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Thursday, April 16, 2026 8:06 pm

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय कला और कलाकारों ने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। जनजातीय समृद्ध कला विरासत और इसके कलाकारों को मां सरस्वती का आशीष प्राप्त है। जनजातीय कलाकारों की कल्पनाशीलता प्रशंसनीय है। एक सधे और गढ़े हुए हाथों से बारीक चित्रकारी कर जनजातीय कलाकारों ने पूरी दुनिया को अपना हुनर दिखाया है। हमारी सरकार सभी जनजातीय कलाओं के संरक्षण और कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में 3 दिवसीय राज्य स्तरीय आदि शिल्पग्राम महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार विरासत से विकास की ओर बढ़ने के संकल्प के अनुरूप सभी प्राचीन कला, संस्कृति, परंपराओं और इनके कलाकारों को संरक्षण दे रही है। गोंड चित्रकला को जीआई टेग प्राप्त हो चुका है, जो इस चित्रकला और इससे संबंधित चित्रकारों को वैश्विक सम्मान मिलने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी प्रकार की जनजातीय शिल्प, चित्रकारी और कलाकारों को उनकी कला प्रदर्शन एवं बाजार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न आयोजनों के जरिए समुचित मंच प्रदान करने का प्रयास कर रही है। हमने केंद्र सरकार के साथ मिलकर प्रदेश के संपूर्ण जनजातीय वर्ग को विकास मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। इन योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम तेजी से प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय पराक्रम, शौर्य और बलिदान के प्रतीक राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह और राजा हृदय शाह के मंडला स्थित प्राचीन किले के जीर्णोद्धार के लिए 15 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की महान विभूतियों को समूचित सम्मान मिले, इसके लिए राजधानी भोपाल में अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति स्टेशन रखा गया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम से खरगौन में विश्वविद्यालय की शुरुआत भी की गई है। रानी दुर्गावती की धरती पर मंत्रि-परिषद की बैठक कर हमने उन्हें सम्मान दिया है।

हमारी सेनाएं मजबूत, हम एक सामर्थ्यवान देश के नागरिक
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के सीमा पार से बढ़ती अतिवादी घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए की जा रही प्रतिरक्षा कार्यवाही के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय सेना को बधाई और साधुवाद देते हुए कहा कि हमें अपनी सेना पर पूरा विश्वास है। हमारी सेना मजबूती से राष्ट्र की सीमाओं पर तैनात है। हम एक सामर्थ्यवान देश के नागरिक है, जो हमारी संप्रभुता और नागरिकों पर आघात करेगा, हम बड़ी मजबूती से उसका जवाब देंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने देश को आर्थिक रूप से मजबूती देते हुए तीनों सेनाओं को भी मजबूत और अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमा पार अतिवाद को प्रतिकूल उत्तर देने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्र सरकार का अभिनंदन किया। उन्होंने दुनिया के सामने अतिवाद का काला चिट्ठा पेश करने वाली मध्यप्रदेश की बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कर्नल सोफिया की तीन पीढ़ियां सेना में रही हैं। वे देश में मध्यप्रदेश की शान बढ़ा रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में भगवान बिरसा मुंडा और रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर 3 दिवसीय जनजातीय शिल्प ग्राम महोत्सव का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने महोत्सव में जनजातीय कला और खान-पान को प्रदर्शित करते स्टॉल्स का अवलोकन किया और यहां लकड़ियों पर चित्रकारी, मिट्टी से बनी आकृतियां और कपड़ों पर चित्रकारी और जनजातीय व्यंजनों की मुक्तकंठ से सराहना की। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 1000 जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला से जुड़े कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआई टेग प्राप्त गोंड पेंटिंग के 4 प्रमुख कलाकारों श्री आनंद श्याम, डिंडौरी जिले के श्री वेंकट, श्रीमती रामबाई और श्रीमती धनैया को अथॉराइज्ड यूजर कार्ड वितरित किए। इसी प्रकार जनजातीय कलाकारों श्री कुंवर बैगा, सुश्री अनिस बाई एवं श्रीमती कीर्ति किशन को विशेष प्रशिक्षण किट वितरित की। यह किट राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान भोपाल की ओर से जनजातीय कलाकारों के लिए तैयार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा स्थित श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय पर केन्द्रित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।

प्रदेश के जनजातीय अंचलों में जल्द खोले जाएंगे ट्राइबल मार्ट्स
जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि बदलते दौर में जनजातीय कला, संस्कृति और परम्पराओं के विलुप्त होने की आशंका बढ़ती जा रही है। इसीलिए हमारी सरकार जनजातीय महोत्सव, ट्राइबल आर्ट फेयर जैसे आयोजन कर जनजातीय कला-संस्कृति के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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