नई दिल्ली
महाराष्ट्र के नागपुर में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन हो रहा था। इसी दौरान मुस्लिमों के पवित्र ग्रंथ को जलाने की अफवाह फैली तो दंगा भड़क गया। इस दंगे में 6 आम नागरिक जख्मी हुए हैं तो एक आईपीएस समेत कई पुलिस अधिकारी भी घायल हैं। इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने भी मांग कर दी है कि औरंगजेब की कब्र को हटा दिया जाए। उसके स्थान पर पूज्य धना जी, संता जी, छत्रपति राजाराम महाराज जी का स्मारक बनाया जाए। दरअसल धनाजी जाधव और संताजी घोरपडे मराठा सेना के नायक रहे थे। दोनों ने छत्रपति राजाराम के शासनकाल में सेना का नेतृत्व किया था और कई जंगों में मुगल सेनाओं को मात दी थी। यही नहीं मराठा शासन के गुजरात में विस्तार में धना जी जाधव की अहम भूमिका थी। संताजी घोरपडे को गुरिल्ला वारफेयर का अच्छा जानकार माना जाता है।

वहीं राजाराम राजे भोसले महाराजा छत्रपति शिवाजी के छोटे बेटे थे। वह संभाजी राव के सौतेले भाई थे। औरंगजेब द्वारा बेरहमी से संभाजी राव का कत्ल किए जाने के बाद राजाराम राजे ने कमान संभाली थी और 11 वर्षों तक मराठा सेना को हौसला प्रदान किया। उनके दौर में कई बार मुगल सेना को मोर्चे से पीछे हटना पड़ा था। उनका कार्यकाल 11 साल का रहा, जिसमें अधिकांश समय वह मुग़लों से युद्ध में उलझे रहे। उनकी जीवन की पहली लड़ाई 10 जून 1689 को प्रतापगढ़ के पास मोगली सरदार काकरखान के साथ हुई। अब इन तीनों ही मराठा नायकों के स्मारक बनाने की मांग विश्व हिंदू परिषद ने की है। वीएचपी का कहना है कि इनके स्मारकों का निर्माण औरंगजेब की कब्र को हटाकर किया जाएगा।

इसके अलावा विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने नागपुर की घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा है कि जो आगजनी और हमले की घटनाएं मुस्लिम समाज के एक वर्ग द्वारा जो की गईं वे पूर्णतः निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा विभाग बजरंगदल के कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले किए गए। उन्होंने हिंदू समाज के अनेक घरों को निशाना बनाया और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया। विश्व हिंदू परिषद इस सब की घोर शब्दों में निंदा करता है। यह बेहद शर्मनाक है कि एक तो यह झूठ फैलाया गया कि हिंदू समाज ने आयतें जलाई हैं और दूसरी ओर हिंसा भड़काने का कुत्सित प्रयास हुआ। ऐसे सभी समाज कंटक जिहादी उत्पतियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

विहिप महामंत्री ने यह भी कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज नगर में जो औरंगजेब की कब्र है, उसका महिमा मंडन बंद करना चाहिए। उसकी जगह पर वहां औरंगजेब को जिन्होंने पराजित किया, ऐसे धनाजी जाधव और संताजी घोरपडे तथा साथ में ही छत्रपति राजारामजी महाराज का एक विजय स्मारक बनाना चाहिए। जहां मराठों के साम्राज्य में औरंगजेब को पराजित करने का एक विजय स्तंभ बने।

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