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नई दिल्ली.
देश की राजधानी में पटाखों की बिक्री और उन्हें चलाना प्रतिबंधित है। वजह बढ़ते पलूशन को किसी तरह नियंत्रित करना। पटाखों की बिक्री बैन है, इसके चलते दिल्ली एनसीआर में एक सर्वे किया गया। सर्वे में शामिल लोगों से पूछा गया कि क्या आप आने वाली दिवाली पर पटाखा फोड़ेंगे तो चौकाने वाले नतीजे सामने आए। इस सर्वे में करीब 10526 लोगों ने भाग लिया।

पटाखे जलाएंगे, नहीं जलाएंगे और चाहेंगे वाले हैं इतने फीसदी लोग
सर्वे में शामिल किए गए लोगों ने तीन तरह के जवाब दिए। एक वर्ग ने कहा कि वो पटाखे चलाएंगे, दूसरे ने ऐसा करने से कतई इंकार कर दिया। वहीं एक वर्ग ऐसा भी था जिसने पटाखों को चलाने की इच्छा प्रकट की। 55 फीसदी लोगों ने कहा कि वो पटाखे नहीं जलाएंगे, क्योंकि इससे पलूशन होता है। जबकि 19 फीसदी लोगों ने कहा कि वो पटाखे जलाना चाहेंगे। वहीं 9 फीसदी लोगों ने कहा कि हां हम पटाखे जलाएंगे।

इतने फीसदी लोगों के पटाखे जलाने की संभावना
सर्वे में शामिल नौ फीसदी लोगों ने कहा कि वे पटाखे जलाएंगे और उन्हें पता है कि उन्हें कैसे और कहां से प्राप्त करना है। वहीं 8 फीसदी लोगों ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सरल शब्दों में कहें तो सर्वे में शामिल दिल्ली-एनसीआर के 18 फीसदी परिवारों द्वारा इस दिवाली पटाखे जलाने की संभावना है।

सरकारी सलाह के प्रति दिखाई उदासीनता
सर्वे में बताया गया कि 10,526 लोगों में से जवाब देने वाले 68 फीसदी पुरुष थे जबकि बची हुईं 32 फीसदी महिलाएं थीं। सर्वेक्षण के अनुसार कुछ निवासियों ने पटाखों के संबंध में सरकारी सलाह के प्रति उदासीनता दिखाई, जैसा कि 20 अक्टूबर को करवा चौथ समारोह के दौरान पटाखों के बड़े पैमाने पर उपयोग से स्पष्ट होता है।

बैन के बावजूद पटाखों की बिक्री बरकरार
सर्वेक्षण में कहा गया है कि इससे ​​पता चलता है कि 1 जनवरी 2025 तक दिल्ली और एनसीआर में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध के बावजूद कई लोगों के पास अभी भी पटाखे हैं। आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर 350 से अधिक है, जिसे गंभीर श्रेणी में रखा गया है।

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