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भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भावी जीवन में कैरियर की सफलताओं में माता-पिता, गुरूजन और समाज के जरूरतमंद व्यक्ति के प्रति अपने कर्तव्यों को भूलना नहीं चाहिए। पालकों का संघर्ष, समाज के सबसे पिछड़े, गरीब व्यक्ति के आपकी शिक्षा-दीक्षा में योगदान की स्मृतियां सदैव बनी रहनी चाहिए। याद रहे कि आपकी शिक्षा-दीक्षा में इन सभी का प्रत्यक्ष और परोक्ष त्याग और सहयोग शामिल है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत शपथ सामाजिक दायित्वों का दस्तावेज है। भावी जीवन में इसे संभाल कर रखें। प्रतिदिन उसे दोहराएं और उसके अनुसार आचरण करें। अपने आस-पास के वंचितों की जरूरतों की जानकारी लें। उनको पूरा करने का यथा संभव प्रयास करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अतीत की साधना भविष्य के निर्माण पथ पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यहां से भावी जीवन में नए अवसरों को प्राप्त करने और नई चुनौतियों के समाधान खोजने होंगे। जरूरी है कि अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अपडेट करते रहें। जीवन में निरंतर सीखने की भावना जागृत रखें। तेजी से बदलते आज के तकनीकी युग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में निरंतर ज्ञान की खोज समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साहस और धैर्य के साथ प्रयासों से सपने साकार होते हैं। अनुभवों से सीख कर, स्वयं में बदलाव करते हुए आगे बढ़े और अपनी अपार क्षमताओं को पहचानें।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ मानसिकता के लिए स्वस्थ शरीर का विकास जरूरी है। विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा स्वस्थ तन-मन के लिए नियमित व्यायाम, मिलेट्स/श्रीअन्न खाने, अधिक पानी पीने और भरपूर नींद लेने के चार मंत्र बताए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक टंट्या मामा, रानी दुर्गावती, रानी कमलापति, रघुनाथ शाह एवं शंकर शाह सहित अन्य विभिन्न महानायकों से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया के फैलाव को देखते हुए विद्यार्थियों को उनके क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया से बचाव के लिए जागरूकता फैलाने तथा रोग की स्क्रीनिंग में सहयोग के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि शिक्षा के मंदिर में विद्यार्थियों को बौद्धिकता, ज्ञान, विज्ञान और संस्कारों के के साथ समन्वय की सीख भी दें। हर विधा के विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचारों को समझने और अपनाने का अवसर भी मिलना चाहिए।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह में पं. शंभुनाथ विश्वविद्यालय की स्मारिका का लोकार्पण किया। विश्वविद्यालय के प्रतिभावान 45 छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधि प्रदान की।

राज्यपाल पहुंचे धुरवार के नन भईया बैगा के घर

राज्यपाल मंगुभाई पटेल शहडोल जिले के प्रवास के दौरान विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के नन भईया बैगा के घर ग्राम धुरवार पहुंचे। राज्यपाल की गांव पहुंचने पर नन भईया बैगा एवं ग्रामीणों ने कलश से अगुवाई की। जनजातीय संस्कृति के अनुसार टिमकी तथा नगरिया से लैस नृत्य दल ने परंपरागत तरीके से स्वागत किया।

राज्यपाल पटेल ने ग्रामीणों से जन-मन योजना से उनके जीवन में हुए बदलाव के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल को नन भईया बैगा ने घर आगमन पर पारंपरिक भोजन कराया। बैगा परिवार द्वारा फंसई का चावल, इंदरहर की कढ़ी, लहसुन और टमाटर की सिल-बट्टे पर बनी चटनी, कुटकी की खीर, सेमी का साग, पापड़, सलाद, गेंहू रोटी के साथ प्रस्तुत किया गया। परिवार के सह-भोज में सरपंच श्रीमती मीरा बाई बैगा और जन मन योजना के हितग्राही भी शामिल हुए।

 

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