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जगदलपुर, बीजापुर

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के पहले बस्तर में नक्सलियों ने अपनी सक्रियता बढाते हुए उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। तीन दिन के भीतर शनिवार को नक्सलियों ने चौथे ग्रामीण महिला सुकरा यालम की हत्या कर दी है।

इस वर्ष सुरक्षा बल से सीधी लड़ाई में लगातार मात खाने के बाद नक्सली बड़ी लड़ाई लड़़ने की स्थिति में नहीं है, इसलिए स्माल एक्शन टीम को सक्रिय कर ग्रामीणों को निशाना बनाकर हत्या कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं।

पति को भी डंडों से पीटा
पुलिस के अनुसार नक्सलियों की स्माल एक्शन टीम के चार से पांच सदस्य शनिवार को मद्देड़ थाना क्षेत्र के लोदेड़ गांव पहुंचे और रामैया यालम व उसकी पत्नी सुकरा को अपहरण कर गांव से लगभग तीन किमी दूर ले गए। वहां रामैया यालम को डंडो से पिटाई करने के बाद छोड़ दिया व उसकी पत्नी सुकरा की गला घोंटकर हत्या कर दी।

देर रात पुलिस को इस घटना की सूचना मिली। रविवार की सुबह पुलिस ने गांव पहुंचकर शव को बरामद किया है। तीन दिन के भीतर बस्तर में नक्सलियों ने तीसरे ग्रामीण की हत्या की है। गुरुवार की रात नक्सलियों ने भैरमगढ़ के बिरियाभूमि के पूर्व संरपच व भाजपा नेता सुक्खु फरसा व नैमेड़ के कडेर निवासी पूर्व सरपंच सुखराम अवलम की हत्या कर दी थी।

आंगनबाड़ी सहायिका को भी मार दिया
इसके अगले दिन शुक्रवार को तिम्मापुर की आंगनबाड़ी सहायिका लक्ष्मी पदम की उसके बेटे के सामने ही गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

इस वर्ष नक्सलियों को बड़ा नुकसान
इस वर्ष अब तक नक्सलियों ने 63 ग्रामीण की हत्या की है व 17 जवान बलिदान हुए हैं, पर सुरक्षा बल ने नक्सलियों को बड़ी चोट पहुंचाई है। नक्सलियों ने स्वीकारा है कि इस वर्ष हुए मुठभेड़ों में 226 नक्सली मारे जाने से बड़ा नुकसान पहुंचा हैं।

बस्तर पुलिस ने भी 97 मुठभेड़ में 25 लाख रुपये के पांच इनामी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) सदस्य सहित आठ करोड़ 84 लाख रुपये के इनामी 207 नक्सलियों के शव मिलने का दावा किया है।

अस्तित्व बचाने जूझ रहे नक्सली : कैंप पर तीन दिन से गोलीबारी
अब बस्तर में नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ में सुरक्षा बल ने कदम बढ़ाते हुए झिड़पल्ली-1 व झिड़पल्ली-2 में पिछले सप्ताह नये कैंप स्थापित किए हैं। नक्सली इन कैंपों पर पिछले तीन दिन से लगातार गोलीबारी कर रहे हैं। रविवार की सुबह भी नक्सलियों ने कैंप पर गोलीबारी की है।

यह क्षेत्र डीकेएसजेडसी के साथ ही तेलंगाना स्टेट कमेटी के बड़े नक्सलियों को छिपने की जगह है। जगरगुंडा एरिया कमेटी, पामेड़ एरिया कमेटी और दक्षिण बस्तर सब जोनल ब्यूरो का यह गढ़ है। इसलिए किसी भी हालत में नक्सली अपना गढ़ छोड़ना नहीं चाह रहे हैं। बताया जाता है कि यह क्षेत्र डीकेएसजेडसी सदस्य विकास, सुजाता के साथ हिड़मा-देवा सहित कई बडृे नक्सलियों का ठिकाना है।

जल्द करेंगे नक्सलियों का समूल उन्मूलन
बस्तर में केंद्रीय गृहमंत्री के बस्तरिया ओलिंपिक के समापन समारोह में शामिल होने की तैयारी को लेकर बस्तर पहुंचे गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में ग्रामीणों की हत्याओं को लेकर कहा है कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक नक्सलवाद के सफाये का मूलमंत्र दिया था। इसी संकल्प को पूरा करने का लक्ष्य लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार काम कर रही है। नक्सलियों के गढ़ में सुरक्षा बल मजबूत स्थिति में है। नक्सली हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे और देश-प्रदेश के विकास में सहभागिता निभाए।

 

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