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Friday, March 27, 2026 11:35 am

रायपुर.

कबीरधाम जिले में स्थित ऐतिहासिक भोरमदेव अभ्यारण्य में शीघ्र ही जंगल सफारी की शुरुआत की जाएगी। वन विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली है। इस पहल से न केवल ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति आम लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा।

वन विभाग द्वारा तैयार की गई योजना के तहत भोरमदेव अभ्यारण्य में लगभग 34 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी मार्ग विकसित किया गया है। सफारी के दौरान पर्यटक गौर, चीतल, सांभर, भालू और जंगली सुअर जैसे वन्यप्राणियों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देख सकेंगे। यह मार्ग मैकल पर्वतमाला के घने जंगलों से होकर गुजरता है, जो प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है।

सकरी नदी मार्ग बनेगा विशेष आकर्षण
इस जंगल सफारी की सबसे बड़ी खासियत सकरी नदी मार्ग है। सफारी के दौरान पर्यटकों को करीब 17 बार नदी पार करने का रोमांचक अनुभव मिलेगा। यह अनोखा सफर रोमांच और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए खास आकर्षण साबित होगा। इस परियोजना में स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता को प्राथमिकता दी गई है। सफारी वाहनों का संचालन वन प्रबंधन समिति थंवरझोल द्वारा किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोहरा आकर्षण
जंगल सफारी शुरू होने के बाद भोरमदेव आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब ऐतिहासिक मंदिर दर्शन के साथ-साथ वन्यजीवन का रोमांच भी एक ही यात्रा में अनुभव कर सकेंगे। इससे भोरमदेव क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वन विभाग के अनुसार सुरक्षा और संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही सफारी को औपचारिक रूप से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

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