कोण्डागांव

जिले में गुमास्ता लाइसेंस पंजीयन के नाम पर रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है. जिला प्रशासन ने इस प्रकरण में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए दो संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त करने के साथ श्रम उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ जिला श्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रम विभाग के संविदा कर्मचारी सिंधु नाथ मंडल और उमा शंकर साहू पर आरोप था कि वे गुमास्ता पंजीयन के लिए आए आवेदकों से 5,000 रुपए की रिश्वत मांग रहे थे. इस मामले की शिकायत सीधे जिला कलेक्टर कोण्डागांव को प्राप्त हुई, जिसके बाद तुरंत जांच के आदेश दिए गए.

जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दोनों संविदा कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया. इसके साथ ही, श्रम उप निरीक्षक को निलंबित कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

श्रम अधिकारी पर भी गिरी गाज
इस मामले में जिला श्रम अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है. प्रशासन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है. यदि उनके जवाब से संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता, तो आगे की कठोर कार्रवाई की जा सकती है.

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कोई भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी. गुमास्ता पंजीयन से जुड़े अन्य आवेदकों को भी यदि किसी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत हो, तो वे सीधे उच्च अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं. बहरहाल, इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने और रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने का प्रशासन का संदेश स्पष्ट हो गया है.

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