भोपाल

 मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में फिल्म मेकिंग और सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए नई पर्यटन फिल्म नीति (mp tourism film policy) की घोषणा की है। इस नीति के तहत अब मध्य प्रदेश में फिल्म, वेब सीरीज, टीवी शो आदि की शूटिंग के लिए निर्माताओं को अधिक अनुदान (Grant Amount) दिया जाएगा। सीएम मोहन यादव के मुताबिक, इस नीति से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इतना ही नहीं, इस नीति से राज्य के पर्यटन को भी फायदा होगा। इससे स्थानीय भाषाओं और संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। आपको बता दें कि तेलुगु इंडस्ट्री पहले ही फिल्म शूटिंग के लिए मध्य प्रदेश को टारगेट कर चुकी है।

फिल्म निर्माण के लिए अनुदान में बढ़ोतरी

नई नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों की फिल्मों और वेब सीरीज के निर्माण पर सरकार
आर्थिक सहायता (Grant Amount) देगी:

    फीचर फिल्म: ₹5 करोड़ तक
    वेब सीरीज: ₹2 करोड़ तक
    टीवी सीरियल: ₹5 करोड़ तक
    डॉक्यूमेंट्री फिल्म: ₹50 लाख तक
    अंतर्राष्ट्रीय फिल्म: ₹12 करोड़ तक
    शॉर्ट फिल्म: ₹20 लाख तक

स्थानीय भाषाओं को प्राथमिकता
सरकार ने मालवी, बुंदेली, निमाड़ी, बघेली और भीली भाषाओं में बनने वाली फिल्मों को 15% अतिरिक्त अनुदान देने का प्रावधान किया है। इसके अलावा, महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित फिल्मों को भी 15% अधिक अनुदान मिलेगा, जिससे सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा सके।
पिछले प्रोजेक्ट्स को भी मिला लाभ
नई नीति की घोषणा से पहले ही सरकार ने 15 हिंदी फिल्मों, 2 तेलुगु फिल्मों और 6 वेब सीरीज को 30 करोड़ रूपए से अधिक का अनुदान दिया है। इनमें शामिल प्रमुख प्रोजेक्ट स्त्री-1 और स्त्री-2 , भूल-भुलैया-3, लापता लेडीज, द रेलवे मैन, पंचायत, कोटा फैक्ट्री, गुल्लक और सिटाडेल हैं।
सीएम का विजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य मध्य प्रदेश को फिल्म निर्माण का केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि ‘हमारी कोशिश है कि प्रदेश की खूबसूरत लोकेशंस का फायदा फिल्म उद्योग को मिले और स्थानीय कलाकारों व तकनीशियनों को रोजगार के नए अवसर मिलें।’

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