जौनपुर में हथौड़े से कूचकर पिता और दो बेटों को उतारा मौत के घाट, CCTV का DVR भी उखाड़ ले गए बदमाश

जौनपुर  जौनपुर में ट्रिपल मर्डर से हड़कंप मच गया. यहां सोते समय तीन लोगों की भारी वस्तु से सिर पर प्रहार करके हत्या कर दी गई. मृतकों में पिता और दो बेटे शामिल हैं. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है. प्रथम दृष्ट्या आपसी विवाद में घटना को अंजाम दिए जाने की बात सामने आ रही है. जानकारी के मुताबिक, जौनपुर जिले के जफराबाद थाना क्षेत्र के नेवादा अंडरपास के पास अज्ञात बदमाशों द्वारा पिता व दो बेटों की हत्या की गई है. लोहे के रॉड और हथौड़े से मार कर इस हत्या को अंजाम दिया गया. मृतकों में लालजी और उनके बेटे- गुड्डू कुमार, यादवीर शामिल हैं. मौके पर पहुंचे अधिकारी स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक लालजी मैकेनिकल वर्कशॉप का काम करते थे. देर रात अज्ञात बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया. इतना ही नहीं बदमाश घर में लगा CCTV का DVR भी उखाड़ ले गए. कमरे के बाहर खून के निशान नजर आ रहे हैं.   फिलहाल, मौके पर पुलिस फोर्स और फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य संकलित किए हैं. आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने जल्द ही हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लेने की बात कही है. वारदात के खुलासे को 8 पुलिस टीमें लगाई गई हैं. घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि जफराबाद थाना क्षेत्र के नेवादा अंडर पास के पास लालजी की वेल्डिंग की दुकान है. गुड्डू और यादवीर अपने पिता लाल जी के साथ इसी दुकान पर काम करते थे. गुड्डू के बहनोई द्वारा पुलिस को सूचना दी गई कि यह तीनों मृत अवस्था में मिले हैं. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की तो पता चला कि किसी भारी चीज से तीनों को मारा गया है. पूरे एरिया को सील कर छानबीन की जा रही है. Live TV   recent visitors 75

एनकाउंटर में मारे नक्सली कमांडर बसवराजू के शव को परिजन के हवाले नहीं करेंगे

नई दिल्ली जिंदगीभर जंगलों में छिपते हुए मारकाट मचाने वाले नक्सली नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू का अंतिम संस्कार भी गुपचुप ही होगा। 22 मई को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में हुए एनकाउंटर में ढेर किए गए बसवराजू के शव को पुलिस परिवार के हवाले नहीं करना चाहती है। आतंकवादियों की तरह उसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी है। दरअसल पुलिस नहीं चाहती है कि नक्सली विलेन को 'हीरो' बनाने का कोई मौका उसके समर्थकों को मिले। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक बसवराजू की एक सौतेली मां और भाई आंध्र प्रदेश के श्रीक्कुलम जिले में रहते हैं। उसके भाइयों और कुछ रिश्तेदारों ने शव पाने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस दावों की जांच कर रही है और अंतिम फैसला लेने से पहले हर पहलू पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिले संकेत के आधार पर बताया गया है कि पुलिस बसवराजू का अंतिम संस्कार उसी तरह कर सकती है जिस तरह 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के मारे जाने के बाद किया जाता है। वहां किसी स्थानीय आतंकवादी के एनकाउंटर के बाद शव को परिवार के हवाले नहीं किया जाता है और पुलिस अज्ञात स्थान पर दफनाती है। परिवार के कुछ सदस्यों को ही इसमें शामिल होने की इजाजत होती है। दरअसल, वहां देखा गया था कि आतंकवादियों के जनाजे के जरिए भावनाओं को उभारने और नापाक साजिशों को मौका मिलता था। उन्हें हीरो की तरह पेश करके कट्टरता और लोकल भर्ती को बढ़ाने की कोशिश होती थी। रिपोर्ट में एक सरकारी पदाधिकारी के हवाले से बताया गया है, 'हम एक बीच का रास्ता अपना सकते हैं और बसवराजू के शव पर दावा कर रहे उसके कुछ परिजनों को अंतिम संस्कार में शामिल किया जा सकता है और किसी सुरक्षित स्थान पर उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित नहीं होगी और उसे हीरो बनाने की कोशिश ना हो।' मुठभेड़ में बसवराजू के समेत 27 आतंकवादी ढेर किए गए थे। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलमुक्त बनाने की घोषणा की है। recent visitors 54

चेन्नई: लैंडिंग के दौरान विमान पर लेजर बीम से हमला, मचा हड़कंप

  चेन्नई तमिलनाडु (Tamilnadu) चेन्नई में रात के वक्त एरोप्लेन में उतरते समय एक विमान पर हरे रंग की लेजर बीम चमकी, जिससे हड़कंप मच गया. मामला सामने आने के बाद जांच शुरू की गई है. दुबई से 326 यात्रियों को लेकर उड़ान भरने वाली फ्लाइट सिटी एयरपोर्ट पर उतरने ही वाली थी. जैसे ही फ्लाइट नीचे उतरने लगी, पायलट ने देखा कि कॉकपिट पर एक हाई पॉवर वाली हरे रंग की लेजर बीम चमक रही थी. कथित तौर पर एयरपोर्ट के नज़दीक से लेजर पॉइंटर चमकाया गया, जिसकी वजह से पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी. इस घटना के बारे में गिंडी और सेंट थॉमस पुलिस को भी बताया गया. जब कोलकाता एयरपोर्ट पर ऐसा ही कुछ हुआ… पिछले साल जनवरी महीने में बेंगलुरु से कोलकाता जा रही इंडिगो की फ्लाइट को लेकर इसी तरह की एक हैरान करने वाली खबर सामने आई थी. इंडियो की फ्लाइट के लैंड होने से ठीक पहले पायलट की आंखों के सामने तेज लेजर बीम लगने से वह कुछ पल के लिए हक्का-बक्का रह गया था. यह घटना उस वक्त हुई जब विमान कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरने से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर था और रनवे पर लैंड करने के लिए तेजी से बढ़ रहा था. पायलट के लिए हुई मुश्किल जैसे ही विमान लैंड करने वाला था, तभी लेजर बीम के जरिए विमान के कॉकपीट की तरफ एक तेज लाइट चमकी. इसके चलते फ्लाइट के कॉकपिट में सवार पायलट की आंखों के सामने कुछ समय के लिए अंधेरा छा गया. यह एक ऐसी घटना होती है, जब विमान के पायलट के आंखों पर कुछ पल के लिए एकदम अंधेरा छा जाता है और बड़ा हादसा होने का खतरा उत्पन्न हो जाता है.   recent visitors 63

भारत को धमकाने वाले सुन लें, बांग्लादेश में दो चिकन नेक; हिमंत की चेतावनी

नई दिल्ली: बांग्लादेश एक बार फिर से उबल रहा है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार अस्थिरता के बवंडर की ओर बढ़ रही है। उनकी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मुल्क में तनाव का आलम हो। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विरोध प्रदर्शन में सरकारी कर्मचारी भी शामिल हो चुके हैं। लेकिन, मोहम्मद यूनुस अपनी नाकामियों को बिना नाम लिए भारत पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं। जो भी हो रहा है, उसके लिए 'विदेशी साजिश' को जिम्मेदार बता रहे हैं। जबकि, हकीकत ये है कि उन्हें सिर्फ चुनाव करवाने तक के लिए सरकार चलाने भर की जिम्मेदारी मिली है। लेकिन, वह चुनाव छोड़कर बाकी हर तरह के हथकंडे अपनाने में लगे हैं। बांग्लादेश की विदेश नीति, संविधान,उसका इतिहास और यहां तक कि उसके जन्म की मूल अवधारणा तक को नकारने के दांव लगा रहे हैं। यही वजह है कि आज बांग्लादेशी फौज भी उनके विरोध में खड़ी हुई है। मोहम्मद यूनुस जब से बांग्लादेश की सत्ता में आए हैं, भारत के चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मनों के साथ नाचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें चीन के दम पर भारत के जिस चिकन नेक कॉरिडोर (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) को दबा पाने की गलतफहमी हो गई है, उन्हें शायद अंदाजा नहीं है कि भारत उनके साथ क्या कर सकता है। 'बुराई को खत्म करने के लिए शक्ति का इस्तेमाल' मोहम्मद यूनुस शायद यह भूल चुके हैं कि बांग्लादेश की पैदाइश ही भारतीय विदेश नीति की देन है। जो अपने जन्मदाता की संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देने लगेगा तो भारत को भी देर-सबेर अपने विकल्प तलाशने पड़ेंगे। अगर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के एक हालिया इंटरव्यू को देखें तो नागपुर से भी मोदी सरकार को उसी तरफ इशारा किया गया है। संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर और पांचजन्य में रविवार को छपे उनके एक इंटरव्यू के मुताबिक उन्होंने भारत के पड़ोस में 'बुराई को खत्म' करने के लिए शक्ति का इस्तेमाल करने की बात कही है। उनके अनुसार कुछ देशों में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। ऐसे में हिंदू समाज की ताकत का इस्तेमाल उनकी रक्षा के लिए किया जाना चाहिए। दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए संघ के सर संघचालक ने कहा, 'हमारी ताकत अच्छे लोगों की रक्षा और बुरे लोगों को नष्ट करने के लिए होनी चाहिए। जब कोई और चारा नहीं होता, तो बुराई को जबरदस्ती खत्म करना पड़ता है। इसलिए, हमारे पास शक्तिशाली बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि हम अपनी सीमाओं पर बुरी ताकतों की बुराई देख रहे हैं।' दोनों गर्दन दबोची तो कहीं के नहीं रहेंगे यूनुस शायद जो बात भागवत ने खुलकर नहीं कहा, उसे असम के मुख्यमंत्री और पूर्वोत्तर के दिग्गज बीजेपी नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने अधिक विस्तार से बताने की कोशिश की है। कुछ दिन पहले भी उन्होंने मोहम्मद यूनुस के भारत के चिकन नेक कॉरिडोर पर उनकी गलत नजर पर बांग्लादेश के पास भी दो चिकन नेक होने की बात कही थी। लेकिन, तब उन्होंने बांग्लादेश के दूसरे चिकन नेक को साफ तौर पर स्पष्ट नहीं किया था। लेकिन, नवभारत टाइम्स डॉट कॉम ने तब उनकी बातों के आधार पर जो संभावना जताई थी, सरमा ने अब उसी पर मुहर लगाई है। उन्होंने रविवार को एक X पोस्ट डाला है। उन्होंने लिखा है कि 'जिन्हें भारत को चिकन नेक कॉरिडोर पर धमकाने की आदत पड़ चुकी है, उन्हें तीन तथ्यों को ध्यान से नोट कर लेना चाहिए।' पहला, बांग्लादेश के पास अपने दो 'चिकन नेक' हैं। दोनों कहीं ज्यादा असुरक्षित हैं। दूसरा, पहला है 80 किमी लंबा उत्तर बांग्लादेश कॉरिडोर। यह दक्षिण दिनाजपुर से दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स (मेघालय) तक जाता है। अगर यहां कोई रुकावट आती है, तो पूरा रंगपुर डिवीजन बांग्लादेश से कट सकता है। मतलब, रंगपुर का बाकी बांग्लादेश से संपर्क टूट जाएगा। तीसरा,यह है 28 किमी का चटगांव कॉरिडोर। यह साउथ त्रिपुरा से बंगाल की खाड़ी तक जाता है। यह कॉरिडोर भारत के 'चिकन नेक' से भी छोटा है। पर यह बांग्लादेश की आर्थिक राजधानी और राजनीतिक राजधानी को जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है। बांग्लादेश के साथ क्या कर सकता है भारत बांग्लादेश के मौजूदा हालात, मोहम्मद यूनुस की ओर से सत्ता में बने रहने के लिए चलाए जा रहे खौफनाक एजेंडा और भारत में अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सामने आ रहे विचारों को अगर एक संदर्भ में देखें तो इसके 5 पहलू हैं, जो भारत के लिए जवाबी विकल्प हो सकते हैं। रंगपुर में चिकन नेक कॉरिडोर काटने का मतलब 1. रंगपुर में चिकन नेक कॉरिडोर काटने का मतलब है कि भारत का सिलीगुड़ी कॉरिडोर बहुत ही विशाल हो जाएगा। मतलब जो अभी लगभग 22 किलोमीटर की चौड़ी पट्टी है और जिसपर यूनुस और भारत के दुश्मनों की नजर लगी हुई वह अप्रत्याशित रूप से चौड़ी हो सकती है। मतलब, पूर्वोत्तर की बहुत बड़ी समस्या ही एक झटके में खत्म हो सकती है। चटगांव कटा तो पूर्वोत्तर को मिलेगा अपना समु्द्र 2. अगर हम त्रिपुरा के कुछ किलोमीटर तक नीच चले लाएं (चटगांव कॉरिडोर) तो पूरे पूर्वोत्तर को जोड़ने वाला अपना समुद्र हो जाएगा। यह सामरिक और आर्थिक रूप से बहुत ही फायदे का सौदा साबित हो सकता है। भविष्य में मोहम्मद यूनुस की तरह के विचार वाले बांग्लादेश के किसी अन्य शासक की भी आए दिन की नौटंकी खत्म की जा सकती है। रोहिंग्या समस्या से मिल सकता है स्थायी छुटकारा 3. बांग्लादेश के चटगांव से नीचे म्यांमार का रखाइन इलाका है। यहीं रोहिंग्या समस्या है। मतलब बांग्लादेश से चटगांव के कटते ही रोहिंग्या समस्या खत्म हो सकती है। भारत इस इलाके को रोहिंग्या मुसलमानों को सौंप सकता है और भारत में जो रोहिंग्या घुसपैठिए आ गए हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं, उन्हें यहां पर स्थायी रूप से भेजा जा सकता है। यह उनका मूल इलाका है, जहां जाकर बसना उनके लिए भी आसान हो सकता है। पूर्वोत्तर के उग्रवादी समस्या का भी हल संभव 4.म्यांमार के रखाइन से ही थोड़ा उत्तर-पूर्व में उसका चिन इलाका है। यह पहाड़ी क्षेत्र क्रिश्चियन बहुल इलाका है, जो म्यांमार से अलग होना चाहता है….यह पहले से ही मिजोरम में … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- क्षिप्रा नदी के किनारे विकास कार्यों को प्रमुखता से लिया

भोपाल महाकाल की पावन नगरी उज्जयनी में गंगा दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में 4 एवं 5 जून को क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा आयोजित की जायेगी। यह परिक्रमा प्रतिवर्ष गंगा दशहरा पर्व पर की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण के लिये 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य को लेकर ज्येष्ठ शुल्क पक्ष नवमीं से ज्येष्ठ शुल्क दसवीं गंगा दशहरा के अवसर पर दो दिवसीय माँ क्षिप्रा परिक्रमा आयोजित की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मोक्षदायिनी क्षिप्रा तीर्थ के संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरण के लिये सभी से सहभागिता के लिये आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि परिक्रमा में विद्वतजन, विषय-विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और समाज के सभी वर्ग शामिल होकर क्षिप्रा संरक्षण कार्य में संलग्न रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा के दौरान पर्यावरणविद्, जीव और वनस्पति वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गयी परीक्षण रिपोर्ट प्रतिवर्ष शासन को भेजी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षिप्रा नदी के किनारे विकास कार्यों को प्रमुखता से लिया गया है। क्षिप्रा परिक्रमा में घाटों का निर्माण, मंदिरों का पुनर्निर्माण, क्षिप्रा नदी का शुद्धिकरण और खान डायवर्सन योजना और नौका-विहार जैसे कार्य किये जा रहे हैं। क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा में व्यवस्था निदेशक महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ उज्जैन श्री श्रीराम तिवारी ने बताया कि क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा में प्रशासन द्वारा सभी जरूरी व्यवस्थाएँ की जायेंगी। इसमें नगर निगम उज्जैन द्वारा परिक्रमा मार्ग की सफाई, रामघाट, दत्त अखाड़ा, गुरुनानक देव घाट और राणोजी की छत्री घाट के साथ परिक्रमा मार्ग के घाटों की साफ-सफाई का कार्य किया जायेगा। क्षिप्रा नदी की सफाई, फव्वारे, मंदिरों की पुताई एवं विद्युत साज-सज्जा का कार्य किया जायेगा। दत्त अखाड़ा, गुरुनानक घाट, रामघाट, चुनरी-पूजन स्थल और भजन संध्या स्थल पर हैलोजन लगाये जायेंगे। नगर निगम द्वारा यात्रा के पहले-दूसरे दिन 4 एवं 5 जून को दत्त अखाड़ा घाट क्षेत्र, गुरुद्वारा नानक साहिब में विश्राम व्यवस्था की जायेगी। प्रति वर्षानुसार यात्रियों की सुविधा के लिये त्रिवेणी, रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट पर टेंट, मंच, विद्युत व्यवस्था की जायेगी। क्षिप्रा परिक्रमा के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विभिन्न स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था की जायेगी। उज्जैन विकास प्राधिकरण की मेंटेनेंस गैंग द्वारा मार्ग का चिन्हीकरण एवं चुनरी व्यवस्था के साथ यात्रा मार्ग पर मुरम का भराव कर रास्ता तैयार किया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिक्रमा के साथ एम्बुलेंस, डॉक्टर तथा पड़ाव स्थलों पर चिकित्सा व्यवस्था की जायेगी। यात्रा के दौरान सम्पूर्ण परिक्रमा स्थल एवं मार्ग पर पुलिस व्यवस्था रहेगी। साँची दुग्ध संघ द्वारा श्रीखण्ड एवं छाछ की व्यवस्था की जायेगी। जिला प्रशासन द्वारा मुख्य समारोह में भजन संध्या की व्यवस्था, वीआईपी अतिथियों की व्यवस्था और सेक्टर बनाकर परिक्रमा मार्ग पर अधिकारियों को नियुक्त किया जायेगा। यात्रा में विभिन्न ग्रामों की सहकारी समितियों का सहयोग भी लिया जायेगा। जिला पंचायत द्वारा परिक्रमा मार्ग पर आने वाले ग्रामों में छाँव व जलपान की व्यवस्था की जायेगी। क्षिप्रा तीर्थ परिक्रमा में पुरातत्व दल विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के डॉ. आर.सी. ठाकुर, अश्विनी शोध संस्थान महिदपुर, डॉ. रमण सोलंकी, पुराविद् विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, प्रो. डॉ. विजय कुमार वर्मा राष्ट्रीय सेवा योजना विक्रम विश्वविद्यालय डॉ. हेमंत लोधवाल, प्राचीन भारतीय इतिहास, विक्रम विश्वविद्यालय डॉ. निहाल सिंह, वनस्पति विज्ञान विक्रम विश्वविद्यालय और भारत स्काउट एण्ड गाइड एवं राष्ट्रीय छात्र सेना शामिल रहेंगे।   recent visitors 46

टॉप-2 पर पहुंचने के लिए आज पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस में होगी भिड़ंत

नई दिल्ली पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) मुंबई इंडियंस (एमआई) सोमवार को आईपीएल 2025 के अपने अंतिम लीग चरण के मुकाबले में जब एक-दूसरे का सामना करेंगे तो शीर्ष दो में जगह बनाने की कोशिश में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरा जोर लगाएंगे। गुजरात टाइटंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी), मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स ने लीग के चरण के कई मैच बाकी रहते ही आईपीएल प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है। इन टीम के बीच शीर्ष दो में जगह बनाने की होड़ है ताकि फाइनल में पहुंचने के लिए टीम को एक अतिरिक्त मौका मिल सके। पंजाब किंग्स 17 अंकों के साथ तालिका में अभी दूसरे स्थान पर है लेकिन मुंबई से हारने पर वह तीसरे या चौथे स्थान पर पहुंच जाएगी जिससे टीम को 30 मई को एलिमिनेटर के लिए तैयार होना पड़ेगा। पंजाब के लिए शीर्ष दो में रहना मुश्किल है क्योंकि उन्हें मुंबई की मजबूत टीम के खिलाफ जीत दर्ज करने के बाद यह भी उम्मीद करनी होगी कि गुजरात (18 अंक) और आरसीबी (17 अंक) अपने-अपने अंतिम मैच हार जाएं। पंजाब किंग्स को पिछले मैच में दिल्ली कैपिटल्स से मिली हार के बाद अब शीर्ष दो में आने के लिए मुंबई इंडियंस के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। मुंबई इंडियंस का नेट रन रेट प्लेऑफ में क्वालीफाई करने वाली टीमों में सबसे बेहतर है। टीम अगर पंजाब किंग्स को हराने में सफल रही तो यह उसके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में गुजरात टाइटंस और आरसीबी अपने अपने-अपने आखिरी मैचों को हारते है तो मुंबई की टीम शीर्ष दो में होगी। पंजाब किंग्स शनिवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 200 से अधिक रन का बचाव करने में असफल रहने के बाद अपनी गेंदबाजी में खामियों को सुधारने की कोशिश करेंगे। सवाई मान सिंह स्टेडियम की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजी के लिए आसान परिस्थितियां इस मैच को बड़े स्कोर वाला मुकाबला बनाने का संकेत देते हैं। इसमें दोनों टीमों की गेंदबाजी योजनाओं की परीक्षा होगी। इस मामले में हालांकि जसप्रीत बुमराह की अगुवाई वाली मुंबई इंडियंस का पलड़ा भारी दिख रहा है। बुमराह ने इस आईपीएल के इस सत्र में सिर्फ नौ मैचों में 16 विकेट लिए हैं। उन्होंने चोट के कारण तीन महीने तक खेल से दूर रहने के बाद फॉर्म और फिटनेस में वापसी का संकेत दे दिया है। मुंबई इंडियंस के अन्य गेंदबाजों ने भी इस विभाग में बराबरी से जिम्मेदारी साझा की है। ट्रेंट बोल्ट (जो 19 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर हैं) और दीपक चाहर (11 विकेट) की नए गेंदबाजों की जोड़ी ने शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाकर बुमराह काम थोड़ा आसान कर दिया है। हार्दिक पांड्या ने मिचेल सेंटनर और विल जैक्स जैसे स्पिनरों के साथ अच्छा तालमेल दिखाया है जिससे मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी लाइन-अप पंजाब किंग्स के मुकाबले और भी घातक बन जाती है। अर्शदीप सिंह (16 विकेट) और युजवेंद्र चहल (14 विकेट) मामूली चोट के कारण पिछला नहीं खेल पाए थे। इन दोनों को मार्को यानसेन (14 विकेट) के साथ मिलकर मुंबई इंडियंस की मजबूत बल्लेबाजी को रोकने के लिए कारगर योजना पर काम करना होगा। सूर्यकुमार यादव (583 रन) और श्रेयस अय्यर (488 रन) अपनी-अपनी टीमों के बल्लेबाजी क्रम के अहम स्तंभ रहे हैं। आईपीएल अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। ऐसे में इन दोनों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाये रखनी होगी। पंजाब को अपने सलामी बल्लेबाजों की जोड़ी प्रभसिमरन सिंह (486) और प्रियांश आर्य (362) से मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। जिससे मध्यक्रम बेखौफ होकर बल्लेबाजी कर सके। दिग्गज रोहित शर्मा के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही है लेकिन टीम को इस अनुभवी बल्लेबाज से अहम मैच में बड़ी पारी की उम्मीद है। मुंबई इंडियंस के लिए तिलक वर्मा के फॉर्म में गिरावट थोड़ी चिंता की बात है। पिछले सात मैचों में उन्होंने तीन बार वह दोहरे आंकड़े में पहुंचने में विफल रहे जबकि दो बार 20 के आस-पास रन बनाये। दो मैचों में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। मैच शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), श्रीजीत कृष्णन (विकेटकीपर), बेवोन जैकब्स, तिलक वर्मा, नमन धीर, विल जैक्स, मिचेल सेंटनर, राज अंगद बावा, रघु शर्मा, कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, अश्विनी कुमार, रीस टॉपले, वीएस पेनमेत्सा, अर्जुन तेंदुलकर, मुजीब उर रहमान, जसप्रीत बुमराह। पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), नेहल वढेरा, विष्णु विनोद (विकेटकीपर), जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), हरनूर पन्नू, पी. अविनाश, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, हरप्रीत बराड़, मार्को यानसेन, अजमतुल्लाह उमरजई, प्रियांश आर्य, आरोन हार्डी, मुशीर खान, सूर्यांश शेडगे, मिच ओवेन, अर्शदीप सिंह, वी. विजयकुमार, यश ठाकुर, कुलदीप सेन जेवियर बार्टलेट, प्रवीण दुबे, काइल जैमीसन।   recent visitors 62

खनिज रेत के अवैध उत्तखनन पर 01 जेसीबी जप्त

बिलासपुर कलेक्टर  संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिला बिलासपुर में खनिज विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। दिनांक 25 मई को को खनिज अमला बिलासपुर द्वारा जोंधरा, गोपालपुर, अमलडीहा, उदइबंद एंव अन्य क्षेत्रों में खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की लगातार जांच की गई। जोंधरा क्षेत्र से खनिज रेत का उतखनन  करते 01 जेसीबी  को जप्त कर थाना पचपेड़ी को सुपुर्द किया गया। खनिजों के अवैध खनन,परिवहन,भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही लगातार जारी है। recent visitors 54