Wednesday, July 8, 2026 4:37 am

खामेनेई की हत्या का ग़म: शिया मुसलमानों का लखनऊ में जोरदार विरोध प्रदर्शन

लखनऊ राजधानी लखनऊ में रविवार को सुबह शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। रोते बिलखते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। यहां तक कि महिलाएं भी सड़कों पर रोते दिखीं। छोटे इमामबाड़े के पास बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग एकत्र हो गए। इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया के अध्यक्ष एवं इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि इस्राइल और यूएस ने मिलकर एक स्वतंत्र देश ईरान पर हमला किया, उन्होंने स्कूलों को भी नहीं छोड़ा। इसकी हम निंदा करते हैं। वहीं शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ़ अब्बास नक़वी ने कहा कि खामेनेई दुनिया के सभी मुसलमानों का ख्याल रखने वाले नेता थे। आज पूरी दुनिया ने देख लिया कि इस्राइल और यूएस ने किस तरह दहशतगर्दी फैलाई है। लखनऊ में शिया समुदाय के लोग तीन दिन का मनाएंगे शोक आयतुल्ला ख़ामेनई की शहादत पर घोषित तीन दिवसीय शोक के तहत शिया समुदाय के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस संबंध में मौलाना कल्बे जवाद ने तमाम उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत परस्त लोगों से शोक में शामिल होने की अपील की है।   उन्होंने बताया कि रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा। मौलाना ने देशभर के शिया समुदाय से अपील की है कि रात 8 बजे एक ही समय पर शोकसभाएं आयोजित करें और जहां संभव हो वहां कैंडल मार्च निकालें। साथ ही सभी लोगों से बड़ी संख्या में शोकसभा में शामिल होकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने का आह्वान किया गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा कि "जिनके खून में गद्दारी है, उन्होंने खामेनेई को धोखे से मारा है, अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हज़ार खामेनेई उठ खड़े होंगे। इस्राइल और अमेरिका धोखेबाज़ हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि कल इस्राइल और अमेरिका ने जो हमला किया, उसे टेररिस्ट अटैक कहा जा रहा है। आज इसने पूरी खाड़ी को जंग में झोंक दिया है, और आप सब खाड़ी में हालात देख रहे हैं। दुनिया को समझना चाहिए कि अमेरिका और इज़राइल कैसे पूरी दुनिया में खून-खराबा, नफरत और दहशतगर्दी फैला रहे हैं… खामेनेई किसी एक देश के लीडर नहीं थे, बल्कि हर दबे-कुचले इंसान, हर मुसलमान और हर इंसान के लीडर थे… कोई नहीं जानता कि यह चल रहा झगड़ा कहां ले जाएगा। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि ईरान जीतेगा…" 'हम शहादत से नहीं डरते' ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि हम शहादत से नहीं डरते… ईरान ने अमेरिका और इस्राइल को कड़े शब्दों में कहा है कि ऐसा करारा जवाब दिया जाएगा कि वे इसे हमेशा याद रखेंगे… दुनिया दोनों देशों को खत्म होते देखेगी। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर, इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एग्जीक्यूटिव मेंबर, खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, "ईरान एक आज़ाद देश है और जिस तरह से उस पर हमला किया गया, वह सभी इंटरनेशनल कानूनों के खिलाफ है… हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपील करते हैं कि वे आगे आएं और इस जंग को रोकें। हम यह भी अपील करते हैं कि खामेनेई की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों पर इंटरनेशनल कोर्ट में केस चलाया जाए। मैं दुनिया भर के लोगों से, और खासकर अपने देश के लोगों से, शांति बनाए रखने की अपील करता हूं…" 'ट्रंप आसानी से नहीं जीत सकते' ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर एक प्रदर्शनकारी महिला ने कहा कि वो (US) बातचीत से धोखा देते रहे और युद्ध की धमकी देते रहे, लेकिन हमारे लीडर डरे नहीं और झुके नहीं। अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हजार खामेनेई उठ खड़े होंगे और यह युद्ध जारी रहेगा। ट्रंप आसानी से नहीं जीत सकते। 'यह इंसानियत के लिए बहुत बड़ा नुकसान है' इस्रइल और US के हमलों में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई पर शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि ये सब कायर हैं जिन्होंने एक ऐसे लीडर को शहीद कर दिया जो हमेशा दबे-कुचले लोगों की मदद करता था। ट्रंप और नेतन्याहू ने अपने डेथ वारंट पर साइन कर दिए हैं। अल्लाह उन्हें सजा देगा। हमने तीन दिन के शोक का एलान किया है, और लोगों को अपनी दुकानें और बिजनेस बंद कर देने चाहिए, लेकिन हमें किसी पर दबाव नहीं डालना चाहिए। यह इंसानियत के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। हम आज रात 8 बजे कैंडललाइट मार्च निकालेंगे। recent visitors 20

टॉस जीतते ही जिम्बाब्वे का अटैक मोड ऑन, साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले बल्लेबाजी

नई दिल्ली आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में आज दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में मुकाबला होने जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका के लिए यह मैच सेमीफाइनल की तैयारियों को अंतिम रूप देने जैसा है, क्योंकि वे पहले ही टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं। जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया है। जिम्बाब्वे की प्लेइंग XI- तादिवानाशे मारुमनी (विकेटकीपर), ब्रायन बेनेट, डायोन मायर्स, सिकंदर रज़ा (कप्तान), रयान बर्ल, टोनी मुन्योंगा, क्लाइव मदांडे, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, ग्रीम क्रीमर और ब्लेसिंग मुज़ारबानी। दक्षिण अफ्रीका XI – एडेन मार्कराम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, जॉर्ज लिंडे, कॉर्बिन बॉश, एनरिक नॉर्खिया, क्वेना मफाका और लुंगी एनगिडी। टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही प्रोटियाज टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है और लीग स्टेज के बाद सुपर-8 में भारत और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों को भी मात दी है। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे के लिए यह इस विश्व कप के सफर का आखिरी मैच है, क्योंकि सुपर-8 के शुरुआती मैचों में वेस्टइंडीज और भारत से मिली हार के बाद वे सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुके हैं। जिम्बाब्वे के लिए यह मुकाबला सम्मान बचाने के लिए है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी दिग्गज टीमों को हराकर सभी को हैरान किया था, लेकिन भारतीय पिचों पर उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों ही संघर्ष करती दिखी हैं। कप्तान सिकंदर रज़ा की टीम के लिए ब्रायन बेनेट बल्ले से और ब्लेसिंग मुज़ारबानी गेंद से सबसे बड़े सितारे बनकर उभरे हैं। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिन के मैच अक्सर 'स्टिकी' और धीमे रहे हैं, जहां टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है क्योंकि यहां पिछले पांच में से चार मैच लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने जीते हैं। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3:00 बजे शुरू होगा।   recent visitors 29

जिला कांग्रेस ने मनाई सिवनी , भारत के प्रथम राष्ट्रपति, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि

सिवनी कार्यालय जिला कांग्रेस कमेटी इंदिरा भवन सिवनी में मनायी गई। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी के छायाचित्र के समक्ष संगठन महाससचिव हनीफ खान द्वारा दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण किया गया, तत्पश्चात उपस्थित कांग्रेस जनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जेपीएस तिवारी, मोहनसिंह चंदेल, सुरेन्द्र करोसिया, शिव सनोडिया, आजम दिवान अली, नन्दू यादव, रंजीत यादव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष तनवीर अहमद, अशोक नरेती, नितिन डेहरिया, शुभम डेहरिया, श्रीमती पवनरेखा रिनायत, शिवदीप डहेरिया, सोनू हुसैन, श्यामसिंह माली, सतेन्द्र बघेल की उपस्थिति रही। recent visitors 33

2700 करोड़ की विकास योजनाएँ, पुडुचेरी में पीएम मोदी का कांग्रेस-डीएमके पर प्रहार

पुडुचेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी दौरे के दौरान 2700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुडुचेरी आना उनके लिए सम्मान की बात है और यह संतों, कवियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि रही है। उन्होंने याद दिलाया कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने इसी धरती से राष्ट्रवाद की अलख जगाई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने पिछले दौरे में उन्होंने 'BEST पुडुचेरी' का मंत्र दिया था- जिसका अर्थ है बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यह विजन धरातल पर उतर रहा है और केंद्र व केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के साझा प्रयासों से तेज विकास संभव हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर को रिकॉर्ड बजट पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में उच्च गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में 12 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे पुडुचेरी में बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति, तटीय ढांचा, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुडुचेरी को कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत विशेष सहायता दी गई है, जो पहले केवल राज्यों के लिए उपलब्ध थी। शिक्षा और युवाओं को बढ़ावा प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत युवा शक्ति ही देश की तरक्की की नींव है। एनआईटी कराईकल में नए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और आधुनिक अस्पताल सुविधाएं छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा देंगी। पुडुचेरी विश्वविद्यालय में भी आधारभूत ढांचे का विस्तार किया गया है। इलेक्ट्रिक बस और हरित मोबिलिटी उन्होंने कहा कि दुनिया स्वच्छ और हरित परिवहन की ओर बढ़ रही है। पीएम ई-बस सेवा के तहत पुडुचेरी को इलेक्ट्रिक बसें मिल रही हैं, जो पर्यटन केंद्र होने के कारण प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही, हाउसिंग परियोजनाएं कई परिवारों को स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन देंगी। विपक्ष पर निशाना प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कांग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्याएं थीं। पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए स्थिर और पारदर्शी शासन आवश्यक है और जनता भ्रष्टाचार व अपराध के दौर में लौटना नहीं चाहेगी।   recent visitors 34

खामेनेई की मौत का असर पाकिस्तान में भी: कराची में हिंसा, पुलिस-प्रदर्शनकारियों में टकराव

इस्लामाबाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में हालात तनावपूर्ण हो गए। रविवार को माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा और प्रदर्शनकारियों की कानून-व्यवस्था बलों से झड़प हो गई। जानकारी के अनुसार, शनिवार को तेहरान में हुए संयुक्त अमेरिकी-इस्राइली हवाई हमलों में खामेनेई की मौत के बाद गुस्सा भड़का। 1989 में आयातुल्लाह रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता बने थे और तीन दशक से अधिक समय तक देश का नेतृत्व किया। पुलिस की कार्रवाई, कई लोग घायल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई लोग घायल हुए। घायलों को एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल कराची पहुंचाया गया। सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक आजाद खान से घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।   recent visitors 29

सशस्त्र बलों का कमांडर सहित मिलती हैं पावर, ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव करेगी शिया समिति

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। हालांकि, अब तक साफ नहीं हो सका है कि ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव कब तक किया जाएगा। फिलहाल, इस पद के लिए खामेनेई के बेटे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया गया है। कैसे होता है चुनाव ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' (विशेषज्ञों की सभा) नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' को जल्द से जल्द नए सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और 'गार्जियन काउंसिल' का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है। उत्तराधिकार से जुड़ी चर्चाएं आमतौर पर सार्वजनिक नजरों से दूर होती हैं। इससे पहले राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी खामेनेई को उनका संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था लेकिन मई 2024 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई का नाम संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है, हालांकि उन्होंने कोई सार्वजनिक पद नहीं संभाला है। वर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह दूसरी बार होगा जब सर्वोच्च नेता का उत्तराधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वर्ष 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की मौत बाद खामेनेई सर्वोच्च नेता बने थे।मिलती हैं ये पावर ईरान में सर्वोच्च नेता देश की जटिल शिया धर्मतांत्रिक व्यवस्था का सर्वोच्च पद है और उसे सभी राज्य संबंधी मामलों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। सर्वोच्च नेता सशस्त्र बलों और 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' के 'कमांडर-इन-चीफ' भी होता है। 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' एक अर्द्धसैनिक बल है जिसे अमेरिका ने 2019 में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था और खामेनेई ने अपने शासन के दौरान इसे और सशक्त बनाया। अमेरिका और इजरायल का अटैक अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को तेहरान समेत ईरान के कई प्रांतों में हमले किए, जिससे काफी नुकसान हुआ और आम लोग मारे गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की। ईरान ने इजरायली इलाके के साथ-साथ पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी मिसाइल हमले किए। recent visitors 29

भारत सहित दुनिया में 10 चीजें डालेंगी असर?, ईरान पर अमेरिकी हमले से बढ़ेंगे तेल और गैस के दाम

तेहरान. अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए हैं। इस जंग का यह निर्णायक मोड़ माना जा रहा है क्योंकि ईरान में सत्ता बदलने की कोशिश में अमेरिका लंबे समय से रहा है। अब खामेनेई के मारे जाने के बाद अपनी पिट्ठू सरकार बनाने की अमेरिका की कोशिश रंग ला सकती है। इस तरह खामेनेई का 47 साल का शासन ईरान में खत्म हुआ है तो वहां काफी कुछ बदलने जा रहा है। अमेरिका को उम्मीद होगी कि वह अपने समर्थन वाली सरकार बनवा लेगा। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद उनके अकाउंट से ही एक आयत शेयर की गई है। इसका अर्थ है कि अब भी कुछ लोग इंतजार में हैं और वे अल्लाह से किया अपना वादा निभाएंगे। तेल और गैस के दाम बढ़ेंगे: इस जंग से दुनिया भर में ऊर्जा का एक अस्थायी संकट पैदा होगा। पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा बिजली भी महंगी होने की आशंका है। महंगाई भड़कने का खतरा: ऊर्जा और ईंधन की कीमतें यदि महंगी होती हैं तो उसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट, खाद्य वस्तुओं, दवाओं आदि पर पड़ता है। इन चीजों की महंगाई सीधे तौर पर हर देश को प्रभावित करेगी और भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगी। पूरे मिडल ईस्ट पर संकट: यदि इस यु्द्ध का विस्तार हुआ तो इसका असर पूरे मिडल ईस्ट पर होगा। इसके लक्षण तब दिखने भी लगे, जब ईरान ने अकेले ही 8 देशों पर हमला किया है। ईरान के सहयोगी हिज़्बुल्लाह, हूती आदि सक्रिय हो सकते हैं। इसके कारण यह युद्ध इज़रायल, लेबनान, यमन तक युद्ध फैल सकता है। मिडल ईस्ट में सेना बढ़ाएगा अमेरिका: इन हालातों से साफ है कि तत्काल जंग खत्म नहीं होगी और अमेरिका को मिडल ईस्ट में अपनी उपस्थिति बढ़ानी पड़ेगी। साफ है कि अमेरिका को फिर बड़े पैमाने पर मध्य-पूर्व में फौज रखनी पड़ सकती है। ईरान का परमाणु अभियान होगा तेज: अमेरिका की ओर से लगातार यह कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार ना बनाए। अब ऐसे हालात हो गए हैं कि ईरान को करारा हमला झेलना पड़ा है। ऐसी स्थिति में यह भी संभावना है कि वह भविष्य में अस्तित्व की जंग के लिए परमाणु हथियार ही बनाना शुरू कर दे। इससे वह अपने लिए सुरक्षा की गारंटी महसूस करेगा। रूस, चीन और भारत पर नजर: इस जंग में अमेरिका और इजरायल तो सक्रिय हैं ही। मिडल ईस्ट के भी कई मुसलमान देश मूक समर्थन अमेरिका को दे रहे हैं। अब तक इस पूरी जंग से एशिया के तीन बड़े प्लेयर चीन, रूस और भारत थोड़ा दूरी बनाए हुए हैं। आने वाले समय में हालात कैसे होंगे। इन तीनों देशों का रुख ही यह तय करेगा। तेल की सप्लाई अटकने का खतरा: अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हुआ तो दुनिया का 20% तेल व्यापार प्रभावित होगा। भारत पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। recent visitors 21