गांव-गांव तक सुविधा: मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने बदला सफर का अनुभव

रायपुर. मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ सफर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य सुदूर वनांचल, विशेषकर बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में, ग्रामीणों को सुलभ और सुरक्षित परिवहन प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों को जिला मुख्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जा रहा है। दूरस्थ अंचलों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस की पहुंच से राह हुई आसान  मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना न केवल सड़कों पर दौड़ रही है, बल्कि यह ग्रामीणों के समय, सुविधा और सपनों को सहेजने का माध्यम बन गई है। सरगुजा जिले के बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा, सरगवां और अम्बिकापुर तक बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की दूरगामी सोच और संवेदनशीलता का परिणाम है कि आज सरगुजा जिले के उन दूरस्थ अंचलों में भी विकास की गूंज सुनाई दे रही है, जहां कभी परिवहन एक बड़ी चुनौती थी।  मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ सुगम हुआ सफर, समय की हुई बचत  शहरी स्वास्थ्य अस्पताल में कार्यरत श्रीमती परमानिया पैकरा ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि इस मार्ग पर यह पहली बस सेवा है। उन्होंने कहा कि, पहले ड्यूटी पर समय से पहुंचना और फिर सुरक्षित घर वापस आना एक बड़ी चिंता होती थी। लेकिन जब से यह बस शुरू हुई है, हमें बहुत सुविधा मिल रही है। अब हम समय पर अस्पताल पहुंचते हैं और वक्त पर घर भी लौट आते हैं। इसी तरह स्वास्थ्य कर्मी चंदा टोप्पो ने बताया कि बांदा क्षेत्र से होने के कारण पहले आवागमन के साधन न के बराबर थे। बस सेवा शुरू होने से अब उनकी पेशेवर जिंदगी आसान हो गई है और इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है। वरदान साबित हो रही बस सेवा विद्यार्थियों के लिए        विद्यार्थियों के जीवन में इस योजना से क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है। पुष्पेंद्र कॉलेज ऑफ नर्सिंग की फाइनल ईयर की छात्रा लक्ष्मी कहती हैं कि पहले मुझे बस पकड़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब बस मेरे घर के सामने से ही गुजरती है। इससे मैं पढ़ाई के लिए बहुत सहज महसूस करती हूँ। वहीं पीजी कॉलेज की छात्रा निशा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले उसे बस पकड़ने के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। अब सिदमा गाँव से ही बस मिलने के कारण वह सीधे गाँधी चौक तक का सफर बिना किसी परेशानी के तय कर रही है। सरगुजा जिले के सिदमा गाँव के निवासी दिव्यांशु सिंह ने बताया कि बस सुविधा न होने के कारण उन्हें प्रतिदिन 5 किलोमीटर तक बाइक या पैदल सफर तय करना पड़ता था। दिव्यांशु कहते हैं कि अब गाँव से ही बस चलने लगी है, जिससे मैं अपने स्कूल समय पर पहुँच जाता हूँ। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को इस सराहनीय पहल के लिए आभार व्यक्त किया। विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे सुदूर वनांचल के गाँव       मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना एक वाहन नहीं, बल्कि सुशासन का वह भरोसा है जिसने सुदूर क्षेत्रों को शहर की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है। नियमित बस के संचालन से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल से अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति सशक्त बन रहे हैं। आज सरगुजा के सुदूर वनांचल की सड़कों पर दौड़ती मुख्यमंत्री ग्रामीण बस प्रदेश की प्रगति की नई कहानी गढ रही हैं। recent visitors 27

क्रिकेट का आर्थिक सच: IND vs PAK एक मैच ने ICC को किया भारी नुकसान, PCB की 7 साल की कमाई के बराबर

 नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने भारत के साथ खेलने से इनकार किया है. दोनों के बीच 15 फरवरी को कोलंबो में ग्रुप स्टेज का मैच था. पाकिस्तान सरकार ने ये कदम वर्ल्ड कप शुरू होने के 5 दिन पहले उठाया है, जिसने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है. ऐसा इसलिए है क्योंकि पाकिस्तान के इस कदम से आईसीसी को भारी आर्थिक घाटा होगा. आईसीसी टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान मुकाबला करीब 250 मिलियन डॉलर (2200 करोड़ रुपये से अधिक) का राजस्व पैदा करता है. कई रिपोर्ट्स में इस रेवन्यू को 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बताया गया है. ऐसे में अगर ये मैच नहीं होता है तो इसका खामियाजा सभी हितधारकों को भारी आर्थिक नुकसान के रूप में उठाना पड़ेगा. पाकिस्तान की सालाना कमाई से समझें नुकसान का गणित पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की साल भर की कमाई की बात करें तो वह 35-45 मिलियन डॉलर के बीच आती है. यानी 300 से 400 करोड़ रुपये की कमाई पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सालाना है. इसमें आईसीसी से पाकिस्तान को मिलने वाले रेवन्यू, PSL की कमाई, सीरीज और टिकट की कीमत से लेकर स्पॉनसरशिप से मिलने वाली आमदनी का लेखा-जोखा है. हालांकि, पीसीबी की कमाई का मुख्य जरिया आईसीसी से मिलने वाला रेवन्यू शेयर है, जो उसकी कुल कमाई का 80 फीसदी से ज्यादा बताया जाता है. अब भारत-पाक मैच की कमाई जान लीजिए अब अगर भारत पाकिस्तान के एक आईसीसी मुकाबले की कमाई की बात करें तो ये 2200 करोड़ रुपये से ज्यादा की है. कई बार इसे 3 हजार करोड़ से ज्यादा भी आंका गया है. यानी साफ है कि पाकिस्तान 7 साल में जितना पैसा कमाता है उतना रेवन्यू भारत-पाक के एक मैच से ही पैदा होता है.  ये बात भी किसी से छिपी नहीं है कि आईसीसी की कमाई का सबसे बड़ा जरिया भारत-पाकिस्तान का मैच है. क्योंकि इसे पूरी दुनिया में लोग देखते हैं और कई करोड़ों का विज्ञापन भी मिलता है. यही कारण है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सीरीज न होने के बावजूद भी आईसीसी इन्हें मल्टी नेशनल्स टूर्नामेंट में एक ही ग्रुप में रखता है. ताकि दोनों के बीच टक्कर हो.   10 सेकेंड के स्लॉट की कीमत 40 लाख अगर वर्ल्ड कप में दोनों के बीच टक्कर नहीं हुई तो मेजबान ब्रॉडकास्टर को सिर्फ विज्ञापन से ही 200 से 250 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है. भारत-पाकिस्तान जैसे बड़े मुकाबले में 10 सेकंड का विज्ञापन स्लॉट 40 लाख रुपये तक में बिकता है. ऐसे में ये तो साफ है कि अगर पाकिस्तान ने ये मैच बायकॉट करने की हिमाकत की तो आईसीसी को भारी नुकसान होगा. फिर आईसीसी इसकी भरपाई का आदेश पाकिस्तान को दे सकता है या उसपर कड़े प्रतिबंध लगा सकता है. इससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पूरी तरह से तबाह हो सकता है.  भारत को बिना खेले मिलेगा दो अंक अगर भारत-पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होता है तो टीम इंडिया को बिना खेले ही वॉक ओवर मिल जाएगा. उसे फ्री में दो अंक मिल जाएंगे और पाकिस्तान को नेट रन रेट का भी भारी नुकसान होगा. जिससे वर्ल्ड कप में उसकी आगे की राह खतरे में पड़ सकती है. पाकिस्तान ने तोड़ा है समझौता पाकिस्तान की ड्रामेबाजी पिछले कई दिनों से जारी है. एशिया कप में भी टीम ने टूर्नामेंट बहिष्कार की धमकी दी थी. लेकिन फिर खुद ही खेलने आ गया था. इस बार भी बांग्लादेश और भारत के क्रिकेट बोर्ड में चल रही तनातनी में वह बीच में कूद गया.  पाकिस्तान ने ही बांग्लादेश को भड़काया और आखिरकार उसे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा. फिर उसके बाद पाकिस्तान ने भी बायकॉट की धमकी दी. और फिर खुद ही केवल भारत के साथ मैच को न खेलने की बात कहने लगा. पाकिस्तान ने ऐसा कदम उठाने की हिमाकत तब की है जब आईसीसी, पीसीबी और बीसीसीआई के बीच 2027 तक भारत-पाकिस्तान मैचों के लिए हाइब्रिड मॉडल पर सहमति बनी हुई है. ये साफतौर पर सहमति है कि दोनों देश आईसीसी टूर्नामेंट्स में न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेंगे. ऐसे में पाकिस्तान बोर्ड के लिए इस तरह के चयनात्मक बहिष्कार को सही ठहराना आसान नहीं होगा. अब आईसीसी ने इस पूरे प्रकरण को लेकर एक मीटिंग बुलाई है. कहा जा रहा है की पाकिस्तान पर कड़े  एक्शन को लेकर इसमें चर्चा हो सकती है.   संभावित आईसीसी प्रतिबंध क्या हो सकते हैं? * पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर रोक, साथ ही लीग से अंतरराष्ट्रीय मान्यता और व्यावसायिक समर्थन वापस लेना. * आईसीसी के राजस्व पूल से पाकिस्तान को मिलने वाली राशि में भारी कटौती, जिस पर पीसीबी की आर्थिक निर्भरता काफी हद तक है. * भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होने से हुए भारी राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए ब्रॉडकास्टर को मुआवजा देने का निर्देश. * एशिया कप से बाहर किया जाना * पाकिस्तान से जुड़ी सभी द्विपक्षीय सीरीज़ पर रोक. recent visitors 32

आयुष्मान भारत योजना पर बड़ा बयान, इन्सेंटिव वितरण को पारदर्शी बनाने के निर्देश

आयुष्मान भारत योजना की इन्सेंटिव वितरण प्रणाली को बनायें पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों एवं सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ को आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली इन्सेंटिव व्यवस्था की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि इंसेंटिव वितरण प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध बनाया जाए, ताकि पात्र चिकित्सकों एवं स्टॉफ को समय पर प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो सके। उन्होंने डेटा एंट्री प्रक्रिया को सरलीकृत एवं सुगम बनाने तथा समयबद्ध डेटा एंट्री सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मैन पॉवर की व्यवस्था किए जाने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध कुशल एवं दक्ष मैनपावर को प्रोत्साहन देना अत्यंत आवश्यक है, जिससे उनका मनोबल बना रहे और वे पूर्ण ऊर्जा, प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय कर सकें। इससे आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सकेगा। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजु एस एवं आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. योगेश भरसट उपस्थित रहे।   recent visitors 28

दवाइयों की समय पर आपूर्ति की जाए सुनिश्चित, लापरवाही पर होगी आवश्यक कार्रवाई

रायपुर. दवाइयों की समय पर आपूर्ति की जाए सुनिश्चित, लापरवाही पर होगी आवश्यक कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री   श्याम बिहारी जायसवाल आज छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक में राज्य में दवाइयों, मेडिकल उपकरणों एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना से संबंधित विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देशित किया कि राज्य में किसी भी स्थिति में अतिआवश्यक दवाइयों की कमी नहीं होनी चाहिए तथा दवाइयों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लोक महत्व से जुड़े इस विषय में यह आवश्यक है कि आम नागरिकों को समय पर एवं गुणवत्तायुक्त दवाइयां उपलब्ध हों। स्वास्थ्य मंत्री ने दवा आपूर्ति प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, स्टॉक एवं एक्सपायरी की रीयल टाइम जानकारी प्राप्त करने हेतु एक लाइव ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मांग एवं आपूर्ति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया। बैठक में दवाइयों एवं मेडिकल उपकरणों के गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित सभी मापदंडों का कठोरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही अस्पतालों के लिए आवश्यक कंज्युमेबल सामग्री की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन जिलों द्वारा दवाइयों की मांग भेजे जाने के बावजूद उनका उठाव नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक सभी अत्यावश्यक मेडिकल उपकरणों की खरीदी पूर्ण करने तथा प्रयोगशालाओं के लिए रिएजेंट की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य अधोसंरचना के संबंध में मंत्री ने महासमुंद, कांकेर एवं कोरबा मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य में 12 नवीन नर्सिंग कॉलेज एवं 6 नवीन फिजियोथेरेपी कॉलेजों के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक की समाप्ति पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष   दीपक म्हस्के ने स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति में बैठक अत्यंत उपयोगी एवं सार्थक रही। उन्होंने बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों की शीघ्र समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। recent visitors 31

छात्रावास भवन का किया भूमिपूजन, सामाजिक भवन के बाउंड्रीवाल के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की

रायपुर. समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में हों शामिल, कोई अकेला महसूस न करें :अरुण साव उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज जिला साहू संघ बालोद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर सभी को नव दायित्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीउ। उन्होंने इस अवसर पर समाज के विद्यार्थियों के हित में छात्रावास भवन के लिए भूमिपूजन किया। साथ ही सामाजिक भवन में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की।  साव ने कहा कि समाज ने शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। इसका लाभ समाज के बच्चों को होगा।  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के लिए संकल्प लेने का दिन है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के नेतृत्व में बालोद जिला साहू समाज निरंतर प्रगति करेगा। शिक्षा, कृषि, राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में कार्य करने के मामले में बालोद जिले की हमेशा एक अलग पहचान रही है, जिसे आगे और सशक्त बनाने की जिम्मेदारी अब नए पदाधिकारियों के कंधों पर है।  साव ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक सहित सभी के लिए समाज का द्वार सदैव खुला रहना चाहिए। सामाजिक पदाधिकारियों का दायित्व है कि वे हर व्यक्ति के सुख-दुख में साथ खड़े रहें, ताकि हर सदस्य यह महसूस करे कि समाज उसके साथ है। साथ ही वर्ष में कम से कम दो बार सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे, जिससे समाज से उनका जुड़ाव मजबूत हो और वे समाज में अपने महत्व को समझ सकें। समारोह में साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू, पूर्व मंत्रीगण  ताम्रध्वज साहू एवं श्रीमती रमशीला साहू, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष  टहल सिंह साहू,  विपिन साहू,  दीपक साहू,  प्रीतम साहू, श्रीमती प्रतिभा चौधरी,  हलधर साहू और  वीरेंद्र साहू सहित नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष  महेंद्र साहू,  मदन साहू,  बंशीलाल साहू,  गणेश राम साहू,  राजेश साहू,  भागवत साहू एवं  सुनील साहू भी मौजूद थे। recent visitors 35

स्पोर्ट्स पावर बनता भारत: 2027 में एशियन राइफल और पिस्टल चैंपियनशिप की मेजबानी तय

नई दिल्ली एशियन शूटिंग कॉन्फेडरेशन ने बताया है कि भारत साल 2027 में एशियन राइफल और पिस्टल चैंपियनशिप की मेज़बानी करेगा। इस प्रतियोगिता के जरिए लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए कुल आठ कोटा स्थान मिलेंगे। यह प्रतियोगिता 1 से 10 दिसंबर तक यहां डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित की जाएगी। एशियन राइफल और पिस्टल चैंपियनशिप 2027 का आयोजन नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा 1 से 10 दिसंबर 2027 तक नई दिल्ली में स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में किया जाएगा। एशियन शूटिंग कॉन्फेडरेशन ने एक विज्ञप्ति में कहा कि इस चैंपियनशिप का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है, क्योंकि इस प्रतियोगिता के दौरान लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए एशिया के आठ कोटा स्थान दिए जाएंगे। भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए शूटिंग क्वालिफाइंग प्रतियोगिताओं के ज़रिए अधिकतम 16 कोटा स्थान हासिल किए। इनमें राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में आठ-आठ कोटा शामिल थे। भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 में रिकॉर्ड 21 निशानेबाजों को भेजा, जो टोक्यो ओलंपिक में भेजे गए 15 निशानेबाजों से काफी ज्यादा था। भारतीय निशानेबाजों ने पेरिस ओलंपिक 2024 में कुल तीन पदक जीते और तीनों ही कांस्य (ब्रॉन्ज) थे। फिलहाल भारत को घरेलू मैदान पर अच्छे प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है, क्योंकि दिल्ली 2 से 14 फरवरी तक एशियन शूटिंग चैंपियनशिप (राइफल/पिस्टल) की मेजबानी करने जा रहा है। मेजबान देश भारत ने इस प्रतियोगिता के लिए 118 खिलाड़ियों की सबसे बड़ी टीम उतारी है, जबकि कज़ाख़िस्तान 35 खिलाड़ियों के साथ दूसरी सबसे बड़ी टीम है। कोरिया, ईरान और जापान भी मजबूत टीमें लेकर आए हैं। इसके अलावा चीनी ताइपे, वियतनाम और हांगकांग के निशानेबाजों से भी अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है। डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में होने वाली इस प्रतियोगिता में भारत की सबसे बड़ी टीम है, जिसमें 118 एथलीट शामिल हैं- कुल 311 एथलीटों में से एक तिहाई से ज़्यादा। कज़ाख़िस्तान की टीम में 35 एथलीट हैं, जबकि ईरान की टीम में 28 एथलीट रजिस्टर्ड हैं। कुल मिलाकर, इस चैंपियनशिप में 20 देशों के एथलीट हिस्सा लेंगे और पूरे प्रतियोगिता में 564 इवेंट आयोजित किए जाएंगे।   recent visitors 29

‘ये नया हिंदुस्तान है’—धुरंधर 2 का धमाकेदार टीजर, 1 मिनट 12 सेकेंड का वीडियो वायरल

मुंबई   आखिरकार रणवीर सिंह की धुरंधर 2 का टीजर सामने आ चुका है. आज यानी 3 फरवरी मंगलवार को ही रणवीर सिंह ने पोस्ट शेयर कर फिल्म का पहला पोस्टर शेयर किया था. अपनी पोस्ट में ही उन्होंने जानकारी दी थी फिल्म का टीजर 12.12 पर जारी किया जाएगा. अब टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फैंस इस पर प्यार लुटा रहे हैं. इस मच अवेटेड एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर 2’ का धमाकेदार टीजर लोगों की एक्साइटमेंट बढ़ा रहा है. रणवीर सिंह का टीजर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तहलका मच गया है. लोग रणवीर सिंह के इस इंटेस लुक पर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं.  ‘धुरंधर 2’ जिसे ‘धुरंधर द रिवेंज’ कहा जा रहा है उसका पोस्टर आउट के बाद अब फिल्म का टीजर भी मेकर्स ने जारी कर दिया है.  आज (3 फरवरी) 12 बजकर 12 मिनट पर इसका टीजर भी रिलीज किया गया. आदित्य धर के निर्देशन में बन रही ‘धुरंधर 2’ के टीजर का लोगों को बेसब्री से इतंजार था. क्योंकि 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई ‘धुरंधर 1’ ने भारतीय सिनेमा के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. फिल्म ने बंपर कमाई के बाद इतिहास रच दिया  था, बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भी लगातार ट्रेंड कर रही है. सोशल मीडिया पर आते ही हुआ वायरल मेकर्स ने जैसे ही ये टीजर जारी किया. फैंस ने इस पर कमेंट की बाढ़ ला दी. इस टीजर के जरिए मेकर्स ने फिल्म के पार्ट-2 से रणवीर सिंह का लुक तो जारी किया ही, साथ ही मेकर्स ने ये भी हिंट दे दिया कि टीजर में ये साफ है कि  धुरंधर 2 में रणवीर का रोल और भी धांसू होने वाला है. सोशल मीडिया पर फैंस जमकर रणवीर की तारीफ कर रहे हैं और फिल्म के प्रति अपना प्यार जाहिर कर रहे हैं. कैप्शन भी जीत रहा दिल कुछ देर पहले रणवीर सिंह ने अपने इंस्टाग्राम पर अपना पोस्टर शेयर किया था.  फोटो ने जहां सभी का ध्यान खींचा , वहीं पोस्टर के कैप्शन ने तो सभी को रणवीर का मुरीद बना दिया है.  धुरंधर – द रिवेंज का टीजर की जानकारी देते हुए रणवीर ने कैप्शन में लिखा है कि अब बिगड़ने का वक्त आ गया है. उनके इस अंदाज को भी काफी पसंद किया जा रहा है. बता दें कि धुरंधर: द रिवेंज एक हाई-ऑक्टेन स्पाई-एक्शन थ्रिलर है, जिसे आदित्य धर ने लिखा, निर्देशित और प्रोड्यूस किया है. इस फिल्म के निर्माता ज्योति देशपांडे और लोकेश धर हैं. जियो स्टूडियोज़ द्वारा प्रस्तुत और बी62 स्टूडियोज  के बैनर तले बनी यह फिल्म 19 मार्च 2026 से सिनेमाघरों में तहलका मचाने के लिए तैयार है. ‘धुरंधर’ जहां हर दिन उम्मीदों से बढ़कर कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है. वहीं रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, आर माधवन और संजय दत्त के करियर को भी नई दिशा मिली है. फिल्म अपने नौवें वीकेंड में भी शानदार परफॉर्म कर रही है. फिल्म OTT पर रिलीज हो चुकी है. रिलीज के 59वें दिन भी इसने 45 लाख का कलेक्शन किया है. अब पार्ट 2 यानी ‘धुरंधर 2’ के पोस्टर के बाद भी लोग इसी तरह की उम्मीद करने लगे हैं. recent visitors 47