मुरैना
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ इलाका स्थित कुछ गांवों में मंगलवार सुबह लोगों की नींद सूरज की किरण नहीं बल्कि चारों ओर बह रहे पानी से खुली. यहां का प्राचीन तोंगा तालाब की दीवार सुबह-सुबह अचानक फूट गई, जिससे करीब 4 गांवों में तेजी से पानी आ गया. इस बात की जानकारी मिलते ही पुलिस, सबलगढ़ प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं. फिलहाल, नहर का एक हिस्सा तोड़कर पानी को डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है.
मुरैना में फूटा तालाब
मुरैना में करीब 135 साल पुराने टोंगा तालाब की दीवार मंगलवार सुबह फूट गई. दीवार फूटने से तेज प्रेशर के साथ पानी बहा और कुतघान का पुरा, कौरी का पुरा, पंचमुखी हनुमान मंदिर का एरिया और पासौन गांव में भर गया. तेज पानी आने के कारण गांव में लोगों के घरों में पानी भर गया और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.
135 साल पुराने इस तालाब में सोमवार शाम करीब 4 बजे मिट्टी बहने से छेद हुआ था, जो मंगलवार सुबह 5 बजे तक 15 इंच तक बढ़ गया। तालाब की भराव क्षमता 1.93 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) है। तालाब फूटने की सूचना मिलते ही सबलगढ़ विधायक सरला रावत, कलेक्टर अंकित अस्थाना, एसडीएम वीरेंद्र कटारे, सबलगढ़ थाना प्रभारी सोहनपाल तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
मेंटनेस का जिम्मा जल संसाधन विभाग का, जून में किया था इंस्पेक्शन
कलेक्टर अंकित अस्थाना ने बताया कि टोंगा तालाब के मेंटेनेंस और इंस्पेक्शन का जिम्मा जल संसाधन विभाग (WRD) के पास है। आखिरी बार इंस्पेक्शन बारिश के पहले जून में किया गया था। इस बारे में पूरी जानकारी उनके अधिकारी ही दे पाएंगे।
चूहों के बिल की वजह से हादसा, पानी निकलने का सुरक्षित रास्ता बनाया
वहीं, WRD के चीफ एक्जीक्यूटिव इंजीनियर दिनेश रत्नाकर ने कहा, 'सोमवार दोपहर 12 बजे ही तालाब का निरीक्षण किया गया था। ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे तालाब के फूटने की आशंका हो। चूहों के बिल बनाने की वजह से हादसा हुआ है। ग्रामीणों ने इससे पहले ऐसी कोई भी शिकायत नहीं की थी।
प्रभावित गांवों के किसी भी मकान में पानी नहीं भरा है। जनहानि-पशुहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। फिलहाल तालाब से पानी निकलने का सुरक्षित रास्ता बना दिया गया है। हालात कंट्रोल में हैं।'
देर शाम से होने लगा था रिसाव
जानकारी के मुताबिक सोमवार देर शाम को टोंगा तालाब की दीवार में होल हो गया था. इस कारण पानी का रिसाव होने लगा था. इस बात की जानकारी जैसे ही सबलगढ़ प्रशासन और जल संसाधन विभाग को मिली तो अधिकारी रात में पहुंचे और दीवार को सही करने की कोशिश की गई. लेकिन पानी का प्रेशर अधिक होने के कारण पानी का रिसाव रात भर होता रहा.
पानी को किया जा रहा डायवर्ट
सुबह दीवार टूटने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पास में बह रही एक नहर का थोड़ा-सा हिस्सा तोड़कर तालाब से निकल रहे पानी को डायवर्ट करने की कोशिश की जा रही है.

“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है। इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र











