने कनाडा में स्ट्रक्चरल जियोफिजिक्स, नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट एवं रिमोट सेसिंग आदि के क्षेत्र में भी कनाडा सरकार को महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. के. एस. मिश्रा ने 1983 में मेनीटोबा विश्वविद्यालय, कनाडा से रिमोट सेन्सिंग उपयोग में पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त की। डॉ. मिश्रा भारत सरकार के तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में कन्सल्टेन्ट के पद पर कार्यरत रहे। कुछ समय पूर्व तक वे देहरादून में यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एण्ड एनर्जी में डिस्टिंविश्ट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। रिमोट सेंसिंग सेन्टर में मध्यप्रदेश के भूमि उपयोग मानचित्रकरण, वेस्ट लेण्ड मानचित्रण, भूजल संभावित क्षेत्रों का मानचित्रण आदि परियोजनाओं का कार्य आपके मार्गदर्शन में सम्पन्न किया गया। डॉ. के. एस. मिश्रा के निधन पर मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के वैज्ञानिकों डॉ. अनिल कोठारी, महानिदेशक, डॉ. विवेक कटारे, कार्यकारी संचालक, डॉ. प्रवीण कुमार दिघर्रा, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख प्रशासन, श्री तस्नीम हबीब, सलाहकार, डॉ. अनिल खरे, श्री पराग भल्ला, सलाहकार एवं समस्त वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जी. डी. बैरागी, श्री डी. के. सोनी, डॉ. कपिल खरे, डॉ. रवि भारद्वाज, डॉ. आलोक चौधरी, श्री निरंजन शर्मा, श्री हरिनटराजन, श्री एस. ए. रजा तथा डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. आर. के. सिंह, डॉ. मनीषा ज्योतिषी, डॉ. सरोज बोकिल, डॉ. जे. पी. शुक्ला, डॉ. एन. के. तिवारी, श्री मुकेश साहू, श्रीमती किरण कानूनगो, श्रीमती मधुमिता तिवारी आदि ने अपनी शोक संवेदनाएं प्रेषित की हैं। recent visitors 48

जून के अंत तक चलती रहेगी रीवा से चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद) के मध्य समर स्पेशल ट्रेन

जून के अंत तक चलती रहेगी रीवा से चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद) के मध्य समर स्पेशल ट्रेन भोपाल मंडल के बीना, रानी कमलापति, इटारसी स्टेशनों से होकर गुजरती है  भोपाल समर के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने रीवा–चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद)–रीवा द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि को 30 जून 2025 तक यानि 10-10 ट्रिप विस्तार करने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य को जाती है। रीवा–चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद)–रीवा द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (20 सेवाएं) ट्रेन संख्या 01704 रीवा–चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद) द्वि-साप्ताहिक (गुरुवार एवं रविवार) स्पेशल ट्रेन, जो दिनांक 29.05.2025 तक अधिसूचित थी, अब दिनांक 01.06.2025 से 29.06.2025 तक और चलती रहेगी। (10 सेवाएं) ट्रेन संख्या 01703 चर्लपल्ली (सिकन्दरबाद)–रीवा द्वि-साप्ताहिक (शुक्रवार एवं सोमवार) स्पेशल ट्रेन, जो दिनांक 30.05.2025 तक अधिसूचित थी, अब दिनांक 02.06.2025 से 30.06.2025 तक और चलती रहेगी। (10 सेवाएं) समर स्पेशल ट्रेन के समय एवं ठहराव की विस्तृत जानकारी के लिए, कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएँ या NTES ऐप डाउनलोड करें। यात्रियों से अनुरोध है कि वे समर स्पेशल ट्रेन की विस्तारित सेवाओं का लाभ उठाएँ। recent visitors 50

IPL 2025 ऑरेंज कैप हासिल करने से कितनी दूर हैं विराट कोहली? जानिए कौन-कौन है उनसे आगे

नई दिल्ली IPL 2025 Orange Cap की रेस में विराट कोहली बरकरार हैं। हालांकि, इस समय वह टॉप 5 से बाहर हैं, लेकिन टॉप 5 में एंट्री करने से महज 12 रन दूर हैं। इसके अलावा वे ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे निकलने से दूर हैं, लेकिन ज्यादा दूर नहीं है। वे एक या दो मैचों में इस फासले को तय कर सकते हैं। ऐसे में जानिए कि इस समय विराट कोहली किस पोजिशन पर हैं और कौन-कौन ऑरेंज कैप की रेस में उनसे आगे है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू यानी आरसीबी के बल्लेबाज विराट कोहली इस समय ऑरेंज कैप की रेस में छठे स्थान पर हैं। उन्होंने अब तक 12 पारियों में 548 रन बनाए हैं, जबकि टॉप 5 में शामिल 4 खिलाड़ियों ने 14-14 पारियां खेली हैं। विराट कोहली इस समय टॉप 5 में एंट्री करने से महज 12 रन दूर हैं। यशस्वी जायसवाल 559 रनों के साथ पांचवें नंबर पर हैं। अगर विराट 12 रन बना लेंगे तो उनको पीछे छोड़ देंगे और नंबर 5 पर पहुंच जाएंगे। वहीं, लिस्ट में चौथे नंबर पर 560 रनों के साथ मिचेल मार्श हैं। उनका अभी एक मैच बाकी है। अगर एलएसजी वर्सेस आरसीबी मैच में मार्श जितने भी रन बनाएं। उससे 14 रन ज्यादा विराट ने बनाए तो उनको पीछे छोड़ देंगे। असली लड़ाई ऑरेंज कैप के लिए साई सुदर्शन, शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव के बीच है। सभी का कम से कम एक-एक मैच अभी बाकी है। सुदर्शन के 679, गिल के 649 और सूर्या के 640 रन हैं। विराट कोहली को अगर इन तीन खिलाड़ियों को ऑरेंज कैप के लिए टक्कर देनी है तो आखिरी लीग मैच में लखनऊ के खिलाफ कम से कम शतक जड़ना होगा। अगर वे 93 रन बना लेंगे तो सूर्या को पीछे छोड़कर नंबर तीन की कुर्सी हासिल कर लेंगे। अगर 102 रन बनाएंगे तो शुभमन गिल को पछाड़कर दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे और 132 रन बना लेंगे तो साई सुदर्शन को पीछे छोड़ देंगे। हालांकि, मिचेल मार्श कितना स्कोर करेंगे, ये भी देखने वाली बात होगी। 679 रन – साई सुदर्शन 649 रन – शुभमन गिल 640 रन – सूर्यकुमार यादव 560 रन – मिचेल मार्श 559 रन – यशस्वी जायसवाल 548 रन – विराट कोहली   recent visitors 175