भोपाल
 मध्य प्रदेश में 12 अलग-अलग इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों को अब एक ही नंबर 112 से जोड़ा जाएगा। यह काम केंद्र सरकार के निर्देश पर किया जा रहा है। इसके लिए एक कॉमन डैशबोर्ड बनाया जायेगा। इसमें सभी 12 हेल्पलाइन से जुड़ी इमरजेंसी कॉल आएंगी। हालांकि कॉल उसी विभाग को भेजी जाएगी, जो मदद करेगा।

बता दें कि  इस विषय को लेकर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में यह भी तय हुआ कि मई में भोपाल में एक बड़ा सेमिनार होगा। इसमें 112 हेल्पलाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं प्रदेश में चल रही चार तरह की एम्बुलेंस सेवाएं भी 112 नंबर से जोड़ी जाएंगी।  वहीं डायल 100 , एम्बुलेंस, महिला हेल्पलाइन, चाइल्डलाइन सहित तमाम हेल्पलाइन 112 में मर्ज होंगी।

प्रदेश में चल रही चार तरह की एम्बुलेंस सेवाएं भी 112 नंबर से जोड़ी जाएंगी। एमपीआरडीसी और एनएचएआई हाईवे पर एम्बुलेंस सुविधा देते हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवांस लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट वाली चार एम्बुलेंस सेवाएं चल रही हैं। बैठक में यह भी तय हुआ कि मई में भोपाल में एक बड़ा सेमिनार होगा। इसमें 112 हेल्पलाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा।

पुलिस की दूरसंचार शाखा नोडल एजेंसी पुलिस की दूरसंचार शाखा 112 हेल्पलाइन के लिए नोडल एजेंसी है। भदभदा रोड स्थित पुलिस की दूरसंचार शाखा में डायल 100 का कॉल सेंटर पहले से ही मौजूद है। कुछ और सुविधाएं बढ़ाकर इसे 112 हेल्पलाइन के लिए तैयार किया जा रहा है। डायल 100 , एम्बुलेंस, महिला हेल्पलाइन, चाइल्डलाइन सहित तमाम हेल्पलाइन 112 में मर्ज होंगी।

निर्देश जारी किए हैं

^बैठक में 12 हेल्पलाइन की एक कॉमन हेल्पलाइन 112 में मर्ज होने की समीक्षा की गई। पुलिस मुख्यालय को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किये हैं। जेएन कंसोटिया, एसीएस -गृह विभाग

Loading spinner
यूजफुल टूल्स
QR Code Generator

QR Code Generator

Age Calculator

Age Calculator

Word & Character Counter

Characters: 0

Words: 0

Paragraphs: 0