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Saturday, June 13, 2026 07:49
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सियोल.

दक्षिण कोरिया में लगातार सियासी उथल-पुथल जारी है। यहां के हालात तब ज्यादा बदतर हो गए, जब तीन दिसंबर की रात राष्ट्रपति यून सुक-योल ने इमरजेंसी यानी मार्शल लॉ लगाने का एलान किया था। हालांकि, भारी विरोध के बाद कुछ ही घंटों बाद इसे समाप्त कर दिया गया था। हालांकि, इसके वाबजूद भी हालात सही नहीं हैं। अब यहां के विपक्ष ने सत्तारूढ़ पार्टी पर सत्ता पर काबिज होने तथा मार्शल लॉ के एलान के लिए राष्ट्रपति यून सूक योल पर महाभियोग चलाने से इनकार करके दूसरा तख्तापलट करने का आरोप लगाया।

छह घंटे चले मार्शल लॉ ने बिगाड़े हालात
राष्ट्रपति यून सुक योल ने हाल ही में मार्शल लॉ (सैन्य शासन) घोषित कर दिया था, यह आरोप लगाते हुए कि विपक्ष देश की लोकतंत्र और स्थिरता के लिए खतरा बन रहा है। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद, राष्ट्रपति ने इस फैसले को वापस ले लिया। यह कदम जनता के विरोध और नेशनल असेंबली की कड़ी आलोचना के बाद लिया गया था। दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ केवल लगभग छह घंटे चला। हालांकि चंद घटों के लिए लागू हुए मार्शल लॉ ने देश की राजनीतिक को हिला कर रख दिया।

यून पर महाभियोग लगाने में नाकाम रहा विपक्ष
राष्ट्रपति योल के इस फैसले के खिलाफ विपक्ष समेत देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। मार्शल लॉ के कारण विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति यून पर महाभियोग लगाने का प्रयास किया। हालांकि, यह प्रस्ताव असफल हो गया क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी के ज्यादातर सांसदों ने वोटिंग का बहिष्कार किया। वहीं, विपक्षियों ने कथित विद्रोह को लेकर यून और पूर्व रक्षा मंत्री सहित कम से कम नौ लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

प्रधानमंत्री को सत्ता सौंपने पर सहमति!
राष्ट्रपति और कुछ शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह के लिए जांच की जा रही है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी के बहिष्कार के बाद शनिवार को योल के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रयास विफल हो गया। पार्टी का दावा है कि बेहद अलोकप्रिय नेता ने प्रधानमंत्री हान डक-सू और पार्टी प्रमुख को सत्ता सौंपने पर सहमति जता दी है।

यह दूसरा तख्तापलत…
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता पार्क चान-डे ने कहा कि यह एक गैरकानूनी, असंवैधानिक कृत्य है, जो दूसरा विद्रोह और दूसरा तख्तापलट है। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी से इसे तुरंत रोकने का आग्रह किया।

क्या है नियम?
दक्षिण कोरिया के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति तब तक सरकार का मुखिया और सेना का कमांडर इन चीफ बना रहता है, जब तक कि वह अक्षम न हो जाए, इस्तीफा न दे दे या पद न छोड़ दे। ऐसे मामले में, चुनाव होने तक अंतरिम आधार पर सत्ता प्रधानमंत्री को सौंप दी जाती है।

सू को खुद को ऊपर रखना योल के रवैया जैसा: पार्क
पार्क ने कहा कि यह दावा करना कि राष्ट्रपति योल पद पर बने रह सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी शक्तियां प्रधानमंत्री और अपनी सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी के नेता को सौंप दी हैं – जो निर्वाचित अधिकारी नहीं हैं। यह एक स्पष्ट संवैधानिक उल्लंघन है, जिसका कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने कहा, 'खुद को संविधान से ऊपर रखने का उनका रवैया विद्रोही यून सुक योल जैसा है।'

पुलिस का क्या कहना है?
जांचकर्ताओं ने पहले ही पूर्व रक्षा मंत्री को हिरासत में ले लिया है, उनके कार्यालयों पर छापे मारे हैं, कई शीर्ष अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए हैं और सोमवार को जनरल को बुलाया है, जिन्हें आगे की पूछताछ के लिए मार्शल लॉ कमांडर बनाया गया था।पुलिस ने सोमवार को कहा कि यून को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वे इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या उन्हें यात्रा करने से प्रतिबंधित किया जाए। राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी के राष्ट्रीय जांच मुख्यालय के प्रमुख वू जोंग-सू ने कहा, 'जांच के विषय पर कोई मानवीय या शारीरिक प्रतिबंध नहीं हैं। पुलिस बिना किसी अपवाद के कानून और सिद्धांतों के अनुसार जांच करेगी।'

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