नई दिल्ली.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक चीजों पर टैरिफ यानी टैक्स लगाए जा रहे हैं। ऑटो पर 25 फीसदी टैरिफ के बाद अब वह जल्द ही फार्मा कंपनियों पर टैरिफ लगाने की घोषणा कर सकते हैं। खबर है कि ट्रंप प्रशासन दवा कंपनियों से आने वाले सामान पर नया टैक्स लगाने वाला है। हालांकि अभी अभी यह साफ नहीं है कि ये टैरिफ कब से लागू होंगे और किन दवाओं पर लगेंगे। माना जा रहा है कि ट्रंप ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि दवा कंपनियां अमेरिका में ही दवाएं बनाएं। टैरिफ लगने से अमेरिका में दवाओं के दाम बढ़ सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि इससे अमेरिका में दवा बनाने वाली कंपनियों को फायदा होगा। फार्मा कंपनियों पर टैरिफ लगाने से भारत को बड़ा नुकसान हो सकता है।

समझौते के लिए तैयार ट्रंप
एयर फोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने यह भी कहा कि वे उन देशों के साथ समझौता करने को तैयार हैं जो अमेरिका के टैक्स से बचना चाहते हैं। लेकिन ऐसे समझौते 2 अप्रैल को उनके प्रशासन द्वारा टैक्स लगाने की घोषणा के बाद ही हो सकते हैं।

ट्रंप ने कहा कि ब्रिटेन जैसे देशों ने संभावित समझौते पर बात करने के लिए अमेरिका से संपर्क किया है। उन्होंने कहा, 'वे समझौता करना चाहते हैं। अगर हमें समझौते में कुछ मिल सकता है तो यह संभव है।' हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या ये समझौते 2 अप्रैल से पहले हो सकते हैं तो उन्होंने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'नहीं, शायद बाद में। यह एक प्रक्रिया है।'

भारत कितनी दवाएं करता है एक्सपोर्ट?
भारत अपनी दवाओं की बड़ी खेप अमेरिका में बेचता है। भारत हर साल अमेरिका को 8 अरब डॉलर से ज्यादा की दवाएं भेजता है। भारत ज्यादातर जेनेरिक दवाएं अमेरिका को भेजता है। जेनेरिक दवाएं वो होती हैं जो ब्रांडेड दवाओं की तरह ही होती हैं, लेकिन उनकी कीमत कम होती है। साल 2022 में अमेरिका में भरे जाने वाले हर दस में से चार पर्चे भारतीय कंपनियों की दवाओं के थे।

अमेरिका को भारतीय दवाओं से फायदा
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय कंपनियों की दवाओं से अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम को 2022 में 219 अरब डॉलर की बचत हुई। 2013 से 2022 के बीच कुल 1.3 ट्रिलियन डॉलर की बचत हुई। अगले पांच सालों में जेनेरिक दवाओं से 1.3 ट्रिलियन डॉलर की और बचत होने का अनुमान है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?
अमेरिका अगर फार्मा कंपनियों पर टैरिफ लगाते हैं तो इसका बड़ा असर भारत दवा कंपनियों पर देखने को मिल सकता है। टैरिफ के कारण उन्हें दवाएं महंगी करनी पड़ेंगी। ऐसे में अमेरिका में इनकी बिक्री में कमी आ सकती है। वहीं ट्रंप के इस टैरिफ से भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आ सकती है। भारत का फार्मा सेक्टर वैसे भी इस समय शेयर मार्केट में बहुत ज्यादा मजबूत है।

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