ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन पर उत्तर प्रदेश की मंत्रिपरिषद एवं जनता की ओर से अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया

लखनऊ यूपी की योगी कैबिनेट ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में सबसे पहले ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेनाओं के प्रति धन्यवाद जताते हुए अभिनंदन प्रस्ताव को पास किया। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य के प्रति उत्तर प्रदेश की मंत्रिपरिषद एवं जनता की ओर से अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता और आतंकवाद के खिलाफ अडिग रुख को प्रदर्शित किया है। मंत्रिपरिषद भारतीय सेना के शौर्य, साहस और प्रतिबद्धता को नमन करते हुए उनका ह्रदय से अभिनंदन करती है। राष्ट्र की रक्षा में समर्पित हमारे वीर सैनिकों पर पूरे उत्तर प्रदेश को गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन हेतु मंत्रिपरिषद राष्ट्र को यशस्वी नेतृत्व प्रदान करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार प्रकट करती है। संपूर्ण राष्ट्र आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। ये ऑपरेशन हमारी शक्ति, एकात्मकता और देश की रक्षा करने के हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है। लेकिन यह तभी संभव हो पाया है जब प्रधानमंत्री और केंद्रीय कैबिनेट ने सेना को खुली छूट दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट के अतिरिक्त सभी राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्रियों स्वतंत्र प्रभार को आमंत्रित किया गया और उनकी मौजूदगी में ये प्रस्ताव सबसे पहले नंबर पर मंत्रिपरिषद ने पास किया। प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया गया कि पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है और ''ऑपरेशन सिंदूर हमारी ताकत और एकता तथा देश की रक्षा के लिए हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान जाने के बाद सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया जिसके तहत में पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ढांचों को निशाना बनाया गया। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। पाकिस्तानी कार्रवाइयों का भारतीय पक्ष ने कड़ा जवाब दिया। भारतीय सेना ने 26 सैन्य ठिकानों पर हमला करने के पाकिस्तान के प्रयासों के जवाब में 10 मई को मिसाइलों और अन्य लंबी दूरी के हथियारों से आठ पाकिस्तानी हवाई ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों पक्षों ने 10 मई को अपराह्न में सैन्य संचालन महानिदेशकों के बीच वार्ता के बाद सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति की घोषणा की थी। recent visitors 71

आज फिर एक धमकी भरा मेल सामने आया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जान से मारने की धमकी, फैली सनसनी

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर सनसनी फैल गई है। खेल विभाग और एसएमएस स्टेडियम को लगातार मिल रही धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार 15 मई को फिर एक धमकी भरा मेल सामने आया है, जिसमें सीधे तौर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और खेल परिषद के सचिव नीरज के पवन को जान से मारने की धमकी दी गई है। इस बार मेल का अंदाज और भी ज्यादा खौफनाक और चौंकाने वाला है। धमकी देने वालों ने मेल में लिखा है कि वे नीरज के पवन की बेरहमी से हत्या कर देंगे और उसके टुकड़े करके सूटकेस में बंद कर फेंक देंगे। यही नहीं, मेल में यह भी दावा किया गया है कि अगर वे पकड़े जाते हैं तो अपनी मानसिक स्थिति खराब होने का बहाना बनाकर बच निकलेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने पहले से ही मानसिक स्थिति का फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करवा लिया है। मेल में पुलिस को भी चुनौती दी गई है कि वह चाह कर भी उन्हें नहीं पकड़ सकती, क्योंकि वे "मासूम चेहरा" बनाकर सिस्टम को गुमराह कर देंगे। इस मेल के सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस अब मेल के आईपी एड्रेस को खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मेल कहां से भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इससे पहले जो मेल भेजे गए थे, उनकी लोकेशन कर्नाटक की पाई गई थी। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में लगातार धमकियों का सिलसिला जारी है। 8 मई को पहली धमकी एसएमएस स्टेडियम को उड़ाने को लेकर आई थी। फिर 12 मई, 13 मई और 14 मई को भी धमकी भरे मेल सामने आए। 14 मई को तो एक ही दिन में दो मेल आए। अब 15 मई को ताजा धमकी के साथ पूरे राज्य में चिंता और खौफ का माहौल है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और साइबर टीम लगातार मेल भेजने वाले का सुराग लगाने में जुटी है। मुख्यमंत्री और सचिव स्तर के अधिकारियों को धमकी मिलना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। recent visitors 65

जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की से तोड़ा नाता, बहिष्कार करने की मांग और सभी तरह के रिश्ते तोड़ने की बात कही

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के दौरान पड़ोसी देश का साथ देने वाले तुर्की के खिलाफ फिलहाल देश में भावनाएं चरम पर हैं। लोग उसका बहिष्कार करने की मांग करते हुए उससे सभी तरह के रिश्ते तोड़ने की बात कह रहे हैं। इसी बीच जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विवि) के बाद अब दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने भी तुर्की सरकार के साथ हुए किसी भी तरह के समझौते को फिलहाल निलंबित करने की घोषणा की है। इस बारे में नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्व विद्यालय ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया ने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों के चलते तुर्की गणराज्य की सरकार से संबद्ध किसी भी संस्थान के साथ हुए किसी भी समझौता ज्ञापन (MoU) को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। जामिया मिलिया इस्लामिया राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ा है।’ इस बारे में जानकारी देते हुए जामिया मिलिया इस्लामिया की जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर साइमा सईद ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘जामिया ने तुर्की के किसी भी शैक्षणिक संस्थान और प्रतिष्ठान के साथ सहयोग को निलंबित कर दिया है। हम सरकार और देश के साथ खड़े हैं और अगली सूचना तक सब कुछ निलंबित है।’ इससे एक दिन पहले नई दिल्ली स्थित जेएनयू ने भी तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को निलंबित कर दिया था। जेएनयू और इनोनू विश्वविद्यालय के बीच तीन वर्ष की अवधि के लिए तीन फरवरी को MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें अन्य शैक्षणिक सहयोगों के अलावा संकाय और स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रमों की योजनाएं भी शामिल थीं। एमओयू को स्थगित करने का फैसला भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में लिया गया है। चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान ने 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी। बता दें कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच एक सैन्य संघर्ष भी हुआ, जिसके दौरान मुस्लिम देश तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन करते हुए उसे सैन्य मदद प्रदान की थी। recent visitors 59

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय क्षेत्र में 25 किमी तो नेपाल में 10 KM के दायरे में ड्रोन कैमरा उड़ाने पर प्रतिबंध, अलर्ट

सिकटी (अररिया) 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत-नेपाल की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। सोनामनी गुदाम से आमबाड़ी तक लगने वाली भारत नेपाल सीमा में सोनामनी गुदाम, कुर्साकांटा, कुआड़ी, सिकटी तथा बरदाहा थाना क्षेत्र में चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। जहां 24 घंटे गहन तलाशी अभियान जारी है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद बनाने के लिए चेक प्वाइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को आधुनिक वायरलेस संचार प्रणाली और दंगा नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरणों से भी लैस किया गया है। सीमा पर सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय क्षेत्र में 25 किमी तो नेपाल भूभाग में दस किलोमीटर के दायरे में ड्रोन कैमरा उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। नेपाल में भी नहीं उड़ेगा ड्रोन नेपाल के वरीय अधिकारियों ने बताया कि भारत-पाक तनाव के बीच नेपाल ने भी भारत के सहयोग में बॉर्डर पर सुरक्षा के नियम सख्त किए हैं। अब भारत की ही तरह नेपाल में भी दस किलोमीटर तक कोई भी ड्रोन नहीं उड़ा सकता है। इसके अलावा बांग्लादेश से आने वाली जमात पर भारत व नेपाल की खुफिया एजेंसी निगाह रख रही हैं। दोनों ओर बराबर गश्त भी हो रही है। भारत-पाक तनाव के बीच सुरक्षा दो स्तर पर कर दी गई है। पहले स्तर पर एसएसबी नो मेंस लैंड पर तैनात है। वहां उसकी स्थायी चौकियां हैंं। इसी के साथ एसएसबी ने गश्त को बढ़ा दिया है। दूसरे स्तर पर जिला पुलिस की तैनाती है। इसमें नई सुरक्षा जांच चौकी बनाई गई है। नो मेंस लैंड पर 24 घंटे गश्त सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए बैरियर पर पुलिस को तैनात किया गया है। सीमा के नो मेंस लैंड पर दोनों देश के जवान चौबीस घंटा गश्त कर रहे हैं। बॉर्डर पिलर के दोनों तरफ की 30 फीट जमीन नो मेंस लैंड के दायरे में आता है। नेपाली अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर कैंप किया जा रहा है। सभी आने जाने वालों पर निगाह रखी जा रही है। इधर, एसएसबी और पुलिस प्रशासन सीमा पर बनाए गए सेक्टर के हिसाब से मोर्चे पर डटी है। अब नेपाल में भी बॉर्डर से 10 किलोमीटर तक कोई भी शादी विवाह में ड्रोन नहीं उड़ा पाएगा। सीमा के बंद होने के बाद किसी को भी न तो आने दिया जाएगा और न ही जाने दिया जाएगा। किसी भी तीसरे देश के नागरिकों को भारत सीमा की ओर न जाने को कहा गया है। इसके साथ ही असमाजिक तत्वों पर भारत-नेपाल की खुफिया विभाग नजर रख रही है। recent visitors 73

भारत का तुर्किए पर कड़ा प्रहार: अब Celebi Airport सर्विसेज का सिक्योरिटी क्लियरेंस किया रद

नई दिल्ली भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान की मदद करने वाले तुर्किए के खिलाफ मोदी सरकार लगातार एक्शन ले रही है। शुक्रवार को नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो ने सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सुरक्षा मंजूरी  तत्काल प्रभाव से रद कर दी है। सरकार ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में यह फैसला लिया गया है। सेलेबी एक तुर्किए की कंपनी है जो भारत में ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं देती है. यह कंपनी मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद सहित कई प्रमुख हवाई अड्डों पर बैगेज हैंडलिंग, रैंप सर्विस, कार्गो हैंडलिंग जैसी सेवाएं देती रही है। एयरपोर्ट पर कई अहम जिम्मेदारी संभालते हैं सेलिबी के कर्मचारी सेलिबी एविएशन भारतीय एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग, कार्गो प्रबंधन और एयरसाइड ऑपरेशन्स से जुड़े काम करती है। इस कंपनी से जुड़े कर्मचारी एयरसाइड जोन में काम करते हैं, जो एयरपोर्ट्स के हाई सिक्योरिटी वाले क्षेत्र हैं, जो विमाने से सीधे संपर्क में आते हैं। सेलिबी के कर्मचारी एयरपोर्ट पर कार्गो लॉजिस्टिक्स और पैसेंजर्स बैगेज भी संभालते हैं। भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने दागे थे तुर्किए के बने ड्रोन भारतीय सेना ने जानकारी दी है कि तुर्किए ने पाकिस्तान को सैन्य ड्रोन मुहैय्या कराया है, जिसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया गया था। वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पर ड्रोन हमले करने में तुर्की के सलाहकारों ने पाकिस्तानी सेना की मदद की थी। recent visitors 43

जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म नहीं करता है, तब तक सिंधु जल संधि पर रोक जारी रहेगी: जयशंकर

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों तक रहे तनाव पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि इस दौरान हमें काफी अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला। भारत के पास यूएनएससी का प्रस्ताव था कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए से जवाबदेह ठहराया भी गया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के आतंकियों के खिलाफ चलाया गया था और इस दौरान पाकिस्तानी आर्मी के पास एक विकल्प था कि वह अलग खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे। विदेश मंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह से खत्म नहीं करता है, तब तक सिंधु जल संधि पर रोक जारी रहेगी। तनाव में कुछ नरमी आने के बाद पाकिस्तान ने बीते दिन भारत को पत्र लिखकर जल संधि पर फिर से विचार करने की अपील की थी। होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि हमारे लिए यह बहुत अच्छी बात है कि हमारे पास होंडुरास का नया दूतावास है। वे उन देशों में से एक हैं जिन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले के समय मजबूत एकजुटता व्यक्त की थी। विदेश मंत्री ने साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पूरी तरह से द्विपक्षीय ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह सालों से राष्ट्रीय सहमति है और इसमें बिल्कुल भी बदलाव नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल आतंकवाद पर होगी। पाकिस्तान के पास आतंकवादियों की एक लिस्ट है, जिसे सौंपे जाने की जरूरत है, और उन्हें आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को बंद करना होगा। वे जानते हैं कि क्या करना है। हम उनके साथ आतंकवाद के बारे में चर्चा करने के लिए तैयार हैं। ये वे बातचीत हैं, जो संभव हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "हमने आतंकवादी ढांचे को नष्ट करके जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल कर लिया है। चूंकि प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए गए थे, इसलिए मुझे लगता है कि हमने उचित रूप से यह रुख अपनाया, क्योंकि ऑपरेशन की शुरुआत में ही हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हम आतंकवादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर और पाकिस्तानी सेना के पास यह विकल्प था कि वह अलग खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे। उन्होंने इस अच्छी सलाह को न मानने का फैसला किया। एक बार 10 मई की सुबह उन्हें बुरी तरह से नुकसान पहुंचा। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हमने कितना नुकसान किया और उन्होंने कितना कम नुकसान किया। यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करना कौन चाहता था।'' सिंधु जल संधि पर अभी जारी रहेगी रोक पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को रोकने समेत कई अहम फैसले किए थे। जयशंकर ने साफ किया है कि सिंधु जल संधि स्थगित है और यह तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय तरीके से रोकता नहीं है। उन्होंने कहा, ''कश्मीर पर चर्चा के लिए केवल एक ही बात बची है, वह है पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना, हम इस चर्चा के लिए तैयार हैं।'' उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए से लिया था। पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक में जैश और लश्कर जैसे आतंकी संगठनों के 100 से ज्यादा आतंकवादी ढेर हो गए थे। recent visitors 54

भाजपा नेता गुलफाम सिंह हत्याकांड में संभल प्रशासन की कार्रवाई, आरोपियों के अवैध कब्जों पर चलाया बुलडोज

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में जिला प्रशासन ने भाजपा नेता गुलफाम सिंह हत्या मामले में गुरुवार को आरोपियों द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। गुलफाम सिंह हत्याकांड में नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, अब प्रशासन आरोपियों के अवैध कब्जों पर कार्रवाई कर रहा है। इस मामले में मुख्य आरोपी धर्मवीर ने बदायूं कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा और कस दिया है। मुख्य आरोपी के सरेंडर करने के बाद पुलिस ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तेज कर दी है। हत्या के इस मामले में ब्लॉक प्रमुख रवि और उसके पिता ग्राम प्रधान महेश को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था। उनके गांव मैढोली में तालाब पर किए गए अतिक्रमण सहित एक अन्य गांव में अवैध कब्जे को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि इन दोनों पर जमीन कब्जाने के छह मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा, कोतवाली गुन्नौर क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में भी पुलिस ने बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माणों को नेस्तनाबूद किया है। उल्लेखनीय है कि मार्च में संभल जिले में भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जांच में पता चला था कि जहरीला इंजेक्शन लगाकर उनकी हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्या की साजिश के आरोप में ब्लॉक प्रमुख रवि यादव और उसके पिता ग्राम प्रधान महेश यादव को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। बाद में हत्यारोपी ने बुर्का पहनकर बदायूं कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले, गुलफाम सिंह यादव के बेटे दिव्य प्रकाश यादव ने दावा किया था कि उनके पिता की हत्या पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई थी। उनका यह भी कहना था कि यदि पहले ही साजिश के बारे में जानकारी मिल गई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। recent visitors 57