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Dr. Zeeshan Ahmed: Irregular eating habits are becoming fatal for heart rhythm. Be sure to get regular checkups done.

भोपाल। अचानक हृदय गति रुकने से होने वाली मौतों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, खासकर युवा लोगों में। इसके पीछे मुख्य कारण क्या हैं? इस संदर्भ में डॉ. ज़ीशान अहमद ने कई चौकाने वाले बिंदु बताए हैं। डॉ. ज़ीशान अहमद से, जो हृदय रोग विशेषज्ञ और भोपाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लालघाटी के निदेशक हैं। डॉ. ज़ीशान को हृदय रोगों और आंतरिक चिकित्सा के क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है और उन्होंने अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से कई जटिल मामलों को सफलतापूर्वक हल किया है। आज के इस साक्षात्कार में हम उनसे अचानक हृदय गति रुकने (सडन कार्डियक अरेस्ट) के बढ़ते मामलों, खासकर युवाओं में, और COVID-19 वैक्सीन के प्रभावों के बारे में चर्चा करेंगे।

सवाल :- डॉ. ज़ीशान, हाल के दिनों में अचानक हृदय गति रुकने से होने वाली मौतों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, खासकर युवा लोगों में। इसके पीछे मुख्य कारण क्या हैं?

जवाब :- जी हां, यह एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। अचानक हृदय गति रुकने (सडन कार्डियक अरेस्ट) के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसमें सबसे प्रमुख है हृदय की न्यूरल सर्किट में गड़बड़ी, जिससे हृदय की धड़कन असामान्य रूप से तेज या धीमी हो जाती है। इसके अलावा, हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज (कोरोनरी आर्टरी डिजीज), हाइपरटेंशन और हृदय की मांसपेशियों की कमजोरी (कार्डियोमायोपैथी) भी मुख्य कारण हो सकते हैं। लेकिन चिंता की बात यह है कि अब युवा लोगों में यह मामले बढ़ते जा रहे हैं।

सवाल :- क्या यह वृद्धि युवा पीढ़ी की जीवनशैली से जुड़ी है?

जवाब :- आजकल की जीवनशैली में अत्यधिक तनाव, जंक फूड का सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, और धूम्रपान व शराब का अधिक सेवन युवा लोगों में दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही, नींद की कमी और मोटापा भी इन रोगों में योगदान कर रहे हैं। आधुनिक जीवनशैली में कई युवा अत्यधिक व्यस्त रहते हैं और अपने स्वास्थ्य पर उतना ध्यान नहीं देते।

सवाल :- क्या COVID-19 महामारी और उसके बाद दिए गए टीकों का इससे कोई संबंध हो सकता है?

जवाब :- इस बारे में कई अध्ययन किए जा रहे हैं। हालांकि, COVID-19 संक्रमण ने निश्चित रूप से हृदय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। जो लोग गंभीर रूप से संक्रमित हुए, उनमें मायोकार्डिटिस (हृदय की मांसपेशियों की सूजन) और हृदय की क्षति के मामलों में वृद्धि देखी गई है। जहां तक टीकों का सवाल है, कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि कुछ मामलों में COVID-19 टीकों से भी मायोकार्डिटिस के हल्के मामले हो सकते हैं, खासकर युवा पुरुषों में। लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि टीकाकरण से होने वाले लाभ कहीं ज्यादा हैं। टीकाकरण से गंभीर COVID-19 संक्रमण और उससे जुड़ी जटिलताओं से बचाव होता है, जो खुद हृदय के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

सवाल :- फिर युवा लोग टीकाकरण को लेकर चिंतित क्यों हैं?

जवाब :- यह स्वाभाविक है कि किसी भी नए टीके के बारे में चिंताएं हों। शुरुआती कुछ मामलों में, कुछ युवा पुरुषों में हल्के मायोकार्डिटिस की रिपोर्ट की गई थी। लेकिन हमें यह समझना चाहिए कि यह समस्या बेहद दुर्लभ है और अधिकतर मामलों में यह पूरी तरह से ठीक हो जाती है। टीकाकरण के बाद के लाभ, विशेष रूप से गंभीर COVID-19 संक्रमण से बचाव, कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, हृदय संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण अब भी COVID-19 संक्रमण ही है, न कि टीका।

सवाल :- आखिर युवा लोग विशेष रूप से इस स्थिति से क्यों प्रभावित हो रहे हैं?

जवाब :- यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। युवा लोग आमतौर पर स्वस्थ माने जाते हैं, इसलिए जब उनके साथ ऐसा कुछ होता है, तो यह अधिक चिंताजनक हो जाता है। अचानक हृदय गति रुकने का एक प्रमुख कारण है अनुवांशिक कारक। कई बार युवाओं में हृदय की संरचनात्मक समस्याएं या विधुत प्रणाली की अनियमितताएं होती हैं, जो आमतौर पर बिना लक्षणों के होती हैं। इसके अलावा, मायोकार्डिटिस या कोविड-19 के प्रभाव जैसी स्थितियों ने भी हाल के वर्षों में युवाओं को प्रभावित किया है। तीव्र शारीरिक गतिविधियां, खासकर बिना उचित प्रशिक्षण या मेडिकल जांच के, हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं।

सवाल :- इस समस्या को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?

जवाब :- सबसे महत्वपूर्ण है नियमित स्वास्थ्य जांच। विशेष रूप से अगर परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, तो नियमित ईसीजी और अन्य हृदय जांचें कराना आवश्यक है। इसके साथ ही, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है – जैसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना। अगर कोई शारीरिक गतिविधि या खेल शुरू कर रहा है, तो उसे पहले हृदय संबंधी जांच जरूर करानी चाहिए।

सवाल :- क्या आपको लगता है कि COVID-19 संक्रमण के बाद कार्डियक जांच आवश्यक है?

जवाब :- COVID-19 के बाद हृदय स्वास्थ्य की जांच करवाना जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो गंभीर संक्रमण का सामना कर चुके हैं। संक्रमण के बाद, अगर किसी को थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई या अनियमित धड़कन जैसी शिकायतें हो रही हैं, तो उन्हें तुरंत हृदय विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। यह जरूरी है कि लोग संक्रमण के बाद भी अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लें।

सवाल :- बहुत-बहुत धन्यवाद, डॉ. ज़ीशान, इतनी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए।

जवाब :- आपका धन्यवाद। यह विषय महत्वपूर्ण है और हमें इस पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है ताकि हृदय स्वास्थ्य का उचित ख्याल रखा जा सके और युवाओं को इस गंभीर समस्या से बचाया जा सके।

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