देश की अंतरिम सरकार के मुखिया हैं, मुहम्मद यूनुस के इस्तीफे की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी

ढाका   बांग्लादेश एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल के मुहाने पर खड़ा है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और सूक्ष्म वित्त के प्रणेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस, जो वर्तमान में देश की अंतरिम सरकार के मुखिया हैं, के इस्तीफे की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। गुरुवार की आधी रात को, बीबीसी बांग्ला सेवा से बातचीत में छात्र नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख निद इस्लाम ने संकेत दिया कि यूनुस, जो अंतरिम मुख्य सलाहकार की भूमिका में हैं, पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। इसका प्रमुख कारण यह बताया गया कि राजनीतिक दलों में किसी भी प्रकार की आम सहमति नहीं बन पा रही है, जिससे उनके लिए प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो गया है।   असहमति की दीवारें और टूटता संतुलन निद इस्लाम ने कहा कि उन्होंने यूनुस से आग्रह किया कि वे डटे रहें और राजनीतिक दलों को एकजुट करने की कोशिश करें, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए, अंतरिम सरकार और बांग्लादेश की सेना के बीच तनातनी ने एक टूटने के बिंदु तक माहौल को पहुँचा दिया है। बांग्लादेश के एकीकृत सैन्य बल, जिन्होंने पिछले वर्ष छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह को नियंत्रण में लाने में अहम भूमिका निभाई थी, अब यूनुस सरकार पर सीधे दबाव बना रहे हैं कि वर्ष के अंत तक आम चुनाव कराए जाएं। सेना का तर्क है कि 2026 की शुरुआत तक एक निर्वाचित सरकार की स्थापना जरूरी है। सेना की टिप्पणी लीक, बढ़ा तनाव स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब ढाका छावनी में आयोजित एक गोपनीय सेना सम्मेलन से जनरल वाकर-उज़-ज़मान की टिप्पणियाँ मीडिया में लीक हो गईं। इन टिप्पणियों में कहा गया: "बांग्लादेश को एक स्थिर राजनीतिक माहौल की आवश्यकता है। केवल एक निर्वाचित सरकार ही इसे पूरा कर सकती है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेना का कार्य देश की रक्षा है, न कि राजनीति में हस्तक्षेप। जनरल ने दो टूक कहा, “चुनाव के बाद हमें बैरकों में लौटना चाहिए।” अर्थव्यवस्था और तकनीक पर भी सवाल जनरल ने अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने विशेष रूप से एलन मस्क की स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को लेकर चिंता व्यक्त की, जिसे बांग्लादेश में बिना निर्वाचित सरकार की अनुमति के लाया जा रहा है। उनके अनुसार, यह देश को उच्च जोखिम वाले विकल्पों की ओर धकेल सकता है। हालांकि, सेना के करीबी सूत्रों के अनुसार, सेना कोर अब भी यूनुस के प्रति सहानुभूति रखता है, लेकिन देश में किसी भी प्रकार की अराजकता या भीड़ हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्या इस्तीफा देंगे यूनुस? प्रोफेसर यूनुस का इस्तीफा बांग्लादेश के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक संकट को और गहरा कर सकता है। उनकी छवि एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और संतुलित नेतृत्वकर्ता के रूप में रही है, लेकिन राजनीतिक असहमति और सेना का दबाव उनके मिशन को चुनौती दे रहा है। recent visitors 72

तेजस्वी यादव ने कहा- मौजूदा समय में भारत पाकिस्तान को करारा जवाब दे रहा है, नहीं होनी चाहिए राजनीति

बांका बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को बांका जिले में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने कहा कि मौजूदा समय में भारत पाकिस्तान को करारा जवाब दे रहा है। विपक्ष पूरी तरह से सरकार और देश के साथ खड़ा है। राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी दलों को एकजुट होकर देशहित में काम करना चाहिए। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल देश की रक्षा में दिन-रात लगे हैं। ऐसे में हमारा कर्तव्य है कि हम उनके साथ मजबूती से खड़े रहें। प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने बौसी थाना क्षेत्र की हालिया दुखद घटना पर भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे उस युवक के परिजनों से मिलने आए हैं जिसकी मौत बारात ले जाने के दौरान बस के ऊपर से गुजरे हाई वोल्टेज तार की चपेट में आकर हो गई थी। उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को तत्काल बिजली के तारों की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना चाहिए। तेजस्वी यादव ने सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो सैनिक लड़ाई के दौरान शहीद होते हैं, उनके साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। इस विषय में उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा है। देश की सुरक्षा में लगे हर जवान का सम्मान समान रूप से होना चाहिए। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। पहलगाम हमले पर तेजस्वी यादव ने कहा कि देश जानना चाहता है कि आखिर वह घटना कैसे हुई और किन खामियों की वजह से इतना बड़ा नुकसान हुआ। विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठाता रहा है, लेकिन सरकार ने अभी तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। बिहार की समस्याओं पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने बेरोजगारी और पलायन को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में फैक्ट्रियां और निवेश की कमी के कारण युवाओं को रोजगार के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के कारण भी लोग बाहर जाने को मजबूर हैं। पिछले 20 साल से बिहार में एक ही व्यक्ति मुख्यमंत्री है और केंद्र में भाजपा को 11 साल हो गए, लेकिन बिहार में कोई ठोस विकास नहीं हुआ। अब जनता जागरूक हो चुकी है और बदलाव चाहती है। recent visitors 84

सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट में जबरन घुसने वाली महिला ईशा छाबड़ा को बांद्रा कोर्ट में किया पेश

मुंबई बॉलीवुड एक्टर सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट में जबरन घुसने वाली महिला ईशा छाबड़ा को शुक्रवार को बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले कोर्ट ने उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था। ईशा छाबड़ा पेशे से मॉडल हैं। जांच में खुलासा हुआ कि 21-22 मई की रात 3:30 बजे ईशा गैलेक्सी अपार्टमेंट के गेट पर पहुंचीं और सिक्योरिटी गार्ड से कहा कि उन्हें चौथी मंजिल पर जाना है। जब वह अंदर गईं, तो उन्होंने सलमान खान के घर की डोर बेल बजाई, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। इसी बीच, दूसरे सिक्योरिटी गार्ड की नजर उन पर पड़ गई और उसने ईशा से उनके बारे में पूछा कि वह कौन हैं और यहां क्या कर रही हैं? इस पर ईशा ने जवाब दिया कि सलमान ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया था, और लिफ्ट से वापस चली गईं। पूछताछ में ईशा ने पुलिस को बताया कि वह सलमान खान की फैन हैं और इसी वजह से वह उनके घर पर उनसे मिलने के लिए गई थीं। पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। वहीं, इस घटना के बाद सलमान खान की सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। अपार्टमेंट के बाहर अब हर आने-जाने वाले पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बिल्डिंग में घुसने नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा गार्ड की शिकायत के आधार पर बांद्रा पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। सलमान खान के फैंस और स्थानीय लोग इस घटना से परेशान हैं, क्योंकि सलमान का घर पहले भी सुरक्षा के लिहाज से चर्चा में रहा है। साल 2023 में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गैंग से धमकी मिलने के बाद ही सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उन्हें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से 'वाई प्लस' कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के रडार पर हैं, जो 1990 के दशक में सुपरस्टार के कथित तौर पर काले हिरण के शिकार का बदला लेना चाहता है। बिश्नोई समुदाय काले हिरणों को पवित्र मानता है और सलमान की कथित संलिप्तता के बाद गैंगस्टर के मन में बदला लेने की भावना है। गत 14 अप्रैल 2024 को बाइक सवार दो लोगों ने उनके घर पर फायरिंग की थी। बाद में जांच में पता चला कि गोली चलाने का मकसद एक्टर को डराना था और लॉरेंस बिश्नोई के निर्देश पर इसे अंजाम दिया गया था। साल 2022 में पंजाबी स्टार सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए बिश्नोई ने सलमान को खुलेआम धमकियां दी हैं। इस साल ईद पर सुपरस्टार ने अपनी बालकनी में लगे बुलेटप्रूफ के पीछे से अपने प्रशंसकों का अभिवादन किया था। सलमान ने इस साल की शुरुआत में मीडिया से भी बात करते हुए बताया था कि सुरक्षा के साथ घूमना उनके लिए एक समस्या बन जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि वह धमकियों से नहीं डरते हैं और उन्होंने अपनी और सुरक्षा की देखभाल भगवान पर छोड़ दी है। recent visitors 77

पश्चिमी रिंग रोड का काम सितंबर में होगा शुरू, 48 हेक्टेयर वनभूमि को स्वीकृत मिलने की उम्मीद

इंदौर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अगस्त-सितंबर के बीच पश्चिमी रिंग रोड का काम शुरू कर सकता है, क्योंकि जून में निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाने वाला बजट आवंटित होगा। इस दौरान 48 हेक्टेयर वनभूमि को स्वीकृत मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। एनएचएआई के प्रस्ताव को इंदौर वनमंडल ने वन विभाग मुख्यालय को भेजा दिया है, जो पर्यावरण समिति के पास पहुंच चुका है। जून-जुलाई में वनभूमि का सर्वे किया जाएगा। जमीन देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन करेगा। अधिकारियों के मुताबिक वनभूमि पर पौधे लगाने और रखरखाव का खर्च एनएचएआई देगा।   सड़क महू से हातोद होते हुए क्षिप्रा तक जाएगी 1500 करोड़ की लागत से 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड बनाया जाएगा। 638 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजरेगी, जिसमें इंदौर और धार वनमंडल से 48 हेक्टेयर वनभूमि आएगी। इंदौर में 40 और धार में 8-10 हेक्टेयर वन भूमि चिह्नित की गई है। सड़क महू से हातोद और फिर क्षिप्रा तक जाएगी। यह मार्ग बेटमा, सांवेर और तराना से होकर गुजरेगा। एनएचएआई ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह वन विभाग को बदले में देने के लिए जमीन उपलब्ध कराए। जब तक यह जमीन तय नहीं होती, तब तक आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ सकती। वनक्षेत्र में खोदाई की जाएगी, जिसमें निकलने वाली मिट्टी और मुरम का निपटान एनएचएआई को वनक्षेत्र में करना है। पेड़ों की गिनती बाकी जंगल में लगे पेड़ों की गिनती और नई जगह पौधारोपण की योजना भी बनेगी। पेड़ों की कटाई, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण शुरू होगा। वहीं एक और बड़ी चिंता यह है कि जिन क्षेत्रों से सड़क निकलेगी, वहां नीलगाय, तेंदुआ, सियार जैसे कई वन्यप्राणी रहते हैं। recent visitors 82

भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के अधिकारी अपनी पोस्ट व दफ्तर छोड़कर भाग खड़े हुए थे

नई दिल्ली भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए प्रहार से पाकिस्तानी सेना में भगदड़ की स्थिति बन गई थी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना की बातचीत के कई महत्वपूर्ण अंश अब सामने आए हैं। इंटरसेप्ट की गई बातचीत में पता लगा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के अधिकारी अपनी पोस्ट व दफ्तर छोड़कर भाग खड़े हुए थे। ऐसे ही एक इंटरसेप्ट में सुना जा सकता है कि पाकिस्तानी सेना के कमांडर अपने दफ्तर में आने को राजी नहीं हैं। पाक अधिकृत कश्मीर स्थित अपनी पोस्ट पर आने से इनकार करते पाकिस्तान के एक सैन्य कमांडर को अपने जूनियर्स से कहते हुए सुना जा सकता है, “ऑफिस तो बाद में भी खुल जाएगा, पहले अपनी जान बचाओ।” जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से कुछ किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तानी सेना की 75 इन्फैंट्री ब्रिगेड है। यह यूनिट पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में भी तैनात है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत पीओके के मुजफ्फराबाद के समीप आतंकवादियों के कैंप पर हमले हुए थे। भारतीय सेना के वरिष्ठ सैन्य कमांडर के मुताबिक यहां पाकिस्तानी 75 इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर खुद तो भाग गए, साथ ही अपने सैनिकों से भी अपनी जान बचाने को कहते सुने गए। पाकिस्तानी सेना के कमांडर जब अपने दफ्तर नहीं पहुंचे तो उनके मातहत अधिकारियों ने उनसे फोन पर संपर्क किया और ऑफिस खोलने के बारे में जानकारी मांगी। इसके जवाब में कमांडर ने कहा, “ऑफिस बाद में खुल जाएगा, पहले अपनी जान बचाओ।” आईएएनएस को मिली जानकारी में पाकिस्तानी सेना के जूनियर अधिकारियों की बातचीत भी सामने आई है। पाकिस्तानी सेना के ये अधिकारी कह रहे हैं, “अपने कमांडर साहब बड़ी मुश्किल से बचे हैं। वह किसी मस्जिद में नमाज पढ़वा रहे हैं। कमांडर साहब ने बंदों को इधर भेजा है। अमन होगा, उसके बाद आएंगे। फिलहाल ऑफिस बंद ही है।” यही नहीं, पाकिस्तानी सेना को हुए भारी नुकसान की जानकारी भी इन इंटरसेप्ट से मिली है। ऐसे ही एक इंटरसेप्ट से जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी सेना की 16वीं बलूच रेजिमेंट के कैप्टन हसनैन शाह फायरिंग में मारे गए। वह हाजी पीर सेक्टर में हुई फायरिंग के दौरान मारे गए। पाकिस्तानी सैनिक बातचीत में कह रहे थे, “कैप्टन हसनैन शाह बीती रात फायरिंग में मारे गए। उनकी डेड बॉडी पाकिस्तान के अबोटाबाद में 6 पाकिस्तानी ब्रिगेड द्वारा पहुंचाई गई है।” भारतीय सेना के मुताबिक अकेले जम्मू कश्मीर स्थित नियंत्रण रेखा और बॉर्डर से की गई भारतीय सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान के 64 सैन्य अधिकारी व जवान मारे गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय हमलों में 96 से अधिक पाकिस्तानी जवान जख्मी हुए हैं। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सीमापार सवाई नाला इलाके में 5-6 मोस्ट वांटेड आतंकवादियों का खात्मा किया गया, जबकि मुजफ्फराबाद में सैयदना बिलाल कैंप में 8-9 खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया गया। यहां दो टेरर लॉन्च पैड पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए। 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में 9 अलग-अलग आतंकवादी कैंपों को नष्ट कर 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया था। वहीं, आतंकवादियों के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी सेना ने भारत में सैन्य और नागरिक क्षेत्रों पर हमले किए। पाकिस्तान की इस हरकत के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान की कई चौकियों को ध्वस्त कर दिया। recent visitors 95

यूपी में तूफान-बारिश से तबाही, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुए हादसों में 54 लोगों की मौत, आंधी का अलर्ट

लखनऊ मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्व और यूपी के दक्षिण पूर्व क्षोभ मंडल में बने दो चक्रवाती दबाव के चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। तेज आंधी और कहीं-कहीं ओले गिरने से जानमाल का भी काफी नुकसान हुआ। बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुए हादसों में 54 लोगों की मौत हो गई। सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। आंधी-तूफान से आगरा में ताजमहल में लगा सवा सौ साल पुराना दुर्लभ भोजपत्र का पेड़ गिर गया। मौसम विभाग ने यूपी के ज्यादातर जिले में आज से तीन तक बारिश तेज हो जाएगी। जमकर बरसात होगी। आंधी का भी अलर्ट जारी किया है। अमौसी स्थित मौसम केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार, पंजाब से होते हुए यूपी के दक्षिण पूर्व और एमपी के उत्तर पूर्व के ऊपर निचले क्षोभ मंडल में दो चक्रवाती परिसंचरण बने हैं। ये इतने मजबूत हैं कि मॉनसून की तरह एक ट्रफ लाइन पूरे यूपी से होकर गुजर रही है। दूसरी ओर अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। यह 36 घंटों में उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा। शुक्रवार शाम से दो-तीन दिन तक आंधी-बारिश की तीव्रता बढ़ जाएगी। प्रदेश के ज्यादातर जिले जद में आएंगे। बुधवार रात से लेकर गुरुवार सुबह तक गोरखपुर में सर्वाधिक 73 मिमी वर्षा हुई। तूफानी हवा की गति बुलंदशहर में 87, लखनऊ में 75 किमी प्रति घंटा रही। आंधी-बारिश से कासगंज में सर्वाधिक छह, फतेहपुर में पांच, मेरठ, औरैया, कानपुर में चार-चार, बुलंदशहर, नोएडा में तीन, गाजियाबाद, कानपुर देहात, इटावा, झांसी, मुरादाबाद, आगरा, फिरोजाबाद में दो-दो, अलीगढ़, हाथरस, अयोध्या, अमेठी, एटा, मथुरा, कन्नौज, बदायूं में एक-एक जान गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत आयुक्त कार्यालय ने डीएम को निर्देश दिया है कि पीड़ितों को तत्काल राहत और मुआवजा दिया जाए। राहत पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है। गोरखपुर में सर्वाधिक 73 मिलीमीटर हुई बारिश, लखनऊ में तूफानी हवा बीती रात से लेकर सुबह तक आंधी के साथ सूबे के ज्यादातर जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। गोरखपुर में सबसे ज्यादा 73 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। तूफानी हवा की गति बुलंदशहर में 87 और लखनऊ में 75 किलोमीटर प्रति घंटा रही। मौसम विभाग के अनुसार गोरखपुर के अलावा महाराजगंज, अयोध्या, अमेठी, बस्ती, संतकबीरनगर, बाराबंकी, मेरठ, नजीबाबाद, बिजनौर, अम्बेडकर नगर में भारी बारिश हुई। अमौसी स्थित मौसम केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार पंजाब से होते हुए यूपी के दक्षिण पूर्व और एमपी के उत्तर पूर्व के ऊपर निचले क्षोभ मंडल में दो चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। ये इतने मजबूत हैं कि मानसून की तरह एक ट्रफ लाइन पूरे यूपी से होकर गुजर रही है। दूसरी ओर अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। यह 36 घंटों में उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा। नतीजतन इसके आगे बढ़ने के साथ यूपी में मौजूदा मौसमी प्रणाली में तीव्रता आएगी। अरब सागर से मिल रही नम हवा और डीप डिप्रेशन इस तीव्रता को और बढ़ा देगा। आंधी व बारिश ने ट्रेनों की रफ्तार रोकी, लखनऊ मेल समेत कई ट्रेन हुईं लेट तेज आंधी व बारिश ने राजधानी में जहां आम जनजीवन पर असर डाला। वहीं ट्रेनों की रफ्तार को भी रोक दिया। इससे दिल्ली, पंजाब, मुंबई, बिहार सहित अन्य राज्यो का सफर करने वाले रेलयात्रियों को काफी दिक्कत हुई। राप्तीगंगा 06 घंटे, पद्मावत 04 घंटे, सुशासन एक्सप्रेस 07 घंटे, लखनऊ मेल व फरक्का पांच घंटे लेट रही। इसके अलावा अयोध्या एक्सप्रेस छह घंटे लेट रही। वहीं ट्रेनों के घंटों विलंब से चलने से रेल यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। रेल यात्री स्टेशन पर अपनी ट्रेन की घंटों तक प्रतीक्षा करते रहे और लगातार मोबाइल पर रेलवे की अधिकारी वेबसाइट और सहयोग केंद्र पर ट्रेन की स्थिति के बारे में जानकारी लेते रहे। वहीं आंधी-पानी के कारण पेड़ गिरने व तार टूटने के बाद रेल संचालन दोबारा सामान्य करने में रेलकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। खराब मौसम की वजह से दिल्ली की 4 फ्लाइटें निरस्त रात से सुबह तक लखनऊ, दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में मौसम खराब होने का असर विमान सेवा पर पड़ा। लखनऊ से दिल्ली के बीच चार फ्लाइटें निरस्त हो गईं। दिल्ली से लखनऊ आने वाली एयर इंडिया की सुबह आने वाली फ्लाइट एआई 2477 गुरुवार को निरस्त रही। इसी तरह रात में दिल्ली से लखनऊ आने वाली फ्लाइट एआई 2460 निरस्त रही। लखनऊ से सुबह दिल्ली जाने वाली फ्लाइट एआई 2478 और रात की फ्लाइट एआई 2461 भी निरस्त रही। इसके अलावा एक दर्जन के करीब फ्लाइटें तय समय से लेट हुईं।   recent visitors 63

भारत से सिंधु जल संधि पर रोक हटाने के लिए गिड़गिड़ा रहा पाकिस्तान, वॉटर बम है, हम तो भूखे मर जाएंगे

इस्लामाबाद पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए। इसी में एक कदम सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी यह साफ कर दिया है कि यह जल संधि अभी आगे भी स्थगित रहने वाली है। ऐसे में इस नदी के पानी पर निर्भर पाकिस्तान 'पानी-पानी' करने लगा है। उसके सांसद भरी संसद में इस समझौते के रुकने को वॉटर बम बता रहे हैं और कह रहे कि इसे डिफ्यूज करना ही होगा। पाकिस्तानी सांसद सैयद अली जफर ने संसद में कहा है कि पाकिस्तान के डैम, पावर प्रोजेक्ट्स सब इसी नदी पर बने हुए हैं। ऐसे में अगर इस दिक्कत का हल नहीं निकाला गया तो पाकिस्तानी भूखे मर जाएंगे। जफर ने कहा, ''हम अगर पानी का क्राइसेस नहीं सॉल्व करेंगे तो हम भूखे मर सकते हैं, क्योंकि सिंधु बेसिन ही हमारी लाइफस्टाइल है। 3/4 पानी बाहर से आता है। हमारे 10 में से 9 लोग सिंधु जल संधि के जरिए ही अपनी जिंदगी गुजर बसर करते हैं। 90 फीसदी फसलें इस पानी पर निर्भर हैं। हमारे जितने पावर प्रोजेक्ट्स हैं, डैम हैं, सभी इसी पानी पर बने हुए हैं। यह हमारे लिए एक 'वॉटर बम' है, जिसे हमें डिफ्यूज करना है।'' भारत से रोक हटाने के लिए गिड़गिड़ा रहा पाक सिंधु जल संधि पर लगी रोक हटाने के लिए पाकिस्तान लगातार भारत के सामने गिड़गिड़ा रहा है। लेकिन भारत ने दो टूक कह दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करेगा, तब तक यह रोक जारी रहने वाली है। चार दिनों तक चले भारत-पाक में तनाव के बाद जब सीजफायर लागू किया गया, उसके बाद भी पाकिस्तान ने भारत को पत्र लिखकर जल संधि से रोक हटाने की गुहार लगाई थी। यह अपील पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय के सचिव सैयद अली मुर्तजा द्वारा भारत के जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी को लिखे गए पत्र में की गई थी। सिंधु जल संधि पर क्या बोला भारतीय विदेश मंत्रालय भारत ने गुरुवार को एक बार फिर जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई भी द्विपक्षीय वार्ता तभी होगी जब वह अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र पर से कब्जा छोड़ देगा। जायसवाल ने कहा, ''मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि संवाद और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।'' सिंधु जल संधि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक कि इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता।   recent visitors 73