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Friday, April 3, 2026 5:14 pm

 
प्रयागराज

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। संगम में स्नान के लिए श्रद्धालु हजारों की संख्या में आ रहे हैं। आज सुबह तीन बजे से ही स्नान जारी है। जिसके चलते प्रयागराज आने और जाने वाले रास्तों पर जाम देखा जा रहा है। सड़कों पर वाहनों और पैदल चलने वाले यात्रियों को मिनटों की दूरी घंटों में तय करनी पड़ रही है। श्रद्धालु कई किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। माघ पूर्णिमा से पहले महाकुंभ में महाजाम की स्थिति देखी जा रही है।

प्रयागराज में कहां-कहां हैं जाम
प्रयागराज पहुंचने में श्रद्धालुओं को भारी दिक्कत हो रही है। जानकारी के लिए बता दें कि प्रयागराज में चारों तरफ से श्रद्धालु आ रहे हैं। फाफामऊ, झूंसी, नैनी, वाराणसी-प्रयागराज रोड यानी जीटी रोड (सुलेम सराय) में जगह जगह जाम लगा हुआ है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। तो वहीं सड़कों पर चलने वाले यात्री घंटों में घाटों तक पहुंच रहे हैं।

प्रयागराज में उमड़ा जनसैलाब
वसंत पंचमी के बाद शनिवार को लगातार पांचवें दिन शहरी व श्रद्धालु भीषण जाम से कराहते रहे। शहर से लेकर जनपदीय इंट्री प्वाइंटों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। मुख्य मार्ग चोक होने पर शहरों में गलियां भी पट गई। सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में सुबह से रात तक 10-10 किमी तक एक के पीछे एक वाहन लगे रहे।

श्रद्धालु ने सुनाई सफर की कहानी
नागवासुकि मार्ग पर सुबह 10 बजे के करीब फैजाबाद से आए पीतांबर शुक्ला मिले। उन्होंने बताया कि फैजाबाद से शनिवार शाम पांच बजे चले थे। पांच घंटे का रास्ता तय करने में 17 घंटे का वक्त लग गया। यहां भी भीषण जाम लगा है और पता नहीं संगम पहुंचने में और कितनी देर लगेगी। इसी तरह गीता निकेतन सोहबतियाबाग के पास मिले अखिलेश्वर प्रसाद ने बताया कि वह कानपुर से आए हैं। कानपुर से शनिवार दोपहर में चले थे। बालसन से गीता निकेतन तक पहुंचने में ही एक घंटे का वक्त लग गया। इसी तरह नोएडा से आए अजय कुमार शनिवार सुबह छह बजे निकले और झुंसी स्थित घर तक पहुंचने में उन्हें रविवार के सुबह छह बज गए। शहर का हाल यह रहा कि मेले की ओर जाने वाले सभी रास्ते तो चोक रहे ही, पुराने शहर के सभी इलाकों में भी भीषण जाम से राहगीर व शहरी जूझते नजर आए। सुबह से देर रात तक यही स्थिति बनी रही।

एक किमी का सफर दो से तीन घंटे में हुआ तय, गाड़ियों में लगी आग
एक किमी की दूरी तय करने में रविवार को लोगों को दो से तीन घंटे लगे। 12 घंटे के भीतर तीन गाड़ियां ओवरहीट होने की वजह से जल गई। लखनऊ रूट पर बेला कछार इलाके में अलग-अलग स्थानों पर ये घटनाएं हुई। फायर कर्मियों ने तो एक गाड़ी का शीशा तोड़कर कार सवारों को बाहर निकाला। इस दौरान दो लोग बुरी तरह से झुलस गए।

पांच किमी तक लगीं कतारें
जनपदीय सीमा पर स्थित सभी सात प्रमुख मार्गों पर भी जाम से श्रद्धालु दिन भर कराहते रहे। कहां क्या स्थिति रही। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर श्रृंग्वेरपुर धाम से मलाक हरहर का 23 किलोमीटर का सफर तय करने में चार घंटे से ज्यादा का वक्त लगा। इस पर लखनऊ हाईवे के साथ कानपुर से कोखराज हंडिया बाईपास पर आने वाले वाहनों की भीड़ नो इंट्री प्वाइंट पर जमा होने से हालात और गंभीर हो गए।

सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में भी 10-10 किमी तक जाम
इसी तरह प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर करछना से जाम की स्थिति रही। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडीशा, गुजरात, महाराष्ट आदि से आने वाले वाहनों को करछना की ओर डायवर्ट करने से यह स्थिति हुई। वाराणसी, जौनपुरी, कानपुर, रीवा-बांदा, अयोध्या-प्रतापगढ़ मार्ग पर भी 10-10 किमी तक वाहन सुबह से लेकर रात तक रेंगते रहे।

श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा तो हांफने लगी व्यवस्था
वसंत पंचमी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। उससे ट्रैफिक को लेकर की जा रही सभी कवायदें नाकाफी साबित हो रही हैं। चौखंडी निवासी अधिवक्ता शांतनु सिंह कहते हैं कि मुख्य स्नान पर्वो पर यातायात को लेकर दिक्कत की बात समझी जा सकती थी। आम दिनों में भी उसी तरह जाम लग रहा है। इसी तरह बैरहना निवासी संजय सिंह कहते हैं कि शहर के साथ ही जिले की सीमाओं पर भी वाहनों का तांता लगा हुआ है।

 

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