राजभवन में मेघावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

रायपुर  छत्तीसगढ़ के 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाले रायपुर जिले के मेधावी विद्यार्थियों का आज राजभवन में सम्मान किया गया. इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें मेडल, स्मृति चिन्ह और 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया. राज्यपाल रमेन डेका ने इस मौके पर कहा कि बच्चों के सामने बेहतर भविष्य है. वे जिस क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते है, उस क्षेत्र में लगन और परिश्रम के साथ आगे बढे़. जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन का बहुत बड़ा योगदान होता है. विद्यार्थी अनुशासन का पालन करें. अध्ययन के साथ-साथ योग, ध्यान और खेल गतिविधियां भी करें. अपने माता-पिता और गुरूजनों का सम्मान करें. मानवीय गुणों और परस्पर सहयोग की भावना के साथ-साथ अपने आस-पास के प्रति भी जागरूक रहते हुए जीवन का आनंद उठाएं. शिक्षा से अपने भविष्य को बनाएं उज्जवल : विधायक पुरंदर मिश्रा इस कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा भी शामिल हुए. उन्होंने बच्चों से कहा कि आप शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को उज्जवल बनाएं और प्रदेश का नाम रोशन करें. इन मेघावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान कार्यक्रम में रमेन डेका ने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले कक्षा 10वीं की कुमारी साई संजना, नमन कुमार ठाकुर, केतन साहू, कुमारी खुशबू सेन, कुमारी पूर्वी साहू, महक, राम सोनी, कुमारी नेहा चक्रधारी, कुमारी काव्या वर्मा, कुमारी दिव्या तिवारी, चित्रांश देवांगन को सम्मानित किया. इसी तरह कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के मेरिट में स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी पल्लवी वर्मा, कुमारी रूचिका साहू, कुमारी कीर्ति यादव, कुमारी रूची कल्यानी, कुमारी भूमिका देवांगन को सम्मानित किया गया. recent visitors 42

पीडब्लूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की मौत, जांच में जुटी पुलिस

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर से बड़ी खबर सामने आई है. लोक निर्माण विभाग (PWD) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) डीएस नेताम का शव उनके सरकारी आवास में मिला है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है. प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा. जानकारी के अनुसार, डीएस नेताम का आवास भंगाराम चौक के पास स्थित है. वह शनिवार शाम तक ऑफिस में उपस्थित थे, जिसके बाद अपने आवास लौटे. रविवार को जब ऑफिस के कर्मचारियों ने संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई कॉल रिसीव नहीं किया. सोमवार सुबह भी यही स्थिति रही, जिसके बाद कर्मचारी उनके घर पहुंचे. कई बार बेल बजाने के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ा गया. अंदर जाकर देखा गया तो नेताम का शव चेयर पर पड़ा हुआ मिला. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. डीएस नेताम मूलतः कांकेर जिले के रहने वाले थे और पिछले 3-4 वर्षों से जगदलपुर में पदस्थ थे. वह अकेले ही सरकारी आवास में रह रहे थे और 11 महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे. मामले में जगदलपुर एएसपी महेश्वर नाग ने बताया कि शव घर के अंदर चेयर पर मिला है और प्रथम दृष्टया मामला नेचुरल डेथ का प्रतीत होता है. परिजनों को सूचना दे दी गई है. शव के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चीजें स्पष्ट हो पाएगी. recent visitors 49

रायपुर में 13 लोगों की मौत, पूर्व सीएम बघेल ने जताया दुख

रायपुर छत्तीसगढ़ में दो दिन में 23 लोगों की मौत हो चुकी है। पूर्व सीएम ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने लिरा है कि पिछले दो दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं बीती रात को रायपुर में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। आगै कहा कि मैं उनके प्रति शोक व्यक्त करता हूं।सरकार इसको गंभीरता से ले और आगे ऐसी  दुर्घटनाएं ना हों, इसके लिए उपाय किए जाएं। रायपुर में भीषण सड़क हादसा हुआष बच्चों के जन्मोत्सव से लौट रहे 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। छत्तीसगढ़ के रायपुर में बीती रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने शोक व्यक्त किया है। पूर्व मुख्यमंत्री  ने कि पिछले दो दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में 23 लोगों की मृत्यु हुई है। जानकारी के लिए रायपुर में हुए हादसे में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा खरोरा-बलौदा बाजार रोड पर उस समय हुआ। जब माजदा वाहन में सवार होकर लोग बच्चों के जन्मोत्सव कार्यक्रम से लौट रहे थे। recent visitors 45

ऑपरेशन सिंदूर: दुश्मन के जहाज को पास आने का मौका नहीं दिया- DG एयर ऑपरेशन

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर पर सोमवार को तीनों सेनाओं के डीजी ऑपरेशंस की प्रेस ब्रीफिंग हुई. इस दौरान भारतीय सेना में डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि हमारा एयर डिफेंस  सिस्टम तैयार था. पाकिस्तान हमारे एयर डिफेंस ग्रिड सिस्टम को भेद नहीं पाया. उन्होंने कहा कि आतंकी घटनाओं के तौर-तरीकों में बदलाव आ रहा है. हमारी मिलिट्री के साथ-साथ हमारे मासूम नागरिक जो अपना बचाव करने में असफल थे, उन पर भी हमले हो रहे थे. 2024 में जम्मू में शिवखोरी मंदिर जाते हुए तीर्थयात्रियों पर हमले और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटकों पर हमला इस खतरनाक ट्रेंड के विशेष उदाहरण हैं. पहलगाम तक पाप का ये घड़ा भर चुका था, उसके बाद जो हुआ, उसके बारे में हम विस्तार से बात कर चुके हैं. हमने स्ट्राइक की. हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का वार भी होगा इसलिए हमने अपने एयर डिफेंस की पूरी तैयारी कर ली थी. राजीव घई ने कहा कि हम तैयार थे. हमारा एयर डिफेंस सिस्टम भी तैयार था. हमारा एयर डिफेंस सिस्टम दीवार की तरह खड़ा था. हमने हमले से निपटने की तैयारी की थी. जब हौंसले बुलंद हो तो मंजिले भी कदम चूमती है. इस दौरान एयर ऑपरेशन के डीजी एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ थी. इसलिए हमने सात मई को आतंकवादियों के ठिकानों पर हमला किया लेकिन अफसोस इस बात का है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों का साथ देना उचित समझ और इस लड़ाई को अपनी लड़ाई बना ली.इस परिस्थिति में हमारी जवाबी कार्रवाई अत्यंत आवश्यक थी, इसमें जो भी नुकसान हुआ. इसके लिए वे खुद जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि हमने सरहद पार किए बिना हमले किए. हमने पाकिस्तान की मिसाइलों को मार गिराया. वे हमारे एयर डिफेंस ग्रिड को भेद नहीं पाए. हमने आतंकियों पर सटीक हमले किए. लेफ्टिनेंट घई ने कहा कि पाकिस्तान एयरफोर्स ने हमारी एयर टीम और लॉजिस्टिक प्रतिष्ठान पर 9-10 मई की रात को हमला किया गया.  'हम अगले मिशन के लिए तैयार’, बोले DG एयर ऑपरेशन एके भारती भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद आज फिर सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।  ऑपरेशन सिंदूर पर तीनों सेनाओं के डीजी सामने आए और उन्होंने कई नए खुलासे किए। इससे पहले वायुसेना ने ये भी बताया कि उन्होंने कराची सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया था। चीन की मिसाइल मार गिराई भारतीय सेना ने कहा कि उसने चीन की मिसाइल को भी मार गिराया। सेना ने कहा कि उसने संभावित पीएल-15 एयर-टू-एयर मिसाइल का मलबा दिखाया है, जो चीन निर्मित है और जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान ने भारत पर हमले के दौरान किया था। पाक सेना ने आतंकियों का साथ दिया     एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमने इस बार फिर से देखा कि कैसे पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि पाक ने आतंकवादियों के लिए भारत पर हमला करना चुना, जिसके कारण हमें जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।     हमारी लड़ाई आतंकवादियों और उनके सहायक ढांचे से है, न कि पाकिस्तानी सेना से।     हमारे हथियार समय पर खरे उतरे। हमारी स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली 'आकाश' अच्छा काम कर रही है।    डीजीएमओ लेफ्टिनेंट राजीव घई ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आतंकवादी गतिविधियों का चरित्र बदल गया है। निर्दोष नागरिकों पर हमले हो रहे थे।   पाक के पाप का घड़ा भर चुका था डीजीएमओ लेफ्टिनेंट राजीव घई ने कहा कि पिछले कुछ सालों में आतंकवादी गतिविधियों का चरित्र बदल गया है। निर्दोष नागरिकों पर हमले हो रहे थे। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हमले के बाद पाकिस्तान के पाप का घड़ा भर चुका था। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि हमने आतंकियों के अड्डे को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई बेहद जरूरी थी, जिसके लिए हमने पूरी तैयारी कर ली थी। हमारे एयरफील्ड हर प्रकार से ऑपरेशनल हैं…पाकिस्तान की नापाक हरकतों का विनाश किया गया- DG MO DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि जो दुर्दशा आपने पहले और कल पाकिस्तान एयरफील्ड की देखी और एयर मार्शल की प्रस्तुति आज देखी। हमारे एयरफील्ड हर प्रकार से ऑपरेशनल है। पाकिस्तान के ड्रोन हमारे ग्रिड के कारण नष्ट हुई। मैं यहां पर अपने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की सराहना करता हूं। जिसके कारण पाकिस्तान की नापाक हरकतों का विनाश किया गया। आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे- डीजीएमओ DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की एयर डिफेंस कार्रवाई को हमें एक संदर्भ में समझने की जरूरत है। पिछले कुछ सालों में आतंकी गतिविधियों के कैरेक्टर में बदलाव आ रहा था, अब हमारी सेना के साथ-साथ निर्दोष लोगों पर भी हमला हो रहा था। 2024 में शिवखोड़ी मंदिर की ओर जाने वाले तीर्थयात्री और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटक। पहलगाम तक उनका पाप का घड़ा भर चुका था… क्योंकि आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे, हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का हमला भी सीमा पार से ही होगा, इसलिए हमने एयर डिफेंस की तैयारी की थी। जब 9-10 मई को पाकिस्तान की वायुसेना ने हमारे एयर फील्ड और लॉजिस्टिक इंस्टॉलेशन पर हमला किया, तो वे इस मजबूत एयर डिफेंस ग्रिड के सामने विफल हुए। कोई भी संदिग्ध और दुश्मन के हवाई जहाज को हमने अपने कैरियर बैटल ग्रुप के कई किलोमीटर दूर भी आने का मौका नहीं दिया- DG NO DG NO वाइस एडमिरल ए एन प्रसाद ने कहा कि भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के किसी भी खतरे से निपटने के लिए कई लेयर की तैयारी कर ली थी। हमने लड़ाकू और टोही विमान को काम पर लगा दिया था। हमने अत्याधुनिक रेडार का इस्तेमाल करते हुए हमारे पायलट दिन और रात दोनों ही वक्त तैयार थे। हमने सैकड़ों किलोमीटर कि निगरानी की। कोई भी संदिग्ध और दुश्मन के हवाई जहाज को कई सौ किलोमीटर तक पास आने का मौका नहीं दिया। जब हौसले बुलंद हों तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं- डीजीएमओ DG MO ने कहा कि जब हौसले बुलंद हों तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं। हमने अपने एयर … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बुद्ध ने दुनिया को शांति, अहिंसा और त्याग का संदेश देकर मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। उनके उपदेशों से मानव समाज को अनंतकाल तक प्रेरणा मिलती रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान बुद्ध के चरणों में नमन कर प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की है।   recent visitors 33

नर्सिंग है साक्षात ईश्वर की सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत नर्सों के त्याग और समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने नर्सों को बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक सुश्री फ्लोरेंस नाइटिंगेल के अगाध समर्पण से प्रेरित नर्सिंग कार्य साक्षात ईश्वर की सेवा है। पीड़ितों की सेवा के लिए सभी नर्सों की आत्मीयता सदैव वंदनीय है। उल्लेखनीय है कि इटली में 12 मई 1820 को जन्मी नाइटिंगेल के जन्म दिवस को दुनियाभर में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।   recent visitors 43

पराये मर्द के प्यार में अंधी हुई 26 साल की मॉडल, सुपारी किलर से कराई बीवी की हत्या… इंसाफ की फिल्मी कहानी

नई दिल्ली  नाम- एंजल गुप्ता, उम्र- 26 साल और जुर्म- अपने शादीशुदा प्रेमी को पाने के लिए उसकी पत्नी का मर्डर। एक ऐसी मॉडल की कहानी, जिसने अपनी असल जिंदगी को भी एक क्राइम थ्रिलर बना दिया। प्रेमी को पाने के लिए वो इस हद तक अंधी हो गई कि उसने दो मासूम बच्चों से उनकी मां छीन ली। एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। सात साल बाद उसे उसके किए का अंजाम मिला और अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया। उसके प्रेमी सहित चार और लोगों को भी मामले में उम्रकैद की सजा हुई। कहानी की शुरुआती होती है साल 2016 से। हरियाणा के गुरुग्राम इलाके में देर रात, एक डिस्को के बाहर खड़ी एक युवती अपनी कार का इंतजार कर रही थी। तभी वहां से गुजर रहे दो लोगों ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। इतने में डिस्को से एक शख्स बाहर निकला और युवती को परेशान कर रहे उन दोनों लोगों से भिड़ गया। कुछ देर में ही दोनों मनचले वहां से भाग गए। युवती ने शख्स को शुक्रिया और दोनों के बीच जान-पहचान हो गई। आपस में मोबाइल नंबर की अदला-बदली हुई और अक्सर दोनों को बीच बातें होने लगीं। कुछ वक्त बाद यही बातें, मुलाकातों में बदलीं और मुलाकातें, रोमांस में। युवती का नाम था- एंजेल गुप्ता और शख्स का नाम मंजीत। मंजीत की मोहब्बत में एंजेल इस कदर डूबी कि उसने फैसला कर लिया कि अपनी आगे की जिंदगी वो उसी के साथ गुजारेगी। एंजेल मॉडलिंग करती थी। मां की नौकरी दिल्ली के लोक निर्माण विभाग में थी और पिता का देहांत हो चुका था। काम के सिलसिले में राजीव नाम के बिजनेसमेन की मुलाकात एंजेल की मां से हुई और बाद में वही उसके परिवार को संभालने लगा। मॉडलिंग के लिए एंजेल मुंबई चली गई, जहां उसके घर का 50 हजार रुपये किराया भी मुंह बोला पिता राजीव ही देता था। उम्र में 10 साल बड़ा था शादीशुदा मंजीत शुरुआत में एंजेल को काम मिला। बी-ग्रेड बॉलीवुड फिल्मों के अलावा उसने कुछ आइटम सॉन्ग्स भी किए। लेकिन, कुछ वक्त बाद जब काम मिलना बंद हो गया, तो वह दिल्ली लौट आई। यही वो वक्त था, जब मंजीत उसकी जिंदगी में आया। मंजीत उम्र में एंजेल से लगभग 10 साल बड़ा था और शादीशुदा भी था। एंजेल को मंजीत की शादी के बारे में पता चला, लेकिन उसके प्यार में वह इतना आगे बढ़ चुकी थी कि उसने इस रिश्ते को कायम रखा। एंजेल जब मुंबई से दिल्ली आती, तो मंजीत उसके घर आकर रहने लगता। मंजीत के इस नाजायज रिश्ते की भनक उसकी पत्नी सुनीता को भी लगी और उसने अपनी शादीशुदा जिंदगी बचाने के लिए भरपूर कोशिश की। बच्चों की दुहाई भी दी, लेकिन मंजीत के कदम नहीं रुके और उसने सुनीता से तलाक मांग लिया। सुनीता ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। मंजीत को पाने की जिद ने बनाया कातिल सुनीता हरियाणा के सोनीपत में एक स्कूल में टीचर थी। दिल्ली के बवाना इलाके में रहने वाली सुनीता का हर दिन एक ही रुटीन था। सुबह बच्चों का नाश्ता-खाना बनाने के बाद स्कूटी से स्कूल जाना और शाम को वापस आकर घर संभालना। उसकी जिंदगी पूरी तरह से अब केवल अपने बच्चों के लिए थी। इसके अलावा रात में वह डायरी भी लिखती थी। जो कुछ वह अपनी जिंदगी में झेल रही थी, सब डायरों के पन्नों में बयां करती। इधर, एंजेल किसी भी कीमत पर मंजीत को पाना चाहती थी। जब उसे पता चला कि सुनीता ने तलाक देने से मना कर दिया है, तो उसने मंजीत के साथ मिलकर एक खतरनाक प्लान बनाया। वह अपने मुंहबोले पिता राजीव के पास गई और उसे सबकुछ बताया। तीनों ने मिलकर तय किया कि रास्ते में रुकावट बन रही सुनीता को खत्म कर दिया जाए। मिस कॉल से दिया हत्यारों को इशारा इस काम के लिए राजीव के ड्राइवर ने उन्हें दो ऐसे लोगों से मिलवाया, जो रुपये मिलने पर किसी की भी जान ले सकते थे। 10 लाख रुपये में एंजेल ने इन दोनों को सुनीता के मर्डर की सुपारी दे दी। हत्या के लिए करवा चौथ का दिन चुना गया और एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये किलर्स को दे दिए गए। सुनीता कब घर से निकलती है, कब लौटती है और किस रूट से जाती है, एंजेल और मंजीत ने पूरी जानकारी जुटाई। सुनीता के बारे में सारी जानकारी मिलने के बाद हत्यारों ने 24 अक्टूबर 2018 को उसे मारने की कोशिश की, लेकिन प्लान पूरा नहीं हो पाया। इसके चार दिन बाद फिर से कोशिश की गई। सुनीता जैसे ही सुबह तैयार होकर स्कूल के लिए अपने घर से निकली, मंजीत ने राजीव के नंबर पर मिस कॉल दी। ये इशारा था कि सुनीता घर से निकल गई और हत्यारों को भी ये बात बता दी गई। डायरी ने खोली एंजेल और मंजीत की पोल सुनीता अभी अपने घर से कुछ ही दूर गई थी कि हत्यारों ने उसे गोली मार दी। हत्या के बाद उन्हें 2 लाख रुपये और दिए गए। दिनदहाड़े हुई सुनीता की हत्या से राजधानी में हड़कंप मच गया। हत्यारों की तलाश के लिए पुलिस की एक टीम बनाई गई। पुलिस अभी सीसीटीवी, मोबाइल कॉल डिटेल्स और बाकी सबूतों पर काम कर ही रही थी कि उन्हें वह डायरी मिल गई, जिसमें सुनीता सबकुछ लिखती थी। इस डायरी में सुनीता ने मंजीत और एंजले के रिश्ते के बारे में भी लिखा था। पुलिस ने मंजीत से पूछताछ की, लेकिन उसने झूठी कहानियां गढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल रिकॉर्ड्स खंगाले और आखिरकार वह टूट गया। मामले में मंजीत, एंजेल, राजीव, उसके ड्राइवर और दोनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया। सात साल तक कोर्ट में मामले की सुनवाई चली। सबूतों के आधार पर इन सभी को दोषी माना गया और कोर्ट ने इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।   recent visitors 66