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Tuesday, March 24, 2026 6:35 am

जशपुर

एक हाई-प्रोफाइल ठगी कांड का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए जशपुर पुलिस ने 150 करोड़ रुपये की अंतर्राज्यीय धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। बंटी-बबली स्टाइल में देशभर के व्यापारियों को करोड़ों का चूना लगाने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।

स्वेटर की आड़ में ठगी, मिशन बना 'मुनाफे का जाल'
पत्थलगांव निवासी व्यापारी अमित अग्रवाल से राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन के नाम पर 5.70 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। ठगों ने CSR फंड से जुड़ा बताकर स्कूली बच्चों के लिए स्वेटर सप्लाई का लालच दिया। मामले की तह तक जाते-जाते पुलिस को पता चला कि यह एक संगठित और अत्यंत शातिर ठगी नेटवर्क है, जो देश के कई राज्यों में सक्रिय था।

ऐसे शुरू हुआ शिकंजा
SSP शशि मोहन सिंह के निर्देश पर SDOP धुर्वेश जायसवाल की अगुवाई में टीम दिल्ली भेजी गई। जाल इतना बारीकी से बुना गया कि पुलिस ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताकर 1000 करोड़ के ऑर्डर का लालच दिया और आरोपियों को दिल्ली के होटल ताज में बुलवाया।

पुलिस की फ़िल्मी प्लानिंग, रंगीन कोट-पैंट और मॉडल असिस्टेंट
आरोपी अनिता उपाध्याय को शक न हो, इसके लिए पुलिस अफसर ने सादी वर्दी में स्थानीय मॉडल को असिस्टेंट बनाकर भेजा। होटल में मीटिंग के बहाने अनिता को फंसाया गया और फिर उसके जरिये मुख्य आरोपी रत्नाकर उपाध्याय तक पुलिस पहुंच गई।

रत्नाकर की रफ़्तार से तेज पुलिस का पीछा
दिल्ली की सड़कों पर मोबाइल लोकेशन बदलते हुए रत्नाकर लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। लेकिन जशपुर पुलिस ने हार नहीं मानी और सागरपुर में एक मेडिकल स्टोर के पास उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसने चिल्लाकर खुद को अगवा बताया और SDOP पर हमला कर भागने की कोशिश भी की, लेकिन अफसर ने उसे नहीं छोड़ा। दिल्ली पुलिस के आने तक उसे मजबूती से पकड़े रखा गया।

ठगों की दोहरी चाल, डायरेक्टर बदलो, जवाबदारी टालो
गिरफ्तार आरोपी रत्नाकर उपाध्याय ने 2023 में डायरेक्टर पद छोड़ अनिता उपाध्याय को नाममात्र की डायरेक्टर बना दिया। जब भी ठगी का मामला सामने आता, दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल देते।

26 फ्लैट, 40 करोड़ की प्रॉपर्टी और 2.5 करोड़ की कार
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के पास लखनऊ में 24 फ्लैट, दिल्ली में 2 फ्लैट और एक लग्जरी रेंज रोवर गाड़ी है। इन संपत्तियों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

इतनी बड़ी ठगी को ऐसे दिए अंजाम
गिरोह ने 15 राज्यों में एजेंटों के माध्यम से CSR फंड की योजनाओं में फायदा दिलाने का झांसा दिया। सिक्योरिटी मनी, प्रोसेसिंग फीस और नकद घूस के नाम पर करोड़ों की वसूली की जाती थी। सप्लाई के बाद चेक तो दिया जाता, लेकिन कैश कभी नहीं होता।

इस साहसिक ऑपरेशन पर रायगढ़ रेंज IG दीपक झा ने पूरी टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है। इस मिशन में SDOP धुर्वेश जायसवाल, निरीक्षक विनीत पांडे, अमित तिवारी, A.S.I लखेश साहू, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज और महिला आरक्षक रिंपा पैंकरा की भूमिका सराहनीय रही।

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