चंबल

दिल्ली के लाल किले पर हर साल की तरह इस साल भी स्वतंत्रता दिवस का जश्न जोर-शोर से मनाया जाएगा. हर बार की तरह इस बार का जश्न भी कुछ खास होगा. इस साल मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की दो 'ड्रोन दीदियों' सुनीता शर्मा और खुशबू लोधी को समारोह में शामिल होने का आमंत्रण मिला है.

इससे उत्साहित स्व-सहायता समूह की दोनों 'ड्रोन दीदियां' प्रधानमंत्री समूह संवाद में अवसर मिलने पर आजीविका मिशन को और अधिक सशक्त बनाने पर चर्चा करेंगी. जिले के लिये यह गौरव का विषय है कि सामान्य घरेलू ग्रामीण महिला से 'ड्रोन दीदी' बनने का विकल्प चुनने वाली दोनों महिलाएं लाल किले पर राष्ट्रीय आयोजन मे शामिल होंगी.

ड्रोन के जरिए कमा रहीं 20 हजार
दोनों महिलाओं ने ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग ली और अब किसानों के लिए कम लागत वाली तरल खाद का खेतों में छिड़काव कर हर महीने 15 से 20 हजार रुपये कमा रही हैं.

कभी आर्थिक तंगी के कारण परिवार चलाने के लिए संघर्ष करने वाली महिलाओं का जीवन स्तर आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद बदल गया है. मिशन के स्व-सहायता समूह से जुड़ कर गांव में सिलाई का काम करने वाली दोनों महिलाओं का जोश और जुनून इसी बात से साफ है कि ड्रोन उड़ाना सीखने के लिए वे फूलपुर, प्रयागराज और एमआईटीएस ग्वालियर तक पहुंच गईं.

सरकार ने दिया 15 लाख रुपये का ड्रोन
सरकार द्वारा दिए गए लगभग 15 लाख रुपये के ड्रोन से वे अपना रोजगार चला रही हैं और किसानों की खाद की लागत कम करने में मददगार बन रही हैं. दोनों महिलाओं ने अब तक कई एकड़ भूमि में ड्रोन से नेनो यूरिया का छिड़काव किया है. अब क्षेत्र में इन महिलाओं की पहचान 'ड्रोन दीदी' के रूप में होती है.

किसान महिला सुनीता शर्मा ने बताया कि वे लगातार अपनी खेती के अलावा अलग-अलग गांव में ड्रोन के जरिए खेतों में कीटनाशक दावों का छिड़काव करती हैं। वे अपने खेतों के अलावा आसपास के गांव में भी ड्रोन के जरिए कीटनाशक दावों का छिड़काव करती हैं। ड्रोन के जरिए स्व-सहायता समूह की आय बढ़ाने का इनोवेशन करने वाली किसान महिला सुनीता शर्मा को अब 15 अगस्त को दिल्ली में प्रधानमंत्री के हाथों सम्मानित किया जाएगा। सुनीता शर्मा ने बताया है कि  चंबल में कभी बहन बेटियों को घर से बाहर नहीं भेजते थे लेकिन आज यहां की बेटियां ड्रोन पायलट बन गई हैं और लाल किले से पीएम मोदी द्वारा भी सम्मानित हो रही हैं। यहां की बेटियां अलग-अलग क्षेत्र में पूरे देश में नाम रोशन कर रही हैं। यह काफी गर्व और फक्र की बात है। चंबल की किसान महिला सुनीता शर्मा और खुशबू लोधी ने कभी नहीं सोचा होगा कि वह पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित होंगी, लेकिन उन्होंने अपनी लगन और हुनर के जरिए यह कर दिखाया है।

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