फार्मा दिग्गज एक सुर में बोले- सीएम योगी के नेतृत्व में बदला उत्तर प्रदेश का परिदृश्य

लखनऊ  ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में देश और दुनिया की दिग्गज फार्मा कंपनियों के चेयरमैन व शीर्ष नेतृत्व ने खुलकर राज्य की बदलती तस्वीर, मजबूत शासन व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल की सराहना की। कॉन्क्लेव के दौरान उद्योग जगत के दिग्गजों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बुनियादी और संरचनात्मक बदलाव किए हैं, जो न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को दिशा देने वाले साबित हो रहे हैं। यूपी के वर्तमान व भविष्य का रोडमैप स्पष्ट: अयोध्या रामी रेड्डी राज्यसभा सदस्य एवं रामकी ग्रुप के चेयरमैन अयोध्या रामी रेड्डी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को देश और समाज के लिए “उत्कृष्ट कमिटमेंट” करार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो बुनियादी परिवर्तन देखने को मिले हैं, वे अभूतपूर्व हैं। उत्तर प्रदेश जो है और जो होने जा रहा है, सबका रोडमैप योगी जी ने स्पष्ट कर दिया है। यह न केवल राज्य, बल्कि देश को भी नई दिशा दिखाएगा। उन्होंने अपने चार दशक के अनुभव साझा करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों में उन्होंने यूपी में ऐसा सकारात्मक माहौल पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने यूपी की कानून-व्यवस्था, अकाउंटेबिलिटी और इंटीग्रिटी को दीर्घकालिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एक अच्छा नेता किस तरह पूरे सिस्टम को बदल सकता है, उत्तर प्रदेश इसका जीवंत उदाहरण है। निवेशकों के लिए सुरक्षित माहौल व पारदर्शी प्रशासन आज यूपी की पहचान है। रेड टेप नहीं, रेड कार्पेट ट्रीटमेंट: जीनल मेहता टोरेंट ग्रुप के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हमने यूपी के 20 जिलों में काम किया है, लेकिन कहीं भी लॉ एंड ऑर्डर की समस्या या रेड टेप का सामना नहीं करना पड़ा। यूपी आज निवेशकों को रेड टेप नहीं, रेड कार्पेट ट्रीटमेंट दे रहा है। यह सब योगी जी के नेतृत्व में संभव हुआ है। कभी छोड़ना पड़ा था प्रदेश, अब लौटने का समय: रमेश जुनेजा मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा ने यूपी के पुराने दौर की कड़वी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि 1995 में कंपनी शुरू की थी, तब माहौल ठीक नहीं था। 2001 में मेरे भाई का बेटा किडनैप हो गया, जिसके बाद हमने तय किया कि प्रदेश छोड़कर दिल्ली में रहना चाहिए, लेकिन कहते हैं ना कि हर रात के बाद एक अच्छी सुबह होती है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने के बाद यूपी में वह सुबह आई है। आज देर रात भी प्रदेश में लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, यही वजह है कि निवेशक यहां आ रहे हैं और लगातार निवेश कर रहे हैं। उनकी कंपनी उत्तर प्रदेश में हरसंभव सहयोग के लिए तैयार है। मेरा दिल यूपी के लिए धड़कता है और सरकार के प्रोत्साहन के साथ निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। वैश्विक फार्मा लीडर्स की यूपी में रुचि: सतीश रेड्डी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के चेयरमैन सतीश रेड्डी ने कहा कि फार्मा सेक्टर में भारत की भूमिका वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है, जिसका उदाहरण कोविड काल में देखने को मिला। भारत ने कोविड के समय लाखों जिंदगियां बचाईं। उत्तर प्रदेश की नीतियां बेहद प्रभावी हैं और हम यहां काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।  इन्फ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर यूपी की ताकत: पंकज पटेल जाइडस लाइफ साइंसेज के चेयरमैन पद्मभूषण पंकज रमनभाई पटेल ने कहा कि किसी भी इंडस्ट्री को भूमि, बिजली, पानी और प्रशिक्षित मैनपावर की जरूरत होती है और ये सभी संसाधन उत्तर प्रदेश में भरपूर उपलब्ध हैं। यही वजह है कि फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए यूपी एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। देश का सबसे सुरक्षित स्थान है यूपी: दिलीप सांघवी पद्मश्री से सम्मानित और सन फार्मास्यूटिकल के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने कहा कि आज सन फार्मा देश की सबसे बड़ी और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है। उत्तर प्रदेश ऐसा प्रदेश है, जहां पर हम अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना चाहते हैं। कुछ वर्षों में यहां पर लॉ एंड ऑर्डर की जो स्थिति में सुधार हुआ है, वो इसे देश का सबसे सुरक्षित स्थान बनाता है। recent visitors 35

शराब घोटाला मामला: सुप्रीम कोर्ट से कवासी लखमा को अंतरिम जमानत, कांग्रेस में हलचल

रायपुर  छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और वर्तमान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है. कवासी को ED और EOW मामले में अंतरिम जमानत दी गई है. हालांकि जमानत के लिए बेल बॉन्ड निचली अदालत तय करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि कवासी लखमा अंतरिम जमानत के दौरान छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे.  शीर्ष अदालत ने मंगलवार को मामले की सुनवाई के बाद उन्हें जमानत देने का आदेश जारी किया। प्रवर्तन निदेशालय ने कवासी लखमा को इसी वर्ष 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक रिमांड पर थे। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि कवासी लखमा शराब सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य थे और उनके निर्देशों पर ही पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि लखमा ने शराब नीति में बदलाव और लाइसेंस प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाई थी। ईडी ने अदालत में दलील दी थी कि आबकारी विभाग में हो रही अनियमितताओं की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया। एजेंसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में यह भी दावा किया है कि इस कथित घोटाले के दौरान कवासी लखमा को हर महीने करीब दो करोड़ रुपये मिलते थे। ईडी के अनुसार, 36 महीनों में उन्हें कुल 72 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिसका उपयोग उनके बेटे के मकान और सुकमा में कांग्रेस भवन के निर्माण में किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि इस सिंडिकेट के जरिए सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाते हुए 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच वर्तमान में ईडी के साथ-साथ राज्य की एसीबी भी कर रही है। इस मामले में तत्कालीन सरकार के कई अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कवासी लखमा की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। क्या आप इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत के लिए रखी गई शर्तों या शराब घोटाले से जुड़ी एसीबी की आगामी कार्यवाही के बारे में जानना चाहेंगे? recent visitors 31

फार्मा कॉन्क्लेव में 10 हजार करोड़ के एमओयू पर सहमति, 5525 करोड़ के 11 एमओयू का आदान-प्रदान

लखनऊ  भारत किसी के आगे नहीं झुकेगा: सीएम योगी ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी व अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आभारी हैं, जिन्होंने रोलबैक करते हुए भारत के टैरिफ को कम किया है और भारत को एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में माना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपनी नीतियों पर अडिग था, और इसका परिणाम है ‘सत्यमेव जयते’। यह पहले भी हुआ है और आगे भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकसित भारत और बढ़ते भारत की यात्रा का प्रमाण है, जहां भारत एक जिम्मेदार और भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगाह भी किया कि भारत की इस बढ़ती ताकत से कुछ लोग सशंकित भी हैं, इसलिए देश को विश्वसनीय सहयोगियों के साथ आगे बढ़ते हुए सतर्कता और विवेक के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले जिस भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, आज वही भारत अपनी नीतियों पर दृढ़ रहते हुए वैश्विक शक्तियों को भी संवाद और सहयोग के लिए विवश कर रहा है। भारत अब अपनी शर्तों पर आगे बढ़ रहा है और स्वयं अपना नियंता बन रहा है, जो यह स्पष्ट करता है कि आज देश वैश्विक चुनौतियों और दबावों के बीच आत्मविश्वास, नीति-स्थिरता और निर्णायक नेतृत्व के साथ अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रहा है। 24 घंटे में खाली हुई 65 हजार एकड़ जमीन ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में जब हम लोग सत्ता में आए थे, उत्तर प्रदेश के अंदर कहीं जमीन ढूंढते हुए नहीं बनती थी। कोई लैंड नहीं मिल पाती थी, क्योंकि उस पर लैंड माफिया ने कब्जा कर रखा था। हमने भू-माफिया टास्क फोर्स गठित की और मैंने कहा, 24 घंटे का समय दे रहा हूं। उत्तर प्रदेश के अंदर जिस भी सरकारी भूमि पर जिस भू माफिया ने कब्जा किया है, उसको तत्काल छोड़ दे। 24 घंटे के बाद जब हम कारवाई करेंगे तो उसको जमीन तो छोड़नी ही पड़ेगी, लेकिन साथ-साथ उसने जो कमाई की होगी, उसकी ब्याज सहित वसूली करेंगे। आप आश्चर्य करेंगे कि हमारी 65000 एकड़ लैंड खाली हुई थी। यह हमारा लैंड बैंक बना था। उस लैंड बैंक में हमने निवेश भी करवाए। इनसेट-3 फार्मा कॉन्क्लेव में 10 हजार करोड़ के एमओयू पर सहमति, 5525 करोड़ के 11 एमओयू का आदान-प्रदान *‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के दौरान राज्य के फार्मास्यूटिकल सेक्टर में 10  हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर सहमति बनी है, जिसमें औषधि, चिकित्सा उपकरण एवं संबंधित क्षेत्रों में 5,525 करोड़ रुपये के 11 एमओयू का आज मंच पर औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। प्रमुख निवेशकों में अर्ना फार्मा व बायोजेंटा लाइफ साइंसेज ने 1,250-1,250 करोड़ रुपये, शुक्रा फार्मास्यूटिकल्स ने 737 करोड़, वाल्टर बुशनेल एंटरप्राइज ने 590 करोड़, झानविका लैब्स ने 553 करोड़, कोरो हेल्थ ने 418 करोड़, मार्क लेबोरेटरीज ने 300 करोड़, हाई ग्लांस लैबोरेटरीज ने 120 करोड़, रासपा फार्मा ने 107 करोड़, रोमसंस मेडवर्ल्ड ने 100 करोड़ और कोटक हेल्थकेयर ने 100 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई, जिससे उत्तर प्रदेश के फार्मा निवेश के नए केंद्र के रूप में उभरने को मजबूती मिली है। इन निवेश प्रस्तावों से फार्मा इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती, नवाचार को बढ़ावा और हजारों नए रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। recent visitors 42

रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू, कानून से खिलवाड़ करने की किसी को छूट नहीं

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को होटल ताज में आयोजित वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम “उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0” का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल एक राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भरोसे की गारंटी बन चुका है। प्रदेश सरकार हर निवेशक को ट्रिपल-एस यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की पूर्ण गारंटी देती है और उत्तर प्रदेश आज ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का रोल मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू है। कानून से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है। यदि कोई कानून को आंख दिखाने की कोशिश करता है, तो कानून अपने दायरे में लाकर उसे उसकी ही भाषा में जवाब देता है। यह नया उत्तर प्रदेश है, जहां व्यवस्था कमजोर नहीं, बल्कि निर्णायक है। अराजकता से विश्वास तक का सफर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश असुरक्षा, अराजकता और अविश्वास का पर्याय बन चुका था। वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 900 से अधिक दंगे हुए। शायद ही कोई शहर रहा हो, जहां कर्फ्यू न लगा हो। उद्योग, व्यापार और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को गुंडा टैक्स देना पड़ता था। सुरक्षा के अभाव में पहले से स्थापित उद्योग भी प्रदेश छोड़ने पर मजबूर थे, युवा वर्ग पलायन कर रहा था। जिस धरती पर बचपन बीता हो, उसे छोड़ना किसी के लिए भी पीड़ादायक होता है, लेकिन असुरक्षा के चलते मजबूरी थी। यह केवल किसी एक उद्यमी की पीड़ा नहीं थी, बल्कि हर व्यापारी, हर निवेशक और हर नागरिक की व्यथा थी। जीरो टॉलरेंस से लौटा भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह दायित्व सौंपा, तो सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करना था। सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। हमने स्पष्ट कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा, चाहे कोई कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। आज इसका परिणाम सबके सामने है। बड़े पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। कहीं दंगे नहीं, कहीं फिरौती नहीं, कहीं गुंडा टैक्स नहीं। उत्तर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का वातावरण है और यही निवेश की सबसे मजबूत नींव है। डी-रेगुलेशन में नंबर वन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बना है यूपी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज डी-रेगुलेशन रैंकिंग में देश में नंबर वन है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बन चुका है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य अधिनियमों में मौजूद आपराधिक प्रावधानों को समाप्त किया गया, ताकि उद्योग बिना भय और बाधा के कार्य कर सकें। एमएसएमई सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट दी गई है। कई अन्य सेक्टरों में भी प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधा देना है। 14 हजार से 30 हजार फैक्ट्रियों तक की छलांग मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने कार्यरत थे, जो आज बढ़कर 30,000 से अधिक हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 20 लाख करोड़ प्रस्तावो की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और कई प्रोजेक्ट्स में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। निवेशकों के साथ सरकार का निरंतर संवाद बना हुआ है। फार्मा सेक्टर को बनाया जा रहा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए ठोस नीति और स्पष्ट विजन के साथ कार्य किया जा रहा है। ललितपुर में विकसित किया जा रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं होगा, बल्कि इसे हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जहां अत्याधुनिक आर एंड डी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क, यूएस-एफडीए टेस्टिंग लैब और वर्ल्ड-क्लास लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में बजट सत्र के माध्यम से लखनऊ में एक वर्ल्ड-क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा। बरेली सहित अन्य जनपदों में भी नए फार्मा पार्क विकसित किए जाएंगे। लोकल से ग्लोबल की यात्रा तय की यूपी ने मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में देश का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में 60 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। हर जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ा है। बेहतर रेल नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो सेवाएं, देश का पहला इनलैंड वाटरवे और सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला राज्य आज उत्तर प्रदेश है। वर्तमान में 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हैं और पांचवें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्द ही प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। निवेशकों को सरकार का पूर्ण समर्थन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। यहां जीरो पॉलिटिकल इंटरफेयर, पारदर्शी नीतियां और समयबद्ध इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया गया है। आइए निवेश करें, उत्पादन करें और समय पर इंसेंटिव प्राप्त करें, यही उत्तर प्रदेश का मॉडल है। उत्तर प्रदेश आज बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। विकसित भारत की ओर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मा कॉन्क्लेव उसी संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को फार्मा सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित किया जाएगा। एआई, टेलीमेडिसिन, डीप-टेक, मेड-टेक, हेल्थ-टेक और क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश की इस विकास यात्रा में … Read more

खेजड़ी बचाओ अभियान को राजे का समर्थन: यह सिर्फ पेड़ नहीं, हमारी पहचान है

बीकानेर राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में चल रहे 'खेजड़ी बचाओ आंदोलन' के तहत बीकानेर में सोमवार को महापड़ाव में जन सैलाब उमड़ पड़ा। इस बीच अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इन पेड़ों को देववृक्ष बताते हुए कटान के विरोध आवाज उठाई है। उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की और खुद को इस मुहिम के साथ बताया। भाजपा की वरिष्ठ नेता ने राजस्थान की लोकोक्ति है का भी जिक्र किया गया जिसमें कहा गया है कि 'यदि सिर देकर भी वृक्ष/प्रकृति की रक्षा हो जाए, तो वह सौदा बहुत सस्ता है।' बीकानेर में जुटे आंदोलनकारियों का आरोप है कि बीकानेर सहित पश्चिमी राजस्थान में सोलर कंपनियां नई परियोजनाएं लगाने के नाम पर बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ काट रही हैं। कई बीघा भूमि पर सौर परियोजना स्थापित करने के लिए जमीन को पूरी तरह साफ किया जाता है। आंदोलनकारियों का यह भी कहना है कि कंपनियां रात के अंधेरे में पेड़ों को काटकर जमीन में दबा देती हैं, ताकि कोई विरोध न कर सके। मंगलवार को 10 राज्यों से करीब एक लाख लोग बीकानेर पहुंचे। खेजड़ी को बचाने के लिए केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से भी हजारों की संख्या में लोग, विशेषकर महिलाएं पहुंची हैं। वसुंधरा राजे ने कहा- देववृक्ष हैं, मुहिम में साथ हूं इस बीच राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने खेजड़ी की पूजा करते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की और इनके संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, 'सिर साँठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण। खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं, यह हमारे लिए देववृक्ष है। जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। हमारे यहां खेजड़ी की पूजा की जाती हैं। मैं स्वयं भी खेजड़ी की पूजा करती हूं। जिसकी हम पूजा करें, उस देवता का संरक्षण हमारा दायित्व है। राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इसे बचाना चाहिए। मैं खेजड़ी और ओरण (गौचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूं।' बीकानेर बंद और विरोध प्रदर्शन सोमवार को आंदोलन के तहत बीकानेर बंद का आयोजन किया गया जिसका व्यापक असर रहा। शहर के व्यापारिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन देते हुए अपने प्रतिष्ठान दोपहर दो बजे तक बंद रखे। वहीं, शहरी क्षेत्र के सरकारी और निजी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई। बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने शहरभर में पुख्ता इंतजाम किए। इससे पहले सरकार की तरफ से प्रशासन की ओर से वार्ता करने कलेक्टर नम्रता वृष्णि महापड़ाव स्थल पर पहुंची, लेकिन वार्ता विफल रही। महापड़ाव में भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सतर्क है।   recent visitors 38

डकैती और चोरी के मामलों में मध्यप्रदेश पुलिस को अहम कामयाबी

भोपाल  प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निरंतर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पिछले 48 घंटों के भीतर विदिशा और खरगोन पुलिस ने दो अलग-अलग बड़ी वारदातों का खुलासा करते हुए लगभग 1 करोड़ 90 लाख रुपये की संपत्ति बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। विदिशा: 1 करोड़ की डकैती का पर्दाफाश, 'डायल-112' की सतर्कता रही निर्णायक विदिशा पुलिस ने थाना त्योदा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायखेडी में घटित सनसनीखेज डकैती का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 44 तोला सोना, 1 किलो 300 ग्राम चांदी, 10 लाख रुपये नगद, पांच मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा (.315 बोर) और एक तलवार बरामद की है। जिनकी कुल कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस डकैती के सुराग में सागर जिले के थाना राहतगढ़ क्षेत्र में डायल-112 पुलिस बल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई निर्णायक साबित हुई। रात्रिकालीन गश्त और रिस्पॉन्स के दौरान गिरोह का एक आरोपी विदिशा से डकैती करके भागने का प्रयास कर रहा था और उसने अपह्त संपत्ति सड़क पर गिरा दी। डायल-112 पुलिस बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से ही संपत्ति सहित गिरफ्तार कर लिया। इससे प्राप्त महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई को दिशा मिली और पूरे गिरोह का पता चला।विदिशा पुलिस की विशेष टीमों ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के चार सदस्‍यों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तारकर उनके कब्जे से संपूर्ण संपत्ति बरामद की है। खरगोन: सूने मकानों में चोरी करने वाले गिरोह से 90 लाख का माल बरामद जिले की बड़वाह पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सूने मकानों और दुकानों को निशाना बनाने वाले शातिर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महज48 घंटों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी विश्लेषण के बाद 02 आरोपियों और 01 विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का सामान कचरे के ढेर में छिपाकर रखना स्‍वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 300 ग्राम सोने के बार, 05 किलोग्राम चांदी के बार, अन्य आभूषण और नगदीसहितलगभग 90 लाख रुपये की सामग्री जब्‍त की है। ये दोनों ही कार्यवाहियां मध्यप्रदेश पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर अंतर-जिला समन्वय और आधुनिक तकनीकी विवेचना (CCTV विश्लेषण एवं साइबर सेल) के उत्कृष्ट उदाहरण को दर्शाती हैं। विदिशा में जहां 'डायल-112' और विशेष टीमों के तालमेल ने डकैतों को पकड़ा, वहीं खरगोन में स्थानीय मुखबिर तंत्र और सीसीटीवी फुटेज के सूक्ष्म परीक्षण से चोरों तक पहुँचा जा सका। मध्य प्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे अपने आसपास की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाने पर दें। नागरिकों की सतर्कता ही सुरक्षित समाज की नींव है।   recent visitors 38

वैलेंटाइन डे स्पेशल: मृणाल ठाकुर और धनुष का शादी का ऐलान, अभिनेत्री ने खुद किया खुलासा

मुंबई  बॉलीवुड गलियारों में धनुष और मृणाल ठाकुर के रोमांस के चर्चे हैं. सिर्फ रोमांस ही नहीं, अब तो ये भी कहा जाने लगा कि दोनों शादी कर रहे हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि धनुष और मृणाल 14 फरवरी को शादी के बंधन में बंधने वाले हैं. अब एक्ट्रेस की शादी का सच खुद उन्हीं की जुबानी पता चल गया है. जानते हैं कि शादी की बातों में कितनी सच्चाई है.  धनुष से शादी करेंगी मृणाल? मृणाल ठाकुर कई दफा धनुष संग रिश्ते को लेकर सफाई दे चुकी हैं. पर इस बार लोगों ने उनकी शादी ही फिक्स करा दी. जब उनसे पूछा गया कि क्या वो सच में वैलेंनटाइन डे (14 फरवरी) को धनुष से शादी कर रही हैं? ABP संग बातचीत में एक्ट्रेस ने शादी की खबरों का सच बताया है. उन्होंने कहा कि मुझे किसी ने इनवाइट ही नहीं किया.  एक्ट्रेस से कहा गया कि सोशल मीडिया पर वेडिंग डेट भी आ गई है. वो कहती हैं कि आ गई? मुझे किसी ने इनवाइट ही नहीं किया. मुझे भी बुला लेते. मृणाल से पूछा गया कि अपनी शादी की खबरें आप देख रही होंगी, बताइए कि देखा है या नहीं? इस पर वो कहती हैं कि हां देखा है. ये सब देखकर हंसती भी हूं और उन लोगों को शुक्रिया कहना चाहूंगी, जो लोग मेरा फ्री का पीआर कर रहे हैं. पर वो वैसा नहीं है, जैसा आप समझ रहे हैं. 14 फरवरी को आप खुद ही देख लीजिएगा.  एक्ट्रेस से पूछा गया कि आपको मोहब्बत है या नहीं. इस पर उन्होंने हंसते हुए कहा कि वो पर्सनल सवाल है. उन्होंने कहा कि नहीं है यार… मेरी शादी का न्योता श्रीगणेश और ऑडियंस को सबसे पहले जाएगा.  इन स्टार्स संग भी जुड़ चुका है नाम  ये पहला मौका नहीं है जब मृणाल की शादी की चर्चा हो रही है. इससे पहले बादशाह, शरद त्रिपाठी, अर्जित तनेजा, कुशाल टंडन और सिद्धांत चतुर्वेदी संग भी उनका नाम जोड़ा चुका है. यही नहीं, कुछ महीने पहले उन्हें क्रिकेटर श्रेयस अय्यर संग भी लिंकअप किया जा रहा था. लेकिन हर बार उनके लिंकअप की खबरें अफवाह निकलीं.  अब देखते हैं कि 14 फरवरी को मृणाल, धनुष की दुल्हन बनेंगी या ये भी अफवाह होगी. वर्कफ्रंट की बात करें, तो मृणाल, सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ 'दो दीवाने सहर में' में नजर आएंगी. फिल्म 20 फरवरी को रिलीज हो रही है.  recent visitors 41