MY SECRET NEWS

Sunday, June 21, 2026 8:41 pm

इंसानियत जिंदा है मेरे शहर में काहे का हिन्दू काहे का मुसलमान हम बस इंसान,,,,,,।

Humanity is alive in my city, what is Hindu, what is Muslim, we are just humans.

  • जिंसी में जो वाकया हुआ देखकर पढ़कर सुनकर दिल को छू गया और मुंह से बार बार एक ही बात निकल रही इंसानियत जिंदाबाद जिंदाबाद थी, है रहेगी,,

इन्दौर। हुआ यह कि नगरनिगम के वाहन की चपेट में पति-पत्नी आ गये,,, उन्हें निकालने खातिर हिन्दू मुस्लिम सब एक साथ जूट गये,,,80से अधिक लोगों ने वाहन को ऊपर उठाया फिर जैसे तैसे जेक लगाया गया और दोनों की जान बची,, चोट आई है उन्हें पर वाहन को उठाने,,, खातिर किसी को आवाज देने की आवश्यकता नहीं पड़ी कोई विडियो नहीं बनाने में लगा, कोई अपील गुजारिश नहीं करना पड़ी,,, समाज के ठेकेदार नहीं थे, समाजसेवी या दल या संगठन नहीं था वहां था इंसानियत को महफूज रखने वाले लोगों का दिल के जज्बे को मानने वालों का जत्था,,,

धर्म के सही में समझने वालों का जत्था,,, सनातन धर्म को हिन्दू मानते हैं तो इस्लाम को मुस्लिम,,, क्या सीख है दोनों में मददगार बनों, किसी के दुःख में काम आओ, मुसीबत में कोई है तो मदद करो,,,मदद करोगे बड़े बन जाओगे,,,

बन गया जिंसी का जिंदादिल इंसान इंसानियत की वो मिसाल कायम की जिसकी जरूरत तथाकथित उन जमातियो को देखने की है जो इस मुल्क की नौईयत मतलब विशेषता को खत्म करने पर अमादा है,,,ये फिरका परस्त नहीं जानते कि भगतसिंह संग अशफाक उल्ला खान, सुखदेव, राजगुरु थे,,, बीरबल अकबर साथ, रानी लक्ष्मीबाई साथ भी,,,तो आजाद साथ गद्दारी किसी अपने समाज के व्यक्ति ने कि,,, आजादी का समर उठाकर पढ़ा नहीं,,, धर्म ग्रंथों को पढ़ा नहीं गुरुवाणी सुनी नहीं,

रसखान,, कबीर, तुलसीदास महाराज से लेकर मीरा,सबरी आदि की जीवन गाथा,,गुरु गोविंद सिंह जी से लेकर गुरू नानक देव वाणी,,,,, मस्जिद की अज़ान बाद सजदा करने की परम्परा और पैगंबर वाणी इस्लाम धर्म की विशेषता समझाती है।

सबकुछ समझा दिया जिंसी वालों ने सजदा करता हूं मन से और भारत की सभ्यता संस्कृति और संस्कार की अलख पुराने इंदौर में कायम 

देख लो तथाकथित विडियो विडियो फैलाने बनाने वालों घटना समय किस चीज की आवश्यकता,,,मदद की मददगार बनों इंसान बनोगे धर्म के सही पथगामी,,, इंसानियत ही मजहब का आधार,,

लेख “प्रमोद कुमार व्दिवेदी एड्वोकेट”

Loading spinner

1 thought on “इंसानियत जिंदा है मेरे शहर में काहे का हिन्दू काहे का मुसलमान हम बस इंसान,,,,,,।”

Leave a Comment